



लंबित प्रगति एवं पीएमजी मामलों के समाधान में तेजी लाएं अधिकारी: डीसी’
मंत्रिमंडल सचिवालय के सचिव (समन्वय) की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई समीक्षा बैठक’
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग उपरांत डीसी वर्षा खांगवाल ने संबंधित अधिकारियों को दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश’
झज्जर, 23 सितम्बर, अभीतक: हरियाणा राज्य से संबंधित लंबित प्रगति एवं पीएमजी मामलों की समीक्षा को लेकर मंत्रिमंडल सचिवालय के सचिव (समन्वय) की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य से संबंधित लंबित मामलों की वर्तमान स्थिति, अब तक की गई कार्रवाई तथा इनके समाधान की दिशा में हुई प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
’लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश’
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग उपरांत डीसी वर्षा खांगवाल ने संबंधित अधिकारियों के साथ मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रगति एवं पीएमजी से संबंधित लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए निर्धारित समय सीमा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं और जनहित से जुड़े मामलों के समाधान में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ हो कार्रवाई’
डीसी ने कहा कि जिन मामलों के समाधान में एक से अधिक विभागों अथवा एजेंसियों की भूमिका है, उनमें आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाए। संबंधित अधिकारी अपने-अपने विभाग से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा करें और प्रगति की अद्यतन स्थिति से उच्च अधिकारियों को अवगत करवाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक लंबित मामले के समाधान के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करते हुए समयबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाए। साथ ही, जिन मामलों में किसी प्रकार की बाधा आ रही है, उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके।

सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में झज्जर प्रशासन एक्टिव: डीसी’
डीसी वर्षा खांगवाल ने ली सम्बंधित अधिकारियों की बैठक
समाधान शिविर, जनसंवाद व सीएम विंडो पोर्टल पर आई शिकायत के त्वरित निपटान के दिए निर्देश’
झज्जर, 23 सितम्बर, अभीतक: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के जनसेवा और सुशासन के निर्देशों की अनुपालना में झज्जर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन में जिला प्रशासन एक्टिव है ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक को योजना का लाभ प्रभावी रूप से मिल सके। यह बात डीसी वर्षा खांगवाल ने कही। डीसी बुधवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में प्रशासनिक व विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रही थी। बैठक में समाधान शिविर, जनसंवाद पोर्टल तथा सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की स्थिति पर अपडेट रिपोर्ट सम्बन्धित अधिकारियों से ली गई। डीसी ने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि जनता की समस्याओं का निवारण सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई न की जाए।
नागरिकों की समस्याओं का हो त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान’
डीसी वर्षा खांगवाल ने बैठक में विभागवार लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्समाधान शिविरश् में आने वाले हर नागरिक की शिकायत को गंभीरता से सुना जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की सोच के अनुरूप प्रशासनिक कार्यप्रणाली को इतना सुलभ बनाया गया है कि आम जन को अपनी समस्याओं के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। समाधान शिविरों में प्राप्त आवेदनों का उसी दिन या तय समयसीमा के भीतर निपटारा सुनिश्चित किया जाए।
’जनसंवाद पोर्टल व सीएम विंडो की शिकायतों का हो शीघ्र निपटान’
जनसंवाद पोर्टल और सीएम विंडो से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा करते हुए डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों को पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में औपचारिकता न की जाए, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि और समाधान की गुणवत्ता सबसे महत्वपूर्ण है। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही के कारण शिकायत लंबित पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। डीसी ने आमजन से भी सरकार के इन डिजिटल पोर्टल का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
यह रहे मौजूद
इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच, सीईओ जिला परिषद मनीष फौगाट, एसडीएम बादली विशाल कुमार,एसडीएम बेरी रेणुका नांदल व सीटीएम ऋतु सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।





शहीदों का त्याग और बलिदान सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा के लिए करता रहेगा प्रेरित: डीसी’
हरियाणा वीर एवं शहीदी दिवस पर डीसी वर्षा खांगवाल ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि’
झज्जर, 23 सितम्बर, अभीतक: हरियाणा वीर एवं शहीदी दिवस के अवसर पर डीसी वर्षा खांगवाल ने बुधवार को शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानियों व शहीदों के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए वीर जवानों द्वारा दिया गया सर्वोच्च बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा। डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि शहीदों की वीरता, त्याग और देशभक्ति हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। वीर शहीदों ने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, जिसके कारण आज हम सुरक्षित और स्वतंत्र वातावरण में जीवन जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहीदों के बलिदान को केवल स्मरण करना ही नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को देश के वीर सपूतों के जीवन, संघर्ष और बलिदान से परिचित करवाना जरूरी है, ताकि उनमें राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और देशसेवा की भावना और मजबूत हो। हरियाणा वीर एवं शहीदी दिवस पर जिला प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर वीर शहीदों को नमन किया और राष्ट्रहित में समर्पित भाव से कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर सैनिक व अर्धसैनिक कल्याण विभाग के वेलफेयर ऑफिसर कर्नल राजीव कुंडू, वेलफेयर ऑर्गेनाइजर विजेंद्र सिंह व डीआईपीआरओ दिनेश कुमार सहित अन्य पूर्व सैनिकों ने वीर शहीदों की शहादत को सलाम किया।





हरियाणा शहीदी दिवस पर इंडो-अमेरिकन स्कूल में राव तुलाराम की मनमोहक रंगोली बनाकर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
झज्जर, 23 सितम्बर, अभीतक: हरियाणा शहीदी दिवस के अवसर पर इंडो-अमेरिकन स्कूल, झज्जर में देश और प्रदेश की स्वतंत्रता एवं सम्मान के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में महान स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम की आकर्षक एवं मनमोहक रंगोली तैयार की गई। रंगोली के माध्यम से राव तुलाराम के साहस, वीरता और राष्ट्रभक्ति को दर्शाते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। विभिन्न रंगों का सुंदर संयोजन करते हुए राव तुलाराम की प्रभावशाली आकृति बनाई, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। रंगोली के माध्यम से यह संदेश दिया कि वीर शहीदों का त्याग और उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। विद्यालय निदेशक विजेंद्र काद्यान ने कहा कि शहीदों के जीवन और उनके बलिदान से विद्यार्थियों को राष्ट्रप्रेम, साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपने इतिहास और महान स्वतंत्रता सेनानियों से जोड़ने के साथ-साथ उनमें देश एवं प्रदेश के प्रति सम्मान की भावना को भी मजबूत करते हैं। विद्यालय परिवार ने हरियाणा के सभी वीर शहीदों को नमन करते हुए उनके अमर बलिदान को स्मरण किया। श्रीमती चंदा द्वारा बनाई गई राव तुलाराम की रंगोली ने शहीदों का सम्मान, हमारी पहचान के संदेश को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया और सभी को अपने वीरों के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी।




PNB RSETI झज्जर द्वारा गांव बाघपुर में मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण शुरू
झज्जर, 23 सितम्बर, अभीतक: पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (PNB RSETI), झज्जर द्वारा गांव बाघपुर में मशरूम उत्पादन एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जा रही है, ताकि वे प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद स्वयं का रोजगार शुरू कर अपनी आय में वृद्धि कर सकें। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को प्रशिक्षक प्रवीण कुमार ने मशरूम की विभिन्न किस्मों, मशरूम उत्पादन के लिए उपयुक्त वातावरण, बीज (स्पॉन) की जानकारी, भूसा तैयार करने, बैग भरने, तापमान एवं नमी प्रबंधन, मशरूम की देखभाल, रोगों से बचाव, कटाई, पैकिंग तथा बाजार में बिक्री की पूरी प्रक्रिया के बारे में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। संस्थान से निदेशक उमेश भूकर गोरिया ने बताया कि मशरूम उत्पादन कम जगह और सीमित संसाधनों में शुरू किया जा सकने वाला स्वरोजगार का अच्छा विकल्प है। इसके लिए बड़े खेत की आवश्यकता नहीं होती और किसान एवं ग्रामीण परिवार अपने घर या छोटे कमरे में भी इसकी शुरुआत कर सकते हैं। उत्पादन चक्र अपेक्षाकृत कम होने के कारण सही प्रबंधन एवं बाजार उपलब्ध होने पर इससे नियमित आय का अवसर बनाया जा सकता है। आय उत्पादन की मात्रा, मशरूम की किस्म, लागत और स्थानीय बाजार भाव पर निर्भर करती है। मशरूम प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और विभिन्न खनिज तत्वों का अच्छा स्रोत माना जाता है तथा इसमें वसा और कैलोरी की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है। इसी कारण स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के बीच इसकी मांग बढ़ रही है। प्रतिभागियों को मशरूम के उत्पादन के साथ-साथ इसकी मार्केटिंग, मूल्य निर्धारण और तैयार उत्पाद को बाजार तक पहुंचाने के संबंध में भी जानकारी दी जा रही है। च्छठ त्ैम्ज्प् का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। संस्थान द्वारा समय-समय पर विभिन्न स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के इच्छुक उम्मीदवार प्रशिक्षण लेकर अपना व्यवसाय शुरू कर सकें और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकें।


बाबा गूगा जाहिरवीर की समाधि स्थल पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भण्डारे का प्रसाद ग्रहण किया
बाबा गूगा जाहिरवीर के प्रति क्षेत्र में गहरी हैे आस्था: मनीष बंसल
अतिथियों का कार्यक्रम में पंहुचने पर फूल मालाओं से भव्य स्वागत अभिनंदन
समिति के सदस्यों ने श्रद्धा भाव से भण्डारे में की सेवा
झज्जर, 23 सितम्बर, अभीतक: मेन बाजार स्थित जामा मस्जिद के पीछे सिद्ध श्री बाबा गूगा जाहिरवीर की समाधि स्थल पर हवन और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्र के आसपास के लोगों और राहगीरों ने गुगा जाहिरवीर का आशीर्वाद और भण्डारे का प्रसाद ग्रहण किया। धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं ने परिवार के सदस्यों के साथ पूजा अर्चना कर परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। भण्डारे से पूर्व हवन यज्ञ का आयोजन किया गया जिसमें भाजपा जिला अध्यक्ष विकास वाल्मीकि, हरियाणा गौ सेवा आयोग के सदस्य प्रमोद बंसल, समाजसेवी उमेश नंदवानी, समिति के प्रधान मनीष बंसल, प्रीतम कुकडोला, मनोनीत पार्षद जगदीश वर्मा सहित समिति के सदस्यों, गणमान्य लोगों व नगरवासियों ने विधि विधान से हवन यज्ञ में आहुति डालकर सर्व मंगल की कामना की। लोगों ने धार्मिक भावनाओं के साथ कार्यक्रम में उत्साह और श्रद्धा पूर्वक भाग लिया। समिति की ओर से मुख्यतिथि, विशिष्ठ अतिथियों का कार्यक्रम में पंहुचने पर फूल मालाओं से भव्य स्वागत अभिनंदन किया। समिति के प्रधान मनीष बंसल ने अपने सम्बोधन में कहा कि हर वर्ष होने वाले इस कार्यक्रम का इंतजार क्षेत्रवासियों को रहता हैं। बाबा गूगा जाहिरवीर के प्रति क्षेत्र में गहरी आस्था है यह वार्षिक कार्यक्रम धार्मिक परम्परा के साथ आपसी मेलजोल को मजबूत करता है। उन्होंने सभी का आभार व्यक्त किया। रात्रि जागरण का आयोजन किया जाएगा। समिति के सदस्यों ने श्रद्धा भाव से भण्डारे में सेवा की। धार्मिक आयोजन भाजपा नेता प्रमुख समाजसेवी मनीष बंसल के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है। इस मौके पर गणमान्य लोगों, बड़ी संख्या में महिला, पुरुष व बच्चे मौजूद रहे।




पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना ही प्रशासन की प्राथमिकता: डीसी’
30 सितंबर तक दावे-आपत्तियां दर्ज कराएं, पात्र युवा तुरंत भरें फॉर्म-6’
डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने जिला झज्जर के नागरिकों से की अपील’
झज्जर, 23 सितम्बर, अभीतक: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला झज्जर के सभी चारों विधानसभा क्षेत्रों में एसआईआर-2026 के तहत मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य जारी है। डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने कहा कि अभियान का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना तथा अपात्र नामों को हटाकर सूची को शुद्ध एवं अद्यतन बनाना है। उन्होंने पात्र नागरिकों से अपील की कि वे अपनी और परिवार के पात्र सदस्यों की जानकारी मतदाता सूची में अवश्य जांचें। जिन पात्र नागरिकों का नाम सूची में नहीं है, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म-6 भरकर नाम दर्ज करवाएं। पात्र युवाओं से उन्होंने विशेष रूप से कहा कि वे मतदाता बनने के लिए तुरंत आवेदन करें और अंतिम तिथि का इंतजार न करें।
आगामी 30 सितंबर तक दर्ज कराएं दावे-आपत्तियां’
डीसी ने बताया कि एसआईआर-2026 के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार दावे एवं आपत्तियां 30 सितंबर तक दर्ज कराई जा सकती हैं। इनका निपटारा 28 अक्टूबर तक होगा तथा अंतिम मतदाता सूची 6 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी। मतदाता नाम, पता, आयु, फोटो सहित अन्य विवरणों की जांच कर त्रुटि मिलने पर समय रहते सुधार के लिए आवेदन करें।
पात्र मतदाता फॉर्म-7 व 8 से भी कर सकते हैं आवेदन’
डीसी ने बताया कि मतदाता सूची में आवश्यक संशोधन के लिए फॉर्म-8 तथा मृत, अपात्र या अन्य स्थान पर पंजीकृत मतदाता के नाम पर आपत्ति के लिए फॉर्म-7 का उपयोग किया जा सकता है। आवेदन प्रक्रिया में सहायता के लिए नागरिक अपने क्षेत्र के बीएलओ, ईआरओ अथवा एईआरओ से संपर्क कर सकते हैं। मतदाता हेल्पलाइन 1950 पर भी सहायता प्राप्त की जा सकती है। डीसी ने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध एवं विश्वसनीय बनाने में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने सभी पात्र नागरिकों से निर्धारित समय सीमा में आवश्यक कार्रवाई पूरी करने का आह्वान किया।

’जन समस्याओं के समाधान के लिए झज्जर में जिला स्तरीय समाधान शिविर आज’
उपमंडल स्तर पर बेरी, बहादुरगढ़ और बादली लघु सचिवालयों में सुबह 10 से 12 बजे तक आयोजित होंगे शिविर’
झज्जर, 23 सितम्बर, अभीतक: आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा गुरुवार 24 सितंबर को जिला मुख्यालय सहित सभी उपमंडलों में समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। ये शिविर सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक लगाए जाएंगे, जहां नागरिकों की शिकायतें सुनकर उनका मौके पर ही निपटान सुनिश्चित किया जाएगा। जिला स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में डीसी वर्षा खांगवाल की अध्यक्षता में लगेगा। इस दौरान डीसी विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें सुनते हुए अधिकारियों को समस्याओं के समयबद्ध समाधान के निर्देश देंगी।
’तीनों सब डिवीजन में भी लगेंगे समाधान शिविर’
उपमंडल स्तर पर बहादुरगढ़ में एसडीएम अभिनव सिवाच, बादली में एसडीएम विशाल कुमार और बेरी लघु सचिवालय परिसर में एसडीएम रेणुका नांदल की अध्यक्षता में उपमंडल स्तरीय समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटान किया जाएगा।






आयुष चिकित्सा शिविरों के माध्यम से आमजन को दिया स्वस्थ जीवनशैली का संदेश’
सेवा मेरा योगदान थीम के साथ राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर झज्जर में निःशुल्क आयुष चिकित्सा शिविर आयोजित’
आयुर्वेद व होम्योपैथी चिकित्सा के साथ योग और औषधीय पौधों के प्रति किया जागरूक’
झज्जर, 23 सितम्बर, अभीतक: सेवा मेरा योगदान थीम के साथ राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस(11वें) के अवसर पर आयुष विभाग, झज्जर की ओर से निःशुल्क आयुष चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ नगर परिषद झज्जर के चेयरमैन जिले सिंह सैनी ने किया। श्री सैनी ने डॉ. सुरेंद्र राठी के साथ धन्वंतरी पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. सुमन खरब सहित आयुष विभाग के चिकित्सक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
317 आयुर्वेदिक व 110 होम्योपैथिक मरीजों की हुई जांच
शिविर में आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक चिकित्सकों द्वारा मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया तथा निःशुल्क औषधियों का वितरण किया गया। शिविर में आयुर्वेद के 317 तथा होम्योपैथी के 110 मरीजों की जांच की गई। आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों डॉ. प्रमोद, डॉ. जितेंद्र, डॉ. पूनम, डॉ. सविना, डॉ. नमिता एवं डॉ. सरिता ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। वहीं आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट बिजेंद्र एवं नरेंद्र ने शिविर के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सेवा सेतु अभियान के तहत बहादुरगढ़ में भी लगा निःशुल्क शिविर
सेवा सेतु अभियान के तहत राजकीय महिला महाविद्यालय, बहादुरगढ़ में भी निःशुल्क आयुष चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 95 मरीजों ने चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठाया। इस दौरान होम्योपैथिक चिकित्सा एवं निःशुल्क होम्योपैथिक औषधियों का वितरण किया गया। होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. मनोज तथा होम्योपैथिक फार्मासिस्ट दीपक ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं।
योगाभ्यास के जरिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए किया प्रेरित
सेवा संकल्प अभियान के तहत लगे शिविर में डॉ सुमन ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान योगाभ्यास एवं योग के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई गई। आचार्य बलदेव तथा आयुष विभाग के योग सहायकों की टीम ने उपस्थित लोगों को योगाभ्यास करवाया और दैनिक जीवन में योग को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
औषधीय पौधों का वितरण कर उनके संरक्षण का दिया संदेश
शिविर में मरीजों एवं आमजन को औषधीय पौधों का वितरण भी किया गया। लोगों को औषधीय पौधों के महत्व, उनके संरक्षण एवं उपयोग के बारे में जानकारी दी गई तथा प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों को दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
सामाजिक संस्थाओं ने आयोजन में दिया सहयोग
शिविर के आयोजन में सर्वोदय जनहित समाज कल्याण के अध्यक्ष प्रदीप कुमार का विशेष योगदान रहा। इसके अतिरिक्त दुर्गा मंदिर समिति के सदस्यों ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। आयुष विभाग की ओर से आयोजित इन शिविरों के माध्यम से आमजन को आयुर्वेद, होम्योपैथी, योग एवं औषधीय पौधों के महत्व की जानकारी देते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। शिविर में पहुंचे लोगों ने आयुष विभाग की इस पहल की सराहना की।
झज्जर में सेवा मेरा योगदान थींम पर आधारित जागरूकता कार्यक्रम में नगर परिषद चेयरमैन जिले सिंह सैनी को औषधीय पौधा भेंटकर अभिनंदन किया गया।




सेवा मेरा योगदान के तहत जिलाभर में चला स्वच्छता अभियान’
ग्रामीण, शहरी क्षेत्रों और शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों व नागरिकों ने किया श्रमदान, स्वच्छता का दिया संदेश’
आईटीआई खुड्डन सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों में आयोजित हुईं स्वच्छता गतिविधियां’
झज्जर, 23 सितम्बर, अभीतक: जिला झज्जर में 17 अक्टूबर तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा मेरा योगदान’ मॉड्यूल के अंतर्गत बुधवार को ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ शिक्षण संस्थानों में स्वच्छता अभियान चलाया गया। डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में आयोजित स्वच्छता जागरूकता अभियान में ग्रामीणों, विद्यार्थियों, शिक्षकों व कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए श्रमदान किया और स्वच्छता का संदेश दिया।
आईटीआई में विद्यार्थियों ने दिया स्वच्छता का संदेश’
आईटीआई खुड्डन के साथ- साथ झज्जर आईटीआई महिला विंग सहित जिलाभर के शिक्षण संस्थानों में भी स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की गईं,जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने परिसर की साफ-सफाई कर कचरा एकत्र किया और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया। इस दौरान विद्यार्थियों को स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया। विद्यार्थियों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करते हुए अपने घर, शिक्षण संस्थान और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने तथा कचरा निर्धारित स्थान पर डालने के लिए प्रेरित किया गया।
ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में हुईं स्वच्छता गतिविधियां’
बुधवार को शहरी क्षेत्रों में डीएमसी जगनिवास के निर्देशानुसार झज्जर, बहादुरगढ़ और बेरी के विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की गईं। सफाई टीम ने चिन्हित स्थानों एवं कचरा संवेदनशील क्षेत्रों की साफ-सफाई कर कचरे का उठान किया। लोगों को स्वच्छता टीम द्वारा डोर टू डोर जाकर स्वच्छता अपनाने व प्लास्टिक का उपयोग न करने के लिए प्रेरित किया गया । वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में सीईओ जिला परिषद मनीष फोगाट व डीडीपीओ निशा तंवर के मार्गदर्शन में विभिन्न गांवों में स्वच्छता अभियान चलाया गया। ग्रामीणों ने सार्वजनिक स्थानों, गलियों और आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई में सहयोग करते हुए स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।
सेवा और जनभागीदारी की भावना को मिल रहा बढ़ावा’
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि ‘सेवा मेरा योगदान’ मॉड्यूल के तहत आयोजित स्वच्छता व अन्य जागरूकता गतिविधियों का उद्देश्य नागरिकों और विद्यार्थियों में स्वच्छता, सेवा एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से विभिन्न गतिविधियों में जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए लोगों को समाज और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।








सेवा सेतु कैम्प के माध्यम से लाभ पात्रों ने उठाया सरकारी सेवाओं का लाभ’
सरकारी योजनाओं से हर पात्र परिवार को जोड़ने की पहल, लगा सेवा सेतु कैंप’
राजकीय महिला महाविद्यालय में आयोजित कैंप में आमजन को योजनाओं की दी जानकारी’
पात्र लोगों को लाभ उठाने के लिए किया प्रेरित’
बहादुरगढ़, 23 सितम्बर, अभीतक: सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और सरकारी सेवाओं का लाभ पात्र नागरिकों तक सीधे पहुंचाने के उद्देश्य से सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को बहादुरगढ़ के राजकीय महिला विद्यालय परिसर में सेवा सेतु कैंप का आयोजन किया गया। सेवा सेतु कैंप में भाजपा नेता दिनेश कौशिक के साथ नगर परिषद की चेयरपर्सन सरोज राठी व रवि बराही सहित एसडीएम अभिनव सिवाच व जिला परिषद सीईओ मनीष फौगाट ने विभागीय स्टॉल का अवलोकन करते हुए पहुंचे लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। सेवा सेतु कैंप में विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल लगाकर आमजन को सरकार की योजनाओं, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी गई। लोगों ने मौके पर पहुंचकर सरकारी योजनाओं की जानकारी ली और संबंधित विभागों से आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त किया। सेवा सेतु कैम्प में पहुंचे भाजपा नेता दिनेश कौशिक ने कहा कि सेवा सेतु कैंप का उद्देश्य सरकारी योजनाओं को कागजों से निकालकर सीधे जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं और योजनाओं की जानकारी मिल रही है, जिससे उन्हें सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत मिलती है। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जनसेवा को प्राथमिकता देते हुए हर पात्र नागरिक को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। नगर परिषद चेयरपर्सन सरोज राठी ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में कोई भी पात्र नागरिक योजना के लाभ से वंचित न रहे, इसी उद्देश्य से सेवा सेतु कैंप जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे कैंप में पहुंचकर सरकारी योजनाओं की जानकारी लें और पात्रता के अनुसार उनका लाभ उठाएं। भाजपा नेता रवि बराही ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान सरकार और आमजन के बीच संपर्क को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित होगा, जब पात्र लोगों को योजनाओं की जानकारी के साथ उनका लाभ लेने की प्रक्रिया भी सरलता से उपलब्ध हो। सेवा सेतु कैम्प में एसडीएम अभिनव सिवाच ने कहा कि जिला प्रशासन आमजन को सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर प्रदान करने के लिए कृत संकल्प है। इसी सकारात्मक सोच के क्रियान्वयन में जिला भर में शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा सेतु कैम्प लगाए जा रहे हैं। इस अवसर पर मार्किट कमेटी के वाइस चेयरमैन प्रदीप गुप्ता बबलू, पालेराम शर्मा, दिनेश शेखावत, सोनू मान, सुदेश रंगा और नगर परिषद से ईओ संजय रोहिल्ला, जेई आशीष, आकाश और विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी सहित क्षेत्र के लाभार्थी मौजूद रहे।

शादी-विवाह या अन्य कार्यक्रम में तय समय सीमा के बाद ऊंची आवाज में डीजे बजाने वालों पर होगी कार्रवाई’
ट्रैक्टरों पर कानफोड़ू म्यूजिक सिस्टम लगाने वालों पर भी होगी कानूनी कार्रवाई’
झज्जर, 23 सितम्बर, अभीतक: हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल के दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए कमिश्नरेट झज्जर द्वारा सभी थाना प्रबंधकों व चैकी प्रभारियों को रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर व डीजे बजाने पर पूर्ण पाबंदी के संबंध में पुलिस मुख्यालय फैजल खान द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए बताया कि रात 10 बजे के बाद यदि कोई व्यक्ति डीजे या लाउडस्पीकर बजाता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।वहीं आमजन से अपील की गई है कि यदि रात 10 बजे के बाद कहीं डीजे या लाउडस्पीकर बजाया जाता है तो इसकी सूचना डायल 112 पर दी जा सकती है। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। रात 10 बजे से पहले तथा सुबह 6 बजे के बाद डीजे अथवा लाउडस्पीकर चलाने के लिए प्रशासनिक अनुमति लेना आवश्यक है। अनुमति मिलने के बाद भी डीजे अथवा लाउडस्पीकर निर्धारित ध्वनि सीमा में ही बजाया जा सकता है।डीजे संचालकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने डीजे वाहन पर एक पट्टिका, प्लेट लगाएं, जिस पर डीजे संचालन संबंधी आवश्यक हिदायतें अंकित हों। रात 10 बजे के बाद डीजे बजाना नियमों का उल्लंघन है। यदि किसी कार्यक्रम में निर्धारित समय के बाद डीजे बजता पाया गया तो डीजे संचालक तथा डीजे बजवाने वाले व्यक्ति, दोनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।विवाह-शादियों अथवा अन्य कार्यक्रमों में ऊंची आवाज में डीजे, लाउडस्पीकर तथा आतिशबाजी के कारण आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है। विशेषकर विद्यार्थियों, बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों तथा अन्य लोगों को ध्वनि प्रदूषण के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।दिन के समय भी बिना अनुमति के अत्यधिक ऊंची आवाज में डीजे या लाउडस्पीकर बजाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त डीजे पर अश्लील गाने बजाने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
ट्रैक्टरों पर कानफोड़ू म्यूजिक सिस्टम लगाने वालों पर भी होगी कार्रवाई
कमिश्नरेट झज्जर द्वारा थाना प्रबंधकों व चैकी प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सड़कों पर ट्रैक्टरों के पीछे बड़े म्यूजिक सिस्टम लगाकर अत्यधिक तेज आवाज में बजाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। गांवों तथा शहरी क्षेत्रों में कुछ युवाओं द्वारा ट्रैक्टरों को मॉडिफाई करवाकर बड़े म्यूजिक सिस्टम लगाए जाते हैं और उन्हें अत्यधिक तेज आवाज में बजाया जाता है। इससे अन्य वाहन चालकों व राहगीरों का ध्यान भटकने के कारण सड़क हादसे की आशंका भी बनी रहती है। ऐसे मामलों में ट्रैक्टर चालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



5.50 लाख की रिश्वत के आरोप में रीडर का सरेंडर, रिमांड में डीएसपी पर लगाए गंभीर आरोप
एससी/एसटी एक्ट केस में नाम निकालने के लिए रकम लेने का आरोप; एसीबी अब तत्कालीन डीएसपी की भूमिका की जांच में जुटी
ढाणी भोजराज के एससी/एसटी एक्ट से जुड़े मामले में कथित रिश्वतखोरी की जांच कर रही एसीबी हिसार को अब मामले में नया महत्वपूर्ण सुराग मिला है। तत्कालीन डीएसपी के रीडर रहे एएसआई दर्शन सिंह ने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद 21 सितंबर को फतेहाबाद अदालत में सरेंडर किया था। अदालत ने उसे दो दिन के एसीबी रिमांड पर भेजा। रिमांड के दौरान पूछताछ में दर्शन सिंह ने कथित तौर पर 5.50 लाख रुपए की रिश्वत की रकम तत्कालीन डीएसपी तक पहुंचाने की बात कही है। एसीबी के अनुसार, मामला वर्ष 2025 में दर्ज एससी/एसटी एक्ट के केस से जुड़ा है। इस मामले में आरोप लगा था कि नामजद आरोपियों को फायदा पहुंचाने और केस से उनके नाम हटाने के लिए ग्रामीणों से रकम जुटाई गई। इसी प्रकरण में एसीबी ने रीडर दर्शन सिंह और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया था। मामले में सामने आई बातचीत की रिकॉर्डिंग की जांच भी कराई गई थी। रिपोर्टों के अनुसार आवाज के नमूने की जांच में रिकॉर्डिंग से मिलान होने के बाद दर्शन सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हुई।
रिमांड में सामने आया कथित लेनदेन
एसीबी की पूछताछ में दर्शन सिंह ने कथित तौर पर बताया कि एससी/एसटी एक्ट के केस में नामजद आरोपियों को फायदा पहुंचाने और उनके नाम हटाने के लिए गांव में चंदा एकत्र किया गया था। उसके अनुसार 5.50 लाख रुपए की रकम उसने बतौर रीडर प्राप्त की और बाद में तत्कालीन डीएसपी के कहने पर पूरी रकम उन्हें दे दी। हालांकि इस कथित खुलासे की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच का विषय है। मामले में पहले भी शिकायतकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया था कि गांव के लोगों से चंदा एकत्र कर पुलिस जांच को प्रभावित करने के लिए रकम दी गई। एसीबी ने शिकायत, ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई थी।
अब डीएसपी की भूमिका पर जांच का फोकस
मामले में तत्कालीन डीएसपी की भूमिका पहले से ही जांच के दायरे में बताई गई थी। अब रीडर से पूछताछ के दौरान सामने आए कथित बयान के बाद एसीबी की जांच में डीएसपी की भूमिका अहम बिंदु बन गई है। एसीबी यह जांच करेगी कि कथित रकम किसके कहने पर ली गई, रकम का लेनदेन कैसे हुआ और केस की जांच में इसका कोई प्रभाव पड़ा या नहीं।

सोने की चेन झपटमारी के मामले में आरोपी प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार, बैंक खाता सीज
थाना सैक्टर-6 बहादुरगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर की पूछताछ’
बहादुरगढ, 23 सितम्बर, अभीतक: थाना सैक्टर-6 बहादुरगढ़ पुलिस ने सोने की चेन झपटमारी के मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी अमन कुमार को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मामले से संबंधित कार्रवाई करते हुए उसके बैंक खाते में बचे हुए रुपयों को सीज करवाया है।थाना प्रबंधक उपनिरीक्षक सत्यवीर ने बताया कि 22 अगस्त 2026 को बहादुरगढ़ में एक महिला से सोने की चेन झपटने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि वह अपनी सहेली के साथ घरेलू सामान लेने गई थी। सैट स्टीफन स्कूल के सामने पीछे से आए एक युवक ने उसके गले से सोने की चेन झपट ली और बाइक पर सवार होकर फरार हो गया।शिकायत के आधार पर थाना सैक्टर-6 बहादुरगढ़ में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की जांच के दौरान पुलिस द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर नक्शा मौका तैयार किया गया तथा गवाहों के बयान दर्ज किए गए।जांच के दौरान आरोपी अमन कुमार निवासी मस्तगढ़, जिला शामली, उत्तर प्रदेश, हाल निवासी दिल्ली के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी करवाए गए। न्यायालय से अनुमति प्राप्त करने के बाद आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर मामले में शामिल तफ्तीश किया गया और नियमानुसार गिरफ्तार किया गया।थाना प्रबंधक ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा चेन बेचकर अपने हिस्से में आए रुपये पंजाब नेशनल बैंक के खाते में जमा करवाने की बात सामने आई। पुलिस द्वारा आरोपी के बताए बैंक खाते में बचे हुए रुपये सीज करवाए गए। आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल की भी निशानदेही करवाई गई।पुलिस द्वारा मामले में नियमानुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
लाखों रुपये की साइबर ठगी के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार’
थाना साइबर क्राइम झज्जर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा’
झज्जर, 23 सितम्बर, अभीतक: थाना साइबर क्राइम झज्जर पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जितेन्द्र निवासी सनौरा, बरुआसागर, जिला झांसी, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।थाना प्रबंधक निरीक्षक दर्शन सिंह ने बताया कि आसौदा सिवान निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि दिनांक 5 सितंबर 2026 को उसके व्हाट्सएप पर एक अनजान नंबर से ।च्ज्ञ फाइल प्राप्त हुई थी। फाइल खोलने के बाद उसका मोबाइल बार-बार रीस्टार्ट होने लगा। इसके बाद उसके बैंक खाते से दिनांक 7 सितंबर को 95 हजार रुपये तथा 8 सितंबर को 96 हजार रुपये, कुल 1 लाख 91 हजार रुपये की ऐसी निकासी हुई, जो उसके द्वारा नहीं की गई थी।शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम झज्जर में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच समायक उपनिरीक्षक कुलवीर द्वारा अमल में लाई गई। जांच के दौरान संबंधित बैंक से रिकॉर्ड की जांच की गई। जांच में सामने आया कि ठगी की 96 हजार रुपये की रकम इंडसइंड बैंक के एक खाते में ट्रांसफर हुई थी। बैंक रिकॉर्ड के अनुसार उक्त खाते का धारक जितेन्द्र निवासी उत्तर प्रदेश पाया गया।पुलिस टीम द्वारा आरोपी को जांच में शामिल किया गया। जांच के दौरान आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी योग्य साक्ष्य पाए जाने पर उसे नियमानुसार गिरफ्तार किया गया।थाना प्रबंधक निरीक्षक दर्शन सिंह ने बताया कि मामले में आरोपी के अन्य संभावित साथियों की तलाश के लिए उनके संभावित ठिकानों पर पुलिस टीमों द्वारा दबिश दी जा रही है। मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी तथा शेष जांच कार्रवाई जारी है। गिरफ्तार आरोपी को मेडिकल परीक्षण के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।




सेवा सेतु कैंप का राजकीय महिला महाविद्यालय बहादुरगढ में दूसरा दिन’
नगर परिषद की ओर से राजकीय महिला महाविद्यालय परिसर में लग रहा है दो दिवसीय कैंप’
सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है एक छत के नीचे
बहादुरगढ़, 23 सितम्बर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के तहत आमजन को सकरार की योजनाओं का लाभ उनके नजदीक पहुंचाने के उद्देय से सेवा सेतु कैम्प लगाए जा रहे हैं। बहादुरगढ़ में नगर परिषद के तत्वावधान में लगे दो दिवसीय सेवा सेतु कैम्प में आमजन की सरकारी सेवाओं का लाभ लेने के लिए उल्लेखनीय भागीदारी रही है।मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद मनीष फोगाट ने जानकारी देते हुए बताया कि गुरुवार, 24 सितंबर को भी राजकीय महिला महाविद्यालय परिसर में सेवा सेतु कैम्प लगेगा जिसका लोग लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने बताया कि आगामी 15 अक्टूबर तक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिले के विभिन्न स्थानों पर सेवा सेतु कैंप लगाए जा रहे हैं। सीईओ ने बताया कि 24 सितंबर को दूसरे दिन भी नगर परिषद बहादुरगढ़ की ओर से राजकीय महिला महाविद्यालय परिसर में सेवा सेतु कैम्प लगेगा। उन्होंने बताया कि 25 सितंबर को नगरपालिका बेरी में सेवा सेतु कैंप आयोजित होगा। इसके बाद 26 सितंबर को झज्जर ब्लॉक मुख्यालय व गांव मांडोठी, 28 सितंबर को गांव दुजाना, 29 सितंबर को गांव सिलाना तथा 30 सितंबर को बहादुरगढ़ ब्लॉक मुख्यालय में कैंप लगाया जाएगा। इसी क्रम में 1 अक्टूबर को गांव रोहद, 3 अक्टूबर को गांव दिग्घल, 5 अक्टूबर को गांव दुबलधन, 6 अक्टूबर को बादली ब्लॉक मुख्यालय व मातनहेल ब्लॉक मुख्यालय, 7 अक्टूबर को गांव बुपनिया तथा 8 अक्टूबर को गांव गुभाना में सेवा सेतु कैंप आयोजित होंगे। उन्होंने बताया कि 9 अक्टूबर को गांव खानपुर खुर्द व गांव पाटोदा, 10 अक्टूबर को गांव बिरोहड़, 12 अक्टूबर को माछरौली ब्लॉक मुख्यालय व गांव ढाकला, 13 अक्टूबर को गांव खुड्डन, 14 अक्टूबर को साल्हावास ब्लॉक मुख्यालय तथा 15 अक्टूबर को गांव भुरावास में सेवा सेतु कैंप आयोजित किए जाएंगे। सीईओ मनीष फोगाट ने बताया कि सेवा सेतु कैंप के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न विभागों की सरकारी सेवाएं एवं योजनाओं का लाभ नजदीकी स्थान पर उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, नागरिक अपनी समस्याएं एवं शिकायतें भी इन कैंपों में दर्ज करवाकर उनका समाधान करवा सकेंगे।

विशेष गहन पुनरीक्षण-2026: मतदाता दावे एवं आपत्तियां 30 सितंबर तक करवाएं दर्ज
मतदाता सूची में नाम, पता सहित अन्य विवरण से संबंधित दावे एवं आपत्तियां करवा सकते हैं दर्ज
रेवाड़ी, 23 सितम्बर, अभीतक: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत दावे एवं आपत्तियां दर्ज करने का कार्य 30 सितंबर तक किया जाएगा। डीसी अभिषेक मीणा ने मतदाताओं से अपील की है कि वे 30 सितंबर तक संबंधित मतदान केंद्र पर पहुंचकर मतदाता सूची में नाम, विवरण आदि से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत कर सकते है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि हरियाणा में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत 30 सितंबर 2026 तक दावे एवं आपत्तियां दाखिल की जाएगी। इसके साथ ही दावे एवं आपत्तियों का निपटारा 28 अक्टूबर तक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन अब 6 नवंबर को होगा। डीसी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत 26 व 27 सितंबर (शनिवार व रविवार) विशेष अभियान दिवस निर्धारित किया गया है। इन विशेष अभियान दिवसों पर भी सभी बीएलओ अपने-अपने मतदान केंद्रों पर उपस्थित रहकर मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने के लिए फार्म तथा मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करेंगे। उन्होंने बताया कि इन विशेष अभियान दिवसों पर सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपस्थित रहकर पात्र नागरिकों से दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी बीएलओ को विशेष अभियान दिवस के दौरान 26 व 27 सितंबर को अपने मतदान केंद्रों पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने कहा कि विशेष अभियान दिवसों पर यदि कोई बीएलओ अनुपस्थित पाया जाता है तो उसके विरुद्ध निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 27 व 28 सितंबर को होंगे नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम
नमो सेवा अनकही कहानियां’ के माध्यम से विभिन्न गांवों व शिक्षण संस्थानों में किया जाएगा जागरूक
रेवाड़ी, 23 सितम्बर, अभीतक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और शासन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हरियाणा सरकार द्वारा 17 अक्टूबर तक चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत जिला में विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में सेवा संकल्प अभियान के मॉड्यूल श्नमो सेवा अनकही कहानियांश् के तहत जिला प्रशासन द्वारा कला एवं संस्कृति विभाग हरियाणा के सहयोग से डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन में जिला में 27 व 28 सितंबर को नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन को जनकल्याणकारी योजनाओं, सामाजिक सरोकारों तथा सेवा भावना से जुड़े विषयों के प्रति जागरूक किया जाएगा। जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी बिजेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि कला एवं संस्कृति विभाग हरियाणा द्वारा गठित विभिन्न नुक्कड़ नाटक टीमों की ओर से अभियान के तहत जिले के गांवों, विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों में प्रस्तुतियां दी जाएंगी। मदन डागर एंड टीम, मनोज एंड टीम, शकुंतलम नाट्य संस्थान, ललित वर्मा एंड टीम तथा कपिल एंड टीम द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रस्तुतियां दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि 27 सितंबर को रामपुरा, बुढपुर, गोकलगढ़, भाड़ावास, टांकरी, खंडोड़ा, खोरी, पाली, कुंड, कंवाली, नाहड़, कोसली, पाल्हावास, गुडियानी व जाटूसाना सहित विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम होंगे। वहीं 28 सितंबर को रेवाड़ी, बावल और कोसली क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए जाएंगे। जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि नुक्कड़ नाटक मनोरंजन के साथ-साथ जनजागरूकता का प्रभावी माध्यम हैं। कलाकारों द्वारा संवाद एवं अभिनय के माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देने के साथ ही सामाजिक संदेशों को सरल और रोचक ढंग से आमजन तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से इन कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।



पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है: साहिल गुप्ता
सेवा संकल्प अभियान के तहत भिवानी जिले में पौधारोपण, लगाए 10 हजार पौधे
भिवानी, 23 सितम्बर, अभीतक: सेवा संकल्प अभियान के तहत जिलेभर में पौधारोपण अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान विभिन्न स्थानों पर पौधे लगाए गए। डीसी साहिल गुप्ता की अध्यक्षता में गांव गुजरानी में वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, ग्राम पंचायत तथा ग्रामीणों की भागीदारी से पौधारोपण किया गया और एक पेड़ मां के नाम का संदेश देते हुए करीब 10 हजार पौधे लगाए गए। डीसी साहिल गुप्ता ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में किए गए पौधारोपण का उद्देश्य हरियाली को बढ़ावा देना तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति आमजन को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे पर्यावरण को स्वच्छ एवं संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आमजन से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। डीसी ने कहा कि एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत लगाए गए पौधों को संरक्षित करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने लोगों से भावी पीढियों के सुरक्षित एवं स्वच्छ भविष्य के लिए पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। इस दौरान डीसी श्री गुप्ता के साथ उप वन संरक्षक विपिन कुमार सिंह, स्टेट ऑफिसर हरियाणा वक्फ बोर्ड रामसेर सिंह, वन राजिक दीपक तथा वन मंडल के कर्मचारियों और ग्रामीणों ने पौधारोपण किया। इस दौरान ग्राम सरपंच विजय शर्मा सहित मोहम्मद रमजान, हबीब, जय कुमार, सोनू, सलीम, अजीम व अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। वही दूसरी ओर तोशाम के आलमपुर गांव में पशु औषधालय परिसर में एसडीएम संदीप कुमार, वन राजिक बजरंग तथा भाजपा व वन विभाग के कर्मचारियों एवं ग्रामीणों ने बढ़-चढकर भाग लेते हुए पौधारोपण किया। इसके अलावा सिवानी में शेरपुरा डिस्ट्रीब्यूटरी पर भी सेवा संकल्प अभियान के तहत पौधे लगाए गए। यहां हितेश वन राजिक, वन विभाग के कर्मचारियों तथा ग्रामीणों ने पौधारोपण अभियान में भाग लिया। वहीं तहसील लोहारू में रिजर्व फॉरेस्ट के पास वन राजिक ओमप्रकाश, वन राजिक कमलेश भौडूका, जिला सचिव भाजपा आरती शर्मा सहित वन विभाग के कर्मचारियों एवं ग्रामीणों ने पौधे लगाए।
फरवरी में दूसरे चरण में शुरु होगी जनगणना-2027
भिवानी में जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर वीसी आयोजित, फरवरी से शुरू होगी जनगणना
भिवानी, 23 सितम्बर, अभीतक: जनगणना-2027 के दूसरे चरण को लेकर चंडीगढ़ मुख्यालय से जनगणना कार्य निदेशक आईएएस ललित कुमार जैन ने प्रदेशभर के चार्ज अधिकारियों के साथ वीसी के माध्यम से बैठक की। उन्होंने निर्देश देते हुए बताया कि जनगणना का दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा। पहले चरण में मकानों की गणना हो चुकी है। श्री जैन ने कहा कि जनगणना कार्य को सफल बनाने के लिए शिक्षा विभाग से अध्यापकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। उन्होंने इसके साथ ही आमजन को जागरूक करने के लिए रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित सार्वजनिक स्थलों पर होर्डिंग लगाकर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए ताकि लोग जनगणना में बढ़-चढकर भाग लें। दौरान इस अवसर पर सहायक जिला सांख्यिकी अधिकारी रणबीर सिंह ने बतयाा कि जिला में जनगणना के लिए नोडल अधिकारी नगराधीश अनिल कुमार हैं। उन्होंने बताया कि जनगणना कार्य के दूसरे चरण की तैयारी की जा रही है। सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है। वीसी के दौरान डिप्टी डीईओ राजबाला, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी विनय जिंदल सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
आयुष्मान योजना के तहत जिला से एक लाख 62 हजार 652 लोगों ने लिया निःशुल्क उपचार
सरकार ने उपचार पर किए 173 करोड़ 73 लाख 61 हजार रुपए वहन
आयुष्मान योजना ने अंत्योदय परिवारों को किया इलाज पर होने वाले खर्च से चिंतामुक्त
भिवानी, 23 सितम्बर, अभीतक: आयुष्मान योजना ने अंत्योदय परिवारों को ईलाज पर होने वाले खर्च से चिंता मुक्त किया है। जिला भिवानी से अब तक एक लाख 62 हजार 652 लोग निरूशुल्क उपचार ले चुके हैं। सरकार ने इन अंत्योदय परिवारों के उपचार पर 173 करोड़ 73 लाख 61 हजार रुपए वहन किए हैं। निःशुल्क उपचार पाने जरूरतमंद एवं बेसहारा परिवारों ने राहत महसूस कर रहे हैं। अंत्योदय परिवारों के लिए सरकार ने वर्ष 2018 में आयुष्मान योजना शुरु की थी, जिसके लिए एक लाख 80 हजार रुपए से कम वार्षिक आय वाले परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाते हैं। यदि किसी परिवार की आय तीन लाख रुपए के बीच है तो वे 1500 रुपए शुल्क के साथ कार्ड बनवा सकते हैं। आयुष्मान योजना के तहत साल में पांच लाख रुपए तक का उपचार निरूशुल्क ले सकते हैं। जिला भिवानी की बात की जाए तो यहां अब तक एक लाख 62 हजार 652 लोग निरूशुल्क उपचार ले चुके हैं। सरकार ने इन अंत्योदय परिवारों के उपचार पर 173 करोड़ 73 लाख 61 हजार रुपए वहन किए हैं। गांव रतेरा निवासी बबीता ने बताया कि उनके पति राजकुमार को हार्ट की बीमारी थी। इस बीमारी के उपचार को लेकर चिंचित थी, लेकिन आयुष्मान योजना होने से उनको बड़ी राहत मिली। उन्होंने चंडीगढ़ में अपने पति का उपचार करवाया। उपचार पर उनका कोई पैसा खर्च नहीं हुआ। सारा खर्च सरकार ने किया है। इसी प्रकार से जमालपुर निवासी सीताराम नाथ ने बताया कि उनको पत्थरी की समस्या थी। आयुष्मान कार्ड होने के चलते उनको पैसे की जरा सी भी चिंता नहीं थी। उन्होंने एक निजी अस्पताल में उपचार करवाया और अब वे बिल्कुल स्वस्थ हैं। इसी तरह गांव ढांगर निवासी बिमला ने बताया कि उनको आंख में दिक्कत हो गई थी। उन्होंने अपनी आंख का ऑप्रदेश करवाना पड़ा। आयुष्मान कार्ड होने के कारण उनका कोई पैसा नहीं लगा। आयुष्मान योजना उनके लिए एक तरह से वरदान बनी है। उनको बीमारी पर होने वाले खर्च की बिल्कुल भी चिंता नही है। इस बारे में सिविल सर्जन डॉ. रघुबीर शांडिल्य ने बताया कि आयुष्मान योजना सरकार का फलेक्सी कार्यक्रम है, जिसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का एक साल में पांच लाख रुपए तक निरूशुल्क उपचार किया जाता है। सरकार का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद अंत्योदय परिवारों को ईलाज खर्च में राहत प्रदान करना है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस योजना के बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जरूरतमंद लोग इस योजना का लाभ उठाएं।
हरियाणा भवन के केंटीन से उड़े 25 लाख
मुख्यमंत्री, गवर्नर, ठहराव कक्ष के सामने से उड़ गए रूपये से भरा बैग।
स्वामीनारायण मंदिर का कैसियर हुआ ठगी का शिकार।
सस्ते दाम में डॉलर खरीदने के लालच में पड़ा कैसियर।
कैसियर से दोस्ती कर ठग ने ठगी की वारदात को दिया अंजाम।
शिकायत के आधार पर पुलिस कर रही है मामले की जांच।
हरियाणा भवन की सुरक्षा पर उड़े सवाल।
बाजरा को तुरंत एमएसपी रेट पर खरीदे जाने सहित अन्य जनहितकारी मांगों को लेकर लोक सेवा मंच ने उठाई जोरदार आवाज
लोक सेवा मंच ने समीक्षा बैठक में किसानों की समस्याओं का समाधान होने तक आवाज बुलंद करने का निर्णय लिया
रेवाड़ी, 23 सितम्बर, अभीतक: बाजरा को सरकार द्वारा घोषित एमएसपी रेट पर खरीदे जाने सहित अन्य जनहितकारी मांगों को लेकर राष्ट्रीय सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच ने जोरदार आवाज बुलंद की है । मंच की समीक्षा बैठक में किसानों की समस्याओं का समाधान होने तक मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान के तहत जनहित में आवाज बुलंद करने का निर्णय लिया गया। गौरतलब है कि स्थानीय अनाज मंडी में बाजरा के लगभग 2200 कट्टे प्रतिदिन की आवक शुरू हो चुकी है। इस सिलसिले में जनहित में जारी मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान के तहत मंच के पदाधिकारियों ने अनेक किसानों से मुलाकातें कीं और उनका कुशलक्षेम पूछा तथा ज्वलंत समस्याओं को लेकर चर्चा की। किसानों ने बताया कि उनकी खरीफ फसल बाजरा को 2000 से 2150 रुपए के आसपास बोली लगाकर खरीदा जा रहा है जबकि सरकार द्वारा घोषित बाजरा का एमएसपी रेट ₹2900 प्रति क्विंटल है। किसानों ने अनुरोध किया कि सरकार की ओर से उन्हें अपना उत्पादन बढ़ाने और उसे सही दामों पर बेचने के अधिकारों को पूरा संरक्षण दिया जाना चाहिए। समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय प्रगतिशील विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच ने कहा कि बाजरा की प्रदेश सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2900 रुपए प्रति क्विंटल से कम रेट पर खरीद न्याय हित में हरगिज नहीं की जानी चाहिए । उन्होंने कहा कथित तौर पर एमएसपी से नीचे की जा रही बाजरा की खरीद नियमों के विरुद्ध किसानों के साथ सरासर अन्याय,आर्थिक शोषण एवं धोखाधड़ी की तरह है। किसानों ने कहा है कि बाजरा घोषित एमएसपी रेट ₹2900 प्रति क्विंटल से नीचे नहीं खरीदा जाना चाहिए । अनेक किसानों ने बताया कि मंडी में जनसुविधाओं का भारी कमी है। लोक सेवा मंच ने मंडी में आनेवाले किसानों को खान-पान, शौचालय, पेयजल जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। मंच की कोर कमेटी ने सुझाव दिया है कि नियमों की निगरानी के लिए प्रदेशभर की अनाज मंडियों में सरकार द्वारा सिविल सोसायटी के ईमानदार लोगों,कृषि एवं मार्केटिंग बोर्ड के उच्च अधिकारियों तथा विजिलेंस की टीमों की तुरन्त तैनाती की जानी चाहिए । मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा है। समीक्षा बैठक में सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच सहित कोर कमेटी के सदस्यों महेश कौशिक,बीके राम सिंह,राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल,दयाराम आर्य,नंदलाल यादव, राजीव कुमार ने अपने विचार रखें तथा सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया कि समाधान होने तक मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान के तहत किसानों के हितों की जोरदार आवाज बुलंद करने की जाएगी।
TRAIका नया नियम, अब बिना डाटा के सिर्फ कॉल और SMS वाले सस्ते रीचार्ज पैक मिलेंगे!’
नई दिल्ली, 23 सितम्बर, अभीतक: भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने देश के करोड़ों मोबाइल उपभोक्ताओं, खासकर कम आय वाले लोगों को राहत देते हुए टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (तेरहवां संशोधन) रेगुलेशन, 2026 जारी कर दिया है। इस नए कदम का सीधा मकसद उपभोक्ताओं को बिना जबरन डाटा खरीदे केवल टवपबम (कॉलिंग) और SMS के सस्ते विकल्प देना है। TRAI ने पाया था कि टेलीकॉम कंपनियां केवल कॉलिंग और SMS वाले स्पेशल टैरिफ वाउचर बहुत कम या केवल लंबी वैलिडिटी (जैसे सालभर या कई महीनों) के लिए दे रही थीं। इससे कम बजट वाले उपभोक्ताओं को मजबूरी में डाटा वाले महंगे पैक लेने पड़ते थे। कम वैलिडिटी के सस्ते पैक अनिवार्य
अब टेलीकॉम कंपनियों को 30 दिन या उससे कम वैलिडिटी वाले ऐसे स्पेशल वाउचर लाने होंगे जो सिर्फ कॉलिंग और SMS सुविधा देंगे।
मंथली रीचार्ज की तारीख तय : हर महीने की एक ही तारीख को रीन्यू होने वाले कॉलिंग और ैडै पैक भी उपलब्ध कराने होंगे।
कम बजट वालों के लिए आजादी : कम आय वाले उपभोक्ता अब अपनी आर्थिक क्षमता और जरूरत के हिसाब से रीचार्ज चुन सकेंगे।
बिना डाटा वालों को राहत
जो उपभोक्ता इंटरनेटध्डाटा इस्तेमाल नहीं करते, उन्हें अब डाटा का फालतू खर्च नहीं उठाना पड़ेगा।
TRAI ने यह नया नियम व्यापक सुझावों (1132 प्रतिक्रियाओं) और ओपन हाउस डिस्कशन के बाद तैयार किया है। यह संशोधन ज्त्।प् की आधिकारिक वेबसाइट (www.trai.gov.in) पर उपलब्ध करा दिया गया है। अब देखना यह होगा कि जिओ, एयरटेल और वीआई जैसी कंपनियां इन नियमों के तहत कितने सस्ते और किफायती कॉलिंग रीचार्ज प्लान मार्केट में उतारती हैं!
प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत की आठवीं वर्षगांठ पर इसकी सफलता पर प्रकाश डाला
नई दिल्ली, 23 सितम्बर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज आयुष्मान भारत की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला, क्योंकि इस पहल को शुरू हुए आठ साल पूरे हो गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह योजना आठ वर्ष पहले इस विचार के साथ शुरू की गई थी कि प्रत्येक भारतीय को उच्च गुणवत्ता वाली और किफायती स्वास्थ्य सेवा मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि आज 6 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को 5 लाख रुपये वार्षिक स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल रहा है, जिससे यह विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना बन गई है। श्री मोदी ने कहा कि इस पहल से चिकित्सा खर्चों में रिकॉर्ड बचत हुई है, जिससे निर्धन और मध्यम वर्ग को लाभ मिला है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि स्वास्थ्य सेवा हर घर तक पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में अब तक 500 करोड़ से अधिक लोग आ चुके हैं, जिससे जमीनी स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा सुदृढ़ हो रही है। उन्होंने आयुष्मान भारत के सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएं भी दीं।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में साझा किया
आठ वर्ष पहले, आयुष्मान भारत योजना इस विचार के साथ शुरू की गई थी कि प्रत्येक भारतीय की उच्च गुणवत्ता वाली और किफायती स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच होनी चाहिए। आज 60 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को 5 लाख रुपये के वार्षिक स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल रहा है, जिससे यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना बन गई है। इससे चिकित्सा खर्चों में रिकॉर्ड बचत संभव हुई है, जिससे निर्धन और मध्यम वर्ग को लाभ हुआ है। स्वास्थ्य सेवाएं आज हर घर तक पहुंच रही हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में अब तक 500 करोड़ से अधिक लोग आ चुके हैं, जिससे जमीनी स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा को मजबूती मिल रही है। आयुष्मान भारत के सभी लाभार्थियों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।

आरएआरआई पटना ने 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर पारंपरिक भोजन और श्री अन्न (मिलेट्स) पर मिनी एक्सपो का आयोजन किया
नई दिल्ली, 23 सितम्बर, अभीतक: 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आज पटना के अगमकुआं स्थित क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (आरएआरआई) में प्रदर्शनी-सह-मिनी एक्सपो और पारंपरिक खाद्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष आयुर्वेद दिवस “स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद” विषय के तहत मनाया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य आयुर्वेद, पारंपरिक एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों, मोटे अनाज (श्री अन्न) और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी आदतों के बारे में जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम का उद्घाटन आईसीएमआर-आरएमएनआईएचआर के निदेशक डॉ. कृष्णा पांडे ने किया। आरएआरआई के प्रभारी डॉ. बनमाली दास ने आयुर्वेद में वर्णित पारंपरिक और पौष्टिक खाद्य पदार्थों के महत्व पर प्रकाश डाला और संतुलित आहार में स्थानीय, मौसमी और विविधतापूर्ण खाद्यान्नों की भूमिका पर जोर दिया। मिनी एक्सपो में स्थानीय खाद्य सामग्री, श्री अन्न (मिलेट्स) और स्वास्थ्यवर्धक घटकों से तैयार पारंपरिक व पौष्टिक व्यंजनों का प्रदर्शन किया गया। आगंतुकों को उनके पोषण संबंधी महत्व, स्वास्थ्य लाभों और दैनिक आहार में उनके उचित उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान मरीजों, उनके परिजनों और आम लोगों के लिए स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय परीक्षण भी किए गए। आवश्यकता के अनुसार आयुर्वेदिक दवाएं वितरित की गईं। इसके अलावा आयुर्वेद, पोषण, रोगों से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित पुस्तकों तथा सूचना, शिक्षा एवं संचार सामग्री का भी वितरण किया गया। प्रतिभागियों को संतुलित पोषण, नियमित दिनचर्या, उचित खान-पान, योग और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। आयुर्वेद के सिद्धांतों के अनुरूप मौसम और व्यक्ति की प्रकृति के अनुसार आहार तथा जीवनशैली अपनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। आयुर्वेद दिवस के नोडल अधिकारी डॉ. बालाजी पोतभारे, अनुसंधान अधिकारी (आयुर्वेद) डॉ. अशोक कुमार सिन्हा, अनुसंधान अधिकारी (आयुर्वेद) डॉ. रितिका मिश्रा, अनुसंधान अधिकारी (आयुर्वेद) डॉ. कुमारी अर्चना तथा संस्थान के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्यक्रम के आयोजन में योगदान दिया। कार्यक्रम में मरीजों, उनके परिजनों और आम लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इससे पौष्टिक एवं संतुलित भोजन, पारंपरिक आहार पद्धतियों और आयुर्वेद आधारित स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता को बढ़ावा मिला।
राष्ट्रीय पोषण माह 2026 : एमडीएनआईवाई में आहार विविधता और पर्याप्त
प्रोटीन पर व्याख्यान का आयोजन किया गया
नई दिल्ली, 23 सितम्बर, अभीतक: आयुष मंत्रालय के अंतर्गत मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई) ने नौवें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें आहार विविधता, खान-पान की स्वस्थ आदतों और पर्याप्त प्रोटीन सेवन के महत्व पर प्रकाश डाला गया। भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आहार संबंधी जानकारीपूर्ण विकल्पों और पर्याप्त पोषण पर जोर देना था। कार्यक्रम के दौरान एमडीएनआईवाई की निदेशक (अतिरिक्त प्रभार) और कार्यक्रम की मुख्य संरक्षक डॉ. ज्योति केसवानी के नेतृत्व में पोषण की शपथ दिलाई गई। डॉ. केसवानी ने पौष्टिक आहार और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने के महत्व पर प्रकाश डाला। आईसीएमआर-राष्ट्रीय कैंसर निवारण एवं अनुसंधान संस्थान (आईसीएमआर-एनआईसीपीआर) की वैज्ञानिक श्डीश् डॉ. स्वाति जैन ने ‘आहार विविधता और पर्याप्त प्रोटीन’ विषय पर एक ज्ञानवर्द्धक व्याख्यान दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संतुलित और विविध आहार के एक भाग के रूप में पर्याप्त प्रोटीन की आवश्यकता पर विचार किया जाना चाहिए। डॉ. जैन ने ऊतकों की मरम्मत, रोग प्रतिरोधक क्षमता, मांसपेशियों के रखरखाव और एंजाइमों एवं हार्मोनों के उत्पादन में प्रोटीन की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारतीय पोषण आवश्यकताओं के लिए आईसीएमआर-एनआईएन दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए बताया कि स्वस्थ वयस्कों के लिए सुरक्षित प्रोटीन सेवन की मात्रा उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीनयुक्त आहार के लिए प्रति किलोग्राम शरीर के वजन के हिसाब से 0.83 ग्राम प्रतिदिन है, जबकि कम गुणवत्ता वाले अनाज आधारित आहार के लिए यह मात्रा प्रति किलोग्राम शरीर के वजन के हिसाब से 1.0 ग्राम प्रतिदिन है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रोटीन की आवश्यकता उम्र, शरीर के आकार, मनोवैज्ञानिक स्थिति, शारीरिक गतिविधियों और स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार बदलती रहती है। डॉ. जैन ने आहार में विविधता पर जोर देते हुए अनाज के साथ-साथ दालें, दूध, सोया, मेवे और बीज शामिल करने को प्रोत्साहित किया। उन्होंने दाल-चावल, रोटी-चना, इडली-सांभर, डोसा-सांभर और खिचड़ी जैसे पारंपरिक खाद्य संयोजनों को पूरक प्रोटीन स्रोतों के व्यावहारिक उदाहरण के रूप में उद्धृत किया। उन्होंने सत्तू, दाल, भुना हुआ चना, मूंगफली और सोया जैसे किफायती प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थों पर भी प्रकाश डाला। डॉ. जैन ने बताया कि प्रोटीन का सेवन एक ही भोजन में केंद्रित करने की बजाय पूरे भोजन में विभाजित करके करना चाहिए। उन्होंने योग का अभ्यास करने वाले व्यक्तियों के लिए इस बात पर जोर दिया कि व्यायाम के बाद के श्प्रोटीन विंडो’ पर विशेष ध्यान देने की बजाय समग्र दैनिक प्रोटीन सेवन और संतुलित आहार अधिक महत्वपूर्ण हैं। इस कार्यक्रम का समन्वय एमडीएनआईवाई में सहायक प्रोफेसर (बायोकेमिस्ट्री) डॉ. खुशबू जैन द्वारा किया गया और इसका संचालन सहायक प्रोफेसर (योग शिक्षा) डॉ. पवन कुमार द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में एमडीएनआईवाई के संचार एवं प्रलेखन अधिकारी और उप निदेशक (प्रभारी) मोहम्मद तैयब आलम, कार्यक्रम अधिकारी (योग चिकित्सा) डॉ. आईएन आचार्य, संकाय सदस्य, छात्र, अधिकारी और संस्थान के कर्मचारी उपस्थित थे। माह भर चलने वाले इस आयोजन के अंतर्गत एमडीएनआईवाई पोषण प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता, स्कूली बच्चों के लिए पोषण जागरूकता कार्यक्रम और मातृ पोषण तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) पर सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम सहित कई जागरूकता, शैक्षिक और जनसंपर्क गतिविधियों का आयोजन करेगा। यह आयोजन 8 अक्टूबर 2026 को एक समापन कार्यक्रम के साथ समाप्त होगा, जिसमें पोस्टर प्रदर्शनी, प्रतिभागियों का सम्मान और आयुर्वेदिक पोषण तथा स्वस्थ आहार संबंधी प्रणालियों पर जागरूकता सत्र शामिल होंगे।
एसआईआर सहित सभी निर्णय आयोग के सर्वसम्मत निर्णयों के परिणाम हैं : भारत निर्वाचन आयोग
नई दिल्ली, 23 सितम्बर, अभीतक: भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) एक संवैधानिक निकाय है जो संविधान के अनुच्छेद 324, वैधानिक नियमों और स्थापित संस्थागत परंपराओं के सख्त जनादेश के तहत कार्य करता है। आयोग एक बहु-सदस्यीय संवैधानिक निकाय के रूप में कार्य करता है। लिखित टिप्पणियां, अवलोकन, तकनीकी सुझाव और आंतरिक जांच-पड़ताल मानक उसकी निरंतर प्रक्रियाएं हैं जो पूर्ण पारदर्शिता, कानूनी अनुपालन और परिचालन कठोरता सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई हैं। ईसीआई की सभी कार्रवाइयां आयोग के कानूनों और निर्देशों के अनुसार हैं। आयोग द्वारा जारी किए गए सभी आधिकारिक आदेश, निर्णय और प्रशासनिक निर्देश पूर्ण कानूनी मान्यता प्राप्त हैं और मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 के तहत स्थापित वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हैं। मसौदा तैयार करने के चरण में आयोग के सदस्यों द्वारा उठाए गए किसी भी परिचालन संबंधी प्रश्न या सुझाव, मतदाता अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से मानक प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आयुक्तों द्वारा दिए गए सुझाव चुनावी प्रक्रियाओं को और बेहतर बनाने के लिए होते हैं। किसी भी संस्था में विचार-विमर्श के दौरान मतभेद और टिप्पणियां होना सामान्य बात है। अंतिम निर्णय लेने से पहले ये निर्णय प्रक्रिया का एक अभिन्न अंग हैं। न केवल तीनों आयुक्त बल्कि आयोग का प्रत्येक अधिकारी चुनावी प्रणाली में सुधार के लिए आयोग को अपने सुझाव देने के लिए पूर्ण रूप से अधिकृत हैं। दस महीनों की अवधि में फैले कुछ विशिष्ट आंतरिक नोटों, अवलोकनों पर प्रकाश डालना और स्वीकृतियों, निर्णयों, निर्देशों और पहलों के व्यापक समूह को अनदेखा करना, तस्वीर का केवल एक हिस्सा प्रस्तुत करता है। आयोग ने हाल के महीनों में कई निर्णय लिए हैं, निर्देश जारी किए हैं, लगभग 40 नई पहलें शुरू की हैं और देशभर में मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर सहित) के संचालन सहित कई चुनावी सुधार किए हैं। ये सभी निर्णय पिछले एक वर्ष में आयोग के सर्वसम्मत निर्णयों के परिणाम हैं। आयोग ने हाल ही में बिहार, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, असम और पश्चिम बंगाल के प्रमुख चुनावों का सफलतापूर्वक संचालन किया है और इस अवधि के दौरान चुनाव संबंधी अन्य कार्य भी संपन्न किए हैं। इस कार्य में व्यापक प्रशासनिक और परिचालन तंत्र का उपयोग और आयोग की अनेक स्वीकृतियां एवं निर्देश शामिल थे। आयोग के डिजिटल प्लेटफॉर्म, जैसे कि ईसीआईएनईटी, अनधिकृत छेड़छाड़, हेरफेर आदि को रोकने के लिए सख्त डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत काम करते हैं। आईटी सुरक्षा जांच और ऑडिट नियंत्रण राष्ट्रीय डेटाबेस में लागू किए गए मानक साइबर सुरक्षा उपाय हैं। वैधानिक प्राधिकरण, जिनमें निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) और जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) शामिल हैं, कानून के तहत पंजीकरण और विलोपन के लिए वैधानिक शक्तियों के अनुसार कार्य करते हैं। भारत निर्वाचन आयोग अपने संवैधानिक कर्तव्यों का पूर्ण निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और हमारे लोकतंत्र को आगे बढ़ाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करता है।
उत्तर प्रदेश में ‘भारत टैक्सी’ सेवा का शुभारंभय लखनऊ के साथ गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में भी सेवा की शुरुआत
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ पोर्टल , उर्वरक सेतु मोबाइल ऐप और उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव डेटाबेस सेंटर के न्च्ब्क्ब् मोबाइल ऐप का भी शुभारंभ
एयरपोर्ट अथॉरिटी, लखनऊ मेट्रो रेल और लखनऊ पुलिस ने भारत टैक्सी के साथ किए समझौता ज्ञापन
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र का निरंतर विस्ताररू श्री मुरलीधर मोहोल
क्तपअमत पे जीम व्ूदमत के सिद्धांत पर आधारित भारत टैक्सी सहकारिता के माध्यम से सारथियों को बनाएगी अपनी सेवा का वास्तविक भागीदार: केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री श्री मुरलीधर मोहोल
भारत टैक्सी से छह माह में 10 लाख से अधिक सारथी जुड़े, प्रतिदिन लगभग 20 हजार राइड्स और सारथियों के खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहुंची: श्री मोहोल
सहकारिता मंत्रालय ने पिछले पांच वर्षों में 160 से अधिक नई पहलें शुरू की हैं: श्री मोहोल
देश में लगभग 80 हजार पैक्स के कम्प्यूटरीकरण पर करीब 3,000 करोड़ रुपये की लागत से कार्य जारी
उत्तर प्रदेश में लगभग 54 लाख नए सहकारी सदस्य जुड़ेय पैक्स सदस्यता अभियान को देश के लिए अनुकरणीय मॉडल बताया
नई दिल्ली, 23 सितम्बर, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में देश के सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और बहुआयामी बनाने की दिशा में पिछले कुछ वर्षों में अनेक महत्वपूर्ण पहलें की गई हैं। सहकारिता को उसके पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़ाते हुए कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक उत्पाद, बीज, निर्यात, भंडारण, स्वास्थ्य सेवाओं और अब मोबिलिटी जैसे नए क्षेत्रों से जोड़ा जा रहा है। इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री श्री मुरलीधर मोहोल ने आज लखनऊ में आयोजित ‘भारत टैक्सी’ के औपचारिक शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित किया। लखनऊ के साथ ही गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में भी आज भारत टैक्सी सेवा का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक, कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही, सहकारिता मंत्री श्री जे.पी.एस. राठौर, परिवहन मंत्री श्री दयाशंकर सिंह, उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के सभापति श्री विवेक सिंह तोमर, सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव श्री पंकज बंसल, मुख्यमंत्री के सलाहकार, उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में भारत टैक्सी के सारथी उपस्थित थे। कार्यक्रम से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के 50 हजार से अधिक लोग ऑनलाइन माध्यम से भी जुड़े। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ पोर्टल का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के सहकारिता विभाग द्वारा विकसित ‘उर्वरक सेतु’ मोबाइल ऐप और उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव डेटाबेस सेंटर के न्च्ब्क्ब् मोबाइल ऐप का भी शुभारंभ किया गया। भारत टैक्सी के संस्थागत विस्तार को और मजबूत करते हुए इस अवसर पर एयरपोर्ट अथॉरिटी, लखनऊ मेट्रो रेल तथा लखनऊ पुलिस ने भारत टैक्सी के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया। जुलाई 2021 में स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय की स्थापना का उल्लेख करते हुए श्री मोहोल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के इस ऐतिहासिक निर्णय ने देश के सहकारिता आंदोलन को नई दिशा और नई गति प्रदान की। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में पिछले पांच वर्षों के दौरान सहकारिता मंत्रालय ने 160 से अधिक नई पहलें शुरू की हैं, जिनका उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को अधिक मजबूत, पारदर्शी, आधुनिक और आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है। सहकारिता आंदोलन की व्यापकता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज देश में लगभग 8.5 लाख सहकारी समितियां कार्यरत हैं और करीब 32 करोड़ सदस्य इससे जुड़े हुए हैं। सहकारिता क्षेत्र आज लगभग 30 विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। जमीनी स्तर की सहकारी संस्थाओं के तकनीकी रूपांतरण पर प्रकाश डालते हुए श्री मोहोल ने कहा कि देशभर में लगभग 3,000 करोड़ रुपये की लागत से करीब 80 हजार प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (च्।ब्ै) के कम्प्यूटरीकरण का कार्य जारी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पैक्स की भूमिका अब केवल कृषि ऋण, कृषि इनपुट, चीनी और दुग्ध व्यवसाय तक सीमित नहीं रह गई है। आज पैक्स को अन्न भंडारण, बीमा, जैविक उत्पाद, स्वदेशी बीज, कॉमन सर्विस सेंटर, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र, जन औषधि केंद्र तथा पेट्रोल-डीजल वितरण जैसे अनेक नए क्षेत्रों से जोड़ा जा रहा है। पैक्स के मॉडल उपविधियों में किए गए बदलाव ने इनके कार्यक्षेत्र को और व्यापक बनाया है, जिसके परिणामस्वरूप पैक्स अब 25 से अधिक प्रकार की आर्थिक गतिविधियां कर सकते हैं और गांव स्तर पर रोजगार, सेवाओं तथा आय के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प के अनुरूप ‘बीज से बाजार तक’ पूरी मूल्य श्रृंखला को सहकारिता के दायरे में लाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री ने नई राष्ट्रीय बहु-राज्यीय सहकारी समितियों की स्थापना को महत्वपूर्ण कदम बताया। इनमें गुणवत्तापूर्ण बीज के लिए भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (ठठैैस्), जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (छब्व्स्) और सहकारी उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (छब्म्स्) शामिल हैं। इन तीनों संस्थाओं से देश की लगभग 70 हजार सहकारी समितियां जुड़ चुकी हैं, जिससे किसानों और सहकारी संस्थाओं को सीधा लाभ मिल रहा है। दुग्ध क्षेत्र में चल रही पहलों का उल्लेख करते हुए श्री मोहोल ने कहा कि श्वेत क्रांति 2.0 के माध्यम से देश की वर्तमान दूध उत्पादन क्षमता को लगभग 40 प्रतिशत बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही सहकारी संस्थाओं को प्रशिक्षित और सक्षम मानव संसाधन उपलब्ध कराने पर भी समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है। देश के पहले सहकारिता विश्वविद्यालय की स्थापना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मजबूत, पारदर्शी और भविष्य के अनुरूप सहकारिता आंदोलन के लिए प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय आने वाले वर्षों में लगभग 17 लाख प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सहकारिता क्षेत्र को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (छब्क्ब्) की भूमिका का उदाहरण देते हुए श्री मोहोल ने कहा कि वर्ष 1963 में इसकी स्थापना से लेकर 2014 तक लगभग पांच दशकों में छब्क्ब् के माध्यम से सहकारिता क्षेत्र को लगभग 45 हजार करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई थी, जबकि पिछले लगभग 12 वर्षों में यह सहायता बढ़कर करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये हो गई है। उन्होंने इसे सहकारिता क्षेत्र को आर्थिक रूप से मजबूत करने के प्रति केंद्र सरकार की बढ़ती प्रतिबद्धता का स्पष्ट उदाहरण बताया। मोबिलिटी क्षेत्र में सहकारिता के विस्तार का उल्लेख करते हुए श्री मोहोल ने भारत टैक्सी को एक महत्वपूर्ण और नई सहकारी पहल बताया, जिसका मूलमंत्र हैकृ“क्तपअमत पे जीम व्ूदमत”। इस मॉडल के महत्व को समझाते हुए उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी में ड्राइवर केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि सहकारी व्यवस्था का भागीदार और मालिक भी है। पारंपरिक एग्रीगेटर मॉडल में जहां ड्राइवरों को अपनी कमाई का एक हिस्सा कमीशन के रूप में देना पड़ता है, वहीं भारत टैक्सी का उद्देश्य कमाई का अधिकतम लाभ सीधे सारथियों तक पहुंचाना है। सेवा से प्राप्त राशि सीधे सारथियों के खातों में पहुंचती है और सहकारी मॉडल उन्हें स्वामित्व के साथ-साथ निर्णय प्रक्रिया में भी भागीदारी प्रदान करता है। फरवरी 2026 में शुरू हुई इस पहल की तेज प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि केवल छह महीनों में 10 लाख से अधिक सारथी भारत टैक्सी से जुड़ चुके हैं और इसके माध्यम से प्रतिदिन लगभग 20 हजार राइड्स हो रही हैं। लगभग 40 लाख यात्री भी इस सेवा से जुड़ चुके हैं और पिछले छह महीनों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सारथियों के खातों में पहुंची है। भारत टैक्सी वर्तमान में दिल्ली, गुजरात, मुंबई, जयपुर और चंडीगढ़ सहित देश के विभिन्न हिस्सों में संचालित हो रही है और आज लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज के जुड़ने से उत्तर प्रदेश में इसका विस्तार और मजबूत हुआ है। इन पांच शहरों में अब तक लगभग 40 हजार सारथी भाई-बहनों का पंजीकरण हो चुका है और वे शीघ्र ही यात्रियों को अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा की सराहना करते हुए श्री मोहोल ने राज्य में कानून-व्यवस्था, आधारभूत संरचना, जनकल्याण और सहकारिता सहित अनेक क्षेत्रों में हो रही तेज प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सहकारिता का एक मजबूत सामाजिक और आर्थिक आधार रहा है। गांव की चैपाल से लेकर खेत-खलिहान तक मिलकर आगे बढ़ने की परंपरा यहां के सामाजिक जीवन का हिस्सा रही है और सहकारिता इसी भावना का आधुनिक संस्थागत स्वरूप है। उत्तर प्रदेश के सहकारिता मंत्री श्री जे.पी.एस. राठौर के नेतृत्व में राज्य में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने बताया कि आज उत्तर प्रदेश में लगभग 42 हजार सहकारी समितियां कार्यरत हैं। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2025 को ‘सहकारिता महाकुंभ’ के रूप में मनाए जाने और सहकारिता को गांव-गांव तक विस्तार देने के लिए चलाए गए व्यापक अभियान की भी सराहना की। एम-पैक्स सदस्यता अभियान की सफलता का विशेष उल्लेख करते हुए श्री मोहोल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस अभियान के तहत 54 लाख से अधिक नए सदस्य बनाए गए, जिनमें लगभग 17.5 लाख किसान शामिल हैं। इसे देश के सहकारिता क्षेत्र के लिए एक उल्लेखनीय उदाहरण बताते हुए उन्होंने स्मरण कराया कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने भी उत्तर प्रदेश के सदस्यता अभियान की सराहना की है और इसे अन्य राज्यों में अपनाए जाने योग्य मॉडल के रूप में देखा गया है। इस सदस्यता अभियान से सहकारी क्षेत्र को लगभग 75 करोड़ रुपये का योगदान भी प्राप्त हुआ है। पैक्स कम्प्यूटरीकरण के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की प्रगति को रेखांकित करते हुए केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री ने कहा कि राज्य में लगभग 6,300 पैक्स का तीन चरणों में कम्प्यूटरीकरण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त लगभग 750 कृषि एवं ग्रामीण सहकारी बैंक इकाइयों के कम्प्यूटरीकरण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। सहकारी नेटवर्क के विस्तार ने भी तेजी पकड़ी है। अप्रैल 2026 से अब तक 1,200 से अधिक नई एम-पैक्स, डेयरी, मत्स्य एवं अन्य सहकारी समितियों का गठन किया गया है, जिनसे लगभग एक लाख नए सदस्य जुड़े हैं। इसके साथ ही पहले से कार्यरत सहकारी समितियों में करीब 22 लाख नए सदस्य भी जोड़े गए हैं। पैक्स को बहुउद्देशीय ग्रामीण सेवा संस्थाओं के रूप में विकसित किए जाने की प्रगति का उल्लेख करते हुए श्री मोहोल ने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में पैक्स के माध्यम से लगभग 5,200 कॉमन सर्विस सेंटर संचालित हो रहे हैं। लगभग 7,000 एम-पैक्स प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों के रूप में कार्य कर रहे हैं, जबकि 161 एम-पैक्स प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों के रूप में सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। राज्य में सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए श्री मोहोल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में लगभग 307 करोड़ रुपये की सहायता से 16 जिला सहकारी बैंकों को पुनर्जीवित किया गया है, जो उत्तर प्रदेश के सहकारिता क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी बैंक की उपलब्धि का भी उल्लेख किया, जो आधार कार्ड जारी करने और अपडेट करने के लिए अधिकृत होने वाला देश का पहला सहकारी बैंक बना है। इसके साथ ही सहकारिता क्षेत्र में अध्ययन, प्रशिक्षण और शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश में एक सहकारी महाविद्यालय की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इन सभी पहलों के व्यापक उद्देश्य को रेखांकित करते हुए श्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि सहकारिता आम आदमी को आत्मनिर्भर बनाने और उसके परिश्रम को सम्मान दिलाने का एक सशक्त माध्यम है। मोबिलिटी जैसे नए क्षेत्रों में सहकारिता मॉडल का विस्तार सहकारिता आंदोलन के बढ़ते दायरे को दर्शाता है और भारत टैक्सी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। भविष्य की दिशा को लेकर विश्वास व्यक्त करते हुए श्री मोहोल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों से आने वाले समय में ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प को साकार करने के लिए सहकारिता आंदोलन का विस्तार और अधिक गति से होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत /2047’ के संकल्प को साकार करने में सहकारिता क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी और देश के करोड़ों किसानों, श्रमिकों, युवाओं, महिलाओं तथा छोटे उद्यमियों को सहकारिता के माध्यम से विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास निरंतर आगे बढ़ाए जाएंगे।
माई भारत ने 3 वर्ष से भी कम समय में 3 करोड़ से अधिक पंजीकृत युवाओं का ऐतिहासिक आंकड़ा पार किया
यह उपलब्धि नेतृत्व, अनुभवात्मक अधिगम, स्वयंसेवा और राष्ट्र-निर्माण के अवसरों में युवा भारतीयों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है
नई दिल्ली, 23 सितम्बर, अभीतक: युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के युवा कार्यक्रम विभाग के राष्ट्रीय युवा सहभागिता मंच ‘मेरा युवा भारत’ (माई भारत) (उलइींतंजण्हवअण्पदध्) ने 3 करोड़ से अधिक पंजीकृत युवाओं का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि भारत के सबसे बड़े युवा सहभागिता इकोसिस्टम के महत्वपूर्ण विस्तार को दर्शाती है, जो युवाओं को अनुभवात्मक अधिगम, स्वयंसेवा, नेतृत्व, नागरिक सहभागिता और युवा-नेतृत्व वाली पहलों में भाग लेने के अवसर प्रदान करती है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 31 अक्टूबर, 2023 को शुरू की गई माई भारत का शुभारंभ किया था। इसे एक ऐसे प्रौद्योगिकी-सक्षम प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित किया गया, जिसके माध्यम से युवा भारतीय देश की विकास यात्रा में भाग ले सकें। शुभारंभ के अवसर पर प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं को एक साझा मंच पर लाने तथा राष्ट्र-निर्माण में उनकी अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया था। माई भारत की परिकल्पना भारत के युवाओं की ऊर्जा, आकांक्षाओं और क्षमता को विकसित भारत/2047 की दिशा में सार्थक भागीदारी में परिवर्तित करने के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थागत तंत्र के रूप में की गई थी। माई भारत की यात्रा ने शुभारंभ के बाद से तेजी से विस्तार देखा है। इस प्लेटफॉर्म ने अक्टूबर 2025 में 2 करोड़ से अधिक पंजीकरण का आंकड़ा किया और इसके बाद अगस्त 2026 तक 2.46 करोड़ से अधिक पंजीकृत युवाओं तक इसकी पहुंच हो गई। विस्तार के अगले चरण में 3 करोड़ से अधिक का आंकड़ा पार करना इस प्लेटफॉर्म पर युवाओं की निरंतर बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। आज माई भारत एक ऐसे साझा डिजिटल प्रवेश-द्वार के रूप में कार्य करता है, जिसके माध्यम से युवा अनुभवात्मक अधिगम कार्यक्रमों कार्यक्रमों, स्वयंसेवा के अवसरों, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं, नेतृत्व पहलों, युवा संवादों और सामुदायिक सहभागिता गतिविधियों की जानकारी प्राप्त कर उनमें भाग ले सकते हैं। अगस्त 2026 तक, 1.22 लाख से अधिक युवाओं ने लगभग 25,000 अनुभवात्मक अधिगम कार्यक्रमों में नामांकन किया था, जिससे युवाओं को पारंपरिक कक्षा परिवेश से परे भागीदारी के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के अवसर मिले हैं। इस प्लेटफॉर्म में प्रौद्योगिकी स्तर पर भी निरंतर विकास किया जा रहा है। युवाओं को पेशेवर प्रोफाइल तैयार करने में सहायता देने के लिए एक एआई-सक्षम सीवी बिल्डर शुरू किया गया है। साथ ही, डिजिटल सेवाओं और जमीनी स्तर पर व्यापक पहुंच के माध्यम से इस प्लेटफॉर्म को और मजबूत किया जा रहा है। माई भारत के माध्यम से संचालित की जा रही एक प्रमुख पहल ‘विकसित भारत युवा नेता संवाद (वीबीवाईएलडी) 2027’ है। इसके माध्यम से युवा भारतीयों को विकसित भारत /2047 के विजन के अनुरूप अपने विचार, रचनात्मकता, नेतृत्व और नवाचार को प्रदर्शित करने के लिए अनेक अवसर प्रदान किये जा रहे हैं। इस पहल की शुरुआत 17 अगस्त, 2026 को विकसित भारत क्विज के साथ हुई। यह क्विज माई भारत प्लेटफॉर्म पर 30 सितंबर, 2026 तक खुली है। प्रमुख विकसित भारत चैलेंज के अंतर्गत प्रतिभागी निबंध प्रतियोगिता, जिला चैंपियनशिप और राज्यध्केंद्र शासित प्रदेश स्तर के चरणों से गुजरते हुए 10-12 जनवरी, 2027 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय विकसित भारत युवा नेता संवाद में भाग लेंगे। इसके साथ ही, वीबीवाईएलडी 2027 में पांच अतिरिक्त ट्रैक भी शामिल हैंकृसांस्कृतिक ट्रैक, डिजाइन फॉर भारत, हैक फॉर सोशल कॉज, यूथ एंटरप्रेन्योर्स चैलेंज और यूथ पार्लियामेंटकृजो युवाओं को अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा, रचनात्मक और डिजाइन सोच, प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान, उद्यमशीलता के विचार और संसदीय प्रक्रियाओं में नेतृत्व प्रदर्शित करने के लिए मंच प्रदान करते हैं। इन सभी श्रेणियों में चयनित युवा प्रतिभागियों को नीति निर्माताओं के साथ संवाद करने और राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। वर्तमान माई भारत इको-सिस्टम में युवाओं पर केंद्रित अनेत पहलें भी शामिल हैं। इनमें विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा, विकसित जीवन ग्राम कार्यक्रम, विकसित भारत युवा संसद, विकसित भारत पदयात्रा, विकसित भारत युवा कनेक्ट और खेलो इंडिया संवाद के साथ-साथ अनुभवात्मक अधिगम और स्वयंसेवा के अवसर शामिल हैं। विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा’ अभियान के माध्यम से माई भारत एक स्वस्थ और नशा मुक्त भारत के लिए युवाओं को एकजुट करने के राष्ट्रव्यापी प्रयास में भी योगदान दे रहा है। ‘सौ सप्ताह का नशा मुक्त युवा अभियान’ सितंबर 2026 में ‘राष्ट्रीय संकल्प समारोह’ के साथ शुरू हुआ, जिसमें देश भर में संकल्प लेने, हस्ताक्षर अभियानों, रचनात्मक गतिविधियों और चर्चाओं के माध्यम से युवाओं की भागीदारी देखी जा रही है। इस प्रकार, तीन करोड़ से अधिक का आंकड़ा केवल पंजीकरण की संख्या में वृद्धि का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह एक राष्ट्रीय मंच के बढ़ते विस्तार को दर्शाता है, जिसके माध्यम से युवा भारतीय अनुभव से सीख सकते हैं, सामुदायिक पहलों में भाग ले सकते हैं, नेतृत्व-क्षमता विकसित कर सकते हैं और देश की विकास यात्रा में अपने विचारों का योगदान दे सकते हैं। माई भारत अपने डिजिटल और जमीनी स्तर के इकोसिस्टम का विस्तार जारी रखते हुए युवा शक्ति, जन भागीदारी और युवा-नेतृत्व वाले राष्ट्र-निर्माण को मजबूत करने पर केंद्रित है। यह विकसित भारत/2047 के विजन के अनुरूप भारत की युवा आबादी को देश के विकास में सार्थक योगदान देने के लिए सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
