



बादली विधानसभा के 32 सड़क मार्गों का होगा कायाकल्प: धनखड़
राष्ट्रीय सचिव औममप्रकाश धनखड़ की मांग पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सरकार का बड़ा फैसला, घोषणा के 15 दिन में जारी की स्वीकृति
अन्य विभागीय सड़क मार्गों का भी होगा सुधार – बोले धनखड़
बादली, 07 जुलाई, अभीतक: भाजपा के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ की मांग पर प्रदेश सरकार ने बादली विधानसभा क्षेत्र को बड़ी विकासात्मक सौगात दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार ने क्षेत्र की 32 सड़कों के सुधारीकरण, सुदृढ़ीकरण, पुनर्निर्माण एवं चैड़ीकरण के लिए 67 करोड़ 75 लाख रुपये की प्रशासनिक मंजूरी प्रदान कर दी है। जून माह में मुनीमपुर में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के महज 15 दिन के भीतर ही धनराशि स्वीकृत होने पर धनखड़ ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी तथा लोक निर्माण मंत्री रणबीर सिंह गंगवा का आभार व्यक्त किया। ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि भाजपा सरकार जो कहती है, वह करके दिखाती है।ष् उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से बादली विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क व्यवस्था मजबूत होगी और किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों तथा आम जनता को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी।
इन प्रमुख सड़कों को मिली मंजूरी
दक्षिणी बादली बाईपास के सुधार कार्य (3.75 किमी): 6.23 करोड़
बाढ़सा से रावता बॉर्डर रोड (1.55 किमी): 1.01 करोड़
राजकीय हाई स्कूल पेलपा संपर्क मार्ग का चैड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण (0.23 किमी) दृ 20.59 लाख
झज्जरदृबादली रोड से सेखूपुर रोड (1.20 किमी) दृ 69.38 लाख
झज्जरदृबादली रोड से खुंगाई रोड (2.15 किमी) दृ 1.43 करोड़
बादलीदृपेलपादृसोंधीदृयाकूबपुर रोड (8.45 किमी) दृ 3.46 करोड़
बादलीदृदुरीना मार्ग (लाडपुरदृमुनीमपुर होते हुए) (9.586 किमी) दृ 4.40 करोड़
पेलपादृसोंधी रोड से निमाणा रोड दृ स्वीकृति शामिल
झज्जरदृबादली रोड से बोरिया रोड (0.65 किमी) दृ ₹38.29 लाख
फैजाबाद संपर्क मार्ग (0.55 किमी) दृ 45.09 लाख
झज्जरदृबादली रोड से सुराह (जहांगीरपुर होकर) (2.81 किमी) दृ 1.47 कड़ौदा से सिवाड़ी (गुरुग्राम संपर्क मार्ग) (1.35 किमी) दृ 66.92 लाख
पटौदादृनूरगढ़ रोड (4.95 किमी) दृ 2.54 करोड़
पटौदादृकरोला रोड (2.65 किमी) दृ 2.14 करोड़
सिलानी आंतरिक सड़क (1.55 किमी) दृ 2.52 करोड़
झज्जर रेवाड़ी रोड से सिलाना रोड का पुनर्निर्माण (0.80 किमी) दृ 82.48 लाख
रईयादृकुंजिया रोड (2.50 किमी) दृ 1.95 करोड़
खुड्डनदृछपार रोड (2.20 किमी) दृ ₹52.30 लाख
बादलीदृपहसौर (फैजाबाद) रोड (2.50 किमी) दृ 1.58 करोड़
देवरखाना संपर्क मार्ग (0.60 किमी) दृ 46 लाख
काकरोला संपर्क मार्ग का चैड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण (0.21 किमी) दृ 34.66 लाख
आरजेआर रोड-सुबाना, गिजरोड-सलोधा, डावला-करोदा-गवालीसन खेड़ी होशदारपुर मार्ग (13.08 किमी) का चैड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण: 11.29 करोड़
इसके अलावा सूची में शामिल अन्य ग्रामीण संपर्क मार्गों के सुधार एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों को भी मंजूरी दी गई है। इन सभी कार्यों पर लगभग 67 करोड़ 75 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। धनखड़ ने कहा कि यह केवल सड़कों का सुधारीकरण नहीं, बल्कि बादली विधानसभा के विकास को नई गति प्रदान होगी । बेहतर सड़क नेटवर्क से गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, परिवहन सुगम बनेगा और क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जनता से किए गए हर वादे को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।


बादली क्षेत्र में 79 किलोमीटर सड़क नेटवर्क होगा सुदृढ़, ग्रामीण संपर्क मार्गों की बदलेगी तस्वीर: डीसी
बादली विधानसभा क्षेत्र में 56.23 करोड़ रुपए से 31 सड़क विकास कार्यों को मिली प्रशासनिक स्वीकृति
डीसी वर्षा खांगवाल ने दी सड़क परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी
बादली, 07 जुलाई, अभीतक: हरियाणा सरकार द्वारा झज्जर जिला के बादली विधानसभा क्षेत्र में सड़क तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए लोक निर्माण विभाग(भवन एवं सड़कें) के माध्यम से 31 सड़क विकास परियोजनाओं के लिए 56.23 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि सड़क तंत्र की मजबूती विकास का आधार बन रही है, ऐसे में सरकार की ओर से जनसुविधा को देखते हुए सड़कों के सुधारीकरण पर फोकस किया है। उन्होंने कहा कि इन सड़क परियोजनाओं के पूरा होने से बादली विधानसभा क्षेत्र में सड़क संपर्क मजबूत होगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। डीसी ने बताया कि सरकार द्वारा इन परियोजनाओं के तहत 78.676 किलोमीटर लंबाई की विभिन्न सड़कों का सुधार, चैड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण, पुनर्निर्माण, सतह उपचार, सीसी पेवमेंट तथा बिटुमिनस कार्य किए जाएंगे।
बादली क्षेत्र के लोगों को मिलेगी बेहतर एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि इन सड़क परियोजनाओं के पूर्ण होने से बादली विधानसभा क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोगों को बेहतर एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। साथ ही कृषि उत्पादों के परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच और अधिक आसान होगी। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत सड़क नेटवर्क विकसित कर क्षेत्र के समग्र विकास को गति देना है।
इन सड़क मार्गो को किया जाएगा मजूबत
डीसी वर्षा खांगवाल ने विभाग के माध्यम से मिली प्रशासनिक स्वीकृति के बारे में बताया कि दक्षिणी बादली बाईपास, बाढ़सा-रावता बॉर्डर मार्ग, बादली-पेलपा-सोंधी-याकूबपुर मार्ग,बादली-दुलीना मार्ग, पाटौदा-नूरगढ़ मार्ग, सिलानी आंतरिक सड़क, गांव रईया-कुंजिया मार्ग, ढाकला -बिठला मार्ग,गांव सुबाना-सरोला मार्ग, सिलानी जालिम से एसएच-22 मार्ग सहित अनेक महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों का सुधार एवं पुनर्निर्माण शामिल है। उन्होंने बताया कि इन कार्यों के पूरा होने से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी, यात्रा समय में कमी आएगी तथा ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।






एसआईआर प्रक्रिया की हो रही व्यापक मॉनिटरिंग
डीसी वर्षा खांगवाल हर पहलू पर बनाये है नजर
गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन कार्य का ईआरओ ले रहे जायजा
राजनीतिक दलों के बीएलए से बीएलओ का सहयोग करने की अपील
एएसडीडी वोटरों की पहचान में निभाएं सक्रिय भूमिका
झज्जऱ, 07 जुलाई, अभीतक: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चल रहे मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मंगलवार को निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन कार्य का निरीक्षण किया।
डीसी वर्षा खांगवाल ने चल रही एसआईआर प्रक्रिया की हर पहलू पर नजर रखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। डीसी के आदेशानुसार झज्जर, बेरी, बादली व बहादुरगढ़ के ईआरओ ने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से अभियान की प्रगति की जानकारी लेते हुए कार्य में तेजी और शत-प्रतिशत पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाने में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों तथा बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के बीएलए से अपील की कि वे एएसडीडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, डुप्लीकेट एवं मृत) मतदाताओं की पहचान करने में बीएलओ का सहयोग करें, ताकि मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाया जा सके। डीसी ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया जिले में जनभागीदारी के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है तथा यह अभियान 14 जुलाई 2026 तक जारी रहेगा। इसके बाद प्राप्त दावों एवं आपत्तियों के निस्तारण उपरांत अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 22 सितंबर 2026 को किया जाएगा। जिला के चारों विधानसभा क्षेत्रों के ईआरओ झज्जर में एसडीएम रवि मीणा, बेरी में एसडीएम रेणुका नांदल, बादली में एसडीएम विशाल कुमार व बहादुरगढ में एसडीएम अभिनव सिवाच ने निरीक्षण के दौरान कहा कि बीएलए और बीएलओ नियमित रूप से आपसी समन्वय बनाए रखें तथा आवश्यकता पड़ने पर पड़ोसियों और स्थानीय नागरिकों से जानकारी प्राप्त कर अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत अथवा डुप्लीकेट मतदाताओं का सत्यापन करें। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं से भी अपील की कि वे 14 जुलाई का इंतजार न करें और अपने गणना प्रपत्र शीघ्र भरकर संबंधित बीएलओ को उपलब्ध करवाएं, ताकि डिजिटाइजेशन कार्य समय पर पूरा किया जा सके। उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची में शामिल नहीं होंगे, उनकी बूथवार सूची पंचायत भवनों, शहरी स्थानीय निकाय कार्यालयों एवं संबंधित कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाएगी, जिससे पात्र नागरिक समय रहते अपने दावे एवं आपत्तियां दर्ज करा सकें। उन्होंने बताया कि यदि कोई मतदाता रोजगार, विवाह अथवा अन्य कारणों से किसी अन्य स्थान पर रह रहा है अथवा सर्वेक्षण के समय घर पर उपलब्ध नहीं है, तो परिवार का कोई वयस्क सदस्य उसकी ओर से हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र बीएलओ को सौंप सकता है। मतदाताओं की सुविधा के लिए लघु सचिवालय झज्जर में हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। साथ ही हेल्पलाइन नंबर 1950 प्रतिदिन सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक संचालित किया जा रहा है, जिस पर मतदाता आवश्यक जानकारी एवं सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

मतदाता सूची में नाम दर्ज कराना प्रत्येक पात्र नागरिक की जिम्मेदारी : डीसी
प्रत्येक वोटर गणना प्रपत्र भरकर बीएलओ को जमा कराएं-डीसी
एसआईआर को लेकर स्वीप गतिविधियों के तहत नागरिक अस्पताल झज्जर में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
झज्जर, 07 जुलाई। जिला भर में एसआईआर अभियान के अंतर्गत उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में स्वीप गतिविधियों का निरंतर आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में नागरिक अस्पताल, झज्जर में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आमजन को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के प्रति जागरूक किया गया। डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने कहा कि मतदाता सूची में प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम दर्ज होना लोकतंत्र की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान को सफल बनाने के लिए सभी नागरिक सक्रिय सहयोग करें तथा बीएलओ द्वारा उपलब्ध कराए गए गणना प्रपत्रों को सही प्रकार से भरकर तत्काल जमा करवाएं, ताकि उनका डिजिटाइजेशन किया जा सके।
मतदाता सूची में दर्ज विवरण का सत्यापन करना जरूरी
निर्वाचन उप तहसीलदार कुलदीप ने बताया कि प्रत्येक पात्र नागरिक अपने मतदाता सूची में दर्ज विवरण का सत्यापन अवश्य करे तथा आवश्यकता होने पर नाम जोड़ने, संशोधन अथवा अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं समय पर पूरी कराए। साथ ही युवाओं एवं आमजन को भी इस अभियान के प्रति जागरूक किया जाए।
प्रत्येक मतदाता अवश्य भरकर बीएलओ को दे गणना प्रपत्र
सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादयान ने बताया कि नागरिक अस्पताल झज्जर में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान अस्पताल के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उपचार के लिए आए नागरिकों को एसआईआर अभियान के उद्देश्य, महत्व तथा मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन कराने एवं अन्य निर्वाचन संबंधी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष या उससे अधिक आयु पूर्ण कर चुके सभी पात्र नागरिक अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य दर्ज करवाएं तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी इस अभियान के प्रति जागरूक करें। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मतदाता जागरूकता का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
यह विभागीय अधिकारी रहे मौजूद
इस मौके पर उप सिविल सर्जन डॉ शैलेंद्र डोगरा, उप सिविल सर्जन डॉ ममता त्यागी, उप सिविल सर्जन डॉ सुनीता तंवर, उप सिविल सर्जन डॉक्टर सुनील नरवाल, जिला अकाउंट मैनेजर पंकज वर्मा, सीएचओ डॉ कृष्ण कुमार,संदीप जांगड़ा सहित अन्य स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे।

अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के मामलों में पीड़ितों को समयबद्ध मिले राहत राशि : डीसी
सभी विभाग आपसी समन्वय से करें कार्य, पीड़ितों को समय पर मिले न्याय व सहायता राशि
प्रभावी जागरूकता से अत्याचार की घटनाओं पर लगेगी रोक- डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक में अधिकारियों को दिए जरूरी दिशा-निर्देश
झज्जर, 7 जुलाई। डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत दर्ज प्रत्येक पात्र मामले में पीड़ितों को नियमानुसार निर्धारित समयावधि में राहत राशि उपलब्ध कराना सभी संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब न हो तथा सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ संवेदनशीलता और गंभीरता से कार्य करें। डीसी वर्षा खांगवाल मंगलवार को लघु सचिवालय सभागार में आयोजित जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। बैठक में अधिनियम के अंतर्गत दर्ज मामलों, राहत राशि वितरण तथा लंबित प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई।
सभी मामलों का नियमों के अनुसार समयबद्ध ढंग से हो निपटारा
डीसी ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लोगों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज होते ही उसकी सूचना तुरंत जिला कल्याण विभाग को उपलब्ध कराई जाए, ताकि राहत राशि जारी करने की प्रक्रिया बिना किसी देरी के शुरू की जा सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी पात्र पीड़ित की सहायता राशि लंबित नहीं रहनी चाहिए और सभी मामलों का निस्तारण निर्धारित नियमों के अनुसार समयबद्ध ढंग से किया जाए।
अधिनियम को लेकर आयोजित हों जागरूकता गतिविधियां
डीसी ने कहा कि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने तथा समाज में समानता और सौहार्द का वातावरण मजबूत करने के उद्देश्य से जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं। विद्यालयों में छुआछूत एवं अस्पृश्यता जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध वाद-विवाद प्रतियोगिताएं, संगोष्ठियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं
सामाजिक भेदभाव का विरोध करना जरूरी
डीसी ने आमजन से अपील की है कि वे अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी प्राप्त करें, सामाजिक भेदभाव का विरोध करें तथा किसी भी प्रकार की अत्याचार की घटना सामने आने पर तत्काल संबंधित पुलिस थाने अथवा जिला प्रशासन को सूचित करें, ताकि पीड़ित को समयबद्ध न्याय एवं राहत सुनिश्चित की जा सके।
13 केसों के लिए 17 लाख 50 हजार रुपये की स्वीकृति जारी
जिला कल्याण अधिकारी श्वेता शर्मा ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2026-27 के दौरान अधिनियम के तहत पात्र 13 केसों के लिए 17 लाख 50 हजार रुपये की स्वीकृति जारी की गई है। उन्होंने बताया कि जिला कल्याण विभाग द्वारा अधिनियम के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। बैठक में समिति के सदस्यों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए तथा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
पीड़ितों को अपराध की प्रवृत्ति अनुरूप 85 हजार से 8 लाख 25 हजार तक राहत राशि का प्रावधान
जिला कल्याण अधिकारी ने बैठक में बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में पीड़ितों को अपराध की प्रकृति के अनुसार 85 हजार रुपये से लेकर 8 लाख 25 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान है। यह सहायता विभिन्न चरणों जैसे एफआईआर दर्ज होने, मेडिकल जांच, न्यायालय में चालान प्रस्तुत होने तथा दोष सिद्ध होने के उपरांत निर्धारित नियमों के अनुसार जारी की जाती है। उन्होंने बताया कि मारपीट, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग, गाली-गलौज तथा जान से मारने की धमकी जैसे मामलों में एक लाख से दो लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। महिला की लज्जा भंग करने के मामलों में दो लाख रुपये, बलात्कार के मामलों में पांच लाख रुपये, सामूहिक बलात्कार तथा हत्या जैसे गंभीर मामलों में आठ लाख 25 हजार रुपये तक की राहत राशि प्रदान करने का प्रावधान है।
यह अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति रहे मौजूद
इस अवसर पर एसीपी अनिरुद्ध चौहान, प्रोफेसर डॉ सुरेंद्र पुनिया, सहायक प्रोफेसर डॉ श्रीओम ,डॉ अश्वनी कुमार,नवीन देसवाल,रमेश कुमार, अनिल कुमार, सोमवीर रुहिल,कृष्ण कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।


परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखने हेतु परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर दायरे में धारा-163 लागू
9 से 18 जुलाई तक चलने वाली बोर्ड परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केंद्रों के आसपास बंद रहेंगी फोटोस्टेट दुकानें
आदेशों की उल्लंघना करने वालों के विरुद्ध होगी कानूनी कार्रवाई
जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने जारी किए आदेश
झज्जऱ, 07 जुलाई, अभीतक: जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा-163 के तहत आदेश जारी करते हुए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी द्वारा आयोजित वरिष्ठ माध्यमिक (शैक्षिक) कम्पार्टमेंटध्अतिरिक्त विषय तथा माध्यमिक (शैक्षिक) कम्पार्टमेंटध्अतिरिक्त विषय परीक्षा- जुलाई 2026 के दृष्टिगत जिला के सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास आवश्यक प्रतिबंध लागू किए हैं। यह आदेश 9 जुलाई से 18 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेगा। जिलाधीश की ओर से जारी आदेश अनुसार वरिष्ठ माध्यमिक (शैक्षिक) कम्पार्टमेंट, अतिरिक्त विषय की परीक्षा 9 जुलाई तथा माध्यमिक (शैक्षिक) कम्पार्टमेंट, अतिरिक्त विषय की परीक्षाएं 10 जुलाई से 18 जुलाई 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2ः00 बजे से शाम 5ः00 बजे तक आयोजित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष परीक्षा संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक परीक्षा केंद्र के 200 मीटर के दायरे में अनावश्यक भीड़ एकत्र करने एवं गैर-जरूरी आवागमन पर प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही इस क्षेत्र में परीक्षा अवधि के दौरान फोटोस्टेट, जेरॉक्स, फैक्स मशीनों के संचालन तथा किसी भी प्रकार की डुप्लीकेट अथवा ट्रांसमिटिंग गतिविधियों पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने स्पष्ट किया कि यह आदेश ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों तथा अन्य सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। डीसी ने जिला के नागरिकों से अपील की कि वे परीक्षा अवधि के दौरान जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का पूर्ण पालन करें तथा शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष परीक्षा संचालन में प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि आदेशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा-223 के तहत नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सीआईए झज्जर की बड़ी कार्रवाई दो अलग-अलग मामलों में अवैध हथियार सहित तीन आरोपी गिरफ्तार, एक सप्लायर भी दबोचा
झज्जऱ, 07 जुलाई, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में जिले में अपराध एवं अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सीआईए झज्जर ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी अवैध हथियार सप्लाई करने वाला भी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो पिस्तौल तथा दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।सीआईए झज्जर प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर ने बताया कि सीआईए झज्जर की पहली टीम ने आरोपी प्रदीप उर्फ सोनू निवासी झाडली को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक अवैध देसी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। जांच में सामने आया कि यह हथियार उसने अंकित निवासी मिशरी जिला चरखी दादरी से खरीदा था। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सप्लायर अंकित को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत पर भेजा गया है।वहीं दूसरी कार्रवाई में थाना शहर झज्जर के एरिया से आरोपी प्रवीन निवासी झाड़ली, जिला झज्जर को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से एक पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुई। आरोपी हथियार का कोई वैध लाइसेंस या परमिट प्रस्तुत नहीं कर सका। आरोपी प्रवीन को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है ताकि हथियार सप्लाई नेटवर्क और अन्य आरोपियों के संबंध में गहन पूछताछ की जा सके।निरीक्षक कर्मवीर ने बताया कि सीआईए झज्जर द्वारा अवैध हथियारों की सप्लाई चेन को ध्वस्त करने के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। मामले की गहनता से जांच जारी है और हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



झज्जर पुलिस की टीम ने विजय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बहादुरगढ़ में नशा मुक्ति एवं सड़क सुरक्षा को लेकर किया जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
बहादुरगढ़, 07 जुलाई, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व एवं दिशा-निर्देशन में झज्जर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान के तहत उप निरीक्षक सत्य प्रकाश एवं उनकी टीम ने विजय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बहादुरगढ़ में नशा मुक्ति एवं सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा समाज को नशा मुक्त बनाने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।इस अवसर पर विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी देते हुए हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने तथा शराब या अन्य नशीले पदार्थों के सेवन के बाद वाहन न चलाने के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं नियमों का पालन करें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी सड़क सुरक्षा एवं नशा मुक्ति के प्रति जागरूक करें।

1.1 किलो चरस बरामदगी मामले में सप्लायर दबोचा, तीनों आरोपी न्यायिक हिरासत में’
हिमाचल से झज्जर तक फैले चरस तस्करी नेटवर्क पर झज्जर पुलिस का शिकंजा’
बादली, 07 जुलाई, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में जिले में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स सेल झज्जर ने 1 किलो 100 ग्राम चरस बरामदगी मामले में आगे कार्रवाई करते हुए नशीले पदार्थ का सप्लायर भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ के आधार पर सप्लायर की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया।एंटी नारकोटिक्स सेल प्रभारी उप निरीक्षक विक्रम सिंह ने बताया कि इससे पहले पुलिस ने थाना बादली क्षेत्र से 1 किलो 100 ग्राम चरस सहित दो आरोपियों सीनू एवं हरेंद्र निवासी गांव गुभाना, जिला झज्जर को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि बरामद चरस हिमाचल प्रदेश से खरीदी गई थी।पुलिस रिमांड के दौरान मिली महत्वपूर्ण जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने मामले में तीसरे आरोपी हेमंत पुत्र शोभाराम बरशैणी, जिला कुल्लू (हिमाचल प्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी नशीले पदार्थ चरस की सप्लाई करता है।तीनों आरोपियों से पूछताछ पूरी होने तथा पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद उन्हें माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत के आदेशानुसार तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।




झज्जर विधानसभा क्षेत्र में 29 सड़कों का होगा नवीनीकरण
करीब 45 करोड़ की अनुमानित लागत से 44.60 किलोमीटर की शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क तंत्र को मिलेगी मजबूती
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा-सड़क चैड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण, पुनर्निर्माण व शिफ्टिंग के कार्य होंगे शामिल
प्रशासनिक स्वीकृति बारे डीसी वर्षा खांगवाल ने दी जानकारी
झज्जऱ, 07 जुलाई, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की प्रगति में मजबूत सडक तंत्र का होना बेहद जरूरी है। मिलेनियम सिटी गुरुग्राम से सटे झज्जर जिला में सरकार निरन्तर विकास कार्यों को बढ़ावा दे रही है। वर्तमान में हरियाणा सरकार द्वारा झज्जर विधानसभा क्षेत्र की 29 सड़क परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है, इन सड़कों के सुदृढ़ीकरण से आवागमन सुलभ होगा। डीसी ने बताया कि झज्जर विधानसभा क्षेत्र में सड़क अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए लोक निर्माण विभाग(भवन एवं सड़कें) द्वारा 29 विभिन्न सड़क विकास कार्यों के लिए लगभग 45 करोड़ रुपये की प्रस्तावित व्यवस्था की गई है। इन परियोजनाओं के तहत लगभग 45 किलोमीटर लंबाई की सड़कों का चैड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण, पुनर्निर्माण, आईपी ब्लॉक, बीसी, सड़क शिफ्टिंग तथा अन्य आवश्यक कार्य कराए जाएंगे।
इन गांवों की सड़कों का होगा सुधारीकरण
डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि प्रशासनिक स्वीकृति में इन सड़क सुधार कार्यों में बहु-खोरडा-मकडानी रोड, झांसवा-जमालपुर-जाखड़ अस्पताल रोड, गांव भूरावास में सड़क शिफ्टिंग, गांव अकेहड़ी- मदनपुर से बाबा भैया समाध, गांव बिठला-भूरावास, गांव बंबूलिया से जेएलएन फीडर रोड, झज्जर-छुछकवास से फोर्टपुरा-तमसपुर रोड, गांव मारौत-सूरजगढ़ रोड, झज्जर शहर के सीताराम गेट से श्मशान घाट रोड, जोंधी व गिरावर संपर्क मार्ग, बहु-नया गांव, खानपुर कलां-खानपुर खुर्द, रामपुरा-सुर्खपुर, एनएच-71 से स्टेडियम मार्ग, खातीवास-गवालिसन, हमायूपुर-झांसवा, धनिया संपर्क मार्ग, डाइवर्जन रोड, निलाहेड़ी-चांदोल, सुंदरेहटी-लड़ायन- निलाहेड़ी,गांव रनखंडा मार्ग, साहलावास-बिठला-जटवाड़ा से सुबाना-कोसली रोड, झज्जर के बेरी गेट से आरजेआर (एमएलए) रोड, खेड़ी खुम्मार-तलाव रोड,गांव तलाव-छुछकवास से इस्लामगढ़ की ढाणी, झाड़ली-मोहनबाड़ी रोड तथा बहादुरगढ़-झज्जर रोड से खेड़ी आसरा तक सड़क सुधार कार्य शामिल हैं।
गांवों की बेहतर कनेक्टिविटी से आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी गति
डीसी ने बताया कि इन परियोजनाओं में कई प्रमुख मार्गों का चैड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, कई सड़कों पर 30 व 40 एमएम बीसी, आईपी ब्लॉक, री-कंस्ट्रक्शन, राइजिंग तथा आवश्यक स्थानों पर सड़क शिफ्टिंग का कार्य भी प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से झज्जर शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाले मार्गों के उन्नयन से आम नागरिकों, किसानों, विद्यार्थियों तथा व्यापारिक गतिविधियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। इन सड़क परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित और सुगम होगी। साथ ही गांवों की बेहतर कनेक्टिविटी से आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी तथा लोगों को आवागमन में समय और लागत दोनों की बचत होगी।

खुले बोरवेल और गहरे गड्ढों को तुरंत बंद करें विभाग : जिलाधीश
जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने बीएनएसएस की धारा-163 के तहत जारी किए आदेश
झज्जऱ, 07 जुलाई, अभीतक: जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने जिला में आमजन, विशेषकर छोटे बच्चों एवं बुजुर्गों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए खुले बोरवेल, गहरे गड्ढों एवं खड्डों को तत्काल प्रभाव से बंद कराने के आदेश जारी किए हैं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा-163 के तहत जारी इन आदेशों का उद्देश्य संभावित दुर्घटनाओं को रोकना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने कहा कि जिला में कहीं भी खुले बोरवेल अथवा भूमि में गहरे गड्ढे पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति, संस्था, विभाग, पंचायत अथवा भूमि स्वामी उन्हें तुरंत बंद कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी पुलिस विभाग, नगर परिषद, जिला परिषद, लोक निर्माण विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, सिंचाई विभाग, जिला विकास एवं पंचायत विभाग, तहसीलदार, उप तहसीलदार, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों तथा ग्राम पंचायतों को सौंपी गई है। सभी थाना प्रबंधकों को भी स्थानीय निकायों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेशों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा-223 के तहत नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिला के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं भी खुला बोरवेल, गहरा गड्ढा या खड्ड दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग अथवा प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी यह आदेश 5 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे।




विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान
बीएलओ गणना प्रपत्र भरकर न देने व भरने से इंकार करने वाले मतदाताओं की देंगे जानकारी: डीसी
जिला निर्वाचन अधिकारी अभिषेक मीणा ने सभी बीएलओ को बैठक करने के दिए निर्देश
रेवाड़ी, 07 जुलाई, अभीतक: डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रेवाड़ी अभिषेक मीणा ने जिला के तीनों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों नामत: 72-बावल (अजा), 73-कोसली तथा 74-रेवाड़ी के सभी 792 मतदान केन्द्रों पर नियुक्त सभी बीएलओ को निर्देश दिए है कि वे अपने-अपने मतदान केंद्र पर बीएलओ व बीएलए-2 व मतदान केन्द्र के मौजिज मतदाताओं के साथ इस सप्ताह में बैठक का आयोजन करें। जिसमें एसआईआर के दौरान अब तक हुए कार्य की प्रगति रिपोर्ट बताएंगे तथा अनुपस्थित, स्थानान्तरित, मृतक, डबल वोट (ए.एस.डी.डी.) वाले मतदाताओं की सूची भी पढकर सुनाएंगे तथा उस पर चर्चा करेंगे और कही कोई मतदाता गलती से ए.एस.डी.डी. की सूची में मार्क तो नहीं हुए है। यदि ऐसा है तो उसकी जानकारी दे ताकि उसे समय रहते ठीक किया जा सके। इसके अतिरिक्त जिन मतदाताओं द्वारा अपना गणना प्रपत्र भरकर नहीं दिया है या भरने से इन्कार कर दिया है उनके बारे में भी जानकारी देंगे तथा बीएलए-2 व मौजिज व्यक्ति ऐसे मतदाताओं को अपने गणना प्रपत्र भरकर व उस पर एक वर्तमान में खिचवाया हुआ रंगीन पासपोर्ट साईज फोटो लगाकर तुरन्त अपने बीएलओ के पास जमा करवाये। क्योंकि ऐसा नहीं करने पर उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिये जायेगे और ऐसे मतदाताओं को बाद में परेशानी का सामना करना पडेगा। डीसी ने बताया कि इस सम्बन्ध में जिला के सभी निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों द्वारा अपने अपने निर्वाचन क्षेत्र में नियुक्त बीएलए-1 की बैठक की जा चुकी है, जिसमें उन्हें अपने अपने दल के बीएलए-2 को निर्देश देने के लिए कहा गया है कि उनके क्षेत्र के बीएलओ का बैठक के आयोजन बारे अवगत करवाए तदानुसार बैठक में उपस्थित होकर एस.आर.आर. की प्रगति रिपोर्ट देखे व ए.एस.डी.डी. की लिस्ट भी देखे। जिला निर्वाचन अधिकारी ने जिला में स्थित सभी राजनीतिक दलों से भी अनुरोध किया कि वे अपने अपने दल के नियुक्त बीएलए-1 के माध्यम से बीएलए-2 को निर्देश देवे कि इस सप्ताह बीएलओ के साथ होने वाली बैठक में उपस्थित होकर एस.आई.आर. की प्रगति रिपोर्ट देखे व ए.एस.डी.डी. की लिस्ट भी देखे। उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं ने अभी तक गणना प्रपत्र जमा नहीं करवाया है उन्हें एसआईआर की महत्तवता के बारे समझाते हुए अनुरोध करे कि वे अपने गणना प्रपत्र तुरन्त बीएलओ के पास जमा करवाये।

सभी मतदाता अपना एसआईआर फार्म बीएलओ को अवश्य जमा करवाएं: डीसी
फार्म भर कर बीएलओ को वापिस जमा करवाने की अंतिम तिथि 14 जुलाई
रेवाड़ी, 07 जुलाई, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 का कार्य किया जा रहा है तथा आयोग की हिदायत अनुसार जिला में बीएलओ द्वारा प्रत्येक मतदाता को गणना प्रपत्र प्रदान किए जा चुके हैं, जिसमें मतदाता अपना विवरण भर कर बीएलओ को वापिस जमा करवाएंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि जिला रेवाड़ी में कुल 739338 मतदाताओं में से कुल 560811 (75.85 प्रतिशत) मतदाताओं के फार्म डिजिटाइज्डध्अपलोड किए जा चुके है। तथा 45115 (6.1 प्रतिशत) मतदाताओं के फार्म एनक्लैक्टेबल मार्क किए गए है। उन्होंने बताया कि 72-बावल (अजा) के कुल 230037 मतदाताओं में से 171906 (74.73 प्रतिशत) मतदाताओं के फार्म डिजिटलाइज्ड, 73-कोसली के कुल 248951 मतदाताओं में से 215891 (86.72 प्रतिशत) तथा 74-रेवाड़ी के कुल 260350 मतदाताओं में से 173014 (66.45 प्रतिशत) मतदाताओं के गणना प्रपत्र डिजिटलाइज्ड किए जा चुके है। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि 21 जुलाई को प्रकाशित होने वाली प्रारंभिक मतदाता सूची-2026 में केवल उन्हीं मतदाताओं के नाम शामिल किए जाएंगे जो हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र वापिस बीएलओ को प्राप्त होंगे। यदि किसी मतदाता का गणना प्रपत्र वापिस बीएलओ को प्राप्त नहीं होता है तो उसका नाम प्रारंभिक मतदाता सूची-2026 में शामिल नहीं होगा। उन्होंने बताया कि गणना प्रपत्र भर कर बीएलओ को वापिस जमा करने का लगभग एक सप्ताह (14 जुलाई 2026) तक का समय रह गया है। डीसी ने जिला रेवाड़ी के सभी मतदाताओं से अपील है कि वे जिन मतदाताओं द्वारा अभी तक अपने गणना प्रपत्र जमा नहीं करवाया है वे तुरन्त अपने गणना प्रपत्र भरकर अपने बीएलओ के पास जमा करवाएं क्योंकि गणना प्रपत्र जमा करवाने की अन्तिम तिथि 14 जुलाई 2026 है जिसमें केवल 7 दिन ही शेष है। मतदाता अपना गणना प्रपत्र आयोग के पोर्टल अवजमते.मबप.हवअ.पद पर ऑनलाइन भी भर सकते हैं। डीसी अभिषेक मीणा ने जिला के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से भी अपील है कि अपने-अपने राजनीतिक दलों के बीएलए-11 के माध्यम से सभी मतदाताओं को जागरूक करें तथा आयोग की हिदायत अनुसार मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त करके बीएलओ को जमा करवाएं।





विशेष गहन पुनरीक्षण के कार्य में न आए कोई परेशानी, बीएलओ को दें पूरा सहयोग: एसडीएम संजीव कुमार
रेवाड़ी, 07 जुलाई, अभीतक: इसी के तहत बावल-72 (अ0जा0) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक पंजीयन अधिकारी एवं उप मण्डल अधिकारी बावल संजीव कुमार की अध्यक्षता में बूथ लेवल एजेंट के साथ बैठक की। एसडीएम बावल संजीव कुमार ने बावल विधानसभा क्षेत्र के मतदान केन्द्र वार नियुक्त बीएलए-2 को कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के कार्य में बीएलओ को किसी प्रकार की समस्या न हो। उन्होंने कहा कि अभी तक जिन-जिन मतदाताओं ने अपने गणन प्रपत्र भरकर बूथ लेवल अधिकारी को जमा नहीं करवाए है, वे सभी जल्द से जल्द जमा करवाए और विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों का अधिक से अधिक सहयोग करने और अपने कार्यकर्ता को अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के लिए कहा। बैठक में सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी-1 एवं तहसीलदार बावल कुमारी महिमा, निर्वाचक पंजीयन अधिकारी-2 एवं नायब तहसीलदार बावल श्याम सुन्दर, निर्वाचन कानूनगो संजय कुमार तथा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए उपस्थित रहे।

एनआई एक्ट संबंधी केसों के लिए 18 जुलाई को आयोजित होगी विशेष लोक अदालत
रेवाड़ी, 07 जुलाई, अभीतक: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा 18 जुलाई (शनिवार) को जिला में रेवाड़ी, बावल, कोसली न्यायिक परिसर में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (सेक्शन 138 एनआई एक्ट) केसों से संबंधित विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य न्यायालयों में लंबित चेक बाउंस (एन.आई. एक्ट) से जुड़े मामलों का आपसी सहमति और समझौते के आधार पर अंतिम समाधान करना है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डॉ. रेनू सोलखे ने बताया कि इस स्पेशल लोक अदालत का उद्देश्य लंबित चेक बाउंस (एन.आई. एक्ट) से जुड़े मामलों का आपसी सहमति और समझौते के आधार पर अंतिम समाधान करना है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से पक्षकार बिना लंबी कानूनी प्रक्रिया के अपने विवाद का शांतिपूर्ण समाधान कर सकते हैं। इससे समय और धन दोनों की बचत होती है तथा अदालतों पर मामलों का बोझ भी कम होता है।



सीईटी ग्रुप-डी आवेदन में अभ्यर्थी कर सकेंगे करेक्शन
एचएसएससी ने दी राहत, 9 से 11 जुलाई तक खुलेगा करेक्शन पोर्टल’
चंडीगढ, 07 जुलाई, अभीतक: हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट ग्रुप-डी के ऑनलाइन आवेदनों में करेक्शन (सुधार) का मौका दिया जाएगा। जिसके लिए करेक्शन पोर्टल दोबारा से खोला जाएगा। इस दौरान 2 दिन की अवधि में अभ्यार्थी अपने आवेदनों की जांच करके सुधार कर सकता हैं। इससे पहले अभ्यार्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। इच्छुक अभ्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन के लिए 5 जुलाई रात 11 बजकर 59 मिनट तक का समय दिया गया। एचएसएससी चेयरमैन हिम्मत सिंह ने कहा कि सीईटी ग्रुप-डी के अभ्यर्थियों के लिए 9 जुलाई से 11 जुलाई (रात्रि 11ः59 बजे तक) करेक्शन पोर्टल खोला जाएगा। इस अवधि के दौरान अभ्यर्थी अपने आवेदन पत्र की पुनः सावधानीपूर्वक जांच कर लें। यदि किसी प्रकार की गलती हो, तो उसे समय रहते सुधार लें। उन्होंने कहा कि यदि करेक्शन पोर्टल से संबंधित कोई सुझाव हो, तो गूगल फार्म के माध्यम से भेज सकते हैं।
फॉर्म की जांच कर फाइनल सबमिट करें
हालांकि आयोग द्वारा पहले ही अभ्यार्थियों से कहा गया था कि वे अपने फार्म को स्वयं भरें, फॉर्म भरने के बाद अच्छे से जांच करके ही फाइनल सबमिट करें, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटी ना रहे। लेकिन जिन अभ्यार्थियों से किसी कारण से फार्म में गलती हो गई है, उनके लिए करेक्शन पोर्टल खोला जाएगा।
19 जून से शुरू हुए थे आवेदन
सीईटी ग्रुप-डी भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 19 जून से शुरू हुई थी। जिसमें अभ्यार्थियों को पहले 3 जुलाई तक आवेदन करने का समय दिया और बाद में 2 दिन अतिरिक्त मौका देते हुए 5 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन करने का विकल्प दिया गया।
अंग्रेजी अभ्यर्थियों के पोस्टिंग ऑर्डर : 15 दिन में जॉइन करना होगा, 2 साल रहेगी प्रोबेशन, हाईकोर्ट में लंबित है अभी केस
चंडीगढ, 07 जुलाई, अभीतक: हरियाणा सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (भ्च्ैब्) की सिफारिश पर पीजीटी अंग्रेजी के चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं। यह नियुक्तियां विज्ञापन संख्या 22ध्2024 के तहत रेस्ट ऑफ हरियाणा कैडर के लिए की गई हैं। शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में सभी चयनित अभ्यर्थियों को आवंटित स्कूल में 15 दिन के भीतर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। समय सीमा के भीतर जॉइनिंग नहीं करने पर नियुक्ति प्रस्ताव स्वतरू निरस्त माना जाएगा। जॉइनिंग रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर के साथ विभाग की ई-मेल पर भेजनी होगी। नियुक्ति आदेश के अनुसार यह नियुक्ति पूरी तरह अस्थायी होगी और स्थायी पद उपलब्ध होने पर वरिष्ठता एवं सेवा रिकॉर्ड के आधार पर पुष्टि की जाएगी। नियुक्त अभ्यर्थियों को 2 वर्ष की प्रोबेशन पर रखा जाएगा, जिसे आवश्यकता पड़ने पर एक वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है।
दस्तावेजों की जांच में फर्जीवाड़ा मिला तो नौकरी जाएगी
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नियुक्ति से पहले अभ्यर्थियों को शैक्षणिक योग्यता, मेडिकल फिटनेस, चरित्र एवं पूर्ववृत्त सहित सभी मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। जिला शिक्षा अधिकारियों को तीन माह के भीतर सभी शैक्षणिक प्रमाणपत्र संबंधित बोर्ड एवं विश्वविद्यालय से सत्यापित कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी भी स्तर पर फर्जी प्रमाणपत्र, गलत जानकारी या अमान्य योग्यता सामने आती है तो बिना नोटिस नियुक्ति रद्द कर दी जाएगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी होगी।
आरक्षित वर्ग के प्रमाणपत्रों का भी होगा सत्यापन
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग तथा पूर्व सैनिक श्रेणी के अभ्यर्थियों की नियुक्ति भी प्रमाणपत्रों के सत्यापन के अधीन रहेगी। जांच में प्रमाणपत्र गलत पाए जाने पर सेवा तत्काल समाप्त कर दी जाएगी।’
हाईकोर्ट के फैसले पर निर्भर रहेंगी नियुक्तियां
शिक्षा विभाग ने आदेश में स्पष्ट किया है कि यह नियुक्तियां पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित विभिन्न सिविल रिट याचिकाओं के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी। यदि न्यायालय के निर्णय का प्रभाव चयन प्रक्रिया पर पड़ता है तो उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।’



एचटेट पेपर में हुई भयंकर धांधली, पूरे मामले की हो जांच, दोषियों पर हो कार्रवाई- हुड्डा’
चंडीगढ, 07 जुलाई, अभीतक: पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि एचटेट पेपर में भयंकर स्तर की धांधली हुई है। इसमें गलत ओएमआर शीट बांटने, गलत प्रश्नपत्र दिए जाने से लेकर बिना सील का पेपर बांटने तक की शिकायत के सामने आई हैं। ऐसा लगता है कि बीजेपी सरकार पेपर नहीं करवा रही, बल्कि अभ्यर्थियों के साथ भद्दा मजाक कर रही है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने उदाहरण दिया कि अंग्रेजी विषय के प्रश्नपत्र में पैराग्राफ पार्ट-4 का हवाला देकर करीब 10 सवाल पूछ लिए गए। लेकिन हैरत की बात यह है कि पूरे पेपर में वो पैराग्राफ था ही नहीं। तो अभ्यर्थी किसके आधार पर जवाब दें? कैथल में प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट में सीरियल नंबर ही अलग-अलग पाए गए। रेवाड़ी में जो प्रश्नपत्र थे, वो सीलबंद ही नहीं थे। कई प्रश्नों इस हद तक गलतियां थी कि उनको देखकर किसी भी अभ्यर्थी का माथा घूम जाए। पूरे पेपर को ऐसे नौसिखिया तरीके से बनाया गया था कि उसमें ट्रांसलेशन से लेकर सेंटेंस फॉरमेशन तक, सबकुछ गलत था। व्यवस्थाओं का आलम ये था कि रेवाड़ी के सेंटर्स में 24 अभ्यर्थी आए, लेकिन वहां पर प्रश्नपत्र सिर्फ 20 ही पहुंचे। कैथल में बाकायदा अभ्यर्थियों ने बताया है कि उनके प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट के सीरियल नंबर ही अलग-अलग दे दिए गए और ये सील बंद भी नहीं थे। रेवाड़ी में तो एक केंद्र में अव्यवस्थाओं से नाराज होकर अभ्यर्थियों ने परीक्षा का ही बहिष्कार करना पड़ा। क्योंकि परीक्षार्थियों को अंग्रेजी सब्जेक्ट की जगह अर्थशास्त्र का प्रश्नपत्र पकड़ा दिया गया। कई जगहों पर अभ्यर्थियों को आधे घंटे से भी ज्यादा देरी से पेपर मिले। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यहां पेपर सेट करने से लेकर, पेपर वितरण, सेंटर मैनेजमेंट और छात्रों की शिकायतों की अनदेखी करने समेत हर स्तर पर धांधली हुई है। यानी ये सरकार हर स्तर पर फेल साबित हुई है। आज हालात यह हो गए हैं कि सरकार बोर्ड के एग्जाम से लेकर भर्ती तक, कोई भी पेपर बिना धांधली और बिना गड़बड़ी के कारवा ही नहीं पा रही। क्योंकि सरकार का सारा ध्यान पेपर लीक और भ्रष्टाचार पर रहता है। नीट से लेकर एचएसएससी और एचपीएससी तक हर पेपर लीक हो रहा है। परीक्षाओं की गड़बड़ियों में ही अभ्यर्थियों को इस तरह उलझ के रख दिया जाता है कि भर्ती तक ये लोग पूरी तरह हताश और निराश हो जाएं। और सरकार को भर्तियां निकालनी ही ना पड़ें। यही वजह है कि आज हरियाणा पूरे देश में बेरोजगारी में नंबर वन है। हालत ये है की फोर्थ क्लास सफाई कर्मी की पोस्ट के लिए भी आज हरियाणा के एम.फिल. होल्डर युवा आवेदन कर रहे हैं। हाल ही में हिसार स्थित लाला लाजपत राय यूनिवर्सिटी से ये खबर आई, जहां पर एक चपरासी की पोस्ट के लिए 343 कैंडीडेट्स लाइन में लगे, जिनमें पोस्ट ग्रेजुएट और एम.फिल. तक किए हुए अभ्यर्थी शामिल थे। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने एचटेट में हुई तमाम गड़बड़ियां की निष्पक्ष जांच करवाने, अभ्यर्थियों द्वारा की जा रही है तमाम शिकायतों का संज्ञान लेने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई है।
महेंद्रगढ़ जिला को मिली 13 स्वास्थ्य संस्थानों की सौगात
गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं देने की है राज्य सरकार की प्रतिबद्धता : आरती सिंह राव
चंडीगढ, 07 जुलाई, अभीतक: हरियाणा सरकार ने प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार की ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने महेंद्रगढ़ जिले के लिए कुल 13 स्वास्थ्य संस्थानों को मंजूरी दी है। इसके तहत जिले में 12 नए उप-स्वास्थ्य केंद्र (ैनइ-भ्मंसजी ब्मदजमते) खोले जाएंगे, जबकि एक मौजूदा उप-स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (च्भ्ब्) बनाया जाएगा। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए कहा, राज्य सरकार प्रदेश के हर नागरिक, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके घर के नजदीक ही गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
रामबास का स्वास्थ्य केंद्र होगा अपग्रेड
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि ग्रामीण आबादी को बेहतर इलाज और ओपीडी की सुविधाएं देने के लिए महेंद्रगढ़ जिले के गांव रामबास में स्थित उप-स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में अपग्रेड करने की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई है। इस अपग्रेडेशन से स्थानीय निवासियों को अब सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
इन 12 गांवों में खुलेंगे नए उप-स्वास्थ्य केंद्र
इसके अलावा , मुख्यमंत्री ने महेंद्रगढ़ जिला के ही गांव छापड़ा सलीमपुर , कनीना , छीलरो, मुंडिया खेड़ा, भड़फ, मोरुण्ड , नायन , राय मलिकपुर , मुसनोता , चंदपुरा , नांगल नुनिया तथा गांव सेका में नया उपस्वास्थ्य केंद्र खोलने की मंजूरी दी है।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में आएगा क्रांतिकारी बदलाव
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि उक्त नए स्वास्थ्य केंद्रों के खुलने से महेंद्रगढ़ जिले के सुदूर गांवों में रहने वाले लोगों को प्राथमिक उपचार, टीकाकरण, मातृ-शिशु देखभाल और अन्य बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना होगा। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी नागरिक बुनियादी स्वास्थ्य लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से न केवल महेंद्रगढ़ जिले के चिकित्सा ढांचे में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त किया है।
एचटेट परीक्षा-2025 की ड्राफ्ट उत्तरकुंजी बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध
09 जुलाई तक दर्ज होगी ऑनलाइन आपत्ति
भिवानी, 07 जुलाई, अभीतक: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंकर लाल धूपड़ एवं सचिव श्री मुनीश शर्मा, भा.प्र.से. ने आज यहां जारी एक प्रेस वक्तव्य में बताया कि शिक्षा बोर्ड द्वारा 04 व 05 जुलाई, 2026 को संचालित करवाई गई हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा-2025 लेवल-1 (पीआरटी), लेवल-2 (टीजीटी) व लेवल-3 (पीजीटी) से संबंधित सभी विषयों की ड्राफ्ट उत्तरकुंजी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट ूूूण्इेमीण्वतहण्पद पर 06 जुलाई, 2025 सायं 05रू00 बजे से सार्वजनिक कर दी गई है। उन्होंने बताया कि यदि किसी अभ्यर्थी को प्रश्र-पत्र बुकलेट में दिए गए किसी भी प्रश्र अथवा उत्तरकुंजी में दिए गए किसी भी प्रश्र के उत्तर (विकल्प) के बारे में कोई आपत्ति है, तो इस संबंध में पूर्ण तथ्योंध्साक्ष्यों सहित 06 से 09 जुलाई, 2026 सायं 05ः00 बजे तक निर्धारित शुल्क 100 रूपये प्रति प्रश्र अनुसार जमा करवाते हुए अपनी आपत्ति बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए गए पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करवा सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि यदि किसी प्रश्र के संबंध में दर्ज करवाई गई आपत्ति सही पाई जाती है तो ऐसी स्थिति में उस प्रश्र के लिए जमा करवाया गया शुल्क अभ्यर्थी को परीक्षा परिणाम घोषित होने से तीन मास के अन्दर-अन्दर अभ्यर्थी द्वारा उपलब्ध करवाए गए बैंक खाते में वापिस (त्मनिदक) कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रश्र-पत्र व उत्तरकुंजी के संबंध में 09 जुलाई, 2026 सायं 05ः00 बजे के पश्चात् किसी भी माध्यम से प्राप्त होने वाली आपत्ति पर कोई विचार नहीं किया जाएगा तथा इस बारे कोई पत्राचार नहीं किया जाएगा।



हरियाणा में एक आईएएस, एक एचसीएस अधिकारी का तबादला
चंडीगढ, 07 जुलाई, अभीतक: हरियाणा सरकार ने तत्काल प्रभाव से एक आईएएस तथा एक एचसीएस अधिकारी के तबादला एवं नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। इस संबंध में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। श्री जयदीप कुमार, अतिरिक्त सचिव, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग का निदेशक तथा अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, उन्हें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का निदेशक भी लगाया गया है। श्री विराट को अतिरिक्त उपायुक्त-सह-जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी, अंबाला एवं एपीजेड, अंबाला के विशेष अधिकारी के दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है। वे अब केवल मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के ओएसडी के रूप में कार्य करते रहेंगे।
हरियाणा में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
मुख्यमंत्री ने 198 खिलाड़ियों को 20.59 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि से किया सम्मानित
हरियाणा के खिलाड़ियों ने हर मंच पर बढ़ाया देश का गौरव – नायब सिंह सैनी
एआई खेल प्रशिक्षण को बना रही अधिक वैज्ञानिक, लेकिन जुनून और देशभक्ति का विकल्प नहीं – मुख्यमंत्री
खेल विभाग का बजट 163 करोड़ से बढ़कर 668 करोड़ रुपये से अधिक हुआ
चंडीगढ, 07 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल पदक जीतना नहीं है, बल्कि ऐसी सशक्त खेल संस्कृति का निर्माण करना है जहां प्रतिभा को अवसर मिले, परिश्रम को सम्मान मिले और प्रत्येक युवा को अपने सपनों को साकार करने का विश्वास प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि सरकार केवल पुरस्कार प्रदान नहीं कर रही, बल्कि विकसित भारत के लिए खेल शक्ति की मजबूत नींव तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, पंचकूला के ऑडिटोरियम सेक्टर-1 में राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों के सम्मान में आयोजित नकद पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम भी उपस्थित थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्य के अंर्तराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले व प्रतिभागिता करने वाले 198 खिलाड़ियों को 20.59 करोड़ रुपये की नकद ईनाम राशि देकर सम्मानित किया। इसमें विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं के 117 खिलाड़ियों को 13.75 करोड़ रुपये, पैरा एशियन खेल 2022 के 3 खिलाड़ियों को 2.32 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय स्तर के 78 खिलाड़ियों को 4.52 करोड़ रुपये की ईनाम राशि शामिल है। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 12 वर्षों में प्रदेश के 16 हजार 984 खिलाड़ियों को 709 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि दी गई है। आज की राशि जोड़कर यह लगभग 730 करोड़ रुपये बन जाती है। मुख्यमंत्री ने सम्मानित हुए खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पदक जीतने का क्षण भले ही कुछ मिनटों का होता है, लेकिन उस क्षण तक पहुँचने की यात्रा वर्षों की तपस्या से होकर गुजरती है। उन्होंने कहा कि हमारे देश की मिट्टी ने ऐसे खिलाड़ी पैदा किए हैं, जिन्होंने पूरी दुनिया को सिखाया कि हालात चाहे कितने भी कठिन हों, अगर इरादे बुलंद हों तो इतिहास बदला जा सकता है। उन्होंने मिल्खा सिंह जिन्हें फलाईंग सिख के नाम से भी जाना जाता है, मुरलीकांत पेटकर और मैरी काॅम का उदाहरण देते हुए कहा कि इन तीनों की जीवन-यात्रा हमें एक ही बात सिखाती है कि चुनौतियाँ हर किसी के जीवन में आती हैं, लेकिन विजेता वही बनता है जो चुनौतियों के सामने झुकता नहीं, उनसे लड़ता है। इन्होंने विपरीत परिस्थितियों को अपनी मंजिल का अंत नहीं बनने दिया, बल्कि उसी को अपनी सबसे बड़ी ताकत, अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा और अपनी सबसे बड़ी जीत का आधार बना लिया। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उन्हें गर्व है कि हरियाणा ने हमेशा देश को ऐसे खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने भारत का सिर दुनिया के सामने ऊंचा किया है। देश की आबादी में हमारा हिस्सा भले ही लगभग दो प्रतिशत हो, लेकिन भारत के लिए जीते गए पदकों में हरियाणा का योगदान एक-तिहाई से भी अधिक है। पेरिस ओलंपिक हो, पैरालंपिक हो, एशियन गेम्स हों या कॉमनवेल्थ गेम्स, हर मंच पर हरियाणा के खिलाड़ियों ने भारत का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने उपस्थित खिलाड़ियों से संवाद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप वर्ष 2028, 2032 और 2036 के ओलंपिक खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ी आप ही होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया एआई के युग में प्रवेश कर रही है। खेल भी इससे अछूता नहीं है। आज एआई खिलाड़ियों की फिटनेस का विश्लेषण कर रही है। चोट की संभावना का पहले से अनुमान लगा रही है। विपक्षी टीम की रणनीति समझने में मदद कर रही है। प्रशिक्षण को अधिक वैज्ञानिक बना रही है। उन्होंने कहा कि एआई आपकी गति माप सकती है, आपकी हृदय गति बता सकती है, आपकी तकनीक का विश्लेषण कर सकती है। लेकिन, एआई कभी आपके जुनून को नहीं माप सकती, आपकी देशभक्ति को नहीं समझ सकती, कभी उस भावना को नहीं बना सकती, जो तिरंगा कंधों पर लेकर विजय मंच पर खड़े खिलाड़ी की आंखों में दिखाई देती है। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को संदेश देते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग अवश्य करें, लेकिन अपने भीतर के इंसान को हमेशा जीवित रखें क्योंकि, भविष्य उन्हीं का होगा, जो तकनीक और मानवीय मूल्यों, दोनों को साथ लेकर चलेंगे। प्रदेश में खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से उठाए गए विभिन्न महत्वपूर्ण कदमों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी भर्ती नियमों के तहत 260 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। हाल ही में खेल ग्रेडेशन नीति में संशोधन किया है जिससे अब हरियाणा स्टेट गेम्स के खिलाड़ियों को भी खेल ग्रेडेशन का लाभ मिलेगा। इसके अलावा अवार्ड विजेता खिलाड़ियों के मासिक मानदेय में बढ़ोतरी की है। इसके तहत खेलरत्न, द्रोणाचार्य, अर्जुन, ध्यानचंद और तेनजिंग नोर्गे विजेताओं को प्रतिमाह 20 हजार रुपये, और भीम अवॉर्ड विजेताओं को प्रतिमाह 5 हजार रुपये का मानदेय मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर चैंपियन की शुरुआत गांव की मिट्टी और स्कूल के मैदान से होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने 2 हजार खेल नर्सरियां खोली हैं, 8 से 19 वर्ष के खिलाड़ियों को 1500 से 2 हजार रुपये मासिक छात्रवृत्ति दी है, और 25 आवासीय खेल अकादमियों में 500 रुपये प्रतिदिन डाइट मनी दी जा रही है। खेल बुनियादी ढांचे पर 12 वर्षों में 1,100 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, और खेल विभाग का बजट 2013-14 के 163 करोड़ रुपये से बढ़कर आज 668 करोड़ 42 लाख रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि पंचकूला के ताऊ देवीलाल खेल परिसर में 10 करोड़ रुपये की लागत से उत्तर भारत का पहला ए-स्टार वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र भी स्थापित किया गया है। इस अवसर पर संबोधित करते हुए खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा खेलों के हब के रूप में उभरा है। खिलाड़ियों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, ताकि वे कड़ी मेहनत कर विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में मिशन-2036 शुरू किया गया है, जिसके तहत हरियाणा ने 36 पदक जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से खेल स्टेडियमों के बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा की खेल नीति की पूरे देश में सराहना हो रही है। हरियाणा की खेल नीति और खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत के परिणामस्वरूप प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। इस अवसर पर विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, मेयर शाम लाल बंसल, जिला अध्यक्ष अजय मितल, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया, खेल विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता सहित खिलाड़ी और कोच मौजूद थे।



बाबा मक्खन शाह लबाना एवं बाबा लक्खी शाह बंजारा का जीवन त्याग, सेवा और समर्पण की अमर गाथा रू मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
महापुरुषों के विचार और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा, सरकार श्संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजनाश् के माध्यम से पहुंचा रही जन-जन तक
मुख्यमंत्री ने पेहवा में मक्खन शाह लुबाना धर्मशाला और दतौली के सामुदायिक केंद्र के लिए दिए 31-31 लाख रुपये
प्रदेश सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर कर रही है कायर्रू मुख्यमंत्री
चंडीगढ, 07 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बाबा मक्खन शाह लुबाना और बाबा लक्खी शाह बंजारा केवल दो नाम नहीं, बल्कि सिख इतिहास और भारतीय इतिहास के दो अमर अध्याय हैं। उन्होंने त्याग को धर्म, सेवा को संस्कार और बलिदान को अपनी पहचान बनाया। ऐसी दोनों महान विभूतियों के चरणों में वे श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। मुख्यमंत्री मंगलवार को संत कबीर कुटीर में आयोजित श्संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजनाश् के अंतर्गत बाबा मक्खन शाह लुबाना जी एवं बाबा लक्खी शाह बंजारा जी के राज्य स्तरीय जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का स्मृति चिह्न और सरोपा भेंट करके समाज के प्रबुद्धजनों ने स्वागत भी किया। कार्यक्रम के दौरान बंजारा समाज के प्रतिनिधियों ने 6 मांगों से संबंधित मांग पत्र भी सौंपा। जिस पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सभी मांगों को पूरा किया जाएगा। साथ ही उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि पेहवा में मक्खन शाह लुबाना धर्मशाला के लिए दी गई जमीन से संबंधित कार्रवाई तेजी से पूरी हो जाएगी, वहां निर्माण इत्यादि के लिए भी मुख्यमंत्री ने 31 लाख रुपये की राशि भी दी। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने दतौली गांव में सामुदायिक केंद्र बनाने की घोषणा भी की, इसके लिए 31 लाख रुपये भी दिए गए। उन्होंने बाबा मक्खन शाह लुबाना के नाम पर किसी संस्थान का नाम रखे जाने की बात की भी कही। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने इस दौरान अपने संबोधन में कहा कि महापुरुष किसी एक जाति, पंथ या समाज के नहीं होते, बल्कि पूरे राष्ट्र की साझा धरोहर होते हैं। उनके विचार, संस्कार और इतिहास केवल अतीत की विरासत नहीं, बल्कि नए भारत और नए युग की प्रेरणा हैं। इसी सोच के साथ प्रदेश सरकार ने श्संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजनाश् शुरू की है, ताकि उनके आदर्श और संदेश आने वाली पीढ़ियों तक पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि लंबे समय के बाद हरियाणा में ऐसी सरकार बनी है, जिसने महापुरुषों को सम्मान देने का कार्य किया है, ताकि नई पीढ़ी उनके त्याग, तपस्या और कुर्बानियों के इतिहास को जान सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा मक्खन शाह लुबाना जी का जन्म वर्ष 1619 में भाई दासा जी लुबाना के घर हुआ था। उन्होंने कहा कि जब मुगल शासन के अत्याचार चरम पर थे और नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने धर्म की रक्षा के लिए चांदनी चैक में अपना बलिदान दिया, तब भय के वातावरण में कोई भी उनके पार्थिव शरीर को स्पर्श करने का साहस नहीं कर रहा था। ऐसे समय में भाई लक्खी शाह बंजारा और उनके पुत्र निगाहिया आगे आए। वे गुरु साहिब के पार्थिव शरीर को अपने घर लेकर गए और सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करने के लिए अपना घर ही अग्नि को समर्पित कर दिया। आज दिल्ली स्थित गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब उनके इसी महान बलिदान का साक्षी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंजारा-लबाना समाज ने सदियों तक देश की अर्थव्यवस्था को गति दी। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने वर्ष 1871 में क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट बनाकर इस समाज को जन्मजात अपराधी घोषित कर दिया था। आजादी के बाद अयंगर समिति की सिफारिश पर 31 अगस्त, 1952 को इस कलंक को समाप्त किया गया। इसी कारण 31 अगस्त को श्विमुक्ति दिवसश् के रूप में मनाया जाता है।
सरकार द्वारा अंत्योदय के सिद्धांत पर किया जा रहा है कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा मक्खन शाह और बाबा लक्खी शाह का जीवन सेवा, समानता और समर्पण का संदेश देता है। इसी भावना के साथ प्रदेश सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि परिवार पहचान पत्र के माध्यम से प्रत्येक परिवार को पहचान दी गई है। मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 14 शहरों में 15,250 परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत 6,300 परिवारों को 100-100 गज के प्लॉट तथा घर निर्माण के लिए एक-एक लाख रुपये की सहायता दी गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1 लाख 56 हजार गरीब परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराए गए हैं। डॉ. भीमराव आंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना के अंतर्गत सहायता राशि 30 हजार रुपये से बढ़ाकर 80 हजार रुपये की गई है तथा अब तक 85,815 परिवारों को 416 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत 55 हजार से अधिक जरूरतमंदों को स्वरोजगार के लिए बैंक ऋण उपलब्ध कराया गया है। दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के माध्यम से परिवार के कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर 74,245 परिवारों को 2,800 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। इसके अलावा 13 लाख 43 हजार परिवारों को प्रतिमाह 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। विद्यार्थियों को 12वीं तक मुफ्त किताबें, वर्दी और स्टेशनरी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क कोचिंग के साथ-साथ डॉ. आंबेडकर मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत 8 हजार से 12 हजार रुपये तक की वार्षिक छात्रवृत्ति भी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं और प्रयासों का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को समान अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने आह्वान किया कि बाबा मक्खन शाह लुबाना और बाबा लक्खी शाह बंजारा की सेवा, सत्यनिष्ठा, समर्पण और बलिदान की भावना को अपने जीवन में अपनाएं तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के मंत्र के साथ हरियाणा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सहभागी बनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनियां में भारत का नाम श्रद्धा से लिया जाता है। अमेरिका और रूस जैसे शक्तिशाली देश भी भारत को सम्मान से देखते हैं। उन्होंने कहा कि आज देश विकसित भारत की ओर अग्रसर है, यह सब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की इच्छा शक्ति से हुआ है, क्योंकि यह देश भी वहीं है, यह अधिकारी भी वहीं है। बस, मोदी ने काम करने की सोच के साथ देश को आगे बढ़ाते हुए व्यवस्था परिवर्तन करने का काम किया है। इस दौरान बंजारा समाज के पुरोहित श्री हुकुम सिंह, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के. मकरंद पांडुरंग, प्रदेशाध्यक्ष सूबेदार मेजर श्री किशोरी लाल, डीएनटी बोर्ड चेयरमैन सरदार जसमेर सिंह बंजारा, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री भारत भूषण भारती, श्री विवेक कालिया, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक श्री मनीष लोहान, महामंत्री श्री पवन कुमार, उपाध्यक्ष सूबेदार जगदीश सिंह, सोनीपत जिलाध्यक्ष श्री देवेंद्र सिंह, बाबा मक्खन शाह लुबाना भवन सोसायटी पेहवा के चेयरमैन सरदार मनजीत सिंह, वाइस चेयरमैन सरदार अवतार सिंह, श्री रघुबीर सिंह मोरथली, कलसा कुरुक्षेत्र के सरपंच सरदार अमरीक सिंह, जिप चेयरमैन सरदार मक्खन सिंह सहित प्रदेश के कोनेकृकोने से आए लुबाना और बंजारा समाज के मौजिज लोग मौजूद थे।
