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नव प्रवेशित मेडिकल छात्रों का संस्कारम विश्वविद्यालय में हुआ भव्य स्वागत’
संस्कारम विश्वविद्यालय दुनिया का अग्रणी मेडिकल संस्थान होगा – मनीष ग्रोवर’
संस्कारम विश्वविद्यालय ज्ञान के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करेगा- डॉक्टर महिपाल’
झज्जर, 14 अक्तूबर, अभीतक: संस्कारम विश्वविद्यालय पाटौदा झज्जर के अंतर्गत आज एमबीबीएस स्थापना दिवस नवप्रवेशित मेडिकल छात्रों का स्वागत करके धूमधाम से मनाया गया। सभी मेडिकल छात्रों को गाजे-बाजे के साथ दादा लालचंद सभागार में लाया गया। जहां पर विश्वविद्यालय के छात्रों ने अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार स्वागतीय प्रस्तुतियां दी ओरिएंटेशन कार्यक्रम के लिए विश्वविद्यालय को शानदार ढंग से सजाया गया। मुख्य अतिथि हरियाणा के पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर व अन्य सम्मानित अतिथियों के दीप प्रज्वलन किया विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी गई। विश्वविद्यालय की छात्राओं ने भरतनाट्यम की आदर्श प्रस्तुति करके कार्यक्रमों की शानदार शुरूआत की।इस मौके मुख्य अतिथि पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि संस्कारम विश्वविद्यालय शानदार तरीके से आगे बढ़ रहा है। आज युवाओं को मैडिकल शिक्षा की शानदार यात्रा की शुरुआत नवरात्रों में हो रही है।इस मौके पर मैं सभी छात्रों ,अभिभावकों व संस्कारम परिवार को बधाई देता हूं।उन्होंने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि संस्कारम विश्वविद्यालय के मंच पर प्रज्वलित दीप बड़ी तन्मयता से अपना प्रकाश फैला रही है।इसी प्रकार यह विश्वविद्यालय भी चिकित्सा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में भारत नहीं बल्कि विश्व की सेवा करता रहेगा। उन्होंने चांसलर महिपाल जी को बधाई देते हुए कहा कि वे पीएम नरेंद्र मोदी की तरह दिन-रात विश्वविद्यालय को समय देकर के दुनिया का अग्रणी विश्वविद्यालय बना रहे हैं। संस्कारम विश्वविद्यालय बहुविषयक यूनिवर्सिटी होगी, जो मेडिकल शिक्षा व शोध में अपना इतिहास दर्ज करेगी। संस्कारम जल्दी ही चिकित्सा-विश्वविद्यालय के रूप में दुनिया भर में भारत का नाम रोशन करेगा। यहां पर चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ नवाचार व शोध में नए आयाम स्थापित होंगे। उन्होंने अपनी पढाई के साथ-साथ चिकित्सा शोध में नव प्रवेशित विद्यार्थियों को योगदान देने का आवाह्न किया। संस्कारम विश्वविद्यालय चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ सेवा संस्कार भी देगा, जो एक डॉक्टर के लिए बहुत जरूरी है। संस्कारम विश्वविद्यालय विदेशी छात्रों को चिकित्सा शिक्षा के लिए आकर्षित करेगा। यही पीएम मोदी का सपना है। पीएम मोदी के विकसित भारत के सपने को संस्कारम विश्वविद्यालय चिकित्सा-शिक्षा और शोध में नए आयाम स्थापित करके साकार करने का प्रयास करेगा। भारत की ही नहीं अपितु विश्व स्तर पर चिकित्सा सेवाओं की जरूरत को पूरा यह संस्कारम मेडिकल कॉलेज। उन्होंने कहा कि 1966 में हरियाणा बना,तो एक ही पीजीआई मेडिकल कॉलेज था, परंतु आज हरियाणा में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में गुणोत्तर वृद्धि हो रही है। संस्कारम विश्वविद्यालय चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ शोध उत्कृष्टता के क्षेत्र में भारत माता की सेवा करेगा। संस्कारम विश्वाविद्यालय के चांसलर डॉ महिपाल ने मुख्य अतिथि मनीष ग्रोवर व अतिथि महानुभावों का स्वागत करते हुए कहा कि हमारे लिए बड़े गौरव की बात है कि संस्कारम विश्वविद्यालय 150 नव प्रेवेशित डॉक्टरों के साथ अपना स्थापना दिवस मना रहा हैं। उन्होंने अभिभावकों व छात्रों को बधाई दी। संस्कारम विश्वाविद्यालय मेडिकल शिक्षा व शोध का उटकृरष्ट संस्थान है। नेशनल मेडिकल कॉलेज की सभी शर्तों व कसौटियों को यह पूरा करता है। संस्कारम विश्वाविद्यालय जिज्ञासु डॉक्टरों को मेडिकल शिक्षा की सुविधाएं देकर उच्चकोटि के डॉक्टर तैयार करेेगा। उन्होंने सभागर में मौजूद छात्रों व अभिभावकों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि नवरात्रों के मौके पर आपने विश्वाविद्यालय मैं पधार कर इसकी गरिमा को और अधिक बढ़ाया है। हमें इससे काम करने की नव ऊर्जा मिली है। उन्होंने चिकित्सा के पेशे को मानवता की सेवा का सबसे उत्कृष्ट अनुष्ठान बताया। उन्होंने कहा कि सफेद कोट की सेवा ही मानवता की संस्कारयुक्त सेवा है। विश्वविद्यालय मेडिकल शिक्षा और शोध का एक इतिहास लिखने जा रहा है और आप उस इतिहास के अग्रणी मील के पत्थर होगे।उन्होंने आगे कहा कि संस्कारम विश्वविद्यालय सेवा संस्कारों से युवाओं को सुसज्जित करने का काम करेगा। हम मेडिकल शिक्षा व चिकित्सीय शोध के क्षेत्र में पदार्पण करने जा रहे हैं। हमारी शानदार उपलब्धि रहेगी। भारत के कोने-कोने से डॉक्टरी के पेशे को सेवा के रूप में अपनाने वाले जिज्ञासु यहां विश्वविद्यालय में मौजूद है। ये हमारे लिए बहुत ही गर्व और गौरव की बात है।यहां पर शिक्षा के साथ-साथ सेवा को संस्कारों में ढाला जाता है। दुनिया के चोटी के डॉक्टर यहां पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दुनिया को इस विश्वविद्यालय से बहुत ही आकांक्षाएं और अपेक्षाएं हैं, यह विश्वविद्यालय सभी कसौटियों पर खरा उतरकर के विकसित भारत के सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा। विश्वविद्यालय के प्रो वाइस चांसलर डॉक्टर एमसी गुप्ता ने कहा कि आज 150 नव प्रवेशित मेडिकल छात्र विश्वविद्यालय में मौजूद है। मैं उन छात्रों व अभिभावकों को बधाई देता हूं। संस्कारम विश्वविद्यालय मेडिकल शोध का उत्कृष्ट संस्थान है। नेशनल मेडिकल कॉलेज की सभी शर्तों को पूरा करता है। इस मौके पर वाइस चांसलर डाक्टर अजीत सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा,शोध के साथ-साथ चिकित्सीय क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा। इस अवसर पर रजिस्ट्रार, डीन, विभागाध्यक्ष व समाज की तरफ से राष्ट्रपाल सिंह,वीरेंद्र दरोगा,जितेंद्र लाठर, वीरेंद्र सरपंच और सतवीर चेयरमैन आदि सहित सैकड़ो गणमान्य जन उपस्थित रहे। इन सभी का पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि संस्कारम विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस भी आज है। संस्कारम विश्वविद्यालय ने अपने बहुविषयक स्वरूप को आगे बढ़ाने की पहल करके चिकित्सा के क्षेत्र में हरियाणा ही नहीं भारत की एक बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस मौके पर सामहिक नृत्य व समूह गायन की शानदार प्रस्तुतियां दी गई। अभिभावको व छात्रों ने अपनी जिज्ञासा प्रस्तुत करके संवाद सत्र में भाग लिया।








महाविद्यालय बिरोहड़ में कलरव कार्यक्रम के अंतर्गत चुनरी एवं भजन प्रतियोगिताओं का आयोजन
झज्जर, 14 अक्तूबर, अभीतक: राजकीय महाविद्यालय बिरोहड़ में प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ०) दलबीर सिंह के दिशा निर्देशन व महिला प्रकोष्ठ, मानविकी एवं सामाजिक विभाग, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता समिति एवं समाजशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में महिलाओं के उत्थान हेतु सामाजिक पहल के अंतर्गत ‘कलरव’कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न गांवों की 155 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की रचनात्मकता, कलात्मक अभिव्यक्ति एवं आत्मविश्वास को बढ़ावा देना, उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करना तथा महिला सशक्तीकरण, कौशल विकास और सामाजिक जागरूकता को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम के अंतर्गत चुनरी प्रतियोगिता एवं भजन प्रतियोगिता सहित विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। विभिन्न गांवों से आई महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। चुनरी प्रतियोगिता में बिरोहड़ की तीन टीमों, खाचरोली की एक टीम, कालियावास की एक टीम तथा मालियावास की दो टीमों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त बिरोहड़ से संतोष ने एकल प्रतिभागी के रूप में सहभागिता की। प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मक सोच, कलात्मक प्रतिभा एवं हस्तकला कौशल का प्रदर्शन किया। भजन प्रतियोगिता में मालियावास गांव की टीम ने ‘जननी माँ का कभी किसी का कर्ज चुकाया न जाए’ भजन की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। बिरोहड़ गांव की 24 सदस्यीय टीम ने ‘मेरे याद गुरु की आवाज है’भजन प्रस्तुत कर द्वितीय स्थान हासिल किया। वहीं, कालियावास गांव की 18 सदस्यीय सुलोचना पार्टी ने ‘आसमान में उड़ने वाले’भजन की प्रस्तुति देकर तृतीय स्थान प्राप्त किया। सभी टीमों की प्रस्तुतियों में भक्ति भावना और सांस्कृतिक परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिली। निर्णायक मंडल में डॉ. सुमन, राजकीय महाविद्यालय दुबलधन, तथा डॉ. रीना, राजकीय महाविद्यालय बहु, ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों एवं प्रदर्शन का मूल्यांकन करते हुए विजेताओं के चयन में योगदान दिया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली के मानविकी एवं सामाजिक विभाग से प्रो. (डॉ.) कमलेश सिंह उपस्थित रहीं। उन्होंने महिलाओं के सामाजिक एवं सांस्कृतिक उत्थान तथा उनकी प्रतिभा को उचित अवसर प्रदान करने के महत्व पर प्रकाश डाला। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) दलवीर हुड्डा ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां महिलाओं को अपनी प्रतिभा निखारने, आत्मनिर्भर बनने तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करती हैं। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रश्मि के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की। सभी स्टाफ सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके सामूहिक प्रयास, सहयोग एवं समर्पण से कार्यक्रम का सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन संभव हो पाया। प्रशासनिक प्रभारी डॉ. सुरेंद्र सिंह ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी स्टाफ सदस्यों का धन्यवाद किया। कार्यक्रम ने महिला सशक्तीकरण, रचनात्मकता, कौशल विकास, भक्ति भावना और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देने का संदेश दिया।

शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन सजग: डीसी’
डीसी वर्षा खांगवाल ने बहादुरगढ़ में शहरी व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों की बैठक में दिए जरूरी निर्देश’
जल निकासी, सड़कों की सफाई, स्ट्रीट लाइट और पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश’
वार्ड स्तर पर शहरी निकाय से जुड़े सभी पहलुओं पर ध्यान दें अधिकारी, आपसी समन्वय से तैयार करें कार्य योजना’
बहादुरगढ़, 14 अक्तूबर, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने बुधवार को नगर परिषद सभागार में संबंधित अधिकारियों की बैठक लेते हुए शहर की जल निकासी व्यवस्था, सड़कों की सफाई, स्ट्रीट लाइट, पेयजल आपूर्ति और शहरी सौंदर्यीकरण सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के प्रत्येक वार्ड में शहरी निकाय से संबंधित सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान देते हुए नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर
डीसी ने कहा कि शहर में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए ड्रेनेज सिस्टम की नियमित निगरानी और सफाई सुनिश्चित की जाए। जिन क्षेत्रों में जल निकासी को लेकर समस्याएं सामने आती हैं, उनकी पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएं। शहर की सड़क या गली में सीवरेज या गड्ढे खुले न हो,इसके लिए नप अधिकारी नियमित मोनिटरिंग करें। कोई व्यक्ति चोटिल न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। संबंधित विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सड़कों की सफाई और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था हो दुरुस्त
डीसी ने नगर परिषद के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर की सड़कों और गलियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। वार्ड स्तर पर सफाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधार किए जाएं। उन्होंने स्ट्रीट लाइट की स्थिति का भी जायजा लेने और खराब लाइटों को जल्द ठीक करवाने के निर्देश दिए, ताकि शहरवासियों को आवागमन में सुविधा मिले और रात्रि के समय सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनी रहे।
स्वच्छ पेयजल आपूर्ति नागरिकों की प्राथमिकता
डीसी वर्षा खांगवाल ने पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी पेयजल व्यवस्था की नियमित निगरानी करें। कहीं भी पाइपलाइन में लीकेज, पेयजल आपूर्ति में बाधा या अन्य समस्या सामने आने पर तुरंत समाधान किया जाए। साथ ही शहर की सफाई, सीवरेज व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार काम किया जाए।
वार्ड स्तर पर समस्याओं की पहचान कर करें समाधान
डीसी ने कहा कि शहरी क्षेत्र में नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए प्रत्येक वार्ड में समस्याओं की पहचान कर उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। अधिकारी नियमित निरीक्षण करें और कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय समन्वय और जवाबदेही के साथ कार्य करने से ही शहर की व्यवस्थाओं में प्रभावी सुधार लाया जा सकता है। डीसी ने शहर के वार्ड पार्षदों से भी बातचीत की और उनके सुझाव लिए।
कूड़ा करकट जलाने वालों पर हो कार्रवाई
डीसी वर्षा खांगवाल ने शहरी क्षेत्र में नगर परिषद अधिकारियों को कूड़ा करकट जलाने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी अपनी जिम्मेदारी निभाएं और प्रदूषित वातावरण करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में यदि कोई पंचायती जमीन पर कूड़ा कचरा जलाते हुए मिले तो सम्बन्धित की पहचान करते हुए कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण किसी भी रूप से न हो इसके लिए अधिकारी गम्भीरता से कदम उठाए।
यह रहे मौजूद
इस अवसर पर नगर परिषद की चेयरपर्सन सरोज राठी, पूर्व वाइस चेयरमैन पालेराम शर्मा, राजपाल जांगड़ा, दिनेश शेखावत के अलावा जिला प्रशासन की ओर से एडीसी एवं डीएमसी जगनिवास, एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच, ईओ संजय रोहिल्ला सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।



भारत निर्वाचन आयोग ने Form&7 आवेदन प्रस्तुत करने की संख्या निर्धारित की
झज्जर, 14 अक्तूबर, अभीतक: भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों में नाम शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने अथवा नाम हटाने के लिए प्रस्तुत किए जाने वाले Form&7 आवेदनों की संख्या निर्धारित की गई है। आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, किसी व्यक्ति द्वारा बिना ठोस आधार के बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज कराने की प्रवृत्ति को रोकने तथा मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी से बचाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। आयोग के निर्देशानुसार, दावे एवं आपत्तियों की अवधि के दौरान एक मतदाता अधिकतम 10, Form&7 आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। वहीं, मतदाता सूचियों के निरंतर अद्यतन (Continuous Updation) की अवधि के दौरान एक मतदाता द्वारा प्रतिमाह अधिकतम 5, Form&7 आवेदन प्रस्तुत किए जा सकेंगे। ये सीमाएं ऑनलाइन एवं ऑफ लाइन, दोनों माध्यमों से प्रस्तुत किए जाने वाले आवेदनों पर लागू होंगी। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि पंजीकरण निर्वाचक नियम, 1960 के नियम 13(2) के अनुसार Form&7 आवेदन केवल वही व्यक्ति प्रस्तुत कर सकता है, जिसका नाम संबंधित विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में पहले से दर्ज हो। आवेदन में सभी आवश्यक विवरण भरना तथा आपत्तिकर्ता द्वारा निर्धारित स्थान पर स्वयं हस्ताक्षर करना अनिवार्य ळें हस्ताक्षर की मुहर को मूल हस्ताक्षर का विकल्प नहीं माना जाएगा।
आयोग ने निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों (ERO) को निर्देश दिए हैं कि वे Form&7 आवेदनों की जांच करते समय आवेदक की वास्तविकता एवं मतदाता सूची में उपलब्ध विवरणों का सत्यापन सुनिश्चित करें। यदि किसी व्यक्ति द्वारा पांच से अधिक मामलों में आपत्ति दर्ज कराई जाती है, तो संबंधित प्रावधानों के अनुसार व्यक्तिगत रूप से सत्यापन किया जाना चाहिए। दावे व आपत्तियों से संबंधित आवेदन, चाहे वे डाक द्वारा प्राप्त हुए हों या किसीव् यक्ति द्वारा प्रस्तुत किए गए हों, सामुहिक रूप से (Bulk में) प्रस्तुत किए जाने पर किसी व्यक्ति द्वारा स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
नियमों के अनुसार, जहां आवश्यक हो, निर्वाचक पंजीयन अधिकारी आपत्तिकर्ता को नोटिस जारी कर व्यक्तिगत सुनवाई करेंगे तथा प्रत्येक Form&7 आवेदन के संबंध मेंआपत्ति की वैधता की जांच करेंगे। जिस व्यक्ति के नाम पर आपत्ति की गई है, उसे भी आदेश पारित करने से पहले सुनवाई का अवसर प्रदान किया जाएगा। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई शिकायत झूठी या मनगढ़ंत पाई जाती है और आवेदक ने जान बूझकर Form&7 में गलत बयान या घोषणा की है, तो उसके विरुद्ध जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। भारत निर्वाचन आयोग ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इन निर्देशों की जानकारी संबंधित म्त्व्, ।म्त्व् एवं अन्य क्षेत्रीय अधिकारियों तक पहुंचाने तथा इनका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़ी योजनाओं से रूबरू हो रहे श्रद्धालु
बेरी स्थित माता भीमेश्वरी देवी मंदिर परिसर में विधिक सेवा प्राधिकरण की स्टाल पर आमजन को कानूनी जानकारी दे रही पीएलवी
बेरी, 14 अक्तूबर, अभीतक: राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा गत 11 अक्टूबर से बेरी स्थित माता भीमेश्वरी देवी मंदिर परिसर में स्टॉल लगाकर प्राधिकरण द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। शारदीय नवरात्र आश्विन मेला को लेकर प्राधिकरण द्वारा लगाई गई स्टाल पर पीएलवी आमजन को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी प्रदान कर रही हैं। इस स्टाल का कानूनी जानकारी के लिए लोग खूब लाभ उठा रहे हैं। देवी दर्शन उपरांत श्रद्धालु इस स्टाल पर पहुँच कर पीपीपी,आधार कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन सहित अन्य जानकारी ले रहे हैं। दूसरी ओर सीजेएम एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सचिव विशाल ने बताया बेरी मेला में आने वाले नागरिकों को निशुल्क कानूनी जानकारी देने के लिए पैरा लीगल वालंटियर सरोज देवी, नीता देवी व बबीता देवी की ड्यूटी लगाई गई है,जोकि मेले में माता के दर्शनार्थ आने वाले नागरिकों को राष्ट्रीय और हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दे रही हैं। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य हर जरूरतमंद व्यक्ति को उसके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए उसे जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने मेला में आने वाले श्रद्धालुओं का आह्वान किया कि वे माता के दर्शन उपरांत विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा स्थापित स्टाल पर विभिन्न योजनाओं की जानकारी लेते हुए योजनाओं का लाभ उठाएं।





जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर बनें युवा: शेखावत
गांव बिरोहड़ स्थित राजकीय कॉलेज में सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज के तहत एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
झज्जर, 14 अक्तूबर, अभीतक: जिला में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत युवाओं को नवाचार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार को डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में गांव बिरोहड़ स्थित राजकीय कॉलेज में ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ थीम पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला संयोजक दिनेश शेखावत ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि युवा केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार के नए अवसर पैदा करने वाले बनें। युवाओं के नए विचार, रचनात्मक सोच और समस्याओं के समाधान की क्षमता ही विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगी।
लोकल समस्याओं के समाधान से मिलेंगे स्टार्टअप के नए अवसर
जिला संयोजक दिनेश शेखावत ने कहा कि उद्यमिता की वास्तविक शुरुआत समाज की रोजमर्रा की समस्याओं को पहचानने और उनके व्यावहारिक समाधान खोजने से होती है। विद्यार्थियों को जल संरक्षण, पराली प्रबंधन, आधुनिक कृषि तकनीक (एग्री-टेक), ग्रीन एनर्जी और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ युवाओं के विचारों को वास्तविक परियोजनाओं और स्टार्टअप में बदलने का अवसर प्रदान करता है।
सरकारी योजनाओं से मिल सकती है उद्यमिता को नई उड़ान
कार्यशाला में एमएसएमई विभाग के उद्योग विस्तार अधिकारी नीरज सिंह ने विद्यार्थियों को सरकार की उद्यमिता प्रोत्साहन नीतियों और विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने मुद्रा योजना, क्रेडिट गारंटी स्कीम और इनक्यूबेशन सेंटर के माध्यम से मिलने वाली सहायता के बारे में विस्तार से बताया। प्रभारी डॉ. सुरेंद्र सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी कल्पना शक्ति को तकनीक के साथ जोड़ने और ‘सेवा फर्स्ट’ पोर्टल पर अधिक से अधिक संख्या में अपने प्रोजेक्ट पंजीकृत करवाने की अपील की। मंच संचालन डॉ. नरेंद्र सिंह ने किया।
इस अवसर पर अनिल शर्मा, प्लेसमेंट प्रभारी डॉ. नरेंद्र सिंह, सुनीता, निशा रानी, पवन, अंजलि दलाल, मोनिका, सतपाल सहित कॉलेज स्टाफ और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

पराली प्रबंधन को लेकर किसानों को जागरूक करें अधिकारी: डीसी
फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर प्रशासन सख्त, क्विक रेस्पॉन्स टीमें रहें सक्रियय ड्रोन से भी होगी निगरानी
डीसी वर्षा खांगवाल का आमजन से आह्वान-पर्यावरण संरक्षण को दें बढ़ावा
झज्जर, 14 अक्तूबर, अभीतक: जिला की सीमा में पराली प्रबंधन को बढ़ावा देने, पराली जलाने व प्रदूषण फैलाने वाले घटकों पर प्रभावी रोक लगाने और वायु गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण उपायों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करते हुए फील्ड में नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने संभावित पराली जलाने की घटनाओं की तत्काल सूचना और प्रभावी कार्रवाई के लिए क्विक रेस्पॉन्स टीमें सक्रिय रखने के निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होने के साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी प्रभावित होती है। इसलिए किसानों को निरंतर जागरूक करते हुए पराली न जलाने और फसल अवशेष प्रबंधन की वैज्ञानिक एवं वैकल्पिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए।
फील्ड विजिट के साथ संभावित क्षेत्रों पर रखें पैनी नजर
डीसी ने संबंधित अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट करने और पराली जलाने की आशंका वाले क्षेत्रों में पहले से प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदूषण फैलाने वाले संभावित स्रोतों की निगरानी के लिए आवश्यकता अनुसार ड्रोन का उपयोग करने तथा संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा। उन्होंने भुवन एप और सीआरएम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया।
पराली खेत में मिलाने पर किसानों को प्रति एकड़ 1200 रुपये की प्रोत्साहन राशि
डीसी ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन के तहत पराली को खेत में मिलाने पर किसानों को प्रति एकड़ 1200 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना सहित फसल अवशेष प्रबंधन की उपलब्ध तकनीकों की जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाई जाए। उन्होंने पंचायतों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी अभियान से जोड़ने तथा किसानों के साथ निरंतर संवाद करने के निर्देश दिए। किसानों को पराली प्रबंधन से होने वाले पर्यावरणीय और कृषि संबंधी लाभों के बारे में जागरूक किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
स्वच्छ पर्यावरण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण और बेहतर वायु गुणवत्ता के लिए पराली जलाने की समस्या का प्रभावी समाधान जरूरी है। जिला प्रशासन इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करते हुए फसल अवशेष न जलाएं और उपलब्ध फसल अवशेष प्रबंधन तकनीकों एवं सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।

जन समस्याओं के समाधान के लिए झज्जर में जिला स्तरीय समाधान शिविर आज
उपमंडल स्तर पर बेरी, बहादुरगढ़ और बादली लघु सचिवालयों में सुबह 10 से 12 बजे तक आयोजित होंगे शिविर
झज्जर, 14 अक्तूबर, अभीतक: आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा गुरुवार 15 अक्टूबर को जिला मुख्यालय सहित सभी उपमंडलों में समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। ये शिविर सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक लगाए जाएंगे, जहां नागरिकों की शिकायतें सुनकर उनका मौके पर ही निपटान सुनिश्चित किया जाएगा। जिला स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में डीसी वर्षा खांगवाल की अध्यक्षता में लगेगा। इस दौरान डीसी विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें सुनते हुए अधिकारियों को समस्याओं के समयबद्ध समाधान के निर्देश देंगी।
तीनों सब डिवीजन में भी लगेंगे समाधान शिविर
उपमंडल स्तर पर बहादुरगढ़ में एसडीएम अभिनव सिवाच, बादली में एसडीएम विशाल कुमार और बेरी लघु सचिवालय परिसर में एसडीएम रेणुका नांदल की अध्यक्षता में उपमंडल स्तरीय समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटान किया जाएगा।



सेवा संकल्प अभियान के तहत माछरौली और भूरावास गांव में आज लगेगा सेवा सेतु कैंप
जिला परिषद के सीईओ मनीष फोगाट ने दी जानकारी
झज्जर, 14 अक्तूबर, अभीतक: जिलाभर में सेवा संकल्प अभियान के तहत आमजन को सरकार की योजनाओं का लाभ उनके नजदीक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में सेवा सेतु कैंप लगाए जा रहे हैं। डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में लग रहे सेवा सेतु कैम्प में लोग सरकार की योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। जिला परिषद के सीईओ मनीष फोगाट ने जानकारी देते हुए बताया कि गुरुवार 15 अक्टूबर को माछरौली ब्लाक और गांव भूरावास में सेवा सेतु कैंप आयोजित किए जाएंगे।

पीड़ितों को समय पर मिले राहत, जिम्मेदार एजेंसियों की तय होगी जवाबदेही: डीसी
पात्र नागरिकों को निर्धारित समय अवधि में मिले दयालु-द्वितीय योजना का लाभ – डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने जिला स्तरीय बैठक में की दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के तहत दयालु द्वितीय योजना की समीक्षा
झज्जर, 14 अक्तूबर, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने लघु सचिवालय स्थित सभागार में बुधवार को जिला स्तरीय बैठक में अधिकारियों के साथ दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के तहत दयालु-द्वितीय योजना की विस्तार से समीक्षा की। इस बीच जिला सांख्यिकी अधिकारी युद्धवीर सिंह ने योजना की विस्तार से जानकारी साझा की और बताया कि योजना के अंतर्गत छह आवेदन प्राप्त हुए हैं। डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि यह योजना हरियाणा के निवासियों के लिए है। इस योजना के तहत लावारिस-आवाराध्जंगली पशुओं जैसे गाय, बैल, कुत्ते, नील गाय, भैंस आदि के काटने-चोट मारने से हुई आकस्मिक मृत्युध् घायल होनेध् दिव्यांगता की स्थिति में वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना का उद्देश्य परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के तहत पंजीकृत सभी परिवारों को कवर करना है। डीसी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अनेक प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं, जिसमें दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के तहत दयालु-द्वितीय योजना शुरू की है। इसमें आवारा पशुओंध्पशुओं के कारण हुई दुर्घटनाध्घटना के संबंध में किए गए दावे के लिए भुगतान किए जाने वाले मुआवजे का निर्धारण जिला स्तरीय कमेटी द्वारा किया जाएगा। योजना का उद्देश्य पीड़ित को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु या नॉर्म अनुसार प्रतिशत दिव्यांगता होने पर एक से पांच लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। आवेदन ऑनलाइन किया जा सकता है। आवेदक परिवार के पास परिवार पहचान पत्र होना चाहिए। आवेदक परिवार हरियाणा का मूल निवासी होना चाहिए। एफआईआर की कॉपी की जरूरी है।
कठिन समय में पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए दयालु योजना
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि यह योजना कठिन समय में पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए है। ऐसे में इसमें किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न की जाए। आवेदकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े, इसके लिए सत्यापन व दस्तावेजी कार्रवाई समय पर पूरी की जाए। साथ ही अधिकारियों की जॉइंट टीम घटनास्थल का दौरा करते हुए रिपोर्ट तैयार करे,ताकि पीड़ित को तत्काल सहायता प्रदान की जा सके। उन्होंने कहा कि बिना किसी कारण के कोई भी आवेदन रिजेक्ट ना हो,इसके लिए गहन जांच करना बेहद जरूरी है।
इस प्रकार मिलता है पीड़ित लोगों को दयालु-द्वितीय योजना का लाभ
जिला सांख्यिकी अधिकारी युद्धवीर सिंह ने बताया कि 12 वर्ष तक आयु के बच्चों के लिए एक लाख रुपए, 12 से 18 वर्ष के लिए दो लाख रुपए, 18-25 वर्ष के लिए तीन लाख, 25 से 45 वर्ष आयु तक के लिए पांच लाख रुपए, 45 वर्ष से अधिक आयु वाले के लिए तीन लाख रुपए आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है। लाभार्थीध्दावेदार को दुर्घटना के 90 दिनों के भीतर सहायता हेतु योजना के ऑनलाइन पोर्टल ीजजचेरूध्ध्कंचेलण्पिदीतलण्हवअण्पद के माध्यम से आवेदन करना जरूरी है। सभी आवश्यक दस्तावेजों में परिवार पहचान पत्र, एफआईआरध्डीडीआर, मृत्यु प्रमाण पत्र और अस्पताल डिस्चार्ज प्रमाणपत्र जरूरी है।
इन विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर सीटीएम ऋतु,डीडीपीओ निशा तंवर, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ राजेन्द्र मलिक, एडीटीओ राजेश मलिक, पीडब्ल्यूडी से एक्सईएन सुमित कुमार व अनिल रोहिल्ला सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।





बेरी मेले में किये गए सुरक्षा प्रबंधों बारे मॉनिटरिंग करती डीसी वर्षा खांगवाल।
माता भीमेश्वरी देवी का मुख्य मेला कल से, श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने बेरी मंदिर परिसर का दौरा कर तैयारियों का लिया जायजा, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और सीसीटीवी निगरानी के पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश
16 से 19 अक्टूबर तक चलेगा मुख्य मेला, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी विभाग आपसी तालमेल से करेंगे कार्य
बेरी, 14 अक्तूबर, अभीतक: धर्मनगरी बेरी स्थित माता भीमेश्वरी देवी मंदिर में शारदीय नवरात्र के अवसर पर आयोजित मुख्य मेले आयोजन इस बार 16 से 19 अक्टूबर तक होगा। मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। बुधवार को डीसी वर्षा खांगवाल ने मंदिर परिसर का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीसी वर्षा खांगवाल ने मंदिर में माता भीमेश्वरी देवी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा पुजारी पंडित कुलदीप वशिष्ठ से मन्दिर से जुड़ी जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने श्रद्धालुओं के दर्शन, भीड़ प्रबंधन और अन्य सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीएम एवं माता भीमेश्वरी देवी श्राइन बोर्ड की सीईओ रेणुका नांदल ने उन्हें मेले की तैयारियों और व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन सतर्क
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि शारदीय नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और भीड़ का सुचारू प्रबंधन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभाग आपसी तालमेल से कार्य करें, ताकि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सकें। श्रद्धालुओं को दर्शन और पूजा-अर्चना के दौरान किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि मेले में श्रद्धालुओं की अधिक आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी जाए। प्रमुख स्थानों पर आवश्यकता के अनुसार पुलिस बल तैनात किया जाए और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी प्रबंध किए जाएं। किसी भी अप्रिय घटना अथवा अव्यवस्था की आशंका को देखते हुए संबंधित अधिकारी पूरी सतर्कता बरतें।
सीसीटीवी से होगी निगरानी, आपात स्थिति से निपटने के लिए रहें तैयार
डीसी ने कहा कि मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। आवश्यकतानुसार नियंत्रण कक्ष के जरिए निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। उन्होंने संबंधित विभागों को अग्निशमन यंत्रों, चिकित्सा सहायता, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए संबंधित टीमें तैयार रहें और श्रद्धालुओं को समय पर सहायता उपलब्ध करवाई जाए।
प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील
डीसी वर्षा खांगवाल ने आमजन और मेला आयोजन से जुड़ी समितियों से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति की जानकारी तुरंत पुलिस अथवा संबंधित अधिकारियों को दें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध करवाना है, ताकि वे बिना किसी परेशानी के माता के दर्शन कर सकें। मेला परिसर के दौरे के दौरान डीसी वर्षा खांगवाल ने मेले में लगी दुकानों का भी अवलोकन किया।




सेवा सेतु कैंप में विभागीय स्टॉलों का अवलोकन करते मुख्य अतिथि सतेंद्र जाखड़।
सेवा सेतु कैंप से ग्रामीणों को मिल रही सरकारी योजनाओं की जानकारी
साल्हावास में लगे सेवा सेतु कैंप से ग्रामीणों को मिला सरकारी योजनाओं का लाभ
डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में 17 अक्टूबर तक जारी है सेवा संकल्प अभियान
झज्जर, 14 अक्तूबर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत बुधवार को साल्हावास ब्लॉक में सेवा सेतु कैंप का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सतेंद्र जाखड़ ने कैंप का अवलोकन किया। बीडीपीओ राहुल मेहरा ने उनका स्वागत किया। कैंप में विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं, सेवाओं, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी। डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कैंप का उद्देश्य सरकारी सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना है। सतेंद्र जाखड़ ने ग्रामीणों से कैंप में पहुंचकर योजनाओं की जानकारी लेने और पात्रता के अनुसार लाभ उठाने का आह्वान किया। कैंप में स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग की ओर से स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया, जहां नागरिकों को स्वास्थ्य जांच के साथ स्वस्थ जीवनशैली संबंधी परामर्श दिया गया। ग्रामीणों ने विभिन्न विभागों के स्टॉल पर पहुंचकर योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।




बहादुरगढ़ पुलिस कार्यालय में डीसीपी शुभम सिंह ने 33 लोगों को लौटाए गुम हुए मोबाइल फोन’
करीब 6.50 लाख रुपये कीमत के 33 मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे, साइबर सेल की टीम के कार्य की सराहना’
बहादुरगढ़, 14 अक्तूबर, अभीतक: झज्जर पुलिस द्वारा गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में पुलिस उपायुक्त क्राइम शुभम सिंह ने पुलिस उपायुक्त कार्यालय बहादुरगढ़ में 33 लोगों को उनके गुम हुए मोबाइल फोन वापस सौंपे। बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 6.50 लाख रुपये है।मोबाइल फोन वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। फोन प्राप्त करने वाले लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। मोबाइल फोन आज के समय में आमजन की दैनिक जरूरत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में गुम हुए फोन की बरामदगी से लोगों को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ उनकी जरूरी जानकारी और संपर्क दोबारा प्राप्त करने में भी मदद मिलती है। पुलिस उपायुक्त शुभम सिंह ने मोबाइल फोन बरामद करने में जुटी साइबर सेल की टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए पुलिस द्वारा तकनीकी सहायता और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाए जा सकें।उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि मोबाइल फोन गुम होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें और भारत सरकार के ब्म्प्त् पोर्टल के माध्यम से मोबाइल फोन को ब्लॉक करवाने की प्रक्रिया पूरी करें। इससे गुम हुए मोबाइल फोन को ट्रैक करने और उसके दुरुपयोग को रोकने में मदद मिलती है।डीसीपी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को रास्ते में कोई गुम हुआ मोबाइल फोन मिलता है तो उसे अपने पास रखने के बजाय नजदीकी पुलिस थाने में जमा करवाएं। पुलिस और आमजन के आपसी सहयोग से गुम हुए मोबाइल फोन को उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने में मदद मिलती है।




जिले के करीब 950 स्कूलों के 6,500 विद्यार्थियों ने दी खण्ड स्तरीय सड़क सुरक्षा प्रतियोगिता’
झज्जर, बहादुरगढ़, बेरी, मातनहेल और साल्हावास ब्लॉक में आयोजित हुई प्रतियोगिता, विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना मुख्य उद्देश्य’
झज्जर, 14 अक्तूबर, अभीतक: विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने तथा उनके माध्यम से आमजन को यातायात नियमों की पालना के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से बुधवार को झज्जर जिले के पांचों ब्लॉक झज्जर, बहादुरगढ़, बेरी, मातनहेल और साल्हावास में दूसरे चरण की खण्ड स्तरीय सड़क सुरक्षा प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में जिले के करीब 950 स्कूलों के लगभग 6,500 विद्यार्थियों ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।पुलिस उपायुक्त यातायात शुभम सिंह के दिशा-निर्देशानुसार तथा जिला नोडल अधिकारी एसीपी अखिल कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रतियोगिता में सरकारी और निजी स्कूलों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों, यातायात संकेतों, सुरक्षित वाहन संचालन तथा सड़क पर जिम्मेदार व्यवहार के प्रति जागरूक करना है।प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों में सड़क सुरक्षा से संबंधित जानकारी और समझ विकसित करना इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य रहा।जिला यातायात पुलिस समन्वयक सत्यप्रकाश ने बताया कि प्रतियोगिता के अगले चरण के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार प्रत्येक स्तर से चयनित स्कूलों की टीमें जिला स्तर पर आयोजित होने वाली क्विज प्रतियोगिता में भाग लेंगी।उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए यातायात नियमों की जानकारी और उनकी पालना बेहद जरूरी है। यदि विद्यार्थी बचपन से ही सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक होंगे तो वे स्वयं नियमों का पालन करने के साथ-साथ दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। झज्जर पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए इस प्रकार के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।




80 वर्षीय मनफूल ने मरणोपरांत नेत्रदान का लिया संकल्प, समाज को दिया मानवता का संदेश’
सिविल सर्जन के मार्गदर्शन में झज्जर जिले में लगातार चलाया जा रहा है नेत्रदान जागरूकता अभियान’
झज्जर, 14 अक्तूबर, अभीतक: सिविल सर्जन के मार्गदर्शन में झज्जर जिले में नेत्रदान जागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत आमजन को नेत्रदान के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए अधिक से अधिक लोगों को इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी कड़ी में छावनी, झज्जर निवासी 80 वर्षीय मनफूल सुपुत्र श्री जगलाल स्वयं जागरूक होकर नागरिक अस्पताल, झज्जर पहुंचे और मरणोपरांत नेत्रदान करने का संकल्प लिया। मनफूल ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को ऐसे पुनीत कार्यों के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा, ष्मृत्यु के बाद शरीर तो किसी काम नहीं आता, लेकिन यदि हमारी आंखें किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में रोशनी ला सकें, तो इससे बड़ा पुण्य और क्या हो सकता है। प्रत्येक व्यक्ति को नेत्रदान के प्रति जागरूक होना चाहिए और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। नागरिक अस्पताल, झज्जर में नेत्रदान जागरूकता कार्यक्रम के दौरान नेत्र काउंसलर नरेंद्र कुमार ने नेत्रदान के महत्व के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम अधिकारी एवं सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ.मीनू ने बताया कि सिविल सर्जन के मार्गदर्शन में लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक करने और इस नेक कार्य के लिए आगे आने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर जिला किशोर स्वास्थ्य काउंसलर संदीप कुमार जांगड़ा तथा ऑप्थैल्मिक असिस्टेंट वागेश्वरी भी उपस्थित रहीं। उन्होंने नेत्रदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आमजन से इस पुनीत कार्य के प्रति जागरूक होने और दूसरों को भी प्रेरित करने की अपील की। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में चलाए जा रहे इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य लोगों में नेत्रदान के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करना तथा उन्हें मृत्यु के बाद भी मानवता की सेवा करने के लिए प्रेरित करना है। मनफूल द्वारा 80 वर्ष की आयु में स्वयं आगे आकर नेत्रदान का संकल्प लेना समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
सिविल सर्जन द्वारा आम जन को संदेश’
आपका नेत्रदान किसी के जीवन में रोशनी ला सकता है। आइए, नेत्रदान का संकल्प लें और मानवता की सेवा में अपना योगदान दें।

पूर्व सैनिक एवं उसके परिवार पर जानलेवा हमला, कोर्ट आदेश के बावजूद कटाण मार्ग को किया बंद, एसएचओ थाना चामू ने नहीं की एफआरआई दर्ज
जोधपुर, 14 अक्तूबर, अभीतक: चामू क्षेत्र के ठाडिया ग्राम पंचायत के राजस्व गांव प्रताप सिंह नगर ठाडिया से जंभेश्वर नगर जाने वाले कटाण मार्ग का मामला एक बार फिर गरमा गया है। माननीय सिविल न्यायालय बालेसर के आदेश की पालना में दिनांक 09 अक्टूबर 2026 को मजिस्ट्रेट चामू, तहसीलदार एवं भारी पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में उक्त कटाण मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कर खुलवाया गया था और अतिक्रमणकारियों एवं अप्रार्थीगणों को पाबंद किया गया था कि भविष्य में रास्ता बंद नहीं करेंगे। 2-3 दिन तक आवागमन सुचारू रूप से चला, लेकिन 12 अक्टूबर 2026 को शाम लगभग 6रू30 बजे जब पूर्व सैनिक रिटायर्ड लेफ्टिनेंट बाबूराम बिश्नोई सहित लाडूराम परिवार की महिलाएं व पुरुष उनके परिवार के सदस्य की शोक सभा से घर लौट रहे थे, तो पहले से सुनियोजित तरीके से कटाणी मार्ग को एक तरफ से बंद करके घेर कर घात लगाकर बैठे अतिक्रमणकारियों एवं अप्रार्थीगणों ने लाठी-सरियों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में कई लोगों को गंभीर चोटें आईं, घटना के दौरान हमलावर एक महिला के पास से मोबाइल आई फोन छीन कर ले गए। पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल– पीड़ितों द्वारा तुरंत थाना चामू को फोन किया गया, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। मजबूरन 100 नंबर पर कॉल किया गया, तब जाकर रात करीब 8ः30 बजे पुलिस मौके पर आई। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, पुलिस स्टाफ ने पीड़ितों का मेडिकल करवाया, बयान लिए गए और पीड़ितों को कहा गया कि सुबह आकर थ्प्त् दर्ज करवा लेना। पीड़ित जब दिनांक 13 अक्टूबर को सुबह 9-10 बजे थाना चामू में थ्प्त् दर्ज करवाने गए, तो ’पुलिस थाना चामू स्टाफ द्वारा ैभ्व् के अवकाश पर होने का बताया, कार्यवाहक थानाधिकारी एवं मौजूद पुलिस स्टाफ ने थ्प्त् दर्ज करने से साफ मना कर दिया गया। सबसे गंभीर बात यह है कि पीड़ितों से लिखित प्रार्थना-पत्र ले लिया गया, परंतु उसकी कोई ’पावती नहीं दी गई, न ही थ्प्त् की कॉपी दी गई।’ यह ठछै की धारा 173 का खुला उल्लंघन है, जिसमें थ्प्त् दर्ज कर उसकी निरूशुल्क प्रति देना अनिवार्य है। घटना को दो दिन बीत जाने के बाद भी थाना चामू में मामला दर्ज नहीं हुआ है, जिससे अतिक्रमणकारियों एवं अप्रार्थीगणों के हौसले बुलंद हैं और पीड़ित पूर्व सैनिक का परिवार दहशत में है।
पीड़ित की मांग
1 एसएचओ थाना चामू द्वारा एफआरआई न दर्ज करने की जांच कर, हमालावरों एवं दोषियों पर शख्त कार्यवाही की जाए।
- दिनांक 12.10.2026 के जानलेवा हमले पर तुरंत धारा 109, 115(2), 191(2) ठछै में एफआरआई दर्ज की जाए।
- कोर्ट के आदेश से खुले प्रताप सिंह ढाणी से जंभेश्वर नगर कटाण मार्ग पर पुलिस सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
4.कटाण मार्ग को तुरंत बहाल किया जाए और आवागमन को पुनः चालू करवाया जाए।
पीड़ित परिवार ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक जोधपुर ग्रामीण को लिखित शिकायत प्रेषित कर दी है और शिकायत दर्ज कर कार्यवाही करने की प्रार्थना की है।




हरियाणा कांग्रेस का वोट बचाओ देश बचाओ महा अभियान हरियाणा में ब्लॉक स्तर पर कांग्रेस पार्टी करेगी जनसंपर्क अभियान अभियान को लेकर हरियाणा के प्रत्येक जिले में जिला प्रभारी की की गई नियुक्ति
सांसद दीपेंद्र हुड्डा को पलवल कुमारी शैलजा को पंचकूला, सोनीपत मे वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री आनंद सिंह दांगी, झज्जर विधायक गीता भुक्कल को हिसार में मिली जिम्मेदारी।
हरियाणा सूचना आयोग शुरू करेगा जिलेवार ऑनलाइन संवाद, आरटीआई आवेदक रख सकेंगे सुझाव
अक्टूबर के अंत में शुरू होगी पहलय मुख्य सूचना आयुक्त बोलेकृसूचना नहीं देने पर प्रथम अपीलीय अधिकारियों को पहली बार जारी किए जा रहे कारण बताओ नोटिस
चंडीगढ़, 14 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा राज्य सूचना आयोग आरटीआई कार्यकर्ताओं और आम जनता के साथ जिलेवार ऑनलाइन संवाद शुरू करेगा। अक्टूबर के अंत में शुरू होने वाली इस पहल में लोग आयोग के कामकाज और सूचना प्राप्त करने में आने वाली दिक्कतों पर अपने सुझाव व प्रतिक्रिया दे सकेंगे। मुख्य सूचना आयुक्त टी.वी.एस.एन. प्रसाद ने द हिंदू से बातचीत में बताया कि यह खुला संवाद होगा, जिसमें कोई भी शामिल हो सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य जन सूचना अधिकारियों और प्रथम अपीलीय अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं। प्रसाद के अनुसार, आयोग निर्धारित अपील प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने बताया कि सूचना उपलब्ध नहीं कराने पर पहली बार प्रथम अपीलीय अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, ये अधिकारी आवेदकों को जानकारी उपलब्ध कराने की बेहतर स्थिति में हैं।
प्रथम अपील की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करेगा आयोग
मुख्य सूचना आयुक्त ने कहा कि 50 प्रतिशत से अधिक अपीलें प्रथम अपील का चरण छोड़कर सीधे आयोग तक पहुंच रही हैं। पहले ऐसी अपीलों की सुनवाई की जाती थी, लेकिन आयोग ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने के लिए यह प्रथा बंद कर दी है। आयोग की ओर से यह पक्ष ऐसे समय में सामने आया है, जब प्रदेश के विभिन्न जिलों के आरटीआई कार्यकर्ताओं ने सोमवार, 12 अक्टूबर को राज्यपाल असीम कुमार घोष को 17 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने सुनवाई में देरी, अपीलों के निपटारे और सरकारी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत करते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग की है। ज्ञापन में अपीलों और शिकायतों के पंजीकरण की सूचना एसएमएस से देने, सरकारी वेबसाइटों पर सूचनाएं स्वतः सार्वजनिक करने, ऑनलाइन आरटीआई आवेदन की सुविधा और आयोग के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन जैसी मांगें रखी गई हैं। इन मांगों के बीच आयोग ने जिलेवार ऑनलाइन संवाद शुरू करने की बात कही है।

हरियाणा प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रधान भाई रामोतार शर्मा का रोड एक्सीडेंट हो गया। उनके सिर पर चोट आई है और वें अंचल अस्पताल में भर्ती हैं। डाक्टर के अनुसार अब उनकी हालत ठीक है। पर उनको आराम की सख्त जरूरत है। परमपिता परमात्मा उनको शीघ्र स्वस्थ करें।



76वें दशहरा महोत्सव का निमंत्रण लेकर कई रामलीला मंचों पर पहुंचे डॉ. राजेश भाटिया व् बजरंगबली की सेना
फरीदाबाद, 14 अक्तूबर, अभीतक: सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर, श्री सनातन धर्म महाबीर दल, मार्केट नंबर-1 के प्रधान डॉ. राजेश भाटिया बजरंगबली की सेना के सदस्यों के साथ शहर की विभिन्न रामलीला कमेटियों के आयोजनों में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने रामलीला मंचों पर भगवान श्रीराम की लीलाओं का गुणगान करने वाले कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और आयोजक संस्थाओं के पदाधिकारियों से मुलाकात कर उन्हें मंदिर में आयोजित होने वाले 76वें दशहरा महोत्सव में शामिल होने का सादर निमंत्रण दिया। डॉ. राजेश भाटिया ने जागृति रामलीला कमेटी के प्रधान अनिल गांधी, विजय रामलीला कमेटी के प्रधान टेक चंद नागपाल, नव युवक रामलीला कमेटी के प्रधान गुलशन खत्री तथा श्री धार्मिक लीला कमेटी, 5 एम ब्लॉक के प्रधान तजिंदर खरबंदा से मुलाकात कर उनके द्वारा आयोजित रामलीला कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने सभी कमेटियों के प्रधानों, पदाधिकारियों एवं सदस्यों को दशहरा महोत्सव का निमंत्रण देते हुए कहा कि रामलीला और दशहरा हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और सनातन परंपराओं के अभिन्न अंग हैं। इस अवसर पर डॉ. राजेश भाटिया ने कहा कि दशहरा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश देने वाला महापर्व है। भगवान श्रीराम का जीवन हमें मर्यादा, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा, धैर्य और आदर्शों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के चरित्र और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि शहर की रामलीला कमेटियां वर्षों से धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इनके आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, संस्कारों और धार्मिक विरासत से परिचित कराने का सशक्त माध्यम हैं। ऐसे कार्यक्रम समाज में आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और धार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देते हैं। डॉ. राजेश भाटिया ने सभी रामलीला कमेटियों के पदाधिकारियों एवं कलाकारों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए उनके सफल आयोजनों की कामना की। उन्होंने फरीदाबाद के समस्त श्रद्धालुओं एवं शहरवासियों से 76वें दशहरा महोत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक सहयोग और सहभागिता से धार्मिक आयोजनों की गरिमा बढ़ती है तथा समाज में एकता, सद्भाव और सनातन संस्कृति के प्रति आस्था और अधिक मजबूत होती है। सभी रामलीला संस्थाओं के प्रधानों ने डॉ राजेश भाटिया को 76वें दशहरा पर्व को भव्य और ऐतिहासिक बनाने में सहयोग करने का आश्वासन दिया।

बावल के विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से मिले विधायक डा. कृष्ण कुमार
बावल क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने और जनहित से जुड़े मुद्दों पर मुख्यमंत्री के साथ की चर्चा
बावल, 14 अक्तूबर, अभीतक: बावल विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों को गति देने और क्षेत्रवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से विधायक डा. कृष्ण कुमार ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बावल क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों तथा जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा और क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। विधायक डा. कृष्ण कुमार ने मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात के दौरान क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने, सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य जन सुविधाओं से संबंधित विकास कार्यों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बावल विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकता है, ताकि आमजन को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनकल्याण और विकास को लेकर निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समान रूप से विकास कार्यों को आगे बढ़ाना तथा आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करना है। विधायक ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन और प्रदेश सरकार के सहयोग से बावल क्षेत्र में विकास कार्यों को और गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए जनहित से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

कृषि विज्ञान केंद्र रामपुरा में महिलाओं को वितरित की गईं 25 सिलाई मशीन
15 दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण के बाद महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल
रेवाड़ी, 14 अक्तूबर, अभीतक: कृषि विज्ञान केंद्र रामपुरा में भारतीय कृषि सांख्यिकी अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली की ओर से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 25 महिलाओं को सिलाई मशीनें वितरित की गईं। इन महिलाओं को मशीन वितरण से पूर्व 15 दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया, ताकि वे प्रशिक्षण का लाभ उठाकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें। कार्यक्रम में पूसा, नई दिल्ली से डॉ. पंकज दास और डॉ. सोमेनपाल, कृषि विज्ञान केंद्र से एमडी डॉ. कपूर, गांव के सरपंच नरेश यादव नरू तथा प्रशिक्षण प्रभारी राजकुमारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद महिलाएं घर पर ही सिलाई का कार्य शुरू कर सकती हैं और अपनी मेहनत एवं हुनर के माध्यम से परिवार की आय बढ़ाने में योगदान दे सकती हैं।वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना समय की आवश्यकता है। इससे महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बनने के साथ-साथ आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार और समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। सरपंच नरेश यादव नरू ने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को अपने हुनर का उपयोग कर आत्मनिर्भर बनने तथा स्वरोजगार को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

महिला समर्थ संस्थान पुरस्कार के लिए आवेदन करने की आज अंतिम तिथि
कोई भी संस्था महिला समर्थ संस्थान पुस्कार के लिए पोर्टल के माध्यम से कर सकती है आवेदन
रेवाड़ी, 14 अक्तूबर, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग हरियाणा पंचकूला द्वारा महिला समर्थ संस्थान पुरस्कार योजना वित्त वर्ष 2026-27 आरम्भ की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य हरियाणा राज्य में महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक, बराबर और सहायक कार्यस्थल वातावरण बनाने में बेहतरीन दिखाने वाले संस्थान को पहचानना और बढ़ावा देना है। महिला एवं बाल विकास विभाग जिला कार्यक्रम अधिकारी शालू यादव ने योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी संस्था महिला समर्थ संस्थान पुरस्कार के लिए आवेदन करना चाहते है तो वो संस्थान विभाग के पोर्टल में आवेदन कर सकते है। संस्था आवेदन करने के लिए विभाग का लिंक ीजजचेरूध्ध्वदसपदमउपेण्ूमकीतअण्हवअण्पदध्हंनतंअध् पर आवेदन कर सकते है। जिसकी अंतिम तिथि 15 अक्तूबर 2026 है।
इन अवॉर्ड के लिए भी पात्र महिलाएं कर सकती हैं आवेदन
महिला एवं बाल विकास विभाग जिला कार्यक्रम अधिकारी शालू यादव ने बताया कि इसके अलावा श्रीमती सुषमा स्वराज अवॉर्ड, इंदिरा गांधी महिला शक्ति अवार्ड, कल्पना चावला शौर्य अवॉर्ड, बहन शन्नो देवी पंचायती राज अवॉर्ड और लाइफटाइम अचीवर्स अवार्ड भी विभाग द्वारा दिया जाना है जिसकी अंतिम तिथि 05 नवंबर 2026 है। जो भी महिला इन किसी भी अवार्ड के लिए आवेदन करना चाहती है तो वो महिलाएं विभाग के लिक ीजजचेरूध्ध्वदसपदमउपेण्ूमकीतअण्हवअण्पदध्हंनतंअध् पर अपना आवेदन कर सकती है।



सेवा संकल्प अभियान: गांव पुंसिका में सेवा सेतु शिविर में दी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी
आज धारूहेड़ा नगर पालिका में होगा शिविर का आयोजन
रेवाड़ी, 14 अक्तूबर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन में बुधवार को गांव पुंसिका में सेवा सेतु कैंप का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर नागरिकों को सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पात्र परिवारों के पंजीकरण भी किए गए। वहीं वीरवार को धारूहेड़ा नगर पालिका में सेवा सेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा। एडीसी एवं नोडल अधिकारी राहुल मोदी ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला में 15 अक्टूबर तक आयोजित किए जा रहे सेवा सेतु कैंप में एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। इनमें नागरिकों को ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना, मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना, स्वरोजगार, कौशल विकास, ऋण सुविधा सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा पात्र लाभार्थियों को उनकी आवश्यकताओं और पात्रता के अनुरूप योजनाओं से जोड़ने तथा आवेदन करने की प्रक्रिया के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। एडीसी ने बताया कि सेवा सेतु कैंप के माध्यम से केंद्र और हरियाणा सरकार द्वारा समाज के जरूरतमंद और पात्र परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वीरवार को धारूहेड़ा नगर पालिका में सेवा सेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे इस शिविर में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर विभिन्न विभागों द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ उठाएं।

पोक्सो एक्ट पर स्पेशल कैंप का किया आयोजन
रेवाड़ी, 14 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के निर्देशानुसार एवं डॉ. रेनू सोलखे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी द्वारा बुधवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सहारनवास, जिला रेवाड़ी में ष्पोक्सो एक्ट 2012” के बारे में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में डॉ. रेनू सोलखे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की तथा स्कूल में उपस्थित बच्चों को ष्पोक्सो एक्ट 2012” के बारे में विस्तार से जानकारी दी।इस कार्यशाला में डॉ. रेनू सोलखे, मुख्य दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रेवाड़ी ने उपस्थित विद्यार्थियों को बताया कि ष्पोक्सो एक्ट 2012” 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यौन शोषण, उत्पीड़न और अश्लीलता से बचाने के लिए है। इस एक्ट के तहत पीड़ित बच्चे की पहचान मीडिया या सार्वजनिक रूप से करना कानूनी अपराध है। इस अधिनियम का उद्देश्य बच्चों को यौन उत्पीड़न, यौन शोषण, यौन दुर्व्यवहार और बाल पोर्नोग्राफी से बचाकर उनकी सुरक्षा करना और उनकी गरिमा को बनाए रखना है। इस कार्यशाला जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी कि पैनल अधिवक्ता प्रीति ने उपस्थित बच्चों को उनके कानूनी अधिकार एवं कर्तव्य तथा बच्चों के लिए नालसा की मुफ्त कानूनी सहायता के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी द्वारा एक हेल्पलाइन नंबर 01274-220062 चलाया हुआ है जिस पर आम जन किसी भी प्रकार के कानूनी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा आमजन के लिए चलाए गए टोल फ्री नंबर 15100 पर कॉल करके फ्री कानूनी सहायता ली जा सकती है। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र प्रसाद शर्मा, अध्यापकगण एवं स्कूल के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
