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श्रेष्ठ की अभिव्यक्ति जीवन में आगे बढ़ने का मूल मंत्र: रामनाथ कोविंद
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़ द्वारा लिखित श्रेष्ठ की अभिव्यक्ति का द्वितीय संस्करण प्रकाशित
प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधान सभा अध्यक्ष को किताब की प्रति भेंट की

झज्जर, 29 जुलाई, अभीतक: ओम प्रकाश धनखड़ का पुस्तक श्रेष्ठ की अभिव्यक्ति हो – Give Your Best के दूसरा संस्करण छपा है। जिसके लिए देश के 14 वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपना पत्र लिख अपना आशीर्वचन दिया है- उन्होंने कहा जो यह रचना केवल वाचन या समझ के लिये नही अपितु जीवन जीने के लिये है। यहाँ रचना हर किसी को जीवन मे एक मंत्र अपनाने का आग्रह करती है, जो अनजाने में ही जीवन का ध्येय तय करा देता हैं। जो पढ़ेंगे, चलेंगे वो बढ़ेंगे। धनखड़ की यह पुस्तक छोटी है परंतु सफलता के मंत्र के साथ साथ परम सत्य के साक्षात्कार के द्वार खोलती हैं। पुस्तक में प्रवेश कर सत्य के दर्शन तो स्वयं करने होंगे। अंग्रेजी अनुवाद पुस्तक का व्याप गैर हिंदी भाषी क्षेत्रों तक बढ़ाता हैं। धनखड़ कर्म के सरोकार में कर्म के दस स्तर बताये है।
मनुष्य की पहचान उसके कर्म के स्तर से होती हैं, कर्म के दस स्तर होते है

  1. केवल दिन काटना।
  2. तय दिनचर्या में समय बिताना – जैसे कई सेवानिवृत्त लोगों की जीवन शैली होती हैं।
  3. दिनचर्या के साथ-साथ सेहत को भी शानदार रखना।
  4. अपनी आजीविका स्वयं कमाकर जीवन यापन रखना।
  5. इतना सक्षम होना की परिवार का पालन कर सके और मित्रों की सहायता कर सके।
  6. स्वयं की तरक्की के लिए भी समय निकालना और बढ़ते जाना।
  7. अपनी रूचि, शौक के लिए समय देना उन्हें निखार कर बेहतरीन करना।
  8. लोक कल्याण के कार्य करना , और उनका श्रेय लेना।
  9. स्वधर्म – राष्ट्रहित-जिससे लिए प्राण भी न्योछावर करने पड़ जाये तब भी तत्पर, जैसे सैनिक देश के लिए प्राण बलिदान कर देते है।
  10. बिना प्रचार लोक कल्याण, परमार्थ कर्म बिन अपेक्षा।
    आपके जीवन में सबसे उच्च स्तर के कर्म को पहचाने अर्जित करें और निष्पादन करें। कर्म ही मनुष्य की जान है, पहचान है, शान है, मान है और आन है
    उन्होंने अपनी पुस्तक में दो विचार यात्राओं का जिक्र किया है। जो संगति से घटित हुई हैं। हमारे धार्मिक ग्रंथों में दो विचार यात्राएं हैं। एक रामायण में जो महाराज दशरथ के महल में घटित होती हैं। दूसरी महाभारत में कुरूक्षेत्र के युद्ध के मैदान में ज्योतिसर मे। महारानी कैकेयी श्री राम के राज्याभिषेक की सूचना से खुशियों से भरी हुई है। खुशी की सूचना पर मिठाई आभूषण परिचारिकाओं में वितरित कर रही है। मंथरा नामक दासी विचार के निम्न लेवल पर स्वार्थ की संकीर्णता से भरी है। मंथरा अपने विचारों से कैकेयी को अपने लेवल पर ले आती हैं। यह विचारों की अधोगामी यात्रा है। परिणाम जीवन भर से आगे बढ़कर सहस्रों वर्षों तक बदनामी, पति की शोक में मृत्यु को कलंक, पुत्र भरत माँ के व्यवहार से उत्पन्न कालिख से बचने के लिये, 14 वर्षों तक तपस्वी के जीवन में अयोध्या से बाहर नंदीग्राम रहे। दूसरी यात्रा में अर्जुन अपने रथ पर परंतु संशय में घिरे हुए है। लड़े या ना लड़े, लड़े तो लड़े किससे, लड़ें किस लिये, राज के लिए सब अपनों का वध कर देवे। श्री कृष्ण सारथी के रूप में उपस्थित हैं नंदीघोष रथ पर। अर्जुन अपने मानसिक द्वंद्व को प्रकट करता है। श्री कृष्ण उसे स्वधर्म का बोध कराते हैं। यह युद्ध मात्र इंद्रप्रस्थ या हस्तिनापुर के शासन के लिए नही है। सत्य और धर्म के मूल्यों के लिए है। तुम क्षत्रिय हो – सही के लिए लड़ना तुम्हारा स्वधर्म है। स्वधर्म वो कर्तव्य हैं जिसके लिए लड़ते हुए बलिदान होने में भी यश है। विजय तो विजय ही है। स्वधर्म च्युत होने पर ना यश ना कीर्ति ना संतोष है। श्री कृष्ण ज्ञान योग, कर्म योग व भक्ति योग, सांख्य योग, विभूति योग सहित तब तक सभी ज्ञात ज्ञान मार्गों से अर्जुन तों श्रीमद्भागवत गीता का उपदेश देते है। अर्जुन को अपने संशय से उठाकर विवेक उस तल पर ले जाते है जहां वह स्वधर्म व मूल्यों के लिए युद्ध को अपरिहार्य रूप में देख पाता है। युद्ध करता है और संसार में यश का भागी बनता हैं। यह विचारों की ऊर्ध्व गामी यात्रा है। संगति विचारों की ऊर्ध्व अथवा अधोगामी दिशा पर ले जाती हैं। पुस्तक पठनीय है और विवेक दरवाजे खोलती है एक नई पीढ़ी के तरक्की के मार्ग को प्रशस्त कर सकती हैं। आज धनखड़ संजय अहूजा के रेस्टोरेन्ट रसयात्रा मे प्रिंट मीडिया के वरिष्ठ पत्रकारों संग चर्चा की। उनके साथ डाॅ० संजय शर्मा व संजय अहूजा भी थे। बुधवार को प्रातः औमप्रकाश धनखड़ ने यह द्वितीय संस्करण की प्रति मुख्यमंत्री नायब सैनी जी एवं विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण को भी भेंट की। परसों स्वयं माननीय पूर्व राष्ट्रपति कोविंद को भी इसकी प्रति समर्पित की गई।

एचडी पब्लिक स्कूल बिरोहड़ में महर्षि वेदव्यास जयंती और गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व श्रद्धा, हर्षोल्लास और पारंपरिक गरिमा के साथ मनाया गया
झज्जर, 29 जुलाई, अभीतक: एचडी पब्लिक स्कूल, बिरोहड़ में महर्षि वेदव्यास जयंती और गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, हर्षोल्लास और पारंपरिक गरिमा के साथ मनाया गया। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, गुरु-शिष्य परंपरा के गौरवमयी इतिहास और नैतिक मूल्यों से रूबरू कराना था। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अत्यंत श्रद्धा भाव से अपने सभी आदरणीय गुरुजनों के माथे पर रोली-चंदन का तिलक लगाया, उन्हें पुष्प भेंट किए और चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया। विद्यालय के निदेशक बलराज फौगाट ने सभी को गुरु पूर्णिमा और महर्षि वेदव्यास जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने जीवन में गुरु के सर्वोच्च स्थान और इस पर्व के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, ष्महर्षि वेदव्यास जी सनातन संस्कृति के आदिगुरु हैं, जिन्होंने मानव जाति को वेदों का ज्ञान दिया, पुराणों की रचना की और महाभारत जैसा महान ग्रंथ भेंट किया। उनका जीवन और विचार हमें ज्ञान के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। फौगाट ने आगे कहा कि माता-पिता हमें जन्म देते हैं, लेकिन एक गुरु ही हमें समाज में जीने योग्य संस्कार और शिक्षा देकर हमारे व्यक्तित्व का निर्माण करता है। आज के आधुनिक युग में भी गुरु-शिष्य परंपरा उतनी ही प्रासंगिक है जितनी प्राचीन काल में थी। विद्यार्थियों ने गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥ लोकप्रसिद्ध श्लोक का सामूहिक उच्चारण कर गुरु की महत्ता को रेखांकित किया। विद्यालय की प्राचार्या नमिता दास ने अपने संबोधन में शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि वह छात्र के चरित्र का निर्माण करने वाली होनी चाहिए। गुरु पूर्णिमा का यह दिन हमें याद दिलाता है कि हम अपने जीवन को संवारने वाले शिक्षकों के प्रति हमेशा कृतज्ञ रहें। प्राचार्या ने बच्चों को निरंतर आगे बढ़ने और जीवन में कभी भी अनुशासन व संस्कारों से समझौता न करने की सीख दी।

मुंडाखेड़ा विद्यालय ने कल्चरल फेस्ट में लहराया परचम:- प्राचार्य संगीता
बादली, 29 जुलाई, अभीतक: बादली उपमण्डल के गांव मुंडाखेड़ा विद्यालय ने खंड स्तरीय कल्चरल फेस्ट प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्राचार्य संगीता ने बताया कि खंड स्तरीय कल्चरल फेस्ट का आयोजन सीएम श्री कन्या विधालय नुना माजरा में किया गया जिसमें स्कीट में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मुंडाखेड़ा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्राचार्य ने सभी छात्राओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि आगामी जिला स्तरीय प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करके स्कूल और अपने गाँव का नाम रोशन करेंगी। छात्राओं के प्रदर्शन को देखते हुए ग्रामवासियों में प्रशंसा का माहौल बना हुआ है। इस अवसर पर श्री शेर सिंह खंड शिक्षा अधिकारी ने पुरस्कार और प्रमाण पत्र वितरीत किए। विद्यालय से एस्कॉर्ट अध्यापिका हेमलता, डॉक्टर सुचेता, सीमा खटक, सुनील कुमार, सरोज, मंजू, संदीप, सतीश कुमार, सीमा भारद्वाज, कृष्ण कुमार, विक्रांत ने छात्राओं की इस उपलब्धि पर उनके जीवन की मंगल कामनाएं की एवं भविष्य में भी मेहनत करते रहने के लिए प्रेरित किया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर एडीआर सेंटर में एच आई वी एड्स पर कार्यशाला का आयोजन किया
झज्जर, 29 जुलाई, अभीतक: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के अध्यक्ष जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार यादव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सचिव एवं सीजेएम श्री विशाल के मार्गदर्शन एच आई वी एड्स के विषय पर जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष कार्यशाला का आयोजन जिला ए डी आर सेंटर झज्जर में किया गया । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सचिव एवं सीजेएम श्री विशाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में एच आई वी एड्स के खिलाफ जागरूकता फैलाने और इससे निपटने के लिए प्रभावी उपायों पर चर्चा की गई। डॉ शीतल ने बताया कि एच आई वी एड्स संक्रमण कैसे फैलता है। इससे कैसे बचा जा सकता है विस्तार से जानकारी दी। इस कार्यशाला मे डॉ निधि , अंजू काउंसलर, डॉ अतुल, और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर का स्टाफ , व पैरा लीगल वालंटियर ने भाग लिया।

हर कार्यकर्ता की भागीदारी, संगठन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी!”
चरखी दादरी में आयोजित ‘ज़िला स्तरीय OBC कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं के उत्साह को नई ऊर्जा देने तथा आपसी संवाद और एकजुटता को सशक्त करने का अवसर है।
आप सभी सम्मानित साथियों से मेरा आग्रह है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएँ । आप सभी सादर आमंत्रित हैं।
कार्यक्रम: ज़िला स्तरीय OBC  कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन, चरखी दादरी
दिनांक: 02 अगस्त 2026 (रविवार)
समय: सुबह 11:00 बजे
स्थान: अग्रसेन धर्मशाला, पुरानी सब्जी मण्डी के पास, चरखी दादरी 

एल. ए. सी. सै. स्कूल के प्रांगण में गुरुपूर्णिमा का पर्व मनाया गया
झज्जर, 29 जुलाई, अभीतक: एल. ए. सी. सै. स्कूल के प्रांगण में गुरुपूर्णिमा का पर्व मनाया गया। प्रातः कालीन सभा में प्राचार्या निधि कादयान ने बच्चों को बताया कि आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा का पर्व देश के बड़े भागों में मनाया जाता है। आषाढ़ पूर्णिमा जिसे व्यास पूर्णिमा और गुरु पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। भारत का एक ऐसा पर्व है जो दुनिया भर में भारत की गुरु परंपरा और गुरु को देवताओं के समकक्ष और उनसे भी श्रेष्ठ स्थान देने के महत्व को दर्शाता है। स्कूल प्रबंधक के.एम.डागर ने सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत देश में गुरु परम्परा का पालन सदियों पहले से होता आया है। स्कूल संचालक जगपाल गुलिया, जयदेव दहिया, अनीता गुलिया व नीलम दहिया ने सबसे पहले सभी अध्यापकों को गुरु पूर्णिमा कि शुभकामनायें भेंट कि व बताया कि आज भी भारतीय संस्कृति में गुरूओं का स्थान अतुलनीय है। इस अवसर पर सीनियर कक्षाओं के विद्यार्थियों ने कम्पीटीशन के तहत अनेकों एक्टिविटियों में भाग लिया। भूगोल प्राध्यापक मुकेश शर्मा व आर्ट एंड क्राफ्ट टीचर रितिका ने मिलकर एक गुरु पूर्णिमा विषय को लेकर एक सुंदर रंगोली से गुरु चरण कमल प्रदर्शित किए।

जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा-2027 के लिए अधिकाधिक विद्यार्थी करें आवेदन’
’31 जुलाई तक ऑनलाइन पंजीकरण का अवसर’

झज्जर, 29 जुलाई, अभीतक: नवोदय विद्यालय समिति द्वारा कक्षा छह में प्रवेश के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा (जेएनवीएसटी)-2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2026 निर्धारित की गई है, जबकि चयन परीक्षा का आयोजन 28 नवंबर, 2026 को किया जाएगा। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि जिला के सभी राजकीय एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं मुख्याध्यापकों के माध्यम से पात्र विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा-2027 के संबंध में व्यापक जानकारी उपलब्ध करवाई जाए तथा ऑनलाइन पंजीकरण के लिए आवश्यक सहयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही विद्यार्थियों को जवाहर नवोदय विद्यालयों में उपलब्ध निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा तथा आधुनिक सुविधाओं के बारे में भी जागरूक किया जाए। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक इस जानकारी को प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाया जाए। विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज एवं परीक्षा तिथि संबंधी जानकारी समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाए, ताकि अधिक से अधिक योग्य विद्यार्थी ऑनलाइन पंजीकरण कर सकें। उन्होंने बताया कि कक्षा छह जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा-2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन नवोदय विद्यालय समिति की वेबसाइट ूूू.दंअवकंलं.हवअ.पद तथा ऑनलाइन पोर्टल ीजजचेरूध्ध्बइेमपजउे.तबपस.हवअ.पदध्दअेध् के माध्यम से किए जा सकते हैं। पात्र विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक अंतिम तिथि से पहले अपना ऑनलाइन आवेदन अवश्य करें।

गांव रईया में बुधवार को जिला स्तरीय वन महोत्सव की तैयारियों का जायजा लेती डीसी वर्षा खांगवाल।

77वें जिला स्तरीय वन महोत्सव के सफल आयोजन की सभी तैयारियां पूरी: डीसी’
गांव रईया स्थित बागवानी अनुसंधान केंद्र में 30 जुलाई को आयोजित होगा जिला स्तरीय वन महोत्सव’
हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी होंगे मुख्य अतिथि’
डीसी वर्षा खांगवाल ने गांव रईया स्थित बागवानी अनुसंधान केंद्र का दौरा कर तैयारियों का लिया जायजा’

झज्जर, 29 जुलाई, अभीतक: 77वां जिला स्तरीय वन महोत्सव का आयोजन झज्जर जिला के लिए महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इसके सफल एवं व्यवस्थित आयोजन के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन सुनिश्चित करें। यह निर्देश डीसी वर्षा खांगवाल ने बुधवार को जिला स्तरीय वन महोत्सव की तैयारियों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को दिए। डीसी ने बताया कि 77वां जिला स्तरीय वन महोत्सव गुरुवार, 30 जुलाई को सुबह 10 बजे गांव रईया स्थित बागवानी अनुसंधान केंद्र में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी करनाल जिला के गांव कुटेल से राज्य स्तरीय वन महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी रहेगा। डीसी ने बताया कि जिला स्तरीय महोत्सव में बहादुरगढ़ के विधायक राजेश जून, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़, जिला परिषद झज्जर के चेयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना, भाजपा जिला अध्यक्ष विकास वाल्मीकि, भाजपा नेता दिनेश कौशिक एवं संजय कबलाना, हरियाणा हाउसफेड के चेयरमैन सुभाष बंसल सहित नगर परिषद चेयरमैन तथा ब्लॉक समिति के चेयरमैन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। डीसी ने तैयारियों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण हों। उन्होंने कहा कि पेयजल, बिजली, बैठक व्यवस्था, पार्किंग, सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन सहित सभी व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से सुनिश्चित की जाएं ताकि कार्यक्रम का सफल आयोजन हो सके। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का गंभीरता से पालन करने के निर्देश भी दिए। डीसी ने बताया कि कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी पौधारोपण कर 77वें जिला स्तरीय वन महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना तथा अधिक से अधिक पौधारोपण के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।
इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, सीईओ जिला परिषद मनीष कुमार फौगाट, डीएफओ साहित्ती रेडडी सहित सम्बंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

अपडेट वोटर लिस्ट सजग मतदाता – सजग लोकतंत्र की शान: डीसी’
बादली विधानसभा क्षेत्र के अधिकारियों को एसआईआर-2026 के पोस्ट ड्राफ्ट चरण का प्रशिक्षण’
दावे-आपत्तियों के निष्पक्ष व समयबद्ध निस्तारण के लिए अधिकारियों को दिए विस्तृत दिशा-निर्देश’
संवाद भवन में बादली विधानसभा क्षेत्र से जुड़े अतिरिक्त ईआरओ,बीएलओ सुपरवाईजर,बीएलओ एवं कर्मचारियों का विशेष प्रशिक्षण आयोजित’

झज्जर, 29 जुलाई, अभीतक: एसआईआर-2026 प्रक्रिया के तहत पोस्ट ड्राफ्ट चरण की तैयारियों को लेकर बुधवार को झज्जर स्थित संवाद भवन में बादली विधानसभा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसमें अतिरिक्त सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ), बीएलओ सुपरवाइजर, बीएलओ तथा निर्वाचन कार्य से जुड़े अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।
निर्वाचन आयोग के प्रत्येक दिशा-निर्देश की पालना जरूरी’
डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने कहा कि त्रुटिरहित और शुद्ध मतदाता सूची ही सजग वोटर-सजग लोकतंत्र की पहचान है। निर्वाचन आयोग का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे तथा कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को नवीन दिशा-निर्देशों, कानूनी प्रावधानों और तकनीकी प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्य अत्यंत संवेदनशील एवं जिम्मेदारीपूर्ण दायित्व है। इसलिए सभी अधिकारी पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा भारत निर्वाचन आयोग के प्रत्येक दिशा-निर्देश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें। डीसी वर्षा खांगवाल ने विश्वास जताया कि प्रशिक्षण प्राप्त अधिकारी आयोग की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करते हुए बादली विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाएंगे।
दावों एवं आपत्तियों का निर्धारित नियमों के अनुरूप होगा निपटान
इस दौरान मास्टर ट्रेनर्स ने प्रशिक्षण में अधिकारियों को बताया कि प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद प्राप्त होने वाले दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण निर्धारित नियमों और समयसीमा के भीतर किया जाएगा। नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, प्रविष्टियों में संशोधन, पते में बदलाव तथा अपात्र मतदाताओं के नाम हटाने से संबंधित प्रत्येक आवेदन का विधिसम्मत परीक्षण किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर फील्ड सत्यापन और व्यक्तिगत सुनवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
ईसीआईनेट पोर्टल पर की जाने वाली ऑनलाइन कार्यवाही के संबंध में दी जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद प्राप्त होने वाले दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण, नोटिस जारी करने, सुनवाई की प्रक्रिया, दस्तावेजों के सत्यापन तथा ईसीआईनेट पोर्टल पर की जाने वाली ऑनलाइन कार्यवाही के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों को डिजिटल मॉड्यूल का व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया ताकि सभी प्रक्रियाएं समयबद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित ढंग से पूरी की जा सकें। निर्वाचन उपतहसीलदार कुलदीप ने बताया कि 30 जुलाई को एसडीएम रेणुका नांदल की देखरेख में बेरी विधानसभा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी इसी प्रकार का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस अवसर पर सभी अतिरिक्त सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी, बीएलओ सुपरवाइजर एवं बीएलओ उपस्थित रहे।

बहादुरगढ में अधिकारियों व उद्यमियों की बैठक में औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े मामलों की समीक्षा करती डीसी वर्षा खांगवाल।

औद्योगिक क्षेत्र में आधारभूत सेवाएं देने के साथ ही जल निकासी और स्वच्छता व्यवस्था पर रखें फोकस: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने बहादुरगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में सीवरेज, प्रदूषण नियंत्रण और पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों की बैठक में दिए निर्देश
डीसी ने दिए निर्देश- सीवरेज व पेयजल लाइन में न हों अनाधिकृत कनेक्शन

बहादुरगढ़, 29 जुलाई, अभीतक: बहादुरगढ़ स्थित औद्योगिक क्षेत्रों में जलनिकासी, सीवरेज प्रणाली, प्रदूषण नियंत्रण, स्वच्छता एवं पेयजल व्यवस्था को लेकर डीसी वर्षा खांगवाल ने बुधवार को एसडीएम कार्यालय में संबंधित विभागों के अधिकारियों व उद्यमियों की बैठक ली। डीसी ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए कि औद्योगिक क्षेत्र में आधारभूत सेवाएं प्रदान करने के साथ ही कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न न होने दें तथा सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के साथ ही औद्योगिक क्षेत्र में मानसून के दौरान जलनिकासी व्यवस्था सुचारू बनाए रखना सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि औद्योगिक क्षेत्र में नालों एवं सीवरेज लाइन की नियमित सफाई कराई जाए तथा जलभराव की संभावित जगहों पर विशेष निगरानी रखी जाए ताकि उद्योगों के संचालन एवं आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने उक्त क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट दुरुस्त रखने के आदेश दिए ताकि रात के समय सड़कों पर अंधेरा न रहे। डीसी ने प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े मामलों की भी समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही औद्योगिक क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ रखने तथा पेयजल आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। डीसी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को किए जा रहे कार्यों एवं मानसून सीजन के लिए की गई तैयारियों की विस्तृत रिपोर्ट उनके कार्यालय में देने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एडीसी एवं डीएमसी जगनिवास, एसडीएम अभिनव सिवाच, एचएसआईआईडीसी, एचएसवीपी, नगर परिषद बहादुरगढ़, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

झज्जर में बुधवार को ईवीएम वीवीपैट वेयरहाउस का जायजा लेती डीसी वर्षा खांगवाल।

ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस की सुरक्षा निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ा विषय: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने झज्जर लघु सचिवालय परिसर स्थित ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस का लिया जायजा

झज्जर, 29 जुलाई, अभीतक: डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने बुधवार को जिला के ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस का मासिक निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई तथा अग्निशमन प्रबंधों का गहन निरीक्षण किया गया।
डीसी ने कहा कि ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस की सुरक्षा निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में सभी संबंधित अधिकारी निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखें तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। डीसी वर्षा खांगवाल ने वेयर हाउस में स्थापित सीसीटीवी कैमरे की कार्यप्रणाली का जायजा लिया तथा सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वेयरहाउस परिसर में नियमित रूप से साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए, सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों को आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए तथा सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। इस अवसर पर निर्वाचन उप तहसीलदार कुलदीप सहित अन्य संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिक्षाविद राजकुमार यादव को किया सम्मानित
रोहतक, 29 जुलाई, अभीतक: रोहतक में आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कॉलेज स्टडी के सीईओ एवं फाउंडर राजकुमार यादव को सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्यों और शिक्षा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान मिलने पर शिक्षाविद राजकुमार यादव ने खुशी जाहिर करते हुए इसे अपने लिए गर्व का विषय बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जाना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। यह सम्मान उन्हें आगे भी समाज, देश व शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए लगातार कार्य किया जा रहा है। शिक्षाविद राजकुमार यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए सम्मान दिया, जिससे उनका उत्साह बढ़ा है। सम्मान मिलने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। वहीं, आसपास के लोगों और शुभचिंतकों ने भी उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने और विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास जारी रहेंगे।

डी.ए.वी. पुलिस पब्लिक स्कूल, झज्जर में श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाई गई गुरु पूर्णिमा’
7 कुंडीय हवन का आयोजन, विद्यार्थियों ने गुरुजनों के प्रति व्यक्त किया सम्मान’

झज्जर, 29 जुलाई, अभीतक: डी.ए.वी. पुलिस पब्लिक स्कूल, झज्जर में गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में वैदिक परंपरा के अनुरूप ’7 कुंडीय भव्य हवन’ का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यालय परिवार ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। हवन के माध्यम से विश्व कल्याण, मानवता की सुख-समृद्धि तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण एवं 7 कुंडों में पावन आहुतियों के साथ हुआ। विद्यार्थियों को गुरु पूर्णिमा के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व से अवगत कराया गया तथा गुरु-शिष्य परंपरा के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके मार्गदर्शन में सदैव ज्ञान के पथ पर अग्रसर रहने का संकल्प लिया। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्रीपंकज वालिया ने अपने संबोधन में कहा कि ऋष्गुरु केवल ज्ञान के स्रोत ही नहीं, बल्कि हमारे व्यक्तित्व एवं चरित्र निर्माण के आधार स्तंभ होते हैं। गुरु के प्रति सम्मान, अनुशासन और संस्कार ही विद्यार्थियों को जीवन में सफलता के सर्वोच्च शिखर तक पहुंचाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से भारतीय संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य श्री पंकज वालिया ने ’डी.ए.वी. संस्था के प्रेसिडेंट डॉ. पूनम सूरी जी,डायरेक्टर डॉ. पवन शर्मा, चेयरपर्सन डॉ. राजश्री, वाइस चेयरपर्सन सुश्री शशि चांदला, ए.आर.ओ. सुश्री सुनीता बहल एवं प्रबंधक डॉ. इंदु शर्मा’ को उनके निरंतर सहयोग के लिए धन्यवाद दिया तथा गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने समस्त डी.ए.वी. परिवार को भी गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर आयोजित 7 कुंडीय हवन ने विद्यालय परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा एवं सकारात्मकता से ओत-प्रोत कर दिया। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ।

अवैध हथियार के साथ आरोपी गिरफ्तार, देसी पिस्तौल व दो जिंदा राउंड बरामद
सीआईए-1 बहादुरगढ़ की कार्रवाई, आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया

बहादुरगढ़, 29 जुलाई, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में अपराध एवं अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सीआईए-1 बहादुरगढ़ की टीम ने एक आरोपी को अवैध देसी पिस्तौल और दो जिंदा राउंड सहित गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।सीआईए-1 बहादुरगढ़ प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार ने बताया कि 28 जुलाई 2026 को गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सेक्टर-13 स्थित ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए संदिग्ध युवक को काबू किया। पूछताछ में उसकी पहचान टोनी निवासी गांव दोदुवा, जिला सोनीपत के रूप में हुई।तलाशी के दौरान आरोपी से एक देसी पिस्तौल तथा उसकी मैगजीन से दो जिंदा राउंड बरामद हुए। आरोपी हथियार रखने संबंधी कोई वैध लाइसेंस या परमिट प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने हथियार और कारतूस को नियमानुसार कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई की।इस संबंध में थाना सदर बहादुरगढ़ में शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। गिरफ्तार आरोपी को नियमानुसार अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

मंदिर चोरी का खुलासारू दो आरोपी गिरफ्तार, चोरी का मोबाइल फोन व चांदी का शिवलिंग बरामद
बाबा गोरखनाथ धाम मंदिर में हुई चोरी का थाना बेरी पुलिस ने किया खुलासा, दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया’

बेरी, 29 जुलाई, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना बेरी प्रभारी उप निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि थाना बेरी पुलिस ने गांव सिवाना स्थित बाबा गोरखनाथ धाम मंदिर में हुई चोरी के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी किया गया सामान बरामद किया है।उन्होंने बताया कि 13 जुलाई 2026 को गांव सिवाना स्थित बाबा गोरखनाथ धाम मंदिर के महंत की शिकायत पर थाना बेरी में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार अज्ञात चोर मंदिर से नकदी, एक मोबाइल फोन तथा चांदी का शिवलिंग चोरी कर ले गए थे।मामले की जांच मुख्य सिपाही सुनील कुमार द्वारा अमल में लाई गई जांच के दौरान पुलिस ने रोहित तथा मैकसिंह दोनों निवासी गांव पिलाना, जिला रोहतक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने चोरी की वारदात कबूल कर ली। उनकी निशानदेही पर चोरी किया गया मोबाइल फोन और चांदी का शिवलिंग बरामद कर लिया गया।थाना प्रभारी ने बताया कि बरामद सामान को नियमानुसार कब्जे में लेकर मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी मामले में थाना लाइनपार पुलिस की कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार
चोरी के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, चार पंखे, इनवर्टर, बैटरी व स्पीकर बरामद

बहादुरगढ़, 29 जुलाई, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना लाइनपार बहादुरगढ़ के प्रबंधक उप निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी के मामले का सफल खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।थाना प्रबंधक उप निरीक्षक सुंदर पाल ने बताया कि थाना लाइनपार में 26 जुलाई 2026 को एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें शिकायतकर्ता पवन ने बताया कि उसने परनाला गांव में किराये पर इलेक्ट्रॉनिक सामान की दुकान ले रखी है। रात को दुकान बंद कर घर जाने के बाद अगली सुबह लौटने पर दुकान का ताला टूटा मिला तथा दुकान से इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी पाया गया। शिकायत के आधार पर थाना लाइनपार में आपराधिक मामला दर्ज कर सहायक उप निरीक्षक महावीर द्वारा जांच शुरू की गई।जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, साक्ष्य एकत्रित किए तथा तकनीकी एवं अन्य माध्यमों से जांच को आगे बढ़ाया। जांच के आधार पर पुलिस ने मामले में संलिप्त अमन निवासी रूखी, जिला सोनीपत (हाल निवासी वत्स कॉलोनी, लाइनपार बहादुरगढ़) तथा अभिषेक निवासी कानौंदा, जिला झज्जर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किया गया चार पंखे, एक इनवर्टर, एक बैटरी तथा एक स्पीकर बरामद किया गया।गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

रोड पर निर्माण कार्य के दौरान साइन बोर्ड लगवाना करें सुनिश्चित : डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने सडक सुरक्षा समिति एवं सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी को लेकर की समीक्षा बैठक

रेवाड़ी, 29 जुलाई, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि जिला में किसी भी रोड पर निर्माण या मरम्मत आदि का कार्य करने के दौरान साइन बोर्ड लगाना संबंधित विभाग या एजेंसी सुनिश्ति करें। बिना साइन बोर्ड के दुर्घटना होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है। ऐसे में कोई भी विभाग या एजेंसी लापरवाही नहीं बरते। डीसी अभिषेक मीणा ने बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिला स्तरीय सडक सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। डीसी ने एनएच-8 पर जयसिंहपुरा से धारूहेड़ा तक ग्रिल लगवाने के निर्देश देते हुए कहा कि रोड पर सुरक्षा की दृष्टिड्ढ से ग्रिल लगवाने के साथ-साथ अवैध कट भी पूरी तरह से बंद किए जाए। इसके साथ-साथ उन्होंने बनीपुर चैक पर चल रहे निर्माण कार्य में तेजी लाने और रोउ पर जमा हो रहे पानी की निकासी के उचित प्रबंध करने के संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए। डीसी ने नारनौल बाईपास सहित अन्य रोड पर लाइट, नालों की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा डीसी ने हाईवे पर अवैध रूप से खड़े ट्रकों व अन्य वाहनों पर निरंतर कार्रवाई अमल में लाने के आदेश दिए। डीसी अभिषेक मीणा ने कहा है कि रेवाड़ी जिला में सडकों को वाहन चालकों के लिए सुरक्षित बनाया जाए। इसके लिए समय-समय पर सडकों पर डिवाइडर, गति अवरोधक, सफेद पट्टड्ढी, साइन बोर्ड, स्ट्रीट लाईट, आवश्यकता अनुसार ग्रिल लगाए जाने की प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए। ट्रैफिक पुलिस, लोक निर्माण, नगर परिषद, एचएसवीपी, एचएसआरडीसी, मार्केटिंग बोर्ड, राष्टड्ढ्रीय राजमार्ग प्राधिकरण आदि विभाग सडक दुर्घटनाओं को रोकने के प्रति संवेदनशील रूख अपनाएं। डीसी ने सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत स्कूलों के वाहनों की निरंतर जांच करने के निर्देश देते हुए कहा कि नियमों की अवहेलना करने वालों पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने सडक नियमों की पालना नहीं करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ भी जुर्माना के साथ-साथ नियमानुसार वाहन जब्त करने की कार्रवाई भी करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एडीसी राहुल मोदी, एसडीएम बावल संजीव कुमार, एसडीएम कोसली विजय यादव, सीटीएम जितेंद्र कुमार व डीएसपी संजीव भलारा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

अपनी पूंजी को प्लाट खरीद के दौरान अवैध कॉलोनाइजर के हाथों न करें खराब – डीसी
रेवाड़ी, 29 जुलाई, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा बुधवार को लघु सचिवालय सभागार में जिला नगर योजनाकार व खनन विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीसी ने विभागों द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग अवैध कॉलोनियों और अवैध माइनिंग को लेकर निरंतर कार्रवाई जारी रखे। डीसी अभिषेक मीणा ने आमजन से भी अपील करते हुए कहा है कि अपनी मेहनत की पूंजी को प्लॉट की खरीदारी की उत्सुकता में अवैध कॉलोनाइजर के हाथों न सौंपे अन्यथा आपको आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। पूरी जांच परख के बाद ही आप जमीन की खरीद फरोख्त करें ताकि किसी भी प्रलोभन का आप शिकार न हो पाएं। उन्होंने बताया कि जिला नगर योजनाकार के अधिकारियों को अवैध कॉलोनियों के रजिस्ट्रेशन पर पूर्ण अंकुश लगाते हुए कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं, ऐसे में आमजन पूरी जागरूकता का परिचय देते हुए ही कदम उठाएं। इसके साथ-साथ डीसी ने खनन विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि कहीं भी अवैध माइनिंग की जा रही है तो खनन विभाग उस मामले में तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए माइनिंग को बंद करवाए। इस अवसर पर एडीसी राहुल मोदी, एसडीएम बावल संजीव कुमार, एसडीएम कोसली विजय यादव, सीटीएम जितेंद्र कुमार व डीएसपी संजीव भलारा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ फसलों का 31 जुलाई तक होगा बीमा
रेवाड़ी, 29 जुलाई, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने जिला के सभी किसानों से अपील की है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसान समय रहते अपनी फसल का बीमा अवश्य करवाएं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रेवाड़ी जिले के किसानों के लिए धान, कपास, मक्का, मूंग और बाजरा फसल अधिसूचित की गई है। इन फसलों का बीमा करवाने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2026 निर्धारित की गई है। संयुक्त निदेशक कृषि पी.सी. मीणा ने बताया कि केसीसी धारक किसानों का बीमा संबंधित बैंक के माध्यम से किया जाएगा। निर्धारित समय तक सूचना नहीं देने पर बैंक उपलब्ध रिकार्ड के आधार पर बीमा की प्रक्रिया पूरी करेंगे। उप कृषि निदेशक जितेंद्र अहलावत ने बताया कि गैर ऋणी और बटाईदार किसान 31 जुलाई तक केंद्रीय सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, वाणिज्यिक बैंक, डाकघर, कामन सर्विस सेंटर (सीएससी), अधिकृत बीमा एजेंट अथवा राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से स्वैच्छिक आधार पर बीमा करवा सकते हैं। इनके लिए एग्री स्टैक आईडी होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि जिले में योजना के संचालन के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड को अधिकृत किया गया है। योजना के तहत कम वर्षा या प्रतिकूल मौसम के कारण बुआई नहीं होने, सूखा, लंबी शुष्क अवधि, बाढ़, जलभराव, कीट व रोग, भूस्खलन, बिजली गिरने से आग, तूफान, चक्रवात और ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान को बीमा सुरक्षा मिलेगी। फसल कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए छोड़ी गई उपज को भी चक्रवात, असामयिक वर्षा और ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान पर अधिकतम 14 दिन तक जोखिम कवर मिलेगा। उप कृषि निदेशक ने किसानों को सलाह दी है कि किसी भी प्रकार की फसल क्षति होने पर 72 घंटे के भीतर कृषि रक्षक पोर्टल, हेल्पलाइन 14447, क्राप इंश्योरेंस ऐप, संबंधित बैंक या कृषि विभाग को सूचना देना अनिवार्य है।

ग्रामीण रोजगार, आजीविका सुरक्षा और गांवों के सतत विकास को नई मजबूती देगा वीबी-जी राम-जी- एडीसी
एडीसी राहुल मोदी ने वीबी जीरामजी व एसबीएम योजना के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर की बैठक

रेवाड़ी, 29 जुलाई, अभीतक: विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम-जी) अधिनियम 1 जुलाई, 2026 से पूरे देश के ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू किया गया है। यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार, आजीविका सुरक्षा और गांवों के सतत विकास को नई मजबूती देगा। इसके तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार की वैधानिक गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण व स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एवं एडीसी राहुल मोदी की अध्यक्षता में लघु सचिवालय सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में एडीसी ने अभियान से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की तथा अधिकारियों को समयबद्ध एवं समन्वित तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए। एडीसी राहुल मोदी ने कहा कि वीबी जीरामजी योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना तथा आमजन को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराना है। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एडीसी ने निर्देश दिए कि योजना के तहत अधिकारी अपने-अपने विभागों के कार्यों की प्रगति रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि इस योजना का प्रभावी मूल्यांकन किया जा सके। साथ ही उन्होंने जनभागीदारी बढ़ाने और ग्रामीणों को योजना से जोडने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता गतिविधियां संचालित करने पर भी बल दिया। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित तैयारियों की जानकारी साझा की। इस अवसर पर जिला परिषद डिप्टी सीईओ अंकित चैहान, कार्यकारी अभियंता पंचायती राज नरेंद्र गुलिया, पीओ डीआरडीए अर्जुन गुप्ता व सभी बीडीपीओ सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

नशा मुक्त भारत-विकसित भारत विषय पर 4 अगस्त को जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन
रेवाड़ी, 29 जुलाई, अभीतक: भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की जिला इकाई, मेरा युवा भारत, रेवाड़ी द्वारा नशा मुक्त भारत-विकसित भारत विषय पर जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन मंगलवार 4 अगस्त 2026 प्रातः 10 बजे इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर स्थित कल्पना चावला ऑडिटोरियम में किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर के छात्र कल्याण विभाग के सहयोग से किया जा रहा है। मेरा भारत रेवाड़ी के जिला युवा अधिकारी सुमित यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतियोगिताओं का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें नशा मुक्त भारत-विकसित भारत अभियान से जोड़ना तथा उनकी रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करना है। प्रतियोगिता में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवा भाग ले सकते हैं। विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, एनएसएस एवं एनसीसी इकाइयों, युवा क्लबों, सांस्कृतिक संस्थाओं के सदस्य तथा अन्य इच्छुक युवा इन प्रतियोगिताओं में भाग लेने के पात्र हैं।
प्रतियोगिता के अंतर्गत समूह गीत, समूह नृत्य, नुक्कड़ नाटक ऑन-द-स्पॉट पेंटिंग, भाषण, रीलध्यूट्यूब शॉर्ट, स्लोगन लेखन एवं काव्य पाठ जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे तथा सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे। जिला स्तर पर प्रत्येक प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में रेवाड़ी जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रतियोगिताओं, पात्रता, नियमों एवं आवेदन प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए युवा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के माई भारत पोर्टल ीजजचेरूध्ध्उलइींतंज.हवअ.पद पर विजिट कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त इच्छुक प्रतिभागी मेरा भारत रेवाड़ी जिला कार्यालय में विनय राव (मोबाइल- 9991877951) से संपर्क कर सकते हैं अथवा इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर के छात्र कल्याण विभाग की ई-मेल कमंद.केू/पहन.ंब.पद पर संपर्क कर ऑनलाइन आवेदन लिंक प्राप्त कर सकते हैं। इच्छुक प्रतिभागी अपने आवेदन मेरा भारत रेवाड़ी जिला कार्यालय अथवा इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर के छात्र कल्याण विभाग में भी जमा करवा सकते हैं। जिला युवा अधिकारी ने जिले के सभी शिक्षण संस्थानों, एनएसएस एवं एनसीसी इकाइयों, युवा क्लबों, स्वयंसेवी संगठनों तथा युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में इन प्रतियोगिताओं में भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि यह अभियान नशा मुक्त एवं विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को सशक्त करेगा।

सुप्रीम कोर्ट की ओर से भेजे गए भेजे गए केसों में काउंसलिंग की
21,22 और 23 अगस्त को होगा समाधान समारोह का आयोजन

रेवाड़ी, 29 जुलाई, अभीतक: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी की सचिव डॉ. रेनू सोलखे ने बताया कि माननीय उच्चतम न्यायालय के समाधान समारोह जो 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को किया जाएगा। इसमें देश भर के विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान और मध्यस्थता के माध्यम से निपटारे के लिए उच्चतम न्यायालय ने सराहनीय पहल की है। इसी संदर्भ में हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेश अनुसार डॉ. रेनू सोलखे ने बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रेवाड़ी के कार्यालय में माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा भेजे गए भेजे गए केसो में काउंसलिंग की तथा दोनों पार्टियों के साथ बातचीत की, ताकि माननीय उच्चतम न्यायालय के समाधान समारोह में ज्यादा से ज्यादा केसो को सुलझाया जा सके।

पीएमएवाई-यू 2.0 के लाभार्थियों को बड़ी राहत, हरियाणा सरकार ने स्टांप ड्यूटी एवं पंजीकरण शुल्क में की कटौती
ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लाभार्थियों को पात्र आवासीय इकाइयों के लिए फीस के तौर पर 500 रुपये स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क देना होगा
मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत स्टांप ड्यूटी एवं पंजीकरण शुल्क में छूट को दी मंजूरी

चंडीगढ़, 29 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के अंतर्गत स्टांप ड्यूटी एवं पंजीकरण शुल्क में छूट तथा निश्चित शुल्क निर्धारित करने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। यह निर्णय प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत पंजीकृत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लाभार्थियों के लिए पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत 60 वर्गमीटर तक के पात्र आवासीय इकाइयों पर लागू होगा। स्टांप ड्यूटी एवं पंजीकरण शुल्क में छूट, समयबद्ध और महत्वाकांक्षी अभियान के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में घर खरीदने की प्रक्रिया को अधिक सरल बनाना है। प्रस्ताव के अनुसार, पात्र आवासीय इकाइयों के लिए कन्वेयंस डीड (स्वामित्व हस्तांतरण दस्तावेजों) पर प्रति दस्तावेज 500 रुपये शुल्क लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, भारतीय स्टांप अधिनियम, 1899 की अनुसूची-1ए के अनुच्छेद 23-ए, जो हरियाणा में लागू है, के अंतर्गत देय स्टांप ड्यूटी भी घटाकर 500 रुपये प्रति दस्तावेज कर दी गई है। इस निर्णय से ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लाभार्थियों पर आवास खरीद से संबंधित लेन-देन व वित्तीय बोझ कम होगा। इससे पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत ‘‘सभी के लिए आवास’’ के लक्ष्य को बढ़ावा मिलेगा। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में हरियाणा में कन्वेयंस डीड पर भारतीय स्टांप अधिनियम, 1899 की अनुसूची-1ए के अनुच्छेद 23-ए के तहत 5 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी तथा 2 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देय है। यदि संपत्ति का हस्तांतरण किसी महिला के पक्ष में किया जाता है तो 2 प्रतिशत की छूट उपलब्ध है। वहीं, पंजीकरण शुल्क स्लैब के आधार पर निर्धारित किया जाता है, जिसकी अधिकतम सीमा 50,000 रुपये है। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत पात्र ईडब्ल्यूएस लाभार्थियों के लिए किफायती आवास को बढ़ावा देने के स्टांप ड्यूटी एवं पंजीकरण शुल्क में यह विशेष रियायत प्रदान कर किफायती आवास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, पात्र कन्वेयंस डीड पर स्टाम्प डयूटी पंजीकरण शुल्क में छूट को स्वीकृति प्रदान की गई है।

रेवाड़ी में बनेगी कुसुम इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी
इसका उद्देश्य हायर एजुकेशन की क्षमता बढ़ाना

चंडीगढ़, 29 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई कैबिनेट की मीटिंग में हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटीज एक्ट, 2006 में संशोधन करके, कुसुम इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, रेवाड़ी नाम से एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी बनाने के लिए बिल लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस एक्ट को हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटीज (संशोधित) एक्ट, 2026 कहा जा सकता है। राज्य के युवाओं के लिए हायर एजुकेशन के अवसरों को बेहतर बनाने के लिए एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन बनाने और उन्हें बढ़ाने की जरूरत है। हायर एजुकेशन में विद्यार्थियों की बहुत ज्यादा बढ़ोतरी को समायोजित करने और नेशनल एजुकेशन पॉलिसी, 2020 के अनुसार 50 प्रतिशत ग्रॉस एनरोलमेंट रेश्यो के लक्ष्य को पार करने के लिए हमें 2030 तक सभी स्तर पर संस्थानों की संख्या लगभग दोगुनी करनी होगी। हायर एजुकेशन में इस बेंचमार्क को पूरा करने के लिए सरकारी दखल काफी नहीं होगा। हमें प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी को बड़े पैमाने पर शामिल करने की जरूरत है। हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटीज एक्ट, 2006 असल में हायर एजुकेशन में कैपेसिटी बढ़ाने और इसके स्टैंडर्ड को बेहतर बनाने में सरकार की पहल को सहयोग करने के लिए प्राइवेट सेक्टर को शामिल करने के लिए लाया गया है। अधिनियम अनुसार उद्देश्य को पाने के लिए मंत्री परिषद ने रेवाड़ी में कुसुम इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी बनाने के लिए एक बिल लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

हरियाणा में बनेगा लोकल ऑडिट एक्ट, 2026
फाइनेंशियल जवाबदेही को मजबूत करने, स्वतन्त्र ऑडिट के लिए मजबूत लीगल सपोर्ट वाला एक्ट बनेगा

चंडीगढ़, 29 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई कैबिनेट मीटिंग में हरियाणा लोकल ऑडिट एक्ट, 2026 के ड्राफ्ट को मंजूरी दी गई। प्रस्तावित एक्ट का उद्देश्य राज्य में सभी लोकल अथॉरिटी और दूसरी अथॉरिटी बॉडी, इंस्टीट्यूशन और फंड के लिए एक प्रभावी और कुशल ऑडिट कानून बनाना है तथा इससे या इनसे जुड़े मामलों के लिए भी प्रावधान करना है। कई राज्यों के लोकल ऑडिट डिपार्टमेंट (जिसे लोकल फंड डिपार्टमेंट भी कहा जाता है) के अपने अधिनियम और नियम हैं। जैसे, तमिलनाडु लोकल फंड ऑडिट एक्ट, 2014, तमिलनाडु लोकल फंड ऑडिट रूल्स, 2016, गुजरात लोकल फंड ऑडिट एक्ट, 1963, गुजरात लोकल फंड ऑडिट रूल्स, 1974, केरल लोकल फंड ऑडिट एक्ट, 1994 आदि। भारत के दूसरे राज्यों के लोकल ऑडिट डिपार्टमेंट के एक्टध्रूल्स और लोकल फण्ड डिपार्टमेंट हरियाणा के कामकाज को देखते हुए सभी लोकल अथॉरिटी और दूसरी अथॉरिटीज, बॉडी या इंस्टीट्यूशन और उनसे जुड़े फंड और मामलों के लिए प्रभावी और कुशल ऑडिट सिस्टम बनाने के लिए विभाग को एक एक्ट तैयार करने की भी जरूरत है। एक खास लोकल ऑडिट डिपार्टमेंट एक्ट बनाने का मुख्य उद्देश्य एक मजबूत कानूनी ढांचा तैयार करना है जो लोकल ऑडिट डिपार्टमेंट को लोकल बॉडी और दूसरे लोकल फंड वाली इंस्टीट्यूशन का स्वतन्त्र रूप और प्रभावी करने का अधिकार देता है। ऑडिटर के सामने रिकॉर्ड पेश करने के लिए मजबूर करने या जवाबदेही तय करने हेतू मजबूत कानूनी शक्तियों की जरूरत है। लोकल अथॉरिटीज को यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानूनी सिस्टम बनाना है तकि ऑडिट पैरा का तय समय में जवाब दें सके। यह अधिनियम लोकल ऑडिट के डायरेक्टर को वितिय गड़बड़ियों के लिए सीधे जिम्मेदार लोगों को सरचार्ज नोटिस जारी करने का कानूनी अधिकार देगा। यह एक्ट ऑडिट फ्रेमवर्क को लोकल पॉलिटिकल या एडमिनिस्ट्रेटिव दखल से बचाने के लिए कानूनी सपोर्ट देगा। यह राज्य विधानसभा को सालाना ऑडिट रिपोर्ट जमा करने के लिए कानूनी समय सीमा तय करता है, जिससे पारदर्शी सुनिश्चित होती है।

हरियाणा के 60 गौरवशाली वर्षों के उपलक्ष्य में एमएसएमई एवं निर्यात क्षेत्र के लिए 60 परिवर्तनकारी पहलें
उद्यमिता, विनिर्माण, निर्यात एवं रोजगार को गति प्रदान करने हेतु एक ऐतिहासिक नीति

चंडीगढ़, 29 जुलाई, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व तथा आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया एवं विकसित भारतदृ2047 की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं से प्रेरित होकर, हरियाणा सरकार ने माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व एवं माननीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह के मार्गदर्शन में आज हरियाणा प्रगतिशील एमएसएमई एवं निर्यात संवर्धन नीतिदृ2026 का अनावरण किया। यह नीति सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए राज्य का अब तक का सर्वाधिक महत्वाकांक्षी नीतिगत ढांचा है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने निरंतर इस बात पर बल दिया है कि एमएसएमई क्षेत्र भारत के विनिर्माण एवं औद्योगिक विकास की रीढ़ है तथा जब एमएसएमई आगे बढ़ते हैं, तभी भारत भी प्रगति करता है। इसी दृष्टिकोण से प्रेरित होकर हरियाणा ने एमएसएमई क्षेत्र को अपनी विकास रणनीति के केंद्र में स्थान दिया है तथा इसे निवेश, नवाचार, रोजगार सृजन एवं निर्यात वृद्धि का प्रमुख आधार माना है। हरियाणा अपनी विकास यात्रा के 60 गौरवशाली वर्ष पूर्ण कर रहा है। इस अवसर पर राज्य सरकार ने प्रदेश के 14 लाख से अधिक एमएसएमई के पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से 60 परिवर्तनकारी पहलों ख्1, को समर्पित किया है। इस नीति के माध्यम से अगले पाँच वर्षों में विनिर्माण क्षेत्र में ₹55,000 करोड़ से अधिक के निवेश को आकर्षित करने, पाँच लाख से अधिक नए रोजगार सृजित करने तथा हरियाणा के निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके माध्यम से हरियाणा को विनिर्माण, उद्यमिता एवं वैश्विक व्यापार के लिए भारत के सर्वाधिक प्रतिस्पर्धी राज्यों में स्थापित करने का उद्देश्य है। हरियाणा प्रगतिशील एमएसएमई एवं निर्यात संवर्धन नीतिदृ2026 राज्य सरकार के संकल्प पत्र में किए गए वादों को धरातल पर उतारने, राज्य बजट 2026दृ27 में की गई प्रमुख घोषणाओं को क्रियान्वित करने, हरियाणा विजनदृ2047 के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने तथा भारत सरकार के रेजिंग एंड एक्सेलेरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (त्।डच्) कार्यक्रम के साथ समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। नीति की 60 परिवर्तनकारी पहलें छह प्रमुख रणनीतिक स्तंभोंकृवित्त, अवसंरचना, प्रौद्योगिकी, निर्यात, सतत विकास तथा कौशल विकासकृपर आधारित हैं। यह व्यापक ढांचा एमएसएमई को उनकी स्थापना से लेकर विस्तार तक प्रत्येक चरण में समग्र सहयोग प्रदान करेगा। यह नीति हरियाणा के सभी क्षेत्रों के उद्यमों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है तथा पारंपरिक एवं उच्च-विकास क्षमता वाले प्रमुख क्षेत्रों के लिए लक्षित सहायता प्रदान करती है। इनमें ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कंपोनेंट्स, इलेक्ट्रिक वाहन, एयरोस्पेस एवं रक्षा, सामान्य इंजीनियरिंग, धातु उत्पाद एवं इस्पात निर्माण, विद्युत उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं वैज्ञानिक उपकरण, औषधि एवं चिकित्सा उपकरण, रबर एवं प्लास्टिक (खिलौने एवं खेल सामग्री सहित), फुटवियर एवं चमड़ा उत्पाद, नवीकरणीय ऊर्जा, परिपत्र अर्थव्यवस्था एवं हरित उद्योग, वस्त्र एवं परिधान, तथा कृषि आधारित, खाद्य प्रसंस्करण एवं संबद्ध उद्योग शामिल हैं। हरियाणा की सुदृढ़ कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था तथा राज्य के आर्थिक विकास में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार ने एमएसएमई नीति के पूरक के रूप में हरियाणा कृषि-व्यवसाय एवं खाद्य प्रसंस्करण नीतिदृ2026 भी अधिसूचित की है। एमएसएमई के समक्ष प्रारंभिक पूंजी निवेश की बाधा को दूर करने के उद्देश्य से, इस नीति के अंतर्गत नवप्रारंभ हरियाणा उद्यम विकास मिशन के माध्यम से हरियाणा आत्मनिर्भर टेक्सटाइल नीति के तहत सफलतापूर्वक लागू पूंजी निवेश सब्सिडी मॉडल का विस्तार किया गया है। पहली बार, राज्य में चिन्हित प्राथमिकता प्राप्त (थ्रस्ट) क्षेत्रों के एमएसएमई एवं निर्यातकों को राज्यव्यापी समर्पित कार्यक्रम के अंतर्गत पूंजी निवेश सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, नीति में वित्तीय प्रोत्साहनों का एक व्यापक पैकेज भी शामिल किया गया है, जिसमें ब्याज अनुदान, स्टाम्प शुल्क की प्रतिपूर्ति, रोजगार सृजन हेतु प्रोत्साहन, बीमा सहायता तथा परीक्षण, स्वचालन (ऑटोमेशन), कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसदृएआई) एवं अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन शामिल हैं। एमएसएमई के लिए वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में, इस नीति में संस्थागत ऋण तक सुगम पहुँच सुनिश्चित करने तथा बिना जमानत (कोलेटरल-फ्री) ऋण उपलब्ध कराने को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य वेंचर कैपिटल फंड तथा क्षेत्र-विशिष्ट क्रेडिट गारंटी फंड की स्थापना का भी प्रस्ताव किया गया है। एमएसएमई की प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए विश्वस्तरीय अवसंरचना को अत्यंत महत्वपूर्ण मानते हुए, इस नीति में साझा औद्योगिक अवसंरचना के विकास के माध्यम से कारोबार करने की लागत को कम करने पर विशेष बल दिया गया है। हरियाणा क्लस्टर प्लग एंड प्ले योजना तथा हरियाणा एमएसई कॉमन फैसिलिटी सेंटर योजना की उल्लेखनीय सफलता के आधार पर, इन पहलों का व्यापक विस्तार किया गया है, ताकि एमएसएमई को उच्च गुणवत्ता वाली साझा अवसंरचना, उन्नत मशीनरी, परीक्षण एवं डिजाइन सुविधाओं तथा अन्य साझा सेवाओं तक किफायती लागत पर पहुंच उपलब्ध हो सके। क्लस्टर आधारित विकास एवं संसाधनों के साझा उपयोग को बढ़ावा देकर यह नीति उत्पादकता में वृद्धि, गुणवत्ता में सुधार तथा पूंजीगत एवं परिचालन लागत में कमी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखती है, जिससे एमएसएमई अधिक प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा कर सकें। हरियाणा को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी निर्यात शक्ति के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से यह नीति देश के सर्वाधिक व्यापक एमएसएमई निर्यात संवर्धन ढांचों में से एक प्रस्तुत करती है। यह स्वीकार करते हुए कि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए केवल वित्तीय प्रोत्साहन पर्याप्त नहीं हैं, नीति में निर्यात के लिए तैयार उद्यमों का विकास करने हेतु एक समग्र (एंड-टू-एंड) दृष्टिकोण अपनाया गया है। इसके अंतर्गत उद्यमों की क्षमता का सुदृढ़ीकरण, बाजार संबंधी जानकारी (मार्केट इंटेलिजेंस) को सशक्त बनाना, अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंच का विस्तार करना तथा वैश्विक व्यापार में आने वाली बाधाओं को कम करना शामिल है। प्रथम बार निर्यात करने वाले उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री प्रथम निर्यातक प्रोत्साहन योजना के माध्यम से विशेष प्रावधान किए गए हैं। साथ ही, सभी श्रेणियों के निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन, निर्यात ऋण, निर्यात बीमा, मालभाड़ा सहायता, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में भागीदारी के लिए सहायता प्रदान की जाएगी। इन पहलों का उद्देश्य निर्यात करने वाले एमएसएमई की संख्या में वृद्धि करना, निर्यात बाजारों एवं उत्पादों में विविधता लाना तथा हरियाणा के उद्यमों को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (ग्लोबल वैल्यू चेन्स) से और अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ना है। इन वित्तीय प्रोत्साहनों के पूरक के रूप में, नीति हरियाणा के एमएसएमई को वैश्विक बाजारों से जोड़ने हेतु एक सुदृढ़ संस्थागत तंत्र की स्थापना का प्रावधान करती है। हरियाणा निर्यात केंद्र एक वन-स्टॉप एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन सेंटर के रूप में कार्य करेगा, जो निर्यात प्रलेखन, नियामकीय अनुपालन, गुणवत्ता प्रमाणन, लॉजिस्टिक्स, बाजार संबंधी जानकारी तथा खरीदारों से संपर्क स्थापित करने सहित सभी आवश्यक सेवाओं के लिए समग्र सहायता प्रदान करेगा। नीति के प्रमुख घटक श्उड़ान द्वारश् प्लेटफॉर्म को एमएसएमई के वैश्विक विकास के लिए एक वर्चुअल केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यह मंच निर्यात के लिए खरीदारों एवं विक्रेताओं के मध्य संपर्क (एक्सपोर्ट मैचमेकिंग), अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ संयुक्त उपक्रम, प्रौद्योगिकी साझेदारी तथा निवेशकों के साथ सहभागिता को सुगम बनाएगा। इसके अतिरिक्त, रिवर्स बायर-सेलर मीट, राज्य सरकार के नेतृत्व में आयोजित अंतरराष्ट्रीय रोड शो, डिजिटल एमएसएमई पवेलियन तथा विक्रेता विकास कार्यक्रमों के माध्यम से वैश्विक खरीदारों, एंकर उद्योगों तथा मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) के साथ प्रत्यक्ष संपर्क को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे हरियाणा के एमएसएमई के लिए दीर्घकालिक बाजार अवसर उपलब्ध होंगे तथा वे घरेलू एवं वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में और अधिक प्रभावी रूप से एकीकृत हो सकेंगे। वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में सतत विकास (सस्टेनेबिलिटी) की भूमिका निरंतर महत्वपूर्ण होती जा रही है। इसे ध्यान में रखते हुए यह नीति ऊर्जा दक्षता, स्वच्छ उत्पादन, नवीकरणीय ऊर्जा, परिपत्र अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकोनॉमी) की अवधारणा तथा पर्यावरणीय अनुपालन को बढ़ावा देकर हरियाणा के एमएसएमई के हरित परिवर्तन को गति प्रदान करती है। इसके अंतर्गत एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) तथा जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) प्रणालियों को अपनाने के लिए भी लक्षित सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, समर्पित हरित निवेश कोष (ग्रीन इन्वेस्टमेंट फंड) की स्थापना के माध्यम से सतत विनिर्माण एवं हरित नवाचार में निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे एमएसएमई वैश्विक स्तर पर विकसित हो रहे सतत विकास मानकों का अनुपालन करने तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सक्षम होंगे। नई नीति में समावेशी औद्योगिक विकास को प्रमुख प्राथमिकता दी गई है। इसके अंतर्गत महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति के उद्यमियों, दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर उद्यमियों, भूतपूर्व सैनिकों, अग्निवीरों तथा प्रथम बार निर्यात करने वाले उद्यमियों के लिए लक्षित सहायता का प्रावधान किया गया है। क्लस्टर आधारित विकास, उद्यमिता संवर्धन, कौशल विकास तथा रोजगार-सृजन आधारित प्रोत्साहनों के माध्यम से राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेशभर में एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाना तथा यह सुनिश्चित करना है कि औद्योगिक विकास का लाभ प्रत्येक क्षेत्र और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। एमएसएमई क्षेत्र को समर्पित 60 परिवर्तनकारी पहलों के साथ हरियाणा प्रगतिशील एमएसएमई एवं निर्यात संवर्धन नीति- 2026 राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए एमएसएमई सुधारों के सबसे व्यापक कार्यक्रमों में से एक है। ये सभी पहलें सामूहिक रूप से निवेश को गति प्रदान करेंगी, उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मकता को सुदृढ़ बनाएंगी, गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर सृजित करेंगी, निर्यात को नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगी तथा सतत औद्योगिकीकरण को प्रोत्साहित करेंगी। इसके माध्यम से विकसित भारतदृ2047 के विजन के अनुरूप हरियाणा विनिर्माण, नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में भारत के अग्रणी राज्यों में अपनी स्थिति को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

पुलिस हिरासत में मौत होने पर मृतक के कानूनी उत्तराधिकारी, निकटतम परिजन को जेल नीति के अनुसार मुआवजा प्रदान करने को मंजूरी प्रदान की गई
चंडीगढ़, 29 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज चंडीगढ़ में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में पुलिस हिरासत में मौत होने पर मृतक के कानूनी उत्तराधिकारी, निकटतम परिजन को जेल नीति के अनुसार मुआवजा प्रदान करने को मंजूरी प्रदान की गई। इस नीति का उद्देश्य निर्धारित परिस्थितियों में पुलिस हिरासत में मौत होने पर मृतक के परिवारों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। साथ ही, इस नीति में स्पष्ट रूप से उन परिस्थितियों का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें मुआवजा देय होगा अथवा नहीं होगा। निर्णय के अनुसार, प्राकृतिक मृत्यु, जिसमें बीमारी के कारण हुई मृत्यु भी शामिल है, के मामलों में मुआवजा देय नहीं होगा। इसी प्रकार, यदि किसी व्यक्ति की पुलिस हिरासत से भागने के दौरान मृत्यु हो जाती है अथवा पुलिस हिरासत में रहते हुए किसी प्राकृतिक आपदा या प्राकृतिक विपदा के कारण मृत्यु होती है, तो ऐसे मामलों में भी मुआवजा प्रदान नहीं किया जाएगा। हालांकि, पुलिस हिरासत में अप्राकृतिक मृत्यु के मामलों में मृतक के कानूनी उत्तराधिकारी अथवा निकटतम परिजन को 7.50 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाएगा। यह मुआवजा उन मामलों में देय होगा, जहां हिरासत में बंद अथवा गिरफ्तार व्यक्तियों के बीच आपसी झगड़े के कारण मृत्यु हो, पुलिस कर्मियों द्वारा यातना या मारपीट के कारण मृत्यु हो, पुलिस हिरासत में आत्महत्या की घटना हो अथवा पुलिस अधिकारियोंध्कर्मचारियों की ड्यूटी में लापरवाही के कारण मृत्यु हुई हो। पुलिस अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही के मामलों में मुआवजा तभी देय होगा, जब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 196 के तहत मजिस्ट्रेट द्वारा की गई जांच में लापरवाही सिद्ध हो जाए। इसके अतिरिक्त, पुलिस द्वारा यातना या मारपीट के कारण हुई मृत्यु के मामलों में दिए जाने वाले मुआवजे का कम से कम 50 प्रतिशत संबंधित दोषी अधिकारी या कर्मचारी के वेतन से वसूल किया जाएगा। यदि एक से अधिक अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके वेतन से वसूली जाने वाली राशि का अनुपात प्रत्येक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए हरियाणा के पुलिस महानिदेशक द्वारा निर्धारित किया जाएगा।

पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत होरिजेंटल आरक्षण का दायरा बढ़ाया
चंडीगढ़, 29 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के निवासी पूर्व अग्निवीरों को प्रत्यक्ष भर्ती में अग्निशमन सेवा विभाग में फायर ऑपरेटर- कम -ड्राइवर, पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग में वाइल्डलाइफ गार्ड तथा गृह विभाग के अंतर्गत भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबी) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) में कांस्टेबल के पदों पर 20 प्रतिशत होरिजेंटल आरक्षण प्रदान करने को मंजूरी दी गई। भारत सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सशस्त्र बलों में अपना कार्यकाल पूरा करने वाले प्रशिक्षित अग्निवीरों को भविष्य में सार्थक रोजगार के अवसर मिलें। यह पहल अग्निपथ योजना के दीर्घकालिक उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए उन्हें सरकारी सेवाओं में रोजगार का स्पष्ट अवसर प्रदान करती है। इसी उद्देश्य के अनुरूप हरियाणा सरकार ने सैन्य सेवा पूरी कर लौटने वाले पूर्व अग्निवीरों को प्रत्यक्ष भर्ती में आरक्षण देने के विषय पर विचार किया। इसके बाद राज्य सरकार ने हरियाणा के अधिवासी पूर्व अग्निवीरों को होरिजेंटल आरक्षण का लाभ देने का निर्णय लिया। इससे पहले हरियाणा सरकार पूर्व अग्निवीरों को ग्रुप-‘सी’ पदों, जैसे पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग में फॉरेस्ट गार्ड, कारागार विभाग में वार्डर तथा खान एवं भू-विज्ञान विभाग में ग्रुप-‘डी’ के माइनिंग गार्ड के पदों पर 20 प्रतिशत होरिजेंटल आरक्षण प्रदान कर चुकी है। इसके अलावा राज्य सरकार पहले ही पूर्व अग्निवीरों को ग्रुप-‘बी’ के पदों पर 1 प्रतिशत, ग्रुप-‘सी’ के पदों पर 5 प्रतिशत, पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पदों पर 20 प्रतिशत तथा फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डर और माइनिंग गार्ड के पदों पर 20 प्रतिशत आरक्षण उपलब्ध करवा चुकी है। उल्लेखनीय है कि फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डर और माइनिंग गार्ड के पदों पर आरक्षण को पहले के 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया गया है। इसके बाद भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने गृह विभाग के अंतर्गत राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबी), अग्निशमन सेवा विभाग में फायर ऑपरेटर- कम -ड्राइवर तथा पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग में वाइल्डलाइफ गार्ड के पदों पर भी पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत होरिजेंटल आरक्षण का लाभ देने का सुझाव दिया। मंत्रिमंडल की मंजूरी के साथ इन सिफारिशों को लागू किया जाएगा। आईआरबी, एसडीआरएफ, अग्निशमन सेवा विभाग तथा पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग में पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण दिए जाने से उन्हें सरकारी रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही, राज्य सरकार उनकी सैन्य सेवा के दौरान अर्जित कौशल और प्रशिक्षण का उपयोग इन विशेषीकृत सेवाओं को और मजबूत बनाने में कर सकेगी। यह निर्णय न केवल पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास और सम्मानजनक रोजगार के अवसर सुनिश्चित करेगा, बल्कि राज्य की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, अग्निशमन सेवाओं और वन्यजीव संरक्षण सेवाओं को भी सुदृढ़ करेगा। साथ ही, यह अग्निपथ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को बढ़ावा देगा और सैन्य सेवा पूरी करने के बाद पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी सेवाओं में सहज कैरियर परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगा।

हरियाणा कैबिनेट ने आबादी देह क्षेत्रों में स्वामित्व अधिकारों को दर्ज करने और उनके निपटारे के नियमों को दी मंजूरी
दावों का निपटारा होगा पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष

चंडीगढ़, 29 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में श्हरियाणा आबादी देह (स्वामित्व अधिकारों का निहित होना, अंकन और निपटारा) अधिनियम, 2025 के तहत बनाए गए श्हरियाणा आबादी देह (स्वामित्व अधिकारों का निहित होना, अंकन और निपटारा) नियम, 2026 को स्वीकृति प्रदान की गई। ये नियम अधिनियम को व्यावहारिक रूप देने और पूरे राज्य में आबादी देह (लाल डोरा) क्षेत्रों के भीतर स्थित संपत्तियों के स्वामित्व अधिकारों को दर्ज करने, निहित करने तथा उनका निपटारा करने के लिए एक व्यापक ढांचा स्थापित करने के उद्देश्य से स्वीकृत किए गए हैं। यह निर्णय ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में संपत्ति धारकों को कानूनी स्पष्टता प्रदान करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है, जहां लंबे समय से कब्जा होने के बावजूद ऐतिहासिक रूप से स्वामित्व अधिकार दर्ज नहीं रहे हैं। ये नियम अधिकारों के स्थाई रिकॉर्ड तैयार करने की सुविधा प्रदान करेंगे और अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार स्वामित्व निर्धारित करने के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराएंगे। नियमों में यह प्रावधान किया गया है कि स्वामित्व अधिकारों के निर्धारण की प्रक्रिया संक्षिप्त (समरी) कार्यवाहियों के माध्यम से की जाएगी। दावों के निष्पक्ष न्यायनिर्णयन को सुनिश्चित करने के लिए अधिनियम के तहत नामित अधिकारियों को व्यक्तियों को समन भेजने, दस्तावेज मंगवाने और साक्ष्य दर्ज करने हेतु सिविल कोर्ट के समान शक्तियां प्रदान की जाएंगी। अधिकारों के प्रारूप रिकॉर्ड (ड्राफ्ट रिकॉर्ड) को प्रकाशित किया जाएगा, हितधारकों से आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा सभी संबंधित पक्षों के हितों की रक्षा के लिए एक प्रभावी अपील एवं पुनरीक्षण (रिवीजन) तंत्र को शामिल किया गया है। यह पहल स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों के किए गए सर्वेक्षण और मैपिंग पर आधारित है, जिसे 8 मार्च 2019 को भारतीय सर्वेक्षण विभाग और हरियाणा सरकार के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के बाद शुरू किया गया था। संपत्तियों की सटीक पहचान और मैपिंग के लिए आधुनिक सर्वेक्षण प्रौद्योगिकियों का उपयोग किया गया है, जिसने स्पष्ट स्वामित्व रिकॉर्ड स्थापित करने की नींव रखी है। कैबिनेट के इस निर्णय से लाखों ग्रामीण संपत्ति धारकों को कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त स्वामित्व रिकॉर्ड मिलने, संपत्ति से जुड़े विवादों में कमी आने, भूमि प्रशासन के मजबूत होने और संपत्ति के स्वामित्व से जुड़ी वित्तीय व अन्य संस्थागत सेवाओं तक पहुंच में सुधार होने की उम्मीद है।

हरियाणा मंत्रिमंडल ने हरियाणा राजस्व पटवारी (समूह-सी) सेवा नियम, 2011 में संशोधनों को दी मंजूरी
प्रशिक्षण अवधि घटाकर एक वर्ष की गई
नियुक्त पटवारियों को वजीफे (स्टाइपेंड) के स्थान पर मिलेगा वेतन

चंडीगढ़, 29 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहाँ हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा राजस्व पटवारी (समूह-सी) सेवा नियम, 2011 में संशोधनों को मंजूरी दे दी गई। इन संशोधनों का उद्देश्य राजस्व पटवारियों के भर्ती और प्रशिक्षण ढांचे का आधुनिकीकरण करना, उनकी सेवा शर्तों में सुधार करना तथा राजस्व प्रशासन को अधिक कुशल और उत्तरदायी बनाना है। संशोधित नियम 1 जनवरी, 2025 से लागू माने जाएंगे। मंत्रिमंडल द्वारा लिया गया एक प्रमुख निर्णय नए नियुक्त पटवारियों के लिए अनिवार्य प्रशिक्षण अवधि को डेढ़ वर्ष से घटाकर एक वर्ष करना है। संशोधित प्रशिक्षण कार्यक्रम में पटवार स्कूल में छह महीने का संस्थागत प्रशिक्षण और उसके बाद छह महीने का फील्ड प्रशिक्षण शामिल होगा। यह निर्णय राज्य स्तरीय पटवारी सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुरूप लिया गया है और इससे फील्ड ड्यूटी के लिए प्रशिक्षित पटवारियों की जल्द उपलब्धता सुनिश्चित होने की उम्मीद है। मंत्रिमंडल ने नए नियुक्त पटवारियों की सेवा शर्तों में महत्वपूर्ण सुधार को भी मंजूरी दी। प्रशिक्षण अवधि के दौरान वजीफा (स्टाइपेंड) मिलने के बजाय, अब उन्हें फंक्शनल पे-लेवल-2 (थ्च्स्-2) में 19,900 रुपये का शुरुआती वेतन दिया जाएगा। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर, उन्हें पिछले फंक्शनल पे-लेवल-4 के स्थान पर 32,100-1,02,000 रुपये के वेतनमान के साथ फंक्शनल पे लेवल-5। में रखा जाएगा। पेशेवर दक्षता सुनिश्चित करने के लिए, संशोधित नियमों में प्रावधान है कि अस्थायी रूप से नियुक्त प्रत्येक पटवारी को निर्धारित अवधि के भीतर विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए अधिकतम चार अवसर दिए जाएंगे। संशोधित नियमों में यह भी प्रावधान है कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान कोई वार्षिक वेतन वृद्धि (पदबतमउमदज) स्वीकार्य नहीं होगी, और पहली वेतन वृद्धि नियमित नियुक्ति का एक वर्ष पूरा होने के बाद ही देय होगी। कर्मचारियों के हित में किए गए एक अन्य उपाय के तहत, उम्मीदवारों को केवल पांच जिलों की वरीयता देने के मौजूदा प्रावधान को बदलकर पदस्थापना के लिए सभी जिलों को चुनने का विकल्प दिया गया है। मंत्रिमंडल ने राजस्व पटवारियों को हरियाणा सिविल सेवाएं (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के प्रावधानों के तहत लाकर अनुशासनात्मक मामलों से संबंधित संशोधनों को भी मंजूरी दे दी है, जिसमें सेवा नियमों में संशोधित अनुशासनात्मक और अपीलीय अधिकारियों को निर्दिष्ट किया गया है। इसके अलावा, विभागीय परीक्षाओं के पाठ्यक्रम को कंप्यूटर अनुप्रयोगों, भूमि अभिलेखों के कंप्यूटरीकरण, उभरती प्रौद्योगिकियों, डैशबोर्ड, पोर्टल और अन्य डिजिटल गवर्नेंस प्रणालियों को शामिल करने के लिए अपडेट किया गया है, जिससे पटवारी तेजी से प्रौद्योगिकी-संचालित होते राजस्व प्रशासन में अपनी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभा सकें।

हरियाणा कैबिनेट ने स्वास्थ्य विभाग पैरा-मेडिकल और विविध पद (राज्य समूह-सी) सेवा नियम, 1998 में संशोधन को दी मंजूरी
सेवा नियमों में वरिष्ठ रेडियोलॉजी अधिकारी के नए बनाए गए 22 पदों को किया गया शामिल

चंडीगढ़, 29 जुलाई, अभीतक: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहाँ हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा स्वास्थ्य विभाग पैरा-मेडिकल और विविध पद (राज्य समूह-सी) सेवा नियम, 1998 में संशोधनों को स्वीकृति प्रदान की गई। यह संशोधन मुख्य रूप से सेवा नियमों में वरिष्ठ रेडियोलॉजी अधिकारी के नए बनाए गए 22 पदों को शामिल करने और स्वास्थ्य प्रणाली में रेडियोलॉजी पेशेवरों की बदलती भूमिका के अनुरूप मौजूदा रेडियोग्राफर पदों के नाम को श्रेडियोलॉजी अधिकारीश् में बदलने का प्रावधान करते हैं। यह संशोधन 10 जून, 2020 को जारी एक सरकारी अधिसूचना के माध्यम से प्रत्येक जिले में एक-एक, यानी वरिष्ठ रेडियोग्राफर के 22 पदों के सृजन के बाद आवश्यक हो गए थे। ये पद विभाग में कार्यरत पात्र रेडियोग्राफरों में से पदोन्नति द्वारा भरे जाने हैं। संशोधित नियमों के तहत, 22 स्वीकृत पदों के साथ सेवा नियमों में वरिष्ठ रेडियोलॉजी अधिकारी की एक नई श्रेणी शुरू की गई है। यह पद थ्च्स्-6, सेल-प् (35,400 रुपये – 1,12,400 रुपये) का वेतनमान वहन करेगा और इसे मुख्य रूप से निर्धारित योग्यताओं और न्यूनतम पांच वर्ष की नियमित सेवा वाले रेडियोलॉजी अधिकारियों में से पदोन्नति के माध्यम से भरा जाएगा। निर्धारित पात्रता शर्तों के अधीन किसी भी राज्य सरकार या भारत सरकार की सेवा से स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) के माध्यम से नियुक्ति का भी प्रावधान किया गया है। कैबिनेट ने पूरे सेवा नियमों में नियुक्ति, पदोन्नति, अनुशासनात्मक मामलों और सेवा शर्तों को नियंत्रित करने वाले प्रासंगिक परिशिष्टों (ंचचमदकपबमे) सहित श्रेडियोग्राफरश् पदनाम को बदलकर श्रेडियोलॉजी अधिकारीश् करने वाले संशोधनों को भी मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, संशोधित नियमों में मौजूदा सरकारी नीतियों और संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार नियुक्तियों में आरक्षण, सीधी भर्ती में आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए अनुभव में छूट, पात्रता शर्तों और नागरिकता आवश्यकताओं से संबंधित संशोधित प्रावधान शामिल हैं। इन संशोधनों से स्वास्थ्य विभाग में रेडियोलॉजी पेशेवरों के करियर की प्रगति को मजबूती मिलने, सेवा नामकरण में एकरूपता सुनिश्चित होने, समय पर पदोन्नति की सुविधा मिलने और राज्य के स्वास्थ्य कार्यबल को समकालीन चिकित्सा पद्धतियों के साथ संरेखित करने की उम्मीद है, जिससे हरियाणा के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में नैदानिक (डायग्नोस्टिक) सेवाओं में सुधार होगा।

महिलाओं के नाम वाहन खरीदने पर मोटर वाहन टैक्स में मिलेगी 1 प्रतिशत छूट
महिलाओं की आत्मनिर्भरता को मिलेगा बढ़ावा, 20 लाख रुपये तक की एक्स-शोरूम कीमत वाले निजी वाहनों पर मिलेगी रियायत

चंडीगढ़, 29 जुलाई, अभीतक: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य में महिलाओं के नाम पर खरीदे और पंजीकृत किए जाने वाले 20 लाख रुपये तक की एक्स-शोरूम कीमत वाले गैर-व्यावसायिक (नॉन-ट्रांसपोर्ट) वाहनों पर मोटर वाहन टैक्स में 1 प्रतिशत छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की। निर्णय के अनुसार, महिलाओं के नाम पर नए पंजीकृत होने वाले गैर-व्यावसायिक वाहनों पर एक्स-शोरूम कीमत के 1 प्रतिशत के बराबर मोटर वाहन टैक्स में छूट दी जाएगी। यह निर्णय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा वर्ष 2026-27 के बजट में की गई घोषणा को लागू करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें अपने नाम पर वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना भी है। सरकार का मानना है कि इस टैक्स रियायत से महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण बढ़ेगा और आर्थिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी को भी बल मिलेगा। उल्लेखनीय है कि हरियाणा मोटर वाहन कराधान अधिनियम, 2016 के तहत राज्य सरकार विभिन्न श्रेणियों के वाहनों पर मोटर वाहन टैक्स की दरें निर्धारित करती है। वर्तमान में निजी उपयोग के वाहनों पर टैक्स उनकी एक्स-शोरूम कीमत के आधार पर लगाया जाता है। अब सरकार ने स्पष्ट किया है कि बजट में घोषित 1 प्रतिशत टैक्स छूट का लाभ केवल उन गैर-व्यावसायिक वाहनों पर मिलेगा जिनकी एक्स-शोरूम कीमत 20 लाख रुपये तक होगी। यह छूट वर्तमान में लागू मोटर वाहन टैक्स के अतिरिक्त प्रदान की जाएगी।

हरियाणा ने 30 लाख रुपये तक के इलेक्ट्रिक वाहनों पर दी पूर्ण कर छूट
30 लाख रुपये से अधिक कीमत के इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिलेगी 50 प्रतिशत की छूट

चंडीगढ़, 29 जुलाई, अभीतक: स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा मंत्रिमंडल ने राज्य में खरीदे और पंजीकृत किए गए 30 लाख रुपये तक के एक्स-शोरूम मूल्य वाले नए विशुद्ध इलेक्ट्रिकध्बैटरी से चलने वाले दो पहिया, तीन पहिया (ऑटोध्ई-रिक्शा) और चार पहिया वाहनों के पंजीकरण के समय मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत छूट को मंजूरी दे दी है। साथ ही 30 लाख रुपये से अधिक कीमत के इलेक्ट्रिक वाहनों पर 50 प्रतिशत की छूट को भी मंजूरी दी गई। यह निर्णय इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए अधिक प्रोत्साहन प्रदान करने और पूरे राज्य में स्वच्छ व पर्यावरण-अनुकूल मोबिलिटी की दिशा में बदलाव को गति देने के लिए 2 मार्च, 2026 को प्रस्तुत हरियाणा बजट 2026-27 में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा को पूरा करता है। वर्तमान में, हरियाणा इलेक्ट्रिकध्बैटरी चालित वाहनों और सीएनजी (ब्छळ) वाहनों के पंजीकरण पर एकमुश्त मोटर वाहन कर में 20 प्रतिशत की छूट प्रदान करता है। नवीनतम मंजूरी के साथ, पात्र इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए मौजूदा छूट को बढ़ाकर 30 लाख रुपये तक के एक्स-शोरूम मूल्य वाले नए विशुद्ध इलेक्ट्रिकध्बैटरी चालित दो पहिया, तीन पहिया (ऑटोध्ई-रिक्शा) और चार पहिया वाहनों के नए पंजीकरण के लिए पूर्ण (100 प्रतिशत) छूट कर दिया गया है। हालांकि, सीएनजी वाहनों के लिए एकमुश्त मोटर वाहन कर में मौजूदा 20 प्रतिशत की छूट बिना किसी बदलाव के जारी रहेगी। यह निर्णय हरियाणा मोटर वाहन कराधान अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के तहत लिया गया है, जिसके तहत राज्य सरकार को हरियाणा में पंजीकृत और संचालित विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के लिए मोटर वाहन कर की दरें निर्धारित करने का अधिकार प्राप्त है। इस बढ़ी हुई कर छूट से इलेक्ट्रिक वाहनों को अधिक किफायती बनाकर राज्य में उनकी खरीद और पंजीकरण को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह पहल वाहनों के उत्सर्जन को कम करने, प्रदूषण पर अंकुश लगाने, वायु गुणवत्ता में सुधार करने और हरियाणा में पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने में भी योगदान देगी। राज्य सरकार का मानना है कि यह कदम हरित विकास और स्वच्छ पर्यावरण के प्रति हरियाणा की प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपनाने में तेजी लाएगा।

अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा एवं कल्याण के लिए गठित होगा वैधानिक आयोग
हरियाणा राज्य अल्पसंख्यक आयोग विधेयक, 2026 को दी मंजूरी

चंडीगढ़, 29 जुलाई, अभीतक: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज चंडीगढ़ में हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा राज्य अल्पसंख्यक आयोग विधेयक, 2026 को मंजूरी प्रदान की गई। इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों एवं हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, उनके लिए उपलब्ध संवैधानिक एवं वैधानिक संरक्षणों के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करने तथा उनके सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा राज्य अल्पसंख्यक आयोग का गठन करना है। आयोग में एक अध्यक्ष, पांच गैर-सरकारी सदस्य तथा सरकार द्वारा नियुक्त एक सचिव होगा। अध्यक्ष एवं सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। विधेयक में उनके त्यागपत्र, पद से हटाने तथा रिक्त पदों को भरने संबंधी प्रावधान भी किए गए हैं। आयोग अल्पसंख्यक समुदायों को प्राप्त संवैधानिक एवं वैधानिक संरक्षणों के क्रियान्वयन की समीक्षा करेगा तथा उनके प्रभावी पालन के लिए सरकार को आवश्यक सुझाव देगा। इसके अतिरिक्त, आयोग अल्पसंख्यकों से संबंधित सरकारी नीतियों, कल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की निगरानी करेगा, विभिन्न विषयों पर अध्ययन एवं अनुसंधान कराएगा, सरकारी सेवाओं में अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधित्व का आकलन करेगा तथा उनके कल्याण एवं विकास के लिए आवश्यक सिफारिशें करेगा। आयोग राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव एवं राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने की दिशा में भी कार्य करेगा। साथ ही, अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों एवं संरक्षणों से संबंधित शिकायतों की जांच कर संबंधित प्राधिकरणों के समक्ष आवश्यक कार्रवाई के लिए मामला उठाएगा। आयोग को अपने वैधानिक दायित्वों के प्रभावी निर्वहन के लिए जांच के दौरान सिविल न्यायालय के समान शक्तियां प्राप्त होंगी। इसके अंतर्गत गवाहों को तलब करना एवं उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करना, दस्तावेज प्रस्तुत कराने का निर्देश देना, शपथ-पत्रों के आधार पर साक्ष्य स्वीकार करना, सार्वजनिक अभिलेखों को तलब करना तथा गवाहों एवं दस्तावेजों की जांच के लिए आयोग जारी करने जैसी शक्तियां शामिल होंगी। विधेयक में आयोग के लिए सचिव एवं आवश्यक कर्मचारियों की नियुक्ति, वार्षिक बजट तैयार करने, सरकार से अनुदान प्राप्त करने, लेखों का रखरखाव एवं लेखा-परीक्षा कराने तथा सरकार को वार्षिक एवं विशेष प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का प्रावधान भी किया गया है। इन प्रतिवेदनों को राज्य विधानमंडल के समक्ष भी प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त आयोग की सिफारिश पर सरकार को आयोग की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए पुस्तकालय, सूचना प्रकोष्ठ, अनुसंधान प्रकोष्ठ तथा अन्य विशेष प्रकोष्ठ स्थापित करने का अधिकार भी होगा।

सशस्त्र बल एवं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के तीन शहीदों के आश्रितों को ग्रुप-सी पदों पर अनुकंपा नियुक्ति मिलेगी
चंडीगढ़, 29 जुलाई, अभीतक: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में युद्ध में शहीद हुए जवानों के परिवारों के कल्याण एवं पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए हरियाणा निवासी शहीद जवानों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी देने संबंधी राज्य सरकार की नीति के प्रावधानों में राहत देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह निर्णय हरियाणा सरकार की 30 मई, 2014 को अधिसूचित अनुकंपा नियुक्ति नीति तथा वर्ष 2014 और 2018 में किए गए संशोधनों के तहत लिया गया है। इस नीति के अनुसार हरियाणा के शहीद सशस्त्र बल एवं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (ब्।च्थ्) के पात्र आश्रितों को शहीद की रैंक के अनुसार ग्रुप-बी, ग्रुप-सी अथवा ग्रुप-डी पदों पर अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान है। मंत्रिमंडल ने ऐसे तीन मामलों में निर्धारित समय-सीमा में छूट देने को मंजूरी दी, जिनमें शहीद जवानों के पुत्र एवं पुत्रियां अपने माता-पिता की शहादत के समय नाबालिग थे। वयस्क होने के बाद तीनों आवेदकों ने छह माह के भीतर ग्रुप-सी पदों पर अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया। चूंकि ये मामले पूर्व नीति में निर्धारित समय-सीमा से बाहर थे, इसलिए नीति के संबंधित प्रावधानों के तहत इनमें समय-सीमा में छूट देने को मंजूरी दी गई। लाभार्थियों में करनाल निवासी स्वर्गीय एसडब्ल्यूआर श्री सुल्तान सिंह (भारतीय सेना) के पुत्र हर्ष, सीआरपीएफ के सिपाही भिवानी निवासी स्वर्गीय श्री प्रदीप कुमार की पुत्री खुशबू तथा श्री संदीप कुमार के पुत्र योगेश शामिल हैं। तीनों अपने माता-पिता की शहादत के समय नाबालिग थे और वयस्क होने के बाद उन्होंने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया। 10़2 परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अब तीनों को ग्रुप-सी पदों पर अनुकंपा नियुक्ति के लिए विचार किया जाएगा। अनुकंपा नियुक्ति नीति में वर्ष 2023 में कुछ संशोधनों के साथ बदलाव किए गए थे। हालांकि, संशोधित नीति में यह भी स्पष्ट किया गया कि पुराने मामलों का निपटारा उसी नीति के अनुसार किया जाएगा, जो उस समय लागू थी। यह निर्णय देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों एवं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों के परिवारों के प्रति हरियाणा सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सरकार उनके पात्र आश्रितों के समय पर पुनर्वास एवं सहयोग सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

भवनों तथा भूमि पर संपत्ति कर लगाने की एक नई पद्धति लागू
चंडीगढ़, 29 जुलाई, अभीतक: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य में नगर निगमों, नगर परिषदों एवं नगर पालिकाओं की सीमा के भीतर भवनों तथा भूमि पर संपत्ति कर लगाने की एक नई, सरलीकृत एवं पारदर्शी पद्धति को सैद्धांतिक (न्स्ठे ) स्वीकृति प्रदान की गई। यह नई पद्धति हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 के अंतर्गत नगर निगमों के लिए तथा हरियाणा नगरपालिका अधिनियम, 1973 के अंतर्गत नगर परिषदों एवं नगर पालिकाओं के लिए अलग-अलग अधिसूचित की जाएगी, और वर्ष 2013 की संपत्ति कर अधिसूचनाओं के स्थान पर लागू होगी। इससे राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) में मूल्यांकन की एक समान, सूत्र-आधारित प्रणाली लागू होगी। पारदर्शिता एवं अनुपालन में सुगमता की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में, नई प्रणाली में विवेकाधीन एवं जटिल मूल्यांकन प्रक्रियाओं को समाप्त कर पूंजीगत मूल्य की गणना हेतु एक स्पष्ट, सूत्र-आधारित पद्धति अपनाई गई है कृ जो प्लॉट क्षेत्र अथवा कारपेट क्षेत्र, लागू कलेक्टर दर, तथा फ्लोर फैक्टर पर आधारित है। शहरों को चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है – नगर निगमों के लिए ए1 एवं ए2, तथा नगर परिषदों एवं नगर पालिकाओं के लिए बी एवं सी तथा प्रत्येक श्रेणी के लिए न्यूनतम एवं अधिकतम कर दरें निर्धारित की गई हैं। इससे संपत्ति मालिकों के लिए अधिक पूर्वानुमेयता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित होगी, जबकि नगर निकायों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार निर्धारित सीमा के भीतर दरें तय करने की लचीलापन प्राप्त होगी। नई पद्धति में एक उपयोग-आधारित गुणन कारक भी शामिल किया गया है, जो संपत्ति के आकार एवं उपयोग की प्रकृति – आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, संस्थागत अथवा विशेष श्रेणी के आधार पर कर देयता को जोड़ता है, जिससे कर का बोझ समान एवं आनुपातिक बना रहे। संपत्ति मालिकों को अचानक वृद्धि से बचाने हेतु, नई प्रणाली के तहत कर देयता में वृद्धि को सीमित किया गया है तथा पूर्ण संशोधित मूल्यांकित मूल्य तक पहुंचने तक इसे चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा।
व्यापक छूट
जनहित को ध्यान में रखते हुए, नई नीति में संपत्ति कर से व्यापक छूट का प्रावधान किया गया है। प्रमुख छूटों में शामिल हैं रू
धार्मिक संपत्तियां, जिनमें मंदिर, चर्च, गुरुद्वारे एवं मस्जिदें शामिल हैं, जो जनता को निःशुल्क सेवाएं प्रदान करती हैं दृ 100ः छूट।
पट्टे या किराए पर न दी गई नगरपालिका संपत्तियां।
अनाथालय, वृद्धाश्रम, श्मशान एवं कब्रिस्तान तथा धर्मशालाएं।
सरकारी शैक्षणिक संस्थान एवं सरकारी अस्पताल।
विशुद्ध रूप से कृषि प्रयोजनों हेतु उपयोग की जाने वाली संपत्तियां।
सभी गौशालाएं (दूध, डेयरी उत्पाद, जैविक उर्वरक, बायो-सीएनजीध्ध्बायोगैस, गोबर एवं गोमूत्र की बिक्री के अतिरिक्त किसी व्यावसायिक प्रयोजन हेतु प्रयुक्त भाग को छोड़कर)।
सेवारत ध् भूतपूर्व सैनिकों एवं अर्धसैनिक बल कार्मिकों तथा शहीद सैनिकों के परिवारों के स्व-अधिवासित आवासीय मकान (250 वर्ग मीटर तक)।
स्वतंत्रता सेनानियों, उनके जीवनसाथी एवं युद्ध विधवाओं के स्व-अधिवासित आवासीय मकान।
धर्मार्थ शैक्षणिक संस्थान, धर्मार्थ अस्पताल, तथा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन) हेतु विद्यालय।
नगरपालिका सीमा में नव-सम्मिलित गांवों के लाल डोरा क्षेत्र में स्थित आवासीय संपत्तियां, सम्मिलन की तिथि से पांच वर्षों तक (अधिकतम तीन मंजिल तक)।
निःशुल्क अथवा अवैतनिक पार्किंग इकाइयां।
अनुपालन एवं सामाजिक कल्याण को प्रोत्साहित करने हेतु छूट
नई पद्धति में समय पर अनुपालन को पुरस्कृत करने तथा सामाजिक कल्याण उद्देश्यों को समर्थन देने हेतु एक संरचित छूट ढांचा भी शामिल किया गया है। प्रमुख छूट इस प्रकार हैं
नगरपालिका सीमा में स्थित मौजूदा गांवों के लाल डोरा क्षेत्र की आवासीय संपत्तियों पर संपत्ति कर में 75 प्रतिशत छूट
प्रति संपत्ति अधिकतम 25 प्रतिशत तक संयुक्त छूट, जिसमें शामिल है .
चालू आकलन वर्ष के 30 अप्रैल तक बकाया राशि सहित सभी देय राशियों का भुगतान करने पर 10 प्रतिशत छूट
लगातार 3 पूर्ववर्ती वर्षों तक समय पर कर भुगतान करने वाले अच्छे करदाताओं को 5 प्रतिशत छूट
महिलाओं के स्वामित्व वाली आवासीय संपत्तियों पर 25 प्रतिशत छूट (संयुक्त स्वामित्व की स्थिति में आनुपातिक)।
दिव्यांग व्यक्तियों (40 प्रतिशत या अधिक दिव्यांगता) के स्वामित्व वाली आवासीय संपत्तियों पर 10 प्रतिशत छूट
पूर्ण रूप से क्रियाशील शून्य-अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली वाले ग्रुप हाउसिंग सोसायटी, प्रॉपर्टी क्लस्टर हेतु 10 प्रतिशत छूट .
इन छूटों का उद्देश्य समय पर भुगतान, पर्यावरण के अनुकूल प्रथाओं तथा समावेशी स्वामित्व को प्रोत्साहित करना है।
संपत्ति मालिकों के लिए सुगम लेन-देन
सुगम लेन-देन सुनिश्चित करने हेतु, संपत्ति मालिकों के पास नई अधिसूचना की तिथि से एक माह तक पुरानी वर्ष 2013 अधिसूचना के अनुसार कर भुगतान का विकल्प रहेगा, जिसके पश्चात संशोधित प्रणाली लागू होगी। जिन संपत्ति मालिकों ने पहले ही अपना बकाया चुका दिया है, उन पर इस नई अधिसूचना का वित्तीय वर्ष 2026-27 तक कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं उससे पूर्व के बकाया एवं ब्याज पर कोई असर नहीं होगा। यह ऐतिहासिक सुधार हरियाणा के शहरी स्थानीय निकायों में संपत्ति कर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, समतापूर्ण एवं नागरिक-अनुकूल बनाने के साथ-साथ बेहतर नागरिक सेवाओं एवं अवसंरचना के वित्तपोषण हेतु नगर निकायों के राजस्व आधार को सुदृढ़ करेगा।

हरियाणा मंत्रिमंडल ने नगर निकाय क्षेत्रों में आवासीय प्लॉटेड आवास के लिए टाउन प्लानिंग योजना को दी मंजूरी
चंडीगढ़, 29 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा नगर निकाय क्षेत्रों में, जहां नियंत्रित क्षेत्र के प्रावधान लागू नहीं हैं, आवासीय प्लॉटेड आवास हेतु नई टाउन प्लानिंग योजना को मंजूरी प्रदान की गई। इस योजना का उद्देश्य ऐसे नगर निकाय क्षेत्रों में सुनियोजित एवं विनियमित आवासीय विकास सुनिश्चित करना है। स्वीकृत योजना के अनुसार, आवासीय प्लॉटेड आवास परियोजनाओं के लिए न्यूनतम 5 एकड़ भूमि आवश्यक होगी, जबकि अधिकतम क्षेत्रफल की कोई सीमा निर्धारित नहीं है। परियोजना स्थल तक पहुंचने के लिए मौजूदा सड़क होनी चाहिए, जिसकी चैड़ाई कम से कम 33 फुट हो। योजना के तहत आवासीय प्लॉटों का आकार 50 वर्गमीटर से 250 वर्गमीटर के बीच होगा। साथ ही प्रत्येक परियोजना में कम से कम 50 प्रतिशत आवासीय प्लॉट 150 वर्गमीटर या उससे कम क्षेत्रफल के होंगे, ताकि किफायती आवास को बढ़ावा मिल सके। योजना के अनुसार, परियोजना क्षेत्र के अधिकतम 65 प्रतिशत हिस्से का उपयोग आवासीय एवं वाणिज्यिक प्लॉटों के लिए किया जा सकेगा, जबकि वाणिज्यिक क्षेत्र का हिस्सा अधिकतम 5 प्रतिशत तक सीमित रहेगा। इसके अतिरिक्त, परियोजना के भीतर सभी आंतरिक सड़कों की न्यूनतम चैड़ाई 10 मीटर निर्धारित की गई है। स्वीकृत प्रावधानों के तहत, डेवलपर्स को हरियाणा शहरी अवसंरचना विकास बोर्ड (एचयूआईडीबी) के मुख्य प्रशासक को 10 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से स्क्रूटनी शुल्क जमा कराना होगा। इसके अलावा, उन्हें लो-पोटेंशियल जोन में आवासीय उपयोग के लिए लागू परिवर्तन शुल्क (ब्वदअमतेपवद ब्ींतहमे) का 50 प्रतिशत भुगतान करना होगा। इसके साथ ही, डेवलपर्स को प्रचलित बाह्य विकास शुल्क (म्गजमतदंस क्मअमसवचउमदज ब्ींतहमे) का 25 प्रतिशत विकास शुल्क के रूप में एचयूआईडीबी को देना होगा। यह दर नगर समितियों और नगर परिषदों दोनों में समान रूप से लागू होगी। नई योजना राज्य में आवासीय विकास के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराने, अनुमोदन प्रक्रिया को तेज करने, आवास क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा अनधिकृत कॉलोनियों की बढ़ौतरी में काफी कमी आएगी।

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