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एशियन गेम्स 2026: हरियाणा के बेटे अमन सहरावत (झज्जर) ने दिलाया देश को स्वर्ण पदक
फ्री स्टाइल कुश्ती के 57 किलो भार वर्ग में जीता गोल्ड मेडल
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गोल्ड जीतने पर अमन सहरावत को दी बधाई और उज्जवल भविष्य की करी कामना


संस्कारम यूनिवर्सिटी में इंट्रा मूट कोर्ट प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाया कानूनी कौशल
दीपिका, चारू और शीतल की टीम रही विजेता, हिमांशी चुनी गई बेस्ट रिसर्चर
झज्जर, 03 अक्तूबर, अभीतक: संस्कारम यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज में आयोजित इंट्रा मूट कोर्ट प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपने उत्कृष्ट कानूनी शोध, तार्किक क्षमता और प्रभावी वकालत कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में दीपिका, चारू और शीतल की टीम ने विजेता का खिताब हासिल किया, जबकि लोकेश, भावना और हिमांशी की टीम उपविजेता रही। हिमांशी को उत्कृष्ट कानूनी शोध के लिए सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता (बेस्ट रिसर्चर) के सम्मान से नवाजा गया। विजेता टीम, उपविजेता टीम और सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता को स्कूल ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज की मूट कोर्ट कमेटी द्वारा नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। जानकारी के अनुसार स्कूल ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज की मूट कोर्ट कमेटी द्वारा 30 सितंबर से 01 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को न्यायालयीन प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ उनके कानूनी शोध, विश्लेषणात्मक सोच, तर्क-वितर्क, प्रत्युत्तर क्षमता एवं प्रभावी प्रस्तुतीकरण कौशल को विकसित करना रहा।
प्रतियोगिता का विषय डिजिटल युग में अज्ञात बाल पीड़ितों की सुरक्षा : आयु निर्धारण और सीएसईएम अभियोजन के लिए कानूनी मानदंड रखा गया। विषय की संवेदनशीलता और समसामयिक प्रासंगिकता को देखते हुए विद्यार्थियों ने संबंधित कानूनी प्रावधानों, न्यायिक दृष्टांतों एवं विभिन्न कानूनी पहलुओं का गहन अध्ययन किया। प्रतिभागियों ने मूट कोर्ट की कार्यवाही के दौरान अपने पक्ष को ठोस कानूनी तर्कों के साथ प्रस्तुत किया और प्रतिपक्ष के प्रश्नों एवं तर्कों का प्रभावी ढंग से जवाब दिया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। प्रतिभागियों ने अधिवक्ताओं की भूमिका निभाते हुए निर्धारित मूट समस्या पर विस्तृत शोध किया और न्यायालयीन वातावरण में अपने तर्क प्रस्तुत किए। इस दौरान विद्यार्थियों को अपने कानूनी ज्ञान को व्यावहारिक परिस्थितियों में लागू करने, तथ्य एवं कानून के बीच संबंध स्थापित करने तथा सीमित समय में प्रभावी प्रस्तुतीकरण करने का अवसर मिला। प्रतियोगिता के प्रथम चरण में डॉ. शाम्भवी तिवारी, डॉ. संदीप लाल, अधिवक्ता ललित अजमानी एवं रचित चैधरी ने बतौर निर्णायक भूमिका निभाई। अंतिम चरण में प्रोफेसर डॉ. कैलाश कुमार, प्रोफेसर डॉ. सुशील कुमार शर्मा एवं सुश्री अवनिका शर्मा निर्णायक मंडल में शामिल रहे। प्रतियोगिता के दौरान निर्णायकों ने विद्यार्थियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन कानूनी शोध, तथ्यों एवं कानून की समझ, तर्कों की स्पष्टता, प्रस्तुतीकरण शैली, प्रत्युत्तर क्षमता तथा समग्र वकालत कौशल के आधार पर किया। विशेषज्ञ निर्णायकों से प्राप्त मार्गदर्शन और प्रतिक्रिया ने विद्यार्थियों को अपने कानूनी दृष्टिकोण एवं पेशेवर कौशल को और बेहतर करने का अवसर प्रदान किया। इस अवसर पर स्कूल ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज के डीन प्रो. डॉ. सुशील कुमार शर्मा ने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं कानून के विद्यार्थियों के लिए कक्षा में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक न्यायालयीन परिस्थितियों में लागू करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, तार्किक चिंतन, कानूनी शोध क्षमता, पेशेवर आचरण एवं न्यायालयीन कौशल विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कृषि मेले में संस्कारम विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने जाना खेती का आधुनिक स्वरूप
भ्रमण से विद्यार्थियों को मिला आधुनिक कृषि तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान
झज्जर, 03 अक्तूबर, अभीतक: संस्कारम विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के विद्यार्थियों ने 1 अक्टूबर 2026 को चैधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार में आयोजित कृषि मेला (रबी) 2026 का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में हो रहे नवीनतम तकनीकी विकास, आधुनिक कृषि पद्धतियों और वैज्ञानिक नवाचारों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना रहा। कृषि मेले के दौरान विद्यार्थियों ने उन्नत कृषि तकनीकों, विभिन्न फसलों के प्रदर्शन, आधुनिक कृषि मशीनरी एवं कृषि उपकरणों, उन्नत बीज किस्मों, उर्वरकों तथा पौध संरक्षण तकनीकों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने कृषि विशेषज्ञों एवं प्रदर्शनी में शामिल विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों से संवाद कर आधुनिक खेती की तकनीकों और उनके व्यावहारिक उपयोग के बारे में जानकारी प्राप्त की। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विशेष रूप से फसल विविधीकरण, कपास उत्पादन, जल संसाधन संरक्षण तथा आधुनिक कृषि पद्धतियों के बारे में जानकारी हासिल की। कृषि मेले में कृषि-औद्योगिक प्रदर्शनी, कृषि मशीनरी एवं आधुनिक तकनीकों के प्रदर्शन, उन्नत बीज एवं कृषि निवेशों की प्रदर्शनी तथा विभिन्न फसलों के प्रदर्शन विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। साथ ही वैज्ञानिकों एवं किसानों के साथ संवाद ने विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों और संभावनाओं को समझने का अवसर प्रदान किया। मेले में मिट्टी, सिंचाई जल एवं रोगग्रस्त पौधों की वैज्ञानिक जांच जैसी सुविधाओं के बारे में भी विद्यार्थियों ने जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर डॉ. कुणाल ने जानकारी देते हुए बताया कि कृषि मेले का यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक कृषि परिस्थितियों से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर रहा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, कृषि मशीनरी, फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को प्रत्यक्ष रूप से देखा। उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा में व्यावहारिक अनुभव विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ उन्हें कृषि क्षेत्र में नवाचार और वैज्ञानिक सोच के लिए प्रेरित करता है। कृषि मेले में शामिल विद्यार्थियों ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह भ्रमण उनके लिए ज्ञानवर्धक और व्यावहारिक रूप से बेहद उपयोगी रहा। उन्होंने बताया कि कक्षा में कृषि तकनीकों के बारे में पढ़ने के बाद उन्हें इन तकनीकों को वास्तविक रूप में देखने और विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। इस अवसर पर स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर की ओर से डॉ. धर्मेंद्र सिंह, डॉ. कुणाल नरवाल, डॉ. आकांक्षा शर्मा एवं डॉ. आकांक्षा विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहे। संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रदर्शनों और तकनीकी गतिविधियों को समझने में मार्गदर्शन प्रदान किया।


एशियन गेम्स में हरियाणा के खिलाड़ियों की स्वर्णिम चमक, देश को दिलाया गौरव : डॉ. अरविंद शर्मा
कैबिनेट मंत्री ने स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को दी बधाई, बोले—हरियाणा की खेल नीति और खिलाड़ियों की मेहनत का दुनिया देख रही परिणाम
परवीन, अंकुश, सुजीत और कीर्ति ने जीता गोल्ड, शूटिंग व कबड्डी में भी हरियाणा के खिलाड़ियों का शानदार योगदान
झज्जर, 03 अक्तूबर, अभीतक: प्रदेश के सहकारिता, कारागार, पर्यटन, विरासत एवं निर्वाचन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने एशियन गेम्स-2026 में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाने वाले हरियाणा के खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश की माटी के खिलाड़ियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि हरियाणा देश की खेल शक्ति है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा सबसे ऊपर पहुंचाने वाले खिलाड़ियों की उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि रोहतक की परवीन हुड्डा, हिसार के अंकुश पंघाल, चरखी दादरी के सुजीत कलकल और जींद की कीर्ति शर्मा, जिला झज्जर के बेटे अमन सहरावत ने स्वर्ण पदक और दीक्षा डागर ने रजत पदक जीतकर हरियाणा का नाम रोशन किया है। मुक्केबाजी के रिंग से लेकर कुश्ती के अखाड़े और तीरंदाजी के मैदान तक हरियाणा के खिलाड़ियों की स्वर्णिम चमक दिखाई दी है। उन्होंने कहा कि निशानेबाजी में भी हरियाणा के खिलाड़ियों ने देश का मान बढ़ाया है। रेवाड़ी के कमलजीत और झज्जर की सुरुचि ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया। इसी प्रकार स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष कबड्डी टीम में हरियाणा के आठ खिलाड़ियों की भागीदारी अपने आप में प्रदेश की मजबूत खेल संस्कृति का प्रमाण है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल और खिलाड़ियों को लेकर माहौल बदला है। वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन उपलब्ध करवाने के लिए लगातार काम कर रही है। प्रदेश की खेल नीति का उद्देश्य गांव की प्रतिभा को अवसर देकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना है डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि हरियाणा के गांवों और सामान्य परिवारों से निकलकर हमारे बेटे-बेटियां जब एशियन गेम्स के मंच पर तिरंगा सबसे ऊपर ले जाते हैं तो यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण होता है। हमारे खिलाड़ियों की मेहनत, परिवारों का त्याग और प्रदेश में बनी मजबूत खेल संस्कृति इस सफलता की असली ताकत है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मान और प्रोत्साहन देने के साथ नई पीढ़ी को खेलों से जोड़ने पर विशेष जोर दे रही है। खिलाड़ियों की ये उपलब्धियां प्रदेश के हजारों युवाओं को मैदान में उतरने और देश के लिए पदक जीतने की प्रेरणा देंगी। डॉ. अरविंद शर्मा ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों, उनके प्रशिक्षकों और परिजनों को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि आने वाले मुकाबलों में भी हरियाणा के खिलाड़ी देश की झोली में और पदक डालकर प्रदेश का गौरव बढ़ाएंगे।
सब्जी मंडी में कारोबार करने के एवज में 10 हजार रुपये मासिक रिश्वत मांगने वाला मार्केट कमेटी का सहायक सचिव गिरफ्तार
सब्जी विक्रेता से हर महीने रिश्वत की कर रहा था मांग, एसीबी ने रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा
गुरुग्राम, 03 अक्तूबर, अभीतक: भ्रष्टाचार के खिलाफ हरियाणा सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुग्राम में बड़ी कार्रवाई करते हुए मार्केट कमेटी के सहायक सचिव सुखबीर सिंह को 10,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक सब्जी विक्रेता को मंडी में सब्जियां बेचने देने के एवज में हर महीने 10,000 रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है।
मंडी में सब्जियां बेचने देने के बदले मांगी थी मासिक रिश्वत
शिकायतकर्ता ने बताया कि वह सब्जी विक्रेता है। शिकायत के अनुसार, गुरुग्राम मार्केट कमेटी में सहायक सचिव के पद पर तैनात सुखबीर सिंह द्वारा उसे मंडी में सब्जियां बेचने देने के एवज में हर महीने 10,000 रुपये रिश्वत देने की मांग की जा रही थी। शिकायत प्राप्त होने के बाद एसीबी ने मामले का नियमानुसार सत्यापन किया और इसके बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। कार्रवाई के दौरान एसीबी की टीम ने आरोपी सुखबीर सिंह को शिकायतकर्ता से 10,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
यह ट्रैप कार्रवाई राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम की टीम द्वारा की गई। कार्रवाई के दौरान राजपत्रित अधिकारी के रूप में श्री आनंद, एस्टेट मैनेजर, हाउसिंग बोर्ड विंग, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी), गुरुग्राम मौजूद रहे। आरोपी के खिलाफ अभियोग संख्या 42, दिनांक 3 अक्टूबर 2026, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2) के तहत थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम में मामला दर्ज किया गया है।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 105 के तहत प्रक्रिया का पालन
एसीबी द्वारा की गई इस ट्रैप कार्रवाई में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 105 के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया है। मामले में आगामी जांच नियमानुसार अमल में लाई जाएगी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की सख्त कार्रवाई
हरियाणा सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एसीबी द्वारा रिश्वतखोरी में संलिप्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। एसीबी ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत एसीबी को दें।भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 अथवा 1800-180-2022 पर दी जा सकती है। इसके अतिरिक्त, व्हाट्सऐप हेल्पलाइन नंबर 94178-91064 पर भी शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है।
श्रीमद्भागवत कथा से व्यक्ति के जीवन में आता है सकारात्मक बदलावः त्रिलोक चंद गोयल
भिवानी, 03 अक्तूबर, अभीतक: श्रीमती मनोहरी देवी मैमोरियल ट्रस्ट एवं लिटिल हार्ट्स ग्रुप ऑफ स्कूल, भिवानी द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ कथा का समापन व्यास पूजा एवं सम्मान समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कथा आयोजक एवं शिक्षाविद् त्रिलोक चंद गोयल ने की। समापन अवसर पर भागवत मर्मज्ञ तेजभूषण शास्त्री का श्रद्धापूर्वक सम्मान किया गया। इस दौरान श्रीमद्भागवत कथा के संयोजक डॉ. संजय गोयल, सीमा गोयल, पवन गोयल, भावना गोयल एवं परिजनों ने कथा व्यास का सम्मान किया। समापन समारोह को संबोधित करते हुए कथा आयोजक एवं शिक्षाविद् त्रिलोक चंद गोयल ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का मानव जीवन में विशेष महत्व है। कथा का आयोजन करवाने वाले व्यक्ति को जितना आध्यात्मिक लाभ मिलता है, उससे कहीं अधिक लाभ कथा को श्रद्धा और एकाग्रता से सुनने वाले श्रद्धालुओं को प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि सात दिनों तक कथा व्यास द्वारा श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों एवं आध्यात्मिक विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। इन प्रसंगों में जीवन को सही दिशा देने, संस्कारों को मजबूत करने तथा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश निहित है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि मानव जीवन को बेहतर बनाने का मार्गदर्शन भी प्रदान करती है। कथा के माध्यम से व्यक्ति को अपने कर्म, व्यवहार, संस्कार एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर शिक्षाविद् त्रिलोकचंद गोयल, सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा आयोजक डॉ. संजय गोयल, डॉ. पवन गोयल, भावना गोयल, सीमा गोयल, सतीश गोयल, आनंद गोयल, राहुल गोयल, निश्चल गोयल, ऐश्वर्या, मेघा, मुस्कान, साक्षी, श्री राम जी, संचित कुमार, विनय कुमार, अमित कुमार, समाजसेवी नंद किशोर अग्रवाल, समाजसेवी नरेश ढिगावा, देवराज तोशामिया, डॉ. बुद्ध देव आर्य, प्रवीण विशाल, सुरेश तेलवाला, समाजसेवी अशोक कुमार भारद्वाज, निदेशक रवि कुमार, श्याम सुंदर शर्मा, सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।




राजस्थान में पंचायत चुनाव का ऐलान
राज्य निर्वाचन आयोग 4 चरणों में कराएगा चुनाव
8 अक्टूबर को जारी होगी पंचायत चुनाव की लोक सूचना
13 अक्टूबर नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख
सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक दाखिल होंगे नामांकन फॉर्म
14 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की समीक्षा
15 अक्टूबर को नाम वापस लेने की अंतिम तारीख
पंचायत समिति सदस्यों के लिए पहले चरण की अधिसूचना 8 अक्टूबर को
दूसरे चरण की अधिसूचना 13 अक्टूबर को जारी होगी
तीसरे चरण की अधिसूचना 19 अक्टूबर को जारी होगी
चौथे चरण की अधिसूचना 21 अक्टूबर को जारी होगी
पहले चरण की वोटिंग 13 अक्टूबर को
दूसरे चरण की वोटिंग 16 अक्टूबर को
तीसरे चरण की वोटिंग 23 अक्टूबर को
41 जिला परिषद और 457 पंचायत समितियों के चुनाव होंगे
14,403 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंचों के चुनाव होंगे
1,403 जिला परिषद सदस्य और 8,245 पंचायत समिति सदस्य चुने जाएंगे
41 जिला प्रमुख और 457 प्रधान चुने जाएंगे
सरपंच और वार्ड पंच का चुनाव बैलेट पेपर से होगा, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव EVM से होंगे
पंचायतीराज संस्थाओं में महिलाओं को 50% आरक्षण
कुल वोटरों में 51.82% पुरुष और 48.18% महिला मतदाता
जयपुर में सबसे ज्यादा 18.99 लाख वोटर, जैसलमेर में सबसे कम 4.36 लाख
कोटा, श्रीगंगानगर, बारां और करौली में जिला प्रमुख और प्रधानों के चुनाव 22 दिसंबर को होंगे
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता लागू
प्रधानमंत्री ने 2 मिनट में सब की टेंशन दूर की
प्रधानमंत्री का उलहाना हरियाणा वालों तुमने राम-राम क्यों नहीं की
प्रधानमंत्री मोदी की विधायकों के साथ की जीरो ग्राउंड रिपोर्ट
मीटिंग से पहले मुख्यमंत्री नायब सनी टेंशन में थे
मीटिंग से पहले सभी मंत्री टेंशन में थे
मीटिंग से पहले सारे विधायक टैंशन में थे
प्रधानमंत्री के साथ विधायकों की एक घंटा हुई मुलाकात प्रधानमंत्री ने हंसी मजाक में सबसे बात की
प्रधानमंत्री ने कहा इस मीटिंग के बारे में मीडिया में बहुत सारी नेगेटिव चीज चल रही है 3 दिन से
प्रधानमंत्री ने उलहाना दिया हरियाणा वालों तुमने राम-राम क्यों नहीं की
प्रधानमंत्री ने कहा टेंशन मत लो मैंने सिर्फ आपको परिचय के लिए बुलाया है
सबसे पहले प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता बोली
उनके बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी बोले
उनके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीन नबीन बोले
सबसे अंत में प्रधानमंत्री ने बातचीत की
प्रधानमंत्री ने एक-एक विधायक का परिचय लिया
प्रधानमंत्री में विधायकों के साथ बातचीत में पुराने भाजपा नेताओं का हाल भी जाना
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती पर जोर दें
कम से कम हर किसान को एक एकड़ प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रोत्साहित करो
हरियाणा का इंपैक्ट पूरे देश में पड़ता है इसलिए हरियाणा को सबसे आगे रखो……
बैठक में प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी, सह प्रभारी भोला सिंह और प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा भी मौजूद थे


सेवा संकल्प अभियान: नमो सेवा अनकही कहानियां के तहत झज्जर जिला में 4 व 5 अक्टूबर को होंगे नुक्कड़ नाटक
प्रचार टीम नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जनकल्याणकारी योजनाओं की देगी जानकारी
झज्जर, 03 अक्तूबर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के तहत डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’ मॉडयूल के तहत झज्जर जिला में आगामी 4 व 5 अक्टूबर को विभिन्न गांवों, शिक्षण संस्थानों और महाविद्यालयों में नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रचार टीमों द्वारा आमजन को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं जनहित से जुड़ी सेवाओं की जानकारी दी जाएगी।
4-5 अक्टूबर को इन स्थानों पर होंगे कार्यक्रम
रविवार, 4 अक्टूबर को गांव डाबोदा खुर्द, बुपनिया, मांडोठी, नूना माजरा, छुडानी, जहांगीरपुर, सिलानी केशो, खुड्डन, कुलाना, दुजाना, डीघल तथा दूबलधन बिधयान में नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जाएंगे। वहीं सोमवार, 5 अक्टूबर को राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बहादुरगढ़, राजकीय महिला महाविद्यालय बहादुरगढ़, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लडरावण, राजकीय आईटीआई आसौदा टोडरान, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय माछरौली, नेहरू पीजी कॉलेज झज्जर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बेरी, राजकीय कॉलेज दुजाना तथा गांव गुभाना, रोहद, खेड़ी खुम्मार व बिरधाना में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रवक्ता ने बताया कि नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रचार टीम द्वारा आमजन को सरल एवं रोचक तरीके से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, सरकारी सेवाओं तथा जनहितकारी पहलों की जानकारी दी जाएगी। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाकर उन्हें सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक करना है।
सोनीपत: सोनीपत में दिल्ली पुलिस की छापेमारी
सोनीपत के सेक्टर 12 में ऑरो प्लांट से 2 लाख के नकली नोट बरामद
दिल्ली पुलिस ने छापेमारी के दौरान मिले 2 लाख के नकली नोट
क्पन रोहिणी पुलिस की टीम ने जाल बिछाकर की छापेमारी
दिल्ली में तीनों आरोपियों को पुलिस ने किया था गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने तीनों आरोपियों से भारी मात्रा में नकली नोट छापने का सामान भी किया बरामद
पूरे मामले में दिल्ली पुलिस कर रही है मामले की जांच


सेवा की कहानी: गांव कलोई में साकार हो रहा युवाओं का सपना, अटल लाइब्रेरी बन रही सफलता की राह
कभी शहर की ओर देखना पड़ता था, अब गांव में ही मिल रही सपनों को उड़ान
झज्जर, 03 अक्तूबर, अभीतक: हर गांव में कुछ ऐसे सपने होते हैं, जिन्हें पूरा करने की चाह तो होती है, लेकिन संसाधनों की कमी कई बार उन सपनों की राह रोक देती है। कोई युवा सरकारी नौकरी का सपना देखता है, कोई प्रतियोगी परीक्षा पास कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बदलना चाहता है, तो कोई बेटी अपने गांव से ही आगे बढ़कर अपने माता-पिता का नाम रोशन करना चाहती है। गांव कलोई में स्थापित अटल लाइब्रेरी ऐसे ही सपनों को पूरा करने की दिशा में एक मजबूत आधार बन रही है। जहां कभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को करीब 7 किलोमीटर दूर झज्जर या अन्य शहरों का रुख करना पड़ता था, वहीं अब पढ़ाई के बेहतर संसाधन उनके अपने गांव में उपलब्ध हैं। अटल लाइब्रेरी ने युवाओं के लिए न केवल किताबों का दरवाजा खोला है, बल्कि उनके सपनों और संभावनाओं के लिए भी नई राह तैयार की है।
किताबों के साथ मिला विश्वास, गांव में ही तैयार हो रहा भविष्य
गांव कलोई की आबादी लगभग 2,666 है और साक्षरता दर 82.95 प्रतिशत है। गांव में प्रतिभा और मेहनत की कमी नहीं थी, लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपयुक्त वातावरण और अध्ययन संसाधनों का अभाव जरूर था। शहर जाकर पढ़ाई करने में आने-जाने का समय, आर्थिक खर्च और अन्य व्यावहारिक परेशानियां युवाओं के सामने चुनौती बनी रहती थीं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह चुनौती और बड़ी थी। कई बार प्रतिभाशाली युवा केवल संसाधनों के अभाव में अपनी तैयारी को उस स्तर तक नहीं ले जा पाते थे, जिसकी उन्हें जरूरत थी। अटल लाइब्रेरी ने इसी चुनौती को अवसर में बदलने का काम किया है।
गांव की बेटियों के सपनों को भी मिली नई राह
इस पहल का सबसे भावनात्मक पक्ष गांव की बेटियों के लिए पैदा हुआ अवसर है। दूर शहरों में जाकर पढ़ाई करना हर परिवार के लिए सहज नहीं होता था। सुरक्षा, आने-जाने और सामाजिक परिस्थितियों के कारण कई बेटियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अवसर सीमित हो जाते थे।
एक भवन बदला, तो बदल गई पढ़ाई की तस्वीर
विकास एवं पंचायत विभाग, हरियाणा सरकार के अंतर्गत वर्ष 2025 में गांव कलोई के सामुदायिक केंद्र के साथ निर्मित भवन में अटल लाइब्रेरी की स्थापना की गई। योजना की विशेषता यह रही कि उपलब्ध भवन एवं संसाधनों का उपयोग करते हुए उसे आधुनिक अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित किया गया। लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पुस्तकें एवं अध्ययन सामग्री, विद्यार्थियों के लिए फर्नीचर और बैठने की व्यवस्था तथा वातानुकूलित अध्ययन कक्ष उपलब्ध कराया गया है। इस सुविधा ने एक साधारण भवन को ऐसे स्थान में बदल दिया है, जहां प्रतिदिन युवा अपनी किताबें खोलकर अपने भविष्य की तैयारी कर रहे हैं। किसी के हाथ में सरकारी नौकरी की तैयारी की पुस्तक है, तो किसी की आंखों में अपने परिवार के बेहतर भविष्य का सपनाकृऔर इन सपनों को दिशा देने के लिए अब गांव में ही एक स्थान मौजूद है।
सामुदायिक भागीदारी से मजबूत हो रही सफलता की नींव
अटल लाइब्रेरी के संचालन और व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए प्रबंधन समिति का गठन किया गया है। इसमें सरपंच, ग्राम सचिव, स्थानीय शिक्षाविदों और युवा प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। पुस्तकालय के रखरखाव, अनुशासन और विद्यार्थियों से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी में ग्रामीणों की भागीदारी यह दर्शाती है कि यह सुविधा केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि गांव की सामूहिक जिम्मेदारी और उम्मीद का केंद्र भी बन रही है।
अटल लाइब्रेरी बनी ‘गांव से सफलता तक का रास्ता
हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश की ग्राम पंचायतों में अटल ई-लाइब्रेरी स्थापित करने की योजना ग्रामीण युवाओं को उनके घर के नजदीक अध्ययन की सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम है। प्रदेश में अब तक 22 जिलों में 996 अटल पुस्तकालय स्थापित किए जा चुके हैं। गांव कलोई की अटल लाइब्रेरी इसी बदलाव की एक जीवंत तस्वीर है। ग्रामीणों को दिखाई दे रही बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीद
आज कलोई का युवा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए शहर जाने की मजबूरी से आगे बढ़कर अपने ही गांव में बैठकर अपने भविष्य की नींव रख रहा है। गांव की बेटियां भी अपने सपनों को सुरक्षित वातावरण में आकार दे रही हैं और परिवारों को अपने बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीद दिखाई दे रही है।अटल लाइब्रेरी कलोई में एक पुस्तकालय से कहीं बढ़कर है यह उन आंखों में उम्मीद जगा रही है, जो अपने गांव से निकलकर सफलता की नई कहानी लिखने का सपना देखती हैं। यह उस बदलाव की शुरुआत है, जहां गांव की प्रतिभा को आगे बढ़ने के लिए गांव छोड़ना जरूरी नहीं, बल्कि गांव में ही अवसर मिलना संभव है।



कम पैसों में स्कूटी दिलाने का झांसा देकर 3.37 लाख रुपये की साइबर ठगी
साइबर क्राइम झज्जर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो सगे भाइयों को किया गिरफ्तार
झज्जर, 03 अक्तूबर, अभीतक: पुलिस उपायुक्त मुख्यालय झज्जर फैसल खान के दिशा-निर्देशन में साइबर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए साइबर क्राइम थाना झज्जर पुलिस ने स्कूटी खरीदने के नाम पर हुई साइबर ठगी के मामले में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।थाना प्रबंधक साइबर क्राइम झज्जर निरीक्षक दर्शन सिंह ने बताया कि बादली निवासी एक व्यक्ति स्कूटी खरीदना चाहता था। इसी दौरान उसके पास एक मोबाइल नंबर से व्हाट्सऐप के माध्यम से संपर्क किया गया और उसे कम कीमत में स्कूटी दिलाने का लालच दिया गया। आरोपी की बातों में आकर पीड़ित ने 24 जून 2026 को आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खाते में करीब 77 हजार रुपये जमा कर दिए।इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग बहाने बनाकर पीड़ित को अपनी बातों में लिया और उससे विभिन्न बैंक खातों में करीब 3 लाख 37 हजार रुपये और जमा करवा लिए। बाद में पीड़ित को अपने साथ हुई साइबर ठगी का पता चला, जिस पर उसने साइबर क्राइम थाना झज्जर में 28 सितंबर 2026 को शिकायत दर्ज करवाई।शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मुख्य सिपाही विकास कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मामले में संलिप्त दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास और मोहित, निवासी पेलक, जिला पलवल के रूप में हुई है।प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी कंपनियों में काम करते थे और अधिक पैसे कमाने के लालच में उन्होंने साइबर ठगी की वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद आरोपी विकास ने कंपनी छोड़ दी थी। पुलिस के अनुसार, सबूत मिटाने के उद्देश्य से उसने मोबाइल नंबर की सिम तथा बैंक की पासबुक को फाड़कर फेंक दिया था।पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उन्हें अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
थाना प्रबंधक की आमजन से अपील:- थाना प्रबंधक साइबर क्राइम झज्जर निरीक्षक दर्शन सिंह ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि सोशल मीडिया या व्हाट्सऐप के माध्यम से कम कीमत पर वाहन, सामान अथवा अन्य किसी वस्तु का लालच देने वाले अज्ञात व्यक्तियों पर विश्वास न करें। किसी भी व्यक्ति के कहने पर बिना सत्यापन के बैंक खाते में पैसे जमा न करवाएं और OTP, PIN, CVV, बैंक संबंधी जानकारी अथवा व्यक्तिगत दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाएं तथा साइबर क्राइम थाना/पुलिस से संपर्क करें, ताकि ठगी की रकम को समय रहते फ्रीज कराने तथा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिल सके।

फ्लिपकार्ट वेयरहाउस से मोबाइल फोन चोरी मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार
आरोपियों से तीन मोबाइल फोन व कैंटर बरामद
झज्जर थाना बादली क्षेत्र के फ्लिपकार्ट कंपनी के वेयरहाउस से मोबाइल फोन चोरी होने के संबंध में पुलिस को शिकायत प्राप्त हुई थी। इन्टारसॉर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कंपनी के वेयरहाउस से एप्पल आईफोन तथा 3-4 अन्य कंपनियों के मोबाइल फोन चोरी हो गए हैं। जिस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए थाना सदर झज्जर में मामला दर्ज किया गया। मामले की जानकारी देते हुए चौकी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक सुनील कुमार ने बताया की शिकायत मिलने के बाद चौकी में तैनात मुख्य सिपाही सुनील कुमार की टीम ने कार्रवाई करते हुए मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पुष्पेन्द्र निवासी अतनपुर, जिला प्रयागराज (उत्तर प्रदेश), सुभाष निवासी अलहादापुर, जिला अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) तथा अनमोल निवासी सांफर, जिला औरैया (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई।पुलिस टीम ने आरोपियों की निशानदेही पर तीन मोबाइल फोन बरामद किए तथा इनके साथ चार्जर भी मिले हैं। इसके अलावा आरोपी अनमोल की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया कैंटर वाहन भी बरामद किया गया। मामले में आगे की जांच जारी है तथा चोरी हुए अन्य मोबाइल फोन की बरामदगी और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका के संबंध में भी पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।


अवैध औद्योगिक गतिविधियों व प्लास्टिकध्कचरा जलाने पर रोक के आदेश जारी: जिलाधीश
आवासीय व कृषि क्षेत्रों में बिना अनुमति औद्योगिक गतिविधियां संचालित करने वालों पर होगी कार्रवाई
जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जारी किए आदेश
झज्जर, 03 अक्तूबर, अभीतक: जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने जिला में आवासीय एवं कृषि क्षेत्रों में संचालित अवैध औद्योगिक गतिविधियों तथा प्लास्टिकध्कचरा जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा आदेश जारी किए हैं। जिलाधीश की ओर से जारी आदेशानुसार जिला के गांव परनाला, निजामपुर रोड, बामनोली, कानोंदा, खेरपुर, लडरावण, सिदीपुर, लोवा कलां, लोवा खुर्द क्षेत्रों में आवासीय व कृषि भूमि पर प्लास्टिकध्कचरा जलाने की शिकायतें सामने आई हैं। इन गतिविधियों से प्रदूषण बढ़ने के साथ-साथ आमजन के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनहित को ध्यान में रखते हुए ऐसे सभी अवैध औद्योगिक कार्यों, प्लास्टिकध्कचरा जलाने तथा बिना हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) की अनुमति के बिजली कनेक्शन का उपयोग कर औद्योगिक गतिविधियां संचालित करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। जिलाधीश ने बताया कि आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं और 03 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे। आदेशों की पालना सुनिश्चित करवाने के लिए पुलिस विभाग, डीएमसी झज्जर, एसई यूएचबीवीएनएल झज्जर, डीटीपी झज्जर, बीडीपीओ बहादुरगढ़, क्षेत्रीय अधिकारी एचएसपीसीबी बहादुरगढ़ तथा कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद बहादुरगढ़ को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदेशों की अवहेलना करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण एवं स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिगत इन आदेशों की सख्ती से पालना करें।

सेवा संकल्प अभियान: नमो सेवा अनकही कहानियां के तहत झज्जर जिला में 4 व 5 अक्टूबर को होंगे नुक्कड़ नाटक
प्रचार टीम नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जनकल्याणकारी योजनाओं की देगी जानकारी
झज्जर, 03 अक्तूबर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के तहत डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’ मॉडयूल के तहत झज्जर जिला में आगामी 4 व 5 अक्टूबर को विभिन्न गांवों, शिक्षण संस्थानों और महाविद्यालयों में नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से 5 प्रचार टीम द्वारा आमजन को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं जनहित से जुड़ी सेवाओं की जानकारी दी जाएगी।
4-5 अक्टूबर को इन स्थानों पर होंगे कार्यक्रम
रविवार, 4 अक्टूबर को गांव झांसवा, बहु, साल्हावास, डाबोदा खुर्द, बुपनिया, मांडोठी, नूना माजरा, छुड़ानी, जहांगीरपुर, सिलानी केशो, खुड्डन, कुलाना, दुजाना, डीघल तथा दूबलधन बिधयान में नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जाएंगे। वहीं सोमवार, 5 अक्टूबर को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मातनहेल, राजकीय कॉलेज बिरोहड़, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बहादुरगढ़, राजकीय महिला महाविद्यालय बहादुरगढ़, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लडरावण, राजकीय आईटीआई आसौदा टोडरान, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय माछरौली, नेहरू पीजी कॉलेज झज्जर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बेरी, राजकीय कॉलेज दुजाना तथा गांव अकेहड़ी मदनपुर, गुभाना, रोहद, खेड़ी खुम्मार व बिरधाना में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रवक्ता ने बताया कि नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रचार टीम द्वारा आमजन को सरल एवं रोचक तरीके से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, सरकारी सेवाओं तथा जनहितकारी पहलों की जानकारी दी जाएगी। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाकर उन्हें सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक करना है।








आंगन मिलन सेवा के जरिए महिलाओं को पोषण और संतुलित आहार का संदेश
गांव ग्वालिसन स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर बूथ अध्यक्ष अजय शर्मा और गांव मातनहेल में आयोजित कार्यक्रम में बीजेपी पूर्व मंडल अध्यक्ष जगदीश ने बतौर मुख्य अतिथि लिया भाग
खंड साल्हावास और मातनहेल आंगनवाड़ी केंद्रों पर तीन दिवसीय कार्यक्रम के समापन अवसर पर हेल्पर्स, वर्कर्स और आशा वर्करों का हुआ सम्मान
कार्यक्रमों में महिलाओं, किशोरियों और बच्चों ने बढ़-चढ़कर लिया भाग
झज्जर, 03 अक्तूबर, अभीतक: जिलाभर में डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत अनेक गतिविधियां जारी हैं। इसी कड़ी में ‘आंगन मिलन सेवा’ मॉड्यूल के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में खंड मातनहेल और साल्हावास के आंगनवाड़ी केंद्रों पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रमों का शनिवार को समापन हुआ। गांव ग्वालिसन स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर बतौर मुख्य अतिथि बूथ अध्यक्ष अजय शर्मा ने भाग लिया,जबकि अध्यक्षता सरपंच प्रीति ने की। वहीं गांव मातनहेल में आयोजित कार्यक्रम में बीजेपी पूर्व मंडल अध्यक्ष जगदीश और सरपंच विजय लता ने भाग लेकर महिलाओं से सरकार की नीतियों का लाभ उठाने का आह्वान किया। मुख्य मेहमानों ने सभी वर्कर, हेल्पर, आशा वर्कर को सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंतिम दिन आंगनवाड़ी केंद्रों पर पोषण, स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। महिलाओं, किशोरियों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पर रहा जोर
जिला कार्यक्रम अधिकारी नेहा दहिया ने बताया कि ‘आंगन मिलन सेवा’ मॉड्यूल के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों को केवल पोषण सेवाओं तक सीमित न रखते हुए पोषण, स्वास्थ्य, योग और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को स्वस्थ खान-पान तथा बेहतर जीवनशैली के लिए प्रेरित करना है। साथ ही महिलाओं को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी जागरूक किया गया।
बाल विकास में संतुलित पोषण की भूमिका समझाई
मातनहेल में सुपरवाइजर सुमन रानी तथा गवालिशन में सुपरवाइजर रश्मि रानी क्षेत्र के आंगनवाड़ी केंद्रों में सुपरवाइजर रश्मि रानी के नेतृत्व में पोषण संबंधी गतिविधियां आयोजित की गईं। विभागीय टीमों ने लाभार्थियों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं विकास में संतुलित पोषण की भूमिका समझाई।
महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए योजनाओं की जानकारी
सुपरवाइजर रश्मि और सुमन ने कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना, मुख्यमंत्री मातृत्व एवं शिशु कल्याण योजना सहित आंगनवाड़ी आधारित स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी योजनाओं की जानकारी भी दी। महिला व किशोरी लाभार्थियों को पात्रता के अनुसार योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। आंगन मिलन सेवा’ के तीन दिवसीय आयोजन ने आंगनवाड़ी केंद्रों को पोषण, संवाद और जन जागरूकता के जीवंत मंच के रूप में सामने रखा। जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों में स्वस्थ खान-पान तथा बेहतर जीवनशैली को लेकर जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।
केंद्रों में पेंटिंग और रंगोली प्रतिस्पर्धाओं का भी हुआ आयोजन
साल्हावास और मातनहेल,गवालिशन, कासनी सहित सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर पेंटिंग, रंगोली, स्वस्थ बालक-बालिका स्पर्धा सहित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चों और महिलाओं को पोषण के महत्व से जोड़ा गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं विभागीय टीमों ने लाभार्थियों से संवाद करते हुए बच्चों की उचित वृद्धि एवं विकास, संतुलित आहार, स्वच्छता, स्वास्थ्यवर्धक आदतों और सामुदायिक स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी।
तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन 15 हजार 352 लाभार्थियों ने की सहभागिता
तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान खंड साल्हावास के 111 आंगनवाड़ी केंद्रों तथा खंड मातनहेल के 148 आंगनवाड़ी केंद्रों पर आयोजित गतिविधियों में बड़ी संख्या में लाभार्थियों ने भाग लिया। अंतिम दिन खंड साल्हावास से 6629 तथा मातनहेल से 8,723, कुल 15,352 लाभार्थियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर अनिता देवी, राजवंती, कृष्णा, राजपति के अलावा अन्य महिलाएं उपस्थित रही।


सेवा संकल्प अभियान- ग्रामीणों के लिए लाभकारी साबित हो रहे सेवा सेतु कैंप
सरकार की योजनाओं के लाभार्थी बनने सेवा सेतु कैम्प में बेरी पहुंचे ग्रामीण
बेरी स्थित ब्लाक कार्यालय में मुख्य अतिथि पंचायत समिति चैयरमेन अंजू रानी ने सेवा सेतु कैम्प का किया अवलोकन
डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन तथा एसडीएम रेणुका नांदल के निर्देश अनुसार विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर दी योजनाओं की जानकारी
बेरी, 03 अक्तूबर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के तहत नागरिकों को सरकारी सेवाओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सहज रूप से उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से बेरी व्लाक कार्यालय परिसर में शनिवार को सेवा सेतु कैंप का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में पंचायत समिति चेयरमैन अंजू रानी ने सेवा सेतु कैम्प का शुभारंभ किया। कैंप में पहुँचने पर बीडीपीओ धर्मपाल ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। कैंप में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने पहुंचकर विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त की और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाया। गौरतलब है कि डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन और एसडीएम रेणुका नांदल के निर्देश अनुसार बेरी क्षेत्र में सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा सेतु कैंप लगाकर लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है।
नागरिकों को सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं, सेवाओं और कार्यक्रमों की दी जानकारी
मुख्य अतिथि इस दौरान पंचायत समिति चैयरमेन अंजू रानी विशेष रूप ने बताया कि कैंप में विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए हैं, जहां विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा किनागरिकों को सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं, सेवाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी जा रही है। नागरिकों को योजनाओं के लिए निर्धारित पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा मिलने वाले लाभों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित किए जा रहे सेवा सेतु कैंप का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और सेवाओं को आमजन के करीब पहुंचाना है, ताकि पात्र नागरिकों को योजनाओं की जानकारी के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े और उन्हें एक ही स्थान पर आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन मिल सके। मुख्य अतिथि अंजू रानी ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे प्रशासन की ओर से शेड्यूल अनुसार सेवा सेतु कैंप में पहुंचकर विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त करें और अपनी पात्रता के अनुसार सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।
स्वास्थ्य संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली के लिए किया प्रेरित
सेवा सेतु कैंप में स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग की ओर से स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया। यहां नागरिकों की स्वास्थ्य जांच करने के साथ उन्हें स्वास्थ्य संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली तथा आयुष पद्धति से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं परामर्श दिया गया। इससे कैंप में आने वाले नागरिकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी के साथ स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का भी लाभ मिला। कैंप में विभिन्न योजनाओं से संबंधित जानकारी लेने के लिए नागरिकों में उत्साह देखने को मिला। लोगों ने विभागीय स्टॉल पर पहुंचकर अपनी जरूरत के अनुसार जानकारी प्राप्त की तथा पात्रता के आधार पर योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया को समझा। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आमजन को सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर एसईपीओ सत्यवान अहलावत, ब्लॉक कॉर्डिनेटर पूनम सैनी सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।




पराली प्रबंधन में लापरवाही नहीं, किसानों को तकनीकी जानकारी देकर करें जागरूक: डीसी
फील्ड मॉनिटरिंग और क्विक रेस्पॉन्स टीमों को रखें सक्रिय, जरूरत के अनुसार ड्रोन से भी होगी निगरानी
पराली खेत में मिलाने पर किसानों को प्रति एकड़ 1200 रुपये की प्रोत्साहन राशि, पंचायतों व जनप्रतिनिधियों को अभियान से जोड़ने के निर्देश
झज्जर, 03 अक्तूबर, अभीतक: जिला में पराली प्रबंधन को बढ़ावा देने, फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और वायु गुणवत्ता बनाए रखने को लेकर जिला प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी एवं जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन की वैज्ञानिक एवं वैकल्पिक तकनीकों की जानकारी देते हुए पराली न जलाने के लिए निरंतर प्रेरित किया जाए। डीसी ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण उपायों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने के साथ-साथ फील्ड में नियमित निगरानी की जाए। पराली जलाने की संभावित घटनाओं की तत्काल सूचना और प्रभावी कार्रवाई के लिए क्विक रेस्पॉन्स टीमें सक्रिय रहें। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होने के साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी प्रभावित होती है, इसलिए किसानों को इसके दुष्प्रभावों और फसल अवशेष प्रबंधन के लाभों के बारे में समझाना जरूरी है।
फील्ड विजिट के साथ अधिकारी संभावित क्षेत्रों पर रखें नजर
डीसी ने संबंधित अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट करने तथा पराली जलाने की आशंका वाले क्षेत्रों में पहले से प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। प्रदूषण फैलाने वाले संभावित स्रोतों की निगरानी के लिए आवश्यकता अनुसार ड्रोन का उपयोग करने और सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा। उन्होंने भुवन एप और सीआरएम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष जोर दिया।
पराली प्रबंधन अपनाने पर प्रति एकड़ 1200 रुपये प्रोत्साहन
डीसी ने बताया कि कृषि विभाग की ओर से फसल अवशेष प्रबंधन के तहत पराली को खेत में मिलाने पर किसानों को प्रति एकड़ 1200 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना के साथ-साथ फसल अवशेष प्रबंधन की उपलब्ध मशीनरी एवं वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी भी अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि पंचायतों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी पराली प्रबंधन अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ा जाए। किसानों के साथ निरंतर संवाद स्थापित कर उन्हें पराली प्रबंधन के पर्यावरणीय और कृषि संबंधी लाभों के बारे में जागरूक किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पराली जलाने की घटनाओं को रोकने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
किसानों के सहयोग से ही बनेगा स्वच्छ पर्यावरण
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण और बेहतर वायु गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ किसानों और आमजन का सहयोग भी जरूरी है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे फसल अवशेषों को न जलाएं तथा उपलब्ध फसल अवशेष प्रबंधन तकनीकों और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर पर्यावरण संरक्षण में सहभागी बनें।


युवाओं की नवाचारी सोच से बनेगा विकसित भारत: दिनेश शेखावत
जिला संयोजक दिनेश शेखावत ने युवाओं को नवाचार, उद्यमिता और जनसेवा के लिए किया प्रेरित
बालौर रोड स्थित राजकीय महाविद्यालय में ‘ सेवा फर्स्ट इनोवेशन चेलेंज’ कार्यक्रम आयोजित
बहादुरगढ़, 03 अक्तूबर, अभीतक: जिलाभर में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शनिवार को बालौर रोड स्थित राजकीय महाविद्यालय में सेवा फर्स्ट इनोवेशन चेलेंज’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के जिला संयोजक एवं बीजेपी नेता दिनेश शेखावत बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्राचार्या डॉ सुमन हुड्डा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। मुख्य अतिथि दिनेश शेखावत ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित भारत का निर्माण केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि युवाओं की नवाचारी सोच और जनसेवा की भावना से होगा। उन्होंने कहा कि युवा केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले और समाज की समस्याओं का समाधान देने वाले बनें। शेखावत ने कहा कि युवाओं को समस्याओं पर चर्चा करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करने चाहिए। उन्होंने बताया कि सेवा फर्स्ट इनोवेशन चेलेंज’ कार्यक्रम युवाओं को समाज और शासन व्यवस्था से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों के समाधान तलाशने का मंच प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और स्किल इंडिया जैसी पहलों से युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने आसपास की समस्याओं को पहचान कर उनके समाधान के लिए नवाचार करने का आह्वान किया। जिला उद्योग केंद्र के उद्योग विस्तार अधिकारी मंजीत दहिया ने विद्यार्थियों को स्टार्टअप, स्वरोजगार और उद्यमिता विकास की जानकारी दी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशामुक्त और जागरूक भारत के निर्माण का संकल्प भी दिलाया गया। कार्यक्रम में बहादुरगढ़ विधानसभा संयोजक एवं नगर परिषद चेयरपर्सन सरोज राठी, पाले राम शर्मा, राम अहलावत, पंकज गर्ग, सुदेश रंगा के अलावा डॉ. अमित छिक्कारा, नोडल अधिकारी प्रोफेसर जोगेंद्र सिंह, प्रोफेसर मनोज कुमार, प्रोफेसर राजीव असीवाल, प्रोफेसर राजीव दहिया, प्रोफेसर अरुण कुमार, डॉ. मीनाक्षी और डॉ. सीमा सहित प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।
बहादुरगढ़ स्थित राजकीय महाविद्यालय में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते जिला संयोजक भाजपा नेता दिनेश शेखावत।




आपसी बातचीत और मध्यस्थता से सुलझाए घरेलू विवाद: सीजेएम विशाल
झज्जर, 03 अक्तूबर, अभीतक: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के तत्वाधान में जिला ए डी आर सेंटर में एक कानूनी जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता सीजेएम विशाल ने की। सीजेएम विशाल ने बताया कि जिला झज्जर में सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र गांव छुछकवास के ग्राम सचिवालय में खोला गया है उन्होंने कहा कि आपसी बातचीत और संवाद के माध्यम से बड़े से बड़े परिवारिक विवादों का सम्मानजनक समाधान निकाला जा सकता है घरेलू विवादों को अदालत से बाहर सुलझाने से समय और धन की बचत होने के साथ अदालतों पर भी मुकदमों का बोझ भी कम होता हैं सीजेएम विशाल ने सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की । उन्होंने सुझाव दिया कि घरेलू एवं परिवारिक विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षित मध्यस्थों का एक पैनल बनाया गया है जिसमें प्रशिक्षित मध्यस्थ कर्मजीत छिल्लर, सरोज, संदीप शामिल हैं। प्रार्थी सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र में स्वयं एक दरखास्त पेश करके अपने मामले की सुनवाई करा सकता है जिसमें प्रशिक्षित मध्यस्थ दोनों पक्षों की सुनवाई करके दोनों पक्षों को कानूनी प्रक्रिया समझा कर व भाईचारा कायम रखते हुए दोनों पक्षों का आपसी सहमति से राजीनामाध् फैसला कराते हैं। जो राजीनामाध् फैसला दोनों पक्षों की आपसी सहमति से होता है उस फैसले के विरुद्ध किसी भी न्यायालय में अपील नहीं हो सकती हैं। इस कार्यशाला में गांवों के सरपंचों व जिला बाल विकास विभाग से आगड़वाड़ी सुपरवाइजर, शिक्षा विभाग, सामाजिक संगठनों,और पैरा लीगल वालंटियरों ने भाग लिया।


विशेष लोक अदालत में 146 मामले रखे गए 35 मामलों का मौके पर निपटारा’
झज्जर, 03 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के तत्वाधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के अध्यक्ष जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार यादव के कुशल मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सचिव एवं सीजेएम आदेशानुसार न्यायालय परिसर झज्जर एवं बहादुरगढ़ में एन.आई. एक्ट (चेक बाउंस) मामलों के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया । जिसमें 35 मामलों का हुआ आपसी समझौते से निपटारा हुआ सेटलमेंट, ₹2.58 करोड़ से अधिक की राशि पर बनी सहमति। सीजेएम विशाल ने बताया कि न्यायालय परिसर में परक्राम्य लिखित अधिनियम, 1881 (छमहवजपंइसम प्देजतनउमदजे ।बज 1881) के अंतर्गत लंबित चेक बाउंस मामलों के त्वरित निपटारे के लिए श्विशेष लोक अदालतश् का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष लोक अदालत में मुकदमों की सुनवाई एवं सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए कुल दो बेंचों का गठन किया गया था।
विशेष लोक अदालत की मुख्य उपलब्धियां
सुलझाए गए मामलेरू लोक अदालत के समक्ष चेक बाउंस से जुड़े कुल 146 लंबित मामले सुनवाई के लिए रखे गए। इनमें से दोनों पक्षों की आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर 35 मामलों का मौके पर ही सफल निपटारा किया गया।
समझौता राशि
सुनवाई के लिए रखे गए मामलों में कुल ₹3,31,59,171 रुपये की विवादित राशि शामिल थी, जिसमें से दोनों पक्षों की सहमति से ₹2,58,44,171 रुपये की राशि पर समझौता तय हुआ। लोक अदालत की पीठों द्वारा उपस्थित पक्षों को समझाया गया कि लोक अदालत के माध्यम से विवादों का समाधान आपसी भाईचारे और सौहार्द को बनाए रखता है। इससे न केवल समय और धन की बचत होती है, बल्कि विवाद का अंतिम रूप से निपटारा होने से आगे की कानूनी अपीलों और कटुता से भी मुक्ति मिलती है।





मच्छर जनित बीमारियों से रहे सावधान, बरतें सावधानी
घर व आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छर पनपने के स्थानों को करें समाप्त
रेवाड़ी, 03 अक्तूबर, अभीतक: डेंगू से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय मच्छरों की रोकथाम तथा उनके प्रजनन स्थलों को समाप्त करना है। इसके लिए आमजन की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। डीसी अभिषेक मीणा ने नागरिकों से आह्वान किया है कि वें मच्छरों से होने वाली बीमारियों, विशेषकर डेंगू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी सावधानियों का पालन करें। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि नागरिक घर से बाहर निकलते समय पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें तथा आवश्यकता के अनुसार मच्छरदानी का प्रयोग करें। दिन के समय भी मच्छरों से बचाव जरूरी है, क्योंकि डेंगू फैलाने वाला मच्छर दिन के समय भी सक्रिय रहता है। नागरिक मच्छर भगाने वाले साधनों का भी उचित प्रयोग करें। घरों, कार्यालयों और आसपास के क्षेत्रों में कहीं भी पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, टायर, छतों पर रखे बर्तन, टंकियों तथा अन्य ऐसे स्थानों की नियमित सफाई करें, जहां पानी एकत्रित हो सकता है। स्वच्छ एवं सूखा वातावरण बनाए रखकर मच्छरों के प्रजनन को काफी हद तक रोका जा सकता है। डीसी ने बताया कि किसी व्यक्ति को बुखार, तेज सिरदर्द, शरीर में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, जी मिचलाना अथवा त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लें। डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता एवं जांच अभियान में आमजन सहयोग करें। उन्होंने कहा कि मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं और अपने परिवार को डेंगू से सुरक्षित रखें। जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर डेंगू व अन्य मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।






सेवा संकल्प अभियान: जाटूसाना ब्लॉक की आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन
बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं समग्र विकास के बारे में किया जागरूक
रेवाड़ी, 03 अक्तूबर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला की आंगनबाड़ी केंद्रों में डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की करवाई जा रही हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य माताओं को बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं समग्र विकास के प्रति जागरूक करते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों से उनका जुड़ाव और अधिक मजबूत करना है। महिला एवं बाल विकास जिला कार्यक्रम अधिकारी शालू यादव ने बताया कि शनिवार को तीसरे दिन जाटूसाना ब्लॉक की आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में बच्चों के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों को फल एवं मिठाइयों का वितरण भी किया गया। इसके अलावा कार्यक्रम से संबंधित सामग्री वितरित करते हुए माताओं को विभागीय योजनाओं एवं बच्चों के हित में उपलब्ध सेवाओं की आवश्यक जानकारी भी साझा की गई। आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने माताओं से संवाद करते हुए बच्चों की दैनिक गतिविधियों, पोषण एवं स्वास्थ्य से संबंधित विषयों पर चर्चा की। माताओं ने भी अपने अनुभव साझा किए तथा बच्चों से जुड़ी आवश्यक जानकारी प्राप्त की। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि सरकार द्वारा सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को समुदाय से जोड़ने और बच्चों एवं माताओं तक विभागीय सेवाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने माताओं से आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि 4 अक्तूबर से नाहड़ ब्लॉक की आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम के तहत विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित करवाई जाएंगी।





सेवा संकल्प अभियान : कहानी बदलाव की
प्रधानमंत्री मातृ वंदना और आपकी बेटी, हमारी बेटी’ योजनाओं से महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल
महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं से मातृ स्वास्थ्य और बेटियों के भविष्य को मिल रही मजबूती
रेवाड़ी, 03 अक्तूबर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के तहत सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं और बेटियों तक पहुंचाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता के साथ-साथ मातृ स्वास्थ्य और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। कुशपुरा निवासी ममता ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र की सहायता से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के तहत आवेदन किया था। योजना के अंतर्गत उन्हें सरकार की ओर से 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का लाभ मिला। उन्होंने बताया कि इस आर्थिक सहायता से उन्हें गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक आहार लेने में काफी मदद मिली। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को उपयोगी बताते हुए पात्र महिलाओं से इसका लाभ लेने का आह्वान किया। इसी प्रकार कुशपुरा निवासी सरिता ने बताया कि उन्होंने अपने क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र की सहायता से ‘आपकी बेटी, हमारी बेटी’ योजना के तहत आवेदन किया था। उन्होंने बताया कि योजना के तहत उनकी बेटी के 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर उन्हें एक लाख रुपये की राशि का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह राशि उनकी बेटी की शिक्षा तथा भविष्य की आवश्यकताओं में सहायक होगी। सरिता ने योजना को बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने वाली महत्वपूर्ण पहल बताते हुए पात्र परिवारों से इसका लाभ उठाने की अपील की। जिला कार्यक्रम अधिकारी शालू यादव ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पात्र महिलाओं और बेटियों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के साथ बेटियों के बेहतर भविष्य का निर्माण किया जा सके।
सेवा संकल्प अभियान: गांव बोलनी में सेवा सेतु कैंप में ग्रामीणों को दी योजनाओं की जानकारी
जिला में आयोजित किए जा रहे सेवा सेतु कैंपों के माध्यम से पात्र परिवारों को किया जा रहा लाभान्वित
सोमवार को नंदरामपुर बास में आयोजित किया जाएगा सेवा सेतु कैंप
रेवाड़ी, 03 अक्तूबर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के तहत शनिवार को डीसी अभिषेक मीणा के नेतृत्व में गांव बोलनी में सेवा सेतु कैंप का आयोजन कर पात्र परिवारों को सरकार की योजनाओं से लाभान्वित किया गया। सेवा सेतु शिविर में पात्र नागरिकों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया, दस्तावेज और संबंधित विभागीय सेवाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई गई। सोमवार को गांव कमालपुर में सेवा सेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिला समाज कल्याण अधिकारी रेनू बाला ने बताया कि हरियाणा सरकार की ओर से प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के निरंतर सेवा काल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने और प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक संकल्प से जोडने के उद्देश्य से 17 अक्तूबर 2026 तक चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत जिला प्रशासन द्वारा सेवा सेतु कैंपों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से सेवा सेतु कैंपों को नागरिक सुविधा का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया जा रहा है। इन कैंपों के माध्यम से प्रयास किया जा रहा है कि लोगों को सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं से संबंधित जानकारी के लिए दूर स्थित कार्यालयों में जाने की आवश्यकता कम हो तथा उन्हें स्थानीय स्तर पर आवश्यक मार्गदर्शन मिल सके। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सरकार का उद्देश्य योजनाओं एवं सेवाओं की पहुंच को अधिक सुगम बनाना तथा पात्र नागरिकों को उनके अधिकार एवं उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जागरूक करना है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे सेवा सेतु कैंपों में पहुंचकर विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त करें और पात्रता के अनुसार उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें।



प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह नीलामी के 8वें संस्करण में हरियाणा की खेल उपलब्धियों को मिला प्रमुख स्थान
हरियाणा के सात स्मृति चिन्हों में तीन पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेताओं द्वारा भेंट की गई वस्तुओं के साथ-साथ राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाली वस्तुएं शामिल
नीलामी से प्राप्त राशि नमामि गंगे परियोजना में जाएगी
नई दिल्ली, 03 अक्तूबर, अभीतक: इस संस्करण में हरियाणा के सात स्मृति चिन्ह शामिल हैं, जिनमें खेल उपलब्धियाँ संग्रह का एक प्रमुख हिस्सा हैं। पाँच वस्तुएं खेल से जुड़ी हैं, जबकि अन्य राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती हैं। सार्वजनिक बोली के लिए उपलब्ध, ये स्मृति चिन्ह उपलब्धि और लगन की कहानियाँ समेटे हुए हैं। नीलामी से प्राप्त राशि श्नमामि गंगे परियोजनाश् में जाएगी।
हरियाणा के पैरालंपिक चैंपियंस का सम्मान
प्रमुख वस्तुओं में हरविंदर सिंह द्वारा भेंट किया गया एक तीर शामिल है, जो तीरंदाजी में पैरालंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने। दो स्मृति चिन्ह नवदीप सिंह से जुड़े हैं, जिन्होंने पेरिस 2024 पैरालंपिक में पुरुषों की थ्41 भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। उनकी टोपी और हस्ताक्षरित शर्ट आम जनता को इस खेल उपलब्धि से जुड़ी यादगार वस्तुओं को अपना बनाने का अवसर देती हैं। इस संग्रह में पैरालंपिक बैडमिंटन स्वर्ण पदक विजेता नितेश कुमार द्वारा भेंट किया गया एक असली योनेक्स बैडमिंटन रैकेट और भारतीय टीम की शर्ट भी शामिल है। यह वस्तुएं मिलकर भारत की खेल उपलब्धियों में हरियाणा के योगदान को दर्शाती हैं।
हरियाणा की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत
खेल स्मृतियों के साथ-साथ, इस संग्रह में माता शीतला देवी की एक धातु की मूर्ति भी शामिल है। उच्च गुणवत्ता वाली धातु से निर्मित इस मूर्ति में सूक्ष्म नक्काशी की गई है और इसकी चमकदार फिनिश इसकी दिव्य आभा को और बढ़ाती है। इस संग्रह में धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की गीता उपदेश स्थली को याद दिलाने वाला एक स्मृति चिन्ह भी सुशोभित है, जो श्रीमद्भगवद्गीता के साथ हरियाणा के जुड़ाव को दर्शाता है। प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह नीलामी के इस 8वें संस्करण में ये सात स्मृति चिन्ह हरियाणा के विभिन्न पहलुओं को एक साथ लाते हैं। यह नीलामी इन उपहारों को एक वृहद सार्वजनिक उद्देश्य प्रदान करती है, जहाँ इससे प्राप्त राशि श्नमामि गंगे परियोजनाश् में मदद करती है। नीलामी की तिथियों, भाग लेने की जानकारी और पूरी कैटलॉग (सूची) के लिए, आधिकारिक प्रधानमंत्री उपहार ई-नीलामी पोर्टल पर जाएँ। ूूूण्चउउमउमदजवेण्हवअण्पद
10 वर्षों के समर्पित प्रयासों के परिणामस्वरूप केंद्रीय पर्यावरण मंत्री और राजस्थान के मुख्यमंत्री ने जैसलमेर स्थित डेजर्ट नेशनल पार्क में बंदी बनाकर पाले गए ग्रेट इंडियन बस्टर्ड को जंगल में छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की
जीआईबी पुनर्प्राप्ति कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण कदम: बंदी बनाकर पाले गए पक्षियों को उनके प्राकृतिक आवास में पुनःस्थापित करने के लिए प्रोटोकॉल के क्रमिक परिष्करण में सहायता
नई दिल्ली, 03 अक्तूबर, अभीतक: गंभीर रूप से लुप्तप्राय ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (जीआईबी) के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, वन्यजीव सप्ताह 2026 के दौरान केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव और राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा (वीसी के माध्यम से) ने आज जैसलमेर स्थित डेजर्ट नेशनल पार्क में कल होने वाले सॉफ्ट-रिलीज सुविधा से दो बंदी बनाकर पाले गए ग्रेट इंडियन बस्टर्ड को जंगल में छोड़ने की प्रक्रिया के शुभारंभ में भाग लिया। जीआईबी का यह पुनःवन्यीकरण राजस्थान के राजकीय पक्षी की एक व्यवहार्य आबादी विकसित करने के लिए एक दशक से किए जा रहे निरंतर कठिन परिश्रम, समर्पण और वैज्ञानिक अनुसंधान का परिणाम है। गणमान्य व्यक्तियों ने रामदेवरा और सैम में जीआईबी संरक्षण प्रजनन केंद्र की प्रगति की भी समीक्षा की और नवनिर्मित पुनःवन्यीकरण एवियरी का उद्घाटन किया, साथ ही परिदृश्य में जीआईबी की एक दशक की यात्रा पर ब्रोशर भी जारी किया। इस कार्यक्रम में राजस्थान राज्य के वन और पर्यावरण मंत्री श्री संजय शर्मा, केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उपस्थित थे। इस परियोजना की शुरुआत राजस्थान में शानदार रही और इसके बाद गुजरात में भी इसे सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया गया। केंद्रीय मंत्री ने हाल ही में गुजरात के कच्छ जिले के नालिया में स्थित सॉफ्ट रिलीज और संरक्षण सुविधा का निरीक्षण किया। कल होने वाला रिलीज भारत के जीआईबी संरक्षण कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक होगा, जिसके तहत एक व्यवहार्य संरक्षण-प्रजनन आबादी स्थापित करने से लेकर प्रजातियों को उनके प्राकृतिक आवास में पुनः स्थापित करने और उनकी संख्या बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा। यह प्रक्रिया सावधानीपूर्वक नियंत्रित तरीके से की गई, जिसमें रिलीज स्थल पर सीमित उपस्थिति सुनिश्चित की गई ताकि पक्षियों को मानव जनित व्यवधान से बचाया जा सके। पायलट रिलीज से प्राप्त सीख का उपयोग आगामी रिलीज के प्रोटोकॉल को धीरे-धीरे परिष्कृत करने के लिए किया जाएगा। शाम को अपने संबोधन में राजस्थान के मुख्यमंत्री ने राजकीय पक्षी के पुनःवन्यीकरण के इस दिन को पूरे राज्य के लिए गौरव का दिन बताया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से थार की सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग माने जाने वाले जीआईबी को विलुप्ति के कगार से वापस लाया गया है। मुख्यमंत्री ने जीआईबी संरक्षण कार्यक्रम के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रदान की गई वित्तीय सहायता के साथ-साथ राज्य भर में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए अन्य सफल प्रयासों का भी विस्तृत विवरण दिया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए श्री भूपेंद्र यादव ने इस बात पर प्रकाश डाला कि थार रेगिस्तान के पूरे क्षेत्र का जीआईबी से भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव है। केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि की सराहना की, जिसके कारण जीआईबी संरक्षण कार्यक्रम सफल हुआ और पिछले एक दशक में यह वैश्विक स्तर पर एक मिसाल बन गया है। उन्होंने केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय, राज्य वन विभाग, पश्चिमी क्षेत्र के वैज्ञानिकों और स्थानीय समुदायों के प्रयासों की प्रशंसा की, जिनके प्रयासों से जीआईबी संरक्षण कार्यक्रम में तेजी से प्रगति हुई है और आज यह पक्षी अपने प्राकृतिक आवास में पुनः स्थापित होने के चरण तक पहुंच गया है। श्री यादव ने कहा कि इस कार्यक्रम की सफलता से थार पारिस्थितिकी तंत्र की अम्ब्रेला प्रजाति के रूप में जीआईबी के संरक्षण से होने वाले पारिस्थितिक लाभों के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को इको-टूरिज्म के रूप में आर्थिक लाभ भी प्राप्त होंगे। केंद्रीय मंत्री ने घास के मैदानों के संरक्षण, भूमि क्षरण को रोकने और मध्य एशियाई मार्गों में प्रवासी पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में जीआईबी के महत्व पर भी प्रकाश डाला। यात्रा के दौरान, ऊष्मायन और प्रजनन सुविधाओं की समीक्षा करते हुए श्री यादव ने संरक्षण कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों और वैज्ञानिकों से बातचीत की। रामदेवरा स्थित 160 मीटर × 64 मीटर × 14 मीटर के पुनःवन्यीकरण एवियरी का निर्माण राजस्थान वन विभाग द्वारा राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम लिमिटेड (आरएसआरडीसी) के माध्यम से किया गया है। इसके लिए राजस्थान सरकार द्वारा 9.25 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था और इसमें वन मंत्रालय और वन्यजीव संरक्षण क्षेत्र (डब्ल्यूआईआई) के विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों से परामर्श लिया गया था। यह विशाल, स्तंभ रहित सुविधा बंदी अवस्था में पाली गई जीआईबी पक्षियों को उड़ान की मांसपेशियों को विकसित करने, प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुकूल ढलने और अंततः छोड़े जाने की तैयारी में प्राकृतिक व्यवहार प्रदर्शित करने के लिए अबाधित उड़ान स्थान प्रदान करती है।
बस्टर्ड पुनर्प्राप्ति कार्यक्रम
यह पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, राजस्थान वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) की एक संयुक्त पहल है, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय हौबारा संरक्षण कोष से तकनीकी सहयोग और राष्ट्रीय सीएएमपीए से वित्तीय सहायता प्राप्त है। चल रही राष्ट्रीय कार्य योजना में संरक्षण प्रजनन, वैज्ञानिक रूप से सूचित पर्यावास प्रबंधन, खतरे का शमन, पर्यावास पुनर्स्थापन और सामुदायिक सहभागिता की परिकल्पना की गई है। संरक्षण-प्रजनन कार्यक्रम ने महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है। सैम और रामदेवरा स्थित जीआईबी सुविधाओं में वर्तमान में 97 पक्षी हैं, जिनमें से 40 जंगली अंडों से उत्पन्न हुए हैं और 57 को बंदी अवस्था में पाला गया है। इनमें से 86 पक्षियों को बंदी प्रजनन के लिए रखा जा रहा है, जबकि 11 को जंगल में छोड़ने के लिए चिन्हित किया गया है। बंदी प्रजनन के परिणामस्वरूप 2025 में 24 और 2026 में 29 जीवित चूजे पैदा हुए। कार्यक्रम के तहत वैज्ञानिक हस्तक्षेप, जैसे कि नवीन जंपस्टार्ट दृष्टिकोण, प्रजाति के पुनरुद्धार में सहायक सिद्ध हो रहे हैं, जिसके तहत राजस्थान में छह और गुजरात में दो चूजों को बंदी अवस्था में दिए गए अंडों को जंगली घोंसलों में रखकर सेया गया है, जिन्हें सेने वाली मादाओं ने स्वीकार कर लिया। जीआईबी के सफल संरक्षण प्रजनन से संभव हुए इन उपायों को राजस्थान वन विभाग द्वारा पर्यावासों के पुनर्स्थापन के लिए किए जा रहे महत्वपूर्ण प्रयासों से और बल मिल रहा है। इनमें रेगिस्तानी राष्ट्रीय उद्यान के भीतर लगभग 200 वर्ग किलोमीटर के बाड़ वाले घास के मैदानों की स्थापना शामिल है, जो डब्ल्यूआईआई के दीर्घकालिक टेलीमेट्री अध्ययनों के अनुसार इस प्रजाति के प्रमुख प्रजनन पर्यावास के रूप में कार्य करते हैं। प्रजाति के संरक्षण संबंधी कार्यों का मार्गदर्शन भारत के सर्वोच्च न्यायालय के उस निर्णय द्वारा किया जा रहा है, जो इस उद्देश्य के लिए गठित विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर आधारित है। पिंजरे में पाली गई जीआईबी पक्षियों को प्राकृतिक आवास में छोड़ना प्रजाति संरक्षण कार्यक्रम का अगला महत्वपूर्ण कदम है और इससे इन पक्षियों को उनके प्राकृतिक आवास में पुनः स्थापित करने के लिए प्रोटोकॉल को धीरे-धीरे विकसित और परिष्कृत करने हेतु महत्वपूर्ण वैज्ञानिक ज्ञान प्राप्त होगा। श्री यादव के जैसलमेर स्थित जीआईबी संरक्षण केंद्रों के दौरे से पहले, राजस्थान भर में जन जागरूकता और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए गए।
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने तुर्की से कुख्यात नार्को-ट्रैफिकिंग किंगपिन नवप्रीत सिंह के प्रत्यर्पण की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने पर सभी एजेंसियों को बधाई दी
नवाब विर्क की फर्जी पहचान के साथ तुर्की की नागरिकता हासिल करने के बाद भी, नवप्रीत सिंह अफगानिस्तान से भारत में हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी में लिप्त रहा
आज उसे भारत वापस लाया गया है और ड्रग तस्करी व अन्य अपराधों के आरोप में जेल भेज दिया गया है
मोदी सरकार दिसंबर 2029 से पहले हर नार्को-कार्टेल को खत्म करने के प्रति कटिबद्ध
मोदी सरकार 2019 से अगस्त, 2026 तक 36 देशों से कुल 288 भगोड़ों को वापस लाने में सफल रही है
नई दिल्ली, 03 अक्तूबर, अभीतक: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने तुर्की से कुख्यात नार्को-ट्रैफिकिंग सरगना नवप्रीत सिंह के प्रत्यर्पण को सुनिश्चित कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने के लिए सभी एजेंसियों को बधाई दी है। प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में, केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने तुर्की से कुख्यात नशीले पदार्थों के तस्कर नवप्रीत सिंह को वापस लाकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि श्नवाब विर्कश् की फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर तुर्की की नागरिकता लेने के बाद भी, नवप्रीत सिंह अफगानिस्तान से भारत में हेरोइन और मेथम्फेटामाइन की तस्करी करता रहा। श्री शाह ने कहा कि भारतीय एजेंसियों ने उसकी असली पहचान का पता लगाने के लिए उसकी फर्जी पहचान को उजागर किया और उसे वापस लाने में कामयाबी हासिल की। आज उसे भारत वापस लाया गया है और ड्रग तस्करी व अन्य अपराधों के मामलों में जेल भेज दिया गया है। इस सफलता के लिए सभी एजेंसियों को बधाई। मोदी सरकार दिसंबर 2029 से पहले हर नार्को-कार्टेल को खत्म करने के प्रति कटिबद्ध है। मोदी सरकार ने भगोड़ों को वापस लाने के लिए एक समन्वित अभियान शुरू किया है। 2019 से अगस्त, 2026 तक, 36 देशों से कुल 288 भगोड़ों को भारत वापस लाया गया है। भगोड़ों को वापस लाने को लेकर पहले की सरकारों में पॉलिटिकल विल का अभाव था, मोदी सरकार ने भगोड़ों के प्रत्यर्पण को श्राष्ट्रीय प्राथमिकताश् बनाया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विजन के अनुरूप, केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने भगोड़ों के खिलाफ तीन स्तंभों पर जोर दिया है – वैश्विक अभियान, मजबूत समन्वय और स्मार्ट कूटनीति। श्री अमित शाह ने भगोड़े अपराधियों के मुद्दे को देश की संप्रभुता, आर्थिक स्थिरता, कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ बताया है। मोदी सरकार 2019 में छप्। संशोधन अधिनियम और न्।च्। संशोधन अधिनियम लेकर आई और 2020 के बाद भगोड़ों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया को श्मिशन मोडश् में आगे बढ़ाया गया। इससे कार्रवाई केवल संगठनों तक सीमित नहीं रही बल्कि व्यक्तिगत आतंकी, हैंडलर्स, फंडिंग नेटवर्क और विदेशों में बैठे सपोर्ट सिस्टम तक कार्रवाई का दायरा बढ़ा। भारत और वैश्विक एजेंसियों के बीच समन्वय, संपर्क और संवाद बढ़ाने के लिए गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा जनवरी, 2025 में ठभ्।त्ज्च्व्स् लॉन्च किया गया। भारतपोल ने सीबीआई, राज्य पुलिस मुख्यालय और जिला पुलिस मुख्यालय को एकीकृत कर एक व्यापक इन्फॉर्मेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्मित किया। इसके तहत, राज्य और केन्द्रीय एजेंसियों के 1,400 से अधिक यूनिट ऑफिस पोर्टल से जुड़कर सूचना का निर्बाध प्रवाह सुनिश्चित कर रहे हैं। इसके कारण, ब्ठप् और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच इन्फार्मेशन शेयरिंग के रिस्पॉन्स टाइम में भारी कमी आई है। आज ब्ठप् द्वारा मांगी गई जानकारी अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा 10 से 20 दिनों में और कुछ मामलों में मात्र 3 से 10 दिनों में साझा कर दी जाती है। मोदी सरकार ने मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (च्डस्।) को सख्ती से लागू किया है। मोदी सरकार ने च्डस्। के सख्ती से लागू होने से वर्ष 2019 से 2026 तक भगौड़ों की कुल ₹17,874 करोड़ की संपत्ति जब्त की। 2019 से 2026 तक ₹18,762 करोड़ की सफल वापसी (त्मेजपजनजपवद) की गई, इसमें देश छोड़कर भागे आर्थिक अपराधियों का पैसा शामिल है। पिछले 3 वर्षों में 401 भगोड़े अपराधियों के विरुद्ध रेड कार्नर नोटिस जारी हुए हैं। जुलाई, 2026 तक कुल 182 रेड कार्नर नोटिस जारी हुए हैं।


समस्या नहीं, समाधान सोचेंय यही विकसित भारत की पहचान बनेगी : दिनेश शेखावत
बहादुरगढ़, 03 अक्तूबर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत बालौर रोड स्थित राजकीय महाविद्यालय, बहादुरगढ़ में ैमअं थ्पतेज प्ददवअंजपवद ब्ींससमदहम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला संयोजक दिनेश शेखावत ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित भारत का निर्माण केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि युवाओं की नवाचारी सोच, उद्यमिता और जनसेवा की भावना से होगा। उन्होंने कहा कि आज का युवा नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला और समाज की समस्याओं का समाधान देने वाला बनना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सुमन हुड्डा ने की। कार्यक्रम में बहादुरगढ़ विधानसभा संयोजक नगर परिषद चेयरपर्सन सरोज राठी, विधानसभा सह संयोजक पूर्व वाइस चेयरमैन पाले राम शर्मा, विधानसभा सह संयोजक किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष राम अहलावत, अटल मण्डल अध्यक्ष पंकज गर्ग, कानोदा मण्डल अध्यक्ष सुदेश रंगा, जिला उद्योग केंद्र डैडम् विभाग बहादुरगढ़ के उद्योग विस्तार अधिकारी मंजीत दहिया, प्राचार्य डॉ. सुमन हुड्डा, डॉ अमित छिक्कारा, नोडल अधिकारी प्रोफेसर जोगेंद्र सिंह, प्रोफेसर मनोज कुमार, प्रोफेसर राजीव असीवाल, प्रोफेसर राजीव दहिया, प्रोफेसर अरूण कुमार डॉ मीनाक्षी, मंच संचालन किया डॉ सीमा, प्राध्यापकगण तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में दिनेश शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने युवाओं के लिए असीम संभावनाएं पैदा की हैं। अब समय आ गया है कि युवा केवल समस्याओं पर चर्चा करने तक सीमित न रहें, बल्कि उनके व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत कर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि ैमअं थ्पतेज प्ददवअंजपवद ब्ींससमदहम एक ऐसा मंच है जो युवाओं को समाज और शासन व्यवस्था से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों के समाधान खोजने के लिए प्रेरित करता है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, कृषि, डिजिटल सेवाएं, महिला सुरक्षा और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में युवा अपने नवाचारों के माध्यम से बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं। जिला संयोजक के रूप में कार्यक्रम की जानकारी देते हुए दिनेश शेखावत ने बताया कि प्रतियोगिता के तहत जिला स्तर पर चयनित श्रेष्ठ नवाचारों को एक लाख रुपये तक का, राज्य स्तर पर चयनित शीर्ष नवाचारों को पांच लाख रुपये तक का प्रोत्साहन मिलेगा। इसके बाद उत्कृष्ट नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर भी प्राप्त होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर अपने विचारों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करने का आह्वान किया। जिला उद्योग केंद्र बहादुरगढ़ के उद्योग विस्तार अधिकारी मंजीत दहिया ने विद्यार्थियों को स्वरोजगार, स्टार्टअप, उद्यमिता विकास तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं व सब्सिडी की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नवाचारों को उद्यम में बदलकर युवा आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं। प्राचार्य डॉ. सुमन हुड्डा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को विकसित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने और अपने नवाचारों को समाजहित में उपयोग करने का आह्वान किया। शेखावत ने विद्यार्थियों को नशामुक्त और जागरूक भारत के निर्माण का संकल्प दिलाते हुए कहा कि युवा शक्ति यदि सेवा, नवाचार, चरित्र निर्माण और राष्ट्रहित को अपना लक्ष्य बना ले, तो विकसित भारत का सपना शीघ्र ही साकार होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज की समस्याओं के समाधान और राष्ट्र के विकास के लिए करें। कार्यक्रम के अंत में दिनेश शेखावत ने विद्यार्थियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि देश का भविष्य किसी और के हाथ में नहीं, बल्कि युवाओं के अपने हाथों में है। उन्होंने आह्वान किया कि प्रत्येक विद्यार्थी अपने आसपास की कम से कम एक समस्या को पहचानकर उसके समाधान पर कार्य करने का संकल्प ले। उन्होंने कहा कि यदि युवा अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और तकनीकी क्षमता को जनसेवा तथा राष्ट्रहित के लिए समर्पित कर दें, तो भारत को विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने विद्यार्थियों से सेवा, नवाचार, नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि “बदलाव की प्रतीक्षा मत कीजिए, स्वयं बदलाव का माध्यम बनिए। जब युवा समाधान का नेतृत्व करते हैं, तब समाज आगे बढ़ता है और राष्ट्र नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता है।” कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण, नवाचार और जनसेवा के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
