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स्वामी नितानंद के जीवन मूल्य और विचार समाज के लिए प्रेरणादायक: कृष्ण लाल पंवार’
संतों के मार्गदर्शन से समाज को मिलती है सही दिशा – बोले कैबिनेट मंत्री’
स्वामी नितानंद महाराज के 227वें निर्वाण दिवस पर तुलसी रोपण अभियान की हुई शुरुआत’
गांव माजरा स्थित जटेला धाम पर स्वामी नितानंद महाराज के 227वें निर्वाण दिवस पर कार्यक्रम आयोजित’

झज्जर, 12 सितम्बर, अभीतक: हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि संत महात्माओं ने सदैव अपने जप आउट तप के माध्यम से हिन्दू धर्म की रक्षा की है।स्वामी नितानंद महाराज के सानिध्य में चल रहा जटेला धाम के साथ श्रद्धालुओं की अटूट आस्था है। हमें संतो के बताए मार्ग पर चलना चाहिए। कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार शनिवार को गांव माजरा दूबलधन स्थित तपोभूमि जटेला धाम में स्वामी नितानंद महाराज के 227वें निर्वाण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। इस बीच उन्होंने स्वामी नितानंद महाराज की समाधि स्थल पर दर्शन कर उन्हें नमन किया। साथ ही महंत राजेन्द्र दास से आशीर्वाद भी लिया। वहीं तुलसी का पौधा लगाकर अभियान की शुरुआत भी की,साथ ही सतगुरु नितानन्द महारज पर केंद्रित हरियाणवी लोक महाकाव्य का लोकार्पण किया।
’संतों की शिक्षाएं समाज को देती हैं नई दिशा’
कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि जटेला धाम की पवित्र तपोभूमि आध्यात्मिक चेतना का प्रमुख केंद्र है। संतों की वाणी और उनके दिखाए मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। जब संत समाज का मार्गदर्शन करते हैं तो व्यक्ति को सही दिशा मिलती है और कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता। उन्होंने कहा कि स्वामी नितानंद महाराज महान संत थे, जिन्होंने मानवता, सद्भाव, सेवा और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उनके जीवन मूल्य और विचार आज भी समाज को प्रेरणा देने का कार्य कर रहे हैं। ऐसे महान संतों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा ने कहा कि संत महापुरुषों की शिक्षाएं समाज को आपसी भाईचारे, प्रेम और सद्भाव के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलना और जरूरतमंदों की सेवा करना ही संतों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। जटेला धाम द्वारा सामाजिक सेवा और जनकल्याण की दिशा में किए जा रहे कार्य सराहनीय हैं। उन्होंने स्वामी नितानंद आयुर्वेदिक चिकित्सा संस्थान के लिए 11 लाख रुपए की घोषणा की।


स्वामी नितानंद महाराज की तपोभूमि जटेला धाम बन रहा दिव्य चेतना का कर्म स्थल: ज्ञानानंद महाराज’
गीता मनीषी महामंडलेश्वर ज्ञानानंद महाराज ने बतौर मुख्य वक्ता अपने संबोधन में कहा कि गीता में भी पर्यावरण संरक्षण के बारे में बहुत कुछ लिखा है। महंत राजेंद्र दास ने पर्यावरण संरक्षण और नशा मुक्ति समाज का जो बीड़ा उठाया है उसमें सभी की सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए। राजेंद्र दास के समर्पित प्रयास से आज स्वामी नितानंद महाराज की तपोभूमि जटेला धाम दिव्य चेतना का कर्म स्थल बन गया है। यह धाम सत्य सिद्धांत के प्रकाशन व रचना की पावन धरा है। वैसे भी यह भारत की त्याग,तपस्या व साधना की पावनस्थली है। जटेला धाम सबसे पवित्र आराधना स्थल है। सामाजिक समस्याओं के निदानात्मक उपाय संतों की पुकार यहीं से प्रेरित और प्रसारित होते है।समाजोत्थान व वसुधैव कुटुंबकम अमर संदेश जटेला धाम से ही विश्व के कोने-कोने तक पहुंच रहा है। आज सोशल मीडिया एप के माध्यम से भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया में के घरों में तुलसी के पौधे को पहुंचा दिया है। यह पर्यावरण संरक्षण का एक विश्व स्तरीय रिकॉर्ड बन गया है। उन्होंने जटेला धाम की साध संगत व श्रद्धालुओं को समाज उत्थान के अभियानों में आगे बढ़कर काम करने के लिए साधूवाद दिया।

गांव माजरा दूबलधन स्थित जटेला धाम में स्वामी नितानंद महाराज के 227वें निर्वाण दिवस पर आयोजित समारोह में उपस्थित जनों को संबोधित करते हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार। जटेला धाम में स्वामी नितानंद महाराज की समाधि स्थल नमन करते मुख्य अतिथि विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार। कार्यक्रम में मंचासीन मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ,संत महात्मा और गणमान्य व्यक्ति।


नशा मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जटेला धाम की मुहिम अनुकरणीय: औमप्रकाश धनखड़’
भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि जटेला धाम पर्यावरण संरक्षण का पर्याय बन गया है। उन्होंने साध संगत के साथ एक आध्यात्मिक भजन सांझा किया। पूर्व मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि समाज में आपसी भाईचारा और सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। संतों के बताए मार्ग पर चलकर ही एक बेहतर और संस्कारवान समाज का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे सेवा, सद्भाव और परोपकार की भावना को अपने जीवन में अपनाएं।
संतों के मार्ग पर चलकर जीवन को सफल बनाएं: राजेंद्र दास’
महंत राजेंद्र दास ने कहा कि स्वामी नितानंद महाराज समाज के लिए प्रेरणा के महान स्तंभ थे। ऐसे संत समाज को अच्छे विचार और सही मार्गदर्शन प्रदान करते हैं, जिन पर चलते हुए व्यक्ति और समाज दोनों आगे बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि मानव देह संतों की अपार कृपा से मिलती है। जन्म लेने के बाद मनुष्य को अच्छे कर्मों की ओर बढ़ना चाहिए, क्योंकि उसके कर्म ही उसके जीवन की दिशा निर्धारित करते हैं। संतों द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलकर ही इस मानव जीवन को सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि संतों का मार्गदर्शन समाज को नहीं मिलता तो समाज आज जिस बेहतर स्वरूप में है, वहां तक पहुंचना कठिन होता। बेहतर समाज के निर्माण में संतों की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। महंत राजेंद्र दास ने कहा कि जटेला धाम की संगत द्वारा नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी निरंतर कार्य किया जा रहा है। संगत ने तुलसी के एक लाख से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रकृति की रक्षा करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है और पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की देखभाल भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्वामी नितानंद की शिक्षाओं एवं विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य निरंतर जारी रहेगा। समाज में सेवा, सद्भाव, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना जरूरी है। कार्यक्रम में मंच संचालन साहित्यकार सत्यवीर नाहङिया तथा प्रोफेसर यशवीर सिंह ने किया।
समारोह में ये गणमान्य व्यक्ति रहे मौजूद
इस मौके पर अखिल भारतीय संत समिति के सचिव स्वामी जितेंद्रनंद,
कपूरी पहाड़ी के महंत कृष्ण नाथ, संत विज्ञानानंद सरस्वती, दयानंद सरस्वती, विजेंद्र दास, रामानंद के अलावा भाजपा जिलाध्यक्ष विकास वाल्मिकी, जिला परिषद के चेयरमेन कप्तान सिंह बिरधाना, भाजपा नेता संजय कबलाना व दिनेश कौशिक, मुख्यमंत्री के सलाहकार राजीव यादव, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप अहलावत, बेरी नगर पालिका के अध्यक्ष देवेन्द्र कादयान, मार्केट कमेटी बेरी के प्रधान राजेंद्र शर्मा, अनिल शर्मा मातनहेल, गुलशन भाटिया, नीरज सरपंच, विनोद सरपंच, सूरजमल कौशिक माजरा, सरदार पूर्णचंद गिल अतिरिक्त अधिवक्ता राजस्थान रेड क्रॉस के वाइस चेयरमैन अंकुश मिगलानी, दिनेश शास्त्री, डॉक्टर किरण कलकल, रविन्द्र कौशिक, डॉ दयानंद कादयान के अलावा जिला प्रशासन की ओर से सीईओ जिला परिषद मनीष फौगाट, बीडीपीओ धर्मपाल, नायब तहसीलदार मनोज कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

झज्जर और बहादुरगढ़ में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया
झज्जर, 12 सितम्बर, अभीतक: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राजकुमार यादव के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा झज्जर और बहादुरगढ़ में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस संबंध में जानकारी देते हुए कार्यवाहक सीजेएम एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मीनू ने बताया कि लोक अदालत का आयोजन फिजिकल रूप से किया गया जिसमें झज्जर व बहादुरगढ़ की सभी राजस्व एवं न्यायिक अदालतों ने भाग लिया इसके अलावा च्स्।ध्च्न्ै कोर्ट में भी लोक अदालत का आयोजन किया गया था जिसमें 493 लंबित मामलों का निपटारा किया गया। ट्रैफिक शाखा द्वारा लंबित चालान मामलों, 12473 को सुलझाया गया वहीं राजस्व अधिकारियों द्वारा मामलों 6338 का समाधान किया गया। इस लोक अदालत में कुल 24783 मामले रखे गए, जिनमें से मामलों की आपसी सहमति से 21105 निपटारा किया गया। मामलों को की कुल राशि। ..99961731 रुपए रही। प्रिंसिपल जज फैमिली कोर्ट श्री प्रवीण कुमार लाल अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुखप्रीत। अतिरिक्त सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि। सिविल जज जूनियर डिवीजन विनीत कुमार, सिविल जज जूनियर डिवीजन आदित्य वर्मा, सिविल जज सीनियर डिवीजन विवेक तोमर, सिविल जज जूनियर डिवीजन मनीषा की कोर्ट ने इस लोक अदालत ने मामलों का समाधान किया। अदालत तेजी से न्याय प्राप्त करने का एक प्रभावी माध्यम है जहां मामले आपसी सहमति से सुलझाया जाते हैं जिससे समय और धन की बचत होती है उन्होंने कहा कि आम जनता को लोक अदालतों का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए उन्होंने लोक अदालत के सफल संचालन में सहयोग देने वाले पीठासीन अधिकारियों कर्मचारियों अधिवक्ताओ तथा जिला प्रशासन पुलिस बिजली विभाग सहित अन्य विभागों की सराहना की । अंत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं कार्यवाहक सीजेएम मीनू ने सभी सहयोगी विभागो का धन्यवाद किया ।

तुलसी का पौधा पर्यावरण के लिए संजीवनी-महंत राजेंद्र दास
नशा मुक्ति व पर्यावरण संरक्षण का मानवता को जटेलाधाम ने दिया है अमर संदेश-ज्ञानानंद जी महाराज
गुरु रविदास और संत नितानंद के अध्यात्म सपनों को पूरा कर रहे हैं महेंद्र राजेंद्र दास- कृष्ण लाल पवार
जटेला धाम की एप पर 3 बजे तक 1लाख तुलसी रोपने का रिकॉर्ड पूरा हो गया

माजरा, 12 सितम्बर, अभीतक: तुलसी भारतीय संस्कृति में केवल एक पौधा ही नहीं बल्कि देवी का रूप माना गया है। आयुर्वेद पर्यावरण संरक्षण और आध्यात्मिक दृष्टि से इसके अनगिनत फायदे हैं। तुलसी आयुर्वेद का एक मानव को दिया गया उपहार है। यह वात, पित्त, कफ त्रिदोषों को संतुलित करके मनुष्य को स्वस्थ बनाती है। ये उद्गार माजरा स्थित जटेला धाम में संत नितानंद के 227 वें निर्वाणोत्सव पर तुलसी रोपण अभियान की शुरुआत करते हुए महंत राजेंद्र दास ने कही। महेंद्र राजेंद्र दास ने कहा कि तुलसी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों की रानी है। हमारे वेद शास्त्रों और संत साहित्य तुलसी की महिमा से भरे पड़े हैं। अतः आज तुलसी को फिर से प्राणी मात्र को समर्पित करने के लिए हम संकल्प ले रहे हैं तथा एक लाख तुलसी के पौधे के पर्यावरण संस्कृति संरक्षण के इतिहास में एक मिसाल कायम की है। उन्होंने वृक्शारोपण,नशा मुक्ति,कोरोना सेवा और तुलसी रोपण अभियान के लिए सफल बनाने के लिए साध संगत और लाइव जड़ी हुए जनमानस को साधुवाद ज्ञापित किया।इस मौके पर मुख्यअतिथि कृष्णा पवार पंचायत मंत्री हरियाणा ने कहा कि महंत राजेंद्र दास की रहनुमाई में पर्यावरण संरक्षण और नशे के खिलाफ एक बहुत बड़ी मुहिम चल रही है जिसका फायदा मानवता को मिल रहा है। जटेला धाम संत नितानंद की शिक्षाओं पर चलते हुए मानवता को सन्मार्ग के रास्ते पर चलने का मार्ग दिखा रहा है, जिसमें मसाल के रूप में महेंद्र राजेंद्र दास अगवाई कर रहे हैं। वे संत रविदास और नितानंद महाराज के दिखाए मार्ग पर चलते हुए मानवता की सेवा कर कर रहे हैं, जिसकी चर्चा और ख्याति विदेश तक पहुंच गई है। जितेंद्र आनंद जी महाराज ने कहा कि संत नितानंद जटेला धाम में ही नही बल्कि पूरे भारतवर्ष में पर्यावरण को बचाने के लिए एक आंदोलन के रूप में कार्य कर रहे हैं। हमने उनके सानिध्य में काम करके मानव मात्र की भलाई में शामिल होना चाहिए। भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि जटेला धाम पर्यावरण संरक्षण का पर्याय बन गया है। उन्होंने साध संगत के साथ एक आध्यात्मिक भजन सांझा किया। यहां पर आयुर्वेदिक पध्दति से गीता मनीषी ज्ञानानंद जी महाराज ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि गीता में भी पर्यावरण संरक्षण के बारे में बहुत कुछ लिखा है। अतः उसके ऊपर कार्य करते हुए संत राजेंद्र दास एक पुण्य का कार्य कर रहे हैं। राजेंद्र दास के समर्पित प्रयास से जटेला धाम दिव्य चेतना का कर्म स्थल बन गया है। यह धाम सत्य सिद्धांत के प्रकाशन व रचना की पावन धरा है। वैसे भी यह भारत की त्याग,तपस्या व साधना की पावनस्थली है। जटेला धाम सबसे पवित्र आराधना स्थल है। सामाजिक समस्याओं के निदानात्मक उपाय संतों की पुकार यहीं से प्रेरित और प्रसारित होते है। समाजोत्थान व वसुधैव कुटुंबकम अमर संदेश जटेला धाम से ही विश्व के कोने-कोने तक पहुंच रहा है। आज सोशल मीडिया एप के माध्यम से भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया में के घरों में तुलसी के पौधे को पहुंचा दिया है। यह पर्यावरण संरक्षण का एक विश्व स्तरीय रिकॉर्ड बन गया है। नशा हरियाणा की एक गंभीर समस्या है।इसके लिए राजेंद्र दास जी जनूनी ढंग से कम कर रहे हैं। जटेला धाम की साध संगत व श्रद्धालुओं को समाज उत्थान के अभियानों में आगे बढ़कर काम करने के लिए साधूवाद दिया। इस मौके पर संत समाज के प्रतिनिधि के रूप में विज्ञानानंद सरस्वती सचिव संत समिति स्वामी अमारानंद जी महाराज चान्ग, दयानंद सरस्वती, विजेंद्र दास जी महाराज, रामानंद जी महाराज सहित सैकड़ो संत महात्मा मंच पर उपस्थित रहे। राजनेता व सामाजिक प्रतिनिधियों में सरदार पूर्णचंद गिल अतिरिक्त अधिवक्ता राजस्थान रेड क्रॉस के वाइस चेयरमैन अंकुश मिगलानी, मुख्यमंत्री के सलाहकार राजवीर यादव, बेरी नगर पालिका के अध्यक्ष देवेंद्र और बिल्लू, मार्केट कमेटी बेरी के प्रधान राजेंद्र शर्मा, नीरज सरपंच, विनोद सरपंच, गुलशन भाटिया, दिनेश शास्त्री संजय काबलाना झज्जर भाजपा जिला अध्यक्ष विकास वाल्मीकि, कप्तान बिरधाना,डॉक्टर राम बल्हारा, डॉक्टर किरण कलकल, प्रोफेसर कुलताज सिंह व सुनीता दांगी, कृष्णनाथ महाराज, संजय ब्रह्मचारी, प्रदीप अहलावत सहित सैकड़ो पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि तुलसी का संरक्षण ही पर्यावरण को बचाने की सबसे बड़ा अनुष्ठान है। इसमें के लाखों की संख्या में श्रद्धालु जिन्होंने तुलसी के पोधे लेकर उसके संरक्षण की शपथ ली तथा पर्यावरनाशक संरक्षण के इस महायज्ञ में आहुति डालने का संकल्य लिया। जब तुलसी रोपण का एक लाख का आंकड़ा पार हुआ तो पंडाल में श्रद्धालुओं का भक्तजन खुशी से झूमने लगे। स्वामी नितानंद आयुर्वेदिक चिकित्सा संस्थान के लिए कृष्ण लाल पवार ने 11 लख रुपए की घोषणा की तथा दानदाताओं ने भी 10 लाख से ऊपर का दान जाटेला धाम को समर्पित किया तथा सैकड़ो युवाओं ने हर रोज ₹1100 दान देने की घोषणा की जब तक की अस्पताल पूरा हो। महाराज ने राजेंद्र दास महाराज ने अगले निर्वाण दिवस पर इस आयुर्विज्ञान चिकित्सा संस्थान को जनता को समर्पित करने का भरोसा दिलाया। इस पर्यावरणीय समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुई तथा मंगल आरती के साथ इसका समापन हुआ। मंच का संचालन हरियाणवी आशु कवि सत्यवीर नाहङिया तथा प्रोफेसर यशवीर सिंह ने किया। स्वामी नितानंद मिशन फाउंडेशन तथा नितानंद सेवा समिति सहित ग्राम व सामाजिक पंचायतों ने इस आयोजन में अपना बहुमूल्य योगदान दिया।

झज्जर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़।

जन सेवा ही प्रभु सेवा की भावना से चलेगा सेवा संकल्प अभियान: धनखड़
भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय सचिव औम प्रकाश धनखड़ ने झज्जर में पत्रकार वार्ता में दी जानकारी
राष्ट्रीय स्तर से ग्रामीण स्तर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान
आज युवा मोदी जी के साथ विकसित भारत की बात करता है, ये बदला हुआ भारत है

झज्जर, 12 सितम्बर, अभीतक: देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी सात अक्टूबर 2026 को जनसेवा और सुशासन के 25 वर्ष पूर्ण कर रहे हैं। सात अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा शुरू की और वर्ष 2014 से देश के प्रधानमंत्री के रूप में सेवारत हैं। भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय सचिव औम प्रकाश धनखड़ ने इसी उपलक्ष्य में झज्जर में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि पार्टी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक सेवा संकल्प अभियान- जन सेवा ही प्रभु सेवा के रूप में मना रही है। उन्होंने कहा कि मोदी जी का हरियाणा से विशेष लगाव रहा है, हरियाणा के प्रभारी के रूप में उनका मार्गदर्शन हमें मिला है। पत्रकार वार्ता के दौरान औम प्रकाश धनखड़ द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बदलते भारत और आगे बढ़ते भारत की संकलित लघु चलचित्र भी प्रदर्शित किया गया। उन्होंने कहा कि भारत आज हथियारो का निर्यात करने वाला देश है, दूसरे देशों को वैक्सीन करने वाला भारत है। पहले देश में खाद्य संकट, इमरजेंसी हटाने और 90 के दशक में सोना गिरवी रखने तक की नौबत आ गई थी। आज भारत के युवा मोदी जी के साथ विकसित भारत की बात करते हैं।
एक महीने तक होंगे प्रमुख कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की 25 वर्षों की निष्ठावान जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए जन आशीर्वाद की सामूहिक अभिव्यक्ति करने के लिए पार्टी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक जनसेवा को समर्पित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेगी। कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर से लेकर ग्राम स्तर तक आयोजित होंगे। इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर को सायं सात बजे आर्शीवाद का दीया, मेरे सपनों का भारत चित्र सेवा कार्यक्रम, नमो सेवा जनकल्याण, आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम, सेवा की कहानी, सेवा ज्योति कलश यात्रा विकसित भारत का संकल्प, वडनगर वाराणसी सेवा यात्रा, सेवा मेरा योगदान, सेवा हेतु अभियान,सेवा के रंग, राष्ट्र के संग, सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज और सुशासन सेवा संवाद के कार्यक्रम होंगे। धनखड़ ने बताया कि संगठन सेवा भाव के तहत रक्तदान शिविर, अनाथालय आश्रम, पौधारोपण, स्वच्छता ही सेवा,स्वास्थ्य जांच शिविर, एक गांव गोद ले कार्यक्रम,योग एवं ध्यान सत्र, प्लास्टिक मुक्ति जागरूकता, महिला स्वच्छता एवं स्वास्थ्यता, वंचित बच्चों को शिक्षा सहयोग, कैरियर काउंसिलिंग, वरिष्ठ नागरिकों हेतु डिजिटल साक्षरता, अंगदान संकल्प अभियान, नशा मुक्त भारत जागरूकता,पोषण एवं एनीमिया जागरूकता, नशा मुक्त भारत जागरूकता, सड़क सुरक्षा जागरूकता, वीरगाथा एवं सैनिक सम्मान, वोकल फॉर लोकल सहित अन्य सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम होंगे।
हिमाचली टोपी वाले बयान पर धनखड़ का दीपेंद्र हुड्डा को पलटवार
सांसद दीपेंद्र हुड्डा द्वारा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के जल्द ही हिमाचली टोपी पहनने संबंधी दिए गए बयान पर भाजपा नेता ओमप्रकाश धनखड़ ने पलटवार करते हुए कहा कि पगड़ी हो या टोपी, हर राज्य की अपनी परंपरा और पहचान होती है। किसी राज्य की पारंपरिक पोशाक को सिर पर धारण करना उस राज्य के सम्मान की बात है। धनखड़ ने कहा कि इस प्रकार के बयानों से छोटापन का संदेश जाता है। एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए धनखड़ ने कहा कि कांग्रेस द्वारा विकास के मामले में हरियाणा को पिछले गियर में धकेलने वाले आरोप का जवाब देते हुए कहा, अच्छा होते हुए भी खामियां निकालना नाराज फूफा की श्रेणी में आते हैं ऐसे लोग। इस दौरान जिला अध्यक्ष विकास वाल्मीकि,जिप चेयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना, वरिष्ठ नेता संजय कबलाना व दिनेश कौशिक मौजूद रहे।

डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल।
झज्जर जिला में शनिवार को बूथों पर विशेष अभियान के तहत दावे व आपत्तियों का निपटान करते बीएलओ।

लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए अपडेट मतदाता सूची जरूरी: डीसी’
मतदाता सूची की शुद्धता के लिए जागरूक हों नागरिक’
रविवार को भी जिला के सभी मतदान केंद्रों पर सुबह 9 से शाम 5 बजे तक मौजूद रहेंगे बीएलओ’
26 व 27 सितंबर को भी चलेगा विशेष अभियान, 30 सितंबर तक दर्ज कराए जा सकेंगे दावे एवं आपत्तियां’
नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6, विवरण में संशोधन के लिए फॉर्म-8 और नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 से करें आवेदन’

झज्जर, 12 सितम्बर, अभीतक: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी एवं अद्यतन बनाने के लिए जिला में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को जिला के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष अभियान आयोजित किया गया। यह जानकारी डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने दी। उन्होंने कहा कि अपडेट मतदाता सूची तैयार करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। प्रत्येक पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाने के साथ-साथ अपने विवरण की भी जांच करे। उन्होंने बताया कि रविवार 13 सितंबर को भी इस दौरान बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक अपने-अपने मतदान केंद्रों पर मौजूद रह कर नागरिकों व छात्र मतदाताओं से मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करेंगे।
पात्र नागरिक अपने नाम और विवरण की करें जांच
डीसी वर्षा खांगवाल ने जिलावासियों से अपील की है कि वे प्रारंभिक मतदाता सूची में अपना तथा अपने परिवार के सभी पात्र सदस्यों का नाम अवश्य जांचें। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम, पता, आयु, फोटो अथवा अन्य विवरण सही दर्ज होना आवश्यक है। नागरिक विशेष अभियान के दौरान अपने मतदान केंद्र पर पहुंचकर मतदाता सूची की जांच कर सकते हैं और आवश्यकता अनुसार दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
नाम छूटा है तो फॉर्म-6 के माध्यम से करें दावा’
डीसी ने बताया कि यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक दस्तावेज एवं घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-6 भरकर नाम शामिल करवाने के लिए दावा प्रस्तुत किया जा सकता है। पात्र नागरिक इस सुविधा का लाभ उठाकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाएं।
नाम, पता या अन्य विवरण में त्रुटि होने पर फॉर्म-8 भरें’
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची में नाम, पता, आयु, फोटो अथवा अन्य किसी विवरण में त्रुटि होने पर नागरिक निर्धारित दस्तावेज एवं घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-8 भरकर संशोधन के लिए आवेदन कर सकते हैं। डीसी ने कहा कि मतदाता अपने विवरण की जांच करें और किसी प्रकार की गलती पाए जाने पर समय रहते उसे दुरुस्त करवाएं।
अपात्र या मृत मतदाता का नाम हटाने के लिए फॉर्म-7
डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि किसी अपात्र, मृत, स्थानांतरित अथवा अन्य स्थान पर पहले से पंजीकृत मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटवाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। नागरिक अपने दावे एवं आपत्तियां संबंधित बूथ लेवल अधिकारी अथवा निर्वाचक पंजीयन अधिकारी के माध्यम से प्रस्तुत कर सकते हैं।
26 व 27 सितंबर को भी चलेगा विशेष अभियान
डीसी ने बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए 26 व 27 सितंबर को भी जिले के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष अभियान आयोजित किया जाएगा। इन दिनों भी बीएलओ सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान केंद्रों पर उपस्थित रहेंगे और नागरिकों से मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करेंगे।
30 सितंबर तक प्रस्तुत किए जा सकेंगे दावे एवं आपत्तियां’
जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने बताया कि मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां 30 सितंबर 2026 तक प्रस्तुत की जा सकती हैं। नागरिक अपने क्षेत्र के संबंधित बीएलओ अथवा निर्वाचक पंजीयन अधिकारी से संपर्क कर मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी एवं आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने जिलावासियों से अपील की कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां निर्धारित समय सीमा में दर्ज करवाएं।

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भगवत प्राप्ति के लिए स्वयं को करना पड़ता है समाप्त: स्वामी दयानंद सरस्वती
ताकि वैर, ईर्ष्या जैसे दुर्गुण निकल सकें बाहर
झज्जर के बाबा कांशीगिरी मंदिर के वार्षिकोत्सव में बोले स्वामी दयानंद
कहा, मन है परमात्मा को पाने की पहली सीढ़ी
आज महाआरती से होगा वार्षिकोत्सव का समापन

झज्जर, 12 सितम्बर, अभीतक: मुरथल से आए स्वामी दयानन्द सरस्वती का कहना है यदि हमें मंजिल पर पहुँचना है तो सबसे पहले प्रथम सीढ़ी पर पांव रखते हैं क्योंकि यदि एकदम से आखिरी सीढ़ी पर पांव रखने की कोशिश करेंगे तो गिर जायेंगे। इसी प्रकार परमात्मा को पाने की पहली सीढ़ी है मानस यानि मन। मंदिर बाबा कांशीगिरी में जारी 80वें वार्षिकोत्सव में मानस चर्चा करते हुए स्वामी दयानंद सरस्वती ने कहा कि
श्रामचरित मानस में भी लिखा है ‘‘निर्मल जन सो मोही पावा, मोहि कपट छल छिद्र न भावा’’ जिसका मानस ठीक हो जायेगा उसका चरित्र ठीक हो जायेगा। स्वामी दयानंद ने कहा जिसका चरित्र खराब हो न उसके पास बैठना चाहिए, न उसकी वाणी सुननी चाहिए। मन ठीक हो गया तो चरित्र ठीक हो जायेगा। गुरु की महिमा को बताते हुए स्वामी दयानन्द सरस्वती ने कहा कि सुनने से सब कुछ प्राप्त होता है बोलने वाले सोचते हैं हम सब जानते हैं लेकिन सुनने वाला भी बहुत ज्ञानी होता है। गुरू वो सुनाता है जो आपके लिए अच्छा होता है। परमात्मा वो करता है जो आपके लिए अच्छा होता है। लेकिन हम सुनते नहीं। गुरूनानक देव जी कहते हैं भगवान को पाने के लिए अपने-आप को समाप्त करना पड़ता है। उसमें डूबना पड़ता है। जब इंसान में एक ओंकार सतनाम आता है तब इंसान के अंदर सब कुछ समाप्त हो जाता है और सत अंदर रह जाता है। पाप, वैरभाव, ईर्ष्या आदि दुर्गण बाहर निकल जाते हैं, तब परमात्मा और इंसान में कोई फर्क नहीं रह जाता। शनिवार को मंदिर में जारी वार्षिकोत्सव का चैथा दिन था। कार्यक्रम के अंतर्गत देर शाम मंदिर में भजन संध्या का आयोजन भी किया गया जिसमें पानीपत से रवि आहूजा ओर उनकी टीम ने श्रद्धालुओं को कृष्ण भक्ति रस गंगा में गोता लगवाया।
आज बाबा की महाआरती और लंगर से होगा समापन
मंदिर संरक्षक नरेंद्र मदान ने बताया कि आज कार्यक्रम के पांचवे एवं अंतिम दिन संकीर्तन के बाद बाबा कांशीगिरी की महाआरती होगी। बाद में अटूट लंगर भी वितरित किया जायेगा। शनिवार को मंदिर में हुए कार्यक्रम में संरक्षक श्रवण मदान, पानीपत मन्दिर के प्रधान हरीश खुराना, हरिद्वार धाम के प्रधान योगराज आर्य, श्याम शर्मा, जयदयाल काठपालिया, भगवान दास ग्रोवर, नीरज ग्रोवर, दीपक खट्टर, रीटा मदान, वीके नरूला, डॉक्टर रूपचंद, डॉक्टर गौतम आर्य, प्रदीप हुड्डा, भूषण अग्निहोत्री, प्रधान सुधांशु हंस, आशीष चावला, दिनेश दुजाना, पदम खट्टर सहित बड़ी संख्या में शहरवासी उपस्थित रहे।

स्टेट टीचर अवॉर्डी मुकेश कुमार का लोक सेवा मंच ने सामाजिक तौर पर किया भव्य सम्मान
रचनात्मक उपलब्धियां प्राप्त करने वालों का सामाजिक सम्मान करना मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान का हिस्सा: अशोक प्रधान लोक सेवा मंच

रेवाड़ी, 12 सितम्बर, अभीतक: राष्ट्रीय सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच के मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान के तहत स्टेट टीचर अवार्ड से नवाजे गए शिक्षक मुकेश कुमार व उनके परिवारजनों का राष्ट्रीय सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच की कोर कमेटी ने उनके स्थानीय राव गोपाल देव चैक स्थित आवास पहुंचकर सामाजिक सम्मान किया। अभियान के अंतर्गत जनहित में ज्वलंत समस्याओं की आवाज बुलंद करने के साथ ही मंच सामाजिक तौर पर रचनात्मक कार्य करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने में जुटा है। इस कड़ी में राष्ट्रीय प्रगतिशील विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच के नेतृत्व में कोर कमेटी के सदस्य महेश कौशिक,बीके राम सिंह,राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल,नंदलाल यादव,दयाराम आर्य,डॉ. सुरेश कुमार,जगमोहन यदुवंशी सहित मास्टर रणबीर सिंह,राकेश जांगिड आदि स्टेट टीचर अवार्ड प्राप्त शिक्षक मुकेश कुमार के आवास पहुंचें। उन्होंने गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल बीकानेर (रेवाड़ी) में कार्यरत अंग्रेजी के शिक्षक मुकेश कुमार को उनकी गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बधाइयां देते हुए उनके समस्त परिवारजनों के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त कीं। गौरतलब कि मुख्यमंत्री की उपस्थिति में महामहिम राज्यपाल शिक्षक दिवस 5 सितंबर को पंचकूला में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में उक्त शिक्षक को स्टेट टीचर अवार्ड से नवाज चुके हैं । कोर कमेटी ने अवॉर्डी शिक्षक के साथ उपस्थित उनकी माता जी,धर्मपत्नी व पुत्र को गुलदस्ता भेंट किया तथा मुकेश कुमार को सामाजिक सम्मान का प्रतीक गौरवमय पटका पहनाया। राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने पर उन्हें हार्दिक बधाइयां एवं शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में अशोक प्रधान ने कहा कि शिक्षक समाज का निर्माता होता है और जब किसी समर्पित शिक्षक को सम्मानित किया जाता है तो यह केवल उस शिक्षक का ही नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा जगत और समाज का गौरव होता है। उन्होंने कहा कि मुकेश कुमार ने शिक्षण कार्य को केवल नौकरी तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य एवं जनहित से जुड़े विभिन्न अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई है। उनकी कार्यशैली और समाज के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण निश्चित रूप से युवाओं एवं अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणादायी है । उन्होंने कहा कि मेहनत, निष्ठा,नवाचार और सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता ही किसी व्यक्ति को विशिष्ट पहचान दिलाती है। राज्य शिक्षक पुरस्कार मुकेश कुमार की वर्षों की लगन एवं कर्तव्यनिष्ठा का सम्मान है। इससे सभी मेहनती शिक्षकों को प्रेरणा मिलेगी। राष्ट्रीय सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रगतिशील विचारक अशोक प्रधान लोक सेवा मंच,कोर कमेटी के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए अवार्डी शिक्षक मुकेश कुमार ने कहा कि सरकार एवं समाज के प्रबुद्ध लोगों द्वारा दिया गया यह सम्मान अत्यंत गौरव एवं खुशी का विषय है। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि वह शिक्षा एवं समाजहित के कार्यों में इसी प्रकार सक्रिय योगदान देते रहेंगे।

डीसी अभिषेक मीणा

बकाया कर राशि के निपटान के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम का उठाएं लाभ
एकमुश्त निपटान योजना का लाभ उठाने की अंतिम तिथि 28 सितंबर

रेवाड़ी, 12 सितम्बर, अभीतक: हरियाणा सरकार ने विपणन करदाताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए बकाया कर राशि के निपटान के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम शुरू की है। योजना की अंतिम तिथि 28 सितंबर 2026 है। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा वर्ष 2025 में छोटे व्यापारियों को लाभ देने के लिए शुरू की गई एकमुश्त निपटान स्कीम को व्यापारियों ने हाथो-हाथ लिया और उसका 115223 व्यापारियों ने पुरजोर लाभ उठाया। इस स्कीम की अभूतपूर्व कामयाबी को देखते हुए सरकार ने एक बार फिर निपटान स्कीम लाने का विचार किया है जिसके द्वारा पुराने बकायों को निपटाया जा सके तथा अदालतों में लंबित मुकदमों का समाधान किया जा सके। जीएसटी में कम से कम बकाया राशियों के साथ आगे बढ़ा जाए ताकि जीएसटी संग्रह को बढ़ाने में अधिक से अधिक समय और ध्यान दिया जा सके। डीसी ने बताया कि सरकार ने 1 जून 2026 से 120 दिनों के लिए 28 सितंबर 2026 तक एक मुश्त निपटान स्कीम, 2026 शुरू की है। जिसके तहत सात कराधान अधिनियमों के तहत निर्धारित बकाया देय राशि के निपटान का प्रावधान है। यदि किसी करदाता पर किसी संबंधित अधिनियम के अंतर्गत एक वर्ष में 1 लाख रुपये तक का कर बकाया है तो उसे इस स्कीम में आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। उसका उस वर्ष के लिए उस अधिनियम में संपूर्ण कर, ब्याज एवं जुर्माना राशि माफ हो जाएगी। आवेदक अपने बकाया देय राशि के निपटान के लिए किसी भी अधिनियम में किसी भी वर्ष के लिए आवेदन कर सकता है। पूर्ववर्ती हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम, 1973 के तहत बकाया राशि के निपटान के लिए विशेष छूट उपलब्ध है। हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम, 1973 को 1 अप्रैल, 2003 से हरियाणा मूल्य वर्धित कर अधिनियम, 2003 के लागू होने के साथ निरस्त कर दिया गया था। हरियाणा सामान्य बिक्री कर के तहत बकाया देय बहुत पुराने हैं, इसलिए 1 लाख से अधिक कर बकाया वाले सभी मामलों में 70 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इस बारे में उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त प्रीति चैधरी ने प्रीति चैधरी ने बताया कि फार्म सी, फार्म एफ, फार्म एच, फार्म ई1, फार्म ई2, टैक्स इनवॉइसध्वैट सी-4, वैट डी1, वैट डी2 आदि जैसे वैधानिक प्रपत्रों के न जमा करने के कारण बड़ी संख्या में बकाया राशि देय है। इन मामलों में से कुछ विभिन्न अपील स्तरों पर हैं। इन बकाया को विशेष रूप से लक्षित करने के लिए एक नई छूट प्रस्तावित की जा रही है। यदि कोई व्यक्ति अब ऐसे प्रपत्र प्रस्तुत करने में सक्षम है, तो उसके कर की मांग उन प्रपत्रों के प्रस्तुत करने से प्राप्त होने वाली छूट की राशि से घटा कर कम कर दी जाएगी, बशर्ते ये प्रपत्र तीन महीने के भीतर सत्यापित हो जाएं। यह लाभ ऐसे फर्जी, नकली फर्मों को उपलब्ध नहीं होगा जिनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू की गई है। यह लाभ उन वैधानिक प्रपत्रों के लिए भी उपलब्ध नहीं होगा जिन्हें पहले प्राधिकरणों द्वारा अस्वीकार कर दिया गया था। यह केवल हरियाणा मूल्य वर्धित कर अधिनियम, 2003 और केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम, 1956 से संबंधित बकाया राशि पर लागू होगा। उन्होंने बताया कि स्कीम के तहत हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम, 1973 के तहत प्रदान की गई कर छूट में एक रुपए से एक लाख रुपये तक कर छूट का 100 प्रतिशत, अन्य मामले में कर छूट का 70 प्रतिशत है। अन्य अधिनियमों के अधीन उपलब्ध छूट में एक रुपये से एक लाख रुपये तक कर छूट का 100 प्रतिशत, 1 लाख से 10 लाख तक 60 प्रतिशत, 10 लाख से 1 करोड़ तक 50 प्रतिशत, 1 करोड़ से 10 करोड़ तक 40 प्रतिशत, 10 करोड़ रुपये से 30 करोड़ तक 35 प्रतिशत, 30 करोड़ रुपये से 60 करोड़ तक 30 प्रतिशत, 60 करोड़ रुपये से अधिक पर 0 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत ब्याज तथा जुर्माना राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी गई है। प्रीति चैधरी ने बताया कि आवेदक को प्रत्येक पूर्ववर्ती स्लैब में दी गई छूट का पूर्ण लाभ उसके बकाया कर राशि की स्लैब तक मिलेगा। बकाया राशि निर्धारित करने वाले किसी भी आदेश के विरूद्ध अपील या मुकदमे में शामिल आवेदक भी लंबित अपीय या मुकदमे को वापस लेने की शर्त के साथ इस स्कीम के तहत आवेदन कर सकते है। निपटान की राशि का भुगतान किस्तों में करने की भी सुविधा स्कीम में दी जा रही है। पांच लाख रुपए तक के निपटान की राशि के लिए कोई किस्त नहीं। पांच लाख रुपए से अधिक और पच्चीस लाख रुपए तक के निपटान की राशि के लिए दो समान किस्तें। एक किस्त आवेदन जमा करते समय और दूसरी अंतरिम आदेश की तिथि से 60 दिनों के भीतर। पच्चीस लाख रुपए से अधिक के निपटान की राशि के लिए तीन किस्तें होगी। आवेदन जमा करते समय निपटान राशि का 40 प्रतिशत, अंतरिम आदेश की तिथि से 60 दिनों के भीतर दूसरी किस्त, निपटान राशि का 30 प्रतिशत और अंतरिम आदेश की तिथि से 120 दिनों के भीतर शेष राशि की तीसरी किस्त। ऐसे मामलों में जहां निपटान के लिए आवेदन सही पाया गया है और स्वीकार कर लिया गया है तो आवेदक के खिलाफ कोई आगे की कार्यवाही शुरू नहीं की जाएगी।

तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों के निपटारे से पक्षकारों को बड़ी राहत
दीवानी से लेकर फौजदारी, यातायात चालान, मोटर दुर्घटना दावा, पारिवारिक विवाद और बैंक ऋण वसूली तक के मामलों का हुआ सुलह-समझौते से समाधान

रेवाड़ी, 12 सितम्बर, अभीतक: आमजन को शीघ्र, सस्ता एवं सुलभ न्याय उपलब्ध करवाने तथा लंबित मामलों का आपसी सहमति से समाधान करने के उद्देश्य से शनिवार को रेवाड़ी जिले में तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार गुरविंदर सिंह वाधवा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रेवाड़ी के मार्गदर्शन में तथा अमित वर्मा, सिविल न्यायाधीश (वरिष्ठ श्रेणी) एवं अतरिक्त मुख्य दंडाधिकारी, रेवाड़ी के नेतृत्व में जिला न्यायालय रेवाड़ी सहित उपमंडलीय न्यायालय कोसली एवं बावल में लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान विभिन्न श्रेणियों के मामलों का आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। इनमें दीवानी मामले, फौजदारी मामले, यातायात चालान, मोटर दुर्घटना दावा मामले, पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस से संबंधित मामले, भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामले, उपभोक्ता विवाद, श्रम संबंधी मामले तथा बैंक ऋण वसूली से संबंधित मामलों का निपटारा किया गया। रेवाड़ी में राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए विभिन्न न्यायिक अधिकारियों की पीठों का गठन किया गया। इनमें अरविंद नशियर, प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय, रेवाड़ीय अमित गौतम, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रेवाड़ीय जोगिंदरी, अतिरिक्त सिविल जज (सीनियर डिवीजन)- एवं-मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, रेवाड़ीय विश्वास खटक, सिविल जज (जूनियर डिवीजन)-एवं-न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रेवाड़ी तथा आशीष मंडल, सिविल जज (जूनियर डिवीजन)-एवं-न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रेवाड़ी की पीठें शामिल रहीं। इसी प्रकार उपमंडल बावल में आलोक आनंद, अतिरिक्त सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-एवं-उपमंडलीय न्यायिक मजिस्ट्रेट, बावल तथा उपमंडल कोसली में अशोक कुमार, अतिरिक्त सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-एवं-उपमंडलीय न्यायिक मजिस्ट्रेट, कोसली की पीठ गठित की गई। राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान गठित सभी पीठों द्वारा कुल 18421 मामलों का निपटारा किया गया तथा कुल 7,39,50,131 रूपये की राशि से संबंधित मामलों का समाधान किया गया। आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते से मामलों का निपटारा होने से लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे पक्षकारों को बड़ी राहत मिली। राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन से पहले जिला रेवाड़ी में आयोजित प्री-लोक अदालतों के माध्यम से भी बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा किया गया। प्री-लोक अदालतों में लंबित मामलों का समाधान किया गया। इसके अतिरिक्त पूर्व-विवादित मामलों का भी निपटारा किया गया। लोक अदालत में मामलों के निपटारे से पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिली। आपसी सहमति से विवादों का समाधान होने के कारण पक्षकारों के समय और धन की बचत हुई तथा उन्हें बार-बार न्यायालय के चक्कर लगाने की परेशानी से भी मुक्ति मिली। राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य अधिक से अधिक मामलों का सौहार्दपूर्ण ढंग से समाधान कर आमजन को त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध करवाना रहा। राष्ट्रीय लोक अदालत ने यह संदेश दिया कि आपसी समझ, सहमति और सुलह के माध्यम से विवादों का शीघ्र एवं शांतिपूर्ण समाधान संभव है।

उपमंडलीय न्यायालय बावल में लोक अदालत का आयोजन, 104 मामलों का किया निपटारा
बावल, 12 सितम्बर, अभीतक: आमजन को शीघ्र, सस्ता एवं सुलभ न्याय उपलब्ध करवाने तथा लंबित मामलों का आपसी सहमति से समाधान करने के उद्देश्य से शनिवार को बावल उपमंडलीय न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। यह आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार रेवाड़ी के जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंदर सिंह वाधवा एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित वर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। बावल में आयोजित इस लोक अदालत में एसडीजेएम आलोक आनंद की बेंच के समक्ष विभिन्न श्रेणियों के मामलों को रखा गया। न्यायाधीश के कुशल नेतृत्व में दोनों पक्षों की आपसी सहमति और सुलह-समझौते के आधार पर कुल 104 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। इस दौरान सौहार्दपूर्ण वातावरण में मामलों का समाधान करते हुए कुल 54,81,735 रुपये की समझौता राशि के आदेश पारित कर पक्षकारों को बड़ी राहत दी गई। निपटाए गए मामलों में मुख्य रूप से दीवानी मामले, फौजदारी, चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद और बैंक ऋण वसूली से जुड़े मामले शामिल रहे। अदालत ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से निपटाए गए मामलों से दोनों पक्षों के बीच कड़वाहट खत्म होती है और समय व धन दोनों की बचत होती है।

ब्रिक्स सहयोग के दो दशक पूरे होने के उपलक्ष्य में स्मारक डाक टिकट जारी
नई दिल्ली, 12 सितम्बर, अभीतक: ब्रिक्स के दो दशक पूरे होने के उपलक्ष्य में, 12 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान दो स्मारक डाक टिकट जारी किए गए। ब्रिक्सरू टू डिकेड्स ऑफ कोऑपरेशन, 2006-2026“ब्रिक्स: सहयोग के दो दशक, 2006-2026 लिखे हुए इस स्मारक डाक टिकट के माध्यम से बातचीत और सहयोग के एक महत्वपूर्ण मंच के तौर पर ब्रिक्स के विकास का उत्सव मनाया जा रहा है। ये दोनों डाक टिकट भारत की 2026 की ब्रिक्स की अध्यक्षता की प्राथमिकताओं को भी दर्शाते हैं, जिसकी थीम हैः सुदृढ़ता, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण। जहां पहला डाक टिकट आपसी सम्मान, समझ और एकजुटता की भावना वाले एक मंच के तौर पर ब्रिक्स के उभरने को दर्शाता है, वहीं दूसरा डाक टिकट भारत की अध्यक्षता के ‘मानवता सबसे पहले’ और ‘जन केन्द्रित’ विजन एवं लोगो को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री ने नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से अलग आबू धाबी के क्राउन प्रिंस से मुलाकात की
नई दिल्ली, 12 सितम्बर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से अलग आबू धाबी के क्राउन प्रिंस महामहिम शेख खालिद बिन मोहम्मद के साथ 12 सितम्बर, 2026 को बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी के महत्व को दोहराया जो मजबूत राजनीतिक, सांस्कृतिक, वाणिज्यिक, ऊर्जा और दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संबंधों पर आधारित है। उन्होंने जनवरी 2026 में यूएई के राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत की सफल यात्रा तथा इसी तरह मई 2026 में प्रधानमंत्री की यूएई की यात्रा को याद किया। प्रधानमंत्री ने भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स में यूएई की सक्रिय और रचनात्मक भागीदारी की सराहना की। दोनों नेताओं ने भारत की अध्यक्षता के दौरान ब्रिक्स के अंतर्गत हुए सकारात्मक परिणामों का स्वागत किया और सहमति व्यक्त की कि दोनों देश साझा हितों और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने तथा ब्रिक्स सहयोग को और मजबूत करने के लिए इस मंच के माध्यम से मिलकर काम करना जारी रखेंगे। दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी द्वारा भारत के ओडिशा में 11.5 अरब अमेरिकी डॉलर की एकीकृत ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम परियोजना के विकास में निवेश करने की घोषणा का सकारात्मक स्वागत किया। यह भारत में एल्युमिनियम क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा एकीकृत निवेश है। इस परियोजना से ओडिशा को वैश्विक एल्युमिनियम विनिर्माण केन्द्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। दोनों नेताओं ने माना कि यूएई के नवीनतम संप्रभु निवेश कोष के रूप में लश्इमाद भारत-यूएई साझेदारी को पारस्परिक लाभ के लिए और गहरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और नवाचार सहित रणनीतिक और उभरते क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर भी चर्चा की। इस यात्रा ने नियमित उच्च-स्तरीय नेतृत्व संपर्क की परंपरा तथा पीढ़ीगत निरंतरता की पुनर्पुष्टि की, जो भारत और यूएई के बीच स्थायी संबंधों का आधार है।

प्रधानमंत्री ने नयी दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान वियतनाम समाजवादी गणराज्य के प्रधानमंत्री से भेंट की
नई दिल्ली, 12 सितम्बर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नयी दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान वियतनाम समाजवादी गणराज्य के प्रधानमंत्री श्री ले मिन्ह हंग से मुलाकात की। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सहयोगी देश के रूप में वियतनाम के भाग लेने का स्वागत किया। इस बैठक में दोनों राजनेताओं को द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा करने का अवसर मिला, जिन्हें वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव और वियतनाम समाजवादी गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री टो लैम की मई 2026 में भारत यात्रा के दौरान बढ़ाकर उन्नत समग्र रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था। दोनों नेताओं ने आपसी महत्व के विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए और अपनी साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दोहराया। भारत और वियतनाम की मित्रता लंबे समय से चली आ रही है, जो सभ्यता की साझा विरासत, परस्पर विश्वास और समझ पर आधारित है। वियतनाम भारत की श्एक्ट ईस्टश् नीति का एक प्रमुख स्तंभ है और दक्षिण पूर्व एशिया के साथ भारत के व्यापक संवाद में एक महत्वपूर्ण साझीदार है।

नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री ने मलेशिया के प्रधानमंत्री से मुलाकात की
नई दिल्ली, 12 सितम्बर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 12 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर मलेशिया के प्रधानमंत्री महामहिम दातो’ सेरी अनवर बिन इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय बैठक की। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री इब्राहिम का भारत में गर्मजोशी से स्वागत किया और साझेदार देश के रूप में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में मलेशिया की भागीदारी की सराहना की। दोनों नेताओं ने फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री मोदी के मलेशिया दौरे के परिणामों की समीक्षा की और व्यापार एवं निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, अवसंरचना, डिजिटल अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, फिनटेक, शिक्षा, पर्यटन और जन-से-जन संबंधों सहित, विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति का जायजा लिया। प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने सबाह के कोटा किनाबालु में भारत के महावाणिज्य दूतावास की स्थापना के लिए मलेशिया की सहमति से अवगत कराया। प्रधानमंत्री मोदी ने आसियान-भारत संबंधों को सुदृढ़ करने में मलेशिया के निरंतर समर्थन की सराहना की। दोनों नेताओं ने साझा हितों के प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने भारत-मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए अपनी निरंतर प्रतिबद्धता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान फेडरल डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ इथियोपिया के प्रधानमंत्री से मुलाकात की
नई दिल्ली, 12 सितम्बर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में, भारत की अध्यक्षता में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अवसर पर, फेडरल डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ इथियोपिया के प्रधानमंत्री महामहिम डॉ. अबी अहमद अली से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से चर्चा हुई। उन्होंने आर्थिक सहयोग, रक्षा एवं सुरक्षा साझेदारी और क्षमता विकास सहित प्रमुख क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की। यह बैठक दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री श्री मोदी की अदीस अबाबा की ऐतिहासिक यात्रा के बाद की प्रगति पर आधारित थी। दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने बहुपक्षीय मंचों पर घनिष्ठ सहयोग बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इथियोपिया की भागीदारी की सराहना की और कहा कि उसकी उपस्थिति से ग्लोबल साउथ की साझी आवाज को और मजबूती मिली है।

एसपीओ भर्ती के लिए आवेदकों के साक्षात्कार 15 सितंबर को पुलिस लाइन झज्जर में’
झज्जर, 12 सितम्बर, अभीतक: झज्जर पुलिस में विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) के रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया के तहत जिन पूर्व सैनिकों एवं अर्धसैनिक बलों के पूर्व जवानों द्वारा आवेदन किया गया है, उनके साक्षात्कार एवं आवश्यक दस्तावेजों की जांच 15 सितंबर 2026 को पुलिस लाइन झज्जर में की जाएगी।जानकारी देते हुए पुलिस उपायुक्त मुख्यालय फैसल खान ने बताया कि पुलिस आयुक्त सिमरदीप सिंह के दिशा-निर्देशन में एसपीओ के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया के लिए विशेष चयन कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदकों के साक्षात्कार एवं दस्तावेजों की जांच की जाएगी।उन्होंने बताया कि सभी संबंधित आवेदक 15 सितंबर 2026 को सुबह 8ः00 बजे पुलिस लाइन झज्जर के प्रशासनिक भवन में उपस्थित होना सुनिश्चित करें। साक्षात्कार के लिए आने वाले आवेदक अपने आवेदन से संबंधित सभी मूल दस्तावेज साथ लेकर आएं, ताकि दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया पूरी की जा सके।पुलिस उपायुक्त ने कहा कि एसपीओ भर्ती प्रक्रिया निर्धारित नियमों एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत संपन्न करवाई जाएगी। सभी आवेदकों से अपील है कि वे निर्धारित समय पर पुलिस लाइन पहुंचकर साक्षात्कार एवं भर्ती प्रक्रिया में अपना सहयोग करें।

साहिल उर्फ सोनू हत्याकांड के मामले में चैकी की पुलिस टीम ने एक और आरोपी को किया गिरफ्तार’
झज्जर, 12 सितम्बर, अभीतक: गांव डीघल में 8 अप्रैल को हुए साहिल उर्फ सोनू हत्याकांड के मामले में झज्जर पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान साहिल निवासी कुलताना, जिला रोहतक के रूप में हुई है। आरोपी पहले से ही किसी अन्य मामले में जेल में बंद था।मामले की जानकारी देते हुए पुलिस चैकी डिघल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक संदीप कुमार ने बताया कि 8 अप्रैल को गांव डीघल में साहिल उर्फ सोनू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई की।उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपी साहिल को संबंधित मामले में अदालत से एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान आरोपी से गहनता से पूछताछ की गई। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी भी साहिल उर्फ सोनू की हत्या की वारदात में शामिल था।पुलिस टीम द्वारा आरोपी को उस स्थान पर भी ले जाया गया, जहां आरोपियों ने बैठकर वारदात को अंजाम देने की योजना तैयार की थी और घटनास्थल संबंधी आवश्यक कार्रवाई की गई।पुलिस द्वारा मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

11.58 ग्राम स्मैक के साथ पांच आरोपी गिरफ्तार, एक आरोपी पुलिस रिमांड पर’
झज्जर, 12 सितम्बर, अभीतक: पुलिस कमिश्नरेट के डीसीपी शुभम सिंह के दिशा-निर्देशन में सीआईए झज्जर पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सीआईए झज्जर प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार ने बताया कि पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि मनोज निवासी रामपुर अपने साथियों के साथ बादली से झज्जर की तरफ एक गाड़ी में आ रहा है और उनके पास नशीला पदार्थ है।सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बादली रोड फ्लाईओवर के पास नाकाबंदी की। इसी दौरान सूचना के अनुसार एक गाड़ी को रुकवाकर उसमें सवार पांच व्यक्तियों को काबू किया गया। पूछताछ में उनकी पहचान रोबिन, नीरज व मनोज निवासी रामपुर तथा साहिल और सौरव निवासी झज्जरके तौर पर हुई।पुलिस टीम द्वारा राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में गाड़ी और आरोपियों की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान गाड़ी से 11 ग्राम 58 मिलीग्राम नशीला पदार्थ स्मैक बरामद हुआ।पुलिस ने बरामद नशीले पदार्थ को कब्जे में लेकर आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार मामला दर्ज करते हुए आगामी कार्रवाई शुरू की। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से चार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि आरोपी मनोज को पूछताछ के लिए एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान नशीले पदार्थ के स्रोत तथा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ की जाएगी।

नशे से दूर रहने के लिए ग्रामीणों को किया जागरूक, नशा छोड़ने वालों की मदद को पुलिस तत्पर: उप निरीक्षक सत्य प्रकाश
बादली, 12 सितम्बर, अभीतक: नशा मुक्ति अभियान के तहत झज्जर पुलिस की नशा मुक्ति टीम द्वारा गांव बादली के लाठयान पाना स्थित बड़ी चैपड़ में ग्रामीणों के साथ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान नशा मुक्ति टीम से उप निरीक्षक सत्य प्रकाश ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए उन्हें नशे के दुष्प्रभावों तथा नशे की लत से बचने के उपायों के बारे में जानकारी दी।उप निरीक्षक सत्य प्रकाश ने बताया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके परिवार और समाज पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने ग्रामीणों को जानकारी दी कि यदि कोई व्यक्ति नशा छोड़ना चाहता है तो पुलिस टीम द्वारा उसकी मदद की जाती है। सरकार द्वारा चलाई जा रही मुहिम के तहत ऐसे लोगों को बहादुरगढ़ स्थित पॉलीक्लिनिक से आवश्यक दवाइयां दिलवाने में पुलिस टीम सहयोग करती है।उन्होंने बताया कि पुलिस के सहयोग और उपचार के माध्यम से कई लोग नशे की आदत छोड़ चुके हैं। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि नशा करने वाले व्यक्ति को समाज से अलग न समझें, बल्कि उसे समाज का ही हिस्सा मानकर समझाएं और नशा छोड़ने के लिए उसका सहयोग करें।इस दौरान ग्रामीणों को नशे से दूर रहने तथा युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संदेश दिया गया।

घर से मोबाइल व नगदी चोरी के मामले में आरोपी गिरफ्तार’
बहादुरगढ़, 12 सितम्बर, अभीतक: घर से मोबाइल फोन व नगदी चोरी करने के मामले में थाना आसौदा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।डीसीपी बहादुरगढ़ शुभम सिंह के दिशा-निर्देशन में थाना आसौदा पुलिस द्वारा अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। थाना प्रबंधक आसौदा उप निरीक्षक जयभगवान ने बताया कि गांव आसौदा टोडरान निवासी राकेश ने शिकायत देते हुए बताया था कि 18 अगस्त 2026 की रात उसके घर से कोई व्यक्ति मोबाइल फोन व नगदी चोरी करके ले गया।शिकायत के आधार पर थाना आसौदा में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने मामले में कार्रवाई करते हुए आनंद निवासी दिल्ली को गिरफ्तार कर लिया।थाना प्रबंधक ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को अदालत बहादुरगढ़ में पेश किया गया, जहां से उसे पूछताछ एवं चोरी की वारदात से संबंधित अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाने के लिए एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस द्वारा मामले की जांच आगे जारी है।

कांग्रेस का कार्यकर्ता सम्मेलन की तैयारियां जोरों पर, शहरी जिला अध्यक्ष ने किया कार्यक्रम स्थल का जायजा
जिला में परिवर्तन की लहर का संचार करेगा कांग्रेस का कार्यकर्ता सम्मेलन: प्रदीप गुलिया जोगी

भिवानी, 12 सितम्बर, अभीतक: स्थानीय हुड्डा पार्क के सामने 13 सितंबर को आयोजित होने वाले भिवानी ब्लॉक स्तरीय कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन को लेकर तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर इस सम्मेलन को बेहद अहम माना जा रहा है। इस कार्यकर्ता सम्मेलन में रोहतक से लोकसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे और कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र देने के साथ उनमें नया जोश भरेंगे। सम्मेलन को भव्य बनाने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता दिन-रात जुटे हुए हैं। इस सम्मेलन में अति विशिष्ट अतिथि के तौर पर पूर्व मंत्री राव दान सिंह, बादली विधायक कुलदीप वत्स, कांग्रेस पूर्व राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल व ग्रामीण जिला अध्यक्ष अनिरूद्ध चैधरी शिरकत करेंगे। वही सम्मेलन की अध्यक्षता शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप गुलिया जोगी की रहेगी। शनिवार को कांग्रेस शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप गुलिया जोगी ने हुड्डा पार्क के सामने स्थित कार्यक्रम स्थल का दौरा कर व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने पांडाल की क्षमता, मंच निर्माण, साउंड सिस्टम, कार्यकर्ताओं के बैठने के प्रबंध और पार्किंग व्यवस्था को लेकर आयोजकों एवं संबंधित कमेटियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। तैयारियों का जायजा लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप गुलिया जोगी ने कहा कि 13 सितंबर का यह ब्लॉक स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन भिवानी की राजनीति में एक नया इतिहास रचेगा। प्रदेश की जनता भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों से त्रस्त हो चुकी है और अब बदलाव चाहती है। सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा जब भिवानी की धरा पर कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचेंगे, तो पूरे जिले में परिवर्तन की एक नई लहर दौड़ जाएगी। इस मौके पर कांग्रेस भिवानी ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश कौशिक ने कहा कि सम्मेलन को लेकर कार्यकर्ताओं और आम जनता में अभूतपूर्व उत्साह है। यह महज एक कार्यकर्ता बैठक नहीं, बल्कि प्रदेश में कांग्रेस की आने वाली सरकार का शंखनाद होगा। कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के लिए तैयार है। इस अवसर पर उनके साथ समीर खटीक, रवि सालेंकी, शिवकुमार धानक, राजू तोगडिया, सुनील शर्मा, निकू सिहंमार सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

झज्जर और बहादुरगढ़ में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया
झज्जर, 12 सितम्बर, अभीतक: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राजकुमार यादव के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा झज्जर और बहादुरगढ़ में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस संबंध में जानकारी देते हुए कार्यवाहक सीजेएम एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मीनू ने बताया कि लोक अदालत का आयोजन फिजिकल रूप से किया गया जिसमें झज्जर व बहादुरगढ़ की सभी राजस्व एवं न्यायिक अदालतों ने भाग लिया इसके अलावा च्स्।ध्च्न्ै कोर्ट में भी लोक अदालत का आयोजन किया गया था जिसमें 493 लंबित मामलों का निपटारा किया गया। ट्रैफिक शाखा द्वारा लंबित चालान मामलों, 12473 को सुलझाया गया वहीं राजस्व अधिकारियों द्वारा मामलों 6338 का समाधान किया गया। इस लोक अदालत में कुल 24783 मामले रखे गए, जिनमें से मामलों की आपसी सहमति से 21105 निपटारा किया गया। मामलों को की कुल राशि। ..99961731 रुपए रही। प्रिंसिपल जज फैमिली कोर्ट श्री प्रवीण कुमार लाल अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुखप्रीत। अतिरिक्त सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि। सिविल जज जूनियर डिवीजन विनीत कुमार, सिविल जज जूनियर डिवीजन आदित्य वर्मा, सिविल जज सीनियर डिवीजन विवेक तोमर, सिविल जज जूनियर डिवीजन मनीषा की कोर्ट ने इस लोक अदालत ने मामलों का समाधान किया। अदालत तेजी से न्याय प्राप्त करने का एक प्रभावी माध्यम है जहां मामले आपसी सहमति से सुलझाया जाते हैं जिससे समय और धन की बचत होती है उन्होंने कहा कि आम जनता को लोक अदालतों का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए उन्होंने लोक अदालत के सफल संचालन में सहयोग देने वाले पीठासीन अधिकारियों कर्मचारियों अधिवक्ताओ तथा जिला प्रशासन पुलिस बिजली विभाग सहित अन्य विभागों की सराहना की । अंत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं कार्यवाहक सीजेएम मीनू ने सभी सहयोगी विभागो का धन्यवाद किया ।

जंतर-मंतर के सीजेपी आंदोलन में शामिल होने पर युवाओं के घर पहुँची ब्प्क्, अभिता द्विजा ने पूछा: अपराध की जाँच हो रही है या राजनीतिक निगरानी अथवा तानाशाही ?
झज्जर, 12 सितम्बर, अभीतक: आम आदमी पार्टी द्वारा आज झज्जर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश प्रवक्ता एवं महिला जिला अध्यक्ष, झज्जर अभिता द्विजा ने शांतिपूर्ण आंदोलनों में शामिल युवाओं और नागरिकों के घर अधिकारियों के पहुँचने तथा उनसे व्यक्तिगत एवं राजनीतिक गतिविधियों से संबंधित जानकारी माँगे जाने पर सरकार से गंभीर सवाल पूछे। अभिता द्विजा ने कहा कि वह जंतर-मंतर पर देश के युवाओं से जुड़े मुद्दों, विशेष रूप से एनईईटी परीक्षा और पेपर लीक के विरोध में चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन, में शामिल हुई थीं। उन्होंने कहा कि वह समय-समय पर महिलाओं, युवाओं, शिक्षा, रोजगार और अन्य सामाजिक मुद्दों से जुड़े आंदोलनों में अपनी लोकतांत्रिक भागीदारी दर्ज कराती रही हैं। उन्होंने कहा कि इसी संदर्भ में उनके घर ब्प्क् अधिकारियों का पहुँचना और उनके सामाजिक एवं राजनीतिक संपर्कों से जुड़ी विस्तृत जानकारी माँगना गंभीर चिंता का विषय है। यदि ब्प्क् किसी अपराध की जाँच के लिए उनके घर पहुँची थी, तो सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि किस अपराध की जाँच की जा रही थी, आरोप क्या था और इस कार्रवाई का कानूनी आधार क्या था।
माँगी गई जानकारी पर गंभीर सवाल
अभिता द्विजा ने कहा कि उनके घर आए ब्प्क् अधिकारियों द्वारा सामान्य पहचान संबंधी जानकारी के अलावा ऐसी कई जानकारियाँ भी माँगी गईं, जिनका संबंध उनकी राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों से था। उन्होंने कहा कि यदि यह जानकारी बीजेपी सरकार के निर्देश या राजनीतिक उद्देश्य के तहत जुटाई जा रही है, तो यह नागरिकों के मौलिक अधिकारोंकृविशेषकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने के अधिकार और निजता के अधिकार (त्पहीज जव च्तपअंबल)कृके हनन का गंभीर मामला है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल होना किसी नागरिक को इस तरह की राजनीतिक निगरानी के दायरे में लाने का आधार कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई आपराधिक जाँच है तो सरकार अपराध, आरोप और कानूनी आधार स्पष्ट करें, लेकिन यदि उद्देश्य नागरिकों की राजनीतिक गतिविधियों और संपर्कों की जानकारी जुटाना है, तो यह लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा सरकारी संस्थाओं का राजनीतिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया जाना उचित है? उन्होंने कहा कि यदि किसी नागरिक के खिलाफ कोई आपराधिक मामला है, तो कानून के अनुसार उसकी जाँच होनी चाहिए। लेकिन किसी व्यक्ति की राजनीतिक सक्रियता, उसके सहयोगियों और विरोधियों, राजनीतिक संगठन से जुड़ाव, राजनीतिक प्रभाव तथा परिवार और रिश्तेदारों की सरकारी नौकरी जैसी जानकारियाँ क्यों माँगी जा रही हैंकृयह स्पष्ट किया जाना चाहिए। अभिता द्विजा ने कहा कि एनईईटी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं ने लाखों विद्यार्थियों और उनके परिवारों को प्रभावित किया है। जब युवा इन मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करते हैं, तो सरकार को उनकी आवाज सुननी चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए, न कि उनके साथ खड़े होकर सवाल उठाने वाले लोगों की निगरानी करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “युवाओं को रोजगार चाहिए, विद्यार्थियों को निष्पक्ष परीक्षा चाहिए और नागरिकों को न्याय तथा अपनी बात रखने की स्वतंत्रता चाहिए।”
सरकार से आठ सीधे सवाल
अभिता द्विजा ने सरकार से पूछा

  1. मेरे घर किस विशिष्ट अपराध की जाँच के लिए पहुँची थी?
  2. उस जाँच का मेरे शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने से क्या संबंध है?
  3. राजनीतिक संगठन, राजनीतिक सक्रियता, वोटों पर पकड़, सहयोगियों और विरोधियों की जानकारी क्यों माँगी गई?
  4. परिवार और रिश्तेदारों में सरकारी नौकरी करने वालों की जानकारी लेने का कानूनी आधार क्या है?
  5. संपत्ति संबंधी जानकारी माँगने का आधार क्या था?
  6. क्या शांतिपूर्ण आंदोलनों में शामिल नागरिकों की राजनीतिक प्रोफाइल तैयार की जा रही है?
  7. यदि ऐसा नहीं है, तो ऐसी जानकारी एकत्र करने का उद्देश्य क्या था?
  8. इस पूरी कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों के पास कौन-सा लिखित आदेश अथवा कानूनी आधार था?
    “मैं इनकी ब्प्क् और जेल से डरने वाली नहीं हूँ”
    अभिता द्विजा ने कहा कि उन्होंने किसी हिंसक गतिविधि में हिस्सा नहीं लिया और न ही किसी अपराध का समर्थन किया। उन्होंने केवल युवाओं और नागरिकों के मुद्दों को लेकर हो रहे शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन में अपनी लोकतांत्रिक भागीदारी दर्ज कराई है। उन्होंने कहा, “मैं सरकार से डरने वाली नहीं हूँ। मैंने कोई अपराध नहीं किया है। मैंने केवल सवाल पूछे हैं। मेरी राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता कोई अपराध नहीं है। शांतिपूर्ण विरोध कोई अपराध नहीं है और सरकार से सवाल पूछना भी कोई अपराध नहीं है। उन्होंने कहा कि ब्प्क् द्वारा लाए गए प्रोफॉर्मा और इस पूरी कार्रवाई से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी, ताकि जनता स्वयं देख सके कि उनसे किस प्रकार की जानकारियाँ माँगी गईं।
    लोकतंत्र में जवाबदेही जरूरी
    अभिता द्विजा ने सवाल उठाया कि यदि यह वास्तव में किसी आपराधिक जाँच का हिस्सा है, तो किसी व्यक्ति के राजनीतिक सहयोगी कौन हैं, विरोधी कौन हैं, वह किस राजनीतिक संगठन से जुड़ा है और उसकी राजनीतिक सक्रियता कितनी हैकृइन जानकारियों का कथित अपराध की जाँच से क्या संबंध है?
    उन्होंने कहा, सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यह अपराध की जाँच है या राजनीतिक प्रोफाइलिंग?
    उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी नागरिक की राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता को अपराध की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई आपराधिक मामला है, तो कानून अपना काम करे, लेकिन शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक गतिविधियों में भाग लेना किसी नागरिक को अपराधी की श्रेणी में खड़ा करने का आधार नहीं होना चाहिए।
    सुरेंद्र नागल बोलेकृसवाल पूछना अपराध नहीं
    आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयुक्त सचिव सुरेंद्र नागल ने कहा कि देश का लोकतंत्र तभी मजबूत रह सकता है, जब नागरिकों को सरकार से सवाल पूछने और अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने की पूरी आजादी हो।
    उन्होंने कहा कि आज देश का युवा रोजगार, शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर चिंतित है। सरकार को युवाओं की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, न कि उनके साथ खड़े होकर सवाल उठाने वाले लोगों को निशाना बनाना चाहिए।
    सुरेंद्र नागल ने कहा, “अगर किसी व्यक्ति ने कोई अपराध किया है तो कानून अपना काम करे, लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होना और सरकार से सवाल पूछना अपराध नहीं हो सकता। सरकार को बताना चाहिए कि ब्प्क् को किस आधार पर भेजा गया और युवाओं से राजनीतिक संपर्कों तथा सहयोगियों-विरोधियों की जानकारी क्यों माँगी गई।”
    उन्होंने कहा कि यदि ब्प्क् की कार्रवाई किसी विशिष्ट आपराधिक मामले से संबंधित है, तो सरकार उस मामले की जानकारी और कानूनी आधार स्पष्ट करे। लेकिन यदि राजनीतिक गतिविधियों और सामाजिक संपर्कों की जानकारी जुटाना इसका उद्देश्य है, तो यह गंभीर सवाल है और सरकार को जनता के सामने इसका जवाब देना चाहिए।
    युवाओं की आवाज सुनने के बजाय निगरानी क्यों?
    सुरेंद्र नागल ने कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों की आवाज दबाने के बजाय सरकार को जवाबदेही और संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए। यदि किसी नागरिक के खिलाफ कोई आपराधिक मामला है, तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन राजनीतिक विचारों और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक गतिविधियों को अपराध की तरह देखना उचित नहीं है।
    उन्होंने कहा, “यदि युवाओं के सवाल पूछने पर ब्प्क् घर पहुँचेगी, तो सवाल और भी बड़े होंगे। सरकार को डराने के बजाय जवाब देना चाहिए।”
    प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश संयुक्त सचिव सुरेंद्र नागल, प्रदेश प्रवक्ता एवं महिला जिला अध्यक्ष, झज्जर अभिता द्विजा, जिला अध्यक्ष हरीश कुमार एवं जिला प्रवक्ता रविंद्र राज्याण मौजूद रहे।
    आम आदमी पार्टी ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध कोई अपराध नहीं है, सरकार से सवाल पूछना कोई अपराध नहीं है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है।

ईरान के राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की
नई दिल्ली, 12 सितम्बर, अभीतक: ईरान इस्लामी गणराज्य के राष्ट्रपति, महामहिम डॉ. मसूद पेजेश्कियान ने आज, 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। भारत की अपनी पहली यात्रा पर राष्ट्रपति पेजेश्कियान का स्वागत करते हुए, राष्ट्रपति ने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान ईरान से मिले समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने ईरान और भारत के बीच लंबे समय से चले आ रहे मित्रतापूर्ण संबंधों पर चर्चा की, जिनमें दोनों देश के बीच घनिष्ठ सांस्कृतिक संबंध और लोगों के बीच आपसी संबंध शामिल हैं। राष्ट्रपति ने क्षेत्र में स्थायी शांति के प्रयासों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई और संघर्षों का समाधान संवाद तथा कूटनीति के माध्यम से किए जाने का आह्वान किया।

बद्री मवेशियों में ओपीयू-आईवीएफ तकनीक से बछड़े का जन्मरू उत्तराखंड की देसी नस्ल के संरक्षण एवं आनुवंशिक सुधार की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि
उन्नत भ्रूण प्रौद्योगिकी (एडवांस्ड एम्ब्रियो टेक्नोलॉजी) ने बेहतरीन बद्री मवेशियों के जर्मप्लाज्म के गुणन का एक नया रास्ता खोला

नई दिल्ली, 12 सितम्बर, अभीतक: देशी मवेशियों के नस्लों के संरक्षण, उनकी संख्या बढ़ाने और आनुवंशिक सुधार की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। एकेडमिक डेयरी फार्म में, ‘ओवम पिक-अप’ और ‘इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (ओपीयू-आईवीएफ) तकनीक का उपयोग करके एक स्वस्थ बद्री बछिया का जन्म हुआ है। इसके लिए बद्री नस्ल के भ्रूण को साहीवाल नस्ल की गाय में प्रत्यारोपित किया गया था। इस बछिया का जन्म 11 सितंबर 2026 को हुआ। बद्री मवेशी उत्तराखंड का एक महत्वपूर्ण देशी आनुवंशिक संसाधन हैं और इन्हें उत्तराखंड का राज्य पशु माना जाता है। यह उपलब्धि करनाल स्थित आईसीएआर-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-एनडीआरआई) और उत्तराखंड के पंतनगर स्थित जी. बी. पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के आपसी सहयोग से हासिल की गई है। इसमें उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद, हल्दी से आर्थिक मदद मिली है। यह उपलब्धि मूल्यवान ‘बद्री जर्मप्लाज्म’ के संरक्षण, तेज गुणन और आनुवंशिक सुधार से संबंधित उन्नत प्रजनन जैव-प्रौद्योगिकी की क्षमता को दर्शाती है। इस उपलब्धि के बारे में बात करते हुए, करनाल स्थित आईसीएआर-एनडीआरआई के निदेशक डॉ. धीर सिंह ने कहा कि ओपीयू-आईवीएफ जैसी उन्नत प्रजनन तकनीकें बेहतरीन मादा जर्मप्लाज्म को तेजी से गुणन में मदद कर सकती हैं और बद्री मवेशियों की नस्ल सुधार एवं जर्मप्लाज्म संरक्षण हेतु व्यवस्थित कार्यक्रम बनाने में सहायता कर सकती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस सफल जन्म से नस्ल के संरक्षण एवं आनुवंशिक सुधार हेतु तकनीक-आधारित तरीकों को और मजबूत करने की एक अहम नींव तैयार होगी। यह अनुसंधान कार्यक्रम 2023 में जी. बी. पंत विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति डॉ. एम. एस. चैहान की नेतृत्व में और उनकी पहल पर शुरू किया गया था। उनके नेतृत्व में, बद्री मवेशियों के जर्मप्लाज्म के संरक्षण एवं गुणन के लिए उन्नत प्रजनन तकनीक स्थापित करने के उद्देश्य से जी. बी. पंत विश्वविद्यालय और आईसीएआर-एनडीआरआई, करनाल के बीच वैज्ञानिक सहयोग शुरू किया गया। पिछले तीन वर्षों में, साथ मिलकर काम करने वाली वैज्ञानिक टीमों ने बद्री मवेशियों के लिए ओपीयू-आईवीएफ, भ्रूण उत्पादन और भ्रूण प्रत्यारोपण की प्रक्रियाएं स्थापित करने की दिशा में काम किया है। ओपीयू-आईवीएफ कार्यक्रम के तहत, अल्ट्रासाउंड-निर्देशित ‘ओवम पिक-अप’ के जरिए आनुवंशिक रूप से मूल्यवान चुनिंदा बद्री दाता (डोनर) गायों से अंडे (ओसाइट्स) एकत्रित किए गए। एकत्रित किए गए अंडों को परिपक्व किया गया और फिर उत्तराखंड पशुधन विकास बोर्ड से प्राप्त आनुवंशिक रूप से बेहतर बद्री सांड के वीर्य का उपयोग करके ‘इन-विट्रो फर्टिलाइज’ किया गया। इसके परिणामस्वरूप बने भ्रूणों को नियंत्रित प्रयोगशाला स्थितियों में विकसित किया गया और बाद में सही तरीके से संकरित प्राप्तकर्ता (रिसीपिएंट) गायों में प्रत्यारोपित किया गया। ऐसे ही एक बद्री भ्रूण को सफलतापूर्वक साहीवाल प्राप्तकर्ता (रिसीपिएंट) गाय में प्रत्यारोपित किया गया, जिसने बाद में एक स्वस्थ बद्री बछिया को जन्म दिया। एक और समन्वित संकरित प्राप्तकर्ता (रिसीपिएंट) गाय के भी अगले 5-7 दिनों में बद्री बछड़े को जन्म देने की उम्मीद है। ओपीयू-आईवीएफ तकनीक से बद्री बछड़े का सफल उत्पादन, उत्तराखंड में बद्री मवेशियों के जर्मप्लाज्म के संरक्षण, गुणन और आनुवंशिक सुधार हेतु एक तकनीक-आधारित कार्यक्रम शुरू करने की दिशा में एक अहम कदम है। यह तकनीक आनुवंशिक रूप से बेहतर मादा जानवरों से कई भ्रूण बनाने में मदद करेगी और इस प्रकार प्रजनन के पारंपरिक तरीकों की तुलना में बेहतरीन जर्मप्लाज्म के गुणन की दर को बढ़ा सकेगी। इस कार्यक्रम में बेहतरीन और अधिक दूध देने वाली बद्री गायों की क्लोनिंग पर भी काम हो रहा है। साथ मिलकर काम कर रही टीम ने वर्तमान में जारी अनुसंधान के विभिन्न चरणों के जरिए क्लोन किए गए बद्री भ्रूण सफलतापूर्वक तैयार कर लिए हैं। अगले चरण में, ओपीयू-आईवीएफ और क्लोनिंग से बने भ्रूणों को उपयुक्त साहीवाल, संकरित और बद्री प्राप्तकर्ता गायों में प्रत्यारोपित करने की योजना है। इन प्रयासों का उद्देश्य बेहतरीन बद्री जर्मप्लाज्म की संख्या तेजी से बढ़ाना और इस देसी नस्ल के दीर्घकालिक संरक्षण एवं आनुवंशिक सुधार में योगदान देना है। यह उपलब्धि हिमालयी क्षेत्र में पशुधन के टिकाऊ विकास हेतु स्थानीय आनुवंशिक संसाधनों को उन्नत प्रजनन जैव-तकनीक के साथ जोड़ने की क्षमता को उजागर करती है। बद्री ओपीयू-आईवीएफ बछड़े का सफल जन्म उत्तराखंड में बेहतरीन बद्री जर्मप्लाज्म के संरक्षण, आनुवंशिक सुधार और व्यापक प्रसार की दिशा में मिलकर किए जा रहे प्रयासों को आगे बढ़ाने का आधार प्रदान करता है। आईसीएआर-एनडीआरआई, करनाल और जी. बी. पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर देसी पशु नस्लों के संरक्षण, आनुवंशिक सुधार एवं टिकाऊ उपयोग के लिए मिलकर अनुसंधान तथा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की पहलों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

स्टील स्लैग की सड़कें निर्माण लागत में 40 प्रतिशत तक की कटौती कर सकती हैं और चार गुना अधिक मजबूती प्रदान कर सकती हैं: डॉ. जितेंद्र सिंह
डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यों, सरकारी विभागों और निजी क्षेत्र में स्वदेशी स्टील स्लैग रोड तकनीक को बढ़ावा देने का आह्वान किया
यह पहल सरकार की एक से ज्यादा अहम प्राथमिकताओं को एक साथ पूरा करती है, जिसमें प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का वेस्ट टू वेल्थ रीसाइक्लिंग विकल्पों पर बार-बार जोर देना भी शामिल है: डॉ. जितेंद्र सिंह
1.85 किलोमीटर के गिनीज रिकॉर्ड से लेकर ओडिशा की 40 किलोमीटर लंबी सड़क तक: सीएसआईआर-सीआरआरआई और जिंदल स्टील एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने को तैयार
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा – स्टील स्लैग तकनीक से बनी सड़कों को लगभग 15 वर्षों के बाद ही बड़े रखरखाव की आवश्यकता हो सकती है
एक परियोजना से कई परियोजनाओं तक, एक राज्य से कई राज्यों तक: डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्टील स्लैग रोड तकनीक को व्यापक रूप से अपनाने पर जोर दिया
भारत ने छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में दुनिया की सबसे लंबी स्टील स्लैग सड़क के साथ गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया

नई दिल्ली, 12 सितम्बर, अभीतक: स्टील स्लैग रोड टेक्नोलॉजी सड़क निर्माण लागत को लगभग 40 प्रतिशत तक कम कर सकती है, जबकि पारंपरिक सड़कों की तुलना में चार गुना अधिक मजबूती प्रदान करती है। यह बात आज केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि यह तकनीक सड़कों के रखरखाव चक्र को भी काफी बढ़ा सकती हैकृइसमें लगभग 15 वर्षों के बाद ही रखरखाव की आवश्यकता होती है। यह एक ऐसी क्रांतिकारी ब्रेकथ्रू है जिसके प्रभाव न केवल सड़क इंजीनियरिंग पर, बल्कि संपूर्ण बुनियादी ढांचा अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेंगे। डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस स्वदेशी तकनीक को एक परियोजना से कई परियोजनाओं तक और एक राज्य से कई राज्यों तक ले जाने का आह्वान किया। उन्होंने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के साथ-साथ रेलवे, अन्य सरकारी विभागों, राज्य सरकारों, निजी बिल्डरों, ठेकेदारों और इंफ्रास्ट्रक्चर ऑपरेटरों द्वारा भी इसे व्यापक रूप से अपनाए जाने पर बल दिया। डॉ. जितेंद्र सिंह सीएसआईआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीआरआरआई) नई दिल्ली और जिंदल स्टील लिमिटेड द्वारा संयुक्त रूप से हासिल किए गए श्प्रसंस्कृत स्टील स्लैग एग्रीगेट्स से बनी विश्व की सबसे लंबी सड़कश् के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रदान किये जाने वाले समारोह में बोल रहे थे। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में बनी 1.85 किलोमीटर लंबी यह सड़क स्वदेशी तकनीक के बड़े पैमाने पर विस्तार को दर्शाती है, जो इस्पात उत्पादन के उप-उत्पाद (प्रसंस्कृत स्टील स्लैग) को सड़क निर्माण के लिए एग्रीगेट्स में परिवर्तित करती है। इस कार्यक्रम के दौरान सड़क का वर्चुअल उद्घाटन, एक साइंटिफिक डॉक्यूमेंट्री का विमोचन, सीएसआईआर-सीआरआरआई और जिंदल स्टील के बीच प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते पर हस्ताक्षर, स्टील ग्रिट ब्रांड का शुभारंभ और प्रोजेक्ट टीम का सम्मान भी संपन्न हुआ। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह सफल पहल एक साथ इस सरकार की एक से अधिक प्रमुख प्राथमिकताओं को पूरा करती है, जिसमें प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का वेस्ट टू वेल्थ रीसाइक्लिंग विकल्पों पर बार-बार दिया जाने वाला जोर भी शामिल है। इस अवसर पर संसद सदस्य एवं जिंदल स्टील के अध्यक्ष तथा इंडियन स्टील एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री नवीन जिंदल, डीएसआईआर की सचिव एवं सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. एन. कलाईसेल्वी, नीति आयोग के पूर्व सदस्य एवं डीआरडीओ के पूर्व महानिदेशक डॉ. वी.के. सारस्वत, सीएसआईआर-सीआरआरआई के निदेशक डॉ. सी.एच. रवि शेखर, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि, वैज्ञानिक, इंजीनियर, इंडस्ट्री लीडर्स और मीडियाकर्मी उपस्थित थे। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि कैसे भारतीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी और उद्योग के एक साथ मिलकर काम करने से इंडस्ट्रियल वेस्ट को इंफ्रास्ट्रक्चर संपदा में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत के तेजी से विस्तार करते राजमार्गों, एक्सप्रेसवे, औद्योगिक गलियारों, पोर्ट और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनोंकृविशेष रूप से माइनिंग और क्वारींग से प्राप्त होने वाली प्राकृतिक एग्रीगेट्सकृको संरक्षित करने की भी एक बढ़ती हुई जिम्मेदारी आती है। श्स्टील स्लैग रोडश् पहल इन दोनों चुनौतियों का समाधान करने के लिए एक तकनीक-संचालित मार्ग प्रदान करती हैरू औद्योगिक उप-उत्पाद का उत्पादक उपयोग और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि कैसे भारतीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी और उद्योग के एक साथ मिलकर काम करने से इंडस्ट्रियल वेस्ट को इंफ्रास्ट्रक्चर संपदा में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत के तेजी से विस्तार करते राजमार्गों, एक्सप्रेसवे, औद्योगिक गलियारों, पोर्ट और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनोंकृविशेष रूप से माइनिंग और क्वारींग से प्राप्त होने वाली प्राकृतिक एग्रीगेट्सकृको संरक्षित करने की भी एक बढ़ती हुई जिम्मेदारी आती है। श्स्टील स्लैग रोडश् पहल दोहरी चुनौती से निपटने का एक प्रभावी मार्ग हैकृएक ओर औद्योगिक उप-उत्पाद का सही उपयोग, तो दूसरी ओर प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत जैसे भौगोलिक रूप से विविध देश में इस तकनीक का महत्व और भी बढ़ जाता है, जहाँ कठिन इलाकों और अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में पारंपरिक सड़कें अक्सर टिकाऊ नहीं रह पातीं। पूर्वोत्तर से अपने सात साल के जुड़ाव को याद करते हुए उन्होंने बताया कि भारी बारिश के कारण कई इलाकों में सड़क निर्माण का काम केवल चार या पाँच महीने ही हो पाता है और यहाँ तक कि एक सीजन में बनी सड़कें अगले सीजन की शुरुआत से पहले ही क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। इसलिए, ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों और दुर्गम क्षेत्रों के लिए अधिक मजबूत और टिकाऊ सड़क प्रौद्योगिकी बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने ग्रामीण सड़कों के बदलते ट्रैफिक पैटर्न का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जो सड़कें मूल रूप से गाँवों को जोड़ने और हल्के वाहनों की आवाजाही के लिए बनाई गई थीं, आर्थिक विकास के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों का औद्योगिक विकास होने पर अब उन पर भारी ट्रक और व्यावसायिक वाहन चलने लगे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बदलाव इस बात को रेखांकित करते हैं कि अब हमें ऐसी सड़क तकनीकों की आवश्यकता है जो अधिक वजन सहने में सक्षम हों और जिनकी मजबूती और टिकाऊपन लंबे समय तक बना रहे। डॉ. जितेंद्र सिंह ने बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान करते हुए कहा कि सड़क निर्माण का कार्य केवल सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तक ही सीमित नहीं है। रेलवे और कई अन्य सरकारी विभाग भी सड़कों और हेवी-ड्यूटी इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करते हैं, जबकि प्राइवेट बिल्डर, ठेकेदार और इंफ्रास्ट्रक्चर ऑपरेटर इस तकनीक को अपनाने वाला एक अन्य बड़ा क्षेत्र हैं। उन्होंने मंत्रालयों और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय को बढ़ाने पर जोर दिया, जिसमें समर्पित जागरूकता कार्यक्रम शामिल हों, ताकि इंजीनियर और कार्यान्वयन एजेंसियां इस तकनीक से भली-भांति परिचित हो सकें और अपनी-अपनी परियोजनाओं के लिए इसकी उपयोगिता का सही आकलन कर सकें। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अब हमारा उद्देश्य इस तकनीक को श्एक परियोजना से कई परियोजनाओं तक और एक राज्य से कई राज्यों तकश् ले जाना होना चाहिए और अंततः ऐसे सिद्ध स्वदेशी नवाचारों को मुख्यधारा के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रणालियों का हिस्सा बनाना चाहिए। सीएसआईआर-सीआरआरआई के वैज्ञानिक दिशानिर्देश, प्रसंस्करण प्रोटोकॉल और गुणवत्ता-नियंत्रण फ्रेमवर्क तकनीकी रूप से मजबूत उपयोग का आधार प्रदान करते हैं, वहीं सरकारी एजेंसियां, वैज्ञानिक संस्थान, उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स मिलकर काम कर सकते हैं ताकि जहां भी यह तकनीक तकनीकी और आर्थिक रूप से उपयुक्त हो, वहां इसके क्रियान्वयन को गति दी जा सके। डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस पहल को श्संपूर्ण सरकार और संपूर्ण राष्ट्रश् के साझा प्रयास का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया, जो सरकार, अनुसंधान संस्थानों, उद्योग और इंजीनियरों को एक मंच पर लाता है। उन्होंने कहा कि यह तकनीक अपनी अवधारणा और उपयोग दोनों ही दृष्टियों से पूरी तरह स्वदेशी है। अब अगले चरण में व्यापक जागरूकता फैलाने और ऐसे तंत्र को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित होना चाहिए, जिससे स्वदेशी तकनीकें प्रयोगशालाओं और प्रदर्शन परियोजनाओं से निकलकर बड़े पैमाने पर फील्ड पर लागू की जा सकें। डॉ. जितेंद्र सिंह ने श्स्टील स्लैग रोडश् पहल को वेस्ट टू वेल्थ और सर्कुलर इकोनॉमी के व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि भारत को अब इस सोच से बाहर निकलना होगा कि कोई भी सामग्री महज अपशिष्ट है, क्योंकि विज्ञान और तकनीक के जरिए ऐसे संसाधनों से नया आर्थिक मूल्य पैदा किया जा सकता है। यूज्ड कुकिंग ऑयल से बायोफ्यूल बनाने और इलेक्ट्रॉनिक कचरे से मूल्यवान सामग्री निकालने की सीएसआईआर की पहलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि रीसाइक्लिंग और रिसोर्स रिकवरी औद्योगिक विकास के अगले चरण का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे। डॉ. जितेंद्र सिंह ने डॉ. सतीश पांडे और सीएसआईआर-सीआरआरआई की टीम को इस तकनीक को अनुसंधान से फील्ड तक पहुँचाने में उनके निरंतर प्रयासों और समर्पण के लिए बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक प्रतिभा को अपनी क्षमता साबित करने के लिए उपयुक्त अवसर की आवश्यकता होती है और उन्होंने वास्तविक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में इस तकनीक का प्रदर्शन करने के लिए बड़ा मंच और स्केल प्रदान करने का श्रेय जिंदल स्टील को दिया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अन्य इस्पात कंपनियां भी इसी तरह की तकनीक-संचालित समाधानों पर वैज्ञानिक संस्थानों के साथ सहयोग करने के लिए आगे आएंगी। यह प्रौद्योगिकी पहले ही कई ऐतिहासिक पड़ाव पार कर चुकी है। हजीरा (गुजरात) में एक प्रमुख प्रदर्शन परियोजना के साथ शुरुआत करते हुए, प्रसंस्कृत स्टील स्लैग एग्रीगेट्स का उपयोग औद्योगिक क्षेत्र को हजीरा पोर्ट से जोड़ने वाली छह-लेन सड़क के निर्माण में किया गया था। इसके बाद यह तकनीक एनएच-66 मुंबई-गोवा राजमार्ग तक पहुंची, जहां लगभग 80,000 टन स्टील स्लैग को प्रसंस्कृत एग्रीगेट्स में बदलकर एक किलोमीटर लंबे, चार-लेन सड़क खंड का निर्माण किया गया। इस तकनीक को अरुणाचल प्रदेश में सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्रों सहित हेवी-ड्यूटी सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए भी तैनात किया गया है। यह प्रौद्योगिकी हजीरा पोर्ट के भीतर मल्टी-पर्पज बर्थ को कोयला यार्ड से जोड़ने वाली 1.1 किलोमीटर लंबी स्टील स्लैग सड़क के माध्यम से पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी प्रवेश कर चुकी है। यह उपयोग यह दर्शाता है कि जब उचित प्रोसेसिंग, सड़क डिजाइन और गुणवत्ता नियंत्रण का सहारा लिया जाए, तो प्रसंस्कृत स्टील स्लैग एग्रीगेट्स में कठिन औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स वातावरण की जरूरतों को पूरा करने की अपार क्षमता है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज कराने वाली 1.85 किलोमीटर लंबी यह सड़क अब एक महत्वपूर्ण उपलब्धि की राह बना रहा है। डीएसआईआर की सचिव और सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. एन. कलाईसेल्वी ने कहा कि यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब सीएसआईआर अपने 85वें वर्ष में प्रवेश करने की तैयारी कर रहा है, जो संस्थान के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने घोषणा की कि सीएसआईआर- सीआरआरआई को जिंदल स्टील के अंगुल प्लांट से ओडिशा में 40 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए वर्क ऑर्डर प्राप्त हुआ है, जो इस तकनीक को वर्तमान 1.85 किलोमीटर के गिनीज रिकॉर्ड से आगे बढ़ाते हुए 40 किलोमीटर के विशाल पैमाने पर ले जाएगा। उन्होंने कहा कि सीएसआईआर-सीआरारआई और जिंदल स्टील अब इस अगले माइलस्टोन के साथ अपना ही रिकॉर्ड तोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड को मंजिल नहीं, बल्कि इस तकनीक को व्यापक रूप से अपनाने के अगले चरण की शुरुआत के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वास्तविक सफलता तब मिलेगी जब इस तकनीक को देश भर में उन सभी स्थानों पर लागू किया जाएगा, जहाँ यह तकनीकी और आर्थिक रूप से उपयुक्त हो। डॉ. सिंह ने सरकारी विभागों, राज्य सरकारों और निजी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के साथ जुड़ाव को और मजबूत करने का आह्वान किया, ताकि भारत में विकसित यह स्वदेशी नवाचार पूरे देश में व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाला इंफ्रास्ट्रक्चर समाधान बन सके। उन्होंने कहा कि श्स्टील स्लैग रोडश् पहल विज्ञान और उद्योग, अपशिष्ट और संपदा, नवाचार और इंफ्रास्ट्रक्चर तथा अनुसंधान और समाज की जरूरतों को एक सूत्र में पिरोती है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि यह दर्शाती है कि भारत अब केवल स्वदेशी तकनीकों के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें बड़े पैमाने पर धरातल पर उतारने की दिशा में आगे बढ़ रहा हैकृजिससे ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो रहा है जो किफायती, पर्यावरण के अनुकूल और तकनीकी रूप से मजबूत हो। डॉ. कलाईसेल्वी ने कहा कि यह उपलब्धि सीएसआईआर-सीआरआरआई और जिंदल स्टील की साझेदारी की मजबूती को दर्शाती है। उन्होंने सीएसआईआर के साथ इस सफल सहयोग के लिए श्री नवीन जिंदल और उनकी पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने वैज्ञानिकों और इंजीनियरों, विशेष रूप से डॉ. सतीश पांडे को बधाई दी, जिनके काम ने इस तकनीक को गुजरात में शुरुआती प्रयोगों से आगे ले जा कर राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क, अरुणाचल प्रदेश और अब गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई है। ओडिशा में आगामी 40 किलोमीटर लंबी परियोजना के साथ, यह यात्रा अब एक विश्व रिकॉर्ड से आगे बढ़कर व्यापक राष्ट्रीय स्तर पर अपनाए जाने की ओर अग्रसर है। यह एक सफल परियोजना को अनेक परियोजनाओं में, एक राज्य को अनेक राज्यों में और एक औद्योगिक बाय-प्रोडक्ट को एक मूल्यवान इंफ्रास्ट्रक्चर रिसोर्स में बदलने का मार्ग प्रशस्त कर रही है।

सशक्त नारी, विकसित भारत: केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान ने लखपति दीदियों और च्ड।ल्.ळ लाभार्थियों से किया सीधा संवाद
लखपति से श्करोड़पति दीदीश् बनने का सफर शुरूरू अगले 5 वर्षों में एसएचजी बहनों को मिलेगा 10 लाख करोड़ रुपये का ऋण- श्री शिवराज सिंह चैहान
दीदियों के लिए ऋण प्रक्रिया होगी आसान, समस्याओं के समाधान को जल्द शुरू होगी विशेष हेल्पलाइन- श्री शिवराज सिंह चैहान
17 सितंबर को शाम 7 बजे देशभर में जलेगा श्एक दीया आशीर्वाद काश्, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दीर्घायु जीवन की होगी कामना- श्री शिवराज सिंह
तेलंगाना के ग्रामीण अंचल में दीदियों संग 17 सितंबर को दीप प्रज्ज्वलित करेंगे केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान
प्रधानमंत्री श्री मोदी के जन्मदिन और सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर सभी बहनों सहित देशवासियों से घरों में कृतज्ञता स्वरूप श्एक दीया आशीर्वाद काश् जलाने का श्री शिवराज सिंह ने किया आह्वान
पीएम के नेतृत्व में कच्चे मकान से पक्के घर तक का सफर: आवास, उज्ज्वला, आयुष्मान और हर घर जल से बदल रहा करोड़ों ग्रामीण परिवारों का जीवन- श्री शिवराज सिंह

नई दिल्ली, 12 सितम्बर, अभीतक: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान ने उद्यम वित्तपोषण और एसएचजी बैंक लिंकेजश् तथा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (च्ड।ल्.ळ) के अंतर्गत देशभर की लाखों स्वयं सहायता समूह की सदस्याओं, लखपति दीदियों और आवास हितग्राहियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आज सीधा संवाद किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री श्री चैहान ने बहनों के आर्थिक स्वावलंबन और जीवन स्तर में आए अभूतपूर्व बदलाव की सराहना करते हुए घोषणा की कि अगले 5 वर्षों में समूहों को 10 लाख करोड़ रुपए का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें 1 लाख करोड़ रु. का व्यक्तिगत ऋण भी शामिल है। इसके साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 17 सितंबर को जन्मदिन और सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर देशवासियों व सभी बहनों से शाम 7 बजे अपने घरों में कृतज्ञता स्वरूप श्एक दीया आशीर्वाद काश् जलाने का भावुक आह्वान किया। श्री चैहान स्वयं 17 सितंबर को तेलंगाना के एक सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचकर बहनों के साथ दीप प्रज्ज्वलित करेंगे।
लाखों दीदियों और लाभार्थियों से सीधा संवाद
वर्चुअल संवाद कार्यक्रम में 6 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह की बहनें, लखपति दीदियां, विभिन्न राज्यों के ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारी और च्ड।ल्-ळ के लाभार्थी जुड़े। असम के कामरूप से जुड़ीं तूलिका दीदी ने मशरूम और बेकरी उत्पादों से सालाना 12 से 14 लाख रुपये की आय तथा अपने समूह से 200 से अधिक महिलाओं को जोड़ने की सफलता साझा की। वहीं बिहार (जहानाबाद) की अनु देवी, मध्य प्रदेश (सीहोर) की बबीता दीदी और त्रिपुरा के अनिमेष सिंह सहित अन्य हितग्राहियों ने बताया कि कैसे प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्का मकान मिलने से उनका जीवन सुरक्षित और गरिमामय हुआ है। लाभार्थियों ने बताया कि आवास के साथ-साथ उज्ज्वला गैस कनेक्शन, नल से जल, शौचालय और आयुष्मान कार्ड जैसी मूलभूत सुविधाओं ने उनके परिवारों को नई दिशा दी है।
लखपति से मिलियनेयर और करोड़पति बनने का संकल्प
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान ने दीदियों के आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि अभाव और मजबूरी का दौर अब समाप्त हो चुका है। ग्रामीण महिलाएं अब न केवल अपने पैरों पर खड़ी हैं, बल्कि परिवार का आर्थिक संबल बनकर बच्चों को उच्च शिक्षा दिला रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन से अब तक 3 करोड़ से अधिक लखपति दीदियां तैयार हो चुकी हैं और अब अगला लक्ष्य 6 करोड़ लखपति दीदियां बनाने का है। श्री चैहान ने कहा कि अब लखपति दीदी से मिलियनर (दस लाखपति) और फिर करोड़पति दीदी बनने का सफर शुरू हो चुका है। हमारी बहनें अब पैकेजिंग, ब्रांडिंग और उत्पादों के एक्सपोर्ट की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।
ऋण बाधाएं होंगी दूर, शुरू होगी विशेष हेल्पलाइन
बैंक लिंकेज की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने 3 सितंबर को मुंबई में आरबीआई, नाबार्ड, सार्वजनिक एवं निजी बैंकों के प्रमुखों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंकों को ऋण स्वीकृत करने में देरी, अनावश्यक दस्तावेज मांगने और गारंटीध्कोलैटरल की मांग जैसी बाधाओं को खत्म करने के निर्देश दिए गए हैं। 10 लाख करोड़ रु. का ऋण: अगले 5 वर्षों में एसएचजी को 10 लाख करोड़ रु. का संस्थागत ऋण मिलेगा, जिसमें 1 लाख करोड़ रु. का ऋण व्यक्तिगत स्तर पर उद्यम शुरू करने वाली दीदियों को दिया जाएगा। हेल्पलाइन सुविधा
बैंकों से संबंधित समस्याओं के तुरंत निराकरण के लिए मंत्रालय जल्द एक समर्पित हेल्पलाइन जारी करेगा, जिससे दीदियों की शिकायतों का समन्वय के साथ तत्काल समाधान होगा।
जन समर्थ पोर्टल
सभी बैंकों को 31 अक्टूबर तक पूरी तरह से जन समर्थ पोर्टल पर ऑनबोर्ड होना होगा ताकि ऋण स्वीकृति की रियल-टाइम मॉनिटरिंग हो सके।
17 सितंबर की शाम 7 बजे जलेगा एक दीया आशीर्वाद का
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान ने कहा कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है और जनसेवा के उनके 25 वर्ष (मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में) का ऐतिहासिक सफर पूरा हो रहा है। प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शी नीतियों- चाहे पक्का आवास हो, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत या किसान सम्मान निधि- ने करोड़ों देशवासियों के जीवन में उजाला भरा है। श्री चैहान ने समस्त देशवासियों, किसान भाइयों और विशेष रूप से समूह की बहनों से अपील की कि वे 17 सितंबर को शाम 7 बजे अपने घरों पर श्एक दीया आशीर्वाद काश् अवश्य जलाएं। यह दीया प्रगति, विकास और प्रधानमंत्री जी के स्वस्थ व दीर्घायु जीवन के लिए कृतज्ञता का प्रतीक होगा।
तेलंगाना के गांव में दीदियों संग शामिल होंगे केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह
श्री शिवराज सिंह चैहान ने साझा किया कि वे स्वयं 17 सितंबर को तेलंगाना के एक ग्रामीण क्षेत्र में उपस्थित रहेंगे और वहां स्वयं सहायता समूह की दीदियों, आवास व किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों के साथ मिलकर शाम 7 बजे दीप प्रज्ज्वलित करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि ग्रामीण भारत की नारी शक्ति के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति के नए प्रतिमान स्थापित करेगा।

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