




9 अक्टूबर को हर मतदान केंद्र पर लगेंगे विशेष शिविर, नोटिस का होगा समयबद्ध निपटान: मंडलायुक्त मोनिका मलिक
रोहत्क की मंडलायुक्त ने बादली व बहादुरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्रों का किया निरीक्षण’
झज्जर, 08 अक्तूबर, अभीतक: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) -2026 के तहत वोटर्स से जुड़े नोटिस के निपटान के लिए 9 अक्टूबर तक प्रत्येक मतदान केंद्र पर विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। रोहतक मंडलायुक्त मोनिका मलिक ने गुरुवार को बादली और बहादुरगढ़ विधानसभा क्षेत्रों के सोलधा मतदान केंद्र का निरीक्षण कर विशेष शिविरों की व्यवस्थाओं और कार्य प्रगति का जायजा लिया। मंडलायुक्त ने गांव सोलधा स्थित मतदान केंद्रों पर पहुंचकर बीएलओ द्वारा किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विशेष शिविर का उद्देश्य नोटिस का समयबद्ध एवं नियमानुसार निपटान सुनिश्चित करना है, इसलिए सभी बीएलओ पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। निरीक्षण के दौरान एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच और एसडीएम बादली विशाल कुमार ने एसआईआर कार्यों की जानकारी दी।
बीएलओ घर-घर जाकर भी प्राप्त करें जरूरी दस्तावेज’
रोहतक की मंडल आयुक्त मोनिका मलिक ने कहा कि जिन बीएलओ के पास नोटिस का निपटान लंबित है, वे केवल शिविरों तक सीमित न रहें, बल्कि आवश्यकता के अनुसार घर-घर जाकर मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करें और लंबित नोटिसों का नियमानुसार निपटान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र मतदाता को अनावश्यक परेशानी न हो और निर्धारित प्रक्रिया के तहत दस्तावेज प्राप्त कर समय पर कार्रवाई पूरी की जाए।
सभी ईआरओ-एईआरओ करें विशेष शिविरों की निगरानी’
मंडलायुक्त ने कहा कि 9 अक्टूबर तक चलने वाले विशेष शिविरों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। संबंधित निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (ईआरओ) और सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (एईआरओ) अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में मतदान केंद्रों पर आयोजित शिविरों का नियमित निरीक्षण करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक बीएलओ को सौंपे गए दायित्वों का पूरी निष्ठा, गंभीरता और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निर्वहन किया जा रहा है। उन्होंने निर्वाचन कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग की हिदायतों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सभी बीएलओ मतदान केंद्रों पर रहेंगे उपस्थित
मंडल आयुक्त मोनिका मलिक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विशेष शिविरों के दौरान सभी संबंधित बीएलओ की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। निर्धारित तिथि और स्थान पर कोई बीएलओ अनुपस्थित पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भारत निर्वाचन आयोग की हिदायतों के अनुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी ईआरओ को निर्देश दिए कि वे अपने अधीन कार्यरत अधिकारियों और बीएलओ को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए लंबित नोटिस के निपटान की प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा में पूरा करवाएं। मंडलायुक्त ने कहा कि एसआईआर-2026 का कार्य पारदर्शिता, गंभीरता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाना चाहिए, ताकि मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि जिन्होंने अभी तक दस्तावेज जमा नहीं कराए हैं,ऐसे मतदाता इस विशेष शिविर का लाभ उठाते हुए अपने दस्तावेज बीएलओ को जमा कराएं। ताकि योग्य वोटरों के नाम 6 नवम्बर को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल हो सकें।


एसआईआर 2026: मतदाताओं से प्राप्त दावे आपत्तियों को तत्काल निपटाएं अधिकारी – मंडलायुक्त
वोटरों की सुविधा के लिए आयोग ने किए महत्वपूर्ण प्रावधान – मोनिका मलिक
एसआईआर अभियान की समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त मोनिका मलिक ने दिए अधिकारियों को निर्देश
झज्जर, 08 अक्तूबर, अभीतक:भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर-2026) के तहत मतदाताओं की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। सभी निर्वाचक पंजीयन अधिकारी आयोग के निर्देशों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करें। यह निर्देश रोहतक मंडलायुक्त मोनिका मलिक ने गुरुवार को झज्जर लघु सचिवालय में एसआईआर अभियान की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। इससे पहले डीसी वर्षा खांगवाल ने मंडलायुक्त का स्वागत करते हुए जिला में चल रहे एसआईआर कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। रोहतक मंडलायुक्त ने कहा कि मतदाताओं से प्राप्त दावे एवं आपत्तियों का तत्काल निपटान के लिए 9 अक्टूबर तक विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने विशेष अभियान के तहत शिविरों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान करने के निर्देश दिए।
घर-घर जाकर दस्तावेज एकत्र करेंगे बीएलओ
मंडल आयुक्त मोनिका मलिक ने कहा कि एसआईआर के दौरान जिन मतदाताओं को अनमैप्ड अथवा लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी के संबंध में नोटिस जारी किए गए हैं, उनके घर जाकर बीएलओ आवश्यक दस्तावेज एकत्र करेंगे और उन्हें ईसीआई नेट पर अपलोड करेंगे। सामान्य परिस्थितियों में ऐसे मतदाताओं को ईआरओध्एईआरओ कार्यालय में सुनवाई के लिए बुलाने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने बताया कि विशेष परिस्थितियों में सुनवाई ऑनलाइन माध्यम से की जा सकेगी। आवश्यकता होने पर मतदाता अपने परिवार के किसी वयस्क सदस्य को अपनी ओर से सुनवाई में शामिल होने के लिए अधिकृत भी कर सकता है।
श्रमिकों व जरूरतमंद मतदाताओं के लिए लगाएं विशेष कैंप
मंडलायुक्त ने सभी ईआरओ को निर्देश दिए कि श्रमिकों, गरीब एवं बेघर व्यक्तियों सहित अन्य जरूरतमंद मतदाताओं की सुविधा के लिए आवश्यकता के अनुसार विशेष कैंप आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि छूटे हुए तथा पहली बार पात्र युवा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष अभियान को प्रभावी ढंग से चलाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को एसआईआर अभियान से संबंधित सभी आवश्यक कार्रवाई निर्धारित समय सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए।
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में एसडीएम झज्जर रवि मीणा, एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच, एसडीएम बादली विशाल कुमार, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, सीटीएम ऋतु, निर्वाचन उप तहसीलदार कुलदीप सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।





महिला प्रकोष्ठ द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन
झज्जर, 08 अक्तूबर, अभीतक: महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) दलवीर सिंह के दिशा-निर्देशन एवं अध्यक्षता में राजकीय महाविद्यालय बिरोहड़ में महिला प्रकोष्ठ द्वारा विद्यार्थियों की रचनात्मकता, अभिव्यक्ति-कौशल एवं महिला जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पोस्टर मेकिंग, स्लोगन राइटिंग, पेंटिंग एवं भाषण (डिक्लेमेशन) प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। भाषण प्रतियोगिता का विषय “डिजिटल युग में महिलाओं की आत्मनिर्भरता और नए अवसर” रहा। विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर अपनी प्रतिभा एवं रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। भाषण प्रतियोगिता में साक्षी (बी.ए. द्वितीय वर्ष) ने प्रथम, जिया (बी.ए. प्रथम वर्ष) ने द्वितीय तथा भारती (बी.ए. द्वितीय वर्ष) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में महक (बी.एससी. द्वितीय वर्ष) प्रथम, निकिता (बी.ए. प्रथम वर्ष) द्वितीय तथा स्वीटी (बी.एससी. द्वितीय वर्ष) तृतीय रहीं। पेंटिंग प्रतियोगिता में अंजलि (एम.ए. प्रथम वर्ष) प्रथम, इंदु (बी.ए. द्वितीय वर्ष) द्वितीय तथा निकिता (बी.ए. प्रथम वर्ष) तृतीय स्थान पर रहीं। स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता में भारती (बी.ए. द्वितीय वर्ष) प्रथम, सोविहा (बी.ए. द्वितीय वर्ष) द्वितीय तथा सोनिया (बी.ए. द्वितीय वर्ष) तृतीय स्थान पर रहीं। प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में डॉ. नरेंद्र सिंह, डॉ. वीरेंद्र सिंह एवं मंजू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए प्रतिभागियों के प्रदर्शन का निष्पक्ष मूल्यांकन किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में महिला प्रकोष्ठ की इंचार्ज डॉ. रश्मि, डॉ. रीना, नीतू देवी, अंजना एवं मंजू सहित पूरी महिला प्रकोष्ठ टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में डॉ. सुरेंद्र सिंह, प्रशासनिक प्रभारी का मार्गदर्शन एवं सहयोग भी प्राप्त हुआ। प्राचार्य प्रो. (डॉ.) दलवीर सिंह ने सभी विजेता एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
हांसी : जींद रोड पर पुलिस ने पकड़ी बड़ी रकम
पुलिस की नाकाबंदी के दौरान कार से निकले, बैगों में 1.56 करोड़ कैश
जींद रोड पर पुलिस ने कार रोकी तो नहीं मिला रकम का हिसाब
कार में 1.56 करोड़ कैश लेकर घूम रहे थे तीन लोग,
पुलिस तीनों लोगों से कर रही है पूछताछ
आयकर विभाग करेगा जांच

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ी खुमार में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित: सीजेएम विशाल
कर्मजीत छिल्लर ने विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट एवं नशा मुक्ति के प्रति किया जागरूक’
झज्जर, 08 अक्तूबर, अभीतक: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला व सत्र न्यायाधीश राजकुमार यादव के मार्गदर्शन व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सचिव एवं सीजेएम विशाल के आदेशनुसार आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, खेड़ी खुमार (झज्जर) में एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया और विद्यार्थियों को कानून व सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर जागरूक किया।
पोक्सो एक्ट व बाल अधिकाररू पैरा लीगल वॉलंटियर कर्मजीत छिल्लर ने विद्यार्थियों को पोक्सो एक्ट के प्रावधानों के बारे में सरल और सुलभ भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि यह कानून बच्चों को किसी भी तरह के यौन उत्पीड़न व शोषण से सुरक्षा प्रदान करता है। बच्चों को अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क करते हुए ’श्गुड टचश् और बैड टच के अंतर को विस्तार से समझाया गया। छिल्लर ने बच्चों को प्रेरित किया कि यदि कोई भी व्यक्ति उनके साथ अनुचित व्यवहार करे, तो वे बिना डरे तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों या पुलिस को सूचित करें। युवाओं को नशे की बढ़ती लत और इसके भयानक दुष्प्रभावों के बारे में चेतावनी दी गई। उन्होंने विद्यार्थियों से नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा अपनी ऊर्जा को शिक्षा, खेलकूद और रचनात्मक कार्यों में लगाने का आह्वान किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को नशा मुक्ति तथा बाल विवाह निषेध की शपथ भी दिलाई गई। किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति, बाल श्रम, उत्पीड़न या सहायता की आवश्यकता पड़ने पर बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर हेल्पलाइन (01251-252013) व राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण का टॉल फ्री नंबर 15100 का उपयोग करने की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के समापन पर स्कूल प्रशासन व शिक्षकों ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झज्जर का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य और विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।






गुभाना में लोकहित समिति द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया
झज्जर, 08 अक्तूबर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के तहत गांव गुभाना में लोकहित समिति द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। लोगों के अनमोल जीवन को बचाने का कार्य कर रही लोकहित समिति द्वारा 8 अक्तूबर को एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्घाटन बादली बीडीपीओ सुमित बेनीवाल ने किया। आयोजित शिविर में युवाओं व महिलाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लेते हुए 52 यूनिट रक्त जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए रक्तदान किया। बीडीपीओ सुमित बेनीवाल ने रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया व नशे से दूर रहने का आवाहन किया। समिति अध्यक्ष नरेश कौशिक ने युवाओं को रक्तदान के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि समिति लोगों के अनमोल जीवन को बचाने के लिए समय,समय पर रक्तदान शिविरों का आयोजन करती रहती है रक्तदान महादान है। एक यूनिट रक्त से तीन व्यक्तियों का जीवन बचाया जा सकता है। रक्त किसी मशीन या फैक्ट्री में नहीं बनाया जा सकता। मनुष्य ही रक्तदान करके एक दूसरे का जीवन बचा सकते हैं। रक्तदान के सफल आयोजन में समाजसेविका नीलम शर्मा, मोंटी प्रधान, अमित कुमार गुभाना, मंदिर कमेटी प्रधान सतीश कुमार, खजान सिंह आदि का विशेष सहयोग रहा।


युवा ही बनेंगे विकसित भारत के शिल्पकार: दिनेश शेखावत
गांव कुलाना स्थित राजकीय कॉलेज में‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चेलेंज’कार्यक्रम के तहत कार्यशाला आयोजित
जिला संयोजक दिनेश शेखावत ने विद्यार्थियों को नवाचार और उद्यमिता के लिए किया प्रेरित
झज्जर, 08 अक्तूबर, अभीतक: गांव कुलाना स्थित राजकीय महाविद्यालय में गुरुवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चलेंज’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला संयोजक दिनेश शेखावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए महाविद्यालय से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर जिला संयोजक दिनेश शेखावत ने विद्यार्थियों से अपनी प्रतिभा और तकनीकी ज्ञान का उपयोग समाज से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए करने का आह्वान किया।
नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजक बनें युवा
उन्होंने कहा कि देश की प्रगति केवल डिग्री हासिल करने से नहीं, बल्कि समस्याओं के नए और प्रभावी समाधान तलाशने से होगी। आज के युवा नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजक और आधुनिक समाधानकर्ता बनने की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि गांवों और कस्बों के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल उस प्रतिभा को नवाचार और सही दिशा से जोड़ने की है। उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि, सौर ऊर्जा, जल संरक्षण, पराली एवं कचरा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा सहित ग्रामीण क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को अपने प्रोजेक्ट और नवाचार से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जब कोई युवा किसी सामाजिक समस्या का तकनीक और रचनात्मक सोच के माध्यम से समाधान तलाशता है, तो वहीं से स्टार्टअप और उद्यमिता की नई शुरुआत होती है।
युवाओं के श्रेष्ठ विचारों को मिलेगा प्रोत्साहन
जिला संयोजक दिनेश शेखावत ने विद्यार्थियों को ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चेलेंज’ की रूपरेखा की जानकारी देते हुए बताया कि नवाचारी विचारों को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रोत्साहन और तकनीकी सहयोग के अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने बेहतर आइडिया को आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकृत करवाने और इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को नशे एवं सामाजिक कुरीतियों से दूर रहकर अनुशासित, स्वस्थ और राष्ट्रहित को समर्पित जीवन जीने का संकल्प भी दिलाया। उन्होंने कहा कि नवाचार के साथ चरित्र निर्माण और समाज सेवा की भावना भी युवा जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होनी चाहिए।
सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर युवा बनें उद्यमी
कार्यशाला में जिला उद्योग केंद्र के उद्योग विस्तार अधिकारी मंजीत दहिया ने विद्यार्थियों को स्वरोजगार, स्टार्टअप और उद्यमिता से संबंधित सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, सब्सिडी प्रावधान, क्रेडिट गारंटी योजना तथा इनक्यूबेशन सपोर्ट सहित विभिन्न सुविधाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के रचनात्मक एवं नवाचारी विचारों को धरातल पर उतारने के लिए वित्तीय और तकनीकी सहयोग उपलब्ध करा रही है।
यह गणमान्य व्यक्ति और अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर हरियाणा राष्ट्रीय गौरक्षा वाहिनी गौ सेवा संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज अत्री, हनुमंत सिंह, कृष्ण कुमार, प्रो. नवीन कुमार
सहायक प्रोफेसर सरिता कुमारी, सहायक प्रोफेसर ट्विंकल वर्मा, सहायक प्रोफेसर ज्योति, सहायक प्रोफेसर मीनू डबास, सहायक प्रोफेसर पूनम, सहायक प्रोफेसर पंकज, एक्सटेंशन लेक्चरर नरेश कुमार, उप अधीक्षक यशपाल, राकेश, जूनियर लाइब्रेरियन प्रदीप, तिलू सिंह, सचिन सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, गैर-शिक्षक कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।



राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार का झज्जर दौरा आज
झज्जर, 08 अक्तूबर, अभीतक: राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार शुक्रवार 9 अक्टूबर को जिला झज्जर के दौरे पर रहेंगी। यह जानकारी सरकारी प्रवक्ता ने गुरुवार को यहां दी। प्रवक्ता ने बताया कि महिला आयोग की उपाध्यक्ष शुक्रवार को सुबह 10 बजे संस्कारम यूनिवर्सिटी झज्जर और इसके उपरांत 12 बजे गुरुग्राम मार्ग स्थित एक्सएलआरआई यूनिवर्सिटी झज्जर का दौरा करेंगी।

अंत्योदय की भावना के साथ जनसेवा को प्राथमिकता दे रही सरकार: डीसी
जिला स्तरीय समाधान शिविर में डीसी वर्षा खांगवाल ने सुनीं लोगों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
झज्जर, 08 अक्तूबर, अभीतक: आमजन की समस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी सजगता व गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है। जिला व उपमंडल स्तर पर आयोजित किए जा रहे समाधान शिविर नागरिकों की समस्याओं के निवारण के लिए प्रभावी मंच साबित हो रहे हैं। यह बात डीसी वर्षा खांगवाल ने गुरुवार को लघु सचिवालय सभागार में आयोजित समाधान शिविर में जनसुनवाई के दौरान कही। उन्होंने शिविर में पहुंचे नागरिकों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें अधिकारी: डीसी
डीसी ने कहा कि प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को आयोजित होने वाले समाधान शिविरों का उद्देश्य नागरिकों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरल और प्रभावी माध्यम उपलब्ध करवाना है। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर उपस्थित रहते हैं, जिससे नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार अंत्योदय की भावना के साथ जनसेवा को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री की सोच के अनुरूप प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक नागरिक की समस्या को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना जाए तथा उसका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।
लंबित शिकायतों के समाधान में तेजी लाने के दिए निर्देश
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा समाधान शिविरों में प्राप्त शिकायतों की लगातार निगरानी की जा रही है। अब तक प्राप्त अधिकांश शिकायतों का समाधान किया जा चुका है, जबकि लंबित शिकायतों के निपटारे के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों को केवल दर्ज करने तक सीमित न रखें, बल्कि उनके समाधान की प्रक्रिया पर भी नियमित नजर रखें। उन्होंने कहा कि नागरिकों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करें।
परिवार पहचान पत्र, राशन कार्ड और पेंशन से जुड़े मामले पहुंचे
समाधान शिविर में नागरिक परिवार पहचान पत्र, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित समस्याएं लेकर पहुंचे। इसके अलावा पुलिस विभाग से जुड़े मामलों को भी नागरिकों ने अधिकारियों के समक्ष रखा। डीसी ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक मामले की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कई मामलों में मौके पर ही आवश्यक समाधान सुनिश्चित किया गया। डीसी ने कहा कि समाधान शिविरों का उद्देश्य केवल शिकायतों को सुनना नहीं, बल्कि नागरिकों को प्रभावी समाधान उपलब्ध करवाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए निर्धारित समय में कार्रवाई पूरी करें।
यह अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति रहे मौजूद
इस अवसर पर एसडीएम रवि मीणा, एसडीएम बादली विशाल, जिला परिषद के सीईओ मनीष फोगाट, सीटीएम ऋतु, डीडीपीओ निशा तंवर,प्रॉमिनेंट पर्सन सुरेंद्र शर्मा व चुन्नी लाल सैनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।




हॉटस्पॉट क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखकर वायु प्रदूषण पर लगाएं प्रभावी रोक: डीसी
औद्योगिक प्रदूषण, सड़क की धूल, वाहनों के उत्सर्जन, कचरा व पराली जलाने पर नियंत्रण के लिए विभाग तैयार करें विशेष कार्ययोजना
झज्जर, 08 अक्तूबर, अभीतक: एनसीआर क्षेत्र में शामिल झज्जर जिले में संशोधित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के प्रभावी क्रियान्वयन और वायु प्रदूषण की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन ने निगरानी एवं प्रवर्तन व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से विशेष कार्ययोजना तैयार कर उसे प्रभावी ढंग से लागू करें। प्रदूषण नियंत्रण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि संशोधित ग्रेप के प्रावधानों की जिला में प्रभावी ढंग से पालना सुनिश्चित की जाए। चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखते हुए प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने औद्योगिक इकाइयों से होने वाले प्रदूषण, डीजल जनरेटर सेट, सड़क की धूल, वाहनों के उत्सर्जन, खुले में कचरा जलाने, अवैध डंपिंग, धान की पराली एवं फसल अवशेष जलाने तथा निर्माण एवं सीएंडडी गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए।
सड़क की धूल और वाहनों के प्रदूषण पर रहे विशेष फोकस
डीसी ने सड़क की धूल को नियंत्रित करने के लिए मैकेनिकल एवं वैक्यूम स्वीपिंग के साथ आवश्यकतानुसार पानी के छिड़काव की व्यवस्था प्रभावी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों एवं अन्य गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया।
अवैध आरएमसी व एचएमपी इकाइयों पर कार्रवाई के निर्देश
औद्योगिक इकाइयों के निरीक्षण की समीक्षा करते हुए डीसी ने पर्यावरणीय मानकों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध आरएमसी एवं एचएमपी इकाइयों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने तथा अवैध अथवा बंद इकाइयों के बिजली कनेक्शन काटने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। खुले स्थानों पर औद्योगिक, ठोस एवं निर्माण अपशिष्ट की अवैध डंपिंग को रोकने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
पराली जलाने की घटनाओं पर रोक को लेकर फील्ड निगरानी बढ़ाएं
डीसी ने धान की पराली एवं फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए फील्ड स्तर पर निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी एवं कस्टम हायरिंग सेंटरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।
बहादुरगढ़ के चिन्हित गांवों में विशेष निगरानी
डीसी ने बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव परनाला, बामनोली, लडरावन, कसार, मुकुंदपुर, खैरपुर, कानोंदा और गुभाना सहित चिन्हित क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण गतिविधियों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने खाली प्लॉटों, सड़कों के किनारे और खुले स्थानों पर पड़े कचरे एवं निर्माण अपशिष्ट को हटाने की कार्रवाई की भी समीक्षा की।
आम जनभागीदारी से ही प्रभावी होगा प्रदूषण नियंत्रण
डीसी वर्षा खांगवाल ने ग्रेप के प्रावधानों, पराली व कचरा जलाने से होने वाले नुकसान, सड़क की धूल नियंत्रण, पीयूसी की आवश्यकता तथा प्रदूषण संबंधी शिकायत दर्ज कराने के माध्यमों को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों की भागीदारी के बिना वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं है। प्राप्त शिकायतों पर भी त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सेवा संकल्प अभियान के तहत गांव पाटोदा में आज लगेगा सेवा सेतु कैंप
जिला परिषद के सीईओ मनीष फोगाट ने दी जानकारी
झज्जर, 08 अक्तूबर, अभीतक: जिलाभर में सेवा संकल्प अभियान के तहत आमजन को सरकार की योजनाओं का लाभ उनके नजदीक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में सेवा सेतु कैम्प लगाए जा रहे हैं। डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में लग रहे सेवा सेतु कैम्प में लोग सरकार की योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। जिला परिषद के सीईओ मनीष फोगाट ने जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार 9 अक्टूबर को गांव पाटोदा, 10 अक्टूबर को गांव बिरोहड़, 12 अक्टूबर को माछरौली ब्लॉक मुख्यालय व गांव ढाकला, 13 अक्टूबर को गांव खुड्डन, 14 अक्टूबर को साल्हावास ब्लॉक मुख्यालय तथा 15 अक्टूबर को गांव भुरावास में सेवा सेतु कैंप आयोजित किए जाएंगे।



सेवा संकल्प अभियान के तहत गुभाना में लगा सेवा सेतु कैंप
मुख्य अतिथि अमित गुभाना और बीडीपीओ सुमित बेनीवाल ने किया कैंप का अवलोकन,
विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर दी योजनाओं व सेवाओं की जानकारी
बादली, 08 अक्तूबर, अभीतक: जिलाभर में डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत गुरुवार को गांव गुभाना में सेवा सेतु कैंप का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अमित गुभाना और बीडीपीओ सुमित बेनीवाल ने कैंप का अवलोकन कर विभागीय स्टॉलों पर योजनाओं की जानकारी ली। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ग्रामीणों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, सरकारी सेवाओं, पात्रता मानदंड, आवेदन प्रक्रिया तथा योजनाओं से मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
एक ही स्थान पर मिली योजनाओं की जानकारी और मार्गदर्शन
मुख्य अतिथि अमित गुभाना ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित किए जा रहे सेवा सेतु कैंप का उद्देश्य सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं को आमजन के घर-द्वार के नजदीक पहुंचाना है। ऐसे कैंपों से नागरिकों को विभिन्न विभागों के कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलती है और एक ही स्थान पर आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन उपलब्ध होता है। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि प्रशासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सेवा सेतु कैंपों में पहुंचकर सरकार की योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी लें और अपनी पात्रता के अनुसार जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।
स्वास्थ्य जांच के साथ स्वस्थ जीवन शैली का दिया संदेश
कैंप में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने नागरिकों की स्वास्थ्य जांच करने के साथ उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा आयुष पद्धति से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं परामर्श दिया। इस प्रकार ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी के साथ स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं का भी लाभ मिला। कैंप में ग्रामीणों ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों पर पहुंचकर अपनी आवश्यकताओं के अनुसार योजनाओं और सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पात्र नागरिकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर सरपंच मीनू देवी, मोंटी प्रधान, सचिव कुलदीप सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।




मारपीट कर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार, एक दिन के पुलिस रिमांड पर’
आरोपी से वारदात में प्रयुक्त वस्तुओं व घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों के संबंध में पूछताछ जारी’
झज्जर, 08 अक्तूबर, अभीतक: पुलिस उपायुक्त झज्जर धारणा यादव के दिशा-निर्देशन में झज्जर पुलिस द्वारा आपराधिक मामलों में वांछित आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में पुलिस चैकी डीघल की टीम ने मारपीट कर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सन्दीप निवासी भम्भेवा, जिला झज्जर के रूप में हुई है।चैकी प्रभारी डीघल सहायक उप निरीक्षक अश्विंदर सिंह ने बताया कि दिनांक 07 मार्च 2025 को पुलिस को सूचना मिली कि गांव भम्भेवा निवासी सोमबीर गंभीर रूप से घायल अवस्था में च्ळप्डै रोहतक में दाखिल है। इसी दौरान सोमबीर के मौसेरे भाई अमित निवासी भम्भेवा ने पुलिस को लिखित शिकायत देते हुए बताया कि अमित 06 मार्च 2025 की रात करीब 12 बजे बब्लू भम्भेवा उसके घर आया और उसने बताया कि उसके मौसी के लड़के सोमबीर को किसी अज्ञात व्यक्ति ने चोटें मार रखी हैं। सूचना मिलने पर सोमबीर बेहोशी की हालत में खून से लथपथ गली में पड़ा मिला। इसके बाद उसे उपचार के लिए च्ळप्डै रोहतक ले जाया गया। शिकायतकर्ता ने किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा सोमबीर को जान से मारने की नीयत से चोटें मारने की बात कहते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। जिस शिकायत के आधार पर थाना दुजाना में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज करके जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी संजय उर्फ संजू तथा नवीन उर्फ शाका को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ न्यायालय में पेश किया था। वहीं आरोपी सन्दीप अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लंबे समय से फरार चल रहा था। आरोपी के खिलाफ न्यायालय से कई बार गिरफ्तारी वारंट भी जारी करवाए गए।पुलिस चैकी डीघल की टीम ने लगातार प्रयास करते हुए आरोपी सन्दीप को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को आज न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।


गांव खेड़ी खुमार के सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों को नशे, साइबर अपराध व यातायात नियमों के प्रति किया जागरूक’
नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सकारात्मक सोच को बनाएं जीवन का आधार: मुख्य सिपाही सपना’
झज्जर, 08 अक्तूबर, अभीतक: पुलिस उपायुक्त मुख्यालय फैसल खान के दिशा-निर्देशन में झज्जर पुलिस द्वारा विद्यार्थियों को नशे एवं अपराध से दूर रखने तथा साइबर अपराध और यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।इसी कड़ी में नशा मुक्ति टीम झज्जर की मुख्य सिपाही सपना व उनकी टीम ने गांव खेड़ी खुमार स्थित राजकीय विद्यालय में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया। कार्यक्रम में ट्रैफिक यूनिट झज्जर तथा ।क्त् कार्यालय झज्जर से पहुंचे अधिकारियों ने भी विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी।मुख्य सिपाही सपना ने विद्यार्थियों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक नुकसान के बारे में बताते हुए नशे से हमेशा दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपनी ऊर्जा को पढ़ाई, खेलकूद और अन्य सकारात्मक गतिविधियों में लगाएं तथा नशे की बुराई से स्वयं दूर रहते हुए अपने साथियों को भी जागरूक करें। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचाव, ऑनलाइन ठगी के प्रति सावधानी तथा किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 का प्रयोग करने के बारे में जानकारी दी गई। ट्रैफिक यूनिट द्वारा सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को हेलमेट पहनने, वाहन चलाते समय नियमों का पालन करने और सड़क पर जिम्मेदारी से व्यवहार करने के लिए प्रेरित किया गया।।क्त् कार्यालय से पहुंचे अधिकारियों ने भी विद्यार्थियों को आवश्यक जानकारी देते हुए जागरूक किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने, साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और यातायात नियमों का पालन करने का आह्वान किया गया।




झूठे छेड़खानी के केस में फंसाने की धमकी देकर 13 लाख की मांग करने के मामले में, एकनाबालिक सहित तीन आरोपी गिरफ्तार’
3 लाख रुपये लेते रंगे हाथ पकड़े गए, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल कार बरामद’
झज्जर, 08 अक्तूबर, अभीतक: पुलिस उपायुक्त बहादुरगढ़ शुभम सिंह के दिशा-निर्देशन में थाना सेक्टर-6 बहादुरगढ़ पुलिस ने झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर अवैध वसूली करने के मामले में एक नाबालिक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने आरोपी राजेश कुमार निवासी दिल्ली और सुरेंद्र निवासी कलानौर को अदालत में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। मामले में एक नाबालिग को भी पुलिस ने काबू किया है। थाना प्रभारी सेक्टर-6 बहादुरगढ़ उपनिरीक्षक सत्यवीर ने बताया कि बहादुरगढ़ निवासी शिकायतकर्ता ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसने अपने कार्यालय में रिसेप्शन पर कॉलिंग के लिए नौकरी का विज्ञापन दिया था। विज्ञापन के बाद एक युवती नौकरी के लिए कार्यालय पहुंची। इंटरव्यू के बाद युवती वहां से चली गई। इसके कुछ समय बाद युवती ने शिकायतकर्ता पर छेड़खानी के आरोप लगाए।शिकायतकर्ता के अनुसार, बाद में उसके पास फोन कर मामले में समझौता करवाने के नाम पर रुपये की मांग की गई। पहले पांच लाख रुपये देने का दबाव बनाया गया। इसके बाद आरोपी राजेश कुमार झा ने फोन कर 13 लाख रुपये में मामला खत्म करवाने की बात कही। थाना सेक्टर 6 बहादुरगढ़ की पुलिस टीम ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को रुपये लेते समय मौके पर पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी राजेश कुमार झा से 3 लाख रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा बातचीत में इस्तेमाल मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त होंडा सिटी कार भी पुलिस ने कब्जे में ली है।जांच के दौरान सामने आया कि मामले में एक नाबालिग भी शामिल था। उसे नियमानुसार किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया। थाना प्रबंधक ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश में अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है। मामले की जांच जारी है।

208 ग्राम अफीम के साथ आरोपी गिरफ्तार, चार दिन के पुलिस रिमांड पर’
बहादुरगढ़, 08 अक्तूबर, अभीतक: पुलिस उपायुक्त क्राइम शुभम सिंह के दिशा-निर्देशन में अपराध शाखा-प्प् बहादुरगढ़ की टीम ने 208 ग्राम अफीम के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। सीआईए-2 बहादुरगढ़ प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस टीम अपराध की रोकथाम के लिए बहादुरगढ़ बाईपास, नजफगढ़ रोड फ्लाईओवर के नीचे गश्त पर मौजूद थी। इसी दौरान पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि भैरूलाल निवासी गुरला, जिला भीलवाड़ा, राजस्थान अफीम बेचने के लिए नया बस स्टैंड बहादुरगढ़ के मुख्य गेट के पास खड़ा है। सूचना पर पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान पर पहुंचकर एक व्यक्ति को काबू किया। मुखबिर द्वारा बताए हुलिए के आधार पर उसकी पहचान भैरूलाल खटीक के रूप में हुई। आरोपी को कानूनी अधिकारों से अवगत कराते हुए उसकी तलाशी राजपत्रित अधिकारीध्कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में तलाशी ली गई तो,तलाशी के दौरान आरोपी से 208 ग्राम अफीम बरामद हुई। बरामद अफीम को नियमानुसार कब्जे में लेकर थाना शहर बहादुरगढ़ में मामला दर्ज किया गया। अफीम के स्रोत का पता लगाने के लिए पुलिस टीम ने आरोपी को अदालत बहादुरगढ़ में पेश कर चार दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया है। मामले में आगामी जांच जारी है।





सेवा संकल्प अभियान के तहत Reliance MET City में विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन
झज्जर, 08 अक्तूबर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन एवं कार्यकाल के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत Reliance MET City द्वारा क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक एवं जनहितकारी गतिविधियों का आयोजन किया गया। अभियान के तहत विद्यार्थियों की सहभागिता से पदयात्रा, रक्तदान शिविर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी, जन-जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता की भावना को बढ़ावा देना रहा। अभियान के अंतर्गत GSSS पेलपा स्कूल के लगभग 150 विद्यार्थियों एवं शिक्षण स्टाफ द्वारा गांव में जागरूकता पदयात्रा निकाली गई। विद्यार्थियों ने हाथों में बैनर लेकर विभिन्न जन-जागरूकता संदेशों एवं नारों के माध्यम से सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश ग्रामीणों तक पहुंचाया। पदयात्रा के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। पदयात्रा के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ की भावना के अनुरूप सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की शपथ ली। Reliance MET City के साइट ऑफिस कैंपस, दादरी तोय में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें कर्मचारियों एवं अन्य प्रतिभागियों ने स्वैच्छिक रूप से रक्तदान किया। शिविर के दौरान कुल 101 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। रक्त संग्रहण एवं चिकित्सा सेवाएं Mission Janjagriti, South-West Delhi की टीम द्वारा प्रदान की गईं। रक्तदान शिविर में डॉ. विशाल, गोविंद, सरिता सैनी, पूर्ण सिंह, प्रभात, आरती, लक्ष्मी, मीनाक्षी, प्रदीप, सुरेंद्र एवं बिजेंद्र सहित डपेेपवद श्रंदरंहतपजप की टीम ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। Reliance MET City की ओर से कर्नल रोमेल राज्याण, लोकेश कापसे, नीलम, अक्षय धनखड़, राजकंवर, संजय, चंचल एवं देव सहित टीम के सदस्यों ने शिविर के आयोजन एवं संचालन में सक्रिय सहयोग दिया। शिविर के माध्यम से रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में योगदान दिया गया। कार्यक्रम में स्वैच्छिक रक्तदान को सामाजिक सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए अधिक से अधिक लोगों को इस प्रकार की जनहितकारी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। सेवा संकल्प अभियान’ के तहत याकूबपुर में स्वच्छता अभियान भी आयोजित किया गया। अभियान के दौरान संबंधित क्षेत्रों में स्वच्छता गतिविधियां संचालित की गईं तथा ग्रामीणों को साफ-सफाई बनाए रखने और स्वच्छ वातावरण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। अभियान का उद्देश्य केवल सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता तक सीमित न रहकर ग्रामीण समुदाय में स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए जागरूकता एवं सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना रहा। त्मसपंदबम डम्ज् ब्पजल द्वारा आयोजित इन गतिविधियों में विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों, चिकित्सा टीम तथा स्थानीय समुदाय की सहभागिता ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ को सामुदायिक स्तर पर प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन कार्यक्रमों के माध्यम से सेवा, रक्तदान, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया गया।
झज्जर: झज्जर मंडी में भूख हड़ताल पर बैठे हरेंद्र सिलाना के आंदोलन का सातवां दिन
जारी रही भूख हड़ताल, स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंची डॉक्टरों की टीम
भूख हड़ताल की वजह से 8 किलो कम हुआ हरेंद्र सिलाना का वजन
मंडी के पूर्व प्रधान हरेंद्र सिलाना बोले, जब तक है शरीर में दम किसानों के अधिकारों की लड़ता रहूंगा लड़ाई
मार्केट कमेटी सचिव कुलदीप जाखड़ पर एक बार फिर लगाया धमकी देने का आरोप
कहा: सचिव द्वारा बार-बार दी जा रही है धमकी, हरेंद्र सिलाना की दुकान से संबंधित किसी भी किसान का नहीं कटेगा गेट पास
हरेंद्र सिलाना ने की, मार्केट कमेटी सचिव जाखड़ का मेवात की तरफ ट्रांसफर करने की मांग
ई – खरीद पोर्टल और बाजरे की खरीद शुरू न होने से एक बार फिर दुःखी दिखाई दिए हरेंद्र सिलाना



नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ साथ शरीर की देखभाल जरूरी: कप्तान सिंह बिरधाना’
सेवा मेरा योगदान के तहत छुछकवास पीएचसी में स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित’
स्वास्थ्य कैम्प में 500 से ज्यादा लोगों की हुई स्वास्थ्य जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दिया स्वास्थ्य परामर्श’
झज्जर, 08 अक्तूबर, अभीतक: जिलाभर में 17 अक्टूबर तक डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा मेरा योगदान’ थीम पर स्वास्थ्य केंद्र छुछकवास में स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 500 से ज्यादा नागरिकों के स्वास्थ्य की जांच की गई तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श एवं उपचार संबंधी जानकारी दी। शिविर का शुभारंभ जिला परिषद के चेयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना ने किया। उप सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और शिविर के उद्देश्य की जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्य अतिथि कप्तान सिंह बिरधाना ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच और बीमारियों के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है। सरकार की ओर से आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ स्वास्थ्य जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित यह मेगा स्वास्थ्य जांच शिविर लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का सराहनीय प्रयास है। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों की जांच की। फिजिशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ सहित विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया। इस बीच स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं, उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के बारे में भी जानकारी दी गई। शिविर में एचआईवी, एड्स से बचाव, लक्षणों एवं रोकथाम के उपायों के प्रति जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया गया। इसके माध्यम से लोगों को एचआईवी एड्स से संबंधित भ्रांतियों से बचने तथा सही जानकारी अपनाने का संदेश दिया गया।
यह रहे मौजूद
इस अवसर पर डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप सिंह, एसएमओ डॉ. शिल्पा मेहता, चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रिया सुहाग, डॉ. प्रियंका मनचंदा, महाबीर, सरपंच छुछकवास सहित पीएचसी के समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित थे।




अफसरों की खान के नाम से प्रसिद्ध गाँव बिसहान
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान को विकसित करने, रनिंग ट्रैक, ओपन जिम व फ्लड लाइट्स की व्यवस्था कराने बारे सामूहिक मांग: राकेश सुहाग बिसहान’
बेरी, 08 अक्तूबर, अभीतक: राष्ट्रीय विकास संगठन प्रदेश मंत्री हरियाणा राकेश सुहाग बिसहान ने कहा हम सभी निवासी गाँव बिसहान (जिला झज्जर) के वासी, युवा एवं विद्यालय प्रशासन मिडिया के माध्यम से आपका ध्यान एक बेहद गंभीर और उपेक्षित विषय की ओर आकर्षित करना चाहते हैं। हमारा गाँव बिसहान देश सेवा में हमेशा अग्रणी रहा है। यह गाँव देश के पूर्व सेना अध्यक्ष जनरल दलबीर सिंह सुहाग (च्टैडए न्ल्ैडए ।टैडए टैड) का पैतृक गाँव है। बिसहान को पूरे क्षेत्र में ष्अफसरों की खान कहा जाता है क्योंकि यहाँ के हर घर से एक फौजी सीमा पर देश की रक्षा कर रहा है। राकेश सुहाग बिसहान ने कहा इतने गौरवशाली इतिहास और देशभक्ति के जज्बे के बावजूद, यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रशासन द्वारा इस वीर भूमि के बच्चों और युवाओं के लिए खेल सुविधाओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। वर्तमान में हमारे राजकीय विद्यालय (सरकारी स्कूल) के परिसर में खेल का काफी बड़ा मैदान (ग्राउंड) तो उपलब्ध है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर यहाँ शून्य व्यवस्था है। इस बदहाली के कारण गाँव के युवाओं को निम्नलिखित गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
पक्की सड़कों पर दौड़ने की मजबूरी
देश सेवा के जज्बे से भरे हमारे गाँव के सैकड़ों युवा सेना, पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्सेज की तैयारी करते हैं। दौड़ने के लिए एक अदद सिक्स-लेन रनिंग ट्रैक न होने के कारण उन्हें पक्की सड़कों पर दौड़ना पड़ता है, जिससे हमेशा हादसों का खतरा बना रहता है और युवाओं के पैरों में चोटें लग रही हैं।
अंधेरे की समस्या और फ्लड लाइट्स की मांग
सेना भर्ती की तैयारी करने वाले युवा अक्सर सुबह तड़के (4 बजे) या देर शाम को अभ्यास करते हैं। मैदान में हाई-मास्ट फ्लड लाइट्स (थ्सववकसपहीजेध्भ्पही डंेज स्पहीजे) न होने के कारण चारों तरफ घाना अंधेरा रहता है, जिससे जहरीले जीव-जंतुओं का डर रहता है और युवा समय पर अभ्यास नहीं कर पाते।
खेल इंफ्रास्ट्रक्चर व ओपन जिम की कमी
ग्राउंड बड़ा होने के बावजूद समतल नहीं है और झाड़ियों से घिरा है। यहाँ युवाओं के शारीरिक विकास के लिए एक आधुनिक ओपन जिम (व्चमद ळलउ) तथा वॉलीबॉल, कबड्डी व फुटबॉल के लिए निश्चित स्पोर्ट्स कोर्ट्स की सख्त जरूरत है।
खेल सामग्री का अभाव
विद्यालय के पीटीआई शिक्षक के मार्गदर्शन में बच्चे अभ्यास करना चाहते हैं, लेकिन बुनियादी खेल सामग्री (स्पोर्ट्स किट व इक्विपमेंट) उपलब्ध नहीं है। राकेश सुहाग बिसहान ने कहा जिस गाँव ने देश को सेना अध्यक्ष और सैकड़ों जांबाज अफसर दिए हों, वहाँ के बच्चों का खेल सुविधाओं के लिए तरसना चिंताजनक है। यदि इस बड़े ग्राउंड को खेल विभाग के सहयोग से आधुनिक रूप से विकसित कर दिया जाए, तो यहाँ से भविष्य में और भी कई देश रक्षक और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार होंगे। अतः आपसे अत्यंत विनम्र एवं पुरजोर प्रार्थना है कि गाँव बिसहान के इस ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए, सरकारी स्कूल के इस खेल ग्राउंड का जीर्णोद्धार कराने, रनिंग ट्रैक, ओपन जिम व फ्लड लाइट्स की व्यवस्था करने के लिए उपायुक्त झज्जर संबंधित अधिकारियों को आपातकालीन निर्देश जारी करने की कृपा करें।
यमुनानगर में धान के उठान में देरी को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। गुरुवार को किसानों ने जगाधरी मार्केट कमेटी कार्यालय पर ताला जड़ दिया। इस दौरान मार्केट कमेटी अध्यक्ष समेत अधिकारी कार्यालय के अंदर ही बंद हो गए। सूचना मिलते ही एसडीएम विश्वनाथ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत कर ताला खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन किसान धान के उठान में तेजी लाने की मांग पर अड़े रहे।
चुनाव आयोग और एसआईआर को लेकर जारी विवाद के बीच 42 पूर्व जजों ने सीईसी ज्ञानेश कुमार का समर्थन किया है। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं पर बिना सबूत आरोप लगाने से बचने की अपील की। पूर्व जजों ने एक लेटर पर साइन किए हैं। इसमें कहा गया है कि शिकायतें लोकतांत्रिक और कानूनी तरीकों से उठाई जानी चाहिए। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को भी सही बताया है। लेटर में चुनाव आयोग के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों पर जजों ने कहा कि इनके समर्थन में सबूत नहीं दिए गए हैं। बिना सबूत संवैधानिक संस्थाओं पर हमले चुनावी प्रक्रिया में लोगों का भरोसा कमजोर कर सकते हैं।
रोहतक के गढ़ी मोहल्ले में एक महिला की गला घोंटकर हत्या कर दी। सूचना पाकर सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए डेड हाउस भेज दिया और परिजनों की शिकायत पर आरोपी की तलाश शुरू की।
मृतका की पहचान करीब 29 वर्षीय लाली के रूप में हुई। जो अनीश नाम के व्यक्ति के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहती थी। लाली और अनीश के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ, जिसके बाद अनीश ने लाली की गला घोंटकर हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया। सूचना पाकर सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
व्यापारियों के अरबों रुपये एसजीएसटी में अटके, बढ़ रहा ब्याज का बोझ: अशोक बुवानीवाला
जीएसटी क्रेडिट सेट-ऑफ के पेच में फंसी कारोबारियों की पूंजी
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से पहले जीएसटी की जटिलताओं को दूर करे सरकार
सरकार से नियम सरल करने की करी मांग
चंडीगढ़, 08 अक्तूबर, अभीतक: जीएसटी के टैक्स क्रेडिट सेट-ऑफ के जटिल नियमों के कारण देशभर के लाखों व्यापारियों और उद्यमियों की कार्यशील पूंजी फंस गई है। यह गंभीर चिंता का विषय है। राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला ने इस व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताते हुए सरकार से जीएसटी प्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और व्यावहारिक बनाने की मांग की है। अशोक बुवानीवाला ने कहा कि वर्तमान जीएसटी व्यवस्था में आईजीएसटी, सीजीएसटी और एसजीएसटी के सेट-ऑफ की जो प्रक्रिया अपनाई जा रही है, वह कारोबारियों के लिए नकदी संकट पैदा कर रही है। कारोबारियों के खातों में जमा वैध टैक्स क्रेडिट का समय पर समायोजन या रिफंड नहीं हो पा रहा है। जिससे उनकी पूंजी महीनों तक सरकारी खाते में अटकी रहती है। विस्तार से जानकारी देते हुए अशोक बुवानीवाला ने कहा कि मौजूदा नियम कारोबारियों की नकदी प्रवाह पर सीधा असर डाल रहा है। जब कोई कारोबारी दूसरे राज्य से माल खरीदता है, तो उसे खरीद पर आईजीएसटी चुकाना पड़ता है। बाद में जब वही माल वह अपने राज्य में बेचता है, तो वह ग्राहक से सीजीएसटी और एसजीएसटी वसूलता है। उन्होंने कहा कि नियम के अनुसार खरीद पर चुकाए गए आईजीएसटी के क्रेडिट का सेट-ऑफ पहले सीजीएसटी में होता है और सीजीएसटी का कोटा पूरा होने के बाद ही बची हुई राशि का समायोजन एसजीएसटी में किया जाता है। इस क्रम के चलते बड़ी रकम लंबे समय तक एसजीएसटी क्रेडिट के रूप में अटकी रहती है, जबकि कारोबारी को बैंक से कार्यशील पूंजी पर भारी ब्याज चुकाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि देशभर के कारोबारियों के अरबों रुपये इस तरह एसजीएसटी क्रेडिट के रूप में सरकार के पास जमा हैं, लेकिन उसका तत्काल रिफंड या सेट-ऑफ नहीं हो रहा है। इससे छोटे और मध्यम कारोबारियों पर सबसे ज्यादा मार पड़ रही है। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि व्यापारी वर्ग पहले ही पूरी ईमानदारी से समय पर टैक्स का भुगतान कर रहा है, ऐसे में उनके वैध इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) को रोकना न्यायसंगत नहीं है। जीएसटी का मूल उद्देश्य व्यापार को आसान बनाना और कर व्यवस्था में पारदर्शिता लाना था, न कि प्रक्रिया की जटिलताओं में पूंजी को रोकना। अशोक बुवानीवाला ने मांग की कि कारोबारियों के खातों में जमा वैध टैक्स क्रेडिट का समयबद्ध समायोजन अथवा रिफंड सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी कारणवश रिफंड में देरी होती है, तो सरकार को कारोबारी की फंसी हुई पूंजी पर 18 प्रतिशत की दर से ब्याज देने की व्यवस्था करनी चाहिए। यह मांग पूरी तरह से न्यायसंगत है। इस समस्या के समाधान के लिए अशोक बुवानीवाला ने एक व्यावहारिक सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक रूप से सेट-ऑफ की प्रक्रिया में कर राशि को एक समान जीएसटी माना जाना चाहिए। आईजीएसटी, सीजीएसटी, एसजीएसटी में बंटवारे की जटिलता को खत्म कर यदि एकीकृत रूप से सेट-ऑफ की अनुमति दी जाए तो कारोबारियों की पूंजी तुरंत मुक्त होगी और उन पर बैंक ब्याज का अनावश्यक बोझ घटेगा। उन्होंने कहा कि जब सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की बात करती है तो सबसे पहले जीएसटी की इन जटिलताओं को दूर करना जरूरी है। इससे न केवल व्यापारियों का नकदी प्रवाह सुधरेगा, बल्कि व्यापार और उद्योग को भी गति मिलेगी और आखिरकार राजस्व संग्रह में भी वृद्धि होगी।
कांग्रेस पार्टी का जो जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट चल रहा है उसमें कांग्रेस पार्टी के कुछ महान कार्यकर्ता पुलिस वाले को लात से मारते नजर आ रहे हैं शर्म आनी चाहिए अपने आप को बहादुर बताएंगे वह लोग लेकिन कांग्रेस के जो बड़े नेता है अगर वह इस वीडियो को देखते हैं तो इस पर उन्हें कड़ी प्रतिक्रिया देनी चाहिए और शर्म आनी चाहिए उन लोगों को जो पुलिस को लात से मार रहे हैं ऐसे वीडियो की कड़े शब्दों में निंदा करनी चाहिए पार्टी अपने राजनीतिक फायदे और नुकसान के लिए ऐसे प्रोटेस्ट करते रहते हैं और करना चाहिए लेकिन हमारी फोर्स को इस तरह लात मारना निंदनीय है
पंजाब के पूर्व ब्ड बेअंत सिंह की हत्या के मामले में पटियाला जेल में बंद बलवंत सिंह राजोआना की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग पर 28 अक्टूबर को सुनवाई होगी। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इसका विरोध किया है। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि पंजाब में मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए राजोआना की मृत्युदंड की सजा को उम्रकैद में बदलने पर फैसला लेना अनुकूल नहीं होगा। केंद्र के इस रुख के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब वह राजोआना की याचिका पर उसके गुण-दोष के आधार पर सुनवाई करेगा। बता दें कि राजोआना की ओर से दलील दी गई है कि उसकी दया याचिका वर्ष 2012 से राष्ट्रपति के पास लंबित है।
झज्जर: वोट चोरी को लेकर झज्जर में एक बार फिर कांग्रेसी उतरे सड़कों पर
पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने काला दिवस मनाकर निकाला रोष मार्च
पूर्व स्पीकर डॉ रघुवीर सिंह कादियान और कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स भी हुए रोष प्रदर्शन में शामिल
भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद शुरू हुआ कांग्रेसियों का रोष मार्च अंबेडकर चैक पर जाकर हुआ खत्म
पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने चुनाव आयोग को बताया भाजपा की कठपुतली और दासी
कहा: भाजपा की गुलामी कर रहे हैं मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार
ज्ञानेश कुमार पर हो अपराधिक मुकदमा दर्ज, ज्ञानेश कुमार के हटने तक रहेगा इंडिया गठबंधन का आंदोलन जारी
पूर्व स्पीकर डॉ रघुवीर सिंह का कादयान ने भी साधा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना
कहा: दिल्ली में शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे इंडिया गठबंधन के 300 सांसदों को रास्ते में रोककर जेलों में ठोका
कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने भी भाजपा पर लगाया लोकतंत्र का गला घोटने का आरोप
कहा: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मोदी और शाह के इशारे पर देश की जनता के विश्वास को बचा
बहादुरगढ़: एशियन गेम्स की गोल्डन गर्ल ज्योति रुमावत का गांव कुलासी में भव्य स्वागत
जापान में हुए एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम को गोल्ड मेडल दिलाने वाली गांव कुलासी की बेटी ज्योति रुमावत पहुंची अपने पैतृक गांव।
ढोल-नगाड़ों के साथ ग्रामीणों ने किया ज्योति का जोरदार स्वागत।
गांव में गाड़ी से निकाली गई सम्मान यात्रा, जगह-जगह ग्रामीणों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने फूल बरसाकर किया अभिनंदन।
सामुदायिक भवन में आयोजित सम्मान समारोह में ज्योति को पहनाई गई फूलों और नोटों की मालाएं।
जिला पार्षद एवं भाजपा जिला महामंत्री रविंद्र छिल्लर बराही ने 11 हजार रुपये की नोटों की माला पहनाकर किया सम्मानित।
ज्योति की उपलब्धि पर खुशी से झूम उठा पूरा गांव, ग्रामीणों ने उज्ज्वल भविष्य की दी शुभकामनाएं।
बहादुरगढ़: झूठे छेड़खानी केस में फंसाने की धमकी देकर 13 लाख की मांग का मामला
बहादुरगढ़ में झूठे छेड़खानी के केस में फंसाने की धमकी देकर अवैध वसूली का आरोप।
शिकायतकर्ता से 13 लाख रुपये की मांग किए जाने का मामला आया सामने।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
3 लाख रुपये लेते आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजेश कुमार निवासी दिल्ली और सुरेंद्र निवासी कलानौर के रूप में हुई।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल कार बरामद की।
शिकायतकर्ता ने कार्यालय में रिसेप्शन पर कॉलिंग के लिए नौकरी का विज्ञापन दिया था।
नौकरी के लिए पहुंची युवती ने बाद में शिकायतकर्ता पर छेड़खानी के आरोप लगाए।
आरोप है कि इसके बाद फोन कर मामला रफा-दफा करने के नाम पर रकम मांगी गई।
सेक्टर-6 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, दो आरोपियों को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया।


समाधान शिविर: शिकायतों का तत्परता से हो समाधान-एसडीएम
एसडीएम दलबीर सिंह ने समाधान शिविर में सुनी समस्याएं
रेवाड़ी, 08 अक्तूबर, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन में आयोजित किए जा रहे समाधान शिविर में आमजन की प्राप्त शिकायतों का तत्परता से निवारण किया जा रहा है। एसडीएम दलबीर सिंह ने वीरवार को लघु सचिवालय सभागार में आयोजित समाधान शिविर में अधिकारियों के साथ जन समस्याओं को सुना और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को उनका समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समाधान शिविर में शहर के यादव नगर में घर की छत्त के पास से गुजरने वाली 11000 वोल्ट की बिजली के तारों को हटवाने की शिकायत पर एसडीएम ने बिजली विभाग अधिकारी को बिजली की तारों को घर से दूर करने के निर्देश दिए। सेक्टर 18 में अतिक्रमण करने की शिकायत पर एसडीएम ने एचएसवीपी को अतिक्रमण हटवाने के निर्देश दिए। इसके अलावा अवैध कब्जा, पेयजल आपूर्ति, परिवार पहचान पत्र, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा, राशन कार्ड, बिजली आपूर्ति, नगर परिषद और राजस्व विभाग से संबंधित समस्याओं को रखा गया और एसडीएम ने इन शिकायतों को मौके पर ही समाधान करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एएसपी दीपिका अग्रवाल, सीटीएम जितेन्द्र कुमार व अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।



किसानों को फसल का समय पर भुगतान और पारदर्शिता से हो हर काम: डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने अनाज मंडी में फसल खरीद की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
गेट पास, सीसीटीवी और कैंटीन सहित अन्य व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण
रेवाड़ी, 08 अक्तूबर, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि किसानों को अनाज मंडी में प्रवेश करने और गेट पास बनवाने में किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी या देरी नहीं होनी चाहिए। निर्धारित प्रक्रिया के तहत किसानों को समय पर गेट पास जारी किए जाएं। इसके साथ किसानों को फसल का समय पर भुगतान और पारदर्शिता से हर कार्य होना सुनिश्चित किया जाए। डीसी अभिषेक मीणा ने गुरुवार को अनाज मंडी रेवाड़ी का दौरा कर बाजरा खरीद व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मंडी में बाजरा की आवक, खरीद प्रक्रिया, गुणवत्ता जांच, फसल के उठान तथा किसानों को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं का मौके पर निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुविधाजनक होनी चाहिए। उन्होंने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंडी के अंदर किसानों की फसल के प्रबंधन तथा गेट पास जारी करने की व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। डीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडी में बाजरा खरीद प्रक्रिया सुचारू, पारदर्शी एवं निर्धारित नियमों के अनुसार सुनिश्चित की जाए। किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा खरीदी गई फसल का उठान भी समय पर करवाया जाए। उन्होंने मंडी में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और अटल कैंटीन सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद प्रक्रिया की लगातार निगरानी रखें और संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाएं। इस दौरान उन्होंने आढ़तियों और किसानों की समस्याएं सुनते हुए अधिकारियों को प्राथमिकता से समाधान के निर्देश दिए।




विशेष गहन पुनरीक्षण
कोई भी योग्य मतदाता न छूटे, 9 अक्टूबर तक लगाए जा रहे विशेष शिविर
नोटिस एवं सुनवाई मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर विशेष फोकस- डीसी
7 अक्तूबर को लगाए गए विशेष शिविर में की गई 293 लंबित मामलों की सुनवाई
नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाता निर्धारित तिथि पर सुनवाई में हो उपस्थित
रेवाड़ी, 08 अक्तूबर, अभीतक: जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि चुनाव आयोग द्वारा हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मिले नोटिस एवं सुनवाई से संबंधित मामलों के समयबद्ध निस्तारण के लिए 9 अक्तूबर तक मतदान केन्द्रों पर विशेष शिविर आयोजित किये जा रहे है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिलावार में कुल 1,12,911 नोटिस जनरेट किए गए हैं, जिनमें से 6,169 सुनवाई मामले लंबित हैं। कुल लंबित मामलों का प्रतिशत 5.46 प्रतिशत है। डीसी ने बताया कि 7 अक्टूबर को लगाए गए विशेष शिविर में 293 लंबित मामलों की सुनवाई की गई। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि जिला रेवाड़ी में लंबित सुनवाई मामलों के शीघ्र निस्तारण, प्रभावी मॉनिटरिंग व निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नोटिस की सुनवाई समय पर समाप्त करने के लिए जिला में 9 अक्तूबर 2026 तक ऐसे मतदान केन्द्रों पर विशेष शिविर व घर-घर सर्वे के दौरान दस्तावेज प्राप्त किए जा रहे है, जहां पर नोटिस प्राप्त होने पर अभी तक सम्बन्धित मतदाताओं द्वारा आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करवाये गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अभिषेक मीणा ने सभी ऐसे पात्र मतदाताओं से अपील की है कि जिन्होने अभी तक दस्तावेज जमा नहीं करवाएं हैं वे इस विशेष अभियान का लाभ उठाएं तथा अपने दस्तावेज बूल लेवल अधिकारी को जमा करवाएं ताकि सभी योग्य मतदाताओं के नाम 6 नवम्बर 2026 को प्रकाशित होने वाली अन्तिम मतदाता सूची में शामिल हो सके।

चिरायु आयुष्मान भारत योजना का किया गया विस्तार
हरियाणा के हर परिवार को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा
रेवाड़ी, 08 अक्तूबर, अभीतक: प्रदेश के हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए चिरायु आयुष्मान भारत योजना का व्यापक विस्तार किया गया है। डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार की इस बड़ी पहल के तहत अब 1.80 लाख रूपए से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार भी नाममात्र का वार्षिक प्रीमियम देकर इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठा सकेंगे। योजना के अंतर्गत पात्रता परिवार पहचान-पत्र में दर्ज सत्यापित वार्षिक आय के आधार पर तय की जाएगी और पात्र परिवारों को प्रदेश के सूचीबद्ध अस्पतालों में प्रति वर्ष 5 लाख रुपए तक का निशुल्क एवं कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। डीसी ने बताया कि योजना को पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए आय स्लैब के अनुसार प्रीमियम दरें निर्धारित की गई हैं। इसके तहत 1.80 लाख रुपए से 3 लाख रुपए वार्षिक आय वाले परिवारों के लिए 1500 रुपए प्रति वर्ष, 3 लाख से 6 लाख रुपए आय वर्ग के लिए 4000 हजार रुपए प्रति वर्ष तथा 6 लाख से अधिक वार्षिक आय वाले परिवारों के लिए 5000 रुपए प्रति वर्ष का प्रीमियम तय किया गया है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए पंजीकरण एवं भुगतान गेटवे पोर्टल 30 नवंबर, 2026 तक खुला रहेगा, जबकि नई पॉलिसी की अवधि 1 नवंबर, 2026 से 31 अक्टूबर, 2027 तक प्रभावी रहेगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि इस सुविधा का लाभ व योजना के बारे में आधिकारिक वेबसाइट ीजजचेरूध्ध्बीपतंलनंलनेीउंदींतलंदंण्पदध् पर जानकारी प्राप्त कर सकते है।


सेवा संकल्प अभियान: गांव सुथानी में सेवा सेतु कैंप में ग्रामीणों को दी योजनाओं की जानकारी
जिला में आयोजित किए जा रहे सेवा सेतु कैंपों के माध्यम से पात्र परिवारों को किया जा रहा लाभान्वित
बावल नगर पालिका में शुक्रवार को आयोजित किया जाएगा सेवा सेतु कैंप
रेवाड़ी, 08 अक्तूबर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के तहत गुरुवार को डीसी अभिषेक मीणा के नेतृत्व में गांव सुथानी में सेवा सेतु कैंप का आयोजन किया गया। शिविर में पात्र परिवारों को सरकार की योजनाओं से लाभान्वित किया गया। सेवा सेतु शिविर में पात्र नागरिकों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया, दस्तावेज और संबंधित विभागीय सेवाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई गई। इसी कड़ी में शुक्रवार को नगर पालिका बावल में सेवा सेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा। एडीसी एवं नोडल अधिकारी राहुल मोदी ने बताया कि हरियाणा सरकार की ओर से प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के निरंतर सेवा काल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने और प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक संकल्प से जोडने के उद्देश्य से 17 अक्तूबर 2026 तक चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत जिला प्रशासन द्वारा सेवा सेतु कैंपों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से सेवा सेतु कैंपों को नागरिक सुविधा का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया जा रहा है। इन कैंपों के माध्यम से प्रयास किया जा रहा है कि लोगों को सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं से संबंधित जानकारी के लिए दूर स्थित कार्यालयों में जाने की आवश्यकता कम हो तथा उन्हें स्थानीय स्तर पर आवश्यक मार्गदर्शन मिल सके। एडीसी ने बताया कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सरकार का उद्देश्य योजनाओं एवं सेवाओं की पहुंच को अधिक सुगम बनाना तथा पात्र नागरिकों को उनके अधिकार एवं उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जागरूक करना है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे सेवा सेतु कैंपों में पहुंचकर विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त करें और पात्रता के अनुसार उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें।

समाधान शिविर: शिकायतों का तत्परता से हो समाधान-एसडीएम
एसडीएम दलबीर सिंह ने समाधान शिविर में सुनी समस्याएं
रेवाड़ी, 08 अक्तूबर, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन में आयोजित किए जा रहे समाधान शिविर में आमजन की प्राप्त शिकायतों का तत्परता से निवारण किया जा रहा है। एसडीएम दलबीर सिंह ने वीरवार को लघु सचिवालय सभागार में आयोजित समाधान शिविर में अधिकारियों के साथ जन समस्याओं को सुना और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को उनका समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समाधान शिविर में शहर के यादव नगर में घर की छत्त के पास से गुजरने वाली 11000 वोल्ट की बिजली के तारों को हटवाने की शिकायत पर एसडीएम ने बिजली विभाग अधिकारी को बिजली की तारों को घर से दूर करने के निर्देश दिए। सेक्टर 18 में अतिक्रमण करने की शिकायत पर एसडीएम ने एचएसवीपी को अतिक्रमण हटवाने के निर्देश दिए। इसके अलावा अवैध कब्जा, पेयजल आपूर्ति, परिवार पहचान पत्र, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा, राशन कार्ड, बिजली आपूर्ति, नगर परिषद और राजस्व विभाग से संबंधित समस्याओं को रखा गया और एसडीएम ने इन शिकायतों को मौके पर ही समाधान करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एएसपी दीपिका अग्रवाल, सीएम जितेन्द्र कुमार व अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना के तहत कुपोषित बच्चों को मिलेगा अतिरिक्त पोषण आहार
रेवाड़ी, 08 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा सरकार की मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना के तहत जिले में कुपोषित बच्चों को अतिरिक्त पोषण सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। डीसी अभिषेक मीणा के नेतृत्व में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों को पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य एवं शारीरिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग जिला कार्यक्रम अधिकारी शालू यादव ने बताया कि योजना का उद्देश्य गंभीर रूप से कम वजन वाले, कुपोषित और मध्यम कुपोषित बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करना है। इसके तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर चिन्हित बच्चों को अतिरिक्त पोषण आहार उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत बच्चों को 55 ग्राम चूरमा, 30 ग्राम उबला हुआ चना तथा मौसम के अनुसार एक फल दिया जाता है। चूरमा से बच्चों को ऊर्जा एवं कैलोरी तथा चने से प्रोटीन प्राप्त होता है, जबकि मौसमी फल विटामिन और खनिज तत्वों का प्राकृतिक स्रोत है। यह पोषण आहार सप्ताह में दो दिन वितरित किया जाता है। जिला कार्यक्रम अधिकारी शालू यादव ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों के वजन एवं लंबाई की नियमित निगरानी की जाती है तथा अभिभावकों को बच्चों के संतुलित आहार एवं पोषण संबंधी आवश्यक जानकारी भी दी जाती है। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से मिलने वाले पोषण लाभ का नियमित रूप से लाभ दिलाएं।
फसल खरीद में किसानों को किसी स्तर पर परेशानी न हो, फसल का उठान हो सुनिश्चित: मुख्यमंत्री’
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सचिवों को मंडियों का दौरा कर खरीद प्रक्रिया की निगरानी करने के दिए निर्देश’
चंडीगढ़, 08 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश की मंडियों में खरीदी जा रही धान और बाजरे का तत्काल प्रभाव से उठान सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। मंडियों में खरीद से लेकर उठान तथा भुगतान तक की पूरी व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो। मुख्यमंत्री बुधवार को चंडीगढ़ में खरीफ फसलों की खरीद प्रक्रिया की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेन्द्र कुमार, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी. कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अब तक 5 लाख क्विंटल धान की खरीद’
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश में जारी खरीफ फसलों की खरीद प्रक्रिया के तहत अब तक 5 लाख क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में आवक बढ़ने के साथ-साथ उठान की व्यवस्था भी उसी गति से सुनिश्चित की जाए, ताकि मंडियों में अनावश्यक रूप से स्टॉक जमा न हो और किसानों को अपनी फसल लाने में किसी प्रकार की दिक्कत न आए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इस वर्ष हरियाणा के किसानों को बाजरे के लिए 2,900 रुपये प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिले। इस वर्ष सरकार द्वारा बाजरे की खरीद 2,300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। यदि किसी किसान को खुले बाजार में 2,300 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक का भाव मिलता है, तो बिक्री मूल्य और 2,900 रुपये के एमएसपी के बीच के अंतर की भावान्तर भरपाई योजना के तहत सरकार द्वारा की जाएगी। सरकार द्वारा भावान्तर भरपाई योजना के तहत किसानों को 600 रुपए प्रति क्विंटल का लाभ दिया जाएगा। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष खुले बाजार में बाजरा लगभग 2,235 रुपये प्रति क्विंटल की औसत दर पर बिक रहा है। इसके अलावा बाजरे की खरीद निजी डीलरों द्वारा भी की जा रही है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष बाजरा खरीद के लिए सरकार द्वारा पहले 2,150 रुपये और बाद में 2,200 रुपये प्रति क्विंटल की दर निर्धारित की गई थी। सरकार तथा आढ़तियों द्वारा निर्धारित खरीद मूल्य और 2,900 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी के बीच के अंतर की भरपाई सरकार द्वारा अलग से की गई थी।
प्रशासनिक सचिव मंडियों का दौरा कर दें रिपोर्ट’
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिए कि वे स्वयं मंडियों का दौरा कर खरीद, उठान और किसानों की सुविधाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लें तथा इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंपें। उवरिष्ठ अधिकारी मंडियों में जाकर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की निगरानी करें। इसके अलावा, खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए प्रत्येक मंडी में एचसीएस स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन राइस मिलर्स के पास पिछले साल खरीदी गई धान बची हुई है, उसे लेकर विभागीय अधिकारियों की टीम का गठन किया गया है। व्यापारियों की सुविधा के लिए 2777 रुपए प्रति क्विंटल की राशि निर्धारित की गई है। बैठक में मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यशपाल, एमडी हैफेड चन्द्रशेखर खरे, महानिदेशक खाद्य एवं आपूर्ति डॉ. अंशज सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
स्पेशल आफिसर (शिकायत एवं निवारण) ने महिला एवं विकास विभाग तथा खेल विभाग की सीएम विंडो, जनसंवाद में आई समस्याओं को लेकर नोडल अधिकारियों की ली बैठक
संबंधित अधिकारियों एवं शिकायतकर्ताओं से सीधे दूरभाष पर बात कर विस्तार से ली जानकारी।’
लंबित शिकायतों का निपटान अगली बैठक से पहले सुनिश्चित करें- खदरी
चंडीगढ़, 08 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री के स्पेशल आफिसर (शिकायत एवं निवारण) श्री भोपाल सिंह खदरी ने महिला एवं विकास विभाग तथा खेल विभाग की सीएम विंडो, जनसंवाद में आई समस्याओं को लेकर नोडल अधिकारियों की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि इन समस्याओं के निवारण के लिए अधिकारी तत्परता से कार्य करें ताकि लोगों को उनका जल्द लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सीएम विंडो एवं जनसंवाद में आने वाली समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी स्वंय मोनिटरिंग एवं निगरानी कर रहे हैं। इसलिए अधिकारी ऐसी समस्याओं के प्रति गम्भीरता से कार्य करें और उनकी एटीआर भी निश्चित समय पर फाईल करना सुनिश्चित करें ताकि पोर्टल पर समस्या का निपटारन पेंडिग न रहे। खेल विभाग की समस्याओं बारे समीक्षा करते हुए श्री भोपाल सिंह खदरी ने समस्याओं बारे संबंधित अधिकारियों एवं शिकायतकर्ता से सीधे दूरभाष पर बात कर विस्तार से जानकारी ली। अम्बाला के शमशेर सिंह द्वारा ग्रेडेशन प्रमाण पत्र जारी करवाने का अनुरोध किया गया था। जबकि विभाग द्वारा उसी समय 5 अन्य खिलाड़ियों को जारी कर दिए गए लेकिन शमशेर सिंह को ग्रेडेशन प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया। दूरभाष पर जानकारी लेने के दौरान स्पेशल आफिसर को अवगत करवाया गया कि उनके मामले में संबंधित अधिकारियों द्वारा लापरवाई बरती गई है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा क्रियान्वित की जा रही हरिहर योजना बारे भी आगामी कार्यवाई अमल में लाई जाए। हरिहर योजना हरियाणा सरकार की एक अनूठी और संवेदनशील पहल है, जिसे बेसहारा, अनाथ, परित्यक्त (छोड़े गए) और आत्मसमर्पण किए गए बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा और रोजगार के लिए शुरू किया गया है। इस योजना के तहत 18 साल से अधिक आयु के बच्चों को सहायता के अलावा ग्रुप सी व ग्रुप डी में नौकरी में प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है। पात्र युवा को इस योजना का लाभ देना सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि कोई भी युवा इस योजना का लाभ लेने से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि कई मामलों में खेल विभाग एवं अन्य विभागों में सराहनीय कार्य किया जा रहा है। इसलिए बेहतर कार्य करने वाले नोडल अधिकारियों को मुख्यमंत्री से प्रशंसा पत्र दिलवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के छात्रवृति के मामलों को लेकर भी अधिकारी कार्य करें ताकि किसी भी खिलाड़ी की छात्रवृति लम्बित न रह सके। उन्होंने मोतीलाल राई स्कूल के संबंध में आई सीएम विंडो शिकायत का भी जल्द निवारण करने के निर्देश दिए। श्री खदरी ने कॉमनवेल्थ 2022 खेलों में गोल्ड मेडल लाने वाले खिलाड़ियों को कैश अवार्ड अन्य सहायता पर संज्ञान लेते हुए कहा कि जल्द ही इस बारे मुख्यमंत्री से बातचीत कर निवारण करवाया जाएगा।इसके अलावा पैराएथलेटिक खिलाड़ी को ओएसपी कोटे से लाभ देने के लिए भी प्रयास जारी है। उन्होंने नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन शिकायतों का निपटारा इस बैठक में आने से पहले तक नहीं हुआ है उन शिकायतों का निपटारा आगामी बैठक से पूर्व करना सुनिश्चित करें और आगामी बैठक दो सप्ताह में आयोजित की जाएगी।
कोई भी योग्य मतदाता न छूटे
SIRनोटिस एवं सुनवाई मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर विशेष फोकस
प्रदेशभर में लगाए गए विशेष शिविरों में 28,000 लंबित मामलों की हुई सुनवाई
9 अक्टूबर को भी होगा विशेष शिविर का आयोजन
नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं से सुनवाई में उपस्थित होने की अपील
चंडीगढ़, 08 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाता सूची से संबंधित नोटिस एवं सुनवाई मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रदेशभर में बुधवार को विशेष शिविर आयोजित कर लगभग 28,000 लंबित मामलों की सुनवाई की गई। प्रदेश में SIR के तहत कुल 44,91,923 नोटिस जनरेट किए गए हैं, जिनमें से 3,15,173 मामलों की सुनवाई लंबित है। कुल लंबित मामलों का प्रतिशत 7.02 प्रतिशत है। आयोग द्वारा लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जा रही है तथा संबंधित अधिकारियों को लंबित सुनवाई मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने, प्रभावी मॉनिटरिंग करने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
9 अक्टूबर तक विशेष शिविर एवं घर-घर सर्वे
नोटिस की सुनवाई समय पर पूरी करने के उद्देश्य से 8 व 9 अक्टूबर को विशेष शिविरों एवं घर-घर सर्वे के दौरान संबंधित मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जाएंगे। जिन मतदाताओं को नोटिस प्राप्त हुए हैं और जिन्होंने अभी तक आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करवाए हैं, वे निर्धारित अवधि में अपने दस्तावेज संबंधित अधिकारियोंध्बीएलओ के पास जमा करवाएं। आयोग की ओर से सभी पात्र मतदाताओं से अपील की गई है कि जिन मतदाताओं ने अभी तक अपने आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करवाए हैं, वे इस विशेष अभियान का लाभ उठाते हुए अपने दस्तावेज बूथ लेवल अधिकारी (ठस्व्) को उपलब्ध करवाएं, ताकि सभी योग्य मतदाताओं के नाम 6 नवंबर, 2026 को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जा सकें। आयोग का उद्देश्य है कि SIR प्रक्रिया के दौरान कोई भी योग्य मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे। इसलिए नोटिस प्राप्त करने वाले सभी मतदाताओं से निर्धारित तिथि पर सुनवाई में उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करवाने की अपील की गई है।
गांवों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है प्रदेश सरकार: नायब सिंह सैनी’
मुख्यमंत्री ने अपने पैतृक गांव मंगौली जाटान का किया दौरा, तालाब का अवलोकन कर उपायुक्त को दिए सौंदर्यीकरण करने के निर्देश’
चंडीगढ़, 08 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार गांवों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के गांवों का विकास शहरों की तर्ज पर विकसित करना है। गांवों में भी शहरों जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं पक्की गलियां, नालियां, स्वच्छ पेयजल, स्ट्रीट लाइट, पार्क, व्यायामशाला, ई-लाइब्रेरी और तालाबों का सौंदर्यीकरण उपलब्ध करवाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को जिला कुरुक्षेत्र में अपने पैतृक गांव मंगौली जाटान का दौरा किया। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने गांव के तालाब (जोहड़) का विस्तृत अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने उपायुक्त श्री विश्राम कुमार मीणा को तालाब का सौंदर्यीकरण करने के निर्देश दिए और इसके लिए एक विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद मुख्यमंत्री पैदल ही तालाब स्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि तालाब के पास मिट्टी भराव और एक शेड का निर्माण कार्य ग्राम पंचायत द्वारा करवाया गया है, लेकिन अभी भी इस स्थान पर साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण और बैठने की समुचित व्यवस्था की कमी है। बरसात के दिनों में यहां जलभराव की समस्या भी बनी रहती है, जिससे आसपास के घरों में रहने वाले लोगों को परेशानी होती है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि तालाब की पूर्ण रूप से साफ-सफाई करवाई जाए। तालाब के चारों ओर मजबूत चारदीवारी (बाउंड्री वॉल) का निर्माण करवाया जाए। इस कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और जल्द से जल्द कार्य शुरू करवाया जाए। इस मौके पर पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
हरियाणा कला परिषद करेगी सांझी उत्सव पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम’
10 से 19 अक्टूबर तक राज्य स्तरीय छठा सांझी उत्सव-2026’
चंडीगढ़, 08 अक्तूबर, अभीतक: राज्य स्तरीय छठा सांझी उत्सव-2026 का आयोजन कुरूक्षेत्र में 10 से 19 अक्टूबर तक किया जा रहा है। इस सांझी उत्सव में हरियाणा के अलग-अलग कोनों से लुप्त होती सांझी कला को बचाने के लिए सैंकड़ों महिलाएं भाग लेंगी। हरियाणा कला परिषद के वाईस चेयरमैन महेश जोशी ने बताया कि सांझी उत्सव के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 10 अक्टूबर को अमावस्या के दिन विरासत में सांझी प्रतिभागियों द्वारा सुबह 9 बजे से 3 बजे तक सांझी लगाई जाएंगी। इसके पश्चात सांय साढ़े चार बजे हरियाणा कला परिषद की ओर से सांझी उत्सव में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। चेयरमैन महेश जोशी ने बताया कि सांझी को समर्पित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में अनेक हरियाणवी कलाकार भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में सांझी के गीतों के साथ-साथ हरियाणवी लोकनृत्य प्रस्तुत किया जायेगा। इसके साथ ही हरियाणा के लोकरंग की विशेष प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केन्द्र बनेगी। श्री जोशी ने कहा कि हरियाणा की लोक संस्कृति में सांझी कला का अपना विशिष्ट स्थान है। मिट्टी, गोबर, प्राकृतिक सामग्री और रंग-बिरंगे सजावटी तत्वों से तैयार की जाने वाली सांझी केवल एक पारंपरिक कलाकृति नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन, लोक आस्था, महिला सृजनशीलता और पारिवारिक परंपराओं की जीवंत अभिव्यक्ति रही है। बदलते समय और आधुनिक जीवनशैली के कारण यह लोक कला धीरे-धीरे विलुप्ति की ओर बढ़ रही है। सांझी हरियाणा के ग्रामीण समाज में महिलाओं की रचनात्मक अभिव्यक्ति से जुड़ी रही है। महिलाएं अपने घरों और दीवारों पर सांझी के माध्यम से विभिन्न आकृतियों, प्रतीकों और पारंपरिक अलंकरणों का निर्माण करती रही हैं। इसमें स्थानीय सामग्री और पारंपरिक तकनीकों का प्रयोग इसकी विशेष पहचान है। सांझी प्रतियोगिता में विजयी रहने वाले प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
हरियाणा लगातार तीसरे साल स्वैच्छिक रक्तदान में सबसे आगे
5.89 लाख यूनिट इकट्ठा किए
ब्लड सेंटर्स के लिए पहला आपदा प्रबंधन प्लान जारी
राज्य ने 2,000 कैंप के लक्ष्य के मुकाबले 8,189 कैंप लगाए
स्वैच्छिक रक्तदान दर 92ः तक पहुंची
हरियाणा ने ब्लड सेवाओं में इमरजेंसी की तैयारी को शामिल किया
चंडीगढ़, 08 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा लगातार तीसरे साल स्वैच्छिक रक्तदान में राज्यों में पहले स्थान पर रहा। राज्य ने 3.30 लाख यूनिट और 2,000 कैंप के लक्ष्य के मुकाबले 8,189 कैंप लगाकर 5.89 लाख यूनिट ब्लड इकट्ठा किया। हरियाणा राज्य ने 92 प्रतिशत स्वैच्छिक रक्तदान दर हासिल की। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राज्य ने ब्लड सेंटर्स के लिए अपना पहला आपदा प्रबंधन प्लान भी तैयार किया है ताकि ब्लड की सुरक्षा और इमरजेंसी की तैयारी बनी रहे। राज्य को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ब्लड ट्रांसफ्यूजन सर्विस ने 2025 के दौरान प्रति दस लाख आबादी पर सबसे ज्यादा रक्तदान दर्ज करने के लिए सम्मानित किया। हरियाणा राज्य ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल को यह अवॉर्ड 1 अक्टूबर को नई दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के मौके पर ब्लड ट्रांसफ्यूजन सर्विस, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित एक समारोह में मिला था। डॉ. मिश्रा ने कहा कि लगातार तीन वर्षों तक स्वैच्छिक रक्तदान में देश में पहला स्थान हासिल करना हरियाणा के लिए बहुत गर्व की बात है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय ब्लड सेंटर की टीमों, स्वैच्छिक दानदाताओं, युवा नेटवर्क, एनजीओ, रेड क्रॉस और ब्लड ट्रांसफ्यूजन सर्विस से जुड़े अन्य लोगों को दिया। हरियाणा ने 2,000 के लक्ष्य के मुकाबले 8,189 रक्तदान कैंप आयोजित किए, जो लक्ष्य से चार गुना से भी ज्यादा है। इसने केंद्र के 3.30 लाख यूनिट के लक्ष्य के मुकाबले 5.89 लाख यूनिट इकट्ठा किए, जो लक्ष्य से लगभग 78ः ज्यादा है। राज्य के कुल ब्लड कलेक्शन में स्वैच्छिक रक्तदान का हिस्सा 92 प्रतिशत रहा। उन्होंने बताया कि राज्य में 162 ब्लड सेंटर चल रहे हैं, जिनमें से 92ः में कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की सुविधा है। सिंगल डोनर प्लेटलेट्स 12 सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध हैं और ये डेंगू के योग्य मरीजों और सरकारी अस्पतालों में रेफर किए गए गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को मुफ्त में दिए जाते हैं। डॉ मिश्रा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने ब्लड सेंटर्स के लिए हरियाणा का पहला आपदा प्रबंधन प्लान भी बनाया है। यह पहल ब्लड की सुरक्षा को मजबूत करने और आपातकालीन स्थितियों व आपदाओं के दौरान तैयारी सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई है। ब्लड कलेक्शन में खास अभियानों ने अहम भूमिका निभाई है। पूरे राज्य में चलाए गए ब्लड डोनेशन अभियान से 10,183 यूनिट ब्लड इकट्ठा हुआ, जबकि गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस की 350वीं वर्षगांठ से जुड़े अभियानों में 40,224 यूनिट ब्लड इकट्ठा किया गया। श्स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियानश् के तहत महिलाओं पर केंद्रित पहल भी की गईं। डॉ. मिश्रा ने कहा कि हरियाणा ब्लड और ब्लड कंपोनेंट्स की ष्सुरक्षित, समान, सुलभ और समय परष् सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नियमित, बिना पैसे लिए ब्लड डोनेट करने वाले वॉलंटियर्स से डोनेशन जारी रखने और दूसरों को भी इसमें शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने हेल्थ सर्विसेज के डायरेक्टर जनरल डॉ. मनीष बंसल, हरियाणा स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन सर्विसेज की मेंबर सेक्रेटरी-कम-प्रोजेक्ट डायरेक्टर (एड्स) डॉ. मुक्ता कुमार और राज्य की ब्लड सेफ्टी टीमों को भी बधाई दी। डॉ. मिश्रा ने कहा कि असली सेवा का पैमाना वह बदलाव है जो यह चुपचाप लोगों की जिंदगी में लाती है। उन्होंने कहा कि राज्य वॉलंटरी ब्लड डोनेशन और सुरक्षित ब्लड ट्रांसफ्यूजन सर्विसेज को मजबूत करना जारी रखेगा।
हरियाणा प्रतिनिधिमंडल की सिंगापुर में महत्वपूर्ण बैठक’
’मिक्सड लैंड यूज पॉलिसी एवं भूमि मूल्य निर्धारण विषय पर हुई चर्चा’
चंडीगढ़, 08 अक्तूबर, अभीतक: सिंगापुर में हरियाणा सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने सिंगापुर सरकार के सिंगापुर कॉरपोरेशन एंटरप्राइज के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य मिक्सड लैंड यूज नीति तथा लैंड प्राइसिंग (संदक चतपबपदह) संबंधित सर्वोत्तम प्रथाओं और अनुभवों का आदान-प्रदान करना था। इस बैठक से हरियाणा में नए सरकारी परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण नीतिगत निहितार्थ सामने आए हैं। विशेष रूप से एचएसआईआईडीसी (भ्ैप्प्क्ब्) एवं विभिन्न औद्योगिक संपदाओं में भूमि पट्टे (स्ंदक स्मंेम) की बेहतर एवं अधिक प्रभावी नीति बनाने तथा गुरुग्राम शहर में टाउनशिप विकास को और अधिक व्यवस्थित एवं आधुनिक बनाने की दिशा में सकारात्मक दिशा मिलेगी। इस बैठक का उद्देश्य की प्रबंधन, औद्योगिक विकास तथा शहरी नियोजन से जुड़ी अपनी नीतियों को और अधिक पारदर्शी, निवेशक- अनुकूल एवं दीर्घकालिक दृष्टि से मजबूत बनाना और प्रदेश में विकास के लिए एक अनुकूल माहौल तैयार करना है।
सिंगापुर में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से पंजाब और हरियाणा मूल के उद्योगपतियों ने की महत्वपूर्ण बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत की यात्रा में साझेदार बनें प्रवासी भारतीय: मुख्यमंत्री
हरियाणा बना देश के पसंदीदा निवेश गंतव्यों में से एक, उद्योगपतियों को निवेश के लिए किया आमंत्रित
चंडीगढ़, 08 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के साथ सिंगापुर दौरे के दौरान पंजाब और हरियाणा मूल के प्रमुख उद्योगपतियों एवं व्यावसायिक प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रवासी भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि विदेशों में अपनी मेहनत, प्रतिभा और उद्यमशीलता के बल पर भारतीय समुदाय देश का गौरव बढ़ा रहा है। सिंगापुर जैसे आधुनिक और विश्व के प्रमुख व्यापारिक केंद्र में भारत का परचम लहराने वाले प्रवासी भारतीयों के पुरुषार्थ पर पूरे देश को गर्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी भारतीयों का वैश्विक स्तर पर प्राप्त अनुभव और विशेषज्ञता भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने उद्योगपतियों से हरियाणा में निवेश की संभावनाओं का लाभ उठाने तथा प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान किया। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिंगापुर ने सीमित भौगोलिक क्षेत्र और संसाधनों के बावजूद दूरदर्शी आर्थिक नीतियों, बेहतर आधारभूत ढांचे, सुशासन और कानून-व्यवस्था के बल पर स्वयं को विश्व के प्रमुख व्यापारिक एवं आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा भी निवेशकों को बेहतर कानून-व्यवस्था, आधुनिक बुनियादी ढांचा, सुशासन और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने विकास की नई ऊंचाइयां छुईं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले वर्षों में विकास की नई ऊंचाइयां हासिल की हैं और आज देश विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों ने देश में निवेश, बुनियादी ढांचे, रोजगार और उद्यमिता के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में करतारपुर कॉरिडोर का निर्माण एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसने श्रद्धालुओं की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षा को पूरा किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने भी सिख विरोधी दंगों के पीड़ित परिवारों के हित में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उन्हें सरकारी नौकरी प्रदान करने का कार्य किया है।
हरियाणा में निवेश के लिए अनुकूल माहौल
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा आज देश के प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। प्रदेश की भौगोलिक स्थिति, मजबूत सड़क एवं रेल संपर्क, कुशल मानव संसाधन, बेहतर औद्योगिक आधारभूत ढांचा तथा निवेशक-अनुकूल नीतियां हरियाणा को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि उद्योगों को कारोबार के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए और निवेशकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने प्रवासी उद्योगपतियों से हरियाणा की निवेश संभावनाओं का लाभ उठाने और प्रदेश की विकास यात्रा में भागीदार बनने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने संत कबीर कुटीर आने का दिया निमंत्रण
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर में उपस्थित पंजाब और हरियाणा मूल के सभी उद्योगपतियों एवं व्यावसायिक प्रतिनिधियों को हरियाणा आने का हार्दिक निमंत्रण दिया। उन्होंने उन्हें चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास ‘संत कबीर कुटीर’ में आने का भी निमंत्रण दिया और कहा कि हरियाणा सरकार प्रवासी भारतीयों के साथ निरंतर संवाद और सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
आयुष सेवा क्षेत्र के कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी 43 प्रतिशत, कई प्रमुख क्षेत्रों में 50 प्रतिशत से अधिक
अस्पतालों, डे-केयर केंद्रों, शैक्षणिक संस्थानों और वेलनेस प्रतिष्ठानों में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत से अधिक
आयुष सेवा क्षेत्र 17.6 लाख आजीविकाओं को दे रहा है सहाराय रोजगार और आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है
नई दिल्ली़, 08 अक्तूबर, अभीतक: आयुष सेवा क्षेत्र महिलाओं के लिए रोजगार और आर्थिक भागीदारी के नए अवसर पैदा कर रहा है। क्षेत्र के हालिया आकलन के अनुसार, आयुष सेवा क्षेत्र के कुल कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी 43 प्रतिशत है। वहीं, अस्पतालों, डे-केयर केंद्रों, शैक्षणिक संस्थानों और वेलनेस प्रतिष्ठानों जैसे कई संगठित क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत से अधिक है। आयुष सेवा अर्थव्यवस्था में आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी शामिल हैं। वर्ष 2024-25 में आयुष सेवा क्षेत्र का अनुमानित आकार 36.92 अरब अमेरिकी डॉलर था। वर्ष 2022-23 से इस क्षेत्र में 16.91 प्रतिशत की वार्षिक औसत वृद्धि दर (ब्।ळत्) दर्ज की गई है। यह क्षेत्र स्वास्थ्य सेवा, वेलनेस, शिक्षा और इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों में लगभग 17.6 लाख आजीविकाओं को सीधे सहारा देता है। आयुष सेवा क्षेत्र में रोजगार की बढ़ती संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने कहा, “आयुष सेवा क्षेत्र का विस्तार स्वास्थ्य सेवा, वेलनेस, शिक्षा और इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है। इसका विस्तार न केवल भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत कर रहा है, बल्कि उद्यमिता, कौशल विकास और कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी के लिए भी नए अवसर खोल रहा है। आयुर्वेद दिवस 2026 के अवसर पर आर.आई.एस. (त्प्ै) द्वारा जारी आयुष सेवा क्षेत्र रिपोर्ट के अनुसार संगठित आयुष संस्थानों में महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। स्पा और वेलनेस रिसॉर्ट में महिलाओं की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से अधिक, शैक्षणिक संस्थानों में 58 प्रतिशत, डे-केयर केंद्रों में 57 प्रतिशत और अस्पतालों में 53 प्रतिशत है। रिपोर्ट के ये आंकड़े आयुष सेवा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, वेलनेस और इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाते हैं। स्थानीय और स्वतंत्र रूप से संचालित क्लीनिकों में 10 लाख से अधिक आजीविकाएं जुड़ी हुई हैं। इससे पता चलता है कि आयुष क्षेत्र का रोजगार संबंधी प्रभाव शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों तक भी व्यापक है। आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा, “गुणवत्ता मानकों, कौशल विकास, डिजिटल सुविधाओं और मजबूत संस्थागत नेटवर्क के सहयोग से संगठित आयुष सेवाओं का विस्तार रोजगार के अवसरों की संख्या और गुणवत्ता, दोनों को बढ़ा सकता है। संगठित आयुष संस्थानों में महिलाओं की अधिक भागीदारी यह भी दर्शाती है कि यह क्षेत्र समावेशी आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। स्वतंत्र और स्थानीय क्लीनिक आयुष सेवा क्षेत्र में सबसे अधिक राजस्व देने वाला क्षेत्र बने हुए हैं। इनसे लगभग 16.21 अरब अमेरिकी डॉलर, यानी कुल क्षेत्र के राजस्व का 43.9 प्रतिशत, प्राप्त होता है। डे-केयर केंद्रों से लगभग 10.13 अरब अमेरिकी डॉलर का राजस्व आता है। दोनों क्षेत्रों को मिलाकर आयुष सेवा क्षेत्र के कुल राजस्व में इनकी हिस्सेदारी 70 प्रतिशत से अधिक है। आयुर्वेद आयुष की प्रमुख चिकित्सा प्रणालियों में सबसे बड़ा क्षेत्र है और इससे लगभग 17.73 अरब अमेरिकी डॉलर, यानी आयुष सेवा क्षेत्र के कुल राजस्व का लगभग 48 प्रतिशत, प्राप्त होता है। वेलनेस क्षेत्र में भी तेजी से वृद्धि हो रही है। इस क्षेत्र ने 21.29 प्रतिशत की वार्षिक औसत वृद्धि दर दर्ज की है। वहीं, योग केंद्रों के राजस्व में दो वर्षों के दौरान लगभग 75 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह लोगों के बीच रोगों की रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी सेवाओं की बढ़ती मांग को दर्शाता है। आयुष क्षेत्र मेडिकल वैल्यू ट्रैवल (डटज्) के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2024-25 में इससे लगभग 1.77 अरब अमेरिकी डॉलर का राजस्व प्राप्त हुआ। विदेशी मरीजों की संख्या कुल मरीजों का लगभग 5 प्रतिशत है, लेकिन अस्पताल क्षेत्र के राजस्व में उनका योगदान लगभग 15 से 25 प्रतिशत है। आयुष से जुड़ी उपचार सेवाओं में मरीज आमतौर पर 5 से 11 दिनों तक रहते हैं। आकलन के अनुसार, आयुष सेवा क्षेत्र का आकार वर्ष 2024-25 के 36.92 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर वर्ष 2047 तक 216 से 318 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं, वेलनेस, शिक्षा, मेडिकल वैल्यू ट्रैवल, अनुसंधान, डिजिटल स्वास्थ्य और अन्य संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर पैदा होने की संभावना है। आयुष सेवा क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी तथा इसके बढ़ते आर्थिक और रोजगार संबंधी प्रभाव से यह स्पष्ट होता है कि यह क्षेत्र महिलाओं की आर्थिक भागीदारी, समावेशी विकास और विकसित भारत/2047 के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने से प्रतिभा पलायन को कम करने में मदद मिली है, युवा प्रतिभाओं के लिए नए अवसर पैदा हुए हैंरू डॉ. जितेंद्र सिंह
भारत का अंतरिक्ष इकोसिस्टम अब सरकारी क्षेत्र तक ही सीमित नहीं हैय डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि स्टार्टअप और निजी कंपनियां देश के भीतर युवा इंजीनियरों के लिए अवसर पैदा कर रही हैं
साइलो का युग समाप्त हो गया हैष्रू भारत की वैज्ञानिक शक्ति के निर्माण के लिए सरकार, उद्योग, स्टार्टअप और शिक्षाविदों को मिलकर काम करना चाहिए: डॉ. जितेंद्र सिंह
अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी अब रॉकेट और मिशनों तक ही सीमित नहीं हैय यह आपदा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे की योजना के माध्यम से रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बना रही हैरू डॉ. जितेंद्र सिंह
भारत विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दुनिया के अनुसरण करने से आगे बढ़ रहा है: डॉ. जितेंद्र सिंह
नई दिल्ली़, 08 अक्तूबर, अभीतक: केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज कहा कि भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने से देश के भीतर युवा वैज्ञानिक और तकनीकी प्रतिभाओं के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं और रोजगार के लिए विदेश जाने की आवश्यकता को कम करने में मदद मिली है। डॉ. जितेंद्र सिंह रुद्राक्ष इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड कन्वेंशन सेंटर, वाराणसी में नमो बुक फेस्ट में छात्रों को संबोधित कर रहे थे, जो 7-8 अक्टूबर को आयोजित किया जा रहा है और सरकार के प्रमुख के रूप में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में उनके जीवन, नेतृत्व और सार्वजनिक सेवा के विभिन्न पहलुओं पर विभिन्न लेखकों द्वारा लिखी गई पुस्तकों के माध्यम से आयोजित किया जा रहा है। महोत्सव का समन्वय वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने किया। बाद में, एक प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों के साथ बातचीत करते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पहले, घरेलू अंतरिक्ष इकोसिस्टम के भीतर सीमित अवसरों का मतलब था कि कई युवा पेशेवर विदेशों में देखते थे, जबकि इस क्षेत्र के खुलने से अधिक प्रतिभाओं को पीछे रहने और भारत के बढ़ते अंतरिक्ष इकोसिस्टम में योगदान करने में सक्षम बनाया गया है। स्काईरूट सहित निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप का उदय देश के भीतर युवा इंजीनियरों के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है। डॉ. जितेंद्र सिंह के परिचयात्मक भाषण के बाद छात्रों के साथ एक घंटे तक बातचीत और पैनल चर्चा हुई। पैनल में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रोफेसर चतुर्वेदीय महासागर विज्ञान से डॉ. सुनील कुमारय डॉ. एकता, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभागय डॉ. गीता, जैव प्रौद्योगिकी विभागय और अंतरिक्ष क्षेत्र से डॉ. जय जायसवाल शामिल थे। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र का विस्तार भारत के वैज्ञानिक इकोसिस्टम में एक बुनियादी बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा, ष्साइलो का युग समाप्त हो गया है।ष् उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी संस्थानों, निजी उद्योग, स्टार्टअप, शिक्षाविदों और अनुसंधान संस्थानों को ऐसी क्षमताओं का निर्माण करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए जो विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। इस क्षेत्र के खुलने से अंतरिक्ष मुख्य रूप से सरकार के नेतृत्व वाले क्षेत्र से एक व्यापक इकोसिस्टम में बदल गया है जिसमें युवा पेशेवर और निजी उद्यम भाग ले सकते हैं। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के विकास में परिवर्तन पहले से ही दिखाई दे रहा है, जो लगभग 9 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है और यदि वर्तमान गति जारी रहती है, तो अगले 8-10 वर्षों में 45-46 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकती है। उन्होंने इस विस्तार का श्रेय इस क्षेत्र को खोलने और भारत की अंतरिक्ष यात्रा में हितधारकों की एक विस्तृत श्रृंखला को लाने को दिया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने छात्रों से यह भी कहा कि भारत की अंतरिक्ष गाथा अब रॉकेट और लॉन्च मिशन तक ही सीमित नहीं है। बुनियादी ढांचे की योजना, परियोजना निगरानी और आपदा प्रबंधन सहित रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का तेजी से उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय उपग्रह नेपाल, बांग्लादेश, म्यांमार और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों को बाढ़ और अन्य आपदाओं के लिए तैयार रहने में मदद करने के लिए भी जानकारी प्रदान कर रहे हैं। छात्रों को भारत के व्यापक वैज्ञानिक परिवर्तन के बारे में बताते हुए, डॉ. सिंह ने कहा कि पिछले 12-13 वर्ष भारत में ष्विज्ञान का युगष् रहे हैं, जिसमें प्रौद्योगिकी को उच्च नीतिगत प्राथमिकता मिली है और जीवन को बेहतर बनाने के लिए इसका तेजी से उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के पास दशकों से वैज्ञानिक प्रतिभा और मानव संसाधन थे, लेकिन उस क्षमता को राष्ट्रीय क्षमता में बदलने के लिए आवश्यक सक्षम नीतिगत वातावरण हाल के वर्षों में काफी मजबूत हुआ है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने उभरते वैज्ञानिक क्षेत्रों में क्षमता पैदा करने वाली पहलों में डीप ओशन मिशन, क्वांटम मिशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन का हवाला दिया। डीप ओशन मिशन का उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि भारत अपने महासागरों की विशाल वैज्ञानिक और आर्थिक क्षमता का पता लगाना शुरू कर रहा है, जिसमें ऐसे संसाधन भी शामिल हैं जो काफी हद तक अनछुए हैं। जैव प्रौद्योगिकी पर, डॉ. जितेंद्र सिंह ने अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार के लिए जैव प्रौद्योगिकीष्, कोविड-19 के खिलाफ दुनिया के पहले डीएनए टीके के विकास और जीनोम इंडिया पहल पर केंद्रित भारत के समर्पित नीतिगत ढांचे के बारे में बताया, जो देश की बढ़ती स्वदेशी क्षमताओं और सटीक दवा के युग की तैयारी के उदाहरण के रूप में है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने चंद्रयान-3 के बारे में बताते हुए कहा कि भारत ने उल्लेखनीय लागत दक्षता के साथ परिष्कृत अंतरिक्ष मिशन शुरू करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि देश पहले के चरण से आगे बढ़ गया है, जिसमें यह बड़े पैमाने पर अन्य जगहों के विकास का अनुसरण करता है और अब दुनिया के साथ आगे बढ़ रहा है, भारत पहले से ही कई क्षेत्रों में आगे है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने परमाणु क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलने और 2047 तक भारत की 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य के बारे में भी बताया, जिसमें परमाणु ऊर्जा एआई और डेटा केंद्रों सहित भविष्य की आवश्यकताओं के लिए एक महत्वपूर्ण स्वच्छ-ऊर्जा स्रोत के रूप में उभरती है। उन्होंने कहा कि अनुसंधान को दी गई बढ़ी हुई प्राथमिकता जीईआरडी में 2013-14 में लगभग 46,000-47,000 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 2-2.5 लाख करोड़ रुपये होने में परिलक्षित होती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर छात्रों को जवाब देते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने उन्हें स्वतंत्र सोच और जिज्ञासा को बनाए रखते हुए प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, ष्आपको आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करने के लिए पर्याप्त बुद्धिमान होना चाहिए।ष् उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रौद्योगिकी को वैज्ञानिक खोज को प्रेरित करने वाली जिज्ञासा को बदलने के बजाय मानव क्षमता को मजबूत करना चाहिए। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत की वैज्ञानिक प्रगति ने एक नया आत्मविश्वास पैदा किया है, जो देश की बढ़ती वैश्विक स्थिति और इसके युवाओं के लिए अब उपलब्ध अवसरों में परिलक्षित होता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के संदेश ष्हम यह कर सकते हैंष् को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसे युग से आगे बढ़ गया है जब दुनिया ने प्रयोग किया था और भारत ने एक ऐसे युग की ओर कदम बढ़ाया है जिसमें दुनिया के बाकी हिस्सों के साथ भारत में वैज्ञानिक विकास हो रहा है और देश कई क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगला चरण निरंतर सहयोग, युवा प्रतिभाओं के लिए अधिक अवसरों और वैज्ञानिक क्षमता को नवाचार, आर्थिक अवसर और रोजमर्रा की जिंदगी के समाधान में निरंतर रूपांतरण पर निर्भर करेगा क्योंकि भारत विकसित भारत की ओर बढ़ रहा है।
जब दुनिया दीवारें खड़ी कर रही थी, तब भारत ने पुलों का निर्माण शुरू कियारू केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल
भारत 1 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य को अर्जित करने और 7 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर बनाए रखने को लेकर आश्वस्तरू श्री पीयूष गोयल
श्री पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की 25 वर्षों की निर्बाध सार्वजनिक सेवा पर प्रकाश डाला
भारत के मुक्त व्यापार समझौते संवेदनशील सेक्टरो की रक्षा करते हुए निर्यात और निवेश के अवसर खोलते हैं: श्री पीयूष गोयल
प्रौद्योगिकी-संचालित विकास और शासन के माध्यम से आंध्र प्रदेश एक उभरते हुए राज्य के रूप में सामने आ रहा हैरू श्री पीयूष गोयल
नई दिल्ली़, 08 अक्तूबर, अभीतक: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज नई दिल्ली में 31वें सीआईआई पार्टनरशिप समिट के पूर्वावलोकन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि “जब दुनिया दीवारें खड़ी कर रही थी, तब भारत ने पुलों का निर्माण आरंभ कर दिया था।” उन्होंने बताया कि भारत ने पिछले वर्ष 863 बिलियन डॉलर का निर्यात दर्ज किया और चालू वर्ष में 1 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रखा है। यह लगभग 16 प्रतिशत की वृद्धि होगी, जबकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में केवल 2.5 से 3 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है। वैश्विक अर्थव्यवस्था आघातों के प्रति संवेदनशील बनी हुई है और वैश्विक विकास दर 3 प्रतिशत से नीचे जाने का अनुमान है। श्री गोयल ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत 1 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य को अर्जित कर लेगा। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य केवल सरकार द्वारा ही नहीं, बल्कि भारत की जनता और कंपनियों द्वारा निर्धारित किया गया है। इसमें 63 मिलियन लघु एवं मध्यम उद्यम, बड़े और छोटे उद्योग, वैश्विक क्षमता केंद्र और लगभग 250,000 स्टार्टअप्स शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वर्ष के लिए अपने विकास अनुमानों को एक बार फिर बढ़ाया है और विश्वास व्यक्त किया है कि भारत 7 प्रतिशत से अधिक की दर से विकास करना जारी रखेगा और सबसे तेजी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा। श्री गोयल ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री चंद्रबाबू नायडू के साथ पूर्वावलोकन समारोह में भाग लिया। साझेदारी शिखर सम्मेलन 12 और 13 नवंबर को विशाखापत्तनम में आयोजित किया जाएगा। श्री गोयल ने शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए देशों से आग्रह करते हुए कहा कि यह आयोजन विकास, अवसर और साझेदारी के परिप्रेक्ष्य से भारत के इतिहास को देखने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने विशिष्ट अतिथियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने देशों से विशाखापत्तनम में सशक्त प्रतिनिधिमंडल भेजें और साझेदारी शिखर सम्मेलन द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों, पैनलों, चर्चाओं और औपचारिक एवं अनौपचारिक नेटवर्किंग अवसरों में भाग लें। उन्होंने सीआईआई से आग्रह किया कि वह प्रत्येक राज्य परिषद में एफटीए उपयोगिता डेस्क स्थापित करे ताकि एमएसएमई को मुक्त व्यापार समझौतों का प्रभावी ढंग से उपयोग करने, नए बाजार पहुंच के अवसरों और उत्पत्ति के नियमों को समझने, प्रतिनिधिमंडलों में शामिल होने, प्रदर्शनियों और सम्मेलनों में भाग लेने और वैश्विक बाजारों में अपने उत्पादों, प्रौद्योगिकियों और प्रस्तुतियों को प्रदर्शित करने में मदद मिल सके। श्री गोयल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने की उपलब्धि पर भी प्रकाश डाला, जिसकी शुरुआत 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल से हुई और 26 मई 2014 से भारत के प्रधानमंत्री के रूप में जारी रही। उन्होंने इसे निर्बाध सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष और एक बेदाग ट्रैक रिकॉर्ड के रूप में वर्णित किया, जिसका उद्देश्य भारत को वास्तव में एक शक्तिशाली राष्ट्र बनाना, भारत द्वारा अतीत में प्राप्त गौरव को पुनर्स्थापित करना और 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। श्री गोयल ने कहा कि 1.4 बिलियन भारतीयों की सामूहिक प्रतिबद्धता को प्रधानमंत्री द्वारा 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने और देश में पैदा होने वाले प्रत्येक बच्चे के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने के मिशन की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। भगवद् गीता के अध्याय 3 के श्लोक 21 का उल्लेख करते हुए श्री गोयल ने कहा, “महान नेता जो कुछ भी करते हैं, दूसरे उनका अनुसरण करते हैं। वे जो भी आदर्श स्थापित करते हैं, विश्व उनका अनुसरण करता है।” उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई सेवा पर देश को गर्व है। श्री गोयल ने कल्याण और सुशासन के क्षेत्र में अंतिम छोर तक पहुंचने पर प्रधानमंत्री के फोकस को रेखांकित किया। उन्होंने गुजरात की ज्योतिग्राम योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उस समय हर घर और हर खेत तक बिजली पहुंचाने और औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए उद्योग को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का पहला प्रयास था। श्री गोयल ने जन धन, आधार और मोबाइल की जेएएम त्रिमूर्ति का भी उल्लेख किया, जिसके माध्यम से भारत ने लोगों और सरकार के बीच संबंध को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया ने भारत के कोने-कोने में डिजिटल प्रौद्योगिकी और डिजिटल कनेक्टिविटी को सक्षम बना दिया है। श्री गोयल ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण का उल्लेख किया और कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने याद दिलाया था कि डिजिटल इंडिया आंदोलन के परिणामस्वरूप पिछले 12 वर्षों में देश को 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक, या 55 बिलियन डॉलर से अधिक की बचत हुई है। श्री गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा आसान रास्ते के बजाय सुधार का रास्ता चुना है। उन्होंने इस दृष्टिकोण के उदाहरण के रूप में देश भर में विभिन्न कर प्रणालियों को एक समान दायरे में लाने के लिए जीएसटी की शुरुआत और क्षेत्रीय पावर ग्रिडों को एक राष्ट्रीय ग्रिड में एकीकृत करने का उल्लेख किया। श्री गोयल ने कहा कि कोविड-19 और दुनिया के सामने चल रहे दो युद्धों जैसी चुनौतियों के बावजूद, भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रौद्योगिकी के महत्व को समझा है और यह प्रदर्शित किया है कि प्रौद्योगिकी किस प्रकार व्यापक रूप से जनता की सेवा कर सकती है। आधुनिक प्रौद्योगिकी को अपनाना पिछले 25 वर्षों में उनके कार्यों का मुख्य आधार रहा है। श्री गोयल ने कहा कि भारत का पूर्व में विकसित देशों के साथ संबंध स्थापित करने का दृष्टिकोण रक्षात्मक था और वह उनसे जुड़ने में हिचकिचाता था। इसमें ऑटोमोबाइल क्षेत्र और देश को नई प्रौद्योगिकियों के लिए खोलने की अनिच्छा भी शामिल थी। उन्होंने कहा कि आज भारत एक प्रगतिशील राष्ट्र के आत्मविश्वास के साथ विश्व के साथ जुड़ता है और प्रौद्योगिकी, प्रतिभा, प्रतिस्पर्धात्मकता तथा अपने उत्पादों और सेवाओं के लिए व्यापक बाजार पहुंच प्रदान करता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत द्वारा किए गए प्रत्येक मुक्त व्यापार समझौते और अन्य समझौते संवेदनशील क्षेत्रों, विशेष रूप से भारतीय कृषि, मत्स्य पालन और लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की रक्षा करते हैं, साथ ही कृषि उत्पादों, मत्स्य पालन और समुद्री उत्पादों, उच्च परिशुद्धता वाली वस्तुओं, इंजीनियरिंग उत्पादों और एमएसएमई द्वारा निर्मित इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के निर्यात के अवसर खोलते हैं। ये समझौते देशों और कंपनियों के लिए भारत में निवेश करने और विश्व के सबसे बड़े बाजार के विकास में भाग लेने के अवसर भी खोलते हैं। श्री गोयल ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था, जो वर्तमान में लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर की है, में 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ने की क्षमता है। उन्होंने भारत की युवा और महत्वाकांक्षी आबादी और अपने तथा अपने परिवारों के लिए बेहतर जीवन स्तर की उनकी इच्छा को रेखांकित किया। प्रौद्योगिकी के विषय पर श्री गोयल ने कहा कि भारत नई तकनीकों से पीछे नहीं हटता और वैश्विक स्तर पर विकसित सर्वश्रेष्ठ तकनीकों को अपनाता है। उन्होंने कहा कि देश अब उन चिंताओं से आगे बढ़ चुका है कि नई प्रौद्योगिकियों से रोजगार में कमी आ सकती है और अब उसे पूरा विश्वास है कि ये प्रौद्योगििकयां भारत के प्रतिभाशाली युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करेंगी। उन्होंने कहा कि भारत नई प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाकर विश्व को अपनी प्रतिभा और कौशल प्रदान करेगा, दक्षता और उत्पादकता में सुधार करेगा, भारतीय वस्तुओं और सेवाओं को वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा और साइबर सुरक्षा तथा उभरती प्रौद्योगिकियों पर आधारित अनुप्रयोगों सहित विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं के लिए अवसर सृजित करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय उद्योग और भारत के लोग प्रौद्योगिकी उन्नयन का लाभ उठाकर रोजगार, व्यवसाय और उद्यमिता के नए अवसर सृजित कर 1.4 बिलियन भारतीयों के हित में काम करेंगे। श्री गोयल ने बल देते हुए कहा कि भारत का विश्व के साथ संबंध विश्वास पर आधारित है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई, तब भी भारत ने वस्तुओं की आपूर्ति या सेवाओं के प्रावधान से संबंधित हर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता को समय पर पूरा किया। सख्त लॉकडाउन के दौरान भी, निर्यात-उन्मुख इकाइयों ने सामाजिक प्रोटोकॉल और सावधानियों का पालन करते हुए ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करना जारी रखा। ब्रॉडबैंड सेवाएं लोगों के घरों तक पहुंचाई गईं ताकि सेवाओं पर कोई असर न पड़े। वैश्विक कंपनियों के साथ हस्ताक्षरित सेवा स्तर समझौतों का भी सम्मान किया गया और उन्हें पूरा किया गया। रोम में आयोजित 2022 जी20 शिखर सम्मेलन का स्मरण करते हुए श्री गोयल ने कहा कि वैश्विक नेताओं ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा करते हुए भारत को विश्व का एक विश्वसनीय साझेदार बताया था। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में कई क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों ने भारत की क्रेडिट रेटिंग को अपग्रेड किया है। श्री गोयल ने कहा कि भारतीय उद्योग अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से आगे रहने, सतत विकास के लक्ष्यों की ओर कार्बन उत्सर्जन को कम करने में प्रगति करने और श्रम सुधारों से लाभ उठाने पर केंद्रित है। ये सुधार उद्योग को समृद्ध बनाने के साथ-साथ भारतीय श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, अच्छा वेतन, मजदूरी और बेहतर जीवन शैली के लिए सुविधाएं प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योग की आकांक्षाओं और आवश्यकताओं को पूरा करने तथा भारत द्वारा अपनाए जाने वाले कड़े वैश्विक मानकों के अनुरूप काम करने के लिए निरंतर व्यापार सुगमता उपायों, सुशासन और उद्योग एवं सरकार के बीच संवाद पर काम कर रही है। साझेदारी शिखर सम्मेलन की थीम का उल्लेख करते हुए श्री गोयल ने कहा कि यह विशाखापत्तनम में आयोजित 2025 शिखर सम्मेलन में उनके द्वारा रेखांकित किए गए पांच श्टीश् (प्रौद्योगिकी, विश्वास, व्यापार, प्रतिभा और परंपरा) से अत्यधिक मिलता-जुलता है। उन्होंने कहा कि ये पांच श्टीश् मजबूत साझेदारियों को दर्शाते हैं और व्यापार, प्रौद्योगिकी, विश्वास एवं वैचारिक नेतृत्व भारत की विकास गाथा के प्रमुख तत्व और परिभाषित विशेषताएं बन रहे हैं। श्री गोयल ने साझेदारी शिखर सम्मेलन के महत्व पर भी प्रकाश डाला, इसे भारत की उपलब्धियों का समारोह मनाने, भारत की विकास गाथा को विश्व के समक्ष प्रस्तुत करने और दुनिया भर के देशों और प्रतिनिधिमंडलों के साथ संबंध बनाने का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि भारत कठिन और चुनौतीपूर्ण समय में अपने मित्रों के साथ खड़ा रहेगा, जो ष्वसुधैव कुटुंबकमष् की भारतीय भावना को दर्शाता है, जिसके तहत विश्व को एक परिवार के रूप में देखा जाता है। श्री गोयल ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री नारा चंद्रबाबू नायडू को प्रौद्योगिकी आधारित विकास और शासन के लिए बधाई दी। उन्होंने आंध्र प्रदेश को देश का ष्सनराइज राज्यष् बताया और कहा कि जब केंद्र और राज्य सरकारें साझेदार के रूप में मिलकर काम करती हैं, तो लोगों की प्रगति होती है और आंध्र प्रदेश के लोगों के लिए अधिक समृद्धि आती है। श्री गोयल ने कहा कि गूगल का पहला एआई हब विशाखापत्तनम में बन रहा है, जहां पार्टनरशिप समिट का आयोजन होगा, वहीं अमरावती क्वांटम वैली के रूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि श्री चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश में निवेश और विकास को बढ़ावा देने तथा राज्य के प्रत्येक व्यक्ति के कल्याण एवं खुशहाली के लिए व्यापार करने में सुगमता पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उन्होंने इसे ष्टीम इंडिया का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनष् बताया, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम कर रही हैं, केंद्र सरकार मुक्त व्यापार समझौतों और अन्य अवसरों के माध्यम से वैश्विक बाजारों के द्वार खोल रही है और आंध्र प्रदेश इन अवसरों को कारखानों, डेटा केंद्रों और रोजगारों में परिवर्तित कर रहा है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश और यहां के लोगों ने देश और दुनिया भर में अपनी उपलब्धियों से भारत को गौरवान्वित किया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग और प्रौद्योगिकी के बढ़ते प्रभाव पर हुई चर्चा का उल्लेख करते हुए उन्होंने आंध्र प्रदेश के लोगों के अपने-अपने व्यवसायों में और संख्याओं, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और गणित में उनकी क्षमताओं के माध्यम से विश्व भर में किए गए योगदान पर प्रकाश डाला। श्री गोयल ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि आज का भारत आकांक्षी है, भारतीय कंपनियां आत्मविश्वास से भरी है और देश वैश्विक स्तर पर सम्मान प्राप्त कर रहा है। उन्होंने कहा कि 1.4 बिलियन लोगों की प्रतिबद्धता भारत को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि साझेदारी शिखर सम्मेलन का 31वां संस्करण भारत और भारतीय उद्योग के विकास की गाथा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी, क्योंकि देश 30 ट्रिलियन डॉलर का विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है।
बस्तर में 9वीं राष्ट्रीय समीक्षा कार्यशाला का शुभारंभ, ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प को जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणामों में बदलने की कार्ययोजना पर मंथन
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र के व्यापक परिवर्तन, संस्थागत सुदृढ़ीकरण और समावेशी विकास को गति देने पर जोर
सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने सहकारी संस्थाओं में लोकतांत्रिक व्यवस्था, पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रभावी सुशासन को मजबूत करने का किया आह्वान
सहकारी बैंकों की स्वायत्तता के साथ जवाबदेही और प्रभावी निगरानी आवश्यक, राज्यों के सहकारिता पंजीयकों को अधिक सक्रिय भूमिका निभानी होगी: डॉ. भूटानी
छब्क्ब् अधिनियम में हालिया संशोधन से सहकारी विकास को बढ़ावा देने वाली अन्य संस्थाओं के लिए भी वित्तीय सहायता के नए अवसर उपलब्ध होंगे
सहकारी उत्पादों के विपणन के लिए साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म और मॉडल सहकारी बैंक की अवधारणा पर राज्यों से सुझाव लिए जाएंगे
राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं छब्म्स्ए छब्व्स् और ठठैैस् के माध्यम से निर्यात, जैविक उत्पादों और बीज क्षेत्र में मजबूत मूल्य श्रृंखलाओं के विकास पर विशेष ध्यान
च्।ब्ैए डेयरी सहकारी संस्थाओं, सहकारी बैंकिंग, डिजिटलीकरण और व्यवसाय विविधीकरण के क्षेत्र में राज्यों की सफल पहलों तथा आगामी तीन महीनों की कार्ययोजना की समीक्षा
दो दिवसीय कार्यशाला में राज्यों के अनुभवों, चुनौतियों और नवाचारों के आधार पर सहकारिता क्षेत्र के लिए व्यावहारिक मॉडल और भविष्य की रणनीति तैयार करने पर जोर
नई दिल्ली़, 08 अक्तूबर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में देश के सहकारिता क्षेत्र को अधिक सशक्त, पारदर्शी, जवाबदेह और आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सहकारिता मंत्रालय द्वारा 8 और 9 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ के बस्तर में ‘सहकार से समृद्धि कृ आगे की राहरू सहकारिता रूपांतरण से व्यापक प्रभाव की ओर’ विषय पर 9वीं राष्ट्रीय समीक्षा कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला का उद्देश्य सहकारिता क्षेत्र में संचालित प्रमुख पहलों की प्रगति की समीक्षा करना, राज्यों की सफल कार्यप्रणालियों और जमीनी अनुभवों को साझा करना तथा आगामी तीन महीनों के लिए परिणामोन्मुखी कार्ययोजना तैयार करना है। कार्यशाला में विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी, सहकारिता पंजीयक, राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं और संघों के प्रतिनिधि तथा सहकारिता क्षेत्र से जुड़े प्रमुख हितधारक भाग ले रहे हैं। दो दिवसीय कार्यशाला को राज्यों के नेतृत्व में विचार-विमर्श और अनुभवों के आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण मंच बनाया गया है, जहां सहकारी संस्थाओं के पुनरुद्धार, वित्तीय सुदृढ़ीकरण, व्यवसाय विविधीकरण, डिजिटलीकरण, क्षमता निर्माण और बाजार तक पहुंच बढ़ाने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की जा रही है। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने कहा कि लंबे समय तक वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित रहे बस्तर जिले में सहकारी विकास को लेकर इस कार्यशाला के आयोजन का सुझाव केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने स्वयं दिया था, जिससे इस पहल का महत्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य केवल विभिन्न योजनाओं और पहलों पर चर्चा करना नहीं, बल्कि उनसे प्राप्त अनुभवों और निष्कर्षों को धरातल पर लागू करना है। सहकारी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय, संस्थागत सहयोग और सफल कार्यप्रणालियों को व्यापक स्तर पर अपनाने से सहकारिता आंदोलन को और मजबूत बनाया जा सकता है। सहकारी संस्थाओं में लोकतांत्रिक व्यवस्था, पारदर्शिता और सहकारिता के मूल सिद्धांतों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए डॉ. भूटानी ने कहा कि ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में छोटे कारोबारियों तथा आम नागरिकों के आर्थिक सशक्तीकरण में इन संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। सहकारी बैंकिंग क्षेत्र का उल्लेख करते हुए डॉ. भूटानी ने कहा कि सहकारी बैंक समाज के उन वर्गों तक वित्तीय सेवाएं पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं, जिन्हें कई बार वाणिज्यिक और निजी बैंकों से पर्याप्त ऋण तथा अन्य बैंकिंग सुविधाएं नहीं मिल पातीं। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों की स्वायत्तता के साथ उनकी जवाबदेही और प्रभावी निगरानी भी अत्यंत आवश्यक है। सहकारी बैंकों के प्रशासन और सुशासन से जुड़ी कमियों को दूर करने के लिए अधिक व्यवस्थित और रणनीतिक निगरानी तंत्र विकसित करने की आवश्यकता बताते हुए उन्होंने सभी राज्यों के सहकारिता पंजीयकों से इस दिशा में अधिक सतर्क और सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने आगाह किया कि निगरानी में किसी भी प्रकार की कमजोरी का प्रभाव केवल संबंधित संस्था तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे सहकारी क्षेत्र की विश्वसनीयता पर पड़ सकता है। सहकारिता मंत्रालय के सचिव ने कहा कि मंत्रालय भारतीय रिजर्व बैंक के साथ निरंतर समन्वय कर रहा है, ताकि सहकारी बैंकों की संसाधन जुटाने की क्षमता बढ़ाई जा सके और किसानों तथा सहकारी क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारकों को रियायती दरों पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की संभावनाओं को मजबूत किया जा सके। उन्होंने सहकारी बैंकिंग को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाने, जोखिम प्रबंधन को सुदृढ़ करने और ग्राहकों का विश्वास बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। सहकारी विकास के लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के महत्व को रेखांकित करते हुए डॉ. भूटानी ने कहा कि कार्यशाला में नाबार्ड की टीम की भागीदारी से विभिन्न योजनाओं और संस्थाओं के वित्तपोषण से जुड़े विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (छब्क्ब्) के साथ भी एक विशेष सत्र निर्धारित किया गया है, जिसमें सहकारी क्षेत्र की विभिन्न पहलों के लिए वित्तीय सहायता की उपलब्धता और राज्यों की विशिष्ट आवश्यकताओं पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन वर्षों में छब्क्ब् सहकारी क्षेत्र को वित्तीय एवं संस्थागत सहयोग प्रदान करने वाली एक प्रमुख संस्था के रूप में उभरा है। छब्क्ब् अधिनियम में हाल में किए गए संशोधन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे उन संस्थाओं को भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जो स्वयं सहकारी संस्थाएं नहीं हैं, लेकिन सहकारी विकास को बढ़ावा देने का कार्य करती हैं। इससे राज्यों की विभिन्न संस्थाओं के लिए एनसीडीसी से सीधे वित्तीय सहायता प्राप्त करने के नए अवसर खुल सकते हैं। उन्होंने राज्यों से इन अवसरों का प्रभावी लाभ उठाने और बेहतर समन्वय के साथ वित्तपोषण संबंधी पहलों को आगे बढ़ाने का आग्रह किया। डेयरी क्षेत्र की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए डॉ. भूटानी ने कहा कि कार्यशाला में डेयरी संस्थाओं द्वारा संचालित पहलों, उन्हें सहकारी संस्थाओं के रूप में विकसित करने की संभावनाओं तथा संबंधित मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करने के उपायों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके साथ ही मानव संसाधन नीतियों, संस्थागत क्षमता निर्माण, नवाचार और सहकारी क्षेत्र की उभरती आवश्यकताओं पर भी चर्चा की जाएगी। सहकारिता सचिव ने सभी राज्यों से अपने-अपने सहकारी क्षेत्रों में किए जा रहे नए प्रयोगों, सफल मॉडलों और नवाचारों को साझा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में अनेक उल्लेखनीय पहलें लागू की जा रही हैं, लेकिन उनकी जानकारी अन्य राज्यों तक पर्याप्त रूप से नहीं पहुंच पाती। कुछ राज्यों द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों से संबंधित गतिविधियों में की गई पहलों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे अनुभवों के आदान-प्रदान से राष्ट्रीय स्तर पर सफल कार्यप्रणालियों का एक मजबूत ज्ञान-आधार तैयार होगा और अन्य राज्यों को भी इसी प्रकार के नवाचार अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। सहकारी उत्पादों और कृषि उपज के अधिक प्रभावी विपणन के लिए एक साझा सहकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने के प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए डॉ. भूटानी ने कहा कि कार्यशाला में इस पहल की प्रगति और इसे आगे बढ़ाने में राज्यों की संभावित भूमिका पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (व्छक्ब्) ने भी इस पहल में सहयोग देने की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में आगे बढ़ने से पहले राज्यों के सुझाव और मार्गदर्शन प्राप्त किए जाएंगे, ताकि सहकारी संस्थाओं को व्यापक बाजारों से जोड़ने के लिए एक व्यावहारिक और प्रभावी व्यवस्था विकसित की जा सके। डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने कहा कि कार्यशाला में विचार-विमर्श को अधिक सहभागितापूर्ण बनाया गया है, ताकि मंत्रालय राज्यों के अनुभवों, समस्याओं और सुझावों को विस्तार से सुन सके। इन सुझावों के आधार पर जमीनी आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक मॉडल, दिशा-निर्देश और परिपत्र तैयार करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे सहकारी संस्थाओं के संचालन, वित्तपोषण, प्रशासन और व्यवसाय विस्तार से संबंधित अपनी चुनौतियों को खुलकर सामने रखें। प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (च्।ब्ै) और जनजातीय सहकारी संस्थाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए सहकारिता सचिव ने कहा कि कार्यशाला के कार्यक्रम में कुछ चयनित सहकारी संस्थाओं के भ्रमण को भी शामिल किया गया है। इन भ्रमणों से प्रतिभागियों को सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से देखने और स्थानीय स्तर पर अपनाई जा रही व्यवस्थाओं को समझने का अवसर मिलेगा। उन्होंने च्।ब्ै और जनजातीय सहकारी संस्थाओं को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के सहकारी संघों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि उनके उत्पादों और उपज को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके तथा सदस्यों को लाभकारी मूल्य मिल सके। च्।ब्ै के माध्यम से सरकारी खरीद की गतिविधियों का अधिक गहन आकलन करने का आह्वान करते हुए डॉ. भूटानी ने कहा कि जिन राज्यों में च्।ब्ै सरकारी खरीद गतिविधियों में भाग ले रही हैं, वहां उनके वास्तविक अनुभवों का विस्तृत मूल्यांकन किया जाना चाहिए। उन्होंने राज्यों से च्।ब्ै को मिलने वाले कमीशन, वास्तविक आर्थिक लाभ, भुगतान में होने वाली देरी और इन गतिविधियों की समग्र वित्तीय व्यवहार्यता से संबंधित जानकारी साझा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों की सफल कार्यप्रणालियों को संकलित कर ऐसे व्यावहारिक मॉडल विकसित किए जा सकते हैं, जिन्हें देशभर में व्यापक स्तर पर अपनाया जा सके। उद्घाटन सत्र में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकास शील ने कार्यशाला में भाग लेने वाले सभी राज्यों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए सहकारिता क्षेत्र के विकास के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बस्तर में आयोजित यह कार्यशाला राज्यों के बीच सहयोग, अनुभवों के आदान-प्रदान और व्यावहारिक समाधानों के विकास को नई गति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि कार्यशाला से प्राप्त सुझावों और निष्कर्षों के आधार पर सहकारी संस्थाओं को अधिक मजबूत, पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के प्रयासों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी। कार्यशाला के पहले दिन सहकारिता मंत्रालय की प्रमुख पहलों के अंतर्गत पिछले तीन महीनों की उपलब्धियों की समीक्षा की गई तथा राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप प्रगति और अगले तीन महीनों की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई। इनमें बहुउद्देशीय च्।ब्ै का गठन, च्।ब्ै का कम्प्यूटरीकरण, सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना, व्यवसाय विविधीकरण, सहकारी बैंकिंग तथा छब्म्स्ए छब्व्स्ए ठठैैस् और छब्क्ब् से जुड़ी पहलें शामिल थीं। कार्यशाला के दौरान ‘सहकारी विकास की कहानी: पूर्वोत्तर राज्य और पूर्वी सीमांत क्षेत्र’ विषय पर सत्र आयोजित किए गए, जिनमें छत्तीसगढ़ और ओडिशा के वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों में सहकारी विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके अतिरिक्त सहकारी बैंकिंग क्षेत्र, ऋण वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने, व्यवसाय विविधीकरण को बढ़ावा देने, नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने, जोखिम प्रबंधन में सुधार और ग्राहकों का विश्वास बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (छब्म्स्), राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (छब्व्स्) और भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (ठठैैस्) जैसी राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं के माध्यम से प्राथमिक सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने पर भी चर्चा हुई। विचार-विमर्श में सहकारी संस्थाओं की प्रशासनिक एवं व्यावसायिक क्षमताओं को मजबूत करने, सदस्यों के लाभ बढ़ाने, सतत विकास के अवसर सृजित करने तथा बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी संस्थाओं (डच्च्) और बहुउद्देशीय सहकारी समितियों (डब्ब्) के माध्यम से उभरती मूल्य श्रृंखलाओं के विकास जैसे विषय भी शामिल रहे।
केंद्रीय मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने चेन्नई में ‘विंडर्जी इंडिया 2026’ का उद्घाटन कियाय 2030 तक 100 गीगावाट पवन ऊर्जा क्षमता हासिल करने का रोडमैप प्रस्तुत किया
सितंबर 2026 तक पवन ऊर्जा क्षमता 59.20 गीगावाट तक पहुंची: श्री प्रल्हाद जोशी
नई दिल्ली़, 08 अक्तूबर, अभीतक: केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा और उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने 8 अक्टूबर, 2026 को चेन्नई में विंडर्जी इंडिया 2026 के 8वें संस्करण का उद्घाटन किया। यह आयोजन 7 से 9 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित हो रहे प्रमुख वैश्विक पवन ऊर्जा सम्मेलन की शुरुआत का प्रतीक है। तमिलनाडु के ऊर्जा संसाधन एवं विधि मंत्री श्री थिरु सी.टी.आर निर्मल कुमार इस उद्घाटन समारोह में उपस्थित थे। इस अवसर पर केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, पवन ऊर्जा संघों के प्रतिनिधि और उद्योग जगत के नेतृत्वकर्ता भी उपस्थित थे। विंडर्जी इंडिया 2026 वैश्विक पवन ऊर्जा इकोसिस्टम को एक साझा मंच पर लाया है, जिसमें 20 से अधिक देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले लगभग 400 प्रदर्शक, 500 प्रतिनिधि और डेनमार्क, जर्मनी और स्पेन के समर्पित कंट्री पवेलियन (देश-विशिष्ट मंडप) शामिल हैं। मुख्य भाषण देते हुए केंद्रीय मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने देश में पवन ऊर्जा की अपार संभावनाओं और इसके द्वारा प्रदान किए जाने वाले विशाल अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “भारत के पवन ऊर्जा क्षेत्र ने मजबूत गति प्रदर्शन किया है, जिसमें वित्त वर्ष 2026 (एफवाई 2026) में 6.05 गीगावाट (जीडब्ल्यू) की अब तक की सबसे अधिक वार्षिक स्थापना हासिल की गई है। हमें विश्वास है कि वार्षिक पवन ऊर्जा स्थापनाएं वित्त वर्ष 2027 में इस रिकॉर्ड को पार कर जाएंगी, जो भारत की पवन ऊर्जा यात्रा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि का प्रमाण होगा। यह निरंतर वृद्धि 2030 तक 100 गीगावाट स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता के हमारे राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने की नींव को मजबूत करेगी और भारत के पवन ऊर्जा क्षेत्र के विकास को और गति प्रदान करेगी। एक मजबूत परियोजना पाइपलाइन और सहायक नीतिगत ढांचे के साथ भारत इस गति को बनाए रखने और पवन ऊर्जा विकास के अगले चरण के लिए आवश्यक पैमाने को हासिल करने के लिए पूरी तरह से तौयार है। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि भारत का पवन ऊर्जा क्षेत्र निरंतर विकास के एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। 30 सितंबर, 2026 तक 59.20 गीगावाट की स्थापित क्षमता के साथ भारत 2030 तक 100 गीगावाट पवन ऊर्जा क्षमता के आंकड़े को पार करने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है, जिससे पवन ऊर्जा उत्पादन और निर्यात में वैश्विक नेतृत्व के लिए एक ठोस आधार तैयार हो रहा है। तमिलनाडु के ऊर्जा मंत्री थिरु सीटीआर निर्मल कुमार ने पवन ऊर्जा विकास में राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका और नई पहलों, जैसे कि राज्य की ‘रीपॉवरिंग’ नीति को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए सक्रिय कदमों को रेखांकित किया। भूमि सुगमता, समय पर मंजूरी और मार्ग अधिकार (आरओडब्ल्यू) संबंधी मुद्दों के समाधान के माध्यम से पवन ऊर्जा विकास को आगे बढ़ाने में असाधारण नेतृत्व के लिए विभिन्न राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। भारतीय पवन ऊर्जा क्षेत्र में प्रौद्योगिकीय प्रगति को बढ़ावा देने के लिए आईडब्ल्यूटीएमए-बीडब्ल्यूई वैश्विक समझौता ज्ञापन, आईडब्ल्यूटीएमए -पीटीबी आशय पत्र और आईडब्ल्यूटीएमए-ओईसीडी सहयोग सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और घरेलू समझौतों की घोषणा की गई। इसके अतिरिक्त उद्घाटन समारोह के दौरान तमिलनाडु में ऊर्जा संक्रमण (परिवर्तन) और ष्भारतीय पवन ऊर्जा क्षेत्र के लिए संविदात्मक तंत्र की पुनर्कल्पना शीर्षक वाली रिपोर्टें भी जारी की गईं। प्रतिभागियों को सार्थक सहयोग, प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान और नई साझेदारियों के लिए ‘विंडर्जी इंडिया 2026’ को एक गतिशील मंच के रूप में उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। भारत की पवन ऊर्जा महत्वाकांक्षा के विशाल दायरे के लिए सरकार, उद्योग जगत, शिक्षा जगत, अनुसंधान संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। एक साथ मिलकर भारत संपूर्ण पवन ऊर्जा मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ कर सकता है, नवाचार और तैनानी में तेजी ला सकता है तथा पवन ऊर्जा के एक अग्रणीय वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत कर सकता है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस का उद्घाटन किया
भारत के दूरसंचार क्षेत्र को लगातार अधिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हुए देखना उत्साहजनक है: प्रधानमंत्री
पिछले 10-12 वर्षों में, मोबाइल फोन, आधुनिक संचार का माध्यम होने के साथ-साथ, सुशासन के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में भी उभरा है, और यह हमारे डिजिटल इंडिया विजन के मूल में रहा हैरू प्रधानमंत्री
एक दशक पहले तक, भारत में डिजिटल विभाजन एक बड़ी चुनौती थीय आधुनिक तकनीक तेजी से एक विशेषाधिकार बनती जा रही थीय केवल साधन वाले ही आधुनिक तकनीक का लाभ उठा सकते थे, भारत में यही परिदृश्य सामने आ रहा था, डिजिटल इंडिया अभियान के साथ, हमने इस वास्तविकता को बदलने का फैसला किया, और मोबाइल फोन को इसके केंद्र में रखाय प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण की दिशा में यह एक बड़ा प्रयास था: प्रधानमंत्री
आज, सरकार की सैकड़ो सेवाएं मोबाइल फोन पर हैं, सरकारी मदद अब सीधे लाभार्थियों के खाते में जाती है: प्रधानमंत्री
मोबाइल फोन अब केवल बातचीत का माध्यम नहीं रह गए हैं, बल्कि उन्होंने कम यात्रा, कम प्रतीक्षा, कम लागत और अधिक सुविधा सुनिश्चित की है, यह प्रौद्योगिकी का सबसे बड़ा नागरिक लाभांश है: प्रधानमंत्री
भारत में, मोबाइल फोन आज गेमिंग कंसोल और क्रिएशन स्टूडियो दोनों के रूप में कार्य करता है: प्रधानमंत्री
आज दूरसंचार और डिजिटल प्रौद्योगिकी के महत्व को देखते हुए, इसके सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना महत्वपूर्ण है, फोन और नेटवर्क सुरक्षा हम सभी के लिए प्राथमिकता है: प्रधानमंत्री
हम सभी डीपफेक की बड़ी चुनौती देख रहे हैं, इसलिए इससे निपटने के लिए वैश्विक ढांचे पर काम करना महत्वपूर्ण है: प्रधानमंत्री
पिछले कुछ वर्षों में, भारत ने उपभोक्ता से निर्माता बनने की यात्रा तय की हैय अब, भारत उस लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, जहां उत्पाद और डिजाइन भारत में ही बनाया जाएगा, और इसकी तकनीक और आईपी भी भारत के होंगे: प्रधानमंत्री
नई दिल्ली़, 08 अक्तूबर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज यशोभूमि, नई दिल्ली में 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) का उद्घाटन किया। एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मील के पत्थर के उपलक्ष्य में, प्रधानमंत्री ने 8 अक्टूबर को वायु सेना दिवस के रूप में सम्मानित किया, जिसमें उन्होंने देश के बहादुर हवाई रक्षकों को अपने शुरुआती विचार समर्पित किए। उन्होंने आसमान की रक्षा करने वाले साहसी कर्मियों को गर्व से सलाम किया। प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं अपने सभी बहादुरों को नमन करता हूं और देश को वायु सेना दिवस की शुभकामनाएं देता हूं। एक महत्वपूर्ण व्यक्तिगत उपलब्धि पर विचार करते हुए, प्रधानमंत्री ने एक दिन पहले सरकार के प्रमुख के रूप में निरंतर सेवा के ठीक 25 साल पूरे करने के लिए अपना गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रत्येक नागरिक और अंतरराष्ट्रीय मित्र को हार्दिक धन्यवाद दिया जिन्होंने सार्वजनिक सेवा की इस स्वाभाविक यात्रा में उनका समर्थन किया। प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं दुनिया भर के हर देशवासी और भारत के हर मित्र को उनकी शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त करता हूं। लंबे समय तक चलने वाली सफलता का जिक्र करते हुए, प्रधानमंत्री ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस की 10वीं वर्षगांठ मनाई और साथ ही देश में जीएसएमए बोर्ड की बैठक की मेजबानी करने के खास सम्मान का भी जिक्र किया। उन्होंने वहां मौजूद टेलीकॉम ऑपरेटरों, इंडस्ट्री के लीडर्स, शिक्षाविदों और स्टार्टअप्स के पूरे ग्लोबल इकोसिस्टम का दिल से स्वागत किया। भारी मन से संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने महान अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बारे में सुबह की दुखद खबर साझा की। उन्होंने पर्दे पर विविध प्रकार के पात्रों को जीवंत करके लगातार दर्शकों का दिल जीतने के लिए शानदार कलाकार की प्रशंसा की। श्री मोदी ने कहा, ष्वह एक शानदार कलाकार थे, जिन्होंने विभिन्न पात्रों के माध्यम से दर्शकों का दिल जीत लिया। दिवंगत अभिनेता की गहन राष्ट्रीय भावना की प्रशंसा करते हुए, प्रधानमंत्री ने नाना पाटेकर को एक स्वतंत्र आत्मा के रूप में वर्णित किया, जिनका जीवन पूरी तरह से तिरंगे के सम्मान और गौरव के लिए समर्पित था। उन्होंने दिवंगत अभिनेता को एक सिनेमाई क्रांतिकारी के रूप में वर्णित किया, जिनके तीखे संवाद और शक्तिशाली चुप्पी ने सामाजिक बुराइयों और राष्ट्र विरोधी तत्वों के खिलाफ लगातार प्रहार किया। श्री मोदी ने कहा, “मैं नाना पाटेकर जी को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनके परिवार के सदस्यों और प्रशंसकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। इंडिया मोबाइल कांग्रेस के लेंस के माध्यम से डिजिटल कनेक्टिविटी के उल्लेखनीय विकास का पता लगाते हुए, प्रधानमंत्री ने 2022 में उसी चरण से 5जी लॉन्च करने और 2023 में इसके बड़े पैमाने पर विस्तार की भविष्यवाणी करने को याद किया। उन्होंने गर्व से घोषणा की कि 5जी नेटवर्क, जो अब 5.5 लाख से अधिक बेस स्टेशनों से काम कर रहा है, सफलतापूर्वक हर एक जिले तक पहुंच गया है, जिससे इंटरनेट की गति दस गुना बढ़ गई है। श्री मोदी ने जोर देकर कहा, ष्आज हम सभी देख रहे हैं कि देश के हर जिले में 5जी कनेक्टिविटी पहुंच गई है। मंच के बढ़ते वैश्विक कद पर विचार करते हुए, प्रधानमंत्री ने याद किया कि कैसे 2024 संस्करण ने वैश्विक मानकों पर चर्चा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ की मेजबानी की थी, जबकि पिछले वर्षों में घरेलू नवाचार और विनिर्माण पर बहुत अधिक ध्यान केंद्रित किया गया था। उन्होंने देश की बढ़ती दूरसंचार सफलता के लिए एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक के रूप में उभरने और इसके सबसे भव्य सपनों को साकार करने का श्रेय इंडिया मोबाइल कांग्रेस को दिया। प्रधानमंत्री ने कहा, “पिछले वर्षों में, यह मंच भारत की प्रगति, भारत के सपनों के मंच के रूप में उभरा है। शिखर सम्मेलन के महत्वाकांक्षी विषय को अपनाते हुए, प्रधानमंत्री ने प्रतिनिधियों को चुनौती दी कि वे देश की अपनी परिवर्तनकारी यात्रा को बिना सीमाओं के स्केलिंग के अंतिम प्रमाण के रूप में देखें। उन्होंने यह साझा करने का वादा किया कि कैसे देश सक्रिय रूप से रहता है और असीम विस्तार के इस सटीक दृष्टिकोण को क्रियान्वित करता है। प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं आपको भारत के अनुभवों से बताना चाहता हूं कि हमने कैसे जीया है और सीमाओं के बिना पैमाने के सपने को प्रदर्शित किया है। कनेक्टिविटी के मूल उद्देश्य को फिर से परिभाषित करते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि जहां वैश्विक दूरसंचार स्पेक्ट्रम, टावरों और नेटवर्क की गति पर बहस करता है, वहीं मोबाइल फोन घरेलू आबादी के लिए कहीं अधिक गहन रूप से विकसित हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा, “पिछले 10-12 वर्षों में, मोबाइल फोन सुशासन के एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में उभरा है, जो डिजिटल इंडिया विजन के पूर्ण मूल के रूप में कार्य कर रहा है। दूरसंचार में तेजी के पीछे के मूलभूत उद्देश्यों को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने देश के डेटा, किफायती उपकरणों और बड़े पैमाने पर उपयोगकर्ता आधार के बारे में वैश्विक विस्मय को स्वीकार किया, लेकिन दर्शकों से इन उपलब्धियों के पीछे श्क्योंश् और श्कैसेश् को समझने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि इस अंतर्निहित उद्देश्य को समझने से पता चलता है कि देश को आगे ले जाने वाला सटीक फोकस क्षेत्र क्या है। श्री मोदी ने कहा, “जब हम इसे समझेंगे, तो हर कोई भारत का फोकस क्षेत्र बिल्कुल स्पष्ट पाएगा। डिजिटल बहिष्करण के खिलाफ आक्रामक लड़ाई का विवरण देते हुए, प्रधानमंत्री ने याद किया कि कैसे आधुनिक तकनीक एक दशक पहले तेजी से एक विशिष्ट विशेषाधिकार बन रही थी। उन्होंने बताया कि डिजिटल इंडिया अभियान ने प्रौद्योगिकी का जमकर लोकतंत्रीकरण करने के लिए मोबाइल फोन को जानबूझकर केंद्रीकृत किया, व्यापक दूरसंचार सुधारों को क्रियान्वित किया और घरेलू स्तर पर उपकरणों का निर्माण सुनिश्चित करने के लिए बुनियादी ढांचे का व्यापक विस्तार किया। श्री मोदी ने कहा, “प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण के लिए यह एक बहुत बड़ा प्रयास था। इस डिजिटल लोकतंत्रीकरण द्वारा बनाए गए अनुकूलन को प्रदर्शित करते हुए, प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे मोबाइल फोन और डेटा की व्यापक पहुंच ने आम नागरिकों के लिए जीवन की सुगमता में काफी सुधार किया है, वैश्विक महामारी के दौरान कार्यालयों, बैंकों और स्कूलों को निर्बाध रूप से चलाया है। उन्होंने इस बात का जश्न मनाया कि कैसे दूरदराज के गांवों के सबसे गरीब बच्चे भी अब आसानी से गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। श्री मोदी ने जोर देकर कहा, “डिजिटल शिक्षा हर किसी की पहुंच के भीतर आ रही है। इस शैक्षिक क्रांति को मान्य करने के लिए चैंका देने वाले मेट्रिक्स प्रस्तुत करते हुए, प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय दीक्षा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से डेटा साझा किया। उन्होंने बताया कि जुलाई 2022 तक महामारी के चरम के दौरान, प्लेटफॉर्म ने 5 बिलियन से अधिक शिक्षण सत्रों और 60 बिलियन शिक्षण के अवसरों की सुविधा प्रदान की। श्री मोदी ने कहा, “अब हमारा प्रयास लगभग 25 करोड़ छात्रों को हमारे सभी डिजिटल और ऑनलाइन शिक्षा माध्यमों से जोड़ने का है। यह बताते हुए कि कैसे प्रौद्योगिकी ने एक विशाल विषम राष्ट्र को एकजुट किया, प्रधानमंत्री ने कहा कि मोबाइल कनेक्टिविटी ने व्यवस्थित रूप से उन विशाल भौगोलिक और भाषाई बाधाओं को दूर कर दिया जो पहले दैनिक जीवन में बाधा डालती थीं। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि डिजिटल बदलाव से पहले, नागरिकों ने बुनियादी बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवा और सरकारी सेवाओं तक पहुंचने के लिए शहरी केंद्रों की यात्रा करने में भारी मात्रा में समय और पैसा बर्बाद किया। श्री मोदी ने कहा, “मोबाइल कनेक्टिविटी ने इस विविधता को सुविधा से भी जोड़ा है। डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से हासिल की गई महत्वपूर्ण वित्तीय जुड़ाव का विवरण देते हुए, प्रधानमंत्री ने गर्व से कहा कि 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक मोबाइल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सीधे लाभार्थियों को हस्तांतरित किए गए हैं, जिससे प्रभावी रूप से 5 लाख करोड़ रुपये को भ्रष्ट हाथों में लीक होने से रोका जा सका है। उन्होंने विशेष रूप से पीएम किसान सम्मान निधि पर प्रकाश डाला, जिसने हाशिए पर रहने वाले छोटे किसानों को सीधे 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक सुरक्षित रूप से जमा किए हैं, जिन्होंने पहले कभी सरकारी लाभ नहीं देखा था। श्री मोदी ने कहा, “अब वही पैसा सही लाभार्थी तक पहुंच रहा है। इस तकनीकी सशक्तिकरण के पीछे के अंतिम दर्शन को संक्षेप में प्रस्तुत करते हुए, प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि मोबाइल फोन कम यात्रा, कम प्रतीक्षा, कम लागत और अधिक सुविधा की गारंटी देने के लिए सरल चैटिंग से आगे बढ़ गए हैं। उन्होंने इस व्यापक समग्र परिवर्तन को आम आदमी के लिए तकनीकी निवेश पर अंतिम रिटर्न के रूप में ब्रांडेड किया। श्री मोदी ने कहा, “यह प्रौद्योगिकी का सबसे बड़ा नागरिक लाभांश है। मजबूत बुनियादी ढांचे से उत्पन्न आर्थिक श्रृंखला प्रतिक्रिया पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे रिमोट टावर इंस्टॉलेशन, बड़े पैमाने पर ऑप्टिकल फाइबर रोलआउट और सस्ते डेटा ने अर्थव्यवस्था में पूरी तरह से नए क्षेत्रों को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि इस मूलभूत विस्तार ने प्रौद्योगिकी, मनोरंजन और शिक्षा में नए उपभोक्ताओं और रचनाकारों की एक बड़ी लहर पैदा की है। श्री मोदी ने कहा, “इससे अर्थव्यवस्था में नए क्षेत्रों का भी निर्माण हुआ है। इंटरैक्टिव मनोरंजन क्षेत्र के अभूतपूर्व और जोरदार विकास पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि 50 करोड़ से अधिक लोग, जो टियर-2 और टियर-3 शहरों में युवाओं के बीच केंद्रित हैं, अब सक्रिय रूप से गेमिंग इकोसिस्टम में लगे हुए हैं। उन्होंने इन युवा डिजिटल मूल निवासियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे केवल खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धी ई-स्पोर्ट्स एथलीटों, कंटेंट क्रिएटर्स और महत्वाकांक्षी व्यवसाय मालिकों के रूप में विकसित हुए हैं। श्री मोदी ने कहा, “इसका मतलब है कि भारत में मोबाइल फोन आज एक गेमिंग कंसोल भी है और सृजन का एक स्टूडियो भी बन गया है। क्रिएटर इकोनॉमी के लोकतंत्रीकरण का जश्न मनाते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे तेजी से कनेक्टिविटी और किफायती डेटा ने ऐतिहासिक भाषा बाधाओं को तोड़ते हुए वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म और क्षेत्रीय ओटीटी सेवाओं को ग्रामीण शहरों में गहराई तक पहुंचाया है। उन्होंने खुलासा किया कि अकेले कंटेंट क्रिएशन उद्योग लाखों लोगों को आकर्षक आजीविका प्रदान करते हुए कई हजार करोड़ रुपये के क्षेत्र में बदल गया है। श्री मोदी ने कहा, “मतलब, मोबाइल फोन ने भारत में कंटेंट क्रिएशन का भी लोकतंत्रीकरण किया है। साइबर सुरक्षा की महत्वपूर्ण अनिवार्यता की ओर बढ़ते हुए, प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि चूंकि दूरसंचार और डिजिटल प्रौद्योगिकियां दैनिक जीवन के लिए मौलिक हो गई हैं, इसलिए फोन और नेटवर्क के आसपास के सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना एक पूर्ण राष्ट्रीय प्राथमिकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आम नागरिक के लिए, सुरक्षा के सरल, मौलिक आश्वासन से जटिल वास्तुशिल्प प्रोटोकॉल बहुत कम मायने रखते हैं। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, “उनके लिए विश्वास बहुत महत्वपूर्ण है। डिजिटल विश्वास की बारीक अपेक्षाओं का विवरण देते हुए, प्रधानमंत्री ने उपयोगकर्ता सुरक्षा की एक स्पष्ट तस्वीर पेश की, इस बात पर जोर देते हुए कि नागरिकों को कॉल करने वालों की सही पहचान पूरी तरह से पता होना चाहिए, संदेशों की प्रामाणिकता को सत्यापित करना चाहिए और भुगतान निष्पादित करते समय या व्यक्तिगत डेटा साझा करते समय पूरी तरह से सुरक्षित महसूस करना चाहिए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उपभोक्ता विश्वास डिजिटल विस्तार का पूर्ण आधार है। प्रधानमंत्री ने कहा, “जब वह किसी भी रूप में अपना डेटा प्रदान करता है, तो उसे यह विश्वास होना चाहिए कि उसका डेटा सुरक्षित है। सीमाहीन डिजिटल खतरों के खिलाफ एकीकृत अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई का आह्वान करते हुए, प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि साइबर धोखाधड़ी और डीपफेक वैश्विक कमजोरियों का फायदा उठाते हैं, जिसके लिए सरकारों, तकनीकी कंपनियों, ऑपरेटरों और वित्तीय संस्थानों को एकजुट करने के लिए एक तत्काल, समन्वित वैश्विक ढांचे की आवश्यकता होती है। उन्होंने जीएसएमए को स्पष्ट रूप से चुनौती दी कि वह अंतिम उपयोगकर्ता तक पहुंचने से पहले धोखाधड़ी को रोकने में सक्षम सक्रिय तंत्र तैयार करने में मदद करे। प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत अपने अनुभवों को दुनिया के साथ साझा करने के लिए हमेशा तैयार है। रणनीतिक क्षितिज पर ध्यान केंद्रित करते हुए, प्रधानमंत्री ने प्रतिनिधियों को याद दिलाया कि वर्तमान दशक में केवल चार साल बचे हैं, उनकी तत्काल शिखर वार्ता भविष्य में वैश्विक मोबाइल बाजार का मार्गदर्शन करने वाला महत्वपूर्ण रोडमैप तैयार करेगी। उन्होंने इस आयोजन को तकनीकी प्रभुत्व के अगले युग के लिए एक महत्वपूर्ण योजना स्थल के रूप में तैयार किया। प्रधानमंत्री ने कहा, “यह रोडमैप भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया के मोबाइल बाजार को दिशा देगा। तकनीकी संप्रभुता के लिए अंतिम दृष्टिकोण के बारे में चर्चा करते हुए, प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि देश सफलतापूर्वक एक उपभोक्ता से एक निर्माता के रूप में परिवर्तित हो गया है, और अब उत्पाद डिजाइन, अंतर्निहित प्रौद्योगिकी और बौद्धिक संपदा पर पूर्ण घरेलू नियंत्रण की ओर आक्रामक रूप से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने उद्योग को आश्वासन दिया कि सरकार दशकों पुराने कानूनों का तेजी से आधुनिकीकरण कर रही है, व्यापक प्रोत्साहन लागू कर रही है और सफलता सुनिश्चित करने के लिए दूरसंचार अधिनियम और गतिशक्ति पोर्टल जैसे व्यापक नियामक सुधारों को लागू कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा, “इसका मतलब है कि दूरसंचार क्षेत्र में भी, सुधार एक्सप्रेस तेजी से आगे बढ़ रही है। महत्वपूर्ण हार्डवेयर स्थानीयकरण पर एक अपडेट प्रदान करते हुए, प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि घरेलू सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकोसिस्टम तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें वाणिज्यिक उत्पादन पहले से ही पांच स्थानों पर चल रहा है। उन्होंने घोषणा की कि भारत सेमीकंडक्टर मिशन का अगला चरण पूरी आपूर्ति श्रृंखला के स्थानीयकरण को आक्रामक रूप से लक्षित करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा, “इसका मतलब है कि भारत दूरसंचार क्षेत्र से जुड़े हर क्षेत्र में बड़े कदम उठा रहा है। कार्रवाई के आह्वान के साथ अपने संबोधन का समापन करते हुए, प्रधानमंत्री ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस को चुनौती दी कि वह केवल एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शन के रूप में आगे बढ़े और इसके बजाय मानवता की सेवा करने वाले नवाचारों, अनुसंधान और साझेदारी के लिए अंतिम क्रूसिबल बन जाए जो एक विकसित राष्ट्र के भव्य संकल्प को शक्ति प्रदान करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि उपस्थित लोग इस मंच को उद्योग और विचारों के लिए प्रमुख वैश्विक जंक्शन में बदलने के लिए अथक प्रयास करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा, “मुझे विश्वास है कि आप सभी इसके लिए पूरे दिल से प्रयास करते रहेंगे, इसी उम्मीद के साथ, एक बार फिर आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
