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संस्कारम खातीवास के होनहारों ने ब्लॉक स्तर पर दिखाया दम: अरुण ने एथलेटिक्स में तो बॉक्सिंग टीम ने झटके 5 गोल्ड
झज्जर, 21 जुलाई, अभीतक: संस्कारम पब्लिक स्कूल, खातीवास के प्रांगण में 21 जुलाई को ब्लॉक स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न प्रतियोगियों ने अपनी खेल प्रतिभा और उत्कृष्ट प्रदर्शन से समां बांध दिया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद खिलाड़ियों ने खेल भावना की शपथ लेकर अपनी स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। दिनभर चली प्रतियोगिताओं के दौरान बैडमिंटन, योग, शतरंज, बास्केटबॉल, बॉक्सिंग और एथलेटिक्स जैसी मुख्य स्पर्धाएं आयोजित की गईं, जिनमें संस्कारम स्कूल के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता हासिल की। एथलेटिक्स की 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ में होनहार खिलाड़ी अरुण ने अपनी अद्भुत गति का परिचय देते हुए दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। वहीं मुक्केबाजी (बॉक्सिंग) के रिंग में भी स्कूल के मुक्केबाजों का जलवा देखने को मिला, जहाँ खिलाड़ियों ने कुल 5 गोल्ड मेडल हासिल किए। बास्केटबॉल के बेहद रोमांचक और कड़े मुकाबले में संस्कारम की टीम ने बेहतरीन तालमेल का प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि योग स्पर्धा में लोकेश ने अपनी एकाग्रता का परिचय देते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। इस अवसर पर संस्कारम पब्लिक स्कूल, खातीवास की प्रिंसिपल डॉ. प्रीति गोयल ने सभी विजेता खिलाड़ियों और उनके खेल प्रशिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल हमारे जीवन में अनुशासन, समर्पण और टीम वर्क की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये खिलाड़ी आने वाले समय में जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी इसी तरह अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे और स्कूल का नाम रोशन करेंगे।

खेल प्रतियोगिता में छाए वी.के. स्कूल पाटौदा के खिलाडी
झज्जर, 21 जुलाई, अभीतक: मंगलवार को खंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का झज्जर के तलाव गांव के स्टेडियम में आयोजन किया गया। इसमें अंडर-14 कबड्डी प्रतियोगिता में वी.के. स्कूल पाटौदा की टीम उपविजेता रही और वही लांॅग जम्प प्रतियोगिता में अनुज पुत्र श्री सोनू ने पूरे झज्जर ब्लॉक में 4.70 मीटर की जंप लगाकर प्रथम स्थान हासिल करके विद्यालय का नाम रोशन किया। शतरंज प्रतियोगिता में आशीष पुत्र श्री विजेंद्र ने ब्लॉक लेवल के प्रथम लेवल पर एमआर स्कूल हसनपुर को हराया और द्वितीय लेवल पर संस्कारम स्कूल खातीवास को हराया और अंतिम लेवल पर दोबारा से एमआर स्कूल हसनपुर को हराकर प्रथम स्थान हासिल किया। प्रबंधक श्री बलवंत सिंह ने सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

गांव ढराना के सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों, साइबर अपराध और डायल-112 के प्रति किया जागरूक
बेरी, 21 जुलाई, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के तहत झज्जर पुलिस की नशा मुक्ति टीम ने गांव ढराना के राजकीय विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम के दौरान टीम प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार एवं उनकी टीम ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और भविष्य को बर्बाद कर देता है। विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें।कार्यक्रम में विद्यार्थियों को डायल-112 आपातकालीन सेवा की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई तथा बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल डायल-112 पर संपर्क कर पुलिस की सहायता प्राप्त की जा सकती है। साथ ही साइबर अपराधों, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने के नुकसान तथा सोशल मीडिया पर बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी विस्तार से जागरूक किया गया। विद्यार्थियों से कहा गया कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करें।

एल. ए. सी. सै. स्कूल के बच्चों ने ब्लॉक स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में किया बेहतरीन प्रदर्शन
झज्जर, 21 जुलाई, अभीतक: एल. ए. सी. सै. स्कूल, दिल्ली-बहादुरगढ़ रोड़, सेक्टर-9, के बच्चों ने ब्लॉक स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन किया। एथलेटिक्स इवेंट्स में सागर 100 मीटर रेस में प्रथम, ध्रुव ने सेकिंड आशीष ने 1500 मीटर रेस में प्रथम, ध्रुव, आशीष, उमंग व सागर ने रिले रेस में प्रथम व रोहित ने 1500 मीटर रेस में सेकिंड ने स्थान प्राप्त कर जिले स्तर होने वाली प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया। उनकी इस कामयाबी में स्कूल डीपीई अमित लोहचब, विशाल व महेंद्र सैनी का अभिनय योगदान रहा । स्कूल प्रांगण में पहुंचने पर स्कूल संचालक जगपाल गुलिया, जयदेव दहिया, अनिता गुलिया, नीलम दहिया व स्कूल प्रबन्धक के. एम. डागर, स्कूल प्राचार्या निधि कादयान ने सभी खिलाड़ियों को नगद राशि देकर सम्मानित किया। स्कूल एचओडी रविंद्र लोहचब व भूगोल प्राध्यापक मुकेश शर्मा ने डीपीई अमित लोहचब, विशाल व महेंद्र सैनी के कार्य की प्रशंसा कर सभी सफल खिलाड़ियों के सुनहरे भविष्य की कामना की।

कुएं में आ रही थीं चीखें… सब देखते रहे, एसआई राजेश मौत के मुंह में उतर गया
मुनिमपुर हादसे में जहरीली गैस से फंसे चार ग्रामीणों को बचाने के लिए जान जोखिम में डालकर कुएं में उतरे, चारों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक हो चुकी थी मौत, खुद भी गैस की चपेट में आए

झज्जर, 21 जुलाई, अभीतक: मुनिमपुर गांव में हुए दर्दनाक हादसे के दौरान कुएं के अंदर से लगातार चीखें सुनाई दे रही थीं। बाहर पुलिस, प्रशासन और अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन जहरीली गैस और रेस्क्यू उपकरणों के अभाव में कोई भी कुएं में उतरने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। हर गुजरते पल के साथ अंदर फंसे लोगों की आवाजें धीमी पड़ती जा रही थीं। इसी बीच झज्जर पुलिस के एसआईटी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने अपनी जान की परवाह किए बिना मास्क पहनकर रस्सी के सहारे कुएं में उतरने का फैसला किया। नीचे जहरीली गैस का खतरा था, लेकिन उन्होंने ग्रामीणों और साथी पुलिसकर्मियों की मदद से एक-एक कर चारों लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। चारों ग्रामीणों को बाहर तो निकाल लिया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

रिलायंस ने दादरी तोए में लगाया विशाल मेगा स्वास्थ्य जांच शिविर
झज्जर, 21 जुलाई, अभीतक: विश्व जनसंख्या दिवस के उपलक्ष्य में मॉडल इकोनॉमिक टाउनशिप (एम.ई.टी) तथा रिलायंस फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को राजकीय प्राथमिक विद्यालय, दादरी तोए में विशाल मेगा स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई तथा आवश्यक दवाइयां और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श निःशुल्क उपलब्ध कराया गया। शिविर में कुल 507 ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। इनमें नेत्र रोग में 137, सामान्य रोग में 136, स्त्री एवं प्रसूति रोग में 77, दंत रोग में 102 तथा प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग में 55 लोगों की जांच एवं उपचार किया गया। नेत्र परीक्षण के दौरान 55 लोगों को चश्मे उपलब्ध कराने के लिए चिन्हित किया गया, जबकि 8 मरीजों में मोतियाबिंद की पहचान कर उन्हें आगे के उपचार के लिए परामर्श दिया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने ग्रामीणों को संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच, स्वच्छता तथा योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही आंखों की देखभाल, दांतों की स्वच्छता, महिलाओं के स्वास्थ्य तथा मौसमी बीमारियों से बचाव के संबंध में तथा योग-आसनों की भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। ग्रामीणों ने शिविर में उपलब्ध कराई गई स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध होते हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी शिविरों के आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की। शिविर के दौरान डॉ सुनील दत्त, जुबिलेंट फाउंडेशन की तरफ से डॉ अशोक, प्रिंस, नरेश, डॉ सुमन, विपिन, एस.जी.टी. मेडिकल की तरफ से डॉ रंगोली एवं टीम, केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान देवरखाना, झज्जर से डॉ प्रीति एवं टीम तथा रिलायंस से लोकेश कापसे, नीलम सिंह, अक्षय धनखड़, चंचल, राजकुमार पंघाल, संजय गुलाटी, एवं स्कूल की तरफ से रोहताश, सीमा, दिनेश तथा सुजाता उपस्थित रहे और शिविर के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

झेलनी पड़ रहीं तकलीफों को लेकर सीनियर सिटीजंस ने सरकार से लगाई मदद की गुहार
मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान के तहत बैठक में सीनियर सिटीजंस के साथ लोक सेवा मंच के पदाधिकारियों ने किया संवाद
सामाजिक तौर पर कठिन हालातों से गुजर रहे सीनियर सिटीजंस,राहत देना जरूरी: अशोक प्रधान
वृद्धावस्था पेंशन बने हर सीनियर सिटीजन का फंडामेंटल राइट, किसी भी आधार पर पेंशन काटना अमानवीय

रेवाड़ी, 21 जुलाई, अभीतक: जनहित में सीनियर सिटीजंस के सामाजिक हालात जानने के लिए राष्ट्रीय सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच के पदाधिकारियों ने स्थानीय डबल फाटक अंडरपास के समीप बैठक की। मंच के मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान के तहत आयोजित बैठक में सीनियर सिटीजंस ने अपनी ज्वलंत समस्याओं से अवगत कराया तथा उनके तुरंत समाधान के लिए सरकार से जोरदार गुहार की। इस मौके पर राष्ट्रीय प्रगतिशील विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच सहित कोर कमेटी के सदस्यों बीके राम सिंह, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल,नंदलाल यादव आदि ने सीनियर सिटीजंस से कुशलक्षेम पूछा। सीनियर सिटीजंस ने बताया कि वृद्धावस्था में शारीरिक एवं आर्थिक कमजोरी के कारण वे सरकार और समाज पर अधिक निर्भर हो गए हैं। उन्हें मेडिकल सुविधाओं और देखरेख की बहुत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच का सीनियर सिटीजन के साथ संवाद करना सराहनीय कार्य है। उन्होंने कहा कि मंच ने देश- प्रदेश के हर जिले में डेडिकेटिड सीनियर सिटीजंस रेजिडेंशियल सेक्टर, फ्री ओल्डएज होम, सीनियर सिटीजंस हेल्पलाइन तुरंत शुरू करने, मेडिकल जांच व इलाज निरूशुल्क उपलब्ध कराने तथा ट्रेन -बस व हवाई यात्रा किरायों में 70 फीसदी की छूट, कार्यालयों- न्यायालयों में सीनियर सिटीजन प्रोटोकॉल तत्काल लागू करने, हर सीनियर सिटीजन को पेंशन पाने का मौलिक अधिकार देने सहित प्रत्येक गांव में व शहर के हर वार्ड- सेक्टर में सीनियर सिटीजंस क्लब खोलने आदि की जो मांगें बुलंद की हैं,उन्हें सरकार को जनहित में जल्द मंजूर करना चाहिए। लोगों ने बताया कि इन दिनों अनेक जीवित सीनियर सिटीजंस वृद्धावस्था पेंशनें काटे जाने से बहुत निराश एवं परेशान हैं ,जिनकी पेंशनें तुरंत बहाल की जानीं चाहिएं। उन्होंने कहा कि किसी भी जीवित सीनियर सिटीजन की वृद्धावस्था पेंशन काटा जाना अमानवीय,नाजायज तथा नियम विरुद्ध है। राष्ट्रीय प्रगतिशील विचारक अशोक प्रधान ने कहा कि सीनियर सिटीजंस के सामाजिक हालात सुखद नहीं हैं। देश- प्रदेश की सरकारों को संवेदनशील ढंग से वर्तमान कठिन हालातों में सुधार लाकर सीनियर सिटीजंस का जीवन खुशहाल बनाना चाहिए। इस मसले को लेकर प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री, केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री, मुख्यमंत्री व पीएम मोदीजी को पत्र लिखे जाएंगे। जनहितकारी मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान को लोगों का चैतरफा समर्थन मिल रहा है।

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में तेजी लाएं, एक भी पात्र मतदाता छूटना नहीं चाहिए: डीसी’
डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने सीईओ हरियाणा के साथ वीसी में दी जिला की गतिविधियों की जानकारी’
वीसी उपरांत डीसी ने सम्बंधित अधिकारियों के साथ एसआईआर 2026 अभियान की समीक्षा कर दिए आवश्यक दिशा निर्देश’
ऑनलाइन प्राप्त सभी गणना प्रपत्रों का समय सीमा से पहले सत्यापन सुनिश्चित करें, अतिरिक्त एईआरओ को दें व्यापक प्रशिक्षण’

झज्जर, 21 जुलाई, अभीतक: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश अनुसार पिछले एक माह से चल रहा एसआईआर अभियान अंतिम चरण में है, ऐसे में शेष सभी मतदाताओं से गणना प्रपत्र संकलित कर तुरंत डिजिटाइजेशन सुनिश्चित किया जाए। यह निर्देश डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने दिए। डीसी मंगलवार को हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास के साथ वीसी उपरांत जिला में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान की प्रगति की समीक्षा कर रही थी। इस दौरान उन्होंने सभी निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ), सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) तथा बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा पिछले एक माह से किए जा रहे कार्यों की जानकारी लेते हुए कहा कि अब कुछ पात्र मतदाताओं का पंजीकरण शेष है। अगले दो दिनों में इस कार्य को शत-प्रतिशत पूरा करना सुनिश्चित किया जाए। ’ऑनलाइन आवेदन करने वाले प्रत्येक मतदाता का सत्यापन समय पर करें’
डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने कहा कि ऑनलाइन माध्यम से गणना प्रपत्र जमा करने वाले मतदाताओं का भौतिक सत्यापन निर्धारित समय सीमा से पहले हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि एक भी पात्र मतदाता किसी भी कारण से छूटना नहीं चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से लंबित मामलों की समीक्षा कर अभियान को समयबद्ध ढंग से पूरा करने को कहा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि वे शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए शेष कार्य में तेजी लाएं।
प्रमुख मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का करें दोबारा मिलान’
डीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रमुख (वीआईपी) मतदाताओं की पहचान कर उनके गणना प्रपत्र प्राप्त एवं सत्यापित किए जाएं। उन्होंने कहा कि निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी अपने स्तर पर इसकी दोबारा समीक्षा की जाए ताकि किसी भी पात्र मतदाता के संबंध में कोई त्रुटि न रह जाए। यदि किसी प्रकार की विसंगति सामने आती है तो उसकी सूचना तुरंत निर्वाचन कार्यालय को दी जाए।
अतिरिक्त ईआरओ को चरणबद्ध प्रशिक्षण देने के निर्देश’
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि 31 जुलाई से 30 अगस्त तक चलने वाले दावा एवं आपत्ति चरण से पहले सभी अतिरिक्त ईआरओ को कम से कम दो चरणों में व्यापक प्रशिक्षण दिया जाए। प्रशिक्षण में ऑनलाइन प्रणाली के संचालन के साथ-साथ निर्वाचन संबंधी कानूनी प्रक्रियाओं की भी विस्तृत जानकारी दी जाए।
प्रत्येक अतिरिक्त ईआरओ के लिए मतदान केंद्र करे निर्धारित’
डीसी ने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक अतिरिक्त ईआरओ को उनके अधिकार क्षेत्र के मतदान केंद्र स्पष्ट रूप से आवंटित किए जाएं, साथ ही संबंधित अधिकारियों के कार्यक्षेत्र की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार जिला, ब्लॉक एवं ग्राम स्तर तक किया जाए ताकि दावा अथवा आपत्ति दर्ज कराने वाले मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
ड्राफ्ट मतदाता सूची का समय पर मुद्रण एवं वितरण करें’
डीसी ने कहा कि 31 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद उसका नियमानुसार मुद्रण कराया जाए तथा उसकी प्रतियां सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी कार्यालय तथा संबंधित बीएलओ को उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के शेष कार्यों को पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से पूरा करते हुए प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना सुनिश्चित करें।
यह अधिकारी रहे मौजूद’
इस अवसर पर बहादुरगढ़ के निर्वाचक पंजीयन अधिकारी एवं एसडीएम अभिनव सिवाच, झज्जर के निर्वाचक पंजीयन अधिकारी एवं एसडीएम रवि मीणा, बादली के निर्वाचक पंजीयन अधिकारी एवं एसडीएम विशाल कुमार, बेरी की निर्वाचक पंजीयन अधिकारी एवं एसडीएम रेणुका नांदल, सीटीएम रितु, इलेक्शन नायब तहसीलदार कुलदीप सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

झज्जर लघु सचिवालय सभागार में मंगलवार को अधिकारियों की बैठक में जरूरी निर्देश देती हुईं डीसी वर्षा खांगवाल।

बरसाती सीजन में जल निकासी, सड़क, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था को लेकर तत्परता से करें कार्य: डीसी’
डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों की बैठक में दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
झज्जर, 21 जुलाई, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने मानसून सीजन के दौरान जल निकासी, जलभराव की रोकथाम,स्वच्छ पेयजल, नालों की सफाई,सड़कों की तुरंत मरम्मत आदि की बिंदु वार समीक्षा करते हुए निर्धारित समयावधि में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने समाधान शिविरों से प्राप्त समस्याओं के समाधान को लेकर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। डीसी मंगलवार को लघु सचिवालय में अधिकारियों की बैठक में सड़क, जलनिकासी, स्वच्छ पेयजल सहित अन्य बिंदुओं की समीक्षा कर रही थीं। डीसी ने कहा कि बरसाती मौसम के दौरान कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए सभी अधिकारी नियमित रूप से फील्ड में रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करें तथा किसी भी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने जिला में जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित विभागो आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्य की डेड लाइन तय की जाए,शार्ट टर्म कार्य जल्द पूरे किए जाएं जबकि लंबी अवधि में होने वाले विकास कार्यो की रूपरेखा तैयार करते हुए पूरा किया जाए।
संभावित जलभराव क्षेत्रों से तुरंत पानी निकासी की हो व्यवस्था’
डीसी वर्षा खांगवाल ने दोहराया कि बरसाती मौसम के दौरान जल निकासी व्यवस्था हर समय सुचारु रहनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि बरसात होने के तुरंत बाद जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी की शीघ्र निकासी सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन के दैनिक जीवन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
संबंधित विभाग पंप सेट, मोटर एवं अन्य उपकरण रखें तैयार
डीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि फील्ड स्टाफ संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों में पंप सेट, मोटर, पाइप एवं अन्य आवश्यक उपकरणों को पूरी तरह कार्यशील स्थिति में रखे, ताकि आवश्यकता पड़ते ही बिना विलंब जल निकासी का कार्य प्रारंभ किया जा सके।
जलभराव की प्रत्येक घटना का रखें विस्तृत रिकॉर्ड
डीसी वर्षा खांगवाल ने निर्देश दिए कि संबंधित विभाग बरसात के दौरान जलभराव से संबंधित प्रत्येक घटना का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार करें। रिकॉर्ड में यह स्पष्ट रूप से अंकित किया जाए कि किन स्थानों पर जलभराव हुआ, पानी की निकासी में कितना समय लगा तथा स्थिति सामान्य होने में कितना समय लगा। उन्होंने कहा कि यह रिकॉर्ड भविष्य में स्थायी समाधान, बेहतर योजना निर्माण एवं आपदा प्रबंधन की दृष्टि से उपयोगी सिद्ध होगा। इसके अलावा सम्बंधित एसडीएम अपने अपने क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन से जुड़े उपकरणों की मॉनीटिरिंग करते हुए व्यवस्था दुरुस्त रखें। म्हारी सड़क एप पर आने वाली शिकायतों का अविलंब समाधान सुनिश्चित किया जाए।
ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में एडीसी जगनिवास, एसडीएम झज्जर रवि मीणा, एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल,एसडीएम बादली विशाल, सीटीएम रितु के अलावा शहरी स्थानीय निकाय, पीडब्ल्यूडी, जनस्वास्थ्य, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एचएसआईआईडीसी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

एसआईआर अभियान के तहत किए गए कार्यो की प्रगति की समीक्षा करते हुए डीसी अभिषेक मीणा।

विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 अभियान
केवल 3 दिन शेष, कोई भी पात्र मतदाता नहीं छूटे: डीसी
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अभिषेक मीणा ने एसआईआर कार्य को लेकर की समीक्षा बैठक
जिन मतदाताओं ने अपना गणना प्रपत्र संबंधित बीएलओ को जमा नहीं करवाया है, वे 24 जुलाई तक जरूर कराएं जमा: डीसी

रेवाड़ी, 21 जुलाई, अभीतक: डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अभिषेक मीणा ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 अभियान के तहत गणना प्रपत्र जमा कराने के लिए केवल तीन दिन शेष रह गए हैं। इसकी अंतिम तिथि 24 जुलाई है। जिन मतदाताओं ने अपना गणना प्रपत्र संबंधित बीएलओ को जमा नहीं करवाया है वे समय रहते अपना गणना प्रपत्र जमा करवाएं। डीसी ने बीएलओ को भी निर्देश दिए कि कोई भी पात्र मतदाता नहीं छुटे जिनका गणना प्रपत्र जमा नहीं हुआ हो। इसके साथ-साथ 24 जुलाई से पहले गणना प्रपत्र संबंधित कार्य अवश्य पूरा कर लें। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अभिषेक मीणा ने मंगलवार को लघु सचिवालय सभागार में भारत निर्वाचन आयोग की ओर से हरियाणा प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 (एसआईआर) अभियान के तहत जिला में किए जा रहे कार्य को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक से पहले हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी डीसी और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि ऑनलाइन माध्यम से गणना प्रपत्र जमा कराने वाले मतदाताओं का भौतिक सत्यापन भी निर्धारित समय सीमा से पहले कर लिया जाए। इसके साथ सभी पात्र मतदाताओं के गणना प्रपत्र डिजिटलाइज्ड करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ने बताया कि मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन 31 जुलाई 2026 को होगा। इसके बाद 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक दावे एवं आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। दावों और आपत्तियों का निस्तारण 31 जुलाई से 28 सितंबर 2026 तक किया जाएगा तथा शनिवार 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। उन्होंने आह्वान किया कि जिन मतदाताओं को नाम जोड़ना, हटाना या किसी प्रकार का संशोधन कराना है, वे निर्धारित अवधि में अपना दावाध्आपत्ति अवश्य दर्ज करें। बैठक में एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार, एसडीएम बावल संजीव कुमार, नायब तहसीलदार श्याम सुंदर, नायब तहसीलदार चुनाव अजय यादव, चुनाव कानुगो सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

समैम स्कीम के तहत कृषि यंत्रों के लिए 468 किसानों का हुआ चयन
डीसी अभिषेक मीणा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कमेटी द्वारा निकाला गया ड्रॉ
चयनित किसानों को कृषि यंत्रों पर 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान करवाया जाएगा उपलब्ध

रेवाड़ी, 21 जुलाई, अभीतक: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा स्मैम स्कीम 2026-27 के तहत किसानों को 25 प्रकार के कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध करवाने के लिए आमंत्रित किए गए आवेदनों का ड्रा के माध्यम से चयन किया गया। डीसी अभिषेक मीणा की अध्यक्षता में किसानों की उपस्थिति में जिला स्तरीय कार्यकारिणी कमेटी द्वारा मंगलवार को लघु सचिवालय सभागार में ऑनलाइन ड्रा निकाला गया। इसमें रोटावेटर के लिए 736 और लेजर लैण्ड लेवलर के लिए 216 सफल आवेदन करने वाले किसानों में से रोटावेटर के लिए 359 व लेजर लैण्ड लेवलर के लिए 109 किसानों का चयन किया गया। जिन आवेदकों ने ऑनलाइन फार्म भरते समय रोटावेटर या लेजर लैण्ड लेवलर के अतिरिक्त कोई अन्य कृषि यंत्र की प्राथमिकता दर्ज की थी वह सभी उस कृषि यंत्र पर अनुदान के लाभ के लिए पात्र होंगे। ऑनलाइन आवेदन करने वाले किसानों में से इन चयनित कुल 468 किसानों को इन कृषि यंत्रों पर 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध करवाया जाएगा। डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि योजना के तहत सभी चयनित किसान 27 जुलाई 2026 तक अपने संबंधित दस्तावेज सहायक कृषि अभियन्ता रेवाड़ी कार्यालय में जमा करवाएं। यदि किसी चयनित किसान के दस्तावेजों में कमी पाई जाती है तो वह अनुदान के लिए पात्र नहीं होगा। उन्होंने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा दस्तावेजों की जांच उपरांत ऑनलाइन अनुदान पात्रता प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा। चयनित किसान विभागीय पोर्टल ूूू.ंहतपींतंलंद.हवअ.पद पर उपलब्ध अपने मनपसंद निर्माताध्डीलर से मोल भाव करके 18 अगस्त 2026 तक कृषि यंत्र खरीदना सुनिश्चित करे। सहायक कृषि अभियन्ता इंजी. दिनेश शर्मा ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि डीलर के माध्यम से कृषि यंत्र का बिल, ई-वे बिल व मशीन के साथ फोटो जीपीएस लोकेशन सहित 24 अगस्त 2026 तक डीलर के माध्यम से विभागीय पोर्टल पर अपलोड करवाना अनिवार्य है। इस अवसर पर उप कृषि निदेशक रेवाड़ी डा. जितेन्द्र अहलावत, केवीके रामपुरा के वरिष्ठ समन्वयक डा. कपूर सिंह, ई.टी.ओ. नरेश चैधरी, कृषि विकास अधिकारी (कृषि यन्त्र) इंजी. सुनील कुमार, जे. ई. जोगेंद्र पाल, भारतीय स्टेट बैंक उप प्रबंधक संदीप यादव, मंगत राम, जिला उद्यान अधिकारी व काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।

अंत्योदय मेला की प्री काउंसलिंग के लिए आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में संबोधित करते हुए एडीसी राहुल मोदी।

मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना 2.0
अंत्योदय मेले में एक ही स्थान पर मिलेगा विभागीय योजनाओं व सेवाओं का लाभ: एडीसी
बावल विधानसभा क्षेत्र के पात्र परिवारों के लिए 26 जुलाई को अंत्योदय मेला
नगर पालिका बावल में होगा अंत्योदय मेले का आयोजन

रेवाड़ी, 21 जुलाई, अभीतक: मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना 2.0 के अंतर्गत आगामी 26 जुलाई रविवार को बावल नगर पालिका परिसर में अंत्योदय मेला आयोजित किया जाएगा। मेले में विभिन्न विभागों द्वारा पात्र लाभार्थियों को एक ही स्थान पर सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। इस संबंध में मंगलवार को एडीसी राहुल मोदी की अध्यक्षता में बावल विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सचिवों व पटवारियों के लिए ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बावल के ग्राम सचिवों व पटवारियों को प्री-मेला काउंसलिंग के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया। एडीसी राहुल मोदी ने बावल क्षेत्र के ग्राम सचिवों व पटवारियों को संबोधित करते हुए कहा कि ट्रेनिंग कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र के सभी पात्र नागरिकों को विभागों की योजनाओं व सेवाओं की पूरी जानकारी देना है, ताकि वे क्षेत्र के चयनित पात्र परिवारों की उचित काउंसलिंग कर सकें। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना 2.0 के तहत पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ते हुए उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि इस मेले से पूर्व सभी संबंधित ग्राम सचिव और पटवारी अपने-अपने गांवों में घर-घर लाभार्थियों से संपर्क करे और उन्हें कौशल विकास या स्वरोजगार के विकल्पों के बारे में जानकारी दी जाए। उन्होंने बताया कि प्री काउंसलिंग के बाद पात्र लाभार्थी को 26 जुलाई को बावन नगर पालिका परिसर में होने वाले अंत्योदय मेले में भाग लेने के लिए मार्गदर्शन और दस्तावेजों की उचित जानकारी दी जाए, ताकि पात्र नागरिक को मेले में सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं व सेवाओं का लाभ मिल सके और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
इन विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं का दिया जाएगा लाभ
एडीसी राहुल मोदी ने बताया कि अंत्योदय मेले के माध्यम से पात्र परिवारों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की योजनाओं व सेवाओं का लाभ दिया जाएगा। मेले में ग्रामीण विकास, आर्थिक रूप से पिछड़ा एवं कमजोर वर्ग कल्याण निगम, हरियाणा कौशल विकास निगम, हरियाणा महिला विकास निगम, कृषि, पशुपालन एवं डेयरी, मत्स्य पालन, बागवानी, शहरी स्थानीय निकाय, एमएसएमई, रेडक्रॉस, एग्रो इंडस्ट्री, रोजगार, पंचायत विभाग सहित अन्य सरकारी विभाग अपने-अपने स्टॉल लगाएंगे। इन स्टॉलों पर पात्र नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ मौके पर ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे तथा पात्रता के अनुसार योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।

हरियाणा में 12 क्लस्टरों के तहत 60 आईटीआई का होगा अपग्रेडेशन’
पीएम-सेतु योजना के तहत 2,892 करोड़ की कार्ययोजना को मिली मंजूरी’
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई योजना की पहली संचालन समिति की बैठक की’

चंडीगढ़, 21 जुलाई, अभीतक: हरियाणा सरकार ने प्रधानमंत्री स्किल एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम-सेतु) योजना के तहत राज्य में कौशल विकास को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। योजना के अंतर्गत राज्य के 12 हब-एंड-स्पोक क्लस्टरों में 60 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) का उन्नयन किया जाएगा, जिस पर 2,892 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। इस संबंध में आज मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में पीएम-सेतु योजना की राज्य स्तरीय संचालन समिति (स्टीयरिंग कमेटी) की पहली बैठक हुई। बैठक में बताया गया कि प्रस्तावित 12 क्लस्टरों में से कुरुक्षेत्र, कलायत (कैथल), पलवल, छारा (झज्जर), सोनीपत, मडलौडा तथा बेरली कलां सहित सात क्लस्टरों की पहचान कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग द्वारा की जा चुकी है। इनमें से कुरुक्षेत्र, पलवल, छारा, कलायत और सोनीपत क्लस्टरों के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) भी जारी किए जा चुके हैं। बैठक में बताया गया कि पीएम-सेतु योजना की घोषणा केंद्रीय बजट 2024-25 में की गई थी तथा 2025-26 में इसका विस्तार किया गया। यह केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसकी राष्ट्रीय स्तर पर कुल लागत 60,000 करोड़ रुपये है। योजना के पूंजीगत व्यय में केंद्र, राज्य सरकार और उद्योग साझेदारों की हिस्सेदारी क्रमशः 50ः33ः17 के अनुपात में होगी, जबकि परिचालन व्यय राज्य सरकार और उद्योग साझेदार संयुक्त रूप से वहन करेंगे। युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव श्री राजीव रंजन ने बताया कि योजना के दो प्रमुख घटक हैं। प्रथम घटक के तहत देशभर में 200 हब एवं 800 स्पोक क्लस्टरों के माध्यम से 1,000 आईटीआई का उन्नयन राज्यों द्वारा किया जाएगा, जबकि द्वितीय घटक के तहत 5 राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों एवं 5 राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों का सुदृढ़ीकरण केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा में प्रत्येक क्लस्टर में एक हब आईटीआई होगा, जिसके साथ औसतन चार स्पोक आईटीआई जुड़े होंगे। इन संस्थानों में आधुनिक एवं नए पाठ्यक्रम, प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण (ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स), प्लेसमेंट सेवाएं तथा उत्पादन इकाइयां विकसित की जाएंगी। राज्य के तीन क्लस्टरों को वर्ष 2026-27 में संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में बताया गया कि कुरुक्षेत्र एवं कैथल क्लस्टरों के लिए, जिनमें राजकीय आईटीआई कुरुक्षेत्र के साथ पांच तथा राजकीय आईटीआई कलायत के साथ चार स्पोक संस्थान जुड़े हैं और जिनकी संयुक्त छात्र क्षमता 4,800 से अधिक है, जिंदल नवीन अवसार लिमिटेड के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम तथा उसकी सामाजिक भागीदार जिंदल फाउंडेशन ने 520 करोड़ रुपये से अधिक की पांच वर्षीय रणनीतिक निवेश योजना प्रस्तुत की है। इस योजना का वित्तपोषण केंद्र सरकार, राज्य सरकार तथा उद्योग साझेदार द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि राज्य संचालन समिति द्वारा अनुमोदित इन रणनीतिक निवेश योजनाओं को अंतिम स्वीकृति के लिए राष्ट्रीय संचालन समिति को भेजा जाएगा, जहां प्रत्येक क्लस्टर के लिए बजट का अंतिम निर्धारण किया जाएगा। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने विभाग को निर्देश दिए कि शेष क्लस्टरों का चयन शीघ्र किया जाए तथा उनके लिए आरएफपी प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए, ताकि योजना के क्रियान्वयन में कोई विलंब न हो। बैठक में अधिकारियों ने योजना के अभिनव क्रियान्वयन मॉडल की भी जानकारी दी। इसके तहत प्रत्येक क्लस्टर का संचालन उद्योग-संचालित स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें 51 प्रतिशत हिस्सेदारी एंकर इंडस्ट्री पार्टनर तथा शेष 49 प्रतिशत हिस्सेदारी केंद्र एवं राज्य सरकार की होगी। बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य सरकार पीएम-सेतु योजना के तहत प्रदेश की वित्तीय हिस्सेदारी उपलब्ध कराने के लिए राज्य वित्त आयोग से नई बजट योजना की स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया में है। वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों में सभी 12 क्लस्टरों के लिए राज्य सरकार द्वारा 1,176 करोड़ रुपये का योगदान प्रस्तावित है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि पीएम-सेतु योजना के पूर्ण रूप से लागू होने के बाद राज्य में उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, आईटीआई विद्यार्थियों के रोजगार के अवसर बेहतर होंगे तथा राज्य का कौशल विकास तंत्र श्विकसित भारत-2047श् के लक्ष्य के अनुरूप और अधिक सशक्त होगा।

हरियाणा ने पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण मानदंडों में किया संशोधन
मौजूदा 20 प्रतिशत आरक्षण का श्रेणीवार विभाजन

चंडीगढ़, 21 जुलाई, अभीतक: हरियाणा सरकार ने सरकारी सेवाओं में सीधी भर्ती के दौरान पूर्व अग्निवीरों को दिए जा रहे मौजूदा 20 प्रतिशत आरक्षण का श्रेणीवार वितरण निर्धारित करते हुए अपनी आरक्षण नीति में संशोधन किया है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। ये निर्देश पूर्व अग्निवीरों को सीधी भर्ती में आरक्षण प्रदान करने संबंधी सरकार के 20 अगस्त, 2025 के पूर्व आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए जारी किए गए हैं। संशोधित प्रावधानों के अनुसार, पूर्व अग्निवीरों के लिए कुल 20 प्रतिशत आरक्षण यथावत रहेगा, लेकिन अब इसका श्रेणीवार विभाजन अधिसूचित कर दिया गया है। यह व्यवस्था पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग में वन रक्षक (फॉरेस्ट गार्ड), कारागार विभाग में प्रिजन वार्डर तथा खान एवं भूविज्ञान विभाग में माइनिंग गार्ड के पदों पर सीधी भर्ती में लागू होगी। संशोधित श्रेणीवार विभाजन के अनुसार, 2 प्रतिशत आरक्षण वंचित अनुसूचित जाति (डीएससी), 2 प्रतिशत अन्य अनुसूचित जाति (ओएससी), 3 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग-ए (बीसी-ए), 2 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग-बी (बीसी-बी), 2 प्रतिशत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) तथा शेष 9 प्रतिशत अनारक्षित वर्ग के लिए निर्धारित किया गया है। इस प्रकार पूर्व अग्निवीरों के लिए कुल आरक्षण 20 प्रतिशत रहेगा। अधिसूचना में प्रत्येक श्रेणी के लिए पृथक रोस्टर प्वाइंट्स भी निर्धारित किए गए हैं, ताकि भर्ती प्रक्रिया के दौरान आरक्षण नीति का राज्यभर में एकरूप एवं प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। संशोधित निर्देशों की प्रति सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों एवं निगमों के प्रबंध निदेशकों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल तथा राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों को अनुपालन हेतु भेजी गई है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब दौरे के दौरान दिव्य ज्योति जागृति संस्थान पहुंचे’
चंडीगढ़, 21 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को अपने पंजाब दौरे के दौरान जालंधर के नूरमहल स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान पहुंचकर संस्थान के संस्थापक एवं प्रमुख दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी को पुष्प अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने संस्थान में आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम में भाग लेते हुए देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि संत-महापुरुष समाज को सत्य, सेवा, आध्यात्मिकता और मानवता का मार्ग दिखाते हैं तथा उनके विचार समाज में सद्भाव, संस्कार और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री ने दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा आध्यात्मिक जागरूकता, मानव सेवा और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संस्थान के पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं से भी भेंट की।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर ने घोर लापरवाही बरतने पर डाकघर अधीक्षक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के दिए आदेश
नागरिकों को पर्याप्त स्वच्छ पेयजल और निर्बाध रूप से बिजली मिलनी चाहिए – राजेश नागर’
बैठक में रखे कुल 13 परिवादों में से मंत्री ने किया 11 का मौके पर ही समाधान’

चंडीगढ़, 21 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री श्री राजेश नागर की अध्यक्षता में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति भिवानी की आयोजित मासिक बैठक में 13 परिवादों की सुनवाई की, जिनमें 11 परिवादों का मौके पर ही समाधान किया। श्री नागर ने भिवानी में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में मुंढाल खुर्द निवासी ऋषिकेश के डाकघर से आरडी खाते से जुड़े एक मामले में घोर लापरवाही बरते जाने पर सख्त कार्रवाई जाने के निर्देश दिए। साथ ही मामले की जांच पुलिस आर्थिक अपराध शाखा को सौंपने के निर्देश दिए। वहीं खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री ने नागरिकों को निर्बाध रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को पर्याप्त स्वच्छ पेयजल और निर्बाध रूप से बिजली मिलनी चाहिए। बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति आने वाले फाल्ट को तुरंत प्रभाव से दूर किया जाए और पेयजल की लीकेज को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए ताकि लोगों को पीने के लिए साफ पानी मिल सके। बैठक में खाद्य एवं आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री ने स्थानीय फैंसी चैक निवासी धर्म सिंह के परिवाद की सुनवाई में मामले की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद पुलिस को त्वरित कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामलों में तीन अगस्त को मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई कर दी जाएगी। ग्वार फैक्ट्री के पास सेवा नगर निवासी महाबीर के मामले की सुनवाई करते हुए उन्होंने पुलिस की सहायता से पाइप लाइन डालकर पेयजल समस्या के समाधान के निर्देश दिए। एक अन्य मामले में श्री नागर ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को ग्रीन बेल्ट की खाली जगह पर पार्क विकसित करने और इससे पहले नगर परिषद को यहां दो दिन के अंदर सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। एक अन्य मामले में गंदे पानी की समस्या की सुनवाई करते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री ने सम्बंधित अधिकारियों को आगामी दस दिन में समस्या के समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को वार्ड वाइज सर्वे कर पानी की लीकेज लाईनों की पहचान की जाए। उन्होंने शहर में नालों की सफाई व्यवस्था को भी दुरुस्त किए जाने के मामलों की एडीसी द्वारा जांच किए जाने के निर्देश दिए। नूनसर जोहड़ भिवानी निवासी पदमावती के परिवाद की सुनवाई पर मंत्री ने मामले में गैर सरकारी दो सदस्यीय कमेटी द्वारा जांच कर रिपोर्ट दिए जाने के निर्देश दिए।

प्रशासनिक कार्य प्रणाली होगी बेहतर’
हरियाणा सरकार ने अधिकारियों को भेजी बैठकों के संचालन संबंधी मार्गदर्शिका

चंडीगढ़, 21 जुलाई, अभीतक: हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक कार्यकुशलता को सुदृढ़ करने तथा निर्णय लेने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा तैयार प्रभावी बैठकों के संचालन संबंधी मार्गदर्शिका (गाइड फॉर स्मार्टर ऑफिशियल मीटिंग्स) राज्य के सभी आईएएस अधिकारियों को प्रेषित की है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल सचिवालय से प्राप्त मार्गदर्शिका सभी आईएएस अधिकारियों को भेजते हुए इसका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव द्वारा जारी पत्र में केंद्रीय कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन के उस पत्र का उल्लेख किया गया है, जो उन्होंने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजा है। अपने पत्र में कैबिनेट सचिव ने कहा है कि हालांकि सिविल सर्वेंट प्रायः बड़े नीतिगत विषयों पर अधिक ध्यान देते हैं, लेकिन दैनिक प्रशासनिक कार्यप्रणाली में छोटे-छोटे सुधार भी सुशासन और कार्यकुशलता में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अनेक अधिकारी ऐसे व्यावहारिक मार्गदर्शन की आवश्यकता महसूस करते हैं, जो नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का हिस्सा नहीं होता, जबकि बेहतर जनसेवा सुनिश्चित करने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मार्गदर्शिका में उल्लेख किया गया है कि अधिकारियों के कार्य समय का बड़ा हिस्सा नियमित बैठकों में व्यतीत होता है, लेकिन अनेक बैठकों की शुरुआत समय पर नहीं होती, उनके उद्देश्य स्पष्ट नहीं होते, अनावश्यक प्रतिभागियों को आमंत्रित किया जाता है तथा कई बार बैठकें बिना किसी ठोस निर्णय अथवा अनुवर्ती कार्रवाई के समाप्त हो जाती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह मार्गदर्शिका तैयार की गई है ताकि बैठकें सुव्यवस्थित, समयबद्ध, सहभागितापूर्ण तथा परिणामोन्मुखी बन सकें। मार्गदर्शिका में अधिकारियों को सलाह दी गई है कि बैठक आयोजित करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि क्या वास्तव में बैठक आवश्यक है अथवा ई-मेल, टेलीफोन अथवा लिखित संवाद के माध्यम से भी उद्देश्य हासिल किया जा सकता है। यदि बैठक आवश्यक हो तो उसका उद्देश्य स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाए, एजेंडा एवं संबंधित पृष्ठभूमि सामग्री समय से पहले साझा की जाए, केवल आवश्यक प्रतिभागियों को आमंत्रित किया जाए तथा एजेंडा बिंदुओं को तार्किक क्रम में रखा जाए, ताकि चर्चा अधिक प्रभावी हो सके। मार्गदर्शिका में यह भी सुझाव दिया गया है कि सभी बैठकें निर्धारित समय पर प्रारंभ एवं समाप्त हों, खुली चर्चा को प्रोत्साहित किया जाए, दो-तरफा संवाद सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक प्रतिभागी को अपने विचार रखने का अवसर मिले। बैठक संचालन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए संचालक (फैसिलिटेटर), कार्यवृत्त लेखक (मिनट-टेकर) तथा समय-प्रबंधक (टाइमकीपर) जैसी जिम्मेदारियां निर्धारित करने की भी अनुशंसा की गई है। हाइब्रिड बैठकों में वर्चुअल माध्यम से जुड़े प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया गया है। जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मार्गदर्शिका में सुझाव दिया गया है कि बैठकों का कार्यवृत्त (मिनट्स ऑफ मीटिंग्स) यथासंभव दो से तीन दिनों के भीतर जारी किया जाए, जिसमें प्रत्येक निर्णय, संबंधित उत्तरदायी अधिकारी तथा कार्य पूर्ण करने की समय-सीमा स्पष्ट रूप से अंकित हो। इसके अतिरिक्त बैठक सूचना, कार्यवृत्त, चयन समिति की कार्यवाही, वित्त समिति की बैठक तथा हितधारकों के साथ परामर्श संबंधी बैठकों के लिए मानक प्रारूप भी उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि सरकारी अभिलेखों में एकरूपता एवं व्यावसायिकता सुनिश्चित की जा सके। कैबिनेट सचिव ने सभी मुख्य सचिवों से इस मार्गदर्शिका को अपने-अपने राज्यों के अधिकारियों तक पहुंचाने का अनुरोध किया है। साथ ही राज्य प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थानों से भी कहा गया है कि वे युवा राज्य सिविल सेवा अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में इन व्यवहारगत एवं प्रशासनिक कार्यप्रणाली संबंधी सर्वोत्तम प्रथाओं को शामिल करें।

हरियाणा में आयुष परियोजनाओं के लिए तय हुई समय सीमा
हिसार का आयुष अस्पताल 15 अगस्त तक और नूंह का यूनानी अस्पताल मार्च 2027 तक होगा शुरू’

चंडीगढ़, 21 जुलाई, अभीतक: हरियाणा सरकार ने राज्य में आयुष स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अपनी प्रमुख आयुष परियोजनाओं के लिए स्पष्ट समयसीमा तय कर दी है। इसके तहत मय्यड़ (हिसार) स्थित राजकीय आयुष अस्पताल का उद्घाटन 15 अगस्त, 2026 तक तथा अकेहड़ा (नूंह) स्थित राजकीय यूनानी महाविद्यालय एवं अस्पताल को मार्च, 2027 तक संचालित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ये निर्णय स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लिए गए। उन्होंने सभी कार्यकारी एजेंसियों को निर्देश दिए कि लंबित कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं तथा अस्पतालों को बिना किसी देरी के संचालित किया जाए। बैठक में आयुष विभाग की सभी प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। डॉ. मिश्रा ने निर्देश दिए कि भवन निर्माण, चिकित्सा उपकरणों की खरीद तथा मानव संसाधन की नियुक्ति की प्रक्रिया समानांतर रूप से पूरी की जाए, ताकि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करने में किसी प्रकार की देरी न हो। मय्यड़ (हिसार) स्थित राजकीय आयुष अस्पताल के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि यहां ओपीडी सेवाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं। इस पर डॉ. मिश्रा ने अग्नि सुरक्षा प्रणाली तथा अन्य वैधानिक व्यवस्थाओं का कार्य शीघ्र पूरा करने, अतिरिक्त मानव संसाधन की तैनाती सुनिश्चित करने और आईपीडी सेवाएं जल्द शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि प्रस्तावित उद्घाटन से पहले यह संस्थान पूर्ण रूप से आयुष अस्पताल के रूप में कार्य करने लगे। अकेहड़ा (नूंह) स्थित राजकीय यूनानी महाविद्यालय एवं अस्पताल, जो मेवात क्षेत्र में पारंपरिक चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दृष्टि से राज्य की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है, को मार्च, 2027 तक संचालन के लिए तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य के साथ-साथ चिकित्सा उपकरणों की खरीद की प्रक्रिया भी पूरी की जाए तथा स्टाफ भर्ती की स्वीकृति समय रहते प्राप्त की जाए, ताकि अस्पताल शुरू होते ही मरीजों को सेवाएं मिल सकें। बैठक में चांदपुरा (अंबाला) स्थित राजकीय होम्योपैथिक महाविद्यालय एवं अस्पताल की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी संशोधनों के बाद संशोधित संरचनात्मक डिजाइन तैयार हो चुके हैं। 31 जुलाई तक नए टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे तथा 31 अगस्त तक कार्यादेश जारी किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सके। इसके अलावा, पट्टीकरा (नारनौल) स्थित बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं अस्पताल में प्रस्तावित आयुष वेलनेस सेंटर के निर्माण को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। लोक निर्माण विभाग को 15 अगस्त तक सभी टेंडर संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने तथा लंबित संरचनात्मक समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए गए, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जा सके। निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयुष विभाग राज्यभर के उद्योगों के लिए एक परामर्श भी जारी करेगा, जिसमें कर्मचारियों के कार्यस्थल पर श्योग ब्रेकश् अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। बैठक के अंत में डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी संबंधित विभागों को लंबित कार्यों में तेजी लाने तथा निर्धारित समयसीमा के अनुसार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक आयुष संस्थानों की स्थापना तथा सस्ती एवं सुलभ पारंपरिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

हरियाणा में दुग्ध उत्पादन और नस्ल सुधार को मिलेगी गति- पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा’
’पशुधन के आनुवंशिक सुधार के लिए अगले 2 वर्ष के लिए तरल नाइट्रोजन का दर अनुबंध मंजूर’
’उच्च स्तरीय खरीद समिति की बैठक में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णयय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रमों में आएगी तेजी’

चंडीगढ़, 21 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार पशुपालकों के हितों को ध्यान में रखकर निरंतर काम कर रही है। सरकार का मुख्य लक्ष्य राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाना और पशुधन की नस्ल सुधार के काम को तेज गति देना है, ताकि पशुपालक अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादन करके अपनी आर्थिक स्थिति को और अधिक मजबूत कर सकें। हरियाणा सिविल सचिवालय में आज पशुपालन एवं डेयरी विभाग की उच्च स्तरीय खरीद समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कैबिनेट मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने यह बात कही। इस अवसर पर हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा भी मौजूद रहे। बैठक में पशुधन के आनुवंशिक सुधार के लिए एक बड़ा निर्णय लेते हुए, उच्च क्वालिटी के फ्रोजन सीमन के सुरक्षित भंडारण हेतु तरल नाइट्रोजन की निर्बाध आपूर्ति के लिए अगले 2 वर्ष के लिए दर अनुबंध को मंजूरी दी गई है।
बोवाइन फ्रोजन सीमन का संरक्षण होगा सुनिश्चित’
पशुपालन मंत्री ने बताया कि बोवाइन फ्रोजन सीमन के उत्पादन, भंडारण और सुरक्षित परिवहन के लिए तरल नाइट्रोजन की नियमित और बिना किसी बाधा के उपलब्धता बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से विभाग द्वारा इस दर अनुबंध की व्यवस्था को लागू किया गया है। बैठक में जानकारी दी गई कि निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तरल नाइट्रोजन की समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। सीमन उत्पादन और उसके संरक्षण का कार्य बिना किसी व्यवधान के लगातार संचालित हो सकेगा। यह अनुबंध विभिन्न सीमन उत्पादन केन्द्रों तथा उनसे संबंधित इकाइयों की जरूरतों के अनुसार पूरी तरह प्रभावी रहेगा।
’कृत्रिम गर्भाधान को मिलेगी रफ्तार, पशुपालकों को होगा सीधा लाभ’
मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि विभाग का मुख्य उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले बोवाइन फ्रोजन सीमन के उत्पादन को निरंतर बनाए रखना और पशुधन प्रजनन कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी व सुदृढ़ बनाना है। तरल नाइट्रोजन की निर्बाध उपलब्धता से राज्य में कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रमों को गति मिलेगी। इसका सीधा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों को होगा, क्योंकि उन्हें बेहतर आनुवंशिक गुणवत्ता वाले पशुधन प्राप्त होंगे। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पशुपालन को एक मुनाफे का व्यवसाय बनाने और इसे बढ़ावा देने के लिए कई तरह की कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ उठाकर राज्य के लाखों पशुपालक आत्मनिर्भर और समृद्ध हो रहे हैं। इस अवसर पर पशुपालन एवं डेयरी के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के प्रबंध निदेशक डा. वीरेंद्र सिंह व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

जिलास्तर पर निवेशकों के आवेदन लंबित न रहें, एक ही बार में दर्ज हों सभी आपत्तियां: राव नरबीर सिंह’
चंडीगढ़, 21 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिला स्तर पर निवेशकों के किसी भी आवेदन में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी आवेदन में कोई कमी या आपत्ति हो तो संबंधित अधिकारी सभी आपत्तियां एक ही बार में दर्ज करें, ताकि निवेशकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और समयबद्ध तरीके से अनुमतियां मिल सकें। राव नरबीर सिंह आज हरियाणा सिविल सचिवालय स्थित एनआईसी केंद्र में पर्यावरण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों, जिला उद्योग अधिकारियों तथा औद्योगिक सम्पदा अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, महानिदेशक यश गर्ग तथा एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक सुशील सारवान भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य प्रदेश को निवेश के लिए सबसे अनुकूल राज्य बनाना है। इसके लिए अनुमोदन प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाया जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निवेशकों को विभागीय प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। बैठक में डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि विभाग यूनिफाइड सिंगल विंडो सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसके तहत नया एसडब्ल्यूएस पोर्टल विकसित किया जाएगा, जिसे राजस्व विभाग के भू-अभिलेखों के साथ एकीकृत किया जाएगा। एचएसआईआईडीसी की औद्योगिक सम्पदाओं में उपलब्ध खाली भूखंडों की जानकारी भी पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि निवेशकों की सुविधा के लिए पोर्टल पर निकटतम रेलवे स्टेशन, बिजली एवं पानी की उपलब्धता जैसी आधारभूत सुविधाओं की जानकारी भी उपलब्ध होगी। साथ ही इसे जीआईएस तकनीक से जोड़ा जाएगा, जिससे निवेशकों को उपयुक्त स्थान के चयन में आसानी होगी। बैठक में यह भी बताया गया कि निवेशकों के लिए दस्तावेज संग्रहण केंद्र, मार्गदर्शन सेवाओं तथा आवश्यक अनुमतियों की विस्तृत जानकारी भी इसी पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा जिला एवं राज्य स्तर पर कारोबार सुधार कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिससे निवेश प्रक्रिया को और अधिक सुगम बनाया जा सके। समीक्षा बैठक के दौरान राव नरबीर सिंह ने ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में आरडब्ल्यूए से संबंधित लगातार मिल रही शिकायतों का भी संज्ञान लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपार्टमेंट सोसायटी अधिनियम में आवश्यक संशोधनों के लिए नीति तैयार की जाए, ताकि निवासियों की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। एमएसएमई विभाग के अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की सहायता के लिए बीडीएस हेल्पडेस्क तथा श्उद्योग साथीश् नियुक्त किए गए हैं, जो निवेशकों को विभिन्न योजनाओं, अनुमतियों और प्रक्रियाओं संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। इसके लिए शीघ्र ही श्संगम पोर्टलश् भी शुरू किया जाएगा, जिसमें केंद्र सरकार की श्जीरो इफेक्ट, जीरो डिफेक्टश् नीति को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा। उद्योग मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निवेशकों को त्वरित एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

हरियाणा में अनुपालन में कमी एवं विनियमन-सरलीकरण अभियान का दूसरा दौर’
प्रदेश में कारोबारी सुगमता बढ़ी, 21 प्रमुख सुधारों को मिली रफ्तार’
’मुख्य सचिव ने शेष सुधारों को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए’

चंडीगढ़, 21 जुलाई, अभीतक: हरियाणा सरकार ने प्रदेश में कारोबारी प्रक्रिया को और अधिक सरल, पारदर्शी तथा निवेशक-अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अनुपालन में कमी (कम्प्लायंस रिडक्शन) एवं विनियमन-सरलीकरण (डी-रेग्यूलेशन) अभियान के तहत 28 प्राथमिकता वाले सुधारों में से 21 सुधारों को स्वीकृति दी जा चुकी है। इसके साथ ही, केंद्र सरकार के इस अभियान में हरियाणा अग्रणी राज्यों में शुमार हो गया है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां एक उच्चस्तरीय बैठक में इन सुधारों की समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि शेष सुधारों को निर्धारित समय-सीमा में लागू किया जाए तथा उनकी प्रगति से संबंधित दस्तावेजी साक्ष्य समय पर एमआईएस पोर्टल पर अपलोड किए जाएं, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा की उपलब्धियां सही रूप में परिलक्षित हो सकें। मुख्य सचिव ने कहा कि हरियाणा सरकार का उद्देश्य ऐसा नियामक ढांचा विकसित करना है जो पारदर्शी, प्रौद्योगिकी आधारित और उद्योगों के अनुकूल हो। इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा, उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा तथा राज्य में कारोबार करने की सुगमता में और सुधार होगा। बैठक में बताया गया कि केंद्र सरकार के डी-रेग्यूलेशन सेल द्वारा छह प्रमुख सुधारों को पहले ही स्वीकृति दी जा चुकी है। इनमें बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को सरल एवं त्वरित बनाना, दुकानों एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए नियमों का उदारीकरण, सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से सेवाओं की समयबद्ध उपलब्धता, हरियाणा सेवा का अधिकार व्यवस्था के तहत ऑटो-अपील प्रणाली, पर्यावरणीय स्वीकृतियों की प्रक्रिया में सुधार तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए जांच सुविधाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करना शामिल है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि विभिन्न विभागों द्वारा 15 अन्य सुधारों पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। इनमें भूमि उपयोग नियमों का उदारीकरण, औद्योगिक प्लॉटों के प्रबंधन में अधिक लचीलापन, भवन निर्माण स्वीकृति प्रक्रिया का सरलीकरण, वैश्विक मानकों के अनुरूप अग्नि सुरक्षा नियम लागू करना, स्वास्थ्य क्षेत्र में लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाना, राज्य के कानूनों एवं नियमों का डिजिटलीकरण तथा निवेश को प्रोत्साहित करने वाले उपाय शामिल हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) ने उद्योगों की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इनमें औद्योगिक भूखंडों का विभाजन एवं एकीकरण, पूर्व अनुमति के बिना औद्योगिक परियोजनाओं में परिवर्तन की सुविधा, दस वर्ष बाद लीजहोल्ड को फ्रीहोल्ड में परिवर्तित करने की व्यवस्था, लचीले लीज नियम तथा भूमि के बेहतर उपयोग के लिए उदार विकास नियम शामिल हैं। बैठक में यह भी बताया गया कि उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने हरियाणा राइट टू बिजनेस विधेयक, 2026 का प्रारूप तैयार कर लिया है। प्रस्तावित विधेयक के तहत पात्र विनिर्माण एमएसएमई इकाइयों को स्व-घोषणा के आधार पर सैद्धांतिक स्वीकृति प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा तथा राज्य सरकार के विभागों द्वारा निरीक्षण से तीन वर्ष तक की छूट का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा हरियाणा एंटरप्राइजेज प्रमोशन सेंटर (एचईपीसी) को राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी तथा जिला स्तरीय स्वीकृति समितियों को सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से समयबद्ध अनुमोदन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि प्रदेश के लगभग 70 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र, जो नियंत्रित क्षेत्रों से बाहर है, में कृषि भूमि को गैर-कृषि उपयोग में परिवर्तित करने के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) की अनुमति की आवश्यकता नहीं है। विभाग नियंत्रित क्षेत्रों में भी बिना मानवीय हस्तक्षेप के सिस्टम जनरेटेड सीएलयू स्वीकृति की दिशा में कार्य कर रहा है। अग्निशमन सेवा विभाग के अधिकारियों ने अवगत कराया कि हरियाणा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा अधिनियम, 2022 में संशोधन कर जोखिम आधारित अग्नि सुरक्षा मानकों को वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप लागू करने की प्रक्रिया जारी है। बैठक में श्रम विभाग के प्रधान सचिव श्री राजीव रंजन, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, अग्निशमन सेवाएं विभाग के महानिदेशक श्री शेखर विद्यार्थी, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक कुमार मीणा, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे

बापू लाल बादशाह की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर गरीब, जरूरतमंद और वंचित वर्ग के कल्याण के लिए सरकार कर रही है काम: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
मुख्यमंत्री ने जालंधर के नकोदर में स्थित दरबार बापू लाल बादशाह जी पर मनाये जा रहे 43वें तीन दिवसीय मेले में की शिरकत

चंडीगढ़, 21 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अलमस्त बापू लाल बादशाह जी का जीवन प्रेम, भाईचारे, मानवता और सामाजिक एकता का संदेश देता है। उनका संदेश था कि जहां सच्चा प्रेम होता है, वहां भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं होता। मुख्यमंत्री सोमवार को जालंधर के नकोदर में स्थित दरबार बापू लाल बादशाह जी पर मनाये जा रहे 43वें तीन दिवसीय मेले में शिरकत कर रहे थे। इस दौरान बापू लाल बादशाह दरगाह के गद्दीशीन एवं पूर्व सांसद श्री हंसराज हंस भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने इस दौरान अपने संबोधन में कहा कि अलमस्त बापू लाल बादशाह जी की पावन धरती नकोदर में आकर उन्हें अत्यंत सौभाग्य और गौरव का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र स्थल पर शीश नवाने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने आयोजन समिति तथा प्रसिद्ध गायक श्री हंसराज हंस का आमंत्रण एवं आत्मीय स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा दो अलग-अलग राज्य अवश्य हैं, लेकिन दोनों की सांस्कृतिक विरासत, गुरु परंपरा और सामाजिक रिश्ते समान हैं। दोनों प्रदेश एक ही परिवार के दो भाइयों की तरह हैं और सदैव प्रेम, भाईचारे तथा आपसी सद्भाव की भावना के साथ आगे बढ़ते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी कामना है कि जिस प्रकार हरियाणा विकास के पथ पर अग्रसर है, उसी प्रकार पंजाब भी तेजी से प्रगति करते हुए देश के अग्रणी राज्यों में अपना स्थान और अधिक सुदृढ़ करे। उन्होंने बापू लाल बादशाह जी के चरणों में दोनों राज्यों की खुशहाली, समृद्धि और देश की उन्नति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार बापू लाल बादशाह जी की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर गरीब, जरूरतमंद और वंचित वर्ग के कल्याण के लिए अनेक जनहितकारी योजनाएं संचालित कर रही है। सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना तथा अंत्योदय के संकल्प को साकार करना है। इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री हंसराज हंस ने कहा कि बापू लाल बादशाह जी का दरबार प्रेम, आस्था, इंसानियत और सूफी परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मेले का अंतिम दिन अवश्य है, लेकिन श्रद्धा और प्रेम का यह सिलसिला कभी समाप्त नहीं होता। उन्होंने इस दौरान सूफी विचारधारा के महत्व को भी बताया। उन्होंने कहा कि बापू लाल बादशाह जी का संदेश जाति, धर्म और भेदभाव से ऊपर उठकर प्रेम, भाईचारे और मानवता को अपनाने का है। सूफी परंपरा सीमाओं में बंधी नहीं होती, बल्कि लोगों और दिलों को जोड़ने का कार्य करती है। श्री हंसराज हंस ने इस दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की सादगी की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा के बीच केवल प्रशासनिक सीमाएं हैं, जबकि दोनों राज्यों की संस्कृति, विरासत और सामाजिक रिश्ते एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी अपने अत्यंत व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद बापू लाल बादशाह जी के प्रति श्रद्धा और श्रद्धालुओं के प्रति सम्मान के भाव से यहां पहुंचे हैं। इस दौरान पूर्व सांसद श्रीमती सुनीता दुग्गल, श्री सुशील कुमार रिंकू, पूर्व मंत्री श्री असीम गोयल, अध्यक्ष सरदार जगबीर सिंह बराड़, सरदार गुलाब सिंह संधू भी मौजूद थे।

वंचित बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बाल भवनों में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की गतिविधियां शुरू करने की पहल सराहनीय – राज्यपाल
भारत स्काउट्स एवं गाइड्स केवल संगठन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण का सशक्त माध्यम – प्रो. असीम कुमार घोष

चंडीगढ़, 21 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने राज्य के सभी बाल भवनों में वंचित बच्चों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की गतिविधियां शुरू करने की पहल की सराहना की है। आज यहां लोक भवन में हरियाणा राज्य भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की 44वीं वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा की पहल तथा राज्य आयुक्त (बुलबुल) के नेतृत्व में प्रदेश के सभी बाल भवनों में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की गतिविधियां प्रारंभ की गई हैं। उन्होंने कहा कि यह सराहनीय पहल वंचित बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना तथा जीवनोपयोगी कौशल विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और उन्हें जिम्मेदार एवं सशक्त नागरिक बनने के लिए प्रेरित करेगी। राज्यपाल, जो हरियाणा राज्य भारत स्काउट्स एवं गाइड्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं, ने एसोसिएशन द्वारा प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर वहां रोवर्स एवं रेंजर्स इकाइयों की स्थापना की पहल की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं के बीच भारत स्काउट्स एवं गाइड्स गतिविधियां का और अधिक विस्तार होगा। प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसके युवा नागरिकों के चरित्र पर निर्भर करता है। स्काउटिंग एवं गाइडिंग ईमानदारी, करुणा, साहस, प्रकृति के प्रति सम्मान तथा श्स्वयं से पहले सेवाश् जैसे जीवन मूल्यों का संस्कार देती है। यही मूल्य एक सशक्त, प्रगतिशील और समावेशी भारत के निर्माण की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स केवल एक संगठन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और निःस्वार्थ सेवा की भावना विकसित करने वाला एक सशक्त जन आंदोलन है।
केवल दो प्रतिशत आबादी, लेकिन 17 प्रतिशत स्काउट्स-गाइड्स सदस्यता का योगदान देता है हरियाणा – राज्यपाल
हरियाणा के उल्लेखनीय योगदान का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के देशभर में 70 लाख से अधिक सदस्य हैं। देश की कुल जनसंख्या में हरियाणा की हिस्सेदारी लगभग दो प्रतिशत होने के बावजूद स्काउट्स एवं गाइड्स की कुल सदस्यता में प्रदेश का योगदान लगभग 17 प्रतिशत है। उन्होंने इसे हरियाणा के लिए गौरव और अत्यंत उल्लेखनीय उपलब्धि बताया। इस अवसर पर राज्यपाल ने पदाधिकारियों, कब्स, बुलबुल्स, स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स, रेंजर्स, यूनिट लीडर्स तथा स्वयंसेवकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए वारंट एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। इससे पूर्व हरियाणा राज्य भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के स्टेट चीफ कमिश्नर डॉ. के.के. खंडेलवाल ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा एसोसिएशन की गतिविधियों, उपलब्धियों एवं भावी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर स्टेट चीफ कमिश्नर श्रीमती धीरा खंडेलवाल, स्टेट कमिश्नर (गाइड्स) श्रीमती अमनीत पी. कुमार, आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, स्टेट कमिश्नर (मुख्यालय) श्री साकेत कुमार, राज्यपाल के सचिव श्री विजयकुमार भाविकट्टी, श्री मनी राम शर्मा तथा भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के अन्य पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।

गौशालाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के लिए प्रभावी योजनाएं क्रियान्वित- मुख्यमंत्री
पशुधन की देखरेख के लिए 820 ई रिक्शा करवाई जाएंगी उपलब्ध
गुरुग्राम के बसई में 100 एमएलडी का बनेगा दूसरा जलघर
मुख्यमंत्री ने हाईपावर्ड परचेज कमेटी बैठक की अध्यक्षता की

चंडीगढ़, 21 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा गौशालाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के लिए अनेक प्रभावी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। इसी कड़ी में राज्य की गौशालाओं को पशुधन की देखरेख के लिए 820 ई रिक्शा उपलब्ध करवाई जाएंगी। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी सोमवार को चण्डीगढ में हाईपावर्ड परचेज कमेटी बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, राजस्व एवं आपदा मंत्री विपुल गोयल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, लोक निर्माण, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा, महिला एवं बाल विकास तथा सिंचाई मंत्री श्रुति चैधरी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना अनुसार एक हजार तक पशु रखने वाली गौशालाओं को एक तथा इससे अधिक गायों को रखने वाली गौशालाओं को दो ई-रिक्शा उपलब्ध करवाई जाएंगी। बैठक में 10.25 करोड़ रुपए की लागत से ई रिक्शा खरीद को अनुमति प्रदान की गई। प्रदेश की कुल 770 गौशालाओं में से 553 गौशालाओं में एक हजार से कम पशु, 79 गौशालाओं में दो हजार तक, 20 गौशालाओें में तीन हजार तक, 8 गौशालाओं में चार हजार तथा एक गौशाला में 5 हजार व एक गौशाला में 6 हजार तक पशुधन है। मुख्यमंत्री ने कैथल शहर की विभिन्न कॉलोनियों में 12.87 करोड़ रुपए की लागत से सीवरेज लाइन डालने के कार्य को मंजूरी प्रदान की। इससे शहर की अधिकांश आबादी में सीवरेज व्यवस्था शुरू हो जाएगी जो आगामी 2042 तक की जनसंख्या को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसके अलावा खेदड़ में वाटर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को अपग्रेड करने एवं आरसीसी टैंक का निर्माण करने की भी मंजूरी दी गई। इस कार्य पर लगभग 27.70 करोड़ रुपए की लागत आएगी। मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद मैट्रोपोलियन विकास प्राधिकरण में 10 एमएलडी क्षमता के 5 रैनीवैल टयूबवैल लगाए जाने की स्वीकृति प्रदान की। गांव मंझावली, मोठूका के आसपास यमुना नदी के जलभराव वाले क्षेत्रों में लगभग 164.75 करोड़ रुपए की लागत से लगाए जाने वाले रेनीवैल टयूबवैल से पेयजल हेतु टेस्टिंग की जाएगी।
गुरुग्राम के बसई में 100 एमएलडी का बनेगा दूसरा जलघर
मुख्यमंत्री ने गुरूग्राम मैट्रोपोलियन विकास प्राधिकरण के गांव बसई में 100 एमएलडी क्षमता का दूसरा जल घर बनाने के कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके निर्माण पर लगभग 149 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इस प्रकार 380.40 करोड़ रुपए के विभिन्न कार्यों को 363.82 करोड़ रुपए में टेंडर छोड़कर लगभग 16.58 करोड़ रुपए की बचत की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की देरी व लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी कार्य निर्धारित अवधि में पूर्ण किए जाने चाहिए। इसके अलावा विकास कार्यो में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, एफएमडीए व जीएमडीएम के सलाहकार श्री डी. एस. ढेसी, प्रधान सचिव श्री पंकज यादव, श्री विजय सिंह दहिया, जीएमडीए के सीईओ श्री पी सी मीणा, महानिदेशक सप्लाई एवं डिस्पोजल श्री पंकज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं: आरती सिंह राव
नूंह जिले के तीन स्वास्थ्य उपकेंद्र होंगे अपग्रेड

चंडीगढ़, 21 जुलाई, अभीतक: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के अपने संकल्प को निरंतर साकार कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2026-27 के बजट में की गई घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए जिला नूंह के तीन स्वास्थ्य उपकेंद्रों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के रूप में अपग्रेड करने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि जिन स्वास्थ्य उपकेंद्रों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड किया जाएगा, उनमें लूहिंगा कलां, चंदेनी तथा शाह चोखा शामिल हैं। इन केंद्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित होने से आसपास के हजारों ग्रामीण नागरिकों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा उपचार के लिए दूरस्थ अस्पतालों पर उनकी निर्भरता कम होगी। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा इन तीनों परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि, भवन, मानव संसाधन, चिकित्सा उपकरणों सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तृत आकलन किया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनने के बाद यहां सामान्य रोगों का उपचार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, प्रसव संबंधी सुविधाएं, आवश्यक जांच तथा दवाइयों की उपलब्धता जैसी स्वास्थ्य सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जाएंगी। आरती सिंह राव ने कहा कि इन परियोजनाओं से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि मेवात क्षेत्र के ग्रामीण परिवारों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से गंभीर बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार में भी सहायता मिलेगी। इससे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा आम नागरिकों को उनके घर के निकट ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक गांव और प्रत्येक परिवार तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने तथा अंतिम पंक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नूंह जिले के इन तीन स्वास्थ्य उपकेंद्रों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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