



संस्कारम विश्वविद्यालय में Lianu एमबीबीएस ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन, नए विद्यार्थियों का हुआ स्वागत
झज्जर, 15 अक्तूबर, अभीतक: संस्कारम विश्वविद्यालय, झज्जर के संस्कारम स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज में नवप्रवेशित एमबीबीएस विद्यार्थियों के स्वागत के लिए ‘स्पंदन दृ एमबीबीएस ओरिएंटेशन कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के नए सफर से परिचित कराना तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया गया और उन्हें चिकित्सा क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन, समर्पण और मानवीय संवेदनाओं के महत्व से अवगत कराया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि डॉक्टर बनना केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा करने का महत्वपूर्ण दायित्व है। संस्कारम स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज ने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा, शैक्षणिक मार्गदर्शन और भविष्य में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। साथ ही, विद्यार्थियों को आगामी परीक्षाओं की तैयारी, नियमित अध्ययन, विषयों की गहन समझ और प्रभावी परीक्षा रणनीति विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। संस्थान ने विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक यात्रा में आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम ने नए विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और उत्साह का संचार किया। ‘स्पंदन’ के माध्यम से विद्यार्थियों ने चिकित्सा शिक्षा के नए अध्याय की शुरुआत की, जिसमें नए अनुभव, नई संभावनाएं और भविष्य के अनेक सपने शामिल हैं। संस्कारम विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को कुशल, संवेदनशील और जिम्मेदार चिकित्सक के रूप में तैयार करना है, ताकि वे भविष्य में समाज और राष्ट्र की स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।



विश्वकर्मा सीनियर सेकेंडरी स्कूल पाटोदा में योग साधना शिविर का आयोजन किया गया
झज्जर, 15 अक्तूबर, अभीतक: आज विश्वकर्मा सीनियर सेकेंडरी स्कूल पाटोदा में एकदिवसीय योग साधना शिविर का आयोजन किया गया तथा असेंबली समय योग क्रियाएं करने का सभी बच्चों ने संकल्प लिया। आचार्य कृष्णदत्त आर्य और ब्रह्मचारी इंद्रजीत आर्य ने स्कूल के सभी बच्चों व अध्यापकों सहित योग का अभ्यास करवाया व उसके लाभ की विस्तृत जानकारी दी। अंत में प्रबंधक महोदय श्री बलवंत सिंह ने योग प्रशिक्षक श्री ब्रह्मचारी इंद्रजीत आर्य व श्री कृष्णदत्त आर्य का आभार व्यक्त करते हुए बच्चों को बताया किनियमित योग करने से बच्चों में शारीरिक बल की वृद्धि होती है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं, मानसिक स्थिति ठीक होती है और मन आत्मा बुद्धि का संतुलन बनाए रखने में सहायता मिलती है। योग हमारी तंत्रिकाओं और मांसपेशियों को ऊर्जावान बनाता है। इसका नियमित अभ्यास पूरे शरीर में शुद्ध रक्त का संतुलित संचार और सभी प्रणालियों में पूर्ण समन्वय प्रदान करता है। इस प्रकार यह साधक को संपूर्ण मानसिक और शारीरिक पुष्टता प्रदान करता है। अंत में सभी बच्चों व अध्यापकों को योग करते रहने का संकल्प भी दिलाया।

संस्कारम विश्वविद्यालय ने अमेरिकी एडटेक कंपनी हांकू के साथ किया सहयोग, विद्यार्थियों को एआई शिक्षा एवं उद्योग आधारित अवसरों की मिलेगी जानकारी
झज्जर, 15 अक्तूबर, अभीतक: संस्कारम विश्वविद्यालय, झज्जर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (।प्) शिक्षा को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने के उद्देश्य से अमेरिका स्थित एडटेक कंपनी हांकू (भ्ंदान) के साथ सहयोग किया है। इस पहल के अंतर्गत 15 अक्टूबर 2026 को विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए एक परिचयात्मक ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अनुज भटनागर, प्रोग्राम डायरेक्टर, हांकू इंडिया रहे।कार्यक्रम में डॉ. निशांत जाखड़, विभागाध्यक्ष (भ्व्क्), स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (ैव्म्ज्), तथा ैव्म्ज् के अन्य फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे। इस सहयोग का उद्देश्य विद्यार्थियों को एआई आधारित स्व-अध्ययन कार्यक्रम, आधुनिक शिक्षण सामग्री तथा तकनीकी कौशल विकसित करने के अवसरों से परिचित कराना है। कार्यक्रम के अंतर्गत उपलब्ध शिक्षण सामग्री निःशुल्क है तथा विद्यार्थी अपनी सुविधानुसार स्व-गति से अध्ययन कर सकते हैं। कंपनी ने इच्छुक विद्यार्थियों को उद्योग से जुड़ने और रोजगार के अवसरों के संबंध में सहयोग प्रदान करने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की है। ओरिएंटेशन सत्र में विद्यार्थियों को कार्यक्रम की कार्यप्रणाली, अध्ययन सामग्री, सीखने की प्रक्रिया तथा एआई के क्षेत्र में कौशल विकास की संभावनाओं की जानकारी दी गई। इस पहल से विद्यार्थियों को अपने नियमित पाठ्यक्रम के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित अतिरिक्त ज्ञान प्राप्त करने और उभरती तकनीकों की उपयोगिता समझने का अवसर मिलेगा। संस्कारम विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों, कौशल विकास और उद्योग से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। हांकू के साथ यह सहयोग विद्यार्थियों को एआई शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने और भविष्य के तकनीकी कार्यक्षेत्र के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।







बादली में मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित, नगद पुरस्कार और स्मृति चिह्न भेंट कर बढ़ाया उत्साह
स्व. केडी शर्मा की 84वीं जयंती पर 21वां मेमोरियल छात्रवृत्ति पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित, मेधावी विद्यार्थियों और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को मिला सम्मान’
बादली, 15 अक्तूबर, अभीतक: झज्जर जिले के बादली गांव के प्रसिद्ध समाजसेवी स्वर्गीय केडी शर्मा की 84वीं जयंती के अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बादली में 21वें स्वर्गीय केडी शर्मा मेमोरियल छात्रवृत्ति पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। स्वर्गीय केडी शर्मा परिवार एवं समाचार क्यारी मीडिया समूह की ओर से शिक्षा, खेल और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को नगद पुरस्कार, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह का उद्देश्य मेधावी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करना तथा उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करना रहा। समारोह में दसवीं और आठवीं कक्षा में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के साथ वर्षभर की शैक्षणिक, शारीरिक एवं खेल गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सर्वश्रेष्ठ छात्र तथा श्रेष्ठ खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अनुशासन, संस्कार, परिश्रम और सामाजिक जिम्मेदारियों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को समय पर प्रोत्साहन मिलने से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे जीवन में नई ऊंचाइयां हासिल करने के लिए प्रेरित होते हैं।
मेधावी विद्यार्थियों एवं खिलाड़ियों को मिला सम्मान
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बादली की दसवीं कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले जतिन पुत्र जयभगवान को नगद पुरस्कार, स्मृति चिह्न एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। दसवीं कक्षा में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले दीपांशु पुत्र सत्यप्रकाश को भी सम्मानित किया गया। इसी प्रकार आठवीं कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले वंश पुत्र सोनू वर्मा तथा द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले उत्तम पुत्र अनार सिंह को नगद पुरस्कार, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। वर्षभर की शैक्षणिक, शारीरिक एवं खेल गतिविधियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शुभम पुत्र ओमप्रकाश को सर्वश्रेष्ठ छात्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं आयुष और तन्मय को श्रेष्ठ खिलाड़ी के रूप में नगद राशि, स्मृति चिह्न एवं प्रशस्ति पत्र भेंट किए गए।
शिक्षकों को भी किया सम्मानित
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए स्वर्गीय केडी शर्मा परिवार एवं समाचार क्यारी मीडिया समूह की ओर से विद्यालय के शिक्षकों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान शिक्षकों के योगदान की सराहना की गई और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में उनके समर्पण को महत्वपूर्ण बताया गया। समारोह में लैक्चरर सीमा रानी, निरुपमा, अनीता, मंजू, प्रदीप कुमार, शमशेर, महेंद्र, हर्ष, रवि कुमार एवं प्रदीप सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे। समाचार क्यारी मीडिया समूह की ओर से राजेश कुमार, संजय शर्मा, सुनील कुमार, हिमांशु, रवि कुमार, देव कुमार, समे सिंह गुलिया, सूबेदार श्री भगवान गुलिया एवं नरेश कुमार सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
हवन-यज्ञ एवं श्रद्धांजलि सभा में किया स्मरण
स्वर्गीय केडी शर्मा की जयंती पर उनके पैतृक गांव बादली में परंपरानुसार हवन-यज्ञ एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन भी किया गया। इस दौरान परिवार के सदस्यों, समाचार क्यारी मीडिया समूह के सदस्यों एवं मित्रों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने स्वर्गीय केडी शर्मा के जीवन, उनके सामाजिक योगदान और जनहित के कार्यों को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। इसके उपरांत सभी ने सहभोज में प्रसाद ग्रहण किया।
दो दशकों से जारी है प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की परंपरा
उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय केडी शर्मा का जन्म 15 अक्टूबर 1942 को झज्जर जिले के बादली गांव में हुआ था। उन्होंने 18 जनवरी 2006 को अंतिम सांस ली। समाजसेवा के प्रति उनके समर्पण और शिक्षा के महत्व को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उनके परिवार एवं समाचार क्यारी मीडिया समूह द्वारा मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने की परंपरा निरंतर जारी रखी गई है। इस छात्रवृत्ति एवं सम्मान समारोह के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा, खेल और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने की प्रेरणा दी जा रही है। स्वर्गीय केडी शर्मा की स्मृति में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल मेधावी विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाने का माध्यम है, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता, प्रतिभाओं के सम्मान और सामाजिक सरोकारों को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल है।

झज्जर जिला में एसआईआर का काम पारदर्शी ढंग से जारी: डीसी’
डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों की बैठक में की एसआईआर कार्यो की समीक्षा’
कोई भी पात्र मतदाता न छूटे, इस लक्ष्य को लेकर चल रहा प्रशासन’
झज्जर, 15 अक्तूबर, अभीतक: विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य को लेकर गुरुवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। बैठक में झज्जर जिला में अब तक हुए कार्य की भी समीक्षा की गई। वीसी के दौरान डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने सीईओ हरियाणा को जिला में एसआईआर गतिविधियों की विस्तृत जानकारी साँझा की। डीसी वर्षा खांगवाल ने वीसी उपरांत अधिकारियों की बैठक में एसआईआर अभियान की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि जिला में एसआईआर 2026 का काम बेहद पारदर्शी तरीके से चल रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य साफ है कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से न छूटे। जिला में अब तक करीब 1लाख 53 हजार 34 नोटिस जारी किए गए, जो सभी संबंधित लोगों तक पहुंचा दिए गए हैं, जिनमें से 1लाख 49 हजार 286 की सुनवाई पूरी हो चुकी है,बाकी की सुनवाई प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान फॉर्म 6, 7 और 8 के तहत जिला में 30 हजार 713 आवेदन मिले, इनमें से करीब 18 हजार 653 आवेदनों का निस्तारण किया जा चुका है। दावे और आपत्तियों की सूची चारों निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों द्वारा हर सप्ताह राजनीतिक दलों के साथ साझा की जा रही है, जबकि दावों और आपत्तियों की सुपर-चेकिंग का काम पूरा हो चुका है। राजनीतिक दलों की भागीदारी भी इस प्रक्रिया में उल्लेखनीय रही। चारों निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारी स्तर पर नियमित बैठकें कर इन राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। मतदाता सूची की बात करें तो 31 जुलाई 2026 तक जारी प्रारूप सूची में जिला में कुल 6 लाख 68 हजार 832 मतदाता दर्ज हैं। जिला के सभी 807 मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारी तैनात हैं और उनकी निगरानी के लिए सुपरवाइजर भी लगाए गए हैं। डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हरियाणा के निर्देशों के अनुसार 6 नवंबर 2026 किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष कार्य समय पर पूरा किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। इस अवसर पर एसडीएम झज्जर रवि मीणा, एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच, एसडीएम बादली विशाल, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, सीटीएम ऋतु, उपतहसीलदार निर्वाचन कुलदीप सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।



हरियाणवी लोक संस्कृति और नगाड़ा वादन को मिलेगा बढ़ावा, कुरुक्षेत्र में शुक्रवार को आयोजित होगी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता
उप निदेशक डॉ. दीपिका ने कहा :पारंपरिक लोक कलाओं को संरक्षित कर युवा पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता
प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले दल को मिलेंगे 75 हजार रुपये, दूसरे स्थान पर 65 हजार और तीसरे स्थान पर 55 हजार रुपये का पुरस्कार
झज्जर, 15 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक संगीत और लोक वाद्य यंत्रों की विरासत को संरक्षित करने तथा लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को कुरुक्षेत्र स्थित मल्टी आर्ट सेंटर में राज्य स्तरीय नगाड़ा (बंचारी) प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता सुबह 10 बजे शुरू होगी। प्रदेश सरकार के कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले लोक कलाकारों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। कला एवं सांस्कृतिक विभाग की उप निदेशक डॉ. दीपिका ने कहा कि हरियाणा की लोक कलाएं और पारंपरिक संगीत प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। नगाड़ा वादन जैसी पारंपरिक विधाएं हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं। ऐसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से पारंपरिक लोक कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिलता है और युवा पीढ़ी भी अपनी जड़ों, लोक परंपराओं तथा सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ती है। प्रथम पुरस्कार विजेता दल को मिलेंगे 75 हजार रुपये
डॉ दीपिका ने बताया कि प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले दल को 75 हजार रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले दल को 65 हजार रुपये तथा तृतीय स्थान हासिल करने वाले दल को 55 हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त पांच सांत्वना पुरस्कार भी दिए जाएंगे, जिनमें प्रत्येक विजेता दल को 10 हजार रुपये की राशि मिलेगी। उन्होंने कहा कि पुरस्कारों के माध्यम से पारंपरिक लोक कलाओं से जुड़े कलाकारों का उत्साहवर्धन होगा और इस विधा को नई पहचान मिलेगी।
प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए निर्धारित नियमों का पालन जरूरी
उप निदेशक ने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी कलाकारों का हरियाणा का मूल निवासी होना अनिवार्य है। प्रतिभागियों को अपने साथ आधार कार्ड लाना होगा तथा प्रत्येक दल में 10 कलाकार होने चाहिए। प्रत्येक दल को अपनी प्रस्तुति के लिए तीन से पांच मिनट का समय दिया जाएगा। प्रस्तुतियां हरियाणवी पारंपरिक लोकगीतों, लोक संगीत और पारंपरिक रसिया गायन पर आधारित होनी चाहिए। फिल्मी धुनों पर आधारित प्रस्तुतियों को प्रतियोगिता में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
हरियाणवी पारंपरिक वेशभूषा में प्रस्तुति देना अनिवार्य
प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले कलाकारों को हरियाणवी पारंपरिक लोक परिधान में ही प्रस्तुति देनी होगी। कोई भी कलाकार केवल एक दल की ओर से ही भाग ले सकेगा। यदि कोई कलाकार एक से अधिक दलों के साथ प्रस्तुति देता पाया जाता है, तो संबंधित दल को प्रतियोगिता से अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। प्रतिभागियों को यात्रा भत्ता और दैनिक भत्ता देय नहीं होगा। प्रतियोगिता के संबंध में निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा। उप निदेशक ने लोक कलाकारों से आह्वान किया कि वे प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने वाली ऐसी प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने कहा कि लोक कलाओं का संरक्षण केवल हमारी परंपराओं को जीवित रखने का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों तक हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान पहुंचाने का भी महत्वपूर्ण प्रयास है।

ठोस कचरा जलाने से बढ़ता है प्रदूषण, पर्यावरण और स्वास्थ्य पर पड़ता है प्रतिकूल प्रभाव: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने आमजन से की अपील, कचरा जलाने के बजाय उचित निस्तारण अपनाएं, स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त झज्जर बनाने में करें सहयोग
झज्जर, 15 अक्तूबर, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने आमजन से अपील की है कि वे ठोस कचरे को खुले में न जलाएं और स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखने में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि कचरा जलाने से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण बढ़ाता है, जिससे सांस संबंधी बीमारियों, खांसी, अस्थमा और फेफड़ों की समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इसका बच्चों, बुजुर्गों और पहले से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों पर विशेष रूप से प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। डीसी ने कहा कि स्वच्छ हवा और स्वस्थ जीवन के लिए प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। घरों, दुकानों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर निकलने वाले कचरे का उचित प्रबंधन करना जरूरी है। ठोस कचरे को खुले में जलाने के बजाय उसका निर्धारित तरीके से निस्तारण किया जाए, ताकि पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।
कचरा जलाने से वायु, मिट्टी और जल प्रदूषण का खतरा
डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि ठोस कचरा जलाने से वातावरण में हानिकारक गैसें और सूक्ष्म कण फैलते हैं। इससे वायु की गुणवत्ता प्रभावित होती है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। विशेष रूप से प्लास्टिक और अन्य हानिकारक पदार्थों को जलाने से जहरीले रसायन निकल सकते हैं, जो मानव स्वास्थ्य और प्राकृतिक संसाधनों के लिए नुकसानदायक हैं। इसलिए कचरे को जलाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाना और उसके वैज्ञानिक एवं उचित निस्तारण को बढ़ावा देना समय की जरूरत है।
गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की अपील
डीसी वर्षा खांगवाल ने नागरिकों से अपील की कि वे घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग रखें। कागज, प्लास्टिक, धातु और अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को रिसाइक्लिंग के लिए अलग किया जाए। इसके साथ ही नगर निकायों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही कचरा संग्रहण एवं निस्तारण सेवाओं का उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि कचरे का सही प्रबंधन, स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जनभागीदारी प्रदूषण नियंत्रण के प्रभावी उपाय हैं। प्रत्येक नागरिक की छोटी-सी पहल सामूहिक रूप से बड़े बदलाव का आधार बन सकती है।
नियमों की पालना करें, स्वच्छ झज्जर बनाने में दें योगदान
डीसी ने संबंधित विभागों से भी पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता बढ़ाने और ठोस कचरे के उचित निस्तारण की व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण बनाए रखना केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। डीसी ने आमजन से अपील की है कि कचरा न जलाएं, कचरे का उचित निस्तारण करें और स्वच्छ हवा, स्वस्थ जीवन तथा प्रदूषण मुक्त हरियाणा के निर्माण में सहभागी बनें।




संस्कारम पब्लिक स्कूल, खातीवास में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती मनाई गई
झज्जर, 15 अक्तूबर, अभीतक: संस्कारम पब्लिक स्कूल, खातीवास में भारत के महान वैज्ञानिक एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती उत्साह और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर उनके प्रेरणादायक जीवन एवं महान उपलब्धियों को याद किया। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों ने रंग भरो गतिविधि, भाषण एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लिया। रंग भरो गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया, वहीं भाषण एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में अपने विचारों को आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत कर अपनी अभिव्यक्ति कौशल एवं तार्किक क्षमता का परिचय दिया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने डॉ. कलाम के जीवन, वैज्ञानिक क्षेत्र में उनके योगदान तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जाना। विद्यालय के चेयरमैन श्री महिपाल यादव ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें डॉ. कलाम के आदर्शों से प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने, दृढ़ संकल्प के साथ मेहनत करने और देश के एक जिम्मेदार एवं योग्य नागरिक बनने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया। डॉ. कलाम का जीवन विद्यार्थियों को दृढ़ संकल्प, मेहनत, शिक्षा और देशभक्ति की प्रेरणा देता है। यह आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मकता, आत्मविश्वास, तार्किक सोच एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास रहा।

सरकारी योजनाओं को आमजन के करीब पहुंचाना सेवा सेतु कैंप का उद्देश्य: कप्तान सिंह
सरकार की योजनाओं के लाभार्थी बनने सेवा सेतु कैंप पहुंचे ग्रामीण
गांव भूरावास और माछरौली में जिला परिषद के चेयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना और आनंद सागर ने सेवा सेतु कैम्प का किया अवलोकन




डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर दी योजनाओं की जानकारी
झज्जर, 15 अक्तूबर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के तहत नागरिकों को सरकारी सेवाओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सहज रूप से उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से गुरुवार को गांव भूरावास और माछरौली ब्लाक में सेवा सेतु कैंप लगाए गए। गांव भूरावास में जिला परिषद के चेयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना ने सेवा सेतु कैम्प का अवलोकन किया। कैंप में पहुँचने पर बीडीपीओ साल्हावास राहुल मेहरा और माछरौली ब्लाक में आयोजित कैंप में बीडीपीओ धर्मपाल ने मुख्य अतिथि आनंद सागर, जीतू और देवेन्द्र का स्वागत किया। कैंप में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने पहुंचकर विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त की और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाया। डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में झज्जर जिला में सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा सेतु कैंप लगाकर लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है।
आमजन को जनकल्याणकारी योजनाओं, सेवाओं और कार्यक्रमों की दी जानकारी
भूरावास में लगे सेवा सेतु कैम्प में जिला परिषद के चेयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना ने बताया कि कैंप में विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए, जहां विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नागरिकों को सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं, सेवाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी जा रही है। नागरिकों को योजनाओं के लिए निर्धारित पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा मिलने वाले लाभों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। कैंप में पहुंचने वाले लोगों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का मौके पर समाधान करने का प्रयास किया गया। कप्तान सिंह ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित किए जा रहे सेवा सेतु कैंप का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और सेवाओं को आमजन के करीब पहुंचाना है, ताकि पात्र नागरिकों को योजनाओं की जानकारी के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े और उन्हें एक ही स्थान पर आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन मिल सके। माछरौली ब्लाक में आयोजित कैंप में आनंद सागर ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे प्रशासन की ओर से शेड्यूल अनुसार सेवा सेतु कैंप में पहुंचकर विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त करें और अपनी पात्रता के अनुसार सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि आज लगे सेवा सेतु कैंप में विभिन्न योजनाओं से संबंधित जानकारी लेने के लिए नागरिकों में उत्साह देखने को मिला है। लोगों ने विभागीय स्टॉल पर पहुंचकर अपनी जरूरत के अनुसार जानकारी प्राप्त की तथा पात्रता के आधार पर योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया को समझा। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आमजन को सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
योगाभ्यास, स्वास्थ्य संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली के लिए किया प्रेरित
सेवा सेतु कैंप में स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग की ओर से स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया। यहां नागरिकों की स्वास्थ्य जांच करने के साथ उन्हें स्वास्थ्य संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली तथा आयुष पद्धति से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं परामर्श दिया गया। इससे कैंप में आने वाले नागरिकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी के साथ स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का भी लाभ मिला।




झज्जर जिला में खरीफ खरीद प्रक्रिया को लेकर प्रशासन सक्रिय : डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने ली नोडल अधिकारियों की बैठक
बाजरा-धान खरीद के लिए झज्जर की आठ मंडियों में अधिकारियों की ड्यूटी की निर्धारित
परिवहन, मजदूरों की उपलब्धता और फसल उठान से लेकर किसानों की सुविधाओं तक की की जा रही नियमित निगरानी
झज्जर, 15 अक्तूबर, अभीतक: खरीफ फसल खरीद सीजन 2026-27 के दौरान बाजरा और धान की खरीद व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। डीसी वर्षा खांगवाल ने गुरुवार को जिला की अनाज मंडियों व खरीद केंद्रों के नोडल अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि मंडियों में किसानों द्वारा फसल लेकर आने से लेकर उनकी फसल की खरीद उपरांत उन्हें निर्धारित पेमेंट देने व खरीदी गई फसल का नियमित उठान करवाने में सभी नोडल अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाएं। इससे पहले हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में डीसी ने विस्तार से जिला में खरीफ फसल प्रक्रिया के बारे में अवगत कराया। डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि झज्जर जिला की आठ अनाज मंडियों एवं खरीद केंद्रों में अधिकारियों की ड्यूटी निर्धारित की हुई है। नियुक्त नोडल अधिकारी खरीद प्रक्रिया की निगरानी करेंगे, जबकि ड्यूटी मजिस्ट्रेट-कम-शिकायत निवारण समिति के अध्यक्ष और सदस्य किसानों व आढ़तियों की समस्याओं के समाधान, परिवहन व्यवस्था, मजदूरों की उपलब्धता और फसल उठान पर नजर रखेंगे।
इन अधिकारियों को सौंपी अनाज मंडी स्तर पर जिम्मेदारी
झज्जर अनाज मंडी के लिए एसडीएम रवि मीणा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है जबकि नायब तहसीलदार अंशुल शिकायत निवारण समिति के अध्यक्ष होंगे। वहीं समिति में हैफेड के मैनेजर जसवीर, एचडब्ल्यूसी के टीए अजय कुमार, खाद्य आपूर्ति विभाग से अजय राठी, कृषि विभाग से एडीओ मंगेश और मार्केट कमेटी से दीपक चैधरी को सदस्य बनाया गया है। मातनहेल मंडी के लिए सीईओ जिला परिषद मनीष फोगाट को नोडल अधिकारी लगाया गया है जबकि तहसीलदार कृष्ण शिकायत निवारण समिति के अध्यक्ष होंगे। समिति में हैफेड के मैनेजर जयप्रकाश, एचडब्ल्यूसी से टीए अजय कुमार, खाद्य आपूर्ति विभाग से रंजन यादव, कृषि विभाग से बीएओ संदीप कुमार और मार्केट कमेटी से दीपक चैधरी शामिल हैं। ढाकला अनाज मंडी के लिए जीएम रोडवेज अनित यादव नोडल अधिकारी होंगे जबकि नायब तहसीलदार मातनहेल नवदीप कुमार शिकायत निवारण समिति के अध्यक्ष होंगे। वहीं टीम में हैफेड के मैनेजर जयप्रकाश, एचडब्ल्यूसी के टीए अजय कुमार, खाद्य आपूर्ति विभाग से परमजीत, कृषि विभाग के बीएओ सुरेंद्र डागर और मार्केट कमेटी के सचिव विकास को शामिल किया गया है। बेरी अनाज मंडी में एसडीएम रेणुका नांदल को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है जबकि नायब तहसीलदार मनोज शिकायत निवारण समिति के अध्यक्ष होंगे। वहीं समिति में हैफेड के मैनेजर जसवीर, एचडब्ल्यूसी के टीए अजय कुमार, खाद्य आपूर्ति विभाग से दीपक, कृषि विभाग से बीएओ अशोक कुमार और मार्केट कमेटी के सचिव विजय कुमार सदस्य होंगे। पटौदा मंडी के लिए सीटीएम ऋतु को नोडल अधिकारी बनाया गया है जबकि नायब तहसीलदार साल्हावास रघुबीर सिंह शिकायत निवारण समिति के अध्यक्ष होंगे। वहीं समिति में हैफेड के मैनेजर जयप्रकाश, एचडब्ल्यूसी के टीए अजय कुमार, खाद्य विभाग के अजय कुमार, कृषि विभाग के एसएमएस (एग्रो) वरुण कुमार और मार्केट कमेटी के सचिव विकास को सदस्य बनाया गया है। बहादुरगढ़ अनाज मंडी में एसडीएम अभिनव सिवाच को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है जबकि नायब तहसीलदार प्रवीण शिकायत निवारण समिति के अध्यक्ष होंगे। वहीं समिति में हैफेड के मैनेजर जयप्रकाश, एचडब्ल्यूसी के टीए अजय कुमार, खाद्य विभाग के श्रीकांत, कृषि विभाग के पीओ राकेश राणा और मार्केट कमेटी की सचिव अंजू सदस्य होंगी। बादली मंडी हेतु एसडीएम विशाल को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है जबकि तहसीलदार श्रीनिवास शिकायत निवारण समिति के अध्यक्ष होंगे। समिति में हैफेड के मैनेजर जयप्रकाश, एचडब्ल्यूसी के टीए अजय कुमार, खाद्य आपूर्ति विभाग से गोरखनाथ, कृषि विभाग की एसएमएस (एग्रो) कविता और मार्केट कमेटी के दीपक चैधरी को सदस्य बनाया गया है। माजरा दूबलधन खरीद केंद्र में एचएसवीपी के ईओ सिद्धार्थ को नोडल अधिकारी बनाया गया है जबकि नायब तहसीलदार बेरी मनोज शिकायत निवारण समिति के अध्यक्ष होंगे। समिति में हैफेड के मैनेजर जसवीर, एचडब्ल्यूसी के टीए अजय कुमार, खाद्य विभाग के हरिओम, कृषि विभाग के एसएमएस रमेश कुमार और मार्केट कमेटी के सचिव विजय कुमार सदस्य होंगे।
खरीद व्यवस्था और किसानों की सुविधाओं पर रहेगी नजर
जिला प्रशासन की ओर से नियुक्त अधिकारी मंडियों में खरीद प्रक्रिया, परिवहन, मजदूरों की उपलब्धता और खरीदी गई फसल के समय पर उठान की निगरानी करेंगे। शिकायत निवारण समितियां किसानों और आढ़तियों की समस्याओं का समाधान करवाने के साथ मंडियों में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में भी भूमिका निभाएंगी। जिला प्रशासन की ओर से मंडियों में प्रवेश एवं निकास द्वार, मुख्य सड़क तक उचित रास्ता, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, अस्थायी शौचालय तथा कर्मचारियों और मजदूरों के लिए जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, झज्जर आदित्य कौशिक विभिन्न मंडियों से प्राप्त रिपोर्ट एकत्रित कर संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करेंगे।

सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्रामीणों को मिल रही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं
मातनहेल नागरिक अस्पताल में आयोजित मेगा हेल्थ कैंप में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दी स्वास्थ्य सेवाएं
झज्जर, 15 अक्तूबर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत वीरवार को नागरिक अस्पताल, मातनहेल में डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन किया गया। शिविर में जिला परिषद झज्जर के चेयरमैन कप्तान बिरधाना ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। शिविर में लगभग 150 मरीजों ने पहुंचकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लिया और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने की मरीजों की जांच
मेगा हेल्थ कैंप के दौरान मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों का परामर्श, ईसीजी और टेली-ईसीजी जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा मरीजों को आवश्यकतानुसार एलोपैथिक एवं आयुर्वेदिक दवाइयां भी निशुल्क प्रदान की गईं। जिला नागरिक अस्पताल, झज्जर और वर्ल्ड मेडिकल कॉलेज, झज्जर से पहुंचे विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श दिया।
ग्रामीणों को घर के नजदीक मिल रहीं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं
मुख्य अतिथि कप्तान बिरधाना ने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के मेगा हेल्थ कैंप आयोजित होने से लोगों को घर के नजदीक ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होती हैं। ऐसे शिविर आमजन को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और समय पर जांच व उपचार की सुविधा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने भी विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श और निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने पर संतोष व्यक्त किया तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम का आभार जताया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निभाई अहम भूमिका
शिविर के सफल आयोजन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप सिंह, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. निधि मोमिया, डॉ. दिनेश कुमार, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी एवं प्रभारी, तथा डॉ. विजय पूनिया, चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल मातनहेल सहित अस्पताल का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।




सेवा संकल्प अभियान के तहत क्रिकेट स्टेडियम में आज सजेगी मानव श्रृंखला
प्राकृतिक रंगों से दिखेगी विकसित भारत की झलक
क्रिकेट स्टेडियम में मानव श्रृंखला से साकार होगा विकसित भारत / 2047 का संकल्प
झज्जर, 15 अक्तूबर, अभीतक: सेवा, सहयोग और जनभागीदारी के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला में 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार, 16 अक्टूबर को झज्जर में दिल्ली रोड स्थित क्रिकेट स्टेडियम परिसर में मानव श्रृंखला और प्राकृतिक रंगोली का भव्य आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सहभागिता से मानव श्रृंखला के माध्यम से विकसित भारत / 2047 के संकल्प को साकार रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं प्राकृतिक सामग्रियों से तैयार रंगोली पर्यावरण संरक्षण और भारतीय संस्कृति का संदेश देगी। डीईओ रतींद्र सिंह ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार प्रदेशभर में सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में झज्जर जिला में अभियान के तहत जनभागीदारी बढ़ाने और युवाओं को राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक करने के लिए रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में होने वाला यह कार्यक्रम रंगों, रचनात्मकता, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रभक्ति का अनूठा संगम बनेगा। इसमें विद्यार्थी अनुशासित ढंग से पंक्तिबद्ध होकर सेवा संकल्प अभियान की मानव श्रृंखला तैयार करेंगे। इसके माध्यम से विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका, सामूहिक प्रयासों की महत्ता और देश के उज्ज्वल भविष्य का संदेश दिया जाएगा।
प्राकृतिक रंगोली के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण प्राकृतिक रंगोली होगी, जिसे प्राकृतिक सामग्रियों से तैयार किया जाएगा। इसके माध्यम से पर्यावरण के अनुकूल संसाधनों के उपयोग, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और पारंपरिक भारतीय कला को बढ़ावा देने का संदेश दिया जाएगा। प्राकृतिक सामग्रियों से उकेरी जाने वाली रंगोली में विकसित भारत / 2047 की परिकल्पना की झलक देखने को मिलेगी।
शिक्षा विभाग ने तेज की तैयारियां
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। जिला शिक्षा अधिकारी रतिंद्र सिंह और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राजबाला मलिक के नेतृत्व में आयोजन की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ आमजन की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि सेवा संकल्प अभियान का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचे। डीईओ ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में रचनात्मकता, अनुशासन, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और राष्ट्र के विकास में योगदान देने की भावना को मजबूत करते हैं। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जनभागीदारी को प्रोत्साहित करते हुए विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की दिशा में सामूहिक प्रयासों को नई ऊर्जा दी जा रही है।





रेवाड़ी में सांस्कृतिक महाकुंभ का आगाज: शहीद रामस्वरूप सीएम ईईई रावमावि कंवाली में जिला स्तरीय सांस्कृतिक उत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ
जिले के 5 खंडों के 300 से अधिक कलाकारों ने मंच पर बिखेरी हरियाणवी संस्कृति की छटा, शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों की रही गरिमामयी मौजूदगी
झज्जर, 15 अक्तूबर, अभीतक: जिला शिक्षा विभाग रेवाड़ी द्वारा आयोजित दो दिवसीय ’जिला स्तरीय सांस्कृतिक उत्सव-2026’ का भव्य आगाज वीरवार को शहीद रामस्वरूप राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कंवाली में ’शुभारंभ समारोह’ के साथ हुआ। पहले दिन प्राथमिक एवं मिडल विंग के विद्यार्थियों ने मनोरंजक आकर्षक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा से सभी का मन मोह लिया।
’शिक्षा महकमे के दिग्गजों का जमावड़ा
समारोह की शोभा बढ़ाने के लिए स्वयं जिला शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र शर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रदीप दहिया और उप जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेन्द्र यादव मौजूद रहे। जिला सांस्कृतिक समन्वयक अशोक कुमार नामवाल, खंड शिक्षा अधिकारी सत्यवीर नाहड़िया (खोल) के साथ साथ फतेह सिंह (खण्ड शिक्षा अधिकारी बावल), सुरेश कुमार (खण्ड शिक्षा अधिकारी नाहड़) सहित मेजबान प्राचार्य अनिल यादव भी मंच पर उपस्थित रहे जिन्होंने मंच पर सभी अधिकारियों, निर्णायक मंडल के सभी सदस्यों का फूल मालाओं से स्वागत किया।
मंच पर धमाल
प्रेस सचिव शिक्षाविद मनोज वशिष्ठ ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि आज शुभारंभ समारोह मुख्य मंच पर किया गया। तत्पश्चात प्रथम दिवस के सभी निर्धारित कार्यक्रम चार अलग अलग मंचों पर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुए। आज कक्षा 5वीं से 8वीं के बच्चों के लिए लोक नृत्य समूह, लोक नृत्य एकल, हरियाणवी रागनी, एकल गायन और स्किट प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं। बच्चों ने हरियाणवी संस्कृति पर आधारित मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। जिला शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र शर्मा ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास की नींव हैं। इस तरह के मंच बच्चों में आत्मविश्वास पैदा करते हैं और हमारी लुप्त होती हरियाणवी संस्कृति को सहेजने का काम करते हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रदीप दहिया ने कहा कि प्राथमिक एवं मिडल विंग के बच्चों में जो प्रतिभा आज देखने को मिली, वह अद्भुत है। छोटे बच्चे ही बड़े कलाकार बनते हैं। सभी प्रतिभागी बधाई के पात्र हैं, हार-जीत से ज्यादा भागीदारी महत्वपूर्ण है। जिला सांस्कृतिक समन्वयक अशोक कुमार नामवाल ने बताया कि आज प्रथम दिवस में 45 टीमों ने भाग लिया। सभी प्रतियोगिताएं पूरी पारदर्शिता से जूरी के निर्णय पर हुई हैं।
कल होगा महामुकाबला और पुरस्कार वितरण
वशिष्ठ ने आगे बताया कि कल 16 अक्टूबर को द्वितीय दिवस में कक्षा 9 से 12वीं (सीनियर विंग) के निर्धारित कार्यक्रम होंगे और उसी दिन भव्य ’समापन समारोह’ का आयोजन किया जाएगा। समापन समारोह में दोनों दिवस के विजेताओं को जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा।जिला विद्यालय शिक्षा विभाग द्वारा भोजन पानी पार्किंग और अनुशासन की पुख्ता व्यवस्था थी जिसकी सभी अधिकारियों ने भूरी भूरी प्रशंसा की।





मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य को लेकर डीसी ने की बैठक
एसआईआर के मामलों का समय रहते निपटारा करने के दिए निर्देश
रेवाड़ी, 15 अक्तूबर, अभीतक: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला में एसआईआर-2026 के तहत मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य मिशन मोड में जारी है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अभिषेक मीणा ने वीरवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर एसआईआर के कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इससे पहले हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए.श्रीनिवास ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा की। डीसी अभिषेक मीणा ने एसआईआर संबंधित मामलों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर ही नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाताओं से प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का नियमानुसार निपटारा 28 अक्तूबर 2026 तक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दावों एवं आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत 6 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। डीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं समय-सारणी की पूरी तरह पालना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जा सकें। इस अवसर पर एसडीएम संजीव कुमार, तहसीलदार रमन कुंडू, नायब तहसीलदार चुनाव अजय कुमार आदि मौजूद रहे।

खरीफ फसल की व्यवस्थित खरीद सुनिश्चित करें अधिकारी: डीसी
बाजरा की खरीद सहित अनाज मंडियों में व्यवस्थाओं को लेकर डीसी अभिषेक मीणा ने की समीक्षा बैठक
रेवाड़ी, 15 अक्तूबर, अभीतक: जिला की अनाज मंडियों में खरीफ फसल की खरीद प्रक्रिया को सुचारू और व्यवस्थित ढंग से संचालन को लेकर वीरवार को डीसी अभिषेक मीणा ने लघु सचिवालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में डीसी ने निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारी बाजरे की खरीद व्यवस्थित होना सुनिश्चित करें। वहीं अनाज मंडियों में जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर भी दिशा निर्देश दिए। इससे पहले हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीसी के माध्यम से सभी जिलों के डीसी और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। डीसी अभिषेक मीणा ने निर्देश देते हुए कहा कि जिला की अनाज मंडियों में खरीदी गई फसल का समय पर उठान होना चाहिए। उन्होंने पर्याप्त मात्रा में वाहनों का प्रयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित एसडीएम को खरीद प्रक्रिया की मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनाज मंडियों में खरीद प्रक्रिया के दौरान किसानों को कोई परेशानी न हो, इसलिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं होनी चाहिए। डीसी ने मंडियों में साफ-सफाई, पेयजल, फसलों के उठान तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा खरीद से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पूरी खरीद प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार संपन्न हो सके।

समाधान शिविर में शिकायतों का तत्परता से हो समाधान
रेवाड़ी, 15 अक्तूबर, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन में आयोजित किए जा रहे समाधान शिविर में आमजन की प्राप्त शिकायतों का तत्परता से निवारण किया जा रहा है। सीटीएम जितेंद्र कुमार और एएसपी दीपिका अग्रवाल ने वीरवार को लघु सचिवालय सभागार में आयोजित समाधान शिविर में जन समस्याओं को सुना तथा संबंधित अधिकारियों को उनका समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समाधान शिविर में गांव भाड़ावास में रास्ते से मिट्टी उठाने की शिकायत पर सीटीएम ने माइनिंग अधिकारी को जांच करते हुए उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गांव गुड़ियानी में गली में अवैध रूप से बनाए गए रैम्प और सीढ़ियों की शिकायत पर बीडीपीओ नाहड को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं गांव जाटी में घर के सामने कचरा डालने की शिकायत पर बीडीपीओ रेवाड़ी को कचरा हटवाने के निर्देश दिए। इसके अलावा अवैध कब्जा, पेयजल आपूर्ति, परिवार पहचान पत्र, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा, राशन कार्ड, बिजली आपूर्ति, नगर परिषद और राजस्व विभाग से संबंधित समस्याओं की सुनवाई की गई।





सेवा संकल्प अभियान: धारूहेड़ा में सेवा सेतु कैंप का किया आयोजन
विभागों ने स्टॉल लगाकर दी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी
रेवाड़ी, 15 अक्तूबर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत वीरवार को धारूहेड़ा नगर पालिका में सेवा सेतु शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल लगाकर नागरिकों को विभागीय सेवाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं और पात्रता संबंधी जानकारी दी गई। सेवा संकल्प अभियान के नोडल अधिकारी एवं एडीसी राहुल मोदी ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन में धारूहेड़ा में सेवा सेतु कैंप आयोजित किया गया। शिविर में पात्र लाभार्थियों को योजनाओं के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया के बारे में भी अवगत करवाने के साथ ही पंजीकरण भी किए गए, ताकि वे सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें। एडीसी ने बताया कि शिविर में दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना, स्वरोजगार, कौशल विकास, ऋण सुविधा सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।

सब डिविजनल लीगल सर्विस कमेटी बावल का लिया जायजा
रेवाड़ी, 15 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के निर्देशानुसार डॉ. रेनू सोलखे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी ने वीरवार को सब डिविजनल लीगल सर्विस कमेटी, बावल का दौरा किया। फ्रंट ऑफिस का निरीक्षण किया एवं रजिस्टर भी जांचें। इसके साथ उन्होंने आलोक आनंद, अध्यक्ष, सब डिविजनल लीगल सर्विस कमेटी, बावल से मुलाकात की तथा पैनल अधिवक्ताओं व पैरालेगल वॉलिंटियर्स के साथ मीटिंग भी रखी तथा उनकी समस्याओं के बारे में जाना तथा उचित दिशा निर्देश दिए।

पोक्सो एक्ट पर स्पेशल कैंप का किया आयोजन
रेवाड़ी, 15 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के निर्देशानुसार एवं डॉ. रेनू सोलखे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी द्वारा वीरवार को सूरज स्कूल, बावल में पोक्सो एक्ट 2012 के बारे में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में डॉ. रेनू सोलखे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की तथा स्कूल में उपस्थित बच्चों को पोक्सो एक्ट 2012 के बारे में विस्तार से जानकारी दी।इस कार्यशाला में डॉ.रेनू सोलखे, मुख्य दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रेवाड़ी ने उपस्थित विद्यार्थियों को बताया कि पोक्सो एक्ट 2012 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यौन शोषण, उत्पीड़न और अश्लीलता से बचाने के लिए है। एवं इस एक्ट के तहत पीड़ित बच्चे की पहचान मीडिया या सार्वजनिक रूप से करना कानूनी अपराध है। इस अधिनियम का उद्देश्य बच्चों को यौन उत्पीड़न, यौन शोषण, यौन दुर्व्यवहार और बाल पोर्नोग्राफी से बचाकर उनकी सुरक्षा करना और उनकी गरिमा को बनाए रखना है। इस कार्यशाला में सब डिविजनल लीगल सर्विस कमेटी, बावल, कि पैनल अधिवक्ता नेहा तोमर ने उपस्थित बच्चों को उनके कानूनी अधिकार एवं कर्तव्य तथा बच्चों के लिए नालसा की मुफ्त कानूनी सहायता के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी द्वारा एक हेल्पलाइन नंबर 01274-220062 चलाया हुआ है जिस पर आमजन किसी भी प्रकार के कानूनी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा आमजन के लिए चलाए गए टोल फ्री नंबर 15100 पर कॉल करके फ्री कानूनी सहायता ली जा सकती है। इस अवसर पर स्कूल प्राचार्य विजयबाला, अध्यापकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।






सरकार बहुउद्देशीय कर्मचारियों के पदों पर कैप लगाना बंद करें: आनन्द
झज्जर, 15 अक्तूबर, अभीतक: सिविल सर्जन कार्यालय के प्रांगण में जिले के सभी एम् पी एच ई एसोसिएशन 00421 के सभी कर्मचारी इकठ्ठे हुए और सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया।इस विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान प्रवीण कुमार और संचालन सचिव आनन्द कुमार ने किया।जिला प्रधान प्रवीण कुमार ने बताया कि सरकार जनसंख्या के अनुसार खाली पड़े को भरने की बजाय पदों को समाप्त करने पर उतारू है।राज्य सह सचिव सुखविंदर ने कहा कि डव्ज्च् के तहत हर जिले में ऑन लाइन तबादला के मार्फत पदों पर कैप लगा रही है जिससे कर्मचारियों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और हर जिले में एक कर्मचारी पर नियमानुसार जनसंख्या से ज्यादा जनसंख्या का कार्य करने का दबाव डाला जा रहा है जिससे कर्मचारियों में बहुत ज्यादा रोष है।जिला सचिव आनन्द कुमार ने बताया कि आज हर जिले के कर्मचारी सिविल सर्जन के मार्फत सरकार को ज्ञापन भेजा जा रहा है और कल हर जिले के उपायुक्त महोदय को सरकार को ज्ञापन भेजेंगे। अशोक कुमार हेल्थ इंस्पेक्टर ने बताया कि आज 12 बजे से 2 बजे तक धरना दिया और कल भी दो घंटे का धरना दिया जाएगा। आज के धरने में राजेश,जगदीप,हेल्थ इंस्पेक्टर आनन्द कुमार, सावन, कृष्ण, मनोज वीरेंद्र, विनय, सुखबीर, अशोक, भूपेंद् अमित, जगदीप, प्रवीण, रामपाल, विजय, धीरज सहित अनेको कर्मचारी उपस्थित थे।

समाधान शिविर से आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता से हो रहा समाधान: डीसी
झज्जर में समाधान शिविर के दौरान डीसी वर्षा खांगवाल ने सुनी नागरिकों की शिकायतें, अधिकारियों को समयबद्ध समाधान के दिए निर्देश
सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना और जन समस्याओं का निवारण प्रशासन की प्राथमिकता
झज्जर, 15 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा सरकार की ओर से आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी सेवाओं को सुलभ बनाने के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे समाधान शिविर के तहत गुरुवार को झज्जर में डीसी वर्षा खांगवाल ने नागरिकों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा समाधान शिविरों का आयोजन जनसेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इन शिविरों के माध्यम से नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि समाधान शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन की शिकायतों का समयबद्ध निवारण करना और सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने तथा उनकी समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। समाधान शिविरों में विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है, ताकि नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना प्राथमिकता
डीसी ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नागरिकों को सरकारी योजनाओं, पात्रता संबंधी शर्तों, आवेदन प्रक्रिया तथा आवश्यक दस्तावेजों के बारे में उचित जानकारी उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि परिवार पहचान पत्र, पेंशन, विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, प्रमाण पत्रों तथा अन्य नागरिक सेवाओं से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभाग निर्धारित नियमों के अनुसार कार्रवाई करें। पात्र नागरिकों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए उनके आवेदनों की जांच और आवश्यक प्रक्रिया समय पर पूरी की जाए।
शिकायतों के निपटारे में न हो अनावश्यक देरी
डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान शिविरों में प्राप्त शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए उनके निपटारे की नियमित निगरानी की जाए। जिन मामलों में किसी अतिरिक्त दस्तावेज या जानकारी की आवश्यकता है, उनमें संबंधित नागरिक को समय रहते सूचित किया जाए। साथ ही, प्रत्येक शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उसकी प्रगति से संबंधित जानकारी भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि आमजन को सरकारी कार्यालयों में उपलब्ध सेवाओं का लाभ सरल, पारदर्शी और सुगम तरीके से मिले। समाधान शिविरों के माध्यम से नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित हो रहा है, जिससे समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं। डीसी ने आमजन से अपील की कि वे अपनी शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान के लिए समाधान शिविरों का लाभ उठाएं तथा सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त कर पात्रता के अनुसार आवेदन करें। जिला प्रशासन नागरिकों की समस्याओं के समाधान और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर एसडीएम झज्जर रवि मीणा, एसडीएम बहादुरगढ अभिनव सिवाच, सीईओ जिला परिषद मनीष फोगाट सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।






बरसात के दौरान खरीफ फसल के बचाव के लिए प्रशासन ने किए पुख्ता प्रबंध
जिले की सभी अनाज मंडियों में खुले में रखी फसल को तिरपाल से ढका
किसानों की उपज को बारिश से सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन सतर्क
झज्जर, 15 अक्तूबर, अभीतक: बरसात के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा जिले की सभी अनाज मंडियों में खरीफ फसल को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं। मंडियों में खुले में रखी खरीफ फसल को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल से ढका गया है, ताकि प्रतिकूल मौसम के कारण किसानों की मेहनत से उपजी फसल को किसी प्रकार का नुकसान न हो। डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा खरीफ फसलों की खरीद प्रक्रिया के दौरान किसानों की उपज की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। मौसम में बदलाव और बरसात की संभावना को देखते हुए अनाज मंडियों में रखी फसल को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। इसके तहत मंडियों में खुले में रखी फसल को तिरपाल से ढककर बारिश के पानी से बचाने की व्यवस्था की गई है। डीसी ने कहा प्रशासन का प्रयास है कि बरसात के दौरान किसानों की उपज सुरक्षित रहे और खरीद प्रक्रिया के तहत मंडियों में पहुंचने वाली फसल को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए सभी अनाज मंडियों में फसल के बचाव के आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। डीसी ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा खरीफ फसल खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के साथ-साथ मंडियों में किसानों की सुविधा और उनकी उपज की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिला प्रशासन, झज्जर ने बरसात के दौरान खरीफ फसल को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार का नुकसान न उठाना पड़े। सम्बन्धित नोडल अधिकारी स्वयं अनाज मंडियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
बेरी अनाज मंडी में बरसात से बचाव के लिए किए जा रहे प्रबंधों का जायजा लेती एसडीएम रेणुका नांदल।

पुराने डीजल व पेट्रोल वाहनों को स्क्रैप करवाएं , प्रदूषण कम करने में सहयोग करें: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा-नियम न मानने पर होगी सख्त कार्रवाई
झज्जर, 15 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा सरकार ने एनसीआर क्षेत्र को स्वच्छ, सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से एक विशेष पहल की शुरुआत की है। डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति सभी को जिम्मेदारी निभानी है, ऐसे में पुराने वाहन मालिक निर्धारित समय पूर्ण कर चुके वाहनों को स्क्रैप अवश्य कराएं। डीसी ने बताया कि 10 वर्ष पुराने डीजल वाहनों और 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहनों को तुरंत स्क्रैप कराने का समय आ गया है। पुराने वाहन न केवल अत्यधिक वायु प्रदूषण फैलाते हैं, बल्कि ये चलाने में अधिक खर्चीले और सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी असुरक्षित होते हैं। डीसी ने कहा कि जिला परिवहन अधिकारी के माध्यम से निरन्तर लोगों को जागरुक भी किया जा रहा है। उन्होंने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे स्वच्छ एनसीआर और हरित भविष्य के निर्माण में अपना योगदान देते हुए अपने 10 साल पुराने डीजल तथा 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को नजदीकी पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केंद्रों (आरवीएसएफ) पर ले जाकर स्क्रैप करवाएं और नए स्वच्छ वाहनों को अपनाएं। जिला परिवहन अधिकारी रवीश हुड्डा ने बताया कि आरवीएसएफ केंद्रों पर सुरक्षित स्क्रैपिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे कम प्रदूषण के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और वाहनों की उपयोगी सामग्री का रिसाइक्लिंग संभव हो सकेगा। उन्होंने बताया कि यदि लोग अपने इन पुराने वाहनों को जल्द से जल्द आरवीएसएफ केंद्रों पर ले जाकर स्क्रैप नहीं कराते हैं, तो नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। स्वच्छ एनसीआर और हरे-भरे कल के सपने को साकार करने के लिए सरकार ने नागरिकों से अपने पुराने वाहनों को जिम्मेदारी से स्क्रैप कराने और इस मुहिम में सहयोग देने का आग्रह किया है।


सेवा मेरा योगदान थीम के तहत आईटीआई गुढ़ा में बनाई सेवा संकल्प मानव श्रृंखला
मानव श्रृंखला के माध्यम से विद्यार्थियों को अनुशासन, स्वच्छता, एकता और टीम वर्क का दिया संदेश
सेवा संकल्प अभियान के तहत विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारी निभाने और आपसी सहयोग से आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित
झज्जर, 15 अक्तूबर, अभीतक: जिला झज्जर में डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में 17 अक्टूबर तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत सेवा मेरा योगदान थीम के अंतर्गत राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), झज्जर एट गुढ़ा में गुरुवार को विद्यार्थियों ने मानव श्रृंखला बनाकर सेवा, एकता और सहयोग का संदेश दिया। कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग, हरियाणा के तत्वावधान में संस्थान के प्रधानाचार्य जीतपाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों को अनुशासन, टीम वर्क, स्वच्छता, एकता और आपसी सहयोग के प्रति जागरूक करना था। मानव श्रृंखला में विभिन्न व्यवसायों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और सामूहिक प्रयासों से आगे बढ़ने का संकल्प लिया। प्रधानाचार्य ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों को सामाजिक सरोकारों और जन कल्याणकारी गतिविधियों से जोड़ने के लिए संस्थान में निरंतर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें आशीर्वाद का दीया, वोकल फॉर लोकल, रक्तदान शिविर, मेडिकल चेकअप, स्वच्छता अभियान और पौधारोपण जैसी गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, सेवा भावना और सकारात्मक सोच विकसित करना है। मानव श्रृंखला के माध्यम से भी विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि अनुशासन, एकता और आपसी सहयोग से सामूहिक लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है। सेवा मेरा योगदान थीम के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रेरित किया जा रहा है कि वे अपने दैनिक जीवन में सेवा, स्वच्छता और सहयोग की भावना अपनाएं तथा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।

राशन डिपो के लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित
10 नवंबर तक सरल पोर्टल पर करें आवेदन, महिलाओं को मिलेगा 33 प्रतिशत आरक्षण : डीसी वर्षा खांगवाल
डीएफएससी आदित्य कौशिक ने पात्र आवेदकों से दिशा-निर्देशों व पात्रता शर्तों का अध्ययन कर आवेदन करने की अपील की
झज्जर, 15 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने, पात्र परिवारों को राशन की सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके तहत प्रदेश में 2,651 रिक्त उचित मूल्य की दुकानों (राशन डिपो) के लाइसेंस जारी करने के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस प्रक्रिया में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इच्छुक एवं पात्र आवेदक 10 नवंबर, 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य उन पात्र परिवारों की समस्याओं का समाधान करना है, जिन्हें राशन प्राप्त करने के लिए दूर स्थित राशन डिपुओं तक जाना पड़ता है। नए राशन डिपो आवंटित होने से जरूरतमंद परिवारों को सुविधा मिलेगी। साथ ही, पात्र युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सेवाएं जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनेंगी। डीएफएससी आदित्य कौशिक ने बताया कि उचित मूल्य की दुकानों के लाइसेंस के लिए आवेदन हरियाणा अंत्योदय सरल पोर्टल ीजजचेरूध्ध्ेंतंसींतलंदंण्हवअण्पद के माध्यम से किया जा सकता है। आवेदन करने से पहले इच्छुक आवेदकों को निर्धारित दिशा-निर्देशों, आवेदन प्रक्रिया और पात्रता शर्तों का भलीभांति अध्ययन करना चाहिए, ताकि आवेदन करते समय किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि रिक्त राशन डिपुओं का जिलावार एवं ग्रामवार विवरण, आवेदन संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश और पात्रता शर्तें खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, हरियाणा की आधिकारिक वेबसाइट ीजजचेरूध्ध्ींतलंदंविवकण्हवअण्पद पर उपलब्ध हैं। आवेदक इन वेबसाइट के माध्यम से अपने क्षेत्र में उपलब्ध रिक्तियों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। डीएफएससी ने सभी इच्छुक एवं पात्र आवेदकों, विशेषकर युवाओं और महिलाओं, से अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाते हुए निर्धारित अंतिम तिथि 10 नवंबर, 2026 तक ऑनलाइन आवेदन करें और प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
प्रतिभा मंथन कार्यक्रम से विद्यार्थियों को मिल रही करियर की नई राह, प्रिंस ने चुना अपना नया रास्ता
झज्जर, 15 अक्तूबर, अभीतक: झज्जर जिले में शिक्षा विभाग के सहयोग से संचालित प्रतिभा मंथन कार्यक्रम विद्यार्थियों को करियर के विभिन्न विकल्पों को समझने और अपने भविष्य से जुड़े फैसले सोच-समझकर लेने में मदद कर रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन दिया जा रहा है, ताकि वे अपनी रुचि, क्षमताओं और उपलब्ध अवसरों के आधार पर अपने भविष्य की दिशा तय कर सकें। इसी पहल से जुड़ी एक कहानी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कबलाना के छात्र प्रिंस की है, जिन्होंने मनचाहे कोर्स में दाखिला न मिलने के बाद भी हार मानने के बजाय अपने लिए एक नई राह चुनी। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कबलाना के छात्र प्रिंस 12वीं के बाद ठण्।ए स्स्ठ करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने ब्न्म्ज् की परीक्षा भी दी, लेकिन अपेक्षित अंक न मिलने के कारण उन्हें अपनी पसंद के कोर्स में दाखिला नहीं मिल पाया। ऐसे में वे एक साल ड्रॉप करने के बारे में सोच रहे थे। प्रिंस के पिता मजदूरी करते हैं और उनकी माँ मिड-डे मील कार्यकर्ता हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उनके लिए अपनी पढ़ाई जारी रखने के साथ-साथ सही करियर विकल्प चुनना भी जरूरी था। इसी दौरान प्रतिभा मंथन प्रोग्राम के तहत मिली करियर गाइडेंस ने प्रिंस को अपने विकल्पों पर दोबारा सोचने में मदद की। उन्होंने च्संद । और च्संद ठ के महत्व को समझा और एक साल इंतजार करने के बजाय महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक में होटल मैनेजमेंट कोर्स में दाखिला ले लिया। शुरुआत में प्रिंस इस कोर्स को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थे, लेकिन कॉलेज में अलग-अलग क्षेत्रों के बारे में जानने के बाद उनकी रुचि बेकरी में बढ़ने लगी। अब वे अपने कोर्स में अच्छा कर रहे हैं और आगे बढ़ने के नए अवसरों को लेकर उत्साहित हैं। कॉलेज में अपने सीनियर्स को फ्रांस में इंटर्नशिप और नौकरी के अवसरों की तैयारी करते देखकर प्रिंस भी प्रेरित हुए हैं। अब वे फ्रेंच और अंग्रेजी भाषा सीख रहे हैं, ताकि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध अवसरों के लिए खुद को तैयार कर सकें। प्रिंस की कहानी दिखाती है कि प्रतिभा मंथन के माध्यम से मिली करियर गाइडेंस विद्यार्थियों को अपने विकल्प समझने और सोच-समझकर फैसले लेने में मदद कर सकती है। मनचाहे कोर्स में दाखिला न मिलने के बाद भी प्रिंस ने पढ़ाई जारी रखने का फैसला किया और अपने लिए एक नया रास्ता चुना।
सर्दियों के मौसम को देखते हुए 16 अक्टूबर से नागरिक अस्पतालों के समय में बदलाव’
अब सुबह 9 बजे खुलेंगे अस्पताल, दोपहर 3 बजे तक मिलेंगी स्वास्थ्य सेवाएं’
सर्दियों के मौसम की शुरुआत को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग हरियाणा द्वारा प्रदेश के सभी नागरिक अस्पतालों एवं डिविजनल अस्पतालों के समय में बदलाव किया गया है। अब 16 अक्टूबर 2026 से अस्पताल सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक खुलेंगे। इससे पहले गर्मियों के मौसम में अस्पतालों का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित था। सिविल सर्जन ने जानकारी देते हुए बताया कि बताया कि मौसम में बदलाव के साथ ही अस्पतालों के समय में भी परिवर्तन किया जाता है। सर्दियों के मौसम में सुबह के समय तापमान कम होने के कारण अस्पताल आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए समय में बदलाव किया गया है। उन्होंने बताया कि 16 अक्टूबर से मरीजों को सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य मरीजों को सुविधाजनक समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे 16 अक्टूबर से अस्पताल के नए समय के अनुसार ही अपनी चिकित्सा संबंधी सेवाओं के लिए अस्पताल पहुंचें।





हरियाणवी संस्कृति और लोक परंपराओं को सहेजने की अनूठी पहल, कासनी में सांझी प्रतियोगिता आयोजित 10 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
कासनी, 15 अक्तूबर, अभीतक: हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राचीन लोककलाओं और पारंपरिक रीति-रिवाजों को सहेजने तथा आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से गांव कासनी में कासनी समाज कल्याण सेवा समिति की ओर से सांझी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में 10 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हरियाणा की पारंपरिक सांझी कला ग्रामीण जीवन और लोक आस्था से जुड़ी एक विशिष्ट सांस्कृतिक परंपरा है। इसे तैयार करने में कला, धैर्य, कल्पनाशीलता और कई दिनों की मेहनत लगती है। परंपरागत रूप से दीवार पर गोबर की सहायता से सांझी की आकृति बनाई जाती है। इसके बाद पहले से बने चिकनी मिट्टी के हाथ, मुंह और पैर सहित विभिन्न अंगों को और बीच-बीच में मिट्टी से बने सितारे और दूसरी सजावटी आकृतियां लगाई जाती हैं तथा उन पर विभिन्न रंगों से आकर्षक सजावट की जाती है। इस प्रकार दीवार पर उकेरी गई सांझी केवल एक कलाकृति नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की कला, परंपरा और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का प्रतीक बन जाती है। आधुनिकता के दौर में ऐसी पारंपरिक कलाओं को सहेजना और नई पीढ़ी को इनसे परिचित कराना बेहद जरूरी है। प्रतियोगिता में रामकिशन की पत्नी पूनम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि राजबीर की पत्नी गुड्डी उर्फ कृष्णा दूसरे और सुदीप की पत्नी सीमा तीसरे स्थान पर रहीं। समिति की ओर से प्रथम विजेता पूनम को 3,100 रुपये तथा हरियाणवी संस्कृति फैन्स क्लब के ओनर रणवीर धनखड़ की ओर से 1,100 रुपये की अतिरिक्त पुरस्कार राशि प्रदान की गई। द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली गुड्डी उर्फ कृष्णा को समिति की ओर से 2,100 रुपये तथा रणवीर धनखड़ की ओर से 500 रुपये दिए गए। तृतीय स्थान पर रहीं सीमा को समिति की ओर से 1,100 रुपये तथा हरियाणवी संस्कृति फैन्स क्लब की ओर से 200 रुपये की राशि प्रदान की गई। अन्य छह प्रतिभागियों को भी पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया। विजेता प्रतिभागियों ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि सांझी तैयार करना केवल प्रतियोगिता में भाग लेने तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे उनकी पिछले 15 दिनों की लगातार मेहनत, लगन और रचनात्मकता जुड़ी हुई थी। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में स्थान प्राप्त करना उनकी मेहनत का परिणाम है, लेकिन सबसे बड़ी खुशी अपनी पारंपरिक कला को सहेजने और उसे लोगों के सामने प्रस्तुत करने की है। कासनी समाज कल्याण सेवा समिति के प्रधान दिलबाग थानेदार ने कहा कि हरियाणवी संस्कृति हमारी पहचान, हमारी परंपरा और हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है।




नशीले पदार्थों व अवैध हथियारों की रोकथाम के लिए डॉग एस्कॉर्ट की सहायता से गांव डिघल में चलाया गया सर्च अभियान’
झज्जर, 15 अक्तूबर, अभीतक: नशीले पदार्थों की तस्करी तथा अवैध हथियार रखने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने के उद्देश्य से झज्जर पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस उपायुक्त धारणा यादव के दिशा-निर्देशन में गांव डिघल में डॉग एस्कॉर्ट की सहायता से सर्च अभियान चलाया गया। चैकी प्रभारी डिघल सहायक उप निरीक्षक अश्विंदर सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान पुलिस टीम ने डॉग एस्कॉर्ट की सहायता से गांव में संदिग्ध स्थानों पर जांच की। अभियान का मुख्य उद्देश्य नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियारों की गतिविधियों तथा अन्य गैरकानूनी कार्यों पर अंकुश लगाना और आमजन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि झज्जर पुलिस द्वारा अपराधों की रोकथाम और असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखने के लिए समय-समय पर इस प्रकार के सर्च अभियान चलाए जाते हैं। पुलिस का प्रयास है कि युवाओं को नशे से दूर रखा जाए तथा अवैध हथियारों के इस्तेमाल और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।झज्जर पुलिस आमजन से अपील करती है कि यदि किसी व्यक्ति को नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियार रखने या किसी अन्य संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखने का प्रयास किया जाएगा। अपराध मुक्त समाज के निर्माण में पुलिस का सहयोग करें।

जितेंद्र हत्याकांड में झज्जर पुलिस की कार्रवाई, एक नाबालिग सहित छठा आरोपी गिरफ्तार’
गिरफ्तार आरोपी अरविंद निवासी धांधलान को अदालत में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया’
झज्जर, 15 अक्तूबर, अभीतक: पुलिस उपायुक्त झज्जर धारणा यादव के दिशा-निर्देशन में झज्जर पुलिस द्वारा गंभीर आपराधिक मामलों में संलिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में चैकी डीघल पुलिस की टीम ने गांव डीघल में हुए जितेंद्र हत्याकांड में एक और आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अरविंद निवासी धांधलान के रूप में हुई है। इस मामले में अब तक एक नाबालिग सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।चैकी प्रभारी डीघल सहायक उप निरीक्षक अश्विंदर सिंह ने बताया कि पुलिस टीम मामले की गंभीरता को देखते हुए लगातार जांच कर रही है। घटना से जुड़े तथ्यों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए अरविंद को गिरफ्तार किया।उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता सोमबीर निवासी डीघल ने शिकायत देते हुए बताया की 2 और 3 जून 2026 की मध्यरात्रि को उसके बड़े भाई जितेंद्र की घर के बाहर बने कमरे में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शिकायत में हत्या को पूर्व में हुई साहिल उर्फ सोनू की हत्या से जुड़े बदले की भावना बताया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।पुलिस टीम ने गिरफ्तार आरोपी अरविंद को अदालत में पेश किया, जहां से उसे पूछताछ के लिए एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान मामले से जुड़े तथ्यों की गहनता से जांच की जाएगी तथा अन्य संबंधित पहलुओं का पता लगाने के प्रयास किए जाएंगे।झज्जर पुलिस द्वारा मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य प्रत्येक पहलू की जांच कर तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।



गुड्डा गांव में ग्रामीणों और महिलाओं को साइबर अपराधों के प्रति किया जागरूक
थाना साइबर क्राइम झज्जर के प्रबंधक निरीक्षक दर्शन सिंह ने डिजिटल अरेस्ट, व्ज्च् ठगी और फर्जी ।च्ज्ञ फाइलों से बचाव के बताए तरीके’
झज्जर, 15 अक्तूबर, अभीतक: आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने तथा ऑनलाइन ठगी से बचाव के लिए झज्जर पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पुलिस उपायुक्त मुख्यालय फैसल खान के दिशा-निर्देशन में थाना साइबर क्राइम झज्जर के प्रबंधक निरीक्षक दर्शन सिंह ने गांव गुड्डा में ग्रामीणों और महिलाओं को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों तथा उनसे बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया।जागरूकता कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों और महिलाओं को डिजिटल अरेस्ट, व्ज्च् धोखाधड़ी, फर्जी ।च्ज्ञ फाइल, अनजान लिंक और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली साइबर ठगी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि साइबर अपराधी लोगों को डराकर, लालच देकर या उनकी निजी जानकारी हासिल करके ठगी का शिकार बनाते हैं। निरीक्षक दर्शन सिंह ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति वीडियो कॉल पर खुद को पुलिस अधिकारी या किसी सरकारी एजेंसी का कर्मचारी बताकर गिरफ्तारी का डर दिखाए और पैसों की मांग करे, तो उसकी बातों में न आएं। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराकर पैसे मांगना साइबर ठगी का तरीका है। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ व्ज्च्, बैंक खाते की जानकारी या अन्य गोपनीय विवरण साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने और बिना सत्यापन के ।च्ज्ञ फाइल डाउनलोड करने से भी बचें। उन्होंने ग्रामीणों और महिलाओं को साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन गतिविधि की सूचना पुलिस को देने की अपील की।झज्जर पुलिस ने आमजन से अपील की कि वे स्वयं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी जागरूक करें, ताकि ऑनलाइन ठगी की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। झज्जर पुलिस का संदेशरू सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और साइबर अपराधों के प्रति दूसरों को भी जागरूक करें।

श्री प्राचीन रामलीला कमेटी (रजि० 00334), दिल्ली गेट, झज्जर की ओर से आज दशहरा महोत्सव के मुख्य अतिथि एवं भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय सचिव श्री ओमप्रकाश धनखड़ को रामलीला एवं दशहरा महोत्सव का निमंत्रण पत्र भेंट कर सादर आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर आदरणीय श्री ओमप्रकाश धनखड़ जी द्वारा कमेटी के सदस्यों की पगड़ी बांधकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष श्री विकास वाल्मीकि जी, राजपुरोहित पं. अरुण हरित, प्रधान अंकुश दुहन, कैशियर जय भगवान मित्तल, सचिव गुलाब प्रजापति एवं मेला प्रबंधक आदित्य धनखड़ मौजूद रहे।
रेवाड़ी में सांस्कृतिक महाकुंभ का आगाजरू शहीद रामस्वरूप सीएम ईईई रावमावि कंवाली में जिला स्तरीय सांस्कृतिक उत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ’
जिले के 5 खंडों के 300 से अधिक कलाकारों ने मंच पर बिखेरी हरियाणवी संस्कृति की छटा, शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों की रही गरिमामयी मौजूदगी
झज्जर, 15 अक्तूबर, अभीतक: जिला शिक्षा विभाग रेवाड़ी द्वारा आयोजित दो दिवसीय ’जिला स्तरीय सांस्कृतिक उत्सव-2026’ का भव्य आगाज वीरवार को शहीद रामस्वरूप राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कंवाली में ’शुभारंभ समारोह’ के साथ हुआ। पहले दिन प्राथमिक एवं मिडल विंग के विद्यार्थियों ने मनोरंजक आकर्षक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा से सभी का मन मोह लिया।
शिक्षा महकमे के दिग्गजों का जमावड़ा
समारोह की शोभा बढ़ाने के लिए स्वयं जिला शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र शर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रदीप दहिया और उप जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेन्द्र यादव मौजूद रहे। जिला सांस्कृतिक समन्वयक अशोक कुमार नामवाल,खंड शिक्षा अधिकारी सत्यवीर नाहड़िया (खोल) के साथ साथ फतेह सिंह (खण्ड शिक्षा अधिकारी बावल), सुरेश कुमार (खण्ड शिक्षा अधिकारी नाहड़) सहित मेजबान प्राचार्य अनिल यादव भी मंच पर उपस्थित रहे जिन्होंने मंच पर सभी अधिकारियों, निर्णायक मंडल के सभी सदस्यों का फूल मालाओं से स्वागत किया।
मंच पर धमाल
प्रेस सचिव शिक्षाविद मनोज वशिष्ठ ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि आज शुभारंभ समारोह मुख्य मंच पर किया गया। तत्पश्चात प्रथम दिवस के सभी निर्धारित कार्यक्रम चार अलग अलग मंचों पर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुए।आज कक्षा 5वीं से 8वीं के बच्चों के लिए लोक नृत्य समूह, लोक नृत्य एकल, हरियाणवी रागनी, एकल गायन और स्किट प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं। बच्चों ने हरियाणवी संस्कृति पर आधारित मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। जिला शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र शर्मा ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास की नींव हैं। इस तरह के मंच बच्चों में आत्मविश्वास पैदा करते हैं और हमारी लुप्त होती हरियाणवी संस्कृति को सहेजने का काम करते हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रदीप दहिया ने कहा कि प्राथमिक एवं मिडल विंग के बच्चों में जो प्रतिभा आज देखने को मिली, वह अद्भुत है। छोटे बच्चे ही बड़े कलाकार बनते हैं। सभी प्रतिभागी बधाई के पात्र हैं, हार-जीत से ज्यादा भागीदारी महत्वपूर्ण है। जिला सांस्कृतिक समन्वयक अशोक कुमार नामवाल ने बताया कि आज प्रथम दिवस में 45 टीमों ने भाग लिया। सभी प्रतियोगिताएं पूरी पारदर्शिता से जूरी के निर्णय पर हुई हैं।
कल होगा महामुकाबला और पुरस्कार वितरण
वशिष्ठ ने आगे बताया कि कल 16 अक्टूबर को द्वितीय दिवस में कक्षा 9 से 12वीं (सीनियर विंग) के निर्धारित कार्यक्रम होंगे और उसी दिन भव्य ’समापन समारोह’ का आयोजन किया जाएगा। समापन समारोह में दोनों दिवस के विजेताओं को जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा।जिला विद्यालय शिक्षा विभाग द्वारा भोजन पानी पार्किंग और अनुशासन की पुख्ता व्यवस्था थी जिसकी सभी अधिकारियों ने भूरी भूरी प्रशंसा की।



दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक, शहरवासी बढ़-चढ़कर लें भाग: डॉ. राजेश भाटिया
विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर डॉ. भाटिया ने धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों को दिया निमंत्रण
फरीदाबाद, 15 अक्तूबर, अभीतक: सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर श्री सनातन धर्म महाबीर दल, मार्किट नंबर-एक एवं पंजाबी सभा द्वारा आयोजित किए जाने वाले दशहरा पर्व की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस धार्मिक आयोजन में शहरवासियों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंदिर के प्रधान डॉ. राजेश भाटिया विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों को दशहरा समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दे रहे हैं। डॉ. राजेश भाटिया ने कहा कि दशहरा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सत्य, धर्म और अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है। भगवान श्रीराम का जीवन हमें मर्यादा, सत्य, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि रावण दहन का वास्तविक संदेश केवल एक परंपरा का निर्वहन करना नहीं, बल्कि अपने भीतर और समाज में व्याप्त अहंकार, अन्याय तथा अन्य बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेना भी है। उन्होंने कहा कि दशहरा जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्व हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति और परंपराओं को सहेजने तथा उन्हें अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजन समाज में आपसी भाईचारे, प्रेम, एकता और सद्भावना को मजबूत करते हैं। डॉ. भाटिया ने शहरवासियों से अपील की कि वे अपने परिवार सहित दशहरा समारोह में बढ़-चढ़कर भाग लें और इस पावन पर्व को उत्साह, उल्लास एवं आपसी सौहार्द के साथ मनाएं। इसी कड़ी में डॉ. भाटिया ने बीती रात श्री महारानी वैष्णो देवी मंदिर के प्रधान जगदीश भाटिया, श्री महाकाली माता मंदिर के प्रधान राजकुमार काले, तथा शिव मंदिर, 1सी-11 बीपी के प्रधान रवि नागपाल व् मनमोहन भाटिया (बब्बू) से मुलाकात की और संस्था में आयोजित नवरात्रि कार्यक्रमों में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने महामाई के चरणों में शीश नवाकर पूजा-अर्चना की तथा माता रानी का गुणगान किया। साथ ही, संबंधित धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों से मुलाकात कर उन्हें दशहरा समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सेवा और समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत सामान्य दिव्यांगजनों व नक्सली हिंसा से पीड़ित दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरण समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर देशभर में इस प्रकार के सेवा संकल्प अभियान चलाए जा रहे हैं
इस अभियान में अकेले बस्तर से 1570 से अधिक लाभार्थी हैं, जो बस्तर की पीड़ा का परिचय देती है
नक्सलमुक्त भारत बनाने के बाद इसके कारण देश को जो घाव मिले हैं, अब उन पर मरहम लगाना और हर पीड़ित सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सके, उसकी व्यवस्था करनी है
नक्सलियों ने राजनीतिक उद्देश्य के लिए प्म्क् के धमाके कर निर्दोष लोगों को दिव्यांग बनाया, इससे बड़ा मानवाधिकार का हनन कुछ नहीं हो सकता
मोदी सरकार हर दिव्यांग और पीड़ित को पुनर्वास का अवसर देने के प्रति कटिबद्ध है, इस प्रयास में भारत सरकार, छत्तीसगढ़ सरकार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है
जैसे नक्सलवाद को समाप्त किया है, वैसे ही उसकी हर निशानी को भी मिटाना होगा
विपक्षी पार्टी के शासन में पांच दशकों तक जिस बस्तर में बुनियादी सेवाएं तक नहीं पहुंच सकीं, वहां आज नियद नेल्लानार योजना के तहत आधारभूत सुविधाएं पहुंच रही है

छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर ओलंपिक, बस्तर पंडुम, नियद नेल्लानार और मुख्यमंत्री सामूहिक बस योजना के माध्यम से फिर से हंसता-खेलता बस्तर बनाने की दिशा में प्रयास किया है
जिस बस्तर में कभी गोली, बम धमाके सुनाई देते थे और भय का माहौल था, वहां आज हजारों युवा खेलों में भाग ले कर अपनी परंपरा को जीवित रख रहे हैं
बस्तर पंडुम के माध्यम से जनजातीय कला एवं संस्कृति को पुनर्जीवित करने का एक बहुत बड़ा प्रयास हुआ है
500 से अधिक पूर्ववर्ती सुरक्षा शिविरों में से 200 से ज्यादा सुरक्षा शिविरों को शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा में बदला जाएगा
जिस शिविर में कभी जवान बैठकर लोगों की सुरक्षा करते थे, वहीं आज भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार के अधिकारी बैठकर विकसित बस्तर की नींव डालेंगे
नई दिल्ली, 15 अक्तूबर, अभीतक: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के सेवा और समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर चल रहे श्सेवा संकल्प अभियानश् के तहत सामान्य दिव्यांगजनों व नक्सली हिंसा से पीड़ित दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरण समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया। अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज दिव्यांग सेवा शिविर के दूसरे चरण का शुभारंभ हो रहा है जो सेवा संकल्प अभियान का हिस्सा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर देशभर में इस प्रकार के सेवा संकल्प अभियान चलाए जा रहे हैं। इस अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के शिकार दिव्यांग आदिवासियों के जीवन को सुगम बनाने के लिए उन्हें कृत्रिम अंग प्रदान किए जा रहे हैं। श्री अमित शाह ने कहा कि 5 से 7 अक्टूबर, 2026 के दौरान जगदलपुर में यह कार्यक्रम हुआ और लगभग 3600 से अधिक दिव्यांगजन लाभान्वित हुए थे और अकेले बस्तर से 1570 से अधिक लाभार्थी थे। यह संख्या बस्तर की पीड़ा का परिचय देती है। उन्होंने कहा कि 5 दशकों तक चले नक्सलवाद ने बस्तर के गरीब आदिवासियों को बहुत अधिक आहत किया है। राजनीतिक उद्देश्यों के लिए निर्दोष नागरिकों को आईईडी लगाकर दिव्यांग बनाने से बड़ा मानवाधिकार का हनन और कोई नहीं हो सकता। श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार का दृढ़ संकल्प था कि 31 मार्च, 2026 से पहले पूरे देश से नक्सलवाद समाप्त कर दिया जाएगा, और आज नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि सिर्फ नक्सलवाद समाप्त होने से पांच दशकों की पीड़ा समाप्त नहीं होगी, हमें इस पीड़ा से मिले घावों पर मरहम लगाना होगा, पीड़ितों को दोबारा खड़ा करने का प्रयास करना होगा और उनके सम्मानपूर्वक जीवन के लिए व्यवस्था करनी होगी। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि इस पवित्र कार्य में छत्तीसगढ़ सरकार, जिला प्रशासन, राज्य समाज कल्याण विभाग, भगवान महावीर विकलांगता सहायता समिति, जयपुर और भारतीय जैन संघ सहित अनेक लोग जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार हर दिव्यांग और पीड़ित को पुनर्वास का अवसर देने के प्रति कटिबद्ध है और इस प्रयास में सहायता के लिए भारत सरकार, छत्तीसगढ़ सरकार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। उन्होंने कहा कि हमें नक्सलवाद की हर निशानी को समाप्त करना होगा और एक हंसता-खेलता बस्तर दोबारा बनाना होगा। श्री शाह ने कहा कि इस दिशा में हमने बहुत काम किया है और बस्तर क्षेत्र के पारंपरिक जनजातीय नेतृत्व का इन प्रयासों में बहुत बड़ा योगदान रहा है। दिव्यांग भाईयों-बहनों को व्हील चेयर, ट्राइसिकल, बैसाखी, श्रवण यंत्र, स्मार्ट वॉकिंग स्टिक, कृत्रिम अंग, आदि की सहायता देने से हम निश्चित रूप से बस्तर में एक नई खुशी की शुरूआत कर सकेंगे। श्री अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर ओलंपिक, बस्तर पंडुम, नियद नेल्लानार और मुख्यमंत्री सामूहिक बस योजना के माध्यम से पीड़ित बस्तर को फिर से हंसता-खेलता बस्तर बनाने की दिशा में प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि जिस बस्तर में कभी गोलियों की आवाज, बम धमाके सुनाई देते थे और भय का माहौल था, वहां आज हजारों युवा खेलों में भाग ले रहे हैं और अपनी परंपरा को जीवित रख रहे हैं। बस्तर पंडुम के माध्यम से जनजातीय कला एवं संस्कृति को पुनर्जीवित करने का एक बहुत बड़ा प्रयास हुआ है। नियद नेल्लानार योजना के तहत आधारभूत सुविधाओं को बढ़ाने और पांच दशकों से विपक्षी सरकारों के शासन में सुविधाओं से अछूते रहे बस्तर तक सुविधाएं पहुंचाने का बहुत बड़ा काम हुआ है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि लगभग 8,526 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनके पास बैंक अकाउंट नहीं था, ऐसे 7328 लोगों के बैंक अकाउंट खोले गए हैं, 1620 लोगों को इनामी राशि दी गई है। 7,882 लोगों को प्रोत्साहन राशि दी गई है, 455 लोगों को नौकरी दी गई है, 129 लोगों को भूमि का आवंटन हुआ है, 4,014 पीएम आवास दिए गए हैं और 2308 आदिवासियों का कौशल विकास प्रशिक्षण हुआ है। 6763 नए राशन कार्ड बनाए गए हैं, 2808 परिवारों को निशुल्क बिजली दी गई है, 372 नए सड़क प्रोजेक्ट चालू किए गए, 670 पुलिया बन रही हैं, 48,526 लोगों को आधार कार्ड दिया गया है और इलवाद पंचायत पुरस्कार के तहत 44 पंचायतों को पुरस्कृत किया गया है। श्री अमित शाह ने कहा कि हमने 500 से अधिक सुरक्षा शिविर बनाए थे, जिनमें से 200 से ज्यादा सुरक्षा शिविरों को शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा में बदला जाएगा। जिस शिविर में कभी जवान बैठकर आपकी सुरक्षा करते थे, वहीं आज भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार के अधिकारी बैठकर विकसित बस्तर की नींव डालेंगे। इन सार्वजनिक सेवा केंद्रों के बाद हम फिर से एक बार बस्तर को विकसित बनाने का संकल्प सिद्ध कर पाएंगे।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने लद्दाख में 3,350 करोड़ रुपये की पांच विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया
आज लद्दाख में कई प्रमुख विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया, ये परियोजनाएं यात्रा को सुगम बनाएंगी, बिजली अवसंरचना को बढ़ाएंगी, पानी की उपलब्धता को बढ़ावा देंगी और हमारी प्राचीन विरासत के संरक्षण को नई गति प्रदान करेंगी: प्रधानमंत्री
हमारा विशेष ध्यान लद्दाख की नई पीढ़ी पर है, यहां के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए, नई प्रौद्योगिकियों को सीखने का अवसर मिलना चाहिए और उन्हें अन्य शहरों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, इसलिए लेह में एक प्रमुख उत्कृष्टता केंद्र का निर्माण किया जा रहा है: प्रधानमंत्री
नई खेल नीति के माध्यम से लद्दाख में खेल प्रतिभाओं को निखारने के प्रयास किए जा रहे हैं, हम स्थानीय युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं प्रदान करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर नई ऊंचाइयां छू सकें : प्रधानमंत्री
नई दिल्ली, 15 अक्तूबर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लद्दाख में लगभग 3,350 करोड़ रुपये की पांच प्रमुख विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। वर्चुअल भागीदारी के माध्यम से क्षेत्र के विकास में एक नए अध्याय की शुरुआत करते हुए, प्रधानमंत्री ने यात्रा को सुगम बनाने, बिजली और पानी की उपलब्धता में सुधार एवं प्राचीन विरासत को संरक्षित करने के लिए डिजाइन की गई कई प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने जांस्कर में ताजा बर्फबारी के बीच तिरंगा लहराने वाले नागरिकों के उत्साह का उल्लेख किया, साथ ही इन चुनौतीपूर्ण कार्यों को संपन्न करने वाले इंजीनियरों, मजदूरों, स्थानीय श्रमिकों और बीआरओ कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मैं इन परियोजनाओं के लिए लद्दाख के सभी लोगों को हार्दिक बधाई देता हूं। लेह में कुशोक बकुला रिनपोछे हवाई अड्डे के टर्मिनल की पहली आधारशिला रखने को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने 650 करोड़ रुपये के सुविधा केंद्र का उद्घाटन करने पर प्रसन्नता व्यक्त की। यह सुविधा केंद्र उड़ान क्षमता को तीन गुना कर देगा और वार्षिक यात्री हैंडलिंग क्षमता 10 लाख से बढ़कर 35 लाख हो जाएगी। उन्होंने रेखांकित किया कि यह टर्मिनल भारत का पहला टर्मिनल है जिसमें विषम जलवायु के अनुरूप सौर ऊर्जा के उपयोग के साथ-साथ जियो थर्मल हीटिंग की सुविधा है, जो पारिस्थितिक देखभाल के साथ बुनियादी ढांचे के विकास को संतुलित करते हुए स्थानीय पर्यटन में नई ऊर्जा का समावेश करता है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास स्थानीय पर्यावरण का पूरा ख्याल रखते हुए लद्दाख में आधुनिक अवसंरचना का विकास करना है। प्रधानमंत्री ने क्षेत्रीय संपर्क के रणनीतिक और आर्थिक मूल्य को रेखांकित करते हुए, 2,500 करोड़ रुपये की निम्मू-पदुम-दारचा सड़क नागरिकों को समर्पित की, जिससे यात्रा का समय 12 घंटे से घटकर केवल 3 घंटे रह जाएगा। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि यात्रियों के समय की बचत के अलावा, यह महत्वपूर्ण गलियारा स्थानीय वाणिज्य को अत्यधिक बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि यह सड़क व्यापार और व्यवसाय में भी बहुत मदद करेगी। प्रधानमंत्री ने श्रीनगर-लेह ट्रांसमिशन लाइन के अपने पूर्व उद्घाटन के बाद, पुगा घाटी में जारी आधुनिक बिजली उत्पादन पहलों का उल्लेख करते हुए हनु जलविद्युत परियोजना और इससे जुड़े ट्रांसमिशन नेटवर्क को समर्पित किया। उन्होंने बताया कि विश्वसनीय बिजली घरों को रोशन करके और बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा वितरण और छोटे स्तर के उद्यमों को सशक्त बनाकर ग्रामीण जीवन को बदल देती है, जिससे हर क्षेत्र को लाभ होगा। प्रधानमंत्री ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कृषि लचीलेपन और जल सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हुए अमृत हिम सरोवर परियोजना के तहत विकसित 40 नवनिर्मित जलाशयों को स्थानीय समुदाय को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि इन जल निकायों को महत्वपूर्ण खेती चक्रों के दौरान कृषि अर्थव्यवस्था का समर्थन करने के लिए डिजाइन किया गया है। ये आवश्यकता के समय किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने में मदद करेंगे। प्रधानमंत्री ने 2019 में लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से व्यापक बुनियादी ढांचे के लाभों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि सड़क नेटवर्क 1,800 किलोमीटर से बढ़कर 4,000 किलोमीटर से अधिक हो गया है, प्रमुख पुल 19 से बढ़कर लगभग 75 हो गए हैं, हेलीपैड 7 से बढ़कर 40 से अधिक हो गए हैं, नल के पानी का कवरेज 3.5 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 99 प्रतिशत हो गया है, अस्पताल के बिस्तर दोगुने हो गए हैं और जारी जोजिला सुरंग सभी मौसम में राष्ट्रीय संपर्क प्रदान करने के लिए तैयार है।ष् श्री मोदी ने कहा कि आज केंद्र सरकार के लिए लद्दाख का विकास सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री ने क्षेत्रीय समृद्धि के नए रास्ते खोलने के लक्षित प्रयासों को रेखांकित करते हुए, पूरे क्षेत्र में शीतकालीन और साहसिक पर्यटन को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने की ओर इंगित किया। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर आर्थिक कार्यकलापों को प्रोत्साहित करने के लिए वर्तमान में वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत 40 से अधिक सीमावर्ती बस्तियों को अपग्रेड किया जा रहा है। इससे सुदूरवर्ती गांवों में भी रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आतिथ्य और आधुनिक कृषि के तेजी से विस्तार के साथ-साथ स्थानीय होमस्टे भी लगभग 150 से बढ़कर 3,000 हो गए हैं। उन्होंने इसके साथ ही संरक्षित खेती को निरंतर बढ़ावा देने पर प्रकाश डाला, जिसके परिणामस्वरूप पूरे क्षेत्र में 11,000 ग्रीनहाउस प्रचालनगत हो गए हैं। श्री मोदी ने कहा कि इनसे किसानों की आय बढ़ाने की नई संभावनाएं उत्पन्न हुई हैं। प्रधानमंत्री ने न्यायिक पहुंच के लिए लंबे समय से चली आ रही क्षेत्रीय मांग पर ध्यान देते हुए घोषणा की कि सरकार ने आधिकारिक तौर पर इस साल अगस्त में लद्दाख के लिए एक उच्च न्यायालय की पीठ की स्थापना को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण संस्थागत आवश्यकता को पूरा करने से नागरिकों के लिए शासन और कानूनी सहारा दोनों को सुव्यवस्थित किया जा सकेगा। यह प्रशासन के साथ-साथ न्याय प्रणाली को सुलभ बनाएगा। होटल, रेस्तरां, होमस्टे और स्थानीय शिल्प के लिए आधुनिक वाणिज्य को आगे बढ़ाने में डिजिटल कनेक्टिविटी की भूमिका पर बल देते हुए, प्रधानमंत्री ने दूरस्थ क्षेत्रों में भारतनेट और हाई-स्पीड इंटरनेट के विस्तार के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ई-गवर्नेंस, युवाओं के लिए ऑनलाइन शिक्षा और स्थानीय उद्यमियों के लिए वैश्विक बाजार एकीकरण तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज ऑनलाइन व्यापार आय के नए रास्ते खोल रहा है। युवा पीढ़ी के शैक्षिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए प्रधानमंत्री ने आईआईटी जम्मू और आईआईएम जम्मू के सैटेलाइट परिसरों के लिए प्रस्तावों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ लेह में एक प्रमुख उत्कृष्टता केंद्र के निर्माण पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ये प्रमुख संस्थान स्थानीय छात्रों को उनके द्वार पर ही उन्नत अनुसंधान और आधुनिक प्रौद्योगिकीय कौशल से सुसज्जित करेंगे।ष् उन्होंने कहा कि इससे लद्दाख के युवा अपने क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा, अनुसंधान और नए कौशल के बेहतर अवसर प्राप्त करने में सक्षम होंगे। आइस हॉकी, शीतकालीन खेलों और पर्वतारोहण में स्थानीय युवाओं द्वारा बनाई गई विशिष्ट एथलेटिक पहचान की सराहना करते हुए, प्रधानमंत्री ने क्षेत्रीय प्रतिभाओं को निखारने के लिए लद्दाख की नई खेल नीति के कार्यान्वयन का स्वागत किया। उन्होंने स्थानीय एथलीटों को विश्व स्तर पर उत्कृष्टता प्राप्त करने में मदद करने के लिए विश्व स्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि हम स्थानीय युवाओं को उन्नत प्रशिक्षण और सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर नई ऊंचाइयों को छू सकें। प्रधानमंत्री ने स्थानीय कारीगरों और किसानों के असाधारण शिल्प कौशल की प्रशंसा करते हुए, साझा किया कि कैसे वह अक्सर लद्दाखी उत्पादों को उपहार में देते हैं। प्रधानमंत्री ने इन पुरस्कारों को जर्मनी के चांसलर, स्वीडन के प्रधानमंत्री और किर्गिस्तान के राष्ट्रपति को भेंट किया है। साथ ही, उन्होंने सी-बकथॉर्न, हस्तशिल्प, जीआई-टैग खुबानी, उच्च ऊंचाई वाली वाणिज्यिक फूलों की खेती और चांगपा समुदाय द्वारा तैयार की गई पारंपरिक पश्मीना की विशाल व्यावसायिक क्षमता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरकार सक्रिय रूप से पश्मीना की वैश्विक पहचान को मजबूत कर रही है और क्षेत्रीय वस्तुओं के लिए बाजार ब्रांडिंग का विस्तार कर रही है। श्री मोदी ने कहा कि हमारा प्रयास है कि यहां के उत्पादों को नए बाजार मिलें, बेहतर ब्रांडिंग हो और उनका लाभ सीधे उत्पादकों तक पहुंचे। श्रद्धेय कुशोक बकुला रिनपोछे से प्रेरित प्राचीन मठों, बौद्ध परंपराओं और त्योहारों की अमूल्य सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हुए, प्रधानमंत्री ने ऐतिहासिक रॉक कला की सुरक्षा के लिए लेह में भारत के पहले पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इस विरासत को संरक्षित करने से यह सुनिश्चित होता है कि आने वाली पीढ़ियां और वैश्विक आगंतुक इस क्षेत्र की पुरातनता से गहराई से जुड़ सकें। श्री मोदी ने कहा कि देश और दुनिया से आने वाले लोग भी लद्दाख के समृद्ध इतिहास से परिचित होंगे। प्रधानमंत्री ने क्षेत्र के विकास के प्रति गहरी आशावादिता के साथ अपने संबोधन का समापन किया और इस क्षेत्र को अभूतपूर्व विकासात्मक उपलब्धियां प्रदान करने के लिए सामूहिक कार्रवाई में अपना विश्वास दोहराया। उन्होंने नए शुरू किए गए बुनियादी ढांचे के कार्यों के लिए नागरिकों को बधाई और पारंपरिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि हम सब मिलकर लद्दाख को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।





आज मनाया गया महिला किसान दिवस 2026
कार्यक्रम में कृषि विकास को आगे बढ़ाने और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में महिला किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया
केंद्रीय कृषि सचिव श्री अतीश चंद्रा ने कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में महिलाओं के अमूल्य योगदान को रेखांकित कियाय कृषि में महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया
नई दिल्ली, 15 अक्तूबर, अभीतक: भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने आज (15 अक्टूबर 2026) नई दिल्ली स्थित डॉ. बी. आर. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री अतीश चंद्रा की अध्यक्षता में महिला किसान दिवस 2026 मनाया। इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय कृषि में महिला किसानों के अमूल्य योगदान को मान्यता देने तथा कृषि विकास को आगे बढ़ाने और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करने के लिए किया गया। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री अतीश चंद्रा ने अपने संबोधन में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में महिलाओं के अमूल्य योगदान, विशेष रूप से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, ग्रामीण आजीविका को बनाए रखने, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन और कृषि विकास को गति देने में उनकी भूमिका, को रेखांकित किया। उन्होंने प्रत्यक्ष आय सहायता, किफायती संस्थागत ऋण, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, कौशल विकास, कृषि यंत्रीकरण और कृषि विपणन अवसंरचना तक बेहतर पहुँच सहित, विभिन्न पहलों के माध्यम से कृषि में महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में विभिन्न राज्योंध्केंद्र शासित प्रदेशों की प्रगतिशील महिला किसानों, महिला कृषि प्रसार कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ-साथ कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। महिला किसान दिवस 2026 का विषय थाकृ“विकसित कृषि और विकसित भारत के निर्माण में महिला किसानों की भूमिका।” यह विषय कृषि उत्पादकता को सुदृढ़ करने, चिरस्थायी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने और ग्रामीण समृद्धि में योगदान देने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है। कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में महिला किसानों की उपलब्धियों और योगदान को मान्यता देते हुए उत्कृष्ट महिला किसानों को सम्मानित किया गया। इस सम्मान के माध्यम से कृषि गतिविधियों और ग्रामीण उद्यमिता में उनके समर्पण, संघर्षशीलता, नवाचार और नेतृत्व को मान्यता दी गई। कार्यक्रम के दौरान “विमेन फार्मर्स ऑफ इंडियारू जर्नी फ्रॉम चैलेंजेज टू सक्सेस” (भारत की महिला किसानरू चुनौतियों से सफलता तक का सफर) शीर्षक वाली एक पुस्तक का भी विमोचन किया गया। यह पुस्तक महिला किसानों की सफलता की प्रेरणादायक कहानियों का संकलन है, जिसमें कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में उनके उल्लेखनीय योगदान, उपलब्धियों, नवाचारों तथा संघर्ष से सफलता तक के सफर को रेखांकित किया गया है। यह पुस्तक कृषि में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को गर्वपूर्वक प्रस्तुत करती है और उनकी क्षमता, नेतृत्व तथा उद्यमशीलता की भावना को मान्यता देती है। इस कार्यक्रम ने महिला किसानों और कृषि प्रसार कार्यकर्ताओं को अपने अनुभवों और सफर को साझा करने के लिए एक मंच भी प्रदान किया। कुछ प्रतिभागियों ने सभा को संबोधित किया और अपने व्यक्तिगत अनुभवों, चुनौतियों, उपलब्धियों तथा कृषि में योगदान के बारे में बताया। उनके अनुभवों ने उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाने, ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने और अन्य महिलाओं को कृषि विकास में भाग लेने के लिए प्रेरित करने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। महिला किसान कृषि मूल्य शृंखला के विभिन्न चरणों में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं, जिनमें फसल उत्पादन, पशुधन प्रबंधन, बीज संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, कटाई के बाद की गतिविधियाँ और मूल्यवर्धन शामिल हैं। उनका पारंपरिक ज्ञान, उद्यमशील पहल और नवोन्मेषी एवं जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाना भारतीय कृषि को अधिक उत्पादक, चिरस्थायी और समावेशी बनाने के लिए आवश्यक है। महिला कृषि अधिकारी और कृषि प्रसार कार्यकर्ता भी कृषि अनुसंधान तथा कृषक समुदायों के बीच की दूरी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रशिक्षण, प्रौद्योगिकी के प्रसार, जागरूकता सृजन और सरकारी योजनाओं के संबंध में मार्गदर्शन के माध्यम से वे वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने में सहायता करती हैं तथा महिला किसानों को ज्ञान और संस्थागत सहयोग के जरिए सशक्त बनाती हैं। महिला किसान दिवस 2026 के आयोजन ने कृषि रूपांतरण में महिलाओं को प्रमुख हितधारक के रूप में मान्यता देने की सरकार की प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट किया। इस अवसर पर कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी, संसाधनों, क्षमता विकास के अवसरों और संस्थागत सहयोग तक महिलाओं की पहुँच को सुदृढ़ करने के महत्व को रेखांकित किया गया। साथ ही, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में निर्णय लेने की प्रक्रिया और नेतृत्व में महिलाओं की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर बल दिया गया। महिला किसान दिवस 2026 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, कृषि प्रसार शिक्षा संस्थानों (ईईआई), राज्य कृषि प्रबंधन एवं प्रसार प्रशिक्षण संस्थानों (एसएएमईटीआई) तथा मैनेज में भी मनाया जा रहा है, जिसमें महिला किसान और कृषि क्षेत्र के अन्य हितधारक भाग ले रहे हैं। जनजातीय क्षेत्रों की महिला किसानों की भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है। इस आयोजन ने इस संदेश को सुदृढ़ किया कि महिला किसानों को सशक्त बनाना और उनके योगदान को मान्यता देना विकसित कृषि के निर्माण, ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने तथा विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए आवश्यक है।


कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग सचिव और आईसीएआर महानिदेशक डॉ. एमएल जाट ने ईएसटीआईसी 2026 पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कियाय डॉ. जाट ने ईएसटीआईसी 2026 में आईसीएआर की भूमिका की चर्चा की
ईएसटीआईसी 2026 में पूर्ण सत्र वार्ता, तकनीकी और समानांतर सत्र, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंच, प्रदर्शनियां और स्टार्टअप प्रदर्शित किए जाएंगे
नई दिल्ली, 15 अक्तूबर, अभीतक: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद -आईसीएआर ने आज हरियाणा के करनाल स्थित आईसीएआर-केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान-सीएसएसआरआई में उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन-ईएसटीआईसी 2026 के पूर्वालोकन संबंधी संवाददाता सम्मेलन में आईसीएआर की अनुसंधान प्राथमिकताओं, तकनीकी नवाचारों और सतत कृषि में योगदान का उल्लेख किया। कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग सचिव और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एमएल जाट ने 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन में कृषि प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रणाली और पोषण क्षेत्र में परिषद की भूमिका की रूपरेखा प्रस्तुत की। ईएसटीआईसी 2026 में विज्ञान से संबंधित मंत्रालयों और विभागों, अनुसंधान संस्थानों, स्टार्टअप्स और अन्य हितधारक भाग लेंगे और 12 विषयगत क्षेत्रों में हुई प्रगति प्रदर्शित की जाएगी। इस विषयगत प्रदर्शनी में 13 विभागीय स्टॉल, 50 डीप-टेक स्टार्टअप और 10 विभागीय प्रौद्योगिकियां शामिल होंगी। यह सम्मेलन अनुसंधान परिणाम प्रस्तुत करने, वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ावा देने और अनुसंधान के परिणाम को व्यावहारिक अनुप्रयोगों से जोड़ने का मंच प्रदान करेगा। डॉ. जाट ने आईसीएआर की अनुसंधान प्राथमिकताओं की चर्चा करते हुए, समग्र सरकारी दृष्टिकोण और विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय पर बल दिया। उन्होंने जीनोम एडिटिंग, जैव-संरक्षित फसल किस्मों, जलवायु-अनुकूल कृषि, एकीकृत कीट प्रबंधन, बागवानी विविधीकरण, पशुधन स्वास्थ्य, मत्स्य पालन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और कृषि मशीनीकरण सहित प्रमुख क्षेत्रों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक नवाचारों को अनुसंधान प्रयोगशालाओं से आगे बढ़कर प्रभावी बीज प्रणालियों, प्रौद्योगिकी प्रसार और जमीनी स्तर पर अपनाकर किसानों तक पहुंचना चाहिए। प्रदर्शित वैज्ञानिक उपलब्धियों में विश्व की पहली दो जीनोम-संपादित चावल की किस्में और भारत का पहला टेलोमेयर-टू-टेलोमेयर (टी2टी) अरहर का जीनोम शामिल हैं। फसल आनुवंशिकी और सटीक प्रजनन में ये प्रगति बेहतर फसल गुणों और कृषि उत्पादकता पर आगे के अनुसंधान में सहायक सिद्ध हो सकती है। प्रदर्शनी में पशु स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा पर भी प्रमुखता से ध्यान केंद्रित होग। इसमें अफ्रीकी स्वाइन फीवर के टीका सहित स्वदेशी टीका अनुसंधान को दर्शाया जाएगा। प्रस्तुति में एमए-104 कोशिकाओं का उपयोग कर विकसित किए गए कोशिका-अनुकूलित भारतीय एएसएफ वायरस का वर्णन किया गया है और लक्षित पशु आबादी में इसके सुरक्षात्मक प्रभावों की जानकारी दी गई है। प्रकाशन से पहले सटीक तकनीकी विवरण और सुरक्षा संबंधी दावे की पुष्टि आईसीएआर की आधिकारिक प्रस्तुति में अपेक्षित है। आईसीएआर के व्यापक पशु स्वास्थ्य अनुसंधान में लंपी स्किन रोग के लिए टीका विकसित करने, पशुधन जीनोमिक्स और स्वदेशी नस्लों का संरक्षण भी शामिल है। प्रदर्शनी में मृदा बुद्धिमत्तारू एआई और मृदा विज्ञान प्रदर्शनी भी शामिल होगी, जिसमें डिजिटल कृषि और मृदा संसाधन मूल्यांकन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मृदा विज्ञान के अनुप्रयोग की जानकारी दी जाएगी। ऐसे दृष्टिकोण डेटा-आधारित मृदा प्रबंधन और कृषि उत्पादन तथा व्यापक अवसंरचना विकास की योजना बनाने में सहायक हो सकते हैं। इस क्षेत्र में आईसीएआर का अनुसंधान मृदा गुणों को समझने, संसाधन उपयोग दक्षता में सुधार करने और स्थिति अनुरूप कृषि प्रणालियों को विकसित करने के महत्व पर बल देता है। डॉ. जाट ने फसल विज्ञान और बागवानी पर चर्चा करते हुए उन्नत फसल किस्मों, जलवायु अनुकूलन क्षमता, पोषण गुणवत्ता और उन्नत प्रजनन तकनीकों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि आईसीएआर ने पिछले वर्ष के दौरान बागवानी फसलों की 117 किस्में विकसित की हैं। उन्होंने कहा कि जैव-संवर्धित फसलों और विविध कृषि प्रणालियों पर अनुसंधान का उद्देश्य बेहतर पोषण और टिकाऊ कृषि उत्पादन को बढ़ावा देना भी है। डॉ. जाट ने बताया कि प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में, आईसीएआर मृदा स्वास्थ्य, जल प्रबंधन, जलवायु अनुकूलन और संवहनीय कृषि पद्धतियों पर काम कर रहा है। संस्थान द्वारा हरित अमोनिया पर अनुसंधान सौर ऊर्जा से उत्पादित हाइड्रोजन का उपयोग कर अमोनिया निर्माण की संभावनाओं का पता लगाता है, जो उर्वरक उत्पादन के लिए संभावित वैकल्पिक उपाय हो सकता है। संवाद के दौरान आईसीएआर, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और अन्य हितधारकों के सहयोग से छह राज्यों में व्याप्त 10 हजार एकड़ क्षेत्र में किए गए प्रदर्शनों का उल्लेख किया गया। आईसीएआर के अनुसंधान पोर्टफोलियो में मत्स्य पालन और जलीय कृषि, पशुधन स्वास्थ्य, एकीकृत कीट प्रबंधन और कृषि मशीनीकरण भी शामिल हैं। खारे क्षेत्रों में झींगा पालन पर किया जा रहा कार्य अल्प उपयोग वाली भूमि और जल संसाधनों के उत्पादक उपयोग को बढ़ाने का प्रयास है, जबकि कपास कटाई मशीनरी सहित कृषि इंजीनियरिंग पहल का उद्देश्य कृषि कार्यों की दक्षता में सुधार लाना और श्रम संबंधी बाधाओं को दूर करना है। संवाददाता सम्मेलन में आईसीएआर और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित कृषि परिवर्तन के माध्यम से स्वास्थ्य में विज्ञान उत्कृष्टता – सेहत पहल का भी उल्लेख किया गया। यह पहल जैव-संवर्धन फसलों और एकीकृत कृषि प्रणालियों सहित विभिन्न दृष्टिकोणों द्वारा कृषि, खाद्य और मानव स्वास्थ्य को आपस में जोड़ती है। आईसीएआर-राष्ट्रीय दुग्ध अनुसंधान संस्थान-एनडीआरआई ने मिलावट की पहचान के लिए एक त्वरित ऑन-साइट दूध मिलावट पहचान किट भी विकसित की है। कृषि प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रणाली और पोषण विषय पर आयोजित तकनीकी सत्र में कृषि नवाचार, खाद्य प्रणाली और पोषण सुरक्षा पर विशेषज्ञ चर्चा होगी। कार्यक्रम में मोरक्को की प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक और अंतरराष्ट्रीय कृषि अनुसंधान पर सलाहाकार समूह की कार्यकारी प्रबंध निदेशक डॉ. इस्माहाने एलाउआफी मुख्य वक्ता और डॉ. अश्वनी पारेख और प्रोफेसर पीयूष सोनी सत्र के वक्ताओं में शामिल हैं। पैनल परिचर्चा में डॉ. टीआर शर्मा, सुश्री नीमा, डॉ. रबी एन. साहू, डॉ. फिरोज हुसैन, डॉ. भागीरथ चैधरी और डॉ. कुतुबुद्दीन मोल्ला भाग लेंगे। इससे पहले, प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए, आईसीएआर- सीएसएसआरआई के निदेशक ने लवण-प्रभावित मिट्टी के लक्षण वर्णन और सुधार, कम गुणवत्ता वाले जल प्रबंधन और लवण-सहिष्णु किस्मों के विकास पर संस्थान के कार्यों का उल्लेख किया। पूर्वालोकन समारोह और मीडिया संवाद का उद्देश्य ईएसटीआईसी 2026 के बारे में जागरूकता बढ़ाना और खाद्य एवं पोषण सुरक्षा, कृषक समृद्धि और संवहनीय कृषि विकास को बढ़ावा देने में कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका प्रदर्शित करना था।
शिक्षा मंत्रालय ने छात्रवृत्ति कार्यान्वयन और सत्यापन प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने के लिए राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएसएस) पर परिचयात्मक एवं समीक्षा कार्यशाला का आयोजन किया
मंत्रालय ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए एनएमएमएसएस आवेदनों के समय पर पंजीकरण और सत्यापन पर जोर दिया
एनएमएमएसएस पात्र छात्रों को 12,000 रुपए की वार्षिक छात्रवृत्ति मिलती है
नई दिल्ली, 15 अक्तूबर, अभीतक: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के विद्यालयी शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (डीओएसईएल) ने बुधवार (14 अक्टूबर, 2026) को मध्य प्रदेश के भोपाल में राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएसएस) पर एक दिवसीय क्षेत्रीय परिचयात्मक एवं समीक्षा कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला योजना के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा करने, राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) के माध्यम से इसके संचालन के तरीके के बारे में अधिकारियों को जानकारी देने और संस्थान नोडल अधिकारियों (आईएनओ) तथा जिला नोडल अधिकारियों (डीएनओ) के स्तर पर छात्र आवेदनों के सत्यापन के संबंध में राज्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर चर्चा करने पर केंद्रित रही। कार्यशाला में शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए एनएमएमएसएस के कार्यान्वयन को शामिल करते हुए विस्तृत प्रस्तुतियां और संवादात्मक तकनीकी सत्र शामिल थे, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं।
नए छात्रों का पंजीकरण
ऑनबोर्डिंग की स्थिति
आवेदन सत्यापन प्रक्रिया
आईएनओ और डीएनओ के लिए एनएसपी प्रक्रियाओं का लाइव प्रदर्शन और एनएमएमएसएस के छात्र पुरस्कार विजेताओं द्वारा साझा की गई प्रतिक्रिया और अनुभव। कार्यशाला का नेतृत्व शिक्षा विभाग (डीओएसईएल) की आर्थिक सलाहकार सुश्री ए. श्रीजा ने किया। राज्य, जिला और संस्थान स्तर पर योजना के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों ने कार्यशाला में भाग लिया। कार्यशाला में राष्ट्रीय शिक्षा केंद्र-सह-राज्य नोडल अधिकारी (एनएमएमएसएस), मध्य प्रदेश के संयुक्त निदेशक, भोपाल जिले के लगभग 40 जिला नोडल अधिकारियों (डीएनओ) और 5 संस्थान नोडल अधिकारियों (आईएनओ) ने भाग लिया। योजना के चयनित छात्र लाभार्थी और उनके अभिभावक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। शिक्षा मंत्रालय ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए एनएसपी के तहत लाभार्थी छात्रों द्वारा प्रस्तुत आवेदनों के सटीक और समय पर सत्यापन को सुनिश्चित करने में राज्य नोडल अधिकारियों (एसएनओ), डीएनओ और आईएनओ की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए आवेदनों के पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर, 2026 है। आईएनओ और डीएनओ स्तर पर आवेदनों के सत्यापन की अंतिम तिथियां क्रमशः 15 नवंबर, 2026 और 30 नवंबर, 2026 हैं। इस संवाद ने राज्योंध्केंद्र शासित प्रदेशों को योजना के कार्यान्वयन में अपने अनुभवों को साझा करने, परिचालन और तकनीकी चुनौतियों की पहचान करने और पंजीकरण, सत्यापन तथा छात्रवृत्ति वितरण की दक्षता में सुधार के उपायों पर चर्चा करने का अवसर प्रदान किया। कार्यशाला का उद्देश्य राज्य, जिला और संस्थान स्तर पर स्पष्ट जिम्मेदारियां निर्धारित करना और योजना के कार्यान्वयन में शामिल सभी हितधारकों के बीच समन्वय को मजबूत करना भी था। मंत्रालय ने एनएमएमएसएस के तहत पात्र लाभार्थियों के बीच 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति वितरण और जीरो ड्रॉपआउट (बीच में ही पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों की संख्या शून्य) सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। एनएमएमएसएस एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इसका लक्ष्य कक्षा आठवीं के बाद बीच में ही पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों की संख्या को कम करना और छात्रों को कक्षा बारहवीं तक अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत, पात्र छात्रों को प्रति वर्ष 12,000 रुपये की छात्रवृत्ति मिलती है। चयन परीक्षा संबंधित राज्योंध्केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा आयोजित की जाती है, जबकि पंजीकरण, प्रमाणीकरण और छात्रवृत्ति वितरण एनएसपी के माध्यम से किया जाता है।
