



संस्कारम पब्लिक स्कूल में युवा संवाद का आयोजन, 250 युवाओं ने ली लोकतांत्रिक शपथ’
झज्जर, 29 अक्तूबर, अभीतक: युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत मेरा युवा भारत (डल् ठींतंज), झज्जर द्वारा संस्कारम पब्लिक स्कूल में ष्विकसित भारत युवा संवादरू अपना वोट जानेंष् कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 250 विद्यार्थियों व युवाओं ने भाग लिया और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जागरूक भागीदारी का संकल्प लिया। यह आयोजन देशभर के 500 विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों व शैक्षणिक संस्थानों में 26 अक्टूबर से 5 नवंबर तक चल रहे राष्ट्रव्यापी विकसित भारत युवा संवाद अभियान का हिस्सा है।
यूथ आइकॉन दीक्षिता गुलिया ने बताया वोट का महत्व
कार्यक्रम में दीक्षिता गुलिया यूथ आइकॉन के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने मतदान के महत्व, निर्वाचन प्रक्रिया और लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। स्क्रीन पर प्रस्तुति के माध्यम से भारत में मतदाता सूची के इतिहास की भी जानकारी दी गई, ताकि विद्यार्थी जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा ले सकें।
वाइस प्रिंसिपल प्रीति गोयल ने दिया सजग नागरिक बनने का संदेश
संस्कारम पब्लिक स्कूल की वाइस प्रिंसिपल श्रीमती प्रीति गोयल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वोट के महत्व और मताधिकार के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को सजग नागरिक बनने और 18 वर्ष के होते ही मतदाता के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। मेरा युवा भारत, झज्जर की ओर से वाइस प्रिंसिपल को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित भी किया गया।
संवाद सत्र में विद्यार्थियों ने पूछे सवाल, स्पोर्ट्स आइकॉन पूजा भी रहीं मौजूद’
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों और यूथ आइकॉन के बीच हुआ संवाद सत्र रहा। प्रतिभागियों ने युवा सहभागिता, नागरिक जिम्मेदारियों और पहली बार मतदान करने वाले युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे और अपने विचार रखे। एशियन गेम्स प्रतिभागी सुश्री पूजा स्पोर्ट्स आइकॉन के रूप में उपस्थित रहीं और विद्यार्थियों को खेल व अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
लोकतांत्रिक शपथ के साथ समापन
कार्यक्रम का समापन लोकतांत्रिक शपथ के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने लोकतांत्रिक मूल्यों, जागरूक भागीदारी और जिम्मेदार नागरिकता के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। अंत में उपनिदेशक अर्शदीप ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। मेरा युवा भारत, झज्जर की ओर से जय शंकर, ज्योति, जसबीर, मनीष योगी (छब्ब्), दीपक, दीपेन्द्र, आकाश, ऋतु कुमार, हर्ष, रवि और हनी उपस्थित रहे। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं के निकट लाकर ऐसी पीढ़ी तैयार करना है, जो विकसित भारत /2047 के संकल्प में सक्रिय भागीदार बने।

साइबर ठगी के मामले में उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश के पांच आरोपी गिरफ्तार, ₹90 हजार की धोखाधड़ी के मामले में थाना साइबर क्राइम झज्जर की कार्रवाई’
झज्जर, 29 अक्तूबर, अभीतक: डीसीपी मुख्यालय झज्जर फैसल खान के दिशा-निर्देशन में साइबर अपराध करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में साइबर थाना झज्जर की पुलिस टीम ने मोबाइल फोन हैक होने के बाद ₹90,000 की साइबर ठगी के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। थाना साइबर क्राइम थाना झज्जर के प्रबंधक निरीक्षक दर्शन सिंह ने बताया कि 28 सितंबर 2026 को दर्ज इस मामले में शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी गई है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 22 सितंबर 2026 को उसका मोबाइल फोन हैक हो गया था। फोन ठीक करवाने के बाद उसे पता चला कि उसके बैंक खाते से कुल ₹90,000 निकाल लिए गए हैं। बैंक से जानकारी लेने पर साइबर धोखाधड़ी का पता चला। इसके बाद शिकायतकर्ता ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई।शिकायत के आधार पर थाना साइबर झज्जर में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस टीम ने शिकायतकर्ता के बैंक खाते की स्टेटमेंट का अध्ययन किया और संबंधित बैंक से रिकॉर्ड प्राप्त किया। जांच में धोखाधड़ी से प्राप्त ₹50,000 की राशि एक बैंक खाते में ट्रांसफर होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने संबंधित बैंक खाते के धारक की पहचान कर जांच को आगे बढ़ाया।सबसे पहले आरोपी अमित कुमार गांव नगला कोयल, जिला हरिद्वार, उत्तराखंड को गिरफ्तार किया गया। आरोपी से पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर मामले में अन्य आरोपियों की संलिप्तता सामने आई।इसके बाद पुलिस टीम ने अन्य चार आरोपियों हर्ष तेज्यान निवासी नगला कोयल, जिला हरिद्वार, उत्तराखंड,नितिन निवासी गांव बुडपुर जट, जिला हरिद्वार, उत्तराखंड,संजू निवासी बुडपुर जट, जिला हरिद्वार, उत्तराखंड तथा टीकू राम निवासी जय भगवानपुर, जिला मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश को भी जांच में शामिल कर नियमानुसार गिरफ्तार किया।निरीक्षक दर्शन सिंह ने बताया कि मामले में आरोपियों से संबंधित आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई है। पांचों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
’झज्जर पुलिस की अपील
आमजन अपने मोबाइल फोन और बैंक खातों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाएं।



घर में चोरी के मामले में तीसरा आरोपी नवीन गिरफ्तार, 2 लाख रुपये बरामद’
झज्जर, 29 अक्तूबर, अभीतक: पुलिस उपायुक्त झज्जर धारणा यादव के दिशा-निर्देशन में कार्रवाई करते हुए थाना माछरौली की पुलिस टीम ने घर में चोरी के मामले में तीसरे आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। मामले के अनुसंधानकर्ता सहायक उपनिरीक्षक सुनील कुमार की पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी नवीन निवासी गांव खुड्डन, जिला झज्जर को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 2 लाख रुपये बरामद किए हैं।थाना प्रबंधक माछरौली उपनिरीक्षक संदेश कुमार ने बताया कि गांव खुड्डन निवासी सत्यबीर ने 6 सितंबर 2026 को शिकायत दी थी कि 5-6 सितंबर की रात को वह अपने घर में अकेला सो रहा था। सुबह उठकर देखने पर घर में रखे संदूक का कुंडा टूटा हुआ मिला। जांच करने पर संदूक में रखे उसकी पत्नी के सोने-चांदी के आभूषण गायब मिले। शिकायत के आधार पर थाना माछरौली में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करके जांच शुरू की गई थी।मामले की जांच के दौरान सहायक उपनिरीक्षक सुनील कुमार की पुलिस टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए पहले दो आरोपियों सुमित उर्फ मोनू निवासी गांव खुड्डन तथा विनय कुमार निवासी नरेला, दिल्ली को गिरफ्तार किया था। अब इसी मामले में तीसरे आरोपी नवीन निवासी गांव खुड्डन को गिरफ्तार करके उसके कब्जे से 2 लाख रुपये बरामद किए गए हैं।झज्जर पुलिस द्वारा मामले की गहनता से जांच की जा रही है। चोरी की वारदात से संबंधित अन्य तथ्यों और बरामदगी के संबंध में नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जा रही है।




दिल्ली की कांग्रेस महारैली बदलाव की रिहर्सल, सरकार की निर्णायक हार का बनेगी आधार: सुभाष बत्रा
पूर्व गृहमंत्री ने नायब सैनी को बताया पार्ट टाइम मुख्यमंत्री, बोले- हरियाणा से भारी संख्या में दिल्ली पहुंचेंगे लोग
गीता भुक्कल बोलीं- भाजपा सरकार से हर वर्ग दुखी, राहुल गांधी ने वोट चोरी की खोल दी पोल; दिल्ली की महारैली तोड़ेगी सारे रिकॉर्ड
झज्जर, 29 अक्तूबर, अभीतक: दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली कांग्रेस की महारैली को लेकर हरियाणा में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। रैली की तैयारियों को लेकर झज्जर में पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल के साथ मीडिया से बातचीत करते हुए हरियाणा के पूर्व गृहमंत्री सुभाष बत्रा ने इस महारैली को बदलाव की रिहर्सल करार दिया। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में होने वाली इस रैली में हरियाणा से बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे और यह महारैली देश तथा प्रदेश की राजनीति में बदलाव का संदेश देगी। पूर्व गृहमंत्री सुभाष बत्रा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘पार्ट टाइम मुख्यमंत्री’ बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता मौजूदा सरकार से परेशान है और हर वर्ग में सरकार के प्रति नाराजगी है। बत्रा के अनुसार, दिल्ली की महारैली में उमड़ने वाली भीड़ कांग्रेस के प्रति जनता के समर्थन को प्रदर्शित करेगी और यह रैली भाजपा सरकार के लिए राजनीतिक रूप से निर्णायक साबित होगी।
भाजपा के अभियान पर भी साधा निशाना
भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान पर कटाक्ष करते हुए सुभाष बत्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा मुकाबले की राजनीति करते हुए खुद ही अराजकता फैलाना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है। बत्रा ने दावा किया कि दिल्ली में होने वाली कांग्रेस की महारैली केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकार के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश साबित होगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा में महिलाएं भी मौजूदा सरकार से दुखी हैं और रैली में महिलाओं की विशेष भागीदारी देखने को मिलेगी। बत्रा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में महिलाओं के उत्पीड़न की घटनाएं चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है और कांग्रेस की महारैली इसी जनभावना को आवाज देने का काम करेगी।
हरियाणा को एक लाख लोगों का लक्ष्य: गीता भुक्कल
झज्जर विधायक एवं पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने भी भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली कांग्रेस की महारैली ऐतिहासिक होगी और भीड़ के मामले में पिछले रिकॉर्ड तोड़ सकती है। उन्होंने बताया कि रैली में हरियाणा से एक लाख लोगों को लेकर पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं। गीता भुक्कल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार से प्रदेश का हर वर्ग दुखी है। उन्होंने चुनाव में कथित वोट चोरी के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि राहुल गांधी ने इस मामले को प्रमुखता से उठाकर चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। भुक्कल ने दावा किया कि चुनाव आयोग की भूमिका और सत्ता के केंद्रीकरण को लेकर भी देशभर में बहस हो रही है।
वोट चोरी के मुद्दे पर भाजपा को घेरने की तैयारी
गीता भुक्कल ने कहा कि कांग्रेस दिल्ली की महारैली में वोट चोरी, लोकतंत्र, चुनाव प्रक्रिया और सत्ता के कथित केंद्रीकरण जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव में कथित अनियमितताओं के सहारे सत्ता हासिल की है। कांग्रेस इन मुद्दों को जनता के बीच ले जाकर सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर करेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली की महारैली केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतंत्र और जनता के अधिकारों से जुड़े सवालों को उठाने का मंच बनेगी। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि हरियाणा से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक दिल्ली पहुंचेंगे। कुल मिलाकर, 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली कांग्रेस की महारैली से पहले झज्जर में हुई इस प्रेस वार्ता ने प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज कर दी है। कांग्रेस नेताओं ने रैली को बदलाव का आगाज बताते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। अब सबकी निगाहें दिल्ली में होने वाली इस महारैली पर टिकी हैं, जहां कांग्रेस अपनी ताकत का प्रदर्शन करने की तैयारी में है।
कार्यक्रम में मौजूद रहे
पीसीसी मेंबर सुभाष गुज्जर , जिला अध्यक्ष संजय यादव, ब्लॉक अध्यक्ष नीटू भदानी, बीएल वन महा सचिव वीरेंद्र कौशिक, शीला देवी सचिव, रविंद्र सरपंच बिरोहड़, सचिव सुंदर लाल जांगड़ा, कॉंग्रेस के पद अधिकारीगण व कार्यकर्ता मौजूद रहे।



वोट बचाओ, देश बचाओ कृ चलो दिल्ली, रामलीला मैदान !
1 नवंबर 2026, सुबह 10 बजे रामलीला मैदान पहुंचकर लोकतंत्र की आवाज बुलंद करें: कुलदीप वत्स
बादली, 29 अक्तूबर, अभीतक: बादली से विधायक कुलदीप वत्स ने 1 नवंबर 2026 को सुबह 10 बजे दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली कांग्रेस की महारैली में क्षेत्रवासियों से बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस वोट चोरी के आरोपों के खिलाफ तथा जनता के मताधिकार की रक्षा के लिए मजबूती से आवाज उठाएंगे। वत्स ने कहा, रैली में दस लाख लोगों की भागीदारी का लक्ष्य है, लेकिन मुझे विश्वास है कि जनता का उत्साह इस लक्ष्य को भी पीछे छोड़ देगा। यह देश के इतिहास की सबसे बड़ी रैलियों में से एक बनेगी। जनता का वोट उसकी आवाज, उसका सम्मान और उसके बच्चों के भविष्य का आधार है। इसकी रक्षा की लड़ाई में हम न झुकेंगे, न पीछे हटेंगे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी मजदूर, किसान, व्यापारी और विद्यार्थियों के अधिकारों की आवाज उठाते हुए देशभर में जनता के बीच जा रहे हैं। “राहुल गांधी आमजन के सुख-दुख में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। जनता की आवाज उठाने और सत्ता से सवाल पूछने का उनका संकल्प कांग्रेस के प्रत्येक कार्यकर्ता को ताकत देता है। भाजपा पर निशाना साधते हुए वत्स ने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई और विकास के सवालों से ध्यान हटाने के लिए धर्म और जाति के नाम पर राजनीति करती है। उन्होंने कहा, युवाओं को रोजगार, किसानों को मेहनत का दाम और परिवारों को महंगाई से राहत चाहिए। सरकार जनता के इन सवालों का जवाब दे। ओमप्रकाश धनखड़ के सबूत मांगने संबंधी बयान पर वत्स ने कहा, “राहुल गांधी ने वोट चोरी के आरोपों से जुड़े दस्तावेज और अपनी दलीलें जनता के सामने रखी हैं। इन पर स्पष्ट और तथ्यपरक जवाब आना चाहिए। धनखड़ जी बताएं, क्या वे प्रधानमंत्री और निर्वाचन आयोग से भी ऊपर हैं, जो अब उनके सामने अलग से प्रमाण पेश किए जाएं? जनता के सवाल बयानबाजी से समाप्त नहीं होंगे। बादली की जनता के प्रति भावुक होते हुए वत्स ने कहा, “मेरे काका-ताऊ, बुजुर्गों, नौजवान साथियों और माताओं-बहनों ने अपने आशीर्वाद से मुझे विधानसभा तक पहुंचाया है। आपके विश्वास ने मुझे आपके अधिकारों की रक्षा की जिम्मेदारी दी है। आपकी लड़ाई मैं नहीं लड़ूंगा तो कौन लड़ेगा? आपके सम्मान और हक के लिए पूरी हिम्मत से आवाज उठाता रहूंगा। उन्होंने अपील की, “बादली के मेरे सभी साथियों, माताओं-बहनों, बुजुर्गों और नौजवानों से आग्रह है कि 1 नवंबर 2026 को सुबह 10 बजे दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंचें। शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक ढंग से अपनी आवाज बुलंद करें तथा राहुल गांधी और कांग्रेस के संघर्ष को और मजबूत बनाएं।”





झज्जर के मुकेश कुमार ने राज्य स्तरीय रंगोत्सव में हासिल किया प्रथम स्थान
विजुअल आर्ट्स प्रतियोगिता में प्रदेशभर में किया उत्कृष्ट प्रदर्शन, जिले का नाम किया रोशन
झज्जर, 29 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना, पंचकूला द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय रंगोत्सव 2026-27 में झज्जर जिले के मुकेश कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया है। मुकेश कुमार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मातनहेल में टीजीटी ड्राइंग के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने विजुअल आर्ट्स (2 डायमेंशनल) श्रेणी में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए यह उपलब्धि प्राप्त की। राज्य स्तरीय रंगोत्सव का आयोजन 27 से 28 अक्टूबर 2026 तक करनाल में किया गया। इस प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। मुकेश कुमार की इस उपलब्धि से झज्जर जिले का गौरव बढ़ा है। उल्लेखनीय है कि मुकेश कुमार देश के ख्याति प्राप्त कलाकार हैं जो इंडियाज गॉट टेलेंट और गिनीज बुक में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। फाइनल में उनके द्वारा बनाई गई पेंटिंग में उन्होंने स्कूली शिक्षा को ही अपना आधार बनाया। मुकेश कुमार की इस सफलता को उनकी कला के प्रति लगन, मेहनत और रचनात्मक प्रतिभा का परिणाम माना जा रहा है। उनकी उपलब्धि से शिक्षा विभाग एवं जिले में खुशी का माहौल है। यह सफलता अन्य शिक्षकों और कला प्रेमियों के लिए भी प्रेरणादायक है। मुकेश कुमार की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देने वाले शिक्षकों का कहना है कि मुकेश की कला बेजोड़ है और आने वाले समय में उनके विद्यार्थी अपनी प्रतिभा से नाम रोशन करेंगे।

भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता प्रजातंत्र का प्रहरी, लोकतंत्र में अराजकता के लिए कोई जगह नहीं: धनखड़
कांग्रेस की एक नवंबर की रैली से दिल्ली के व्यापारियों में भारी रोष धनखड़ बोलेकृभाजपा कार्यकर्ता के लिए राष्ट्र सर्वोपरि, अराजकता नहीं फैलाने देंगे
राहुल गांधी को देशवासियों की नहीं, 3 करोड़ बांग्लादेशियों के वोट कटने की कर रहे रूदाली: ओमप्रकाश धनखड़’
राजनीति की मर्यादा और शालीनता पूरी तरह भूल चुके हैं राहुल गांधी व खड़गे: भाजपा नेता धनखड़
रोहतक में आयोजित लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ गोष्ठी में गरजे भाजपा राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़’
धनखड़ ने कहाकृलगातार मिल रही हार से बौखलाई कांग्रेस देश में फैला रही भ्रामक प्रचार’
धनखड़ बोले: 10 बार कांग्रेस शासन में भी हुआ ैप्त्, चुनावी हार का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ना गलत’
पीएम मोदी और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी’
आपातकाल लगाने वाली कांग्रेस न दे लोकतंत्र की सीख
कांग्रेस वोट चोर ही नहीं बल्कि लोकतंत्र चोर है आपत्काल लगाकर लोकतंत्र की चोरी की, जिसकी माता नागरिकता लेने से पहले मतदाता बनी’ यह असली वोट चोरी है
रोहतक, 29 अक्तूबर, अभीतक: भारतीय जनता पार्टी, रोहतक द्वारा गुरुवार को जिला विकास भवन स्थित सभागार में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ विषय पर एक प्रबुद्ध नागरिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता पूर्व कृषि मंत्री औम प्रकाश धनखड़ रहे जबकि अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष एडवोकेट रणबीर सिंह ढाका ने की। जबकि मुख्य वक्ता के रूप में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ उपस्थित रहे। गोष्ठी के पश्चात स्थानीय कैनाल रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए धनखड़ ने कांग्रेस पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व पर तीखे राजनीतिक हमले बोले। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता प्रजातंत्र के प्रहरी के रूप में मुस्तैद है और देश में लोकतंत्र के नाम पर किसी भी प्रकार के भीड़तंत्र या अराजकता को सहन नहीं किया जाएगा।
3 करोड़ बांग्लादेशी घुसपैठियों के वोट पर कांग्रेस को दर्द
विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस के आरोपों का करारा जवाब देते हुए धनखड़ ने कहा कि राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी 13 करोड़ वोट काटे जाने का सफेद झूठ फैला रही है। वास्तविक आंकड़ों का खुलासा करते हुए उन्होंने बताया
6.3 करोड़ वोट ऐसे थे जो दो-दो स्थानों पर दर्ज पाए गए।
2.8 करोड़ मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी थी।
3.0 करोड़ फर्जी वोट अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के थे।
धनखड़ ने तंज कसते हुए कहा, कांग्रेस को देश के वास्तविक नागरिकों की नहीं, बल्कि अपने 3 करोड़ फर्जी बांग्लादेशी मतदाताओं के नाम कटने की चिंता सता रही है। उन्होंने याद दिलाया कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण कोई नई व्यवस्था नहीं है, यह देश में 12 बार हो चुका है जिनमें से 10 बार कांग्रेस के अपने शासनकाल में ही संपन्न हुआ था।
राजनीतिक मर्यादा की सीमाएं लांघ रहे राहुल और खड़गे
कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि लगातार मिल रही करारी हार से कांग्रेस पूरी तरह हताश और बौखला चुकी है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे राजनीति की न्यूनतम शालीनता और मर्यादा को भूल चुके हैं। आपातकाल का दौर याद दिलाते हुए धनखड़ ने कहा कि जिस कांग्रेस ने देश के लोकतंत्र की हत्या कर विपक्ष को जेलों में ठूंसा था, आज वही संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राहुल गांधी की अनर्गल बयानबाजी तथा प्रधानमंत्री के परिवार पर खड़गे की टिप्पणी उनकी मानसिक हताशा को दर्शाती है।
दिवाली के दौरान दिल्ली रैली से व्यापार प्रभावित करने की आशंका
1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित कांग्रेस की रैली के समय और नीयत पर गंभीर सवाल उठाते हुए धनखड़ ने कहा कि दिवाली का पावन त्योहार व्यापारियों के लिए सबसे बड़ा व्यावसायिक समय होता है। ऐसे समय में दिल्ली में रैली आयोजित करके कांग्रेस व्यापारियों के कारोबार को ठप करना चाहती है, जिससे दिल्ली और आसपास के व्यापारियों में गहरा आक्रोश है।
देश सर्वोपरि, अराजकता नहीं फैलाने देंगे
धनखड़ ने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध और प्रदर्शन का अधिकार सभी को है, लेकिन इसके लिए संवैधानिक मर्यादाओं का पालन अनिवार्य है। चुनाव आयोग जैसी स्वायत्त संस्थाओं के खिलाफ सड़कों पर भीड़तंत्र खड़ा करना लोकतंत्र नहीं बल्कि अराजकता है। उन्होंने दोहराया कि भाजपा कार्यकर्ता के लिए ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ है और पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चट्टान की तरह खड़ा है।
ओमप्रकाश धनखड़ ने साधा कांग्रेस पर निशाना
धनखड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज मतदाता सूची पर अनियमितताओं को लेकर सवाल उठा रही है। उन्होंने सोनिया गांधी की नागरिकता और मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के समय को लेकर भी सवाल उठा कांग्रेस को घेरते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। कार्यक्रम में प्रदेश मीडिया सह प्रभारी शमशेर सिंह खरक, जिला संयोजक डॉ.अशोक कुमार रंगा, सह-संयोजक डॉ. संजय जाखड़ एवं एडवोकेट अमित गोयल, भाजपा नेता हरिओम भाली,कर्नल राजेन्द्र सुहाग, एडवोकेट विश्वेन्द्र सिंह, अश्विनी फोगाट, जिला महामंत्री नितिन जैन जिला मीडिया प्रभारी पंकज भारद्वाज सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे।

फरीदाबाद: फरीदाबाद से कुलवंत सिंह गिरफ्तार।
पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई।
आतंकी शहजाद भट्टी का कथित हैंडलर।
प्ैप् से कथित संबंधों की जांच।
पंजाब के फिरोजपुर का रहने वाला आरोपी।
जलालाबाद ग्रेनेड हमले में साजिश का आरोप।
13 सितंबर 2026 को हुआ था हैंड ग्रेनेड हमला।
फाजिल्का पुलिस ने चलाया गिरफ्तारी अभियान।
राजस्थान के श्रीगंगानगर में 8 किलो त्क्ग् बरामदगी मामले में वांटेड।
आरोपी के कथित आतंकी नेटवर्क की जांच तेज।
सहयोगियों और संपर्कों का पता लगाने में जुटी एजेंसियां।
फरीदाबाद से गिरफ्तारी के बाद जांच में जुटी पंजाब पुलिस।


अनुसूचित जाति के पात्र व्यक्ति स्वरोजगार के लिए 2 लाख रुपये तक के ऋण हेतु 31 दिसंबर तक करें आवेदन: डीसी
हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की विभिन्न ऋण योजनाओं के तहत आवेदन आमंत्रित
झज्जर, 29 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा अनुसूचित जाति के बेरोजगार व्यक्तियों को स्वरोजगार स्थापित करने और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न ऋण योजनाओं के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इन योजनाओं के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को विभिन्न आय उपार्जन गतिविधियां शुरू करने के लिए 2 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। यह जानकारी डीसी वर्षा खांगवाल ने गुरुवार को यहां दी। डीसी ने बताया कि योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदक की परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के अनुसार वार्षिक पारिवारिक आय 3 लाख रुपये तक होनी चाहिए। आवेदक की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा वह हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए। इसके अतिरिक्त, आवेदक किसी बैंक, सरकारी वित्तीय संस्था अथवा निगम का पूर्व में डिफाल्टर नहीं होना चाहिए।
विभिन्न योजनाओं के तहत मिलेगा ऋण
डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की बैंक टाईअप स्कीम के तहत अधिकतम 1 लाख 50 हजार रुपये, एनएसएफडीसी की सूक्ष्म वित्त योजना के तहत अधिकतम 1 लाख रुपये तथा सावधि ऋण योजना के तहत अधिकतम 2 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। इसी प्रकार, एनएसकेएफडीसी योजना के अंतर्गत विभिन्न आय उपार्जन गतिविधियों के लिए 1 लाख रुपये से 2 लाख रुपये तक के ऋण हेतु आवेदन किया जा सकता है।
ऑनलाइन और सरल केंद्रों के माध्यम से करें आवेदन
डीसी ने पात्र व्यक्तियों से आह्वान किया कि वे इन योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाएं। इच्छुक व्यक्ति निगम की आधिकारिक वेबसाइट ीेबकिब.वतह.पद के माध्यम से अथवा नजदीकी निगम कार्यालय, सरल केंद्र या सीएससी सेंटर पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है। इसलिए सभी पात्र आवेदक निर्धारित समय सीमा से पहले आवेदन करना सुनिश्चित करें। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए निगम के दूरभाष नंबर 01251-256476 पर संपर्क किया जा सकता है।


समाधान शिविर में आमजन की समस्याओं का हो रहा प्रभावी समाधान: एडीसी
जिलास्तरीय समाधान शिविर में एडीसी जगनिवास ने सुनीं समस्याएं
झज्जर, 29 अक्तूबर, अभीतक: आमजन की समस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी सजगता व गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है। डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में जिला व उपमंडल स्तर पर आयोजित किए जा रहे समाधान शिविर नागरिकों की समस्याओं के निवारण के लिए प्रभावी मंच साबित हो रहे हैं। यह बात एडीसी जगनिवास ने गुरुवार को लघु सचिवालय सभागार में आयोजित समाधान शिविर में जनसुनवाई के दौरान कही। उन्होंने शिविर में पहुंचे नागरिकों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी माध्यम उपलब्ध करवाना ही उद्देश्य
एडीसी ने कहा कि प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को आयोजित होने वाले समाधान शिविरों का उद्देश्य नागरिकों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरल और प्रभावी माध्यम उपलब्ध करवाना है। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर उपस्थित रहते हैं, जिससे नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार अंत्योदय की भावना के साथ जनसेवा को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की सोच के अनुरूप प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक नागरिक की समस्या को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना जाए तथा उसका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।
अधिकारी लंबित शिकायतों का आपसी समन्वय से तत्काल करें समाधान
एडीसी जगनिवास ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा समाधान शिविरों में प्राप्त शिकायतों की लगातार निगरानी की जा रही है। अब तक प्राप्त अधिकांश शिकायतों का समाधान किया जा चुका है, जबकि लंबित शिकायतों के निपटारे के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों को केवल दर्ज करने तक सीमित न रखें, बल्कि उनके समाधान की प्रक्रिया पर भी नियमित नजर रखें।
आयुष्मान कार्ड,सामाजिक सुरक्षा पेंशन,परिवार पहचान पत्र से जुड़े मामले पहुंचे
समाधान शिविर में नागरिक परिवार पहचान पत्र, आयुष्मान कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित समस्याएं लेकर पहुंचे। इसके अलावा पुलिस विभाग से जुड़े मामलों को भी नागरिकों ने अधिकारियों के समक्ष रखा। एडीसी ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक मामले की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कई मामलों में मौके पर ही आवश्यक समाधान सुनिश्चित किया गया। एडीसी ने कहा कि समाधान शिविरों का उद्देश्य केवल शिकायतों को सुनना नहीं, बल्कि नागरिकों को प्रभावी समाधान उपलब्ध करवाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए निर्धारित समय में कार्रवाई पूरी करें।
यह रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला परिषद के सीईओ मनीष फौगाट, सीटीएम ऋतु, डीडीपीओ निशा तंवर, एडीटीओ राजेश मलिक, एक्सईएन पंचायती राज युद्धवीर सिंह, एमिनेन्ट पर्सन चुन्नी लाल सैनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।




बहादुरगढ़ में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर परिवहन विभाग की सख्ती, 87 वाहनों के किए चालान
जिला परिवहन विभाग की टीम ने ग्रेप-1 लागू होने के बाद जांच अभियान किया तेज
बिना तिरपाल निर्माण सामग्री ले जाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई
बहादुरगढ़, 29 अक्तूबर, अभीतक: राजधानी के साथ लगते झज्जर जिला में डीसी वर्षा खांगवाल और परिवहन आयुक्त हरियाणा के निर्देश अनुसार परिवहन विभाग द्वारा ग्रेप एक के चलते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने के लिए वाहनों की जांच की जा रही है। गुरुवार को जिला परिवहन अधिकारी रवीश हुडा के नेतृत्व में एडीटीओ राजेश मलिक की टीम द्वारा बहादुरगढ़ शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर विशेष जांच अभियान चलाया गया,जिसमें 87 वाहनों के चालान किए गए। चैकिंग अभियान के दौरान पेट्रोल-डीजल भरवाने पहुंचे वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र की जांच की गई जांच में बिना वैध प्रमाणपत्र वाले 87 वाहन पाए गए, जिनके मौके पर ही चालान किए गए। संबंधित पेट्रोल पंप संचालकों ने भी इन वाहनों को ईंधन देने से मना कर दिया। डीटीओ रवीश हुड्डा ने बताया कि इसके अलावा विभाग की टीम ने निर्माण सामग्री लादकर चलने वाले वाहनों की जांच की। बिना तिरपाल ढके निर्माण सामग्री का परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई। विभाग के अनुसार, अब तक ऐसे 46 वाहनों के चालान किए जा चुके हैं। बिना तिरपाल निर्माण सामग्री ले जाने से सड़क पर धूल फैलती है, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ता है।
एंड ऑफ लाइफ वाहनों पर विभाग कर रहा सख्त कार्रवाई
डीटीओ ने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित आयु पूरी कर चुके वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। अब तक ऐसे 269 वाहनों को जब्त किया जा चुका है। इस कार्रवाई का उद्देश्य प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के संचालन पर रोक लगाना और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि जिला परिवहन विभाग का उद्देश्य नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ-साथ आमजन और ट्रांसपोर्टरों को प्रदूषण नियंत्रण के प्रति जागरूक करना तथा वायु गुणवत्ता में सुधार लाना है।
दिल्ली में बीएस-6 से कम उत्सर्जन मानक वाले वाहनों के प्रवेश को लेकर एडवाइजरी जारी
डीटीओ रवीश हुड्डा ने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा लगाकर ट्रांसपोर्टरों को जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही एडवाइजरी जारी कर निर्देशित किया गया है कि रविवार 1 नवंबर से बीएस -6 मानक से कम उत्सर्जन मानक वाले वाहन दिल्ली में प्रवेश न करें। ट्रांसपोर्टरों और वाहन संचालकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित उत्सर्जन मानकों तथा दिल्ली में वाहनों के प्रवेश से संबंधित लागू दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए जांच अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा। वाहन चालकों से अपील की कि वे अपने वाहनों का वैध पीयूसीसी प्रमाणपत्र बनवाकर रखें, निर्माण सामग्री को तिरपाल से ढककर ले जाएं और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें।


युवा संवाद में 250 युवाओं ने ली लोकतांत्रिक शपथ
विकसित भारत युवा संवाद: अपना वोट जानें’ विषय पर युवाओं को किया जागरूक, लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी का दिया संदेश
झज्जर, 29 अक्तूबर, अभीतक: निकटवर्ती गांव खातीवास स्थित संस्कारम पब्लिक स्कूल में मेरा युवा भारत की ओर से युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 250 विद्यार्थियों एवं युवाओं ने भाग लिया और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए लोकतांत्रिक शपथ ली। यह जानकारी मेरा युवा भारत की उपनिदेशक अर्शदीप ने दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में यूथ आइकन दीक्षिता गुलिया ने ‘विकसित भारत युवा संवादरू अपना वोट जानें’ विषय पर युवाओं को मतदान के महत्व, निर्वाचन प्रक्रिया और लोकतंत्र में उनकी भूमिका के बारे में जागरूक किया। वहीं, एशियन गेम्स में भाग ले चुकीं पूजा ने स्पोर्ट्स आइकन के रूप में युवाओं को प्रेरित किया। संवाद सत्र में विद्यार्थियों ने युवा सहभागिता, नागरिक जिम्मेदारियों और पहली बार मतदान करने वाले युवाओं की भूमिका पर विचार साझा किए। उपनिदेशक ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक कर राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना रहा। इस अवसर पर लेखा एवं कार्यक्रम अधिकारी जयशंकर, ज्योति, जसबीर, दीपक, दीपेंद्र, आकाश, ऋतु कुमार, हर्ष, रवि और हनी सहित अन्य उपस्थित रहे।




आमजन शिकायतों के निवारण के लिए समाधान शिविरों का उठाएं लाभ – डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने समाधान शिविर में सुनी शिकायतें
रेवाड़ी, 29 अक्तूबर, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार के दिशा निर्देशानुसार जिला में समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में नागरिक अपनी शिकायतों का अधिकारियों से सीधे संवाद करते हुए समाधान करवा सकते हैं। डीसी अभिषेक मीणा गुरुवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित समाधान शिविर में एसपी हेमेंद्र मीणा व अन्य अधिकारियों के साथ जनसमस्याओं को सुना और उनका मौके पर समाधान किया। गांव बोलनी में रास्ते के बीच में लगे बिजली के ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की शिकायत पर डीसी ने बिजली विभाग के अधिकारी को जांच करते हुए ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। शहर के पंजाबी मार्केट में दुकान के रास्ते पर हो रहे अवैध अतिक्रमण की शिकायत पर डीसी ने नगर परिषद के अधिकारियों को जांच करते हुए अतिक्रमण हटवाने के निर्देश दिए। रेवाड़ी के बालुवाडा में डिपोहोल्डर द्वारा राशन न देने की शिकायत पर डीसी ने खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक को जांच करते हुए राशन दिलवाने के निर्देश दिए। इसके अलावा समाधान शिविर में बिजली, परिवार पहचान पत्र, पेंशन, प्रॉपर्टी आईडी व पुलिस विभाग आदि से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई, जिनका डीसी अभिषेक मीणा ने मौके पर ही अधिकारियों को निदान करने के निर्देश दिए। डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार के दिशा निर्देशानुसार जिला में सोमवार व बृहस्पतिवार को सुबह 10 से 12 बजे तक समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से नागरिकों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते बल्कि वे एक ही स्थान पर अधिकारियों से सीधे संवाद कर सकते हैं। इस अवसर पर एडीसी राहुल मोदी, एएसपी दीपिका अग्रवाल, सीटीएम जितेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
नवंबर माह में होगा बागवानी के पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन
प्रशिक्षण लेकर किसान वैज्ञानिक तरीकों से खेती कर अपनी आय बढ़ा सकेंगे
रेवाडी, 29 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा सरकार के बागवानी विभाग के अंतर्गत उद्यान प्रशिक्षण संस्थान, उचानी (करनाल) द्वारा नवंबर माह में विभिन्न विषयों पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है ताकि वे वैज्ञानिक तरीकों से खेती कर अपनी आय बढ़ा सकें। राज्य के सभी जिलों के इच्छुक प्रशिक्षार्थी उद्यान विभाग की वेबसाइट https://kaushal.hortharyana.gov.in/ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उद्यान विभाग के प्रवक्ता ने जानकारी देते बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए प्रार्थी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी अनिवार्य है तथा प्रशिक्षियों का चयन ’पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पंजीकृत प्रशिक्षार्थियों को अपने साथ आधार कार्ड, बैंक पास बुक और पैन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज लेकर आने होंगे। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों के ठहरने व खाने की व्यवस्था पूरी तरह निशुल्क रहेगी तथा उन्हें बस किराया डीबीटी के माध्यम से प्रदान किया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो प्रशिक्षार्थी पूर्व में इन विषयों पर प्रशिक्षण ले चुके हैं, वे पुनः उन्हीं विषयों पर अपना पंजीकरण न करवाएं। उन्होंने बताया कि नवंबर माह में आयोजित होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों बारे बताया कि 2 से 6 नवंबर 2026 तक फल व सब्जियों में प्रसंस्करण परिरक्षण एवं मूल्यवर्धन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम (अवधि 5 दिन, सीटों की संख्या 40) और नर्सरी मैनेजमेंट एज पर एचएचएन रूल्स -2026 (अवधि 5 दिन, सीटों की संख्या 20) का आयोजन होगा, जिसके लिए पंजीकरण 27 अक्टूबर 2026 सुबह 10 बजे से 1 नवंबर 2026 सायं 5 बजे तक किया जा सकता है। इसके पश्चात, 23 से 27 नवंबर 2026 तक सब्जियों व फूलों की संरक्षित खेती व पोली हाउस के रख-रखाव पर प्रशिक्षण कार्यक्रम (अवधि 5 दिन, सीटों की संख्या 40) आयोजित होगा, जिसके लिए 27 अक्टूबर 2026 सुबह 10 बजे से 22 नवंबर 2026 सायं 5 बजे तक पंजीकरण कराया जा सकता है। इसी प्रकार, 30 नवंबर से 4 दिसंबर 2026 तक श्फल उत्पादन तकनीकों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम (अवधि 5 दिन, सीटों की संख्या 40) के लिए 27 अक्टूबर 2026 से 22 नवंबर 2026 तक तथा नर्सरी मैनेजमेंट एज पर एचएचएन रूल्स -2026 (अवधि 5 दिन, सीटों की संख्या 20) के लिए 16 नवंबर 2026 सुबह 10 बजे से 29 नवंबर 2026 सायं 5 बजे तक ऑनलाइन पंजीकरण किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षार्थी अपने संबंधित जिला उद्यान अधिकारी, उद्यान विकास अधिकारी तथा उद्यान प्रशिक्षण संस्थान उचानी, करनाल में कार्य दिवस में प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। किसी भी प्रकार की सहायता या संपर्क के लिए मोबाइल नंबर 8570077877 तथा टोल फ्री नंबर 18001802021 पर संपर्क किया जा सकता है।



आमजन की समस्याओं का गंभीरता से पूरी जांच के साथ निपटान करें अधिकारी – मंत्री रणबीर गंगवा
हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी तथा लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा की अध्यक्षता में हुई जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक
रेवाड़ी, 29 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी तथा लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि अधिकारी आमजन की समस्याओं का गंभीरता से पूरी जांच के साथ निपटान करें ताकि लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न काटने पड़े। हरियाणा सरकार द्वारा नागरिकों की समस्याओं का जल्दी निवारण करवाने के उद्देश्य से ही समाधान शिविर, सीएम विंडो व अन्य पोर्टल चलाए जा रहे है। लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा गुरूवार को बाल भवन सभागार में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इनके साथ बैठक में रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव, कोसली के विधायक अनिल यादव, बावल के विधायक डा. कृष्ण कुमार, डीसी अभिषेक मीणा, पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र मीणा, भाजपा जिलाध्यक्ष डा. वंदना पोपली आदि मौजूद रहे। बैठक में मंत्री ने कुल 13 मामलों में से 7 का निपटान किया और 6 मामले आगामी कार्यवाही पूरी होने तक लंबित रखे गए। मंत्री ने राधा कृष्ण सोसायटी सुठानी के निवासियों को राहत पहुंचाते हुए बिजली निगम के अधिकारियों को उचित अदायगी के साथ बिजली कनैक्शन करने के निर्देश दिए। गांव कलवाड़ी निवासी अमर सिंह जांगड़ा द्वारा सोसायटी में किए गए कार्य की अदायगी न करने की शिकायत पर संबंधित हिस्सेदार को हिस्सेदारी की अदायगी करने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो संबंधित हिस्सेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। इस मामले में लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति के सदस्यों द्वारा मामले की जांच करने के निर्देश दिए थे। उक्त सदस्यों ने इस मामले में शिकायतकर्ता की शिकायत को सही पाया, जिस पर मंत्री ने आदेश दिए। सेक्टर-4 निवासी भूप सिंह की शिकायत पर नगर परिषद रेवाड़ी को सड़क का सही तरीके से निर्माण करवाने के निर्देश दिए। यह मामला नगर परिषद और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से संबंधित था, जिसमें मंत्री ने विस्तार से पक्ष जानने के बाद संबंधित विभाग को कार्यवाही करने के निर्देश दिए। पिछली बैठक के 4 लंबित मामलों में से दो का मौके पर ही निपटारा करवाया गया। वहीं 9 नए परिवादों में 5 परिवादों का निपटारा किया गया। जो लंबित शिकायतें है, उनका आगामी बैठक तक संबंधित अधिकारियों को जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। परिवेदना समिति की बैठक में ज्यादातर मामले अवैध कब्जे और जमीन से संबंधित थे। मंत्री ने इन मामलों में अधिकारियों को जांच करते हुए निवारण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर नगर परिषद चेयरपर्सन विनीता पीपल, नगर पालिका धारूहेड़ा चेयरमैन अजय जांगड़ा, एडीसी राहुल मोदी, एएसपी दीपिका अग्रवाल, रेवाड़ी के एसडीएम दलबीर सिंह, कोसली के एसडीएम विजय कुमार यादव, भाजपा जिला महामंत्री हिमांशु पालीवाल, वीर कुमार यादव सहित गणमान्य लोग मौजूद रहे।

लाडो लक्ष्मी योजना से महिलाओं की आर्थिक स्थिति हुई मजबूत: डा. कृष्ण कुमार
विधायक डा. कृष्ण कुमार ने सुनी जनसमस्याएं, मौके पर समाधान के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश
कहा, पात्र महिलाएं हरियाणा सरकार की योजना का लाभ उठाकर बनें आर्थिक रूप से सशक्त
बावल, 29 अक्तूबर, अभीतक: बावल के विधायक डा. कृष्ण कुमार ने वीरवार को रेवाड़ी स्थित अपने कार्यालय में नागरिकों की जनसमस्याएं सुनीं। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी समस्याएं और मांगें विधायक के समक्ष रखीं। विधायक ने संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और लोगों को उनकी समस्याओं के शीघ्र निवारण का भरोसा दिलाया। विधायक डा. कृष्ण कुमार ने कहा कि हरियाणा सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने का उद्देश्य उन्हें अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम बनाना है।उन्होंने पात्र महिलाओं से अपील की कि वे योजना से संबंधित पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर इसका लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने से परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आता है और वे सामाजिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनती हैं। विधायक डा. कृष्ण कुमार ने कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। जन समस्याओं की सुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों पर संबंधित विभागों के अधिकारियों को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में तत्परता बरतते हुए नियमानुसार समाधान सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।

खेलों में खिलाड़ी विश्व स्तर पर चमका रहे हरियाणा का नाम
इस अवसर पर क्षेत्र के खिलाड़ियों ने विधायक डा. कृष्ण कुमार से मुलाकात की। विधायक ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सरकार की खेलों में उत्कृष्ट नीतियों और आधुनिक सुविधाओं के चलते हरियाणा के खिलाड़ी विश्व स्तर पर प्रदेश का नाम चमका रहे है। सरकार द्वारा गांवों में व्यायामशाला और खेल मैदान बनवाए जा रहे है ताकि युवा नशे आदि से दूर रहकर खेलों की ओर अग्रसर हो। इसके अलावा आमजन भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहे।

पेंशनभोगी खजाना कार्यालय में 01 नवंबर से जमा करवाएं जीवन प्रमाणपत्र: डीटीओ
ऑनलाइन प्रमाण पत्र स्मार्टफोन के माध्यम से हो सकते है जमा
जिला कोषाधिकारी संजय फोगाट ने दी जानकारी
झज्जर, 29 अक्तूबर, अभीतक: जिला खजाना कार्यालय व उप खजाना कार्यालयों से पेंशन प्राप्त करने वाले सभी पेंशनभोगी अपना जीवन प्रमाण पत्र संबधित खजाना कार्यालय के साथ-साथ अन्य माध्यम से भी अपना जीवित होने का प्रमाण दर्ज करवा सकते हैं। ये जानकारी जिला कोषाधिकारी संजय फोगाट ने दी।
कॉमन सर्विस सैंटर पर जमा करवा सकते है जीवन प्रमाण पत्र
उन्होंने बताया कि यह सुविधा सभी डाकघरों द्वारा भी घर पर भी उपलब्ध करवाई जा रही है, जिसके लिए निर्धारित शुल्क का प्रावधान रखा गया हैं। यह ऑनलाइन जीवन प्रमाण पत्र सुविधा सभी कॉमन सर्विस सैंटरों व अटल सेवा केंद्रों पर भी उपलब्ध हैं। ऑनलाइन प्रमाण पत्र स्मार्टफोन के माध्यम से भी जमा करवाया जा सकता हैं। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कोई फीस का प्रावधान नहीं हैं, यह निःशुल्क है।
स्मार्टफोन से भी जमा करवा सकते है जीवन प्रमाण पत्र
कोषाधिकारी ने बताया कि परिवार को कोई भी सदस्य अपने स्मार्टफोन के माध्यम से उक्त कार्य को स्वयं कर सकता हैं। इसके लिए जीवन प्रमाण पत्र फेस ऐप तथा दूसरा आधार फेस आरडी दोनों सॉफ्टवेयर प्ले स्टोर से अपने स्मार्टफोन से इंस्टाल करने होंगे तद-उपरांत किसी भी पेंशनर का जीवन प्रमाण पत्र ऑनलाइन माध्यम से प्रस्तुत किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि खजाना कार्यालय में आरंभिक दिनों में ज्यादा भीड़ ना बने इसके लिए आपको सूचित किया जाता है कि ज्यादा उम्रदराज सम्मानित बुजुर्ग अपने जीवन प्रमाण पत्र के लिए स्वयं आने पर विचार करें, ताकि आरंभिक दिनों में ज्यादा परेशानी से बचा जा सके।
पेंशनभोगी ये दस्तावेज लेकर आए साथ
पैंशनर अपने साथ आधार कार्ड (मूल प्रति), पैनकार्ड व पीपीओ की फोटो प्रति अवश्य साथ लेकर आएं तथा मोबाईल फोन जो पैंशन खाते से जुड़ा हो ओटीपी के लिए साथ लेकर आएं।


कृषि मेले के थीम ने छुआ किसानों का दिल: धनखड़
किसानों की जमीन बचाने और पैरी अर्बन खेती से आय बढ़ाने का थीम घर घर पहुंचे
पैरी अर्बन खेती, उत्पाद को खुदरा में बेचने से होगी खेती किसानी लाभकारी
झज्जर, 29 अक्तूबर, अभीतक: हसनपुर कृषि मेले में उमड़ी हजारों किसानों की हाजिरी से हमें स्पष्ट संदेश मिला है कि किसान अपनी अगली पीढ़ी के लिए जमीन बचाने और आय बढ़ाने के लिए आतुर है। अब हमारा दायित्व बनता है कि किसानों को पैरी अर्बन खेती की ओर अग्रसर होने, दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए पशु नस्ल सुधार के उपाय, खेती किसानी व पशु पालन से जुड़ी नई नई तकनीक की सही समय पर किसानों को जानकारी पहुंचाने , अपना उत्पाद सीधा ग्राहक को खुदरा में बेचने के उपाय आदि की जानकारी देने के बारे जन जागरण अभियान चलाने की जरूरत है। पूर्व कृषि मंत्री औमप्रकाश धनखड़ ने कादियान आयुष फार्म में कार्यकर्ताओं के साथ हसनपुर कृषि मेले की सफलता की समीक्षा करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि हरियाणा में किसानों के सहयोग से किसानों के लिए लगाया गया यह अपनी तरह का पहला कृषि मेला था। जिसकी प्रदेश सहित देश भर में चर्चा हो रही है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सोच की जन्मदिन को सेवाभाव के रूप में मनाओ, किसानों का सहयोग ,पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत और सभी भागीदार संगठनों को श्रेय जाता है। उन्होंने सोमबीर कोडान संचालक एमआर स्कूल का कृषि मेले के लिए स्थान उपलब्ध कराने पर विशेष आभार प्रकट किया।
बाजार की मांग के अनुसार खेती करे और सीधा बाजार में बेचें
धनखड़ ने कार्यकर्ताओं और सहयोगी संगठनों का आह्वान किया कि भविष्य में इससे भी बड़े स्तर पर कृषि मेले में अन्य विषयों को भी शामिल करते हुए मेला आयोजित होना चाहिए। हमारा प्रयास किसानों की जमीन बचाना और खेती से किसान की आय बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि आप सभी साथी किसानों को घर घर जाकर बताएं और समझाएं कि बाजार की मांग के अनुसार खेती करें और सीधा बाजार में बेचें। पूरा लाभ आपकी जेब में आएगा।
खेती का पैटर्न बदलना होगा
धनखड़ ने कहा कि गेहूं, धान आदि की परम्परागत खेती की बजाय फूल,फल, सब्जी, डेयरी उत्पादन, मछली एवं मधु मक्खी पालन की बढ़ना होगा। अपने क्षेत्र के गांव मुनीमपुर में फूल उत्कृष्टता केंद्र फूल उत्पादक किसानों की मदद के लिए तैयार है, सब्जी और फलों की खेती के लिए रईया बागवानी केंद्र किसानों की मदद के लिए तैयार है। हमारे पास दिल्ली एनसीआर का बड़ा बाजार है। जहां हम ताजा फूल,फल, सब्जी,दूध आदि की सीधे ग्राहक को बेचकर बड़ा मुनाफा कमा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता किसानों को इस बारे बताएं और प्रेरित करें। तभी हमारे किसानों की जमीन बच सकेगी। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष विकास वाल्मीकि, जिप चेयरमैन कप्तान बिरधाना, दिनेश कौशिक, डॉ महिपाल यादव, सोमबीर कोडान, सुनील कादियान, कोबी अध्यक्ष प्रवीण गर्ग सहित पार्टी के कार्यकर्ता और सहयोगी संगठन प्रतिनिधि मौजूद रहे।



चंडीगढ़: विश्व स्ट्रोक दिवस आज
प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में स्ट्रोक से बचाव के लिए उपलब्ध हैं बेहतर इलाज-सुविधाएं: स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव
सलाह ,स्ट्रोक से बचाव के लिए अपनाएं स्वस्थ जीवनशैली
यदि किसी व्यक्ति को अचानक संतुलन खोना, देखने में धुंधलापन आना, चेहरे के एक तरफ अचानक कमजोरी या झुकाव व सुन्नपन आना, बांह में कमजोरी या सुन्नता महसूस होना, अथवा बोलने में कठिनाई या अस्पष्ट वाणी होना जैसी समस्या महसूस होती है, तो यह स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। ऐसे में बिना समय गंवाए तुरंत आपात स्थिति के लिए 112 नंबर पर कॉल करें और मरीज को नजदीकी जिला सिविल अस्पताल लेकर जाएं।
हरियाणा लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त होने पर पूर्व भ्ब्ै अधिकारी सतीश कुमार सैनी को हार्दिक बधाई! आपकी प्रशासनिक योग्यता, अनुभव और निष्ठा को देखते हुए आप इस गरिमामयी कुर्सी के लिए पूरी तरह से उपयुक्त और योग्य व्यक्तित्व हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और युवाओं के भविष्य के लिए अत्यंत सराहनीय है।
आपका यह कार्यकाल बेहद सफल एवं गौरवशाली साबित हो।
सैकेण्डरी एवं सीनियर सैकेण्डरी वार्षिक परीक्षा फरवरीध्मार्च-2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 30 अक्तूबर से शुरू, 26 नंवबर तक बिना विलंब शुल्क करें आवेदन’
भिवानी, 29 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी द्वारा सैकेण्डरीध्सीनियर सैकेण्डरी (नियमित) एवं गुरूकुलध्विद्यापीठ (पूर्व मध्यमा सह माध्यमिकध्उत्तर मध्यमा सह वरिष्ठ माध्यमिक) वार्षिक परीक्षा फरवरीध्मार्च-2027 के लिए 30 अक्तूबर, 2026 से ऑनलाइन आवेदन-पत्र लाईव होंगे। संबंधित विद्यालय मुखिया बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर निर्धारित तिथियों अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस आशय की जानकारी देते हुए बोर्ड अध्यक्ष श्री शंकर लाल धूपड़ ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि सैकेण्डरीध्सीनियर सैकेण्डरी स्थाईध्अस्थाई मान्यता प्राप्त राजकीयध्अराजकीय विद्यालयों एवं गुरूकुलध्विद्यापीठ वार्षिक परीक्षा फरवरीध्मार्च-2027 के लिए 30 अक्तूबर से 26 नवंबर तक बिना विलंब शुल्क आवेदन कर सकते हैं। इसके पश्चात 27 नवंबर से 30 नवंबर तक 100 रूपये विलंब शुल्क सहित, 01 दिसंबर से 04 दिसंबर तक 300ध्- रूपये विलंब शुल्क सहित तथा 05 दिसंबर से 08 दिसंबर, 2026 तक 1000 रूपये विलंब शुल्क सहित ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अंतिम तिथि उपरान्त कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि सैकेण्डरी परीक्षा हेतु नियमित परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा शुल्क 1150 रूपये, माईग्रेशन शुल्क 100 रूपये कुल 1250ध्- रूपये के साथ-साथ 100 रूपये प्रति प्रायोगिक विषय परीक्षा शुल्क अलग से देय होगा। इसी प्रकार सीनियर सैकेण्डरी परीक्षा हेतु नियमित परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा शुल्क 1200 रूपये, माईग्रेशन शुल्क 100 रूपये कुल 1300 रूपये शुल्क तथा प्रति प्रायोगिक विषय परीक्षा शुल्क100 रूपये अलग से निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त यदि सीनियर सैकेण्डरी परीक्षार्थी द्वारा अतिरिक्त विषय की परीक्षा दी जानी है, तो उसे परीक्षा शुल्क के अलावा 200ध्- रूपये अतिरिक्त विषय शुल्क जमा करवाना होगा। उन्होंने बताया कि विद्यालयीध्गुरूकुलध्विद्यापीठ मुखिया ऑनलाइन पंजीकरण के लिए शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट www.bseh.org.in पर दिए गए लिंक पर लॉगिन करें। सभी विद्यालयध्गुरूकुलध्विद्यापीठ के मुखिया बोर्ड वेबसाइट व संबंधित विद्यालयों की लॉगिन आई.डी. पर दिए गए दिशा-निर्देशों को भली-भांति पढने उपरांत ही समय रहते परीक्षार्थियों के ऑनलाइन पंजीकरण करना सुनिश्चित करें। बोर्ड अध्यक्ष ने सभी संबंधित विद्यालयों के मुखियाओं को निर्देश देते हुए कहा कि जिन परीक्षार्थियों के ऑनलाइन आवेदन भरे जाने हैं, उनके विवरण विद्यालय रिकार्ड अनुसार सही होने चाहिए, इसलिए आवेदन करते समय विवरणों को भली-भांति जांच लें। यदि आवेदन-पत्र में किसी प्रकार की कोई त्रुटि पाई जाती है, तो विद्यालय मुखिया स्वयं जिम्मेवार होंगे। परीक्षा आरंभ होने पर फोटोध्हस्ताक्षर संबंधी त्रुटि ठीक नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि परीक्षार्थियों के आवेदन ऑनलाइन करते समय अपार आई.डी. (न्क्प्ैम् ब्वकम)को ऑप्शनल तथा यू-डायस कोड (।च्।।त् प्क्) के कॉलम को पूर्ण रूप से भरना अनिवार्य है। उन्होंने आगे बताया कि ऑनलाइन आवेदन करते समय किसी प्रकार की तकनीकी समस्या के समाधान के लिए हैल्पलाईन नंबर 01664-254300 पर संपर्क कर सकते हैं।



चैक-चैराहों व सार्वजनिक स्थानों पर लगी प्रतिमाओं के सही रखरखाव की उठी जोरदार मांग
महापुरुषों, शहीदों और सभी धर्मों के आराध्यों की सार्वजनिक प्रतिमाओं को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखेगा लोक सेवा मंच
उपयुक्त, डीएमसी, नप चेयरमैन, विधायक और सांसद को मिलकर करनी चाहिए प्रतिमाओं की निगरानी व्यवस्था चुस्त रू अशोक प्रधान लोक सेवा मंच
रेवाड़ी, 29 अक्तूबर, अभीतक: चैक-चैराहों व सार्वजनिक स्थानों पर लगी महापुरुषों,शहीदों व सभी धर्मों के आराध्यों की प्रतिमाओं की सम्मानजनक देखरेख,सौंदर्यकरण,रात्रि लाइटिंग,माल्यार्पण एवं साज-सज्जा की स्थायी व्यवस्था तुरंत शुरु करके व्यावहारिक तौर पर रेगुलर अमल में लाने को लेकर राष्ट्रीय सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच ने जोरदार आवाज बुलंद की है। इस सिलसिले में राष्ट्रीय प्रगतिशील विचारक एवं समाजविद अशोक प्रधान लोक सेवा मंच ने विश्वकर्मा समाज तथा शहर के आम नागरिकों के साथ स्थानीय झज्जर चैक स्थित भगवान विश्वकर्मा जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके जनसंवाद किया और गगनभेदी नारों के बीच उक्त अभियान की औपचारिक शुरुआत की। इस अवसर पर कोर कमेटी के सदस्य महेश कौशिक, बीके राम सिंह, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, डॉ. सुरेश कुमार, राजीव कुमार, जगमोहन यदुवंशी, सुरेश शर्मा, विश्वकर्मा समाज के सीनियर लीडर नरेश शर्मा, प्यारेलाल जांगड़ा, निखिल जांगिड़, सुमित शर्मा, प्रीतम शर्मा, सतीश जांगिड़, नितिन शर्मा, रामा फर्नीचर्स के प्रो. चंद्र प्रकाश, दुष्यंत कुमार, काठमण्डी व्यापार संगठन के अध्यक्ष विकास गुप्ता, खजांची दमन शर्मा, जांगिड़ ब्राह्मण शाखा सभा रेवाड़ी के अध्यक्ष सतपाल जांगड़ा तथा लोक सेवा मंच के राष्ट्रीय संगठन सचिव अभिषेक कुमार सहित अनेक लोग उपस्थित थे। इस अवसर पर हुई बैठक में विचार-विमर्श के उपरांत राष्ट्रीय प्रगतिशील विचारक एवं समाजविद अशोक प्रधान ने कहा कि सार्वजनिक जगहों पर लगी महापुरुषों,शहीदों व विभिन्न धर्मों के आराध्यों की अधिकांश प्रतिमाओं और इनके स्थापना स्थलों के आसपास साफ-सफाई और रखरखाव आदि के हालात उपयुक्त नहीं हैं,बारिश व धूप से बचाव के लिए अनेक प्रतिमाओं पर छतरियां लगाने की तुरंत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जनहित में जिला प्रशासन, डीएमसी,नगर परिषद चेयरमैन, स्थानीय विधायक, सांसद को मिलकर सभी प्रतिमाओं की सुचारू ढंग से साज-सज्जा, सौंदर्यकरण, फाउंडेशन रिपेयरिंग आदि की आवश्यकतानुसार रेगुलर देखरेख व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। लोक सेवा मंच की ओर से इस सिलसिले में मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि महापुरुषों,शहीदों और सर्व धर्मराध्यों से ही नागरिक,परिवार,समाज प्रेरणा पाकर अपने सामाजिक जीवन में सुकून और भौतिक जीवन में आगे बढ़ते हैं,इसलिए ऐसी प्रतिमाओं की सम्मानजनक देखरेख की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर व देहात में चैक-चैराहों व सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित ऐसी सभी प्रतिमाओं का इस दिशा में समाधान होने तक मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान के तहत लोक सेवा मंच जनसहयोग से जोरदार आवाज बुलंद करेगा।



केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम की महापरिषद की 93वीं बैठक नई दिल्ली में आयोजित
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सहकार से समृद्धि के विजन के अनुरूप सहकारिता को सर्वस्पर्शी एवं सर्वसमावेशी विकास का सशक्त माध्यम बनाना हमारा लक्ष्य
श्री अमित शाह ने पिछले पाँच वर्षों में NCDC की उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की, कहा – NCDC के लिए यह अवधि एक प्रकार से स्वर्णिम काल रही है
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने अगले 25 वर्षों के लिए NCDC का व्यापक रोडमैप तैयार करने और संस्थागत ढाँचे, पूँजी जुटाने तथा कार्यप्रणाली में आवश्यक बदलावों पर विचार करने के निर्देश दिए
सहकारी क्षेत्र में प्रशासन पेशेवर और दृष्टिकोण सहकारिता आधारित होना चाहिए
आज NCDC की पहुँच पूरे देश में है, अब इसका लाभ छोटे किसानों, पशुपालकों, मछुआरों, ग्रामीण महिलाओं और वंचित वर्गों तक पहुँचाना है
वर्ष 2030 तक पूर्वोत्तर को पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सहकारिता के माध्यम से विशेष परियोजनाएँ तैयार की जाएँ, जिससे पूर्वोत्तर की आय में लगभग ₹32,800 करोड़ की वृद्धि और करीब आठ लाख रोजगार सृजित होंगे
NCDC को NABARD, राज्य सहकारी बैंकों और वाणिज्यिक बैंकों के साथ कंसोर्टियम एवं सह-वित्तपोषण मॉडल विकसित करने पर कार्य करना चाहिए
सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद से छब्क्ब् द्वारा अक्टूबर 2026 तक ₹4.14 लाख करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता वितरितय वित्त वर्ष 2025-26 में ₹1.27 लाख करोड़ से अधिक का संवितरण
वित्त वर्ष 2025-26 में NCDC का शुद्ध लाभ ₹1,475 करोड़, ऋण वसूली दर 99.84 प्रतिशत और नेट छच्। शून्य
नई दिल्ली, 29 अक्तूबर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को साकार करने तथा देश में सहकारिता आधारित सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी विकास को गति देने की दिशा में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की महापरिषद की 93वीं बैठक आज नई दिल्ली स्थित निगम के मुख्यालय में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में NCDC की वित्तीय एवं संस्थागत उपलब्धियों, सहकारी क्षेत्र में वित्तपोषण के विस्तार, नई बहुराज्यीय सहकारी संस्थाओं के विकास, ग्रामीण आजीविका के सुदृढ़ीकरण तथा निगम की भावी कार्ययोजना से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। महापरिषद की बैठक के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले लगभग पाँच वर्षों में NCDC ने अत्यंत संतोषजनक कार्य किया है। निगम ने न केवल वित्तीय प्रदर्शन और निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति में उल्लेखनीय प्रगति की है, बल्कि प्रति कर्मचारी लाभ में वृद्धि, ऋण स्वीकृतियों एवं संवितरण में विस्तार और नेट छच्। को शून्य बनाए रखने जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ भी हासिल की हैं। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि NCDC ने अब देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में अपनी उपस्थिति स्थापित की है। लद्दाख जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तथा पूर्वोत्तर के छोटे राज्यों में कार्यालयों का विस्तार सहकारी आंदोलन को देश के अंतिम छोर तक पहुँचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। श्री अमित शाह ने इन उपलब्धियों के लिए निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सहकारिता क्षेत्र की दशकों पुरानी माँग को पूरा करते हुए एक अलग सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की। इसका उद्देश्य केवल सहकारी संस्थाओं की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक को विकास की प्रक्रिया से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल देश के विकास का आकलन केवल सकल घरेलू उत्पाद, प्रति व्यक्ति आय अथवा औद्योगिक निवेश के आधार पर नहीं किया जा सकता। वास्तविक विकास का अर्थ यह भी है कि समाज के प्रत्येक वर्ग को अवसर मिले, प्रत्येक नागरिक सम्मानपूर्वक जीवन जी सके और देश के विकास में अपना योगदान दे सके। उन्होंने कहा कि सर्वस्पर्शी विकास वह है जो प्रत्येक नागरिक तक पहुँचे, जबकि सर्वसमावेशी विकास का अर्थ है कि लद्दाख से लक्षद्वीप तक सभी क्षेत्रों की विकास यात्रा में समान भागीदारी सुनिश्चित हो। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि सीमित पूँजी वाले छोटे किसानों, पशुपालकों, ग्रामीण महिलाओं, मछुआरों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की सामूहिक शक्ति को राष्ट्रीय विकास से जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम सहकारिता है। सहकारी संस्थाएँ कम पूँजी के साथ बड़ी संख्या में लोगों को संगठित कर उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और आयवृद्धि के नए अवसर उपलब्ध करा सकती हैं। उन्होंने कहा कि अमूल, इफको, लिज्जत पापड़ और देश की अनेक सफल सहकारी संस्थाएँ इस बात का प्रमाण हैं कि सहकारिता के मूल्यों के साथ पेशेवर प्रबंधन अपनाकर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी संस्थाएँ विकसित की जा सकती हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सहकारी रैंकिंग में भारतीय सहकारी संस्थाओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पूरे देश के सहकारी क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। श्री अमित शाह ने कहा कि छब्क्ब् ने उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन, ग्रामीण औद्योगिक गतिविधियों, जल संरक्षण, कृषि बीमा, सहकारी बैंकिंग तथा चक्रीय अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों में अपने कार्यकलापों का विस्तार किया है। निगम ने राष्ट्रीय स्तर की बहुराज्यीय सहकारी संस्थाओं के गठन, पूँजी निवेश और संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि छब्क्ब् की पिछले पाँच वर्षों की उपलब्धियों को देखते हुए इस अवधि को निगम के लिए एक प्रकार से स्वर्णिम काल कहा जा सकता है, लेकिन इन उपलब्धियों से संतुष्ट होकर रुकना नहीं है। बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप निगम की संस्थागत संरचना, वित्तीय संसाधन जुटाने की क्षमता, पेशेवर कार्यप्रणाली तथा सहकारी संस्थाओं के साथ भागीदारी के स्वरूप में व्यापक सुधार करने होंगे। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने छब्क्ब् के अगले 25 वर्षों के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए सहकारी क्षेत्र के अनुभवी प्रतिनिधियों और पेशेवर विशेषज्ञों का एक समूह गठित किया जाना चाहिए, जो निगम की वर्तमान संरचना, पूँजी जुटाने के वैकल्पिक माध्यमों, सहकारी संस्थाओं की भागीदारी, वित्तीय स्वायत्तता, संगठनात्मक सुधार और भविष्य के व्यावसायिक अवसरों पर विचार करे। उन्होंने इन विषयों पर एक कार्यशाला आयोजित करने का सुझाव दिया। श्री अमित शाह ने कहा कि 31 मार्च 2027 के बाद इस विषय पर एक विशेष बैठक आयोजित कर विस्तृत प्रस्तुतीकरण और चर्चा की जाए, ताकि दिसंबर 2027 तक आवश्यक निर्णयों की दिशा में आगे बढ़ा जा सके। श्री अमित शाह ने कहा कि सहकारी संस्थाओं की प्रशासनिक व्यवस्था पेशेवर होनी चाहिए, जबकि उनका मूल दृष्टिकोण सहकारिता के सिद्धांतों पर आधारित रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी सहायता और सरकारी बैंकों पर अत्यधिक निर्भरता से संस्थागत विकास की कुछ सीमाएँ उत्पन्न होती हैं। इसलिए NCDC को ऐसे वित्तीय और संगठनात्मक मॉडल विकसित करने चाहिए, जिनसे निगम अपनी बढ़ती आवश्यकताओं के अनुरूप संसाधन जुटा सके और सहकारी क्षेत्र की संभावनाओं का पूर्ण उपयोग कर सके। उन्होंने कहा कि सहकारी क्षेत्र का विकास छब्क्ब् की जिम्मेदारी है और छब्क्ब् के विकास को सुनिश्चित करना महापरिषद के सभी सदस्यों का सामूहिक संकल्प होना चाहिए। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (छब्म्स्), भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (ठठैैस्), राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (NCDC), भारत टैक्सी, सहकार सारथी तथा शहरी सहकारी बैंकों के अम्ब्रेला संगठन छन्ब्थ्क्ब् जैसी संस्थाओं के विकास में छब्क्ब् की भूमिका की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में ये संस्थाएँ राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी और प्रभावशाली बहुराज्यीय सहकारी संस्थाओं के रूप में उभर सकती हैं। उन्होंने कहा कि बड़े सहकारी उपक्रमों को वित्तीय सहायता देने के साथ-साथ छोटे किसानों, पशुपालकों और मछुआरों की आजीविका में प्रत्यक्ष सुधार लाना भी छब्क्ब् की समान रूप से महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। मत्स्य क्षेत्र का उदाहरण देते हुए श्री अमित शाह ने कहा कि गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के लिए लगभग 100 ट्रॉलरों को छब्क्ब् के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने इस पहल के सामाजिक एवं आर्थिक प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे वित्तपोषण से बड़ी संख्या में मछुआरा परिवारों की मासिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। उन्होंने कहा कि किसी बड़ी वित्तीय संस्था के लिए ऐसी परियोजना का आकार सीमित प्रतीत हो सकता है, लेकिन इससे जुड़े परिवारों के जीवन, बच्चों की शिक्षा और भविष्य के अवसरों में आने वाला परिवर्तन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने निगम को ऐसी जमीनी स्तर की पहलों को और अधिक विस्तार देने के लिए प्रोत्साहित किया। श्री अमित शाह ने सहकारी चीनी मिलों के लिए चक्रीय अर्थव्यवस्था पर आधारित नए व्यावसायिक मॉडल विकसित करने पर भी बल दिया। उन्होंने महाराष्ट्र के कोल्हापुर और पुणे में प्रस्तावित नई बहुराज्यीय सहकारी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि चीनी मिलों से जुड़े मूल्यवर्धित उत्पादों के लिए साझा प्रसंस्करण एवं औद्योगिक सुविधाएँ विकसित की जा सकती हैं। इससे विशेष रूप से उन सहकारी चीनी मिलों को लाभ होगा जो अपने स्तर पर बड़े निवेश अथवा आधुनिक प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने की स्थिति में नहीं हैं। इस व्यवस्था से अर्जित लाभ संबंधित सहकारी चीनी मिलों तक पहुँचाने पर जोर दिया गया। युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर बल देते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि ‘सहकार मित्र’ कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण एवं इंटर्नशिप पूरी करने वाले योग्य युवाओं को नई बहुराज्यीय सहकारी संस्थाओं से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे सहकारी संस्थाओं में आधुनिक प्रबंधन, व्यावसायिक दक्षता और पेशेवर नेतृत्व को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बनास डेयरी के सफल प्रबंधन मॉडल के अध्ययन का उल्लेख करते हुए उसके अनुभवों का उपयोग छब्क्ब् की भावी कार्यप्रणाली और संस्थागत विकास में करने का सुझाव दिया। श्री अमित शाह ने आने वाले वर्षों में छब्क्ब् के वित्तीय संवितरण को तेजी से बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹1.70 लाख करोड़, 2027-28 के लिए ₹2.10 लाख करोड़ और 2028-29 के लिए ₹2.50 लाख करोड़ के लक्ष्यों का उल्लेख करते हुए आगामी वर्षों के लिए और अधिक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने को कहा। उन्होंने वित्त वर्ष 2029-30 में लगभग ₹3.50 लाख करोड़ और 2030-31 में ₹3.5 लाख करोड़ के संवितरण की दिशा में कार्य करने पर बल दिया। श्री अमित शाह ने कहा कि डेयरी, मत्स्यपालन, सहकारी बैंकिंग और अन्य क्षेत्रों में बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए छब्क्ब् को अपनी वित्तीय क्षमता उसी अनुपात में विकसित करनी होगी, ताकि सहकारी क्षेत्र की वित्तपोषण आवश्यकताओं की पूर्ति सहकारिता आधारित संस्थागत व्यवस्था के माध्यम से हो सके। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने छब्क्ब् के विकास में भारतीय रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय द्वारा प्रदान किए गए सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि निगम की वित्तीय और नियामकीय चुनौतियों को दूर करने के लिए विभिन्न स्तरों पर सकारात्मक सहयोग मिला है तथा शेष बाधाओं को दूर करने के लिए भी प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने छब्क्ब् को छ।ठ।त्क्, राज्य सहकारी बैंकों और वाणिज्यिक बैंकों के साथ कंसोर्टियम तथा सह-वित्तपोषण मॉडल विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य करने का सुझाव दिया। इसके साथ ही दुग्ध सहकारी क्षेत्र की संपूर्ण वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए नए वित्तपोषण मॉडल विकसित करने पर भी जोर दिया। पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास को विशेष प्राथमिकता देते हुए श्री अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2030 तक पूर्वोत्तर को पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इन आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा क्षेत्र के बाहर से पूरा किया जाता है, जबकि पूर्वोत्तर में डेयरी, मत्स्यपालन और पशुपालन की व्यापक संभावनाएँ मौजूद हैं। उन्होंने अनुमान व्यक्त किया कि इन क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता हासिल होने से पूर्वोत्तर की आय में लगभग ₹32,800 करोड़ की वृद्धि हो सकती है तथा करीब आठ लाख रोजगार के अवसर सृजित हो सकते हैं। उन्होंने NCDC के पूर्वोत्तर स्थित कार्यालयों को इन क्षेत्रों पर केंद्रित व्यावहारिक परियोजनाएँ तैयार करने, आवश्यक वित्तपोषण उपलब्ध कराने तथा राज्य सरकारों के सहयोग से उन्हें क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान प्रस्तुत वित्तीय विवरणों के अनुसार, सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद से 25 अक्टूबर 2026 तक छब्क्ब् द्वारा देशभर की सहकारी संस्थाओं को संचयी रूप से ₹4,14,586 करोड़ की वित्तीय सहायता वितरित की गई है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान निगम ने ₹1,55,408 करोड़ की परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की तथा ₹1,27,596 करोड़ की वित्तीय सहायता वितरित की। इसी अवधि में निगम ने ₹1,475 करोड़ का शुद्ध लाभ अर्जित किया, जबकि उसकी ऋण वसूली दर 99.84 प्रतिशत और नेट छच्। शून्य रहा। वित्त वर्ष 2020-21 में निगम का वार्षिक संवितरण ₹24,733 करोड़ था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर ₹1,27,596 करोड़ हो गया। इस प्रकार पिछले पाँच वर्षों में निगम का वार्षिक संवितरण लगभग पाँच गुना बढ़ा है। वित्त वर्ष 2025-26 में छब्क्ब् द्वारा स्वीकृत 3,339 इकाइयों एवं परियोजनाओं से 14,881 सहकारी समितियों को लाभ पहुँचाने का प्रावधान किया गया। बैठक में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) अधिनियम, 2026 के महत्व पर भी चर्चा की गई। संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित और राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त इस अधिनियम को 14 अगस्त 2026 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया गया था। इस संशोधन से सहकारी विकास के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के माध्यमों, संस्थागत भागीदारी तथा इक्विटी और शेयर पूँजी के माध्यम से निवेश के नए अवसरों का विस्तार हुआ है। सहकारी संस्थाओं को अधिक सुलभ और प्रतिस्पर्धी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा छब्क्ब् के लिए ₹2,000 करोड़ की अनुदान सहायता को मंजूरी दी गई है, जिसके आधार पर निगम द्वारा चार वर्षों में बाजार से ₹20,000 करोड़ जुटाने की व्यवस्था की गई है। इस पहल के अंतर्गत वित्त वर्ष 2025-26 में ₹9,380 करोड़ तथा वित्त वर्ष 2026-27 में 25 अक्टूबर तक ₹6,172 करोड़ का ऋण वितरण किया गया है। सहकारी क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए छब्क्ब् द्वारा ‘सहकार नवाचार योजना’ प्रारंभ की गई है। इसके अंतर्गत पात्र सहकारी संस्थाओं को अधिकतम ₹25 लाख तक की शत-प्रतिशत अनुदान सहायता प्रदान करने का प्रावधान है। योजना के लिए ₹10 करोड़ का प्रारंभिक निधि कोष स्थापित किया गया है, जिसमें 20 प्रतिशत राशि पूर्वोत्तर क्षेत्र, पहाड़ी क्षेत्रों और कमजोर वर्गों की सहकारी संस्थाओं के लिए आरक्षित है। अब तक पाँच सहकारी संस्थाओं को कुल ₹85 लाख की अनुदान सहायता स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त व्यवसाय विकास, डिजिटल लेखांकन, वित्तीय प्रबंधन, ब्रांडिंग तथा बाजार से जुड़ाव के लिए भी सहकारी संस्थाओं को मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए छब्क्ब् द्वारा किसान उत्पादक संगठनों (थ्च्व्े) के गठन एवं संवर्धन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। निगम ने सहकारी क्षेत्र में 1,863 थ्च्व्े का पंजीकरण किया है, जिनमें पैक्स के माध्यम से गठित 1,117 थ्च्व्े शामिल हैं। इस योजना के अंतर्गत अक्टूबर 2026 तक थ्च्व्े एवं संबंधित संस्थाओं को ₹356.90 करोड़ की राशि वितरित की गई है। इसके साथ ही मत्स्य सहकारी संस्थाओं, महिला सहकारी संस्थाओं, डेयरी, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य ग्रामीण आजीविका गतिविधियों को वित्तीय एवं संस्थागत सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी विभिन्न पहल की जा रही हैं। सहकारी संस्थाओं में मानव संसाधन विकास और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए छब्क्ब् की लक्ष्मणराव इनामदार राष्ट्रीय सहकारिता अनुसंधान एवं विकास अकादमी (स्प्छ।ब्) तथा उसके क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्रों द्वारा व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 227 प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 21,688 प्रतिभागियों ने भाग लिया। सहकारी संस्थाओं में आधुनिक प्रबंधन, डिजिटल प्रौद्योगिकी, वित्तीय अनुशासन, ब्रांडिंग तथा पेशेवर दक्षता बढ़ाने के छब्क्ब् और प्त्ड। (ज्ैन् ) के बीच समझौता एक सराहनीय कदम है। महापरिषद की बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लेखापरीक्षित वार्षिक लेखों, वार्षिक रिपोर्ट और वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा के साथ आगामी वर्षों के वित्तीय कार्यक्रमों, संसाधन जुटाने की संभावनाओं तथा सहकारी क्षेत्र की बढ़ती वित्तपोषण आवश्यकताओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में प्रस्तुत कार्यसूची के वित्तीय प्रस्तावों और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री द्वारा संबोधन में सुझाए गए महत्वाकांक्षी भावी संवितरण लक्ष्यों के संदर्भ में निगम की दीर्घकालिक रणनीति पर विशेष बल दिया गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने अपने संबोधन के अंत में छब्क्ब् के अधिकारियों, महापरिषद के सदस्यों और कर्मचारियों को निगम के वित्तीय प्रदर्शन, शून्य नेट छच्। तथा संस्थागत विस्तार के लिए बधाई दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छब्क्ब् अपने कार्यक्षेत्र, वित्तीय क्षमता और पेशेवर कार्यप्रणाली का निरंतर विस्तार करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को साकार करने तथा सहकारिता को ग्रामीण समृद्धि, रोजगार सृजन, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सर्वसमावेशी राष्ट्रीय विकास का सशक्त माध्यम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



डीआरडीओ ने लंबित मामलों के निपटान में तेजी लाने के लिए विशेष अभियान 6.0 चलाया
नई दिल्ली, 29 अक्तूबर, अभीतक: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने अपने मुख्यालयों, प्रयोगशालाओं और प्रतिष्ठानों में लंबित मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान (एससीडीपीएम 6.0) शुरू किया है। प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) द्वारा समन्वित, यह अभियान लंबित मामलों को कम करने, लोक शिकायत निवारण में तेजी लाने, रिकॉर्ड को डिजिटल बनाने, स्वच्छता में सुधार और कार्यस्थल को अनुकूलित करने पर केंद्रित है। डीआरडीओ ने लंबित लोक शिकायतों, संसदीय आश्वासनों और अंतर-मंत्रालयी संदर्भों को निपटाने के अपने लक्ष्यों का शत-प्रतिशत हासिल कर लिया है। छंटाई के लिए निर्धारित लगभग 20,000 फाइलों को निपटाया जा रहा है, जिसमें कटे हुए कागज को रीसाइक्लिंग के लिए खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) को भेजा गया है। प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लगभग 5 लाख ऐतिहासिक पृष्ठों और अभिलेखों का भी डिजिटलीकरण किया गया है। डीआरडीओ परिसरों, आवासीय परिसरों और अनुसंधान परीक्षण रेंज में स्वच्छता और स्थान अनुकूलन अभियान चल रहा है, जिसमें अप्रचलित उपकरण, अनावश्यक फर्नीचर और स्क्रैप सामग्री को साफ किया जा रहा है। स्क्रैप और अप्रचलित हार्डवेयर के पर्यावरण के अनुकूल निपटान से 35 लाख रुपये का राजस्व उत्पन्न हुआ है।
रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ देश की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं और वैश्विक साझेदारी को प्रदर्शित करने वाले विश्व-2026 (वीआईएसवी-2026) का उद्घाटन करेंगे
नई दिल्ली, 29 अक्तूबर, अभीतक: रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ 30 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में सेंटर फॉर ज्वाइंट वारफेयर स्टडीज (सीईएनजेओडब्ल्यूएस) के सहयोग से रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) की ओर से आयोजित किए जा रहे विश्व-2026 (वीआईएसवी-2026: विजन, इनोवेशन, सिनर्जी, वैल्यूज) का उद्घाटन करेंगे। रक्षा क्षमताओं का प्रदर्शन, वैश्विक साझेदारी को मजबूत करना विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश की स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी क्षमताओं को प्रदर्शित करना और मित्र भागीदार देशों के साथ संबंधों को मजबूत करना है। यह कार्यक्रम रक्षा अनुसंधान, विकास और उत्पादन में भारत की प्रगति के साथ अंतरराष्ट्रीय भागीदारों को परिचित कराने और प्रौद्योगिकी आधारित सहयोग और रणनीतिक साझेदारी के रास्ते तलाशने के लिए रक्षा प्रतिष्ठान, उद्योग, शिक्षा और राजनयिक समुदाय के प्रतिनिधियों को एक साथ लाएगा। यह विचार-विमर्श स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और तकनीकी नवाचार, रक्षा उत्पादन और रक्षा कूटनीति के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय साझेदारी का विस्तार करने की दिशा में देश की यात्रा को उजागर करेगा। तकनीकी सत्रों में वैमानिकी प्रणालियों, भूमि और नौसेना प्रणालियों, सेंसिंग और संचार, मिसाइल प्रणाली, सूक्ष्म इलेक्ट्रॉनिकी, कम्प्यूटेशनल समाधान और सैनिक सहायता प्रणालियों में डीआरडीओ की क्षमताओं को शामिल किया जाएगा। एक पैनल चर्चा में भारत और मित्र भागीदार देशों के बीच संयुक्त सहयोग, क्षमता विकास और पारस्परिक रूप से लाभप्रद साझेदारी के अवसरों का पता लगाने पर जोर दिया जाएगा। वीआईएसवी-2026 के माध्यम से, डीआरडीओ तकनीकी आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाने और नवाचार, संवाद तथा सहयोग के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय रक्षा साझेदारी को मजबूत करने के प्रयास में है।



भारत सामूहिक क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के उन्मूलन के लिए प्रतिबद्धय संयुक्त क्षमताओं को सुदृढ़ करने के लिए एडीएमएम-प्लस साझेदारों के साथ धरातल पर परखे गए अनुभव साझा करने को तैयार: रक्षा मंत्री
आतंकवाद-रोधी अभियानों में भारत का व्यापक अनुभव केवल कक्षा तक सीमित सैद्धांतिक ज्ञान नहीं, बल्कि सीमा पार की जटिल सुरक्षा चुनौतियों का दशकों तक सीधे सामना करके अर्जित किया गया अनुभव है
ऑपरेशन सिंदूर ने भारत के सक्रिय और धरातल पर परखे गए सिद्धांत को निर्णायक रूप से प्रदर्शित किया: श्री राजनाथ सिंह
कानून के शासन तथा नौवहन और विमानों की उड़ान स्वतंत्रता पर भारत का जोर किसी देश के विरुद्ध नहींय इसका उद्देश्य क्षेत्रीय हितधारकों के सामूहिक हितों की रक्षा करना है
रक्षा मंत्री ने भारत-आसियान संपर्क, डिजिटल नवाचार और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए रक्षा क्षेत्र में ‘यूथ ब्रिज’ स्थापित करने का प्रस्ताव रखा
नई दिल्ली, 29 अक्तूबर, अभीतक: रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के सभी रूपों के उन्मूलन और सामूहिक क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि आतंकवाद-रोधी अभियानों में भारत का व्यापक अनुभव केवल कक्षा तक सीमित सैद्धांतिक ज्ञान नहीं है, बल्कि सीमा पार की जटिल सुरक्षा चुनौतियों का दशकों तक सीधे सामना करके धरातल पर अर्जित किया गया अनुभव है। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 29 अक्टूबर, 2026 को फिलीपींस के सेबू में आयोजित 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (एडीएमएम-प्लस) को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की प्रत्येक रणनीति को वास्तविक परिस्थितियों में संचालित अभियानों के दौरान परखा गया है, उसे और अधिक प्रभावी बनाया गया है तथा उसकी उपयोगिता सिद्ध हुई है। उन्होंने कहा कि भारत के इस सक्रिय और धरातल पर परखे गए सिद्धांत का निर्णायक प्रदर्शन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुआ, जब भारत ने आतंकवादी ढांचे को ध्वस्त किया और राज्य प्रायोजित आतंकवाद के विरुद्ध किसी भी प्रकार की समझौता न करने वाली स्पष्ट सीमा निर्धारित की। रक्षा मंत्री ने कहा कि आतंकवाद की कोई सीमा नहीं होती और भारत संयुक्त अभ्यासों, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों तथा व्यापक खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान के माध्यम से एडीएमएम-प्लस के साझेदार देशों के साथ अपना व्यावहारिक एवं धरातल पर परखा हुआ अनुभव साझा करने के लिए पूरी तरह तैयार है, ताकि सामूहिक क्षमताओं को सुदृढ़ किया जा सके। उन्होंने कहा कि एडीएमएम-प्लस प्रारूप के अंतर्गत आतंकवाद-रोधी सहयोग एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बना हुआ है। भारत और मलेशिया वर्ष 2024 से 2027 तक की समय-सीमा के लिए आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञ कार्य समूह की सह-अध्यक्षता कर रहे हैं। श्री राजनाथ सिंह ने दोहराया कि भारत आसियान की केंद्रीय भूमिका और एक सुरक्षित, मुक्त, समावेशी, सुदृढ़ तथा नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र को विशेष महत्व देता है, जहां शांति और स्थिरता केवल आकांक्षाएं नहीं, बल्कि सामूहिक प्रतिबद्धता का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि आसियान के साथ भारत का रणनीतिक जुड़ाव दीर्घकालिक है और साझा हितों, पारस्परिक सम्मान तथा व्यावहारिक सहयोग पर आधारित है। उन्होंने पिछले वर्ष अक्टूबर में कुआलालंपुर में आयोजित दूसरी आसियान-भारत रक्षा मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि इस बैठक में आसियान-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रक्षा एवं सुरक्षा संबंधी पहलुओं और वर्ष 2026 से 2030 के लिए आसियान-भारत कार्ययोजना को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई थी। 13वीं एडीएमएम-प्लस की विषयवस्तु ‘नेविगेटिंग अवर फ्यूचर, टुगेदर’ के संदर्भ में रक्षा मंत्री ने कहा कि यह भारत की विदेश एवं रक्षा नीति की अवधारणाओं के साथ-साथ उसकी सभ्यतागत भावना ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ से भी सामंजस्य रखती है। यह भावना विश्वभर के सभी लोगों की प्रसन्नता, समृद्धि और कल्याण की आकांक्षा को प्रतिबिंबित करती है। उन्होंने कहा कि यह विषय हमें याद दिलाता है कि हमारी सबसे बड़ी शक्ति हमारी एकजुटता और अपनी भौगोलिक, आर्थिक तथा रणनीतिक विविधता का लाभ उठाने की साझा क्षमता में निहित है। भारत पारस्परिक विश्वास, सहयोग और सामूहिक जिम्मेदारी पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में विश्वास करता है। यही सहयोग की भावना हमें शांति और व्यवस्था के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाती है। श्री राजनाथ सिंह ने वर्ष 2026 के दौरान आसियान के साथ भारत के जुड़ाव में समुद्री सहयोग को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने वर्ष 2026 को ‘आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष’ घोषित किए जाने और दूसरे आसियान-भारत समुद्री अभ्यास के आयोजन का उल्लेख किया। उन्होंने बल देकर कहा कि भारत केवल अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के सिद्धांतों की बात नहीं करता, बल्कि समुद्री सुरक्षा से संबंधित वैश्विक कानूनों का दृढ़ता से पालन भी करता है। उन्होंने कहा कि नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और वैश्विक समुद्री संचार मार्गों की सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता दशकों से जारी निरंतर परिचालन अनुभव पर आधारित है। वर्ष 2008 से भारतीय नौसेना अदन की खाड़ी जैसे अत्यंत संवेदनशील समुद्री गलियारों में लगातार सक्रिय उपस्थिति बनाए हुए है। इस दौरान किसी प्रकार की दबावपूर्ण कार्रवाई या एकतरफा कदम नहीं उठाए गए हैं, जो अन्य देशों के अधिकारों को कमजोर करते हों। रक्षा मंत्री ने रेखांकित किया कि अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों की तैनाती के माध्यम से भारत ने हजारों वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराया है और खुले समुद्र में जहाजों के अपहरण की दर्जनों घटनाओं को विफल किया है। इस दौरान जहाजों के ध्वज या राष्ट्रीयता को ध्यान में रखते हुए बिना वाणिज्यिक नौवहन को सुरक्षा प्रदान की गई है। उन्होंने वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को भारत की जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में, जब वैश्विक व्यापार मार्गों को सीमा पार के जटिल खतरों का सामना करना पड़ रहा है, भारत केवल बयानबाजी तक सीमित रहने के बजाय ठोस कार्रवाई के लिए तैयार है। प्रभावी कदम उठाने, नियमित परिचालन उपस्थिति बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। भारत हिंद महासागर क्षेत्र और व्यापक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक विश्वसनीय शुद्ध सुरक्षा प्रदाता के रूप में अपनी भूमिका निभाता रहेगा। व्यापक समुद्री सुरक्षा के समृद्धि से निकट के संबंध पर अपने विचार व्यक्त करते हुए श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कानून के शासन, विशेष रूप से समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (यूएनसीएलओएस), के प्रति भारत का आग्रह तथा नौवहन और विमानों की उड़ान की स्वतंत्रता का समर्थन किसी देश के विरुद्ध नहीं है। इसका उद्देश्य उन सभी क्षेत्रीय हितधारकों के सामूहिक हितों की रक्षा करना है, जो खुले समुद्री मार्गों और स्थिर समुद्री प्रशासन पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि भारत समुद्री सुरक्षा, खोज एवं बचाव, मानवीय सहायता, पेशेवर संवाद, क्षमता निर्माण और अंतरराष्ट्रीय कानून को उचित महत्व देता है। भारत इन क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के लिए आसियान के साझेदार देशों के साथ संयुक्त रूप से कार्य करने को तैयार है। रक्षा मंत्री ने भारत-आसियान रक्षा सहयोग को मजबूत करने में युवाओं की भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों की युवा आबादी की समान जनसांख्यिकीय विशेषताएं और आकांक्षाएं अधिक गहरी क्षेत्रीय साझेदारी के लिए मजबूत आधार प्रदान करती हैं। उन्होंने संस्थागत स्तर पर जन-जन के बीच संपर्क बढ़ाने, डिजिटल नवाचार को प्रोत्साहित करने और एडीएमएम-प्लस की पहलों के अनुरूप क्षमता निर्माण को सुविधाजनक बनाने के लिए रक्षा क्षेत्र में एक समर्पित ‘यूथ ब्रिज’ स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि युवाओं को सशक्त बनाना और क्षेत्रीय शांति एवं सुरक्षा में योगदान देने के लिए उन्हें अधिक अवसर उपलब्ध कराना ‘युवा, शांति और सुरक्षा’ की विषयवस्तु के अनुरूप है। यह एक शांतिपूर्ण, सुदृढ़ और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के निर्माण के लिए भी आवश्यक है।


भारत से अंताल्या तक: दिल्ली घोषणा-पत्र 2026 में सीओपी 31 से पहले जलवायु कार्रवाई के लिए बहुस्तरीय सहयोग मजबूत बनाने का आह्वान
दो दिवसीय द्वितीय एराइज सिटीज सम्मेलन संपन्नय वैश्विक जलवायु शासन में शहरों की अधिक भूमिका पर सामूहिक सहमति
तुर्किये के राजदूत ने कहा सम्मेलन का विषय समयानुकूल और महत्वपूर्ण मुद्दो को संबोधित करता है
नई दिल्ली, 29 अक्तूबर, अभीतक: दो दिवसीय द्वितीय एराइज सिटीज सम्मेलन 2026 नई दिल्ली में 28 अक्टूबर, 2026 को वैश्विक जलवायु लक्ष्यों के लिए स्थानीय कार्रवाई पर दिल्ली घोषणा-पत्र 2026 अपनाने के साथ संपन्न हुआ। यह सम्मेलन 27-28 अक्टूबर, 2026 को इंडिया हैबिटेट सेंटर में स्थिरता के लिए स्थानीय सरकारें – आईसीएलईआई: दक्षिण एशिया ने राष्ट्रीय नगर कार्य संस्थान दृ एनआईयूए के सहयोग तथा केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के समर्थन से आयोजित किया। सम्मेलन में 18 से अधिक देशों के 50 से अधिक शहरों के 200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य विकासशील देशों के विभिन्न शहरों के मुद्दे प्रमुखता से सामने लाना तथा मापनीय और स्थानीय स्तर पर संचालित पहल द्वारा जलवायु कार्रवाई आगे बढ़ाने में सहयोग, सतत विकास, स्थिति अनुकूलता और समानता के मूल्यों पर जोर देना था। दो दिवसीय सम्मेलन में तीन पूर्ण तकनीकी सत्र और 14 तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। भारत से अंताल्या तककृप्रतिबद्धता, कार्यान्वयन और परिणाम विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में विकासशील देशों के शहरों और स्थानीय सरकारों ने बहुस्तरीय सहयोग मजबूत बनाने तथा वैश्विक जलवायु शासन में उन्हें आवश्यक भागीदार के रूप में मान्यता देने का सामूहिक आह्वान किया। दिल्ली घोषणा-पत्र 2026 में व्यक्त यह साझा संकल्प अब तुर्किये के प्रमुख शहर अंताल्या में आयोजित होने वाले 31वां संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन – सीओपी 31 तक पहुंचेगा।
प्रतिबद्धता से कार्यान्वयन तकरू समापन समारोह की प्रमुख झलकियां
28 अक्टूबर को सम्मेलन के समापन समारोह में भारत में तुर्किये के राजदूत अली मुरात एरसोय, दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही, संयुक्त राष्ट्र एशिया और प्रशांत आर्थिक एवं सामाजिक आयोगदृयूएनईसीएपी के दक्षिण एवं दक्षिण-पश्चिम एशिया उपक्षेत्रीय कार्यालय की प्रमुख मिकिको तनाका, दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी एवं एशियाटिक सोसाइटी ऑफ मुंबई के अध्यक्ष डॉ. विनय पी. सहस्रबुद्धे, राष्ट्रीय नगर कार्य संस्थान – एनआईयूए की निदेशक डॉ. देबोलिना कुंडू, तथा आईसीएलईआई के महासचिव गीनो वान बेगिन ने अपने विचार व्यक्त किए। सीओपी 31 के जलवायु चैंपियन और जीरो वेस्ट फाउंडेशन के अध्यक्ष सामेद आघिरबाश ने सम्मेलन को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। भारत में तुर्किये के राजदूत अली मुरात एरसोय ने तुर्किये की ओर से, अंताल्या में सीओपी 31 की मेजबानी की तैयारियों के बीच, एराइज सिटीज फोरम 2026 के आयोजन के लिए आईसीएलईआई दृ दक्षिण एशिया, एनआईयूए और यूएन-हैबिटैट के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत से अंताल्या तक की यात्रा निरंतर कार्रवाई की यात्रा होनी चाहिए। श्री अली मुरात एरसोय ने कहा कि मेजबान देश के रूप में तुर्किये की प्राथमिकताएं जलवायु कार्रवाई के प्रति भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं, जो ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के शाश्वत दर्शन पूरा विश्व एक परिवार है पर आधारित है। दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने आईसीएलईआई-दक्षिण एशिया की सराहना और आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उसका सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने, इलेक्ट्रिक बसों (विद्युत चालित) के बेड़े के विस्तार और दिल्ली में परिवहन के अंतिम चरण तक संपर्क सुविधा बेहतर बनाने में सहयोग रहा है। वह दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में नगर निगमों के साथ मिलकर शहरी नेतृत्व को मजबूत बनाने, जागरूकता बढ़ाने तथा वायु गुणवत्ता में सुधार के प्रायोगिक पहल लागू करने में भी सहायक रहा है। संयुक्त राष्ट्र एशिया और प्रशांत आर्थिक और सामाजिक आयोग की दक्षिण एवं दक्षिण-पश्चिम एशिया उपक्षेत्रीय कार्यालय प्रमुख मिकिको तनाका ने दिल्ली घोषणा-पत्र का समर्थन करते हुए संयुक्त राष्ट्र एशिया और प्रशांत क्षेत्र आर्थिक और सामाजिक आयोग के हालिया क्षेत्रीय चर्चा-पत्र के संदेशों को सामने रखा। इसमें राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदानों को शहरी स्तर पर लागू करने के महत्व को रेखांकित किया गया है। उन्होंने कहा कि शहरों को राष्ट्रीय जलवायु कार्रवाई के केंद्र में लाना आवश्यक है और उन्हें राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं और उनके कार्यान्वयन के बीच की खाई को पाटना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय जलवायु प्रतिबद्धताओं के निर्धारण में महापौरों की भी भागीदारी का भी उल्लेख किया। सुश्री मिकिको तनाका ने कहा कि जलवायु संबंधी वित्तीय संसाधन शहरों तक पहुंचना चाहिए और शहरों को इसके प्रभावी उपयोग के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जलवायु कार्रवाई अलग-अलग क्षेत्रों तक सीमित न रहे। सुश्री मिकिको तनाका ने राष्ट्रीय जलवायु प्रतिबद्धताओं को स्थानीय जलवायु कार्ययोजनाओं में परिणत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकासशील और अल्पविकसित देशों के बीच दक्षिण-दक्षिण सहयोग शहरों को जलवायु कार्रवाई में तेजी लाने में मदद कर सकता है। भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली प्रदेश प्रभारी एवं एशियाटिक सोसाइटी ऑफ मुंबई के अध्यक्ष डॉ. विनय पी. सहस्रबुद्धे ने कहा कि शहरी प्रशासन से जुड़ी चर्चाओं में अब ऐसे शहरों की अवधारणा प्रमुखता से उभर रही है जहां लोग केवल काम करने आते हैं और उस शहर से जुड़ाव महसूस नहीं कर पाते। इसलिए सतत शहरी प्रशासन के लिए शहर के प्रति अपनत्व की भावना महत्वपूर्ण है। शहर केवल इमारतों, गेट वाली आवासीय बस्तियों और गगनचुंबी इमारतों के समूह नहीं हैं। वास्तव में शहर जीवंत इकाइयां हैं। शहरों को आपसी साझेदारी और संवेदनशीलता के जीवंत केंद्र बनाने के लिए उनके प्रति भावनात्मक जुड़ाव आवश्यक है। श्री सहस्रबुद्धे ने विधायकों और शहरी प्रशासकों से इस विषय पर ध्यान देने का आग्रह किया। सीओपी 31 के जलवायु चैंपियन एवं जीरो वेस्ट फाउंडेशन के अध्यक्ष सामेद आघिरबाश ने कहा कि स्थानीय नेतृत्व को पता है कि उनके समुदायों को किन चीजों की आवश्यकता है। उन्हें कार्रवाई के लिए वित्तीय संसाधन और साझेदारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसी को देखते हुए दिल्ली घोषणा-पत्र अत्यंत प्रासंगिक है। श्री आघिरबाश ने विशेष रूप से शून्य अपशिष्ट के प्रति दिल्ली घोषणा-पत्र की प्रतिबद्धता का स्वागत करते हुए कहा कि हमारे पृथ्वी ग्रह का भविष्य हमारे घरों से ही शुरू होता है। उन्होंने इस घोषणा-पत्र को स्थायी साझेदारी और व्यावहारिक कार्रवाई में बदलने का आह्वान किया। राष्ट्रीय नगर कार्य संस्थान की निदेशक डॉ. देबोलिना कुंडु ने कहा कि एराइज दिल्ली घोषणा-पत्र 2026रू वैश्विक जलवायु लक्ष्यों के लिए स्थानीय कार्रवाई, सम्मेलन के निष्कर्षों को आगे बढ़ाते हुए तुर्किये के अंताल्या, में 31वें संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन तक पहुंचाने के लिए एक साझा दिशा निर्धारित करता है। उन्होंने कहा कि एकीकृत स्थानीय कार्रवाई, न्यायसंगत स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन, सुलभ वित्त और समुदायों की सार्थक भागीदारी पर इसका जोर उन प्राथमिकताओं को प्रतिबिंबित करता है, जिन पर सम्मेलन में मिलकर विमर्श हुआ है। आईसीएलईआईदृसतत विकास के लिए स्थानीय सरकारों के महासचिव गीनो वान बेगिन ने कहा कि एराइज सिटीज फोरम 2026 में बहुस्तरीय शासन की भूमिका तथा पेरिस समझौते में शामिल देशों में समझौते के लक्ष्यों को राष्ट्रीय और स्थानीय, दोनों स्तरों पर हासिल करने के लिए सरकार के सभी स्तरों पर आवश्यक सहयोग पर विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में उप-राष्ट्रीय स्तर की योजना बनाने के लिए आवश्यक प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई। इनमें शहरी क्षेत्रों में अत्यधिक गर्मी, जल संकट, बुनियादी ढांचा और आवागमन जैसे विषय शामिल रहे। श्री बेगिन ने कहा कि सम्मेलन में निवेश और त्वरित कार्यान्वयन की आवश्यकता तथा जलवायु के प्रति अनुकूल विकास के लिए साझेदारियों को गति देने और उन्हें समावेशी बनाने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि एराइज सिटीज फोरम 2026 की दिल्ली घोषणा को अपनाकर हमने शहरी जलवायु कार्रवाई के प्रति अपने साझा संकल्प को और मजबूत किया है। समापन समारोह में आईसीएलईआई दक्षिण एशिया द्वारा विकसित दिल्ली जैव विविधता मानचित्र का भी शुभारंभ किया गया। एराइज सिटीज फोरम 2026 दिल्ली घोषणा-पत्र को अपनाने और इसे औपचारिक रूप से श्री गीनो वान बेगिन को सौंपने के साथ संपन्न हुआ। यह सम्मेलन की सामूहिक प्रतिबद्धताओं और शहरी प्राथमिकताओं को अंताल्या में सीओपी 31 तक आगे ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
दिल्ली घोषणा-पत्र 2026: विकासशील देशों की शहरी आकांक्षाओं को सीओपी 31 तक पहुंचाना
वर्ष 2025 की घोषणा के आधार पर तैयार वैश्विक जलवायु लक्ष्यों के लिए स्थानीय कार्रवाई पर दिल्ली घोषणा-पत्र 2026 – एकजुटता, साझेदारी तथा अर्थव्यवस्था और समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने के दृष्टिकोण को अभिव्यक्त करता है। यह दृष्टिकोण सीओपी 31 के बाद भी जलवायु कार्रवाई का आधार होना चाहिए। घोषणा-पत्र विकासशील देशों के शहरों की ओर से सभी के लिए जलवायु-सुरक्षित, न्यायसंगत और सतत भविष्य के सह-निर्माण की प्रतिबद्धता प्रस्तुत करता है। यह घोषणा-पत्र अंतरराष्ट्रीय जलवायु वार्ताओं में शहरों को महत्वपूर्ण योगदानकर्ता के रूप में स्थापित करता है और वैश्विक दक्षिण के अनुभवों तथा प्राथमिकताओं को संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन रूपरेखा के अनुरूप बनाता है (यूएनएफसीसीसी – अंतर्राष्ट्रीय संधि जिसका मुख्य उद्देश्य वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों की सांद्रता को ऐसे स्तर पर स्थिर करना है, जिससे जलवायु प्रणाली पर खतरनाक मानवीय हस्तक्षेप को रोका जा सके)। यह स्थानीय सरकारों और नगर प्रशासन के समूह द्वारा शहरी विकास और जलवायु कार्रवाई के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने के प्रयासों को भी आगे बढ़ाता है।
इसके अंतर्गत दस साझा प्रतिबद्धताएं निर्धारित की गई हैं:
- सीओपी 31 से पहले आयोजित होने वाली बैठकों से लेकर सीओपी 31 तक वैश्विक जलवायु एजेंडे को आगे बढ़ाना।
- अनुकूलन प्रक्रिया में तेजी लाना और विभिन्न सम्मेलन संधियो के बीच तालमेल मजबूत करना।
- सहयोग और सामूहिक कार्रवाई द्वारा चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना।
- ऊर्जा परिवर्तन के सकारात्मक परिणाम हासिल करना, जो उप-राष्ट्रीय स्तर पर कार्यान्वयन को मान्यता और उसमें तेजी लाएं, ताकि वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने के लक्ष्य की दिशा में बढ़ाया जा सके।
- महत्वाकांक्षी और न्यायसंगत ऊर्जा एवं आर्थिक परिवर्तन को प्राथमिकता देना।
- बहुस्तरीय जलवायु वित्त व्यवस्था को संस्थागत स्वरूप प्रदान करना।
- स्वतंत्र विज्ञान और डेटा प्रणाली बनाए रखना।
- बहुस्तरीय कार्रवाई के लिए व्यवस्थित संयुक्त मंच तैयार करना।
- जलवायु कार्रवाई में विकासशील देशों के शहरों के नेतृत्व को प्रोत्साहित करना।
- जलवायु कार्रवाई में युवाओं और समुदायों के नेतृत्व को मजबूत बनाना।
वर्ष 2026 को ट्रिपल सीओपी के महत्वपूर्ण वर्ष के रूप में देखा जा रहा है। इसे देखते हुए दिल्ली घोषणा-पत्र 2026 का महत्व और बढ़ जाता है। यह जलवायु, जैव विविधता और भूमि से जुड़े एजेंडों पर समन्वित कार्रवाई का आह्वान करता है तथा शहरों की इन परस्पर जुड़ी चुनौतियों को स्वीकार करता है। वैश्विक जलवायु समुदाय सीओपी 31 की तैयारियों में जुटा है। ऐसे समय में एराइज सिटीज फोरम 2026 में अपनाए गए दिल्ली घोषणा-पत्र से यह संदेश मजबूत होता है कि वैश्विक जलवायु लक्ष्यों को तभी हासिल किया जा सकता है, जब स्थानीय प्राथमिकताओं, संसाधनों और कार्यान्वयन क्षमताओं को जलवायु संबंधी निर्णय लेने की प्रक्रिया में समुचित रूप से शामिल किया जाए। एराइज सिटीज फोरम 2026 और इसके एजेंडे के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया देखें: ीजजचेरूध्ध्ंतपेमबपजपमेवितनउण्वतहध्
बठिंडा स्थित अल्ट्राटेक के 217 कर्मचारियों के लिए 3.36 करोड़ रुपए के समझौते
नई दिल्ली, 29 अक्तूबर, अभीतक: सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय के मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय के अधीन जालंधर स्थित सहायक श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के प्रभावी सुलह प्रयासों के परिणामस्वरूप, 14 अक्टूबर 2026 को बठिंडा स्थित अल्ट्राटेक के प्रबंधन और श्रमिक संघों के बीच दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। श्रमिकों के कल्याण और सौहार्दपूर्ण औद्योगिक सम्बंधों की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीआईटीयू) और ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एआईटीयूसी) के साथ संपन्न हुए समझौतों से अगले पांच वर्षों में 217 श्रमिकों को लगभग 3.36 करोड़ रुपए का वित्तीय लाभ मिलने की आशा है। समझौतों की एक प्रमुख विशेषता यह है कि सम्बंधित समझौतों की शर्तों के अनुसार, सहमत लाभों को वर्ष की दूसरी तिमाही से पूर्वव्यापी रूप से लागू करने का प्रावधान है। ये समझौते रचनात्मक संवाद और प्रबंधन तथा श्रमिक प्रतिनिधियों के सहयोग से संभव हुए हैं। इसमें जालंधर स्थित मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) की सक्रिय भागीदारी रही। ये सफल समाधान पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान प्राप्त करने और सामूहिक सौदेबाजी को बढ़ावा देने में प्रभावी सुलह के महत्व का उदाहरण है। यह उपलब्धि श्रमिकों के हितों की रक्षा करने, औद्योगिक विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान को सुगम बनाने, निष्पक्ष श्रम तौर-तरीकों को बढ़ावा देने और रचनात्मक संवाद और प्रभावी सुलह के माध्यम से सौहार्दपूर्ण औद्योगिक सम्बंधों को मजबूत करने के प्रति केंद्र सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
भारत अक्टूबर 2026 तक 5.5 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष से अधिक हरित हाइड्रोजन की खपत प्रतिबद्धताओं के साथ वैश्विक स्तर पर अग्रणी बना हुआ है
भारतीय कंपनियों ने 2026 में 4 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष से अधिक के लिए 18 नए हरित हाइड्रोजन उत्पादन समझौतों पर हस्ताक्षर किए
नई दिल्ली, 29 अक्तूबर, अभीतक: अक्टूबर 2026 तक, भारतीय कंपनियों ने दुनिया की सबसे बड़ी ग्रीन हाइड्रोजन ऑफटेक प्रतिबद्धताओं पर हस्ताक्षर किए हैं दृइनका कुल योग 5.5 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष से अधिक है – इससे भारत ग्रीन हाइड्रोजन आपूर्ति प्रतिबद्धताओं में वैश्विक अग्रणी के रूप में स्थापित हो गया है। वर्ष 2026 में, भारतीय कंपनियों ने 4 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष से अधिक हरित हाइड्रोजन समतुल्य मात्रा की आपूर्ति के लिए 18 नए ऑफटेक समझौतों (उत्पादक और खरीदार के बीच बाध्यकारी अनुबंध, इसमें खरीदार भविष्य में उत्पादित होने वाले माल को पहले से तय शर्तों और कीमतों पर खरीदने की गारंटी देता है) पर हस्ताक्षर किए। 2023 में राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के शुभारंभ के बाद से, लगभग 5.5 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष हरित हाइड्रोजन के समतुल्य कुल 23 ऑफटेक अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिनमें से 70ः से अधिक निर्यात के लिए निर्धारित हैं। इन ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं से कुल मिलाकर लगभग 90,000 करोड़ रुपये (लगभग 9.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का निवेश आकर्षित होने की आशा है। भारतीय आपूर्तिकर्ता ग्रीन अमोनिया और ग्रीन मेथनॉल के लिए दुनिया की सबसे प्रतिस्पर्धी कीमतें पेश कर रहे हैं, इससे यूरोपीय और जापानी बाजारों में भारत की अग्रणी स्थिति मजबूत हो रही है। वैश्विक और मेथनॉल शिपिंग क्षेत्र के लिए स्वच्छ ईंधन के रूप में ग्रीन अमोनिया उभर रहा है। कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए थर्मल पावर प्लांटों में अमोनिया के सह-दहन के लिए ग्रीन अमोनिया का भी उपयोग किया जा रहा है। औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन को सक्षम बनाने के लिए उर्वरक उत्पादन और शोधन क्षेत्र में विश्व स्तर पर हरित हाइड्रोजन व्युत्पन्न पदार्थों को तेजी से अपनाया जा रहा है। अक्टूबर 2026 तक, भारतीय कंपनियों द्वारा कुल ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के लिए किए गए ठोस और हस्ताक्षरित समझौते 5,55,610 मीट्रिक टन प्रति वर्ष तक पहुंच गए हैं। यह राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के लक्ष्य का लगभग 11 प्रतिशत है। इससे भारत ग्रीन हाइड्रोजन क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी बन गया है। इन व्यापक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय समझौतों को पूरा करने के लिए कुल मिलाकर 90,000 करोड़ रुपये (लगभग 9.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर) से अधिक के पूंजी निवेश की आवश्यकता होगी। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (एनजीएचएम) को मंत्रिमंडल द्वारा वर्ष 2029-30 तक 19,744 करोड़ रुपए के प्रारंभिक परिव्यय के साथ मंजूरी दी गई। मिशन का उद्देश्य 2030 तक प्रति वर्ष कम से कम 5 मिलियन मीट्रिक टन हरित हाइड्रोजन का उत्पादन करना है। इसके अलावा, मिशन के अपेक्षित परिणामों में नवीकरणीय ऊर्जा (आरएमई) क्षमता में 125 गीगावाट की वृद्धि, 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कुल निवेश, 6 लाख से अधिक पूर्णकालिक नौकरियों का सृजन और प्रति वर्ष 50 मिलियन मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी शामिल है। भारतीय उद्यमों ने प्रमुख वैश्विक बाजारों में महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारियां और बाध्यकारी हरित हाइड्रोजन खरीद समझौते किए हैं।
उल्लेखनीय अनुबंधों इस प्रकार हैं:
भारत के एसीएमई ग्रुप ने जापान की आईएचआई के साथ प्रति वर्ष 4,88,000 मीट्रिक टन ग्रीन अमोनिया की आपूर्ति के लिए एक ऑफटेक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
एसीएमई ग्रुप ने जापान की मित्सुबिशी गैस केमिकल (एमजीसी) को प्रति वर्ष 1,00,000 मीट्रिक टन ग्रीन मेथनॉल की आपूर्ति के लिए एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं।
एल एंड टी और आईटीओसीएचयू ने प्रति वर्ष 3,00,000 टन ग्रीन अमोनिया की आपूर्ति के लिए एक विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) का गठन किया है, इसकी डिलीवरी दिसंबर 2029 से शुरू होने की आशा है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने दक्षिण कोरिया की सैमसंग सी एंड टी कॉर्पोरेशन के साथ 3 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य का दीर्घकालिक आपूर्ति और खरीद समझौता किया है। इससे यह वैश्विक स्तर पर हरित अमोनिया की खरीद के सबसे बड़े समझौतों में से एक बन गया है। इस समझौते के तहत आपूर्ति 2028 तक शुरू होने की आशा है।
अगस्त्या कंपनी श्रीलंका के एसएआर को 2,50,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष ग्रीन मेथनॉल की आपूर्ति के लिए खरीद प्रक्रिया में है।
हिंट को. जीएमबीएच द्वारा आयोजित एच2 ग्लोबल नीलामी में एएम ग्रीन को एशियाई लॉट का एकमात्र विजेता चुना गया है। इससे जर्मनी को नवीकरणीय ईंधन अमोनिया की आपूर्ति के लिए एक दीर्घकालिक खरीद समझौता हासिल हुआ है। इस समझौते के तहत, हिंट को. जीएमबीएच 10 वर्षों की अवधि में एएम ग्रीन से कम से कम 585 मिलियन यूरो मूल्य का अमोनिया खरीदेगी। जर्मनी को पहली खेप 2029 में मिलने की आशा है।
एएम ग्रीन ने जर्मनी की यूनिपर कंपनी के साथ 2,50,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष ग्रीन अमोनिया की आपूर्ति के लिए एक पक्का ऑफ-टेक समझौता भी किया है। एएम ग्रीन ने जापान की प्रमुख बिजली उत्पादक कंपनी जेईआरए के साथ 70,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष हरित अमोनिया की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए एक बाध्यकारी प्रारंभिक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
जोउनो जूल्स ने सेलेक्ट एनर्जी जीएमबीएच के साथ 600 टीपीडी (लगभग 2,19,000 एमटीपीए) ग्रीन अमोनिया की खरीद के लिए एक ऑफटेक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
निर्यात सम्बंधी आंकड़ों के साथ-साथ, लक्षित सरकारी ढांचों के तहत घरेलू मांग में भी काफी मजबूती आई है:
मिशन के ग्रीन हाइड्रोजन ट्रांजिशन (साईट) कार्यक्रम के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप के तहत, देश भर में फैली 11 उर्वरक इकाइयों को 6,70,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष ग्रीन अमोनिया के उत्पादन और आपूर्ति के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसी प्रकार, साईट कार्यक्रम के तहत, आईओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल और एनआरएल की रिफाइनरियों को 30,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष हरित हाइड्रोजन के उत्पादन और आपूर्ति के लिए परियोजनाएं आवंटित की गई हैं।

डीएसटी के ईएसटीआईसी सत्र में विज्ञान में परिवर्तन और स्वायत्त प्रणालियों, भौतिक एआई और रोबोटिक्स के साथ नवाचारों पर चर्चा की गई
नई दिल्ली, 29 अक्तूबर, अभीतक: नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ईएसटीआईसी) 2026 में स्वायत्त प्रणालियों, भौतिक एआई और रोबोटिक्स पर सत्र में प्रख्यात विशेषज्ञों ने इस बात पर विचार किया कि स्वायत्त प्रणालियों, भौतिक एआई और रोबोटिक्स निकट भविष्य में वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचारों को कैसे बदल देंगे। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के सचिव प्रोफेसर उमेश वी. वाघमारे ने इस सत्र का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि, ष्स्वायत्त प्रणालियों, भौतिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और रोबोटिक्स को आगे बढ़ाने तथा वैज्ञानिक विचारों को सामाजिक प्रभाव वाले समाधानों में बदलने के लिए उद्योग, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, स्टार्ट-अप और प्रौद्योगिकी उपयोगकर्ताओं के बीच सहयोग महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इन उभरते प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में प्रगति के लिए उपयोगकर्ताओं, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और उद्योग प्रतिनिधियों के बीच तालमेल आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अनुसंधान को व्यावहारिक अनुप्रयोगों में बदलने में उनकी बातचीत विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो समाज को लाभ पहुंचा सकती है। अंतः विषय साइबर-भौतिक प्रणालियों पर डीएसटी के राष्ट्रीय मिशन पर प्रकाश डालते हुए प्रो. वाघमारे ने बताया कि देश भर के 25 प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र स्थापित किए गए हैं। ये केंद्र प्रयोगशालाओं से विचारों को बाजार में पहुंचाने में मदद करने के लिए शिक्षा और उद्योग तथा स्टार्ट-अप के बीच बातचीत की सुविधा प्रदान करते हैं। प्रो. वाघमारे ने कहा कि मिशन का पहला चरण दिसंबर 2027 में समाप्त होने वाला था। उन्होंने कहा कि सत्र में वक्ताओं और प्रतिभागियों की चर्चा और प्रतिक्रिया से मिशन के दूसरे चरण के लिए योजनाओं के निर्माण को सूचित करने में मदद मिलेगी। सत्र में एक मुख्य भाषण, आमंत्रित वार्ता और एक पैनल चर्चा शामिल थी, जिसमें उद्योग, शिक्षा, अनुसंधान संस्थानों और स्टार्ट-अप के दृष्टिकोण को एक साथ लाया गया। प्रो. वाघमारे ने विभिन्न हितधारकों के अनुभव और अंतर्दृष्टि को आकर्षित करने के लिए सक्रिय भागीदारी और चर्चा को प्रोत्साहित किया। इस सत्र के दौरान नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर ने कहा कि भौतिक एआई न केवल एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चुनौती है, बल्कि एक सिस्टम इंजीनियरिंग चुनौती भी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इंटेलिजेंट फिजिकल सिस्टम का सफल कामकाज कई परस्पर जुड़े घटकों पर निर्भर करता है, जिसमें विश्वसनीय सेंसर, कुशल एक्ट्यूएटर, रीयल-टाइम कंप्यूटिंग, मजबूत नियंत्रण एल्गोरिदम, कम-विलंबता संचार और ऊर्जा-कुशल हार्डवेयर शामिल हैं। प्रो. करंदीकर ने कहा कि भौतिक एआई सिस्टम संवादात्मक एआई उपकरणों से भिन्न हैं क्योंकि कारखानों या स्वायत्त वाहनों में काम करने वाले रोबोट से जुड़ी त्रुटियों के तत्काल भौतिक परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि विश्वसनीयता, सत्यापन, सुरक्षा, संरक्षा और विश्वसनीयता इस क्षेत्र में अनुसंधान और विकास के लिए केंद्र में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत के पास सिस्टम इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, विनिर्माण, एम्बेडेड सिस्टम, डिजाइन, दूरसंचार और सॉफ्टवेयर में अपनी क्षमताओं का निर्माण करके स्वायत्त प्रणाली विकसित करने का अवसर है। रोबोटिक्स, स्वायत्त वाहनों और अन्य साइबर-भौतिक प्रणालियों में मौजूदा क्षमताओं में खुफिया और उन्नत एल्गोरिदम को एकीकृत करने से अधिक विश्वसनीय, सुरक्षित और भरोसेमंद स्वायत्त प्रौद्योगिकियों के विकास को सक्षम किया जा सकता है। प्रो. करंदीकर ने भौतिक एआई की अंतःविषय प्रकृति पर भी प्रकाश डाला, यह देखते हुए कि प्रगति के लिए एम्बेडेड सिस्टम, एआई मॉडल और एल्गोरिदम पर काम करने वाले विशेषज्ञों के बीच सहयोग की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि ये सहयोग स्वायत्त प्रणालियों में महत्वपूर्ण अनुसंधान चुनौतियों का समाधान करने में महत्वपूर्ण होंगे। एक समर्पित राष्ट्रीय पहल की संभावना का उल्लेख करते हुए, प्रो. करंदीकर ने कहा कि हितधारक परामर्श ने भौतिक एआई मिशन के प्रस्ताव पर विचार किया था। उन्होंने सुझाव दिया कि अंतःविषय साइबर-भौतिक प्रणाली पर राष्ट्रीय मिशन का अगला चरण मौजूदा मिशन के तहत विकसित क्षमताओं के आधार पर इस क्षेत्र को लेने का अवसर प्रदान कर सकता है। यह सत्र 27 से 29 अक्टूबर तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित हो रहे ईएसटीआईसी 2026 का हिस्सा था, जिसमें उभरती प्रौद्योगिकियों और नवाचार पर विचार-विमर्श करने के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और उद्योग के हितधारकों को एक साथ लाया जा रहा है। सत्र 6 में भाग लेने वाले अन्य गणमान्य व्यक्तियों में एडवर्ब टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के अध्यक्ष श्री जलज ए. दानीय आईआईटी हैदराबाद के प्रो. पी. राजलक्ष्मीय आईआईटी दिल्ली के श्री आशुतोष दत्त शर्माय आईआईटी दिल्ली के डॉ. रोहन पॉलय आईआईटी इंदौर के प्रो. संतोष के. विश्वकर्माय माइक्रोसॉफ्ट इंडिया (पूर्व सीटीओ) के डॉ. रोहिणी श्रीवत्सय रोबोटिक्स रिसर्च सेंटर और कोहली सेंटर फॉर इंटेलिजेंट सिस्टम्स के प्रो. के. माधव कृष्णाय एक्सटेरा रोबोटिक्स के श्री आदित्य प्रताप रावतय डीटाउन रोबोटिक्स प्राइवेट लिमिटेड के श्री मानस उपाध्यायय और ओट्टोनॉमी डॉटआईओ के श्री रितुकर विजय शामिल थे।

वस्त्र मंत्रालय ने विशेष अभियान 6.0 के अंतर्गत वस्त्र समिति की महत्वपूर्ण उपलब्धियों को रेखांकित किया
नई दिल्ली, 29 अक्तूबर, अभीतक: वस्त्र मंत्रालय ने 2 से 31 अक्टूबर, 2026 तक संचालित किए जा रहे विशेष अभियान 6.0 के अंतर्गत वस्त्र समिति की महत्वपूर्ण उपलब्धियों और समर्पित प्रयासों को रेखांकित किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य संस्थागत स्वच्छता, अभिलेखों का कुशल प्रबंधन, लंबित मामलों का निपटान तथा सतत कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देना है। वस्त्र समिति ने कार्यस्थल की स्वच्छता में सुधार, कार्यालय स्थलों के बेहतर उपयोग, भौतिक एवं इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों की समीक्षा तथा लागू दिशा-निर्देशों के अनुरूप अनुपयोगी सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-कचरे) का समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां संचालित कर अभियान में सक्रिय भागीदारी की है। समिति द्वारा संचालित गतिविधियां विशेष अभियान 6.0 के उद्देश्यों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। इनमें विशेष रूप से स्वच्छ, सुव्यवस्थित और कुशल कार्य वातावरण को बढ़ावा देना शामिल है। यह अभियान संसाधनों के जिम्मेदार प्रबंधन, कार्यालय स्थलों के प्रभावी उपयोग तथा दैनिक आधिकारिक कार्यप्रणाली में सतत प्रथाओं को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित करता है। इन पहलों के माध्यम से वस्त्र समिति ने स्वच्छता को संस्थागत स्वरूप प्रदान करने, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने तथा वस्त्र मंत्रालय के संगठनों और अधीनस्थ कार्यालयों में जवाबदेही को प्रोत्साहित करने के व्यापक दृष्टिकोण में योगदान दिया है। समिति अभियान के दौरान स्थापित सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को निरंतर बनाए रखने तथा जवाबदेही और कार्यस्थल प्रबंधन की दक्षता को और बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। 2 से 9 अक्टूबर, 2026 तक प्रथम सप्ताहदृअभिलेख प्रबंधन, स्थान प्रबंधन की योजना, कबाड़ का निपटान तथा अभिलेख कक्षों और भंडारण रैकों की सफाई, अभिलेख रखने वाले रैकों की सफाई की गई, धूल हटाई गई तथा उन्हें पुनः व्यवस्थित किया गया। सभी फाइलों और दस्तावेजों को उचित क्रम में सुव्यवस्थित ढंग से रखा गया, ताकि उनकी आसानी से पहचान की जा सके और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें शीघ्र प्राप्त किया जा सके। पुराने और अनावश्यक सामान को हटाया गया तथा उपलब्ध स्थान का कुशलतापूर्वक उपयोग सुनिश्चित किया गया। इस अभ्यास से आधिकारिक अभिलेखों का उचित रखरखाव, फाइलों की सुगम पहचान और उन्हें शीघ्र प्राप्त करने की व्यवस्था सुनिश्चित हुई। अधिकारियों और कर्मचारियों को अभिलेखों के व्यवस्थित भंडारण तथा उनके नियमित रखरखाव के महत्व के प्रति जागरूक भी किया गया।
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10 से 16 अक्टूबर, 2026 तक द्वितीय सप्ताहदृकबाड़, गत्ते के डिब्बों, पुराने बेकार कार्टन और अनुपयोगी वस्तुओं को हटाना, अभियान के दूसरे सप्ताह के दौरान, कार्यालय परिसर में स्थान खाली करने और स्वच्छता में सुधार लाने के उद्देश्य से कबाड़, गत्ते के डिब्बों, पुराने बेकार कार्टन तथा अन्य अनुपयोगी वस्तुओं की पहचान कर उन्हें हटाया गया। अनुपयोगी वस्तुओं को अलग-अलग श्रेणियों में छांटकर प्रचलित प्रक्रिया के अनुसार उनका निपटान किया गया। वस्त्र समिति के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में भी इसी प्रकार का विशेष अभियान चलाया गया।
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17 से 23 अक्टूबर, 2026 तक तृतीय सप्ताह-स्थान के बेहतर उपयोग और स्वच्छता के लिए एकत्रित पैकेजिंग सामग्री, अपशिष्ट प्लास्टिक सामग्री और बचे हुए नमूनों को हटाना एवं उनका निपटान अभियान के तहत वस्त्र समिति ने बड़े पैमाने पर कबाड़ के निपटान की कार्रवाई की, जिससे 4,38,444 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। निपटान की गई सामग्री में पैकेजिंग सामग्री, अपशिष्ट प्लास्टिक सामग्री और बचे हुए नमूने शामिल थे। इस पहल से एकत्रित कचरे और अनुपयोगी सामग्रियों को हटाने में सहायता मिली, जिससे कार्यस्थल की स्वच्छता में सुधार हुआ, उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हुआ और कार्य वातावरण अधिक सुव्यवस्थित बना। कबाड़ के निपटान से प्राप्त राजस्व, अनुपयोगी सामग्रियों का उपयोगी ढंग से निपटान सुनिश्चित करने के साथ-साथ जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन और संसाधनों के कुशल उपयोग को बढ़ावा देने के लिए समिति के प्रयासों को दर्शाता है। यह पहल अनुपयोगी वस्तुओं के व्यवस्थित निपटान और उपलब्ध कार्यालयीन स्थान के प्रभावी उपयोग को प्रोत्साहित करके विशेष अभियान 6.0 के व्यापक उद्देश्यों की पूर्ति में भी योगदान देती है।
प्रमुख गतिविधि नीचे दिखाई गई है
कुल मिलाकर, तीन सप्ताह तक चले इस अभियान से सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों के माध्यम से स्वच्छता में सुधार, उपलब्ध स्थान के बेहतर उपयोग और अभिलेखों के कुशल प्रबंधन में सहायता मिली। यह पहल स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित कार्यस्थल बनाए रखने की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती है। वस्त्र मंत्रालय अपने सभी संबद्ध कार्यालयों, अधीनस्थ संगठनों और संबंधित संस्थानों को विशेष अभियान 6.0 में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा अभियान की अवधि समाप्त होने के बाद भी स्वच्छता, सुशासन और कुशल लोक प्रशासन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को निरंतर जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करता है।
