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जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्रशासन की प्राथमिकता: डीसी
विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता का रखें विशेष ध्यान
डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों की बैठक में दिए निर्देश

झज्जर, 09 सितम्बर, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने बुधवार को अधिकारियों की बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक बिना किसी देरी के पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। डीसी ने कहा कि विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय सीमा में विकास परियोजनाओं को पूरा करें। जिन योजनाओं की प्रगति अपेक्षा अनुरूप नहीं है उनमें तेजी लाई जाए तथा कार्यों में आ रही बाधाओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।
जनहित से जुड़े विकास कार्यों की नियमित निगरानी बेहद जरूरी
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि जनहित से जुड़ी योजनाओं एवं विकास कार्यों की नियमित निगरानी बेहद जरूरी है। अधिकारी फील्ड में जाकर कार्यों का निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन करें और यह सुनिश्चित करें कि सरकारी संसाधनों का उपयोग पारदर्शी एवं प्रभावी तरीके से हो।
विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से अपडेट रखें अधिकारी
डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग अपनी योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से अपडेट रखें। उन्होंने कहा कि नागरिकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारी टीम भावना के साथ कार्य करते हुए विकास कार्यों में तेजी लाएं, ताकि जिला के समग्र विकास को और मजबूती मिल सके तथा आमजन को सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त हो।
ये अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, एसडीएम झज्जर रवि मीणा, एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, एसडीएम बादली विशाल,सीईओ जिला परिषद मनीष फोगाट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

वर्षा खांगवाल, डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, झज्जर।

विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत 12-13 और 26-27 सितंबर को विशेष अभियान
डीसी वर्षा खांगवाल ने पात्र नागरिकों से मतदाता सूची में नाम व विवरण की जांच करने की अपील की
विशेष अभियान के दौरान सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान केंद्रों पर उपस्थित रहेंगे बीएलओ

झज्जर, 09 सितम्बर, अभीतक: विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत मतदाताओं की सुविधा के लिए 12-13 सितंबर तथा 26-27 सितंबर को विशेष अभियान आयोजित किया जाएगा। इस दौरान जिला के सभी बूथ लेवल अधिकारी अपने-अपने मतदान केंद्रों पर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपस्थित रहेंगे और नागरिकों व छात्र मतदाताओं से मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करेंगे।
नागरिकों से विशेष अभियान का लाभ उठाने का आह्वान
डीसी वर्षा खांगवाल ने जिला के नागरिकों से अपील की है कि वे प्रारंभिक मतदाता सूची में अपना तथा अपने परिवार के सभी पात्र सदस्यों का नाम अवश्य जांचें। उन्होंने कहा कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक दस्तावेज एवं घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-6 भरकर नाम शामिल करवाने के लिए दावा प्रस्तुत किया जा सकता है।
मतदाता विवरण में संशोधन के लिए फॉर्म-8 का करें प्रयोग
उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम, पता, आयु, फोटो अथवा अन्य विवरण में किसी प्रकार का संशोधन करवाने के लिए निर्धारित दस्तावेज एवं घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-8 भरा जा सकता है।
अपात्र या मृत मतदाता का नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 में दर्ज कराएं आपत्ति
डीसी ने बताया कि किसी अपात्र, मृत, स्थानांतरित अथवा अन्य स्थान पर पहले से पंजीकृत मतदाता का नाम हटवाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।
30 सितंबर तक प्रस्तुत किए जा सकेंगे दावे एवं आपत्तियां
डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि दावे एवं आपत्तियां 30 सितंबर 2026 तक प्रस्तुत की जा सकती हैं। विशेष अभियान के दौरान नागरिक अपने क्षेत्र के संबंधित बूथ लेवल अधिकारी अथवा निर्वाचक पंजीयन अधिकारी से संपर्क कर मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी एवं आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
मतदाता हेल्पलाइन 1950 से भी प्राप्त करें जानकारी
डीसी ने बताया कि किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता के लिए नागरिक संबंधित निर्वाचक पंजीयन अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा मतदाता हेल्पलाइन 1950 के माध्यम से भी आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
नागरिकों की भागीदारी से सजग लोकतांत्रिक व्यवस्था को बढ़ावा: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करवाए तथा अपने मतदाता विवरण की जांच कर यह सुनिश्चित करे कि नाम और अन्य विवरण सही रूप से दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध एवं अद्यतन बनाने में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत करेगी। उन्होंने जिले के नागरिकों से 12-13 सितंबर तथा 26-27 सितंबर को आयोजित विशेष अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।

दिन में दो बार ब्रश करें, मुंह की स्वच्छता का रखें विशेष ध्यान: डॉ कुलदीप
झज्जर स्थित नागरिक अस्पताल में ओरल हेल्थ एवं ओरल कैंसर जागरूकता पखवाड़ा आयोजित

झज्जर, 09 सितम्बर, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में जिला झज्जर में 15 सितंबर तक चलाए जा रहे ओरल हेल्थ एवं ओरल कैंसर जागरूकता पखवाड़े के तहत बुधवार को नागरिक अस्पताल झज्जर में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के दौरान गर्भवती महिलाओं को मुंह की स्वच्छता एवं ओरल कैंसर से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। कार्यकारी सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप ने कहा कि स्वस्थ मां से स्वस्थ परिवार और स्वस्थ परिवार से स्वस्थ समाज का निर्माण होता है। गर्भावस्था के दौरान भी महिलाओं को दिन में दो बार ब्रश करना चाहिए और मुंह की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सीनियर डेंटल सर्जन डॉ. इंद्रा धनखड़ ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को नियमित रूप से दांतों एवं मसूड़ों की सफाई, संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने तथा अत्यधिक मीठे, तंबाकू और अन्य हानिकारक पदार्थों से दूरी बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने कहा कि मुंह में लंबे समय से घाव, सफेद या लाल दाग, गांठ अथवा सूजन जैसी समस्या हो तो तुरंत चिकित्सक या डेंटल विशेषज्ञ से जांच करवानी चाहिए। उन्होंने महिलाओं को मुंह की स्वच्छता एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर संस्थान के डॉ. प्रवीण, डॉ. कपिल, डॉ. किरण सहित डेंटल विभाग के चिकित्सकों एवं स्टाफ ने महिलाओं को जागरूक किया।

शोध को मिलेगी तकनीकी धार, संस्कारम विश्वविद्यालय में ऑरिजिन प्रो सॉफ्टवेयर पर हुआ प्रशिक्षण
झज्जर, 09 सितम्बर, अभीतक: संस्कारम विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ बेसिक एंड एप्लाइड साइंसेजद्वारा शोधार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शोध के लिए आवश्यक आधुनिक डेटा विश्लेषण एवं विजुअलाइजेशन टूल्स से परिचित कराने के उद्देश्य से ऑरिजिन प्रो सॉफ्टवेयर पर व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य फोकस संख्यात्मक डेटा विश्लेषण, डेटा प्रोसेसिंग एवं वैज्ञानिक ग्राफिंगपर रहा। कार्यशाला में आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र एवं गुरुग्राम विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रमोद कुमारने विषय विशेषज्ञ एवं रिसोर्स पर्सन के रूप में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया। अपने व्यापक शोध अनुभव को साझा करते हुए डॉ. प्रमोद कुमार ने ऑरिजिन प्रोकी विभिन्न उपयोगी तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंनेकर्व फिटिंग, सांख्यिकीय विश्लेषण, पीक प्रोसेसिंग तथा प्रकाशन-गुणवत्ता वाले 2-डी और 3-डी ग्राफ तैयार करने की प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने वास्तविक डेटा सेट्स पर स्वयं कार्य करते हुए डेटा प्रोसेसिंग एवं विश्लेषण की विभिन्न तकनीकों का अभ्यास किया। इस दौरान उन्हें शोध से संबंधित जटिल डेटा को सरल एवं प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने तथा वैज्ञानिक निष्कर्षों केगुणवत्तापूर्ण ग्राफिकल प्रेजेंटेशनके बारे में भी जानकारी दी गई। विश्वविद्यालय केचांसलर डॉ. महिपाल यादव ने कार्यशाला के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि शोध में तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देना संस्कारम विश्वविद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा किव्यावहारिक प्रशिक्षण, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शोधके माध्यम से विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को वैश्विक अकादमिक एवं शोध आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा सकता है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय केकुलपति प्रो. (डॉ.) अजित सिंह ने कहा कि आधुनिक शोध में डेटा का सही विश्लेषण और उसका प्रभावी प्रस्तुतिकरण अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस तरह के व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम शोधार्थियों को नवीन तकनीकों से जोड़ने के साथ-साथ उनके शोध कार्य की गुणवत्ता और प्रभाव को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यशाला का समापन एकइंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने डेटा मॉडलिंग, विश्लेषण एवं शोध प्रकाशन से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे। प्रतिभागियों ने कार्यशाला को शोध कार्य के लिए अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए आयोजकों और विशेषज्ञ का आभार व्यक्त किया।

इंडो अमेरिकन स्कूल में हिंदी भाषण प्रतियोगिता आयोजित
विद्यार्थियों ने प्रभावशाली वक्तृत्व कौशल का किया प्रदर्शन

झज्जर, 09 सितम्बर, अभीतक: इंडो अमेरिकन स्कूल में कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए हिंदी भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति रुचि एवं सम्मान की भावना विकसित करना तथा उनके वक्तृत्व कौशल, अभिव्यक्ति क्षमता और आत्मविश्वास को सुदृढ़ करना था। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर सारगर्भित एवं प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने स्पष्ट उच्चारण, शुद्ध भाषा, प्रभावशाली प्रस्तुति एवं आत्मविश्वास के साथ अपने विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने प्रतियोगिता को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बना दिया।
प्रतियोगिता के परिणाम कक्षावार इस प्रकार रहे
कक्षा छठीः प्रथम स्थान – परी,
द्वितीय स्थान – सनाया,
तृतीय स्थान – पायल।
कक्षा सातवीं: प्रथम स्थान – शगुन,
द्वितीय स्थान – दिव्यांशी, तृतीय स्थान – भूमिका।
कक्षा आठवीं: प्रथम स्थान – हिमांशी,
द्वितीय स्थान – दीक्षा एवं मान्या,
तृतीय स्थान – दिव्या।

विद्यालय प्रबंधन ने सभी विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। विद्यालय की ओर से कहा गया कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में भाषाई दक्षता, तार्किक अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास एवं व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रतियोगिता का आयोजन विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उत्साहवर्धक रहा। विद्यालय परिवार ने सभी प्रतिभागियों को उनके उत्साहपूर्ण सहभागिता के लिए शुभकामनाएँ दीं तथा भविष्य में भी ऐसी शैक्षिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

एक हाथ में कानूनी जानकारी, दूसरे में हरियाली की जिम्मेदारी: सीजेएम
झज्जर, 09 सितम्बर, अभीतक: जिला एवं सत्र न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर राजकुमार यादव के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सचिव एवं सीजेएम विशाल के आदेशनुसार एल. ए. सी. से. स्कूल झज्जर में कानूनी जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। जागरुकता शिविर में पैरा लीगल वालंटियर कर्मजीत छिल्लर व सरोज देवी ने बाल लैंगिक अपराधों से संरक्षण पॉस्को अधिनियम 2012 विषय पर आयोजित जागरूकता शिविर को संबोधित किया। स्कूल प्राचार्या निधि कादयान ने विद्यार्थियों को उनके अधिकारों एवं सुरक्षा प्रावधानों के प्रति जागरूक किया। कर्मजीत छिल्लर ने कहा कि पॉस्को अधिनियम बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने वाला एक प्रभावी एवं संवेदनशील कानून है उन्होंने विद्यार्थियों को अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों अपराधों की जांच प्रक्रिया दोषियों के लिए निर्धारित दंड तथा पीड़ित बच्चों को उपलब्ध निशुल्क कानूनी सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु का प्रत्येक व्यक्ति कानून की दृष्टि में बच्चा है और ऐसे मामलों में नाबालिग की सहमति का कोई कानूनी महत्व नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों को जागरुक करते हुए कहा कि बच्चों को अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सजग रहना चाहिए। और किसी भी प्रकार की परेशानी या अपराध की स्थिति में चुप रहने की बजाय तुरंत अपने अभिभावकों शिक्षकों तथा संबंधित अधिकारियों को जानकारी देनी चाहिए। सीजेएम विशाल ने सभी पैरा लीगल वालंटियर को आदेश जारी किये है कि इस मानसून सत्र में हितधारकों के साथ मिलकर ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाये और जिले मे पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे। स्कूल संचालक जगपाल गुलिया, जयदेव दहिया, अनीता गुलिया, नीलम दहिया, योजित गुलिया, भविष्य दहिया व स्कूल प्रबंधक के. एम. डागर ने मुख्य वक्ताओं का फूलों के बुके देकर स्वागत किया।

जिलाभर में 9 अक्टूबर तक मनाया जाएगा पोषण माह: डीसी
हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” थीम के साथ जिले में आयोजित होंगी विभिन्न गतिविधियां
डीसी वर्षा खांगवाल की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक में विशेष कार्य योजना तैयार

झज्जर, 09 सितम्बर, अभीतक: जिलाभर में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आगामी 9 अक्टूबर तक पोषण माह-2026 मनाया जाएगा। इस वर्ष पोषण माह की थीम “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” है। यह जानकारी डीसी वर्षा खांगवाल ने दी। डीसी अधिकारियों की बैठक में पोषण माह 2026 अभियान की समीक्षा कर रही थीं। इस बीच डीपीओ नेहा दहिया ने पोषण माह के दौरान चलने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी।
पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करना पोषण 2026 का उद्देश्य
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि पोषण माह का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, किशोरियों तथा छह वर्ष से कम आयु के बच्चों में पोषण संबंधी परिणामों में सुधार लाना तथा आमजन को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करना है। बैठक में पोषण माह के दौरान जिले में आयोजित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों की कार्ययोजना, विभागीय सहभागिता तथा अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। डीसी ने बताया कि पोषण माह के दौरान आहार विविधता एवं प्रोटीन युक्त पोषण, आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताजा एवं गर्म पका हुआ भोजन, सामुदायिक भागीदारी, प्रारंभिक बाल्यावस्था की देखभाल, शिक्षा एवं विकास तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के माध्यम से सुरक्षित मातृत्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” के संदेश के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों को पोषण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं सामुदायिक सहभागिता का प्रभावी केंद्र बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। जिले एवं ब्लॉक स्तर पर पोषण माह का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा। डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोषण माह के दौरान आयोजित प्रत्येक गतिविधि का तिथिवार विवरण सहित रिकॉर्ड तैयार किया जाए।
आमजन से पोषण माह की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान
डीसी ने महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ साथ सभी संबंधित विभागों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं तथा आमजन से पोषण माह की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया है। उन्होंने दोहराया कि हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी के संदेश को जन-जन तक पहुंचाते हुए “सुपोषित परिवार, स्वस्थ समाज” के लक्ष्य के साथ पोषण को एक प्रभावी जन आंदोलन का रूप देना है। इस अवसर पर सम्बंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

केंद्रीय टीम ने झज्जर जिला में कुष्ठ रोग उन्मूलन अभियान के अंतर्गत, फील्ड गतिविधियों का किया निरीक्षण
झज्जर, 09 सितम्बर, अभीतक: जिलाभर में डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे राष्ट्रीय कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत विभाग की केंद्रीय टीम ने विभिन्न फील्ड गतिविधियों का निरीक्षण किया।डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. निधि मोमिया ने टीम का झज्जर पहुंचने पर स्वागत करते हुए जिला में चल रही गतिविधियों की जानकारी साँझा की और बताया कि यह अभियान 14 सितंबर तक संचालित किया जा रहा है।डॉ निधि मोमिया ने बताया कि केंद्रीय टीम ने डॉ बोबेन के नेतृत्व में छारा एवं बादली ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले गांवों में चल रहे हाउस-टू-हाउस सर्वे का निरीक्षण किया। केंद्रीय टीम ने अभियान के माइक्रोप्लान, सर्वे की प्रगति, संदिग्ध मामलों की पहचान एवं रेफरल व्यवस्था सहित विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा की। इस दौरान बुपनिया गांव में सेंटर का भी दौरा किया। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ निधि मोमिया ने आमजन से अपील की कि वे कुष्ठ रोग की शीघ्र पहचान एवं समय पर उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों का सहयोग करें। कुष्ठ रोग का समय पर पता लगाकर पूरा उपचार कराने से रोगी स्वस्थ हो सकता है और विकलांगता से बचाव संभव है। इसलिए किसी भी व्यक्ति में कुष्ठ रोग से संबंधित संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर उसे निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर जांच के लिए अवश्य ले जाएं। इस अवसर पर डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. पूनम बिश्नोई, डॉ. सुखदेव एवं डॉ. रितेश,दिशा क्लस्टर की प्रोग्राम मैनेजर प्रीति, दीपक, पैरामेडिकल वर्कर शमशेर सहित सभी डेंटल सर्जन मौजूद रहे।

जिलाधीश वर्षा खांगवाल

कटाई के बाद फसल अवशेष जलाना कानूनन अपराध: जिलाधीश
जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने धान की पराली जलाने पर प्रतिबंध के जारी किए आदेश

झज्जर, 09 सितम्बर, अभीतक: जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जिला में खरीफ फसलों के अवशेष व धान की पराली जलाने पर प्रतिबंध के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश 9 नवंबर तक लागू रहेंगे।जिलाधीश द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कटाई के बाद खेतों में फसल अवशेष एवं पराली जलाने से आगजनी, कानून-व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा तथा मानव जीवन व शांति के लिए गंभीर जोखिम की संभावना बनी रहती है। वहीं खेतों में पराली जलाने से मिट्टी के आवश्यक पोषक तत्व, कार्बन, माइक्रो-ऑर्गेनिज्म नष्ट हो जाते हैं, जिससे मृदा उर्वरता घटती है। साथ ही धुआं से फेफड़ों पर विपरीत प्रभाव डालता है तथा खांसी, दमा, ब्रोंकाइटिस, घुटन व अन्य श्वास संबंधी रोग उत्पन्न करता है। वातावरण में ऑक्सीजन की कमी होती है और वायु प्रदूषण बढ़ता है। ऐसे में किसान कंबाइन मशीन या हाथ से काटी गई फसल के अवशेषों को किसी भी स्थिति में न जलाएं। आदेशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के अंतर्गत कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

संस्कारम विश्वविद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान जारी
झज्जर, 09 सितम्बर, अभीतक: विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के उपलक्ष्य में संस्कारम विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग एवंमेंटल हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरद्वारा आयोजित चार दिवसीय मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण जागरूकता कार्यक्रम के दूसरे दिन बुधवार को विभिन्न जागरूकता एवं शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक कल्याण तथा आत्महत्या रोकथाम के प्रति संवेदनशील बनाना रहा। अभियान के दूसरे दिन की शुरुआत विश्वविद्यालय परिसर मेंमानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियानके साथ हुई। इसके बाद विद्यार्थियों ने संस्कराम इंटरनेशनल स्कूल में आउटरीच अभियान के तहत जागरूकता गतिविधियां आयोजित कीं। इस दौरान विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर स्कूली विद्यार्थियों को भावनात्मक कल्याण, सहानुभूति, प्रभावी संवाद तथा आवश्यकता पड़ने पर समय रहते सहायता लेने के महत्व के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के अगले चरण में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया। इस दौरान रिसोर्स पर्सनडॉ. निकिता दूतने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव प्रबंधन तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ सहायता लेने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं को समझने, खुलकर संवाद करने और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को नजरअंदाज न करने के लिए प्रेरित किया। संस्कारम विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. महिपाल यादव ने कहा किमानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और समय पर सहायता उपलब्ध कराना आज की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं को समझने और चुनौतियों के समय संवाद व सहयोग का रास्ता अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है।उन्होंने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को युवाओं के लिए संवेदनशील और सहयोगात्मक वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दूसरे दिन की गतिविधियों ने विश्वविद्यालय केमानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, सामाजिक कलंक को कम करने और युवाओं के लिए सहयोगात्मक एवं संवेदनशील वातावरण तैयार करने के संकल्पको और मजबूत किया।चार दिवसीय कार्यक्रम के तहत आगामी दिनों में भी मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या रोकथाम से संबंधित विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

संस्कारम विश्वविद्यालय में शोध पद्धति पर पांच दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ
शोध की बारीकियों से रूबरू होंगे विद्यार्थी व शोधार्थी

झज्जर, 09 सितम्बर, अभीतक: संस्कारम विश्वविद्यालय में शोधार्थियों एवं शिक्षकों को शोध की आधुनिक पद्धतियों और तकनीकों से परिचित कराने के उद्देश्य सेपीएचडी सेल एवं आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में पांच दिवसीय रिसर्च मेथोड़ोलोजी कार्यशाला काशुभारंभ बुधवार को हुआ। कार्यशाला का उद्घाटन विश्वविद्यालय केकुलपति प्रो. (डॉ.) अजित सिंह के मुख्य वक्तव्य के साथ हुआ।उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. अजीत सिंह ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शोध किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान की शैक्षणिक पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने शोधार्थियों व विद्यार्थियों से शोध कार्य में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मौलिकता, तथ्यपरकता और नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। कार्यशाला के प्रथम दिन दो महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।प्रथम सत्रशोध समस्या की पहचान और उसके प्रतिपादनविषय परडॉ. प्रवीन चैहान, डीन, स्कूल ऑफ मैनेजमेंटएंडकॉमर्सद्वारा लिया गया। उन्होंने शोध समस्या की पहचान, उसके चयन तथा प्रभावी ढंग से शोध समस्या को तैयार करने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की।इसके पश्चातरिग्रेशन एनालिसिसविषय पर दूसरा सत्रडॉ. आजाद, असिस्टेंट प्रोफेसर, स्कूल ऑफ बेसिक एंड एप्लाइड साइंसद्वारा आयोजित किया गया। सत्र में प्रतिभागियों को रिग्रेशन एनालिसिसकी अवधारणा, शोध में इसके उपयोग तथा आंकड़ों के विश्लेषण में इसकी भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। विश्वविद्यालय केचांसलर डॉ. महिपाल यादवने कार्यशाला के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि शोध केवल अकादमिक उपलब्धि का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की वास्तविक समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने कहा कि संस्कारम विश्वविद्यालय विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों मेंनवाचार, रचनात्मक सोच और समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करने के लिए निरंतर शैक्षणिक गतिविधियों को प्रोत्साहित कर रहा। पांच दिवसीय कार्यशाला के आगामी सत्रों में शोध पद्धति, आंकड़ों के विश्लेषण, शोध लेखन तथा शोध से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक एवं समकालीन पहलुओं पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को शोध की प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक, व्यवस्थित एवं परिणामपरक बनाने के लिए आवश्यक ज्ञान और व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है।

संस्कारम पब्लिक स्कूल के पूर्व छात्र पुलकित लांबा का भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद हेतु चयन, विद्यालय परिवार में हर्ष की लहर’
झज्जर, 09 सितम्बर, अभीतक: खातीवास स्थित संस्कारम पब्लिक स्कूल के लिए यह अत्यंत गौरव का क्षण है, जब विद्यालय के पूर्व छात्र पुलकित लांबा ने अपने प्रथम प्रयास में ही भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद हेतु चयनित होकर विद्यालय व अपने परिवार का नाम रोशन किया। पुलकित को एनसीसी स्पेशल एंट्री-124 (NCC Special Entry 124) के अंतर्गत 11 एसएसबी इलाहाबाद (SSB Allahabad) द्वारा प्रथम प्रयास में ही अनुशंसित करते हुए ऑल इंडिया रैंक 49 (AIR 49) पर चयनित किया गया है।
कक्षा दसवीं से बारहवीं तक रहे संस्कारम के विद्यार्थी’
पुलकित लांबा ने अपनी कक्षा दसवीं से बारहवीं तक की शिक्षा संस्कारम पब्लिक स्कूल से प्राप्त की। विद्यालय में बिताए गए वर्षों के दौरान मिले अनुशासन, मार्गदर्शन व संस्कारों की मजबूत नींव ने उन्हें आज इस ऊंचाई तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अभिभावकों ने जताया आभार’
पुलकित के गौरवान्वित माता-पिता श्री अशोक लांबा एवं श्रीमती नीलम लांबा ने अपने पुत्र की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए विद्यालय द्वारा प्रदान किए गए मार्गदर्शन व शैक्षणिक आधार के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में मिले संस्कार व अनुशासन ने ही पुलकित के व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाई।
चेयरमैन डॉ महिपाल व प्राचार्या ने दी बधाई’
संस्कार शिक्षण संस्थान के चेयरमैन डॉ महिपाल तथा विद्यालय की प्राचार्या डॉ. प्रीति गोयल ने पुलकित लांबा को उनकी इस शानदार उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पुलकित की यह सफलता विद्यालय के सभी वर्तमान व पूर्व विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणास्रोत है तथा यह दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प व कड़ी मेहनत से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने पुलकित के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए देश सेवा में उनके सफल व गौरवशाली कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। विद्यालय परिवार को पुलकित लांबा पर गर्व है तथा समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके भविष्य के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।

हवन यज्ञ से हुआ बाबा कांशीगिरी के पांच दिवसीय वार्षिकोत्सव का आगाज
बाबा कांगीगिरी के प्राचीन डंडे का हुआ पुष्पभिषेक
परम्परानुसार करवाई गई कुश्तियां भी
आज शोभा यात्रा में बाबा के डंडे को करवाई जाएगी नगर परिक्रमा
13 सितम्बर को होगा पांच दिवसीय कार्यक्रम का समापन

झज्जर, 09 सितम्बर, अभीतक: नगर की प्रसिद्ध शक्तिपीठ मंदिर बाबा कांशीगिरि महाराज के 80वें वार्षिकोत्सव का आगाज बुद्धवार को हवन यज्ञ से हुआ। प्रति वर्ष में भाद्रपद मास की त्रयोदशी तिथि पर होने वाले इस आयोजन के पहले दिन बीजेपी नेता मनीष बंसल ने बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत की। बुधवार को मंदिर के पुजारी पंडित पवन कौशिक ने वैदिक मंत्रोच्चार के यज्ञ करवाया। वही देश विभाजन से भी पूर्व चली आ रही त्रयोदशी के दिन दंगल कुश्ती करवाने की प्राचीन परंपरा को कायम रखते हुए मन्दिर प्रांगण में युवाओं की कुश्ती कराई गई। बाकायदा मन्दिर समिति द्वारा विजेता युवक को पुरुस्कार भी दिया गया। बाबा के पावन डंडे का पुष्पाभिषेक भी किया गया।
आज निकलेगी शोभा यात्रा
मंदिर समिति के संरक्षक नरेंद्र मदान ने बताया कि गुरुवार को पांच दिवसीय कार्यक्रम का दूसरा दिन होगा। जिसके अंतर्गत बाबा के प्राचीन डंडे की शोभा यात्रा निकाली जाएगी। शोभा यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों की परिक्रमा करते हुए वापिस मंदिर प्रांगण में ही सम्पन्न होगी। इस दौरान अघोरी नृत्य शोभा यात्रा का विशेष आकर्षण रहेंगे।
ये रहे मौजूद
पांच दिवसीय कार्यक्रम के प्रथम दिन मंदिर संरक्षक श्रवण मदान, वीके नरूला, डॉक्टर रूपचंद अरोड़ा, गौतम आर्य, लक्ष्मी नारायण, प्रधान सुधांशु हंस, ताराचंद भूटानी, आशीष चावला, योगेश रंजन, राजकुमार चुघ, प्रदीप काठपालिया, मनोज चुघ, कृष्ण लाल शर्मा, अमित पोपली, भारत भूषण नंदा, मनीष मेहता, डॉ. भूषण शर्मा, राजेंद्र वधवा, सुभाष वर्मा, महिला मंडली की सभी सदस्यों सहित बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।

विशेष गहन पुनरीक्षण-2026
दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने के लिए विशेष दिवस निर्धारित
12, 13, 26 व 27 सितंबर को दावे व आपत्तियां प्राप्त करेंगे बीएलओ

रेवाड़ी, 09 सितम्बर, अभीतक: जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि हरियाणा में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत 30 सितंबर 2026 तक दावे एवं आपत्तियां दाखिल की जाएगी। इसके साथ ही दावे एवं आपत्तियों का निपटारा 28 अक्टूबर तक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन अब 6 नवंबर को होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी अभिषेक मीणा ने बताया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने के लिए 12 व 13 तथा 26 व 27 सितंबर (शनिवार व रविवार) को विशेष अभियान दिवस निर्धारित किए गए हैं। इन विशेष अभियान दिवसों पर सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपस्थित रहकर पात्र नागरिकों से दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करेंगे। डीसी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने तथा मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत करने के उद्देश्य से 12 व 13 तथा 26 व 27 सितंबर (शनिवार व रविवार) विशेष अभियान दिवस निर्धारित किया गया है। इन दिवसों में बीएलओ अपने-अपने मतदान केंद्रों पर मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने के लिए फार्म तथा मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां दर्ज करेंगें। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे निर्धारित तिथियों पर अपने संबंधित मतदान केंद्र पर पहुंचकर मतदाता सूची में नाम, विवरण आदि से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत कर सकते है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी बीएलओ को विशेष अभियान दिवस के दौरान 12 व 13 तथा 26 व 27 सितंबर को अपने मतदान केंद्रों पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि विशेष अभियान दिवसों पर यदि कोई बीएलओ अनुपस्थित पाया जाता है तो उसके विरुद्ध निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग-2027 क्विज लाइव का 30 सितंबर तक किया जा रहा आयोजन
15 से 29 आयु के युवा माय भारत पोर्टल से क्विज लाइव में हो सकते हैं शामिल
युवाओं को भारत मंडपम दिल्ली में प्रधानमंत्री के समक्ष अपने विचार रखने का मिलेगा अवसर

रेवाड़ी, 09 सितम्बर, अभीतक: युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत मेरा युवा भारत द्वारा आयोजित विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग(वीबी वाईएलडी)-2027 का उद्देश्य देश के युवाओं को विकसित भारत /2047 के लिए अपने विचार, नवाचार एवं समाधान प्रस्तुत करने का राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है। वीबी वाईएलडी-2027 में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवा विभिन्न अवसरों के माध्यम से भाग ले सकते हैं। राष्ट्रीय स्तर का आयोजन 10 से 12 जनवरी 2027 तक भारत मंडपम नई दिल्ली में होना है। इस संबंध में बुधवार को युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार की जिला इकाई द्वारा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस अवसर पर जिला युवा अधिकारी सुमित यादव, एपीएस सुरेंद्र बोकन और प्रशासनिक सहायक विनय राव उपस्थित रहे। जिला युवा अधिकारी सुमित यादव ने बताया कि वीबी वाईएलडी-2027 के विकसित भारत चैलेंज ट्रैक का प्रथम चरण क्विज वर्तमान में माय भारत पोर्टल पर लाइव है और 30 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। क्विज में सफल प्रतिभागियों को आगे निबंध, जिला एवं राज्य स्तरीय चरणों में भाग लेने का अवसर मिलेगा तथा उत्कृष्ट प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचकर अपने विचार प्रस्तुत कर सकेंगे। उन्होंने रेवाड़ी जिले के सभी पात्र युवाओं से क्विज में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की। उन्होंने बताया कि वीबी वाईएलडी-2027 के अंतर्गत प्रमुख रूप से तीन ट्रैक हैं। विकसित भारत चैलेंज ट्रैक के माध्यम से युवा विकसित भारत /2047 से जुड़े महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों पर क्विज, निबंध एवं पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से अपने विचार एवं समाधान प्रस्तुत करेंगे। सांस्कृतिक ट्रैक में लोक नृत्य, लोक गीत, चित्रकला, कविता लेखन एवं भाषण कला जैसी विधाओं के माध्यम से युवाओं की प्रतिभा एवं भारत की सांस्कृतिक विरासत को मंच प्रदान किया जाएगा। वहीं इनोवेट फॉर भारत ट्रैक के अंतर्गत डिजाइन फॉर भारत, हैक फॉर सोशल कॉस एवं यूथ एंटरप्रेन्योर्स चैलेंज के माध्यम से युवाओं की नवाचार क्षमता, रचनात्मक सोच एवं उद्यमशीलता को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट के माध्यम से युवाओं को विकसित भारत /2047 से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श, संवाद एवं बहस में भाग लेने का अवसर मिलेगा। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, केन्द्रीय मंत्रिगण, खेल, उद्योग, नवाचार एवं अन्य विभिन्न क्षेत्रों में देश के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिष्ठित हस्तियों तथा देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभाशाली युवाओं से मिलने, संवाद करने और अपने विचार साझा करने का अवसर प्राप्त होगा। जिला युवा अधिकारी ने कहा कि बीच वाईएलडी युवाओं के लिए अपनी प्रतिभा, नेतृत्व क्षमता एवं विचारों को जिला स्तर से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। माय भारत रेवाड़ी द्वारा जिले में इसके व्यापक प्रचार-प्रसार एवं अधिकतम युवा सहभागिता के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने जिले के सभी पात्र युवाओं से वीबी वाईएलडी-2027 क्विज में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इस राष्ट्रीय पहल का हिस्सा बनने की अपील की। क्विज एवं कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी के लिए युवा माय भारत पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं https://mybharat.gov.in/vbyld&2027 । कार्यक्रम की नवीनतम तिथियों एवं दिशा-निर्देशों के लिए पोर्टल पर उपलब्ध अपडेट को नियमित रूप से देखते रहने की भी अपील की गई।

बहादुरगढ़ में पालिका रोल के 20 सफाई कर्मचारियों को किया बर्खास्त
ठेकेदार के 19 कर्मचारियों को भी काम से हटाया
नोटिस के बाद नगर परिषद ने की सख्त कार्यवाही
रात के अंधेरे में फिर हुआ सफाई अभियान का विरोध
कर्मचारियों ने जेसीबी पर चढ़कर रोका सफाई अभियान
शहर में लगे कूड़े के ढेरों को हटाने के लिए रात में प्रशासन चला रहा था सफाई अभियान
सरकार की सख्त कार्यवाही के बाद भी जारी है सफाई कर्मियों की हड़ताल

हरियाणा- प्रॉपर्टी डीलर को 16 गोलियां मारने वालों का एनका’उंटर !…
सोनीपत-चरखी दादरी के तीन शूटर गिरफ्तार !… भाऊ गैंग ने ली थी जिम्मेदारी !

शराब पीते समय हुए झगड़े में युवक की चाकू मारकर हत्या, आरोपी 1 दिन के पुलिस रिमांड पर
बादली, 09 सितम्बर, अभीतक: बहादुरगढ़ जोन के डीसीपी शुभम सिंह के दिशा-निर्देशन में थाना बादली पुलिस ने हत्या के एक मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।मामले की जानकारी देते हुए थाना प्रबंधक बादली उप-निरीक्षक सुमित कुमार ने बताया कि 7 सितंबर 2026 की रात करीब 9 बजे गांव बाढ़सा में कमलेश निवासी पटरी, उत्तर प्रदेश सुखवीर, जगमोहन व अन्य मजदूर साथी शराब पी रहे थे। इसी दौरान आपसी बातचीत को लेकर कमलेश व मोनू सिंह निवासी गांव पटरी जिला शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश हाल गांव बाढ़सा के बीच झगड़ा हो गया, जिसे मौके पर मौजूद लोगों ने सुलझा दिया। कुछ देर बाद दोनों में दोबारा कहासुनी हुई, जिसमें आरोपी मोनू सिंह ने चाकू से कमलेश की गर्दन पर हमला कर दिया और मौके से फरार हो गया।घायल कमलेश को उपचार हेतु अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस ने मौका-मुआयना कर आवश्यक कार्रवाई करते हुए मृतक के भाई जगमोहन सिंह की शिकायत पर धारा मामला दर्ज किया।पुलिस ने अनुसंधान के आधार पर आरोपी मोनू सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार किया।आरोपी को माननीय अदालत में पेश किया गया जहां से उसे माननीय न्यायालय से एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

मोबाइल फोन छीनने के मामले में वांछित आरोपी गिरफ्तार
बहादुरगढ़, 09 सितम्बर, अभीतक: पुलिस उपायुक्त बहादुरगढ़ शुभम सिंह के दिशा-निर्देशन में थाना सेक्टर-6 बहादुरगढ़ की पुलिस टीम ने मोबाइल फोन छीनने की वारदात के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हेमंत निवासी संत कबीर बस्ती बहादुरगढ़ के तौर पर हुई है। आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।मामले की जानकारी देते हुए चौकी प्रभारी सेक्टर-16/17 सहायक उप निरीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि 7 मई 2026 को मोहम्मद आसिफ निवासी बिहार हाल जाखौदा ने शिकायत देकर बताया था कि वह ऑटो से अपने मकान की ओर जा रहा था। रास्ते में दो युवक ऑटो में सवार हुए। योकोहामा कंपनी के पास ऑटो चालक ने उसका मोबाइल फोन हाथ से झपटकर छीन लिया, जबकि ऑटो में बैठे युवक ने उसके साथ मारपीट कर पेटीएम का कोड पूछ लिया। इसके बाद आरोपी ऑटो लेकर मौके से फरार हो गए।पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। मामले में पहले विकास और नीरज को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी हेमंत की तलाश की जा रही थी।8 सितंबर 2026 को पुलिस टीम ने आरोपी हेमंत को नियमानुसार गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने वारदात में प्रयुक्त ऑटो की आरसी। आरोपी ने वारदात स्थल की निशानदेही भी कराई। आगामी कार्रवाई करते हुए उसे अदालत से बहादुरगढ़ में पेश किया गया। माननीय न्यायालय के आदेश अनुसार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

डीएस आर्य सी.सै. स्कूल में विद्यार्थियों को साइबर क्राइम, नशे व यातायात नियमों के प्रति किया जागरूक*
बहादुरगढ़,09 सितम्बर, अभीतक: कमिश्नरेट झज्जर पुलिस की सड़क सुरक्षा शाखा एवं विद्यादान महादान संस्था के संयुक्त तत्वावधान में डीएस आर्य सी.सै. स्कूल, बहादुरगढ़ में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचाव, नशे के दुष्प्रभाव, डायल-112 सेवा तथा यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना रहा।कार्यक्रम में नशा मुक्ति टीम प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और भविष्य पर गंभीर असर डालता है। विद्यार्थियों को नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेलकूद और सकारात्मक गतिविधियों में लगाने के लिए प्रेरित किया गया।निरीक्षक सतीश कुमार ने डायल-112 की उपयोगिता तथा आपात स्थिति में पुलिस सहायता प्राप्त करने के संबंध में भी जानकारी दी। इसके साथ ही विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने कहा कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना तथा यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।वहीं विद्यादान महादान संस्था से दिल्ली पुलिस हेड कांस्टेबल अजय ग्रेवाल ने विद्यार्थियों को साइबर क्राइम के विभिन्न तरीकों और ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने अनजान लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी व बैंक संबंधी जानकारी किसी से साझा न करने तथा संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने की सलाह दी।

सांसरोली स्कूल में विद्यार्थियों को मानस हेल्पलाइन के प्रति किया जागरूक
झज्जर,09 सितम्बर, अभीतक: नशे के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत नशा मुक्ति टीम झज्जर के प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार व उनकी टीम ने गांव सांसरोली स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने तथा नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का संदेश दिया।कार्यक्रम में मुख्य रूप से मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी गई। निरीक्षक सतीश कुमार ने बताया कि मानस हेल्पलाइन नशे से संबंधित जानकारी, नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों की सहायता तथा नशे के कारोबार से जुड़ी सूचना पुलिस तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है या नशीले पदार्थों की बिक्री से संबंधित कोई जानकारी है, तो इसकी सूचना मानस हेल्पलाइन के माध्यम से दी जा सकती है।उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और भविष्य को प्रभावित करता है। इसलिए युवाओं को नशे से पूरी तरह दूर रहकर शिक्षा, खेलकूद और सकारात्मक गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए।इस दौरान विद्यार्थियों को डायल-112, साइबर अपराध से बचाव तथा यातायात नियमों के संबंध में भी जागरूक किया गया। टीम ने विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक बनने और अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों तथा मानस हेल्पलाइन के बारे में जानकारी देने का आह्वान किया।

झांसे में लेकर एक महिला के साथ साइबर फ्रॉड करने के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार
झज्जर,09 सितम्बर, अभीतक: थाना साइबर क्राइम झज्जर की पुलिस टीम ने एक महिला को झांसे में लेकर साइबर फ्रॉड करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की गई। मामले की जानकारी देते हुए थाना प्रबंधक साइबर क्राइम झज्जर निरीक्षक दर्शन सिंह ने बताया कि एक महिला ने शिकायत देते हुए बताया कि दिनांक 8 अगस्त 2026 को इंस्टाग्राम पर एक रेखा फैशन नाम से एक लहंगे की एड देखी थी। जिसमें व्हाट्सएप का ऑप्शन दे रखा था और व्हाट्सएप के माध्यम से बात करके ₹2000 ऑनलाइन ऑर्डर कर दिया फिर उन्होंने मेरे पास डिलीवरी के मैसेज भेजें मैंने 1850 रुपए उनके बताएं अनुसार बारकोड पर डाल दिए। उन्होंने अपने झासे में लेकर अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से लगभग 263000 की धोखाधड़ी की है। जिस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ थाना साइबर क्राइम झज्जर में आपराधिक मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस मुख्यालय डीसीपी फैजल खान के दिशा निर्देशों की पालना करते हुए थाना में तैनात उप निरीक्षक विनीत कुमार की पुलिस टीम ने उपरोक्त मामले में गहनता से कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान सूरज निवासी सैनी बिहार जीरकपुर मोहाली पंजाब के तौर पर की गई। प्राथमिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि अपना खाता नंबर कमीशन के तौर पर दिया था। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ कार्यवाही करते हुए अदालत झज्जर में पेश किया गया। माननीय अदालत के आदेश अनुसार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

भिवानी में कांग्रेस की बैठक आयोजित : कार्यकर्ता सम्मेलन को लेकर लगाई ड्यूटी
13 सितंबर को भिवानी में हुड्डा पार्क के सामने गरजेगी कांग्रेस, सांसद दीपेंद्र हुड्डा होंगे मुख्यअतिथि
कांग्रेस का कार्यकर्ता सम्मेलन भिवानी की राजनीति में रचेगा नया इतिहास : प्रदीप गुलिया जोगी

भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और ध्वस्त कानून व्यवस्था से प्रत्येक वर्ग परेशान : प्रदीप गुलिया जोगी
भिवानी, 09 सितंबर : आगामी 13 सितंबर को स्थानीय हुड्डा पार्क के सामने आयोजित होने वाले भिवानी ब्लॉक स्तरीय कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन की तैयारियों को लेकर बुधवार को स्थानीय रोहतक रोड़ स्थित कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप गुलिया जोगी ने की। इस दौरान शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप गुलिया जोगी ने सम्मेलन की रूपरेखा तैयार कर कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी। बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष प्रदीप गुलिया जोगी ने कहा कि 13 सितंबर को आयोजित होने वाला ब्लॉक स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन ऐतिहासिक होगा और यह भिवानी में संगठन की मजबूती का नया अध्याय लिखेगा। गुलिया ने कहा कि आज पूरे प्रदेश में बदलाव की लहर है। जनता मौजूदा सरकार की जनविरोधी नीतियों, महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त हो चुकी है। कांग्रेस का हर एक कार्यकर्ता जमीन पर उतरकर जनता की आवाज उठा रहा है। 13 सितंबर को भिवानी की धरती पर उमडऩे वाला जनसैलाब यह साबित कर देगा कि आने वाला समय कांग्रेस का है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे घर-घर जाकर लोगों को इस सम्मेलन में पहुंचने का न्योता दें। वही बैठक के दौरान वर्तमान राजनीतिक हालात और सरकार के कामकाज पर निशाना साधते हुए प्रदीप गुलिया जोगी ने कहा कि आज देश और प्रदेश का आम नागरिक चाहे वह किसान हो, युवा हो, व्यापारी हो या मजदूर भाजपा सरकार की नीतियों से पूरी तरह त्रस्त हो चुका है। आसमान छूती महंगाई ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है और कमर तोड़ दी है। हमारे देश का पढ़ा-लिखा युवा आज ऐतिहासिक बेरोजगारी के कारण दर-दर भटकने को मजबूर है, लेकिन सरकार रोजगार के अवसर पैदा करने के बजाय केवल खोखले दावों में व्यस्त है। इसके साथ ही लगातार बढ़ता अपराध और ध्वस्त कानून-व्यवस्था जनता के लिए भारी चिंता का विषय बन चुकी है। सरकार आम नागरिकों, व्यापारियों और बहनों-बेटियों को सुरक्षा देने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। जनसुविधाओं की अनदेखी और मूलभूत समस्याओं के समाधान में विफलता यह दर्शाती है कि इस सरकार का जनहित से कोई लेना-देना नहीं है। भिवानी कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता इस नाकाम सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाएगा और जनता के अधिकारों की लड़ाई सडक़ से संसद तक लड़ेगा। भिवानी शहरी ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश कौशिक ने जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन में रोहतक से लोकसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे और कार्यकर्ताओं में नया जोश भरेंगे। कार्यक्रम में हरियाणा कांग्रेस के सह प्रभारी जितेंद्र बघेल, पूर्व मंत्री राव दान सिंह, बादली से विधायक कुलदीप वत्स, पूर्व राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल तथा कांग्रेस ग्रामीण जिला अध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी बतौर अति विशिष्ट अतिथि भाग लेंगे। सम्मेलन की अध्यक्षता शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप गुलिया जोगी करेंगे। इस दौरान समीर खटीक के कांग्रेस एससी सैल प्रदेश उपाध्यक्ष बनने पर उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर कुंवर बीर सिंह, नरेश तंवर जीएम, देवराज महता, ईश्वर शर्मा, दीपेश सारसर, संजय गांधी, शिवकुमार चांगिया, विरेंद्र वाल्मीकि, रूपेंद्र ग्रेवाल जिला पार्षद, प्रताप सरपंच, कमल सेवादल, प्रकाश भाट, समीर खटीक, अमन तंवर राघव, इंग्लेश लता, महेंद्र ओड, नरेंद्र फौजी, लक्ष्मण वर्मा, बलवंत घणघस, जयबीर सरपंच, बलबीर सरोहा, कैप्टन रामेहर जांगड़ा, रवि सोलंकी, देवा हालुवास, तौला राम, सुमित जांगड़ा, बलवान पूर्व पार्षद, रणदीप हुड्डा, रमेश वाल्मीकि, डा. फूल सिंह धनाना, डा. जयवीर गोयत, पुनीत नुनीवाल सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

झज्जर: बहादुरगढ़ एसडीएम अभिनव सिवाच पर तानाशाही का आरोप लगा झज्जर डीसी से मिलने पहुंचे पूर्व विधायक राजेंद्र जून
कांग्रेस समर्थित बहादुरगढ़ नगर परिषद के आधा दर्जन पार्षद भी रहे मौजूद
मौजूदा विधायक राजेश जून के कहने पर कांग्रेस के पार्षदों को परेशान करने का लगाया आरोप
कहा: नगर परिषद के 24 करोड़ के घोटाले की उठाई थी आवाज, उसी का खामियाजा भुगत रहे हैं कांग्रेस समर्थित पार्षद
कागजात होने के बावजूद भी अवैध निर्माण का बहाना बनाकर कांग्रेसी पार्षदों को किया जा रहा है परेशान
हरियाणा की मौजूदा सरकार की कार्यशैली को लेकर भी पूर्व विधायक राजेंद्र जून ने उठाएं सवाल
कहा: पिक एंड चूज की हो रही है बहादुरगढ़ में कार्रवाई
शासन और प्रशासन की कार्य शैली से हर कोई परेशान
प्रदेश में चरमराई सफाई व्यवस्था, गुंडाराज का बोलबाला
डीसी से लगाने पहुंचे थे संबंधित मामले में हस्तक्षेप की गुहार

झज्जर: झज्जर के कुकड़ोला गांव में पंचायती मिट्टी का घोटाला
महिला सरपंच के पति पर लगाया ग्रामीणों ने पंचायती मिट्टी की चोरी का आरोप
कहा: चार एकड़ की पंचायती जमीन से लाखों की मिट्टी उठवा अपने भट्ठे पर डलवाई
मिट्टी चोरी की ऑडियो और वीडियो डीपीओ को सौंपे जाने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
बीडीपीओ और सचिव पर लगाया शिकायत लेकर गए ग्रामीणों के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप
कहा: शिकायत को लेकर कई बार मिले डीसी से ग्रामीण, लेकिन अधिकारी कर रहे हैं डीसी को गुमराह
घोटाले को लेकर सीएम नायब सैनी से मिलने की भी कई बात

आज सिद्ध श्री श्री 1008 बाबा कांशी गिरी जी महाराज के पावन मंदिर के भव्य 80वें वार्षिकोत्सव के प्रथम दिवस आयोजित पूजा-अर्चना, डंडा अभिषेक एवं यज्ञ में सम्मिलित होकर बाबा जी के चरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
इस पावन अवसर पर बाबा कांशी गिरी जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त कर मन अत्यंत श्रद्धा एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से अभिभूत हो उठा। बाबा जी की कृपा सभी पर सदैव बनी रहे और क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली का वास हो। -मनीष बंसल, बीजेपी नेता झज्जर

बीज माफियाओं के खिलाफ कड़े ‘सीड एक्ट’ लाने को लेकर 10 सितंबर को देशभर के किसान नेताओं संग श्री शिवराज सिंह चैहान करेंगे बैठक
अन्नदाता की सुरक्षा की गारंटीरू नकली बीजों पर नकेल कसने मोदी सरकार लाएगी सख्त कानून, केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह करेंगे सीधा संवाद
प्रस्तावित नए सीड बिल पर देश के किसान संगठनों से राय लेंगे श्री शिवराज सिंह चैहान, घटिया बीज बेचने वालों पर कसेगा शिकंजा
भारी जुर्माना और जेल के प्रावधान वाले सख्त सीड एक्ट पर केंद्र की बड़ी पहल, 10 सितंबर को अपरान्ह 4 बजे कृषि भवन, नई दिल्ली में जुटेंगे उत्तर से दक्षिण तक के किसान प्रतिनिधि

नई दिल्ली, 09 सितम्बर, अभीतक: देश के अन्नदाता को नकली और अमानक बीजों के नुकसान से हमेशा के लिए सुरक्षित करने की दिशा में मोदी सरकार बड़ा कदम उठा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के समृद्ध और आत्मनिर्भर किसान के विजन को अमलीजामा पहनाते हुए केंद्र सरकार एक नया और सख्त ‘सीड एक्ट’ लाने की तैयारी में है। इस कानून को अंतिम रूप देने से पहले केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान 10 सितंबर को अपरान्ह 4 बजे कृषि भवन, नई दिल्ली में देशभर के प्रमुख किसान संगठनों के शीर्ष नेताओं के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान द्वारा आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सीड कानून के मसौदे पर सीधे किसानों के जमीनी अनुभव, सुझाव और पक्ष को शामिल करना है ताकि बीज माफियाओं के खिलाफ एक अचूक और प्रभावी व्यवस्था खड़ी की जा सके। प्रस्तावित नए श्सीड एक्टश् के तहत नकली, मिलावटी या घटिया बीज बेचने वाली कंपनियों और कारोबारियों के खिलाफ भारी जुर्माने और जेल की सजा जैसे बेहद सख्त कानूनी प्रावधान किए जा रहे हैं। कई बार खराब बीज के कारण किसान की महीनों की गाढ़ी कमाई और खून-पसीने की मेहनत बर्बाद हो जाती है। केंद्र सरकार का स्पष्ट रुख है कि कानून ऐसा बने जो बीज की गुणवत्ता और पारदर्शी ट्रेसिंग सिस्टम की शत-प्रतिशत गारंटी दे, साथ ही किसानों के पारंपरिक बीजों के अधिकारों की भी रक्षा करे। 10 सितंबर को आयोजित होने वाले इस राष्ट्रीय विमर्श में कश्मीर से कन्याकुमारी तक के किसान प्रतिनिधि एक मंच पर उपस्थित रहेंगे। इस बैठक में भारतीय किसान संघ, बीकेयू (विभिन्न घटक), अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति (।प्ज्ञब्ब्), किसान महापंचायत, भारतीय कृषक समाज, गांव किसान उन्नयन और सोसाइटी फॉर इंडिपेंडेंट फार्मर्स एसोसिएशन (ैप्थ्।) का शीर्ष नेतृत्व शामिल होगा। इसके साथ ही कर्नाटक रैयत संघ, तेलंगाना रैयत संघ, महाराष्ट्र का शेतकारी संगठन, गुजरात का खेदुत समाज, राजस्थान व बिहार की राष्ट्रीय किसान प्रोग्रेसिव एसोसिएशन, तमिलनाडु का व्यवसाइगल संघम, झारखंड का प्रगतिशील कृषि मंच तथा केरल के कोट्टायम का कृषक संगठन सहित कई राज्यों के जमीनी किसान प्रतिनिधि भी सीधे कृषि मंत्री के समक्ष अपनी बात रखेंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में सरकार हर नीति किसानों से संवाद और सहमति के आधार पर तय करने के लिए प्रतिबद्ध है। आगामी संसद सत्र से पहले होने जा रहा यह महामंथन देश के कृषि क्षेत्र को नकली बीजों के दंश से पूरी तरह मुक्त कराने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पांच मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है जो तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना राज्यों के 17 जिलों में फैली हैं, इससे भारतीय रेल के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 540 किलोमीटर की वृद्धि होगी
इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 10,021 करोड़ रुपये है और इन्हें 2029-30 तक पूरा करने की योजना है

नई दिल्ली, 09 सितम्बर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की समिति ने आज रेल मंत्रालय की लगभग 10,021 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली पांच परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में शामिल हैं
अरक्कोनम: रेनिगुंटा तीसरी और चैथी लाइन – 77 किमी
व्हाइटफील्ड: बांगरपेट तीसरी और चैथी लाइन – 47 किमी
होसुर: ओमालूर दोहरीकरण मार्ग – 147 किमी
सलेम – करूर – डिंडीगुल दोहरीकरण – 159 किलोमीटर
सिकंदराबाद (घाटकेसर) से काजीपेट तक 110 किलोमीटर की मल्टीट्रैकिंग

बढ़ी हुई लाइन क्षमता से आवागमन में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय रेल की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। ये मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएं परिचालन को सुव्यवस्थित और भीड़भाड़ को कम करेगी। ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नए भारत के विजन के अनुरूप हैं। इसका उद्देश्य क्षेत्र के व्यापक विकास के माध्यम से इस क्षेत्र के लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे उनके रोजगारध्स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अंतर्गत बनाई गई हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य एकीकृत योजना और हितधारकों के परामर्श के माध्यम से बहु-मार्गीय संपर्क और लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाना है। इन परियोजनाओं से लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना राज्यों के 17 जिलों में फैली इन पांच परियोजनाओं से भारतीय रेल के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 540 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी। स्वीकृत मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से लगभग 2,121 गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिनकी आबादी लगभग 52 लाख है। स्वीकृत क्षमता वृद्धि से देश भर के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिनमें तिरूपति, सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर (तिरुत्तानी), श्री पद्मावती अम्मावारी मंदिर (तिरूचनूर), कोटिलिंगेश्वर देवालय, श्री सेठी ब्यारवेश्वर स्वामी मंदिर, बंगारू तिरूपति, कोलार गोल्ड फील्ड्स, होगेनक्कल फॉल्स, होसुर किला, मेट्टूर बांध, कोडाइकनाल हिल्स, सत्यमंगलम वन्यजीव अभयारण्य, नमक्कल अंजनेयार मंदिर, नमक्कल किला, कल्याण पसुपतिश्वर मंदिर, यादगिरिगुट्टा मंदिर, भोंगीर किला, सुरेंद्रपुरी, स्वर्णगिरि मंदिर, आदि शामिल हैं। ये परियोजनाएं कोयला, सीमेंट, लोहा और इस्पात, कंटेनर, ऑटोमोबाइल, अनाज, पेट्रोलियम उत्पाद, उर्वरक आदि जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक मार्ग हैं। क्षमता वृद्धि कार्यों से प्रति वर्ष 47 मिलियन टन (एमटीपीए) की अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता प्राप्त होगी। रेलवे पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा कुशल परिवहन माध्यम होने के कारण जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और देश की लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने में सहायक होगा, साथ ही तेल आयात (्8 करोड़ लीटर) को कम करेगा और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन (्42 करोड़ किलोग्राम) को घटाएगा, जो लगभग 2 करोड़ वृक्षारोपण के बराबर है।

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों के 14 जिलों को कवर करने वाली तीन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिससे भारतीय रेलवे के वर्तमान नेटवर्क में लगभग 656 किलोमीटर की वृद्धि होगी
इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 10,783 करोड़ रुपये है और इन्हें 2029-30 तक पूरा करने की योजना है

नई दिल्ली, 09 सितम्बर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज रेल मंत्रालय की कुल 10,783 करोड़ रुपये की लागत वाली 3 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में शामिल हैं
खड़गपुर-झारसुगुड़ा (बागदेही) चैथी लाइन
कटनी-पेंड्रा रोड चैथी लाइन
बिलासपुर (उसलापुर) दृ पेंड्रा रोड तीसरी लाइन

बढ़ी हुई लाइन क्षमता से आवागमन में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय रेल की प्रचालनगत दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। इन बहु-ट्रैकिंग प्रस्तावों से परिचालन सुव्यवस्थित होगा और भीड़भाड़ में कमी आएगी। ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नए भारत के विजन के अनुरूप हैं। इनका उद्देश्य क्षेत्र के व्यापक विकास के माध्यम से इस क्षेत्र के लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे उनके रोजगारध्स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अंतर्गत बनाई गई हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य एकीकृत योजना और हितधारकों के परामर्श के माध्यम से मल्टीमॉडल-कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाना है। इन परियोजनाओं से लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी। पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों के 14 जिलों को कवर करने वाली इन तीन परियोजनाओं से भारतीय रेलवे के वर्तमान नेटवर्क में लगभग 656 किलोमीटर की वृद्धि होगी। प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से लगभग 4,790 गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिनकी आबादी लगभग 56 लाख है।
प्रस्तावित क्षमता वृद्धि से देश भर के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल संपर्क में सुधार होगा, जिनमें तारातारिणी मंदिर, श्री क्षेत्र जगन्नाथ मंदिर (झारसुगुड़ा के पास स्थित प्राचीन मंदिर), बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, विराटेश्वर मंदिर, अमरकंटक मंदिर, ज्वालेश्वर धाम, अचानकमार टाइगर रिजर्व, खुटाघाट बांध, मल्हार पुरातात्विक स्थल, रतनपुर महामाया मंदिर आदि शामिल हैं। प्रस्तावित परियोजनाएं कोयला, सीमेंट, लोहा और इस्पात आदि जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक रूट हैं। क्षमता वृद्धि कार्यों से प्रति वर्ष 27 मिलियन टन (एमटीपीए) माल ढुलाई की अतिरिक्त क्षमता प्राप्त होगी। पर्यावरण-अनुकूल और ऊर्जा कुशल परिवहन माध्यम होने के कारण जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और देश की लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने में रेलवे सहायक होगा। साथ ही, इससे तेल आयात (लगभग 12 करोड़ लीटर) में कमी आएगी और कार्बनडाईऑक्साइड उत्सर्जन (लगभग 62 करोड़ किलोग्राम) घटेगा, जो 2.48 करोड़ वृक्षारोपण के बराबर है।

भारत ने 6जी नेतृत्व और सुरक्षा के लिए ‘कार्रवाई के आह्वान’ का समर्थन कियाय दूरसंचार विभाग इस पहल को आगे बढ़ाएगा
यह घोषणा उत्तरी कैरोलिना के चैपल हिल में आयोजित ‘जी20 नवाचार मंत्रिस्तरीय बैठक’ के इतर की गई
भारत खुले, अंतर-संचालनीय, सुरक्षित और सुदृढ़ अगली पीढ़ी के नेटवर्क के प्रति साझा प्रतिबद्धता में 20 से अधिक समान विचारधारा वाले देशों के साथ शामिल हुआ
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का लक्ष्य 6जी वैश्विक मानकों और पेटेंट में 10 प्रतिशत का योगदान करना है
इस पहल से केंद्रीय संचार और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया की भारत को 6जी के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करने की प्रतिबद्धता को गति मिलेगी

नई दिल्ली, 09 सितम्बर, अभीतक: भारत ने 6जी नेतृत्व और सुरक्षा के लिए ‘कार्रवाई के आह्वान’ का समर्थन किया है। इसके साथ ही भारत समान विचारधारा वाली उन सरकारों के एक समूह में शामिल हो गया है, जिन्होंने खुलेपन, अंतर-संचालनीयता, सुरक्षा, सुदृढ़ता, संसाधन दक्षता और नवाचार-आधारित प्रतिस्पर्धा के सिद्धांतों पर वायरलेस संचार की छठी पीढ़ी को आकार देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। यह पहल केंद्रीय संचार और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया के उस विजन को आगे बढ़ाएगी, जिसमें उन्होंने सदैव इस बात पर जोर दिया है कि भारत 6जी के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी द्वारा देश को प्रौद्योगिकी के उपयोगकर्ता से प्रौद्योगिकी मानक निर्धारित करने वाले देश में बदलने पर दिए गए जोर के महत्व को भी रेखांकित करती है। इस घोषणा के महत्व पर जोर देते हुए श्री सिंधिया ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस घटनाक्रम पर अपने विचार साझा किए। दूरसंचार विभाग ‘कार्रवाई के आह्वान’ के तहत भारत की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाएगा और संबंधित सरकारी एजेंसियों, उद्योग, शिक्षाविदों और अन्य हितधारकों के साथ आवश्यक अनुवर्ती गतिविधियों के समन्वय करने की जिम्मेदारी निभाएगा। भारत उन अन्य सरकारों के साथ इस पहल में शामिल हुआ है, जिन्होंने ‘कार्रवाई के आह्वान’ की पुष्टि की है। इनमें कनाडा, कोस्टारिका, चेकिया, डेनमार्क, एस्टोनिया, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, होंडुरास, इटली, जापान, लातविया, नॉर्वे, पैराग्वे, कोरिया गणराज्य, रोमानिया, स्वीडन, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं। इस समर्थन की घोषणा 1-2 सितंबर 2026 को संयुक्त राज्य अमेरिका की जी20 अध्यक्षता के अंतर्गत अमरीका के उत्तरी कैरोलिना में आयोजित जी20 नवाचार मंत्रिस्तरीय बैठक के इतर की गई। इस घोषणा के अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग ितथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद और संयुक्त राज्य अमेरिका के वाणिज्य सचिव श्री हॉवर्ड लटनिक ने हाथ मिलाकर इस अवसर को चिन्हिृत किया। कार्रवाई के आह्वान’ के तहत भाग लेने वाली सरकारों ने इस बात की पुष्टि करती हैं कि सुरक्षित डिजिटल अवसंरचना प्रौद्योगिकीय प्रतिस्पर्धात्मकता, आर्थिक समृद्धि और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक है तथा उन्नत दूरसंचार नेटवर्क इस अवसंरचना का प्रवेश द्वार होने के साथ-साथ इसका केंद्र भी हैं। इस पहल में यह स्वीकार किया गया है कि अगली पीढ़ी के नेटवर्क प्रमुख आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों तथा महत्वपूर्ण सेवाओं के वितरण का आधार होंगे। वैश्विक स्तर पर परस्पर जुड़े संचार तंत्र साइबर, आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े जोखिम पैदा कर सकते हैं। इसलिए नेटवर्क की सुरक्षा और सुदृढ़ता के लिए मजबूत आधारभूत मानक सुनिश्चित करना साझा जिम्मेदारी है। इसमें यह भी माना गया है कि 6जी के भविष्य को आकार देने के लिए उद्योग, शिक्षाविदों और अन्य हितधारकों के सहयोग से समन्वित कार्रवाई आवश्यक है। कार्रवाई के आह्वान’ में भाग लेने वाली सरकारों के लिए चरणबद्ध कार्यों का प्रावधान किया गया है। एक महीने के भीतर प्रत्येक सरकार को 6जी विशेषज्ञ संपर्क अधिकारियों की पहचान और नियुक्ति करनी होगी, संपर्क समूह के साथ संचार के प्रबंधन करने वाली एजेंसी निर्धारित करनी होगी तथा संबंधित उद्योग और शैक्षणिक हितधारकों की एक प्रारंभिक सूची तैयार करनी होगी। तीन महीने के भीतर सरकारों को दूरसंचार क्षेत्र के साथ जुड़कर सुरक्षित और अंतरसंचालनीय 6जी के उभरते परिदृश्य का मानचित्रण करना होगा, नेतृत्व के मार्ग में आने वाली बाधाओं की पहचान करनी होगी, अपने निष्कर्षों पर विचार करने के लिए बैठक आयोजित करनी होगी तथा 6जी प्रतिस्पर्धात्मकता को समर्थन देने वाले आर्थिक, राजनीतिक और वित्तीय संसाधनों की पहचान शुरू करनी होगी। छह महीने के भीतर सरकारों को विशेषज्ञ स्तर पर दीर्घकालिक आधार पर सुरक्षित, सुदृढ़, टिकाऊ और नवोन्मेषी 6जी आपूर्ति श्रृंखलाओं को समर्थन देने की रणनीति तैयार करनी होगी तथा इस बात पर विचार करना होगा कि 6जी नेतृत्व और सुरक्षा को राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय रणनीतियों में किस प्रकार शामिल किया जा सकता है। बारह महीने के भीतर भागीदारों को 2027 में व्यक्तिगत रूप से बैठक आयोजित करनी होगी, जिसमें प्रगति की समीक्षा, प्राप्त अनुभवों और सर्वोत्तम कार्यपणालियों का आदान-प्रदान तथा संबंधित उद्योग हितधारकों के साथ अगले वर्ष के लिए प्राथमिकताएं निर्धारित की जाएंगी। सहयोग के लिए पहचाने गए अन्य क्षेत्रों में शामिल हैं – 6जी अनुसंधान और विकास पर समन्वय और सूचना-साझा करनाय वैश्विक बाजारों में सुरक्षित और सुदृढ़ 5जी और 6जी प्रौद्योगिकियों की तैनाती का समर्थन करने के लिए व्यापार और विकास वित्त एजेंसियों के बीच सहयोगय दूरसंचार क्षेत्र के निवेश से जुड़े तकनीकी और रणनीतिक साइबर सुरक्षा जोखिमों का आकलनय आपूर्ति श्रृंखला के विकास और कमजोरियों पर अधिक पारदर्शिताय औद्योगिक, वाणिज्यिक, सुरक्षा और रक्षा अनुप्रयोगों के लिए 5जी प्रणालियों की पूरी क्षमता का उपयोग और मानक विकास संगठनों में मजबूत सुरक्षा मानकों साहित वैश्विक 6जी मानकों को आकार देने के लिए उद्योग के साथ काम करना। कार्रवाई के आह्वान’ में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इसमें भागीदारी से किसी भी सरकार के अधिकार पर कोई बाध्यता या सीमा नहीं लगती है। प्रत्येक सरकार उद्योग प्रेरित मानक निकायों के संबंध में अपनी स्वतंत्र स्थिति अथवा स्वायत्तता बनाए रखते हुए निर्णय ले सकती है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक भागीदार द्वारा उठाए जाने वाले अगले कदम उसकी अपनी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं, संसाधनों और क्षमताओं के अनुसार अलग-अलग होंगे। साथ ही, उद्योग के नेतृत्व वाले मानकीकरण मंचों में पहले से चल रहे तकनीकी कार्यों की पुनरावृत्ति से बचने की सलाह दी गई है। भारत उन अन्य सरकारों के साथ इस पहल में शामिल हुआ है, जिन्होंने ‘कार्रवाई के आह्वान’ की पुष्टि की है। इनमें कनाडा, कोस्टा रिका, चेकिया, डेनमार्क, एस्टोनिया, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, होंडुरास, इटली, जापान, लातविया, नॉर्वे, पैराग्वे, कोरिया गणराज्य, रोमानिया, स्वीडन, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं। दूरसंचार विभाग ‘कार्रवाई के आह्वान’ के तहत भारत की भागीदारी को आगे बढ़ाएगा और संबंधित सरकारी एजेंसियों, उद्योग, शिक्षाविदों और अन्य हितधारकों के साथ आवश्यक अनुवर्ती गतिविधियों का समन्वय करेगा। भारत की इस भागीदारी का आधार देश में पहले से विकसित मजबूत घरेलू व्यवस्था है, जिसमें भारत 6जी विजन, भारत 6जी एलायंस तथा स्वदेशी 4जी और 5जी प्रौद्योगिकी स्टैक शामिल हैं। आत्मनिर्भर भारत के विजन और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप ‘कार्रवाई के आह्वान’ के तहत भारत की भागीदारी अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण और स्पेक्ट्रम से संबंधित मंचों पर भारत द्वारा किए जा रहे कार्यों को पूरक बनाएगी। साथ ही, इससे इन मंचों पर भारत के स्वतंत्र रुख पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन ने 15 महीनों में उपभोक्ताओं को 105 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड दिलाने में सहायता की
25 अप्रैल 2025 से 31 जुलाई 2026 के बीच 35 क्षेत्रों में रिफंड से संबंधित 1,66,189 शिकायतों का निपटारा किया गया
ई-कॉमर्स क्षेत्र में 74 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड दिलाने में मदद मिली

मई-जुलाई 2026 के दौरान ई-कॉमर्स क्षेत्र में एक रुपये से लेकर 35.83 लाख रुपये तक का रिफंड दिलाने में सहायता की गई
नई दिल्ली, 09 सितम्बर, अभीतक: उपभोक्ता मामले विभाग की राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) ने 25 अप्रैल 2025 से 31 जुलाई 2026 तक की पंद्रह महीने की अवधि के दौरान 35 क्षेत्रों में 1,66,189 रिफंड से संबंधित शिकायतों का समाधान करते हुए उपभोक्ताओं को 105 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड दिलाने में सहायता की है। ये रिफंड मुकदमा-पूर्व चरण में दिलाए गए, जिससे उपभोक्ताओं को उपभोक्ता आयोगों का रूख किए बिना समय पर राहत प्राप्त करने में सहायता मिली। राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन देशभर के उपभोक्ताओं के लिए शिकायत दर्ज कराने और समाधान प्राप्त करने हेतु एकल-सम्पर्क मंच के रूप में उभरी है। ई-कॉमर्स क्षेत्र में रिफंड संबंधी शिकायतों की संख्या सबसे अधिक रही। इस क्षेत्र में 1,00,466 शिकायतों के परिणामस्वरूप 74 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड दिलाने में सहायता की गई। इसके बाद यात्रा एवं पर्यटन क्षेत्र का स्थान रहा, जहां 10 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड दिलाने में सहायता की गई। मई 2026 से जुलाई 2026 के दौरान ई-कॉमर्स क्षेत्र में दिए गए रिफंड की राशि एक रुपये से लेकर 35,83,790 रुपये तक रहीं। इसमें विभिन्न प्रकार और अलग-अलग मूल्य वाली उपभोक्ता शिकायतें शामिल थीं।
मुख्य बिन्दु
105 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड दिलाने में सहायता।
1,66,189 रिफंड से संबंधित शिकायतों का निपटारा
35 क्षेत्र शामिल
1,00,466 ई-कॉमर्स रिफंड संबंधी शिकायतों का निपटारा
ई-कॉमर्स क्षेत्र में 74 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड दिलाने में सहायता।
यात्रा एवं पर्यटन क्षेत्र में 10 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड दिलाने में मदद।
मई-जुलाई 2026 के दौरान ई-कॉमर्स क्षेत्र में एक रुपये से लेकर 35,83,790 रुपये तक के रिफंड दिलाने में सहायता।

राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) एक समन्वय-आधारित व्यवस्था के माध्यम से कार्य करती है। इसके अंतर्गत उपभोक्ताओं की शिकायतों को डिजिटल माध्यम से संबंधित कंपनियों को भेजा जाता है, ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका समाधान किया जा सकें। इस प्रक्रिया में उपभोक्ता की प्रतिक्रिया की निरंतर निगरानी और शिकायतों की स्थिति पर नजर रखने की व्यवस्था भी शामिल है। एनसीएच के माध्यम से प्राप्त रिफंड संबंधी शिकायतें देश के महानगरों के साथ-साथ दूरदराज के क्षेत्रों से भी प्राप्त हुई हैं। ये उपभोक्ता शिकायतों के निवारण के लिए इस मंच की देशव्यापी पहुंच को दर्शाता है।
एनसीएच के माध्यम से उपभोक्ता शिकायतों का समाधान
बेंगलुरु शहरी: मोबाइल फोन की डिलीवरी में देरीरू एक उपभोक्ता ने 21 अगस्त 2026 को 47,490 रुपये का मोबाइल फोन ऑर्डर किया था, जिसकी डिलीवरी 22 अगस्त को निर्धारित थी। डिलीवरी की तारीख बार-बार आगे बढ़ाए जाने के बाद उपभोक्ता ने एनसीएच से संपर्क किया। एनसीएच के हस्तक्षेप के बाद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने 47,490 रुपये की पूरी राशि वापस कर दी। एनटीआर जिला, आंध्र प्रदेश: गलत उत्पाद की प्राप्ति रू एक उपभोक्ता को ऑर्डर किए गए 2.5 इंच हार्ड ड्राइव एनक्लोजर (यूएसबी-सी 3.0 टू टाइप-सी) के बजाय एक यूएसबी 3.1 एनक्लोजर प्राप्त हुआ, जो उसके आवश्यक डिवाइस के साथ असंगत था। एनसीएच में शिकायत दर्ज कराने के बाद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने उत्पाद का रिफंड संसाधित कर दिया। उदलगुड़ी, असम द्य दोपहिया वाहन की बुकिंग की राशि का रिफंडरू एक उपभोक्ता ने दोपहिया वाहन बुकिंग रद्द किए जाने के बाद 5,000 रुपये की बुकिंग राशि वापस मिलने में देरी होने पर ने 21 मई 2026 को एनसीएच से संपर्क किया। हस्तक्षेप के बाद डीलर ने बुकिंग राशि वापिस कर दी और उपभोक्ता के खाते में राशि जमा करने की पुष्टि की।
पूंछ, जम्मू और कश्मीर द्य गलत और घटिया गुणवत्ता वाला उत्पाद : एक उपभोक्ता ने 3,072 रुपये मूल्य के खेल के जूते ऑर्डर किए थे, लेकिन उसे अलग और घटिया गुणवत्ता वाले ब्रांड के जूते प्राप्त हुए। वापसी के अनुरोध को बार-बार रद्दध्अस्वीकार किए जाने के बाद उपभोक्ता ने 29 जून 2026 को एनसीएच में शिकायत दर्ज की। हस्तक्षेप के बाद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने उत्पाद की राशि वापस कर दी।
एनसीएच उपभोक्ताओं को अनेक माध्यमों से सुविधा प्रदान करता है
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन उपभोक्ताओं को 17 भाषाओं में शिकायत निवारण की सुविधा प्रदान करती है। इसके लिए कई माध्यम उपलब्ध हैं-
टोल-फ्री 1915
व्हाट्सएप् एसएमएस – 8800001915
आईएनजीआरएएम पोर्टल
एनसीएच मोबाइल ऐप
वेब पोर्टल
उमंग ऐप

25 अप्रैल 2025 से 31 जुलाई 2026 की अवधि के दौरान 105 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड दिलाने में सहायता किया जाना, मुकदमा-पूर्व चरण में सुलभ और समयबद्ध शिकायत निवारण उपलब्ध कराने में एनसीएच की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। यह पहल डिजिटल बाजारों और सेवा इकोसिस्टम में उपभोक्ताओं के विश्वास को मजबूत करने में भी योगदान देती है। इसके माध्यम से उपभोक्ताओं को अपनी शिकायतें दर्ज कराने और समय पर समाधान प्राप्त करने के लिए एक सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध होती है। उपभोक्ताओं को अपने उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा करने और अपनी शिकायतों का निवारण प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन का सक्रिय रूप से उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

उल्लास मेले के साथ अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस 2026 का उत्सव संपन्न हुआ
नई दिल्ली, 09 सितम्बर, अभीतक: स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग (डीबोएसईएल) के सचिव, श्री टी. के. अनिल कुमार ने आज नई दिल्ली में उल्लास मेला का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उल्लास मेला एक ऐसा अवसर प्रदान करता है जहां हम एक-दूसरे के सफर को देख सकते हैं, साझा कर सकते हैं और उनसे सीख सकते हैं। उन्होंने उल्लास मेले को सभी प्रतिभागी शिक्षार्थियों, स्वयंसेवक शिक्षकों एवं राज्योंध्केंद्र-शासित प्रदेशों को समर्पित किया और देश में साक्षरता अभियान को मजबूत करने में उनके सामूहिक योगदान की सराहना की। सचिव ने सांस्कृतिक समृद्धि एवं विविधता को दर्शाने वाले रंग-बिरंगे और जीवंत प्रदर्शनी स्टॉलों की सराहना की और पूरी तरह से कार्यशील साक्षरता वाले राज्योंध्केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया कि वे उल्लास मेले के अगले चरण में नेतृत्व करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सफर लगातार सीखते रहने, साक्षरता को मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने के लिए जारी रहना चाहिए कि शिक्षा का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। युवा पीढ़ी से साक्षरता आंदोलन में सक्रिय साझेदार बनने का आग्रह करते हुए उन्होंने युवाओं से साक्षरता अभियान में हिस्सा लेने और इसे सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का नागरिक कर्तव्य निभाने का आग्रह किया। सभा को संबोधित करते हुए, एनसीईआरटी के निदेशक प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी ने उल्लास को अवसरों की एक ऐसी खिड़की के रूप में वर्णित किया जिसके माध्यम से निरक्षर लोग सीखने का सफर शुरू कर सकते हैं। उन्होंने नागरिकों को उनके अधिकारों, जिम्मेदारियों एवं आधुनिक समय की आवश्यकताओं को समझने में सक्षम बनाने के लिए वित्तीय, कानूनी, डिजिटल एवं चुनावी साक्षरता के बढ़ते महत्व पर बल दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि एक नया क्रेडिट और प्रोत्साहन संरचना तैयार किया जा सकता है, जिससे छात्र दूसरों को साक्षर बनाने में मदद करके क्रेडिट पॉइंट प्राप्त कर सकें। 28 राज्योंध्केंद्र शासित प्रदेशों, एनसीईआरटी, एनसीटीई और एनआईओएस ने अपनी उपलब्धियों, बेहतरीन प्रथाओं, शिक्षण सामग्री और नए तरीकों को दिखाने के लिए प्रदर्शनी स्टॉल लगाए। इसमें पूर्ण साक्षर राज्योंध्केंद्र शासित प्रदेशों की उपलब्धियों पर विशेष जोर दिया गया। दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस समारोह का समापन श्उल्लास मेलाश् के साथ हुआ, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं पैनल चर्चाओं सहित विभिन्न गतिविधियां शामिल थीं।

सीएक्यूएम ने एचएसपीसीबी द्वारा अपने निर्देशों का पालन न करने का संज्ञान लियाय समीक्षा बैठक में स्पष्टीकरण मांगा गया
नई दिल्ली, 09 सितम्बर, अभीतक: वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के अध्यक्ष श्री राजेश वर्मा की अध्यक्षता में 8 सितंबर 2026 को हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के साथ दिल्ली एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में आयोग के वैधानिक निर्देशों के अनुपालन के संबंध में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इन वैधानिक निर्देशों में 500 वर्ग मीटर या उससे अधिक के भूखंड क्षेत्र में स्थित सभी निर्माण एवं विकास परियोजनाओं का पंजीकरण और धूल नियंत्रण उपायों की दूरस्थ निगरानी के लिए राज्यध्जीएनसीटीडी वेब पोर्टल पर कार्यात्मक वीडियो निगरानी प्रणाली की स्थापना करना अनिवार्य है। सीएक्यूएम 2024 से एचएसपीसीबी के वेब पोर्टल के माध्यम से निर्माण एवं विध्वंस स्थलों की नमूना-आधारित दूरस्थ निगरानी कर रहा है। निगरानी के दौरान कई विसंगतियां देखी गई हैं, जिनमें अपूर्णध्अपर्याप्त वेब-कैमरा लिंक, गलत यूजर आईडीध्पासवर्ड, मोबाइल एप्लिकेशन इंस्टॉल करने के लिए प्रेरित करने वाले लिंक, काम न करने वाले वेब लिंक और सफल लॉगिन के बावजूद कैमरों का ऑफलाइन रहना शामिल हैं। इन विसंगतियों की जानकारी समय-समय पर एचएसपीसीबी को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई के लिए दी गई है। सीएक्यूएम द्वारा एचएसपीसीबी पोर्टल के माध्यम से 19.06.2026 से 22.06.2026 तक किए गए दूरस्थ निगरानी अभ्यास के दौरान यह पाया गया कि पानीपत में पंजीकृत 213 सक्रिय निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) स्थलों, सोनीपत में 457, फरीदाबाद में 168, गुरुग्राम (उत्तर) में 691 और गुरुग्राम (दक्षिण) में 484 स्थलों में से अधिकांश स्थलों पर वेबकैम लिंक काम नहीं कर रहे थे। फरीदाबाद में केवल 4, गुरुग्राम (उत्तर) में 6 और गुरुग्राम (दक्षिण) में 5 स्थलों पर ही वेबकैम लिंक काम कर रहे थे। इन निष्कर्षों की जानकारी 08.07.2026 को एचएसपीसीबी को दी गई। सीएक्यूएम ने पहले भी एचएसपीसीबी को पोर्टल के माध्यम से प्रभावी रिमोट मॉनिटरिंग के लिए एक समर्पित टीम तैनात करने की सलाह दी थी। हालांकि, न तो ऐसी कोई टीम तैनात की गई और न ही कोई ठोस सुधार देखने को मिला। वेब-कैमरा लिंक के काम न करने से निर्माण एवं विध्वंस स्थलों की प्रभावी रिमोट मॉनिटरिंग और धूल नियंत्रण उपायों के सत्यापन के लिए वेब पोर्टल का मूल उद्देश्य ही विफल हो गया है। आयोग ने लगातार जारी अनियमितताओं और एचएसपीसीबी द्वारा निर्देशों का पालन न करने को गंभीरता से लेते हुए, इस मामले को आयोग के निर्देशों के प्रवर्तन के लिए जिम्मेदार नामित प्राधिकरण द्वारा जानबूझकर निर्देशों का पालन न करने के रूप में माना है। सीएक्यूएम ने एचएसपीसीबी को समीक्षा बैठक के लिए बुलाया, ताकि वह आवश्यक जानकारी, विस्तृत जवाब और उसे जारी किए गए नोटिसों के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करे, जिसमें अनुपालन की पूरी स्थिति बताई गई हो। प्रत्युत्तर में, एचएसपीसीबी ने आयोग को अनुपालन की स्थिति और सीएक्यूएम के वैधानिक निर्देशों के कार्यान्वयन की दिशा में उठाए गए कदमों से अवगत कराया। इसके अतिरिक्त, समीक्षा बैठक में, एचएसपीसीबी को आयोग द्वारा जारी सभी आदेशोंध्वैधानिक निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने और निर्माण एवं विध्वंस स्थलों की प्रभावी तथा निर्बाध दूरस्थ निगरानी सुनिश्चित करने के लिए गैर-अनुपालन स्थलों को बंद करने सहित आवश्यक सुधारात्मक उपाय करने का निर्देश दिया गया है। संबंधित अधिकारियों को निगरानी और प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करने का भी निर्देश दिया गया ताकि निर्माण एवं विध्वंस स्थलों पर निर्धारित धूल नियंत्रण उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। आयोग ने दोहराया कि एनसीआर में वायु प्रदूषण की रोकथाम और उसे कम करने के लिए संबंधित एजेंसियों द्वारा उसके वैधानिक निर्देशों का प्रभावी कार्यान्वयन अत्यंत महत्वपूर्ण है। सीएक्यूएम ने इस बात पर जोर दिया कि संबंधित एजेंसियों को सीएक्यूएम द्वारा जारी आदेशोंध्वैधानिक निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करना चाहिए। साथ ही, प्रभावी जमीनी कार्यान्वयन के लिए निगरानी और प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करना चाहिए। आयोग अनुपालन की बारीकी से निगरानी करना जारी रखेगा और क्षेत्र में वायु प्रदूषण को प्रभावी ढंग से कम करने के लिए आवश्यक उपाय करेगा।

देशभर में चलाए गए अभियानों में डीआरआई ने लगभग 740 किलोग्राम गांजा और चरस जब्त कर अवैध गांजा तस्करी पर अपनी कार्रवाई तेज की और 13 लोगों को गिरफ्तार किया
नई दिल्ली, 09 सितम्बर, अभीतक: राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ खुफिया जानकारी पर आधारित अपनी कार्रवाई को जारी रखते हुए, पिछले पखवाड़े देश भर में आठ महत्वपूर्ण अभियान चलाए हैं, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 740 किलोग्राम गांजा और चरस जब्त की गई है। साथ ही एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जब्त की गई वस्तुओं में 709.6 किलोग्राम गांजा , 24.5 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला हाइड्रोपोनिक गांजा और 5 किलोग्राम चरस शामिल हैं। 8 सितंबर 2026 को खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए एक अभियान में, डीआरआई के अधिकारियों ने रायपुर के पास ओल्ड धमतारी रोड पर विशाखापत्तनम से आ रहे दो ट्रकों के लोडिंग क्षेत्र में रखे 10 बोरों में छिपाए गए 61 पैकेट बरामद किए, जिनमें गांजा होने का संदेह था। फील्ड परीक्षण में गांजे की मौजूदगी की पुष्टि हुई। एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत कुल 375.95 किलोग्राम गांजा, दोनों ट्रकों के साथ जब्त कर चार लोगों को गिरफ्तार किया गया।
रायपुर में एक ट्रक और 375.95 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया
इससे पहले, 26.08.2026 को, डीआरआई अधिकारियों ने रायपुर के पास रोके गए एक ट्रक में छिपाया गया लगभग 124 किलोग्राम गांजा जब्त किया था। ट्रक को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत जब्त कर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था।
रायपुर: ट्रक के साथ 124 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया
5-6 सितंबर 2026 के दौरान चलाए गए एक अन्य अभियान में, विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए, डीआरआई के अधिकारियों ने पीछा करने के बाद पटना के पास औरंगाबाद-पटना राजमार्ग पर एक ट्रक को रोका। इस दौरान, अधिकारियों पर हमला किया गया, जिसमें एक अधिकारी घायल हो गया, जबकि ट्रक का चालक भागने में सफल रहा। वाहन की तलाशी लेने पर चालक के केबिन के पीछे एक गुप्त स्थान मिला, जहां से गांजे के 90 पैकेट बरामद किए गए। कुल 140.5 किलोग्राम गांजा और ट्रक को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत जब्त कर लिया गया। 01ध्02.09.2026 को, पंजाब के लुधियाना के पास डीआरआई के अधिकारियों ने एक संदिग्ध वाहन को रोका और तलाशी लेने पर लगभग 69 किलोग्राम वजन के 67 पैकेट गांजा बरामद किया। ये पैकेट वाहन के फर्श में विशेष रूप से बनाए गए गड्ढों में छिपाए गए थे। जब्त किए गए पदार्थ और उसके परिवहन के लिए इस्तेमाल किए गए वाहन को जब्त कर लिया गया और दो लोगों को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत गिरफ्तार किया गया। 3 सितंबर 2026 को, विशिष्ट सूचना के आधार पर, डीआरआई के अधिकारियों ने गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर अमरनाथ एक्सप्रेस ट्रेन के सामान्य डिब्बे में यात्रा कर रहे तीन लोगों को पकड़ा। तलाशी लेने पर लगभग 5 किलोग्राम चरस ( हशीश ) बरामद हुई, जिसे दो यात्रियों ने अपनी जांघों के चारों ओर घुटने के आकार के आवरण में लपेटकर और अपनी साड़ियों के अंदर छिपा रखा था। जांच से पता चला कि चरस नेपाल से तस्करी करके लाई गई थी। बरामद चरसध्हशीश को जब्त कर लिया गया और तीनों व्यक्तियों को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अतिरिक्त, पिछले 15 दिनों में, तीन अलग-अलग अभियानों में डीआरआई के अधिकारियों ने हैदराबाद और बेंगलुरु हवाई अड्डों पर वियतनाम के हनोई और थाईलैंड के बैंकॉक से आने वाले 3 यात्रियों को रोका, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 24.6 किलोग्राम उच्च क्षमता का गांजा जब्त कर तीन व्यक्तियों को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत गिरफ्तार किया गया। इन अभियानों से पता चलता है कि डीआरआई सड़क, रेल और हवाई मार्गों के माध्यम से मादक दवाओं की तस्करी को बाधित करने पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिसमें विशेष रूप से बनाए गए वाहन के गुप्त कक्षों, गुप्त डिब्बों और यात्रियों के सामान में छिपाई गई खेपें भी शामिल हैं।

एनएचएआई ने परियोजनाओं के लिए अनंतिम पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने से पहले वृक्षारोपण के लिए अनुपालन मानदंडों को सख्त किया
नए दिशानिर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे न्यूनतम 80 प्रतिशत वृक्षारोपण और 90 प्रतिशत पौधों के जीवित रहने की दर अनिवार्य है

नई दिल्ली, 09 सितम्बर, अभीतक: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के मध्य और रास्तों के किनारे वृक्षारोपण से संबंधित अनुबंध आधारित दायित्वों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए, व्यापक दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिसमें वृक्षारोपण और भूनिर्माण को राष्ट्रीय राजमार्ग विकास और समग्र परियोजना पूर्णता के अभिन्न अंग के रूप में अनिवार्य किया गया है। नए दिशा-निर्देशों के तहत, एनएचएआई यह सुनिश्चित करेगा कि डिवाइडर और एवेन्यू में वृक्षारोपण संबंधित अनुबंधध्रियायत समझौते और ग्रीन हाइवेज पॉलिसी, 2015य आईआरसीरूएसपीरू21-2009 और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा एनएचएआई द्वारा जारी अन्य प्रासंगिक दिशा-निर्देशों के अनुसार ही किया जाए। दिशा-निर्देशों का एक प्रमुख प्रावधान अनंतिम पूर्णता प्रमाणपत्र (पीसीसी)ध्अनंतिम व्यावसायिक संचालन तिथि (पीसीओडी) जारी करने के लिए न्यूनतम सीमा का निर्धारण है। वृक्षारोपण कार्य को अनंतिम पूर्णता प्रमाणपत्र के लिए तभी अनुपालन योग्य माना जाएगा जब वृक्षारोपण के लिए निर्धारित उपलब्ध मार्ग (आरओडब्ल्यू) के कम से कम 80 प्रतिशत भाग पर वृक्षारोपण किया गया हो और अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के समय रोपित पौधों की जीवित रहने की दर कम से कम 90 प्रतिशत हो। दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि निर्धारित 80 प्रतिशत सीमा से अधिक वृक्षारोपण में किसी भी कमी को पूरा करने के लिए विशिष्ट समय-सीमा के साथ उजागर किया जाना चाहिए। संबंधित अनुबंधध्रियायत समझौते के तहत उचित वित्तीय कटौती तब तक लागू की जाएगी जब तक शेष वृक्षारोपण पूरा नहीं हो जाता और निर्धारित लक्ष्य पूरी तरह से प्राप्त नहीं हो जाता। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने राष्ट्रीय राजमार्गों के संचालन एवं रखरखाव अवधि के दौरान वृक्षारोपण संबंधी आवश्यकताओं को भी मजबूत किया है। इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन, हाइब्रिड एन्युटी मोड और बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर एन्युटी परियोजनाओं में ओएंडएमध्एन्युटी भुगतान जारी करना, साथ ही बीओटी-टोल परियोजनाओं में रखरखाव अनुपालन का आकलन करना, ओएंडएम अवधि के दौरान न्यूनतम 90 प्रतिशत उत्तरजीविता दर बनाए रखने पर निर्भर करेगा। दिशा-निर्देशों में वृक्षारोपण घनत्व को बनाए रखने के लिए समय पर पौधों की क्षति होने पर उन्हें बदलने का भी आदेश दिया गया है। पौधों के सूखने पर, समान आयु और वृद्धि वाले पौधों से उन्हें बदला जाएगा, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारे के साथ वृक्षारोपण की एकरूपता और निरंतरता बनी रहेगी। रखरखाव वार्षिक भुगतान की प्रक्रिया करने या रखरखाव अनुपालन को प्रमाणित करने से पहले, एनएचएआई द्वारा नियुक्त पर्यावरण और वृक्षारोपण विशेषज्ञ से तकनीकी सहायता प्राप्त करेगा ताकि क्षेत्र स्तर पर अनुपालन का सत्यापन किया जा सके और निर्धारित पौध उत्तरजीविता मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। एनएचएआई ने पहले पाया था कि डिवाइडर और एवेन्यू के किनारे वृक्षारोपण का विकास, जो कि एक अनुबंध आधारित दायित्व है, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए पीसीसीध्पीसीओडी जारी करते समय अक्सर उचित महत्व नहीं दिया जाता था। संशोधित दिशानिर्देश राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के मूल कार्यान्वयन और रखरखाव ढांचे में पर्यावरणीय स्थिरता और वृक्षारोपण प्रबंधन को एकीकृत करने के लिए एनएचएआई की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हैं।

एमएसडीई द्वारा महिलाओं के लिए टिकाऊ आजीविका निर्माण विषय पर स्किल मंथन का आयोजन
स्किल मंथन के उद्घाटन सत्र में श्री जयंत चैधरी: देश के जिले आर्थिक विकास और सुधार के इंजन हैं

नई दिल्ली, 09 सितम्बर, अभीतक: भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने श्महिलाओं के लिए टिकाऊ आजीविका निर्माणश् विषय केंद्रित श्स्किल मंथनश् का उद्घाटन सत्र आयोजित किया। इस वर्चुअल संवाद में उत्तर प्रदेश के मेरठ और बिजनौर तथा आंध्र प्रदेश के एनटीआर जिले से आए अभिनव पहल और प्रयासों को प्रस्तुत किया गया। इसमें यह दर्शाया गया कि कैसे जिला प्रशासन कौशल विकास, उद्यमिता, वित्त, प्रौद्योगिकी और बाजार पहुँच को मिलाकर महिलाओं के लिए टिकाऊ आजीविका के अवसर सृजित कर सकता है। यह श्स्किल मंथनश् एक ज्ञान-साझाकरण मंच के रूप में कार्य करेगा, जो अभिनव और प्रभावशाली जिला-स्तरीय प्रयासों को प्रदर्शित करेगा। भारत सरकार में कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चैधरी ने इस पहल पर बोलते हुए कहा, जिला प्रशासन वास्तव में विकास, सुधार और परिवर्तन के इंजन हैं। हमारी जिला-आधारित योजना दृष्टिकोण के माध्यम से, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कौशल विकास के सभी प्रयास स्थानीय आवश्यकताओं से संचालित हों और उद्योग, विशेष रूप से एमएसएमई की आवश्यकताओं के अनुरूप हों। जिला कौशल विकास योजनाओं द्वारा समर्थित, कौशल विकास एजेंडा देश के सभी जिला प्रशासन की प्राथमिकता में है, जो युवाओं और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं के लिए अधिक प्रतिक्रियाशील, मांग-संचालित और प्रभावशाली परिणाम सक्षम बनाने का काम करती है। कौशल विकास मंत्रालय की सचिव श्रीमती देबाश्री मुखर्जी ने कहा, भारत की कौशल विकास आकांक्षाएँ तभी पूरी हो सकती हैं जब कौशल विकास स्थानीय वास्तविकताओं से संचालित हो। जिला आवश्यकताओं और रोजगार के अवसरों के अनुरूप अति-स्थानीय (हाइपरलोकल) कौशल विकास, हमारी युवा पीढ़ी को प्रासंगिक कौशल से सज्जित करने और तेजी से बदलती अर्थव्यवस्था में उन्हें सार्थक आजीविका से जोड़ने के लिए आवश्यक है। जिला कलेक्टरों और जिला मजिस्ट्रेटोंकृउत्तर प्रदेश के बिजनौर की सुश्री जसजीत कौर, आंध्र प्रदेश के एनटीआर की डॉ. जी. लक्ष्मीशा और उत्तर प्रदेश के मेरठ के डॉ. विजय कुमार सिंहकृने कौशल विकास, उद्यमिता और बाजार एकीकरण के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अभिनव मार्ग प्रस्तुत किए। मेरठ ने एक महिला-केंद्रित विनिर्माण मॉडल प्रदर्शित किया, जो बैडमिंटन रैकेट और शटलकॉक उत्पादन में व्यावहारिक प्रशिक्षण और रोजगार प्रदान करता है। बिजनौर ने श्विदुर प्रेरणा स्वदेशीश् को उजागर किया, जो ब्रांडिंग, बाजार पहुँच और उद्यम समर्थन के माध्यम से ग्रामीण महिला उद्यमियों को सक्षम बनाने वाला एक जिला-व्यापी मंच है। एनटीआर जिले के श्राइजश् (त्प्ैम्) ने एक वन-स्टॉप पारिस्थितिकी तंत्र प्रस्तुत किया, जो कौशल विकास, ऋण सुविधा, मार्गदर्शन, रोजगार लिंकेज और उद्यमिता समर्थन प्रदान करता है। यह दर्शाता हुआ कि स्थानीय संस्थाओं को मिलाकर महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए कैसे टिकाऊ अवसर सृजित किए जा सकते हैं। इस सत्र में कौशल विकास मंत्रालय की जिला प्रशासनों के साथ सहयोग को मजबूत करने और सफल स्थानीय मॉडलों को दस्तावेजबद्ध, साझा और पुनरावृत्त करने के लिए एक राष्ट्रीय मंच सृजित करने की प्रतिबद्धता को दोहराया गया। श्स्किल मंथनश् के माध्यम से, जिला-स्तरीय नवाचार महिलाओं की आर्थिक भागीदारी, आत्मनिर्भर समुदायों और विकसित भारत/2047 की दृष्टि में योगदान देगा।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का शुभारंभ किया
राष्ट्रव्यापी अभियान में आहार विविधता, खाने में पर्याप्त प्रोटीन और ताजे पके भोजन पर जोर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा आंगनवाड़ी केंद्र जीवंत सामुदायिक संस्थान बने
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास ने कहा 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्र 7.5 करोड़ से अधिक बच्चों और 1.10 करोड़ गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल सेवाएं प्रदान कर रहे हैं

श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने लोगों से 2047 तक सुपोषित भारत और विकसित भारत की दिशा में पोषण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया
नई दिल्ली, 09 सितम्बर, अभीतक: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने आज 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का वाराणसी के रुद्राक्ष इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड कन्वेंशन सेंटर में शुभारंभ किया। हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी विषय के तहत इस एक महीने के पोषण माह का उद्घाटन राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन के रूप में किया गया। 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर और उत्तर प्रदेश सरकार की महिला कल्याण, बाल विकास एवं पोषण मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य के साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, विकास भागीदार, अग्रिम पंक्ति के सेवा प्रदाता कर्मी और लाभार्थियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने अपने विशेष संबोधन में पोषण अभियान के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने और जमीनी स्तर पर पोषण सेवा मजबूत बनाने में आंगनवाड़ी केंद्रों की परिवर्तनकारी भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए विभागों के बीच निरंतर समन्वय, सक्रिय सामुदायिक भागीदारी और अग्रिम पंक्ति के समर्पित सेवा प्रदाताओं की भूमिका बेहद अहम है। श्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले कुछ वर्षों में हुए महत्वपूर्ण सुधारों की चर्चा करते हुए कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों को उन्नत और नवीनीकृत किया गया है और उन्हें बेहतर बुनियादी ढांचे और शिक्षण वातावरण के साथ जीवंत सामुदायिक संस्थानों में बदला गया है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे अब वास्तविक समय में डेटा प्रविष्टि और डिजिटल निगरानी द्वारा बेहतर सेवा वितरण संभव हो गया है। श्री योगी आदित्यनाथ ने पूरक पोषण सेवा सुदृढ़ीकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र अब पात्र लाभार्थियों को नियमित रूप से गर्म पका भोजन और घर ले जाने हेतु राशन प्रदान कर रहे हैं, जिससे पूरे राज्य में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को बेहतर पोषण मिल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि पोषण कभी व्यर्थ नहीं जाता, क्योंकि इससे स्वस्थ बच्चों, सशक्त परिवारों और मजबूत राष्ट्र के रूप में जीवनपर्यन्त लाभ मिलता है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने अपने मुख्य संबोधन में, मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण द्वितीय चरण द्वारा पोषण परिणामों में सुधार लाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि अभी 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्र 7.5 करोड़ से अधिक बच्चों, 1.10 करोड़ गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं और लगभग 16 लाख किशोरियों को पोषण, स्वास्थ्य और आरंभिक बाल्यावस्था देखभाल सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने जीवन के पहले 1000 दिनों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सरकार दो लाख आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी केंद्र के रुप में उन्नत बना रही है, जिनमें उत्तर प्रदेश में लगभग 24 हजार केंद्रों को मंजूरी दी गई है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के कार्यान्वयन के दस वर्ष पूरे हो गए हैं और इसके तहत प्रत्यक्ष लाभ अंतरण द्वारा अब तक देश भर में 4.65 करोड़ से अधिक माताओं को 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई है। श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने आहार विविधता, भोजन में प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा, ताजा पका भोजन, स्वच्छता और प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास में सुधार के लिए सामुदायिक भागीदारी की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने 2047 तक सुपोषित और विकसित भारत की भविष्य योजना साकार करने के लिए लोगों से पोषण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ और श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने कुछ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ प्रत्यक्ष संवाद किया, जिनके केंद्रों को फिल्मों में दर्शाया गया। कार्यक्रम के दौरान विशेष खंड में ताजा पका भोजन, घर ले जाने वाले राशन, गृह भ्रमण और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल तथा शिक्षा से संबंधित लाभार्थियों के अनुभव संबंधी वीडियो फिल्म दिखाई गई। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने अपने संबोधन में समुदायों, पंचायती राज संस्थानों, स्वयं सहायता समूहों और परिवारों से पोषण आंदोलन में सक्रियता से भाग लेने और पोषण और बाल देखभाल सेवाओं को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने का आह्वान किया। महिला एवं बाल विकास सचिव श्री अनिल मलिक ने अपने स्वागत संबोधन में उल्लेख किया कि पोषण अभियान एक सरकारी कार्यक्रम से व्यापक होकर अब राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन बन गया है। उन्होंने कहा कि इसके अगले चरण में सामुदायिक भागीदारी और जवाबदेही और मजबूत बनाना आवश्यक है। उन्होंने प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र में संस्थागत और तकनीकी सुदृढ़ीकरण को बेहतर सेवा गुणवत्ता में बदलने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के औपचारिक शुभारंभ से पहले, गणमान्य व्यक्तियों ने वहां आयोजित पोषण मेला देखा जिसमें पोषण-केंद्रित नवाचार, स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थ और आंगनवाड़ी केंद्रों की सर्वोत्तम प्रथाएं प्रदर्शित की गई हैं। इस अवसर पर पोषण माह 2026 पर एक विशेष दृश्य-श्रव्य प्रस्तुति भी दी गई, जिसके उपरांत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने औपचारिक रूप से इस राष्ट्रव्यापी अभियान का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के 10 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक फिल्म भी दिखाई गई, जिसमें देश भर में मातृ स्वास्थ्य और पोषण परिणामों में सुधार लाने में योजना के लाभ दर्शाए गए। 2018 में पोषण अभियान आरंभ होने के बाद से ही पोषण माह, पोषण पखवाड़ा और अन्य सामुदायिक सहभागिता पहल द्वारा 150 करोड़ से अधिक जन आंदोलन गतिविधियां आयोजित की गई हैं। राष्ट्रीय पोषण माह 2026 देश भर में 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें निम्नलिखित गतिविधियों पर विशेष जोर रहेगा
आहार में विविधता और भोजन में प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा
आंगनवाड़ी केंद्रों में ताजा गरम भोजन उपलब्ध कराना
आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों और पूरक पोषण कार्यक्रम मेनू बोर्डों के माध्यम से सामुदायिक स्वामित्व
बाल विकास से संबंधित पोषण और प्रारंभिक प्रोत्साहन
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के 10 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कार्यक्रम

एक महीने के राष्ट्रीय पोषण माह अभियान का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों के साथ सामुदायिक जुड़ाव मजबूत बनाना और बेहतर पोषण, मातृ स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास के लिए सामूहिक कार्यान्वयन को बढ़ावा देना है, जिससे सुपोषित भारत के विचार को बल मिले।

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