


https://www.facebook.com/share/v/1EoG82yUNW
https://www.facebook.com/share/v/1Jhvjn86ZP
https://www.facebook.com/share/v/1C2geTVATe
https://www.facebook.com/share/v/14zUAL12PTE



इंडो-अमेरिकन स्कूल के विद्यार्थियों ने किया रोहतक का शैक्षणिक एवं धार्मिक भ्रमण
झज्जर, 02 अक्तूबर, अभीतक: इंडो-अमेरिकन स्कूल के विद्यार्थियों के लिए एक ज्ञानवर्धक, मनोरंजक एवं यादगार शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने रोहतक स्थित चिड़ियाघर, तिलियार झील तथा बाबा मस्तनाथ मंदिर का भ्रमण कर प्रकृति, वन्यजीव, पर्यावरण एवं भारतीय संस्कृति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने सबसे पहले रोहतक चिड़ियाघर का दौरा किया। यहां बच्चों ने विभिन्न प्रकार के पशु-पक्षियों को करीब से देखा और उनके रहन-सहन, खान-पान तथा प्राकृतिक आवास के बारे में जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों में चिड़ियाघर को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। शिक्षकों ने बच्चों को वन्यजीव संरक्षण एवं पर्यावरण संतुलन के महत्व के बारे में भी समझाया। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने तिलियार झील का भ्रमण किया। प्राकृतिक वातावरण, हरियाली और झील की सुंदरता ने बच्चों को खूब आकर्षित किया। विद्यार्थियों ने प्रकृति के बीच समय बिताते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी सीखा। बच्चों ने अपने सहपाठियों और शिक्षकों के साथ इस यात्रा का भरपूर आनंद लिया तथा अनेक यादगार क्षणों को अपने कैमरों में कैद किया। भ्रमण के अंतिम चरण में विद्यार्थियों ने बाबा मस्तनाथ मंदिर पहुंचकर दर्शन किए और मंदिर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता के बारे में जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना कर सभी के सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों ने कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कक्षा से बाहर जाकर विद्यार्थी प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से नई चीजें सीखते हैं तथा उनमें प्रकृति, संस्कृति और ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के प्रति रुचि विकसित होती है। विद्यालय निदेशक श्री विजेंद्र काद्यान ने कहा कि इंडो-अमेरिकन स्कूल विद्यार्थियों की शिक्षा को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए समय-समय पर इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण आयोजित करता रहता है। पूरे भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों में उत्साह और अनुशासन देखने को मिला। यह यात्रा विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, मनोरंजन और संस्कारों से भरपूर एक अविस्मरणीय अनुभव रही।


एच.डी. पब्लिक स्कूल, बिरोहड़ में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई
झज्जर, 02 अक्तूबर, अभीतक: एच.डी. पब्लिक स्कूल, बिरोहड़ में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। प्राचार्या नमिता दास, उप-प्राचार्य नवीन सनसनवाल एवं स्टाफ सहित विद्यालय परिवार ने दोनों महान विभूतियों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर विद्यालय निदेशक बलराज फौगाट ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाकर देश की आजादी के आंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने सत्याग्रह, स्वदेशी, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता के माध्यम से देशवासियों में एकता एवं जागरूकता पैदा की। गांधी जी का जीवन हमें सादगी, सत्य, अहिंसा और मानवता का संदेश देता है।
उन्होंने बताया कि लाल बहादुर शास्त्री सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति के प्रतीक थे। उन्होंने देश के कठिन समय में दृढ़ नेतृत्व प्रदान किया और “जय जवान, जय किसान” का नारा देकर देश के सैनिकों एवं किसानों के महत्व को उजागर किया। उनका सरल जीवन और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी सभी के लिए प्रेरणादायक है। निदेशक बलराज फौगाट ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर सत्य बोलने, अनुशासन में रहने, स्वच्छता अपनाने, मेहनत करने तथा देश और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने का संकल्प लें।






नाइजीरियाई विद्यार्थियों ने संस्कारम विश्वविद्यालय में मनाया 66वां स्वतंत्रता दिवस
रंगारंग प्रस्तुतियों से दिखाई अपनी सांस्कृतिक विरासत
झज्जर, 02 अक्तूबर, अभीतक: संस्कारम विश्वविद्यालय में नाइजीरिया के 66वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में नाइजीरियाई विद्यार्थियों ने अपनी संस्कृति, परंपराओं, इतिहास और राष्ट्रीय गौरव का जीवंत प्रदर्शन किया। विश्ववविद्यालय के इंटरनेशनल अफेयर्स विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने विश्वविद्यालय परिसर को नाइजीरियाई संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया। समारोह में नाइजीरियाई विद्यार्थियों ने राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए अपने देश के स्वतंत्रता दिवस को सम्मान और गौरव के साथ मनाया। इसके बाद विद्यार्थियों ने विशेष प्रस्तुति के माध्यम से नाइजीरिया के इतिहास, राष्ट्रीय ध्वज, सांस्कृतिक विविधता और स्वतंत्रता प्राप्ति की यात्रा से उपस्थित लोगों को परिचित कराया। विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक एवं साहित्यिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी समृद्ध विरासत की झलक प्रस्तुत की। तराबा राज्य के विद्यार्थियों ने पारंपरिक जुकुन नृत्य, जबकि प्लेटो राज्य के विद्यार्थियों ने अफ्रोबीट नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। इब्राहिम सादिक ने विशेष भाषण प्रस्तुति के माध्यम से अपने विचार रखे, वहीं मुंकैला इदरीस ने नाइजीरिया के इतिहास और स्वतंत्रता की यात्रा पर आधारित प्रस्तुति दी। सिलास क्वापडे बिट्रस ने नाइजीरिया को समर्पित कविता प्रस्तुत की, जबकि चोंग नेराट जोशुआ ने अनबाउंड’ कविता का पाठ किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में बफाजी अबूबकर, सानी गोंटो, लुबाबातु अब्दुल्लाह हसन, खलीद आबदलरहमान और मूसा अबूबकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की डीन अकादमिक डॉ. दिव्या त्यागी ने नाइजीरियाई विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि संस्कारम विश्वविद्यालय विभिन्न देशों और संस्कृतियों से आने वाले विद्यार्थियों को एक साझा मंच प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विविधता में एकता और वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना में विश्वास करता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न संस्कृतियों को समझने और साझा करने वाले ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के बीच आपसी सम्मान, भाईचारे और वैश्विक दृष्टिकोण को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के समापन अवसर पर साकिना अजह ने समापन भाषण प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने समारोह के मुख्य बिंदुओं और नाइजीरियाई विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों को संक्षेप में प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों, आयोजन समिति, विश्वविद्यालय प्रशासन एवं उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया। समारोह के समापन अवसर पर कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। उनकी प्रस्तुतियों और सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए विश्वविद्यालय की ओर से उन्हें सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. महिपाल, डीन अकादमिक, डीन छात्र कल्याण सहित विभिन्न विभागों के शिक्षकगण, एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। समारोह के माध्यम से नाइजीरियाई विद्यार्थियों ने न केवल अपने देश की स्वतंत्रता का उत्सव मनाया, बल्कि संस्कारम विश्वविद्यालय के बहुसांस्कृतिक वातावरण में अपनी राष्ट्रीय पहचान और समृद्ध विरासत को भी साझा किया।



रिफॉर्म उत्सव के तहत जिलाभर में आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में हुई ग्रामीण विकास पर चर्चा
ग्राम सभा ग्रामीणों की सहभागिता से विकास योजनाओं को तय करने का बेहतरीन प्लेटफार्म: डीसी
गांव गिरावड़ में आयोजित विशेष ग्राम सभा में डीसी वर्षा खांगवाल,ग्रामीण विकास मंत्रालय के निदेशक श्याम कुमार रहे उपस्थित
डीसी वर्षा खांगवाल ने ग्रामीणों से किया सीधा संवाद, विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं पर हुई चर्चा
झज्जर, 02 अक्तूबर, अभीतक: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर रिफॉर्म उत्सव का भव्य आगाज हुआ। शुक्रवार को डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में जिलाभर की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन हुआ। गांव गिरावड़ में आयोजित ग्राम सभा में डीसी वर्षा खांगवाल और ग्रामीण विकास मंत्रालय के निदेशक श्याम कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। गिरावड की सरपंच सविता सोनू ने गांव में पहुंचे अधिकारियों का स्वागत किया। वहीं गांव सिलानी में एसडीएम झज्जर रवि मीणा, गांव नूना माजरा में एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच, डीघल में एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, गांव देवरखाना में एसडीएम बादली विशाल कुमार, गांव बाढ़सा में आयोजित ग्राम सभा में सीटीएम ऋतु सहित सभी 250 गांव में ग्राम सभाओं का आयोजन हुआ।
गांव के विकास से जुड़े विषयों पर सुझाव जरूर दें ग्रामीण: डीसी
गांव गिरावड के ग्राम सचिवालय में आयोजित ग्राम सभा में डीसी वर्षा खांगवाल ने ग्रामीणों से सीधा संवाद करते हुए गांव के विकास, स्वच्छता, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, जन सुविधाओं तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर चर्चा की। डीसी ने कहा कि ग्राम सभा गांव के विकास की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं को ग्रामीणों की सहभागिता से तय करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण ग्राम सभा में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाते हुए गांव के विकास से जुड़े विषयों पर अपने सुझाव एवं विचार रखें, ताकि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति दी जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। ग्राम सभा के माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पात्र लोगों को उनका लाभ दिलाने की दिशा में भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक बैठे प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे: श्याम कुमार
ग्रामीण विकास मंत्रालय के निदेशक श्याम कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे नागरिक तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य तभी सार्थक होगा, जब पात्र व्यक्ति तक उसका वास्तविक लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है, जब प्रशासन और ग्रामीण मिलकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा के माध्यम से ग्रामीणों की वास्तविक जरूरतों को समझने और उनके अनुरूप विकास की दिशा तय करने में मदद मिलती है। सरकार का प्रयास है कि विकास योजनाओं और जन कल्याणकारी सेवाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुंचे।
रिफॉर्म उत्सव के तहत योजनाओं एवं सुधारों की दी जानकारी
जिला परिषद के सीईओ मनीष फोगाट ने ग्राम सभा के दौरान ग्रामीणों को विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतिगत सुधारों तथा सरकार द्वारा आमजन की सुविधा के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। ग्रामीणों से स्थानीय स्तर पर बेहतर जनसेवा और व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव भी लिए गए। गांव के विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर ग्रामीणों ने अपनी बात रखी। वहीं कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एसडीओ डॉ.जगजीत सांगवान ने ग्रामीणों को पराली प्रबंधन को लेकर जागरूक किया । सरकार की जनहितकारी योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से ग्रामीणों को डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई।
यह रहे मौजूद
इस अवसर पर डीआरओ मनवीर सांगवान, डीडीपीओ निशा तंवर, डीआईओ अमित बंसल, डीएफएससी आदित्य कौशिक सहित संबंधित अधिकारी, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।




पराली जलाना पर्यावरण के लिए बेहद नुकसानदायक: डीसी
पराली जलाने पर एफआईआर, रेड एंट्री के साथ सख्त कार्रवाई का प्रावधान
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा-फसल अवशेष जलाने वालों पर प्रशासन की कड़ी नजर, ड्रोन व सैटेलाइट मॉनिटरिंग से हो रही निगरानी
किसानों से पराली प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने की अपील
झज्जर, 02 अक्तूबर, अभीतक: जिला में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। डीसी वर्षा खांगवाल ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध के बावजूद खेतों में पराली अथवा फसल अवशेष जलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फील्ड मॉनिटरिंग के साथ-साथ तकनीकी माध्यमों से निगरानी बढ़ाने तथा पराली जलाने की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। डीसी ने कहा कि पराली जलाना न केवल पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है, बल्कि इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी प्रभावित होती है। इसलिए किसान फसल अवशेषों को जलाने की बजाय उनका उचित प्रबंधन करें और उपलब्ध कृषि मशीनरी एवं वैज्ञानिक तकनीकों का लाभ उठाएं।
पराली जलाने पर एफआईआर और जुर्माने का सख्त प्रावधान
डीसी ने बताया कि खेत में पराली जलाने की पुष्टि होने पर संबंधित खेत मालिक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नियमों के तहत जुर्मानाध्पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाने के साथ ही सत्यापित मामलों में राजस्व रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज करने का प्रावधान है। साथ ही, उल्लंघन के मामलों में नियमानुसार एफआईआर एवं चालान की कार्रवाई भी की जाएगी।
रेड एंट्री के कारण सरकारी खरीद से जुड़े लाभ हो सकते हैं प्रभावित
डीसी ने बताया कि पराली जलाने की पुष्टि के बाद की जाने वाली रेड एंट्री का असर खेत मालिक को मिलने वाले सरकारी लाभों पर भी पड़ सकता है। ऐसे मामलों में सरकारी खरीद एवं एमएसपी से संबंधित लाभ प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे किसी भी स्थिति में फसल अवशेष न जलाएं और प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही वैकल्पिक व्यवस्थाओं का उपयोग करें।
ड्रोन व सेटेलाइट से भी रखी जा रही नजर
जिलाभर में पराली जलाने की घटनाओं की पहचान के लिए फील्ड स्तर पर निगरानी के साथ-साथ तकनीकी माध्यमों का भी उपयोग किया जा रहा है। संभावित घटनाओं की पहचान और उनके सत्यापन के लिए सैटेलाइट आधारित मॉनिटरिंग तथा आवश्यकता अनुसार ड्रोन से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा गांव स्तर पर अधिकारियों व कर्मचारियों की टीमें भी सक्रिय हैं।
क्विक रेस्पॉन्स टीम को दिए गए तत्काल कार्रवाई के निर्देश
डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थान पर फसल अवशेष जलाने की सूचना मिलते ही क्विक रेस्पॉन्स टीम तत्काल मौके पर पहुंचे। घटना का सत्यापन करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पराली प्रबंधन को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
फसल अवशेष प्रबंधन पर किसानों को मिल रही प्रोत्साहन राशि
डीसी ने किसानों से कहा कि पराली को जलाने की बजाय खेत में ही उचित तरीके से प्रबंधित करें। पराली को खेत में मिलाने सहित फसल अवशेष प्रबंधन के वैज्ञानिक उपाय अपनाने वाले किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत पात्र किसानों के लिए 1200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि का प्रावधान भी है। उन्होंने किसानों से फसल अवशेष प्रबंधन के लिए उपलब्ध कृषि मशीनरी का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसान पराली को खेत में मिलाकर मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। डीसी ने कहा कि पराली प्रबंधन को सफल बनाने में ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका है। गांव स्तर पर किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक किया जाए तथा फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के लिए उपलब्ध विकल्पों की जानकारी दी जाए। पराली में आग लगाने की बजाय वैज्ञानिक तरीके से करें प्रबंधन
डीसी वर्षा खांगवाल ने जिला के किसानों से अपील करते हुए कहा कि किसान पराली में आग लगाने की बजाय उसका वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करें। इससे वायु प्रदूषण को कम करने के साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति को भी सुरक्षित रखा जा सकेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पराली जलाने के मामलों में प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।


सेवा की कहानी: गाँव उखलचना (कोट) में इंडोर जिम से स्वस्थ एवं सशक्त ग्रामीण समाज की ओर बढ़ता कदम
गांव में ही उपलब्ध हुई आधुनिक व्यायाम एवं फिटनेस सुविधा
झज्जर, 02 अक्तूबर, अभीतक: ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं एवं आमजन को स्वास्थ्य एवं फिटनेस संबंधी सुविधाएं उपलब्ध करवाना आज की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। आधुनिक जीवनशैली, शारीरिक गतिविधियों में कमी तथा स्वास्थ्य संबंधी बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए गांव स्तर पर बेहतर खेल एवं फिटनेस सुविधाओं का होना बेहद जरूरी है। इसी दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा जिला के गांव उखलचना (कोट) में आधुनिक इंडोर जिम की स्थापना की गई है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अपने ही गांव में सुविधाजनक एवं बेहतर वातावरण में व्यायाम तथा फिटनेस की सुविधा उपलब्ध करवाना है। इंडोर जिम की स्थापना से पहले गांव के युवाओं एवं अन्य ग्रामीणों को व्यायाम एवं फिटनेस के लिए झज्जर शहर की निजी जिम में जाना पड़ता था। इससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त आवश्यकता होती थी तथा अनेक लोग नियमित व्यायाम नहीं कर पाते थे। अब गांव में ही इंडोर जिम की सुविधा उपलब्ध होने से ग्रामीणों को अपने घर के नजदीक आधुनिक व्यायाम सुविधाएं प्राप्त हुई हैं।
युवाओं में बढ़ रही फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति रुचि
सीईओ जिला परिषद मनीष फोगाट ने बताया कि गाँव उखलचना का इंडोर जिम युवाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हो रहा है। युवा अपनी दैनिक दिनचर्या में व्यायाम को शामिल कर रहे हैं तथा शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय बन रहे हैं। गांव में इंडोर जिम की स्थापना से युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता, अनुशासन एवं नियमितता को बढ़ावा मिल रहा है। व्यायाम के माध्यम से युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ने के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रवृत्ति भी मजबूत हो रही है। यह सुविधा युवाओं को नशे एवं अन्य अस्वस्थ गतिविधियों से दूर रखते हुए उन्हें सकारात्मक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने में भी सहायक सिद्ध हो रही है।
महिलाओं और आमजन के लिए भी स्वास्थ्य जागरूकता का माध्यम
इंडोर जिम की सुविधा केवल युवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव की महिलाओं एवं अन्य आयु वर्ग के लोगों के लिए भी यह स्वास्थ्य एवं फिटनेस के प्रति जागरूकता का माध्यम बन रही है। गांव में ही व्यायाम की सुविधा उपलब्ध होने से महिलाएं एवं अन्य ग्रामीण अपनी सुविधा के अनुसार शारीरिक गतिविधियों को दैनिक जीवन का हिस्सा बना सकते हैं। इससे महिलाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण एवं समग्र कल्याण को भी बढ़ावा मिल रहा है। ग्रामीणों को अपने ही गांव में फिटनेस की सुविधा मिलने से स्वास्थ्य को लेकर सकारात्मक सोच विकसित हो रही है।
फिटनेस को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की दिशा में पहल
इंडोर जिम के माध्यम से ग्रामीणों को यह संदेश मिल रहा है कि स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ जीवन की आधारशिला है। नियमित व्यायाम से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है तथा व्यक्ति अपने दैनिक कार्यों को अधिक ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ कर सकता है। गांव में स्थापित यह इंडोर जिम ग्रामीणों में फिटनेस को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की सोच को मजबूत कर रहा है। नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधियों के प्रति बढ़ती जागरूकता आने वाले समय में ग्रामीण समाज को अधिक स्वस्थ एवं सक्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
ग्रामीण विकास के साथ मानव संसाधन विकास की ओर सार्थक कदम
गाँव उखलचना में स्थापित इंडोर जिम हरियाणा सरकार की उस सोच का उदाहरण है, जिसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी शहरी क्षेत्रों के समान आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है। यह पहल ग्रामीण विकास के साथ-साथ मानव संसाधन के विकास पर भी केंद्रित है। गांव के युवाओं को बेहतर वातावरण एवं सुविधाएं उपलब्ध करवाकर उन्हें स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इंडोर जिम केवल व्यायाम उपकरणों और एक भवन तक सीमित सुविधा नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण जीवन में स्वस्थ सोच और सकारात्मक बदलाव की शुरुआत का माध्यम बन रहा है। गांव उखलचना में इंडोर जिम की स्थापना से युवाओं एवं आमजन को अपने गांव में ही फिटनेस की सुविधाएं उपलब्ध हुई हैं। इसके माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन, खेल भावना एवं सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का अवसर मिला है। हरियाणा सरकार की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में “स्वस्थ नागरिकदृस्वस्थ गांवदृस्वस्थ हरियाणा” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।




बहादुरगढ़ में अवैध पीवीसी मार्केट और प्लास्टिक कचरे की डंपिंग के खिलाफ धारा 163 लागू
जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने जारी किए आदेश
बहादुरगढ़, 02 अक्तूबर, अभीतक: जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए बहादुरगढ़ क्षेत्र में अवैध तरीके से प्लास्टिक कचरे की डंपिंग व अनलोडिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। जारी आदेश के अनुसार बहादुरगढ़ में अवैध पीवीसी बाजार के चलते प्लास्टिक कचरा अनधिकृत रूप से सार्वजनिक स्थानों व भूमि पर डंपिंग करने से वायु और जल प्रदूषण की स्थिति उत्पन्न हो रही है। यह जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है और आमजन के जीवन की गुणवत्ता एवं शांति व्यवस्था को भी प्रभावित कर रहा है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए आदेश आमजन के हित में पारित किया गया है। यह आदेश 2 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे। उन्होंने बताया कि इन आदेशों के अनुपालन की जिम्मेदारी पुलिस विभाग, आरटीए, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, नगर परिषद बहादुरगढ़ के कार्यकारी अधिकारी तथा संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को सौंपी गई है। आदेश के उल्लंघन पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।





आंगन मिलन सेवा मॉड्यूल के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों पर महिलाओं को दी गई संतुलित आहार की जानकारी
खंड मातनहेल और साल्हावास में आंगनबाड़ी केंद्रों पर आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम दूसरे दिन भी जारी
15 हजार 50 लाभार्थियों ने लिया भाग, पोषण, स्वस्थ खान-पान और सरकारी योजनाओं की दी जानकारी
महिलाओं और किशोरियों और बच्चों को संतुलित पोषाहार,स्वस्थ जीवनशैली और सामुदायिक स्वास्थ्य के प्रति निरन्तर जागरूक कर रहा महिला एवं बाल विकास विभाग
झज्जर, 02 अक्तूबर, अभीतक: जिलाभर में डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में आगामी 17 अक्टूबर तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन जारी है। शुक्रवार को सेवा संकल्प अभियान के ‘आंगन मिलन सेवा’ मॉड्यूल के थींम पर खंड मातनहेल और साल्हावास में आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन दिवसीय कार्यक्रमों के दूसरे दिन पेन्टिग, रंगोली, स्वस्थ बालक-बालिका स्पर्धा आदि कार्यक्रम आयोजित किए गए। मातनहेल में सीडीपीओ राजबाला व सुपरवाइजर सुमन रानी, छुछकवास में सुपरवाइजर रश्मि रानी के नेतृत्व में पोषण सम्बन्धी गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया। इस दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों पर लाभार्थियों से संवाद कर पोषण, बच्चों की वृद्धि एवं विकास, स्वस्थ संतुलित खान-पान और अच्छे व्यवहार सहित विभिन्न विषयों पर जानकारी दी गई।
आंगनवाड़ी केंद्रों पर महिलाओं को दी जा रही योजनाओं की जानकारी
डीपीओ नेहा दहिया ने बताया कि कार्यक्रमों के दौरान सीडीपीओ राजबाला व सुपरवाइजर सुमन ने मातनहेल में विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों के लाभार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें बच्चों के उचित पोषण, वृद्धि एवं विकास तथा स्वस्थ जीवन शैली के महत्व के बारे में जागरूक किया । साथ ही गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार के संबंध में भी जानकारी दी गई।
पोषण और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति किया जागरूक
डीपीओ ने बताया कि ‘आंगन मिलन सेवा’ मॉड्यूल के माध्यम से प्रतिदिन आंगनवाड़ी केंद्रों को पोषण, स्वास्थ्य, योग एवं स्वस्थ जीवनशैली संबंधी जागरूकता का केंद्र बनाया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य लाभार्थियों को स्वास्थ्यवर्धक आदतों को अपनाने तथा बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं विकास के लिए जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि खंड साल्हावास के 111तथा मातनहेल के 148 आंगनवाड़ी केंद्रों में आयोजित गतिविधियों में दूसरे दिन खंड साल्हावास से 6529 तथा खंड मातनहेल क्षेत्र से 8521 लाभार्थियों ने भाग लिया। इस प्रकार दोनों खंडों में कुल 15 हजार 50 लाभार्थियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
महिलाओं के कल्याण को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग प्रतिबद्ध
डीपीओ ने बताया कि कार्यक्रमों के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की टीमों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में भी लाभार्थियों को जानकारी दी गई। इनमें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना, मुख्यमंत्री मातृत्व एवं शिशु कल्याण योजना तथा आंगनवाड़ी आधारित स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी योजनाओं की जानकारी शामिल रही।



सेवा संकल्प अभियान के तहत बेरी ब्लाक में सेवा सेतु कैंप शनिवार को: सीईओ
सेवा सेतु कैंप के माध्यम से सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है एक छत के नीचे
झज्जर, 02 अक्तूबर, अभीतक: जिलाभर में सेवा संकल्प अभियान के तहत आमजन को सरकार की योजनाओं का लाभ उनके नजदीक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में सेवा सेतु कैम्प लगाए जा रहे हैं। डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में लग रहे सेवा सेतु कैम्प में लोग सरकार की योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनीष फोगाट ने जानकारी देते हुए बताया कि 3 अक्टूबर को बेरी ब्लाक परिसर, 5 अक्टूबर को गांव दुबलधन, 6 अक्टूबर को बादली ब्लॉक मुख्यालय व मातनहेल ब्लॉक मुख्यालय, 7 अक्टूबर को गांव बुपनिया तथा 8 अक्टूबर को गांव गुभाना में सेवा सेतु कैंप आयोजित होंगे। उन्होंने बताया कि 9 अक्टूबर को गांव खानपुर खुर्द व गांव पाटोदा, 10 अक्टूबर को गांव बिरोहड़, 12 अक्टूबर को माछरौली ब्लॉक मुख्यालय व गांव ढाकला, 13 अक्टूबर को गांव खुड्डन, 14 अक्टूबर को साल्हावास ब्लॉक मुख्यालय तथा 15 अक्टूबर को गांव भुरावास में सेवा सेतु कैंप आयोजित किए जाएंगे।
महाराजा अग्रसेन जयंती के उपलक्ष्य में अग्रसेन भवन में विशेष स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता कार्यक्रम 4 अक्टूबर को
भिवानी, 02 अक्तूबर, अभीतक: महाराजा अग्रसेन जयंती के उपलक्ष्य में श्री अग्रवाल सभा एवं अग्र रत्न शक्ति, भिवानी के संयुक्त तत्वावधान में 4 अक्टूबर 2026 को प्रातः 9ः30 बजे अग्रसेन भवन, हालू बाजार, भिवानी में विशेष स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के संयोजक पंकज कसेरा ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री घनश्याम सर्राफ, विधायक एवं पूर्व मंत्री, हरियाणा सरकार होंगे, जबकि उद्घाटनकर्ता डॉ. धीरज परिहार, निदेशक, पंडित नेकीराम शर्मा जीएमसी, भिवानी होंगे। समारोह की अध्यक्षता डॉ. के.एम. गोयल एवं डॉ. आर.बी. गोयल करेंगे। सम्मानित अतिथि के रूप में मीनू अग्रवाल, निर्मला जैन, प्रवीण गर्ग, सतीश वैद, नरेंद्र सिंगला, कृष्ण कसेरा, महेश जूई वाला, ललित मित्तल, अजय सर्राफ, पीयूष अग्रवाल, अजय घोटू, विवेक अग्रवाल उपस्थित रहेंगे! कसेरा ने बताया कि कार्यक्रम में विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। आमंत्रित चिकित्सकों में डॉ. आशीष मित्तल (हृदय रोग विशेषज्ञ), डॉ. राहुल गोयल (हड्डी रोग विशेषज्ञ), डॉ. मोनिका अग्रवाल (स्त्री रोग विशेषज्ञ), डॉ. सुमित गोयल (छाती रोग विशेषज्ञ), डॉ. आयुष अग्रवाल (बाल रोग विशेषज्ञ) तथा डॉ. सौरभ जैन (दंत रोग विशेषज्ञ) शामिल हैं। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से स्वास्थ्य संबंधी परामर्श उपलब्ध करवाना है। महाराजा अग्रसेन के सेवा, सहयोग एवं सामाजिक समरसता के संदेश को आगे बढ़ाते हुए इस आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी रहेगी। आयोजक श्री अग्रवाल सभा एवं अग्र रत्न शक्ति ने समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचकर आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया है।



राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए
झज्जर, 02 अक्तूबर, अभीतक: गुभाना के लोकहित पुस्तकालय में लोकहित समिति के सदस्यों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। समिति अध्यक्ष नरेश कौशिक ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने पूरी दुनिया को सत्य और अहिंसा का संदेश दिया। उन्होंने महात्मा बुद्ध के संदेश अहिंसा परमो धर्म को अपने जीवन में अपनाया और दूसरों को भी प्रेरित किया। उन्होंने अपने सत्याग्रह के सिद्धांत व असहयोग आंदोलन के माध्यम से अंग्रेजों को भारत छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया था। महात्मा गांधी ने देश को मजबूत बनाने के लिए कई आंदोलन चलाएं। वही भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने देश की स्वायत्तता और आत्मनिर्भरता का जो कार्य किया। उसी की बदौलत आज न केवल हम सुरक्षा और खाद्यान्न की दृष्टि से आत्मनिर्भर हैं बल्कि अन्य देशों को अनाज निर्यात करने में और सुरक्षा देने में सक्षम है। शास्त्री जी ने जय जवान जय किसान का नारा देकर देश को हरित क्रांति की ओर बढ़ाया। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में पहलवान रामकुमार रामनिवास सतबीर सिंह जगमोहन सुदेश कौशिक दीपक कौशिक फूल कुमार आदि मौजूद रहे।



झज्जर जिले की 11 पंचायतों में किया जल अर्पण
विभाग के अधिकारियों ने ग्राम सभाओं के माध्यम से रखी विकास एवं उपलब्धियों की बात
गिरावड में जिला स्तर के कार्यक्रम में जिला कंसलटेंट श्याम अहलावत ने जल जीवन मिशन व जल नीति 2026 के बारे दी विस्तृत जानकारी स
झज्जर, 02 अक्तूबर, अभीतक: शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी की जयंती के अवसर पर जिले की 11 पंचायतों में जहाँ जल अर्पण दिवस कार्यक्रम बड़े उल्लास के साथ मनाया गया वहीं गांव गिरावड़ में ग्राम सभा के रूप में जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया स वहीं जिले भर की अन्य 139 ग्राम पंचायतों में भी ग्राम सभा के माध्यम से ग्राम सभा के अजेंडा जल अर्पण संबंधित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई स शुक्रवार को महात्मा गाँधी जयंती के अवसर पर झज्जर जिले में आयोजित विभिन्न ग्राम सभाओं में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता, जिला सलाहकार, उपमंडल अभियंता, बीआरसी व कनिष्ठ अभियंता स्तर अधिकारियों ने विभाग का प्रतिनिधित्व किया स झज्जर के गांव गिरावड़ में ग्राम सभा के विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार में निदेशक श्याम कुमार ने शिरकत की वहीं विशिष्ट अतिथि के तौर पर जिला उपायुक्त झज्जर वर्षा खनग्वाल उपस्थित रही स इस कार्यक्रम में ब्लॉक विकास में पंचायत अधिकारी भारती, हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के डीपीएम विनोद धनखड़, जिला कंसलटेंट डबल्यूएसएसओ श्याम अहलावत, एसडीओ पब्लिक हेल्थ कीर्ति प्रकाश,बीआरसी मीनू वत्स, बीआरसी पूजा के अलावा अनेक विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहें स झज्जर जिले के सभी गांव में विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने प्रतिनिधित्व करते हुए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के तहत गांव में हुए के विकास कार्यों की रुपरेखा प्रस्तुत करने के साथ ही विभागीय उपलब्धियां एवं सरकार की योजनाओं को ग्रामीणों के बीच रखा स यहीं नहीं ग्राम सभा के दौरान जल अर्पण कार्यक्रम व हरियाणा सरकार की सामुदायिक सहभागिता जल योजना संचालन एवं रखरखाव नीति 2026 के बारे में विस्तृत जानकारी दी स वहीं झज्जर जिले की 11 ग्राम पंचायतों में अधीक्षक अभियंता श्री अमित श्योकन्द जी के मार्गदर्शन में ग्राम सभा के दौरान विशेष जल अर्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया स कार्यक्रम के दौरान डबल्यू.एस.एस.ओ व पीएचडी स्टॉफ द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण गतिविधियां आयोजित की गई स जिसमें जल बंधन, जल परिक्रमा, जल संकल्प, जल वीरों का सम्मान व समुदाय के साथ सहभागिता आदि मुख्य रूप से शामिल रहें स कार्यक्रम के दौरान जहाँ ग्राम सभा में विभाग के प्रतिनिधि द्वारा विकास कार्यों व उपलब्धियों का उल्लेख किया गया स वही जल संरक्षण एवं प्रबंधन में विभाग का सहयोग एवं उल्लेखनीय कार्य करने वाले जल वीरों का सम्मान किया गया स इसके साथ ही ग्राम सभा में उपस्थित ग्रामीणों को जल शपथ दिलाई गई स इस क्रम में सभी विशिष्ट 11 ग्राम पंचायतों के जल घर एवं जल स्रोतों की परिक्रमा एवं संजाने स्वारने का कार्य किया गया स इस अवसर पर बीआरसी मीनू वत्स द्वारा बादली ब्लॉक के गांव दरियापुर, खेड़का गुर्जर एवं खेड़ी जट्ट में जल अर्पण का कार्यक्रम किया गया स वहीं बीआरसी प्रमिला द्वारा सिलाना व कलोई में,बीआरसी सरला द्वारा आजादनगर में, बीआरसी दिनेश कुमार द्वारा सुबाना व बिठला में, बीआरसी सुनील द्वारा डाबोदा खुर्द में व महाराणा में जेई प्रवीन कुमार द्वारा जल अर्पण का कार्य किया गया।
रुड़की गांव की बेटी प्रवीण हुड्डा ने एशियन गेम्स में रचा इतिहास, गोल्ड मेडल जीतकर देश प्रदेश का नाम रोशन किया



भिवानी: रवि आजाद मामले में बड़ी पंचायत, 20 सदस्यीय कमेटी का गठन, गुरनाम चढूनी ने बताई आगे की रणनीति
रवि आजाद को न्याय दिलाने के लिए जुटीं खापें और किसान संगठन, सीबीआई जांच की उठी मांग
साढ़े 9 महीने से जेल में बंद रवि आजाद का मामला गरमाया, पंचायत में उठी निष्पक्ष जांच की मांग
रवि आजाद मामले में किसान संगठनों का बड़ा ऐलान, 20 सदस्यीय कमेटी संभालेगी आंदोलन
अगर रवि निर्दोष है तो क्यों भुगते परिवार?’ सुमन हुड्डा ने उठाए जांच पर सवाल
गुरनाम चढूनी का बड़ा बयान, रवि आजाद की लोकेशन और ळच्ै रिकॉर्ड जांच में शामिल न करने का आरोप
रवि आजाद मामले में खापों-किसान संगठनों की महापंचायत, आगे के आंदोलन पर बनी कमेटी
रवि आजाद केस में न्याय की मांग तेज, किसान नेताओं ने पुलिस जांच पर उठाए सवाल
दोषी है तो कार्रवाई करो, निर्दोष है तो न्याय दो’: रवि आजाद मामले में सुमन हुड्डा का बयान
रवि आजाद मामले में पंचायत का बड़ा फैसला, किसान संगठनों और खाप प्रतिनिधियों की 20 सदस्यीय कमेटी गठित



लोक सेवा मंच के कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमाओं पर किया माल्यार्पण, बुलंद किये गगनभेदी नारे
जनहितकारी मुद्दों के समर्थन में मंच के कार्यकर्ताओं ने गांधी चैक से शास्त्री चैक तक निकाली जोरदार रैली
रेवाड़ी, 02 अक्तूबर, अभीतक: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तथा लाल बहादुर शास्त्री के जन्म दिवसों के सिलसिले में राष्ट्रीय सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच के पदाधिकारियों ने स्थानीय मॉडल टाउन स्थित उनकी प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करके उनकी यादों में गगनभेदी नारे बुलंद किये। इस अवसर पर राष्ट्रीय प्रगतिशील विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच के नेतृत्व में मंच के कार्यकर्ताओं ने जनहितकारी ज्वलंत मुद्दों के समर्थन में गांधी चैक से शास्त्री चैक तक जोरदार रैली भी निकाली। अपने संबोधन में राष्ट्रीय प्रगतिशील विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच ने कहा कि सत्य,अहिंसा और क्रांतिकारी बलिदानों के रास्ते महात्मा गांधी के नेतृत्व में देशवासियों को आजादी मिली। प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए राष्ट्र-समाज को आगे बढ़ाने में लाल बहादुर शास्त्री ने ऐतिहासिक योगदान दिया। शास्त्री जी ने श्जय जवान,जय किसानश् का नारा बुलंद करके देश को आत्म निर्भर बनाने का व्यवहारिक रास्ता बताया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्वक ढंग से सफलता के लिए ऐसे महापुरुषों को याद करते हुए उनके आदर्शों को अपनाना देश-प्रदेश की सरकारों व नागरिकों के लिए आवश्यक है। अशोक प्रधान ने कहा कि सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच पिछले करीब 10 माह से लगातार मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान चलाकर जनहित के मुद्दों की जोरदार आवाज बुलंद कर रहा है जिसको लोगों का भारी समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि अनेक आम नागरिकों को जीवन-जिंदगी की भारी व्यस्तताओं को लेकर चैक-चैराहों पर स्थित महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री सरीखे महापुरुषों की प्रतिमाओं पर पुष्प चढ़ाने का समय नहीं मिल पाए ,तो नागरिकों को उनकी विचारधाराओं को अपने दिलो-दिमाग में रखकर उनके बताए रास्तों पर चलने के प्रयास करने चाहिएं। उन्होंने महापुरुषों के सपनों को पूरा करने के लिए देश-प्रदेश की सरकारों से आम नागरिक के हितों का ध्यान रखते हुए काम करने का पुरजोर आग्रह किया। इस अवसर पर कोर कमेटी के सदस्य महेश कौशिक, बीके राम सिंह, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, नंदलाल यादव, जगमोहन यदुवंशी, राजीव कुमार, विजय सिंह यादव, बिंदल अग्रवाल, प्रो. सतीश कुमार यादव, मदनलाल शर्मा सहित लोक सेवा मंच के राष्ट्रीय संगठन सचिव अभिषेक कुमार आदि ने भी अपने विचार रखें। इस अवसर पर जनभावनाओं के मद्देनजर कोर कमेटी के सदस्यों ने सर्वसम्मत संकल्प लिया कि समस्याओं का समाधान होने तक जनहित में जारी लोक सेवा मंच के मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान की गति और तेज की जाएगी।
बहादुरगढ़ में नकली प्यूमा जूतों का भंडाफोड़
बहादुरगढ, 02 अक्तूबर, अभीतक:एमआईई पार्ट-बी स्थित एसएम इंटरप्राइजेज में पुलिस ने छापा मारकर प्यूमा ब्रांड से मिलते-जुलते जूते और भारी मात्रा में कच्चा माल बरामद किया। प्यूमा कंपनी के अधिकृत अधिकारी नीरज की शिकायत पर हुई कार्रवाई में 1722 जूते, 2440 अपर, 1000 पतावे, चिपकाने वाला केमिकल, ब्रश और लकड़ी की डाई मिली। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ धोखाधड़ी और कॉपीराइट एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


सेवा संकल्प अभियान: गांव बोलनी में आज लगाया जाएगा सेवा सेतु शिविर
जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र नागरिकों का किया जाएगा पंजीकरण
रेवाड़ी, 02 अक्तूबर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन में विभिन्न विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ अन्य जागरूकता गतिविधियां और शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जिला में सेवा सेतु शिविर के माध्यम से आमजन को योजनाओं की जानकारी देने के साथ पंजीकरण भी किया जा रहा है। जिला समाज कल्याण अधिकारी रेनू बाला ने जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार को धारूहेड़ा ब्लॉक के गांव बोलनी में सेवा सेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने गांव बोलनी के ग्राम सचिवालय में आयोजित होने वाले सेवा सेतु शिविर में ग्रामीणों को अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान किया।

महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बना रही लाडो लक्ष्मी योजना: डा. कृष्ण कुमार
विधायक डा. कृष्ण कुमार ने की जनसुनवाई, मौके पर अधिकारियों को फोन कर कराया समस्याओं का समाधान
कहा, सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए एमएसपी सहित अनेक कल्याणकारी योजनाएं की लागू
बावल, 02 अक्तूबर, अभीतक: बावल के विधायक डा. कृष्ण कुमार ने शुक्रवार को रेवाड़ी स्थित अपने कार्यालय में जनसुनवाई करते हुए लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे लोगों ने बिजली, पानी, सड़क, पेंशन, परिवार पहचान पत्र, विकास कार्यों सहित विभिन्न समस्याएं विधायक के समक्ष रखीं। विधायक ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से फोन पर बातचीत कर कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान कराया तथा शेष समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। विधायक डा. कृष्ण कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में सरकार आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। सरकार की प्राथमिकता है कि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिले और उन्हें कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार द्वारा दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना सहित विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं से महिलाओं को आर्थिक सहायता के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है। विधायक ने कहा कि सरकार ने किसानों के हित में भी अनेक कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं। किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने के लिए एमएसपी सहित विभिन्न स्तरों पर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। विधायक ने कहा कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के मार्गदर्शन और स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से बावल में तेजी से विकास कार्य करवाएं जा रहे हैं। बावल के विकास कार्यों के लिए कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करें और विकास कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें।




दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के दूसरे चरण के लिए पात्र महिलाएं करें पंजीकरण
अब 1.80 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाएं भी योजना की पात्र, कर सकती हैं आवेदन
रेवाड़ी, 02 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वावलंबन की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के दूसरे चरण की आधिकारिक शुरुआत कर दी है। योजना के इस नए चरण में पात्रता के दायरे को बढ़ाते हुए अब 1.80 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को भी शामिल कर लिया गया है। इस योजना का लाभ मिलने के बाद भी उनके सारे सरकारी लाभ जारी रहेंगे। डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत पात्र लाभार्थी महिलाओं को प्रति माह 2100 रुपये की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में (डीबीटी के माध्यम से) ट्रांसफर की जाएगी। योजना के दूसरे चरण के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया पूरे प्रदेश में शुरू की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र महिलाएं आवेदन कर सकती है। आवेदन की प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए डिजिटल एवं ऑफलाइन दोनों माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं। डिजिटल माध्यम से पात्र महिलाएं अपने स्मार्टफोन पर लाडो लक्ष्मी योजना डाउनलोड कर घर बैठे अपना पंजीकरण कर सकती है। इसके अलावा, जो महिलाएं ऑफलाइन माध्यम से आवेदन करना चाहती हैं, वे अपने नजदीकी समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय, सीएससी सेंटर या जिला में आयोजित किए जा रहे सेवा सेतु शिविर में उपलब्ध सहायता काउंटरों के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। डीसी ने जिला की सभी पात्र महिलाओं से अपील की है कि वे योजना की पात्रता सुनिश्चित करने के बाद बिना किसी देरी के अपना पंजीकरण करवाएं और योजना के तहत मिलने वाली 2100 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता का लाभ उठाएं।


सेवा संकल्प अभियान: कहानी बदलाव की
मत्स्य पालन से किसान अपनी आजीविका को कर रहे सुदृढ़
मत्स्य पालन विभाग की वैज्ञानिक एवं आधुनिक तकनीकों के साथ विभिन्न योजनाओं का लाभ उठा रहे पात्र
रेवाड़ी, 02 अक्तूबर, अभीतक: केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी कड़ी में मत्स्य पालन भी किसानों के लिए आय एवं रोजगार का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभर रहा है। जिला में अनेक किसान मत्स्य पालन को अपनाकर उपलब्ध जल संसाधनों का सदुपयोग कर अपनी आजीविका को सुदृढ़ कर रहे हैं। जिला मत्स्य अधिकारी अंजू रानी ने जानकारी देते हुए बताया कि मत्स्य पालन विभाग द्वारा किसानों को मत्स्य पालन की वैज्ञानिक एवं आधुनिक तकनीकों की जानकारी देने के साथ-साथ विभागीय योजनाओं, सुविधाओं एवं आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन के बारे में जागरूक किया जा रहा है। विभाग के मार्गदर्शन से किसानों को मत्स्य पालन की गतिविधियों को व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक तरीके से संचालित करने में सहायता मिल रही है।
उपयोगी व्यवसाय के रूप में अपना सकते हैं मत्स्य पालन
गांव नंदरामपुर बास निवासी देवेश कुमार ने मत्स्य पालन से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि मत्स्य पालन उनके लिए आजीविका एवं आय का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना है। उन्होंने बताया कि मत्स्य पालन विभाग से प्राप्त मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहयोग और योजना से उन्हें इस गतिविधि को बेहतर तरीके से संचालित करने में सहायता मिली। उन्होंने बताया कि योजना की उचित जानकारी एवं वैज्ञानिक तरीके अपनाकर किसान मत्स्य पालन को एक उपयोगी व्यवसाय के रूप में अपना सकते हैं। वहीं गांव गुमिना निवासी सुशीला देवी ने बताया कि मत्स्य पालन के माध्यम से उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर एवं उत्पादक उपयोग हो रहा है तथा इससे आय के अतिरिक्त अवसर प्राप्त हुए हैं। उन्होंने मत्स्य पालन विभाग द्वारा प्रदान किए जा रहे मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
किसानों को योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किया जा रहा प्रेरित
जिला मत्स्य अधिकारी अंजू रानी ने बताया कि विभाग द्वारा किसानों को मत्स्य पालन से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध करवाने के साथ-साथ पात्र लाभार्थियों को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन दिया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को मत्स्य पालन से जोड़ना तथा ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार एवं आय के नए अवसरों को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि मत्स्य पालन के माध्यम से जहां किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त हो रहे हैं, वहीं उपलब्ध जल संसाधनों का भी समुचित एवं उत्पादक उपयोग सुनिश्चित हो रहा है। विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों को अपनाने के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।




सेवा संकल्प अभियान: आंगन मिलन सेवा के तहत स्वास्थ्य, पोषण एवं बाल सहभागिता पर कार्यक्रम किए आयोजित
जाटूसाना ब्लॉक की आंगनबाड़ी केंद्रों में किए जा रहे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
रेवाड़ी, 02 अक्तूबर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिला में श्आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को जाटूसाना ब्लॉक की आंगनबाड़ी केंद्रों पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में स्थानीय समुदाय, माताओं तथा बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी शालू यादव ने बताया कि जाटूसाना ब्लॉक की आंगनबाड़ी केंद्रों में दूसरे दिन की गतिविधियों का मुख्य फोकस मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, प्रारंभिक बाल देखभाल एवं शिक्षा तथा बच्चों की सहभागिता पर रहा। केंद्रों पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संबंधी परामर्श एवं जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ छूटे हुए बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं की पहचान पर भी विशेष ध्यान दिया गया। एनीमिया की रोकथाम, जांच तथा आयरन-फॉलिक एसिड की गोलियों के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी शालू यादव ने बताया कि बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास की निगरानी के लिए वृद्धि एवं विकास मापन किया गया। प्रारंभिक बाल देखभाल एवं शिक्षा के तहत रचनात्मक गतिविधियां तथा खेल-खेल में सीखने की तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। बच्चों को विद्यालय पूर्व शिक्षा और विद्यालय के लिए तैयारी संबंधी आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने मनोरंजक गीत, बाल कविताएं एवं कहानी सुनाने जैसी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों की रचनात्मकता और सहभागिता बढ़ाने के लिए विभिन्न खेल, चित्रकारी एवं रंग भरने की गतिविधियां भी करवाई गईं।



भारतीय विमेंस हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में 44 साल बाद गोल्ड जीत लिया
नई दिल्ली, 02 अक्तूबर, अभीतक: भारतीय विमेंस हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में 44 साल बाद गोल्ड जीत लिया। टीम ने फाइनल में चीन को 1-0 से हराया। भारत के लिए एकमात्र गोल लालरेमसियामी ने किया। इससे पहले भारत ने 1982 में साउथ कोरिया को हराकर गोल्ड जीता था। भारत को एशियन गेम्स के 13वें दिन 6 गोल्ड मिले। बॉक्सर अंकुश पंघाल ने पुरुषों की 80 किग्रा वेट कैटेगरी में गोल्ड जीता, जबकि इससे ठीक पहले सुजीत कलकल ने रेसलिंग के पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल में गोल्ड अपने नाम किया। शुक्रवार को बॉक्सर परवीन हुड्डा ने विमेंस 65 किग्रा और लवलीना बोरगोहेन ने विमेंस 75 किग्रा वेट कैटेगरी में गोल्ड जीता। इसके साथ पहली बार 3 भारतीय मुक्केबाज एक ही एशियन गेम्स में चैंपियन बने। सुबह भारतीय महिला तीरंदाजी टीम ने रिकर्व इवेंट में गोल्ड जीता था। विमेंस हॉकी के गोल्ड के साथ भारत के कुल 16 गोल्ड हो गए हैं और वह मेडल टैली में 5वें नंबर पर है।
प्रधानमंत्री ने भारतीय महिला हॉकी टीम को एशियाई खेलों में 4 दशकों से ज्यादा समय बाद स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी
नई दिल्ली, 02 अक्तूबर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय महिला हॉकी टीम को एशियाई खेलों में 4 दशकों से ज्यादा समय बाद स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने टीम की दृढ़ इच्छा शक्ति को प्रेरक बताते हुए उसकी सराहना की और कहा कि यह सफलता असाधारण कौशल और टीमवर्क का परिणाम है। श्री मोदी ने टीम को आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं और आशा जताई कि यह सफलता समूचे राष्ट्र में हॉकी की लोकप्रियता बढ़ाने में मददगार होगी।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहाः
भारतीय हॉकी के लिए एक बहुत ही विशेष क्षण!
भारत के लोग महिला हॉकी टीम की सफलता का जश्न मना रहे हैं जिसने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता है और वह भी 4 दशकों से ज्यादा समय बाद। यह असाधारण कौशल और टीमवर्क का परिणाम है। उनकी दृढ़ इच्छा शक्ति बहुत ही प्रेरणादायक है। टीम को आगामी प्रतियोगिताओं के लिए मेरी शुभकामनाएं। यह सफलता समूचे राष्ट्र में हॉकी की लोकप्रियता बढ़ाने में मददगार होगी।
भारत और नीदरलैंड ने कृषि सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान ने डच मंत्री श्री सिल्वियो एर्केन्स के साथ बातचीत कीय चर्चा मुख्य रूप से श्सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंसश्, बीज क्षेत्र में सहयोग, बाजार तक पहुंच के मुद्दों और कृषि क्षेत्र में नवाचार पर केंद्रित रही
नई दिल्ली, 02 अक्तूबर, अभीतक: केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान ने 28 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में नीदरलैंड के कृषि, मत्स्य पालन, खाद्य सुरक्षा और प्रकृति मंत्री श्री सिल्वियो एर्केन्स के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। इस बैठक में कृषि क्षेत्र में चल रहे सहयोग की समीक्षा करने और सहयोग के नए क्षेत्रों का पता लगाकर कृषि सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। दोनों पक्षों ने आधुनिक तकनीक, नवाचार और ज्ञान के आदान-प्रदान के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाने के अपने संकल्प को दोहराया। दोनों पक्षों ने कृषि और बागवानी क्षेत्रों में 25 श्सेंटर ऑफ एक्सीलेंसश् (सीओई) स्थापित करने की दिशा में हुई प्रगति पर चर्चा की। इसके अलावा, दोनों पक्ष बीज क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर काम करने के लिए सहमत हुएय इसके लिए एक कार्य-योजना तैयार की जाएगी जिसमें सहयोग के मुख्य क्षेत्रों और प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एक स्पष्ट रूपरेखा का विवरण होगा। कृषि क्षेत्र में नवाचार के मामले में, दोनों पक्षों ने सहयोग के संभावित क्षेत्रों की पहचान करने पर चर्चा की और इस क्षेत्र में दोनों देशों द्वारा की गई उल्लेखनीय प्रगति और विकास को मान्यता दी। कृषि मंत्री के अलावा, डच प्रतिनिधिमंडल में कृषि, मत्स्य पालन, खाद्य सुरक्षा और प्रकृति मंत्रालय में महानिदेशक श्री मार्टन वैन डेन बर्ग और अन्य वरिष्ठ अधिकारी, राजदूत सुश्री मारिसा जेरार्ड्स और भारत में नीदरलैंड के दूतावास के अन्य अधिकारी शामिल थे। भारतीय पक्ष में सचिव श्री अतीश चंद्रा, सचिव, डेयर और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग डॉ. एम.एल. जाट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

अमेरिका के मिलवॉकी में जी 20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के समापन दिवस पर वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने वैश्विक व्यापार विकृतियों को दूर करने के लिए विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के अनुरूप दृष्टिकोण अपनानेकी अपील की श्री पीयूष गोयल ने जबरन श्रम उन्मूलन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की और साक्ष्य-आधारित व्यापार उपायों का आह्वान किया
नई दिल्ली, 02 अक्तूबर, अभीतक: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने विस्कॉन्सिन के मिलवॉकी में आयोजित जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के समापन दिवस में भाग लिया और संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता और उत्पादन, सबसे पसंदीदा राष्ट्र सिद्धांत को अद्यतन करने, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में जबरन श्रम को समाप्त करने और समापन सत्र पर अपने विचार व्यक्त किए। संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता और उत्पादन पर श्री गोयल ने कहा कि भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था है, जिसकी घरेलू मांग पर आधारित अर्थव्यवस्था 1.4 अरब लोगों की जरूरतों को पूरा करती है, और डिजाइन से लेकर तैयार माल तक विनिर्माण मूल्य श्रृंखलाओं का निर्माण कर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में एक विश्वसनीय कड़ी के रूप में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत की विनिर्माण क्षमता उसकी घरेलू और वैश्विक जरूरतों को पूरा करती है और जी20 अध्यक्षता द्वारा चिन्हित क्षेत्रों में भारत के पास संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता नहीं है। श्री गोयल ने कहा कि भारत कई सदस्य देशों की इस चिंता से सहमत है कि कुछ अर्थव्यवस्थाओं में व्यापार को विकृत करने वाला समर्थन डंपिंग और अनुचित मूल्य निर्धारण को जन्म दे सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी चिंताओं का समाधान डब्ल्यूटीओ के अनुरूप उपायों के माध्यम से किया जाता है, जिनमें साक्ष्य-आधारित और न्यायिक समीक्षा के अधीन एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी शामिल हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि औद्योगिक क्षमता अपने आप में मुद्दा नहीं है, जबकि विकृतियाँ तब उत्पन्न हो सकती हैं जब उत्पादन का भौगोलिक संकेंद्रण छिपी हुई सब्सिडी और समर्थन से प्रेरित हो। उन्होंने कहा कि उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखलाओं का विविधीकरण एक वैध उद्देश्य है, लेकिन इसका उपयोग डब्ल्यूटीओ नियमों से बाहर के उपायों के बहाने के रूप में या समायोजन का बोझ विकासशील देशों पर डालने के लिए नहीं किया जा सकता है, जिन्हें औद्योगीकरण के लिए नीतिगत स्वतंत्रता बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सांख्यिकी और डेटा का आदान-प्रदान मौजूदा तंत्रों के भीतर होना चाहिए। सर्वोच्च राष्ट्र सिद्धांत को अद्यतन करने के विषय पर श्री गोयल ने कहा कि जी20 सदस्यों के साथ भारत का व्यापार एक पारदर्शी, गैर-भेदभावपूर्ण और नियम-आधारित व्यापार प्रणाली पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च राष्ट्र का दर्जा इस प्रणाली की एक प्रमुख गारंटी है, जो यह सुनिश्चित करता है कि सबसे छोटे व्यापारी से लेकर सबसे बड़े व्यापारी तक सभी पर समान शर्तें लागू हों। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में आम सहमति सर्वोपरि है और विकासशील देशों को विकसित अर्थव्यवस्थाओं के बराबर आने में सक्षम बनाने के लिए विशेष और भिन्न व्यवहार को बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने दो स्तरीय विवाद निपटान प्रणाली को बहाल करने का भी आह्वान किया। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में जबरन श्रम को समाप्त करने के विषय पर श्री गोयल ने कहा कि जबरन श्रम के उन्मूलन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता पूर्ण और बिना शर्त है। उन्होंने उल्लेख किया कि संविधान का अनुच्छेद 23 जबरन श्रम को एक मौलिक अधिकार के रूप में प्रतिबंधित करता है, जिसे सर्वोच्च न्यायालय द्वारा लागू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत ने अंतर्राष्ट्रीय संगठन संगठन के सम्मेलन 29 और 105 की पुष्टि की है और जुलाई 2026 में जबरन श्रम का उपयोग करके उत्पादित वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाने के लिए अपनी विदेश व्यापार नीति में संशोधन किया है। श्री गोयल ने कहा कि सीमा पर उठाए जाने वाले कदम संपूर्ण देशों, क्षेत्रों या वर्गों के बारे में अनुमानों के बजाय विशिष्ट और सत्यापन योग्य साक्ष्यों पर आधारित होने चाहिए और इनमें उचित प्रक्रिया और विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन श्रम मानकों के लिए सक्षम, सार्वभौमिक और त्रिपक्षीय निकाय है। भारत जी20 सदस्यों के बीच जबरन श्रम उन्मूलन और अच्छी प्रथाओं के स्वैच्छिक आदान-प्रदान के उद्देश्य का समर्थन करता है, बशर्ते कि इस तरह के सहयोग में सदस्यों की निगरानी शामिल न हो, नए दायित्व उत्पन्न न हों या किसी भी जानकारी का उपयोग एकतरफा व्यापार कार्रवाई के आधार के रूप में न किया जाए। श्री गोयल ने मिलवॉकी में किए गए आयोजनों और आतिथ्य सत्कार के लिए राजदूत ग्रीर और संयुक्त राज्य अमेरिका की जी20 अध्यक्षता को धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के इस कथन को याद करते हुए कि जिन मुद्दों का समाधान मिलकर नहीं हो सकता, उन्हें उन मुद्दों के मार्ग में बाधा नहीं बनना चाहिए जिनका समाधान मिलकर हो सकता है, श्री गोयल ने कहा कि भारत ने इसी भावना के साथ बैठक में भाग लिया और चारों विषयों पर अपनी चिंताओं को साझा किया और रचनात्मक सुझाव दिए। मंत्री ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) को केंद्र में रखते हुए, नियमों पर आधारित, निष्पक्ष, समान, गैर-भेदभावपूर्ण, पारदर्शी, खुले, समावेशी और बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने विकासशील देशों को अपने लोगों के विकास और पोषण के लिए नीतिगत स्वतंत्रता बनाए रखने और सर्वसम्मति से निर्णय लेने को महत्व देने पर बल दिया। श्री गोयल ने 2027 में जी20 की अध्यक्षता के लिए यूनाइटेड किंगडम को भारत का पूर्ण समर्थन दिया। बैठक के दौरान, श्री गोयल ने ऑस्ट्रेलिया के व्यापार और पर्यटन मंत्री, सऊदी अरब के वाणिज्य मंत्री, फ्रांस के विदेश व्यापार और आर्थिक आकर्षण के लिए प्रतिनिधि मंत्री, कोरिया गणराज्य के व्यापार मंत्री और कनाडा के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।
एपीडा ने हरियाणा से कनाडा तक फ्रोजेन फूड उत्पादों के एफपीओ-आधारित निर्यात में मदद की
निर्यात-आधारित बाजार तक पहुंच ने किसानों एवं खाद्य उत्पादकों के लिए नए अवसर सृजित किए
नई दिल्ली, 02 अक्तूबर, अभीतक: कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने 1 अक्टूबर 2026 को हरियाणा के सोनीपत से कनाडा के लिए 24 एमटी फ्रोजन फूड उत्पादों की खेप को रवाना करने में मदद की। ‘अटेर्ना फूड्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड’ द्वारा निर्यात की गई इस खेप में कुल सीएडी 35,140 मूल्य के फ्रोजन फूड उत्पादों के 2,295 डिब्बे शामिल हैं। किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के जरिए किए जाने वाले इस निर्यात में हरे मटर, मिश्रित सब्जियां, मटर एवं गाजर, स्वीट कॉर्न और समोसा शामिल हैं। निर्यात करने वाली इकाई को एपीडा की वित्तीय सहायता योजना के तहत मदद मिली थी। यह खेप भारतीय प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में अवसर बढ़ाने तथा किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को वैश्विक खरीदारों एवं बाजारों से जोड़ने की दिशा में एक और कदम है। यह निर्यात, वास्तव में, निर्यात-उन्मुख मूल्य श्रृंखला बनाने और किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने में मदद करने में किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है। एपीडा, बाजार तक पहुंच को मजबूत करने और किसान समूहों को निर्यात के अवसरों से जोड़ने वाली पहलों के जरिए एफपीओध्एफपीसी और निर्यातकों के बीच संबंध बनाने में मदद कर रहा है। खेती के उत्पादों को प्रसंस्करण और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़कर, एफपीओ-आधारित मॉडल उत्पादकों को बेहतर लाभ अर्जित करने और निर्यात मूल्य श्रृंखला में किसान समूहों की भागीदारी को मजबूत करने में मदद कर सकता है। सभा को संबोधित करते हुए, एपीडा के चेयरमैन श्री अभिषेक देव ने निर्यातकों और हितधारकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि एफपीओ द्वारा सीधे निर्यात किए जाने से उत्पादकों को बेहतर मूल्य मिल सकेगा। उन्होंने एनआईएफटीईएम के बहुमूल्य योगदानों की भी सराहना की और कनाडा के बाजार में निर्यात के विस्तार को लेकर उम्मीद जताई। भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत एपीडा, भारतीय कृषिगत एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के लिए बाजार से जुड़ाव और निर्यात के अवसर बनाने में मदद करता है। साथ ही, यह किसान समूहों को वैश्विक मूल्य श्रृंखला से जोड़ने में भी सहयोग करता है।
सरकार ने निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट (आरओडीटीईपी) योजना को 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाया
नई दिल्ली, 02 अक्तूबर, अभीतक: वाणिज्य विभाग ने दिनांक 30 सितंबर 2026 की अधिसूचना संख्या 41ध्2026-27 के माध्यम से निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट (आरओडीटीईपी) योजना को 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दिया है। यह योजना घरेलू टैरिफ क्षेत्र (डीटीए) की इकाइयों, अग्रिम प्राधिकरण (एए) धारकों, विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) की इकाइयों और निर्यातोन्मुखी इकाइयों (ईओयू) द्वारा किए गए निर्यात पर उपलब्ध होगी। आरओडीटीईपी योजना निर्यातित उत्पादों पर वहन किए गए ऐसे अंतर्निहित, प्रतिपूर्ति से वंचित केंद्रीय, राज्य और स्थानीय शुल्कों, करों तथा उपकरों की वापसी करती है, जिनमें पूर्ववर्ती चरणों के संचित अप्रत्यक्ष कर भी शामिल हैं। 30 सितंबर 2026 को यथालागू परिशिष्ट 4आर और परिशिष्ट 4आरई में अधिसूचित मौजूदा आरओडीटीईपी दरें और मूल्य सीमाएं उपर्युक्त अवधि के दौरान अपरिवर्तित रहेंगी। उपरोक्त उपाय अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले समान अवसर सुनिश्चित करते हुए निर्यातकों को सहायता प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


सीबीएन मध्य प्रदेश यूनिट ने 10.84 टन से अधिक जब्त मादक पदार्थों का विनाश किया और नीमच में जीओएडब्ल्यू में 154.375 किग्रा जब्त अफीम जमा की
नई दिल्ली, 02 अक्तूबर, अभीतक: निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार जब्त मादक पदार्थों के प्रभावी निपटान की दिशा में अपने निरंतर प्रयासों की श्रृंखला में, केंद्रीय मादक द्रव्य ब्यूरो (सीबीएन), मध्य प्रदेश यूनिट ने कल विक्रम सीमेंट, खोर, मध्य प्रदेश में जब्त मादक द्रव्यों का विनाश किया। निपटान अभियान के दौरान, ड्रग डिस्पोजल कमेटी की करीब निगरानी और एमपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि की उपस्थिति में एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत अधिकृत निपटान प्रक्रिया के माध्यम से 10,842.150 किग्रा जब्त मादक पदार्थों का विनाश किया गया। इसके अतिरिक्त, सीबीएन ने निपटान प्रक्रिया के हिस्से के रूप में नीमच में सरकारी अफीम और एल्कलॉइड वर्क्स (जीओएडब्ल्यू) में 154.375 किग्रा जब्त अफीम भी जमा की। जब्त मादक पदार्थों का विनाशध्निपटान सीबीएन द्वारा लागू प्रावधानों और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार किया जाता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि जब्त तस्करी की गई वस्तुएं अवैध मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क में वापस न आएं और पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित तरीके से भस्मीकृत हो जाएं। सीबीएन मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से लड़ने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण बनाए रखता है, जिसमें खुफिया जानकारी आधारित प्रवर्तन, तस्करी की गई वस्तुओं की जब्ती, जांच और अभियोजन, और कानून के अनुसार जब्त मादक पदार्थों का समय पर निपटान शामिल है। सीबीएन मादक पदार्थों और मनोसक्रियक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने और नशीले पदार्थों से मुक्त भारत बनाने की दिशा में समन्वित प्रयासों के अपने जनादेश के प्रति दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।
