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छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता और कलात्मक प्रतिभा से सजाईं आकर्षक थालियाँ
झज्जर, 24 अक्तूबर, अभीतक: इंडो अमेरिकन स्कूल, झज्जर में करवाचैथ के पावन पर्व के उपलक्ष्य में कक्षा छठी से आठवीं तक की छात्राओं के लिए थाली सजाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, कलात्मक अभिरुचि तथा भारतीय संस्कृति और पारंपरिक त्योहारों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना था। प्रतियोगिता में छात्राओं ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ भाग लेते हुए अपनी कलात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। छात्राओं ने रंग-बिरंगी सजावटी सामग्री, मोतियों, गोटा-पट्टी, सितारों और आकर्षक डिजाइनों का प्रयोग करके थालियों को सुंदर एवं मनमोहक रूप प्रदान किया। प्रत्येक थाली में छात्राओं की कल्पनाशीलता, मेहनत और सौंदर्यबोध की अनूठी झलक देखने को मिली। प्रतियोगिता के दौरान छात्राओं के बीच उत्साहपूर्ण माहौल रहा। सभी प्रतिभागियों ने अपनी कला और रचनात्मक सोच के माध्यम से एक-दूसरे से बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास किया। इस गतिविधि ने छात्राओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर भी प्रदान किया।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं के परिणाम कक्षावार इस प्रकार रहे
कक्षा छठी प्रथम स्थान वंदिता एवं याशिका, द्वितीय स्थान मौसम एवं मयंक, गरिमा एवं परी, तृतीय स्थान राशि एवं इंदुय सनाया एवं डेजी, कक्षा सातवीं प्रथम, भूमिका एवं रिद्धिमा, द्वितीय स्थान हर्षा एवं रिया, तृतीय स्थान हिमानी एवं खुश्बू,कक्षा आठवीं प्रथम स्थान: मानसी एवं नव्या, द्वितीय स्थान: भारती एवं दीक्षा, तृतीय स्थान : खुशी एवं अक्षिता, विद्यालय प्रबंधन ने सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की तथा विजेता छात्राओं को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी। विद्यालय निदेशक श्री विजेंद्र काद्यान ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभा को निखारने, उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने और भारतीय संस्कृति के प्रति लगाव विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। प्रतियोगिता का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी कलात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देने के साथ-साथ करवाचैथ के पारंपरिक महत्व को भी रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया।

संस्कारम हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर में पोलियो जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, पोस्टर, रंगोली और स्किट के माध्यम से दिया पोलियो मुक्त भारत का संदेश
झज्जर, 24 अक्तूबर, अभीतक: संस्कारम् अस्पताल एवं ट्रॉमा सेंटर, पटौदा में पोलियो के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और बच्चों को इस बीमारी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से पोलियो जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से पोलियो से बचाव, टीकाकरण के महत्व और स्वस्थ भविष्य के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण कराने के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर दो बूंद जिंदगी की, पोलियो से सुरक्षा पक्की!” संदेश के माध्यम से प्रत्येक बच्चे को पोलियो की खुराक दिलाने और पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को मजबूत करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से पोलियो उन्मूलन, टीकाकरण और बाल स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश प्रस्तुत किए। रंगोली के माध्यम से भी पोलियो से बचाव और स्वास्थ्य जागरूकता के संदेश को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही स्किट के माध्यम से पोलियो टीकाकरण की आवश्यकता और बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति अभिभावकों की जिम्मेदारी को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया। जागरूकता व्याख्यान में पोलियो से बचाव, नियमित टीकाकरण और समाज में स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी पहुंचाने के महत्व पर प्रकाश डाला गया। इन गतिविधियों के माध्यम से लोगों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि जागरूकता और समय पर टीकाकरण बच्चों को पोलियो से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पोस्टर प्रतियोगिता में रिया, दीपिका और टीना विजेता रहीं।’’ उनकी रचनात्मक प्रस्तुतियों और पोलियो जागरूकता का संदेश देने के प्रयासों की सराहना की गई। कार्यक्रम के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि पोलियो से बचाव के लिए अभिभावकों की जागरूकता, स्वास्थ्य सेवाओं का सहयोग और समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। प्रत्येक बच्चे को निर्धारित समय पर टीकाकरण उपलब्ध कराना एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल के माध्यम से संस्कारम् अस्पताल एवं ट्रॉमा सेंटर, पटौदा ने बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा, टीकाकरण के प्रति जागरूकता और पोलियो मुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया।


हर बच्चे को पोलियो की खुराक, स्वस्थ भारत की यही है शुरुआत!
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में तनिषा, उषा और हसीना की टीम रही प्रथम

झज्जर, 24 अक्तूबर, अभीतक: राजकीय महाविद्यालय, बहु में वाणिज्य विभाग के तत्वाधान में कॉलेज स्तरीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन करवाया गया। प्रतियोगिता में बी.कॉम. प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में बी.कॉम. प्रथम वर्ष की तनिषा, द्वितीय वर्ष की उषा तथा तृतीय वर्ष की हसीना की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बी.कॉम. प्रथम वर्ष की अक्षरा, द्वितीय वर्ष की शीतल तथा तृतीय वर्ष की आरती की टीम दूसरे स्थान पर रही। वहीं, बी.कॉम. प्रथम वर्ष की सविता, द्वितीय वर्ष की सुजाता तथा तृतीय वर्ष की प्रीति की टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में डॉ. रीना एवं डॉ. सुचित्रा ने निर्णायक की भूमिका निभाई। व मंच संचालन सुनील कुमार कलकल द्वारा किया गया। वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. मोहन कुमार ने बताया कि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों के विषय संबंधी ज्ञान में वृद्धि होती है तथा उनमें तार्किक क्षमता, आत्मविश्वास और टीम भावना का विकास होता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए महाविद्यालय में इस प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन महत्वपूर्ण है। उन्होंने विजेता छात्राओं को बधाई दी और सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर डॉ सुनील कुमार, डॉ रविन्द्र सिंह व महाविद्यालय के अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।

अग्रोहा धाम में आज लगेगा ऐतिहासिक मेला, धार्मिक आस्था और भारतीय संस्कृति का दिखेगा भव्य संगम
लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना, 700 से अधिक सेवादार संभालेंगे व्यवस्थाएं
धार्मिक अनुष्ठान, महासम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विशाल भंडारा रहेंगे मुख्य आकर्षण

झज्जर, 24 अक्तूबर, अभीतक: शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर 25 अक्टूबर को अग्रोहा धाम में आयोजित होने वाला राष्ट्रीय वार्षिक मेला धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और भारतीय संस्कृति का भव्य संगम बनेगा। मेले में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 700 से अधिक सेवादारों की ड्यूटी लगाई गई है। अग्रोहा धाम के प्रदेश प्रवक्ता एवं प्रमुख समाजसेवी डॉ. राजकुमार गोयल ने बताया कि अग्रोहा धाम के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग दास गर्ग के नेतृत्व में आयोजित होने वाले इस राष्ट्रीय मेले में धार्मिक अनुष्ठानों, विशाल महासम्मेलन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भंडारे सहित अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। मेले में वैश्य समाज के प्रतिनिधियों, व्यापारियों, उद्योगपतियों, समाजसेवियों और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है। इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता, जगतगुरु ब्रह्मर्षि कुमार स्वामी, अग्रोहा धाम के संरक्षक एवं पूर्व राज्यसभा सांसद सुभाष चंद्रा, हरियाणा के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल, पंजाब के कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र गोयल तथा प्रमुख उद्योगपति एवं विधायक सावित्री जिंदल सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों के पहुंचने की संभावना है। प्रसिद्ध कलाकार मासूम शर्मा और भजन गायिका अंजलि द्विवेदी की प्रस्तुतियां भी मेले का विशेष आकर्षण रहेंगी। गोयल ने बताया कि मेले के दौरान श्रद्धालु शक्ति सरोवर में स्नान करने के साथ विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना और आरती में भाग लेंगे। कलश यात्रा, माता महालक्ष्मी का छप्पन भोग, ध्वजारोहण और विशाल भंडारे सहित कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। अग्रोहा धाम में माता महालक्ष्मी, महाराजा अग्रसेन, माता सरस्वती, माता वैष्णो देवी, अमरनाथ की बर्फानी गुफा, तिरुपति बालाजी, भैरव बाबा और रामेश्वर धाम सहित अनेक धार्मिक स्थलों के दर्शन करने का अवसर मिलेगा। गोयल ने बताया कि इस राष्ट्रीय मेले में मां गंगा अवतरण, 90 फुट ऊंची बाबा हनुमान जी की प्रतिमा तथा श्री कृष्ण लीला और श्री राम लीला की विद्युत संचालित झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। बच्चों और परिवारों के मनोरंजन के लिए झूलों की व्यवस्था भी की गई है। गोयल ने कहा कि इस ऐतिहासिक मेले के तहत आयोजित महासम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से सामाजिक प्रतिनिधि और गणमान्य लोग भाग लेंगे। सम्मेलन में शिक्षा, सामाजिक सेवा, संस्कार, समाज के सामने मौजूद चुनौतियों और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। समाज और देश के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया जाएगा। अग्रोहा धाम केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि महाराजा अग्रसेन की सामाजिक विचारधारा का प्रतीक है। महाराजा अग्रसेन का जीवन आपसी सहयोग, समानता, भाईचारे और जरूरतमंदों की सहायता की प्रेरणा देता है। राष्ट्रीय मेले के माध्यम से इन आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

किसानों को मंडियों में जरूरी सुविधाएं प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता: श्याम सिंह राणा’
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने बेरी अनाज मंडी में बाजरा व धान खरीद का लिया जायजा, अधिकारियों को दिए निर्देश’

बेरी, 24 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने शनिवार की सुबह बेरी अनाज मंडी का दौरा कर बाजरा व धान की खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने खरीद प्रक्रिया का निरीक्षण करते हुए किसानों और आढ़तियों से बातचीत की। उपमंडल प्रशासन की तरफ से एसडीएम रेणुका नांदल ने कृषि मंत्री का स्वागत करते हुए खरीद प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आ रही है। खरीद प्रक्रिया पारदर्शी, सुचारू और समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए तथा किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने अनाज मंडी परिसर स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय में संबंधित विभागों और खरीद एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने तथा उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मंडियों में किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना और उनकी फसल की निर्धारित नियमों के अनुसार खरीद सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
’खरीद से लेकर भुगतान तक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखें अधिकारी
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि मंडियों में फसल खरीद के साथ-साथ उठान, भंडारण और भुगतान की व्यवस्था भी सुचारू बनी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा सभी खरीद एजेंसियां निर्धारित नियमों की पालना सुनिश्चित करते हुए आपसी तालमेल के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि खरीद व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए और मंडियों में फसल का अनावश्यक जमाव न होने दिया जाए। फसल का समय पर उठान सुनिश्चित किया जाए, ताकि मंडी में आने वाले अन्य किसानों को भी अपनी उपज उतारने और बेचने में सुविधा मिल सके।
बुनियादी सुविधाओं और माजरा खरीद केंद्र पर दिया जोर
कृषि मंत्री ने बेरी अनाज मंडी में बिजली, पेयजल, छाया, शौचालय और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अटल कैंटीन की व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखने को कहा, ताकि मंडी में आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अलावा माजरा खरीद केंद्र पर भी किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि किसानों को मंडियों में बेहतर वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध करवाना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभाग नियमित निगरानी रखें और व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
यह रहे मौजूद
इस अवसर पर मार्केट कमेटी बेरी के चेयरमैन राजेंद्र शर्मा, नगर पालिका बेरी के चेयरमैन देवेंद्र कादयान, डीएफएससी आदित्य कौशिक, नायब तहसीलदार मनोज कुमार, मार्केट कमेटी सचिव डॉ. अमनदीप सिंह, वेयरहाउसिंग के डीएम रोहतास दहिया, हैफेड के डीएम कृष्ण श्योराण, एएफएसओ अमरजीत सिंह, एसडीओ विकास गुप्ता, आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान दलबीर सिंह, एआर बिजेंद्र सुहाग, सरिता छोकर, सतीश गोच्छी, जयदीप कादयान और सतीश लाला बेरी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, आढ़ती और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

डीसी वर्षा खांगवाल

गुड गवर्नेंस अवार्ड के लिए एक नवंबर से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया: डीसी’
सुशासन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को मिलेगा सम्मान, 51 हजार रुपये तक की नकद राशि’
सरकारी कर्मचारी 1 से 25 नवंबर तक कर सकेंगे आवेदन, राज्य स्तर और जिला स्तर पर दिए जाएंगे सुशासन सम्मान, 4 कर्मचारियों की टीम भी कर सकेगी आवेदन’

झज्जर, 24 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा सरकार ने सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, नवाचार और बेहतर प्रशासन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना 2026 (हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना 2026) अधिसूचित की है। इस योजना के तहत असाधारण एवं नवाचार पूर्ण कार्य करने वाले सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार राज्य स्तर और जिला स्तर पर प्रदान किए जाएंगे। डीसी वर्षा खांगवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना 2026 के अनुसार, राज्य स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को 51,000 रुपये प्रति सदस्य तथा जिला स्तर पर चयनित कर्मचारियों को 31,000 रुपये प्रति सदस्य नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त विजेताओं को ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। डीसी ने बताया कि हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना 2026 के तहत राज्य स्तर पर दो श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाएंगे। इनमें राज्य फ्लैगशिप पुरस्कार और राज्य पुरस्कार शामिल हैं। दोनों श्रेणियों में अधिकतम पांच-पांच पुरस्कार प्रदान किए जा सकेंगे। राज्य स्तर के पुरस्कार विजेताओं को 51,000 रुपये प्रति सदस्य की दर से नकद राशि मिलेगी। साथ ही, हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव द्वारा हस्ताक्षरित प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। प्रशस्ति पत्र की प्रति संबंधित प्रशासनिक सचिव के माध्यम से कर्मचारी की सर्विस बुक में भी रखी जा सकेगी।
जिला स्तर पर भी होंगे सम्मानित
जिला स्तर पर प्रत्येक जिला में अधिकतम पांच पुरस्कार दिए जा सकेंगे। इन पुरस्कारों के तहत चयनित कर्मचारियों को 31,000 रुपये प्रति सदस्य नकद राशि, ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। जिला स्तर के पुरस्कारों के लिए प्रशस्ति पत्र संबंधित मंडलायुक्त द्वारा जारी किया जाएगा। इसके लिए उपायुक्त की सिफारिश आवश्यक होगी। पुरस्कारों की स्वीकृति संबंधित जिला के उपायुक्त द्वारा दी जाएगी।
चार कर्मचारियों की टीम भी कर सकेगी आवेदन
डीसी ने बताया कि हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना 2026 के तहत कोई कर्मचारी व्यक्तिगत रूप से या अधिकतम चार सदस्यों की टीम के रूप में आवेदन कर सकता है। टीम के प्रत्येक सदस्य को सम्मान राशि प्रदान की जाएगी, चाहे उसका पद या रैंक कुछ भी हो। इस योजना का लाभ हरियाणा सरकार के विभागों, बोर्डों, निगमों, वैधानिक प्राधिकरणों, मिशन, समितियों, संस्थानों, विश्वविद्यालयों और सरकार के स्वामित्व एवं नियंत्रण वाले सार्वजनिक उपक्रमों के पात्र कर्मचारियों को मिलेगा। इसमें ग्रुप-ए, बी, सी और डी के कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा अधिसूचना में निर्धारित विभिन्न माध्यमों से नियुक्त संविदात्मक कर्मचारियों को भी पात्रता दी गई है।
1 जनवरी 2025 से 30 अक्टूबर 2026 तक के कार्यों पर होगा विचार’
हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना 2026 के तहत पुरस्कारों के लिए कर्मचारियों के प्रदर्शन की मूल्यांकन अवधि 1 जनवरी 2025 से 30 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित की गई है। इस अवधि के दौरान किए गए उत्कृष्ट कार्यों, नवाचारों और योजनाओं के प्रभाव के आधार पर आवेदनों पर विचार किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया 1 नवंबर 2026 से शुरू होगी। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 25 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। राज्य स्तर और जिला स्तर के पुरस्कारों के लिए विजेताओं का चयन अधिमानत : 15 दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य
पुरस्कार के लिए आवेदन निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से करना अनिवार्य होगा। आवेदन का लिंक www.haryanagoodgovernanceawards.haryana.gov.in है। आवेदन संबंधित कार्यालयाध्यक्ष या विभागाध्यक्ष के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा। विभागाध्यक्ष अपनी विस्तृत टिप्पणी के साथ आवेदन संबंधित प्रशासनिक सचिव को भेजेंगे। इसके बाद प्रशासनिक सचिव अपनी टिप्पणी और सिफारिश सहित आवेदन को सामान्य प्रशासन विभाग (अनुसंधान इकाई) के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। राज्य स्तर पर पुरस्कारों के लिए आवेदन सीधे सशक्त समिति के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए जा सकेंगे। संबंधित प्रशासनिक सचिव विभागाध्यक्षों से परामर्श करके पात्र कर्मचारियों या टीमों के नामों की सिफारिश भी कर सकेंगे।
आवेदन के साथ देने होंगे ये दस्तावेज
आवेदकों को अपने आवेदन के साथ अधिकतम 200 शब्दों का परियोजना विवरण देना होगा। इसमें संबंधित कार्यक्रम या पहल, क्रियान्वयन की रणनीति, कार्यान्वयन अवधि, उल्लेखनीय उपलब्धियां, परिणाम, सकारात्मक प्रभाव, विस्तार की संभावनाएं और स्थायित्व का उल्लेख करना होगा। इसके अतिरिक्त अधिकतम 10 स्लाइड की पावरपॉइंट प्रस्तुति, कर्मचारी का नाम, पदनाम, तैनाती का स्थान तथा एचआरएमएस के अनुसार पेयी कोड देना अनिवार्य होगा।
समितियां करेंगी आवेदनों की जांच
राज्य स्तर के पुरस्कारों के लिए सरकार द्वारा गठित सशक्त समिति आवेदनों की समीक्षा कर पुरस्कारों के लिए नामों की सिफारिश करेगी। अंतिम स्वीकृति हरियाणा सरकार द्वारा दी जाएगी। जिला स्तर पर उपायुक्त की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय सशक्त समिति आवेदनों पर विचार करेगी। इस समिति में पुलिस अधीक्षक अथवा पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय), अतिरिक्त उपायुक्त और अध्यक्ष द्वारा सहयोजित अन्य अधिकारी शामिल हो सकेंगे। डीसी ने बताया कि हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना 2026 का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को बेहतर प्रशासन, नवाचार, पारदर्शिता और जनहित में प्रभावी कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से प्रदेश में सुशासन की संस्कृति मजबूत होगी और उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन मिलेगा।

पुलिस स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में विद्यार्थियों को किया जागरूक, खेलकूद गतिविधियों के माध्यम से दिया स्वस्थ जीवन का संदेश’
झज्जर, 24 अक्तूबर, अभीतक: पुलिस स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में पुलिस उपायुक्त मुख्यालय झज्जर फैसल खान के दिशा-निर्देशन में झज्जर पुलिस द्वारा विद्यार्थियों को पुलिस जवानों के बलिदान, कर्तव्यनिष्ठा और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी से अवगत करवाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में निरीक्षक दयानंद गोरा ने गांव दादनपुर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिस जवानों के योगदान के बारे में बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि पुलिस के जवान दिन-रात अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए आमजन की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लोगों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। पुलिस स्मृति दिवस हमें इन वीर जवानों के त्याग, साहस और समर्पण को याद करने तथा उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश देता है।उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, मेहनत, जिम्मेदारी और समाज के प्रति सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही कहा कि युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कारों और खेलकूद गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।वहीं, डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने खेलकूद गतिविधियों में भाग लेकर उत्साह और टीम भावना का परिचय दिया। खेलकूद से विद्यार्थियों में शारीरिक फिटनेस, अनुशासन, सहयोग और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है।झज्जर पुलिस का उद्देश्य ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में देशभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और पुलिस के प्रति विश्वास की भावना को मजबूत करना है, ताकि युवा पीढ़ी शहीद जवानों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर एक सुरक्षित और जिम्मेदार समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभा सके।

पुलिस स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में अंतर-कक्षा वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन’
झज्जर, 24 अक्तूबर, अभीतक: राष्ट्र के वीर शहीद पुलिस जवानों की स्मृति को नमन करने हेतु डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल, झज्जर में पुलिस स्मृति दिवस (च्वसपबम ब्वउउमउवतंजपवद क्ंल) के उपलक्ष्य में 24 अक्टूबर को अंतर-कक्षा वॉलीबॉल प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ शहीद पुलिस जवानों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए किया गया। इस अवसर पर कक्षा ग् से ग्प्प् तक के छात्रों के बीच वॉलीबॉल प्रतियोगिता आयोजित की गई। छात्रों ने जबरदस्त जोश, टीम भावना और अनुशासन का प्रदर्शन किया। फाइनल मैच काफी रोमांचक रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने खेल भावना, फिटनेस और आपसी सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री पंकज वालिया ने अपने संबोधन में कहा, पुलिस बल दिन-रात हमारी सुरक्षा में तैनात रहता है। चाहे प्राकृतिक आपदा हो या सामाजिक चुनौती, पुलिस हर मोर्चे पर अग्रिम पंक्ति में खड़ी रहती है। उनके सर्वोच्च बलिदान को हमारा यह नमन बहुत छोटा है, पर यह हमारे विद्यार्थियों में देशभक्ति और कृतज्ञता का भाव जरूर जगाएगा। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सराहना की और विजेता टीम को बधाई दी।

घर में चोरी के मामले में दो अन्य आरोपी गिरफ्तार, अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा’
झज्जर, 24 अक्तूबर, अभीतक: पुलिस उपायुक्त झज्जर धारणा यादव के दिशा-निर्देशन में कार्रवाई करते हुए थाना माछरौली की पुलिस टीम ने घर में चोरी के मामले में दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देवेंद्र निवासी गांव खुड्डन, जिला झज्जर तथा सोनू निवासी गांव इस्माइला, जिला रोहतक के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को अदालत झज्जर में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।थाना प्रबंधक माछरौली उपनिरीक्षक संदेश कुमार ने बताया कि गांव खुड्डन निवासी सत्यबीर की शिकायत पर घर से सोने-चांदी के आभूषण चोरी होने के संबंध में 6 सितंबर 2026 को मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, 5-6 सितंबर की रात को वह अपने घर में सो रहा था। सुबह उठकर देखने पर घर में रखे संदूक का कुंडा टूटा हुआ मिला और उसमें रखे उसकी पत्नी के सोने-चांदी के आभूषण गायब थे।मामले की जांच के दौरान थाना में तैनात सहायक उप निरीक्षक सुनील कुमार की पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए पहले दर्ज मामले में अब दो अन्य आरोपियों देवेंद्र और सोनू को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

अवैध हथियार रखने के दो अलग-अलग मामलों में सीआईए-2 बहादुरगढ़ की कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार
आरोपियों के कब्जे से दो देशी पिस्तौल बरामद, दोनों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया

बहादुरगढ़, 24 अक्तूबर, अभीतक: पुलिस उपायुक्त क्राइम शुभम सिंह के दिशा-निर्देशन में झज्जर पुलिस द्वारा अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में ब्प्।-2 बहादुरगढ़ की पुलिस टीम ने अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो देशी पिस्तौल बरामद किए हैं। पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सीआईए -2 बहादुरगढ़ के प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार ने बताया कि पहली कार्रवाई में पुलिस टीम गश्त एवं अपराधों की रोकथाम के लिए बराही फाटक के नजदीक मौजूद थी। इसी दौरान मुखबिर खास से सूचना मिली कि विकास नगर, लाइनपार बहादुरगढ़ निवासी जतिन अवैध पिस्तौल लेकर बराही रोड पर गंदे नाले के पास खड़ा है। सूचना पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध युवक को काबू किया। तलाशी लेने पर उससे एक देशी पिस्तौल बरामद हुआ। आरोपी की पहचान उपरोक्त के तौर पर हुई। आरोपी पिस्तौल का लाइसेंस या परमिट पेश नहीं कर सका।दूसरे मामले में ब्प्।-2 की पुलिस टीम गांव बामनौली बस स्टैंड पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान बराही की तरफ से पैदल आ रहा एक युवक पुलिस टीम को देखकर वापस मुड़कर तेज कदमों से जाने लगा। संदेह होने पर पुलिस टीम ने उसे काबू कर नियमानुसार तलाशी ली, तो उसकी लोअर की जेब से एक देशी पिस्तौल बरामद हुआ। आरोपी की पहचान विवेक निवासी गली नंबर 7, विकास नगर, लाइनपार बहादुरगढ़ के रूप में हुई। वह भी हथियार का लाइसेंस या परमिट पेश नहीं कर सका। दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए थाना लाइन पार बहादुरगढ़ में मामला दर्ज किया गया। प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार ने बताया कि आरोपी जतिन के खिलाफ उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार आर्म्स एक्ट सहित अन्य मामलों की जानकारी की जा रही है। वहीं, विवेक उर्फ विक्की के खिलाफ पूर्व में दर्ज मामलों में एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट तथा अन्य आपराधिक धाराओं से संबंधित मामले शामिल हैं। झज्जर पुलिस द्वारा अपराधों की रोकथाम के लिए नियमित गश्त, विश्वसनीय सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है, ताकि अवैध हथियारों की रोकथाम कर आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

हनी ट्रैप के मामले में आगामी कार्रवाई करते हुए दिल्ली निवासी महिला गिरफ्तार
झूठे छेड़खानी के केस में फंसाने की धमकी देकर 13 लाख रुपये मांगने के मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी’

बहादुरगढ़, 24 अक्तूबर, अभीतक: पुलिस उपायुक्त बहादुरगढ़ शुभम सिंह के दिशा-निर्देशन में थाना सेक्टर-6 बहादुरगढ़ की पुलिस टीम ने हनी ट्रैप के मामले में गहनता से जांच करते हुए आगामी कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने मामले की विभिन्न कड़ियों को जोड़ते हुए दिल्ली निवासी एक महिला को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। इस मामले में पुलिस द्वारा पहले एक नाबालिग सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।थाना प्रबंधक सेक्टर-6 बहादुरगढ़ उपनिरीक्षक सत्यवीर सिंह ने बताया कि बहादुरगढ़ निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि उसके कार्यालय में नौकरी के लिए पहुंची एक युवती ने उस पर छेड़खानी के आरोप लगाए थे। इसके बाद मामले में समझौता करवाने के नाम पर रुपये की मांग की गई और 13 लाख रुपये में मामला खत्म करवाने की बात कही गई थी।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को तीन लाख रुपये लेते हुए मौके पर काबू किया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकदी के अतिरिक्त मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल होंडा सिटी कार भी बरामद की थी।
’पुलिस की मेहनत और निरंतर जांच से आगे बढ़ी कार्रवाई : मामले में केवल प्रारंभिक गिरफ्तारी तक सीमित न रहते हुए पुलिस टीम द्वारा लगातार गहनता से जांच की जा रही है। उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए दिल्ली निवासी महिला की गिरफ्तारी की गई है। यह कार्रवाई पुलिस टीम की सतर्कता, निरंतर प्रयासों और अपराध में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका उजागर करने के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार महिला से पूछताछ की जा रही है तथा मामले में अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की जांच जारी है।

महापुरुषों के मूल्यों एवं आदर्शों को लेकर अभियान चलाएगा लोक सेवा मंच
वर्तमान में राष्ट्र-समाज को आगे बढ़ाने में महापुरुषों के आदर्श बहुत मददगार साबित होंगे: अशोक प्रधान

रेवाड़ी, 24 अक्तूबर, अभीतक: मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान के तहत राष्ट्रीय सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच ने शहीद यादगार मंच हरियाणा के सौजन्य से महापुरुषों के राष्ट्रीय मूल्यों एवं आदर्शों को लेकर जन-जन को प्रेरित करने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय प्रगतिशील विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच ने कहा कि आजादी आंदोलन के दौरान लोगों को एकजुट कर राष्ट्र को आजादी दिलाने में महापुरुषों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्तमान में महापुरुषों के वे सभी मूल्य और आदर्श राष्ट्र-समाज को आगे बढ़ाने में मददगार हो सकते हैं। इस सिलसिले में शहीद यादगार मंच हरियाणा के प्रांतीय अध्यक्ष श्रीपाल शर्मा व महासचिव विजय सिंह कोच के साथ हुई शिष्टाचारपूर्ण मुलाकात में अशोक प्रधान लोक सेवा मंच ने राष्ट्रीय मुहिम चलाने का संकल्प व्यक्त किया। इस अवसर पर शहीद यादगार मंच हरियाणा के पदाधिकारियों सहित अनेक गणमान्य लोगों ने सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा भेंट करके शहीदों के आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएं एवं भरपूर समर्थन व्यक्त किया। गौरतलब है कि जनहित के मुद्दों को लेकर लोक सेवा मंच पिछले करीब 10 माह से लगातार ज्वलंत जनसमस्याओं के समाधान की जोरदार आवाज बुलंद करता आ रहा है। जनहित में सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान की अगुवाई में मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान चलाकर कोर कमेटी के सदस्य महेश कौशिक, बीके राम सिंह, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, रघुनंदन अग्रवाल, नंदलाल यादव, डॉ. सुरेश कुमार, विजय सिंह, राजीव कुमार, जगमोहन यदुवंशी, विजय कुमार, दयाराम आर्य, भागीरथ एडवोकेट, मदन लाल शर्मा, देशराज सिंह आदि सहित लोक सेवा मंच की राष्ट्रीय महिला प्रभारी योगिता एडवोकेट व राष्ट्रीय संगठन सचिव अभिषेक कुमार अग्रणी भूमिकाएं निभा रहे हैं। अब इस अभियान में महापुरुषों के मूल्यों एवं आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य भी किया जाएगा।

डीसी अभिषेक मीणा

गुड गवर्नेंस पुरस्कार के लिए एक नवंबर से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया: डीसी
सुशासन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को मिलेगा पुरस्कार
राज्य स्तर और जिला स्तर पर दिए जाएंगे सुशासन पुरस्कार

रेवाड़ी, 24 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा सरकार ने सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, नवाचार और बेहतर प्रशासन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना 2026 (हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना 2026) अधिसूचित की है। इस योजना के तहत असाधारण एवं नवाचारपूर्ण कार्य करने वाले सरकारी कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार राज्य स्तर और जिला स्तर पर प्रदान किए जाएंगे। डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना 2026 के अनुसार, राज्य स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को 51,000 रुपये प्रति सदस्य तथा जिला स्तर पर चयनित कर्मचारियों को 31,000 रुपये प्रति सदस्य नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त विजेताओं को ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। डीसी ने बताया कि हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना 2026 के तहत राज्य स्तर पर दो श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाएंगे। इनमें राज्य फ्लैगशिप पुरस्कार और राज्य पुरस्कार शामिल हैं। दोनों श्रेणियों में अधिकतम पांच-पांच पुरस्कार प्रदान किए जा सकेंगे। राज्य स्तर के पुरस्कार विजेताओं को 51,000 रुपये प्रति सदस्य की दर से नकद राशि मिलेगी। साथ ही, हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव द्वारा हस्ताक्षरित प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। प्रशस्ति पत्र की प्रति संबंधित प्रशासनिक सचिव के माध्यम से कर्मचारी की सर्विस बुक में भी रखी जा सकेगी। उन्होंने बताया कि हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना 2026 का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को बेहतर प्रशासन, नवाचार, पारदर्शिता और जनहित में प्रभावी कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से प्रदेश में सुशासन की संस्कृति मजबूत होगी और उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
जिला स्तर पर भी होंगे सम्मानित
जिला स्तर पर प्रत्येक जिला में अधिकतम पांच पुरस्कार दिए जा सकेंगे। इन पुरस्कारों के तहत चयनित कर्मचारियों को 31,000 रुपये प्रति सदस्य नकद राशि, ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। जिला स्तर के पुरस्कारों के लिए प्रशस्ति पत्र संबंधित मंडलायुक्त द्वारा जारी किया जाएगा। इसके लिए उपायुक्त की सिफारिश आवश्यक होगी। पुरस्कारों की स्वीकृति संबंधित जिला के उपायुक्त द्वारा दी जाएगी।
चार कर्मचारियों की टीम भी कर सकेगी आवेदन
डीसी ने बताया कि हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना 2026 के तहत कोई कर्मचारी व्यक्तिगत रूप से या अधिकतम चार सदस्यों की टीम के रूप में आवेदन कर सकता है। टीम के प्रत्येक सदस्य को समान राशि प्रदान की जाएगी, चाहे उसका पद या रैंक कुछ भी हो। इस योजना का लाभ हरियाणा सरकार के विभागों, बोर्डों, निगमों, वैधानिक प्राधिकरणों, मिशनों, समितियों, संस्थानों, विश्वविद्यालयों और सरकार के स्वामित्व एवं नियंत्रण वाले सार्वजनिक उपक्रमों के पात्र कर्मचारियों को मिलेगा। इसमें ग्रुप-ए, बी, सी और डी के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा अधिसूचना में निर्धारित विभिन्न माध्यमों से नियुक्त संविदात्मक कर्मचारियों को भी पात्रता दी गई है।
कर्मचारियों के प्रदर्शन की मूल्यांकन अवधि 1 जनवरी 2025 से 30 अक्तूबर 2026 तक निर्धारित
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना 2026 के तहत पुरस्कारों के लिए कर्मचारियों के प्रदर्शन की मूल्यांकन अवधि 1 जनवरी 2025 से 30 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित की गई है। इस अवधि के दौरान किए गए उत्कृष्ट कार्यों, नवाचारों और योजनाओं के प्रभाव के आधार पर आवेदनों पर विचार किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया 1 नवंबर 2026 से शुरू होगी। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 25 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। राज्य स्तर और जिला स्तर के पुरस्कारों के लिए विजेताओं का चयन अधिमानतरू 15 दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य
पुरस्कार के लिए आवेदन निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से करना अनिवार्य होगा। आवेदन का लिंक www.haryanagoodgovernanceawards.haryana.gov.in है। आवेदन संबंधित कार्यालयाध्यक्ष या विभागाध्यक्ष के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा। विभागाध्यक्ष अपनी विस्तृत टिप्पणी के साथ आवेदन संबंधित प्रशासनिक सचिव को भेजेंगे। इसके बाद प्रशासनिक सचिव अपनी टिप्पणी और सिफारिश सहित आवेदन को सामान्य प्रशासन विभाग (अनुसंधान इकाई) के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। राज्य स्तर पर पुरस्कारों के लिए आवेदन सीधे सशक्त समिति के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए जा सकेंगे। संबंधित प्रशासनिक सचिव विभागाध्यक्षों से परामर्श करके पात्र कर्मचारियों या टीमों के नामों की सिफारिश भी कर सकेंगे।
आवेदन के साथ देने होंगे ये दस्तावेज
आवेदकों को अपने आवेदन के साथ अधिकतम 200 शब्दों का परियोजना विवरण देना होगा। इसमें संबंधित कार्यक्रम या पहल, क्रियान्वयन की रणनीति, कार्यान्वयन अवधि, उल्लेखनीय उपलब्धियां, परिणाम, सकारात्मक प्रभाव, विस्तार की संभावनाएं और स्थायित्व का उल्लेख करना होगा। इसके अतिरिक्त अधिकतम 10 स्लाइड की पावरपॉइंट प्रस्तुति, कर्मचारी का नाम, पदनाम, तैनाती का स्थान तथा एचआरएमएस के अनुसार पेयी कोड देना अनिवार्य होगा।

नशा मुक्त भारत -विकसित भारत के संदेश के साथ फेंसिंग प्रतियोगिता आयोजित
रेवाड़ी, 24 अक्तूबर, अभीतक: मेरा युवा भारत रेवाड़ी, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा “नशा मुक्त युवादृविकसित भारत संकल्प अभियान” के तहत युवाओं को नशे से दूर रखने और खेलों से जोड़ने के उद्देश्य से शनिवार को रेवाड़ी फेंसिंग सेंटर में एपी फेंसिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की इस पहल के अंतर्गत 100 सप्ताह तक देशभर में जागरूकता एवं जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी संदेश के साथ खिलाड़ियों को अपनी ऊर्जा खेल, अनुशासन, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में लगाने के लिए प्रेरित किया गया। प्रतियोगिता में साहिल यादव ने प्रथम, यक्षित ने द्वितीय और प्रिंस ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सचिन, एशियन कैडेट कप कांस्य पदक विजेता जितेश यादव तथा कैडेट नेशनल चैंपियन विवेक कुमार को सम्मानित किया गया। सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए। जिला युवा अधिकारी सुमित यादव ने बताया कि इस सप्ताह अभियान का मुख्य संदेश नशे से दूरी के साथ पारंपरिक खेलों से जुड़ाव के साथ स्वस्थ युवा, मजबूत भारत, विकसित भारत है। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाना, खेल भावना को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। यह प्रतियोगिता सभी खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणादायक अनुभव रही। कार्यक्रम में रेवाड़ी फेंसिंग सेंटर प्रशिक्षक राजपाल ने युवाओं को नशे से दूर रहने, अपने परिवार और समाज तक इस संदेश को पहुँचाने हेतु प्रतिज्ञा करवाई गई। मेरा युवा भारत रेवाड़ी से प्रशासनिक सहायक विनय राव और सुशील उपस्थित रहे।

सराहनीय पहल: नेक कमाई से बांटे 98 स्वेटर, स्वेटर पाकर बच्चों के खिले चेहरे
झज्जर, 24 अक्तूबर, अभीतक: अपने लिए तो सब जीते हैं सही मायने मे दूसरे के लिए जीना ही जीवन है। यदि जीवन का उद्देश्य दूसरों की भलाई बन जाए तो उससे प्रेरणादायक व नेक काम कुछ नहीं हो सकता है। झज्जर जिला मुख्यालय के अंतिम छोर पर बसे वीरों की देवभूमि कहे जाने वाले गांव धारौली की सामाजिक संस्था मां-मातृभूमि सेवा समिति के दवारा राजकीय उच्च विद्यालय, सुधराना गांव, ब्लॉक नाहड, जिला रेवाड़ी में वस्त्र समर्पण सेवा कार्यक्रम में 25 हजार रुपये की 98 स्वेटरे जरूरतमंद विद्यार्थियों को निःशुल्क वितरित की गई। स्वेटर पाकर सभी बच्चों के चेहरे खिल उठे। कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्जवलन कर किया। 25 बार रक्तदान कर चुके युद्धवीर सिंह लांबा, अध्यक्ष,मां-मातृभूमि सेवा समिति, वीरों की देवभूमि धारौली ने जानकारी देते हुए बताया कि समाजसेवा को समर्पित समाजसेविका लक्ष्मी सिंह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थी, मुख्य अतिथि ने उपस्थित छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य, अनुशासन और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। अब तक 19 बार रक्तदान कर चुके सुधराना गांव के समाजसेवी नीरज कुमार जांगडा कार्यकर्म में विशेष अतिथि थे जबकि राजकीय उच्च विद्यालय, सुधराना गांव के हेडमास्टर दिनेश कुमार, स्वेटर वितरण कार्यक्रम की अध्यक्षता की। निम्न ने अपने नेक धन से वस्त्र समर्पण सेवा कार्यक्रम के आयोजन मे सहयोग दिया 1. समाजसेवी व शिक्षाविद सुखबीर जाखड़, चेयरमैन, रिलायंस ग्रुप ऑफ स्कूल्स जिनके हरियाणा और राजस्थान में लगभग 20 स्कूल है 2. हरियाणा सरकार में जूनियर इंजीनियर अजय मलिक, खानपुर कलां, सोनीपत 3. शिक्षा के साथ साथ सामाजिक सरोकार का दायित्व भी बेखुबी निभा रहे है मास्टर हरबीर मल्हान गिरधरपुर निवासी जो काबिले तारीफ है 4. धर्मेंद्र यादव, डायरेक्टर मेडी-जेईई करियर इंस्टीट्यूट, कोसली, एम्स नीट और आईआईटी जेईई की तैयारी के लिए बेहतरीन कोचिंग संस्थान 5. समाजसेवा और शिक्षा को समर्पित समाजसेवी व शिक्षाविद मास्टर पवन कुमार, धनीरवास गांव 6. सरकारी बैंक में कार्यरत इंजीनियर अजय जांगड़ा, भिवानी निवासी 7. दिल्ली में असिस्टेंट टैक्सेशन ऑफिसर, संजीव घणघस, गांव जतई, भिवानी 8. हरियाणा सरकार में सिचाई विभाग में कार्यरत इंजीनियर अमित दांगी, मदीना, जिला रोहतक 9.युद्धवीर सिंह लांबा, वीरों की देवभूमि धारौली 10. सुधराना गांव के समाजसेवी नीरज कुमार जांगडा 11. कोसली रेलवे स्टेशन से नाहड रोड पर सोनू मोटर वाइंडिंग सेंटर प्रो. सोनू कुमार धारौली 12. रक्तदानी लक्ष्मी सिंह, सुधराना गांव 13. कोसली के मास्टर रोहित यादव प्रो. लेवी डिस्पोजल हाउस 14. मास्टर कुलवेन्द्र सिंह यादव, गांव मुमताजपुर, रेवाड़ी 15. ब्रह्मशक्ति संजीवनी अस्पताल, बहादुरगढ़ और नव जीवन हॉस्पिटल मॉडल टाउन रोहतक के मैनेजर विक्रांत शर्मा 16. पर्यावरण संरक्षण को समर्पित समाजसेवी मंजीत सिंह, प्रो. श्रीहंस बैग व स्टेशनरी हाउस, कोसली 17. नायब सूबेदार विक्रम सिंह लांबा (सेवानिवृत्त) धारौली 18. समाजसेवी व रक्तदानी नितेश भौरिया, प्रो. अर्बन युवा रेडीमेड स्टोर, कोसली आदि। भाकली के शिक्षाविद मास्टर सतीश यादव के द्वारा सभी छात्रों को एक एक पेन भेंट स्वरूप दिया। सतबीर सुधराना के द्वारा सभी छात्रों को एक एक कॉपी और एक एक पेन भी भेंट स्वरूप दिया।

बहादुरगढ़ में निर्माण स्थलों पर प्रदूषण रोकने के लिए निरीक्षण, नियमों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई
बहादुरगढ, 24 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. सुनील श्योराण ने निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर धूल नियंत्रण के उपायों की समीक्षा की। 500 वर्ग मीटर या इससे अधिक क्षेत्रफल वाले निर्माण स्थलों का संबंधित पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। निरीक्षण के दौरान बैरिकेडिंग, पानी का छिड़काव, निर्माण सामग्री के भंडारण व परिवहन और वाहनों के पहियों की सफाई व्यवस्था जांची गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि निर्माण स्थलों के चारों ओर कम से कम 8 फीट ऊंची मजबूत बैरिकेडिंग लगाई जाए और धूल रोकने के लिए नियमित पानी का छिड़काव किया जाए। साथ ही जरूरत के अनुसार एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल करने और निर्माण सामग्री को ढककर रखने के निर्देश दिए गए।

अपराध की दुनिया में दहशत फैलाने वाले कुख्यात गैंगस्टर हिंमाशु भाऊ को अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने गिरफ्तार किया
रोहतक, 24 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा के रोहतक (रिटोली गांव) से निकलकर अपराध की दुनिया में दहशत फैलाने वाले कुख्यात गैंगस्टर हिंमाशु भाऊ को अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानून व्यवस्था की एक बहुत बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। विदेश में बैठकर अपना क्रॉस-बॉर्डर सिंडिकेट चलाने वाला 24 वर्षीय हिमांशु भाऊ सालों पहले फर्जी पासपोर्ट पर भारत से फरार हो गया था। लेकिन अमेरिका में बैठकर भी वह हरियाणा (खासकर रोहतक, गोहाना, सांपला) और दिल्ली-छब्त् में रंगदारी, व्यापारियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग और टारगेट किलिंग जैसी खौफनाक वारदातों को अंजाम दे रहा था। बम्बीहा और नीरज बवाना गैंग से जुड़े भाऊ का नाम हरियाणा के गोहाना में मातू राम हलवाई और सांपला में सीताराम हलवाई के यहां हुई जबरन वसूली की फायरिंग से लेकर दिल्ली के बर्गर किंग शूटआउट तक में प्रमुखता से शामिल है।

बीजेपी नेताओं की वीआईपी कल्चर पर प्रभारी स्मृति ईरानी का चाबुक!
जनता के सेवक या फिर साहब वीआईपी? भाजपा जिलाध्यक्षों की सुरक्षा पर उठे सवाल!
गुरुग्राम जिलाध्यक्ष की फोटो देखकर भड़कीं स्मृति ईरानी!
सवाल दागाकृजनता के बीच जाने के लिए नेताओं को इतनी सुरक्षा की क्या जरूरत?
चारों तरफ पुलिसकर्मी, फिर जनता और नेता के बीच दूरी कैसे मिटेगी?
स्मृति की नाराजगी के बाद हरियाणा के सभी भाजपा जिलाध्यक्षों की सुरक्षा हटाई गई!
गुरुग्राम से लेकर पूरे प्रदेश तक जिलाध्यक्षों की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी वापस बुलाए गए!
सत्ता में आते ही नेताओं का रुतबा बढ़ा या जनता से दूरी?
जनता के सेवक को सुरक्षा का इतना तामझाम क्यों, क्या बिना पुलिस के नहीं होगा जनसेवा का काम?
सुरक्षा हटने के बाद गुरुग्राम जिलाध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी की सफाईकृचार नहीं, सिर्फ दो पुलिसकर्मी थे!
अब सवाल यहीकृजनता की सेवा होगी या टप्च् कल्चर की सवारी?

श्री श्याम प्रेम मंडल के तत्वावधान में 32वां श्री श्याम जयंती महोत्सव 25 को, तैयारियां पूरी : भानु प्रकाश
भिवानी, 24 अक्तूबर, अभीतक: शहर में भक्ति और उल्लास का माहौल, शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्री श्याम प्रेम मंडल द्वारा 32वें श्री श्याम जयंती महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक अनुष्ठान को लेकर श्री श्याम प्रेम मंडल के पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्सव को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और श्याम भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। श्री श्याम प्रेम मंडल के प्रधान भानु प्रकाश एवं सचिव जितेंद्र अग्रवाल ने बताया कि यह 32वां वार्षिक महोत्सव 25 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। उत्सव का आयोजन स्थानीय शिव नगर कॉलोनी स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मन्दिर लिबर्टी होम के सामने होगा। उन्होंने ने बताया कि सुबह 8ः15 पर श्री श्याम भवन में हवन का आयोजन होगा। इसके उपरांत सांय 6ः15 बजे से होगी और यह बाबा की इच्छा तक अनवरत जारी रहेगा। महोत्सव में सानिध्य जोगिवाला मन्दिर भिवानी के महंत वेदनाथ महाराज तथा दुर्गादास आश्रम भिवानी के महंत पूर्णदास महाराज का रहेगा। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में श्याम रसोई, छप्पन भोग, इत्र वर्षा, भव्य दरबार, अलौकिक श्रृंगार, अखंड ज्योत, अमृतमय भजन वर्षा और श्री श्याम दर्शन शामिल हैं। वही भजनों की न संध्या में आमंत्रित प्रख्यात भजन गायक अपनी मधुर वाणी से बाबा का गुणगान करेंगे। फतेहाबाद से पधारने वाली प्रसिद्ध गायिका मोना महता, गोहाना से रितिक बावा और फतेहाबाद से पल्लवी शर्मा अपने भजनों से उपस्थित श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर करेंगी। इसके अलावा प्रदीप म्यूजिकल गु्रप भिवानी और डी.के. साउण्ड भिवानी अपनी बेहतरीन संगीत व ध्वनि व्यवस्था से कार्यक्रम में चार चांद लगाएंगे। श्री श्याम प्रेम मंडल, भिवानी के समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमियों और श्याम भक्तों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर बाबा श्याम का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।

प्राइवेट कंपनी को समानांतर लाइसेंस देने के कारण प्रदेश को हुए हजारों करोड़ रुपए के नुकसान पर श्वेत पत्र जारी करे सरकार: अभय सिंह चौटाला
दो दिन बिजली न मिलने के कारण हजारों करोड़ रुपयों का नुकसान हो गया, दो दिन तक घरों में बिजली न मिलने और पानी न मिलने से जनता परेशान हुई, किसान परेशान हुए, बिजली कर्मचारियों को जेल में डाला गया, नॉन टेक्निकल पटवारी और अध्यापकों की ड्यूटी बिजली व्यवस्था को संभालने के लिए लगा कर उनकी जान जोखिम में डाली गई
बीजेपी सरकार तुरंत बिजली कर्मचारियों पर लगाए गए मुकदमे वापिस ले, बर्खास्त किए गए कर्मचारियों को बहाल करे और जेल में बंद कर्मचारियों को रिहा करे
इतने संगीन मामले पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी के नेता पूरी तरह मौन रहे, कांग्रेस का कोई नुमाइंदा एक बार भी एचईआरसी में विरोध करने नहीं आया, इससे एक बार फिर से बीजेपी और कांग्रेस की मिलीभगत सामने आ गई है

चंडीगढ़, 24 अक्टूबर, अभीतक: इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने एचईआरसी द्वारा प्राइवेट कंपनी को समानांतर लाइसेंस देने पर बीजेपी सरकार को घेरते हुए कहा कि पूरे मामले पर श्वेत पत्र जारी करे सरकार। दो दिन बिजली न मिलने के कारण हजारों करोड़ रुपयों का नुकसान हो गया, दो दिन तक घरों में बिजली न मिलने और पानी न मिलने से जनता कितनी परेशान हुई, किसान कितने परेशान हुए, बिजली कर्मचारियों को जेल में डाला गया, नॉन टेक्निकल पटवारी और अध्यापकों की ड्यूटी बिजली व्यवस्था को संभालने के लिए लगा कर उनकी जान जोखिम में डाली गई, इन सबकी जिम्मेवारी कौन लेगा? मुख्यमंत्री और बिजली मंत्री कहते हैं कि वे निजीकरण के खिलाफ हैं तो दो दिन तक प्रदेश में अफरा तफरी का माहौल क्यों पैदा किया गया? एचईआरसी के फैसले को तुरंत धारा 108 के तहत रद्द क्यों नहीं किया गया? यह निजीकरण करने का फैसला किसका था? और अगर किसी और का निर्णय था तो मुख्यमंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि वो डमी साबित हुए हैं। बीजेपी बड़े उद्योगपतियों के लिए काम करती है, आम जनता से इनका कोई लेना देना नहीं है। जिस प्राइवेट कंपनी को यह लाइसेंस दिया गया वो केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर का बेहद करीबी व्यक्ति है। मनोहर लाल खट्टर ने ही इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को समानांतर लाइसेंस दिलवाया था। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि जिस दिन प्राइवेट कंपनी ने समानांतर लाइसेंस लेने के लिए आवेदन किया और उसपर हुई सुनवाई तक हमारी पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. सम्पत सिंह ने स्वयं उपस्थित होकर कड़ी आपत्ति दर्ज की और तथ्यों के साथ पुरजोर विरोध किया। उसके बाद भी यह लाइसेंस दिया गया। कितना संगीन मामला था, प्रदेश के लोगों का भविष्य खतरे में था और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी के नेता पूरी तरह मौन रहे। कांग्रेस का कोई नुमाइंदा एक बार भी एचईआरसी में विरोध करने नहीं आया। इससे एक बार फिर से बीजेपी और कांग्रेस की मिलीभगत सामने आ गई है। एक भी नेता का विरोध न जताना बड़े शर्म की बात है। प्रदेश को इतना बड़ा नुकसान हो गया इसके लिए बीजेपी के साथ साथ कांग्रेस पूरी तरह से जिम्मेदार है। बीजेपी सरकार तुरंत बिजली कर्मचारियों पर लगाए गए मुकदमे वापिस ले, बर्खास्त किए गए कर्मचारियों को बहाल करे और जेल में बंद कर्मचारियों को रिहा करे।

ऐतिहासिक उपलब्धि : पीएम मोदी का संकल्प हुआ साकार, 11 करोड़ किसानों को मिला फार्मर आईडी का सुरक्षा कवच
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का बड़ा ऐलान : लक्ष्य से 5 महीने पहले ही बने 11 करोड़ फार्मर आईडी, कागजी झंझटों से मिली मुक्ति

डिजिटल कृषि क्रांति : अब बिना कागजी भागदौड़ के मिलेगा सरकारी योजनाओं, लोन और बीमा का सीधा लाभ श्री शिवराज सिंह
किसान की अपनी डिजिटल पहचान: श्री शिवराज सिंह चैहान ने दी बधाई, बोले- आधुनिक तकनीक से समृद्ध बनेगा अन्नदाता
विकसित भारत के लिए विकसित कृषिरू समय पूर्व लक्ष्य हासिल कर कृषि मंत्रालय ने रचा नया कीर्तिमान – श्री शिवराज सिंह
मोदी सरकार में 11 करोड़ किसानों की बनी विशिष्ट डिजिटल पहचान, बिचैलियों पर लगा अंकुश- श्री शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली, 24 अक्तूबर, अभीतक: देश के कृषि क्षेत्र में एक नए डिजिटल युग का सूत्रपात करते हुए केंद्र सरकार ने निर्धारित समय से पांच महीने पहले ही 11 करोड़ श्फार्मर आईडीश् (किसान विशिष्ट डिजिटल पहचान) तैयार करने का ऐतिहासिक लक्ष्य हासिल कर लिया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के श्विकसित भारत-समृद्ध किसानश् के विजन की ऐतिहासिक जीत बताया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित श्डिजिटल कृषि मिशनश् के तहत हासिल की गई यह सफलता देश के अन्नदाताओं को सरकारी योजनाओं, बैंक ऋण, फसल बीमा और आपदा राहत का पारदर्शी एवं त्वरित लाभ बिना किसी कागजी दौड़-धूप के सीधे पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करती है।
तय समय से 5 महीने पहले रचा गया इतिहास
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 23 अक्टूबर की रात तक देश में 11 करोड़ फार्मर आईडी बनाने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्य के लिए 31 मार्च 2027 तक का लक्ष्य निर्धारित किया था जिसे कृषि मंत्रालय, राज्य सरकारों और मैदानी स्तर के अधिकारियों के समन्वित प्रयासों से 5 महीने पहले ही हासिल कर लिया गया। श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ष्आज का दिन भारतीय खेती और किसानों के लिए ऐतिहासिक है। एक सपना साकार हुआ है, एक संकल्प पूरा हुआ है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि विकसित भारत के निर्माण के लिए कृषि का विकास और किसान की समृद्धि अनिवार्य है और इसके लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग सबसे प्रभावी माध्यम है।
कागजी झंझटों से मुक्ति, पारदर्शी व्यवस्था की शुरुआत
केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने स्पष्ट किया कि फार्मर आईडी बनने के बाद अब किसानों को बार-बार सरकारी दफ्तरों या बैंकों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को हर छोटी-बड़ी योजना के लिए बार-बार कागजात जमा करने पड़ते थे जिससे उनका समय और धन दोनों नष्ट होता था। उन्होंने कहा कि अब फार्मर आईडी के माध्यम से- बैंक ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड (ज्ञब्ब्)रू ऋण प्रक्रिया सुगम होगी और बार-बार दस्तावेजी सत्यापन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनारू प्राकृतिक आपदा या नुकसान की स्थिति में मुआवजे का आंकलन और भुगतान पारदर्शी तरीके से सीधे खाते में होगा। आपदा राहत राशिरू संकट के समय राहत सहायता सीधे वास्तविक और पात्र किसानों तक तुरंत पहुंचेगी। फसल उपार्जन (डैच् खरीद): न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल बेचने की प्रक्रिया में बिचैलियों की भूमिका समाप्त होगी और सही किसान को उसकी उपज का पूरा मूल्य मिलेगा।
6 करोड़ से अधिक किसानों तक पहले ही पहुंच चुका है लाभ
केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा 2 सितंबर 2024 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद शुरू किए गए श्डिजिटल कृषि मिशनश् के अंतर्गत तैयार किए जा रहे श्डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चरश् (क्च्प्) का असर जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। फार्मर आईडी आधारित सेवा वितरण प्रणाली के जरिए अब तक देश के 6 करोड़ से अधिक किसानों को विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाया जा चुका है। सत्यापित किसान डेटाबेस को कृषि सेवाओं से जोड़ने से फर्जीवाड़े और दोहरे सत्यापन की समस्या पूरी तरह समाप्त हो रही है। इससे न केवल सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ है, बल्कि नीति-निर्माण और योजनाओं की वास्तविक निगरानी में भी सुधार आया है।
सहकारी संघवाद की अनूठी मिसाल
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इस उपलब्धि का श्रेय केंद्र और राज्य सरकारों के साझा प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि यह सफलता श्सहकारी संघवादश् का उत्कृष्ट उदाहरण है। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने केंद्र सरकार के अधिकारियों, राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों, जिला स्तर की टीमों तथा गांव-गांव तक काम कर रहे मैदानी कर्मचारियों को बधाई देते हुए धन्यवाद दिया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा बटाईदार किसानों और वास्तविक जोतदारों को भी नियमों के अनुसार इस डिजिटल मंच से जोड़ने की दिशा में विशेष कदम उठाए जा रहे हैं ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी लाभ से वंचित न रहे।
तकनीक से बदलेगी खेती की तस्वीर
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन (डपदपउनउ ळवअमतदउमदज, डंगपउनउ ळवअमतदंदबम) के सिद्धांत पर चलते हुए किसान रजिस्ट्री को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। फार्मर आईडी केवल एक पहचान पत्र नहीं है, बल्कि यह एक पारदर्शी, जवाबदेह और किसान-हितैषी प्रशासनिक तंत्र की मजबूत बुनियाद है। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने देश के सभी किसान भाई-बहनों को बधाई देते हुए आह्वान किया कि वे आधुनिक तकनीक को अपनाएं, बिना किसी परेशानी के अपनी हक की योजनाओं का लाभ उठाएं और भारतीय कृषि को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सहभागी बनें।

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दिल्ली एनसीआर के लिए दुनिया की अपनी तरह की पहली एयर पॉल्यूशन एनालिसिस सुविधा का उद्घाटन किया
श्एकीकृत वायुमंडलीय रसायन विज्ञान और एरोसोल विषाक्तता विश्लेषण प्रयोगशालाश् (एएटीएएल) वायु प्रदूषण के वास्तविक समय के स्रोतों की पहचान करने के लिए भी सुसज्जित है
नई सुविधा एक्यूआई संख्या से आगे बढ़कर यह बताएगी कि दिल्ली की हवा क्या प्रदूषित कर रही है, यह कहां से आ रही है और इसके संभावित स्वास्थ्य प्रभाव: डॉ. जितेंद्र सिंह
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि वास्तविक समय के स्रोत के आवंटन, वायु-गुणवत्ता पूर्वानुमान और वैज्ञानिक निर्णय लेने को मजबूत करने के लिए एयरवाइज के साथ एकीकृत किया गया है
हस्तक्षेपों को लक्षित करने और उनकी प्रभावशीलता का आकलन करने में सीएक्यूएम और प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों का समर्थन करने की सुविधारू डॉ. जितेंद्र सिंह
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि साक्ष्य-आधारित वायु प्रदूषण प्रबंधन के लिए सरकारी विभागों में समन्वित कार्रवाई आवश्यक है

नई दिल्ली, 24 अक्तूबर, अभीतक: केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा विभाग और अंतरिक्ष विभाग में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज दिल्ली एनसीआर के लिए दुनिया की अपनी तरह की पहली श्वायु प्रदूषण विश्लेषणश् सुविधा का उद्घाटन किया। श्एकीकृत वायुमंडलीय रसायन विज्ञान और एयरोसोल विषाक्तता विश्लेषण प्रयोगशालाश् (एएटीएएल) के रूप में जाना जाता है, यह वायु प्रदूषण के वास्तविक समय के स्रोतों की पहचान करने के लिए भी सुसज्जित है। इसे दुनिया में अपनी तरह की पहली इंटीग्रेटेड फैसिलिटी बताते हुए, मंत्री ने कहा कि एयर पॉल्यूशन को लेकर लोगों की गंभीर चिंता को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर को चुना गया है। उन्होंने कहा कि यह फैसिलिटी एयर-क्वालिटी असेसमेंट को सिर्फ पॉल्यूशन लेवल की रिपोर्टिंग से आगे ले जाएगी, जिसमें पॉल्यूटेंट्स की बनावट, उनके सोर्स, उनके रिलेटिव कंट्रीब्यूशन और हेल्थ पर उनके संभावित असर की पहचान की जाएगी, साथ ही समय पर एक्शन लेने में मदद के लिए रियल-टाइम जानकारी और एडवांस फोरकास्ट भी दिया जाएगा। इसका उद्घाटन पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. टी. श्रीनिवास कुमार, आईआईटीएम के निदेशक डॉ. ए. सूर्यचंद्र राव और आईएमडी के महानिदेशक डॉ. महापात्रा की उपस्थिति में आईआईटीएम की दिल्ली शाखा में हुआ। यह सुविधा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित श्मिशन मौसमश् के तहत स्थापित की गई है, ताकि वायुमंडलीय प्रदूषण की वैज्ञानिक समझ को मजबूत किया जा सके और दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए कार्रवाई योग्य साक्ष्य प्रदान किया जा सके। प्रयोगशाला एक एकीकृत ढांचे के भीतर उन्नत वायुमंडलीय माप उपकरणों, विस्तृत रासायनिक विश्लेषण, प्रदूषण-स्रोत की पहचान और निर्णय-समर्थन क्षमताओं को एक साथ लाती है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने पिछले 10-12 सालों में एयर-क्वालिटी फोरकास्टिंग और एनालिसिस में काफी तरक्की की है। उन्होंने कहा कि नई सुविधा, एक बड़ा कदम है क्योंकि इससे न सिर्फ यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि एटमॉस्फियर में कितना पॉल्यूशन है, बल्कि यह भी पता चलेगा कि इसमें क्या-क्या है और यह कहां से आता है। मंत्री ने कहा, “पहले, चर्चा ज्यादातर इस बात पर होती थी कि प्रदूषण का लेवल 100 है या 200। यह सुविधा हमें प्रदूषण की बनावट और अलग-अलग सोर्स के योगदान को समझने में मदद करेगी। यह दिल्ली के लोगों की चिंताओं को दूर करने और यह पक्का करने के लिए जरूरी है कि कार्रवाई साइंटिफिक सबूतों पर आधारित हो। एएटीएएल वैज्ञानिकों को वायु प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों के बीच अंतर करने में मदद करेगा, जिसमें वाहनों का उत्सर्जन, औद्योगिक गतिविधि, बायोमास और फसल-अवशेष जलाना, निर्माण और सड़क की धूल, और आसपास के क्षेत्रों से ले जाए जाने वाले प्रदूषक शामिल हैं। इन स्रोतों के सापेक्ष योगदान का अनुमान लगाकर, यह सुविधा अधिकारियों को यह समझने में मदद करेगी कि कौन सी गतिविधियां किसी विशेष समय में खराब वायु गुणवत्ता को चला रही हैं और जहां हस्तक्षेप सबसे प्रभावी हो सकते हैं। वास्तविक समय स्रोत विभाजन के महत्व को समझाते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक उदाहरण का हवाला दिया, पत्रकारों से बात करते हुए, स्क्रीन से पता चला कि उस सटीक क्षण में, परिवहन दिल्ली वायु प्रदूषण में लगभग 25 प्रतिशत का योगदान दे रहा था, जिसमें कुल प्रदूषण स्तर लगभग 180 दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि इस तरह की जानकारी समस्या में योगदान देने वाले वास्तविक स्रोतों के आधार पर वायु प्रदूषण की प्रतिक्रिया को सामान्य आकलन से अधिक लक्षित हस्तक्षेपों तक ले जाने में मदद कर सकती है। प्रयोगशाला वायुमंडलीय गैसों और एरोसोल की रासायनिक संरचना का विश्लेषण करने के लिए उन्नत उपकरणों से सुसज्जित है, जिसमें सूक्ष्म कण पदार्थ (प्रधानमंत्री 2.5), धातु, जहरीले तत्व और अन्य घटक शामिल हैं। इसकी क्षमताएं वैज्ञानिकों को यह जांचने में मदद करेंगी कि प्रदूषक वातावरण में कैसे बातचीत करते हैं और बदलते हैं और विभिन्न घटक समग्र प्रदूषण बोझ में कैसे योगदान करते हैं। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह सुविधा वायु प्रदूषण के छोटे घटकों के बारे में जानकारी प्रदान करेगी, जिसमें धातु तत्व और अन्य संभावित हानिकारक घटक शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्रदूषक अपने स्वास्थ्य प्रभावों में भिन्न हो सकते हैं, जिससे न केवल उनकी एकाग्रता बल्कि उनकी संरचना और संभावित विषाक्तता को समझना भी महत्वपूर्ण हो जाता है। वैज्ञानिक साक्ष्य परिणाम स्वास्थ्य अधिकारियों को विभिन्न प्रकार के कण प्रदूषण से जुड़े संभावित जोखिमों को बेहतर ढंग से समझने में मदद कर सकते हैं। यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए वायु प्रदूषण के प्रभावों का आकलन करने में वैज्ञानिक संस्थानों, स्वास्थ्य एजेंसियों और पर्यावरण अधिकारियों के बीच घनिष्ठ समन्वय का भी समर्थन कर सकता है। प्रयोगशाला आईआईटीएम के एआईवाईवाईज, वायु गुणवत्ता चेतावनी और उत्सर्जन के लिए एकीकृत निर्णय समर्थन प्रणाली के साथ एकीकृत है, जो प्रदूषण प्रबंधन का समर्थन करने के लिए वायु-गुणवत्ता पूर्वानुमान, अवलोकन और स्रोत-विभाजन जानकारी को जोड़ती है। परियोजना टीम ने बताया कि एयरवाइज अगले 72 घंटों के लिए 400 मीटर के स्थानिक रिजॉल्यूशन पर वायु-गुणवत्ता पूर्वानुमान प्रदान करता है, जिससे सिस्टम यह आकलन करने में सक्षम हो जाता है कि दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में प्रदूषण कैसे भिन्न हो सकता है। यह उन स्रोतों की पहचान करने में भी मदद कर सकता है जो विशिष्ट स्थानों में वायु गुणवत्ता को खराब करने में योगदान दे सकते हैं। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि एकीकृत क्षमता वास्तविक समय की जानकारी के साथ-साथ अगले चार दिनों के लिए पूर्वानुमान भी प्रदान करेगी, जिससे अधिकारियों को प्रदूषण की बदलती स्थितियों के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी। एमएक्यूडब्ल्यूएस के परियोजना निदेशक डॉ. सचिन घुडे ने कहा कि एकीकृत सुविधा दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन को मजबूत करेगी, जिसमें पराली जलाने, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन, निर्माण और सड़क की धूल सहित प्रदूषण में योगदान देने वाले स्रोतों पर प्रारंभिक चेतावनी और विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस जानकारी से वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) और अन्य कार्यान्वयन एजेंसियों को प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों की पहचान करने, लक्षित हस्तक्षेपों की योजना बनाने और उनकी प्रभावशीलता का आकलन करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि संबद्ध वायु-गुणवत्ता पूर्वानुमान प्रणाली अगले 72 घंटों के लिए 400 मीटर के रिजॉल्यूशन पर पूर्वानुमान प्रदान करती है, जिससे प्रदूषण के स्तर और उनके संभावित स्रोतों का आकलन दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों के लिए किया जा सकता है। पूर्वानुमान क्षमता को एक प्रमुख तकनीकी प्रगति बताते हुए, डॉ. घुडे ने कहा कि भारत ने वैश्विक पूर्वानुमान प्रणालियों के साथ तुलना में एक उच्च-रिजॉल्यूशन प्रणाली विकसित की है, जिसमें अन्य शहरों में समान क्षमताओं का विस्तार करने की क्षमता है। सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय के महत्व पर जोर देते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि वायु प्रदूषण को अलग-थलग काम करने वाले एक भी विभाग द्वारा संबोधित नहीं किया जा सकता है। उन्होंने इस पहल को वैज्ञानिक संस्थानों, पर्यावरण प्राधिकरणों, प्रदूषण-नियंत्रण एजेंसियों और आपदा-प्रबंधन हितधारकों को एक साथ लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वकालत किए गए संपूर्ण सरकार के दृष्टिकोण का एक उदाहरण बताया। मंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक जानकारी को प्रभावी कार्रवाई में बदलने के लिए पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, प्रदूषण-नियंत्रण अधिकारियों और आपदा-प्रबंधन एजेंसियों के बीच समन्वित जुड़ाव महत्वपूर्ण होगा। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) और अन्य कार्यान्वयन एजेंसियों के लिए, यह सुविधा बिगड़ती वायु गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार स्रोतों की पहचान करने, हस्तक्षेप के लिए क्षेत्रों और स्थानों को प्राथमिकता देने और दिल्ली-एनसीआर में समन्वित उपायों का समर्थन करने के लिए माप-आधारित साक्ष्य प्रदान करेगी। जब एयरवाईस पूर्वानुमानों के साथ जोड़ा जाता है, तो यह जानकारी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के अन्तर्गत निवारक उपायों और प्रतिक्रियाओं से संबंधित निर्णयों को मजबूत कर सकती है। एएटीएएल का उद्घाटन उन्नत वायुमंडलीय विज्ञान को सार्वजनिक नीति और जमीनी कार्रवाई से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वास्तविक समय माप, रासायनिक लक्षण वर्णन, स्रोत विभाजन और पूर्वानुमान को एक साथ लाकर, यह सुविधा अधिकारियों को वायु प्रदूषण की अधिक सटीक समझ और दिल्ली-एनसीआर के सामने आने वाली चुनौती के लिए अधिक समन्वित प्रतिक्रिया की ओर बढ़ने में मदद करेगी।

मेरा भारत-एनएसएस नशा मुक्त युवा अभियान के छठे सप्ताह में देशभर के गांवों में श्ग्राम सेवा एवं परंपरागत खेल दिवसश् मना रहा है
नई दिल्ली, 24 अक्तूबर, अभीतक: युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के अंतर्गत श्एमवाई भारतश् राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) ने श्नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत 100 सप्ताह संकल्प अभियानश् के छठे सप्ताह के हिस्से के रूप में श्ग्राम सेवा एवं परंपरागत खेल दिवसश् का आयोजन किया। इससे अभियान को शैक्षणिक संस्थानों से आगे बढ़ाकर ग्रामीण समुदायों तक पहुंचाया जा रहा है। एनएसएस निदेशालय और 15 एनएसएस क्षेत्रीय निदेशालयों द्वारा कार्यान्वित इस पहल को 160 से अधिक संस्थानों और उनके द्वारा गोद लिए गए गांवों में चलाया गया। इसमें युवाओं, ग्राम पंचायत सदस्यों, ग्रामीण बुजुर्गों और स्थानीय निवासियों सहित 80,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इन गतिविधियों का आयोजन दूसरे माह के विषय श्स्वस्थ युवा, नशामुक्त युवा (शक्ति एवं सेवा)श् के तहत किया गया जिसमें नशामुक्त समाज को बढ़ावा देने में शारीरिक फिटनेस, सामुदायिक भागीदारी और सामाजिक जिम्मेदारी के बारे में बताया गया। एनएसएस इकाइयों ने पारंपरिक खेल गतिविधियों के अंतर्गत कबड्डी, खो-खो, रस्साकशी और कुश्ती जैसे स्थानीय टूर्नामेंट आयोजित किए। इन गतिविधियों में 21,500 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिससे ग्रामीण युवाओं में स्वस्थ मनोरंजन, टीम वर्क और सकारात्मक भागीदारी को बढ़ावा मिला। ग्राम सेवा कार्यक्रम के तहत एनएसएस स्वयंसेवकों और ग्राम पंचायतों को एक साथ लाकर सामुदायिक सेवा गतिविधियां संचालित की गई जिनमें गांव की गलियों की सफाई, सार्वजनिक कुओं और हैंडपंपों के आसपास स्वच्छता और पौध रोपण अभियान शामिल थे। इन गतिविधियों में 19,800 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया जो ग्रामीण विकास के लिए सामूहिक प्रयास के माध्यम से एनएसएस के आदर्श वाक्य, श्मैं नहीं, तुमश्, को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, स्वस्थ जीवन शैली पर सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों और युवाओं के नेतृत्व में आयोजित संवादों तथा नशा मुक्त अभियान में 18,600 से अधिक लोग शामिल हुए। इस पहल में खेल और सामुदायिक सेवा गतिविधियों में 29,500 से अधिक युवा महिलाओं की भागीदारी भी दर्ज की गई, जो लैंगिक समावेशिता पर मजबूत जोर को दर्शाती है। अभियान की पहुंच बढ़ाने के लिए, युवा प्रतिभागियों ने रुछंेींडनाजल्नअं हैशटैग का उपयोग करके 4,000 से अधिक सोशल मीडिया पोस्ट तैयार किए, जिससे जमीनी स्तर की गतिविधियों से अधिक से अधिक लोगों के इसके बारे में जानकारी हुई। पारंपरिक खेलों, सामुदायिक सेवा और जागरूकता गतिविधियों को एक करके अभियान के छठे सप्ताह ने शैक्षणिक संस्थानों और ग्रामीण समुदायों के बीच संबंध को मजबूत किया। इस पहल ने स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने, युवाओं की सकारात्मक भागीदारी और नशा मुक्त विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने में सामूहिक सहभागिता के महत्व को पुनः स्थापित किया।

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