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झज्जर में कांग्रेस के खिलाफ सड़कों पर उतरा भाजपा कार्यकर्ता
महिला मोर्चा के बैनर तले राहुल गांधी और उनके एक कांग्रेस सांसद का फूंका पुतला
महिला मोर्चा नेताओं ने राहुल गांधी पर लगाया छात्रों का यौन उत्पीड़न करने वाले कांग्रेस सांसद के साथ फोटो खिंचवाने का आरोप
कहा: कांग्रेस के इस संसद ने प्रैक्टिकल में नंबर लगाने और अन्य सुविधाएं देने के लिए छात्राओं का किया था यौन शोषण
आरोपी कांग्रेस सांसद को आरोपों की पुष्टि होने के बाद हटाया गया
राहुल गांधी पर भी लगाया अपने कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान धक्का मुक्की करने का आरोप
कहा: जब अपने कार्यकर्ताओं के साथ ही ऐसा करता है ,तो राहुल गांधी आम जनता के साथ क्या करेगा
राव तुलाराम चैक पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और आरोपी कांग्रेस सांसद का पुतला किया आग के हवाले

सही दिशा में लगातार की गई कड़ी मेहनत, खोलती है सफलता का दरवाजा: रजत फौगाट
झज्जर, 13 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा सिविल सर्विस परीक्षा में छठी रैंक प्राप्त कर रजत फौगाट पहुंचे अपने पूराने एच.डी स्कूल बिरोहड़। विद्यालय पहुंचने पर विद्यालय परिवार की ओर से सम्मान समारोह का आयोजन किया गया जिसमें स्टाफ और बच्चों ने बैंड बाजे के साथ अपने लाडले का जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम के आरंभ में आतिथ्य सत्कार की औपचारिकताओं के मध्य रजत फौगाट की जीवन संगिनी डाॅ. अस्मिता फौगाट ने कहा कि रजत जैसा लक्ष्य के प्रति समर्पित जीवन साथी पाकर मैं स्वयं बहुत सौभाग्यशालिनी समझती हूँ। रजत फौगाट ने बच्चों के साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण कर उनके साथ चुटीले अंदाज में अपने बचपन को याद किया। बड़ा ही भावुक ओर मनोरम दृश्य था जब बच्चे अपने अग्रज को बार-बार बधाई दे रहे थे और रजत फौगाट अपनी सफलता की कहानी सुनाते हुए अपने अनुजों को प्रेरणा देते हुए अपने शिक्षकों का आभार व्यक्त कर रहे थे। इस दौरान उन्होनें कहा कि मैं अपने-आपको बड़ा भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे ऐसे गुरु मिले जिन्होनें मेरे सर्वांगीण विकास के लिए समय-समय पर मार्गदर्शन किया। स्कूल में सिखाया गया अनुशासन और अपने लक्ष्य के लिये दृढ़ता से संकल्पित हो खड़े रहना गुरुजनों ने ही सिखाया। जिसकी बदौलत मैंने यह मुकाम हासिल किया है और आज एक भावी अधिकारी के रुप में आपके सामने हूँ। मैं भी आपकी तरह एक साधारण विद्यार्थी था जब मैं अधिकारी बन सकता हूं तो आप क्यों नहीं बन सकते। मुझे आप में से अभी बहुत अधिकारी बैठे दिखाई दे रहे हैं। लक्ष्य निर्धारित कर सही दिशा में की गई लगातार मेहनत का परिणाम अवश्य मिलता है। मेरे पिता जी बलराज फौगाट जो एक शिक्षक हैं उनके बारे में कहना चाहूंगा कि जिस प्रकार वे मुझे संभालते हैं, मेरा मार्गदर्शन करते हैं उसी प्रकार वे प्रत्येक बालक को रजत समझकर संभाले और उसका मार्गदर्शन करें। मैं आप सभी के सामने दृढ़ प्रतिज्ञ हूं कि मेरे छोटे भाई-बहनों को जब कभी मेरे मार्गदर्शन की आवश्यकता होगी तो मैं एक अधिकारी की तरह नहीं बल्कि बड़े भाई की तरह साथ खड़ा मिलुंगा। आपसे इतना कहना चाहूंगा कि इस बात का जिक्र अपने घर जाकर जरुर करना कि आज हमारे भाई ने हमसे ये वादा लिया है कि हम भी निरंतर मेहनत और लग्न से गुरुजनों के सान्निध्य में अपने लक्ष्य को प्राप्त करेंगे। बतौर रजत फौगाट मैं जहां भी रहुगा एचडी शिक्षण संस्थाओ से जुड़े अभिभावकों, वर्तमान कर्मचारियों और पूर्व कर्मचारियों को निराश नहीं होने दूंगा, उनके हित के लिए मुझसे जो बन पड़ेगा हर संभव प्रयास करुंगा। मै समय-समय पर आपसे मिलता रहूंगा। आज आपने जो मान सम्मान और प्यार दिया है, उसको हमेशा याद रखूंगा। उन्होनें विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अपने लक्ष्य पर फोकस रखें। सबमें कुछ न कुछ विशेष होता है इसलिए अपनी छिपी प्रतिभा को पहचाने और निरंतर प्रयास करें। असलता के बाद सफलता के लिए कम बैक करना बहुत हौसले का काम होता है। बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए जीवन की छोटी-छोटी खुशियों से समझोता करना पड़ता है। पुरे कार्यक्रम के दौरान रजत फौगाट के छोटे भाई रमन फौगाट भी साथ रहे। बलजीत नेहरा ने एचडी परिवार को शुभकामनाएं प्रेषित की और बच्चों से कहा कि-जहाँ रहो अपनी अलग पहचान बनाओ। रजत की तरह कुछ नया करके दिखाओ। स्कूल निदेशक बलराज फौगाट ने एचडी परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मेरा एक ही सपना है कि एचडी की हर ब्राँच से विद्यार्थी अधिकारी बने। रजत से कहा कि वह एचडी परिवार से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को अपने परिवार से पहले प्राथमिकता दे। मुझे उस दिन और अधिक सुशी होगी जब एचडी स्कूल का विद्यार्थी रजत से बढ़कर मुकाम हासिल करेगा। सपने वही सच होते हैं, जिन्हें पूरा करने का जुनून होता है’ मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके इरादों में दम होता है। सुरेन्द्र फौगाट ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि रजत की तरह बच्चों को आरंभ से स्वाध्याय की आदत डालनी चाहिए। हेमन्त गुलिया ने कहा कि परिवार के साथ मिलकर समय-समय पर स्वयं को जाँचते रहे। एक व्यक्ति की सफलता केवल उस व्यक्ति तक नहीं अपितु उसके पूरे परिवार यहाँ तक कि उसके चाहने वालों को भी प्रभावित करती है। डाॅ. नेहा गुलिया ने कहा कि इस खुशी को शब्दों में बांधना आसमान को मुठ्ठी में कैद करने के समान है। मैं केवल इतना ही कहना चाहूँगी की प्यारे बच्चों, पिछली कमियों से निराश न हों, हमेशा प्रसन्न मन से सार्थक प्रयास करते रहो, सफलता अवश्य मिलेगी। इस अवसर पर प्राचार्या नमिता दास, उप प्राचार्य नवीन सनसनवाल, समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

25 अक्टूबर को अग्रोहा धाम में लगेगा राष्ट्रीय मेला, देशभर से जुटेंगे लाखों श्रद्धालु
धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम और भव्य महासम्मेलन होंगे आकर्षण का केंद्र

अग्रोहा, 13 अक्तूबर, अभीतक: अग्रोहा धाम में शरद पूर्णिमा के अवसर पर आगामी 25 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्तर का विशाल वार्षिक मेला आयोजित किया जाएगा। मेले में देश और प्रदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु, वैश्य समाज के प्रतिनिधि, उद्योगपति, व्यापारी, समाजसेवी एवं गणमान्य लोग भाग लेंगे। धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी मेले के प्रमुख आकर्षण रहेंगे। यह जानकारी देते हुए अग्रोहा धाम के प्रदेश प्रवक्ता डा. राजकुमार गोयल ने बताया कि इस मेले में जगतगुरु ब्रह्मर्षि कुमार स्वामी, अग्रोहा धाम के संरक्षक एवं पूर्व राज्यसभा सांसद सुभाष चंद्रा, हरियाणा के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल, पंजाब के कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र गोयल, देश के प्रमुख उद्योगपति विधायक सावित्री जिंदल सहित अनेक मंत्री, समाजसेवी, संत-महात्मा एवं गणमान्य लोग शामिल होंगे। मेले में प्रमुख कलाकार मासूम शर्मा, भजन गायिका अंजलि द्विवेदी उपस्थित जन का मन मोहने का काम करेंगे। इस मेले में विशाल महासम्मेलन का आयोजन भी होगा जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से सामाजिक प्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग भाग लेंगे। सम्मेलन में सामाजिक सेवा, शिक्षा, संस्कार, समाज की वर्तमान चुनौतियों और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर विचार विमर्श किया जाएगा। इस महासम्मेलन में समाज एवं राष्ट्र के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया जाएगा। गोयल ने बताया कि अग्रोहा धाम के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग दास गर्ग के नेतृत्व में आयोजित होने वाले इस मेले में सुबह से ही विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू होगा। श्रद्धालु शक्ति सरोवर में स्नान, मंदिरों में पूजा-अर्चना एवं आरती में शामिल होंगे। महिलाओं द्वारा भव्य कलश यात्रा के साथ साथ श्री महालक्ष्मी जी का छप्पन भोग, विशाल भंडारा और ध्वजारोहण सहित अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राष्ट्रीय मेले का उद्देश्य श्रद्धालुओं को धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण उपलब्ध करवाने के साथ समाज को एकजुट करना और महाराजा अग्रसेन के सामाजिक आदर्शों को जन जन तक पहुंचाना है। मेले में धर्म, संस्कृति, सेवा और सामाजिक सरोकारों का सुंदर संगम देखने को मिलेगा।
धार्मिक झांकियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम बनेंगे आकर्षण
इस राष्ट्रीय मेले में देशभर से आने वाले श्रद्धालु अग्रोहा धाम में बने माता महालक्ष्मी, महाराजा अग्रसेन, माता सरस्वती, माता वैष्णो देवी, अमरनाथ की बर्फानी गुफा, तिरुपति बालाजी, भैरव बाबा और रामेश्वर धाम सहित विभिन्न मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे। इसके अलावा मां गंगा अवतरण, 90 फुट ऊंची बाबा हनुमान जी की प्रतिमा, श्री कृष्ण लीला और श्री राम लीला की विद्युत संचालित झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। बच्चों एवं परिवारों के लिए मनोरंजक झूलों की भी व्यवस्था रहेगी। प्रसिद्ध भजन गायकों एवं कलाकारों की प्रस्तुतियां मेले के सांस्कृतिक पक्ष को और भव्य बनाएंगी।
अग्रोहा धाम के विकास कार्यों को लेकर भी उठी मांग
राजकुमार गोयल ने बताया कि अग्रोहा धाम में करीबन 30 करोड़ रुपये की लागत से महाराजा अग्रसेन के नाम पर दो म्यूजियम बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा करोड़ों रुपये की लागत से विशाल ऑडिटोरियम एवं अन्य विकास कार्य भी करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अग्रोहा धाम महाराजा अग्रसेन की कर्मभूमि से जुड़ा महत्वपूर्ण धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल है। यहां होने वाले विकास कार्यों से देशभर के लोगों को महाराजा अग्रसेन के जीवन, विचारों और समाज के प्रति उनके योगदान को जानने का अवसर मिलता है। गोयल ने बताया कि अग्रोहा धाम के टीले की खुदाई का काम काफी समय से बंद पड़ा है इस सम्मेलन में सरकार से मांग की जाऐगी कि किले की खुदाई का काम तुरंत प्रभाव से शुरू करवाया जाए।
महाराजा अग्रसेन के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास
राजकुमार गोयल ने कहा कि अग्रोहा धाम केवल धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि महाराजा अग्रसेन की विचारधारा और सामाजिक आदर्शों की पहचान है। महाराजा अग्रसेन ने समाज को आपसी सहयोग, समानता, भाईचारे और जरूरतमंदों की सहायता का संदेश दिया था। राष्ट्रीय मेले के माध्यम से इन विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने देशभर के श्रद्धालुओं से 25 अक्टूबर को परिवार सहित अग्रोहा धाम पहुंचकर राष्ट्रीय मेले में सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी से यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ साथ सामाजिक भाईचारे और भारतीय संस्कृति का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण अवसर बनेगा।

संस्कारम ग्रुप ऑफ स्कूल्स में Eicher Trucks & Buses द्वारा आयोजित हुआ विशेष ड्राइवर एवं परिचालक प्रशिक्षण शिविर
झज्जर, 13 अक्तूबर, अभीतक: संस्कारम ग्रुप ऑफ स्कूल्स, झज्जर के प्रांगण में आज आईसर ट्रक्स एंड बस (Eicher Trucks & Buses) की ओर से स्कूली बसों के चालकों (ड्राइवर्स) और परिचालकों (कंडक्टर्स) के लिए एक दिवसीय सुरक्षा, रख-रखाव एवं ड्राइविंग प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में आईसर कंपनी की ओर से पधारे मुख्य ट्रेनर श्री सुजीत सिंह ने चालकों एवं सह-चालकों को सुरक्षित वाहन संचालन, वाहन के तकनीकी रख-रखाव और विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण कार्यशाला के मुख्य बिंदु
वाहनों का समयबद्ध रख-रखाव एवं दैनिक निरीक्षण (प्देचमबजपवद)रू ट्रेनर सुजीत सिंह ने बताया कि यात्रा शुरू करने से पहले प्रत्येक वाहन का दैनिक निरीक्षण अत्यंत आवश्यक है। इसमें समय पर सर्विस कराना, ब्रेकिंग सिस्टम की जांच, कूलेंटध्पानी का स्तर चेक करना और यूरिया (क्म्थ्) की पर्याप्त क्षमता बनाए रखना शामिल है।
समय पर ईंधन रिफिलिंग एवं ब्रेकडाउन से बचाव : डीजल और सीएनजी चालित वाहनों में समय पर रिफिलिंग करने तथा तकनीकी कमियों को समय रहते ठीक करने पर जोर दिया गया, ताकि सड़क पर वाहन के ब्रेकडाउन (खराब होने) की संभावना शून्य हो सके और विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
स्मार्ट ड्राइविंग एवं ड्राइविंग मोड्स : चालकों को विभिन्न श्ड्राइविंग मोड्सश् की बारीकियों के बारे में समझाया गया। सही मोड में बस चलाने से ईंधन की बचत के साथ-साथ वाहन का नियंत्रण भी बेहतर रहता है।
विद्यार्थियों की सुरक्षा व चढ़ाव-उतार के नियम : बच्चों को सुरक्षित रूप से बस में चढ़ाने और उतारने के नियमों पर विशेष ध्यान दिया गया। चालकों को निर्धारित बस स्टॉप पर ही गाड़ी रोकने और बच्चों के पूरी तरह सुरक्षित चढ़ने व उतरने के बाद ही आगे बढ़ने के निर्देश दिए गए।
सुरक्षा उपकरण एवं जिम्मेदारियां (ैंमिजल – ैमबनतपजल): बसों में उपलब्ध अन्य आधुनिक सुरक्षा मानकों (जैसे – इमरजेंसी एक्जिट, पैनिक बटन, फर्स्ट एड किट आदि) के सही उपयोग और चालक व परिचालक की आपसी सतर्कता के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत सीसीटीवी कैमरेरू शिविर में विशेष रूप से रेखांकित किया गया कि हरियाणा सरकार की श्सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसीश् के नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए संस्कारम की सभी बसों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। ये कैमरे पूरी तरह सुचारू (स्मूथ) रूप से कार्य कर रहे हैं, जिससे बच्चों की हर गतिविधि पर नजर रखी जाती है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
संस्कारम ग्रुप ऑफ स्कूल्स प्रबंधन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान अपने विद्यार्थियों की सुरक्षा और आरामदायक यात्रा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। इस प्रकार के नियमित प्रशिक्षण शिविरों से चालकों की दक्षता बढ़ती है, वाहन का रख-रखाव बेहतर होता है और पूरी परिवहन व्यवस्था अनुशासित एवं सुरक्षित बनी रहती है। प्रशिक्षण के अंत में उपस्थित सभी चालकों एवं परिचालकों ने बच्चों की सुरक्षा के प्रति पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।

AI और डेटा एनालिटिक्स में नए अवसर : संस्कारम विश्वविद्यालय ने प्प्ज् मंडी, छैक्ब् और म्ल् के कार्यक्रमों पर आयोजित किए ओरिएंटेशन सत्र
झज्जर, 13 अक्तूबर, अभीतक: संस्कारम विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी कौशल से सशक्त बनाने और भविष्य की उद्योग आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स से संबंधित दो शैक्षणिक कार्यक्रमों पर ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किए। इन सत्रों का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योग-आधारित शिक्षा, व्यावहारिक ज्ञान और भविष्य के करियर अवसरों से परिचित कराना था। प्रथम वर्ष के बीटेक विद्यार्थियों के लिए ’’भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (प्प्ज्) मंडी और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (छैक्ब्)’’ के सहयोग से संचालित ।प् में माइनर डिग्री कार्यक्रम पर सत्र आयोजित किया गया। सात सेमेस्टर में विस्तारित 24 क्रेडिट का यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी मूल इंजीनियरिंग डिग्री के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में विशेष ज्ञान और तकनीकी दक्षता विकसित करने का अवसर प्रदान करता है। वहीं, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों को ’’म्ल् के ।दंसलजपबे डंेजमत ज्तंबा’’ के बारे में जानकारी दी गई। यह कार्यक्रम डेटा एनालिटिक्स, समस्या समाधान, व्यावसायिक अंतर्दृष्टि और उद्योग में डेटा के व्यावहारिक अनुप्रयोग पर केंद्रित है। इसमें 15 घंटे से अधिक के रिकॉर्डेड ई-लर्निंग सत्र, प्रत्येक सप्ताहांत दो घंटे के वर्चुअल लाइव सत्र, विशेषज्ञों की मास्टरक्लास, उद्योग-आधारित केस स्टडी, मूल्यांकन और साक्षात्कार की तैयारी जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। विद्यार्थियों को विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर भी मिलता है। ओरिएंटेशन सत्रों के दौरान विद्यार्थियों को दोनों कार्यक्रमों की शैक्षणिक संरचना, पाठ्यक्रम, शिक्षण पद्धति और संभावित करियर अवसरों से परिचित कराया गया। साथ ही, आधुनिक तकनीकों के बढ़ते महत्व और शैक्षणिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल विकसित करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया। इन पहलों का उद्देश्य विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक सोच, समस्या समाधान क्षमता और तकनीकी दक्षता विकसित करना तथा उन्हें तेजी से बदलते तकनीकी एवं व्यावसायिक परिवेश के लिए तैयार करना है। दोनों कार्यक्रमों का आयोजन ’’कॉर्पोरेट रिसोर्स सेंटर (ब्त्ब्), संस्कारम विश्वविद्यालय’’ द्वारा किया गया। यह पहल उद्योग और शिक्षा के बीच समन्वय मजबूत करने, उद्योग-उन्मुख शिक्षण अवसरों को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता और दीर्घकालिक करियर संभावनाओं को बेहतर बनाने की विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। संस्कारम विश्वविद्यालय ऐसी पहलों के माध्यम से विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों से जोड़ने और उन्हें भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप ज्ञान, कौशल एवं आत्मविश्वास प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

वर्षा खांगवाल, डीसी झज्जर।

प्रदूषण फैलाने वालों पर प्रशासन का शिकंजा, दिन-रात हो रही निगरानी: डीसी
कूड़ा, पराली और प्लास्टिक वेस्ट जलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
डीसी वर्षा खांगवाल के निर्देश, एसडीएम और बीडीपीओ करेंगे निगरानीय लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही

झज्जर, 13 अक्तूबर, अभीतक: एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर झज्जर जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। डीसी वर्षा खांगवाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिला में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए दिन-रात निगरानी की जाए। खुले में कूड़ा-कचरा, पराली और प्लास्टिक वेस्ट जलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। डीसी ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए गठित टीमें दिन और रात सक्रिय रहें तथा शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई करें। सड़कों, खाली प्लॉटों और अन्य खुले स्थानों पर कचरा जलाने की घटनाओं पर विशेष नजर रखी जाए। साथ ही, सड़कों पर धूल-मिट्टी उड़ने से रोकने के लिए प्रभावी उपाय किए जाएं और संभावित प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण किया जाए। उन्होंने सभी बीडीपीओ को पंचायती भूमि पर कचरा डालने, जलाने या अन्य तरीके से प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डीसी ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण उपायों की नियमित समीक्षा करने और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा। डीसी वर्षा खांगवाल ने स्पष्ट किया कि प्रदूषण नियंत्रण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। उन्होंने आमजन से कूड़ा-कचरा, पराली और प्लास्टिक वेस्ट नहीं जलाने तथा स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

वर्षा खांगवाल, डीसी झज्जर।

गैर-अधिकृत कॉलोनियों में प्लाट खरीदारी न करें नागरिक
डीटीपी ने दी जानकारी -बादली क्षेत्र के गांव सोंधी व याकूबपुर में विभाग ने अधिसूचित किए खसरा नंबर

झज्जर, 13 अक्तूबर, अभीतक: जिला नगर योजनाकार अंजू ने जानकारी देते हुए बताया कि बादली क्षेत्र के गांव सोंधी व याकूबपुर में बिना लाइसेंसध् सीएलयूध् एनओसी प्राप्त किए अवैध रूप से कॉलोनी विकसित करने वालों पर प्रशासन की नजर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला की सीमा में अवैध कालोनियों को किसी सूरत में नहीं पनपने दिया जाएगा। डीटीपी ने बताया कि बादली क्षेत्र के गांव सोंधी व याकूबपुर में कुछ चिन्हित किलाध्खसरा नंबरों में अवैध निर्माण की सूचना प्राप्त हुई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नवीनतम राजस्व अभिलेख (जमाबंदी, इंतकाल आदि) उपलब्ध कराएं और साथ ही इन खसरा नंबरों में किसी भी प्रकार की बिक्री, एग्रीमेंट टू सेल, फुल पेमेंट एग्रीमेंट या पावर ऑफ अटॉर्नी का पंजीकरण या क्रियान्वयन न करें। डीटीपी अंजू ने बताया कि बादली क्षेत्र के गांव सोंधी के किला नंबर 24ध्ध्11, 12, 19, 20, 21, 22 व याकूबपुर के किला नंबर 61ध्ध्7ध्1ध्2, 8ध्2ध्1, 60ध्ध्11ध्2ध्1ध्2, 20ध्1ध्3 में कुछ व्यक्तियों द्वारा बिना लाइसेंस के प्लाट बिक्री की सूचना मिली है। उन्होंने बताया कि उक्त खसरा नंबरों से जुड़े किसी भी प्रकार के सेल-डीड, एग्रीमेंट टू सेल, पावर ऑफ अटॉर्नी या फुल पेमेंट एग्रीमेंट को रजिस्टर्ड करने पर रोक लगाई गई है। डीटीपी ने बताया कि उक्त मामले में न तो विभाग से कोई लाइसेंस, सीएलयू और न ही एनओसी प्राप्त की गई है। ऐसे मामलों में शहरी क्षेत्र नियोजन विभाग द्वारा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि अवैध कॉलोनी में जमीन या प्लॉट की खरीद फरोख्त न करें। प्लाट खरीदने से पहले राजस्व, डीटीपी, शहरी निकाय सहित संबंधित विभाग से पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

मंगलवार को झज्जर के नागरिक अस्पताल से एचआईवी एड्स जागरूकता बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते जिला परिषद चेयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना और सीटीएम ऋतु।

छूने से नहीं फैलता एचआईवी, जागरूकता ही बचाव का माध्यम: कप्तान बिरधाना
झज्जर में एचआईवी एड्स जागरूकता के लिए निकाली बाइक रैली
जिला परिषद चेयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना और सीटीएम ऋतु ने सिविल अस्पताल से हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

झज्जर, 13 अक्तूबर, अभीतक: जिलाभर में 17 अक्टूबर तक चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेवा मेरा योगदान थींम पर गतिविधियों का आयोजन जारी है। इसी कड़ी में मंगलवार को एचआईवी एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को झज्जर में बाइक रैली निकाली गई। जिला परिषद के चेयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना और सीटीएम ऋतु ने सिविल अस्पताल परिसर से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जिला परिषद के चेयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना ने कहा कि एड्स बीमारी से बचाव के लिए सही जानकारी और समय पर जांच बेहद जरूरी है। साथ ही, एचआईवी से प्रभावित व्यक्तियों के प्रति सम्मानजनक एवं संवेदनशील व्यवहार अपनाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे बीमारी से जुड़ी भ्रांतियों से दूर रहें और प्रभावित व्यक्तियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न करें। रैली के माध्यम से युवाओं ने आमजन को जागरूक करते हुए संदेश दिया कि सही जानकारी अपनाएं, जरूरत पड़ने पर जांच करवाएं और एचआईवी से प्रभावित लोगों के प्रति सकारात्मक सोच रखें।
जागरूकता और संवेदनशील व्यवहार जरूरी: डॉ. मंजू
सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादियान ने कहा कि डीसी वर्षा खांगवाल के निर्देशानुसार जिला में एचआईवी एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने और प्रभावित व्यक्तियों के लिए भेदभाव-मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि एचआईवी के संबंध में प्रमाणिक जानकारी प्राप्त करें, आवश्यकता होने पर जांच करवाएं तथा प्रभावित व्यक्तियों के साथ सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार करें।
एड्स से संबंधित जानकारी और सहायता के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1097
कार्यक्रम की नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. निधि मोमिया ने एचआईवी व एड्स से संबंधित जानकारी और सहायता के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1097 तथा ब्रेक फ्री इंडिया पोर्टल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने लोगों को इन संसाधनों का उपयोग करने और जागरूकता संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। जिला एड्स रोकथाम एवं नियंत्रण इकाई (डीएपीसीयू), रेड रिबन क्लब तथा हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस रैली से आमजन को एचआईवी एड्स के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग के यह अधिकारी और प्रतिनिधि रहे मौजूद
इस अवसर पर एमएस डॉ. अजय सिंधला, डीएमएस डॉ. यशपाल मोमिया, सभी डिप्टी सिविल सर्जन, सभी एसएमओ, डॉ. राकेश, दिशा क्लस्टर मैनेजर प्रीति,आईसीटीसी काउंसलर अंजू सुहाग, राजेंद्र महाजन और मीनाक्षी, डीपीसी शमशेर, पीपीएम मीनाक्षी, ममता सहित रेड रिबन क्लब के प्रतिनिधि एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।

प्रदूषण फैलाने वालों पर प्रशासन का शिकंजा, दिन-रात हो रही निगरानी: डीसी
कूड़ा, पराली और प्लास्टिक वेस्ट जलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
डीसी वर्षा खांगवाल के निर्देश, एसडीएम और बीडीपीओ करेंगे निगरानीय लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही

झज्जर, 13 अक्तूबर, अभीतक: एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर झज्जर जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। डीसी वर्षा खांगवाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिला में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए दिन-रात निगरानी की जाए। खुले में कूड़ा-कचरा, पराली और प्लास्टिक वेस्ट जलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। डीसी ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए गठित टीमें दिन और रात सक्रिय रहें तथा शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई करें। सड़कों, खाली प्लॉटों और अन्य खुले स्थानों पर कचरा जलाने की घटनाओं पर विशेष नजर रखी जाए। साथ ही, सड़कों पर धूल-मिट्टी उड़ने से रोकने के लिए प्रभावी उपाय किए जाएं और संभावित प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण किया जाए। उन्होंने सभी बीडीपीओ को पंचायती भूमि पर कचरा डालने, जलाने या अन्य तरीके से प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डीसी ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण उपायों की नियमित समीक्षा करने और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा। डीसी वर्षा खांगवाल ने स्पष्ट किया कि प्रदूषण नियंत्रण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। उन्होंने आमजन से कूड़ा-कचरा, पराली और प्लास्टिक वेस्ट नहीं जलाने तथा स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

साल्हावास ब्लॉक में सेवा सेतु कैंप आज
जिला परिषद के सीईओ मनीष फोगाट ने दी जानकारी

झज्जर, 13 अक्तूबर, अभीतक: जिलाभर में सेवा संकल्प अभियान के तहत आमजन को सरकार की योजनाओं का लाभ उनके नजदीक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में सेवा सेतु कैम्प लगाए जा रहे हैं। डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में लग रहे सेवा सेतु कैम्प में लोग सरकार की योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। जिला परिषद के सीईओ मनीष फोगाट ने जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार 14 अक्टूबर को साल्हावास ब्लॉक मुख्यालय तथा 15 अक्टूबर को माछरौली ब्लाक व गांव भुरावास में सेवा सेतु कैंप आयोजित किए जाएंगे।

मातनहेल स्थित राजकीय कॉलेज में ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के तहत आयोजित कार्यशाला में विद्यार्थियों को संबोधित करते जिला संयोजक दिनेश शेखावत।

युवा विकास की नई दिशा तय करने वाले शिल्पकार: दिनेश शेखावत
मातनहेल स्थित राजकीय कॉलेज में ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के तहत कार्यशाला आयोजित

झज्जर, 13 अक्तूबर, अभीतक: जिलाभर में 17 अक्टूबर तक डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में चल रहे सेवा संकल्प अभियान को निरन्तर बढ़ावा मिल रहा है,इसी कड़ी में मंगलवार को मातनहेल स्थित राजकीय कॉलेज में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में जिला संयोजक दिनेश शेखावत ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए विद्यार्थियों को नवाचार, रचनात्मक सोच और उद्यमिता के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि विकास की नई दिशा तय करने वाले शिल्पकार भी हैं। युवाओं की प्रतिभा और तकनीकी ज्ञान का सही उपयोग समाज से जुड़ी समस्याओं के समाधान में किया जाना चाहिए।
नौकरी तलाशने वाले नहीं, रोजगार सृजन का माध्यम बनें युवा पीढ़ी
जिला संयोजक दिनेश शेखावत ने कहा कि देश की प्रगति केवल डिग्री हासिल करने से नहीं, बल्कि नए विचारों और प्रभावी समाधानों को विकसित करने से होगी। आज के युवाओं को नौकरी तलाशने के साथ-साथ रोजगार सृजक बनने की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि, सौर ऊर्जा, जल संरक्षण, पराली एवं कचरा प्रबंधन और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों पर नए विचार विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जब युवा अपनी तकनीकी समझ और रचनात्मक सोच से किसी सामाजिक समस्या का समाधान तलाशते हैं, तो यही प्रयास आगे चलकर स्टार्टअप और उद्यमिता का आधार बनते हैं।
श्रेष्ठ नवाचारी विचारों को मिलेगा प्रोत्साहन
जिला संयोजक ने विद्यार्थियों को ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ की रूपरेखा की जानकारी देते हुए कहा कि युवाओं के नवाचारी विचारों को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रोत्साहन और तकनीकी सहयोग के अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने बेहतर आइडिया को आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकृत करवाने और इस पहल का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ सुशील दलाल ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और विद्यार्थियों से अपनी रचनात्मक ऊर्जा को नवाचार से जोड़ने की अपील की।
सरकारी योजनाओं से स्वरोजगार को दें नई उड़ान
कार्यशाला में जिला उद्योग केंद्र के उद्योग विस्तार अधिकारी नीरज सिंह ने विद्यार्थियों को स्वरोजगार, स्टार्टअप और उद्यमिता से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, सब्सिडी प्रावधान, क्रेडिट गारंटी योजना और इनक्यूबेशन सपोर्ट सहित युवाओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया। मंच संचालन श्रीओम ने किया।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर अनिल शर्मा, डॉ श्रीओम, डॉ प्रियंका, प्रो अजय राठी, प्रो वीरेन्द्र यादव, प्रो सोनू रानी, प्रो सिवानी, डॉ ओमपति, डॉ राकेश, डॉ बलराम, प्रो कपिल गुप्ता, प्रो ऋषभ गोयल सहित महाविद्यालय के समस् स्टाफ सदस्य और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

सेवा संकल्प अभियान-2026: ग्रामीणों के लिए लाभकारी साबित हो रहे सेवा सेतु कैंप
सरकार की योजनाओं के लाभार्थी बनने सेवा सेतु कैंप पहुंचे ग्रामीण
गांव खुड्डन में उमेद आर्य,पूर्व सरपंच दिनेश और मोनू ने सेवा सेतु कैम्प का किया अवलोकन
डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर दी योजनाओं की जानकारी

झज्जर, 13 अक्तूबर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के तहत नागरिकों को सरकारी सेवाओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सहज रूप से उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से मंगलवार को गांव खुड्डन में सेवा सेतु कैंप का आयोजन हुआ। बीडीपीओ धर्मपाल, उमेद आर्य, पूर्व सरपंच दिनेश और मोनू सहित अन्य गणमान्य ने सेवा सेतु कैम्प का अवलोकन किया। कैम्प में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने पहुंचकर विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त की और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाया। डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में झज्जर जिला में सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा सेतु कैंप लगाकर लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। बीडीपीओ धर्मपाल ने बताया कि कैंप में विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए, जहां विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नागरिकों को सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं, सेवाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी जा रही है। नागरिकों को योजनाओं के लिए निर्धारित पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा मिलने वाले लाभों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। कैंप में पहुंचने वाले लोगों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का मौके पर समाधान करने का प्रयास किया गया। सेवा सेतु कैंप में स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग की ओर से स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया। यहां नागरिकों की स्वास्थ्य जांच करने के साथ उन्हें स्वास्थ्य संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली तथा आयुष पद्धति से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं परामर्श दिया गया। इससे कैंप में आने वाले नागरिकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी के साथ स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का भी लाभ मिला। कैंप में विभिन्न योजनाओं से संबंधित जानकारी लेने के लिए नागरिकों में उत्साह देखने को मिला। लोगों ने विभागीय स्टॉल पर पहुंचकर अपनी जरूरत के अनुसार जानकारी प्राप्त की तथा पात्रता के आधार पर योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया को समझा। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आमजन को सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

चिन्हित अपराधों, नशा तस्करी और साइबर फ्रॉड पर प्रभावी कार्रवाई करें अधिकारी: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने चिन्हित अपराध, नशा मुक्ति अभियान की समीक्षा बैठक में दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
केमिस्ट शॉप पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से पूरी दुकान को करें कवर, फुटेज का कम से कम तीन माह का बैकअप रखने के निर्देश

झज्जर, 13 अक्तूबर, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने जिला में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने और अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से चिन्हित अपराध, नारकोर्ड तथा साइबर फ्रॉड से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में डीसीपी फैजल खान विशेष रूप से उपस्थित थे। डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों को अपराधों की रोकथाम, मामलों की प्रभावी जांच तथा आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशे से संबंधित गतिविधियों पर निगरानी मजबूत रखी जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए नियमित निगरानी, प्रभावी कार्रवाई और विभागीय समन्वय बेहद जरूरी है।
केमिस्ट शॉप पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश
डीसी वर्षा खांगवाल ने केमिस्ट दुकानों पर सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि कैमरे इस प्रकार लगाए जाएं कि पूरी दुकान कवर हो। सीसीटीवी फुटेज का कम से कम तीन माह का बैकअप सुरक्षित रखा जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर रिकॉर्डिंग उपलब्ध हो सके। उन्होंने संबंधित टीम को केमिस्ट दुकानों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सीसीटीवी कैमरों की कार्यशील स्थिति, पूरी दुकान में उनकी कवरेज और फुटेज के बैकअप की जांच की जाए। जहां भी कमियां पाई जाएं, वहां नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही नशीली दवाओं की उपलब्धता की भी चेकिंग करने के निर्देश दिए गए। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संबंधित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और निर्धारित दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित करते हुए जिला में अपराध नियंत्रण के लिए गंभीरता से कार्य किया जाए। इस अवसर पर एसडीएम झज्जर रवि मीणा,एसडीएम बादली विशाल सहित सम्बंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

झज्जर अनाज मंडी में खरीफ फसल खरीद प्रक्रिया का जायजा लेती डीसी वर्षा खांगवाल।

खरीफ फसल खरीद प्रक्रिया को सुचारू व पारदर्शी रखना प्रशासन की प्राथमिकता: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने झज्जर अनाज मंडी का किया निरीक्षण, किसानों व आढ़तियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं का लिया फीडबैक
सरकार के निर्देशानुसार निर्धारित दरों पर खरीद सुनिश्चित करने और किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के दिए निर्देश

झज्जर, 13 अक्तूबर, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने मंगलवार को झज्जर अनाज मंडी का जायजा लेते हुए खरीफ फसलों की खरीद प्रक्रिया और किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंडी में मौजूद किसानों और आढ़तियों से बातचीत कर खरीद व्यवस्था के संबंध में फीडबैक लिया। डीसी ने कहा कि खरीफ फसलों की खरीद प्रक्रिया को निर्बाध, पारदर्शी और सुचारू रूप से संपन्न करवाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। सरकार के निर्देशानुसार निर्धारित दरों पर फसलों की खरीद सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडी में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और खरीद प्रक्रिया के दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा और उनकी उपज की सुचारू खरीद के लिए प्रशासन पूरी तरह सजग है। खरीद प्रक्रिया के दौरान आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए, ताकि किसानों को अनावश्यक परेशानी न हो। डीसी ने कहा प्रदेश सरकार किसानों के हितों की रक्षा और उनकी फसल का एक-एक दाना न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। धान खरीद, उठान और किसानों की सुविधा के लिए मंडियों में पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
आढ़ती एसोसिएशन ने जताया संतोष
इस दौरान आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान विनोद कुमार ने जिला प्रशासन द्वारा अनाज मंडियों में किए गए प्रबंधों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अनाज मंडी में आढ़ती एसोसिएशन पूरी तरह से प्रशासन के सहयोगी हैं और किसानों को किसी भी रूप से मंडी में खरीद प्रक्रिया के दौरान व्यवधान नहीं आने दिया जाएगा। वहीं, मार्केट कमेटी के वाइस चेयरमैन जसबीर सिंह ने कहा कि अनाज मंडी में किसानों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह सजग हैं। इस अवसर पर एसडीएम झज्जर रवि मीणा सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।

हरियाणवी संस्कृति की विरासत सहेजने की पहल, गांव कासनी में ‘रीत पुरानी-2’ की शूटिंग संपन्न; पुराने रीति-रिवाजों और परंपराओं की दिखेगी झलक
झज्जर, 13 अक्तूबर, अभीतक: आधुनिकता की तेज रफ्तार में जहां हमारी पुरानी जीवनशैली, रीति-रिवाज और पारंपरिक रहन-सहन धीरे-धीरे अतीत की यादों में सिमटते जा रहे हैं, वहीं हरियाणवी संस्कृति की अनमोल विरासत को सहेजने के उद्देश्य से तैयार किए जा रहे गीत ‘रीत पुरानी-2’ की दो दिवसीय शूटिंग 11 व 12 अक्टूबर को जिला झज्जर के गांव कासनी में संपन्न हुई। पिछले वर्ष 16 नवंबर को रिलीज हुए ‘रीत पुरानी’ गीत को दर्शकों से मिले भरपूर प्यार और प्रोत्साहन के बाद इसके दूसरे भाग को लेकर टीम में विशेष उत्साह है। नवरात्रों के पावन अवसर पर शूटिंग का शुभारंभ रामचंद्र पहलवान ने विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया। बाला मूवीज़ के बैनर तले तैयार हो रहे इस गीत के निर्माता-निर्देशक विजय बालाजी हैं। गीत को अनुप शर्मा ने संगीतबद्ध किया है, जबकि अपनी मधुर आवाज से इसे सजाया है गायक नितिन तिरखा ने। गीत के बोल रणवीर धनखड़ ने लिखे हैं। इस प्रस्तुति के माध्यम से हरियाणा की पुरानी संस्कृति, पारंपरिक जीवनशैली, रीति-रिवाजों और लोक परंपराओं को नए अंदाज में दर्शकों के सामने लाने का प्रयास किया गया है, ताकि नई पीढ़ी भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से परिचित हो सके। गीत में लाइसेंस फिल्म सहित विभिन्न हरियाणवी फिल्मों और नाटकों में अपने अभिनय का लोहा मनवा चुके उत्तर भारत के चर्चित अभिनेता राजकुमार धनखड़ के साथ विजय कालीरमन, संजय दलाल, संजीव सांपला, रणवीर धनखड़, बबीता गुज्जर, अनिल देवी और शिवानी धनखड़ सहित अनेक स्थानीय कलाकारों एवं बाल कलाकारों ने अभिनय किया है। सभी कलाकारों ने हरियाणवी परिवेश और पारंपरिक जीवनशैली को पर्दे पर जीवंत रूप देने के लिए अपना योगदान दिया। गीत के फिल्मांकन में ग्रामीण संस्कृति, पुराने समय के रहन-सहन और लोक परंपराओं को विशेष रूप से उभारने का प्रयास किया गया है। निर्माता-निर्देशक विजय बालाजी ने बताया कि गीत के बोलों के अनुरूप दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाली ऐसी अनेक पुरानी वस्तुओं को फिल्मांकन में शामिल किया गया है, जो कभी घर-परिवार और ग्रामीण जीवन का अभिन्न हिस्सा हुआ करती थीं, लेकिन आज बहुत कम देखने को मिलती हैं। आधुनिकता के चलते धीरे-धीरे लुप्त हो रही पुरानी परंपराओं, रीति-रिवाजों और रहन-सहन को भी गीत में स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य दर्शकों को बीते समय की यादों से जोड़ने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को उस जीवनशैली से परिचित करवाना है, जिसमें सादगी, आपसी मेलजोल और पारिवारिक-सामाजिक संबंधों का विशेष महत्व हुआ करता था। उन्होंने गाने को अभीनय के बल पर जिवंत बनाने के लिए सभी कलाकारों का, शुटिंग में सहयोग करने के लिए ग्राम पंचायत कासनी, कासनी समाज कल्याण सेवा समिति व समस्त ग्रामवासियों का धन्यवाद अदा किया । गांव के सरपंच प्रतिनिधि उमेद सिंह ने कहा कि हरियाणवी संस्कृति पर आधारित ऐसे गीत युवाओं को अपनी पुरानी परंपराओं, रीति-रिवाजों और पारंपरिक पहनावे से परिचित करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लोक संस्कृति को बढ़ावा देने वाले प्रयास हमारी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा देते हैं। ग्राम पंचायत कासनी की सरपंच अनिल देवी ने कहा कि गांव में हरियाणवी संस्कृति से जुड़े भजन, गीत, नाटक और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शूटिंग के लिए ग्राम पंचायत की ओर से भरपूर सहयोग दिया जाता है। इस प्रकार की शूटिंग से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। साथ ही, अन्य कलाकारों का अभिनय और काम करने का तरीका देखकर युवाओं में भी कला एवं अभिनय के क्षेत्र में आगे बढ़ने की रुचि पैदा होती है। उन्होंने कहा कि गांवों में सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करता है, बल्कि ग्रामीण परिवेश और हरियाणवी संस्कृति को व्यापक पहचान दिलाने में भी सहायक है। हरियाणवी फिल्मों और नाटकों में अपनी अलग पहचान बना चुके अभिनेता राजकुमार धनखड़ ने ‘रीत पुरानी-2’ के निर्माण के लिए पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति, परंपराओं और लोक विरासत को समर्पित ऐसे गीतों का निर्माण सराहनीय प्रयास है। उन्होंने भविष्य में भी हरियाणवी संस्कृति को बढ़ावा देने वाले इस प्रकार के कार्यों में यथासंभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई। गीत के लेखक रणवीर धनखड़ ने बताया कि पिछले वर्ष रिलीज हुए ‘रीत पुरानी’ गीत को दर्शकों का भरपूर स्नेह मिला था। गीत देखने के बाद अनेक दर्शकों ने फोन करके इसी तरह की और प्रस्तुतियां तैयार करने का सुझाव दिया। दर्शकों के इस प्यार और प्रोत्साहन ने उन्हें ‘रीत पुरानी-2’ लिखने की प्रेरणा दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिस प्रकार पहले गीत को दर्शकों ने पसंद किया, उसी प्रकार दूसरा भाग भी लोगों के दिलों में जगह बनाएगा और हरियाणवी संस्कृति से जुड़ाव को और मजबूत करेगा। ‘रीत पुरानी-2’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि बीते समय की जीवनशैली, पुरानी वस्तुओं, पारंपरिक पहनावे और सामाजिक रीति-रिवाजों को सहेजने का एक सांस्कृतिक प्रयास है। समय के साथ जीवनशैली बदलना स्वाभाविक है, लेकिन अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को याद रखना भी उतना ही आवश्यक है। हमारी पुरानी वस्तुएं बीते दौर की कहानी कहती हैं, लोकगीत हमारी भावनाओं को स्वर देते हैं और रीति-रिवाज हमारी सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाते हैं। ऐसे प्रयासों से हरियाणा की मिट्टी की महक, लोक संस्कृति की मिठास और पुरानी परंपराओं की पहचान आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचती रहेगी।

जीएमपीएस मातनहेल में एफएलएन के छह दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण का समापन
झज्जर, 13 अक्तूबर, अभीतक: राजकीय मॉडल प्राथमिक विद्यालय मातनहेल में बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान के तहत आयोजित छह दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण शिविर के पहले बैच समापन हुआ।इस छह दिवसीय प्रशिक्षण के सफल मार्गदर्शन एवं आयोजन में खंड शिक्षा अधिकारी का विशेष मार्गदर्शन रहा, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर बीआरपी मोनिका ने प्रशिक्षण के सुचारू संचालन में अहम भूमिका निभाई। वहीं की रिसोर्स पर्सन के रूप में प्रमिला और सुधा यादव ने शिक्षकों को बुनियादी शिक्षा की आधुनिक एवं प्रभावशाली तकनीकों का गहन अभ्यास कराया। प्रशिक्षण के दौरान अध्यापकों को बाल वाटिका, हिंदी, अंग्रेजी और गणित विषयों में नवाचारों का प्रयोग कर बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। प्रशिक्षण में शिक्षण अधिगम सामग्री, गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से प्राइमरी के विद्यार्थियों में बुनियादी पढ़ने, लिखने और गणितीय समझ को बेहतर बनाने की बारीकियों पर जोर दिया गया। खंड शिक्षा अधिकारी ने अध्यापकों को संबोधित करते हुए कहा कि एफएलएन का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर बच्चों की सीखने की नींव को मजबूत बनाना है। शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि कक्षाओं में नए-नए नवाचारों के प्रयोग से शिक्षण कार्य रोचक बनता है और बच्चों की रुचि पढ़ाई में बढ़ती है।प्रशिक्षण के समापन पर अजय कुमार जीपीएस खानपुर खुर्द को पंक्चुअलिटी अवार्ड विजय कुमार जीएमपीएस लडायन को एक्टिव पार्टिसिपेंट अवार्ड और विजेंद्र सिंह जीजीपीएसझाड़ली को लर्निंग चैंपियन के अवार्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी 39 प्रतिभागी अध्यापकों को समापन प्रमाण पत्र सौंपकर सम्मानित किया गया तथा उनसे अपेक्षा की गई कि वे प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों को अपने-अपने विद्यालयों में लागू कर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अपना योगदान देंगे।

अवैध हथियार रखने और उपलब्ध करवाने के मामले में दोनों आरोपी काबू’
सीआईए-1 बहादुरगढ़ की कार्रवाई, नितेश को न्यायिक हिरासत में भेजाय दूसरे आरोपी शिवम के खिलाफ कार्रवाई जारी’

झज्जर, 13 अक्तूबर, अभीतक: पुलिस उपायुक्त झज्जर शुभम सिंह के दिशा-निर्देशन में झज्जर पुलिस द्वारा अवैध हथियार रखने और उनकी आपूर्ति करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में सीआईए-1 बहादुरगढ़ की टीम ने अवैध देशी पिस्तौल व जिंदा कारतूस सहित एक आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले की जांच के दौरान हथियार उपलब्ध करवाने के संबंध में दूसरे आरोपी की भूमिका भी सामने आई, जिसके बाद उसे भी मामले में शामिल किया गया।सीआईए-1 बहादुरगढ़ के प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि 12 अक्टूबर 2026 को पुलिस टीम सेक्टर-9 बाईपास, बहादुरगढ़ के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि नितेश निवासी लाइनपार, बहादुरगढ़ अवैध पिस्तौल लेकर नए बस अड्डे पर खड़ा है। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को काबू कर लिया।तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से एक अवैध देशी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। आरोपी हथियार रखने संबंधी कोई लाइसेंस या परमिट पेश नहीं कर सका। इस संबंध में थाना शहर बहादुरगढ़ में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मामले की आगामी जांच के दौरान आरोपी नितेश के खुलासे के आधार पर शिवम निवासी दिल्ली की भूमिका सामने आई। जांच के तहत शिवम को भी मामले में शामिल किया गया।पुलिस कार्रवाई के तहत आरोपी नितेश को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जिला जेल झज्जर भेज दिया गया। वहीं, दूसरे आरोपी शिवम के खिलाफ मामले में नियमानुसार आगामी कार्रवाई जारी है।

साइबर ठगी के मामले में राजस्थान निवासी आरोपी गिरफ्तार’
क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का झांसा देकर बहादुरगढ़ के व्यक्ति से 9.80 लाख रुपये की धोखाधड़ी, ठगी की रकम में से 75 हजार रुपये आरोपी के बैंक खाते में हुए थे ट्रांसफर’

झज्जर, 13 अक्तूबर, अभीतक: पुलिस उपायुक्त मुख्यालय फैसल खान के दिशा-निर्देशन में झज्जर पुलिस द्वारा साइबर अपराधों में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में साइबर क्राइम थाना झज्जर की टीम ने ऑनलाइन निवेश के नाम पर हुई 9.80 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में राजस्थान निवासी आरोपी को किया गिरफ्तार। आरोपी की पहचान रेवन्तरम निवासी मोहर नगर छितरबेरा, जिला फलोदी, राजस्थान के रूप में हुई है।थाना साइबर क्राइम झज्जर प्रबंधक निरीक्षक दर्शन सिंह ने बताया कि बहादुरगढ़ क्षेत्र निवासी ने शिकायत दी थी कि जनवरी 2025 में उसके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से मैसेज आया था। इसके बाद उसे टेलीग्राम के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने का झांसा दिया गया। शिकायतकर्ता ने अलग-अलग तारीखों में फोन-पे और आरटीजीएस के माध्यम से कुल 9 लाख 80 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में उसे अपने साथ धोखाधड़ी होने का पता चला। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना झज्जर में मामला दर्ज किया गया।मामले की जांच के दौरान पुलिस ने विभिन्न बैंक खातों का रिकॉर्ड प्राप्त कर उसका विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि 75 हजार रुपये सिटी यूनियन बैंक के उस खाते में ट्रांसफर हुए थे, जिसका खाताधारक आरोपी रेवन्तरम है।पुलिस ने आरोपी को जांच में शामिल कर मामले से संबंधित पूछताछ की। आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी साक्ष्य मिलने पर उसे नियमानुसार गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा मामले में अन्य संबंधित आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया या टेलीग्राम पर मिलने वाले अनजान निवेश प्रस्तावों पर भरोसा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाएं।

प्रतिबंधित नशीली दवाइयों की 8 शीशियों सहित दो आरोपी गिरफ्तार’
आसौदा क्षेत्र में प-20 गाड़ी से पकड़े गए दोनों आरोपी, राजपत्रित अधिकारी की उपस्थिति में तलाशी के दौरान कुल 800 एमएल प्रतिबंधित नशीली दवाइयां बरामद’

बहादुरगढ़, 13 अक्तूबर, अभीतक: पुलिस उपायुक्त क्राइम शुभम सिंह के दिशा-निर्देशन में झज्जर पुलिस द्वारा प्रतिबंधित नशीली दवाइयों की तस्करी करने वाले आरोपियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में एंटी व्हीकल थेफ्ट बहादुरगढ़ की टीम ने प्रतिबंधित नशीली दवाइयों के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से आठ शीशियां, कुल 800 एमएल प्रतिबंधित नशीली दवाइयां बरामद की गई हैं।एंटी व्हीकल थेफ्ट प्रभारी उपनिरीक्षक अंकित कुमार ने बताया कि पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि दो युवक प्रतिबंधित नशीली दवाइयों की बिक्री करते हैं और अपनी सफेद रंग की आई-20 गाड़ी में नशीली दवाइयां लेकर जाखौदा के किसान चैक के पास मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों युवकों को काबू किया।आरोपियों की पहचान संदीप तथा तरुण निवासी आसौदा, जिला झज्जर के रूप में हुई। नियमानुसार राजपत्रित अधिकारी की उपस्थिति में तलाशी लेने पर दोनों आरोपियों के कब्जे से चार-चार शीशियां बरामद हुईं। पुलिस द्वारा संबंधित औषधि नियंत्रण अधिकारी से संपर्क किया गया। आरोपी बरामद प्रतिबंधित नशीली दवाइयों के संबंध में कोई वैध लाइसेंस, परमिट या डॉक्टर की पर्ची प्रस्तुत नहीं कर सके।इस संबंध में थाना आसौदा में मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां माननीय न्यायालय के आदेशानुसार उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए जागरूक करेंगे पैनल अधिवक्ता व पैरा लीगल वॉलंटियर: सीजेएम विशाल
झज्जर, 13 अक्तूबर, अभीतक: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सचिव एवं सीजेएम विशाल ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के पैनल अधिवक्ता व पैनल पैरा लीगल वालंटियरों को दिशा निर्देश दिए हैं कि वे अपने आसपास के गांवों में जाकर किसानों को खेतों में पराली और फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूक करेंगे। और किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों और वैकल्पिक उपायों के बारे में जागरूक करेंगे। सीजेएम विशाल ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए आमजन की भागीदारी जरूरी है और कहा कि सुबह आमजन अपनी दुकानों व घरों के सामने सफाई करके जो कूड़ा – कचरा इकट्ठा करके जलाते है उससे वायु प्रदूषण बहुत ज्यादा होता है और वह धुँआ हमारे शरीर पर भी बहुत बुरा असर डालता हैं है सीजेएम विशाल ने प्रशासन से भी इस बारे में जागरूक करने की अपील की है अगर कोई व्यक्ति अपनी दुकान या मकान के सामने कूड़ा – कचरा जलता पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जायेगी। सीजेएम ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर की तरफ से झज्जर के हर ब्लॉक में मुफ्त कानूनी सहायता केंद्र खुले हुए हैं जो महीने के हर बुधवार व रविवार सुबह 9 बजे से 12 बजे तक आमजन मुफ्त कानूनी सलाह व सहायता प्राप्त कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर का हेल्पलाइन नम्बर 01251-252013 पर संपर्क कर सकते है या राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण का टोल फ्री नंबर 15100 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

JNUमामले पर झज्जर में भाजपा का प्रदर्शन, महिला मोर्चा के नेतृत्व में राहुल गांधी का पुतला फूंका
भाजपा जिला अध्यक्ष विकास वाल्मीकि ने कांग्रेस नेतृत्व से महिला सुरक्षा के मुद्दे पर जवाब मांगा

झज्जर, 13 अक्तूबर, अभीतक: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में छात्राओं की शिकायतों से जुड़े मामले को लेकर झज्जर में भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। भाजपा महिला मोर्चा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी का पुतला फूंककर कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ रोष जताया। इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष विकास वाल्मीकि ने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिला सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर पार्टी को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। भाजपा जिला अध्यक्ष विकास वाल्मीकि ने कहा कि कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम, जो श्रछन् में प्रोफेसर रह चुके हैं, से जुड़े मामले में छात्राओं की शिकायतें गंभीर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अंक बढ़वाने के नाम पर छात्राओं के कथित शोषण का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए।
राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व से मांगा जवाब
विकास वाल्मीकि ने आरोप लगाया कि मामले को लेकर कांग्रेस नेतृत्व का रुख स्पष्ट नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि महिला सुरक्षा और सम्मान को लेकर कांग्रेस की नीति क्या है तथा अपने सांसद से जुड़े गंभीर आरोपों पर पार्टी का क्या रुख है। उन्होंने कहा कि छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। भाजपा ने इस मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व की जवाबदेही तय करने की मांग की।
महिला मोर्चा के नेतृत्व में हुआ प्रदर्शन
प्रदर्शन में जिला परिषद चेयरमैन कप्तान बिरधाना, बेरी से भाजपा प्रत्याशी रहे संजय कबलाना, भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष सोमवती जाखड़, बहादुरगढ़ नगर परिषद चेयरपर्सन सरोज राठी, चैयरमेन जिलेसिंह सैनी, दीपक झाँसवा ब्लाक चेयरमैन, जगदीप छिककारा चैयमैन, प्रशांत कादियान, सुनीता चैहान और कमलेश अत्री रेखा यादव, मनीष बंसल सहित अनेक भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। महिला मोर्चा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में भाग लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए राहुल गांधी का पुतला फूंका और कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।

मेरे नाम का दुरुपयोग कर ठगी करने वालों पर हो सख्त कार्रवाई: डॉ. अरविंद शर्मा
चंडीगढ, 13 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा के कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने जींद में नौकरी लगवाने के नाम पर महिलाओं से कथित ठगी के मामले को गंभीर बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित पुलिसकर्मी उनके सांसद रहते समय करीब डेढ़ महीने के लिए गनमैन के तौर पर तैनात रहा था। इसके अलावा उससे उनका कोई संबंध नहीं है। डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि उनके नाम का दुरुपयोग कर किसी ने नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे लिए हैं, तो यह गंभीर अपराध है। इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कथित लेन-देन से उनका कोई संबंध नहीं है और पीड़ित महिलाओं को न्याय मिलना चाहिए।

पराली जलाने से होने वाले प्रदुषण को रोकने व फसल अवशेष प्रबन्धन हेतू कृषि विभाग और जिला प्रसासन अलर्ट
रेवाड़ी, 13 अक्तूबर, अभीतक: उप कृषि निदेशक रेवाडी डॉ. राकेश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला में तैनात किए गए नोडल अधिकारियों के साथ बैठक की गई तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। उन्होने गाँवों में नियुक्त किए गए सभी नोडल अधिकारियों को खेतों में आगजनी की घटनाओं की निगरानी व रोकथाम के लिए लगातार गाँवों में गश्त (पेट्रोलिंग) करने बारे निर्देश दिए। उन्होने बताया कि पराली को जलाने से वायु प्रदुषण बढ़ता है, मिट्टी की जैविक गुणवत्ता प्रभावित होती है। पराली का प्रबन्धन करने के लिए आज किसानो के पास विकल्प मौजूद है। किसान सुपर सीडर, रिर्वसीबल एम बी प्लॉव, जीरो टिल सीड ड्रील, रोटावेटर व हैरो आदि की सहायता से धान की फसल अवशेषो को मिट्टी में मिलाएं। हरियाणा सरकार ने फसल अवशेष प्रबन्धन करने के लिए सी आर एम स्कीम लागू की हुई है। उन्होने बताया कि यदि कोई किसान पराली जलाता हुआ पाया जाता है तो पाँच हजार से तीस हजार रूपये तक जुर्माना लगाया जाएगा व मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर भूमि रिकॉर्ड में रेड एन्ट्री दर्ज की जाएगी। इसके साथ-साथ सम्बन्धित किसान पर कानूनी कार्यवाही करते हुए एफ आई आर भी दर्ज की जाएगी। इंजी. दिनेश शर्मा सहायक कृषि अभियन्ता, रेवाडी ने बताया कि जिले में धान की कटाई शुरू हो चुकी है। पराली नही जलाने व इसका प्रबन्धन करने वाले किसानो को 1200 रूपये प्रति एकड प्रोत्साहन राशी दी जाती है। कृषि विभाग द्वारा किसानो को फसल अवशेष न जलाने के लिए जागरूक करने व प्रोत्साहन राशी की प्रक्रिया के लिए 132 गाँवो में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए है। रेवाडी जिले में इस बार मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर 4780 एकड का पंजीकरण हुआ है। फसल अवशेष प्रबन्धन कार्य के लिए सभी टीमें लगातार कार्य कर रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानो को पराली जलाने से रोकना है तथा फसल अवशेषों के बेहतर उपयोग को बढावा देना है। इस मीटिंग में इंजी. दिनेश शर्मा सहायक कृषि अभियन्ता, रेवाडी, मनोज कुमार, तकनीकी सहायक, डॉ. मनोज, डॉ. अजीत, डॉ. नवीन खण्ड कृषि अधिकारी, इंजी. सुनिल कुमार, कृषि विकास अधिकारी (कृषि यन्त्र) व सभी नोडल अधिकारी मौजूद रहे।

राशन डिपो के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित, 10 नवंबर तक करें आवेदन
महिलाओं को मिलेगा 33 प्रतिशत आरक्षण

रेवाड़ी, 13 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा सरकार द्वारा राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा गरीब एवं पात्र परिवारों को सुगम तरीके से राशन उपलब्ध कराने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में प्रदेशभर में रिक्त राशन डिपो के लाइसेंस जारी करने के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इन दुकानों के आवंटन में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का विशेष प्रावधान किया गया है, जिससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि इच्छुक एवं पात्र आवेदक हरियाणा अंत्योदय सरल पोर्टल ीजजचेरूध्ध्ेंतंसींतलंदं.हवअ.पद के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 नवंबर तक है। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को आवश्यक खाद्यान्न की सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित करना, युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करना तथा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसके साथ ही, ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को राशन प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों को दूर करना भी इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है। डीसी ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया, पात्रता शर्तों और अन्य विस्तृत जानकारी के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, हरियाणा की आधिकारिक वेबसाइट ीजजचेरूध्ध्ींतलंदंविवक.हवअ.पद पर उपलब्ध है। इस पर देख सकते हैं। उन्होंने जिले के सभी इच्छुक एवं पात्र आवेदकों, विशेषकर युवाओं और महिलाओं से अपील की है कि वे निर्धारित पात्रता शर्तों एवं दिशा-निर्देशों का भलीभांति अध्ययन करने के बाद अंतिम तिथि 10 नवंबर से पहले अपना आवेदन ऑनलाइन जमा करवाएं।

अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार एवं सीपीआर का दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से किया जागरूक

रेवाड़ी, 13 अक्तूबर, अभीतक: अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर मेरा युवा भारत, रेवाड़ी, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा उपायुक्त एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन में भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, क्षेत्रीय केंद्र, कृष्ण नगर, रेवाड़ी में जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को आपदा प्रबंधन, आपदा से बचाव, पूर्व तैयारी तथा आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन बचाने के उपायों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की जिला परियोजना प्रबंधक मीनाक्षी राठौर ने प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार की आपदाओं, उनसे जुड़े जोखिमों तथा आपदा के समय आवश्यक तैयारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।इसके पश्चात नमो सेवा अनकही कहानियां के जिला संयोजक सतीश मस्तान के प्रशिक्षण में तैयार नुक्कड़ नाटक टीम की सदस्य मनीषा, आरती, किस्मत, मोनिका और कुसुम ने आपदा प्रबंधन विषय पर प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में मास्टर ट्रेनर एवं वरिष्ठ पैरामेडिकल अधिकारी आशीष यादव ने प्रतिभागियों को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) और सीपीआर का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. यशपाल शर्मा ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन केवल किसी विशेष परिस्थिति तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में जागरूकता, सतर्कता और व्यावहारिक समझ आवश्यक है। मेरा युवा भारत, रेवाड़ी की ओर से यतिन चरण ने युवाओं को मेरा युवा भारत पोर्टल की जानकारी दी और युवाओं को पोर्टल से जुड़कर विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर मेरा युवा भारत, रेवाड़ी के जिला युवा अधिकारी सुमित यादव, प्रशासनिक सहायक विनय राव, आंचल, मास्टर ट्रेनर कुलदीप और गोविंद, क्षेत्रीय केंद्र से डॉ. अनिल कुमार, राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ. अंजलि पंचाल सहित अन्य प्राध्यापक एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

जिला स्तरीय सांस्कृतिक उत्सव-2026 की तैयारी बैठक संपन्न
स्थान: शहीद रामस्वरूप राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कंवाली (जाटूसाना), जिला रेवाड़ी

रेवाड़ी, 13 अक्तूबर, अभीतक: आज कंवाली स्कूल में जिला स्तरीय सांस्कृतिक उत्सव की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की गई।बैठक खंड शिक्षा अधिकारी श्री सतवीर नाहड़िया जी के मार्गदर्शन में, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर श्री अशोक नामवाल जी की अध्यक्षता में तथा मेजबान प्राचार्य श्री अनिल यादव जी की मेजबानी में संपन्न हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 15 अक्टूबर 2026 को कक्षा 5वीं से 8वीं (मिडल विंग) और 16 अक्टूबर 2026 को कक्षा 9वीं से 12वीं (सीनियर सेकेंडरी विंग) की सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं शहीद रामस्वरूप राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कंवाली में आयोजित होंगी।तैयारियों के तहत कार्यक्रम स्थल, मंच, प्रांगण, ग्रीन रूम, साउंड सिस्टम, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और पार्किंग का निरीक्षण किया गया। निर्देश दिए गए कि जिले के विभिन्न विद्यालयों से आने वाली टीमों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर मुहैया कराई जाएं। अंत में मेजबान प्राचार्य श्री अनिल यादव ने सभी अधिकारियों एवं सांस्कृतिक प्रभारियों का आभार व्यक्त किया।

सेवा संकल्प अभियान: बेरली कलां में सेवा सेतु कैंप का किया आयोजन
ग्रामीणों को दी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी
गांव पुंसिका में बुधवार को आयोजित होगा सेवा सेतु कैंप, पात्र नागरिकों से लाभ उठाने की अपील

रेवाड़ी, 13 अक्तूबर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत मंगलवार को गांव बेरली कलां में सेवा सेतु कैंप का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को विभागीय सेवाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं और पात्रता संबंधी जानकारी दी गई। साथ ही, पात्र लाभार्थियों को योजनाओं के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया के बारे में भी अवगत कराया गया, ताकि वे सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें। वहीं बुधवार को गांव पुंसिका में सेवा सेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा। सेवा संकल्प अभियान के नोडल अधिकारी एवं एडीसी राहुल मोदी ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन में जिला में सेवा सेतु कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों का उद्देश्य पात्र परिवारों को केंद्र व प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना और उन्हें सरकारी सेवाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक करना है। एडीसी ने बताया कि इन शिविरों में दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना, स्वरोजगार, कौशल विकास, ऋण सुविधा सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। एडीसी ने बताया कि बुधवार को गांव पुंसिका में सेवा सेतु कैंप का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने पात्र नागरिकों से कैंप में पहुंचकर योजनाओं की जानकारी लेने और उपलब्ध सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम को संबोधित किया
मैं, सशक्त बनाने की शक्तिय नियंत्रण की शक्ति से आगे बढ़कर सक्षम बनाने की शक्तिय प्रतिस्पर्धा की शक्ति से आगे बढ़कर सहयोग की शक्तिय सफल होने की शक्ति से आगे बढ़कर दूसरों को सफल बनाने की शक्ति – के विजन के साथ आया हूं: प्रधानमंत्री
हमारा निरंतर प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि भारत की क्षमताएं अन्य देशों के लिए भी अवसरों के नए द्वार खोलें: प्रधानमंत्री
भारत की प्रगति सामूहिक विकास और साझा अवसरों में निहित है: प्रधानमंत्री
हम किसी की कीमत पर आगे नहीं बढ़तेय हम विश्व के साथ और विश्व के लिए आगे बढ़ते हैं: प्रधानमंत्री
अनिश्चितताओं से भरी दुनिया में भारत विश्वसनीयता और स्थिरता प्रदान करता है: प्रधानमंत्री
हमारे लिए सुधार कोई विवशता नहीं, बल्कि दृढ़ विश्वास हैं: प्रधानमंत्री

नई दिल्ली, 13 अक्तूबर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम को संबोधित किया। श्री माइकल ब्लूमबर्ग की पूर्ववर्ती टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने भारत में इस फोरम के पहली बार आयोजित होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय मामलों सहित वैश्विक महत्व के प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श करने के लिए दुनिया के प्रतिभाशाली व्यक्तियों को एक मंच पर लाने की फोरम की क्षमता की सराहना की। श्री मोदी ने कहा कि मैं श्री ब्लूमबर्ग और उनकी पूरी टीम को बधाई देता हूं। आपने सही समय पर सही स्थान का चयन किया है। प्रधानमंत्री ने उभरती वैश्विक शक्तियों पर शिखर सम्मेलन के मूलभूत फोकस का उल्लेख करते हुए 21वीं सदी के तीसरे दशक में आए व्यापक बदलावों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज प्रौद्योगिकी, डेटा, ज्ञान और नवाचार शक्ति के प्रमुख मानदंड बन गए हैं। उन्होंने उपस्थित लोगों से इस बात पर पुनर्विचार करने की अपील की कि इस शक्ति का मूल उद्देश्य क्या होना चाहिएकृक्या इसका लाभ केवल कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित रहना चाहिए या लाखों लोगों के लिए अवसरों का लोकतंत्रीकरण करना चाहिए। उन्होंने नियंत्रण से आगे बढ़कर सक्षम बनाने और प्रतिस्पर्धा से आगे बढ़कर सहयोग करने की आवश्यकता पर बल दिया। श्री मोदी ने कहा कि मैं आज जिस विजन के साथ यहां आया हूं, वह है स्वयं सफल होने की शक्ति से आगे बढ़कर दूसरों को सफल बनाने की शक्तिकृ सशक्त बनाने की शक्ति। प्रधानमंत्री ने इस दर्शन को प्राचीन सांस्कृतिक ज्ञान से जोड़ते हुए पारंपरिक संस्कृत ग्रंथों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ज्ञान, धन और शक्ति का वास्तविक मूल्य इस बात से निर्धारित होता है कि उनका उपयोग कितनी नैतिकता के साथ किया जाता है। उन्होंने बल देकर कहा कि आज की जटिल वैश्विक परिस्थितियों से निपटने के लिए शक्ति के इस गहन उद्देश्य को समझना अत्यंत आवश्यक है। श्री मोदी ने कहा कि इसका अर्थ यह है कि शक्ति का वास्तविक मूल्य उसके उद्देश्य में निहित है। प्रधानमंत्री ने इस प्राचीन विचारधारा को आधुनिक प्रशासन से जोड़ते हुए कहा कि ‘सशक्त बनाने की शक्ति’ की अवधारणा केवल वैश्विक मंच से दिया जाने वाला उपदेश नहीं है, बल्कि यह भारत की संस्कृति में गहराई से समाहित परंपरा है, जिसे देश के शासन और कार्यसंस्कृति में सक्रिय रूप से अपनाया गया है। उन्होंने कहा कि वह देश की प्रगति के ठोस उदाहरणों के माध्यम से इस परिवर्तनकारी विचार को स्पष्ट करेंगे। श्री मोदी ने कहा, “इसलिए मैं भारत के ही उदाहरणों के माध्यम से अपनी बात आगे बढ़ाऊंगा। प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र की जननी भारत की जीवंतता और विविधता का उल्लेख करते हुए देश की विशाल भाषाई विविधता, 80,000 प्रकाशनों और एक हजार से अधिक टेलीविजन चैनलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक सोशल मीडिया के दौर में देश के 50 करोड़ यूट्यूब और इंस्टाग्राम यूजर व्यापक और खुले विमर्श में भाग लेते हैं। यह दर्शाता है कि डिजिटल शक्ति लोकतांत्रिक संवाद को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है। श्री मोदी ने कहा कि वर्तमान समय में इसमें डिजिटल शक्ति की प्रमुख भूमिका रही है। प्रधानमंत्री ने डिजिटल बहिष्करण के विरुद्ध किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि एक दशक से कुछ अधिक समय पहले तक मोबाइल फोन और इंटरनेट तक पहुंच को केवल संपन्न वर्ग का विशेषाधिकार माना जाता था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 के बाद सरकार ने जानबूझकर डेटा की कीमतों में भारी कमी की, ताकि छोटे शहरों के विद्यार्थियों से लेकर गांवों के दुकानदारों तक सभी को ज्ञान और बाजारों तक तत्काल पहुंच मिल सके। श्री मोदी ने कहा कि भारत में कनेक्टिविटी ने केवल लोगों को ही नहीं, बल्कि अवसरों को भी आपस में जोड़ा है। वित्तीय समावेशन के असाधारण विस्तार का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय अतिथियों को भारत की निर्बाध डिजिटल भुगतान व्यवस्था को देखने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था में एक साधारण रेहड़ी-पटरी विक्रेता और एक बड़े कार शोरूम द्वारा एक ही प्रौद्योगिकीय प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाता है। उन्होंने वित्तीय सेवाओं तक पहुंच के इस व्यापक विस्तार को समावेशी प्रौद्योगिकी का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। श्री मोदी ने कहा कि यह समावेशी प्रौद्योगिकी की शक्ति है। प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि देश की डिजिटल क्षमताओं को विकासशील देशों (ग्लोबल साउथ) और अन्य साझेदार देशों के साथ लगातार साझा किया जा रहा है, ताकि वे अपना डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना तंत्र विकसित कर सकें। उन्होंने महामारी के दौरान उपयोग किए गए ओपन-सोर्स कोविन प्लेटफॉर्म का उल्लेख करते हुए इसे घरेलू नवाचार द्वारा वैश्विक संभावनाओं के द्वार खोलने का प्रमुख उदाहरण बताया। श्री मोदी ने कहा इसका अर्थ है कि हमारी क्षमता मानवता को सशक्त बनाने वाली होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने नवाचार के व्यापक लोकतंत्रीकरण का उल्लेख करते हुए भारत में स्टार्टअप क्षेत्र की तीव्र वृद्धि की सराहना की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में कुछ सौ स्टार्टअप से बढ़कर आज इनकी संख्या 2.5 लाख से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि इनमें से लगभग आधे स्टार्टअप छोटे शहरों से आते हैं और 45 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप में महिलाएं नेतृत्वकारी भूमिका निभा रही हैं। यह दर्शाता है कि समस्याओं का समाधान करने की क्षमता समाज के सभी वर्गों तक पहुंच रही है। श्री मोदी ने कहा कि इसका अर्थ यह है कि नवाचार के अवसर अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच रहे हैं। लोक प्रशासन के मूल दर्शन पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की शक्ति का उद्देश्य व्यवस्था में लोगों को निर्भर बनाना नहीं, बल्कि उन्हें पूरी तरह सक्षम और सशक्त बनाना होना चाहिए। उन्होंने पिछले दशक में 25 करोड़ लोगों को निर्धनता से बाहर निकालने का श्रेय इसी सशक्तिकरण-आधारित शासन मॉडल को दिया। श्री मोदी ने कहा कि भारत इसी मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार को व्यवस्थित रूप से समाप्त करने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए सरकारी सहायता सीधे नागरिकों के बैंक खातों में पहुंचाने के लिए जन धन-आधार-मोबाइल त्रिमूर्ति और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के उपयोग को रेखांकित किया। श्री मोदी ने कहा, “इससे भ्रष्टाचार कम हुआ है, देश के नागरिकों की सुविधा बढ़ी है और सरकार तथा नागरिक के बीच सीधा संबंध स्थापित हुआ है। प्रधानमंत्री ने वैश्विक मंच पर सशक्तिकरण के इस दृष्टिकोण का उदाहरण देते हुए कोविड-19 महामारी के दौरान टीकों की भारी कमी को याद किया। उन्होंने प्रश्न किया कि क्या जीवनरक्षक टीकों के निर्माण की क्षमता को कुछ देशों तक ही सीमित रखा जाना चाहिए था। उन्होंने गर्व व्यक्त किया कि भारत ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए 100 से अधिक देशों को टीकों की आपूर्ति की। श्री मोदी ने कहा कि हमारी विनिर्माण क्षमता अन्य देशों की सहायता का माध्यम भी बनी। प्रधानमंत्री ने समावेशी दूरदृष्टि का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करते हुए हाल ही में आयोजित भारत के एआई इम्पैक्ट समिट का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर चर्चा को केवल मानवीय आवश्यकताओं तक सीमित न रखकर पशु कल्याण के लिए एआई के संभावित लाभों पर भी विचार किया गया। उन्होंने इस उदाहरण के माध्यम से कहा कि भारत की क्षमताएं जितनी बढ़ेंगी, उससे पूरी दुनिया को उतना ही अधिक लाभ होगा। श्री मोदी ने कहा कि भारत जितना अधिक सक्षम होगा, वह मानवता और दुनिया के लिए उतना ही अधिक लाभकारी होगा। संतुलित वैश्विक व्यवस्था का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रतिस्पर्धा, नवाचार और राष्ट्रीय शक्ति महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इनके साथ करुणा और जलवायु परिवर्तन, जल प्रबंधन तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के उत्तरदायी उपयोग जैसी वैश्विक चुनौतियों के समाधान के प्रति प्रतिबद्धता भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विश्व को ऐसी शक्तियों की आवश्यकता है, जो साझा अवसरों का सृजन करें। श्री मोदी ने कहा, “शक्ति केवल आगे बढ़ने की क्षमता नहीं है, बल्कि दूसरों को आगे बढ़ने में सक्षम बनाने की क्षमता भी है। प्रधानमंत्री ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए वर्ष 2015 में पेरिस समझौते के तहत वर्ष 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से 40 प्रतिशत स्थापित विद्युत क्षमता प्राप्त करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य का उल्लेख किया। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि भारत ने नवंबर 2021 में, निर्धारित समय से नौ वर्ष पहले ही, यह लक्ष्य हासिल कर लिया और ऐसा करने वाला पहला जी20 देश बना। श्री मोदी ने कहा कि यह केवल एक प्रतिबद्धता पूरी करने का मामला नहीं था, बल्कि यह भारत की बदलती ऊर्जा यात्रा का भी संकेत था। हरित ऊर्जा की दिशा में भारत की प्रगति के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता वर्ष 2014 में मात्र 75 गीगावाट थी, जो आज बढ़कर लगभग 300 गीगावाट हो गई है। उन्होंने इस चार गुना विस्तार को देश के सतत विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया। प्रधानमंत्री ने ऊर्जा परिवर्तन से जमीनी स्तर पर होने वाले आर्थिक लाभों की चर्चा करते हुए कहा कि पीएम सूर्य घर और पीएम-कुसुम योजनाएं परिवारों तथा किसानों को अपनी सौर ऊर्जा उत्पन्न करने और लागत कम करने में सक्षम बना रही हैं। उन्होंने कहा कि इन पहलों से 30 गीगावाट से अधिक क्षमता जुड़ी है। इसके परिणामस्वरूप हर वर्ष 3 करोड़ टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन में कमी आ रही है। साथ ही, ये योजनाएं प्रकृति के संरक्षण और नागरिकों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में भी योगदान दे रही हैं। श्री मोदी ने कहा कि इससे लोगों का सशक्तिकरण भी हो रहा है। वैश्विक शक्ति संघर्षों के बीच भारत के सहयोगात्मक दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया में प्रभुत्व स्थापित करने की होड़ के बीच भारत जानबूझकर एक अलग और स्थिरता प्रदान करने वाला मार्ग अपना रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान दशक भारत के इस विशिष्ट राष्ट्रीय दृष्टिकोण का स्पष्ट प्रमाण है। श्री मोदी ने कहा किदुनिया में शक्ति की इस दौड़ के बीच भारत एक अलग दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी के तीसरे दशक में सामने आए लगातार वैश्विक संकटों का उल्लेख करते हुए कहा कि तेजी से फैली वैश्विक महामारियों, क्षेत्रीय युद्धों और महत्वपूर्ण खनिजों, ऊर्जा तथा व्यापार से जुड़ी आपूर्ति श्रृंखलाओं में गंभीर व्यवधानों का उल्लेख किया। उन्होंने ऐसी दुनिया का चित्र प्रस्तुत किया, जहां एक संकट समाप्त होने से पहले ही दूसरा संकट सामने आ जाता है। श्री मोदी ने कहा कि दुनिया एक संकट से निकलने का रास्ता तलाशती है, तब तक एक नया संकट सामने आ जाता है। प्रधानमंत्री ने वैश्विक परस्पर निर्भरता को दबाव बनाने के साधन के रूप में इस्तेमाल किए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आपूर्ति श्रृंखलाओं, ऊर्जा, खनिजों, प्रौद्योगिकी और भुगतान प्रणालियों जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं का उपयोग दबाव बनाने और प्रभुत्व स्थापित करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि दशकों के वैश्वीकरण से विकसित हुई परस्पर संबद्धता अब तेजी से ऐसे महत्वपूर्ण अवरोध बिंदुओं में बदल रही है, जिनका इस्तेमाल भू-राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा सकता है। श्री मोदी ने कहा कि पिछले दशकों में वैश्वीकरण ने जो आधार तैयार किया था, वह कब और कहां अवरोध बिंदुओं में बदल गया, यह हम सभी देख रहे हैं। प्रधानमंत्री ने तेजी से हो रहे प्रौद्योगिकीय बदलावों और जनसांख्यिकीय चुनौतियों के बीच वैश्विक विश्वास के संकट का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया ऐसे विश्वसनीय साझेदारों की तलाश कर रही है, जो संकट के समय आपूर्ति श्रृंखलाओं को बनाए रखें और अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करें। उन्होंने वैश्विक संबंधों के प्रति भारत के अलग और सहयोगात्मक दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए कहा कि यहीं भारत एक अलग दृष्टिकोण तथा अलग विचार के साथ आपके सामने खड़ा है। प्रधानमंत्री ने वैश्विक स्तर पर भारत की कार्यशैली को स्पष्ट करते हुए कहा कि 21वीं सदी में देश की प्रगति सहयोगात्मक और समावेशी विकास पर आधारित है। उन्होंने बताया कि जेनेरिक दवाओं की वैश्विक आपूर्ति में भारत दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा हिस्सेदार है। डिजिटल पहचान के मॉडल विकसित करने में अग्रणी रहा है और दुनिया भर की सेवाओं के लिए 2,000 से अधिक वैश्विक क्षमता केंद्रों का एक विश्वसनीय केंद्र है। श्री मोदी ने कहा कि भारत की प्रगति की कहानी सभी के साथ सहयोग करते हुए और सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने की कहानी है। प्रधानमंत्री ने वैश्विक स्थिरता में भारत की भूमिका दोहराते हुए कहा कि जब भी दुनिया को किसी मजबूत और भरोसेमंद सहारे की आवश्यकता होती है, भारत अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सहायता के लिए जिम्मेदारी के साथ आगे आता है। उन्होंने वैश्विक मंच पर समानता के आधार पर विकास करने के भारत के मूल दृष्टिकोण को स्पष्ट किया। श्री मोदी ने कहा कि हम किसी की कीमत पर विकास नहीं करते। हम दुनिया के साथ और विश्व के लिए विकास करते हैं। प्रधानमंत्री ने भारत की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने मानवता को ‘शून्य’ की अवधारणा दी, लेकिन इसके लिए कभी रॉयल्टी की मांग नहीं की। उन्होंने कहा कि आज भी भारत उसी निःस्वार्थ भावना के साथ काम कर रहा है। उन्होंने इसकी तुलना उन ऐतिहासिक वैश्विक संगठनों से की, जो केवल अपने हितों को ध्यान में रखकर काम करते थे। श्री मोदी ने कहा कि आज भी भारत इसी भावना के साथ काम कर रहा है। प्रधानमंत्री ने समावेशी वैश्विक मंचों के निर्माण में भारत के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, सीडीआरआई, अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस, वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन, आइएमईसी और मिशन लाइफ जैसी महत्वपूर्ण पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य सीमित भू-राजनीतिक हितों की पूर्ति करना नहीं, बल्कि सभी प्रकार के जीवन के लिए व्यापक लाभ सुनिश्चित करना है। श्री मोदी ने कहा कि जिनसे सभी को लाभ हो और हर जीवन को लाभ पहुंचे, भारत ने ऐसी पहलें की हैं। प्रधानमंत्री ने भारत की विदेश नीति को दिशा देने वाले व्यापक विचार-दर्शन का उल्लेख करते हुए ‘एक सूर्य, एक विश्व, एक ग्रिड’, ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ और ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ की अवधारणाओं का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी शक्ति का उपयोग दूसरों को जोड़ने, एकजुट करने और सशक्त बनाने के लिए करता है। श्री मोदी ने कहा कि और इसमें भी शक्ति का उपयोग केवल दूसरों को सशक्त बनाने के लिए है। प्रधानमंत्री ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की व्यापक आर्थिक मजबूती का उल्लेख करते हुए अप्रैल-जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर, चालू खाता घाटे में कमी होकर मात्र 0.61 प्रतिशत रह जाने और 700 बिलियन डॉलर से अधिक के विदेशी मुद्रा भंडार का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश की बैंकिंग प्रणाली कई दशकों में अपनी सबसे मजबूत स्थिति में है। श्री मोदी ने कहा कि अनिश्चितताओं से भरी दुनिया में भारत विश्वसनीयता और स्थिरता प्रदान करता है। प्रधानमंत्री ने भारत की व्यापक संरचनात्मक मजबूती के कारण सॉवरेन रेटिंग में हुए हालिया अपग्रेड का उल्लेख करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में किए गए निरंतर सुधारों को रेखांकित किया। इनमें एकीकृत राष्ट्रीय बाजार के निर्माण के लिए वस्तु एवं सेवा कर का कार्यान्वयन, दिवाला कानूनों का निर्माण, 29 श्रम संहिताओं को चार श्रम संहिताओं में समेकित करना तथा व्यवसाय से जुड़े सैकड़ों छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना शामिल है। उन्होंने वैश्विक निवेशकों को आश्वस्त किया कि सुधारों की यह अविराम गति भारत को आगे बढ़ाने के लिए सोच-समझकर अपनाया गया सक्रिय दृष्टिकोण है। श्री मोदी ने कहा कि हमारे लिए सुधार कोई विवशता नहीं, बल्कि दृढ़ विश्वास है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के समापन पर प्राचीन वैदिक मंत्र का उल्लेख करते हुए वैश्विक समुदाय से एक साथ चलने, एक साथ बोलने और एक-दूसरे को समझने का आह्वान किया, ताकि सामूहिक शक्ति को बढ़ाया जा सके और वैश्विक चुनौतियों का समाधान किया जा सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम साझा वैश्विक अवसरों के सृजन की इसी भावना को आगे बढ़ाने के लिए एक व्यापक मंच साबित होगा।

आयुष मंत्रालय ने चार पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों में त्वचा सम्बंधी विकारों के उपचार के लिए दिशानिर्देश जारी किए
नए दिशानिर्देश सोरायसिस, विटिलिगो, डर्मेटाइटिस और अन्य त्वचा सम्बंधी समस्याओं के लिए आयुष देखभाल को मानकीकृत करते हैं

नई दिल्ली, 13 अक्तूबर, अभीतक: आयुष मंत्रालय ने आयुर्वेद, सिद्ध, यूनानी और होम्योपैथी में त्वचा सम्बंधी विकारों के प्रबंधन के लिए मानक उपचार दिशानिर्देश (एसटीजी) जारी किए हैं। इनमें योग को भी शामिल किया गया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के आयुष विभाग द्वारा तैयार किए गए इस दस्तावेज का उद्देश्य आयुष प्रणालियों में नैदानिक देखभाल में अधिक एकरूपता, गुणवत्ता आश्वासन और साक्ष्य-आधारित उपचार लाना है। आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने उल्लेख किया कि ये दिशानिर्देश आयुष प्रणालियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा ढांचे के साथ और अधिक एकीकृत करने में सहायक होंगे। उन्होंने ने कहा, “ये दिशानिर्देश सामान्य त्वचा रोगों के लिए सुरक्षित, प्रभावी और समग्र देखभाल को बढ़ावा देने हेतु प्रणाली-विशिष्ट नैदानिक दृष्टिकोणों को समकालीन वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ जोड़ते हैं। मानकीकृत और साक्ष्य-आधारित नैदानिक अभ्यास को बढ़ावा देकर, ये दिशानिर्देश रोगी देखभाल में सुधार लाने और सार्वजनिक स्वास्थ्य में आयुष प्रणालियों की भूमिका को मजबूत करने में योगदान देंगे। आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि ये दिशानिर्देश आयुष प्रणालियों में मानकीकरण और साक्ष्य-आधारित नैदानिक उपचार को बढ़ावा देने में सहायक होंगे। उन्होंने कहा, “त्वचा सम्बंधी विकारों के लिए मानक उपचार दिशानिर्देश आयुष प्रणालियों में मानकीकरण, गुणवत्ता और साक्ष्य-आधारित अभ्यास को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विशेषज्ञों के परामर्श और समकालीन वैज्ञानिक साक्ष्यों के मूल्यांकन के माध्यम से विकसित ये दिशानिर्देश प्रत्येक आयुष प्रणाली के मूलभूत सिद्धांतों को संरक्षित करते हुए रोकथाम, निदान, उपचार और अनुवर्ती कार्रवाई के लिए व्यावहारिक सुझाव प्रदान करते हैं। ये नैदानिक उपचार में अधिक एकरूपता को बढ़ावा देंगे और रोगी देखभाल में तर्कसंगत निर्णय लेने में सहायता करेंगे। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. लवनीश जी. कृष्णा ने त्वचा सम्बंधी देखभाल में सुधार के लिए बहुविषयक सहयोग के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा, “त्वचा सम्बंधी विकारों के लिए मानक उपचार दिशानिर्देश आयुष प्रणालियों में गुणवत्ता आश्वासन, एकरूपता और साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य सेवा वितरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बहुविषयक सहयोग को बढ़ावा देकर, ये दिशानिर्देश आयुष चिकित्सकों को सुरक्षित, प्रभावी और रोगी-केंद्रित देखभाल प्रदान करने में सहायता करेंगे। ये दिशानिर्देश 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर सार्वजनिक किए गए। ये आयुष प्रणालियों के माध्यम से त्वचा सम्बंधी विकारों के प्रबंधन के लिए मानकीकृत दृष्टिकोण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। प्रत्येक प्रणाली के लिए, इनमें सोरायसिस, डर्मेटाइटिस, विटिलिगो, पित्ती और डर्मेटोफाइटोसिस जैसी सामान्य त्वचा सम्बंधी स्थितियों की रोकथाम, निदान, उपचार, अनुवर्ती देखभाल और पुनर्वास के सम्बंध में विशिष्ट सिफारिशें दी गई हैं।
अंतःविषयक विकास
दिशा-निर्देशों का निर्माण एक व्यापक, अंतर्विषयक प्रयास है। इसमें आयुष अनुसंधान परिषदों, आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी के वरिष्ठ अकादमिक विशेषज्ञों, योग विशेषज्ञों और आधुनिक चिकित्सा विशेषज्ञों की तकनीकी विशेषज्ञता का सहारा लिया गया। इस प्रक्रिया में विशेषज्ञ परामर्श, शास्त्रीय ग्रंथों की समीक्षा, वर्तमान वैज्ञानिक प्रमाणों का मूल्यांकन और सर्वसम्मति आधारित विचार-विमर्श शामिल थे। इसके साथ ही इन सभी प्रक्रियाओं के दौरान प्रत्येक आयुष प्रणाली के मूल सिद्धांतों को बरकरार रखा गया।
वास्तविक परिस्थितियों में सत्यापन
इस अभ्यास की एक उल्लेखनीय विशेषता प्रोटोकॉल का क्षेत्र-स्तरीय सत्यापन रहा, जो वास्तविक नैदानिक परिस्थितियों में आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी की कार्यक्षमता की जांच करने के लिए किया गया था। आयुष विभाग ने प्राथमिक और माध्यमिक स्वास्थ्य सेवा में कार्यरत चिकित्सा अधिकारियों के साथ प्रोटोकॉल का परीक्षण करने के लिए दिल्ली सरकार के आयुष निदेशालय के साथ साझेदारी की। इन अधिकारियों द्वारा दिशानिर्देशों की परिचालन उपयोगिता पर दी गई प्रतिक्रिया को अंतिम दस्तावेजों में शामिल किया गया। इससे नैदानिक प्रासंगिकता और व्यावहारिक मूल्य में सुधार हुआ।
अपेक्षित लाभ
इन दिशा-निर्देशों से तर्कसंगत नैदानिक निर्णय लेने, क्षमता निर्माण, शिक्षा और आगे के अनुसंधान में सहायता मिलने की उम्मीद है। ये आयुष चिकित्सकों, चिकित्सकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं के लिए मूल्यवान संदर्भ दस्तावेज के रूप में भी काम करेंगे। यह पहल दर्शाती है कि सरकार मानकीकरण, गुणवत्ता आश्वासन और स्वास्थ्य सेवा वितरण में आयुष प्रणालियों के साक्ष्य-आधारित एकीकरण पर निरंतर बल दे रही है।
अनुशासन-वार मानक उपचार दिशानिर्देश
आयुर्वेद दृ त्वचा संबंधी विकारों के प्रबंधन के लिए मानक उपचार दिशानिर्देश
ख्दिशानिर्देश लिंक : https://www-ayush.gov.in/assets/pdf/whatsnew/STG_Dermatological_Disorders_Ayurveda.pdf
सिद्ध चिकित्सा: त्वचा संबंधी विकारों के प्रबंधन के लिए मानक उपचार दिशानिर्देश
ख्दिशानिर्देश लिंक: https://www.ayush.gov.in/assets/pdf/whatsnew/STG_Dermatological_Disorders_Siddha.pdf
यूनानी चिकित्सा पद्धति के अनुसार त्वचा संबंधी विकारों के प्रबंधन के लिए मानक उपचार दिशानिर्देश
ख्दिशानिर्देश लिंक: https://www.ayush.gov.in/assets/pdf/whatsnew/STG_Dermatological_Disorders_Unani.pdf
होम्योपैथी: त्वचा संबंधी विकारों के प्रबंधन पर मानक उपचार दिशानिर्देश
ख्दिशानिर्देश लिंक: https://www.ayush.gov.in/assets/pdf/whatsnew/STG_Dermatological_Disorders_Homoeopathy.pdf

इंडिया पोस्ट और इंडिगो ने डिजिटल डिटॉक्स अभियान के साथ आसमान में पोस्टकार्ड पहुंचाना शुरू कर दिया है
राष्ट्रीय डाक सप्ताह के दौरान डाक टिकट संग्रह दिवस पर 30,000 फीट की ऊंचाई पर यात्री स्क्रीन से दूर ताजगी भरी राहत लेने के साथ हस्तलिखित पत्रों के आनंद और सार्थक मानवीय सम्बंधों को पुनः अनुभव करते हैं

नई दिल्ली, 13 अक्तूबर, अभीतक: तेजी से डिजिटल होते जा रहे इस दौर में हस्तलिखित संचार के आनंद को पुनर्जीवित करने के प्रयास में, संचार मंत्रालय के डाक विभाग ने इंडिगो के सहयोग से 12 अक्टूबर को एक अनूठा डिजिटल डिटॉक्स अभियान आयोजित किया। यह अभियान 9 से 15 अक्टूबर तक चलने वाले राष्ट्रीय डाक सप्ताह समारोह के दौरान डाक टिकट संग्रह दिवस के रूप में मनाया गया। इस पहल ने यात्रियों को अपने डिजिटल उपकरणों से कुछ समय के लिए दूर रहने, अपने विचारों को कागज पर उतारने और पत्र लेखन के माध्यम से अपने प्रियजनों से पुनः जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अभियान के तहत, चुनिंदा इंडिगो उड़ानों में यात्रा करने वाले यात्रियों को उनकी यात्रा के दौरान पोस्टकार्ड युक्त विशेष रूप से डिजाइन किए गए डिजिटल डिटॉक्स किट भेंट किए गए। इस अभियान ने बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई के यात्रियों को आपस में जोड़ा। यात्रियों ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया और हस्तलिखित संचार के अनुभव का आनंद लेते हुए आगमन हवाई अड्डों पर विशेष रूप से स्थापित इंडिया पोस्ट लेटर बॉक्स में आगे भेजने के लिए अपने पत्र डाले। इस पहल में सभी शहरों के प्रतिष्ठित स्थलों को दर्शाने वाले विशेष रूप से डिजाइन किए गए पोस्टकार्ड शामिल थे। अपने अनुभव को, विमान में सवार एक यात्री ने साझा किया, ब्लू टिक के इस दौर में, मैंने 30,000 फीट की ऊंचाई पर एक पोस्टकार्ड लिखा! बादलों और शांति के बीच कहीं, मेरे जीवन के खास लोगों के लिए अपने विचारों को कागज पर उतारने का एक सही क्षण था। इस अभियान ने स्क्रीन टाइम कम करने, ध्यान केंद्रित करने और मानवीय सम्बंधों को मजबूत करने में डिजिटल डिटॉक्स के महत्व पर बल दिया। इस पहल के माध्यम से, इंडिया पोस्ट ने हस्तलिखित पत्रों के शाश्वत आकर्षण और सार्थक संचार के माध्यम से लोगों को करीब लाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री और मुख्यमंत्री (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली) ने आनंद विहार हॉटस्पॉट में वायु प्रदूषण निवारण उपायों की समीक्षा की और शास्त्री पार्क स्थित डीपीसीसी की एआई-सक्षम आईसीसीसी सुविधा का दौरा किया
गणमान्य व्यक्तियों ने ईवी चार्जिंग स्टेशनों का उद्घाटन कियाय 150 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और दिल्ली में 13 नए सीएएक्यूएमएस का उद्घाटन किया।
श्री भूपेंद्र यादव ने ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देने, आनंद विहार हॉटस्पॉट में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने, सीएएक्यूएमएस ग्रिड को सुदृढ़ करने और बेहतर वायु गुणवत्ता निगरानी के लिए आईसीसीसी से जुड़ने के लिए दिल्ली सरकार को बधाई दी

नई दिल्ली, 13 अक्तूबर, अभीतक: केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली) ने आज आनंद विहार के प्रमुख प्रदूषण केंद्र में दिल्ली सरकार द्वारा वायु प्रदूषण निवारण के लिए किए जा रहे उपायों की विस्तृत समीक्षा की। गणमान्य व्यक्तियों ने शास्त्री पार्क स्थित दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के एआई से लैस एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी) का भी दौरा किया। गणमान्य व्यक्तियों ने समीक्षा के दौरान दिल्ली के आईएसबीटी आनंद विहार, नंद नगरी डिपो, रोहिणी सेक्टर-37 डिपो, नांगलोई डिपो और केशोपुर डिपो में सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों का वर्चुअल रूप से उद्घाटन किया, साथ ही स्वामी विवेकानंद आईएसबीटी, आनंद विहार में 150 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मंत्रियों ने दिल्ली भर में डीपीसीसी द्वारा स्थापित 13 नए सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों (सीएएक्यूएमएस) का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों में पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव मंत्री (जीएनसीटी) सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, परिवहन मंत्री (जीएनसीटी) डॉ. पंकज कुमार सिंह, पूर्वी दिल्ली से लोकसभा सांसद और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा, साथ ही केंद्र और एनसीटी दिल्ली सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। मंत्रियों को आनंद विहार आईएसबीटी के दौरे के दौरान बताया गया कि यातायात की भीड़, बस टर्मिनल पर आने-जाने वाली बसों की आवाजाही, सड़कों के किनारे धूल, कच्ची सड़कों और किनारों से निकलने वाली धूल, गड्ढे, कच्ची पार्किंग और टर्मिनल के अधूरे निर्माण, निर्माण और विध्वंस गतिविधियों, कचरा और प्लास्टिक डंपिंग के साथ-साथ कचरे को खुले में जलाने के कारण आनंद विहार एक प्रमुख वायु प्रदूषण हॉटस्पॉट क्षेत्र बन गया है। केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने मीडिया को बताया कि प्रदूषण प्रभावित क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम करने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी देते हुए 11 एजेंसियों को अल्पकालिक और दीर्घकालिक कार्य सौंपे गए हैं। आंतरिक सड़कों का निर्माण हो चुका है, अतिक्रमण हटाया जा चुका है, निर्माण कार्यों में हरित जाल और धूल नियंत्रण उपायों का पालन किया जा रहा है, अवैध निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट डंपिंग को हटाया गया है और यातायात जाम की समस्या को दूर किया गया है। दीर्घकालिक उपायों के अंतर्गत क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने जैसे कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली के विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से इस प्रदूषण प्रभावित क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही वायु प्रदूषण की समस्या पर अब काबू पा लिया गया है। इसके बाद गणमान्य व्यक्तियों ने शास्त्री पार्क स्थित दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के एआई-सक्षम एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी) का दौरा किया। आईसीसीसी को एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में डिजाइन किया गया है जो वायु गुणवत्ता, धूल नियंत्रण स्थलों, परिवेशी ध्वनि स्तर, औद्योगिक उत्सर्जन, पराली जलाने की घटनाओं, नागरिकों की शिकायतों और प्रवर्तन वाहनों से संबंधित डेटा को एकीकृत करता है। इससे वास्तविक समय की निगरानी, डेटा-आधारित निर्णय लेने और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वित प्रवर्तन कार्रवाई संभव हो पाती है। आईसीसीसी को 15 बाहरी डेटा प्रणालियों को एकीकृत करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिनमें से 9 को एकीकृत किया जा चुका है और शेष 6 को चरणबद्ध तरीके से जोड़ा जा रहा है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री और मुख्यमंत्री (एनसीटी, दिल्ली) ने इस दौरे के दौरान दिल्ली में डीपीसीसी द्वारा स्थापित 13 नए सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों (सीएएक्यूएमएस) का वर्चुअल रूप से उद्घाटन किया। ये केंद्र एसकेवी घुम्मनहेरा, जीबीएसएस छावला, जीबीएसएस कराला, जीजीएसएसएस हस्तसाल, जीबीएसएस झरोदा कलां, डीजेबी घोगा, डीजेबी बुराड़ी, डीटीएल टिकरी कलां, एनआईएच नरेला, एम्स-सीएपीएफआईएम मैदान गढ़ी, महाराजा सूरजमल स्टेडियम नांगलोई, महाराजा अग्रसेन कॉलेज वसुंधरा एन्क्लेव और एनटीपीसी इको पार्क बदरपुर में स्थित हैं। ये केंद्र वायु गुणवत्ता और मौसम संबंधी डेटा निरंतर और समय-आधारित रूप से उपलब्ध कराएंगे, जिससे वैज्ञानिक मूल्यांकन, नियामक प्रवर्तन और वायु गुणवत्ता के बारे में सार्वजनिक जानकारी का प्रसार करने में सहायता मिलेगी। इस अवसर पर मीडिया को जानकारी देते हुए श्री यादव ने बताया कि जनसंख्या आधारित मौजूदा मानकों के अतिरिक्त, दिल्ली में अब प्रति 25 वर्ग किलोमीटर (5 किमी × 5 किमी ग्रिड) में एक वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र स्थापित किए गए हैं, और इस ग्रिड का विस्तार अन्य एनसीआर शहरों में भी किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि प्रदूषण के अंतर्वाह और बहिर्वाह का आकलन करने के लिए शहरी और उपनगरीय क्षेत्रों में कवरेज महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में विभिन्न एजेंसियों, जैसे डीपीसीसी, सीपीसीबी, आईएमडी, आईआईटीएम और एमओएचए द्वारा संचालित 47 मौजूदा वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र (सीएएक्यूएमएस) मौजूद हैं। मंत्री ने बताया कि 13 नए सीएएक्यूएमएस के जुड़ने से अब यह नेटवर्क 60 स्टेशनों तक विस्तारित हो गया है, जो सीपीसीबी सर्वर और समीर मोबाइल ऐप के माध्यम से वास्तविक समय में वायु गुणवत्ता डेटा प्रदान करते हैं। श्री यादव ने मुख्यमंत्री, दिल्ली (जीएनसीटीडी) और दिल्ली सरकार के अधिकारियों को ई-मोबिलिटी के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने, समन्वित प्रयासों के माध्यम से आनंद विहार वायु प्रदूषण हॉटस्पॉट क्षेत्र को समाप्त करने और बेहतर वायु गुणवत्ता निगरानी के लिए नए सीएएक्यूएमएस का उद्घाटन करने और आईसीसीसी से जुड़ने के लिए बधाई दी।

हरियाणा में औद्योगिक निवेश से खुल रहे विकास व रोजगार के नए द्वार, आईएमटी बन रहे विकास के नए इंजन’
हजारों एकड़ में औद्योगिक विस्तार, उद्योगों के लिए तैयार हो रहा भविष्य का हरियाणा’
औद्योगिक मॉडल टाउनशिप, आधुनिक बुनियादी ढांचा और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल राज्य में रोजगार सृजन की संभावनाओं को दे रहे नई दिशा

चंडीगढ़, 13 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा तेजी से औद्योगिक विकास के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। प्रदेश में निवेश कर रही कंपनियों की बढ़ती दिलचस्पी, औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) का विस्तार और आधुनिक औद्योगिक सुविधाओं का विकास राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति देने के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने की मजबूत संभावनाएं पैदा कर रहे हैं। हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) द्वारा विकसित औद्योगिक क्षेत्र अब केवल उत्पादन केंद्र नहीं, बल्कि उद्योग, व्यापार, लॉजिस्टिक्स और श्रमिक सुविधाओं से युक्त समग्र औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के विशेष प्रयासों से प्रदेश में औद्योगिक निवेश का लगातार विस्तार हो रहा है जो इस बात का संकेत है कि हरियाणा देश और वैश्विक कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश गंतव्य बन रहा है। नए उद्योगों की स्थापना और विदेशी निवेश के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हरियाणा से एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में सिंगापुर का दौरा किया है जिससे प्रत्यक्ष रोजगार के साथ-साथ परिवहन, भंडारण, आपूर्ति श्रृंखला, रखरखाव, निर्माण, सुरक्षा, खानपान और अन्य सहायक सेवाओं में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
छह प्रमुख आईएमटी में निवेश के लिए अनुकूल माहौल’
डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि हरियाणा में छह प्रमुख आईएमटी विकसित की गई हैं। इनमें आईएमटी मानेसर लगभग 4,000 एकड़, आईएमटी रोहतक लगभग 3,600 एकड़, आईएमटी बावल लगभग 3,300 एकड़, आईएमटी खरखौदा लगभग 3,200 एकड़, आईएमटी फरीदाबाद लगभग 1,800 एकड़ और आईएमटी सोहना लगभग 1,500 एकड़ में फैली है। इन औद्योगिक क्षेत्रों में सरकार द्वारा कंपनियों को उद्योग स्थापित करने के लिए सड़कें, बिजली, पानी, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक प्लॉट और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं जो कंपनियों को संचालन के लिए बेहतर आधार उपलब्ध कराती हैं। नियोजित औद्योगिक क्षेत्रों में निवेशकों को भूमि और बुनियादी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होने से परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में सहूलियत मिलती है।
ये कंपनियां कर रही बड़ा निवेश, नया आकार ले रहा हरियाणा का विकास’
उन्होंने बताया कि हरियाणा के इन आईएमटी में विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां निवेश कर रही हैं। इन आईएमटी में मारुति सुजुकी 800 एकड़ भूमि पर 18,000 करोड़ रुपये, एटीएल कंपनी 178 एकड़ में 7000 करोड़ रुपये, आदित्य बिरला गु्रप 70 एकड़ में 1140 करोड़ रुपये, टोयोटा बोशोकु 21 एकड़ में 400 करोड़ रुपये, अमूल 10 एकड़ में 300 करोड़ रुपये से दूध व डेयरी उत्पाद, डेन्सो 37 एकड़ में 570 करोड़ रुपये, फ्लिपकार्ट 140 एकड़ में 1300 करोड़ रुपये, फैवेली ट्रांसपोर्ट 5 एकड़ में 200 करोड़ रुपये, यूफ्लेक्स 14 एकड़ में 300 करोड़ रुपये तथा यूनो-मिंडा 94 एकड़ में 11000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के माध्यम से हरियाणा के विकास को नया आकार दे रही हैं। इन प्रमुख कंपनियों के अलावा यामाहा, एस्कोर्ट्स, व्हर्लपूल, इंडियन ऑयल, एशियन पेंट्स, जेसीबी, होंडा, हार्ले-डेविडसन, सन फार्मा, पैनासोनिक, ड्यूरासेल, बेनेटन, हीरो, गुड-ईयर, डीएलएफ, योकोहामा, गूगल, टाटा, नैस्ले, माइक्रोसॉफ्ट, मोटोरोला, सैमसंग, ओसराम, एयरटेल, सुकैम व भारत इलेक्ट्रोनिक्स सहित अनेक कंपनियां अपनी परियोजनाएं स्थापित कर रही हैं। इससे स्पष्ट होता है कि हरियाणा में निवेश केवल एक उद्योग या क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑटोमोबाइल, उन्नत विनिर्माण, ऊर्जा भंडारण, रेल परिवहन और खाद्य प्रसंस्करण सहित विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां विकसित हो रही हैं।
रोजगार सृजन की पूरी श्रृंखला को मिलेगा बढ़ावा’
उन्होंने बताया कि किसी भी औद्योगिक परियोजना का प्रभाव केवल कारखाने में काम करने वाले कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहता। उद्योगों के विस्तार से कुशल तकनीकी कर्मचारियों, इंजीनियरों, मशीन ऑपरेटरों, गुणवत्ता नियंत्रण विशेषज्ञों, प्रशासनिक कर्मचारियों और अन्य श्रमिकों की मांग पैदा होती है। इसके साथ ही माल ढुलाई, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग, औद्योगिक रखरखाव, निर्माण कार्य और स्थानीय आपूर्ति सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए भी अवसर बनते हैं। औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास आवास, परिवहन, बाजार, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सुविधाओं की मांग बढ़ने से स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलती है। इस तरह औद्योगिक निवेश का लाभ बड़े उद्योगों के साथ छोटे एवं मध्यम उद्यमों, स्थानीय कारोबारियों और सेवा क्षेत्र तक पहुंचता है। विशेष रूप से एमएसएमई इकाइयां बड़ी कंपनियों की आपूर्ति शृंखला से जुड़कर अपने कारोबार का विस्तार करती हैं।
निवेशकों के लिए सुविधाएं, उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण’
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि हरियाणा सरकार की रणनीति कंपनियों को औद्योगिक भूमि उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। औद्योगिक क्षेत्रों को प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं, स्पष्ट भूमि स्वामित्व, पूर्व-स्वीकृत औद्योगिक भूमि उपयोग, सिंगल-विंडो सहायता और बेहतर सड़क संपर्क के साथ विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्रों के भीतर तैयार कारखाना शेड, गोदाम, लॉजिस्टिक्स सुविधाएं, कर्मचारी आवास, अस्पताल, व्यावसायिक केंद्र, कौशल विकास केंद्र और स्टार्टअप एवं इन्क्यूबेशन सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य कंपनियों के लिए उद्योग स्थापित करने और संचालन शुरू करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। वहीं, कर्मचारी आवास, छात्रावास और सार्वजनिक परिवहन जैसी सुविधाएं औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किए जाने वाले बुनियादी ढांचे का हिस्सा हैं। सभी प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में महिला कर्मचारियों के लिए छात्रावास, औद्योगिक क्षेत्रों में 10 मातृ-शक्ति क्रेच नेटवर्क, सामान्य सुविधा केंद्र और श्रमिकों के लिए डॉर्मिटरी एवं सिंगल रूम आवास जैसी पहलें भी विकसित की गई हैं। ऐसी सुविधाएं कार्यस्थल के आसपास रहने और काम करने की परिस्थितियों को बेहतर बनाने में सहायक होती हैं।
खरखौदा से बावल तक, औद्योगिक नेटवर्क का होगा विस्तार’
डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि हरियाणा में औद्योगिक विकास को नए क्षेत्रों तक पहुंचाने की भी योजना है। आईएमटी खरखौदा के विस्तार के लिए लगभग 5,800 एकड़, आईएमटी कोसली के लिए लगभग 5,000 एकड़, आईएमटी बावल के विस्तार के लिए लगभग 2,000 एकड़ और आईएमटी सोहना के विस्तार के लिए लगभग 1,500 एकड़ अतिरिक्त भूमि चिह्नित की गई है।
उद्योगों के साथ कौशल विकास पर भी जोर’
उन्होंने बताया कि निवेश से रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल कार्यबल तैयार करना भी महत्वपूर्ण है। इसके लिए कौशल विकास केंद्रों, सामान्य सुविधा केंद्रों, स्टार्टअप सहायता और इन्क्यूबेशन सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए 500 करोड़ रुपये की प्रारंभिक राशि वाले सक्षम कोष, एमएसएमई के लिए सामान्य सुविधा केंद्र और औद्योगिक क्षेत्रों में संबंधित विभागों की संयुक्त व्यवस्था भी शामिल हैं।

हरियाणा ने नशा तस्करी पर कसा शिकंजा
नौ माह में 71 ड्रग कार्टेल चिह्नित, 6,824 आरोपी गिरफ्तार और 19.52 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच’
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने की उच्चस्तरीय समीक्षा’

चंडीगढ़, 13 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा सरकार प्रदेश में नशा तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए विशेष साइबर जांच, ड्रग कार्टेल की वित्तीय गतिविधियों की निगरानी, दवाओं एवं रसायनों के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने तथा अभियोजन प्रक्रिया में तेजी लाने पर विशेष जोर दे रही है। इसके तहत वर्ष 2026-29 के लिए तैयार की जा रही मादक पदार्थ नियंत्रण की राष्ट्रीय रूपरेखा के अनुरूप प्रदेश की रणनीति को सुदृढ़ किया जा रहा है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एचएसएनसीबी) की उच्चस्तरीय बैठक में इन पहलों की समीक्षा की गई। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा गत दिनों राज्यों को एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य दिया गया है। उनका मानना है कि जिस तरह से देश में आतंकवाद और नक्सलवाद को खत्म किया गया है, उसी तर्ज पर हमें नशे के कारोबार को खत्म करना है। इसके लिए समय-सीमा निर्धारित करके बहुआयामी रणनीति पर काम करना होगा। एचएसएनसीबी के चेयरमैन संजय कुमार ने बताया कि प्रदेश में अब तक 71 ड्रग कार्टेल की पहचान की गई है तथा उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कार्रवाई जारी है। डार्कनेट के माध्यम से होने वाली नशा तस्करी और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े लेन-देन की जांच के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ विकसित किया जा रहा है। इस दिशा में साइबर जांच की विशेषज्ञता बढ़ाने के लिए एक साइबर विशेषज्ञ को भी जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि पारंपरिक पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध धन का पता लगाने, संगठित तस्करी नेटवर्क की पहचान करने तथा पुलिस, अभियोजन और नियामक एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। एडीजीपी ने बताया कि हरियाणा पुलिस ने जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान एनडीपीएस एक्ट के तहत 3,809 मामले दर्ज किए और 6,824 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में मामलों में 39.93 प्रतिशत तथा गिरफ्तारियों में 26.53 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। जनवरी से सितंबर 2025 के दौरान 2,722 मामले दर्ज किए गए थे और 5,393 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। वाणिज्यिक मात्रा से संबंधित मामलों की संख्या 346 से बढ़कर 380 हो गई, जबकि मध्यवर्ती मात्रा से जुड़े मामले 1,887 से बढ़कर 2,844 हो गए, जो 50.72 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाते हैं। नशा तस्करी से जुड़ी संपत्तियों पर कार्रवाई के सम्बन्ध में उन्होंने बताया कि जनवरी से सितंबर 2026 के बीच 113 मामलों में 19.52 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की गईं। पिछले वर्ष की इसी अवधि में 49 मामलों में 5.92 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की गई थीं। इस प्रकार अटैच की गई संपत्तियों के मूल्य में 229.72 प्रतिशत और संपत्ति अटैचमेंट से संबंधित मामलों में 130.61 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। प्रदेश ने संपत्तियां अटैच करने के लिए 30 करोड़ रुपये का वार्षिक लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके मुकाबले अब तक 19.52 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त 15.09 करोड़ रुपये की संपत्तियों से संबंधित प्रस्ताव सक्षम प्राधिकारी के विचाराधीन हैं। वर्ष 2007 से सितंबर 2026 तक 534 प्रभावित व्यक्तियों से संबंधित 318 मामलों में कुल 86.52 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की गई हैं। एचएसएनसीबी के चेयरमैन संजय कुमार ने बताया कि वर्ष 2022 से सितंबर 2026 तक 167 नशा तस्करों से संबंधित 176 अनधिकृत अथवा अवैध कब्जे वाली संपत्तियों को ध्वस्त किया गया है। वाणिज्यिक मात्रा से जुड़े मादक पदार्थों के मामलों में वित्तीय जांच को मजबूत करने के लिए ब्यूरो के मुख्यालय में एक विशेष वित्तीय जांच प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है। इसके तहत 139 पुलिसकर्मियों को चार विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया है। ब्यूरो चिह्नित ड्रग कार्टेल से संबंधित दस्तावेजों के आधार पर वित्तीय जांच कर रहा है, ताकि अवैध आय के स्रोतों और उनके वित्तीय नेटवर्क का पता लगाया जा सके। उन्होंने बताया कि मादक पदार्थों की बरामदगी के आंकड़ों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान हेरोइन की बरामदगी पिछले वर्ष की इसी अवधि के 43.176 किलोग्राम से बढ़कर 84.695 किलोग्राम हो गई, जो 96.16 प्रतिशत की वृद्धि है। अफीम की बरामदगी 235.550 किलोग्राम से बढ़कर 430.326 किलोग्राम हो गई, जबकि कोकीन की बरामदगी 1,004.76 ग्राम से बढ़कर 2,958.757 ग्राम तक पहुंच गई। इसी प्रकार एमडी और एमडीएमए की बरामदगी 525.036 ग्राम से बढ़कर 1,761.55 ग्राम हो गई। बैठक में प्रेगाबालिन, जोपिक्लोन और टैपेंटाडोल जैसी औषधियों के अवैध इस्तेमाल तथा उनके नशे के उद्देश्य से दुरुपयोग को उभरती चुनौती बताया गया। इन दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए आवश्यक नीतिगत एवं नियामकीय उपाय करने तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। सिंथेटिक ड्रग्स के निर्माण में इस्तेमाल हो सकने वाले प्रीकर्सर रसायनों की निगरानी को भी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। बैठक में बताया गया कि पंजीकृत फर्मों का विवरण सत्यापन के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग के साथ साझा किया गया है। अवैध रूप से संचालित सिंथेटिक ड्रग निर्माण प्रयोगशालाओं की पहचान करने के लिए पुलिस की अग्रिम पंक्ति को भी सतर्क किया जा रहा है। थाना प्रभारियों, पुलिस चैकी प्रभारियों और गश्ती कर्मचारियों को ऐसी गतिविधियों के संकेतों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा जारी चेतावनी संकेतों की सूची प्रदेश के पुलिस थानों और पुलिस अधीक्षकों के कार्यालयों में प्रदर्शित की गई है। बैठक में नशा तस्करी के मामलों में अभियोजन और दोषसिद्धि की स्थिति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि एनडीपीएस मामलों में दोषसिद्धि दर वर्ष 2023 में 48.81 प्रतिशत, वर्ष 2024 में 54.67 प्रतिशत और वर्ष 2025 में 54.68 प्रतिशत रही, जबकि जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान यह बढ़कर 58.34 प्रतिशत हो गई। चालू वर्ष में मध्यवर्ती मात्रा से जुड़े मामलों में दोषसिद्धि दर 69.89 प्रतिशत और वाणिज्यिक मात्रा से जुड़े मामलों में 62.09 प्रतिशत रही। प्रदेश में 21 फास्ट ट्रैक न्यायालय स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त सिरसा, फतेहाबाद, अंबाला, हिसार, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र और पानीपत में एनडीपीएस मामलों के लिए आठ समर्पित फास्ट ट्रैक अथवा विशेष न्यायालय कार्यरत हैं। नशा तस्करी के मामलों का अधिक बोझ झेल रहे जिलों में अतिरिक्त फास्ट ट्रैक न्यायालय स्थापित करने पर भी विचार किया जा रहा है। महत्वपूर्ण मामलों में अभियोजन को प्रभावी बनाने के लिए अभियोजन निदेशालय के समन्वय से 50 एनडीपीएस मामलों को विशेष निगरानी के लिए चिह्नित किया गया है। इनमें से एक मामले में 14 वर्ष के कारावास और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा हुई है। बैठक में नशा तस्करी के मामलों में वांछित फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयासों की भी समीक्षा की गई। बैठक में जानकारी दी गई कि 29 फरार आरोपियों की पहचान की गई है। इनके संबंध में दो ब्लू नोटिस और एक रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है तथा संबंधित जानकारी नई दिल्ली स्थित नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के साथ साझा की गई है। जिला प्रशासन को कानून के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक मामलों में लुकआउट सर्कुलर जारी करने और पासपोर्ट निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

हरियाणा में वैश्विक स्तर के औद्योगिक ईकाइयों को लाने में जुटे राव नरबीर सिंह’
हरियाणा के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर जुटाने में जुटे राव नरबीर सिंह’
जापान और सिंगापुर के बाद अब रिपब्लिक ऑफ कोरिया की कंपनियों पर फोक्स’
अलग अलग देशों की नामचीन कंपनियों को हरियाणा में लाने की तैयारी’

चंडीगढ़, 13 अक्तूबर, अभीतक: कृषि प्रधान हरियाणा वैसे तो गुरुग्राम जैसे साइबर हब के रूप में अपनी एक अलग पहचान रखता है, लेकिन आने वाले दिनों में हरियाणा का हर जिला अलग अलग देशों की नामचीन कंपनियों से सजता नजर आएगा। दरअसल, इन दिनों हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने फोक्स बना लिया है कि हरियाणा का कोई एक जिला नहीं, बल्कि सभी जिलों में उद्योगों को बढ़ावा देना है। उद्योग मंत्री की जिम्मेदारी संभालने के बाद राव नरबीर सिंह का फोकस स्पष्ट तौर पर निवेश को रोजगार से जोड़ने पर है। उनका प्रयास है कि हरियाणा में नए उद्योग आएं, मौजूदा औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार हो और प्रदेश के युवाओं को उनके घर के नजदीक ही रोजगार के अधिक अवसर मिलें। इसी सोच के साथ वे मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा को निवेश के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए लगातार सक्रिय हैं।
10 नई आईएमटी की सोच, रोजगार के बड़े अवसरों की तैयारी’
राव नरबीर सिंह हरियाणा में 10 नई इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (प्डज्) विकसित करने की सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। इसके पीछे उद्देश्य केवल औद्योगिक क्षेत्र बढ़ाना नहीं, बल्कि उद्योगों के साथ रोजगार के नए अवसरों का बड़ा आधार तैयार करना है। इसी रणनीति के तहत वे मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को भी विदेशी दौरों में साथ लेकर जा रहे हैं, ताकि दुनिया के बड़े निवेशकों और औद्योगिक समूहों के सामने हरियाणा की संभावनाओं को सीधे रखा जा सके और प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश लाया जा सके।
’जापान से करीब 3900 करोड़, सिंगापुर से 5500 करोड़ के निवेश की पहल’
निवेश आकर्षित करने के इस अभियान के तहत जापान और सिंगापुर के दौरे किए गए। जापान से करीब 3,900 करोड़ रुपये और सिंगापुर से करीब 5,500 करोड़ रुपये का निवेश जुटाने में सफलता मिली। राव नरबीर सिंह की कोशिश है कि इस निवेश का लाभ केवल पूंजी के रूप में न रहे, बल्कि इसके जरिए हरियाणा में नए औद्योगिक प्रतिष्ठान स्थापित हों और बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा हों। सिंगापुर दौरे के दौरान उन्होंने हरियाणा और पंजाब मूल के उद्योगपतियों से भी संवाद किया तथा उन्हें हरियाणा में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उनका जोर इस बात पर रहा कि देश-विदेश में स्थापित हरियाणा मूल के उद्यमी अपने प्रदेश में उद्योग स्थापित करने और रोजगार सृजन में भागीदार बनें।
’अब रिपब्लिक ऑफ कोरिया की ओर नजर’
औद्योगिक विस्तार की इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अब वे 19 से 22 अक्तूबर तक रिपब्लिक ऑफ कोरिया के दौरे की तैयारी है। दक्षिण कोरिया की औद्योगिक क्षमता और वहां की कंपनियों के साथ संभावित निवेश एवं औद्योगिक सहयोग पर विशेष फोकस रहेगा। राव नरबीर सिंह की रणनीति में एशियाई देशों की कंपनियों को हरियाणा से जोड़ना महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनका मानना है कि वैश्विक कंपनियों के लिए हरियाणा में निवेश की संभावनाएं बढ़ाने के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खोले जा सकते हैं। राजनीति तौर पर अगर राव नरबीर की बात करे तो नरबीर सिंह उन नेताओं में शामिल हैं, जिनका राजनीतिक सफर अपने आप में अलग पहचान रखता है। चार बार विधायक और चारों बार मंत्री बनने का रिकॉर्ड रखने वाले राव नरबीर सिंह ने अब उद्योग मंत्री के रूप में हरियाणा में औद्योगिक विस्तार और प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने को अपनी प्राथमिकता बनाया है।
युवा को रोजगार मिले, यही हमारी प्राथमिकता
उद्योग मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है और वे मुख्यमंत्री को साथ लेकर विदेशी दौरों पर जा रहे हैं, ताकि हरियाणा में अधिक से अधिक निवेश लाया जा सके।
वर्जन’
प्रदेश के युवा को रोजगार मिले, इसके लिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में मैं पूरी तरह लगा हुआ हूं। इसी उद्देश्य से उन्हें भी साथ लेकर विदेशी दौरों पर जा रहा हूं, ताकि दुनिया के बड़े उद्योगपतियों और कंपनियों को हरियाणा में निवेश के लिए आमंत्रित किया जा सके। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश में उद्योग बढ़ें और हमारे युवाओं के लिए रोजगार के अधिक से अधिक अवसर पैदा हों। – राव नरबीर सिंह, उद्योग मंत्री, हरियाणा

नागरिकों को निर्बाध बिजली सप्लाई सुलभ करवाना सरकार का दायित्व- मुख्यमंत्री’
500 रुपए मासिक जोखिम भत्ता देने की घोषणा करी’
6105 गांवों में मिल रही 24 घंटे बिजली सप्लाई’

चंडीगढ़, 13 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बिजली निगमों की बैठक की समीक्षा करते हुए कहा कि नागरिकों को निर्बाध रूप से बिजली सप्लाई सुलभ करवाना सरकार का दायित्व है। इसके लिए अधिकारी बिजली कार्यों को प्राथमिकता देते हुए उपभोक्ताओं को 24 घण्टे बिजली सुलभ करवाना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री सोमवार को चण्डीगढ में सभी बिजली निगमों के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल भी मौजूद रहे।
’उद्योगों को निर्बाध रूप से बिजली सप्लाई सुलभ करवाना करें सुनिश्चित’
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम मिलेनियम सिटी है, इसमें ग्रुप हाउसिंग सोसायटी के आरडब्लूए उपभोक्ताओं को मंहगे रेट पर बिजली सप्लाई करने की शिकायत मिल रही है। निगम के वरिष्ठ अधिकारी उनके साथ बैठक आयोजित कर नॉर्म तय करें और उपभोक्ताओं के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने गुरुग्राम के सेक्टर 57 के 220 केवी सब स्टेशन में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने, सेक्टर 38 के पावर हाउस की चारदिवारी बनाने, घरौंडा व नांगल चैधरी सब स्टेशन में कंट्रोल रूम बनाने, मलिकपुर, मानेसर सब स्टेशन की चारदिवारी बनाने के कार्य जल्द पूरे करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि फरीदाबाद औद्योगिक नगरी है, इसलिए उद्योगों में भी निर्बाध रूप से बिजली सप्लाई सुलभ करवाना सुनिश्चित करें जिससे उद्योगों का कार्य सुचारू ढंग से चलता रहे। उन्होंने कहा कि बिजली के गलत बिल आने की समस्याओं का निवारण करने के लिए कोई बेहतर पोलिसी तैयार की जाए ताकि उनका उचित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उपभोक्ताओं की शिकायतों की हेल्पलाईन नम्बर के माध्यम से सुनवाई की जाए तथा उस पर आने वाली समस्याओं का त्वरित निदान किया जाए।
जॉब सिक्योरिटी के लिए आवश्यक औपचारिकताएं सप्ताह में पूरी करने के निर्देश’
बैठक में मुख्यमंत्री ने बिजली कर्मचारियों की समस्याओं पर संज्ञान लेते हुए उन्हें 500 रुपए मासिक जोखिम भत्ता देने की घोषणा की। उन्होंने युवाओं की जॉब सिक्योरिटी के लिए सभी एचओडी को आवश्यक औपचारिकताएं एक सप्ताह में पूरी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से बिजली निगमों के हजारों कर्मचारियों को सीधा वित्तीय लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क किनारे बिजली लाईन डालते समय अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पोल सड़क के चैड़ीकरण एवं सुदृढीकरण में कोई दिक्कत न आए। सड़कों के विस्तारीकरण के समय नजदीक लगे पोल व लाईन हटाने में दिक्कतें पेश आती हैं। इसलिए लाईन बिछाने के लिए सही योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि नवीनतम जीआईएस तकनीक का लाभ उठाते हुए बिजली घरों में कार्य किया जाए। इसके अलावा निगमों में एक एडवांस ट्रांसफार्मर की उपलब्धता का भी प्रावधान किया जाए।
किसानों के खेत की मेढ पर सोलर पैनल लगाए जाने की बनाई जाए योजना’
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान के तहत सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए किसानों के खेत की मेढ पर सोलर पैनल लगाए जाने की योजना बनाई जाए ताकि किसानों की आमदनी का साधन बन सके ओर प्रदेश बिजली क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके। उन्होंने कहा कि कम लाईन लोस और 100 प्रतिशत बिजली बिल भरने वाले हर जिले के एक गांव को पायलेट प्रोजेक्ट के तहत चयन कर स्मार्ट बनाया जाए। इसके अलावा महानगरों में भी यह प्रक्रिया अपनाई जाए ताकि प्रदेश में अधिक से अधिक सोलर एनर्जी का उत्पादन किया जा सके।
ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए सौर ऊर्जा आधारित बनाई जाए योजना’
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए सौर ऊर्जा आधारित ऐसी योजना बनाई जाए जिसमें उन्हें 350 यूनिट बिजली पावर प्लांट से उत्पादित होकर आसानी से मिलती रहे ताकि उनके घर के बिजली बिल शून्य हो सके। इसमें हर उपभोक्ता के घर पर कम से कम 2 किलोवाट का सोलर पावर प्लांट लगाया जा जाए और उसे 78000 रुपए की सब्सिडी का भी पूरा लाभ मिले। उन्होंने कहा कि 5 लाख रुपए से अधिक आय वाले उपभोक्ताओं के लिए सोलर पावर प्लांट लगाने पर सरकार की ओर से एक लाख रुपए की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इसमें 22000 रुपए की अतिरिक्त राशि सरकार की ओर से दी जाएगी। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत करवाया गया कि बस स्टेण्ड, स्कूल, मेडिकल संस्थान, शैक्षणिक संस्थानों, मिनी सचिवालयों आदि सरकारी भवनों पर सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा बायोमास पावर प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के 13 जिलों में 25 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट लगाए जाएगें। मुख्यमंत्री ने इन पावर प्लांट को जल्द से जल्द लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बनाए जाने वाले 248 नए स्कूल भवनों पर सोलर प्लांट लगाएं जाए। इसके साथ ही सभी स्कूलों में सोलर पावर प्लांट लगाए जाने सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने यमुनानगर में 800 मेगावाट का पावर प्लांट, झज्जर तथा पानीपत में भी अतिरिक्त पावर प्लांट लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके अलावा हिसार के खेदड़ में एक ओर युनिट लगाई जाएगी। हिसार में कार्य आरम्भ कर दिया गया है तथा पानीपत में भी जल्द ही अमलीजामा पहनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पानीपत के गांव आसन कलां में 30 एकड़ भूमि पर सेंट्रल पावर रिसर्च इंस्टीच्यूट टेस्टिंग लेब बनाई जाएगी। बैठक में बताया कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत 2 लाख 22 हजार स्मार्ट मीटर मार्च 2027 तक लगाए जाएगें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मॉडल सोलर विलेज योजना के तहत गरीब परिवारों के घर पर सोलर प्लांट लगाने वाला हरियाणा का यह देशभर में पहला मॉडल है। इस योजना के तहत गरीब परिवारों से कोई राशि भी नहीं ली जाएगी। म्हारा गांव जगमग गांव योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री को अवगत करवाया गया कि प्रदेश में 6105 गांवों में निर्बाध रूप से 24 घण्टे बिजली सप्लाई की जा रही है। इसके अलावा अन्य गांवों को इस योजना में शामिल करने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस प्रकार प्रेदश को पूर्ण रूप से बिजली क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बेहतर कार्य किया जा रहा है तथा उपभोक्ताओं को पूरा लाभ मिल रहा है। बैठक में बिजली विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, एमडी हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम डॉ. आदित्य दहिया, एमडी बिजली निगम श्री विक्रम सहित सभी बिजली निगमों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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