एच.डी. पब्लिक स्कूल, बिरोहड़ में विद्यार्थी विज्ञान मंथन परीक्षा को लेकर विशेष काउंसलिंग एवं मार्गदर्शन सेमीनार का आयोजन किया गया
झज्जर, 24 सितम्बर, अभीतक: एच.डी. पब्लिक स्कूल, बिरोहड़ के संस्कार सभागार में नवंबर माह में होने वाली विद्यार्थी विज्ञान मंथन (वीवीएम) परीक्षा को लेकर विशेष काउंसलिंग एवं मार्गदर्शन सेमीनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थी विज्ञान मंथन के स्टेट कोऑर्डिनेटर एवं जीजेयू हिसार के असिस्टेंट प्रोफेसर विवेक गुप्ता तथा विज्ञान भारती हिसार के सुपरिटेंडेंट एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हरदेव सिंह ने विद्यार्थियों को वीवीएम परीक्षा के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को परीक्षा के स्वरूप, प्रश्नों के प्रकार तथा नवंबर में होने वाली परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण टिप्स बताए। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, विषय की मूलभूत अवधारणाओं को समझने, विज्ञान एवं भारतीय वैज्ञानिकों से संबंधित जानकारी बढ़ाने तथा परीक्षा के लिए योजनाबद्ध तरीके से तैयारी करने के लिए प्रेरित किया। दोनों विशेषज्ञों ने अपने 20 वर्षों से अधिक के अनुभव को विद्यार्थियों के साथ साझा किया। सेमीनार के दौरान विद्यार्थियों ने वीवीएम परीक्षा की तैयारी, परीक्षा पैटर्न, प्रश्नों एवं अन्य विषयों को लेकर अनेक प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान किया। इस अवसर पर प्रोफेसर विवेक गुप्ता ने विद्यालय का भ्रमण भी किया तथा एच.डी. विद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। डॉ. हरदेव सिंह ने भी विद्यार्थियों को विद्यार्थी विज्ञान मंथन से मिलने वाले शैक्षणिक एवं ज्ञानवर्धक अवसरों के बारे में बताया। विद्यालय निदेशक बलराज फौगाट ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा एवं नवाचार की भावना को विकसित करने में सहायक होते हैं। प्राचार्या नमिता दास एवं उप प्राचार्य नवीन सनसनवाल ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में विद्यालय के विज्ञान एवं गणित विषय के शिक्षक भी उपस्थित रहे।

संस्कारम के लॉ विद्यार्थियों ने किया ADR सेंटर का शैक्षणिक भ्रमण
मोटर व्हीकल एक्ट व दुर्घटना बीमा दावों की समझी प्रक्रिया

झज्जर, 24 सितम्बर, अभीतक: संस्कारम यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज के विद्यार्थियों ने जिला रेवाड़ी स्थित ऑल्टरनेटिव डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन (एडीआर) सेंटर का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों को वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली, मध्यस्थता, लोक अदालत तथा मोटर वाहन दुर्घटना से जुड़े कानूनी प्रावधानों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रेनू सोलखे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए ।क्त् प्रणाली, मध्यस्थता प्रक्रिया और लोक अदालतों की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या कम करने के साथ-साथ पक्षकारों को त्वरित, सुलभ और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि मध्यस्थता के माध्यम से पारिवारिक विवाद, धन वसूली, दुर्घटना दावे सहित विभिन्न दीवानी मामलों का समाधान पक्षकारों की आपसी सहमति से किया जा सकता है। इस अवसर पर अधिवक्ता राजीव गुप्ता ने विद्यार्थियों को कानूनी पेशे में मध्यस्थता और सुलह-समझौते की बढ़ती उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि विवादों के समाधान में संवाद, सहमति और प्रभावी कानूनी परामर्श की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। साथ ही अधिवक्ता हरीश ने विद्यार्थियों को मोटर व्हीकल एक्ट एवं सड़क दुर्घटना से संबंधित बीमा दावों के विभिन्न कानूनी पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने दुर्घटना पीड़ितों अथवा उनके परिजनों द्वारा मुआवजा दावा दाखिल करने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, बीमा कंपनियों की जिम्मेदारियों तथा मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) के समक्ष होने वाली कार्यवाही के बारे में विस्तार से जानकारी दी। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को एडीआर सेंटर की कार्यप्रणाली और विवादों के वैकल्पिक समाधान की व्यावहारिक प्रक्रिया को करीब से समझने का अवसर मिला। विधि संकाय के अधिष्ठाता प्रो. सुशील शर्मा ने बताया कि संस्कारम विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक एवं अनुभवात्मक अधिगम के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि विद्यार्थी अपने संबंधित क्षेत्रों में आवश्यक ज्ञान, कौशल और पेशेवर समझ के साथ आगे बढ़ सकें।

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रिलायंस द्वारा ग्राम सोंधी में निःशुल्क दंत चिकित्सा शिविर का आयोजन
झज्जर, 24 सितम्बर, अभीतक: रिलायंस द्वारा परियोजना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सोंधी में ग्रामीणों के स्वास्थ्य एवं कल्याण को ध्यान में रखते हुए निरूशुल्क दंत चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर एसजीटी विश्वविद्यालय के दंत चिकित्सा विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया। शिविर में एसजीटी विश्वविद्यालय के दंत चिकित्सकों की टीम ने ग्रामीणों का दंत परीक्षण किया तथा उन्हें दांतों एवं मुंह की स्वच्छता बनाए रखने के संबंध में आवश्यक जानकारी एवं परामर्श प्रदान किया। शिविर के दौरान कुल 73 ग्रामीणों ने दंत स्वास्थ्य जांच का लाभ उठाया। चिकित्सकीय जांच के दौरान कुछ मरीजों में दांतों की उचित सफाई एवं मौखिक स्वच्छता की कमी पाई गई। ऐसे मरीजों को आवश्यक उपचार एवं परामर्श दिया गया तथा 9 मरीजों के दांतों की पेशेवर सफाई की गई। दंत चिकित्सकों ने ग्रामीणों को नियमित रूप से दांतों की सफाई करने, सही तरीके से ब्रश करने तथा समय-समय पर दंत चिकित्सक से जांच कराने के लिए जागरूक किया। साथ ही, मौखिक स्वच्छता के प्रति सावधानी बरतने और दांतों से संबंधित किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करने की सलाह दी गई। यह स्वास्थ्य शिविर परियोजना क्षेत्र के आसपास रहने वाले समुदाय के स्वास्थ्य एवं कल्याण के प्रति रिलायंस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस तरह के स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण समुदाय को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं एवं स्वास्थ्य जागरूकता प्रदान करने का प्रयास निरंतर किया जा रहा है। शिविर के आयोजन एवं संचालन में रिलायंस की ओर से चंचल, अक्षय एवं नीलम सिंह तथा एसजीटी विश्वविद्यालय की ओर से डॉ. सुरभि, डॉ. अरजू, अंजलि, सुनील सहित दंत चिकित्सा विभाग की टीम उपस्थित रही।

गुगा जाहिरवीर की समाधि स्थल पर 30 वां वार्षिक जागरण आयोजित
गुगा जाहरवीर की समाधि पर नतमस्तक हुए श्रद्धालु: मनीष बंसल

झज्जर, 24 सितम्बर, अभीतक: मेन बाजार स्थित जामा मस्जिद के पीछे सिद्ध बाबा गुगा जाहिरवीर की समाधि स्थल पर 30 वें वार्षिक जागरण का आयोजन किया गया। आयोजित कार्यक्रम में हुकम सोलंकी, पदम, नवीन, व्योम, मांगे राम, लेखराजसोलंकी एंड पार्टी के सदस्यों एवं भजन गायक ओम प्रकाश सैनी सहित नन्द किशोर वर्मा नें बाबा कि महिमा और भजनों से गुणगान किया. इस धार्मिक आयोजन मे जिला परिषद के चेयरमेन कप्तान बिरधना, बेरी विधानसभा प्रत्याशी संजय कबलाना सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं नें गुगा जाहिरवीर कि समाधि स्थल पर माथा टेककर आशीर्वाद लिया और सुख-शांति की प्रार्थना की। आयोजन समिति की ओर से मुख्यतिथि कप्तान बिरधाना व संजय कबलाना, ईश्वर शर्मा पूर्व चेयरमेन को स्मृति चिन्ह भेट कर सम्मानित किया. गुगा जाहिरवीर सेवा समिति के प्रधान, भाजपा नेता समाजसेवी मनीष बंसल की अध्यक्षता में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। समिति के प्रधान मनीष बंसल ने कहा कि गुगा जाहरवीर की समाधि आस्था का प्रतीक है। झज्जर व आसपास क्षेत्र के लोगों में गहरी आस्था है। जों भक्त श्रद्धा ओर भक्ति भाव से बाबा के दरबार पर आता है, गुगा जाहिर वीर उनकी मनोकामना पूरी करते है. हर वर्ष आयोजित होने वाला यह धार्मिक कार्यक्रम झज्जर शहर की पुरानी परंपरा और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी नगरवासियों, श्रद्धालुओं और समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर समिति के प्रधान मनीष बंसल, सुभाष वर्मा, भगतू सोलंकी, रामावतार, सुरेंद्र, बलराज, महाबीर, सुरेश, सहित गुगा समिति के पदाधिकारी, सदस्य एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

झज्जर स्थित पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित जिला स्तरीय चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते जिला परिषद चेयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना।
झज्जर में मेरे सपनों का भारत-चित्रसेवा मॉड्यूल अनुरूप पेंटिंग स्पर्धा में भागीदारी निभाते विद्यार्थीगण।

मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा के तहत जिला स्तरीय चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित
विद्यार्थियों ने चित्रों और भाषण के माध्यम से प्रस्तुत की विकसित भारत-2047 की परिकल्पना
जिला परिषद चेयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना ने किया प्रतियोगिताओं का शुभारंभ

झज्जर, 24 सितम्बर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के तहत विद्यार्थियों को सेवा, सुशासन, जनभागीदारी और विकसित भारत-2047 के संकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से वीरवार को झज्जर स्थित पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा मॉड्यूल अनुरूप जिला स्तरीय चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं का शुभारंभ जिला परिषद के चेयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना ने किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने चित्रों और प्रभावशाली भाषणों के माध्यम से विकसित भारत के प्रति अपने विचार, सपने और संकल्प प्रस्तुत किए। डीईओ रतींद्र सिंह ने अतिथिगण का स्वागत अभिनंदन किया।
चित्रों में उकेरी विकसित भारत की तस्वीर
चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने स्वच्छ एवं सुंदर भारत, पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक शिक्षा, तकनीकी विकास, आत्मनिर्भरता, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, महिला सशक्तिकरण तथा देश की प्रगति जैसे विषयों को अपनी रचनाओं का आधार बनाया। रंगों और कल्पनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में देखने की अपनी सोच को कागज पर जीवंत किया।
भाषण के माध्यम से विद्यार्थियों ने रखे विचार
भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विकसित भारत-2047, राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका, सेवा और जनभागीदारी जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने अपने भाषणों के माध्यम से बताया कि शिक्षा, नवाचार, अनुशासन, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जिम्मेदारी के माध्यम से युवा देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए आगे बढ़ने का किया आह्वान
इस अवसर पर जिला परिषद चेयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बच्चों की रचनात्मक सोच और विचारशीलता देश के भविष्य की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी को समझने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ सेवा, अनुशासन, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
जिलेभर में विद्यार्थियों को जोड़ा जा रहा अभियान से
सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के सरकारी एवं निजी विद्यालयों में विद्यार्थियों की भागीदारी से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। ‘मेरे सपनों का भारतकृचित्र सेवा’ जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को विकसित भारत-2047 की परिकल्पना से जोड़ा जा रहा है। जिलाभर के विद्यालयों से करीब 500 विद्यार्थियों ने चित्रकलाभव भाषण गतिविधि में भाग लेकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया है तथा भाषण प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और विचारों को व्यापक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिला। कार्यक्रम में मंच संचालन प्रवक्ता संजय शर्मा ने किया।
यह रहे मौजूद
इस अवसर पर समाजसेवी नरेंद्र जाखड़, डीईओ रतिंद्र सिंह, डीपीसी अनिल शर्मा,बीईओ मातनहेल सुरेश पाल सुहाग,प्राचार्य रमेश कुमार व निर्मल कुमार, डॉ लाली,जिला लीगल लिटरेसी कॉर्डिनेटर कृष्ण वशिष्ठ, जय कुमार कौशिक, निर्मल रानी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

बादली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार को आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविर में लाभपात्रों को प्रोत्साहित करते जिला परिषद चेयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना।

नियमित स्वास्थ्य जांच और बीमारियों के प्रति जागरूकता जरूरी: कप्तान सिंह
सेवा मेरा योगदान के तहत बादली सीएचसी में मेगा स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित
मेगा स्वास्थ्य कैम्प में 291 लोगों की हुई स्वास्थ्य जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दिया स्वास्थ्य परामर्श

बादली, 24 सितम्बर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा मेरा योगदान’ थीम पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बादली में मेगा स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 291 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श एवं उपचार संबंधी जानकारी दी। शिविर का शुभारंभ जिला परिषद के चेयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना ने किया। सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादियान ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और शिविर के उद्देश्य की जानकारी दी। मुख्य अतिथि कप्तान सिंह बिरधाना ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच और बीमारियों के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है। सरकार की ओर से आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ स्वास्थ्य जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित यह मेगा स्वास्थ्य जांच शिविर लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का सराहनीय प्रयास है। शिविर में वर्ल्ड मेडिकल कॉलेज, गिरावड़ तथा महाराजा अग्रसेन अस्पताल, बहादुरगढ़ से पहुंचे विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों की जांच की। फिजिशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ सहित विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया। इस बीच स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं, उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के बारे में भी जानकारी दी गई। शिविर में एचआईवीध्एड्स से बचाव, लक्षणों एवं रोकथाम के उपायों के प्रति जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया गया। इसके माध्यम से लोगों को एचआईवी एड्स से संबंधित भ्रांतियों से बचने तथा सही जानकारी अपनाने का संदेश दिया गया।
यह रहे मौजूद
इस अवसर पर मनीष बंसल, नरेंद्र जाखड़,उप सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. निधि मोमिया, डॉ. नीरज आहूजा, डॉ. दीपिका, एसएमओ डॉ. सुनीता तंवर, डॉ. प्रीति सचदेवा दुग्गल, मनीष बंसल, बीडीपीओ बादली सुमित बेनीवाल, कपिल राठी सहित स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक, अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

झज्जर स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती स्टेडियम परिसर में गुरुवार को आयोजित प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि विकास वाल्मिकी व मेधावी खिलाड़ी।

सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला स्तरीय योगासन प्रतियोगिता आयोजित
योगासन प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन, विजेता प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित

झज्जर, 24 सितम्बर, अभीतक: जिला मुख्यालय स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती स्टेडियम परिसर में गुरुवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला स्तरीय योगासन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का शुभारंभ भाजपा के जिला अध्यक्ष विकास वाल्मीकि ने किया। कार्यक्रम में पहुँचने पर डीएसओ सतेंद्र कुमार ने मुख्य अतिथि विकास वाल्मीकि का स्वागत किया। मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष विकास वाल्मीकि ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली, योग एवं खेल गतिविधियों से जोड़ने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान किया जा रहा है। प्रतियोगिता का आयोजन खेल,आयुष विभाग द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से किया गया, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योगासन में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
पारंपरिक योगासन में बालकों ने दिखाया दमखम
जिला खेल अधिकारी सतेंद्र सिंह ने बताया कि पारंपरिक योगासन प्रतियोगिता के 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग में आयुष शर्मा ने प्रथम, शौर्य मोर ने द्वितीय तथा क्रशव कादयान ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग में विकास सैनी प्रथम, अनुज ठाकुर द्वितीय तथा नीरज तृतीय स्थान पर रहे।
कलात्मक एकल योगासन में भी प्रतिभागियों ने बिखेरी प्रतिभा
डीएसओ ने बताया कि कलात्मक एकल योगासन प्रतियोगिता के 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग में शोमिल ने प्रथम, शौर्य मोर ने द्वितीय तथा आदित्य ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
बालिका वर्ग में भी खिलाड़ियों ने हासिल किए स्थान
उन्होंने बताया कि पारंपरिक योगासन प्रतियोगिता के 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग में गर्विता ने प्रथम, दीक्षा ने द्वितीय तथा रोहिणी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग में लावण्या ने प्रथम, मानसी ने द्वितीय तथा मोहनी राय कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं 19 से 28 वर्ष आयु वर्ग में मोनिका ने प्रथम, खुशबू ने द्वितीय तथा राखी ने तृतीय स्थान हासिल किया।
कलात्मक एकल योगासन में बालिकाओं का शानदार प्रदर्शन
डीएसओ ने बताया कि कलात्मक एकल योगासन प्रतियोगिता के 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग में दीक्षा ने प्रथम, गर्विता ने द्वितीय तथा स्मृति ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग में लावण्या ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि गरिमा तथा ईशा ने तृतीय स्थान हासिल किया। इस अवसर पर खेल विभाग के कोच और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे ।

सेवा संकल्प अभियान में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, जिला स्तरीय प्रतियोगिता में 500 ने लिया हिस्सा

पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में हुई भाषण व चित्रकला प्रतियोगिताएं, ब्लॉक स्तर के विजेताओं ने किया प्रतिभा का प्रदर्शन
झज्जर, 24 सितम्बर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के तहत पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, झज्जर में जिला स्तरीय भाषण एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न विद्यालयों से ब्लॉक स्तर पर विजेता रहे करीब 500 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने भाषण और चित्रों के माध्यम से सेवा, संस्कार, सामाजिक सरोकार तथा विकसित भारत की परिकल्पना को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
दो आयु वर्गों में आयोजित हुई प्रतियोगिताएं
प्रतियोगिताओं का आयोजन कक्षा 1 से 8 तथा कक्षा 9 से 12 के दो वर्गों में किया गया। दोनों वर्गों में भाषण एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं। जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को 5100 रुपये, द्वितीय को 3100 रुपये, तृतीय को 2100 रुपये तथा चैथे स्थान पर रहने वाले प्रतिभागी को 1100 रुपये का सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।
चित्रों के माध्यम से दिखाई रचनात्मक सोच
कक्षा 1 से 8 वर्ग की चित्रकला प्रतियोगिता में तरुण पुत्र मनोज कुमार, बहादुरगढ़ ने प्रथम, यशवी पुत्री सुनील कुमार, संस्कारम पटौदा ने द्वितीय, अंश पुत्र पंकज, द्रोणाचार्य मुबारकपुर ने तृतीय तथा दव्यांशी पुत्री विपिन, इंडो अमेरिकन स्कूल ने चैथा स्थान प्राप्त किया।
भाषण के माध्यम से व्यक्त किए विचार
कक्षा 1 से 8 वर्ग की भाषण प्रतियोगिता में अंतिम पुत्री सुनील दत्त, मदर इंडिया मारौत ने प्रथम, नित्या पुत्री प्रदीप कुमार, मदर फूला देवी फॉरतपुरा ने द्वितीय, आकृति पुत्री अभिमन्यु, कन्या स्कूल बेरी ने तृतीय तथा कनिका पुत्री लोकेश, संस्कारम पटौदा ने चैथा स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिताएं प्रतिभा निखारने का बेहतर मंच
जिला शिक्षा अधिकारी रितेंद्र सिंह ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, अभिव्यक्ति की क्षमता और सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है। ब्लॉक स्तर पर विजेता होकर जिला स्तर तक पहुंचे करीब 500 विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने के साथ-साथ आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों एवं विजेता विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।
उत्साह के साथ विद्यार्थियों ने किया प्रतिभा का प्रदर्शन
प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक सोच, विचारों और अभिव्यक्ति क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन किया। जिला स्तर पर पहुंचे विद्यार्थियों ने अपने-अपने ब्लॉक का प्रतिनिधित्व करते हुए पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लिया। आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को बड़े मंच पर प्रस्तुत करने और सेवा, संस्कार एवं सामाजिक जिम्मेदारी के भाव को रचनात्मक माध्यम से व्यक्त करने का अवसर प्रदान किया।

वर्षा खांगवाल, डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी झज्जर।

विशेष गहन पुनरीक्षण-2026
मतदाता दावे एवं आपत्तियां 30 सितंबर तक करवाएं दर्ज: डीसी
मतदाता सूची में नाम, पता सहित अन्य विवरण से संबंधित दावे एवं आपत्तियां करवा सकते हैं दर्ज
26 व 27 सितंबर (शनिवार व रविवार) विशेष अभियान दिवस निर्धारित

झज्जर, 24 सितम्बर, अभीतक: जिलाभर में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत दावे एवं आपत्तियां दर्ज करने का कार्य 30 सितंबर तक किया जाएगा। डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने मतदाताओं से अपील की है कि वे 30 सितंबर तक संबंधित मतदान केंद्र पर पहुंचकर मतदाता सूची में नाम, विवरण आदि से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत कर सकते है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि झज्जर सहित हरियाणा भर में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत 30 सितंबर 2026 तक दावे एवं आपत्तियां दाखिल की जाएगी। इसके साथ ही दावे एवं आपत्तियों का निपटारा 28 अक्टूबर तक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन अब 6 नवंबर को होगा। डीसी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत 26 व 27 सितंबर (शनिवार व रविवार) विशेष अभियान दिवस निर्धारित किया गया है। इन विशेष अभियान दिवसों पर भी सभी बीएलओ अपने-अपने मतदान केंद्रों पर उपस्थित रहकर मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने के लिए फार्म तथा मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करेंगे। उन्होंने बताया कि इन विशेष अभियान दिवसों पर सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपस्थित रहकर पात्र नागरिकों से दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने बताया कि सभी बीएलओ को विशेष अभियान दिवस के दौरान 26 व 27 सितंबर को अपने मतदान केंद्रों पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने कहा कि विशेष अभियान दिवसों पर यदि कोई बीएलओ अनुपस्थित पाया जाता है तो उसके विरुद्ध निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

सेवा सेतु कैंप आज लगेगा बेरी नगर पालिका में’
कैंप के माध्यम से सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है एक छत के नीचे’
डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला में लग रहे सेवा सेतु कैम्प’

झज्जर, 24 सितम्बर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के तहत आमजन को सकरार की योजनाओं का लाभ उनके नजदीक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में सेवा सेतु कैम्प लगाए जा रहे हैं। डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में लग रहे सेवा सेतु कैम्प में लोग सरकार की योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद मनीष फोगाट ने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 15 अक्टूबर तक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिले के विभिन्न स्थानों पर सेवा सेतु कैंप लगाए जा रहे हैं। सीईओ ने बताया कि 25 सितंबर को नगरपालिका बेरी में सेवा सेतु कैंप आयोजित होगा। इसके बाद 26 सितंबर को झज्जर ब्लॉक मुख्यालय व गांव मांडोठी, 28 सितंबर को गांव दुजाना, 29 सितंबर को गांव सिलाना तथा 30 सितंबर को बहादुरगढ़ ब्लॉक मुख्यालय में कैंप लगाया जाएगा। इसी क्रम में 1 अक्टूबर को गांव रोहद, 3 अक्टूबर को गांव दिग्घल, 5 अक्टूबर को गांव दुबलधन, 6 अक्टूबर को बादली ब्लॉक मुख्यालय व मातनहेल ब्लॉक मुख्यालय, 7 अक्टूबर को गांव बुपनिया तथा 8 अक्टूबर को गांव गुभाना में सेवा सेतु कैंप आयोजित होंगे। उन्होंने बताया कि 9 अक्टूबर को गांव खानपुर खुर्द व गांव पाटोदा, 10 अक्टूबर को गांव बिरोहड़, 12 अक्टूबर को माछरौली ब्लॉक मुख्यालय व गांव ढाकला, 13 अक्टूबर को गांव खुड्डन, 14 अक्टूबर को साल्हावास ब्लॉक मुख्यालय तथा 15 अक्टूबर को गांव भुरावास में सेवा सेतु कैंप आयोजित किए जाएंगे। सीईओ मनीष फोगाट ने बताया कि सेवा सेतु कैंप के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न विभागों की सरकारी सेवाएं एवं योजनाओं का लाभ नजदीकी स्थान पर उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, नागरिक अपनी समस्याएं एवं शिकायतें भी इन कैंपों में दर्ज करवाकर उनका समाधान करवा सकेंगे।

झज्जर में गुरुवार को आयोजित समाधान शिविर में नागरिकों की समस्याएं सुनते डीसी वर्षा खांगवाल।

हर पात्र व्यक्ति को तत्काल मिले सरकारी योजनाओं का लाभ: डीसी’
डीसी वर्षा खांगवाल ने जिला स्तरीय समाधान शिविर में सुनी आमजन की समस्याएं’

झज्जर, 24 सितम्बर, अभीतक: आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान और पात्र नागरिकों तक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए समाधान शिविरों के माध्यम से प्रशासन सीधे लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रहा है। यह बात डीसी वर्षा खांगवाल ने गुरुवार को लघु सचिवालय सभागार में आयोजित समाधान शिविर के दौरान कही। डीसी वर्षा खांगवाल ने समाधान शिविर में पहुंचे नागरिकों से सीधे संवाद करते हुए उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने प्रत्येक शिकायत से संबंधित विभाग के अधिकारी से वस्तुस्थिति की जानकारी ली और जहां संभव हुआ, वहां मौके पर ही समस्या के समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों को केवल दर्ज करने तक सीमित न रखें, बल्कि उनके समाधान की प्रक्रिया को भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएं। डीसी ने कहा कि समाधान शिविर का उद्देश्य नागरिकों को केवल सुनना नहीं, बल्कि उनकी समस्या का समाधान सुनिश्चित करना है। इसलिए अधिकारी प्रत्येक शिकायत को संवेदनशीलता के साथ लेते हुए निर्धारित समयावधि में कार्रवाई करें और जिन मामलों का समाधान किसी अन्य विभाग से संबंधित है, उनमें आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई की जाए।
अंत्योदय की भावना के साथ प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही सरकार
डीसी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अंत्योदय की भावना के साथ प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। सरकार की योजनाओं और सेवाओं का वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित होगा, जब पात्र व्यक्ति तक उसका लाभ समय पर पहुंचे। जिला प्रशासन इसी उद्देश्य को लेकर जनसमस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को जिला व उपमंडल स्तर पर आयोजित होने वाले समाधान शिविर आमजन और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम हैं। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध रहते हैं, जिससे नागरिकों की समस्याओं का समाधान अधिक सरल और त्वरित तरीके से किया जा सकता है।
जन शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें अधिकारी
डीसी ने जनसुनवाई करते हुए मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान शिविर में प्राप्त शिकायतों की नियमित समीक्षा की जाए। जिन शिकायतों का समाधान लंबित है, उनका प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन आमजन की समस्याओं को लेकर पूरी तरह सजग है और समाधान शिविरों में प्राप्त शिकायतों पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। अधिकांश शिकायतों का समाधान किया जा चुका है तथा लंबित मामलों को भी शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।
यह रहे मौजूद
इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, जिला परिषद के सीईओ मनीष कुमार फौगाट,एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच, एसडीएम बादली विशाल, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, एमिनेंट पर्सन चुन्नी लाल सैनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।

अति आवश्यक सूचना
चंडीगढ़ सेक्टर-17 स्थित 30 BAYS BUILDING में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हरियाणा कार्यालय का घेराव
लोकसभा में माननीय नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी द्वारा लंबे समय से “वोट चोरी” एवं मतदाता सूचियों में संभावित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया जा रहा है। इसी महत्वपूर्ण विषय को लेकर हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार चंडीगढ़ सेक्टर-17 स्थित 30 Bays Building में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हरियाणा के कार्यालय का घेराव किया जाएगा। सभी कांग्रेसजन अधिक से अधिक संख्या में निर्धारित स्थान पर पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल हों।
दिनांक: 25 सितंबर 2026
समय: दोपहर 1:00 बजे
स्थान: सर्कस ग्राउंड,* सेक्टर-17, चंडीगढ़ (बस स्टैंड के पीछे, मिनी सचिवालय के सामने, फायर ब्रिगेड के साथ)
निवेदक:
गीता भुक्कल
विधायक झज्जर एवं पूर्व शिक्षा मंत्री, हरियाणा

वर्षा खांगवाल, जिलाधीश झज्जर।

धान कटाई व मंडियों में आवक को लेकर जिलाधीश ने जारी किए आदेश
शाम 6 बजे से सुबह 10 बजे तक कंबाइन हार्वेस्टर से धान कटाई पर रोक, मंडियों में निर्धारित समय पर ही पहुंचे किसान’

झज्जर, 24 सितम्बर, अभीतक: खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के दौरान धान खरीद प्रक्रिया को सुचारू एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किए हैं। आदेश इस वर्ष 23 नवंबर तक प्रभावी रहेंगे।
नमी की अधिकता से बचने के लिए कटाई का समय निर्धारित
जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने जारी आदेश में कहा कि जिला में कंबाइन हार्वेस्टर से धान की कटाई का निर्धारित समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा। उन्होंने बताया कि देर शाम, रात तथा सुबह के समय काटी गई धान की फसल में नमी अधिक होने की संभावना रहती है, जिससे खरीद, सुखाने, भंडारण और उठान प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
धान में 17 प्रतिशत तक नमी की सीमा
उन्होंने बताया कि खरीद केंद्र पर लाई जाने वाली धान की फसल निर्धारित खरीद मापदंडों के अनुरूप होनी चाहिए। धान में नमी की सीमा 17 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित या संशोधित सीमा के अनुसार ही खरीद प्रक्रिया की जाएगी। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम एवं खेत की अनुकूल परिस्थितियों में परिपक्व धान की कटाई करें और आवश्यकता होने पर फसल को उचित रूप से सुखाकर खरीद केंद्र पर लाएं।
टोकन व निर्धारित समय के अनुसार ही मंडियों में प्रवेश
जिलाधीश ने निर्देश दिए हैं कि धान से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों का अनाज मंडियों एवं खरीद केंद्रों में प्रवेश निर्धारित कार्यक्रम, टोकन अथवा प्रवेश-पत्र व्यवस्था के अनुसार ही होगा। किसान निर्धारित समय और वैध टोकन के आधार पर ही अपनी फसल लेकर संबंधित मंडी में पहुंचें। समय से पहले पहुंचने वाले वाहनों के लिए जहां ठहराव स्थल निर्धारित किए गए हैं, वहां वाहन खड़े करने की व्यवस्था की जाएगी।
’सड़क और मंडी परिसर में जाम की स्थिति न बनने दें’
जिलाधीश ने कहा कि खरीद के दौरान किसी भी ट्रैक्टर-ट्रॉली को सार्वजनिक सड़क, राजमार्ग, मंडी के संपर्क मार्ग, आपातकालीन रास्ते अथवा मंडी के प्रवेश-निकास द्वार पर इस प्रकार खड़ा नहीं किया जाएगा, जिससे यातायात बाधित हो। संबंधित मार्केट कमेटी, मंडी प्रशासन और पुलिस विभाग को वाहनों की आवाजाही सुचारू रखने के लिए आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं।
’संयुक्त टीमें करेंगी निगरानी’
जिलाधीश की ओर से जारी आदेश अनुरूप कृषि विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, मार्केट कमेटी, पुलिस विभाग तथा अन्य अधिकृत अधिकारियों की संयुक्त टीमें आवश्यकता अनुसार निरीक्षण और निगरानी करेंगी। टीमें कंबाइन हार्वेस्टर के संचालन, निर्धारित कटाई समय, फसल अवशेष प्रबंधन संबंधी नियमों तथा मंडियों में धान की आवक व्यवस्था पर नजर रखेंगी। यह आदेश 23 नवंबर 2026 तक लागू रहेंगे। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

झज्जर स्थित लघु सचिवालय में गुरुवार को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों को जरूरी निर्देश देती डीसी वर्षा खांगवाल।

फसल अवशेष जलाने की बजाय मिट्टी में मिलाएं किसान: डीसी’
डीसी वर्षा खांगवाल ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश’

झज्जर, 24 सितम्बर, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि जिला में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर रोक को लेकर प्रशासन सतर्क है। फसल अवशेषों को जलाने से न केवल पर्यावरण दूषित होता है,साथ ही जमीन की उर्वरा शक्ति भी कमजोर होती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड में सक्रिय रहते हुए नियमित मोनिटरिंग करें। इसके साथ ही किसान फसल अवशेष प्रबंधन स्कीमों अपनाएं। डीसी गुरुवार को वायु गुणवत्ता प्रबंधन को लेकर मुख्य सचिव हरियाणा के साथ वीसी उपरांत अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रही थीं । बैठक में डीसी ने फसल अवशेष जलाने की घटनाओं की रोकथाम के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि धान की पराली जलाने की घटनाओं पर पूर्णतः रोक लगाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। किसानों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखते हुए उन्हें जागरूक किया जाए और फसल अवशेष प्रबंधन के साथ ही वैकल्पिक उपायों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने भुवन एप और सीआरएम स्कीमों के बेहतर किर्यान्वयन पर बल देते हुए सजगता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन के चलते कृषि विभाग द्वारा फसल अवशेषों को खेत में मिलाने में प्रति एकड़ 12 सो रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है,जिससे पराली प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि फील्ड में नियमित दौरे सुनिश्चित करें और जहां कहीं भी पराली जलाने की आशंका हो, वहां पहले से ही प्रभावी कदम उठाए जाएं। इसके अलावा पंचायतों और स्थानीय प्रतिनिधियों को भी इस मुहिम में सक्रिय भागीदारी के लिए जोड़ा जाए। डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण और बेहतर वायु गुणवत्ता के लिए पराली जलाने की समस्या का समाधान अत्यंत आवश्यक है। प्रशासन इस दिशा में पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि जिला में किसानों को धान की पराली न जलाने के लिए लगातार जागरूक किया जाए। साथ ही किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पर्यावरण को दूषित होने से बचाया जा सके।
’यह अधिकारी रहे मौजूद’
इस अवसर पर एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच, एसडीएम बादली विशाल, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल,डीडीपीओ निशा तंवर,कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एसडीओ डॉ सुनील कौशिक,एसएमएस डॉ देवेंद्र सिंह,तकनीकी अधिकारी डॉ रोहित वत्स सहित राजस्व, विकास एवं पंचायत, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

नाना साहेब की पुण्यतिथि पर किया नमन
झज्जर, 24 सितम्बर, अभीतक: गांव गुभाना के लोकहित पुस्तकालय में नाना साहेब की पुण्यतिथि पर ग्रामीणों व समिति सदस्यों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। समिति अध्यक्ष नरेश कौशिक ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नाना साहेब का जन्म 19 मई1824 को बिठूर में हुआ था। उनका असली नाम धोंडू पंत था। उनके पिता नारायण भट्ट व माता गंगाबाई थी। नाना साहेब सन 1857 के प्रथम भारत की स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नायकों और कानपुर में विद्रोह के मुख्य संचालक थे। 1857 की क्रांति के दौरान कानपुर में विद्रोहियों का नेतृत्व करते हुए नाना साहेब ने पेशवा की उपाधि धारण की थी। भारतीय इतिहास में उनका नाम एक ऐसे निर्भीक योद्धा और कुशल रणनीतिकार के रूप में दर्ज है, जिन्होंने ब्रिटिश साम्राज्य की जड़ों को हिला कर रख दिया था। 24 सितंबर 1859 को उनका 35 वर्ष की आयु में निधन हुआ।

राजकीय महाविद्यालय बिरोहड़ में राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस के उपलक्ष्य में एनएसएस यूनिटों द्वारा पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया
झज्जर, 24 सितम्बर, अभीतक: राजकीय महाविद्यालय, बिरोहड़ में राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस के उपलक्ष्य में एनएसएस यूनिट 1 और 2 के द्वारा संयुक्त रूप से पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दलबीर हुड्डा के निर्देशन एवं प्रशासनिक प्रभारी डॉ. सुरेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। प्रतियोगिता में दो विषयों पर विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लियाकृ “मैं नहीं आप” – द स्पिरिट ऑफ एनएसएस तथा “स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत”।“मैं नहीं आप” विषय में कुसुम (बी.एस.सी तृतीय वर्ष) ने प्रथम तथा कीर्ति (बी.एस.सी तृतीय वर्ष) ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।“स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत” विषय में जिया, आंचल एवं कोमल, तीनों बी. ए. प्रथम वर्ष, ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया।प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रशासनिक प्रभारी डॉ. सुरेंद्र सिंह, श्री राजेश, सहायक प्रोफेसर (रसायन विज्ञान), तथा श्री अमित, सहायक प्रोफेसर (रसायन विज्ञान) शामिल रहे।इस अवसर पर डॉ. सुरेंद्र सिंह एवं एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी मिस सुनीता द्वारा एनएसएस पर विस्तृत व्याख्यान दिया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को एनएसएस के मूल उद्देश्य, सामाजिक सेवा, सामुदायिक सहभागिता तथा “मैं नहीं आप” की भावना को अपने व्यवहार में अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में मिस सुनीता ने सभी निर्णायकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का धन्यवाद किया तथा प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए विद्यार्थियों की सराहना की।

सर्वजन एजुकेशनल एंड वोकेशनल संस्था ने नशा से मुक्ति और पर्यावरण बचाने को पेड़ लगाने के लिए बच्चों को प्रोत्साहित किया
झज्जर, 24 सितम्बर, अभीतक: आज राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जहाजगढ़ में श्री रामकुमार जांगडा और कृष्ण कुमार के सहयोग से सर्वजन एजुकेशनल एंड वोकेशनल संस्था ने विद्यालय में नशा मुक्ति और पर्यावरण बचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने के लिए बच्चों को प्रोत्साहित किया। इसके साथ ही सर्वजन एजुकेशन एंड वोकेशनल संस्था ने कक्षा 6 से 12वीं कक्षा तक की प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी लेने वाली छात्राओं को प्रशंसा पत्र और उपहार भेंट किए। संस्था ने विद्यालय में अध्यापन काम सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रधानाचार्य श्री मनोज कुमार भाटिया और सभी अध्यापकों को प्रशंसा पत्र भेंट किये। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री कमल सिंह चीफ मैनेजर रिटायर्ड पीएनबी रहे। इस अवसर पर सर्वजन एजुकेशनल एंड वोकेशनल संस्था के अध्यक्ष श्री नरेंद्र कटारिया, रवीना समाज सेविका, ईश्वर सिंह, बलवान सिंह और श्री निवास फौजी मौजूद रहे।

सीआईए स्टाफ-2 भिवानी ने होटल कर्मचारियों के साथ मारपीट कर होटल के बाहर खड़ी गाड़ी में आग लगाने के मामले में आरोपी को किया गिरफ्तार
भिवानी, 24 सितम्बर, अभीतक: पुलिस अधीक्षक भिवानी श्री मयंक मिश्रा, आईपीएस के निर्देशानुसार जिले में संगीन अपराधों में शामिल आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी एवं उनके विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में कार्रवाई करते हुए सीआईए स्टाफ-2 भिवानी की टीम ने होटल कर्मचारियों के साथ मारपीट कर होटल के बाहर खड़ी गाड़ी में आग लगाने के मामले में सातवें आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। प्रदीप निवासी गांव बामला की शिकायत पर थाना सदर भिवानी में मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि दिनांक 14.10.2025 की रात कुछ युवक होटल पर आए, जिन्होंने होटल कर्मचारियों के साथ मारपीट की तथा होटल के बाहर खड़ी एक गाड़ी में आग लगाकर मौके से फरार हो गए। शिकायत के आधार पर थाना सदर भिवानी में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की जांच के दौरान दिनांक 23.09. 2026 को सीआईए स्टाफ-2 भिवानी के उप निरीक्षक बलजीत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए मामले में एक अन्य आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सर्वेश पुत्र अजय कुमार निवासी बामला के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वारदात वाले दिन अन्य आरोपियों के साथ मौके पर मौजूद था। इस मामले में पुलिस टीम द्वारा 06 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से माननीय न्यायालय ने उसे 02 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है।

विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, परिवहन विभाग का कर्मचारी दो लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार
हिसार, 24 सितम्बर, अभीतक: विजिलेंस पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए परिवहन विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान किशोर कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। विजिलेंस पुलिस के अनुसार, आरोपी ने शिकायतकर्ता से उसके काम को करवाने के एवज में पांच लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। बाद में दो लाख रुपये में सौदा तय हुआ। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर निरीक्षक जगजीत सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई। विजिलेंस निरीक्षक जगजीत सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता ने स्वचालित परिवहन परीक्षण केंद्र खोल रखा है। उसे परिवहन विभाग से संबंधित प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। आरोप है कि इस काम को करवाने के लिए पंचकूला में परिवहन विभाग में कार्यरत किशोर कुमार ने उससे पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत के आधार पर विजिलेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए हिसार के सेक्टर-13 में आरोपी किशोर कुमार को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी का चिकित्सकीय परीक्षण करवाया जाएगा और 24 सितंबर को उसे अदालत में पेश किया जाएगा। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है। विजिलेंस पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले भी एक मामला दर्ज है। पुलिस इस मामले में भी जांच कर रही है। निरीक्षक जगजीत सिंह ने आम लोगों से अपील की कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना विजिलेंस विभाग के टोल-फ्री नंबर पर दी जा सकती है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। कार्रवाई करने वाली टीम में एएसआई सुखविंदर, एएसआई पवन कुमार और एएसआई अनु कविता शामिल रहे।

झज्जर: दुलीना जेल से बाहर लाया गया मेनपाल, कड़ी सुरक्षा के बीच फार्म हाउस पहुंचा
दोपहर बाद पत्नी मेटाचान के साथ लेगा सात फेरे। शादी को लेकर फार्म हाउस में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
भारी पुलिस बल तैनात है। शादी में आने-जाने वाले हर व्यक्ति की आईडी चेक करने के साथ नाम और मोबाइल नंबर नोट किए जा रहे हैं।

बहादुरगढ़: डिवाइडर कूदकर कार से टकराई तेज रफ्तार गाड़ी, एक महिला की मौत
नया गांव बाइपास पर देर रात हुआ दर्दनाक सड़क हादसा।
डिवाइडर कूदकर दूसरी कार से जा टकराई तेज रफ्तार गाड़ी।
हादसे में फूलन देवी की मौत, एक महिला समेत चार लोग घायल।
मृतका समेत छह लोग अर्टिगा कार में सवार होकर नांगलोई से जा रहे थे हिसार।
घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती, 5 माह की गर्भवती लक्ष्मी दिल्ली रेफर।
मृतका का शव नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया।
परिजनों के बयान के बाद कराया जाएगा पोस्टमार्टम।

झज्जर: झज्जर में कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ गैंगस्टर मैनपाल का विवाह
दुलीना स्थित फार्म हाउस में एक सादे वैवाहिक समारोह में मैनपाल ने लिए कंबोडिया की मेटाचान संग फेरे
पारंपरिक वेशभूषा में बहू मैटाचान को देख फूले नहीं समाई मैनपाल की मां रोशनी
कहा: 8 साल के बाद मिल रही हूं बेटे मैनपाल से
रू बहु मेटाचान के जल्द ही परिवार में घुल मिल जाने की जताई मां रोशनी ने उम्मीद
परिणय सूत्र में बंधने के बाद मेटाचान भी दिखाई दी काफी खुश
तीन बच्चों के संग झज्जर पहुंची मेटाचान के चेहरे पर दिखाई दी अलग ही खुशी
कहा: पति मैनपाल के साथ और ससुराल वालों के साथ रहेंगी काफी खुश

फसल अवशेष जलाने पर हो सकती है कानूनी कार्यवाही- डीसी अभिषेक मीणा
मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

रेवाड़ी, 24 सितम्बर, अभीतक: धान की कटाई के बाद उसकी पराली को जलाना कानूनी अपराध है। धान के फसल अवशेष को किसान ना जलाएं, अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही हो सकती है। जिला प्रशासन की ओर से इस पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के साथ वीडियो कांफ्रेंस के दौरान डीसी अभिषेक मीणा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रेवाड़ी जिला में जाटूसाना ब्लाॅक में धान का करीब 4 हजार 784 एकड़ रकबा मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल के अनुसार दर्ज किया गया है। इसमें 3629 एकड़ में बासमती और 1155 एकड़ में धान की अन्य किस्में लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने धान की रोपाई वाले गांवों में 132 नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं, जो कि पराली जलाने पर निगरानी रखेंगे। इसके अलावा हरसेक द्वारा सैटेलाइट से भी फसल अवशेष जलाने पर निगरानी रखी जा रही है। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत पराली जलाना कानूनी अपराध है। फसल अवशेष जलाने का कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जा सकती है। उन्होंने बताया कि विगत तीन वर्षों में धान की पराली जलाने की जिला में कोई घटना नहीं हुई है। वीडियो कांफ्रेंस में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने कहा कि कृषि अधिकारी गांवों में जाकर किसानों को समझाएं कि फसल अवशेष जलाने से भूमि की उपजाऊ शक्ति क्षीण हो जाती है। इससे खेत में मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रों के उपयोग और अनुदान योजनाओं की किसानों को जानकारी दी जाए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र मीणा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डा. राकेश कुमार, सहायक कृषि अभियंता दिनेश शर्मा, तकनीकी सहायक डा. मनोज कुमार, सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।

एम्स के निर्माण कार्यों के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर – डीसी अभिषेक मीणा
एम्स प्रबंधन के साथ जिला प्रशासन की हुई बैठक

रेवाड़ी, 24 सितम्बर, अभीतक: माजरा एम्स के साथ लगती सड़कों, आरओबी आदि निर्माण कार्यों को गति देने के लिए जिला प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ काम कर रहा है। यहां की कार्य योजनाओं पर सरकार द्वारा नियमित रुप से निगरानी रखी जा रही है। वीरवार को माजरा एम्स संस्थान परिसर में माजरा रेवाड़ी एम्स के सीईओ एवं कार्यकारी निदेशक डा. डी. एन. शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में डीसी अभिषेक मीणा ने यह जानकारी दी। डीसी ने बताया कि एम्स के लिए नेशनल हाई-वे 11 के साथ आरओबी निर्माण की योजना सरकार से स्वीकृत हो चुकी है। इसका जल्दी ही टेंडर हो जाएगा। यह आरओबी लगभग 220 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा। बैठक में डीसी ने लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता सतेंद्र श्योराण को निर्देश दिए कि चिताडूंगरा रोड से अतिक्रमण को हटाया जाए और इस सड़क को चैड़ा बनाया जाए। रेवाड़ी एम्स के निदेशक डा. डी.एन. शर्मा ने डीसी अभिषेक मीणा से अनुरोध किया कि सुरक्षा की दृष्टि से यहां एक पुलिस चैकी की स्थापना कराई जाए। उन्होंने बताया कि जल्दी ही यहां पहले बैच की एमबीबीएस की कक्षाएं आरंभ कर दी जाएंगी। इसके एडमिशन होने शुरु हो गए हैं और फैकल्टी भी आ गई है। डीसी ने उन्हें पुलिस चैकी स्थापित करवाने का आश्वासन दिया। एम्स के अधिकारियों ने निर्माण कार्यों में सहयोग देने के लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के निदेशक सचिन कुमार, अपर सचिव शशि रंजन, रजिस्ट्रार संदीप कुमार, एम्स प्रशासन के उप निदेशक राकेश कुमार, प्रोजेक्ट हैड अनुभव सक्सेना व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

रेवाड़ी में आयोजित समाधान शिविर में आमजन की शिकायतें सुनते हुए डीसी अभिषेक मीणा।

समाधान शिविर
विभागाध्यक्ष कोई भी शिकायत न रखें लंबित, शिकायतों का शीघ्र निदान करे सुनिश्चित: डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने समाधान शिविर में सुनी आमजन की शिकायतें

रेवाड़ी, 24 सितम्बर, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि आमजन की समस्याओं के निवारण के लिए चलाए जा रहे समाधान शिविर में प्राप्त शिकायतों का अधिकारी तत्परता से समाधान सुनिश्चित करते हुए निदान करें। कोई भी शिकायत लंबित न रखें, शीघ्र कार्यवाही करते हुए शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। डीसी अभिषेक मीणा गुरुवार को लघु सचिवालय सभागार में आयोजित समाधान शिविर में एसपी हेमेंद्र मीणा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ आमजन की शिकायतों की सुनवाई कर रहे थे। समाधान शिविर में रेवाड़ी सेक्टर-1 में सीवर ओवरफ्लो होने के कारण रोड़ पर गंदा पानी की शिकायत पर डीसी ने नगर परिषद के अधिकारियों को समस्या का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। मौहल्ला राजीव नगर में अवैध कब्जा करने की शिकायत पर डीसी ने नगर परिषद के अधिकारियों को कार्यवाही करने के निर्देश दिए। गांव नंगली गोधा में जोहड़ व रास्ते पर अवैध कब्जे की शिकायत पर डीसी ने बीडीपीओ रेवाड़ी को अवैध कब्जा हटवाने के निर्देश दिए। निजी कंपनियों द्वारा मजदूर को मजदूरी न देने की शिकायत पर डीसी ने एएलसी को जांच करते हुए मेहनताना दिलवाने के आदेश दिए। इसके अलावा पेंशन, परिवार पहचान पत्र, बिजली, पुलिस आदि से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई, जिनका डीसी ने तुरंत समाधान करवाया। डीसी ने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से चलाए जा रहे समाधान शिविर आमजन की शिकायतों के समाधान का सशक्त माध्यम बन रहे है। नागरिकों की समस्याओं का समाधान करना प्रशासन का कर्तव्य है। ऐसे में कोई भी अधिकारी शिकायतों को लम्बित न रखते हुए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। इस अवसर पर एडीसी राहुल मोदी, एसडीएम रेवाड़ी दलबीर सिंह, सीटीएम जितेंद्र कुमार, डीएसपी संजीव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

सेवा संकल्प अभियान: जिला में 15 अक्टूबर तक आयोजित किए जा रहे ‘सेवा सेतु अभियान’ कैंप
कैंप में योजनाओं एवं सेवाओं की दी जा रही जानकारी
पात्र नागरिकों को योजना का लाभ देकर किया जा रहा लाभांवित

रेवाड़ी, 24 सितम्बर, अभीतक: जिला प्रशासन रेवाड़ी द्वारा आमजन को सरकारी सेवाओं का लाभ उपलब्ध करवाने तथा विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं एवं कार्यों के समाधान के उद्देश्य से ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत जिला में विभिन्न स्थानों पर ‘सेवा सेतु अभियान’ कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। एडीसी राहुल मोदी ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के विभिन्न ब्लॉकों, ग्रामों तथा नगर निकाय क्षेत्रों में कैंप लगाए जा रहे है। इन कैंपों में संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहकर आमजन को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पात्र नागरिकों को लाभान्वित किया जा रहा है।
इन स्थानों पर लगाए जा रहे कैंप
एडीसी ने बताया कि जिला रेवाड़ी में 25 सितंबर को ग्राम सचिवालय कवाली, 26 सितंबर को महिला मंडल भवन सीहा, 27 सितंबर को ग्राम सचिवालय गुड़ियानी, 28 सितंबर को ग्राम सचिवालय कमालपुर, 29 सितंबर को बैंक के नजदीक धर्मशाला गांव भाडावास, 30 सितंबर को बीडीपीओ कार्यालय नाहड़, 1 व 2 अक्टूबर को नगर परिषद कार्यालय रेवाड़ी, 1 अक्टूबर बीडीपीओ कार्यालय रेवाड़ी, 3 अक्टूबर ग्राम सचिवालय बोलनी, 5 अक्टूबर को ग्राम सचिवालय नंदरामपुर बास, 6 अक्टूबर बीडीपीओ कार्यालय जाटूसाना, 7 अक्टूबर को राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंगली पारसापुर, 8 अक्टूबर को ग्राम सचिवालय सूठानी, 9 अक्टूबर नगर पालिका कार्यालय बावल, 10 अक्टूबर खेल स्टेडियम रोहड़ाई, 12 अक्टूबर एसडीएम कार्यालय कोसली, 13 अक्टूबर एससी चैपाल बेरली कलां, 14 अक्टूबर को बीसी चैपाल पुन्सिका, 15 अक्टूबर सामुदायिक केंद्र सेक्टर-6 धारूहेड़ा में कैंपों का आयोजन किया जाएगा।
आमजन से कैंपों का लाभ उठाने की अपील
एडीसी राहुल मोदी ने जिला के नागरिकों से अपील की है कि वे जिला में सेवा सेतु अभियान कैंप में पहुंचकर सरकारी सेवाओं, योजनाओं एवं विभागीय कार्यों से संबंधित जानकारी प्राप्त करें तथा अपने लंबित कार्यों एवं समस्याओं का समाधान करवाएं। उन्होंने बताया कि इन कैंपों का मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवाओं को आमजन तक पहुंचाना तथा नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी ने जगाई न्याय साक्षरता की अलख, नशा मुक्ति व दहेज उन्मूलन का दिया संदेश
रेवाड़ी, 24 सितम्बर, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पंचकूला के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रेवाड़ी द्वारा “जन, जीवन और जगत के लिए न्याय साक्षरता” जागरूकता अभियान एवं जागृति योजना-2025 के अंतर्गत एडीआर केंद्र, रेवाड़ी में विधिक साक्षरता कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर तथा संस्कारम विश्वविद्यालय, झज्जर के विधि विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों, नागरिकों के कानूनी अधिकारों तथा विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क कानूनी सहायता के संबंध में जानकारी दी गई। इस अवसर पर अधिवक्ता राजीव गुप्ता ने विद्यार्थियों को मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने मोटर वाहन दुर्घटनाओं के मामलों में पीड़ितों को उपलब्ध कानूनी अधिकारों एवं सहायता के बारे में विस्तार से बताया। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को दहेज निषेध अधिनियम के प्रावधानों के बारे में भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को दहेज लेने-देने से संबंधित कानूनी प्रावधानों, दहेज प्रथा के सामाजिक एवं कानूनी दुष्प्रभावों तथा दहेज उत्पीड़न की स्थिति में उपलब्ध कानूनी उपायों के बारे में जागरूक किया गया। विद्यार्थियों से दहेज प्रथा के विरुद्ध समाज में जागरूकता फैलाने तथा लोगों को दहेज रहित विवाह के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया। मुख्य कानूनी सहायता बचाव अधिवक्ता हरीश कुमार शर्मा तथा पैनल अधिवक्ता विकास यादव ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को इन योजनाओं का लाभ जरूरतमंद एवं पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए अपने आसपास के आमजन को जागरूक करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंतर्गत “जन, जीवन और जगत के लिए न्याय साक्षरता” अभियान के साथ-साथ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के ‘डॉन’ अर्थात नशा जागरूकता एवं स्वस्थ जीवन मार्गदर्शन अभियान के तहत नशा मुक्ति एवं नशे के दुष्प्रभावों के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से जागरूकता रैली का भी आयोजन किया गया। जागरूकता रैली को डॉ. रेनू सोलखे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रेवाड़ी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को समाज में विधिक साक्षरता का संदेश पहुंचाने तथा आमजन को उनके कानूनी अधिकारों एवं विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। रैली के दौरान विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने, नशा मुक्त समाज के निर्माण, दहेज प्रथा के उन्मूलन तथा आमजन को कानूनी अधिकारों एवं निःशुल्क कानूनी सहायता के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने लोगों से नशे और दहेज जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागरूकता फैलाने तथा जरूरतमंद व्यक्तियों को विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को विधिक रूप से जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें समाज में न्याय, विधिक सहायता, दहेज प्रथा के विरुद्ध जागरूकता एवं नशा मुक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रेरित करना रहा।

इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चैधरी अभय सिंह चैटाला ने प्रेस वार्ता कर बीजेपी और कांग्रेस पर बोला हमला
केंद्रीय चुनाव आयोग पूरी तरह से बीजेपी का आयोग हैरू चैधरी अभय सिंह चैटाला
अब साबित हो गया है कि मशीन इनके हाथ मे है किसी तरह से भी रिजल्ट निकाल सकते है, बंगाल और अन्य राज्यों के जो नतीजे आएं हैं यह सब इन्हीं की मेहरबानी है
भूपेंद्र हुड्डा की तरफ से नोटिस भेजने की बात कही गई थी, मेरे पास जब नोटिस आएगा तो सबके सामने अपनी बात रखूंगा, भूपेंद्र हुड्डा कहीं मुंह दिखाने के लायक नहीं रहेंगे

चंडीगढ़, 24 सितम्बर, अभीतक: इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चैधरी अभय सिंह चैटाला ने वीरवार को चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय पर प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि 27 सितंबर को चैधरी देवीलाल जयंती पर नूंह में सम्मान समारोह रैली होगी। यह एक बड़ी रैली होगी जिसमें लाखों कार्यकर्ता पहुंचेंगे। रैली के लिए 800 फीट चैड़ा और 300 फीट लंबा टेंट लगाया गया है। इतने लोग आएंगे कि हमें लगता है कि यह भी छोटा पड़ जाएगा। हरियाणा के लोग भाजपा सरकार से बुरी तरह से परेशान हैं। खासकर किसान बेहद परेशान हैं, अब तक उसकी फसल की खरीद शुरू नहीं हुई है। कांग्रेस की पोल पट्टी भी पूरी तरह से लोगों के सामने खुल चुकी है। राज्यसभा में भूपेंद्र हुड्डा ने भाजपा के पक्ष में वोट डलवाए। बीजेपी की तीसरी बार सरकार किसने बनाई सबको पता है। लोग अब इनेलो को एक विकल्प के तौर पर देख रहे हैं। अभय सिंह चैटाला ने भूपेंद्र हुड्डा के बीजेपी से टक्कर लेने के बयान पर कहा कि भूपेंद्र हुड्डा टक्कर में ही नहीं है। हुड्डा बताएं कि आज वो कितनी बार अपने हलके में गए हैं। आज उन्हें लोग याद आ रहे हैं वे बताएं कि उन्होंने अपने हलके के लोगों से कब बात की। हुड्डा ने अपने 9 विधायक बेच दिए। भूपेंद्र हुड्डा की तरफ से नोटिस भेजने की बात कही गई थी। मेरे पास जब नोटिस आएगा तो सबके सामने अपनी बात रखूंगा, भूपेंद्र हुड्डा कहीं मुंह दिखाने के लायक नही रहेंगे। चुनाव आयोग के मुद्दे पर अभय चैटाला ने कहा कि कोई कमीशन बनाया जाता है तो दोनों सदस्यों की सहमति जरूरी होती है उसके बाद फैसला लेते हैं। ये बीजेपी वाले आयोग को निष्पक्ष कहते हैं। लेकिन 2 सदस्यों के विरोध करने के बाद भी चेयरमैन मनमाने ऑर्डर जारी करता रहा है। यह पूरी तरह से बीजेपी का आयोग है। अब साबित हो गया है कि मशीन इनके हाथ मे है किसी तरह से भी रिजल्ट निकाल सकते है। बंगाल और अन्य राज्यों के जो नतीजे आएं हैं यह सब इन्हीं की मेहरबानी है। दिल्ली में मिसेज खन्ना है जिनके नियंत्रण में सॉफ्टवेयर है। इसमे वोट काटने वाला और जोडने वाला दखल नही दे सकता है। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए, इसे उठाकर जेल में डाल देना चाहिए। किशाऊ डैम के पानी का समझौता किया जा रहा है। लेकिन इनसे एसवाईएल का पानी नहीं लिया जा रहा। जिसमें सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है। ये बात कर रहे हैं किशाऊ डैम की। कब डैम बनेगा कब पानी मिलेगा।

एफएसएसएआई ने केवल दूध से प्राप्त उत्पादों को ‘पनीर’ के रूप में प्रदर्शित किए जाने को सुनिश्चित करने के लिए मसौदा संशोधन प्रस्तावित किया
एफएसएसएआई ने ‘पनीर’ के रूप में एनालॉग उत्पादों के भ्रामक विपणन पर अंकुश लगाने की दिशा में कदम उठायाय दूध से प्राप्त नहीं होने वाले उत्पादों के लिए ‘पनीर’ शब्द के उपयोग पर प्रतिबंध का प्रस्ताव

नई दिल्ली, 24 सितम्बर, अभीतक: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने खाद्य सुरक्षा और मानक (बिक्री पर निषेध और प्रतिबंध) विनियम, 2011 में मसौदा संशोधन का प्रस्ताव किया है, ताकि एनालॉग उत्पादों के निर्माण और बिक्री के दौरान उन्हें “पनीर” के रूप में प्रस्तुत करने पर रोक लगाई जा सके तथा ऐसे उत्पादों की प्रकृति और संघटन के संबंध में उपभोक्ताओं को गुमराह होने से रोका जा सके। प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा और मानक (बिक्री पर निषेध और प्रतिबंध) संशोधन विनियम, 2026 में मौजूदा विनियमों के विनियम 2.1.1 के अंतर्गत एक नया खंड शामिल करने का प्रस्ताव है, जिसमें विशेष रूप से “दूध से प्राप्त घटकों से निर्मित नहीं पनीर” को शामिल किया गया है। प्रस्तावित संशोधन के तहत, ‘डेयरी संदर्भ में एनालॉग’ श्रेणी के अंतर्गत पहले से लाइसेंस प्राप्त या पंजीकृत उत्पादों को अपने नामकरण, लेबलिंग या विपणन में “पनीर” शब्द का उपयोग बंद करना होगा। प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खाद्य उत्पादों का नामकरण और प्रस्तुतीकरण उनकी प्रकृति और संघटन को सही रूप से दर्शाए, जिससे उपभोक्ता सूचित विकल्प चुन सकें। चूंकि अधिसूचना एक मसौदा विनियम है, इसलिए एफएसएसएआई ने हितधारकों और आम जनता से आपत्तियां एवं सुझाव आमंत्रित किए हैं। अधिसूचना वाली राजपत्र की प्रतियां जनता के लिए उपलब्ध कराए जाने की तारीख से 60 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद मसौदा विनियमों पर विचार किया जाएगा। आपत्तियां या सुझाव भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एफडीए भवन, कोटला रोड, नई दिल्ली दृ 110002 को भेजे जा सकते हैं या अधिसूचना में निर्दिष्ट ईमेल पते के माध्यम से प्रस्तुत किए जा सकते हैं। प्रस्तावित संशोधन एफएसएसएआई द्वारा खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से जारी किया गया है। मूल खाद्य सुरक्षा और मानक (बिक्री पर निषेध और प्रतिबंध) विनियमों को 2011 में अधिसूचित किया गया था और समय-समय पर इनमें संशोधन किए गए हैं। अधिसूचना के राजपत्र को इस लिंक के माध्यम से देखा जा सकता है।

आईसीएआर-सीएमएफआरआई ने उपभोक्ताओं को किसी खास इलाके की मछलियों में परजीवी मिलने की खबरों के आधार पर टूना मछली खाना न छोड़ने की सलाह दी
नई दिल्ली, 24 सितम्बर, अभीतक: कोच्चि स्थित आईसीएआर-सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईसीएआर-सीएमएफआरआई) ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे सिर्फ किसी खास भौगोलिक इलाके की मछलियों में पैरासाइट संक्रमण मिलने की खबरों के आधार पर टूना या बाजार में मिलने वाली दूसरी मछलियों को खाना न छोड़ें। संस्थान ने कहा कि टूना समेत भारतीय तट पर जांची गई मछलियों में हानिकारक पैरासाइट संक्रमण के बाहरी लक्षण नहीं दिखे हैं और दूसरे इलाकों में मिली ऐसी जानकारी को भारतीय जलक्षेत्र में पकड़ी गई मछलियों पर लागू नहीं किया जाना चाहिए। यह सलाह ब्राजील के पास अटलांटिक महासागर की मछलियों पर हुई एक स्टडी में स्किपजैक टूना में पैरासाइट मिलने की खबरों के बाद जारी की गई है। आईसीएआर-सीएमएफआरआई ने इस बात पर जोर दिया कि पैरासाइट की मौजूदगी और संख्या अलग-अलग मछलियों और भौगोलिक इलाकों में अलग-अलग हो सकती है। यह पारिस्थितिक स्थितियों और कोपपोड्स जैसे इंटरमीडिएट या सेकेंडरी होस्ट की उपलब्धता पर निर्भर करता है। आईसीएआर-सीएमएफआरआई के निदेशक डॉ. ग्रिन्सन जॉर्ज ने बताया कि संस्थान के वैज्ञानिक मछली की बायोलॉजी से जुड़े अध्ययन के तहत नियमित रूप से स्किपकैक टूना जैसी मछलियों की जांच करते हैं और जरूरत पड़ने पर उनमें किसी तरह की असामान्यता या परजीवी की मौजूदगी देखते हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा जांची गई मछलियों में हानिकारक परजीवी के संक्रमण के बाहरी लक्षण नहीं दिखे। संस्थान ने आगे बताया कि दुनिया भर में मछली के स्टॉक या आबादी में अंतर करने के लिए परजीवी की मौजूदगी में होने वाले बदलावों का इस्तेमाल संकेतकों के तौर पर किया जाता रहा है। इसलिए, किसी एक भौगोलिक इलाके की मछली से जुड़ी जानकारी को अपने आप दूसरे इलाके में पाई जाने वाली उसी प्रजाति की मछली पर लागू नहीं किया जा सकता। खाने की सुरक्षा से जुड़ी एक अतिरिक्त सावधानी के तौर पर, आईसीएआर-सीएमएफआरआई ने सलाह दी कि मछली को संभालने और बनाते वक्त उसके अंदरूनी अंगों (जैसे आंत वगैरह) को सही तरीके से और तुरंत निकाल देना जरूरी है। आमतौर पर सफाई और प्रोसेसिंग के दौरान आंत और दूसरे अंदरूनी अंगों को निकाल दिया जाता है। सही तरीके से पकाने पर परजीवी मर जाते हैं और खाने से जुड़े सुरक्षा जोखिम काफी कम हो जाते हैं। संस्थान ने बताया कि कुछ देशों में सांस्कृतिक परंपराओं के तहत कच्चा या हल्का पका हुआ समुद्री भोजन खाया जाता है। ऐसे मामलों में जोखिम ज्यादा हो सकता है, खासकर तब जब उस इलाके में परजीवी का प्रसार ज्यादा हो और उसकी ठीक से जाँच न की गई हो। भारत में, सीफूड को आम तौर पर तेज आँच पर पकाया जाता है, जिससे भोजन की अतिरिक्त सुरक्षा सुनिश्चित होती है। आईसीएआर-सीएमएफआरआई ने इस बात पर जोर दिया कि उपभोक्ताओं को टूना या बाजार में मिलने वाली दूसरी मछलियों को खाने से सिर्फ इसलिए नहीं बचना चाहिए, क्योंकि किसी खास भौगोलिक क्षेत्र की मछलियों में परजीवी पाए गए हैं। संस्थान ने उपभोक्ताओं को सलाह देते हुए कहा कि वे मछली और दूसरे समुद्री भोजन के पोषक तत्वों का फायदा उठाते हुए संभावित जोखिमों को कम करने के लिए उन्हें सही तरीके से संभालने, साफ करने और पकाने के तरीकों का पालन करें।

डीएआरई-आईसीएआर ने स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत स्कूली बच्चों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने की लिए पहल की
नई दिल्ली, 24 सितम्बर, अभीतक: कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग (डीएआरई) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), देश भर में अपने संस्थानों और शाखाओं के साथ मिलकर स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत स्वच्छता, साफ-सफाई और पर्यावरण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए कई पहल कर रहे हैं। इन पहलों का मकसद स्वच्छता में लोगों की भागीदारी बढ़ाना और नागरिकों, खासकर स्कूली बच्चों को स्वच्छता और पर्यावरण के अनुकूल आदतें अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस अभियान के तहत, डीएआरई-आईसीएआर और पूर्वोत्तर क्षेत्र में इसके संस्थानों ने शिक्षण संस्थानों और स्थानीय समुदायों में स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियां शुरू की हैं। इनका मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को स्वच्छता, साफ-सफाई और पर्यावरण संरक्षण के मूल्यों से जोड़ना है। आईसीएआर-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (एटीएआरआई), गुवाहाटी के विशेषज्ञों की टीम ने उत्तरी सिक्किम में एक पहल की शुरूआत की, जिसका मकसद छात्रों को स्वच्छता और टिकाऊ कचरा प्रबंधन के महत्व के बारे में जागरूक करना था। छात्रों को सफाई के तरीकों और वर्मीकम्पोस्टिंग से परिचित कराने के लिए उत्तरी सिक्किम के कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) का दौरा आयोजित किया गया, जिससे उन्हें जैविक कचरे को उपयोगी खाद में बदलने की प्रक्रिया को समझने का मौका मिला। इसी तरह, मेघालय में आईसीएआर रिसर्च कॉम्प्लेक्स फॉर नॉर्थ ईस्टर्न हिल रीजन के तहत आने वाले कृषि विज्ञान केंद्र, री भोई ने केवीके के आस-पास के गांवों और सड़कों के किनारे सफाई अभियान आयोजित किए। संगठन के कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों ने मिलकर सफाई अभियान में हिस्सा लिया, जिससे स्वच्छ पर्यावरण के लिए सामुदायिक भागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश मजबूत हुआ। ऐसी पहलों के जरिए, डीएआरई-आईसीएआर और उसके संस्थानों का नेटवर्क स्वच्छता के संदेश को संस्थानों की सीमाओं से बाहर छात्रों, समुदायों तथा नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करके स्वच्छता ही सेवा अभियान में योगदान दे रहा है। ये पहलें जमीनी स्तर पर स्वच्छता को पर्यावरण जागरूकता और टिकाऊ तौर-तरीकों से जोड़ने के महत्व को भी उजागर करती हैं।

सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए प्रमुख खाद्य तेलों पर आयात शुल्क घटाया
कच्चे सूरजमुखी तेल पर बीसीडी घटाकर शून्य कर दिया गयाय सोयाबीन और पाम तेल पर शुल्क घटकर 5 प्रतिशत
घरेलू शोधन को बढ़ावा देने के लिए कच्चे और परिष्कृत खाद्य तेलों के बीच आयात शुल्क का अंतर 19.25 प्रतिशत बरकरार

नई दिल्ली, 24 सितम्बर, अभीतक: केंद्र सरकार ने घरेलू खाद्य तेलों की कीमतों को नियंत्रित करने, उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने और अंतरराष्ट्रीय खाद्य तेलों की कीमतों में तीव्र वृद्धि से उत्पन्न मुद्रास्फीति के दबाव को कम करने के उद्देश्य से प्रमुख आयातित कच्चे खाद्य तेलों पर मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) को कम कर दिया है। तदनुसार, कच्चे सूरजमुखी तेल पर मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) 10 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है, जबकि कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे पाम तेल पर बीसीडी 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार ने साथ ही साथ संबंधित परिष्कृत खाद्य तेलों पर लागू बीसीडी को कम कर दिया है, जबकि कच्चे और परिष्कृत खाद्य तेलों के बीच आयात शुल्क का अंतर 19.25 प्रतिशत बनाए रखा है। आयात शुल्क में युक्तिकरण करते समय अंतरराष्ट्रीय खाद्य तेलों की कीमतों में वृद्धि और परिणामस्वरूप घरेलू बाजार में लागत और खुदरा कीमतों में हुई बढ़ोतरी को ध्यान में रखा गया है। आयात शुल्क आयातित खाद्य तेलों की लागत का एक महत्वपूर्ण घटक है और इसलिए घरेलू बाजार की कीमतों पर इसका प्रभाव पड़ता है। कच्चे खाद्य तेलों पर बीसीडी (बीसीडी) में कमी से उनकी घरेलू बाजार में लागत कम होने और घरेलू आपूर्ति श्रृंखला के माध्यम से इसका लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है। इस उपाय का उद्देश्य उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना और साथ ही खाद्य कीमतों तथा समग्र मुद्रास्फीति के दबाव को नियंत्रित करने के व्यापक उद्देश्य में योगदान देना है। सरकार ने घरेलू शोधन क्षमता के उपयोग को बढ़ावा देने और परिष्कृत खाद्य तेलों के अत्यधिक आयात को हतोत्साहित करने के लिए कच्चे और परिष्कृत खाद्य तेलों के बीच शुल्क अंतर को बरकरार रखा है। इस उपाय से घरेलू शोधकों के लिए अधिक समान अवसर उपलब्ध होने के साथ-साथ देश में मूल्यवर्धन की प्रक्रिया जारी रहने की उम्मीद है।
उपभोक्ता लाभ के लिए उद्योग को परामर्श
सरकार ने खाद्य तेल संघों और उद्योग के हितधारकों को एक सलाह भी जारी की है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आयात शुल्क में कमी से होने वाला पूरा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए। उद्योग के हितधारकों से अनुरोध किया गया है कि वे लागत में कमी के अनुरूप वितरकों के लिए मूल्य (पीटीडी) और अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) में तत्काल संशोधन करें। खाद्य तेल संघों से भी अनुरोध किया गया है कि वे अपने सदस्यों को संबंधित मूल्य कटौती को बिना विलंब किए लागू करने की सलाह दें। सरकार अंतरराष्ट्रीय खाद्य तेल बाजारों और घरेलू कीमतों में हो रहे घटनाक्रमों पर नजर रखना जारी रखेगी और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए, किसानों और घरेलू खाद्य तेल उद्योग के लिए संतुलित नीतिगत माहौल बनाए रखते हुए आवश्यकतानुसार उचित उपाय करेगी।

पीएम मेमेंटो ई-नीलामी 2026 में केरलम के सांस्कृतिक मेमेंटो नीलामी के लिए तैयार
पारंपरिक शिल्प, मंचन कला, समुद्री परंपराओं और आध्यात्मिक विरासत का एक संग्रह

नई दिल्ली, 24 सितम्बर, अभीतक: पीएम मेमेंटो ई-नीलामी 2026 में केरलम के 32 मेमेंटो का एक विविध चयन पेश किया जा रहा है, जो राज्य की कला, शिल्प कौशल, प्रदर्शन परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को एक साथ लाता है। संग्रह में एक पारंपरिक नेट्टूर पेट्टी और एक लघु चुंदन वल्लम से लेकर कथकली और थेय्यम कलाकृतियों, केरलम भित्ति कला और ऐतिहासिक बेपोर उरु के दस्तकारी मॉडल तक के विशिष्ट नमूने शामिल हैं। विवरण के साथ ऑरेंज नेट्टूर पेट्टी – केरलम ट्रेडिशनल ज्वेल बॉक्स में नेट्टूर पेट्टी का वर्णन किया गया है कि ऐतिहासिक रूप से कुलीन घरों में गहनों और पवित्र वस्तुओं को स्टोर करने के लिए उपयोग किया जाता रहा है, जो इस रूप से जुड़े पारंपरिक शिल्प कौशल को दर्शाता है। केरलम की समुद्री परंपराओं का प्रतिनिधित्व एक बारीक रूप से तैयार किए गए चुंडन वल्लम में मिलता है, जो राज्य के बैकवाटर और ओणम त्योहार की नौका दौड़ से जुड़ी पारंपरिक सर्प नौका है। एक अन्य उल्लेखनीय नमूने एक लघु बेपोर उरु है, जो एक पारंपरिक लकड़ी का समुद्री ढो है। इस मॉडल को कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई), कालीकट द्वारा दस्तकारी की गई थी और यह पारंपरिक रूप से बेपोर के मास्टर बढ़ई द्वारा निर्मित लकड़ी के ढो की नकल करता है। संग्रह में केरलम की मंचन कलाओं के कई प्रतिनिधित्व नमूने हैं। कथकली नृत्यांगना प्रदर्शन गुड़िया और कथकली कलाकार का एक प्रिंट शास्त्रीय नृत्य-नाटक के तत्वों को दर्शाता है, जिसमें इसका विस्तृत मेकअप, वेशभूषा, गहने और टोपी शामिल हैं। एक अन्य विशिष्ट मंचन नमूना भैरवन थेय्यम अनुष्ठान कला मूर्तिकला है, जो भैरावण थेय्यम का प्रतिनिधित्व करता है, जिसे संग्रह में उत्तरी केरलम की अनुष्ठानिक नृत्य-कला परंपरा से भगवान शिव की एक प्रतिष्ठित अभिव्यक्ति के रूप में वर्णित किया गया है। मूर्तिकला में विशिष्ट हेडगियर, चेहरे का मेकअप, ब्रेस्टप्लेट और रूप से जुड़ी पारंपरिक पोशाक शामिल है। केरल की भित्ति परंपरा को राधा, कृष्ण और एक गोपिका की एक फ्रेम वाली पेंटिंग द्वारा दर्शाया गया है, जिसे म्यूरल पेंटिंग संस्थान, गुरुवायुर देवस्वोम के कलाकारों द्वारा बनाया गया है। कलाकृति में भगवान कृष्ण को एक बरगद के पेड़ के नीचे राधा और एक गोपिका के साथ बांसुरी बजाते हुए दिखाया गया है और पारंपरिक पांच-रंग पंचवर्ण फॉर्मूले का उपयोग करके विशेष रूप से तैयार सीमेंट शीट पर निष्पादित किया गया है। संग्रह में केरल की आध्यात्मिक और सामाजिक विरासत से जुड़ी कृतियाँ भी शामिल हैं। इनमें आदि शंकराचार्य का एक भक्ति चित्र, शिवगिरी मठ स्मारक नक्काशीदार लकड़ी के मंदिर की विशेषता वाली एक नक्काशीदार लकड़ी की पट्टिका, पोयकायिल श्री कुमार गुरुदेवन का एक फ्रेमयुक्त प्रिंट और श्री विद्याधिराज चट्टम्बी स्वामीकल की एक फ्रेमयुक्त तस्वीर शामिल है। वैकोम सत्याग्रह के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक फ्रेम में बनाई गई स्मारक कलाकृति भी इस संग्रह का हिस्सा है। अन्य नमूनों में एक पारंपरिक नेट्टीपट्टम, एक केरल पीतल का वास्तु विलक्कू, भगवान गुरुवायुरप्पन की एक नक्काशीदार लकड़ी की मूर्ति, एक पारंपरिक शंख (शंख) स्मृति चिन्ह और कई अन्य शामिल हैं। 2 अक्टूबर, 2026 तक 8वां पीएम मेमेंटो ई-नीलामी 2026, केरल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का प्रतिनिधित्व करने वाले मेमेंटो को एक साथ लाता है। नीलामी की तारीखों, भागीदारी विवरण और पूरी सूची के लिए, आधिकारिक पीएम मेमेंटो ई-नीलामी पोर्टल: ूूूण्चउउमउमदजवेण्हवअण्पद पर जाएं। संयुक्त राष्ट्र महासभा 81 ( यूएनजीए81) में भारत ने यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज, हेपेटाइटिस को खत्म करने और सिकल सेल देखभाल में हुई प्रगति को उजागर किया


यूएनजीए81 में भारत ने यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज को आगे बढ़ाने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, एबी-पीएमजेएवाई और ई-संजीवनी को प्रदर्शित किया
1.8 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, 90 करोड़ से अधिक यूनिक हेल्थ आईडी और 49.7 करोड़ से अधिक टेली-कंसल्टेशन के साथ भारत यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज को आगे बढ़ा रहा है – केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने संयुक्त राष्ट्र महासभा 81 में 2030 तक हेपेटाइटिस को खत्म करने की दिशा में हुई प्रगति पर प्रकाश डाला
भारत ने यूएनजीए81 में वनएससीडी लॉन्च करने के लिए वैश्विक भागीदारों के साथ हाथ मिलाया, जिससे समान और सुलभ सिकल सेल देखभाल को बढ़ावा मिलेगा
भारत ने यूएनजीए81 में वनएससीडी ग्लोबल पार्टनरशिप लॉन्च के दौरान व्यापक सिकल सेल प्रतिक्रिया और 2047 तक इसे खत्म करने के लक्ष्य पर प्रकाश डाला

नई दिल्ली, 24 सितम्बर, अभीतक: न्यूयॉर्क में 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान आयोजित दो प्रमुख वैश्विक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में, भारत ने सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा को सुलभ और किफायती बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही, सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने और स्वास्थ्य से जुड़ी अहम चुनौतियों का समाधान करने के अपने अनुभव भी साझा किए। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने श्ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑफ यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज (यूएचसी ) और ग्लोबल हेल्थश् की सातवीं वार्षिक मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने लोगों को आर्थिक तंगी से बचाते हुए व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा से लेकर सेकेंडरी और टर्शियरी देखभाल तक, स्वास्थ्य सेवा वितरण को मजबूत करने के भारत के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने 1.8 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के भारत के नेटवर्क पर प्रकाश डाला, जो स्वास्थ्य सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला को समुदायों के करीब लाते हैं। इनमें प्रजनन और बाल स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोगों की जांच और प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य, बुजुर्गों और पैलिएटिव केयर (गंभीर बीमारी में आराम देने वाली देखभाल) के साथ-साथ निवारक, संवर्धनात्मक और उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा वितरण में गुणवत्ता मानकों पर लगातार ध्यान देने की बात भी कही। श्रीमती श्रीवास्तव ने समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के लिए वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने में सार्वजनिक रूप से वित्त पोषित स्वास्थ्य आश्वासन योजना, श्आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजनाश् (एबी-पीएमजेएवाई ) की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने मरीजों पर आर्थिक बोझ कम करने और जरूरी हेल्थकेयर सेवाओं तक पहुँच बेहतर बनाने में श् निशुल्क दवा और डायग्नोस्टिक्स सेवा पहलश् और श्प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रमश् की अहमियत पर भी जोर दिया। देखभाल की एक मिली-जुली और लगातार चलने वाली व्यवस्था (इंटीग्रेटेड कंटिन्यूम ऑफ केयर) की अहमियत पर जोर देते हुए, उन्होंने बताया कि भारत का तरीका श्आयुष्मान आरोग्य मंदिरोंश् के जरिए व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा को रेफरल लिंक के साथ सेकेंडरी और टर्शियरी केयर से जोड़ता है। इस तरीके का मकसद लोगों तक बीमारी से बचाव, सेहत को बढ़ावा देने और इलाज की सेवाएँ पहुँचाना है, साथ ही जरूरत पड़ने पर स्पेशलाइज्ड केयर तक पहुँच भी पक्की करना है। भारत के बढ़ते डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम का उल्लेख करते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि 90 करोड़ से ज्यादा नागरिकों के पास यूनिक हेल्थ आइडेंटिटी है। हेल्थ सुविधाओं और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की इंटरऑपरेबल डिजिटल रजिस्ट्री, और आभा -इनेबल्ड हेल्थ रिकॉर्ड, देखभाल की निरंतरता को मजबूत करने और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच को आसान बनाने में मदद कर रहे हैं। उन्होंने हेल्थकेयर में भौगोलिक बाधाओं को दूर करने के लिए टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल पर भी प्रकाश डाला। ई-संजीवनी के जरिए 49.7 करोड़ से ज्यादा टेली-कंसल्टेशन की सुविधा दी गई है, साथ ही टेली-रेडियोलॉजी, एआई -इनेबल्ड एक्स-रे और मोबाइल मेडिकल यूनिट जैसी सेवाएँ और इनोवेशन भी शामिल हैं। ये पहल दूर-दराज और कम सुविधा वाले इलाकों में लोगों तक हेल्थकेयर सेवाएँ पहुँचाने में मदद कर रही हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा 81 के ष्हेपेटाइटिस को खत्म करने के लिए वैश्विक कार्रवाई को आगे बढ़ानाष् विषय पर आयोजित कार्यक्रम में भारत का पक्ष रखते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने हेपेटाइटिस बी और सी को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा बनने से रोकने और 2030 तक इन्हें खत्म करने के देश के संकल्प पर जोर दिया। उन्होंने इस लक्ष्य की दिशा में तेजी लाने के लिए शुरुआती पहचान, इलाज तक सस्ती पहुँच और रोकथाम व देखभाल के लिए एक मिली-जुली रणनीति की अहमियत पर जोर दिया। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के ढांचे के तहत, वायरल हेपेटाइटिस स्क्रीनिंग सेवाएँ लगभग 1.80 लाख प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं (जिनमें हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर शामिल हैं) से लेकर टर्शियरी केयर सुविधाओं तक दी जा रही हैं। यह कार्यक्रम 1,039 इलाज केंद्रों तक भी फैल गया है। 2018 में नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम शुरू होने के बाद से, लगभग 22.5 करोड़ लाभार्थियों की स्क्रीनिंग की गई है। सुश्री श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में वायरल हेपेटाइटिस से जुड़े उपायों को शामिल करके रोकथाम को मजबूत करने की कोशिशों पर भी प्रकाश डाला, जिसमें रिप्रोडक्टिव, मैटरनल, नियोनेटल, चाइल्ड और एडोलसेंट हेल्थ फ्रेमवर्क के तहत माँ से बच्चे में संक्रमण को रोकने के उपाय भी शामिल हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हेपेटाइटिस उन्मूलन की दिशा में निरंतर प्रगति के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने, शीघ्र निदान को बढ़ावा देने और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता होगी, साथ ही स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करना और मौजूदा व्यवस्थाओं में उपायों को एकीकृत करना भी आवश्यक होगा। संयुक्त राष्ट्र महासभा 81 के दौरान ग्लोबल हेल्थ से जुड़े एक और अहम कार्यक्रम में, भारत ने वनएससीडी: सिकल सेल केयर में समानता लाने और बदलाव लाने के लिए एक ग्लोबल पार्टनरशिपश् की शुरुआत में सह-मेजबानी की। इस पहल ने सिकल सेल बीमारी (एससीडी) के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठोस कदम उठाने के लिए दुनिया भर के सहयोगियों को एक साथ लाया। इस पहल में नाइजीरिया सरकार, डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ, अफ्रीका सीडीसी, वर्ल्ड कोएलिशन ऑन सिकल सेल डिजीज और सेंट जूड चिल्ड्रन्स रिसर्च हॉस्पिटल जैसे सहयोगी शामिल हुए। इन सभी का साझा मकसद सिकल सेल केयर के लिए ऐसे तरीके अपनाना था जो ज्यादा समान और आसानी से उपलब्ध हों। इस लॉन्च के मौके पर सुश्री पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने सिकल सेल एनीमिया को 2047 तक एक पब्लिक हेल्थ समस्या के तौर पर खत्म करने के मकसद से 2023 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किए गए श्नेशनल सिकल सेल एनीमिया एलिमिनेशन मिशनश् के तहत भारत की व्यापक कोशिशों पर रोशनी डाली। उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों में आबादी-स्तर की स्क्रीनिंग, शुरुआती पहचान, काउंसलिंग, इलाज, फॉलो-अप और डिजिटल ट्रैकिंग को शामिल करने के भारत के तरीके के बारे में बताया। इस मिशन का मकसद बीमारी और कैरियर स्टेटस की जल्द पहचान करना, सही काउंसलिंग की सुविधा देना और यह पक्का करना है कि सिकल सेल बीमारी से पीड़ित लोग इलाज से जुड़े रहें। इस मिशन के तहत 7.29 करोड़ से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग की गई है, 20 लाख से ज्यादा कैरियर की पहचान की गई है और 2.5 लाख लोगों में बीमारी की पहचान हुई है, जबकि 4.93 करोड़ से ज्यादा सिकल सेल कार्ड बांटे गए हैं। ये कोशिशें इलाज की निरंतरता को मजबूत करने और लोगों, परिवारों और समुदायों में बीमारी के बारे में ज्यादा जागरूकता पैदा करने में मदद कर रही हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने किफायती पॉइंट-ऑफ-केयर डायग्नोस्टिक्स और हाइड्रॉक्सीयूरिया थेरेपी तक पहुंच बढ़ाने की कोशिशों के साथ-साथ स्वदेशी जीन-एडिटिंग थेरेपी पर चल रही रिसर्च पर भी जोर दिया। उन्होंने सिकल सेल बीमारी के साथ जी रहे लोगों के लिए समय पर पहचान, सही इलाज और लगातार फॉलो-अप के महत्व पर जोर दिया। इन दो कार्यक्रमों में भारत की भागीदारी उन स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने की उसकी लगातार कोशिशों को दिखाती है जो भौगोलिक और सामाजिक-आर्थिक स्थितियों से परे लोगों के लिए सुलभ हों। जहाँ यूएचसी पर चर्चाओं में व्यापक, किफायती और डिजिटल रूप से सक्षम स्वास्थ्य सेवाएं बनाने पर ध्यान दिया गया, वहीं वनएससीडी पहल ने सिकल सेल बीमारी से निपटने में लगातार वैश्विक सहयोग के महत्व को उजागर किया। भारत ने सभी के लिए समान, किफायती और लोगों पर केंद्रित स्वास्थ्य सेवा के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर काम करने, और ऐसे अनुभव व तरीके साझा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जिनसे दुनिया भर में स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत बनाने और स्वास्थ्य के बेहतर नतीजे हासिल करने में मदद मिल सके।

आईआईडब्ल्यूडब्ल्यू 2026रू भारत और नीदरलैंड ने जल क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत किया
कल्पसर परियोजना पर तकनीकी सहयोग और क्षमता निर्माण के लिए दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए

नई दिल्ली, 24 सितम्बर, अभीतक: जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल और नीदरलैंड के अवसंरचना एवं जल प्रबंधन उप-मंत्री श्री जाप स्लूटमेकर ने 9वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह (आईआईडब्ल्यूडब्ल्यू) 2026 के दौरान नई दिल्ली के भारत मंडपम में जल संबंधी रणनीतिक साझेदारी पर भारत और नीदरलैंड के बीच एक द्विपक्षीय बैठक की अध्यक्षता की। जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चैधरी, गुजरात सरकार में जल संसाधन एवं जलापूर्ति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ईश्वरसिंह पटेल, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अशोक के. के. मीणा, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग की सचिव अर्चना वर्मा, केंद्रीय जल आयोग के अध्यक्ष अनुपम प्रसाद, नीदरलैंड की राजदूत मारिसा गेरार्ड्स और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे। इस बैठक में जल क्षेत्र में भारत-नीदरलैंड सहयोग की समीक्षा करने और उसे और मजबूत करने का अवसर मिला, जिसमें गुजरात की कल्पसर परियोजना के लिए तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। द्विपक्षीय सहयोग के तहत, कल्पसर परियोजना के लिए सहयोग को सुगम बनाने हेतु केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी), गुजरात सरकार के कल्पसर विभाग और डच ज्ञान संस्थानों डेल्टारेस और टीयू डेल्फ्ट के बीच दो त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर बोलते हुए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल ने कहा कि वे यह देखकर प्रसन्न हैं कि डेल्टारेस और टीयू डेल्फ्ट ने कल्पसर परियोजना के क्रियान्वयन और क्षमता निर्माण में सहयोग को और मजबूत करने के लिए अपने भारतीय समकक्षों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये समझौता ज्ञापन दोनों देशों को परियोजना के सफल क्रियान्वयन की दिशा में मिलकर काम करने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने उल्लेख किया कि मई 2026 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान कल्पसर परियोजना पर चर्चा की गई थी, जिसके बाद 16 मई 2026 को तकनीकी सहयोग के लिए आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए थे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में साबरमती, माही और धाधर नदियों के अपवाह का उपयोग करके एक मीठे पानी का जलाशय बनाने की परिकल्पना की गई है, जिसमें नर्मदा नदी से लाए गए पानी को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि जुलाई 2026 में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की नीदरलैंड यात्रा के दौरान बाढ़ सुरक्षा, तटीय अवसंरचना, हाइड्रोलिक मॉडलिंग, स्लुइस और पंपिंग सिस्टम, डाइक तकनीक और पारिस्थितिक समाधान सहित विभिन्न क्षेत्रों में बहुमूल्य जानकारी प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि नीदरलैंड के अफस्लुइटडिज्क से कई उपयोगी समानताएं हैं, विशेष रूप से इंजीनियरिंग, जल प्रबंधन और तटीय अवसंरचना के संदर्भ में। नीदरलैंड के अवसंरचना एवं जल प्रबंधन उप-मंत्री श्री जाप स्लूटमेकर ने कल्पसर परियोजना पर तकनीकी सहयोग के लिए आशय पत्र के महत्व और इससे भारत-नीदरलैंड सहयोग को और बढ़ाने के अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने अफस्लुइटडिज्क का जिक्र करते हुए कहा कि यह संरचना लगभग 100 वर्ष पुरानी है और अब इसका नवीनीकरण किया जा रहा है, जिससे नीदरलैंड्स को पिछली शताब्दी में संचित अनुभव और ज्ञान साझा करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि डेल्टारेस और टीयू डेल्फ्ट जैसे डच संस्थान समझौता ज्ञापनों के माध्यम से अपनी विशेषज्ञता का योगदान देंगे, जिससे जल क्षेत्र में आगे सहयोग के लिए एक आधार तैयार होगा। उन्होंने पारिस्थितिकी और मछलियों के प्रवास जैसे क्षेत्रों में प्राप्त अनुभव और सीख साझा करने के महत्व पर भी जोर दिया। इन समझौता ज्ञापनों के माध्यम से परियोजना की योजना, डिजाइन और कार्यान्वयन के लिए नीदरलैंड की विशेषज्ञता और उन्नत इंजीनियरिंग तकनीकों को साझा करते हुए तकनीकी सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। डेल्टारेस के साथ सहयोग में तकनीकी समीक्षा, हाइड्रोलिक एवं हाइड्रोलॉजिकल मॉडलिंग, तटीय एवं संरचनात्मक इंजीनियरिंग, जलवायु अनुकूलन, क्षमता निर्माण, ज्ञान हस्तांतरण और डिजिटल अनुप्रयोग जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

हाई-स्पीड नेशनल हाईवे कॉरिडोर के विकास में तकनीक के इस्तेमाल और स्थिरता को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के दिशानिर्देश
नए दिशा-निर्देश बेहतर योजना, आधुनिक तकनीक, सुगम टोल व्यवस्था, बेहतर जल निकासी और अधिक हरित गलियारों पर केंद्रित हैं
नई दिल्ली, 24 सितम्बर, अभीतक: विश्वस्तरीय राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने एक्सप्रेसवे के अलावा हाई-स्पीड वाले नियंत्रित प्रवेश वाले राष्ट्रीय राजमार्गों की योजना और डिजाइन के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी किए हैं। नए दिशानिर्देशों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उच्च गति वाले राष्ट्रीय राजमार्गों की बेहतर योजना और डिजाइन तैयार हो, वे अधिक सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल हों तथा भविष्य में बढ़ने वाले यातायात की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हों। ये दिशा-निर्देश आने वाले सभी चार और छह-लेन वाले ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड उच्च-गति वाले एक्सेस-कंट्रोल राष्ट्रीय राजमार्गों पर लागू होंगे।
भविष्य के यातायात के लिए आंकड़ों पर आधारित योजना
दिशानिर्देशों में व्यापक यातायात आकलन और भविष्य की मांग के अनुसार योजना बनाने पर जोर दिया गया है। यातायात के अनुमान में मौजूदा और वैकल्पिक मार्गों से आने वाला यातायात तथा आर्थिक और वाणिज्यिक गतिविधियों से जुड़े माल ढुलाई में संभावित वृद्धि को ध्यान में रखा जाएगा। यातायात के अनुमानों को अधिक सटीक बनाने के लिए टोल संबंधी आकड़ों और अन्य विश्वसनीय स्रोतों का भी उपयोग किया जाएगा।
प्रौद्योगिकी आधारित निर्माण
उच्च गति वाले राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के दौरान गुणवत्ता, सटीकता और निगरानी में सुधार के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाया जाएगा। दिशा-निर्देशों में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (डवत्ज्भ्) के लागू दिशानिर्देशों के अनुसार, तटबंधों (एमबैंकमेंट्स) और राजमार्ग फुटपाथों के निर्माण के लिए स्वचालित और इंटेलिजेंट मशीन-सहायता प्राप्त निर्माण (।प्-डब्) तकनीक के उपयोग का प्रावधान किया गया है। इन उपायों को शामिल करने से प्रौद्योगिकी-संचालित निर्माण को बढ़ावा मिलेगा, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग के विकास के दौरान बेहतर गुणवत्ता, निरंतरता और निगरानी संभव हो सकेगी। साथ ही, भारत सरकार की परिकल्पना के अनुरूप उच्च गति वाले गलियारों पर टोल वसूली के लिए श्मल्टी लेन फ्री फ्लोश् (एमएलएफएफ) प्रणाली की ओर बदलाव किया जाएगा और इसके क्रियान्वयन के लिए आवश्यक प्रावधान किए जाएंगे।
योजना के चरण से ही भू-दृश्य (लैंडस्केपिंग) और पर्यावरण संबंधी उपाय
लैंडस्केपिंग और पौधारोपण को परियोजना की योजना का अभिन्न हिस्सा बनाया जाएगा। स्थानीय जलवायु, स्थलाकृति और पर्यावरणीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लूप क्षेत्रों, फ्लाईओवर के नीचे, डिवाइडर और अन्य उपयुक्त स्थानों पर भू-दृश्य विकास और पौधारोपण की योजना बनाई जाएगी। पौधों की सिंचाई के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों के डिवाइडर पर टपक सिंचाई प्रणाली भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे पानी का कुशल उपयोग और पौधारोपण का आसान रखरखाव सुनिश्चित हो सके।
बेहतर जल निकासी और जल प्रबंधन
विस्तृत जल निकासी योजना विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा होगी। योजना में यह निर्धारित किया जाएगा कि वर्षा जल की निकासी कहां होगी और राष्ट्रीय राजमार्ग तथा आसपास के क्षेत्रों से आने वाले पानी का सुरक्षित प्रबंधन किस प्रकार किया जाएगा। लूप क्षेत्रों और अन्य उपयुक्त स्थानों पर जल संचयन संरचनाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, विशेष रूप से उन स्थानों पर जहां वर्षा जल की प्राकृतिक निकासी की व्यवस्था नहीं है। अंडरपास, फ्लाईओवर, निचले डिवाइडर और अन्य संरचनाओं के आसपास पानी के प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। इससे जलभराव और राष्ट्रीय राजमार्ग के बुनियादी ढांचे को होने वाले नुकसान को रोकने में मदद मिलेगी। जल निकासी योजनाओं में पानी की निकासी के स्थानों को स्पष्ट रूप से चिन्हित किया जाएगा और उच्च गति वाले राष्ट्रीय राजमार्गों तथा आसपास के क्षेत्रों से आने वाले वर्षा जल के प्रबंधन के लिए उपयुक्त व्यवस्था की जाएगी। ये दिशानिर्देश देशभर में अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप उच्च गति वाले राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बायो ई3 के तहत जैव-आधारित बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक के व्यावसायिक लॉंच को औपचारिक रूप दिया
भारत के विविध बायोमास संसाधन कचरे को संपदा में बदल सकते हैं और नई जैव-अर्थव्यवस्था वैल्यू चेन सृजित कर सकते हैंरू डॉ. जितेंद्र सिंह
मंत्री ने यह प्रदर्शित करने के लिए व्यापक जन-संवाद का आह्वान किया कि कैसे गन्ना खाद्य संसाधन से टिकाउ सामाग्री में बदल सकता है
पीएलए-आधारित बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक भारत की अगली पीढ़ी के टिकाउ विनिर्माण की ओर बढ़ने का प्रतीक है
बलरामपुर चीनी मिल्स द्वारा पीएलए एवं को-पॉलिमर्स के लिए 100 टीपीए पायलट सुविधा को 75 करोड़ रूपये के बायो ई3 अनुदान का सहयोग

नई दिल्ली, 24 सितम्बर, अभीतक: विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री, डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज पॉलीलैक्टिक एसिड (पीएलए) पर आधारित जैव-आधारित बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक के व्यावसायिक उपयोग का औपचारिक शुभारंभ किया, जो अगली पीढ़ी के टिकाऊ विनिर्माण की ओर भारत के संक्रमण में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार के बायो ई3 (अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार के लिए जैव प्रौद्योगिकी) ढांचे के तहत बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड (बीसीएमएल) द्वारा आगे बढ़ाई जा रही यह पहल, जैव प्रौद्योगिकी, टिकाऊ विनिर्माण और व्यावसायिक अनुवाद को जोड़ती है। जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) के अंतर्गत जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (बिराक) से मिला 75 करोड़ रुपये का अनुदान पीएलए और को-पोलिमर्स के लिए 100 टीपीए की पायलट-स्तरीय आर एंड डी सुविधा का समर्थन कर रहा है, जिसका उद्देश्य उन्नत जैव-आधारित सामग्रियों का विकास करना और व्यावसायिक उत्पादन की दिशा में उनके अनुवाद को सुगम बनाना है। इस पहल का अनावरण नई दिल्ली में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग में किया गया। पायलट-स्तरीय यह सुविधा उत्तर प्रदेश के कुंभी में बीसीएमएल के एकीकृत विनिर्माण परिसर में स्थापित की जाएगी, जहाँ यह टिकाऊ सामग्री अनुप्रयोगों के लिए पीएलए और को-पोलिमर प्रौद्योगिकियों के विकास और विस्तार में सहायता करेगी। इस अवसर पर बोलते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह पहल भारत की जैव-अर्थव्यवस्था यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जहाँ जैव प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला अनुसंधान से आगे बढ़कर व्यावसायिक उत्पादों, टिकाऊ विनिर्माण और रोजगार सृजन की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारत की जैव-अर्थव्यवस्था, जो 2014 में लगभग 10 अरब अमेरिकी डॉलर थी, बढ़कर लगभग 195 अरब अमेरिकी डॉलर हो गई है, जो जैव प्रौद्योगिकी-संचालित आर्थिक गतिविधियों के तीव्र विस्तार को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि अगले चरण में वैज्ञानिक क्षमताओं को व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य उत्पादों और प्रौद्योगिकियों में बदलने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पीएलए पहल टिकाऊ विनिर्माण की दिशा में वैश्विक बदलाव में भाग लेने की भारत की क्षमता को मजबूत कर सकती है और जैविक संसाधनों पर आधारित एक नई मूल्य श्रृंखला का सृजन कर सकती है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना यह दर्शाती है कि पर्यावरणीय चिंताओं को दूर करते हुए उच्च मूल्य वाली सामग्री तैयार करने के लिए स्वदेशी वैज्ञानिक क्षमताओं को औद्योगिक उत्पादन से कैसे जोड़ा जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि यह पहल जैव-अर्थव्यवस्था में एक वैश्विक नेता के रूप में और अन्य देशों के लिए व्यावहारिक समाधानों के स्रोत के रूप में भारत के उभरने में योगदान दे सकती है। मंत्री के संबोधन का एक मुख्य केंद्र वेस्ट टू वेल्थ दृष्टिकोण था। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत की विविधता का अर्थ है कि विभिन्न क्षेत्र अलग-अलग प्रकार के बायोमास और कचरे का उत्पादन करते हैं, जिन्हें उपयोगी उत्पादों में बदलने के लिए अलग-अलग तकनीकों और पद्धतियों की आवश्यकता होती है। इसलिए, उन्होंने कहा कि क्षेत्र-विशिष्ट जैव प्रौद्योगिकी क्षमताएं क्षेत्रीय विकास के लिए नए अवसर पैदा करते हुए स्थानीय रूप से उपलब्ध संसाधनों को धन में बदलने में मदद कर सकती हैं। डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह जोर देते हुए कहा कि ष्कचरे जैसी कोई चीज नहीं होती है,ष् और इस बात पर बल दिया कि जिसे कचरा कहा जाता है, उन सामग्रियों में अक्सर महत्वपूर्ण अंतर्निहित मूल्य होता है जिसे विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से उजागर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जैविक संसाधनों, रीसाइक्लिंग और बायोमास रूपांतरण के साथ भारत का विविध अनुभव देश को ऐसे समाधान विकसित करने का अवसर देता है जिनकी वैश्विक स्तर पर अधिक प्रासंगिकता हो सकती है। मंत्री ने कहा कि अनुसंधान का व्यावसायिक रूपांतरण प्रारंभिक चरण में ही होना चाहिए, जिसमें प्रौद्योगिकियाँ पायलट सुविधाओं, सत्यापन, कुशल जनशक्ति और उद्योग की भागीदारी के माध्यम से प्रयोगशालाओं से बाजारों तक पहुँचें। उन्होंने कहा कि पीएलए सुविधा उच्च-मूल्य वाले अनुप्रयोगों के लिए पॉलिमर विकसित करने, कुशल कर्मियों को प्रशिक्षित करने और व्यावसायिक पैमाने पर विनिर्माण के लिए आवश्यक ज्ञान व अनुभव प्राप्त करने का एक मंच बन सकती है। 100 टीपीए पायलट-स्तरीय आर एंड डी सुविधा उच्च-मूल्य वाले अनुप्रयोगों के लिए विशेष पीएलए ग्रेड और उन्नत पीएलए को-पोलिमर्स के विकास पर ध्यान केंद्रित करेगी। यह तकनीकी-आर्थिक डेटा और प्रक्रिया का तौर-तरीका तैयार करेगी, उत्पाद विकास और ग्राहक सत्यापन में सहायता करेगी, प्रौद्योगिकी के स्वदेशीकरण को सुगम बनाएगी और व्यावसायिक उत्पादन की ओर निर्बाध विस्तार को सक्षम बनाने में मदद करेगी। यह सुविधा उद्योग, अकादमिक जगत और अनुसंधान संस्थानों के बीच आपसी सहयोग को भी मजबूत करेगी। डॉ. जितेंद्र सिंह ने जैव प्रौद्योगिकी को सरल और सहज शब्दों में समझाने के लिए व्यापक जन-संवाद का भी आह्वान किया। उन्होंने सुझाव दिया कि इस तरह की प्रौद्योगिकियों के बारे में संवाद में यह दिखाया जाना चाहिए कि कैसे गन्ने जैसे रोजमर्रा के कृषि संसाधनों को भोजन से परे अन्य उत्पादों में बदला जा सकता है, जिसमें टिकाऊ सामग्रियां भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की किस्सागोई लोगों को जैव प्रौद्योगिकी के मूल्य को समझने, इसके व्यापक उपयोग को प्रोत्साहित करने और स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के व्यावसायिक उपयोग का समर्थन करने में मदद कर सकती है। इस पहल को सरकार के ष्वोकल फॉर लोकल एंड ग्लोबलष् दृष्टिकोण से जोड़ते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत को स्वदेशी व्यावसायिक उत्पादन क्षमताओं का निर्माण करना चाहिए और सफल प्रौद्योगिकियों को स्थानीय विकास से वैश्विक बाजारों तक ले जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बायो ई3 ढांचा देश के आर्थिक विकास, पर्यावरणीय स्थिरता और रोजगार के उद्देश्यों को एक साथ आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है। पीएलए पहल भारत के जैव-आधारित विनिर्माण परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण विविधता को भी दर्शाती है। बीसीएमएल का व्यावसायिक पीएलए उद्यम नवीकरणीय चीनी-आधारित फीडस्टॉक को पीएलए और बायोप्लास्टिक में बदलने पर आधारित है, जो कृषि संसाधनों से टिकाऊ सामग्री की ओर एक मार्ग प्रशस्त करता है। कंपनी ने अपनी व्यावसायिक पीएलए सुविधा को एक औद्योगिक-स्तरीय बायोप्लास्टिक उद्यम के रूप में पेश किया है, जबकि बायो ई3-समर्थित पायलट सुविधा अगली पीढ़ी के पीएलए ग्रेड और को-पोलिमर्स के लिए एक नवाचार और आर एंड डी प्रदान करेगी। इस अवसर पर बोलते हुए, डीबीटी, डीजी-बीआरआईसी और बिराक के अध्यक्ष डॉ. राजेश सुधीर गोखले ने कहा कि यह पहल जैव प्रौद्योगिकी को प्रयोगशाला विज्ञान से आगे ले जाकर एक एकीकृत विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र की ओर ले जाती है जिसमें मान्य प्रक्रियाएं, पायलट सुविधाएं, कौशल विकास और व्यावसायिक-स्तरीय उत्पादन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना चीनी और अन्य बायोमास जैसे जैविक संसाधनों को लैक्टिक एसिड और उच्च-मूल्य वाले बायोप्लास्टिक्स में बदलकर इथेनॉल से परे एक नई मूल्य श्रृंखला का सृजन कर सकती है, साथ ही सतत विकास, रोजगार और क्षेत्रीय वृद्धि के अवसर पैदा कर सकती है। इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख लोगों में सचिव, डीबीटी, महानिदेशक बीआरआईसी एवं चेयरमैन बिराक डॉ. राजेश सुधीर गोखलेय डीबीटी के वैज्ञानिक-एच और बिराक के प्रबंध निदेशक डॉ. धनंजय कुमार तिवारीय डीबीटी की संयुक्त सचिव सुश्री एकता विश्नोईय डीबीटी की डॉ. कलईवानी गणेशनय बिराक की डॉ. शिल्पी गुप्ताय और बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड की कार्यपालक निदेशक सुश्री अवंतिका सरावगी शामिल थीं। बायो ई3 समर्थित इस पहल से उन्नत जैव-आधारित सामग्रियों के विकास और व्यावसायीकरण में तेजी आने, भारत की स्वदेशी जैव-विनिर्माण क्षमताओं को मजबूती मिलने तथा एक टिकाऊ, रोजगार पैदा करने वाली और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी जैव-अर्थव्यवस्था के उभरने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

एनबीसीएफडीसी द्वारा पिछड़े वर्गों में उद्यमिता और शिक्षा के लिए सहायता
आय बढ़ाने वाले कार्यों के लिए 25 लाख रुपए तक के रियायती व्यक्तिगत ऋण उपलब्ध
25 लाख रुपए तक का शिक्षा ऋण 8ः वार्षिक रियायती ब्याज दर पर उपलब्ध, जिन्हें चुकाने की अवधि 10 वर्ष

नई दिल्ली, 24 सितम्बर, अभीतक: सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अधीन भारत सरकार का उपक्रम, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (एनबीसीएफडीसी), राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों और बैंकों के माध्यम से पिछड़ा वर्ग के पात्र सदस्यों को रियायती वित्तीय सहायता प्रदान करता है। निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अधिसूचित अन्य पिछड़ा वर्ग के 5 लाख रुपए तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले सदस्य ऐसे कार्यों के लिए सहायता ले सकते हैं, जिनसे उनकी स्थाई आय हो सके। इसके लिए आवश्यक पात्रता शर्तों और चैनल भागीदार की प्रक्रियाओं को पूरा करना होगा। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत ऋण योजना के तहत सहायता से परियोजना लागत का 85ः तक कवर किया जा सकता है, जिसमें प्रति लाभार्थी अधिकतम ऋण 25 लाख रुपए होगा। उन्होंने कहा कि 1.25 लाख रुपए तक के ऋण पर 7 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज लगेगा, जबकि 1.25 लाख रुपए से अधिक और 25 लाख रुपए तक के ऋण पर 8ः प्रति वर्ष की दर से ब्याज लगेगा। एनबीसीएफडीसी के अधिकारी ने बताया कि 25 लाख रुपए तक का शिक्षा ऋण प्रति वर्ष 8ः की लाभार्थी ब्याज दर पर उपलब्ध है। एनबीसीएफडीसी की निर्धारित शर्तों के अनुसार, इसे चुकाने की अवधि 10 वर्ष तक हो सकती है, जिसमें अधिस्थगन (मोरेटोरियम) अवधि भी शामिल है। उन्होंने कहा कि निगम आर्थिक और विकासात्मक कार्यों, कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देता है। इस निगम को 13 जनवरी, 1992 को बनाया गया था। एनबीसीएफडीसी के अधिकारी ने बताया कि समूह ऋण योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों को प्रति समूह 25 लाख रुपए तक की मदद मिलती है, जिसमें प्रति लाभार्थी 1.25 लाख रुपए की सीमा होती है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य चैनलाइजिंग एजेंसियों या बैंकों के जरिए मिलने वाले ऋण से परियोजना की लागत का 90ः तक कवर किया जा सकता है, जिस पर लाभार्थी के लिए प्रति वर्ष 7ः की ब्याज दर लागू होती है। उन्होंने बताया कि समूह के कम से कम 60ः सदस्य पिछड़े वर्गों से होने चाहिए, अन्य सदस्य पात्र वंचित वर्गों से हो सकते हैं। यह बताना आवश्यक है कि एनबीसीएफडीसी के प्रकाशित वित्त के पैटर्न में समय पर वार्षिक भुगतान करने पर 1ः की छूट का प्रावधान है, जिसे चैनल भागीदार और लाभार्थी के बीच बराबर-बराबर बांटा जाता है। पात्र आवेदक अपने जिले में संबंधित चैनल भागीदार से संपर्क कर सकते हैं या एनबीसीएफडीसी की वेबसाइट पर पंजीकरण पोर्टल के जरिए अनुरोध कर सकते हैं। योजना की जानकारी और आवेदन के लिए, इच्छुक आवेदक ूूूण्दइबकिबण्हवअण्पदध्दइबकिबध्ूमइ देख सकते हैं।

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