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रजत फौगाट ने हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा में छठा स्थान प्राप्त कर परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र का नाम किया रोशन
झज्जर, 12 अक्तूबर, अभीतक: ढाणी फौगाट निवासी रजत फौगाट ने हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) परीक्षा में छठा स्थान प्राप्त कर अपने परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस शानदार उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। रजत फौगाट की सफलता उनकी कड़ी मेहनत, लगन, दृढ़ संकल्प और प्रशासनिक सेवा के प्रति समर्पण का परिणाम है। अपनी इस ऐतिहासिक सफलता के बाद रजत फौगाट दिल्ली विश्वविद्यालय स्थित अपने पुराने शिक्षण संस्थान प्रतिष्ठित हंसराज कॉलेज पहुंचे। यहां उन्होंने कॉलेज की आदरणीय प्राचार्या प्रो. डाॅ. रमा शर्मा (रमा भारती) से मुलाकात की और उन्हें मिठाई खिलाकर अपनी खुशी साझा की। इस दौरान उन्होंने प्राचार्या से आशीर्वाद भी प्राप्त किया। अपने शिक्षण संस्थान और गुरुजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का उनका यह अंदाज भारतीय संस्कृति की गुरु-शिष्य परंपरा और उनके विनम्र स्वभाव को दर्शाता है। रजत फौगाट की इस सफलता के पीछे उनके परिवार की गौरवशाली परंपरा और प्रेरणादायी संस्कारों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्हें सिविल सेवा में जाने की प्रेरणा अपने स्वर्गीय दादाजी मास्टर उदय सिंह फौगाट के आदर्शों, विद्यालय के उन पूर्व छात्रों से मिली, जो आज प्रशासनिक पदों पर रहकर देश की सेवा कर रहे हैं, तथा अपने परिवार के उन चाचा-ताऊजी से मिली, जो स्वयं सिविल सेवाओं में कार्यरत हैं। परिवार में राष्ट्रसेवा, प्रशासनिक नेतृत्व और समाज के प्रति समर्पण की जीवंत मिसालों ने रजत के लक्ष्य को दिशा देने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर इस प्रेरणा को उपलब्धि में बदलकर परिवार की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाया है। रजत फौगाट की उपलब्धि न केवल ढाणी फौगाट और चरखी दादरी क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर मेहनत, गुरुजनों का मार्गदर्शन और परिवार के संस्कार जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने का आधार बन सकते हैं। फौगाट परिवार की राष्ट्रसेवा और प्रशासनिक परंपरा को आगे बढ़ाने की यह यात्रा आने वाली पीढ़ी के लिए भी नई उम्मीदें जगाती है। परिवार की अगली पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य को लेकर भी आशाएं जुड़ी हैं। रजत फौगाट की इस शानदार उपलब्धि पर परिवारजनों, सगे संबंधी, शुभचिंतकों, गणमान्य व्यक्तियों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वे अपनी प्रशासनिक सेवा के माध्यम से जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।



अमर शहीद प्रधान नाविक मनोज कुमार की प्रतिमा का भव्य अनावरण, नम हुईं आंखें
झज्जर, 12 अक्तूबर, अभीतक: भारतीय तटरक्षक बल के वीर सपूत अमर शहीद प्रधान नाविक मनोज कुमार (ैक्ए ।ब्क्) की भव्य प्रतिमा का अनावरण समारोह आज गांव मुंडाहेड़ा स्थित शहीद समाधि स्थल, कोयलपुर रोड पर बड़े ही गर्व और भावुक माहौल में संपन्न हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री हरियाणा चैधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बड़े भाई चैधरी इंद्र सिंह हुड्डा रहे। उन्होंने शहीद की प्रतिमा का अनावरण कर पुष्प अर्पित किए और शहीद के परिवार को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शहीद मनोज कुमार जैसे वीरों के बलिदान को देश कभी नहीं भूल सकता। हरियाणा की मिट्टी ने हमेशा देश को वीर दिए हैं। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में बादली के विधायक श्री कुलदीप वत्स के बड़े भाई श्री ईश्वर वत्स और यादव महासभा झज्जर के अध्यक्ष श्री विरेन्द्र सिंह दरोगा, विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने शहीद को नमन करते हुए कहा कि यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनी रहेगी। श्री वीरेंद्र दरोगा ने अपने संबोधन में कहा कि चाहे आजादी से पहले की लड़ाइयाँ हो या आजादी के बाद देश की रक्षा की बात हो, यादव समाज ने हमेशा अपना बलिदान देकर देश को सुरक्षित किया है। अमर शहीद मनोज कुमार ने भी अपने प्राणों की आहूति देकर इस परंपरा को कायम रखा है जोकि एक गौरव का विषय है। इस मौके पर श्री रमेश गुलिया, निदेशक एच डी स्कूल साल्हावास ने भी अपने संबोधन के जरिए शहीद मनोज को अपनी श्रद्धांजलि दी और परिवार का हर संभव सहायता का वचन देकर मनोबल बढ़ाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत मुंडाहेड़ा एवं समस्त ग्रामवासियों ने की। आयोजन में कैप्टन धर्मचंद यादव, कैप्टन राम निवास यादव, हेडमास्टर रणवीर सिंह यादव सहित सैकड़ों ग्रामीण, पूर्व सैनिक और युवा मौजूद रहे। समारोह में देशभक्ति गीतों, भारत माता के जयकारों और शहीद अमर रहे के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। अंत में शहीद के पिता ने सभी अतिथियों और ग्रामवासियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस मौके पर अन्य गणमान्य व्यक्तियों में भारतीय तटरक्ष बल के डिप्टी कमांडेंट सुनील कुमार, श्री राजेंद्र शर्मा अध्यक्ष ब्राह्मण सभा 36 जाखड़ खाप, श्री राव नाहर सिंह झज्जर, श्री महावीर सरपंच छुछकवास, श्री कप्तान बिजेंद्र सिंह सरपंच प्रतिनिधि मातनहेल, श्री विक्रम सरपंच नीलाहेड़ी, श्री सुभाष सैनी ढाकला, श्री जितेंद्र रोहिल्ला साल्हावास, श्री सतीश शर्मा छपार, श्री बलवान रंगा पूर्व सरपंच खेतावास, श्री सुरेंद्र अहलावत, श्री सुरेंद्र यादव खातीवास मुख्य रूप से उपस्थित रहे।



याकुल्ट डैनोन इंडिया के औद्योगिक भ्रमण में विद्यार्थियों ने समझीं आधुनिक विनिर्माण प्रक्रियाएं और तकनीक की भूमिका


झज्जर, 12 अक्तूबर, अभीतक: संस्कारम विश्वविद्यालय, झज्जर के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (ैव्म्ज्) द्वारा 12 अक्टूबर 2026 को विद्यार्थियों के लिए याकुल्ट डैनोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में औद्योगिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस भ्रमण का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को औद्योगिक कार्यप्रणाली, आधुनिक विनिर्माण प्रक्रियाओं, गुणवत्ता नियंत्रण, स्वचालन तथा उद्योगों में तकनीक के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराना रहा। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक औद्योगिक वातावरण से जोड़ने का अवसर मिला। इस औद्योगिक भ्रमण में डॉ. निशांत जाखड़, डॉ. प्रिंस एवं सुश्री सोनिया फैकल्टी सदस्यों के रूप में विद्यार्थियों के साथ गए। उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया तथा उन्हें औद्योगिक प्रक्रियाओं को तकनीकी और व्यावहारिक दृष्टिकोण से समझने के लिए प्रेरित किया।भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को आधुनिक विनिर्माण इकाई में उत्पादन प्रक्रिया, कार्यप्रवाह, गुणवत्ता आश्वासन, पैकेजिंग व्यवस्था तथा स्वच्छता एवं सुरक्षा मानकों के महत्व को समझने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने जाना कि किसी औद्योगिक इकाई में उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने, उत्पादन प्रक्रिया को व्यवस्थित करने और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न तकनीकी प्रणालियों एवं प्रबंधन प्रक्रियाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस अवसर पर डॉ. निशांत जाखड़, एसोसिएट प्रोफेसर, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग, ने औद्योगिक भ्रमण के शैक्षणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में आधुनिक उद्योगों का संचालन केवल मशीनों और उत्पादन प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कंप्यूटर आधारित प्रणालियों, सॉफ्टवेयर, स्वचालन, डेटा प्रबंधन और डिजिटल तकनीकों का भी महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने बताया कि कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार के औद्योगिक भ्रमण विशेष रूप से उपयोगी हैं, क्योंकि इससे उन्हें यह समझने का अवसर मिलता है कि कंप्यूटिंग और सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग उद्योगों में उत्पादन की निगरानी, गुणवत्ता नियंत्रण, कार्यप्रवाह के प्रबंधन, डेटा विश्लेषण तथा प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए किस प्रकार किया जा सकता है। डॉ. निशांत जाखड़ ने कहा कि औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम आधारित ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक कार्यस्थल की आवश्यकताओं और उद्योग जगत की अपेक्षाओं को समझने में सहायता करते हैं। ऐसे अनुभव विद्यार्थियों की तकनीकी समझ को मजबूत करने के साथ-साथ उनमें समस्या समाधान, विश्लेषणात्मक सोच, टीमवर्क और व्यावसायिक दक्षता विकसित करने में भी सहायक होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उद्योगों में तकनीक के बढ़ते उपयोग को देखते हुए विद्यार्थियों के लिए सॉफ्टवेयर विकास, डेटा विश्लेषण, औद्योगिक स्वचालन, सूचना प्रौद्योगिकी और स्मार्ट विनिर्माण जैसे क्षेत्रों की संभावनाओं को समझना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपने तकनीकी ज्ञान को व्यावहारिक कौशल के साथ जोड़ें और उद्योगों में हो रहे तकनीकी बदलावों के प्रति जागरूक रहें। उनके अनुसार, ऐसे अनुभव विद्यार्थियों को भविष्य की रोजगार संभावनाओं को पहचानने, उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने तथा अपने करियर के लिए बेहतर दिशा निर्धारित करने में मदद करते हैं। इस भ्रमण ने विद्यार्थियों को उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच संबंध को समझने का अवसर प्रदान किया। विद्यार्थियों ने जाना कि किसी भी आधुनिक औद्योगिक इकाई के सफल संचालन में तकनीकी दक्षता, गुणवत्ता, अनुशासन, कार्यकुशलता, स्वच्छता और सुरक्षा मानकों का पालन महत्वपूर्ण होता है। इस प्रकार के प्रत्यक्ष अनुभव विद्यार्थियों को भविष्य में पेशेवर वातावरण में कार्य करने के लिए तैयार करने में सहायक सिद्ध होते हैं। संस्कारम विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए कक्षा आधारित शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण, औद्योगिक भ्रमण तथा उद्योग जगत से संवाद को निरंतर प्रोत्साहित करता है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसा शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना है, जिसमें वे अपने विषय का ज्ञान प्राप्त करने के साथ-साथ वास्तविक जीवन की समस्याओं, तकनीकी अनुप्रयोगों और उद्योग की आवश्यकताओं को भी समझ सकें। समग्र रूप से, याकुल्ट डैनोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का यह औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी अनुभव रहा। इसने उन्हें आधुनिक औद्योगिक कार्यप्रणाली, विनिर्माण प्रक्रियाओं और तकनीक की भूमिका को समझने का अवसर प्रदान किया तथा भविष्य में तकनीकी कौशल, व्यावहारिक ज्ञान और व्यावसायिक दक्षता विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों का याकुल्ट डैनोन प्लांट, सोनीपत का औद्योगिक भ्रमण
झज्जर, 12 अक्तूबर, अभीतक: संस्कारम विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के 100 विद्यार्थियों ने औद्योगिक अनुभव एवं व्यावहारिक शिक्षा की पहल के अंतर्गत सोनीपत स्थित याकुल्ट डैनोन प्लांट का औद्योगिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का आयोजन संस्कारम विश्वविद्यालय के कॉर्पोरेट रिसोर्स सेंटर के सहयोग से किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक विनिर्माण प्रक्रियाओं, गुणवत्ता नियंत्रण प्रणालियों, पैकेजिंग तकनीकों, प्लांट संचालन तथा औद्योगिक सुरक्षा मानकों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने याकुल्ट उत्पादों के उत्पादन एवं पैकेजिंग की विभिन्न प्रक्रियाओं का अवलोकन किया। याकुल्ट डैनोन के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को कंपनी की विनिर्माण प्रक्रियाओं, स्वच्छता मानकों, गुणवत्ता आश्वासन उपायों तथा आपूर्ति श्रृंखला संचालन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान हुए संवाद से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि खाद्य एवं पेय पदार्थ उद्योग में इंजीनियरिंग के सिद्धांतों और तकनीकी नवाचारों का किस प्रकार उपयोग किया जाता है। यह औद्योगिक भ्रमण अत्यंत ज्ञानवर्धक रहा और इसने विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान तथा औद्योगिक कार्यप्रणालियों के बीच संबंध समझने में सहायता प्रदान की। साथ ही, इस अनुभव ने विद्यार्थियों को विभिन्न करियर अवसरों के प्रति जागरूक किया तथा विनिर्माण क्षेत्र में व्यावसायिक जिम्मेदारियों की बेहतर समझ विकसित करने में मदद की। स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी ने विद्यार्थियों को इस समृद्ध एवं उपयोगी शैक्षणिक अनुभव प्रदान करने के लिए याकुल्ट डैनोन प्लांट, सोनीपत के प्रबंधन एवं कर्मचारियों के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।




जगत माता का आमजन मानस पर बना रहे आशीर्वाद: डॉ कृष्ण लाल मिड्ढा
हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ कृष्ण लाल मिड्ढा ने किए माता भीमेश्वरी देवी के दर्शन
बेरी, 12 अक्तूबर, अभीतक: महाभारत कालीन कस्बा बेरी में सोमवार को दूसरे नवरात्र पर श्रद्धालुओं ने माता भीमेश्वरी देवी के अंदर और बाहर वाले मंदिर में देवी की आराधना कर विधिवत पूजा अर्चना की। हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ कृष्ण लाल मिड्ढा ने शारदीय नवरात्र मेले के दूसरे दिन देवी मंदिर पहुँचकर माता के दर्शन किये। उन्होंने मां भीमेश्वरी देवी के दर्शन करते हुए विधिवत रूप से पूजा अर्चना की।
देवी मंदिर के प्रमुख पुजारी पंडित कुलदीप वशिष्ठ ने डिप्टी स्पीकर को माता भीमेश्वरी देवी के दोनों मंदिरों से जुड़े इतिहास की विस्तार से जानकारी दी। मंदिर से जुड़ी परंपरा जानने के बाद डिप्टी स्पीकर डॉ कृष्ण लाल मिढा ने कहा कि विश्व प्रसिद्ब माता भीमेश्वरी देवी मंदिर आकर सुखद महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि जगत माता का आशीर्वाद सभी पर बना रहे,ऐसी माता से प्रार्थना करते हैं। उन्होंने कहा कि बेरी का इतिहास काफी पुराना है। एक साथ देवी माता के दो मंदिर होना अपने आप में एक इतिहास है। इन मंदिरों में महर्षि दुर्वासा के समय की पूजा पद्धति का आज भी अनुशरण हो रहा है, यह सराहनीय है। दूसरी ओर सोमवार को द्वितीय नवरात्र पर माता के जयकारे लगाकर दूरदराज से आए भक्तों ने मां भगवती के दर्शन किये और मनोकामना की। आगामी 19 अक्टूबर तक चलने वाले नवरात्र मेला के चलते डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में प्रशासन द्वारा आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। वहीं माता भीमेश्वरी देवी श्राइन बोर्ड की सीईओ व एसडीएम रेणुका नांदल ने सोमवार को मंदिर परिसर का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग सहित सम्बंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश भी दिए।

एसआईआर 2026: कोई भी योग्य मतदाता न छूटे नोटिस एवं सुनवाई मामलों के समयबद्ध निपटान पर फोकस: डीसी
आगामी 6 नवम्बर को होगा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
झज्जर, 12 अक्तूबर, अभीतक: जिलाभर में गत दिनों चलाए गए विशेष अभियान के तहत मतदाताओं को मिले नोटिस एवं सुनवाई से संबंधित मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर निर्वाचन आयोग और प्रशासन का विशेष फोकस है। गत 9 अक्टूबर तक तीन दिन तक चले विशेष शिविरों व घर-घर सर्वे में लंबित मामलों की सुनवाई की गई है।यह जानकारी डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने सोमवार को दी। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए जिलाभर में सभी 807 मतदान केंद्रों के लिए बूथ लेवल एजेंट,8 सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी और 4 निर्वाचक पंजीयन अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। डीसी ने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को लंबित सुनवाई मामलों के शीघ्र निस्तारण, प्रभावी मॉनिटरिंग व निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डीसी ने बताया कि बीएलओ नोटिस की सुनवाई समय पर समाप्त करने के लिए वोटरों से दस्तावेज प्राप्त करें, जहां पर नोटिस प्राप्त होने पर अभी तक सम्बन्धित मतदाताओं द्वारा आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करवाये गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने ऐसे सभी पात्र मतदाताओं से अपील की है कि जिन्होने अभी तक दस्तावेज जमा नहीं करवाएं हैं वे अपने दस्तावेज बूल लेवल अधिकारी को जमा करवाएं ताकि सभी योग्य मतदाताओं के नाम 6 नवम्बर 2026 को प्रकाशित होने वाली अन्तिम मतदाता सूची में शामिल हो सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी व्यक्ति को किसी प्रकार की शिकायत है तो वे बेझिझक सम्बंधित बीएलओ,सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी और निर्वाचक पंजीयन अधिकारी में से किसी से भी संपर्क कर सकते हैं।



10 हजार रुपये रिश्वत लेते एएसआई एएसआई दिनबंधु रंगे हाथ गिरफ्तार
बेटे और उसके दोस्त को दर्ज हत्या के मामले में राहत दिलाने के बदले मांगी थी 50 हजार रुपये रिश्वत
पहले 40 हजार रुपये ले चुका था आरोपी, एसीबी झज्जर की टीम ने शेष 10 हजार रुपये लेते पकड़ा
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने कार्रवाई करते हुए थाना सांपला, जिला रोहतक में तैनात सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) दिनबंधु को 10,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर शिकायतकर्ता से उसके बेटे और बेटे के दोस्त को एक आपराधिक मामले में राहत दिलाने तथा मारपीट की धमकी देने की एवज में 50,000 रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है।
मामले में राहत दिलाने के बदले मांगी थी 50 हजार रुपये रिश्वत
शिकायतकर्ता ने एसीबी को शिकायत दी थी कि उसके बेटे नितेश और उसके दोस्त के खिलाफ थाना सांपला, जिला रोहतक में मामला दर्ज है। शिकायत के अनुसार, इस मामले में राहत दिलाने तथा उसके बेटे और उसके दोस्त के साथ मारपीट न करने के एवज में एएसआई दिनबंधु द्वारा 50,000 रुपये रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी पहले ही 40,000 रुपये रिश्वत के रूप में ले चुका था और शेष 10,000 रुपये की मांग कर रहा था।
शेष 10 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा
शिकायत प्राप्त होने के बाद एसीबी की टीम ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए ट्रैप लगाया। कार्रवाई के दौरान आरोपी एएसआई दिनबंधु को शिकायतकर्ता से 10,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी दिनबंधु, पुत्र श्री भागचंद, उम्र 50 वर्ष, निवासी गांव खरबाला, जिला हिसार, थाना सांपला में तैनात था। यह ट्रैप कार्रवाई राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, उपकेंद्र झज्जर की टीम द्वारा की गई। आरोपी के खिलाफ अभियोग संख्या 33, दिनांक 12 अक्टूबर 2026, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, रोहतक में मामला दर्ज किया गया है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की कार्रवाई जारी
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। एसीबी ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत ब्यूरो को दें। भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 अथवा 1800-180-2022 पर दी जा सकती है। इसके अतिरिक्त, व्हाट्सऐप हेल्पलाइन नंबर 94178-91064 पर भी शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है।
अवैध देशी शराब के साथ एक आरोपी गिरफ्तार, 24 बोतल शराब व मोटरसाइकिल बरामद’
झज्जर, 12 अक्तूबर, अभीतक: पुलिस उपायुक्त झज्जर धारणा यादव के दिशा-निर्देशन में झज्जर पुलिस द्वारा अवैध शराब की बिक्री एवं तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में चैकी डिघल की पुलिस टीम ने गश्त के दौरान अवैध देशी शराब के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से देशी शराब की 24 बोतल तथा शराब ले जाने में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। मामले की जानकारी देते हुए चैकी प्रभारी डिघल सहायक उप निरीक्षक अश्विंदर सिंह ने बताया कि 11 अक्टूबर 2026 को पुलिस चैकी डीघल की टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि बलराज निवासी छोछी, जिला झज्जर, मोटरसाइकिल पर अवैध देशी शराब लेकर कुलताना से बरहाना की तरफ आ रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कुलताना-बरहाना रोड पर नाकाबंदी की।नाकाबंदी के दौरान पुलिस टीम ने मोटरसाइकिल पर कट्टा लेकर आ रहे एक व्यक्ति को रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखकर उसने मोटरसाइकिल मोड़कर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए उसे काबू कर लिया। पूछताछ में उसकी पहचान बलराज निवासी गांव छोछी के रूप में हुई।मोटरसाइकिल की जांच के दौरान उस पर रखे प्लास्टिक कट्टे से देशी शराब की दो पेटियां बरामद हुईं। दोनों पेटियों में 12-12 बोतल, कुल 24 बोतल देशी शराब मिली। पुलिस द्वारा शराब का लाइसेंस एवं परमिट मांगे जाने पर आरोपी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने नियमानुसार शराब के नमूने लेकर शेष शराब तथा मोटरसाइकिल को कब्जे में लेकर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
अवैध देशी पिस्तौल व तीन जिंदा कारतूस सहित आरोपी गिरफ्तार’
स्पेशल स्टाफ झज्जर की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर की कार्रवाई, आरोपी को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया’
झज्जर, 12 अक्तूबर, अभीतक: पुलिस उपायुक्त क्राइम शुभम सिंह के दिशा-निर्देशन में झज्जर पुलिस द्वारा अवैध हथियार रखने वाले व्यक्तियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में स्पेशल स्टाफ झज्जर की टीम ने कार्रवाई करते हुए एक युवक को अवैध देशी पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस सहित गिरफ्तार किया है।स्पेशल स्टाफ झज्जर प्रभारी उप निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि झज्जर-बादली रोड पर कोट बस अड्डे के नजदीक एक युवक अवैध देशी पिस्तौल लेकर खड़ा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर बताए गए हुलिए के युवक को काबू किया। पूछताछ में उसकी पहचान गौरव निवासी शेखपुर जट्ट, जिला झज्जर के रूप में हुई।तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से एक देशी पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए। आरोपी हथियार रखने संबंधी कोई वैध लाइसेंस या परमिट पेश नहीं कर सका। इस संबंध में थाना सदर झज्जर में मामला दर्ज किया गया।उन्होंने बताया कि आरोपी को नियमानुसार गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया है। पुलिस द्वारा आरोपी से पूछताछ कर मामले के संबंध में आगामी जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।




खण्ड स्तरीय .सड़क सुरक्षा प्रश्नोतरी 14 अक्तूबर को होगी आयोजित’
झज्जर, 12 अक्तूबर, अभीतक: जिले के सभी राजकीय और अराजकीय स्कूलों में खण्ड स्तरीय सडक सुरक्षा प्रशनोत्तरी प्रतियोगिता 14 अक्तूबर को प्रातः 11 से 12 बजे तक कराई जाएगी।सड़क सुरक्षा क्विज प्रतियोगिता के जिला नोडल अधिकारी ए सी पी अखिल कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि जिल के 520 सरकारी और 320 प्राइवेट स्कूलों तथा सभी आई टी आई और कालेजों में प्रथम चरण की प्रतियोगिता करवाई गई थी। यातायात पुलिस और आर एस ओ स्कूलों में जाकर छात्र छात्राओं को प्रतियोगिता के प्रति जागरूक कर रहें हैं। जिला यातायात पुलिस समन्वयक सतप्रकाश ने बताया कि प्रतियोगिता के लिए छात्र छात्राओं को चार ग्रुपों में बांटा गया है।इसमें पहले ग्रुप में तीसरी से पाचवीं, दूसरे में छ्ह से आठवीं कक्षा, तीसरे में नौंवी से बारहवीं और चैथे ग्रुप में कालेज और आईटीआई के छात्र छात्राओं को रखा गया है। प्रत्येक लेवल में स्कूल स्तर पर प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राएं आगामी होने वाली खण्ड स्तरीय प्रतियोगिता में भाग ले सकेंगें। आर एस ओ सतीश शर्मा ने बताया कि इस प्रतियोगिता को कराने का उदेश्य बच्चों को यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के सबंध में जागरूक करना है। खण्ड स्तरीय सड़क सुरक्षा प्रतियोगिता राजकीय कन्या वरिष्ट माध्यमिक विद्यालय झज्जर, राजकीय वरिष्ट माध्यमिक विद्यालय बेरी, राजकीय वरिष्ट माध्यमिक विद्यालय मातनहेल, राजकीय वरिष्ट माध्यमिक विद्यालय साल्हावास और राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ट माध्यमिक विद्यालय बहादुरगढ में आयोजित होगी । इस बारे में जिला शिक्षा विभाग को पत्र के माध्यम से अवगत करा दिया गया है।


प्रदूषण फैलाने वाले एवं नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर झज्जर पुलिस की कार्रवाई, 509 वाहन इंपाउंड’
कार्रवाई में 81 भारी वाहन शामिल, ठै.प्ए ठै.प्प्ए ठै.प्प्प् और ठै.प्ट श्रेणी के पुराने वाहनों के मालिकों से सरकारी योजना का लाभ उठाने की अपील’
बहादुरगढ़, 12 अक्तूबर, अभीतक: वायु प्रदूषण पर नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण तथा यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस उपायुक्त यातायात एवं क्राइम शुभम सिंह के दिशा-निर्देशन में झज्जर पुलिस द्वारा वाहनों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में पिछले कुछ दिनों के दौरान जिला झज्जर, विशेषकर दिल्ली से लगते बहादुरगढ़ क्षेत्र में कुल 509 वाहनों को इंपाउंड किया गया है। इनमें 81 भारी वाहन शामिल हैं, जबकि शेष वाहनों में ज्यादातर मोटरसाइकिल हैं। यातायात प्रबंधक बहादुरगढ़ निरीक्षक सतीश कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (छळज्) तथा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (ब्।फड) के लागू दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदूषण फैलाने वाले और निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। एनसीआर क्षेत्र में वाहनों के संचालन को लेकर लागू नियमों और संबंधित आदेशों की पालना सुनिश्चित करवाई जा रही है। पुराने वाहनों के मालिकों से विशेष अपील
झज्जर पुलिस ने ठै-प्, ठै-प्प्, ठै-प्प्प् अथवा ठै-प्ट श्रेणी के पुराने वाहनों के मालिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों की श्रेणी, ईंधन के प्रकार, आयु तथा एनसीआर में लागू नियमों के अनुसार उनकी पात्रता की जानकारी प्राप्त करें। वाहन मालिक सरकार द्वारा निर्धारित नियमों एवं पुरानी गाड़ियों की स्क्रैपिंग योजना के तहत उपलब्ध लाभों की जानकारी संबंधित परिवहन विभाग से प्राप्त कर सकते हैं। पात्रता होने पर अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्र के माध्यम से पुराने वाहन को स्क्रैप करवाकर योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभों का फायदा उठाएं।झज्जर पुलिस ने वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों से अपील की है कि वे अपने वाहनों के आवश्यक दस्तावेज पूरे रखें, लागू प्रदूषण मानकों का पालन करें तथा नियमों की अनदेखी न करें। सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करके उपलब्ध योजनाओं का लाभ उठाएं और प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग दें। स्वच्छ पर्यावरण बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।




नवरात्रि मेले में गुम हुए बच्चे को झज्जर पुलिस ने परिजनों से मिलवाया’
माता भीमेश्वरी देवी मंदिर बेरी में तैनात पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे को सुरक्षित परिजनों तक पहुंचाया’
बेरी, 12 अक्तूबर, अभीतक: माता भीमेश्वरी देवी मंदिर बेरी में नवरात्रि मेले के दौरान झज्जर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गुम हुए एक बच्चे को सकुशल उसके परिजनों से मिलवाया। बच्चे के मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।चैकी प्रभारी बेरी उपनिरीक्षक सागर ने जानकारी देते हुए बताया कि नवरात्रि मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस द्वारा सुरक्षा एवं व्यवस्था के विशेष प्रबंध किए गए हैं। इसी दौरान एक श्रद्धालु का बच्चा मेले में अपने परिजनों से बिछड़ गया। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए बच्चे की पहचान और उसके परिजनों का पता लगाया। इसके बाद बच्चे को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।झज्जर पुलिस की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि मेले में छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखें और उनके पास परिजनों का मोबाइल नंबर या पहचान संबंधी जानकारी अवश्य रखें। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से संपर्क करें।

पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता मे नितिन व महक ने मारी बाजी
झज्जर, 12 अक्तूबर, अभीतक: राजकीय महाविद्यालय बिरोहड़ में प्राचार्य (डॉ०) दलबीर सिंह के निर्देशन और प्रशासनिक प्रभारी डॉ० सुरेंद्र के नेतृत्व में तथा रसायन विभाग में राजेश कुमार, गणित विभाग में निशा रानी की अध्यक्षता में विज्ञान संकाय में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक जागरूकता, रचनात्मकता एवं दृश्य अभिव्यक्ति क्षमता को प्रोत्साहित करना था। प्रतियोगिता में बी.एससी. प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्रों ने विज्ञान से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे कि पर्यावरण संरक्षण, नवाचार, क्लीन एनर्जी, जल संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली, गणितज्ञ रामानुजन आर्यभट्ट और दैनिक जीवन में गणित के उपयोग आदि पर सुंदर व संदेशपूर्ण पोस्टर प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता का मूल्यांकन महाविद्यालय विज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापकों द्वारा किया गया, जिन्होंने छात्रों की रचनात्मकता, विषय चयन और प्रस्तुतीकरण की सराहना की। प्रशासनिक प्रभारी डॉ० सुरेंद्र ने विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित रचनात्मक प्रतिभा की प्रशंसा की और उन्हें भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। राजेश कुमार ने मंच संचालन करते हुए बताया कि इस प्रतियोगिता में रसायन विभाग में 46 गणित विभाग में 24 विद्यार्थियों ने पोस्टर बनाए जो की एक बहुत ही सराहनीय प्रयास है। परिणाम की घोषणा रसायन विभाग में प्राध्यापक अमित कुमार ने की। रसायन विभाग में महक, बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा ने प्रथम स्थान, नितिन बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र ने द्वितीय स्थान तथा निधि व पायल बीएससी तृतीय वर्ष की छात्राओं ने तृतीया स्थान प्राप्त किया। गणित विभाग में नितिन बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र ने प्रथम स्थान, नेहा बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा ने द्वितीय स्थान तथा स्वीटी व दीक्षा बीएससी तृतीय वर्ष की छात्राओं ने तृतीया स्थान प्राप्त किया। प्रशासनिक प्रभारी डॉ० सुरेंद्र सिंह तथा विज्ञान संकाय के प्राध्यापकों द्वारा सभी विजेताओं को मनोबल बढ़ाने के लिए रसायन भौतिक और गणित विभाग में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहे। विद्यार्थियों को कैश प्राइज व सर्टिफिकेट वितरित किए गए। अंत में श्रीमती निशा ने सभी का इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर डॉ० नरेंद्र सिंह, अमित कुमार, सुचिता, डॉ० सीटू, डॉ० मोनिका आदि उपस्थित रहे तथा इस प्रतियोगिता को सफल बनाने में उन्होंने अपनी अहम् भूमिका अदा की।





खरीफ फसलों की उपज खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सर्वोपरि: डीसी
जिलाभर की अनाज मंडियों में प्रशासनिक अधिकारियों ने लिया खरीफ फसल व्यवस्थाओं का जायजा
मंडियों में गेट पास, सीसीटीवी निगरानी, फसल उठान और अटल कैंटीन सहित सुविधाओं का किया निरीक्षण
प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों व आढ़तियों की समस्याएं सुनकर प्राथमिकता से समाधान करने के निर्देश
झज्जर, 12 अक्तूबर, अभीतक: झज्जर जिला की अनाज मंडियों में बाजरा व धान खरीद प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सजग है। डीसी वर्षा खांगवाल के निर्देशानुसार सोमवार को जिला की झज्जर, बहादुरगढ़, बेरी अनाज मंडियों में संबंधित एसडीएम ने पहुंचकर खरीफ उपज व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मंडियों में बाजरे व धान की आवक, खरीद प्रक्रिया, गुणवत्ता जांच, फसल उठान और किसानों को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। साथ ही किसानों और आढ़तियों से बातचीत की।
गेट पास से लेकर फसल उठान तक हर व्यवस्था पर नजर
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गेट पास जारी करने की प्रक्रिया, सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी, खरीद कार्य की स्थिति और मंडियों में फसल उठान की व्यवस्था की जांच की। उन्होंने स्पष्ट किया कि खरीद प्रक्रिया में निर्धारित नियमों की पालना सुनिश्चित की जाए और प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता बरती जाए। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े तथा खरीद के बाद फसल का उठान समय पर हो, इसके लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।
मंडियों में प्रशासनिक अधिकारियों ने किया निरीक्षण
सोमवार को झज्जर अनाज मंडी में एसडीएम रवि मीणा ने बाजरा खरीद व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं बहादुरगढ़ अनाज मंडी में एसडीएम अभिनव सिवाच ने खरीद प्रक्रिया, गेट पास व्यवस्था और किसानों को उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। बेरी अनाज मंडी में एसडीएम रेणुका नांदल ने बाजरा खरीद, फसल उठान और मंडी में किसानों के लिए किए गए प्रबंधों का निरीक्षण किया।
किसानों को अनाज मंडी में न हो कोई परेशानी
डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में किसानों के लिए स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, शौचालय और अटल कैंटीन सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें। मंडियों में खरीद और उठान कार्य में तेजी बनाए रखी जाए, ताकि फसल का अनावश्यक जमाव न हो और किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी न आए। अधिकारी नियमित रूप से मंडियों की व्यवस्थाओं की निगरानी करें और किसानों व आढ़तियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करें। झज्जर अनाज मंडी में सोमवार को एसडीएम रवि मीणा खरीद व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने उपरांत किसानों व आढ़तियों से बातचीत करते।
समाधान शिविर में आमजन की समस्याओं का हो रहा स्थाई समाधान: एडीसी
जिलास्तरीय समाधान शिविर में एडीसी जगनिवास ने सुनीं लोगों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
झज्जर, 12 अक्तूबर, अभीतक: आमजन की समस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी सजगता व गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है। डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में जिला व उपमंडल स्तर पर आयोजित किए जा रहे समाधान शिविर नागरिकों की समस्याओं के निवारण के लिए प्रभावी मंच साबित हो रहे हैं। यह बात एडीसी जगनिवास ने सोमवार को लघु सचिवालय सभागार में आयोजित समाधान शिविर में जनसुनवाई के दौरान कही। उन्होंने शिविर में पहुंचे नागरिकों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
नागरिकों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरल और प्रभावी माध्यम उपलब्ध करवाना ही उद्देश्य
एडीसी ने कहा कि प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को आयोजित होने वाले समाधान शिविरों का उद्देश्य नागरिकों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरल और प्रभावी माध्यम उपलब्ध करवाना है। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर उपस्थित रहते हैं, जिससे नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार अंत्योदय की भावना के साथ जनसेवा को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री की सोच के अनुरूप प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक नागरिक की समस्या को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना जाए तथा उसका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।
लंबित शिकायतों को आपसी समन्वय से करें समाधान
एडीसी जगनिवास ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा समाधान शिविरों में प्राप्त शिकायतों की लगातार निगरानी की जा रही है। अब तक प्राप्त अधिकांश शिकायतों का समाधान किया जा चुका है, जबकि लंबित शिकायतों के निपटारे के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों को केवल दर्ज करने तक सीमित न रखें, बल्कि उनके समाधान की प्रक्रिया पर भी नियमित नजर रखें।
परिवार पहचान पत्र, राशन कार्ड और पेंशन से जुड़े मामले पहुंचे
समाधान शिविर में नागरिक परिवार पहचान पत्र, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित समस्याएं लेकर पहुंचे। इसके अलावा पुलिस विभाग से जुड़े मामलों को भी नागरिकों ने अधिकारियों के समक्ष रखा। एडीसी ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक मामले की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कई मामलों में मौके पर ही आवश्यक समाधान सुनिश्चित किया गया। एडीसी ने कहा कि समाधान शिविरों का उद्देश्य केवल शिकायतों को सुनना नहीं, बल्कि नागरिकों को प्रभावी समाधान उपलब्ध करवाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए निर्धारित समय में कार्रवाई पूरी करें। इस अवसर पर सीटीएम ऋतु,डीडीपीओ निशा तंवर,नायब तहसीलदार अंसुल,एमिनेन्ट पर्सन दया किशन जांगड़ा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सोमवार को झज्जर में समाधान शिविर के दौरान जनसुनवाई करते एडीसी जगनिवास।

स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों की भागीदारी ने विद्यार्थियों को शोध के अवसरों, विभिन्न विषयों के बीच सहयोग और शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास में सहायक आधुनिक उपकरणों से परिचित कराने के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। इस सत्र ने विद्यार्थियों को विभिन्न शोध विषयों का अन्वेषण करने, वित्तपोषण की व्यवस्था को समझने और अपने विचारों को प्रभावशाली परियोजनाओं में विकसित करने की संभावनाओं पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित किया। यह पहल उच्च शिक्षा में शोध इंटेलिजेंस के बढ़ते महत्व को दर्शाती है। वर्तमान समय में वित्तपोषण के अवसरों तक पहुँच, अनुदान संबंधी घोषणाओं की समय पर पहचान और शोध प्रस्तावों का रणनीतिक प्राथमिकताओं के साथ तालमेल, नवाचार तथा संस्थागत अनुसंधान के परिणामों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस सहभागिता के माध्यम से संस्कारम विश्वविद्यालय का उद्देश्य अपने संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को शोध वित्तपोषण, विभिन्न विषयों के बीच सहयोग तथा बाहरी वित्तीय सहायता से संचालित शोध परियोजनाओं के प्रति अधिक व्यवस्थित और सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस सत्र में ।प्-सक्षम उपकरणों की उस क्षमता पर भी प्रकाश डाला गया, जिसके माध्यम से वित्तपोषण के अवसरों को खोजने में लगने वाले समय और प्रयास को कम किया जा सकता है। इससे शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को नए विचार विकसित करने, सहयोग स्थापित करने और अनुसंधान को सार्थक परिणामों में बदलने पर अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान केंद्रित करने में सहायता मिल सकती है।




संस्कारम विश्वविद्यालय में रामलीला का भव्य शुभारंभ, वेद मंत्रों की गूंज के बीच हुआ उद्घाटन’
भगवान शिव ने पार्वती को सुनाई राम जन्म की कथा, नारद के श्राप सहित रामायण के प्रसंगों का हुआ सजीव मंचन’
झज्जर, 12 अक्तूबर, अभीतक: संस्कारम विश्वविद्यालय में नवरात्र के पावन अवसर पर ‘संस्कारम की संस्कृति रामायण’ के अंतर्गत रामलीला का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन रिबन काटकर तथा वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा और भारतीय संस्कृति में रामायण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का संदेश दिया। रामलीला के प्रारंभिक प्रसंगों में भगवान शिव द्वारा माता पार्वती को श्रीराम के जन्म की कथा सुनाने का भावपूर्ण मंचन किया गया। इसके साथ ही नारद मुनि की तपस्या, उनके मोह, भगवान विष्णु द्वारा स्वयंवर प्रसंग में वानर रूप प्रदान किए जाने तथा नारद मुनि द्वारा भगवान विष्णु को श्राप दिए जाने की कथा को भी मंच पर जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों के प्रभावशाली अभिनय, संवादों और भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने दर्शकों को रामायण के प्रसंगों से भावनात्मक रूप से जोड़ दिया। रामलीला के मंचन के दौरान पूरा परिसर भगवान श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। उपस्थित दर्शकों ने मंत्रमुग्ध होकर प्रस्तुतियों का आनंद लिया और विद्यार्थियों के उत्साह एवं अभिनय की सराहना की। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत की जा रही यह रामलीला धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आदर्श जीवन परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बन रही है। इस रामलीला का आयोजन दशहरा पर्व तक किया जाएगा, जिसमें रामायण के विभिन्न महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। रामलीला के प्रथम दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि खेड़ी सुल्तान के सरपंच अजब सिंह और छुछकवास के सरपंच महेंद्र जी ने शिरकत की। अजब सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि रामलीला केवल एक नाटक नहीं है, यह हमारे संस्कारों की पाठशाला है। भगवान राम का जीवन हमें सिखाता है कि विषम परिस्थिति में भी धर्म और मर्यादा को कैसे निभाया जाए।
चांसलर डॉ. महिपाल का संदेश’
संस्कारम विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. महिपाल ने अपने संदेश में कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, कर्तव्यनिष्ठा, सत्य, करुणा और मर्यादा का अनुपम उदाहरण है। रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला महान आदर्श ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और अपनी गौरवशाली परंपराओं से भी परिचित होना चाहिए। विश्वविद्यालय में रामलीला जैसे सांस्कृतिक आयोजनों का उद्देश्य विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ उनमें संस्कार, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना का विकास करना है। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रामलीला के प्रथम दिवस पर भगवान शिव की आदित्य, माता पार्वती की गीतिका, भगवान गणेश की रितुराज, भगवान विष्णु की आभास, माता लक्ष्मी की गुंजन, महर्षि वशिष्ठ की तरुण, हनुमान की राहुल, नारद मुनि की सिद्धार्थ, कैकेयी की खुशी, कौशल्या की रिया, सुमित्रा की नैंसी, राजा दशरथ की ऋत्विक, कामदेव की निखिल, ब्रह्मा देव बैरागी, द्वारपाल की हैप्पी एवं विशाल, सूत्रधार कृष्ण बख्शी, दासी की चंचल ने तथा राजाओं की वैदिक, ऋतुराज, तरुण, कृष आभास ने भूमिका निभाई। इस रामलीला का आयोजन यूथ एंड कल्चरल के डायरेक्टर डॉ. सुभाष चंद्र गुप्ता तथा कोऑर्डिनेटर डॉ. प्रियंका नरवाल के निर्देशन में किया जा रहा है। आयोजन में संस्कारम विश्वविद्यालय के विद्यार्थी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, कला, साहित्य और जीवन मूल्यों से जोड़ते हुए उनके सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करना है।



वाद-विवाद प्रतियोगिता में तनिशा ने हासिल किया प्रथम स्थान
राजकीय महाविद्यालय बहु में वाणिज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित
झज्जर, 12 अक्तूबर, अभीतक: राजकीय महाविद्यालय बहु के वाणिज्य विभाग के तत्वावधान में सोमवार को वाणिज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए.आई) के उपयोग विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में 24 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने विचारों, तर्कों एवं प्रभावशाली वक्तव्यों के माध्यम से विषय के विभिन्न पहलुओं को प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में बी.कॉम. प्रथम वर्ष की तनिशा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बी.कॉम. तृतीय वर्ष की पूनम द्वितीय स्थान पर रहीं, जबकि बी.कॉम. तृतीय वर्ष की खुशबू और बी.कॉम. द्वितीय वर्ष की तन्नू ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जितेंद्र कुमार भारद्वाज के मार्गदर्शन में हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वाद-विवाद जैसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता, अवलोकन शक्ति और नेतृत्व कौशल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस प्रकार की गतिविधियों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति कौशल तथा परस्पर विचार-विमर्श के माध्यम से सहयोग की भावना भी विकसित होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसी शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. मोहन कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से प्रतिवर्ष विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में आज वाणिज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए.आई) के उपयोग विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों को वाणिज्य के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका, उसके उपयोग, लाभों और चुनौतियों को समझने का अवसर मिलता है। साथ ही, ये गतिविधियां विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता, विश्लेषणात्मक सोच और विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के कौशल को विकसित करने में सहायक होती हैं। कार्यक्रम का मंच संचालन सुनील कुमार कलकल ने किया। निर्णायक मंडल की भूमिका डॉ रीना व डॉ सुचित्रा ने निभाई। इस अवसर पर नरेंद्र कुमार, डॉ रविन्द्र सिंह व महाविद्यालय के अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।






सेवा संकल्प अभियान – ग्रामीणों के लिए लाभकारी साबित हो रहे सेवा सेतु कैंप
सरकार की योजनाओं के लाभार्थी बनने सेवा सेतु कैंप पहुंचे ग्रामीण
गांव ढाकला में मुख्य अतिथि समाजसेवी मनोज धनखड़ ने सेवा सेतु कैम्प का किया अवलोकन
डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर दी योजनाओं की जानकारी
समस्त क्षेत्रवासियों ने सरकारी सेवाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं व स्वास्थ्य जांच का उठाया लाभ
झज्जर, 12 अक्तूबर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के तहत नागरिकों को सरकारी सेवाओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सहज रूप से उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से सोमवार को गांव ढाकला में सेवा सेतु कैंप का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में मनोज धनखड़ ने सेवा सेतु कैम्प का शुभारंभ किया। कैम्प में पहुँचने पर बीडीपीओ साल्हावास राहुल मेहरा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। कैंप में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने पहुंचकर विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त की और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाया। डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में झज्जर जिला में सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा सेतु कैंप लगाकर लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है।
नागरिकों को सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं, सेवाओं और कार्यक्रमों की दी जानकारी
मुख्य अतिथि मनोज धनखड़ ने बताया कि कैंप में विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए, जहां विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नागरिकों को सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं, सेवाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी जा रही है। नागरिकों को योजनाओं के लिए निर्धारित पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा मिलने वाले लाभों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। कैंप में पहुंचने वाले लोगों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का मौके पर समाधान करने का प्रयास किया गया।
स्वास्थ्य संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली के लिए किया प्रेरित
सेवा सेतु कैंप में स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग की ओर से स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया। यहां नागरिकों की स्वास्थ्य जांच करने के साथ उन्हें स्वास्थ्य संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली तथा आयुष पद्धति से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं परामर्श दिया गया। इससे कैंप में आने वाले नागरिकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी के साथ स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का भी लाभ मिला। कैंप में विभिन्न योजनाओं से संबंधित जानकारी लेने के लिए नागरिकों में उत्साह देखने को मिला। लोगों ने विभागीय स्टॉल पर पहुंचकर अपनी जरूरत के अनुसार जानकारी प्राप्त की तथा पात्रता के आधार पर योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया को समझा। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आमजन को सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे प्रशासन की ओर से शेड्यूल अनुसार सेवा सेतु कैंप में पहुंचकर विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त करें और अपनी पात्रता के अनुसार सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।
सेवा संकल्प अभियान के तहत गांव खुड्डन में आज लगेगा सेवा सेतु कैंप
जिला परिषद के सीईओ मनीष फोगाट ने दी जानकारी
झज्जर, 12 अक्तूबर, अभीतक: जिलाभर में सेवा संकल्प अभियान के तहत आमजन को सरकार की योजनाओं का लाभ उनके नजदीक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में सेवा सेतु कैंप लगाए जा रहे हैं। डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में लग रहे सेवा सेतु कैम्प में लोग सरकार की योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। जिला परिषद के सीईओ मनीष फोगाट ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार 13 अक्टूबर को गांव खुड्डन, 14 अक्टूबर को साल्हावास ब्लॉक मुख्यालय तथा 15 अक्टूबर को गांव भुरावास में सेवा सेतु कैंप आयोजित किए जाएंगे।

वायु प्रदूषण रोकथाम में सक्रिय भागीदारी निभाएं नागरिक: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल के सख्त निर्देश-कचरा व पराली जलाने पर नियंत्रण के लिए विशेष कार्य योजना तैयार करें विभाग
संशोधित ग्रेप प्रावधानों की जिला में प्रभावी ढंग से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश
झज्जर, 12 अक्तूबर, अभीतक:एनसीआर क्षेत्र में शामिल झज्जर जिले में संशोधित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के प्रभावी क्रियान्वयन और वायु प्रदूषण की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन ने निगरानी एवं प्रवर्तन व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से विशेष कार्ययोजना तैयार कर उसे प्रभावी ढंग से लागू करें। प्रदूषण नियंत्रण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि संशोधित ग्रेप के प्रावधानों की जिला में प्रभावी ढंग से पालना सुनिश्चित की जाए। चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखते हुए प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने औद्योगिक इकाइयों से होने वाले प्रदूषण, डीजल जनरेटर सेट, सड़क की धूल, वाहनों के उत्सर्जन, खुले में कचरा जलाने, अवैध डंपिंग, धान की पराली एवं फसल अवशेष जलाने तथा निर्माण एवं सीएंडडी गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए।
सड़क की धूल और वाहनों के प्रदूषण पर रहे विशेष फोकस
डीसी ने सड़क की धूल को नियंत्रित करने के लिए मैकेनिकल एवं वैक्यूम स्वीपिंग के साथ आवश्यकतानुसार पानी के छिड़काव की व्यवस्था प्रभावी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों एवं अन्य गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया।
अवैध आरएमसी व एचएमपी इकाइयों पर कार्रवाई के निर्देश
औद्योगिक इकाइयों के निरीक्षण की समीक्षा करते हुए डीसी ने पर्यावरणीय मानकों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध आरएमसी एवं एचएमपी इकाइयों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने तथा अवैध अथवा बंद इकाइयों के बिजली कनेक्शन काटने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। खुले स्थानों पर औद्योगिक, ठोस एवं निर्माण अपशिष्ट की अवैध डंपिंग को रोकने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
पराली जलाने की घटनाओं पर रोक को लेकर फील्ड निगरानी बढ़ाएं
डीसी ने धान की पराली एवं फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए फील्ड स्तर पर निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी एवं कस्टम हायरिंग सेंटरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।
आम जनभागीदारी से ही प्रभावी होगा प्रदूषण नियंत्रण
डीसी वर्षा खांगवाल ने ग्रेप के प्रावधानों, पराली व कचरा जलाने से होने वाले नुकसान, सड़क की धूल नियंत्रण, पीयूसी की आवश्यकता तथा प्रदूषण संबंधी शिकायत दर्ज कराने के माध्यमों को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों की भागीदारी के बिना वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं है। प्राप्त शिकायतों पर भी त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।






सेवा संकल्प अभियान के तहत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में विभिन्न गतिविधियां जारी
कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के तत्वावधान में सेवा मेरा योगदान थीम पर स्वच्छता ही सेवा तथा वोकल फॉर लोकल कार्यक्रम आयोजित
झज्जर, 12 अक्तूबर, अभीतक: जिलाभर में डीसी वर्षा खांगवाल के दिशा निर्देश अनुसार सेवा संकल्प अभियान के तहत निरंतर गतिविधियां जारी हैं। प्राचार्य एवं जिला नोडल अधिकारी जीतपाल ने बताया कि सोमवार को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान झज्जर एट गुढ़ा में सेवा मेरा योगदान थीम पर स्वच्छता ही सेवा एक्टिविटी का आयोजन किया गया, जिसमें समस्त स्टाफ सदस्यों तथा प्रशिक्षणार्थियों द्वारा श्रमदान किया गया। इस सफाई अभियान में संस्थान के मुख्य गेट से प्रांगण तक सफाई की गई और स्वच्छता का महत्व समझाया गया। इसके अतिरिक्त राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान झज्जर महिला, बहादुरगढ़, खुड्डन, जहांगीरपुर, मातनहेल, साल्हावास तथा अन्य संस्थानों में भी सेवा मेरा योगदान थींम पर स्वच्छता ही सेवा के तहत सफाई अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान दूबलधन, छारा, झज्जर (महिला), साल्हावास, भापडौदा तथा जहांगीरपुर में ष्वोकल फॉर लोकल ष् कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य दैनिक जीवन में स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं, हस्तशिल्प, हथकरघा और खादी उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करें। उन्होंने स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए स्थानीय कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों और लघु उद्योगों द्वारा निर्मित वस्तुओं को खरीदने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलती है तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं। दोनों कार्यक्रमों में संस्थानों के स्टाफ सदस्यों तथा प्रशिक्षणार्थियों ने बढ़-चढ़ के भाग लिया।


ठाकुर दवारा हाई स्कूल बिरड माजरा, में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित: सीजेएम विशाल
कर्मजीत छिल्लर ने विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट एवं नशा मुक्ति के प्रति किया जागरूक’
झज्जर, 12 अक्तूबर, अभीतक: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला व सत्र न्यायाधीश राजकुमार यादव के मार्गदर्शन व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सचिव एवं सीजेएम विशाल के आदेशनुसार आज ठाकुर दवारा हाई स्कूल बिरड माजरा (झज्जर) में एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया और विद्यार्थियों को कानून व सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर जागरूक किया। पोक्सो एक्ट व बाल अधिकाररू पैरा लीगल वॉलंटियर कर्मजीत छिल्लर ने विद्यार्थियों को पोक्सो एक्ट के प्रावधानों के बारे में सरल और सुलभ भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि यह कानून बच्चों को किसी भी तरह के यौन उत्पीड़न व शोषण से सुरक्षा प्रदान करता है। बच्चों को अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क करते हुए गुड टच और बैड टच के अंतर को विस्तार से समझाया गया। छिल्लर ने बच्चों को प्रेरित किया कि यदि कोई भी व्यक्ति उनके साथ अनुचित व्यवहार करे, तो वे बिना डरे तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों या पुलिस को सूचित करें। युवाओं को नशे की बढ़ती लत और इसके भयानक दुष्प्रभावों के बारे में चेतावनी दी गई। उन्होंने विद्यार्थियों से नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा अपनी ऊर्जा को शिक्षा, खेलकूद और रचनात्मक कार्यों में लगाने का आह्वान किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को नशा मुक्ति, दहेज प्रथा, तथा बाल विवाह निषेध की शपथ भी दिलाई गई। किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति, बाल श्रम, उत्पीड़न या सहायता की आवश्यकता पड़ने पर बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर हेल्पलाइन (01251-252013) व राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण का टॉल फ्री नंबर 15100 का उपयोग करने की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के समापन पर स्कूल प्रशासन व शिक्षकों ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झज्जर का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य और विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।


निपुण हरियाणा मिशन के तहत छह दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन’
प्रतिभागियों को वितरित किए प्रमाण पत्र’
झज्जर, 12 अक्तूबर, अभीतक: निपुण हरियाणा मिशन के अंतर्गत झज्जर जिले के चारों खंडों में प्राथमिक शिक्षकों के प्रथम बैच का छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आज संपन्न हुआ। बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान पर आधारित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों की दक्षताओं को बढ़ाना तथा प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार लाना था। प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। खंड बेरी में समापन समारोह राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बेरी में आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राजबाला, जिला परियोजना समन्वयक अनिल शर्मा तथा जिला निपुण समन्वयक डॉ. सुदर्शन पुनिया उपस्थित रहे। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राजबाला ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव है। प्रत्येक शिक्षक का दायित्व है कि वह बच्चों में पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणितीय कौशलों का विकास सुनिश्चित करे। उन्होंने शिक्षकों से प्रशिक्षण में सीखी गई विधियों को कक्षा-कक्ष में प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया। डीपीसी अनिल शर्मा ने कहा कि निपुण हरियाणा मिशन की सफलता शिक्षकों के समर्पण, नवाचार और निरंतर प्रयासों पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि बच्चों के सीखने के स्तर का नियमित आकलन कर उनकी आवश्यकताओं के अनुसार शिक्षण गतिविधियां आयोजित की जानी चाहिए, ताकि कोई भी बच्चा सीखने में पीछे न रहे। जिला निपुण समन्वयक डॉ. सुदर्शन पुनिया ने कहा कि प्रशिक्षण की वास्तविक सफलता तभी है, जब इसका सकारात्मक प्रभाव विद्यालयों और बच्चों के सीखने पर दिखाई दे। उन्होंने शिक्षकों से गतिविधि-आधारित, आनंदमय एवं बाल-केंद्रित शिक्षण पद्धतियां अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को पढ़ने, समझने, लिखने तथा बुनियादी गणितीय दक्षताओं में निपुण बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्या डॉ. सुनीता देवी, मनोज भाटिया तथा खंड निपुण समन्वयक उर्मिला भी उपस्थित रहीं। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर की भूमिका श्रीमती सुनीता एबीआरसी व श्रीमती मोनिका एबीआरसी ने निभाई। श्रीमती सरिता व प्रांजलि ने सहयोग किया।समारोह के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा विद्यालयों में प्रशिक्षण के अनुभवों का प्रभावी उपयोग करने का संकल्प लिया गया।



हरियाणा ने जनगणना 2027 में 100 प्रतिशत कवरेज का लक्ष्य रखाय डिजिटल जनसंख्या गणना के लिए 87,450 फील्ड कर्मियों का अनुमान’
एफसीआर डॉ. सुमिता मिश्रा ने उपायुक्तों को छूटे हुए लोगों और दोहरी गणना रोकने के निर्देश दिएय राज्य में लगभग 70,000 प्रगणना ब्लॉक बनाए जाने की योजना’
चंडीगढ़, 12 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा सरकार ने जनगणना 2027 के तहत 100 प्रतिशत जनसंख्या कवरेज सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि कोई भी व्यक्ति अथवा परिवार जनगणना से छूट न जाए। इसके लिए सख्त जवाबदेही, गहन फील्ड निगरानी और समयबद्ध तैयारियों पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि जनगणना के दौरान किसी प्रकार की चूक, दोहरी गणना या आंकड़ों में त्रुटि की संभावना न रहे। जनगणना के प्रथम चरण में राज्य के 51,907 हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों को सफलतापूर्वक कवर किया जा चुका है। अब हरियाणा दूसरे चरण में जनसंख्या गणना की तैयारियों में जुट गया है। इस चरण में रिजर्व कर्मियों सहित लगभग 87,450 प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों की तैनाती की संभावना है, जो लगभग 70,000 प्रगणना ब्लॉकों में कार्य करेंगे। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, जो जनगणना 2027 के लिए राज्य नोडल अधिकारी भी हैं, ने आज यहां हरियाणा निवास में आयोजित प्रधान जनगणना अधिकारियों के एक दिवसीय सम्मेलन में ये निर्देश दिए। जनगणना 2027 को राष्ट्र निर्माण, विकास योजना और प्रभावी सुशासन से सीधे जुड़ी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताते हुए डॉ. मिश्रा ने कहा कि जनगणना की विश्वसनीयता सटीक गणना, प्रशासनिक जिम्मेदारियों के स्पष्ट निर्धारण और जिला स्तर पर प्रभावी निगरानी पर निर्भर करेगी। उन्होंने कहा, “जनगणना के आंकड़ों की गुणवत्ता काफी हद तक जिला स्तर पर गंभीरता, नेतृत्व और फील्ड पर्यवेक्षण पर निर्भर करती है। उन्होंने उपायुक्तों को जनगणना की तैयारियों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने, चार्ज अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें करने तथा जनसंख्या गणना शुरू होने से पहले संभावित परिचालन संबंधी समस्याओं की पहचान करने के निर्देश दिए। डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट किया कि जनगणना के कार्य को अतिरिक्त विभागीय जिम्मेदारी के बजाय प्राथमिकता वाले कार्य के रूप में लिया जाना चाहिए। उन्होंने तैयारियों में अधिक स्वामित्व, जिम्मेदारियों के स्पष्ट निर्धारण और निर्धारित समयसीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा, “कवरेज, सटीकता और गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।” उन्होंने जिला प्रशासन को दुर्गम क्षेत्रों, तेजी से विकसित हो रही आवासीय बस्तियों, बहुमंजिला इमारतों, शहरी झुग्गी-बस्तियों तथा बड़ी संख्या में प्रवासी आबादी वाले क्षेत्रों के लिए विशेष परिचालन योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने संभावित कवरेज गैप की पहचान करने, दोहरी गणना रोकने और फील्ड स्तर पर निगरानी मजबूत करने के लिए तकनीक तथा उपलब्ध प्रशासनिक सूचनाओं के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया। सम्मेलन में प्रस्तुत परिचालन रोडमैप के अनुसार, जनसंख्या गणना के दूसरे चरण में हरियाणा के 23 जिलों, 6,522 गांवों और 88 कस्बों को शामिल करते हुए लगभग 70,000 प्रगणना ब्लॉकों में कार्य किया जाएगा। इस दौरान लगभग 74,800 प्रगणक और 12,650 पर्यवेक्षक, जिसमें रिजर्व कर्मी भी शामिल हैं, 203 जनगणना चार्जों में कार्य करेंगे। इनकी निगरानी 34 प्रधान जनगणना अधिकारियों द्वारा की जाएगी। आगामी जनगणना की प्रमुख विशेषता डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग होगा। जनसंख्या गणना के लिए समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन, ऑनलाइन स्व-गणना (ैमस-िम्दनउमतंजपवद) और केंद्रीकृत निगरानी प्रणाली का उपयोग किया जाएगा, जिससे कार्य में दक्षता, पारदर्शिता और आंकड़ों की सटीकता बढ़ाई जा सके। डॉ. मिश्रा ने जनगणना ड्यूटी से छूट मांगने वाले आवेदनों की भी कड़ाई से जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से उन कर्मियों के मामलों की भी समीक्षा करने को कहा, जिन्होंने जनगणना के पहले चरण में ड्यूटी निभाई थी। उन्होंने कहा कि सक्षम कर्मियों का चयन, समय पर नियुक्तियां और व्यापक प्रशिक्षण जनगणना की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। प्रधान जनगणना अधिकारियों के सम्मेलन के साथ प्रशिक्षण गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं और इसके बाद चार्ज अधिकारियों, मास्टर ट्रेनरों, फील्ड ट्रेनरों, प्रगणकों तथा पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में निर्धारित प्रक्रियाओं, डिजिटल एप्लिकेशन और परिचालन संबंधी जिम्मेदारियों से कर्मियों को परिचित कराया जाएगा। उन्होंने चार्ज अधिकारियों को फील्ड कर्मियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने तथा पर्यवेक्षकों के साथ साप्ताहिक बैठकें आयोजित कर परिचालन संबंधी समस्याओं की पहचान और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एफसीआर ने जनगणना कर्मियों के कल्याण और परिचालन संबंधी तैयारियों पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने जिला प्रशासन को पर्याप्त प्रशिक्षण सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था, लॉजिस्टिक सहायता और आवश्यक प्रशासनिक सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (च्थ्डै) के माध्यम से लंबित मानदेय भुगतान शीघ्र जारी करने पर जोर दिया, ताकि जनगणना कार्य में लगे कर्मियों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो। सम्मेलन में प्रस्तुत वित्तीय प्रावधानों के अनुसार, प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को दोनों चरणों के लिए कुल 25,000 रुपये का मानदेय मिलेगा, जिसमें हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन के लिए 9,000 रुपये और जनसंख्या गणना के लिए 16,000 रुपये शामिल हैं। जनगणना की सफलता में आम जनता की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए डॉ. मिश्रा ने उपायुक्तों को व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने तथा अफवाहों और गलत सूचनाओं का तथ्यों के आधार पर तत्काल खंडन करने के निर्देश दिए। सरकार द्वारा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया, शिक्षण संस्थानों, ग्राम पंचायतों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों, दीवार लेखन तथा पारंपरिक जन उद्घोषणा माध्यमों का उपयोग किया जाएगा। गीता जयंती और सूरजकुंड मेले जैसे प्रमुख जनसमागमों का उपयोग भी जनगणना 2027 के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नागरिकों को स्व-गणना के लिए प्रोत्साहित करने हेतु किया जाएगा। डॉ. मिश्रा ने कहा कि जनगणना के दौरान एकत्र की गई व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता का ब्मदेने ।बज, 1948 तथा निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने जनगणना के सुचारू संचालन के लिए राजस्व, शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शहरी स्थानीय निकाय, पंचायती राज संस्थाओं, सूचना प्रौद्योगिकी तथा जनसंपर्क विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि प्रशासनिक बाधाओं को दूर कर फील्ड कार्य निर्बाध रूप से संचालित किया जा सके। उन्होंने कहा, जनगणना 2027 की सफलता अंततः तैयार किए गए आंकड़ों की गुणवत्ता में दिखाई देगी।” उन्होंने रेखांकित किया कि जिला स्तर पर प्रभावी नेतृत्व ही जनगणना की विश्वसनीयता निर्धारित करेगा। हरियाणा के जनगणना निदेशक डॉ. ललित जैन ने अधिकारियों को तकनीकी एवं परिचालन संबंधी तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि जनगणना 2027 भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी। उन्होंने बताया कि प्रगणक स्मार्टफोन पर समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से जनसंख्या संबंधी जानकारी दर्ज करेंगे। वहीं, ब्मदेने डंदंहमउमदज ंदक डवदपजवतपदह ैलेजमउ (ब्डडै) के माध्यम से फील्ड संचालन, प्रशासनिक प्रगति और जनगणना से जुड़े अधिकारियों के बीच समन्वय की निगरानी की जाएगी। सम्मेलन में प्रस्तुत कार्यक्रम के अनुसार, नागरिक 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027 तक ैमस.िम्दनउमतंजपवद च्वतजंस के माध्यम से ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना की जाएगी। इसके पश्चात 1 मार्च से 5 मार्च 2027 तक पांच दिवसीय पुनरीक्षण दौर आयोजित किया जाएगा, जिसमें छूटे हुए व्यक्तियों की पहचान, विसंगतियों का सुधार और पूर्ण कवरेज सुनिश्चित किया जाएगा। जनगणना की संदर्भ तिथि एवं समय 1 मार्च 2027 को 00रू00 बजे निर्धारित किया गया है। स्व-गणना का विकल्प चुनने वाले परिवारों का भी प्रगणकों द्वारा घर जाकर सत्यापन किया जाएगा। पर्यवेक्षक 20 प्रतिशत रिकॉर्ड का सत्यापन करेंगे, जबकि चार्ज अधिकारियों को ऐसे रिकॉर्ड चिन्हित करने की सुविधा होगी, जिनमें अतिरिक्त फील्ड सत्यापन की आवश्यकता हो। सम्मेलन में जनसंख्या गणना की प्रक्रियाओं, प्रश्नावली, डिजिटल एप्लिकेशन, ैमस.िम्दनउमतंजपवद च्वतजंस, वैधानिक प्रावधानों तथा विशेष क्षेत्रों में जनगणना की व्यवस्थाओं से संबंधित तकनीकी सत्र भी आयोजित किए गए। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, सेवा विभाग, डॉ. जी. अनुपमाय अतिरिक्त मुख्य सचिव, विकास एवं पंचायत विभाग, विजयेंद्र कुमारय निदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग, डॉ. प्रियंका सोनीय मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों तथा जनगणना विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




बालिका दिवस पर शक्ति का शंखनाद: बेटियाँ ही जगदम्बा
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. रजिंदर शर्मा ने नौ प्रतिभाशाली बालिकाओं को किया सम्मानित
रेवाड़ी, 12 अक्तूबर, अभीतक: नवरात्र के पावन अवसर और अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मसानी में नारी शक्ति के सम्मान की एक अनूठी मिसाल पेश की गई। दुर्गा मंदिर, बारहाजारी के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. रजिंदर शर्मा ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल करने वाली नौ प्रतिभाशाली बालिकाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर बालिकाओं की मेहनत, प्रतिभा, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी सफलता के नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रेरित किया गया। नवरात्र में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के साथ नौ बालिकाओं का सम्मान करना नारी शक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक बना। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना तथा उनकी प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना रहा। विद्यालय की प्राचार्या डॉ. नम्रता सचदेवा ने अपने वक्तव्य में कहा कि बेटियाँ माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की तरह शक्ति, साहस, ज्ञान और आत्मविश्वास की प्रतीक हैं। नवरात्र और अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस का यह संगम हमें बेटियों की क्षमताओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर देने की प्रेरणा देता है। हमारा उद्देश्य केवल प्रतिभाशाली बेटियों को सम्मानित करना ही नहीं, बल्कि समाज में ऐसा सकारात्मक वातावरण तैयार करना भी है, जहाँ हर बेटी बिना किसी भेदभाव के अपने सपनों को साकार कर सके। जब एक बेटी सशक्त होती है, तो परिवार, समाज और राष्ट्र सशक्त होता है। बेटियों का सम्मान ही सच्चे अर्थों में माँ जगदम्बा की आराधना है। उन्होंने आगे कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, समानता और सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि प्रत्येक बालिका अपनी प्रतिभा को पहचानकर जीवन में सफलता के नए आयाम स्थापित कर सके। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. रजिंदर शर्मा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बेटियाँ समाज की वास्तविक शक्ति हैं। उनकी प्रतिभा को पहचानना, उन्हें प्रोत्साहित करना और शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस प्रकार के आयोजन बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ समाज में लैंगिक समानता और सकारात्मक सोच को भी प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों को उचित अवसर और प्रोत्साहन देकर ही एक शिक्षित, सशक्त एवं प्रगतिशील समाज का निर्माण किया जा सकता है। विद्यालय द्वारा बालिकाओं के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए किया गया यह प्रयास सराहनीय एवं प्रेरणादायक है। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बेटियाँ बोझ नहीं, बल्कि परिवार और समाज की ताकत हैं। उन्हें शिक्षा, सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर प्रदान करना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सम्मानित बालिकाओं की उपलब्धियाँ अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनीं। संदेश स्पष्ट है—बेटियाँ ही शक्ति हैं, बेटियाँ ही सम्मान हैं और बेटियों का सशक्तिकरण ही राष्ट्र की सच्ची प्रगति है। उनका सम्मान ही सच्चे अर्थों में माँ जगदम्बा की आराधना है।
सोनीपत: अन्नदाता की मजबूरी और परेशानी नहीं हो रही कम
6 महीने तक अपने फसल को बीमारी और आसमानी आपात से बचकर पहुंच अनाज मंडी तो लगी निराशा हाथ
अपने पीले सोने की खरीद के लिए दर – दर की ठोकर खा रहा अन्नदाता
बीती देर रात आई बरसात के बाद अन्नदाता का बुराहाल
सोनीपत अनाज मंडी में पानी ही पानी
पीआर धान की खरीद न होने से किसान बहुत ज्यादा परेशान
किसानों का कहना पिछले एक सप्ताह से कर रहे हैं खरीदारों का इंतजार
अधिकारी बार-बार दे रहे खरीद होने का आश्वासन लेकिन नहीं हो रही पीआर धान की खरीद
बीती देर रात आई बरसात में बह गया पीला सोना
अधिकारियों ने जल्द भरवाने का दिया था आश्वासन लेकिन समय पर धान की भारी न होने के कारण बारिश में हुआ नुकसान
सोनीपत मंडी में पहुंचे किसानों का आरोप अधिकारियों की लापरवाही की वजह से उन्हें हुआ भारी नुकसान
फिलहाल किसान सोनीपत मंडी सेक्ट्री के दफ्तर में गेट के सामने ही धरने पर बैठे
किसानों का कहना जल्द समाधान करें सरकार और नुकसान की भरपाई भी दे अधिकारी
किसानों ने हैफेड अधिकारी से फोन पर की बात, अधिकारी ने फोन पर किसानों से कहा अभी तक मिलर नहीं मिलने की वजह से आ रही परेशानी
किसानों ने कहा परेशानी का जल्द हो समाधान, अधिकारी का फोन पर आश्वासन लिखित में लेटर भेजा जा चुका, जल्द होगा समाधान
किसानों ने कहा हम बहुत ज्यादा परेशान आप करें समाधान, अधिकारी ने कहा सरकार से कर ले बात
सोनीपत: सोनीपत की दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय एक बार फिर सुर्खियों में
मुरथल यूनिवर्सिटी में वीसी के खिलाफ कर्मचारियों का प्रदर्शन
एक्सटेंशन के दौरान ताबड़तोड़ फैसले लेने का आरोप, वीसी की कार्यशैली पर उठे सवाल
वीसी की कार्यशैली के विरोध में कर्मचारी यूनियन ने खोला मोर्चा
एक्सटेंशन के दौरान कमेटियों में फेरबदल, कुलपति पर मनमानी के लगाए आरोप
प्रशासनिक अव्यवस्था और लंबित मांगों को लेकर कर्मचारियों में रोष
नियमित कुलपति की नियुक्ति और एक्सटेंशन में लिए गए फैसले रद्द करने की मांग
कर्मचारी यूनियन ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर उठाए सवाल
कर्मचारियों का आरोप प्रमोशन, भर्ती और वेतन संबंधी समस्याएं लंबे समय से लंबित
28 सितंबर को भी कर्मचारियों ने रोष मार्च निकालकर दिया था अनिश्चितकालीन धरना
कर्मचारी बोले जब तक मांगे पूरी नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा
राहुल गांधी को ब्श्रप् सूर्यकांत का करारा जवाब
शिकायत है तो याचिका दाखिल करो,
कोर्ट कानून के अनुसार सुनवाई करेगी
न्याय का दरवाजा सबके लिए खुला है
कानून से लड़िए, संस्थाओं पर दबाव बनाने की राजनीति से नहीं
फरीदाबाद: फरीदाबाद के पार्क हॉस्पिटल में इनकम टैक्स विभाग की बड़ी कार्यवाही
सुबह 6 बजे से फरीदाबाद के पार्क हॉस्पिटल में चल रही इनकम टैक्स विभाग की बड़ी कार्यवाही
5 से 7 गाड़ियों में इनकम टैक्स विभाग के अधिकारी पहुंचे थे फरीदाबाद के पार्क हॉस्पिटल
सुबह 6 बजे से लगातार अभी तक चल रही इनकम टैक्स की कार्यवाही
टैक्स चोरी और वित्तीय लेनदेन की गड़बड़ी को लेकर चल रही है कार्यवाही
झज्जर: झज्जर विजिलेंस के हत्थे चढ़ा रिश्वतखोर थानेदार
सांपला पुलिस स्टेशन से एएसआई दीनबंधु 10 हजार की रिश्वत के साथ मौके से गिरफ्तार
हसनगढ़ के रहने वाले सुभाष ने दी झज्जर विजिलेंस को शिकायत
हत्या के मामले में पीड़ित के बेटे का सहयोग करने के लिए मांगी थी 50 हजार की रिश्वत की रकम
पीड़ित से पहले ही ले चुका था आरोपी थानेदार 40 हजार की रकम
दस हजार रुपए की बाकी रकम के लिए झज्जर विजिलेंस ने बिछाया था जाल
आरोपी को 10 हजार की रिश्वत की रकम के साथ झज्जर विजीलेंस ने किया सापला थाने से रंगे हाथों गिरफ्तार
पूरे मामले की दी विजीलेंस इंस्पेक्टर रोहतास ने जानकारी
विजिलेंस कर रही है आरोपी को अदालत में पेश करने की तैयारी

किसान पराली में न लगाए आग, आधुनिक कृषि यंत्रों के प्रयोग से पराली का खेत में ही करे प्रबंधन
राली जलाने पर होगी कार्यवाहीरू डीसी अभिषेक मीणा
धान की फसल के अवशेष को मशीनों द्वारा प्रबंधन करने पर मिलेगी प्रोत्साहन राशि
मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर धान की फसल के लिए पंजीकृत किसानों को मिलेगा योजना का लाभ
रेवाड़ी, 12 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा सरकार द्वारा फसल अवशेष प्रबन्धन योजना के तहत धान की फसल कटाई उपरांत धान फसल अवशेषों को मशीनों की सहायता से मिट्टी में मिलाने पर किसानों को 1200 रूपए प्रति एकड प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रोत्साहन राशी को प्राप्त करने के लिए किसानों का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण होना अनिवार्य है। डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि फसल अवशेष जलाने की घटनाओं की निगरानी एवं रोकथाम के लिए जिला स्तर, ब्लॉक स्तर एवं गांव स्तर पर टीमें गठित की गई है। यदि कोई किसान पराली जलाता हुआ पाया जाता है अथवा उसके खेत में पराली जलने की घटना पाई जाती है तो राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के द्वारा जारी निर्देशों के तहत कार्यवाही की जाएगी व इसके अतिरिक्त मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर भूमि रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज की जाएगी। उन्होंने बताया कि रेवाड़ी जिला में 132 गांवों में किसानों द्वारा धान की फसल बोई गई है तथा इन गांवों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए है। उप कृषि निदेशक डा. राकेश कुमार ने बताया कि पराली को जलाने से वायु प्रदुषण बढता है, मिट्टी की जैविक गुणवत्ता प्रभावित होती है। मिट्टी में मौजूद मित्र कीट नष्ट हो जाते है। उन्होने किसानों से आह्वान किया कि कोई भी किसान खेतों में पराली न जलाए व इसके लिए दूसरे किसानों को भी जागरूक करें। खेतों में पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है जिससे सांस व फेफड़ों से संबंधित बीमारियां होती है। खेतों में आग लगाने से खेतों में छोटे-छोटे कणों से पी.एम. 2.5 का स्तर अत्यधिक बढ जाता है। इससे सिर दर्द व सांस लेने में तकलीफ होती है। सहायक कृषि अभियन्ता इंजी. दिनेश शर्मा ने बताया कि किसान सुपर सीडर, रिर्वसीबल एम बी प्लाॅव, जीरो टिल सीड ड्रिल, रोटावेटर व हैरो आदि कृषि यंत्रों की सहायता से धान की फसल अवशेषों को मिट्टी में मिलाएं। उन्होंने बताया कि गांव के संबन्धित नोडल अधिकारी द्वारा किसान के खेत का विभागीय मोबाईल एप द्वारा फसल अवशेष प्रबन्धन का सत्यापन किया जाएगा, इसके उपरांत मुख्यालय द्वारा किसानों के बैंक खातों में 1200 रूपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशी सीधे डाल दी जाएगी।

समाधान शिविर में शिकायतों का तत्परता से हो निवारण- एडीसी
एडीसी राहुल मोदी ने समाधान शिविर में सुनी आमजन की शिकायतें
रेवाड़ी, 12 अक्तूबर, अभीतक: प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार और डीसी अभिषेक मीणा की अध्यक्षता में जिला व उपमंडल स्तर पर समाधान शिविर आयोजित कर आमजन की शिकायतों का तत्परता से समाधान करवाया जा रहा है। सोमवार को लघु सचिवालय रेवाड़ी स्थित सभागार में आयोजित किए समाधान शिविर में एडीसी राहुल मोदी ने एसडीएम दलबीर सिंह सहित अन्य अधिकारियों के साथ आमजन की शिकायतें सुनीं। समाधान शिविर में गांव ढाणी जाटूसाना में रास्ते पर अवैध कब्जा की शिकायत पर एडीसी ने बीडीपीओ जाटूसाना को जांच करते हुए अवैध कब्जा हटवाने के निर्देश दिए। गांव निगानियावास में अवैध कब्जे की शिकायत पर एडीसी ने बीडीपीओ धारूहेड़ा को जांच करते हुए कब्जा हटवाने के निर्देश दिए। गांव रतनथल में अवैध कब्जे की शिकायत पर एडीसी ने बीडीपीओ नाहड़ को अवैध कब्जा हटवाने के निर्देश दिए। गांव बोलनी में जोहड़ की सफाई न होने की शिकायत पर एडीसी ने बीडीपीओ धारूहेड़ा को जोहड़ की सफाई करवाने के निर्देश दिए। इसके अलावा पेंशन, परिवार पहचान पत्र, बिजली और पुलिस सहित अन्य विभागों से संबंधित शिकायतें आईं। इनमें से अधिकतर शिकायतों का मौके पर निवारण करवा दिया गया। वहीं लंबित शिकायतों के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को जल्द समाधान करवाने के निर्देश दिए। एडीसी राहुल मोदी ने कहा कि सोमवार और वीरवार को जिला व उपमंडल स्तर पर सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक आयोजित किए जा रहे समाधान शिविरों का उद्देश्य जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, ताकि समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निवारण किया जा सके। इन शिविरों के माध्यम से नागरिकों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, बल्कि वे एक ही स्थान पर अधिकारियों से सीधे मिलकर अपनी समस्या का निवारण करवा सकते है। इस अवसर पर सीटीएम जितेंद्र कुमार डीएसपी संजीव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।



प्रत्येक योग्य पात्र को मिलना चाहिए सरकार की योजनाओं का लाभ – एसडीएम विजय कुमार यादव
सेवा सेतु शिविर का आयोजन किया गया कोसली सचिवालय में
कोसली, 12 अक्तूबर, अभीतक: जनसेवा के उद्देश्य से कोसली लघु सचिवालय परिसर में सोमवार को सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित किए गए सेवा सेतु शिविर का सैकड़ों नागरिकों ने लाभ उठाया। यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फ्री मेडिकल कैंप लगाकर मरीजों की निशुल्क जांच की। आज सुबह एसडीएम विजय कुमार यादव ने सेवा सेतु शिविर का शुभारंभ किया। उन्होंने हर एक स्टॉल का अवलोकन किया तथा विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों को सरकार की योजनाओं का योग्य पात्रों को लाभ दिलवाने के निर्देश दिए। एसडीएम ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार ने अनेक रोजगारपरक तथा कल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए चलाई हुई हैं। इनका लाभ समाज के कमजोर तबके को मिलना चाहिए। कर्मचारी किसी भी पात्र के आवश्यक दस्तावेज पूरे करवाने में उसकी मदद करें। आम जन के साथ ऐसा व्यवहार ना हो, जिससे कि उसे निराशा का सामना करना पड़े। सेवा सेतु शिविर में लाडो लक्ष्मी योजना की योग्य पात्र महिलाओं के दस्तावेज जमा करवाए गए। एसडीएम ने बताया कि राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ तीन लाख रुपए तक की वार्षिक आय वाले परिवारों को भी दिया जाएगा। इसकी सूची अभी आई नहीं है। यह लिस्ट आते ही इस पर काम शुरु कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में जलभराव की समस्या है, वहां किसानों को मछली पालन के लिए प्रेरित किया जाए। इसी प्रकार परंपरागत खेती के अलावा किसानों को बागवानी की योजनाओं से लाभान्वित किया जाए, जिससे कि कृषक वर्ग की आमदनी में वृद्धि हो सके। सेवा सेतु शिविर में समाज कल्याण विभाग, मानव संसाधन विकास विभाग क्रिड, पशुपालन विभाग, एलडीएम ऑफिस, खजाना विभाग, महिला वित्तीय विकास निगम, रोजगार विभाग, पंचायती राज, रोडवेज, हरियाणा डेयरी डेवलपमेंट को-ऑपरेटिव फेडरेशन, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, सोलर ऊर्जा, पिछड़े वर्ग विकास निगम आदि ने स्टॉल लगाई हुई थीं। इस अवसर पर डीएसपी विद्यानंद, बीडीपीओ अनिल कुमार, नायब तहसीलदार नरेश कुमार, बिजली विभाग के एसडीओ सुमित कुमार, उप अधीक्षक राजेश कुमार, दलसिंह आर्य, सरपंच रामकिशन जांगड़ा, सरपंच जिले सिंह, राजकुमार, अशोक कुमार इत्यादि मौजूद रहे।
