




बड़े लक्ष्य और उद्यमशील सोच से विद्यार्थी बनेंगे देश के भविष्य के निर्माता: ओम प्रकाश धनखड़
संस्कारम विश्वविद्यालय में उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया शिक्षक दिवस
श्री ओम प्रकाश धनखड़ ने बतौर मुख्य अतिथि की शिरकत
झज्जर, 03 सितम्बर, अभीतक: संस्कारम विश्वविद्यालय में शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना के साथ उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व राष्ट्रीय सचिव, पूर्व कृषि मंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष बीजेपी हरियाणा श्री ओम प्रकाश धनखड़ ने शिरकत की। समारोह की शुरुआत शिक्षक दिवस के महत्व और शिक्षकों के योगदान को रेखांकित करते हुए हुई। कार्यक्रम की शुरुआत में एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा अतिथियों का स्वागत अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के सम्मान में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रस्तुत कीं। नृत्य, नाट्य प्रस्तुति, भाषण और मिमिक्री ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया, वहीं विभिन्न फन एक्टिविटीज में शिक्षकों की सहभागिता ने कार्यक्रम को और जीवंत बना दिया। कार्यक्रम के मुख्यातिथि श्री ओम प्रकाश धनखड़ जी ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनसे आह्वान किया कि वे जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करें। उन्होंने अपने वक्तव्य मे बताया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, नवाचारी और उद्यमशील बनाना भी होना चाहिए। आज के विद्यार्थी नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि भविष्य में रोजगार के अवसर सृजित करने वाले उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने इस शानदार कार्यक्रम व शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य पर सभी शिक्षक व विद्यार्थियों को शुभकामनाएं प्रदान की। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं व प्रश्नों का समाधान किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. महिपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए छात्र संवाद, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और तकनीक आधारित शिक्षा को विशेष महत्व दे रहा है। शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच व्यक्तिगत संवाद को बढ़ावा देकर विद्यार्थियों की रुचि, क्षमता और आवश्यकताओं को समझने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के शिक्षक तकनीक, नवाचार और विद्यार्थी-केंद्रित दृष्टिकोणके माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं। साथ ही, विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स के उचित एवं जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, ताकि वे एआई का प्रभावी उपयोग अध्ययन, शोध, रचनात्मकता और समस्या-समाधान में करते हुए अपनी स्वतंत्र सोच एवं विश्लेषणात्मक क्षमता को भी विकसित कर सकें। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजीत सिंह ने बताया कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन में केवल ज्ञान प्रदान करने की भूमिका नहीं निभाते, बल्कि उनके व्यक्तित्व और भविष्य को दिशा देने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथव्यावहारिक ज्ञान, नवाचार और कौशल विकासके अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में उनकी रचनात्मकता और उत्साह देखने को मिला। वहीं मनोरंजक गतिविधियों में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने साथ भाग लेते हुए कार्यक्रम को यादगार बनाया।




विश्वकर्मा सीनियर सेकेंडरी स्कूल पाटोदा में जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया
झज्जर, 03 सितम्बर, अभीतक: विश्वकर्मा सीनियर सेकेंडरी स्कूल पाटोदा में जन्माष्टमी के उपलक्ष में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें भाषण प्रतियोगिता मटकी फोड़ प्रतियोगिता, मटकी बनाओ प्रतियोगिता व फैंसी राधा कृष्ण ड्रेस प्रतियोगिता कराई गई। कार्यक्रम की शुरुआत प्रबंधक श्री बलवंत सिंह ने मां सरस्वती के सामने दीप प्रज्वलित करके की। बच्चों ने राधा कृष्ण के भजनों पर बहुत ही सुंदर डांस की प्रस्तुति दी जो बच्चे राधा कृष्ण बनकर आए थे उन्होंने भी भगवान कृष्ण जी के भजनों पर डांस किया। बच्चों के बीच में मटकी फोड़ प्रतियोगिता भी कराई गई। जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया। अंत में प्रबंधक बलवंत सिंह ने सभी विद्यार्थियों व स्टॉफ सदस्यों को जन्माष्टमी की बधाई दी और सभी विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। प्रबंधक बताया कि आज का दिन हम सभी के लिए बहुत पावन और विशेष है, क्योंकि आज हम भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मना रहे हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने हमें केवल धर्म और भक्ति का संदेश ही नहीं दिया, बल्कि सत्य, कर्म, प्रेम, धैर्य और कर्तव्य का मार्ग भी दिखाया। श्रीमद्भगवद् गीता में उन्होंने हमें सिखाया कि हमें अपने कर्म पर ध्यान देना चाहिए और परिणाम की चिंता नहीं करनी चाहिए।



विधानसभा में जनहित के मुद्दों पर हो सार्थक चर्चा, मर्यादा का रखें ध्यान : डॉ. अरविंद शर्मा
झज्जर, 3 सितंबर। विधानसभा सत्र के दौरान जनप्रतिनिधियों को सदन की गरिमा और सामाजिक संवेदनशीलता का ध्यान रखना चाहिए। राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में सभी को अपनी भाषा और व्यवहार में मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। यह बात कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने बृहस्पतिवार को झज्जर शहर में विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करने के दौरान कही। विधानसभा में हुई एक टिप्पणी के संदर्भ में डॉ. शर्मा ने कहा कि किसी भी समाज या वर्ग की भावनाओं को आहत करने वाली बात उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की पहचान आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता से है। जनप्रतिनिधियों को ऐसे मंच से सकारात्मक और जिम्मेदार संदेश देना चाहिए। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की।
विपक्ष की भूमिका पर सवाल
डॉ. अरविंद शर्मा ने विधानसभा में विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष के पास जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने के पर्याप्त अवसर हैं। सदन में बड़ी संख्या में प्रश्न लगे हुए थे, जिनके माध्यम से सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास से जुड़े विषयों पर सरकार से जवाब मांगा जा सकता था। उन्होंने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही का मूल उद्देश्य जनता की समस्याओं पर चर्चा करना और सरकार से जवाब लेना है। सदन का समय व्यवधान में खर्च होने के बजाय जनहित के मुद्दों पर सार्थक बहस में लगना चाहिए। विपक्ष को अपनी भूमिका रचनात्मक तरीके से निभानी चाहिए।
कहा—सरकार हर सवाल का जवाब देने को तैयार
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सरकार जहां अपनी योजनाओं और नीतियों के माध्यम से जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने का काम करती है, वहीं विपक्ष की जिम्मेदारी है कि वह जनता की समस्याओं को मजबूती से सदन में उठाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन प्रदेश के विकास और जनता के हितों से जुड़े विषयों पर सभी पक्षों को मिलकर सकारात्मक वातावरण में चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस और उसके विधायकों को भी सदन की कार्यवाही को जनहित के मुद्दों पर केंद्रित करने और अपनी भूमिका को लेकर आत्ममंथन करने की सलाह दी।




जेएस स्कूल में धूमधाम से मनाया श्री कृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार
झज्जर, 03 सितम्बर, अभीतक: गांव भदानी स्थित जेएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान अनेक विद्यार्थियों ने राधा कृष्ण की विचित्र लीलाओं का का प्रदर्शन किया। बच्चों ने डांस और गीत के माध्यम से भारत की संस्कृति की अनूठी मिसाल पेस की। अनेक विद्यार्थियों ने कृष्ण, राधा, लड्डू गोपाल की आकर्षक वेशभूषा धारण कर सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया ।संस्था निदेशक जोगेंदर देशवाल और प्राचार्या कृष्णा देवी ने सभी विद्यार्थियों को श्रीकृष्ण जी के आदर्शों से अवगत कराया और और सभी को कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दी।



इंडो अमेरिकन स्कूल में हर्षोल्लास एवं भक्तिभाव के साथ मनाई गई जन्माष्टमी
झज्जर, 03 सितम्बर, अभीतक: इंडो अमेरिकन स्कूल में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया और विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। पूरे विद्यालय का वातावरण कृष्णमय एवं भक्तिमय नजर आया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियों, भजनों, नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं उनकी शिक्षाओं को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी दर्शकों का मन मोह लिया और कार्यक्रम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। जन्माष्टमी समारोह का मुख्य आकर्षण दही-हांडी प्रतियोगिता रही। इस प्रतियोगिता में विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह एवं जोश के साथ भाग लिया। विद्यार्थियों ने टीम भावना, आपसी सहयोग, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए दही-हांडी फोड़ने का प्रयास किया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बनता था। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद कक्षा 9वीं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि कक्षा 12वीं ने द्वितीय स्थान हासिल किया। विजेता एवं उपविजेता विद्यार्थियों को विद्यालय प्रबंधन की ओर से बधाई दी गई तथा उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की गई। इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर श्री बिजेंद्र कादियान ने विद्यार्थियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय त्योहार हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से विद्यार्थियों को जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों एवं दही-हांडी प्रतियोगिता में उनके उत्साह की प्रशंसा की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनमें सहयोग, नेतृत्व, अनुशासन और आत्मविश्वास की भावना को मजबूत करते हैं। विद्यालय के शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और कार्यक्रम को सफल बनाने में उनके प्रयासों की सराहना की। जन्माष्टमी समारोह ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हुए उनमें उमंग, रचनात्मकता एवं सामूहिक सहभागिता की भावना का संचार किया। समारोह का समापन हर्षोल्लास और श्रीकृष्ण के जयकारों के साथ हुआ।








एल. ए. स्कूल में जन्माष्टमी महोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
झज्जर, 03 सितम्बर, अभीतक: एल. ए. सी. सै. स्कूल झज्जर में जन्माष्टमी महोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। स्कूल संचालक जगपाल गुलिया, जयदेव दहिया, अनिता गुलिया, नीलम दहिया, योजित गुलिया, भविष्य दहिया ने माँ सरस्वती व श्री कृष्ण जी के समक्ष धूप-दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की। सबसे पहले कक्षा फर्स्ट की छात्राओं ने समहू गान प्रस्तुत किया। कक्षा के.जी. से ही बच्चों ने श्री कृष्ण व राधा का रूप सजाकर डांस से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। हिंदी भक्ति गीत बंसी बजे गी राधा नाचेगी,आया गोकुल का माखन चोर जैसे गीतों पर बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुति दी। ग्याहरवीं व बाहरवीं के बच्चों ने अजय जाखड़ व डीपीई अमित लोहचब के नेतृत्व में दही-हांडी को फोड़ने के लिए सुंदर मानव पिरामिड बनाया। मंच संचालन का कार्य भूगोल प्राध्यापक मुकेश शर्मा ने किया। संगीत प्राध्यापक सतीश रोहिल्ला ने अपने संगीत की धुनों से कार्यक्रम की शोभा बढ़ा दी। कला रितिका, निशा ने सभी बच्चों की ड्रेस व मंच सज्जा के कार्य से सभी को प्रभावित किया। कार्यक्रम के समापन पर स्कूल प्रबंधक के.एम. डागर ने सभी बच्चों को जन्माष्टमी पर्व की शुभकामनाएं भेंट की। स्कूल प्राचार्या निधि कादयान ने सभी प्रतिभागी बच्चों के कार्यक्रम की प्रशंसा की व रविंद्र लोहचब व पूजा कादयान के सहयोग की तारीफ की। इस अवसर पर सभी अध्यापकगण मौजूद रहे।





एच. डी. स्कूल बिरोहड़ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाया गया
झज्जर, 03 सितम्बर, अभीतक: एच. डी. स्कूल बिरोहड़ के प्रांगण में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी राजबाला फौगाट, विद्यालय के निदेशक बलराज फौगाट, प्राचार्या नमिता दास, समस्त शिक्षकगण, अभिभावक गण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। पूरे विद्यालय परिसर में कृष्णमय वातावरण दिखाई दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के अतिथि-सत्कार एवं स्वागत के साथ हुआ। इसके पश्चात दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। ज्ञान एवं विद्या की देवी माँ सरस्वती की वंदना प्रस्तुत कर विद्यार्थियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का मनमोहक प्रदर्शन किया। सर्वप्रथम “राधे-राधे, तेरे बिना कृष्ण तो लगे आधे-आधे” गीत की सुंदर प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। विद्यार्थियों की भावपूर्ण प्रस्तुति और मनमोहक अभिनय ने दर्शकों को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। इसके पश्चात हरियाणवी लोक संस्कृति की सुगंध बिखेरती रागिनी “रे मेरे यार सुदामा रे” प्रस्तुत की गई। रागिनी के माध्यम से श्रीकृष्ण और सुदामा की अद्भुत मित्रता, प्रेम एवं समर्पण को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण “कृष्ण एक्ट-जन्म से कंस वध तक” रहा। विद्यार्थियों ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म, बाल लीलाओं तथा अत्याचारी कंस के अंत की कथा को अभिनय के माध्यम से जीवंत कर दिया। प्रस्तुति ने दर्शकों को रोमांचित करने के साथ-साथ सत्य और धर्म की विजय का संदेश भी दिया। इसके उपरांत “गोविंद बोलो, हरि गोपाल बोलो” की भक्तिमय प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को कृष्णभक्ति से भर दिया। विद्यार्थियों के नृत्य, अभिनय, संगीत एवं भावाभिव्यक्ति ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। विद्यालय के निदेशक बलराज फौगाट एवं प्राचार्या नमिता दास ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय पर्व एवं त्योहार हमारी समृद्ध संस्कृति, संस्कारों एवं नैतिक मूल्यों के संवाहक हैं। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान और आत्मविश्वास की भावना विकसित करते हैं। कार्यक्रम के अंत में उपप्राचार्य नवीन सनसनवाल ने सभी उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम ने “धर्म की विजय, अधर्म का नाश और प्रेम-सद्भाव का संदेश” देते हुए श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को अविस्मरणीय बना दिया। विद्यालय प्रबंधन समिति रमेश गुलिया, बलजीत नेहरा व सुरेन्द्र फौगाट ने सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व गोगा नवमी की हार्दिक शुभकामनाएं दी।






संस्कारम पब्लिक स्कूल में सीबीएसई नॉर्थ जोन बालिका वर्ग बॉक्सिंग चैंपियनशिप संपन्न, एसीपी अखिल कुमार रहे मुख्य अतिथि’
झज्जर, 03 सितम्बर, अभीतक: संस्कारम पब्लिक स्कूल, झज्जर में आयोजित पांच दिवसीय सीबीएसई नॉर्थ जोन बालिका वर्ग बॉक्सिंग चैंपियनशिप (ब्ठैम् छवतर्जी वदम ळपतसे ठवगपदह ब्ींउचपवदेीपच) का समापन समारोह भव्य रूप से आयोजित किया गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में एसीपी अखिल कुमार जी उपस्थित रहे, जिन्होंने विजेता खिलाड़ियों को पदक व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर भारतीय सेना व पुलिस विभाग के अधिकारी तथा एनसीसी कैडेट्स भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
कई राज्यों की खिलाड़ियों ने जीते पदक
पांच दिनों तक चली इस रोमांचक चैंपियनशिप में अंडर-14, अंडर-17 तथा अंडर-19 आयु वर्ग की विभिन्न भार श्रेणियों में देशभर से आई प्रतिभागी खिलाड़ियों ने शानदार मुक्केबाजी का प्रदर्शन किया। अंडर-14 वर्ग में प्रिशा, सान्या पटेल, प्रियंका, रुजल व मानशी सहित कई खिलाड़ियों ने अपनी-अपनी भार श्रेणी में स्वर्ण पदक जीता। अंडर-17 वर्ग में नियति खोखर, तमन्ना, तन्वी, सोनिका व निशल शर्मा जैसी खिलाड़ियों ने प्रथम स्थान हासिल किया, वहीं अंडर-19 वर्ग में निष्ठा तंवर, जिया, कनक, मनप्रीत व प्रिया सहित अनेक खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। प्रतियोगिता में देशभर के प्रतिभागी स्कूलों की खिलाड़ियों ने कड़ी टक्कर देते हुए मुकाबलों को रोमांचक बना दिया।
पदक विजेताओं का हुआ भव्य सम्मान
समापन समारोह में विजेता खिलाड़ियों ने अपने पदकों के साथ मंच पर उपस्थित होकर अपनी सफलता का जश्न मनाया। सभी खिलाड़ियों ने संस्कारम पब्लिक स्कूल की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं व आतिथ्य-सत्कार की भरपूर सराहना की।
चेयरमैन डॉ महिपाल व प्राचार्या डॉ प्रीति गोयल का रहा विशेष योगदान’
संस्कार शिक्षण संस्थान के चेयरमैन डॉ महिपाल जी तथा विद्यालय की प्राचार्या डॉ. प्रीति गोयल के कुशल मार्गदर्शन में यह भव्य आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। चेयरमैन डॉ महिपाल जी ने सभी विजेता खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों व अभिभावकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के आयोजन क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बड़ा मंच प्रदान करते हैं तथा विद्यालय भविष्य में भी इसी प्रकार के आयोजनों की मेजबानी करता रहेगा।

जनभागीदारी के साथ जिला में चलेगा ‘रिफॉर्म उत्सव’: डीसी
नागरिकों के सुझावों को धरातल पर उतारने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाएं अधिकारी
अभियान के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए 11 सितंबर से व्यापक स्तर पर चलेंगी जागरूकता गतिविधियां
2 अक्टूबर को प्रत्येक पंचायत में होगी जनमंथन सभा, 2 से 31 अक्टूबर तक चलेगा गहन जनसंपर्क अभियान
डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों की बैठक में रिफॉर्म उत्सव’ को लेकर दिए जरूरी निर्देश
झज्जर, 03 सितम्बर, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि भारत सरकार की ‘रिफॉर्म उत्सव’ पहल को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिलाभर में शैड्यूल के अनुरूप गतिविधियों को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि रिफॉर्म उत्सव’ का उद्देश्य नागरिकों से प्राप्त सुझावों के माध्यम से शासन-व्यवस्था में ऐसे सुधार करना है, जिनका व्यापक जनहित में सकारात्मक प्रभाव पड़े। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने के निर्देश दिए। डीसी वर्षा खांगवाल गुरुवार को मुख्य सचिव हरियाणा श्री अनुराग रस्तोगी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग उपरांत अधिकारियों की बैठक में अभियान की तैयारियों की समीक्षा कर रही थीं। उन्होंने विभागवार जिम्मेदारियों, जन जागरूकता गतिविधियों, नागरिकों से सुझाव प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करने को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सरकारी सेवाओं एवं प्रक्रियाओं में व्यावहारिक सुधार करने की महत्वपूर्ण पहल
डीसी ने कहा कि ‘रिफॉर्म उत्सव’ केवल सुझाव एकत्रित करने का अभियान नहीं है, बल्कि नागरिकों की समस्याओं और सुझावों के आधार पर सरकारी सेवाओं एवं प्रक्रियाओं में व्यावहारिक सुधार करने की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जमीनी स्तर से प्राप्त सुझावों को गंभीरता से लेते हुए उनका उचित वर्गीकरण किया जाए तथा त्वरित लाभ वाले सुधारों और मध्यम अवधि के सुधारों के लिए स्पष्ट कार्य योजना तैयार की जाए।
नागरिकों को पोर्टल पर सुझाव दर्ज करने के लिए हेल्प डेस्क जरूरी
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि अभियान के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए 11 सितंबर से व्यापक जागरूकता गतिविधियां शुरू की जाएं। इसके बाद 2 से 31 अक्टूबर तक गहन जनसंपर्क अभियान चलाते हुए नागरिकों को ‘रिफार्म उत्सव’ पोर्टल के माध्यम से अपने सुझाव देने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों को पोर्टल पर सुझाव दर्ज करने में सहायता देने के लिए आवश्यक सहायता डेस्क भी प्रभावी रूप से संचालित किए जाएं।
ग्राम पंचायतों में 2 अक्टूबर को होंगी जनमंथन सभा
डीसी ने विकास एवं पंचायत विभाग को निर्देश दिए कि 2 अक्टूबर 2026 को प्रत्येक पंचायत में जन मंथन सभा आयोजित की जाए, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आमजन की भागीदारी सुनिश्चित हो। ग्राम सभाओं तथा पंचायत बैठकों में भी ‘सुधार उत्सव’ को विशेष एजेंडा के रूप में शामिल किया जाए। शहरी क्षेत्रों में वार्ड सभाओं एवं नागरिक परामर्श के माध्यम से लोगों से सुधार संबंधी सुझाव प्राप्त करने के निर्देश दिए। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 10 अक्टूबर से 30 नवंबर तक विभागीय स्तर पर सुझावों पर विचार-विमर्श किया जाए। त्वरित लाभ वाले सुधारों को लागू करने के साथ-साथ मध्यम अवधि के सुधारों के लिए समयबद्ध रोडमैप तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि त्वरित लाभ वाले सुधारों के क्रियान्वयन और पोर्टल पर अपडेटेशन की प्रक्रिया 20 दिसंबर तक पूरी की जाए।
रिफॉर्म उत्सव में योजनाओं के पात्र लाभार्थियों के अनुभव हों सांझा
डीसी ने कहा कि अभियान के दौरान सामने आने वाली सफल पहलों, बेहतर कार्यप्रणालियों और उपलब्धियों को भी सामने लाया जाए, ताकि अन्य विभाग उनसे प्रेरणा ले सकें। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि ‘सुधार उत्सव’ को पूरी गंभीरता के साथ लेते हुए निर्धारित समय सीमा में सभी गतिविधियां पूरी करें और नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करें।
इन विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, एसडीएम झज्जर रवि मीणा, सीईओ जिला परिषद मनीष फौगाट,एसडीएम एसडीएम बेरी रेणुका नांदल,एसडीएम बादली विशाल कुमार, सीटीएम ऋतु सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।




जनसमस्याओं का हो त्वरित समाधान, हर फरियादी को मिले संतोषजनक जवाब: डीसी
जिला स्तरीय समाधान शिविर में डीसी वर्षा खांगवाल ने सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को समयबद्ध निपटारे के दिए निर्देश
झज्जर, 03 सितम्बर, अभीतक: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की पहल पर आयोजित किए जा रहे समाधान शिविर आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को लघु सचिवालय सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर में डीसी वर्षा खांगवाल ने नागरिकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अधिकारी करें समयबद्ध निपटारा
डीसी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उसका समयबद्ध, पारदर्शी और संतोषजनक निपटारा सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि समाधान शिविरों का उद्देश्य नागरिकों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है। अधिकारी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए उनके निपटारे की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न करें।
समस्या के जल्द समाधान सहित शिकायतकर्ता की संतुष्टि भी जरूरी
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि किसी शिकायत का निपटारा तभी प्रभावी माना जाएगा, जब संबंधित नागरिक समाधान से संतुष्ट हो। इसके लिए अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं से संवाद बनाए रखने तथा समाधान की जानकारी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और फीडबैक व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
जिला में हर सोमवार और गुरुवार लग रहे समाधान शिविर
डीसी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिला प्रशासन की ओर से प्रत्येक सोमवार और गुरुवार सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक जिला मुख्यालय के साथ-साथ उपमंडल स्तर पर भी समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। झज्जर के अलावा बहादुरगढ़, बेरी और बादली में भी नागरिकों की समस्याएं सुनी जा रही हैं। इन शिविरों के माध्यम से लोगों को उनके नजदीकी स्तर पर ही प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखने और उनका समाधान करवाने का अवसर मिल रहा है।
बहादुरगढ़, बेरी और बादली में भी सुनी गईं जनसमस्याएं
गुरुवार को जिला मुख्यालय के अलावा बहादुरगढ़ में एसडीएम अभिनव सिवाच, बादली में एसडीएम विशाल कुमार तथा बेरी में एसडीएम रेणुका नांदल ने समाधान शिविरों में आमजन की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए और समस्याओं के शीघ्र समाधान पर जोर दिया।
पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन पर जोर
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि समाधान शिविरों के माध्यम से प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित हो रहा है। इससे शिकायतों के निपटारे में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ रही है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनसमस्याओं के समाधान को केवल औपचारिकता न मानें, बल्कि प्रत्येक शिकायत को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ लेते हुए स्थायी समाधान सुनिश्चित करें।
ये अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, जिला परिषद के सीईओ मनीष फोगाट, एसीपी हितेश महाला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


युवा 30 सितंबर का इंतजार न करें, आज ही फॉर्म-6 भरें: डीसी
डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल की पात्र युवाओं से मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की अपील
आगामी 6 नवंबर 2026 को जारी होगी चारों विधानसभा क्षेत्रों की अंतिम वोटर लिस्ट
झज्जर, 03 सितम्बर, अभीतक: विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत जिला झज्जर के चारों विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूचियों को शुद्ध एवं अद्यतन करने का कार्य मिशन मोड में चल रहा है। डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने पात्र युवाओं से अपील की है कि वे मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए 30 सितंबर की अंतिम तिथि का इंतजार न करें और पात्रता पूरी होने पर तुरंत फॉर्म-6 भरकर अपना नाम दर्ज करवाएं। डीसी ने अधिकारियों को संशोधित कार्यक्रम के अनुसार प्राप्त दावे एवं आपत्तियों के निपटान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन पात्र नागरिकों का नाम प्रारंभिक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, वे निर्धारित दस्तावेज एवं घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-6 के माध्यम से दावा प्रस्तुत कर सकते हैं।
28 अक्टूबर तक होगा दावे-आपत्तियों का निपटारा
डीसी ने बताया कि एसआईआर-2026 के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने या किसी प्रकार की आपत्ति दर्ज कराने के लिए 30 सितंबर तक का समय है। प्राप्त दावे एवं आपत्तियों का निपटान 28 अक्टूबर तक किया जाएगा। इसके बाद 6 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी। डीसी ने नागरिकों से अपने नाम के साथ परिवार के सभी पात्र सदस्यों के नाम और विवरण भी मतदाता सूची में जांचने की अपील की है।
पात्र मतदाता विवरण में गलती पर फॉर्म-8 से कराएं सुधार
डीसी ने बताया कि मतदाता सूची में नाम, पता, आयु, फोटो या अन्य विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर फॉर्म-8 के माध्यम से संशोधन कराया जा सकता है। वहीं मृत, अपात्र, स्थायी रूप से स्थानांतरित अथवा अन्य स्थान पर पंजीकृत मतदाता के नाम को लेकर फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।
बीएलओ, ईआरओ से ले सकते हैं जानकारी
डीसी ने बताया कि नागरिक दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने के लिए अपने क्षेत्र के बीएलओ, ईआरओ या एईआरओ से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क किया जा सकता है।
मतदाता सूची अपडेट बनाने में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध, विश्वसनीय और अद्यतन बनाने में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने पात्र युवाओं और नागरिकों से समय रहते आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का आह्वान किया, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि शुद्ध मतदाता सूची स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया का आधार है।





आधार सेवा केंद्र नागरिक-केंद्रित शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम : सीटीएम
झज्जर में शुरू हुआ आधार सेवा केंद्र, एक ही छत के नीचे मिलेंगी आधार संबंधी सेवाएं
सीटीएम ऋतु ने रिबन काटकर किया आधार सेवा केंद्र का शुभारंभ
झज्जर, 03 सितम्बर, अभीतक: नागरिकों को आधार से जुड़ी सेवाएं आसानी से उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से यूआईडीएआई रीजनल ऑफिस चंडीगढ़ की पहल पर झज्जर में भगत सिंह चैक के समीप आधार सेवा केंद्र शुरू किया गया। सीटीएम ऋतु ने आधार सेवा केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया। केंद्र पर नागरिकों को आधार से संबंधित विभिन्न सेवाएं एक ही छत के नीचे निर्धारित सरकारी दरों पर उपलब्ध होंगी। इस अवसर पर सीटीएम ऋतु ने कहा कि आधार सेवा केंद्र नागरिक-केंद्रित शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे लोगों को आधार से संबंधित विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर आसानी से प्राप्त हो सकेंगी। सीटीएम ने कहा कि आधार सेवा केंद्र के शुरू होने से लोगों को आधार संबंधी कार्यों के लिए सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र खुलने के साथ हमारी जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है कि यहां आने वाले प्रत्येक नागरिक को उसकी जरूरत के अनुसार सेवा अत्यंत आदर, निरंतरता और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए सेवा अनुभव को सहज और सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह सेवा केंद्र लोगों की सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से खोला गया है और इसके बारे में व्यापक स्तर पर जागरूकता जरूरी है, ताकि अधिक से अधिक नागरिक यहां उपलब्ध सेवाओं का लाभ उठा सकें। सेवा केंद्र प्रतिनिधि ने बताया कि नया आधार नामांकन निःशुल्क किया जाएगा। वहीं बायोमेट्रिक अपडेट के लिए 125 रुपये तथा जनसांख्यिकीय विवरण अपडेट के लिए 75 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। इससे नागरिकों को आधार संबंधी कार्यों के लिए अलग-अलग स्थानों पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
यह गणमान्य व्यक्ति रहे मौजूद
इस अवसर पर यूआईडीएआई के क्षेत्रीय अधिकारी कर्नल हरमीत सिंह कपूर, एएम बबीता, ऑपरेशन मैनेजर झज्जर सोहित कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

हर पात्र मतदाता का नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करना प्राथमिकता: डीसी
मतदाता सूची में नाम जांचें, त्रुटि होने पर निर्धारित प्रपत्र भरें
डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने पात्र मतदाताओं से किया आह्वान
झज्जर, 03 सितम्बर, अभीतक: डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने पात्र मतदाताओं से अपील की कि वे प्रारंभिक मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें और यदि नाम सम्मिलित नहीं है अथवा किसी प्रकार की त्रुटि है तो निर्धारित समय सीमा में आवश्यक प्रपत्र भरकर जमा करवाएं।
निर्धारित नियमों के तहत संचालित की जा रही एसआईआर प्रक्रिया
डीसी ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर पात्र मतदाताओं को किसी प्रकार की अनावश्यक चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ निर्धारित नियमों के तहत संचालित की जा रही है। केवल पुराने मतदाता रिकॉर्ड अथवा संबंधित दस्तावेज उपलब्ध न होने के आधार पर किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जा सकता। पात्र मतदाता का नाम बिना उचित प्रक्रिया के मतदाता सूची से हटाने की कार्रवाई नहीं होगी।
मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए फार्म 6 भरना जरूरी
डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है या नाम-पते आदि में किसी प्रकार की त्रुटि है, तो वह प्रपत्र-6 अथवा प्रपत्र-8 भरकर 30 सितंबर 2026 तक संबंधित निर्वाचक पंजीयन अधिकारी अथवा बूथ लेवल अधिकारी के पास जमा करवा सकता है। इससे पात्र मतदाताओं का नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने तथा आवश्यक संशोधन करने की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। डीसी ने बताया कि मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने अथवा स्थानांतरण के लिए प्रपत्र-6 व प्रपत्र-8 के साथ घोषणा-पत्र भी जमा करना होगा। इसमें पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची में स्वयं अथवा माता-पिता, दादा-दादी के विवरण की जानकारी उपलब्ध होने पर उसका उल्लेख करना होगा।
जन्म वर्ष के अनुसार निर्धारित दस्तावेज प्रपत्र के साथ होंगे संलग्न
डीसी ने बताया कि यदि किसी पात्र व्यक्ति के पास पिछली मतदाता सूची का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, तो जन्म वर्ष के अनुसार निर्धारित दस्तावेज प्रपत्र के साथ संलग्न किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे व्यक्ति दस्तावेजों की सांकेतिक सूची में शामिल किसी भी दस्तावेज के माध्यम से अपनी पात्रता का प्रमाण प्रस्तुत कर सकते हैं। 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे व्यक्ति को अपना तथा माता-पिता में से किसी एक का दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। वहीं 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे व्यक्ति को स्वयं, अपने पिता तथा अपनी माता के दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। यदि माता-पिता भारतीय नागरिक नहीं हैं तो जन्म के समय उनका वैध वीजा एवं पासपोर्ट की प्रति प्रस्तुत करनी होगी।
यह दस्तावेज जरूरी
डीसी ने बताया कि दस्तावेजों की सांकेतिक सूची में सरकारी अथवा स्थानीय प्राधिकरण द्वारा जारी पहचान पत्र, पेंशन भुगतान आदेश, जन्म प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिक अथवा शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, वन अधिकार प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, परिवार रजिस्टर तथा सरकार द्वारा जारी भूमि अथवा मकान आवंटन प्रमाण-पत्र सहित अन्य दस्तावेज शामिल हैं।
किसी प्रकार की अफवाह अथवा भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें वोटर
जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने पात्र मतदाताओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह अथवा भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें। मतदाता सूची अथवा दस्तावेजों से संबंधित किसी समस्या या शंका की स्थिति में अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी, निर्वाचक पंजीयन अधिकारी या सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त मतदाता हेल्पलाइन 1950 पर भी संपर्क किया जा सकता है।





सुशासन दिवस तक चलाया जाएगा रिफॉर्म उत्सव अभियान: डीसी
रिफॉर्म उत्सव को लेकर डीसी अभिषेक मीणा ने की बैठक
रेवाड़ी, 03 सितम्बर, अभीतक: सरकार द्वारा सुशासन और नागरिक केंद्रित शासन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से रिफॉर्म उत्सव अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 25 दिसंबर यानी सुशासन दिवस तक चार चरणों में चलाया जाएगा। डीसी अभिषेक मीणा ने वीरवार को लघु सचिवालय सभागार में रिफॉर्म उत्सव की तैयारियों को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। इससे पहले हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के डीसी और अन्य अधिकारियों को अभियान के सफल क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि रिफॉर्म उत्सव अभियान को सभी विभागों के अधिकारियों को मिलकर सफल बनाना है सभी विभागों के अधिकारी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं।उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य नीति-निर्माण को जमीनी स्तर से जोड़ना और आमजन के सुझावों के आधार पर प्रशासनिक व्यवस्था में ओर अधिक सुधार करना है। इसके लिए विशेष पोर्टल शुरू किया जाएगा, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतें एवं सुझाव दर्ज करा सकेंगे।
चार चरणों में चलाया जाएगा अभियान
डीसी ने बताया कि यह अभियान चार चरणों में चलाया जाएगा जाएगा। पहले चरण के अंतर्गत जन मंथन के तहत 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक पोर्टल के माध्यम से सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। जनसभाओं, रैली एवं नुक्कड़ नाटकों सहित विभिन्न माध्यमों से लोगों को अभियान से जोड़ा जाएगा। दूसरे चरण विमर्श के तहत 10 अक्टूबर से 30 नवंबर तक प्राप्त सुझावों की गहन समीक्षा की जाएगी। तीसरे चरण जन समाधान में 10 अक्टूबर से 20 दिसंबर तक त्वरित सुधारों को धरातल पर लागू किया जाएगा। वहीं अंतिम चरण संकल्प सिद्धि 25 से 27 दिसंबर तक आयोजित होगा। 25 दिसंबर को सुशासन दिवस के अवसर पर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में लागू किए गए सुधारों और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा तथा उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर एडीसी राहुल मोदी, डीएमसी प्रदीप अहलावत, डीएचईओ डा. ज्योति यादव और माय भारत जिला यूथ अधिकारी सुमित यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 सितंबर को जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार यादव
लोक अदालत के लिए सात बैंचों गठन किया
झज्जर, 03 सितम्बर, अभीतक: जिला झज्जर एवं बहादुरगढ़ परिसर में 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसमें दोनों पक्षों की सहमति से मामलों का निपटारा करवाया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के चेयरमैन जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों का आपसी समझौते के माध्यम से त्वरित निपटारा करवाना है लोक अदालत में ट्रैफिक चालान बैंक रिकवरी मोटर वाहन दुर्घटना अधिनियम पारिवारिक विवाद दीवानी एवं फौजदारी मामले श्रम विभाग भूमि अधिग्रहण बिजली पानी के बिलों तथा राजस्व आदि का निपटारा किया जाएगा। राजकुमार यादव ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए सात बैंचों का गठन किया है जिसमें प्रिंसिपल जज फैमिली कोर्ट श्री प्रवीण कुमार लाल, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुमित गर्ग, अतिरिक्त सिविल जज सिनियर डिवीजन रवि, सिविल जज जूनियर डिवीजन विनीत कुमार, सिविल जज जूनियर डिवीजन आदित्य वर्मा, सिविल जज सीनियर डिवीजन विवेक तोमर, सिविल जज जूनियर डिवीजन मनीषा की कोर्ट मामलों की सुनवाई करेगी।राजकुमार यादव ने आमजन से अपील की हैं कि शनिवार 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर का लाभ उठाएं।

कंडम सामान की नीलामी 7 को पुलिस लाइन झज्जर में होगी
रेवाड़ी, 03 सितम्बर, अभीतक: पुलिस विभाग में कडंम सामान की खुली बोली द्वारा नीलामी 7 सितंबर को की जाएगी। पुलिस के सरकारी गाड़ियों के कडंम सामान की नीलामी करने के संबंध में पुलिस उपायुक्त दीप्ति गर्ग द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश किए गए हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए परिवहन शाखा प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस के पुराने वाहनों के कंडम पार्ट, टायर, ट्यूब व काला तेल की नीलामी झज्जर बहादुरगढ़ रोड़ पर स्थित नई पुलिस लाईन परिसर झज्जर में प्रात 10 बजे की जाएगी।इस खुली बोली द्वारा नीलामी की प्रक्रिया में कोई भी व्यक्ति भाग ले सकता है।
नीलामी के संबंध में नियम व शर्तें मौके पर ही बताई जाएगी
कंडम सामान की जानकारी के लिए कोई भी व्यक्ति झज्जर सहायक उपनिरीक्षक रविंद्र कुमार से उनके मोबाइल नं 7056667269 पर संपर्क कर सकता है।




डी.ए.वी. पुलिस पब्लिक स्कूल, झज्जर में हर्षोल्लास से मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी’
राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन’
झज्जर, 03 सितम्बर, अभीतक: डी.ए.वी. पुलिस पब्लिक स्कूल, झज्जर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके आदर्शों एवं शिक्षाओं को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियां, नृत्य, भजन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण एवं राधा का रूप धारण कर कार्यक्रम में विशेष आकर्षण बढ़ाया। कृष्ण जन्म से जुड़ी प्रस्तुतियों ने विद्यालय परिसर को भक्तिमय बना दिया। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री पंकज वालिया ने विद्यार्थियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें सत्य, धर्म, कर्म, प्रेम एवं कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रंग-बिरंगी वेशभूषा और आकर्षक प्रस्तुतियों से विद्यालय परिसर में उत्सव का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम का समापन भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों एवं मंगलकामनाओं के साथ हुआ।
बहादुरगढ़: बहादुरगढ़ में सफाई अभियान के दौरान हंगामा, 21 लोगों समेत करीब 40 पर एफआईआर दर्ज
सेक्टर-6 थाना पुलिस ने दर्ज किया केस
1 सितम्बर को विशेष सफाई अभियान के दौरान हुआ था विवाद
सरकारी कर्मचारियों और पुलिस पर कूड़ा-करकट, पत्थर व नारियल फेंकने का आरोप
प्रशासनिक कार्य में बाधा डालने और गैरकानूनी जमावड़े के आरोप
21 नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
भारतीय न्याय संहिता की धारा 121(1), 132, 190, 191(2), 221, 270 और 351(3) के तहत कार्रवाई
नायब तहसीलदार की शिकायत पर दर्ज हुई थ्प्त् नंबर 192ध्2026
जींद: जींद सफाई कर्मचारियों ने नगर परिषद के गेट पर जड़ा ताला
सुबह 9 बजे से नगर परिषद के मेन गेट के बाहर सफाई कर्मचारियों का रोष पर्दशन
सफाई कर्मचारियों को पक्का करने कि मांग को लेकर और 22 मांगो को लेकर रोष पर्दशन
आज सफाई कर्मचारियों कि हड़ताल का आज 29 वा दिन लेकिन अभी तक हड़ताल नहीं हुई खत्म
6 सितंबर तक सफाई कर्मचारियों ने अपनी सांकेतिक हड़ताल को आगे बढ़ाने का फैसला किया है
सफाई कर्मचारियों कि हड़ताल के कारण जींद शहर मे कूड़े के ढेर लग चूके है
झज्जर: पशुचारा लेकर आ रहे बाइक सवार दंपति को अज्ञात स्कार्पियो ने मारी टक्कर
पति की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल
झज्जर के सुलौधा गांव का रहने वाला था मृतक 53 वर्षीय विजय पुत्र शीशराम
बाबरा और सुलौधा गांव के बीच ड्रेन नंबर 8 के पास हुआ हादसा
घायल महिला नीतू का परिजन करा रहे हैं रेवाड़ी के किसी अस्पताल में इलाज
हादसे के बाद स्कार्पियो चालक मौके से फरार, पुलिस कर रही है मामले की जांच
पुलिस ने बताया सड़क हादसा, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
परिजन बोले, हादसे के दौरान दो बार मारी गई काले रंग की स्कॉर्पियो से टक्कर, स्कॉर्पियो में थे आधा दर्जन लोग सवार
हादसे में घायल महिला ने भी लगाया उनकी बाइक को दो बार टक्कर मारने का आरोप
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंपा
चरखी दादरी: हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल के बयान पर भड़का ब्राह्मण समाज
दादरी में ब्राह्मण गोधड़िया समाज के प्रधान राजकुमार वशिष्ठ ने समाज के साथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस
प्रधान राजकुमार वशिष्ठ बोले, विधानसभा जनता के विकास और समस्याओं के लिए है, शास्त्रार्थ का अखाड़ा नहीं
चांडाल से ब्राह्मण की तुलना करना बेहद निंदनीय, इससे नीचे कोई शब्द नहीं हो सकता
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा और कांग्रेस आलाकमान सार्वजनिक रूप से पूरे समाज से माफी मांगें
बोले, पिता-पुत्र की जोड़ी मुखौटों को आगे कर समाज के बुजुर्गों और जनप्रतिनिधियों का अपमान कराया जा रहा
सिख समाज और बिरादरी के मान-सम्मान की आवाज उठाने पर पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा का जताया आभार
सतपाल ब्रह्मचारी पर तंज कसा, अपने नेताओं का इतिहास खंगालने वाले अब गीता भुक्कल के बयानों का इतिहास बताएं
सदन में टिप्पणी के समय कुलदीप वत्स सहित अन्य विधायक साधे रहे चुप्पी, विरोध जताने वाले मुकेश शर्मा का धन्यवाद
पार्टियों की चैखट से टिकट लाने वालों के पीछे आंख मूंदकर नहीं भागेगा ब्राह्मण समाज
जो नेता समाज के स्वाभिमान और हकों की आवाज बनेगा, समर्थन उसी को दिया जाएगा
विधानसभा चुनाव से पहले ब्राह्मण समाज एकजुट होकर लेगा बड़ा और निर्णायक फैसला



झज्जर: पशुचारा लेकर आ रहे बाइक सवार दंपति को अज्ञात स्कार्पियो ने मारी टक्कर
पति की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल
झज्जर के सुलौधा गांव का रहने वाला था मृतक 53 वर्षीय विजय पुत्र शीशराम
बाबरा और सुलौधा गांव के बीच ड्रेन नंबर 8 के पास हुआ हादसा
घायल महिला नीतू का परिजन करा रहे हैं रेवाड़ी के किसी अस्पताल में इलाज
हादसे के बाद स्कार्पियो चालक मौके से फरार, पुलिस कर रही है मामले की जांच
पुलिस ने बताया सड़क हादसा, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
परिजन बोले, हादसे के दौरान दो बार मारी गई काले रंग की स्कॉर्पियो से टक्कर, स्कॉर्पियो में थे आधा दर्जन लोग सवार
हादसे में घायल महिला ने भी लगाया उनकी बाइक को दो बार टक्कर मारने का आरोप
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंपा

अवैध देशी पिस्तौल सहित युवक गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजा
बहादुरगढ़, 03 सितम्बर, अभीतक: पुलिस उपायुक्त क्राइम शुभम सिंह के दिशा-निर्देशन में अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए झज्जर पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में सीआईए-1 बहादुरगढ़ की टीम ने एक युवक को अवैध देशी पिस्तौल सहित गिरफ्तार किया है।सीआईए-1 बहादुरगढ़ प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि पारस निवासी बॉम्बे वाली गली, बहादुरगढ़, अवैध हथियार लिए हुए हैं और कही जाने की फिराक में मेला ग्राउंड के पास अंबेडकर स्टेडियम के गेट पर खड़ा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान पर पहुंचकर युवक को काबू कर लिया।पुलिस टीम ने आरोपी की तलाशी ली तो उसके कब्जे से एक देशी पिस्तौल बरामद हुई। अवैध हथियार मिलने पर आरोपी के खिलाफ थाना शहर बहादुरगढ़ में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।पुलिस द्वारा आरोपी से पूछताछ के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की गई। आरोपी पारस को बहादुरगढ़ की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।



गुप्त सूचना पर अवैध पिस्तौल सहित महिला गिरफ्तार, पहले भी गाड़ी छीनने और अवैध हथियार के दो पुराने मामले भी मिले’
रेवाड़ी, 03 सितम्बर, अभीतक: अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए झज्जर पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में सीआईए झज्जर की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर अवैध हथियार सहित एक महिला को गिरफ्तार किया है। महिला के कब्जे से एक देशी पिस्तौल बरामद हुई है। पुलिस जांच में महिला के खिलाफ पहले भी दो आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं।पुलिस उपायुक्त क्राइम शुभम सिंह ने बताया कि अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस टीमों को लगातार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसी के तहत सीआईए झज्जर की टीम ने अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई की।सीआईए झज्जर प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि एक महिला झज्जर-गुरुग्राम रोड पर छोटा बाईपास, बादली मोड़ के पास खड़ी हुई है और उसके पास अवैध हथियार है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम तुरंत बताए गए स्थान पर पहुंची।पुलिस टीम को मौके पर देखकर महिला बादली रोड की तरफ चलने लगी। महिला पुलिस कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे काबू कर लिया। इसके बाद महिला पुलिस कर्मचारियों द्वारा नियमानुसार महिला की तलाशी ली गई, जिसमें उसके कब्जे से एक अवैध देशी पिस्तौल बरामद हुई।महिला की पहचान सरला (काल्पनिक नाम), निवासी जिला नैनीताल, उत्तराखंड के रूप में हुई। बरामद अवैध हथियार को कब्जे में लेकर थाना शहर झज्जर में नियमानुसार मामला दर्ज किया गया।पुलिस जांच में आरोपी महिला के खिलाफ पहले भी दो आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं। इनमें वर्ष 2021 में थाना शहर झज्जर क्षेत्र में भिवानी निवासी व्यक्ति की गाड़ी छीनने तथा रोहतक में अवैध हथियार से संबंधित मामला शामिल है।आरोपी महिला को अदालत झज्जर में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले की आगामी जांच जारी है।


विद्यार्थियों को नशे, साइबर अपराध और सड़क सुरक्षा के प्रति किया जागरूक
बहादुरगढ़, 03 सितम्बर, अभीतक: पुलिस उपायुक्त मुख्यालय दीप्ति गर्ग के दिशा-निर्देशन में झज्जर पुलिस द्वारा विद्यार्थियों को नशे एवं अपराधों से दूर रहने तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 3 सितंबर को शक्तिधाम मंदिर हाई स्कूल, बहादुरगढ़ में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान झज्जर पुलिस की सड़क सुरक्षा शाखा तथा विद्यादान महादान संस्था के सहयोग से विद्यार्थियों को नशे से होने वाले दुष्प्रभाव, साइबर अपराध, डायल-112 तथा यातायात नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। नशा मुक्ति एवं सड़क सुरक्षा टीम के प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार ने विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करते हुए नशे से दूर रहने का संदेश दिया। साथ ही डायल-112 की उपयोगिता और सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी।वही विद्यादान महादान संस्था के श्री अजय ग्रेवाल ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या संदेश पर विश्वास न करने की अपील की।स्कूल संचालक प्रवीण शर्मा ने जागरूकता कार्यक्रम के लिए पुलिस टीम एवं संस्था का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में त्ैव् सदस्य पंकज गुप्ता, ऋषि, साकेत, सभीर सहित स्कूल स्टाफ और विद्यार्थियों ने भाग लिया।




खेल से जुड़कर युवा बनाएं स्वस्थ शरीर, सकारात्मक सोच और उज्ज्वल भविष्य: निरीक्षक राजेश कुमार’
बहादुरगढ़, 03 सितम्बर, अभीतक: युवाओं को नशे एवं गलत संगति से दूर रखकर उन्हें शिक्षा, खेलकूद और अच्छे आचरण की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से झज्जर पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में थाना लाइन बहादुरगढ़ के थाना प्रबंधक निरीक्षक राजेश कुमार तथा आचार्य कर्मवीर ने बामडोली के खेल मैदान में उपस्थित खिलाड़ियों से संवाद किया और उन्हें जीवन में खेलों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।निरीक्षक राजेश कुमार ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक मजबूती का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का भी प्रभावी साधन है। उन्होंने खिलाड़ियों से नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लेने तथा अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि शिक्षा और खेल दोनों जीवन में सफलता के मजबूत आधार हैं। युवाओं को अपने लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत, अनुशासन और अच्छे आचरण के साथ आगे बढ़ना चाहिए। गलत संगति और नशे से दूर रहकर ही युवा अपने परिवार, समाज और देश के लिए बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों को मानस हेल्पलाइन नंबर के संबंध में भी जानकारी दी गई तथा साइबर अपराध, नशे और अन्य गलत गतिविधियों से बचाव के लिए जागरूक किया गया। खिलाड़ियों को समझाया गया कि किसी भी समस्या या गलत गतिविधि की जानकारी मिलने पर उचित माध्यम से पुलिस की मदद ली जा सकती है।कार्यक्रम के अंत में सभी खिलाड़ियों ने नशे से दूर रहने, दूसरों को भी नशे से बचाने तथा शिक्षा, खेल और अच्छे आचरण के साथ जीवन में सफलता हासिल करने की शपथ ली। पुलिस अधिकारियों ने खिलाड़ियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
जागरूकता मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
रेवाड़ी, 03 सितम्बर, अभीतक: दीपक सिबल न्यायाधीश पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ तथा कार्यकारी अध्यक्ष हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला तथा जगदीप सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं सदस्य सचिव, हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के निर्देशानुसार एवं डॉ. रेनू सोलखे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी द्वारा बुधवार को जागरूकता मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी के कार्यालय से रवाना किया गया। इस वैन का उद्देश्य न्याय मित्र- न्याय आपके द्वार, सभी नागरिकों के लिए कानूनी सेवाएं हरियाणा के दूर दराज के इलाकों में तथा कोने-कोने तक कानूनी सेवाओं की पहुंच करना है। आमजन में कानूनी जानकारी फैलाना तथा कानूनी सहायता करना आपसी झगड़े सुलझाना तथा सामान्य नागरिकों तथा न्याय व्यवस्था के बीच खाई को खत्म करना है। यह मोबाइल वैन को कानूनी सेवा संस्थानों के विस्तार के तौर पर तैयार किया गया है ताकि न्याय की पहुँच अंतिम छोर तक हो सके। यह मोबाइल वैन कानूनी सेवा क्लीनिक के तौर पर काम करेंगी। दूर-दराज और मुश्किल पहुँच वाले ग्रामीण इलाकों, विकास खंडों, औद्योगिक क्षेत्रों, शिक्षण संस्थानों और अन्य वंचित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मोबाइल कानूनी सेवाएं वैन नागरिकों को मुफ्त कानूनी सहायता, कानूनी मार्गदर्शन, मुकदमें से पहले की सलाह, पीड़ित मुआवजा दावों में मदद, एडीआर सेवाएँ, टेली-लॉँ परामर्श और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने में मदद देंगी। वे कानूनी जागरूकता और कानूनी साक्षरता से जुड़ी गतिविधियाँ भी करेंगी, खासकर महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, औद्योगिक श्रमिकों और अन्य कमजोर वर्गों के लिए। मोबाइल टीमों को पैनल अधिवक्ता, परा-विधिक स्वयंसेवक और अन्य हितधारकों का सहयोग मिलेगा, ताकि प्रभावी सहायता और फॉलो-अप (अनुसरण) सुनिश्चित किया जा सके।



दिशा जागरूकता मोबाइल वैन को विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
टेली-लॉ एवं निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं के प्रति जन-जागरूकता के लिए जिला में चलाया जाएगा विशेष अभियान
रेवाड़ी, 03 सितम्बर, अभीतक: भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग द्वारा सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के सहयोग से दिशा (क्मेपहदपदह प्ददवअंजपअम ैवसनजपवदे वित भ्वसपेजपब ।बबमेे जव श्रनेजपबम) योजना के अंतर्गत संचालित टेली-लॉ कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं नागरिकों को निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से हरियाणा में जिला-स्तरीय दिशा मोबाइल जागरूकता अभियान आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में वीरवार को रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने दिशा जागरूकता मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।यह मोबाइल वैन जिले के सभी गांवों एवं शहरी क्षेत्रों में पहुंचकर नागरिकों को टेली-लॉ कार्यक्रम, निःशुल्क विधिक सहायता, कानूनी अधिकारों तथा अन्य डिजिटल न्याय संबंधी सेवाओं की जानकारी प्रदान करेगी। इसके उपरांत यह अभियान प्रदेश के अन्य जिलों में भी संचालित किया जाएगा। विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने कहा कि इस विशेष अभियान का उद्देश्य आमजन को न्याय व्यवस्था, कानूनी अधिकारों तथा उपलब्ध विधिक सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव अथवा संकोच के कारण अनेक लोग अपने कानूनी अधिकारों का लाभ नहीं उठा पाते। यह अभियान ऐसे लोगों तक सरल एवं प्रभावी ढंग से विधिक जानकारी पहुंचाने का कार्य करेगा। उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की कि जब यह जागरूकता वैन उनके क्षेत्र में पहुंचे तो अधिक से अधिक संख्या में इसका लाभ उठाए तथा अपने कानूनी अधिकारों एवं उपलब्ध विधिक सेवाओं की जानकारी प्राप्त करें। इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट मैनेजर सीएससी जगदीप यादव, एडवोकेट एवं पैनल लॉयर सीएससी राहुल यादव, मुजफ्फर (स्टेट स्पोक टेली लॉ), कपीश यादव (न्याय सहायक, नाहड़ ब्लॉक एस्पिरेशनल ब्लॉक), इंद्र राव, संजय मुरलीपुर, कैप्टन देवदत्त, कैप्टन धर्मवीर, डीएम यादव, जसवंत नंबरदार, विक्रम सरपंच, बीरेंद्र सरपंच, अजीत कुमार, अरविंद कालका, परवीन, आशीष, विशाल, संगीता और पंकज सहित जिला प्रशासन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Nyay Mitra – Nyay Aapke Dwar” Mobile Van Flagged Off in Rewari
Rewari, 03rd September 2026_– As per the directions of Hon’ble Mr. Justice Deepak Sibal, Judge, Punjab and Haryana High Court, Chandigarh-cum-Executive Chairman, Haryana State Legal Services Authority, Panchkula and Sh. Jagdeep Singh, District & Sessions Judge-cum-Member Secretary, Haryana State Legal Services Authority, Panchkula, a Mobile Legal Services Van under the initiative “Nyay Mitra – Nyay Aapke Dwar, Legal Services for All Citizens” was flagged off today from the office of the District Legal Services Authority, Rewari by Dr. Renu Solkhe, Chief Judicial Magistrate-cum-Secretary, DLSA Rewari._
The main objective of this initiative is to ensure access to legal services in the remotest and far-flung areas of District Rewari, to spread legal awareness, to provide legal assistance, to resolve mutual disputes amicably and to bridge the gap between the common citizen and the justice delivery system.
This Mobile Van has been prepared as an extension of Legal Services Institutions to ensure that access to justice reaches the last mile. The van will function as a Mobile Legal Services Clinic.
Special focus will be given to remote and hard-to-reach rural areas, development blocks, industrial areas, educational institutions and other deprived areas. The Mobile Legal Services Van will provide free legal aid, legal guidance, pre-litigation counselling, assistance in victim compensation claims, ADR services, Tele-Law consultation and assistance in availing benefits of welfare schemes. It will also carry out legal awareness and legal literacy activities, especially for women, children, senior citizens, industrial workers and other vulnerable sections.
_The Mobile Team will be supported by Panel Advocates, Para Legal Volunteers and other stakeholders to ensure effective assistance and follow-up.


स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
रेवाड़ी, 03 सितम्बर, अभीतक: हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने बदलते मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों से स्वाइन फ्लू से बचाव के लिये आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील करते हुए एडवाइजरी जारी की है। सिविल सर्जन डा. नरेंद्र दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि स्वाइन फ्लू के कारण बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर एवं जोड़ों में दर्द, साँस लेने में कठिनाई, कमजोरी, भूख न लगना, मतली, उल्टी और अतिसार जैसे लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षणों वाले व्यक्तियों को तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए और उचित जांच एवं उपचार करवाना चाहिए। श्वसन संबंधी स्वच्छता खांसते या छींकते समय लोगों को रूमाल से अपना मुंह और नाक ढकना चाहिए। साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोने की सलाह दी गई है। डा. नरेंद्र दहिया ने बताया कि स्वस्थ आदतों को अपनाते हुए लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, पौष्टिक भोजन का सेवन करना और पर्याप्त नींद लेना चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक स्वच्छता का ध्यान रखते हुए लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से बचना चाहिए। उन्होंने बताया कि लोगों को चिकित्सकीय परामर्श के बिना दवाइयां नहीं लेनी चाहिए।

रंगमंच ने दिखाया हुनर, कला ने भरे कल्पना के रंग
संगवाडी रावमावि में भव्य समारोह के साथ कार्यशाला का समापन
हरियाणा कला परिषद की कार्यशाला में विद्यार्थियों ने नाटक, स्किट और कलाकृतियों से दिखाई प्रतिभा
पैरा-ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट शर्मिला के संघर्ष पर आधारित नाटक ने जीता दर्शकों का दिल
रेवाड़ी, 03 सितम्बर, अभीतक: हरियाणा सरकार के संस्कृति विभाग के अंतर्गत हरियाणा कला परिषद द्वारा गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, संगवाडी में आयोजित रंगमंच एवं आर्ट एंड क्राफ्ट कार्यशाला का भव्य समापन हरियाणा कला परिषद के उपाध्यक्ष महेश जोशी के सानिध्य में हुआ। विद्यालय की प्राचार्या डॉ.ज्योत्सना यादव ने हरियाणा कला परिषद एवं सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने सीखी गई रंगमंचीय एवं रचनात्मक विधाओं का शानदार प्रदर्शन करते हुए विभिन्न प्रस्तुतियां दीं। रंगमंच प्रशिक्षक डॉ. ऋषिपाल के निर्देशन में महेंद्रगढ़ की पैरा-ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट शर्मिला के संघर्ष एवं जीवन पर आधारित प्रेरणादायक नाटक प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों की प्रभावशाली अभिनय प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। इसके अलावा एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे पर आधारित प्रभावशाली स्किट के माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज को जागरूक करने का संदेश भी दिया। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई विभिन्न कलाकृतियों की आर्ट एंड क्राफ्ट प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच और कलात्मक प्रतिभा की झलक देखने को मिली, जिसकी अतिथियों एवं दर्शकों ने खूब सराहना की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि महेश जोशी ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि रंगमंच केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने के साथ-साथ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, संवेदनशीलता और रचनात्मकता विकसित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए विद्यालय परिवार, प्रशिक्षकों एवं विद्यार्थियों को बधाई दी। समापन अवसर पर प्रसिद्ध कलाकार सतीश मस्तान एवं मदन डागर विशेष रूप से उपस्थित रहे।

जन शिकायतों का पारदर्शी व शीघ्र निस्तारण के लिए आयोजित किए जा रहे समाधान शिविर – डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने समाधान शिविर में सुनी जन शिकायतें
रेवाड़ी, 03 सितम्बर, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि जन शिकायतों को और अधिक उत्तरदायी, संवेदनशील और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक सोमवार व गुरूवार को समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे है, जिसमें आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की शिकायत का शीघ्र निस्तारण किया जा रहा है। डीसी अभिषेक मीणा ने गुरुवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित समाधान शिविर में जन शिकायतें सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को जन शिकायतों का शीघ्र, पारदर्शी व संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समाधान शिविर में गांव पाड़ला में घरों के सामने लोगों द्वारा कूड़ा व गंदगी फैलाने की शिकायत पर डीसी ने बीडीपीओ खोल को कूड़ा व गन्दगी हटवाने के निर्देश दिए। साथ ही कूड़ा डालने वालों की निगरानी करवाते हुए कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। रेवाड़ी शहर के भक्ति नगर डालियावास में घरों और बरसात के पानी की निकासी न होने की शिकायत पर डीसी ने बीडीपीओ रेवाड़ी को पानी की निकासी का उचित समाधान करने के निर्देश दिए। गांव माजरा मुश्तिल भाकली में खेतों के रास्ते पर अवैध कब्जे की शिकायत पर डीसी ने बीडीपीओ खोल को जांच करके कब्जा हटवाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एसपी हमेंद्र मीणा, एसडीएम दलबीर सिंह, डीएसपी पवन कुमार व विभिन्न विभागों अधिकारी मौजूद रहे।


पात्र लाभार्थियों के ऋण आवेदनों का समयबद्ध निपटारा किया जाए सुनिश्चित- एडीसी
एडीसी राहुल मोदी ने डीएलआरसी एवं डीएलसीसी की बैठक में बैंकिंग एवं ऋण योजनाओं की समीक्षा
रेवाड़ी, 03 सितम्बर, अभीतक: एडीसी राहुल मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं जिला परामर्शदात्री समिति की वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में विभिन्न बैंकों द्वारा संचालित ऋण योजनाओं, सरकारी प्रायोजित योजनाओं तथा प्राथमिकता क्षेत्र से संबंधित बैंकिंग गतिविधियों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। एडीसी राहुल मोदी ने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों के ऋण आवेदनों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाए तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि बैंकिंग संस्थान विभिन्न विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए स्वरोजगार, कृषि, लघु एवं सूक्ष्म उद्योग तथा अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को ऋण उपलब्ध करवाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने लंबित ऋण आवेदनों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत ऋण वितरण, ऋण-जमा अनुपात, प्राथमिकता क्षेत्र ऋण तथा अन्य बैंकिंग योजनाओं की तिमाही प्रगति पर चर्चा की गई। संबंधित विभागों एवं बैंकों के अधिकारियों ने योजनाओं की प्रगति से समिति को अवगत कराया। एडीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों को वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए बैंक एवं संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। बैठक में अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक सहित विभिन्न बैंकों एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


रेवाड़ी मैराथन: 87 हजार से अधिक लोगों ने करवाया रजिस्ट्रेशन
हरियाणा सहित देशभर से प्रतिभागियों ने भी करवाया पंजीकरण
डीसी अभिषेक मीणा ने किया आह्वान, पंजीकरण प्रक्रिया जारी, 6 सितंबर को होने वाली मैराथन के लिए हर युवा कराएं पंजीकरण
रेवाड़ी, 03 सितम्बर, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि हरियाणा उदय के तहत सरकार की नशामुक्त हरियाणा को लेकर शुरू की गई मुहिम के तहत रेवाड़ी में 6 सितंबर को राज्य स्तरीय हाफ मैराथन आयोजित होगी। इस मैराथन के लिए युवाओं में पूरा जोश और उत्साह है। अभी तक जिले के साथ पूरे प्रदेश और देशभर से 87 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने अपना ऑनलाइन पंजीकरण करवाया है। डीसी ने युवाओं सहित समस्त नागरिकों से आह्वान किया है कि नशे के खिलाफ आयोजित की जानी वाली मैराथन के लिए अधिक से अधिक संख्या में पंजीकरण कराकर इसमें भाग लेना सुनिश्चित करें। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के द्वारा नशामुक्त हरियाणा को लेकर युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित करवाई जा रही है। इसी के तहत प्रदेशभर में मैराथन आयोजित कर युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है। रेवाड़ी में 6 सितंबर को होने वाली राज्य स्तरीय हाफ मैराथन नशा मुक्त हरियाणा, खेल युक्त हरियाणा के संकल्प को मजबूती देगी।उन्होंने बताया कि मैराथन 5 किलोमीटर और 10 किलोमीटर की होगी। 5 किलोमीटर मैराथन के लिए पंजीकरण बिल्कुल निशुल्क है। वहीं 10 किलोमीटर के लिए पंजीकरण करवाने के लिए 100 रुपए शुल्क रखा गया है। डीसी ने बताया कि रेवाड़ी मैराथन में भाग लेने के लिए प्रतिभागी अपना पंजीकरण जरूर करवाएं। उन्होंने बताया कि मैराथन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण किया जा सकता है। इसके लिए https://www.runagainstdrugsrwr.in/#/en/registration पर क्लिक करके अपना नाम, माता या पिता का नाम, आयु, राज्य, जिला और मोबाइल नंबर दर्ज कर पंजीकरण किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त क्यूआर कोड को स्कैन करके भी मैराथन के लिए आसानी से पंजीकरण किया जा सकते हैं।

बाक्स
डीसी अभिषेक मीणा व एसपी हेमेंद्र मीणा ने गुरूवार को रेवाड़ी मैराथन रूट का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि रेवाड़ी हॉफ मैराथन को लेकर जिला में विभिन्न व्यवस्थाओं व आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से हॉफ मैराथन रूट की मरम्मत, मेन स्टेज प्रबंधन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पोस्टर-बैनर, पार्किंग व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, साफ-सफाई व्यवस्था सहित अन्य तैयारियों व प्रबंधों को अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि जिला में ऐतिहासिक व भव्य ढंग से हाफ मैराथन इवेंट का आयोजन किया जा सकें।
गुरुद्वारा रकाबगंज दिल्ली भारतवर्ष के विभिन्न राज्यों के विभिन्न किसान संगठन सामाजिक संगठन एवं खाप प्रतिनिधियों की जनरल बॉडी की मीटिंग आयोजित की गई। मुख्य मुद्दा किसान बचाओ, देश बचाओ, रहा। आज देश में जो हालत चल रहे हैं उसके बारे में भी व्यवस्था परिवर्तन के बारे में भी विशेष रूप से विचार किया गया। भारत के भविष्य युवाओं के बारे में भी स्वास्थ शिक्षा और विकास की दुर्दशा के बारे में विशेष रूप से चर्चा हुई, अमेरिका ट्रेड डील के बारे में, लैंड पूलिंग एक्ट भूमि अधिग्रहण बिल, के बारे में अरावली हिल्स को कॉरपोरेट के हवाले से बचाने के बारे में, पानी की समस्याओं के बारे में इत्यादि इत्यादि विचार किए गए। (डाॅ ओमप्रकाश धनखड, प्रधान धनखड़ खाप)
चंडीगढ़: हरियाणा में आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, त्ठैज्ञ)के तहत ऐतिहासिक उपलब्धि
राष्ट्रीय औसत से साढ़े चार गुना अधिक बच्चों का किया जा रहा है उपचार रू स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव
वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में राज्य ने अब तक का सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन किया
बच्चों के इलाज और करेक्टिव सर्जरी में ऐतिहासिक वृद्धि हुई
कोरोना के दौरान जहां देश के सोलह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बच्चों की बीमारी की कोई स्क्रीनिंग नहीं हुई। जबकि हरियाणा में दोनों साल काम जारी रहा, जहाँ वर्ष 2020-21 में 5.80 लाख और वर्ष 2021-22 में 16.70 लाख स्क्रीनिंग की गईं। इसके बाद राज्य ने इस प्रोग्राम के तहत अपना अब तक का सबसे ज्यादा सालाना आंकड़ा दर्ज किया वर्ष 2023-24 में 44.2 लाख बच्चों की स्क्रीनिंग हुई, जो वर्ष 2014-15 के कुल आंकड़े से 56 प्रतिशत ज्यादा है।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने दोहराया कि राज्य सरकार हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
यमुनानगर: सुबह-सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट से दहला यमुनानगर
जिम से बाहर निकला फाइनेंसर… तभी बरसने लगीं गोलियां
बदमाशों ने सिर को बनाया निशाना, फाइनेंसर की हत्या
मॉडल टाउन में जिम के बाहर सनसनीखेज वारदात
एसपी आवास से कुछ दूरी पर बेखौफ बदमाशों का आतंक
बाइक पर आए हमलावर, फायरिंग की और फरार
कुछ ही पलों में जिंदगी और मौत के बीच खत्म हुआ खेल
जिम में एक्सरसाइज के बाद बाहर निकला था हरभजन सिंह
बाहर निकलते ही बदमाशों ने कर दिया हमला
गोलियों की आवाज से मचा हड़कंप, इलाके में सनसनी
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
प्रेम नगर के रहने वाले थे मृतक हरभजन सिंह
वारदात की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस की कई टीमें
एसपी कमलदीप गोयल खुद पहुंचे घटनास्थल पर
सीसीटीवी कैमरों में तलाशे जा रहे हमलावरों के सुराग
आखिर कौन थे बाइक सवार हमलावर?
फाइनेंसर को ही क्यों बनाया गया निशाना?
क्या पहले से रची गई थी हत्या की साजिश?
एसपी आवास के करीब हुई वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए
झज्जर: हरियाणा विधानसभा सत्र में कांग्रेस के विरोध पर बोले भाजपा नेता ओम प्रकाश धनखड़
कहा: तमाशा करने पर ज्यादा, लोकहित के मुद्दे उठाने पर था कांग्रेस का कम ध्यान
झज्जर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर निकाली गई शोभा यात्रा के शुभारंभ मौके पर पहुंचे थे धनखड़
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी जमकर साधा निशाना
धनखड़ बोले, हरियाणा के कांग्रेसियों की तरह राहुल गांधी भी तमाशा करते हैं ज्यादा, संसद में बहस करते हैं कम
विधानसभा में पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल द्वारा ब्राह्मण समाज पर की गई टिप्पणी को भी लेकर बोले धनखड़
कहा: भाषा और शब्दों की मर्यादा राजनीति में बेहद जरूरी
श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व की दी सभी को बधाई
धनखड़ बोले, त्योंहारों से झलकता है कि दैविक शक्तियां आज भी हमारे साथ
कहा: भारत एक ऐसा देश जो इतिहास को अपने साथ लेकर चलता है
भगवान के साथ जीना भारत की संस्कृति का विशिष्ट पल
भारत की संस्कृति सेलिब्रेशन से भरी पड़ी है
उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन 4 सितंबर को चंडीगढ़ का दौरा करेंगे
नई दिल्ली, 03 सितम्बर, अभीतक: उपराष्ट्रपति और पंजाब विश्वविद्यालय के पदेन कुलाधिपति श्री सीपी राधाकृष्णन 4 सितंबर, 2026 को चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय का दौरा करेंगे। अपनी यात्रा के दौरान, उपराष्ट्रपति एसएआईएफ, सीआईएल में उन्नत उपकरण सुविधा (परिष्कृत विश्लेषणात्मक उपकरण सुविधाध्केंद्रीय उपकरण प्रयोगशाला) का उद्घाटन करेंगे। श्री सीपी राधाकृष्णन पंजाब विश्वविद्यालय तकनीकी नवाचार मंच का भी उद्घाटन करेंगे, जो विश्वविद्यालय के अनुसंधान, नवाचार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान, कोलकाता ने स्वर्ण जयंती मनाई
मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और उत्कृष्टता केंद्र का हुआ उद्घाटन
उन्नत अवसंरचना एनआईएच कोलकाता की नैदानिक देखभाल, अनुसंधान और शैक्षणिक क्षमताओं को मजबूत करेगी – श्री प्रतापराव जाधव
नई दिल्ली, 03 सितम्बर, अभीतक: राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान (एनआईएच), कोलकाता ने आज अपनी स्वर्ण जयंती मनाई। संस्थान होम्योपैथिक शिक्षा, अनुसंधान और मरीजों की देखभाल में 50 वर्षों से समर्पित सेवा का प्रतीक है। इस समारोह के दौरान, एक अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन भी किया गया, जिससे संस्थान की नैदानिक, शैक्षणिक और अनुसंधान अवसंरचना काफी मजबूत हुई है। इस समारोह में आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव तथा शिक्षा राज्य मंत्री श्री सुकांत मजूमदार शामिल हुए। इस मौके पर सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो और सामिक भट्टाचार्य, पश्चिम बंगाल की विधायक सुमाना सरकार, आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा, वरिष्ठ अधिकारी, फैकल्टी सदस्य, डॉक्टर, छात्र भी मौजूद थे। सभा को संबोधित करते हुए श्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि 50 साल पूरे होना एनआईएच कोलकाता की यात्रा में एक अहम पड़ाव है। उन्होंने कहा कि स्वर्ण जयंती न केवल संस्थान की उपलब्धियों को स्वीकार करने का अवसर है, बल्कि आने वाले दशकों के लिए इसकी प्राथमिकताओं को तय करने का भी एक अवसर है। मंत्री ने कहा कि हाल ही में शुरू की गई सुविधाएं आधुनिक अवसंरचना, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उन्नत अनुसंधान क्षमताओं और बेहतर रोगी-देखभाल सुविधाओं के साथ आयुष संस्थानों को मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उन्होंने उभरती हुई स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए समकालीन प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और नवाचार के साथ चिकित्सा की पारंपरिक प्रणालियों की खूबियों को एकीकृत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री जाधव ने होम्योपैथिक शिक्षा और अनुसंधान को मजबूत करने तथा छात्रों, शोधकर्ताओं और युवा पेशेवरों के लिए बेहतर अवसर पैदा करने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एनआईएच कोलकाता होम्योपैथिक शिक्षा, अनुसंधान और रोगी देखभाल में एक प्रमुख संस्थान के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत करेगा। केन्द्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में संस्थान के पांच दशकों के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नई सुविधाएं शैक्षणिक और पेशेवर केंद्र के रूप में संस्थान को और मजबूत करेंगी तथा सीखने, प्रशिक्षण और नवाचार के लिए बेहतर अवसर प्रदान करेंगी। श्री ज्योतिर्मय सिंह महतो ने कहा कि एनआईएच के इस विस्तार से कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए नैदानिक सेवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच में सुधार होगा। राज्यसभा सांसद समिक भट्टाचार्य ने कहा कि नई सुविधाएं संस्थान को अपनी मजबूत संस्थागत नींव को और विस्तार देने तथा भविष्य की शैक्षणिक और स्वास्थ्य आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से चलाने में सक्षम बनाएंगी। नवनिर्मित मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर संस्थान नैदानिक अवसंरचना में एक महत्वपूर्ण आयाम जोड़ता है। समकालीन स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुसार डिजाइन की गई और आधुनिक प्रणालियों से लैस यह सुविधा, प्रशिक्षण और पेशेवर विकास में सहायता करने के साथ-साथ उन्नत नैदानिक सेवाएं प्रदान करने की एनआईएच कोलकाता की क्षमता को मजबूत करेगी। उत्कृष्टता केंद्र नैदानिक अनुसंधान, शैक्षणिक विकास और नवाचार में संस्थान की क्षमताओं को और बढ़ाएगा। यह अनुसंधान को आगे बढ़ाने, संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देने और छात्रों, फैकल्टी व स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए बेहतर अवसर पैदा करने के लिए एक मंच प्रदान करेगा। एनआईएच कोलकाता के निदेशक डॉ. प्रलय शर्मा ने कहा कि नई सुविधाएं अवसंरचना को मजबूत करने तथा होम्योपैथिक शिक्षा, अनुसंधान और रोगी देखभाल में विकास के अगले चरण के लिए तैयार रहने के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
आयुष मंत्री ने छात्रों से बातचीत की
एनआईएच के अपने दौरे के दौरान, आयुष मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ श्री प्रतापराव जाधव ने होम्योपैथी के विकास के लिए संस्थान के छात्रों के विचारों और सुझावों को समझने के लिए उनसे विस्तृत बातचीत भी की। बातचीत के दौरान, छात्रों ने एनआईएच के शैक्षणिक माहौल और अस्पताल में रोगियों के इलाज के व्यापक क्लिनिकल अनुभव के बारे में बताया। मंत्री महोदय ने मरीजों की देखभाल गतिविधियों में स्नातकोत्तर प्रशिक्षुओं और इंटर्न के योगदान की भी सराहना की। मंत्री महोदय ने प्रस्तावित अस्पताल भवन, पशु गृह और फार्मास्युटिकल एनालिसिस लैब सहित संस्थागत अवसंरचना को मजबूत करने से जुड़े सुझावों को सुना। इसके अलावा, वजीफा, हाउसस्टाफशिप और एनटीइटी परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने भारत के वैश्विक व्यापार विस्तार के लिए राष्ट्रव्यापी मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) उपयोग अभियान चलाने का आह्वान किया
भारत के नौ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) लगभग 60 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी वाली अर्थव्यवस्थाओं को कवर करते हैं, जिससे वैश्विक व्यापार के लगभग दो-तिहाई हिस्से तक तरजीही पहुंच मिलेगीरू श्री गोयल
आगामी एफटीए और बाजार पहुंच को गहरा करने के प्रयासों के साथ भारत प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कम दरों पर वैश्विक व्यापार के 75 प्रतिशत हिस्से तक पहुंच बना सकता है
अप्रैल-जुलाई के दौरान भारत का निर्यात लगभग 317 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 36-37 अरब डॉलर अधिक है
एफटीए के माध्यम से हर जिले, एमएसएमई, व्यापारी, उद्यमी, स्टार्टअप और महिला उद्यमी तक पहुंच बनाने का आह्वान किया
नई दिल्ली, 03 सितम्बर, अभीतक: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का अधिकतम लाभ उठाने के लिए एक केंद्रित, समावेशी और राष्ट्रव्यापी प्रयास का आह्वान किया, ताकि पूरी दुनिया में भारत के व्यापार का विस्तार हो सके और बेहतर बाजार पहुंच का लाभ देश भर के व्यवसायों तक पहुंच सके। नई दिल्ली में आज आयोजित ष्एफटीए का लाभ उठानारू एक पहुंच कार्यक्रमष् विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्री गोयल ने भारत के विस्तारित एफटीए नेटवर्क को देश भर के व्यवसायों को अधिक निर्यात अवसरों में बदलने के लिए एक समन्वित प्रयास की जरूरत पर बल दिया। श्री गोयल ने कहा कि इस पहल को पूरे देश में तेजी से फैलना चाहिए और इसे सभी 780 जिलों में रहने वाले हर व्यक्ति, छोटे से छोटे व्यवसायी, व्यापारी, उद्यमी, स्टार्टअप और महिला उद्यमी तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को एक अंतर्मुखी घरेलू अर्थव्यवस्था से एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय शक्ति के रूप में बदलने के व्यापक उद्देश्य को प्राप्त करने में प्रत्येक योगदान, चाहे वह छोटा हो या बड़ा, अमूल्य होगा। दिन भर चलने वाली इस कार्यशाला में केंद्र सरकार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग संघों के वरिष्ठ अधिकारी एक साथ आए, जिसका उद्देश्य भारत के मुक्त व्यापार समझौतों के बढ़ते नेटवर्क को भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से लघु एवं मध्यम उद्यमों और पहली बार निर्यात करने वालों के लिए मापने योग्य परिणामों में बदलना था। केंद्रीय मंत्री श्री गोयल ने कहा कि भारत को विश्व स्तर पर अपने योगदान के लिए मान्यता और सम्मान प्राप्त करने वाली अर्थव्यवस्था बनना चाहिए और विश्व का एक विश्वसनीय साझेदार बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह विश्वास मूल्य में परिवर्तित होना चाहिए और यह मूल्य प्रस्ताव देश भर के सामूहिक प्रयासों से उभरना चाहिए, जिसका लक्ष्य 2047 तक भारत को 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में एक बहुत बड़ा हिस्सा हासिल करना है। श्री गोयल ने कहा कि भारत अपनी आर्थिक विकास यात्रा के एक महत्वपूर्ण चरण से गुजर रहा है। उन्होंने स्थिर कीमतों पर पहली तिमाही की 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में अनिश्चितता और भारी उथल-पुथल के बीच 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि हासिल करना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे नकारात्मक बातें करने वालों के बहकावे में न आएं। श्री गोयल ने कहा कि जीडीपी के आंकड़े सरकार, मंत्री या नौकरशाह नहीं बनाते हैं, बल्कि सांख्यिकी मंत्रालय से संचालित एक विस्तृत, जमीनी स्तर की और स्वतंत्र प्रक्रिया के माध्यम से निर्धारित किए जाते हैं, जो दशकों से चली आ रही है। केंद्रीय मंत्री ने निरंतर, सुसंगत, अथक और परिणामोन्मुखी प्रयासों का आह्वान किया, जिसमें पूरे देश को साथ लेकर चलने, नए उद्यमियों को वैश्विक बाजारों की ओर रूख करने के लिए प्रोत्साहित करने और खुले अपार अवसरों का लाभ उठाने के लिए अधिक समावेशिता शामिल हो। श्री गोयल ने कहा कि भारत के नौ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए), जो लगभग 60 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी वाली अर्थव्यवस्थाओं तक फैले हुए हैं, वैश्विक व्यापार के लगभग दो-तिहाई हिस्से तक तरजीही पहुंच प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि कनाडा, मैक्सिको, चिली, मर्कोसुर, एसएसीयू, जीसीसी और इजराइल सहित अन्य मुक्त व्यापार समझौते जो भारत अगले कुछ महीनों और कुछ वर्षों में संपन्न करेगा, साथ ही आसियान, कोरिया और जापान के साथ किए जा रहे समझौतों की समीक्षा करने या अधिक बाजार पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अन्य कदम उठाने से भारत को अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कम दर पर वैश्विक व्यापार के 75 प्रतिशत हिस्से तक पहुंच प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि तरजीही व्यापार समझौता (पीटीए), एफटीए या द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) से अंततः भारत को प्रतिस्पर्धियों से बेहतर दर प्राप्त करने में मदद मिलती है। टैरिफ की कुल राशि महत्वहीन है और इसे प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए। श्री गोयल ने कहा कि अमेरिका और यूरोपीय संघ के व्यापारिक तौर-तरीके अलग-अलग हैं, जिनमें परिचालन लागत और श्रम लागत पूरी तरह से भिन्न हैं। इसलिए भारत को वियतनाम और बांग्लादेश जैसे प्रतिस्पर्धी देशों द्वारा अन्य बाजारों में दी जाने वाली दरों का आकलन करना होगा। वस्त्र उद्योग का उदाहरण देते हुए श्री गोयल ने कहा कि भारत को वर्षों से बांग्लादेश और वियतनाम से प्रतिस्पर्धा करने में कठिनाई का सामना करना पड़ा है, जिन्हें क्रमशः अल्प विकसित देश का दर्जा और मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का लाभ मिला है। इससे वे विकसित बाजारों में शून्य या कम शुल्क पर प्रवेश कर सकते हैं, जबकि भारत को उच्च शुल्क का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अब स्थिति बदल गई है, भारत लगभग सभी विकसित बाजारों में प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर दरें प्राप्त कर रहा है, जिससे प्रदर्शन के अलावा कोई बहाना नहीं बचता है, जो कि पैमाने, गुणवत्ता, लगन, ग्राहक विश्वास बनाए रखने और गुणवत्ता, समय-सारणी और पैकेजिंग के मामले में समय पर डिलीवरी पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा, ष्अब गेंद पूरी तरह से हमारे पाले में है। श्री गोयल ने कहा कि इस सामूहिक प्रयास में सरकार और विभिन्न संबंधित मंत्रालय शामिल होंगे, जिनमें वाणिज्य विभाग और डीपीआईआईटी सभी संबंधित मंत्रालयों के साथ अग्रणी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे, आपसी सहयोग के माध्यम से, सभी महत्वपूर्ण मंत्रालयों को शामिल किया जाना चाहिए, जिनमें वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, रसायन और इलेक्ट्रॉनिकी शामिल हैं, जिनकी भारत के विकास पथ में महत्वपूर्ण भूमिका है। पहले से लागू और आगामी मुक्त व्यापार समझौतों पर श्री गोयल ने कहा कि चालू वर्ष के लिए एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता 15 जुलाई से लागू हो चुका है, जबकि मॉरीशस, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन पहले से ही इसके अंतर्गत हैं। चार देशों वाला यूरोपीय संघ समझौता (ईएफटीए) भी जल्द ही लागू हो जाएगा, जबकि न्यूजीलैंड में भी यह लागू होगा, जिसके बाद यूरोपीय संघ के 27 देशों का नंबर आएगा। उन्होंने कहा कि जैसे ही अमेरिका भारत को उसके प्रतिस्पर्धियों की तुलना में तरजीही दर प्रदान करने लगेगा, पीटीए को अंतिम रूप दे दिया जाएगा और बारीक विवरणों की घोषणा कर दी जाएगी। श्री गोयल ने कहा कि भारत ने सभी नौ मुक्त व्यापार समझौतों में अच्छा लाभ हासिल किया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक समझौता दोनों पक्षों के लिए लाभकारी रहा है, और किसानों, मछुआरों, लघु एवं मध्यम उद्यमों तथा श्रमिकों से संबंधित संवेदनशील क्षेत्रों के साथ-साथ फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र, प्रसंस्कृत कृषि खाद्य पदार्थ और कृषि उत्पाद जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी ऐसा लाभ मिला है जिस पर भारत गर्व कर सकता है। उन्होंने कहा कि गहन हितधारक सहभागिता और परामर्श के माध्यम से समझौतों पर अच्छी तरह से बातचीत की गई थी, जिसमें संवेदनशील क्षेत्रों को महत्वपूर्ण संरक्षण दिया गया था और भारत के हित और ताकत वाले क्षेत्रों में निर्यात करने की क्षमता सुनिश्चित की गई थी। श्री गोयल ने कहा कि भारत ने चालू वर्ष के लिए 1 ट्रिलियन डॉलर का निर्यात लक्ष्य निर्धारित किया है, जो लगभग 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। उन्होंने कहा कि चालू वर्ष के पहले चार महीनों के दौरान निर्यात लगभग 317 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष अप्रैल-जुलाई के दौरान यह 280 अरब डॉलर था, जो कि पहले चार महीनों में ही 36-37 अरब डॉलर की वृद्धि दर्शाता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि क्रिसमस नजदीक आने पर निर्यात में आम तौर पर तेजी आती है और जनवरी से मार्च तक की अंतिम तिमाही में यह अपने चरम पर पहुंचता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा रुझान एक अच्छा संकेत है। उन्होंने इस वृद्धि को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। अगस्त के अब तक उपलब्ध आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री गोयल ने कहा कि भारत सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। सामूहिक प्रयासों और नए अवसरों के खुलने से उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये अवसर वर्तमान और भविष्य की क्षमता वाले प्रत्येक जिले और प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि भारत अपने उत्पाद भंडार का विस्तार करेगा, नए निर्यातकों को प्रोत्साहित करेगा, छोटे निर्यातकों को बड़े निर्यातक बनने में मदद करेगा और यहां तक कि बड़े निर्यातकों को भी हर संभव तरीके से मदद करेगा। श्री गोयल ने कार्यशाला के दौरान निर्यात प्रोत्साहन मिशन के लिए समर्थन मांगा और नवीन एवं कारगर विचारों का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार नियामक स्वीकृतियों, एसपीएस और टीबीटी स्वीकृतियों तथा माल ढुलाई मुआवजे जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर भी विचारों और सुझावों के लिए तत्पर है, जहां पहाड़ी क्षेत्रों या पूर्वोत्तर, जिनमें कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं, से होने वाले निर्यात को कुछ कठिनाइयों से निपटने के लिए मदद की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी होर्मुज जलडमरूमध्य समस्या पैदा करता है, वहां विशेष रूप से छोटे निर्यातकों का समर्थन करने के तरीके खोजे जाने चाहिए। केंद्रीय मंत्री श्री गोयल ने कहा कि अब से चार साल बाद, यानी 2030 तक, भारत को कई साल पहले निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने स्वीकार किया कि भारत ने कोविड-19, दो युद्धों और कई चुनौतियों का सामना किया है, लेकिन उन्होंने कहा कि प्रयास केंद्रित रहने चाहिए और भारत को 2 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य को नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर लक्ष्य बड़ा होगा तो प्रदर्शन भी अच्छा होगा। छोटी-मोटी कमियां होने पर भी, परिणाम यथासंभव 2 ट्रिलियन डॉलर के करीब होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 1.2 ट्रिलियन डॉलर या 1.3 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य निर्धारित करना और उसे हासिल करना देश की सेवा करने, लाखों लोगों को रोजगार प्रदान करने और नए उद्यमियों को सृजित करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। श्री गोयल ने यह देखते हुए कि ये कार्यालय राज्यों में स्थित हैं और भविष्य में राज्य स्तर पर सहायता प्रदान करने की आवश्यकता होगी, सभी कार्यालयों को एक ही स्थान पर लाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस गति और उत्साह को बनाए रखना आवश्यक है। श्री गोयल ने कहा कि इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिकी, रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र, समुद्री उद्योग, कृषि, रत्न एवं आभूषण और चमड़ा उद्योग सहित हर क्षेत्र में अवसर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि यह सूची अंतहीन है। उन्होंने सेवाओं में कई नए क्षेत्रों के खुलने पर भी प्रकाश डाला और वित्त का जिक्र करते हुए कहा कि हर देश चंद्रमा पर जा रहा है। श्री गोयल ने तकनीकी मानकों और स्वच्छता एवं एसपीएस मानकों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को अनैतिकता के लिए माध्यम नहीं बनना चाहिए और विश्व का एक विश्वसनीय भागीदार बने रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को वास्तविक मूल्य जोड़ना होगा और मूल देश प्रमाण पत्र का महत्व होना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आगामी 100 भव्य पार्कों के लिए निर्यातकों को प्राथमिकता के आधार पर सहायता दी जाएगी। उच्च स्तर के आवंटन के लिए प्रतिबद्ध निर्यातकों को रियायतें दी जाएंगी। निर्यातकों को सहज संचालन के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। निर्यात प्रोत्साहन मिशन या औद्योगिक पार्कों के माध्यम से मौजूदा क्लस्टरों को भी सहायता प्रदान की जाएगी। श्री गोयल ने पिछले महीने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण का जिक्र किया, जिसमें उद्यमों से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया था कि सभी क्षेत्रों के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचें और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को न केवल पूरा करे बल्कि उन मानकों से भी आगे निकल जाएं। उन्होंने कहा कि यही आगे बढ़ने का रास्ता है और देश को इस प्रयास को मिशन मोड में आगे बढ़ाना होगा।
अपने संबोधन के समापन में श्री गोयल ने कई सुझाव दिए
सबसे पहले, प्रत्येक राज्य को उन उत्पादों और समूहों की पहचान करनी चाहिए जहां मुक्त व्यापार समझौतों से व्यवसायों को पहले से ही लाभ मिल रहा है और जहां एफटीए के लाभों का पूरी तरह से उपयोग नहीं किया जा रहा है, ताकि सरकार यह आकलन कर सके कि क्या सहायता प्रदान की जा सकती है। दूसरा, पहली बार निर्यात करने वालों और नए उत्पादों की पहचान की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स लघु एवं मध्यम उद्यमों और पहली बार निर्यात करने वालों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रवेश करने का एक आसान मार्ग प्रदान करता है और ई-कॉमर्स को बड़े पैमाने पर निर्यात शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु बदलाव किए गए हैं। तीसरा, निर्यात संवर्धन परिषदों (ईपीसी) के बीच समन्वय को मजबूत किया जाना चाहिए और ईपीसी को अपने उद्योग जगत तक पहुंचना चाहिए। श्री गोयल ने कहा कि उन्हें इस बात की चिंता है कि ईपीसी और उद्योग जगत के बीच संवाद निचले स्तर तक, यानी अंतिम छोर तक और अग्रणी निर्यातक तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि ईपीसी अपने संदेशों को निर्यातकों और उद्योग जगत तक कितना पहुंचा पा रही हैं। श्री गोयल ने कहा कि उद्योग संघों को भी इसी प्रकार अंतिम व्यक्ति और सबसे छोटी इकाई तक पहुंचना होगा। सरकार, संघों और ईपीसी के बीच समन्वय को मजबूत किया जाना चाहिए, और देश के विभिन्न हिस्सों और हर जिले से अधिक से अधिक लोगों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों में शामिल किया जाना चाहिए ताकि सही उत्पादों को सही बाजारों में प्रदर्शित किया जा सके। विशेष रूप से, क्षेत्रीय प्रतिनिधिमंडलों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। चैथा, उद्योग संघों को अपने लिए लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए, जबकि ईपीसी को अधिक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए, अपने सदस्यों और एमएसएमई को स्थानीय भाषाओं में और आसानी से समझ में आने वाली सामग्री के माध्यम से जानकारी प्रसारित करनी चाहिए, अधिक सदस्यों को नामांकित करना चाहिए और सरकार तथा निर्यातकों के बीच समर्थन का केंद्र बिंदु और जुड़ाव का वास्तविक अग्रणी बनना चाहिए। अंत में, श्री गोयल ने कहा कि विभाग को क्षेत्रवार या क्लस्टरवार कार्यशालाएं आयोजित करनी चाहिए और जिला या राज्य स्तर पर संपर्क सूत्र के साथ एक सुविधा तंत्र बनाना चाहिए। सहायता के लिए संपर्क करने वाले निर्यातकों की मदद की समय-सीमा बहुत कम होनी चाहिए, जहां तक संभव हो तत्काल और हर मामले में ऑनलाइन होनी चाहिए, ताकि उन्हें बार-बार दफ्तर के चक्कर काटने की आवश्यकता न हो। श्री गोयल ने विश्वास व्यक्त किया कि मिलकर काम करने से जमीनी स्तर पर लाखों रोजगार सृजित होंगे, देश के लिए अरबों डॉलर की विदेशी मुद्रा अर्जित होगी और भावी पीढ़ियों को निर्यात व्यवसाय में बड़े पैमाने पर प्रवेश करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत आज अमृतकाल में एक विकासशील राष्ट्र से 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की आर्थिक ताकत वाला एक विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है। अपने संबोधन में वाणिज्य विभाग के सचिव श्री राजेश अग्रवाल ने कार्यशाला के मुख्य उद्देश्य पर प्रकाश डाला, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों, ईपीसी (उत्पादक उद्योग निगम) और उद्योग निकायों सहित सभी हितधारकों को एक साथ लाना शामिल था। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में उद्योगों के लिए उत्पन्न होने वाले विशिष्ट अवसरों के बारे में सभी राज्यों को जानकारी देने के लिए अलग-अलग सत्रों का आयोजन किया गया था। इन संबोधनों में निर्यात प्रोत्साहन के लिए सतत, राज्य-साझेदारी वाले दृष्टिकोण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई और आने वाले वर्षों में मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के उपयोग को गहरा करने के लिए विभाग के रोडमैप की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। निर्यात प्रोत्साहन मिशन (ईपीएम) और जिलों को निर्यात केंद्र बनाने (डीईएच) की पहल पर दिए गए विशेष संबोधन में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि मिशन निर्यात ऋण तक आसान पहुंच, सरलीकृत और डिजिटल अनुपालन, और उत्पत्ति नियमों के प्रमाणीकरण सहित एफटीए दस्तावेजीकरण के लिए प्रत्यक्ष समर्थन जैसे स्तंभों पर आधारित है। मिशन क्षेत्रीय प्राधिकरणों में जागरूकता बढ़ाने और पहली पीढ़ी के तथा लघु एवं मध्यम उद्यम निर्यातकों को सबसे अधिक आवश्यक जानकारी की कमी को दूर करने पर भी जोर देता है। आईटीपीओ के अध्यक्ष श्री जावेद अशरफ ने अपने विशेष संबोधन में भारतीय निर्यातकों के लिए बाजार संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्यात प्रोत्साहन के लिए सहयोगात्मक कार्रवाई पर बल दिया। उन्होंने भारतीय निर्यातकों को सहयोग देने में आईटीपीओ की ओर से निभाई जा रही परिवर्तनकारी भूमिका को भी उजागर किया। एक अन्य प्रस्तुति में भारत के हालिया मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) से उत्पन्न बाजार अवसरों पर ध्यान केंद्रित किया गया। राजस्थान राज्य द्वारा निर्यात सुगमता में जमीनी अनुभव के आधार पर मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ उठाने पर राज्य स्तरीय दृष्टिकोण भी प्रस्तुत किया गया। दोपहर के सत्र में छह समानांतर, राज्य-केंद्रित समूह बनाए गए, जिनमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को क्षेत्रीय रूप से संगठित किया गया था। प्रत्येक सत्र की सह-अध्यक्षता वाणिज्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी और उपस्थित राज्य के सबसे वरिष्ठ अधिकारी ने की। प्रत्येक समूह में हुई चर्चाओं में विशिष्ट निर्यात समूहों और उत्पादों की पहचान, निर्यातकों को मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लाभों का उपयोग करने में आने वाली व्यावहारिक बाधाओं और केंद्र सरकार से अपेक्षित अनुवर्ती सहायता पर ध्यान केंद्रित किया गया। प्रत्येक समूह के प्रमुख कार्य बिंदुओं को समापन सत्र में प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद धन्यवाद ज्ञापन हुआ। यह कार्यशाला वाणिज्य विभाग के निर्यात प्रोत्साहन पर केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है कि भारत के मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ देश भर में जिला और क्लस्टर स्तर पर निर्माताओं और निर्यातकों तक पहुंचे।
सेमीकॉन इंडिया 2026 के लिए मीडिया एडवाइजरी
सेमीकॉन इंडिया 2026 के लिए मीडिया पंजीकरण शुरू
नई दिल्ली, 03 सितम्बर, अभीतक: सेमीकॉन (एसईएमआईसीओएन) इंडिया 2026 के लिए मीडिया पंजीकरण अब शुरू हो गया है। सेमीकॉन इंडिया का ये पांचवां संस्करण 17 से 19 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली स्थित यशोभूमि (इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर) में आयोजित किया जाएगा। इस संस्करण का विषय (थीम) ष्सिलिकॉन से सिस्टम्स तकरू इकोसिस्टम का निर्माणष् है।
आगंतुक आधिकारिक सेमीकॉन इंडिया पंजीकरण पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं पंजीकरण प्रक्रिया के तहत मीडिया कर्मियों को ष्अभी पंजीकरण करेंष् लैंडिंग पेज पर ष्आगंतुकष् विकल्प चुनकर एक खाता बनाना होगा। लॉग इन करने के बाद आवेदकों को अपनी बुनियादी जानकारी प्रदान करनी होगी और अपनी श्रेणी के रूप में ष्मीडियाष् का चयन करना होगा। आगंतुक 17 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए भी अपनी प्राथमिकता दर्ज कर सकते हैं। हालांकि, उपस्थिति की अंतिम पुष्टि उपलब्धता के आधार पर की जाएगी। आगंतुक कार्यक्रम की मुख्य बातों के लिए सेमीकॉन इंडिया की वेबसाइट पर जाकर मुख्य भाषणों, कार्यशालाओं और पैनल चर्चाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
सेमीकॉन इंडिया के बारे में
सेमीकॉन इंडिया भारत का प्रमुख सेमीकंडक्टर सम्मेलन और प्रदर्शनी है, जिसे इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम), इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई), भारत सरकार तथा एसईएमआई संयुक्त रूप से आयोजित किया जाता है। यह सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए भारत को एक विश्वसनीय वैश्विक केंद्र बनाने के विजन का समर्थन करते हुए सहयोग, नवाचार, विनिर्माण, निवेश और प्रतिभा विकास को आगे बढ़ाने के लिए वैश्विक सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम को एक साथ लाने वाले एक प्रमुख प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करता है। राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान एवं इंटेल इंडिया ने राष्ट्रीय नेतृत्व संवाद का आयोजन कियाय भारत के कार्यबल को एजेंटिक एआई युग के लिए तैयार करने हेतु एजेंटिक एआई कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों का शुभारंभ किया।
राष्ट्रीय नेतृत्व संवाद में सरकार, शिक्षा और उद्योग जगत भविष्य की कार्यबल तत्परता पर विचार-विमर्श के लिए एक मंच पर उपस्थित हुए, देश भर के युवाओं को कौशल प्रदान करने के लिए एजेंटिक एआई कौशल कार्यक्रम का शुभारंभ
नई दिल्ली, 03 सितम्बर, अभीतक: इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी) ने इंटेल इंडिया के सहयोग से नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में ष्एजेंटिक एआई युग के लिए भविष्य कार्यबल को तैयार करनाष् विषय पर एक राष्ट्रीय नेतृत्व संवाद का आयोजन किया। इस संवाद में सरकार, विदेशी दूतावासों, शिक्षाविदों, उद्योग और कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र के वरिष्ठ प्रतिनिधि तेजी से विकसित हो रहे कृत्रिम बुद्धिमत्ता के परिदृश्य और भारत में कार्य, शिक्षा एवं कार्यबल विकास के भविष्य से जुड़े इसके प्रभावों पर विचार-विमर्श के लिए एक मंच पर एकत्रित हुए। इस कार्यक्रम में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के अध्यक्ष श्री शशि शेखर वेम्पति मुख्य अतिथि के रूप में, एनआईईएलआईटी के महानिदेशक डॉ. एम.एम. त्रिपाठी, इंडियाएआई मिशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री सुदीप श्रीवास्तव, इंटेल प्रमुख और वैश्विक निदेशक श्री अंशुल सोनाक के साथ-साथ सरकार, शिक्षा जगत और उद्योग के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति और प्रतिनिधि उपस्थित थे। इस संवाद में एजेंटिक एआई द्वारा प्रस्तुत उभरते अवसरों और चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित किया गया और एआई-आधारित अर्थव्यवस्था के लिए भारत के कार्यबल की तैयारी को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। चर्चा का केंद्र बिंदु उभरती कौशल आवश्यकताएं, उद्योग-अनुकूल पाठ्यक्रम, अनुभवात्मक शिक्षा, संकाय की तैयारी, एआई-सक्षम शिक्षण वातावरण और सरकार-शैक्षिक-उद्योग के बीच मजबूत सहयोग था। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्यसूचक और सृजनात्मक प्रणालियों से विकसित होकर एजेंटिक एआई (मानवीय देखरेख में तर्क करने, योजना बनाने और जटिल कार्यों को निष्पादित करने में सक्षम प्रणालियाँ) की ओर बढ़ने के साथ ही विभिन्न उद्योगों में आवश्यक कौशल भी विकसित हो रहे हैं। इस संवाद में छात्रों, शिक्षकों और पेशेवरों को तकनीकी क्षमताओं, अनुकूलनशीलता और मानव-केंद्रित कौशल से लैस करने के महत्व का उल्लेख किया गया, जो तेजी से सक्षम होती जा रही एआई प्रणालियों के साथ प्रभावी ढंग से काम करने के लिए आवश्यक हैं। केंद्रीय फिल्म प्रमाणीकरण बोर्ड (सीबीएफसी) के अध्यक्ष श्री शशि शेखर वेम्पति ने इस अवसर पर अपने संबांधन में तेजी से विकसित हो रहे एजेंटिक एआई युग के लिए भारत के भावी कार्यबल को तैयार करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि प्रौद्योगिकी द्वारा कार्य की प्रकृति में परिवर्तन के साथ-साथ कौशल, रोजगार क्षमता और निरंतर सीखने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने एजेंटिक एआई के लोकतंत्रीकरण की दिशा में की गई पहल के लिए एनआईईएलआईटी और इंटेल इंडिया को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे दीर्घकालिक कौशल विकास कार्यक्रमों की आवश्यकता है जो मूलभूत और उभरती प्रौद्योगिकी कौशल को वास्तविक दुनिया के अनुभव, उद्योग से संबंधित केस स्टडी और व्यावहारिक डेटासेट के साथ जोड़ते हों। उन्होंने भारत के युवाओं को न केवल वर्तमान रोजगार के अवसरों के लिए बल्कि भविष्य के रोजगारों के लिए भी तैयार करने हेतु सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत और कौशल विकास संस्थानों के बीच निरंतर सहयोग के महत्व पर भी बल दिया। एनआईईएलआईटी के महानिदेशक डॉ. मदन मोहन त्रिपाठी ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का तीव्र विकास हमारे शिक्षा और कौशल विकास तंत्र के लिए नए अवसर और नई आवश्यकताओं का सृजन कर रहा है। इलेक्ट्रॉनिकी, आईटी और उभरती प्रौद्योगिकियों में क्षमता निर्माण के रूप में एक राष्ट्रीय संस्थान, एनआईईएलआईटी यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि शिक्षार्थी और शिक्षक तकनीकी परिवर्तन के इस अगले चरण में भाग लेने के लिए तैयार हों। इंटेल इंडिया के साथ हमारा सहयोग एनआईईएलआईटी की राष्ट्रव्यापी कौशल विकास पहुंच को इंटेल की तकनीकी विशेषज्ञता और उद्योग परिप्रेक्ष्य के साथ जोड़ता है, जिससे हम एजेंटिक एआई लर्निंग को देश भर के संस्थानों और शिक्षार्थियों के करीब ला सकते हैं। भारत में संप्रभु एआई के लोकतंत्रीकरण और एक मजबूत एवं समावेशी एआई पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए सरकार के दृष्टिकोण को उजागर करते हुए, इंडियाएआई मिशन के सीओओ और मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री सुदीप श्रीवास्तव ने देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत एआई प्रतिभा समूह के निर्माण के महत्व पर बल दिया। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में एआई क्षमताओं को मजबूत करने में उद्योग-नेतृत्व वाले प्रशिक्षण, एआई-केंद्रित शैक्षिक कार्यक्रमों और डिजिटल शिक्षण पहलों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों, शोधकर्ताओं और पेशेवरों को उभरती एआई प्रौद्योगिकियों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए एआई प्रतिभा, एआई डेटा लैब और उद्योग-अकादमिक साझेदारी के विकास के महत्व पर भी बल दिया। इंटेल की एशिया-प्रशांत और जापान स्थित अंतर्राष्ट्रीय सरकारी मामलों की वरिष्ठ निदेशक, सुश्री श्वेता खुराना ने कहा कि जैसे-जैसे एआई सहायक उपकरणों से सक्रिय प्रणालियों और अंततः भौतिक बुद्धिमत्ता की ओर विकसित हो रहा है, यह शिक्षा, कार्य, नौकरियों और उद्योगों को मौलिक रूप से नया आकार देगा। इस नए युग में, सफलता का निर्णायक कारक मानवीय तत्परता होगी क्योंकि व्यक्तियों को तेजी से सक्षम हो रही एआई प्रणालियों के साथ प्रभावी ढंग से सहयोग करने के लिए कौशल, अनुकूलनशीलता और विवेक की आवश्यकता होगी। इसलिए, आर्थिक अनुकूलता को मजबूत करने, अवसरों का विस्तार करने और तकनीकी संप्रभुता को सुदृढ़ करने के लिए एआई कौशल में निवेश करना आवश्यक है। एनआईईएलआईटी के साथ अपने सहयोग के माध्यम से, हम इस दृष्टिकोण को कार्यरूप में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। इस संवाद का एक प्रमुख परिणाम एनआईईएलआईटी-इंटेल इंडिया एजेंटिक एआई कौशल पहल का शुभारंभ था, जिसका उद्देश्य उद्योग-अनुरूप एजेंटिक एआई सीखने के अवसरों तक पहुंच का विस्तार करना और देश में भविष्य के लिए तैयार एआई प्रतिभा पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में योगदान देना है।
इस पहल के अंतर्गत दो कार्यक्रमों का शुभारंभ किया गया है
- सभी के लिए एजेंटिक एआई
यह कार्यक्रम शिक्षार्थियों को वर्कफ्लो ऑटोमेशन, एआई एजेंट और मल्टी-एजेंट सिस्टम से परिचित कराता है, जिसका मुख्य उद्देश्य उत्पादकता बढ़ाना, व्यावसायिक परिवर्तन को सक्षम बनाना और बुद्धिमत्तापूर्ण निर्णय लेने में सहायता करना है। यह कार्यक्रम नो-कोड प्लेटफॉर्म का उपयोग करके एआई-संचालित वर्कफ्लो और एजेंटिक सिस्टम को डिजाइन करने और नियंत्रित करने का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करता है। - एजेंटिक एआई सिस्टम का व्यवस्थापन
यह कार्यक्रम कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से संचालित एजेंटिक सिस्टमों के डिजाइन, निर्माण और तैनाती पर केंद्रित है। शिक्षार्थी नो-कोडध्लो-कोड प्लेटफॉर्म और कोड-आधारित फ्रेमवर्क का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे, जिसमें एजेंट आर्किटेक्चर, टूल इंटीग्रेशन, ऑर्केस्ट्रेशन, मेमोरी और डिप्लॉयमेंट जैसे क्षेत्र शामिल हैं, ताकि स्केलेबल और उत्पादन के लिए तैयार समाधान विकसित किए जा सकें। राष्ट्रीय नेतृत्व संवाद और एजेंटिक एआई कौशल पहल का शुभारंभ सरकार-शैक्षिक-उद्योग सहयोग को मजबूत करने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तीव्र विकास के प्रति उत्तरदायी शिक्षा और कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सहयोग के माध्यम से, एनआईईएलआईटी और इंटेल इंडिया का लक्ष्य उद्योग-अनुरूप, व्यावहारिक और भविष्य के लिए तैयार एजेंटिक एआई लर्निंग तक पहुंच का विस्तार करना है, विशेष रूप से देश भर के शिक्षार्थियों और संस्थानों के लिए, और भारत के एआई-आधारित विकास के अगले चरण में भाग लेने और उसे आगे बढ़ाने में सक्षम कुशल कार्यबल के निर्माण में योगदान देना है।
केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एनसीआर राज्यों के समन्वित प्रयासों की समीक्षा की
राज्यों ने वायु प्रदूषण रोकने के लिए संबंधित पक्षों की भागीदारी और व्यवहार में परिवर्तन पर ध्यान देते हुए विस्तृत और व्यावहारिक कार्य-योजनाएं तैयार कीं
एसपीसीबी को प्रदूषण हॉटस्पॉट पर ध्यान देना चाहिए और नियमों का पालन न करने वाले प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ श्जीरो-टॉलरेंसश् नीति अपनानी चाहिए: भूपेन्द्र यादव
नई दिल्ली, 03 सितम्बर, अभीतक: केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने आज राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के राज्यों द्वारा प्रस्तुत व्यापक योजनाओं की समीक्षा की। इन योजनाओं में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए हितधारकों की सहभागिता और व्यवहार परिवर्तन संबंधी संचार पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। मंत्री ने पिछले एक वर्ष के दौरान 25 से अधिक बैठकें आयोजित कर एनसीआर में नगर निकायों की व्यक्तिगत वायु गुणवत्ता प्रबंधन योजनाओं और लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए उनके द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा की है। इसके परिणामस्वरूप, राज्यों की व्यक्तिगत कार्ययोजनाओं को अंतिम रूप दिया गया है। इन योजनाओं में वायु प्रदूषण के चिन्हित स्रोतों से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, आज हितधारक सहभागिता योजना की भी समीक्षा की गई।
