










World College of Medical Sciences & Research and Hospital में आयोजित अभ्युदय-2026 के अंतर्गत MBBS के नए शैक्षणिक सत्र का हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री कैप्टन अभिमन्यू व पूर्व राज्यसभा सांसद किरण चैधरी शामिल हुए
झज्जर, 29 सितम्बर, अभीतक: मंगलवार को झज्जर स्थित World College of Medical Sciences & Research and Hospital में अभ्युदय-2026 के अंतर्गत आयोजित MBBS के नए विद्यार्थियों के शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री कैप्टन अभिमन्यू व पूर्व राज्यसभा सांसद किरण चैधरी शामिल हुए। कैबिनेट मंत्री कैप्टन अभिमन्यू ने अपने सम्बोधन के दौरान विद्यार्थियों के साथ संवाद भी किया। इस अवसर पर मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर का उद्घाटन भी किया। कार्यक्रम में पूर्व राज्यसभा सांसद श्रीमती किरण चैधरी बतौर मुख्यातिथि गरिमामयी उपस्थिति रही। कैबिनेट मंत्री कैप्टन अभिमन्यू ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा केवल ज्ञान और कौशल प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सेवा, संवेदना और मानवता के प्रति समर्पण का भी क्षेत्र है। मुझे विश्वास है कि ये युवा चिकित्सक अपनी प्रतिभा, मेहनत और सेवा भावना के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। सभी नए विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य एवं सफल चिकित्सकीय जीवन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दी। संस्थान चैयरमेन नरेन्द्र सिंह, राजेश धनखड, डाॅ किरण कलकल, डाॅ रमेश कलकल, संजय पहलवान, राज कबलाना, कैशव सिंघल आदि उपस्थित रहे।




इंडो-अमेरिकन स्कूल में विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता और टीम भावना विकसित करने के उद्देश्य से एचएसजी कैंप का आयोजन किया गया
झज्जर, 29 सितम्बर, अभीतक: इंडो-अमेरिकन स्कूल में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं उनमें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता और टीम भावना विकसित करने के उद्देश्य से तीन दिवसीय एचएसजी (भ्पदकनेजंद ैबवनजे ंदक ळनपकमे) कैंप का आयोजन किया गया। कैंप के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया और स्काउट्स एंड गाइड्स से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। तीन दिनों तक चले इस कैंप में प्रशिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार की ड्रिल्स, मार्च-पास्ट, अनुशासन एवं टीमवर्क का प्रशिक्षण दिया गया। विद्यार्थियों को स्काउट्स एंड गाइड्स के उद्देश्यों, नियमों, कार्यप्रणाली तथा समाज और राष्ट्र के प्रति उनकी जिम्मेदारियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने, एक-दूसरे की सहायता करने, नेतृत्व करने तथा जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। कैंप की गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सहयोग की भावना और नेतृत्व कौशल को विकसित करने पर विशेष बल दिया गया। कैंप के दौरान विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ सभी गतिविधियों में भाग लिया। विद्यालय प्रबंधन ने एचएसजी टीम एवं प्रशिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यालय निदेशक श्री विजेंद्र काद्यान ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्काउटिंग एवं गाइडिंग जैसी गतिविधियां बच्चों को अनुशासित, जिम्मेदार और आत्मनिर्भर नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को कैंप से प्राप्त अनुभवों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।



हृदय रोगों से बचाव के लिए जीवनशैली में बदलाव जरूरी, संस्कारम अस्पताल में आधुनिक हृदय सेवाओं का विस्तार
डॉ. अनिल कुमार, हृदय रोग विशेषज्ञ, संस्कारम अस्पताल
झज्जर, 29 सितम्बर, अभीतक: हृदय रोग (ब्ंतकपवअंेबनसंत क्पेमंेमेकृब्टक्) आज दुनिया में मृत्यु के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। विश्वभर में हर वर्ष लगभग 1.73 करोड़ (17.3 मिलियन) लोगों की मृत्यु हृदय एवं रक्तवाहिका संबंधी रोगों के कारण होती है। इनमें लगभग 82 प्रतिशत मौतें विकासशील देशों में होती हैं। वर्ष 2030 तक हृदय रोगों से होने वाली मौतों का यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 2.3 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। भारत में भी हृदय रोग एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती हैं। वर्ष 2008 में देश में हृदय एवं रक्तवाहिका संबंधी रोगों के कारण लगभग 25 लाख मौतें हुई थीं। इनमें लगभग दो-तिहाई मौतें कोरोनरी आर्टरी डिजीज (हृदय की धमनियों की बीमारी) तथा एक-तिहाई मौतें स्ट्रोक (मस्तिष्क आघात) के कारण हुईं। विशेषज्ञों के अनुसार, हृदय रोगों से होने वाली लगभग 80 प्रतिशत असामयिक मौतों को रोका जा सकता है। इसके लिए जीवनशैली में छोटे लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव आवश्यक हैं। हम क्या खाते-पीते हैं, कितनी शारीरिक गतिविधि करते हैं, अपने वजन को कैसे नियंत्रित रखते हैं और तनाव का किस प्रकार प्रबंधन करते हैंकृइन सभी का सीधा संबंध हृदय स्वास्थ्य से है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव नियंत्रण और तंबाकू से दूरी हृदय को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मधुमेह से बढ़ता है हृदय रोग का खतरा
मधुमेह से पीड़ित लोगों में हृदय रोग विकसित होने तथा उससे मृत्यु का जोखिम सामान्य लोगों की तुलना में लगभग दोगुना होता है। लंबे समय तक अनियंत्रित मधुमेह रक्त वाहिकाओं और तंत्रिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। मधुमेह की अवधि जितनी लंबी होती जाती है, हृदय रोग और स्ट्रोक का जोखिम भी उतना ही बढ़ता जाता है। 60 वर्ष की आयु के ऐसे वयस्क, जिन्हें टाइप-2 मधुमेह के साथ हृदय रोग भी है, उनकी जीवन प्रत्याशा औसतन लगभग 12 वर्ष तक कम हो सकती है। इसलिए मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए नियमित रक्त शर्करा जांच के साथ-साथ रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और हृदय स्वास्थ्य की नियमित निगरानी भी आवश्यक है।
बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल भी है बड़ा जोखिम
बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल हृदय रोग और स्ट्रोक के प्रमुख जोखिम कारकों में से एक है। अनुमानतः उच्च कोलेस्ट्रॉल के कारण विश्वभर में लगभग 26 लाख मौतें, यानी कुल मौतों का लगभग 4.5 प्रतिशत, होती हैं। कोलेस्ट्रॉल मुख्यतः भ्क्स् (भ्पही-क्मदेपजल स्पचवचतवजमपद) और स्क्स् (स्वू-क्मदेपजल स्पचवचतवजमपद) के रूप में जाना जाता है। सामान्यतः भ्क्स् को ‘अच्छा’ और स्क्स् को ‘खराब’ कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है। रक्त में स्क्स् का स्तर अधिक होने पर धमनियों की दीवारों में प्लाक (वसायुक्त परत) जमा हो सकता है। इससे धमनियां संकरी हो सकती हैं और रक्त प्रवाह बाधित हो सकता है। यदि यह प्लाक टूट जाए तो रक्त का थक्का बनने और हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।
उच्च रक्तचाप: एक मौन खतरा
उच्च रक्तचाप यानी हाइपरटेंशन को अक्सर ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है, क्योंकि कई लोगों में इसके कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। विश्वभर में 30 से 79 वर्ष की आयु के लगभग 1.28 अरब वयस्क उच्च रक्तचाप से प्रभावित हैं। इनमें लगभग दो-तिहाई लोग निम्न और मध्यम आय वाले देशों में रहते हैं। चिंता की बात यह है कि उच्च रक्तचाप से पीड़ित लगभग 46 प्रतिशत वयस्कों को यह पता ही नहीं होता कि उन्हें हाइपरटेंशन है। केवल लगभग 42 प्रतिशत लोगों का ही निदान और उपचार हो पाता है, जबकि लगभग 21 प्रतिशत लोगों का रक्तचाप ही नियंत्रण में रहता है। उच्च रक्तचाप विश्वभर में असामयिक मृत्यु का एक प्रमुख कारण है और हृदय की धमनियों से संबंधित बीमारियों का जोखिम काफी बढ़ाता है। इसलिए नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच कराना और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार इसे नियंत्रित रखना अत्यंत आवश्यक है।
तंबाकू से दूरी, स्वस्थ हृदय की ओर कदम
तंबाकू का सेवन हृदय रोगों के प्रमुख और पूरी तरह से रोके जा सकने वाले जोखिम कारकों में से एक है। विश्वभर में तंबाकू के कारण हर वर्ष लगभग 60 लाख मौतें होती हैं। वहीं लगभग 12 लाख मौतें सेकंड-हैंड स्मोक, यानी दूसरों के धूम्रपान के धुएं के संपर्क में आने के कारण होती हैं।
दुनिया के लगभग 1.3 अरब तंबाकू उपयोगकर्ताओं में 80 प्रतिशत से अधिक लोग निम्न और मध्यम आय वाले देशों में रहते हैं। सेकंड-हैंड स्मोक के कारण होने वाली वयस्क मौतों में भी बड़ी संख्या हृदय रोगों से संबंधित है। धूम्रपान छोड़ने की कोई उम्र देर नहीं होती। 66 वर्ष की आयु में भी धूम्रपान छोड़ने से जीवन प्रत्याशा में महत्वपूर्ण लाभ देखा गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस उम्र में धूम्रपान छोड़ने वाले पुरुषों को लगभग दो वर्ष तक और महिलाओं को लगभग 3.7 वर्ष तक अतिरिक्त जीवन का लाभ मिल सकता है।
संस्कारम अस्पताल में आधुनिक हृदय सेवाओं का विस्तार
हृदय रोगों की बढ़ती चुनौती को देखते हुए संस्कारम अस्पताल आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण हृदय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। अस्पताल में नॉन-इनवेसिव कार्डियोलॉजी की सुविधाएं पहले से स्थापित हैं, जिनमें 2क् इकोकार्डियोग्राफी (2क् म्बीवबंतकपवहतंचील) और टीएमटी (ज्डज्) जैसी महत्वपूर्ण जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही, अनुभवी सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट की सेवाएं भी मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। हृदय चिकित्सा सुविधाओं को और अधिक व्यापक एवं आधुनिक बनाने की दिशा में संस्कारम अस्पताल में बहुत जल्द विश्वस्तरीय कार्डियक कैथेटराइजेशन लेबोरेटरी (ब्ंतकपंब ब्ंजीमजमतप्रंजपवद स्ंइवतंजवतलकृब्ंजी स्ंइ) स्थापित की जाएगी। इसके माध्यम से कोरोनरी एवं नॉन-कोरोनरी इंटरवेंशन की आधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा। संस्कारम अस्पताल का उद्देश्य केवल हृदय रोगों का उपचार करना ही नहीं, बल्कि समय रहते रोग की पहचान, नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता के माध्यम से लोगों को हृदय रोगों से बचाव के लिए प्रेरित करना भी है। स्वस्थ हृदय, स्वस्थ जीवन की आधारशिला है। आज की छोटी सावधानी ही कल के स्वस्थ जीवन की सबसे बड़ी सुरक्षा बन सकती है।


स्वास्थ्य संस्थानों में आधारभूत सुविधाएं मजबूत करना शासन – प्रशासन की प्राथमिकता: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने नागरिक अस्पताल में एपीसीपीएल के सीईओ रबीन्द्र पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में सोलर सिस्टम व अन्य चिकित्सा उपकरणों का किया शुभारंभ
सीएसआर योजना के तहत एपीसीपीएल ने स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने में दिया सहयोग सराहनीय
झज्जर, 29 सितम्बर, अभीतक: जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में मंगलवार को डीसी वर्षा खांगवाल ने एपीसीपीएल की ओर से सीएसआर योजना के तहत स्थापित सो किलोवाट सोलर सिस्टम तथा अन्य चिकित्सा उपकरणों का उदघाटन किया। इस अवसर पर एपीसीपीएल के सीईओ रबीन्द्र पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहे। इससे पहले सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादयान ने डीसी वर्षा खांगवाल तथा एपीसीपीएल के पदाधिकारियों का स्वागत किया। उन्होंने नागरिक अस्पताल में मरीजों को उपलब्ध करवाई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं तथा अस्पताल में किए जा रहे विभिन्न कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना शासन – प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं को आधुनिक और बेहतर बनाने के लिए विभागीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सतत विकास की मुख्य आधारशिला: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि मजबूत बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं किसी भी क्षेत्र के समावेशी एवं सतत विकास की आधारशिला है और अच्छा स्वास्थ्य सबके लिए प्राथमिकता है।इसी सोच के साथ सरकार और जिला प्रशासन के साथ साथ निजी संस्थान अपनी सीएसआर पहलों के माध्यम से आमजन मानस के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में निरंतर योगदान दे रही है। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल के साथ -साथ बहादुरगढ़,सभी पीएचसी और सीएचसी केंद्रों पर आमजन की स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिगत जरूरी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। सरकार की सोच है कि आमजन को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं उन्हें मिलें।
सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने से ऊर्जा की होगी बचत
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में सौर ऊर्जा के उपयोग से बिजली की आवश्यकता को पूरा करने में सहायता मिलेगी तथा संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ऊर्जा की बचत की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सीएसआर के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग देने के लिए एपीसीपीएल टीम का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस प्रकार के सहयोग से अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने में मदद मिलती है। इस अवसर पर एपीसीपीएल के सीईओ रविन्द्र पटेल ने डीसी वर्षा खांगवाल का स्वागत करते हुए सीएसआर योजना के तहत अस्पताल में उपलब्ध करवाए गए सोलर प्लांट एवं अन्य उपकरणों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीएसआर स्कीम के अंतर्गत एक सो किलोवाट सोलर सिस्टम, पोर्टेबल डीआर सिस्टम, एयर कंडीशनर, सीरेंज पम्पस, बर्न केज, ओटी सीलिंग लाइट, पोर्टा कैबीन्स, लेप्रोस्कोपिक सर्जरी सेट सहित अन्य उपकरण स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सामाजिक दायित्व के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से यह सहयोग प्रदान किया गया है और संस्थान की तरफ से आगे भी निरन्तर सहयोग बना रहेगा।
यह अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति रहे मौजूद
इस अवसर पर एपीसीपीएल के महाप्रबंधक संजय जैन, अपर महाप्रबंधक उमेश कुमार,स्वास्थ्य विभाग से डॉ अजय सिंगला, डीएमएस डॉ यशपाल मोनिया, डॉ अजय धनखड़, डिप्टी सीएमओ डॉ दीपक व डॉ सुनील नरवाल, डिप्टी सीएमओ डॉ नीरज आहूजा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तथा एपीसीपीएल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।




जों संतो और गौ माता की सेवा करता हैं. उस पर प्रभु की विशेष कृपा होती है.
हूं तेरे चरणों की धूल लाड़ली मुझकों ना जाना कभी भूल स्वामीनी..
झज्जर, 29 सितम्बर, अभीतक: गौ सेवा और संत सेवा ईश्वरीय कृपा और प्रेरणा से ही संभव होती है. सनातन संस्कृति में गाय को माता और संतो को भगवान का रूप माना गया है. यह बात टाउन पार्क के निकट धार्मिक कथा उत्सव स्थल पर सूखदा कुंज एवं राधा कृष्ण परिवार महिला मंडल झज्जर एवं गुरुग्राम के संयुक्त तत्वाधान में संत स्वामी श्री करुणा दास महाराज के पावन सानिध्य में श्री भक्त माल कथा एवं रासलीला के आयोजित कार्यक्रम में कथा व्यास माधवी शरण नें श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए कही उन्होंने कहा कि गौ सेवा ही सच्ची सेवा है. जहां गौ माता का सम्मान होता है वहां भगवान का निवास होता है. जों संतो का सम्मान करता है और गौ माता की सेवा करता हैं. उस पर प्रभु की विशेष कृपा होती है.समाजसेवी रविंद्र वर्मा नें पत्नी सहित कथा उत्सव स्थल पहुंचकर राधा कृष्ण के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया. कथा वाचक राधा शरण नें कहा कि भूखे भजन न होय गोपाला. भूखे पेट भगवान के भजन में ध्यान नहीं लगता जब भूख लग रही हो तों भगवान के ध्यान में मन लगना मुश्किल जाता है. भजन करने से भक्ति बढ़ती है और भक्ति से हीं ईश्वर प्राप्त होते है.भूखे रहकर भक्ति संभव नहीं, मगर ईश्वर प्राप्ति के लिए महान लोगों को उपवास करना पड़ा. उपवास को तप माना गया है.बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं नें रासलीला का आनंद लिया. मनोज दिवान व बिजेंद्र सोनी नें बताया कि प्रथम बार हो रही भक्त माल कथा और रासलीला का झज्जर निवासी बड़ा आनंद लें रहें है. माधवी शरण, राधा शरण नें मैं हूं तेरे चरणों की धूल लाड़ली मुझकों ना जाना कभी भूल स्वामीनी. खिल ना सकें जों वो मैं फूल लाड़ली.. मधुर भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया.इस दौरान कथा उत्सव स्थल पर भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा.




नई दिल्ली: मावलंकर हॉल, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया, रफी मार्ग, नई दिल्ली’
मंगलवार को श्रीमती गीता भुक्कल विधायक व पूर्व शिक्षा मंत्री हरियाणा ने नई दिल्ली में ।प्ब्ब् ैब् क्मचंतजउमदज द्वारा आयोजित दलित आदिवासी सेल्फ रिस्पेक्ट मीटिंग में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने दलित एवं आदिवासी समाज के सम्मान, अधिकारों, सामाजिक न्याय, समानता और सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे। उन्होंने संविधान में निहित सामाजिक न्याय एवं समानता के मूल्यों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक के दौरान श्रीमती गीता भुक्कल जी ने रेजोल्यूशन (प्रस्ताव) पेश किया तथा सभी नेताओ साथियों ने हाथ उठाकर सर्वसम्मति से पारित किया।










राजकीय महाविद्यालय, बिरोहड़ में प्रतिभा खोज कार्यक्रम का आयोजन
झज्जर, 29 सितम्बर, अभीतक: राजकीय महाविद्यालय, बिरोहड़ में प्राचार्य प्रो० (डॉ०) दलबीर सिंह के दिशा-निर्देशन तथा प्रशासनिक प्रभारी डॉ० सुरेंद्र सिंह की गरिमामयी अध्यक्षता में प्रतिभा खोज कार्यक्रम के अंतर्गत ललित कला गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शहीद सुनील कुमार की धर्मपत्नी श्रीमती कमलेश कुमारी उपस्थित रहीं। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की छिपी हुई प्रतिभाओं को पहचानना, उन्हें अपनी कला एवं कौशल प्रदर्शित करने के लिए मंच प्रदान करना तथा उनके सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को विभिन्न सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर प्रदान किया जाएगा। प्रतिभा खोज कार्यक्रम मे ललित कला गतिविधियों मे स्लोगन राइटिंग, मेहंदी, दीया बनाना, मटकी सजावट, रंगोली, चित्रकला, पोस्टर मैकिंग, ईडी मैकिंग, बेस्ट आउट ऑफ वैस्ट का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति कौशल तथा कलात्मक प्रतिभा को विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासनिक प्रभारी डॉ० सुरेंद्र सिंह ने कहा कि महाविद्यालय में इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने तथा भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती है। प्रतिभा खोज कार्यक्रम संयोजक डॉ० पवित्रा देवी ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है, जिसे उचित अवसर, निरंतर अभ्यास और सकारात्मक मार्गदर्शन के माध्यम से निखारा जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने तथा अपनी क्षमताओं का निरंतर विकास करने का संदेश दिया। ललित कला गतिविधियों के दौरान चित्रकला प्रतियोगिता में नीतिका बीए प्रथम वर्ष ने प्रथम स्थान, सोविका बीए द्वितीय वर्ष ने द्वितीय स्थान और सत्य प्रेम दुबे बीकॉम प्रथम वर्ष ने तृतीय स्थान और खुशी ने भी तृतीय स्थान प्राप्त किया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में धैर्य ने प्रथम स्थान, सत्य प्रेम दुबे ने द्वितीय स्थान और पारुल और महक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम संयोजक डॉ० पवित्रा देवी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए महाविद्यालय की सांस्कृतिक समिति के सदस्यों एवं संबंधित प्राध्यापकों का धन्यवाद ज्ञापन किया। इस कार्यक्रम मे डॉ० रश्मि, राजेश कुमार, डॉ० नरेंन्द्र सिंह, अमित कुमार, नीतू देवी, मिस सुचिता, डॉ० अजय कुमार, डॉ० रीना, मंजु कुमारी, डॉ० सीटू सिंह, डॉ० मोनिका, डॉ० सतपाल सिंह आदि स्टाफ सदस्य एवं विधार्थी उपस्थित रहे।

झज्जर में बालश्रम के खिलाफ कार्रवाई, दो नाबालिग बच्चों को बाल श्रम करते हुए रेस्क्यू करके बाल श्रम से मुक्त कराया
झज्जर, 29 सितम्बर, अभीतक: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सचिव एवं सीजेएम विशाल के आदेशनुसार जिला झज्जर में गुमशुदा बच्चे,भिक्षा वर्ती व बाल श्रम के खिलाफ एक अभियान चलाया गया। इस कड़ी में आज शहर झज्जर में बाल श्रम के विरुद्ध चेकिंग की गई। चेकिंग के दौरान शहर झज्जर से दो बच्चों को बाल श्रम करते हुए रेस्क्यू किया गया। दोनों बच्चों को रेस्क्यू करके बाल कल्याण समिति झज्जर के समक्ष पेश किया गया। बाल कल्याण समिति ने दोनों बच्चों की काउंसलिंग कराकर नाबालिक बच्चों को उनके परिवार वालों को सौंप दिया। और बाल कल्याण समिति ने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में इन बच्चों से बाल मजदूरी ना कराए। और इन बच्चों दाखिला स्कूल में कराए। ताकि बच्चों का भविष्य उज्जवल हो सके। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के पैनल अधिवक्ता भूपेंद्र दलाल व पैरा लीगल वॉलंटियर कर्मजीत छिल्लर ने कहा कि बेहतर जीवन और सुरक्षित भविष्य प्रत्येक बच्चे का अधिकार है। बालश्रम की रोकथाम के लिए विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बालश्रम से बच्चों के शिक्षा, विकास और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए समाज के सभी लोगों को बालश्रम के खिलाफ जागरूक होकर प्रशासन का सहयोग करना चाहिए।




रेडक्रॉस कार्यालय में युवाओं को झज्जर पुलिस द्वारा नशे, साइबर अपराध व सुरक्षा के प्रति किया जागरूक
मानस हेल्पलाइन 1933 के उपयोग और नशा छोड़ने में मिलने वाली सहायता की दी जानकारी’
झज्जर, 29 सितम्बर, अभीतक: आज के समय में युवाओं को नशे और साइबर अपराध के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से रेडक्रॉस कार्यालय झज्जर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।इस कार्यक्रम में विभिन्न गांवों से आए युवाओं को झज्जर पुलिस की नशा मुक्ति टीम से मुख्य सिपाही सपना और एसपीओ संजीत कुमार ने नशे के दुष्प्रभावों, डायल 112 की उपयोगिता तथा साइबर अपराध से बचाव के उपायों की जानकारी दी।पुलिस टीम ने युवाओं को मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नशे से संबंधित सहायता, परामर्श एवं मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए इस हेल्पलाइन का उपयोग किया जा सकता है। इसके माध्यम से नशे की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति या उसके परिजन सहायता प्राप्त कर सकते हैं तथा नशा छोड़ने की दिशा में उचित मार्गदर्शन ले सकते हैं।इसके साथ ही युवाओं को नशे से दूर रहकर सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने, किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 पर सूचना देने तथा साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने के प्रति प्रेरित किया गया। पुलिस टीम ने अपनी निजी जानकारी अनजान व्यक्तियों से साझा न करने की अपील भी की।


खरीद प्रक्रिया को सुविधाजनक व पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन सजग: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने बेरी और मातनहेल अनाज मंडियों का दौरा कर बाजरा व धान खरीद व्यवस्थाओं का लिया जायजा
किसानों को मंडी के अंदर प्रवेश और गेट पास जारी करने में अनावश्यक देरी न हो, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
झज्जर, 29 सितम्बर, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने मंगलवार को बेरी और मातनहेल अनाज मंडियों का दौरा कर बाजरा व धान खरीद व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मंडी में बाजरा की आवक, खरीद प्रक्रिया, गुणवत्ता जांच, फसल के उठान तथा किसानों को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं का मौके पर निरीक्षण किया। इस बीच उन्होंने एसडीएम झज्जर रवि मीणा और एसडीएम बेरी रेणुका नांदल से खरीद व्यवस्थाओं को लेकर फीडबैक लिया। उन्होंने कहा खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए प्रशासन सजगता से कार्य कर रहा है। डीसी ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंडी के अंदर किसानों की फसल के प्रबंधन तथा गेट पास जारी करने की व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को मंडी में प्रवेश करने और गेट पास बनवाने में किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी या देरी नहीं होनी चाहिए। निर्धारित प्रक्रिया के तहत किसानों को समय पर गेट पास जारी किए जाएं, ताकि वे अपनी फसल सुगमता से मंडी में ला सकें।
निर्धारित नियमों के अनुसार सुनिश्चित हो बाजरा व धान उपज की खरीद
डीसी वर्षा खांगवाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडी में बाजरा खरीद प्रक्रिया सुचारू, पारदर्शी एवं निर्धारित नियमों के अनुसार सुनिश्चित की जाए। किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा खरीदी गई फसल का उठान भी समय पर करवाया जाए। उन्होंने मंडी में साफ-सफाई, धर्मकांटा,पेयजल, बैठने की व्यवस्था,किसान सहायता केंद्र, अटल कैंटीन तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
किसानों की सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि बाजरा व धान खरीद के दौरान किसानों की सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता है। किसानों की समस्याओं का मौके पर ही प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद प्रक्रिया की लगातार निगरानी रखें और संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाएं। इस दौरान उन्होंने आढ़तियों की समस्याएं सुनते हुए सम्बंधित अधिकारियों को अविलंब समाधान के निर्देश दिए।
बाजरा खरीद के लिए 8 और धान के लिए 5 खरीद केंद्र निर्धारित
डीएफएससी आदित्य कौशिक ने बताया कि जिला भर में किसानो की सुविधा के मद्देनजर बाजरा उपज बिक्री के लिए 8 खरीद केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें झज्जर, मातनहेल, बेरी, ढाकला, बहादुरगढ़, बादली, पटौदा और माजरा ( डी) शामिल हैं,जबकि धान खरीद के लिए बहादुरगढ़, बेरी, झज्जर, मातनहेल और माजरा (डी) खरीद केंद्र बनाए गए हैं। उक्त खरीद केंद्रों पर किसान अपनी बाजरा और धान उपज बिक्री कर सकते हैं। बाजरा के लिए 29 सो रुपए प्रति किवंटल और पीआर धान का मूल्य 2461 रुपये प्रति किवंटल निर्धारित किया गया है।
यह अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति रहे मौजूद
इस अवसर पर हरियाणा वेयर हाउस के डीएम रोहतास दहिया, तहसीलदार मातनहेल कृष्ण कुमार, नायब तहसीलदार बेरी मनोज कुमार, मार्किट कमेटी बेरी के सचिव विजय सिंह, बेरी मंडी प्रधान दलवीर कादयान, मातनहेल मंडी प्रधान रविन्द्र सुहाग, निरीक्षक सुमित हुडा,हरिओम भारद्वाज सहित सम्बंधित विभागों के अधिकारी और खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।




युवाओं के नवाचार से विकसित भारत के संकल्प को मिलेगी नई गति: दिनेश सिंह शेखावत
सेवा संकल्प अभियान के तहत राजकीय महाविद्यालय बहू में ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ का आयोजन
विद्यार्थियों को नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित
समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान पर आधारित नवाचारों को मिलेगा प्रोत्साहन
झज्जर, 29 सितम्बर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के तहत राजकीय महाविद्यालय बहू में ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिनेश सिंह शेखावत ने मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों से संवाद किया और उन्हें नवाचार तथा उद्यमिता के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। दिनेश सिंह शेखावत ने कहा कि युवाओं में प्रतिभा और नए विचारों की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता है कि इन विचारों को समाज की वास्तविक जरूरतों से जोड़ते हुए उपयोगी समाधान के रूप में विकसित किया जाए। मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने युवाओं के लिए नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में अनेक अवसर उपलब्ध करवाए हैं। उन्होंने कहा कि ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक सोच को मंच देने का अवसर प्रदान कर रहा है। स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, जल संरक्षण, पर्यावरण, महिला सुरक्षा, डिजिटल सेवाओं और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में युवा ऐसे समाधान विकसित कर सकते हैं, जिनका सीधा लाभ समाज को मिल सके।
पुरस्कार से अधिक महत्वपूर्ण समाज की समस्या का समाधान
मुख्य वक्ता ने कहा कि किसी नवाचार की वास्तविक सफलता केवल पुरस्कार हासिल करना नहीं, बल्कि किसी समस्या का व्यावहारिक और प्रभावी समाधान तैयार करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी प्रतिभा, तकनीकी ज्ञान और रचनात्मक सोच का उपयोग जनहित में करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र, बहादुरगढ़ के औद्योगिक विस्तार अधिकारी मोहन कुमार ने विद्यार्थियों को स्टार्टअप, उद्यमिता तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं और सब्सिडी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापित करने के लिए उपलब्ध अवसरों से भी अवगत करवाया।
डिजिटल माध्यम से प्रस्तुत किए जा सकेंगे नवाचार
कार्यक्रम में बताया गया कि प्रतियोगिता के तहत विद्यार्थी अपने प्रोजेक्ट, मॉडल, शोध, वीडियो और तकनीकी समाधान डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रस्तुत कर सकते हैं। जिला स्तर पर चयनित श्रेष्ठ नवाचारों को प्रोत्साहन राशि तथा राज्य स्तर पर चयनित प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जितेंद्र भारद्वाज ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना विकसित करने में सहायक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी करते हुए अपने नए विचारों को समाजोपयोगी समाधान में बदलने का आह्वान किया। कार्यक्रम में दिनेश गोयल, झज्जर विधानसभा सह संयोजक दीपक झांसवा, धीरज कौशिक, औद्योगिक विस्तार अधिकारी मोहन कुमार, नोडल अधिकारी नरेंद्र कुमार, सुनील कुमार, मोहन सिंह सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर दिनेश सिंह शेखावत ने महाविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति, नवाचार और सेवा भावना का समन्वय ही विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए जागरूक करें अधिकारी: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने जिलाभर में पराली प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण उपायों को लेकर दिए सख्त निर्देश
झज्जर, 29 सितम्बर, अभीतक: जिला में पराली प्रबंधन को बढ़ावा देने और पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और वायु गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। यह जानकारी डीसी वर्षा खांगवाल ने मंगलवार को दी। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण उपायों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करते हुए फील्ड में नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने पराली जलाने की संभावित घटनाओं की तत्काल सूचना और प्रभावी कार्रवाई के लिए क्विक रेस्पॉन्स टीमें सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी प्रभावित होती है। इसलिए किसानों को निरंतर जागरूक करते हुए पराली न जलाने तथा फसल अवशेष प्रबंधन की वैज्ञानिक एवं वैकल्पिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए।
फील्ड विजिट के साथ संभावित स्रोतों पर रखें नजर
डीसी ने संबंधित अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट करने और पराली जलाने की आशंका वाले क्षेत्रों में पहले से प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदूषण फैलाने वाले संभावित स्रोतों की निगरानी के लिए आवश्यकता अनुसार ड्रोन का उपयोग करने तथा संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा। उन्होंने भुवन एप और सीआरएम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया।
प्रति एकड़ 1200 रुपये की प्रोत्साहन राशि
डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन के तहत पराली को खेत में मिलाने पर किसानों को प्रति एकड़ 1200 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना सहित फसल अवशेष प्रबंधन की उपलब्ध तकनीकों की जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि पंचायतों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी पराली प्रबंधन अभियान से जोड़ा जाए तथा किसानों के साथ निरंतर संवाद कर उन्हें पराली प्रबंधन के पर्यावरणीय एवं कृषि संबंधी लाभों के बारे में जागरूक किया जाए।
स्वच्छ पर्यावरण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण और बेहतर वायु गुणवत्ता के लिए पराली जलाने की समस्या का प्रभावी समाधान जरूरी है। जिला प्रशासन इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करते हुए फसल अवशेष न जलाएं और उपलब्ध फसल अवशेष प्रबंधन तकनीकों व सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।





सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध
सेवा मेरा योगदान थीम पर स्वास्थ्य जांच शिविर में सफाई कर्मचारियों ने कराई जांच
झज्जर संवाद भवन में तीन दिवसीय निरूशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का दूसरा दिन
जिले के सभी नियमित, अनुबंधित, डोर-टू-डोर व पार्ट-टाइम सफाई कर्मचारियों और सीवरमैनों की होगी निरूशुल्क जांच
झज्जर, 29 सितम्बर, अभीतक: जिलाभर में डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘सेवा मेरा योगदान’ थीम पर सफाई कर्मचारियों के लिए निर:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संवाद भवन में आयोजित जिला स्तरीय कैंप में सफाई कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर स्वास्थ्य जांच कराई। जिला नगर आयुक्त जगनिवास ने बताया कि सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित यह विशेष शिविर 30 सितंबर तक चलेगा। इसके तहत जिले के सभी ब्लॉकों और नगर पालिकाओं के अंतर्गत नजदीकी नागरिक अस्पतालों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। शिविर में नियमित, अनुबंधित, डोर-टू-डोर और पार्ट-टाइम सफाई कर्मचारियों के साथ-साथ सभी सीवरमैनों को कवर किया जा रहा है।
सीवर सफाई के दौरान सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन जरूरी
डीएमसी जगनिवास ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। शिविर के दौरान कर्मचारियों को नशे से दूर रहने का संकल्प भी दिलाया गया। उन्होंने कहा कि सीवर सफाई के दौरान सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन किया जाना जरूरी है। बिना सुरक्षा किट के किसी भी सीवरमैन को सीवर में न उतारा जाए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन गंभीरता से कार्य कर रहा है और उनके स्वास्थ्य व सुरक्षा से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दी जा रही है।
आंखों, दांत, टीबी, रक्तचाप व मधुमेह की हो रही जांच
सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादयान ने बताया कि सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य संरक्षण को ध्यान में रखते हुए विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया है। शिविर में सामान्य स्वास्थ्य जांच के अलावा आंखों की जांच, दंत परीक्षण, टीबी, रक्तचाप और मधुमेह सहित विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी जांच निरूशुल्क की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान यदि किसी कर्मचारी में कोई बीमारी पाई जाती है, तो उसके आगे के उपचार तथा आवश्यक दवाइयों का प्रबंध भी निरूशुल्क किया जाएगा। उन्होंने सफाई कर्मचारियों से अपील की कि वे शिविर में पहुंचकर अपनी स्वास्थ्य जांच अवश्य करवाएं और किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या को नजरअंदाज न करें।



सेवा संकल्प अभियान के चलते सिलाना गांव में लगा सेवा सेतु कैंप
वरिष्ठ भाजपा नेता श्याम सिलाना और धर्मेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से किया कैंप का अवलोकन, विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर दी योजनाओं की जानकारी
नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किया प्रेरित
झज्जर, 29 सितम्बर, अभीतक: जिलाभर में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवाने तथा पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य विभिन्न गतिविधियां जारी हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को गांव सिलाना में एक दिवसीय सेवा सेतु कैंप का आयोजन किया गया। वरिष्ठ भाजपा नेता श्याम सिलाना और धर्मेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से कैम्प का अवलोकन किया। इस अवसर पर भाजपा नेता श्याम सिलाना ने कहा कि सेवा सेतु कैंप का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और सेवाओं को नागरिकों तक सहज एवं सरल तरीके से पहुंचाना है। ऐसे कैंप के माध्यम से लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी मिलने के साथ-साथ पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया समझने में सुविधा मिलती है। भाजपा नेता धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित किए जा रहे सेवा सेतु कैंप जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नागरिक ज्यादा से ज्यादा संख्या में कैंपों में पहुंचकर विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी लें और पात्रता के अनुसार उनका लाभ उठाएं। कैंप में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नागरिकों को विभागीय योजनाओं, सरकारी सेवाओं तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। विभागों की ओर से पात्र नागरिकों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया और योजनाओं से संबंधित उनकी जिज्ञासाओं एवं समस्याओं का समाधान भी किया गया। आयुष विभाग की ओर से नागरिकों को आयुष पद्धति एवं स्वास्थ्य संरक्षण से संबंधित जानकारी भी दी गई।
फतेहाबाद: फतेहाबाद में स्पा सेंटर पर पुलिस ने मारी रेड।
मौके से 4 युवक और 8 युवतियों समेत 12 लोग काबू।
डीएसपी जगदीश काजला और शहर थाना प्रभारी संजय कुमार के नेतृत्व में हुई कार्रवाई।
पुलिस ने स्पा सेंटर के सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर कब्जे में लिया, डीवीआर के जरिए गतिविधियों से जुड़े साक्ष्य जुटाने में लगी पुलिस।
डीएसपी जगदीश काजल का कहना स्पा सेंटर के मालिक के खिलाफ दर्ज किया जा रहा है केस।




मतदाता बनने के लिए तुरंत भरें आवेदन, अंतिम तिथि आज :डीसी
अंतिम मतदाता सूची 6 नवंबर को होगी प्रकाशित
डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने जिला झज्जर के नागरिकों से की अपील
झज्जर, 29 सितम्बर, अभीतक: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों में एसआईआर-2026 के तहत मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य जारी है। डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने कहा कि अभियान का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना तथा अपात्र नामों को हटाकर सूची को शुद्ध एवं अद्यतन बनाना है। उन्होंने बताया कि 30 सितंबर तक फार्म 6 के साथ नई वोट के लिए आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने पात्र नागरिकों से अपील की कि वे अपनी और परिवार के पात्र सदस्यों की जानकारी मतदाता सूची में अवश्य जांचें। जिन पात्र नागरिकों का नाम सूची में नहीं है, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म-6 भरकर नाम दर्ज करवाएं। पात्र युवाओं से उन्होंने विशेष रूप से कहा कि वे मतदाता बनने के लिए तुरंत आवेदन करें।
बुधवार 30 सितंबर तक दर्ज कराएं दावे-आपत्तियां
डीसी ने बताया कि एसआईआर-2026 के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार दावे एवं आपत्तियां बुधवार 30 सितंबर तक दर्ज कराई जा सकती हैं। इनका निपटारा 28 अक्टूबर तक होगा तथा अंतिम मतदाता सूची 6 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी। मतदाता नाम, पता, आयु, फोटो सहित अन्य विवरणों की जांच कर त्रुटि मिलने पर समय रहते सुधार के लिए आवेदन करें।
पात्र मतदाता फॉर्म-7 व 8 से भी कर सकते हैं आवेदन
डीसी ने बताया कि मतदाता सूची में आवश्यक संशोधन के लिए फॉर्म-8 तथा मृत, अपात्र या अन्य स्थान पर पंजीकृत मतदाता के नाम पर आपत्ति के लिए फॉर्म-7 का उपयोग किया जा सकता है। आवेदन प्रक्रिया में सहायता के लिए नागरिक अपने क्षेत्र के बीएलओ, ईआरओ अथवा एईआरओ से संपर्क कर सकते हैं। मतदाता हेल्पलाइन 1950 पर भी सहायता प्राप्त की जा सकती है।
डीसी ने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध एवं विश्वसनीय बनाने में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने सभी पात्र नागरिकों से निर्धारित समय सीमा में आवश्यक कार्रवाई पूरी करने का आह्वान किया।


सेवा मेरा योगदान के तहत जिलाभर में सुगमता से चल रहा स्वच्छता अभियान
ग्रामीण, शहरी क्षेत्रों और शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों व नागरिकों ने किया श्रमदान, स्वच्छता का दिया संदेश
झज्जर स्थित पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों में आयोजित हुईं स्वच्छता जागरूकता गतिविधियां
झज्जर, 29 सितम्बर, अभीतक: जिला झज्जर में 17 अक्टूबर तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा मेरा योगदान’ मॉड्यूल के अंतर्गत मंगलवार को भी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ शिक्षण संस्थानों में स्वच्छता अभियान चलाया गया। डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में आयोजित अभियान में ग्रामीणों, विद्यार्थियों, शिक्षकों व कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए श्रमदान किया और स्वच्छता का संदेश दिया।
झज्जर पीएम श्री स्कूल में छात्राओं ने शपथ लेकर दिया स्वच्छता का संदेश
झज्जर स्थित पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परिसर में छात्राओं को स्वच्छता के प्रति जागरूकता की शपथ दिलाई गई। इसके अलावा जिलाभर के शिक्षण संस्थानों में भी स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की गई,जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने परिसर की साफ-सफाई कर कचरा एकत्र किया और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया। इस दौरान विद्यार्थियों को स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया। विद्यार्थियों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करते हुए अपने घर, शिक्षण संस्थान और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने तथा कचरा निर्धारित स्थान पर डालने के लिए प्रेरित किया गया।
ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में हुईं स्वच्छता गतिविधियां
मंगलवार को शहरी क्षेत्रों में डीएमसी जगनिवास के निर्देशानुसार झज्जर, बहादुरगढ़ और बेरी के विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की गईं। सफाई टीमों ने चिन्हित स्थानों एवं कचरा संवेदनशील क्षेत्रों की साफ-सफाई कर कचरे का उठान किया। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में सीईओ जिला परिषद मनीष फोगाट के मार्गदर्शन में विभिन्न गांवों में स्वच्छता अभियान चलाया गया। ग्रामीणों ने सार्वजनिक स्थानों, गलियों और आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई में सहयोग करते हुए स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।
सेवा और जनभागीदारी की भावना को मिल रहा बढ़ावा
‘सेवा मेरा योगदान’ मॉड्यूल के तहत आयोजित स्वच्छता गतिविधियों का उद्देश्य नागरिकों और विद्यार्थियों में स्वच्छता, सेवा एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से विभिन्न गतिविधियों में जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए लोगों को समाज और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।





गांव कलोई में इंडोर जिम ने बदली फिटनेस की तस्वीर
गांव में ही आधुनिक व्यायाम सुविधा मिलने से युवाओं को मिला स्वस्थ जीवनशैली का अवसर
सेवा संकल्प अभियान’ के ‘सेवा की कहानी’ मॉड्यूल में सामने आई ग्रामीण विकास की सकारात्मक पहल
झज्जर, 29 सितम्बर, अभीतक: किसी गांव के विकास की कहानी केवल सड़कों, गलियों और भवनों तक सीमित नहीं होती, बल्कि तब पूरी होती है जब वहां रहने वाले लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगे। झज्जर खंड के गांव कलोई में स्थापित इंडोर जिम इसी बदलाव की एक ऐसी कहानी है, जहां आधुनिक व्यायाम सुविधा ने ग्रामीण युवाओं और आमजन को स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन शैली की ओर बढ़ने का अवसर दिया है।
शहर जाने की जरूरत हुई कम
इंडोर जिम की सुविधा उपलब्ध होने से पहले गांव के युवाओं और अन्य ग्रामीणों को व्यायाम एवं फिटनेस के लिए झज्जर शहर की निजी जिमों पर निर्भर रहना पड़ता था। इसके लिए उन्हें अतिरिक्त समय और धन खर्च करना पड़ता था। कई लोगों के लिए यह रोजाना संभव नहीं हो पाता था। अब गांव में ही आधुनिक व्यायाम सुविधा उपलब्ध होने से ग्रामीणों के लिए फिटनेस उनकी पहुंच में आ गई है। अपने घर के नजदीक सुविधा मिलने से नियमित व्यायाम करना पहले की अपेक्षा आसान हुआ है।
युवाओं की दिनचर्या में शामिल हुआ व्यायाम
कलोई का इंडोर जिम विशेष रूप से युवाओं को आकर्षित कर रहा है। युवा अपनी दैनिक दिनचर्या में व्यायाम को शामिल कर शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इससे उनमें फिटनेस के प्रति जागरूकता के साथ-साथ अनुशासन और नियमितता की भावना भी मजबूत हो रही है। यह सुविधा युवाओं को खाली समय का सकारात्मक उपयोग करने और स्वस्थ गतिविधियों से जुड़ने का अवसर दे रही है। नियमित व्यायाम के माध्यम से उनमें आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति सोच को भी बढ़ावा मिल रहा है।
महिलाओं और आमजन के लिए भी उपयोगी
इंडोर जिम का लाभ केवल युवाओं तक सीमित नहीं है। गांव की महिलाएं और अन्य आयु वर्ग के ग्रामीण भी अपनी सुविधा के अनुसार व्यायाम की ओर बढ़ रहे हैं। गांव में ही सुविधा उपलब्ध होने से स्वास्थ्य और फिटनेस को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का अवसर मिला है।
एक सुविधा, अनेक सकारात्मक बदलाव
कलोई में इंडोर जिम की स्थापना को केवल व्यायाम उपकरणों की उपलब्धता के रूप में नहीं देखा जा सकता। यह ग्रामीण क्षेत्र में स्वस्थ सोच और सकारात्मक वातावरण तैयार करने की दिशा में एक कदम है। इससे युवाओं को अपने गांव में ही बेहतर सुविधा और स्वस्थ गतिविधि का विकल्प मिला है। ग्रामीणों के लिए ऐसी सुविधाएं यह संदेश भी देती हैं कि स्वस्थ शरीर और सक्रिय जीवनशैली केवल शहरों तक सीमित नहीं है। गांव में रहने वाले लोगों को भी आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलना ग्रामीण विकास की व्यापक सोच को दर्शाता है।
स्वस्थ नागरिक से स्वस्थ गांव’ की ओर कदम
सेवा संकल्प अभियान’ के ‘सेवा की कहानी’ मॉड्यूल के तहत कलोई का इंडोर जिम ग्रामीण विकास के साथ मानव संसाधन विकास की भी कहानी कह रहा है। गांव में उपलब्ध यह सुविधा युवाओं को स्वस्थ, सक्रिय और सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित कर रही है। कलोई में शुरू हुई यह पहल ‘स्वस्थ नागरिक, स्वस्थ गांव और स्वस्थ हरियाणा’ की सोच को मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक कदम है। गांव के लोगों के लिए यह सुविधा विकास के साथ-साथ उनके जीवन में स्वस्थ बदलाव की एक नई शुरुआत भी बन रही है।
स्वस्थ जीवनशैली के लिए योग और प्राकृतिक चिकित्सा पर आयुष विभाग का फोकस
सेवा मेरा योगदान थीम पर गांव खेड़ी जट्ट, साल्हावास में आयोजित हुए स्वास्थ्य एवं योग कार्यक्रम
सेवा संकल्प अभियान के तहत 394 लोगों ने लिया स्वास्थ्य शिविरों का लाभ, 231 ने किया योग अभ्यास
झज्जर, 29 सितम्बर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के तहत डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में जनकल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन लगातार जारी है। अभियान के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ थीम के तहत आयुष विभाग द्वारा खेड़ी जट्ट, साल्हावास तथा गांव दुजाना गांवों में स्वास्थ्य जांच एवं योग जागरूकता संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया गया।
खेड़ी जट्ट और साल्हावास में आयोजित हुए मेगा कैंप
जिला आयुष अधिकारी डॉ. सुमन ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत खेड़ी जट्ट में आयोजित मेगा कैंप में 142 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया, जबकि 120 लोगों ने योग गतिविधि में भाग लिया। इसी प्रकार साल्हावास में आयोजित मेगा कैंप में 191 लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जांच एवं परामर्श किया गया तथा 76 लोगों ने योग अभ्यास में भाग लिया। उन्होंने बताया कि इन शिविरों के माध्यम से आमजन को आयुष चिकित्सा पद्धति, स्वस्थ जीवनशैली और नियमित योग के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। आयुष विभाग की टीमों द्वारा लोगों को उनकी स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुसार उचित परामर्श भी दिया गया। उन्होंने बताया कि तीनों कार्यक्रमों में कुल 394 लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं एवं परामर्श उपलब्ध करवाया गया, जबकि 231 लोगों ने योग गतिविधियों में भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया।
आमजन को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए किया प्रेरित
जिला योग समन्वयक डॉ. पवन देशवाल ने बताया कि ‘सेवा मेरा योगदान’ थीम का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक स्वास्थ्य एवं जनकल्याण की सेवाओं को पहुंचाना है। आयुष विभाग द्वारा लोगों को नियमित योग एवं व्यायाम करने, संतुलित आहार लेने, उचित दिनचर्या अपनाने तथा स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव करके स्वयं के साथ-साथ समाज के स्वास्थ्य में भी अपना योगदान दे सकता है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से आयुष विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता और योग को जन-जन तक पहुंचाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।





सेवा संकल्प अभियान: कहानी बदलाव की
एचएसएफडीसी योजना बनी आत्मनिर्भरता का माध्यम
गायत्री ने शुरू किया चूड़ी-कॉस्मेटिक व्यवसाय, अमन कुमार ने ई-रिक्शा से शुरू किया स्वरोजगार
रेवाड़ी, 29 सितम्बर, अभीतक: हरियाणा सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (एचएसएफडीसी)के माध्यम से विभिन्न स्वरोजगार योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को व्यवसाय एवं आय सृजन गतिविधियां शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता के साथ-साथ आवश्यक मार्गदर्शन भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। इन योजनाओं का लाभ उठाकर अनेक लाभार्थी अपने पैरों पर खड़े होकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
स्वरोजगार योजना का लाभ उठाकर परिवार की आर्थिक स्थिति की मजबूत
गांव कोसली, जिला रेवाड़ी निवासी गायत्री ने एचएसएफडीसी की स्वरोजगार योजना का लाभ उठाकर चूड़ी एवं कॉस्मेटिक सामग्री का व्यवसाय शुरू किया है। निगम से प्राप्त सहायता के माध्यम से उन्होंने अपना व्यवसाय स्थापित किया और अब मेहनत एवं लगन के साथ अपने कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं। उनके व्यवसाय से उन्हें अपनी आजीविका चलाने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का अवसर मिला है। गायत्री ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि एचएसएफडीसी की सहायता उनके लिए स्वरोजगार की नई शुरुआत का माध्यम बनी। उन्होंने कहा कि अपना व्यवसाय शुरू करने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और अब वह स्वयं आय अर्जित कर परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहयोग कर पा रही हैं। उन्होंने निगम द्वारा उपलब्ध करवाए गए सहयोग के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया।
योजना से ई रिक्शा खरीद कर स्वरोजगार शुरू किया
गांव बरियावास, जिला रेवाड़ी निवासी अमन कुमार ने एचएसएफडीसी की स्वरोजगार योजना का लाभ लेकर ई-रिक्शा खरीदा। ई-रिक्शा के माध्यम से उन्होंने अपना स्वरोजगार शुरू किया है और अब यह उनके लिए आय का एक महत्वपूर्ण साधन बन रहा है। अमन कुमार ने बताया कि निगम की वित्तीय सहायता से उन्हें अपना रोजगार शुरू करने का अवसर मिला। ई-रिक्शा चलाकर वह नियमित रूप से आय अर्जित करने का प्रयास कर रहे हैं तथा इससे उन्हें अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजना के माध्यम से मिला सहयोग उनके लिए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।
आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़े कदम
गायत्री, गांव कोसली तथा अमन कुमार, गांव बरियावास की बदलाव की कहानी इस बात का उदाहरण है कि सरकारी योजनाओं का उचित लाभ और उसका सही उपयोग कर अनुसूचित जाति वर्ग के लाभार्थी स्वरोजगार स्थापित कर अपनी आजीविका को सुदृढ़ कर सकते है। इसके साथ ही आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। एचएसएफडीसी द्वारा पात्र लाभार्थियों से आह्वान किया गया है कि वे निगम की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी प्राप्त करें तथा पात्रता के अनुसार इनका लाभ उठाकर स्वरोजगार को अपनी आर्थिक प्रगति का माध्यम बनाएं।


सेवा संकल्प अभियान’: सेवा सेतु के तहत गांव भाड़ावास में लगाया शिविर
शिविर में ग्रामीणों को दी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी
रेवाड़ी, 29 सितम्बर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत मंगलवार को गांव भाड़ावास में जनकल्याणकारी योजनाओं का पात्र परिवारों को लाभ देने के उद्देश्य से सेवा सेतु शिविर आयोजित किया गया। डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन सेवा सेतु कैंप का आयोजन कर लाभार्थियों को सरकार की योजनाओं से लाभान्वित किया गया। जिला समाज कल्याण अधिकारी रेनू बाला ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा सरकार की ओर से प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के निरंतर सेवा काल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने और प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक संकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सेवा सेतु कैंपों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ का उद्देश्य सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं की पहुंच को अधिक सुगम बनाना तथा पात्र नागरिकों को उनके अधिकार एवं उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जागरूक करना है। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि सेवा सेतु शिविर में पात्र नागरिकों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया, दस्तावेज और संबंधित विभागीय सेवाओं के बारे में भी जानकारी उपलब्ध कराई गई। सरकार द्वारा सेवा सेतु कैंपों को नागरिक सुविधा का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया जा रहा है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे सेवा सेतु कैंपों में पहुंचकर विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त करें और पात्रता के अनुसार उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें।


आभा बनाओ डिजिटल हो जाओ
डिजिटल स्वास्थ्य पहचान का महत्वपूर्ण माध्यम है एबीएचए आईडी
आईजीयू मीरपुर में एबीएचए आईडी को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
रेवाड़ी, 29 सितम्बर, अभीतक: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर रेवाड़ी में एबीएचए आईडी को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सा अधिकारियों ने विद्यार्थियों एवं उपस्थित प्रतिभागियों को एबीएचए आईडी के महत्व, उपयोगिता तथा डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। हरियाणा के एचएमआईएस मैनेजर एबीडीएम उमेश सैनी ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि एबीएचए आईडी को नागरिकों की डिजिटल स्वास्थ्य पहचान के रूप में विकसित किया गया है। इसके माध्यम से व्यक्ति अपने स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए यह आभा आई डी बनाई गई है। उन्होंने बताया कि डिजिटल स्वास्थ्य पहचान के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध रखा जाएगा। कार्यक्रम में एबीएचए के विभिन्न लाभों के बारे में जानकारी दी गई। इसमें सुरक्षित एवं डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड, स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को सुविधाजनक तरीके से साझा करने तथा बेहतर एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं में सहायता जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक करते हुए एबीएचए आईडी बनवाने और इसके उपयोग की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई। उप सिविल सर्जन डा. जोंगेंद्र तंवर ने बताया कि जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और आम नागरिकों को डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली से जोड़ना तथा उन्हें अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से व्यवस्थित रखने के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को एबीएचए आईडी से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की गई और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। डाॅ. जोगेंद्र तंवर ने बताया कि हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल और आसान बनाने के लिए सरकार ने आभा आईडी को अनिवार्य किया है। अब सरकार हो या निजी अस्पताल सभी में आभा आईडी जरूरी होगी। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों को आभा आईडी बनाने व अपने परिवार व जान-पहचान के लोगों को आभा आईडी बनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर फार्मास्युटिकल साइंस प्रो. डा. सुनील कुमार, प्रो. समद्धि तंवर, प्रो. सुशांत यादव सहित आईजीयू स्टाफ सदस्य व विद्यार्थी मौजूद रहे।

विशेष गहन पुनरीक्षण-2026: दावे एवं आपत्तियां दर्ज करवाने की आज अंतिम तिथि
6 नवंबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची
रेवाड़ी, 29 सितम्बर, अभीतक: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत दावे एवं आपत्तियां दर्ज करवाने की 30 सितंबर अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अभिषेक मीणा ने अपील की है कि जिला के सभी पात्र मतदाता सूची में अपना नाम एवं अन्य विवरण अवश्य जांच लें। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है अथवा नाम, पता, आयु या अन्य विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि है, तो मतदाता निर्धारित समय से पहले संबंधित दावा अथवा आपत्ति दर्ज करवाएं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि हरियाणा में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत 30 सितंबर 2026 तक दावे एवं आपत्तियां दाखिल की जाएगी। इसके साथ ही दावे एवं आपत्तियों का निपटारा 28 अक्टूबर तक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 6 नवंबर को होगा। उन्होंने बताया कि स्वच्छ, शुद्ध एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का आधार है। सभी पात्र नागरिक मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं मजबूत बनाने में अपना योगदान दें।


डीसी ने जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति के साथ की समीक्षा बैठक
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत पीएनडीटी कार्यक्रम व स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन के दिए निर्देश
रेवाड़ी, 29 सितम्बर, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने मंगलवार को लघु सचिवालय सभागार में जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों एवं योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीसी अभिषेक मीणा ने ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत पीएनडीटी कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि भ्रूण लिंग जांच पर पूर्ण रूप से रोक लगाने के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करें। उन्होंने पीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, अस्पतालों में आवश्यक सुविधाओं, दवाइयों की स्थिति तथा मरीजों को प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाले मरीजों को समय पर बेहतर उपचार एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। डीसी ने अधिकारियों को स्वास्थ्य केंद्रों में साफ-सफाई, आवश्यक संसाधनों तथा अन्य व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में आमजन को जागरूक करने के लिए प्रभावी प्रचार-प्रसार करने को लेकर दिशा निर्देश दिए। बैठक में एडीसी राहुल मोदी, सीएमओ डा. नरेंद्र दहिया और पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता सत्येंद्र कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
हाईकोर्ट से मध्यस्थता के लिए आए वैवाहिक विवाद का दोनों पक्षों की सहमति से कराया निपटारा
रेवाड़ी, 29 सितम्बर, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के निर्देशानुसार मंगलवार को मध्यस्थता केंद्र में माननीय पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट चंडीगढ़ से मध्यस्थता के लिए आए हुए एक वैवाहिक विवाद को डॉ. रेनू सोलखे, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी के प्रयासों से एवं अनीता यादव, मेडिएटर के प्रयासों से रेवाड़ी स्थित वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) केंद्र के मध्यस्थता केंद्र में आयोजित कई दौर की बैठकों के पश्चात दोनों पक्षों की सहमति से सुलझा लिया गया। केस रविंद्र बनाम नीतू में डॉ. रेनू सोलखे, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी ने दोनों पार्टी की समय-समय पर तथा काउंसलिंग की तथा अनीता यादव मेडिएटर ने भी दोनों पक्षों को आपसी सुलह कराने के लिए प्रयास किया मध्यस्थता केंद्र में काउंसलिंग के द्वारा संबंधित वैवाहिक विवाद को सुलझा लिया गया तथा दोनों पक्ष खुशी-खुशी अपने घर को गए। डॉ. रेनू सोलखे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी ने यह भी बताया की कि मध्यस्थता द्वारा मामले आसानी से तथा आपसी भाईचारे से सुलझाया जा सकते हैं इससे समय तथा धन दोनों की ही बचत होती है तथा आपस में भाईचारा बढ़ता है। इसके अलावा डॉ. रेनू सोलखे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी ने यह भी बताया कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा आमजन के लिए चलाए गए टोल फ्री नंबर 15100 एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी द्वारा एक हेल्पलाइन नंबर 01274-220 062 चलाया हुआ है जिस पर आम जन किसी भी प्रकार के कानूनी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
पोक्सो एक्ट पर स्पेशल कैंप का किया आयोजन
रेवाड़ी, 29 सितम्बर, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के निर्देशानुसार एवं डॉ. रेनू सोलखे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी द्वारा मंगलवार को विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल धारूहेड़ा में ष्पोक्सो एक्ट 2012” के बारे में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में डॉ. रेनू सोलखे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की तथा स्कूल में उपस्थित बच्चों को ष्पोक्सो एक्ट 2012” के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस कार्यशाला में डॉ. रेनू सोलखे, मुख्य दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रेवाड़ी ने उपस्थित विद्यार्थियों को बताया कि ष्पोक्सो एक्ट 2012” 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यौन शोषण, उत्पीड़न और अश्लीलता से बचाने के लिए है। इस एक्ट के तहत पीड़ित बच्चे की पहचान मीडिया या सार्वजनिक रूप से करना कानूनी अपराध है। इस अधिनियम का उद्देश्य बच्चों को यौन उत्पीड़न, यौन शोषण, यौन दुर्व्यवहार और बाल पोर्नोग्राफी से बचाकर उनकी सुरक्षा करना और उनकी गरिमा को बनाए रखना है। इस कार्यशाला जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी की पैनल अधिवक्ता निशा ने बच्चों को उनके कानूनी अधिकार एवं कर्तव्य तथा बच्चों के लिए नालसा की मुफ्त कानूनी सहायता के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी द्वारा एक हेल्पलाइन नंबर 01274-220062 चलाया हुआ है जिस पर आमजन किसी भी प्रकार के कानूनी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा आमजन के लिए चलाए गए टोल फ्री नंबर 15100 पर कॉल करके फ्री कानूनी सहायता ली जा सकती है। इस अवसर पर स्कूल प्रबंधक अभिषेक यादव, अध्यापकगण एवं स्कूल के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
