





झज्जर टेनिस बॉल प्रीमियर लीग के फाइनल में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे वरिष्ठ भाजपा नेता पंडित संत सुरेहती
झज्जर, 28 अक्तूबर, अभीतक: स्थानीय मल्हान क्रिकेट एकेडमी में आयोजित झज्जर टेनिस बॉल प्रीमियर लीग – 2026 का बुधवार को भव्य समापन हुआ। टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले रोहतक डिफेंडर अे सोनीपत स्ट्राइकर एवं पुरस्कार वितरण समारोह में वरिष्ठ भाजपा नेता पंडित संत सुरेहती ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर आयोजक मंडल स्पोर्ट्स 20 व लक्ष्मी स्पोर्ट्स झज्जर, धर्मेंद्र बसवाल, प्रदीप दीवान, लक्ष्मी नारायण की ओर से उनका फूल-मालाओं और स्मृति चिन्ह के साथ जोरदार स्वागत किया गया। पंडित संत सुरेहती ने मैदान पर पहुंचकर दोनों फाइनलिस्ट टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और टॉस करवाकर फाइनल मुकाबले का शुभारंभ किया। खिलाड़ियों व खेल प्रेमियों को संबोधित करते हुए पंडित संत सुरेहती ने कहा कि खेल युवाओं को नशे से दूर रखकर अनुशासन, आपसी भाईचारे और स्वस्थ जीवन की प्रेरणा देते हैं। झज्जर के युवाओं में खेल प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और ऐसे आयोजनों से स्थानीय खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का बेहतरीन मंच मिलता है। उन्होंने सफल आयोजन के लिए आयोजकों की सराहना की और विजेता व उपविजेता टीमों को ट्रॉफी व पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर अनेक खेल प्रेमी, कोच और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


करवाचौथ के उपलक्ष्य में इंडो अमेरिकन स्कूल में मेहंदी रचाओ प्रतियोगिता आयोजित
छात्राओं ने अध्यापिकाओं के हाथों पर मेहंदी रचाकर दिखाई अपनी कलात्मक प्रतिभा
झज्जर, 28 अक्तूबर, अभीतक: करवाचौथ के पावन पर्व के उपलक्ष्य में इंडो अमेरिकन स्कूल, झज्जर में मेहंदी रचाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में कक्षा सातवीं से बारहवीं तक की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान छात्राओं ने विद्यालय की अध्यापिकाओं के हाथों पर सुंदर एवं आकर्षक मेहंदी डिजाइन बनाकर अपनी कलात्मक प्रतिभा, रचनात्मकता और हुनर का शानदार प्रदर्शन किया। छात्राओं ने पारंपरिक बेल-बूटों, फूलों और बारीक नक्काशी से सजे मनमोहक डिजाइन बनाकर सभी का ध्यान आकर्षित किया। प्रतियोगिता के माध्यम से छात्राओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला। साथ ही, उन्होंने भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी मेहंदी कला के महत्व को भी समझा। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह और उल्लास का वातावरण बना रहा।
प्रतियोगिता के परिणाम
प्रतियोगिता में विभिन्न कक्षाओं की छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए निम्नलिखित स्थान प्राप्त किए – कक्षा सातवीं नव्या प्रथम, पलक द्वितीय, रिद्धि द्वितीय तथा दिव्यांशी तृतीय स्थान पर रहीं। कक्षा आठवीं विनिता प्रथम, तृप्ति द्वितीय और खुशी तृतीय स्थान पर रहीं। कक्षा नौवीं अमीषा प्रथम, भूमि द्वितीय और दीक्षा यादव तृतीय स्थान पर रहीं।कक्षा दसवीं हिमांशी प्रथम, भूमि द्वितीय तथा निशु और खुशी संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहीं।कक्षा ग्यारहवीं एवं बारहवीं गरिमा शर्मा प्रथम, विशाखा द्वितीय और कामिनी तृतीय स्थान पर रहीं। विद्यालय में इस प्रकार की गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभा को निखारना, उनमें आत्मविश्वास बढ़ाना तथा भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है। प्रतियोगिता ने छात्राओं को अपनी रचनात्मक क्षमता प्रदर्शित करने के साथ-साथ पारंपरिक कला को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान किया। इस आयोजन के माध्यम से विद्यालय ने शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों को भी महत्व देने की अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाया। विद्यालय प्रबंधन ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उन्हें भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। अध्यापिकाओं के हाथों पर मेहंदी रचाकर छात्राओं ने न केवल अपनी कलात्मक कुशलता का परिचय दिया, बल्कि गुरु-शिष्य के आत्मीय संबंधों को भी खूबसूरती से अभिव्यक्त किया। प्रतियोगिता ने विद्यालय परिसर को उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि भारतीय परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं और इन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।





संस्कारम् पब्लिक स्कूल, खातीवास, झज्जर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया करवा चौथ उत्सव
झज्जर, 28 अक्तूबर, अभीतक: संस्कारम् पब्लिक स्कूल, खातीवास, झज्जर में 28 अक्टूबर 2026 को करवा चौथ का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। विद्यालय के जूनियर विंग द्वारा आयोजित इस विशेष समारोह में अभिभावकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम में निःशुल्क मेहंदी लगाने की विशेष व्यवस्था’ की गई, जिसका अभिभावकों ने भरपूर आनंद उठाया। महिलाओं ने मन भरकर मेहंदी लगवाई और इस विशेष आयोजन का आनंद लिया। इसके साथ ही सोलह श्रृंगार प्रतियोगिता, थाली सजावट प्रतियोगिता तथा रैंप वॉक का आयोजन किया गया। सभी प्रतिभागी पारंपरिक परिधानों एवं आकर्षक श्रृंगार में बेहद सुंदर और मनमोहक दिखाई दिए। उनकी साज-सज्जा, आत्मविश्वास और उत्साह ने पूरे कार्यक्रम को रंगीन और यादगार बना दिया। रैंप वॉक के दौरान प्रतिभागियों ने अपनी अद्भुत प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। प्रत्येक प्रतियोगिता में अभिभावकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं एवं प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पूरे समारोह में खुशी, उमंग और उत्सव का माहौल बना रहा। इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, परंपराओं और पारंपरिक त्योहारों के महत्व को बढ़ावा देना तथा विद्यालय और अभिभावकों के बीच आपसी जुड़ाव को मजबूत करना था। करवा चैथ का यह उत्सव सभी के लिए यादगार बन गया।
सुलोधा़ क्षेत्र में तैनात पटवारी सुमित को एसीबी ने पटवारखाने से रंगे हाथों पकड़ा’’
शिकायतकर्ता की जमीन का विरासत इंतकाल दर्ज करने के बदले मांगी थी रिश्वत, एसीबी झज्जर की टीम ने बिछाया जाल
झज्जर, 28 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए झज्जर जिले के सलोढ़ा क्षेत्र में तैनात हलका पटवारी सुमित को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पर शिकायतकर्ता की जमीन के विरासत का इंतकाल दर्ज कराने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने एसीबी को शिकायत दी थी कि हलका पटवारी सुमित उसकी जमीन के विरासत का इंतकाल दर्ज कराने के बदले 5,000 रुपये की अवैध रिश्वत मांग रहा है। शिकायत के आधार पर एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया और आरोपी को झज्जर स्थित पटवारखाने में रिश्वत की राशि लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
एसीबी यूनिट झज्जर द्वारा की गई कार्रवाई,भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुमित, हलका पटवारी, सुलोध़ा, जिला झज्जर, के रूप में हुई है। आरोपी की उम्र 38 वर्ष है और वह सरकारी कर्मचारी (ग्रुप-ब्) है। वह मूल रूप से जिला सोनीपत का निवासी है तथा वर्तमान में रोहतक की राम गोपाल कॉलोनी में रह रहा है। यह ट्रैप एसीबी यूनिट झज्जर की टीम ने बिछाया। कार्रवाई के दौरान राजपत्रित अधिकारी व छाया गवाह भी शामिल हुए। इस मामले में थाना ैट.।ब्ठ रोहतक में एफआईआर संख्या 34, दिनांक 28 अक्टूबर 2026, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत दर्ज की गई है। मामले में नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जा रही है।




विकास कार्यों को निर्धारित अवधि में पूरा कराएं अधिकारी: प्रशासनिक सचिव
महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव व झज्जर जिला के प्रशासनिक सचिव शेखर विद्यार्थी ने अधिकारियों की बैठक में दिए निर्देश
बैठक के दौरान प्रशासनिक सचिव ने धान-बाजरा खरीद कार्य के साथ साथ विकास योजनाओं व परियोजनाओं से जुड़े कार्यों की भी ली रिपोर्ट
झज्जर, 28 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा के महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव व झज्जर जिला के प्रशासनिक सचिव शेखर विद्यार्थी ने कहा कि सभी विभागाध्यक्ष जिलाभर में चल रही विकास परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए निर्धारित समयावधि में पूरा करना सुनिश्चित करें,ताकि आमजन को इन योजनाओं का त्वरित लाभ मिल सके। प्रशासनिक सचिव शेखर विद्यार्थी बुधवार को लघु सचिवालय सभागार में जिला में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जिला में बाजरा व धान खरीद को लेकर संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। झज्जर पहुंचने पर डीसी वर्षा खांगवाल ने आयुक्त एवं सचिव शेखर विद्यार्थी का स्वागत करते हुए जिलाभर में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। आयुक्त एवं सचिव शेखर विद्यार्थी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा पर जल्द से जल्द अमल करके उनको पूरा करवाया जाए। इसके अलावा सीएम अनाउंसमेंट के तहत जो कार्य पूरे हो चुके हैं उनकी यूसी (यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट) जल्द से जल्द भिजवाई जाए। सभी विभाग संबंधित विकास कार्यों को पोर्टल पर अपडेट करवाएं ताकि सही वास्तविक स्थिति का पता चल सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं के तहत चल रहे कार्यों में विभागीय स्तर पर किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। अगर कोई बाधा आती है तत्काल उनके कार्यालय को अवगत कराएं। बैठक के दौरान उन्होंने विभिन्न योजनाओं के तहत निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए प्रगति को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। प्रशासनिक सचिव शेखर विद्यार्थी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास कार्यों को गति देना और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी अधिकारी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें, ताकि जिले में विकास कार्यों को नई दिशा मिल सके।
बैठक में यह अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर डीसीपी धारणा यादव, एडीसी जगनिवास,एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच, एसडीएम झज्जर रवि मीणा, सीईओ जिला परिषद मनीष फौगाट,एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, एसडीएम बादली विशाल कुमार,सीटीएम ऋतु सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।




संवाद भवन में भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ कार्यक्रम आयोजित
सुनीता दुग्गल ने कांग्रेस पर युवाओं को भ्रमित करने और चुनावी हार के बाद बेबुनियाद आरोप लगाने का लगाया आरोप, कप्तान बिरधाना ने जनादेश का सम्मान करने की दी नसीहत
झज्जर, 28 अक्तूबर, अभीतक: संवाद भवन में भारतीय जनता पार्टी की ओर से झज्जर विधानसभा क्षेत्र में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व झज्जर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रहे कप्तान बिरधाना ने किया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुनीता दुग्गल ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की और उपस्थित बुद्धिजीवी वर्ग को संबोधित किया। सुनीता दुग्गल ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी युवाओं को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता देश में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। चुनाव में जीत मिलने पर कांग्रेस इसे लोकतंत्र की जीत बताती है, लेकिन हार मिलने पर ईवीएम और वोट चोरी जैसे मुद्दों को उठाकर चुनाव आयोग पर बेबुनियाद आरोप लगाने लगती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय आत्ममंथन करने की आवश्यकता है, लेकिन अनर्गल बयानबाजी करना उसकी आदत बन गई है। कार्यक्रम में कप्तान बिरधाना ने अपने संबोधन में कहा कि रोहतक लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली रोहतक और झज्जर की सातों विधानसभा सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। इसके बावजूद कांग्रेस के नेता वोट चोरी का आरोप लगाकर कभी प्रदर्शन करते हैं तो कभी प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं की राजनीति का केंद्र वोट चोरी के आरोप बन गए हैं, जबकि उन्हें अपनी हार के कारणों पर विचार करना चाहिए। कप्तान बिरधाना ने कहा कि कांग्रेस को जनता द्वारा दिए गए जनादेश को सहजता से स्वीकार करना चाहिए और आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर पार्टी से कहां चूक हुई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है और राजनीतिक दलों को उसका सम्मान करते हुए अपनी कमियों को दूर करने पर ध्यान देना चाहिए। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष विकास वाल्मीकि, जिला संयोजक दिनेश शेखावत, सह-संयोजक एवं भाजपा नेता मनीष बंसल, बहादुरगढ़ नगर परिषद की चेयरपर्सन सरोज राठी, महामंत्री रवि बराही, दया किशन सहित पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




वायु प्रदूषण के साथ ही जल प्रदूषण नियंत्रण भी बेहद जरूरी: डीसी
झज्जर जिला में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बढ़ाए जा रहे हैं कदम
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा-ड्रेनों में दूषित पानी छोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों की बैठक में केसीबी मुंगेशपुर और ड्रेन नंबर आठ की नियमित निगरानी के निर्देश
झज्जर, 28 अक्तूबर, अभीतक: जिला प्रशासन आमजन को स्वच्छ वातावरण मुहैया कराने की दिशा में सक्रियता से कदम बढ़ा रहा है। वायु प्रदूषण रोकथाम के साथ ही जल प्रदूषण नियंत्रण पर भी प्रशासन का विशेष फोकस है। डीसी वर्षा खांगवाल प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए जा रहे हर पहलू पर गंभीरता से मॉनिटरिंग कर रही हैं। डीसी ने कहा कि झज्जर जिला की सीमा से गुजरने वाली ड्रेन में केमिकलयुक्त और सीवरेज का दूषित पानी छोड़ने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारी नियमित निगरानी सुनिश्चित करें और नियमों का उल्लंघन करने वाले औद्योगिक संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि दूषित पानी की निकासी से यमुना नदी प्रदूषित होने की आशंका बनी रहती है, जिसे रोकने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। डीसी ने बुधवार को मंडल आयुक्त मोनिका मलिक के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सिंचाई विभाग के अधिकारियों की बैठक में आवश्यक दिशा निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि कई बार सेप्टिक टैंकर के माध्यम से भी गंदा पानी नालों और ड्रेन में छोड़े जाने की शिकायतें सामने आती हैं। ऐसे मामलों की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला से गुजरने वाली मुंगेशपुर ड्रेन, ड्रेन नंबर आठ और केसीबी ड्रेन में केमिकल युक्त दूषित पानी छोड़ने की किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ड्रेनों के माध्यम से यह दूषित पानी यमुना नदी तक पहुंचता है, जिससे जल प्रदूषण का खतरा बढ़ जाता है। पानी में अमोनिया की मात्रा बढ़ना भी चिंता का विषय है।
औद्योगिक इकाइयों की नियमित जांच के निर्देश
डीसी वर्षा खांगवाल ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन औद्योगिक इकाइयों में दूषित पानी के शोधन के लिए कॉमन ट्रीटमेंट प्लांट (सीटीपी) की व्यवस्था नहीं है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले पानी की नियमित जांच की जाए और यदि किसी फैक्टरी का दूषित पानी ड्रेन में पहुंचता पाया जाता है, तो संबंधित इकाई को नियमानुसार नोटिस जारी कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (सीटीपी) की भी जांच की जाए, ताकि दूषित पानी का उचित शोधन सुनिश्चित हो सके।
कसार लिंक ड्रेन के सभी पॉइंट की होगी जांच
डीसी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कसार लिंक ड्रेन के सभी पॉइंट की जांच करने और नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ड्रेनों में गंदे पानी की निकासी रोकने के लिए सभी संबंधित विभाग जिम्मेदारी से कार्य करें। प्रदूषण नियंत्रण के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों और संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी इकाई से बिना उचित शोधन के दूषित पानी बाहर न निकले।
यह रहे मौजूद
बैठक में एडीसी जगनिवास, सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता सतीश कुमार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. सुनील श्योराण, जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन अमन मोर, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता पुनीत साहनी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


दिल्ली में 1 नवंबर से बीएस-6 से नीचे के वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध
नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई: डीटीओ
इलेक्ट्रिक, सीएनजी, एलएनजी और आपातकालीन सेवाओं तथा सरकारी विशेष ड्यूटी वाले वाहनों को रहेगी छूट
बहादुरगढ़, 28 अक्तूबर, अभीतक: एनसीआर में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए 1 नवंबर 2026 से देश की राजधानी दिल्ली में वाहनों के प्रवेश को लेकर नए नियम लागू होंगे। इन नियमों के तहत दिल्ली के बाहर पंजीकृत ऐसे वाहन, जिनका उत्सर्जन मानक बीएस-6 से नीचे है, उन्हें दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह प्रतिबंध 30 जनवरी 2027 तक लागू रहेगा। इसमें मालवाहक वाहन और बसें भी शामिल हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ लागू नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) रवीश हुड्डा ने दी। डीटीओ ने बताया कि वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग, हरियाणा सरकार की ओर से वाहन चालकों और परिवहन संचालकों को नए नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। 1 नवंबर से दिल्ली में प्रवेश करने से पहले वाहन चालक अपने वाहन के उत्सर्जन मानक की जांच अवश्य कर लें। बीएस-6 से नीचे के मानक वाले दिल्ली के बाहर पंजीकृत वाहनों को दिल्ली में प्रवेश नहीं करना चाहिए।
इलेक्ट्रिक, सीएनजी और एलएनजी वाहनों को छूट
डीटीओ ने बताया कि निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार इलेक्ट्रिक (ईवी), सीएनजी और एलएनजी से चलने वाले वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। इसके अलावा आपातकालीन सेवाओं तथा सरकारी संप्रभु कर्तव्यों के निर्वहन में लगे वाहनों को भी छूट मिलेगी। उन्होंने कहा कि बस संचालक, मालवाहक वाहन मालिक और ट्रांसपोर्ट यूनियनें नए नियमों की जानकारी अपने सभी चालकों तक पहुंचाएं, ताकि नियम लागू होने के बाद किसी प्रकार की परेशानी न हो।
नियमों की पालना सुनिश्चित करें वाहन चालक
डीटीओ रवीश हुड्डा ने वाहन चालकों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभाएं और निर्धारित उत्सर्जन मानकों का पालन करें। उन्होंने कहा कि वाहनों से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण का एक प्रमुख कारण है। ऐसे में प्रदूषण कम करने के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप वाहनों का संचालन आवश्यक है। वाहन चालक दिल्ली में प्रवेश करने से पहले लागू नियमों की जानकारी लें और उनका पालन सुनिश्चित करें।





राजकीय महाविद्यालय बिरोहड़ में महिला प्रकोष्ठ के अंतर्गत मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया
झज्जर, 28 अक्तूबर, अभीतक: राजकीय महाविद्यालय बिरोहड़ में प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ०) दलबीर सिंह के दिशा निर्देशन एवं प्रशासनिक प्रभारी डॉ० सुरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में महिला प्रकोष्ठ के अंतर्गत मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम मे छात्राओं ने बढ-चढ़कर भाग लिया। प्रशासनिक प्रभारी डॉ० सुरेंद्र सिंह ने बताया कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ के द्वारा विद्यार्थियों मे सृजनात्मकता को बढावा मिलता है। इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान रितु, बी०ए० प्रथम वर्ष, द्वितीय स्थान पर नैना, बी०ए० प्रथम वर्ष व तृतीय स्थान पर डिम्पल, एम०ए० द्वितीय वर्ष ने प्राप्त किया। प्राचार्य ने निर्णायक मंडल व विजेता छात्राओं को प्रतियोगिता सफलता पूर्णक आयोजित करने के लिए बधाई दी। कार्यक्रम प्रभारी मिस नीतू देवी ने बताया कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ आयोजित करने से छात्राओं में कला के प्रति रूचि व अपनी प्रतिभा दर्शाने का अवसर प्राप्त होता है। निर्णायक मंडल की अहम भूमिका में डॉ० शिवानी, डॉ० नरेंद्र सिंह एवं मिस सुनीता ने निभाई। कार्यक्रम प्रभारी मिस नीतू देवी ने प्रतियोगिता आयोजित करने की अनुमति के लिए प्राचार्य महोदय तथा निर्णायक मंडल का धन्यवाद किया। अंत में महिला प्रकोष्ठ की टीम व सभी सभी स्टाफ सदस्यों व सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया।



कानून-व्यवस्था की तैयारियों को लेकर फतेहाबाद पुलिस मुस्तैद, पुलिस महानिरीक्षक हमीद अख्तर ने किया व्यापक निरीक्षण
पुलिस लाइन फतेहाबाद पहुंचने पर एसपी निकिता खट्टर ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया स्वागत, पुलिस महानिरीक्षक ने ली पुलिस टुकड़ी की सलामी
पुलिस लाइन में दंगा नियंत्रण, आंसू गैस, केन शील्ड व अन्य सुरक्षा उपकरणों के प्रयोग का व्यावहारिक अभ्यास, पुलिस महानिरीक्षक ने परखी जवानों की कार्यकुशलता
दंगा-रोधी वाहन वज्रा सहित अन्य पुलिस वाहनों एवं सुरक्षा संसाधनों का किया निरीक्षण, आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का लिया जायजा
निरीक्षण के उपरांत पुलिस अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था को लेकर की गोष्ठी, बेहतर समन्वय, सतर्कता और प्रभावी पुलिसिंग पर दिया जोर
फतेहाबाद पुलिस के जवानों में आमजन की सुरक्षा के प्रति समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की भावना सराहनीय: आईजी हमीद अख्तर
फतेहाबाद, 28 अक्तूबर, अभीतक: जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा किसी भी आपातकालीन एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस बल की तैयारियों का मंगलवार को पुलिस लाइन फतेहाबाद में व्यापक निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर रोहतक रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री हमीद अख्तर, आईपीएस विशेष रूप से पहुंचे। पुलिस लाइन पहुंचने पर पुलिस अधीक्षक श्रीमती निकिता खट्टर, आईपीएस ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। इसके उपरांत पुलिस महानिरीक्षक ने पुलिस टुकड़ी द्वारा प्रस्तुत सलामी ली तथा जवानों के अनुशासन और टर्नआउट का अवलोकन किया। इस दौरान जिले के अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहे। सलामी के उपरांत पुलिस महानिरीक्षक ने पुलिस की विभिन्न प्लाटूनों द्वारा किए गए व्यावहारिक अभ्यास का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने दंगा नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, आंसू गैस, केन शील्ड तथा अन्य दंगा-रोधी उपकरणों के प्रयोग का निरीक्षण करते हुए पुलिस जवानों की कार्यकुशलता, अनुशासन, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और आपसी समन्वय का जायजा लिया। पुलिस महानिरीक्षक ने फतेहाबाद पुलिस द्वारा की गई तैयारियों की सराहना करते हुए जवानों का उत्साहवर्धन किया। इसके उपरांत उन्होंने जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था को लेकर गोष्ठी भी की।
कानून-व्यवस्था की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने का किया व्यावहारिक अभ्यास
निरीक्षण के दौरान पुलिस की विभिन्न प्लाटूनों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा संभावित आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए अपनी तैयारियों का प्रदर्शन किया। जवानों द्वारा आंसू गैस के प्रयोग, केन शील्ड, दंगा-रोधी उपकरणों के संचालन तथा भीड़ नियंत्रण से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का अभ्यास किया गया। पुलिस महानिरीक्षक ने इन गतिविधियों का बारीकी से निरीक्षण करते हुए जवानों की सतर्कता, कार्यकुशलता और परिस्थितियों के अनुरूप त्वरित कार्रवाई करने की क्षमता को परखा। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल का हर परिस्थिति में प्रशिक्षित, अनुशासित और मानसिक रूप से तैयार रहना आवश्यक है। इस प्रकार के व्यावहारिक अभ्यास से जवानों का आत्मविश्वास बढ़ने के साथ-साथ उनकी कार्यक्षमता और आपसी समन्वय भी मजबूत होता है। उन्होंने पुलिस जवानों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में संयम, धैर्य और सूझबूझ के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।
दंगा-रोधी वाहन वज्रा सहित अन्य पुलिस वाहनों का किया निरीक्षण
व्यावहारिक अभ्यास के उपरांत पुलिस महानिरीक्षक श्री हमीद अख्तर ने दंगा-रोधी वाहन वज्रा सहित पुलिस के अन्य वाहनों एवं सुरक्षा संसाधनों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आपात परिस्थितियों में इन वाहनों की उपयोगिता, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता तथा पुलिस टीमों द्वारा किए जाने वाले कार्यों के व्यावहारिक प्रदर्शन का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना या कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौती के दौरान पुलिस की तत्परता और विभिन्न टीमों के बीच बेहतर तालमेल अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए उपलब्ध संसाधनों की कार्यक्षमता बनाए रखने के साथ-साथ जवानों का नियमित प्रशिक्षण भी आवश्यक है।
पुलिस अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था पर गोष्ठी, सतर्कता और बेहतर समन्वय पर दिया जोर
निरीक्षण एवं व्यावहारिक अभ्यास के उपरांत पुलिस महानिरीक्षक श्री हमीद अख्तर ने पुलिस अधीक्षक श्रीमती निकिता खट्टर तथा जिले के अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था को लेकर गोष्ठी की। इस दौरान जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने, पुलिस की तैयारियों, संवेदनशील परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई तथा विभिन्न पुलिस इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारियों का हर समय सतर्क रहना तथा क्षेत्र की परिस्थितियों पर निरंतर निगरानी रखना आवश्यक है। उन्होंने किसी भी अप्रिय स्थिति की संभावना को देखते हुए समय रहते आवश्यक कदम उठाने, पुलिस टीमों के बीच प्रभावी तालमेल बनाए रखने तथा उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में आमजन के साथ बेहतर संवाद स्थापित करना चाहिए, ताकि पुलिस और जनता के बीच विश्वास एवं सहयोग की भावना और अधिक मजबूत हो। उन्होंने कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
फतेहाबाद पुलिस की तैयारियों और जवानों के समर्पण की सराहना
पुलिस महानिरीक्षक श्री हमीद अख्तर ने निरीक्षण के दौरान फतेहाबाद पुलिस द्वारा प्रदर्शित अनुशासन, मुस्तैदी और बेहतर तैयारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि फतेहाबाद पुलिस के जवानों में आमजन की सुरक्षा के प्रति समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जो पुलिस बल की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। उन्होंने कहा कि पुलिस का प्रमुख दायित्व समाज में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए पुलिस जवानों को सदैव सतर्क, संवेदनशील और अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रशिक्षण, अनुशासन और आपसी समन्वय के माध्यम से ही पुलिस किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति का प्रभावी ढंग से सामना कर सकती है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती निकिता खट्टर, आईपीएस ने कहा कि जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना फतेहाबाद पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। पुलिस बल की कार्यकुशलता को निरंतर बेहतर बनाने तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए समय-समय पर इस प्रकार के व्यावहारिक अभ्यास महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि फतेहाबाद पुलिस आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता, सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रही है। पुलिस जवानों को आधुनिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग, बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस अवसर पर एएसपी मुख्यालय दिव्वाशीं सिगलां डीएसपी शहर फतेहाबाद श्री जगदीश चन्द्र, डीएसपी टोहाना श्री जयभगवान, डीएसपी सदर फतेहाबाद श्री जयसिंह, डीएसपी भूना श्री नर सिंह तथा डीएसपी रतिया श्री कुलवंत सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। पुलिस महानिरीक्षक ने जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अनुशासन, सतर्कता, बेहतर प्रशिक्षण और जनसेवा के प्रति समर्पण ही एक सक्षम एवं जिम्मेदार पुलिस बल की पहचान है। उन्होंने फतेहाबाद पुलिस की तैयारियों पर संतोष व्यक्त करते हुए इसी प्रकार पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।








निपुण हरियाणा मिशन के तहत जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित’
विद्यार्थियों की बुनियादी दक्षताओं में सुधार, विद्यालय निरीक्षण और उपचारात्मक शिक्षण पर दिया जोर
झज्जर, 28 अक्तूबर, अभीतक: अतिरिक्त उपायुक्त झज्जर जगनिवास के दिशा निर्देशन में निपुण हरियाणा मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विद्यार्थियों की बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान दक्षताओं में सुधार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, झज्जर में जिला स्तरीय परियोजना क्रियान्वयन इकाई की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी रतिन्द्र सिंह और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राजबाला मलिक ने की। जिला परियोजना समन्वयक अनिल कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी मातनहेल सुरेश पाल सुहाग, बहादुरगढ़ से शेर सिंह, साल्हावास से जयपाल दहिया, झज्जर से सुनीता मल्हान , बेरी से भारती वर्मा, राज्य परियोजना क्रियान्वयन इकाई के सदस्य मोक्षित जैन, संपर्क फाउंडेशन से अमित कुमार तथा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रतिनिधि भूपेंद्र रोज सहित जिले के सभी संकुल संसाधन समन्वयक, खंड संसाधन व्यक्ति एवं सहायक खंड संसाधन समन्वयक उपस्थित रहे। जिला निपुण समन्वयक डॉ. सुदर्शन पुनिया ने पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से बैठक का संपूर्ण एजेंडा विस्तारपूर्वक प्रस्तुत किया। उन्होंने निपुण हरियाणा मिशन के लक्ष्यों, बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान संबंधी गतिविधियों, विद्यालय निरीक्षण, विद्यार्थियों के सीखने के स्तर के आकलन तथा कमजोर दक्षताओं में सुधार के लिए उपचारात्मक शिक्षण की कार्ययोजना पर प्रकाश डाला। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं शैक्षणिक सहयोगकर्ताओं से निर्धारित गतिविधियों की नियमित समीक्षा और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का आह्वान किया। बैठक में विद्यालय निरीक्षण के दौरान प्राप्त निष्कर्षों, विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को बेहतर बनाने के उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई। जिला शिक्षा अधिकारी रतिन्द्र सिंह ने संकुल संसाधन समन्वयकों के कार्यों की सराहना करते हुए नियमित निरीक्षण और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सहयोग जारी रखने पर बल दिया।उन्होंने बोर्ड कक्षाओं के लिए शुरू किए मिशन सफलता पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राजबाला मलिक ने निपुण अध्यापक ऐप पर विद्यार्थियों की हाजिरी, विद्यालयों में स्वच्छता, सुरक्षित वातावरण तथा स्वच्छ पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाओं की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला परियोजना समन्वयक अनिल कुमार ने विद्यालय भ्रमण के दौरान शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और शिक्षण प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। बैठक में 60 चयनित विद्यालयों में विद्यालय सहयोग कार्यक्रम, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, अभिभावकों की सहभागिता तथा खेल-आधारित शिक्षण पद्धतियों के उपयोग पर चर्चा की गई। कमजोर दक्षताओं वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष उपचारात्मक कार्यक्रम चलाने और उनकी प्रगति की नियमित निगरानी करने पर भी बल दिया गया। इसके अतिरिक्त, जिला स्तरीय निपुण रामलीला प्रतियोगिता के लिए प्रत्येक खंड से उत्कृष्ट प्रविष्टियां भेजने के निर्देश दिए गए। बैठक का मुख्य उद्देश्य सभी संबंधित अधिकारियों, शिक्षकों एवं शैक्षणिक सहयोगकर्ताओं के समन्वित प्रयासों से विद्यार्थियों की बुनियादी दक्षताओं को सुदृढ़ करना तथा निपुण हरियाणा मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करना रहा।

पुलिस स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में थाना माछरौली परिसर में किया पौधारोपण’
झज्जर, 28 अक्तूबर, अभीतक: पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत थाना माछरौली के थाना प्रबंधक उपनिरीक्षक संदेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने थाना परिसर में पौधारोपण किया।इस अवसर पर पुलिस कर्मचारियों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। उपनिरीक्षक संदेश कुमार ने कहा कि पेड़-पौधे हमारे जीवन का आधार हैं और पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण करना चाहिए और उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।पुलिस स्मृति दिवस उन वीर पुलिसकर्मियों के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान का स्मरण कराता है, जिन्होंने देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। झज्जर पुलिस द्वारा इस प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से शहीदों को सम्मान देने के साथ-साथ समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है।झज्जर पुलिस की अपील है कि प्रत्येक व्यक्ति पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दे।



कैंटर छीनने के मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार, अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा’
पहले गिरफ्तार दो आरोपियों से छीना गया कैंटर और वारदात में प्रयुक्त स्कूटी की जा चुकी है बरामद’
झज्जर, 28 अक्तूबर, अभीतक: पुलिस उपायुक्त झज्जर धारणा यादव के दिशा-निर्देशन में झज्जर पुलिस द्वारा आपराधिक मामलों में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में थाना माछरौली की पुलिस टीम ने कैंटर छीनने के मामले में आगामी कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रमोद निवासी गांव गुगाना, जिला गुरुग्राम के रूप में हुई है। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।मामले की जानकारी देते हुए थाना प्रबंधक माछरौली उप निरीक्षक संदेश कुमार ने बताया कि गांव पथरेड़ी, जिला गुरुग्राम निवासी सत्यम सिंह ने शिकायत देकर बताया था कि उसकी ट्रांसपोर्ट कंपनी का कैंटर लुहारी स्थित कंपनी से मानेसर की ओर जा रहा था। कंपनी से करीब 200 मीटर दूर कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने रास्ता रोककर चालक के साथ मारपीट की और उसे नीचे फेंककर कैंटर छीन लिया। वारदात में शामिल एक अन्य व्यक्ति स्कूटी लेकर मौके से फरार हो गया था।शिकायत पर थाना माछरौली में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर गवाहों के बयान दर्ज किए और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस की प्रभावी जांच और तकनीकी संसाधनों के उपयोग से मामले में पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से छीना गया कैंटर तथा वारदात में प्रयुक्त स्कूटी बरामद की गई। जांच के दौरान आरोपी प्रमोद कि इस मामले में संलिप्त पाए जाने पर उसे गिरफ्तार किया गया।थाना प्रबंधक ने बताया कि झज्जर पुलिस आपराधिक वारदातों की गंभीरता से जांच कर आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी और साक्ष्य संकलन के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।
अलर्ट: कांग्रेस को म्टड से नहीं, अपनी राजनीति से सवाल पूछने की जरूरत है
कल देश में 28 डस्ब् सीटों के चुनाव में कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला..और जब चुनाव बैलेट पेपर से भी हों, तो म्टड को दोष देने वाला तर्क आखिर कितनी दूर तक चलेगा?
इधर समाजवादी पार्टी, अपनी सीमाओं के बावजूद, मैदान में उतरती है, लड़ती है और सीटें भी निकालती है। तो सवाल ये है कि जब दूसरे विपक्षी दल मुकाबला कर सकते हैं, तो कांग्रेस मैदान में टिक क्यों नहीं पा रही?
जनता आपको लगातार नकार रही है, तो सही रास्ता अपनी रणनीति पर आत्ममंथन करना है, न कि हर चुनाव के बाद पूरे सिस्टम पर सवाल उठाना
वोट चोरी का शोर मचाने से पहले जनता का भरोसा जीतने की कोशिश करनी पड़ती है
सोनीपत की सबसे बड़ी और पुरानी मार्केट में चला अतिक्रमण हटाओ अभियान
नगर निगम अधिकारियों द्वारा कच्चे क्वार्टर मार्केट में चलाया गयाअभियान
दीपावली का त्यौहार को देखते हुए चलाया गया अभियान
अधिकारियों का कहना कच्चे क्वार्टर मार्केट में दुकानदारों द्वारा किया जाता है अस्थाई रूप से अतिक्रमण
त्योहारों को देखते हुए अतिक्रमण को हटाने का किया गया है कार्य
निगम अधिकारियों का कहना आगे भी अभियान रहेगा जारी ताकि लोगों को ना हो परेशानी
नगर निगम क्षेत्र के अलग-अलग जगह पर चलाया अतिक्रमण हटाओ अभियान
सोनीपत: सोनीपत हाईवे स्थित एथनिक इंडिया रिसोर्ट में कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा ने विभागीय अधिकारियों के साथ की बैठक
बैठक में एमडी शुगर मिल, एमडी शुगरफेड और प्रिंसिपल सेक्रेटरी कोऑपरेटिव समेत संबंधित अधिकारी रहे मौजूद
गन्ना पिराई सत्र को लेकर अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश, किसानों को परेशानी न होने के निर्देश
मंत्री अरविंद शर्मा का आश्वासन, समय से पहले शुरू होंगी शुगर मिले
किसानों का पूरा गन्ना खरीदेगी सरकार, किसी भी किसान का गन्ना खरीद से नहीं रहेगा वंचित
गन्ना खरीद को लेकर किसानों से अपील, घबराने की जरूरत नहीं, सरकार करेगी पूरी खरीद
शुगर मिलों में होने वाले घाटे की भरपाई के तरीकों पर भी हुई चर्चा
सोनीपत शुगर मिल को नया लगाने की दिशा में प्रयास तेज
सोनीपत शुगर मिल के नए प्लांट को लेकर सरकार की मंजूरी लगभग तय, मंत्री ने दिए संकेत
शुगर मिलो में इथेनॉल प्लांट लगाने की योजना पर भी मंत्री ने की चर्चा
मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए बयान पर मंत्री अरविंद शर्मा ने दी प्रतिक्रिया, बताया फिजूल की बातें

भाजपा का एक एक कार्यकर्ता प्रजातंत्र का प्रहरी: धनखड़
लोकतंत्र में अराजकता का कोई स्थान नहीं बोले धनखड़
राहुल गांधी को देशवासियों की नहीं तीन करोड़ बांग्लादेशियों के वोट कटने की चिंता
राजनीति की मर्यादा और शालीनता भी भूल गए खड़गे और राहुल गांधी: बोले धनखड़
नूह, 28 अक्तूबर, अभीतक: भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय सचिव औम प्रकाश धनखड़ ने नूह में पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बार बार की चुनावी हार से राहुल गांधी और कांग्रेस पूरी तरह से बौखला गए हैं। राजनीति की सभी मर्यादा और शालीनता भी भूल गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बार बार की हार से भयंकर निराशा में आ चुकी है। अब कांग्रेस व राहुल भीड़ तंत्र से देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं। कांग्रेस ने देश में लोकतंत्र की हत्या करके आपातकाल लगाया, फिर भी विपक्ष ने ऐसा बयान महिनों जेल काटने के बाद भी किसी ने नहीं दिया था। राहुल गांधी और कांग्रेसी को जनता के सरोकारों और देश हित से कोई वास्ता नहीं रह गया है। राहुल गांधी व खड़गे का बड़बोलापन बौखलाहट है। लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान को लेकर ओमप्रकाश धनखड़ नूह में प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि भाजपा का एक एक कार्यकर्ता प्रजातंत्र का प्रहरी बनकर कार्य कर रहा है। अराजकता को देश में कोई सहन नहीं करेगा।
कांग्रेस को दर्द तीन करोड़ बांग्लादेशी वोट कटने का
धनखड़ ने आंकड़े रखते हुए कहा कि कांग्रेस अराजकता पैदा कर देश में पड़ोसी मुल्कों जैसे हालात पैदा करना चाहती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी खुद कहते हैं हम तो देश से लड़ रहे है। उन्होंने कहा कि 13 करोड़ वोट कटने का कांग्रेस व राहुल गलत प्रचार कर रहे हैं। ये वो वोट थे जिनमें 6.3 करोड़ दो जगह बने थे, 2.8 करोड़ की मौत हो चुकी और 3 करोड़ बांग्लादेशी थे। धनखड़ ने कहा कि कांग्रेस को सबसे ज्यादा दर्द बांग्लादेशियों के वोट कटने का है।
कांग्रेस की दिल्ली रैली का एजेंडा व समय दोनों गलत
भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ ने कांग्रेस व राहुल गांधी पर भीड़तंत्र से देश में अराजकता फैयवाने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हार की बौखलाहट में कांग्रेस देश में पड़ोसी मुल्कों जैसे हालात पैदा करना चाहते हैं। कांग्रेस की दिल्ली रैली का एजेंडा और समय दोनों गलत है। इसलिए कोई नहीं आएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता के लिए देश पहले है, इसलिए भाजपा एक एक कार्यकर्ता लोकतंत्र बचाने और अराजकता को हटाने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ में पीएम मोदी जी के साथ पूरा देश है। ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि भीड़तंत्र से अराजकता पैदा करना लोकतंत्र की मर्यादा के खिलाफ है। वहीं चुनाव आयोग की बजाय एसआईआर के मुद्दे पर भाजपा के सामने आने के सवाल पर धनखड़ ने कहा कि विरोध व प्रदर्शन का सभी को हक है, पर इसके लिए हर विषय की अलग व्यवस्था है। ऐसे में संवैधानिक संस्थाओं को लेकर सड़कों पर भीड़तंत्र व्यवस्था का हिस्सा नहीं है। राहुल गांधी द्वारा पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, चुनाव आयुक्त ज्ञानेश व आरएसएस प्रमुख भागवत को ना बख्शने तथा खड़गे द्वारा पीएम मोदी के परिवार पर धनखड़ ने पलटवार करते हुए कहा कि ये बड़बोलापन राहुल व खड़गे की बौखलाहट है। ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि बार बार की हार से राहुल गांधी कभी जनसमर्थन ना आने पर भयंकर निराशा में हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर देश में पहली बार नहीं, 12 बार हुआ है। जो 10 बार कांग्रेस ने किया। साथ ही कहा कि नया एसआईआर तो अब हुआ, पर कई राज्यों में कांग्रेस तीन से चार दशकों से नहीं जिती। वहीं दिल्ली में एक नवंबर की कांग्रेस की रैली को लेकर धनखड़ ने कहा कि इनका एजेंडा व समय दोनों गलत हैं। दिवाली पर दिल्ली में रैली करके भीड़ से ये व्यापार ठप करना चाहते हैं। इससे व्यापारियों में बहुत रोष है।


बहादुरगढ़ में अवैध रूप से केमिकल और प्लास्टिक जलाने पर बड़ी कार्रवाई, 3 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
बहादुरगढ़, 28 अक्तूबर, अभीतक: प्रदूषण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पुलिस की संयुक्त टीम ने बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव सिद्दीपुर में चल रहे एक बड़े अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया है। खेत में अवैध तरीके से मेटल ड्रमों से केमिकल निकालकर और प्लास्टिक कचरा जलाकर भारी प्रदूषण फैलाने के आरोप में पुलिस ने तीन आरोपियों को रंगे हाथ दबोचा है और उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
रात के अंधेरे में रचा जा रहा था खेल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई 28 अक्टूबर को तड़के करीब 02 बजे अमल में लाई गई। भ्ैच्ब्ठ बहादुरगढ़ के एईई अमित कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि सिद्दीपुर-सुलधा सड़क पर स्थित एक खेत में अवैध रूप से भारी मात्रा में केमिकल ड्रम और प्लास्टिक कचरा जलाया जा रहा है। सूचना मिलते ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी और पुलिस टीम (थाना सदर बहादुरगढ़) तुरंत मौके पर पहुंची।
आग की लपटें और केमिकल के ड्रम देख उड़े होश
जब टीम मौके पर पहुंची, तो दूर से ही आग की भीषण लपटें और जहरीला काला धुआं उठता दिखाई दिया। प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए तुरंत फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मौके पर केमिकल लगे लोहे के ड्रमों को काटकर चादरें बनाई जा रही थीं और बचे हुए कचरे व प्लास्टिक को आग के हवाले किया जा रहा था।
भागने की कोशिश कर रहे तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस टीम को देखकर वहां मौजूद तीन व्यक्तियों ने एक गाड़ी (ज्।ज्। 407, नंबर क्स् 1स्। 1443) में बैठकर भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद पुलिस कर्मियों ने घेराबंदी कर तीनों को मौके पर ही दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है।
अनिल रविदास (पुत्र जोगेंद्र रविदास, निवासी हिंदू विहार, प्रेम नगर-3, सुलेमान नगर, सुल्तानपुरी, दिल्ली)
राधेश्याम (पुत्र रामेश्वर, निवासी सुलेमानपुर, हाथरस, उत्तर प्रदेश)
योगेश (पुत्र शिकनंदन, निवासी इनायतपुर, जिला कासगंज, उत्तर प्रदेश)
गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज
भ्ैच्ब्ठ अधिकारी अमित कुमार की लिखित शिकायत और जिला मजिस्ट्रेट झज्जर के आदेशों के बाद, थाना सदर बहादुरगढ़ में एफआईआर नंबर 209 दर्ज की गई है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (ठछै) की धारा 223(ं), 280 और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 (म्दअपतवदउमदज च्तवजमबजपवद ।बज) की धारा 15 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले की आगामी जांच एएसआई नरेंद्र को सौंपी गई है।



सुरक्षित बचपन अभियान के दूसरे दिन झज्जर जिले के 32 सरकारी एवं निजी स्कूलों में जागरूकता शिविर आयोजित, करीब 22 हजार विद्यार्थी हुए जागरूक
’31 अक्टूबर तक चलेगा अभियानय पॉक्सो एक्ट, साइबर अपराध और बच्चों के कानूनी अधिकारों की दी जा रही जानकारी’
झज्जर, 28 अक्तूबर, अभीतक: जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झज्जर के चेयरपर्सन राजकुमार यादव के दिशा-निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल के मार्गदर्शन में “सुरक्षित बचपन अभियान” के अंतर्गत झज्जर जिले के सरकारी एवं निजी विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान के दूसरे दिन जिले के 32 सरकारी एवं निजी विद्यालयों में जागरूकता शिविर लगाए गए, जिनके माध्यम से लगभग 22 हजार विद्यार्थियों को जागरूक किया गया।
अभियान के तहत जिला बाल संरक्षण इकाई, झज्जर, बाल कल्याण समिति, झज्जर, साइबर क्राइम पुलिस थाना, झज्जर से जुड़े सदस्यों एवं संबंधित विभागों के रिसोर्स पर्सन्स द्वारा विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा एवं उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही न्यायिक अधिकारी भी विभिन्न विद्यालयों का दौरा कर बच्चों को जागरूक कर रहे हैं। इसी अभियान के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से पैरा लीगल वॉलंटियर कर्मजीत छिल्लर व सरोज ने हिमालय हाई स्कूल झज्जर के विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने बच्चों को पोक्सो अधिनियम, 2012, गुड टच एवं बैड टच, बाल विवाह की रोकथाम, बाल अधिकारों तथा चाइल्ड हेल्पलाइन के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में चुप न रहें, बल्कि अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दें और आवश्यकता पड़ने पर सहायता प्राप्त करें। विद्यालय में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए क्विज प्रतियोगिता एवं किट्स प्रतियोगिता, व पेंटिंग का भी आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को बाल सुरक्षा, उनके अधिकारों तथा सुरक्षित वातावरण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम के समापन पर कर्मजीत छिल्लर ने विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे समय पर सहायता प्राप्त कर सकें।
छ।स्ै। राष्ट्रीय विधिक सेवा हेल्पलाइन: 15100
चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
पुलिस एवं आपातकालीन सहायता: 112
साइबर क्राइम हेल्पलाइनः 1930
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झज्जर हेल्पलाइन: 01251-252013
इस अवसर पर संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहे। सुरक्षित बचपन अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण, बाल अधिकारों, बाल विवाह की रोकथाम तथा उपलब्ध सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करना है, ताकि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, संरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण मिल सके।




राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की जिला स्तरीय आयोजन की मेजबानी करना मेरे लिए गौरव का विषय: डॉ नम्रता सचदेवा’
रेवाड़ी में पहली बार राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का जिला स्तरीय आयोजन, मसानी स्कूल बना मेजबान
60 सरकारी एवं निजी स्कूलों की टीमों ने लिया भाग, विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए वैज्ञानिक नवाचार
मसानी, 28 अक्तूबर, अभीतक: शहीद दीन दयाल सीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मसानी में 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का जिला स्तरीय अधिवेशन उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। रेवाड़ी जिले में पहली बार आयोजित इस अधिवेशन की मेजबानी का दायित्व मसानी विद्यालय को मिला। विद्यालय की प्राचार्य डॉ. नम्रता सचदेवा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 60 सरकारी एवं निजी विद्यालयों की टीमों ने जूनियर एवं सीनियर वर्ग में भाग लिया। विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक परियोजनाओं, रचनात्मक विचारों और नवाचारपूर्ण दृष्टिकोण से प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में जिला परियोजना समन्वयक (क्च्ब्) श्रीमती संतोष तंवर मुख्य अतिथि तथा जिला विज्ञान विशेषज्ञ (क्ैै) श्रीमती रेनू विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की नोडल अधिकारी श्रीमती अनीता रहीं, जबकि श्री मनोज ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि श्रीमती संतोष तंवर ने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने, जिज्ञासु बनने तथा दैनिक जीवन की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान विद्यार्थियों को तथ्यों के आधार पर सोचने, प्रयोग करने और नए विचारों को साकार करने का अवसर देता है। जिला विज्ञान विशेषज्ञ श्रीमती रेनू ने कहा कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस विद्यार्थियों को अपने परिवेश का वैज्ञानिक अध्ययन करने, स्थानीय समस्याओं को पहचानने और उनके समाधान प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है। ऐसे आयोजन बच्चों में अनुसंधान, तार्किक चिंतन और नवाचार की भावना को मजबूत करते हैं। विद्यालय की प्राचार्य डॉ. नम्रता सचदेवा ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में प्रश्न पूछने, तर्क करने, प्रयोग करने और समस्याओं के समाधान खोजने की क्षमता विकसित करना भी है। विज्ञान आधारित गतिविधियाँ बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करती हैं।
बेहतर व्यवस्थाओं, अनुशासन और समन्वय की रही सराहना
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी विद्यार्थियों, उनके मार्गदर्शक शिक्षकों, अतिथियों और निर्णायकों के लिए सुव्यवस्थित व्यवस्थाएँ की गई थीं। पंजीकरण, प्रतियोगिता कक्षों में प्रतिभागियों के आवंटन, मार्गदर्शन, बैठने की व्यवस्था और कार्यक्रम के संचालन में बेहतर समन्वय देखने को मिला। विद्यालय परिसर में अनुशासन और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया। कार्यक्रम में शामिल अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने विद्यालय के सुव्यवस्थित प्रबंधन, अनुशासन और प्रशासनिक समन्वय को सराहनीय पाया। प्रतियोगिता में जूनियर एवं सीनियर दोनों वर्गों के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। चयनित विजेता टीमें आगामी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जिले का प्रतिनिधित्व करेंगी। इस मंच के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, नए विचार साझा करने और अन्य विद्यालयों के विद्यार्थियों से सीखने का अवसर मिला। रेवाड़ी जिले में पहली बार आयोजित इस अधिवेशन ने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम का सफल संचालन विभिन्न विद्यालयों से आए प्रतिभागियों, मार्गदर्शक शिक्षकों, निर्णायकों और आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों के आपसी सहयोग एवं समन्वय से संभव हुआ।


राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रेवाड़ी में सुरक्षित बचपन अभियान, च्व्ब्ैव् पर जागरूकता
रेवाडी, 28 अक्तूबर, अभीतक: छ।स्ै। के पैन-इंडिया सुरक्षित बचपन अभियान के तहत क्स्ै। रेवाड़ी के आदेश अनुसार में आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रेवाड़ी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। मंच संचालन श्रीमती रीना यादव ने किया।मुख्य अतिथि श्री आशीष मंडल, ब्श्र(श्रक्)ध्श्रडप्ब् रेवाड़ी ने अपने मुख्य वक्तव्य में कहा च्व्ब्ैव् कानून बच्चों की सुरक्षा की ढाल है। यह कानून कहता है कि 18 साल से कम उम्र के हर बच्चे का बचपन सुरक्षित रहना चाहिए । ळववक ज्वनबी और ठंक ज्वनबी को पहचानना सीखो। कोई भी व्यक्ति, चाहे वह जानकार ही क्यों न हो, अगर असहज स्पर्श करे या मोबाइल पर अश्लील सामग्री भेजे तो चुप मत रहो। तुरंत अपने शिक्षक, माता-पिता, 1098, 112 या छ।स्ै। हेल्पलाइन 15100 पर बताओ। न्यायालय और विधिक सेवा प्राधिकरण हर बच्चे के साथ खड़ा है।ष्प्राचार्य श्री विनोद यादव ने कहा ,ष्हमारे विद्यालय के लिए यह गौरव का विषय है कि क्स्ै। ने हमें इस राष्ट्रीय अभियान के लिए चुना। आज की जानकारी हमारे बच्चों के जीवन की सुरक्षा कवच बनेगी। मैं क्स्ै।, माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय और मुख्य अतिथि महोदय का आभार व्यक्त करता हूँ। हमारा स्टाफ यह सुनिश्चित करेगा कि प्रत्येक छात्र तक यह संदेश पहुंचे।ष्शिक्षाविद साहित्यकार मनोज वशिष्ठ ने अपने वक्तव्य में कहा,ष्सुरक्षित बचपन ही सुरक्षित भारत की नींव है। छ।स्ै। की 2024 की चाइल्ड फ्रेंडली लीगल सर्विसेज स्कीम और च्व्ब्ैव् म-इवÛ जैसे प्लेटफॉर्म बच्चों को बिना डरे न्याय तक पहुंचाते हैं। हमारा प्रयास है कि कानून किताब से निकलकर बच्चों की भाषा में उन तक पहुंचे। यह अभियान 26 से 31 अक्टूबर तक जिले के 14 स्कूलों में इसी उद्देश्य से चल रहा है।ष्कार्यक्रम में समस्त स्टाफ व सैकड़ों छात्र उपस्थित रहे। अंत में प्रश्नोत्तर सत्र में बच्चों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।



सड़क मार्गो पर लाइट का हो उचित प्रबंध, मार्किंग भी करें सुनिश्चित : एडीसी
एडीसी राहुल मोदी ने जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश
रेवाडी, 28 अक्तूबर, अभीतक: सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है, ऐसे में जिला के सड़क मार्गों पर लाइट का उचित प्रबंध किया जाए। इसके साथ नए बनाए और मरम्मत किए गए सभी सड़कों की पूरी तरह से मार्किंग की जाए तथा उन पर साइन बोर्ड, सफेद पट्टड्ढी, रिफ्लेक्टर आदि लगने सुनिश्चित किए जाएं, ताकि धुंध के समय वाहन चालकों को परेशानी न हो पाए। एडीसी राहुल मोदी ने बुधवार को लघु सचिवालय सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की जिला स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए। एडीसी राहुल मोदी ने कहा कि जिला से निकल रहे राष्ट्रीय व राज्य मार्गों सहित संपर्क सडक तंत्र की मजबूती के साथ सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। ऐसे में संबंधित विभाग अपने अधिकार क्षेत्र की सड़कों के सुधारीकरण पर पूरी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करते हुए सही रखरखाव रखे। जिला की सडकों पर सभी ब्लैक स्पॉट पर दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सुरक्षात्मक उपाय किए जाए। लोक निर्माण विभाग, एचएसवीपी, राजमार्ग प्राधिकरण, नेशनल हाईवे व एचएसआईडीसी आदि विभागों के अधीन सडकों पर जो भी ब्लैक स्पॉट हैं, उनको तत्परता से दूर किया जाए। वहीं जिला के सभी रोड से अवैध कटों को पूर्णत बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों, स्टेट मार्गों सहित अन्य सडकों व चैराहों पर राहगीरों व वाहन चालकों की सुरक्षा के मद्देनजर आवश्यक कार्यवाही अमल में लाते हुए क्षतिग्रस्त सडकों की तुरंत प्रभाव से मुरम्मत करवाना सुनिश्चित करें, ताकि वाहन चालकों को कोई परेशानी न हो। एडीसी ने कहा कि संबंधित विभाग अपने अधिकार क्षेत्र की सडकों पर गढ़ढों को दुरुस्त करने के साथ ही टी-प्वाइंट आदि आवश्यक स्थानों पर साइन बोर्ड और ब्रेकर बनवाएं। इसके अलावा ओवरलोड वाहनों के चालान करने के निर्देश दिए। साथ ही सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत स्कूल बसों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के भी आदेश दिए गए। वहीं एडीसी ने जिला नगर योजनाकार, माइनिंग, नारकोटिक्स और चिह्नित अपराध को लेकर भी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा रिपोर्ट ली और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने जिला नगर योजनाकार के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला में अवैध निर्माण न होने दिए जाए। ऐसा करने वालों पर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को पूर्णतः ध्वस्त किए जाएं। वहीं कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाए। उन्होंने खनन अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए कहा कि जिला में किसी भी रूप से अवैध खनन न हो इसके लिए संबंधित विभाग नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करे। इसके साथ ही नार्को समन्वय कमेटी अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए कहा कि जिला में नशा करने वालों की पहचान करें और उनकी काउंसलिंग करवाएं। उन्होंने कहा कि जिला के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन के साथ-साथ विद्यालय व महाविद्यालय के विद्यार्थियों को नशा न करने बारे जागरूक किया जाए। इस अवसर पर एएसपी दीपिका अग्रवाल, एसडीएम दलबीर सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
जिला परिवेदना समिति की बैठक आज बाल भवन में
हरियाणा के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी व लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा करेंगे अध्यक्षता
रेवाडी, 28 अक्तूबर, अभीतक: जिला के नागरिकों की शिकायतों का निवारण करने के लिए जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की मासिक बैठक वीरवार, 29 अक्तूबर दोपहर 3 बजे बाल भवन रेवाड़ी में होगी। जिसकी अध्यक्षता हरियाणा के हरियाणा के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी व लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा करेंगे। डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित परिवादों की सुनवाई की जाएगी। जिसमें 9 नए व 4 लंबित परिवाद शामिल हैं। हरियाणा के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी व लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा इन सभी परिवादों तथा मौके पर आम नागरिकों की शिकायतें सुनेंगे। इस अवसर पर जिला के विधायक, विभाग अध्यक्ष, पंचायत व निकाय समितियों के चेयरमैन तथा जिला कष्ट निवारण समिति के सदस्य उपस्थित रहेंगे।


नालसा के जागरूकता अभियान सुरक्षित बचपन अभियान का शुभारंभ
रेवाडी, 28 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के निर्देशानुसार व संगीता राय सचदेव जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी के आदेश अनुसार एवं डॉ. रेनू सोलखे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी की देखरेख में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत जिला के विभिन्न विद्यालयों में पोक्सो एक्ट 2012 के बारे में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, खोरी में डॉ. रेनू सोलखे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी, गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल बीकानेर में आकाश सरोह, सिविल जज – कम- जूनियर मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रेवाड़ी तथा गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रेवाड़ी में मिताली अग्रवाल, सिविल जज – कम- जूनियर मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रेवाड़ी ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की तथा स्कूल में उपस्थित बच्चों को पोक्सो एक्ट 2012 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम का उद्देश्य बच्चों को यौन उत्पीड़न, यौन शोषण, यौन दुर्व्यवहार और बाल पोर्नोग्राफी से बचाकर उनकी सुरक्षा करना और उनकी गरिमा को बनाए रखना है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी द्वारा एक हेल्पलाइन नंबर 01274-220062 चलाया हुआ है जिस पर आम जन किसी भी प्रकार के कानूनी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा आमजन के लिए चलाए गए टोल फ्री नंबर 15100 पर कॉल करके फ्री कानूनी सहायता ली जा सकती है। इस अवसर पर स्कूल प्रधानाचार्य, अध्यापकगण एवं स्कूल के विद्यार्थी उपस्थित रहे।


विकसित भारत युवा संवाद में युवाओं ने ली लोकतांत्रिक शपथ
रेवाडी, 28 अक्तूबर, अभीतक: मेरा युवा भारत, रेवाड़ी, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर, बावल में विकसित भारत युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं जनप्रतिनिधियों को एक साझा मंच पर लाकर लोकतांत्रिक जागरूकता को बढ़ावा देना, सूचित भागीदारी को प्रोत्साहित करना तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को उजागर करना रहा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं युवा नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। देशभर के 500 विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं संस्थानों में 26 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक आयोजित की जा रही विकसित भारत युवा संवाद पहल के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में यूथ आइकन हरीश कुमार शर्मा तथा स्पोर्ट्स आइकन रोहित की विशेष उपस्थिति रही। उनकी उपस्थिति ने युवाओं को नेतृत्व, खेल उत्कृष्टता एवं युवा आकांक्षाओं से संबंधित प्रेरणादायक विचारों से जुड़ने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम में डॉ. सत्यजीत यादव, प्रिंसिपल, कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर, बावल तथा डॉ. भारतेंदु जैन, असिस्टेंट प्रोफेसर एवं कोऑर्डिनेटर सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर डॉ. प्रवीण कुमार नीमरायण, डॉ. चरण कुम्बोज, डॉ. योगेश गुज्जर, डॉ. राम सुधार एवं डॉ. प्रवीण शर्मा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सुमित यादव, जिला युवा अधिकारी, मेरा युवा भारत, रेवाड़ी, सतीश मस्तान, जिला संयोजक, नमो सेवा अनकही कहानियांय सुरेंद्र सिंह बोकेन, एपीएस, माय भारत रेवाड़ी, विनय राव, प्रशासनिक सहायक, माय भारत रेवाड़ी, तथा यतिन चरण, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर, माय भारत रेवाड़ी की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने लोकतंत्र, नागरिक जिम्मेदारी, सुशासन तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। संवाद सत्र में युवाओं को प्रश्न पूछने, अपने विचार व्यक्त करने तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिक कर्तव्यों से जुड़े विषयों पर चर्चा करने का अवसर मिला। कार्यक्रम का समापन लोकतांत्रिक शपथ के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने लोकतांत्रिक मूल्यों, जिम्मेदार नागरिकता तथा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। युवा संवाद का उद्देश्य युवाओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं के करीब लाकर ऐसी जागरूक एवं जिम्मेदार पीढ़ी तैयार करना है, जो देश की प्रगति के प्रति सजग रहने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान भी दे। यह पहल युवाओं की ऊर्जा, विचारों, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी की भावना को विकसित भारत /2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

डा. भीमराव अंबेडकर मेधावी छात्र योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित
30 नवंबर 2026 तक सरल पोर्टल पर कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन
रेवाडी, 28 अक्तूबर, अभीतक: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग विभाग की ओर से वर्ष 2026-27 की अवधि के लिए डा. भीमराव अम्बेडकर मेधावी छात्र योजना के तहत अनुसूचित जाति, विमुक्त जाति, घुमंतू, अर्ध घुमंतू, टपरीवास, पिछड़ा वर्ग जातियों एवं सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। छात्र 30 नवंबर 2026 तक सरल पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के छात्र व छात्राओं को उच्च शिक्षा हेतु प्रोत्साहित करने के लिए छात्रवृति प्रदान की जाति है। इस योजना के अंतर्गत छात्र की पारिवारिक वार्षिक आय चार लाख से कम होनी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए कक्षा 10वीं में 60 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्र तथा 70 प्रतिशत शहरी क्षेत्र प्राप्त करने पर आठ हजार रुपए की राशि प्रदान की जाती है। वहीं कक्षा बारहवीं में अनुसूचित जाति के छात्र व छात्राओं को 70 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्र तथा 75 प्रतिशत शहरी क्षेत्र प्राप्त करने पर स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिला लेने पर आठ हजार से 10 हजार रुपए की राशि प्रदान की जाती है। अनुसूचित जाति के छात्र व छात्राओं के लिए स्नातक में 60 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्र तथा 65 प्रतिशत शहरी क्षेत्र प्राप्त करने पर स्नातकोत्तर में दाखिला लेने पर 9 हजार रुपए व 12 हजार रुपए की राशि प्रदान की जाती है। पिछड़े वर्ग ए के विद्यार्थियों को 10वीं कक्षा में 60 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्र तथा 70 प्रतिशत शहरी क्षेत्र प्राप्त करने पर आठ हजार रुपए की राशि प्रदान की जाती है, वहीं पिछड़े वर्ग बी तथा अन्य वर्ग के विद्यार्थियों को कक्षा 10वीं में 75 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्र में तथा 80 प्रतिशत शहरी क्षेत्र प्राप्त करने पर आठ हजार रुपए की राशि प्रदान की जाती है। जिला कल्याण अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि डा. भीमराव अम्बेडकर मेधावी छात्र योजना के लिए विद्यार्थी हरियाणा का मूल निवासी होना आवश्यक है। इच्छुक विद्यार्थी ीजजचेरूध्ध्ेंतंसींतलंदं.हवअ.पदध् पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। उन्होंने बताया कि आवेदन आईडी में आवेदक के दस्तावेजों की त्रुटि होने पर आवेदक को 15-15 दिन के तीन अवसर प्रदान किए जाएंगे। इस अवधि के दौरान आवेदक के द्वारा दस्तावेज ठीक न करने पर आवेदन को रद्द कर दिया जाएग। योजना की पात्रता मानदंड, छात्रवृत्ति की दर तथा योजना से संबंधित अन्य जानकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की वेबसाइट ीजजचेरूध्ध्ेमूंण्ींतलंदंण्हवअण्पदध् पर देख सकते है।
कैबिनेट ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत को मंजूरी दी
नई दिल्ली, 28 अक्तूबर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (डीआर) की एक अतिरिक्त किस्त जारी करने को मंजूरी दे दी है। यह 1 जुलाई, 2026 से प्रभावी होगी। इसमें मूल वेतनध्पेंशन के मौजूदा 60 प्रतिशत की दर के अतिरिक्त 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, ताकि बढ़ती महंगाई की भरपाई की जा सके। महंगाई भत्ते और महंगाई राहत, दोनों में इस बढ़ोतरी से सरकारी खजाने पर सालाना 10,016.10 करोड़ रुपये का कुल भार पड़ेगा। इससे केंद्र सरकार के लगभग 48.54 लाख कर्मचारियों और 68.71 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा। यह बढ़ोतरी 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर स्वीकृत फॉर्मूले के अनुसार की गई है।
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 के लिए केन्द्र प्रायोजित योजना के रूप में प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना को मंजूरी दी
नई दिल्ली, 28 अक्तूबर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने केन्द्र प्रायोजित एक योजना (सीएसएस), प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना (पीएम वीजीएसवाई) को मंजूरी दे दी है। यह विकसित भारत की राष्ट्रीय कल्पना के अनुरूप अगली पीढ़ी की शासन व्यवस्था में बदलाव की पहल है। इस योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू करने की मंजूरी दी गई है (इसकी अवधि सोलहवें वित्त आयोग की अवधि के साथ समाप्त होगी)।
वित्तीय प्रभाव
इस योजना का कुल परिव्यय 7,395.55 करोड़ रुपये है, जिसमें केन्द्र का हिस्सा 4,869.48 करोड़ रुपये और राज्य का हिस्सा 2,526.07 करोड़ रुपये है।
लाभार्थियों की संख्या
इस योजना से 2.55 लाख से अधिक पंचायतों और पारंपरिक स्थानीय निकायों के लगभग 32 लाख निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ-साथ पंचायत पदाधिकारियों और अन्य हितधारकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। जागरूकता पैदा करने से संबंधित प्रत्येक कार्यक्रम के माध्यम से कम से कम 1 करोड़ नागरिकों तक पहुंच बनाई जाएगी।
रोजगार सृजन की संभावनाओं सहित प्रमुख प्रभाव
सहभागी और साक्ष्य-आधारित नियोजन के माध्यम से ईग्रामस्वराज पोर्टल पर प्रतिवर्ष 2.55 लाख समग्र ग्राम पंचायत विकास योजनाओं की तैयारी में सहायता प्रदान करना। इन योजनाओं में गांवों की प्राथमिकताओं, संबंधित केन्द्रीय एवं राज्य विभागों के लक्षित कार्यों तथा उपलब्ध संसाधनों को एक साथ शामिल किया जाएगा। मौजूदा डिजिटल एवं जनसंपर्क मंचों, ग्राम सभाओं तथा पंचायतों के अन्य मंचों का उपयोग करते हुए प्रत्येक समन्वित जागरूकता अभियान के माध्यम से कम से कम 1 करोड़ नागरिकों तक पहुंच बनाना ताकि महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं और राष्ट्रीय पहलों के बारे में समझ को बेहतर बनाकर उनके स्थानीय प्रभावों पर जागरूकतापूर्ण चर्चा को प्रोत्साहित किया जा सके। समग्र नियोजन, नागरिकों के साथ संवाद, संसाधन प्रबंधन और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की दिशा में प्रगति को बेहतर बनाने के लिए क्षमता निर्माण और डिजिटल मार्गदर्शन के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 32 लाख निर्वाचित प्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों तथा अन्य हितधारकों की शासन संबंधी क्षमताओं को सुदृढ़ करना। ऑडिटऑनलाइन के माध्यम से प्रतिवर्ष कम से कम 2.55 लाख ऑनलाइन ऑडिट योजनाओं की तैयारी और संबंधित ऑडिट को समय पर पूरा करने में सहायता प्रदान करना। लेखांकन व्यवस्था में सुधार, सार्वजनिक प्रकटीकरण और स्वयं के स्रोतों से राजस्व जुटाने के साथ-साथ इससे उपलब्ध निधियों के प्रति जवाबदेही मजबूत होगी और पंचायतों को वित्तीय रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी। इस योजना के तहत कोई भी स्थायी पद सृजित नहीं किया जाएगा। हालांकि, योजना के उद्देश्यों की प्राप्ति और तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए संस्थागत तंत्र के हिस्से के रूप में राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर आवश्यकता के आधार पर संविदात्मक मानव संसाधनों की नियुक्ति की जा सकती है।
शामिल किए जाने वाले राज्य, जिले
यह योजना सभी राज्योंध्केन्द्र शासित प्रदेशों में लागू होगी। इसमें उन गैर-अनुच्छेद प्ग् क्षेत्रों के ग्रामीण स्थानीय शासन संस्थानों (पारंपरिक स्थानीय निकायों) को भी शामिल किया जाएगा, जहां पंचायतें अस्तित्व में नहीं हैं।
विवरण
जमीनी स्तर पर राष्ट्रीय परिवर्तनकारी सुधारों का लाभ उठाने का अवसर: पिछले बारह वर्षों के दौरान किए गए राष्ट्रीय सुधारों और सरकारी पहलों ने ग्राम अर्थव्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने, सार्वजनिक सेवाओं में सुधार लाने और ग्रामीण विकास को आगे बढ़ाने के अवसर पैदा किए हैं। इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए जमीनी स्तर पर जागरूक भागीदारी और उनके प्रभावों को ध्यान में रखते हुए स्थानीय नियोजन की आवश्यकता है। सोलहवें वित्त आयोग द्वारा वर्ष 2026-27 से 2030-31 के दौरान ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए लगभग 4.35 लाख करोड़ रुपये के अनुदान की सिफारिश किए जाने के मद्देनजर, पंचायतों को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं, सरकारी योजनाओं, उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय आकांक्षाओं को एक साथ जोड़ने की क्षमता विकसित करने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना (पीएम वीजीएसवाई) समग्र नियोजन, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, क्षमता निर्माण और ग्राम सभाओं के माध्यम से जागरूकतापूर्ण विचार-विमर्श को बढ़ावा देकर इस दृष्टिकोण को समर्थन प्रदान करेगी। इससे राष्ट्रीय स्तर की पहलों और बढ़े हुए वित्तीय संसाधनों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास के परिणामों में बदलने में मदद मिलेगी और विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जा सकेगा। स्थानीय शासन के केन्द्र के रूप में ग्राम पंचायतें रू प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना के तहत ग्राम पंचायत को समग्र स्थानीय नियोजन और विकास पहलों के समन्वय के केन्द्र में रखा जाएगा। पंचायतों को गांवों की प्राथमिकताओं, संबंधित सरकारी पहलों और उपलब्ध संसाधनों को एक साथ जोड़ने में सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे वे जमीनी स्तर पर विकास के प्रमुख केन्द्र के रूप में कार्य कर सकेंगी। यह योजना विकसित भारत के दृष्टिकोण को ग्रामीण समुदायों की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं से जोड़ेगी। ग्राम पंचायत स्तर पर समग्र नियोजन रू यह योजना सभी संबंधित केन्द्रीय मंत्रालयोंध्विभागों और राज्य सरकारों की नियोजन प्रक्रियाओं को एक साझा डिजिटल मंच पर एकीकृत करेगी, ताकि समग्र ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) तैयार करने के लिए आपसी सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके। इससे पंचायतों और विभागों को कमियों की पहचान करने, विभिन्न पहलों के बीच तालमेल स्थापित करने तथा उपलब्ध संसाधनों, जिनमें केन्द्रीय वित्त आयोग के अनुदान भी शामिल हैं, का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी। व्यक्तिगत योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए विभागों की मौजूदा व्यवस्थाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। प्रत्येक ग्राम पंचायत में विकास की स्थिति का उपयोगकर्ता-अनुकूल विवरण रू ईग्रामस्वराज और मौजूदा ई-पंचायत प्रणालियों के आधार पर यह योजना सरकारी योजनाओं, लाभार्थियों, मिलने वाले लाभों, सामुदायिक परिसंपत्तियों और उपलब्ध संसाधनों से संबंधित जानकारी को एक साझा डिजिटल मंच पर उपलब्ध कराएगी। इससे पंचायतों को कमियों की पहचान करने, स्थानीय आवश्यकताओं को पूरा करने तथा नियोजन, समन्वय और निगरानी में सुधार करने में मदद मिलेगी। राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को स्थानीय आवश्यकताओं से जोड़ना रू प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना सरकारी योजनाओं और राष्ट्रीय पहलों की जानकारी सरल एवं सुगम भाषा में देने के लिए मौजूदा प्रशिक्षण, डिजिटल और जनसंपर्क मंचों का उपयोग करेगी। इनमें पंचम भी शामिल है, जो 17 भारतीय भाषाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित बहुभाषी, द्विपक्षीय संचार मंच है। ग्राम सभाओं और पंचायतों के मंचों के माध्यम से सामुदायिक चर्चाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को स्थानीय आवश्यकताओं और ग्राम विकास लक्ष्यों से जोड़ने में मदद मिलेगी। इस दृष्टिकोण को व्यवहार में लागू करने के लिए क्षमता निर्माण रू क्षमता निर्माण से डिजिटल मंचों के प्रभावी उपयोग, योजनाओं एवं संसाधनों से संबंधित जानकारी के विश्लेषण, समग्र नियोजन और नागरिकों के साथ संवाद को बढ़ावा मिलेगा। इससे पंचायतों को उपलब्ध जानकारी और जागरूकतापूर्ण विचार-विमर्श के आधार पर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाएं तैयार करने तथा उन पर आगे की कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। उपलब्ध संसाधनों का पारदर्शी और कुशल उपयोग रू यह योजना पंचायतों की क्षमता को सुदृढ़ करेगी, ताकि वे वित्त आयोग के अनुदान और अन्य निधियों का प्रभावी उपयोग कर सकें, स्वयं के स्रोतों से राजस्व (ओएसआर) जुटा सकें तथा ऑनलाइन लेखांकन, ऑडिट और सार्वजनिक प्रकटीकरण सुनिश्चित कर सकें। इससे संसाधनों के पारदर्शी उपयोग को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय विकास संबंधी कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी और जवाबदेह एवं आत्मनिर्भर पंचायतों को प्रोत्साहन मिलेगा।
कार्यान्वयन रणनीति
इस योजना का कार्यान्वयन संबंधित राज्य सरकारों और केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों के माध्यम से किया जाएगा। राज्यध्केन्द्र शासित प्रदेश योजना के उद्देश्यों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप गतिविधियों, प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं का उल्लेख करते हुए वार्षिक कार्ययोजनाएं प्रस्तुत करेंगे। नामित केन्द्रीय अधिकार प्राप्त समिति लागू प्रक्रियाओं और मानदंडों के अनुसार इन कार्ययोजनाओं का मूल्यांकन कर उन्हें मंजूरी देगी। केन्द्र सरकार और राज्यध्केन्द्र शासित प्रदेश अपनी-अपनी जिम्मेदारी वाले क्षेत्रों में कार्य करेंगे। इसके लिए समन्वय, तकनीकी सहायता, निगरानी और समीक्षा की व्यवस्था की जाएगी। जमीनी स्तर पर योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए मौजूदा संस्थागत, क्षमता निर्माण, डिजिटल और संचार प्रणालियों का उपयोग किया जाएगा।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने पुनरूभरण मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया
नई दिल्ली, 28 अक्तूबर, अभीतक: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर पाटिल ने राष्ट्रीय जल मिशन (एनडब्ल्यूएम) के सहयोग से बीआईएसएजी-एन द्वारा विकसित पुनःभरण मोबाइल एप्लिकेशन की शुरूआत की है। जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनर्जीवन विभाग, जल शक्ति मंत्रालय द्वारा वैज्ञानिक भूजल पुनर्भरण योजना में सहयोग प्रदान किया जाएगा। यह मोबाइल एप्लिकेशन उपयोगकर्ताओं को तीन किलोमीटर तक की दूरी के भीतर संभावित कृत्रिम पुनर्भरण क्षेत्रों की पहचान करने और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर उपयुक्त पुनर्भरण संरचनाओं का पता लगाने में सक्षम बनाता है। यह वेब पोर्टल ग्राम-स्तर के कृत्रिम पुनर्भरण संरचना (एआरएस) जोनिंग मानचित्रों, जीआईएस उपकरणों और विषयगत परतों तक पहुंच प्रदान करता है जो सतत भूजल प्रबंधन के लिए योजना बनाने में सहायता करता है। यह प्लेटफॉर्म वर्षा, भूजल स्तर, भूजल उत्पादन, ढलान और जल निकासी सहित भू-स्थानिक डेटासेट का उपयोग करता है ताकि संभावित पुनर्भरण क्षेत्रों की पहचान करने और उपयुक्त हस्तक्षेपों की योजना बनाने में मदद मिल सके।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन 2026 का उद्घाटन किया
वैज्ञानिक समुदाय, शोधकर्ताओं और युवा नवप्रवर्तकों से ठोस, मापनीय और विस्तार योग्य तकनीकी परिणाम देने का आह्वान किया
डॉ. जितेंद्र सिंह ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी में वैश्विक सह-निर्माता के रूप में भारत की प्रगति का उल्लेख किया और मजबूत जैव प्रौद्योगिकी क्षमताओं की आवश्यकता पर जोर दिया
प्रोफेसर अजय के. सूद ने ईएसटीआईसी के 12 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शोध, उद्योग और नीति के बीच घनिष्ठ सहयोग का आह्वान किया
नोबेल पुरस्कार से सम्मनित जोआचिम फ्रैंक और रिचर्ड रॉबर्ट्स ने ईएसटीआईसी 2026 में संरचनात्मक जीव विज्ञान और जीवन विज्ञान में हुई प्रगति पर चर्चा की
समानांतर सत्रों में उन्नत विनिर्माण, जनरेटिव और स्वायत्त कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सिस्टम और सिंथेटिक जीव विज्ञान पर विचार-विमर्श किया गया
ईएसटीआईसी 2026 विज्ञान-आधारित नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए शोध, उद्योग और नीति क्षेत्र के दिग्गजों को एक साथ लाता है
नई दिल्ली, 28 अक्तूबर, अभीतक: उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ईएसटीआईसी) 2026 के उद्घाटन दिवस पर 27 अक्टूबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 5,000 से अधिक वैश्विक प्रतिनिधि एकत्रित हुए, जिनमें वैज्ञानिक दिग्गज, नीति निर्माता और डीप-टेक स्टार्टअप शामिल थे। दिन के कार्यक्रम में राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ के संबोधन, दो नोबेल पुरस्कार विजेताओं के पूर्ण सत्र, तीन समानांतर तकनीकी सत्र, एक स्टार्टअप प्रदर्शनी और पोस्टर ट्रैक, शाम की एक पैनल चर्चा और उद्घाटन सत्र शामिल थे। इन सभी गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य मूलभूत शोध को औद्योगिक विस्तार, जनहित और ऐसी प्रौद्योगिकियों के विकास से जोड़ना था जो भारत की क्षमताओं को मजबूत कर सकें और वैश्विक कल्याण में योगदान दे सकें। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने उद्घाटन भाषण में वैज्ञानिक समुदाय, शोधकर्ताओं और युवा नवप्रवर्तकों से तीन साल की परिचालन अवधि के भीतर ठोस, मापने योग्य और व्यापक तकनीकी परिणाम देने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैज्ञानिक उपलब्धियों को प्रयोगशालाओं तक सीमित न रखकर वास्तविक दुनिया की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के तहत राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करना चाहिए और मानव कल्याण को बढ़ावा देना चाहिए। भाषण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम प्रौद्योगिकी, उन्नत सामग्री और जैव प्रौद्योगिकी सहित अग्रणी क्षेत्रों में वैश्विक मानक स्थापित करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी दोहराया गया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की भूमिका में आए बदलाव का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भारत अब प्रौद्योगिकियों का उपभोक्ता होने से आगे बढ़कर अत्याधुनिक वैज्ञानिक समाधानों का भविष्य के लिए तैयार वैश्विक सह-निर्माता बन गया है। उन्होंने देश के स्टार्टअप क्षेत्र के विस्तार का उल्लेख किया, जो 2014 में लगभग 400 स्टार्टअप से बढ़कर आज 2.3 लाख से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि तकनीकी उद्यमिता के व्यापक प्रसार के प्रमाण के रूप में इन स्टार्टअप्स में से अनुमानित 50 से 60 प्रतिशत स्टार्टअप्स श्रेणी-2 और श्रेणी-3 शहरों में स्थित हैं। डॉ. सिंह ने भारत की आनुवंशिक और फीनोटाइपिक विविधता को जैव प्रौद्योगिकी के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन बताया और जीन संश्लेषण, सिस्टम बायोलॉजी और परमाणु चिकित्सा में घरेलू क्षमताओं को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने इन क्षेत्रों में काम को गति देने के संदर्भ में शांति अधिनियम सहित हाल के विधायी सुधारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी शोध क्षमता और भारत की वैज्ञानिक शक्तियों से अनुप्रयोगों का विकास देश के जैव प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र के लिए प्राथमिकताओं में शामिल है। भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय के. सूद ने मूलभूत वैज्ञानिक शोध, औद्योगिक विस्तार और नियामक नीति के बीच घनिष्ठ समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने ईएसटीआईसी के 12 प्रमुख विषयगत प्राथमिकता क्षेत्रों का वर्णन किया और क्वांटम संचार, जनरेटिव और स्वायत्त कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर निर्माण, उन्नत विनिर्माण और डीप ओशन मिशन जैसे क्षेत्रों की पहचान की। उन्होंने अपने संबोधन में संप्रभु राष्ट्रीय क्षमताओं के विकास के लिए आवश्यक संस्थानों, औद्योगिक क्षमताओं और नीतिगत ढाँचों के साथ शोध गतिविधियों को जोड़ने के मंच के रूप में प्रस्तुत किया। वर्ष 2017 में रसायन विज्ञान के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जोआचिम फ्रैंक ने लक्ष्य की खोज और औषधि निर्माण में क्रायो-इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी (क्रायो-ईएम) पर एक मुख्य भाषण दिया। उनके प्रस्तुतीकरण में उच्च-रिजॉल्यूशन, एकल-कण क्रायो-ईएम और वृहदक आणविक समूहों के त्रि-आयामी दृश्यीकरण में प्रयुक्त कम्प्यूटेशनल और गणितीय ढाँचों को शामिल किया गया। सत्र में बताया गया कि कैसे इन समूहों के बारे में संरचनात्मक जानकारी तर्कसंगत औषधि-निर्माण कार्यप्रवाहों का समर्थन कर सकती है और शोधकर्ताओं को जैविक लक्ष्यों की जाँच में सहायता कर सकती है। वर्ष 1993 के फिजियोलॉजी या मेडिसिन के नोबेल पुरस्कार विजेता सर रिचर्ड जे. रॉबर्ट्स ने जीवन विज्ञान में विभाजित जीनों और नई तकनीकों पर एक अलग पूर्ण व्याख्यान दिया। उनके व्याख्यान में जीन स्प्लिसिंग, माइक्रोबियल जीनोमिक्स और प्रतिबंध-संशोधन एंजाइमों की मूलभूत प्रक्रियाओं को शामिल किया गया। इसमें सतत कृषि, सार्वजनिक स्वास्थ्य और निदान से संबंधित जैव प्रौद्योगिकी पहलों पर भी विचार किया गया, जिसमें जीवन विज्ञान में हुई प्रगति को खाद्य प्रणालियों और स्वास्थ्य देखभाल में अनुप्रयोगों से जोड़ा गया। इससे पहले, डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्टार्टअप प्रदर्शनी और पोस्टर ट्रैक का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में गहन तकनीकी अनुसंधान और विकास प्रदर्शन, स्टार्टअप प्रोटोटाइप प्रदर्शन और इंटरैक्टिव पोस्टर प्रस्तुतियाँ शामिल थीं। इसने उद्योग जगत के हितधारकों, निवेशकों, अकादमिक शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं को सम्मेलन के मुख्य क्षेत्रों में शोध और उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़ने का अवसर प्रदान किया। सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. (श्रीमती) एन. कलाइसेल्वी की अध्यक्षता में आयोजित उन्नत विनिर्माण सत्र में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. जी. सतीश रेड्डी ने मुख्य भाषण दिया। वक्ताओं में श्री रजत वर्मा, सुश्री छाया नंजप्पा, डॉ. एन.सी. मुर्मू, डॉ. सी. आनंदहरमकृष्णन और डॉ. नागहनुमैया शामिल थे। सत्र में डिजिटल ट्विन, सहयोगी रोबोट, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग और मेट्रोलॉजी के कार्यान्वयन और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। इन क्षेत्रों ने इस बात पर चर्चा को आधार प्रदान किया कि उन्नत विनिर्माण क्षमताएं शोध और इंजीनियरिंग को औद्योगिक उत्पादन से कैसे जोड़ सकती हैं और घरेलू विनिर्माण आधार को मजबूत कर सकती हैं। इंडियाएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सौरभ विजय ने जनरेटिव और ऑटोनॉमस एआई सत्र की अध्यक्षता की और इसमें आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर मितेश एम. खपरा ने मुख्य भाषण दिया। सत्र में प्रोफेसर चेतन अरोरा, डॉ. अल्पन रावल, प्रोफेसर बालारमन रविंद्रन और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव श्री एस. कृष्णन सहित कई प्रमुख वक्ताओं ने भाग लिया। चर्चा के क्षेत्रों में स्वदेशी बड़े भाषा मॉडल का विकास, इंडियाएआई के तहत उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग तक पहुंच, एजेंटिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सुरक्षित अनुप्रयोग के लिए फ्रेमवर्क शामिल थे। सत्र में घरेलू एआई क्षमताओं के विकास और इन प्रौद्योगिकियों के जिम्मेदार तरीके से अनुप्रयोग के लिए आवश्यक शर्तों पर भी चर्चा की गई। सिस्टम और सिंथेटिक बायोलॉजी सत्र में बनाए गए जैविक तंत्रों और बायोई3 राष्ट्रीय रणनीति पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसका मुख्य ढांचा जैविक डिजाइन के लिए ष्समझें, डिजाइन करें, निर्माण करें, परीक्षण करें, सीखेंष् चक्र था। सत्र में सटीक बायोथेरेप्यूटिक्स, मेटाबोलिक पाथवे डिजाइन, बायोफोर्टिफाइड फसलें और अपशिष्ट से मूल्य प्राप्त बायोमैन्युफैक्चरिंग को अनुप्रयोग के क्षेत्रों के रूप में पहचाना गया। इन विषयों ने मिलकर सिंथेटिक बायोलॉजी को जैविक तंत्रों को समझने से लेकर स्वास्थ्य, कृषि और विनिर्माण में अनुप्रयोगों के लिए उन्हें डिजाइन और परीक्षण करने के मार्ग के रूप में प्रस्तुत किया। प्रो. अजय के. सूद ने शाम के पैनल डिस्कशन, “आत्मनिर्भर भारत के लिए विज्ञान और विघटनकारी प्रौद्योगिकियाँ,” की अध्यक्षता की। पैनल में डॉ. टेसी थॉमस, जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि, प्रो. भानु पी. जेना, डॉ. समीर सरन और प्रो. वी.के. सिंह शामिल थे। इस चर्चा में रक्षा प्रौद्योगिकी संप्रभुता, बौद्धिक संपदा का व्यावसायीकरण, डीप-टेक फंडिंग और विभिन्न क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के तंत्र जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। यह सत्र शोध अनुवाद, रणनीतिक क्षमता और अनुसंधान संस्थानों और उद्योग के बीच प्रौद्योगिकियों के आदान-प्रदान से जुड़े प्रश्नों को एक साथ लाया। ईएसटीआईसी 2026 का आयोजन 12 प्राथमिकता वाले विषयगत क्षेत्रों को लेकर किया गया है और इसने शोधकर्ताओं, सरकार, उद्योग और स्टार्टअप्स को एक मंच प्रदान किया है। प्रथम दिन के कार्यक्रम में मूलभूत विज्ञान को उन्नत विनिर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और इंजीनियर जैविक प्रणालियों में व्यावहारिक कार्य से जोड़ा गया, जबकि पूर्ण सत्रों में संरचनात्मक जीव विज्ञान और जीवन विज्ञान में विकास पर चर्चा की गई। प्रथम दिन के सत्रों में 1 लाख करोड़ रुपये के शोध, विकास और नवाचार कोष और एएनआरएफ तंत्रों को प्रौद्योगिकी-तैयारी चरणों के माध्यम से व्यावसायीकृत उत्पादों की ओर गहन प्रौद्योगिकी विकास को आगे बढ़ाने के मार्ग के रूप में पहचाना गया। सम्मेलन का घोषित उद्देश्य उन संबंधों को मजबूत करना है जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी को राष्ट्रीय विकास और व्यापक मानव कल्याण में योगदान करने में सक्षम बनाते हैं।
14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का तवांग में 29 से 31 अक्टूबर, 2026 तक आयोजन
पर्यटन मंत्रालय पूर्वोत्तर क्षेत्र की पर्यटन क्षमता को प्रदर्शित करने के लिए अरुणाचल प्रदेश में तीन दिवसीय मार्ट का आयोजन करेगा
मार्ट में देश-विदेश के 200 से अधिक खरीदारों और विक्रेताओं सहित पर्यटन क्षेत्र के हितधारकों के भाग लेने की उम्मीद
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री की अध्यक्षता में पूर्वोत्तर राज्यों के पर्यटन मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक आयोजित की जाएगी
नई दिल्ली, 28 अक्तूबर, अभीतक: केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय, अरुणाचल प्रदेश सरकार और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों के सहयोग से 29 से 31 अक्टूबर, 2026 तक अरुणाचल प्रदेश के तवांग में पूर्वोत्तर क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट (आईटीएम) के 14वें संस्करण का आयोजन कर रहा है। तीन दिवसीय इस कार्यक्रम का आयोजन तवांग के होटल विवांता में किया जाएगा। इसमें देश-विदेश के पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारक एकत्रित होंगे, जो क्षेत्र की विविध पर्यटन संभावनाओं को प्रदर्शित करने के साथ-साथ व्यावसायिक साझेदारियों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, पर्यटन एवं पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री श्री सुरेश गोपी तथा अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पेमा खांडू 29 अक्टूबर, 2026 को आयोजित होने वाले उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। उद्घाटन समारोह के दौरान नॉर्थ ईस्ट बाजार का उद्घाटन किया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट, पर्यटन मंत्रालय का एक वार्षिक प्रमुख आयोजन है, जिसका उद्देश्य घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पूर्वोत्तर क्षेत्र को टूरिज्म डेस्टिनेशन के तौर पर बढ़ावा देना है। यह मार्ट पर्यटन व्यवसायों, उद्यमियों, टूर ऑपरेटरों, सरकारी एजेंसियों, मीडिया और अन्य हितधारकों को सहयोग के अवसर तलाशने, पर्यटन संबंधों को मजबूत करने तथा क्षेत्र की समृद्ध प्राकृतिक, सांस्कृतिक और एडवेंचर टूरिज्म की संभावनाओं को बढ़ावा देने के लिए एक मंच प्रदान करता है। 14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट में देश-विदेश के 200 से अधिक खरीदारों और विक्रेताओं सहित प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है। इस आयोजन में 22 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 43 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के भाग लेने की संभावना है। इनमें ऑस्ट्रेलिया, भूटान, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मलेशिया, फिलीपींस, पोलैंड, रूस, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका सहित अन्य देश शामिल हैं। इस मार्ट में आठों पूर्वोत्तर राज्यों के घरेलू खरीदारों, पर्यटन सेवा प्रदाताओं और विक्रेताओं को एकसाथ लाया जाएगा, जिससे व्यावसायिक संवाद और सहयोग के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। इस मार्ट में पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों: अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के पर्यटन स्थलों और पर्यटन उत्पादों से संबंधित प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इन प्रस्तुतियों में प्रत्येक राज्य के विशिष्ट पर्यटन आकर्षणों, अनुभवों और पर्यटन संबंधी सुविधाओं को प्रदर्शित करने के साथ-साथ पूर्वोत्तर क्षेत्र के संयुक्त पर्यटन सर्किटों और पर्यटन उत्पादों को भी रेखांकित किया जाएगा। इस आयोजन के अंतर्गत 30 अक्टूबर, 2026 को व्यवसाय-से-व्यवसाय (बी2बी) सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनके माध्यम से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तथा पूर्वोत्तर के पर्यटन सेवा प्रदाताओं के बीच व्यवस्थित संवाद और संपर्क स्थापित करने में सहायता मिलेगी। इन बैठकों का उद्देश्य व्यावसायिक सहयोग को बढ़ावा देना, पर्यटन उत्पादों का विकास करना तथा क्षेत्र के पर्यटन उद्यमियों और सेवा प्रदाताओं की बाजार तक पहुंच को मजबूत करना है। मार्ट के दौरान आयोजित तकनीकी सत्रों में पूर्वोत्तर क्षेत्र में पर्यटन विकास के प्रमुख पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। इनमें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के नेतृत्व में पूर्वोत्तर में लाइव कार्यक्रमों और संगीत समारोहों से जुड़ी अर्थव्यवस्था के विकास तथा गृह मंत्रालय के नेतृत्व में संरक्षित और प्रतिबंधित क्षेत्रों तक पर्यटकों की पहुंच सुगम बनाने पर विचार-विमर्श शामिल होगा। रॉयल एनफील्ड द्वारा ‘गंतव्यों से परेरू पूर्वोत्तर भारत में अनुभवपरक यात्राओं का सृजन’ विषय पर एक प्रस्तुति भी दी जाएगी, जिसमें क्षेत्र में अनुभव-आधारित पर्यटन की संभावनाओं का पता लगाया जाएगा। इस आयोजन में नॉर्थ ईस्ट बाजार भी लगाया जाएगा, जिसमें क्षेत्र की पारंपरिक कलाओं, हस्तशिल्प, वस्त्रों और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और क्षेत्रीय व्यंजनों के माध्यम से प्रतिनिधियों को पूर्वोत्तर के आठों राज्यों की विशिष्ट परंपराओं और विविध खान-पान का अनुभव करने का अवसर मिलेगा। मार्ट के अंतर्गत तवांग और उसके आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों के तकनीकी भ्रमण की भी योजना बनाई गई है। इनमें तवांग मठ, जसवंत गढ़ युद्ध स्मारक, जंग जलप्रपात, तवांग युद्ध स्मारक, छठे दलाई लामा की जन्मस्थली उर्ग्येलिंग गोम्पा, बुद्ध पार्क, पंकांग तेंग त्सो (पीटीएसओ) झील और शेरनुप गांव शामिल हैं। इन भ्रमणों से प्रतिभागियों को क्षेत्र की आध्यात्मिक विरासत, प्राकृतिक दृश्यों, स्थानीय परंपराओं और ग्रामीण पर्यटन के अनुभवों से प्रत्यक्ष रूप से परिचित होने का अवसर मिलेगा। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के लिए परिचयात्मक भ्रमण भी निर्धारित किए गए हैं, जो 1 नवंबर, 2026 को गुवाहाटी से शुरू होंगे। मार्ट के साथ-साथ 30 अक्टूबर, 2026 को पूर्वोत्तर राज्यों के पर्यटन मंत्रियों की एक क्षेत्रीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री करेंगे। इस बैठक में पूर्वोत्तर क्षेत्र में पर्यटन विकास को मजबूत करने और राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाने से संबंधित विषयों पर चर्चा की जाएगी। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का 14वां संस्करण 13 वर्ष बाद अरुणाचल प्रदेश के तवांग में आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले वर्ष 2013 में इस आयोजन का दूसरा संस्करण तवांग में आयोजित हुआ था। मार्ट का पिछला संस्करण नवंबर 2025 में सिक्किम के गंगटोक में आयोजित किया गया था।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी खेल विनिर्माण परितंत्र विकसित करने के लिए खेलो इंडिया खेल उपकरण विनिर्माण योजना को मंजूरी दी
नई दिल्ली, 28 अक्तूबर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वर्ष 2026 से 2033-34 की अवधि के लिए 1,856.67 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ खेलो इंडिया खेल उपकरण विनिर्माण योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना का उद्देश्य निवेश, विनिर्माण, नवाचार और निर्यात को बढ़ावा देना तथा खेल उपकरण क्षेत्र में दुनिया भर में भारत की स्थिति को मजबूत करना है। इस योजना की घोषणा केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई थी। इसका लक्ष्य निवेश, प्रौद्योगिकी अंगीकार, अनुसंधान एवं नवाचार, कौशल विकास, गुणवत्ता प्रमाणन और बाजार विकास के लिए लक्षित सहायता के माध्यम से भारत के खेल उपकरण विनिर्माण आधार को मजबूत करना है। यह योजना विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी खेल उपकरण उद्योग के विकास को मदद करेगी और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की स्थिति को मजबूत करेगी। खेलो भारत नीति 2025, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप, इस योजना से निवेश आकर्षित होने, रोजगार के अवसर बढ़ने, घरेलू विनिर्माण क्षमताओं के मजबूत होने और भारतीय खेल उपकरणों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ने की उम्मीद है। एकीकृत खेल उपकरण विनिर्माण परितंत्र विकसित करना
इस योजना में क्लस्टर-आधारित विनिर्माण को बढ़ावा देने और निर्माताओं, आपूर्तिकर्ताओं, परीक्षण सुविधाओं, डिजाइन एवं प्रोटोटाइप केंद्रों तथा सहायक उद्यमों के सह-स्थान (एक ही जगह स्थित होने) के माध्यम से एकीकृत औद्योगिक परितंत्र विकसित करने के लिए समर्पित खेलकूद सामग्री विनिर्माण क्षेत्रों (एसजीएमजेड) के विकास की परिकल्पना की गई है। ये क्षेत्र भव्य (बीएचओवीवाईए) योजना और एनआईसीडीसी औद्योगिक पार्कों के तहत मौजूदा औद्योगिक बुनियादी ढांचे के साथ अभिसरण के माध्यम से विकसित किए जाएंगे, जिससे कुशल विनिर्माण, मजबूत उद्योग संपर्क और खेलकूद सामग्री मूल्य श्रृंखला में बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धात्मकता सक्षम हो सकेगी। ये क्षेत्र एकीकृत विनिर्माण सुविधाओं के निर्माण का समर्थन करेंगे, उद्योग संपर्कों को मजबूत करेंगे और परिचालन दक्षताओं में सुधार करेंगे। इन कार्यक्रमों से निवेश को सुगम बनाने, उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाने और देश में एक मजबूत खेलकूद सामग्री विनिर्माण आधार के विकास को समर्थन मिलने की उम्मीद है।
निवेश आकर्षित करना और घरेलू विनिर्माण का विस्तार करना
इस योजना का एक मुख्य उद्देश्य नए निवेश को आकर्षित करना और खेल सामग्री (स्पोर्ट्स गुड्स) के क्षेत्र में घरेलू विनिर्माण क्षमता को मजबूत करना है। मुख्य निवेश सहायता (एंकर इन्वेस्टमेंट सपोर्ट) घटक प्रमुख घरेलू और वैश्विक निर्माताओं, ब्रांडों और खुदरा श्रृंखलाओं (रिटेल चैन्स) को निर्दिष्ट खेल सामग्री विनिर्माण क्षेत्रों (स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग जोन्स) के भीतर विनिर्माण सुविधाएं स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करेगा और एक मजबूत आपूर्तिकर्ता (सप्लायर) तथा सहायक परितंत्र (इकोसिस्टम) के विकास को बढ़ावा देगा। इसके पूरक के रूप में, टर्नओवर लिंक्ड सपोर्ट (टर्नओवर से जुड़ा समर्थन) घटक उच्च उत्पादन, क्षमता विस्तार और निरंतर विनिर्माण विकास को प्रोत्साहित करेगा। कुल मिलाकर, 1,130 करोड़ रुपये के संयुक्त परिव्यय (आउटले) से समर्थित इन कार्यक्रमों से घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने, आयात पर निर्भरता कम करने, घरेलू मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) को बढ़ाने, महत्वपूर्ण निजी निवेश को उत्प्रेरित करने, संपूर्ण मूल्य श्रृंखला (वैल्यू चेन) में रोजगार के अवसर पैदा करने और वैश्विक बाजारों में भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करने की उम्मीद है।
एमएसएमई और मौजूदा विनिर्माण क्लस्टरों (निर्माण समूहों) को मजबूत करना
खेल सामग्री (स्पोर्ट्स गुड्स) के क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए, यह योजना मौजूदा विनिर्माण क्लस्टरों को मजबूत करने और छोटे उद्यमों के विकास को मदद करने पर जोर देती है। मौजूदा खेल सामग्री विनिर्माण क्लस्टरों के उन्नयन (अपग्रेडेशन) के लिए सहायता प्रदान की जाएगी, जिसमें साझा सुविधाओं और साझा बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) का विकास शामिल है।
गुणवत्ता और अंतर्राष्ट्रीय प्रमाणन को बढ़ावा देना
इस योजना में भारतीय खेल सामग्री की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत गुणवत्ता और प्रदर्शन मानकों के महत्व को स्वीकार किया गया है। अंतर्राष्ट्रीय खेल महासंघों (इंटरनेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशंस) से प्रमाणन प्राप्त करने और उनके नवीनीकरण (रिन्यूअल) के लिए निर्माताओं को सहायता प्रदान की जाएगी, जिसके लिए 105 करोड़ रुपये का परिव्यय (आउटले) तय किया गया है। ये कदम उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार करने, अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच आसान बनाने और भारत में बने खेल सामग्री में विश्वास को मजबूत करने में सहायक होंगे।
अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और नवाचार में निवेश
इस योजना में खेल सामग्री (स्पोर्ट्स गुड्स) के क्षेत्र में अनुसंधान, डिजाइन और नवाचार को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। खेल उपकरणों, सामग्री विज्ञान, सुरक्षात्मक गियर और उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों में उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना के लिए सहायता प्रदान की जाएगी। अनुसंधान और विकास (आर एंड डी) गतिविधियों को अनुसंधान राष्ट्रीय शोध फाउंडेशन (अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन) के साथ अभिसरण (कन्वर्जेंस) के माध्यम से भी प्रोत्साहित किया जाएगा। स्टार्टअप इंडिया पहल के अनुरूप, स्टार्टअप्स के लिए समर्पित सहायता नवाचार को बढ़ावा देगी और खेल सामग्री निर्माण परितंत्र के भीतर नई प्रौद्योगिकियों, प्रक्रियाओं और उत्पादों के विकास, परीक्षण, सत्यापन और व्यावसायीकरण को सुगम बनाएगी।
भविष्य के लिए कुशल कार्यबल का विकास करना
खेल सामग्री क्षेत्र की रोजगार-प्रधान प्रकृति को देखते हुए, यह योजना उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास पहलों का समर्थन करेगी। खेल सामग्री उद्योग की बदलती जरूरतों के साथ तालमेल सुनिश्चित करने के लिए, कौशल विकास पहलों को कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय और संबंधित उद्योग हितधारकों के सहयोग से लागू किया जाएगा। ये प्रयास कुशल श्रमशक्ति की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद करेंगे और खेल सामग्री निर्माण क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास में मदद करेंगे।
भारतीय खेल सामग्री को वैश्विक बाजारों तक ले जाना
इस योजना में समर्पित ब्रांडिंग, आउटरीच (पहुंच) और बाजार विकास पहलों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय खेल सामग्री बाजारों में भारत की उपस्थिति का विस्तार करना शामिल है। निर्यात संवर्धन मिशन का लाभ उठाते हुए, ये प्रयास भारतीय खेल सामग्री की उपलब्धता को बढ़ाएंगे, बाजार तक पहुंच को मजबूत करेंगे और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उनके अधिक प्रवेश का समर्थन करेंगे।
भारत की वैश्विक खेल आकांक्षाओं का समर्थन करना
उच्च गुणवत्ता वाले और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित खेल सामग्रियों के निर्माण को बढ़ावा देकर, यह योजना भारत के खेल क्षेत्र और एथलीट विकास कार्यक्रमों की उभरती आवश्यकताओं का समर्थन करेगी। योजना के तहत उन्नत नवाचार, गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचा और विनिर्माण क्षमता, खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसी पहलों को पूरक बनाएगी। इस योजना से भारत को खेल सामग्री के डिजाइन, विकास और निर्माण के लिए विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी केंद्र के रूप में स्थापित करने की उम्मीद है। विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करके, नवाचार को बढ़ावा देकर और वैश्विक बाजार तक पहुंच का विस्तार करके, यह योजना विकास, रोजगार और निर्यात के नए अवसर पैदा करेगी, जबकि एक अग्रणी खेल राष्ट्र के रूप में उभरने की भारत की आकांक्षा को पूरा करने में मदद करेगी और आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित भारत/2047 के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगी।
खेल और शिक्षा मंत्रालयों ने स्वच्छ खेल के मूल्यों को हर कक्षा तक पहुंचाने के लिए यूनेस्को के साथ ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
खेल में उत्कृष्टता और खेल की पवित्रता साथ-साथ चलनी चाहिए : डॉ. मनसुख मांडविया
नई दिल्ली, 28 अक्तूबर, अभीतक: केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने बुधवार को खेल और शिक्षा को जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया, जिसकी अहमियत को खेलो भारत नीति 2025 में भी बताया गया है। इस मौके पर युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय और यूनेस्को ने श्हर कक्षा में खेल मूल्यश् टूलकिट के जरिए पूरे देश की कक्षाओं तक स्वच्छ खेल के मूल्यों को पहुंचाने के लिए एक समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया। इस समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान दिल्ली स्थित नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (एनएडीए) इंडिया के क्लीन स्पोर्ट कॉन्क्लेव में किया गया, जिसका मकसद शिक्षा, खेल और रोजाना की कक्षा क्रिया-कलापों के जरिए बच्चों में सम्मान, ईमानदारी और निष्पक्षता जैसे मूल्यों को शामिल करना है। टूलकिट के वीडियो मॉड्यूल 13 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराए जाएंगे, जिसका मकसद देश भर के छात्रों तक पहुंचना और एक मजबूत, निष्पक्ष खेल परितंत्र बनाना है। डॉ. मांडविया और श्री जोशी के अलावा, इस कॉन्क्लेव में यूनेस्को के साउथ एशिया रीजनल ऑफिस के डायरेक्टर डॉ. टिम कर्टिस, शिक्षा मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग के सेक्रेटरी श्री टीके अनिल कुमार, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय में खेल सचिव श्री हरि रंजन राव और एनएडीए के महानिदेशक श्री अनंत कुमार मौजूद थे। मंगलवार को यूनेस्को एंटी-डोपिंग कन्वेंशन की कानूनी मीटिंग में शामिल हुए इंटरनेशनल डेलीगेट्स भी मौजूद थे। भारत के इंटरनेशनल जेवलिन थ्रोअर सचिन यादव ने भी कॉन्क्लेव में हिस्सा लिया। डॉ. मांडविया ने शिक्षा मंत्रालय की दिल से तारीफ की और कहा कि यह सहयोग प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन के मुताबिक, खेल और शिक्षा को एक साथ लाने के केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। खेल मंत्री ने कहा, “खेल में उत्कृष्टता और खेल की ईमानदारी साथ-साथ चलनी चाहिए। खेल में सफलता के लिए प्रतिभा, अनुशासन और कड़ी मेहनत जरूरी है, लेकिन ईमानदारी, निष्पक्षता और भरोसा भी उतना ही जरूरी है।” उन्होंने देश की बढ़ती खेल महत्वाकांक्षाओं के साथ-साथ स्वच्छ खेल के प्रति जागरूकता को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। डॉ. मांडविया ने एशियन गेम्स और एशियन पैरा गेम्स में भारत के चैथे स्थान पर रहने का भी जिक्र किया, जो भारतीय खेलों की बढ़ती ताकत और महत्वाकांक्षा को दर्शाता है। हालांकि, डोपिंग एक गंभीर चिंता बनी हुई है, जिसके लिए शिक्षा, रोकथाम, टेस्टिंग और लागू करने में लगातार कोशिशों की जरूरत है। डॉ. मांडविया ने यह भी कहा कि 2025-26 के दौरान, भारत की नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी ने 7,000 से ज्यादा टेस्ट और 350 से ज्यादा शिक्षा और जागरूकता सत्र किए, जिसमें 27,000 लोग शामिल हुए। राष्ट्रीय फॉरेन्सिक विज्ञान विश्वविद्यालय, गांधीनगर और राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल शिक्षा एवं शोध संस्थान, हैदराबाद में सप्लीमेंट टेस्टिंग सुविधाएं अनजाने में होने वाले डोपिंग के मामलों को रोकने में और मदद करती हैं, जबकि एनएडीए के अंदर जांच को ग्लोबल तरीकों के हिसाब से मजबूत किया जाएगा। नेशनल एंटी-डोपिंग एक्ट इस साल लागू हुआ और सरकार संसद में डोपिंग से जुड़ी गतिविधियों को क्रिमिनलाइज करने के लिए नियम लाने की भी तैयारी कर रही है। शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि इस समझौता ज्ञापन से शिक्षा और खेल के बीच लंबे समय से चले आ रहे अंतर को दूर करने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो छात्र पढ़ाई में अच्छा करते हैं, वे हमेशा खेलों में हिस्सा नहीं लेते। उन्होंने जमीनी स्तर पर मौकों को मजबूत करने और युवा खिलाड़ियों के लिए बेहतर रास्ते बनाने की जरूरत पर जोर दिया। श्री जोशी ने कहा, “यह समझौता ज्ञापन शिक्षा और खेल के बीच संबंध को मजबूत करने की दिशा में एक जरूरी कदम है, जो लंबे समय से गायब रहा। इस पहल के जरिए, हम यह पक्का करने के लिए काम कर रहे हैं कि खेल मूल्य हर बच्चे की पढ़ाई के अनुभव का एक जरूरी हिस्सा बनें।” उन्होंने कहा, “मुझे बहुत खुशी है कि बच्चों को अब स्वच्छ खेल और उससे जुड़े मूल्यों के बारे में बताया जा रहा है। इस टूलकिट के जरिए बताए जा रहे मूल्य कक्षा से आगे बढ़कर समाज के हर वर्ग तक पहुंचने चाहिए। शिक्षा में खेल के मूल्यों को शामिल करके, हम बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनाने और उनमें कम उम्र से ही निष्पक्षता और ईमानदारी की संस्कृति विकसित करने में मदद कर सकते हैं। डॉ. टिम कर्टिस ने इस समझौता ज्ञापन को भारत के साथ यूनेस्को की साझेदारी में एक नया अध्याय बताया, जिसमें लाखों युवाओं तक पहुंचने और एक ऐसा मॉडल पेश करने की क्षमता है जिससे दूसरे देश सीख सकें। उन्होंने कहा, “कक्षा में हर बच्चा सीख सकता है कि नियमों के हिसाब से खेलने का क्या मतलब है। इस टूलकिट के जरिए, हम शिक्षा और खेल में तीन बुनियादी मूल्य ला रहे हैं: सम्मान, ईमानदारी और निष्पक्षता। डॉ. कर्टिस ने यह भी कहा, “यह टूलकिट आइडिया और व्यावहारिक संसाधन देता है, लेकिन शिक्षक ही इन मूल्यों को धरातल पर उतारते हैं। हमें यह देखने की जरूरत है कि स्कूल के मैदान में क्या होता है और बच्चे रोजमर्रा के हालात में एक-दूसरे के साथ कैसा बर्ताव करते हैं। इन मूल्यों का असली जांच यह है कि क्या बच्चे तब भी निष्पक्ष खेलते हैं जब कोई देख नहीं रहा हो। हम कम उम्र से ही इसी तरह की ईमानदारी लाना चाहते हैं।
