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ब्लॉक स्तरीय सीबीएसई खेल प्रतियोगिता में इंडो अमेरिकन स्कूल के छात्र गर्वित ने जीता रजत पदक
झज्जर, 22 जुलाई, अभीतक: ब्लॉक स्तरीय सीबीएसई खेल प्रतियोगिता में इंडो अमेरिकन स्कूल के होनहार छात्र गर्वित ने 1500 मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत (सिल्वर) पदक जीतकर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। प्रतियोगिता में विभिन्न सीबीएसई विद्यालयों के खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कड़े मुकाबले के बीच गर्वित ने अपनी उत्कृष्ट फिटनेस, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए 1500 मीटर दौड़ में दूसरा स्थान प्राप्त किया। उनकी इस उपलब्धि से विद्यालय, अभिभावकों एवं क्षेत्र में खुशी का माहौल है। विद्यालय के निदेशक विजेंद्र कादियान ने गर्वित को इस शानदार सफलता पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए निरंतर प्रोत्साहित करता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि गर्वित भविष्य में जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी विद्यालय का नाम रोशन करेगा। विद्यालय के प्रधानाचार्य, खेल प्रशिक्षकों एवं समस्त स्टाफ ने भी गर्वित की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी अपने साथी खिलाड़ी की सफलता पर हर्ष व्यक्त किया और उसे बधाई दी। गर्वित की यह उपलब्धि विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी तथा उन्हें खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

वी के स्कूल पाटोदा काएथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में रहा शानदार प्रदर्शन
झज्जर, 22 जुलाई, अभीतक: बुधवार को खंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन झज्जर जिले के गांव तलाव स्टेडियम में किया गया। इसमें वीके स्कूल पाटोदा का अंडर-14, अंडर-17, अंडर-19 एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन रहा। इसमें अंडर 14 हाई जंप प्रतियोगिता में केशव पुत्र श्री राधे श्याम ने प्रथम स्थान हासिल किया और यानीश पुत्र श्री भरत ने द्वितीय स्थान हासिल किया। लॉन्ग जंप प्रतियोगिता में ईशा पुत्री श्री कपिल ने द्वितीय स्थान हासिल किया। रिया पुत्री श्री भारत ने तृतीय स्थान हासिल किया। वहीं Hurdle रेस में अमनदीप पुत्र श्री मंजीत ने द्वितीय स्थान हासिल किया मयूर पुत्र श्री संदीप ने तृतीय स्थान हासिल किया। अंडर 14 हर्डल रेस में ईशा पुत्री श्री कपिल ने प्रथम स्थान हासिल किया व अमनदीप पुत्र श्री मंजीत ने द्वितीय स्थान हासिल किया मयूर पुत्र श्री संदीप ने तृतीय स्थान हासिल किया। अंडर 17 लांग जंप प्रतियोगिता में मुस्कान पुत्री श्री कृष्ण ने तृतीय स्थान हासिल किया और देव पुत्र श्री चरण सिंह ने द्वितीय स्थान हासिल किया, वहीं 3000 मीटर रेस में तनु पुत्री श्री विजेंद्र ने द्वितीय स्थान हासिल किया। Hurdle रेस में देव पुत्र श्री चरण सिंह ने तृतीय स्थान हासिल किया हाई जंप प्रतियोगिता में अनुज पुत्र श्री सोनू ने प्रथम स्थान हासिल किया व रक्षित पुत्र श्री संजय ने द्वितीय स्थान हासिल किया। अंडर-19 लॉन्ग जंप प्रतियोगिता में तनु पुत्री श्री विजेंद्र ने तृतीय स्थान हासिल किया वह वंशिका पुत्री श्री गौरव ने द्वितीय स्थान हासिल किया। Hurdle race में रक्षित पुत्र श्री संजय ने द्वितीय स्थान हासिल किया। प्रबंधक श्री बलवंत सिंह ने ब्लॉक स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकांे और स्टाफ सदस्यों को बधाई दी व बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की।

एच.डी. पब्लिक स्कूल बिरोहड़ में उत्साह एवं देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस
झज्जर, 22 जुलाई, अभीतक: एच.डी. पब्लिक स्कूल, बिरोहड़ में राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस बड़े उत्साह एवं देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में बच्चों ने मार्च पास्ट किया व विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को भारतीय तिरंगे के इतिहास, महत्व एवं सम्मान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों को बताया गया कि 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने तिरंगे को भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया था। इसी ऐतिहासिक दिन की स्मृति में प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस मनाया जाता है। शिक्षकों ने तिरंगे के तीनों रंगों-केसरिया, सफेद और हरे रंग के महत्व तथा बीच में स्थित 24 तीलियों वाले अशोक चक्र के संदेश को सरल एवं प्रेरणादायक ढंग से समझाया। साथ ही विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि तिरंगे की रूपरेखा स्वतंत्रता सेनानी पिंगली वेंकैया ने तैयार की थी। विद्यालय के निदेशक बलराज फौगाट ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय ध्वज केवल एक कपड़ा नहीं, बल्कि देश की आन-बान-शान, स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और भारत की एकता-अखंडता का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे सदैव तिरंगे का सम्मान करें, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें तथा एक जिम्मेदार एवं आदर्श नागरिक बनने का संकल्प लें। विद्यालय की प्राचार्या नमिता दास व उप प्राचार्य नवीन सनसनवाल संयुक्त रुप से कहा कि राष्ट्रीय ध्वज हमें सत्य, शांति, साहस, प्रगति और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्रध्वज से जुड़े नियमों का पालन करने तथा हर राष्ट्रीय पर्व पर पूरे सम्मान के साथ तिरंगे को नमन करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने देश की एकता, अखंडता और गौरव की रक्षा करने तथा राष्ट्रध्वज का सदैव सम्मान बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया। विद्यालय परिसर देशभक्ति के नारों से गूंज उठा और पूरे वातावरण में राष्ट्रप्रेम की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

जलभराव मुक्त और स्वच्छ झज्जर बनाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता: डीसी
बरसाती मौसम में जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने, नालों की नियमित सफाई और अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों के साथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर जल निकासी एवं सफाई व्यवस्था का लिया जायजा

झज्जर, 22 जुलाई, अभीतक: बरसात के मौसम में शहरी क्षेत्र को जलभराव की समस्या से मुक्त रखने तथा साफ सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से डीसी वर्षा खांगवाल ने बुधवार को अधिकारियों के साथ झज्जर शहर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। डीसी ने सम्बंधित अधिकारियों के साथ अंबेडकर चैक, बेरी गेट, सीताराम गेट, छारा चुंगी, माता गेट सहित शहर के अनेक जलभराव वाले क्षेत्रों का दौरा कर जल निकासी व्यवस्था, नालों की सफाई, सीवरेज प्रणाली तथा स्वच्छता कार्यों का जायजा लिया।
बरसात में जलनिकासी व्यवस्था में अलर्ट मोड़ में रहे विभाग
डीसी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि बरसाती मौसम को देखते हुए सभी नालों, ड्रेन और सीवरेज लाइन की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। जहां भी जलनिकासी बाधित होने की संभावना हो, वहां तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर समस्या का समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में लापरवाही के कारण जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है तो संबंधित विभाग की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान सम्बन्धित विभाग के अधिकारी व कर्मचारी फील्ड में अलर्ट मोड़ में रहें और जहां कहीं भी जल भराव की स्थिति बनती है वहां पर्याप्त संसाधनों से जल निकासी तुरन्त प्रभाव से सुनिश्चित करें।
स्वच्छ और सुंदर झज्जर बनाने में सभी की भागीदारी जरूरी
डीसी वर्षा खांगवाल ने निरीक्षण के दौरान शहरवासियों से भी बातचीत की और कहा कि ऐतिहासिक नगरी झज्जर को स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी शहरों में शामिल करना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए केवल प्रशासनिक प्रयास ही नहीं, बल्कि आमजन का सहयोग भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि बरसात के मौसम में नालों, सीवर लाइन अथवा सार्वजनिक स्थानों पर प्लास्टिक, पॉलीथिन और अन्य प्रकार का कचरा न डालें, क्योंकि इससे जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होती है और जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है।
नियमित मॉनिटरिंग के साथ स्थायी समाधान पर दें विशेष ध्यान
डीसी ने कहा कि नगर परिषद, जन स्वास्थ्य एवं संबंधित विभाग केवल अस्थायी व्यवस्था तक सीमित न रहें, बल्कि जल निकासी की समस्याओं के स्थायी समाधान पर भी कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के संभावित जलभराव स्थानों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और जहां भी पानी निकासी में अवरोध है, उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि जल निकासी व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए।
गंदगी फैलाने और अतिक्रमण करने वालों पर होगी कार्रवाई
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावित करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने, नालों में कचरा डालने तथा अतिक्रमण करने वालों के चालान किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर नियमित रूप से गंदगी की शिकायतें मिलती हैं, वहां विशेष सफाई अभियान चलाकर स्थायी सुधार सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासन पूरी तरह सतर्क, नागरिक भी निर्बाध जल निकासी व्यवस्था में निभाएं सक्रिय जिम्मेदारी
डीसी ने कहा कि मानसून के दौरान प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और जलभराव की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे स्वच्छता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें और जल निकासी व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों से बचें। अपने घर के बाहर ,गली मोहल्ले में किसी प्रकार की वेस्ट निर्माण सामग्री,कूड़ा करकट ना रखें। साथ ही नाली, सीवरेज व्यवस्था चॉक ना हो,इसके लिए प्रतिदिन सफाई सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि प्रशासन और आमजन के संयुक्त प्रयासों से ही झज्जर को स्वच्छ, सुंदर और जलभराव मुक्त शहर बनाया जा सकता है। इस अवसर पर जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन अशवनी सांगवान व नगर परिषद के ईओ देवेंद्र कुमार सहित सम्बंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
झज्जर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जल निकासी एवं सफाई व्यवस्था का जायजा लेती डीसी वर्षा खांगवाल।

झज्जर के बिजली उपभोक्ताओं की रोहतक में 23 जुलाई को होगी सुनवाई
झज्जर, 22 जुलाई, अभीतक: उपभोक्ताओं की बिजली एवं बिजली बिल से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के निवारण के उद्देश्य से वीरवार 23 जुलाई को प्रातः 11 बजे से दोपहर 01 बजे तक चेयरमैन जोनल फॉर्म उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम रोहतक द्वारा चीफ इंजीनियर ओपी, प्रवर्तन परिमण्डल, राजीव गांधी विद्युत सदन, पावर हाउस, रोहतक स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में सुनवाई की जाएगी। प्रवक्ता ने बताया कि इस दौरान चेयरमैन, चीफ इंजीनियर जोनल फॉर्म रोहतक स्वयं उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनेंगे तथा उनका त्वरित निवारण सुनिश्चित करेंगे। विशेष रूप से झज्जर जिले के उपभोक्ता भी अपने बिजली बिल संबंधी मामलों (बिजली चोरी को छोडकर) को बैठक में प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यदि उपभोक्ता अधीक्षण अभियंता, कार्यकारी अभियंता या उपमंडल अभियंता के निर्णय से संतुष्ट ना हो तो वे अपनी शिकायत चेयरमैन, जोनल फॉर्म रोहतक के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।

वर्षा खांगवाल डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी,झज्जर।

हर पात्र मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में शामिल हो, शत प्रतिशत गणना प्रपत्र हो डिजिटाइज्ड: डीसी
ऑनलाइन प्राप्त गणना प्रपत्रों का समयबद्ध सत्यापन करने और अतिरिक्त ईआरओ को व्यापक प्रशिक्षण देने के निर्देश
डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने वोटर से गणना प्रपत्र भरकर जमा कराने का आह्वान

झज्जर, 22 जुलाई, अभीतक: डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 अभियान के चलते शेष कार्यों को निर्धारित समय सीमा से पहले पूरा करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान एक भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से छूटना नहीं चाहिए और शेष सभी गणना प्रपत्रों का संग्रहण, डिजिटाइजेशन तथा सत्यापन समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। डीसी ने जिला में चल रहे एसआईआर अभियान की समीक्षा करते हुए निर्वाचन पंजीयन अधिकारियों (ईआरओ), सहायक निर्वाचन पंजीयन अधिकारियों (एईआरओ) तथा बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को निर्देश दिए कि 24 जुलाई की अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना आज ही शेष सभी पात्र मतदाताओं तक पहुंचकर गणना प्रपत्र प्राप्त किए जाएं और उनका तत्काल डिजिटाइजेशन सुनिश्चित किया जाए।
गणना प्रपत्र जमा कराने वाले प्रत्येक मतदाता का हो भौतिक सत्यापन
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि ऑनलाइन माध्यम से गणना प्रपत्र जमा करने वाले प्रत्येक मतदाता का निर्धारित समय सीमा के भीतर भौतिक सत्यापन किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए सभी प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रह जाए। उन्होंने सभी प्रमुख (वीआईपी) मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का दोबारा मिलान करने के भी निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी स्वयं इसकी समीक्षा करें और यदि किसी प्रकार की त्रुटि या विसंगति सामने आती है तो उसे तत्काल दूर किया जाए।
आगामी 31 जुलाई से 30 अगस्त तक की अवधि में दाखिल होंगे दावे व आपत्तियां
डीसी ने 31 जुलाई से 30 अगस्त तक चलने वाले दावा एवं आपत्ति चरण की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अतिरिक्त निर्वाचन पंजीयन अधिकारियों (एईआरओ) को दो चरणों में व्यापक प्रशिक्षण दिया जाए, जिसमें ऑनलाइन प्रणाली के संचालन के साथ-साथ निर्वाचन संबंधी कानूनी प्रक्रियाओं की भी विस्तृत जानकारी दी जाए।
उन्होंने प्रत्येक एईआरओ के लिए मतदान केंद्रों का स्पष्ट आवंटन करने तथा उनके कार्यक्षेत्र की जानकारी जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर तक व्यापक रूप से प्रचारित करने के निर्देश भी दिए, ताकि दावा एवं आपत्ति दर्ज कराने वाले मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद नियमानुसार मुद्रण जरूरी
डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि 31 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद उसका नियमानुसार मुद्रण कराया जाए तथा प्रतियां सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी कार्यालयों और संबंधित बीएलओ को समय पर उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के सभी शेष कार्य पूरी पारदर्शिता, गंभीरता और समयबद्धता के साथ पूरे किए जाएं ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो सके।

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना से जुड़ा लोगो।

वर्षा खांगवाल,डीसी झज्जर।

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना युवाओं के लिए सुनहरा अवसर, समय रहते करें आवेदन: डीसी
देश की टॉप कंपनियों में एक वर्ष की इंटर्नशिप, प्रतिमाह 9 हजार वजीफा और 6 हजार रुपये की मिलेगी एकमुश्त सहायता

झज्जर, 22 जुलाई, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि भारत सरकार की प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना युवाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल और औद्योगिक अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से जिला के पात्र युवाओं को देश की टॉप कंपनियों में इंटर्नशिप करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे वास्तविक कार्य वातावरण में प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने करियर को नई दिशा दे सकेंगे।
डीसी ने बताया कि योजना के तहत चयनित अभ्यर्थियों को 12 माह की इंटर्नशिप के दौरान प्रति माह कुल ₹9 हजार रुपए का वजीफा दिया जाएगा। इसमें ₹8,100 भारत सरकार तथा ₹900 रुपए संबंधित कंपनी के सीएसआर फंड से प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा इंटर्नशिप ज्वाइन करने पर युवाओं को ₹6,000 की एकमुश्त सहायता राशि भी दी जाएगी।
प्रशिक्षण पूरा करने उपरांत मिलेगा अनुभव प्रमाण पत्र
डीसी ने बताया कि प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद संबंधित प्रतिष्ठित कंपनी द्वारा अनुभव प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
आईटीआई उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए योजना कारगर
डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि योजना के लिए 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे युवा आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने आईटीआई, डिप्लोमा अथवा स्नातक (बीए, बीएससी, बीकॉम, बीसीए आदि) की शिक्षा पूरी कर ली है। उन्होंने कहा कि आईटीआई उत्तीर्ण विद्यार्थियों, विशेषकर इलेक्ट्रिशियन, वायरमैन, कोपा, इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक सहित अन्य ट्रेड्स के प्रशिक्षित युवाओं के लिए यह योजना अत्यंत लाभकारी साबित होगी। उन्होंने बताया कि इच्छुक युवा भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, बैंक खाते का विवरण तथा मोबाइल नंबर आवश्यक होंगे।
योजना का लाभ उठाने के लिए परिवार की 12 लाख रुपये से अधिक ना हो वार्षिक आय
डीसी ने कहा कि योजना के अंतर्गत वही अभ्यर्थी पात्र होंगे जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी सेवा में कार्यरत नहीं है तथा परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से अधिक नहीं है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना शीघ्र पंजीकरण कर इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठाएं और अपने उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखें। डीसी ने पात्र युवाओं, विशेषकर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई), डिप्लोमा तथा स्नातक उत्तीर्ण विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा कि वे इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और समय रहते प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के पोर्टल https://www.pminternship.mca.gov.in पर अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें।

नगर पार्षद यशपाल को भ्रातृ शोक
झज्जर, 22 जुलाई, अभीतक: झज्जर वार्ड 5 के नगर पार्षद यशपाल कुकू के बड़े भाई सतपाल अपनी सांसारिक जीवन यात्रा पूर्ण कर प्रभु चरणों में विलीन हो गए। उनके निधन का समाचार मिलते ही शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए बड़ी संख्या में लोग घोसियान महोल्ला स्थित उनके निवास स्थान पंहुचे। स्वर्गीय सतपाल का अंतिम संस्कार बादली रोड़ स्थित राम बाग में किया गया जिसमें शहर के विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक, पत्रकार, धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और गणमान्य लोग उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए। उनके निधन पर हरियाणा व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष केशव सिंघल, नगर परिषद के चेयरमैन जिले सिंह सैनी, सुनील राव, जिप चेयरमैन कप्तान बिरधाना, सतपाल सैनी, मनीष बंसल, प्रवीण गर्ग, नवीन छाबड़ा, विकास वाल्मीकि, नरेश खोहाल, नरेश वाल्मीकि, कमल सैनी, दिनेश छिक्कारा, अंकुश दुहन, जय सिंह, के डी शर्मा, भूदेव, किशोर सैनी, जय सिंह जाटव, कालू यादव, पार्षद मीतू शर्मा सहित अन्य लोगों ने दुःख व्यक्त किया और कहा कि प्रभु दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दे परिवार को दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करे। दिवगंत सतपाल शांत स्वभाव के मिलनसार और हसमुख इंसान थे। बड़ी संख्या में पंकज गोयल, विक्रम सोनी, मोहन जिंदल, भारत सोनी, विनय अरोड़ा, प्रशांत आर्य, राजीव मित्तल, जगप्रकाश, ज्ञान सलूजा, प्रदीप भाटिया व अन्य लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से ॐ शांति संदेशो से भाव पूर्ण श्रद्धांजलि दी।

निपुण मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग जरूरी: डीईओ
जिला स्तरीय कार्यक्रम क्रियान्वयन इकाई की बैठक में निपुण मिशन की प्रगति की हुई समीक्षा

झज्जर, 22 जुलाई, अभीतक: निपुण मिशन के अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यक्रम क्रियान्वयन इकाई की बैठक बुधवार को डीईओ रतिंद्र सिंह एवं डाइट प्राचार्य अनिल श्योराण के नेतृत्व में आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी मेंटर्स, बीईओ तथा संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का एजेंडा राज्य परियोजना इकाई के सदस्य अभिषेक द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस दौरान निपुण कक्षाओं से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से समीक्षा की गई। इनमें मेंटर्स एवं मॉनिटर्स की विजिट अनुपालना का खंडवार डेटा, विद्यालयों में पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता, लाडो लक्ष्मी योजना के पात्र विद्यार्थियों की स्थिति, निपुण अभिभावक ऐप के उपयोग तथा पिछले तीन-चार महीनों से जिन विद्यालयों में किसी मेंटर की विजिट नहीं हुई, उनकी जानकारी प्रमुख रूप से शामिल रही। साथ ही हाल ही में जारी पीजीआई रिपोर्ट के परिणामों एवं विभिन्न मानकों पर हरियाणा के जिलों की स्थिति पर भी चर्चा की गई।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का बढ़ाएं मनोबल : डीपीसी
डीपीसी अनिल कुमार ने सभी अधिकारियों एवं हितधारकों से उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों की सार्वजनिक रूप से सराहना करने का आह्वान किया, ताकि उनका मनोबल बढ़े। उन्होंने सभी मेंटर्स को समयबद्ध एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए बधाई भी दी।
आंकड़ों का सूक्ष्म विश्लेषण कर प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें: डीईओ
डीईओ रतिंद्र सिंह ने बैठक में मेंटर्स की ओर से क्षेत्र में कार्य करते समय आने वाली चुनौतियों और समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने सभी अधिकारियों को बैठक में साझा किए गए आंकड़ों का सूक्ष्म विश्लेषण करने तथा विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान विस्तृत अवलोकन एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि निपुण मिशन के उद्देश्यों को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके। इस अवसर पर बीईओ सुरेशपाल, सुनीता, शेर सिंह, जयपाल दहिया एवं रोहताश दहिया, डाइट से सुनील कुमार एवं भूपेंद्र रोज, अमित कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

वर्षा खांगवाल, डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, झज्जर।

दो दिन वोटरों के अहम, शेष मतदाता गणना प्रपत्र अवश्य करें जमा: डीसी
डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने दी जानकारी

झज्जर, 22 जुलाई, अभीतक: विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाता गणना प्रपत्र जमा करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने बताया कि जिला के लगभग सभी मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं तथा बड़ी संख्या में गणना प्रपत्र बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के माध्यम से डिजिटाइज एवं अपलोड भी किए जा चुके हैं। शेष मतदाताओं के पास गणना प्रपत्र बीएलओ को वापस जमा कराने के लिए अब केवल दो दिन का समय शेष है। डीसी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक मतदाता को बीएलओ द्वारा गणना प्रपत्र दो प्रतियों में उपलब्ध कराया गया है। मतदाता अपना विवरण भरकर स्वयं अथवा परिवार के किसी वयस्क सदस्य के हस्ताक्षर के बाद प्रपत्र बीएलओ को वापस जमा कराएं। साथ ही बीएलओ के हस्ताक्षरयुक्त दूसरी प्रति रसीद के रूप में अपने पास सुरक्षित रखें।
बीएलओ को गणना प्रपत्र जमा कराने वाले वोटरों के नाम लिस्ट में होंगे शामिल
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 31 जुलाई, 2026 को प्रकाशित होने वाली प्रारंभिक मतदाता सूची में केवल उन्हीं मतदाताओं के नाम शामिल किए जाएंगे, जिनके हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र बीएलओ को प्राप्त होंगे। यदि किसी मतदाता का गणना प्रपत्र निर्धारित समय तक जमा नहीं होता है, तो उसका नाम प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मतदाता अपना गणना प्रपत्र अवजमतेण्मबपण्हवअण्पद पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन भी भर सकते हैं।
प्रपत्र भरवाकर बीएलओ को जमा करवाने में सहयोग करें बीएलए
डीसी ने जिला के सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने-अपने बीएलए-प्प् (बूथ लेवल एजेंट-प्प्) के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक करें तथा गणना प्रपत्र भरवाकर समय पर बीएलओ के पास जमा करवाने में सहयोग करें। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची के मिलान के दौरान जिन मतदाताओं के विवरण में किसी प्रकार की विसंगति पाई गई है, वे 31 जुलाई, 2026 के बाद आवश्यक दस्तावेज बीएलओ के पास अवश्य जमा कराएं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि यदि किसी कारणवश कोई मतदाता निर्धारित अवधि में अपना गणना प्रपत्र जमा नहीं कर पाता है, तो वह 31 जुलाई से 30 अगस्त, 2026 तक आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म-6 भरकर अपना नाम पुनः मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकता है।

विद्यार्थियों को करियर व रोजगार के अवसरों की दी जानकारी
गांव ग्वालिसन व हसनपुर स्कूलों में करियर परामर्श कार्यक्रम आयोजित

झज्जर, 22 जुलाई, अभीतक: रोजगार विभाग के तत्वावधान में बुधवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ग्वालिसन एवं हसनपुर में व्यावसायिक मार्गदर्शन एवं करियर परामर्श कार्यक्रम आयोजित किए गए। सहायक रोजगार अधिकारी सुनीता कुमारी और मयंक अग्रवाल ने विद्यार्थियों को रोजगार विभाग की सेवाओं, रोजगार मेलों, विकसित भारत रोजगार योजना, सक्षम युवा योजना, साधारण भत्ता योजना तथा कौशल विकास कार्यक्रमों की जानकारी दी। साथ ही करियर चयन, बायोडाटा तैयार करने, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, सीईटी एवं स्वरोजगार के अवसरों पर भी मार्गदर्शन दिया। विद्यार्थियों को रोजगार विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कर योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
ग्वालिसन व हसनपुर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में आयोजित करियर परामर्श कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को रोजगार एवं स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी देते एईओ।

जिला परिवेदना समिति की बैठक शुक्रवार को बाल भवन में
हरियाणा के लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी व लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा करेंगे अध्यक्षता

रेवाड़ी, 22 जुलाई, अभीतक: जिला के नागरिकों की शिकायतों का निवारण करने के लिए जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की मासिक बैठक शुक्रवार, 24 जुलाई को प्रातरू 11 बजे बाल भवन में होगी। जिसकी अध्यक्षता हरियाणा के लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी व लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा करेंगे। डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 16 परिवादों की सुनवाई की जाएगी। जिनमें 11 नए, 4 लंबित व एक अनुपूरक परिवाद शामिल हैं। हरियाणा के लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी व लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा इन सभी परिवादों तथा मौके पर आम नागरिकों की शिकायतें सुनेंगे। इस अवसर पर जिला के विधायक, विभाग अध्यक्ष, पंचायत व निकाय समितियों के चेयरमैन तथा जिला कष्ट निवारण समिति के सदस्य उपस्थित रहेंगे।

डीसी अभिषेक मीणा

विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 अभियान
गणना प्रपत्र जमा करवाने में अब बचे केवल दो दिन, 24 जुलाई है अंतिम तिथि
सभी पात्र मतदाता अपना गणना प्रपत्र संबंधित बीएलओ को करवाएं उपलब्ध
प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद नाम एवं विवरण की अवश्य करें जांच

रेवाड़ी, 22 जुलाई, अभीतक: विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 अभियान के तहत गणना प्रपत्र जमा करवाने के केवल 2 दिन शेष रह गए हैं। 24 जुलाई गणना प्रपत्र जमा करवाने की अंतिम तिथि है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अभिषेक मीणा ने अपील करते हुए कहा कि जिन मतदाताओं ने गणना प्रपत्र अपने संबंधित बीएलओ को जमा नहीं करवाए हैं वें समय रहते गणना प्रपत्र हर हाल में जमा करा दें। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अभिषेक मीणा ने बीएलओ को निर्देश दिए कि कि अंतिम दो दिनों में कार्य में और अधिक तेजी लाकर विशेष गहन पुनरीक्षण को शत प्रतिशत पूरा करें। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक गणना प्रपत्र का समयबद्ध संग्रहण, डिजिटाइजेशन तथा पोर्टल पर अपलोड सुनिश्चित किया जाए। किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं छूटना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी मतदाता 31 जुलाई को प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद अपने नाम और अन्य विवरणों की सावधानीपूर्वक जांच अवश्य करें। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्ध, त्रुटिरहित एवं सटीक होना लोकतंत्र की मजबूती का आधार है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने जिला के सभी पात्र मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि गणना प्रपत्र जमा करने की अंतिम तिथि 24 जुलाई है। इसलिए अंतिम समय का इंतजार न करते हुए अपना भरा हुआ गणना प्रपत्र शीघ्र संबंधित बीएलओ के पास जमा करवाएं ताकि उसका समयबद्ध डिजिटाइजेशन एवं पोर्टल पर अपलोड सुनिश्चित किया जा सके। यदि किसी दस्तावेज अथवा विवरण में कोई कमी या त्रुटि पाई जाती है, तो उसका समय रहते सुधार भी किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी कारणवश संबंधित बीएलओ अभी तक किसी मतदाता के घर नहीं पहुंच पाए हैं, तो ऐसे मतदाता स्वयं अपने संबंधित मतदान केंद्र अथवा बीएलओ से संपर्क कर गणना प्रपत्र जमा करें। जिला प्रशासन और मतदाताओं की साझी भागीदारी से ही विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को पूर्ण रूप से सफल बनाया जा सकता है।।

उधार के रुपये मांगने पर किरयाणा दुकानदार की हत्या करने के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, एक दिन के पुलिस रिमांड पर’
बहादुरगढ़, 22 जुलाई, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में लाइनपार थाना पुलिस ने उधार के रुपये मांगने पर किरयाणा दुकान संचालक की चाकू मारकर हत्या करने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी को अदालत में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका एवं घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच करेगी। मामले की जानकारी देते हुए थाना प्रबंधक लाइनपार बहादुरगढ़ उप निरीक्षक सुंदरपाल ने बताया कि मृतक अभिषेक, निवासी कल्याणपुर बिहार, हाल छोटू राम नगर, लाइनपार बहादुरगढ़, अपनी पत्नी और परिवार के साथ रहता था तथा गली नंबर-1 में किरयाणा की दुकान चलाता था। मृतक की पत्नी द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार पड़ोस में रहने वाला मुकेश उसकी दुकान से लंबे समय से उधार पर सामान लेता था, जिस पर करीब 9700 रुपए बकाया थे। उन्होंने बताया कि 19 जुलाई 2026 को मृतक का 14 वर्षीय पुत्र अभिराज उधार के रुपये लेने के लिए मुकेश के पास गया, लेकिन रुपये नहीं मिले। इसके बाद अभिषेक अपने बेटे के साथ मुकेश के घर पर पहुंचा। वहां रुपये मांगने को लेकर कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। आरोप है कि मुकेश ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर अभिषेक और उसके बेटे के साथ मारपीट की तथा इसी दौरान चाकू से अभिषेक पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। बीच-बचाव करने आए पुत्र अभिराज पर भी हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल अभिषेक की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।पीड़िता की शिकायत पर थाना लाइनपार में आरोपी मुकेश तथा उसके दो अन्य साथियों के विरुद्ध हत्या, हत्या के प्रयास एवं अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।मामले की जांच के दौरान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकेश, निवासी अमर छितौनी, जिला पूर्वी चंपारण (बिहार), हाल छोटू राम नगर, लाइनपार बहादुरगढ़ को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी को अदालत बहादुरगढ़ में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी, वारदात में प्रयुक्त हथियार तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों के संबंध में पूछताछ की जाएगी। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

छारा निवासी नीरज हत्याकांड में पुलिस को मिली बड़ी सफलता, एक आरोपी गिरफ्तार’
बहादुरगढ़, 22 जुलाई, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में हत्या के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।मामले की जानकारी देते हुए थाना प्रबंधक आसौदा उपनिरीक्षक जय भगवान ने बताया कि थाना आसौदा क्षेत्र के गांव छारा निवासी नीरज की हत्या के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी को गहन पूछताछ के लिए दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान वारदात में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी, घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी तथा मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों के संबंध में पूछताछ की जाएगी।उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कुछ समय पहले गांव छारा निवासी मनजीत और नितेश के बीच कहासुनी हुई थी। इसी रंजिश के चलते आरोपी नितेश द्वारा मनजीत को लगातार धमकियां दी जा रही थीं। इस संबंध में मनजीत ने अपने चाचा नीरज को भी जानकारी दी थी।घटना वाले दिन देर रात आरोपी नितेश के साथी ने फोन कर नीरज को बातचीत के बहाने बुलाया। नीरज अपने भतीजे मनजीत के साथ मौके पर पहुंचा, जहां पहले से मौजूद आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और बाद में जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। गोली लगने से नीरज की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मनजीत गंभीर रूप से घायल हो गया।घटना के संबंध में घायल मनजीत की शिकायत पर थाना आसौदा में आरोपियों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।थाना प्रबंधक ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीमों का गठन कर लगातार दबिश दी गई, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी योगेश को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान उससे वारदात में प्रयुक्त हथियार, घटना की साजिश, फरार आरोपियों के ठिकानों तथा अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के संबंध में पूछताछ की जाएगी।उन्होंने कहा कि मामले में शामिल शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए झज्जर पुलिस का जागरूकता अभियान जारी, गांव बागपुर में ग्रामीणों को किया जागरूक’
झज्जर, 22 जुलाई, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में झज्जर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के तहत गांव बागपुर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नशा मुक्ति टीम झज्जर के सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) पवन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों, साइबर अपराध से बचाव तथा डायल-112 आपातकालीन सेवा के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।एएसआई पवन कुमार ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है। नशे की लत से अपराध बढ़ते हैं और युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी नशे के खिलाफ जागरूक करें।कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने साइबर अपराध के मामलों को देखते हुए ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, लिंक, ओटीपी और डिजिटल भुगतान से जुड़ी सावधानियों की भी जानकारी दी। ग्रामीणों को बताया गया कि किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन लेनदेन के झांसे में न आएं और किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।इसके अलावा डायल-112 आपातकालीन सेवा के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति, अपराध, सड़क दुर्घटना या अन्य पुलिस सहायता की आवश्यकता होने पर तुरंत डायल-112 पर संपर्क करें।

बावल निवासी अनीता, जिला रेवाड़ी।

एनएसएफडीसी योजना से बावल की अनीता बनी परिवार के लिए आर्थिक संबल
ऋण से सम्मान तथा आत्मनिर्भरता से बनाई नई पहचान

रेवाड़ी, 22 जुलाई, अभीतक: जिला रेवाड़ी की बावल निवासी अनीता आयु 35 वर्ष जो नफे सिंह की पत्नी हैं, ने अपने परिवार के लिए आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गई हैं। उनके परिवार में कुल पांच सदस्य हैं। उनके पति दिव्यांग होने के कारण परिवार की आय सीमित थी, जिससे आर्थिक तंगी के चलते दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी चुनौतीपूर्ण हो गया था। बावल निवासी अनीता ने बताया कि उन्हें हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम रेवाड़ी कार्यालय के माध्यम से एनएसएफडीसी योजना की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने नवंबर 2025 में इस योजना के तहत किराना दुकान स्थापित करने के लिए एक लाख रुपए का ऋण प्राप्त किया। साथ ही, निगम की ओर से 50 हजार रुपए की सब्सिडी भी प्रदान की गई। इस आर्थिक सहायता से उन्होंने अपनी किराना दुकान शुरू की जो आज उनके परिवार की आय का प्रमुख स्रोत बन चुकी है। इस आय से वह अपने दोनों बच्चों की शिक्षा का खर्च, जिसमें स्कूल फीस भी शामिल है, आसानी से वहन कर पा रही हैं। साथ ही, पांच सदस्यीय परिवार का भरण-पोषण भी सुचारू रूप से हो रहा है। अनीता का कहना है कि हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की एनएसएफडीसी योजना से मिली सहायता ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया है। आज उनका परिवार पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, आत्मनिर्भर और बेहतर जीवन की ओर अग्रसर है। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का सही समय पर लाभ उठाकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवार भी आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
अनीता ने मुख्यमंत्री नायब सैनी का जताया आभार
अनीता ने हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से शुरू की गई इस योजना से मिली मदद से मेरे सपनों को नई दिशा मिली है।
योजना के लाभार्थियों को बैंक लोन में भी मिल रही सब्सिडी
हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के जिला प्रबंधक पवन कुमार ने बताया कि निगम द्वारा योजना के तहत अनुसूचित जाति के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे बेरोजगारों को अपना स्वयं का रोजगार शुरू करने के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। ऋण से अनुसूचित जाति परिवार पशुपालन, किराना दुकान, मनिहारी दुकान, ब्यूटी पार्लर, ई-रिक्शा या अन्य कोई कार्य कर सकते हैं। निगम द्वारा योजना के लाभार्थियों को कुल लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम 10 हजार रुपये तक का अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे व्यक्ति योजना के बारे में जानकारी के लिए हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के कार्यालय अनाज मंडी रेवाड़ी की दुकान नंबर 10 में संपर्क कर सकता है।

नगर पालिका बावल में 26 को लगेगा अंत्योदय मेला, एक ही स्थान पर मिलेगी सभी सुविधाएं
रेवाड़ी, 22 जुलाई, अभीतक: मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना 2.0 के अंतर्गत आगामी 26 जुलाई को रेवाड़ी जिला के नगर पालिका बावल परिसर में अंत्योदय मेला आयोजित किया जाएगा। मेले में विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा पात्र लाभार्थियों को एक ही स्थान पर सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। एडीसी राहुल मोदी ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना 2.0 का उद्देश्य अंत्योदय परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाना तथा उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाना है। इस योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को स्वरोजगार, कौशल विकास, वित्तीय सहायता एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोडकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। राहुल मोदी ने कहा कि मेले के दौरान बावल विधानसभा क्षेत्र के लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के साथ-साथ रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाएगा, ताकि उनमें स्वावलंबन की भावना को बढावा मिले और उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को मेले की सभी तैयारियां समय रहते करने की हिदायत दी, साथ ही पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे रविवार 26 जुलाई को नगर पालिका बावल में आयोजित होने वाले अंत्योदय मेले में पहुंचकर विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं का अधिकतम लाभ उठाएं।
इन विभागों की लगाई जाएंगी स्टालें
मेले में ग्रामीण विकास, आर्थिक रूप से पिछड़ा एवं कमजोर वर्ग कल्याण निगम, हरियाणा कौशल विकास निगम, हरियाणा महिला विकास निगम, कृषि, पशुपालन एवं डेयरी, मत्स्य पालन, बागवानी, शहरी स्थानीय निकाय, एमएसएमई, रेडक्रॉस, एग्रो इंडस्ट्री, रोजगार, पंचायत विभाग सहित अन्य सरकारी विभाग अपने-अपने स्टॉल लगाएंगे। इन स्टॉलों पर पात्र नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ मौके पर ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे तथा पात्रता के अनुसार योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।

रेवाड़ी जेल के बंदियों के लिए शुरू हुआ होटल मैनेजमेंट कोर्सय सिलाई, हेयर कटिंग, डेयरी फार्मिंग भी सीखेंगे
पुनर्वास की अनूठी पहल- होटल मैनेजमेंट का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने वाला हरियाणा का 7वां जिला बना रेवाड़ी

रेवाड़ी, 22 जुलाई, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पंचकूला के दिशा-निर्देशों पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रेवाड़ी द्वारा जिला जेल में बंद कैदियों के पुनर्वास एवं कौशल विकास के लिए एक अनूठी पहल की गई है। डीएलएसए सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. रेनू सोलखे ने बताया कि डीएलएसए रेवाड़ी, इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर और जिला जेल रेवाड़ी के संयुक्त प्रयासों से मंगलवार को एक महत्वपूर्ण एमओयू हुआ। इसके तहत जेल के अंदर बंद कैदियों को मुख्यधारा से जोडने के लिए होटल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट का 1 माह का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया गया है। डॉ. सोलखे ने बताया कि इस कोर्स में कैदियों को कुकिंग, सर्विंग, रेस्टोरेंट ऑपरेशन, पर्सनालिटी डेवलपमेंट के साथ-साथ कम लागत में ढाबा, रेस्टोरेंट व कैटरिंग का व्यवसाय शुरू करने की जानकारी दी जाएगी। इस अवसर पर आईजीयू कुलपति प्रो. असीम मिगलानी, सीजेएम डॉ. रेनू सोलखे, जेल अधीक्षक रेशम सिंह, आईजीयू होटल मैनेजमेंट विभागाध्यक्ष डॉ. अदिति शर्मा, डॉ. नवनीत कौशल, डॉ. विक्रांत एवं डॉ. पवन उपस्थित रहे।
प्रमुख तथ्य
प्रथम बैच- 34 कैदी
प्रशिक्षण अवधि- 1 माह का सर्टिफिकेट प्रोग्राम
एमओयू अवधि- 3 वर्ष
मुख्य सहयोगी- इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, डीएलएसए रेवाड़ी, जिला जेल रेवाड़ी।
पीएनबी के साथ भी एमओयू
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और पंजाब नेशनल बैंक के सहयोग से कैदियों को सिलाई, हेयर कटिंग, डेयरी फार्मिंग एवं मशरूम कल्टीवेशन का प्रशिक्षण भी 1-2 दिन में शुरू किया जाएगा। यह 3 वर्षीय अनुबंध है। हर महीने इंटरेक्शन व फीडबैक के आधार पर नए बैच जोड़े जाएंगे।

शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे मासूम और निर्दोष बच्चों पर पैलेट गन का इस्तेमाल और कील लगी लाठियों से बेरहमी से पीटने और लड़कियों के कपड़े फाड़ने की घटना बेहद निंदनीय
यह घटना लोकतंत्र की हत्या और पुलिसिया फासीवाद का काला अध्याय है: अभय सिंह चैटाला
यह सरकार छात्रों को नहीं, बल्कि अपनी कुर्सी को बचाने के लिए लोकतंत्र को कुचल रही है
दोषी पुलिस अधिकारियों और पीछे से निर्देश देने वालों पर तुरंत कार्रवाई करे सरकार

चंडीगढ़, 22 जुलाई, अभीतक: इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चैधरी अभय सिंह चैटाला ने जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बीजेपी सरकार द्वारा कराए गए अमानवीय लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़ने, पैलेट गन का इस्तेमाल, कील लगी लाठियों से बेरहमी से पीटने और लड़कियों के कपड़े फाड़ने की घटना की कड़ी निंदा की है। अभय सिंह चैटाला ने कहा कि यह घटना लोकतंत्र की हत्या और पुलिसिया फासीवाद का काला अध्याय है। छात्र अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन बीजेपी सरकार ने उन्हें दुश्मन समझ कर बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। कील लगाई गई लाठियों से युवाओं को पीटना, आंसू गैस के गोले उनके चेहरों पर दागना, पैलेट गन से अंधाधुंध फायरिंग और लड़कियों के साथ शर्मनाक बर्ताव, यह सब निंदनीय, असभ्य और पूरी तरह असंवैधानिक है। निर्दोष और मासूम बच्चों को ऐसी निर्दयता से पीटते हुए देख कर किसी भी सभ्य आदमी का कलेजा मुँह को आ जाए। देश के इतिहास में बच्चों पर की गई ऐसी बर्बरता कभी नहीं देखी गई। उन्होंने आगे कहा, बीजेपी सरकार की यह क्रूरता युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। लड़कियों के कपड़े फाड़ने जैसा घृणित कृत्य किसी भी सभ्य समाज में कल्पना से परे है। यह सरकार छात्रों को नहीं, बल्कि अपनी कुर्सी को बचाने के लिए लोकतंत्र को कुचल रही है। हम ऐसी बर्बरता को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। इंडियन नेशनल लोकदल इस घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग करता है। दोषी पुलिस अधिकारियों और पीछे से निर्देश देने वाले मंत्रियों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। हम सभी छात्रों के साथ खड़े हैं और उनकी जायज मांगों को पूरा कराने के लिए हर संवैधानिक रास्ते पर संघर्ष करेंगे।

विकास एवं पंचायत मंत्री ने मासिक बैठक में 11 में से 8 मामलों का किया निपटारा
चंडीगढ़, 22 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने अंसल सुशांत सिटी से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने अंसल एपीआई के खिलाफ शिकायत के आधार पर जल्द से जल्द एफआईआर दर्ज करने, कॉलोनी के निवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समयबद्ध ढंग से सभी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार बुधवार को कुरुक्षेत्र में नए लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में एजेंडा के 11 मामलों में से 8 का मौके पर ही निपटारा किया गया,। मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने एक अन्य शिकायत पर बिजली विभाग को स्पेशल एस्टीमेट बनाकर 33 केवी लाइन को घरों के ऊपर से बदलने के निर्देश दिए। जिन घरों के ऊपर से बिजली की 33 केवी लाइन निकली हुई है उन्हें हर समय हादसे का अंदेशा रहता है। श्री कृष्ण लाल पंवार ने एक अन्य की शिकायत की सुनवाई करते हुए कहा कि जिन नागरिकों की भूमि का हिस्सा गांव की फिरनी, प्राथमिक स्वास्थय केंद्र या अन्य सार्वजनिक स्थलों के अंतर्गत आ गया है, उसके बदले पंचायत भूमि से समकक्ष भूमि उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव तैयार कर विकास एवं पंचायत विभाग को भेजा जाए।

मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को लोकतंत्र की सजग चेतना बताया, कहा- सत्य और जिम्मेदारी ही पत्रकारिता की असली ताकत
संत कबीर कुटीर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पत्रकारों से किया संवाद
कहा: समाचार का हर शब्द समय का दस्तावेज होता है और हर तस्वीर समाज की चेतना

चंडीगढ़, 22 जुलाई, अभीतक: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पत्रकार केवल समाचार नहीं लिखते, बल्कि वर्तमान को शब्द देते हैं और भविष्य के इतिहास को आकार देते हैं। समाचार का हर शब्द समय का दस्तावेज होता है और हर तस्वीर समाज की चेतना का दर्पण बन जाती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल कलम या स्याही से नहीं चलती, बल्कि समाज के विश्वास, जनमत और लोकतंत्र के प्रति जिम्मेदारी से संचालित होती है। मुख्यमंत्री बुधवार को संत कबीर कुटीर पर सीनियर जर्नलिस्ट्स फोरम चंडीगढ़ से जुड़े वरिष्ठ पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ पत्रकारों का स्वागत करते हुए कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है, जब समाज में संवाद निरंतर, सार्थक और जीवंत बना रहे। इसमें पत्रकारों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय पत्रकारिता की जड़ें हमारी सनातन परंपरा में हैं। महर्षि नारद को विश्व का पहला संदेशवाहक बताते हुए उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं, बल्कि सत्य, संतुलन और समाज कल्याण का संदेश पहुंचाना था। स्वतंत्रता आंदोलन में भी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, महात्मा गांधी और शहीद भगत सिंह जैसे महान नेताओं ने अपनी लेखनी के माध्यम से राष्ट्र चेतना को जागृत किया। उन्होंने कहा कि आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया के दौर में सूचना कुछ ही क्षणों में पूरी दुनिया तक पहुंच जाती है। ऐसे समय में सबसे बड़ा प्रश्न यह नहीं है कि सूचना कितनी तेजी से फैली, बल्कि यह है कि वह कितनी सत्य और प्रमाणिक है। अनुभवी और जिम्मेदार पत्रकार ही समाज को सही दिशा दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आलोचना लोकतंत्र की शक्ति है, लेकिन वह तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। समाज को केवल ब्रेकिंग न्यूज नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच, समाधान और प्रेरणादायक उदाहरणों की भी आवश्यकता है। पत्रकारिता जब सत्य, संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व के साथ आगे बढ़ती है, तब वह राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बन जाती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और संवाद के लिए प्रतिबद्ध है। इसी भावना के साथ सरकार पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मान पेंशन दी जा रही है। पत्रकारों के लिए समूह बीमा योजना संचालित की जा रही है, जिसका पूरा प्रीमियम राज्य सरकार वहन कर रही है। इसके अलावा पत्रकार कल्याण कोष के माध्यम से गंभीर बीमारी, दुर्घटना अथवा मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और हरियाणा भी विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने आयुष्मान भारत और चिरायु हरियाणा जैसी स्वास्थ्य योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे लाखों परिवारों को निशुल्क उपचार का लाभ मिला है। शिक्षा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन बुनियाद और सुपर-100 जैसी योजनाओं ने गरीब परिवारों के बच्चों को नई उड़ान दी है। हाल ही में सुपर-100 के अनेक विद्यार्थियों ने आईआईटी, एनआईटी तथा नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले हरियाणा में बहुत कम मेडिकल कॉलेज थे, जबकि आज अधिकांश जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं और शेष जिलों में भी तेजी से कार्य चल रहा है। जिला अस्पतालों में भी निजी अस्पतालों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ समाज में विश्वास और सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पत्रकार अपनी निष्पक्ष, जिम्मेदार और रचनात्मक भूमिका निभाते हुए लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे। इस मौके पर सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के मकरंद पांडुरंग, सीनियर जर्नलिस्ट्स फोरम चंडीगढ़ के चेयरमैन श्री एआर पराशर, प्रधान जगतार सिंह संधू, जनरल सेकेट्ररी केवल भारती, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री बी बी भारती, मीडिया सचिव श्री प्रवीण आत्रेय सहित अनेक वरिष्ठ पत्रकार मौजूद थे।

पानीपत के दिव्यांग बच्चे को मिलेंगे अत्याधुनिक बायोनिक कृत्रिम अंग
हरियाणा सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए कई अहम प्रस्तावों को दी मंजूरी

चंडीगढ़, 22 जुलाई, अभीतक: हरियाणा सरकार ने पानीपत के एक दिव्यांग बच्चे के लिए लगभग 35 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक बायोनिक कृत्रिम अंग (ठपवदपब च्तवेजीमजपब स्पउइे) उपलब्ध कराने को मंजूरी दी है। यह बच्चा करंट लगने की दुर्घटना में अपने दोनों हाथ और एक पैर खो चुका था। आधुनिक तकनीक से लैस ये कृत्रिम अंग उसे फिर से आत्मनिर्भर जीवन जीने, दैनिक कार्यों को सहजता से करने तथा सम्मान पूर्वक आगे बढ़ने में महत्वपूर्ण सहारा प्रदान करेंगे। यह निर्णय हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (भ्डैब्स्) के निदेशक मंडल की 40वीं बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने की। बैठक में राज्य के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार तथा स्वास्थ्य अवसंरचना को और मजबूत बनाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। बैठक में पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज (च्ळप्क्ै), रोहतक स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए लगभग 82 लाख रुपये की लागत से 3-डी कोन बीम कंप्यूटेड टोमोग्राफी (ब्ठब्ज्) एक्स-रे मशीन खरीदने की स्वीकृति प्रदान की गई। यह अत्याधुनिक मशीन दांतों, जबड़ों और मुख संबंधी जटिल रोगों की अत्यंत सटीक जांच में सहायक होगी, जिससे रोगियों को बेहतर उपचार योजना और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी। इसके अलावा, राज्य के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए लगभग 20 लाख रुपये की लागत से 30 माइक्रो-सेंट्रीफ्यूज मशीनें खरीदने का निर्णय लिया गया। इन मशीनों की सहायता से रक्त एवं अन्य जैविक नमूनों की जांच पहले से अधिक तेज और सटीक होगी, जिससे रोगों का समय पर निदान और शीघ्र उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा। मानसून के दौरान डेंगू की रोकथाम और समय रहते पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समिति ने राज्यभर में उपयोग के लिए लगभग 47 लाख रुपये की लागत से 2,500 डेंगू एनएस-1 (छै1) डायग्नोस्टिक किट खरीदने को भी मंजूरी दी। इन किटों के माध्यम से डेंगू संक्रमण की प्रारंभिक अवस्था में ही पहचान संभव होगी, जिससे मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के साथ-साथ रोग की प्रभावी निगरानी और नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी। बैठक के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक आधुनिक, प्रभावी और जन-केंद्रित बनाने से संबंधित विभिन्न अन्य प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया तथा उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई। इन निर्णयों से हरियाणा में गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और तकनीक-संचालित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूती मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

राज्यपाल ने गौशाला के नवीनीकरण कार्य का किया शुभारंभ
चंडीगढ़, 22 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने बुधवार को लोक भवन स्थित गौशाला के नवीनीकरण कार्य का विधिवत भूमि पूजन कर शुभारंभ किया। इस नवीनीकरण कार्य के अंतर्गत गौशाला में गायों के लिए आधुनिक एवं सुव्यवस्थित शेडों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, गोवंश के संरक्षण, देखभाल एवं रखरखाव के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का भी विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण किया जाएगा जिससे गौशाला में बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित हो सकें। भूमि पूजन कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव श्री विजय कुमार भाविकट्टी सहित लोक भवन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

प्रदेश के हर जिले में खुलेगा स्टार्टअप्स का द्वार, युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार का बनेगा मजबूत आधार- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
बरवाला में बनेगा लकड़ी का आधुनिक जोन, आय व रोजगार में होगी भारी बढ़ोतरी
स्वयं सहायता समूहों को सीधे जोड़ा जाएगा वॉलमार्ट व एमेजॉन जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों से
पद्मा योजना के तहत 10 जिलों में स्थापित होंगे नए औद्योगिक क्लस्टर
महिला उद्यमियों के लिए बाल-देखभाल (क्रैच) की होगी सुविधा
100 उच्च क्षमता वाले ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित होंगे विशेष कौशल केंद्र

चंडीगढ़, 22 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा विजन/2047 को धरातल पर उतारने के लिए सरकार प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के हर जिले में स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जाए और नया व्यवसाय शुरू करने में उद्यमियों को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक अड़चन नहीं आनी चाहिए। मुख्यमंत्री सिविल सचिवालय में हरियाणा विजन/2047 के तहत श्विजन -टू-एक्शन प्लानश् को लेकर एमएसएमई, उद्योग, स्टार्टअप और एचएसआईआईडीसी (भ्ैप्प्क्ब्) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
स्थानीय रोजगार और स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बरवाला क्षेत्र में एक विशेष वुडन जोन व वुडन मार्केट बनाकर वहां आधुनिक शोरूम विकसित किए जाएं। इससे स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि होगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि कैलेंडर बनाकर प्रदेश के प्रत्येक जिले में स्वदेशी मेलों का आयोजन किया जाए। इसके अतिरिक्त, राखी बनाने के उद्योग में स्वयं सहायता समूहों को व्यापक स्तर पर शामिल किया जाए और उनके उत्पादों की वैश्विक बिक्री के लिए उन्हें वॉलमार्ट, एमेजॉन जैसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के साथ जोड़ा जाए।
नियामक प्रक्रियाएं होंगी सुगम, 50 प्रतिशत घटेगा स्वीकृति समय
व्यापार को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में श्राज्य नवाचार एवं एमएसएमई परिषदश् तथा स्टार्टअप एडवाइजरी काउंसिल हरियाणा का गठन किया जाएगा। पुनर्गठित सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम के माध्यम से व्यावसायिक स्वीकृतियों का समय 45 दिनों से घटाकर 30 दिन किया जाएगा, जिसे आगे चलकर 50 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य है। हर जिले में स्टार्टअप्स को हैंड होल्डिंग सहायता देने के लिए समर्पित स्टार्टअप संपर्क अधिकारी तैनात किए गए हैं।
10 नए पद्मा क्लस्टर और 2,000 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड
बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि राज्य की प्रतिष्ठित श्पद्माश् योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में 10 नए औद्योगिक क्लस्टर स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, स्टार्टअप्स के लिए वृद्धि पूंजी सुनिश्चित करने हेतु 2,000 करोड़ रुपये का हरियाणा स्टार्टअप फंड ऑफ फंड्सश् स्थापित किया जा रहा है, जबकि 250 करोड़ रुपये का श्आत्मनिर्भर स्टार्टअप वेंचर फंड पहले ही शुरू किया जा चुका है।
ग्रामीण कौशल केंद्र, आईटीआई सुधार और हरित पहल पर रहेगा फोकस
बैठक में जानकारी दी गई कि कौशल विकास विभाग के साथ मिलकर 100 उच्च क्षमता वाले ग्रामीण क्षेत्रों (जैसे हिसार में बीड्स निर्माण, पानीपत में हथकरघा, करनाल में कृषि उपकरण व डेयरी, यमुनानगर में पॉटरी) की पहचान कर विशेष कौशल केंद्र खोले जाएंगे। पीएम सेतु योजना के तहत आईटीआई में नए कोर्स शुरू किए जाएंगे। कम से कम 25 उद्योग-संचालित आईटीआई को निजी उद्योगों द्वारा गोद लिया जाएगा ताकि 70 प्रतिशत से अधिक युवाओं को सीधा रोजगार मिल सके। नई नीति के तहत सोलर रूफटॉप अपनाने पर 2,000 से अधिक एमएसएमई को वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाएगा। पानीपत में 10,000 ज्च्। क्षमता का ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा
महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए श्महिला उद्यमिता मंचश् के तहत 11.5 करोड़ रुपये आरक्षित किए गए हैं, जिससे 500-600 इच्छुक महिला उद्यमियों को मेंटरिंग व वित्तीय लिंकेज मिलेगा। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्रों में बाल-देखभाल केंद्रों की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि कुरुक्षेत्र, हिसार और रोहतक को तिरुवनंतपुरम के श्टेक्नोपार्कश् मॉडल पर वैकल्पिक आईटी हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, राज्य में हरित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए श्मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026 और श्हरियाणा प्रगतिशील एमएसएमई एवं निर्यात संवर्धन नीति 2026 के माध्यम से बड़े पैमाने पर निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा। बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री के प्रधान मुख्य सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित अग्रवाल व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

गन्नौर इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केट प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द करें पूरा: कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा
कहा: किसानों को बेहतर बाजार और वैश्विक स्तर पर अपने उत्पादों को बेचने का अवसर मिलेगा

चंडीगढ़, 22 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्किट (आईआईएचएम) गनौर परियोजना राज्य में बागवानी क्षेत्र को नई दिशा देने वाली एक महत्वाकांक्षी पहल है, इससे किसानों को बेहतर बाजार, आधुनिक सुविधाएं और वैश्विक स्तर पर अपने उत्पादों को बेचने का अवसर मिलेगा। श्री राणा आज चंडीगढ़ में हरियाणा राष्ट्रीय बागवानी विपणन निगम लिमिटेड, गन्नौर की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस बैठक में इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टीकल्चर मार्केट से संबंधित मुख्यतः 6 प्रमुख एजेंडों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस पूरे प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि गन्नौर मंडी आने वाले समय में किसानों और व्यापारियों की पहली पसंद बनेगी। इसे किसानों और व्यापारियों के लिए एक अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय बाजार के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य हरियाणा और आसपास के राज्यों के किसानों को उनकी फल, सब्जी और बागवानी उपज का उचित मूल्य दिलाना और बिचैलियों पर निर्भरता को खत्म करना है। श्री राणा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस होने के कारण यहाँ न केवल आधुनिक कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग और पैकिंग की व्यवस्था होगी, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग और सुलभ लॉजिस्टिक्स के जरिए देश-विदेश के बड़े व्यापारी सीधे किसानों से जुड़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि 67 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा होने और इसी माह बिजनेस प्लान आवंटित होने के साथ ही यह मार्केट जल्द ही एक ग्लोबल ट्रेड हब के रूप में उभरेगी, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी और व्यापार को एक नया आयाम मिलेगा। कृषि मंत्री ने शेष बचे कार्यों को भी जल्द से जल्द पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। इसके साथ ही, मीटिंग में शेड नंबर 14 और फॉल्स सीलिंग से जुड़े महत्वपूर्ण एजेंडों को भी स्वीकृति प्रदान कर दी गई। कृषि मंत्री को जानकारी दी गई कि प्रोजेक्ट को सुचारू और व्यावसायिक रूप से सफल बनाने के लिए बिजनेस प्लान तैयार करने हेतु निविदाएं (टेंडर) आमंत्रित की जा चुकी हैं, जिसे इसी माह के भीतर आवंटित कर दिया जाएगा। इस बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार , कृषि विभाग के महानिदेशक श्री राजनारायण कौशिक ,निगम के प्रबंध निदेशक श्री अनीश यादव, मुख्य प्रशासक श्री धर्मेंद्र सिंह, वित्त विभाग के स्पेशल सचिव श्री मनोज कुमार और चीफ इंजीनियर श्री मोहिंद्र सिंह समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

गृह नगर और स्थायी पता दोनों अलग-अलग अवधारणाएं
हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों के लिए स्पष्ट किए नियम
बदला जा सकेगा स्थायी पता, होम टाउन में नहीं होगा कोई बदलाव

चंडीगढ़, 22 जुलाई, अभीतक: हरियाणा सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार करते हुए सरकारी कर्मचारियों के श्गृह नगरश् (होम टाउन) और श्स्थायी पताश् के बीच स्पष्ट अंतर निर्धारित कर दिया है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में जारी विस्तृत दिशा-निर्देशों से राज्य के सभी सरकारी विभागों एवं संस्थानों में तबादलों, नियुक्तियों और कार्मिक प्रबंधन में अधिक पारदर्शिता, एकरूपता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि गृह नगर और स्थायी पता दोनों अलग-अलग अवधारणाएं हैं और आचरण नियमों तथा तबादला एवं नियुक्ति नीतियों के क्रियान्वयन के दौरान इन्हें एक-दूसरे का पर्याय नहीं माना जाएगा। दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसी कर्मचारी का गृह नगर सामान्यतः वह गांव या शहर होगा, जहां वह सरकारी सेवा में नियुक्ति से पहले निवास करता था। यह वह स्थान भी हो सकता है, जहां कर्मचारी का परिवार वर्तमान में रहता हो, जहां कर्मचारी को पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों के कारण नियमित रूप से जाना पड़ता हो, जहां कर्मचारी अथवा उसके परिवार की आवासीय संपत्ति हो या जहां उसके निकट संबंधी निवास करते हों। निर्देशों में कर्मचारियों को सरकारी सेवा में आने के बाद नया स्थायी निवास चुनने की सुविधा भी दी गई है। यदि कोई कर्मचारी विवाह, परिवार के स्थानांतरण अथवा आवासीय संपत्ति खरीदने के बाद किसी नए स्थान पर स्थायी रूप से बस जाता है, तो सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से वह उस स्थान को अपना स्थायी पता घोषित कर सकता है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि इससे कर्मचारी के रिकॉर्ड में दर्ज गृह नगर में कोई परिवर्तन नहीं माना जाएगा। सरकार ने यह भी दोहराया है कि राजपत्रित अधिकारियों को सामान्यतः उनके गृह जिले में नियुक्त नहीं किया जाएगा। सरकार का मानना है कि अधिकारियों की उनके गृह नगर से बाहर तैनाती करने से रिश्तेदारों, मित्रों अथवा स्थानीय हितों के कारण पक्षपात, हितों के टकराव और अनुचित प्रभाव की संभावना कम होती है। इससे विशेष रूप से भूमि, कराधान, कानून-व्यवस्था, विकास परियोजनाओं और सार्वजनिक धन से जुड़े संवेदनशील विभागों में निष्पक्षता, वस्तुनिष्ठता, पेशेवर आचरण और प्रशासनिक ईमानदारी सुनिश्चित होती है तथा सरकार के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत होता है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी सेवा के दौरान अथवा सेवानिवृत्ति के बाद अपना स्थायी पता बदल सकता है, लेकिन उसके गृह नगर से संबंधित गृह जिला अपरिवर्तित रहेगा। साथ ही, जिन मामलों में सक्षम प्राधिकारी द्वारा पहले ही गृह नगर अथवा स्थायी पते में परिवर्तन की अनुमति दी जा चुकी है, उन्हें दोबारा नहीं खोला जाएगा। मानव संसाधन विभाग द्वारा जारी ये निर्देश सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों, बोर्डों एवं निगमों के प्रबंध निदेशकों, विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों तथा अन्य सरकारी संस्थानों को कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए भेजे गए हैं। सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि जहां आवश्यक हो, इन निर्देशों को पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों में संशोधन के रूप में लागू किया जाए तथा इनका अक्षरशः एवं भावना अनुसार पालन सुनिश्चित किया जाए। इन स्पष्टीकरणों से सर्विस रिकॉर्ड में व्याप्त भ्रम दूर होगा, विभिन्न विभागों में नियमों की एकरूप व्याख्या सुनिश्चित होगी तथा राज्य सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था में निष्पक्षता, पारदर्शिता और कार्यकुशलता को और अधिक मजबूती मिलेगी।

युवाओं में शोध, कौशल और नेतृत्व क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
विश्वविद्यालयों में शोध कार्यों के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट जारी
सरकार का लक्ष्य- युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें
सरकार स्कूलों में शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं का कर रही विस्तार

चंडीगढ़, 22 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि युवाओं में शोध कार्यों के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य के विश्वविद्यालयों के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को आगे बढ़ाने और उनमें लोकतांत्रिक मूल्यों तथा नेतृत्व क्षमता का विकास करने के लिए महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में युवा संसद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। इस प्रतियोगिता का अंतिम चरण लोकसभा में आयोजित होता है, जिसमें देशभर के प्रतिभागी हिस्सा लेते हैं। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को पंचकूला के पिंजौर स्थित एप्पल मार्केट में आयोजित युवा संवाद तथा किसानों और व्यापारियों के साथ संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, विधायक शक्ति रानी शर्मा भी उपस्थित रहे। इस दौरान महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल की छात्रा सोनाक्षी द्वारा दिए गए सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मिशन बुनियाद कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत प्रदेश के 103 विद्यालयों का चयन किया गया है। उन्होंने बताया कि इन विद्यालयों के विद्यार्थियों को कुरुक्षेत्र स्थित सुपर-100 संस्थान में अतिरिक्त एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और इन स्कूलों के विद्यार्थी आईआईटी-जेईई जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर देश के अग्रणी संस्थानों, जैसे आईआईटी खड़गपुर और आईआईटी रुड़की, में प्रवेश ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष सुपर-100 कार्यक्रम के तहत 400 विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाएं दीं, जिनमें से 271 का देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में प्रवेश हुआ है। उन्होंने बताया कि इस मिशन के तहत आयोजित तैयारी के परिणामस्वरूप 61 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा भी उत्तीर्ण की है, जो प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इसी का परिणाम है कि आज युवाओं का चयन बिना खर्ची और बिना पर्ची के, पूरी तरह योग्यता एवं मेरिट के आधार पर एचसीएस जैसे प्रतिष्ठित पदों पर हो रहा है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में किए गए सुधारों के सार्थक और सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आ रहे हैं।
प्रदेश में किसानों के लिए बनाए जा रहे फल कलस्टर
महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल की छात्रा दीपिका ने बागवानी विश्वविद्यालयों में आधारभूत ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को और सुदृढ़ करने का सुझाव दिया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों में विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं, ताकि सभी परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें। उन्होंने बताया कि अंबाला, झज्जर सहित अन्य स्थानों पर क्षेत्रीय केंद्र एवं उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही प्रदेश में किन्नू, अमरूद, स्ट्रॉबेरी और लीची के क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं, ताकि किसानों की उत्पादकता बढ़े और उन्हें अपनी उपज का बेहतर एवं लाभकारी मूल्य मिल सके। चैधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार की छात्रा मनीषा ने सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए शहरों में जमीनी स्तर पर यूथ फोर्स गठित करने तथा पर्यावरण संरक्षण एवं अन्य सामाजिक कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले युवाओं को प्रशंसा-पत्र प्रदान करने का सुझाव दिया।
योजनाओं की मदद से युवा नौकरी लेने नहीं देने वाला बने
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा उद्योगों सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उद्योगों को कुशल युवा उपलब्ध करवाने और यूथ फोर्स को सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के साथ एमओयू किए गए हैं, जिसके तहत युवाओं को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और उनकी प्लेसमेंट प्रक्रिया भी आसान होगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा उद्योगों में भी स्किल सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जहां युवाओं को उनकी आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे आसानी से रोजगार प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवा केवल नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें। इसके लिए मुद्रा योजना, स्टार्टअप सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को उनकी क्षमता और जरूरत के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। केंद्रीय विश्वविद्यालय, महेंद्रगढ़ के विद्यार्थी आलोक ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए माउंटेन ट्रेनिंग की व्यवस्था करने तथा मजदूरों के बच्चों की शिक्षा के लिए प्रत्येक जिले में मोबाइल स्कूल संचालित करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा उद्योगों सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उद्योगों को कुशल युवा उपलब्ध करवाने और यूथ फोर्स को सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के साथ एमओयू किए गए हैं, जिसके तहत युवाओं को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और उनकी प्लेसमेंट प्रक्रिया भी आसान होगी।
10 जमा दो तक बच्चों की जा रही ट्रेकिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मजदूरों के वंचित बच्चों के लिए जीरो ड्रॉपआउट नीति पर कार्य कर रही है। ऐसे बच्चों की कक्षा 5वीं, 8वीं और 12वीं तक निरंतर ट्रैकिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि जो बच्चे किसी कारणवश विद्यालय से बाहर हो जाते हैं, उनके लिए सरकार गंभीरता से प्रयास कर रही है। श्रम विभाग की ओर से ऐसे बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इसके अलावा, उनके लिए छात्रावास की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मोबाइल स्कूल शुरू करने के सुझाव पर भी सरकार विचार करेगी। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, रेवाड़ी की छात्रा निधि ने विश्वविद्यालय स्तर पर सामाजिक चेतना बढ़ाने के लिए समन्वय समिति गठित करने और कौशल विकास की कक्षाएं शुरू करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे संस्कारों का विकास बचपन से ही शुरू होता है। इसके लिए स्कूलों में श्रमदान के पीरियड शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं का रुझान केवल डिग्री और किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर खेलों सहित अन्य रचनात्मक गतिविधियों की ओर भी बढ़ना चाहिए।
व्यापारियों से संवाद
बिजली मुहैया करवाने के लिए 132 केवी सब-स्टेशन का निर्माण कार्य प्रगति पर, पेयजल हेतु होगा जल घर का निर्माण
व्यापारी मोनू मेहता के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एप्पल मंडी में पेयजल के लिए जलघर बनाने का कार्य किया जा रहा है ताकि कालका पिंजौर के लोगों को भी स्वच्छ एवं पर्याप्त मात्रा में पेयजल मिल सके। इसके अलावा मोरनी क्षेत्र में भी पेयजल समस्या का निदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्बाध रूप से बिजली मुहैया करवाने के लिए 132 केवी का सब स्टेशन बनाया जा रहा है। एक अन्य व्यापारी के मार्केट फीस घटाने के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्ट्रा मॉर्डन एप्पल मंडी बनाने के लिए यह राशि मंडी में सुविधाओं पर ही खर्च की जा रही है। इस सुझाव बारे अधिकारियों से बातचीत कर हल निकाला जाएगा। एक अन्य सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी में किसानों के ठहरने के लिए विश्राम गृह के निर्माण का कार्य प्रस्तावित है। व्यापारियों के लिए अटल केंटीन की व्यवस्था शुरू की गई है। इसके साथ ही पार्किंग तथा सुरक्षा की व्यवस्था का भी आवश्यक प्रबंध किया जाएगा।

प्रदेश में 1 करोड़ 40 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य किया गया निर्धारित – मुख्यमंत्री
पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल भी सुनिश्चित करें
वन महोत्सव जनभागीदारी का अभियान बने: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
शहरों में ट्री गार्ड के साथ लगाये जाएंगे पौधे

चंडीगढ़, 22 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पौधे लगाना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक जरूरी उनकी देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित करना है। वन महोत्सव केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे समाज की व्यापक भागीदारी से सफल बनाया जाए, ताकि प्रदेश में हरियाली बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिले। मुख्यमंत्री मंगलवार को वन महोत्सव की तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल ने बताया कि इस वर्ष वन महोत्सव के तहत पूरे प्रदेश में 1 करोड़ 40 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए स्थानों की पहचान कर ली गई है। इनमें 3400 स्थानों पर वन विभाग द्वारा 1 करोड़ 10 लाख पौधे, जबकि करीब 900 अन्य स्थानों पर विभिन्न विभागों द्वारा 30 लाख पौधे लगाए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि वन महोत्सव चार चरणों में आयोजित किया जाएगा। इसके तहत 30 जुलाई, 7 अगस्त, 14 अगस्त और 21 अगस्त को पौधारोपण किया जाएगा। प्रत्येक चरण में अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। बैठक में राज्य स्तरीय कार्यक्रम की रूपरेखा पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस अभियान में सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) तथा आम नागरिकों की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। बैठक में ऑक्सिवन परियोजना को लेकर भी चर्चा की गई। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को ष्एक पेड़ मां के नाम 2.0ष् अभियान की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि विभाग नेशनल हाईवे अथॉरिटी से सामंजस्य स्थापित करते हुए हाइवे पर भी पौधारोपण अभियान चलाए, साथ ही शहरों में छोटी जगह पर मियाबांकी स्थापित किए जाए। उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) इस अभियान में विशेष भूमिका निभाएं और पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर पौधारोपण सुनिश्चित करें। शहरों में ट्री गार्ड के साथ पौधे लगाए जाएं तथा सड़कों के दोनों ओर ऐसे छायादार पौधों का चयन किया जाए, जिनकी ऊंचाई नियंत्रित रहे और जो शहरी क्षेत्रों के लिए उपयुक्त हों। इसके अलावा बड़े एवं खुले चैराहों तथा सार्वजनिक स्थलों पर भी पौधारोपण किया जाए, ताकि शहरों की सुंदरता और हरियाली दोनों बढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के प्रवेश द्वारों को भी हरियाली से आकर्षक बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि यमुनानगर में प्रस्तावित मैराथन के दौरान भी विशेष पौधारोपण अभियान चलाया जाए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस बार लगाए जाने वाले सभी पौधों की जियो-टैगिंग की जाएगी, ताकि उनकी स्थिति पर नियमित निगरानी रखी जा सके और देखभाल सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूएलबी वार्ड समितियों के साथ समन्वय स्थापित करें और उन्हें भी पौधों की देखभाल के लिए प्रेरित करें। इसके अलावा शिक्षा विभाग, स्कूलों के विद्यार्थियों, स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) तथा अभिभावकों को भी इस अभियान से जोड़ा जाए, ताकि पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागरूकता पैदा हो। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान विधायक, मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधि भी पौधारोपण कार्यक्रमों में भाग लेंगे और लोगों को इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगे। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग यह सुनिश्चित करे कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल हो, ताकि वे सुरक्षित रहें और उनका लाभ हो सके। बैठक के दौरान पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरूण गुप्ता, विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजेंद्रा कुमार, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज यादव, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त और सचिव श्री अशोक मीणा, नागरिक उड्डयन हरियाणा के महानिदेशक श्री अशंज सिंह, हरियाणा वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. के.सी. मीणा, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री बीबी भारती, विदेश सहयोग विभाग में मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री पवन चैधरी भी मौजूद थे।

हरियाणा के राज्यपाल ने स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा की, सभी विश्वविद्यालयों में आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित करने के दिए निर्देश
2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए हरियाणा में विकसित करें अत्याधुनिक स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर – प्रो. असीम कुमार घोष

चंडीगढ़, 22 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने आज चंडीगढ़ स्थित लोक भवन में हरियाणा के खेल मंत्री श्री गौरव गौतम के साथ बैठक कर राज्य में खेल अवसंरचना (स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर) की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित की जाएं ताकि युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकें। खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने आज राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राज्यपाल ने प्रदेश में युवाओं के बीच खेल संस्कृति को बढ़ावा देने तथा खेल क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की। ओलंपिक की तैयारी के लिए खेल अवसंरचना सुदृढ़ करने पर बल देते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2036 तक भारत को विश्व की अग्रणी खेल शक्तियों में शामिल करने का संकल्प लिया है। इस लक्ष्य को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार भी वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि खेल विभाग यह सुनिश्चित करे कि प्रदेशभर में, विशेषकर विश्वविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में, अत्याधुनिक खेल अवसंरचना विकसित की जाए, ताकि जमीनी स्तर से खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन और बेहतर प्रशिक्षण मिल सके। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाओं एवं निरंतर सहयोग के बल पर हरियाणा के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक तालिका में अग्रणी स्थान बनाए रखना चाहिए। उन्होंने प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कम आयु में ही पहचान कर उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं तथा उच्चस्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने पर भी बल दिया।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हरियाणा बना देश की खेल प्रतिभाओं की नर्सरी – गौरव गौतम
श्री गौरव गौतम ने राज्यपाल को अवगत कराया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा आज देश में खेलों की नर्सरी के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। यहां के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ओलंपिक, एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेलों सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हरियाणा के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अनेक पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है और विश्व पटल पर तिरंगा शान से लहराया है।

पर्यावरण संरक्षण को बनाएं जन आंदोलन- मुख्यमंत्री’
पर्यावरण बचाओ संदेश जन जन तक पंहुचाने के लिए वन चेतना यात्रा 2026 की चार एलईडी वैन को झंडी दिखाकर किया रवाना’
टिक्करताल को मनाली की तर्ज पर पर्वतारोहण प्रशिक्षण केंद्र के रूप में किया जाएगा विकसित- मुख्यमंत्री’
औषधीय पौधों एवं वनस्पति के संरक्षण के लिए पूरे राज्य में बनाए जा रहे हैं 53 हर्बल पार्क’

चंडीगढ़, 22 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारी संस्कृति में प्रकृति को ईश्वर का स्वरूप माना गया है। पर्यावरण की रक्षा हमारी संस्कृति, सभ्यता और हमारे कर्तव्यों में रचा बसा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के लिए एक पेड़ मां के नाम को राष्ट्रव्यापी अभियान से जोड़ना है। मुख्यमंत्री मंगलवार को पंचकूला के पिंजौर की एप्पल मार्केट में युवा संवाद एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यातिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने वन, पर्यावरण एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह के साथ एप्पल मंडी में पौधारोपण भी किया और वन चेतना यात्रा -2026 के तहत चार एलईडी वैनस को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। ये एलईडी वैन प्रत्येक जिले में जाएगी लोगों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करेंगी और पर्यावरण बचाओ का संदेश देंगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने थापली नेचर कैंप में भाग लेने वाले युवाओं को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, विधायक शक्ति रानी भी मौजूद रहे। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री तीर्थ योजना के तहत एक हजार युवाओं को शामिल करने की घोषणा की। इसके अलावा युवाओं की समस्याओं की सुनवाई के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष अधिकारी की नियुक्ति करने तथा मोरनी में टिक्करताल का मनाली की तर्ज पर पर्वतारोहण प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने तथा इसका आधारभूत संरचना सुदृढीकरण करने का आश्वासन दिया। उन्होंने पिंजौर सेब मंडी में बिजली आपूर्ति के लिए अलग से सब स्टेशन तथा हिमाचल प्रदेश की ओर से सेब लाने वाले वाहनों की पार्किंग व अतिरिक्त पुलिस सुरक्षा मुहैया करवाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधा लगाना आसान है, लेकिन उसे वृक्ष बनाना बड़ी जिम्मेदारी है। जिस दिन हर युवा अपने जन्मदिन, अपने माता-पिता के जन्मदिन या किसी विशेष अवसर पर एक पौधा लगाकर, उसकी देखभाल करने का संकल्प ले लेगा, उस दिन हरियाणा प्रदेश हरा भरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कथन अनुसार जितना सम्मान हम अपनी जन्म देने वाली मां को देते हैं, उतना ही सम्मान हमें हमारा पालन पोषण करने वाली धरती मां को भी देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए इस अभियान को और गति देनी होगी। हम सब जीवनदायिनी धरती मां के लिए एक पेड़ जरूर लगाएंगें तथा दूसरों को भी प्रेरित करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक दूसरे के पूरक हैं। हमें ऐसा विकास चाहिए जो प्रकृति का सम्मान करे, आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखे और आर्थिक प्रगति के साथ पर्यावरणीय संतुलन को भी बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि पिंजौर की इस पावन धरती पर, प्रकृति की गोद में, प्रदेश के उर्जावान युवाओं के बीच आकर मुझे बड़ी खुशी हो रही है। आज का यह कार्यक्रम हमारी युवा शक्ति, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण का अद्भुत संगम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि थापली में लगे कैंप में युवाओं को नजदीक से प्रकृति को देखने का मौका मिला है ऐसे युवा समाज को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक करने का कार्य करेंगे। जिस प्रकार सैकड़ों पर्यावरण प्रेमियों ने पौधरोपण करके समाज को जागरूक करने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो युवा अपनी विरासत को जानता है, वही भविष्य का सशक्त निर्माता बनता है। युवा शक्ति ही विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि केवल युवा होना पर्याप्त नहीं है। बल्कि युवा के भीतर उद्देश्य, अनुशासन और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का भाव होना चाहिए।
सरकार ने प्राण वायु देवता पेंशन योजना की शुरू’
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे पेड़ जिनकी आयु 75 वर्ष से अधिक है ऐसे पेड़ों की देखभाल के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। अधिक आयु के वृक्षों के प्रति कृतज्ञता का भाव हम सभी में होना चाहिए। इसी उदेश्य की पूर्ति के लिए सरकार ने 75 साल से अधिक आयु के वृक्षों के लिए प्राण वायु देवता पेंशन योजना शुरू की गई है। इसके तहत 3,000 रुपये प्रति वर्ष प्रति पेड़ पेंशन दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को हरा-भरा बनाने हेतु हर जिला मुख्यालय पर 5 से 100 एकड़ क्षेत्र में ऑक्सी-वन स्थापित करने की योजना शुरू की है। इनमें पैदल ट्रैक, साइकिल ट्रैक आदि की व्यवस्था होगी। करनाल में ऑक्सी-वन की स्थापना हो चुकी है, जबकि पंचकूला में कार्य जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक ऑक्सीजन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के हर गांव में पंचवटी के नाम से पौधारोपण किया जा रहा है। कुरुक्षेत्र की 48 कोस की परिधि में स्थित 134 तीर्थों में पंचवटी वाटिका बनाने की भी शुरूआत की गई है। शहर गांव पेड़ों की छांव योजना, हर घर हरियाली तथा पौधगिरी जैसी योजनाएं चलाई गई हैं। प्रत्येक गांव के एक युवा को वृक्ष मित्र लगाया गया है। उन्होंने कहा कि औषधीय पौधों एवं वनस्पति के संरक्षण के लिए पूरे राज्य में 53 हर्बल पार्क बनाए गये हैं। मोरनी क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का औषधीय वन स्थापित किया गया है। प्रदेश के सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान व भिंडावास वन्य जीव अभ्यारण्य को रामसर साइट्स के रूप में अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसे वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल करना, अपने परिसर और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने में सक्रिय भूमिका निभाना तथा जल की एक-एक बूंद बचाने का प्रयास करना चाहिए। इसके अलावा नशा मुक्त हरियाणा अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाना तथा अपने जीवन को राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के लिए कुछ अच्छा अवश्य करने का विचार युवाओं को महान बनाएगा। यही विचार हरियाणा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा और विकसित भारत-विकसित हरियाणा के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बनेगा।
नई उद्योग नीति के सार्थक परिणाम- राव नरबीर
वन पर्यावरण एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि पर्यावरण में सुधार लाने के लिए दो पेड़ लगाकर उनका पालन करना चाहिए। प्रधानमंत्री के विकसित भारत विजन 2047 में अहम भूमिका निभाने के लिए हमें स्वच्छ क्षेत्र बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण करना चाहिए है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को हर वर्ष दो पेड़ अवश्य लगाने चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार मुहैया करवाने के लिए स्किल डिवलेपमेंट विकसित करने के लिए उद्योगों में प्रशिक्षण देने का प्रावधान किया है। उद्योग एवं पर्यावरण मंत्री ने कहा कि प्रदेश में नई उद्योग नीति संचालित की जा रही है। इसके सार्थक परिणाम आ रहे है। उद्योग नीति में 5 से 6 लाख करोड़ रुपए के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। जबकि अब तक एक लाख करोड़ रुपए का निवेश हो चुका है। उन्होंने कहा कि उद्योग लगेंगे तो युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सुलभ होंगे। इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, विधायक शक्ति रानी शर्मा, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता , मेयर श्याम लाल बंसल, हरियाणा शिवालिक विकास बोर्ड के कार्यकारी उपाध्यक्ष ओमप्रकाश देवीनगर, मुख्यमंत्री के ओएसडी बी बी बत्रा, राकेश संधु, सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों तथा वन विभाग, आईटीबीपी, सीरआरपीएफ, स्कूली बच्चों, वाॅलिन्टियरों के साथ पौधारोपण भी किया।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने की विशेष गहन पुनरीक्षण पर समीक्षा बैठक’
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्तों से ली कार्यक्रम की प्रगति रिपोर्ट’
मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना हमारा लक्ष्य- ए. श्रीनिवास’

चंडीगढ़, 22 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने गुरुग्राम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों और संबंधित अधिकारियों के साथ विशेष गहण पुनरीक्षण कार्यक्रम की समीक्षा बैठक की। उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा मतदाता गणना प्रपत्र भरने और पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने एवं अपात्र नामों के संबंध में किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान एडिशनल सीईओ श्रीमती रितु और श्री अपूर्व व ज्वॉइंट सीईओ श्री राज कुमार लोहान चंडीगढ़ स्थित न्यू सिविल सचिवालय से बैठक में मौजूद रहे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के दौरान प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में शामिल होना सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी योग्य नागरिक का नाम छूटने न पाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने अब तक की प्रगति की जानकारी ली तथा निर्देश दिए कि घर-घर संपर्क कर शेष पात्र मतदाताओं से गणना प्रपत्र समयबद्ध तरीके से प्राप्त किए जाएं। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतिम चरण में प्रत्येक बूथ पर शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करना प्राथमिकता है और इसके लिए किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलों को ड्राफ्ट सूची का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बूथ स्तरीय अधिकारियों द्वारा घर-घर सत्यापन का कार्य अब 24 जुलाई तक किया जाएगा और मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 31 जुलाई को होगा। इसके बाद 31 जुलाई से 30 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण 28 सितंबर तक किया जाएगा तथा 3 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का प्रदेश में पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है और प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम इसमें शामिल होना अत्यंत आवश्यक है। हमारा प्रयास है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्ध तरीके से सम्पन्न हो।

लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक व्यक्ति अपना वोट अवश्य बनवाए- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
मुख्यमंत्री ने पिंजौर के मानकपुर गांव स्थित देवीलाल कॉलोनी में आयोजित टिफिन बैठक में लिया भाग

चंडीगढ़, 22 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपना वोट अवश्य बनवाना चाहिए। बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के सहयोग के लिए प्रत्येक राजनीतिक दल अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करता है, जो मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने तथा अन्य निर्वाचन संबंधी कार्यों में लोगों का सहयोग करते हैं। इसी कड़ी में आज प्रदेशभर में पार्टी द्वारा शक्ति केंद्रों पर 30 टिफिन बैठकों का आयोजन किया गया। पिंजौर के मानकपुर गांव स्थित देवीलाल कॉलोनी में आयोजित एक टिफिन बैठक में मुख्यमंत्री ने स्वयं भाग लिया और पार्टी संगठन की मजबूती के लिए बीएलए तथा अन्य पदाधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर कालका की विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा, जिलाध्यक्ष श्री अजय मित्तल, मंडलाध्यक्ष श्री हरीश मोंगा, भाजपा बीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष श्री सुनील धीमान, जिला उपाध्यक्ष श्रीमती पवन कुमारी, वार्ड पार्षद श्री गुलशन ठाकुर तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रत्येक परिवार को आवास उपलब्ध करवाने के संकल्प को प्रदेश में प्रभावी रूप से साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। वे योजनाओं के लाभार्थियों के घर जाकर भी उनसे योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभ की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। इसी क्रम में आज उन्होंने हरियाणा सरकार की मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना-2 के अनुसूचित जाति के दो लाभार्थियों, श्रीमती सरोज और श्रीमती जयंती, के घर जाकर उनसे मुलाकात की तथा उनके साथ भोजन भी किया। इन दोनों लाभार्थियों को योजना के तहत पिंजौर के सेक्टर-28 स्थित मानकपुर गांव में 30-30 वर्ग गज के प्लॉट आवंटित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मिर्जापुर माजरा व भूखड़ी पहुंचकर शोक संतप्त परिवारों को दी सांत्वना
चंडीगढ़, 22 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को उपमंडल नारायणगढ़ के गांव मिर्जापुर माजरा एवं गांव भूखड़ी पहुंचकर शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की तथा दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिजनों को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी सबसे पहले गांव मिर्जापुर माजरा पहुंचे, जहां उन्होंने स्वर्गीय जय सिंह के निवास पर जाकर शोक व्यक्त किया। स्वर्गीय जय सिंह का 15 जुलाई को बीमारी के कारण निधन हो गया था। मुख्यमंत्री ने परिवारजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। इसके उपरांत मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी गांव भूखड़ी पहुंचे, जहां उन्होंने कांग्रेस पार्टी के पूर्व विधायक स्वर्गीय राजपाल भूखड़ी के निवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। स्वर्गीय राजपाल भूखड़ी का 20 जुलाई को हृदयगति रुकने से निधन हो गया था। मुख्यमंत्री ने उनके परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

गुरुग्राम मेट्रो विस्तार परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ा, जून अंत तक 11 प्रतिशत प्रगति
मिलेनियम सिटी सेंटरदृसाइबर सिटीदृद्वारका एक्सप्रेसवे कॉरिडोर पर निर्माण जारी

चंडीगढ़, 22 जुलाई, अभीतक: गुरुग्राम मेट्रो विस्तार परियोजना के तहत 28.5 किलोमीटर लंबे मिलेनियम सिटी सेंटरदृसाइबर सिटीदृद्वारका एक्सप्रेसवे मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। गत जून के अंत तक परियोजना की लगभग 11 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की जा चुकी है। यह जानकारी आज यहाँ देते हुए हरियाणा मेट्रो रेल ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन ( एचएमआरटीसी) के प्रवक्ता ने बताया कि भारत सरकार द्वारा गुरुग्राम मेट्रो विस्तार परियोजना को स्वीकृति दी गई तथा 28.5 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर निर्माण कार्य प्रगति पर है। प्रवक्ता ने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद मिलेनियम सिटी सेंटर, साइबर सिटी और द्वारका एक्सप्रेस-वे के बीच मेट्रो संपर्क स्थापित होगा। इससे यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी, निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी, यातायात जाम और प्रदूषण में भी कमी आएगी। शहर में पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ शहरी परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना गुरुग्राम की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ मिलेनियम सिटी सेंटर और द्वारका एक्सप्रेस-वे के बीच कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी। इसके अलावा, यह परियोजना शहर के समग्र यातायात ढांचे को नई मजबूती प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री से मिले नीट (स्नातक)-2026 में अखिल भारतीय स्तर पर द्वितीय रैंक प्राप्त करने वाले पंशुल बंसल
पंशुल बंसल की उपलब्धि हरियाणा सहित पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी – मुख्यमंत्री

चंडीगढ़, 22 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से चंडीगढ़ स्थित उनके आवास पर फरीदाबाद निवासी पंशुल बंसल ने शिष्टाचार भेंट की। पंशुल बंसल ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (स्नातक)दृ2026 में अखिल भारतीय स्तर पर द्वितीय रैंक प्राप्त कर हरियाणा का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने पंशुल बंसल को उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पंशुल की यह सफलता हरियाणा सहित पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। उनकी मेहनत, लगन, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ने यह सिद्ध कर दिया है कि निरंतर प्रयास और दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के युवा शिक्षा, खेल, विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा अन्य विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रहे हैं। पंशुल बंसल की उपलब्धि भी इसी गौरवशाली परंपरा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने पंशुल के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देकर समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इस अवसर पर पंशुल बंसल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का स्नेह, आशीर्वाद और प्रोत्साहन उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।

ट्रीटेड पानी का वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से उपयोग किया जाए- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
हरियाणा के थर्मल पावर प्लांटों तक पहुंचेगा ट्रीटेड पानी, औद्योगिक क्षेत्रों में भी होगा इस्तेमाल
एसटीपी और सीटीपी की मैपिंग करके योजना बनाने के मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
रीयूज ऑफ ट्रीटेड वेस्टवॉटर (टीडब्ल्यूडब्ल्यू) पॉलिसी को लेकर मुख्यमंत्री ने ली बैठक

चंडीगढ़, 22 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जल संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि ट्रीटेड पानी का वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से उपयोग किया जाए तो न केवल भूजल और पेयजल स्रोतों पर दबाव कम होगा, बल्कि उद्योगों, ऊर्जा क्षेत्र, हरित क्षेत्रों और कृषि के लिए भी पानी की दीर्घकालिक उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। मुख्यमंत्री सोमवार देर सांय रीयूज ऑफ ट्रीटेड वेस्टवॉटर (टीडब्ल्यूडब्ल्यू) पॉलिसी, हरियाणा से संबंधित विशेष बैठक ले रहे थे। बैठक में प्रदेश के जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा भी मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य के सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीटीपी) से तय मानकों के अनुरूप ट्रीटेड पानी निकले और उसका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ट्रीटेड पानी किसी भी स्थिति में व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। इसके लिए ऐसा मजबूत और सुव्यवस्थित नेटवर्क तैयार किया जाए, जिससे यह पानी थर्मल पावर प्लांटों, ग्रीन बेल्ट, कृषि और अन्य जरुरत वाले क्षेत्रों तक आसानी से पहुंच सके। बैठक के दौरान जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने ट्रीटेड वेस्ट वाटर के दोबारा इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए चरणबद्ध योजना बनाई है। पहले चरण में 21 जिलों के 35 एसटीपी को शामिल करते हुए 500 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार की गई, जिसे नाबार्ड के तहत मंजूरी मिली। इनमें 27 एसटीपी को माइक्रो इरिगेशन के जरिए ट्रीटेड वेस्ट वाटर के दोबारा इस्तेमाल के लिए अंतिम रूप दिया गया है। 19 एसटीपी का काम पूरा हो चुका है, जबकि 8 पर काम चल रहा है। इस परियोजना से करीब 40 हजार एकड़ खेती की जमीन को सिंचाई जल मिलेगा। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि दूसरे चरण में 57 एसटीपी को शामिल किया गया है। इनमें 13 एसटीपी की क्षमता 157.50 एमएलडी और 44 एसटीपी की क्षमता 370.75 एमएलडी है। फिलहाल राज्य में 207 एसटीपीध्सीईटीपी हैं और बाकी प्लांट्स को भी चरणबद्ध तरीके से इस योजना से जोड़ा जाएगा। विभाग ने पहले चरण की परियोजनाएं समय पर पूरी करने, दूसरे चरण के व्यवहारिक एसटीपी विकसित करने और बाकी एसटीपी को भी इस योजना से जोड़ने की तैयारी की है। लक्ष्य है कि विजन/2047 के तहत मार्च 2031 तक राज्य में 100 फीसदी ट्रीटेड वेस्ट वाटर का दोबारा इस्तेमाल किया जाए।
एसटीपी और सीटीपी की मैपिंग की जाएं
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश में जहां-जहां एसटीपी और सीटीपी स्थापित हैं, उनकी विस्तृत मैपिंग की जाए। प्रत्येक प्लांट की क्षमता, वहां से निकलने वाले ट्रीटेड पानी की मात्रा, उसके संभावित उपयोग और आसपास के क्षेत्रों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था का पूरा खाका तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि सही योजना और बेहतर समन्वय के साथ ट्रीटेड पानी का व्यापक स्तर पर उपयोग किया जा सकता है, जिससे भूजल और पेयजल स्रोतों पर दबाव भी कम होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि ट्रीटेड पानी के उपयोग में सबसे पहले थर्मल पावर प्लांटों को प्राथमिकता दी जाए। इसके बाद ग्रीन बेल्ट, पार्कों, पौधारोपण और कृषि कार्यों में इसका अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी अलग से योजना तैयार की जाए, ताकि उद्योगों में भी ताजे पानी की जगह ट्रीटेड पानी का उपयोग बढ़ाया जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस पूरी व्यवस्था को स्ट्रीमलाइन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह कार्य केवल एक विभाग तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, सिंचाई विभाग, शहरी स्थानीय निकाय, उद्योग विभाग, ऊर्जा विभाग और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित सभी संबंधित विभाग संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार करें। इसके लिए विभागों के वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से बैठक करें और पूरे कार्य की क्लोज मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।
कॉलोनियों के एसटीपी की होगी जांच
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सोसायटी कॉलोनियों में स्थापित एसटीपी की भी विशेष जांच की जाएगी। इसके लिए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ-साथ संबंधित नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के अधिकारी संयुक्त रूप से निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि निजी कॉलोनियों के एसटीपी से निकलने वाले ट्रीटेड पानी का उपयोग कॉलोनियों की ग्रीन बेल्ट, पार्कों और पौधारोपण में हो। यदि वहां इसकी आवश्यकता नहीं है, तो पाइपलाइन अथवा अन्य उपयुक्त नेटवर्क के माध्यम से इस पानी को खेतों या अन्य जरूरत वाले क्षेत्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। प्रदेश में लगभग 678 सोसायटी कॉलोनी हैं, जहां इस व्यवस्था की चरणबद्ध समीक्षा की जाएगी।
क्लस्टर बनाकर होगी ट्रीटेड पानी की सप्लाई
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे क्लस्टर आधारित व्यवस्था विकसित कर ट्रीटेड पानी की सप्लाई सुनिश्चित करें। जहां एक से अधिक एसटीपी हैं, वहां उन्हें आपस में जोड़कर प्रभावी वितरण प्रणाली विकसित की जाए, ताकि अधिक से अधिक क्षेत्रों तक इस पानी का लाभ पहुंच सके।
कुसुम योजना के तहत लगाए जाएंगे सोलर सिस्टम
बैठक में एसटीपी के संचालन पर आने वाले बिजली खर्च पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कुसुम योजना के तहत अधिक से अधिक एसटीपी पर सोलर सिस्टम लगाए जाएं, ताकि बिजली की लागत कम हो और किसी भी परिस्थिति में प्लांटों का संचालन प्रभावित न हो। इसके अलावा उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि 24 घंटे यह प्लांट चलने चाहिए, जिसे भी मैटेंस इत्यादि की जिम्मेवारी दी जाएं तो यह सुनिश्चित किया जाएं कि किसी प्रकार की लापरवाही ना हो।
हर प्लांट की तैयार होगी विस्तृत बुकलेट
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पूरे प्रदेश के सभी एसटीपी और सीटीपी की एक विस्तृत बुकलेट तैयार की जाए। इसमें प्रत्येक प्लांट का पता, लोकेशन, क्षमता, प्रतिदिन ट्रीट होने वाले पानी की मात्रा, ट्रीटेड पानी की उपलब्धता, संबंधित अधिकारियों के संपर्क विवरण तथा पानी के उपयोग की वर्तमान एवं प्रस्तावित व्यवस्था का पूरा विवरण शामिल किया जाएगा। इससे भविष्य की योजनाएं बनाने और उनकी निगरानी करने में सुविधा होगी।
कोई भी एसटीपी नहीं रहना चाहिए बंद
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का कोई भी एसटीपी बंद नहीं रहना चाहिए। यदि किसी प्लांट के संचालन में बिजली, रखरखाव, तकनीकी खराबी या अन्य किसी प्रकार की समस्या है तो संबंधित विभाग तत्काल उसका समाधान करें। उन्होंने कहा कि इन प्लांटों के संचालन पर होने वाले बिजली खर्च और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि सभी एसटीपी लगातार संचालित होते रहें। उन्होंने कहा कि इस संबंध में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई होगी।
थर्मल पावर प्लांटों तक पहुंचेगा ट्रीटेड पानी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में थर्मल पावर प्लांट स्थित हैं, वहां आसपास के एसटीपी को नेटवर्क के माध्यम से जोड़कर ट्रीटेड पानी की नियमित सप्लाई सुनिश्चित की जाए। इससे थर्मल पावर प्लांटों में वर्तमान में उपयोग हो रहे ताजे पानी की बचत होगी और उस पानी का उपयोग अन्य आवश्यक कार्यों के लिए किया जा सकेगा। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों की भी विस्तृत मैपिंग की जाए। यह तय किया जाए कि किस उद्योग तक किस एसटीपी अथवा सीटीपी से ट्रीटेड पानी पहुंचाया जा सकता है और उसके लिए किस प्रकार का नेटवर्क विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में उद्योगों में ट्रीटेड पानी के उपयोग को प्राथमिकता दी जाए।
15 दिनों में मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट
बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी संबंधित विभाग अगले 15 दिनों के भीतर अपनी-अपनी ट्रीटमेंट क्षमता, उपलब्ध ट्रीटेड पानी, उसके वर्तमान उपयोग, भविष्य की आवश्यकता तथा वितरण व्यवस्था का विस्तृत विवरण जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को उपलब्ध कराएंगे। इन रिपोर्टों के आधार पर पूरे प्रदेश के लिए एक समग्र कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि ट्रीटेड पानी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज यादव, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक मीणा, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन श्री विनय प्रताप सिंह, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री वीरेंद्र बढ़खालसा, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ यशपाल, हरियाणा पर्यटन निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री पार्थ गुप्ता, गुरुग्राम नगर निगम आयुक्त श्री प्रदीप दहिया, ईआईसी श्री दवेंद्र दहिया भी मौजूद थे।

आईटीआई छात्रों को हुनरमंद बनाकर आधुनिक उद्योगों से जोड़ना है सरकार का मुख्य लक्ष्य- राज्य मंत्री गौरव गौतम
आईटीआई में नई मशीनरी व उपकरणों की खरीद के लिए उच्च स्तरीय समिति की हुई बैठक

चंडीगढ़, 22 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य लक्ष्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में पढ़ रहे छात्रों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है, ताकि राज्य के युवा देश की अग्रणी एवं प्रतिष्ठित औद्योगिक कंपनियों की जरूरतों के अनुरूप तैयार होकर उनसे जुड़ सकें। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रदेश की आईटीआई में अत्याधुनिक मशीनरी एवं नए उपकरण मुहैया करवाए जाएंगे, जिससे युवाओं को उद्योगों की तात्कालिक मांग के अनुसार आधुनिक विधाओं में पूरी तरह निपुण बनाया जा सके। हरियाणा सिविल सचिवालय में कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग की उच्च स्तरीय खरीद समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक के दौरान आईटीआई में प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और सुधारने तथा नए जमाने के तकनीकी संसाधनों को शीघ्रता से उपलब्ध कराने पर विस्तृत चर्चा हुई।
डिग्री के साथ कौशल युक्त युवा ही हैं असली ताकत
इस दौरान राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक डिग्री होना ही काफी नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल से युक्त युवा ही सबसे बड़ी ताकत हैं। केंद्र एवं राज्य सरकार का साझा और स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश के श्हर हाथ को हुनरश् मिले। जब युवा कौशल संपन्न होंगे, तभी वे आत्मनिर्भर बनेंगे और एक विकसित व सशक्त भारत के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे।
आईटीआई में मिलेगा और बेहतर प्रशिक्षण
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के कौशल विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आईटीआई में आधुनिक तकनीकों के समावेश से छात्रों को न केवल बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा, बल्कि वे सीधे औद्योगिक क्षेत्र की मांग को पूरा करने में सक्षम होंगे। इससे प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। बैठक युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी श्री राजीव रंजन, कौशल निगम एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के निदेशक श्री सितेंद्र दूहन और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

नाबार्ड ने बदली हरियाणा के ग्रामीण आँचल की तस्वीर
15,056 करोड़ के निवेश से 6,175 परियोजनाओं को दी वित्तीय सहायता
131 एफपीओ और 63 हजार से अधिक किसान हुए लाभान्वित

चंडीगढ़, 22 जुलाई, अभीतक: राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (आरआईडीएफ) के तहत लगभग 15,056 करोड़ रुपये की स्वीकृति से हरियाणा में ग्रामीण अवसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। इस राशि से प्रदेशभर में 6,175 अवसंरचना परियोजनाओं को सहायता प्रदान की गई है, जिनसे सिंचाई, ग्रामीण सड़कों, पेयजल सुविधाओं तथा अन्य महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किया गया है। इन उपलब्धियों का उल्लेख आज नाबार्ड के 45 वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान किया गया, जिसमें हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। मुख्य सचिव ने कहा कि नाबार्ड राज्य में ग्रामीण परिवर्तन को गति देने तथा कृषि अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि नाबार्ड समावेशी ग्रामीण विकास का एक प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है। राज्य की भावी प्रगति मजबूत ग्रामीण अवसंरचना, टिकाऊ कृषि, वित्तीय समावेशन तथा सशक्त सामुदायिक संस्थाओं पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि श्विकसित भारत-2047श् के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकारी विभागों, वित्तीय संस्थानों तथा जमीनी स्तर के संगठनों को मिलकर सशक्त एवं आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण की दिशा में कार्य करना होगा। अपने वित्त सचिव के कार्यकाल को याद करते हुए श्री रस्तोगी ने कहा कि उन्हें नाबार्ड के साथ निकटता से कार्य करने का अवसर मिला, जिससे उन्होंने राज्य के विकास में संस्था की सकारात्मक एवं रचनात्मक भूमिका को निकट से देखा। उन्होंने कहा कि रियायती ब्याज दरों पर नाबार्ड द्वारा उपलब्ध कराई गई वित्तीय सहायता से अनेक महत्वपूर्ण ग्रामीण अवसंरचना परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकीं, जिसका सीधा लाभ किसानों और ग्रामीण समुदायों को मिला। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार आवश्यक तकनीकी सहयोग के साथ सभी प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) का डिजिटलीकरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि इन्हें अधिक दक्ष, पारदर्शी एवं सुगम बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक पैक्स को आर्थिक रूप से सक्षम एवं लाभकारी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है, जिससे ये संस्थाएं ग्रामीण सहकारिता व्यवस्था की मजबूत आधारशिला बन सकें। उन्होंने कहा कि श्विकसित भारत-2047श् की मजबूत नींव सामूहिक प्रयासों, प्रभावी क्रियान्वयन और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से ही रखी जा सकती है। उन्होंने बैंकरों एवं सरकारी अधिकारियों का आह्वान किया कि वे अपनी नियमित प्रशासनिक जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), स्कूलों, कॉलेजों तथा ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य संस्थाओं का व्यक्तिगत मार्गदर्शन एवं सहयोग करें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के निरंतर सहयोग से स्थानीय संस्थाएं सशक्त होंगी, जमीनी स्तर की समस्याओं के समाधान में सहायता मिलेगी तथा राज्य में समावेशी ग्रामीण विकास को गति मिलेगी। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने हरियाणा में नाबार्ड की विकासात्मक पहलों के प्रभाव को दर्शाने वाली कॉफी टेबल बुक तथा कृषि ऋण, परियोजना मूल्यांकन एवं कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए बैंकों के उपयोगार्थ तैयार यूनिट कॉस्ट बुक का भी विमोचन किया। समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स), जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी), किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), कारीगरों तथा महिला उद्यमियों को ग्रामीण विकास में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही एफपीओ, ओएफपीओ तथा कारीगरों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी में मूल्य संवर्धित कृषि उत्पादों, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों एवं हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन किया गया, जिसने हरियाणा के ग्रामीण उत्पादक समूहों की बढ़ती क्षमता को प्रदर्शित किया। नाबार्ड की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए मुख्य महाप्रबंधक सुश्री निवेदिता तिवारी ने बताया कि संस्था ने हरियाणा में 710 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) का कम्प्यूटरीकरण एवं डिजिटलीकरण कर तथा 131 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को बढ़ावा देकर किसान-स्वामित्व वाली संस्थाओं को मजबूत किया है। उन्होंने बताया कि इन एफपीओ के माध्यम से 63,369 किसानों, जिनमें 14,017 महिलाएं शामिल हैं, को एक मंच पर लाया गया है। इससे किसानों को सामूहिक विपणन, बेहतर मूल्य प्राप्ति, आधुनिक तकनीकों को अपनाने तथा कृषि मूल्य श्रृंखलाओं से बेहतर जुड़ाव का लाभ मिला है। संस्थागत वित्तीय पहुंच को मजबूत बनाने के लिए नाबार्ड ने 28 एफपीओ को 11.12 करोड़ रुपये की ऋण सहायता तथा 9 एफपीओ को 60.38 लाख रुपये की इक्विटी अनुदान सहायता प्रदान की है, जिससे उनकी वित्तीय स्थिरता एवं व्यावसायिक गतिविधियों को मजबूती मिली है। नाबार्ड ने जलवायु-अनुकूल कृषि को भी विशेष प्राथमिकता दी है। इसके तहत जलग्रहण क्षेत्र विकास, भूजल प्रबंधन, सूक्ष्म सिंचाई, डायरेक्ट सीडिंग ऑफ राइस (डीएसआर), सब्जी क्लस्टर तथा अन्य टिकाऊ कृषि पहलों को प्रोत्साहित किया गया है, जिनका उद्देश्य खेती की लागत कम करना तथा किसानों की आय बढ़ाना है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी नाबार्ड की आजीविका संवर्धन योजनाओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वर्ष 2022-23 से अब तक 5,010 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को डेयरी, मशरूम उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई, हस्तशिल्प तथा अन्य स्वरोजगार गतिविधियों में कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिससे उनके लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित हुए हैं। इस अवसर पर वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री सी. जी. रजनी कान्थन, हरको बैंक के अध्यक्ष श्री भारत भूषण जुयाल तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

हरियाणा के नागरिक उड्डयन मंत्री श्री विपुल गोयल की अध्यक्षता में एच.ए.डी.सी की 8वीं बोर्ड बैठक संपन्नय
अवसंरचना और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए

चंडीगढ़, 22 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के नागरिक उड्डयन मंत्री एवं हरियाणा एयरपोर्ट्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री विपुल गोयल की अध्यक्षता में चंडीगढ़ मे हरियाणा एयरपोर्ट्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 8वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में नागरिक उड्डयन अवसंरचना के विकास, एयर एम्बुलेंस सेवाओं के विस्तार, वित्तीय प्रबंधन तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने से संबंधित विभिन्न एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में राज्य में हेली एम्बुलेंस (मेडिकल, पर्यटन एवं सार्वजनिक परिवहन) सेवाओं के विस्तार पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग एवं विभिन्न अस्पतालों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए फरीदाबाद, करनाल, सोनीपत, गुरुग्राम और रोहतक स्थित मेडिकल कॉलेजों के निकट बने हेलीपैडों के उन्नयन की योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में चल रही सभी उड्डयन परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ पूरा किया जाए, ताकि प्रदेश में व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसरों का सृजन हो सके। बैठक में नागरिक उड्डयन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी. अनुपमा, लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अपूर्व कुमार सिंह, वित्त एवं योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, नागरिक उड्डयन विभाग के महानिदेशक एवं सचिव श्री अंशज सिंह, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यश पाल तथा हरियाणा नागरिक उड्डयन विभाग के अतिरिक्त निदेशक श्री मनीष कुमार लोहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

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