





आस्था और 36 बिरादरी के भाईचारे का केंद्र बनेगा चैबीसा धाम: डॉ. अरविंद शर्मा
बादली में दादा सारंग देव चैबीसा धाम में हवन, भूमि पूजन एवं विशाल भंडारे का आयोजन
धर्मपत्नी डॉ. रीटा शर्मा के साथ पहुंचे कैबिनेट मंत्री, बोलेकृनई पीढ़ी को संस्कृति और संस्कारों से जोड़ेगा धाम
धाम के निर्माण के लिए अपने कोटे से 51 लाख रुपये देने की घोषणा, चैबीसा के गांवों से बड़ी संख्या में पहुंचे लोग
झज्जर, 20 सितम्बर, अभीतक: कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि दादा सारंग देव चैबीसा धाम क्षेत्र की आस्था के साथ सामाजिक एकता और 36 बिरादरी के भाईचारे का प्रमुख केंद्र है। धाम का नवनिर्माण इस विरासत को और मजबूती देगा तथा नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से जोड़ने का माध्यम बनेगा। रविवार को बादली स्थित दादा सारंग देव चैबीसा धाम में आयोजित हवन, भूमि पूजन एवं विशाल भंडारे में धर्मपत्नी डॉ. रीटा शर्मा के साथ पहुंचे कैबिनेट मंत्री ने दादा सारंग देव के चरणों में शीश नवाया। उन्होंने चैबीसा के सभी गांवों और पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली तथा आपसी भाईचारे की कामना की। कार्यक्रम के दौरान डॉ. अरविंद शर्मा ने धाम के निर्माण में सहयोग के लिए अपने कोटे से 51 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सामाजिक स्थलों के विकास में सरकार के साथ समाज की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। सामूहिक प्रयासों से ही ऐसे केंद्रों को आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर स्वरूप दिया जा सकता है।
36 बिरादरी का भाईचारा हमारी पुरानी परंपरा
डॉ. शर्मा ने कहा कि हरियाणा की सबसे बड़ी ताकत उसका सामाजिक भाईचारा है। बादली की धरती पर चैबीसा के गांवों से बुजुर्गों, माताओं-बहनों और युवाओं का एक साथ जुटना इसी परंपरा को दर्शाता है। 36 बिरादरी का आपसी सहयोग और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े होने की भावना समाज को मजबूत बनाती है। उन्होंने कहा कि दादा सारंग देव चैबीसा धाम जैसे धार्मिक स्थल केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं हैं। ये समाज को एक मंच पर लाने, पुरानी परंपराओं को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक संस्कार पहुंचाने का काम भी करते हैं।
नवनिर्माण से धाम को मिलेगा नया स्वरूप
धाम परिसर में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हवन और भूमि पूजन किया गया। कार्यक्रम में चैबीसा के गांवों सहित आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोगों ने भागीदारी की। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।कैबिनेट मंत्री ने धाम के नवनिर्माण के लिए आगे आए ग्रामीणों, सेवादारों और आयोजन समिति के सदस्यों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जन सहयोग से आगे बढ़ने वाले धार्मिक और सामाजिक कार्य समाज में एकजुटता की भावना को और मजबूत करते हैं। डॉ. शर्मा ने दादा सारंग देव से बादली, चैबीसा के सभी गांवों और पूरे क्षेत्र में सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।





एल. ए. स्कूल में गणेश महोत्सव के शुभावसर पर गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन किया गया
झज्जर, 20 सितम्बर, अभीतक: एल. ए. सी. सै. स्कूल झज्जर में आज गणेश महोत्सव के शुभावसर पर गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। स्कूल संचालक जगपाल गुलिया, जयदेव दहिया, अनिता गुलिया, नीलम दहिया, योजित गुलिया, भविष्य दहिया ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी सभी जनकल्याण व समाज की सुख -शांति के लिए श्री गणेश जी की प्रतिमा को पहले गणेश चतुर्थी पर स्थापित किया गया था।स्थापना के बाद आज भाद्रपद की नौवीं को विसर्जित किया गया। कुछ दिनों तक लगातार पूजा-पाठ करके भगवान श्री गणेश जी का आशीर्वाद ग्रहण किया गया। स्कूल प्रबंधक के.एम.डागर और स्कूल प्राचार्या निधि कादयान ने बताया कि भगवान श्री गणेश रिद्धि-सिद्धि के दाता हैं। इनका पूजन सभी देवी-देवताओं में सबसे पहले किया जाता है अतः यह पर्व हम सबके लिए विशेष योगदान रखता है। किसी भी नए कार्य के लिए श्री गणेश जी की स्तुति बहुत आवश्यक हो जाती है। दक्षिण भारत में इस पर्व को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी के महत्व को हमें सभी जनमानस तक पहुँचा कर अपनी हिन्दू परम्परा को आगे बढ़ाना होगा।




जन समस्याओं के समाधान के लिए झज्जर में जिला स्तरीय समाधान शिविर आज
उपमंडल स्तर पर बेरी, बहादुरगढ़ और बादली लघु सचिवालयों में सुबह 10 से 12 बजे तक आयोजित होंगे शिविर
झज्जर, 20 सितम्बर, अभीतक: आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा सोमवार 21 सितंबर को जिला मुख्यालय सहित सभी उपमंडलों में समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। ये शिविर सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक लगाए जाएंगे, जहां नागरिकों की शिकायतें सुनकर उनका मौके पर ही निपटान सुनिश्चित किया जाएगा। जिला स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में डीसी वर्षा खांगवाल की अध्यक्षता में लगेगा। इस दौरान डीसी विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें सुनते हुए अधिकारियों को समस्याओं के समयबद्ध समाधान के निर्देश देंगी।
तीनों सब डिवीजन में भी लगेंगे समाधान शिविर
उपमंडल स्तर पर बहादुरगढ़ में एसडीएम अभिनव सिवाच, बादली में एसडीएम विशाल कुमार और बेरी लघु सचिवालय परिसर में एसडीएम रेणुका नांदल की अध्यक्षता में उपमंडल स्तरीय समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटान किया जाएगा।



गांव और शहर को स्वच्छ रखना प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी: डीसी
सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा मेरा योगदान’ मॉड्यूल में चला मेगा स्वच्छता अभियान
जिलाभर के गांवों सहित झज्जर, बहादुरगढ़ व बेरी के शहरी क्षेत्रों में चिन्हित स्वच्छता स्थलों की हुई सफाई
स्वच्छता अभियान में ग्रामीणों ने लिया हिस्सा, नागरिकों को स्वच्छता बनाए रखने के लिए किया जागरूक
झज्जर, 20 सितम्बर, अभीतक: बर। जिला झज्जर में 17 अक्टूबर तक चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा मेरा योगदान’ मॉड्यूल के अंतर्गत रविवार को ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में जिले के सभी गांवों सहित झज्जर, बहादुरगढ़ और बेरी के शहरी क्षेत्रों में विभिन्न स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की गईं। ग्रामीण क्षेत्रों में चिन्हित स्वच्छता स्थलों तथा कचरा संवेदनशील स्थानों की विशेष रूप से साफ-सफाई कराई गई। सफाई टीमों ने इन स्थानों से कचरा हटाकर आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ बनाया। अभियान में हजारों ग्रामीणों ने सहभागिता करते हुए अपने घर, गली-मोहल्ले और सार्वजनिक स्थानों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया तथा अन्य लोगों को भी स्वच्छता के प्रति प्रेरित किया।
सेवा और जनभागीदारी की भावना से आगे बढ़ रहा अभियान: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से अभियान के तहत आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में उनकी भूमिका के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। स्वच्छता गतिविधियों के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि अपने घर के साथ-साथ गली, मोहल्ले, गांव और शहर को स्वच्छ रखना प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सेवा मेरा योगदान की भावना के साथ आयोजित स्वच्छता गतिविधियों में जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा, सहयोग और सहभागिता की भावना से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियां निरंतर आयोजित की जा रही हैं।
शहरी क्षेत्रों में भी चिन्हित स्थानों की हुई सफाई
जिला नगर आयुक्त जगनिवास ने बताया कि रविवार को झज्जर, बहादुरगढ़ और बेरी के शहरी क्षेत्रों में चिन्हित स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों एवं कचरा संवेदनशील स्थानों पर विशेष सफाई अभियान चलाया गया। सफाई कर्मचारियों एवं संबंधित टीमों ने इन स्थानों से कचरा हटाकर आसपास के क्षेत्रों की सफाई की। झज्जर नगर परिषद क्षेत्र में ईओ देवेंद्र कुमार तथा बहादुरगढ़ नगर परिषद क्षेत्र में ईओ संजय रोहिल्ला और बेरी नगर पालिका क्षेत्र में सचिव पवित्र गुलिया की देखरेख में स्वच्छता गतिविधियों के साथ नागरिकों को अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में जनभागीदारी से चला स्वच्छता अभियान: सीईओ
सीईओ जिला परिषद मनीष फोगाट ने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वच्छ गांव और स्वच्छ शहर स्वस्थ समाज की आधारशिला हैं। उन्होंने ग्रामीणों एवं नागरिकों से आह्वान किया कि वे कचरा इधर-उधर न डालें, निर्धारित स्थान पर ही कचरे का उचित निपटान करें और अपने आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करें।




मतदाता सूची को विश्वसनीय व अपडेट बनाने में नागरिकों की सक्रिय सहभागिता जरूरी: डीसी
निर्वाचन आयोग ने दिया मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने और सुधार का अंतिम अवसर
एसआईआर-2026 अभियान के तहत 30 सितंबर तक दर्ज कराएं दावे- आपत्तियां
झज्जर, 20 सितम्बर, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध, विश्वसनीय एवं अपडेट बनाने में नागरिकों की सक्रिय सहभागिता बेहद जरूरी है। स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला झज्जर के चारों विधानसभा क्षेत्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान के तहत मतदाता सूची को शुद्ध एवं अद्यतन बनाने का कार्य जारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के दौरान प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो तथा अपात्र नामों को हटाने और आवश्यक संशोधनों की प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूरी की जाए। डीसी ने पात्र नागरिकों से अपील की कि वे अपना तथा परिवार के सभी पात्र सदस्यों का नाम और विवरण प्रारंभिक मतदाता सूची में समय रहते जांच लें। उन्होंने कहा कि जिन पात्र नागरिकों का नाम प्रारंभिक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, वे निर्धारित दस्तावेजों एवं घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-6 के माध्यम से नाम शामिल करवाने के लिए दावा प्रस्तुत कर सकते हैं। पात्र युवाओं से विशेष आग्रह किया गया कि वे मतदाता बनने के लिए फॉर्म-6 भरकर आवेदन करें और 30 सितंबर की अंतिम तिथि का इंतजार न करें।
वोटर हर हाल में 30 सितंबर तक दर्ज कराएं दावे-आपत्तियां
डीसी ने बताया कि एसआईआर-2026 के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां 30 सितंबर तक दर्ज कराई जा सकती हैं। प्राप्त दावे-आपत्तियों का निपटान 28 अक्टूबर तक किया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 6 नवंबर को होगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराएं। मतदाता सूची में नाम, पता, आयु, फोटो अथवा अन्य विवरण की जांच कर लें और किसी भी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर समय रहते आवश्यक संशोधन के लिए आवेदन करें।
मतदाता फॉर्म-7 और फॉर्म-8 से कराएं आवश्यक सुधार
डीसी ने बताया कि मतदाता सूची में नाम, पता, आयु, फोटो अथवा अन्य विवरण में त्रुटि होने पर फॉर्म-8 के माध्यम से संशोधन के लिए आवेदन किया जा सकता है। वहीं, मृत, अपात्र, स्थायी रूप से स्थानांतरित अथवा अन्य स्थान पर पहले से पंजीकृत मतदाता के नाम के संबंध में फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को अपने आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रस्तुत करने चाहिए, ताकि दावे-आपत्तियों का निपटान नियमानुसार किया जा सके।
बीएलओ, ईआरओ और एईआरओ से प्राप्त करें सहायता
जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने कहा कि नागरिक दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने अथवा आवेदन प्रक्रिया की जानकारी के लिए अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ), निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (ईआरओ) अथवा सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (एईआरओ) से संपर्क कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है। मतदाता सूची से संबंधित सहायता के लिए मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अभियान के दौरान नागरिकों को आवेदन प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध करवाने के साथ-साथ दावे-आपत्तियों के समयबद्ध निपटान पर विशेष ध्यान दिया जाए। डीसी वर्षा खांगवाल ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की कि वे एसआईआर-2026 अभियान के तहत निर्धारित समय सीमा में आवश्यक कार्रवाई पूरी करें।


सेवा मेरा योगदान थीम पर आयोजित हो रही हैं खेल गतिविधियां : डीएसओ
सेवा संकल्प अभियान के तहत गांव डीघल और बरहाणा में हैंडबॉल प्रतियोगिताएं आयोजित
बेरी, 20 सितम्बर, अभीतक: जिलाभर में डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न मॉड्यूल के अनुरूप गतिविधियां निरन्तर जारी हैं। इसी कड़ी में उपमंडल बेरी के गांव डीघल और बरहाणा में हैंडबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में क्षेत्र के खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इन आयोजनों का उद्देश्य युवाओं को खेलों से जोड़ने के साथ-साथ उनमें अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ जीवनशैली की भावना को बढ़ावा देना रहा। प्रतियोगिता का शुभारंभ कोच देवेंद्र अहलावत ने किया। उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और खेल भावना के साथ बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर कोच देवेंद्र अहलावत ने कहा कि खेल युवाओं के शारीरिक एवं मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लेने से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित होती है। उन्होंने खिलाड़ियों को निरंतर अभ्यास करने तथा खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं गांव बरहाणा में आयोजित प्रतियोगिता का शुभारंभ गांव के ही सरपंच ने किया और खिलाड़ियों की हौसला अफजाई करते हुए उन्हें खेलों में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। डीएसओ सतेंद्र सिंह ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा मेरा योगदान थीम पर जनभागीदारी को बढ़ावा देने वाली विभिन्न गतिविधियों का आयोजन लगातार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गांव डीघल में आयोजित लड़कियों की हैंडबॉल प्रतियोगिता में गांव डीघल की टीम ने प्रथम स्थान, गांव डीघल स्टेडियम की टीम ने द्वितीय तथा गांव गांगटान की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसी कड़ी में गांव बरहाणा में आयोजित लड़कों की हैंडबॉल प्रतियोगिता में गांव डीघल की टीम ने प्रथम स्थान, गांव बरहाणा की टीम ने द्वितीय तथा गांव धांधलान की टीम ने तृतीय स्थान हासिल किया। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इन खेल प्रतियोगिताओं में युवाओं की भागीदारी ने खेलों के प्रति उनके उत्साह को प्रदर्शित किया।






BFG फिटनेस ग्रुप का शानदार प्रदर्शन
दिल्ली में झज्जर जिले का दबदबा, BFG के धावकों ने विभिन्न कैटेगरी में हासिल किए प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान
बहादुरगढ़ , 20 सितम्बर, अभीतक: दिल्ली के द्वारका स्थित DDA Park, Sector-19B में आयोजित YBG Run For Health 2026 में बहादुरगढ़ फिटनेस ग्रुप (BFG) के धावकों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विभिन्न दूरी एवं आयु वर्गों में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान हासिल किए। BFG के धावकों के बेहतरीन प्रदर्शन से पूरे आयोजन में झज्जर जिले का दबदबा देखने को मिला। 5 किलोमीटर दौड़ के Under-12 आयु वर्ग में यश दहिया ने प्रथम और रेयांश सहरावत ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। 41-56 आयु वर्ग में सीताराम ने तृतीय, जबकि 56-71 आयु वर्ग में सतीश देसवाल ने प्रथम स्थान हासिल किया। 10 किलोमीटर दौड़ में संदीप दूहन ने Overall प्रथम स्थान प्राप्त कर शानदार प्रदर्शन किया। 25-41 आयु वर्ग में आशीष राठी प्रथम और नरेश सहरावत द्वितीय रहे। वहीं 56-71 आयु वर्ग में नरेंद्र कुमार ने प्रथम स्थान हासिल किया। BFG के एडमिन नरेंद्र कुमार ने अपनी आयु वर्ग में प्रथम स्थान हासिल कर टीम के अन्य धावकों के सामने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ नियमित रनिंग और फिटनेस के प्रति उनका समर्पण BFG के युवाओं को लगातार प्रेरित करता है। 3 किलोमीटर दौड़ में माखन सिंह ने Overall द्वितीय स्थान हासिल किया।
पुश-अप Challenge में भी BFG का शानदार प्रदर्शन
रनिंग के साथ आयोजित पुश-अप Challenge में भी बहादुरगढ़ फिटनेस ग्रुप के सदस्यों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान हासिल किए। फिटनेस आइकन संदीप धौड़, हर्ष खेड़ी खेतीवास और पीयूष ने बेहतरीन प्रदर्शन कर BFG का नाम रोशन किया। BFG से जुड़े हरीश कुमार ने भी 10 किलोमीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन किया। हरीश कुमार ने कहा कि नियमित अभ्यास, अनुशासन और टीम भावना ही बेहतर प्रदर्शन की सबसे बड़ी ताकत है। BFG के साथ दौड़ने से हर धावक को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। BFG टीम ने सभी विजेता एवं प्रतिभागी धावकों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता मेहनत, नियमित अभ्यास, अनुशासन और मजबूत टीम भावना का परिणाम है। YBG Run For Health 2026 में BFG की उपलब्धियों ने बहादुरगढ़ और झज्जर जिले का गौरव बढ़ाया है।

सेवा संकल्प अभियान-कहानी बदलाव की
मेहनत को मिला सरकारी योजना का सहारा, हरकेश की बदली जिंदगी
छोटी सी फल-सब्जी की दुकान से शुरू हुआ सफर, आर्थिक सहायता से बढ़ा कारोबार और आमदनी
झज्जर, 20 सितम्बर, अभीतक: बेरी खंड के गांव दुबलधन किरमान निवासी सीमित संसाधनों के बावजूद अपने परिवार को बेहतर जीवन देने का सपना देखने वाले हरकेश ने मेहनत को अपना सहारा बनाया और आज सरकारी योजना से मिली आर्थिक सहायता के बल पर अपने छोटे से कारोबार को आगे बढ़ाकर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
500 रुपये की दैनिक आमदनी से शुरू हुआ सफर
हरकेश गांव में फल एवं सब्जियों की छोटी सी दुकान चलाते थे। दुकान पर पर्याप्त सामान उपलब्ध न होने के कारण कारोबार सीमित था और उनकी दैनिक आमदनी करीब 500 रुपये ही थी। परिवार की जरूरतें पूरी करने के साथ-साथ कारोबार को बढ़ाना उनके लिए चुनौती बना हुआ था। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और अपनी दुकान को विस्तार देने का प्रयास जारी रखा।
सरकारी योजना बनी बदलाव की वजह
वर्ष 2025-26 में हरकेश को हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, झज्जर द्वारा संचालित लघु ऋण वित्त योजना की जानकारी मिली। उन्होंने योजना के तहत आर्थिक सहायता प्राप्त की। यह सहायता उनके लिए कारोबार को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हुई।
बढ़ा सामान तो बढ़े ग्राहक, आमदनी भी हुई दोगुनी के करीब
आर्थिक सहायता मिलने के बाद हरकेश ने दुकान के लिए अधिक मात्रा में फल एवं सब्जियां खरीदनी शुरू कीं। दुकान पर विभिन्न प्रकार की ताजा और गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध होने लगी। इससे ग्राहकों की संख्या बढ़ी और कारोबार में भी लगातार सुधार आया। जहां पहले हरकेश की दैनिक आमदनी करीब 500 रुपये थी, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 900 रुपये प्रतिदिन हो गई है। वर्तमान में उनकी मासिक आमदनी करीब 27 हजार रुपये तक पहुंच गई है।
परिवार के लिए बेहतर भविष्य की ओर बढ़े कदम
आज हरकेश अपने कारोबार को पहले से बेहतर तरीके से चला रहे हैं। बढ़ी हुई आमदनी से वे अपने परिवार की जरूरतों को अधिक अच्छे ढंग से पूरा कर पा रहे हैं। उनके लिए यह बदलाव केवल आमदनी बढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने उनके अंदर आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना को भी मजबूत किया है। हरकेश की कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के कारण अपने छोटे कारोबार को आगे नहीं बढ़ा पाते। सरकारी योजनाओं का लाभ, मेहनत और सही दिशा मिलकर किस तरह किसी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं, हरकेश की सफलता इसकी मिसाल है।
सरकारी योजनाएं बन रही हैं आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पात्र एवं जरूरतमंद लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। स्वरोजगार और छोटे कारोबार के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता लोगों को अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर देती है। उन्होंने कहा कि हरकेश जैसे लाभार्थियों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचने पर उसके जीवन में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने पात्र नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने क्षेत्र में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें और पात्रता के अनुसार उनका लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ें।


झज्जर: रविवार को श्रीमती गीता भुक्कल, विधायक झज्जर एवं पूर्व शिक्षा मंत्री हरियाणा ने गाँव ढलानवास पहुँचकर स्वर्गीय मास्टर मांगे राम, पिता श्री ईश्वर जाखड़ के निधन पर उनके निवास पर पहुँचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शोकाकुल परिवार से मिलकर अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिवार को इस दुःख की घड़ी में धैर्य एवं शक्ति प्रदान करें। इस मौके पर सचिव श्री रविन्द्र सहरावत सरपंच बिरोहड़, सचिव सुन्दर लाल जांगड़ा, श्री महेंद्र सिंह, श्रीभगवान, मदन लाल, डॉ पांडे व अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।




सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र में विवादों का जल्द से जल्द होता है समाधान: सीजेएम विशाल
झज्जर, 20 सितम्बर, अभीतक: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान मे हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के निर्देशानुसार व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सचिव एवं सीजेएम श्री विशाल के आदेशनुसार गांव छुछकवास में सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र खोला हुआ है सीजेएम विशाल ने बताया कि उपरोक्त मध्यस्ता केंद्र मे ग्रामीण आंचल के छोटे छोटे होने वाले विवादों की प्राथी स्वयं दरखास्त पेश करके सुनवाई करा सकता है। मध्यस्थता केंद्र में दरखास्त प्राप्त होने पर नियुक्त प्रशिक्षित मध्यस्थ कर्मजीत छिल्लर, सरोज व संदीप दूसरे पक्ष से टेलीफोनिक के माध्यम से बात करके दोनों पक्षों को मध्यस्थता केंद्र में आने बारे सूचित किया जाता है मध्यस्थता केंद्र दोनों दोनों पक्षों को सुना जाता है फिर दोनों पक्षों को अलग अलग सुना जाता है फिर दोनों पक्षों को समझाया जाता है दोनों पक्षों को कानूनी तरीके व भाईचारा तरीके से। दोनों पक्षों का आपसी सहमति से राजीनामाध् फैसला कराया जाता हैं। दोनों पक्षों का जो राजीनामा ध् फैसला होता है उसका लिखित विवरण करके दोनों पक्षों को एक इक कॉपी मुफ्त दी जाती हैं। सीजेएम विशाल ने बताया कि मध्यस्थता केंद्र में दोनों पक्षों को जल्दी-जल्दी तारीख लगाकर सुनवाई करके विवादों का जल्द से जल्द समाधान कराया जाता है मध्यस्थता केंद्र में जो भी राजीनामा फैसला आपसी सहमति से होता है उस फैसले के विरुद्ध किसी भी न्यायालय में अपील नहीं हो सकती है सीजेएम ने बताया कि इस प्रकार प्रार्थी पुलिस थाने व न्यायालय के चक्कर लगाने से बच सकता है। सीजेएम ने बताया कि प्रार्थी आपने मामले की सुनवाई के लिए दरखास्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर (ए डी आर सेंटर ऑफिस), या सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र छुछकवास में दे सकता है अधिक जानकारी के लिए निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं 01251- 252013, 9050891964, 8059391003 या 7015343009। सीजेएम ने लोगों से अपील की है कि उपरोक्त्त सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र का लाभ उठाए। और समय व पैसे की बचत करे।
एसजीटीयू के फैकल्टी ऑफ डेंटल साइंसेज ने 20 गांवों में चलाया जन-जागरूकता अभियान
विकसित भारत की नींवश् मिशन में दिखाई सक्रिय सहभागिता
गुरुग्राम, 20 सितम्बर, अभीतक: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता, शिक्षा और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एसजीटी विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ डेंटल साइंसेज द्वारा ‘ग्रामीण जन साक्षरता अभियान’ की शुरुआत की गई है। ग्रामीण जन साक्षरता अभियानदृविकसित भारत की नींव’ गतिविधि के माध्यम से विश्वविद्यालय ने राष्ट्र निर्माण और ‘विकसित भारत’ के संकल्प में अपनी सहभागिता को और मजबूत किया। जुलाई 2026 से शुरू हुए इस अभियान के अंतर्गत फैकल्टी सदस्यों और डेंटल विद्यार्थियों ने करीब 20 गांवों का दौरा कर ग्रामीणों के साथ स्वास्थ्य जागरूकता सत्र आयोजित किए। इन सत्रों में पोषण, शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता, पर्यावरण जागरूकता, महिला स्वास्थ्य, बाल स्वास्थ्य, बुजुर्गों की देखभाल, सड़क सुरक्षा, स्वच्छता, वित्तीय साक्षरता, साइबर सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, स्वस्थ दैनिक आदतों, निवारक स्वास्थ्य देखभाल, संतुलित आहार, सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता तथा एनीमिया से बचाव जैसे विभिन्न विषयों पर जानकारी दी गई। अभियान के तहत ग्रामीण निवासियों की स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता, ज्ञान और व्यवहार का आकलन करने के लिए एक संरचित सर्वेक्षण प्रपत्र भी तैयार किया गया। इसमें सामान्य स्वास्थ्य स्थिति, उपचार के लिए चिकित्सकीय सहायता लेने की प्रवृत्ति, मौखिक स्वच्छता संबंधी आदतें, तंबाकू के प्रति जागरूकता एवं उपयोग, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के स्रोत तथा स्वास्थ्य शिक्षा में रुचि जैसे विषय शामिल किए गए। सर्वेक्षण के प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार लगभग 48 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की जानकारी दी, जबकि 42 प्रतिशत ने दिन में दो बार दांत साफ करने की बात कही। करीब 65 प्रतिशत लोग दांतों की सफाई के लिए टूथब्रश और टूथपेस्ट का उपयोग करते पाए गए। तंबाकू से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों के प्रति लगभग 73 प्रतिशत लोगों में जागरूकता पाई गई, जबकि करीब 27 प्रतिशत वर्तमान में तंबाकू का सेवन करने वाले पाए गए। लगभग 69 प्रतिशत ग्रामीणों को यह जानकारी थी कि अच्छी मौखिक स्वच्छता दंत रोगों से बचाव में सहायक है। सर्वेक्षण के निष्कर्षों ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य साक्षरता को और मजबूत करने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। केवल करीब 24 प्रतिशत लोगों ने डॉक्टर या डेंटिस्ट को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का प्रमुख स्रोत बताया, जबकि 52 प्रतिशत लोगों ने मौखिक स्वास्थ्य के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने में रुचि व्यक्त की। इसके अलावा 43 प्रतिशत लोगों ने पोषण तथा 39 प्रतिशत ने मधुमेह और रक्तचाप से संबंधित जागरूकता में रुचि दिखाई। इन निष्कर्षों के आधार पर अभियान के आगामी चरणों में मौखिक स्वास्थ्य शिक्षा एवं स्क्रीनिंग, तंबाकू मुक्ति परामर्श, पोषण संबंधी जागरूकता, गैर-संचारी रोगों (एनसीडीज) की जागरूकता एवं स्क्रीनिंग, व्यक्तिगत स्वच्छता को बढ़ावा देने तथा सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और डिजिटल माध्यमों के टजरिए स्वास्थ्य संचार को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अभियान के तहत समय-समय पर किए जाने वाले फॉलो-अप सर्वेक्षणों के माध्यम से ग्रामीणों के स्वास्थ्य संबंधी ज्ञान और व्यवहार में होने वाले बदलावों का आकलन किया जाएगा। इससे गांव स्तर पर संचालित स्वास्थ्य हस्तक्षेपों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करने और भविष्य की गतिविधियों को अधिक प्रभावी ढंग से नियोजित करने में मदद मिलेगी।




शहीदी दिवस 23 सितंबर की बजाय 9 जनवरी को मनाया जाए: डॉ. दीपक राठी
भाजपा सरकार करती है जाटों के साथ सौतेला व्यवहार: डॉ. दीपक राठी
जाट महापुरुषों को मिले पूरा मान सम्मान, जिसके वो वास्तविक हकदार : अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा
भिवानी, 20 सितम्बर, अभीतक: अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. दीपक राठी ने कहा कि 23 सितंबर की जगह 9 जनवरी राजा नाहर सिंह एवं चै. छोटू राम की पुण्यतिथि पर हरियाणा शहीदी दिवस मनाया जाए तथा 9 जनवरी को ही शहीदी दिवस के नाम पर राजकीय अवकाश घोषित किया जाए। अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ दीपक राठी रविवार को भिवानी में पत्रकारों से वार्तालाप कर रहे थे, इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से वार्तालाप करते हुए कहा कि 9 जनवरी को राजा नाहर सिंह एवं चै. छोटू राम की पुण्यतिथि होती है लेकिन इस दिन भारत में कहीं भी राजकीय अवकाश नहीं होता और 23 सितंबर को हरियाणा में शहीदी दिवस मनाया जाता है और राजकीय अवकाश किया जाता है। लेकिन 9 जनवरी को राजा नाहर सिंह को चांदनी चैक में फांसी दे दी गई थी इसी दिन राजा नाहर सिंह के सेनापति गुलाब सिंह सैनी, भूरा सिंह वाल्मीकि तथा खुशहाल सिंह गुर्जर को भी फांसी दी गई लेकिन हरियाणा सरकार में नायब सिंह सैनी मुख्यमंत्री होते हुए भी गुलाब सिंह सैनी की ना तो पुण्यतिथि मनाई जाती है ना ही उनका कोई स्मारक बनाया गया है। वहीं पर राव तुलाराम को प्रदेश का शहीदी का सरताज बना रखा है। डॉ. राठी का कहना था कि राव तुलाराम ने अंग्रेजों से माफी मांगी और 1857 के युद्ध में लड़ाई के मैदान से भाग गए थे जबकि नारनौल के नसीबपुर में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने वाले राव कृष्ण गोपाल नांगल पठानी का कोई स्मारक तक नहीं है। उनका कहना था कि 23 सितंबर की छुट्टी को रद्द करके 9 जनवरी को शहीदी दिवस मनाया जाए और इसी दिन शहीदी दिवस के नाम का राजकीय अवकाश घोषित किया जाए। डॉ. दीपक राठी ने भाजपा सरकार पर चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा सरकार किसी भी जाट जाति के महापुरुष को उचित सम्मान नहीं देना चाहती वहीं पर राव तुलाराम को सम्मान इसलिए दिया जा रहा है कि वह यादव है जबकि राजा नाहर सिंह के साथ शहीद होने वाले गुलाब सिंह सैनी, भूरा सिंह वाल्मीकि तथा खुशहाल सिंह गुर्जर इनको कोई सम्मान नहीं दिया जाता, ना ही कोई दलित संगठन भूरा सिंह वाल्मीकि का नाम लेता है और ना ही कोई गुर्जरों का संगठन खुशहाल सिंह गुर्जर का नाम लेता है। क्योंकि इनकी शहादत सामाजिकता की प्रतीक है और यह साफ संदेश देती है कि जाट सभी को साथ लेकर चलते हैं। इतना ही नहीं 1857 के संग्राम में नवाब अब्दुल रहमान खां झज्जर, नवाब अहमद अली गुलाम खां फरुखनगर, नवाब नूर समद खां रानियां तथा नवाब बहादुर जंग खां बहादुरगढ़ जैसे मुसलमान ने भी शहादत दी थी लेकिन इनका कहीं कोई नाम नहीं लेता। डॉ. राठी ने कहा कि हरियाणा में राव तुलाराम के नाम पर राजकीय अवकाश चैधरी देवीलाल ने घोषित किया था लेकिन हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे देश भर में किसी भी जाट महापुरुष के नाम पर राजकीय अवकाश घोषित नहीं है जबकि बहुत से अंग्रेजों के पिठ्ठूओं के नाम पर राजकीय अवकाश किया जाता है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा चाहती है कि भारत में जाट महापुरुषों को पूरा सम्मान मिले जिसके वह वास्तव में हकदार हैं। लेकिन भारत में भाजपा सरकार जाटों के साथ सौतेला व्यवहार करती है। डॉ. राठी ने कहा कि हरियाणा में तो भाजपा सरकार जाटों को अलग-थलग करके सत्ता प्राप्त करती है। अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा चाहती है कि पूरे देश में जाट एक हो और उनकी एक राजनीतिक पार्टी भी हो। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि आज तक जितने भी जाट नेता हुए सभी ने जाटों का राजनीतिक आर्थिक एवं सामाजिक रूप से शोषण ही किया है अतः अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा जाटों की एक राजनीतिक पार्टी बनाएगी, इस पार्टी की घोषणा 24 नवंबर 2028 को दीनबंधु चैधरी छोटू राम के जन्मदिन वाले दिन की जाएगी। इतना ही नहीं अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा का राजनीतिक एजेंडा है कि भारत पाकिस्तान एक हो तभी दीनबंधु चै. छोटू राम को एक सच्ची श्रद्धांजलि होगी और सही मायने में अखंड भारत का निर्माण भी तभी हो सकेगा। उनका कहना था कि बसंत पंचमी वाले दिन चै. छोटू राम का जन्मदिन मनाना चै. छोटू राम का अपमान है चै. छोटू राम का जन्मदिन 24 नवंबर है ना कि वसंत पंचमी अगर चै. छोटू राम को कोई भी सच्ची श्रद्धांजलि देना चाहता है तो यही होगा कि भारत पाकिस्तान को एक करके अखंड भारत का निर्माण किया जाए। डॉ. दीपक राठी ने बताया कि चै. छोटू राम पाकिस्तान बनाने के सबसे बड़े विरोधी थे जबकि डॉ. भीमराव अंबेडकर पाकिस्तान बनाने के समर्थक थे। उन्होंने 1940 में पॉलिटिक्स ऑन पाकिस्तान नामक पुस्तक भी लिखी थी। उनका कहना था कि अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा चाहती है कि कोई भी किसान या जाट चै. छोटू राम को सच्ची श्रद्धांजलि देना चाहता है तो भारत-पाकिस्तान को एक करने की मुहिम चलाएं।
अदालत का स्टे ऑर्डर भी बेअसर
बिजली विभाग की तानाशाही से परेशान उपभोक्ता ने जताई नाराजगी, लाखों के गलत बिल और जबरन कनेक्शन काटने का गंभीर आरोप
भिवानी, 20 सितम्बर, अभीतक: बिजली विभाग (डीएचबीवीएन) की मनमानी और अधिकारियों की तानाशाही का एक बेहद गंभीर और रोषात्मक मामला सामने आया है। भिवानी जिले के गांव लेघा भानान निवासी उपभोक्ता सुनील कुमार ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर कोर्ट के स्थगनादेश की सरेआम अवहेलना करने, मनमाने ढंग से लाखों रुपये का संड्री चार्ज ठोकने और जबरन बिजली कनेक्शन काटने के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पीडित ने विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गहरा रोष व्यक्त किया है। शिकायतकर्ता सुनील कुमार का कहना है कि गांव लेघा भानान में उनका एक एचटी (हाई टेंशन) बिजली कनेक्शन है, जो वर्ष 2020 में 75केवीए स्वीकृत था। नियमानुसार उन्होंने विभाग से मंजूरी लेकर मार्च 2023 में इसे बढ़ाकर 150 केवीए कराया और अप्रैल 2025 में विभाग की स्वीकृति से 275केवीए करवाया, जिसके बाद विभाग द्वारा सीटीध्पीटी भी स्थापित कर दिए गए। सुनील कुमार के अनुसार, वे लगातार अपने सभी नियमित बिजली बिल समय पर भरते आ रहे थे और कभी भी डिफॉल्टर की श्रेणी में नहीं रहे। लेकिन इसके बावजूद अप्रैल 2025 में विभाग द्वारा 24,90,982 रुपये तथा मई 2025 में 19,93,284 रुपये का भारी-भरकम बिल भेज दिया गया। कुल मिलाकर 44,37,152 रुपये की राशि बिना किसी स्पष्ट कारण या विस्तृत विवरण के संड्री चार्ज के नाम पर जोड़ दी गई। पीडित का आरोप है कि जब उन्होंने इस भारी-भरकम बिल के संदर्भ में विस्तृत कैल्कुलेशन शीट और जानकारी मांगने के लिए जुई सब-डिवीजन कार्यालय और अधिकारियों के चक्कर काटे, तो किसी ने भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया। विभाग द्वारा मनमाने ढंग से थोपे गए बिल को लेकर उपभोक्ता लगातार परेशान होता रहा। विभागीय रवैये से तंग आकर सुनील कुमार ने न्याय पाने के लिए भिवानी अदालत का दरवाजा खटखटाया। सिविल कोर्ट भिवानी ने मामले की सुनवाई करते हुए उपभोक्ता के पक्ष में बिजली कनेक्शन न काटने का स्थगनादेश जारी किया। सुनील कुमार का आरोप है कि अदालत से स्टे ऑर्डर मिलने के बावजूद वे अपना करंट मंथली बिल भरने के लिए जुई स्ष्ठह्र कार्यालय के चक्कर काटते रहे। लेकिन एसडीओ द्वारा उनका करंट बिल जमा करने से साफ इनकार कर दिया गया और दबाव बनाया गया कि या तो पूरा 44 लाख रुपये भरिए वरना कनेक्शन काट दिया जाएगा। जब पीडित ने कोर्ट के स्टे ऑर्डर की बात कही, तो अधिकारियों पर उसका भी कोई असर नहीं हुआ। पीडित ने रोष प्रकट करते हुए बताया कि 19 सितंबर 2026 को विभागीय कर्मचारी उनके परिसर पर पहुंचे और कोर्ट के लिखित आदेशों के बावजूद जबरन बिजली कनेक्शन काट दिया। इससे उनकी यूनिट में काम ठप्प हो गया और वहां कार्यरत 10-15 मजदूरों का रोजगार और आजीविका प्रभावित हुई। आरोप है कि आनन-फानन में रात के समय किसी प्राइवेट व्यक्ति को भेजकर कनेक्शन को दोबारा जोड़ा गया। शिकायकर्ता सुनील ने कहा कि वेनियम का पालन करने वाले ईमानदार उपभोक्ता हैं और आज तक सारे बिल समय पर भरे हैं। विभाग ने बिना किसी सूचना या स्पष्टीकरण के हमारे ऊपर 44 लाख से ज्यादा का गलत संड्री चार्ज थोप दिया। जब हम न्याय के लिए कोर्ट गए और कोर्ट ने साफ शब्दों में स्टे ऑर्डर जारी किया, तब भी बिजली विभाग के अधिकारियों ने कानून और अदालत के आदेशों की धज्जियां उड़ाईं। चालू बिल तक जमा नहीं करने दिया और जबरन कनेक्शन काट दिया। अदालत के आदेश के बावजूद इस तरह की गुंडागर्दी और तानाशाही से आम उपभोक्ता कहां जाएगा। इससे हमारी पूरी मशीनरी और उत्पादन ठप्प हो गया तथा मजदूरों का नुकसान हुआ। ऐसे बेलगाम अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।



कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने सेक्टर 68-69 के मिसिंग लिंक का किया शिलान्यास’
एसपीआर से सोहना रोड तक नहीं अटकेगा रास्ता, 6 सेक्टरों की कनेक्टिविटी होगी आसान
परियोजना को पूरे इंटीग्रेटेड कॉरिडोर के रूप में किया जाएगा विकसित,12 महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य
गुरुग्राम, 20 सितम्बर, अभीतक: गुरुग्राम के तेजी से विकसित हो रहे दक्षिणी हिस्से में सड़क कनेक्टिविटी की बड़ी कमी दूर होने जा रही है। सेक्टर 68ध्69 की डिवाइडिंग रोड पर लंबे समय से जरूरी मिसिंग लिंक को अब जमीन पर उतारने की शुरुआत हो गई है। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य, पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव, विदेश सहयोग तथा सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण मंत्री राव नरबीर सिंह ने रविवार को परियोजना का शिलान्यास किया। लिंक बनने के बाद सदर्न पेरिफेरी रोड (एसपीआर) और सोहना रोड के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और सेक्टर 68, 69, 70, 70ए, 75 और 76 तक पहुंच आसान होगी। यहाँ उल्लेखनीय है कि परियोजना को केवल सड़क बनाने तक सीमित नहीं रखा गया है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) इसे पूरे इंटीग्रेटेड कॉरिडोर के रूप में विकसित करेगा, जिसमें सड़क, सर्विस रोड, फुटपाथ, ड्रेनेज और हॉर्टिकल्चर का काम एक साथ होगा। शिलान्यास अवसर पर कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि गुरुग्राम के तेजी से विस्तार के साथ उसके आधारभूत ढांचे को भी उसी गति से मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना निवासियों, रोजाना आने-जाने वालों और कारोबारियों के लिए कनेक्टिविटी बेहतर करेगी।
12 महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्री पीसी मीणा ने कहा कि मिसिंग लिंक को जोड़ना और सड़क नेटवर्क को एकीकृत रूप देना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। संबंधित टीमों को काम तेजी से आगे बढ़ाने और 12 महीने की निर्धारित समयसीमा में परियोजना पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इस लिंक के तैयार होने से सदर्नपेरिफेरी रोड, सोहना रोड और आसपास के सेक्टरों के बीच यातायात का नेटवर्क और मजबूत होगा तथा तेजी से विकसित हो रहे इस क्षेत्र की भविष्य की मोबिलिटी जरूरतों को भी बेहतर आधार मिलेगा।
900 मीटर नई सड़क, 1100 मीटर पर होगा ओवरले
परियोजना के तहत करीब 900 मीटर नई मेन कैरिजवे बनाया जाएगा। इसके साथ लगभग 1100 मीटर मौजूदा कैरिजवे पर ओवरले किया जाएगा। स्थानीय यातायात को मुख्य सड़क से अलग सुविधा देने के लिए करीब 2 किलोमीटर लंबी नई दो-लेन सर्विस रोड भी बनाई जाएगी। पैदल चलने वालों के लिए डेडिकेटेड फुटपाथ और बारिश के पानी की निकासी के लिए सरफेस ड्रेन बनाई जाएगी । सड़क के आसपास हॉर्टिकल्चर का काम भी होगा।
बीसीसीआई की 95वीं एजीएम में ऐतिहासिक फैसला: दिव्यांग क्रिकेट को मिलेगी मुख्यधारा में पहचान
अब दिव्यांग खिलाडियों को भी मिलेंगे विश्वस्तरीय मैदान, आर्थिक मदद और आईपीएल जैसी प्रतियोगिता
दिव्यांग क्रिकेट के लिए स्वर्णिम युग की शुरुआत, 40 वर्षो के संघर्ष को मिली सफलता : सुरेंद्र लोहिया
भिवानी, 20 सितम्बर, अभीतक: मुंबई में आयोजित भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) की 95वीं वार्षिक आम बैठक दिव्यांग क्रिकेट के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई है। इस बैठक में बीसीसीआई ने देश के दिव्यांग क्रिकेटरों को मुख्यधारा से जोडने और उनके समग्र विकास के लिए राज्य क्रिकेट संघों को सक्रिय करने का एक बड़ा निर्णय लिया। इस ऐतिहासिक पहल पर फिजिकल चैलेंज्ड क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (पीसीसीएआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र लोहिया सहित संघ के पदाधिकारियों ने अत्यधिक खुशी व्यक्त की है और इसे भारतीय दिव्यांग क्रिकेट के लिए एक नया स्वर्णिम युग बताया है। सुरेंद्र लोहिया ने कहा कि बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने जानकारी दी कि बोर्ड ने राज्य क्रिकेट संघों के साथ मिलकर दिव्यांग क्रिकेटरों के विकास के लिए ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया है। लोहिया ने कहा कि बीसीसीआई ने तय किया है कि देश के सभी राज्य क्रिकेट संघ अब शारीरिक रूप से दिव्यांग श्रेणी के खिलाडियों को बुनियादी ढांचा, ट्रेनिंग और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग खिलाडियों को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर मैदान और प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान करना है ताकि वे बिना किसी बाधा के अपने खेल को निखार सकें। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई का उद्देश्य केवल किसी एक आयोजन या विशेष टीम तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि देश भर में दिव्यांग क्रिकेट के दीर्घकालिक विकास और प्रगति को निरंतर समर्थन देना है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग टूर्नामेंटों के बजाय अब दिव्यांग क्रिकेट को आधिकारिक राज्य संघों के नेटवर्क से सीधे जोड़ा जा रहा है, जिससे स्थानीय और राज्य स्तर पर खिलाडियों को शीर्ष सुविधाओं की पहुंच मिल सकेगी। सुरेंद्र लोहिया ने कहा कि दिव्यांग खिलाडियों के समर्थन में ली गई इस पहल से पूरे देश के दिव्यांग क्रिकेटरों में भारी उत्साह है। यह पिछले 40 वर्षों के लंबे संघर्ष और इंतजार की एक बड़ी सफलता है। अब वह दिन दूर नहीं जब दिव्यांग क्रिकेटरों को भी सामान्य क्रिकेट और महिला क्रिकेट की तर्ज पर आईपीएल, टेस्ट मैच और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं खेलने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि जब हमारी मदर बॉडी बीसीसीआई का सीधा हाथ खिलाडियों के सिर पर होगा, तो क्रिकेट का पूरा परिदृश्य बदल जाएगा। देश भर में खिलाडियों को विश्वस्तरीय मैदान, आर्थिक मदद और बेहतरीन सुविधाएं मिलेंगी। पीसीसएआई से जुड़े देश के 28 राज्यों और संघ क्षेत्रों के खिलाडियों के लिए यह फैसला एक बहुत बड़ा अवसर लेकर आया है। इस महत्वपूर्ण निर्णय पर पीसीसीएआई की केंद्रीय कार्यकारिणी के प्रमुख सदस्यों ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त की है। जिसमें महासचिव रवि चैहान, चेयरमैन एवं भिवानी विधायक घनश्याम सर्राफ, कोषाध्यक्ष संजय गोयल, चीफ पैट्रोन धर्मेश शाह, वाइस प्रेसिडेंट रमेश सैनी, वरिष्ठ पदाधिकारी राजेश भारद्वाज व टीम मैनेजर शुभम शर्मा ने खुशी जताई तथा कहा कि इस जुड़ाव से जमीनी स्तर पर छिपी प्रतिभाओं को बाहर लाने में मदद मिलेगी और भारत का दिव्यांग क्रिकेट अंतर्राष्ट्रीय पटल पर एक नई ऊंचाइयों को छुएगा।






चंडीगढ: हरियाणा पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
9 आईपीएस और 37 एचपीएस अधिकारियों के तबादले
प्रदेश सरकार की और से जारी की गई तबादला सूची
भारत की राष्ट्रपति पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन का भविष्य पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में शामिल हुईं
हमें पारंपरिक ज्ञान पर आधारित लोक-केन्द्रित एवं समुदाय आधारित अनुकूलन तरीकों के माध्यम से जलवायु परिवर्तन का सामना करने की क्षमता को सुदृढ़ करने के प्रयास करने चाहिएरू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
नई दिल्ली, 20 सितम्बर, अभीतक: भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आज, 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा “पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन का भविष्य” विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में शामिल हुईं। इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि जलवायु परिवर्तन मानव अस्तित्व के अनेक स्तरों पर असंतुलन पैदा करता है। जैव-विविधता का ह्रास, जल संकट और भू-क्षरण जैसी समस्याएं इससे गहराई से जुड़ी हुई हैं। जलवायु परिवर्तन के खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका पर भी गंभीर प्रभाव सामने आ रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसी जटिल चुनौती का समुचित प्रकार से सामना करने के लिए नीतियों और कार्रवाई का एक सुगठित ढांचा आवश्यक है। ऐसी व्यवस्था, जिसमें केवल सरकारें और कानूनी विशेषज्ञ ही नहीं, बल्कि वे समुदाय भी सक्रिय रूप से भागीदार हों, जिनको जलवायु परिवर्तन सर्वाधिक प्रभावित करता है। ग्रामीण और वनवासी समाज, छोटे किसान, महिलाएं, तथा अन्य कमजोर वर्गों की आवश्यकताओं के प्रति विशेष संवेदनशीलता आवश्यक है, क्योंकि प्राकृतिक आपदाओं का सबसे अधिक प्रभाव इन्हीं पर पड़ता है। राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि पारंपरिक ज्ञान प्रणालियां, स्थानीय समुदायों की प्रथाएं और उनके जीवन के अनुभव जलवायु अनुकूलन की क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि हमें पारंपरिक ज्ञान पर आधारित लोक-केन्द्रित एवं समुदाय आधारित अनुकूलन तरीकों के माध्यम से जलवायु परिवर्तन का सामना करने की क्षमता को सुदृढ़ करने के प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन का सामना करने की क्षमता को बढ़ाने में संधारणीय वनीकरण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। जैव विविधता का पोषण करने वाला और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप वनीकरण इसमें सहायक हो सकता है। उन्होंने कहा कि संधारणीय वनीकरण का वास्तविक लक्ष्य केवल “पेड़ लगाना” नहीं, बल्कि स्वस्थ और स्वनिर्भर पारिस्थितिक तंत्रों को फिर से स्थापित करना है। राष्ट्रपति ने कहा कि विकासशील देशों को ऐसा मार्ग तय करना चाहिए जो विकास की गति को सुरक्षित रखते हुए जलवायु परिवर्तन का सामना करने की क्षमता बढ़ाए। जिम्मेदार जलवायुपरक उपायों की प्रतिबद्धताएं देश की विकास संबंधी आवश्यकताओं और आर्थिक आकांक्षाओं के अनुरूप होनी चाहिए। वे तकनीकी रूप से व्यवहार्य भी होनी चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत ने युवाओं और जन-साधारण को जोड़कर पर्यावरण चेतना बढ़ाने की दिशा में सराहनीय कार्य किया है। भारत सरकार की मिशन स्पथ्म् पहल ने यह दिखाया है कि जनभागीदारी और सामुदायिक पहल के माध्यम से पारिस्थितिक तंत्रों को बेहतर बनाने के लिए बहुत सार्थक कार्य किये जा सकते हैं। राष्ट्रपति ने अनेक देशों के विशेषज्ञों, न्यायाधीशों, विधिवेत्ताओं और पर्यावरण के मुद्दे पर सक्रिय प्रमुख हितधारकों को एक मंच पर लाने के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण की इस बात के लिए सराहना की। उन्होंने भरोसा जताया कि इस सम्मेलन में होने वाले विचार-विमर्श और बनने वाली कार्य-योजनाओं से समावेशी नीतियों और प्रभावी कार्यों के आधार पर जलवायु परिवर्तन का सामना करने में सक्षम समाज के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।
बकाया कर राशि के निपटान के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम का उठाएं लाभ
एकमुश्त निपटान योजना का लाभ उठाने की अंतिम तिथि 28 सितंबर
रेवाड़ी, 20 सितम्बर, अभीतक: हरियाणा सरकार ने विपणन करदाताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए बकाया कर राशि के निपटान के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम शुरू की है। योजना की अंतिम तिथि 28 सितंबर 2026 है। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा वर्ष 2025 में छोटे व्यापारियों को लाभ देने के लिए शुरू की गई एकमुश्त निपटान स्कीम को व्यापारियों ने हाथो-हाथ लिया और उसका 115223 व्यापारियों ने पुरजोर लाभ उठाया। इस स्कीम की अभूतपूर्व कामयाबी को देखते हुए सरकार ने एक बार फिर निपटान स्कीम लाने का विचार किया है जिसके द्वारा पुराने बकायों को निपटाया जा सके तथा अदालतों में लंबित मुकदमों का समाधान किया जा सके। जीएसटी में कम से कम बकाया राशियों के साथ आगे बढ़ा जाए ताकि जीएसटी संग्रह को बढ़ाने में अधिक से अधिक समय और ध्यान दिया जा सके। डीसी ने बताया कि सरकार ने 1 जून 2026 से 120 दिनों के लिए 28 सितंबर 2026 तक एक मुश्त निपटान स्कीम, 2026 शुरू की है। जिसके तहत सात कराधान अधिनियमों के तहत निर्धारित बकाया देय राशि के निपटान का प्रावधान है। यदि किसी करदाता पर किसी संबंधित अधिनियम के अंतर्गत एक वर्ष में 1 लाख रुपये तक का कर बकाया है तो उसे इस स्कीम में आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। उसका उस वर्ष के लिए उस अधिनियम में संपूर्ण कर, ब्याज एवं जुर्माना राशि माफ हो जाएगी। आवेदक अपने बकाया देय राशि के निपटान के लिए किसी भी अधिनियम में किसी भी वर्ष के लिए आवेदन कर सकता है। पूर्ववर्ती हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम, 1973 के तहत बकाया राशि के निपटान के लिए विशेष छूट उपलब्ध है। हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम, 1973 को 1 अप्रैल, 2003 से हरियाणा मूल्य वर्धित कर अधिनियम, 2003 के लागू होने के साथ निरस्त कर दिया गया था। हरियाणा सामान्य बिक्री कर के तहत बकाया देय बहुत पुराने हैं, इसलिए 1 लाख से अधिक कर बकाया वाले सभी मामलों में 70 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इस बारे में उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त प्रीति चैधरी ने प्रीति चैधरी ने बताया कि फार्म सी, फार्म एफ, फार्म एच, फार्म ई1, फार्म ई2, टैक्स इनवॉइसध्वैट सी-4, वैट डी1, वैट डी2 आदि जैसे वैधानिक प्रपत्रों के न जमा करने के कारण बड़ी संख्या में बकाया राशि देय है। इन मामलों में से कुछ विभिन्न अपील स्तरों पर हैं। इन बकाया को विशेष रूप से लक्षित करने के लिए एक नई छूट प्रस्तावित की जा रही है। यदि कोई व्यक्ति अब ऐसे प्रपत्र प्रस्तुत करने में सक्षम है, तो उसके कर की मांग उन प्रपत्रों के प्रस्तुत करने से प्राप्त होने वाली छूट की राशि से घटा कर कम कर दी जाएगी, बशर्ते ये प्रपत्र तीन महीने के भीतर सत्यापित हो जाएं। यह लाभ ऐसे फर्जीध्नकली फर्मों को उपलब्ध नहीं होगा जिनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू की गई है। यह लाभ उन वैधानिक प्रपत्रों के लिए भी उपलब्ध नहीं होगा जिन्हें पहले प्राधिकरणों द्वारा अस्वीकार कर दिया गया था। यह केवल हरियाणा मूल्य वर्धित कर अधिनियम, 2003 और केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम, 1956 से संबंधित बकाया राशि पर लागू होगा। उन्होंने बताया कि स्कीम के तहत हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम, 1973 के तहत प्रदान की गई कर छूट में एक रुपए से एक लाख रुपये तक कर छूट का 100 प्रतिशत, अन्य मामले में कर छूट का 70 प्रतिशत है। अन्य अधिनियमों के अधीन उपलब्ध छूट में एक रुपये से एक लाख रुपये तक कर छूट का 100 प्रतिशत, 1 लाख से 10 लाख तक 60 प्रतिशत, 10 लाख से 1 करोड़ तक 50 प्रतिशत, 1 करोड़ से 10 करोड़ तक 40 प्रतिशत, 10 करोड़ रुपये से 30 करोड़ तक 35 प्रतिशत, 30 करोड़ रुपये से 60 करोड़ तक 30 प्रतिशत, 60 करोड़ रुपये से अधिक पर 0 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत ब्याज तथा जुर्माना राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी गई है। प्रीति चैधरी ने बताया कि आवेदक को प्रत्येक पूर्ववर्ती स्लैब में दी गई छूट का पूर्ण लाभ उसके बकाया कर राशि की स्लैब तक मिलेगा। बकाया राशि निर्धारित करने वाले किसी भी आदेश के विरूद्ध अपील या मुकदमे में शामिल आवेदक भी लंबित अपीय या मुकदमे को वापस लेने की शर्त के साथ इस स्कीम के तहत आवेदन कर सकते है। निपटान की राशि का भुगतान किस्तों में करने की भी सुविधा स्कीम में दी जा रही है। पांच लाख रुपए तक के निपटान की राशि के लिए कोई किस्त नहीं। पांच लाख रुपए से अधिक और पच्चीस लाख रुपए तक के निपटान की राशि के लिए दो समान किस्तें। एक किस्त आवेदन जमा करते समय और दूसरी अंतरिम आदेश की तिथि से 60 दिनों के भीतर। पच्चीस लाख रुपए से अधिक के निपटान की राशि के लिए तीन किस्तें होगी। आवेदन जमा करते समय निपटान राशि का 40 प्रतिशत, अंतरिम आदेश की तिथि से 60 दिनों के भीतर दूसरी किस्त, निपटान राशि का 30 प्रतिशत और अंतरिम आदेश की तिथि से 120 दिनों के भीतर शेष राशि की तीसरी किस्त। ऐसे मामलों में जहां निपटान के लिए आवेदन सही पाया गया है और स्वीकार कर लिया गया है तो आवेदक के खिलाफ कोई आगे की कार्यवाही शुरू नहीं की जाएगी।



सेवा संकल्प अभियान: युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से बचाव के प्रति किया जागरूक
रेवाड़ी, 20 सितम्बर, अभीतक: युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने तथा नशामुक्त भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत” राष्ट्रीय संकल्प समारोह का आयोजन मेरा युवा भारतदृरेवाड़ी, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार तथा पुलिस विभाग, रेवाड़ी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं रेजांगला शहीद स्मारक, रेवाड़ी सहित विभिन्न स्थानों पर किया गया। विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने बस स्टैंड, रेवाड़ी में सेवा संकल्प अभियान के तहत युवाओं को प्रोत्साहित करने एवं उनका उत्साहवर्धन करने के लिए उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री महोदय के आह्वान पर 100 सप्ताह के संकल्प “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत” के अंतर्गत युवाओं को अपने दिल पर हाथ रखकर नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई तथा इस संकल्प को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से कहा कि इस संकल्प को केवल एक शपथ तक सीमित न रखते हुए इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाएं तथा स्वयं नशे से दूर रहते हुए अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम के दौरान हस्ताक्षर अभियान चलाकर नशामुक्त भारत का संकल्प लिया गया। युवाओं ने “नशा मुक्त युवा सेल्फी” अभियान में भाग लेकर नशामुक्ति का संदेश दिया तथा वीबीवाईएलडी क्विज में भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं एवं नागरिकों ने नशे से दूर रहने तथा समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने का सामूहिक संकल्प लिया। भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, रीजनल सेंटर, कृष्ण नगर, रेवाड़ी से डॉ अनिल द्वारा प्रशिक्षित छात्राओं ने कार्यक्रम में प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर आमजन को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। छात्राओं निधि, विजेता, बबीता, रीतू, ज्योति, सोनिया, राधिका एवं मुकेश ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशे से होने वाले सामाजिक, शारीरिक एवं मानसिक नुकसान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। छात्राओं ने लोगों को संदेश दिया कि नशे की लत केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करती, बल्कि पूरे परिवार और समाज पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ, सकारात्मक एवं जिम्मेदार जीवन अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के सूत्रधार रेवाड़ी जिले में कला के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले प्रसिद्ध कलाकार श्री सतीश मस्तान रहे। उन्होंने प्रभावशाली मंच संचालन के माध्यम से कार्यक्रम को रोचक एवं संदेशपरक बनाए रखा तथा युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में सिटी थाना रेवाड़ी के एसएचओ सूबे सिंह, आरपीएफ के एसआई रवि कुमार, एसआई श्री अशोक कुमार, एएसआई श्याम सुंदर सहित शर्मिला, राकेश, नरेश एवं तरुण यादव तथा पुलिस विभाग की टीम मौजूद रही। पुलिस विभाग की टीम ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान किया तथा युवाओं एवं आमजन को नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए जागरूक किया। इस अवसर पर मेरा युवा भारतदृरेवाड़ी के जिला युवा अधिकारी सुमित यादव, प्रशासनिक सहायक विनय राव सहित यतिन, संदीप, कुलदीप, सुधांशु, आंचल, रवि सैनी एवं रिंकू उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई और युवाओं को नशामुक्त भारत के संकल्प से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान “नशे को नादृस्वस्थ जीवन को हाँ” तथा “नशामुक्त युवा, सशक्त युवादृविकसित भारत की पहचान” का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रखते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना रहा। मेरा युवा भारतदृरेवाड़ी की ओर से युवाओं से आह्वान किया गया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज को भी नशामुक्त बनाने में सक्रिय योगदान दें।
पीएम श्री जेएनवी नैचाना में 9वीं और 11वीं कक्षा में प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर
रेवाड़ी, 20 सितम्बर, अभीतक: पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय नैचाना में कक्षा 9वीं और 11वीं में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जा रहे है, आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 है। पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय नैचाना के प्राचार्य सुरेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए कक्षा 9वीं और 11वीं में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक विद्यार्थी 30 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 9 और 11 में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा 10 अप्रैल 2027 को आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि कक्षा 9 में ऑनलाइन आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की जन्मतिथि 01.05.2012 से 31.07.2014 दोनो तिथि को मिलाकर आवेदन कर सकते है। जिसका लिंक ीजजचेरूध्ध्बइेमपजउे.दपब.पदध्2026ध्दअेपÛऋ9 है। कक्षा 11वीं में ऑनलाइन आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की जन्मतिथि 01.06.2010 से 31.07.2012 दोनो तिथि को मिलाकर आवेदन कर सकते है। जिसका लिंक ीजजचेरूध्ध्बइेमपजउेण्दपबण्पदध्2026ध्दअेगपऋ11 है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए हजारीलाल के मोबाइल नंबर 9813019422 पर संपर्क कर सकते हैं।



उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन 22 सितंबर को नई दिल्ली में 9वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह 2026 का उद्घाटन करेंगे
पांच दिवसीय कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन के अनुकूल जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा
नई दिल्ली, 20 सितम्बर, अभीतक: भारत सरकार का जल शक्ति मंत्रालय, प्रमुख केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों, अनुसंधान और शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग निकायों, विकास भागीदारों, नागरिक समाज और निजी क्षेत्र के भागीदारों के सहयोग से, 22-26 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘‘जलवायु अनुकूल जल प्रबंधन’’ विषय पर 9वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह (आईआईडब्ल्यूडब्ल्यू) 2026 आयोजित कर रहा है। यह पांच दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम नीति निर्माताओं, वैश्विक जल प्रमुखों, विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, पेशेवरों, उद्योग, नागरिक समाज और युवा पेशेवरों को संवाद, ज्ञान के आदान-प्रदान, नवाचार और साझेदारी के लिए एक बहुविषयक मंच प्रदान करेगा ताकि उभरती जल चुनौतियों का समाधान किया जा सके और जल-सुरक्षित और जलवायु अनुकूल भविष्य को आगे बढ़ाया जा सके।
आईआईडब्ल्यूडब्ल्यू-2026 की मुख्य बातें
उद्घाटन रू इस कार्यक्रम का उद्घाटन भारत के माननीय उपराष्ट्रपति द्वारा 22 सितंबर 2026 को माननीय केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में किया जाएगा। वैश्विक भागीदारी और भागीदार देश रू नीदरलैंड और जर्मनी भागीदार देशों के रूप में भाग लेंगे, साथ ही भारत और दूसरे देशों के मंत्री, नीति निर्माता, वैश्विक जल प्रमुख, अंतर्राष्ट्रीय संगठन, विशेषज्ञ, शोधकर्ता, व्यवसायी, उद्योग प्रतिनिधि, नागरिक समाज, स्टार्ट-अप, युवा और अन्य हितधारक भी शामिल होंगे जो जल प्रबंधन में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक अनुभव के आदान-प्रदान करेंगे।
राष्ट्रीय भागीदारी और विस्तार : चैदह राज्य भागीदार राज्यों के रूप में भाग लेंगे जबकि छह केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को भागीदार मंत्रालयों और विभागों के रूप में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है जिससे जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूल जल प्रबंधन के लिए केंद्र-राज्य सहयोग और अंतर-क्षेत्रीय विस्तार को मजबूती मिलेगी। दस प्रमुख मंच रू इस कार्यक्रम में मंत्रिस्तरीय पूर्ण सत्र, वैश्विक जल प्रमुखों के पूर्ण सत्र, देश मंच, जल प्रमुखों के मंच, अभ्यासकर्ताओं के मंच, विषयगत मंच, स्टार्टअप मंच, युवा मंच, औद्योगिक मंच और अन्य संबंधित कार्यक्रम शामिल होंगे जो नीति, प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और कार्यान्वयन के क्षेत्र में संवाद को सुगम बनाएंगे।
सात प्रमुख उप-विषय: विचार-विमर्श में समावेशी और न्यायसंगत जल अधिकारय जल संसाधनों के इष्टतम उपयोग के लिए सहयोगय जल सुरक्षा के लिए प्रौद्योगिकी और समुदायय जलवायु संबंधी जोखिम में जलय जल अवसंरचना और आधुनिकीकरण के लिए अभिनव वित्तपोषण मॉडलय सतत जल संसाधन प्रबंधनय और लोगों एवं ग्रह के लिए जल जैसे विषयों को शामिल किया जाएगा।
अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी एवं प्रौद्योगिकी प्रदर्शन: 22 से 25 सितंबर 2026 तक चलने वाली चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी, सतत और जलवायु-अनुकूल जल प्रबंधन के लिए नवीन प्रौद्योगिकियों, उत्पादों और समाधानों को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करेगी।
अंतर्राष्ट्रीय वॉश सम्मेलन: पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा 22-24 सितंबर को आयोजित किया जा रहा दूसरा अंतर्राष्ट्रीय वॉश सम्मेलन 2026, पेयजल तक पहुंच, स्वच्छता अवसंरचना, स्वच्छता व्यवहार और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर केंद्रित होगा जिसमें स्केलेबल, किफायती और टिकाऊ समाधानों पर जोर दिया जाएगा।
परिणामोन्मुखी विचार-विमर्श: आईआईडब्ल्यूडब्ल्यू-2026 का उद्देश्य ज्ञान और संवाद को व्यावहारिक सिफारिशों, साझेदारियों और व्यापक समाधानों में बदलना है जिसमें जल सुरक्षा और जलवायु अनुकूलता को मजबूत करने के लिए नीति, वित्तपोषण, प्रौद्योगिकी और सामुदायिक भागीदारी को एक साथ लाया जाएगा।
विदाई समारोह और अध्ययन यात्राएं: विचार-विमर्श का समापन 25 सितंबर 2026 को विदाई सत्र के साथ होगा जिसके बाद 26 सितंबर 2026 को अध्ययन यात्राएं आयोजित की जाएंगी। भारत अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह भारत और विश्वभर के विभिन्न हितधारकों को एक साथ लाने, अनुभवों का आदान-प्रदान करने, नवाचारों को प्रदर्शित करने और जल क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है। आईआईडब्ल्यूडब्ल्यू-2026 में जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता को जल संबंधी चर्चा के केंद्र में रखा जाएगा जिसमें सतत जल प्रबंधन के लिए संवाद से आगे बढ़कर व्यावहारिक, सहयोगात्मक और कार्यान्वयन योग्य समाधानों पर जोर दिया जाएगा।
भारत को विश्व में रेशम उत्पादन में नंबर 1 स्थान पर पहुंचाने का संकल्प: गिरिराज सिंह, केंद्रीय वस्त्र मंत्री
मंत्री ने रेशम उत्पादक किसानों के बीच प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देने के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ रेशम किसान’ पुरस्कार प्रतियोगिताओं के आयोजन का आह्वान किया
देश के कुल रेशम उत्पादन में कर्नाटक अग्रणी स्थान रखता है: केंद्रीय राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे
आज बेंगलुरु में केंद्रीय रेशम बोर्ड के 77वें स्थापना दिवस और रेशम उत्पादों और प्रौद्योगिकियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया
नई दिल्ली, 20 सितम्बर, अभीतक: केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं श्रम और रोजगार राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने आज बेंगलुरु के यूएएस-जीकेवीके सभागार में केंद्रीय रेशम बोर्ड के 77वें स्थापना दिवस कार्यक्रम और रेशम उत्पादों एवं प्रौद्योगिकियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सांसद और सीएसबी बोर्ड के सदस्य श्री जी. लक्ष्मीनारायणय वस्त्र मंत्रालय की संयुक्त सचिव (रेशम) और सीएसबी की उपाध्यक्ष सुश्री पद्मिनी सिंगलाय बोर्ड के सदस्य सचिव श्री पी. शिवकुमारय कर्नाटक सरकार के बागवानी और रेशम उत्पादन विभाग के सचिव श्री गिरीश आर. और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इसमें कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु राज्यों के रेशम उत्पादक और बुनकर भी शामिल हुए। श्री गिरिराज सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार देश के रेशम उत्पादन क्षेत्र के विस्तार और रेशम किसानों की आर्थिक प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है। देश का रेशम उत्पादन जो 2014 में 26,000 मीट्रिक टन था आज बढ़कर 42,000 मीट्रिक टन हो गया है। 2030-31 तक इसे 60,000 मीट्रिक टन तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है और 2028-29 तक भारत को रेशम उत्पादन में विश्व स्तर पर पहले स्थान पर लाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में शहतूत के पत्तों की पैदावार बढ़ाकर और रेशम के कीड़ों के पालन-पोषण के चक्रों को बढ़ाकर किसानों की वार्षिक आय को 10 लाख से 12 लाख रुपये तक बढ़ाने की आकांक्षा है। मंत्री ने रेशम उत्पादक किसानों में प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देने के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर ‘सर्वश्रेष्ठ रेशम किसान’ पुरस्कार प्रतियोगिताओं के आयोजन का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैज्ञानिकों के नए आविष्कार, संकर किस्में और आधुनिक मशीनरी सीधे किसानों तक पहुंचनी चाहिए। मंत्री ने बताया कि ऐसे समय में जब चीन का रेशम उत्पादन घट रहा है, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारतीय रेशम की मांग बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि रेशम उत्पादन से लेकर कताई और बुनाई तक संपूर्ण मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना, देश के वस्त्र बाजार को 300 बिलियन डॉलर तक ले जाना और बुनकरों और श्रमिक वर्ग के लिए न्यूनतम आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताएं हैं। सुश्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि कर्नाटक देश के कुल रेशम उत्पादन में अग्रणी स्थान रखता है और सरकार इस क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास और औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। आधुनिक तकनीकों और उच्च उत्पादन विधियों को अपनाकर वैश्विक निर्यात मानकों के रेशम उत्पादन को महत्व दिया जा रहा है जिससे घरेलू उत्पादन बढ़ेगा और आयात पर निर्भरता काफी कम होगी। बड़ी संख्या में उद्यमी एमएसएमई ढांचे के तहत पंजीकरण करा रहे हैं और सरकार उन्हें सहयोग देने के लिए लगातार अनुदान और गुणवत्ता सुधार योजनाएं लागू कर रही है। मंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादकों को उपयुक्त बाजार पहुंच प्रदान करना और रेशम उत्पादन और वस्त्र उद्योग क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। वस्त्र मंत्रालय में संयुक्त सचिव (रेशम) सुश्री पद्मिनी सिंगला ने रेशम उत्पादन क्षेत्र की रणनीतिक प्रगति के बारे में बताते हुए कहा कि 2030-31 तक देश में 60,000 मीट्रिक टन रेशम उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसे प्राप्त करने के लिए, उच्च उपज देने वाले रेशमकीटों की संकर प्रजातियों और मशीनों को शामिल किया जा रहा है, साथ ही गुणवत्ता की जांच और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए एआई, जीआईएस और मशीन लर्निंग तकनीकों को एकीकृत किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान, सिल्क बोर्ड द्वारा विभिन्न संगठनों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया, 28 वैज्ञानिकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए, उत्कृष्ट कर्मचारियों और हितधारकों को पुरस्कार प्रदान किए गए और बोर्ड के विभिन्न प्रकाशनों और पत्रिकाओं का विमोचन भी किया गया। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने नागोया में ‘संडेज ऑन साइकिल’ कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों का नेतृत्व करते हुए भारत के लिए उत्साहवर्धन किया
हमारा दल अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और हमारे प्रवासी भारतीय भी उनका मनोबल बढ़ा रहे हैं: मांडविया
संडेज ऑन साइकिल के 91वें संस्करण में जापान के नागोया में मेइजो पार्क में भारतीय प्रवासी भारतीय दल का उत्साहवर्धन करते नजर आए
नई दिल्ली, 20 सितम्बर, अभीतक: केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने रविवार, 20 सितंबर, 2026 को जापान के नागोया स्थित मेइजो पार्क में ‘संडेज ऑन साइकिल’ के 91वें संस्करण का नेतृत्व किया, जहां उन्होंने भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों को एशियाई खेल 2026 में भाग लेने वाले भारतीय दल को समर्थन देने और प्रोत्साहित करने के लिए एकत्र किया। यह पहल भारत सरकार के उन निरंतर प्रयासों को दर्शाती है जिनके तहत खेलों की सार्वभौमिक भाषा के माध्यम से प्रवासी भारतीयों के साथ लोगों के आपसी संपर्क को मजबूत किया जा रहा है साथ ही फिट इंडिया मूवमेंट के तहत फिटनेस और स्वस्थ जीवन शैली के संदेश को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। डॉ. मांडविया ने 91वें संडेज ऑन साइकिल कार्यक्रम के प्रतिभागियों से बातचीत की और एशियाई खेलों में टीम इंडिया का समर्थन करने के लिए एक साथ आने के उनके उत्साह की सराहना की। नागोया में भारतीय समुदाय ‘संडेज ऑन साइकिल’ के माध्यम से एकजुट हुआ, ताकि ‘भारत के लिए उत्साहवर्धन’ किया जा सके और महाद्वीपीय स्तर पर भाग लेने वाले एथलीटों का मनोबल बढ़ाया जा सके। डॉ. मांडविया ने नागोया में भारतीय प्रवासियों के जोश और उत्साह की सराहना करते हुए खेलों में टीम इंडिया के लिए उनके अटूट समर्थन का उल्लेख किया। डॉ. मांडविया ने कहा, जापान के नागोया में एशियाई खेलों का शुभारंभ हो चुका है और भारत से 500 से अधिक युवा एथलीटों का एक दल इन खेलों में भाग ले रहा है। उन्होंने कहा, नागोया में रहने वाले प्रवासी भारतीय समुदाय ने यहां आयोजित ‘संडेज ऑन साइकिल’ कार्यक्रम में भाग लेकर हमारे एथलीटों का समर्थन और हौसला बढ़ाने में काफी उत्साह दिखाया है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारा दल अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और हमारे प्रवासी समुदाय उनका मनोबल बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। डॉ. मांडविया एशियाई खेल 2026 के लिए जापान के नागोया में हैं जहां वे भारतीय एथलीटों, अधिकारियों और प्रवासी भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत कर रहे हैं। यह वैश्विक मंच पर खेल उत्कृष्टता और एक फिट, स्वस्थ भारत को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है। फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल का आयोजन युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया, राहगिरी फाउंडेशन और माय भारत के सहयोग से किया जाता है। यह साइकिलिंग अभियान सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ आयोजित किया जाता है, जिसमें भारतीय खेल प्राधिकरण के क्षेत्रीय केंद्र, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, भारतीय खेल प्राधिकरण के प्रशिक्षण केंद्र, खेलो इंडिया राज्य उत्कृष्टता केंद्र और खेलो इंडिया केंद्र शामिल हैं। देशभर में 6000 से अधिक नमो फिट इंडिया क्लब भी हर सप्ताह साइकिल चलाने की पहल का आयोजन करते हैं।
न्याय विभाग, विधि और न्याय मंत्रालय 21 सितंबर को गोवा में दिशा 2.0 योजना के अंतर्गत क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन करेगा
गोवा के राज्यपाल, भारत सरकार के विधि और न्याय राज्य मंत्री और गोवा सरकार में लोक निर्माण विभाग मंत्री दिशा 2.0 क्षेत्रीय कार्यशाला में उपस्थित रहेंगे
नई दिल्ली, 20 सितम्बर, अभीतक: न्याय विभाग, विधि और न्याय मंत्रालय, भारत सरकार दिशा (न्याय तक समग्र पहुंच के लिए अभिनव समाधान डिजाइन करना) 2.0 योजना के अंतर्गत 21 सितंबर 2026 को सुबह 10रू30 बजे से गोवा स्थित इंडिया इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लीगल एजुकेशन एंड रिसर्च विश्वविद्यालय के सभागार में एक क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन करेगा। यह कार्यशाला प्रौद्योगिकी-आधारित कानूनी सेवाओं, कानूनी जागरूकता पहलों और देश भर में प्रो बोनो कानूनी सहायता को बढ़ावा देने के माध्यम से न्याय तक पहुंच को मजबूत करने के लिए विभाग के निरंतर प्रयासों का एक हिस्सा है। इस कार्यक्रम में गोवा के राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे साथ ही भारत सरकार के विधि और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और गोवा सरकार के लोक निर्माण विभाग मंत्री, बंदरगाह प्रमुख एवं कानूनी मापन मंत्री भी शामिल होंगे। इस आयोजन में केंद्र और राज्य सरकार के प्रतिनिधि, साझा सेवा केंद्र (सीएससी), ग्रामीण विकास मंत्रालय, राज्य के विधि संस्थान और न्याय की सुलभता और समावेशिता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्यरत अन्य हितधारक भाग लेंगे। इस कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण न्याय प्रबोधरू न्याय की जागृति अभियान के तहत बनाई गई सर्वश्रेष्ठ रीलों – 90 सेकंड में अपने अधिकार जानें का प्रदर्शन होगा, इसके बाद न्याय प्रबोध के अंतर्गत एक नारा प्रतियोगिता होगी। इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की बेहतर समझ प्रदान करना, कानूनी साक्षरता को बढ़ावा देना और न्याय व्यवस्था में जनता की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना है। इस कार्यशाला में गोवा में दिशा 2.0 की उपलब्धियों को दर्शाने वाली एक वृत्तचित्र फिल्म का प्रदर्शन भी होगा, जिसके बाद टेली-लॉ लाभार्थियों, पैनल वकीलों, ग्राम स्तरीय उद्यमियों और न्याय सहायकों के साथ सीधा संवाद होगा। इन संवादों के माध्यम से यह प्रदर्शित किया जाएगा कि प्रौद्योगिकी-आधारित कानूनी सेवाएं किस प्रकार नागरिकों और न्याय संस्थानों विशेषकर दूरस्थ और उपेक्षित क्षेत्रों के बीच की दूरी को कम करने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। कार्यक्रम का एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा गोवा में न्याय बंधु प्रो बोनो कानूनी सेवा कार्यक्रम से जुड़े विधि विद्यालयों के छात्रों और संकाय सदस्यों के साथ संवाद होगा। इस सत्र में प्रो बोनो कानूनी सेवा की संस्कृति को बढ़ावा देने और न्याय तक पहुंच को मजबूत करने में कानूनी शिक्षाविदों और युवा कानूनी पेशेवरों की भूमिका के बारे में बताया जाएगा। गणमान्य व्यक्ति सभा को संबोधित करते हुए कानूनी सशक्तिकरण, नागरिक-केंद्रित न्याय पहुंचाने और न्याय तक समान पहुंच के संवैधानिक दृष्टिकोण को प्राप्त करने के लिए आवश्यक सहयोगात्मक प्रयासों के महत्व के बारे में बताएंगे। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद प्रस्ताव और हितधारकों के बीच संवाद के साथ होगा। यह आयोजन भारत सरकार की इस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि न्याय केवल एक कानूनी अधिकार नहीं बल्कि एक ऐसी सेवा हो जो प्रत्येक नागरिक के लिए सुलभ, समझने योग्य, किफायती और उपलब्ध हो। टेली-लॉ, न्याय बंधु, कानूनी साक्षरता और कानूनी जागरूकता कार्यक्रम तथा विधि-संजीवनी जैसी पहलों के माध्यम से न्याय विभाग सभी के लिए न्याय की समान पहुंच सुनिश्चित करने के संवैधानिक दायित्व को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।
