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संस्कारम विश्वविद्यालय में 3 सितंबर को आयोजित होगा शिक्षक सम्मान दिवस
नृत्य, स्किट और मिमिक्री से विद्यार्थी सजाएंगे मंच
पाटौदा, 01 सितम्बर, अभीतक: संस्कारम विश्वविद्यालय में शिक्षक दिवस के अवसर पर 3 सितंबर को विशेष समारोह का आयोजन किया जाएगा। शिक्षकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और उनके अमूल्य योगदान को समर्पित यह समारोह प्रातः 11 बजे विश्वविद्यालय के डीएलसी ऑडिटोरियम में आयोजित होगा। समारोह में हरियाणा के पूर्व कृषि मंत्री एवं राष्ट्रीय सचिव माननीय ओमप्रकाश धनखड़ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। शिक्षक दिवस समारोह को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा नृत्य, स्किट, मिमिक्री सहित विभिन्न सांस्कृतिक एवं मनोरंजक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थी अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने के साथ-साथ शिक्षक-विद्यार्थी संबंधों से जुड़े यादगार और आत्मीय पलों को भी मंच पर प्रस्तुत करेंगे। समारोह में मिमिक्री और हास्य-मनोरंजन की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इनके माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच के सहज, आत्मीय और खुशनुमा रिश्ते को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां समारोह को उत्साह और उमंग से भरेंगी। विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार शिक्षक दिवस केवल शिक्षकों के सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि उनके उस महत्वपूर्ण योगदान को स्मरण करने का दिन है, जो वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने मंो देते हैं। शिक्षक विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने, सही निर्णय लेने और अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी प्रदान देते हैं। संस्कारम विश्वविद्यालय का प्रयास है कि यह समारोह औपचारिकता तक सीमित न रहकर शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच सम्मान, आत्मीयता और संवाद को मजबूत करने वाला यादगार अवसर बने। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों और शिक्षकों की सहभागिता से समारोह को जीवंत एवं यादगार बनाने की विशेष तैयारियां की जा रही हैं।
कार्यक्रम एक नजर में –
कार्यक्रम: शिक्षक दिवस समारोह
दिनांक: 3 सितंबर 2026
समय: प्रातः 11 बजे
स्थानः डीएलसी ऑडिटोरियम संस्कारम यूनिवर्सिटी
मुख्य अतिथि: श्री ओम प्रकाश धनखड़


गांव गांगटान में रात्रि ठहराव कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों से हुआ सीधा संवाद
रात्रि ठहराव कार्यक्रमों से गांवों तक पहुंच रहा सुशासन का संदेश : डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, अधिकारियों को त्वरित समाधान के दिए निर्देश
झज्जर, 01 सितम्बर, अभीतक: हरियाणा सरकार की सुशासन की अवधारणा को धरातल पर उतारने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक माह रात्रि ठहराव कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बेरी खंड के गांव गांगटान स्थित राजकीय उच्च विद्यालय में रात्रि ठहराव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डीसी वर्षा खांगवाल ने ग्रामीणों से सीधा संवाद करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं और गांव के विकास से जुड़े सुझावों पर भी चर्चा की। सरपंच दलबीर सिंह ने डीसी वर्षा खांगवाल का स्वागत किया और गांव की प्रमुख मांगे रखी।
रात्रि ठहराव प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद का माध्यम
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि रात्रि ठहराव केवल प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन को आमजन के बीच पहुंचाने और उनकी समस्याओं को नजदीक से समझने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दूर न जाना पड़े, बल्कि प्रशासन स्वयं गांव में पहुंचकर लोगों की समस्याओं को सुने और उनका समाधान सुनिश्चित करे। उन्होंने ग्रामीणों से भी गांव के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों द्वारा रखी गई समस्याओं पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए समाधान की प्रगति से संबंधित लोगों को भी अवगत करवाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आमजन को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध करवाना है।
ग्रामीणों ने रखी अपनी समस्याएं और सुझाव
रात्रि ठहराव कार्यक्रम के दौरान गांव गांगटान के ग्रामीणों ने सड़क, जल निकासी, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन सहित विभिन्न विषयों से संबंधित समस्याएं और सुझाव डीसी के समक्ष रखे। डीसी वर्षा खांगवाल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव है, उन्हें अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ जागरूक किया
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों की ओर से सूचना स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉल के माध्यम से ग्रामीणों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, सेवाओं और पात्रता संबंधी जानकारी दी गई। डीसी ने सभी स्टॉल का अवलोकन किया। साथ ही स्कूल परिसर में पौधरोपण भी किया गया। सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के कलाकारों ने हरियाणवी लोकगीतों के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रति जागरूक किया तथा पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
नशे और साइबर अपराध से बचाव के लिए किया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग की ओर से डीघल चैकी इंचार्ज संदीप कुमार ने ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों, यातायात नियमों के पालन और साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। ग्रामीणों को साइबर ठगी होने की स्थिति में तुरंत 1930 पर शिकायत करने तथा किसी भी आपात स्थिति में 112 नंबर पर संपर्क करने की जानकारी दी। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे स्वयं भी जागरूक रहें और अपने आसपास के लोगों को भी साइबर अपराध तथा नशे के विरुद्ध जागरूक करें।
रात्रि ठहराव में यह अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, सीईओ जिला परिषद मनीष फोगाट, सीटीएम ऋतु, एसीपी हितेश महाला, समाजसेवी बलवान सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें नागरिक: डीसी
पौधारोपण के साथ लगाए गए पौधों की देखभाल का भी लें संकल्प
झज्जर, 01 सितम्बर, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए अधिक से अधिक पौधारोपण करें और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के लिए पेड़-पौधों का होना बेहद जरूरी है। डीसी ने कहा कि प्रत्येक नागरिक अपने घर, आंगन, खेत या आसपास उपलब्ध स्थान पर पौधा लगाए और उसके पेड़ बनने तक उसकी देखभाल की जिम्मेदारी निभाए। पौधारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम न होकर निरंतर चलने वाला अभियान होना चाहिए। अधिक से अधिक पौधे लगाकर और उनकी देखभाल करके हम आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर एवं स्वच्छ पर्यावरण तैयार कर सकते हैं।
बदलते पर्यावरणीय परिस्थितियों को देखते हुए पौधारोपण आज समय की आवश्यकता
डीसी ने कहा कि पेड़-पौधे हमें स्वच्छ वायु प्रदान करने के साथ-साथ पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बढ़ते प्रदूषण और बदलते पर्यावरणीय परिस्थितियों को देखते हुए पौधारोपण आज समय की आवश्यकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं पौधे लगाएं और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी पौधारोपण के लिए प्रेरित करें।
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में हर वर्ग का सहयोग जरूरी
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि प्रशासन द्वारा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों को सफल बनाने में आमजन की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने झज्जर जिलावासियों से अपील की कि वे पौधारोपण अभियान को जन अभियान बनाते हुए अधिक से अधिक संख्या में पौधे रोपित करें और उनकी सुरक्षा एवं देखभाल का संकल्प लें।

झज्जर स्थित लघु सचिवालय में मंगलवार को एसआईआर-2026 अभियान की समीक्षा बैठक लेते हुए डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल।
30 सितंबर का इंतजार न करें पात्र युवा, तुरंत भरें फॉर्म-6: डीसी
कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से न रहे वंचित
मतदाता सूची में सुधार का अंतिम अवसर, 30 सितंबर तक दर्ज कराएं दावे-आपत्तियां
डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों की बैठक में एसआईआर-2026 अभियान को लेकर दिए जरूरी निर्देश
झज्जर, 01 सितम्बर, अभीतक: डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी एवं अद्यतन बनाने के लिए जिला झज्जर के सभी चारों विधानसभा क्षेत्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 का कार्य मिशन मोड में जारी है। जिला प्रशासन का विशेष फोकस इस बात पर है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से वंचित न रहे और अपात्र नामों को हटाने के साथ-साथ मतदाता सूची में आवश्यक संशोधन भी निर्धारित समय में पूरे किए जाएं। डीसी वर्षा खांगवाल मंगलवार को सीईओ हरियाणा के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद लघु सचिवालय में अधिकारियों की बैठक में एसआईआर-2026 की प्रगति की समीक्षा कर रही थीं। उन्होंने अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार कार्य में तेजी लाने तथा आपसी समन्वय के साथ सभी प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए।
पात्र युवा मतदाता बनने के लिए तुरंत भरें फॉर्म-6
डीसी ने कहा कि पात्र युवा मतदाता बनने के लिए फार्म संख्या 6 भरकर आवेदन करें। इसके अलावा यदि किसी पात्र नागरिक का नाम प्रारंभिक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है तो वह निर्धारित दस्तावेज एवं घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने के लिए दावा प्रस्तुत कर सकता है। उन्होंने विशेष रूप से पुनः ऐसे नए पात्र मतदाताओं से अपील की कि वे 30 सितंबर की अंतिम तिथि का इंतजार करने के बजाय पात्रता पूरी होने पर तुरंत फॉर्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करवाएं।
30 सितंबर तक दावे-आपत्तियां दर्ज कराने का भी अवसर
डीसी ने बताया कि एसआईआर-2026 के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार पात्र नागरिक 30 सितंबर तक मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। प्राप्त दावे एवं आपत्तियों का 28 अक्टूबर तक निपटान किया जाएगा, जबकि 6 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। उन्होंने पात्र नागरिकों से अपील की कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते मतदाता सूची में अपना तथा परिवार के सभी पात्र सदस्यों का नाम एवं विवरण जांच लें।
नाम-पता या अन्य विवरण में गलती है तो फॉर्म-8 से कराएं सुधार
डीसी ने बताया कि मतदाता सूची में नाम, पता, आयु, फोटो अथवा अन्य विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर फॉर्म-8 के माध्यम से संशोधन के लिए आवेदन किया जा सकता है। आवेदन के साथ निर्धारित दस्तावेज एवं आवश्यक घोषणा-पत्र संलग्न करना होगा। उन्होंने बताया कि किसी मृत, अपात्र, स्थायी रूप से स्थानांतरित अथवा अन्य स्थान पर पहले से पंजीकृत मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटवाने के लिए फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। डीसी ने बताया कि नागरिक अपने दावे एवं आपत्तियों के लिए बीएलओ से संपर्क करते हुए ईआरओ अथवा सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (एईआरओ) से संपर्क कर सकते हैं। इसके साथ ही ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है।
बीएलओ, ईआरओ और एईआरओ से ले सकते हैं सहायता
डीसी ने कहा कि मतदाता सूची से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा आवेदन प्रक्रिया में सहायता के लिए नागरिक अपने क्षेत्र के बीएलओ, ईआरओ अथवा एईआरओ से संपर्क कर सकते हैं। संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी नागरिकों को आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध करवाएंगे। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची से संबंधित जानकारी एवं सहायता के लिए मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
परिवार के सभी पात्र सदस्यों का नाम अवश्य जांचें
जिला निर्वाचन अधिकारी ने जिलावासियों से अपील की कि वे प्रारंभिक मतदाता सूची में अपना तथा परिवार के सभी पात्र सदस्यों का नाम, पता, आयु, फोटो एवं अन्य विवरण अवश्य जांच लें। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम दर्ज होना तथा सूची का त्रुटिरहित एवं अद्यतन रहना स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सक्रिय सहभागिता से ही मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, विश्वसनीय एवं अद्यतन बनाया जा सकता है।
यह अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में एसडीएम झज्जर रवि मीणा, एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, एसडीएम बादली विशाल कुमार, उप तहसीलदार निर्वाचन कुलदीप सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।




श्रीराम धर्मशाला में चार सितंबर को धूमधाम से मनाई जाएगाी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
हरिनाम संकीर्तन व सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, 5 से 13 वर्ष के बच्चों के लिए होगी ड्राइंग प्रतियोगिता
झज्जर, 01 सितम्बर, अभीतक: मौहल्ला हरिपुरा स्थित श्रीराम धर्मशाला में अंतरराष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ इस्कॉन, झज्जर की ओर से चार सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। कार्यक्रम झज्जर श्री गौशाला के प्रधान प्रमोद बंसल की अध्यक्षता में आयोजित होगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए इस्कॉन झज्जर के राहुल राधानाम दास ने बताया कि शुक्रवार को शाम छः बजे से रात 12 बजे तक हरिनाम संकीर्तन एवं भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। कार्यक्रम में भाजपा जिला मीडिया प्रभारी गीतांशु चावला मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। जन्माष्टमी महोत्सव को लेकर आयोजकों की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
बच्चों के लिए होगी ड्राइंग प्रतियोगिता
जन्माष्टमी महोत्सव के तहत गोपाल गार्डन स्कूल की ओर से प्रातः 11 बजे विशाल ड्राइंग प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। इसमें 5 से 13 वर्ष तक के बच्चे भाग ले सकेंगे। प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक बच्चों के अभिभावक 8222838383 नंबर पर संपर्क कर पंजीकरण करा सकते हैं। आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को आकर्षक उपहार देकर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से जन्माष्टमी महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने और बच्चों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।




संस्कारम स्कूल में अंतरसदनीय भाषण व प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन, सामान्य ज्ञान व सामाजिक मुद्दों पर विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
झज्जर, 01 सितम्बर, अभीतक: खातीवास स्थित संस्कारम पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों के ज्ञान, तर्कशक्ति एवं अभिव्यक्ति कौशल को निखारने के उद्देश्य से अंतर-सदनीय भाषण प्रतियोगिता एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं के मुख्य विषय सामान्य ज्ञान एवं सामाजिक मुद्दे रहे। विद्यालय के पुस्तकालय व कक्षा-कक्षों में छोटे-छोटे समूहों में बैठकर विभिन्न सदनों के विद्यार्थियों ने बड़े मनोयोग व एकाग्रता के साथ प्रतियोगिता में भाग लिया तथा अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
कनिष्ठ वर्ग में रिस्पेक्ट सदन रहा प्रथम
भाषण प्रतियोगिता के कनिष्ठ वर्ग में रिस्पेक्ट सदन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि ऑनेस्ट सदन द्वितीय तथा करेज सदन तृतीय स्थान पर रहा। वहीं कक्षा नौवीं एवं दसवीं के विद्यार्थियों के लिए आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में ऑनेस्ट सदन ने प्रथम, रिस्पेक्ट सदन ने द्वितीय तथा ट्रस्ट सदन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
वरिष्ठ वर्गीय प्रश्नोत्तरी में रिस्पेक्ट सदन अव्वल
इसी कड़ी में वरिष्ठ वर्गीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में रिस्पेक्ट सदन प्रथम, ऑनेस्ट सदन द्वितीय तथा ट्रस्ट सदन तृतीय स्थान पर रहा। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों में जोश, उत्साह एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना देखने लायक थी। निर्णायकों व अध्यापकों की उपस्थिति में विद्यार्थियों ने अपने ज्ञान और त्वरित सोच का परिचय देते हुए प्रतियोगिता को रोचक बना दिया।
प्राचार्या डॉ प्रीति गोयल ने किया उत्साहवर्धन
विद्यालय की प्राचार्या डॉ. प्रीति गोयल ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया।
चेयरमैन डॉ महिपाल ने दी बधाई
संस्कार शिक्षण संस्थान के चेयरमैन डॉ. महिपाल ने सभी प्रतिभागियों एवं उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


श्री राधा-कृष्ण मंदिर में मूर्ति स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा समारोह 3 सितंबर
श्री राधा-कृष्ण मंदिर में मूर्ति स्थापना चार व पांच को भंडारा
झज्जर, 01 सितम्बर, अभीतक: कच्चा बावरा रोड, फायर स्टेशन के सामने निर्माणधीन श्री राधा-कृष्ण मंदिर में मूर्ति स्थापना, कलश यात्रा एवं प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन किया जाएगा। सुनील राव, नाहर सिंह ने बताया कि कार्यक्रम के तहत 30 अगस्त से प्रतिदिन विद्वान ब्राह्मणों द्वारा पूजा-पाठ चल रही है। गुरुवार 3 सितंबर को दोपहर 3 बजे मूर्ति परिक्रमा एवं कलश यात्रा निकाली जाएगी। कलश यात्रा मंदिर से शुरू होगी। इसके बाद 4 सितंबर को सुबह 9 बजे मूर्ति स्थापना तथा 5 सितंबर को सुबह 10 बजे प्रभु इच्छा तक भंडारे का आयोजन किया जाएगा। मंदिर समिति ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा धार्मिक अनुष्ठान में सभी धर्मप्रेमी सज्जनों से सपरिवार कार्यक्रम में पहुंचकर भगवान श्री राधा-कृष्ण के दर्शन, पूजा-अर्चना तथा भंडारे का प्रसाद ग्रहण कर कृतार्थ करें।
प्राण प्रतिष्ठा एक पवित्र अनुष्ठान है
पूजा कर रहे ब्राह्मणों ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा एक पवित्र अनुष्ठान है जो मूर्ति में दिव्य ऊर्जा को जागृत करता है। प्राण प्रतिष्ठा का उद्देश्य मूर्ति में दिव्य उपस्थिति का आह्वान करना है, जिससे मूर्ति देवता के एक पूजनीय स्वरूप में परिवर्तित हो जाती है। यह समारोह हिंदू पूजा का अभिन्न अंग है क्योंकि यह मूर्ति में देवता की वास्तविक उपस्थिति को दर्शाता है, जिससे मूर्ति भक्ति और प्रार्थना के योग्य बन जाती है।



ऑल इंडिया थल सैनिक कैंप का भव्य आगाज
देशभर से पहुंचे 1564 कैडेट, 12 दिन तक दिखाएंगे सैन्य कौशल और दमखम
दिल्ली कैंट, 01 सितम्बर, अभीतक: 5 हरियाणा बटालियन एनसीसी, गुरुग्राम एवं एनसीसी ग्रुप मुख्यालय रोहतक के तत्वावधान में आयोजित प्रतिष्ठित ऑल इंडिया थल सैनिक कैंप (एआईटीएससी)-2026 का दिल्ली कैंट में भव्य शुभारंभ हो गया। 31 अगस्त से 11 सितंबर तक चलने वाले 12 दिवसीय राष्ट्रीय स्तर के इस शिविर एवं प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न राज्यों और एनसीसी निदेशालयों से पहुंचे 1564 कैडेट सैन्य कौशल, शारीरिक क्षमता और प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। प्रतियोगिता में सीनियर डिवीजन के 884 कैडेट तथा सीनियर विंग की 680 महिला कैडेट भाग ले रही हैं। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में कैडेटों के बीच विभिन्न सैन्य एवं कौशल आधारित स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। देश के अलग-अलग हिस्सों से दिल्ली कैंट पहुंचे कैडेटों का शिविर परिसर में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। सभी कैडेट बेहतर प्रदर्शन के लक्ष्य के साथ उत्साह और जोश से लबरेज नजर आए। डायरेक्टर जनरल एनसीसी, लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स, वाईएसएम, एसएम, वीएसएम तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में शिविर की प्रशिक्षण, अनुशासन, सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा है। शिविर की व्यवस्थाओं में ब्रिगेड ट्रेनिंग के ब्रिगेडियर तरुण नरूला सहित अनेक अधिकारी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। थल सैनिक प्रतियोगिता के ऑफिसर-इन-चार्ज एवं एनसीसी ग्रुप मुख्यालय रोहतक के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर राम नरेश शिविर की विभिन्न गतिविधियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
महिला कैडेटों के लिए विशेष प्रबंध
शिविर में सीनियर विंग की महिला कैडेटों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। उनके रहने, भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं को व्यवस्थित किया गया है। साथ ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं भी शिविर परिसर में उपलब्ध कराई गई हैं। शिविर के सुचारु संचालन के लिए प्रशासन, सुरक्षा, प्रशिक्षण और विभिन्न प्रतियोगिताओं के संचालन की जिम्मेदारी अलग-अलग अधिकारियों और प्रशिक्षण स्टाफ को सौंपी गई है।
मैप रीडिंग से फायरिंग तक दिखाएंगे हुनर
ऑल इंडिया थल सैनिक कैंप के दौरान कैडेट कई चुनौतीपूर्ण सैन्य एवं कौशल प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। इनमें लाइन एरिया से संबंधित प्रतियोगिताएं, मैप रीडिंग, सैन्य प्रशिक्षण गतिविधियां, फायरिंग एवं निशानेबाजी, टेंट पिचिंग, बैनर प्रतियोगिता सहित सामूहिक और व्यक्तिगत सैन्य कौशल प्रतियोगिताएं शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से कैडेटों की शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और टीम भावना का परीक्षण किया जाएगा। ब्रिगेडियर राम नरेश ने कहा कि ऑल इंडिया थल सैनिक कैंप एनसीसी कैडेटों के लिए देश के सबसे प्रतिष्ठित प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता आयोजनों में शामिल है। ऐसे शिविर युवाओं में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों और एनसीसी निदेशालयों से आए कैडेटों को एक-दूसरे की संस्कृति, भाषा और कार्यशैली को समझने का अवसर मिलता है। इससे राष्ट्रीय एकता और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को भी मजबूती मिलती है।


विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव, साइबर अपराध व सड़क सुरक्षा के प्रति किया जागरूक’
झज्जर, 01 सितम्बर, अभीतक: पुलिस उपायुक्त मुख्यालय दीप्ति गर्ग के दिशा-निर्देशन में झज्जर पुलिस द्वारा विद्यार्थियों को नशे एवं अपराधों से दूर रखने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में नशा मुक्ति टीम झज्जर द्वारा शहर झज्जर स्थित सनराइज सीनियर सेकेंडरी स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।नशा मुक्ति टीम के प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियों को बताया गया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और भविष्य को बर्बाद कर सकता है। युवाओं को नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेलकूद और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को डायल 112 की सुविधा के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस की सहायता के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है। साथ ही साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए। विद्यार्थियों को अनजान लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी एवं बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करने और सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने के लिए जागरूक किया गया।पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट पहनने तथा सड़क पर सुरक्षित तरीके से चलने के प्रति भी जागरूक किया। इसके अलावा छात्राओं को सेल्फ डिफेंस के संबंध में आवश्यक जानकारी एवं आत्मरक्षा के तरीके बताए गए।




ई-रिक्शा चोरी के मामले में आरोपी गिरफ्तार, चोरी की ई-रिक्शा बरामद’
बहादुरगढ़, 01 सितम्बर, अभीतक: पुलिस उपायुक्त बहादुरगढ़ मयंक मिश्रा के दिशा-निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस चैकी सेक्टर-9 प्रभारी की टीम ने ई-रिक्शा चोरी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान राजेश निवासी लाइनपार बहादुरगढ़ के रूप में हुई है।पुलिस चैकी प्रभारी सेक्टर 9 बहादुरगढ़ सहायक उप निरीक्षक रणवीर ने बताया कि शिकायतकर्ता कपिल निवासी 5 बिस्वा जटवाड़ा मोहल्ला बहादुरगढ़ ने शिकायत दी थी कि वह ई-रिक्शा चलाकर सवारियां ढोता है। 29 अगस्त 2026 को करीब शाम 4रू30 बजे वह अपनी ई-रिक्शा को लेकर जरूरी काम से सेक्टर-9 जा रहा था। डिवाइडिंग रोड, सेक्टर-9 हुड्डा कार्यालय के पास ई-रिक्शा खड़ी कर कुछ समय के लिए गया। वापस आने पर ई-रिक्शा वहां नहीं मिली। आसपास तलाश करने के बाद भी पता नहीं चला। शिकायत के आधार पर थाना शहर बहादुरगढ़ में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी राजेश को गिरफ्तार किया। आरोपी की निशानदेही पर चोरी की ई-रिक्शा को सैनिक स्कूल बाईपास, बहादुरगढ़ के नजदीक से बरामद किया गया।आरोपी को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अदालत बहादुरगढ़ में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
कानौंदा में गोली चलाने के मामले में आरोपी गिरफ्तार, रिवॉल्वर व जिंदा कारतूस बरामद
बहादुरगढ़, 01 सितम्बर, अभीतक: पुलिस उपायुक्त मयंक मिश्रा के निर्देशन में थाना सदर बहादुरगढ़ पुलिस ने गांव कानौंदा में गोली चलाने के मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से एक रिवॉल्वर, कारतूस बरामद किए गए हैं। थाना सदर बहादुरगढ़ प्रभारी उप निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि दिनांक 30 अगस्त 2026 को डायल-112 के माध्यम से गांव कानौंदा में गोली चलने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।इस संबंध में मोहित निवासी कानौंदा, जिला झज्जर की शिकायत पर थाना सदर बहादुरगढ़ में मामला दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, गांव में विवाद के दौरान ओमवीर निवासी कानौंदा द्वारा कथित तौर पर गोली चलाई गई, जिसमें दो व्यक्ति घायल हुए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू की। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी ओमवीर निवासी कानौंदा को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी को आज बहादुरगढ़ अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत के आदेशानुसार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।



पत्रकारों को कैशलेस मेडिकल सुविधा देने का मामला विधानसभा में गूंजा, विधायक कादयान ने की पैरवी
रोहतक, 01 सितम्बर, अभीतक: बेरी से कांग्रेस विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रघुबीर सिंह कादयान ने विधानसभा में पत्रकारों से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए। उन्होंने पत्रकारों की पेंशन संबंधी दिक्कतें दूर करने और पेंशन राशि बढ़ाने की मांग की। कादयान ने कहा कि पत्रकारों को पेंशन समय पर मिलनी चाहिए, ताकि उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें आर्थिक परेशानी न झेलनी पड़े। बेरी से कांग्रेस विधायक ने पत्रकारों के लिए एक्रेडिटेशन कमेटी के गठन का मुद्दा भी सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि मान्यता से जुड़े मामलों के समयबद्ध निपटारे के लिए निर्धारित व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाना जरूरी है। उन्होंने पत्रकारों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा का दायरा बढ़ाने की भी मांग की। कादयान ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में 2.50 लाख रुपये की सीमा जीवनभर के लिए निर्धारित है, जो गंभीर बीमारी या लंबे इलाज की स्थिति में पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की तर्ज पर पत्रकारों को भी बेहतर और प्रभावी कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने डेढ़ साल पहले रोहतक में हरियाणा यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट के अधिवेशन में पत्रकारों को कैशलेस मेडिकल सुविधा प्रदान करने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक लागू नहीं हो पाई। कई बार यूनियन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंप कर घोषणा को अमलीजामा पहनाने की मांग की। सरकार के अधिकारी पहले कहते रहे कि सरकारी कर्मचारियों। के साथ पत्रकारों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी। सरकार ने पिछले साल सरकारी कर्मचारियों को तो यह सुविधा प्रदान कर दी जबकि पत्रकारों को वंचित रख दिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट सेशन के दौरान विधानसभा में घोषणा की थी कि पत्रकार कोष से बीमार पत्रकारों को मिलने वाली सहायता राशि अढ़ाई लाख से बढ़ा कर 5 लाख की जाती है। यह घोषणा भी आज तक लागू नहीं हुई है। करीब 12 सालों से सरकार ने प्रेस मान्यता प्रदाय समिति का भी गठन नहीं किया है और न ही पूर्व मुख्यमंत्री चैधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा के काल की समिति को भंग किया है। हरियाणा के पत्रकार संगठन कई सालों से प्रेस मान्यता प्रदाय समिति का गठन करने की मांग की रहे हैं। मजेदार बात यह है कि समिति के गठन पर सरकार का कोई खर्चा भी नहीं होना है। पत्रकार पिछले काफी समय से पेंशन राशि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनकी यह मांग भी आज तक पूरी नहीं हुई है। हरियाणा के कई पड़ोसी राज्यों में पत्रकारों की पेंशन 20 हजार रुपये प्रति माह है जबकि हरियाणा में 15 हजार रुपए है। कीपत्रकार सरकार की हर मामले में पूर्ण सहायता करते हैं। सरकार को पत्रकारों को सभी सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए।

आज कोई वर्ग ऐसा नहीं है जो धरने पर ना बैठा हो और बीजेपी सरकार ने उनके ऊपर लाठीचार्ज और अत्याचार ना किया हो : अदित्य देवीलाल
चंडीगढ़, 01 सितम्बर, अभीतक: विधान सभा के मानसून सत्र के तीसरे और अखिरी दिन इंडियन नेशनल लोकदल के विधायक दल के नेता अदित्य देवीलाल ने शून्यकाल में सफाई कर्मचारियों का पक्ष रखते हुए कहा कि सफाई कर्मचारियों के साथ बीजेपी सरकार अन्याय और अत्याचार कर रही है। उसपे हैरानी इस बात की है कि मंत्री कह रहे हैं कि इन सफाई कर्मचारियों की मांगों को मानने के लिए कोई पॉलिसी नहीं बनाई जा सकती। अगर इच्छाशक्ति हो तो लोक भलाई के लिए कोई भी कानून बनाया जा सकता है। उन्होंने स्वर्गीय चैधरी देवीलाल का एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि चैधरी देवीलाल ने बयान दिया था कि उनके मुख्यमंत्री बनते ही वो बुजुर्गों के लिए 100 रूपए प्रति माह पेंशन देंगे। उसपर तत्कालीन मुख्यमंत्री चैधरी बंसीलाल ने कहा था कि वे खुद वकील हैं और अगर ऐसा कोई कानून बन सकता तो वे खुद बना देते। चैधरी देवीलाल ने जवाब में कहा था कि मैं भेड़ चराने नहीं जा रहा हूं, मेरी सरकार बनते ही कानून बनाऊंगा, 100 रूपए पेंशन दूंगा और नीचे लिखूंगा देवीलाल। अपनी कही बात को कानून बना कर दिखाया। अदित्य देवीलाल ने कहा कि आज बीजेपी की सरकार है और मंत्री भी उसी समाज से आते हैं ऐसे में मंत्री अपने समाज की जायज मांग को लेकर पॉलिसी क्यों नहीं बना सकते। अगर नहीं बना सकते तो सत्ता छोड़ दें, अपने समाज को क्यों गुमराह कर रहे हैं। आज कोई वर्ग ऐसा नहीं है जो धरने पर ना बैठा हो और बीजेपी सरकार ने उनके ऊपर लाठीचार्ज और अत्याचार ना किया हो। किसानों और मजदूरों पर डंडे चलवाए। प्रश्नकाल के दौरान विधायक अर्जुन चैटाला ने एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों के खिलाफ अपराध और अत्याचार किए जाने पर चिंता व्यक्त की और पूछा कि सरकार द्वारा इन अपराधों पर काबू पाने के लिए क्या नीति बनाई गई है?


जैन गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रेवाड़ी की छात्राओं ने निकाली स्वच्छता जागरूकता रैली
रेवाड़ी, 01 सितम्बर, अभीतक: जैन गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रेवाड़ी में आज प्रधानाचार्या श्रीमती सुनीता पारीक के नेतृत्व में स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छता जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। विद्यालय की विज्ञान शिक्षिका श्रीमती सरोज देवी (TGT विज्ञान) की देखरेख में छात्राओं ने विद्यालय परिसर से रैली का शुभारंभ किया। रैली दिल्ली गेट, नसियाजी, सिविल हॉस्पिटल तथा आसपास के क्षेत्रों से होते हुए वापस विद्यालय पहुँची। इस दौरान छात्राओं ने “स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत” का संदेश देते हुए नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। रैली के दौरान छात्राओं ने सड़क पर फैले कचरे को स्वयं उठाकर यह संदेश दिया कि स्वच्छ शहर केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामाजिक दायित्व है। इस अवसर पर प्रधानाचार्या श्रीमती सुनीता पारीक ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हमारी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा होनी चाहिए। उन्होंने रैली की इंचार्ज श्रीमती सरोज देवी एवं सभी स्टाफ सदस्यों की भी सराहना की तथा छात्राओं को अपने घर, विद्यालय और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया। इस जागरूकता रैली को सफल बनाने में विद्यालय की अध्यापिकाओं के साथ नगर परिषद रेवाड़ी की स्वच्छ भारत मिशन टीम के सदस्यों श्री कृष्ण सबरवाल, शुभम, अंजू, राधा एवं सुमन का विशेष सहयोग रहा। प्रधानाचार्या ने सभी छात्राओं, अध्यापिकाओं एवं नगर परिषद की टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्राओं में सामाजिक जिम्मेदारी और नागरिक कर्तव्य की भावना को मजबूत करते हैं।


मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का बयान
कुरूक्षेत्र में ब्रह्मसरोवर और आसपास के इलाके के विकास की पूरी योजना सरकार ने बनाई है
हर चैक के टेंडर लगभग किए जा चुके हैं और विश्रामगृह के भी टेंडर की प्रक्रिया चल रही है
हमारी सरकार का ध्येय है कि हम कुरूक्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करेंगे
हमनें वहां पिछले दिनों जब गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी समागम मनाया उस वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने उस समागम में शिरकत की
कुरूक्षेत्र में गीता द्वार के नवीनीकरण का कार्य चल रहा है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुरूक्षेत्र में ही एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का उद्घाटन किया
इस एलिवेटेड रेलवे ट्रैक की सहायता से ही शहर 6 रेलवे फाटक से मुक्त हुआ
झज्जर: झज्जर में सड रहा है शहर और सड़ रही है गली-गली
शहर में डंपिंग पॉइंट पर पड़ा कूड़े के ढेर सीमा लांघ कर सड़क तक पहुंचे
मुंह पर कपड़ा ढांप कर या मास्क पहनकर सड़कों से निकल रहे हैं लोग
शहर में आधा दर्जन से ज्यादा स्थानों पर बने हैं कूड़े के ढेर के डंपिंग पॉइंट
कूड़ा ना उठने की वजह से शहर में बढ़ा संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा
शहर वासियों की मांग, युद्ध स्तर पर शहर में जिला प्रशासन चलाएं सफाई अभियान
बहादुरगढ़: सफाई कर्मचारियों ने फूंका हरियाणा सरकार का पुतला।
नगर परिषद के गेट के सामने सड़क पर पुतले में लगाई आग।
लगातार 27 दिन से हड़ताल पर हैं सफाई कर्मचारी।
कर्मचारी नेताओं के साथ बैठक में बदसलूकी के विरोध में जलाया पुतला।
हड़ताली कर्मचारी बोले- 13 मई को हुए समझौते को करना होगा लागू।
कच्चे सफाईकर्मियों को पक्का करने, ठेका प्रथा हटाने की है मुख्य मांग।
शहर में लगे कूड़े के ढेरों पर बोले सफाई कर्मचारी
कहा- जनता से हमारी कोई लड़ाई नही
सरकार मांगे मान लेगी तो 2 घण्टे में शहर को कर देंगे साफ।
कहा- सरकार हर बार वादा करके मुकर जाती है
लेकिन इस बार सफाई कर्मचारी आर पार की लड़ाई के लिए हैं तैयार।
चरखी दादरी: एनएच- 334बी पर बड़ा हादसा, ट्राले ने ट्रैक्टर को मारी टक्कर
करीब 30 32 श्रद्धालु घायल, महिला व बच्चे भी शामिल
गोगामेडी जा रहे श्रद्धालुओं से भरे ट्रैक्टर ट्रॉली को पीछे से ट्रक ने मारी टक्कर
अलीगढ़ से दर्शन के लिए गोगामेडी जा रहे थे करीब 70 से 75 महिला पुरुष बच्चे
चरखी दादरी जिले के गांव खेड़ी बूरा के समीप श्रद्धालुओं से भरे ट्रैक्टर ट्राली को पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मारी
टक्कर इतनी भयंकर थी कि ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार पुरुष महिला बच्चे घायल हो गए गिनीमत रही की अभी मौत की कोई सूचना नहीं है
सूचना मिलने पर डीएसपी सहित पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को नागरिक अस्पताल चरखी दादरी में पहुंचाया गया जहां गंभीर रूप से घायल 12 श्रद्धालुओं को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया
घायलों में आठ बच्चे 30 पुरुष और 12 महिलाएं शामिल है
दुर्घटना के बाद ट्रक चालक मौके से हुआ फरार
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन में पेश किया गुरु रविदास जी महाराज समरसता संकल्प अभियान पर सरकारी प्रस्ताव
संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित देशव्यापी गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान शुरू किया गया
यह अभियान 20 फरवरी, 2027 तक चलेगा- मुख्यमंत्री
यह अभियान संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी की जन्म स्थली सीर गोवर्धनपुर, वाराणसी से शुरू हुआ
उस दिन वहां की पवित्र मिट्टी से भरे कलश पूजन करके देशभर के राज्यों के प्रतिनिधियों को सौंपे गये
इस अभियान का उद्देश्य संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी के सामाजिक न्याय एवं सामाजिक समरसता के संदेश को समाज के हर व्यक्ति तक पहुंचाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्ष 2016 में उनकी जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर जाकर शीश नवाया और विकास का संकल्प व्यक्त किया
वर्ष 2019 में जन्मस्थली के विस्तार और विकास की बड़ी परियोजना की आधारशिला रखी गई
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने 12 अगस्त, 2023 को मध्य प्रदेश के सागर में 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले संत शिरोमणि गुरु रविदास स्मारक और संग्रहालय की आधारशिला भी रखी
उन्होंने फरवरी, 2024 में उनकी जन्मस्थली पर लगभग 32 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन किया
इसी अवसर पर लगभग 62 करोड़ रुपये की लागत से संत रविदास संग्रहालय और पार्क की आधारशिला रखी गई
हरियाणा में भी कुरुक्षेत्र के उमरी में 5 एकड़ भूमि पर भव्य गुरु रविदास धाम बना रहे हैं
इस परियोजना पर लगभग 124 करोड रुपए की लागत आएगी
इस परिसर में रविदास जी की 125 फुट ऊंची प्रतिमा की स्थापन भी की जाएगी
गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान के तहत कलश यात्रा हरियाणा में 4 अगस्त 2026 को पहुंची
इस कलश यात्रा के स्वागत में 5 अगस्त को गुरुग्राम में माता शीतला मंदिर के परिसर में भव्य समारोह का किया गया आयोजन
यह समरसता यात्रा आगामी 5 नवंबर 2026 तक चलेगी- मुख्यमंत्री
इस महान सदन के सभी माननीय सदस्यों से अनुरोध कि इस यात्रा को सफल बनाने में सहयोग करें
यह सदन श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान के उपलक्ष में आयोजित किया जा रहे कार्यक्रमों में सभी से भाग लेने का करता है आह्वान
यह सदन संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी द्वारा मानव मात्र के लिए दी गई शिक्षाओं को याद करते हुए करता है उन्हें नमन
साथी उनके 650वें प्रकाश पर्व पर समर्पित देशव्यापी गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान को गरिमा पूर्ण ढंग से मनाने का लेता है प्रण
इस सम्मानित सदन के सम्मुख गहन श्रद्धा के साथ प्रदेश के लोगों की ओर से श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व के अवसर पर इस प्रस्ताव को सर्व समिति से पारित करने का करता हूं अनुरोध- मुख्यमंत्री







रेवाड़ी हॉफ मैराथन की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए डीसी अभिषेक मीणा।
रेवाड़ी हॉफ मैराथन के रूट का जायजा लेते हुए एडीसी राहुल मोदी।
रेवाड़ी में 6 को होगा हॉफ मैराथन का आयोजन, मुख्यमंत्री दिखाएंगे हरी झंडी
डीसी अभिषेक मीणा ने तैयारियों के संबंध में ली अधिकारियों की बैठक
मैराथन की सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे अधिकारी : डीसी
रेवाड़ी, 01 सितम्बर, अभीतक: हरियाणा उदय आउटरीच कार्यक्रम के तहत पीतल नगरी रेवाड़ी में रविवार, 6 सितंबर को राज्य स्तरीय हॉफ मैराथन का आयोजन किया जाएगा। राज्य स्तरीय हाॅफ मैराथन की तैयारियों को लेकर डीसी अभिषेक मीणा ने मंगलवार को लघु सचिवालय सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की। वहीं हरियाणा आउटरीच कार्यक्रम के विशेष अधिकारी पंकज नैन ने भी वीसी के माध्यम से डीसी अभिषेक मीणा और एसपी हेमेंद्र मीणा सहित संबंधित अधिकारियों को मैराथन के सफल आयोजन को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि राज्य स्तरीय हाफ मैराथन में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित होंगे और धावकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के साथ ही विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित भी करेंगे। डीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि हॉफ मैराथन रूट पर साफ सफाई व्यवस्था पुरी तरह से दुरूस्त होनी चाहिए। इसके साथ-साथ रोड मार्किंग और विभिन्न चैक के सौंदर्यीकरण का कार्य सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इस हाफ मैराथन में भाग लेने वाले धावकों को दौडने में किसी भी तरह की कोई दिक्कत न हो।
70 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने करवाया पंजीकरण
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि रेवाड़ी मैराथन के लिए 70 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने अपना पंजीकरण करवाया है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया लगातार जारी है। इसके लिए https://www.runagainstdrugsrwr.in/#/en/registration पर क्लिक करके अपना नाम, माता या पिता का नाम, आयु, राज्य, जिला और मोबाइल नंबर दर्ज कर पंजीकरण किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त क्यूआर कोड को स्कैन करके भी मैराथन के लिए आसानी से पंजीकरण किया जा सकते है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से रेवाड़ी मैराथन के लिए अपना पंजीकरण करवाने का आह्वान किया।
रेवाड़ी मैराथन कार्यक्रम के दौरान सजेगा सांस्कृतिक मंच
रेवाड़ी मैराथन के नोडल अधिकारी एवं एडीसी राहुल मोदी ने मैराथन के रूट का जायजा लिया। साथ ही बाल भवन परिसर में मैराथन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के चयन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों का बारीकी से अवलोकन किया। एडीसी राहुल मोदी ने बताया कि राज्य स्तरीय हॉफ मैराथन कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक मंच सजेगा जिसमें प्रदेश के विख्यात कलाकार और स्थानीय कलाकार विभिन्न प्रकार की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को हरियाणा उदय आउटरीच कार्यक्रम के उद्देश्यों से भी अवगत कराएंगे। साथ ही हॉफ मैराथन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों में जोश व उत्साह का संचार करेंगे। लोक कलाकार सांस्कृतिक मंच से हरियाणवी गीतों व गानों की प्रस्तुति देंगे।
ये रहे मौजूद
बैठक में डीएमसी प्रदीप अहलावत, एसडीएम रेवाड़ी दलबीर सिंह, एसडीएम बावल संजीव कुमार, सीटीएम जितेंद्र कुमार और डीएसपी पवन कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
एनएसओ (एफओडी) द्वारा किया जा रहा सर्वेक्षण कार्य
नागरिक सर्वेक्षण की सूचनाएं देने में करें सहयोग : सहायक निदेशक पूजा कुमारी
विकास योजनाओं एवं नीतियों के निर्माण के लिए किया जा रहा है सर्वेक्षण कार्य
रेवाड़ी, 01 सितम्बर, अभीतक: भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के क्षेत्र संकार्य प्रभाग (एफओडी) द्वारा वर्ष 1950 से परिवारों एवं प्रतिष्ठानों से विभिन्न सामाजिक-आर्थिक विषयों पर सूचनाएं एकत्र करने का कार्य किया जा रहा है। सांख्यिकी कार्यालय की सहायक निदेशक पूजा कुमारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इन सर्वेक्षणों से प्राप्त आंकड़े देश एवं राज्य स्तर पर विकास योजनाओं एवं नीतियों के निर्माण, उनके प्रभाव के आकलन तथा सामाजिक-आर्थिक स्थिति को समझने के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करते हैं। इन सर्वेक्षणों में एकत्र की गई सभी सूचनाएं पूर्णतः गोपनीय रखी जाती हैं। सहायक निदेशक ने बताया कि इसी उद्देश्य से सितंबर 2026 माह के दौरान रेवाड़ी जिले के विभिन्न गांवों में भी एनएसओ (एफओडी) द्वारा सर्वेक्षण का कार्य किया जा रहा है, जिसमें आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस), वार्षिक असंगठित क्षेत्र उद्यम सर्वेक्षण (एएसयूएसई), राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण (एनएचआईएस), उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) सर्वेक्षण, अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश सर्वेक्षण (एआईडीआईएस), स्थिति मूल्यांकन सर्वेक्षण (एसएएस), प्रवासन संबंधी विवरण सर्वेक्षण (एमपीएस) तथा सेवा क्षेत्र में सम्मिलित प्रतिष्ठानों का वार्षिक सर्वेक्षण (एएसआईएसएसई) पर विशेष सर्वेक्षण किया जा रहा है। सर्वेक्षण के दौरान प्रशिक्षित एनएसओ अधिकारी चयनित परिवारों एवं प्रतिष्ठानों से सुरक्षित डिजिटल उपकरणों एवं अधिकृत वेब पोर्टल के माध्यम से जानकारी एकत्रित की जाएगी। सहायक निदेशक ने बताया कि रेवाड़ी जिले में गैर निंगमित क्षेत्र उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण के लिए गांव मालपुरा, आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण में रेवाड़ी पअ-0004, इस-019, राष्ट्रीय पारिवारिक आय सर्वेक्षण में रेवाड़ी प्ट-0003, ठस्-031, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक सर्वेक्षण के लिए गांव पाल्हावास व खडखड़ा, प्रवासन संबंधी विवरण में सर्वेक्षण के लिए गांव रामसिंहपुर व भाड़ावास तथा अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश व कृषि परिवारों की स्थिति मूल्यांकन सर्वेेक्षण के लिए गांव शेखपुर शिकारपुर व धारण शामिल है। उन्होंने बताया कि इन सर्वेक्षणों में एकत्र की गई सभी सूचनाएं पूर्णतः गोपनीय रखी जाती हैं तथा उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है। किसी भी रिपोर्ट अथवा प्रकाशित आंकड़ों में सर्वेक्षण में शामिल परिवारों एवं प्रतिष्ठानों की पहचान उजागर नहीं की जाती है। सहायक निदेशक पूजा कुमारी ने सभी चयनित परिवारों एवं प्रतिष्ठानों से अनुरोध किया है कि वे सर्वेक्षण अधिकारियों को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करने में आवश्यक सहयोग दें। जनता का सहयोग देश के लिए विश्वसनीय सांख्यिकीय आधार तैयार करने तथा बेहतर नीति निर्माण एवं राष्ट्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।





भीम स्टेडियम भिवानी में थल सेना की अग्निवीर भर्ती रैली 2 से 15 सितम्बर तक होगी आयोजित
उम्मीदवारों को 1600 मीटर की दौड़ में और तिथिवार अलग अलग श्रेणियों में लेना होगा भाग
रेवाड़ी, 01 सितम्बर, अभीतक: भीम स्टेडियम, भिवानी में 02 सितम्बर से शुरू होने वाली सेना भर्ती रैली के लिए समुचित व्यवस्थाएं की गई है। डायरेक्टर (स्टेट्स), मुख्यालय अम्बाला सेना भर्ती कार्यालय से कर्नल बीआर शेखावत ने भर्ती रैली में आये हुए आर्मी के अधिकारियो एवं सभी पदाधिकारियों को दिशा निर्देश देते हुए कहा कि फौज का अनुशासन पहली प्राथमिकता है, इसलिए सभी को अनुशासन के परिचय के साथ अपनी ड्यूटी का निर्वहन पूरी पारदर्शिता के साथ जिम्मेदारी को नियमानुसार पूरा करना है। कर्नल बीआर शेखावत ने बताया कि उम्मीदवारों का प्रवेश सुबह चार बजे प्रतिदिन किया जाएगा। ऑनलाइन परीक्षा पास उम्मीदवारों को फिजिकल टेस्ट के लिए एडमिट कार्ड जारी किये गए है। उम्मीदवारों को अग्निवीर बनने के लिए 1600 मीटर दौड़ में थितिवार अलग-अलग श्रेणी में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना के तहत सेना भर्ती कार्यालय, चरखी दादरी ने भर्ती के लिए महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, चरखी दादरी और भिवानी जिलो के सभी ऑनलाइन परीक्षा उत्तीर्ण 7,138 उम्मीदवारों को शारीरिक परीक्षण के लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए है। उन्होंने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि भर्ती रैली भीम स्टेडियम में 2 सितम्बर से 15 सितम्बर तक आयोजित की जाएगी।
ब्रह्म सरोवर सहित कुरुक्षेत्र के समग्र सौंदर्यीकरण के लिए सरकार ने तैयार की व्यापक योजना: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
कुरुक्षेत्र के सौंदर्यीकरण से जुड़े कई कार्यों के टेंडर जारी, अन्य टेंडर भी प्रक्रियाधीन: मुख्यमंत्री
गीता द्वार का कार्य प्रगति पर, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का भी किया जाएगा विस्तार
रेलवे एलिवेटेड ट्रैक से कुरुक्षेत्र को रेलवे फाटकों से मिली मुक्ति, शहर की कनेक्टिविटी हुई बेहतर: मुख्यमंत्री
चंडीगढ़, 01 सितम्बर, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले धार्मिक स्थल कुरुक्षेत्र में ब्रह्म सरोवर सहित शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार की व्यापक योजना राज्य सरकार ने तैयार की है। योजना के तहत विभिन्न विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। कई कार्यों के टेंडर लगाए जा रहे हैं, जबकि रेस्ट हाउस सहित अन्य कार्य टेंडर प्रक्रिया में हैं। मुख्यमंत्री मंगलवार को हरियाणा विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान विधायक श्री अशोक अरोड़ा द्वारा ब्रह्म सरोवर, कुरुक्षेत्र के संबंध में पूछे गए प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विधायक श्री अशोक अरोड़ा ने ब्रह्म सरोवर को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है और पूर्व में भी इस विषय को उठाया था। संबंधित मंत्री द्वारा इस संबंध में सदन को विस्तार से जानकारी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने ब्रह्म सरोवर और आसपास के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण की पूरी योजना बनाई है। रेस्ट हाउस सहित विभिन्न कार्य टेंडर प्रक्रिया में हैं और आने वाले समय में योजनाबद्ध ढंग से इन कार्यों को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में कुरुक्षेत्र में श्री गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस मनाया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए थे। कुरुक्षेत्र के धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए सरकार ने इसके समग्र विकास और सौंदर्यीकरण के लिए पूरी कार्ययोजना तैयार की है और उसी के अनुरूप कार्य आगे बढ़ाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र के रेलवे एलिवेटेड ट्रैक का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में इसका उद्घाटन किया है। उन्होंने कहा कि जब श्री मनोहर लाल मुख्यमंत्री थे और वे स्वयं सांसद थे, उस समय इस परियोजना को लेकर बात रखी गई थी। आज रेलवे एलिवेटेड ट्रैक बनकर तैयार हो चुका है। इस परियोजना से शहर को रेलवे फाटकों की समस्या से मुक्ति मिली है और शहर की कनेक्टिविटी भी बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े रेलवे एलिवेटेड ट्रैक का तेजी से निर्माण सराहनीय है। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार कुरुक्षेत्र की धार्मिक एवं ऐतिहासिक गरिमा के अनुरूप इसके विकास, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
डी.एल.एड. छात्र-अध्यापकों को शिक्षा बोर्ड ने दिया मर्सी चांस
भिवानी, 01 सितम्बर, अभीतक: हरियाणा विद्यालय विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा डी.एल.एड. प्रवेश वर्ष 2021 व 2022 के छात्र-अध्यापकों को सितंबरध्अक्तूबर-2026 में संचालित होने वाली परीक्षा में मर्सी चांस दिया गया है। यह जानकारी देते हुए बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंकर लाल धूपड़ व सचिव श्री दीपक बाबूलाल करवा, भा.प्र.से ने आज यहां बताया कि डी.एल.एड. प्रवेश वर्ष 2021 व 2022 के छात्र-अध्यापक, अध्यापिका जिन्होंने डी.एल.एड. दो वर्षीय कोर्स में दाखिला लिया था और उनका परीक्षा परिणाम प्रथम व द्वितीय वर्ष में एक विषयध्अधिक विषयों में अनुत्तीर्ण होने के कारण डिप्लोमा पूर्ण नहीं हुआ है। उन सभी छात्र- अध्यापकों को डिप्लोमा पूर्ण करने हेतु एक मर्सी चांस प्रदान किया गया है। संबंधित छात्र अध्यापकध्अध्यापिका प्रत्येक वर्ष की परीक्षा के लिए परीक्षा शुल्क 10,000 रूपये सहित ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि इसके अतिरिक्त प्रवेश वर्ष 2023-2025 (प्रथम व द्वितीय वर्ष) तथा प्रवेश वर्ष 2024-2026 (प्रथम वर्ष) परीक्षा में अनुत्तीर्णध्रि-अपीयर रहे। छात्र-अध्यापकध्अध्यापिका जो किन्हीं कारणों से ऑनलाइन आवेदन करने से वंचित रह गए थे, वे सभी बनता शुल्क सहित सितंबरध्अक्तूबर-2026 परीक्षा आरंभ होने से 20 दिन पूर्व तक हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड,भिवानी के कमरा नंबर-28 में अपना ऑफलाइन आवेदन-फार्म व फोटो संबंधित संस्था से सत्यापित करवाने उपरान्त दस्ती जमा करवा सकते हैं। जो संस्थाएं बंद हो चुकी उनसे संबंधित छात्र अध्यापकध्अध्यापिकाएं ऑफलाइन आवेदन फार्म संबंधित जिला डाईट से सत्यापित करवा सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन प्रोफार्मा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट ूूू.इेमी.वतह.पद पर उपलब्ध है। यदि किसी संस्था को आवेदन करने में किसी भी प्रकार की कोई कठिनाई आती है तो वे दूरभाष नंबर 01664-254305 पर संपर्क कर सकते हैं।
एचटेट परीक्षा-2025 की ओएमआर शीट आज से डाउनलोड कर सकते हैं अभ्यर्थी
भिवानी, 01 सितम्बर, अभीतक: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंकर लाल धूपड़ ने बताया कि 04 व 05 जुलाई, 2026 को आयोजित करवाई गई हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा-2025 लेवल-1, 2 व 3 का परीक्षा परिणाम घोषित किया जा चुका है। अभ्यर्थी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट ूूू.इेमी.वतह.पद पर दिए लिंक के माध्यम से अपने रजिस्ट्रेशन नंबर व जन्मतिथि विवरणों का उपयोग करके अपना परीक्षा परिणाम डाउनलोडध्प्रिंट कर सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी इसी लिंक के माध्यम से निर्धारित शुल्क 100ध्-रूपये ऑनलाइन जमा करवाकर अपनी ओएमआर शीट की छायाप्रति 01 सितंबर से 23 अक्तूबर,2026 तक बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की तकनीकी त्रुटि होने की स्थिति में बोर्ड के पास यह परिणाम वापस लेनेध्संशोधित करने का पूर्ण अधिकार सुरक्षित रहेगा।

विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर डीसी ने समीक्षा बैठक
डीसी अभिषेक मीणा ने 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं से वोट बनवाने का किया आह्वान
रेवाड़ी, 01 सितम्बर, अभीतक: जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अभिषेक मीणा ने मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इससे पहले हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि मतदाता सूची को पारदर्शी, शुद्ध एवं अपडेट बनाए रखना निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। संबंधित अधिकारी इस कार्य को पूरी गंभीरता के साथ करें। साथ ही मतदाता भी इस कार्य में पूरा सहयोग करें। जब बीएलओ सत्यापन के लिए उनके घर पहुंचे तो उन्हें सही जानकारी एवं आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करवाएं, ताकि मतदाता सूची का सत्यापन कार्य सुचारू रूप से पूरा हो सके। उन्होंने 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके सभी युवाओं से भी अपना वोट अवश्य बनवाने का आह्वान किया। डीसी ने बताया कि मतदाता सूची से संबंधित प्राप्त दावों एवं आपत्तियों की सुनवाई निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाए। बीएलओ सत्यापन कार्य में तेजी लाएं। वहीं आमजन भी बीएलओ द्वारा मांगे गई आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाएं। सभी बीएलओ के पास सभी संबंधित फार्म उपलब्ध होने चाहिए। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की संशोधित समय-सारणी जारी की है। इसके तहत दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि अब 30 सितंबर 2026 कर दी गई है। इस अवधि के दौरान पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करवाने के साथ-साथ मतदाता सूची में दर्ज नाम अथवा विवरण से संबंधित दावे एवं आपत्तियां भी प्रस्तुत कर सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची 6 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। डीसी ने जिले के सभी पात्र नागरिकों से अपील की कि वे निर्धारित अवधि के दौरान मतदाता सूची में अपने नाम और विवरण की जांच अवश्य करें। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है या नाम, पता अथवा अन्य विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि है, तो वह निर्धारित अवधि के भीतर संबंधित दावा या आपत्ति दर्ज करवाए। इस अवसर पर एसडीएम रेवाड़ी दलबीर सिंह, एसडीएम बावल संजीव कुमार और नायब तहसीलदार चुनाव अजय कुमार आदि मौजूद रहे।



अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान ने आयुर्वेद दिवस से पहले ‘आयुर्वार्ता’ डिजिटल संवाद श्रृंखला की शुरुआत की
पहली कड़ी में 23 सितंबर को आयुर्वेद दिवस की निश्चित तिथि पर विशेष विमर्श
नई दिल्ली, 01 सितम्बर, अभीतक: अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (।प्प्।), नई दिल्ली ने ‘आयुर्वार्ता’ नामक विशेष डिजिटल संवाद श्रृंखला की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य आयुर्वेद के प्रामाणिक ज्ञान, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और समकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था में इसकी प्रासंगिकता को देश-विदेश के व्यापक जनसमुदाय तक पहुंचाना है। ।प्प्।, आयुष मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्थान है। यह पहल आगामी आयुर्वेद दिवस, जो 23 सितंबर को मनाया जाएगा, से पहले शुरू की गई है। ‘आयुर्वार्ता’ के माध्यम से आयुर्वेद, समकालीन स्वास्थ्य चुनौतियों, वैज्ञानिक अनुसंधान, शिक्षा, चिकित्सा पद्धति तथा वैश्विक स्तर पर आयुर्वेद की बढ़ती प्रासंगिकता से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों के साथ संवाद प्रस्तुत किए जाएंगे। आयुर्वार्ता की पहली कड़ी में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के निदेशक प्रोफेसर (वैद्य) पी. के. प्रजापति और डीन, पीएच.डी., प्रोफेसर डॉ. महेश व्यास के बीच विशेष संवाद हुआ। इस कड़ी का केंद्रीय विषय रहा आखिर आयुर्वेद दिवस 23 सितंबर को ही क्यों? विमर्श के दौरान आयुर्वेद दिवस के इतिहास, पूर्व में धन्वंतरि जयंती के अवसर पर इसके आयोजन तथा भारत सरकार द्वारा आयुर्वेद दिवस के लिए एक निश्चित तिथि निर्धारित किए जाने के निर्णय पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर प्रोफेसर (वैद्य) पी. के. प्रजापति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद को एक महत्वपूर्ण ज्ञान एवं स्वास्थ्य प्रणाली के रूप में सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिसकी वैश्विक स्वास्थ्य परिदृश्य में प्रासंगिकता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद दिवस के लिए एक निश्चित तिथि निर्धारित किए जाने से इसके वार्षिक आयोजन को अधिक निरंतरता मिलेगी तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी एक सुदृढ़ पहचान विकसित होगी। प्रो. प्रजापति ने कहा कि ‘आयुर्वार्ता’ इसी व्यापक दृष्टिकोण का एक डिजिटल विस्तार है, जिसके माध्यम से लोगों को आयुर्वेद के प्रामाणिक ज्ञान और विशेषज्ञों के विचारों तक सरल एवं प्रभावी पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी। चर्चा के दौरान प्रोफेसर (डॉ.) महेश व्यास ने 23 सितंबर से जुड़े महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह तिथि शरद विषुव (।नजनउदंस म्ुनपदवग) के आसपास आती है, जब दिन और रात की अवधि लगभग समान होती है। उन्होंने बताया कि संतुलन और सामंजस्य आयुर्वेद में स्वास्थ्य एवं कल्याण की अवधारणा के प्रमुख आधार हैं। इस दृष्टि से 23 सितंबर की तिथि को आयुर्वेद के संतुलन, सामंजस्य और समत्व पर आधारित दृष्टिकोण से भी जोड़ा जा सकता है। आयुर्वार्ता’ को आयुर्वेद के विभिन्न आयामों पर निरंतर और सार्थक संवाद के लिए एक डिजिटल मंच के रूप में विकसित किया गया है। इस श्रृंखला में भारत और विदेशों के प्रमुख आयुर्वेद विशेषज्ञों, चिकित्सकों, शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और नीति विशेषज्ञों के साथ संवाद प्रस्तुत किए जाएंगे। ‘आयुर्वार्ता’ की आगामी कड़ियों में आयुर्वेद के विभिन्न आयामों पर चर्चा होगी, जिनमें आयुर्वेद का वैज्ञानिक आधार और आधुनिक अनुसंधान, आयुर्वेद शिक्षा एवं नई पीढ़ी की भूमिका, आयुर्वेद एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य, आयुर्वेद में नवाचार और तकनीक, आयुर्वेद एवं आधुनिक चिकित्सा विज्ञान का समन्वय, औषधीय पौधे एवं प्राकृतिक संसाधन, स्वस्थ जीवनशैली एवं निवारक स्वास्थ्य, आयुर्वेद तथा वैश्विक स्वास्थ्य, आयुर्वेद के अंतरराष्ट्रीय विस्तार की संभावनाएं, आयुर्वेद में शोध एवं प्रमाण-आधारित चिकित्सा जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया जाएगा। आयुर्वार्ता’ के एपिसोड ।प्प्। के आधिकारिक डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों, जिनमें ल्वनज्नइमए थ्ंबमइववाए ग् और प्देजंहतंउ शामिल हैं, पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं, चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और आम जनता तक आयुर्वेद से संबंधित प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
डी.एल.एड. छात्र-अध्यापकों को शिक्षा बोर्ड ने दिया मर्सी चांस
भिवानी, 01 सितम्बर, अभीतक: हरियाणा विद्यालय विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा डी.एल.एड. प्रवेश वर्ष 2021 व 2022 के छात्र-अध्यापकों को सितंबर, अक्तूबर-2026 में संचालित होने वाली परीक्षा में मर्सी चांस दिया गया है। यह जानकारी देते हुए बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंकर लाल धूपड़ व सचिव श्री दीपक बाबूलाल करवा, भा.प्र.से ने आज यहां बताया कि डी.एल.एड. प्रवेश वर्ष 2021 व 2022 के छात्र-अध्यापकध्अध्यापिका जिन्होंने डी.एल.एड. दो वर्षीय कोर्स में दाखिला लिया था और उनका परीक्षा परिणाम प्रथम व द्वितीय वर्ष में एक विषयध्अधिक विषयों में अनुत्तीर्ण होने के कारण डिप्लोमा पूर्ण नहीं हुआ है। उन सभी छात्र- अध्यापकों को डिप्लोमा पूर्ण करने हेतु एक मर्सी चांस प्रदान किया गया है। संबंधित छात्र अध्यापकध्अध्यापिका प्रत्येक वर्ष की परीक्षा के लिए परीक्षा शुल्क 10,000 रूपये सहित ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि इसके अतिरिक्त प्रवेश वर्ष 2023-2025 (प्रथम व द्वितीय वर्ष) तथा प्रवेश वर्ष 2024-2026 (प्रथम वर्ष) परीक्षा में अनुत्तीर्ण, रि-अपीयर रहे छात्र-अध्यापक, अध्यापिका जो किन्हीं कारणों से ऑनलाइन आवेदन करने से वंचित रह गए थे, वे सभी बनता शुल्क सहित सितंबरध्अक्तूबर-2026 परीक्षा आरंभ होने से 20 दिन पूर्व तक हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड,भिवानी के कमरा नंबर-28 में अपना ऑफलाइन आवेदन-फार्म व फोटो संबंधित संस्था से सत्यापित करवाने उपरान्त दस्ती जमा करवा सकते हैं। जो संस्थाएं बंद हो चुकी उनसे संबंधित छात्र अध्यापकध्अध्यापिकाएं ऑफलाइन आवेदन फार्म संबंधित जिला डाईट से सत्यापित करवा सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन प्रोफार्मा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर उपलब्ध है। यदि किसी संस्था को आवेदन करने में किसी भी प्रकार की कोई कठिनाई आती है तो वे दूरभाष नंबर 01664-254305 पर संपर्क कर सकते हैं।



संस्कारम स्कूल में अंतरसदनीय भाषण व प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन, सामान्य ज्ञान व सामाजिक मुद्दों पर विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
नई दिल्ली, 01 सितम्बर, अभीतक: खातीवास स्थित संस्कारम पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों के ज्ञान, तर्कशक्ति एवं अभिव्यक्ति कौशल को निखारने के उद्देश्य से अंतर-सदनीय भाषण प्रतियोगिता एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं के मुख्य विषय सामान्य ज्ञान एवं सामाजिक मुद्दे रहे। विद्यालय के पुस्तकालय व कक्षा-कक्षों में छोटे-छोटे समूहों में बैठकर विभिन्न सदनों के विद्यार्थियों ने बड़े मनोयोग व एकाग्रता के साथ प्रतियोगिता में भाग लिया तथा अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
कनिष्ठ वर्ग में रिस्पेक्ट सदन रहा प्रथम
भाषण प्रतियोगिता के कनिष्ठ वर्ग में रिस्पेक्ट सदन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि ऑनेस्ट सदन द्वितीय तथा करेज सदन तृतीय स्थान पर रहा। वहीं कक्षा नौवीं एवं दसवीं के विद्यार्थियों के लिए आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में ऑनेस्ट सदन ने प्रथम, रिस्पेक्ट सदन ने द्वितीय तथा ट्रस्ट सदन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
वरिष्ठ वर्गीय प्रश्नोत्तरी में रिस्पेक्ट सदन अव्वल
इसी कड़ी में वरिष्ठ वर्गीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में रिस्पेक्ट सदन प्रथम, ऑनेस्ट सदन द्वितीय तथा ट्रस्ट सदन तृतीय स्थान पर रहा। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों में जोश, उत्साह एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना देखने लायक थी। निर्णायकों व अध्यापकों की उपस्थिति में विद्यार्थियों ने अपने ज्ञान और त्वरित सोच का परिचय देते हुए प्रतियोगिता को रोचक बना दिया।
प्राचार्या डॉ प्रीति गोयल ने किया उत्साहवर्धन
विद्यालय की प्राचार्या डॉ. प्रीति गोयल ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया।
चेयरमैन डॉ महिपाल ने दी बधाई
संस्कार शिक्षण संस्थान के चेयरमैन डॉ. महिपाल ने सभी प्रतिभागियों एवं उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्रधानमंत्री 2 सितंबर को जल सुरक्षा पर विभागीय शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में भाग लेंगे
प्रधानमंत्री द्वारा टीम इंडिया की भावना को मजबूत करने और सहकारी संघवाद को गहरा करने के लिए परिकल्पित शिखर सम्मेलनों की श्रृंखला में पहला शिखर सम्मेलन
शिखर सम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकारें प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श करने और समयबद्ध कार्य योजनाओं को विकसित करने के लिए एक साथ आएंगी
शिखर सम्मेलन में जल अवसंरचना परियोजनाओं के समय पर कार्यान्वयन, जल संचय जन भागीदारी, पेयजल स्रोतों की स्थिरता और जल जीवन मिशन 2.0 सहित चार प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा
नई दिल्ली, 01 सितम्बर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 2 सितंबर, 2026 को शाम लगभग 4ः30 बजे नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में जल शक्ति मंत्रालय के विभागीय शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में भाग लेंगे। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे। 1-2 सितंबर, 2026 को आयोजित होने वाला दो दिवसीय विभागीय शिखर सम्मेलन, प्रधानमंत्री द्वारा परिकल्पित विभागीय शिखर सम्मेलनों की श्रृंखला में पहला है। इसका उद्देश्य टीम इंडिया की भावना को मजबूत करना, सहकारी संघवाद को गहरा करना और केंद्र एवं राज्यों के बीच घनिष्ठ सहयोग के माध्यम से राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के सामूहिक स्वामित्व को बढ़ावा देना है। यह पहल महत्वपूर्ण क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर संयुक्त रूप से विचार-विमर्श करने और कार्यान्वयन एवं परिणामों में तेजी लाने के लिए एक सुव्यवस्थित मंच प्रदान करती है। इस शिखर सम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकारों के राजनीतिक नेतृत्व और वरिष्ठ अधिकारी एक साथ आएंगे और प्रमुख प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श करेंगे, सर्वोत्तम प्रणालियों को साझा करेंगे, कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियों का समाधान करने के साथ ही समयबद्ध कार्य योजनाएं भी तैयार करेंगे। इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय लक्ष्यों के लिए साझा जिम्मेदारी को बढ़ावा देना और यह सुनिश्चित करना है कि विचार-विमर्श से शासन और सेवा वितरण में मापनयोग्य सुधार हों।
यह शिखर सम्मेलन चार प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित होगा
जल अवसंरचना परियोजनाओं का समय पर कार्यान्वयन
जल संचय जन भागीदारी दृ कैच द रेन
पेयजल प्रणालियों की स्रोत स्थिरता
जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजनाओं का संचालन एवं रखरखाव
इन परामर्शों से जल अवसंरचना परियोजनाओं में तेजी लाने, जल संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाने, स्थायी पेयजल स्रोतों को सुनिश्चित करने और ग्रामीण पेयजल सेवाओं की विश्वसनीयता और जवाबदेही में सुधार के लिए ठोस और समयबद्ध कार्रवाई होने की उम्मीद है।

मोदी सरकार का किसान कल्याण संकल्प: श्री शिवराज सिंह चैहान द्वारा 5 राज्यों को कृषि विकास के लिए 1,183 करोड़ रुपये से अधिक की दूसरी मदर सैंक्शन जारी
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान ने खेती और किसान की खुशहाली के लिए 5 राज्यों को दी करोड़ों की मंजूरी
च्ड.त्ज्ञटल् और कृषोन्नति योजना : आधुनिक खेती और किसानों के सशक्तिकरण को नई गति, 5 राज्यों के लिए 1183.11 करोड़ रुपये स्वीकृत
किसान की प्रगति ही देश की उन्नतिरू कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान ने 5 राज्यों के साथ की उच्चस्तरीय समीक्षा, जारी किए फंड
तकनीक, सिंचाई और बागवानी से समृद्ध होगा अन्नदातारू केंद्र सरकार ने उत्तराखंड, आंध्र, ओडिशा, तमिलनाडु और त्रिपुरा को दी बड़ी सौगात- श्री शिवराज सिंह
टीम इंडिया भावना से संवरेगा कृषि क्षेत्ररू श्री शिवराज सिंह चैहान ने राज्यों के कृषि मंत्रियों संग की बैठक, योजनाओं की प्रगति को सराहा
नई दिल्ली, 01 सितम्बर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के श्आत्मनिर्भर और समृद्ध किसानश् के विजन को धरातल पर तेजी से उतारते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान ने आज पांच राज्यों- उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और त्रिपुरा के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत घटाने और कृषि में आधुनिक तकनीकों के विस्तार के लिए श्प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजनाश् (च्ड-त्ज्ञटल्) तथा कृषोन्नति योजना (ज्ञल्) के तहत कुल 1,183.11 करोड़ रुपए की द्वितीय मदर सैंक्शन जारी करने की मंजूरी दी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस बैठक में केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान ने कहा कि किसान हमारे देश की आत्मा और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। केंद्र सरकार और राज्य सरकारें मिलकर श्टीम इंडियाश् के रूप में काम कर रही हैं ताकि हर खेत तक पानी, उन्नत बीज, यंत्रीकरण और आधुनिक डिजिटल सुविधाएं पहुंच सकें। उन्होंने राज्यों द्वारा योजनाओं के क्रियान्वयन और फंड के सदुपयोग पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों के हित में किसी भी संसाधन या वित्तीय मदद की कमी नहीं आने दी जाएगी। बैठक में भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री अतीश चंद्रा सहित संबंधित राज्यों के कृषि मंत्री और वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
राज्यों को जारी द्वितीय मदर सैंक्शन का विवरण
आंध्र प्रदेश (409.40 करोड़ रुपए)रू आंध्र प्रदेश को च्ड.त्ज्ञटल् के तहत 296.09 करोड़ रुपए और कृषोन्नति योजना के तहत 113.31 करोड़ रुपए, कुल 409.40 करोड़ रुपए की दूसरी किस्त मंजूर की गई। बैठक में राज्य के कृषि मंत्री श्री किंजरापु अच्चेन्नायडू उपस्थित रहे। केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने राज्य में ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ (च्क्डब्) और कृषि यंत्रीकरण में बेहतरीन प्रदर्शन की सराहना की। तमिलनाडु (355.88 करोड़ रुपए)रू तमिलनाडु को कुल 355.88 करोड़ रुपए (च्ड.त्ज्ञटल्रू 251.79 करोड़ रुपए, कृषोन्नति योजना: 104.09 करोड़ रुपए) की राशि जारी की गई। बैठक में तमिलनाडु के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री थिरु. आर. विनोथ शामिल हुए। राज्य में सूक्ष्म सिंचाई और तिलहन उत्पादन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को रेखांकित किया गया। ओडिशा (219.65 करोड़ रुपए)रू ओडिशा के लिए 219.65 करोड़ रुपए (च्ड-त्ज्ञटल्रू 117.94 करोड़ रुपए, कृषोन्नति योजनारू 101.71 करोड़ रुपए) की स्वीकृति दी गई। समीक्षा बैठक में ओडिशा के उपमुख्यमंत्री श्री कनक वर्धन सिंह देव ने भाग लिया। राज्य द्वारा कृषि यंत्रीकरण (ैड।ड) और कृषि विस्तार में फंड के प्रभावी उपयोग को सराहा गया। उत्तराखंड (106.67 करोड़ रुपए)रू पहाड़ी राज्य उत्तराखंड को कृषि अधोसंरचना और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 106.67 करोड़ रुपए (च्ड-त्ज्ञटल्रू 65.78 करोड़ रुपए, कृषोन्नति योजनारू 40.89 करोड़ रुपए) जारी किए गए। बैठक में उत्तराखंड के कृषि मंत्री श्री गणेश जोशी उपस्थित रहे। राज्य ने परंपरागत कृषि विकास योजना (च्ज्ञटल्) और बागवानी (डप्क्भ्) में उल्लेखनीय प्रगति साझा की। त्रिपुरा (91.51 करोड़ रुपए)रू पूर्वोत्तर के विकास को प्राथमिकता देते हुए त्रिपुरा के लिए 91.51 करोड़ रुपए (च्ड-त्ज्ञटल्रू 36.51 करोड़ रुपए, कृषोन्नति योजनारू 55.00 करोड़ रुपए) की राशि मंजूर की गई जिससे राज्य में बांस मिशन, ऑयल पाम और कृषि यंत्रीकरण को मजबूती मिलेगी।
किसानों को सीधे मिलेगा लाभ
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह द्वारा दी गई इस वित्तीय स्वीकृति से राज्यों में सूक्ष्म सिंचाई (च्मत क्तवच डवतम ब्तवच), पानी की बचत और पैदावार में वृद्धि के साथ ही कृषि यंत्रीकरण (ैड।ड) के अंतर्गत छोटे किसानों को आधुनिक यंत्रों पर सब्सिडी मिलेगी। डिजिटल एग्रीकल्चर व सॉइल हेल्थरू मिट्टी की जांच और पारदर्शी डिजिटल सेवाएं। दलहन, तिलहन व बागवानी मिशनरू फसलों के विविधीकरण से किसानों की जेब में अधिक मुनाफा सुनिश्चित होगा। केंद्रीय मंत्री श्री चैहान ने सभी राज्यों से आग्रह किया कि वे इस धनराशि को तेजी से धरातल पर उतारें ताकि प्रत्येक पात्र अन्नदाता तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंच सके।

प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर ने बीसीसीएल की प्रमुख परियोजनाओं और संचालन की समीक्षा की
नई दिल्ली, 01 सितम्बर, अभीतक: प्रधानमंत्री के सलाहकार श्री तरुण कपूर ने 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक धनबाद की अपनी दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के पहले दिन भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के मुख्यालय कोयला भवन में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। समीक्षा बैठक में बीसीसीएल की प्रमुख परिचालन गतिविधियों, महत्वपूर्ण परियोजनाओं, तकनीकी पहलों, सुरक्षा उपायों और भविष्य की कार्य योजनाओं पर चर्चा की गई। श्री कपूर ने उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ मूनिडीह स्थित बीसीसीएल की प्रमुख परियोजनाओं और कुसुंडा क्षेत्र में स्थित ईएनए फायर प्रोजेक्ट का भी दौरा किया और उच्च जोखिम क्षेत्रों में परिवारों से बातचीत की। समीक्षा बैठक में कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष श्री बी. साईरामय बीसीसीएल के मुख्य प्रबंधक श्री मनोज कुमार अग्रवाल, वस्त्र मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती अलकनंदा दयाल, कोयला मंत्रालय के परियोजना सलाहकार श्री आलोक कुमार सिंह, मानव संसाधन निदेशक श्री मुरली कृष्ण रामैयाय तकनीकी,संचालन निदेशक श्री संजय कुमार सिंह, वित्त निदेशक श्री राजेश कुमार, और तकनीकी, परियोजना एवं योजना निदेशक श्री राजीव कुमार सिन्हा, साथ ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, क्षेत्रीय महाप्रबंधक, मुख्यालय के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। समीक्षा बैठक के दौरान, बीसीसीएल के मुख्य प्रबंधक श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने कंपनी की प्रमुख परिचालन गतिविधियों, मुख्य उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की कार्य योजनाओं पर प्रकाश डाला। निदेशक (तकनीकी, संचालन), श्री संजय कुमार सिंह ने बीसीसीएल के परिचालन प्रदर्शन, रणनीतिक पहलों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
उत्पादन, प्रौद्योगिकी और भविष्य की विकास योजनाओं की समीक्षा
इस प्रस्तुति में बीसीसीएल के प्रमुख परिचालन संकेतक, कोयला उत्पादन और निकासी, कोयला भंडार, परिचालन क्षमता, प्रमुख ताकतें और चुनौतियाँ, साथ ही वर्ष 2030-31 तक के उत्पादन लक्ष्य पर प्रकाश डाला गया। पिछले पाँच वर्षों के दौरान भूमिगत (यूजी) और ओपनकास्ट (ओसी) खानों के प्रदर्शन के साथ-साथ ओवरबर्डन रिमूवल (ओबीआर) की समीक्षा की गई, साथ ही कंपनी की उत्पादन क्षमता और अगले पाँच वर्षों की योजनाओं पर भी चर्चा की गई। बैठक में बीसीसीएल द्वारा वर्तमान में उपयोग की जा रही खनन प्रौद्योगिकियों की भी समीक्षा की गई, जिनमें लॉन्गवॉल माइनिंग और हाईवॉल माइनिंग शामिल हैं, साथ ही सरफेस माइनर्स और कंटीन्यूअस माइनर्स जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियों के उपयोग को बढ़ाने की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। झारिया कोयला क्षेत्र में ओपनकास्ट ब्लॉकों के पुनर्गठन और एमडीओ, राजस्व साझाकरण मॉडल के माध्यम से बंद खदानों के पुनर्विकास की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला गया। वाशरी के प्रदर्शन, धुलाई क्षमता विस्तार की योजनाओं और कोयले की गुणवत्ता में सुधार के लिए की गई पहलों की भी समीक्षा की गई। श्री कपूर ने देश की कोकिंग कोयले की आवश्यकताओं को पूरा करने में बीसीसीएल की रणनीतिक भूमिका पर जोर दिया और सतत विकास और लाभप्रदता को समर्थन देने के लिए क्षमता वृद्धि और बेहतर परिचालन दक्षता पर ध्यान केंद्रित करते हुए उपलब्ध संसाधनों के वैज्ञानिक और इष्टतम उपयोग का आह्वान किया। श्री कपूर ने बीसीसीएल के एरिया जनरल मैनेजर्स के साथ भी बातचीत की ताकि प्रमुख परिचालन और प्रशासनिक चुनौतियों, उनके मूल कारणों और उन्हें दूर करने के लिए किए जा रहे उपायों को समझा जा सके।
मूनिडीह में सीबीएम ब्लॉक-प् और लॉन्गवॉल परियोजना का निरीक्षण
श्री तरुण कपूर ने समीक्षा बैठक के बाद, कोल बेड मीथेन (सीबीएम) ब्लॉक-प् परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान, श्री कपूर को सीबीएम गैस निष्कर्षण तकनीक, परियोजना की प्रगति और इसके कार्यान्वयन की योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। श्री कपूर ने मूनिडीह ग्टप् सीम लॉन्गवॉल परियोजना का भी निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मशीनीकृत भूमिगत खनन कार्यों और सुरक्षित एवं अधिक टिकाऊ खनन पद्धतियों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले कोकिंग कोयले की स्थिर और विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित करने में उनकी भूमिका का अध्ययन करना था।
ईएनए फायर प्रोजेक्ट और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों के परिवारों के साथ बातचीत
श्री कपूर ने कुसुंडा क्षेत्र में ईएनए फायर प्रोजेक्ट का भी निरीक्षण किया और अग्नि प्रबंधन उपायों, सुरक्षा व्यवस्थाओं और संबंधित गतिविधियों की समीक्षा की, जिसमें वैज्ञानिक अग्नि पहचान, थर्मल और उपग्रह आधारित निगरानी, उत्खनन और प्रभावित क्षेत्रों का चरणबद्ध पुनर्वास शामिल है। श्री कपूर ने कुसुंडा क्षेत्र के दौरे के दौरान, उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों के परिवारों से भी बातचीत की और उनकी सुरक्षा और पुनर्वास से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की। 1 सितंबर 2026 को, श्री कपूर बेलगरिया और करमाटांड पुनर्वास स्थलों का दौरा करने और संबंधित हितधारकों के साथ संशोधित झरिया मास्टर प्लान से संबंधित मामलों की समीक्षा करेंगे।
डीजीएफटी ने व्यापार करने में सरलता को बढ़ावा देने के लिए मुक्त बिक्री और वाणिज्य प्रमाणपत्रों के स्वचालित निर्गमन को सक्षम बनाया
नई दिल्ली, 01 सितम्बर, अभीतक: विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने निर्यातकों के लिए व्यापार में सरलता को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से समय-समय पर की गई पहलों के क्रम में अब अपने पोर्टल पर मुक्त बिक्री और वाणिज्य प्रमाणपत्र (एफएससी) स्वचालित रूप से जारी करना शुरू कर दिया है। ये प्रमाणपत्र विदेश व्यापार नीति के अंतर्गत उन वस्तुओं के निर्यातकों को जारी किए जाते हैं जो औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 के अंतर्गत नहीं आती हैं। वर्तमान में ऐसे प्रमाणपत्र डीजीएफटी के क्षेत्रीय प्राधिकरणों (आरए) की ओर से जांच और सत्यापन के बाद जारी किए जाते हैं। अब मौजूदा ढांचे के अनुसार पात्र आवेदनों पर स्वचालित निर्गमन के लिए विचार किया जाएगा, उन्हें संबंधित कर्मियों के पास सूक्ष्म जांच के लिए नहीं भेजा जाएगा। स्वचालित तंत्र से एफएससी आवेदनों की एक महत्वपूर्ण श्रेणी के लिए उनके निपटारे में लगने वाले समय में कमी आने और पूर्ववर्ती कार्यालय संबंधी प्रक्रिया से जुड़े अनुपालन बोझ में कमी आने की उम्मीद है। वहीं, जिन आवेदनों के सत्यापन की आवश्यकता होगी या जो स्वचालित रूप से निपटारे के मापदंडों को पूरा नहीं करते हैं उन्हें संबंधित क्षेत्रीय प्राधिकरण (आरए) के कर्मचारियों के पास इस कार्य के लिए भेजा जा सकता है। कुछ स्वतः स्वीकृत आवेदनों को भी प्रणाली के जोखिम प्रबंधन मापदंडों के अंतर्गत समीक्षा के लिए संबंधित क्षेत्रीय प्राधिकरण को भेजा जा सकता है। इस कदम से अनावश्यक मानव हस्तक्षेप कम होने, प्रक्रिया की पूर्वानुमेयता में सुधार और पात्र निर्यातकों के लिए मुक्त बिक्री एवं वाणिज्य प्रमाणपत्र (एफएससी) को तेजी से जारी किए जाने की उम्मीद है। इसके साथ ही जांच की आवश्यकता वाले आवेदनों के लिए उचित सत्यापन और निगरानी की व्यवस्था भी बनी रहेगी। इस पहल से स्वचालित, नियम-आधारित प्रक्रिया को मजबूत करके और जोखिम-आधारित समीक्षा लागू करके निर्यातकों और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए मुक्त बिक्री एवं वाणिज्य प्रमाणपत्र जारी करना अधिक कुशल, पारदर्शी और पूर्वानुमानयोग्य होने की उम्मीद है।
प्याज की पर्याप्त उपलब्धताः सरकार ने कांदा एक्सप्रेस और सड़क परिवहन के माध्यम से बफर स्टॉक की सुनियोजित और लक्षित आपूर्ति का विस्तार किया
रेलगाड़ियों और सड़क परिवहन के माध्यम से प्रमुख उपभोग केंद्रों तक आपूर्ति के लिए हाइब्रिड परिवहन मॉडल अपनाया गया
बफर स्टॉक को 19 शहरों में भेजा गया है, ढुलाई के लिए कांदा एक्सप्रेस और देश भर में 30 से अधिक ट्रक तैनात किए गए हैं
प्रत्यक्ष भुगतान द्वारा किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया गया है
एनसीसीएफ, एनएएफईडी, केंद्रीय भंडार के खुदरा विक्रय केंद्र और मोबाइल वैन के माध्यम से प्याज 35 प्रति रुपए किलो की दर से उपलब्ध है
नई दिल्ली, 01 सितम्बर, अभीतक: सरकार ने प्रमुख उपभोग केंद्रों तक प्याज के बफर स्टॉक की सुनियोजित आपूर्ति शुरू कर दी है। इसके लिए रेलगाड़ियों (कांदा एक्सप्रेस) और सड़क परिवहन का हाइब्रिड मॉडल अपनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्याज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना और मौसमी मूल्य दबावों को कम करना है। मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) के तहत रखे गए प्याज के बफर स्टॉक की आपूर्ति 24 अगस्त 2026 से भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (नेफेड) और भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (एनसीसीएफ) के माध्यम से शुरू हुई। इस पहल के तहत, नासिक से कांदा एक्सप्रेस की दो खेपें भेजी गई हैं। 450 मीट्रिक टन प्याज पहली खेप 27 अगस्त 2026 को देर रात दिल्ली पहुंची। इसमें से 140 मीट्रिक टन प्याज वाराणसी, लखनऊ, चंडीगढ़ और अमृतसर में और बाकी बचा दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वितरित किया गया। 840 मीट्रिक टन प्याज से लदी दूसरी रेलगाड़ी 31 अगस्त 2026 को चेन्नई पहुंची। तमिलनाडु सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से प्रति कार्ड 1 किलो प्याज की आवश्यकता के अनुसार वितरित करने की योजना बनाई है। तमिलनाडु के विभिन्न जिलों में प्रस्तावित जिला-वार क्लस्टरिंग के अनुसार प्याज का वितरण होने की संभावना है।
लगभग 1,000 मीट्रिक टन प्याज सड़क मार्ग से ले जाया जा रहा है
बाजार की मौजूदा स्थितियों और मूल्य रुझानों के आधार पर, उपलब्धता में सुधार लाने और मौसमी मूल्य दबावों को कम करने के उद्देश्य से, लगभग 1,000 मीट्रिक टन प्याज को सड़क मार्ग से प्रमुख उपभोग केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है। व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 19 शहरों में खुदरा बिक्री का विस्तार किया गया है जिसमें ढुलाई के लिए 30 से अधिक ट्रक तैनात किए गए हैं। इन शहरों में दिल्ली, जयपुर, जम्मू, देहरादून, शिमला, अमृतसर, चंडीगढ़, कोलकाता, गुवाहाटी, लखनऊ , वाराणसी, पटना , भोजपुर (बिहार), शरीफ (बिहार), भुवनेश्वर, चेन्नई, मदुरै, त्रिशूर और कोच्चि शामिल हैं। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा ने लखनऊ में भी इस खुदरा पहल का शुभारंभ किया है ।
खुदरा प्याज 35 रुपये प्रति किलो के भाव से उपलब्ध है
एनसीसीएफ, एनएएफईडी, केंद्रीय भंडार के आउटलेट्स और मोबाइल वैन के माध्यम से प्याज की खुदरा बिक्री 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से जारी है, जिससे उपभोक्ताओं को किफायती दामों पर प्याज उपलब्ध हो रहा है। अब तक लगभग 669 मीट्रिक टन प्याज की बिक्री हो चुकी है, जिसमें से 223 मीट्रिक टन ई-एनएएम पोर्टल और इसी तरह के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से मौजूदा मंडी कीमतों पर थोक चैनलों द्वारा और 446 मीट्रिक टन खुदरा केंद्रों द्वारा देशभर में बेची गई है।
बढ़ी हुई उपलब्धता कीमतों को नियंत्रित करने में सहायक है
वाराणसी, अमृतसर, दिल्ली और आसपास के बाजारों में बफर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति शुरू होने से बाजार में उपलब्धता बढ़ी है और कीमतों में कमी आई है। बिक्री शुरू होने के अगले दिन से ही कीमतों में गिरावट देखी गई है, और आपूर्ति बढ़ने से कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद है।
किसानों को समय पर भुगतान
लगभग 3,400 किसानों को सीधे 210 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है , जिससे समय पर भुगतान सुनिश्चित हुआ है। सरकार प्याज किसानों को समर्थन देने के साथ-साथ उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त और किफायती उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने रेलगाड़ियों के माध्यम से बड़ी मात्रा में प्याज के परिवहन और आपूर्ति के दौरान मजबूत सुरक्षा उपाय भी लागू किए हैं।
सरकार ने 15 सितंबर से चीनी व्यापारियों के लिए चीनी स्टॉक रखने की सीमा घटाकर 2,000 क्विंटल कर दी है
नई स्टॉक सीमा का उद्देश्य जमाखोरी तथा सट्टेबाजी पर अंकुश लगाना और चीनी की पर्याप्त उपलब्धता तथा कीमतों में स्थिरता सुनिश्चित करके उपभोक्ता हितों की रक्षा करना है
नई दिल्ली, 01 सितम्बर, अभीतक: केंद्र सरकार ने घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और जमाखोरी तथा सट्टेबाजी को रोकने के लिए चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक रखने की सीमा 4,000 क्विंटल से घटाकर 2,000 क्विंटल कर दी है। यह निर्णय 15 सितंबर, 2026 से 30 नवंबर, 2026 तक प्रभावी रहेगा। वर्तमान में, देश भर के चीनी व्यापारियों पर 1 अगस्त, 2026 से 4,000 क्विंटल की स्टॉक रखने की सीमा लागू है। सरकार ने अब इस सीमा को घटाकर 2,000 क्विंटल करने का निर्णय लिया है। संशोधित प्रावधानों के तहत, 15 सितंबर, 2026 से प्रभावी, एक चीनी व्यापारी को निम्नलिखित कार्य करने होंगे। किसी भी स्टॉक को उसकी प्राप्ति की तारीख से 30 दिनों से अधिक समय तक अपने पास न रखें। देश भर में किसी भी स्थान पर, किसी भी समय, 2,000 क्विंटल से अधिक चीनी का भंडार न रखें। हालांकि, क्षेत्र की विशिष्ट बाजार जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, कोलकाता और इसके विस्तारित महानगरीय क्षेत्रों के लिए स्टॉक रखने की सीमा 4,000 क्विंटल ही रहेगी। कोलकाता क्षेत्र उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से चीनी प्राप्त करता है और पूर्वोत्तर क्षेत्र सहित देश के पूर्वी भाग को इसकी आपूर्ति करता है। इसलिए, कोलकाता और इसके आसपास के महानगरीय क्षेत्रों के लिए 4,000 क्विंटल की मौजूदा सीमा को बरकरार रखा गया है। इस उपाय का उद्देश्य जमाखोरी पर और अंकुश लगाना, सट्टेबाजी को हतोत्साहित करना और चीनी के अत्यधिक भंडार के संचय को रोकना है। इससे आपूर्ति श्रृंखला में चीनी की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित होगी और उपभोक्ताओं को उचित कीमतों पर चीनी की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
गहन निगरानी और भौतिक सत्यापन
सरकार ने देश भर में चीनी मिलों, डीलरों और व्यापारियों सहित चीनी भंडारों की गहन निगरानी और भौतिक सत्यापन किया है। इस प्रक्रिया से अतिरिक्त भंडार रखने, जानकारी छिपाने और चीनी भंडारों की आवाजाही तथा बिक्री में अनियमितताओं के मामलों की पहचान करने में मदद मिली है। इन उपायों और बाजार में चीनी उपलब्धता में सुधार के परिणामस्वरूप, हाल के दिनों में मिल से सीधे चीनी की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट आई है। खुदरा कीमतों में भी गिरावट का रुझान दिखना शुरू हो गया है और उम्मीद है कि ये गिरावट मिल से सीधे चीनी की कीमतों में आई गिरावट का अनुसरण करेंगी।
नियमित स्टॉक घोषणा और निरंतर निगरानी
सरकार चीनी बाजार में हो रहे घटनाक्रमों पर कड़ी नजर रख रही है और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से चीनी भंडार की नियमित घोषणा और अद्यतन करने की व्यवस्था भी स्थापित की है। आने वाले हफ्तों में देश भर में चीनी मिलों, डीलरों और व्यापारियों सहित चीनी भंडार का भौतिक सत्यापन जारी रहेगा। सरकार उपभोक्ताओं को आश्वस्त करती है कि वह घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता, व्यवस्थित आपूर्ति और मूल्य स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि वास्तविक व्यापार और वितरण गतिविधियां बिना किसी बाधा के जारी रहें।
