




कॉरपोरेट जगत की जरूरतों के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार कर रहा संस्कारम विश्वविद्यालय
झज्जर, 30 सितम्बर, अभीतक: संस्कारम यूनिवर्सिटी के कॉरपोरेट रिसोर्स सेंटर द्वारा सी-नियर के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय एम्प्लॉयबिलिटी रेडीनेस वर्कशॉप का बुधवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। 28 से 30 सितंबर तक आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगार प्रक्रिया के विभिन्न चरणों से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें व्यावहारिक कौशल, आत्मविश्वास और प्रोफेशनल दृष्टिकोण प्रदान करना रहा। कार्यशाला में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स तथा स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों ने भाग लिया। तीन दिनों तक चले इस कार्यक्रम में सी-नियर की तरफ से मोहित कादयन व अमन मीणा द्वारा विद्यार्थियों को रिज्यूमे निर्माण, ग्रुप डिस्कशन तथा पर्सनल इंटरव्यू जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला के पहले दो दिनों में रिज्यूमे बिल्डिंग और ग्रुप डिस्कशन पर विशेष ध्यान दिया गया। विद्यार्थियों को समझाया गया कि रिज्यूमे केवल एक औपचारिक दस्तावेज नहीं, बल्कि उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि, प्रोजेक्ट्स, कौशल, उपलब्धियों और अनुभवों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का माध्यम है। कार्यशाला के अंतिम दिन पर्सनल इंटरव्यू सत्र आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को वास्तविक भर्ती प्रक्रिया जैसा अनुभव प्रदान करते हुए इंटरव्यू के दौरान प्रभावी संवाद, आत्म-प्रस्तुति, प्रश्नों के उत्तर देने, अपनी क्षमताओं एवं करियर आकांक्षाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने तथा प्रोफेशनल व्यवहार से जुड़े पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर कॉरपोरेट रिसोर्स सेंटर के निर्देशक डॉ. रजनीश वाधवा ने कहा कि रोजगार की तैयारी केवल प्लेसमेंट ड्राइव तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक सफर के दौरान लगातार विकसित होने वाली प्रक्रिया होनी चाहिए। विद्यार्थियों को निरंतर अभ्यास, फीडबैक, व्यावहारिक अनुभव और प्रोफेशनल एक्सपोजर के माध्यम से रोजगार के लिए तैयार करना आवश्यक है। स्कूल ऑफ मैस्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के डीन डॉ गणेश दीक्षित ने बताया की हमारा उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को इंटरव्यू का सामना करने के लिए तैयार करना नहीं है, बल्कि उन्हें यह समझाना है कि वे स्वयं को किस प्रकार प्रस्तुत करें, अपनी क्षमताओं को प्रभावी ढंग से कैसे व्यक्त करें और प्रोफेशनल परिस्थितियों में किस प्रकार प्रतिक्रिया दें। स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स के डीन डॉ प्रवीन चैहान ने जानकारी देते हुए बताया की तीन दिवसीय कार्यशाला का सफल समापन संस्कारम यूनिवर्सिटी की ओर से विद्यार्थियों की करियर रेडीनेस और रोजगारपरक कौशलों के विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस दौरान प्रो. अंजू, डॉ. प्रिया, डॉ. विष्णु जैन, हिमांशी चैहान विशेष रूप से उपस्थित रहे।


किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए जागरूक करें अधिकारी: डीसी
पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक के लिए फील्ड में निगरानी बढ़ाएं अधिकारी’
डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों की बैठक में प्रदूषण नियंत्रण उपायों और फसल अवशेष प्रबंधन की समीक्षा’
झज्जर, 30 सितम्बर, अभीतक: जिला में पराली प्रबंधन को बढ़ावा देने, पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और वायु गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी एवं जागरूकता गतिविधियां की जा रही हैं। इसी कड़ी में डीसी वर्षा खांगवाल ने बुधवार को कैम्प कार्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर प्रदूषण नियंत्रण एवं फसल अवशेष प्रबंधन कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण उपायों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करें और फील्ड में नियमित निगरानी रखें। पराली जलाने की संभावित घटनाओं की तत्काल सूचना प्राप्त करने तथा मौके पर प्रभावी कार्रवाई के लिए क्विक रेस्पॉन्स टीमें सक्रिय रखी जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को पराली न जलाने के लिए लगातार जागरूक किया जाए और फसल अवशेष प्रबंधन की वैज्ञानिक एवं वैकल्पिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए।
अधिकारी फील्ड विजिट के साथ संभावित स्रोतों पर रखें नजर
डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट करने और पराली जलाने की आशंका वाले क्षेत्रों में पहले से आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदूषण फैलाने वाले संभावित स्रोतों की निगरानी के लिए आवश्यकता अनुसार ड्रोन का उपयोग करने तथा संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा। उन्होंने भुवन एप और सीआरएम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष जोर दिया।
पराली खेत में मिलाने पर प्रति एकड़ 1200 रुपये की प्रोत्साहन राशि’
डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन के तहत पराली को खेत में मिलाने पर किसानों को प्रति एकड़ 1200 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना सहित फसल अवशेष प्रबंधन के लिए उपलब्ध विभिन्न तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि पंचायतों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी पराली प्रबंधन अभियान से जोड़ा जाए। किसानों के साथ निरंतर संवाद करते हुए उन्हें फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन से होने वाले पर्यावरणीय एवं कृषि संबंधी लाभों के बारे में जानकारी दी जाए।
स्वच्छ पर्यावरण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी’
डीसी ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण और बेहतर वायु गुणवत्ता के लिए पराली जलाने की समस्या का प्रभावी समाधान जरूरी है। जिला प्रशासन इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करते हुए फसल अवशेष न जलाएं तथा उपलब्ध फसल अवशेष प्रबंधन तकनीकों और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।
यह रहे मौजूद’
इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, एसडीएम झज्जर रवि मीणा, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, एसडीएम बादली विशाल, सीईओ जिला परिषद मनीष फौगाट सहित सम्बंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।








महाविद्यालय बिरोहड़ में प्रतिभा खोज कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन
झज्जर, 30 सितम्बर, अभीतक: राजकीय महाविद्यालय, बिरोहड़ में प्राचार्य प्रो० (डॉ०) दलबीर सिंह के दिशा-निर्देशन तथा अध्यक्षता में प्रतिभा खोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रतिभा खोज कार्यक्रम के द्वितीय दिन कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर सरस्वती वंदना के साथ की गई। प्रशासनिक प्रभारी डॉ० सुरेंद्र सिंह ने प्राचार्य महोदय का पुष्प गुच्छ देकर अभिवादन किया। प्राचार्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अपनी प्रतिभा को पहचान कर, अपनी कला एवं कौशल को उचित प्रदर्शित करते हुए, अपने व्यक्तितव का सर्वांगीण विकास करना चाहिए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप मे सरपंच प्रतिनिधि श्री रवींद्र सहरावत गाव बिरोहड़ ने कार्यक्रम मे शिरकत की। मुख्य अतिथि का स्वागत प्रशासनिक प्रभारी डॉ० सुरेंद्र सिंह द्वारा किया गया तथा उनका संक्षिप्त परिचय देते हुए विद्यार्थियों को बताया की श्री रवींद्र सहरावत गाँव के विकास कार्यों के साथ-साथ महाविद्यालय की गतिविधियों मे निरंतर सकारात्मक योगदान देते रहते हैं। मंच संचालन कार्यक्रम संयोजिका डॉ० पवित्रा देवी व डॉ० सतपाल सिंह के द्वारा किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजिका डॉ० पवित्रा देवी, हिन्दी विभाग ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम एक तरफ जहाँ बच्चों के अन्दर छुपी हुई प्रतिभा को समाज के सामने लाते हैं, वहीं दूसरी ओर हरियाणवी संस्कृति को सहेजने में भी इस प्रकार के कार्यक्रम अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रतिभा खोज कार्यक्रम के द्वितीय दिन भजन, ग्रुप नृत्य, कविता पाठ (हिन्दीध्अंग्रेजी), भाषण (हिन्दी), संस्कृत श्लोकाच्चारण, एकल नृत्य, पंजाबी, हरियाणवी नृत्य आदि प्रतियोगिताएँ आयोजित की गई। जिनमें क्रमशः जिया, आँचल, निशु, खुशी, महक, साक्षी, कुसुम, मुस्कान, भारती, मीनाक्षी, कीर्ति, प्रिया, अंतिम, करीना, पारुल, अंजू, निकिता आदि विद्यार्थी विजेता रहे। इस अवसर पर मुख्य रूप से दो प्रतियोगिताएँ गायन प्रतियोगिता और साहित्यिक प्रतियोगिता आयोजित की गई। साहित्यिक प्रतियोगिता मे निर्णायक मण्डल की भूमिका राजेश कुमार, सवीन, पवन कुमार, रवि शंकर त्रिपाठी ने निभाई जबकि गायन प्रतियोगिता में निर्णायक मण्डल की भूमिका डॉ० रश्मि, निशा रानी, डॉ० वीरेंद्र सिंह ने निभाई। तकनीकी विशेषज्ञ के रूप मे अजय सिंह व रामजीत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर अनुशासन समिति सुनील कुमार के नेतृत्व में प्रदीप कुमार, डॉ० राजपाल, डॉ० जयप्रकाश शर्मा, मंजु कुमारी, डॉ० मोनिका, पवन कुमार व सांस्कृतिक गतिविधि समिति ने अमुल्य योगदान दिया। अंत में महाविद्यालय के प्रशासनिक प्रभारी डॉ० सुरेन्द्र सिंह ने मुख्य अतिथि, प्राचार्य का धन्यवाद किया व कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए कार्यक्रम की संयोजिका डॉ० पवित्रा देवी हिन्दी विभाग एवं समस्त स्टाफ सदस्यों की भी भूरी-भूरी प्रशंसा की। इस अवसर पर समस्त महाविद्यालय स्टाफ सदस्य व विधार्थी उपस्थित रहे।

परिवर्तन स्कीम की समीक्षा करती डीसी वर्षा खांगवाल।
वाहन मालिकों को श्परिवर्तन पोर्टलश् पर पंजीकरण के लिए प्रेरित करें अधिकारी: डीसी’
डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों की बैठक में परिवर्तन योजना के बेहतर किर्यान्वयन के निर्देश’
पुराने वाहनों की बजाय आधुनिक परिवहन अपनाने के लिए आगे आएं वाहन मालिक’
प्रदूषण में कमी लाना तथा पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना योजना का एकमात्र उद्देश्य’
झज्जर, 30 सितम्बर, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि जिला झज्जर में स्वच्छ एवं हरित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए सभी वाहन स्वामियों की भागीदारी जरूरी है,ऐसे में सभी वाहन मालिक पुराने वाहनों की बजाय आधुनिक परिवहन अपनाने के लिए आगे आएं। उन्होंने योजना को लेकर सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे वाहन मालिकों को परिवर्तन स्कीम पोर्टल पर पंजीकरण के लिए प्रेरित करें,ताकि वाहन मालिकों को योजना का लाभ मिल सकें। डीसी बुधवार को लघु सचिवालय में सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव के साथ वीसी उपरांत अधिकारियों की बैठक में परिवर्तन योजना की समीक्षा कर रही थी। ड़ीटीओ रवीश हुड्डा ने परिवर्तन स्कीमष् के विभिन्न प्रावधानों, पात्रता तथा लाभों की विस्तार से जानकारी दी।
बीएस-6 तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे वाहन स्वामी
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि परिवर्तन योजना को लेकर ट्रांसपोर्टर और वाहन चालकों को जागरूक किया जाए । उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य पुराने एवं प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के स्थान पर आधुनिक, सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल बीएस-6 तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है। यदि कोई वाहन स्वामी अपना बीएस-1, बीएस-2 अथवा बीएस-3 श्रेणी का पुराना वाहन स्क्रैप कराकर नया बीएस-6 अथवा इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) खरीदता है तो उसे 10 वर्षों तक मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत छूट प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि कोई वाहन स्वामी अपना बीएस-4 वाहन स्क्रैप कराता है अथवा उसे एनसीआर क्षेत्र से बाहर विक्रय (सेल आउट) करता है तथा नया बीएस-6 वाहन खरीदता है, तो उसे भी 10 वर्षों तक मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे बीएस फॉर वाहन जिनकी समय सीमा अभी पूरी नहीं हुई है,ऐसे वाहनों की समीक्षा की जाए। उन्होंने योजना के अन्य महत्वपूर्ण प्रावधानों, आवेदन प्रक्रिया एवं पात्रता संबंधी जानकारी वाहन मालिकों को प्रदान करने के निर्देश दिए।
परिवर्तन स्कीम वाहन स्वामियों के लिए लाभकारी: डीटीओ’
जिला परिवहन अधिकारी रवीश हुड्डा ने बताया कि योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को ईंधन कूपन के माध्यम से प्रतिमाह 1,200 रुपये से 4,800 रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा यदि कोई वाहन स्वामी अपनी पुरानी बस अथवा ट्रक को स्क्रैप कर या विक्रय कर नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदता है, तो उसे 64 हजार रुपये से 2 लाख 56 हजार रुपये तक की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। साथ ही ऐसे लाभार्थियों को 10 वर्षों तक मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत छूट का लाभ भी मिलेगा। इस अवसर पर सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।




जन समस्याओं के समाधान के लिए झज्जर में जिला स्तरीय समाधान शिविर आज
उपमंडल स्तर पर बेरी, बहादुरगढ़ और बादली लघु सचिवालयों में सुबह 10 से 12 बजे तक आयोजित होंगे शिविर
झज्जर, 30 सितम्बर, अभीतक: आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा गुरुवार 1 अक्टूबर को जिला मुख्यालय सहित सभी उपमंडलों में समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। ये शिविर सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक लगाए जाएंगे, जहां नागरिकों की शिकायतें सुनकर उनका मौके पर ही निपटान सुनिश्चित किया जाएगा। जिला स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में डीसी वर्षा खांगवाल की अध्यक्षता में लगेगा। इस दौरान डीसी विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें सुनते हुए अधिकारियों को समस्याओं के समयबद्ध समाधान के निर्देश देंगी।
तीनों सब डिवीजन में भी लगेंगे समाधान शिविर
उपमंडल स्तर पर बहादुरगढ़ में एसडीएम अभिनव सिवाच, बादली में एसडीएम विशाल कुमार और बेरी लघु सचिवालय परिसर में एसडीएम रेणुका नांदल की अध्यक्षता में उपमंडल स्तरीय समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटान किया जाएगा।

धान कटाई के लिए कंबाइन हार्वेस्टर का संचालन शाम छह बजे तक
जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने धान कटाई सीजन को लेकर कंबाइन हार्वेस्टर संचालन को लेकर जारी किए निर्देश
झज्जर, 30 सितम्बर, अभीतक: जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने धान खरीद प्रक्रिया को सुचारू एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किए हैं। आदेश का उद्देश्य धान खरीद केंद्रों पर भीड़, यातायात बाधित होने तथा खरीद, उठान एवं भंडारण कार्य में किसी प्रकार की परेशानी को रोकना है। यह आदेश 23 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे। जिलाधीश की ओर से जारी आदेशानुसार जिला में धान की कटाई के लिए कंबाइन हार्वेस्टर का संचालन शाम 6 बजे से सुबह 9 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा। कंबाइन हार्वेस्टर से धान की कटाई सामान्यतः सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे के बीच ही की जा सकेगी। मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए द जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना भी अनिवार्य होगा। धान में नमी की मात्रा संबंधी मानकों का पालन करना जरूरी जिलाधीश वर्षा खांगवाल की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि खरीद केंद्रों पर पहुंचने वाले धान में निर्धारित नमी की मात्रा संबंधी मानकों का पालन करना आवश्यक है। आदेश में खरीद के लिए धान की अनुमत नमी सीमा वर्तमान में 17 प्रतिशत निर्धारित होने का उल्लेख किया गया है। प्रशासन द्वारा यह कदम धान खरीद सीजन के दौरान बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के एक साथ मंडियों एवं खरीद केंद्रों पर पहुंचने से उत्पन्न होने वाली यातायात एवं व्यवस्थागत समस्याओं को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। संबंधित अधिकारियों को किसानों, कंबाइन हार्वेस्टर संचालकों, आढ़तियों, मंडी प्रबंधकों एवं ट्रांसपोर्टरों को निर्धारित नियमों की जानकारी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश की अवहेलना करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।





कैंप के माध्यम से सरलता से मिल रही योजनाओं की जानकारी, पात्र नागरिक आगे बढ़कर उठाएं लाभ: रचिता जून
सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने को बहादुरगढ़ में सेवा सेतु कैंप आयोजित
बहादुरगढ़, 30 सितम्बर, अभीतक: जिलाभर में डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत आमजन को विभिन्न सरकारी सेवाओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी कड़ी में बुधवार को बहादुरगढ़ में एक दिवसीय सेवा सेतु कैंप का आयोजन किया गया। पंचायत समिति बहादुरगढ़ अध्यक्ष रचिता जून ने कैंप का अवलोकन किया। इस अवसर पर नगर परिषद चेयरपर्सन सरोज राठी, विद्या देवी व नुकुल कौशिक भी मौजूद रहे। इस अवसर पर पंचायत समिति अध्यक्ष रचिता जून ने कहा कि सेवा सेतु कैंप का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं को आमजन तक सहज, सरल और सुगम तरीके से पहुंचाना है। ऐसे कैंप के माध्यम से नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी मिलने के साथ-साथ पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया को समझने में भी सुविधा मिलती है। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित किए जा रहे सेवा सेतु कैंप जनकल्याणकारी योजनाओं को पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे कैंप में पहुंचकर सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें और पात्रता के अनुसार उनका लाभ उठाएं। कैंप में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नागरिकों को विभागीय योजनाओं, सरकारी सेवाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान पात्र नागरिकों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया तथा उनकी जिज्ञासाओं एवं समस्याओं का मौके पर समाधान करने का प्रयास किया गया। आयुष विभाग की ओर से नागरिकों को आयुष पद्धति एवं स्वास्थ्य संरक्षण से संबंधित जानकारी भी प्रदान की गई। इस अवसर पर बीडीपीओ परमजीत सिंह, दया किशन, सुदेश रंगा, जोगिंदर, पंकज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।





स्वस्थ जीवनशैली के लिए आयुष चिकित्सा पद्धति कारगर : डॉ. सुमन
सेवा मेरा योगदान थीम पर गांव कबलाना में आयोजित हुए स्वास्थ्य एवं योग कार्यक्रम
सेवा संकल्प अभियान के तहत 61 योग एवं ध्यान शिविरों में 1504 योग साधकों ने लिया भाग
झज्जर, 30 सितम्बर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के तहत डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में जनकल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन लगातार जारी है। अभियान के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ थीम के तहत आयुष विभाग द्वारा गांव कबलाना स्थित जगन्नाथ विश्वविद्यालय परिसर में जिला स्तरीय योग एवं ध्यान शिविर और स्वास्थ्य जांच एवं योग जागरूकता संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसके अलावा जिलाभर के स्वास्थ्य और आयुष संस्थानों में भी स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों का आयोजन हुआ। जिला झज्जर में अब तक 61 योग शिविरों का आयोजन किया गया जिसमें 1504 योग साधकों ने भाग लिया। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. सुमन ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत बहादुरगढ़ में आयोजित सेवा सेतु कैंप में 76 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया, जबकि 10 लोगों ने योग गतिविधि में भाग लिया। उन्होंने बताया कि इन शिविरों के माध्यम से आमजन को आयुष चिकित्सा पद्धति, स्वस्थ जीवनशैली और नियमित योग के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। आयुष विभाग की टीमों द्वारा लोगों को उनकी स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुसार उचित परामर्श भी दिया गया।
नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए किया जा रहा प्रेरित
जिला योग समन्वयक डॉ. पवन देशवाल ने बताया कि ‘सेवा मेरा योगदान’ थीम का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक स्वास्थ्य एवं जनकल्याण की सेवाओं को पहुंचाना है। आयुष विभाग द्वारा लोगों को नियमित योग एवं व्यायाम करने, संतुलित आहार लेने, उचित दिनचर्या अपनाने तथा स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव करके स्वयं के साथ-साथ समाज के स्वास्थ्य में भी अपना योगदान दे सकता है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से आयुष विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता और योग को जन-जन तक पहुंचाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।


वोटर से प्राप्त दावे आपत्तियों का तत्काल निपटान करें अधिकारी: डीसी
आगामी 28 अक्टूबर तक होगा दावे आपत्तियों का निपटारा, 6 नवम्बर को होगा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों को दिए निर्देश
झज्जर, 30 सितम्बर, अभीतक: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला झज्जर के सभी चारों विधानसभा क्षेत्रों में एसआईआर-2026 के तहत मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य जारी है। डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने कहा कि अभियान का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना तथा अपात्र नामों को हटाकर सूची को शुद्ध एवं अद्यतन बनाना है। डीसी ने बताया कि एसआईआर-2026 के कार्यक्रम के अनुसार दावे एवं आपत्तियों का निपटारा 28 अक्टूबर तक होगा तथा अंतिम मतदाता सूची 6 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी। मतदाता नाम, पता, आयु, फोटो सहित अन्य विवरणों की जांच कर त्रुटि मिलने पर समय रहते सुधार सम्भव है। डीसी ने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध एवं विश्वसनीय बनाने में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने सभी निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों को एसआईआर प्रक्रिया नियमानुसार पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

सेवा संकल्प अभियान- सेवा की कहानी
करदाता की सुविधा से राजस्व संवर्धन तक, झज्जर ने लिखी सेवा और सुशासन की नई कहानी
बकाया राजस्व की वसूली, अनुचित कर लाभ की वापसी और कर संग्रह में उल्लेखनीय उपलब्धियों से झज्जर जिला बना उदाहरण
झज्जर, 30 सितम्बर, अभीतक: सेवा केवल सुविधाएं उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यवस्था में विश्वास पैदा करने और जनहित में बेहतर परिणाम देने का संकल्प भी है। इसी भावना के साथ सेवा संकल्प अभियान के तहत आबकारी एवं कराधान विभाग(बिक्री कर), जिला झज्जर ने करदाताओं को सुगम एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ राजस्व अनुपालन को मजबूत करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। विभाग द्वारा करदाताओं के साथ निरंतर संवाद स्थापित करने, लंबित देनदारियों के समाधान, अनुचित कर लाभ की वापसी, स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने तथा कर राजस्व की नियमित निगरानी पर विशेष ध्यान दिया गया। इन प्रयासों का असर जिले के राजस्व प्रदर्शन में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया है।
लंबित मामलों के समाधान से बढ़ा राजस्व
डीईटीसी (जीएसटी) अजय कंसल ने बताया कि प्रदेश सरकार की एकमुश्त निपटान योजना का जिला झज्जर में प्रभावी क्रियान्वयन किया गया। विभागीय अधिकारियों ने पात्र करदाताओं तक योजना की जानकारी पहुंचाने के साथ लंबित मामलों की पहचान कर उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 1123 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 31.33 करोड़ रुपये की राशि शामिल थी, जिसमें से 14.37 करोड़ रुपये की वसूली की गई। दूसरे चरण में 3928 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 46.93 करोड़ रुपये की राशि शामिल थी और 7.08 करोड़ रुपये की वसूली की गई। तीसरे चरण में 1132 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 55.25 करोड़ रुपये की राशि शामिल थी, जिसमें से 23.23 करोड़ रुपये की वसूली की गई।
इस प्रकार एकमुश्त निपटान योजना के माध्यम से पुराने लंबित मामलों के समाधान और राजस्व वसूली की दिशा में जिले ने प्रभावी कार्य किया।
अनुचित कर लाभ की वापसी में झज्जर का अग्रणी प्रदर्शन
डीईटीसी सेल्स ने बताया कि कर व्यवस्था में पारदर्शिता और नियमों के अनुरूप अनुपालन सुनिश्चित करना विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसी दिशा में जिला झज्जर में कर विवरणियों और उपलब्ध सूचनाओं की निरंतर निगरानी करते हुए अनुचित अथवा अधिक लिए गए कर लाभ की पहचान कर उसकी वापसी की कार्यवाही की गई। वर्ष 2025-26 में जिला में कुल 522.30 करोड़ रुपये के अनुचित कर लाभ की वापसी दर्ज की गई। इसमें 322.32 करोड़ रुपये एकीकृत कर, 99.97 करोड़ रुपये राज्य कर तथा 100 करोड़ रुपये केंद्रीय कर शामिल हैं। इस प्रदर्शन ने जिला झज्जर को राज्य स्तर पर अग्रणी जिलों में स्थान दिलाया है। यह उपलब्धि आंकड़ों पर आधारित जांच, प्रभावी निगरानी और कर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम है।
कर संग्रह में 35 प्रतिशत की वृद्धि
राजस्व संग्रह के क्षेत्र में भी जिला झज्जर ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। करदाताओं को अनुपालन के लिए प्रोत्साहित करने, लंबित देनदारियों पर प्रभावी कार्यवाही तथा राजस्व संग्रह की नियमित निगरानी के परिणामस्वरूप वर्ष 2025-26 में जिले का शुद्ध राज्य वस्तु एवं सेवा कर संग्रह 1165.46 करोड़ रुपये रहा। पिछली संबंधित अवधि की तुलना में इसमें 35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। राज्य के जिलों में झज्जर का अब दूसरा स्थान रहा।
आंकड़ों के पीछे है सेवा और संवाद की कार्यशैली
झज्जर जिला की यह उपलब्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है। इसके पीछे करदाताओं के साथ निरंतर संवाद, उनकी समस्याओं का समाधान, योजनाओं की जानकारी समय पर उपलब्ध करवाना और नियमों के अनुरूप कर अनुपालन के लिए प्रेरित करने की कार्यशैली रही है। विभाग ने एक ओर पात्र करदाताओं को लंबित मामलों के समाधान का अवसर उपलब्ध करवाया, वहीं दूसरी ओर अनुचित कर लाभ की वापसी और राजस्व संग्रह की प्रभावी निगरानी के माध्यम से राजस्व हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
सेवा से सुशासन और सुशासन से परिणाम
जिला झज्जर की यह पहल बताती है कि जब करदाता सुविधा, पारदर्शिता, नियमों का पालन और राजस्व हित एक साथ लेकर कार्य किया जाता है तो उसके परिणाम भी प्रभावी होते हैं। एकमुश्त निपटान योजना के माध्यम से लंबित मामलों का समाधान, अनुचित कर लाभ की वापसी तथा कर संग्रह में निरंतर वृद्धिकृइन सभी उपलब्धियों ने जिला झज्जर में सेवा और सुशासन की एक ऐसी कार्यशैली को सामने रखा है, जिसमें करदाता की सुविधा के साथ सरकार के राजस्व हितों का भी पूरा ध्यान रखा गया है।





सेवा संकल्प अभियान के तहत गांव रोहद में गुरुवार को लगेगा सेवा सेतु कैंप
सेवा सेतु कैंप के माध्यम से सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है एक छत के नीचे
जिला परिषद के सीईओ मनीष फोगाट ने दी जानकारी
बहादुरगढ़, 30 सितम्बर, अभीतक: जिलाभर में सेवा संकल्प अभियान के तहत आमजन को सरकार की योजनाओं का लाभ उनके नजदीक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में सेवा सेतु कैम्प लगाए जा रहे हैं। डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में लग रहे सेवा सेतु कैम्प में लोग सरकार की योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद मनीष फोगाट ने जानकारी देते हुए बताया कि गुरुवार 1 अक्टूबर को गांव रोहद, 3 अक्टूबर को ब्लॉक बेरी, 5 अक्टूबर को गांव दुबलधन, 6 अक्टूबर को बादली ब्लॉक मुख्यालय व गांव खानपुर खुर्द, 7 अक्टूबर को गांव बुपनिया तथा 8 अक्टूबर को गांव गुभाना में सेवा सेतु कैंप आयोजित होंगे। उन्होंने बताया कि 9 अक्टूबर को गांव मातनहेल व गांव पाटोदा, 10 अक्टूबर को गांव बिरोहड़, 12 अक्टूबर को माछरौली ब्लॉक मुख्यालय व गांव ढाकला, 13 अक्टूबर को गांव खुड्डन, 14 अक्टूबर को साल्हावास ब्लॉक मुख्यालय तथा 15 अक्टूबर को गांव भुरावास में सेवा सेतु कैंप आयोजित किए जाएंगे।

सेवा संकल्प अभियान: नमो सेवा अनकही कहानियां के तहत झज्जर जिला में 4 व 5 अक्टूबर को होंगे नुक्कड़ नाटक
प्रचार टीम नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जनकल्याणकारी योजनाओं की देगी जानकारी
झज्जर, 30 सितम्बर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के तहत डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’ मॉडयूल के तहत झज्जर जिला में आगामी 4 व 5 अक्टूबर को विभिन्न गांवों, शिक्षण संस्थानों और महाविद्यालयों में नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से 5 प्रचार टीम द्वारा आमजन को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं जनहित से जुड़ी सेवाओं की जानकारी दी जाएगी।
4-5 अक्टूबर को इन स्थानों पर होंगे कार्यक्रम
रविवार, 4 अक्टूबर को गांव झांसवा, बहु, साल्हावास, डाबोदा खुर्द, बुपनिया, मांडोठी, नूना माजरा, छुड़ानी, जहांगीरपुर, सिलानी केशो, खुड्डन, कुलाना, दुजाना, डीघल तथा दूबलधन बिधयान में नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जाएंगे। वहीं सोमवार, 5 अक्टूबर को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मातनहेल, राजकीय कॉलेज बिरोहड़, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बहादुरगढ़, राजकीय महिला महाविद्यालय बहादुरगढ़, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लडरावण, राजकीय आईटीआई आसौदा टोडरान, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय माछरौली, नेहरू पीजी कॉलेज झज्जर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बेरी, राजकीय कॉलेज दुजाना तथा गांव अकेहड़ी मदनपुर, गुभाना, रोहद, खेड़ी खुम्मार व बिरधाना में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रवक्ता ने बताया कि नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रचार टीम द्वारा आमजन को सरल एवं रोचक तरीके से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, सरकारी सेवाओं तथा जनहितकारी पहलों की जानकारी दी जाएगी। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाकर उन्हें सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक करना है।







आंगन मिलन सेवा मॉड्यूल के तहत तीन दिवसीय कार्यक्रम का हुआ समापन
खंड बहादुरगढ़ (ग्रामीण व शहरी) क्षेत्रों के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स का हुआ सम्मान
12 हजार 349 महिला व अन्य लाभार्थियों ने लिया भाग, स्वस्थ खान-पान और सरकारी सेवाओं और योजनाओं की दी जानकारी
बहादुरगढ़, 30 सितम्बर, अभीतक: जिलाभर में डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में आगामी 17 अक्टूबर तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को भी ‘आंगन मिलन सेवा’ मॉड्यूल के अंतर्गत खंड बहादुरगढ़ के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में गतिविधियां जारी रहीं। तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन नगर परिषद की चेयरपर्सन सरोज राठी ने आंगनवाड़ी केंद्रों पर लाभार्थियों से संवाद किया। उन्होंने महिलाओं को पोषण, बच्चों की वृद्धि एवं विकास, स्वस्थ खान-पान और अच्छे व्यवहार के लिए प्रेरित किया।
आंगनवाड़ी केंद्रों पर पोषण गतिविधियों से रूबरू हो रही महिलाएं
डीपीओ नेहा दहिया ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों के लाभार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें बच्चों के उचित पोषण, वृद्धि एवं विकास तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार के संबंध में भी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि खंड बहादुरगढ़ (ग्रामीण)के 144 तथा शहरी क्षेत्र के 100आंगनवाड़ी केंद्रों में आयोजित गतिविधियों में खंड बहादुरगढ़ ग्रामीण से 6452 तथा खंड बहादुरगढ़ शहरी क्षेत्र से 5897 लाभार्थियों ने भाग लिया। इस प्रकार दोनों खंडों में कुल 12,349 लाभार्थियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
महिलाओं के कल्याण को लेकर सरकारी योजनाओं की भी दी जा रही जानकारी
डीपीओ ने बताया कि कार्यक्रमों के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की टीमों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में भी लाभार्थियों को जानकारी दी गई। इनमें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना, मुख्यमंत्री मातृत्व एवं शिशु कल्याण योजना तथा आंगनवाड़ी आधारित स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी योजनाओं की जानकारी शामिल रही।
महिलाओं को पोषण और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति लगातार किया जा रहा जागरूक
डीपीओ ने बताया कि ‘आंगन मिलन सेवा’ मॉड्यूल के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों को पोषण, स्वास्थ्य, योग एवं स्वस्थ जीवनशैली संबंधी जागरूकता का केंद्र बनाया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य लाभार्थियों को स्वास्थ्यवर्धक आदतों को अपनाने तथा बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं विकास के लिए जागरूक करना है।


सेवा मेरा योगदान थीम पर आईटीआई गुढ़ा में पौधारोपण कार्यक्रम
345 प्रशिक्षणार्थियों व स्टाफ सदस्यों ने पौधे रोपकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
झज्जर, 30 सितम्बर, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा मेरा योगदान थीम पर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, झज्जर एट गुढ़ा में बुधवार को पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के 345 प्रशिक्षणार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे। आईटीआई प्रधानाचार्य जीतपाल ने बताया कि पौधा रोपण के दौरान विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर युवाओं को पेड़-पौधों के महत्व तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण के लिए हरियाली बढ़ाने की आवश्यकता के बारे में भी जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं की सहभागिता ने ‘सेवा मेरा योगदान’ की भावना को मजबूत किया। पौधारोपण के माध्यम से न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया, बल्कि प्रशिक्षणार्थियों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए भी प्रेरित किया गया। नोडल अधिकारी जीतपाल ने बताया कि संस्थान परिसर में सेवा संकल्प अभियान के तहत जन-जागरूकता, स्वच्छता, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।






सफाई मित्र स्वच्छता व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी: सीईओ
सेवा मेरा योगदान’ थीम पर सफाई मित्रों के स्वास्थ्य की हुई जांच
सेवा संकल्प अभियान’ के तहत जिलेभर के स्वास्थ्य संस्थानों में आयोजित हुए विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर, 439 सफाई कर्मचारियों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण
झज्जर, 30 सितम्बर, अभीतक: जिलाभर में डीसी वर्षा खांगवाल के दिशा-निर्देशानुसार 17 अक्टूबर तक चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘सेवा मेरा योगदान’ थीम पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी कड़ी में बुधवार को जिलाभर के स्वास्थ्य संस्थानों में सफाई कर्मियों के सम्मान, स्वास्थ्य और कल्याण को समर्पित विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में लगभग 439 सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच की गई। जिला परिषद के सीईओ मनीष फोगाट ने बताया कि सफाई मित्र समाज की स्वच्छता व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ एवं बीमारियों से मुक्त रखने में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में उनके स्वास्थ्य की नियमित देखभाल करना सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से जिले में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविरों का आयोजन किया गया। शिविरों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमों ने सफाई कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच की। इस दौरान सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण के साथ रक्तचाप (बीपी), ब्लड शुगर सहित आवश्यक जांच की गई। जांच के उपरांत जरूरत के अनुसार सफाई मित्रों को निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं और चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श भी दिया गया। सीईओ मनीष फौगाट ने बताया कि ‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए सेवा और जनकल्याण की भावना को मजबूत करना है। सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य की जांच के लिए आयोजित यह पहल उनके प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का भी प्रतीक है। इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, स्वच्छ भारत मिशन की टीम तथा बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।


नागरिक अस्पताल बेरी में बुधवार को स्वास्थ्य जांच कराते ग्रामीण सफाई कर्मी।
सफाई मित्र स्वच्छता व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी: एडीसी
सेवा मेरा योगदान’ थीम पर सफाई मित्रों के स्वास्थ्य की हुई जांच
सेवा संकल्प अभियान’ के तहत जिलेभर के स्वास्थ्य संस्थानों में आयोजित हुए विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर, 439 सफाई कर्मचारियों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण
झज्जर, 30 सितम्बर, अभीतक: जिलाभर में डीसी वर्षा खांगवाल के दिशा-निर्देशानुसार 17 अक्टूबर तक चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘सेवा मेरा योगदान’ थीम पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी कड़ी में बुधवार को जिलाभर के स्वास्थ्य संस्थानों में सफाई कर्मियों के सम्मान, स्वास्थ्य और कल्याण को समर्पित विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में लगभग 439 सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच की गई। वहीं गांव हसनपुर में आयोजित कार्यक्रम में एडीसी जगनिवास ने सफाई मित्रों को सम्मानित किया।
एडीसी जगनिवास ने कहा कि सफाई मित्र समाज की स्वच्छता व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ एवं बीमारियों से मुक्त रखने में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में उनके स्वास्थ्य की नियमित देखभाल करना सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से जिले में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। दूसरी ओर जिला परिषद के सीईओ मनीष फोगाट ने बताया कि बुधवार को स्वास्थ्य जांच शिविरों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमों ने सफाई कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच की गई। इस दौरान सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण के साथ रक्तचाप (बीपी), ब्लड शुगर सहित आवश्यक जांच की गई। जांच के उपरांत जरूरत के अनुसार सफाई मित्रों को निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं और चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श भी दिया गया। सीईओ मनीष फोगाट ने बताया कि ‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए सेवा और जनकल्याण की भावना को मजबूत करना है। सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य की जांच के लिए आयोजित यह पहल उनके प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का भी प्रतीक है। इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, स्वच्छ भारत मिशन की टीम तथा बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।

निरीक्षक सतीश कुमार हुए सेवानिवृत्त
पुलिस लाइन झज्जर में आयोजित किया गया विदाई समारोह
झज्जर, 30 सितम्बर, अभीतक: झज्जर पुलिस में अपनी सेवाएं प्रदान करने के उपरांत निरीक्षक सतीश कुमार सेवानिवृत्त हुए। इस अवसर पर पुलिस लाइन झज्जर में विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह के दौरान एसीपी अनिरुद्ध चैहान ने निरीक्षक सतीश कुमार को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल एवं स्वस्थ भविष्य की शुभकामनाएं दीं।निरीक्षक सतीश कुमार ने पुलिस विभाग में अपनी सेवाओं के दौरान कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन एवं समर्पण के साथ पुलिस कार्यों का निर्वहन किया। उन्होंने पुलिस कार्य के साथ-साथ समाज सेवा एवं जनजागरूकता के कार्यों में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा आमजन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनके सेवाकाल की सराहना करते हुए सेवानिवृत्त जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
जिला के सभी गांवों में 2 अक्टूबर को आयोजित होंगी विशेष ग्राम सभाएं
ग्रामीण ज्यादा से ज्यादा संख्या में हो शामिल: डीडीपीओ निशा तंवर
झज्जर, 30 सितम्बर, अभीतक: जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी निशा तंवर ने बताया कि महात्मा गांधी जयंती के उपलक्ष पर 2 अक्टूबर को सुबह 11 बजे सभी ग्राम पंचायतों में स्वच्छता दिवस मनाया जाएगा व स्वच्छता शपथ दिलाई जाएगी। इस दिन गांवों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। सभी ग्राम वासियों से आह्वान है कि वे इन ग्राम सभाओं में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचे, ताकि सरकार द्वारा जारी महत्वपूर्ण स्कीमों का लाभ पात्र लाभार्थी को मिल सके।



परिधानम-2026: विद्यार्थियों की प्रतिभा व रचनात्मकता का दिखा मनोहारी संगम
एसजीटीयू में 15 छात्र डिजाइनरों ने प्रस्तुत किए आकर्षक कलेक्शन
गुरुग्राम, 30 सितम्बर, अभीतक: एसजीटी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ डिजाइन द्वारा आयोजित वार्षिक फैशन समारोह ‘परिधानम-2026’ में विद्यार्थियों की रचनात्मकता, तकनीकी दक्षता और नवाचार की शानदार झलक देखने को मिली। इस फैशन शो में 15 छात्र डिजाइनरों ने अपने मौलिक डिजाइन कलेक्शन प्रस्तुत किए। विभिन्न थीम, समकालीन सौंदर्यबोध, उत्कृष्ट शिल्पकला और नए प्रयोगों से सजे इन कलेक्शनों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा और मेहनत को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया। श्परिधानमश् स्कूल ऑफ डिजाइन का प्रमुख वार्षिक फैशन आयोजन है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाओं और डिजाइन अवधारणाओं को पहनने योग्य कला के रूप में प्रस्तुत करने के साथ-साथ फैशन इंडस्ट्री के पेशेवर वातावरण का अनुभव प्रदान करना है। फैशन शो को पेशेवर रनवे का स्वरूप देने के लिए 10 प्रोफेशनल मॉडल्स ने भी इसमें भाग लिया। इनके साथ विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं ने भी मॉडल्स के रूप में प्रतिभा का प्रदर्शन किया। रनवे प्रेजेंटेशन और कोरियोग्राफी का निर्देशन डॉ. भुवनेश ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोफेशनल रैंप वॉक, स्टेज प्रेजेंस और शो कोरियोग्राफी का प्रशिक्षण देकर उनकी प्रस्तुतियों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। परिधानम-2026 का आयोजन स्कूल ऑफ डिजाइन के प्रोफेसर एवं डीन डॉ. सुखवीर सिंह बेनीवाल के मार्गदर्शन में हुआ। उन्होंने कार्यक्रम के कन्वीनर के रूप में आयोजन का नेतृत्व किया। कार्यक्रम का समन्वय सुश्री तमन्ना शर्मा और सुश्री वाणी वालेचा ने किया। स्कूल ऑफ डिजाइन की पूरी टीम के समर्पित प्रयासों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। परिधानम ने विद्यार्थियों को अपनी कलात्मक सोच और तकनीकी विशेषज्ञता को प्रदर्शित करने के साथ-साथ फैशन जगत की पेशेवर कार्यप्रणाली को समझने का मूल्यवान अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम के समापन पर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।
परिणाम इस प्रकार रहे
प्रथम पुरस्कार: श्रुति
द्वितीय पुरस्कार: लताशा
तृतीय पुरस्कार: अपूर्वा
विशेष श्रेणी के पुरस्कार
मोस्ट इनोवेटिव डिजाइन: खुशी
मोस्ट क्रिएटिव डिजाइन: खुश्यंत
फैशन आइकन अवॉर्ड: सना
एक्सीलेंस अवॉडर्र : सीमा नागरथ
बेस्ट डिजाइन कॉन्सेप्ट अवॉर्ड: मुस्कान गुलिया
चंडीगढ़: सुरक्षित रक्त की पहुंच आसान बनाने के लिए राज्य सरकार ब्लड डोनेशन वैन की लेगी मदद: आरती सिंह राव
दवाओं व टीकों के सुरक्षित भंडारण, बेहतर इन्वेंट्री प्रबंधन और निर्बाध बिजली आपूर्ति हेतु डीजल जनरेटर सेटों का किया जायेगा प्रबंध
विशेष उच्च अधिकार प्राप्त खरीद समितिष् की बैठक में लिए कई महत्वपूर्ण फैसले
जिला अस्पतालों के लिए लगभग 4.18 करोड़ रुपये की लागत से 9 ब्लड डोनेशन वैन के दो साल के रेट कॉन्ट्रैक्ट को अंतिम रूप दिया गया, जिससे विभिन्न स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित करने और सुरक्षित रक्त की पहुंच आसान बनाने में मदद मिलेगी।
नेत्र विज्ञान और ईएनटी जांच व सर्जिकल सेवाओं को उन्नत करने के लिए 6 ऑप्टिकल बायोमीटर, 13 ईएनटी ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप और 6 एडवांस्ड फेकोइमल्सीफिकेशन मशीनों की दरें भी लगभग 12.22 करोड़ रुपये की कुल अनुमानित लागत पर तय की गईं।
गंभीर बीमारियों की रोकथाम और आपातकालीन व्यवस्थाओं के तहत तपेदिक (टीबी) की त्वरित और सटीक जांच के लिए 6.72 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 1,00,000 माइक्रो पीसीआर टीबी टेस्ट किट (ट्रूनेट चिप्स) की दर स्वीकृत की गई, जबकि जिला अस्पतालों
2 अक्टूबर को गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर यूपीआई पर लगाएं जा रहे एमडीआर के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत भानु प्रकाश
2 अक्टूबर को पुरे भारत में नो यूटीआई डे: भानु प्रकाश
नई दिल्ली, 30 सितम्बर, अभीतक: भारतीय उधोग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव भानु प्रकाश ने बताया केन्द्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर यूपीआई के प्रयोग पर 40 पैसा सैंकड़ा एमडीआर अधिसूचित किया है। इसी अधिसूचना में एक लाख तक का पेमेन्ट पाने वाले उन सभी ट्रांजेक्शनों पर शून्य एमडीआर का फायदा दिया गया है यानि 1 लाख 1 हजार का पेमेन्ट पाने वाले ट्रांजेक्शनों पर 40 पैसे सैंकड़ा एमडीआर देय होगा। रेलवे, टेलीकॉम, इन्श्योरेन्स, फ्यूल व खेती से जुड़े सामान पर 5 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन फिक्स्ड एमडीआर आरोपित किया गया है। म्यूचअल फण्ड्स, सिक्यूरिटीज, स्टॉक ब्रोकर, डीलर से जुड़े पेमेन्ट पर 0.02 प्रतिशत का एमडीआर लगाया गया है। विरोध स्वरूप भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल की गवर्निंग बॉडी तथा आमंत्रित सैंकड़ों व्यापारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के द्वारा मीटिंग आयोजित की गयी। मुख्यतया जिसमें पंजाब व्यापार मण्डल के अध्यक्ष प्यारेलाल सेठ, महामंत्री समीर जैन, बीयूवीएम पंजाब के अध्यक्ष रंजन अग्रवाल, कैमिट महाराष्ट्र के चेयरमेन एवं बीयूवीएम वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहन गुरनानी, कैमिट महाराष्ट्र अध्यक्ष एवं बीयूवीएम उपाध्यक्ष दीपेन अग्रवाल, बीयूवीएम राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष तारकनाथ त्रिवेदी पश्चिम बंगाल, बीयूवीएम राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरसिंह अग्रवाल गुजरात, बीयूवीएम राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं ग्रोमा महाराष्ट्र के अध्यक्ष भीमजी भानुशाली, संजय अग्रवाल नागपुर, संजय सेठ कोल्हापुर, आदेशपाल चाबरिया औरंगाबाद, पशुपतिनाथ माशाळ सोलापुर, वीरेन शाह मुंबई, फल-सब्जी एसोसिएशन अध्यक्ष संजय पंसारे मुंबई, दिल्ली से मोपा के चेयरमेन एवं बीयूवीएम राष्ट्रीय मंत्री सुरेश नागपाल, बीयूवीएम महामंत्री राकेश यादव दिल्ली, बीयूवीएम राष्ट्रीय महासचिव भानु प्रकाश,बीयूवीएम वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं सकल अनाज तिलहन दलहन व्यापारी महासंघ मध्यप्रदेश अध्यक्ष गोपालदास अग्रवाल, बीयूवीएम गवर्निंग बॉडी संयोजक एवं उड़ीसा उद्योग व्यापार मण्डल अध्यक्ष प्रहलाद खण्डेलवाल, उत्तरप्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल अध्यक्ष एवं बीयूवीएम वरिष्ठ महामंत्री मुकुन्द मिश्रा, उत्तरप्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल चेयरमेन महेन्द्र जैन मयूर, राष्ट्रीय सलाहकार एवं बीयूवीएम छत्तीसगढ़ प्रदेशाध्यक्ष अशोक मोदी, बीयूवीएम राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रकाश चन्द मिश्रा उत्तराखण्ड, तमिलनाडू वेनिगर सनगनकालीन पेरावई फैडरेशन एवं चैम्बर ऑफ कॉमर्स चैन्नई से अल्बर्ट, राष्ट्रीय सलाहकार एवं बीयूवीएम हिमाचलप्रदेश प्रदेशाध्यक्ष प्रकाश चन्द गुप्ता, बीयूवीएम कर्नाटका प्रदेशाध्यक्ष पी.एच. राजपुरोहित, तेलंगाना एवं आंध्रप्रदेश बीयूवीएम प्रभारी सतीश अग्रवाल, बीयूवीएम उपाध्यक्ष सुरेश सैनी राजस्थान सहित आदि कई देश के अग्रणी नेतृत्व प्रदान करने वाले व्यापारियों ने आयोजित सभा में शिरकत की। सभा की अध्यक्षता बीयूवीएम राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने की तथा सभा का संचालन बीयूवीएम वरिष्ठ महामंत्री मुकुन्द मिश्रा एवं राष्ट्रीय महामंत्री अजीत कोठारी कोल्हापुर ने किया। देश के करीब 17 प्रान्तों से जुड़े व्यापारियों ने यूपीआई पर एमडीआर लगाने का विरोध किया और इसे तत्काल वापिस लेने की मांग की तथा जब तक वापिस नहीं लिया जाता तब तक आंदोलन चलाने के सुझाव प्रस्तुत किये।सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 2 अक्टूबर को गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर यूपीआई पर लगाये जा रहे एमडीआर के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत की जायें। 2 अक्टूबर को पूरे भारत में नो यूपीआई डे रखकर यूटीआई से कोई लेन-देन नहीं किया जाएगा। 15 अक्टूबर तक विभिन्न तरह से विरोध किया जाएगा और जल्द ही दिल्ली में सभी राज्यों के व्यापारियों की एक बैठक बुलाई जाएगी।
रेवाड़ी: रेवाड़ी में गुप्तचर विभाग की सूचना पर सीएम फ्लाइंग की बड़ी रेड
रेवाड़ी के रामगढ़ रोड पर अवैध रूप से चल रही थी अवैध, पान गुटका तंबाकू फैक्ट्री
रेड के दौरान भारी जखीरा बरामद
कई विभागों की टीम कर रही है कार्रवाई
एक महिला अधिकारी के पति की बताई जा रही है फैक्ट्री
पान गुटका फैक्ट्री का एड्रेस नूहू का
रेवाड़ी में चलाई जा रही थी अवैध
कल से आरंभ होंगी शिक्षा बोर्ड की सैकेण्डरी व सीनियर सैकेण्डरी की पूरक एवं डी.एल.एड. की परीक्षाएं
भिवानी, 30 सितम्बर, अभीतक: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की सैकेण्डरी व सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक एवं मुक्त विद्यालय) कंपार्टमेंट (म्प्व्च्), रि-अपीयर, सीटीपी, ओसीटीपी, अतिरिक्त विषय व अंक सुधार विषय की पूरक तथा डीएलएड (नियमितध्रि-अपीयर) की परीक्षाएं 01 अक्तूबर से आरंभ होकर 24 अक्तूबर, 2026 तक संचालित होगी। इन परीक्षाओं का समय दोपहर 02ः00 बजे से सांय 05ः00 बजे तक रहेगा। यह जानकारी देते हुए बोर्ड अध्यक्ष श्री शंकर लाल धूपड़ एवं सचिव श्री दीपक बाबूलाल करवा, भा.प्र.से. ने संयुक्त रूप से बताया कि सैकेण्डरीध्सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक, मुक्त विद्यालय) कंपार्टमेंट (म्प्व्च्), रि-अपीयर, सीटीपी, ओसीटीपी, अतिरिक्त विषय व अंक सुधार विषय तथा डीएलएड (नियमित, रि-अपीयर) की परीक्षाओं में प्रदेशभर के 140 परीक्षा केंद्रों पर करीब 82037 परीक्षार्थी, छात्र-अध्यापक प्रविष्ट होंगे। उन्होंने बताया कि सैकेण्डरी (शैक्षिक) परीक्षा में 8462 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे, जिनमें 5219 छात्र, 3243 छात्राएं तथा सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक) परीक्षा में 7647 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे, जिनमें 5290 छात्र, 2357 छात्राएं शामिल हैं। इसी प्रकार सैकेण्डरी (मुक्त विद्यालय) की परीक्षा में 8850 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे, जिनमें 5472 छात्र, 3378 छात्राएं तथा सीनियर सैकेण्डरी (मुक्त विद्यालय) की परीक्षा में 14578 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे, जिनमें 9665 छात्र व 4913 छात्राएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त डीएलएड की परीक्षा में 42500 छात्र अध्यापक परीक्षा देंगे, जिसमें 13523 छात्र-अध्यापक व 28977 छात्र-अध्यापिका प्रविष्ट होंगी। उन्होंने आगे बताया कि परीक्षाओं के सफल संचालन, गरिमा व पवित्रता बनाए रखने के लिए शिक्षा बोर्ड ने तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। परीक्षाओं की शुचिता, विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए शिक्षा बोर्ड द्वारा परीक्षा केन्द्रों के औचक निरीक्षण हेतु 26 प्रभावी उडनदस्तों का गठन किया गया है। परीक्षाओं को शान्तिपूर्वक ढ़ंग से संपन्न करवाने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्यों से सभी परीक्षा केन्द्रों पर धारा-163 भी लागू कर दी गई है। उन्होंने आगे बताया कि सभी पात्र परीक्षार्थियों को अनुक्रमांक जारी कर दिए गए हैं। परीक्षार्थी अपना रंगीन प्रवेश-पत्र ए-4 साईज पेपर पर ही प्रिन्ट करें तथा वही रंगीन फोटो प्रवेश-पत्र पर चिपकायें जो आवेदन फार्म भरते समय अपलोड किया गया था तथा उसे किसी राजकीयध्अराजकीय मान्यता प्राप्त विद्यालय के प्राचार्यध्मुख्याध्यापक या किसी राजपत्रित अधिकारी से सत्यापित करवाना सुनिश्चित करें। प्रवेश-पत्र एवं मूल पहचान-पत्र (आधार कार्ड आदि) के बिना परीक्षा केन्द्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। सभी परीक्षार्थी अपने आधार कार्ड पर नवीनतम फोटो अपडेट करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि परीक्षार्थी प्रवेश-पत्र पर दिए गए दिशा-निर्देंशों की पालना करते हुए परीक्षा आरंभ होने से 30 मिनट पूर्व परीक्षा केंद्र पर पहुंचना सुनिश्चित करें। प्रवेश-पत्र पर तिथि अनुसार परीक्षार्थी, छात्र-अध्यापक एवं पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर होने अनिवार्य है इसलिए परीक्षार्थी प्रवेश-पत्र को लैमिनेशन न करवाएं। परीक्षा केन्द्र में इलेक्ट्रॉनिक्स सामान जैसे मोबाईल, कैलकुलेटर, स्मार्ट वॉच आदि का प्रयोग वर्जित है। यदि कोई परीक्षार्थी, छात्र-अध्यापक नकल में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरूद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
माननीय न्यायालय ने नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 10 वर्ष कारावास व 30,000 रुपए जुर्माना की सजा सुनाई
थाना तोशाम पुलिस द्वारा मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को किया गया था गिरफ्तार
भिवानी, 30 सितम्बर, अभीतक: थाना तोशाम में पीड़िता नाबालिग लड़की की माता द्वारा शिकायत दर्ज करवाई गई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि आरोपी द्वारा उनकी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया गया है। शिकायत प्राप्त होते ही थाना तोशाम पुलिस द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज कर तत्काल प्रभावी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई। पुलिस टीम द्वारा मामले में आरोपी बलराम पुत्र सुरेश, निवासी बाबरवास, तहसील तोशाम, जिला भिवानी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। अभियोग की जांच के दौरान पुलिस द्वारा मामले से संबंधित आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए गए तथा गवाहों के बयान दर्ज कर चालान माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोग के ट्रायल के दौरान माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों एवं गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया गया। मामले में माननीय न्यायालय श्रीमती सुरुचि अटरेजा सिंह, एडिशनल सेशन जज, फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट, भिवानी द्वारा आरोपी बलराम पुत्र सुरेश, निवासी बाबरवास, तहसील तोशाम, जिला भिवानी को पॉक्सो एक्ट के तहत 10 वर्ष के कारावास एवं ₹ 20,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है। इसके अतिरिक्त आरोपी को धारा 137(1)(इ) बीएनएस के तहत 07 वर्ष के कारावास एवं ₹ 10,000 जुर्माने की सजा सुनाई गई है। इस प्रकार आरोपी पर कुल ₹ 30,000 का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। पुलिस अधीक्षक भिवानी श्री मयंक मिश्रा, आईपीएस द्वारा जिले के सभी थाना प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि महिला एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभावी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। ऐसे मामलों में आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के साथ-साथ अभियोग के ट्रायल के दौरान मजबूत पैरवी एवं पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएं, ताकि दोषी व्यक्तियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जा सके तथा पीड़ित को न्याय मिल सके।
रोहतक में आंगन मिलन समारोह में शामिल हुईं मंत्री श्रुति चैधरी
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और बच्चों से की आत्मीय मुलाकात, पोषण एवं स्वास्थ्य को लेकर की चर्चा
रोहतक, 30 सितम्बर, अभीतक: रोहतक में आयोजित आंगन मिलन समारोह में आज सिंचाई एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चैधरी शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और बच्चों से आत्मीय मुलाकात की तथा उनके साथ समय बिताया। मंत्री श्रुति चैधरी ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और बेहतर भविष्य को लेकर किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्वस्थ, सुरक्षित और खुशहाल बचपन सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बच्चों और परिवारों तक सरकार की योजनाओं एवं सेवाओं को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उनके समर्पण और सेवाभाव के लिए उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का हृदय से आभार व्यक्त किया।

स्वतंत्रता सैनानी मंगलसिंह राजकीय विद्यालय गिलाकोर में लोकतांत्रिक रूप से बाल संसद निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न’
जोधपुर, 30 सितम्बर, अभीतक: चामू क्षेत्र की ग्राम पंचायत गिलाकोर स्थित स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय श्री मंगलसिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में राज्य सरकार एवं शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार लोकतांत्रिक परंपराओं के तहत बाल संसद निर्वाचन का सफल आयोजन किया गया. इस चुनाव में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ निष्पक्ष एवं स्पष्ट रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग किया। प्रधानाचार्य धर्मपाल सिंह मीणा ने इस अवसर पर कहा कि यह आयोजन बच्चों के लिए लोकतंत्र के वास्तविक तरीके को समझने का एक सुनहरा अवसर है, जिससे वे भविष्य में देश के लोकतांत्रिक ढांचे को सही ढंग से समझ सकेंगे. व्याख्याता शैताना राम बिश्नोई ने चुनाव के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पूरी गतिविधि बच्चों में नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की दिशा में शिक्षा विभाग की एक सराहनीय पहल है। चुनावी प्रक्रिया चुनाव प्रभारी किशोर कुमार एवं सह प्रभारी ओमप्रकाश, रूपा राम की देखरेख में संपन्न करवाई गई। इस निर्वाचन प्रक्रिया के तहत नवगठित बाल संसद में बाल प्रधानमंत्री मनीष बिश्नोई कक्षा 12, मंत्रिमंडल में शिक्षा और पुस्तकालय मंत्री जीतू कंवर कक्षा 9, खेल मंत्री हरीश चंद्र कक्षा 11, सांस्कृतिक मंत्री करिश्मा कक्षा 11, पोषण और अनुशासन मंत्री सुगन कंवर कक्षा 10, स्वास्थ्य और स्वच्छता मंत्री आरजू कक्षा 10 के छात्र छात्राओं को चुना गया। विद्यालय स्टाफ नेबाल संसद की नवगठित कार्यकारिणी को हार्दिक बधाई दी। इस अवसर पर व्याख्याता ओमप्रकाश, शैताना राम बिश्नोई, किशोर कुमार, वरिष्ठ अध्यापक बाबू सिंह राजपुरोहित, देवरीलाल सोनी, रावल सिंह, भगवान सिंह गिलाकोर, ओम प्रकाश, भैरा राम बरबड़, रूपा राम, रमेश बामनिया, समु कँवर, खुशाल चंद्र, नरेंद्र कुमार, छात्र- छात्रा प्रतिनिधि शैलेन्द्र एवं अंशिका सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे।
सेवा संकल्प अभियान के तहत गांव गुभाना में 8 अक्तूबर को मैन बस स्टैंड बालाजी मंदिर पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा
झज्जर, 30 सितम्बर, अभीतक: लोगों के अनमोल जीवन को बचाने का कार्य कर रही लोकहित समिति द्वारा 8 अक्तूबर को गांव गुभाना के मैन बस स्टैंड बालाजी मंदिर पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। रक्तदान शिविर की जानकारी देते हुए बालाजी मंदिर कमेटी के प्रधान सतीश कुमार ने बताया कि रक्तदान शिविर सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक लगेगा। रक्तदान शिविर को लेकर युवाओं में जोश बना हुआ है। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त तीन व्यक्तियों का जीवन बचाया जा सकता है। रक्त किसी मशीन या फैक्ट्री में नहीं बनाया जा सकता युवा रक्तदान कर लोगों के अनमोल जीवन को बचाने का कार्य कर रहे हैं। रक्तदान शिविर को लेकर युवाओं में उत्साह बना हुआ है।

हरियाणा में नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी के तहत 18 योजनाओं को मंजूरी’
युवाओं को रोजगार और किसानों की बढ़ेगी आमदनी’
रोड पर नहीं हो जलभराव, लाइट का प्रबंध किया जाए सुनिश्चित: डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने की जिला स्तरीय सडक सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक
रेवाड़ी, 30 सितम्बर, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि जिला की सड़कों पर जलभराव नहीं हो, इसके लिए उचित प्रबंध किए जाएं और रोड पर लाइट की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वहीं सड़क नियमों की उल्लंघना करने वाले वाहन चालकों पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाए। डीसी अभिषेक मीणा ने बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिला स्तरीय सडक सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। डीसी अभिषेक मीणा ने बनीपुर चैक पर चल रहे निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ ही अन्य मुख्य जगह चल रहे सड़क निर्माण कार्यों की वर्क रिपोर्ट भी जमा करवाने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण कार्यों की स्थिति स्पष्ट हो सके। उन्होंने जिला में रोड पर जलभराव की निकासी के उचित प्रबंध करने के संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला में किसी भी रोड पर निर्माण या मरम्मत आदि का कार्य करने के दौरान साइन बोर्ड जरूर लगाएं जाएं। बिना साइन बोर्ड के दुर्घटना होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है। ऐसे में कोई भी विभाग या एजेंसी लापरवाही नहीं बरते। डीसी ने नारनौल बाईपास सहित अन्य रोड पर लाइट, स्पीड ब्रेकर और साइन बोर्ड व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा डीसी ने हाईवे पर अवैध रूप से खड़े ट्रकों व अन्य वाहनों पर निरंतर कार्रवाई अमल में लाने के आदेश दिए। डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि जिला में सडकों को वाहन चालकों के लिए सुरक्षित बनाया जाए। इसके लिए समय-समय पर सडकों पर डिवाइडर, गति अवरोधक, सफेद पट्टी, साइन बोर्ड, स्ट्रीट लाईट, आवश्यकता अनुसार ग्रिल लगाए जाने की प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए। ट्रैफिक पुलिस, लोक निर्माण, नगर परिषद, एचएसवीपी, एचएसआरडीसी, मार्केटिंग बोर्ड, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण आदि विभाग सडक दुर्घटनाओं को रोकने के प्रति संवेदनशील रूख अपनाएं। उन्होंने सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत स्कूलों के वाहनों की निरंतर जांच करने के निर्देश भी दिए।
अवैध निर्माण और माइनिंग रोकने के लिए निरंतर जारी रखें कार्रवाई
डीसी अभिषेक मीणा ने जिला नगर योजनाकार व खनन विभाग के अधिकारियों के साथ भी समीक्षा बैठक कर दिशा-निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि संबंधित विभाग अवैध कॉलोनियों और अवैध माइनिंग को लेकर निरंतर कार्रवाई जारी रखे। डीसी ने आमजन से भी अपील करते हुए कहा कि पूरी जांच परख के बाद ही जमीन की खरीद फरोख्त करें। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियां किसी भी सूरत में नहीं पनपनी चाहिए। इसके साथ डीसी ने कहा कि कहीं भी अवैध माइनिंग की जा रही है तो खनन विभाग उस मामले में तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए माइनिंग को बंद करवाए। इसके साथ डीसी ने चिह्नित अपराध और नारकोटिक्स को लेकर भी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर दिशा निर्देश दिए। इस अवसर पर एसपी हेमेंद्र मीणा, एसडीएम दलबीर सिंह व डीएसपी संजीव भलारा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।



सेवा संकल्प अभियान के तहत वरिष्ठ नागरिकों व दिव्यांगजनों को वितरित किए सहायक उपकरण
118 वरिष्ठ नागरिकों को 12.63 लाख रुपये से अधिक लागत के उपकरण व 5 मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान कीं
रक्तदान शिविर में 29 यूनिट रक्त एकत्रित
रेवाड़ी, 30 सितम्बर, अभीतक: डीसी एवं जिला रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष अभिषेक मीणा के निर्देशानुसार बुधवार को बाल भवन परिसर, रेवाड़ी में सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला रेडक्रॉस सोसायटी रेवाड़ी द्वारा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के उपक्रम एलिम्को तथा अरावली पावर कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से निःशुल्क सहायक उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 21 सितंबर से 29 सितंबर तक विभिन्न खंडों में लगाए गए शिविरों के दौरान चिन्हित 118 वरिष्ठ नागरिकों को सीएसआर योजना के तहत लगभग 12 लाख 63 हजार 790 रुपये की लागत के सहायक उपकरण वितरित किए गए। इनमें कान की मशीन, सर्वाइकल कॉलर, छड़ी, बैसाखी, वॉकर, कोहनी बैसाखी सहित अन्य उपकरण शामिल रहे। इसके अलावा पांच मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल भी वितरित की गईं, जिनकी कुल लागत करीब 3 लाख रुपये है। कार्यक्रम में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, हरियाणा राज्य शाखा, चंडीगढ़ के सीएसआर सदस्य दीपक मंगला मुख्य अतिथि रहे। जिला बाल कल्याण अधिकारी वीरेंद्र यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से रक्तदान शिविर भी लगाया गया। मुख्य अतिथि दीपक मंगला ने रक्तदाताओं को बैज लगाकर शिविर की शुरुआत की। सामान्य अस्पताल, रेवाड़ी की टीम ने शिविर में 29 यूनिट रक्त एकत्रित किया। मुख्य अतिथि दीपक मंगला ने कहा कि रेडक्रॉस द्वारा समय-समय पर दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि वे अपने दैनिक कार्यों को अधिक सहजता से कर सकें। जिला रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव बिजेंद्र सोरोत ने बताया कि शीघ्र ही चिन्हित दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए इस प्रकार के शिविर आयोजित किए जाते रहेंगे। जिला बाल कल्याण अधिकारी वीरेंद्र यादव ने भी वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जिला रेडक्रॉस सोसायटी की टीम तथा एलिम्को की टीम को बधाई दी। इस अवसर पर एलिम्को की शबानूर, पीएनडीओ महेश कुमार, ऑडियोलॉजिस्ट संदीप शर्मा, लेखाकार सहित अन्य उपस्थित रहे। जिला प्रशिक्षण अधिकारी प्रेमप्रकाश ने सभी का आभार व्यक्त किया।


सेवा संकल्प अभियान : कहानी बदलाव की
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से बच्चे लक्ष और लविश को मिला निःशुल्क उपचार
समय पर पहचान से दोनों बच्चों के स्वास्थ्य में आया सुधार
रेवाड़ी, 30 सितम्बर, अभीतक: राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी कड़ी में रेवाड़ी जिले के दो बच्चों लक्ष एवं लविश की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान कर उन्हें निःशुल्क उपचार उपलब्ध करवाया गया, जिसके फलस्वरूप दोनों बच्चों के स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार हुआ है। डीईआईसी कम आरबीएसके प्रबंधक मीनाक्षी यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य, विकास और कल्याण के लिए संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जरूरतमंद बच्चों की समय पर पहचान, उपचार और पुनर्वास सुनिश्चित किया जा रहा है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच, स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान तथा आवश्यक उपचार की सुविधा उपलब्ध करवाने पर विशेष जोर दिया जाता है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी बच्चे को स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण उचित उपचार से वंचित न रहना पड़े।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की मोबाइल स्वास्थ्य टीम की जांच से ही प्रक्रिया शुरू
गांव पाली, खंड खोल निवासी 10 माह के लक्ष की 5 नवंबर 2025 को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की मोबाइल स्वास्थ्य टीम द्वारा स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के दौरान उसके दोनों पैरों में क्लब फुट की समस्या की पहचान हुई। इसके बाद 8 नवंबर 2025 को बच्चे को नागरिक अस्पताल रेवाड़ी में उपचार के लिए लाया गया और उपचार प्रक्रिया शुरू की गई। उपचार के दौरान लक्ष को एक सप्ताह तक पैरों की विशेष कसरत करवाई गई तथा साप्ताहिक अंतराल पर चार बार प्लास्टर चढ़ाया गया। उपचार प्रक्रिया के अगले चरण में 27 दिसंबर 2025 को सुधारात्मक शल्य चिकित्सा की गई। इसके 21 दिन बाद बच्चे को सुधारात्मक जूते निःशुल्क उपलब्ध करवाए गए। वर्तमान में लक्ष की नियमित जांच जारी है तथा समस्या दोबारा न हो, इसके लिए पांच वर्ष की आयु तक उसकी निगरानी की जाएगी। उपचार के बाद उसके दोनों पैरों की स्थिति में सुधार हुआ है और वह अब खड़ा होकर चलना सीख रहा है। इसी प्रकार गांव जालियावास, डाकघर सुथाना निवासी लविश यादव की 17 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की मोबाइल स्वास्थ्य टीम द्वारा स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के दौरान उसकी दोनों आंखों में जन्मजात मोतियाबिंद की पहचान हुई। उसी दिन बच्चे को जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र में दिखाया गया तथा आगे के उपचार के लिए संदर्भित नेत्र चिकित्सालय भेजा गया। इसके बाद लविश की दाईं आंख की शल्य चिकित्सा 28 जुलाई 2026 को की गई। इसके उपरांत बाईं आंख की शल्य चिकित्सा 18 अगस्त 2026 को हुई। दोनों आंखों की शल्य चिकित्सा निःशुल्क करवाई गई। उपचार के बाद बच्चे की दृष्टि में सुधार हुआ है तथा उसकी नियमित जांच एवं देखभाल जारी है।
बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच करवाएं
इन दोनों बच्चों की कहानी बदलाव की यह दर्शाती है कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान कर बच्चों को आवश्यक उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है। लक्ष को क्लब फुट की समस्या के उपचार के बाद खड़े होकर चलने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला, वहीं लविश को जन्मजात मोतियाबिंद के समय पर उपचार से दृष्टि में सुधार प्राप्त हुआ है। डीईआईसी कम आरबीएसके प्रबंधक मीनाक्षी यादव ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच करवाएं तथा किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या सामने आने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य विभाग या आरबीएसके टीम से संपर्क करें, ताकि समस्या की समय पर पहचान कर आवश्यक उपचार उपलब्ध करवाया जा सके।




सेवा संकल्प अभियान: आंगन मिलन सेवा के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़ रहे बच्चे और माताएं
आंगनबाड़ी केंद्रों में विभिन्न गतिविधियों का किया आयोजन
रेवाड़ी, 30 सितम्बर, अभीतक: महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से सेवा संकल्प अभियान के तहत डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन में जिला के आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार को रेवाड़ी शहर और खोल खंड की आंगनबाड़ी केंद्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों और माताओं को आंगनवाड़ी केंद्रों से जोड़ना तथा पोषण, स्वास्थ्य एवं बच्चों के विकास के बारे में जागरूक करना है। महिला एवं बाल विकास विभाग जिला कार्यक्रम अधिकारी शालू यादव ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ उनके प्रारंभिक विकास और शिक्षा पर भी ध्यान दिया जा रहा है। ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से माताओं और समुदाय को इन गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला की आंगनबाड़ी केंद्रों में चरणबद्ध तरीके से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इनमें पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक बाल देखभाल एवं शिक्षा तथा मातृ संवाद जैसी गतिविधियां शामिल हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से अभिभावकों एवं लाभार्थियों से अपील की गई है कि वे अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़ें और वहां आयोजित गतिविधियों में भाग लें तथा विभाग द्वारा दी जा रही योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उठाएं।
बच्चों को मिल रहा काफी लाभ
गांव कान्हावास निवासी ज्योति ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों के लिए आयोजित की जा रही गतिविधियों से उन्हें काफी लाभ मिल रहा है। यहां बच्चों को खेल एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर मिलता है। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से दी जा रही जानकारी को उपयोगी बताया।
पोषण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही
गांव कान्हावास, जिला रेवाड़ी निवासी किरण ने बताया कि आंगन मिलन सेवा के दौरान माताओं को बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिल रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से माताओं और बच्चों की आंगनवाड़ी केंद्रों में भागीदारी बढ़ रही है। कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए खेल, कहानी, कविता, चित्रकारी, रंग भरने सहित विभिन्न गतिविधियां करवाई जा रही हैं। इन गतिविधियों में बच्चे उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं। साथ ही माताओं और अभिभावकों को बच्चों के संतुलित आहार, स्वास्थ्य, स्वच्छता, टीकाकरण तथा प्रारंभिक शिक्षा एवं देखभाल के बारे में जानकारी दी जा रही है।
