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महर्षि वाल्मीकि जयंती पर आयोजित समारोह में पुष्पांजलि अर्पित करते डीसी वर्षा खांगवाल व जिला परिषद चेयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना।
जिला स्तरीय समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वच्छता सेवकों को सम्मानित करती डीसी वर्षा खांगवाल।
महर्षि वाल्मीकि जयंती पर आयोजित जिला स्तरीय समारोह को संबोधित करती डीसी वर्षा खांगवाल।

महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से विश्व को दिखाई सत्य और मर्यादा की राह: डीसी
जिला स्तरीय समारोह में स्वच्छता सेवकों का किया सम्मान
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहाकृमहर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं समाज के लिए प्रेरणापुंज’
अंत्योदय की भावना के साथ कार्य कर रही सरकार रू कप्तान सिंह’

झज्जर, 26 अक्तूबर, अभीतक: महान ग्रंथ रामायण के रचयिता आदि कवि महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती के उपलक्ष्य में सोमवार को सूचना, जनसंपर्क, भाषा तथा संस्कृति विभाग व जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिला स्तरीय समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन, उनके विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश को याद किया गया। इस अवसर पर जिला में स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वच्छता सेवकों को सम्मानित किया गया। एडीसी एवं डीएमसी जगनिवास ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला।
रामायण ने विश्व को दी नई दिशा, महापुरुषों की शिक्षाएं अपनाएं: डीसी’
डीसी वर्षा खांगवाल ने अपने संदेश में कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी द्वारा रचित रामायण ने विश्व को नई दिशा प्रदान की है। उनके विचार और शिक्षाएं आज भी मानवता को सत्य, कर्तव्य, नैतिकता और मर्यादा का मार्ग दिखाती हैं। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा संत-महापुरुषों के विचारों और शिक्षाओं से युवा पीढ़ी को परिचित कराने के उद्देश्य से संत महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना शुरू की गई है। सरकार की ओर से इस प्रकार के आयोजन सन्त महात्माओं को सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और संविधान व्यक्ति को जीवन में आगे बढ़ने तथा अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा देते हैं। शिक्षा का जीवन में विशेष महत्व है और प्रत्येक व्यक्ति को इसके माध्यम से अपने व्यक्तित्व का विकास करना चाहिए। डीसी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी के आदर्श प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में प्रकाश पुंज की तरह हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर सामाजिक भेदभाव को दूर किया जा सकता है और आपसी भाईचारे को मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने जिले में स्वच्छता कार्यों में जुटे सफाई कर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छ वातावरण के निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके द्वारा किया जा रहा उत्कृष्ट कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
महर्षि वाल्मीकि ने भगवान राम के आदर्शों से दुनिया को कराया परिचित: कप्तान सिंह’
जिला परिषद के चेयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना ने अपने संबोधन में कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी केवल आदिकवि ही नहीं, बल्कि मानवता, सत्य, समानता और नैतिक मूल्यों के महान प्रतीक हैं। उनके द्वारा रचित रामायण ने संपूर्ण विश्व को भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और मर्यादाओं से परिचित कराया। यह महान ग्रंथ युगों-युगों से मानव समाज को सही मार्ग दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मबल और सच्चे संकल्प से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। उनकी शिक्षाएं हमें कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहने और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। जिला परिषद के चेयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी अंत्योदय की भावना के साथ कार्य कर रहे हैं। वहीं, हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकास योजनाओं का लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी के विचार आज भी समाज में सद्भाव, समानता और स्वच्छता की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पूर्व चेयरपर्सन सुनीता चैहान और नगर परिषद झज्जर के चेयरमैन जिले सिंह सैनी ने भी महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन मूल्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी की शिक्षाएं समाज को एकता, समानता और सद्भाव के सूत्र में बांधने का संदेश देती हैं।
सातों खंडों और शहरी निकायों के स्वच्छता सेवकों को मिला सम्मान
समारोह के दौरान जिला में स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले स्वच्छता सेवकों को सम्मानित किया गया। जिले के सातों खंडों और शहरी निकायों से उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वच्छता सेवकों (सफाई कर्मियों) को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में डीडीपीओ निशा तंवर ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष केशव सिंघल, डॉ. मनीष बंसल के साथ ही जिला प्रशासन की ओर से सीटीएम ऋतु, डीडीपीओ निशा तंवर, डीआईपीआरओ दिनेश कुमार, एएफएसओ अमरजीत सिंह, एआईपीआरओ डॉ. अश्वनी शर्मा, बीडीपीओ बादली सुमित बेनीवाल, बीडीपीओ साल्हावास राहुल मेहरा, झज्जर नगर परिषद के ईओ देवेंद्र कुमार, बहादुरगढ़ नगर परिषद के ईओ संजय रोहिल्ला, बेरी नगरपालिका के सचिव पवित्र गुलिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

महर्षि वाल्मीकि ने सामाजिक समरसता, समानता और संस्कारों का दिया संदेश: धनखड़
लाडपुर में महृषि वाल्मीकि मंदिर के भूमि पूजन समारोह में पहुंचे पूर्व मंत्री औम प्रकाश धनखड़

बादली, 26 अक्तूबर, अभीतक: आदि कवि महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन और उनकी अमर कृति रामायण हमें सत्य, धर्म, सदाचार एवं मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उनके विचार सामाजिक समरसता, समानता और संस्कारों के आदर्शों को सुदृढ़ करते हैं। पूर्व मंत्री औमप्रकाश धनखड़ ने वाल्मीकि जयंती के पावन पर्व पर क्षेत्र के गांव लाडपुर में महर्षि वाल्मीकि जी के मंदिर के भूमि पूजन समारोह में यह बात कही। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि जयंती की सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हजारों वर्षों पहले उनके द्वारा लिखी गई रामायण की महत्ता बढ़ती ही जा रही है। रामायण में हमें त्याग और सेवा का संदेश देती है। जब भगवान श्रीराम को 14 वर्ष बनवास जाना पड़ा तो अपना सिहासन छोटे भाई भरत को सौंप दिया। भरत ने भी अपने बड़े भाई राम की खड़ाऊ रखकर अपने राज्य की सेवा करता रहा। बनवास केवल राम को मिला था,लेकिन लक्ष्मण ने पूरे बनवास के दौरान अपने बड़े भाई राम की सेवा की। भाई के लिए भाई का ऐसा त्याग इतिहास में कही भी नहीं मिलेगा। ये सनातनी परम्परा है, जिस पर हमें गर्व है। धनखड़ ने कहा कि हमें अपने प्रधानमंत्री मोदी पर गर्व है कि कानूनी अड़चनों को दूर कराते हुए लाखों करोड़ों सनातनियों की भावनाओं के अनुरूप अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का सपना साकार किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने ढांचागत विकास के साथ संस्कृति का भी विकास किया है। गांव में पहुंचने पर ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री का जोरदार स्वागत किया। पूर्व मंत्री धनखड़ ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के पावन पर्व पर आयोजित कार्यक्रम में निमंत्रण देने के लिए मंदिर समिति और ग्रामीणों का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष विकास वाल्मीकि, जिप चेयरमैन कप्तान बिरधाना, पूर्व चेयरमैन लीलू पहलवान, समिति प्रधान रवि, मंगल गुलिया, सीमा लाडपुर, डालूराम,गुरचरण,संजू मनीष बंसल, राहुल, कृष्ण, चांद, संजू सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

भिवानी : भिवानी पहुंचे भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़, कांग्रेस पर साधा निशाना
हार के बाद बहानेबाजी छोड़ आत्ममंथन करे कांग्रेस: ओमप्रकाश धनखड़
जनादेश का अपमान कर जनता को भ्रमित कर रहा विपक्ष, धनखड़ ने कांग्रेस को घेरा
जीत पर खामोशी, हार पर सवाल! कांग्रेस के रवैये पर ओमप्रकाश धनखड़ का हमला
ईवीएम और एसआईआर पर सवाल उठाने से पहले ठोस सबूत दे विपक्ष: ओमप्रकाश धनखड़
चुनावी हार का ठीकरा व्यवस्था पर फोड़ने के बजाय अपनी कमियां देखे कांग्रेस: धनखड़
हिमाचल, कर्नाटक और तेलंगाना में जीत पर नहीं उठाए सवाल, हारते ही चुनावी प्रक्रिया पर सवाल: धनखड़
लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि, जनादेश का सम्मान करे विपक्ष: ओमप्रकाश धनखड़
संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने से पहले प्रमाण दे कांग्रेस, भिवानी में बोले धनखड़
भिवानी में ओमप्रकाश धनखड़ की प्रेस वार्ता, विपक्ष की चुनावी रणनीति पर उठाए सवाल

वोट बचाओ, देश बचाओ महारैली में हरियाणा का सबसे बड़ा योगदान रहेगा: दीपेन्द्र हुड्डा
दीपेन्द्र हुड्डा ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली एतिहासिक महारैली का न्योता दिया
चुनाव आयोग के दुरुपयोग और वोट चोरी से बनी सरकार के खिलाफ लड़ाई का बिगुल बज चुका है: दीपेन्द्र हुड्डा
सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने झज्जर में भव्य श्महर्षि वाल्मीकि भवनश् के निर्माण कार्य की शुरुआत की

झज्जर, 26 अक्तूबर, अभीतक: सांसद दीपेन्द्र हुड्डा आज भगवान् वाल्मीकि जयंती के अवसर पर वाल्मीकि भवन शिलान्यास कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भगवान् वाल्मीकि को नमन करते हुए सभी को श्रामायणश् महाकाव्य के रचयिता आदि कवि भगवान् वाल्मीकि जी की जयंती पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने सभी हरियाणावासियों को न्योता दिया कि वे 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली श्वोट बचाओ, देश बचाओश् महारैली में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचें। उन्होंने दावा किया कि देश भर में वोट चोरी, चुनाव आयोग और भाजपा की मिलीभगत के खिलाफ तथा देश में निष्पक्ष चुनाव और लोकतंत्र की बहाली के लिए राहुल गांधी और खड़गे जी के आह्वान पर होने वाली इस रैली में हरियाणा का सबसे बड़ा और प्रमुख योगदान रहेगा। इस महारैली में हरियाणा से रिकॉर्ड तोड़ लोग पहुँचेंगे क्योंकि यह साबित हो गया है कि बीजेपी ने वोट चोरी करके सरकार बनाई है। 3 में से 2 चुनाव आयुक्तों के रहस्योद्घाटन के बाद स्पष्ट हो गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हरियाणा चुनावों में बड़े स्तर पर धांधली कराई। ैप्त् से हरियाणा में 35 लाख वोट कटे और हरियाणा जैसे प्रदेश में जहां 14000 वोट के अंतर से बीजेपी ने सरकार बना ली वहाँ 35 लाख वोट काटना बड़ी बात है। 3 करोड़ मतदाताओं वाले हरियाणा में बीजेपी और कांग्रेस के बीच मात्र 14 हजार वोटों का फर्क रहा। चुनाव आयोग के दुरुपयोग और वोट चोरी से बनी सरकार के खिलाफ लड़ाई का बिगुल बज चुका है। दीपेन्द्र हुड्डा ने महर्षि वाल्मीकि भवन की आधारशिला रखने के दौरान कहा कि परमपिता परमेश्वर से यही आशीर्वाद मांगते हैं कि महर्षि वाल्मीकि जी का आशीर्वाद हम सबको, पूरे भारतवर्ष को और 36 बिरादरी को मिले और हमारा देश पूरा इलाका फले-फूले। उन्होंने झज्जर के वार्ड नंबर 8 स्थित प्राचीन मंदिर को बीजेपी सरकार द्वारा नजरअंदाज करने पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि यहाँ भव्य महर्षि वाल्मीकि भवन के रूप में निर्माण करने के कार्य की आज शुरुआत की गई है। इस भवन का समाज की इच्छा के अनुसार विकास कराया जाएगा। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी ने समाज में व्याप्त बुराइयों को खत्म करने का काम किया, समाज को शिक्षित होने की सही दिशा दिखाई और समाज में आपसी भाईचारे एवं मानवता का संदेश दिया। उनकी शिक्षा और आदर्श आज के समय में भी प्रासंगिक हैं। इस अवसर पर विधायक गीता भुक्कल, विधायक कुलदीप वत्स, कांग्रेस जिला अध्यक्ष संजय यादव मौजूद रहे।

इंडो अमेरिकन स्कूल में अध्यापकों के लिए डांडिया उत्सव का आयोजन हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ किया गया
झज्जर, 26 अक्तूबर, अभीतक: इंडो अमेरिकन स्कूल में अध्यापकों के लिए डांडिया उत्सव का आयोजन हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के सभी अध्यापकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पारंपरिक डांडिया नृत्य के माध्यम से उत्सव का भरपूर आनंद लिया। इस अवसर पर विद्यालय की डायरेक्टर श्रीमती बबीता कादियान, प्रिंसिपल श्रीमती ममता तथा एचओडी श्रुति की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यालय परिवार में आपसी सौहार्द, सहयोग और एकता की भावना को और मजबूत किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय का वातावरण संगीत, नृत्य और उल्लास से सराबोर हो गया। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे अध्यापकों ने डांडिया की मनमोहक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बना दिया। सभी अध्यापकों ने एक-दूसरे के साथ कदम से कदम मिलाकर नृत्य किया और इस मनोरंजक गतिविधि का भरपूर आनंद उठाया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य अध्यापकों के व्यस्त शैक्षणिक जीवन में मनोरंजन के कुछ पल जोड़ना, आपसी सहयोग एवं सौहार्द को बढ़ावा देना तथा विद्यालय परिवार के सदस्यों के बीच एकता और सामंजस्य की भावना को मजबूत करना था। विद्यालय की डायरेक्टर श्रीमती बबीता कादियान, प्रिंसिपल श्रीमती ममता और एचओडी श्रुति ने इस प्रकार की सांस्कृतिक गतिविधियों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ मनोरंजक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आवश्यक हैं। ऐसे आयोजन शिक्षकों को तनावमुक्त वातावरण प्रदान करते हैं तथा उनके बीच आपसी संबंधों को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का समापन उत्साह, उमंग और उल्लास के बीच हुआ। डांडिया की थाप पर थिरकते अध्यापकों ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। इस अवसर ने विद्यालय परिवार के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम, सहयोग और एकता की भावना को और मजबूत किया। इंडो अमेरिकन स्कूल का यह डांडिया उत्सव इस बात का प्रतीक बना कि शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियाँ भी सकारात्मक वातावरण के निर्माण और आपसी संबंधों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

पर्यावरण दूषित करने वाली गतिविधियों कीे समीर एप पर करें शिकायत: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने एनजीटी की ग्रेप प्रावधानों को पूर्ण ढंग से लागू करने के अधिकारियों को दिए निर्देश’

झज्जर, 26 अक्तूबर, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि जिला में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर प्रशासन सजग है। सभी संबंधित विभाग पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता के साथ इससे जुड़े कार्यों का क्रियान्वयन सही समय पर सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि एनजीटी द्वारा वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ग्रेप व्यवस्था लागू की है। इसकी पालना हर हाल में करनी होगी। पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाने के लिए समीर एप शुरू किया गया है। कोई भी नागरिक ग्रेप प्रणाली की अवहेलना या अन्य गतिविधि जो पर्यावरण को दूषित कर रही हैं , उनकी शिकायत समीर एप पर की जा सकती है। डीसी ने कहा कि ग्रेप के प्रथम चरण के नियमों की कड़ाई से पालना करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं,ताकि वायु प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर भी सरकार की योजनाओं का किसानों से लाभ उठाने का आह्वान किया, साथ ही अधिकारियों से फसल अवशेष जलाने वालों पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सडकों पर उडने वाली धूल पर नियंत्रण के लिए संबंधित विभागों द्वारा एंटी स्मॅाक गन को उपयोग में लाया जाए,साथ ही वायु प्रदूषण को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी नियमों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित की जाए। डीसी ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारी एक्शन प्लान बनाकर प्रदूषण मुक्त शहर बनाने का हर सम्भव प्रयास करें और मनमानी करने वालों के खिलाफ चालान और जरूरत पडने पर कूड़ा जलाने वालों पर एफआईआर भी दर्ज करवाएं।
निर्माण कार्यों से धूल मिट्टी वायु में न फैले, इसके लिए पानी छिडकाव जरूरी
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर लोग काफी जागरूक हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी साईटों पर चल रहे निर्माण कार्यों पर धूल मिट्टी वायु में न फैले, इसके लिए पानी छिड़काव जरूरी है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में सड़क मार्गों पर अतिक्रमण करने वालों पर सख्ती बरतने की जरूरत है कि यातायात जाम की समस्या न पैदा हो।
वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए सिटीजन चार्टर का पालन करें नागरिक
डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि वायु प्रदूषण नियंत्रण में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है ताकि स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बताया कि नागरिक अपने वाहनों के इंजन को उचित ढंग से ट्यून रखें। अपने वाहनों में टायर का दबाव उचित बनाए रखें ताकि ईंधन की खपत कम हो। वाहनों के पीयूसी प्रमाणपत्र अपडेट रखें। ट्रैफिक सिग्नल यानि लाल बत्ती पर इंजन बंद कर दें। प्रदूषण कम करने के लिए हाइब्रिड या इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दें। खुले स्थानों पर कूड़ा-कचरा न फैलाएं और न ही जलाएं। अधिक से अधिक पेड़ लगाएं और उनकी देखभाल करे। त्योहारों को पर्यावरण-अनुकूल तरीके से मनाएं, पटाखों से बचें। उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इन नियमों का पालन कर वायु गुणवत्ता में सुधार लाने में सहयोग दें।

जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक 5 नवम्बर को’
हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह करेंगे बैठक की अध्यक्षता’
अधिकारियों को दिए गए उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश’

झज्जर, 26 अक्तूबर, अभीतक: आमजन की शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से गठित जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक गुरुवार 5 नवम्बर को सुबह 10 बजे लघु सचिवालय स्थित संवाद भवन में आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य, वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह करेंगे। सीटीएम ऋतु ने बताया कि जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक आमजन की समस्याओं के समाधान का एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां जनहित से जुड़े मामलों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को बैठक में निर्धारित समय पर उपस्थित रहने और परिवादों से संबंधित पूर्ण जानकारी के साथ भाग लेने के निर्देश दिए हैं, ताकि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं स्थायी समाधान किया जा सके।

बादली के गांव निमाणा में डीसी का रात्रि ठहराव कार्यक्रम आज: सीटीएम’
नागरिकों से सीधा संवाद करेंगी डीसी वर्षा खांगवाल’

झज्जर, 26 अक्तूबर, अभीतक: जिला के गांव निमाणा में मंगलवार 27 अक्टूबर को रात्रि ठहराव कार्यक्रम के तहत डीसी वर्षा खांगवाल ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद करेंगी। यह जानकारी सीटीएम ऋतु ने सोमवार को यहां दी। नगराधीश ने बताया कि गांव के मंदिर के साथ लगते हाल में रात्रि ठहराव कार्यक्रम का आयोजन होगा। उपायुक्त वर्षा खांगवाल ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए उनका समाधान करेंगी और आमजन से जुड़े विभागीय अधिकारियों द्वारा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। सीटीएम ऋतु ने बताया कि सरकार की यह अनूठी पहल है जिसके तहत प्रशासन अमला गांव में जाकर ग्रामीणों की समस्या सुनेगा और सरकारी योजनाओं की जानकारी देगा। ऐसे कार्यक्रम जनता और प्रशासन की दूरी को कम करते हैं। यह पहल समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि रात्रि ठहराव कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया जाएगा। आमजन के कार्यों से सीधा जुड़ाव रखने वाले और ग्रामीण विकास से जुड़े विभाग अपने अपने विभाग की कल्याणकारी नीतियों के बारे में ग्रामीणों को जानकारी देंगे। इस संबंध में सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं। रात्रि ठहराव में सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे।
वर्षा खांगवाल, डीसी झज्जर।

पुराने वाहनों की बजाय आधुनिक परिवहन अपनाएं वाहन मालिक: डीसी’
डीसी वर्षा खांगवाल ने वाहन मालिकों से नया सफर योजना का लाभ उठाने के लिए किया प्रेरित’

झज्जर, 26 अक्तूबर, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि स्वच्छ एवं हरित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए सभी वाहन स्वामियों की भागीदारी जरूरी है,ऐसे में सभी वाहन मालिक पुराने वाहनों की बजाय आधुनिक परिवहन अपनाने के लिए आगे आएं। डीसी ने ष्नया सफर योजनाध्परिवर्तन स्कीमष् के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना का उद्देश्य पुराने एवं प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के स्थान पर आधुनिक, सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल बीएस-6 तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है। यदि कोई वाहन स्वामी अपना बीएस-1, बीएस-2 अथवा बीएस-3 श्रेणी का पुराना वाहन स्क्रैप कराकर नया बीएस-6 अथवा इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) खरीदता है तो उसे 10 वर्षों तक मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत छूट प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि कोई वाहन स्वामी अपना बीएस-4 वाहन स्क्रैप कराता है अथवा उसे एनसीआर क्षेत्र से बाहर विक्रय (सेल आउट) करता है तथा नया बीएस-6 वाहन खरीदता है, तो उसे भी 10 वर्षों तक मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा। उन्होंने योजना के अन्य महत्वपूर्ण प्रावधानों, आवेदन प्रक्रिया एवं पात्रता संबंधी जानकारी वाहन मालिकों को प्रदान करने के निर्देश दिए। दूसरी ओर जिला परिवहन अधिकारी रवीश हुड्डा ने बताया कि योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को ईंधन कूपन के माध्यम से प्रतिमाह 1,200 रुपये से 4,800 रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा यदि कोई वाहन स्वामी अपनी पुरानी बस अथवा ट्रक को स्क्रैप कर या विक्रय कर नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदता है, तो उसे 64 हजार रुपये से 2 लाख 56 हजार रुपये तक की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। साथ ही ऐसे लाभार्थियों को 10 वर्षों तक मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत छूट का लाभ भी मिलेगा।

महर्षि वाल्मीकि जयंती समारोह का हुआ गरिमामय आयोजन
कर्मठ सफाई कर्मियों को किया गया सम्मानित
रामायण सनातन परंपरा की है कालजयी रचना- चेयरपर्सन विनीता पीपल
संत- महापुरुषों के जीवन चरित्र हैं प्रेरणादाई- डा. वंदना पोपली

रेवाड़ी, 26 अक्तूबर, अभीतक: महर्षि वाल्मीकि ने हजारों साल पहले विश्व विख्यात रामायण रुपी जिस महाकाव्य की रचना की थी, उसका आज तक केवल अनुसरण ही हो पाया है। ऐसा सर्वश्रेष्ठ महान ग्रंथ कभी दोबारा नहीं लिखा गया। सोमवार को स्थानीय बाल भवन सभागार में जिला प्रशासन व सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग द्वारा आयोजित किए गए महर्षि वाल्मीकि जयंती समारोह को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित करते हुए रेवाड़ी नगर परिषद की चेयरपर्सन विनीता पीपल ने ये उद्गार व्यक्त किए । समारोह की अध्यक्षता भाजपा जिला अध्यक्ष डा.वंदना पोपली ने की। एसडीएम दलबीर सिंह ने अतिथिगण का स्वागत किया। मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ महर्षि वाल्मीकि जयंती समारोह का शुभारंभ किया। चेयरपर्सन विनीता पीपल ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि भारत देश के आदि कवि माने जाते हैं। उनके जीवन से वर्तमान पीढ़ी को कड़ी मेहनत और शिक्षा ग्रहण करने की प्रेरणा लेनी चाहिए। हजारों साल पहले उन्होंने संस्कृत भाषा में रामायण को सबसे पहले लिखा, जिसका आज भी श्रद्धा भाव से मनन किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन हमें जीवन में महान विभूतियों के आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरणा देते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही भाजपा जिलाध्यक्ष डा. वंदना पोपली ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में हरियाणा सरकार द्वारा संत महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना चलाई जा रही है। इस परंपरा के शुरू होने से सामाजिक समरसता और महान संतों की गौरव गाथा को जन-जन तक पहुंचाने का सफल प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षा अधिकारी धर्मवीर बलडोदिया ने भगवान वाल्मीकि तप, धर्म और ज्ञान से अपने जीवन को शीलवान बनाने के लिए प्रेरित किया। चेयरपर्सन विनीता पीपल व भाजपा जिलाध्यक्ष डा. वंदना पोपली ने सफाई कर्मचारियों को उनकी कर्मठ सेवा के लिए सम्मानित किया। एसडीएम दलबीर सिंह ने अतिथिगण को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। समारोह में भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रवीन शर्मा, जिला कार्यालय सचिव सत्यपाल धूपिया, दिनेश खिच्ची, गुलशन कुमार, भाजपा एससी मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष दारा सिंह, मुकेश सारवान, सुनील मेंहदीरत्ता, सुरेश कुमार आदि मौजूद रहे।

मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में किया शामिल: डीसी
प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की स्थिति में मिलेगा आर्थिक लाभ

झज्जर, 26 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा सरकार द्वारा बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में शामिल किया है। इस योजना के माध्यम से मधुमक्खी पालकों को प्राकृतिक आपदाओं सहित विभिन्न कारणों से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाएगी। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि सरकार की इस पहल से मधुमक्खी पालन से जुड़े किसानों एवं उद्यमियों को लाभ मिलेगा। साथ ही मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहन और इस क्षेत्र से जुड़े किसानों को आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने संबंधित किसानों और मधुमक्खी पालकों से योजना की जानकारी प्राप्त कर इसका लाभ उठाने का आह्वान किया।
मुआवजे हेतु पात्रता
योजना के तहत बाढ़ की स्थिति में मधुमक्खी के बक्सों और कॉलोनियों के पानी में डूब जाने, आग लगने से मधुमक्खी के बक्से ओर कालोनियां खराब होने पर, ट्रांसपोर्टेशन के दौरान बक्सों एवं कॉलोनियों का दुर्घटना से नुकसान होने पर, बशर्ते दुर्घटना हरियाणा राज्य के अंदर हुई हो तथा उसकी एफआईआरध्डीडीआर दर्ज हो व मधुमक्खी में महामारी के कारण नुकसान होने पर योजना के लिए लाभ पात्र होंगे।
250 कॉलोनियों और बक्सों पर मिलेगा मुआवजा
योजना के तहत प्रति मधुमक्खी पालक के पास अधिकतम 250 मधुमक्खी कॉलोनियां और बक्से हो, भावांतर भरपाई योजना-शहद के तहत पंजीकरण अनिवार्य, तथा प्रत्येक मधुमक्खी बॉक्स पर भावांतर भरपाई योजना का यूनिक नंबर दिया जाना अनिवार्य है।
बीमा फीस और बीमा राशि
योजना में बीमा फीस 50 रुपए प्रति कॉलोनी तथा 50 रुपए प्रति बॉक्स निर्धारित है। वहीं, बीमा राशि 1250 रुपए प्रति कॉलोनी तथा 1250 रुपए प्रति बॉक्स व अधिकतम बीमा राशि 3 लाख 12 हजार 500 रुपये प्रति कॉलोनी तथा 3 लाख 12 हजार 500 रुपए प्रति बॉक्स दर्शाई गई है। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए विभाग के टोल फ्री नंबर 1800-180-2021 या जिला उद्यान अधिकारी के कार्यालय में संपर्क कर सकते है।

झज्जर : सांसद दीपेंद्र हुड्डा का दावा, एक नवंबर की कांग्रेस की दिल्ली रैली होगी रिकॉर्ड तोड़
झज्जर में बाल्मीकि जयंती पर कार्यक्रम में भाग लेने आए थे दीपेंद्र हुड्डा
पूर्व मंत्री गीता भुक्कल और कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स भी रहे मौजूद
दीपेंद्र हुड्डा बोले, 1 नवंबर की दिल्ली रैली में हरियाणा की होगी विशेष भागीदारी
लोकतंत्र बहाल हो, निष्पक्ष हो चुनाव, चुनाव आयोग और भाजपा की मिली भगत की रैली में खोली जाएगी पोल
अमित शाह द्वारा किए गए मानहानि मामले में राहुल गांधी के बरी होने पर भी बोले दीपेंद्र हुड्डा
कहा : जिस भी अदालत से आया फैसला, वहां के माननीय न्यायाधीश ने भाजपा के दबाव में आने की बजाय ईमानदारी से दिया फैसला
एक कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे की उपस्थिति में एक व्यक्ति द्वारा किए गए उपद्रव पर भी बोल दीपेंद्र हुड्डा
कहा: आरएसएस के लोग इस प्रकार की कार्रवाई को देते हैं अंजाम
हरियाणा सरकार पर लगाया झज्जर के वाल्मीकि समाज की अनदेखी का आरोप
कहा: इसी अनदेखी के चलते झज्जर में बाल्मीकि भवन के लिए नहीं मिली कोई सरकारी आर्थिक सहायता

भिवानी : भिवानी पहुंचे भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़, कांग्रेस पर साधा निशाना
हार के बाद बहानेबाजी छोड़ आत्ममंथन करे कांग्रेस: ओमप्रकाश धनखड़
जनादेश का अपमान कर जनता को भ्रमित कर रहा विपक्ष, धनखड़ ने कांग्रेस को घेरा
जीत पर खामोशी, हार पर सवाल! कांग्रेस के रवैये पर ओमप्रकाश धनखड़ का हमला
ईवीएम और एसआईआर पर सवाल उठाने से पहले ठोस सबूत दे विपक्ष: ओमप्रकाश धनखड़
चुनावी हार का ठीकरा व्यवस्था पर फोड़ने के बजाय अपनी कमियां देखे कांग्रेस: धनखड़
हिमाचल, कर्नाटक और तेलंगाना में जीत पर नहीं उठाए सवाल, हारते ही चुनावी प्रक्रिया पर सवाल: धनखड़
लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि, जनादेश का सम्मान करे विपक्ष: ओमप्रकाश धनखड़
संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने से पहले प्रमाण दे कांग्रेस, भिवानी में बोले धनखड़
भिवानी में ओमप्रकाश धनखड़ की प्रेस वार्ता, विपक्ष की चुनावी रणनीति पर उठाए सवाल

फरीदाबाद : केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल पहुँचे सूरजकुंड
तृतीय सूरजकुंड दिवाली मेले के समापन में बतौर मुख्य अतिथि कर रहे है शिरकत
पर्यटन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा भी है मौजूद
23 से 26 अक्टूबर तक आयोजित हुआ ये मेला
आज सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ तीसरे दीवाली मेले का समापन
महर्षि वाल्मीकि की तस्वीर पर पुष्प चढ़ाकर की कार्यक्रम की शुरुआत

नालसा के जागरूकता अभियान सुरक्षित बचपन अभियान का शुभारंभ
रेवाड़ी, 26 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के निर्देशानुसार व संगीता राय सचदेव जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी के आदेश अनुसार एवं डॉ. रेनू सोलखे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी की देखरेख में सोमवार को गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल शहबाजपुर पदैयावास, जिला रेवाड़ी में पोक्सो एक्ट 2012 के बारे में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में अधिवक्ता हरिश कुमार शर्मा ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी की ओर से मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की तथा स्कूल में उपस्थित बच्चों को ष्पोक्सो एक्ट 2012” के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस कार्यशाला में हरीश कुमार शर्मा ने उपस्थित विद्यार्थियों को बताया कि ष्पोक्सो एक्ट 2012” 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यौन शोषण, उत्पीड़न और अश्लीलता से बचाने के लिए है। इस एक्ट के तहत पीड़ित बच्चे की पहचान मीडिया या सार्वजनिक रूप से करना कानूनी अपराध है। इस अधिनियम का उद्देश्य बच्चों को यौन उत्पीड़न, यौन शोषण, यौन दुर्व्यवहार और बाल पोर्नोग्राफी से बचाकर उनकी सुरक्षा करना और उनकी गरिमा को बनाए रखना है। इस कार्यशाला में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी की ओर से सतीश मस्तान तथा उनकी टीम ने पोक्सो एक्ट, नशा मुक्ति तथा बाल विवाह पर नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया, जिसमें मोनिका, मनीषा, मुस्कान, मोहिनी, आरती तथा किस्मत ने उपस्थित बच्चों को नुक्कड़ नाटक द्वारा नशे से दूर रहने का संदेश दिया। मुकद्दर नाटक के अंत में उपस्थित बच्चों को नशे से दूर रहने और बाल विवाह नहीं करने की शपथ भी दिलाई गई। इस कार्यशाला में विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकार एवं कर्तव्य तथा बच्चों के लिए नालसा की मुफ्त कानूनी सहायता के बारे में विस्तार से बताया गया। हरीश कुमार शर्मा ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी द्वारा एक हेल्पलाइन नंबर 01274-220062 चलाया हुआ है जिस पर आम जन किसी भी प्रकार के कानूनी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा आमजन के लिए चलाए गए टोल फ्री नंबर 15100 पर कॉल करके फ्री कानूनी सहायता ली जा सकती है। इस अवसर पर अध्यापकगण एवं स्कूल के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

लोक सेवा मंच के कार्यकर्ताओं ने महर्षि वाल्मीकि जी की प्रतिमा पर समारोहपूर्वक किया माल्यार्पण
महापुरुषों की शिक्षाओं से राष्ट्र-समाज को मिलती है आगे बढ़ने की राह: अशोक प्रधान लोक सेवा मंच
साधारण इंसान से असाधारण विद्वान बने महर्षि वाल्मीकि जी सबके प्रेरणा स्रोत

रेवाड़ी, 26 अक्तूबर, अभीतक: महापुरुषों को सम्मान देने के सामाजिक सरोकार को लेकर राष्ट्रीय सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच के कार्यकर्ताओं ने संस्कृत साहित्य के प्रथम आदि कवि एवं पवित्र महाकाव्य रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर समारोहपूर्वक माल्यार्पण किया। स्थानीय बीएमजी मॉल के सामने वाल्मीकि चैक पर आयोजित कार्यक्रम में कोर कमेटी के अनेक सदस्यों व आम नागरिकों सहित राष्ट्रीय प्रगतिशील विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ अवसर पर कोर कमेटी सदस्यों मुकेश जांगिड, महेश कौशिक, बीके राम सिंह, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, नंदलाल यादव, राजीव कुमार, मदन लाल शर्मा, विजय सिंह यादव, रोहांश बिंदल, प्रो. सतीश यादव, चिराग कुमार, चंद्र प्रकाश, मोहनलाल, योगेंद्र सैनी आदि के साथ राष्ट्रीय प्रगतिशील विचारक एवं समाजविद अशोक प्रधान लोक सेवा मंच ने महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। अपने संबोधन में राष्ट्रीय प्रगतिशील विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच ने कहा कि महर्षि वाल्मीकी ने अपने साधारण जीवन में आमूल बदलाव लाकर मानवता का जो संदेश दिया एवं रचनात्मक कार्य किए उनकी छाप अभी तक अमिट है। महर्षि वाल्मीकि ने संस्कृत में श्रामायणश् की रचना की, जिसमें भगवान श्री राम के जीवन, आदर्शों और त्रेतायुग की गाथा का वर्णन है। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि के मानवतावादी योगदान का महत्व बताते हुए कहा कि क्रौंच पक्षी के जोड़े में से नर पक्षी को बहलिए द्वारा मारे जाते देखकर उनके मुख से जो शोक और क्रोधयुक्त शब्द निकले, वह संस्कृत साहित्य का पहला श्लोक (मा निषाद…) माना जाता है। इसी छंद में उन्होंने पूरी रामायण लिखी । वे स्वयं रामायण के एक महत्वपूर्ण पात्र भी हैं। माता सीता को निर्वासन के दौरान उनके आश्रम में ही आश्रय मिला,जो शरणागत नारी के प्रति सम्मान-सुरक्षा के मानवीय फर्ज को दर्शाता है। भगवान राम के पुत्र लव-कुश को उन्होंने शिक्षा दी एवं रामायण का गान सिखाया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की सभी शिक्षाएं वर्तमान संदर्भ में भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। लोक सेवा मंच महापुरुषों के आदर्शों के मद्देनजर समाज सेवा के कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि महापुरुषों को हमें अपने नजरिये से देखने की बजाय उनके दृष्टिकोण को अपने दिलो-दिमाग में स्थान देना चाहिए जो हमें समस्याओं के समाधान की ओर ले जाता है। गौरतलब है कि जनहित में सक्रिय राष्ट्रीय सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच जनसमस्याओं की आवाज बुलंद करने के साथ-साथ महापुरुषों,शहीदों और भगवान के विभिन्न अवतारवादी अवसरों पर समारोहपूर्वक कार्यक्रम आयोजित करता आ रहा है।

गुरु रविदास धर्मशाला में धूमधाम से मनाई महर्षि बाल्मिकी जयती’
भगवान बाल्मिकी का जीवन सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्त्रोत: राजू मेहरा

भिवानी, 26 अक्तूबर, अभीतक: डाॅ. अम्बेडकर कालोनी स्थित गुरू रविदास धर्मशाला में आज महान संत शिरोमणि गुरु महर्षि बाल्मीकि जयंती को मनाया गया। इस मौके पर युवा पीढ़ी को महर्षि बाल्मीकि जी के संघर्ष पूर्ण जीवनकाल जिसमें उन्होंने सम्पूर्ण मानवता के लिए काम किया था से सिखने का आह्वान किया गया। जजपा जिला प्रवक्ता एंव शहीदे आजम वीर ऊधम सिंह प्रदेश महासभा के प्रदेशाध्यक्ष राजू मेहरा ने कहा की भगवान वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण भारतीय संस्कृति आदर्श जीवन मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं का अनुपम ग्रंथ है उनके विचार हमें सत्य,धर्म,कर्तव्य और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। महान संत महर्षि वाल्मीकि जी ने समाज को एकजुट करने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी आज की युवा पीढ़ी को महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन काल से सीख कर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें महर्षि वाल्मीकि जी की शिक्षाओं को जीवन में अपनाते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग के सम्मान और मानव जीवन के कल्याण के अत्थान के लिए कार्य करना चाहिए। इस मौके पर राजू मेहरा साहिल बंगालिया, मोंटी अजय जोगी, देवेंद्र शर्मा, दीपक जांगड़ा, नताशा वर्मा, निकिता वर्मा, सोनू चैहान, हिमांशु अंकुर, राकेश वर्मा, छोटू वाल्मीकि, संदीप सतविंदर पंघाल, कमल बराड, दीपांशु सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महर्षि वाल्मीकि प्रकट उत्सव पर की बतौर मुख्य अतिथि शिरकत
चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का संबोधन’
मेरे निवास पर महर्षि वाल्मीकि के पावन प्रकट उत्सव का आयोजन मेरे लिए असीम शांति का अनुभव- मुख्यमंत्री
आदि कवि महर्षि वाल्मीकि जी को शत-शत नमन, उनके प्रकट उत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई
रामायण केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि मानव समाज के संविधान की तरह- मुख्यमंत्री
महर्षि वाल्मीकि ने हमें जाति, वर्ण या वर्ग के भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता का दिया मंत्र
अयोध्या में भगवान वाल्मीकि और माता शबरी मंदिर भी बनाए गए- मुख्यमंत्री
वाल्मीकि समाज ने हमेशा राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाई
हमने योगदान का सम्मान करने के लिए अनुसूचित जातियों के आरक्षण का वर्गीकरण किया
अनुसूचित जातियों के कल्याण और अधिकारों के संरक्षण के लिए हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग का किया गठन
सफाई कर्मचारियों के कल्याण के लिए हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी कल्याण आयोग का किया गठन
हमने एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत 5000 से अधिक सफाई कर्मचारियों को संबंधित पालिका के रोल पर लिया
अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों की बेटियों की शादी पर 71000 तक की शगुन राशि दी जाती है
सरकारी सेवाओं में सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत कोटा वंचित अनुसूचित जातियों के उम्मीदवारों के लिए किया आरक्षित
अनुसूचित जातियों के कल्याण और अधिकारों के संरक्षण के लिए हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग का किया गठन
अंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना के तहत मकान मरम्मत हेतु 80 हजार रुपए दिए जा रहे हैं
मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अंतरजातीय विवाह शगुन योजना के तहत नव विवाहित जोड़े को 250000 रुपए के अनुदान राशि की जाती है प्रदान
हमारी हर योजना हर नीति और हर निर्णय में महर्षि वाल्मीकि जी की भावना है बसती- मुख्यमंत्री

भिवानी में शरद पूर्णिमा के अवसर पर भक्ति और उल्लास का अनूठा माहौल
श्री श्याम प्रेम मंडल के 32वें श्याम जयंती महोत्सव के समापन पर जागरण आयोजित, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
मन को शुद्धि और आत्मिक बल प्रदान करते है धार्मिक आयोजन: महंत वेदनाथ महाराज

भिवानी, 26 अक्तूबर, अभीतक: शरद पूर्णिमा के अवसर पर भिवानी शहर में भक्ति, श्रद्धा और सांस्कृतिक उल्लास का एक अद्भुत और अलौकिक नजारा देखने को मिला। स्थानीय किशोरी लाल सेवा सदन के नजदीक स्थित श्याम भवन में श्री श्याम प्रेम मंडल के तत्वावधान में 32वें श्री श्याम जयंती महोत्सव का आयोजन अत्यंत धूमधाम और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान जागरण का आयोजन किया गया, जिसमें पूरा वातावरण बाबा श्याम के जयकारों से गूंज उठा और दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बढ़-चढकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में सान्निध्य महंत वेदनाथ महाराज एवं पूर्णदास महाराज का रहा। महोत्सव का मुख्य आकर्षण बाबा श्याम का दरबार और उनका भव्य श्रृंगार रहा। श्री श्याम प्रेम मंडल के प्रधान भानु प्रकाश ने बताया कि इस विशेष अवसर पर बाबा श्याम का अलौकिक श्रृंगार विशेष रूप से कोलकाता से मंगवाए गए रंग-बिरंगे और सुगंधित फूलों से किया गया था। फूलों की सजावट और भव्य दरबार की दिव्यता ने उपस्थित सभी भक्तों का मन मोह लिया, जिसके दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं को असीम शांति और आनंद की अनुभूति हुई। कार्यक्रम में आशीर्वाद प्रदान करने पहुंचे महंत वेदनाथ ने कहा कि हिन्दू सनातन संस्कृति में शरद पूर्णिमा की रात्रि का अत्यंत विशिष्ट स्थान है। इस पावन रात्रि में भगवान श्री कृष्ण ने महारास रचाया था और चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होकर अमृत वर्षा करता है। महंत वेदनाथ ने कहा कि ऐसे पवित्र अवसर पर श्री श्याम प्रभु के जागरण का आयोजन करने से मन को शुद्धि और आत्मिक बल प्राप्त होता है। उन्होंने मंडल के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक अनुष्ठान समाज में नैतिक मूल्यों और ईश्वर के प्रति अटूट आस्था को जागृत रखते हैं। श्री श्याम प्रेम मंडल के प्रधान भानु प्रकाश ने महोत्सव में पधारे सभी विशिष्ट अतिथियों, साधु-संतों, दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं और तन-मन से सेवा देने वाले सभी मंडल कार्यकर्ताओं का आभार जताया तथा उन्हें सम्मानित भी किया। महोत्सव के दौरान आयोजित भव्य रात्रि जागरण में प्रसिद्ध भजन गायकों ने अपनी मधुर वाणी से बाबा श्याम के चरणों में गुणगान किया। इस अवसर पर नंदकिशोर अग्रवाल, प्रदीप शास्त्री, मंगतराम अग्रवाल, जितेंद्र अग्रवाल, विनोद डालमिया, सुरेश जोशी, पवन महता, यश गुप्ता, कुलदीप शर्मा, रितेश मित्तल, राजकुमार पटवारी, श्याम लाल हलवासिया, प्रीतम शर्मा, आशीष अंचल, जगदीप शर्मा, प्रवीण लोहिया, सिद्धांत, अनमोल, रामौतार पुजारी, रामकिशन, ललित मोदी, मुकेश कुमार, आशीष अंचल, जगदीप शर्मा सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।

भिवानी के वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र चैहान को मानद डॉक्टरेट की उपाधि
28 वर्षों की निष्ठावान पत्रकारिता और समाज सुधार में अमूल्य योगदान के लिए विलक्षणा समाज सारथी समारोह में हुआ सम्मान
भिवानी, 26 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा कला परिषद एवं विलक्षणा एक सार्थक पहल समिति अजायब रोहतक के संयुक्त तत्वावधान में दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स के मिनी ऑडिटोरियम में विलक्षणा समाज सारथी सम्मान समारोह एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार और पूर्व राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं गरिमामयी उपस्थिति पद्मश्री अवार्डी प्रसिद्ध कलाकार महावीर गुड्डू, लोक गायक रणबीर बडवासनियां, लोक गायक बाली शर्मा, कला परिषद के अतिरिक्त निदेशक गगन हरियाणवी, डॉ. सुलक्षणा अहलावत और डॉ. विकास शर्मा ने की। समारोह के दौरान हरियाणवी और बॉलीवुड कला जगत में अपनी अनूठी छाप छोडने वाले प्रतिष्ठित कलाकारों को सम्मानित किया गया। इस कड़ी में लोकप्रिय बॉलीवुड एवं हरियाणवी गायक मासूम शर्मा, प्रसिद्ध गायक एवं गीतकार रामकेश जीवनपुरिया तथा बॉलीवुड गायक विकास कुमार को उनकी उत्कृष्ट कलात्मक सेवाओं के लिए कला एवं संस्कृति रत्न से नवाजा गया। इन कलाकारों की उपस्थिति और उनके योगदान ने पूरे सभागार में सांस्कृतिक ऊर्जा का संचार कर दिया, जिससे युवा कलाकारों को भी अपनी जड़ों से जुडने की प्रेरणा मिली। कार्यक्रम का एक सबसे विशेष और प्रेरणादायी आकर्षण भिवानी के वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र चैहान का सम्मान रहा। पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार 28 वर्षों से अपनी कलम, निष्ठा और वाणी के माध्यम से समाज सुधार में अमूल्य आहुति डालने वाले राजेंद्र चैहान को गुरु विद्यापीठ रोहतक की तरफ से डॉक्टरेट की मानद उपाधि से अलंकृत किया गया। मीडिया और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में उनके इस लंबे समर्पण को मंच पर उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों ने सराहा और इसे पत्रकारिता जगत के लिए एक गौरवशाली क्षण बताया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में विभिन्न जिलों और क्षेत्रों में अपने कार्यों से उत्कृष्ट मुकाम हासिल करने वाले करीब डेढ़ दर्जन नामचीन और प्रतिभावान लोगों को श्सारथी सम्मानश् प्रदान किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में समाज के लिए कार्य करने वाले इन कर्मठ लोगों के सम्मान से समाज सेवा के कार्यों को एक नई गति मिली है। समारोह के अंत में आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया और यह आयोजन कला, संस्कृति, साहित्य तथा समाज सेवा के क्षेत्र में एक यादगार और प्रेरणादायी मील का पत्थर साबित हुआ।

असीम राव फिर चुने गए प्रेस क्लब के प्रधान
नारनौल, 26 अक्तूबर, अभीतक: यहां के होटल आपार में प्रेस क्लब नारनौल (रजि) की एक बैठक एवं दीपावली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार धर्मनारायण शर्मा ने की। इस मौके पर सर्वसम्मति से असीम राव को फिर से क्लब का प्रधान चुना गया। बैठक में जिला के पत्रकारों ने भाग लिया। इस मौके पर पत्रकारों से जुड़े हितों के बारे में चर्चा की गई। वरिष्ठ पत्रकार धर्मनारायण शर्मा ने कहा कि क्लब हमेशा से पत्रकारों के साथ खड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर किसी खबर को लेकर प्रशासन या अन्य पत्रकार को बिना वजह परेशान करेगा तो क्लब हमेशा उसका साथ देगा।
एकजुटता पर दिया बल
बैठक में शुरू में सभी से विचार जाने गए। वहीं सभी को दीपावली की अग्रीम बधाई दी गई। सभी पत्रकारों ने एकजुट होकर काम करने की बात कही। वहीं क्लब की समय-समय पर बैठक करने के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। वरिष्ठ साथियों ने कहा कि अब क्लब द्वारा न केवल पत्रकारों के हितों में कार्य किए जाएंगे, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर योगदान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्लब की ओर से समय-समय पर पौधारोपण, वस्त्र वितरण, रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया जाएगा।
पुरानी भंग कर नई कार्यकारिणी सतीश सैनी ने रखा प्रस्ताव
सदस्यों की राय जानने के बाद प्रेस क्लब के प्रधान असीम राव ने इस्तीफा देकर अपनी पुरानी कार्यकारिणी को भंग किया। इसके बाद वरिष्ठ सदस्य व हरिभूमि जिला महेंद्रगढ़ के ब्यूरो चीफ सतीश सैनी ने दुबारा से चुनाव कराने के लिए सभी से राय मांगी। सभी की सहमति पर उन्होंने असीम राव का नाम फिर से प्रधान पद के लिए रखा।
असीम राव फिर से बने प्रधान
असीम राव के नाम का समर्थन वरिष्ठ सदस्य सुरेंद्र चैधरी ने किया। जिसके बाद सर्वसम्मति से असीम राव को फिर से प्रधान चुन लिया गया। वहीं धर्मनारायण शर्मा को क्लब का संरक्षक चुना गया।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर राष्ट्रीय सहारा से बाबूलाल वर्मा, दैनिक भास्कर महेंद्रगढ़ के ब्यूरो आनंद शर्मा, गुड़गांव टुडे के सुरेंद्र चैधरी, राजकुमार बड़कोदिया, दैनिक जागरण से चांद किशोर, सुभाष दूरदर्शी, हरियाणा पत्रकार संघ के प्रधान प्रदीप बालरोडिया, दैनिक भास्कर से सुदेश जांगड़ा व प्रेम शर्मा, राजेश सैनी, आनंद शर्मा पंजाब केसरी अटेली, राजेश यादव, अमर उजाला ब्यूरो चीफ पुनीत भारद्वाज, दैनिक भास्कर डिजिटल ब्यूरो देवेंद्र यादव, मनोज बुलान, शमशेर कौशिक, विजय यादव, गुलशन यादव, सतीश शर्मा, अरविंद तक्षक, प्रवीण सैनी, इंद्रजीत यादव, नितिन शर्मा, भगवत शर्मा, रामचंद्र कौशिक, विकास कटारिया, विनोद शर्मा, प्रवेश कौशिक, नितेश यादव, सतीश कुमार, रणजीत सैनी, शुभम शर्मा, जितेंद्र सोलंकी, प्रदीप कौशिक, प्रवीण कौशिक, आशीष कौशिक व मोहित शर्मा कौशिक सहित अनेक पत्रकार मौजूद रहे।
इन्होंने फोन पर जताई सहमति
वहीं दूरभाष पर बात करने पर वरिष्ठ सदस्य भालेंद्र यादव, दलबीर जौहरी, राज सोहन यादव, रेडियो अरावली से मनीष यादव व हिमांशू यादव ने भी असीम राव के नाम पर सहमति जताई।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय 28 अक्टूबर, 2026 को दिल्ली-एनसीआर में परिवर्तन योजना के तहत ट्रांसपोर्ट मेला आयोजित करेगा
पुराने ट्रक एवं बस मालिकों को स्क्रैपिंग, वित्त एवं अधिक पर्यावरण-अनुकूल नई गाड़ियों की खरीद पर वहीं मार्गदर्शन प्राप्त होगा वाहन मालिकों की सुविधा के लिए वाहन निर्माता एवं उनके डीलर, पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाएं, बैंक, तेल विपणन कंपनियां और अन्य हितधारक एक ही स्थान पर एकत्रित होंगे

नई दिल्ली, 26 अक्तूबर, अभीतक: सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, दिल्ली सरकार के सहयोग से 28 अक्टूबर 2026 को सुबह 9रू30 बजे से उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी स्थित जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ) के पास मौजूद श्वाहन निरीक्षण इकाईश् में परिवर्तन योजना के अंतर्गत एक श्परिवहन मेलाश् आयोजित कर रहा है। इस मेले में वाहन के वास्तविक उपकरण निर्माता (ओईएम) और उनके डीलर, पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाएं (आरवीएसएफ), बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी), तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) और योजना से जुड़े सिटी गैस वितरक (सीजीडी) संस्थाएं शामिल होंगे। उनके प्रतिनिधि वाहन स्क्रैपिंग, वित्त के विकल्पों, नए वाहन खरीदने, ईंधन से जुड़े लाभों और अन्य लागू प्रोत्साहनों के संबंध में जानकारी, मार्गदर्शन एवं सहायता प्रदान करेंगे। परिवर्तन योजना के माध्यम से, सरकार दिल्ली-एनसीआर में पुराने ट्रकों एवं बसों की जगह अधिक पर्यावरण-अनुकूल वाहनों को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए कई तरह के प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं, जिनमें ओईएम छूट के अलावा कम से कम 8 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट, वाहन ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, 10 वर्षों के लिए 100 प्रतिशत रोड टैक्स में छूट, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एकमुश्त लाभ, मासिक ईंधन वाउचर और (लागू होने पर) पंजीकरण शुल्क से छूट शामिल हैं। आज की तारीख में, लगभग 40,000 लाभार्थियों ने परिवर्तन पोर्टल पर पंजीकरण कराया है।
मेले का स्थान: वाहन निरीक्षण इकाई, डीटीओ के पास, बुराड़ी, उत्तरी दिल्ली
दिनांक: 28 अक्टूबर 2026
समय: सुबह 9ः30 बजे से

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने ई85, ई100 फ्लेक्स फ्यूल वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नियमों में बदलाव किया
नई दिल्ली, 26 अक्तूबर, अभीतक: सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन की अधिसूचना जारी की है। इसका उद्देश्य ऐसे फ्लेक्स फ्यूल वाहनों को अपनाना है, जो ई85 और इससे ज्यादा इथेनॉल वाले अन्य ईंधनों का उपयोग कर सकते हैं। इन संशोधनों के अंतर्गत, उत्सर्जन प्रमाणन के नियमों को अपडेट किया गया है, जिसमें स्पष्ट रूप ई85 के साथ-साथ ई100 को शामिल किया गया है। इन ईंधनों के लिए प्रमाणित वाहनों को अपनी श्रेणी पर लागू होने वाले उत्सर्जन एवं सुरक्षा मानकों को पूरा करना होगा। ई85 पेट्रोल और इथेनॉल का एक मिश्रण है, जिसमें आयतन के हिसाब से 85 प्रतिशत तक इथेनॉल होता है। यहां ‘ई’ अक्षर का मतलब इथेनॉल है जबकि ‘संख्या’ ईंधन में इसकी मात्रा को दर्शाती है। ब्राजील और अमेरिका जैसे देशों में फ्लेक्स फ्यूल तकनीक का उपयोग पहले से ही किया जा रहा है। इन वाहनों को विशेष रूप से इस प्रकार से डिजाइन किया गया है कि ये एक ही फ्यूल टैंक का उपयोग करके इथेनॉल एवं पेट्रोल के अलग-अलग मिश्रणों पर चल सकें। वाहन के डिजाइन एवं प्रमाणन के आधार पर, यह मिश्रण ई85 या ई100 तक हो सकता है, जिसमें मुख्य रूप से इथेनॉल होता है। इसके ईंधन प्रणाली के पुर्जे एवं सामग्री को स्वीकृत मिश्रणों के हिसाब से चुना जाता है और इंजन नियंत्रण प्रणाली अपने आप ईंधन की संरचना के अनुसार काम करने के तरीके को एडजस्ट कर लेता है। इससे उपयोगकर्ताओं को यह सुविधा मिलती है कि वे निर्माता द्वारा प्रमाणित एवं घोषित की गई रेंज में अपनी पसंद का ईंधन चुन सकें। देश में उत्पादित इथेनॉल का ज्यादा उपयोग, आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता को कम कर सकता है। इथेनॉल के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए वाहनों में इसका उपयोग करने से कुछ हानिकारक उत्सर्जन में कमी आ सकती है। साथ ही, कच्चे माल और उत्पादन प्रक्रिया के आधार पर, इथेनॉल के उत्पादन एवं उपयोग के दौरान ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में भी कमी आ सकती है। ई85, ई100 का उपयोग केवल उन वाहनों में किया जा सकता है जिन्हें विशेष रूप से इसके उपयोग के लिए डिजाइन एवं प्रमाणित किया गया है। यह बाजार में सामान्य रूप से उपलब्ध या अब तक इस्तेमाल किए जा रहे अन्य वाहनों के लिए उपयुक्त नहीं है। किसी वाहन का ई10 या ई20 के अनुकूल होना उसे ई85 के लिए भी उपयुक्त नहीं बनाता है। इस अधिसूचना के अंतर्गत, मौजूदा वाहनों के मालिकों के लिए यह आवश्यक नहीं है कि वे वर्तमान में या भविष्य में ई85 का इस्तेमाल शुरू करें या अपने वाहनों में कोई बदलाव करें। वाहन मालिकों को अपने वाहन पर लगे ईंधन अनुकूलता स्टिकर को देखना चाहिए और ईंधन स्टेशन पर ईंधन का चयन करने समय, ओनर मैनुअल में निर्माता द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना चाहिए। इस अधिसूचना में बायोडीजल से संबंधित प्रावधानों को भी अपडेट किया गया है और तकनीकी सुधार किए गए हैं। ये नियम आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होने की तारीख से लागू हो जाएंगे।

राष्ट्रीय विदेश छात्रवृत्ति: युक्ति (बदला हुआ नाम) की बाधाओं से वैश्विक अवसरों तक यात्रा
नई दिल्ली, 26 अक्तूबर, अभीतक: कई इच्छुक छात्रों के लिए, गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा तक पहुंच उज्जवल भविष्य की ओर एक कदम है। हालांकि वंचित पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए, सामाजिक भेदभाव और वित्तीय बाधाएं शैक्षणिक और व्यावसायिक उन्नति में महत्वपूर्ण बाधाएं पैदा कर सकती हैं। अनुसूचित जाति (अजा) समुदाय से संबंधित 26 वर्षीया स्नातकोत्तर सुश्री युक्ति की यात्रा इस बात पर प्रकाश डालती है कि कैसे लक्षित सरकारी समर्थन शैक्षिक आकांक्षाओं को अवसरों में बदलने में मदद कर सकता है। कम उम्र से ही युक्ति को जाति-आधारित भेदभाव और सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ा। उनके परिवार को भी लगातार वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, क्योंकि उनके पिता एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और कम वेतन वाले रोजगार में काम करते थे। उनकी शिक्षा के बावजूद, व्यावसायिक बाधाओं और सामाजिक पूर्वाग्रह ने उनके करियर की प्रगति को सीमित कर दिया, जिससे परिवार के पास सीमित संसाधन रह गए। युक्ति के माता-पिता ने फिर भी उसकी शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए उसे अपनी महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। बिना किसी वित्तीय सुरक्षा के वह अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए सरकारी स्कूलों और सार्वजनिक छात्रवृत्ति पर निर्भर रही। युक्ति उन्नत उच्च शिक्षा प्राप्त करने और अनुसंधान और शैक्षणिक विकास से जुड़ा एक सार्थक करियर बनाने की इच्छा रखती थी। हालांकि विदेश में स्नातकोत्तर शिक्षा का अत्यधिक खर्च एक बड़ी बाधा प्रतीत हुई। एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब उन्हें 2023-2024 के दौरान भारत सरकार की राष्ट्रीय विदेश छात्रवृत्ति यानी नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप (एनओएस) योजना के तहत समर्थन मिला। छात्रवृत्ति ने उनकी ट्यूशन फीस को कवर किया और £9,900 का वार्षिक रखरखाव भत्ता प्रदान किया, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय शिक्षा तक पहुंचने में मदद मिली जो अन्यथा आर्थिक रूप से पहुंच से बाहर होती। छात्रवृत्ति ने युक्ति और उसके परिवार पर वित्तीय बोझ को काफी हद तक कम कर दिया और उसे अपनी पढ़ाई और व्यावसायिक विकास पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम बनाया। हालांकि विदेश में रहने के लिए अधिक खर्च का मतलब था कि उनका प्रबंधन चुनौतीपूर्ण बना रहा, इस सहायता ने उनकी शैक्षिक यात्रा के दौरान आवश्यक सहायता प्रदान की। छात्रवृत्ति के लिए चयन ने युक्ति के आत्मविश्वास में भी उल्लेखनीय वृद्धि की, उसकी शैक्षणिक क्षमता की पुष्टि की और उसके विश्वास को मजबूत किया कि वह एक प्रतिस्पर्धी अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक वातावरण में थी। अपनी विदेशी शिक्षा के माध्यम से, युक्ति ने मूल्यवान अंतरराष्ट्रीय अनुभव और उन्नत शैक्षणिक ज्ञान प्राप्त किया जिसने उनकी पेशेवर संभावनाओं को मजबूत किया। तब से उन्होंने भारत में निजी क्षेत्र में प्रवेश किया है, पेशेवर अवसर हासिल किए हैं और अधिक आर्थिक स्वतंत्रता की ओर बढ़ रही हैं। हालांकि आय में कोई विशिष्ट परिवर्तन नहीं बताया गया है, लेकिन उनकी शैक्षिक उपलब्धियां और पेशेवर रोजगार में प्रवेश उनकी आकांक्षाओं की दिशा में सार्थक प्रगति को चिह्नित करता है। युक्ति की यात्रा शैक्षिक समावेशन को बढ़ावा देने और अनुसूचित जाति समुदायों के छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम बनाने में राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति योजना की भूमिका को प्रदर्शित करती है। ट्यूशन और रखरखाव के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करके, यह योजना योग्य छात्रों को आर्थिक बाधाओं को दूर करने, उनके क्षितिज को व्यापक बनाने और पेशेवर विकास की दिशा में मार्ग बनाने में मदद करती है। उनका अनुभव दर्शाता है कि कैसे सरकारी समर्थन, परिवार प्रोत्साहन और व्यक्तिगत दृढ़ संकल्प शैक्षिक आकांक्षाओं को मूर्त अवसरों में बदलने के लिए सक्षम बना सकते हैं।

उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने डॉ. एनटीआर विश्वविद्यालय के रूबी जयंती समारोह में कहा, चिकित्सा अनुसंधान का उपयोग मानवता की स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के समाधान के लिए होना चाहिए
उपराष्ट्रपति ने डॉ. एनटीआर को भारत का महान व्यक्तित्व और क्षेत्रीय सीमाओं से परे सोचने वाला नेता बताया
उपराष्ट्रपति ने कहा, प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल मानवता की सेवा के लिए होना चाहिएय कहा, स्वास्थ्य सेवा का मूल आधार करुणा
श्री राधाकृष्णन ने डॉक्टरों को समाज में मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध अभियान का नेतृत्व करने का आह्वान किया

नई दिल्ली, 26 अक्तूबर, अभीतक: उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने आज आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में डॉ. एनटीआर स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के 40वें वर्षगांठ (रूबी जयंती) समारोह को संबोधित करते हुए चिकित्सा संस्थानों से बेहतर अनुसंधान, नवाचार को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी गंभीर चुनौतियों के उपाय विकसित करने का आह्वान किया। उपराष्ट्रपति ने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में चार दशक पूर्ण करने पर विश्वविद्यालय को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह संस्थान आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और महान नेता डॉ. नंदमुरी तारक राम राव की दूरदर्शिता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि डॉ. एनटीआर की दूरदृष्टि और जनसेवा क्षेत्रीय सीमाओं से व्यापक और राष्ट्र कल्याण की प्रतिबद्धता से भरी थी। उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 2014 से पहले की अपेक्षा 387 से बढ़कर अब 846 हो गई है, जो दोगुने से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि एमबीबीएस की सीटें 172 प्रतिशत बढ़कर लगभग 51 हजार से एक लाख चालीस हजार से अधिक हो गई हैं, जबकि स्नातकोत्तर सीटें 177 प्रतिशत बढ़कर लगभग 31 हजार से 86 हजार से अधिक पहुंच गई हैं। उपराष्ट्रपति ने अनुसंधान और नवाचार को अगला पड़ाव बताते हुए प्रतिभाशाली छात्रों से मौजूदा स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान के लिए स्वयं को समर्पित करने को कहा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि डॉ. एनटीआर स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ता चिकित्सा विज्ञान में अपने योगदान द्वारा नोबेल पुरस्कार सहित वैश्विक पहचान हासलि करेंगे। श्री सीपी राधाकृष्णन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल स्वास्थ्य, टेलीमेडिसिन और उन्नत निदान तकनीकों द्वारा स्वास्थ्य सेवा में आ रहे बदलावों को देखते हुए, विश्वविद्यालय को अग्रणी विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग स्थापित करने को कहा जिससे छात्रों और अनुसंधानकर्ताओं को उन्नत अनुसंधान और उभरती प्रौद्योगिकियों की अधिक जानकारी मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीकी प्रगति- वैज्ञानिक प्रमाणीकरण, रोगी सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और नैतिक दायित्व द्वारा निर्देशित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉक्टर-मरीज के सम्बंधों में निहित करुणा और मानवीय जुड़ाव का स्थान तकनीक नहीं ले सकती। उपराष्ट्रपति ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य पेशेवरों से नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध जागरुकता उत्पन्न करने में सक्रिय भूमिका निभाने को कहा। उन्होंने नशीले पदार्थों के विरुद्ध अभियान को सामूहिक दायित्व बताते हुए, चिकित्सा जगत से नशामुक्त समाज के निर्माण प्रयासों में नेतृत्व प्रदान करने का आह्वान किया। उपराष्ट्रपति ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के साथ मादक पदार्थों का त्याग करने और नशामुक्त समाज को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। विश्वविद्यालय के 40 वर्षों के स्मरणोत्सव के उपलक्ष्य में उन्होंने एक स्मृति चिन्ह भी जारी किया। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के राज्यपाल और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री एस. अब्दुल नजीरय आंध्र प्रदेश सरकार के आवास, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्री कोलुसु पार्थसारथीय विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी. चंद्रशेखरय राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के चिकित्सा मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. एम.के. रमेश और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इससे पहले, उपराष्ट्रपति के विजयवाड़ा हवाई अड्डे पर पहुंचने पर आंध्र प्रदेश के राज्यपाल श्री एस. अब्दुल नजीर और आंध्र प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री नारा लोकेश और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

प्रधानमंत्री 27 अक्टूबर को इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव 2026 का उद्घाटन करेंगे
तीन दिवसीय इस सम्मेलन में प्रमुख वैज्ञानिक, नीति-निर्माता और वैश्विक विशेषज्ञ एक साथ आएंगे, जो उभरती प्रौद्योगिकियों और नवाचार की प्राथमिकताओं पर चर्चा करेंगे
इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ईएसटीआईसी) में 12 विषयगत क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक्नोलॉजी, एडवांस्ड मैटेरियल्स, मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, ऊर्जा, जलवायु और महासागर विज्ञान शामिल हैं
ग्लोबल कनेक्ट नेटवर्किंग इवेंट की एक नई पहल के तहत 300 से अधिक प्रतिभागी एक साथ आएंगे, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान साझेदारियों और उद्योग-शिक्षा जगत के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है

नई दिल्ली, 26 अक्तूबर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 27 अक्टूबर 2026 को शाम 5ः30 बजे नई दिल्ली के भारत मंडपम में इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव 2026 का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर वे सम्मेलन में मौजूद लोगों को संबोधित भी करेंगे। 27 से 29 अक्टूबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय कॉन्क्लेव में प्रमुख वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षाविद, नीति-निर्माता, उद्योग जगत के दिग्गज, स्टार्टअप और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ एक साथ आएंगे। वे उभरती हुई तकनीकों तथा भारत की विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार से जुड़ी प्राथमिकताओं पर चर्चा करेंगे। इस दौरान 12 अलग-अलग विषयों पर विचार-विमर्श होगा, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक्नोलॉजी, एडवांस्ड मैटेरियल्स, विनिर्माण, हेल्थकेयर, ऊर्जा, जलवायु और महासागर विज्ञान शामिल हैं। चर्चा का मुख्य केंद्र अनुसंधान की प्राथमिकताएं, राष्ट्रीय क्षमताएं और वैज्ञानिक प्रगति को व्यावहारिक उपयोग में लाना होगा। इस कॉन्क्लेव में तकनीक और नवाचार की एक बड़ी प्रदर्शनी भी होगी, जिसमें देश की वैज्ञानिक उपलब्धियों और उभरती हुई तकनीकों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें लगभग 150 डीप-टेक स्टार्टअप के स्टॉल होंगे, जो तकनीकी विकास और विभिन्न क्षेत्रों में उनके संभावित उपयोगों को सामने लाएंगे। वैज्ञानिक विकास और उनके व्यावहारिक उपयोगों के बारे में लोगों की दिलचस्पी बढ़ाने के लिए, इस कॉन्क्लेव में थीम-आधारित वीडियो, तकनीकी प्रदर्शन, वृत्तचित्र, सूचना कियोस्क, और ऑगमेंटेड तथा वर्चुअल रियलिटी के अनुभव शामिल किए जाएंगे। ग्लोबल कनेक्ट नेटवर्किंग इवेंट नाम से की गई एक नई पहल के तहत, भारत और विदेशों के शिक्षा जगत, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग जगत से 300 से अधिक आमंत्रित प्रतिभागी एक साथ आएंगे। यह मंच अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान साझेदारियों, उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग, तथा नवाचारों को प्रयोगशालाओं से बाजार तक पहुँचाने के मार्गों पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करेगा।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर शुभकामनाएं दीं
प्रधानमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि की करुणा और रामायण की नींव पर प्रकाश डालते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

नई दिल्ली, 26 अक्तूबर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के नेक विचार भारतीय संस्कृति और विरासत के मूल तत्व रहे हैं, जो हर दौर में देश को पोषित और समृद्ध करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि मानवता के लिए उनके अनमोल संदेश हमेशा देशवासियों के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में काम करेंगे। श्री मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें महर्षि वाल्मीकि की असीम करुणा के बारे में बताया गया है, जिससे पहला श्लोक बना और रामायण की नींव रखी गई।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट की एक श्रृंखला साझा किया
आप सभी को महर्षि वाल्मीकि जयंती की असीम शुभकामनाएं। उनके सद्विचार भारतीय संस्कृति और विरासत के मूल तत्व रहे हैं, जो हर युग में राष्ट्र को पुष्पित-पल्लवित करते रहेंगे। मानवता के लिए उनके अनमोल संदेश देशवासियों के लिए सदैव पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे।

लोकसभा अध्यक्ष ने 12वें ठत्प्ब्ै संसदीय फोरम, 2026 का उद्घाटन कियाय जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों को सशक्त बनाने पर दिया जोर
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ठत्प्ब्ै देशों के संसदीय प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में ठत्प्ब्ै राष्ट्राध्यक्षों के सम्मेलन में संयुक्त वक्तव्य का सर्वसम्मति से स्वीकृत होना बड़ी उपलब्धि कृ लोकसभा अध्यक्ष
ठत्प्ब्ै की सफलता केवल चर्चाओं से नहीं, बल्कि उनसे उत्पन्न ठोस परिणामों से मापी जाएगी कृ लोकसभा अध्यक्ष
संसदें आपसी विश्वास मजबूत करने और वैश्विक चुनौतियों के शांतिपूर्ण समाधान में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं: लोकसभा अध्यक्ष
ग्लोबल साउथ की आवाज को ठोस नीतियों और व्यावहारिक सहयोग में बदलना आवश्यक: लोकसभा अध्यक्ष
युवाओं की आकांक्षाओं को समझें, उनकी प्रतिभा को राष्ट्र निर्माण से जोड़ें: ठत्प्ब्ै संसदों से लोकसभा अध्यक्ष का आह्वान
विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैंय सतत एवं समावेशी विश्व के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी: लोकसभा अध्यक्ष

नई दिल्ली, 26 अक्तूबर, अभीतक: लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने आज नई दिल्ली स्थित संसद भवन के ऐतिहासिक संविधान सदन में आयोजित 12वें ठत्प्ब्ै संसदीय फोरम, 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सदस्य एवं साझेदार देशों की संसदों से जन-केंद्रित विकास, वैश्विक शांति, सतत विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई गति देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संसदीय सहयोग के माध्यम से साझा चुनौतियों के समाधान विकसित करने और नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। ठत्प्ब्ै सदस्य एवं साझेदार देशों के संसदीय प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत करते हुए श्री बिरला ने कहा कि भारत में उनकी उपस्थिति संसदीय सहयोग, संवाद, पारस्परिक सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों में साझा विश्वास को प्रदर्शित करती है। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों की भौगोलिक, सांस्कृतिक, भाषाई और सामाजिक विविधताओं के बावजूद लोकतांत्रिक मूल्यों तथा मानवता के प्रति साझा जिम्मेदारी उन्हें एक सूत्र में बांधती है। श्री बिरला ने कहा कि ठत्प्ब्ै की वास्तविक शक्ति इस विविधता को साझा उद्देश्य और सामूहिक प्रगति में बदलने की क्षमता में निहित है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित ठत्प्ब्ै राष्ट्राध्यक्षों के सम्मेलन में संयुक्त वक्तव्य को सर्वसम्मति से स्वीकृति दिए जाने को महत्त्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए श्री बिरला ने सदस्य देशों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अब आवश्यकता इन प्रतिबद्धताओं को ठोस परिणामों में बदलने की है। कानून निर्माण, बजट, विचार-विमर्श और निगरानी के माध्यम से संसदें इन उद्देश्यों की प्राप्ति में महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। श्री बिरला ने कहा कि विश्व इस समय क्षेत्रीय संघर्षों, युद्ध, आर्थिक अस्थिरता, व्यापारिक तनाव, आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। इन चुनौतियों का प्रभाव किसी एक देश की सीमाओं तक सीमित नहीं रहता। ऐसे समय में संवाद, कूटनीति और आपसी सहयोग का महत्त्व और अधिक बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि संसदें आपसी समझ और विश्वास को मजबूत करने, अंतरराष्ट्रीय तनाव कम करने तथा वैश्विक चुनौतियों के शांतिपूर्ण समाधान में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। संसदीय कूटनीति के माध्यम से विभिन्न देशों के जनप्रतिनिधि अपने अनुभव साझा कर सकते हैं, साझा हितों की पहचान कर सकते हैं और परस्पर सहयोग के नए अवसर विकसित कर सकते हैं। श्री बिरला ने कहा कि ठत्प्ब्ै ग्लोबल साउथ की आवाज को सशक्त बनाने की आकांक्षा रखता है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए आवश्यक है कि साझा आकांक्षाएं केवल विमर्श तक सीमित न रहें, बल्कि ठोस नीतियों और व्यावहारिक सहयोग के रूप में सामने आएं। 12वें ठत्प्ब्ै संसदीय मंच, 2026 का विषय ‘जन-केंद्रित विकास हेतु संसदों को सुदृढ़ बनाना’ बताते हुए श्री बिरला ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में इस विषय का विशेष महत्त्व है। दो दिवसीय मंच के दौरान रेजिलिएंस (लचीलापन), इनोवेशन (नवाचार), कोऑपरेशन (सहयोग) और सस्टेनेबिलिटी (सततता) से जुड़े चार प्रमुख विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श होगा। उन्होंने कहा कि ठत्प्ब्ै देशों को ऐसी सुदृढ़ संसदीय संस्थाओं का निर्माण करना होगा, जो चुनौतियों के बीच विधायी निरंतरता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक निगरानी सुनिश्चित कर सकें। संसदें जीवंत संस्थाएं हैं और उन्हें जन-अपेक्षाओं के अनुरूप अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करते हुए संवाद, सहमति, पारदर्शिता तथा जवाबदेही की परंपराओं को और मजबूत करना चाहिए। संसदीय कार्यप्रणाली में नवाचार के महत्त्व पर जोर देते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि इनोवेशन का अर्थ लोकतांत्रिक संस्थाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी, सहभागी और जन-केंद्रित बनाने के लिए नए विचारों एवं कार्यपद्धतियों को विकसित करना है। संसदीय प्रक्रियाओं में सकारात्मक बदलाव और संस्थागत क्षमता का विकास नागरिकों की अपेक्षाओं को बेहतर ढंग से पूरा करने में सहायक हो सकता है।

आईएनएस त्रिशूल इटली के सिविटावेकिया शहर पहुंचा
नई दिल्ली, 26 अक्तूबर, अभीतक: भारतीय नौसेना का जहाज त्रिशूल भूमध्य सागर में अपनी चल रही परिचालन कार्यक्रम के दौरान 25 अक्टूबर 2026 को इटली के सिविटावेकिया पहुंचा। बंदरगाह में प्रवेश करने से पहले, जहाज ने इतालवी नौसेना के जहाज कार्लो मार्गोटिनी के साथ एक मार्ग अभ्यास (पासएक्स- पैसेज एक्सरसाइज) किया। इस अभ्यास में समन्वित युद्धाभ्यास, संचार प्रक्रियाएं, रसद आपूर्ति, डेक पर उतरना, कर्मियों का स्थानांतरण और जहाज पर चढ़ने के अभियान शामिल थे। पासएक्स ने सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान को सुगम बनाया और दोनों नौसेनाओं के बीच परिचालन तालमेल को बढ़ाया। बंदरगाह पर ठहरने के दौरान, पेशेवर बातचीत, सांस्कृतिक भ्रमण और आदान-प्रदान की योजना बनाई गई है। यह जहाज आगंतुकों के लिए भी खुला रहेगा। इससे उन्हें भारतीय नौसेना की समुद्री परंपराओं और क्षमताओं से परिचित होने का अवसर मिलेगा। बंदरगाह पर जहाजों का आना भारत और इटली के बीच स्थायी समुद्री साझेदारी को रेखांकित करता है और पेशेवर सम्बंधों और परिचालन सहयोग को बढ़ाने के लिए दोनों नौसेनाओं की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने विशेष अभियान 6 की प्रगति और कायाकल्प गतिविधियों की तैयारियों की समीक्षा की
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, स्वास्थ्य सुविधाओं में स्वच्छता और स्थायी सुधार का आह्वान किया
स्वास्थ्य मंत्रालय सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान 6 के अंतर्गत 27 अक्टूबर, 2026 को कायाकल्प गतिविधियों का आयोजन करेगा

नई दिल्ली, 26 अक्तूबर, अभीतक: केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने स्वच्छता को संस्थागत बनाने और सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करने के उद्देश्य से चल रहे विशेष अभियान 6 की प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में 27 अक्टूबर, 2026 को आयोजित एक दिवसीय कायाकल्प गतिविधियों की तैयारियों का भी आकलन किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलिला श्रीवास्तव की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आज कर्तव्य भवन-1, नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में केंद्र सरकार के अस्पतालों, केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसयू), केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के तहत अन्य कार्यालयों और इकाइयों सहित संस्थानों और संगठनों के प्रमुखों ने भाग लिया। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने स्वास्थ्य संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के दौरान कहा कि यह अभियान केवल प्रतीकात्मक गतिविधियों तक सीमित न रहे, बल्कि इसके माध्यम से स्वच्छता, साफ-सफाई, स्थान प्रबंधन और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के समग्र रखरखाव में स्पष्ट एवं प्रत्यक्ष सुधार सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाएं ऐसे स्थान हैं, जहां बड़ी संख्या में लोगों का निरंतर आना-जाना लगा रहता है। इसलिए, प्रभावी सेवा वितरण के लिए उचित स्वच्छता और साफ-सफाई अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और साफ-सफाई सुनिश्चित करना सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने तथा मरीजों और आगंतुकों के समग्र अनुभव को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने संस्थानों को 27 अक्टूबर, 2026 को निर्धारित कायाकल्प गतिविधियों में पूरे उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ भाग लेने तथा यह सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित किया कि किए गए सुधार स्पष्ट रूप से दिखाई दें और उनका सत्यापन किया जा सके, जिससे संस्थानों के परिसर के स्वरूप और आगंतुकों के अनुभव में उल्लेखनीय बदलाव आए। उन्होंने यह भी कहा कि शत-प्रतिशत चिन्हित स्वच्छता स्थलों को साफ कर दिया गया है, लगभग सभी लोक शिकायत अपीलों का समाधान किया गया है, और नीलामी और मंजूरी अभियान के माध्यम से लगभग 50 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है। चर्चा का एक मुख्य केंद्र स्वच्छता और स्वच्छता उपायों, कीट नियंत्रण, जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन, ई-कचरा निपटान और सार्वजनिक स्थानों के बेहतर रखरखाव के साथ-साथ रिड्यूस, रीयूज और रीसायकल के सिद्धांतों का प्रभावी कार्यान्वयन था। संस्थानों को ई-नीलामी के माध्यम से अप्रचलित अभिलेखों और सामग्रियों का निपटान करने के लिए प्रोत्साहित किया गया, ताकि उपयोग योग्य स्थान बनाया जा सके और जहां भी संभव हो, राजस्व अर्जित किया जा सके। बैठक में भाग लेने वाले संस्थानों को अभियान के हिस्से के रूप में शुरू की गई नवीन प्रथाओं के उदाहरण साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इनमें फेंकी गई सामग्री को प्लांट स्टैंड और भंडारण रैक जैसी कार्यात्मक वस्तुओं में पुनरू उपयोग करना, खराब फर्नीचर का नवीनीकरण करना, मूल्यवान स्थान खाली करने के लिए मेडिकल रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण करना, वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से हरित स्थानों का विकास करना और स्वास्थ्य सुविधाओं के समग्र वातावरण में सुधार के लिए गहन स्वच्छता और बागवानी पहल शामिल था। बैठक के दौरान कई संस्थानों द्वारा साझा की गई अन्य पहलों में अधिकृत नीलामी प्लेटफार्मों के माध्यम से लम्बित स्क्रैप का निपटान शामिल था, जिससे संस्थानों के लिए राजस्व अर्जित करने और उनके परिसर के भीतर अतिरिक्त उपयोग योग्य स्थान बनाने में मदद मिली। कुछ संस्थानों ने शिकायत समाधान में तेजी लाने और लंबित मामलों को कम करने के लिए डिजिटल शिकायत निवारण प्लेटफॉर्म और क्यूआर कोड-सक्षम फीडबैक तंत्र भी पेश किए। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि अभियान के प्रभाव का आकलन आगंतुकों और लाभार्थियों से प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया के माध्यम से भी किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थानों से अपनी पहलों का दस्तावेजीकरण करने, निर्दिष्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्धियों को साझा करने रोगियों, पेंशनभोगियों, कर्मचारियों और आगंतुकों के लिए एक स्वच्छ, सुलभ और स्वागत योग्य वातावरण सुनिश्चित करने का आह्वान किया। एम्स गुवाहाटी, एम्स ऋषिकेश, एम्स भुवनेश्वर, निमहांस बेंगलुरु, सीडीएससीओ अहमदाबाद, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, सफदरजंग अस्पताल और रिम्स इम्फाल सहित देश भर के 336 केंद्रीय स्वास्थ्य संस्थानों के प्रतिनिधियों ने समीक्षा बैठक में भाग लिया।
विशेष अभियान 6 और कायाकल्प गतिविधियों के बारे में
यह विशेष अभियान 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें स्वच्छता प्रथाओं को संस्थागत बनाने और सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय अभियान के हिस्से के रूप में, सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत बनाने के लिए एक दिवसीय पहल के रूप में 27 अक्टूबर, 2026 को स्वच्छता पर केंद्रित कायाकल्प गतिविधियों का आयोजन करेगा।

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने लोकनायक भवन परिसर और पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग के कार्यालयों में विशेष स्वच्छता अभियान की समीक्षा कीय ‘सफाई’ कर्मचारियों को सम्मानित किया
पुनः आवंटित स्थान पर पुस्तकालय और वाचनालय का उद्घाटन किया
स्वच्छता दैनिक कार्य संस्कृति का हिस्सा होना चाहिए: डॉ. जितेन्द्र सिंह
मंत्री ने नागरिक-केन्द्रित पेंशन सुधारों और पेंशनभोगियों के लिए जीवनयापन में सुगमता सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई

नई दिल्ली, 26 अक्तूबर, अभीतक: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय में केन्द्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष विभाग के राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने आज नई दिल्ली के खान मार्केट स्थित लोकनायक भवन में पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) का दौरा किया और वहां विशेष स्वच्छता अभियान 6 के अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छता दैनिक कार्य संस्कृति का अभिन्न अंग बने। साथ ही, उन्होंने नागरिक-केन्द्रित पेंशन प्रशासन और पेंशनभोगियों के लिए जीवनयापन में सुगमता बढ़ाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच पढ़ने, ज्ञान साझा करने तथा निरंतर सीखने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने के लिए डीओपीपीडब्ल्यू में नवनिर्मित पुस्तकालय और वाचनालय का उद्घाटन किया। उन्होंने कर्मचारियों और आगंतुकों को स्वच्छता अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्वच्छता थीम पर आधारित सेल्फी प्वाइंट का भी उद्घाटन किया। अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छता केवल एक बार किया जाने वाला कार्य नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर प्रक्रिया है, जिसके लिए कार्यालयों का नियमित रखरखाव, कचरे का समय पर निपटान और इलेक्ट्रॉनिक कबाड़ का जिम्मेदारीपूर्वक प्रबंधन आवश्यक है। उन्होंने विभाग से अभियान के तहत प्राप्त उपलब्धियों को बनाए रखने और पूरे वर्ष स्वच्छता संबंधी पहलों की गति बरकरार रखने का आग्रह किया। कबाड़ संग्रह केन्द्र के दौरे के दौरान डॉ. जितेन्द्र सिंह ने अभियान के तहत उत्पन्न इलेक्ट्रॉनिक कचरे सहित अन्य कबाड़ के संग्रह, पृथक्करण और निपटान की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अनुपयोगी सामग्री को हटाने, कार्यालय में उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग करने और कचरे के जिम्मेदारीपूर्वक निपटान को बढ़ावा देने के विभाग के प्रयासों की सराहना की। लोकनायक भवन की स्वच्छता एवं रखरखाव में जुटे कर्मचारियों के योगदान को मान्यता देते हुए मंत्री ने ‘सफाई’ कर्मचारियों को सम्मानित किया। उन्होंने कर्मचारियों को पर्यावरण अनुकूल बैग और स्वच्छता किट प्रदान किए तथा स्वच्छ कार्य वातावरण बनाए रखने में उनके प्रयासों की सराहना की। मंत्री ने स्वच्छता का संदेश सरकारी कार्यालयों से आगे बढ़ाकर व्यस्त सार्वजनिक स्थलों, विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्रों तक पहुंचाने का भी आह्वान किया। इसके लिए उन्होंने नई दिल्ली नगरपालिका परिषद जैसे स्थानीय निकायों के साथ समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने स्वच्छता को साझा नागरिक जिम्मेदारी बनाने के लिए सामूहिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. जितेन्द्र सिंह ने केन्द्र सरकार के पेंशनभोगियों से बातचीत की। पेंशनभोगियों ने डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र, केन्द्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (सीपीईएनजीआरएएमएस) और एकीकृत पेंशनभोगी पोर्टल के संबंध में अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। इस संवाद में पेंशनभोगियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए सुलभ डिजिटल सेवाओं और त्वरित शिकायत निवारण के महत्व को रेखांकित किया गया। पेंशन प्रशासन के प्रति सरकार की नागरिक-केन्द्रित और सुविधाजनक दृष्टिकोण की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मंत्री ने एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सूचनाओं और सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने पर जोर दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रशासनिक सुधारों का उद्देश्य पेंशनभोगियों के जीवनयापन में सुगमता के स्तर पर ठोस सुधार लाना होना चाहिए। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने वरिष्ठ नागरिकों और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता बरतने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अवसरों और सुविधाओं तक पहुंच की कमी से अक्सर लोगों की कमजोर स्थिति और गंभीर हो जाती है। उन्होंने समय पर सहायता, प्रभावी सुविधा उपलब्ध कराने और संवेदनशील एवं उत्तरदायी सार्वजनिक सेवाओं के महत्व को रेखांकित किया। दौरे के दौरान मंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत लोकनायक भवन परिसर में एक पौधा भी लगाया। इस अवसर पर उन्होंने कार्यस्थल की स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरणीय स्थिरता के महत्व को भी रेखांकित किया। पौधरोपण कार्यक्रम का समन्वय नई दिल्ली नगरपालिका परिषद के साथ किया गया। कार्यक्रम का समापन विभाग के सम्मेलन कक्ष में डीओपीपीडब्ल्यू के अधिकारियों, कर्मचारियों और पत्रकारों के साथ संवाद के साथ हुआ। मंत्री ने अभियान में कर्मचारियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना की और विभाग से पूरे वर्ष स्वच्छता संबंधी पहलों को जारी रखने का आग्रह किया।

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