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बेरी अपडेट : शनिवार देर शाम बेरी माता भीमेश्वरी देवी मंदिर पहुंचीं डीसी वर्षा खांगवाल।
मंदिर परिसर में पहुंचकर मेले की व्यवस्थाओं का लिया जायजा।
श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन करवाना प्रशासन की प्राथमिकता।
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश।
मंदिर परिसर में साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा।
श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश।



एच. डी. स्कूल़ में नवरात्रि के अवसर पर नवरात्रि उत्सव का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ किया गया
झज्जर, 17 अक्तूबर, अभीतक: एच. डी. स्कूल, बिरोहड़ में नवरात्रि के पावन अवसर पर नवरात्रि उत्सव का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ किया गया। इस अवसर पर विद्यालय का वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और नवरात्रि पर्व के महत्व से परिचित करवाना तथा उनमें संस्कारों, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना का विकास करना था। कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्या नमिता दास, उप-प्रधानाचार्य नवीन सनसनवाल, प्राथमिक विभाग प्रभारी प्रीति पाहवा, प्राथमिक विभाग के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा विद्यालय की सभी महिला कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सफल एवं यादगार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर माँ दुर्गा की भव्य तस्वीर विशेष आकर्षण का केंद्र रही। विद्यालय के कला शिक्षक कृष्ण कुमार ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का परिचय देते हुए माँ दुर्गा की एक बड़ी एवं सुंदर तस्वीर तैयार की। उनकी इस कलाकृति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और उपस्थित सभी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। माँ दुर्गा की मनमोहक तस्वीर ने पूरे आयोजन को विशेष आध्यात्मिक आभा प्रदान की। प्राथमिक कक्षाओं के नन्हे विद्यार्थियों ने नवरात्रि उत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लिया। शिक्षकों ने बच्चों को नवरात्रि के नौ दिनों के महत्व, माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों तथा बुराई पर अच्छाई की विजय के संदेश के बारे में जानकारी दी। बच्चों को बताया गया कि नवरात्रि केवल पूजा-अर्चना का पर्व नहीं है, बल्कि यह शक्ति, साहस, नारी सम्मान और सकारात्मक विचारों का प्रतीक भी है। विद्यालय के निदेशक श्री बलराज फौगाट ने नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति एवं परंपराएँ हमें सत्य, धर्म, साहस और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। ऐसे सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण और नैतिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रधानाचार्या नमिता दास ने इस प्रकार के सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजनों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उनमें अनुशासन, सहयोग, सम्मान और सद्भाव की भावना भी विकसित करते हैं। प्राथमिक विभाग की प्रमुख श्रीमती प्रीति पाहवा तथा सभी प्राथमिक शिक्षकों ने आयोजन को सफल बनाने में सराहनीय योगदान दिया। कार्यक्रम श्रद्धा, उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा के वातावरण में संपन्न हुआ। नवरात्रि उत्सव ने विद्यार्थियों के मन में भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान और माँ दुर्गा के प्रति आस्था की भावना को और अधिक प्रगाढ़ किया।



संस्कारम पब्लिक स्कूल खातीवास में वीरों का सम्मान, एनडीए क्वालीफायर्स को मिला 5100-5100 का नकद इनाम’
झज्जर, 17 अक्तूबर, अभीतक: खातीवास स्थित संस्कारम पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को एनडीए (छक्।) लिखित परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले विद्यार्थियों के सम्मान में एक भव्य अभिनंदन समारोह ष्थ्मसपबपजंजपवद ब्मतमउवदल दृ ब्मसमइतंजपदह व्नत ल्वनदह ।बीपमअमतेष् का आयोजन किया गया। सेना के जवानों की गरिमामयी उपस्थिति तथा फूलों व रंग-बिरंगे बैनरों से सुसज्जित मंच पर आयोजित इस समारोह में विद्यालय के बीस विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिसमें एनडीए सितंबर-2026 बैच के मयंक, अक्षित, पार्थ, हीना, पार्थ, दिव्यांशु, देपांशु, यश, आरुष, गीतांशु, राहुल, चिराग, शक्षी, अमित, यश, दिनेश, अंकिता, मान, जितेंद्र तथा मानव शामिल रहे। इसके साथ ही जिले में वर्तमान बैच से सर्वाधिक एनडीए क्वालीफायर्स देने का गौरव भी संस्कारम पब्लिक स्कूल खातीवास को प्राप्त हुआ है। समारोह के दौरान सभी विजेता विद्यार्थियों को उनके माता-पिता के साथ मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। चेयरमैन डॉ महिपाल जी ने प्रत्येक विद्यार्थी व उनके अभिभावकों को माला पहनाकर, ट्रॉफी व प्रमाण पत्र भेंट कर उनका अभिनंदन किया तथा हर विजेता को 5100 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया। बच्चों की इस सफलता पर माता-पिता की आंखों में छलकी खुशी पूरे समारोह का सबसे भावपूर्ण क्षण बनी। इसी दौरान विद्यार्थियों ने देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत पारंपरिक वेशभूषा में मनमोहक सामूहिक लोक नृत्य प्रस्तुत कर समारोह में उत्साह व उमंग भर दिया, जिसने उपस्थित सभी अतिथियों व अभिभावकों का मन मोह लिया। मंच पर आकर एनडीए क्वालीफायर विद्यार्थियों ने अपनी तैयारी, संघर्ष व सफलता की प्रेरक कहानियां साझा कीं, जिसने उपस्थित जूनियर विद्यार्थियों में भी नई ऊर्जा का संचार किया। अभिभावकों ने भी विद्यालय प्रबंधन व अध्यापकों द्वारा अपने बच्चों को दिए गए संस्कार व मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। चेयरमैन डॉ महिपाल जी ने समस्त अध्यापकों के अथक परिश्रम व समर्पण के लिए भी विशेष धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह सफलता शिक्षकों के निरंतर मार्गदर्शन का ही सुफल है। उन्होंने घोषणा की कि अब इन सभी विद्यार्थियों के आगामी एसएसबी (ैैठ) साक्षात्कार की तैयारी के लिए विद्यालय परिसर में ही पूर्णतः निःशुल्क विशेष कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी, ताकि विद्यार्थी साक्षात्कार में भी पूर्ण आत्मविश्वास के साथ सफलता प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने के हर कदम पर उनके साथ खड़ा रहेगा। विद्यालय परिवार ने सभी एनडीए क्वालीफायर विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों तथा अध्यापकों को इस गौरवशाली उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।




पहले ही प्रयास में HCS परीक्षा पास कर SDM बने विकास जांगड़ा
गांव जमालपुर (साल्हावास) और जिले झज्जर का नाम किया रोशन
झज्जर, 17 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा सिविल सेवा (HCS) परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर विकास जांगड़ा ने अपने गांव जमालापुर, जिला झज्जर का नाम रोशन किया है। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। विकास जांगड़ा सुपुत्र श्री रामभगत जांगड़ा एवं सुपौत्र श्री मघनी सिंह ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह सफलता प्राप्त की है। पहले ही प्रयास में HCS परीक्षा उत्तीर्ण कर SDM (उपमंडल अधिकारी) के पद पर चयनित होना उनकी प्रतिभा और समर्पण को दर्शाता है। विकास की इस उपलब्धि से उनके परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और गांववासियों में खुशी की लहर है। उनकी सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देती है कि मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। विकास जांगड़ा की इस शानदार सफलता पर परिवारजनों एवं क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।







ECA School में आयोजित हुआ डांडिया तरंग, विजय प्रसंग कार्यक्रम
गुरुग्राम, 17 अक्तूबर, अभीतक: Elegant Children*s Academy (ECA School) में नवरात्रि एवं विजयदशमी के अवसर पर डांडिया तरंग, विजय प्रसंग कार्यक्रम का आयोजन उत्साह एवं उल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, परंपरा एवं संस्कारों की सुंदर झलक प्रस्तुत की। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती रश्मि राय चैकसे, निदेशक, महाकाल सेवा समिति एवं My Coaching Class रहीं। आप राष्ट्र सेविका समिति, सोहना नगर की कार्यवाहिका है, विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती अंजू जोशी, सह सचिव, HSSF, INO में उपाध्यक्ष तथा राष्ट्र सेविका समिति, माधव नगर की कार्यवाहिका, उपस्थित रहीं। इस अवसर पर श्रीमती नूतन श्रीवास्तव, जो स्वयं का विद्यालय संचालित करती हैं तथा राष्ट्र सेविका समिति, श्री राम नगर की सह कार्यवाहिका के पद का दायित्व संभाल रही हैं, भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में विद्यालय की ’’प्रधानाचार्या श्रीमती निधि सक्सेना जी’’ ने सभी सम्मानित अतिथियों का परिचय कराया तथा उनके सामाजिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों से उपस्थित जनों को अवगत कराया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने ग्रुप सॉन्ग, डांडिया नृत्य तथा रावण वध एवं रावण दहन की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया। रावण वध एवं रावण दहन के माध्यम से विद्यार्थियों ने सत्य की असत्य पर तथा धर्म की अधर्म पर विजय का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में सम्मानित अतिथियों द्वारा विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। मुख्य अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा एवं प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास के साथ-साथ भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करते हैं।




मढ़ी दुर्गा माता मंदिर में सुंदरकांड पाठ और भजन संध्या आयोजित
भक्तों से भगवान का रिश्ता गहरा होता है, मेरे दरवाजे पे हनुमान का…
झज्जर, 17 अक्तूबर, अभीतक: महोल्ला हरिपुरा स्थित मढ़ी माता मंदिर में दशहरा पर्व के उपलक्ष्य में शुक्रवार रात्रि श्री मढ़ी माता बजरंग सेवा समिति द्वारा संगीतमयी श्री सुंदरकांड पाठ एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया। दशहरा पर्व के उपलक्ष्य में हनुमान जी का स्वरूप धारण करने वाले हनुमान भक्तों ने बाला जी महाराज की पूजा की। मुल्तान सभा के प्रधान जगदीश गेरा, अश्वनी अरोड़ा, विनोद धींगड़ा, अशोक गेरा ने विशिष्ट अतिथि के रूप मे मौजूद रहे। समिति के सदस्यों ने सभी श्रद्धालुओं, अतिथियों का पटका पहनाकर स्वागत अभिनंदन किया। पंडित भावुक भारद्वाज ने कहा कि सुंदरकांड पाठ में राम भक्त हनुमान जी का विशेष महत्व है। मान्यता है हनुमान जी अपने भक्तों के सभी प्रकार के भय और कष्टों का नाश कर देते हैं। हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए सुंदरकांड पाठ का विशेष महत्व माना जाता है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सुंदरकांड कथा वाचक मनमोहन शर्मा, युगल शर्मा, रोहित सोलंकी, कथा वाचक भावुक भारद्वाज सहित भक्तों ने राम जी से राम राम कहियो जी हनुमान जी.. संगीतमयी चैपाइयों के साथ सामूहिक पाठ का गायन किया। श्री दुर्गा मंदिर के पंडित मीनू शर्मा ने मेरे दरवाजे पे हनुमान का पहरा होता है, भक्तों से भगवान का रिश्ता गहरा होता है.. युगल शर्मा, रोहित सोलंकी ने दुनिया चले ना श्री राम के बिना राम जी चले ना हनुमान के बिना.. भजनों से उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्र मुग्ध कर दिया। भक्त जय श्री राम जय बजरंगी बली के जयकारे लगाते रहे। कार्यक्रम में नगर पार्षद सुषमा तिलक राज गोसाई ने मुख्यातिथि के रूप में ज्योति प्रज्वलित कर श्री सुंदरकांड पाठ का शुभारम्भ किया। नगर पार्षद सुषमा गोसाई ने नवरात्र के पावन पर्व की श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी। कहा कि धार्मिक आयोजन समय-समय पर होते रहने चाहिए ताकि हर इंसान धर्म से जुड़ा रहे। सुंदरकांड पाठ के विश्राम पर हनुमान चालीसा, आरती के उपरांत प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर मढ़ी मन्दिर के पुजारी विजय शर्मा, रोहित शर्मा, विनीता शर्मा, सुषमा गाबा, रजनी रहेजा, उमंग धींगड़ा, मुल्तान सभा के प्रधान, अश्वनी अरोड़ा, विनोद धींगड़ा, अशोक गेरा, मुकेश पोपली, नवीन चुघ, अन्नू नागपाल, चंदा चुघ, अशोक चुघ, अशोक पोपली, सुंदरलाल, राजू सहित काफी संख्या में हनुमान स्वरूप धारण करने वाले हनुमान भक्त, बड़ी संख्या में महिलाएं एवं युवा मौजूद रहे।

निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों से उड़ने वाली धूल पर प्रशासन सख्त, नियमों की पालना अनिवार्य: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के लिए सीएक्यूएम के निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने पर दिया जोर
बैरियर लगाकर निर्माण स्थल को ढकें, नियमित पानी का छिड़काव करें और निर्माण सामग्री का ढके हुए वाहनों में ही करें परिवहन
झज्जर, 17 अक्तूबर, अभीतक: जिला में वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण और आमजन को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। डीसी वर्षा खांगवाल ने निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) गतिविधियों से उत्पन्न होने वाली धूल पर नियंत्रण के लिए संबंधित विभागों और निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों को निर्धारित नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल वायु प्रदूषण बढ़ाने के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है, इसलिए धूल नियंत्रण के सभी आवश्यक उपाय अपनाना अनिवार्य है। डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि निर्माण स्थलों पर धूल को नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा जारी निर्देशों की पालना सुनिश्चित की जाए। निर्माण स्थल को चारों ओर से उचित बैरिकेडिंग के साथ कवर किया जाए तथा निर्माण सामग्री को खुले में रखने के बजाय ढककर रखा जाए। इसके अतिरिक्त निर्माण स्थल, आंतरिक रास्तों और खुले क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाए, ताकि धूल के कण हवा में न फैलें।
निर्माण सामग्री का परिवहन ढके हुए वाहनों में करना जरूरी
डीसी ने निर्देश दिए कि रेत, मिट्टी, बजरी और निर्माण एवं विध्वंस से निकलने वाले मलबे का परिवहन पूरी तरह ढके हुए वाहनों में किया जाए। इससे सड़कों पर निर्माण सामग्री गिरने और धूल उड़ने की समस्या को कम किया जा सकेगा। उन्होंने निर्माण स्थलों से बाहर निकलने वाले वाहनों के पहियों की सफाई के लिए आवश्यक प्रबंध करने तथा आसपास की सड़कों को साफ रखने पर भी जोर दिया।
पीएम 10 और पीएम 2.5 की निगरानी पर जोर
डीसी ने कहा कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निर्माण स्थलों पर धूल के स्तर की निगरानी भी जरूरी है। इसके लिए लो-कॉस्ट पीएम 10 और पीएम 2.5 सेंसर के माध्यम से प्रदूषण स्तर की निगरानी करने तथा बड़े निर्माण स्थलों पर सीसीटीवी और पीटीजेड कैमरों के माध्यम से गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देशों की पालना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पीएम 10 और पीएम 2.5 के बढ़ते स्तर से सांस संबंधी समस्याएं, खांसी, आंखों में जलन और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए निर्माण गतिविधियों के दौरान पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपायों की नियमित निगरानी करें और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण बनाए रखना प्रशासन के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। निर्माण कार्यों में निर्धारित मानकों की पालना करके धूल प्रदूषण को कम किया जा सकता है और झज्जर जिला को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाया जा सकता है।





प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई
10 चालान कर 46 हजार रुपये का जुर्माना लगाया
डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में चलाया गया निरीक्षण अभियान, नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर की गई कार्रवाई
झज्जर, 17 अक्तूबर, अभीतक: जिला में पर्यावरण संरक्षण और प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक कैरी बैग के उपयोग एवं बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में झज्जर में प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग के विरुद्ध विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दुकानदारों के कुल 10 चालान किए गए और 46,000 रुपये की जुर्माना राशि निर्धारित की गई। यह संयुक्त कार्रवाई हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. सुनील श्योराण के निर्देशन में बोर्ड के जेई सोनू बिधान तथा नगर परिषद झज्जर के सेनेटरी इंस्पेक्टर आनंद मलिक द्वारा की गई। निरीक्षण अभियान का उद्देश्य प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग के इस्तेमाल और बिक्री पर प्रभावी रोक लगाना तथा दुकानदारों को पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नियमों के प्रति जागरूक करना था।
10 चालान कर निर्धारित किया 46 हजार रुपये का जुर्माना
क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. श्योराण ने बताया कि निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अलग-अलग राशि के चालान किए गए। इनमें 10,000 रुपये के चार चालान कर 40,000 रुपये, 1,500 रुपये के तीन चालान कर 4,500 रुपये तथा 500 रुपये के तीन चालान कर 1,500 रुपये की जुर्माना राशि निर्धारित की गई। इस प्रकार अभियान के दौरान कुल 10 चालान किए गए और कुल 46,000 रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया। डॉ सुनील ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग एवं बिक्री पर रोक लगाने के लिए निरीक्षण और जागरूकता संबंधी गतिविधियां महत्वपूर्ण हैं।
पर्यावरण संरक्षण के नियमों की पालना करें दुकानदार
क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. सुनील श्योराण ने दुकानदारों एवं व्यापारियों से अपील की कि वे प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक कैरी बैग का उपयोग और बिक्री न करें तथा पर्यावरण संरक्षण से संबंधित नियमों का पूरी तरह पालन करें। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती है। इसे कम करने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ आमजन की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने दुकानदारों से ग्राहकों को प्लास्टिक कैरी बैग के स्थान पर पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। साथ ही आमजन से भी खरीदारी के दौरान कपड़े या अन्य पुनः उपयोग किए जा सकने वाले थैलों का इस्तेमाल करने की अपील की।
जनसहयोग से बनेगा स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त वातावरण
डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों के तहत नागरिकों और व्यापारियों की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया गया। प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग पर रोक लगाने के लिए नियमों की पालना सुनिश्चित करने के साथ लोगों को जागरूक करना भी जरूरी है। अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में प्लास्टिक का उपयोग कम करें, प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग से दूरी बनाएं और स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग दें। सामूहिक प्रयासों और पर्यावरण के अनुकूल आदतों को अपनाकर ही प्लास्टिक प्रदूषण को कम किया जा सकता है तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।

दुर्गा सप्तमी पर माता भीमेश्वरी देवी के दर्शन के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
बेरी में मुख्य मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं ने किए माता के दर्शन, एसडीएम रेणुका नांदल ने व्यवस्थाओं का जायजा लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश
श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर प्रशासन सतर्क, सभी व्यवस्थाएं सुचारू रखने पर जोर
बेरी, 17 अक्तूबर, अभीतक: धर्मनगरी बेरी स्थित माता भीमेश्वरी देवी मंदिर में शारदीय नवरात्र के अवसर पर आयोजित मुख्य मेले में दुर्गा सप्तमी के दिन लाखों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़नी शुरू हो गई और माता के दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उपमंडल प्रशासन की ओर से विभिन्न व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। डीसी वर्षा खांगवाल के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित मेले की व्यवस्था की जिम्मेदारी एसडीएम रेणुका नांदल द्वारा प्रभावी रूप से निभाई जा रही है। मुख्य मेले के दौरान एसडीएम बेरी रेणुका नांदल ने मेला स्थल का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की अधिक आवाजाही को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं व्यवस्थित रखी जाएं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
एसडीएम रेणुका नांदल ने कहा कि माता भीमेश्वरी देवी के मुख्य मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में सभी संबंधित विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें और अपनी जिम्मेदारियों का पूरी तत्परता से निर्वहन करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू बनाए रखी जाए तथा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए संबंधित अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी करें और आवश्यकता के अनुसार तुरंत कदम उठाएं।
साफ-सफाई और आवश्यक सुविधाओं पर विशेष जोर
एसडीएम ने मेला स्थल पर स्वच्छता बनाए रखने, पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा चिकित्सा सहायता सहित अन्य जरूरी सुविधाओं को सुचारू रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से भी अपील की गई कि वे व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करते हुए शांतिपूर्वक माता के दर्शन करें।




दशहरा पर्व पर चप्पे-चप्पे पर रहेगी प्रशासन की नजर: जिलाधीश
झज्जर, बेरी, दुजाना और बहादुरगढ़ में रावण दहन के दौरान सुरक्षा व कानून व्यवस्था संभालेंगे अधिकारी
20 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से कार्यक्रम संपन्न होने तक ड्यूटी पर रहेंगे मजिस्ट्रेट
झज्जर, 17 अक्तूबर, अभीतक: दशहरा पर्व पर जिला में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने और रावण दहन कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक प्रबंध किए हैं। जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने 20 अक्टूबर को आयोजित होने वाले दशहरा कार्यक्रमों के मद्देनजर चार ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं। नोडल अधिकारी सुबह 11 बजे से रावण दहन कार्यक्रम संपन्न होने तक अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में तैनात रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। जिला में झज्जर शहर, बेरी कस्बे, गांव दुजाना में नया जोहड़ धानक मोहल्ला के पास तथा बहादुरगढ़ शहर में रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और शहरों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने कहा कि झज्जर में नगर परिषद के उपमंडल अभियंता सुनील को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है । वहीं बहादुरगढ़ में लोक निर्माण विभाग के उपमंडल अभियंता मुकेश शर्मा, बेरी में लोक निर्माण विभाग के उपमंडल अभियंता अजय कुमार तथा दुजाना में पंचायती राज विभाग के उपमंडल अभियंता ईश्वेन्द्र को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नियुक्त ड्यूटी मजिस्ट्रेट संबंधित पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त करेंगे। इस दौरान भीड़ की आवाजाही, यातायात और कानून व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए सतर्क रहें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। सभी अधिकारी समय-समय पर अपने उच्च अधिकारियों को स्थिति की जानकारी भी देंगे।
एसडीएम होंगे अपने-अपने उपमंडल के समग्र प्रभारी
जारी आदेश के अनुसार, झज्जर, बहादुरगढ़ और बेरी के उपमंडल मजिस्ट्रेट अपने-अपने उपमंडल में संपूर्ण व्यवस्था के समग्र प्रभारी होंगे। जिला प्रशासन का उद्देश्य दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न करवाना तथा कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रशासन ने आमजन से भी व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

बेरी मेले में विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़ी योजनाओं से रूबरू हो रहे श्रद्धालु
माता भीमेश्वरी देवी मंदिर परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के स्टाल पर श्रद्धालुओं को पीएलवी दे रहे कानूनी अधिकारों और योजनाओं की जानकारी
राष्ट्रीय लोक अदालत, निःशुल्क कानूनी सहायता और मध्यस्थता केंद्र सहित विभिन्न विधिक सेवाओं के प्रति किया जागरूक
बेरी, 17 अक्तूबर, अभीतक: धर्मनगरी बेरी स्थित माता भीमेश्वरी देवी मंदिर में शारदीय नवरात्र के अवसर पर आयोजित मुख्य मेले में शनिवार को दुर्गा सप्तमी के दिन लाखों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से मंदिर परिसर में स्थापित कानूनी सहायता शिविर में प्राधिकरण के पीएलवी द्वारा श्रद्धालुओं विभिन्न कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और निःशुल्क विधिक सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राजकुमार यादव के मार्गदर्शन तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री विशाल के निर्देशानुसार आमजन को कानूनी रूप से जागरूक करने के उद्देश्य से मेले में यह स्टॉल लगाया गया है। इसके माध्यम से श्रद्धालुओं को सरल भाषा में कानूनी प्रावधानों और उपलब्ध विधिक सहायता सेवाओं के बारे में समझाया जा रहा है, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर जरूरत पड़ने पर इन सेवाओं का लाभ उठा सकें।
विभिन्न कानूनी योजनाओं की दी जानकारी
स्टाल पर श्रद्धालुओं को राष्ट्रीय लोक अदालत, स्थायी लोक अदालत, सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र, निःशुल्क कानूनी सहायता और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अन्य योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि कानूनी सहायता के माध्यम से जरूरतमंद व्यक्ति अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उचित मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
कानूनी जागरूकता बढ़ाने में निभा रहीं अहम भूमिका
बाहर वाले मंदिर परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पीएलवी कर्मजीत,सरोज देवी,नवीन रानी, प्रेमवती ने श्रद्धालुओं को विभिन्न विधिक सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने आमजन को अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और जरूरत पड़ने पर प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध करवाई जाने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। इस पहल का उद्देश्य आमजन तक कानूनी जानकारी पहुंचाना और न्याय संबंधी सेवाओं को अधिक सुलभ बनाना है।

डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल, झज्जर में इंटर हाउस डांडिया डांस कॉम्पिटिशन – डांडिया इवनिंग’ का रंगारंग आयोजन’
झज्जर, 17 अक्तूबर, अभीतक: डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल, झज्जर में आज ‘इंटर हाउस डांडिया डांस कॉम्पिटिशन – डांडिया इवनिंग’ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और लोकनृत्य से जोड़ना तथा उनमें सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति रुचि विकसित करना था। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि क्ींतदं ल्ंकंअए क्ब्च् श्रींररंत रहीं। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। विद्यालय परिवार ने मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस इंटर हाउस प्रतियोगिता में चारों हाउसों के विद्यार्थियों ने पारंपरिक वेशभूषा में डांडिया नृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्सव के उल्लास और भारतीय संस्कृति की सुंदरता को प्रदर्शित किया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों के आपसी सहयोग, एकता, अनुशासन और सामूहिक सहभागिता की भावना देखने को मिली। विद्यालय में इस आयोजन को लेकर उत्साह का माहौल रहा। इस प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और भारतीय लोककला एवं सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने का अवसर प्रदान किया। विद्यालय के ’प्रिंसिपल श्री पंकज वालिया’ के मार्गदर्शन में आयोजित यह सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे आयोजन शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देते हैं।











तीन दिवसीय मुख्य मेले को लेकर झज्जर पुलिस अलर्ट, डीसीपी और तीन एसीपी संभाल रहे सुरक्षा की कमान’
करीब 65 सीसीटीवी कैमरों से मेले पर नजर, बुजुर्ग श्रद्धालुओं को दर्शन करवाने में जुटे पुलिस जवानय साइबर अपराध से बचाव के लिए पुस्तिकाएं भी वितरित’
झज्जर, 17 अक्तूबर, अभीतक: जिले के बेरी कस्बे में स्थित विश्व प्रसिद्ध माता भीमेश्वरी देवी मंदिर में नवरात्रों के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। माता के दर्शन के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु बेरी पहुंच रहे हैं। नवरात्रों के तीन दिवसीय मुख्य मेले को देखते हुए झज्जर पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। मेले में डीसीपी और तीन एसीपी सहित करीब 650 पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया है। पुलिस प्रशासन द्वारा मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसके लिए करीब 65 हाई क्वालिटी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से श्रद्धालुओं की आवाजाही और मेले की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए तैनात कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं, ताकि मेला शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता
माता भीमेश्वरी देवी के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मंदिर में भीड़ को व्यवस्थित रखने और श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन करवाने के लिए पुलिसकर्मी लगातार ड्यूटी दे रहे हैं। झज्जर पुलिस के जवान सेवा भाव से बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सहायता कर उन्हें माता के दर्शन करवाने में सहयोग कर रहे हैं। पुलिसकर्मियों के इस प्रयास से बुजुर्गों और जरूरतमंद श्रद्धालुओं को काफी राहत मिल रही है।
साइबर अपराध से बचाव के लिए पुस्तिकाएं वितरित
मेले में सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ श्रद्धालुओं को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है। थाना प्रबंधक साइबर क्राइम झज्जर निरीक्षक दर्शन सिंह ने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करते हुए जागरूकता पुस्तिकाएं वितरित कीं। इन पुस्तिकाओं के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन ठगी, ओटीपी साझा करने से होने वाले नुकसान, फर्जी लिंक और साइबर ठगों के नए तरीकों के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया जा रहा है।पुलिसकर्मियों द्वारा श्रद्धालुओं को समझाया जा रहा है कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाएं। झज्जर पुलिस का उद्देश्य मेले में श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना भी है।
यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगाए नाके
बेरी कस्बे में श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए विभिन्न स्थानों पर पुलिस नाके लगाए गए हैं। पुलिसकर्मी वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने और जाम की स्थिति से बचने के लिए लगातार निगरानी कर रहे हैं। यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।एसीपी रमेश गुलिया ने माता भीमेश्वरी देवी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं से शांति एवं अनुशासन बनाए रखने, कानून व्यवस्था का पालन करने और पुलिस प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।झज्जर पुलिस का प्रयास है कि नवरात्रों का तीन दिवसीय मुख्य मेला शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो तथा श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के माता के दर्शन कर सकें।


आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दादनपुर में नवरात्र एवं दशहरा उत्सव की धूम, विद्यार्थियों ने नृत्य-नाटिका से दिया बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश
झज्जर, 17 अक्तूबर, अभीतक: आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दादनपुर, झज्जर में नवरात्र एवं दशहरा के पावन अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए नृत्य, नाटिका और धार्मिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, नारी शक्ति, भक्ति और सदाचार का संदेश दिया। कार्यक्रम का मंच संचालन कक्षा सातवीं की छात्रा योगिता ने अत्यंत प्रभावशाली ढंग से किया। अपनी सौम्य वाणी, आत्मविश्वास, समझदारी और सूझबूझ से उसने पूरे कार्यक्रम को सुंदर एवं व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया। उसकी प्रभावशाली प्रस्तुति और विषय के अनुरूप शब्दों के चयन ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। मंच संचालन के दौरान उसकी प्रतिभा और अभिव्यक्ति कौशल ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने भगवान श्रीराम के वन गमन की आकर्षक झांकी प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। वहीं, रामायण पर आधारित नाटक के माध्यम से मर्यादा, आदर्शों और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी गई। कक्षा तीसरी से पांचवीं तक के विद्यार्थियों ने ‘चोगाड़ा’ गीत पर मनमोहक डांडिया नृत्य प्रस्तुत कर उत्सव में चार चाँद लगा दिए। कक्षा छठी से आठवीं तक की छात्राओं ने ‘जय माँ गौरी’ गीत पर भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत कर माँ भगवती की स्तुति की। कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के छात्र-छात्राओं ने ‘आई गिरि नंदिनी’ की भक्तिमय प्रस्तुति के माध्यम से माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों, उनकी महिमा और शक्ति का प्रभावशाली चित्रण किया। विद्यार्थियों ने नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से माँ दुर्गा द्वारा राक्षसी शक्तियों के संहार और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश भी दिया। सभी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को नारी शक्ति का सम्मान करने, अन्याय के विरुद्ध खड़े होने तथा सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। विद्यालय के प्राचार्य श्री गौरव कुमार ठाकुर ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और शानदार प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये कार्यक्रम बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उनमें नैतिक मूल्यों, अनुशासन और आत्मविश्वास का विकास करते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों एवं कार्यक्रम की तैयारी में योगदान देने वाले अध्यापकों को बधाई दी। विद्यालय के निदेशक श्री अमित गहलावत ने विद्यार्थियों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि त्योहार हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने और जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने की प्रेरणा देते हैं। भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा और आदर्शों का प्रतीक है, जबकि माँ दुर्गा की शक्ति हमें अन्याय और बुराई के विरुद्ध संघर्ष करने का संदेश देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को इन आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय की निदेशिका श्रीमती सीजू गहलावत ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि नवरात्र और दशहरा केवल उत्सव मनाने के अवसर नहीं, बल्कि अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानने, बुराइयों का त्याग करने और अच्छे विचारों को अपनाने की प्रेरणा देने वाले पर्व हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की इन प्रस्तुतियों से उनकी रचनात्मकता, सांस्कृतिक समझ और सामूहिक कार्य करने की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। ऐसे आयोजन बच्चों में भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें एक बेहतर और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों और भक्तिमय वातावरण ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि सच्चाई, सदाचार और धर्म की सदैव विजय होती है तथा नारी शक्ति का सम्मान करना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है।




पार्ट टाइम जॉब का लालच देकर साइबर फ्रॉड करने के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार
झज्जर, 17 अक्तूबर, अभीतक: डीसीपी मुख्यालय झज्जर फैजल खान के दिशा निर्देशन में कार्यवाही करते हुए थाना साइबर क्राइम झज्जर की पुलिस टीम ने पार्ट टाइम जॉब का लालच देकर साइबर फ्रॉड करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। मामले की जानकारी देते हुए थाना प्रबंधक साइबर क्राइम झज्जर निरीक्षक दर्शन सिंह ने बताया कि बादली निवासी ने शिकायत देते हुए बताया कि दिनांक 11 जनवरी 2025 को मेरे मोबाइल पर व्हाट्सएप के माध्यम से देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड कंपनी की तरफ से पार्ट टाइम जॉब का एक मैसेज आया। उन्होंने बताया कि हमारे वेबसाइट के माध्यम से जुड़कर एक हजार से ₹1500 प्रति ऑर्डर कमा सकते हो। फिर उन्होंने अलग-अलग टास्क दिए गए। जिनको मैंने समय रहते पूरा किया गया और मुझे प्रॉफिट भी दिया गया। इस तरह उनकी बातों में आकर उनके कहे अनुसार अलग-अलग ट्रांजैक्शन करके लाखों रुपए की धोखाधड़ी की गई। जिस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ थाना साइबर क्राइम झज्जर में आपराधिक मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस उपायुक्त मुख्यालय झज्जर फैजल खान ने उपरोक्त मामले में गहनता से कार्रवाई करने के संबंध में कड़े दिशा निर्देश दिए गए थे। पुलिस उपायुक्त के दिशा निर्देशों की पालना करते हुए थाना साइबर क्राइम झज्जर की पुलिस टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान चंद्रभान निवासी गांव सदरी जिला फलोदी राजस्थान के तौर पर की गई। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ कार्यवाही करते हुए अदालत झज्जर में पेश किया गया। माननीय अदालत के आदेश अनुसार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
चैकी बेरी की टीम ने अवैध शराब सहित एक आरोपी को किया काबू
झज्जर, 17 अक्तूबर, अभीतक: पुलिस उपायुक्त धारणा यादव के दिशा-निर्देशन में झज्जर पुलिस द्वारा अवैध शराब की बिक्री करने वाले आरोपियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में चैकी प्रभारी बेरी उपनिरीक्षक सागर ने बताया कि पुलिस टीम ने अवैध रूप से शराब बेचते हुए एक आरोपी को गुप्त सूचना के आधार पर काबू करने में कामयाबी हासिल की है उन्होंने बताया चैकी की पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि अनाज मंडी गेट, वजीरपुर रोड बेरी पर एक व्यक्ति अवैध रूप से शराब बेच रहा है। जिस सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और एक व्यक्ति को काबू किया जिसकी पहचान धर्मेंद्र निवासी गोच्छी, जिला झज्जर के रूप में हुई। पुलिस ने उसके कब्जे से 12 बोतल देशी शराब मार्का जोशीला संतरा, 16 अध्धे तथा 20 पव्वे देशी शराब बरामद की। आरोपी शराब रखने व बेचने संबंधी कोई लाइसेंस या परमिट पेश नहीं कर सका। पुलिस ने नियमानुसार शराब के नमूने लेकर शेष शराब को कब्जे में ले लिया और आरोपी के खिलाफ आगामी कार्रवाई करते हुए थाना बेरी में मामला दर्ज किया गया।



सट्टा खाईवाली करते एक आरोपी गिरफ्तार, 1500 रुपये बरामद
निवार की पट्टी और पेन से सट्टा खिलाने का आरोप, थाना सेक्टर-6 बहादुरगढ़ पुलिस ने की कार्रवाई
बहादुरगढ़, 17 अक्तूबर, अभीतक: पुलिस उपायुक्त बहादुरगढ़ शुभम सिंह के दिशा-निर्देशन में झज्जर पुलिस द्वारा जुआ व सट्टेबाजी करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में थाना सेक्टर-6 बहादुरगढ़ की पुलिस टीम ने सेक्टर-16 स्थित सब्जी मंडी टावर के पास सट्टा खाईवाली करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया।थाना प्रबंधक सेक्टर-6 बहादुरगढ़ उप निरीक्षक सत्यवीर ने बताया कि पुलिस टीम थाना एरिया में गश्त पर थी। इसी दौरान मिली गुप्त सूचना के आधार पर सब्जी मंडी टावर के पास छापेमारी की गई। पुलिस टीम ने मौके से शंभूदास निवासी जेजे कॉलोनी, बवाना, दिल्ली को काबू किया। आरोपी के कब्जे से निवार की एक पट्टी, एक पेन तथा 1500 रुपये बरामद हुए।पुलिस ने बरामद सामान को नियमानुसार कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ थाना सेक्टर 6 बहादुरगढ़ में मामला दर्ज कर । मामले में नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जा रही है।
शांति नगर में रक्तदान शिविर का आयोजन, कैंसर पीडि़तों की मदद के लिए 74 ने किया रक्तदान
भिवानी, 17 अक्तूबर, अभीतक: स्थानीय शांति नगर में सेवा संकल्प अभियान और सेवा पखवाड़े के समापन के अवसर पर शनिवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। उपायुक्त साहिल गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में समाजसेवा और मानवीय संवेदनाओं का अनूठा संगम देखने को मिला। सेवा पखवाड़े के तहत लगे रक्तदान शिविरो में 1000से ऊपर युवा रक्तदाताओं ने रक्तदान किया,कार्यक्रम का संचालन सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट, वंशिका फाउंडेशन और जिला रेडक्रॉस सोसाइटी भिवानी के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। इस दौरान 74 ने रक्तदान किया, और 138कि जांच हुई। राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (एम्स, बाढ़सा) में रक्त की कमी को दूर करने के उद्देश्य से यह विशेष मुहिम चलाई गई। शिविर में एम्स बाड़सा से वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शमील के नेतृत्व में पहुंची चिकित्सीय टीम ने रक्त संकलन का कार्य किया। स्थानीय युवाओं और नागरिकों ने शिविर में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रक्तदान किया और स्वास्थ्य जांच भी कराई। शिविर की अध्यक्षता शतकवीर रक्तदाता राजेश डुडेजा ने की, जबकि संयोजन का दायित्व सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष जगदीश मिताथल और वंशिका फाउंडेशन के अध्यक्ष व रक्तवीर मनीष वर्मा ने निभाया। कार्यक्रम के दौरान शतकवीर रक्तदाता राजेश डुडेजा ने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं है। आपके द्वारा दिया गया एक यूनिट रक्त तीन गंभीर मरीजों को नया जीवन दे सकता है। भिवानी के युवाओं ने जिस तरह आगे आकर कैंसर पीडितों के लिए रक्तदान किया है, वह प्रेरणादायी है। सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष जगदीश मिताथल ने अपने संबोधन में कहा कि हमारा एकमात्र संकल्प यह है कि क्षेत्र में कोई भी जरूरतमंद मरीज रक्त की कमी के कारण दम न तोड़े। अस्पतालों, विशेषकर कैंसर संस्थानों में रक्त की निरंतर आवश्यकता रहती है। युवाओं को नियमित अंतराल पर रक्तदान करने का संकल्प लेना चाहिए ताकि संकट के समय किसी की जान बचाई जा सके। शिविर के समापन पर आयोजकों ने शांति नगर के निवासियों, स्वयंसेवकों और रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक कार्यों को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।



इंसान के समानांतर चल रही एआई, कहीं आगे भी
एसजीटीयू में एआईयू की नार्थ जोन कांफ्रेंस का आयोजन
एआई को लेकर अनेक आशंकाओं, संभावनाओं, चुनौतियों पर हुआ गंभीर चिंतन
गुरुग्राम, 17 अक्तूबर, अभीतक: एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटी (एआईयू) और एसजीटी यूनिवर्सिटी द्वारा आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर आयोजित एआईयू नार्थ जोन कांफ्रेंस में वक्ताओं ने विविध ज्वलंत मुद्दों, जिज्ञासाओं और संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। श्उच्च शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभावी समावेश: अवसर, चुनौतियां और भविष्य पर प्रभावश् विषय पर एसजीटी परिसर में आयोजित कांफ्रेंस में विचारकों, शिक्षकों, थिंक टैंक की ओर से अनेक तर्क वितर्क देकर निष्कर्ष तौर पर कहा गया कि एआई तो आ चुकी, इसके विरोध का, आशंकाएं जताने का समय जा चुका। वक्ताओं ने कुछ इस तरह के विचार प्रकट किए- मानव के समानांतर (कहीं-कही आगे भी) चल रही है एआई, कैटलिस्ट (उत्प्रेरक) बन रही एआई, इंटरसेप्टर बन रही एआई, एआई ट्रेंड नहीं हुए तो रिप्लेस कर दिए जाएंगे शिक्षक, एआई ने पैदा हुआ विश्वास का संकट, इंसानी दिमाग का स्थान नहीं ले सकती एआई, मास्टर नहीं-असिस्टेंट है एआई, एडमिशन से डिग्री पाने तक एआई के बिना काम नहीं चलने वाला, संवाद को खत्म कर दिया एआई ने आदि आदि। कार्यक्रम की शुरुआत परंपरागत दीप प्रज्वलन और विश्वविद्यालय के छात्रों के गीत श्ज्ञान की हलचलश् से हुई। एसजीटी विवि के कुलपति बी जे राव ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि विश्व में एक नई एंटिटी एआई का प्रवेश हो चुका जो इंसान के समानांतर और कहीं कहीं आगे चल रही है। उच्च शिक्षा में यह गाइड भी बन रही है। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान की कुलपति प्रो. (डॉ.) शशिकला वंजारी ने कहा कि एआई आज डे-टुडे ट्रांजेक्शन की आवश्यकता बन चुकी। श्सोल टु सिस्टमश् का रेफरेंस देकर उन्होंने एआई को व्यापक संदर्भ में समझाया। उन्होंने कहा कि एआई ने संवाद को खत्म कर दिया है। इस दौर में जिन्हें एआई की कम जानकारी है, उनके लिए सबसे बड़ा चैलेंज सामने है। एआई से विश्वास का संकट खड़ा हो रहा है। एआई के इस्तेमाल में थोड़ी सी भी चूक बड़ा नुकसान कर सकती है। एआई की प्रतिकूलता को अनुकूलता में बदलना होगा। भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) की महासचिव डॉ. पंकज मित्तल ने अपने संबोधन में एआईयू के व्यापक फलक की चर्चा करते हुए कहा कि यह विश्व की सबसे बड़ी शिक्षा संस्था है जिससे 1200 से अधिक यूनिवर्सिटी जुड़ी हैं। एआई पर उन्होंने कहा, एआई से डरें नहीं। यह सोचें कि एआई इनेबल्ड यूनिवर्सिटी का निर्माण कैसे हो। एआई मास्टर नहीं, असिस्टेंट है, इसे अटैंड करें अन्यथा टीचर रिप्लेस कर दिए जाएंगे। एआई से छात्रों की अंडरस्टैंडिंग बढ़ रही है। उन्होंने रामानुजन केंद्र के लिए एसजीटी यूनिवर्सिटी की प्रशंसा की। मास्टरसॉफ्ट ईआरपी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, नागपुर के शैक्षणिक सलाहकार पारस ए. पलसाटकर ने मैनुअल से आटोमैटिड मैथड से अपने संबोधन की शुरुआत की। ईआरपी, एलएमएस, अटेंडेंट डैशबोर्ड व कई अन्य तकनीकी शब्दावली का प्रयोग करते हुए एआई की चुनौतियों को गिनवाया। छात्र समुदाय एआई पर पूरी तरह आश्रित हो गया है। उन्होंने आंकड़े भी गिनाए। प्रो. (डॉ.) संदीप संचेती, उपाध्यक्ष, एल्सेवियर इंडिया ने सौ साल पहले की मशीन, हाइड्रोलिक उपकरणों का जिक्र किया। प्लेग, कोरोना का भी उल्लेख किया और कहा कि अब नई सदी न्यू इलेक्ट्रिसिटी (एआई) आ चुकी। डॉ. अमरेंद्र पाणि, संयुक्त निदेशक एवं प्रमुख, अनुसंधान प्रभाग, भारतीय विश्वविद्यालय संघ ने भी सत्र को संबोधित किया। इसके बाद तीन तकनीकी सत्रों में एआई के विविध पहलुओं पर गहन मंथन हुआ। पहले सत्र का संचालन डॉ. आस्था चैधरी, निदेशक, सीईएपीएस , एसजीटी यूनिवर्सिटी ने किया। जिसमें प्रो. (डॉ.) श्रुति पाटिल निदेशक, सिम्बायोसिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंस्टीट्यूट। प्रो. (डॉ.) राजीव कुमार सिंह, डीन एवं प्रोफेसर, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, शिव नाडर यूनिवर्सिटी। प्रो. (डॉ.) अमरजीत कौर , डीन, अकादमिक मामले, गुरुग्राम विश्वविद्यालय तथा
विद्यार्थी पैनल सदस्य सुश्री सना अहमद, एसबीएससी शामिल हुए दूसरे सत्र की थीम थी। अनुसंधान में नवाचार एवं संस्थागत रूपांतरण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता इस सत्र के मॉडरेटर: डॉ. राजीव गुलाटी सलाहकार, अनुसंधान विकास एवं नवाचार, एसजीटी विश्वविद्यालय रहे।
इसमें प्रो. (डॉ.) संदीप संचेती उपाध्यक्ष, एल्सेवियर इंडिया, प्रो. (डॉ.) नूपुर प्रकाश कुलपति, द नॉर्थकैप यूनिवर्सिटी प्रो. (डॉ.) मानव भटनागर
प्रमुख एवं कार्यक्रम निदेशक, भारती स्कूल ऑफ टेलीकॉम टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, आईआईटी दिल्ली, प्रो. (डॉ.) शैलेश कुमार वैज्ञानिक-प्ट, ब्रिक-एनआईपीजीआर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार शामिल हुए। तीसरे सत्र का विषय रहा
गतिशील परिप्रेक्ष्य में उत्तरदायी कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उद्योग-अकादमिक सहयोग एवं शासन व्यवस्था पैनलिस्ट :
प्रो. (डॉ.) वी.आर. रघुवीर कृ कुलपति, एसआरएम विश्वविद्यालय, प्रो. (डॉ.) ममता अरोड़ा कृ प्रोफेसर, कंप्यूटर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, एमआरयूय गूगल प्रमाणित इनोवेटर एवं प्रशिक्षक।
विद्यार्थी पैनलिस्ट : सुश्री सुरति चतुर्वेदी, एसएचएसएल।
मॉडरेटर : डॉ. चांद सैनी प्रोफेसर एवं एसोसिएट डीन, एसजीटी ग्लोबल बिजनेस स्कूल, एसजीटी यूनिवर्सिटी। कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. अमरेंद्र पाणि, संयुक्त निदेशक एवं प्रमुख, अनुसंधान प्रभाग, भारतीय विश्वविद्यालय संघ ने वोट आफ थैंक्स किया।
₹6,000 करोड़ से अधिक से होगा नहरों का जीर्णोद्धार, मुख्यमंत्री नायब सैनी व श्रुति चौधरी के प्रयासों से किसानों को मिलेगा लाभ : किरण चौधरी लोहारू हलके के सिवानी में भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन को किया संबोधित, कहा :लोहारू के विकास में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी भिवानी, 17 अक्तूबर, अभीतक: पूर्व राज्यसभा सांसद किरण चौधरी ने लोहारू हलके के सिवानी में आयोजित भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया। सिवानी पहुंचने पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान फूल-मालाएं पहनाकर और पगड़ी भेंट कर उन्हें सम्मानित किया गया। सम्मेलन में किरण चैधरी ने लोहारू हलके से अपने परिवार के पीढ़ियों पुराने जुड़ाव, क्षेत्र में करवाए गए विकास कार्यों, नहरों के जीर्णोद्धार और किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
लोहारू से पीढ़ियों पुराना नाता, गांव-गांव में करवाए विकास कार्य
किरण चौधरी ने कहा कि लोहारू हलके से उनके परिवार का पीढ़ियों पुराना रिश्ता है। चैधरी बंसीलाल और चैधरी सुरेंद्र सिंह के बाद उन्होंने और सिंचाई मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने भी क्षेत्र के विकास के लिए काम किया है। उनके प्रयासों से गांव-गांव में जलघरों और पानी की डिग्गियों का निर्माण करवाया गया तथा विकास के विभिन्न कार्य किए गए। उन्होंने कहा कि लोहारू की जनता ने हमेशा उनके परिवार का दिल से साथ दिया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि लोहारू हलके के विकास में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में विकास कार्यों को मिल रही गति
किरण चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और सिंचाई मंत्री श्रीमती श्रुति चैधरी किसानों की समस्याओं के समाधान, सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयासरत हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार के समन्वय से विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि किसानों को राहत मिले और प्रदेश के हर क्षेत्र तक विकास का लाभ पहुंचे।
₹6,000 करोड़ से अधिक की लागत से होगा नहरों का जीर्णोद्धार
किरण चौधरी ने कहा कि विश्व बैंक के सहयोग से ₹6,000 करोड़ से अधिक की लागत से प्रदेश की जर्जर नहरों के जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा है। इससे नहरी व्यवस्था को मजबूत करने और खेतों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार और सिंचाई मंत्री श्रीमती श्रुति चैधरी किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए सिंचाई सुविधाओं में सुधार के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से पानी की बर्बादी रोकने और जल संरक्षण में सहयोग करने की अपील भी की।
2023 के मुआवजे का मुद्दा संसद में उठाया
वर्ष 2023 के किसानों के मुआवजे के मुद्दे पर किरण चौधरीने कहा कि उन्होंने संसद में किसानों की आवाज उठाई और केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात कर भी इस मामले को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के बाद किसानों को मुआवजा मिलने का रास्ता साफ हुआ। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान करना और उन्हें उनका हक दिलाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
सूखे का मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाई श्रुति चैधरी
क्षेत्र में सूखे की स्थिति का उल्लेख करते हुए किरण चौधरी ने कहा कि सिंचाई मंत्री श्रीमती श्रुति चैधरी ने किसानों की समस्या मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के संज्ञान में लाई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और सिंचाई मंत्री किसानों की समस्याओं को गंभीरता से ले रहे हैं और किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।
खाद के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग पर सख्ती
किसानों को खाद के साथ जबरन अन्य रसायन या उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर किए जाने के मुद्दे पर किरण चौधरी ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से उठाया गया है। किसानों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं पड़ना चाहिए और उन्हें खाद उपलब्ध कराने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
वोट चोरी के आरोपों पर विपक्ष पर निशाना
विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों पर किरण चौधरी ने कहा कि ऐसे आरोपों से जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्रतिष्ठा बढ़ी है और भारत का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि देश को विकसित बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। इस दौरान उनके साथ वरिष्ठ कार्यकर्ता व पदाधिकारी भी मौजूद रहे।










कंवाली की पावन धरा पर पूरे जिले की सांस्कृतिक प्रतिभाओं का संगम मेरा सोभाग्य: प्राचार्य अनिल यादव
जिला स्तरीय सांस्कृतिक उत्सव-2026 का समापन : अधिकारियों, साहित्यकारों और शिक्षाविदों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ भव्य समापन’
रेवाड़ी, 17 अक्तूबर, अभीतक: कल्चरल फेस्ट डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर अशोक नामवाल के प्रभार में एवं वरिष्ठ साहित्यकार सत्यवीर नाहड़िया (खंड शिक्षा अधिकारी, खोल) के कुशल मार्गदर्शन में तथा हरियाणा ऑफिसर्स एसोसिएशन रेवाड़ी के जिला प्रधान एवं प्राचार्य अनिल यादव की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। प्रेस सचिव शिक्षाविद साहित्यकार मनोज वशिष्ठ ने बताया कि शहीद रामस्वरूप राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कंवाली में चल रहा दो दिवसीय जिला स्तरीय सांस्कृतिक उत्सव-2026 भव्य समापन के साथ सम्पन्न हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्री प्रदीप दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, रेवाड़ी, अति विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती संतोष तंवर, क्च्ब् समग्र शिक्षा, विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री राजेन्द्र यादव व श्री अरविंद यादव, डिप्टी क्म्व्, श्री डॉ. दुष्यंत यादव, ठम्व् ने शिरकत की। कार्यक्रम के मेजबान प्राचार्य अनिल यादव के साथी रोहतक से प्राचार्य जोगिंदर ढाका एवं मित्र मंडल ने विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित होकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया।सभी प्रतियोगिताओं का निष्पक्ष मूल्यांकन करने हेतु शिक्षा विभाग द्वारा विषय विशेषज्ञों का निर्णायक मंडल नियुक्त किया गया था – श्री प्रकाश मलिक, सुश्री पूजा, सुश्री रुबिया भारती, श्री सलीम, श्री संदीप, सुश्री हीतू शर्मा, श्री राजेश कुमार गुप्ता, श्री कार्तिक, श्री वीरेन्द्र सिंह, श्री सतीश मस्तान, डॉ. अंकुर खेर, श्री मदन डागर।सभी अतिथियों ने जूरी द्वारा दिए गए निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विवेकपूर्ण निर्णय की मुक्त कंठ से सराहना की।
घोषित परिणाम – राज्य स्तर हेतु चयनित (प्रथम स्थान)
’15.10.2026 GROUP-A (5वीं-8वीं): लोक नृत्य समूह PM श्री GSSS रेवाड़ी, लोक नृत्य एकल: PM श्री GSSS झाबुआ बावल, रागनी एकल: GMS लुहाना खोल, स्किट समूह: PM श्री GSSS बावल। 16.10.2026 GROUP-B (9वीं-12वीं): लोक नृत्य समूह: PM श्री GSSS पाल्हावास जाटूसाना, लोक नृत्य एकल: PM श्री GSSS पाल्हावास जाटूसाना, रागनी एकल: PM श्री GSSS पाल्हावास जाटूसाना, स्किट समूह : PM श्री GSSS बावल।
हरियाणा ऑफिसर्स एसोसिएशन रेवाड़ी के जिला प्रधान एवं प्राचार्य अनिल यादव ने कहा – कंवाली की पावन धरा पर पूरे जिले की सांस्कृतिक प्रतिभाओं का संगम हुआ है। सभी का इस विद्यालय प्रांगण में स्वागत है। उन्होंने सभी अतिथियों व जूरी का पगड़ी व फूलमाला पहनाकर अभिनंदन किया। डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर एवं क्डै अशोक नामवाल ने कहा – यह उत्सव टीम वर्क का परिणाम है। मैं सभी अधिकारियों, प्राचार्यगण, निर्णायक मंडल, मंच संचालक साथियों, ळैैै कंवाली स्टाफ और विद्यार्थी स्वयंसेवकों का हृदय से आभार प्रकट करता हूँ। प्राचार्य सत्यवीर नाहड़िया के मार्गदर्शन में मंच उद्घोषक गीता यादव, सीमा यादव, सुधीर यादव, मनोज वशिष्ठ, संजय यादव, पूनम, सरिता, जय सुधा, पूनम सभी ने पूरी कर्त्तव्यनिष्ठा से अपनी भूमिका का निर्वहन किया।प्रेस सचिव शिक्षाविद साहित्यकार मनोज वशिष्ठ ने बताया- हरियाणा की माटी कला और संस्कृति की जननी है। इन दो दिनों में कंवाली के मंच पर बच्चों ने जो हरियाणवी लोक संस्कृति, रागनी, लोक नृत्य और देशभक्ति की प्रस्तुतियां दीं, वे अविस्मरणीय हैं। यह उत्सव नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सफल प्रयास है। कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण, धन्यवाद ज्ञापन, वंदे मातरम्, राष्ट्रीय गान जन-गण-मन और भारत माता की जय के जयघोष के साथ हुआ।



एन.आई.टी. फरीदाबाद का स्थापना दिवस शहर के इतिहास और विकास यात्रा से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है: डॉ राजेश भाटिया
दशहरा मैदान में सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर एवं पंजाबी सभा द्वारा तैयार की गई लंका में हुआ एन.आई.टी. फरीदाबाद की स्थापना दिवस का आयोजन
विधायक धनेश अदलक्खा ने केक काटकर मनाया एन.आई.टी. फरीदाबाद का स्थापना दिवस
फरीदाबाद, 17 अक्तूबर, अभीतक: सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर, महाबीर दल, मार्केट नंबर-1 एवं पंजाबी सभा, फरीदाबाद की ओर से दशहरा मैदान में तैयार की गई लंका में आज एन.आई.टी. फरीदाबाद का स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़खल के विधायक धनेश अदलक्खा ने केक काटकर स्थापना दिवस की खुशियां साझा कीं। विधायक धनेश अदलखा ने एन.आई.टी. फरीदाबाद के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र की उन्नति, खुशहाली और निरंतर विकास की कामना की। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद का औद्योगिक एवं सामाजिक क्षेत्र में विशेष महत्व है। शहर की प्रगति में यहां के नागरिकों, सामाजिक संस्थाओं और धार्मिक संगठनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मंदिर संस्था के प्रधान डॉ. राजेश भाटिया ने कहा कि एन.आई.टी. फरीदाबाद का स्थापना दिवस शहर के इतिहास और विकास यात्रा से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है। फरीदाबाद ने वर्षों में औद्योगिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। ऐसे अवसर हमें अपने शहर की उपलब्धियों पर गर्व करने और इसके उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर महाबीर दल सदैव धार्मिक परंपराओं के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करता रहा है। पंजाबी सभा, फरीदाबाद के प्रधान राजकुमार वोहरा ने कहा कि शहर के स्थापना दिवस जैसे अवसर नागरिकों में आपसी भाईचारे, एकता और अपने शहर के प्रति अपनत्व की भावना को मजबूत करते हैं। फरीदाबाद हम सभी की कर्मभूमि है और इसकी तरक्की एवं प्रतिष्ठा बढ़ाने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने एन.आई.टी. फरीदाबाद के स्थापना दिवस पर सभी शहरवासियों को शुभकामनाएं देते हुए शहर की निरंतर उन्नति और समृद्धि की कामना की। सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर, महाबीर दल, मार्केट नंबर-1 एवं पंजाबी सभा द्वारा धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाता है। इसी कड़ी में दशहरा मैदान में लंका के निर्माण के दौरान एन.आई.टी. फरीदाबाद का स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और शहर की खुशहाली एवं विकास की कामना की।


भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था 7-8 वर्ष में 40-45 अरब अमेरिकी डॉलर पहुंच जाएगीय प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अंतरिक्ष क्षेत्र को खोलने के बाद डॉ. जितेन्द्र सिंह ने निजी निवेश में वृद्धि पर जोर दिया
भारत अंतरिक्ष क्षमताओं के प्रदर्शन से आगे बढ़ते हुए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी अंतरिक्ष कंपनियों का निर्माण कर रहा है: डॉ. जितेन्द्र सिंह
निजी अंतरिक्ष उद्योग के विस्तार के लिए उत्पाद की मांग, त्वरित मंजूरी और टिकाऊ बिजनस मॉडल महत्वपूर्ण: डॉ. जितेन्द्र सिंह
बुनियादी ढांचा निगरानी से लेकर कृषि और आपदा प्रबंधन तक, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी पृथ्वी पर विकास को गति दे रही है: डॉ. जितेन्द्र सिंह
नई दिल्ली, 17 अक्तूबर, अभीतक: केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष विभागों के राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने यहां स्पेस, सोवरेनिटी एंड न्यू इकॉनॉमी विषय पर आयोजित मीडिया राउंडटेबल के दौरान कहा कि भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था, जिसका वर्तमान मूल्य लगभग 9 अरब अमेरिकी डॉलर है, अगले सात से आठ वर्ष में बढ़कर 40-45 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। मंत्री महोदय ने नई दिल्ली में आयोजित ‘ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम’ द्वारा आयोजित इस राउंडटेबल में भाग लिया। उन्होंने कहा कि भारत को अब अपनी तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन करने से आगे बढ़कर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी वाणिज्यिक अंतरिक्ष कंपनियों के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय उद्यमों के विस्तार और वैश्विक बाजारों में उनकी उपस्थिति बढ़ाने के लिए घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय निवेश में वृद्धि, उत्पाद की मांग, नियामकीय अनुमोदनों में तेजी और सतत व्यावसायिक मॉडल आवश्यक होंगे। चर्चा में इस बात पर विचार-विमर्श किया गया कि देश अपनी संप्रभु अंतरिक्ष क्षमताओं को वाणिज्यिक रूप से प्रतिस्पर्धी उद्योगों में कैसे परिवर्तित कर सकते हैं, निजी पूंजी कैसे आकर्षित कर सकते हैं और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए मजबूत आपूर्ति शृंखलाओं का विकास कैसे कर सकते हैं। प्रतिभागियों ने वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के बदलते स्वरूप, अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों की भूमिका और निजी अंतरिक्ष उद्यमों के विस्तार से जुड़ी चुनौतियों पर भी चर्चा की। इस अवसर पर अन्य प्रमुख प्रतिभागियों में भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केन्द्र (इन-स्पेस) के संवर्धन निदेशक विनोद कुमार तथा स्टेमबोर्ड और लिंगो की संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नासा की पूर्व इंजीनियर और ब्लू ओरिजिन की अंतरिक्ष यात्री आइशा बोवे शामिल थीं। इस सत्र में अंतरिक्ष उद्योग, उद्यमिता, शिक्षा जगत और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष समुदाय के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। डा. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2019-2020 में भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोले जाने से मात्र पांच से छह वर्षों में महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए हैं। भारत का अनुभव दर्शाता है कि ऐसे क्षेत्र में, जहां व्यापक तकनीकी विशेषज्ञता, निवेश और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता की आवश्यकता होती है, सरकारी संस्थानों और निजी उद्योग को साथ लाने से अपार संभावनाएं साकार हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि अब प्राथमिकता इन क्षमताओं को ऐसे व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य उद्यमों में बदलने की है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हों। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने जोर देकर कहा कि निजी अंतरिक्ष कंपनियों के विकास के लिए मांग उत्पन्न करना आवश्यक है। सरकार के उपयोग-आधारित दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रमुख सरकारी ग्राहकों की उपलब्धता और अवधारणा के प्रमाण (प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट) से जुड़ी परियोजनाओं को समर्थन देने से उद्यमों को अपनी प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन करने और उन्हें व्यावसायिक उपयोग के लिए तैयार करने में मदद मिल सकती है। ग्राहकों का एक पूर्वानुमेय आधार कंपनियों को उत्पादन में निवेश करने, बाजार के लिए तैयार उत्पाद विकसित करने और आय के सतत स्रोत स्थापित करने का विश्वास प्रदान कर सकता है। उन्होंने समय पर नियामकीय अनुमोदन, कारोबार की लागत कम करने और आपूर्ति शृंखला के बेहतर एकीकरण की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थापना या निर्यात लाइसेंस प्राप्त करने की इच्छुक कंपनियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक अनुमोदन मिल पाने चाहिए। अंतरिक्ष उत्पादों से संबंधित जीएसटी उपायों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि सुधारों का लाभ उद्योग को व्यावहारिक रूप से मिलना चाहिए। निवेश तभी टिकाऊ बनता है, जब व्यवसायों को उत्पाद की मांग, कुशल प्रक्रियाएं और वाणिज्यिक विकास का स्पष्ट मार्ग उपलब्ध हो। निवेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के संबंध में मंत्री ने कहा कि भारत स्वदेशी क्षमताओं को लगातार सुदृढ़ करते हुए निवेश और साझेदारियों के नए अवसर खोल रहा है। अधिक निवेश से प्रौद्योगिकी विकास, विनिर्माण और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच को बढ़ावा मिल सकता है, जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता के लिए घरेलू क्षमताएं महत्वपूर्ण बनी रहती हैं। उन्होंने भारतीय सरकारी संस्थानों और निजी उद्यमों के बीच सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ साझेदारियां बढ़ाने का आह्वान किया। इस दृष्टिकोण से भारतीय कंपनियों को वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं से जुड़ने, अपने ग्राहक आधार का विस्तार करने और राष्ट्रीय हितों से समझौता किए बिना व्यापक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में योगदान देने में मदद मिल सकती है। इसका उद्देश्य भारत में सार्वजनिक और निजी उद्यमों की क्षमताओं को विदेशों में स्थित भागीदारों की दक्षताओं के साथ जोड़ना है। मंत्री ने कहा कि भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम केवल अंतरिक्ष में हासिल की गई उपलब्धियों के लिए ही विशिष्ट नहीं है, बल्कि पृथ्वी पर अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के व्यापक उपयोग के लिए भी जाना जाता है। उपग्रह संचार, भू-स्थानिक अनुप्रयोग और पृथ्वी अवलोकन प्रौद्योगिकियां अवसंरचना विकास, परियोजनाओं की निगरानी, कृषि, आपदा प्रबंधन और रक्षा के क्षेत्र में सहयोग प्रदान कर रही हैं। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने परियोजनाओं की मंजूरी, कार्यान्वयन की समय-सीमा की निगरानी और विकास कार्यों की जियो-टैगिंग में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के उपयोग का उल्लेख किया। भारत म्यांमार, बांग्लादेश और श्रीलंका सहित पड़ोसी देशों को भी आपदा प्रबंधन के लिए अंतरिक्ष-आधारित जानकारी और सहायता प्रदान कर रहा है। ये अनुप्रयोग दर्शाते हैं कि अंतरिक्ष क्षमताओं में निवेश से सार्वजनिक सेवाओं में सुधार, विकास को समर्थन और वाणिज्यिक अनुप्रयोगों के नए अवसरों का सृजन किया जा सकता है। मंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र का व्यापक आर्थिक महत्व तकनीकी उपलब्धियों को व्यावहारिक अनुप्रयोगों और नागरिकों की आवश्यकताओं से जोड़ने में निहित है। प्रक्षेपण यानों और उपग्रहों के साथ-साथ, भारतीय अंतरिक्ष कंपनियों के बाजार का विस्तार करने में डाउनस्ट्रीम सेवाएं, डेटा-आधारित समाधान और औद्योगिक अनुप्रयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय अंतरिक्ष क्षमताओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के उद्देश्य एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। भारत को अपने तकनीकी सामर्थ्य को लगातार विकसित करते हुए वैश्विक भागीदारों के साथ मिलकर अपने उद्योग के लिए अवसरों का विस्तार करना चाहिए। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक-निजी भागीदारी को मजबूत करने से निवेश, प्रौद्योगिकी विकास, आपूर्ति शृंखला में एकीकरण और नए बाजारों तक पहुंच को बढ़ावा मिल सकता है। मंत्री ने प्रगतिशील विचारों के प्रति खुला दृष्टिकोण बनाए रखने और प्रौद्योगिकी तथा उद्योग की आवश्यकताओं में बदलाव के अनुरूप नीतियों को अपनाने के महत्व पर भी बल दिया। निजी भागीदारी के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र को खोलना इस बात को दर्शाता है कि स्थापित सार्वजनिक संस्थानों के साथ-साथ नए प्रतिभागियों को भी योगदान देने के अवसर प्रदान करना कितना महत्वपूर्ण है। भारत में अंतरिक्ष क्षेत्र के विकास का अगला चरण तकनीकी क्षमताओं को व्यावसायिक रूप से सफल उद्यमों में बदलने पर निर्भर करेगा। अधिक निवेश, पूर्वानुमेय मांग, कुशल नियामक प्रक्रियाएं, स्वदेशी क्षमताएं और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां इस परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इससे वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में भारत की भूमिका को और व्यापक बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

वंदे मातरम् के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने पर युवा संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए श्री शिवराज सिंह चौहान, सात राज्यों के युवाओं के साथ किया पौधारोपण
MY भारत- विकसित भारत के निर्माण के लिए रचनात्मक युवा शक्ति तैयार करने का बड़ा प्लेटफॉर्म है – श्री शिवराज सिंह चौहान
बेटियों-महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा केवल सरकार नहीं, समाज की भी जिम्मेदारी – श्री शिवराज सिंह चौहान
सोशल मीडिया का उपयोग ज्ञान, जानकारी और समझदारी के साथ करें तो ये हमारी ताकत ह – श्री शिवराज सिंह चौहान
नई दिल्ली, 17 अक्तूबर, अभीतक: केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को वंदे मातरम् के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भोपाल के स्मार्ट सिटी पार्क में सात राज्यों से आए युवाओं के साथ पौधरोपण किया और उनसे सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में युवाओं ने कई विषयों पर केंद्रीय मंत्री से सीधे सवाल पूछे, जिनका उन्होंने विस्तार से जवाब दिया। युवाओं से संवाद करते हुए श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सात राज्यों से आए माई भारत के वालंटियर्स से मिलकर मेरा मन प्रसन्न हो गया। मेरे लिए सबसे खुशी का अवसर युवाओं और बच्चों के बीच रहना है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए रचनात्मक युवा शक्ति तैयार करने में माई भारत एक बड़ा प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य युवाओं को केवल अपने लिए नहीं, बल्कि देश और समाज के लिए भी काम करने वाला अच्छा नागरिक बनाना है। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ हुई चर्चा और संवाद देश के निर्माण, युवाओं के चरित्र निर्माण और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी है।
MY BHARAT : युवाओं को देश और समाज के प्रति जिम्मेदार बनाने का माध्यम
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि माई भारत जैसे प्लेटफॉर्म युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। युवाओं में रचनात्मक ऊर्जा, सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का निर्माण केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि देश के नागरिकों, विशेषकर युवाओं की सक्रिय भागीदारी से होगा। युवा जब अपने व्यक्तिगत हितों के साथ देश और समाज के हितों के लिए भी काम करेंगे, तभी राष्ट्र मजबूत बनेगा। उन्होंने युवाओं के साथ संवाद को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम उनके व्यक्तित्व, चरित्र और नागरिक कर्तव्यों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
महिलाओं-बच्चियों के विरुद्ध अपराधों पर कठोरतम दंड जरूरी
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि, महिलाओं और बच्चियों के साथ दुष्कर्म और छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने, अपराधियों को जल्द सजा दिलाने और सुरक्षित वातावरण बनाने के लिए सरकार और समाज, दोनों स्तरों पर काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं, बहनों और बेटियों का हमारे परिवार और संस्कृति में विशेष स्थान है। इसलिए उनके विरुद्ध अपराध करने वालों को कठोरतम दंड मिलना चाहिए, ताकि अपराधियों के मन में कानून का भय पैदा हो। उन्होंने कहा कि जब मैं मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री था, तब मासूम बेटियों के साथ दुष्कर्म करने वालों को मृत्युदंड देने के प्रावधान के लिए कानून बनाया गया था। ऐसे जघन्य अपराध करने वाले दरिंदों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भी बेटियों के विरुद्ध जघन्य अपराधों के लिए मृत्युदंड का प्रावधान किया गया है। अपराधियों को यह भय होना चाहिए कि यदि उन्होंने ऐसा अपराध किया तो वो कानून से बच नहीं पाएंगे। वहीं उन्होंने कहा कि, जघन्य अपराधों में सजा मिलने की प्रक्रिया लंबी होने पर भी विचार करने की जरूरत है। कई मामलों में निचली अदालत से सजा होने के बाद आरोपी उच्च न्यायालय और फिर सर्वोच्च न्यायालय में अपील करते हैं। मृत्युदंड के मामलों में आगे दया याचिका का विकल्प भी उपलब्ध होता है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर विचार किया जाना चाहिए कि ऐसे जघन्य अपराधों में न्याय की प्रक्रिया को किस प्रकार तेज किया जा सकता है, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिले।
सोशल मीडिया का उपयोग सोच-समझकर करें तो ये हमारी ताकत है
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया के उपयोग पर कहा कि सोशल मीडिया जितना उपयोगी है, उतना ही गलत इस्तेमाल होने पर नुकसानदायक भी हो सकता है। सही जानकारी, ज्ञान और उपयोगी सूचनाएं सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ ही मिनटों में लाखों लोगों तक पहुंच सकती हैं, लेकिन झूठी खबरों, अफवाहों और भ्रामक अभियानों से समाज में अशांति और अराजकता भी फैल सकती है। उन्होंने कहा कि आजकल सोशल मीडिया कुछ अभियान गलत सूचनाएं फैलाने की कोशिश कर रहे है। प्रधानमंत्री बनने की इच्छा रखने वालों को जनता के बीच मेहनत करनी चाहिए और लोगों का विश्वास जीतना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि फेसबुक, इंस्टाग्राम या किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कोई भी खबर या सूचना साझा करने से पहले उसके तथ्यों की जांच जरूर करें। बिना सोचे-समझे किसी संदेश को आगे बढ़ाने से कई बार विवाद, झगड़े और अशांति की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया से दूरी बनाने के बजाय उसका उपयोग ज्ञान, जानकारी और सकारात्मक विचारों को साझा करने के लिए करना चाहिए। हर सूचना को विवेक और समझदारी के साथ परखना चाहिए और सही-गलत का निर्णय तथ्यों के आधार पर लेना चाहिए। यदि सोशल मीडिया का इस्तेमाल सोच-समझकर किया जाए तो यह हमारी ताकत बनेगा, लेकिन बिना विचार किए इसका उपयोग करने से गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
आदिवासी परिवारों की पीड़ा मुख्यमंत्री के सामने रखी गई
कोसमी में आदिवासी परिवारों की समस्याओं और उनकी मांगों को लेकर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चैहान ने कहा कि आदिवासी भाई-बहनों ने अपनी पीड़ा, तकलीफ, व्यथा और परेशानियां मुख्यमंत्री के सामने रखी हैं। उनकी मुख्य मांग यही थी कि उनकी बात को उचित तरीके से सुना जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें न्याय दिलाने का वचन दिया है। आदिवासी परिवारों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनना और उनकी बात पर उचित कार्रवाई करना आवश्यक है।
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने खेत बचाओ अभियान की तैयारियों की समीक्षा कीय 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक चलेगा अभियान
केंद्रीय कृषि मंत्री ने राज्यों से किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और जिला प्रशासन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का किया आह्वान
खेत बचाओ अभियान केवल औपचारिकता न बने, किसानों तक पहुंचे इसका वास्तविक लाभरू केंद्रीय कृषि मंत्री
अभियान की सफलता के लिए राज्य और जिला स्तर पर नियुक्त किए जाएं नोडल अधिकारी: श्री शिवराज सिंह चैहान
श्री शिवराज सिंह चैहान ने अभियान में अधिक से अधिक किसानों और अन्य हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर दिया जोर
नई दिल्ली, 17 अक्तूबर, अभीतक: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज आगामी ‘खेत बचाओ अभियान’ की तैयारियों को लेकर विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक की। यह अभियान 22 अक्टूबर से 30 नवंबर, 2026 तक आयोजित किया जाएगा। बैठक में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, उत्तराखंड, राजस्थान, असम, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, बिहार और महाराष्ट्र के कृषि मंत्रियों ने भाग लिया। बैठक में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री अतिश चंद्रा तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान अभियान के उद्देश्यों, प्रमुख गतिविधियों, कार्यान्वयन की रणनीति और जनभागीदारी से जुड़े लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। अभियान का उद्देश्य किसानों के बीच उन्नत कृषि पद्धतियों, संसाधनों के कुशल उपयोग, टिकाऊ खेती तथा केंद्र सरकार की विभिन्न किसान-केंद्रित योजनाओं के संबंध में व्यापक जागरूकता पैदा करना है। बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान ने सभी राज्यों से अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय भागीदारी, प्रभावी समन्वय और जमीनी स्तर पर व्यापक जनसंपर्क सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अभियान को पूरी गंभीरता के साथ लागू किया जाना चाहिए, ताकि इसकी गतिविधियों से किसानों को वास्तविक लाभ मिल सके। श्री चैहान ने कहा कि राज्य अपनी सुविधानुसार और स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अभियान की गतिविधियों की तिथियां निर्धारित कर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अभियान की शुरुआत प्रभावी ढंग से होनी चाहिए और इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी की जानी चाहिए। उन्होंने जिला कलेक्टरों को भी अभियान के सुचारु आयोजन और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश देने का आह्वान किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अभियान के बेहतर संचालन, निगरानी और समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए राज्य तथा जिला स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जानी चाहिए। श्री चैहान ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल औपचारिकता बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे पूरी गंभीरता, प्रतिबद्धता और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण के साथ लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने अभियान में अधिक से अधिक किसानों और अन्य हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग प्रत्यक्ष रूप से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकते, उन्हें प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान से जोड़ने के प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि इसकी पहुंच अधिक से अधिक किसानों तक सुनिश्चित हो सके।
टिकाऊ कृषि और किसान-केंद्रित पहलों पर रहेगा विशेष जोर
अभियान के अंतर्गत कृषि उत्पादकता बढ़ाने, टिकाऊ कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने तथा किसानों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक करने से संबंधित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान के प्रमुख विषयों में फसल अवशेष प्रबंधन, एकीकृत कीट प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य में सुधार, जलवायु-अनुकूल कृषि तथा तिलहन एवं दलहन फसलों को बढ़ावा देना शामिल हैं। इसके साथ ही प्राकृतिक खेती, एकीकृत कृषि प्रणाली, कृषि यंत्रीकरण और पुनर्योजी कृषि पद्धतियों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। किसानों के बीच उर्वरकों के संतुलित उपयोग, ग्रीन अमोनिया एवं जैविक आदानों के उपयोग, जल संरक्षण, फसल विविधीकरण, अंतरफसली खेती तथा उपयुक्त फसलों और किस्मों को अपनाने के संबंध में जागरूकता पैदा की जाएगी। इसके अतिरिक्त, धान की कटाई के बाद खाली रहने वाले खेतों के प्रभावी उपयोग को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि भूमि का बेहतर उपयोग और फसल सघनता बढ़ाई जा सके। अभियान के दौरान किसान पहचान पत्र (फार्मर आईडी) का निर्माण, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई), व्यापार समझौतों के लाभ, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के अंतर्गत पात्र किसानों को लाभ पहुंचाने तथा बीज वितरण जैसे विषयों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, कृषि यंत्रों के वितरण और किसानों से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण पहलों के संबंध में जागरूकता गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि किसानों को उपलब्ध सुविधाओं, आधुनिक तकनीकों और सरकारी सहायता की जानकारी मिल सके।
कृषि संस्थानों और जमीनी स्तर पर व्यापक जनभागीदारी का लक्ष्य
बैठक के दौरान अभियान के तहत प्रस्तावित जनसंपर्क और जागरूकता कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई। बैठक में प्रस्तुत योजना के अनुसार, कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (।ज्ड।) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (प्ब्।त्), दोनों के लिए 50-50 लाख प्रतिभागियों तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्रों (ज्ञटज्ञ) और ।ज्ड। को मिलाकर कुल 4,150 टीमों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त, 12,000 से अधिक वैज्ञानिकों और एटीएमए के अधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के अभियान से जुड़ने की अपेक्षा है। ये कृषि वैज्ञानिक और विस्तार कार्यकर्ता किसानों के साथ सीधे संवाद, तकनीकी मार्गदर्शन और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से अभियान को प्रभावी बनाने में योगदान देंगे। अभियान के दौरान प्रतिदिन औसतन दो कार्यक्रम, आयोजन अथवा बैठकें आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रकार अभियान की अवधि में कुल 1.5 लाख बैठकों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन गतिविधियों के माध्यम से किसानों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने, वैज्ञानिक जानकारियां उपलब्ध कराने और उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जाएगा। अभियान के अंतर्गत उन्नत कृषि तकनीकों का प्रदर्शन, क्षमता निर्माण कार्यक्रम तथा कृषि वैज्ञानिकों के साथ संवाद महत्वपूर्ण गतिविधियां होंगी। आईसीएआर और अन्य कृषि संस्थानों के वैज्ञानिकों को भी सक्रिय रूप से अभियान से जुड़ने और किसानों को उपयुक्त तकनीकों तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के संबंध में व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सामूहिक प्रयासों से अभियान को सफल बनाने का आह्वान
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान ने बैठक में भाग लेने वाले राज्यों के कृषि मंत्रियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। उन्होंने केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और कृषि संस्थानों के सामूहिक प्रयासों पर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने सभी राज्यों से आह्वान किया कि वे राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, कृषि वैज्ञानिकों, कृषि विस्तार कार्यकर्ताओं और अन्य संबंधित हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए अभियान को सफल बनाएं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अभियान की सफलता के लिए कृषि वैज्ञानिकों और जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने किसानों तक अभियान का संदेश पहुंचाने, उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराने और किसान-केंद्रित योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए समन्वित प्रयास करने पर जोर दिया।
छह माह तक के शिशुओं के लिए खाद्य उत्पादों में सुक्रोज और फ्रक्टोज के अतिरिक्त इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाकर शिशु पोषण मानकों को सुदृढ़ करने की दिशा में कदम उठाया
ने शिशु पोषण संबंधी विनियमों में संशोधन का मसौदा अधिसूचित किया, प्रारंभिक शैशवावस्था में अतिरिक्त शर्करा के विरुद्ध सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने का प्रस्ताव
प्रतिबंध का उद्देश्य शिशुओं के लिए उपयुक्त पोषण को बढ़ावा देना तथा जीवन के पहले छह माह की महत्वपूर्ण अवधि में स्वस्थ वृद्धि और विकास को प्रोत्साहित करना है
पहल निवारक स्वास्थ्य देखभाल, बाल पोषण तथा दीर्घकालिक स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती है
नई दिल्ली, 17 अक्तूबर, अभीतक: शिशुओं के पोषण संबंधी सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने खाद्य सुरक्षा और मानक (शिशु पोषण के लिए खाद्य पदार्थ) विनियम, 2020 में संशोधन का मसौदा प्रकाशित किया है। इसमें छह माह तक की आयु के शिशुओं के लिए निर्धारित खाद्य उत्पादों में सुक्रोज और फ्रक्टोज मिलाने पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव किया गया है। भारत के राजपत्र में 16 अक्टूबर, 2026 को प्रकाशित खाद्य सुरक्षा और मानक (शिशु पोषण के लिए खाद्य पदार्थ) संशोधन विनियम, 2026 के मसौदे का उद्देश्य मौजूदा नियामक ढांचे को और सुदृढ़ करना है। इसके अंतर्गत यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है कि शिशु पोषण उत्पादों का निर्माण उनकी आयु के अनुरूप पोषण संबंधी आवश्यकताओं के अनुसार किया जाए। इसमें जीवन के शुरुआती चरणों में शिशुओं को अतिरिक्त शर्करा के संपर्क में आने से यथासंभव बचाने पर विशेष जोर दिया गया है। मौजूदा विनियमों में जन्म से लेकर 24 माह तक के बच्चों के लिए निर्धारित विभिन्न श्रेणियों के शिशु पोषण उत्पादों की पोषण संरचना, गुणवत्ता और सुरक्षा के व्यापक मानक निर्धारित किए गए हैं। वर्तमान प्रावधानों के तहत, लैक्टोज और ग्लूकोज पॉलिमर कार्बोहाइड्रेट के पसंदीदा स्रोत हैं, जबकि सुक्रोज औरध्या फ्रक्टोज को निर्धारित सीमाओं के अधीन केवल तभी मिलाने की अनुमति है, जब कार्बोहाइड्रेट के स्रोत के रूप में उनकी आवश्यकता हो। इन प्रावधानों को आगे बढ़ाते हुए, संशोधन के मसौदे में छह माह तक की आयु के शिशुओं के लिए निर्धारित उत्पादों में सुक्रोज और फ्रक्टोज मिलाने पर विशेष प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव किया गया है। प्रस्तावित प्रावधान के अनुसार, छह माह तक की आयु के शिशुओं के लिए निर्धारित उत्पादों में सुक्रोज और फ्रक्टोज नहीं मिलाए जाएंगे। जीवन के पहले छह माह स्वस्थ वृद्धि और विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए इस अवधि में उचित पोषण का विशेष महत्व है। प्रस्तावित प्रतिबंध का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिशु पोषण उत्पादों में सुक्रोज और फ्रक्टोज को अनावश्यक रूप से मिलाए बिना इस आयु वर्ग की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा किया जाए। इस उपाय का उद्देश्य प्रारंभिक अवस्था में अतिरिक्त शर्करा के सेवन से जुड़ी चिंताओं, विशेष रूप से बचपन में मोटापे और उससे संबंधित स्वास्थ्य चुनौतियों से जुड़े आहार संबंधी जोखिम कारकों, से निपटने के व्यापक जनस्वास्थ्य प्रयासों को भी समर्थन देना है। यह पहल जीवन के पहले छह माह तक केवल स्तनपान को बढ़ावा देने संबंधी स्थापित जनस्वास्थ्य सिफारिशों के अनुरूप है। शिशु पोषण उत्पादों के मानकों को सुदृढ़ करके, प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य शिशुओं के लिए उचित आहार पद्धतियों को प्रोत्साहित करना तथा निर्माताओं को ऐसे उत्पाद तैयार करने के लिए प्रेरित करना है, जिनमें छोटे शिशुओं की विशिष्ट पोषण संबंधी आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाए। प्रस्तावित नियामक उपाय विज्ञान-आधारित खाद्य मानकों, उत्पादों के जिम्मेदार निर्माण और निवारक पोषण पर एफएसएसएआई के निरंतर ध्यान को दर्शाता है। यह जीवन के शुरुआती चरणों से ही बच्चों के पोषण संबंधी कल्याण की सुरक्षा के महत्व को भी रेखांकित करता है, जो देश की व्यापक जनस्वास्थ्य प्राथमिकताओं का एक अभिन्न अंग है। संशोधन का मसौदा सार्वजनिक परामर्श के लिए प्रकाशित किया गया है। इसके अंतर्गत हितधारकों से अधिसूचना वाले राजपत्र की प्रतियां जनता के लिए उपलब्ध कराए जाने की तिथि से 60 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। निर्धारित अवधि के भीतर प्राप्त अभ्यावेदनों पर एफएसएसएआई द्वारा संशोधन को अंतिम रूप देने से पहले विचार किया जाएगा।
