




एमबीबीएस काउंसलिंग में संस्कारम विश्वविद्यालय की एंट्री, विद्यार्थियों के लिए खुले नए अवसर
झज्जर, 29 अगस्त, अभीतक: चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में संस्कारम विश्वविद्यालय, झज्जर ने एक महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालितसंस्कारम स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज को हरियाणा में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीयएमबीबीएस काउंसलिंगमें शामिल किया गया है। जिसके अंतर्गत योग्य विद्यार्थी अब संस्कारम विश्वविद्यालय से भी ग्रहण कर सकेंगे एमबीबीएस की पढ़ाई। पंडित बी.डी. शर्मा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, रोहतक की ओर से जारीएमबीबीएससार्वजनिक सूचना (राउंड-1)में संस्कारम स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज का नाम काउंसलिंग में शामिल संस्थानों में दिया गया है। काउंसलिंग के प्रथम चरण के लिए ऑनलाइन पंजीकरण एवं चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया 28 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक निर्धारित की गई है,2 सितंबर को प्रोविजनल सीट अलॉटमेंटजारी किया जाएगा, जिसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फीस जमा करने, दस्तावेज सत्यापन और प्रवेश की प्रक्रिया पूरी होगी।
विद्यार्थियों के लिए नए अवसर की शुरुआत: डॉ. महिपाल
विश्वविद्यालय केचांसलर डॉ. महिपाल यादव ने इस अवसर पर खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि संस्कारम विश्वविद्यालय के लिए यह पल खुशी और गर्व का क्षण है। एमबीबीएसकाउंसलिंग में हमारे मेडिकल स्कूल का शामिल होना चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में हमारी यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। संस्कारमविश्वविद्यालय का पूर्ण प्रयास रहेगा कि यहां आने वाले विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ एक ऐसा वातावरण मिले, जहां वे एक अच्छे डॉक्टर बनने के साथ-साथ एक संवेदनशील और जिम्मेदार इंसान भी बन सकें। हमारा प्रयास है कि संस्कारम विश्वविद्यालय से शिक्षा अर्जित करने वाला विद्यार्थी अपने ज्ञान और सेवा भावना के माध्यम से समाज में सकारात्मक सहयोग प्रदान करे। उन्होंने एमबीबीएस में प्रवेश लेने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय उनकेशैक्षणिक और व्यावसायिक भविष्य को मजबूत बनाने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध करेगा।

एल. ए. सी. सै. स्कूल में खेल दिवस के शुभावसर पर विशाल मानव श्रंखला बना दिया खेलने का संदेश
झज्जर, 29 अगस्त, अभीतक: एल. ए. सी. सै. स्कूल झज्जर में खेल दिवस के शुभावसर पर एक विशाल मानव श्रंखला का निर्माण किया गया। भूगोल प्राध्यापक मुकेश शर्मा ने बताया कि इस मानव श्रंखला का उद्देश्य सभी बच्चों को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा खेल दिवस के मौके पर फिट इंडिया मूमेंट के प्रति जागरूक करना है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सभी लोगों से आह्वान किया है कि वह अच्छी सेहत के लिए प्रतिदिन व्यायाम व योगा करें। स्कूल प्रबंधक के.एम.डागर व स्कूल प्राचार्या निधि कादयान ने बताया कि खेल दिवस हर वर्ष 29 अगस्त को हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस के मौके पर मनाया जाता है। इस अवसर पर सभी प्रतिभावान खिलाड़ियों को भारतवर्ष के महामहिम राष्ट्रपति के द्वारा सम्मानित किया जाता है। स्कूल संचालक जगपाल गुलिया,जयदेव दहिया, अनिता गुलिया,नीलम दहिया, योजित गुलिया, भविष्य दहिया ने खेल दिवस के मौके पर स्कूल के प्रतिभावान खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए कहा कि सच्ची लग्न से किया गया प्रयास कभी भी व्यर्थ नहीं जाता । हमें अपनी पढ़ाई के साथ खेलों में भी भाग लेकर अपने देश को खेलों में आगे लेकर जाना होगा। स्कूल एचऑडी के साथ स्कूल डीपीई अमित लोहचब, विशाल सिंह, महेंद्र सैनी ने मिलकर बच्चों के लिए अपने स्कूल खेल मैदान में खेलों का संचालन करने का संकल्प लिया।






महाविद्यालय में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर खेल एवं फिटनेस गतिविधियों का आयोजन
झज्जर, 29 अगस्त, अभीतक: राजकीय महाविद्यालय बिरोहड़ के खेल मैदान में राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के अवसर पर “खेलेगा भारत, जीतेगा भारत” अभियान के अंतर्गत वॉलीबाल मैच का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय प्राचार्य प्रो० (डॉ०) दलबीर सिंह के निर्देशन तथा महाविद्यालय प्रशासनिक प्रभारी डॉ० सुरेंदर सिंह की अध्यक्षता में किया गया। महाविद्यालय प्रशासनिक प्रभारी डॉ० सुरेंदर सिंह ने विद्यार्थियों को खेलकूद अभियान में बढ़ चढ़ कर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के अवसर पर अपने सम्बोधन में बताया की “खेलेगा भारत, जीतेगा भारत” की भावना को साकार करने के लिए आइए, हम सभी “एक घंटा खेल के मैदान में” अभियान से जुड़ें। यह अभियान महाविद्यालय खेलकूद प्रभारी वीरेंदर सिंह एवं खेलकूद समिति की देख रेख में हुआ। इस अभियान के अंतर्गत डॉ० वीरेंदर सिंह ने बताया की प्रतिदिन फिटनेस गतिविधियों जिनमे दौड़ एवं वार्म-अप, स्ट्रेचिंग, योग, खेल, फिटनेस एवं फिजिकल एक्सरसाइज में भाग लेना चाहिए। इस अभियान के दौरान विद्यार्थियों के बीच वॉलीबाल मैच का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में खेल भावना, शारीरिक फिटनेस, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता पैदा करना रहा। इस अवसर पर सुनील कुमार, राजेश कुमार, डॉ० नरेंदर सिंह, ओमबीर, पवन कुमार, अमित कुमार, पवन, प्रदीप, डॉ० अजय कुमार, अजय सिंह, अंजना सहित अन्य स्टाफ सदस्य और विद्यार्थी उपस्थित रहे।




मतदाता सूची की शुद्धता के लिए जागरूक हों नागरिक, रविवार को भी बूथ पर मौजूद रहेंगे बीएलओ: डीसी
शनिवार को जिलाभर के मतदान बूथ पर पहुंचे मतदाता, दर्ज कराए दावे-आपत्तियां
नाम जोड़ने, विवरण दुरुस्त कराने और अपात्र नाम हटाने के लिए नागरिक कर सकेंगे आवेदन
आगामी 3 अक्टूबर को प्रकाशित होगी फाइनल मतदाता सूची
झज्जर, 29 अगस्त, अभीतक: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और अद्यतन बनाने के लिए जिलाभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत शनिवार को जिला के सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) मौजूद रहे और नागरिकों से मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्राप्त कीं। रविवार, 30 अगस्त को भी सभी मतदान केंद्रों पर विशेष अभियान जारी रहेगा। डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने जिलावासियों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें और नाम, पता व अन्य विवरण भी सही होने की पुष्टि करे। उन्होंने कहा कि त्रुटिरहित और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करने में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। डीसी ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपस्थित रहेंगे। इस दौरान नागरिक मतदाता सूची की जांच करने के साथ-साथ नाम जोड़ने, विवरण में संशोधन कराने अथवा अपात्र नाम हटाने से संबंधित दावे एवं आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं।
पात्र नागरिक नाम की करें जांच, छूटा है नाम तो भरें फॉर्म-6
डीसी ने कहा कि नागरिक प्रारंभिक मतदाता सूची में अपना तथा परिवार के सभी पात्र सदस्यों का नाम अवश्य जांचें। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, तो निर्धारित दस्तावेज एवं घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-6 भरकर नाम शामिल करवाने के लिए दावा प्रस्तुत किया जा सकता है।
नाम-पता या अन्य विवरण में त्रुटि है तो फॉर्म-8 से कराएं संशोधन
मतदाता सूची में नाम, पता, आयु, फोटो अथवा अन्य किसी विवरण में गलती होने पर फॉर्म-8 के माध्यम से संशोधन के लिए आवेदन किया जा सकता है। आवेदन के साथ निर्धारित दस्तावेज एवं घोषणा-पत्र संलग्न करना आवश्यक है।
अपात्र या मृत मतदाता का नाम हटाने के लिए फॉर्म-7
डीसी ने बताया कि किसी अपात्र, मृत, स्थानांतरित अथवा अन्य स्थान पर पहले से पंजीकृत मतदाता का नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। नागरिक अपने दावे एवं आपत्तियां संबंधित निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (ईआरओ) अथवा सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (एईआरओ) के कार्यालय में जमा करा सकते हैं। इसके साथ ही ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है।
रविवार 30 अगस्त तक दर्ज होंगे दावे और आपत्तियां
डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां 30 अगस्त 2026 तक प्रस्तुत की जा सकती हैं। नागरिक विशेष अभियान के दौरान अपने क्षेत्र के बीएलओ, ईआरओ या एईआरओ से संपर्क कर आवश्यक जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
नागरिक जानकारी के लिए मतदाता हेल्पलाइन 1950 करें डायल
डीसी ने बताया कि नागरिक मतदाता सूची से संबंधित किसी भी जानकारी अथवा सहायता के लिए संबंधित ईआरओ कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 के माध्यम से भी आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है। डीसी वर्षा खांगवाल ने झज्जर जिलावासियों से अपील की कि वे रविवार, 30 अगस्त को आयोजित विशेष अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपनी तथा अपने परिवार के पात्र सदस्यों की मतदाता सूची में दर्ज जानकारी की जांच अवश्य करें, ताकि आगामी निर्वाचन के लिए शुद्ध एवं अद्यतन मतदाता सूची तैयार की जा सके।




गांगटान में 31 को रात्रि ठहराव कार्यक्रम
डीसी वर्षा खांगवाल सुनेगीं समस्याएं
कार्यक्रम में विभागीय स्टॉल व स्वास्थ्य जांच शिविर के माध्यम से मिलेगी योजनाओं की जानकारी
बेरी, 29 अगस्त, अभीतक: प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक माह आयोजित किए जाने वाले रात्रि ठहराव कार्यक्रम का आयोजन इस माह सोमवार, 31 अगस्त को गांव गांगटान में स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीसी वर्षा खांगवाल करेंगी। डीसी ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनेंगी तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशासन को गांव स्तर तक पहुंचाकर आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निवारण करना है। एसडीएम बेरी रेणुका नांदल ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्टॉल लगाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा, जहां नागरिकों की जांच कर आवश्यक परामर्श दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि रात्रि ठहराव कार्यक्रम सरकार की महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से अधिकारियों को गांव की जमीनी स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन करने और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने का अवसर मिलता है। इससे शासन और जनता के बीच संवाद और अधिक सुदृढ़ होता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं और अपनी समस्याएं, सुझाव व मांगें प्रशासन के समक्ष रखें, ताकि गांव के सर्वांगीण विकास को और गति मिल सके।

राज्य स्तरीय बीन वादन प्रतियोगिता का आयोजन 2 सितंबर को
झज्जर, 29 अगस्त, अभीतक: कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, हरियाणा द्वारा 2 सितंबर, 2026 को प्रातः 10 बजे मल्टी आर्ट कल्चर सेंटर, हरियाणा कला परिषद, कुरुक्षेत्र में राज्य स्तरीय बीन दलों की प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता का उद्देश्य हरियाणा की समृद्ध लोक कला एवं लोक संगीत परंपराओं को बढ़ावा देना तथा बीन वादन से जुड़े कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करना है। विभाग द्वारा प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता दलों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के साथ-साथ पांच सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। प्रथम पुरस्कार के रूप में 75,000 रुपये, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 60,000 रुपये तथा तृतीय पुरस्कार के रूप में 50,000 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, पांच सांत्वना पुरस्कार प्रत्येक 10,000 रुपये की राशि के होंगे। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए निर्धारित मापदंडों के अनुसार प्रतिभागियों का हरियाणा का मूल निवासी होना अनिवार्य है तथा उन्हें आधार कार्ड साथ लाना होगा। प्रत्येक दल में 8 से 10 कलाकार होना आवश्यक है, जिनमें कम से कम 3 से 4 बीन वादक शामिल होने चाहिए। प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुति हरियाणवी लोक परिधान में देना अनिवार्य होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले दलों को किसी प्रकार का यात्रा भत्ता अथवा दैनिक भत्ता प्रदान नहीं किया जाएगा। प्रतियोगिता के संबंध में निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा। कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग ने बीन वादन से जुड़े कलाकारों एवं दलों से इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर हरियाणा की लोक संगीत परंपरा को समृद्ध बनाने का आह्वान किया है।





नशे के दुष्प्रभाव, साइबर अपराध व डायल 112 के प्रति विद्यार्थियों को किया जागरूक’
झज्जर, 29 अगस्त, अभीतक: पुलिस उपायुक्त मुख्यालय दीप्ति गर्ग के दिशा-निर्देशन में झज्जर पुलिस द्वारा युवाओं को नशे और अपराध से दूर रखने के उद्देश्य से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में नशा मुक्ति टीम झज्जर की टीम ने शहर झज्जर स्थित सन राइज सीनियर सेकेंडरी स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्ति टीम की मुख्य सिपाही सरला और एसपीओ संजीत कुमार ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और भविष्य पर गंभीर प्रभाव डालती है। युवाओं को नशे से दूर रहकर अपने भविष्य को बेहतर बनाने तथा खेल, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को डायल 112 की सुविधा के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस सहायता के लिए डायल 112 का उपयोग किया जा सकता है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति भी जागरूक किया गया। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, लिंक और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताए गए।पुलिस टीम ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक रहें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी नशे तथा साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करें।


नगरपालिका कर्मियों के समर्थन में उतरेंगे ग्रामीण सफाई कर्मचारी, 3 दिन लगाए काले बिल्ले किया दमन का विरोध और 31 अगस्त को करेंगें एकजुटता प्रदर्शन
झज्जर, 29 अगस्त, अभीतक: प्रदेश की भाजपा सरकार की लाठी मारो की नीति के और दमन के खिलाफ हरियाणा के 10 हजार ग्रामीण सफाई कर्मचारी 27 से 29 अगस्त तक कार्य के दौरान काले बिल्ले-काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज करवाया है और 31 अगस्त को सभी जिला मुख्यालयों पर एकजुटता प्रदर्शन करेंगें तथा 3 सितम्बर को नगर निकाय मंत्री विपुल गोयल के आवास पर पड़ाव डालेंगें। यह जानकारी देते हुए ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा के प्रधान बसाऊराम, महासचिव विनोद कुमार, कोषाध्यक्ष संदीप कुमार, उपमहासचिव देवीराम और वरिष्ठ उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने संयुक्त प्रेस ब्यान जारी करते हुए दी। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार दलित हितैषी होने का नाटक करती है और दूसरी तरफ दलित सफाई कर्मियों पर पुलिस दमन करके उनकी आवाज दबाने पर तुली हुई है। दमन की इस कार्यवाही को किसी भी सूरत में इजाजत नहीं दी जा सकती। यूनियन नेताओं ने कहा कि हरियाणा सरकार ने धोखा किया है इसी कारण 30 हजार से ज्यादा नगरपालिका कर्मचारी 6 अगस्त से हड़ताल पर है। इस हड़ताल के लिए कोई और नहीं सिर्फ हरियाणा सरकार जिम्मेदार है। क्योंकि हरियाणा की समझौता करो और लागू ना करो कि नीति बन चुकी है। 13 मई को नगरपालिका कर्मियों के साथ समझौता करते हुए कच्चे सफाई कर्मियों और अग्निशमन के कर्मियों को 30 जून तक पक्का करने की बात इसी सरकार ने स्वीकार की थी। जिसको आज तक लागू नहीं किया। इतना ही नहीं 15 दिन की हड़ताल के बाद 29 मई को पानीपत में ग्रामीण सफाई कर्मियों के साथ भी पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार और सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण बेदी ने 18 में से 17 मांगों पर समझौता किया था और कहा था कि 30 जून तक सभी पत्र जारी कर देंगें। लेकिन इस सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मियों के साथ भी धोखा किया किया। केवल 2100 रुपए वेतन बढौतरी का अधूरा समझौता लागू किया है। सरकार के साथ जनवरी 2026 से ये वेतन बढौतरी देने का समझौता हुआ था, जिसको सरकार ने जुलाई से लागू करके 12600 रूपये प्रति कर्मचारी हजम कर लिया और बाकी 16 मांगों पर बनी सहमति के आजतक पत्र जारी नहीं किए। यूनियन नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार लाठी की भाषा बोलना बंद करे और हड़ताली नगरपालिका कर्मियों के साथ वार्ता करके कच्चे कर्मियों को पक्का करने का 13 मई को हुआ समझौता लागू करे। ताकि शहरों में लगे गदंगी के ढेर और उससे होने वाली बीमारियों से हरियाणा की जनता को बचाया जा सके। अगर सरकार ने दमन के बल पर इन कर्मियों को दबाना चाहा तो प्रदेश का ग्रामीण सफाई कर्मचारी भी इनके साथ हड़ताल जैसा कदम उठाने के लिए मजबूर होगा जिसकी जिम्मेदार सरकार और हरियाणा का मुख्यमंत्री होगा।




विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की संशोधित समय-सारिणी जारी
दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि अब 30 सितंबर तक, अंतिम मतदाता सूची 6 नवंबर को होगी प्रकाशित
रेवाड़ी, 29 अगस्त, अभीतक: जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने हरियाणा में 1 जुलाई 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की संशोधित समय-सारिणी जारी की है। आयोग द्वारा एसआईआर की प्रक्रिया के विभिन्न चरणों के लिए नई तिथियां निर्धारित की गई हैं। डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि बताया कि अब आयोग द्वारा दावे एवं आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 30 अगस्त 2026 से बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दी गई है। इस अवधि के दौरान पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करवाने तथा मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत कर सकेंगे। इसी प्रकार नोटिस चरण तथा दावों एवं आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया भी 28 अक्तूबर 2026 तक चलेगी। इसके उपरांत अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 6 नवंबर 2026 को किया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी अभिषेक मीणा ने जिला के पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि के दौरान मतदाता सूची की जांच करें तथा आवश्यक होने पर दावे एवं आपत्तियां दर्ज करवाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार एसआईआर की प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करना सुनिश्चित करें।

8 सितंबर तक मनाया जा रहा है राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा
रेवाड़ी, 29 अगस्त, अभीतक: जिला में 41वां राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा 8 सितंबर तक मनाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को मृत्यु के बाद नेत्रदान करने के लिए प्रेरित करना तथा नेत्रदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करते हुए इसे जन-जन की भागीदारी वाला अभियान बनाना है। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि जीते जी लिया गया नेत्रदान का संकल्प मृत्यु के बाद किसी की जिंदगी रोशन कर सकता है। नेत्रदान मानवता की सेवा का ऐसा पुनीत कार्य है, जिसके माध्यम से व्यक्ति दुनिया से विदा होने के बाद भी किसी जरूरतमंद के जीवन में उजाला ला सकता है। उन्होंने अपील की कि नेत्रदान का संकल्प लें और अपने परिवारजनों, मित्रों तथा परिचितों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि आंखें हमारे लिए प्रकृति का अनमोल उपहार हैं। किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसकी आंखें ऐसे व्यक्ति के जीवन में रोशनी ला सकती हैं, जो दृष्टि के अभाव में दुनिया को देखने में असमर्थ है। इसलिए नेत्रदान को केवल दान नहीं, बल्कि किसी की जिंदगी को नई रोशनी देने वाला महादान समझना चाहिए। डीसी ने बताया कि नेत्रदान को लेकर लोगों में कई तरह की भ्रांतियां रहती हैं। जागरूकता अभियान के दौरान इन भ्रांतियों को दूर करते हुए लोगों को सही जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि मृत्यु के बाद लगभग 6 से 8 घंटे तक ही नेत्रदान हो सकता हैं। किसी व्यक्ति द्वारा नेत्रदान का संकल्प लिए जाने के बाद उसके परिजनों को इसकी जानकारी होना जरूरी है, ताकि मृत्यु के बाद निर्धारित समय के भीतर संबंधित स्वास्थ्य केंद्र या आई बैंक से संपर्क किया जा सके। नेत्रदान के इच्छुक व्यक्ति अपने जीवनकाल में नेत्रदान का संकल्प ले सकते हैं और अपने परिजनों को भी इसकी जानकारी दे। नेत्रदान के लिए दानदाता और प्राप्तकर्ता से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है। डीसी ने बताया कि एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो दृष्टिहीन व्यक्तियों को दृष्टि मिलने में मदद मिल सकती है। ऐसे में नेत्रदान का महत्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के इस छोटे से संकल्प से दो परिवारों के जीवन में खुशियां लौट सकती हैं। नेत्रदान से संबंधित अधिक जानकारी के लिए नजदीकी जिला सिविल अस्पताल, मेडिकल कॉलेज अथवा आई बैंक से संपर्क किया जा सकता है। हरियाणा में नेत्रदान के लिए 112 तथा राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1800-11-4770 पर संपर्क किया जा सकता है।



डाॅ. भीमराव अंबेडकर मेधावी छात्र संशोधित योजना का लाभ लेने के लिए 30 नवंबर तक करें आवेदन
रेवाड़ी, 29 अगस्त, अभीतक: डा. भीमराव अंबेडकर मेधावी छात्र संशोधित योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजना के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया 30 नवंबर 2026 तक चलेगी। इस योजना का लाभ अनुसूचित जाति, विमुक्त जाति, डीएनटीध्एसएनटी टपरीवास, पिछड़ा वर्ग (ए एवं बी) तथा अन्य समुदायों के उन मेधावी विद्यार्थियों को दिया जाएगा, जिनके परिवार की वार्षिक आय चार लाख रुपये से कम है। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि पात्र विद्यार्थी योजना के लिए अपना ऑनलाइन आवेदन नजदीकी सीएससी अथवा सरल केंद्र के माध्यम से कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए सरल हरियाणा पोर्टल का भी उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि आवेदन करते समय सभी आवश्यक दस्तावेज सही एवं स्पष्ट रूप से अपलोड करें। अधूरे आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे। पोर्टल पर केवल मूल एवं स्व-अभिप्रमाणित दस्तावेजों की स्कैन कॉपी ही अपलोड की जाए।
निर्धारित पात्रता एवं प्रतिशतता पूरी करने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा योजना का लाभ
इस योजना का लाभ निर्धारित पात्रता एवं प्रतिशतता पूरी करने वाले विद्यार्थियों को प्रदान किया जाएगा। अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए मैट्रिक स्तर पर ग्रामीण क्षेत्र में न्यूनतम 60 प्रतिशत तथा शहरी क्षेत्र में 70 प्रतिशत, बारहवीं कक्षा पर ग्रामीण क्षेत्र में 70 प्रतिशत तथा शहरी क्षेत्र में 75 प्रतिशत और ग्रेजुएशन स्तर पर ग्रामीण क्षेत्र में 60 प्रतिशत तथा शहरी क्षेत्र में 65 प्रतिशत अंक निर्धारित हैं। इसी प्रकार पिछड़ा वर्ग ब्लॉक-ए के विद्यार्थियों के लिए मैट्रिक में ग्रामीण क्षेत्र में 60 प्रतिशत तथा शहरी क्षेत्र में 70 प्रतिशत अंक निर्धारित हैं। पिछड़ा वर्ग ब्लॉक-बी एवं सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए मैट्रिक में ग्रामीण क्षेत्र में 75 प्रतिशत तथा शहरी क्षेत्र में 80 प्रतिशत अंक निर्धारित हैं। योजना का लाभ लेने के लिए विद्यार्थी का हरियाणा का निवासी होना अनिवार्य है। इसके अलावा विद्यार्थी के परिवार की वार्षिक आय 4 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। आवेदन के लिए विद्यार्थी का बैंक खाता परिवार पहचान पत्र से लिंक होना आवश्यक है।
अम्बाला में निर्माणाधीन 40 किलोमीटर लंबे सिक्स लेन रिंग रोड का ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने स्थल निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। लगभग ₹691 करोड़ की लागत से बन रहे रिंग रोड का करीब 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। यह रिंग रोड 5 नेशनल हाईवे को आपस में जोड़ते हुए पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और उत्तर प्रदेश की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों को अम्बाला शहर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से बाहर सुगम आवागमन की सुविधा प्रदान करेगा। रिंग रोड अम्बाला को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के साथ शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में मील का पत्थर साबित होगा – श्री अनिल विज
अंबाला में गोली लगने से एसएचओ की मौत
अम्बाला, 29 अगस्त, अभीतक: अंबाला शहर के नग्गल थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। सीने में गोली लगने के तुरंत बाद उन्हें गंभीर हालत में अंबाला शहर के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एसएचओ कर्मवीर सिंह ने घटना से कुछ ही देर पहले थाने के मुंशी से रिवॉल्वर साफ करने के लिए मांगी थी। रिवॉल्वर लेने के कुछ ही समय बाद गोली चलने की आवाज आई और वे लहुहान हालत में मिले। अचानक हुई इस घटना से पूरे पुलिस महकमे में शोक और हड़कंप का माहौल है।



राज्य सरकार ने एनालॉग और गैर-डेयरी पनीर के निर्माण से लेकर बिक्री तक पर एक साल के लिए रोक लगाई
चंडीगढ, 29 अगस्त, अभीतक: हरियाणा में पनीर के नाम पर बिक रहे ऐसे उत्पादों के खिलाफ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है, जिनमें दूध की वसा की जगह वनस्पति या अन्य गैर-दुग्ध वसा का इस्तेमाल किया जा रहा है। राज्य सरकार ने एनालॉग और गैर-डेयरी पनीर के निर्माण से लेकर बिक्री तक पर एक साल के लिए रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध निर्धारित खाद्य मानकों के अनुरूप तैयार किए गए असली पनीर पर लागू नहीं होगा। खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. मनोज कुमार ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30(2)(क) के तहत यह आदेश जारी किया है। 17 अगस्त को जारी आदेश को 21 अगस्त को हरियाणा सरकार के राजपत्र में प्रकाशित किया गया। सरकार ने यह फैसला व्यापक नमूनाकरण और जांच में सामने आए चिंताजनक परिणामों के बाद लिया है। सरकारी जांच में सामने आया कि प्रदेश में पनीर और डेयरी एनालॉग की गुणवत्ता को लेकर स्थिति गंभीर है। एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच 285 नमूने लिए गए। प्राथमिक प्रयोगशाला जांच में इनमें से 200 नमूने, यानी करीब 70 प्रतिशत, निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इनमें 171 नमूने निम्नस्तरीय, जबकि 29 नमूने असुरक्षित पाए गए। प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट में भी कई नमूनों में गैर-दुग्ध वसा पाए जाने की पुष्टि हुई। सरकार के आदेश की खास बात यह है कि एनालॉग या गैर-डेयरी पनीर को किसी भी नाम से बाजार में बेचने पर रोक रहेगी। प्रतिबंध केवल तैयार उत्पाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी पूरी सप्लाई चेन को इसके दायरे में रखा गया है। इसके तहत निर्माण, प्रसंस्करण, तैयारी, पैकिंग, भंडारण, परिवहन, वितरण, थोक और खुदरा बिक्री तथा बिक्री के लिए पेश करने पर एक वर्ष तक रोक रहेगी। यानी निर्माता से लेकर कारोबारी और विक्रेता तक इस व्यवस्था के तहत जवाबदेह होंगे। सरकार के अनुसार एनालॉग या गैर-डेयरी पनीर ऐसा उत्पाद है जो दिखने में पनीर जैसा हो सकता है, लेकिन उसमें दूध की वसा या दुग्ध ठोस को पूरी तरह अथवा आंशिक रूप से वनस्पति तेल, वनस्पति वसा या अन्य गैर-दुग्ध पदार्थों से बदल दिया गया हो।

भारत की प्रगति के लिए अनुसंधान, नवाचार और उद्योग-अकादमिक सहयोग महत्वपूर्ण हैं: उपराष्ट्रपति
युवाओं को बुनियादी शिक्षा से आगे बढ़कर अनुसंधान-उन्मुख शिक्षा की ओर अग्रसर होना चाहिए: उपराष्ट्रपति
युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर और क्वांटम प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए खुद को तैयार करना चाहिए: उपराष्ट्रपति
सीपी राधाकृष्णन ने इरोड में कोंगू वेल्लालर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ट्रस्ट के संस्थापक दिवस समारोह में भाग लिया
नई दिल्ली, 29 अगस्त, अभीतक: उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने आज कहा कि शिक्षण संस्थानों को बुनियादी शिक्षा प्रदान करने से आगे बढ़कर ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के वैश्विक केंद्रों के रूप में विकसित होना चाहिए। वे पेरुंदुरई, इरोड में कोंगू वेल्लालर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (केवीआईटी) ट्रस्ट के संस्थापक दिवस समारोह और श्अरिवुकुडमश् के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उपराष्ट्रपति ने 41 संस्थापकों की दूरदृष्टि की प्रशंसा की और उल्लेख किया कि केवीआईटी संस्थानों के माध्यम से लगभग एक लाख लोगों ने शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि उनके योगदान ने कोंगू क्षेत्र में शिक्षा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और जर्मनी, अमेरिका, फ्रांस और जापान सहित देशों के साथ संस्थानों के वैश्विक संबंधों की प्रशंसा की। श्री सीपी राधाकृष्णन ने युवाओं से अपने ज्ञान को निरंतर उन्नत करने और बुनियादी शिक्षा से अनुसंधान-उन्मुख शिक्षा की ओर अग्रसर होने का आग्रह किया। उन्होंने उनसे अनुसंधान, नवाचार और पेटेंट में संलग्न होने तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, क्वांटम प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी और डिजिटल प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए स्वयं को तैयार करने का आह्वान किया। श्री सीपी राधाकृष्णन ने इस बात पर बल देते हुए कि ष्परिवर्तन ही एकमात्र स्थिर चीज हैष्, युवाओं से अपनी खूबियों को पहचानने, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और दूसरों से तुलना किए बिना दृढ़ रहने का आग्रह किया। उन्होंने मानसिक शांति और बुद्धि को तेज करने के लिए योग और ध्यान के महत्व पर भी प्रकाश डाला और स्वामी विवेकानंद के इस कथन को उद्धृत कियारू आप जैसा सोचते हैं, वैसे ही बन जाते हैं। उपराष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि अरीवुकुडम अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान सृजन का केंद्र बन जाएगा, जिससे संस्थानों को वैश्विक ज्ञान केंद्रों के रूप में मजबूती मिलेगी और सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्रीय विकास में योगदान मिलेगा। श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने भारत की निरंतर प्रगति के लिए अनुसंधान, नवाचार और उद्योग-अकादमिक जगत के मजबूत सहयोग पर बल दिया। उन्होंने कोंगू इंजीनियरिंग कॉलेज के टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर द्वारा आयोजित एक प्रदर्शनी का दौरा किया, जिसमें नवोन्मेषी परियोजनाओं और तकनीकी समाधानों का प्रदर्शन किया गया था। उनकी उपस्थिति में, एंकर इंडस्ट्रीज और अरिवुकुडम – एक अनुसंधान पार्क के बीच समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ, जिससे उद्योग और अकादमिक जगत के बीच सहयोग और मजबूत हुआ तथा अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिला। श्री सीपी राधाकृष्णन ने कॉलेज और ट्रस्ट से जुड़े विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया। उन्होंने अरिवुकुडम – एक अनुसंधान पार्क, फार्मेसी कॉलेज, कोंगू नेचुरोपैथी और योग मेडिकल कॉलेज और केवीआईटीटी के क्लाउड किचन की आधारशिला रखने के उपलक्ष्य में पट्टिकाओं का अनावरण भी किया। तमिलनाडु और केरल के राज्यपाल श्री राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश, केवीआईटी ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री देवराजन और अन्य लोग कार्यक्रम का हिस्सा बने।



उज्बेकिस्तान और किर्गिज गणराज्य के दौरे से पहले प्रधानमंत्री के प्रस्थान वक्तव्य का पाठ
नई दिल्ली, 29 अगस्त, अभीतक: राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर मैं 29-30 अगस्त को राजकीय दौरे पर ताशकंद जाऊँगा। हाल के वर्षों में भारत-उज्बेकिस्तान रणनीतिक साझेदारी में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। मैं राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ व्यापार और निवेश, डिजिटल संपर्क, रक्षा, ऊर्जा तथा विकसित भारत और यंगी उज्बेकिस्तान के हमारे साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग को और गहरा करने पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हूँ। मैं ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में शास्त्री स्मारक और महात्मा गांधी केंद्र का भी दौरा करूँगा, जो हमारे दोनों देशों को जोड़ने वाले घनिष्ठ सांस्कृतिक और जन-से-जन संबंधों को एक श्रद्धांजलि है। ताशकंद से मैं किर्गिज गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री सदिर जापारोव के निमंत्रण पर बिश्केक जाऊँगा, जहाँ मैं महत्वपूर्ण संगठन, शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लूँगा। भारत 2017 से एससीओ का सक्रिय और रचनात्मक सदस्य रहा है। मैं सुरक्षा, संपर्क और अवसर पर आधारित क्षेत्र के लिए भारत के विजन को आगे बढ़ाने तथा क्षेत्र को आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के संकट से मुक्त बनाने के लिए अन्य सदस्य देशों के साथ मिलकर कार्य करने के लिए उत्सुक हूँ, जो हमारे पड़ोस और उससे परे भी शांति एवं स्थिरता के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं। मैं राष्ट्रपति जापारोव और एससीओ के अन्य नेताओं से मिलने तथा छठे विश्व घुमंतू खेलों के उद्घाटन समारोह में भाग लेने के लिए भी उत्सुक हूँ। यह समारोह मध्य एशिया की समृद्ध जीवंत विरासत का उत्सव है, जिसका भारत गहरा सम्मान करता है। मुझे विश्वास है कि यह दौरा मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक साझेदारियों को सुदृढ़ करेगा, इस क्षेत्र के साथ हमारे सभ्यतागत जुड़ाव को और गहरा करेगा तथा शांति, स्थिरता और समृद्धि की हमारी साझा आकांक्षा को आगे बढ़ाएगा। यही मूल्य विश्व के साथ भारत के जुड़ाव के मूल में भी हैं।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं दीं
नई दिल्ली, 29 अगस्त, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर सभी खेल प्रेमियों को शुभकामनाएं दीं। श्री मोदी ने कहा कि खिलाड़ियों का समर्पण, जुनून और दृढ़ संकल्प पूरे राष्ट्र को गौरवान्वित करता है। प्रधानमंत्री ने महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद जी को भी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनकी प्रतिभा और भारतीय हॉकी में जिनका योगदान आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है।
श्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया:
हर खेल प्रेमी को३ आपका समर्पण, जुनून और दृढ़ संकल्प सभी को गौरवान्वित करता है। हम महान मेजर ध्यानचंद जी को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिनकी प्रतिभा पीढ़ियों को प्रेरित करती है।





ज्ञान अर्जित करो, संवैधानिक माध्यमों से अन्याय पर सवाल उठाओ और लोकतांत्रिक तरीकों से बदलाव लाओ: रक्षा मंत्री का युवाओं से आह्वान
युवाओं को रोजगार सृजनकर्ता, समस्या समाधानकर्ता और सकारात्मक परिवर्तन के उत्प्रेरक बनना चाहिए, और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एकजुट टीम इंडिया के हिस्से के रूप में काम करना चाहिए
सरकार एक ऐसा वातावरण बनाना जारी रखेगी जहां युवा बेहतर समाज के लिए समाधान तलाश सकें, नवाचार कर सकें, प्रयोग कर सकें, नए समाधान तैयार करे सकें और उन्हें विकसित कर सकें
आर्थिक शक्ति किसी राष्ट्र को समृद्ध बनाती है, जबकि सांस्कृतिक आत्मविश्वास उसे महान बनाता है: श्री राजनाथ सिंह ने युवाओं से भारत की सभ्यता और विरासत पर गर्व करने का आग्रह किया
नई दिल्ली, 29 अगस्त, अभीतक: डॉ. बी.आर. अंबेडकर का मंत्र शिक्षित हो, आंदोलन करो और संगठित हो का अर्थ है ज्ञान प्राप्त करना, अन्याय पर हिंसा से नहीं बल्कि संवैधानिक साधनों से सवाल उठाना और लोकतांत्रिक तरीकों से बदलाव लाने के लिए एकजुट होना, रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 29 अगस्त, 2026 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा। सामाजिक परिवर्तन लाने में संवैधानिक तरीकों के महत्व पर जोर देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने संविधान सभा में अपने अंतिम भाषण में स्पष्ट रूप से कहा था कि सामाजिक और आर्थिक उद्देश्यों को संवैधानिक साधनों के माध्यम से ही प्राप्त किया जाना चाहिए। बाबासाहेब ने चेतावनी दी थी कि जब लोकतांत्रिक और संवैधानिक रास्ते उपलब्ध हों, तो हिंसा, अराजकता या असंवैधानिक तरीकों का सहारा लेना उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने ऐसे तरीकों को “अराजकता का व्याकरण” बताया जिसे त्याग देना चाहिए। रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि विश्वविद्यालयों को न्याय, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के आदर्शों से प्रेरित युवा मस्तिष्कों को आकार देने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, ताकि वे राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान दे सकें। समग्र शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि सच्ची शिक्षा सोचने और समझने की क्षमता विकसित करती है, साथ ही व्यावहारिक और समस्या-समाधान कौशल को निखारती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इसकी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका व्यक्तियों को अपने ज्ञान का उपयोग समाज के लाभ के लिए करना सिखाना है, साथ ही उनमें मूल्यों और संवेदनशीलता का संचार करना है। श्री राजनाथ सिंह ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा चरित्र और विनम्रता पर दिए गए जोर को याद करते हुए कहा कि ज्ञान और उपलब्धियां नैतिक मूल्यों और आचरण पर आधारित होनी चाहिए। स्वामी विवेकानंद के दृष्टिकोण से प्रेरणा लेते हुए उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए ही प्रयास न करें, बल्कि रोजगार सृजनकर्ता, समस्या समाधानकर्ता और सकारात्मक परिवर्तन के उत्प्रेरक बनकर भारत के रूपांतरण में योगदान दें। रक्षा मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है, नई तकनीकें और नवाचार नए अवसर पैदा कर रहे हैं, और उन्होंने छात्रों से निरंतर सीखने और अनुकूलनशीलता के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जो लोग निरंतर सीखने और नए कौशल हासिल करने के इच्छुक हैं, वे तेजी से विकसित हो रही दुनिया में प्रगति करने के लिए सबसे अच्छी तरह से तैयार होंगे। राष्ट्र निर्माण में सामूहिक प्रयासों के महत्व पर जोर देते हुए श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि व्यक्तिगत प्रयास प्रगति में योगदान दे सकते हैं, लेकिन एकजुट संकल्प विकास की गति को कई गुना बढ़ा सकता है। उन्होंने छात्रों से श्टीम इंडियाश् के हिस्से के रूप में काम करने और 2047 तक विकसित भारत के साझा लक्ष्य में योगदान देने का आह्वान किया। रक्षा मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सफलता अक्सर अनुकूल परिस्थितियों में नहीं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए प्राप्त होती है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि दृढ़ संकल्प, सहनशीलता और कड़ी मेहनत चुनौतियों को अवसरों में बदल सकती है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार ने श्आत्मनिर्भर भारतश् को बढ़ावा देकर, सेमीकंडक्टर विनिर्माण, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, स्टार्टअप और विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करके चुनौतियों को अवसरों में परिवर्तित करने का प्रयास किया है। उन्होंने छात्रों से अनिश्चितता से न डरने, बल्कि समाधानों पर ध्यान केंद्रित करने, समर्पण के साथ काम करने और निरंतर आत्म-सुधार के लिए प्रयासरत रहने का आग्रह किया, जो सफलता की कुंजी है। अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की बढ़ती उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश ने सीमित संसाधनों से मिशन शुरू करने से लेकर मानव अंतरिक्ष उड़ान और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन सहित उन्नत कार्यक्रमों को क्रियान्वित करने तक प्रगति की है। उन्होंने निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका पर भी जोर दिया, जिसमें भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स ने प्रक्षेपण यानों और उपग्रह प्रौद्योगिकी में महत्वपूर्ण प्रगति की है। पिछले 12 वर्षों में शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार इकोसिस्टम में हुई महत्वपूर्ण प्रगति पर बोलते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि अनुसंधान और विकास पर व्यय दोगुना हो गया है, 34 वर्षों के बाद राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है, और भारतीय युवा अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाडों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं, यूनिकॉर्न कंपनियां बना रहे हैं और उन्नत प्रौद्योगिकियां विकसित कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत वैश्विक नवाचार सूचकांक में ऊपर चढ़कर और दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में उभरकर तेजी से वैश्विक नवाचार का केंद्र बन रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार एक ऐसा इकोसिस्टम बनाने का काम जारी रखेगी जहां युवा बेहतर समाज के लिए समाधान तलाश सकें, नवाचार कर सकें, प्रयोग कर सकें, सृजन कर सकें और विकसित कर सकें। श्री राजनाथ सिंह ने देश की संस्कृति, सभ्यता और विरासत के संरक्षण और गौरव पर बल देते हुए कहा कि विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की यात्रा को केवल आर्थिक विकास से नहीं मापा जा सकता। उन्होंने कहा कि आर्थिक शक्ति किसी राष्ट्र को समृद्ध बनाती है, जबकि सांस्कृतिक आत्मविश्वास उसे महान बनाता है। उन्होंने भारतीय भाषाओं, भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। रक्षा मंत्री ने कहा, “भारत न केवल एक प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है, बल्कि एक ऐसे राष्ट्र के रूप में भी उभरा है जो अपनी सभ्यता, संस्कृति और क्षमता में विश्वास रखता है। आज जब हम बोलते हैं, तो दुनिया सुनती है। हम केवल नियमों का पालन नहीं करते, बल्कि उन्हें बनाते हैं। आज की पीढ़ी को राष्ट्र की पहचान पर गर्व है, अपनी सभ्यता में विश्वास है और भविष्य पर भरोसा है। श्नए भारतश् में यही सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन हुआ है। भारत में विश्वास की भावना ही मेक इन इंडिया की सफलता के पीछे है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक, लखनऊ स्थित बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राज कुमार मित्तल और विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य एवं कर्मचारी उपस्थित थे।




ऑपरेशन वज्र 2.0 के तहत दवाओं की अवैध आपूर्ति के बड़े अंतरराज्यीय मामले में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने 66.80 लाख मनोदैहिक गोलियां जब्त कींय एक व्यक्ति गिरफ्तार
नई दिल्ली, 29 अगस्त, अभीतक: मनोदैहिक दवाओं के अवैध हेरफेर और तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की मध्य प्रदेश इकाई ने, सीबीएन की नीमच, मध्य प्रदेश इकाई द्वारा विकसित विशिष्ट खुफिया जानकारी पर कार्रवाई की। पंजाब-हिमाचल प्रदेश गलियारे के साथ मनोदैहिक संबंधी दवाओं की एक बड़ी अवैध खेप की आवाजाही के संबंध में विशिष्ट खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, सीबीएन एमपी यूनिट की एक विशेष निवारक टीम ने ऑपरेशन वज्र 2.0 के तहत 27-28 अगस्त 2026 को चंडीगढ़-बद्दी अंतरराज्यीय मार्ग पर निरंतर निगरानी रखी और रणनीतिक रूप से अपनी स्थिति मजबूत की। इस अभियान के परिणामस्वरूप, अल्प्राजोलम, ट्रामाडोल, नाइट्रजेपम और क्लोनाजेपम सहित 66,79,980 मनोदैहिक दवाओं की एक बड़ी खेप जब्त की गई, जिसे आवश्यक वैधानिक दस्तावेजों के बिना ले जाया जा रहा था। एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है और एक एसएमएल इसुजू सरताज ट्रक जब्त किया गया है। रात भर निगरानी रखने के बाद, 27.08.2026 को, टीम ने उत्तर प्रदेश पंजीकरण वाले एक संदिग्ध एसएमएल इसुजु सरताज ट्रक को रोका और विस्तृत तलाशी के लिए उसे एक सुरक्षित स्थान पर ले गई। माल की एक-एक करके गहन जांच करने पर 120 बड़े कार्टन मिले जिनमें नियंत्रित मनोदैहिक पदार्थ थे। खेप में अल्प्राजोलम, ट्रामाडोल, नाइट्राजेपाम और क्लोनाजेपाम की गोलियां थीं, गोलियों की कुल संख्या 66,79,980 थी। प्रारंभिक जांच में अवैध आपूर्ति श्रृंखला को छिपाने और नियामक निगरानी से बचने के लिए कई सुनियोजित उपाय सामने आए। बड़ी मात्रा में ब्लिस्टर स्ट्रिप्स और डिब्बों से बैच नंबर, निर्माण तिथि और समाप्ति तिथि मिटा दी गई थी। इसके अलावा, पंजाब हरियाणा राज्य में बिक्री के लिए नहीं अंकित बड़ी मात्रा में दवाएं वैध सहायक दस्तावेजों जैसे कि चालान, बिल्टी या ई-वे बिल के बिना क्षेत्र में ले जाई जा रही थीं। विस्तृत सूची तैयार करने, जांच करने और सील करने की कार्यवाही रात भर 14 घंटे से अधिक समय तक चली। 66,79,980 मनोदैहिक गोलियों की पूरी खेप, परिवहन के लिए इस्तेमाल किए गए एसएमएल इसुजु सरताज ट्रक सहित, मादक औषधि एवं मनोरोगी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के संबंधित प्रावधानों के तहत जब्त कर ली गई। एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है। इस बड़े अंतरराज्यीय दवा अवैध मार्गातरण रैकेट में शामिल ऊपरी स्तर के विनिर्माण और आपूर्ति चैनलों तथा निचले स्तर के वितरण नेटवर्क की पहचान करने और उसे नष्ट करने के लिए गहन जांच चल रही है। इस जांच में इन मनोदैहिक दवाओं की अवैध तस्करी और हेराफेरी से जुड़े अन्य व्यक्तियों और संस्थाओं की पहचान करने का भी प्रयास किया जाएगा। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) नशीली दवाओं के सुरक्षित उपयोग और नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) के दृष्टिकोण के प्रति दृढ़ता से प्रतिबद्ध है और मादक दवाओं और मनोदैहिक पदार्थों की अवैध तस्करी और हेराफेरी के खिलाफ खुफिया जानकारी पर आधारित प्रवर्तन कार्रवाई जारी रखे हुए है। चालू कैलेंडर वर्ष 2026 के दौरान, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने अवैध मादक पदार्थों के नेटवर्क में शामिल 197 मामलों को सफलतापूर्वक दर्ज करके और 272 व्यक्तियों को गिरफ्तार करके तस्करी विरोधी अभियान में असाधारण प्रदर्शन किया है। कृत्रिम मादक पदार्थों के निर्माण के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई करते हुए, ब्यूरो ने 6 गुप्त प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़ किया। इसके अलावा, एजेंसी की व्यापक प्रवर्तन कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री जब्त की गई, जिसमें लगभग 51,000 किलोग्राम विभिन्न एनडीपीएस ड्रग्स के साथ-साथ 12,72,00,000 मनोदैहिक दवाओं की गोलियां और कैप्सूल भी शामिल हैं। डीआरआई ने दो अभियानों में लगभग 18 किलोग्राम एम्फैटेमिन और एमडीएमए जब्त कियाय सिंथेटिक ड्रग्स पर अपनी कार्रवाई तेज करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया गया
डीआरआई ने दो सप्ताह के भीतर लगभग 150 किलोग्राम एम्फेटामाइन-टाइप स्टिमुलेंट (एटीएस) मादक पदार्थों को जब्त किया
नई दिल्ली, 29 अगस्त, अभीतक: डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने कृत्रिम मादक पदार्थों की तस्करी पर अपनी निरंतर कार्रवाई जारी रखते हुए, 25.08.2026 को दो खुफिया अभियानों में बेंगलुरु में लगभग 14.9 किलोग्राम एम्फेटामाइन और पुणे में लगभग 2.53 किलोग्राम एम्फेटामाइन के साथ 878 ग्राम एमडीएमए टैबलेट जब्त किए, जिनका कुल वजन 18 किलोग्राम से अधिक था। इन दोनों मामलों में चार व्यक्तियों को मादक औषधि एवं मनोरोगी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया है। 25.08.26 को, खुफिया जानकारी पर आधारित एक अभियान में, डीआरआई के अधिकारियों ने केएसआर बेंगलुरु रेलवे स्टेशन पर एक भारतीय महिला यात्री को रोका, जो नई दिल्ली से बेंगलुरु ट्रेन से यात्रा कर रही थी और उस पर बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री ले जाने का संदेह था। उसके सामान की विस्तृत जांच करने पर लगभग 14.9 किलोग्राम वजन के क्रिस्टलीय पदार्थ से भरे सात पैकेट बरामद हुए। प्रारंभिक जांच में, एक फील्ड ड्रग डिटेक्शन किट का उपयोग करने पर एम्फेटामाइन की उपस्थिति का संकेत मिला। बरामद मनोरोगी पदार्थ, साथ ही संबंधित पैकिंग और छिपाने की सामग्री को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया। कार्यवाही के दौरान प्राप्त जानकारी के आधार पर, डीआरआई अधिकारियों ने निर्धारित डिलीवरी स्थान पर त्वरित कार्रवाई की। मालवाहक से सामान लेने के लिए मौके पर पहुंचे एक व्यक्ति को रोक लिया गया। आगे की कार्रवाई में पहले प्राप्तकर्ता से प्रतिबंधित सामान लेने आए एक अन्य व्यक्ति को भी रोक लिया गया। प्रतिबंधित सामान के परिवहन और उसे प्राप्त करने के प्रयास में शामिल तीनों व्यक्तियों को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया। 25.08.2026 को एक अन्य असंबंधित खुफिया-आधारित अभियान में, डीआरआई ने पुणे जंक्शन स्टेशन पर एक अन्य भारतीय महिला यात्री को रोका, जो दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से पुणे होते हुए ट्रेन से यात्रा कर रही थी। उसके सामान की विस्तृत जांच करने पर लगभग 2.53 किलोग्राम वजन का सफेदध्पीले रंग का क्रिस्टलीय पदार्थ बरामद हुआ, जिसे एम्फेटामाइन बताया जा रहा है, और साथ ही 878 ग्राम वजन की गोलियां भी बरामद हुईं, जिन्हें 3,4-मिथाइलेनेडियोक्सीमेथैम्फेटामाइन (एमडीएमए) बताया जा रहा है। बरामद प्रतिबंधित सामग्री को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया और यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया। नवीनतम बरामदगी देश भर में चल रहे कृत्रिम नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने और तस्करी नेटवर्क को खत्म करने के लिए डीआरआई के गहन प्रयासों का हिस्सा है। दो सप्ताह के भीतर, डीआरआई ने पांच अभियानों में लगभग 150 किलोग्राम एम्फेटामाइन टाइप स्टिमुलेंट (एटीएस) नामक नशीले पदार्थ जब्त किए हैं, जिनमें भारत की उत्तर-पूर्वी सीमा पर दो अभियानों में 76 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन टैबलेट और सऊदी अरब के जेद्दाह के लिए भेजे जा रहे एक निर्यात खेप में मक्काध्कॉर्न में मिलाकर छिपाए गए 55.86 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन शामिल हैं।

मां को जागरूक बनाने से बच्चों में दिव्यांगता की शुरुआत में ही पहचान संभव: डॉ. जितेंद्र सिंह
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने रोकी जा सकने वाली दिव्यांगता की रोकथाम के लिए महिलाओं के बीच अधिक जागरूकता फैलाने का आह्वान किया
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि माताएं अक्सर बच्चे की विकासात्मक और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पहचानने वाली सबसे पहली व्यक्ति होती हैं, गर्भावस्था के दौरान समय पर जागरूकता और स्क्रीनिंग से शुरुआती कदम उठाए जा सकते हैं और रोकथाम संभव हो सकती है
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रबुद्ध मातृ शक्ति सम्मेलन को संबोधित करते हुए रोकी जा सकने वाली दिव्यांगता की रोकथाम और दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण पर विशेष जोर दिया
नई दिल्ली, 29 अगस्त, अभीतक: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज कहा कि मां को सशक्त बनाने से बच्चे में दिव्यांगता की शुरुआती पहचान संभव हो सकती है। सक्षम (ै।ज्ञैभ्।ड) द्वारा दिव्यांगता की रोकथाम और दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण के प्रति महिलाओं को शिक्षित व जागरूक करने के लिए आयोजित प्रबुद्ध ष्मातृ शक्ति सम्मेलनष् की सराहना करते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि माताएं अक्सर बच्चे की विकासात्मक या स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को समझने वाली सबसे पहली व्यक्ति होती हैं। इस कारण महिलाओं की जागरूकता दिव्यांग सेवा और सशक्तीकरण के व्यापक मिशन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाती है। डॉ. सिंह ने आगे कहा कि गर्भावस्था के दौरान उचित जागरूकता, नियमित प्रसव पूर्व जांच और अनुशंसित स्क्रीनिंग से कुछ विकारों का शुरुआती चरण में ही पता लगाया जा सकता है, जिससे समय पर चिकित्सीय सलाह और उपचार संभव होता है और रोकी जा सकने वाली जटिलताओं के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है। प्रबुद्ध मातृ शक्ति सम्मेलन का आयोजन शिक्षित, जागरूक और सामाजिक रूप से जिम्मेदार महिलाओं को दिव्यांग सेवा, सशक्तीकरण और रोकी जा सकने वाली दिव्यांगता की रोकथाम के मिशन में सक्रिय भागीदार बनाने के उद्देश्य से किया गया था। यह पहल माताओं, शिक्षकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और समुदाय की भूमिका पर विशेष जोर देती है, जो बच्चों और परिवारों के स्वास्थ्य, विकास तथा कल्याण से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि रोकी जा सकने वाली दिव्यांगता की रोकथाम का प्रयास जितना संभव हो उतना जल्दी शुरू होना चाहिएकृयहाँ तक कि बच्चे के जन्म से पहले भी। मातृ स्वास्थ्य, पर्याप्त पोषण, प्रसव पूर्व देखभाल, संक्रमण से बचाव, दवाओं के सुरक्षित उपयोग, नियमित स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा विशेषज्ञों से समय पर परामर्श के प्रति जागरूकता, परिवारों को गर्भावस्था और शुरुआती बचपन के महत्वपूर्ण चरणों में सटीक निर्णय लेने में मदद कर सकती है। उन्होंने कहा कि जहाँ गर्भावस्था के दौरान ही किसी स्थिति या समस्या की पहचान हो जाती है, वहाँ समय पर चिकित्सीय सहायता और उचित देखरेख से बेहतर परिणाम प्राप्त करने में बड़ा बदलाव आ सकता है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों का अनुभव यह भी दर्शाता है कि जागरूकता और सपोर्ट सिस्टम को परिवार और सामुदायिक स्तर तक ले जाना कितना महत्वपूर्ण है, जिसमें महिलाएं विशेष रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मां अक्सर अपने बच्चे के विकास या स्वास्थ्य में होने वाले बदलावों को सबसे पहले भांपती हैय इसलिए, उसे सही ज्ञान और जानकारी से सशक्त बनाने से समस्याओं की जल्द पहचान, उचित जगह रेफरल और उपलब्ध सहायता तक समय पर पहुंच संभव हो सकती है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जागरूकता केवल रोकथाम तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह दिव्यांगजनों के पूर्ण सशक्तीकरण तक विस्तारित होनी चाहिए। महिलाएं दिव्यांगजनों की पहचान, शिक्षा, पुनर्वास, सहायक उपकरणों, कौशल विकास, रोजगार के अवसरों और आत्मनिर्भरता के रास्तों तक उनकी समय पर पहुंच सुनिश्चित करके दिव्यांग सशक्तीकरण की सबसे मजबूत संवाहक बन सकती हैं। इस व्यापक प्रयास के तहत, सरकार ने पिछले एक दशक में दिव्यांगजनों के लिए सहायता प्रणालियों को मजबूत करने और समाज में उनकी भागीदारी के अधिक अवसर पैदा करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। ये प्रयास श्मातृ शक्ति सम्मेलनश् जैसे सामुदायिक स्तर के आयोजनों के पूरक के रूप में कार्य करते हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य परिवार और समाज के स्तर पर जागरूकता का निर्माण करना है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने दिव्यांगजनों के लिए खेल और विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार का भी उल्लेख किया। उत्कृष्ट कोचिंग और व्यवस्थित प्रशिक्षण सहायता प्रदान करने के लिए मध्य प्रदेश में दिव्यांगजनों के लिए भारत का पहला हाई-टेक खेल प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया गया। इस तरह के समर्पित इंफ्रास्ट्रक्चर ने खेल में उत्कृष्टता के लिए एक अनुकूल माहौल बनाने में मदद की है और पेरिस 2024 पैरालंपिक खेलों में 29 पदकों के भारत के रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन में योगदान दिया है। सरकार दिव्यांग बच्चों के लिए शुरुआती मदद के तरीकों को भी मजबूत कर रही है। शिशुओं में शुरुआती दौर से ही दिव्यांगता की पहचान और सहायता सुगम बनाने के लिए देशभर में क्रॉस-डिसएबिलिटी अर्ली ट्रीटमेंट सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। शुरुआती पहचान के बाद उचित उपचार, पुनर्वास और सहायता से बच्चों को अपनी विकासात्मक क्षमताओं को हासिल करने तथा शिक्षा व समाज में अधिक पूर्णता के साथ भागीदार बनने में मदद मिलती है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने दिव्यांग बच्चों वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध उन उपायों का भी जिक्र किया, जिनका उद्देश्य अपने बच्चों की खास जरूरतों को संभालने वाले परिवारों को ज्यादा मदद देना है। इनमें रोटेशनल ट्रांसफर से छूट, 22 साल की उम्र तक बच्चों के लिए एजुकेशन अलाउंस, मेडिकल सुविधाओं के पास पोस्टिंग पर विचार और संबंधित सरकारी नियमों के तहत दो साल की पेड चाइल्ड केयर लीव शामिल हैं। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि ऐसे उपाय एक ऐसे सपोर्ट सिस्टम की आवश्यकता को दर्शाते हैं जो गर्भावस्था और शुरुआती बचपन से लेकर शिक्षा, पुनर्वास, कौशल विकास और अंततः आत्मनिर्भरता तक की पूरी यात्रा को कवर करती है। हालांकि सरकारी कार्यक्रम संस्थागत सहायता प्रदान करते हैं, लेकिन माताओं और परिवारों के बीच निरंतर जागरूकता यह सुनिश्चित कर सकती है कि ये प्रयास बच्चों तक उस समय पहुँचें जब वे उनके जीवन में सबसे बड़ा और सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रबुद्ध मातृ शक्ति सम्मेलन का उद्देश्य केवल वर्तमान में दिव्यांगजनों की सहायता करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आज अधिक जागरूकता पैदा करना है ताकि कल की पीढ़ी अधिक स्वस्थ, समावेशी और सशक्त बन सके। सशक्त माताएं और जागरूक परिवार शुरुआती रोकथाम, शुरुआती पहचान और वृहद समावेशन की मजबूत नींव बन सकते हैं। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि हमारा दृष्टिकोण बिल्कुल स्पष्ट और सरल हैरू हर मां जागरूक हो, हर परिवार सशक्त बने, हर बच्चे को जीवन की सबसे बेहतरीन शुरुआत मिले, और कोई भी पीछे न छूटे। विधायक राजीव जसरोटिया ने मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह के निरंतर प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के भीतर पूरे कठुआ जिले का कायाकल्प और अकल्पनीय विकास हुआ है। सक्षम (ै।ज्ञैभ्।ड) संस्था की ओर से राष्ट्रीय सचिव अभय परगल ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने सम्मेलन का एजेंडा प्रस्तुत किया और देशभर में दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण के लिए सक्षम द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों और पहलों की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही, उन्होंने जम्मू-कश्मीर और कठुआ क्षेत्र में पूर्व में आयोजित किए गए कार्यक्रमों का ब्योरा भी साझा किया। इस अवसर पर उपस्थित अन्य प्रमुख हस्तियों में राजकीय डिग्री कॉलेज के प्राचार्य स्वामी विश्वानंद, सक्षम की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रज्ञा खन्ना, श्री अत्री, मनजीत सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल थे।




हरियाणा में कचरे से पैदा होगी 50 मेगावाट बिजली, चार इंटीग्रेटेड वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर
हिसार, अंबाला, फरीदाबाद और गुरुग्राम क्लस्टर में स्थापित होंगे संयंत्र, प्रतिदिन 5 हजार टन कचरे का होगा वैज्ञानिक प्रसंस्करण
अक्टूबर 2028 तक चारों संयंत्रों के शुरू होने की उम्मीद दृ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
कचरे को समस्या नहीं, संसाधन बनाने की दिशा में बड़ा कदमय ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की सोच को मिलेगी मजबूती : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़, 29 अगस्त, अभीतक: हरियाणा में शहरी कचरा प्रबंधन की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए राज्य सरकार ने चार इंटीग्रेटेड वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। हिसार, अंबाला, फरीदाबाद और गुरुग्राम क्लस्टर में स्थापित होने वाले इन संयंत्रों में संचालन शुरू होने पर प्रतिदिन कुल 5 हजार टन कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण किया जाएगा और इससे कुल 50 मेगावाट ऊर्जा का उत्पादन होगा। इन संयंत्रों के अक्टूबर 2028 तक शुरू होने की उम्मीद है। नूंह में एमओयू होने के बाद मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ये समझौते प्रदेश के शहरों को स्वच्छ, स्वस्थ और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। इन संयंत्रों की स्थापना ऑयल ग्रीन एनर्जी लिमिटेड द्वारा की जाएगी, जो ऑयल इंडिया लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी हरियाणा के शहरी विकास को नई ऊर्जा देने के साथ-साथ प्रदेश में कचरा प्रबंधन के तौर-तरीकों में भी बड़ा बदलाव लाएगी। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राव इंद्रजीत सिंह, विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल मंत्री, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, ऑयल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. रंजीत रथ,शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक मीणा सहित कई गणमान्य मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ते शहरीकरण के साथ कचरे के उचित प्रबंधन की चुनौती भी लगातार बढ़ रही है। कचरा केवल समस्या नहीं है, बल्कि सही तकनीक और वैज्ञानिक व्यवस्था के माध्यम से इसे ऊर्जा और उपयोगी संसाधन में बदला जा सकता है। इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए प्रदेश में चार एकीकृत कचरा-से-ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को स्वच्छ भारत का संकल्प देने के साथ ही ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की दिशा में नई सोच दी है। हरियाणा भी इसी सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि शहरों में कचरे के ढेर न लगें, खुले में कचरा डालने और उसके अवैज्ञानिक निपटान की प्रवृत्ति कम हो तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से कचरे का वैज्ञानिक निपटान सुनिश्चित किया जाए। यह पहल इसी संकल्प को और मजबूत करेगी।
’हिसार क्लस्टर में प्रतिदिन 500 टन कचरे से बनेगी ऊर्जा
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहला इंटीग्रेटेड वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट हिसार क्लस्टर में स्थापित किया जाएगा। इसमें हिसार, हांसी, फतेहाबाद और जींद जिलों के शहरी स्थानीय निकाय शामिल होंगे। इस प्लांट में प्रतिदिन 500 टन कचरे का प्रसंस्करण किया जाएगा और इससे न्यूनतम 5 मेगावाट ऊर्जा उत्पादन अपेक्षित है।
अंबाला क्लस्टर में 900 टन कचरे का होगा प्रतिदिन प्रसंस्करण
दूसरा प्लांट अंबाला क्लस्टर में स्थापित किया जाएगा, जिसमें अंबाला, यमुनानगर और पंचकूला जिलों के शहरी स्थानीय निकाय शामिल होंगे। यहां प्रतिदिन 900 टन कचरे का प्रसंस्करण किया जाएगा और न्यूनतम 9 मेगावाट ऊर्जा उत्पादन अपेक्षित है।
फरीदाबाद में 1,600 टन कचरे से न्यूनतम 16 मेगावाट ऊर्जा का उत्पादन
तीसरा प्लांट फरीदाबाद क्लस्टर में स्थापित होगा, जिसमें फरीदाबाद जिला शामिल होगा। इस संयंत्र में प्रतिदिन 1,600 टन कचरे का प्रसंस्करण किया जाएगा और इससे न्यूनतम 16 मेगावाट ऊर्जा उत्पादन की उम्मीद है।
गुरुग्राम में लगेगा सबसे अधिक क्षमता वाला संयंत्र, प्रतिदिन 2 हजार टन कचरे का होगा प्रसंस्करण
चैथा संयंत्र गुरुग्राम क्लस्टर में स्थापित किया जाएगा, जिसमें गुरुग्राम जिला शामिल होगा। यहां प्रतिदिन 2 हजार टन कचरे का प्रसंस्करण किया जाएगा और न्यूनतम 20 मेगावाट ऊर्जा उत्पादन अपेक्षित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारों संयंत्रों में संचालन शुरू होने के समय प्रतिदिन कुल 5 हजार टन कचरे का प्रसंस्करण किया जाएगा और कुल 50 मेगावाट ऊर्जा का उत्पादन होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि ये संयंत्र अपनी संभावित समय-सीमा के अनुसार अक्टूबर 2028 तक चालू हो जाएंगे। एक ओर प्रतिदिन हजारों टन कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटारा होगा, वहीं दूसरी ओर उसी कचरे से ऊर्जा का उत्पादन भी किया जाएगा। जिस कचरे को आज समस्या के रूप में देखा जाता है, उसे ऊर्जा और उपयोगी संसाधन में बदलना ही वेस्ट टू वेल्थ की सोच है।
आधुनिक तकनीक से होगा अलग-अलग प्रकार के कचरे का प्रसंस्करण
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इन संयंत्रों की विशेषता केवल इनकी क्षमता नहीं, बल्कि इनमें अपनाई जाने वाली एकीकृत और आधुनिक तकनीक भी है। यहां अलग-अलग प्रकार के कचरे के अनुसार उसका उचित प्रसंस्करण किया जाएगा। सबसे पहले कचरे का पूर्व-प्रसंस्करण होगा। गीले कचरे से बायोगैस तैयार करने के लिए कंप्रेस्ड बायोगैस संयंत्र की व्यवस्था होगी। वहीं, ऐसे सूखे कचरे को, जिसका दोबारा उपयोग या रिसाइकल नहीं किया जा सकता, वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्र में प्रसंस्कृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य केवल कचरे को जलाना नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और टिकाऊ तरीके से उसका प्रसंस्करण करना तथा कचरे को जलाने की प्रक्रिया को न्यूनतम करना है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि पर्यावरण की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता न हो और इन संयंत्रों में सर्वोच्च पर्यावरणीय मानकों का पालन किया जाए।
अर्बन चैलेंज फंड के तहत मिलेगी वित्तीय सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संयंत्रों की स्थापना के लिए की गई वित्तीय व्यवस्था केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग तथा भागीदारी का एक अच्छा उदाहरण है। परियोजनाओं को भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अर्बन चैलेंज फंड के तहत वित्तीय सहायता मिलेगी। उन्होंने बताया कि परियोजनाओं की कुल पूंजीगत लागत का 25 प्रतिशत केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। 25 प्रतिशत राशि राज्य सरकार और शहरी स्थानीय निकायों द्वारा साझा की जाएगी, जबकि शेष 50 प्रतिशत राशि ऑयल ग्रीन एनर्जी लिमिटेड द्वारा लगाई जाएगी। इस प्रकार केंद्र सरकार, राज्य सरकार, स्थानीय निकाय और सार्वजनिक क्षेत्र की एक मजबूत संस्था मिलकर हरियाणा के शहरों को स्वच्छ और आधुनिक बनाने के इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के अनुरूप स्थापित होंगे संयंत्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संयंत्रों की स्थापना भारत सरकार द्वारा अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के अनुरूप की जाएगी। इन नियमों का उद्देश्य भी कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन सुनिश्चित करना और उसका अधिकतम उपयोग करना है।
’स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने के लिए जनभागीदारी जरूरी
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। सरकार व्यवस्था और सुविधाएं उपलब्ध करा सकती है, आधुनिक संयंत्र लगा सकती है और वैज्ञानिक तकनीक ला सकती है, लेकिन घरों और संस्थाओं से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। सरकार की व्यवस्था, आधुनिक तकनीक और जनता की भागीदारी एक साथ जुड़ती हैं, तभी स्वच्छता का अभियान वास्तविक रूप में जनआंदोलन बनता है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हरियाणा के शहर केवल बड़े और आधुनिक ही नहीं, बल्कि स्वच्छ, स्वस्थ, सुंदर और पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित भी हों। सरकार ऐसा हरियाणा बनाना चाहती है, जहां कचरे के ढेर प्रदेश की पहचान न हों, बल्कि कचरे से बनने वाली ऊर्जा उपलब्धि बनेय जहां कचरा बोझ नहीं, बल्कि संसाधन बने और स्वच्छता केवल अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली बने। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार, राज्य सरकार, शहरी स्थानीय निकायों और ऑयल ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के सामूहिक प्रयासों से ये परियोजनाएं समयबद्ध और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ेंगी। उन्होंने आह्वान किया कि हरियाणा को स्वच्छता, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए सभी मिलकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि सरकार कचरे को समस्या से समाधान, बोझ से संसाधन और संपदा में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इससे शहरों को स्वच्छ बनाने के साथ ऊर्जा के नए स्रोत विकसित होंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ और आत्मनिर्भर हरियाणा के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।
गुरुग्राम मेट्रो विस्तार ने पकड़ी रफ्तार, पहले 160 टन वजनी यू-गर्डर को सफलतापूर्वक किया लिफ्ट
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने विधिवत पूजन कर निर्माण के महत्वपूर्ण चरण का किया शुभारंभ
चंडीगढ़, 29 अगस्त, अभीतक: गुरुग्राम मेट्रो विस्तार परियोजना ने निर्माण कार्य की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार किया। परियोजना के तहत 160 टन वजनी पहला यू-गर्डर 400 और 600 टन क्षमता वाली हाइड्रोलिक क्रेनों की सहायता से साइबर पार्क के नजदीक पिलर नंबर 26ध्27 पर सफलतापूर्वक लिफ्ट किया गया। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने विधिवत पूजन कर इस महत्वपूर्ण निर्माण प्रक्रिया का शुभारंभ किया। इसके बाद उनकी उपस्थिति में निर्धारित तकनीकी मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए यू-गर्डर को निर्धारित स्थान पर सफलतापूर्वक स्थापित किया गया। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि पहले यू-गर्डर के लिफ्ट होने के साथ ही गुरुग्राम मेट्रो विस्तार परियोजना के निर्माण कार्य ने जमीनी स्तर पर एक नया चरण शुरू किया है। यह विस्तार हरियाणा सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का उद्देश्य गुरुग्राम में आधुनिक और बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि शहर के विकास के साथ नागरिक सुविधाओं का भी विस्तार हो। उन्होंने कहा कि परियोजना के निर्माण कार्य को गति देने के साथ-साथ गुणवत्ता और सुरक्षा के मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। राव ने कहा कि पहले यू-गर्डर की लिफ्टिंग केवल निर्माण कार्य की शुरुआत का एक चरण नहीं, बल्कि गुरुग्राम के भविष्य की बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। परियोजना के आगे बढ़ने के साथ शहरवासियों को इसके सकारात्मक परिणाम धरातल पर दिखाई देंगे। पहले यू-गर्डर के सफलतापूर्वक लिफ्ट होने से गुरुग्राम मेट्रो विस्तार परियोजना के निर्माण कार्य को नई गति मिली है। आने वाले दिनों में निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार अन्य निर्माण गतिविधियों को भी तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि गुरुग्राम के तेजी से बढ़ते शहरी स्वरूप और लगातार बढ़ते यातायात के दबाव को देखते हुए मेट्रो विस्तार परियोजना को सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से शहर के विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित होने के साथ-साथ नागरिकों को आवागमन का सुविधाजनक, तेज और भरोसेमंद विकल्प उपलब्ध होगा। परियोजना के निर्माण में समयबद्धता के साथ गुणवत्ता और सुरक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है। यू-गर्डर की लिफ्टिंग का कार्य पूरा होना इस दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड के निदेशक (परियोजना एवं योजना) एस.आर. सांगवा, निदेशक (रोलिंग स्टॉक एवं इलेक्ट्रिकल) राजेश चतुर्वेदी तथा निदेशक (वित्त) रजत वर्मा, चीफ आर्किटेक्ट नम्रता कलसी, डीजीएम मधुर गोयल, निगम पार्षद कुलदीप यादव सहित निर्माण एजेंसी के अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और संबंधित कर्मचारी भी मौके पर मौजूद रहे।
संस्कृत के बिना आयुर्वेद का मूल स्वरूप अधूरा : प्रो. सतीश गंधर्व
एनआईए में मनाया गया संस्कृत दिवस, संस्कृत भाषा के महत्व पर हुआ मंथन
चंडीगढ़, 29 अगस्त, अभीतक: राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए), पंचकूला में 11वें आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में संस्कृत दिवस-2026 का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती का पूजन कर किया। आयुष मंत्रालय भारत सरकार के तत्वावधान में संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा और डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में चिकित्सकों एवं विद्यार्थियों ने आयुर्वेद के मूल ग्रंथों की भाषा संस्कृत को सहेजने का संकल्प लिया। डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने कहा कि संस्कृत केवल एक प्राचीन भाषा नहीं है, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा की आधारशिला है। संस्कृत के बिना आयुर्वेद का मूल स्वरूप अधूरा है। इसलिए संस्कृत में समाहित आयुर्वेद का ज्ञान-विज्ञान, संरक्षण और संवर्धन जरूरी है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के अनेक मूल एवं प्रामाणिक ग्रंथ संस्कृत भाषा में रचित हैं। ऐसे में आयुर्वेद के सिद्धांतों, चिकित्सा पद्धतियों और भारतीय ज्ञान परंपरा की गहराई को समझने के लिए संस्कृत का अध्ययन महत्वपूर्ण है। प्रोफेसर गंधर्व ने कहा कि संस्कृत में केवल साहित्य, धर्म और अध्यात्म ही नहीं, बल्कि मानव कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता का संदेश भी है। सर्वे भवन्तु सुखिनरू के माध्यम से सभी के सुख और कल्याण की कामना की गई है। इसके साथ ही, वसुधैव कुटुम्बकम पूरी दुनिया को एक परिवार मानने की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने संस्कृत दिवस के माध्यम से विद्यार्थियों और युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, साहित्य, दर्शन और प्राचीन ज्ञान-विज्ञान से जोड़ने के प्रयास का आह्वान किया। असिस्टेंट प्रोफेसर चंद्रमोहन द्वारा कार्यक्रम के सफल आयोजन पर आभार व्यक्त करते हुए बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से आयुर्वेद के मूल ग्रन्थों एवं भारतीय ज्ञान परम्परा के आधारभूत माध्यम के रूप में संस्कृत भाषा के महत्व को रेखांकित किया गया तथा इसके अध्ययन, संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया गया। इस अवसर पर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनीष पमनानी, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आकांक्षा राणा, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अनुराग कुशल, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. धवल जी मकवाना, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंकिता नेगी, असिस्टेंट प्रोफेसर महेश एम, चिकित्सा अधिकारी शीन्षा पी तथा बीएएमएस के विद्यार्थी मौजूद रहे।
चुनाव आयोग ने प्रदेश के मतदाताओं को दिया एक और मौका
30 सितंबर तक बढ़ाई दावे एवं आपत्तियां दाख़िल करने की तारीख़
मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन अब 6 नवंबर को होगा
चंडीगढ़, 29 अगस्त, अभीतक: भारत निर्वाचन आयोग ने हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की तारीखों में फिर से बदलाव किया है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार दावे एवं आपत्तियां 31 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक दाखिल की जा सकेंगी। इसके साथ ही दावे एवं आपत्तियों का निपटारा 31 जुलाई से 28 अक्टूबर तक करना होगा। संशोधित कार्यक्रम के तहत मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन अब 6 नवंबर को होगा। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने बताया कि राज्य के मतदाताओं के हितों का ध्यान रखते हुए चुनाव आयोग ने तारीखों में बदलाव किया है। इससे उन पात्र नागरिकों को राहत मिलेगी जो किसी कारणवश निर्धारित अवधि में मतदाता सूची से संबंधित दावा या आपत्ति दर्ज नहीं करा सके हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करने और सूची में दर्ज मतदाताओं के विवरण को त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से आयोग कार्य कर रहा है। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है, तो फॉर्म-6 के माध्यम से नाम शामिल करवाने के लिए आवश्यक दस्तावेजों तथा घोषणा-पत्र सहित दावा प्रस्तुत किया जा सकता है। अभी तक कुल 87262 फॉर्म नंबर-6 प्राप्त हुए हैं। 6167 फॉर्म नंबर 7 व 79246 फॉर्म नंबर 8 प्राप्त हुए हैं । मुख्य निर्वाचन आयोग द्वारा अब तक 41,59,707 नोटिस जारी किए गए हैं जबकि 21,98,288 आपत्तियों का निपटारा किया गया है। सभी नागरिकों से अपील है कि वे मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण अवश्य जांच लें। किसी प्रकार की गलती होने पर निर्धारित अवधि में दावा या आपत्ति दर्ज करवाएं। किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता के लिए नागरिक अपने ठस्व्ध्म्त्व्ध्।म्त्व् कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा म्ब्प्छम्ज् ।चच पर ठववा ं ब्ंसस सुविधा अथवा मतदाता हेल्पलाइन 1950 के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

मेवात कैडर के नव-नियुक्त 1054 प्राथमिक शिक्षकों का ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित
कांग्रेस सरकार ने 10 साल में केवल 86 हजार सरकारी नौकरियां जबकि बीजेपी की सरकार में 2 लाख से अधिक नौकरी दी रू सीएम नायब सिंह सैनी
’प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करेगी नई पीढ़ी: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को 39.90 लाख रुपये की सम्मान राशि व स्कॉलरशिप भी जारी
चंडीगढ़, 29 अगस्त, अभीतक: हरियाणा के मेवात क्षेत्र को शिक्षा के क्षेत्र में शनिवार को एक बड़ी सौगात मिली। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने नूंह की अनाज मंडी में आयोजित राज्य स्तरीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान मेवात कैडर के 1054 नव-नियुक्त प्राथमिक (पीआरटी) शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नए शिक्षकों की तैनाती से क्षेत्र में शिक्षक-विद्यार्थी का अनुपात सुधरेगा और प्राथमिक शिक्षा का स्तर और अधिक मजबूत होगा। कार्यक्रम की शुरुआत मंष दीप प्रज्ज्वलित करके मुख्यमंत्री ने इस दिन को खास बताते हुए कहा कि आज भादो मास की प्रतिपदा है, जन्माष्टमी नजदीक है और हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस भी मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वीर हसन खां मेवाती की शौर्य भूमि पर इतने बड़े आयोजन का होना मेवात क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। इस अवसर पर नव-नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षा विषयक 22 स्टॉल की एक भव्य प्रदर्शनी आयोजित की गई, जिसका मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। साथ ही, शिक्षकों के व्यावसायिक कौशल को निखारने के लिए विशाल एलईडी स्क्रीन पर पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए एक प्रभावी प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित हुआ। इस दौरान श्मुख्यमंत्री मेवात छात्र प्रतिभा सम्मान योजनाश् के तहत सम्मान राशि भी जारी की गई। इस दौरान हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में नई भर्ती को युवाओं की योग्यता की जीत बताते हुए कहा कि पहले की सरकारों में भाई-भतीजावाद, जातपात, क्षेत्रवाद और पर्ची-खर्ची के हिसाब से नौकरी मिलती थी। बीजेपी की सरकार बनते ही बिना पर्ची-बिना खर्ची के 2 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां देकर योग्य युवाओं का आत्मसम्मान लौटाया है, जबकि पिछली कांग्रेस सरकार ने अपने 10 साल के कार्यकाल में महज 86 हजार सरकारी नौकरियां दी थीं। उन्होंने पंजाब में भर्तियों में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर भी आम आदमी पार्टी पर कड़ा प्रहार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेवात, जो कभी शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा माना जाता था, अब होनहार बच्चों का क्षेत्र बन गया है। रोजगार और शिक्षा के सुदृढ़ीकरण से मेवात में एक नया शैक्षणिक सूर्योदय हो रहा है। इसी क्रम में बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले 70 प्रतिभाशाली बच्चों को मुख्यमंत्री मेवात छात्र प्रतिभा सम्मान योजना के तहत 39 लाख 90 हजार रुपये की सम्मान राशि जारी की गई। उन्होंने बताया कि पिछले साल ऐसे विद्यार्थियों की संख्या 40 थी, जो इस बार बढ़कर 70 हो गई है। इसके अलावा श्मुख्यमंत्री मेवात पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाश् के तहत 1364 विद्यार्थियों को 52 लाख 44 हजार रुपए की छात्रवृत्ति भी जारी की गई। उन्होंने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से करीब 26 हजार युवाओं को अनुबंध आधार पर नौकरी दी गई है और कानून बनाकर इन्हें सेवा सुरक्षा भी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना हैं और इसमें युवा पीढ़ी की अहम भूमिका होगी। इसी सोच के तहत प्रधानमंत्री की पहल पर नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जिला के 450 स्कूल भवनों की डीपीआर तैयार हो चुकी है तथा सरकार ने 200 करोड रुपए जारी कर दिए हैं। इन स्कूलों के सुधारीकरण पर 400 करोड रुपए खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि निपुण हरियाणा के तहत शिक्षकों के दो प्रशिक्षण चरण पूरे हो चुके हैं और अगले माह करीब 32 हजार पीआरटी शिक्षकों को प्रशिक्षण दिए जाने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को पांच संकल्प लेने का किया आह्वान
मेवात कैडर के नव-नियुक्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह नियुक्ति उनकी वर्षों की मेहनत और परिवार के त्याग का सुखद परिणाम है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे अपनी नियुक्ति को कठिन पोस्टिंग नहीं बल्कि परिवर्तन की पोस्टिंग के रूप में देखें और जहां अवसर कम दिखें, वहीं अपना सर्वश्रेष्ठ दें। उन्होंने कहा कि खेल, कहानी, चित्र, गतिविधि और स्थानीय उदाहरणों के जरिए पढ़ाई को रोचक बनाया जाए, बच्चों की मातृभाषा और स्थानीय बोली का सम्मान किया जाए तथा कक्षा में ऐसा माहौल बने जहां प्रश्न पूछना जिज्ञासा माना जाए न कि कमजोरी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि तकनीक शिक्षा का महत्वपूर्ण साधन है और डिजिटल सामग्री सीखने को रोचक बना सकती है, लेकिन मशीन जानकारी दे सकती है, संस्कार नहीं दे सकती। इसलिए शिक्षक को मानवीय संबंध को हमेशा केंद्र में रखना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों से पांच संकल्प लेने का आह्वान किया, हर बच्चे को अपना बच्चा मानना, किसी बच्चे को सीखने में पीछे न छूटने देना, समय व ईमानदारी से विद्यालय जाना, अभिभावकों व समाज को शिक्षा से जोड़ना तथा अपने आचरण से बच्चों को वे बातें सिखाना जो किताबों से नहीं सिखाई जा सकतीं।
’नई शिक्षा नीति भारत को विश्व गुरु बनाने का दस्तावेज: शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा
इस दौरान शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज मेवात क्षेत्र को बड़ी सौगात दी है। उन्होंने नव नियुक्त पीआरटी को बधाई देते हुए कहा कि आज ये धरती नए संकल्पों की ऊर्जा को आलोकित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्राइमरी शिक्षा किसी भी बच्चे की नींव होती है अगर नींव मजबूत होगी तो भविष्य भी मजबूत होगा। आप सभी बच्चों की मजबूत नींव गढ़ने वाले गुरुजन हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति भारत को विश्व गुरु बनाने का दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि आप सभी गुरुजन नौकरी करने नहीं, बदलाव के संवाहक बनकर आए हैं। बच्चों को शिक्षित करना नौकरी नहीं बल्कि एक पवित्र राष्ट्रीय सेवा है। इस दौरान विधायक श्री तेजपाल तंवर, श्री मोहम्मद इलियास, श्री मोहम्मद इसराइल, जिला परिषद के चैयरमैन श्री जान मोहम्मद, वक्फ बोर्ड के प्रशासक श्री जाकिर हुसैन, ओएसडी राज नेहरू, प्रधान सचिव शिक्षा विभाग श्री विजय सिंह दहिया सहित गणमान्य मौजूद थे।
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह का नेतृत्व किया
डॉ. मनसुख मांडविया ने श्एक घंटा खेल के मैदान मेंश् पहल में भाग लियाय खेल और फिटनेस में अधिक से अधिक भागीदारी का आह्वान किया
नई दिल्ली, 29 अगस्त, अभीतक: आज देश ने महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की 121वीं जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया, जिनका भारतीय खेल जगत में योगदान प्रेरणा का एक चिरस्थायी स्रोत बना हुआ है। नई दिल्ली में, केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल की उपस्थिति में, इंडिया गेट स्थित मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में एक विशेष खेल कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष का राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह राष्ट्रव्यापी श्एक घंटा खेल के मैदान मेंश् पहल पर केंद्रित रहा, जो नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं को, खेल और शारीरिक गतिविधि के लिए कम से कम एक घंटा समर्पित करने के लिए प्रोत्साहित करता है। कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्रियों द्वारा मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुआ। सुबह 8 बजे से ही सैकड़ों प्रतिभागियों ने विभिन्न खेल और फिटनेस गतिविधियों में भाग लेकर समारोह में हिस्सा लिया। इस अवसर पर बोलते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि राष्ट्रव्यापी एक घंटा खेल के मैदान में पहल का उद्देश्य फिट इंडिया मूवमेंट को मजबूत करना और लोगों को खेलों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा, ष्मेजर ध्यानचंद की 121वीं जयंती के अवसर पर, जिसे राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है, फिट इंडिया मूवमेंट को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रव्यापी श्एक घंटा खेल के मैदान मेंश् कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। डॉ. मांडविया ने कहा “देश भर में लाखों युवा हर गली में और हर मैदान में एक घंटे खेलने के लिए सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि मोदी जी के नेतृत्व में देश बदल रहा है, देश आगे बढ़ रहा है, एक नए भारत का निर्माण हो रहा है”। उन्होंने कहा, “मोदी जी के नए भारत के निर्माण के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए, हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि हर कोई स्वस्थ रहे, समाज तंदुरुस्त हो। यही हमें एक समृद्ध राष्ट्र बनने में मदद करेगा। आइए हम सभी हर सप्ताह एक घंटा खेल के मैदान में बिताएं और अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें।” श्री अर्जुन राम मेघवाल ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में नियमित खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “खेल हमेशा से मेरे जीवन का हिस्सा रहे हैं, कबड्डी और फुटबॉल से लेकर लगभग हर दिन बैडमिंटन खेलने तक। मेरा निजी आदर्श वाक्य है श्सुबह संगीत और शाम को खेलश्। खेलों में नियमित रूप से भाग लेने से हम शारीरिक रूप से चुस्त, स्वस्थ और मानसिक तनाव से मुक्त रहते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा राष्ट्रीय खेल दिवस पर खेलों के लिए एक घंटा समर्पित करने का आह्वान भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह श्हम फिट तो इंडिया फिटश् पहल का समर्थन करता है और एक विकसित राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
