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झज्जर लघु सचिवालय में गुरुवार को अधिकारियों की बैठक में पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा करती हुईं डीसी वर्षा खांगवाल।

हर पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे पीएम स्वनिधि योजना का लाभ: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों की बैठक में की पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

झज्जर, 09 जुलाई, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना छोटे दुकानदारों के लिए लाभकारी है,प्रत्येक पात्र व्यक्ति को सुगमता से योजना का मिले, इसके लिए अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। डीसी वर्षा खांगवाल गुरुवार को अधिकारियों की बैठक में पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा कर रही थीं। इस दौरान एडीसी जगनिवास भी उपस्थित थे। डीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए अभियान को और तेज किया जाए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित यह योजना रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं, छोटे दुकानदारों तथा स्वरोजगार से जुड़े लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। बैठक के दौरान डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के प्रचार-प्रसार और अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से शहरी स्थानीय निकाय स्तर पर स्वनिधि शिविरों का आयोजन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों के माध्यम से सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाएगी तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा। डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों को अब तक प्राप्त आवेदनों के शीघ्र निपटान, नए ऋण आवेदनों की स्वीकृति एवं वितरण तथा डिजिटल भुगतान से वंचित रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के पंजीकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस बीच सीपीओ मनीषा ने डीसी वर्षा खांगवाल का स्वागत करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री स्वनिधी योजना के दायरे का विस्तार करते हुए अब रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के साथ-साथ छोटे व्यवसाय एवं सेवाओं से जुड़े लोगों को भी शामिल किया गया है। सरकार द्वारा झज्जर जिले के गांव फैजाबाद तथा बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव लडरावन को भी योजना के दायरे में शामिल किया गया है। योजना के अंतर्गत पहले चरण में पात्र लाभार्थियों को अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए 15 हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। समय पर ऋण अदायगी करने वाले लाभार्थियों को दूसरे चरण में 25 हजार रुपये तथा तीसरे चरण में 50 हजार रुपये तक की ऋण सुविधा प्रदान की जाती है।
यह अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, सीईओ जिला परिषद मनीष फोगाट, सीटीएम रितु, डीडीपीओ निशा तंवर सहित बैंक प्रतिनिधि व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

झज्जर पुलिस ने 48 घंटे में डबल मर्डर केस का किया खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार, ट्रकों से डीजल चोरी के अवैध कारोबार और पैसों के विवाद में दो युवकों की हत्या का मामला सुलझाया
पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व एवं डीसीपी क्राइम शुभम सिंह के मार्गदर्शन में स्पेशल स्टाफ झज्जर व थाना सदर झज्जर की संयुक्त कार्रवाई’
मुख्य आरोपी सतीश को 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया, आरोपी विक्रम गिरफ्तारय वारदात में प्रयुक्त हथियार, वाहन व अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी’

झज्जर, 09 जुलाई, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व तथा डीसीपी क्राइम शुभम सिंह के मार्गदर्शन में स्पेशल स्टाफ झज्जर एवं थाना सदर झज्जर पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर बहुचर्चित डबल मर्डर केस का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। वैज्ञानिक अनुसंधान, फोरेंसिक साक्ष्यों, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज तथा लगातार की गई फील्ड कार्रवाई के आधार पर पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात की गुत्थी सुलझाई। पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया गया कि शिकायतकर्ता हकीकत पुत्र याकूब निवासी जोला, जिला मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) की शिकायत पर थाना सदर झज्जर में मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू की गई।
घटना का विवरण
दिनांक 06 जुलाई 2026 को थाना सदर झज्जर क्षेत्र में झज्जर-गुरुग्राम रोड स्थित एक निजी स्कूल के सामने झाड़ियों से दो युवकों कामिल एवं इरशाद उर्फ भोलू के शव बरामद हुए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की गोली लगने एवं शरीर पर मारपीट के निशानों की पुष्टि हुई, जिससे मामला सुनियोजित हत्या का प्रतीत हुआ।घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने तत्काल मामले के शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए। डीसीपी क्राइम शुभम सिंह के मार्गदर्शन में स्पेशल स्टाफ झज्जर एवं थाना सदर झज्जर की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल का वैज्ञानिक निरीक्षण कर फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए तथा सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी

  1. सतीश पुत्र बेदू
    निवासी गांव किर्ठल, थाना रमाला, तहसील बड़ौत, जिला बागपत, उत्तर प्रदेश।
  2. विक्रम उर्फ लम्बू पुत्र जय प्रकाश
    निवासी गांव देहमी, थाना बहरोड़, जिला अलवर, राजस्थान।
    ऐसे करते थे ट्रकों से डीजल चोरी
    पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पिछले लगभग एक वर्ष से हरियाणा एवं राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में सड़क किनारे खड़े ट्रकों से डीजल चोरी करने का संगठित अवैध कारोबार कर रहे थे। गिरोह में कामिल, इरशाद, सतीश, विक्रम तथा उनका एक अन्य साथी शामिल था।यह गिरोह देर रात मृतक कामिल की ग्न्ट-500 गाड़ी में निकलता था। पहले सड़क किनारे खड़े ट्रकों की रेकी की जाती थी। इसके बाद ट्रकों के डीजल टैंकों से पाइप के माध्यम से डीजल निकालकर कैनों में भर लिया जाता था। चोरी के दौरान आरोपी अपने मोबाइल फोन बंद रखते थे ताकि उनकी लोकेशन ट्रेस न हो सकेपूछताछ में यह भी सामने आया कि एक रात में करीब 600 से 700 लीटर डीजल चोरी किया जाता था, जिसे बाजार भाव से कम कीमत पर बेच दिया जाता था। गिरोह का सदस्य विक्रम उर्फ लम्बू चोरी का डीजल खरीदता था।
    मात्र 1500 रुपये मिलते थे, बाकी पैसा खुद रख लेते थे
    पुलिस पूछताछ के अनुसार गिरोह में काम करने वाले सतीश एवं उसके साथी को डीजल चोरी के बदले प्रतिदिन केवल 1500-1500 रुपये मजदूरी दी जाती थी, जबकि चोरी से होने वाला बाकी मुनाफा कामिल एवं इरशाद अपने पास रख लेते थे। बाद में दोनों चोरी का डीजल अन्य लोगों को बेचने लगे, जिससे गिरोह के अन्य सदस्यों में नाराजगी बढ़ गई और पैसों के बंटवारे को लेकर विवाद लगातार बढ़ता गया। इसी विवाद के चलते सतीश, विक्रम एवं उनके अन्य साथियों ने मिलकर कामिल और इरशाद की हत्या की साजिश रची।
    ऐसे दिया गया वारदात को अंजाम
    6 जुलाई की रात आरोपी कामिल एवं इरशाद को डीजल चोरी के बहाने अपने साथ झज्जर-गुरुग्राम रोड पर ले गए। रास्ते में एक ट्रक के पास गाड़ी रोकी गई। योजना के अनुसार पहले कामिल पर गोली मारी गई। इसके बाद इरशाद गुमराह करते हुए थोड़ी दूर गाड़ी में ले जाकर उसे भी गोली मार दी गई। विरोध करने पर उसके साथ लोहे की पाइप रिंच और पेचकस से भी हमला किया गया। दोनों की मौत सुनिश्चित करने के बाद आरोपियों ने शवों को एक निजी स्कूल के पास झाड़ियों में फेंक दिया।
    सबूत मिटाने का प्रयास
    पुलिस पूछताछ में सामने आया कि वारदात के बाद आरोपियों ने अपने खून से सने कपड़े बदलकर जला दिए। घटना में प्रयुक्त मृतक कामिल की ग्न्ट-500 को पानी से धोकर साफ किया गया तथा बाद में छिपा दिया गया ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके। 48 घंटे में दो आरोपी गिरफ्तार
    लगातार तकनीकी विश्लेषण, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों एवं दबिश के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी सतीश पुत्र बेदू निवासी गांव किर्ठल, थाना रमाला, तहसील बड़ौत, जिला बागपत (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।इसी क्रम में पुलिस ने दूसरे आरोपी विक्रम उर्फ लम्बू पुत्र जय प्रकाश निवासी गांव देहमी, थाना बहरोड़, जिला अलवर (राजस्थान) को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी तथा वारदात में प्रयुक्त हथियार, वाहन एवं अन्य साक्ष्यों की बरामदगी के लिए पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है।

स्वामी नितानन्द सेवा समिति द्वारा 11 जुलाई को झज्जर में दिव्य वाणी,सत्संग एवं आरती, नशा मुक्त साइकिल यात्रा एवं पौधा वितरण कार्यक्रम
झज्जर, 09 जुलाई, अभीतक: स्वामी नितानन्द जी महाराज की पावन प्रेरणा से तपोभूमि जटेला धाम आश्रम के पीठाधीश्वर महंत श्री राजेंद्र दास महाराज के परम सानिध्य में स्वामी नितानन्द सेवा समिति, झज्जर के तत्वावधान में 11 जुलाई को झज्जर में एक दिव्य आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें दिव्य वाणी,सत्संग एवं आरती, नशा मुक्त साइकिल यात्रा एवं पौधा वितरण कार्यक्रम शामिल हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 02:30 बजे नशा मुक्त साइकिल यात्रासे होगा। यह यात्राजवाहरलाल स्टेडियम से अनाज मंडी, झज्जर तक निकाली जाएगी। इस यात्रा का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है। इसके उपरांत सायं 03:30 बजे दिव्य वाणी सत्संग का आयोजन किया जाएगा। सत्संग में श्रद्धालुओं को जीवन जीने की आध्यात्मिक प्रेरणा दी जाएगी। सायं 05:00 बजे संध्या आरती के साथ-साथ पौधे वितरण` का कार्यक्रम भी रखा गया है। समिति का संदेश है – अधिक से अधिक पौधे लगाएं, पर्यावरण बचाएं। इस पावन अवसर पर तपोभूमि जटेला धाम माजरा दू, झज्जर के पीठाधीश्वर श्री महंत स्वामी राजेंद्र दास जी महाराज का विशेष सानिध्य एवं आशीर्वाद प्राप्त होगा। समिति ने सभी श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस पुण्य कार्य का हिस्सा बनें।

एसआईआर प्रक्रिया के चलते डिजिटाइजेशन कार्य की हो रही व्यापक मॉनिटरिंग
डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में चल रही एसआईआर से जुड़ी गतिविधियां
14 जुलाई से पहले तत्काल गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन कार्य में तेजी लाने के निर्देश
डीसी का आह्वान-राजनीतिक दलों के बीएलए एएसडीडी वोटरों की पहचान में बीएलओ का करें सहयोग
झज्जर,बेरी,बादली और बहादुरगढ़ विधानसभा क्षेत्रों में सम्बंधित एसडीएम ले रहे डिजिटाइजेशन कार्य का जायजा

झज्जर, 09 जुलाई, अभीतक: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चल रहे मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में एसआईआर गतिविधियां सुगमता से चल रही हैं। जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक पंजीयन अधिकारी एवं एसडीएम अपने अपने क्षेत्रों में गणना प्रपत्रों के संग्रहण, डिजिटाइजेशन तथा अन्य व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 14 जुलाई से पहले वोटरों से भरा हुआ गणना प्रपत्र वापिस लेते हुए एप पर डिजिटाइजेशन करना सुनिश्चित किया गया है,ताकि त्रुटि रहित मतदाता सूची तैयार की सके। डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की व्यापक मॉनिटरिंग की जा रही है तथा सभी अधिकारी निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य को पूरी पारदर्शिता एवं गंभीरता के साथ पूरा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि झज्जर, बेरी, बादली व बहादुरगढ़ के ईआरओ नियमित रूप से बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा के साथ साथ गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन कार्य को तत्काल निपटने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। गुरुवार को एसडीएम अभिनव सिवाच ने 64 बहादुरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में गणना प्रपत्रो के संग्रहण और डिजिटाइजेशन कार्य का जायजा लिया। उन्होंने एसआईआर में लगे सुपरवाइजर को निर्देश दिए कि वे हर दो घण्टे में बीएलओ से डिजिटाइजेशन कार्य की रिपोर्ट लें।
बीएलओ डिजिटाइजेशन कार्य को तत्काल पूरा करें
उधर 65 बादली विधानसभा क्षेत्र में एसडीएम विशाल ने कई बूथों का निरीक्षण करते हुए बीएलओ से डिजिटाइजेशन कार्य की जानकारी ली
उन्होंने राजनीतिक दलों के बीएलए से बीएलओ का सहयोग करने के लिए प्रेरित किया। वहीं 66 झज्जर विधानसभा क्षेत्र के बूथों पर एसडीएम रवि मीणा ने एसआईआर गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाने में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों तथा बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के बीएलए से अपील की कि वे एएसडीडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, डुप्लीकेट एवं मृत) मतदाताओं की पहचान करने में बीएलओ का सहयोग करें, ताकि मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाया जा सके।
जनभागीदारी के साथ तेज गति से बढ़ रही एसआईआर प्रक्रिया
दूसरी ओर 67 बेरी विधानसभा क्षेत्र में एसडीएम रेणुका नांदल ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया जनभागीदारी के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है और मतदाताओं को 14 जुलाई से पहले अपने गणना प्रपत्रो को भरने उपरांत बीएलओ को सौंपने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके बाद प्राप्त दावों एवं आपत्तियों के निस्तारण उपरांत अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 22 सितंबर 2026 को किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने मतदाताओं से भी अपील की कि वे 14 जुलाई का इंतजार न करें और अपने गणना प्रपत्र शीघ्र भरकर संबंधित बीएलओ को उपलब्ध करवाएं, ताकि डिजिटाइजेशन कार्य समय पर पूरा किया जा सके।
झज्जर में डिजिटाइजेशन कार्य का जायजा लेते एसडीएम रवि मीणा।

बहादुरगढ़ में एसआईआर अभियान के चलते बूथों का निरीक्षण करते एसडीएम अभिनव सिवाच।
बेरी में गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन कार्य का जायजा लेती एसडीएम रेणुका नांदल।
बादली में बूथों पर बीएलओ से गणना प्रपत्रों की जानकारी लेते एसडीएम विशाल कुमार।
डॉ. सुरेंद्र सिंह को रविंद्रनाथ टैगोर इंटरनेशनल ग्लोबल एक्सेलेंस एजुकेशन अवार्ड से सम्मानित किया

झज्जर, 09 जुलाई, अभीतक: आज राजकीय महाविद्यालय, बिरोहड़ में वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. सुरेंद्र सिंह को रविंद्रनाथ टैगोर इंटरनेशनल ग्लोबल एक्सेलेंस एजुकेशन अवार्ड से सम्मानित होने पर महाविद्यालय में एक सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डॉ. सुरेंद्र सिंह को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सक्षम सोसाइटी (वर्ल्ड रिकार्ड्स होल्डर छळव्) द्वारा सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें अकादमिक क्षेत्र, सह-पाठयक्रम विकास और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए उनके अद्वितीय प्रयासों की मान्यता स्वरूप प्रदान किया गया। प्राचार्य प्रो. (डॉ.) दलबीर सिंह ने अपने सन्देश में बताया कि डॉ. सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व और शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति समर्पण ने कॉलेज के शैक्षणिक वातावरण में उल्लेखनीय सुधार लाए हैं। प्रशासनिक योगदानों के साथ-साथ डॉ. सुरेंद्र सिंह एक विद्वान शोधकर्ता भी हैं। उनके शोध कार्यों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अत्यधिक सराहा गया है। हाल ही में उन्होंने ष्भारतीय ज्ञान परम्पराष् नामक एक पुस्तक भी सम्पादित की है, जिसमें भारतीय की प्राचीन परम्पराओ से आधुनिक परिवेश का बड़ा संतुलित संगम और परंपराओं के सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्व को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि डॉ. सुरेंद्र सिंह द्वारा विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने, साहित्यिक रुचियों को प्रोत्साहित करने तथा समाज के उत्थान हेतु किए गए निःस्वार्थ कार्य सम्पूर्ण शैक्षणिक समुदाय के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. (डॉ.) दलबीर सिंह एवं अन्य स्टाफ सदस्यों ने डॉ. सुरेंद्र सिंह को बधाई देते हुए उनकी अथक निष्ठा, नवाचारी दृष्टिकोण और कॉलेज के शैक्षणिक व सांस्कृतिक वातावरण को समृद्ध बनाने में उनकी भूमिका की सराहना की। इस अवसर पर निशा रानी, डॉ. नरेंद्र सिंह, वीरेंदर सिंह, राजेश कुमार, पवन कुमार, अमित कुमार, मंजीत इत्यादि उपस्थित रहे।

बादली क्षेत्र में जल निकासी कार्यो का निरीक्षण करते एसडीएम विशाल कुमार।
बेरी उपमंडल में बरसात के चलते जल निकासी प्रबंधों का निरीक्षण करती एसडीएम रेणुका नांदल।
झज्जर क्षेत्र में जल निकासी प्रबंधों कार्यों का जायजा लेते एसडीएम रवि मीणा।
बहादुरगढ़ क्षेत्र में मानसून सीजन के चलते अधिकारियों के साथ जलनिकासी कार्यों की मॉनिटरिंग करते एसडीएम अभिनव सिवाच।

बरसाती सीजन में जल निकासी प्रबंधों को लेकर शासन प्रशासन सजग व सतर्क
डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में सभी चारों उपमंडल क्षेत्रों में जल निकासी कार्यो का जायजा ले रहे अधिकारी
जलभराव की समस्या के समाधान को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर
ड्रेनेज पंपों और नालों की सफाई की हो रही सघन मॉनिटरिंग’
सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में व्यवस्थाओं पर रख रहे हैं पैनी नजर

झज्जर, 09 जुलाई, अभीतक: जिला में मानसून की सक्रियता और बरसाती सीजन के मद्देनजर प्रशासन ने जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए मॉनिटरिंग तेज कर दी है । डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में जिला के बेरी,बहादुरगढ़, झज्जर और बादली उपमंडलों के एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्थाओं की निरंतर मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि शासन-प्रशासन का लक्ष्य प्रभावी मॉनिटरिंग के जरिए यह सुनिश्चित करना है कि जिला के किसी भी हिस्से में जलभराव न हो और आमजन को मानसून के दौरान कोई कठिनाई न आए,जिसके चलते सभी उपमंडलों में एसडीएम निरंतर मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
बिना किसी बाधा के सुनिश्चित हो, बरसाती पानी की निकासी
बहादुरगढ़ शहरी व ग्रामीण इलाकों में बरसात के दौरान जलभराव की समस्या ना आए, इसके लिए आवश्यक सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं
एसडीएम अभिनव सिवाच द्वारा ड्रेनेज पंपों और मुख्य नालों की सफाई की सघन मॉनिटरिंग की जा रही है।उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पंप सेट सुचारू रूप से कार्य करें और बरसाती पानी की निकासी बिना किसी बाधा के सुनिश्चित हो। इसके लिए किसी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं होगी। इसी प्रकार एसडीएम रेणुका नांदल ने बेरी उपमंडल क्षेत्र में जल निकासी प्रबंधों की मॉनिटरिंग करते हुए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून सीजन में कहीं पर भी जलभराव सम्बन्धी समस्या उत्पन्न ना हो इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। संबंधित विभाग पम्प सेट और मोटरों की पर्याप्त व्यवस्था रखें, ताकि जरूरत अनुरूप काम आ सकें।
मानसून सीजन में पम्पसेट और मोटरों की व्यवस्था रहे दुरुस्त
एसडीएम रवि मीणा ने झज्जर उपमंडल क्षेत्र में बरसाती सीजन के चलते जल निकासी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने ड्रेनेज सिस्टम की मॉनिटरिंग करते हुए अधिकारियों को निचले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उधर बादली उपमण्डल में एसडीएम विशाल कुमार ने भी क्षेत्र में जल निकासी प्रबंधों की मॉनिटरिंग करते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसाती सीजन में कहीं जलभराव ना हो, इसके लिए प्रशासन सजगता से कार्य कर रहा है।

झज्जर लघु सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर के दौरान नागरिकों की समस्याएं सुनते हुए एडीसी जगनिवास।

समाधान शिविरों से जनसमस्याओं का हो रहा स्थाई समाधान: एडीसी
वीरवार को जिला मुख्यालय और उपमंडल स्तर पर आयोजित हुए समाधान शिविर
जिला स्तरीय समाधान शिविर में एडीसी जगनिवास ने सुनी जनसमस्याएं

झज्जर, 09 जुलाई, अभीतक: हरियाणा सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के अनुरूप,डीसी वर्षा खांगवाल के कुशल मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित किए जा रहे समाधान शिविर नागरिकों की समस्याओं के स्थाई निदान का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। यह बात एडीसी जगनिवास ने वीरवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर के दौरान कही। एडीसी जगनिवास ने बताया कि डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में इन शिविरों में आने वाली हर शिकायत का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि आमजन को शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली का सीधा और मौके पर लाभ मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसेवा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी शिकायत के समाधान में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एक ही छत के नीचे हो रहा जन शिकायतों का निवारण
एडीसी ने जानकारी दी कि नागरिकों की सुविधा के लिए प्रत्येक सोमवार व गुरुवार (वीरवार) को सुबह 10 से 12 बजे तक ये शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य यह है कि नागरिकों को अपनी समस्याओं के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। एक ही छत के नीचे संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में राजस्व विभाग, परिवार पहचान पत्र, जनस्वास्थ्य विभाग, पुलिस और बिजली विभाग जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं का मौके पर ही निदान किया जा रहा है।
उपमंडल स्तर पर भी हो रहा जनसमस्याओं का समाधान
एडीसी जगनिवास ने बताया कि जिला मुख्यालय के साथ-साथ उपमंडल स्तर पर भी बहादुरगढ़, बादली और बेरी में एसडीएम की अध्यक्षता में समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। आज आयोजित शिविर में शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इन विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
इस मौके पर सीईओ जिला परिषद मनीष फोगाट, सीटीएम रितु बंसीवाल,एसीपी शमशेर,डीडीपीओ निशा तंवर, जिला राजस्व अधिकारी मनवीर सिंह, सीएम विंडो एमिनेंट पर्सन चुन्नी लाल सहित अन्य अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

झज्जर पुलिस ने 48 घंटे में डबल मर्डर केस का किया खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार, ट्रकों से डीजल चोरी के अवैध कारोबार और पैसों के विवाद में दो युवकों की हत्या का मामला सुलझाया
पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व एवं डीसीपी क्राइम शुभम सिंह के मार्गदर्शन में स्पेशल स्टाफ झज्जर व थाना सदर झज्जर की संयुक्त कार्रवाई’
मुख्य आरोपी सतीश को 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया, आरोपी विक्रम गिरफ्तारय वारदात में प्रयुक्त हथियार, वाहन व अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी’

झज्जर, 09 जुलाई, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व तथा डीसीपी क्राइम शुभम सिंह के मार्गदर्शन में स्पेशल स्टाफ झज्जर एवं थाना सदर झज्जर पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर बहुचर्चित डबल मर्डर केस का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। वैज्ञानिक अनुसंधान, फोरेंसिक साक्ष्यों, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज तथा लगातार की गई फील्ड कार्रवाई के आधार पर पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात की गुत्थी सुलझाई। पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया गया कि शिकायतकर्ता हकीकत पुत्र याकूब निवासी जोला, जिला मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) की शिकायत पर थाना सदर झज्जर में मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू की गई।
घटना का विवरण
दिनांक 06 जुलाई 2026 को थाना सदर झज्जर क्षेत्र में झज्जर-गुरुग्राम रोड स्थित एक निजी स्कूल के सामने झाड़ियों से दो युवकों कामिल एवं इरशाद उर्फ भोलू के शव बरामद हुए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की गोली लगने एवं शरीर पर मारपीट के निशानों की पुष्टि हुई, जिससे मामला सुनियोजित हत्या का प्रतीत हुआ।घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने तत्काल मामले के शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए। डीसीपी क्राइम शुभम सिंह के मार्गदर्शन में स्पेशल स्टाफ झज्जर एवं थाना सदर झज्जर की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल का वैज्ञानिक निरीक्षण कर फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए तथा सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी

  1. सतीश पुत्र बेदू
    निवासी गांव किर्ठल, थाना रमाला, तहसील बड़ौत, जिला बागपत, उत्तर प्रदेश।
  2. विक्रम उर्फ लम्बू पुत्र जय प्रकाश
    निवासी गांव देहमी, थाना बहरोड़, जिला अलवर, राजस्थान।
    ऐसे करते थे ट्रकों से डीजल चोरी
    पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पिछले लगभग एक वर्ष से हरियाणा एवं राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में सड़क किनारे खड़े ट्रकों से डीजल चोरी करने का संगठित अवैध कारोबार कर रहे थे। गिरोह में कामिल, इरशाद, सतीश, विक्रम तथा उनका एक अन्य साथी शामिल था।यह गिरोह देर रात मृतक कामिल की ग्न्ट-500 गाड़ी में निकलता था। पहले सड़क किनारे खड़े ट्रकों की रेकी की जाती थी। इसके बाद ट्रकों के डीजल टैंकों से पाइप के माध्यम से डीजल निकालकर कैनों में भर लिया जाता था। चोरी के दौरान आरोपी अपने मोबाइल फोन बंद रखते थे ताकि उनकी लोकेशन ट्रेस न हो सकेपूछताछ में यह भी सामने आया कि एक रात में करीब 600 से 700 लीटर डीजल चोरी किया जाता था, जिसे बाजार भाव से कम कीमत पर बेच दिया जाता था। गिरोह का सदस्य विक्रम उर्फ लम्बू चोरी का डीजल खरीदता था।
    मात्र 1500 रुपये मिलते थे, बाकी पैसा खुद रख लेते थे
    पुलिस पूछताछ के अनुसार गिरोह में काम करने वाले सतीश एवं उसके साथी को डीजल चोरी के बदले प्रतिदिन केवल 1500-1500 रुपये मजदूरी दी जाती थी, जबकि चोरी से होने वाला बाकी मुनाफा कामिल एवं इरशाद अपने पास रख लेते थे। बाद में दोनों चोरी का डीजल अन्य लोगों को बेचने लगे, जिससे गिरोह के अन्य सदस्यों में नाराजगी बढ़ गई और पैसों के बंटवारे को लेकर विवाद लगातार बढ़ता गया। इसी विवाद के चलते सतीश, विक्रम एवं उनके अन्य साथियों ने मिलकर कामिल और इरशाद की हत्या की साजिश रची।
    ऐसे दिया गया वारदात को अंजाम
    6 जुलाई की रात आरोपी कामिल एवं इरशाद को डीजल चोरी के बहाने अपने साथ झज्जर-गुरुग्राम रोड पर ले गए। रास्ते में एक ट्रक के पास गाड़ी रोकी गई। योजना के अनुसार पहले कामिल पर गोली मारी गई। इसके बाद इरशाद गुमराह करते हुए थोड़ी दूर गाड़ी में ले जाकर उसे भी गोली मार दी गई। विरोध करने पर उसके साथ लोहे की पाइप रिंच और पेचकस से भी हमला किया गया। दोनों की मौत सुनिश्चित करने के बाद आरोपियों ने शवों को एक निजी स्कूल के पास झाड़ियों में फेंक दिया।
    सबूत मिटाने का प्रयास
    पुलिस पूछताछ में सामने आया कि वारदात के बाद आरोपियों ने अपने खून से सने कपड़े बदलकर जला दिए। घटना में प्रयुक्त मृतक कामिल की ग्न्ट-500 को पानी से धोकर साफ किया गया तथा बाद में छिपा दिया गया ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके। 48 घंटे में दो आरोपी गिरफ्तार
    लगातार तकनीकी विश्लेषण, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों एवं दबिश के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी सतीश पुत्र बेदू निवासी गांव किर्ठल, थाना रमाला, तहसील बड़ौत, जिला बागपत (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।इसी क्रम में पुलिस ने दूसरे आरोपी विक्रम उर्फ लम्बू पुत्र जय प्रकाश निवासी गांव देहमी, थाना बहरोड़, जिला अलवर (राजस्थान) को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी तथा वारदात में प्रयुक्त हथियार, वाहन एवं अन्य साक्ष्यों की बरामदगी के लिए पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है।

सीआईए-1 बहादुरगढ़ की कार्रवाई, अवैध हथियार सहित आरोपी गिरफ्तार’
बहादुरगढ, 09 जुलाई, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में अपराध एवं अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सीआईए-1 बहादुरगढ़ की पुलिस टीम ने एक व्यक्ति को अवैध हथियार सहित गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।इस संबंध में जानकारी देते हुए सीआईए-1 बहादुरगढ़ के प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए गांव बापड़ौदा के खरहर रोड स्थित पुल के नीचे से एक संदिग्ध युवक को काबू किया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से एक अवैध हथियार बरामद हुआ।पकड़े गए आरोपी की पहचान सागर निवासी दिल्ली के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ नियमानुसार थाना आसौदा में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत बहादुरगढ़ में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि झज्जर पुलिस द्वारा अवैध हथियार रखने और अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।


गांव भागलपुरी व अल्फा अकैडमी बेरी में युवाओं को नशे, साइबर अपराध और सड़क सुरक्षा के प्रति किया जागरूक
झज्जर, 09 जुलाई, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में चलाए जा रहे नशा मुक्ति एवं जनजागरूकता अभियान के तहत झज्जर पुलिस की नशा मुक्ति टीम ने थाना बेरी क्षेत्र के गांव भागलपुरी तथा अल्फा अकैडमी, बेरी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने विद्यार्थियों और ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। साथ ही आपातकालीन सहायता के लिए डायल-112 सेवा की उपयोगिता तथा साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। लोगों से अपील की गई कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।इसके अलावा सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने तथा यातायात नियमों का पालन कर स्वयं और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण और कानून का पालन करने का संकल्प लिया।

थाना परिसर में पौधारोपण कर यातायात पुलिस ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
झज्जर, 09 जुलाई, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के दिशा-निर्देशन में यातायात प्रबंधक झज्जर उप निरीक्षक ने थाना परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया।उप निरीक्षक ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों एवं आमजन से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी नियमित देखभाल भी करे। उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने की सामूहिक जिम्मेदारी है।इस कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित पुलिसकर्मियों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरित वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया।

जिला में एसआईआर कार्य के संबंध में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करते हुए डीसी अभिषेक मीणा।

विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्य-2026
जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक
डीसी अभिषेक मीणा की अपील, मतदाता अंतिम तिथि से पहले जल्द से जल्द अपने बीएलओ को गणना प्रपत्र भरकर करवाएं जमा

रेवाड़ी, 09 जुलाई, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत बीएलओ द्वारा 14 जुलाई तक घर-घर जाकर गणना पत्र एकत्रित करने के साथ-साथ मतदाता भौतिक सत्यापन का कार्य किया जा रहा है। डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अभिषेक मीणा ने वीरवार को लघु सचिवालय में जिला से संबंधित विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने सभी राजनीतिक पार्टियों से आह्वान किया कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत जिला प्रशासन का पूरा सहयोग करें। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य-2026 के तहत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन कर रहे हैं और गणना पत्र भरवा रहे हैं, ताकि शुद्ध और त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार की जा सके। उन्होंने बताया कि बीएलओ द्वारा घर-घर सत्यापन कार्य व मतदान केंद्रों का पुनर्गठन 14 जुलाई 2026 तक किया जाएगा। वहीं, ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 21 जुलाई 2026 को, दावे एवं आपत्तियां दर्ज करने की अवधि 21 जुलाई से 20 अगस्त 2026 तक, दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण 21 जुलाई से 18 सितंबर 2026 तक तथा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 22 सितंबर 2026 को किया जाएगा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों से एसआईआर में सहयोग की अपील की है ताकि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पूरा किया जा सके।
जिला में तेजी से चल रहा गणना प्रपत्र डिजिटलाइजेशन का कार्य
जिला निर्वाचन अधिकारी अभिषेक मीणा ने बताया कि जिला में एसआईआर के तहत गणना प्रपत्र डिजिटलाइजेशन का कार्य तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला में 80.58 प्रतिशत तक डिजिटलाइजेशन का कार्य किया जा चुका है। इनमें बावल विधानसभा में 81.22 प्रतिशत, कोसली विधानसभा में 89.74 प्रतिशत और रेवाड़ी विधानसभा में 71.26 प्रतिशत गणना प्रपत्र डिजिटलाइजेशन का कार्य हो चुका है। उन्होंने आमजन से भी आह्वान किया कि वे 14 जुलाई का इंतजार नहीं करते हुए जल्द से जल्द अपने बीएलओ को गणना प्रपत्र भरकर जमा करवाएं। मतदाता अपना गणना प्रपत्र आयोग के पोर्टल अवजमते.मबप.हवअ.पद पर ऑनलाइन भी भर सकते हैं। बैठक में बीएसपी से मास्टर किशोरी लाल, बीजेपी से सत्यपाल धूपिया, वीर सिंह, आईएनएलडी से रजवंत डहीनवाल, आप से एससी अग्रवाल, सुभाष चंद और नायब तहसीलदार चुनाव अजय कुमार, प्रवीन व संजय आदि मौजूद रहे।

लघु सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर में जनसुनवाई करते हुए एडीसी राहुल मोदी।

आमजन की समस्याओं के निवारण के लिए लगाए जा रहे समाधान शिविर
एडीसी राहुल मोदी ने समाधान शिविर में सुनीं आमजन की शिकायतें

रेवाड़ी, 09 जुलाई, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन में वीरवार को लघु सचिवालय सभागार में आयोजित समाधान शिविर में एडीसी राहुल मोदी ने आमजन की समस्याएं सुनीं। एडीसी ने जनसुनवाई करते हुए अधिकारियों को प्राथमिकता से समस्याओं के निवारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा लगाए जा रहे समाधान शिविरों का उद्देश्य लोगों की समस्या का निवारण करते हुए उन्हें राहत पहुंचाना है और सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को लाभ दिलाना है। समाधान शिविर में एडीसी राहुल मोदी ने कालका रोड पर सीवरेज जाम की शिकायत पर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को समस्या का निवारण करने के निर्देश दिए। धारूहेड़ा में वार्ड नंबर 8 में अवैध कब्जा की शिकायत पर एडीसी ने नगर पालिका अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा गांव डयोढई में रास्ते पर अवैध कब्जे की शिकायत पर बावल के बीडीपीओ को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं समाधान शिविर में प्रॉपर्टी आईडी, बिजली की आपूर्ति, परिवार पहचान पत्र, राशन कार्ड संबंधी शिकायत व पेंशन से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं। जिनका एडीसी ने मौके पर ही संबंधित विभागाध्यक्षों को त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीएम सुरेश कुमार व सीटीएम जितेंद्र कुमार सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक पाठशाला जलियावास माध्यमिक स्तर पर हुआ अपग्रेड
लंबित मांग पूरी होने पर ग्रामीणों ने विधायक डा. कृष्ण कुमार का जताया आभार

बावल, 09 जुलाई, अभीतक: हरियाणा सरकार द्वारा गांव जलियावास के राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक पाठशाला को माध्यमिक स्तर पर अपग्रेड कर दिया गया है। ग्रामीणों ने लंबित मांग के पूरा होने पर बावल के विधायक डा. कृष्ण कुमार का आभार व्यक्त किया है। विधायक डा. कृष्ण कुमार ने बताया कि पिछले दिनों जब वह गांव जलियावास गए थे तो ग्रामीणों ने राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक पाठशाला को माध्यमिक स्तर तक करने की मांग उठाई थी। उनकी इस जायज मांग को उनके द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के समक्ष रखने के साथ-साथ विधानसभा में भी प्रमुखता से उठाया गया। उन्होंने ग्रामीणों की मांग पूरी होने पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का आभार प्रकट किया। विधायक ने बताया कि आज देश और प्रदेश में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में बिना भेदभाव के तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि बावल में भी केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के कुशल मार्गदर्शन और हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। बावल के विकास कार्यों में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। विधायक ने बताया कि सरकार अंत्योदय की भावना से पंक्ति में अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के दृष्टिगत जनहितैषी कार्य कर रही है। सरकार द्वारा शिक्षा, खेल, परिवहन व स्वास्थ्य सहित सभी क्षेत्रों में नए उपकरण, आधुनिक तकनीक व बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करवाया जा रहा है, जिनकी सुविधाओं का लाभ आमजन को मिल रहा है।
विधायक ने सुनी आमजन की समस्याएं
विधायक डा. कृष्ण कुमार ने रेवाड़ी स्थित अपने कार्यालय में लोगों की शिकायतें सुनते हुए मौके पर ही निवारण करवाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की शिकायतों को प्राथमिकता से सुनते हुए निवारण करवाया जाए। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा आमजन की समस्याओं के निवारण के लिए जिला व उपमंडल स्तर पर सोमवार और वीरवार को समाधान शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। आमजन समाधान शिविर में भी अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायतें रख सकते हैं। इस अवसर पर काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
रेवाड़ी स्थित कार्यालय में जनसुनवाई करते हुए विधायक डा. कृष्ण कुमार।

आस्था कुंज में चलाया पौधारोपण अभियान
रेवाड़ी, 09 जुलाई, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के निर्देशानुसार डॉ. रेनू सोलखे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी द्वारा वीरवार को आस्था कुंज बाल गृह रेवाड़ी का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान 17 बच्चे उपस्थित रहे। डॉ. रेनू सोलखे ने सभी बच्चों से बातचीत की तथा उनके बारे में उनके खानपान के बारे में तथा पढ़ाई के बारे में जाना, एवं आस्था कुंज के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को बच्चों से संबंधित उचित दिशा निर्देश दिए। डॉ. रेनू सोलखे ने दत्तक ग्रहण अभिकरण का भी निरीक्षण किया, जिसमें 7 बच्चे थे। डॉ. रेनू सोलखे ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उनकी हर संभव सहायता के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को सहायता और समर्थन प्रदान करने के लिए कार्यरत है। आस्था कुंज का स्टाफ अपनी ड्यूटी सही तरीके से कर रहा है। डॉ. रेणु सलाखें ने भोजन तथा चिकित्सा सुविधाओं के बारे में भी निरीक्षण किया। ये व्यवस्थाएं सही एवं दुरुस्त मिलने पर उन्होंने प्रशंसा की। इसके साथ ही वृक्षारोपण अभियान के तहत डॉ रेनू सोलखे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी ने आस्था कुंज में रहने वाले बच्चों के साथ पौधारोपण भी किया।

सीईटी परीक्षा की खामियां युवाओं की प्रतिभा के साथ मजाक: विक्रम कादयान
रेवाड़ी, 09 जुलाई, अभीतक: वरिष्ठ कांग्रेस नेता विक्रम कादयान ने कहा कि कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी) परीक्षा में सामने आई गंभीर खामियों ने लाखों युवाओं की वर्षों की मेहनत और प्रतिभा के साथ मजाक किया है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं युवाओं के ज्ञान, क्षमता और कौशल का निष्पक्ष मूल्यांकन करने का माध्यम होती हैं, लेकिन प्रश्नपत्र में कोड नंबर संबंधी त्रुटियां, भाषा अनुवाद की गलतियां तथा अस्पष्ट प्रश्नों ने पूरी परीक्षा की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। कादयान ने कहा कि कई प्रश्नों में अनुवाद संबंधी गंभीर त्रुटियां थीं, जबकि कुछ प्रश्न इतने द्विअर्थी थे कि अभ्यर्थी पूरे समय भ्रम की स्थिति में रहे। उन्होंने कहा कि एक प्रश्न में तो मुहावरा दिए बिना ही उसका अर्थ पूछ लिया गया, जो परीक्षा संचालन में घोर लापरवाही का उदाहरण है। ऐसी गलतियां युवाओं का आत्मविश्वास कमजोर करती हैं और निष्पक्ष प्रतियोगिता की भावना को ठेस पहुंचाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार सृजन के प्रति गंभीर नहीं है। प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों, कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में हजारों पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं, जिससे प्रशासनिक कार्य, शिक्षा व्यवस्था और जनसेवाएं प्रभावित हो रही हैं। विश्वविद्यालयों में स्थायी शिक्षकों की कमी के कारण शिक्षा की गुणवत्ता और शोध कार्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। विक्रम कादयान ने कहा कि नई शिक्षा नीति के लागू होने के बाद शिक्षा का निजीकरण लगातार बढ़ा है, जिससे गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक शिक्षा कमजोर हुई है और योग्य शिक्षकों के शोषण की स्थिति बनी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सरकारी शिक्षण संस्थानों के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाए तथा रिक्त पदों पर शीघ्र स्थायी नियुक्तियां की जाएं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों और युवाओं के रोजगार के अधिकार की लड़ाई लगातार लड़ती रही है। छात्रों की गूंज अभियान के माध्यम से युवाओं की समस्याओं और आवाज को मजबूती से उठाया जा रहा है। कादयान ने कहा कि कांग्रेस युवाओं और आम जनता के साथ मिलकर रोजगार विरोधी नीतियों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।

हरियाणा में 10 दिनों में शुरू होगा पहला ऑनलाइन तबादला अभियान
विभागों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश

चंडीगढ़, 09 जुलाई, अभीतक: हरियाणा सरकार ने मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाते हुए सभी विभागों को आगामी 10 दिनों के भीतर आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों एवं निगमों, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) तथा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को जारी व्यापक निर्देशों में कहा है कि पहला ऑनलाइन तबादला अभियान निर्धारित समय के भीतर शुरू करने के लिए सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी की जाएं। प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों एवं निगमों, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) तथा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को जारी निर्देशों में एचआरएमएस रिकॉर्ड के अपडेशन, ऑनलाइन सॉफ्टवेयर मॉड्यूल तैयार करने, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, चिकित्सा एवं दिव्यांगता प्रमाण-पत्र तेजी से जारी करने, रद्द की जा चुकी वर्ष 2025 की तबादला नीति के अंतर्गत चल रही प्रक्रियाओं को समाप्त करने तथा बोर्डों एवं निगमों द्वारा नई तबादला नीति अपनाने सहित सभी तैयारियां निर्धारित समय में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति, 2026 के अधिसूचित होने के साथ ही मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति, 2025 तत्काल प्रभाव से निरस्त हो गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में सभी नियमित तबादले केवल नई नीति के प्रावधानों के अनुरूप ही किए जाएंगे। इस नीति का उद्देश्य सरकारी विभागों में पारदर्शी, वस्तुनिष्ठ, प्रौद्योगिकी आधारित तथा मेरिट-आधारित तबादला व्यवस्था स्थापित करना है। मुख्य सचिव ने सभी प्रशासनिक सचिवों एवं विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे स्वयं तैयारियों की निगरानी करें तथा एचआरएमएस में कर्मचारियों के कैडर, नियुक्ति तिथि, कार्यकाल, सेवा विवरण तथा मेरिट अंक निर्धारण से संबंधित सभी रिकॉर्ड का सत्यापन एवं अद्यतन तत्काल कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानांतरण प्रक्रिया में केवल अर्हता तिथि तक एचआरएमएस में उपलब्ध जानकारी ही मान्य होगी। यदि कोई जानकारी अपूर्ण, गलत अथवा समय पर अद्यतन नहीं की जाती है तो संबंधित कर्मचारी की पात्रता एवं मेरिट अंकों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) को ऑनलाइन ट्रांसफर प्रणाली के सभी सॉफ्टवेयर मॉड्यूल का विकास, अनुकूलन, परीक्षण, सत्यापन एवं क्रियान्वयन प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए एनआईसी में कम से कम वरिष्ठ वैज्ञानिक स्तर के अधिकारी को छह माह के लिए परियोजना नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। साथ ही सभी विभागों में ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक समर्पित एचआरएमएस लॉगिन भी विकसित किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति, 2025 के अंतर्गत प्रारंभ की गई सभी तबादला प्रक्रियाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त मानी जाएंगी। पूर्व नीति के तहत जो तबादला आदेश अभी तक जारी नहीं हुए हैं, वे जारी नहीं किए जाएंगे तथा आगे के सभी नियमित तबादले केवल मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति, 2026 के अनुसार ही होंगे। पात्र कर्मचारियों को नई नीति के अंतर्गत मिलने वाले लाभ सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड तथा आवश्यक चिकित्सा प्रमाण-पत्र समयबद्ध ढंग से जारी करने के निर्देश दिए हैं। एम्स, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़, पीजीआईएमएस रोहतक तथा अन्य अधिकृत मेडिकल बोर्डों से अनुरोध किया गया है कि वे पात्र आवेदनों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करते हुए आवेदन प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर प्रमाण-पत्र जारी करें, ताकि कर्मचारी बिना किसी कठिनाई के ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया में भाग ले सकें। मानव संसाधन विभाग ने पहली ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया के लिए नोशनल (काल्पनिक) कैटेगरी के संबंध में भी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके अंतर्गत अधिसूचित अवधि में प्रारंभिक नियुक्ति, पदोन्नति, निलंबन के बाद पुनर्बहाली, प्रतिनियुक्ति से वापसी, अध्ययन अवकाश से लौटने अथवा निर्धारित शर्तों के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों को संबंधित कैडर की पहली ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया में नोशनल कैटेगरी के अंतर्गत शामिल किया जाएगा। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्देश में सभी बोर्डों, निगमों एवं अन्य सरकारी संगठनों को मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति, 2026 अपनाने अथवा जहां पृथक वैधानिक व्यवस्था आवश्यक हो, वहां अपनी वर्तमान तबादला नीति को इसके अनुरूप संशोधित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य सभी सरकारी संस्थाओं में पारदर्शी, निष्पक्ष एवं मेरिट आधारित एक समान तबादला व्यवस्था स्थापित करना, मनमानेपन को समाप्त करना तथा अनावश्यक न्यायिक विवादों को कम करना है। संपूर्ण तबादला प्रक्रिया केवल एचआरएमएस से एकीकृत ऑनलाइन ट्रांसफर मॉड्यूल के माध्यम से संचालित की जाएगी। ऑनलाइन तबादला अभियान के दौरान किसी भी अधिसूचित कैडर के कर्मचारियों के नियमित तबादले अथवा पदस्थापन नहीं किए जाएंगे। विभागों को नीति के विपरीत कोई निर्देश जारी नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कर्मचारियों को चेतावनी दी गई है कि यदि कोई गलत अथवा भ्रामक जानकारी देता है या किसी बाहरी प्रभाव के माध्यम से तबादला प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास करता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

राजकीय व निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में सत्र 2026-27 के दाखिला हेतु ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन पत्र करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई, 2026 तक बढ़ा दी गई चण्डीगढ़, 9 जुलाई – कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग, हरियाणा द्वारा राज्य के सभी राजकीय व निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में सत्र 2026-27 के दाखिला हेतु ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन पत्र करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई, 2026 तक बढ़ा दी गई हैं। विभाग के प्रवक्ता ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में ऑनलाइन दाखिला पंजीकरण हेतू व ट्रेडध्संस्थान का चयन करने हेतु हेल्प डेस्क बनाया गया है। आवेदक दाखिले हेतु निशुल्क अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। दाखिला लेने के इच्छुक विद्यार्थियों के पास पंजीकरण हेतु शैक्षणिक योग्यता, आरक्षण व स्थाई निवासी प्रमाण-पत्र, फैमिली आईडी, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी व आधार कार्ड इत्यादि दस्तावेज होने चाहिए। विभिन्न दाखिला चरणों में मेरिट एवं सीट अलॉटमेंट जारी करने के कार्यक्रम बारे सूचना दाखिला वेबसाइट पर उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे दाखिला वेबसाइट का नियमित अवलोकन करते रहें। इसके अतिरिक्त, पंजीकृत अभ्यर्थियों को विभागीय वेबसाइट ीजजचेरूध्ध्ंकउपेेपवदेण्पजपींतलंदंण्हवअण्पद पर 15 जुलाई, 2026 तक ट्रैड व संस्थान का चयन कर सकते हैं।

प्रदेश के 16 नए सब-डिवीजनल अस्पतालों में भी शुरू होगी निःशुल्क डायलिसिस सेवा: आरती सिंह राव
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बोचड़िया, हसनपुर व सलीमपुर में लगभग 3.13 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का किया लोकार्पण

अटेली, 09 जुलाई, अभीतक: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक बदलाव ला रही है। प्रदेश में फ्री डायलिसिस की सुविधा दी जा रही है। अब इस योजना का विस्तार करते हुए कनीना सहित 16 नए सब-डिवीजनल अस्पतालों में भी निशुल्क डायलिसिस सेवा होंगी। माता एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए मेदांता अस्पताल के साथ एमओयू किया गया है। इसके तहत गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को मेदांता के विशेषज्ञ चिकित्सक नियमित स्वास्थ्य निगरानी और परामर्श दिया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री वीरवार को अटेली विधानसभा क्षेत्र के धन्यवादी दौरे के तहत आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रही थी। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत बोचड़िया, हसनपुर एवं सलीमपुर में लगभग 3.13 करोड़ रुपए से पूरे हुए विकास कार्यों का उद्घाटन किया। उन्होंने दोनों गांवों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में चल रही प्रदेश सरकार गांवों के समग्र विकास और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इस दौरे के दौरान उन्होंने बोचड़िया व हसनपुर ग्राम पंचायत को विकास कार्यों के लिए 11 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि देने की घोषणा भी की। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। अटेली विधानसभा का कोई भी गांव विकास से अछूता नहीं रहेगा और प्रत्येक गांव तक मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बोचड़िया व हसनपुर में विभिन्न योजना के तहत लगभग 1 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से संपर्क मार्ग, फिरनी, चैपाल, चारदीवारी, गेट, बीपीएल कॉलोनी की गलियां, सीसीटीवी कैमरे, पेयजल लाइन, स्वागत द्वार तथा 53.44 लाख रुपये की लागत से खेत-खलिहान सड़क सहित अनेक विकास कार्य पूरे किए गए हैं। वहीं सलीमपुर में लगभग 1 करोड़ 67 लाख 54 हजार रुपये की लागत से सड़क निर्माण, बीसी एवं एससी चैपाल, पुस्तकालय फर्नीचर, खेल मैदान की चारदीवारी, टीनशेड, पेयजल टंकी तथा 56.84 लाख रुपये की लागत से दो किलोमीटर सड़क निर्माण सहित अनेक कार्य पूर्ण किए गए हैं। इस दौरे के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने अटेली स्थित अपने कार्यालय में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में क्षेत्र के लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े मामलों का त्वरित, पारदर्शी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर विधायक ओमप्रकाश यादव, नारनौल एसडीएम अनिरुद्ध यादव, कनीना एसडीएम डॉ जितेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अशोक कुमार, भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. यतेन्द्र राव, जिला प्रमुख डॉ. राकेश कुमार, मार्केट कमेटी चेयरमैन दिनेश जेलदार, नगरपालिका चेयरमैन संजय गोयल, पूर्व जिला अध्यक्ष दयाराम यादव, पंचायत समिति चेयरमैन राजेन्द्र प्रसाद, कुलदीप बोचड़िया, भाजपा नेता धीरज यादव, विक्रम सरपंच, कृष्ण कुमार बोचड़िया, बोचड़िया हसनपुर के सरपंच शेरसिंह, सलीमपुर की सरपंच आरती यादव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

ऐतिहासिक ब्रास मार्केट में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की उठी जोरदार मांग
ब्रास मार्केट को मॉडर्न मार्केट की तर्ज पर तत्काल विकसित किए जाने की जरूरत: अशोक प्रधान’

गौरवमय जीवन जीने के अधिकार के तहत लोगों को मार्केट में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार का मौलिक कर्तव्य
रेवाडी़, 09 जुलाई, अभीतक: शहर के सर्कुलर रोड स्थित ऐतिहासिक ब्रास मार्केट को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर एवं नागरिक सुविधाओं की दृष्टि से श्मॉडर्न मार्केटश् बनाए जाने को लेकर जनहित में जोरदार मुहिम शुरू की गई है। राष्ट्रीय सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच के मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान के तहत हुई बैठक में शहर के अनेक जागरूक लोगों ने उक्त मांग बुलंद हुए सरकार-प्रशासन से इस दिशा में तुरंत कदम उठाने का जोरदार आग्रह किया। इस सिलसिले में ब्रास मार्केट एसोसिएशन के बुलावे पर यहां के बैंक ऑफ बड़ौदा के समीप प्रधान नीरज गुप्ता की अध्यक्षता में बैठक हुई जिसमें राष्ट्रीय प्रगतिशील विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच मुख्य वक्ता बनकर पहुंचे। उनके साथ कोर कमेटी के सदस्य बीके राम सिंह, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, डॉ. सुरेश कुमार, नंदलाल यादव आदि भी मौजूद थे। मार्केट के व्यवसायियों,दुकानदारों ने बताया कि यहां का सीवर सिस्टम पुराना,जर्जर,नकारा हो चुका है। बारिश के पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। सड़कों की हालत,खासकर उनका लेवल खराब होने के कारण थोड़ी सी बारिश में भी पानी सड़कों व खुले स्पेस में खड़ा हो जाता है। मार्केट में आने वाले ग्राहकों,लोगों के लिए सार्वजनिक पेशाबघर-शौचालय तक नहीं है। जबकि यह मार्केट बड़े-बड़े कोचिंग संस्थानों, विभिन्न प्रकार के ब्रांडेड शोरूम्स,एलआईसी ऑफिस, बैंकिंग-बीमा, ज्वेलरी,मेगा मार्ट संस्थानों, हॉस्पिटल्स आदि का गढ़ है। मगर यहां का सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और नागरिक सुविधाएं इतनी लचर हैं कि हालात नारकीय बनते जा रहे हैं। यहां के दोनों पार्क तथा मार्केट में खाली जगहों पर गंदे पानी और कूड़े के अड्डे दिखाई देते हैं। इससे परेशान लोगों ने हालातो में बदलाव की खातिर जनहितकारी मुहिम छेड़ने का सर्वसम्मत निर्णय लिया है। मॉडर्न मार्केट की तरह आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर व नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने तक जनसहयोग से लगातार अभियान चलाया जाएगा। राष्ट्रीय प्रगतिशील विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान ने कहा कि व्यापारी एवं व्यवसायी सरकार को भरपूर टैक्स देते हैं और दिन-रात रात कड़ी मेहनत करके लोगों को अच्छे प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराने की सेवाएं देते हैं । गौरवमय जीवन जीने के अधिकार के तहत व्यापारियों, दुकानदारों और ग्राहकों को बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार का मौलिक कर्तव्य है जिसको पूरी तत्परता से अमल में लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में मुख्यमंत्री को व्यापक जनहित में पत्र लिखकर जन भावनाओं के अनुसार ब्रास मार्केट को इंफ्रास्ट्रक्चर एवं सुविधाओं की दृष्टि से जल्द मॉडर्न मार्केटश् बनाने का पुरजोर आग्रह किया जाएगा। ज्वलंत समस्याओं का समाधान होने तक लोक सेवा मंच की ओर से मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान जारी रहेगा। इस अवसर पर अशोक कुमार अग्रवाल, धर्मेंद्र छाबड़ा, रूपेश कुमार, मोहित बंसल, उमेश कुमार, सुमित शर्मा, नवीन गुप्ता,सतीश डाटा आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक एवं पूर्व मंत्री प्रो. संपत सिंह ने वीरवार को चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर बीजेपी सरकार द्वारा बिजली वितरण के निजीकरण करने की चाल पर उठाए गंभीर सवाल
निजीकरण बिजली क्षेत्र में सुधार नहीं, बल्कि जनता की संपत्ति, सरकारी ढांचे और सरकारी आय को निजी हाथों में सौंपने की कोशिश है: प्रो. संपत सिंह
हरियाणा की बिजली संपत्ति बिकाऊ नहीं है – बिजली वितरण के निजीकरण का हर स्तर पर विरोध करेगी इनेलो
कांग्रेस खुद को प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी बताती है लेकिन चंडीगढ़ में कांग्रेस के सभी नेता मौजूद होने पर भी कोई नेता या प्रतिनिधि नहीं हुआ शामिल, इंडियन नेशनल लोकदल ही प्रदेश में मुख्य विपक्ष की निभा रही है भूमिका

चंडीगढ़, 09 जुलाई, अभीतक: इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय संरक्षक एवं पूर्व मंत्री प्रो. संपत सिंह ने वीरवार को चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण का काम निजी कंपनी इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को देने की हरियाणा सरकार की कोशिश की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह बिजली क्षेत्र में सुधार नहीं, बल्कि जनता की संपत्ति, सरकारी ढांचे और सरकारी आय को निजी हाथों में सौंपने की कोशिश है। प्रो. संपत सिंह ने बिजली निजीकरण को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि डीएचबीवीएन का 42 प्रतिशत रिवेन्यू गुरुग्राम जिले से आता है। गुरुग्राम जिले में बिजली का लाइन लॉस प्रदेश के मुकाबले आधा है। प्रदेश का लाइन लॉस 10.02 प्रतिशत, वही गुरुग्राम का लाइन लॉस 40.7 प्रतिशत है। गुरुग्राम में बिजली से पूरी आए हो रही है। सरकार लाभ में चल रही बिजली कंपनियों का निजीकरण क्यों कर रही है। घाटे में चल रही बिजली कंपनियों का निजीकरण होता तो बात समझ में आ सकती थी। बिजली कोई उत्पादन नहीं है। बिजली एक जरूरत की चीज है। गुरुग्राम को लूटने के लिए साजिश रची जा रही है। प्रदेश में बिजली का ढांचा जनता की संपत्ति है, बिजली कंपनी की आय और उसके इंफ्रास्ट्रक्चर का निजीकरण नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान इनेलो के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष आरएस चैधरी, पूर्व डीजीपी एमएस मलिक, प्रदेश प्रवक्ता सतबीर सैनी और पार्टी कार्यालय सचिव नछत्तर सिंह मलहान मौजूद रहे। प्रो. संपत सिंह ने कहा कि निजीकरण को लेकर बुधवार को हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन में हुई सुनवाई दौरान इनेलो ने 112 पॉइंट बनाकर गुरुग्राम में बिजली के निजीकरण का विरोध किया है और यह लड़ाई लंबी चलेगी। अड़ानी कंपनी ने भी लाइसेंस के लिए आवेदन किया है। गुरुग्राम को लूटने के कई कारण है। स्मार्ट सिटी योजना के तहत गुरुग्राम में 1608 करोड़ रुपए और आरडीएसएस सिटी योजना के तहत 3584 रुपए का निवेश किया गया है। इस जनता के धन के ऊपर सभी की नजर है। वर्तमान में सरकार एक नौ सीखिए कंपनी को गुरुग्राम का लाइसेंस देने की तैयारी कर रही है। इस कंपनी की स्थापना 6 जून 2025 को हुई थी। कंपनी की कुल पूंजी भी एक करोड़ रुपए है। कंपनी के पास ना तो कोई अनुभव है और ना ही कोई नेटवर्क है। लेकिन करीब 4717 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट उनको देने की तैयारी है। देश के संविधान का आर्टिकल 38 और 29 देश के संसाधनों को जनहित में उपयोग करने के लिए कहता है। सरकार आज एक तरफ तो बिजली कंपनियों का जो निजीकरण कर रही है। उसमें सरकार ने उदय योजना के तहत 25950 करोड़ रुपए जनता से वसूले हंै। सरकार ने 3,352 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी भी लगाई है। सरकार ने भी घाटे को पूरा करने के लिए सब्सिडी दी है। देश के अंदर बिजली की सरकारी कंपनियों के निजीकरण के मामलों में अदालतों में जो दिशा निर्देश तय किए थे, उनका भी पालन नहीं होता दिख रहा है। अदालतों ने कहा है कि बिजली कंपनियों के निजीकरण में कंपनियों की आर्थिक हालत, अनुभव, जनहित आदि का ध्यान रखना होता है। हरियाणा के किसानों पर भी मार पडने वाली है। सरकार ने खेती के लिए अलग कंपनी बना दी है, अब इसका घाटा कौन पूरा करेगा?। बिजली के निजीकरण में पूरी तरीके से सरकार का साथ दिखाई दे रहा है। बिजली के निजीकरण से रोजगार के अवसर कम होंगे, गरीब लोगों का शोषण होगा, वेतन भी कम मिलेगा। प्रो. सम्पत सिंह ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय तथा बिजली अपीलीय न्यायाधिकरण ने सेसा स्टरलाइट लिमिटेड, रिलायंस एनर्जी लिमिटेड, टाटा पावर कंपनी लिमिटेड, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड से जुड़े मामलों में स्पष्ट किया है कि समानांतर वितरण लाइसेंस देते समय उपभोक्ताओं के हित, मौजूदा बिजली निगमों की वित्तीय स्थिरता तथा केवल लाभदायक क्षेत्रों को चुनने जैसी प्रवृत्ति को रोकना आवश्यक है। संपत सिंह में कांग्रेस पर भी उठाए सवाल। खुद को प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी बताती है कांग्रेस। बिजली सुनवाई के दौरान कांग्रेस का कोई नेता या प्रतिनिधि शामिल नहीं था। जबकि कांग्रेस के सभी नेता चंडीगढ़ में बैठक में मौजूद हैं। कांग्रेस सिर्फ अखबारों में छपी खबर को मुद्दा बनाती है। जबकि इंडियन नेशनल लोकदल प्रदेश में मुख्य विपक्ष की भूमिका निभा रही है ।

बीजेपी जानबूझकर करती है पेपरों में धांधली, ताकि भर्तियां ना करनी पड़ें – हुड्डा
चनौत गांव के साथ सरकार ने किया धोखा, टी लगने के बावजूद नहीं दिया पानी- हुड्डा’

चंडीगढ़, 09 जुलाई, अभीतक: पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि बीजेपी सरकार जानबूझकर तमाम पेपरों में धांधली करती है। ताकि एचटेट का पेपर हो या किसी भर्ती का, अभ्यार्थी धांधलियों की शिकायतों में ही उलझकर रह जाएं और सरकार को भर्ती ही ना करनी पड़ें। हुड्डा पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने हरियाणा को पेपर लीक और पेपर धांधली का गढ़ बन दिया है। एचटेट की परीक्षा में प्रश्न कॉपी, गलत ओएमआर शीट, गलत सीरियल नंबर, गलत प्रश्न, गलत जवाब, भाषाई त्रुटि, गलत ट्रांसलेशन समेत अनगिनत गड़बड़ियां उजागर हुई हैं। अभ्यार्थियों ने सबूतों के साथ इनको उजागर किया है। बावजूद इसके सरकार की गलतियों को ठीक करवाने के लिए अब पैसे का भुगतान भी अभ्यार्थियों को ही करना पड़ेगा। क्योंकि भ्ज्म्ज् के 1 सवाल पर ऑब्जेक्शन उठाने के प्रत्येक अभ्यार्थी को 100 रुपये देने होंगे। यानी अगर 25 सवाल गलत हैं तो प्रत्येक युवा को 2500 रुपये का भुगतान करना होगा। जबकि ये लोग पहले ही एचटेट फॉर्म के लिए 1000 रुपये भर चुके हैं। यानी बीजेपी सरकार सिर्फ युवाओं को एक के बाद एक घाव नहीं दे रही है, बल्कि उस घाव पर नमक और मिर्च भी छिड़क रही है। हुड्डा ने चनौत में चल रहे आंदोलन पर कहा कि सरकार ने गांववालों के साथ धोखा किया है। बाकायदा प्रशासन की मौजूदगी में गांव के लिए सरकार के आदमी ने टी लगाई थी। लेकिन उसे बाद में उखाड़ दिया गया। सवाल खड़ा होता है कि अगर टी लगाने का फैसला सरकार का नहीं था, तो उसको लगवाते हुए प्रशासन मौके पर क्यों मौजूद था? उन्होंने कहा कि चनौत गांव और हांसी शहर दोनों को पानी देने की जिम्मेदारी सरकार की है। यह बेहद दुखत है कि इस मूलभूत सुविधा के लिए भी गांव को आंदोलन व अनशन करना पड़ रहा है। भूपेंद्र सिंह हुडडा ने आगे बोलते हुए राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कोई भी दोषी बचना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान् श्रीराम मंदिर के लिए देश विदेश के करोड़ों भक्तों द्वारा दिए गए दान में हुई बड़ी गड़बड़ी और घोटाले के आरोप बेहद चिंताजनक हैं। ये मामला भगवान राम के प्रति आस्था रखने वाले जन-जन को परेशान करने वाला है।

हरियाणा में 10 दिनों में शुरू होगा पहला ऑनलाइन तबादला अभियान
विभागों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश

चंडीगढ़, 09 जुलाई, अभीतक: हरियाणा सरकार ने मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाते हुए सभी विभागों को आगामी 10 दिनों के भीतर आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों एवं निगमों, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) तथा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को जारी व्यापक निर्देशों में कहा है कि पहला ऑनलाइन तबादला अभियान निर्धारित समय के भीतर शुरू करने के लिए सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी की जाएं। प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों एवं निगमों, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) तथा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को जारी निर्देशों में एचआरएमएस रिकॉर्ड के अपडेशन, ऑनलाइन सॉफ्टवेयर मॉड्यूल तैयार करने, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, चिकित्सा एवं दिव्यांगता प्रमाण-पत्र तेजी से जारी करने, रद्द की जा चुकी वर्ष 2025 की तबादला नीति के अंतर्गत चल रही प्रक्रियाओं को समाप्त करने तथा बोर्डों एवं निगमों द्वारा नई तबादला नीति अपनाने सहित सभी तैयारियां निर्धारित समय में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति, 2026 के अधिसूचित होने के साथ ही मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति, 2025 तत्काल प्रभाव से निरस्त हो गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में सभी नियमित तबादले केवल नई नीति के प्रावधानों के अनुरूप ही किए जाएंगे। इस नीति का उद्देश्य सरकारी विभागों में पारदर्शी, वस्तुनिष्ठ, प्रौद्योगिकी आधारित तथा मेरिट-आधारित तबादला व्यवस्था स्थापित करना है। मुख्य सचिव ने सभी प्रशासनिक सचिवों एवं विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे स्वयं तैयारियों की निगरानी करें तथा एचआरएमएस में कर्मचारियों के कैडर, नियुक्ति तिथि, कार्यकाल, सेवा विवरण तथा मेरिट अंक निर्धारण से संबंधित सभी रिकॉर्ड का सत्यापन एवं अद्यतन तत्काल कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानांतरण प्रक्रिया में केवल अर्हता तिथि तक एचआरएमएस में उपलब्ध जानकारी ही मान्य होगी। यदि कोई जानकारी अपूर्ण, गलत अथवा समय पर अद्यतन नहीं की जाती है तो संबंधित कर्मचारी की पात्रता एवं मेरिट अंकों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) को ऑनलाइन ट्रांसफर प्रणाली के सभी सॉफ्टवेयर मॉड्यूल का विकास, अनुकूलन, परीक्षण, सत्यापन एवं क्रियान्वयन प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए एनआईसी में कम से कम वरिष्ठ वैज्ञानिक स्तर के अधिकारी को छह माह के लिए परियोजना नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। साथ ही सभी विभागों में ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक समर्पित एचआरएमएस लॉगिन भी विकसित किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति, 2025 के अंतर्गत प्रारंभ की गई सभी तबादला प्रक्रियाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त मानी जाएंगी। पूर्व नीति के तहत जो तबादला आदेश अभी तक जारी नहीं हुए हैं, वे जारी नहीं किए जाएंगे तथा आगे के सभी नियमित तबादले केवल मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति, 2026 के अनुसार ही होंगे। पात्र कर्मचारियों को नई नीति के अंतर्गत मिलने वाले लाभ सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड तथा आवश्यक चिकित्सा प्रमाण-पत्र समयबद्ध ढंग से जारी करने के निर्देश दिए हैं। एम्स, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़, पीजीआईएमएस रोहतक तथा अन्य अधिकृत मेडिकल बोर्डों से अनुरोध किया गया है कि वे पात्र आवेदनों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करते हुए आवेदन प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर प्रमाण-पत्र जारी करें, ताकि कर्मचारी बिना किसी कठिनाई के ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया में भाग ले सकें। मानव संसाधन विभाग ने पहली ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया के लिए नोशनल (काल्पनिक) कैटेगरी के संबंध में भी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके अंतर्गत अधिसूचित अवधि में प्रारंभिक नियुक्ति, पदोन्नति, निलंबन के बाद पुनर्बहाली, प्रतिनियुक्ति से वापसी, अध्ययन अवकाश से लौटने अथवा निर्धारित शर्तों के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों को संबंधित कैडर की पहली ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया में नोशनल कैटेगरी के अंतर्गत शामिल किया जाएगा। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्देश में सभी बोर्डों, निगमों एवं अन्य सरकारी संगठनों को मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति, 2026 अपनाने अथवा जहां पृथक वैधानिक व्यवस्था आवश्यक हो, वहां अपनी वर्तमान तबादला नीति को इसके अनुरूप संशोधित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य सभी सरकारी संस्थाओं में पारदर्शी, निष्पक्ष एवं मेरिट आधारित एक समान तबादला व्यवस्था स्थापित करना, मनमानेपन को समाप्त करना तथा अनावश्यक न्यायिक विवादों को कम करना है। संपूर्ण तबादला प्रक्रिया केवल एचआरएमएस से एकीकृत ऑनलाइन ट्रांसफर मॉड्यूल के माध्यम से संचालित की जाएगी। ऑनलाइन तबादला अभियान के दौरान किसी भी अधिसूचित कैडर के कर्मचारियों के नियमित तबादले अथवा पदस्थापन नहीं किए जाएंगे। विभागों को नीति के विपरीत कोई निर्देश जारी नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कर्मचारियों को चेतावनी दी गई है कि यदि कोई गलत अथवा भ्रामक जानकारी देता है या किसी बाहरी प्रभाव के माध्यम से तबादला प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास करता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

हरियाणा: जहां मुख्यमंत्री नायब सैनी का नाम नहीं, काम बोलता है
सिरसा, 09 जुलाई, अभीतक: हरियाणा राज्य देश का एकमात्र ऐसा राज्य बनता जा रहा है, जहां मुख्यमंत्री नायब सैनी का नाम नहीं बल्कि काम बोलता है, जिसकी सराहना प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के विधायक भी करते देखे गए हैं। हरियाणा के लोकसभा क्षेत्र सिरसा को छोड़कर पूरे प्रदेश में भाजपा में शामिल होने वाले दिग्गजों का आंकड़ा बढ़ रहा है। सिरसा लोकसभा क्षेत्र के नौ विधानसभा क्षेत्रों में सिर्फ एक पर ही भाजपा का विधायक हैं और उसके भी इनैलो सुप्रीमो अभय चैटाला से राजनीतिक मतभेद जगजाहिर है। इस लोकसभा क्षेत्र को इनैलो का गढ़ भी कहा जाता है और हरियाणा के अस्तित्व में आने से लेकर वर्तमान तक मात्र एक बार भाजपा की सुनीता दुग्गल ने कमल का फूल खिलाया था। आमजन को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए हरियाणा में अनेक योजनाएं चलाई जा रही है, जिनसे आमजन लाभान्वित होकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हुए प्रदेश में विकास की बह रही गंगा के भागीदार देखे जा सकते हैं। हरियाणा में ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि, कर्मचारियों का आंशिक दिव्यांगता बीमा कवर में 10 प्रतिशत, मृत्यु पर सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा में पांच लाख की वृद्धि, सफाई कर्मचारियों की व्यक्तिगत दुर्घटना राशि तीस से पचास लाख, सफाई कर्मचारियों का परमानैंट टर्म इंश्योरेन्स दो से चार लाख,नई एक्सग्रेसिया स्कीम के तहत सरकारी का 52 साल की आयु से पहले निधनं होने पर आश्रित को अनुकंपा आधार पर नौकरी,आऊट सोर्सिंग नीति के तहत कार्यरत महिला कर्मचारियों को समकक्ष मातृत्व अवकाश की सुविधा, दिव्यांग महिला कर्मचारियों को चाईल्ड केयर के लिए 1500 रुपए प्रति माह प्रति बच्चा,एडहाक डीसी रेट पर लगे कर्मचारियों की सेवा दौरान मृत्यु हो जाने पर परिवार को तीन लाख की अनुग्रह राशि का प्रावधान इत्यादि योजनाओं से सरकारी कर्मचारी लाभान्वित हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त प्रादेशिक सड़क उत्थान योजना, बागवानी योजना, महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय और बागवानी प्रौद्योगिकी हेतु उत्कृष्टता केंद्र स्थापना, बागवानी फसलों के लिए सामुदायिक तालाब निर्माण पर 18 लाख रुपए की राशि तक पर 75ः तथा व्यक्तिगत तालाब निर्माण पर सात लाख की राशि पर 70ः अनुदान राशि जैसी योजनाओं से प्रदेश विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। इतना ही नहीं हरियाणा की भाजपा सरकार ने प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50ः,पिछड़ा वर्ग (ए) के लिए 8ः आरक्षण, सरपंच, पंचायत समिति व जिला परिषद सदस्य को मिलने वाली सरकारी राशि में वृद्धि, प्रधानमंत्री आवास योजना , मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण विकास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 100-100 गज तथा शहरी क्षेत्रों में 50 गज की रिहायशी प्लाट की रजिस्ट्री पर स्टाम्प ड्यूटी समाप्त सहित अनेक योजनाएं चलाई जा रही है, जिससे आमजन की भाजपा सरकार के प्रति रूझान बढ़ा है। नायब सरकार की अनेक डिजिटल सेवाओं से हरियाणा की दशा और दिशा में परिवर्तन देखने को मिल रहा है।

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