




गांव गांगटान में रात्रि ठहराव कार्यक्रम के दौरान लगी विभागीय स्टॉल का अवलोकन करती डीसी वर्षा खांगवाल।
गांव गांगटान में रात्रि ठहराव कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों से हुआ सीधा संवाद
रात्रि ठहराव कार्यक्रमों से गांवों तक पहुंच रहा सुशासन का संदेश : डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, अधिकारियों को त्वरित समाधान के दिए निर्देश
झज्जर, 31 अगस्त हरियाणा सरकार की सुशासन की अवधारणा को धरातल पर उतारने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक माह रात्रि ठहराव कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को बेरी खंड के गांव गांगटान स्थित राजकीय उच्च विद्यालय में रात्रि ठहराव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डीसी वर्षा खांगवाल ने ग्रामीणों से सीधा संवाद करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं और गांव के विकास से जुड़े सुझावों पर भी चर्चा की। सरपंच दलबीर सिंह ने डीसी वर्षा खांगवाल का स्वागत किया और गांव की प्रमुख मांगे रखी।
रात्रि ठहराव प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद का माध्यम
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि रात्रि ठहराव केवल प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन को आमजन के बीच पहुंचाने और उनकी समस्याओं को नजदीक से समझने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दूर न जाना पड़े, बल्कि प्रशासन स्वयं गांव में पहुंचकर लोगों की समस्याओं को सुने और उनका समाधान सुनिश्चित करे। उन्होंने ग्रामीणों से भी गांव के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों द्वारा रखी गई समस्याओं पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए समाधान की प्रगति से संबंधित लोगों को भी अवगत करवाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आमजन को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध करवाना है।
ग्रामीणों ने रखी अपनी समस्याएं और सुझाव
रात्रि ठहराव कार्यक्रम के दौरान गांव गांगटान के ग्रामीणों ने सड़क, जल निकासी, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन सहित विभिन्न विषयों से संबंधित समस्याएं और सुझाव डीसी के समक्ष रखे। डीसी वर्षा खांगवाल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव है, उन्हें अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ जागरूक किया
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों की ओर से सूचना स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉल के माध्यम से ग्रामीणों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, सेवाओं और पात्रता संबंधी जानकारी दी गई। डीसी ने सभी स्टॉल का अवलोकन किया। साथ ही स्कूल परिसर में पौधरोपण भी किया गया। सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के कलाकारों ने हरियाणवी लोकगीतों के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रति जागरूक किया तथा पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
नशे और साइबर अपराध से बचाव के लिए किया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग की ओर से डीघल चौकी इंचार्ज संदीप कुमार ने ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों, यातायात नियमों के पालन और साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। ग्रामीणों को साइबर ठगी होने की स्थिति में तुरंत 1930 पर शिकायत करने तथा किसी भी आपात स्थिति में 112 नंबर पर संपर्क करने की जानकारी दी। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे स्वयं भी जागरूक रहें और अपने आसपास के लोगों को भी साइबर अपराध तथा नशे के विरुद्ध जागरूक करें।
रात्रि ठहराव में यह अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, सीईओ जिला परिषद मनीष फौगाट, सीटीएम ऋतु, एसीपी हितेश महाला, समाजसेवी बलवान सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

एल. ए. स्कूल के स्टूडेंट नयनत ने प्री -नेशनल शूटिंग कम्पिटिशन में 10 मीटर पिस्टल इंटर स्टेट क्वालीफाइड करके नेशनल 10 मीटर पिस्टल शूटिंग के लिए क्वालीफाइड किया
झज्जर, 31 अगस्त, अभीतक: एल. ए. स्कूल झज्जर के छठी कक्षा के स्टूडेंट नयनत ने प्री -नेशनल शूटिंग कम्पिटिशन में 10 मीटर पिस्टल इंटर स्टेट क्वालीफाइड करके नेशनल 10 मीटर पिस्टल शूटिंग के लिए क्वालीफाइड किया। बेटे नयनत के क्वालीफाइड करने पर उनके पिता ने अपनी खुशी का इजहार किया उन्होंने बताया कि यह प्रतियोगिता डॉ. करनी सिँह शूटिंग रेंज सूरजकुण्ड रोड़ तुगलकाबाद दिल्ली में हुई थी व बेटे की इस सफलता में एल. ए. स्कूल के अध्यापकों का व उनके कोच का योगदान बताया। स्कूल मैनेजर के. एम. डागर व स्कूल प्राचार्या निधि कादयान ने बेटे को अपना शुभ आशीर्वाद प्रदान किया व कहा की बेटा नयनत बहुत प्रतिभावन है। स्कूल संचालक जगपाल गुलिया, जयदेव दहिया, अनीता गुलिया, नीलम दहिया, योजित गुलिया, भविष्य दहिया ने बेटे की इस सफलता को आने वाले समय में एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। भूगोल प्राध्यापक मुकेश शर्मा ने बताया की बेटे नयनत का स्कूल में पहुंचने पर शानदार स्वागत किया जाएगा।


एच. डी. पब्लिक स्कूल, बिरोहड़ में सड़क सुरक्षा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया
झज्जर, 31 अगस्त, अभीतक: हरियाणा सरकार द्वारा चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के अंतर्गत आज एच.डी. पब्लिक स्कूल, बिरोहड़ में सड़क सुरक्षा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। शिक्षा विभाग, ब्लॉक मातनहेल से प्राप्त निर्देशों के अनुसार विद्यालय स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय की प्राचार्या नमिता दास ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा आज के समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह यातायात नियमों का पालन करे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करे। उन्होंने कहा कि छोटी-सी असावधानी भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए सड़क पर चलते समय सदैव सतर्क एवं जिम्मेदार रहना चाहिए। उन्होनें कहा कि सरकार द्वारा विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए इस प्रकार की प्रतियोगिताओं एवं जागरूकता अभियानों का आयोजन किया जाना सराहनीय पहल है। विद्यार्थियों को बचपन से ही यातायात नियमों की जानकारी मिलने से वे स्वयं सुरक्षित रहेंगे तथा अपने परिवार और समाज को भी जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे। विद्यालय निदेशक बलराज फौगाट ने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार द्वारा प्रतिवर्ष विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे अभियानों से लोगों में यातायात नियमों के प्रति सजगता बढ़ती है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता तीन स्तरों पर आयोजित की गई तथा विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं ने विभागीय नियमों के अनुसार इसमें भाग लिया। प्रश्नोत्तरी में वैकल्पिक उत्तर वाले प्रश्नों के माध्यम से लगभग सभी प्रमुख यातायात नियमों एवं सड़क सुरक्षा संबंधी जानकारियों को शामिल किया गया। इस अवसर पर स्कूल निदेशक बलराज फौगाट ने विद्यालय में कार्यरत सभी बस चालकों, पुरुष परिचालकों एवं महिला परिचालकों को भी आधुनिक यातायात नियमों की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से कोहरे एवं धुंध भरे वातावरण में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि “सावधानी हटी, दुर्घटना घटी” केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा का महत्वपूर्ण संदेश है। थोड़ी-सी लापरवाही और चूक से बड़ा नुकसान हो सकता है। उन्होंने रात के समय वाहन चलाते हुए डिपर का उचित प्रयोग करने तथा यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करने की अपील की। विद्यालय परिवार की ओर से सड़क सुरक्षा के प्रति विद्यार्थियों एवं आमजन को जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे इन अभियानों हेतु हरियाणा सरकार एवं शिक्षा विभाग का आभार व्यक्त किया गया। प्रतियोगिता को सफल बनाने में सहयोग देने के लिए विद्यालय निदेशक बलराज फौगाट एवं प्राचार्या नमिता दास ने समस्त स्कूल स्टाफ का धन्यवाद किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने सड़क सुरक्षा नियमों को समझने के साथ-साथ सुरक्षित यातायात के प्रति अपनी जिम्मेदारी का भी संकल्प लिया।





सरकारी पॉलिटेक्निक झज्जर में विद्यार्थियों को उद्यमिता एवं स्वरोजगार के प्रति किया जागरूक
झज्जर, 31 अगस्त, अभीतक: सरकारी पॉलिटेक्निक झज्जर में विद्यार्थियों को उद्यमिता, स्वरोजगार एवं स्टार्टअप के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नौकरी की तलाश करने के साथ-साथ स्वयं का व्यवसाय शुरू कर रोजगार प्रदाता बनने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर PNB RSETI झज्जर के निदेशक उमेश भूकर गोरिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में युवाओं के लिए स्वरोजगार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने कौशल एवं तकनीकी ज्ञान का उपयोग करते हुए स्वयं का व्यवसाय अथवा स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), विभिन्न सरकारी सब्सिडी योजनाओं, बैंकिंग सुविधाओं एवं ऋण योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही विद्यार्थियों को स्वरोजगार शुरू करने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता, बैंक से ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा सरकार द्वारा युवाओं एवं नए उद्यमियों को प्रदान किए जा रहे सहयोग के बारे में भी अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (च्डश्रश्रठल्) तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (च्डैठल्) सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं बीमा योजनाओं की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को वित्तीय जागरूकता, बचत, बैंकिंग सेवाओं के सही उपयोग तथा भविष्य के लिए वित्तीय सुरक्षा के महत्व के बारे में भी समझाया गया। इस अवसर पर च्छठ त्ैम्ज्प् झज्जर से आशीष शर्मा तथा सरकारी पॉलिटेक्निक झज्जर से उमेश सरोज, ज्तंपदपदह – च्संबमउमदज व्ििपबमत उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा उद्यमिता एवं स्वरोजगार से संबंधित विभिन्न जानकारियां प्राप्त कीं। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनने की सोच विकसित करना तथा उन्हें उपलब्ध सरकारी योजनाओं और वित्तीय संसाधनों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना रहा।

उद्यमिता प्रकोष्ठ द्वारा पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन
झज्जर, 31 अगस्त, अभीतक: आज राजकीय महाविद्यालय बिरोहड़, झज्जर में प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) दलबीर सिंह हुड्डा के दिशा-निर्देशन एवं प्रशासनिक प्रभारी डॉ. सुरेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में महाविद्यालय के उद्यमिता प्रकोष्ठ द्वारा पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता की भावना विकसित करना, रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें स्थानीय स्तर पर उपलब्ध व्यवसाय एवं स्वरोजगार की संभावनाओं से परिचित करवाना था।कार्यक्रम की आयोजक एवं उद्यमिता प्रकोष्ठ की प्रभारी सुश्री सुनीता ने विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध व्यवसायिक अवसरों, स्वरोजगार की संभावनाओं तथा स्थानीय संसाधनों पर आधारित व्यावसायिक विचारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे अपने आसपास की आवश्यकताओं और समस्याओं को पहचानकर उन्हें नए व्यवसायिक अवसरों में परिवर्तित करने की दिशा में सोचें। प्रशासनिक प्रभारी डॉ. सुरेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों की रचनात्मक भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों में नवाचार, नेतृत्व क्षमता, समस्या-समाधान कौशल एवं उद्यमशील दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहेकृप्रथम स्थानरू पारुल, बी.ए. प्रथम वर्ष,द्वितीय स्थानरू सोनिया एवं इंदु, बी.ए. द्वितीय वर्ष,तृतीय स्थानरू प्रिया, बी.ए. प्रथम वर्ष एवं भारती, बी.ए. द्वितीय वर्ष।प्रतियोगिता के दौरान उद्यमिता प्रकोष्ठ की टीम के सदस्य श्री नरेंद्र, सुश्री मोनिका, श्रीमती रीना, श्री सतपाल एवं श्री वीरेंद्र उपस्थित रहे और उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का सफल आयोजन उद्यमिता प्रकोष्ठ की प्रभारी सुश्री सुनीता एवं टीम के सहयोग से संपन्न हुआ।

समाधान शिविर में सीटीएम ने सुनी आमजन की समस्याएं
प्रशासनिक पारदर्शिता और जनता से सीधा संवाद बना समाधान शिविर की पहचान
झज्जर, 31 अगस्त, अभीतक: प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के दिशा-निर्देशन तथा डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा जनसुनवाई की पारदर्शी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सोमवार को जिला स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सीटीएम ऋतु ने नागरिकों की शिकायतें सुनी और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। जिला स्तरीय शिविर में पहुंचे नागरिकों ने बिजली, जलापूर्ति, पेंशन, राजस्व रिकॉर्ड, सड़क मरम्मत, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और अन्य स्थानीय समस्याओं को लेकर शिकायतें प्रस्तुत कीं। सीटीएम रितु ने प्रत्येक फरियादी की बात को गंभीरता से सुना। सीटीएम ने कहा कि समाधान शिविरों का उद्देश्य प्रशासन और आमजन के बीच सीधे संवाद की एक प्रभावी कड़ी स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से जन समस्याओं का त्वरित समाधान होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन शिकायतों का मौके पर समाधान संभव नहीं हो पाया, उन्हें समयबद्ध ढंग से निपटाया जाए और संबंधित विभागों को नियमित फॉलोअप करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।




मिशन मोड़ में एसआईआर पर है प्रशासन का फोकस: डीसी
मतदाता सूची में सुधार का अंतिम अवसर, 30 सितंबर तक दर्ज कराएं दावे-आपत्तियां
6 नवंबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची, 28 अक्टूबर तक दावे-आपत्तियों का होगा निपटान
डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने एसआईआर 2026 को लेकर निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों की बैठक में दिए जरूरी निर्देश
झज्जर, 31 अगस्त, अभीतक: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची को पारदर्शी और अपडेट बनाने के लिए जिला झज्जर के सभी चारों विधानसभा क्षेत्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान मिशन मोड़ में जारी है। प्रशासन का पूरा फोकस है कि पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से वंचित न रहे इसके लिए अधिकारी अभियान को लेकर आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। यह बात डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने कही। डीसी सोमवार को लघु सचिवालय सभागार में एसआईआर 2026 को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा कर रही थी। डीसी ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार एसआईआर अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अब पात्र नागरिक 30 सितंबर तक मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। दावे एवं आपत्तियों का निपटान 28 अक्टूबर तक किया जाएगा, जबकि 6 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने जिलावासियों से आह्वान किया कि वे प्रारंभिक मतदाता सूची में अपना तथा परिवार के सभी पात्र सदस्यों का नाम और अन्य विवरण अवश्य जांच लें। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम दर्ज होना और सूची का त्रुटिरहित एवं अद्यतन रहना निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया के लिए बेहद जरूरी है। नागरिकों की सक्रिय सहभागिता से ही मतदाता सूची को अधिक शुद्ध एवं विश्वसनीय बनाया जा सकता है।
नाम सूची में नहीं है तो फॉर्म-6 से करें आवेदन
डीसी ने बताया कि यदि किसी पात्र नागरिक का नाम प्रारंभिक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, तो वह निर्धारित दस्तावेज एवं घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-6 भरकर नाम शामिल करवाने के लिए दावा प्रस्तुत कर सकता है। पात्र नागरिक निर्धारित अवधि के भीतर आवेदन कर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाएं। डीसी ने कहा कि मतदाता सूची में नाम, पता, आयु, फोटो अथवा अन्य विवरण में किसी प्रकार की गलती होने पर फॉर्म-8 के माध्यम से संशोधन के लिए आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए निर्धारित दस्तावेज एवं आवश्यक घोषणा-पत्र संलग्न करना होगा।
मृत या अपात्र मतदाता का नाम हटाने के लिए फॉर्म-7
डीसी ने बताया कि किसी मृत, अपात्र, स्थायी रूप से स्थानांतरित अथवा अन्य स्थान पर पहले से पंजीकृत मतदाता का नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। नागरिक अपने दावे एवं आपत्तियां संबंधित निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (ईआरओ) अथवा सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (एईआरओ) के कार्यालय में जमा करा सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है।
नागरिक बीएलओ, ईआरओ और एईआरओ से भी ले सकते हैं सहायता
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि कोई भी नागरिक मतदाता सूची से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा आवेदन प्रक्रिया में सहायता के लिए अपने क्षेत्र के बीएलओ, ईआरओ या एईआरओ से संपर्क कर सकते हैं। अधिकारी एवं कर्मचारी नागरिकों को आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराएंगे। डीसी ने बताया कि मतदाता सूची से संबंधित जानकारी एवं सहायता के लिए मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने पात्र नागरिकों से अपील की कि वे 30 सितंबर की अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना प्रारंभिक मतदाता सूची में अपना नाम एवं विवरण जांचें और आवश्यकता होने पर समय रहते दावे या आपत्तियां दर्ज कराएं। इस अवसर पर एडीसी जगनिवास व एसडीएम झज्जर रवि मीणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएससी केंद्रों पर ब्रांडिंग व रेट लिस्ट अनिवार्य, उल्लंघन पर आईडी होगी बंद: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल का आह्वान-केवल अधिकृत केंद्रों पर ही नागरिक करवाएं सरकारी कार्य, तय शुल्क से अधिक वसूली पर होगी सख्त कार्रवाई
झज्जर, 31 अगस्त, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने जिला में चल रहे कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के संचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जिला भर में 750 से ज्यादा सीएससी सेंटर हैं,सभी सीएससी संचालकों को अपने-अपने केंद्रों पर सीएससी का ब्रांडिंग बोर्ड तथा उपलब्ध सेवाओं की निर्धारित रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य है। यदि किसी केंद्र पर यह व्यवस्था नहीं पाई गई तो संबंधित संचालक की आईडी तत्काल प्रभाव से बंद कर दी जाएगी,साथ ही नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सीएससी सेंटरों पर पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी
डीसी ने कहा कि सीएससी सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं, इसलिए इन केंद्रों पर पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संचालक अपने केंद्रों पर स्पष्ट रूप से ब्रांडिंग बोर्ड एवं रेट लिस्ट प्रदर्शित करें, ताकि नागरिकों को सेवाओं की जानकारी आसानी से मिल सके और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि किसी भी सरकारी सेवा के लिए केवल अधिकृत सीएससी केंद्रों पर ही कार्य करवाएं। नागरिक अपने नजदीकी अधिकृत केंद्र का चयन करें, जिससे धोखाधड़ी या अनियमितता से बचा जा सके।
निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने पर होगी सख्त कार्रवाई
डीसी वर्षा खांगवाल ने केंद्र संचालकों को आगाह किया कि निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी केंद्र द्वारा अधिक शुल्क वसूला जाता है या नियमों का उल्लंघन किया जाता है, तो संबंधित संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने सभी सीएससी संचालकों को निर्देशित किया कि वे निर्धारित नियमों का पालन करते हुए आमजन को पारदर्शी, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करें, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंच सके।





सेवानिवृत्ति और स्थानांतरण सरकारी प्रक्रिया का हिस्सा: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने सहायक कपूर सिंह के सेवाकाल की प्रशंसा की
लगभग 37 वर्ष की सेवा के बाद उपायुक्त कार्यालय से सेवानिवृत हुए कपूर सिंह
झज्जर, 31 अगस्त, अभीतक: उपायुक्त कार्यालय में सहायक के पद पर कार्यरत कपूर सिंह 37 साल की सेवा के उपरांत सेवानिवृत हो गए। सोमवार को उनकी सेवानिवृत्ति के उपलक्ष्य में लघु सचिवालय सभागार में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में डीसी वर्षा खांगवाल ने कपूर सिंह के सेवाकाल की प्रशंसा करते हुए स्वस्थ व दीर्घ जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि कर्मचारी और अधिकारी का स्थानांतरण और सेवानिवृत्ति सरकारी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। जब कर्मचारी सेवा में आता है,उसी दिन उसकी सेवानिवृत्ति का दिन भी निर्धारित हो जाता है। उन्होंने सहायक कपूर सिंह के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विभागीय दायित्वों को कुशलतापूर्वक निर्वहन किया तथा विभाग में अपनी अहम पहचान बनाई। उल्लेखनीय है कि कपूर सिंह ने जुलाई 1990 में बतौर लिपिक सरकारी सेवा आरंभ की थी। वर्तमान में वे डीसी कार्यालय की एचआरए शाखा में सहायक के पद पर कार्यरत थे। विभिन्न पदों पर कपूर सिंह का सेवा कार्यकाल संतोषजनक रहा है। समारोह में उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों ने कपूर सिंह को पगड़ी पहनाकर व स्मृति चिह्न भेंट कर उनका सम्मान किया और उनके स्वस्थ एवं सुखमय जीवन की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर डीसी वर्षा खांगवाल ने सहायक कपूर सिंह के सेवाकाल की सराहना करते हुए उनकी दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने बताया कि कपूर सिंह के सदव्यवहार, कार्यशैली, मधुर वाणी, कर्तव्यनिष्ठ व ईमानदारी जैसे गुणों से समस्त स्टाफ सदस्य काफी प्रभावित थे। इस अवसर पर सीटीएम ऋतु, डीआरओ मनवीर सिंह सांगवान, कुणाल दलाल, नेहा रानी, एएसआर सुशील बाल्याण, सहायक पुरुषोत्तम शर्मा सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।

सीटू झज्जर ने नगरपालिका व अग्निशमन कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
झज्जर, 31 अगस्त, अभीतक: सैंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू,) हरियाणा के आह्वान पर सीटू झज्जर ने उपायुक्त कार्यालय झज्जर पर रोष प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार को ज्ञापन भेजकर नगरपालिका व अग्निशमन के कर्मचारियों के आंदोलन की 13 मई की स्वीकृत मांगो को तुरंत लागू करने की मांग की गई व हरियाणा सरकार के इस रवैये की निन्दा की। उसके बाद सीटू नेताओं ने नगरपालिका कार्यालय पहुंचकर नगरपालिका व फायर कर्मचारियों की हड़ताल व धरने को समर्थन दिया। आज के रोष प्रदर्शन की अध्यक्षता सीटू जिला कन्वीनर किरण ने की व मंच संचालन सीटू सह कन्वीनर संदीप कुमार मारोत कुमार ने किया। रोष प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संदीप कुमार ने कहा कि आज प्रदेश के हजारों नगरपालिका व फायर के कर्मचारी 13 मई को सरकार के साथ हुए समझौते को लागू करने की मांग को लेकर 24 दिन से हड़ताल किए हुए है। भाजपा सरकार स्वीकृत मांगो को लागू करने की बजाए नगरपालिका व फायर के कर्मचारियों पर पुलिसिया दमन के सहारे आंदोलन को तोड़ना चाहती है। भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के चलते महगाई, बेरोजगारी बढ़ रही है, मगर भाजपा सरकार नगरपालिका व फायर कर्मचारियों से पुराने वेतन में काम लेना चाहती है। मोदी सरकार पूंजीपति घरानों के तो हजारों करोड़ रुपए माफ कर रही है मगर गरीब कर्मचारी व आम जनता को कोई राहत नहीं दी जा रही हैं। सीटू नेताओं ने कहा की समाज के सबसे गरीब व सामाजिक रूप से पिछडे हिस्से से आने वाले सफाई कर्मचारियों के पिछले आन्दोलन में मंत्री विपुल गोयल व कृष्ण बेदी ने नगरपालिका व नगरपरिषद में लगे करीब 13000 अस्थाई कर्मचारियों को स्थाई करने, 6800 के करीब रिक्त पदों को भरने, वरिष्ठता व योग्यता के आधार पर चतुर्थ श्रेणी से तीसरी श्रेणी में पदौन्नति करने, अग्निशमन के फरिदाबाद में शहीद हुए दो कर्मचारियों को 1 करोड रूपयें मुआवजा देने का नगरपालिका व अग्निश्मन कर्मचारियों को आश्वासन दिया था। अब भाजपा सरकार के मंत्री व विभाग के अधिकारी अपने ही किए गए समझौते से मुकर रहे हैं जिसके चलते मजबूरीवस कर्मचारियों को दोबारा से हड़ताल पर जाना पड़ा हैं। सरकार जल्द से जल्द कर्मचारियों की मांगों को पूरा करे अन्यथा इनके सर्मथन में प्रदेश के तमाम मजदूर, परियोजना कर्मी, ग्रामीण सफाई कर्मी, चैकीदार व जनसंगठन भी उतरने के लिए मजबूर होगे जिसकी जिम्मेदारी खुद सरकार की होगी। रोष प्रदर्शन में सीटू नेता संदीप कुमार, किरण, प्रवेश, अनीता, ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के नेता राम भगत सिंह, रवि आदि ने संबोधित किया।





शिक्षा और अच्छी संगत से ही मजबूत होगा युवाओं का भविष्य : झज्जर पुलिस’
बहादुरगढ़, 31 अगस्त, अभीतक: पुलिस मुख्यालय झज्जर में पुलिस उपायुक्त मुख्यालय दीप्ति गर्ग के दिशा-निर्देशन में कम्युनिटी पुलिसिंग प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार ने आज रामाभारती पब्लिक स्कूल, नाहरा नाहरी रोड, बहादुरगढ़ में विद्यार्थियों के लिए जागरूकता सेमिनार आयोजित किया। इस दौरान विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा, नशामुक्ति और डायल-112 के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। निरीक्षक सतीश कुमार ने विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने तथा सड़क पर सावधानी बरतने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में डायल-112 के माध्यम से पुलिस की सहायता ली जा सकती है। विद्यार्थियों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में भी जागरूक किया गया।उन्होंने कहा कि शिक्षा और खेलकूद विद्यार्थी जीवन के महत्वपूर्ण आधार हैं। शिक्षा से ज्ञान और आत्मविश्वास बढ़ता है, जबकि खेलकूद से शारीरिक व मानसिक विकास होता है। विद्यार्थियों को हमेशा मेहनत करने और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया गया।इस अवसर पर विद्यार्थियों को अच्छे व्यक्तियों की संगत के फायदे बताते हुए कहा गया कि सकारात्मक सोच रखने वाले और मेहनती लोगों के साथ रहने से जीवन में अच्छे संस्कार एवं आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। वहीं बुरी संगत व्यक्ति को नशे, अपराध और गलत गतिविधियों की ओर ले जा सकती है। इसलिए विद्यार्थियों को सोच-समझकर मित्र बनाने और किसी भी गलत गतिविधि से दूर रहने का संदेश दिया गया।

रिमांड के दौरान सीआईए झज्जर की बड़ी कार्रवाई, 1 किलो 35 ग्राम चरस के मामले में 2 किलो 530 ग्राम चरस और 680 ग्राम अफीम बरामद’
झज्जर, 31 अगस्त, अभीतक: नशा तस्करों के खिलाफ झज्जर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में सीआईए झज्जर की पुलिस टीम ने नशा तस्करी के एक मामले में आरोपी से पूछताछ के आधार पर 2 किलो 530 ग्राम चरस और 680 ग्राम अफीम बरामद की है। बरामद नशीले पदार्थ की अनुमानित कीमत 4.50 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।पुलिस उपायुक्त क्राइम शुभम सिंह के दिशा-निर्देशन में की गई इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए सीआईए झज्जर प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार ने बताया कि पूर्व में सीआईए झज्जर की टीम ने हिमाचल प्रदेश निवासी काहन सिंह को 1 किलो 35 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपी को अदालत में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था।रिमांड के दौरान उप निरीक्षक मनोज कुमार की पुलिस टीम ने आरोपी से गहनता से पूछताछ की। पूछताछ में मिली जानकारी और आरोपी की निशानदेही पर पुलिस टीम ने गुरुग्राम से 2 किलो 530 ग्राम चरस तथा 680 ग्राम अफीम बरामद की।जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी का एक साथी गुरुग्राम में किराये पर रहता था और उसी साथी ने आरोपी को यह नशीला पदार्थ मुहैया करवाया था। पुलिस टीम अब आरोपी के इस साथी की पहचान और ठिकाने का पता लगाने के साथ उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पुलिस ने आरोपी को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद अदालत झज्जर में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं, मामले में शामिल अन्य व्यक्ति की तलाश जारी है।सीआईए झज्जर की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि पुलिस केवल नशा तस्करों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि रिमांड के दौरान गहन पूछताछ कर नशीले पदार्थों की सप्लाई के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने के लिए भी प्रभावी कार्रवाई कर रही है।



अम्बाला: जेल विभाग जल्द ही एक नई पहल शुरू करने जा रहा है, जिसके तहत अब आम लोग भी कैदियों के हाथों से बना खाना खा सकेंगे। इस खास पैकेट को श्जेल की रोटीश् नाम दिया गया है।
योजना की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर अंबाला सेंट्रल जेल से होगी। यहां जेल के बाहर बनी कैंटीन के जरिए लोगों को कैदियों द्वारा तैयार भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, आगे चलकर इसे होम डिलीवरी से भी उपलब्ध कराने की योजना है।
खाने में दाल, सब्जी, रोटी, चावल और दही शामिल होंगे। जेल विभाग का दावा है कि भोजन शुद्ध और मिलावट-मुक्त होगा तथा लोगों को इसकी लागत का केवल 10 प्रतिशत ही देना होगा।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य कैदियों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें भोजन तैयार करने जैसी कौशल गतिविधियों से जोड़ना है। अधिकारियों के मुताबिक, भोजन की बिक्री से होने वाली आय का इस्तेमाल कैदियों के सुधार, कल्याण और कौशल विकास के लिए किया जाएगा।
हरियाणा के जेल महानिदेशक ए.एस. चावला के अनुसार, लोगों की मांग को देखते हुए यह पहल शुरू की जा रही है। अंबाला में योजना सफल रहने के बाद इसे प्रदेश की अन्य जेलों तक भी विस्तार दिया जा सकता
सोनीपत: सोनीपत के गांव बेयापुर खुर्द का रहने वाला है था गोगी गैंग का शार्प शूटर मोहित
किराए के मकान में रह रहा है मोहित का परिवार,
6 महीने पहले घर से लापता था मोहित मां कर चुकी मोहित को बेदखल
नौवीं क्लास के बाद अपराध की दुनिया में कदम रख चुका था मोहित
पहले दोस्तों के साथ हुए झगड़े में गया था जेल पैरोल पर वापस आने के बाद छोड़ गया था गांव बेयापुर खुर्द
हरियाणवी सिंगर अंकित बाल्यान की हत्या के मामले में भी मोहित का था नाम परिवार को नहीं थी कोई जानकारी
मां ने कहा मोहित बार-बार कहता था सुधारने की बात लेकिन आसपास के दोस्त नहीं दे रहे थे मोहित को सुधारने
परिवार की 6 महीने पहले हुई थी घर वालों से बातचीत उसके बाद घर वालों को नहीं थी कोई जानकारी
यूपी पुलिस ने कब पकड़ा कब एनकाउंटर किया, घर वालों को नहीं थी कोई जानकारी
मोहित की मौत की खबर सुनकर माँ हुई बेसुध, बहन भाई और परिवार का रो-रो कर बुरा हाल
मोहित की मां बहन और छोटा भाई रहता है अपने मां में पास
बहादुरगढ़: बहादुरगढ़ इंडस्ट्री पर एनजीटी की सख्ती
प्रदूषण की जांच के लिए बनाई संयुक्त कमेटी
करीब 2,500 औद्योगिक इकाइयों की होगी जांच
26 अक्टूबर से एक सप्ताह पहले एनजीटी में सबमिट करनी है रिपोर्ट
26 अक्टूबर को एनजीटी में मामले की अगली सुनवाई
मैन्युफैक्चरिंग, ईंधन और उत्सर्जन की होगी जांच
शामली: हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में बड़ा एक्शन
पुलिस मुठभेड़ में दो इनामी शूटर ढेर
मारे गए दोनों शूटर गोगी गैंग से जुड़े बताए जा रहे
दोनों शूटर सोनीपत के रहने वाले थे
सुमित और मोहित पर था 50-50 हजार रुपये का इनाम
कैराना रोड पर ताजमहल के पास हुई मुठभेड़
औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़
यूपी एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल
घायल पुलिसकर्मियों की पहचान प्रदीप और हरविंदर के रूप में हुई
अंकित बालियान की हत्या के बाद से पुलिस और एसटीएफ जुटी थी शूटरों की तलाश में
एनकाउंटर के बाद इलाके में पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी
चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा मानसून सत्र का आज दूसरा दिन
आज दोपहर 2 बजे से शुरू होगी विधानसभा की कार्यवाही।
आज विधानसभा की कार्यवाही बेहद अहम और हंगामेदार रहने वाली है।
सदन में आज शून्यकाल और प्रश्नों के अलावा भारी-भरकम विधायी कामकाज निपटाया जाएगा।
सदन में आज सबसे बड़ा राजनीतिक घमासान हरियाणा कौशल रोजगार निगम (भ्ज्ञत्छ) को लेकर होने के आसार हैं।
विपक्षी विधायक भारत भूषण बत्रा, आफताब अहमद, गीता भुक्कल, अशोक अरोड़ा समेत 17 विधायकों ने भ्ज्ञत्छ के जरिए हो रही ठेका भर्तियों में धांधली और पारदर्शिता की कमी का मुद्दा उठाते हुए ध्यानाकर्षण सूचना दी है।
विधायक आदित्य सुरजेवाला ने भी इस पर स्पष्टीकरण मांगने का नोटिस दिया है।
हरियाणा बाबा श्री खाटू श्याम चुलकाना धाम श्राइन बिल 2026 सदन में विचार और पारित कराने के लिए रखा जाएगा।
केंद्र के वॉटर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ पोल्यूशन अमेंडमेंट एक्ट 2024 को अपनाने के लिए सदन में ऑफिशियल रिजॉल्यूशन लाया जाएगा, जिससे छोटी गलतियों को डि-क्रिमिनलाइज किया जा सके।
करनाल: करनाल में सस्पेंड चल रहे बिजली विभाग के ैम् ने की आत्महत्या
सोनीपत में थे कार्यरत ैम् गीतू राम तंवर कई महीने पहले हो गए थे सस्पेंड उनका एक वीडियो हुआ था वायरल, जिसके बाद हुए थे वो सस्पेंड आज गाड़ी में उनका शव मिला परिवार दे रहा है। पुलिस में शिकायत सस्पेंड के चलते चल रहे थे परेशान, एक समाज के बारे में टिप्पणी करने का वीडियो वायरल हुआ था।
भिवानी: हुड्डा के समर्थन में आए अजय चैटाला !
जेजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अजय चैटाला का बड़ा बयान
बोले, मैंने पहले ही कहा था कि अब पूरे देश में बदलाव का समय है
देश में युवा पीढ़ी ही बदलाव लाती है
दिल्ली जन्तर मंतर इसका उदाहरण है- अजय चैटाला
युवा ही इन्हें (भाजपा) पड़ोसी मुल्कों की तरह कुर्सी से खिंच कर दौड़ा दौड़ा कर भगाएँगे
कहा, हरियाणा में कानून व्यवस्था का बूरा हाल, सरकार फिर भी चुप है
इतने बूरे हाल को बावजूद सीएम को पंजाब दौरे से फुर्सत नहीं
विधानसभा प्रदर्शन के दौरान में पूर्व सीमम भूपेन्द्र हुड्डा के साथ पुलिस की बदसलूकी को बताया गलत
बोले, प्रजातंत्रिक तरीके सभी को विरोध का हक सभी को है
वो भी विरोध कर रहे थे, पर जिस प्रकार से बैकायदगी की गई वो गलत और निंदनीय है
सुभाष चंद्रा के करोड़ों रुपए माफ करने पर बोले अजय चैटाला
ये अंबानी अडानी की सरकार, सरकार उनके पैसों पर मौज लुट रही है
क्षेत्रीय पार्टियों के सासंदो व विधायकों को तोड़ने पर बोले
ये अपना प्रयास कर रहे हैं, पर क्षेत्रीय पार्टी कभी खत्म नहीं होंगी
लोगों का भला क्षेत्रिय पार्टी ही कर सकती हैं
पूर्व मंत्री स्वर्गीय जगन्नाथ की पत्नी धर्मा देवी के निधन पर शोक प्रकट करने पहुंचे थे डॉ अजय चैटाला
कहा, स्वर्गीय जगन्नाथ व उनके परिवार से हमारा पुराना नाता
देवीलाल के सानिध्य में जगन्नाथ राजनीति में आए थे
भिवानी में जब चैधरी बंसीलाल की फूँक से घास जलती थी, तब जगन्नाथ ही एकमात्र नेता थे जो उनसे हर मोर्चे पर टकराते थे
रोहतक: राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर पर रोहतक में कांग्रेस का प्रदर्शन
उत्तराखंड के हल्द्वानी में 30 अगस्त को राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
एफआईआर के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में रोष
रोहतक के डॉ. भीमराव अंबेडकर चैक पर किया जोरदार प्रदर्शन
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ जमकर की नारेबाजी
एफआईआर को लेकर कांग्रेस नेताओं ने जताया विरोध
राहुल गांधी की आवाज दबाने का प्रयास करने का लगाया आरोप




हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद और राहुल गांधी पर एफआईआर के खिलाफ सडकों पर उतरी कांग्रेस कार्यकर्ता, फूंका भाजपा का पुतला
सामंती सोच और नफरत की राजनीति कर रही है भाजपा: कांग्रेस नेता
संविधान, सामाजिक न्याय और बराबरी की बात करने वालों पर एफआईआर दर्ज करवाना लोकतंत्र के खिलाफ: कांग्रेस नेता
भिवानी, 31 अगस्त, अभीतक: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर सोमवार को भिवानी में जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण व शहरी द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। उत्तराखंड के हल्द्वानी में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए शुद्धिकरण के कृत्य और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर के विरोध में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का भारी जनआक्रोश सडकों पर देखने को मिला। इस दौरान स्थानीय संविधान चैक पर एकत्रित होकर वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र व उत्तराखंड की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सामाजिक न्याय व संविधान की रक्षा का संकल्प दोहराया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने रोष मार्च निकालते हुए भाजपा के तानाशाही रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर तत्काल निरस्त की जाए व भाजपा एवं आरएसएस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए इस घृणित व जातिवादी कृत्य के लिए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और एफआईआर दर्ज की जाए। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए ग्रामीण जिला अध्यक्ष अनिरूद्ध चैधरी एवं शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप गुलिया जोगी ने भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के हल्द्वानी में भाजपाई कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया शुद्धिकरण सीधे तौर पर देश के अनुसूचित जाति, पिछड़े और शोषित वर्ग का अपमान है। यह 21वीं सदी के भारत में भाजपा की मध्यकालीन सामंती और संकीर्ण मानसिकता को उजागर करता है। जब राहुल गांधी संविधान, सामाजिक न्याय और बराबरी की बात करते है तो सत्ता के अहंकार में डूबी भाजपा उन पर झूठी एफआईआर दर्ज करवाकर उनकी आवाज को दबाने की कायराना कोशिश करती है। अनिरूद्ध चैधरी एवं प्रदीप गुलिया जोगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि राहुल गांधी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि देश के करोड़ों वंचितों, किसानों और युवाओं की मजबूत आवाज हैं। भाजपा चाहे जितने हथकंडे अपना ले, कांग्रेस का हर एक सिपाही संविधान और सामाजिक समरसता की रक्षा के लिए ईंट से ईंट बजा देगा। यह लड़ाई केवल एक एफआईआर के खिलाफ नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को बचाने की निर्णायक जंग है। प्रदर्शन में उपस्थित वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि भाजपा सामाजिक ध्रुवीकरण और नफरत के एजेंडे पर चलकर असल मुद्दों जैसे बेरोजगारी, महंगाई और सामाजिक गैर-बराबरी से जनता का ध्यान भटकाना चाहती है। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सडक से लेकर संसद तक इस तानाशाही के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। इस रोष प्रदर्शन में भिवानी जिला कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, विभिन्न प्रकोष्ठों व विभागों के संयोजक, ब्लॉक अध्यक्ष, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता भारी तादाद में शामिल रहे।
मानसून सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल में इनेलो के विधायक दल के नेता अदित्य देवीलाल ने पशुओं में लम्पी बीमारी के निदान पर सवाल पूछा
क्या सरकार ने कोई ऐसी नीति बनाई है कि लम्पी रोग से मरने वाले पशु और दूध कम होने पर सरकार की तरफ से कोई मुआवजा दिया जाए?
चंडीगढ़, 31 अगस्त, अभीतक: विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन इंडियन नेशनल लोकदल के विधायक दल के नेता अदित्य देवीलाल की तरफ से पशुओं में लम्पी बीमारी की रोकथाम पर सरकार द्वारा किए गए टीकाकरण और अन्य कार्य के विवरण पर पूछे गए प्रश्न पर अपना वक्तव्य देते हुए विधायक अदित्य ने कहा कि लम्पी रोग पशुओं में एक बेहद गंभीर बीमारी है जो बहुत तेजी से फैलती है। गऊशालाओं में उपलब्ध जगह से अधिक गऊओं को रखा जाता है। क्या गऊशालाओं में इतनी बड़ी संख्या में गऊ रखी जानी चाहिए? अगर वाकई में गऊओं को माता मानते हैं तो यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गऊशालाओं में उपलब्ध जगह के हिसाब से ही गऊओं को रखा जाए ताकि उन्हें साफ सुथरा वातावरण देकर स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखा जा सके। साथ ही उनके रहने लायक सभी व्यवस्थाएं भी की जानी चाहिए। जब लम्पी रोग आता है तो ज्यादातर पशु मर जाते हैं अगर कोई बच जाता है तो उसका दूध कम हो जाता है जो कि पशुपालक के लिए सबसे बड़ा नुकसान होता है। क्या सरकार ने कोई ऐसी नीति बनाई है कि लम्पी रोग से मरने वाले पशु और दूध कम होने पर सरकार की तरफ से कोई मुआवजा दिया जाए? अदित्य देवीलाल ने पशुओं में टीकाकरण पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि टीकाकरण करने का जो 19 लाख का लक्ष्य रखा गया था वो अब तक सिर्फ 13 लाख 42 हजार पशुओं का ही टीकाकरण हो पाया है। सप्लीमेंट्री प्रश्न पूछते हुए कहा कि क्या सरकार यह सुनिश्चित करती है कि पशुओं के सरकारी अस्पतालों में जितने भी डॉक्टर हैं वो गऊशालाओं और पशुपालकों के घर पर नियमित जांच के लिए जाते हैं या नहीं?



चंडीगढ़ छात्रसंघ चुनावों में आईएसओ की तरफ से डीएवी कॉलेज से अजय संधु उपप्रधान के पद पर और करण प्रताप सिंह गवर्नमेंट कॉलेज के ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद पर ऐतिहासिक जीत हासिल की
चंडीगढ़, 31 अगस्त, अभीतक: इंडियन नेशनल लोकदल की छात्र इकाई आईएसओ ने चंडीगढ़ के कॉलेजों के छात्रसंघ चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए डीएवी कॉलेज और गवर्नमेंट कॉलेज सेक्टर 11 में जबरदस्त प्रदर्शन किया। आईएसओ की तरफ से डीएवी कॉलेज से अजय संधु उपप्रधान के पद पर और करण प्रताप सिंह गवर्नमेंट कॉलेज के ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद पर चुनाव लड़े और जीत हासिल की। चंडीगढ़ छात्रसंघ चुनावों में आईएसओ की यह पहली जीत है। चंडीगढ़ छात्रसंघ चुनावों को जीतने में इनेलो के युवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय प्रभारी करण चैटाला और आईएसओ के राष्ट्रीय प्रभारी अर्जुन चैटाला की बड़ी भूमिका रही जिन्होंने युवाओं का मनोबल बढ़ाया और चुनाव जीतने के लिए प्रेरित किया। इस छात्रसंघ चुनाव के लिए करण चैटाला और अर्जुन चैटाला ने आईएसओ के चंडीगढ़ के प्रभारी तेजस्वी दलाल को जिम्मेदारी दी थी। डीएवी कॉलेज के चुनाव को जीतने में आईएसओ के चंडीगढ़ के उपप्रधान राहुल फतेहपुर और गवर्नमेंट कॉलेज का चुनाव जीतने में विक्रम के साथ साथ आईएसओ के चंडीगढ़ के सभी पदाधिकारियों व सदस्यों का बहुत बड़ा रोल रहा। छात्रसंघ की इस जीत के बाद आईएसओ के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में पूरा जोश दिखाई दिया।

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रेवाड़ी में में Road Safety Traffic Quiz के प्रथम राउंड का आयोजन किया गया
रेवाड़ी, 31 अगस्त, अभीतक: पुलिस विभाग के दिशानिर्देशानुसार आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रेवाड़ी में प्राचार्य विनोद यादव के मार्गदर्शन में Road Safety Traffic Quiz 2026-27 के प्रथम राउंड का आयोजन किया गया। शिक्षाविद साहित्यकार मनोज वशिष्ठ ने बताया कि इस प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना था। प्रतियोगिता को Level.प्प् और Level-3 – 4 दो स्तरों में आयोजित किया गया था। विद्यालय के सभी स्टाफ सदस्यों ने प्रतियोगिता सम्पन्न कराने तथा प्रश्नोत्तर चेक करके मार्किंग करने उपरांत रिजल्ट तैयार करने में सहयोग किया, समस्त स्टाफ का सहयोग अति सराहनीय रहा। प्राचार्य विनोद यादव ने प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए। Level-3 – 4 में नमन (10जी ।) व उत्तम (12जी ।) ने 28 अंकों के साथ संयुक्त रूप से प्रथम स्थान, नरेंद्र प्रजापत (12जी क्) व संजू (12जी ब्) ने 27 अंकों के साथ द्वितीय स्थान तथा दीपक (12जी ।) ने 26 अंकों के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं स्मअमस-प्प् में यश कुमार (टप्प् ।) ने 23 अंकों के साथ प्रथम, लक्ष्य (टप् ।) ने 22 अंकों के साथ द्वितीय तथा रघुनाथ यादव (टप्प्प् ।) ने 21 अंकों के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर प्राचार्य विनोद यादव ने कहा कि सड़क सुरक्षा आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इस प्रकार की क्विज से विद्यार्थी जिम्मेदार नागरिक बनेंगे। वहीं शिक्षाविद साहित्यकार मनोज वशिष्ठ ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से बच्चों के ज्ञान में वृद्धि होती है। अंत में सभी विजेताओं को बधाई एवं अगले चरण के लिए शुभकामनाएं दी गईं।




सरकारी पॉलिटेक्निक झज्जर में विद्यार्थियों को उद्यमिता एवं स्वरोजगार के प्रति किया जागरूक
झज्जर, 31 अगस्त, अभीतक: सरकारी पॉलिटेक्निक झज्जर में विद्यार्थियों को उद्यमिता, स्वरोजगार एवं स्टार्टअप के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नौकरी की तलाश करने के साथ-साथ स्वयं का व्यवसाय शुरू कर रोजगार प्रदाता बनने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर च्छठ त्ैम्ज्प् झज्जर के निदेशक उमेश भूकर गोरिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में युवाओं के लिए स्वरोजगार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने कौशल एवं तकनीकी ज्ञान का उपयोग करते हुए स्वयं का व्यवसाय अथवा स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (च्डम्ळच्), विभिन्न सरकारी सब्सिडी योजनाओं, बैंकिंग सुविधाओं एवं ऋण योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही विद्यार्थियों को स्वरोजगार शुरू करने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता, बैंक से ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा सरकार द्वारा युवाओं एवं नए उद्यमियों को प्रदान किए जा रहे सहयोग के बारे में भी अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (च्डश्रश्रठल्) तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (च्डैठल्) सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं बीमा योजनाओं की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को वित्तीय जागरूकता, बचत, बैंकिंग सेवाओं के सही उपयोग तथा भविष्य के लिए वित्तीय सुरक्षा के महत्व के बारे में भी समझाया गया। इस अवसर पर च्छठ त्ैम्ज्प् झज्जर से आशीष शर्मा तथा सरकारी पॉलिटेक्निक झज्जर से उमेश सरोज, ज्तंपदपदह – च्संबमउमदज व्ििपबमत उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा उद्यमिता एवं स्वरोजगार से संबंधित विभिन्न जानकारियां प्राप्त कीं। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनने की सोच विकसित करना तथा उन्हें उपलब्ध सरकारी योजनाओं और वित्तीय संसाधनों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना रहा।


रेवाड़ी मैराथन देगी नशामुक्त हरियाणा का संदेश, जरूर करवाएं पंजीकरण- डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया, मैराथन के जरिए खेलों और फिटनेस के प्रति किया जाएगा जागरूक
रेवाड़ी, 31 अगस्त, अभीतक: रेवाड़ी मैराथन-2026 के माध्यम से युवाओं को नशामुक्त हरियाणा, स्वस्थ हरियाणा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया जाएगा। जिला में 6 सितंबर को आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय हाफ मैराथन को लेकर पंजीकरण लगातार जारी है। डीसी अभिषेक मीणा ने हरियाणा उदय के अंतर्गत नशामुक्त हरियाणा के उद्देश्य से रेवाड़ी में आयोजित की जा रही राज्य स्तरीय हाफ मैराथन में अधिक से अधिक लोगों को पंजीकरण करवाने का आह्वान किया है। डीसी अभिषेक मीणा ने जिलेवासियों, विशेषकर युवाओं का आह्वान किया कि वे बढ़-चढकर मैराथन में भाग लें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ-साथ समाज को नशे जैसी बुराई से दूर रहने का संदेश दें। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी से नशे के विरुद्ध जागरूकता का संदेश मजबूती से समाज तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और सकारात्मक सोच ही मजबूत समाज की नींव है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। डीसी अभिषेक ने बताया कि रेवाड़ी मैराथन में भाग लेने के लिए प्रतिभागी अपना पंजीकरण जरूर करवाएं। उन्होंने बताया कि मैराथन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण किया जा सकता है। इसके लिए https://www.runagainstdrugsrwr.in/#/en/registration पर क्लिक करके अपना नाम, माता या पिता का नाम, आयु, राज्य, जिला और मोबाइल नंबर दर्ज कर पंजीकरण किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त क्यूआर कोड को स्कैन करके भी मैराथन के लिए आसानी से पंजीकरण किया जा सकते है।


ग्राम सभाएं आयोजित कर किया जाएगा परिवार पहचान पत्र से संबंधित वेरिफिकेशन कार्य : एडीसी
एडीसी राहुल मोदी ने बैठक कर गांवों में होने वाली ग्राम सभाओं को लेकर दिए दिशा निर्देश
रेवाड़ी, 31 अगस्त, अभीतक: एडीसी राहुल मोदी ने सोमवार को लघु सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं के आयोजन एवं वेरिफिकेशन कार्य को लेकर जिला के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि ग्राम सभाओं के माध्यम से परिवार पहचान पत्र से संबंधित विभिन्न प्रकार की वेरिफिकेशन का कार्य पंचायत स्तर पर किया जाएगा, ताकि पात्र परिवारों का सही डाटा अपडेट हो सके और कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। एडीसी राहुल मोदी ने बताया कि जिला की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ग्राम सभाओं में फैमिली आईडी वेरिफिकेशन के तहत एएवाई (अंत्योदय अन्न योजना) परिवारों की वेरिफिकेशन, एक लाख 80 हजार रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों की आय वेरिफिकेशन, कच्ची छत की फिजिकल वेरिफिकेशन तथा परिवार पहचान पत्र में परिवार के सदस्यों के व्यवसाय की वेरिफिकेशन अलग-अलग रूप से की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह कार्य अति आवश्यक है। सभी वेरिफिकेशन एवं डाटा अपडेट करने का कार्य 2 अक्टूबर तक पूरा किया जाए। एडीसी ने निर्देश देते हुए कहा कि जिला की सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं का आयोजन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा ग्राम पंचायतवार ग्राम सभाओं का शेड्यूल तैयार किया जाए और ग्राम सभाओं का आयोजन शुरू करवाया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में जिन संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है वें परिवार पहचान पत्र से जुड़े सभी आवश्यक वेरिफिकेशन कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर बीडीपीओ और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।





समाधान शिविर में शिकायतों का प्राथमिकता से किया जा रहा निवारणःएडीसी
एडीसी राहुल मोदी ने समाधान शिविर में सुनी आमजन की समस्याएं
रेवाड़ी, 31 अगस्त, अभीतक: हरियाणा सरकार की ओर से मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व में जनसेवा को समर्पित समाधान शिविर नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए कारगर साबित हो रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक सोमवार व गुरुवार को लगाए जा रहे समाधान शिविर आमजन की शिकायतों का प्राथमिकता से निवारण करते हुए लोगों को राहत पहुंचाई जा रही है। एडीसी राहुल मोेदी ने सोमवार को आयोजित समाधान शिविर में आमजन की शिकायतों को सुना और मौके पर ही शिकायतों का निवारण करवाया गया। समाधान शिविर में रेवाड़ी सेक्टर 18 पार्क के पास स्थित बिजली के ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करके फेंसिंग करवाने एवं बिजली तारो की ऊँचाई सुरक्षित करने की शिकायत पर एडीसी ने बिजली विभाग के अधिकारी को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए ताकि कोई अनहोनी न हो। गांव बगथला में बिजली कनेक्शन शिफ्ट करने व लोड बढ़वाने की शिकायत पर एडीसी ने बिजली विभाग को जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गांव नेहरूगढ़ में पंचायत भूमि पर अवैध कब्जा व गन्दगी हटवाने की शिकायत पर एडीसी ने बीडीपीओ नाहड़ को जांच करके अवैध कब्जा हटवाने व सफाई करवाने के निर्देश दिए। सेक्टर 18 में घूमने वाले पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की आरडब्लूए द्वारा एडीसी को शिकायत दी गई, जिस पर एडीसी ने एचएसवीपी के अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा परिवार पहचान पत्र, पेंशन, जमीनी विवाद, पानी, रास्ते पक्का करवाने जैसी अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही संबंधित अधिकारी को उचित कार्यवाही करते हुए तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए गए। एडीसी ने बताया कि जनता व प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करते हुए लोगों की समस्याओं का निवारण व सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से अवगत करवाने के लिए जिला व उपमंडल स्तर पर प्रत्येक सोमवार व गुरुवार को प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे है ताकि लोगों को एक स्थान पर उनकी समस्याओं को सुनकर उनका निवारण किया जा सके। इस अवसर पर सीटीएम जितेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।
स्मैम घटक के तहत कृषि यंत्रों का 1 से 3 सितंबर तक किया जाएगा भौतिक सत्यापन
रेवाड़ी, 31 अगस्त, अभीतक: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 में आरकेवीवाई स्कीम के सब-मिशन कृषि मशीनीकरण (स्मैम) घटक के तहत जिन चयनित किसानों के द्वारा अपने कृषि यंत्रों के बिल पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए है उन किसानों के कृषि यंत्रों का 1 से 3 सितंबर तक भौतिक सत्यापन किया जाएगा। डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि स्मैम स्कीम के तहत विभिन्न कृषि यंत्रों पर किसानों को 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला के जिन चयनित किसानों ने विभागीय पोर्टल पर कृषि यंत्र रोटावेटर, लेजर लैण्ड लेवलर, ट्रैक्टर ऑपरेटिड हाइड्रोलिक प्रेस स्ट्रा बेलर, ट्रैक्टर ऑपरेटिड फर्टिलाइजर ब्रॉडकास्टर व मल्टी क्रॉप बेड प्लान्टर के बिल अपलोड करवाए गए है। उन चयनित किसानों का जिला स्तरीय कार्यकारिणी कमेटी द्वारा नई अनाज मंडी रेवाड़ी में भौतिक सत्यापन किया जाएगा। सहायक कृषि अभियन्ता रेवाड़ी दिनेश शर्मा ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा द्वारा स्मैम घटक के तहत विभिन्न कृषि यंत्रों पर किसानों को अनुदान उपलब्ध करवाने के लिए 16 फरवरी 2026 तक विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। इसके उपरांत 21 जुलाई, 2026 को उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कार्यकारिणी की बैठक में किसानों को अनुदान उपलब्ध कराने के लिए ऑनलाइन ड्रॉ के माध्यम से चयन कर लिया गया था। जिन चयनित किसानों द्वारा अपने कृषि यंत्रों के बिल विभागीय पोर्टल पर 24 अगस्त, 2026 तक अपलोड करवा दिए गए है उन किसानों के कृषि यंत्रों का भौतिक सत्यापन 1 से 3 सितंबर तक जिला स्तरीय कार्यकारिणी कमेटी द्वारा नई अनाज मंडी, रेवाड़ी में निम्न कार्यक्रम अनुसार किया जाना है . उन्होंने बताया कि 1 सितंबर, 2026 को प्रातः 10 बजे लेजर लैण्ड लेवलर व रोटावेटर को छोड़कर अन्य सभी मशीनों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा, 2 सितंबर, 2026 को प्रातः 10 बजे लेजर लैण्ड लेवलर तथा 3 सितंबर, 2026 को प्रातः 10 बजे रोटावेटर नई अनाज मंडी रेवाड़ी में भौतिक सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे उक्त कार्यक्रमानुसार निर्धारित स्थान पर अपने कृषि यंत्रों का भौतिक सत्यापन करवाने के लिए निर्धारित समय पर पहुंचे।





आस्था कुंज बाल गृह का किया औचक निरीक्षण
रेवाड़ी, 31 अगस्त, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के निर्देशानुसार डॉ. रेनू सोलखे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी द्वारा सोमवार को आस्था कुंज बाल गृह रेवाड़ी का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान 17 बच्चे उपस्थित रहे। डॉ. रेनू सोलखे ने सभी बच्चों से बातचीत की तथा उनके बारे में उनके खानपान के बारे में तथा पढ़ाई के बारे में जाना। उन्होंने आस्था कुंज के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को बच्चों से संबंधित उचित दिशा निर्देश दिए। डॉ. रेनू सोलखे ने दत्तक ग्रहण अभिकरण का भी निरीक्षण किया जिसमें 8 बच्चे थे। डॉ.रेनू सोलखे ने बताया की जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उनकी हर संभव सहायता के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को सहायता और समर्थन प्रदान करने के लिए कार्यरत है। आस्था कुंज का स्टाफ अपनी ड्यूटी सही तरीके से कर रहा है। डॉ. रेनू सोलखे ने बच्चों को देने वाले खाने का भी निरीक्षण किया, जो सही पाया गया। इसके साथ बच्चों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं के बारे में भी निरीक्षण किया। वह सही एवं दुरुस्त थी। उन्हें बताया गया कि सभी बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं इसकी उन्होंने प्रशंसा की।
यूएचबीवीएनएल द्वारा लोहे के पोल अर्थात् ट्यूबलर पोल और चैनल पोल अपने खर्च पर पीसीसी पोल के साथ बदले जायेंगें- ऊर्जा मंत्री अनिल विज
पेहोवा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में लोहे के 91 बिजली पोल जनवरी 2027 तक पीसीसी पोल से बदले जाएंगे : ऊर्जा मंत्री अनिल विज
चण्डीगढ, 31 अगस्त, अभीतक: हरियाणा के ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि सभी लोहे के पोल अर्थात् ट्यूबलर पोल और चैनल पोल, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएनएल) द्वारा अपने खर्च पर पीसीसी पोल के साथ बदले जायेंगें। हालाँकि, निगम के निर्देशों के अनुसार, रेल पोलों को निगम के खर्च पर नहीं बदला जाता है। श्री विज आज यहां चण्डीगढ में हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान लगाए गए प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त, पेहोवा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के गुलदेहरा तथा ठसका मीरांजी गांवों के अंदर कोई एचटीध्एलटी लोहे के पोल नहीं लगे हुए हैं। हालाँकि, इन गांवों के बाहरी क्षेत्र में 11 केवी कृषि फीडरों पर 107 लोहे के पोलों की पहचान की गई है, जिनमें से 16 रेल पोल हैं। इसके साथ ही, वर्ष 2014 से अब तक इन गांवों में लोहे के पोल से करंट लगने के कारण किसी भी जनहानि की कोई घटना रिपोर्ट नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि शेष 91 लोहे के पोलों को निगम द्वारा जनवरी, 2027 तक पीसीसी पोलों से बदल दिया जाएगा।
गुरु तेग बहादुर महिला महाविद्यालय का निर्माण कार्य 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है: शिक्षा मंत्री
चण्डीगढ, 31 अगस्त, अभीतक: हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि जिला करनाल के तरावडी स्थित गुरु तेग बहादुर महिला महाविद्यालय का निर्माण कार्य की तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2015 में घोषणा की थी, जिसके अनुसार वर्ष 2018 में इसका निर्माण कार्य प्रारम्भ किया गया था। निर्माण एजेंसी (लोक निर्माण विभाग, भवन एवं सड़कें, हरियाणा) से प्राप्त नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार महाविद्यालय का 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। इसके अतिरिक्त, मुकदमेबाजी संबंधी मामलों के कारण परियोजना का कार्य रुक गया था तथा निर्माण एजेंसी द्वारा 5 जुलाई 2023 को कार्य समाप्त कर दिया गया था। विभाग द्वारा इस कार्य के लिए 3 अगस्त 2026 को 22371.35 लाख रुपये की पुनः संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति पहले ही जारी की जा चुकी है। दो महीने में काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जो अधिकारी काम में लापरवाही करते हुए पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मंत्री आज हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए प्रश्न का जवाब दे रहे थे।
HKRNL पर मुख्यमंत्री ने आंकड़ों से विपक्ष को दिखाया आईना, कहा: कांग्रेस के 9 साल के कार्यकाल में करीब 71 हजार संविदा कर्मचारी बढ़े, ये आज उसी व्यवस्था पर उठा रहे सवाल
चुनाव आते ही वोटों का हिसाब लगाकर सरकार चलाते थे कांग्रेसी, झूठ बोलने और भ्रम फैलाने में विपक्षी सबसे आगे, हवा से भी तेज फैलाते हैं झूठ: मुख्यमंत्री
HKRNL ने खत्म किया बिचैलिया राज, समान वेतन और सामाजिक सुरक्षा को बनाया आधार: मुख्यमंत्री
चण्डीगढ, 31 अगस्त, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने HKRNL पर विपक्ष को करारा जवाब देते हुए कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम के गठन के माध्यम से प्रदेश सरकार ने दशकों पुरानी ठेकेदार आधारित कर्मचारी व्यवस्था में व्याप्त बिचैलियापन, दलाली, शोषण और अपारदर्शिता को खत्म कर इसे पारदर्शी, उत्तरदायी और कर्मचारी- केंद्रित बनाया है। पहले ठेकेदारों द्वारा युवा कर्मचारियों का बड़े स्तर पर शोषण होता था। कर्मचारियों को पूरा वेतन तक नहीं मिलता था और बीच में ठेकेदार कट लगा देते थे। यहां तक कि कर्मचारियों को 12 महीनों के स्थान पर 11 महीनों का वेतन यह कहकर दिया जाता था कि उनकी भर्ती का रिन्यूअल किया जा रहा है। सरकार ने ठेकेदार और बिचैलिए की भूमिका समाप्त कर व्यवस्था को नियम, योग्यता और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ा है। मुख्यमंत्री सोमवार को हरियाणा विधानसभा में हरियाणा कौशल रोजगार निगम के संबंध में लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष इस विषय को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के दृष्टिकोण से देख रहा है, जबकि सरकार इसे प्रदेश के युवाओं, कर्मचारियों और उनके परिवारों के हितों से जोड़कर देखती है। विपक्ष इतिहास के अधूरे पन्ने दिखाकर राजनीति कर रहा है। पूरा रिकॉर्ड सामने आएगा तो सच यही निकलेगा कि अस्थायी और अनुबंध आधारित व्यवस्था वर्तमान सरकार ने शुरू नहीं की। सरकार ने इसमें व्याप्त ठेकेदारी, बिचैलियापन, दलाली, शोषण और अपारदर्शिता को खत्म कर व्यवस्था को पारदर्शी, उत्तरदायी और कर्मचारी-केंद्रित बनाया है।
झूठ बोलने और भ्रम फैलाने में विपक्ष सबसे आगे, हवा से भी तेज फैलाते हैं झूठ’
मुख्यमंत्री ने कहा कि झूठ बोलने और भ्रम फैलाने में कांग्रेस के लोग सबसे आगे हैं। ये हवा से भी तेज गति से झूठ फैलाने का काम करते हैं। प्रदेश की जनता सब कुछ देख रही है और सच तथा झूठ के अंतर को भली-भांति समझती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस का तो ऐसा था कि चुनाव आ गया तो ये लोग वोटों के हिसाब से सरकार चलाते थे। चुनाव आते ही वोटों का हिसाब लगाया जाता था और उसी के अनुरूप सरकार तथा व्यवस्था को चलाया जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे इस बात की चिंता है कि कांग्रेस के विधायक उस व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर कर रहे हैं, जो इनके शासनकाल में दम तोड़ चुकी थी और दलदल में फंस गई थी। हमारी सरकार ने उस व्यवस्था को ठीक करने का काम किया है। यह भी चिंता का विषय है कि विपक्ष के सदस्य उसी दफ्तर के आगे जाकर बैठ गए, जहां हमारी सरकार ने व्यवस्था को दुरुस्त किया है। उन्होंने कहा कि मेरा आग्रह है कि विपक्ष ने जो प्रश्न उठाए हैं और जो चिंताएं व्यक्त की हैं, उस पर मेरे जवाब को पूरा सुनें। शायद श्री भारत भूषण बत्रा बता पाएं कि उस समय युवाओं के साथ धोखा क्यों हुआ और युवाओं की समस्याओं का समाधान क्यों नहीं हुआ। उनके शासनकाल में ठेकेदारी प्रथा के तहत युवाओं का इतने बड़े स्तर पर शोषण होता था।
वर्ष 1967 में भी थे 11,397 कंटिन्जेंसी पेड, वर्कचार्ज्ड एवं कॉन्ट्रैक्ट आधार वाले कर्मचारी’
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा गठन के बाद वर्ष 1967 के प्रारंभिक आंकड़ों को देखें तो 31 मार्च, 1967 को हरियाणा सरकार के कर्मचारियों की कुल संख्या 97,385 थी। इनमें कंटिन्जेंसी पेड, वर्कचार्ज्ड एवं कॉन्ट्रैक्ट आधार वाले 11,397 कर्मचारी शामिल थे। यानी हरियाणा के आरंभिक प्रशासनिक ढांचे में लगभग 88 प्रतिशत कर्मचारी क्लास-एक से क्लास-चार की मुख्य श्रेणियों में थे और लगभग 12 प्रतिशत कर्मचारी कंटिन्जेंसी पेड, वर्कचार्ज्ड एवं कॉन्ट्रैक्ट आधार वाली संयुक्त श्रेणी में थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 तक क्लास-एक से क्लास-चार तक के कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 2,55,319 हो गई, जबकि कंटिन्जेंसी पेड, वर्कचार्ज्ड एवं कॉन्ट्रैक्ट आधार वाली संयुक्त श्रेणी की संख्या बढ़कर 84,642 हो गई। यानी वर्ष 1967 की तुलना में इस संयुक्त श्रेणी में 73,245 कर्मचारियों की वृद्धि हुई और यह संख्या बढ़कर लगभग 7.4 गुणा हो गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में अनुबंध आधारित कर्मचारियों की संख्या बढ़कर एक लाख से भी अधिक हो गई। इन ऐतिहासिक आंकड़ों को सामने रखने का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि अस्थायी प्रकृति की कर्मचारी व्यवस्था हरियाणा कौशल रोजगार निगम के गठन के बाद पैदा नहीं हुई। यह व्यवस्था दशकों से चली आ रही थी और अलग-अलग सरकारों के समय लगातार विस्तारित हुई है। उन्होंने कहा कि विपक्ष यह भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है कि मानो संविदात्मक रोजगार की शुरुआत हरियाणा कौशल रोजगार निगम से ही हुई हो, जबकि वर्ष 1967 से उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड इस दुष्प्रचार को पूरी तरह नकारता है।
कांग्रेस के 9 वर्षों में संयुक्त श्रेणी में करीब 71 हजार कर्मचारियों की हुई वृद्धि’
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1967 से 2005 तक 38 वर्षों में कंटिन्जेंसी पेड, वर्कचार्ज्ड एवं कॉन्ट्रैक्ट आधार वाली संयुक्त श्रेणी की संख्या 11,397 से बढ़कर 38,949 हुई। लेकिन कांग्रेस सरकार के अगले 9 वर्षों, वर्ष 2005 से 2014 के दौरान यह संख्या 38,949 से बढ़कर लगभग 1 लाख 10 हजार तक पहुंच गई। यानी 38 वर्षों में इस श्रेणी में 27,552 कर्मचारियों की वृद्धि हुई, जबकि कांग्रेस के मात्र 9 वर्षों में लगभग 71 हजार की वृद्धि हुई। आज इन्हें संविदात्मक व्यवस्था सबसे बड़ी समस्या दिखाई दे रही है, जबकि इनके ही कार्यकाल में इसके विस्तार की रफ्तार कई गुणा बढ़ी थी। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि कांग्रेस के मात्र 9 वर्षों में लगभग 71 हजार कर्मचारी क्यों बढ़ाए गए? इन कर्मचारियों को ठेकेदारों के भरोसे क्यों छोड़ा गया? ईपीएफ, ईएसआई, समान वेतन, प्रसूति अवकाश, अनुकम्पा तैनाती और स्थानांतरण की व्यवस्थित नीति उस समय क्यों नहीं बनाई गई? मुख्यमंत्री ने कहा कि क्या वर्तमान सरकार से पहले प्रदेश में पिछले 47 वर्षों तक संविदात्मक कर्मचारी थे या नहीं? सरकारी रिकॉर्ड बताता है कि ऐसी व्यवस्था हरियाणा के गठन से ही मौजूद रही है। वास्तविक प्रश्न यह है कि कर्मचारी ठेकेदार की मनमर्जी पर निर्भर रहेगा या उसे पारदर्शी, तकनीक आधारित और जवाबदेह व्यवस्था मिलेगी। हमारी सरकार ने दशकों पुरानी इस व्यवस्था से ठेकेदार और बिचैलिए की भूमिका हटाकर हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से इसे नियम, योग्यता और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ा है।
नौकरी, वेतन और पीएफ तक के लिए ठेकेदार पर निर्भर थे कर्मचारी’
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले ठेकेदारों के माध्यम से कर्मचारियों की तैनाती की व्यवस्था में पारदर्शिता की गंभीर कमी थी। वर्ष 2013 में सामने आई मीडिया रिपोर्टों में हरियाणा में ठेकेदारों के माध्यम से रोजगार पाने वाले युवाओं द्वारा रिश्वत दिए जाने के आरोपों का उल्लेख किया गया था। इसी दौरान दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण व्यवस्था से जुड़े एक मामले में एक ठेकेदार ने कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ की राशि काटकर भी उसे उनके खातों में जमा नहीं किया था। इसी प्रकार ठेकेदारों द्वारा कर्मचारियों के भविष्य निधि अंशदान जमा न करने, वेतन पर्चियां उपलब्ध न करवाने और यहां तक कि पीएफ नंबर तक जारी न करने की शिकायतें भी सामने आई थीं। उन्होंने कहा कि जिस व्यवस्था में नौकरी के लिए ठेकेदार के दरवाजे पर जाना पड़े, वेतन के लिए उसकी मर्जी देखनी पड़े और अपने पीएफ के लिए भी उसके पीछे घूमना पड़े, उस व्यवस्था को कर्मचारी-हितैषी कैसे कहा जा सकता है? मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने इसी पुरानी व्यवस्था को बदलते हुए हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से तकनीक-सक्षम और पारदर्शी प्रणाली लागू की, जिसमें युवाओं की योग्यता को सम्मान दिया गया है। अब युवा स्वयं निगम के पोर्टल पर पंजीकरण करते हैं और निर्धारित पात्रता एवं योग्यता के अनुसार उनकी तैनाती की जाती है। इसके लिए ‘क्मचसवलउमदज व िब्वदजतंबजनंस च्मतेवदे च्वसपबल-2022’ बनाई गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल ठेकेदार को हटाना नहीं था, बल्कि उस पूरी अव्यवस्था को समाप्त करना था, जिसमें एक युवा की योग्यता और उसके रोजगार के बीच कोई बिचैलिया खड़ा होता था। अब किसी युवा को किसी ठेकेदार के पास जाने, बिचैलिया ढूंढने या किसी से सिफारिश करवाने की आवश्यकता नहीं है।
समान श्रेणी के कार्य के लिए समान एवं पारदर्शी पारिश्रमिक सुनिश्चित’
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरानी ठेकेदार आधारित व्यवस्था की सबसे बड़ी समस्याओं में कर्मचारियों के वेतन में एकरूपता का अभाव और भुगतान में देरी शामिल थी। अलग-अलग विभागों और ठेकेदारों के माध्यम से तैनात कर्मचारियों को निर्धारित डीसी दरों के अनुसार भुगतान नहीं मिलता था। कहीं वेतन में देरी होती थी तो कहीं निर्धारित दर से कम भुगतान की शिकायत आती थी। कई बार एक जैसा काम करने वाले दो कर्मचारियों का वेतन केवल इसलिए अलग होता था क्योंकि उनके ठेकेदार अलग-अलग थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में अकुशल कर्मचारी के लिए निर्धारित दर लगभग 2,343 रुपये प्रतिमाह थी, जो जुलाई 2014 तक बढ़कर लगभग 5,640 रुपये प्रतिमाह हुई। दरों में वृद्धि अवश्य हुई, लेकिन अलग-अलग समय पर अलग-अलग डीसी दरों, संशोधनों और ठेकेदारों के माध्यम से भुगतान के कारण वेतन व्यवस्था में एकरूपता एवं पारदर्शिता बड़ी चुनौती बनी रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम की स्थापना से इस समस्या का समाधान हुआ। निगम बनने के बाद 19 जनवरी, 2022 से समान वेतन दरें लागू की गईं। अलग-अलग डीसी दरों के स्थान पर एक मानकीकृत वेतन ढांचा बनाया गया। इससे समान श्रेणी के कार्य के लिए समान एवं पारदर्शी पारिश्रमिक सुनिश्चित करने, वेतन संबंधी असमानता कम करने और वेतन निर्धारण तथा भुगतान को व्यवस्थित बनाने का काम किया गया। उन्होंने बताया कि 9 अप्रैल, 2026 से हरियाणा श्रम विभाग द्वारा लागू दरों के अनुसार अकुशल कर्मचारी के लिए 15,220 रुपये 71 पैसे, अर्धकुशल कर्मचारी के लिए 16,780 रुपये 74 पैसे तथा कुशल कर्मचारी के लिए 18,500 रुपये 81 पैसे प्रतिमाह की श्रम दरें लागू हैं। वर्ष 2014 में अकुशल कर्मचारी की 5,640 रुपये की दर की तुलना में आज की दर लगभग 2.7 गुणा हो चुकी है।
1,316 डी.डी.ओ. शिफ्टिंग के मामले स्वीकृत’
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरानी व्यवस्था में संविदा कर्मचारी के स्थानांतरण अथवा डी.डी.ओ. शिफ्टिंग के लिए कोई व्यवस्थित और पारदर्शी संस्थागत तंत्र नहीं था। कर्मचारी अपने ठेकेदार और तैनाती के स्थान पर पूरी तरह निर्भर रहता था। इससे प्रशासन के लिए आवश्यकता के अनुसार कर्मचारियों का युक्तिकरण करना कठिन था और कर्मचारियों के लिए भी स्थान परिवर्तन की कोई व्यवस्थित सुविधा नहीं थी। उन्होंने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम ने पहली बार संविदा कर्मचारियों के लिए डी.डी.ओ. शिफ्टिंग अथवा स्थानांतरण का व्यवस्थित प्रावधान किया। अब प्रशासनिक आवश्यकता होने पर संबंधित विभागाध्यक्ष की सिफारिश और निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार कर्मचारी को स्थानांतरित किया जा सकता है। अब तक डी.डी.ओ. शिफ्टिंग के 1,316 मामले स्वीकृत किए जा चुके हैं।
306 पात्र अभ्यर्थियों को अनुकम्पा आधार पर रोजगार’
मुख्यमंत्री ने कहा कि संविदा कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने की स्थिति में उसके परिवार की पीड़ा को भी सरकार ने समझा है। पुरानी ठेकेदार आधारित व्यवस्था में संविदा कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके आश्रितों के लिए ऐसी कोई व्यवस्थित अनुकम्पा तैनाती नीति उपलब्ध नहीं थी, जिसके माध्यम से परिवार के किसी पात्र सदस्य को रोजगार का सहारा मिल सके। उन्होंने कहा कि ‘क्मचसवलउमदज व िब्वदजतंबजनंस च्मतेवदे च्वसपबल-2022’ के खंड 12 के तहत अनुकम्पा तैनाती का प्रावधान किया गया है। अब तक 306 पात्र अभ्यर्थियों को अनुकम्पा आधार पर रोजगार दिया जा चुका है। इसके अलावा कर्मचारी के परिवार को 3 लाख रुपये अनुकम्पा सहायता अथवा अनुकम्पा तैनाती में से एक चुनने का विकल्प दिया गया है।
महिला संविदा कर्मचारियों के लिए प्रसूति एवं अन्य अवकाशों का प्रावधान’
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। पुरानी ठेकेदार व्यवस्था में संविदा महिला कर्मचारियों की प्रसूति छुट्टी और अन्य अवकाशों के संबंध में कोई समान, स्पष्ट एवं संस्थागत व्यवस्था नहीं थी। उन्हें अपने वैधानिक लाभों के लिए ठेकेदार पर निर्भर रहना पड़ता था। उन्होंने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम की स्थापना के बाद पात्र महिला संविदा कर्मचारियों के लिए प्रसूति अवकाश का प्रावधान सुनिश्चित किया गया है। इसके अलावा एक कैलेंडर वर्ष में 10 चिकित्सा अवकाश और 10 आकस्मिक अवकाश देने का प्रावधान है। महिला कर्मचारियों को 22 दिन आकस्मिक अवकाश का लाभ दिया जा रहा है।
ईपीएफ, ईएसआई और श्रम कल्याण निधि को व्यवस्थित निगरानी व्यवस्था से जोड़ा’
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैधानिक अंशदान के क्षेत्र में भी बड़ा परिवर्तन हुआ है। पुरानी व्यवस्था में ईपीएफ, ईएसआई और अन्य वैधानिक अंशदानों की समयबद्ध एवं सही अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए कोई प्रभावी और समान निगरानी तंत्र नहीं था। उन्होंने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम ने ईपीएफ, ईएसआई और श्रम कल्याण निधि को एक व्यवस्थित निगरानी व्यवस्था से जोड़ा है। वर्तमान व्यवस्था में ईपीएफ के अंतर्गत 15 हजार रुपये प्रतिमाह की लागू वैधानिक वेतन सीमा तक कर्मचारी का अंशदान वेतन का 12 प्रतिशत तथा नियोक्ता का अंशदान 13 प्रतिशत जमा किया जाता है। इसी प्रकार ईएसआई के तहत 21 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन तक वाले कर्मचारी का अंशदान अर्जित वेतन का 0.75 प्रतिशत और नियोक्ता का अंशदान 3.25 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 8 मई, 2026 को अधिसूचना जारी कर श्रम कल्याण निधि में कर्मचारी का अंशदान अर्जित वेतन का 0.2 प्रतिशत, अधिकतम 35 रुपये, जबकि नियोक्ता का अंशदान कर्मचारी के अंशदान की दोगुनी राशि तय की गई है। इस प्रकार संविदात्मक रोजगार को केवल वेतन तक सीमित न रखकर सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ा गया है।
लगभग 2,100 करोड़ रुपये ईपीएफ, ईएसआई और श्रम कल्याण निधि के रूप में जमा’
मुख्यमंत्री ने बताया कि निगम ने वित्त वर्ष 2022-23 में 288 करोड़ 46 लाख रुपये ईपीएफ, 47 करोड़ 2 लाख रुपये ईएसआई और 4 करोड़ 30 लाख रुपये श्रम कल्याण निधि के रूप में जमा किए। वित्त वर्ष 2023-24 में 453 करोड़ 16 लाख रुपये ईपीएफ, 63 करोड़ 16 लाख रुपये ईएसआई और 11 करोड़ 23 लाख रुपये श्रम कल्याण निधि जमा की गई। वित्त वर्ष 2024-25 में 487 करोड़ 88 लाख रुपये ईपीएफ, 59 करोड़ 82 लाख रुपये ईएसआई और 12 करोड़ 7 लाख रुपये श्रम कल्याण निधि जमा की गई। वित्त वर्ष 2025-26 में 497 करोड़ 13 लाख रुपये ईपीएफ, 46 करोड़ 16 लाख रुपये ईएसआई और 12 करोड़ 81 लाख रुपये श्रम कल्याण निधि जमा की गई। चालू वित्त वर्ष 2026-27 में 30 जून, 2026 तक 129 करोड़ 94 लाख रुपये ईपीएफ और 10 करोड़ 17 लाख रुपये ईएसआई जमा किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल मिलाकर हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से अब तक लगभग 2,100 करोड़ रुपये ईपीएफ, ईएसआई और श्रम कल्याण निधि के रूप में जमा किए जा चुके हैं। हमारे समय में एक भी कर्मचारी ऐसा नहीं मिलेगा, जिसका ईपीएफ न कटा हो और उसके खाते में न गया हो। उन्होंने विपक्ष से कहा कि उनके वक्त में कितने कर्मचारियों का ईपीएफ कटा था, इसका रिकॉर्ड लाकर दिखाएं।
ठेकेदार कमीशन की तुलना में लगभग 78.56 करोड़ रुपये की वित्तीय बचत’
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरानी व्यवस्था में ठेकेदार आमतौर पर कुल बिल राशि पर 2 प्रतिशत कमीशन लेते थे। बड़ी संख्या में कर्मचारियों की तैनाती होने पर यह छोटा दिखाई देने वाला प्रतिशत भी सरकार पर भारी वित्तीय बोझ बनता था। उन्होंने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम द्वारा केवल 0.5 प्रतिशत निगम शुल्क लिया जाता है। यह शुल्क भी निगम का खर्च चलाने के लिए लिया जाता है, क्योंकि सरकार निगम को अलग से कोई बजट नहीं देती। उन्होंने बताया कि निगम की स्थापना से अब तक संबंधित संस्थाओं से 81 करोड़ 44 लाख रुपये निगम शुल्क के रूप में प्राप्त हुए हैं। यदि इसी आधार पर पुरानी ठेकेदार व्यवस्था के तहत 2 प्रतिशत कमीशन दिया जाता तो लगभग 160 करोड़ रुपये ठेकेदार कमीशन के रूप में देने पड़ते। इस प्रकार सरकार को लगभग 78 करोड़ 56 लाख रुपये की वित्तीय बचत हुई है।
ईएसआईसी और चिरायु योजना के माध्यम से संविदा कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुरक्षा’
मुख्यमंत्री ने कहा कि संविदा कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने के लिए भी ठोस व्यवस्था की गई है। पुरानी ठेकेदार व्यवस्था में चिकित्सा लाभ इस बात पर निर्भर करते थे कि संबंधित ठेकेदार ईएसआई सहित वैधानिक दायित्वों का पालन करता है या नहीं। ठेकेदार द्वारा अनुपालना न करने पर कर्मचारी और उसके परिवार को चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त करने में कठिनाई होती थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में 21 हजार रुपये तक मासिक वेतन वाले संविदा कर्मचारियों को ईएसआईसी के माध्यम से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं देने का प्रावधान है। इससे अधिक वेतन वाले संविदा कर्मचारियों को चिरायु योजना के माध्यम से भी स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि आरक्षण नीति के क्रियान्वयन के संबंध में भी निगम ने बड़ा सुधार किया है। ठेकेदारों के माध्यम से कर्मचारियों की तैनाती में राज्य सरकार द्वारा निर्धारित आरक्षण प्रावधानों का समान और निरंतर पालन सुनिश्चित नहीं हो पाता था। इसके कारण आरक्षित श्रेणियों के पात्र अभ्यर्थियों को उचित अवसर से वंचित रहना पड़ता था।
खिलाड़ियों की मेहनत और सरकार की खेल नीति के सकारात्मक परिणाम आज दुनिया के सामने: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर खिलाड़ियों को आगे बढ़ाना सरकार का संकल्प: मुख्यमंत्री
चण्डीगढ, 31 अगस्त, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2014 से राज्य सरकार ने खेलों और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया है। पिछले 12 वर्षों में इस दिशा में किए गए निरंतर प्रयासों के सकारात्मक परिणाम आज सामने आ रहे हैं। हरियाणा के खिलाड़ी अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीत रहे हैं और प्रदेश व देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री सोमवार को हरियाणा विधानसभा में प्रश्न काल के दौरान विधायक श्री देवेंद्र हंस द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के संबंध में सदन में बोल रहे थे। श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के सभी खिलाड़ियों के परिश्रम और उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि आज खिलाड़ियों द्वारा जीते जा रहे पदक उनकी कड़ी मेहनत के साथ-साथ राज्य सरकार की खेल नीति और उन्हें उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं का भी परिणाम हैं। सरकार का स्पष्ट संकल्प खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को और सुदृढ़ करना तथा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में चुनकर आए नए विधायकों को शायद इस बात की जानकारी नहीं है कि पूर्व की सरकारों के कार्यकाल में खिलाड़ियों के लिए क्या किया जाता था। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के हित में ऐतिहासिक कार्य किए हैं। सरकार ने खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए मजबूत आधार और बेहतर अवसर उपलब्ध करवाए हैं तथा भविष्य में भी खिलाड़ियों के हित में इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य जारी रहेगा।
चंडीगढ़ , 31 अगस्त – हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि रेवाड़ी के माजरा में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (।प्प्डै) में मौजूदा शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए 50 एमबीबीएस सीटों पर एडमिशन की मंजूरी मिल गई है। स्वास्थ्य मंत्री आज हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रही थी। आरती सिंह राव ने बताया कि हरियाणा में केंद्र सरकार के एम्स से जुड़े दो प्रमुख संस्थान झज्जर के बाढसा में नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट और रेवाड़ी के माजरा में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज हैं। झज्जर के बाढसा में स्थित नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट एम्स नई दिल्ली का दूसरा कैंपस है। यह कैंसर के इलाज के लिए समर्पित एक टर्शियरी-केयर (विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा) संस्थान है। यह कैंसर के इलाज, रोकथाम, शुरुआती पहचान, रिसर्च और मानव संसाधन विकास के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में काम करता है। इसके अलावा, रेवाड़ी के माजरा में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (।प्प्डै) को प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत देश के 22वें एम्स के तौर पर एक मेडिकल कॉलेज और श्राष्ट्रीय महत्व के संस्थानश् के रूप में स्थापित किया जा रहा है। भारत सरकार ने मौजूदा शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए इस संस्थान में 50 एमबीबीएस विद्यार्थियों के एडमिशन की मंजूरी दे दी है।
असंध में 100-बैड वाले नागरिक अस्पताल का निर्माण कार्य 10 फरवरी 2028 तक पूरा होने की संभावना: स्वास्थ्य मंत्री
चण्डीगढ, 31 अगस्त, अभीतक: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि असंध विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में 100-बैड वाले नागरिक अस्पताल का निर्माण कार्य 10 फरवरी 2028 तक पूरा होने की संभावना है। स्वास्थ्य मंत्री आज हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रही थी। आरती सिंह राव ने बताया कि उपरोक्त अस्पताल के निर्माण कार्य में देरी इसलिए हुई क्योंकि जिस स्थान पर नए भवन का निर्माण किया जाना था, वहां पहले से अस्पताल चल रहा था, उस अस्पताल को बाद में खाली करके स्थानांतरित कर दिया गया। उन्होंने आगे बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (छळज्) के निर्देशों के अनुसार एनसीआर क्षेत्र में ग्रेडिड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान (ळत्।च्) प्प्प् और प्ट प्रतिबंधों के कारण भी निर्माण गतिविधियों पर रोक थी। इसी कारण निर्माण गतिविधियां नवंबर 2025 में शुरु हुई। वर्तमान में कार्य प्रगति पर है और 15ः कार्य पूरा हो चुका है। इस अस्पताल का निर्माण कार्य के 10 फरवरी 2028 तक पूरा होने की संभावना है।
कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव मंजूर
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने सदन में रखा प्रस्ताव, विशेषाधिकार समिति को भेजा गया मामला
चण्डीगढ, 31 अगस्त, अभीतक: हरियाणा विधानसभा में चल रहे मानसून सत्र के दूसरे दिन जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कांग्रेस विधायक श्री जस्सी पेटवाड़ द्वारा विधानसभा अध्यक्ष के विरूद्ध अशोभनीय भाषा इस्तेमाल कर मर्यादा भंग करने को लेकर विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव सदन में रखा। प्रस्ताव के समर्थन में 15 से अधिक सदस्य खड़े हुए, जिसके बाद प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया। श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि वे पिछले दो वर्षों से सदन की कार्यवाही देख रहे हैं। माननीय विधानसभा अध्यक्ष ने सत्तापक्ष और विपक्ष, दोनों को बराबर समय दिया है, बल्कि जितना समय सत्तापक्ष को दिया, उससे भी अधिक समय विपक्ष को दिया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक श्री जस्सी पेटवाड़ द्वारा सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से मानहानि तथा हरियाणा विधानसभा के माननीय अध्यक्ष के विरुद्ध उनके पद के प्रति पक्षपात एवं पूर्वाग्रह जैसे आरोप लगाए गए हैं। सोशल मीडिया पर अपमानजनक एवं आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए गंभीर आरोप एवं प्रतिकूल टिप्पणी की गई है। श्री गंगवा ने कहा कि यह अनुचित व्यवहार है तथा माननीय अध्यक्ष की गरिमा एवं प्रतिष्ठा को प्रभावित करने वाला मामला है। उन्होंने इसे विशेषाधिकार हनन एवं सदन की अवमानना का विषय बताते हुए मामले को विशेषाधिकार समिति को भेजने का अनुरोध किया, जिसे विधानसभा अध्यक्ष द्वारा स्वीकार कर विशेषाधिकार समिति को भेजने का निर्णय लिया गया।
भारत की राष्ट्रपति राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) के 18 परिसरों के संयुक्त दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा: विद्यार्थियों की सोच तो वैश्विक हो लेकिन, उनकी जड़ें अपनी मिट्टी और देश के सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ी होनी चाहिए
नई दिल्ली, 31 अगस्त, अभीतक: भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आज (31 अगस्त, 2026) नई दिल्ली में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) के 18 परिसरों के संयुक्त दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं। इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि वस्त्र और परिधान क्षेत्र केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत का अंग नहीं है, बल्कि करोड़ों देशवासियों की आजीविका का भी आधार रहा है। यदि पारंपरिक कारीगरों को सहयोग और मार्गदर्शन मिले तो उससे उनकी आने वाली पीढ़ियों को भी गर्व और विश्वास के साथ इस व्यवसाय से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने यह जानकर प्रसन्नता व्यक्त की, कि विभिन्न निफ्ट केंद्रों ने ‘क्राफ्ट क्लस्टर पहल’ जैसे कार्यक्रमों को लागू किया है, जिनके माध्यम से उनके संबंधित क्षेत्रों के बुनकरों और कारीगरों को वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया जा रहा है तथा बाजारों से जोड़ा जा रहा है। राष्ट्रपति ने कहा कि आज हमारा देश पहले की तुलना में कहीं अधिक आत्मविश्वास के साथ विश्व पटल पर अपनी भूमिका को विस्तार दे रहा है। फैशन टेक्नोलॉजी एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें विश्व स्तर पर भारत की भूमिका बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि इस प्रयास में सभी विद्यार्थी स्मरण रखें कि उनकी सोच वैश्विक हो, लेकिन उनकी जड़ें अपनी मिट्टी और देश के सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ी हों। इस तरह वे न केवल सफल पेशेवर बनेंगे, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में भी अपना योगदान दे सकेंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय उत्पाद और ब्रांड बनाने चाहिए, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि वे पर्यावरण के अनुकूल हों। उन्होंने कहा कि अपने उत्पादों के लिए स्थानीय रूप से उपलब्ध कच्चे माल का प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। बचे हुए अंश को बेकार समझकर फेंकना नहीं चाहिएय बल्कि उसे नया रूप, नई उपयोगिता और नया मूल्य दिया जा सकता है। उन्होंने यह जानकर प्रसन्नता व्यक्त की कि निफ्ट के नीति-निर्माताओं ने संधारणीयता और सामाजिक दायित्व को संस्थान की कार्ययोजना में महत्वपूर्ण स्थान दिया है। उन्होंने यह विश्वास व्यक्त किया कि निफ्ट वस्त्र और परिधान के क्षेत्र में संघारणीय भविष्य के अपने प्रयासों के अन्तर्गत सर्कुलर इकोनॉमी की विधाओं को व्यापक और लाभदायक बनाने के लिए प्रभावी कदम उठायेगा। राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि निफ्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिभाशाली युवा विद्यार्थियों से देश को बहुत अपेक्षाएं हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से ऐसे समाज के निर्माण में सहयोग करने का आग्रह किया जिसमें प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र की प्रगति में योगदान करने का उचित अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि उनकी सफलता इस बात में निहित है कि उनके प्रयासों से किसी शिल्पकार को अपने शिल्प की मूल पहचान को बनाये रखते हुए अपनी उत्पादकता और आय बढ़ाने में कितनी सहायता मिलती है।
प्रधानमंत्री ने भारत की 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर की सराहना की
नई दिल्ली, 31 अगस्त, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून की पहली तिमाही में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत दर्ज होने को असाधारण उपलब्धि बताया है। श्री मोदी ने कहा कि तेल की कीमतों में बढोत्तरी, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, यह उपलब्धि देश के लोगों की सामूहिक शक्ति और प्रतिकूल स्थिति से उभरने की क्षमता दर्शाती है।
श्री मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की 7.8 प्रतिशत की अनुकरणीय जीडीपी वृद्धि दर असाधारण उपलब्धि है। यह वृद्धि हमारे लोगों की सामूहिक शक्ति से सुनिश्चित हुई है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच तेल की कीमतों में बढोत्तरी और आपूर्ति शृंखला की समस्याओं के बावजूद भारत ने ऐसी वृद्धि हासिल की। निराशावादी फिर गलत साबित हुए और भारत फल-फूल रहा है!
एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री श्री मोदी की ईरान के राष्ट्रपति से मुलाकात
नई दिल्ली, 31 अगस्त, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की आज बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन-एससीओ से इतर ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियान के साथ द्विपक्षीय बैठक हुई। बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया संघर्ष के हाल के घटनाक्रमों पर भी बातचीत की और बदलती स्थिति पर अपने विचार साझा किए। श्री मोदी ने पश्चिम एशिया क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त की और भारत का रुख फिर दोहराया कि सभी मुद्दों का समाधान संवाद और कूटनीतिक उपायों से ही होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के निरंतर प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने नौवहन और वाणिज्यक स्वतंत्रता की रक्षा का आह्वान करते हुए इस बात पर बल दिया कि वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों सहित नागरिक और असैन्य ढांचे को किसी भी स्थिति में नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स और एससीओ सहित बहुपक्षीय संगठनों में ईरान के साथ भारत के घनिष्ठ सहयोग की तत्परता दोहराते हुए कहा कि वे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति पेजेशकियान का भारत में स्वागत करने को उत्सुक हैं।
आईएएफ इंटरनेशनल स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 का चंडीगढ़ में शुभारंभ हुआ
नई दिल्ली, 31 अगस्त, अभीतक: भारतीय वायु सेना अंतरराष्ट्रीय स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 का शुभारंभ एयर फोर्स स्टेशन चंडीगढ़ स्थित बेस रिपेयर डिपो में हुआ। इसके साथ ही एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की शुरुआत हुई, जिसमें भारत और विदेशों के बेहतरीन स्क्वैश खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। उद्घाटन समारोह में एयर चीफ मार्शल एपी सिंह (चीफ ऑफ द एयर स्टाफ) मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और देशों के बीच भाईचारे, आपसी सम्मान और दोस्ती को बढ़ावा देने में अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के महत्व पर जोर दिया। सीएएस ने एयर मार्शल एम. बालादित्य (सेवानिवृत्त) और यूनाइटेड किंगडम के कैप्टन डैन पेस्केट के साथ एक मैत्रीपूर्ण मैच में भी हिस्सा लिया। चैंपियनशिप का समापन 4 सितंबर 2026 को होगा। इसमें कुल छह टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिनमें यूनाइटेड किंगडम और श्रीलंका की दो अंतरराष्ट्रीय टीमें तथा वेटरन्स वर्ग की टीमें शामिल हैं। इस चैंपियनशिप में टीम स्पर्धा और ओपन सिंगल्स वर्ग दोनों शामिल हैं। प्रतियोगिता में देश और विदेश के शीर्ष स्तर के स्क्वैश खिलाड़ी एक साथ हिस्सा ले रहे हैं।
आईएनएस निपुण को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया
नई दिल्ली, 31 अगस्त, अभीतक: भारतीय नौसेना ने 31 अगस्त, 2026 को मुंबई स्थित नेवल डॉकयार्ड में निस्तार श्रेणी के दूसरे गोताखोरी सहायता पोत (डीएसवी) आईएनएस निपुण को नौसेना में शामिल किया। इस उपलब्धि से नौसेना की गहरे समुद्र में गोताखोरी, पानी के भीतर अभियानों और पनडुब्बी बचाव अभियानों की क्षमताओं में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने इस कमीशनिंग समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय वत्सायन भी मौजूद रहे। समारोह में नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों, विशाखापत्तनम स्थित हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (एचएसएल) के प्रतिनिधियों, पूर्व सैनिकों, गणमान्य अतिथियों और कमीशनिंग क्रू के परिवारजनों ने भी हिस्सा लिया। विशाखापत्तनम स्थित हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित आईएनएस निपुण भारतीय नौसेना की समुद्र में दूर तक गहराई तक काम करने की विशेष क्षमता में एक महत्वपूर्ण बढ़ोतरी के रूप में है। इसका नौसेना में शामिल होना तकनीकी रूप से जटिल व विशेष नौसैनिक प्लेटफॉर्म को डिजाइन तथा निर्मित करने की भारत की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है। आईएनएस निपुण रक्षा जहाज निर्माण में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। यह नौसेना की स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करने में भारतीय शिपयार्ड, घरेलू उद्योग और संबंधित एजेंसियों के योगदान को भी उजागर करता है। आईएनएस निपुण को खास तौर पर गहरे समुद्र में गोताखोरी और समुद्र में नीचे किए जाने वाले कार्यों के लिए एक विशेष जहाज के रूप में डिजाइन किया गया है। यह पोत सैचुरेशन, एयर और हेलिओक्स डाइविंग में सहायता करने में सक्षम है। इसमें पानी के नीचे जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए दूर से संचालित प्रणालियां भी लगी हैं। इसका विशेष गोताखोरी परिसर, डायनामिक पोजिशनिंग क्षमता तथा जीवन-रक्षक और चिकित्सा सुविधाएं समुद्र में लंबे समय तक कठिन अभियानों को संचालित करने में मदद करते हैं। आईएनएस निपुण पनडुब्बी बचाव अभियानों में सहायता करने में भी सक्षम है, जिससे पानी के भीतर आपातकालीन स्थितियों से निपटने की भारतीय नौसेना की क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होती है। अपने सहयोगी जहाज आईएनएस निस्तार के साथ मिलकर यह पोत गोताखोरी, पानी के नीचे कार्रवाई, बचाव कार्य व पनडुब्बी बचाव अभियानों में नौसेना की विशेष क्षमताओं को और मजबूत करता है। पोत की शिखर चोटी व आदर्श वाक्य इसके विशेष कार्य और समुद्र की गहराइयों में उतरने वाले कर्मियों की भावना को दर्शाते हैं। इसका आदर्श वाक्य ‘बहुत नीचे, कुछ ही उससे आगे’ समुद्री वातावरण के सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में काम करने के लिए आवश्यक दृढ़ संकल्प, कौशल और सहनशक्ति को दर्शाता है। नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने अपने संबोधन में कहा कि आईएनएस निपुण का नौसेना में शामिल होना भारतीय नौसेना, हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड और घरेलू रक्षा औद्योगिक नेटवर्क के बीच बेहतरीन तालमेल को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि समुद्री परीक्षणों के दौरान एक ही बार में सभी गोताखोरी प्रणालियों की कार्यक्षमता साबित करना देश के तकनीकी आत्मविश्वास और इंजीनियरिंग कौशल का प्रमाण है। नौसेना प्रमुख ने इस बात पर बल दिया कि समुद्री क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और वैश्विक समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरों के बीच भारतीय नौसेना के लिए युद्ध के लिए तैयार रहना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी नौसेना कमान के तहत पश्चिमी तट पर तैनात होने वाला आईएनएस निपुण, बहु-क्षेत्रीय अभियानों को जारी रखने के लिए आवश्यक विशेष पानी के नीचे काम करने की क्षमताओं में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी करेगा। नौसेना प्रमुख ने जोर देकर कहा कि आईएनएस निपुण की विशेष क्षमताएं भारतीय नौसेना को अपनी और मित्र देशों की संकट में फंसी पनडुब्बियों पर तेजी से कार्रवाई करने में सक्षम बनाती हैं, जो दुनिया की बहुत कम नौसेनाओं के पास हैं। उन्होंने कहा कि यह क्षमता भारत को इस क्षेत्र में ‘पसंदीदा पनडुब्बी बचाव साझेदार’ के रूप में स्थापित करती है। साथ ही, आईएनएस निपुण पानी के नीचे बचाव अभियानों तथा मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) अभियानों के लिए विशेष सहायता प्रदान करेगा। नौसेना प्रमुख ने कमीशनिंग क्रू को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें न केवल एक आधुनिक और बेहतरीन पोत मिला है, बल्कि पोत की आत्मा को आकार देने तथा उसके इस्पात में जोश भरने की बड़ी जिम्मेदारी भी मिली है। उन्होंने क्रू से पोत के आदर्श वाक्य ‘निश्चय, निर्भय, निपुण’ यानी संकल्प, निडरता और पेशेवर दक्षता पर खरा उतरने का आग्रह किया। एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने क्रू को नौसेना के मुख्य मूल्यों कर्तव्य, सम्मान और साहस से हमेशा जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया। कमीशनिंग पताका फहराए जाने के साथ ही आईएनएस निपुण औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना की परिचालन सेवा में शामिल हो गया। यह पोत समुद्र की गहराइयों में काम करने वाले कर्मियों की सहायता करने और भारत के समुद्री हितों की रक्षा में योगदान देने के लिए तैयार है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सेमीकॉन 2.0 पर मीडिया को संबोधित किया
सेमीकॉन 2.0 के सभी 6 स्तंभों के लिए अधिसूचनाएं जारी की गईं
भारत ने 10 वर्ष के लक्ष्य के मुकाबले चार वर्ष में 85,000 सेमीकंडक्टर इंजीनियर तैयार करने का लक्ष्य हासिल कर लिया है: अश्विनी वैष्णव
वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग के बाजार का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा आने वाले वर्षों में भारत में होगा: अश्विनी वैष्णव
टियर-2 और टियर-3 शहरों के छात्रों ने 250 से अधिक सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन किए हैं: अश्विनी वैष्णव
नई दिल्ली, 31 अगस्त, अभीतक: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, रेल एवं सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज मीडिया को संबोधित करते हुए भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को अगले स्तर पर ले जाने के लिए सरकार के दृष्टिकोण को रेखांकित किया। इस अवसर पर सेमीकॉन 2.0 योजना के सभी छह स्तंभों के लिए अधिसूचनाएं जारी की गईं, जो भारत की सेमीकंडक्टर डिजाइन और विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना पहले सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम से मिली गति को आगे बढ़ाती है और चिप डिजाइन, निर्माण और पैकेजिंग से लेकर उपकरण, सामग्री, अनुसंधान और विकास और प्रतिभा विकास तक सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में वित्तीय और अवसंरचनात्मक सहायता प्रदान करती है। इस योजना का उद्देश्य सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती बढ़ाकर और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तकनीकी नेतृत्व स्थापित करके भारत की आर्थिक वृद्धि और राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करना है। यह योजना 10 श्रेणियों को कवर करने वाले छह स्तंभों के माध्यम से संचालित होगी।
सेमीकॉन 2.0 के अंतर्गत छह मुख्य स्तंभ इस प्रकार हैं
स्तंभ 1 – डिजाइन
स्तंभ 2 – मशीनें और सामग्री
तीसरा स्तंभ – अधिक फैब स्थापित करना
स्तंभ 4 – एटीएमपीध्ओएसएटी उद्योग को और अधिक सुदृढ़ बनाना
स्तंभ 5 – अनुसंधान और विकास
स्तंभ 6 – प्रतिभा विकास
स्तंभ 1 – डिजाइन श्रेणियां: राष्ट्रीय महत्व और रणनीतिक प्राथमिकताओं के लिए सेमीकंडक्टर आईपी, चिप, सिस्टम-ऑन-चिप (एसओसी) और मॉड्यूल का डिजाइनय वाणिज्यिक क्षेत्र के लिए सेमीकंडक्टर आईपी, चिप और एसओसी का डिजाइनय और तैनाती के लिए सेमीकंडक्टर आईपीध्चिप्सध्एसओसी के लिए तैनाती-लिंक्ड प्रोत्साहन (डीएलआई)।
स्तंभ 2 – मशीनें और सामग्रीरू श्रेणीरू सेमीकंडक्टर विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र।
स्तंभ 3 – अधिक फैब की स्थापनारू श्रेणियांरू सिलिकॉन सेमीकंडक्टर वेफर फैबय कंपाउंड सेमीकंडक्टरध्फोटोनिक्सध्सेंसर (एमईएमएस सहित) फैबध्डिस्क्रीट सेमीकंडक्टर फैबय और डिस्प्ले फैब।
स्तंभ 4 – एटीएमपीध्ओएसएटी उद्योग को और मजबूत करनारू श्रेणीरू सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (एटीएमपी) ध् आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट (ओएसएटी) सुविधा।
स्तंभ 5 – अनुसंधान और विकासरू श्रेणी: उन्नत अर्धचालक प्रौद्योगिकियों के लिए अनुसंधान और विकास।
स्तंभ 6 – प्रतिभा विकास श्रेणी: प्रतिभा विकास।
कार्यक्रम के दौरान श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, भारत ने 10 वर्षों में 85,000 सेमीकंडक्टर इंजीनियर तैयार करने का अपना लक्ष्य मात्र चार वर्षों में ही हासिल कर लिया है और अब एक लाख और इंजीनियर तैयार करने का नया लक्ष्य निर्धारित किया है। आने वाले वर्षों में वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग के बाजार का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा भारत में होने की उम्मीद है। टियर-2 और टियर-3 के शहरों के छात्रों ने पहले ही 250 से अधिक चिप डिजाइन कर लिए हैं। एक मामले में, शिलान्यास के मात्र 13 महीनों के भीतर ही वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो गया, जबकि कई मामलों में 200 दिन, 150 दिन और यहां तक कि 90 दिनों के भीतर ही मंजूरी मिल गई। भारत में विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम से 50,000-60,000 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की भी उम्मीद है। सेमीकॉन 2.0 के तहत समर्थित परियोजनाओं की अवधि आम तौर पर छह वर्ष तक होगी, जबकि योजना शुरू में तीन वर्ष तक आवेदनों के लिए खुली रहेगी। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) सेमीकॉन 2.0 के लिए नोडल एजेंसी होगी। यह आवेदन आमंत्रित करेगी, तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन करेगी, आवेदकों की सिफारिश करेगी और कार्यान्वयन की देखरेख करेगी। आईएसएम, सी-डीएसी की सहायता से डिजाइन और तैनाती श्रेणियों को लागू कर सकती है। मिशन 2026 से विशिष्ट नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सेमीकंडक्टर डीप-टेक पुरस्कारों की घोषणा भी कर सकता है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय वित्तीय सहायता के लिए बजटीय प्रावधान करेगा, और नोडल एजेंसी द्वारा अनुमोदित शर्तों के अनुसार भुगतान किया जाएगा। योजना के कार्यान्वयन के तीन वर्ष बाद, या आवश्यकतानुसार, मध्यावधि मूल्यांकन किया जाएगा ताकि योजना के प्रभाव का मूल्यांकन किया जा सके और संशोधनों या निरंतरता पर विचार किया जा सके।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थित में आज बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के जल बंटवारे से संबंधित समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए
इस ऐतिहासिक समझौते से पूर्वी भारत के एक बहुप्रतीक्षित जल विवाद का समाधान हुआ है
समझौते से बिहार और झारखंड के बहुत बड़े ग्रामीण क्षेत्रों के लाखों किसानों को सिंचाई के लिये जल मिलने के साथ ही लोगों को पीने का पानी उपलब्ध होगा
आज हुआ समझौता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा की गई ज्मंउ ठींतंज की परिकल्पना और सहकारी संघवाद का उत्कृष्ट उदाहरण
सभी राज्य ज्मंउ ठींतंज बनकर आगे बढ़ें तो कोई भी समस्या ऐसी नहीं है जिसका निराकरण न हो सके
गृह मंत्री श्री अमित शाह की पहल पर अंतर्राज्यीय परिषद के माध्यम से विभिन्न राज्यों के बीच कई दशकों से लंबित जल विवादों का समाधान निकाला जा रहा है, इस वर्ष अब तक चार ऐतिहासिक समझौते हो चुके हैं
झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन और बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चैधरी ने सोन नदी जल बंटवारे के समाधान के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त किया
नई दिल्ली, 31 अगस्त, अभीतक: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति में आज नई दिल्ली में बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के जल बंटवारे से संबंधित समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन, बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चैधरी, केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल, बिहार के उपमुख्यमंत्री, केन्द्रीय गृह सचिव और भारत सरकार और दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि बिहार और झारखंड के बीच आज के समझौते से पूर्वी भारत के बहुप्रतीक्षित जलविवाद का समाधान हुआ है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से बिहार और झारखंड के बहुत बड़े ग्रामीण क्षेत्रों के लाखों किसानों को सिंचाई के लिये जल मिलने के साथ ही लोगों को पीने का पानी उपलब्ध होगा। श्री अमित शाह ने कहा कि सोन नदी के बंटवारे के संबंध में आज हुआ समझौता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा की गई ज्मंउ ठींतंज की परिकल्पना और सहकारी संघवाद का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि देश के सभी राज्यों का अलग अलग अस्तित्व तो है ही मगर भारत के परिप्रेक्ष्य में सभी राज्य टीम इंडिया बनकर आगे बढ़ें, तो कोई समस्या ऐसी नहीं है जिसका निराकरण न हो सके। श्री शाह कहा कि इस वर्ष अभी तक विभिन्न राज्यों के बीच यह चैथा जल समझौता है जिससे सिंचाई, ग्रामीण विकास और पेयजल के लिए जल उपलब्धता में वृद्धि होगी। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बिहार और झारखंड के बीच लगभग 25 साल पुराने जल विवाद के हल के लिए आज हुआ यह समझौता इस बात का उदाहरण है कि सहकारी संघवाद की भावना के साथ संवाद हो तो हर समस्या का समाधान संभव है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के एक बहुत बड़े भौगोलिक क्षेत्र, किसानों, ग्रामीण क्षेत्र और पीने के जल की समस्या का हमेशा के लिए आज निराकरण हो गया है। श्री अमित शाह ने कहा कि आज के समझौते से बिहार के भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, अरवल, गया और पटना की बड़ी आबादी के लिए पीने के पानी और सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध हो जाएगा। इसके साथ ही, झारखंड के पलामू, गढ़वा और अन्य क्षेत्रों में सिंचाई और पीने के पानी के लिए पानी उपलब्ध हो जाएगा। झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन और बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चैधरी ने सोन नदी जल बंटवारे के समाधान के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त किया। गृह मंत्री श्री अमित शाह की पहल पर अंतर्राज्यीय परिषद के माध्यम से विभिन्न राज्यों के बीच कई दशकों से लंबित जल विवादों का समाधान निकाला जा रहा है, इस वर्ष अब तक चार ऐतिहासिक समझौते हो चुके हैं। 7 जुलाई, 2026 को केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री की उपस्थिति में नर्मदा अवार्ड लाभार्थी राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लंबित भुगतान के निपटारे पर ऐतिहासिक समझौता हुआ। यह समझौता मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र राज्यों द्वारा सरदार सरोवर परियोजना के निर्माण के लागत साझाकरण के मुद्दों से जुड़े दीर्घकालिक विवादों को समाप्त करने की दिशा में एक मील का पत्थर है, जिसके तहत लंबित देयों के अंतिम निपटान के रूप में किए जाने वाले भुगतानों को एकमुश्त निपटान (वन-टाइम सेटलमेंट) के रूप में हल किया गया है। 29 जून, 2026 को श्री अमित शाह की उपस्थिति में यमुना जल परियोजना के निर्माण और कार्यान्वयन के संबंध में राजस्थान और हरियाणा सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। इस समझौते के तहत जुलाई से अक्टूबर तक लगभग 580 एमसीएम पानी यमुना नहर से तीन भूमिगत पाइपलाइंस के जरिए राजस्थान तक पहुंचेगा। इस परियोजना का उद्देश्य पश्चिमी यमुना नहर से भूमिगत पाइपलाइन के जरिए राजस्थान के हिस्से का यमुना का पानी पहुँचाना है। इससे राजस्थान, अपर यमुना बेसिन के इस्तेमाल लायक सतही पानी के बँटवारे पर 1994 के समझौते के तहत मिले पानी का सही तरीके से इस्तेमाल कर पाएगा। इस परियोजना से राजस्थान के सूखे और कम बारिश वाले इलाकों में पीने के पानी की निरंतर आपूर्ति होगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लाखों लोगों को फायदा होगा। 16 जून, 2026 को केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में वर्षों से लंबित ‘किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना’ पर संबंधित राज्यों में सहमति बनी। बैठक में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान “किशाऊ बहु-उद्देशीय परियोजना” के क्रियान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन (डवन्) पर सहमत हुए। किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना के संबंध में जल घटक के कार्य का 90ः केन्द्रीय सहायता के रूप में केंद्र सरकार द्वारा और शेष 10 प्रतिशत राशि का वित्तीय भार 06 राज्यों द्वारा वहन किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश के विद्युत् घटक के हिस्से की लागत को साझा करने के एवज में हिमाचल प्रदेश के लिए आवंटित पानी को दिल्ली और राजस्थान को देने पर सहमति बनी।
