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11 अक्टूबर को बहादुरगढ़ बनेगा हरियाणा सफाई महाकुंभ में भागीदार, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की तैयारी: डीसी
वेस्ट जुआ ड्रेन रोड पर सुबह 6 से 9 बजे तक चलेगा सफाई अभियान, अधिकारी-कर्मचारी व सामाजिक संगठन करेंगे सहभागिता
डीसी वर्षा खांगवाल ने हरियाणा सफाई महाकुंभ की तैयारियों को लेकर अधिकारियों की बैठक में दिए निर्देश

बहादुरगढ़, 06 अक्तूबर, अभीतक: देश की राजधानी दिल्ली से सटे औद्योगिक शहर बहादुरगढ़ आगामी 11 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से 9 बजे तक हरियाणा सफाई महाकुंभ में भागीदार बनने जा रहा है। इस महाकुंभ के माध्यम से झज्जर जिला गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की मुहिम में अपनी अग्रणी भूमिका निभाएगा। महाकुंभ की तैयारियों को लेकर मंगलवार को लघु सचिवालय में डीसी वर्षा खांगवाल की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में डीसी ने संबंधित विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही आयोजन स्थल का भी डीसी ने सम्बन्धित अधिकारियों के साथ मौका मुआयना भी किया। एडीसी एवं डीएमसी जगनिवास ने डीसी का स्वागत करते हुए हरियाणा सफाई महाकुंभ की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि सफाई महाकुंभ बहादुरगढ़ के वेस्ट जुआ ड्रेन रोड पर आयोजित किया जाएगा। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी, सामाजिक संगठन तथा अन्य संस्थाएं सक्रिय रूप से भाग लेंगी। डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर आयोजित होने वाले सफाई महाकुंभ को सफल बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महाकुंभ से संबंधित सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाए और अधिकारी स्वयं फील्ड में रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करें। उन्होंने कहा कि अभियान केवल एक स्थान की सफाई तक सीमित न रहकर स्वच्छता के प्रति नागरिकों में सकारात्मक संदेश देने वाला जनभागीदारी का कार्यक्रम बने। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सफाई उपकरण, कर्मचारियों की तैनाती, कचरा उठान, परिवहन, पेयजल सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्वच्छता कार्य के साथ-साथ सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था पर भी फोकस
डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हरियाणा सफाई महाकुंभ के दौरान स्वच्छता कार्य के साथ-साथ सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करें और किसी भी स्तर पर आपसी तालमेल में कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 11 अक्टूबर को बहादुरगढ़ में होने वाला यह सफाई महाकुंभ स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी का संदेश देगा। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि इस महाकुंभ को सफल बनाने के लिए पूरी गंभीरता और सक्रियता के साथ कार्य करें। इस अवसर पर एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच, ईओ नगरपरिषद बहादुरगढ़ संजय रोहिल्ला सहित सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

झज्जर में विकसित भारत संकल्प सभा व सेवा ज्योति यात्रा को लेकर निरीक्षण करती डीसी वर्षा खांगवाल।

झज्जर में आज विकसित भारत संकल्प सभा के साथ निकलेगी सेवा ज्योति यात्रा: डीसी
झज्जर स्थित नेहरू पीजी कॉलेज में होगा जिला स्तरीय कार्यक्रम, बड़ी स्क्रीन पर दिखेगा पीएम मोदी का लाइव संबोधन’
डीसी वर्षा खांगवाल ने विकसित भारत संकल्प सभा के साथ निकलने वाली सेवा ज्योति यात्रा कार्यक्रम की अधिकारियों के साथ की समीक्षा’

झज्जर, 06 अक्तूबर, अभीतक: जिलाभर में 17 अक्टूबर तक चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत विकसित भारत संकल्प सभा के साथ सेवा ज्योति यात्रा पूरे उत्साह के साथ मनाई जा रही है। इसी कड़ी में बुधवार 7 अक्टूबर को झज्जर स्थित राजकीय पीजी नेहरु कालेज में भी जिलास्तरीय भव्य आयोजन होगा, कार्यक्रम में हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन मोहन लाल कौशिक बतौर मुख्य अतिथि भाग लेंगे। डीसी वर्षा खांगवाल ने कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने उपरांत अधिकारियों की बैठक भी ली। डीसी ने विकसित भारत संकल्प सभा के साथ आयोजित सेवा ज्योति यात्रा कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए बताया कि राजकीय पीजी कॉलेज झज्जर के सभागार में जिला स्तरीय कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संबोधन का सीधा प्रसारण होगा। डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में बहादुरगढ़ के विधायक राजेश जून, पूर्व मंत्री औमप्रकाश धनखड़, भाजपा जिलाध्यक्ष विकास वाल्मिकी, जिला परिषद के चैयरमेन कप्तान सिंह बिरधाना, भाजपा नेता दिनेश कौशिक व संजय कबलाना,हाउस फेडरेशन के चेयरमैन सुभाष बंसल ,सभी नगरपरिषद व नगरपालिका चैयरमैन व ब्लाक समितियों के चैयरमेन व अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रहेगी। जिला स्तरीय कार्यक्रम के समापन पर सेवा ज्योति को क्रिकेट स्टेडियम के मुख्य द्वार पर स्थापित किया जाएगा। डीसी ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को विकसित भारत /2047 के संकल्प से जोड़ना है। कार्यक्रम में उपस्थित लोग सामूहिक रूप से यह संकल्प लेंगे और वंदे मातरम् का गायन करेंगे। उन्होंने अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।
यह रहे मौजूद
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष विकास वाल्मिकी, युवा नेता आदित्य धनखड़, नरेंद्र जाखड़ के अलावा जिला प्रशासन की ओर से एडीसी जगनिवास, एसडीएम झज्जर रवि मीणा, जिला परिषद के सीईओ मनीष फौगाट, सीटीएम ऋतु सहित सम्बंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।

एकादशी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भण्डारे का प्रसाद ग्रहण किया
एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित
एकादशी पर अन्नदान का है बड़ा महत्व

झज्जर, 06 अक्तूबर, अभीतक: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है। पितृ पक्ष को श्राद्ध पक्ष के नाम से भी जाना जाता है। पितृ पक्ष में पितरों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृ पक्ष के दौरान पितर संबंधित कार्य करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस पक्ष में विधि- विधान से पितर संबंधित कार्य करने से पितरों का आर्शावाद प्राप्त होता है। कोई अपने पूर्वजों को याद करने के साथ धार्मिक अनुष्ठान करता हैं। ये धार्मिक मान्यताएं पीढ़ियों से चली आ रही हैं। इस दिन पिटर संबंधी कार्य करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। परिवार के कल्याण के लिए उनका आशीर्वाद बहुत महत्वपूर्ण है। मेन बाजार स्थित शिब्बा पंसारी के सामने मेज लगाकर श्रद्धालुओं नें भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में बाजार में खरीदारी करने आए लोगों और रहागीरों नें भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। समाजसेवी पुनीत कुमार के नेतृत्व में मंगलवार को इंदिरा एकादशी के उपलक्ष्य में बूंदी रायता और सब्जी पूरी का प्रसाद वितरित किया। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती हैं। सुखीजा ने कहा कि इस दिन भण्डारे की सेवा करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन अन्नदान का बड़ा महत्व है।

राजकीय महाविद्यालय बहू में व्यक्तिगत स्वच्छता और सौंदर्य प्रसाधनों के दुष्प्रभावों पर व्याख्यान
झज्जर, 06 अक्तूबर, अभीतक: राजकीय महाविद्यालय, बहू में रेडक्रॉस के तत्वावधान में व्यक्तिगत स्वच्छता और सौंदर्य प्रसाधनों के दुष्प्रभाव विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संगीता दलाल ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित किया। संगीता दलाल ने व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छता को दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने विभिन्न सौंदर्य प्रसाधनों के अत्यधिक और अनुचित उपयोग से होने वाले संभावित दुष्प्रभावों के बारे में विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन्होंने विद्यार्थियों को सौंदर्य उत्पादों का प्रयोग करते समय सावधानी बरतने तथा उनकी गुणवत्ता और उपयोग संबंधी निर्देशों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। वक्ता ने विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने तथा अपने कौशल के विकास पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप विभिन्न स्किल्स विकसित करनी चाहिए, ताकि वे भविष्य में रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने के साथ-साथ स्वयं के लिए नए अवसर भी पैदा कर सकें। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और व्यावहारिक कौशल को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जितेंद्र कुमार भारद्वाज ने की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य, स्वच्छता और कौशल विकास के प्रति जागरूकता भी आवश्यक है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को स्वस्थ, जिम्मेदार और आत्मनिर्भर जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। रेडक्रॉस प्रभारी डॉ. रविंद्र सिंह ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वास्थ्य जागरूकता, सुरक्षित जीवनशैली तथा आत्मनिर्भरता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से दैनिक जीवन में स्वच्छता संबंधी अच्छी आदतों को अपनाने और अपने कौशल को निरंतर विकसित करने का आह्वान किया। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और विषय से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ सौंदर्य प्रसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के सफल आयोजन में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. मोहन कुमार, डॉ. रीना, डॉ. पंकज, डॉ. सुचित्रा, प्रो. सुनील कुमार, प्रो. रेखा एवं प्रो. मोनिका तथा विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

गांव छारा में मंगलवार को आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविर का शुभारंभ करते वरिष्ठ भाजपा नेता संजय कबलाना।

जनभागीदारी की भावना से कार्य कर रही सरकार : संजय कबलाना
गांव छारा में ‘सेवा मेरा योगदान के तहत’ स्वास्थ्य जांच शिविर का भाजपा नेता संजय कबलाना ने किया शुभारंभ
सरकारी योजनाओं का लाभ घर-द्वार तक पहुंचाने का दिया संदेश

बहादुरगढ़, 06 अक्तूबर, अभीतक: जिलाभर में डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत विभिन्न मॉड्यूल के अनुरूप जनकल्याणकारी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को गांव छारा में सेवा मेरा योगदान’ थीम पर स्वास्थ्य जांच कैंप का आयोजन किया गया। वरिष्ठ भाजपा नेता संजय कबलाना ने शिविर का शुभारंभ किया। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप और डॉ. राजेंद्र ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। इस अवसर पर भाजपा नेता संजय कबलाना ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान सरकार और आमजन के बीच मजबूत सेतु का कार्य कर रहे हैं। इन शिविरों का उद्देश्य सरकारी योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और जनकल्याणकारी सुविधाओं को पात्र नागरिकों तक उनके गांव और घर-द्वार के नजदीक पहुंचाना है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं और आवश्यक सेवाओं के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर सेवा और जनभागीदारी की भावना को मजबूत करने का अभियान है। उन्होंने ग्रामीणों से सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने तथा अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों को भी योजनाओं की जानकारी देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज और जागरूक नागरिक ही विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव हैं। कैंप के दौरान स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग की ओर से स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया। इसमें ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की गई तथा उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित स्वास्थ्य जांच करवाने और बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। चिकित्सकों ने लोगों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श भी दिया। कार्यक्रम में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत ग्रामीणों को बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसरों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही अंगदान के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए उपस्थित लोगों को अंगदान की शपथ भी दिलाई गई।
यह गणमान्य व्यक्ति और स्वास्थ्य अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि दीपक, चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुखदेव, डॉ. संदीप चैधरी, डॉ. रितेश, डॉ. ज्योति, डॉ. सुधीर (आयुष विभाग) तथा बहादुरगढ़ सिविल अस्पताल के विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद रहे।

यूएसडीटी में निवेश का झांसा देकर 33.89 लाख रुपये की साइबर ठगी, एक आरोपी गिरफ्तार’
डेक्स-ट्रेड वेबसाइट पर निवेश के नाम पर कराई गई थी रकम ट्रांसफर, आरोपी रमन कुमार ने अपने बैंक खाते में ठगी की 50 हजार रुपये की राशि प्राप्त की’

झज्जर, 06 अक्तूबर, अभीतक: पुलिस उपायुक्त मुख्यालय झज्जर फैसल खान के दिशा-निर्देशन में साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए थाना साइबर क्राइम झज्जर पुलिस ने 33.89 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले की जानकारी देते हुए थाना प्रबंधक साइबर क्राइम झज्जर निरीक्षक दर्शन सिंह ने बताया कि मामले में आरोपी रमन कुमार निवासी गांव हरोली फतेहाबाद को गिरफ्तार किया गया है।उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि फेसबुक के माध्यम से एक महिला ने उससे संपर्क कर स्वयं को कपड़ा एवं विनिर्माण व्यवसाय से जुड़ा होने तथा विदेशी मुद्रा कारोबार करने की बात कही। बाद में व्हाट्सऐप के जरिए बातचीत कर उसे यूएसडीटी में निवेश कर अच्छा मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया। आरोपी द्वारा बताई गई डेक्स-ट्रेड वेबसाइट पर खाता बनवाकर शिकायतकर्ता से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 33,89,720 रुपये जमा करवाए गए। बाद में रकम निकालने के लिए सुरक्षा सत्यापन शुल्क और कर के नाम पर अतिरिक्त राशि मांगी गई तथा शिकायतकर्ता ने जब पैसे निकलवाने चाहे तो रकम वापस नहीं की गई। जिस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ थाना साइबर क्राइम झज्जर में मामला दर्ज किया गया। थाना साइबर क्राइम झज्जर की टीम के द्वारा जब जांच की गई तो जांच के दौरान सामने आया कि ठगी की रकम में से 50,000 रुपये आरोपी रमन कुमार के केंद्रीय बैंक ऑफ इंडिया के खाते में ट्रांसफर हुए थे। पुलिस के अनुसार आरोपी इस मामले में अपराध की आय का प्रत्यक्ष लाभार्थी पाया गया है। आरोपी रमन कुमार को गिरफ्तार कर झज्जर अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जिला जेल झज्जर भेज दिया गया।

भूरावास स्कूल में विद्यार्थियों को डायल 112, सोशल मीडिया व नशे के प्रति किया जागरूक
एशियन गेम्स में झज्जर के पांच खिलाड़ियों ने भी पदक जीतकर बढ़ाया जिले का गौरव – निरीक्षक बलराज यादव
अमन सहरावत, सुरुचि फोगाट, आयान लोचब, दीक्षा डागर और दीपक पूनिया को अपना प्रेरणास्रोत बनाकर लक्ष्य के प्रति मेहनत करें विद्यार्थी – निरीक्षक बलराज यादव

झज्जर, 06 अक्तूबर, अभीतक: पुलिस उपायुक्त धारणा यादव के दिशा-निर्देशन में झज्जर पुलिस द्वारा विद्यार्थियों एवं युवाओं को नशे, अपराध तथा वर्तमान समय की चुनौतियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में थाना साल्हावास पुलिस द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, गांव भूरावास में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।थाना प्रबंधक साल्हावास निरीक्षक बलराज यादव ने विद्यार्थियों को डायल 112 आपातकालीन सेवा, सोशल मीडिया के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग तथा नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति, दुर्घटना, अपराध अथवा तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता होने पर बिना देरी किए डायल 112 का उपयोग करें।उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की सलाह देते हुए कहा कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें, संदिग्ध व्यक्तियों से ऑनलाइन बातचीत से बचें तथा अपनी व्यक्तिगत जानकारी, फोटो, पासवर्ड और बैंक संबंधी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। किसी भी खबर या सूचना को बिना सत्यापन के आगे न बढ़ाएं।निरीक्षक बलराज यादव ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने खेलों के क्षेत्र में देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। झज्जर जिले के खिलाड़ियों ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने विद्यार्थियों को अमन सहरावत, सुरुचि फोगाट, आयान लोचब, दीक्षा डागर और दीपक पूनिया जैसे खिलाड़ियों को अपना प्रेरणास्रोत बनाने तथा उनके संघर्ष, अनुशासन और मेहनत से सीख लेने के लिए प्रेरित किया।उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर शिक्षा, खेल एवं सकारात्मक गतिविधियों में आगे बढ़ना चाहिए। नशा और अपराध युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर सकते हैं, जबकि मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच उन्हें सफलता की ओर ले जाती है।कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, अपने साथियों को भी नशे से बचाने तथा स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।

खानपुर खुर्द में लगे सेवा सेतु कैम्प में विभागीय स्टॉल का अवलोकन करते मुख्य अतिथि भाजपा नेता दयाकिशन जांगड़ा।
खानपुर खुर्द में सोमवार को सेवा सेतु कैंप में योजनाओं की जानकारी लेते लाभार्थी।

सेवा संकल्प अभियान- ग्रामीणों के लिए लाभकारी साबित हो रहे सेवा सेतु कैंप
सरकार की योजनाओं के लाभार्थी बनने सेवा सेतु कैम्प में खानपुर खुर्द पहुंचे ग्रामीण
गांव खानपुर खुर्द में मुख्य अतिथि भाजपा नेता दयाकिशन ने सेवा सेतु कैम्प का किया अवलोकन
डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन तथा एसडीएम रवि मीणा के निर्देश अनुसार विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर दी जा रही योजनाओं की जानकारी
खानपुर खुर्द क्षेत्रवासियों ने सरकारी सेवाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं व स्वास्थ्य जांच का उठाया लाभ

झज्जर, 06 अक्तूबर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के तहत नागरिकों को सरकारी सेवाओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सहज रूप से उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से मातनहेल ब्लाक के गांव खानपुर खुर्द में मंगलवार को सेवा सेतु कैंप का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा नेता दयाकिशन ने सेवा सेतु कैम्प का शुभारंभ किया। कैम्प में पहुँचने पर बीडीपीओ अंजलि शर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। कैंप में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने पहुंचकर विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त की और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाया। डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में मातनहेल क्षेत्र सहित झज्जर जिला में सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा सेतु कैंप लगाकर लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है।
नागरिकों को सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं, सेवाओं और कार्यक्रमों की दी जानकारी
मुख्य अतिथि दयाकिशन ने बताया कि कैंप में विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए, जहां विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नागरिकों को सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं, सेवाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी जा रही है। नागरिकों को योजनाओं के लिए निर्धारित पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा मिलने वाले लाभों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। कैंप में पहुंचने वाले लोगों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का मौके पर समाधान करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित किए जा रहे सेवा सेतु कैंप का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और सेवाओं को आमजन के करीब पहुंचाना है, ताकि पात्र नागरिकों को योजनाओं की जानकारी के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े और उन्हें एक ही स्थान पर आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन मिल सके। मुख्य अतिथि दयाकिशन ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे प्रशासन की ओर से शेड्यूल अनुसार सेवा सेतु कैंप में पहुंचकर विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त करें और अपनी पात्रता के अनुसार सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं। स्वास्थ्य संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली के लिए किया प्रेरित
सेवा सेतु कैंप में स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग की ओर से स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया। यहां नागरिकों की स्वास्थ्य जांच करने के साथ उन्हें स्वास्थ्य संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली तथा आयुष पद्धति से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं परामर्श दिया गया। इससे कैंप में आने वाले नागरिकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी के साथ स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का भी लाभ मिला। कैंप में विभिन्न योजनाओं से संबंधित जानकारी लेने के लिए नागरिकों में उत्साह देखने को मिला। लोगों ने विभागीय स्टॉल पर पहुंचकर अपनी जरूरत के अनुसार जानकारी प्राप्त की तथा पात्रता के आधार पर योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया को समझा। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आमजन को सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

डीसी वर्षा खांगवाल।

पराली खेत में मिलाएं, धुआं नहीं : किसानों को जागरूक करें अधिकारी: डीसी
फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर प्रशासन सख्त, क्विक रेस्पॉन्स टीमें रहें सक्रियय ड्रोन से भी होगी निगरानी
डीसी वर्षा खांगवाल का आमजन से आह्वान-पर्यावरण संरक्षण को दें बढ़ावा

झज्जर, 06 अक्तूबर, अभीतक: जिला की सीमा में पराली प्रबंधन को बढ़ावा देने, पराली जलाने व प्रदूषण फैलाने वाले घटकों पर प्रभावी रोक लगाने और वायु गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण उपायों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करते हुए फील्ड में नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने संभावित पराली जलाने की घटनाओं की तत्काल सूचना और प्रभावी कार्रवाई के लिए क्विक रेस्पॉन्स टीमें सक्रिय रखने के निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होने के साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी प्रभावित होती है। इसलिए किसानों को निरंतर जागरूक करते हुए पराली न जलाने और फसल अवशेष प्रबंधन की वैज्ञानिक एवं वैकल्पिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए।
फील्ड विजिट के साथ संभावित क्षेत्रों पर रखें पैनी नजर
डीसी ने संबंधित अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट करने और पराली जलाने की आशंका वाले क्षेत्रों में पहले से प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदूषण फैलाने वाले संभावित स्रोतों की निगरानी के लिए आवश्यकता अनुसार ड्रोन का उपयोग करने तथा संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा। उन्होंने भुवन एप और सीआरएम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया।
पराली खेत में मिलाने पर किसानों को प्रति एकड़ 1200 रुपये की प्रोत्साहन राशि
डीसी ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन के तहत पराली को खेत में मिलाने पर किसानों को प्रति एकड़ 1200 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना सहित फसल अवशेष प्रबंधन की उपलब्ध तकनीकों की जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाई जाए। उन्होंने पंचायतों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी अभियान से जोड़ने तथा किसानों के साथ निरंतर संवाद करने के निर्देश दिए। किसानों को पराली प्रबंधन से होने वाले पर्यावरणीय और कृषि संबंधी लाभों के बारे में जागरूक किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
स्वच्छ पर्यावरण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण और बेहतर वायु गुणवत्ता के लिए पराली जलाने की समस्या का प्रभावी समाधान जरूरी है। जिला प्रशासन इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करते हुए फसल अवशेष न जलाएं और उपलब्ध फसल अवशेष प्रबंधन तकनीकों एवं सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।

सेवा संकल्प अभियान के तहत बूपनिया गांव में आज लगेगा सेवा सेतु कैंप
सेवा सेतु कैंप के माध्यम से सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है एक छत के नीचे
जिला परिषद के सीईओ मनीष फोगाट ने दी जानकारी

झज्जर, 06 अक्तूबर, अभीतक: जिलाभर में सेवा संकल्प अभियान के तहत आमजन को सरकार की योजनाओं का लाभ उनके नजदीक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में सेवा सेतु कैंप लगाए जा रहे हैं। डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में लग रहे सेवा सेतु कैम्प में लोग सरकार की योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद मनीष फोगाट ने जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार 7 अक्टूबर को गांव बुपनिया तथा 8 अक्टूबर को गांव गुभाना में सेवा सेतु कैंप आयोजित होंगे। उन्होंने बताया कि 9 अक्टूबर को गांव खानपुर खुर्द व गांव पाटोदा, 10 अक्टूबर को गांव बिरोहड़, 12 अक्टूबर को माछरौली ब्लॉक मुख्यालय व गांव ढाकला, 13 अक्टूबर को गांव खुड्डन, 14 अक्टूबर को साल्हावास ब्लॉक मुख्यालय तथा 15 अक्टूबर को गांव भुरावास में सेवा सेतु कैंप आयोजित किए जाएंगे।

गांव दुजाना स्थित राजकीय महाविद्यालय में मंगलवार को विद्यार्थियों को संबोधित करते मॉडयूल संयोजक दिनेश शेखावत।
राजकीय महाविद्यालय दुजाना में युवाओं को नशा मुक्त हरियाणा की शपथ दिलाई गई।

विकसित भारत /2047 के सारथी बनेंगे युवा: शेखावत
सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज के तहत दुजाना कॉलेज में युवाओं से हुआ संवाद, नवाचार और उद्यमिता को अपनाने का किया आह्वान
बेरी, 06 अक्तूबर, अभीतक: भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और सक्रिय भागीदारी से ही साकार होगा। युवाओं की रचनात्मक सोच को जनसेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने के उद्देश्य से सेवा संकल्प अभियान के तहत राजकीय महाविद्यालय, दुजाना में ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला संयोजक दिनेश शेखावत ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें नए विचारों के साथ आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। महाविद्यालय के प्राचार्य नसीब सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
युवा समस्याओं के समाधान के लिए दें नए आइडिया: दिनेश
जिला संयोजक दिनेश शेखावत ने कहा कि आज का भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसमें युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। अब युवाओं को केवल नौकरी तलाशने तक सीमित रहने के बजाय उद्यमिता, स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़कर रोजगार देने वाला बनने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत केवल योजनाओं और भाषणों से नहीं, बल्कि युवाओं की नई सोच और जमीनी स्तर पर किए गए प्रयासों से बनेगा।
नशामुक्त और जिम्मेदार समाज के निर्माण का लिया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान दिनेश शेखावत ने विद्यार्थियों को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने और मजबूत नैतिक चरित्र अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब उसका लाभ समाज और राष्ट्र के विकास में मिले। विद्यार्थियों ने नशामुक्त जीवन और राष्ट्र सेवा का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन भारत माता के जयकारों और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के संकल्प के साथ हुआ।
आइडिया को उद्योग में बदलने की दी जानकारी
एमएसएमई विभाग के उद्योग विस्तार अधिकारी नीरज सिंह ने विद्यार्थियों को स्टार्टअप और उद्योग जगत की व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने केंद्र व हरियाणा सरकार की विभिन्न सब्सिडी योजनाओं, मुद्रा ऋण और युवा उद्यमिता से जुड़ी नीतियों की जानकारी देते हुए बताया कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से कॉलेज स्तर का एक छोटा प्रोजेक्ट भी भविष्य में सफल उद्यम का रूप ले सकता है।
यह रहे मौजूद
इस अवसर पर विधानसभा बेरी के सह संयोजक रविंद्र छारा, यादबीर सैनी, अनिल दलाल, जिला उद्योग केंद्र के उद्योग विस्तार अधिकारी नीरज सिंह, डॉ. सीमा कुंडू, डॉ. रजनी दुआ, डॉ. सुनीता छिक्कारा, डॉ. अनिता खासा, डॉ. सजनी देवी, डॉ. दीपा, डॉ. भागेश्वरी, डॉ. अंजू, डॉ. मोनिका सहित समस्त प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस
कल दिनांक 7 अक्टूबर 2026 को प्रातः 11:00 बजे, ब्राह्मण धर्मशाला सिलानी गेट झज्जर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है जिसमें यूजीसी रोलबैक, एससी एसटी एक्ट का दुरुपयोग एवं जाति आरक्षण हटाओ प्रतिभा बचाओ के संबंध में 12 अक्टूबर 2026 को भिवानी में महापंचायत हो रही है उसका निमंत्रण देने के लिए राजपूत समाज कि महान शख्सियत श्री ओकेंद्र राणाजी, श्री ब्राह्मण महासभा झज्जर के प्रधान पंडित राज देवरखाना, यूजीसी रोलबैक कि टीम के प्रमुख सदस्य गण, प्रमुख समाजसेवी डॉक्टर अशोक दीक्षित ,प्रमुख समाजसेवी पंडित हरीश शमशेर कौशिक, प्रमुख सामाजसेवी पंडित संत सुरेहती, कैप्टन ऋषि प्रकाश अत्रि आदि प्रमुख नेता पहुंचेंगे कृपया आप सभी प्रेस के साथियों से विनती है समय पर पहुंचकर हमारे विचार सुनने का कष्ट करें। धन्यवाद।
आपका साथी
पंडित राज प्रधान देवरखाना
डॉक्टर अशोक दीक्षित
पंडित हरि शमशेर कौशिक
पंडित संत सुरेहती
8901273103, 9899017055, 9729394477

11 अक्टूबर को बहादुरगढ़ बनेगा हरियाणा सफाई महाकुंभ में भागीदार, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की तैयारी: डीसी
वेस्ट जुआ ड्रेन रोड पर सुबह 6 से 9 बजे तक चलेगा सफाई अभियान, अधिकारी-कर्मचारी व सामाजिक संगठन करेंगे सहभागिता
डीसी वर्षा खांगवाल ने हरियाणा सफाई महाकुंभ की तैयारियों को लेकर अधिकारियों की बैठक में दिए निर्देश

बहादुरगढ़, 06 अक्तूबर, अभीतक: देश की राजधानी दिल्ली से सटे औद्योगिक शहर बहादुरगढ़ आगामी 11 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से 9 बजे तक हरियाणा सफाई महाकुंभ में भागीदार बनने जा रहा है। इस महाकुंभ के माध्यम से झज्जर जिला गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की मुहिम में अपनी अग्रणी भूमिका निभाएगा। महाकुंभ की तैयारियों को लेकर मंगलवार को लघु सचिवालय में डीसी वर्षा खांगवाल की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में डीसी ने संबंधित विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही आयोजन स्थल का भी डीसी ने सम्बन्धित अधिकारियों के साथ मौका मुआयना भी किया। एडीसी एवं डीएमसी जगनिवास ने डीसी का स्वागत करते हुए हरियाणा सफाई महाकुंभ की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि सफाई महाकुंभ बहादुरगढ़ के वेस्ट जुआ ड्रेन रोड पर आयोजित किया जाएगा। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी, सामाजिक संगठन तथा अन्य संस्थाएं सक्रिय रूप से भाग लेंगी। डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर आयोजित होने वाले सफाई महाकुंभ को सफल बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महाकुंभ से संबंधित सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाए और अधिकारी स्वयं फील्ड में रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करें। उन्होंने कहा कि अभियान केवल एक स्थान की सफाई तक सीमित न रहकर स्वच्छता के प्रति नागरिकों में सकारात्मक संदेश देने वाला जनभागीदारी का कार्यक्रम बने। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सफाई उपकरण, कर्मचारियों की तैनाती, कचरा उठान, परिवहन, पेयजल सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्वच्छता कार्य के साथ-साथ सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था पर भी फोकस
डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हरियाणा सफाई महाकुंभ के दौरान स्वच्छता कार्य के साथ-साथ सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करें और किसी भी स्तर पर आपसी तालमेल में कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 11 अक्टूबर को बहादुरगढ़ में होने वाला यह सफाई महाकुंभ स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी का संदेश देगा। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि इस महाकुंभ को सफल बनाने के लिए पूरी गंभीरता और सक्रियता के साथ कार्य करें। इस अवसर पर एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच, ईओ नगरपरिषद बहादुरगढ़ संजय रोहिल्ला सहित सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

सेवा संकल्प अभियान: जाटूसाना में सेवा सेतु शिविर में दी योजनाओं की जानकारी
आज बावल ब्लॉक की ग्राम पंचायत नंगली परसापुर में होगा शिविर का आयोजन

रेवाड़ी, 06 अक्तूबर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन में मंगलवार को जाटूसाना में सेवा सेतु कैंप का आयोजन किया गया। मेले में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर नागरिकों को विभिन्न सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पात्र नागरिकों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध करवाया गया। एडीसी एवं नोडल अधिकारी राहुल मोदी ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला में 15 अक्टूबर तक आयोजित किए जा रहे सेवा सेतु कैंप आमजन के लिए सशक्त माध्यम बन रहे है, जिसमें एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि इन कैंप के माध्यम से केंद्र और हरियाणा सरकार समाज के जरूरतमंद और पात्र परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मेले में लगी स्टॉलों पर नागरिकों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, रोजगार एवं स्वरोजगार, कौशल विकास, ऋण, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण तथा अन्य विभागीय सेवाओं की जानकारी दी जा रही है। एडीसी राहुल मोदी ने बताया कि बुधवार को जिला के बावल ब्लॉक के गांव नंगली परसापुर में सेवा सेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने जिला वासियों से आह्वान किया कि 15 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले मेलो में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर विभिन्न विभागों द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ उठाएं।

सेवा संकल्प अभियान के तहत विद्यार्थियों को वितरित की साइकिल
जिले के विभिन्न राजकीय विद्यालयों में जरूरतमंद व अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को मिला योजना का लाभ

रेवाड़ी, 06 अक्तूबर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के विभिन्न राजकीय विद्यालयों में जरूरतमंद एवं अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को निशुल्क साइकिलें वितरित की गईं। हरियाणा सरकार द्वारा संचालित निशुल्क साइकिल योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को विद्यालय आने-जाने में सुविधा प्रदान करना तथा उनकी शिक्षा को सुगम बनाना है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) प्रदीप दहिया ने बताया कि सरकार की ओर से पात्र विद्यार्थियों को निशुल्क साइकिल उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि दूर-दराज के क्षेत्रों से विद्यालय आने वाले विद्यार्थियों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि शिक्षा को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों को विद्यालय से जोड़कर रखने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बुढ़पुर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रोहड़ाई सहित विभिन्न विद्यालयों में पात्र विद्यार्थियों को साइकिलें वितरित की गईं। डीईईओ ने कहा कि विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पात्र विद्यार्थियों को सरकार की योजनाओं का लाभ समय पर मिले। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से विद्यालय आने और मन लगाकर पढ़ाई करने का आह्वान किया।

सेवा भाव के साथ होगा जिला स्तरीय ‘सेवा ज्योति यात्रा-विकसित भारत संकल्प सभा’ कार्यक्रम: डीसी
बाल भवन रेवाड़ी में आज होगा जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन
जिला स्तरीय कार्यक्रम में मंत्री राजेश नागर होंगे मुख्य अतिथि
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का होगा वर्चुअल प्रसारण

रेवाड़ी, 06 अक्तूबर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन एवं शासन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हरियाणा सरकार द्वारा 17 अक्टूबर 2026 तक चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत बुधवार 7 अक्टूबर को प्रदेशभर में ‘सेवा ज्योति यात्रा-विकसित भारत संकल्प सभा’ का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा को लेकर आयुक्त एवं सचिव, सूचना, जनसंपर्क, भाषाएं एवं संस्कृति विभाग हरियाणा श्री के.एम. पांडुरंग ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों की राज्य स्तरीय बैठक लेकर समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने जिला गुरुग्राम में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के संबंध में विशेष रूप से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला से डीसी अभिषेक मीणा वर्चुअल माध्यम से वीडियो कांफ्रेसिंग से जुड़े और आयुक्त एवं सचिव श्री के.एम. पांडुरंग को जिला से संबंधित तैयारियों बारे अवगत कराया। इस अवसर पर एडीसी राहुल मोदी, जीएम रोडवेज निरंजन शर्मा और डीडीपीओ नरेंद्र सारवान उपस्थित रहे। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि 7 अक्टूबर जिला स्तरीय ‘सेवा ज्योति यात्रा-विकसित भारत संकल्प सभा’ कार्यक्रम का आयोजन बाल भवन रेवाड़ी में भव्य आयोजन पूर्ण सेवा भाव के साथ किया जाएगा। कार्यक्रम में हरियाणा सरकार में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री राजेश नागर मुख्य अतिथि होंगे। जिला स्तरीय कार्यक्रम में विधायक रेवाड़ी लक्ष्मण सिंह यादव, विधायक कोसली अनिल कुमार यादव, बावल विधायक डा. कृष्ण कुमार और भाजपा जिला अध्यक्ष डा. वंदना पोपली की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से विभिन्न कार्यक्रमों से संबंधित सभी प्रकार की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। डीसी ने जिला स्तरीय ‘सेवा ज्योति यात्रा-विकसित भारत संकल्प सभा’ कार्यक्रम की तैयारियों, व्यवस्थाओं एवं आयोजन को लेकर संबंधित अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिला के तीनों विधानसभा क्षेत्रों के नागरिक कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। उन्होंने बताया कि जिला स्तरीय ‘सेवा ज्योति यात्रा-विकसित भारत संकल्प सभा’ कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का वर्चुअल माध्यम से सजीव प्रसारण किया जाएगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा सभी को ‘विकसित भारत-2047’ का सामूहिक संकल्प दिलाया जाएगा। कार्यक्रम में सेवा संकल्प अभियान और विकसित भारत-2047 थीम के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

एसआईआर कार्य अंतिम चरण में, लंबित मामलों का एक सप्ताह में निपटारा करने के दिए निर्देश
बावल, 06 अक्तूबर, अभीतक: निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (ईआरओ), 72-बावल विधानसभा क्षेत्र एवं उपमंडल अधिकारी (ना०), बवाल संजीव कुमार व तहसीलदार बावल महिमा ने एसआईआर कार्य की प्रगति को लेकर अतिरिक्त सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों एवं सुपरवाइजरों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में विशेष रूप से ऐसे मतदाताओं से संबंधित मामलों की बिंदुवार समीक्षा की गई, जिन्हें नोटिस जारी किए गए हैं लेकिन उनकी सुनवाई अभी लंबित है, जिन्होंने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं अथवा जिनकी मैपिंग से संबंधित कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है। ईआरओ संजीव कुमार ने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर ही नियमानुसार कार्रवाई की जाए। संबंधित मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने एवं निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के लिए उचित अवसर दिया जाए। आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न होने अथवा निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण न होने की स्थिति में प्रकरण का निस्तारण निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा, जिससे संबंधित मतदाता का नाम मतदाता सूची में बने रहने पर प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि 72-बावल विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर का कार्य अब अंतिम चरण में है। इसलिए लंबित सुनवाई, दस्तावेज सत्यापन एवं मैपिंग से जुड़े मामलों की प्रगति में तेजी लाते हुए आगामी लगभग एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित प्रकरणों का नियमानुसार निपटारा सुनिश्चित किया जाए। सभी संबंधित अधिकारी लंबित मामलों की नियमित निगरानी करने तथा बीएलओ स्तर पर प्रत्येक प्रकरण की गंभीरता से जांच कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ईआरओ ने 72-बावल विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं से भी अपील की कि जिन मतदाताओं को किसी कारणवश नोटिस जारी हुआ है, वे अपने संबंधित बीएलओ से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेज एवं जानकारी शीघ्र उपलब्ध करवाएं तथा सत्यापन प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग करें, ताकि एसआईआर का कार्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।

आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में महिलाओं को दी सेहत की जानकारी
सेवा संकल्प अभियान के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग ने चलाई मुहिम

कोसली,, 06 अक्तूबर, अभीतक: सरकार द्वारा चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं और बच्चों की सेहत के प्रति जागरूकता का प्रसार किया गया। एसडीएम विजय कुमार यादव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि सेवा संकल्प अभियान में विभिन्न विभागों की ओर से सामाजिक सहभागिता के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य लोगों में राष्ट्र के प्रति दायित्व एवं सेवा की भावना का प्रसार करना तथा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना है। इसी कड़ी में महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें गर्भवती महिलाओं की गोद भराई करवाई गई। उन्हें बताया गया कि प्रत्येक आंगनबाड़ी सेंटर अपने क्षेत्र में महिला की गर्भावस्था व प्रसूति के बाद दो साल का शिशु होने तक उनकी देखभाल के लिए लाभदायक जानकारी देता रहेगा। प्रत्येक गर्भवती महिला के लिए विभाग ने एक हजार दिनों का कार्यक्रम तय किया हुआ है। इस दौरान माता व शिशु का टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच, 6 माह तक शिशु का मां का दूध पिलाना, महिला व बच्चे को पौष्टिक आहार देना जैसी जानकारी दी जाएगी। एसडीएम ने बताया कि आज गांव कोसली, कृष्ण नगर, कान्हड़वास, जाहिदपुर, भुरथला, नाहड़, झोलरी, गुडियानी आदि में इन आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इनमें सीडीपीओ कमलेश, कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर अमन यादव, सुपरवाइजर संतोष, पिंकी शर्मा, सुशीला यादव, सुजीता कुमारी, सरपंच रामकला, सुमन देवी, मीनाक्षी देवी, पंच मंजू, एएनएम मुन्नी देवी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दयावती, बबीता, शीला, ओमपति, गीता, नीलम, पविता आदि उपस्थित रहीं।

एनएसओ (एफओडी) की ओर से किया जा रहा सर्वेक्षण कार्य
नागरिक सर्वेक्षण की सूचनाएं देने में करें सहयोगरू सीनियर सांख्यिकी अधिकारी जय भगवान
विकास योजनाओं एवं नीतियों के निर्माण के लिए किया जा रहा है सर्वेक्षण कार्य

रेवाड़ी, 06 अक्तूबर, अभीतक: भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के क्षेत्र संकार्य प्रभाग (एफओडी) द्वारा वर्ष 1950 से परिवारों एवं प्रतिष्ठानों से विभिन्न सामाजिक-आर्थिक विषयों पर सूचनाएं एकत्र करने का कार्य किया जा रहा है। सीनियर सांख्यिकी अधिकारी जयभगवान ने जानकारी देते हुए बताया कि इन सर्वेक्षणों से प्राप्त आंकड़े देश एवं राज्य स्तर पर विकास योजनाओं एवं नीतियों के निर्माण, उनके प्रभाव के आकलन तथा सामाजिक-आर्थिक स्थिति को समझने के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करते हैं। इन सर्वेक्षणों में एकत्र की गई सभी सूचनाएं पूर्णतः गोपनीय रखी जाती हैं। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से अक्तूबर 2026 माह के दौरान रेवाड़ी जिले के विभिन्न गांवों में भी एनएसओ (एफओडी) द्वारा सर्वेक्षण का कार्य किया जा रहा है, जिसमें आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस), वार्षिक असंगठित क्षेत्र उद्यम सर्वेक्षण (एएसयूएसई), राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण (एनएचआईएस), उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) सर्वेक्षण, अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश सर्वेक्षण (एआईडीआईएस), स्थिति मूल्यांकन सर्वेक्षण (एसएएस), प्रवासन संबंधी विवरण सर्वेक्षण (एमपीएस) तथा सेवा क्षेत्र में सम्मिलित प्रतिष्ठानों का वार्षिक सर्वेक्षण (एएसआईएसएसई) पर विशेष सर्वेक्षण किया जा रहा है। सर्वेक्षण के दौरान प्रशिक्षित एनएसओ अधिकारी चयनित परिवारों एवं प्रतिष्ठानों से सुरक्षित डिजिटल उपकरणों एवं अधिकृत वेब पोर्टल के माध्यम से जानकारी एकत्रित की जाएगी। सीनियर सांख्यिकी अधिकारी ने बताया कि रेवाड़ी जिले में गैर निगमित क्षेत्र उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण के लिए गांव ममरिया अहीर, नारायनपुर, रेवाड़ी पअ 3 बीएल 21, आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण में जड़थल, रेवाड़ी पअ-0010, बीएल-018 , राष्ट्रीय पारिवारिक आय सर्वेक्षण में धारूहेड़ा, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक सर्वेक्षण के लिए गांव पाल्हावास व खडखड़ा, प्रवासन संबंधी विवरण में सर्वेक्षण के लिए गांव जुडी, धारूहेड़ा पअ 5 ब्लॉक 21 और रेवाड़ी पअ 11 ब्लॉक 2 तथा अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश व कृषि परिवारों की स्थिति मूल्यांकन सर्वेेक्षण के लिए गांव सुल्खा व धारूहेड़ा पअ 5 ब्लॉक 27 शामिल है। उन्होंने बताया कि इन सर्वेक्षणों में एकत्र की गई सभी सूचनाएं पूर्णतः गोपनीय रखी जाती हैं तथा उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है। किसी भी रिपोर्ट अथवा प्रकाशित आंकड़ों में सर्वेक्षण में शामिल परिवारों एवं प्रतिष्ठानों की पहचान उजागर नहीं की जाती है। उन्होंने ने सभी चयनित परिवारों एवं प्रतिष्ठानों से अनुरोध किया है कि वे सर्वेक्षण अधिकारियों को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करने में आवश्यक सहयोग दें। जनता का सहयोग देश के लिए विश्वसनीय सांख्यिकीय आधार तैयार करने तथा बेहतर नीति निर्माण एवं राष्ट्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

वन स्टॉप सेंटर का किया दौरा
रेवाड़ी, 06 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के निर्देशानुसार डॉ. रेनू सोलखे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी ने वन स्टॉप सेंटर, रेवाड़ी का दौरा किया। उन्होंने बताया कि वन स्टॉप सेंटर हिंसा और संकट से पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को एक ही छत के नीचे चिकित्सा, कानूनी सलाह, पुलिस सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श और अस्थायी आश्रय प्रदान करने वाली भारत सरकार की एक केंद्रीय योजना है। उन्होंने वन स्टॉप सेंटर, रेवाड़ी के उपस्थित स्टाफ मेंबर को उचित दिशा निर्देश दिए।

नशा मुक्ति केंद्र का लिया जायजा
रेवाड़ी, 06 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के निर्देशानुसार डॉ. रेनू सोलखे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी ने नशा मुक्ति केंद्र रेवाड़ी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने नशा मुक्ति केंद्र के कार्यों की समीक्षा की। नशा मुक्ति केंद्र में संदीपा काउंसलर ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र में 2 रोगी फिलहाल उपस्थित हैं रोगियों की समय समय पर काउंसलिंग की जाती है व उन्हें नशा छोड़ने के प्रति जागरूक किया जाता है। सीजेएम डॉ. रेनू सोलखे ने बताया कि कानूनी सहायता और उनकी सेवाओं के बारे में सभी को जागरूक किया जाए ताकि कानून की सहायता का लाभ उठा सके। विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्ग के लोगों के लिए निशुल्क कानूनी सेवाओं की पेशकश करना व साथ में उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने का प्रयास करता है । इस दौरान डॉ. रेनू सोलखे ने सभी को नशा न करने के बारे में प्रेरित किया तथा उससे होने वाले नुकसान के बारे में उनको अवगत करवाया।

केक काटने की बजाय भारत माता की वंदना कर मनाया 18 वर्षीय यानिक का जन्मोत्सव
भिवानी, 06 अक्तूबर, अभीतक: वनवासी कल्याण आश्रम भिवानी में 18 वर्षीय यानिक का जन्मोत्सव इस बार अनूठे अंदाज और राष्ट्रभक्ति के संदेश के साथ मनाया गया। यानिक ने अपने जन्मोत्सव पर केक आदि काटने की बजाय भारत माता की वंदना की और अपने जन्मदिन को देशसेवा, संस्कार एवं समाजसेवा के भाव से जोड़ते हुए मनाया। यानिक के दादा-दादी एवं अन्य परिजनों की ओर से वनवासी कल्याण आश्रम में देशभर से आकर रह रहे विद्यार्थियों को प्रसाद करवाया गया। वर्तमान में भिवानी से गाजियाबाद के इन्द्रापुरम में शिक्षा-दीक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने अपना 18वां जन्मोत्सव ऑनलाइन माध्यम से वनवासी कल्याण आश्रम के विद्यार्थियों के साथ मनाया। इस दौरान आश्रम के विद्यार्थियों ने मंत्र जाप, आरती, पूजा तथा अन्नपूर्णा मंत्र का पाठ किया। इसके साथ ही देशभक्ति एवं भक्ति गीतों तथा बधाई संदेश गीत के माध्यम से यानिक को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी गईं। इस अवसर पर आश्रम का वातावरण आध्यात्मिकता, संस्कार और राष्ट्रभक्ति से सराबोर नजर आया। इस अवसर पर यानिक के दादा एवं भाजपा कार्यकारणी सदस्य मामनचंद अग्रवाल तथा समाजसेवी दीपक अग्रवाल तौला ने कहा कि यानिक का बचपन से ही जन्मोत्सव वनवासी कल्याण आश्रम में मनाया जाता रहा है। इस वर्ष भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उनका जन्मदिन आश्रम के विद्यार्थियों के साथ मनाया गया। उन्होंने कहा कि जन्मदिन को केवल उत्सव तक सीमित न रखकर समाजसेवा, राष्ट्रभक्ति और जरूरतमंद बच्चों के साथ खुशियां बांटने का माध्यम बनाना समाज के लिए सकारात्मक संदेश है। उन्होंने बताया कि यानिक भिवानी से दूर गाजियाबाद के इन्द्रापुरम में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, इसलिए इस बार उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से आश्रम के विद्यार्थियों के साथ अपना जन्मोत्सव मनाया। यानिक के इस प्रयास की उपस्थित लोगों ने सराहना की और इसे युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक पहल बताया। इस अवसर पर दादा भाजपा जिला कार्यकारणी सदस्य मामनचंद अग्रवाल, समाजसेवी दीपक अग्रवाल तौला, स्नेहलता, राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता अशोक कुमार भारद्वाज, छात्रावास प्रमुख सचित शर्मा, कार्यालय प्रमुख प्रकाशचंद गोयल, भारत कुमार, माधव कुमार, आशा अग्रवाल, आदर्श महिला कॉलेज की प्राचार्या रही अलका शर्मा, शिक्षा विद एवी शर्मा, आरोही भारद्वाज सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

दिल्ली में विपक्षी सांसदों का म्ब्प् मार्च रोका तो बैरिकेड पर चढ़े
राहुल गांधी, पुलिस को चकमा देकर आकाशवाणी भवन में घुसे
दिल्ली में विपक्षी सांसदों का म्ब्प् मार्च रोका तो बैरिकेड पर चढ़े राहुल गांधी, पुलिस को चकमा देकर आकाशवाणी भवन में घुसे’

नई दिल्ली, 06 अक्तूबर, अभीतक: मतदाता सूची संशोधन और मुख्य चुनाव आयुक्त (ब्म्ब्) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली की सड़कों पर मंगलवार सुबह जबर्दस्त सियासी ड्रामा देखने को मिला। संसद भवन से निर्वाचन सदन (चुनाव आयोग मुख्यालय) की ओर बढ़ रहे विपक्षी सांसदों के ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च को दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग पर भारी बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। मार्च रोके जाने के बाद माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बैरिकेड पर चढ़ गए और हाथ में तिरंगा लहराते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। इसके बाद हिरासत के दौरान पुलिस को चकमा देकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा अपने साथी सांसदों के साथ आकाशवाणी भवन के परिसर में दाखिल हो गए और वहां धरने पर बैठ गए।
बैरिकेड पर चढ़कर फहराया तिरंगा, ब्म्ब् से मांगा इस्तीफा
संसद मार्ग पर नीति आयोग और आकाशवाणी भवन के बीच पुलिस द्वारा लगाए गए मजबूत बैरिकेड्स के सामने विपक्षी नेता पहले सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इसी बीच राहुल गांधी अचानक बैरिकेड पर चढ़ गए और उनके साथ कई अन्य युवा सांसद भी ऊपर पहुंच गए। बैरिकेड पर खड़े होकर राहुल गांधी ने तिरंगा लहराया, जिसे देखकर प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं का जोश दोगुना हो गया। विपक्षी सांसदों ने इस दौरान ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के जमकर नारे लगाए। प्रदर्शन के बीच राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा- ज्ञानेश, इट्स डन ब्रो३ टाइम टू रिजाइन।
हिरासत के लिए लाई गई बस रोकी, रिसेप्शन गेट से भीतर घुसे सांसद
संसद मार्ग पर बढ़ते हंगामे को काबू में करने के लिए दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव और अभिषेक बनर्जी सहित कई वरिष्ठ सांसदों को हिरासत में ले लिया। पुलिस उन्हें एक सरकारी बस में बिठाकर ले जाने की तैयारी में थी, लेकिन सांसदों ने बस को आगे बढ़ने नहीं दिया। धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी के बीच राहुल और प्रियंका बस से बाहर निकल आए और सुरक्षा घेरे को चकमा देते हुए आकाशवाणी भवन के रिसेप्शन गेट से सीधे परिसर के अंदर घुस गए। निर्वाचन सदन से महज 270 मीटर की दूरी पर स्थित आकाशवाणी भवन के भीतर राहुल, प्रियंका और कई अन्य सांसद एक पेड़ के नीचे धरने पर बैठ गए, जहां भारी पुलिस बल उन्हें दोबारा हिरासत में लेने के लिए तैनात रहा।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद भड़का विपक्ष, ब्म्ब् पर साधा निशाना
विपक्ष के इस उग्र विरोध की मुख्य वजह मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (ैप्त्) और फॉर्म-6 में किए गए बदलाव हैं। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग ने इन प्रक्रियाओं के जरिए करोड़ों नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट से काटकर बड़े पैमाने पर ‘वोट चोरी’ का रास्ता तैयार किया है। इस विवाद को सुप्रीम कोर्ट की उस हालिया टिप्पणी से और हवा मिली, जिसमें शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि उसने फॉर्म-6 के किसी भी संशोधित प्रारूप को मंजूरी नहीं दी है और वह रिकॉर्ड की जांच करेगी कि ये बदलाव किसने और किसके अधिकार से किए। अदालत के इस रुख के बाद विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निष्पक्षता खोने का आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग तेज कर दी है।
13 करोड़ नामों को ।ैक्क् श्रेणी में डालने का आरोप
जून 2025 में बिहार से शुरू होकर 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैली चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया विपक्ष के निशाने पर है। विपक्षी दलों का दावा है कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाकर उन्हें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट (।ैक्क्) श्रेणी में डाल दिया गया है, जो सीधे तौर पर मताधिकार छीनने की साजिश है। दूसरी तरफ, निर्वाचन आयोग का कहना है कि यह केवल मसौदा सूची है, अंतिम सूची नहीं, और छूटे हुए पात्र मतदाताओं के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि विपक्ष आयोग के तर्कों से संतुष्ट नहीं है और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी सहित कई नेताओं ने ऐलान किया है कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

सहकारी विपणन समितियों के कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी काली पट्टी बांधकर जताया रोष, 12 को हैफेड मुख्यालय के घेराव का ऐलान’
आदमपुर

हिसार, 06 अक्तूबर, अभीतक: द हरियाणा कोऑपरेटिव मार्केटिंग सोसाइटी एम्प्लॉइज यूनियन के प्रदेश महासचिव हनुमान गोदारा ने बताया कि यूनियन द्वारा लिए गए सर्वसम्मत निर्णय के अनुसार प्रदेशभर की सभी सहकारी विपणन समितियों (मार्केटिंग सोसाइटियों) के कर्मचारी दूसरे दिन भी अपने कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं और सरकार व हैफेड प्रबंधन के खिलाफ कड़ा विरोध प्रकट कर रहे हैं। महासचिव हनुमान गोदारा ने बताया कि 11 सितंबर 2026 को सामूहिक मांग-पत्र (क्रमांक क्स्ध्न्ध्17ध्2026.27) के माध्यम से हैफेड प्रबंधन को कर्मचारियों की जायज मांगों रू- धान फसल की खरीद पर समितियों को मिलने वाले कमीशन की दर को पुनः 0.25ः की दर से बहाल किया जावे जो कि 5.97 रुपए प्रति क्विंटल था तथा गेहूं फसल खरीद पर वर्ष 2011 से समितियों को मात्र 1.33 रुपए कमीशन मिलता है को महंगाई के मध्य नजर बढ़ाया जाए इत्यादि के समाधान के लिए अवगत कराया गया था। परंतु निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी प्रबंधन द्वारा न तो कोई ठोस कार्रवाई की गई और न ही कोई संतोषजनक समाधान निकाला गया, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।
आंदोलन की रूपरेखा एवं चेतावनी
प्रथम चरण (05 अक्टूबर से 11 अक्टूबर 2026): प्रदेश की सभी संबंधित सहकारी विपणन समितियों के कर्मचारी काली पट्टी बांधकर काम करते हुए अपना विरोध दर्ज करवा रहे हैं।
द्वितीय चरण (12 अक्टूबर 2026): 12 अक्टूबर 2026 को प्रातः 11रू00 बजे राज्यभर के कर्मचारी हैफेड मुख्यालय, पंचकूला का घेराव एवं विशाल प्रदर्शन करेंगे।
हनुमान गोदारा ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण रहेगा। हालांकि, आंदोलन के कारण फसल खरीद, खाद, बीज, कीटनाशक दवाइयों व अन्य कृषि साधनों के वितरण सहित समितियों का काम प्रभावित हो सकता है। इससे किसानों एवं आम जनता को होने वाली किसी भी असुविधा की पूरी जिम्मेदारी हैफेड प्रबंधन और राज्य सरकार की होगी, क्योंकि यूनियन द्वारा पूर्व में ही नोटिस देकर समाधान का पर्याप्त समय दिया जा चुका है।

सोनीपत: शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा का अधिकारियों को सख्त निर्देश
16 शिकायतों की सुनवाई, 7 शिकायतों का मौके पर समाधान
शिकायतों के समाधान में लापरवाही पर अधिकारी-कर्मचारी पर होगी कार्रवाई
रंगोली बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ शिकायत पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
पुलिस, डीटीपी और तहसीलदार को तुरंत कार्रवाई कर रिपोर्ट देने के आदेश
खान कॉलोनी में अवैध कब्जों पर भी शिकंजा, भ्ैटच् अधिकारियों को नोटिस जारी कर कब्जे हटाने के निर्देश
शिक्षा मंत्री बोलेकृ आमजन को शिकायत के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें
लंबित 9 शिकायतों पर अगली बैठक तक कार्रवाई पूरी कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश

करनाल: गीतू राम आत्महत्या प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग
विभिन्न राज्यों से सर्वजातीय समाज के 150 से अधिक लोग करनाल पहुंचे
उपायुक्त की अनुपस्थिति में तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
पुलिस अधीक्षक से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग
सुसाइड नोट के आरोपों के साथ सभी पहलुओं की जांच की मांग
करीब 15 करोड़ रुपये के मकान निर्माण खर्च के दावे की जांच की मांग
समाज बोलाकृदोषी पर कार्रवाई हो, निर्दोष को प्रताड़ित न किया जाए

सोनीपत: 1 नवंबर से दिल्ली में बसों की एंट्री के नए नियम
दिल्ली में अब केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-6 डीजल बसों को मिलेगा प्रवेश
बीएस-6 से नीचे की डीजल बसों पर दिल्ली में प्रवेश प्रतिबंधित
स्कूल, टूरिस्ट और कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बसों पर भी लागू होंगे नियम
आरटीए सोनीपत ने बस संचालकों को समय रहते तैयारी करने के दिए निर्देश

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ईंधन के उपयोग और अनुपालन की व्यापक रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित करने के लिए औद्योगिक इकाइयों में पीटीजेड कैमरे लगाना अनिवार्य किया
नई दिल्ली, 06 अक्तूबर, अभीतक: वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग – सीएक्यूएम – ने एक आदेश में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती स्थानों पर उद्योगों में पैन-टिल्ट-जूम – पीटीजेड – कैमरा लगाना अनिवार्य कर दिया है, ताकि निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित हो और प्रदूषण उत्पन्न करने वाले ईंधन की खपत की वास्तविक समय में व्यापक निगरानी रखी जा सके। इसका उद्देश्य विशेष रूप से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के स्थानों पर औद्योगिक उत्सर्जन से वायु गुणवत्ता पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए, जो सर्दियों के महीनों के दौरान और बढ़ जाता है, उद्योगों द्वारा सतर्कता, निगरानी और अनुपालन मजबूत बनाना है। गैर-अनुमोदित ईंधनों के लगातार इस्तेमाल को देखते हुए, आयोग ने व्यापक निगरानी और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए औद्योगिक इकाई के क्षेत्रों में पीटीजेड कैमरे विस्तारित किए हैं। आयोग ने निर्देश दिया है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड – सीपीसीबी द्वारा पहले से निर्धारित पीटीजेड कैमरा स्थलों के अतिरिक्त, उद्योग अब निम्नलिखित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार 31.10.2026 तक अतिरिक्त पीटीजेड कैमरे लगाएं।

  1. कैमरों का स्थान
    सभी ईंधन भंडारण क्षेत्रों की निगरानी के लिए कैमरे लगाए जाएंगे
    सभी ईंधन चार्जिंग पॉइंट्स की निगरानी के लिए कैमरे लगाए जाएंगे
    गैस आधारित ईंधन के उपयोग की स्थिति में, गैस के गेजध्मीटर को कैमरे द्वारा कैप्चर किया जाना चाहिए
  2. रियल टाइम स्ट्रीमिंग
    वीडियो फीड की रीयल-टाइम स्ट्रीमिंग केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के सर्वरों को उपलब्ध कराई जाएगी
  3. ऊर्जा स्रोत
    सभी उद्योगों को सुनिश्चित करना होगा कि इन कैमरों और कनेक्टिविटी के लिए पर्याप्त पावर बैकअप उपलब्ध हो। इस आदेश में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को वीडियो फीड की रीयल-टाइम स्ट्रीमिंग प्राप्त करने के लिए पोर्टल और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित करने का निर्देश दिया गया है। इससे उद्योगों द्वारा ईंधन उपयोग की दूरस्थ निगरानी में सुविधा होगी और आयोग के वैधानिक निर्देशों के अनुपालन को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उक्त उपायों के कार्यान्वयन की स्थिति संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डध्दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति द्वारा 01.11.2026 तक आयोग को प्रस्तुत करनी होगी। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने औद्योगिक उत्सर्जन से होने वाले प्रदूषण को देखते हुए औद्योगिक उपयोग सहित विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अनुमोदित ईंधनों की एक मानक सूची निर्धारित की थी। हालांकि, आयोग के उड़नदस्तों ने समूचे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में संचालित औद्योगिक इकाइयों के गुप्त निरीक्षण के दौरान कई मामलों में गैर-अनुमोदित ईंधनों के उपयोग की सूचना दी थी। ऐसे ईंधनों के लगातार उपयोग को देखते हुए, आयोग ने माना कि उद्योगों की ईंधन खपत की वास्तविक समय में निगरानी आवश्यक है। दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में खराब वायु गुणवत्ता को देखते हुए और कड़ी सतर्कता, निगरानी और स्व-नियमन द्वारा अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पहले उद्योगों को पैन-टिल्ट-जूम: पीटीजेड कैमरों के साथ ही बिना किसी देरी वाली ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली स्थापित करने का निर्देश दिया था। पीटीजेड कैमरे लगाने के निर्धारित स्थानों में बॉयलर का उपयोग करने वाली कपड़ा और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों में कैमरों को पोर्ट-होल और चिमनी पर इस तरह लगाया जाता है ताकि वहां से निकलने वाली फ्लू गैस या धुएं को स्पष्ट रूप से कैप्चर किया जा सके। जबकि धातु इकाइयों में कैमरों का रुख मुख्य रूप से भट्टी फीडिंग क्षेत्रों और धुआं निष्कर्षण प्रणालियों की तरफ होना चाहिए ताकि भट्टी में कच्चा माल डालते समय या प्रसंस्करण के दौरान निकलने वाले अनियंत्रित उत्सर्जन की निगरानी की जा सके।

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वीबीदृजी राम जी के तहत 375 स्वीकार्य कार्यों की अधिसूचना जारी की
नई अनुसूची में पिछले योजना की तुलना में स्वीकार्य कार्यों का दायरा 41 प्रतिशत तक बढ़ाया गया
जल सुरक्षा के अंतर्गत 128 कार्य, मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचे के अंतर्गत 111 कार्य, आजीविका से जुड़े बुनियादी ढांचे के अंतर्गत 98 कार्य और आपदा तैयारी के अंतर्गत 38 कार्य शामिल

नई दिल्ली, 06 अक्तूबर, अभीतक: ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ‘विकसित भारत: रोजगार और आजीविका मिशन(ग्रामीण) ख्वीबीदृजी राम जी, अधिनियम, 2025’ के अंतर्गत स्वीकार्य कार्यों की अनुसूची को अधिसूचित कर दिया है, जिसके अंतर्गत नए ग्रामीण कार्य ढांचे के तहत 375 स्वीकार्य कार्य प्रदान किए गए हैं। नई अनुसूची पिछले ढाँचे के तहत निर्धारित 266 कार्यों की तुलना में 41 प्रतिशत का विस्तार दर्शाती है। इन कार्यों को चार विषयगत स्तंभोंकृजल सुरक्षा, मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका से संबंधित बुनियादी ढांचा तथा अत्यधिक मौसम की घटनाओं और आपदा तैयारी के लिए विशेष कार्य- के तहत पुनर्गठित किया गया है। नया ढांचा सिर्फ परिसंपत्तियों के पारंपरिक प्रकारों की सूची तक सीमित रहने के बजाय, मजदूरी रोजगार को टिकाऊ ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण और मापनीय विकास परिणामों के साथ जोड़ने का प्रयास करता है। प्रत्येक कार्य की शुरुआत विकसित ग्राम पंचायत योजना के तहत जमीनी स्तर से होने वाली विकेंद्रीकृत नियोजन प्रक्रिया के माध्यम से होगी, जिसे ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित किया जाएगा और इसे ‘विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण बुनियादी ढांचा स्टैक’ के माध्यम से ट्रैक किया जाएगा।
128 कार्यों के साथ जल सुरक्षा को सबसे बड़ा हिस्सा मिला
जल सुरक्षा स्तंभ में 128 कार्य शामिल हैं, जो चारों श्रेणियों में सर्वाधिक हैं। इनमें चेक डैम, गली प्लग, भूमिगत बांध, रिचार्ज शाफ्ट, इंजेक्शन कुएं, नदियों, छोटी नदियों और नालों का पुनरुद्धार, जलभराव वाली भूमि का सुधार तथा खेतों में जल-वितरण चैनलों का जीर्णोद्धार शामिल है। इस अनुसूची में ड्रिप सिंचाई, फव्वारा प्रणाली, छतों पर वर्षा जल संचयन और टांकों के साथ-साथ जल संरक्षण और सिंचाई के लिए बर्फ-स्तूपों तथा कृत्रिम हिमनदों जैसे नए उपायों को भी शामिल किया गया है।
मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचे के लिए 111 कार्य
मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचा स्तंभ में 111 कार्य शामिल हैं, जिनका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक नागरिक और बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान करना है। इनमें सौर स्ट्रीट लाइटिंग, अपशिष्ट से संपदा रीसाइक्लिंग संयंत्र, ग्रे-वॉटर उपचार इकाइयां, कचरा पृथक्करण शेड, ग्रामीण पुस्तकालय, पशु चिकित्सा एवं ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर, बहुउद्देशीय युवा केंद्र, सामुदायिक सुविधाएं तथा सरकारी स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाओं और प्रयोगशालाओं का निर्माण शामिल है। इस ढांचे में जल जीवन मिशन की जलापूर्ति बुनियादी ढांचे की मरम्मत और रखरखाव के साथ-साथ ग्रामीण पार्कों, पैदल पथों और ग्राम स्तर की अन्य सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है।
ग्रामीण आजीविका और मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करने के लिए 98 कार्य
नए ढांचे में आजीविका से संबंधित बुनियादी ढांचे पर विशेष रूप से अधिक जोर दिया गया है, जिसके अंतर्गत 98 स्वीकार्य कार्य शामिल हैं। इस श्रेणी में कृषि-प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन से बुनियादी ढांचा, सफाई, ग्रेडिंग और पैकेजिंग इकाइयां, शीत भंडारण सुविधाएं, मिनी आटा मिलें, कृषि बाजार परिसर, डेयरी अवसंरचना, मशरूम उत्पादन शेड, रेशम उत्पादन शेड, पॉली-हाउस तथा जलीय कृषि संरचनाएं शामिल हैं। इसमें स्वयं सहायता समूहों और उनके संघों के लिए बुनियादी ढांचा का प्रावधान किया गया है, जिसमें एसएचजी कार्यशालाएं, शी मार्ट और संघ भवन, साथ ही प्रशिक्षण-सह-कौशल विकास केंद्र शामिल है। आजीविका से संबंधित कार्यों का हिस्सा उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है, जो नए ढांचे के तहत कुल स्वाकार्य कार्यों का 26 प्रतिशत है, जबकि पिछले ढांचे में यह 1.1 प्रतिशत था।
आपदा तैयारी और जलवायु अनुकूलन के लिए 38 कार्य
पहली बार, ग्रामीण कार्य ढांचे में आपदा तैयारी और चरम मौसम की घटनाओं के लिए एक समर्पित श्रेणी को शामिल किया गया है, जिसके अंतर्गत 38 कार्य निर्धारित किए गए हैं। इनमें बाढ़ राहत आश्रय स्थल, सुरक्षा दीवारें, तटबंधों का सुदृढ़ीकरण, बाढ़ सुरक्षा कार्य, आपदा के बाद ग्रामीण सड़कों और सामुदायिक परिसंपत्तियों का पुनर्स्थापन, तथा जंगल की आग से निपटने के उपाय के रूप में फायर लाइन और ईंधन-बफर क्षेत्र शामिल हैं। इस श्रेणी का उद्देश्य बाढ़, चक्रवात, तूफान, सूखा, भूस्खलन, जंगल की आग और अन्य चरम मौसम की घटनाओं से ग्रामीण समुदायों और परिसंपत्तियों को मजबूत बनाना है।
किसानों, कमजोर परिवारों, महिलाओं और ग्रामीण युवाओं पर विशेष ध्यान
इस अनुसूची में कृषि, कमजोर परिवारों, महिलाओं और ग्रामीण युवाओं पर विशेष जोर दिया गया है। कुल 181 कार्य कृषि और संबद्ध गतिविधियों से संबंधित हैं, जिनमें 52 व्यक्तिगत लाभार्थी कार्य शामिल हैं। इनमें जल, भूमि, वृक्षारोपण, पशुधन और अन्य उत्पादक परिसंपत्तियों से संबंधित कार्य शामिल हैं, जो किसानों को प्रत्यक्ष रूप से सहायता प्रदान कर सकते हैं। अंत्योदय, कमजोर परिवारों के लिए 107 कार्य निर्धारित किए गए हैं, जिनमें 68 व्यक्तिगत लाभार्थी कार्य शामिल हैं। इनमें आवास, स्वच्छता, ऊर्जा, सिंचाई, वृक्षारोपण, पशुधन आश्रय स्थल तथा परिवार स्तर की अन्य परिसंपत्तियों से संबंधित कार्य शामिल हैं। इस ढांचे में नारी शक्ति से संबंधित 36 कार्य और युवा शक्ति से संबंधित 36 कार्य भी शामिल हैं। इनमें महिला समूहों, स्वयं सहायता समूहों(एसएचजी) और संघों के लिए बुनियादी ढांचा, युवा केंद्र, कौशल विकास तथा उद्यम से जुड़े बुनियादी ढांचे शामिल हैं।
समावेशी और भविष्य के लिए तैयार ग्रामीण बुनियादी ढांचा
नई अनुसूची में दिव्यांगजनों की सुगम्यता के लिए स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं, जिनमें सरकारी भवनों में सीढ़ियों और रैंप का निर्माण शामिल है। इसमें सीमावर्ती क्षेत्रों में आपातकालीन निकासी और राहत आश्रय स्थल, नवीकरणीय ऊर्जा बुनियादी ढांचा तथा अपशिष्ट-से-संपदा रीसाइक्लिंग और ग्रे-वॉटर ट्रीटमेंट जैसे चक्रीय अर्थव्यवस्था से संबंधित उपाय भी शामिल हैं।
विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं के माध्यम से कार्यों की योजना
वीबी-जी राम जी के तहत, स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं के माध्यम से कार्यों की योजना बनाई जाएगी और ग्राम सभा द्वारा उन्हें अनुमोदित किया जाएगा। ‘विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण बुनियादी ढांचा स्टैक’ के माध्यम से डिजिटल निगरानी तंत्र, केंद्र, राज्य और स्थानीय योजनाओं के अंतर्गत किए जाने वाले निवेश के अभिसरण को सुगम बनाएगा तथा कार्यों के दोहराव से बचने में भी सहायता प्रदान करेगा। इस तरह, नई अनुसूची का उद्देश्य रोजगार सृजन को जल सुरक्षा, टिकाऊ ग्रामीण बुनियादी ढांचे, आजीविका सृजन, जलवायु अनुकूलन और समावेशी विकास के साथ जोड़ना है, जिससे विकसित भारत/2047 के विजन में योगदान दिया जा सके।

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग-2027: राष्ट्रव्यापी क्विज में 1,45,26,013 लोगों की भागीदारीय चयनित युवा निबंध दौर में शामिल होंगे
चयनित प्रतिभागी 15 अक्टूबर, 2026 तक माय भारत पोर्टल पर 500 शब्दों के निबंध जमा करेंगे

नई दिल्ली, 06 अक्तूबर, अभीतक: मेरा युवा भारत (माय भारत) के माध्यम से युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय की एक प्रमुख युवा जुड़ाव पहल – विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (वीबीवाईएलडी) 2027 ने विकसित भारत क्विज को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। क्विज के प्रति देश भर के युवा भारतीयों ने अत्यधिक रुचि दिखाई, जिसमें चयन प्रक्रिया के दौरान 1,45,26,013 युवाओं की भागीदारी दर्ज की गई। वीबीवाईएलडी 2027 का उद्देश्य युवा नागरिकों को विकसित भारत /2047 के विजन के प्रति अपने विचारों, दृष्टिकोणों और अभिनव समाधानों को साझा करने के लिए एक संरचित, योग्यता-आधारित मंच प्रदान करना है। यह पहल प्रतिभाशाली युवाओं के लिए सार्वजनिक जीवन में भागीदारी के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान करने के अवसर पैदा करने के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप है।
एक योग्यता-आधारित राष्ट्रीय युवा नेतृत्व यात्रा
वीबीवाईएलडी 2027 एक संरचित, बहु-चरणीय चयन प्रक्रिया का अनुसरण करता है, जिसे जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक युवा नेतृत्व की पहचान करने और उसका पोषण करने के लिए डिजाइन किया गया है। विकसित भारत चैलेंज निम्नलिखित पाथवे का अनुसरण करता है।
विकसित भारत क्विज → विकसित भारत निबंध चैलेंज → जिला पीपीटी चैंपियनशिप → राज्यध्केंद्र शासित प्रदेश वीबीवाईएलडी → राष्ट्रीय वीबीवाईएलडी
वीबीवाईएलडी 2027 चयन प्रक्रिया का पहला चरण, विकसित भारत क्विज 17 अगस्त से 30 सितंबर, 2026 तक माय भारत पोर्टल पर आयोजित किया गया था, जिसमें संबंधित क्विज भी मायगॉव प्लेटफॉर्म पर आयोजित की गई थी। क्विज में 20 प्रश्न शामिल थे, जिनमें अधिकतम 20 अंक और 10 मिनट की समय-सीमा थी। क्विज राउंड में क्वालीफाई करने वाले लगभग 5.7 लाख युवा अगले चरण, विकसित भारत निबंध चैलेंज के लिए आगे बढ़ेंगे और क्षेत्र के लिए नामित विषय पर माय भारत पोर्टल पर 500 शब्दों का निबंध प्रस्तुत करेंगे। निबंध और प्रस्तुति दौर के विषय इस प्रकार हैं। विषयों के साथ राज्यों का विस्तृत मानचित्रण माय भारत पोर्टल पर उपलब्ध है।
भविष्य का शासन, शहरी परिवर्तन और नागरिक सेवाएं
जलवायु सुरक्षा, सीमाएं और सतत पर्वतीय विकास

  1. जनसांख्यिकीय लाभांश और मानव पूंजी विकास
  2. सतत औद्योगीकरण और संसाधन आधारित विकास
  3. एक्ट ईस्ट, कनेक्टिविटी और सांस्कृतिक नेतृत्व
  4. विनिर्माण, उद्यमिता और हरित विकास
  5. जनजातीय नेतृत्व, प्राकृतिक संसाधन और समावेशी विकास
  6. नवाचार अर्थव्यवस्था, पर्यटन और रचनात्मक उद्योग
  7. प्रौद्योगिकी, नवाचार, भविष्य की तैयारी
  8. नीली अर्थव्यवस्था, मानव पूंजी और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता
    15 अक्टूबर, 2026 तक माय भारत पोर्टल पर 23 भाषाओं में से किसी में भी निबंध लिखे जा सकते हैं। सबसे होनहार युवा योगदानकर्ताओं को जिला स्तर पर व्यक्तिगत प्रस्तुति दौर के लिए चुना जाएगा, जो पहली बार सभी जिलों में आयोजित किया जाएगा। इसके बाद चयनित प्रतिभागी उस स्तर पर प्रस्तुति देने के लिए राज्यध्केंद्र शासित प्रदेश वीबीवाईएलडी जाएंगे। 10 क्षेत्रीय विषयों के तहत सभी राज्योंध्केंद्र शासित प्रदेशों से चुने गए प्रतिभागी विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (वीबीआईएलडी) के राष्ट्रीय दल का हिस्सा बनेंगे।

युवा शक्ति विकसित भारत की ताकत हैष्रू डॉ. मनसुख मांडविया
युवाओं की भागीदारी को पहचान, अवसर और नेतृत्व में बदलने के लिए माय भारत में अंक, पुरस्कार और मान्यता (पीआरआर) तंत्र

नई दिल्ली, 06 अक्तूबर, अभीतक: केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय मेरा युवा भारत (माय भारत) के माध्यम से स्वयंसेवा, अनुभवात्मक शिक्षा, युवा विकास पहलों और अन्य राष्ट्र निर्माण गतिविधियों में युवाओं की निरंतर भागीदारी को मान्यता देने और प्रोत्साहित करने के लिए एमवाई भारत पोर्टल पर एक अंक, पुरस्कार और मान्यता (पीआरआर) तंत्र को कार्यान्वित कर रहा है। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने राष्ट्र निर्माण प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “युवा शक्ति विकसित भारत की ताकत है। मोदी सरकार माय भारत के पीआरआर तंत्र के माध्यम से युवाओं की भागीदारी को पहचान, अवसर और नेतृत्व में बदल रही है। पीआरआर तंत्र एक संरचित प्रणाली प्रस्तुत करता है जिसके माध्यम से युवाओं को माय भारत पोर्टल पर उनकी सक्रिय भागीदारी के माध्यम से अर्जित अंकों के आधार पर मान्यता, पुरस्कार और अवसर प्राप्त होंगे। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को स्वयंसेवा, अनुभवात्मक शिक्षा, नागरिक सहभागिता और युवा विकास गतिविधियों में निरंतर भागीदारी के लिए प्रेरित करना है, साथ ही उन्हें उच्च लक्ष्यों की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस व्यवस्था के तहत, 1,000 अंक प्राप्त करने वाले युवाओं को माय भारत प्रभाग के निदेशक द्वारा हस्ताक्षरित एक औपचारिक माय भारत मान्यता पत्र दिया जाएगा। 2,500 अंक प्राप्त करने पर, पात्र प्रतिभागियों को माय भारत के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से सम्मानित किया जाएगा, बशर्ते उनके नाम, फोटो और माय भारत आईडी का प्रकाशन सहमति के आधार पर किया जाए। 5,000 अंक प्राप्त करने वाले युवाओं को माय भारत पोर्टल पर बने एक विशेष माय भारत डिजिटल हॉल ऑफ फेम में शामिल किया जाएगा। हॉल ऑफ फेम में उपलब्धि हासिल करने वाले का नाम, माय भारत आईडी, फोटो और सार्वजनिक प्रोफाइल से ली गई संक्षिप्त जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। उचित सुरक्षा उपायों के अधीन, अन्य उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्धि हासिल करने वालों को संदेश भेजने की सुविधा पर भी विचार किया जा सकता है। इस व्यवस्था के तहत उच्च उपलब्धियों पर उत्तरोत्तर बढ़ते पुरस्कार दिए जाते हैं। 7,500 अंक प्राप्त करने वाले युवाओं को मोदी/20 नामक हार्डकवर पुस्तक मिलेगी। 10,000 अंक प्राप्त करने वाले युवा, विलियम डेलरिम्पल द्वारा लिखित द गोल्डन रोड: हाउ एन्शिएंट इंडिया ट्रांसफॉर्म्ड द वर्ल्ड की हस्ताक्षरित हार्डकवर प्रति प्राप्त करने के पात्र होंगे, जिस पर युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री के हस्ताक्षर होंगे। 20,000 अंक प्राप्त करने पर, पात्र प्रतिभागियों को डीके द्वारा लिखित ट्रेजर्स ऑफ इंडिया फ्रॉम एंटीक्विटी टू मॉडर्निटी की हस्ताक्षरित हार्डकवर प्रति मिलेगी, जिस पर केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री के हस्ताक्षर होंगे। पीआरआर तंत्र के अंतर्गत उच्चतर उपलब्धियों का उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को वरिष्ठ नेतृत्व के साथ प्रत्यक्ष संवाद के अवसर प्रदान करना है। 50,000 अंक प्राप्त करने पर, पात्र युवाओं को आगामी विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद (वीबीवाईएलडी) या किसी अन्य उपयुक्त प्रमुख युवा सहभागिता कार्यक्रम के दौरान युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री से मिलने का अवसर मिलेगा। पात्र प्रतिभाओं की पहचान पोर्टल से की जाएगी और उनके विवरण का सत्यापन एमवाई भारत मुख्यालय द्वारा किया जाएगा। 1,00,000 अंकों के उच्चतम प्रस्तावित लक्ष्य पर, पात्र युवाओं को आगामी विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद (वीबीवाईएलडी के दौरान केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री से मिलने का अवसर मिलेगा। चयनित युवाओं की पहचान माय भारत पोर्टल के माध्यम से की जाएगी और उनके विवरण का सत्यापन माय भारत मुख्यालय करेगा। 50,000 और 1,00,000 अंक प्राप्त करने वाले युवाओं के अभिनंदन समारोह का शुभारम्भ अक्टूबर 2027 से प्रस्तावित है। पीआरआर तंत्र एक प्रगतिशील मार्ग स्थापित करता है जो औपचारिक मान्यता और डिजिटल दृश्यता से शुरू होकर मूर्त पुरस्कारों और राष्ट्रीय युवा नेतृत्व मंचों से जुड़ने के अवसरों तक विस्तारित होता है। इस पहल के माध्यम से, माय भारत देश के युवाओं में सहभागिता, सेवा और नेतृत्व की एक सतत संस्कृति का निर्माण करना चाहता है। यह पहल “समर्थ युवा, विकसित भारत” की सोच को मजबूत करती है। इस पहल में यह माना जाता है कि सक्रिय और सशक्त युवा भारत के एक विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। व्यक्तिगत योगदान को मान्यता देकर और आगे की भागीदारी के अवसर सृजित करके पीआरआर तंत्र में युवा नागरिकों को माय भारत के माध्यम से नेतृत्व, सामुदायिक सेवा और राष्ट्र निर्माण की अपनी यात्रा जारी रखने का मौका मिलेगा।

मंत्रिमंडल ने लघु एवं मध्यम उद्यमों में प्रत्यक्ष इक्विटी निवेश के लिए एसएमई ग्रोथ फंड की स्थापना हेतु 10,000 करोड़ रुपए की मंजूरी दी
नई दिल्ली, 06 अक्तूबर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत के लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) के लिए विकासोन्मुखी पूंजी जुटाने और विनिर्माण, सेवा, प्रौद्योगिकी, नवाचार-संचालित क्षेत्रों और रणनीतिक मूल्य श्रृंखलाओं में अग्रणी भारतीय उद्यमों के उदय को सक्षम बनाने के उद्देश्य से एसएमई विकास कोष (एसजीएफ) की स्थापना के लिए 10,000 करोड़ रुपए की मंजूरी दी। यह पहल केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई उन व्यापक घोषणाओं के अनुरूप है, जिनका उद्देश्य समग्र रूप से एमएसएमई परतिंत्र के लिए इक्विटी, नकद उपलब्धता और पेशेवर सहायता प्रदान करना था। कोष आवंटन के तहत कई उपाय हैं जो इक्विटी सहायता प्रदान करते हैं, लेकिन उनमें से अधिकांश प्रारंभिक चरण के उद्यमों पर ध्यान केंद्रित करते हैं और मुख्य रूप से सूक्ष्म उद्यमों को कवर करते हैं। लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए इक्विटी विकास पूंजी में संरचनात्मक कमी मौजूद है। यह ऐतिहासिक पहल देश के उद्यमिता तंत्र को मजबूती प्रदान करके, विकास के चरण में मौजूद उद्यमों के लिए घरेलू पूंजी बाजार को सुदृढ़ करने तथा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम भारतीय कंपनियों की एक नई पीढ़ी का निर्माण करके, विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को साकार करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। लघु एवं मध्यम उद्यम (एसएमई) भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जो रोजगार सृजन, निर्यात, विनिर्माण उत्पादन और नवाचार में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। हालांकि, विभिन्न पहलों के माध्यम से एसएमई के लिए ऋण तक पहुंच में सुधार हुआ है, फिर भी उन उद्यमों के लिए आवश्यक दीर्घकालिक जोखिम पूंजी की उपलब्धता में कमी बनी हुई है, जो विस्तार करना, नवाचार करना, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करना, उन्नत प्रौद्योगिकियों को अपनाना, अधिग्रहण करना और उद्योग जगत में अग्रणी बनना चाहते हैं। एसएमई ग्रोथ फंड इस महत्वपूर्ण वित्तपोषण कमी को दूर करने के लिए बनाया गया है। इसके अंतर्गत उच्च क्षमता वाले एसएमई को विकास इक्विटी पूंजी प्रदान की जाएगी। इस फंड की परिकल्पना उद्यमों को उनके विकास के महत्वपूर्ण मोड़ पर सहायता देने के लिए परिवर्तनकारी साधन के रूप में की गई है। एसजीएफ से प्राप्त अधिकांश राशि लघु एवं मध्यम विनिर्माण केंद्रित उद्यमों को आवंटित की जाएगी। इस फंड को टियर-प्प् और टियर-प्प्प् शहरों के औद्योगिक समूहों में कार्यरत एसएमई पर भी विचार किया जाएगा। दीर्घकालिक पूंजी उपलब्ध कराकर, यह पहल देश के लघु एवं मध्यम उद्यमों को परिचालन बढ़ाने, प्रौद्योगिकी और विनिर्माण क्षमता में निवेश करने, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार करने, वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में एकीकृत होने और रणनीतिक निवेश करने में सक्षम बनाएगी। सरकार को उम्मीद है कि यह कोष उन भारतीय कंपनियों की एक मजबूत श्रृंखला के उदय को गति देगा जिनमें अपने-अपने क्षेत्रों में अग्रणी बनने के लिए आवश्यक क्षमता, नवाचार क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मकता होगी। एसएमई ग्रोथ फंड के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता, सुधार, डिजिटलीकरण पहल, ऋण सहायता तंत्र, व्यापार सुगमता, सार्वजनिक खरीद सुधार, स्टार्टअप प्रोत्साहन पहल और उत्पादन आधारित प्रोत्साहन कार्यक्रमों के माध्यम से एसएमई क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों के अनुरूप है। इस पहल के अंतर्गत सरकार औद्योगिक विकास कोष ढांचे के अंतर्गत स्थापित वैकल्पिक निवेश कोष में कुल 10,000 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। विनिर्माण उद्यमों को क्षमता विस्तार करने, उन्नत प्रौद्योगिकियों को अपनाने और बड़े पैमाने पर उत्पादन करने में सक्षम बनाकर, एसजीएफ से उत्पादकता में सुधार और निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूती मिलने की उम्मीद है। टियर-प्प् और टियर-प्प्प् के शहरों सहित औद्योगिक समूहों में निवेश से संतुलित क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूती मिलेगी और उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस पहल के माध्यम से उद्यमियों को सशक्त बनाने और प्रतिस्पर्धी उद्यमों की एक नई पीढ़ी को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि होती है। उच्च विकास दर वाले लघु एवं मध्यम उद्यमों में निवेश को बढ़ावा देकर, यह कोष अग्रणी उद्यमियों का निर्माण करने, नवाचार-आधारित औद्योगीकरण को गति देने और देश भर में गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर सृजित करने में सहायक होगा। यह पहल 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में कार्य करेगी।

मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को उनके 25 वर्षों के निरंतर, अखंड नेतृत्व पर बधाई देने का प्रस्ताव पारित किया
नई दिल्ली, 06 अक्तूबर, अभीतक: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष तक निरंतर नेतृत्व पूर्ण करने पर बधाई देने वाला प्रस्ताव पारित किया है। यह मात्र एक औपचारिक सम्मान से कहीं अधिक राष्ट्र प्रथम और नागरिक प्रथम के सिद्धांत से निर्देशित प्रधानमंत्री मोदी की असाधारण यात्रा का उत्सव है। गुजरात में तीन बार मिले प्रचंड जनादेश और लगातार तीन लोकसभा चुनावों में मिले समर्थन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जनता का अटूट विश्वास झलकता है। ये दस प्रमुख विशेषताएं गुजरात में उनके नेतृत्व और भारत में उनके नेतृत्व को जोड़ने वाले अखंड सूत्र को दर्शाती हैं।
गुजरात से भारत तक विकास के दृष्टिकोण का विस्तार
इस प्रस्ताव में बताया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने किस प्रकार गुजरात की सफल पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया। स्वागत (एसडब्ल्यूएजीएटी) पहल जिसके माध्यम से उन्होंने व्यक्तिगत रूप से नागरिकों की शिकायतें सुनीं, उसको 2010 में संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा पुरस्कार मिला। बाद में इसी पहल ने प्रगति (पीआरएजीएटीआई) को प्रेरित किया जिसने सरकारों को एक साथ लाकर रुकी हुई परियोजनाओं की समीक्षा करने, बाधाओं को दूर करने और उन्हें पूरा करने में तेजी लाने का काम किया। इसी तरह कृषि के लिए ज्योतिग्राम की अलग विद्युत लाइनें एक राष्ट्रीय दृष्टिकोण बन गईं जिससे गुजरात के अनुभव का संपूर्ण भारत में विस्तार हुआ।
गरीबों के प्रति करुणा ने व्यापक स्तर पर सम्मान का रूप ले लिया
प्रधानमंत्री मोदी की गरीबी के प्रति संवेदनशीलता उनकी मां को रोजमर्रा की कठिनाइयों से जूझते हुए देखने और यात्राओं के दौरान अभाव का सामना करने से विकसित हुई। यह प्रस्ताव इन अनुभवों को घरों, पानी, बैंकिंग और स्वास्थ्य सेवाओं को उपलब्ध कराने वाले कार्यक्रमों से जोड़ता है। लगभग 60 करोड़ जन धन खाते, 4 करोड़ से अधिक घर और 25 करोड़ लोगों का गरीबी से बाहर निकलना यह दर्शाता है कि किस प्रकार व्यक्तिगत समझ सार्वजनिक कार्रवाई में बदल गई जिससे परिवारों को सम्मान मिला।
सशक्तिकरण से समाज के सभी क्षेत्रों में अवसर खुले
इस प्रस्ताव में प्रधानमंत्री मोदी का लोगों को अपना भविष्य संवारने में सहायता करने का संकल्प स्पष्ट रूप से झलकता है। लगभग 3.5 करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बनीं, वहीं नारी शक्ति वंदन अधिनियम के अंतर्गत महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया। स्टार्टअप, कौशल विकास और शिक्षा संबंधी सुधारों ने युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार किया। पीएम-किसान योजना के अंतर्गत 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक का हस्तांतरण हुआ, जबकि पीएम-जनमन योजना ने विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समुदायों को लक्षित सहायता प्रदान की जिससे ऐतिहासिक रूप से पिछड़े समुदायों तक विकास का विस्तार हुआ।
सुधार के प्रति अटूट प्रतिबद्धता
इस प्रस्ताव में राजनीतिक जोखिमों के बावजूद सुधारों को आगे बढ़ाने की प्रधानमंत्री मोदी की तत्परता पर विशेष बल दिया गया है। जीएसटी, कल्याणकारी वितरण में सुधार और औपनिवेशिक कानूनों का प्रतिस्थापन दीर्घकालिक चुनौतियों से निपटने के उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाते हैं। स्वच्छता, डिजिटल भुगतान और स्थानीय उत्पादों पर उनकी अपीलों ने नागरिकों को बदलाव के लिए प्रेरित किया। सुधार उनके नेतृत्व की निरंतर प्रतिबद्धता के रूप में उभरता है जिसे दृढ़ विश्वास, जनभागीदारी और राष्ट्रीय उद्देश्य से बल मिलता है।
आत्मनिर्भर भारत की नींव का निर्माण
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। साथ ही राजमार्गों का विस्तार और रेलवे का विद्युतीकरण भी हुआ। इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन लगभग 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 13 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। रक्षा उत्पादन और सेमीकंडक्टर विनिर्माण भारत की आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता को मजबूत करने के उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाते हैं।
प्रौद्योगिकी से नागरिकों की सेवा और राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा का विस्तार
प्रधानमंत्री मोदी का प्रौद्योगिकी पर विश्वास रोजमर्रा की सेवाओं और वैज्ञानिक क्षेत्र में हासिल की गई उपलब्धियों से स्पष्ट होता है। जन धन, आधार और मोबाइल संपर्क ने कल्याणकारी योजनाओं के वितरण में सुधार किया जबकि यूपीआई ने भुगतान प्रणाली का कायाकल्प कर दिया। भारत में कोविड-19 के टीके विकसित करना और चंद्रयान-3 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट उतारना, प्रधानमंत्री मोदी के वैज्ञानिक रूप से सक्षम, स्वावलंबी और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को दर्शाता है। निजी क्षेत्र की अंतरिक्ष संबंधी मामलों में भागीदारी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में किए जा रहे कार्य, संकल्प में उल्लिखित इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हैं किरू प्रौद्योगिकी जीवन को बेहतर बनाते हुए राष्ट्रीय संभावनाओं का विस्तार करती है।

  1. उथल-पुथल भरे समय में दृढ़ नेतृत्व
    इस प्रस्ताव में वैश्विक उथल-पुथल के दौर में भारत को दिशा देने की प्रधानमंत्री मोदी की क्षमता को उजागर किया गया है। कोविड-19 के दौरान उन्होंने देश को एकजुट किया, घरेलू टीकों के विकास का समर्थन किया और त्वरित टीकाकरण को संभव बनाया। पश्चिम एशिया संकट के दौरान समय पर लिए गए निर्णयों और ऊर्जा सुरक्षा संबंधी उपायों ने भारत को व्यवधानों का सामना करने में मदद की। उनके नेतृत्व ने वर्षों से विकसित क्षमताओं के साथ-साथ तत्काल प्रतिक्रियाओं को भी शामिल किया जिससे देश को कठिन समय में सामर्थ्य के साथ आत्मविश्वास मिला।
  2. निर्णायक नेतृत्व से शांति और आत्मविश्वास सुनिश्चित हुआ
    2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 की बालाकोट हवाई हमले और 2025 का ऑपरेशन सिंदूर, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में स्थापित राष्ट्रीय सुरक्षा की रणनीतिक सीमाओं को दर्शाते हैं। प्रस्ताव में इन्हें अनुच्छेद 370 को हटाने, एक रैंक एक पेंशन और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद के सृजन के साथ रखा गया है। माओवादी आतंकवाद के विरुद्ध कार्रवाई और पूर्वोत्तर में शांति प्रयासों से ऐसे नेतृत्व का पता चलता है जो राष्ट्रीय संकल्प को विकास, स्थिरता और जनविश्वास के साथ जोड़ता है।
  3. विश्व मंच पर भारत का प्रभाव और महत्व बढ़ रहा है
    इस प्रस्ताव में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को प्रधानमंत्री मोदी की विभिन्न मतभेदों के बावजूद सहयोग स्थापित करने की क्षमता से जोड़ा गया है। जी20 और ब्रिक्स सम्मेलनों में सर्वसम्मति का निर्माण, विकासशील और पिछड़े देशों के पक्ष का समर्थन और अफ्रीकी संघ का जी20 में शामिल होना उनके कूटनीतिक नेतृत्व को दर्शाता है। वैक्सीन मैत्री अभियान ने यह सिद्ध कर दिया कि भारत की क्षमताएं दूसरों के लिए किस प्रकार उपयोगी हो सकती हैं। 36 देशों से प्राप्त सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को प्राप्त अंतरराष्ट्रीय सम्मान और साझा समाधानों में भारत के बढ़ते प्रभाव और योगदान को रेखांकित करते हैं।
  4. प्रगति को विरासत और उत्तरदायित्व से शक्ति मिलती है
    प्रधानमंत्री मोदी की दूरदृष्टि विकास, सांस्कृतिक आत्मविश्वास और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व को एक साथ जोड़ती है। जलवायु परिवर्तन संबंधी कार्यों में गुजरात के समर्पित विभाग से लेकर नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों तक प्रगति हुई है। योग, मोटे अनाज, काशी विश्वनाथ धाम और रामलला की प्रतिमा की स्थापना ने भारत के उसकी विरासत से संबंध को और भी मजबूती प्रदान की है। यह प्रस्ताव 2047 तक समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के सामूहिक प्रयास की उनकी दूरदृष्टि के प्रति नवप्रवर्तित प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

थल सेना अध्यक्ष (सीओएएस) ने नई दिल्ली में संयुक्त भारत-अर्जेंटीना सेना पर्वतारोहण अभियान दल का स्वागत किया
नई दिल्ली, 06 अक्तूबर, अभीतक: थल सेना अध्यक्ष (सीओएएस) जनरल धीरज सेठ ने आज नई दिल्ली में संयुक्त भारत-अर्जेंटीना सेना पर्वतारोहण अभियान के सदस्यों का स्वागत किया, जिन्होंने 17 सितंबर को माउंट अबी गामिन (7,355 मीटर) और 21 सितंबर 2026 को माउंट कामेट (7,756 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई पूरी की थी। उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित माउंट कामेट, माउंट कंचनजंगा और माउंट नंदा देवी के बाद भारत की तीसरी सबसे ऊंची चोटी है। लेफ्टिनेंट कर्नल चिराग चटर्जी के नेतृत्व में 35 सदस्यीय इस अभियान दल में भारतीय सेना के 25 और अर्जेंटीना सेना के 10 जवान शामिल थे, जिसे 21 अगस्त 2026 को मानेकशॉ सेंटर, नई दिल्ली से रवाना (फ्लैग ऑफ) किया गया था। हिमालय की बेहद कठिन परिस्थितियों में काम करते हुए, पर्वतारोहियों ने अत्यधिक ठंड, तेज हवाओं, बर्फ के इलाकों, खड़ी चट्टानों, गहरी दरारों (क्रेवासेज) और ऊंचाई वाले इलाकों की अन्य चुनौतियों का सामना करते हुए दोनों चोटियों पर विजय प्राप्त की। यह उपलब्धि उनकी शारीरिक क्षमता, तकनीकी दक्षता, मानसिक दृढ़ता और बेहतरीन आपसी तालमेल को दर्शाती है। यह अभियान दोनों सेनाओं के बीच तीसरा संयुक्त पर्वतारोहण अभियान है, इससे पहले जनवरी 2025 में अर्जेंटीना के मेंडोजा में माउंट एकोनकागुआ (6,962 मीटर) और अगस्त 2025 में लद्दाख की सुरू घाटी में माउंट कुन (7,077 मीटर) पर दो अभियान सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। लगातार हुए इन अभियानों ने भारतीय और अर्जेंटीना की सेनाओं के बीच पेशेवर सहयोग, आपसी तालमेल (इंटोपरएबिलिटी), सौहार्द और आपसी विश्वास को और मजबूत किया है, साथ ही उन्हें अत्यधिक ऊंचाई वाले दुर्गम वातावरण में एक साथ मिलकर काम करने का बहुमूल्य अनुभव भी प्रदान किया है।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन का अधिक ऊंचाई वाले उन्नत पैराशूट का पहला लाइव जंप परीक्षण सफलतापूर्वक संचालित
नई दिल्ली, 06 अक्तूबर, अभीतक: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन दृ डीआरडीओ ने अधिक ऊंचाई वाले ड्रॉप जोन में से एक, पूर्वी लद्दाख स्थित न्योमा (मुध) ड्रॉप जोन में एडवांस्ड हाई-एल्टीट्यूड पैराशूट का पहला लाइव जंप परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया है। इस परीक्षण के दौरान पैराट्रूपर ने समुद्र तल से 16,000 फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई, पैराशूट 15,500 फीट की ऊंचाई पर खुला और लगभग 13,700 फीट की ऊंचाई पर स्थित न्योमा मुध ड्रॉप जोन पर सुरक्षित लैंडिंग हुई। इस छलांग ने अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एडवांस्ड हाई-एल्टीट्यूड पैराशूट की प्रभावशीलता और सामरिक उपयोगिता सिद्ध की। आगरा स्थित एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट द्वारा डिजाइन और विकसित एडवांस्ड हाई-एल्टीट्यूड पैराशूट बड़ी संख्या में पैराट्रूपर्स ड्रॉप के लिए स्टैटिक लाइन पैराशूट सिस्टम है। इस तकनीक में पैराशूट विमान से जुड़ी एक स्थिर रस्सी – स्टैटिक लाइन – के माध्यम से स्वचालित रूप से तुरंत खुल जाता है। यह प्रणाली मुख्य रूप से सैन्य अभियानों और पैराट्रूपर्स द्वारा सामूहिक युद्धक छलांगों के लिए उपयोग की जाती है। इस प्रणाली का निर्माण कानपुर की ऑर्डनेंस पैराशूट फैक्ट्री ने किया है। रक्षा उत्पादन विभाग के गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशालय द्वारा इसका निरीक्षण तथा सैन्य विमानन योग्यता एवं प्रमाणन केंद्र, क्षेत्रीय सैन्य उड़नयोग्यता केंद्र कानपुर द्वारा प्रमाणन किया गया है। एडवांस्ड हाई-एल्टीट्यूड पैराशूट विभिन्न तैनाती विकल्प प्रदान करता है। इसकी परिचालन ऊंचाई सीमा 18000 फीट तक विस्तृत है और इसकी उतरने की दर सबसे सुरक्षित है, जो विशेष रूप से भारतीय रक्षा बलों की अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों की सामरिक आवश्यकताओं के लिए उपयुक्त है। इतनी अधिक ऊंचाई पर स्थिर लाइन पैराशूट से कूदना जटिल और स्वाभाविक रूप से जोखिम भरा होता है, क्योंकि खुलने पर बहुत तेज झटका लगता है और उतरने की दर भी बहुत अधिक होती है। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने स्वदेशी पैराशूट प्रणाली एएचएपी के प्रथम लाइव जंप के सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ, रक्षा बलों, रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रम और उद्योग जगत को बधाई देते हुए इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और बड़ा कदम बताया। रक्षा सचिव और रक्षा अनुसंधान एवं विकास सचिव एवं डीआरडीओ के अध्यक्ष श्री राजेश कुमार सिंह ने भी इस प्रणाली के डिजाइन और विकास से जुड़े सदस्यों को बधाई दी।

रक्षा मंत्री ने विशाखापत्तनम के हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड में पहला स्वदेशी फ्लीट सपोर्ट शिप श्सूर्यश् का जलावतरण किया
एफएसएस1 का शुभारंभ सफलता का प्रतीक है, एफएसएस5 की नींव रखा जाना दृढ़ संकल्प का प्रतीक है और नया स्लिपवे हमारी बढ़ती क्षमता का प्रतीक है: श्री राजनाथ सिंह
हमें हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड को गुणवत्ता, उत्पादकता और समयबद्ध वितरण के लिए मानक बनाना होगा
विशाखापत्तनम को एक प्रमुख समुद्री औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए

नई दिल्ली, 06 अक्तूबर, अभीतक: रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 6 अक्टूबर, 2026 को विशाखापत्तनम स्थित हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (एचएसएल) में पहला फ्लीट सपोर्ट शिप (एफएसएस-1) लॉन्च किया। इसके साथ ही उन्होंने पांचवें फ्लीट सपोर्ट शिप (एफएसएस-5) की नींव रखी और उन्नत स्लिपवे-4 तथा 300 टन क्षमता वाली गोलियाथ क्रेन का उद्घाटन भी किया। यह उपलब्धि एचएसएल की बड़े और अधिक महत्वपूर्ण जहाजों के निर्माण की क्षमता को सुदृढ़ करने तथा भारत की स्वदेशी समुद्री क्षमता को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। रक्षा मंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इन तीनों उपलब्धियों का महत्व व्यक्तिगत उपलब्धियों से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि एफएसएस1 का जलावतरण सफलता का प्रतीक है, एफएसएस5 की नींव रखा जाना दृढ़ संकल्प का प्रतीक है और नया स्लिपवे हमारी बढ़ती क्षमता को दर्शाता है।” उन्होंने आगे कहा कि हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड न केवल अपनी जहाज निर्माण क्षमता को मजबूत कर रहा है, बल्कि भारत की समुद्री शक्ति की नींव को भी सशक्त कर रहा है। स्वतंत्र भारत में निर्मित पहले जहाज जल उषा के 1948 में विशाखापत्तनम में जलावतरण को याद करते हुए रक्षा मंत्री ने भारत की दीर्घकालिक समुद्री विरासत पर प्रकाश डाला और कहा कि देश का समुद्र से संबंध प्राचीन काल से है। उन्होंने एचएसएल को भारत की राष्ट्रीय समुद्री क्षमता का संरक्षक बताया और आठ दशकों से अधिक समय से देश की समुद्री और रक्षा आवश्यकताओं में इसके योगदान की सराहना की। रक्षा मंत्री ने रक्षा मंत्रालय के अधीन आने के बाद एचएसएल के 2025 में मिनीरत्न श्रेणी-प् का दर्जा प्राप्त करने को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया, जो इसके रूपांतरण और निरंतर प्रयासों को दर्शाता है।
फ्लीट सपोर्ट शिप नौसेना की पहुंच और क्षमता को सुदृढ़ करेंगे
रक्षा मंत्री ने फ्लीट सपोर्ट शिप कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये पोत हिंद महासागर क्षेत्र में नौसेना की पहुंच, क्षमता और परिचालन क्षमता को मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि दूरस्थ समुद्री क्षेत्रों में लंबे समय तक परिचालन करने वाली नौसेना को न केवल युद्धपोतों की बल्कि रसद, रखरखाव, निरंतर समर्थन और परिचालन क्षमता की भी आवश्यकता होती है। फ्लीट सपोर्ट शिप समुद्री आपूर्ति और नौसैनिक अभियानों को निरंतर समर्थन प्रदान करके यह आवश्यक क्षमता उपलब्ध कराते हैं। रक्षा मंत्री ने एफएसएस-1 के शुभारंभ को नौसेना की परिचालन पहुंच और क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जबकि एफएसएस-5 की नींव रखे जाने को भारत के समुद्री भविष्य के लिए एक और मजबूत आधारशिला बताया। नेवी वाइव्स वेलनेस एसोसिएशन (एनडब्ल्यूडब्ल्यूए) की अध्यक्ष श्रीमती लैला स्वामीनाथन द्वारा पारंपरिक सम्मान समारोह संपन्न किए जाने के बाद, एफएसएस-1 श्सूर्यश् का शुभारंभ किया गया। उपस्थित लोगों की हर्षध्वनि के बीच यह पोत बंगाल की खाड़ी में प्रवेश कर गया। एचएसएल द्वारा स्वदेशी रूप से निर्मित इस फ्लीट सपोर्ट शिप में उन्नत कार्गो एवं तरल पदार्थ परिवहन क्षमताएं, अत्याधुनिक रखरखाव कार्यशालाएं, बहु-भूमिका हेलीकॉप्टर संचालन के लिए एक समर्पित हेलीकॉप्टर डेक तथा आत्मरक्षा प्रणालियां शामिल होंगी।
बड़े जहाज निर्माण कार्यक्रमों को गति देने के लिए अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा
उन्नत स्लिपवे-4 का विस्तार और सुदृढ़ीकरण किया गया है ताकि एचएसएल 45,000 डीडब्ल्यूटी तक के जहाजों का निर्माण और जलावतरण कर सके। स्लिपवे 3 और 4 को जोड़ने वाली 300 टन की गोलियाथ क्रेन को मेक इन इंडिया के तहत मेसर्स एल एंड टी जियोस्ट्रक्चर और कोनेक्रेन्स द्वारा डिजाइन और निर्मित किया गया है। पीएलसी नियंत्रण, वेरिएबल फ्रीक्वेंसी ड्राइव, टैंडम लिफ्टिंग, रिमोट डायग्नोस्टिक्स और कंडीशन मॉनिटरिंग से लैस यह क्रेन आधुनिक ब्लॉक निर्माण के लिए भारी ब्लॉकों को तेजी से और अधिक सटीक रूप से संभालने में सक्षम बनाएगी। यह नया बुनियादी ढांचा एचएसएल की बड़े और अधिक महत्वपूर्ण जहाज निर्माण कार्यक्रमों को पूरा करने और आधुनिक ब्लॉक निर्माण की क्षमता को सुदृढ़ करेगा।
देश के समुद्री भविष्य में आंध्र प्रदेश की भूमिका और भी महत्वपूर्ण होगी
रक्षा मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भरता एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता अगला बड़ा कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय शिपयार्ड को गुणवत्ता, लागत, प्रौद्योगिकी, वितरण और विश्वसनीयता के मामले में दुनिया के अग्रणी शिपयार्ड के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम होना चाहिए। रक्षा मंत्री ने एचएसएल को आंध्र प्रदेश के व्यापक औद्योगिक तंत्र के साथ और अधिक मजबूती से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम आपूर्तिकर्ता बन सकते हैं, विश्वविद्यालय अनुसंधान और कौशल विकास में योगदान दे सकते हैं, प्रौद्योगिकी कंपनियां डिजिटल जहाज निर्माण में सहयोग कर सकती हैं और स्टार्टअप समुद्री प्रौद्योगिकियों का विकास कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि लक्ष्य एचएसएल के इर्द-गिर्द एक समग्र जहाज निर्माण तंत्र विकसित करना होना चाहिए, जिसे मजबूत रसद व्यवस्था, बंदरगाह अवसंरचना, अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी तथा कुशल मानव संसाधन का सहयोग प्राप्त हो। रक्षा मंत्री ने विशाखापत्तनम के रणनीतिक महत्व पर बल देते हुए कहा कि पूर्वी नौसेना कमान, नौसेना डॉकयार्ड, एचएसएल और विशाखापत्तनम बंदरगाह की उपस्थिति शहर को एक एकीकृत समुद्री तंत्र की नींव प्रदान करती है। उन्होंने नौसेना विशेषज्ञता, जहाज निर्माण क्षमता, इंजीनियरिंग प्रतिभा, बंदरगाह अवसंरचना और कुशल मानव संसाधन को एक साथ लाकर विशाखापत्तनम को एक प्रमुख समुद्री औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने का आह्वान किया। रक्षा मंत्री ने नौसेना, एचएसएल, डीआरडीओ, शिक्षा जगत, उद्योग, एमएसएमई और स्टार्टअप को शामिल करते हुए एक एकीकृत राष्ट्रीय समुद्री तंत्र की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की समुद्री शक्ति का निर्माण केवल नौसेना या शिपयार्ड से नहीं हो सकता, इसमें सभी हितधारकों के बीच तालमेल होना चाहिए। रक्षा मंत्री ने कहा, “हमारा लक्ष्य सरल और स्पष्ट होना चाहिए- बेहतर डिजाइन करें। तेजी से निर्माण करें। समय पर डिलीवरी करें। कुशलतापूर्वक संचालन करें और प्रभावी ढंग से रखरखाव करें।” उन्होंने कहा कि पिछले दशक में भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं, जिसमें अत्याधुनिक प्रणालियों और प्लेटफार्मों के घरेलू डिजाइन व निर्माण पर अधिक ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने समय पर डिलीवरी, उत्पादकता, स्वदेशी डिजाइन क्षमता, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, कुशल जनशक्ति, क्षमता और लागत प्रतिस्पर्धात्मकता को उन प्रमुख क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया जो भारत की जहाज निर्माण क्षमता को वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में बदलने की क्षमता निर्धारित करेंगे। एचएसएल के लिए प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए, उन्होंने समय पर आपूर्ति को एक संगठनात्मक संस्कृति बनाने, अग्रणी वैश्विक जहाज निर्माताओं से सीखने, स्वदेशी निर्माण क्षमता को मजबूत करने, एमएसएमई और स्टार्टअप के साथ साझेदारी करने और क्रमिक विकास क्षमता बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने नौसेना और शिपयार्डों के बीच प्रगाढ़ समन्वय के महत्व पर भी जोर दिया। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि भारत का उद्देश्य आत्मनिर्भरता से आगे बढ़कर वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता तक पहुंच होना चाहिए। भारतीय शिपयार्डों को मित्र देशों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की सेवा करने तथा समुद्री प्रौद्योगिकी, जहाज मरम्मत एवं रखरखाव सेवाओं और इंजीनियरिंग विशेषज्ञता में वैश्विक उपस्थिति विकसित करने का प्रयास करना चाहिए। इन कार्यक्रमों में नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, आंध्र प्रदेश के सड़क, भवन, अवसंरचना एवं विकास मंत्री श्री जनार्दन रेड्डी, विशाखापत्तनम के सांसद श्री भारत मथुकुमिल्ली, रक्षा उत्पादन सचिव श्री संजीव कुमार, पूर्वी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय भल्ला, पूर्वी तट के तटरक्षक कमांडर अपर महानिदेशक डोनी माइकल, एचएसएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रियर एडमिरल सी रघुराम (सेवानिवृत्त) और भारतीय नौसेना तथा रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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