



जीवन ज्योति पब्लिक स्कूल, सोंधी-निमाना के खिलाड़ियों का जिला स्तरीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन
झज्जर, 31 जुलाई, अभीतक: जीवन ज्योति पब्लिक स्कूल, सोंधीदृनिमाना के खिलाड़ियों ने जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। अंडर-14 कबड्डी प्रतियोगिता में विद्यालय की टीम ने जिला स्तरीय प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त कर विजेता बनने का गौरव हासिल किया। टीम के शानदार प्रदर्शन के आधार पर विद्यालय के तीन खिलाड़ियों का राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित खिलाड़ी
सिद्धार्थ (पुत्र श्री मनजीत)
नमन (पुत्र श्री सुनील)
खिलेश (पुत्र श्री दीवान सिंह)
इसके अतिरिक्त, अंडर-17 एथलेटिक्स वर्ग में विद्यालय की छात्रा निशु (पुत्री श्री श्रीपाल) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 400 मीटर एवं 800 मीटर दौड़ में जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा लॉन्ग जंप में तृतीय स्थान हासिल किया। विद्यालय की निदेशक श्रीमती नीलम जितेन्द्र गुलिया प्राचार्य एवं समस्त स्टाफ ने सभी खिलाड़ियों एवं खेल प्रशिक्षकों श्रीमती रीना चाहर व श्री विजय कुमार को इस शानदार उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी तथा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित की। विद्यालय परिवार को विश्वास है कि खिलाड़ी राज्य स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय, जिले एवं प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।





झज्जर जिला स्तरीय हरियाणा स्कूली खेलों में एच.डी. स्कूल बिरोहड़ का दबदबा बरकरार
अंडर-14, अंडर-17 व अंडर-19 बालक वर्ग की वॉलीबॉल टीमों ने जीता प्रथम स्थान, अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में दिखाएंगी दम
झज्जर, 31 जुलाई, अभीतक: एच.डी. स्कूल बिरोहड़ की खेल प्रतिभाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए झज्जर जिला स्तरीय हरियाणा स्कूली खेलों में अंडर-14, अंडर-17 एवं अंडर-19 बालक वर्ग की वॉलीबॉल प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान हासिल कर जिले में अपना दबदबा कायम रखा है। तीनों वर्गों की टीमों ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम रोशन किया। जिला स्तर पर शानदार सफलता के बाद अब तीनों टीमें राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगी। विद्यालय परिवार को पूरा विश्वास है कि खिलाड़ी राज्य स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए विद्यालय, क्षेत्र और जिले का नाम गौरवान्वित करेंगे। विद्यालय के निदेशक बलराज फौगाट ने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में खेलों को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और भविष्य में भी खिलाड़ियों को पूरा सहयोग दिया जाएगा। प्राचार्या नमिता दास ने खिलाड़ियों की उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं। उप प्राचार्य नवीन सानसनवाल ने कहा कि जिला स्तर पर तीनों आयु वर्गों में प्रथम स्थान प्राप्त करना विद्यालय के लिए गर्व का विषय है। विद्यालय के वॉलीबॉल कोच अमनदीप एवं पीटीआई सुंजीत सिंह ने बताया कि खिलाड़ी पिछले कई वर्षों से स्कूल में खेल नर्सरी में नियमित अभ्यास कर रहे हैं। उनकी मेहनत, अनुशासन और टीम भावना का ही परिणाम है कि विद्यालय ने तीनों वर्गों में प्रथम स्थान हासिल किया है। विद्यालय की स्कूल मैनेजमेंट कमेटी ने भी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, अभिभावकों एवं समस्त विद्यालय परिवार को इस शानदार उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी। कमेटी ने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी एच.डी. स्कूल बिरोहड़ की टीमें उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय की विजय परंपरा को आगे बढ़ाएंगी। इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ, अभिभावकों एवं क्षेत्रवासियों ने सभी विजेता खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया तथा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।



श्री सैन भगत नारायणी धाम का 20वां वार्षिक भंडारा व सम्मान समारोह 3 अगस्त को
झज्जर, 31 जुलाई, अभीतक: झज्जर की तलाव रोड स्थित है श्री सैन भगत नारायणी धाम मंदिर में वार्षिक उत्सव का आयोजन 2 व 3 अगस्त को किया जाएगा। इस संबंध में श्री सेन समाज उत्थान समिति प्रधान कृष्ण सिंह व प्रवक्ता देवेंद्र सेन ने बताया कि 2 अगस्त की रात्रि को जागरण होगा और 3 अगस्त को प्रातः काल 7ः00 बजे हवन के उपरांत सेन समाज के उन प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा, जो 10वीं 12वी, स्नातक और स्नातकोत्तर सहित अन्य कक्षाओं में मेरिट हासिल कर सेन समाज को गौरवान्वित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिभाओं के सम्मान के उपरांत देसी घी का भंडारा शुरू होगा। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री श्री 1008 हरिकिशन नाथ तलाव भाग लेंगे और सेन समाज के गणमान्य लोग व अधिकारी विशेष रूप से शामिल होंगे।

अवैध औद्योगिक गतिविधियों व प्लास्टिकध्कचरा जलाने पर रोक के आदेश जारी: जिलाधीश
आवासीय व कृषि क्षेत्रों में बिना अनुमति औद्योगिक गतिविधियां संचालित करने वालों पर होगी कार्रवाई
जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जारी किए आदेश
झज्जर, 31 जुलाई, अभीतक: जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने जिला में आवासीय एवं कृषि क्षेत्रों में संचालित अवैध औद्योगिक गतिविधियों तथा प्लास्टिकध्कचरा जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा आदेश जारी किए हैं। जिलाधीश की ओर से जारी आदेशानुसार जिला के गांव परनाला, निजामपुर रोड, बामनोली, कानोंदा, खेरपुर, लडरावण, सिदीपुर, लोवा कलां, लोवा खुर्द क्षेत्रों में आवासीय व कृषि भूमि पर प्लास्टिकध्कचरा जलाने की शिकायतें सामने आई हैं। इन गतिविधियों से प्रदूषण बढ़ने के साथ-साथ आमजन के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनहित को ध्यान में रखते हुए ऐसे सभी अवैध औद्योगिक कार्यों, प्लास्टिकध्कचरा जलाने तथा बिना हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) की अनुमति के बिजली कनेक्शन का उपयोग कर औद्योगिक गतिविधियां संचालित करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने बताया कि आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं और 03 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे। आदेशों की पालना सुनिश्चित करवाने के लिए पुलिस विभाग, डीएमसी झज्जर, एसई यूएचबीवीएनएल झज्जर, डीटीपी झज्जर, बीडीपीओ बहादुरगढ़, क्षेत्रीय अधिकारी एचएसपीसीबी बहादुरगढ़ तथा कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद बहादुरगढ़ को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदेशों की अवहेलना करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण एवं स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिगत इन आदेशों की सख्ती से पालना करें।




करवाओगे पानी की जांच, नहीं आएगी फसल उत्पादन पर आंच: डीसी’
ट्यूबवेल के पानी की नियमित जांच से बढ़ेगी फसल की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता’
किसान जल परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर करें फसल चयन व उर्वरक प्रबंधन’
झज्जर, 31 जुलाई, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने जिला झज्जर के किसानों से आह्वान किया है कि वे अपने खेतों में सिंचाई के लिए उपयोग किए जा रहे ट्यूबवेल के पानी की नियमित जांच अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि ष्करवाओगे पानी की जांच, नहीं आएगी फसल उत्पादन पर आंचष् केवल एक संदेश नहीं बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने का प्रभावी माध्यम है। समय-समय पर पानी की गुणवत्ता की जांच करवाने से फसल उत्पादन सुरक्षित रहता है, मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है तथा वैज्ञानिक तरीके से खेती करना आसान होता है।
जल परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर किसान करें फसल का चयन
डीसी ने कहा कि सिंचाई जल की गुणवत्ता का सीधा प्रभाव फसल की वृद्धि, उत्पादन और मिट्टी की सेहत पर पड़ता है। यदि पानी में लवणता या क्षारीयता अधिक हो तो धीरे-धीरे भूमि की उत्पादकता प्रभावित होने लगती है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसे में जल परीक्षण की रिपोर्ट के आधार पर किसान उचित फसल का चयन कर सकते हैं तथा संतुलित उर्वरक एवं सिंचाई प्रबंधन अपनाकर बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने जिला के सभी किसानों से अपील करते हुए कहा कि जल परीक्षण को खेती की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा बनाएं, ताकि मिट्टी की उर्वरता सुरक्षित रहे, उत्पादन क्षमता बढ़े और किसानों की आय में भी वृद्धि हो।
पानी की गुणवत्ता का वैज्ञानिक विश्लेषण कराना बेहद जरूरी
डीसी ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा किसानों के लिए जल परीक्षण की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है, ताकि प्रत्येक किसान अपने खेत के पानी की गुणवत्ता का वैज्ञानिक विश्लेषण करवा सके। इससे खेती की लागत कम करने, उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
पानी का नमूना लेने की सही विधि अपनाएं किसान
कृषि उपनिदेशक डॉ सुरेंद्र सिंह मलिक ने बताया कि पानी का नमूना लेते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। किसान सबसे पहले ट्यूबवेल को लगातार लगभग 30 मिनट तक चलाएं, ताकि वास्तविक जल गुणवत्ता का नमूना प्राप्त हो सके। इसके बाद लगभग 500 मिलीलीटर अथवा एक लीटर की साफ प्लास्टिक की बोतल में पानी भरें।
निकटतम मृदा स्वास्थ्य जांच प्रयोगशाला में करें नमूना जमा
डीडीए ने बताया कि किसान अपने ट्यूबवेल के पानी का नमूना निकटतम मृदा स्वास्थ्य जांच प्रयोगशाला में जमा करवा सकते हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर कृषि विशेषज्ञ किसानों को उपयुक्त फसल चयन, सिंचाई जल प्रबंधन तथा उर्वरकों के संतुलित उपयोग संबंधी आवश्यक सलाह प्रदान करेंगे। अधिक जानकारी के लिए किसान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के टोल फ्री नंबर 1800-180-2117 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त जिला झज्जर के किसान कृषि उप-निदेशक कार्यालय से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।






मतदाता सूची का प्रारम्भिक प्रकाशन लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण: डीसी
डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने एसआईआर प्रक्रिया में राजनीतिक दलों से सक्रिय भागीदारी का किया आह्वान
मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने में सहयोग करें राजनीतिक दल-डीसी
निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया में त्रुटिरहित मतदाता सूची की अहम भूमिका- डीसी
आगामी 30 अगस्त तक दर्ज होंगे दावे एवं आपत्तियां, 3 अक्टूबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची
झज्जर, 31 जुलाई, अभीतक: डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने कहा कि एसआईआर अभियान के चलते निर्वाचन आयोग के निर्देश अनुसार प्रारूप फोटो युक्त मतदाता सूचियों के प्रकाशन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है,मतदाता अपना नाम वोटर लिस्ट में चैक कर लें। उन्होंने कहा कि प्रारम्भिक मतदाता सूची का प्रकाशन लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है तथा सभी राजनीतिक दल एवं नागरिक इसमें सक्रिय भागीदारी निभाते हुए मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने में सहयोग करें। डीसी शुक्रवार को लघु सचिवालय सभागार में एसआईआर 2026 के चलते राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रही थी। इस बीच उन्होंने प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन करते हुए विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उसकी प्रतियां वितरित कीं। बैठक में एसडीएम बादली विशाल कुमार ने निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम एवं दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारी साझा की। डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि 1 जुलाई को अर्हता तिथि मानते हुए एसआईआर अभियान चलाया जा रहा है,जिन नागरिकों की आयु 18 वर्ष पूरी हो चुकी है, वे अपना वोट बनवा सकते है,वोट बनवाने संबंधी कार्यो में राजनीतिक दलों का सहयोग जरूरी है। साथ अगर किसी व्यक्ति का वोट कारणवश कट गया है,तो निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने उपरांत वोट बनाया जाए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की मंशा है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे तथा कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए अधिकारियों को नवीन दिशा-निर्देशों एवं तकनीकी प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
एसआईआर अभियान-2026 के अनुरूप कार्य करें अधिकारी
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। इसकी शुद्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी अधिकारी निर्वाचन आयोग की हिदायतों का पालन करते हुए जिला में मतदाता सूची के इस अभियान को सफल बनाएं।
निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर वोटर लिस्ट में नाम शामिल करवाएं मतदाता
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं हुआ है तो उसे घबराने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मतदाता 30 अगस्त 2026 तक संबंधित बीएलओ के माध्यम से फॉर्म-6 भरकर ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी मतदाता यह न समझे कि उसका वोट स्थायी रूप से कट गया है। पहले प्रारूप मतदाता सूची में अपना नाम जांचें और यदि नाम नहीं है तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर अपना नाम शामिल करवाएं। उन्होंने कहा कि दावों एवं आपत्तियों के निस्तारण के लिए समय निर्धारित किया गया है। यदि मतदाता को सुनवाई का नोटिस प्राप्त होता है तो वह निर्धारित तिथि पर संबंधित अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष अवश्य रखें, ताकि आवेदन का समयबद्ध निस्तारण किया जा सके।
आगामी 30 अगस्त तक दर्ज होंगे दावे एवं आपत्तियां
जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने बताया कि प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद 30 अगस्त 2026 तक नाम जोड़ने, अन्य जरूरी संशोधन कराने व त्रुटियों के संबंध में दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। प्राप्त सभी दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण 28 सितंबर 2026 तक किया जाएगा तथा 3 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे प्रारूप सूची में अपना नाम, पता एवं अन्य विवरण सावधानीपूर्वक जांच लें और किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर निर्धारित अवधि के भीतर दावा या आपत्ति अवश्य प्रस्तुत करें।
बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर भाजपा से सतेंद्र कोडान, भगवत दयाल मिश्रा, विनोद बाढ़सा एवं जयकिशन छिल्लर, कांग्रेस पार्टी से संजय यादव, वीरेंद्र कौशिक एवं अर्पित, सीपीआई(एम) से सतबीर सिंह, इनेलो से अमित गुलिया, जेजेपी से कंवरभान सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के अलावा जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम झज्जर रवि मीणा, एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, एसडीएम बादली विशाल कुमार, निर्वाचन उप तहसीलदार कुलदीप, सभी ईआरओ, एईआरओ, अतिरिक्त एईआरओ सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।








सेवानिवृत्ति हुई पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के सम्मान में पीटीसी सुनारिया में भव्य परेड समारोह’
झज्जर, 31 जुलाई, अभीतक: हरियाणा पुलिस की वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित आईपीएस अधिकारी, झज्जर पुलिस आयुक्त तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) डॉ. राजश्री सिंह की सेवानिवृत्ति के अवसर पर शुक्रवार को पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (पीटीसी) सुनारिया में गरिमामय सम्मान परेड का आयोजन किया गया। पूरे राजकीय सम्मान के साथ आयोजित इस समारोह में हरियाणा पुलिस के अनेक वरिष्ठ अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों, जवानों तथा उनके परिजनों ने भाग लिया। समारोह भावनात्मक और गौरवपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।सम्मान परेड के दौरान डॉ. राजश्री सिंह को पुलिस बल की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर एवं सलामी दी गई। इस अवसर पर डीआईजी मनवीर सिंह ने उनके लगभग 36 वर्षों के निष्कलंक, समर्पित एवं उत्कृष्ट सेवा काल का उल्लेख करते हुए कहा कि डॉ. राजश्री सिंह ने हरियाणा पुलिस को संवेदनशील नेतृत्व, जनसेवा की नई सोच और पेशेवर कार्यशैली प्रदान की। उन्होंने कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा, सामुदायिक पुलिसिंग, सड़क सुरक्षा तथा पुलिस प्रशिक्षण जैसे अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया।उन्होंने बताया कि डॉ. राजश्री सिंह ने वर्ष 1990 में डीएसपी के रूप में पुलिस सेवा आरंभ की और वर्ष 1999 में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में पदोन्नत हुईं। अपने लंबे सेवाकाल में उन्होंने फरीदाबाद पुलिस आयुक्त, अपराध शाखा, यातायात एवं राजमार्ग, हरियाणा पुलिस अकादमी सहित अनेक महत्वपूर्ण पदों पर अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। वर्ष 2025 में उन्हें झज्जर पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया तथा उसी वर्ष अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) के पद पर पदोन्नति मिली।समारोह में उनके साहित्यिक, सामाजिक एवं जनजागरूकता से जुड़े कार्यों की भी सराहना की गई। कोरोना महामारी के दौरान समाज को सकारात्मक संदेश देने, महिला सशक्तिकरण, सड़क सुरक्षा और पुलिस-जन संवाद को मजबूत बनाने में उनके योगदान को विशेष रूप से याद किया गया।अपने संबोधन में डॉ. राजश्री सिंह ने हरियाणा पुलिस, वरिष्ठ अधिकारियों, सहयोगी कर्मचारियों तथा अपने परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस सेवा उनके जीवन का सबसे गौरवपूर्ण अध्याय रही है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से ईमानदारी, संवेदनशीलता और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।समारोह के दौरान डॉ. राजश्री सिंह ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। अंत में वरिष्ठ अधिकारियों ने पारंपरिक सम्मान के साथ उन्हें विदाई दी तथा पूरे सम्मान के साथ वाहन तक छोड़कर उनके उज्ज्वल एवं सुखद भविष्य की कामना की।इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर सोनीपत ममता सिंह, रोहतक रेंज के आईपीएस अधिकारी समरदीप सिंह, साउथ रेंज रेवाड़ी के आईजी ओमप्रकाश नरवाल, पीटीसी सुनारिया से डीआईजी मनवीर सिंह सहित हरियाणा पुलिस के अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
दिहाड़ीदार मजदूरों के लिए अटल कैंटीन्स व लेबर हॉस्टल्स खोलने की उठी जोरदार मांग
भारी-भरकम कठिनाइयां झेल रहे हैं दिहाड़ी श्रमिक: अशोक प्रधान
दिहाड़ी मिस्त्री-मजदूरों के साथ बैठक में लोक सेवा मंच के पदाधिकारियों ने जानीं ज्वलन्त समस्याएं
मिस्त्री-मजदूरों ने लोक सेवा मंच से अपनी समस्याओं के समाधान की आवाज बुलंद करने का आग्रह किया
रेवाड़ी, 31 जुलाई, अभीतक: राष्ट्रीय सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच के पदाधिकारियों ने दिहाड़ी मिस्त्री-मजदूरों व उनके परिवारों से मिलकर बैठक की और उनकी समस्याएं जानीं । स्थानीय ढालियावास-सैक्टर 3 चैक पर मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान के तहत कुशलक्षेम पूछने आए मंच के पदाधिकारियों से श्रमिकों ने अपनी ज्वलंत समस्याएं सांझा करते हुए समाधान की आवाज बुलंद करने का जोरदार आग्रह किया। बैठक में मिस्त्री-मजदूरों ने बताया कि उनके सामने आवास और खान-पान की बहुत दिक्कत है। उन्हें किराए पर मकान मिलने कठिन हैं और बहुत मुश्किल से मिलें भी तो उनकी आमदनी के मुकाबले अत्यधिक महंगे मिलते हैं। फिर खानपान का प्रबंध भी करना पड़ता है जिससे उनकी सारी कमाई इन्हीं में चली जाती है। कई बार तो दिहाड़ी पर काम कम मिलने के कारण उन्हें अपनी इन दोनों जरूरतों पर खर्च के लिए कर्ज या उधार तक लेना पड़ता है। राष्ट्रीय प्रगतिशील विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान ने कहा कि सरकार को मिस्त्री-मजदूरों की आवासीय समस्या के समाधान के लिए लेबर हॉस्टल बनाने चाहिएं तथा इनके रिहायशी व कामकाजी ठिकानों के नजदीक अटल कैंटीन्स खोलनीं चाहिएं। अटल कैंटीन में ₹10 में भरपेट खाना मिल जाता है। श्रमिकों ने बताया कि काम मिलने का संकट, बढ़ती महंगाई तथा सामाजिक सुरक्षा-सहायता के लिए पर्याप्त सरकारी सहयोग के अभाव में उनका गुजारा करना बहुत ही मुश्किल हो रहा है। उन्होंने सरकार से मदद की गुहार की। इस अवसर पर प्रगतिशील विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच ने श्रमिकवर्ग को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं को लेकर जनहित में प्रदेश के श्रम मंत्री, मुख्यमंत्री तथा प्रधानमंत्री को पत्र लिखे जाएंगे। इस सिलसिले में मांगें उठीं कि सरकार द्वारा श्रमिकों को पहचान पत्र प्रदान करके श्लेबर हेल्पलाइनश् सेवा शुरू करनी चाहिए जो श्रमिकों की समस्याओं का तत्काल संज्ञान ले सके । दिहाड़ीदार श्रमिकों को उनके मेहनताने का भुगतान प्रतिदिन तथा वेतनभोगी को हर माह की 7 तारीख तक अनिवार्य किया जाना चाहिए। श्रमिकों व उसके परिजनों को बस,ट्रेन और एरोप्लेन के यात्रा किरायों में 50 प्रतिशत तक छूट, 20 लाख की व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा तथा 50 लाख रुपए तक की स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी निरूशुल्क प्रदान करनीं चाहिएं। अशोक प्रधान ने कहा कि श्रमिक महिला- पुरुष को सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत क्रमशरू 58 व 60 वर्ष की आयु होने पर प्रतिमाह ₹20000 पेंशन दी जानी चाहिए। श्रमिकों व उसके परिवार को ₹100 प्रतिमाह किराए पर लेबर हॉस्टल्स में आवास की सुविधा,वर्ष में दो बार मेडिकल चेकअप की निःशुल्क सुविधा, बच्चों की एजुकेशन तथा डिलीवरी के लिए आर्थिक सहायता, निर्माण कार्य में लगे कारीगरों एवं श्रमयोगियों को टूलकिट आदि की खरीद के लिए ₹20000 की आर्थिक सहायता, गंभीर बीमारी होने पर श्रमिक व उसके परिवारजनों को संपूर्ण मेडिकल जांच एवं इलाज निःशुल्क इलाज तथा महिला श्रमिकों के लिए समान मेहनताना अथवा वेतन,डिलीवरी के समय आर्थिक सहायता तथा कार्यस्थल पर सम्मानजनक व्यवहार की गारंटी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस अवसर पर कोर कमेटी के सदस्य बीके राम सिंह,नंदलाल यादव सहित अनेक पुरुष- महिला श्रमिकों ने भी अपने विचार रखें।



रामविलास शर्मा हैं भारतीय जनता पार्टी के एक मजबूत स्तंभ: जेपी सैनी
नारनौल, 31 जुलाई, अभीतक: भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रो. रामविलास शर्मा के निवास पर पहुंचकर उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना। इस दौरान उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया तथा उनका स्नेहिल आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर जेपी सैनी ने कहा कि प्रो. रामविलास शर्मा भारतीय जनता पार्टी के एक मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे आज भी अपने पुराने साथियों और कार्यकर्ताओं का आत्मीयता से हालचाल पूछते हैं। उनका स्नेह, सरल स्वभाव और कार्यकर्ताओं के प्रति अपनापन सभी के लिए प्रेरणा है। जेपी सैनी ने उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना करते हुए कहा कि वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन और आशीर्वाद ही संगठन की सबसे बड़ी शक्ति है।

एमडीयू के पूर्व कुलपति विवेक चंद शर्मा पंच तत्व में विलीन
झज्जर, 31 जुलाई, अभीतक: महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (मदवि) के पूर्व कुलपति विवेक चंद शर्मा का पार्थिव शरीर आज पंच तत्व में विलीन हो गया। बीती रात विवेक चंद शर्मा का निधन हुआ था। आज झज्जर में उनके अंतिम संस्कार में ज्येष्ठ पुत्र प्रो. प्रवीण शर्मा (गुरु जंभेश्वर विवि, हिसार) ने मुखाग्नि दी। 21 जनवरी 1939 में जन्मे विवेक चंद शर्मा प्रतिष्ठित शिक्षाविद थे। वे हरियाणा कॉलेज काडर में जूलॉजी के प्राध्यापक रहे। मदवि में कुलपति पद पर नियुक्ति से पूर्व वे 5 अगस्त 1991 से 17 जुलाई 1993 तक राजकीय पीजी नेहरू कॉलेज, झज्जर में प्राचार्य पद पर कार्यरत रहे। तदुपरांत, जुलाई 1993 से फरवरी 1994 तक वे मदवि में प्रो वाइस चांसलर पद पर कार्यरत रहे। 23 फरवरी 1994 से 21 नवंबर 1996 तक वे मदवि के कुलपति पद पर कार्यरत रहे। विवेक चंद शर्मा का मदवि का कार्यकाल उनके द्वारा परीक्षा व्यवस्था में किए गए व्यापक सुधार के लिए जाना जाता है। उन्होंने अपने कार्यकाल में परीक्षा के दौरान नकल की प्रवृत्ति पर कड़ा प्रहार करते हुए नकेल कसी। विश्वविद्यालय कैंपस, विशेष रूप से बॉयज हॉस्टल्स में, अनुशासनहीनता पर लगाम लगाई। हॉस्टलों में अनधिकृत रूप से रह रहे बाहरी तत्वों को बाहर का रास्ता दिखाया गया। शैक्षणिक क्षेत्र में उनके कार्यकाल में राष्ट्रीय – अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक गोष्ठियों तथा सम्मेलनों का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय का छठा दीक्षांत समारोह विवेक चंद शर्मा के कार्यकाल में 26 मार्च 1995 को आयोजित किया गया जिसमें कि तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय न्यायमूर्ति ए.एम. अहमदी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। आज झज्जर में विवेक चंद शर्मा की अंतिम यात्रा में सैंकड़ों लोग शामिल हुए। आईजीयू (मीरपुर) के पूर्व कुलपति प्रो. जे. पी. यादव, एमडीयू के डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. ए.एस. मान, डीन सीडीसी प्रो राजेश पूनिया, , विभागाध्यक्ष (भूगोल) प्रो. प्रमोद भारद्वाज, निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी, एमडीयू गैर शिक्षक कर्मचारी संघ प्रधान सुरेश शर्मा, पूर्व प्रधान ईश्वर शर्मा, फूल कुमार बोहत, राजकुमार शर्मा, प्राध्यापक प्रो. अनिल छिल्लर, प्रो संतोष तिवारी, प्रो भगत सिंह , डॉ. मुकेश तंवर ,प्रो सुनील कुमार यादव , राजकीय महाविद्यालय झज्जर के सेवानिवृत्त प्राध्यापक डी डी शर्मा, रवि किरण मदान, पूर्व प्राचार्य एस. एस. यादव, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शिवरमण गौड़, पूर्व प्रधान गौड़ ब्राह्मण संस्था रामकरण अत्री, नामी चिकित्सक डॉ. विकास सिवाच, हरियाणा पर्यटन विभाग के पूर्व अध्यक्ष चक्रवर्ती शर्मा, डॉ. कृष्ण कुमार (सीआरएसयू ), आजाद दीवान, गोबिंद भार्गव, नवीन हरित, मनोज दीवान, समाज सेवी रमेश वाल्मीकि, यूनिवर्सिटी कर्मी रमेश रोहिल्ला, सुशील कुमार, दिग्विजय शर्मा, गोपाल शर्मा, सेवानिवृत कर्मी एम एम कौशिक, सतबीर भार्गव, विकास, धन सिंह,आदि समेत अन्य प्रबुद्ध जन अंतिम यात्रा में शामिल हुए। उपस्थित जन ने शोक संतप्त परिजनों – पत्नी श्रीमती शकुंतला शर्मा, पुत्र प्रो. प्रवीण शर्मा तथा नवीन शर्मा, पुत्री प्रो. मीनाक्षी वशिष्ठ, दामाद प्रो. मदन गोपाल वशिष्ठ, भांजा सुधांशु दत्त आदि से हार्दिक संवेदनाएं प्रकट की। उल्लेखनीय है कि उनकी सुपुत्री प्रो. मीनाक्षी वशिष्ठ महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के जेनेटिक्स विभाग में प्रोफेसर है और वर्तमान में डीन, फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंस के तौर पर कार्यरत है।




महान क्रन्तिकारी उधम सिंह की पुण्यतिथि पर विशाल रेखाचित्र बनाकर श्रद्धांजलि दी
झज्जर, 31 जुलाई, अभीतक: गाँव भदाना की चैपाल में भूगोल प्राध्यापक मुकेश शर्मा व उनकी बेटी अंशुल शर्मा ने मिलकर महान क्रन्तिकारी उधम सिंह जी की पुण्यतिथि पर उनका एक विशाल रेखाचित्र बनाकर श्रद्धांजलि प्रदान की। मुकेश शर्मा ने बताया कि उधम सिंह का जन्म 26 दिसंबर 1899 में पंजाब के संगरूर जिले के सुनाम में हुआ था, और उनको उस समय लोग शेर सिंह के नाम से जाना करते थे। उनके पिता सरदार तेहाल सिंह जम्मू उपली गांव के रेलवे क्रॉसिंग में वॉचमैन का काम किया करते थे। उनकी माता नारायण कौर उर्फ नरेन कौर एक गृहणी थी। जो अपने दोनों बच्चों उधम सिंह और मुक्ता सिंह की देखभाल भी किया करती थी। परंतु दुर्भाग्यवश दोनों भाइयों के सिर से माता पिता का साया शीघ्र ही हट गया था । उनके पिताजी की मृत्यु 1901 में और पिता की मृत्यु के 6 वर्ष बाद इनकी माता की भी मृत्यु हो गई। ऐसी दुखद परिस्थिति में दोनों भाइयों को अमृतसर के खालसा अनाथालय में आगे का जीवन व्यतीत करने के लिए और शिक्षा दीक्षा लेने के लिए इस अनाथालय में उनको शरण लेनी पड़ी थी। परंतु दुर्भाग्यवश उधम सिंह के भाई का भी साथ ज्यादा समय तक नहीं रहा उनकी भाई की मृत्यु 1917 में ही हो गई थी। अब उधम सिंह पंजाब में तीव्र राजनीति में मची उथल-पुथल के बीच अकेले रह गए थे। उधम सिंह हो रही इन सभी गतिविधियों से अच्छी तरह से रूबरू थे। उधम सिंह ने 1918 में अपनी मैट्रिक की पढ़ाई पूरी कर ली। इसके बाद उन्होंने 1919 में खालसा अनाथालय को छोड़ दिया। उन्होनें जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लेने के लिए इंग्लैंड में जाकर जरनल डायर को भरी एसेंबली में मारा था। इसके लिए 31 जुलाई,1940 को इंग्लैंड के कानून ने उनकों फाँसी की सजा दी थी। हमें भारतमाता के वीर सपूत के इस बलिदान पर गर्व है। इस चैपाल रंगोली में पूर्व सैनिक देवीदत्त शर्मा, सूबेदार सुभाष शर्मा, केशव शर्मा, अर्जुन शर्मा, अलीशा शर्मा आदि ने उनकों अपनी सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की।

विशेष गहन पुनरीक्षण-2026
ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी, सूची में अपना नाम अवश्य जांचें मतदाता : जिला निर्वाचन अधिकारी
जिन मतदाताओं ने गणना प्रपत्र जमा नहीं किया या जिनके नाम सूची में शामिल नहीं हैं, वे 30 अगस्त तक दर्ज करा सकते है दावे एवं आपत्ति
रेवाड़ी, 31 जुलाई, अभीतक: जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के अंतर्गत रेवाड़ी जिले की प्रारूप मतदाता सूची 31 जुलाई, 2026 को प्रकाशित कर दी गई है। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हरियाणा की वेबसाइट ीजजचेरूध्ध्अवजमते.मबप.हवअ.पदध्कवूदसवंक-मतवसस?ेजंजमब्वकम=ै07 अथवा संबंधित बीएलओ के माध्यम से मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांच लें। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार हरियाणा में गणना चरण 15 जून, 2026 से प्रारंभ किया गया था तथा 24 जुलाई, 2026 तक प्राप्त गणना प्रपत्रों के आधार पर प्रारूप मतदाता सूची तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुए (अनक्लेक्टेडध्एएसडीडी) अथवा जिनके नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं, वे निर्धारित अवधि के दौरान दावा एवं आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। ऐसे मतदाता 31 जुलाई से 30 अगस्त, 2026 तक निर्धारित घोषणा प्रपत्र (डिक्लेरेशन फॉर्म) के साथ संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के समक्ष आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त नए मतदाता फॉर्म-6, आपत्ति के लिए फॉर्म-7 तथा संशोधन अथवा स्थानांतरण के लिए फॉर्म-8 के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं। डीसी ने बताया कि रेवाड़ी जिले में 23100 मतदाता ऐसे हैं जिनके गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुए हैं। इसके अतिरिक्त 89247 मतदाताओं के रिकॉर्ड में विभिन्न प्रकार की विसंगतियां पाई गई हैं तथा 97213 मतदाताओं का मानचित्रण (अनमैपड) किया जाना शेष है। ऐसे मामलों में संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे तथा सही दस्तावेजों प्रस्तुत करने उपरांत उन्हें मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। डीसी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे तथा कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो। प्रत्येक भारतीय नागरिक, जिसकी आयु 1 जुलाई, 2026 को 18 वर्ष या उससे अधिक है, वह मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने का पात्र है। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची के निरीक्षण, दावा एवं आपत्तियों से संबंधित सभी जानकारी संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एआरओ), बीएलओ तथा मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हरियाणा की वेबसाइट ीजजचेरूध्ध्अवजमतेण्मबपण्हवअण्पदध्कवूदसवंक-मतवसस?ेजंजमब्वकम=ै07 पर उपलब्ध है। आयोग ने राजनीतिक दलों के अधिकृत बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी नियुक्त किए हैं, जो बीएलओ के साथ समन्वय कर मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में सहयोग करेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी ने जिले के सभी मतदाताओं से अपील की है कि यदि बीएलओ सत्यापन अथवा नोटिस देने उनके घर पहुंचे तो उन्हें आवश्यक सहयोग दें तथा अपने परिवार के सभी पात्र सदस्यों के नाम मतदाता सूची में अवश्य जांच लें।




प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाएं नागरिक : डीसी
योजना के तहत न्यूनतम ब्याज दर पर उपलब्ध करवाई जा रही ऋण की सुविधा
रेवाड़ी, 31 जुलाई, अभीतक: बिजली उपभोक्ताओं को बिल से राहत प्रदान कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ ही सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी सरकार द्वारा महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है। इसी के तहत केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना चलाई जा रही है। डीसी अभिषेक मीणा ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार की संयुक्त पहल के चलते सोलर रूफटॉप सिस्टम अब अत्यंत किफायती हो गया है। पात्र परिवारों को दी जा रही सब्सिडी के चलते सोलर सिस्टम लगवाना काफी किफायती हो गया है। जिन उपभोक्ताओं के लिए प्रारंभिक निवेश करना संभव नहीं है, उनके लिए सरकारी बैंकों के माध्यम से न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने बताया कि दो किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम प्रतिदिन लगभग 8 से 10 यूनिट बिजली उत्पादन करता है, जिससे मासिक उत्पादन करीब 300 यूनिट तक पहुंच जाता है। यह एक मध्यमवर्गीय परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त है और इससे बिजली बिल लगभग शून्य हो सकता है।
सब्सिडी को विभिन्न श्रेणियों में किया विभाजित
डीसी ने बताया कि सरकार ने आय वर्ग के अनुसार सब्सिडी को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया है ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को अधिकतम लाभ मिल सके। योजना के तहत अंत्योदय परिवार जिसकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपए तक एवं वार्षिक खपत 2400 यूनिट तक है उन्हें 2 किलोवाट सोलर सिस्टम पर केंद्र सरकार से 60 हजार रुपए तथा हरियाणा सरकार से 50 हजार रुपए कुल 1 लाख 10 हजार रुपए की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। तीन लाख रुपए तक वार्षिक आय एवं 2400 यूनिट वार्षिक खपत वाले परिवारों को 2 किलोवाट पर केंद्र से 60 हजार रुपए और प्रदेश सरकार से 20 हजार रुपए, कुल 80 हजार रुपए का अनुदान दिया जा रहा है। इसके अलावा तीन लाख रुपए से अधिक आय वाले घरेलू उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार द्वारा 1 किलोवाट पर 30 हजार रुपए, 2 किलोवाट पर 60 हजार रुपए तथा 3 किलोवाट तक की क्षमता पर कुल अधिकतम 78 हजार रुपए की सब्सिडी उपलब्ध करवाई जा रही है।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढाएं नागरिक
डीसी ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर अपने घरों में सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित करें और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढाएं। इच्छुक उपभोक्ता घर बैठे आधिकारिक पोर्टल ीजजचेरूध्ध्चउेनतलंहींतण्हवअण्पदध् पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की कठिनाई होने पर संबंधित उपभोक्ता अपने नजदीकी उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के उपमंडल अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

सेना भर्ती कार्यालय चरखी दादरी द्वारा ऑनलाइन परीक्षा पास उम्मीदवारों के फिजिकल टेस्ट के लिए एडमिट कार्ड जारी
उम्मीदवारों को अपने साथ लाने होंगे जरुरी दस्तावेज
रेवाड़ी, 31 जुलाई, अभीतक: अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती के लिए महेंद्रगढ़, रेवाडी, चरखी दादरी और भिवानी जिले के ऑनलाइन परीक्षा पास अभ्यर्थियों को फिजिकल टेस्ट के लिए एडमिट कार्ड जारी हो गया है। युवा ज्वाइन इंडियन आर्मी ( ूूूण्रवपदपदकपंदंतउलण्दपबण्पद ) वेबसाइट पर जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। भर्ती रैली का आयोजन भीम स्टेडियम, भिवानी में 02 सितंबर से 15 सितंबर 2026 के बीच किया जाएगा। युवाओं को अग्निवीर बनने के लिए 1600 मीटर या 1.6 किलोमीटर की दौड़ लगानी होगी, कम से कम छह और अधिकतम 10 चिनप करने होंगे, 09 फीट गड्ढे को पार करना होगा, जिग जैग बैलेंस करना होगा। उम्मीदवार अपने साथ दसवी एवं बारहवीं पास की अंकतालिका ( दसवीं, 12वीं कक्षा की मार्कशीट), मूल निवास स्थायी प्रमाणपत्र, चरित्र प्रमाणपत्र, ऐफिडेविट (भर्ती नोटिफिकेशन के अनुसार), 20 रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो और अविवाहित होने का प्रमाणपत्र लाना होगा। जिन उम्मीदवारों के पास टेक्निकल शिक्षा प्रमाणपत्र, एनसीसी और वैध खेल कूद प्रमाणपत्र हो तो उसे अपने साथ जरुर लेकर आएं। जिन उम्मीदवारों के पिताजी सेवानिवृत या सेवारत हैं वे उम्मीदवार रिलेशनशिप सर्टिफिकेट एवं साथ में डिस्चार्ज बुक की कॉपी लेकर भर्ती के लिए आएं।
सेना भर्ती चरखी दादरी के भर्ती निर्देशक ने युवाओं से आह्वान किया है कि एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में कोई भी दिक्कत होने से सेना भर्ती कार्यालय चरखी दादरी में संपर्क करें प् भर्ती कार्यालय चरखी दादरी ऐसे में सम्पूर्ण मदद करेगा।
जरूरी सूचना:
अग्निवीर क्लर्क और क्लर्क के साथ मल्टीप्ल केटेगरी की भर्ती रैली अम्बाला में होगी। इसकी सूचना आपके रजिस्टर्ड ईमेल के माध्यम से आने वाले समय पर बता दी जाएगी। सेना मे भर्ती निःशुल्क हैं, ये प्रक्रिया पूर्णतया पारदर्शी और काबिलियत पर निर्भर है।





इंडियन नेशनल लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने 3206 जेबीटी अध्यापकों की भर्ती पर कोर्ट के निर्णय, गेस्ट टीचर्स को नियमित न करने
का उठाया
हरियाणा में वकील साथियों के हड़ताल पर बैठने, एचकेआरएन में सेवा सुरक्षा वादा, फसल बीमा और जंतर-मंतर पर बैठे युवाओं के साथ की गई वादाखिलाफी जैसे ज्वलंत मुद्दों को भी उठाया
जेबीटी भर्ती पर हाई कोर्ट के फैसले से साफ हो गया है, कि यह मामला राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित था: रामपाल माजरा
एचकेआरएन पूरी तरह से फ्रॉड है, घोटालों के कारण इसके डायरेक्टर को जेल जाना पड़ा था
बीजेपी कर्मचारी विरोधी है, गेस्ट टीचर्स को कोर्ट के फैसले के बाद भी पक्का नहीं किया जा रहा
चंडीगढ़, 31 जुलाई, अभीतक: को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने निष्पक्ष ठहराया है। तब कांग्रेस ने सीबीआई का दुरुपयोग कर चैधरी ओम प्रकाश चैटाला को जेल भेजने की साजिश रची थी। सवाल उठता है कि जब भर्ती मेरिट पर हुई थी तो पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चैटाला और उनके साथियों को जेल की सजा क्यों काटनी पड़ी?। हाई कोर्ट के हाल में आए फैसले से साफ हो गया है, कि यह मामला राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित था। कोर्ट ने बचे हुए 150 जेबीटी अभ्यर्थियों को बैक डेट से पूरे लाभ देने के निर्देश दिए हैं। साल 2000 में लगे 3206 अध्यापकों को प्रमोशन भी मिले हैं। तब कुल 7700 अभ्यर्थियों के इंटरव्यू लेने के बाद 3206 अभ्यर्थियों का चयन किया गया था। रामपाल माजरा ने बीजेपी को कर्मचारी विरोधी बताते हुए कहा कि बीजेपी ने 2014 की घोषणा पत्र में गेस्ट टीचरों को नियमित करने का वादा किया था। जंतर-मंतर पर धरना दे रहे गेस्ट टीचर्स को भाजपा ने लेटर हेड पर समर्थन भी दिया था। लेकिन आज तक गेस्ट टीचर नियमित नहीं हुए। पिछले दिनों जब हाई कोर्ट ने गेस्ट टीचर्स को नियमित करने के निर्देश दिए। उसके बाद अब सरकार डबल बेंच में चली गई है। सरकार गेस्ट टीचरों को नियमित करने में आनाकानी कर रही है। मतलब साफ है कि सरकार की नीयत ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री नायब सैनी जब भी पंजाब में राजनीतिक प्रचार के लिए जाते हैं तो खुद को कर्मचारी हितेषी बताते हैं जो बेहद हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम के जरिए लगाए गए 120000 कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा का वादा किया था। 2 साल पहले सेवा सुरक्षा का कानून विधानसभा से पारित भी हो गया है। लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। एचकेआरएन पूरी तरह से फ्रॉड है। इसमें पिक एंड चूज से भारी घोटाले हो रहे हैं। घोटालों के चक्कर में इसके एक डायरेक्टर और अधिकारियों को जेल जाना पड़ा था। नेशनल हेल्थ मिशन के कर्मचारियों को नियमित करने को लेकर भी हाईकोर्ट ने नियमित करने के निर्देश दिए थे। लेकिन सरकार ने समय पर कदम नहीं उठाये। सरकार के खिलाफ हाई कोर्ट में अब अवमानना का केस भी चल रहा है। रामपाल माजरा ने कहा कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में पंजाब और हरियाणा में सभी वकील साथी हड़ताल पर बैठे हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि जितने भी नए वकील होते थे उन्हें लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम में रखा जाता था। सभी जिला कोर्ट में 40-50 वकीलों को पैनल पर रखा जाता था। लेकिन अब मिलीभगत करके मात्र 5-7 वकीलों को ही यह काम दिया जाता है। रामपाल माजरा ने कहा कि सरकार से आज सभी वर्ग बुरी तरीके से परेशान है। सरकार ने किसानों के लिए फसल बीमा योजना शुरू की थी। लेकिन किसानों को कोई फायदा नहीं हुआ। उल्टा आम जनता के ऊपर वजन बढ़ा दिया है। सरकार ने प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ा दिया। जंतर मंतर मामले में हुए समझौते को लेकर रामपाल माजरा ने बीजेपी पर वादाखिलाफी के आरोप लगाए। बीजेपी ने जो वादे किए थे, उनसे पीछे हट रही है। पहले युवाओं के ऊपर लाठी चलाई। बाद में सरकार घुटनों के बल पर बैठी। सभी मुकदमे वापस लेने और मृतक के परिजनों को मुआवजा देने पर सहमति बनी थी। लेकिन सभी वादे पूरे नहीं हुए।



