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बीजेपी सरकार ने हरियाणा को विकास के मामले में आगे बढ़ाने की बजाय बैक गियर लगाकर पीछे धकेला: दीपेन्द्र हुड्डा
बीजेपी सरकार को हरियाणा के विकास से कोई लेना-देना नहीं, 12.5 साल में विकास की कोई बड़ी परियोजना नहीं आई: दीपेन्द्र हुड्डा
किसान हो या मजदूर व्यापारी हो या कर्मचारी हर वर्ग बीजेपी सरकार से परेशान है और अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहा: दीपेन्द्र हुड्डा
बीजेपी सरकार की गलत नीतियों ने देश भर में बेरोजगारों की फौज खड़ी कर दी: दीपेन्द्र हुड्डा
खेल स्टेडियम, स्कूल दुर्दशा का शिकार, मेडल विजेता खिलाड़ियों, किसान, गरीब आदमी से लेकर सफाई कर्मचारी तक किसी की कहीं सुनवाई नहीं हो रही: दीपेन्द्र हुड्डा
सांसद दीपेन्द्र हुड्डा बेरी और छारा ब्लॉक कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि हुए शामिल

झज्जर, 11 सितम्बर, अभीतक: सांसद दीपेन्द्र हुड्डा आज बेरी और छारा ब्लॉक कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि बीजेपी सरकार का रिपोर्ट कार्ड ये है, कि 12.5 साल के बाद देश का भविष्य हमारे बच्चे सड़कों पर आ गया और सरकार से सवाल पूछने लगा कि उनका भविष्य चैपट क्यों हो गया? देश में रोजगार क्यों नहीं है? देश की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा व्यवस्था चैपट क्यों हो गई? युवाओं का भविष्य अंधकार में क्यों दिखाई दे रहा है? पहले तो सरकार ने हर वर्ग की तरह उनकी आवाज को भी कुचलने का प्रयास किया। जंतर मंतर पर बच्चों पर बर्बरता की, उन पर लाठियाँ, आँसू गैस के गोले, पैलेट गन चलवाए तो बिहार में एके-47 से गोलियाँ चलवाई। जब युवा पीछे नहीं हटे तब जाकर शिक्षा मंत्री का इस्तीफा करवाया। वहीं, 10 साल पहले हरियाणा विकास के मापदंड पर जहां खड़ा था वहां से बीजेपी सरकार ने हरियाणा को आगे बढ़ाने की बजाय बैक गियर लगाकर पीछे धकेल दिया। हरियाणा में 12.5 साल में विकास की कोई बड़ी परियोजना का जिक्र नहीं है। बीजेपी सरकार को हरियाणा के विकास से कोई लेना-देना नहीं है। आज हमारे खेल स्टेडियम दुर्दशा का शिकार हैं, स्कूल बदहाल पड़े हैं, मेडल विजेता खिलाड़ियों की दुर्गति हो रही है। किसान हो या मजदूर व्यापारी हो या कर्मचारी हर वर्ग बीजेपी सरकार से परेशान है और अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। किसान, गरीब आदमी से लेकर सफाई कर्मचारी तक किसी की कोई सुनवाई नहीं हो रही। सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार की गलत नीतियों ने देश भर में बेरोजगारों की फौज खड़ी कर दी। जो हरियाणा प्रदेश 2014 तक देश में विकास का पर्यायवाची माना जाता था। प्रदेश खुशहाली के लिए जाना जाता था, अच्छे कानून-व्यवस्था के लिए जाना जाता था। प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति निवेश, आर्थिक विकास दर, खेल खिलाड़ियों में, किसान हितेषी नीतियों में किसानों को फसलों का भाव देने में हरियाणा नंबर एक था। विकास के मामले में देश में सबसे आगे के राज्यों में हरियाणा की गिनती होती थी। कहीं बड़े-बड़े थर्मल कारखाने बन रहे थे, कहीं बड़ी-बड़ी आईएमटी बन रही थी, इंडस्ट्री आ रही थी। कहीं यूनिवर्सिटी बन रही थी, कहीं एनएच पर बड़े-बड़े पुल आए। कहीं रेल की लाइनें बिछ रही थी, कहीं मेट्रो आ रही थी, गुजरात से तीन गुना निवेश 2014 में, प्रति व्यक्ति निवेश हरियाणा प्रदेश में आ रहा था। गरीब कल्याण नीतियों में, गरीब परिवारों को 100-100 गज के मुफ्त प्लॉट देने में, पानी, बिजली उपलब्धता के मामले में देश में हरियाणा का जिक्र होता था। साढ़े 12 साल की सरकार के बाद, आज वही हरियाणा विकास में तो देश में 15वें नंबर पर पहुंच गया और बेरोजगारी में नंबर एक पर, नशाखोरी में नंबर एक पर, डंकी के रास्ते विदेशों की ओर पलायन में नंबर एक पर बन गया है। क्योंकि हरियाणा का नौजवान अपना भविष्य अंधकार में देख रहा है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने आंकड़े बताते हैं कि अपराध में देश में नंबर एक पर हरियाणा है, प्रदेश की कानून-व्यवस्था चैपट हो गई है, चारों तरफ अंधेरगर्दी है, जेल से फिरौतियों की कॉल आती है। बीजेपी नेताओं के भ्रष्टाचार में प्रदेश नंबर एक पर पहुँच गया। हरियाणा की जनता तो कष्ट का जीवन काट रही है और बीजेपी के विधायक और बीजेपी के मंत्री अवैध कॉलोनियां काट रहे हैं। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि बीजेपी सरकार चुनाव के समय किए अपने सारे वायदे भूल गई। सरकार बनाने के लिए साम, दाम, दंड का, भेद का प्रयोग करके जनादेश पर कब्जा कर लिया। प्रदेश की जनता इस बार बदलाव चाहती थी। बीजेपी ने लोगों से झूठे वायदे किए और एक भी वायदा पूरा नहीं किया। बीजेपी ने कहा था लाडो लक्ष्मी योजना लागू करके हर माता-बहन को पेंशन देंगे। लेकिन 1 करोड़ में से सिर्फ 5-7 लाख महिलाओं की पेंशन देने का दावा किया जा रहा है। किसानों को कहा था कि जिस दिन सरकार बनेगी, उस दिन धान की एमएसपी 3100 देंगे। एमएसपी मिलना तो दूर उलटे मंडियों में 400-500 का कट लग गया। प्रदेश के बुजुर्गों को बुढ़ापा पेंशन बढ़ाने का वादा किया। बीजेपी ने चुनाव से पहले सोनीपत में कहा था कि 100 दृ 100 गज के मुफ्त प्लॉट की कांग्रेस वाली स्कीम दोबारा शुरू करेंगे। हुड्डा सरकार के समय इस योजना में 4 लाख गरीब परिवारों को 100 दृ 100 गज के मुफ्त प्लॉट मिले थे लेकिन बीजेपी सरकार के 12 साल में किसी को एक भी प्लॉट नहीं मिले। 1400 प्लॉट जो मिले वो पहले के थे जिनकी प्रक्रिया पहले शुरू हो गई थी। बीजेपी ने अपना एक भी वादा पूरा नहीं किया। बीजेपी ने चुनाव के समय हरियाणा के एससी, बैकवर्ड क्लास, गरीब लोगों के वोट लेने के लिए झूठ बोलकर करीब 70 प्रतिशत से ज्यादा लोगों के राशन कार्ड बनवा दिए और चुनाव के बाद सारे राशन कार्ड कट गए। प्रदेश में बीजेपी की नायब सैनी सरकार को भी 2 साल हो गए सरकार को बतौर मुख्यमंत्री नायब सिंह जी को तो ढाई साल हो गए, क्योंकि पहले 6 महीने पहले बदल बदल गए थे। नायब सिंह जी बिहार में जाते हैं तो कहते हैं मैं बिहार से हूँ, पंजाब में जाते हैं तो मैं पंजाब से हूँ। बीजेपी के लिए बाकी राज्यों में जाकर वोट माँग रहे हैं। लेकिन हरियाणा में काम नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने देश और प्रदेश का काफी नुकसान कर दिया। बीजेपी ने देश को और हमारे प्रदेश को विकास की पटरी से उतारने का काम किया है। देश की अर्थव्यवस्था बड़े-बड़े उद्योगपति घरानों के हवाले कर दी और उनके माध्यम से हजारों करोड़ की राशि इकट्ठी कर ली। कांग्रेस पार्टी इतने सालों तक सत्ता में रही, लेकिन कांग्रेस पार्टी के खाते में मात्र कुछ सौ करोड़ रुपये ही हैं जबकि, भारतीय जनता पार्टी के खाते में 12,000 करोड़ रुपये घोषित रूप से जमा हैं। इनके पास जो अथाह नगद है उसका तो कोई हिसाब ही नहीं। उन्होंने कहा कि बीजेपी के 12-12 मंत्री, बीजेपी के सहयोगी दल सुबह से शाम तक हमको निशाने पर रखते हैं। क्योंकि दीपेन्द्र हुड्डा जनता की आवाज उठाते हैं। उन्होंने कहा कई अब केवल 2 साल का समय रह गया है, बीजेपी से अगली लड़ाई लड़नी है और इस लड़ाई में आपका पूरा साथ चाहिए, तो लोगों ने दोनों हाथ उठाकर लड़ाई लड़ने का समर्थन किया। इस दौरान विधायक डॉ रघुबीर कादयान, कांग्रेस जिलाध्यक्ष संजय यादव, पंचायतीराज कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दीपक धनखड़, विक्रम कादयान, मोहित सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष पवन दलाल, ब्लॉक अध्यक्ष विजय अहलावत, अजय अहलावत, कर्मवीर मेहराणा, जिला पार्षद फोर्ड माजरा, जिला पार्षद अमित भदानी, बहादुरगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष कमल अरोड़ा, बहादुरगढ़ ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष संदीप कुमार सीटू, नरेश, ओमप्रकाश खंगवाल, रवि कादयान, नीटू भदानी, गोपी माजरा, सुरेश सोलंकी, ज्ञान सिंह, सुनील जांगड़ा, सुनील दलाल आदि नेतागण मौजूद रहे।

गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर इंडो अमेरिकन स्कूल में क्ले मॉडलिंग प्रतियोगिता का आयोजन
झज्जर, 11 सितम्बर, अभीतक: गणेश चतुर्थी के पावन एवं शुभ अवसर पर इंडो अमेरिकन स्कूल में विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा, कलात्मक कौशल एवं कल्पनाशीलता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से क्ले मॉडलिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मिट्टी से भगवान गणेश सहित विभिन्न आकर्षक एवं कलात्मक आकृतियों का निर्माण किया। विद्यार्थियों ने अपनी कला के माध्यम से भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति अपनी आस्था और सम्मान को भी अभिव्यक्त किया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशक्ति और सृजनात्मक सोच का सुंदर परिचय दिया। विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियाँ आकर्षण का केंद्र रहीं। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्रदान किया गया। क्ले मॉडलिंग प्रतियोगिता के परिणाम कक्षा तीसरी: प्रथम स्थान – हर्षित, ध्रुव एवं मानसीद्वितीय स्थान दृ दिव्या एवं नव्यातृतीय स्थान दृ मिवान, यांश एवं रिहान कक्षा चैथीरू प्रथम स्थान दृ दिव्यांशी, दिवांशी एवं युवराज द्वितीय स्थान दृ आशीष, मितांश एवं ईशांत तृतीय स्थान दृ विनायक एवं जियान्शी कक्षा पाँचवींरू प्रथम स्थान दृ चार्वी, मेधावी एवं केशव द्वितीय स्थान दृ रिद्धि, विधु एवं प्रिशा तृतीय स्थान दृ भूमि, दिया, प्रज्ञा, जिया एवं याशिका’’. कक्षा छठीरू’’ प्रथम स्थान दृ राशि द्वितीय स्थान दृ प्रियांशी तृतीय स्थान दृ रितिका कक्षा सातवींरू प्रथम स्थान दृ भूमिका एवं दिव्यांशी द्वितीय स्थान दृ लवली तृतीय स्थान दृ पलक एवं नव्या कक्षा आठवींरू प्रथम स्थान दृ विनिता एवं वत्सल द्वितीय स्थान दृ युक्ता तृतीय स्थान दृ पलक रही। विद्यालय में आयोजित इस प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को अपनी कलात्मक प्रतिभा को प्रदर्शित करने के साथ-साथ भारतीय त्योहारों एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान कियाद्य इसी अवसर पर विद्यालय में चल रहे हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के लिए निबंध लेखन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति रुचि विकसित करना, उनके लेखन कौशल को निखारना तथा विचारों को प्रभावशाली एवं सुव्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करने की क्षमता को बढ़ावा देना था। विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचारों को सुंदर, तार्किक एवं प्रभावशाली भाषा में प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की भाषा-शैली, विचारों की मौलिकता, विषय की समझ, प्रस्तुतीकरण एवं लेखन कौशल का मूल्यांकन किया गया। निबंध लेखन प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहेरू प्रथम स्थान दृ वंशिका द्वितीय स्थान दृ दीपांशी तृतीय स्थान दृ दीपिका, नेहा एवं नियति विद्यालय के निदेशक श्री विजेंद्र काद्यान ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए विजेता विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक एवं साहित्यिक गतिविधियाँ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, कल्पनाशीलता, अभिव्यक्ति-कौशल और सृजनात्मक सोच का विकास करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी ऐसी प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय परिवार ने सभी विजेता एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ दीं तथा प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन के लिए संबंधित शिक्षकों के प्रयासों की भी सराहना की।

एल. ए. सी. सै. स्कूल के बच्चों ने आध्यात्मिक फिल्म हनुमान अंश देखी
झज्जर, 11 सितम्बर, अभीतक: एल. ए. सी. सै. स्कूल के कक्षा तीसरी से बाहरवीं के बच्चों ने आध्यात्मिक फिल्म हनुमान अंश देखी। इस फिल्म को दिखाने की का उद्देश्य बच्चों के अंदर आध्यात्मिकता का विकास करके उनको पढ़ाई के प्रति जोड़ना रहा। स्कूल संचालक जगपाल गुलिया, जयदेव दहिया, अनीता गुलिया, नीलम दहिया ने बच्चों के साथ जाकर इस फिल्म का शीर्षक बच्चों को समझाया। स्कूल प्राचार्या निधि कादयान ने बताया कि बच्चों को अध्यात्मिकता व संस्कारों के उत्थान के लिए ये फिल्म बहुत ही आदर्श रही। स्कूल प्रबंधक के. एम. डागर ने इस फिल्म के निर्माताओं का आभार जताया कि उन्होंने समाज के लिए एक धार्मिक फिल्म का निर्माण किया। भूगोल प्रध्यापक मुकेश शर्मा ने बताया कि इस फिल्म से बच्चों के अंदर नैतिकता का उत्थान होगा। इस अवसर सभी अध्यापक गण मौजूद रहे।

हनुमान मंदिर में 41दिवसीय आरंभ हुआ अनुष्ठान
हनुमान स्वरूप धारण करने की 41 दिन व्रत की प्रक्रिया शुरू
हनुमान स्वरूप धारण करने वाले युवाओं ने रखा 41दिन का व्रत

झज्जर, 11 सितम्बर, अभीतक: दशहरा पर्व के उपलब्ध में चली आ रही हनुमान स्वरूप धारण करने की परंपरा के 41 दिन व्रत की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मैन बाजार स्थित श्री हनुमान मंदिर में हनुमान जी का स्वरूप धारण करने वाले युवाओं नें हनुमान जी की पूजा अर्चना कर व्रत धारण किया। हनुमान मंदिर के प्रबंधक वरुण जिंदल ने बताया कि विद्वान् पंडित प्रथम शर्मा नें विधिविधान से हवन यज्ञ कराया। यज्ञमान रविंद्र वर्मा व युवाओं ने हवन यज्ञ में आहुति डाली। हनुमान चालीसा भजन कीर्तन के उपरांत हनुमान स्वरूप धारण करने वाले भक्तों ने बाला महाराज का आशीर्वाद लिया और प्रसाद वितरण किया। जिंदल नें बताया कि यह परंपरा 60 वर्षों से अधिक चली आ रही हैं। समय के अभाव में कुछ 21 दिन पहले इसकी शुरूआत करते हैं। इस दौरान ब्रह्मचर्य का सख्ती से पालन, जमीन या लकड़ी के तख्त पर सोना नंगे पैर रहना और दिन में केवल एक बार बिना नमक के भोजन करते है। इस दौरान मंदिर ही इन हनुमान स्वरूपों का ठिकाना होता है। अष्टमी से लेकर दशहरे के अगले दिन भरत मिलाप पर नगर परिक्रमा का दौर चलता है। इस दौरान हनुमान स्वरूप ढोल नगाड़ों के साथ भक्तों के घर जाते हैं। भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने पर उन्हें घर पर आमंत्रित कर उनका खूब सम्मान करते हैं। इन चार दिनों में हनुमान स्वरूप पूरी तरह से अन्न का भी त्याग कर देते हैं। दशहरे से ठीक दो दिन बाद हरिद्वार पहुंचकर गंगा किनारे हवन-यज्ञ के साथ इसका समापन हो जाता है। इस मौके पर रविंद्र वर्मा, वरुण जिंदल, संजय भाटिया, कृष्ण सक्सेना, भक्त नरेंद्र, कमल सक्सेना सहित अन्य युवा मौजूद रहे।

गुप्त जी की स्मृति में कई स्कूलों में हुई प्रतियोगिताएं
डावला, झज्जर स्कूलों के विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

झज्जर, 11 सितम्बर, अभीतक: भारतेंन्दु युग के बाद हिंदी को आगे बढ़ाने वाले और पत्रकारिता के पुरोधा बाबू बालमुकुंद गुप्त की स्मृति में आज जिले के कई स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित किये गए। गुप्त जी की 119वीं पुण्य तिथि के अवसर पर 18 सितम्बर को झज्जर में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम होना है। हिंदी दिवस व गुप्त जी की स्मृति में आज आयोजित प्रतियोगिताओं ने विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डावला में बाबू बालमुकुंद गुप्त जी की स्मृति में हिंदी भाषा,साहित्य तथा पत्रकारिता के प्रति विद्यार्थियों में रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से चित्रकला,निबंध व हिंदी व्याकरण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें कक्षा 9से 12 तक के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।आज हिंदी भाषा को कमतर आंका जा रहा है,ऐसी प्रतियोगिता का आयोजन करने से विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति सम्मान बढ़ेगा। निबंध प्रतियोगिता में कक्षा 9से मुस्कान प्रथम, कक्षा 9से चंचल द्वितीय व कक्षा 10 से खुशबू तृतीय रही। चित्रकला प्रतियोगिता में कक्षा 11से राधिका प्रथम,कक्षा 10से जिया द्वितीय व कक्षा 11से इच्छा तृतीय रही। व्याकरण प्रतियोगिता में टीम । से कार्तिक, करण,हितेश व नेहा प्रथम व टीम ठ से सोनाक्षी,मुस्कान,पायल व ऋतिका द्वितीय व टीम ब् से खुशी, ईनु, जतिन व किरण तृतीय रहे।प्रतियोगिता का आयोजन बाबू बालमुकुंद गुप्त पत्रकारिता एवं साहित्य संरक्षण परिषद,रेवाड़ी के तत्वाधान में हुआ।इस अवसर पर मैडम शकुन्तला,रवीना,राकेश चावला, पिंकी कादयान, ममता, भगत सिंह ,संगीता मैडम,निशा,दीपक,रीना,कविता, विलास,रचना,शशिकला,सतीश इत्यादि अध्यापकगण उपस्थित रहे। झज्जर के राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, झज्जर में आज प्राचार्य जोगेंद्र सिंह के मार्ग दर्शन में गुप्त जी की स्मृति में कार्यक्रम किया गया। प्रतियोगिता का आयोजन विद्यार्थियों ने निबन्ध प्रतियोगिता में हिस्सेदारी की। हिंदी की प्राध्यापिका नीरज अहलावत, मुनेश सहित अन्य ने सहयोग किया। निबन्ध लेखन में 1वीं की शिवाक्षी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। दसवीं की महक ने दूसरा एवं 9वीं के शिवम अहिरवार ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।

डीसी वर्षा खांगवाल

एसआईआर के तहत विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान आज
शनिवार, 12, रविवार 13 सितंबर और 26-27 सितंबर को भी चलेगा विशेष अभियान
डीसी वर्षा खांगवाल ने पात्र नागरिकों से मतदाता सूची में नाम व विवरण की जांच करने की अपील की
विशेष अभियान के दौरान सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान केंद्रों पर उपस्थित रहेंगे बीएलओ

झज्जर, 11 सितम्बर, अभीतक: भारत निर्वाचन आयोग के तहत विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत मतदाताओं की सुविधा के लिए शनिवार 12 व रविवार 13 सितंबर तथा 26-27 सितंबर को विशेष अभियान आयोजित किया जाएगा। इस दौरान जिला के सभी बूथ लेवल अधिकारी अपने-अपने मतदान केंद्रों पर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपस्थित रहेंगे और नागरिकों व छात्र मतदाताओं से मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करेंगे।
नागरिकों से विशेष अभियान का लाभ उठाने का आह्वान
डीसी वर्षा खांगवाल ने जिला के नागरिकों से अपील की है कि वे प्रारंभिक मतदाता सूची में अपना तथा अपने परिवार के सभी पात्र सदस्यों का नाम अवश्य जांचें। उन्होंने कहा कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक दस्तावेज एवं घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-6 भरकर नाम शामिल करवाने के लिए दावा प्रस्तुत किया जा सकता है।
मतदाता विवरण में संशोधन के लिए फॉर्म-8 का करें प्रयोग
डीसी ने बताया कि मतदाता सूची में नाम, पता, आयु, फोटो अथवा अन्य विवरण में किसी प्रकार का संशोधन करवाने के लिए निर्धारित दस्तावेज एवं घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-8 भरा जा सकता है।
अपात्र या मृत मतदाता का नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 में दर्ज कराएं आपत्ति
डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि किसी अपात्र, मृत, स्थानांतरित अथवा अन्य स्थान पर पहले से पंजीकृत मतदाता का नाम हटवाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।
30 सितंबर तक प्रस्तुत किए जा सकेंगे दावे एवं आपत्तियां
जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने बताया कि दावे एवं आपत्तियां 30 सितंबर 2026 तक प्रस्तुत की जा सकती हैं। विशेष अभियान के दौरान नागरिक अपने क्षेत्र के संबंधित बूथ लेवल अधिकारी अथवा निर्वाचक पंजीयन अधिकारी से संपर्क कर मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी एवं आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
नागरिकों की भागीदारी से सजग लोकतांत्रिक व्यवस्था को बढ़ावा: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करवाए तथा अपने मतदाता विवरण की जांच कर यह सुनिश्चित करे कि नाम और अन्य विवरण सही रूप से दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध एवं अद्यतन बनाने में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत करेगी। उन्होंने जिले के नागरिकों से शनिवार 12 व रविवार 13 सितंबर तथा 26-27 सितंबर को आयोजित विशेष अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।

झज्जर: बार एसोसिएशन चुनाव परिणाम
प्रधान

अजय डागर – 583 – विजेता
मनोज गौड़ – 379 – रनर अप
अजीत सोलंकी – 164 –
जीत का अंतर: 204
उप-प्रधान
आशीन कोडान: 563 विजेता
संजय : 562 रनर अप
जीत का अंतर: 01
एडिशनल उप-प्रधान
प्रीतम कौर: 563 विजेता
मीना: 556 रनर अप
जीत का अंतर: 07
सचिव
रिषी अहलावत: 355 – विजेता
मोहित शर्मा: 344 – रनर अप
कृष्ण: 225
अमर: 200
जीत का अंतर: 11
सह-सचिव
मंजू सैनी: 742
मनिता: 373
जीत का अंतर: 369

डीसी वर्षा खांगवाल

सामान्य पात्रता परीक्षा के चलते परीक्षा केंद्र के 200 मीटर दायरे में निषेधाज्ञा लागू
जिला मजिस्ट्रेट वर्षा खांगवाल ने जारी किए आदेश

झज्जर, 11 सितम्बर, अभीतक: जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए 13 सितंबर को आयोजित होने वाली सामान्य प्रवेश परीक्षा के मद्देनजर परीक्षा केंद्र के 200 मीटर के दायरे में विभिन्न गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया है। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, रोहतक की ओर से स्नातक एवं अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सामान्य प्रवेश परीक्षा का आयोजन 13 सितंबर को किया जाएगा। झज्जर जिला में यह परीक्षा गुरु गोरखनाथ राजकीय पॉलिटेक्निक, झज्जर में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा केंद्र के आसपास भीड़ एकत्र होने से कानून-व्यवस्था, यातायात एवं सार्वजनिक शांति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए ये आदेश जारी किए गए हैं।
परीक्षा केंद्र के आसपास इन गतिविधियों पर रहेगा प्रतिबंध
जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के अनुसार परीक्षा केंद्र के 200 मीटर के दायरे में पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने तथा आग्नेयास्त्र, तलवार, लाठी, बरछा, कुल्हाड़ी, जेली, गंडासी, चाकू अथवा अन्य हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा इस क्षेत्र में फोटोस्टेट, जेरॉक्स की दुकानों और साइबर कैफे के संचालन पर भी प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश 13 सितंबर 2026 को सुबह 9:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक प्रभावी रहेगा।
ड्यूटी पर तैनात पुलिस व सरकारी कर्मचारियों को छूट
आदेश के अनुसार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल एवं अन्य सरकारी कर्मचारियों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। दिव्यांग व्यक्तियों द्वारा लाठी रखने तथा लंबे समय से चली आ रही परंपरा एवं कानून के तहत हथियार प्रदर्शित करने के हकदार समुदायों को भी निर्धारित शर्तों के तहत छूट रहेगी। आदेश की अवहेलना करने वाले व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

झज्जर स्थित नागरिक अस्पताल में नेत्र जांच को लेकर जरूरी जानकारी देती नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ मीनू।

नेत्रदान पखवाड़े में 2055 लोगों की आंखों की हुई जांच
391 नागरिकों ने मरणोपरांत नेत्रदान का लिया संकल्प, जागरूकता अभियान का दिखा सकारात्मक प्रभाव

झज्जर, 11 सितम्बर, अभीतक: स्वास्थ्य विभाग द्वारा डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में जिलाभर में चलाए गए नेत्रदान पखवाड़े का समापन हो गया। पखवाड़े के दौरान विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों और आउटरीच स्क्रीनिंग कैंप के माध्यम से आमजन को आंखों की नियमित जांच करवाने तथा नेत्रदान के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादयान ने बताया कि नेत्रदान पखवाड़े के दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए गए व्यापक जागरूकता अभियान का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। अभियान से प्रेरित होकर 391 नागरिकों ने मरणोपरांत नेत्रदान करने का संकल्प लेते हुए निर्धारित फॉर्म भरे। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि समाज में नेत्रदान के प्रति बढ़ती जागरूकता और स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों को दर्शाती है। जिला नोडल अधिकारी एवं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मीनू ने बताया कि पखवाड़े के दौरान जिलाभर में 29 आउटरीच स्क्रीनिंग कैंप आयोजित किए गए, जिनमें 2055 लोगों की आंखों की जांच की गई। जांच के दौरान जरूरत के अनुसार मरीजों को आवश्यक उपचार एवं आगे की चिकित्सकीय सलाह भी प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि आंखों की समय पर जांच करवाने से कई प्रकार की नेत्र संबंधी समस्याओं की पहचान शुरुआती स्तर पर की जा सकती है। इसलिए लोगों को अपनी आंखों की नियमित जांच करवाने के साथ-साथ नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए। सिविल सर्जन ने आमजन से अपील की कि वे स्वयं नेत्रदान के महत्व को समझें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी नेत्रदान के लिए जागरूक करें, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों के जीवन में रोशनी लाई जा सके।

झज्जर में जनसंवाद पोर्टल सहित अन्य जनसेवा पोर्टल बारे दिशा निर्देश देती डीसी वर्षा खांगवाल।

जनसंवाद पोर्टल पर आई शिकायत का तत्काल समाधान बेहद जरूरी: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों की बैठक में जनसंवाद पोर्टल, समाधान शिविर की समीक्षा

झज्जर, 11 सितम्बर, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से ऑनलाइन पोर्टल सहित समाधान शिविर के माध्यम से आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान शिविर सहित अन्य जनसेवा को समर्पित पोर्टल पर आने वाली शिकायत को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय सीमा में उसका प्रभावी निस्तारण किया जाए। डीसी शुक्रवार को लघु सचिवालय सभागार में प्रधान सचिव पंकज यादव द्वारा ली गई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के उपरांत सम्बन्धित अधिकारियों की बैठक ले रही थी।
जनसमस्याओं के समाधान में न हो देरी,जल्द हो निपटारा
डीसी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की पहल पर प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को जिला मुख्यालय के साथ-साथ सभी उपमंडल स्तरों पर समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक ही मंच उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाधान शिविरों में प्राप्त शिकायतों की नियमित समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का दायित्व है कि वे शिकायतों का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।
समस्या का समाधान कर कार्रवाई रिपोर्ट समय पर पोर्टल पर करें अपलोड
डीसी वर्षा खांगवाल ने विभागवार प्राप्त शिकायतों की विस्तृत समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों से शिकायतों के निस्तारण की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायत का समाधान होने के बाद कार्रवाई रिपोर्ट बिना किसी विलंब के संबंधित पोर्टल पर अपलोड की जाए। शिकायतकर्ता की संतुष्टि को शिकायत के समाधान का महत्वपूर्ण आधार मानते हुए अधिकारी गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान शिविरों में पहुंचने वाले प्रत्येक फरियादी की बात गंभीरता एवं संवेदनशीलता से सुनी जाए। किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। इस अवसर पर सीईओ जिला परिषद मनीष फौगाट सहित सम्बंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

विशेष गहन पुनरीक्षण-2026
30 सितंबर तक दावे एवं आपत्तियां दर्ज करवा सकेंगे मतदाता, 6 नवंबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची
शनिवार-रविवार को भी प्राप्त किए जाएंगे दावे व आपत्तियां

रेवाड़ी, 11 सितम्बर, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत दावे एवं आपत्तियां दर्ज करने का कार्य 30 सितंबर तक किया जाएगा। मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत करने के उद्देश्य से 12 व 13 तथा 26 व 27 सितंबर (शनिवार व रविवार) को विशेष अभियान दिवस निर्धारित किया गया है। डीसी ने मतदाताओं से अपील की है कि वे 30 सितंबर तक संबंधित मतदान केंद्र पर पहुंचकर मतदाता सूची में नाम, विवरण आदि से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत कर सकते है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि हरियाणा में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत 30 सितंबर 2026 तक दावे एवं आपत्तियां दाखिल की जाएगी। इसके साथ ही दावे एवं आपत्तियों का निपटारा 28 अक्टूबर तक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन अब 6 नवंबर को होगा। डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत 12 व 13 तथा 26 व 27 सितंबर (शनिवार व रविवार) विशेष अभियान दिवस निर्धारित किया गया है। इन विशेष अभियान दिवसों पर भी सभी बीएलओ अपने-अपने मतदान केंद्रों पर उपस्थित रहकर मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने के लिए फार्म तथा मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करेंगे। उन्होंने बताया कि इन विशेष अभियान दिवसों पर सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपस्थित रहकर पात्र नागरिकों से दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी बीएलओ को विशेष अभियान दिवस के दौरान 12 व 13 तथा 26 व 27 सितंबर को अपने मतदान केंद्रों पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने कहा कि विशेष अभियान दिवसों पर यदि कोई बीएलओ अनुपस्थित पाया जाता है तो उसके विरुद्ध निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

अभिषेक मीणा, डीसी।

सुनहरा अवसरः महिलाओं को मिलेगा 1.50 लाख रुपए तक ऋण
सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की व्यक्तिगत ऋण योजना

रेवाड़ी, 11 सितम्बर, अभीतक: हरियाणा सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आर्थिक व सामाजिक स्थिति में सुधार लाने के लिए व्यक्तिगत ऋण योजना शुरू की है, जिसके तहत बैंकों के माध्यम से 1.50 लाख रुपए तक का ऋण दिलवाने के व्यवस्था की गई है। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा व्यक्तिगत ऋण योजना हरियाणा महिला विकास निगम के माध्यम से चलाई जा रही है। डीसी अभिषेक मीणा ने योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत जिला रेवाड़ी के लिए 2026-27 में 74 केसों का लक्ष्य रखा गया है। एक लाख 80 हजार रुपए से कम वार्षिक आय वाली व हरियाणा की स्थायी निवासी महिला इस योजना के लिए पात्र होंगी। ऋण के लिए आवेदन के समय महिला उद्यमी की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक पहले से लिए गए ऋण का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए। योजना के तहत अन्य श्रेणी की महिला को 10000 रुपए तथा अनुसूचित श्रेणी की महिला को 25000 रुपए अनुदान राशी हरियाणा सरकार द्वारा हरियाणा महिला विकास निगम के माध्यम से दी जाएगी। डीसी ने बताया कि हरियाणा महिला विकास निगम की योजना के तहत उद्योग विभाग की सूची में शामिल नकारात्मक गतिविधियों तथा केवीआईबी को छोडकर अन्य सभी गतिविधियां शामिल है। इन गतिविधियों में परचून की दुकान, कपड़े की दुकान, सैलून, सिलाई सेंटर,ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, बुटीक, हलवाई की दुकान, फूड स्टाल, टिफिन सर्विस, मिट्टी के बर्तन आदि बनाने का काम शुरु कर सकती है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए लोटस गार्डन के सामने, नासियाजी रोड शांति नगर, रेवाड़ी स्थित हरियाणा महिला विकास निगम कार्यालय या फोन नंबर – 01274 225294 से संपर्क कर सकते हैं।
आवश्यक दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित दस्तावेज आवेदन के साथ जमा कराने होंगे। इन दस्तावेजों में आवेदक पत्र, परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट आकार फोटो आदि शामिल है और सभी दस्तावेजों की दो-दो कॉपी होनी चाहिए।

सरकार ने दिया महिलाओं को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण : मीना परमार
हरियाणा महिला आयोग की वाइस चेयरपर्सन मीना परमार ने आईजीयू और नागरिक अस्पताल का लिया जायजा
विश्वविद्यालय में छात्राओं को पाक्सो एक्ट के बारे में किया जागरूक
नागरिक अस्पताल में महिला मरीजों के लिए की गई व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण

रेवाड़ी, 11 सितम्बर, अभीतक: हरियाणा महिला आयोग की वाइस चेयरपर्सन मीना परमार ने शुक्रवार को रेवाड़ी का दौरा करते हुए इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर तथा नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में छात्राओं से संवाद कर उन्हें महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा से संबंधित कानूनी प्रावधानों तथा पाक्सो एक्ट के बारे में जागरूक किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. असीम मिगलानी और डॉ. सीमा मिगलानी से छात्राओं के लिए की गई व्यवस्थाओं के संबंध में बातचीत कर जानकारी ली। उन्होंने नागरिक अस्पताल में महिला मरीजों के लिए उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर मीना परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में केंद्र व राज्य सरकार महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भयमुक्त वातावरण प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार द्वारा महिलाओं को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में छात्राओं से बातचीत करते हुए वाइस चेयरपर्सन ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं को अपने अधिकारों तथा उनके संरक्षण के लिए बनाए गए कानूनों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। उन्होंने पॉक्सो एक्ट के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देते हुए छात्राओं को किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न या अनुचित व्यवहार की स्थिति में आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही सुरक्षा की दिशा में पहला कदम है। छात्राओं को अपने आसपास होने वाली घटनाओं के प्रति सजग रहते हुए जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों एवं हेल्पलाइन 112 की सहायता लेनी चाहिए। उन्होंने महिला हॉस्टल में भी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वाइस चेयरपर्सन मीना परमार ने विश्वविद्यालय प्रशासन से भी छात्राओं के लिए सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने तथा महिला सुरक्षा से संबंधित प्रावधानों का प्रभावी ढंग से पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ कानूनी अधिकारों एवं आत्मरक्षा के प्रति भी जागरूक किया जाना चाहिए।
महिला मरीजों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का हो विशेष प्रबंध
वाइस चेयरपर्सन मीना परमार ने नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने महिला मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था, उपचार एवं अन्य आवश्यक सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से महिला मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने महिला मरीजों से बातचीत करते हुए अस्पताल में मुहैया कराई जा रही सुविधाओं का फीडबैक भी लिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध करवाना समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है। सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़ी महिला तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने महिलाओं से भी आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनें और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ें। इस अवसर पर महिला आयोग की सदस्य सुनीता लोहचब, नागेंद्र परमार, सीएमओ डा. नरेंद्र दहिया, पीएमओ डॉ. सुरेंद्र यादव, महिला थाना प्रभारी सरिता यादव, डॉ. दीपक, डॉ. इंद्रजीत, डॉ. सुभाष, पीपीओ प्रमोद बागड़ी, चांदनी चांदना, कुमारी गीता, दीपा भारद्वाज, जोगिंद्र सैनी, हेमलता तंवर, पूजा जांगड़ा, नीरू भारद्वाज, डा. ममता और डा. कविता सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

बुडौली निवासी ठेकेदार नीरज ने अपनी उपार्जित राशि से रावमावि बुडौली में 800 फुट सड़क का निर्माण करवाया’
रेवाडी, 11 सितम्बर, अभीतक: स्वामी विवेकानंद जी ने कहा है शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और समाज की सेवा करना है। स्वामी विवेकानंद के इस वक्त वे पर चलते हुए बुडौली गांव के निवासी ठेकेदार नीरज ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बुडोली के प्राथमिक विभाग में राष्ट्र की सच्ची सेवा का संकल्प लेकर 800 फुट सड़क का निर्माण अपनी उपार्जित राशि सहर्ष देकर करवाया। ठेकेदार नीरज बताते हैं कि उन्होंने यह संस्कार अपने माता-पिता से प्राप्त हुए। साथ ही विद्यालय के पूर्व प्रधान हुकमचंद भी विद्यालय में समय-समय पर अपनी सेवाएं देते रहते हैं। विद्यालय की व्यवस्थाएं करना भावी पीढ़ी को संस्कार देने का कार्य करता है। उनके इस कार्य के लिए विद्यालय प्रशासन ने उन्हें स्मृति चिन्ह देकर के सम्मानित एवं पुरस्कृत किया है। इस अवसर पर एसएमसी के पूर्व प्रधान हुकम चंद वर्तमान उप प्रधान मुख्तार सिंह प्राचार्य विजय कुमार और उनके साथ विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।

वर्षा खांगवाल, डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, झज्जर।

निर्धारित स्थानों पर ही बैठकर एसआईआर प्रक्रिया करें बीएलओ: डीसी
प्रारंभिक मतदाता सूची में नाम जरूर जांचें, गलती या नाम न होने पर 30 सितंबर तक भरें निर्धारित प्रपत्र
डीसी वर्षा खांगवाल का आह्वान-एसआईआर प्रक्रिया को लेकर नागरिक किसी प्रकार की अफवाहों पर न दें ध्यान

झज्जर, 11 सितम्बर, अभीतक: डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत जिला के प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने पात्र मतदाताओं से आह्वान किया कि वे प्रारंभिक मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें और नाम दर्ज न होने अथवा किसी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर निर्धारित समय सीमा में आवश्यक प्रपत्र भरकर जमा करवाएं। इसके साथ साथ सभी बीएलओ अपने अपने निर्धारित स्थानों पर ही बैठकर एसआईआर से जुड़ी प्रक्रिया को अमल में लाएं।
पात्र मतदाता को अनावश्यक चिंता की जरूरत नहीं
डीसी ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्धारित नियमों एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत संचालित की जा रही है। केवल पुराने मतदाता रिकॉर्ड अथवा संबंधित दस्तावेज उपलब्ध न होने के आधार पर किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना उचित प्रक्रिया का पालन किए किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से हटाने की कार्रवाई नहीं होगी।
नाम दर्ज कराने के लिए फार्म-6, संशोधन के लिए फॉर्म-8
डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है या नाम, पता आदि में किसी प्रकार की त्रुटि है, तो वह प्रपत्र-6 अथवा प्रपत्र-8 भरकर 30 सितंबर 2026 तक संबंधित निर्वाचक पंजीयन अधिकारी अथवा बूथ लेवल अधिकारी के पास जमा करवा सकता है। इससे पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने और आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने अथवा स्थानांतरण के लिए प्रपत्र-6 व प्रपत्र-8 के साथ घोषणा-पत्र भी जमा करना होगा। इसमें पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची में स्वयं अथवा माता-पिता, दादा-दादी के विवरण की जानकारी उपलब्ध होने पर उसका उल्लेख किया जाना है।
जन्म वर्ष के आधार पर मांगे जाएंगे दस्तावेज
डीसी ने बताया कि यदि किसी पात्र व्यक्ति के पास पिछली मतदाता सूची का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, तो जन्म वर्ष के अनुसार निर्धारित दस्तावेज प्रपत्र के साथ संलग्न किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे व्यक्ति दस्तावेजों की सांकेतिक सूची में शामिल किसी भी दस्तावेज के माध्यम से अपनी पात्रता का प्रमाण प्रस्तुत कर सकते हैं। 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे व्यक्ति को अपना तथा माता-पिता में से किसी एक का दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। वहीं 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे व्यक्ति को स्वयं, अपने पिता तथा अपनी माता के दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। यदि माता-पिता भारतीय नागरिक नहीं हैं तो जन्म के समय उनका वैध वीजा एवं पासपोर्ट की प्रति प्रस्तुत करनी होगी।
पहचान से लेकर निवास तक, ये दस्तावेज हो सकते हैं उपयोगी
डीसी ने बताया कि दस्तावेजों की सांकेतिक सूची में सरकारी अथवा स्थानीय प्राधिकरण द्वारा जारी पहचान पत्र, पेंशन भुगतान आदेश, जन्म प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिक अथवा शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, वन अधिकार प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, परिवार रजिस्टर तथा सरकार द्वारा जारी भूमि अथवा मकान आवंटन प्रमाण-पत्र सहित अन्य दस्तावेज शामिल हैं।
भ्रामक सूचनाओं से बचें, 1950 हेल्पलाइन एक्टिव
जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने पात्र मतदाताओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह अथवा भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें। मतदाता सूची अथवा दस्तावेजों से संबंधित किसी समस्या या शंका की स्थिति में अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी, निर्वाचक पंजीयन अधिकारी अथवा सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी कार्यालय से आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता से निवारण करें अधिकारी : डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने जन-संवाद, समाधान शिविर और सीएम विंडो को लेकर की समीक्षा बैठक

रेवाड़ी, 11 सितम्बर, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि जन-संवाद, समाधान शिविर और सीएम विंडो से प्राप्त नागरिकों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करें। किसी भी शिकायत को अनावश्यक कारणों से लंबित न रखा जाए और प्रत्येक शिकायत का निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटान सुनिश्चित किया जाए। डीसी अभिषेक मीणा ने शुक्रवार को लघु सचिवालय सभागार में जन-संवाद, समाधान शिविर और सीएम विंडो पर आने वाली शिकायतों के निवारण से संबंधित समीक्षा बैठक की। इससे पहले हरियाणा सरकार के सहकारिता विभाग के प्रधान सचिव पंकज यादव ने जन-संवाद पोर्टल के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के डीसी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान को लेकर समाधान शिविर और जनसंवाद सहित अन्य जनसुनवाई पोर्टल की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। सभी अधिकारी नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने बैठक के दौरान लंबित शिकायतों, एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) तथा शिकायतों के निपटान से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि नागरिकों की शिकायतों एवं समस्याओं का निर्धारित समय सीमा के भीतर समाधान करवाया जाए। इसके साथ ही लंबित शिकायतों के निवारण में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि जन-संवाद एवं समाधान शिविर सरकार द्वारा आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं संतोषजनक समाधान के उद्देश्य से चलाए जा रहे हैं इसलिए सभी विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए नागरिकों की समस्याओं का समाधान तय समय में सुनिश्चित करें। इस अवसर पर एडीसी राहुल मोदी, डीएमसी प्रदीप अहलावत और डीआरओ प्रदीप देशवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
लघु सचिवालय में जन-संवाद, समाधान शिविर और सीएम विंडो के संबंध में बैठक करते हुए डीसी अभिषेक मीणा।

एक क्लिक, एक कॉल और एक गलती से खाली हो सकता है बैंक खाता, साइबर ठगी से बचने को सतर्क रहें: डीसीपी फैसल खान’
झज्जर, 11 सितम्बर, अभीतक: डिजिटल तकनीक ने बैंकिंग, खरीदारी, निवेश और रोजमर्रा के कार्यों को आसान बनाया है, लेकिन साइबर अपराधी भी तकनीक का दुरुपयोग कर ठगी के नए तरीके अपना रहे हैं। अब साइबर ठगी केवल ओटीपी पूछने तक सीमित नहीं है। अपराधी पुलिस अधिकारी, बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी या परिचित बनकर लोगों को डराकर, लालच देकर अथवा जल्दबाजी में निर्णय लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं।पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) फैसल खान ने आमजन को सावधान करते हुए कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश एवं ट्रेडिंग ग्रुप, पार्ट-टाइम जॉब व ऑनलाइन टास्क, फर्जी कस्टमर केयर तथा व्हाट्सऐपध्टेलीग्राम पर अधिकारी बनकर संपर्क करना साइबर ठगी के प्रमुख तरीके हैं। इसके अलावा एआई से तैयार आवाज या वीडियो के जरिए परिचित व्यक्ति बनकर पैसे मांगना, फर्जी ।च्ज्ञ या एप डाउनलोड करवाना, स्क्रीन शेयर अथवा रिमोट एक्सेस लेना, न्च्प् ब्वससमबज त्मुनमेज भेजना और फत् कोड के माध्यम से भुगतान करवाना भी ठगी के नए तरीके हैं।उन्होंने कहा कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर न करें, स्क्रीन शेयर न करें और संदिग्ध लिंक या एप डाउनलोड न करें। पुलिस अधिकारी वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट नहीं करते। किसी परिचित की आवाज या वीडियो पर भी तुरंत विश्वास करने के बजाय उसके वास्तविक नंबर पर संपर्क कर पुष्टि करें। ऑनलाइन निवेश में असामान्य मुनाफे के लालच से बचें और अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें।यदि साइबर ठगी हो जाए तो घबराएं नहीं और तुरंत 1930 पर शिकायत करें। साथ ही संबंधित बैंक को सूचना दें तथा मोबाइल नंबर, चैट, लिंक, स्क्रीनशॉट और लेन-देन संबंधी साक्ष्य सुरक्षित रखें। साइबर अपराध की शिकायत बलइमतबतपउम.हवअ.पद पर भी दर्ज की जा सकती है।डीसीपी फैसल खान ने कहा कि साइबर अपराधी तकनीक बदल रहे हैं, इसलिए नागरिकों को भी अपनी सतर्कता समय के साथ बढ़ानी होगी। डिजिटल सुविधा का लाभ उठाएं, लेकिन हर ऑनलाइन गतिविधि में सावधानी और सत्यापन को प्राथमिकता दें।

साइबर ठगी मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार करके भेजा जेल’
झज्जर, 11 सितम्बर, अभीतक: पुलिस कमिश्नरेट मुख्यालय डीसीपी फैसल खान के दिशा-निर्देशन में थाना साइबर क्राइम झज्जर पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गगनदीप निवासी डेयरी मोहल्ला रोहतक के रूप में हुई है।थाना प्रबंधक साइबर क्राइम झज्जर निरीक्षक दर्शन सिंह ने बताया कि उप निरीक्षक अनिल कुमार की पुलिस टीम ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि मामले में बहादुरगढ़ निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि वर्ष 2025 में साइबर ठगों ने खुद को विभिन्न वित्तीय संस्थाओं से जुड़ा बताकर उससे अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करवाकर कुल 9,53,912 रुपये की धोखाधड़ी की।इस संबंध में थाना साइबर क्राइम झज्जर में मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित बैंक से रिकॉर्ड प्राप्त किया। रिकॉर्ड की जांच में शिकायतकर्ता द्वारा लाखो रुपये जिस बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे, वह खाता आरोपी गगनदीप के नाम पर पाया गया।पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड, पिन व सिम कार्ड सह-आरोपियों को उपलब्ध कराया था तथा बैंक से चेक के माध्यम से 4,60,000 रुपये निकालकर सह-आरोपियों को देने की बात भी सामने आई।आरोपी को नियमानुसार गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी तथा शेष जांच कार्रवाई जारी है।

नशीली दवाओं की तस्करी के मामले में सह-आरोपी गिरफ्तार’
बहादुरगढ़, 11 सितम्बर, अभीतक: डीसीपी शुभम सिंह के दिशा-निर्देशन में एंटी नारकोटिक्स सेल झज्जर ने नशीली दवाओं की तस्करी के मामले में रोहतक जेल में बंद सह-आरोपी अमित उर्फ अन्नु निवासी नांगलोई, दिल्ली को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर गिरफ्तार किया है। मामले की जानकारी देते हुए एंटीनाकोटिक सेल प्रभारी उप निरीक्षक रिषिपाल ने बताया कि 23 अप्रैल 2026 को नूना माजरा के पास आई-20 कार से आरोपी अनुज निवासी आसौंदा को 960 नशीले कैप्सूल और 75 शीशियां नशीली सिरप के साथ पकड़ा गया था। जांच में मनीष निवासी दिल्ली को भी गिरफ्तार किया गया। जिसमें आगामी कार्रवाई करते हुए जांच में अमित की संलिप्तता सामने आई।अमित दूसरे मामले में रोहतक जेल में बंद था। पुलिस ने अदालत से प्रोडक्शन वारंट हासिल कर उसे बहादुरगढ़ अदालत में पेश किया और मुकदमे में गिरफ्तार किया। अदालत के आदेश पर आरोपी को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में जिला

नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान, वार्डवासियों को साइबर ठगी से बचाव की दी जानकारी’
झज्जर, 11 सितम्बर, अभीतक: पुलिस कमिश्नरेट झज्जर द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार को थाना शहर झज्जर क्षेत्र के वार्ड नंबर-3 में नशा मुक्ति टीम द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस उपायुक्त मुख्यालय फैसल खान के दिशा-निर्देशन में नशा मुक्ति टीम की मुख्य सिपाही सपना तथा एसपीओ संजीत की टीम ने मंगली राम पार्क और गोल्डन पार्क में वार्डवासियों से संवाद किया।टीम ने लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और सामाजिक जीवन को प्रभावित करता है। युवाओं को नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया। पुलिस टीम ने कहा कि नशे की शुरुआत अक्सर छोटी गलती से होती है, लेकिन इसका प्रभाव व्यक्ति और पूरे परिवार पर गंभीर पड़ सकता है।जागरूकता कार्यक्रम के दौरान डायल-112 की सुविधा के बारे में भी जानकारी दी गई। लोगों को बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता के लिए डायल-112 का उपयोग किया जा सकता है।इसके साथ ही साइबर अपराधों को देखते हुए नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से सावधान रहने, अनजान लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी व बैंक संबंधी जानकारी किसी से साझा न करने तथा साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के लिए जागरूक किया गया।

एसपीसी कैडेट्स ने परखा यातायात नियमों का ज्ञान, दो वर्षीय प्रशिक्षण की परीक्षा में 7 स्कूलों के 308 विद्यार्थियों ने लिया भाग’
झज्जर, 11 सितम्बर, अभीतक: डीजीपी हरियाणा श्री अजय सिंघल आईपीएस के आदेशानुसार तथा डीसीपी मुख्यालय फैसल खान के निर्देशन में झज्जर पुलिस द्वारा स्टूडेंट पुलिस कैडेट (ैच्ब्) कार्यक्रम के दो वर्षीय सत्र की परीक्षा आयोजित करवाई गई। जिले के सात स्कूलों में आयोजित इस परीक्षा में करीब 308 विद्यार्थियों ने भाग लिया।परीक्षा में क्।ट पुलिस पब्लिक स्कूल पुलिस लाइन झज्जर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कबलाना, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रोहद, राजकीय पीएम श्री वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बहादुरगढ़, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बहादुरगढ़, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परनाला तथा राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय साखोल के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। प्रत्येक स्कूल से करीब 44 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी।यह परीक्षा उन विद्यार्थियों के लिए आयोजित की गई, जिन्होंने करीब दो वर्ष पूर्व कक्षा 8वीं और 9वीं में स्टूडेंट पुलिस कैडेट कार्यक्रम में प्रवेश लिया था। दो वर्ष का निर्धारित प्रशिक्षण एवं अध्ययन काल पूरा होने के बाद अब ये विद्यार्थी कक्षा 10वीं और 11वीं में पहुंच चुके हैं। इसी क्रम में उनके प्रशिक्षण एवं ज्ञान का आकलन करने के लिए परीक्षा आयोजित की गई।परीक्षा का मुख्य विषय यातायात नियम एवं सड़क सुरक्षा रहा। विद्यार्थियों से यातायात नियमों, सड़क पर सुरक्षित आवागमन, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के प्रयोग, ट्रैफिक संकेतों तथा जिम्मेदार सड़क व्यवहार से संबंधित विषयों पर प्रश्न पूछे गए।स्टूडेंट पुलिस कैडेट कार्यक्रम विद्यार्थियों और पुलिस के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को कानून एवं पुलिस की कार्यप्रणाली की जानकारी देने के साथ-साथ उनमें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और नागरिक कर्तव्यों की भावना विकसित की जा रही है।डीसीपी मुख्यालय फैसल खान ने कहा कि आज के समय में सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी देकर उनमें शुरू से ही जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना विकसित की जा सकती है। ैच्ब् कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में अनुशासन, कानून के प्रति सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।

सफाई कर्मचारियों के समर्थन में नगर परिषद पहुंची आम आदमी पार्टी
झज्जर, 11 सितम्बर, अभीतक: पूरे हरियाणा में अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों के समर्थन में आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शुक्रवार को नगर परिषद झज्जर पहुंचे। पार्टी नेताओं ने कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। जिला अध्यक्ष हरीश कुमार ने कहा कि सफाई कर्मचारी दिन-रात मेहनत करके शहर को स्वच्छ रखते हैं, लेकिन आज उन्हें अपने अधिकारों के लिए हड़ताल करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा, पूरे हरियाणा में भाजपा का कोई भी विधायक सात दिन सफाई कर्मचारियों के साथ सड़क पर सफाई करके दिखा दे, हम उसे ₹50,000 का सम्मान देंगे। तभी उन्हें इन कर्मचारियों की मेहनत और परेशानियों का असली एहसास होगा। हरीश कुमार ने कहा कि कम वेतन में लंबे समय तक काम लेने के बजाय सरकार को कर्मचारियों को सम्मानजनक वेतन, सुविधाएं और सुरक्षित कार्य परिस्थितियां देनी चाहिए। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों के साथ तत्काल बातचीत कर उनकी जायज मांगों का समाधान करने की मांग की। प्रदेश संयुक्त सचिव सुरेंद्र नागल ने कहा कि सफाई कर्मचारी समाज और शहर के लिए बेहद महत्वपूर्ण सेवा कर रहे हैं। सुबह जब आम आदमी साफ-सुथरी सड़क और बाजार देखता है, तो उसके पीछे इन्हीं मेहनतकश कर्मचारियों की मेहनत होती है। उन्होंने कहा, जो लोग हमारे शहर को साफ रखने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, उनके अधिकारों और सम्मान की जिम्मेदारी भी सरकार की है। कर्मचारियों को आंदोलन के लिए मजबूर करने के बजाय सरकार को उनके साथ बैठकर समाधान निकालना चाहिए। आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता अभिता द्विजा ने कहा कि सफाई कर्मचारी हमारे शहरों की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ शहर की बात करने के साथ-साथ उन लोगों के अधिकारों की भी बात करनी होगी, जो उसे स्वच्छ बनाने के लिए अपना पसीना बहाते हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए बातचीत के माध्यम से जल्द समाधान निकाला जाए। रविंद्र राज्याण ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की मांगों को नजरअंदाज करने के बजाय उनके प्रतिनिधियों के साथ तत्काल बातचीत करनी चाहिए। हड़ताल लंबी खिंचने से कर्मचारियों के साथ-साथ आम जनता भी प्रभावित होती है। इसलिए सरकार को सकारात्मक रवैया अपनाकर जल्द समाधान निकालना चाहिए।
प्रदीप धनखड़ की बड़ी घोषणा: सफाई कर्मचारियों के बच्चों को निःशुल्क कोचिंग
कार्यक्रम के दौरान प्रदीप धनखड़ ने सफाई कर्मचारियों के बच्चों के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि उनकी एकेडमी में सफाई कर्मचारियों के बच्चों को निशुल्क कोचिंग उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति किसी बच्चे के सपनों के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए। सफाई कर्मचारी अपने परिवार और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए मेहनत करते हैं, इसलिए उनके बच्चों की शिक्षा में सहयोग करना समाज की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, सफाई कर्मचारियों के जो बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं, उन्हें मेरी एकेडमी में निशुल्क कोचिंग देने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान चंद्र मोहन, नरेश वाल्मीकि, शैलेश कांगड़ा, विकास दुहन, राकेश दुहन एवं राजेश प्रजापति सहित अन्य नेताओं ने भी सफाई कर्मचारियों के समर्थन में अपनी बात रखी।

भारत रत्न आचार्य विनोबा की जयंती पर किया नमन
झज्जर, 11 सितम्बर, अभीतक: गुभाना गांव के लोकहित पुस्तकालय में देश के महान स्वतंत्रता सेनानी भगत रत्न आचार्य विनोबा भावे की जयंती मनाई गई। इस मौके पर समिति सदस्यों और ग्रामीणों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। समिति अध्यक्ष नरेश कौशिक ने संबोधित करते हुए उनके जीवन पर प्रकाश डाला। आचार्य विनोबा भावे का जन्म 11 सितंबर 1895 को महाराष्ट्र के रायगढ़ तत्कालीन कोलाबा जिले के गगोडै गांव में एक चितपावन ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनका पूरा नाम विनायक नरहरि भावे था। वे स्वतंत्रता सेनानी और भूदान आंदोलन के प्रणेता थे। उन्होंने वर्ष 1951 में ऐतिहासिक भूदान, आंदोलन की शुरुआत की थी जिसके तहत गरीबों और भूमिहीनों के लिए जमीदारों से जमीन दान में मांगी गई थी। उन्हें 1958 में पहला अंतरराष्ट्रीय रेमन मैग्सेसे पुरस्कार और 1983 में मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। गुभाना गांव में आयोजित जयंती कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्रद्धांजलि देने वालों में जय भगवान प्रधान पहलवान रामकुमार सतबीर सिंह मोंटी दीपक कौशिक व अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

गाँव मातनहेल, झज्जर
आज दिनांक 11.09.2026 को ’श्रीमती गीता भुक्कल, विधायक झज्जर एवं पूर्व शिक्षा मंत्री हरियाणा ने गाँव मातनहेल स्थित ’बाबा मथुरा पुरी समाधि स्थल’ पर दादा मथुरा पुरी जन कल्याण सेवा समिति द्वारा आयोजित वार्षिक उत्सव में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने बाबा मथुरा पुरी जी की समाधि पर पूजा-अर्चना की एवं आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने क्षेत्रवासियों की सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति से मुलाकात की
नई दिल्ली, 11 सितम्बर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अवसर पर रूस के राष्ट्रपति श्री व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस साल यह उनकी दूसरी बैठक थी। दोनों नेताओं ने इससे पहले 31 अगस्त, 2026 को बिश्केक में 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन के मौके पर मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, कौशल और जन-जन के बीच संबंधों को लेकर द्विपक्षीय सहयोग में प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने रूस की अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक प्रदर्शनी ष्इनोप्रोम इंडियाष् का स्वागत किया, जो भारत में पहली बार 9-11 सितंबर 2026 तक आयोजित की गई और व्यापार और औद्योगिक संबंधों को और विस्तारित करने में इसके महत्व पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने इनोप्रोम इंडिया प्रदर्शनी का भी दौरा किया और प्रतिभागियों के साथ बातचीत की। दोनों नेताओं ने 2026 के लिए भारत की अध्यक्षता में बहुपक्षीय क्षेत्र, विशेष रूप से ब्रिक्स में भारत-रूस जुड़ाव पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र में संघर्षों सहित आपसी हित के प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी दृष्टिकोण साझा किए, जिसने समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को प्रभावित किया है। प्रधानमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि बातचीत और कूटनीति ही संघर्षों को हल करने में आगे बढ़ने का रास्ता है और भारत शांति प्रयासों में सहायता के लिए तैयार है। दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के प्रयास में लगे रहने पर सहमति व्यक्त की, जो भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण विकास दर्ज कर रही है और अनुकूलन दिखाया है। राष्ट्रपति श्री पुतिन ने प्रधानमंत्री को 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए रूस आने का निमंत्रण दिया। प्रधानमंत्री ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया। शिखर सम्मेलन की तारीखें आपसी सुविधा के अनुसार राजनयिक चैनलों के माध्यम से तय की जाएंगी।

प्रधानमंत्री ने 9ध्11 हमलों के पीड़ितों को याद किया, आतंकवाद से निपटने के अटूट संकल्प को दोहराया
नई दिल्ली, 11 सितम्बर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 9ध्11 के दर्दनाक हमलों की 25वीं बरसी पर पीड़ितों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है और उन परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त की है जिनकी जिंदगी इन भयानक हमलों से हमेशा के लिए बदल गई। श्री मोदी ने कहा कि आतंकवाद ने दुनिया भर में अनगिनत जिंदगियों को छीना है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सीमा पार आतंकवाद का शिकार होने के कारण, भारत पिछले कई दशकों से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सबसे आगे रहा है। उन्होंने आगे कहा कि भले ही आतंकवाद का खतरा लगातार बदल रहा है, लेकिन आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों का विरोध करने का भारत का संकल्प अटल है। उन्होंने इस खतरे से निपटने के सभी प्रयासों के साथ एकजुटता व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने 2014 में 9ध्11 मेमोरियल एंड म्यूजियम की अपनी यात्रा की कुछ झलकियां भी साझा कीं।
एक्स पर एक पोस्ट में, श्री मोदी ने कहा
“9ध्11 के दर्दनाक हमलों के 25 साल बाद, हम पीड़ितों को याद करते हैं और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और उन परिवारों के साथ एकजुटता से खड़े हैं जिनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई। आतंकवाद ने दुनिया भर में अनगिनत जिंदगियों को छीना है। सीमा पार आतंकवाद का शिकार होने के कारण, भारत पिछले कई दशकों से इस लड़ाई में सबसे आगे रहा है। हालांकि आतंकवाद का खतरा लगातार बदल रहा है, लेकिन इसके सभी रूपों और अभिव्यक्तियों का विरोध करने का हमारा संकल्प अटल है। हम इस भयंकर खतरे से निपटने के तमाम प्रयासों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। 2014 में 9ध्11 मेमोरियल एंड म्यूजियम की मेरी यात्रा की कुछ झलकियां यहाँ हैं।”

प्रधानमंत्री ने शिकागो में दिए गए स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण को याद किया
नई दिल्ली, 11 सितम्बर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 11 सितंबर 1893 को शिकागो में दिए गए स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण को याद किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के मनमोहक भाषण ने भारत की सभ्यतागत मूल्यों की झलक पेश की। श्री मोदी ने कहा कि उनके प्रेरणादायक शब्द आज भी पूरी दुनिया में गूंजते हैं।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा
“11 सितंबर 1893, शिकागो।
स्वामी विवेकानंद के मनमोहक भाषण ने भारत की सभ्यतागत मूल्यों की झलक पेश की।
उनके प्रेरणादायक शब्द आज भी पूरी दुनिया में गूंजते हैं।

आज के छात्र कल के लोकतंत्र के पथप्रदर्शक: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार
नई दिल्ली, 11 सितम्बर, अभीतक: भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने आज अहमदाबाद में ष्इलेक्टरल लिटरेसी क्लब और ईसीआईनेटष् पर अपना पांचवां क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें युवा नागरिकों के बीच निर्वाचन प्रक्रिया की समझ और लोकतांत्रिक जागरूकता को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। सभा को संबोधित करते हुए, मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आज के छात्र कल के लोकतंत्र के पथप्रदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि पूरे भारत में इलेक्टरल लिटरेसी क्लब (ईएलसी) दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र की रीढ़ को मजबूत करने में मदद करेंगे। इससे पहले इलेक्टरल लिटरेसी क्लब और ईसीआईनेट पर क्षेत्रीय सम्मेलन पटना (बिहार), लखनऊ (उत्तर प्रदेश), चेन्नई (तमिलनाडु) और मडगांव (गोवा) में आयोजित किए गए थे। गुजरात भर के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्रों और शिक्षकों सहित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए, सीईसी श्री ज्ञानेश कुमार ने छात्रों को राष्ट्र का भविष्य बताते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रियाओं की समझ को आगे बढ़ाने और लोकतंत्र को समृद्ध करने के लिए ईएलसी अनिवार्य हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युवा नागरिकों को शामिल करना और चुनावी प्रक्रिया में उनका विश्वास और सूचित भागीदारी हासिल करना लोकतंत्र के भविष्य में एक निवेश है। उन्होंने छात्रों और युवा मतदाताओं को भारत की चुनाव प्रणाली, लोकतांत्रिक मूल्यों, मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना प्रक्रियाओं और भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका और कामकाज से परिचित होने की आवश्यकता पर जोर दिया। सीईसी श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि भारत के संविधान, भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कानून और निर्देशों के अनुसार सख्ती से भारत में चुनाव आयोजित किए जाते हैं और सभी चरणों में राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों के समवर्ती ऑडिट के तहत पारदर्शी रूप से आयोजित किए जाते हैं। ईएलसी 2.0, टैगलाइन के साथ ष्लोकतंत्र सीखें। लोकतंत्र का नेतृत्व करेंष्, स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सुव्यवस्थित, दृश्यमान और डिजिटल रूप से सक्षम प्लेटफार्मों के रूप में ईएलसी की फिर से कल्पना करता है, जो युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को लोकतंत्र को समझने और सार्थक भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करता है। व्यापक ईसीआईनेट डिजिटल प्लेटफॉर्म का लाभ उठाते हुए, जो रोल से लेकर मतदान तक चुनाव संबंधी सभी सेवाएं प्रदान करता है, यह पहल एक समर्पित ईएलसी पोर्टल के माध्यम से निरंतर, साल भर चुनावी जागरूकता गतिविधियों को आगे बढ़ाएगी, जिससे ईएलसी के एक सुव्यवस्थित अखिल भारतीय नेटवर्क का निर्माण होगा। यह पहल भारत के व्यापक शैक्षिक इकोसिस्टम को देखते हुए महत्वपूर्ण है, जिसमें लगभग 25 करोड़ छात्रों और एक करोड़ से अधिक शिक्षकों के साथ लगभग 15 लाख स्कूल शामिल हैं। उच्च शिक्षा क्षेत्र में लगभग 1,500 विश्वविद्यालय और लगभग 70,000 शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं, जिनमें 4.33 करोड़ छात्रों का अनुमानित नामांकन है। इस व्यापक संस्थागत नेटवर्क के माध्यम से, ईएलसी 2.0 तथ्यात्मक और अनुभवात्मक चुनावी शिक्षा को बढ़ावा देने, भारत की चुनावी प्रणाली के बारे में जागरूकता बढ़ाने और युवा नागरिकों को जागरूक लोकतांत्रिक भागीदारी के दूत बनने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास करता है। ईएलसी मतदाता पंजीकरण, मतदान, मतगणना, ईसीआईनेट ऐप और अन्य प्रमुख ईसीआई पहलों के बारे में जानकारी का भी प्रसार करेंगे। इससे पहले दिन में, गुजरात के 500 से अधिक बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) के साथ एक संवाद सत्र में, सीईसी श्री ज्ञानेश कुमार ने बीएलओ को उनकी सेवा के लिए बधाई दी, जिसके परिणामस्वरूप राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का सुचारू निष्पादन हुआ। बैठक के हिस्से के रूप में छात्रों और बीएलओ ने सीईसी के साथ सवाल-जवाब सत्र किया। बीएलओ को बातचीत के माध्यम से सीधे तौर पर अपनी शंकाओं को दूर करने का अवसर मिला।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रिक्स देशों के बीच स्थायी, मजबूत और ज्यादा संतुलित व्यापार का आह्वान किया
श्री गोयल ने सदस्य देशों से बाजार खोलने और नियम-कानून की प्रक्रियाओं को आसान बनाने का आग्रह किया
श्री गोयल ने ब्रिक्स सदस्य और सहयोगी देशों से पेमेंट सिस्टम को जोड़ने और एक-दूसरे की स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने का आग्रह किया
गोयल ने कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिकी, ऑटोमोबाइल, सेवाओं, स्टार्टअप और उभरती प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में ज्यादा सहयोग पर जोर दिया
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने आपूर्ति श्रृंखला कनेक्टिविटी, व्यापार को आसान बनाने और इनोवेशन को ब्रिक्स की मुख्य प्राथमिकताएं बताया

नई दिल्ली, 11 सितम्बर, अभीतक: वैश्विक व्यापार में ब्रिक्स की लगभग एक-चैथाई हिस्सेदारी को देखते हुए केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज सदस्य और सहयोगी देशों के बीच स्थायी, मजबूत और ज्यादा संतुलित व्यापारिक संबंध बनाने की जरूरत पर जोर दिया। नई दिल्ली में ब्रिक्स बिजनेस फोरम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए, श्री गोयल ने आर्थिक सहयोग की पूरी क्षमता का लाभ उठाने के लिए बाजार तक बेहतर पहुंच, विविध आपूर्ति श्रृंखला और आसान नियम-कानून प्रक्रियाओं पर बल दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह फोरम महत्वपूर्ण नतीजे देगा और ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक बातचीत और व्यापारिक साझेदारी को बड़े स्तर पर ले जाएगा। उद्घाटन सत्र को रूसी संघ के आर्थिक विकास मंत्री मैक्सिम रेशेतनिकोवय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकरय वाणिज्य और उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसादय और वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल ने भी संबोधित किया। श्री गोयल ने कहा कि भारत ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने इंजीनियरिंग के सामान तथा इलेक्ट्रॉनिकी में देश की मजबूत क्षमताओं पर प्रकाश डाला, जो भारत के निर्मित सामानों के निर्यात का सबसे बड़ा हिस्सा हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को दुनिया की फार्मेसी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि भारत ब्रिक्स देशों को ऐसे अन्य उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार के रूप में देखता है, जिन्हें वह एक भरोसेमंद सहयोगी के तौर पर दुनिया तक पहुंचाना चाहता है। सहयोगी देशों के बीच स्थायी और मजबूत व्यापार के महत्व पर जोर देते हुए, श्री गोयल ने कहा कि आपूर्ति श्रृंखला में विविधता होनी चाहिए और व्यापार किसी भी सदस्य देश में विकास तथा लोगों की भलाई में बाधा नहीं बनना चाहिए। उन्होंने ब्रिक्स देशों से एक-दूसरे के उत्पादोंकृजिनमें कच्चा माल और जरूरी खनिज शामिल हैंकृके लिए अपने बाजार खोलने का आग्रह किया। श्री गोयल ने कहा कि आपूर्ति श्रृंखला तभी मजबूत होती हैं जब वे दोनों तरफ से काम करती हैं। यह देखते हुए कि 88 प्रतिशत देशों के लिए टैरिफ की तुलना में गैर-टैरिफ उपायों से निर्यात की लागत ज्यादा आती है, उन्होंने बाजार तक आसान और सुचारू पहुंच की वकालत की। उन्होंने ब्रिक्स सदस्य और सहयोगी देशों से अपने बाजार खोलने और साथ मिलकर काम करते हुए नियामक प्रक्रियाओं को आसान बनाने और खेप की तेजी से मंजूरी को सुविधाजनक बनाने का आग्रह किया। श्री गोयल ने कृषि क्षेत्र में ज्यादा सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने ब्रिक्स देशों से एग्री-टेक स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने को कहा ताकि वे खाद्य सुरक्षा के हित में सभी ब्रिक्स देशों के किसानों के लिए संयुक्त रूप से समाधान विकसित कर सकें। उन्होंने देशों से यह भी आग्रह किया कि वे एक-दूसरे के लिए अपने सेवा बाजार को सही मायने में खोलें, सीमाओं के पार पेशेवरों की आवाजाही को आसान बनाएं और एक-दूसरे की पेशेवर योग्यताओं को मान्यता देना सरल बनाएं। भारत के स्टार्टअप और उद्यमशीलता परितंत्र में महिलाओं की भागीदारी पर जोर देते हुए, श्री गोयल ने कहा कि भारत में मान्यता प्राप्त 2,50,000 स्टार्टअप्स में से 45 प्रतिशत से ज्यादा में कम से कम एक महिला साझेदार या निदेशक है। उन्होंने कहा कि पिछले दशक में दिए गए छोटे लोन का दो-तिहाई हिस्सा महिला उद्यमियों को दिया गया है, जिससे उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने और स्वतंत्र व आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली है। इस हफ्ते की शुरुआत में नई दिल्ली में हुई ब्रिक्स महिला व्यापार गठबंधन की बैठक का जिक्र करते हुए, श्री गोयल ने उन्होंने इस गठबंधन से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया था कि महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यम हर ब्रिक्स प्रदर्शनी, व्यापार मेले और अन्य ऐसे अवसरों में भाग लें जिन्हें प्रोत्साहित और समर्थित किया जा सके। श्री गोयल ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में भारत की अहम पहलों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) में आज सालाना 250 अरब से ज्यादा लेन-देन होते हैं, जो दुनिया भर में आंकड़े के हिसाब से आधे से ज्यादा लेन-देन हैं। उन्होंने बताया कि यूपीआई को 11 देशों में स्वीकार किया जाता है। उन्होंने ब्रिक्स सदस्य व सहयोगी देशों से आग्रह किया कि वे अपने पेमेंट सिस्टम को जोड़ें, एक-दूसरे की स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा दें, डिजिटल व्यापार को वैश्विक बनाएं और उभरती तकनीकों के लिए मिलकर काम करें। उन्होंने कहा कि भारत कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिकी, ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कंपोनेंट्स और सेवाओं जैसे क्षेत्रों में मजबूत क्षमताएं रखता है और स्टार्टअप परितंत्र को भी आपस में जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ये ट्रेंड्स संयुक्त नवाचार, तकनीक साझेदारी और मजबूत वैश्विक मूल्य श्रृंखला के लिए काफी गुंजाइश पैदा करते हैं। श्री गोयल ने कहा कि जैसे-जैसे भारत विकसित भारत 2047 की ओर बढ़ रहा है (1.4 अरब भारतीयों का एक साझा लक्ष्य है कि जब देश अपनी आजादी के 100 साल पूरे करे तो भारत एक विकसित देश बन जाए) ब्रिक्स सदस्यों और सहयोगी देशों के साथ सहयोग को और गहरा करने की संभावना भी तेजी से बढ़ेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन खास विषयों पर होने वाले सत्रों से ऐसे रचनात्मक और अमल में लाए जा सकने वाले सुझाव मिलेंगे जिनसे ब्रिक्स देशों के बीच आपसी व्यापार और आर्थिक सहयोग को और मजबूत किया जा सके। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अपने संबोधन में कहा कि इस साल ब्रिक्स सहयोग के संस्थागत रूप लेने के 20 साल पूरे हो रहे हैं। इस दौरान ब्रिक्स ने सदस्यता, एजेंडा और सहयोग के तरीकों के मामले में काफी विकास किया है। उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता में मजबूती, नवाचार, सहयोग और सतत विकास (सस्टेनेबिलिटी) जैसे विषयों के माध्यम से इस विकास को आगे बढ़ाने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि ये प्राथमिकताएं इसलिए भी बहुत अहम हैं क्योंकि वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था में बड़े बदलाव हो रहे हैं। अस्थिरता, अनिश्चितता और जटिलता इसकी मुख्य विशेषताएं बन गई हैं, जबकि भू-राजनीतिक संघर्ष, महामारी, जलवायु से जुड़ी समस्याएं, डिजिटलीकरण और तकनीकी प्रगति आर्थिक परिदृश्य को बदल रहे हैं। डॉ. जयशंकर ने कहा कि सुदृढ़ता ब्रिक्स समुदाय का एक अहम हिस्सा बन गया है। ब्रिक्स व्यापार परिषद और ब्रिक्स महिला व्यापार गठबंधन, उद्योग जगत, उद्यमियों और बिजनेस लीडर्स को ब्रिक्स प्रक्रिया से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेवाओं, कृषि और कृषि-प्रौद्योगिकी, डिजिटल डिलीवरी, एमएसएमई, स्टार्टअप और महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों के साथ-साथ आपूर्ति श्रृंखला जुड़ाव और व्यापार को आसान बनाना भी बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने सही बाजार तौर-तरीकों, भरोसेमंद लॉजिस्टिक्स, एक अनुमान के मुताबिक बिजनेस माहौल, विविध व्यावसायिक संबंधों और पारदर्शी व्यापार तथा निवेश के माध्यम से जुड़े और प्रतिस्पर्धी बने रहते हुए अधिक आत्मनिर्भरता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग को बड़े अवसरों के रूप में रेखांकित किया, साथ ही पहुंच, मानकों, सुरक्षा और भरोसे से जुड़े सवालों का भी जिक्र किया। डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स इनक्यूबेटर नेटवर्क और ब्रिक्स स्टार्टअप नवाचार कोष के माध्यम से नवाचार और उद्यमिता परितंत्र को मजबूत करने की कोशिश की गई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इसके फायदे सभी तरह के बिजनेस समुदायों तक पहुंचने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत का अनुभव उसे एक स्वाभाविक साझेदार बनाता है, क्योंकि यहां एक बड़ा और बढ़ता हुआ बाजार, बढ़ती हुई विनिर्माण क्षमताएं, टैलेंट का बड़ा पूल, डिजिटल अनुभव और एक गतिशील नवाचार और उद्यमशीलता का आधार है। उन्होंने कहा कि फोरम का सबसे उपयोगी योगदान ब्रिक्स सहयोग के अगले चरण में व्यापार का एक स्पष्ट नजरिया लाना होगा, जिसमें अवसरों, व्यवसायों के सामने आने वाली चुनौतियों और उनसे निपटने के लिए सरकारें क्या कर सकती हैं, इस पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उद्घाटन सत्र में बोलते हुए, वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने इस बात पर जोर दिया कि ब्रिक्स बिजनेस फोरम ब्रिक्स अर्थव्यवस्थाओं की ताकत को ठोस व्यावसायिक नतीजों में बदलने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने सहयोग के एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में डिजिटल सेवाओं, विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इसमें उत्पादकता, जीवन स्तर, आय और व्यक्तियों तथा एमएसएमई के लिए नतीजों को बेहतर बनाने की क्षमता है, साथ ही यह विशेष रूप से विकासशील देशों में कंप्यूटिंग तक पहुंच सुनिश्चित करता है। श्री प्रसाद ने गवर्नेंस के केंद्र में संयुक्त राष्ट्र को रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में अधिक टेक्नोलॉजी के आदान-प्रदान और सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। सेमीकंडक्टर के मामले में, उन्होंने लगभग 13 अरब डॉलर के प्रोत्साहन वाले भारत के सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 पर प्रकाश डाला और पूरे सेमीकंडक्टर परितंत्र को विकसित करने के लिए सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने सहयोग के क्षेत्रों के रूप में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटरों पर भी प्रकाश डाला, जिसमें भारत के सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करना शामिल है। साथ ही, उन्होंने ब्रिक्स देशों से मिलकर विकास करने, निवेश करने और नवाचार करने का आह्वान किया, ताकि अनुसंधान एवं विकास तथा स्टार्टअप्स के लिए अधिक संसाधन मिल सकें और युवा अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार बाजारों तक पहुंच सकें। वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि ब्रिक्स एक अहम और तेजी से बढ़ता हुआ बाजार है। ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार 2003 में 84 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2024 में लगभग 1.2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है। उन्होंने डब्ल्यूटीओ के नेतृत्व वाले बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को बनाए रखने और उसे मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने किफायती कार्यशील पूंजी के जरिए एमएसएमई को सपोर्ट करने की बात कही। उन्होंने कहा कि श्जयपुर कंसेंससश् ब्रिक्स के लिए एक साझा मैकेनिज्म खोजने का आधार बनेगा। श्री अग्रवाल ने ब्रिक्स कनेक्ट, बी2बी साझेदारी, सालाना ब्रिक्स व्यापार एवं निवेश प्रदर्शनी, डिजिटल ट्रेड डॉक्यूमेंटेशन और स्वास्थ्य देखभाल समेत अलग-अलग सेक्टर में ज्यादा सहयोग के जरिए वैश्विक मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने सहयोग, भरोसे, नवाचार और साझा समृद्धि के जरिए श्ब्रिक्स इकोनॉमिक पार्टनरशिप स्ट्रैटेजी 2030श् के तहत मजबूत आर्थिक एकीकरण का आह्वान किया। अपनी बात खत्म करते हुए, श्री अग्रवाल ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम की सफलता की कामना की।

नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के हिस्से के तौर पर 11-12 सितंबर, 2026 को ब्रिक्स भारत इनोवेट्स एक्सपोजिशन का आयोजन
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी और ब्रिक्स प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के इस प्रदर्शनी का दौरा करने की उम्मीद
इस कार्यक्रम में भारत के 37 डीप-टेक अन्वेषक हिस्सा ले रहे हैं

नई दिल्ली, 11 सितम्बर, अभीतक: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर, नई दिल्ली के भारत मंडपम में 11-12 सितंबर 2026 को श्भारत इनोवेट्स एक्सपोजिशनश् का आयोजन कर रहा है। इसका मकसद भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में 12 और 13 सितंबर 2026 को होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले और उसके साथ-साथ भारत के डीप-टेक नवाचारों को प्रदर्शित करना है। भारत इनोवेट्स केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इसे भारतीय उच्च शिक्षा इकोसिस्टम से निकलने वाले नवाचारों के लिए एक वैश्विक गतिवर्धक के तौर पर डिजाइन किया गया है। इसका मकसद भारत की नवाचार व्यवस्था (स्टार्टअप, उच्च शिक्षा संस्थान, लैब और रिसर्च पार्क) और वैश्विक हितधारकों (कॉरपोरेट, निवेशक, इनक्यूबेटरध्एक्सेलेरेटर, विश्वविद्यालय, शोध संस्थान, सरकारें और विदेशी पूर्व छात्र) के बीच दीर्घकालीन सहयोग कायम करना है। भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स भारत इनोवेट्स (बीबीआई) प्रदर्शनी, 2026 में भारत के डीप-टेक स्टार्टअप्स की दूसरी बड़ी प्रदर्शनी है। इससे पहले भारत इनोवेट्स का पहला संस्करण 14-16 जून 2026 को नीस, फ्रांस में आयोजित किया गया था। बीबीआई, भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम ष्मजबूती, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी के लिए निर्माणष् के तहत भारत के 37 डीप-टेक स्टार्टअपध्वेंचर को दिखा रहा है (ये उन 120 स्टार्टअपध्वेंचर के ग्रुप का हिस्सा हैं, जिन्होंने बीआई2026, नीस में भाग लिया था)। यह प्रदर्शनी 11 सितंबर 2026 को ब्रिक्स बिजनेस फोरम के साथ आयोजित की जा रही है, जिससे भाग लेने वाले अन्वेषकों को ब्रिक्स सदस्य देशों के सीईओ, निवेशकों, बिजनेस लीडर्स और इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों के साथ नेटवर्क बनाने का मौका मिलेगा। इससे ठ2ठ बातचीत, तकनीकी साझेदारी, निवेश पर चर्चा, बिजनेस लिंकेज और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचने के अवसर मिलेंगे। यह प्रदर्शनी ब्रिक्स शिक्षा ट्रैक की प्राथमिकता ष्शोध, नवाचार और स्टार्टअप व्यवस्था को बेहतर बनानाष् को भी आगे बढ़ाती है, जो भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत पहचाने गए पाँच प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में से एक है। भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी और ब्रिक्स देशों के नेताओं के बीबीआई एक्सपोजिशन में आने की उम्मीद है। ब्रिक्स नेताओं की बैठकों से जुड़े वरिष्ठ भारतीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि, साथ ही ब्रिक्स सदस्य देशों के सीईओ, निवेशक और वरिष्ठ बिजनेस लीडर्स के भी 11-12 सितंबर 2026 को बीबीआई एक्सपोजिशन में आने की उम्मीद है। इसमें हिस्सा लेने वाले स्टार्टअप्सध्अन्वेषकों के लिए, बीबीआई एक्सपोजिशन घरेलू नवाचारों को अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक और कूटनीतिक नतीजों में बदलने का एक हाई-प्रोफाइल मंच प्रदान करता है। इसमें ब्रिक्स सीईओ और निवेशकों तक सीधी पहुँच, राष्ट्राध्यक्षोंध्सरकार के प्रमुखों के सामने अपनी बात रखने का मौका, फिक्की, सीआईआई और एसोचैम के सहयोग से आयोजित ठ2ठ बैठकें और स्ट्रक्चर्ड मैचमेकिंग और ब्रांड तथा कूटनीतिक विश्वसनीयता जैसे फायदे शामिल हैं। भारत इनोवेट्स 2026 का पहला संस्करण भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 के तहत आयोजित किया गया था और इसका उद्घाटन संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम इमैनुएल मैक्रों ने किया था। तीन दिन के इस कार्यक्रम में 13 थीम वाले क्षेत्रों में भारत के शीर्ष 120 डीप-टेक स्टार्टअप्सध्वेंचर्स और 15 संस्थानों (आईआईटी, आईआईएससी, बीआईआरएसी और पक्मÛ) को प्रदर्शित किया गया। इसमें 29 देशों के 2,000 से ज्यादा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। 30 से ज्यादा सहयोग समझौता ज्ञापन और साझेदारियां की गईं और 1,350 बी2बी बैठकों के बाद भारतीय स्टार्टअप्सध्वेंचर्स ने 254.5 मिलियन यूएस डॉलर की फंडिंग की प्रतिबद्धता हासिल की। ब्रिक्स भारत इनोवेट्स एक्सपोजिशन शिक्षा मंत्रालय की उन गतिविधियों को आगे बढ़ाता है, जो भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत की गई थीं। मंत्रालय ने भुवनेश्वर, ओडिशा में 7 अगस्त 2026 को 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक और 5 अगस्त 2026 को शिक्षा पर ब्रिक्स के वरिष्ठ अधिकारियों की तीसरी बैठक आयोजित की थी। शिक्षा मंत्रियों की बैठक का समापन 13वें ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों के घोषणापत्र को अपनाने के साथ हुआ। इस घोषणापत्र में सहयोग के पांच प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की रूपरेखा दी गई है, जिनमें शुरुआती बचपन की देखभाल और शिक्षा तथा बुनियादी साक्षरता और संख्या-ज्ञान को मजबूत करना, कौशल विकास और टीवीईटी, अनुसंधान, नवाचार और स्टार्ट-अप व्यवस्था, योग्यताओं की आपसी मान्यता और शैक्षणिक नेतृत्व तथा संस्थागत विकास के लिए क्षमता निर्माण शामिल हैं।

बैंकर्स बुक्स साक्ष्य अधिनियम, 2026, 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा
यह कानून बैंकिंग रिकॉर्ड को साक्ष्य के तौर पर इस्तेमाल करने की कानूनी व्यवस्था को आधुनिक बनाता है
कानूनी कार्यवाही में बैंकिंग रिकॉर्ड के इस्तेमाल को आसान बनाने के लिए सरल और मानक प्रमाणन की व्यवस्था

नई दिल्ली, 11 सितम्बर, अभीतक: सरकार बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र को मजबूत करने, कारोबार में आसानी को बढ़ावा देने और अर्थव्यवस्था की बदलती जरूरतों के अनुरूप कानूनी और नियामक व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए लगातार सुधार कर रही है। बैंकिंग के तरीकों और तकनीक में तेजी से हो रहे बदलावों के साथ, बैंकिंग रिकॉर्ड से जुड़े कानूनों को भी इन बदलावों के अनुरूप होने की जरूरत है। बैंकर्स बुक्स साक्ष्य अधिनियम, 2026, जिसे 13 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी, बैंकर्स बुक्स साक्ष्य अधिनियम, 1891 की जगह लेगा। यह समकालीन बैंकिंग तरीकों के अनुरूप बैंकिंग रिकॉर्ड को सबूत के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए एक आधुनिक व्यवस्था प्रदान करता है। 10 सितंबर 2026 की अधिसूचना (गजट अधिसूचना का लिंक नीचे दिया गया है) के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 से इस कानून के प्रावधान लागू होंगे। यह कानून तकनीक-निरपेक्ष दृष्टिकोण अपनाता है और भौतिक, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल, वर्चुअल, क्लाउड-आधारित और अन्य आधुनिक रूपों में रखे गए बैंकिंग रिकॉर्ड को मान्यता देता है। यह बैंकिंग रिकॉर्ड के सरल और मानक प्रमाणन की व्यवस्था भी करता है, जिसमें हाथ से किये हुए, डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर शामिल हैं। बैंक अधिकारियों को बुलाने (सम्मन करने) के मामले में भी ज्यादा स्पष्टता लाई गई है, विशेष रूप से ऐसे स्थिति में जब बैंक कार्यवाही में कोई पक्ष न हो। ऐसे मामलों में बैंक अधिकारियों को बुलाने के लिए न्यायालय को लिखित रूप में विशेष कारण दर्ज करना होगा। इसके अलावा, केंद्र सरकार इन प्रावधानों का विस्तार वित्तीय क्षेत्र की विनिर्दिष्ट संस्थाओं या संस्थाओं के वर्गों तक कर सकती है, जिससे यह व्यवस्था बदलती वित्तीय व्यवस्था की जरूरतों को पूरी कर सके। ये सुधार प्रौद्योगिकी में हो रही प्रगति और बदलती आर्थिक जरूरतों के हिसाब से कानूनों को आधुनिक बनाने, कारोबार में आसानी को बढ़ावा देने और एक आधुनिक व कुशल वित्तीय प्रणाली को मजबूत करने के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

भारत ने एचपीवी वैक्सीन की 80 लाख खुराकें दीं, जो कि सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है
राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान के अंतर्गत 80 लाख से अधिक एचपीवी वैक्सीन की खुराकें दी गईं
गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और मिजोरम में कवरेज 100ः रहाय बिहार, आंध्र प्रदेश और असम में 90ः का आंकड़ा पार
उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 22 लाख से अधिक किशोरियों का टीकाकरण किया गया
सभी टीकाकरण सत्र चिकित्सा पर्यवेक्षण के अंतर्गत आयोजित किए जाते हैं और दुर्लभ एईएफआई प्रबंधन के लिए 24×7 व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने फरवरी 2026 में राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू किया, जिसका उद्देश्य 14 वर्ष की लड़कियों को निःशुल्क, स्वैच्छिक एकल खुराक टीकाकरण प्रदान करना है

नई दिल्ली, 11 सितम्बर, अभीतक: भारत ने गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की रोकथाम के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। फरवरी 2026 में शुरू हुए राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान के अंतर्गत ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) वैक्सीन की 80 लाख (8 मिलियन) से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं। यह उपलब्धि सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के जरिए एचपीवी टीकाकरण की बढ़ती पहुंच को दर्शाती है और किशोरियों के लिए निवारक स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को पुष्ट करती है। राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की ओर से फरवरी 2026 में किया गया था। इस अभियान के अंतर्गत, 14 वर्ष की लड़कियों को माता-पिता की सहमति से सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वैच्छिक और निःशुल्क एकल खुराक एचपीवी टीकाकरण प्रदान किया जाता है। भारत के महारजिस्ट्रार (आरजीआई) के 2021 अनुमान के अनुसार, लगभग 1.2 करोड़ लड़कियां 14-वर्ष की आयु वर्ग के उस वार्षिक समूह का हिस्सा हैं, जिन्हें हर वर्ष इस पहल से लाभ मिलने की उम्मीद है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने एचपीवी टीकाकरण कवरेज के विस्तार में महत्वपूर्ण प्रगति की और कई राज्यों ने अपने लक्षित समूहों का पूर्ण कवरेज हासिल किया। गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और मिजोरम ने अपने-अपने लक्षित क्षेत्रों में 100 प्रतिशत कवरेज हासिल किया। बिहार, आंध्र प्रदेश और असम ने 90 प्रतिशत से अधिक कवरेज प्राप्त कर लिया है, जबकि कर्नाटक ने 85 प्रतिशत से अधिक कवरेज हासिल किया है। छत्तीसगढ़, सिक्किम, केरल, तेलंगाना और ओडिशा ने 60 प्रतिशत से अधिक कवरेज प्राप्त किया। राज्यों में, उत्तर प्रदेश में टीकाकरण की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई है, जहां इस अभियान के अंतर्गत 22 लाख से अधिक किशोरियों को टीका लगाया गया है। यह प्रगति राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से समन्वित कार्यान्वयन, निरंतर सामुदायिक सहयोग और जिला स्तरीय स्वास्थ्य टीमों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाती है। राज्यों ने ग्रामीण, शहरी, दूरस्थ और भौगोलिक तौर पर चुनौतीपूर्ण इलाकों सहित सार्वजनिक स्वास्थ्य वितरण नेटवर्क के माध्यम से पात्र किशोरियों तक पहुंचने के लिए संदर्भ-विशिष्ट दृष्टिकोण अपनाए हैं। मध्य प्रदेश और गुजरात ने निरंतर सामुदायिक सहयोग, समन्वित कार्यान्वयन और लक्षित जमीनी प्रयासों के दम पर अपने लक्षित समूहों में शत प्रतिशत कवरेज हासिल किया है। असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में हुई प्रगति भी भौगोलिक रूप से विविध क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में एकीकृत सामुदायिक स्वास्थ्य नेटवर्क और समन्वित जमीनी कार्यवाही की भूमिका को दर्शाती है। इस अभियान में सामुदायिक सहभागिता और भरोसेमंद जानकारी पर विशेष जोर दिया गया है, जिसमें माता-पिता, स्वास्थ्य सेवा प्रदाता, शिक्षक और अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मी एचपीवी टीकाकरण से संबंधित चिंताओं को दूर करने और गलत सूचनाओं का मुकाबला करने के लिए सक्रिय रूप से शामिल हैं। बाल रोग विशेषज्ञों, स्त्री रोग विशेषज्ञों और एम्स जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों सहित स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के साथ-साथ शिक्षकों और आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम सहित पंक्ति में सबसे आगे के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने राज्यों और जिलों में जागरूकता और लामबंदी प्रयासों में सहयोग दिया है। इस अभियान ने यू-विन प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारत के डिजिटल स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर का भी लाभ उठाया है, जिससे कार्यक्रम प्रबंधकों को जिला स्तर पर टीकाकरण कवरेज की निगरानी करने, कवरेज अंतराल और छूटे हुए लाभार्थियों की पहचान करने और अधिक प्रभावी कार्यक्रम योजना व संसाधन आवंटन में सहायता करने में मदद मिली है। यह राष्ट्रीय अभियान एचपीवी टीकाकरण के व्यापक वैश्विक अनुभव पर आधारित है। विश्व स्तर पर एचपीवी वैक्सीन की 80 करोड़ से अधिक खुराकें वितरित की जा चुकी हैं, जिससे इनके इस्तेमाल और सुरक्षा के संबंध में ठोस व्यावहारिक अनुभव मिला है। एचपीवी टीकाकरण, जिसे शुरू में मुख्य रूप से अधिक आय वाले देशों की ओर से अपनाया गया था, धीरे-धीरे अन्य आय स्तरों वाले देशों के राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रमों में विस्तारित हो गया। वर्तमान में, 87 प्रतिशत उच्च-मध्यम आय वाले देशों, 78 प्रतिशत निम्न-मध्यम आय वाले देशों और 54 प्रतिशत निम्न आय वाले देशों ने अपने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रमों में एचपीवी टीकों को शामिल कर लिया है। विभिन्न आय वर्गों में एचपीवी टीकाकरण को अपनाने में हो रही वृद्धि सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय रणनीतियों के एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में इसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। इस अभियान के अंतर्गत सभी टीकाकरण सत्र सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रशिक्षित चिकित्सा अधिकारियों की देखरेख में आयोजित किए जाते हैं। टीकाकरण के बाद होने वाली दुर्लभ प्रतिकूल घटनाओं (एईएफआई) के उचित प्रबंधन के लिए सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं 24×7 स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं से भी जुड़ी हुई हैं। यह व्यवस्था टीकाकरण से जुड़ी किसी भी प्रतिकूल घटना का समय पर आकलन, निगरानी और प्रबंधन सुनिश्चित करती है। अभियान अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में शेष पात्र लाभार्थियों तक पहुंचने और यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र लड़की पीछे न छूट जाए। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, एचपीवी टीकाकरण अभियान के बारे में जागरूकता बढ़ाने, इसकी पहुंच को आसान बनाने और इसके प्रभावी कार्यान्वयन में सहयोग देने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, स्वास्थ्य पेशेवरों, पंक्ति के सबसे आगे स्वास्थ्य कर्मियों और समुदायों के साथ मिलकर काम करना जारी रखे हुए है। एचपीवी वैक्सीन की 80 लाख खुराकें देने का लक्ष्य भारत की ओर से निवारक स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करने और आने वाली पीढ़ियों में सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ दीर्घकालिक सुरक्षा को प्रोत्साहन देने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है।

केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल अमेरिका के ह्यूस्टन में जी20 ऊर्जा प्रचुरता मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेंगे
नई दिल्ली, 11 सितम्बर, अभीतक: केन्द्रीय विद्युत तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल 14 से 16 सितम्बर 2026 तक जी20 ऊर्जा मंत्रियों की अमेरिका के ह्यूस्टन में आयोजित बैठक में भाग लेंगे। अमेरिका की मेजबानी में आयोजित जी20 की अध्यक्षता वाली इस बैठक में जी20 सदस्य देशों के ऊर्जा मंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि एकत्रित होकर वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, ऊर्जा की वहनीयता, अवसंरचना विकास और सुदृढ़ ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। मंत्री तीन प्रमुख आधारों के तहत आयोजित मंत्रिस्तरीय सत्रों में भाग लेंगेकृ“इनर्जी सिक्यूरिटी एंड एफोर्डएबल बेसलोड,” “परमिटिंग एंड रेग्यूलेटरी एफीशिएन्सी” तथा “क्रिटिकल मिनरल्स एंड रेसिलिएन्ट सप्लाई चेन”। चर्चाओं में ऊर्जा सुरक्षा और वहनीयता को मजबूत करने, कुशल नियामक ढांचे के माध्यम से ऊर्जा अवसंरचना के समयबद्ध विकास को सुगम बनाने तथा सुरक्षित, सुदृढ़ और विविधीकृत महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा। बैठक के दौरान, श्री मनोहर लाल भारत के उस दृष्टिकोण को उजागर करेंगे, जिसके तहत एक सुदृढ़ और भविष्य के लिए तैयार ऊर्जा प्रणाली का निर्माण किया जा रहा है, जो देश की तेजी से बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हो। साथ ही, वे संस्थागत और नीतिगत सुधारों के माध्यम से अनुमति प्रदान करने और नियामक दक्षता बढ़ाने में भारत के अनुभव को साझा करेंगे तथा महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में विविधीकरण, चक्रीयता और संपूर्ण मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने पर भारत के जोर को रेखांकित करेंगे। मंत्री की भागीदारी उभरती वैश्विक ऊर्जा चुनौतियों से निपटने में रचनात्मक अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सामूहिक कार्रवाई के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट करेगी। भारत व्यावहारिक, समावेशी और प्रौद्योगिकी-तटस्थ दृष्टिकोणों की वकालत करता रहेगा, जो विभिन्न देशों की परिस्थितियों का सम्मान करते हुए सभी के लिए सुरक्षित, किफायती, विश्वसनीय, सुदृढ़ और टिकाऊ ऊर्जा प्रणालियों को आगे बढ़ाएं।

अस्पताल से लेकर पुलिस तक, सीडब्ल्यूसी से लेकर जमीनी स्तर के कार्यकर्ता तकरू दिल्ली कार्यशाला ने गैर-कानूनी तरीके से गोद लेने के खिलाफ हितधारकों को एकजुट किया
कार्यशाला का आयोजन “कानूनी तरीके से गोद लेना। सुरक्षित बचपन। सुरक्षित भविष्य। गैर-कानूनी गोद लेने को ना कहें” थीम के साथ किया गया

नई दिल्ली, 11 सितम्बर, अभीतक: केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के मातहत सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (सीएआरए) महिला एवं बाल विकास विभाग, एनसीटी दिल्ली सरकार और दिल्ली स्टेट एडॉप्शन रिसोर्स एजेंसी (एसएआरए) के साथ मिलकर नई दिल्ली में दिल्ली सचिवालय के मुख्य सभागार में गोद लेने को लेकर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला का थीम “कार्यशाला का आयोजन “कानूनी तरीके से गोद लेना। सुरक्षित बचपन। सुरक्षित भविष्य। गैर-कानूनी गोद लेने को ना कहें” था। इस कार्यशाला में सीएआरए की सीईओ श्रीमती भावना सक्सेनाय एनसीटी दिल्ली सरकार की महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती रश्मि सिंहय एसपीयूडब्ल्यूएसी डीएसपी श्रीमती नेहा यादवय दिल्ली पुलिस अपराध शाखा में अपर सीपी श्रीमती मोनिका भारद्वाजय डीसीपीसीआर अध्यक्ष श्री ओ.पी. व्यासय आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के सीएमओ डॉ. अनिल यादवय और बाल सुरक्षा, गोद लेना प्रणाली, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों और हितधारकों की मौजूदगी रही। इस कार्यशाला में बाल सुरक्षा और गोद लेने से जुड़े लगभग 200 भागीदार एक साथ जुटे ताकि कानूनी, पारदर्शी और गोद लेने की बाल-हित केंद्रित प्रक्रिया के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके और गैर-कानूनी तरीके से बच्चे गोद लेने के जोखिमों और गंभीर नतीजों के बारे में ज्यादा जागरूकता पैदा की जा सके। इस मौके पर अपने संबोधन में सीएआरए की सीईओ श्रीमती भावना सक्सेना ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों को गैर-कानूनी तरीके से गोद लेने के चलन से बचाने के लिए पूरे बाल सुरक्षा परितंत्र में जागरूकता और सतर्कता जरूरी है। उन्होंने कहा, “हर बच्चे को एक सुरक्षित बचपन, एक सुरक्षित भविष्य और कानून की सुरक्षा मिलनी चाहिए। गोद लेने के मामले में कोई शॉर्टकट नहीं हो सकता। इस साल के अभियान के जरिए, सीएआरए यह पक्का करना चाहता है कि गोद लेने की प्रक्रिया से जुड़ा हर शख्स गैर-कानूनी गोद लेने को रोकने में अपनी भूमिका को समझे और गोद लेने वाला हर व्यक्ति (नए माता-पिता) कानूनी गोद लेने की प्रक्रिया का पालन करे। हमें मिलकर यह पक्का करना होगा कि गोद लेने के केंद्र में हर बच्चे के सबसे अच्छे हित, अधिकार और सम्मान रहें। इस कार्यशाला को संबोधित करते हुए एनसीटी दिल्ली सरकार की महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती रश्मि सिंह ने कहा कि बाल सुरक्षा परितंत्र से जुड़े हितधारकों की भागीदारी दृ स्वास्थ्य और पुलिस विभाग, एएनएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से लेकर जिला बाल सुरक्षा इकाई और बाल कल्याण समितियों तक दृ बड़े पैमाने पर संवेदनशीलता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस तरह के सामूहिक प्रयास सुरक्षित बचपन सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत सांस्थानिक प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। जागरूकता पहल के हिस्से के रूप में, इस कार्यशाला के दौरान वैध तरीके से गोद लेने पर एक फिक्शन फिल्म लॉन्च की गई। यह फिल्म गोद लेने की प्राधिकृत प्रक्रिया का पालन करने के महत्व को बताने और गैर-कानूनी तरीके से गोद लेने से जुड़े जोखिमों को एक आसान और प्रभावशाली तरीके से उजागर करने की कोशिश करती है।
तीन विषयों पर आधारित सत्र में उभरती चुनौतियों पर बात की गई
इस कार्यशाला में तीन केंद्रित तकनीकी सत्र थे जिनमें गैर-कानूनी से गोद लेने को रोकने और उस पर प्रतिक्रिया के महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गयारू सत्र 1 “गैर-कानूनी तरीके से गोद लेनारू उभरते चलन, चुनौतियां और राज्यध्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया”, सत्र 2 “गैर-कानूनी तरीके से गोद लेने को रोकने में अस्पतालध्नर्सिंग होम, स्वास्थ्य प्रणाली, पुलिस और ज्यूडिशियरी की भूमिका” और सत्र 3 “बाल सुरक्षा प्रणालियों एसएआरए, सीडब्ल्यूसी, डीसीपीयू, सीसीआई को मजबूत करना। ये सत्र न सिर्फ स्टेट एडॉप्शन रिसोर्स एजेंसी (एसएआरएज), चाइल्ड वेलफेयर कमेटियों (सीडब्ल्यूसीज), डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट्स (डीसीपीयूज), और चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशन्स (सीसीआई) के बीच समन्वय को मजबूत करने पर केंद्रित थे, बल्कि पुलिस, स्वास्थ्य और आंगनवाड़ी सेक्टर के मुख्य हितधारकों को भी जागरूक करने पर थे ताकि बाल सुरक्षा और वैध तरीके से बच्चा गोद लेने की व्यवस्था को असरदार तरीके से लागू किया जा सके।
असल जिंदगी के अनुभव साझा करनारू चुनौती से कार्रवाई तक
कार्यशाला के दौरान एक खास अनुभव-साझा सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें गैर-कानूनी गोद से निपटने पर डीसीपीओ श्री अरुण शर्मा के असल जिंदगी के अनुभव को दिखाया गया। इस सत्र में प्रतिभागियों को जमीनी स्तर पर आने वाली चुनौतियों, समय पर दखल देने की अहमियत और गैर-कानूनी गोद के संदिग्ध मामलों पर कार्रवाई करने में फील्ड-लेवल बाल सुरक्षा अधिकारियों की भूमिका के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई।
संवादात्मक प्रश्नोत्तरी के साथ कार्यशाला संपन्न हुई
कार्यशाला एक संवादात्मक प्रश्नोत्तरी सत्र के साथ संपन्न हुई, जिसे अलग-अलग सत्र के दौरान साझा की गई जरूरी जानकारी को प्रतिभागियों की समझ और याद रखने का अंदाजा लगाने के लिए डिजाइन किया गया था। एक दिलचस्प प्रारूप प्रतिभागियों को कार्यशाला के दौरान चर्चा किए गए कानूनी नियमों, भूमिकाओं और जिम्मेदारियों पर सोचने के लिए प्रोत्साहित किया और कानूनी गोद लेने, बच्चों की सुरक्षा और गैर-कानूनी गोद लेने की रोकथाम से जुड़े खास संदेशों को मजबूत करने में मदद की। डीएमआरसी सलाम बालक ट्रस्ट की ओर से प्रस्तुत एक नाटक ने प्रतिभागियों को बच्चों के अधिकारों, उनकी सुरक्षा और बचाव के बारे में जागरूक किया। इस नाटक में हर बच्चे के लिए एक सुरक्षित और सहायक माहौल सुनिश्चित करने की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया गया।
गैर-कानूनी गोद लेने के चलन को रोकने पर जोर
गोद लेने के बारे में राष्ट्रीय जागरूकता माह-2026 के लिए थीम चुनी गई हैरू ष्“वैध तरीके से गोद लेना। सुरक्षित बचपन। सुरक्षित भविष्य। अवैध गोद लेने को ना कहें”। इसका मकसद यह बताना है कि गैर-कानूनी तरीके से गोद लेना न केवल श्किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015श् के प्रावधानों का उल्लंघन है, बल्कि इससे बच्चे अपनी कानूनी सुरक्षा, अधिकारों और संरक्षण से भी वंचित हो सकते हैं। गोद लेने के ऐसे चलन कानून के तहत स्थापित पारदर्शी, विनियमित और बाल-केंद्रित गोद लेने की व्यवस्था को कमजोर करती हैं। इस जागरूकता पहल में महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समितियों (सीडब्ल्यूज), जिला बाल संरक्षण इकाइयों (डीसीपीयूज), विशेष गोद लेने वाली एजेंसियों (एसएएज), बाल देखभाल संस्थानों, स्वास्थ्य और पुलिस विभागों, न्यायपालिका, कानूनी सेवा प्राधिकरणों, अस्पताल प्रशासकों, चिकित्सा पेशेवरों, आशा (एएसएचए) और एएनएम (एएनएम) कार्यकर्ताओं, नागरिक समाज संगठनों और मीडिया प्रतिनिधियों जैसे विभिन्न हितधारकों की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया गया। प्रतिभागियों को बच्चों के अधिकारों और उनके सर्वोत्तम हितों की रक्षा के लिए समन्वित कार्रवाई, समय पर हस्तक्षेप और कानूनी रूप से गोद लेने की प्रक्रिया का पालन करने के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। कानूनी रूप से गोद लेना। सुरक्षित बचपन। सुरक्षित भविष्य। गैर-कानूनी गोद लेने को ना कहें!ष् केवल एक अभियान का संदेश नहीं है, बल्कि कार्रवाई के लिए एक सामूहिक आह्वान है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर बच्चे की सुरक्षा, सम्मान, पहचान और सुरक्षित पारिवारिक माहौल के अधिकार की रक्षा हो।

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