



संस्कारम हॉस्पिटल के स्वास्थ्य शिविर में 750 से अधिक लोगों की जांच
झज्जर, 27 सितम्बर, अभीतक: ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संस्कारम हॉस्पिटल द्वारा पलड़ा गांव स्थित हनुमान मंदिर में आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं रक्तदान शिविर सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। शिविर में 750 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य जांच एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श का लाभ उठाया। वहीं, नेत्र जांच के उपरांत जरूरतमंद 400 लोगों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। शिविर के दौरान आयोजित रक्तदान अभियान में भी 71 लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वेच्छा से रक्तदान किया। शिविर में संस्कारम हॉस्पिटल के विभिन्न चिकित्सा विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। जनरल मेडिसिन, नेत्र रोग, फिजियोथेरेपी, सर्जरी, पंचकर्म, ईएनटी, ऑर्थोपेडिक्स तथा पीडियाट्रिक्स सहित विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों ने मरीजों की जांच की और उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के अनुसार आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया। शिविर के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर अपनी स्वास्थ्य जांच कराई। विशेष रूप से नेत्र जांच के दौरान जरूरतमंद लोगों की पहचान की गई, जिसके बाद 400 लाभार्थियों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। इस पहल से ग्रामीणों को दृष्टि संबंधी समस्याओं के समाधान में सहायता मिली। रक्तदान शिविर में भी ग्रामीणों एवं अन्य लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। शिविर में 71 रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए अपना योगदान दिया। इस पहल ने स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत किया। चिकित्सकों ने ग्रामीणों को नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित जीवनशैली तथा समय पर उपचार लेने के महत्व के बारे में जागरूक किया। जरूरतमंद मरीजों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आगे के उपचार के संबंध में उचित मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। संस्कारम हॉस्पिटल की ओर से आयोजित यह संयुक्त स्वास्थ्य जांच, नेत्र जांच, चश्मा वितरण एवं रक्तदान शिविर ग्रामीण समुदाय तक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने और सामाजिक सरोकारों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। शिविर में ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक सहभागिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाया। संस्कारम हॉस्पिटल की ओर से शिविर को सफल बनाने में सहयोग देने वाले चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, रक्तदाताओं, ग्रामीणों एवं आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया। हॉस्पिटल की ओर से भविष्य में भी समुदाय के हित में इस प्रकार की स्वास्थ्य एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों को जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
संस्कारम यूनिवर्सिटी में सोमवार से तीन दिवसीय रोजगार क्षमता विकास कार्यशाला
झज्जर, 27 सितम्बर, अभीतक: विद्यार्थियों को रोजगार के लिए आवश्यक कौशल से सशक्त बनाने और उन्हें उद्योग जगत की अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार करने के उद्देश्य से संस्कारम विश्वविद्यालय द्वारा सीएनईएआर के साथ रणनीतिक साझेदारी के तहत तीन दिवसीय एम्प्लॉयबिलिटी रेडीनेस वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला 28, 29 और 30 सितंबर को संस्कारम विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होगी। जानकारी के अनुसार कार्यशाला में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स तथा स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के विद्यार्थी भाग लेंगे। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में रोजगार एवं करियर से जुड़ी व्यावहारिक क्षमताओं का विकास करना तथा उन्हें विश्वविद्यालय से पेशेवर जीवन की ओर बढ़ने के लिए बेहतर ढंग से तैयार करना है। तीन दिवसीय कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को रिज्यूमे निर्माण, साक्षात्कार की तैयारी, संचार कौशल एवं व्यक्तित्व विकास, करियर मार्गदर्शन और उद्योग जगत से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। संस्कारम विश्वविद्यालय के कॉर्पोरेट रिसोर्स सेंटर के प्रमुख की ओर से बताया गया कि विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता और करियर तैयारी विश्वविद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। उद्योग के विशेषज्ञों एवं प्रशिक्षण संस्थाओं के साथ इस प्रकार की साझेदारी के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान और पेशेवर कौशल प्रदान करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विश्वविद्यालय का यह प्रयास विद्यार्थियों को सीखने, तैयारी करने और अपने करियर लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए ऐसे अवसर निरंतर उपलब्ध कराना है, जो उनके अकादमिक ज्ञान को व्यावहारिक कौशल से जोड़ते हुए उन्हें भविष्य की पेशेवर चुनौतियों के लिए तैयार करें।





सेवा संकल्प अभियान-सेवा की कहानी’
कच्चे मकान से पक्के घर तक पहुंचा परिवार, सुरक्षित छत ने बदली जिंदगी’
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से लोवा कलां की भुला व बादली के संजीव के परिवार का पक्का घर बनाने का सपना हुआ साकार’
झज्जर जिला में अब तक 2597 लाभार्थियों ने उठाया योजना का लाभ’
बहादुरगढ़, 27 सितम्बर, अभीतक: प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण जरूरतमंद परिवारों के जीवन में बदलाव लाने का कार्य कर रही है। झज्जर जिला में अब तक 2597 लाभार्थियों ने सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठाते हुए अपना आशियाना बसाया है और अपने परिवार को सुरक्षित छत मुहैया कराई है। सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा की कहानी मॉडयूल को बहादुरगढ़ खंड की ग्राम पंचायत लोवा कलां निवासी भुला व बादली निवासी संजीव सहित हजारों लाभार्थी परिवार चरितार्थ कर रहे हैं। भुला व संजीव जैसे परिवार के लिए यह योजना केवल पक्का मकान मिलने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने परिवार को असुरक्षा से निकालकर सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई राह दिखाई है।
पहले कच्चा मकान, बरसात में बनी रहती थी चिंता’
लाभार्थी भुला व संजीव का परिवार पहले कच्चे मकान में रहता था। मकान की स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार को हर मौसम में परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकने और रिसने के कारण परिवार की मुश्किलें और बढ़ जाती थीं। सुरक्षित और पक्के घर की आवश्यकता परिवार के लिए एक बड़ी जरूरत थी।
योजना का मिला सहारा, सपने को मिली नई दिशा
जिला परिषद सीईओ मनीष फौगाट ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत परिवार को मकान निर्माण के लिए चरणबद्ध वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई गई। पहली किस्त के रूप में 45 हजार रुपये, दूसरी किस्त के रूप में 60 हजार रुपये तथा तीसरी किस्त के रूप में 15 हजार रुपये जारी किए गए। योजना से मिली इस सहायता से लाभार्थियों ने अपने पक्के मकान का निर्माण पूरा किया।
मनरेगा अभिसरण ने बढ़ाया सहयोग’
आवास निर्माण के साथ मनरेगा के अभिसरण से भी परिवार को अतिरिक्त सहायता मिली। इसके तहत भुला को अकुशल श्रम मजदूरी के रूप में 36 हजार 500 रुपये की तथा संजीव को 16 हजार 436 रुपये की सहायता प्रदान की गई। इससे मकान निर्माण कार्य में सहयोग मिलने के साथ परिवार को रोजगार और अतिरिक्त आजीविका का लाभ भी प्राप्त हुआ।
अब कच्ची छत की चिंता नहीं, परिवार को मिली सुरक्षित जिंदगी’
पक्का मकान बनने के बाद योजना की लाभार्थी भुला व संजीव और उनके परिवार के जीवन में स्पष्ट बदलाव आया है। जिस छत से पहले बरसात में पानी टपकता था, अब उसकी जगह परिवार को सुरक्षित और स्थायी छत मिल गई है। मौसम की मार से बचाव के साथ परिवार के जीवन में सुरक्षा और स्थिरता आई है। आज यह पक्का मकान भुला व संजीव के परिवार के लिए सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य की नई शुरुआत का प्रतीक है। कच्चे मकान की असुरक्षा से पक्के घर की सुरक्षा तक का यह सफर प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से आए बदलाव की प्रेरक कहानी है।



सेवा संकल्प अभियान-सेवा फस्ट इनोवेशन चेलेंज’
महाविद्यालयों में होंगे स्टार्टअप एवं एमएसएमई नवाचार जागरूकता कार्यक्रम’
28 सितंबर से 13 अक्टूबर तक जिला के विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों में होंगे जागरूकता कार्यक्रम’
नेशनल इनोवेशन चैलेंज के तहत विद्यार्थियों को स्टार्टअप व एमएसएमई योजनाओं की दी जाएगी जानकारी’
झज्जर, 27 सितम्बर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा फस्ट इनोवेशन चेलेंज मॉडयूल के अंतर्गत जिला के विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों में स्टार्टअप एवं एमएसएमई नवाचार को लेकर जागरूकता कार्यक्रम डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में आयोजित किए जाएंगे, जिनके तहत विद्यार्थियों को केंद्र एवं राज्य सरकार की स्टार्टअप तथा एमएसएमई से संबंधित योजनाओं, नवाचार और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी जाएगी। जिला उद्योग केंद्र, झज्जर तथा जिला एमएसएमई केंद्र के संयुक्त समन्वय से आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों से अवगत करवाना है।
कॉलेजवार कार्यक्रम का शेड्यूल
जिला उद्योग केंद्र की संयुक्त निदेशक संजीत कौर ने बताया कि सोमवार, 28 सितंबर को राजकीय महिला महाविद्यालय, बहादुरगढ़, 29 सितंबर को राजकीय महाविद्यालय, बहू, 30 सितंबर को राजकीय महाविद्यालय, बिरोहड़ में विद्यार्थियों को स्टार्टअप एवं एमएसएमई नवाचार से संबंधित जानकारी दी जाएगी। इसी प्रकार 1 अक्टूबर को राजकीय महाविद्यालय, बादली, 3 अक्टूबर को राजकीय महाविद्यालय, बहादुरगढ़, 5 अक्टूबर को राजकीय महाविद्यालय, छारा, 6 अक्टूबर को राजकीय महाविद्यालय, दुजाना, 7 अक्टूबर को राजकीय महाविद्यालय, दुबलधन में विद्यार्थियों को योजनाओं एवं नवाचार संबंधी जानकारी दी जाएगी। वहीं 8 अक्टूबर को राजकीय महिला महाविद्यालय, कुलाना, 9 अक्टूबर को राजकीय महाविद्यालय, झज्जर, 12 अक्टूबर को राजकीय महाविद्यालय, जसौर खेड़ी, 13 अक्टूबर को राजकीय महाविद्यालय, मातनहेल में कार्यक्रम आयोजित होगा। इन जागरूकता कार्यक्रमों में जिला उद्योग केंद्र की ओर से मंजीत, आईईओ तथा जिला एमएसएमई केंद्र की ओर से संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी विद्यार्थियों को स्टार्टअप एवं एमएसएमई से जुड़ी केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं, नवाचार तथा उद्यम शुरू करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देंगे।




लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ लेने के लिए पात्र महिलाएं जल्द कराएं पंजीकरण: डीसी’
दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के दूसरे चरण में नए पात्र लाभार्थियों के पंजीकरण प्रक्रिया जारी’
डीसी वर्षा खांगवाल ने पात्र महिलाओं से अधिक से अधिक संख्या में पंजीकरण करवाने का किया आह्वान’
झज्जर, 27 सितम्बर, अभीतक: दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के दूसरे चरण के तहत नए पात्र लाभार्थियों के पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है। डीसी वर्षा खांगवाल ने जिला की पात्र महिलाओं से आह्वान किया है कि वे योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना पंजीकरण अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पात्र महिलाएं पंजीकरण करवाकर सरकार की इस जनकल्याणकारी योजना का लाभ उठाएं।
महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह योजना कारगर’
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का उद्देश्य पात्र महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 2100 रुपये की मासिक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि पात्र महिलाओं को योजना का लाभ दिलाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा पंजीकरण प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है।
डीसी ने पात्र महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि वे योजना की पात्रता एवं पंजीकरण से संबंधित जानकारी प्राप्त कर समय रहते अपना पंजीकरण करवाएं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह योजना महत्वपूर्ण पहल है और पात्र महिलाओं को इसका लाभ लेने के लिए आगे आना चाहिए।
महिलाओं को योजना से संबंधित आवश्यक जानकारी दें अधिकारी
डीसी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि पंजीकरण के लिए आने वाली महिलाओं को योजना से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाने के साथ-साथ पंजीकरण प्रक्रिया में पूरा सहयोग दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि योजना की पात्र कोई भी महिला जानकारी के अभाव में पंजीकरण से वंचित न रहे। डीसी वर्षा खांगवाल ने आमजन से आह्वान किया कि वे अपने आसपास की पात्र महिलाओं को योजना के बारे में जानकारी दें तथा उन्हें पंजीकरण करवाने के लिए प्रेरित करें, ताकि अधिक से अधिक पात्र महिलाएं योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।
सफाई कर्मचारियों व सीवरमैन के लिए तीन दिवसीय स्वास्थ्य जांच शिविर आज से’
झज्जर, 27 सितम्बर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सेवा मेरा योगदान मॉडयूल अनुसार जिला झज्जर में सफाई कर्मचारियों व सीवरमैन के लिए तीन दिवसीय जिला स्तरीय स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन सोमवार को संवाद भवन परिसर में लगाया जाएगा। यह शिविर बुधवार 30 सितंबर, 2026 लगेंगे। यह जानकारी एडीसी एवं डीएमसी जगनिवास ने दी। उन्होंने बताया कि इन शिविरों का उद्देश्य सफाई कर्मचारियों व सीवरमैन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ उन्हें स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। डीएमसी ने बताया कि 28 सितंबर को स्वास्थ्य जांच शिविर का शुभारंभ हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्षध्उपाध्यक्ष द्वारा किया जाएगा। इस दौरान सफाई कर्मचारियों को उनके स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के संबंध में आवश्यक जानकारी भी दी जाएगी तथा उनकी समस्याओं एवं शिकायतों को सुना जाएगा। जिला नगर आयुक्त ने कहा कि सफाई कर्मचारी एवं सीवरमैन स्वच्छता व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्वास्थ्य जांच शिविरों के माध्यम से उनके स्वास्थ्य की जांच के साथ उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी उपलब्ध करवाया जाएगा।




जन समस्याओं के समाधान के लिए झज्जर में जिला स्तरीय समाधान शिविर आज’
उपमंडल स्तर पर बेरी, बहादुरगढ़ और बादली लघु सचिवालयों में सुबह 10 से 12 बजे तक आयोजित होंगे शिविर’
झज्जर, 27 सितम्बर, अभीतक: आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा सोमवार, 28 सितंबर को जिला मुख्यालय सहित सभी उपमंडलों में समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। ये शिविर सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक लगाए जाएंगे, जहां नागरिकों की शिकायतें सुनकर उनका मौके पर ही निपटान सुनिश्चित किया जाएगा। जिला स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में डीसी वर्षा खांगवाल की अध्यक्षता में लगेगा। इस दौरान डीसी विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें सुनते हुए अधिकारियों को समस्याओं के समयबद्ध समाधान के निर्देश देंगी।
तीनों सब डिवीजन में भी लगेंगे समाधान शिविर
उपमंडल स्तर पर बहादुरगढ़ में एसडीएम अभिनव सिवाच, बादली में एसडीएम विशाल कुमार और बेरी लघु सचिवालय परिसर में एसडीएम रेणुका नांदल की अध्यक्षता में उपमंडल स्तरीय समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटान किया जाएगा।

जिला में मजबूत होगा सड़कों का आधारभूत ढांचा: डीसी’
झज्जर-फर्रुखनगर मार्ग के फोरलेन सुधार को 64.49 करोड़ की प्रशासनिक मंजूरी’
झज्जर, 27 सितम्बर, अभीतक: जिला झज्जर में सड़क आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हरियाणा सरकार ने झज्जर-फर्रुखनगर मार्ग (एसएच-15ए) के फोरलेन सुधार कार्य के लिए 64 करोड़ 49 लाख 75 हजार रुपये की प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की है। यह जानकारी डीसी वर्षा खांगवाल ने दी। उन्होंने बताया कि यह कार्य झज्जर जिला की सीमा में 21.300 किलोमीटर तक के हिस्से पर किया जाएगा। डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि प्रशासनिक स्वीकृति के तहत रोड आईडी 6520 के अंतर्गत आने वाले झज्जर-फर्रुखनगर मार्ग को फोरलेन करने एवं सुधारने का कार्य किया जाएगा। इस परियोजना से मार्ग की यातायात क्षमता बढ़ने के साथ-साथ क्षेत्र में आवागमन को और सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
बेहतर सड़क ढांचा क्षेत्र के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि बेहतर सड़क ढांचा क्षेत्र के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी है। झज्जर-फर्रुखनगर मार्ग के सुधार एवं फोरलेनिंग से आवागमन सुविधाओं में विस्तार होगा और क्षेत्र के लोगों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि जिले में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने से जुड़ी परियोजनाओं को निर्धारित मानकों एवं समयबद्ध प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है। डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि इस सड़क का मजबूतीकरण और नवीनीकरण होने से न केवल गुरुग्राम जाने वाले वाहन चालकों को फायदा मिलेगा, साथ ही समय की भी बचत होगी।




एकमुश्त कर निपटान योजना का लाभ उठाएं व्यापारी: डीसी’
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा- हरियाणा सरकार की एकमुश्त निपटान योजना व्यापारियों के लिए लाभकारी
28 सितंबर तक चलने वाली एकमुश्त निपटान स्कीम के तहत पुराने बकाया करों का होगा निपटान’
झज्जर, 27 सितम्बर, अभीतक: हरियाणा सरकार द्वारा छोटे व्यापारियों को लाभ देने के लिए शुरू की गई एकमुश्त निपटान स्कीम को व्यापारियों ने प्राथमिकता देते हुए उसका भरपूर लाभ उठाया है। इस स्कीम की अभूतपूर्व कामयाबी को देखते हुए सरकार ने एक बार फिर निपटान योजना लागू की है। व्यापारी वर्ग नियमानुसार इस योजना का लाभ उठाकर पुराने बकाया करों का भुगतान सकते हैं। यह जानकारी डीसी वर्षा खांगवाल ने दी। डीसी ने बताया कि इससे जीएसटी में कम से कम बकाया राशियों के साथ आगे बढ़ा जाए ताकि जीएसटी संग्रह को बढ़ाने में अधिक से अधिक समय और ध्यान दिया जा सके। डीसी ने बताया कि सरकार द्वारा गत 1 जून से 120 दिनों के लिए 28 सितंबर 2026 तक एक मुश्त निपटान स्कीम, 2026 शुरू की है। जिसके तहत सात कराधान अधिनियमों के तहत निर्धारित बकाया देय राशि के निपटान का प्रावधान है। यदि किसी करदाता पर किसी संबंधित अधिनियम के अंतर्गत एक वर्ष में 1 लाख रुपये तक का कर बकाया है तो उसे इस स्कीम में आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। उसका उस वर्ष के लिए उस अधिनियम में संपूर्ण कर, ब्याज एवं जुर्माना राशि माफ हो जाएगी। आवेदक अपने बकाया देय राशि के निपटान के लिए किसी भी अधिनियम में किसी भी वर्ष के लिए आवेदन कर सकता है। पूर्ववर्ती हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम, 1973 के तहत बकाया राशि के निपटान के लिए विशेष छूट उपलब्ध है। हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम, 1973 को 1 अप्रैल, 2003 से हरियाणा मूल्य वर्धित कर अधिनियम, 2003 के लागू होने के साथ निरस्त कर दिया गया था। हरियाणा सामान्य बिक्री कर के तहत बकाया देय बहुत पुराने हैं, इसलिए 1 लाख से अधिक कर बकाया वाले सभी मामलों में 70 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
वैधानिक प्रपत्रों के जमा न करने के कारण बड़ी संख्या में बकाया राशि का होगा भुगतान
उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त सेल्स अजय कुमार ने बताया कि फार्म सी, फार्म एफ, फार्म एच, फार्म ई1, फार्म ई2, टैक्स इनवॉइसध्वैट सी-4, वैट डी1, वैट डी2 आदि जैसे वैधानिक प्रपत्रों के न जमा करने के कारण बड़ी संख्या में बकाया राशि देय है। इन बकाया को विशेष रूप से लक्षित करने के लिए एक नई छूट प्रस्तावित की जा रही है। यदि कोई व्यक्ति अब ऐसे प्रपत्र प्रस्तुत करने में सक्षम है, तो उसके कर की मांग उन प्रपत्रों के प्रस्तुत करने से प्राप्त होने वाली छूट की राशि से घटा कर कम कर दी जाएगी, बशर्ते ये प्रपत्र तीन महीने के भीतर सत्यापित हो जाएं। यह लाभ ऐसे फर्जीध्नकली फर्मों को उपलब्ध नहीं होगा जिनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू की गई है। यह लाभ उन वैधानिक प्रपत्रों के लिए भी उपलब्ध नहीं होगा जिन्हें पहले प्राधिकरणों द्वारा अस्वीकार कर दिया गया था। यह केवल हरियाणा मूल्य वर्धित कर अधिनियम, 2003 और केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम, 1956 से संबंधित बकाया राशि पर लागू होगा। उन्होंने बताया कि स्कीम के तहत हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम, 1973 के तहत प्रदान की गई कर छूट में एक रुपए से एक लाख रुपये तक कर छूट का 100 प्रतिशत, अन्य मामले में कर छूट का 70 प्रतिशत है। अन्य अधिनियमों के अधीन उपलब्ध छूट में एक रुपये से एक लाख रुपये तक कर छूट का 100 प्रतिशत, 1 लाख से 10 लाख तक 60 प्रतिशत, 10 लाख से 1 करोड़ तक 50 प्रतिशत, 1 करोड़ से 10 करोड़ तक 40 प्रतिशत, 10 करोड़ रुपये से 30 करोड़ तक 35 प्रतिशत, 30 करोड़ रुपये से 60 करोड़ तक 30 प्रतिशत, 60 करोड़ रुपये से अधिक पर 0 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत ब्याज तथा जुर्माना राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी गई है।
बकाया कर राशि की स्लैब तक मिलेगा पूर्ववर्ती स्लैब में दी गई छूट का पूर्ण लाभ
डीईटीसी ने बताया कि आवेदक को प्रत्येक पूर्ववर्ती स्लैब में दी गई छूट का पूर्ण लाभ उसके बकाया कर राशि की स्लैब तक मिलेगा। बकाया राशि निर्धारित करने वाले किसी भी आदेश के विरूद्ध अपील या मुकदमे में शामिल आवेदक भी लंबित अपीय या मुकदमे को वापस लेने की शर्त के साथ इस स्कीम के तहत आवेदन कर सकते है। निपटान की राशि का भुगतान किस्तों में करने की भी सुविधा स्कीम में दी जा रही है। पांच लाख रुपए तक के निपटान की राशि के लिए कोई किस्त नहीं। पांच लाख रुपए से अधिक और पच्चीस लाख रुपए तक के निपटान की राशि के लिए दो समान किस्तें। एक किस्त आवेदन जमा करते समय और दूसरी अंतरिम आदेश की तिथि से 60 दिनों के भीतर। पच्चीस लाख रुपए से अधिक के निपटान की राशि के लिए तीन किस्तें होगी। आवेदन जमा करते समय निपटान राशि का 40 प्रतिशत, अंतरिम आदेश की तिथि से 60 दिनों के भीतर दूसरी किस्त, निपटान राशि का 30 प्रतिशत और अंतरिम आदेश की तिथि से 120 दिनों के भीतर शेष राशि की तीसरी किस्त। ऐसे मामलों में जहां निपटान के लिए आवेदन सही पाया गया है और स्वीकार कर लिया गया है तो आवेदक के खिलाफ कोई आगे की कार्रवाई शुरू नहीं की जाएगी।

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत रविवार को मतदान बूथों पर मौजूद रहे बीएलओ’
मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए नागरिकों ने दर्ज कराए दावे एवं आपत्तियां: डीसी’
’मतदाताओं ने अपने नाम व विवरण की जांच कर आवश्यक संशोधन के लिए दिए आवेदन’
आगामी 30 सितंबर तक दर्ज कराए जा सकेंगे दावे एवं आपत्तियां’
झज्जर, 27 सितम्बर, अभीतक: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी एवं अद्यतन बनाने के लिए जिला में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत रविवार को जिला के सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) मौजूद रहे। बीएलओ ने मतदान केंद्रों पर पहुंचने वाले नागरिकों एवं छात्र मतदाताओं से मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की तथा आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाई। यह जानकारी डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने दी।
मतदाता सूची की शुद्धता के लिए जागरूकता जरूरी
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि अद्यतन एवं शुद्ध मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाने के साथ-साथ अपने विवरण की भी जांच करनी चाहिए। उन्होंने जिलावासियों से अपील की कि वे प्रारंभिक मतदाता सूची में अपना तथा अपने परिवार के सभी पात्र सदस्यों का नाम अवश्य जांचें।
नाम, पता और अन्य विवरण की जांच करें मतदाता
डीसी ने कहा कि मतदाता सूची में नाम, पता, आयु, फोटो अथवा अन्य विवरण सही दर्ज होना आवश्यक है। नागरिक विशेष अभियान के दौरान अपने मतदान केंद्र पर पहुंचकर मतदाता सूची की जांच कर सकते हैं और आवश्यकता अनुसार दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
नाम छूटा है तो फॉर्म-6 से करें आवेदन
डीसी ने बताया कि यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक दस्तावेज एवं घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-6 भरकर नाम शामिल करवाने के लिए दावा प्रस्तुत किया जा सकता है। पात्र नागरिक इस सुविधा का लाभ उठाकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाएं।
विवरण में त्रुटि होने पर फॉर्म-8 से करवाएं संशोधन
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची में नाम, पता, आयु, फोटो अथवा अन्य किसी विवरण में त्रुटि होने पर नागरिक निर्धारित दस्तावेज एवं घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-8 भरकर संशोधन के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने मतदाताओं से कहा कि वे अपने विवरण की जांच करें और किसी प्रकार की गलती पाए जाने पर समय रहते उसे दुरुस्त करवाएं।
अपात्र या मृत मतदाता का नाम हटाने के लिए फॉर्म-7
डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि किसी अपात्र, मृत, स्थानांतरित अथवा अन्य स्थान पर पहले से पंजीकृत मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटवाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। नागरिक अपने दावे एवं आपत्तियां संबंधित बूथ लेवल अधिकारी अथवा निर्वाचक पंजीयन अधिकारी के माध्यम से प्रस्तुत कर सकते हैं।
30 सितंबर तक प्रस्तुत किए जा सकेंगे दावे एवं आपत्तियां
जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने बताया कि मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां 30 सितंबर 2026 तक प्रस्तुत की जा सकती हैं। नागरिक अपने क्षेत्र के संबंधित बीएलओ अथवा निर्वाचक पंजीयन अधिकारी से संपर्क कर मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी एवं आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने जिलावासियों से अपील की कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां निर्धारित समय सीमा में दर्ज करवाएं।




तुलसी सत्याग्रही पर्यावरण के सजग प्रहरी: महंत राजेंद्र दास
तुलसी अभियान ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप दिया
नशे के खिलाफ शंखनाद शुरू हुआ जटेला धाम से
जटेला धाम, 27 सितम्बर, अभीतक: पर्यावरण प्रदूषण आज पूरी दुनिया के सामने गंभीर चुनौती बन चुका है। बढ़ता प्रदूषण, घटते हरित क्षेत्र,नशे और प्रकृति के असंतुलन से मानव जीवन प्रभावित हो रहा है। ऐसे समय में वृक्षारोपण और प्राकृतिक वनस्पतियों का संरक्षण पर्यावरण संतुलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। तुलसी का पौधा भारतीय जीवन परंपरा का अभिन्न हिस्सा होने के साथ-साथ पर्यावरण जागरूकता का प्रभावी माध्यम भी बन सकता है। यह विचार जटेला धाम के महंत राजेंद्र दास ने पर्यावरण सत्याग्रहियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। महंत राजेंद्र दास महाराज ने कहा कि तुलसी सत्याग्रहियों ने तुलसी के पौधों को घर-घर और कार्यस्थलों तक पहुंचाकर पर्यावरण संरक्षण को एक पवित्र सामाजिक अभियान का स्वरूप दिया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण बचाने की जिम्मेदारी केवल सरकारों की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की है। जब समाज प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझकर पौधों का संरक्षण करता है, तभी पर्यावरण संरक्षण का संकल्प वास्तविक जनआंदोलन बनता है। उन्होंने तुलसी सत्याग्रहियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि निष्ठा, लगन और जुनून के साथ चलाया जा रहा यह अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी उदाहरण बनेगा। पर्यावरण प्रहरियों ने जिस समर्पण के साथ तुलसी के पौधों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है, उसका योगदान पर्यावरण संरक्षण के इतिहास में महत्वपूर्ण रहेगा। महंत राजेंद्र दास महाराज ने आह्वान किया कि प्रत्येक परिवार कम से कम एक तुलसी का पौधा लगाए और उसकी नियमित देखभाल करे। साथ ही अन्य उपयोगी पौधे लगाकर हरित क्षेत्र बढ़ाने में सहयोग करें। महंत राजेंद्र दास ने मानवता को नशे से बचाने के अभियान में भी काम करने का आह्वान किया क्योंकि नशा समाज व राष्ट्र को खोखला करता है।पंजाब जैसे समृद्ध प्रदेश को नशे ने बर्बाद कर दिया है, जो गुरु गोविंद सिंह और अन्य धर्म गुरुओं की बलिदान स्थली रहा है। आज उस प्रांत की युवा पीढ़ी नशे की ओर जा रही है। नितानंद जी महाराज व अन्य संत महात्माओ ने नशे व अन्य कुरीतियों के खिलाफ समय समय पर आवाज उठाई है। युवाओं को नशे से दूर रहने का संकल्प कराके भारत को नशा रहित युवा शक्ति के रूप में पहचान दिलाने के लिए साध-संगत काम करेेगी। इस अवसर पर सरूप राम साहब, मास्टर अशीष कादयान, मास्टर जब्बर कादयान, सुरेंद्र सिंह कादयान, सुनील कुमार, सूरजमल बीडीसी, सुखबीर सिंह हेड मास्टर राज सिंह बिगोवा, सूबेदार प्रहलाद सिंह सचिव पवार खाप, नरेंद्र पूंर्व सरपंच, सुरेंद्र समाजसेवी, सरताज सिंह, सरपंच बिनोद मणिया, राजेश पंच, कलीराम बीडीसी, राज समाजसेवी सिवाना,सुनील माजरा, ऋषि शर्मा पीआरओ सहित सैकड़ों श्रद्धालु, तुलसी सत्याग्रही और पर्यावरण प्रहरी उपस्थित रहे। सैकड़ों युवाओं व महिलाओं को सम्मानित किया गया। धाम में उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण और अधिकाधिक पौधे लगाने व नशामुक्ति का संकल्प भी लिया।

संस्कारम विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने याकुल्ट इंडिया में लिया औद्योगिक कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अनुभव
झज्जर, 27 सितम्बर, अभीतक: संस्कारम यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स के विद्यार्थियों ने याकुल्ट इंडिया की सोनीपत स्थित मैन्यफैक्चरिंग यूनिट का औद्योगिक भ्रमण किया। विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित इस इंडस्ट्रियल विजिट का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक औद्योगिक परिस्थितियों से जोड़ना तथा उन्हें उद्योग जगत की कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना था। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने याकुल्ट इंडिया के व्यवसाय संचालन, उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता प्रबंधन, स्वचालन, पैकेजिंग, स्वच्छता मानकों, आपूर्ति श्रृंखला एवं उत्पाद प्रबंधन से संबंधित विभिन्न पहलुओं को करीब से समझा। विद्यार्थियों को यह भी जानकारी दी गई कि एक उपभोक्ता उत्पाद को उत्पादन इकाई से बाजार तक पहुंचाने में किस प्रकार विभिन्न प्रक्रियाओं, तकनीक और टीमों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विद्यार्थियों ने आधुनिक मैन्यफैक्चरिंग व्यवस्था में प्रौद्योगिकी, मानकीकृत प्रक्रियाओं, गुणवत्ता नियंत्रण एवं परिचालन दक्षता के महत्व को भी समझा। याकुल्ट इंडिया की सोनीपत इकाई में अपनाए जा रहे उत्पादन एवं गुणवत्ता संबंधी मानकों के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी गई। औद्योगिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को ऑपरेशंस मैनेजमेंट, मार्केटिंग, सप्लाई चेन मैनेजमेंट, क्वालिटी मैनेजमेंट एवं बिजनेस स्ट्रेटेजी जैसे विषयों की वास्तविक औद्योगिक उपयोगिता को समझने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने उद्योग जगत के विशेषज्ञों एवं कर्मचारियों से संवाद कर कार्यक्षेत्र की आवश्यकताओं, व्यावसायिक प्रक्रियाओं तथा रोजगार के अवसरों से संबंधित जानकारी भी प्राप्त की। इस औद्योगिक भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक एफएमसीजी उद्योग में प्रक्रिया अनुशासन, गुणवत्ता, तकनीकी नवाचार, ग्राहक केंद्रितता और परिचालन दक्षता के महत्व को समझने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने इस अनुभव को अपने अकादमिक ज्ञान और भविष्य के करियर के लिए उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया।

सेवा संकल्प अभियान के तहत गांव दुजाना में सोमवार को लगेगा सेवा सेतु कैंप’
सेवा सेतु कैंप के माध्यम से सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है एक छत के नीचे’
जिला परिषद के सीईओ मनीष फौगाट ने दी जानकारी’
झज्जर, 27 सितम्बर, अभीतक: जिलाभर में सेवा संकल्प अभियान के तहत आमजन को सरकार की योजनाओं का लाभ उनके नजदीक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में सेवा सेतु कैम्प लगाए जा रहे हैं। डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में लग रहे सेवा सेतु कैम्प में लोग सरकार की योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद मनीष फौगाट ने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 15 अक्टूबर तक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिले के विभिन्न स्थानों पर सेवा सेतु कैंप लगाए जा रहे हैं। सीईओ ने बताया कि सोमवार, 28 सितंबर को गांव दुजाना, 29 सितंबर को गांव सिलाना तथा 30 सितंबर को बहादुरगढ़ ब्लॉक मुख्यालय में सेवा सेतु कैंप लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि दुजाना में लगने वाले कैम्प का शुभारंभ भाजपा नेता संजय कबलाना करेंगे।
’यह रहेगा सेवा सेतु कैम्प का शेड्यूल
सीईओ ने बताया कि 1 अक्टूबर को गांव रोहद, 3 अक्टूबर को गांव डीघल, 5 अक्टूबर को गांव दुबलधन, 6 अक्टूबर को बादली ब्लॉक मुख्यालय व मातनहेल ब्लॉक मुख्यालय, 7 अक्टूबर को गांव बुपनिया तथा 8 अक्टूबर को गांव गुभाना में सेवा सेतु कैंप आयोजित होंगे। उन्होंने बताया कि 9 अक्टूबर को गांव खानपुर खुर्द व गांव पाटोदा, 10 अक्टूबर को गांव बिरोहड़, 12 अक्टूबर को माछरौली ब्लॉक मुख्यालय व गांव ढाकला, 13 अक्टूबर को गांव खुड्डन, 14 अक्टूबर को साल्हावास ब्लॉक मुख्यालय तथा 15 अक्टूबर को गांव भुरावास में सेवा सेतु कैंप आयोजित किए जाएंगे।



सेवा संकल्प अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिया जागरूकता का संदेश
नमो सेवा अनकही कहानियां मॉड्यूल के तहत नशामुक्त हरियाणा, सामाजिक जागरूकता व जनकल्याणकारी योजनाओं की दी जानकारी
रेवाड़ी, 27 सितम्बर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन एवं शासन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार द्वारा 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जिले में विभिन्न जनकल्याणकारी एवं जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी कड़ी में अभियान के मॉड्यूल ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’ के तहत नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया गया। डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन में रविवार को जिले के विभिन्न गांवों में सेवा संकल्प अभियान के तहत नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया गया। नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से कलाकारों ने आमजन को नशे से दूर रहने, सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक होने तथा केंद्र व प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने का संदेश दिया। जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी बिजेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि कला एवं संस्कृति विभाग हरियाणा के सहयोग से आयोजित इन नुक्कड़ नाटकों में कलाकारों ने मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कलाकारों ने ‘नशामुक्त हरियाणा’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाते हुए युवाओं को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही समाज में व्याप्त विभिन्न कुरीतियों के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश भी दिया गया। नुक्कड़ नाटकों के दौरान कलाकारों ने केंद्र एवं हरियाणा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी आमजन को दी। ग्रामीणों को पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तथा योजनाओं की जानकारी अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि कला एवं संस्कृति विभाग हरियाणा की ओर से नियुक्त टीमों मदन डागर एंड टीम, मनोज एंड टीम, शकुंतलम नाट्य संस्थान, ललित वर्मा एंड टीम तथा कपिल एंड टीम द्वारा जिले के रामपुरा, बुढपुर, गोकलगढ़, भाड़ावास, टांकरी, खंडोड़ा, खोरी, पाली, कुंड, कंवाली, नाहड़, कोसली, पाल्हावास, गुडियानी व जाटूसाना सहित विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए गए।कार्यक्रमों के दौरान ग्रामीणों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों में रुचि दिखाई और सामाजिक जागरूकता से जुड़े संदेशों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने बताया कि 28 सितंबर को रेवाड़ी, बावल और कोसली क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए जाएंगे। जिला प्रशासन की ओर से आमजन से सेवा संकल्प अभियान से जुड़कर सामाजिक जागरूकता के संदेशों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।






जेतड़ावास में ‘मेरा स्वास्थ्य, मेरा गर्व’ के तहत स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता शिविर आयोजित
रेवाड़ी, 27 सितम्बर, अभीतक: मेरा युवा भारत, रेवाड़ी युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग रेवाड़ी के सहयोग से “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारतदृ100 दिवसीय अभियान” के अंतर्गत “मेरा स्वास्थ्य, मेरा गर्व” थीम पर रविवार को ग्राम जेतड़ावास, रेवाड़ी में सामान्य स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मेडिकल ऑफिसर डॉ. कुलदीप यादव, फार्मेसी ऑफिसर दिनेश, एसटीओ पूनम, नर्सिंग ऑफिसर राहुल, काजल एवं मंजू ने स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं। इस दौरान ग्रामीणों एवं युवाओं की बीपी एवं शुगर की जांच, रक्त जांच के साथ-साथ लिवर एवं किडनी की जांच की गई। बीपी एवं शुगर से संबंधित मरीजों को आवश्यकतानुसार दवाइयां भी उपलब्ध करवाई गईं। कार्यक्रम सरपंच हेमलता के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। सांग सम्राट मास्टर नेकी राम युवा मंडल की मंडल अध्यक्ष सुजाता सहित प्रीति, कीर्ति, मीनाक्षी, प्रीति, संगीता, नैना, काजल, पलक, अन्नू, कुलदीप, दीपक, अतुल, विक्रम, अंश, हर्ष एवं कुनाल ने शिविर के आयोजन में अग्रणी भूमिका निभाई। डॉ. कुलदीप यादव ने उपस्थित महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों को पौष्टिक आहार, स्वस्थ जीवन शैली तथा नशे के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने स्वस्थ रहने के लिए संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि तथा नशे से दूरी बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में जिला युवा अधिकारी, मेरा युवा भारत रेवाड़ी, सुमित यादव ने उपस्थित प्रतिभागियों को नशा मुक्त युवा शपथ दिलाई। इसके साथ ही पौधारोपण कर स्वस्थ पर्यावरण, स्वस्थ जीवन शैली एवं “मेरा स्वास्थ्य, मेरा गर्व” का संदेश दिया गया।कार्यक्रम में मेरा युवा भारत, रेवाड़ी जिला कार्यालय से प्रशासनिक सहायक विनय राव एवं सुशील भी उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों, युवाओं, महिलाओं एवं बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने तथा नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया गया।

झज्जर: सीआईएसएफ जवान व उसकी पत्नी का सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
प्रशासन की तरफ से कोई भी अधिकारी नहीं हुआ शामिल,देखने को मिली नाराजगी
झज्जर के सीआईएसएफ जवान सोमप्रकाश व उसकी पत्नी लक्ष्मी सहित तीन की हुई थी सड़क हादसे में मौत
गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार,सोमप्रकाश का बेटा पंकज हुआ था सड़क हादसे में घायल
दिल्ली संसद भवन में कार्यरत था सीआईएसएफ जवान सोमप्रकाश,चार माह बाद होना था सेवानिवृत
डयूटी के दौरान तीस अगस्त को दिल्ली महिपालपुर में सड़क हादसे का हुए थे सोमप्रकाश
गुरूग्राम के सिग्नेचर अस्पताल में हो रहा था इलाज, पत्नी लक्ष्मी व बेटे पंकज के साथ टांके कटवाने के बाद लौट रहे थे झज्जर वापिस
जवान की अंत्येष्टि के मौके पर किसी भी अधिकारी के न पहुंचने पर प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल

मोटरसाइकिल चोरी के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार
एमआईई चैकी पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिल के अलग-अलग पार्ट्स व आवश्यक दस्तावेज किए बरामद, मुख्य आरोपी अमित को पहले लिया गया था दो दिन के पुलिस रिमांड पर’
झज्जर, 27 सितम्बर, अभीतक: झज्जर पुलिस द्वारा वाहन चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने तथा चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चैकी एमआईई बहादुरगढ़ पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमित निवासी आर्य नगर झज्जर, संदीप सैनी निवासी कोसली रोड, झज्जर तथा रविन्द्र निवासी भट्टी गेट झज्जर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी रविन्द्र की कबाड़ की दुकान से चोरी की गई मोटरसाइकिल के अलग-अलग पार्ट्स बरामद किए हैं।मामले की जानकारी देते हुए चैकी प्रभारी एमआईई, सहायक उप निरीक्षक संदीप कुमार ने बताया कि गांव आसौदा तोडराण निवासी भगवान ने शिकायत देते हुए बताया था कि वह 11 सितंबर 2026 को अपनी स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल लेकर जीवन ज्योति अस्पताल, बहादुरगढ़ आया था। उसने अपनी मोटरसाइकिल अस्पताल के सामने खड़ी की थी। जब वह दवाई लेकर वापस आया तो उसकी मोटरसाइकिल वहां से गायब मिली। शिकायत के आधार पर थाना शहर बहादुरगढ़ में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।उन्होंने बताया कि मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अमित को गिरफ्तार किया था। आरोपी अमित को अदालत में पेश करके दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था। पूछताछ के दौरान आरोपी अमित ने अपने अन्य साथियों के संबंध में जानकारी दी, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी संदीप तथा कबाड़ी रविन्द्र को भी गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें अदालत में पेश करके न्याय की रह सके भेज दिया गया।





सेवा से संकल्प और संकल्प से सिद्धि के रास्ते पर बढ़ रहा है हरियाणा प्रदेश- डॉ. अर्चना गुप्ता
रेवाड़ी, 27 सितंबर डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के प्रति सेवा का संकल्प लेने का अवसर है। सेवा के माध्यम से संकल्प और संकल्प से सिद्धि प्राप्त होगी तथा इसी भावना के साथ विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ना है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कोई न कोई सेवा का कार्य करने का संकल्प ले। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता ने कहा कि भाजपा हरियाणा ने ‘नमो सेवा पोर्टल की शुरुआत की है। कोई भी व्यक्ति पोर्टल पर लॉगिन कर अपनी रुचि के अनुसार सेवा कार्य के लिए स्वयं को वॉलंटियर के रूप में पंजीकृत कर सकता है। स्थानीय भाजपा इकाइयां सेवा कार्यों में स्वयंसेवकों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएंगी। उन्होंने कहा कि इसी पोर्टल के माध्यम से सफेद मोतिया यानी कैटरेक्ट के मरीजों का भी पंजीकरण कराया जा सकता है। मुख्यमंत्री के सहयोग और आईएमए के सहयोग से पंजीकृत मरीजों की मोतियाबिंद सर्जरी नि:शुल्क कराने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक लोगों को नमो सेवा पोर्टल से जोड़ने का आह्वान किया। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने रेवाड़ी विधायक एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह यादव, बावल विधायक डॉ. कृष्ण कुमार, जिलाध्यक्ष डॉ. वंदना पोपली सहित भाजपा के सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का सराहनीय आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया।


सोनीपत: सोनीपत के रामपाल के आश्रम धनाना में कुकर्म का मामला आया सामने
आश्रम में नाबालिक बच्चे के साथ हुआ कुकर्म
पीड़ित परिवार उतरप्रदेश का रहने वाला
पीड़ित परिवार सतलोक आश्रम में आया था सेवा करने
पीड़ित बच्चों के पिता ने बरोदा थाना पुलिस को दी शिकायत
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की काउंसलिंग के बाद हुआ मामले का खुलासा
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की काउंसलिंग की जांच के बाद पीड़ित बच्चे के पिता की शिकायत पर सेवादार पर हुई एफआईआर दर्ज
एफआईआर के बाद सेवादार सचिन को किया गिरफ्तार
सतलोक आश्रम धनाना में सेवादार का काम करता है सचिन
आरोपी सचिन सोनीपत के कांसडी गांव का रहने वाला
जिला बार एसोसिएशन के प्रधान युधिष्ठिर वत्स का खरक कलां में भव्य स्वागत : ब्राह्मण समाज-12 ने पगड़ी पहनाकर किया अभिनंदन
भिवानी, 27 सितम्बर, अभीतक: जिला बार एसोसिएशन भिवानी के नवनिर्वाचित प्रधान युधिष्ठिर वत्स के खरक कलां पहुंचने पर रविवार को ब्राह्मण समाज-12 और समस्त ग्रामीणों द्वारा अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में मौजूद हजारों लोगों की अपार भीड़ ने ढोल-नगाड़ों और गगनभेदी नारों के बीच वत्स साहब को पारंपरिक पगड़ी पहनाकर उनका जोरदार नागरिक अभिनंदन किया। पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जहां हर कोई अपने लाडले जनप्रतिनिधि की इस शानदार जीत और उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा था। समारोह को संबोधित करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता बजरंग लाल बापोड़ा ने कहा कि युधिष्ठिर वत्स का बार एसोसिएशन का प्रधान बनना पूरे क्षेत्र और समाज के लिए अत्यंत सौभाग्य तथा गौरव का विषय है। उन्होंने उपस्थित अपार जनसमूह का धन्यवाद करते हुए कहा कि आप सभी के निस्वार्थ सहयोग, आशीर्वाद और अटूट विश्वास की बदौलत ही आज यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। इस दौरान समाज के गणमान्य वकीलों का भी विशेष रूप से स्वागत और सम्मान किया गया। समारोह के मंच संचालन की जिम्मेदारी निभा रहे सचिव सुरेश ने कार्यक्रम को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया। इस दौरान अनुराग शर्मा एवं देवकांत शर्मा ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी समाज की उन्नति और प्रगति के लिए आपसी एकता बेहद आवश्यक है। जब पूरा समाज एकजुट होकर कदम बढ़ाता है, तो सफलता निश्चित होती है। दि भिवानी रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान रामकिशन शर्मा व अन्य वक्ताओं ने नवनिर्वाचित प्रधान से आग्रह किया कि जब भी क्षेत्र की जनता को उनकी आवश्यकता पड़े, वे तन, मन और धन से हमेशा लोगों की मदद के लिए तत्पर रहें। जनसमूह के अपार प्यार और सम्मान से अभिभूत होकर प्रधान युधिष्ठिर वत्स ने भरोसा दिलाया कि जो भी व्यक्ति अपनी समस्या या मदद की उम्मीद लेकर उनके पास आएगा, वे उसकी हर संभव सहायता करेंगे और उनके द्वार से कोई भी व्यक्ति निराश होकर नहीं लौटेगा। वहीं कालूराम शर्मा प्रधान ने भी घोषणा की कि वे आगे भी आजीवन समाज हित और जनसेवा के कार्यों में अपना सर्वस्व योगदान देते रहेंगे। कार्यक्रम के अंत में ब्राह्मण समाज-12 के प्रधान सुरेश शर्मा ने सभी का स्वागत किया। इस अवसर पर पूर्व सरपंच बिंटू खरक, पूर्व सरपंच रामकुमार शर्मा नौरंगाबाद, पूर्व सरपंच मंटू भुज, पूर्व चेयरमैन रामअवतार नौरंगाबाद, राजपाल कलंगा, राजेश अंती कलंगा, दिनेश मास्टर कलंगा, धर्मवीर उप प्रधान बामला, सतीश बामला, राजू बामला, संजय खरक, विजय खरकिया, रामकिशन खरक, राजेन्द्र खरक, पवन शर्मा नौरंगाबाद, दयाचंद शर्मा रिवाड़ी, सत्यवान शर्मा, मगतू शर्मा, रमेश शर्मा, प्रसादी शर्मा वेदमास्टर, श्यामलाल फौजी, महेश पुजारी, सुरेश प्रधान तथा समाज के अनेक वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित नागरिक शामिल रहे।




भाजपा को सत्ता से बाहर, कांग्रेस को सत्ता से रखेंगे दूर और बनाएंगे इनेलो की सरकार: अभय चैटाला
नूंह में पूर्व उपप्रधानमंत्री चै. देवीलाल की 113वीं जयंती पर आयोजित सम्मान दिवस रैली में उमड़ा जनसैलाब
इनेलो अध्यक्ष ने तथ्यों के साथ भाजपा व कांग्रेस पर लगाई आरोपों की झड़ी
कहा, गुरुग्राम की तर्ज पर करवाएंगे मेवात का विकास
नूंह, 27 सितम्बर, अभीतक: इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चै. अभय सिंह चैटाला का कहना है कि चै. देवीलाल व चै. ओमप्रकाश चैटाला का मेवात से विशेष लगाव रहा और वे चाहे सत्ता में रहे या विपक्ष में रहे हमेशा ही मेवात के लोगों के बीच आए और इस इलाके को अनेक सुविधाएं दी। अब भविष्य में जब इनेलो सत्ता में आएगी तो मेवात के इलाके में सुविधाओं का विस्तार कर गुरुग्राम की तर्ज पर मेवात का विकास करावाया जाएगा। अभय सिंह चैटाला चै. देवीलाल की 113वीं जयंती पर रविवार को नूंह में आयोजित सम्मान दिवस रैली को संबोधित कर रहे थे। करीब 75 एकड़ के विशाल सभा स्थल में हरियाणा के कोने-कोने से पहुंची भीड़ का अभिवादन व सलाम करते हुए चै. अभय चैटाला ने पूर्व उपप्रधानमंत्री चै. देवीलाल के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला और उनसे जुड़े संस्मरण भी साझा किए। सबसे पहले अभय चैटाला ने पूर्व उपप्रधानमंत्री चै. देवीलाल की मूर्ति के समक्ष पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इनेलो अध्यक्ष अभय चैटाला ने मौजूदा भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल को जनविरोधी बताते हुए तथ्यों के साथ हमला बोला तो वहीं उन्होंने कांग्रेस को भाजपा की बी टीम बताते हुए कहा कि जनता के सामने कांग्रेस का असली चेहरा बेनकाब हो चुका है। अभय सिंह चैटाला ने कहा कि कभी हरियाणा खेल, खेती और रोजगार के लिए जाना जाता था। आज हरियाणा नशे की चर्चा में है। बेरोजगारी की चर्चा में है। अपराध की चर्चा में है। पेपर लीक की चर्चा में है। किसानों के आंदोलन की चर्चा में है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी से प्रदेश का नौजवान सबसे ज्यादा परेशान हैं। सरकारी नौकरियों की भर्ती निकलती है, तो पेपर लीक हो जाता है। परीक्षा होती है, तो रिजल्ट अटक जाता है। अभय सिंह चैटाला ने कहा कि साल 1989 में दिल्ली के बोट क्लब पर चै. देवीलाल के जन्मदिन पर रैली की गई। इस रैली में पूरा विपक्ष एक मंच पर था। रैली ने राजनीतिक गलियारों में संदेश दिया कि कांग्रेस सत्ता से बाहर हो रही है और चै.देवीलाल के नेतृत्व में जनता दल की सरकार बन रही है और हुआ भी ऐसा ही। चै. अभय चैटाला ने कहा कि आज की रैली यह साफ हो गया है कि भाजपा सत्ता से बाहर हो रही है, कांग्रेस को सत्ता से दूर करेंगे और इनेलो की सरकार बनेगी। अभय चैटाला ने कहा कि 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा सत्ता से दूर जा रही थी। उस समय जजपा के 10 विधायकों ने चै. देवीलाल की नीतियों को गिरवी रखते हुए भाजपा की सरकार बनवाने का काम किया और फिर लगातार साढ़े 4 वर्षों तक प्रदेश को दोनों हाथों से लूटा। अभय सिंह चैटाला ने कहा कि 2024 में भी भाजपा सत्ता से बाहर हो रही है। एक साजिश के तहत भूपेंद्र सिंह हुड्डा एंड कंपनी ने भाजपा सरकार बनवाने में सहयोग किया। अभय ङ्क्षसह ने कहा कि उस समय सर्वे में कांग्रेस की सरकार बनती नजर आ रही थी और सीटिंग विधायकों को लेकर आपत्ति थी। उस समय भूपेंद्र हुड्डा और उनके भतीजे के घर ईडी के छापे मारे गए। जेल जाने का हुड्डा को डर था। तब हुड्डा अमित शाह से उनके घर पर मिले। शाह ने हुड्डा को जेल जाने से बचने के लिए सभी सीटिंग विधायकों को टिकट देने के आदेश दिए। उसी दिन हुड्डा राहुल गांधी से मिले और उन्हें कहा कि अगर सीटिंग विधायकों को टिकट नहीं दिया तो कांग्रेस में भगदड़ मच जाएगी। राहुल गांधी ने इस बात पर भरोसा किया और सीटिंग विधायकों को टिकट दिया, बावजूद इसके कि उनमें से 18 विधायक चुनाव में हार गए। अभय सिंह ने कहा कि इतना ही नहीं जो 9 नेता जीत रहे थे, उनकी टिकट हुड्डा ने कटवा दी। इसके अलावा 9 सीटों पर कांग्रेस के खिलाफ बागी उम्मीदवार उतार दिए। अभय सिंह चैटाला ने कहा कि इसी वर्ष राज्यसभा के चुनाव मे कांग्रेस के 5 वोट क्रॉस हुए और 4 रद्द हुए। अब हुड्डा उन चार विधायकों के नाम इसलिए उजागर नहीं कर रहे हैं, क्योंकि वे सभी हुड्डा के चेहते हैं। अभय चैटाला ने रैली में ऐलान किया कि वे और पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा नवंबर माह में फिर से गांव-गांव जाएंगे। भाजपा और कांग्रेस की पोल खोलेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर इनेलो नशा व बेरोजगारी खत्म करेगी। किसानों के लिए जो पोर्टल भाजपा ने बनाए हैं, उन्हें बंद करवाया जाएगा। विकास की योजनाएं लागू की जाएंगी।
अभिषेक बनर्जी व जयंत चैधरी ने भेजा अपना संदेश
रैली में टीएमसी के नेता व सांसद अभिषेक बनर्जी तथा राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चैधरी ने भी अपना संदेश भेजा। रैली को संबोधित करते हुण् जम्मू कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चैधरी ने चै. देवीलाल को महान नेता बताते हुए कहा कि चै. अभय सिंह चैटाला उनकी नीतियों का अनुसरण करते हुए प्रत्येक वर्ग की आवाज को बुलंद कर रहे हैं। पूर्व वित्त मंत्री व इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. संपत सिंह ने कहा कि चै. देवीलाल किसानों के मसीहा थे। आज भाजपा की सरकार ने किसान-कमेरे को ठगा है। न तो किसानों को एमएसपी दी। न उनकी आय दोगुणी की और न ही स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की। प्रो. सपंत्त सिंह ने कहा कि साल 1977 में चै. देवीलाल मुख्यमंत्री थे। उस समय मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री और चै. चरण सिंह उपप्रधानमंत्री थे। उस समय मोरारजी ने जब चै. चरण सिंह को हटाया तो चै. देवीलाल ने देसाई के इस फैसले का विरोध जताते हुए दिल्ली के बोट क्लब में रैली का ऐलान कर दिया। संपत्त सिंह ने कहा कि देसाई ने चै. देवीलाल को फोन किया और कहा कि आप जनता पार्टी के मुख्यमंत्री हो, पार्टी से इत्तर रैली नहीं कर सकते। तब चै. देवीलाल ने उन्हें कहा कि वे पहले किसान हैं और मुख्यमंत्री बाद में। ऐसे में ताऊ ने बोट क्लब में ऐतिहासिक रैली की। संपत्त ङ्क्षसह ने कहा कि आज की रैली ने भी उस दौर की याद ताजा कर दी है। इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा ने नूंह रैली को रैला बताते हुए कहा कि चै. देवीलाल किसानों के मसीहा थे। आज भाजपा ने किसान-कमेरे वर्ग को ठगा है। भाजपा ने न तो किसानों की आमदनी दोगुणी की। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं की। एमएसपी लागू नहीं किया। किसान को कंगाल कर दिया और बड़ी कंपनियों को मालामाल किया। जिला परिषद सिरसा के चेयरमैन कर्ण चैटाला ने ‘खराब वक्त में इज्जत रहे संभाले हुए, कभी न जेब में सिक्के रखे उछाले हुए, डसा गया हूं मैं लेकिन इलाज जानता हूं, ये सांप हैं तो मेरी आस्तीन के पाले हुए’ पंक्तियों के जरिए अपने विरोधियों पर तंज कसा।
मंच संचालन डबवाली के विधायक आदित्य देवीलाल व रानियां के विधायक अर्जुन चैटाला ने किया
सुनैना चैटाला ने कहा कि चै. देवीलाल जमीन से जुड़े नेता थे और चै. ओमप्रकाश चैटाला ने मुख्यमंत्री रहते हुए सरकार को लोगों के द्वार पर लाने का काम किया। शेर सिंह बड़शामी, राष्ट्रीय प्रधान महासचिव प्रकाश भारती, पार्टी के संसदीय बोर्ड के चेयरमैन पूर्व मंत्री वासुदेव शर्मा एवं सदस्य राधेश्याम शर्मा, पार्टी के प्रदेश प्रधान महासचिव प्रताप गुज्जर, पूर्व मंत्री रामस्वरूप रामां, पार्टी के संगठन सचिव उमेद सिंह लोहान, पूर्व विधायक भरत सिंह छोक्कर व बूटा सिंह, महिला इकाई की प्रदेशाध्यक्ष तनुजा, इनेलो के नूंह जिलाध्यक्ष ताहिर हुसैन, जाहिद खान व
पूर्व विधायक रघु यादव हुए इनेलो में शामिल। रविवार को नूंह में आयोजित सम्मान दिवस रैली में पूर्व विधायक रघु यादव ने इनेलो में अपनी आस्था जताते हुए पार्टी का दामन थामा और कहा कि चै. अभय सिंह चैटाला चै. देवीलाल के सपनों को साकार करने निकले हैं। रघु यादव वर्ष 1987 में वे रेवाड़ी विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए। रघु यादव का राजनीतिक सफर गुजरात के नवनिर्माण आंदोलन से जुड़ा रहा। यह वही आंदोलन था, जिसने जयप्रकाश नारायण को देशव्यापी संपूर्ण क्रांति आंदोलन शुरू करने की प्रेरणा दी थी। इसी वैचारिक पृष्ठभूमि में रघु यादव ने सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया। वर्ष 1980 से 1985 तक वे अखिल भारतीय युवा जनता के महासचिव रहे। इसके बाद उन्होंने डॉ. मंगल सेन के साथ हरियाणा संघर्ष समिति में महासचिव के रूप में काम किया। हरियाणा संघर्ष समिति ने चैधरी देवीलाल के नेतृत्व में वर्ष 1987 में प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव लाने में भूमिका निभाई। इस दौर में रघु यादव भी सक्रिय राजनीतिक चेहरों में शामिल रहे। वर्ष 1987 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में रघु यादव ने लोकदल के टिकट पर रेवाड़ी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उन्हें 38,694 मत प्राप्त हुए, जबकि कांग्रेस के हुकुम सिंह को 16,368 और निर्दलीय प्रत्याशी कर्नल राम सिंह को 11,214 मत मिले। कुल 70,941 मतों वाले इस चुनाव में रघु यादव की जीत ने उन्हें विधानसभा तक पहुंचाया।
रैली की झलकियां
सम्मान दिवस रैली को लेकर पूरा नूंह हरे रंग में रंगा हुआ नजर आया
नूंह कस्बे में रैली का दीदार करने के लिए लोग बाजारों में निकल आए
सडकों पर भीड़ ही भीड़ नजर आई
घरों की छतों खड़े होकर पर महिलाओं, बुजुर्गों व बच्चों रैली में पहुंचे वक्ताओं को सुना
सोहना से लेकर नूंह व तावडू तक जाम लग गया
बच्चों ने अपने हाथों में इनेलो के झंडे ले रखे थे
रैली में अपने जोशिले मंच संचालन से रानियां के विधायक अर्जुन चैटाला ने भीड़ में उत्साह भरा
हरियाणवी कलाकारों ने रागनियों व गीतों के जरिए चै. देवीलाल व चै. ओमप्रकाश चैटाला की नीतियों का गुणगान किया

गिलाकोर से नागाणा धाम तीसरी पैदल यात्रा संघ के पोस्टर का विमोचन’
जोधपुर, 27 सितम्बर, अभीतक: चामू क्षेत्र के गांव गिलाकोर से नागाणा धाम के लिए आयोजित होने वाली तीसरी पैदल यात्रा संघ के पोस्टर का विमोचन रविवार को विधि-विधान के साथ किया गया। मंदिर पुजारी चैन भारती के सानिध्य में हुए इस कार्यक्रम में घर्मप्रेमियों, भक्तगणों एवं ग्रामवासियों ने भाग लिया। इस दौरान कार्यकारिणी सदस्य जबर सिंह, डूंगर सिंह, आम सिंह, घनश्याम सिंह, सुगन सिंह, सौभाग्य सिंह, नखत सिंह, नरेंद्र सिंह, पृथ्वी सिंह, प्रेम सिंह, आनंद सिंह सहित राठौड़ वंश गिलाकोर के सदस्य मौजूद रहे। संयोजकों ने बताया कि इस वर्ष गिलाकोर से नागाणा धाम तक तीसरी पैदल यात्रा संघ की रवानगी दिनांक 8 अक्टूबर 2026 को प्रातः 4ः15 बजे होगी। यात्रा का पोस्टर विमोचन कर यात्रा की तैयारियों का आगाज किया गया। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों ने माँ नागणेची माता के जयकारे लगाते हुए यात्रा की सफलता की कामना की।



दिल्ली: दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने विधायक जरनैल सिंह के पीए को मारा तमाचा। सड़क निर्माण में घटिया सामग्री को लेकर वीडियो शूट कर रहा था पीए। प्रवेश वर्मा इससे खफा हो गए और गुस्से में आकर पीए पर हाथ छोड़ दिया।



सेवा संकल्प अभियान’ के तहत गांव गुड़ियानी में सेवा सेतु कैंप का किया आयोजन
जिला में 17 अक्तूबर तक आयोजित किए जा रहे सेवा सेतु कैंपों के माध्यम से पात्र परिवारों को किया जा रहा लाभान्वित
सोमवार को कमालपुर में आयोजित किया जाएगा सेवा सेतु कैंप
रेवाड़ी, 27 सितम्बर, अभीतक: हरियाणा सरकार की ओर से प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के निरंतर सेवा काल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने और प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक संकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से 17 अक्तूबर 2026 तक चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत जिला प्रशासन द्वारा सेवा सेतु कैंपों का आयोजन किया जा रहा है। रविवार को डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन और जिला समाज कल्याण अधिकारी रेनू बाला के नेतृत्व में गांव गुड़ियानी में सेवा सेतु कैंप का आयोजन कर पात्र परिवारों को सरकार की योजनाओं से लाभान्वित किया गया। जिला समाज कल्याण अधिकारी रेनू बाला ने बताया कि गांव गुड़ियानी में लगाए सेवा सेतु शिविर में पात्र नागरिकों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया, दस्तावेज और संबंधित विभागीय सेवाओं के बारे में भी जानकारी उपलब्ध कराई गई। सोमवार को गांव कमालपुर में सेवा सेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से सेवा सेतु कैंपों को नागरिक सुविधा का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया जा रहा है। इन कैंपों के माध्यम से प्रयास किया जा रहा है कि लोगों को सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं से संबंधित जानकारी के लिए दूर स्थित कार्यालयों में जाने की आवश्यकता कम हो तथा उन्हें स्थानीय स्तर पर आवश्यक मार्गदर्शन मिल सके। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सरकार का उद्देश्य योजनाओं एवं सेवाओं की पहुंच को अधिक सुगम बनाना तथा पात्र नागरिकों को उनके अधिकार एवं उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जागरूक करना है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे सेवा सेतु कैंपों में पहुंचकर विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त करें और पात्रता के अनुसार उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें।
जिला परिवेदना समिति की बैठक आज बाल भवन में- डीसी
हरियाणा के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी व लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा करेंगे अध्यक्षता
रेवाड़ी, 27 सितम्बर, अभीतक: जिला के नागरिकों की शिकायतों का निवारण करने के लिए जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की मासिक बैठक सोमवार, 28 सितंबर को दोपहर 1ः30 बजे बाल भवन रेवाड़ी में होगी। जिसकी अध्यक्षता हरियाणा के हरियाणा के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी व लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा करेंगे। डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 16 परिवादों की सुनवाई की जाएगी। जिसमें 7 नए व 9 लंबित परिवाद शामिल हैं। हरियाणा के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी व लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा इन सभी परिवादों तथा मौके पर आम नागरिकों की शिकायतें सुनेंगे। इस अवसर पर जिला के विधायक, विभाग अध्यक्ष, पंचायत व निकाय समितियों के चेयरमैन तथा जिला कष्ट निवारण समिति के सदस्य उपस्थित रहेंगे।


सेवा संकल्प अभियान: कहानी बदलाव की
मत्स्य पालन बना किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम
जिला के किसानों ने साझा किए सफलता के अनुभव
रेवाड़ी, 27 सितम्बर, अभीतक: केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी कड़ी में मत्स्य पालन भी किसानों के लिए आय एवं रोजगार का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभर रहा है। रेवाड़ी जिले में अनेक किसान मत्स्य पालन को अपनाकर उपलब्ध जल संसाधनों का सदुपयोग कर अपनी आजीविका को सुदृढ़ कर रहे हैं। मत्स्य पालन विभाग, रेवाड़ी द्वारा किसानों को मत्स्य पालन की वैज्ञानिक एवं आधुनिक तकनीकों की जानकारी देने के साथ-साथ विभागीय योजनाओं, सुविधाओं एवं आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन के बारे में जागरूक किया जा रहा है। विभाग के मार्गदर्शन से किसानों को मत्स्य पालन की गतिविधियों को व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक तरीके से संचालित करने में सहायता मिल रही है।
लाभार्थियों ने साझा किए अपने अनुभव
गांव लुखी, जिला रेवाड़ी निवासी अशोक ने मत्स्य पालन से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि मत्स्य पालन उनके लिए आजीविका एवं आय का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना है। उन्होंने बताया कि मत्स्य पालन विभाग से प्राप्त मार्गदर्शन, सब्सिडी एवं तकनीकी सहयोग से उन्हें इस गतिविधि को बेहतर तरीके से संचालित करने में सहायता मिली। अशोक के अनुसार, उचित जानकारी एवं वैज्ञानिक तरीके अपनाकर किसान मत्स्य पालन को एक उपयोगी व्यवसाय के रूप में अपना सकते हैं। इसी प्रकार गांव सैयदपुर, जिला रेवाड़ी निवासी सुंदर सिंह ने भी मत्स्य पालन से संबंधित अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि मत्स्य पालन के माध्यम से उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर एवं उत्पादक उपयोग हो रहा है तथा इससे आय के अतिरिक्त अवसर प्राप्त हुए हैं। उन्होंने मत्स्य पालन विभाग द्वारा प्रदान किए जा रहे मार्गदर्शन, योजनाओं की जानकारी, सब्सिडी एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। अशोक, गांव लुखी तथा सुंदर सिंह, गांव सैयदपुर की कहानी बदलाव की इस बात का उदाहरण है कि सरकार की ओर से संचालित की जा रही जनकल्याणकारी योजनाएं, विभागीय मार्गदर्शन, सब्सिडी, तकनीकी जानकारी और उपलब्ध संसाधनों के उचित उपयोग से मत्स्य पालन ग्रामीण परिवारों के लिए आय एवं स्वरोजगार का प्रभावी साधन बन सकता है। जिला मत्स्य विभाग द्वारा जिले के किसानों से आह्वान किया गया है कि वे मत्स्य पालन से संबंधित विभागीय योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी प्राप्त करें तथा पात्रता के अनुसार इनका लाभ उठाकर अपनी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करें।
किसानों को योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किया जा रहा प्रेरित
जिला मत्स्य अधिकारी अंजू रानी ने बताया कि विभाग द्वारा किसानों को मत्स्य पालन से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध करवाने के साथ-साथ पात्र लाभार्थियों को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन दिया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को मत्स्य पालन से जोड़ना तथा ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार एवं आय के नए अवसरों को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि मत्स्य पालन के माध्यम से जहां किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त हो रहे हैं, वहीं उपलब्ध जल संसाधनों का भी समुचित एवं उत्पादक उपयोग सुनिश्चित हो रहा है। विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों को अपनाने के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।


सेवा संकल्प अभियान :आंगन मिलन सेवा के तहत माताओं के साथ संवाद और सम्मान कार्यक्रम आयोजित
आंगनबाड़ी केंद्रों में करवाई गई मातृ संवाद, सम्मान एवं जागरूकता गतिविधियां
रेवाड़ी, 27 सितम्बर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला के रेवाड़ी और बावल ब्लॉक में आंगनबाड़ी केंद्रों में रविवार को तीसरे दिन आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी सम्मान एवं मातृ संवाद के तहत माताओं के साथ संवाद, सार्वजनिक सम्मान तथा विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। कार्यक्रम का उद्देश्य माताओं को बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं समग्र विकास के प्रति जागरूक करते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों से उनका जुड़ाव और अधिक मजबूत करना रहा। महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी शालू यादव ने बताया कि आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम के माध्यम से माताओं को बच्चों की नियमित देखभाल, संतुलित आहार, स्वच्छता तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास में परिवार की भूमिका के बारे में आवश्यक जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य के लिए माता-पिता और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच निरंतर संवाद बेहद जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों को फल एवं मिठाइयों का वितरण भी किया गया। इसके अलावा कार्यक्रम से संबंधित सामग्री वितरित करते हुए माताओं को विभागीय योजनाओं एवं बच्चों के हित में उपलब्ध सेवाओं की आवश्यक जानकारी भी साझा की गई।आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने माताओं से संवाद करते हुए बच्चों की दैनिक गतिविधियों, पोषण एवं स्वास्थ्य से संबंधित विषयों पर चर्चा की। माताओं ने भी अपने अनुभव साझा किए तथा बच्चों से जुड़ी आवश्यक जानकारी प्राप्त की। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि सरकार द्वारा सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को समुदाय से जोड़ने और बच्चों एवं माताओं तक विभागीय सेवाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने माताओं से आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।

संस्कारम विद्यालय ने फिर लहराया अपना परचम
छात्रा तनिष्का ने हासिल किया प्रथम स्थान
झज्जर, 27 सितम्बर, अभीतक: सरकार द्वारा चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियानश् के अंतर्गत श्मेरे सपनों का भारत विषय पर जिला स्तरीय भाषण व चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में छात्रों ने अपने भाषण व कला के माध्यम से भविष्य में आने वाले भारत की रूपरेखा प्रस्तुत की। जिले भर से 25 से भी अधिक विद्यालयों से चयनित विद्यार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। राजकीय कन्या वरिष्ठ विद्यालय में आयोजित जिला स्तरीय इस प्रतियोगिता में संस्कार पब्लिक स्कूल की तनिष्का ने भाषण प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए श्मेरे सपनों का भारतश् विषय पर अपनी अद्भुत वक्तव्य कला का परिचय दिया और प्रथम स्थान हासिल किया। अपने भाषण में तनिष्का ने कहा कि मेरे सपनों के भारत में हर बच्चे को शिक्षा और संस्कार मिले। हमारा भारत भ्रष्टाचार और बेरोजगारी से मुक्त हो। भारत स्वच्छ, स्वस्थ और सुरक्षित होना चाहिए। यह एकता और समानता वाला भारत हो। मेरे सपनों का भारत तकनीक के क्षेत्र में विश्व गुरु बने, जहाँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ-साथ हमारे वेदों, योग और भारतीय संस्कृति की जड़ें भी मजबूत रहें। गौरतलब रहे इससे पहले 18 में 19 सितंबर को विद्यालय स्तरीय भाषण व कला प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ, जिसमें ससंस्कारम पब्लिक स्कूल की दो छात्राएं तनिष्का वरिष्ठ वर्ग से व चेष्टा कनिष्ठ वर्ग से भाषण प्रतियोगिता के लिए चयनित हुई, वही कला क्षेत्र में मन्नत वरिष्ठ वर्ग से व नक्षिता कनिष्ठ वर्ग से चयनित हुई। जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट स्थान हासिल कर तनिष्का ने ने केवल अपने माता-पिता व विद्यालय का नाम रोशन किया है बल्कि पूरे झज्जर जिले का सिरमौर बनी है। इस गौरवशाली उपलब्धि पर संस्कारम ग्रुप ऑफ स्कूल्स के संस्थापक ’डॉक्टर महिपाल ने विजेता छात्रा तनिष्का को ही नहीं बल्कि उसके माता-पिता को भी बधाई और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

गिलाकोर से नागाणा धाम तीसरी पैदल यात्रा संघ के पोस्टर का विमोचन
जोधपुर, 27 सितम्बर, अभीतक: चामू क्षेत्र के गांव गिलाकोर से नागाणा धाम के लिए आयोजित होने वाली तीसरी पैदल यात्रा संघ के पोस्टर का विमोचन रविवार को विधि-विधान के साथ किया गया। मंदिर पुजारी चैन भारती के सानिध्य में हुए इस कार्यक्रम में घर्मप्रेमियों, भक्तगणों एवं ग्रामवासियों ने भाग लिया। इस दौरान कार्यकारिणी सदस्य जबर सिंह, डूंगर सिंह, आम सिंह, घनश्याम सिंह, सुगन सिंह, सौभाग्य सिंह, नखत सिंह, नरेंद्र सिंह, पृथ्वी सिंह, प्रेम सिंह, आनंद सिंह सहित राठौड़ वंश गिलाकोर के सदस्य मौजूद रहे। संयोजकों ने बताया कि इस वर्ष गिलाकोर से नागाणा धाम तक तीसरी पैदल यात्रा संघ की रवानगी दिनांक 8 अक्टूबर 2026 को प्रातः 4रू15 बजे होगी। यात्रा का पोस्टर विमोचन कर यात्रा की तैयारियों का आगाज किया गया। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों ने माँ नागणेची माता के जयकारे लगाते हुए यात्रा की सफलता की कामना की।




’ब्राह्मण सभा रेवाड़ी की आम सभा बैठक संपन्न’
’समाजहित में नई योजनाओं पर हुआ विचार-विमर्श’
रेवाड़ी, 27 सितम्बर, अभीतक: ब्राह्मण सभा जिला रेवाड़ी की आम सभा की बैठक रविवार को भगवान श्रीपरशुराम ब्रॉस मार्किट के सामने सभा के मुख्यालय ब्रह्मगढ़ परिसर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सभा प्रधान चंद्रशेखर गौतम ने की। बैठक में सभा के पदाधिकारियों, कार्यकारिणी सदस्यों एवं कोलेजियम सदस्यों सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। सभा प्रधान चंद्रशेखर गौतम ने उपस्थित सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि सभा का उद्देश्य समाजहित में निरंतर कार्य करना तथा अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि सभा द्वारा समाज के हित में नेत्र जांच एवं स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए हैं। इसके साथ ही विवाह योग्य बच्चों के लिए शुभ संबंध कार्यक्रम प्रत्येक रविवार को चलाया जा रहा है। उन्होंने समाज के सभी परिवारों से अपने बच्चों का पंजीकरण करवाकर इस जनहितकारी योजना को और अधिक प्रभावशाली बनाने का आह्वान किया। बैठक में उपप्रधान दीपक मुद्गिल (एडवोकेट) ने सभा की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। कोषाध्यक्ष खुशहाल शर्मा ने आय-व्यय एवं ऑडिट रिपोर्ट का विस्तृत विवरण दिया। सभा के संस्थापक प्रधान विष्णुदत्त शर्मा एडवोकेट, मूलचंद शर्मा,कोलोजियम सदस्य प्रोफेसर सुधीर त्यागी, पुरुषोत्तम शर्मा, राजेश शर्मा,अनूप शर्मा , दिलीप शास्त्री , हेमंत भारद्वाज व मनीष वशिष्ठ ने समाज को संगठित होकर समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए एकता एवं सामूहिक प्रयासों पर बल दिया। आमसभा कार्यक्रम में मंच संचालन शिक्षाविद राकेश वत्स ने किया। सभा प्रेस सचिव रमेश वशिष्ठ ने बताया कि आम सभा में न्ळब् के लिए रोष प्रकट किया और यह कानून लागू किए जाने के सरकार की भर्त्सना की और न्ळब् के विरोध में वत ैब्ध् ैज् त्मवितउे के लिए समाज द्वारा समाजहित में एक ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम जिला उपायुक्त को सौंपा जाएगा। सभा प्रधान गौतम ने ब्रह्मगढ़ में नये हाल के निर्माण व सोलर पैनल सहित सौन्दर्यकरण की विभिन्न नई योजनाओं को आगे बढ़ाने, जरूरतमंद परिवारों की सहायता करने तथा संगठन को और अधिक मजबूत बनाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। आमसभा में जयकुमार कौशिक, सन्दीप भारद्वाज, जितेंद्र तिवारी, भूपेंद्र भारद्वाज, सुनील कुमार,सुरेश कुमार, श्याम बाबू, प्रकाश चन्द्र भारद्वाज, सुभाष शर्मा, सुरेन्द्र गौड़,दीपक शर्मा, श्याम सुन्दर सरपंच, अनिल भारद्वाज, विपिन शर्मा (एडवोकेट), सरोज भारद्वाज, सुमन शर्मा, दलीप कौशिक, एडवोकेट आरपी मुदगिल, एडवोकेट यशपाल शर्मा, दिनेश वशिष्ठ, महेश वशिष्ठ, रवि भारद्वाज, बलवंत कौशिक, नरेश शर्मा, नरेश भारद्वाज सीहा, राजेश शर्मा, नवीन कुमार शर्मा, सन्जय निर्मल, सोमदत्त शर्मा, पुरूषोत्तम शर्मा डॉ श्याम बिहारी, राम भगवान शर्मा, मोहन तिवारी, अश्विनी शर्मा, बाबुलाल शर्मा, अमित भारद्वाज, मांगे राम, दीपक हरितस विजय शर्मा नागंल, नवीन शर्मा, दाता राम शर्मा, बलबीर शर्मा, राकेश शर्मा, लखन, यतिन शर्मा, देंवेन्द्र वशिष्ठ, राजेन्द्र शर्मा अजय शर्मा, राहुल शर्मा नरेश पण्डित, सन्जीव वशिष्ठ, घनश्याम भारद्वाज, जयभूषण महेंद्र शर्मा सहित अनेक कोलोजियम सदस्य व अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

तुलसी सत्याग्रही पर्यावरण के सजग प्रहरी: महंत राजेंद्र दास
तुलसी अभियान ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप दिया
नशे के खिलाफ शंखनाद शुरू हुआ जटेला धाम से
जटेला धाम, 27 सितम्बर, अभीतक: पर्यावरण प्रदूषण आज पूरी दुनिया के सामने गंभीर चुनौती बन चुका है। बढ़ता प्रदूषण, घटते हरित क्षेत्र,नशे और प्रकृति के असंतुलन से मानव जीवन प्रभावित हो रहा है। ऐसे समय में वृक्षारोपण और प्राकृतिक वनस्पतियों का संरक्षण पर्यावरण संतुलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। तुलसी का पौधा भारतीय जीवन परंपरा का अभिन्न हिस्सा होने के साथ-साथ पर्यावरण जागरूकता का प्रभावी माध्यम भी बन सकता है। यह विचार जटेला धाम के महंत राजेंद्र दास ने पर्यावरण सत्याग्रहियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। महंत राजेंद्र दास महाराज ने कहा कि तुलसी सत्याग्रहियों ने तुलसी के पौधों को घर-घर और कार्यस्थलों तक पहुंचाकर पर्यावरण संरक्षण को एक पवित्र सामाजिक अभियान का स्वरूप दिया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण बचाने की जिम्मेदारी केवल सरकारों की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की है। जब समाज प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझकर पौधों का संरक्षण करता है, तभी पर्यावरण संरक्षण का संकल्प वास्तविक जनआंदोलन बनता है। उन्होंने तुलसी सत्याग्रहियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि निष्ठा, लगन और जुनून के साथ चलाया जा रहा यह अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी उदाहरण बनेगा। पर्यावरण प्रहरियों ने जिस समर्पण के साथ तुलसी के पौधों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है, उसका योगदान पर्यावरण संरक्षण के इतिहास में महत्वपूर्ण रहेगा। महंत राजेंद्र दास महाराज ने आह्वान किया कि प्रत्येक परिवार कम से कम एक तुलसी का पौधा लगाए और उसकी नियमित देखभाल करे। साथ ही अन्य उपयोगी पौधे लगाकर हरित क्षेत्र बढ़ाने में सहयोग करें। महंत राजेंद्र दास ने मानवता को नशे से बचाने के अभियान में भी काम करने का आह्वान किया क्योंकि नशा समाज व राष्ट्र को खोखला करता है।पंजाब जैसे समृद्ध प्रदेश को नशे ने बर्बाद कर दिया है, जो गुरु गोविंद सिंह और अन्य धर्म गुरुओं की बलिदान स्थली रहा है। आज उस प्रांत की युवा पीढ़ी नशे की ओर जा रही है। नितानंद जी महाराज व अन्य संत महात्माओ ने नशे व अन्य कुरीतियों के खिलाफ समय समय पर आवाज उठाई है। युवाओं को नशे से दूर रहने का संकल्प कराके भारत को नशा रहित युवा शक्ति के रूप में पहचान दिलाने के लिए साध-संगत काम करेेगी। इस अवसर पर सरूप राम साहब, मास्टर अशीष कादयान, मास्टर जब्बर कादयान, सुरेंद्र सिंह कादयान, सुनील कुमार, सूरजमल बीडीसी, सुखबीर सिंह हेड मास्टर राज सिंह बिगोवा, सूबेदार प्रहलाद सिंह सचिव पवार खाप, नरेंद्र पूंर्व सरपंच, सुरेंद्र समाजसेवी, सरताज सिंह, सरपंच बिनोद मणिया, राजेश पंच, कलीराम बीडीसी, राज समाजसेवी सिवाना,सुनील माजरा, ऋषि शर्मा पीआरओ सहित सैकड़ों श्रद्धालु, तुलसी सत्याग्रही और पर्यावरण प्रहरी उपस्थित रहे। सैकड़ों युवाओं व महिलाओं को सम्मानित किया गया। धाम में उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण और अधिकाधिक पौधे लगाने व नशामुक्ति का संकल्प भी लिया।

संस्कारम विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने याकुल्ट इंडिया में लिया औद्योगिक कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अनुभव
रेवाड़ी, 27 सितम्बर, अभीतक: संस्कारम यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स के विद्यार्थियों ने याकुल्ट इंडिया की सोनीपत स्थित मैन्यफैक्चरिंग यूनिट का औद्योगिक भ्रमण किया। विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित इस इंडस्ट्रियल विजिट का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक औद्योगिक परिस्थितियों से जोड़ना तथा उन्हें उद्योग जगत की कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना था। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने याकुल्ट इंडिया के व्यवसाय संचालन, उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता प्रबंधन, स्वचालन, पैकेजिंग, स्वच्छता मानकों, आपूर्ति श्रृंखला एवं उत्पाद प्रबंधन से संबंधित विभिन्न पहलुओं को करीब से समझा। विद्यार्थियों को यह भी जानकारी दी गई कि एक उपभोक्ता उत्पाद को उत्पादन इकाई से बाजार तक पहुंचाने में किस प्रकार विभिन्न प्रक्रियाओं, तकनीक और टीमों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विद्यार्थियों ने आधुनिक मैन्यफैक्चरिंग व्यवस्था में प्रौद्योगिकी, मानकीकृत प्रक्रियाओं, गुणवत्ता नियंत्रण एवं परिचालन दक्षता के महत्व को भी समझा। याकुल्ट इंडिया की सोनीपत इकाई में अपनाए जा रहे उत्पादन एवं गुणवत्ता संबंधी मानकों के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी गई। औद्योगिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को ऑपरेशंस मैनेजमेंट, मार्केटिंग, सप्लाई चेन मैनेजमेंट, क्वालिटी मैनेजमेंट एवं बिजनेस स्ट्रेटेजी जैसे विषयों की वास्तविक औद्योगिक उपयोगिता को समझने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने उद्योग जगत के विशेषज्ञों एवं कर्मचारियों से संवाद कर कार्यक्षेत्र की आवश्यकताओं, व्यावसायिक प्रक्रियाओं तथा रोजगार के अवसरों से संबंधित जानकारी भी प्राप्त की। इस औद्योगिक भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक एफएमसीजी उद्योग में प्रक्रिया अनुशासन, गुणवत्ता, तकनीकी नवाचार, ग्राहक केंद्रितता और परिचालन दक्षता के महत्व को समझने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने इस अनुभव को अपने अकादमिक ज्ञान और भविष्य के करियर के लिए उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया।


भावांतर योजना के तहत गत वर्ष बाजरा की खरीद से किसानों को हुआ भारी घाटा, एममएसपी पर ही तुरंत सरकारी खरीद शुरू करने की पुरजोर मांग
सरकारी खरीद में देरी से किसान एमएसपी से नीचे लगाई जा रही बोली से हो रहे भारी घाटे के शिकार,मिले पूरा भाव: अशोक प्रधान लोक सेवा मंच
रेवाड़ी, 27 सितम्बर, अभीतक: सरकारी खरीद में हो रही निरंतर देरी से हजारों किसान एमएसपी से नीचे अनाज मंडी में लगाई जा रही बोली के कारण भारी घाटे में अपना बाजरा बेचने को मजबूर हो रहे हैं जिससे किसानों में अत्यधिक निराशा पनप रही है। मंडी में बाजरा बेचने आए किसानों व धरने पर बैठे किसानों का जनहित में जारी मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान के तहत हाल-चाल जानने आए राष्ट्रीय सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच के पदाधिकारियों से संवाद करते हुए किसानों ने सरकार से उनके बाजरा की खरीद एमएसपी पर तुरंत शुरू करने सहित ज्वलंत समस्याओं के समाधान की जोरदार मांग उठाई है। मंच ने प्रदेश के कृषि मंत्री व मुख्यमंत्री से किसानों की मांगों पर तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है। एमएसपी पर बाजरा खरीदने की मांग को लेकर मंडी में धरने पर बैठे किसानों ने सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच को बताया कि गत वर्ष भावांतर योजना के तहत बाजरा बेचने पर उन्हें भारी घाटा हुआ। उन्होंने सरकार से एमएसपी पर बाजरा की खरीद तुरंत शुरू किए जाने की पुरजोर मांग की। पत्रकारों से बातचीत में राष्ट्रीय प्रगतिशील विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच ने कहा कि विगत में अनेक बार दौरान भावांतर योजना के तहत बाजरा की हुई खरीद को लेकर किसानों का अनुभव अच्छा नहीं रहा। बड़ी संख्या में किसानों ने बताया कि गत वर्ष भावांतर योजना के तहत बाजरा की बिक्री से उन्हें एमएसपी के बराबर भी रेट नहीं मिल सका और भावांतर की धनराशी अभी तक अनेक किसानों के खातों में नहीं पहुंची है। एमएसपी से नीचे की बोली पर होनेवाली बिक्री व भावांतर की धनराशियों के भुगतान में देरी के कारण उन्हें रबी फसलों की बिजाई व अन्य घरेलू खर्चों का प्रबंध करने के लिए पर्याप्त धन जुटाने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। किसानों,खासकर छोटी जोत के (अपेक्षाकृत कम कृषिभूमि के मालिक) किसानों की पुरजोर मांग है कि उनके बाजरा की खरीद एमएसपी पर तुरंत शुरू की जाए तथा बिक्री की धनराशि का भुगतान भी तत्काल सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इससे उन्हें रबी फसलों के लिए जुताई-बिजाई करने सहित घरेलू व त्योहारी खर्चों का इंतजाम करने में मदद मिल सकेगी। इस अवसर पर व्यापक जनहित में सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच सहित कोर कमेटी के सदस्य बीके राम सिंह, राजीव कुमार, नंदलाल यादव से बातचीत करते हुए किसानों ने रबी फसलों की बिजाई के लिए सरकार से सस्ते रेट पर बीज व खाद उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया। अशोक प्रधान ने कहा कि सरकार को जनहित में किसानों को सस्ते रेट्स पर अच्छी क्वालिटी के बीजों व डीएपी खाद की भरपूर मात्रा में आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए। किसानों ने बताया कि मंडी में साफ-सफाई सहित निःशुल्क तौर पर खान-पान व स्वच्छ शौचालय,पीने योग्य साफ पानी आदि बुनियादी जन सुविधाओं का भारी अभाव है। किसानों को अशवासन देते हुए सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच की कोर कमेटी ने कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान होने तक मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान जारी रहेगा।



भारतीय संस्कृति और धर्म की विजय का प्रतीक है दशहरा पर्व : डॉ. राजेश भाटिया
फरीदाबाद, 27 सितम्बर, अभीतक: सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर, मार्केट नंबर-1 में आज आगामी दशहरा पर्व की तैयारियों को लेकर मंदिर के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में दशहरा पर्व को भव्य एवं सुव्यवस्थित ढंग से मनाने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में दशहरा उत्सव के दौरान निकलने वाली शोभायात्रा, लंका दहन, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, साफ-सफाई तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। सभी सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया। मंदिर के प्रधान डॉ. राजेश भाटिया ने कहा कि दशहरा पर्व भारतीय संस्कृति, सत्य, धर्म की विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलने और समाज में सद्भाव, नैतिकता तथा धर्म की स्थापना का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि दशहरा उत्सव को सफल बनाने के लिए सभी तैयारियां युद्ध स्तर पर की जा रही हैं तथा क्षेत्रवासियों से आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। डॉ. राजेश भाटिया ने कहा कि दशहरा पर्व को भव्य एवं सफल बनाने के उद्देश्य से जल्द ही शहर की सभी धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के साथ-साथ आर.डब्ल्यू.ए. के प्रतिनिधियों की एक संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में दशहरा उत्सव से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा कर सभी संस्थाओं एवं आर.डब्ल्यू.ए. का सहयोग लिया जाएगा, ताकि यह आयोजन पूरे शहर के लिए एकता, संस्कृति और सामाजिक समरसता का प्रतीक बन सके। इस अवसर पर पंजाबी सभा के अध्यक्ष राज कुमार वोहरा ने कहा कि दशहरा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देने वाला महापर्व है। ऐसे आयोजन समाज को एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से दशहरा उत्सव में सहभागिता कर आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया। बैठक के अंत में दशहरा पर्व की तैयारियों की समीक्षा की गई तथा विभिन्न जिम्मेदारियां सदस्यों को सौंपी गईं। इस बैठक में अमर बजाज, सोमनाथ ग्रोवर, बंसी लाल कुकरेजा, विपिन भाटिया, रिंकल भाटिया, रविंदर गुलाटी, तिलक भाटिया, प्रेम बब्बर, सरदार मनीष जीत सिंह भाटिया, सरदार अमरजीत सिंह भाटिया, कमल कपूर, गगन अरोड़ा, मुकुल कपूर, आशु-आशीष अरोड़ा, सन्नी, अजय शर्मा, जतिन मलिक, सोनू, अमित नरूला, जितिन गाँधी, कल्लू मामा, अनिल अरोड़ा, भरत कपूर, जनक भाटिया, मनीषा कपूर, शैला कपूर, जानवी भाटिया, सोनिया अरोड़ा, नेहा चैहान, मोनिका भाटिया, प्रदीप भाटिया, चिमन भाटिया, वरुण ग्रोवर, शिवम् तनेजा, पंकज अरोड़ा, अनुज नागपाल प्रदीप लखानी, जितिन भाटिया, प्रीतम भाटिया, अरविन्द शर्मा, कपिल कुमार,व् अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।
रबी अभियान 2026 पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन कल से नई दिल्ली में शुरू होगा
सम्मेलन में केंद्र-राज्य तालमेल को मजबूत करने और कृषि के लिए एक परिणाम-उन्मुख रणनीति तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा
आगामी रबी सीजन की मुख्य प्राथमिकताओं और तैयारियों पर विचार-विमर्श करने के लिए राज्यों के कृषि मंत्री, केन्द्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, आईसीएआर और अन्य हितधारक इसमें शामिल होंगे
नई दिल्ली, 27 सितम्बर, अभीतक: भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा रबी अभियान 2026 के लिए राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन का आयोजन 28-29 सितंबर 2026 को भारत रत्न सी. सुब्रमण्यम सभागार, एनएएससी परिसर, पूसा, नई दिल्ली में किया जाएगा। सम्मेलन का उद्घाटन केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान करेंगे और इसमें राज्यों के कृषि मंत्री, केन्द्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद(आईसीएआर) तथा अन्य हितधारक एक जगह उपस्थित होकर आगामी रबी मौसम की प्रमुख प्राथमिकताओं और तैयारियों पर विचार-विमर्श करेंगे। इस दो दिवसीय सम्मेलन में केन्द्र-राज्य तालमेल को मजबूत करने तथा कृषि उत्पादन, उत्पादकता, स्थिरता और किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक समन्वित एवं परिणाम उन्मुख रणनीति बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। विचार-विमर्श में हाल ही में आयोजित कृषि पर क्षेत्रीय सम्मेलनों से प्राप्त प्रमुख निष्कर्षों और परिणामों को भी आधार बनाया जाएगा। पहले दिन तीन व्यापक क्षेत्रों को शामिल करते हुए समानांतर विषयगत समूह चर्चाओं के तीन दौर आयोजित किए जाएंगे। इनमें आत्मनिर्भरता, विविधीकरण एवं उत्पादन वृद्धिय स्थिरता एवं जलवायु-अनुकूल कृषिय तथा डिजिटल कृषि, बुनियादी ढांचा, वित्तपोषण एवं जोखिम प्रबंधन शामिल हैं। जिन प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा, उनमें दलहन, तिलहन और ऑयल पाम में आत्मनिर्भरता मिशन, बागवानी, कपास, बीजों की उपलब्धता तथा बीज मूल्य श्रृंखला में सुधार, प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य, कृषि मशीनीकरण, एफपीओ के लिए वित्तपोषण एवं बुनियादी ढांचा, विपणन सुधार, पीएम धन-धान्य कृषि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड कवरेज, डिजिटल कृषि, पीएम फसल बीमा योजना, पादप संरक्षण तथा कृषि सांख्यिकी शामिल हैं। विषयगत चर्चाओं का उद्देश्य रबी मौसम के लिए प्रमुख कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियों, राज्य-विशिष्ट प्राथमिकताओं और कार्रवाई योग्य रणनीतियों की पहचान करना है। इसमें योजनाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने, वितरण तंत्र को मजबूत करने तथा जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणाम सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। दूसरे दिन क्षेत्रीय सम्मेलनों से प्राप्त प्रमुख परिणामों और पहले दिन आयोजित विषयगत चर्चाओं के निष्कर्षों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। कार्यसूची में रबी मौसम के लिए मौसम संबंधी पूर्वानुमान, उर्वरकों की उपलब्धता एवं उर्वरकों के संतुलित उपयोग, डिजिटल कृषि मिशन, किसान रजिस्ट्री, डिजिटल फसल सर्वेक्षण एवं एग्रीस्टैक, दलहन में आत्मनिर्भरता के लिए मिशन, खाद्य तेलों पर राष्ट्रीय मिशन, फसल एवं बीज की स्थिति, किस्मों को अपनाने, पीएम धन-धान्य कृषि योजना, विपणन सुधार तथा एटीएमए और केवीके के माध्यम से कृषि योजनाएं तैयार करने जैसे विषय शामिल होंगे। इस सम्मेलन में राज्यों के कृषि मंत्रियों को अपने विचार एवं अनुभव, राज्य की प्राथमिकताएं तथा कृषि विकास और रबी मौसम की तैयारियों से संबंधित सुझाव साझा करने का अवसर प्राप्त होगा। राज्यों से प्राप्त सुझावों तथा विषयगत चर्चाओं के निष्कर्षों से रबी अभियान 2026 के लिए एक समन्वित एवं परिणाम उन्मुख रणनीति तैयार करने में योगदान मिलने की उम्मीद है। समापन सत्र में विचार-विमर्श का सार प्रस्तुत करने तथा रबी फसलों का उत्पादन बढ़ाने और किसानों को सशक्त बनाने के लिए एक सुदृढ़ कार्ययोजना तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिससे खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए ‘आत्मनिर्भरता एवं विकसित भारत’ के विजन को साकार किया जा सके।
भारत किसी देश की भूमि पर कब्जा नहीं करना चाहता, लेकिन खतरा होने पर अपनी सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता की रक्षा करेगा: राजनाथ सिंह
एक सभ्यतागत शक्ति के तौर पर भारत का उदय पूरी दुनिया के हित में है
भारत रक्षा आयातक से एक विश्वसनीय वैश्विक रक्षा आपूर्तिकर्ता बनने की दिशा में अग्रसर है
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय एकता आवश्यक है: राजनाथ सिंह
नई दिल्ली, 27 सितम्बर, अभीतक: रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 27 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली में एक रक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत शांति में विश्वास रखता है और किसी भी देश की भूमि पर कब्जा नहीं करना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि शांति को कमजोरी नहीं समझना चाहिए। हम वैश्विक स्थिरता चाहते हैं, लेकिन अपनी रणनीतिक स्वायत्तता की कीमत पर नहीं। जब भी हमारी सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता पर खतरा होगा, हम उनकी रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेंगे। रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले किसी भी देश के साथ संवाद की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा, “जो देश आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति के हथियार के रूप में इस्तेमाल करते हैं या आतंकवादियों को पनाह और समर्थन देते हैं, उन्हें स्पष्ट रूप से यह याद दिलाया जाना चाहिए कि आतंकवाद किसी भी देश के लिए रणनीतिक संपत्ति नहीं हो सकता।” श्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में हुई एससीओ बैठक में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की बातों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब तक कोई पड़ोसी देश आतंकवाद का समर्थन करने की नीति अपनाता रहेगा, तब तक भारत को आतंकवाद के खिलाफ सभी आवश्यक कदम उठाने का पूरा अधिकार है। रक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रमुख आधार के रूप में राष्ट्रीय एकता पर जोर देते हुए कहा कि देश की सुरक्षा केवल सशस्त्र बलों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक का सामूहिक कर्तव्य है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे धर्म, जाति, पंथ, भाषा, क्षेत्र और अन्य पहचानों के आधार पर होने वाले भेदभाव से ऊपर उठें और व्यक्तिगत तथा संकीर्ण हितों से ऊपर राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता दें। श्री राजनाथ सिंह ने भारत को एक ऐसी सभ्यतागत शक्ति के रूप में प्रस्तुत किया, जिसका उदय टकराव या व्यवधान के बजाय समावेशी विकास पर आधारित है। उन्होंने देश के दृष्टिकोण के तीन प्रमुख आधार बताए, जिनमें भारत की दीर्घ लोकतांत्रिक और सभ्यतागत परंपराएं, ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का सिद्धांत तथा ‘सबका साथ, सबका विकास’ का दृष्टिकोण शामिल हैं। उन्होंने भारत की रणनीतिक सोच के पांच प्रमुख स्तंभों के रूप में सम्मान, संवाद, समृद्धि, सुरक्षा और संस्कृति का उल्लेख किया। रक्षा मंत्री ने ग्लोबल साउथ पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक भरोसेमंद साझेदार और ‘विश्व बंधु’ के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि ‘वैक्सीन मैत्री’ पहल के तहत भारत ने 100 से अधिक देशों को कोविड-19 वैक्सीन की 30 करोड़ से अधिक खुराक उपलब्ध कराईं। इसके अलावा, भारत ने दवाओं, डिजिटल भुगतान समाधानों, विशेषज्ञता और संसाधनों के माध्यम से विकासशील देशों को सहायता प्रदान की है। श्री राजनाथ सिंह ने विकासशील देशों के हितों और प्राथमिकताओं को वैश्विक मंच पर आगे बढ़ाने के लिए ‘वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट’ जैसे कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने शक्तियों के जिम्मेदारी भरे उपयोग पर जोर देते हुए प्रतिस्पर्धा के बीच भी सहयोग और वैश्विक विकास में सभी की भागीदारी का आह्वान किया। राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत की महत्वपूर्ण प्रगति पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि देश विमान और ड्रोन के इंजनों से लेकर पांचवी और छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों तक, विभिन्न क्षेत्रों में स्वदेशी क्षमताओं का विकास कर रहा है। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत का रक्षा निर्यात 2013-14 में केवल 686 करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में बढ़कर रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपये हो गया है और अब 100 से अधिक देशों तक पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 30,000 करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात का लक्ष्य हासिल करने के बाद, भारत ने 2029 तक 50,000 करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात का लक्ष्य निर्धारित किया है। रक्षा मंत्री ने इस बात पर बल दिया कि भारतीय मिसाइलों, रडार, गोला-बारूद एवं रक्षा प्रणालियों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग भारत की तकनीक, गुणवत्ता और समय पर आपूर्ति करने की क्षमता में वैश्विक भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप ‘मेड इन इंडिया’ तेजी से केवल एक विनिर्माण लेबल तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह भारतीय रक्षा क्षमताओं में वैश्विक भरोसे के प्रतीक के रूप में उभर रहा है। रक्षा मंत्री ने रक्षा बजट में हुई उल्लेखनीय वृद्धि का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 2013-14 में रक्षा बजट लगभग 2.53 लाख करोड़ रुपये था, जो 2026-27 में बढ़कर 7.85 लाख करोड़ रुपये हो गया है। श्री सिंह ने कहा कि पूंजी अधिग्रहण बजट का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा, यानी 1.39 लाख करोड़ रुपये, घरेलू रक्षा उद्योग से खरीद के लिए निर्धारित किया गया है। इससे स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ इससे जुड़ी एमएसएमई आपूर्ति श्रृंखला को भी मजबूती मिलेगी। श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। आधुनिक संघर्ष अब पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर साइबर, अंतरिक्ष, इलेक्ट्रॉनिक और सूचना युद्ध के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, स्वायत्त प्रणालियों, क्वांटम प्रौद्योगिकी तथा हाइपरसोनिक प्रणालियों जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों तक फैल गया है। उन्होंने इन क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए भारत को उन्नत और भविष्य के लिए तैयार क्षमताएं विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। रक्षा मंत्री ने प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, डाटा और आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में रणनीतिक कमजोरियों को दूर करने के भारत के प्रयासों पर जोर देते हुए कहा कि सेमीकंडक्टर व महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में घरेलू क्षमता को विस्तृत बनाने, ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने तथा ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाने के लिए विभिन्न पहल की जा रही हैं। रक्षा मंत्री ने आत्मनिर्भरता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सशस्त्र बलों द्वारा जारी पांच पॉजिटिव इंडिजिनाइजेशन लिस्ट यानी कि स्वदेशीकरण सूची में 509 रक्षा उपकरण, हथियार प्रणालियां और प्लेटफॉर्म शामिल किए गए हैं। रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों डीपीएसयू ने भी स्वदेशीकरण की छह सूचियां जारी की हैं। इन सूचियों में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण एलआरयू, सब-सिस्टम, स्पेयर पार्ट्स और कंपोनेंट सहित कुल 5,417 उपकरण शामिल हैं। इनमें से लगभग 3,300 आइटम का स्वदेशीकरण किया जा चुका है। रक्षा मंत्री ने रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में निजी क्षेत्र, स्टार्टअप्स और एमएसएमई की बढ़ती भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि भारत के रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में अब डीपीएसयू, निजी उद्योग, 16,000 से अधिक एमएसएमई, स्टार्टअप्स, विश्वविद्यालय और अनुसंधान संस्थान शामिल हैं तथा देश के विभिन्न क्षेत्रों में रक्षा विनिर्माण की क्षमताएं विकसित हो रही हैं। उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु रक्षा औद्योगिक गलियारों में लगभग 70,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग 10,000 करोड़ रुपये का निवेश पहले ही किया जा चुका है। रक्षा मंत्री ने स्वदेशी रक्षा आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने में सृजन और सृजन दीप पोर्टल की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि सृजन के माध्यम से आयात के विकल्प के रूप में लगभग 33,000 आयातित वस्तुओं की पहचान की गई है, जिनमें से लगभग 15,700 का स्वदेशी रूप से निर्माण किया जा चुका है। सृजन दीप ने 40,000 से अधिक निर्माताओं और विक्रेताओं तथा लाखों उत्पादों को शामिल करते हुए एक राष्ट्रीय डिजिटल डेटाबेस तैयार किया है। श्री राजनाथ सिंह ने डीपीएसयू और आयुध कारखाना पारिस्थितिकी तंत्र में आए बदलावों पर जोर देते हुए कहा कि आयुध कारखानों के कॉरपोरेटाइजेशन से उनकी प्रौद्योगिकी- आधारित कार्यप्रणाली, उत्पादन क्षमता व जवाबदेही में सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि सभी 16 डीपीएसयू वर्तमान में बिना किसी नुकसान के काम कर रहे हैं और अनुसंधान, विकास तथा निर्यात पर अपना ध्यान बढ़ा रहे हैं। रक्षा मंत्री ने युवाओं एवं नवाचार की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि आईडेक्स और आईडेक्स-प्राइम स्टार्टअप्स तथा नवोन्मेषकों को राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देने के अवसर प्रदान कर रहे हैं, जबकि अदिति जैसे कार्यक्रम उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों के विकास को बढ़ावा दे रहे हैं। मार्च 2026 तक, आईडेक्स के माध्यम से 676 स्टार्टअप्स और नवोन्मेषकों को जोड़ा गया तथा 551 अनुबंध किए गए हैं। श्री सिंह ने बताया कि रक्षा मंत्रालय ने स्टार्टअप्स और एमएसएमई से 2,400 करोड़ रुपये से अधिक की खरीद तथा 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की है। रक्षा मंत्री ने यह जानकारी दी है कि एक महत्वपूर्ण घोषणा के तहत, डीआरडीओ द्वारा विकसित पारंपरिक मिसाइल प्रणालियों की प्रौद्योगिकी योग्य भारतीय उद्योगों को हस्तांतरित की जाएगी, जिससे पात्र निजी कंपनियां इनका उत्पादन कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि इस कदम से सशस्त्र बलों की परिचालन तैयारियों को सशक्त बनाने और मिसाइलों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। श्री सिंह ने कहा कि डीआरडीओ को अब अनुसंधान एवं विकास पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के लिए तैयार किया जा रहा है, जबकि उत्पादन में उद्योगों की भूमिका को बढ़ाया जा रहा है। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत का लक्ष्य छोटे-छोटे पुर्जों से लेकर पूरी हथियार प्रणालियों तक रक्षा क्षेत्र के हर हिस्से में स्वदेशी क्षमताओं का विकास करना और आयात पर निर्भरता कम करते हुए देश में ही उन्नत प्रौद्योगिकियां विकसित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि इस दृष्टिकोण का उद्देश्य भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और रक्षा तैयारियों को मजबूत करने के साथ-साथ एक सुदृढ़ रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का विकास करना है।
केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह 28 सितंबर को नई दिल्ली में पशुधन बीमा पोर्टल का शुभारंभ करेंगे
पशुधन बीमा पोर्टल हिंदी और अंग्रेजी के साथ 11 क्षेत्रीय भाषाओं में डिजिटल बीमा सेवाएं उपलब्ध कराएगा
नई दिल्ली, 27 सितम्बर, अभीतक: भारत सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग (डीएएसडी) द्वारा 28 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली में श्लाइवस्टॉक इंश्योरेंस पोर्टलश् (पशुधन बीमा पोर्टल) का शुभारंभ किया जाएगा। यह देश में पशुधन बीमा सेवाओं के डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। इस पोर्टल का शुभारंभ भारत सरकार के मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी और पंचायती राज केंद्रीय मंत्री माननीय श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह करेंगे। यह पोर्टल पशुधन बीमा के लिए एक एकीकृत डिजिटल मंच उपलब्ध कराएगा। इसके माध्यम से पशुपालन एवं डेयरी विभाग की पशुधन बीमा योजना के तहत बीमित पशुओं के लिए पॉलिसी जारी करने, दावों के निपटान, निगरानी और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जा सकेगा। व्यापक पहुंच और उपयोग में आसानी को बढ़ावा देने के लिए, यह पोर्टल हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 11 क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध होगा, जिससे पशुपालक किसान अपनी परिचित भाषाओं में सूचनाओं और सेवाओं तक पहुंच प्राप्त कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य पशुधन बीमा सेवाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी, सुलभ और टेक्नोलॉजी आधारित बनाना है। साथ ही, इसका लक्ष्य पशुपालकों के लिए जोखिम सुरक्षा को मजबूत करना और उनकी आजीविका की स्थिरता को समर्थन देना है। यह पोर्टल पशुधन बीमा कार्यक्रमों के बेहतर तालमेल, रियल-टाइम निगरानी और डेटा-संचालित प्रबंधन की सुविधा भी प्रदान करेगा, जिससे देश भर में सेवा वितरण में सुधार होगा। यह शुभारंभ पशुधन बीमा प्रक्रियाओं को सरल बनाने, संस्थागत दक्षता को मजबूत करने और समावेशी एवं प्रौद्योगिकी-सक्षम सेवाओं को पशुपालकों के और करीब लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ की युवाओं के नेतृत्व वाली गति पर प्रकाश डाला
प्रधानमंत्री ने ‘नशा-मुक्ति का संदेश’ और युवाओं के नेतृत्व वाले रचनात्मक संवाद की सराहना की
नई दिल्ली, 27 सितम्बर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी में ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ में देश भर के युवाओं की बढ़ती भागीदारी का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि लाखों युवाओं ने नशीले पदार्थों से दूर रहने का संकल्प लिया है और वे दूसरों में जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी का निर्वहन भी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि 100-सप्ताह तक चलने वाला ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा अभियानश् वास्तव में ‘मेरा युवा भारत (माई भारत)’ और ‘राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) से जुड़े स्वयंसेवकों के साथ-साथ विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और विभिन्न सामाजिक व आध्यात्मिक संगठनों को एकजुट करता है। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में इस अभियान के तहत देश भर में हजारों संकल्प समारोह और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। युवाओं के नेतृत्व वाले संवाद के महत्व को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से ‘नशा-मुक्ति का संदेश’ पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवा अपनी भाषाओं और अभिव्यक्ति के रचनात्मक तरीकों के जरिए नशीले पदार्थों के सेवन के खिलाफ संदेश समुदायों तक पहुंचा रहे हैं। मन की बात’ के जरिए युवाओं से इस अभियान में अपनी रचनात्मकता का योगदान देने की अपनी पिछली अपील को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने देश भर के युवाओं की ओर से प्राप्त उत्साहजनक प्रतिक्रिया की सराहना की। युवाओं को जागरूकता फैलाने में अपनी रचनात्मकता का सदुपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘माई भारत’ प्लेटफॉर्म के जरिए कई तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई हैं। इन प्रतियोगिताओं में गान, स्लोगन-लेखन और नुक्कड़-नाटक शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने रुछंेींडनाजल्नअं हैशटैग का उपयोग करके रचनात्मक कंटेंट के जरिए इस अभियान के संदेश को फैलाने में युवाओं द्वारा सोशल मीडिया के बढ़ते सदुपयोग को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान में संदेश, माध्यम और प्रेरक ऊर्जा की अगुवाई खुद युवा ही कर रहे हैं। इस अभियान के तहत लोगों से संपर्क करने के प्रयासों को जारी रखते हुए, आने वाले दिनों में युवाओं के बीच स्वस्थ जीवन-शैली एवं समग्र कल्याण को बढ़ावा देने हेतु स्वास्थ्य-जांच और ध्यान शिविर जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जायेंगी। ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा अभियानश् को युवाओं में जागरूकता बढ़ाने, समुदाय की भागीदारी को प्रोत्साहित करने और नशीले पदार्थों के सेवन के खिलाफ सामूहिक संकल्प को बढ़ावा देने हेतु 100-सप्ताह तक चलने वाले एक निरंतर अभियान के तौर पर लागू किया जा रहा है। माई भारत, एनएसएस, शिक्षण संस्थानों तथा सहयोगी संगठनों के जरिए, यह अभियान भारत के युवाओं की ऊर्जा व रचनात्मकता का सदुपयोग करके एक स्वस्थ एवं नशा-मुक्त पीढ़ी के निर्माण का प्रयास कर रहा है।
नैनोमेडिसिन निवारण चिकित्सा और व्यक्तिगत स्वास्थ्य सेवा की अगली पीढ़ी को आगे बढ़ाएगी: डॉ. जितेन्द्र सिंह
भारत के स्वदेशी अनुसंधान में वैश्विक संभावनारू नैनोमेडिसिन पर विश्व कांग्रेस में केन्द्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह
डॉ. जितेन्द्र सिंहरू डीबीटी 174 करोड़ रुपये की लागत से नैनोमेडिसिन की 210 अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं को सहयोग प्रदान कर रहा है
मौखिक इंसुलिन नैनोकण और स्तन कैंसर के लिए नैनोबॉट्स भारत की बढ़ती नैनोमेडिसिन क्षमताओं को दर्शाते हैं: डॉ. जितेन्द्र सिंह
भारत अनुसंधान, नवाचार, स्टार्ट-अप और नियमों की सहायता से एक मजबूत नैनोमेडिसिन इकोसिस्टम का निर्माण कर रहा है: डॉ. जितेन्द्र सिंह
नई दिल्ली, 27 सितम्बर, अभीतक: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष विभाग राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने आज कहा कि नैनोमेडिसिन निवारण चिकित्सा और व्यक्तिगत स्वास्थ्य सेवा की अगली पीढ़ी को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि भारत के स्वदेशी अनुसंधान में वैश्विक संभावना है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में नैनोमेडिसिन पर आयोजित विश्व कांग्रेस 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. जितेन्द्र सिंह ने नैनोमेडिसिन को चिकित्सा पद्धति के क्षेत्र में सबसे परिवर्तनकारी विकास में से एक बताया। उन्होंने कहा कि नैनोमीटर स्तर पर कार्य करने वाली नैनोमेडिसिन में स्वास्थ्य सेवा को अधिक निवारक और व्यक्तिगत बनाने की अपार क्षमता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा का भविष्य तेजी से ऐसे व्यक्तिगत उपचार की ओर बढ़ेगा, जो मरीज की आनुवंशिक संरचना, जीवनशैली, खान-पान की आदतों और पर्यावरणीय कारकों पर आधारित होगा। नैनो प्रौद्योगिकी कोशिकीय स्तर पर सटीक उपचार के लिए नई संभावनाएं प्रदान कर रही है। दिल्ली विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संकाय के इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो मेडिकल साइंसेज (आईएनएमएस) द्वारा आयोजित नैनोमेडिसिन पर विश्व कांग्रेस 2026 में 2,000 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें प्रख्यात वैज्ञानिक और युवा शोधकर्ता शामिल हैं, जो नैनोमेडिसिन के क्षेत्र में उभरती प्रगति और इसके अनुप्रयोगों पर चर्चा कर रहे हैं। नोबेल पुरस्कार विजेता एवं अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रो. रोजर डी. कॉर्नबर्ग कांग्रेस के अध्यक्ष हैं, जबकि कनाडा के मैकगिल विश्वविद्यालय के प्रो. टी.एम.एस. चांग मानद अध्यक्ष हैं। उद्घाटन सत्र में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह, प्रो. जी.पी. तलवार, नीति आयोग के सदस्य प्रो. गोबर्धन दास, प्रो. रमेश चंद्र और प्रो. इंद्रजीत रॉय सहित कई प्रतिष्ठित प्रतिभागी उपस्थित थे। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने बताया कि नैनोमेडिसिन में चिकित्सा के क्षेत्र में नैनो प्रौद्योगिकी का अनुप्रयोग किया जाता है, जिसमें एक मीटर के एक अरबवें हिस्से के पैमाने की संरचनाओं के साथ काम किया जाता है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे चिकित्सा निवारक स्वास्थ्य सेवा की दिशा में आगे बढ़ रही है, एक ही बीमारी से पीड़ित मरीजों को उनकी आनुवंशिक संरचना, जीवनशैली, खान-पान की आदतों और पर्यावरणीय कारकों के आधार पर अलग-अलग उपचार पद्धतियों की आवश्यकता हो सकती है। नैनो प्रौद्योगिकी, कोशिकीय स्तर पर हस्तक्षेप को संभव बनाकर, ऐसे उपचार को अधिक निवारक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। मंत्री ने कहा कि नैनोमेडिसिन का महत्व स्वास्थ्य सेवा से आगे भी होगा। इसके अनुप्रयोगों से स्वास्थ्य संबंधी प्रक्रियाओं की लागत-प्रभावशीलता प्रभावित होने और व्यापक अर्थव्यवस्था में योगदान देने की उम्मीद है। उन्होंने नैनोमेडिसिन में बढ़ती वैश्विक रुचि का उल्लेख करते हुए कहा कि यह इस क्षेत्र में उभर रहे अवसरों के व्यापक दायरे का संकेत है। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने चिकित्सा क्षेत्र में प्रौद्योगिकी पर अत्यधिक निर्भरता के प्रति भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और नैनो प्रौद्योगिकी जैसी प्रौद्योगिकियां नई संभावनाओं के द्वार खोल रही हैं, लेकिन इन्हें चिकित्सकों की नैदानिक समझ का पूरक होना चाहिए, न कि उसे कमजोर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनौती उन्नत प्रौद्योगिकी को चिकित्सा के मानवीय और नैदानिक आयामों के साथ समन्वित करने की है। तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों के मद्देनजर चिकित्सा शिक्षा में नए सिरे से बदलाव का आह्वान करते हुए डॉ. जितेन्द्र सिंह ने याद दिलाया कि परंपरागत रूप से चिकित्सा शिक्षा में सावधानीपूर्वक निरीक्षण और शारीरिक परीक्षण के माध्यम से मरीजों का निदान करने पर विशेष जोर दिया जाता था। उन्होंने कहा कि तकनीकी उपकरणों के अधिक उन्नत होने के बावजूद ये बुनियादी नैदानिक कौशल प्रासंगिक बने रहने चाहिए। नैनोमेडिसिन अनुसंधान के लिए सरकार के सहयोग का विवरण देते हुए डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) नैनोमेडिसिन के क्षेत्र में 210 अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं को 174 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है। इन परियोजनाओं में लक्षित दवा वितरण, कैंसर नैनोमेडिसिन, संक्रामक रोगों के लिए नैनोमेडिसिन, न्यूक्लिक एसिड और वैक्सीन वितरण, नैनो-निदान एवं इमेजिंग, पुनर्योजी चिकित्सा और घाव भरना, साथ ही नैनोटॉक्सिकोलॉजी और नियामक विज्ञान शामिल हैं। आशाजनक अनुसंधान क्षेत्रों में मंत्री ने मौखिक इंसुलिन नैनोकणों और स्तन कैंसर के लिए नैनोबॉट्स के अलावा सटीक नैनो-इंजेक्शन और लक्षित स्तन कैंसर नैनोमेडिसिन का उल्लेख किया। उन्होंने याद किया कि मौखिक इंसुलिन के लिए पहले किए गए प्रयासों में अवशोषण और पाचन एंजाइमों से संबंधित चुनौतियां सामने आई थीं। उन्होंने कहा कि नैनो प्रौद्योगिकी में प्रगति इन चुनौतियों से निपटने के लिए नई संभावनाएं प्रदान कर सकती है। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि भारत का नैनोमेडिसिन इकोसिस्टम प्रयोगशाला अनुसंधान से आगे बढ़ रहा है। सरकार का सहयोग स्टार्ट-अप, बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी विकास और नियामक सुविधा तक विस्तारित हो रहा है। बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (बीआईआरएसी) के माध्यम से उभरते जैव प्रौद्योगिकी उद्यमों को बायोटेक्नोलॉजी इग्निशन ग्रांट (बीआईजी), प्रमोटिंग एकेडमिक रिसर्च कन्वर्जन टू एंटरप्राइज (पीएसीई), स्मॉल बिजनेस इनोवेशन रिसर्च इनिशिएटिव (एसबीआईआरआई) और बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री पार्टनरशिप प्रोग्राम (बीआईपीपी) सहित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सहायता मिल सकती है। इससे अनुसंधान को उद्यमों और उत्पादों में बदलने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि भारत ने नैनोफार्मास्युटिकल्स के लिए डीबीटी, आईसीएमआर और सीडीएससीओ द्वारा संयुक्त रूप से विकसित दिशानिर्देशों के माध्यम से एक नियामक ढांचा स्थापित किया है। यह ढांचा नैनोफार्मास्युटिकल उत्पादों की सुरक्षा, गुणवत्ता और प्रभावशीलता के मूल्यांकन के लिए आधार प्रदान करता है। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि भारत चिकित्सा के अपेक्षाकृत इस नए क्षेत्र में पहले से ही आगे बढ़ रहा है और देश के पास भविष्य की स्वास्थ्य सेवा संबंधी समाधान विकसित करने में योगदान देने की वैज्ञानिक एवं संस्थागत क्षमता है। उन्होंने कहा कि देश का विस्तारित अनुसंधान आधार, सरकारी सहयोग और उद्योग की बढ़ती भागीदारी भारत को उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने की बजाय अपने स्वयं के समाधान विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए मजबूत आधार प्रदान करते हैं। नोबेल पुरस्कार विजेता और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रो. रोजर डी. कॉर्नबर्ग ने नैनोमेडिसिन को चिकित्सा का एक अपेक्षाकृत नया और तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र बताया, जिसमें भविष्य की स्वास्थ्य सेवा के लिए महत्वपूर्ण संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि नैनोमेडिसिन निवारण चिकित्सा का अवसर प्रदान करती है, जिसके माध्यम से सही मात्रा में उपचार को सही स्थान पर सही समय पर पहुंचाया जा सकता है। इससे उपचार की प्रभावशीलता बढ़ाने और विषाक्तता कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अनुप्रयोगों में दवा वितरण, निदान, इमेजिंग और पुनर्योजी चिकित्सा शामिल हैं। नैनोमेडिसिन पर विश्व कांग्रेस 2026 का आयोजन इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ नैनो मेडिकल साइंसेज (आईएसएनएस) और इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर नैनो मेडिसिन (आईएसएनएम) के तत्वावधान में किया जा रहा है। यह कांग्रेस वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, छात्रों और उद्योग जगत के लिए ज्ञान के आदान-प्रदान, सहयोग विकसित करने और नैनोमेडिसिन के क्षेत्र में उभरते विकास से जुड़ने का एक मंच प्रदान करती है।
