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एसआईआर-2026: वोटर से प्राप्त गणना प्रपत्रों का ऐप पर डिजिटाइजेशन जरूरी – डीसी
एएसडीडी वोटर की पहचान में बीएलओ का बढ़ चढ़ कर सहयोग करें राजनीतिक दल
14 जुलाई का इंतजार ना करते हुए अतिशीघ्र गणना प्रपत्र भरकर बीएलओ को जमा कराएं वोटर
डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने एसआईआर के चलते अधिकारियों के साथ की डिजिटाइजेशन कार्य की समीक्षा
झज्जर, 08 जुलाई, अभीतक: जिला झज्जर के सभी चारों विधानसभा क्षेत्रों में भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों के तहत एसआईआर को लेकर गणना प्रपत्रों के संग्रहण और डिजिटाइजेशन का कार्य निरंतर तेज गति से जारी है। संबंधित अधिकारी भी नियमित मॉनिटरिंग करते हुए एप पर गणना प्रपत्रों को डिजिटाइज्ड करवाना सुनिश्चित करें। यह निर्देश डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सीईओ हरियाणा के साथ वीसी उपरांत अधिकारियों की बैठक में दिए। उन्होंने बैठक में एएसडीडी वोटर, मतदान केंद्रों का रेशनलाइजेशन सहित अन्य बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की।
एएसडीडी वोटर तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए लिया जाए बीएलए का सहयोग
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि गणना प्रपत्र के संग्रहण कार्य के दौरान एएसडीडी लिस्ट का डाटाबेस तैयार किया जाए, जरूरत अनुरूप राजनीतिक दलों से जानकारी सांझा करते हुए एसआईआर की प्रगति से अवगत कराया जाए,ताकि एएसडीडी वोटर तक पहुंच सुनिश्चित हो सके। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी जांच एवं सत्यापन के उपरांत ही एसआईआर-2026 की प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराएं। यही लोकतंत्र की असली पहचान है।
किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में ना हो शामिल, यही एसआईआर का लक्ष्य
डीसी ने कहा कि निर्वाचन आयोग का उद्देश्य प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना व किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल होने से रोकना है। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई तक चल रहे गणना चरण के दौरान हर मतदाता को बूथ लेवल अधिकारी द्वारा गणना प्रपत्र उपलब्ध कराया गया है। वर्तमान मतदाता हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र जमा करेंगे और उनका नाम बिना किसी अतिरिक्त दस्तावेज की मांग किए प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। मतदाता को गणना प्रपत्र अपने पास रखना नहीं बल्कि तुरंत भरकर बीएलओ को सौपना है। प्रत्येक मतदाता से प्राप्त गणना प्रपत्र का तुरंत हो डिजिटाइजेशन
डीसी वर्षा खांगवाल ने स्पष्ट किया कि बीएलओ अतिशीघ्र गणना फार्म का नियमानुसार डिजिटाइजेशन करें, जिन मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं होगा, उनका नाम केवल निर्धारित परिस्थितियों में ही जैसे डुप्लीकेट अथवा एक से अधिक स्थानों पर पंजीकरण, मृत मतदाता, स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता, अनुपस्थित अथवा पता न चलने वाले मतदाता तथा गणना प्रपत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने वाले मामले शामिल हैं। इन सभी मामलों में बीएलओ स्थानीय जांच व निर्धारित प्रक्रिया और रिकॉर्ड के आधार पर ही कार्रवाई करेगा।
बीएलओ को गणना प्रपत्र भरकर देने उपरांत प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल होगा नाम
डीसी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की तरफ से बेशक गणना अभियान की अंतिम तिथि 14 जुलाई निर्धारित की गई हो,मगर वोटर अंतिम तिथि का इंतजार ना करते हुए 10 जुलाई तक निर्धारित तिथि से पहले हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र जमा करेंगे,इसके उपरांत उनका नाम प्रारंभिक मतदाता सूची 2026 में शामिल किया जाएगा। गणना चरण के दौरान किसी भी प्रकार का दस्तावेज जमा नहीं कराया जाएगा। मतदाता स्वयं, परिवार का कोई वयस्क सदस्य व ऑनलाइन माध्यम से भी गणना प्रपत्र भर सकता है। उन्होंने कहा कि 21 जुलाई से 20 अगस्त 2026 तक दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान प्रत्येक पात्र नागरिक को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलेगा।
यह अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच,एसडीएम झज्जर रवि मीणा, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, एसडीएम बादली विशाल कुमार, सीटीएम रितु, निर्वाचन उप तहसीलदार कुलदीप सहित एसआईआर अभियान से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।



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14 जुलाई का इंतजार न करें मतदाता, जल्द से जल्द गणना प्रपत्र भरकर मतदान का अधिकार करें सुरक्षित : डीसी
निष्पक्ष और लोकतांत्रिक तरीके से पूरी की जा रही है एसआईआर 2026 प्रक्रिया- डीसी
सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों के सहयोग से तेजी से चल रहा है गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन
डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने एसआईआर 2026 को लेकर पत्रकार सम्मेलन में दी जानकारी
झज्जर, 08 जुलाई, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि जिला में निर्वाचन आयोग के निर्देश अनुसार एसआईआर अभियान के अंतर्गत गणना प्रपत्रो के संग्रहण और डिजिटाइजेशन का कार्य तेजी से जारी हैं। सभी पात्र मतदाता 14 जुलाई अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना 10 जुलाई तक जल्द से जल्द अपने गणना प्रपत्र भरकर संबंधित बीएलओ को उपलब्ध कराएं, ताकि उनका मतदान का अधिकार सुरक्षित रह सके। डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल बुधवार को लघु सचिवालय में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 2026 को लेकर पत्रकार सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध और अपडेट बनाने का कार्य केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भी जिम्मेदारी है। ऐसे में पात्र मतदाता गणना प्रपत्र भरकर तुरंत बीएलओ को जमा कराएं, जिससे उनका तत्काल डिजिटाइजेशन हो सके।
एसआईआर प्रक्रिया में हर वोटर से गणना प्रपत्र प्राप्त करना या अनिवार्य
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और लोकतांत्रिक है। इसमें किसी भी मतदाता के साथ न तो भेदभाव किया जाएगा और न ही किसी प्रकार का पक्षपात रखा जाएगा। प्रत्येक चरण में राजनीतिक दलों को शामिल किया जा रहा है तथा विभिन्न माध्यमों से भी नागरिकों को गणना अभियान की जानकारी लगातार उपलब्ध कराई जा रही है।
झज्जर जिला में गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन कार्य तेजी से जारी
डीसी ने बताया कि बीएलओ की पहली जिम्मेदारी सभी मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त कर उनका डिजिटाइजेशन करना है। झज्जर जिले में गणना फॉर्मों का डिजिटाइजेशन कार्य तेजी से जारी है। प्रत्येक बूथ स्तर पर बीएलए-1 एवं बीएलए-2 के माध्यम से राजनीतिक दलों का सहयोग लिया जा रहा है। जिन मतदाताओं तक बीएलओ नहीं पहुंच पा रहे हैं अथवा जिन मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, वे स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए हैं या जिनका पता नहीं चल पा रहा है, उनकी सूची राजनीतिक दलों के साथ साझा की जाएगी। बूथ स्तर पर बैठकें आयोजित कर ऐसे मामलों का सत्यापन किया जा रहा है, ताकि मतदाता सूची अधिक सटीक और त्रुटिरहित बन सके। 9 जुलाई तक प्रत्येक बूथ पर बीएलओ और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठकें पूर्ण कर ली जाएंगी। सभी राजनीतिक दलों ने इस प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।
आगामी 21 जुलाई को होगा ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि बीएलओ द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 14 जुलाई तक घर-घर जाकर गणना प्रपत्र एकत्रित करने और उनका डिजिटाइजेशन करने का कार्य पूरा किया जा रहा है। इसके बाद 21 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। 21 जुलाई से 18 सितंबर तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त कर उनकी सुनवाई की जाएगी तथा सभी प्रक्रियाएं पूर्ण होने के बाद 22 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। उन्होंने जिला के सभी नागरिकों से एसआईआर अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
इस अवसर पर नगराधीश रितु,निर्वाचन उपतहसीलदार कुलदीप सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

जन समस्याओं के समाधान के लिए समाधान शिविर आज
झज्जर के साथ बेरी, बहादुरगढ़ और बादली उपमंडलों में भी सुबह 10 से 12 बजे तक आयोजित होंगे शिविर
झज्जर, 08 जुलाई, अभीतक: आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा 09 जुलाई,गुरुवार को जिला मुख्यालय सहित सभी उपमंडलों में समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। ये शिविर प्रातः: 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक लगाए जाएंगे, जहां नागरिकों की शिकायतें सुनकर उनका मौके पर ही निपटान सुनिश्चित किया जाएगा। जिला स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में डीसी वर्षा खांगवाल की अध्यक्षता में लगेगा। इस दौरान डीसी विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें सुनते हुए अधिकारियों को समस्याओं के समयबद्ध समाधान के निर्देश देंगी। उपमंडल स्तर पर बहादुरगढ़ में एसडीएम अभिनव सिवाच, बादली में एसडीएम विशाल कुमार और बेरी लघु सचिवालय परिसर में एसडीएम रेणुका नांदल की अध्यक्षता में उपमंडल स्तरीय समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटान किया जाएगा।




एच. डी. पब्लिक स्कूल, बिरोहड़ में विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने के उद्देश्य से छात्र नेतृत्व चयन समारोह का आयोजन किया गया
झज्जर, 08 जुलाई, अभीतक: एच. डी. पब्लिक स्कूल, बिरोहड़ में विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सहभागिता, टीम भावना तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने के उद्देश्य से सदन वर्गीकरण एवं छात्र नेतृत्व चयन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन माँ सरस्वती के समक्ष द्वीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय को चार सदनों में विभाजित किया गया। अग्नि सदन से दीपीका, दिव्या, दिव्या, परिक्षित, रिशांक, रुचि। अंबर सदन से मीनाक्षी, आयुश, कार्तिक, ईशिका, कायना, निशांत। समीर सदन से तेजस, समर, प्रिया, यंशिका, देवेन, जान्वी। जबकि वसुंधरा सदन से विशाल, पावनी, जान्वी, कपिल, चंचल, हेमकांति को नियुक्त किया गया। इसके अतिरिक्त विद्यालय के हैड ब्वाय लक्ष्य 11वीं नोन मैडिकल, हैड गर्ल हंसिका 11वीं मैडिकल एवं उप हैड ब्वाय विजयंत 11वीं काॅमर्स, उप हैड गर्ल कनन 11वीं नोन मैडिकल के रूप में चयन किया गया। सभी चयनित छात्र-छात्राओं को विद्यालय प्रबंधन ने बैज प्रदान कर शुभकामनाएँ दीं तथा उनके दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक बलराज फौगाट ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी विद्यालय का प्रतिनिधि होता है और उसका आचरण पूरे विद्यालय की पहचान बनता है। उन्होंने कहा कि ‘याद रखो, यह बैज केवल धातु का एक टुकड़ा नहीं है, बल्कि अनुशासन, ईमानदारी और सेवा का प्रतीक है। आज से आप केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय के लिए प्रेरणा और उदाहरण बनेंगे।’ उन्होंने नवनियुक्त छात्र पदाधिकारियों को एक सफल नेतृत्व के तीन मूल मंत्र भी दिए। पहला, ‘जो नियम दूसरों के लिए बनाओ, पहले स्वयं उनका पालन करो।’ दूसरा, ‘जूनियर विद्यार्थियों की सहायता करो और सीनियर का सम्मान करो।’ तथा तीसरा, ‘पढ़ाई, खेल और उत्कृष्ट व्यवहार के माध्यम से विद्यालय का नाम रोशन करो।’ उन्होंने सभी पदाधिकारियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ निर्वहन करेंगे। निदेशक बलराज फौगाट ने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता के कार्यों में सहयोग करने, पारिवारिक मूल्यों को अपनाने तथा जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया। उन्होंने बच्चों को सोशल मीडिया से अनावश्यक दूरी बनाकर अपने समय का सदुपयोग पढ़ाई, खेलकूद, पुस्तक पठन और रचनात्मक गतिविधियों में करने की प्रेरणा दी। विद्यालय की प्राचार्या नमिता दास ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों के साथ समय बिताएँ, उन्हें रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करें तथा उनके व्यक्तित्व निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ। कार्यक्रम के अंत में निदेशक बलराज फौगाट ने सभी नवनियुक्त छात्र पदाधिकारियों को पुनः शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि ये विद्यार्थी अपने उत्कृष्ट नेतृत्व, अनुशासन और सेवा भावना से विद्यालय को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएंगे। उन्होंने समारोह को सफल बनाने में सहयोग देने वाले उप प्राचार्य नवीन सनसनवाल व सभी शिक्षकों का आभार व्यक्त किया।





बरसात के मौसम में जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखें सम्बंधित विभाग: डीसी
स्वच्छता के मामले में झज्जर को अग्रणी बनाने में प्रशासन सक्रिय – डीसी डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों के साथ झज्जर शहर में स्वच्छता और जल निकासी व्यवस्था का लिया जायजा
झज्जर, 08 जुलाई, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने बुधवार की शाम अधिकारियों के साथ झज्जर शहर के शहीदी पार्क,दिल्ली गेट, सीता राम गेट, छारा चुंगी,बीकानेर चैक,अंबेडकर चैक सहित शहर के कई क्षेत्रों का दौरा करते हुए जल निकासी व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ एडीसी एवं डीएमसी जगनिवास व नगर परिषद के अध्यक्ष जिले सिंह सैनी भी साथ रहे। डीसी ने कहा कि ऐतिहासिक नगरी झज्जर को स्वच्छता के मामले में आगे लेकर जाना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी बनती है। बरसाती सीजन के दौरान नालों में प्लास्टिक व किसी प्रकार का कचरा ना डाला जाए ताकि जल निकासी व्यवस्था बाधित न हो सके। उन्होंने कहा कि फिलहाल बरसाती सीजन के चलते नाले व सीवरेज लाइन चॉक नहीं हो,इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारी सभी व्यवस्था दुरुस्त रखें। डीसी ने स्पष्ट किया कि अगर कहीं जल निकासी को लेकर किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न होता है,तो संबंधित विभाग की जवाबदेही तय होगी। उन्होंने कहा कि शहर में गंदगी और अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं, नियमनुसार चालान किए जाएं। डीसी ने कहा कि झज्जर शहर को सफाई के मामले में अग्रणी बनाने के लिए प्रशासन सक्रिय है। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर गंदगी रहती है,ऐसे स्थानों की सफाई सुनिश्चित की जाए। इस दौरान डीसी ने नगर परिषद अधिकारियों को निर्देश दिए कि सफाई व्यवस्था बनाये रखते हुए व सड़को पर किसी प्रकार का जलभराव नहीं होना चाहिए, इस कार्य की नियमित रूप से मॉनीटिरिंग होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित विभाग को निर्देश दिए कि जहां भी पानी की निकासी अवरुद्ध है, उसको दुरुस्त किया जाए। उन्होंने दिल्ली गेट और शहीदी पार्क क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था के साथ साथ नालों की सफाई के निर्देश दिए। इसके लिए जल निकासी का स्थाई समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण पर है प्रशासन का फोकस
स्वीप गतिविधियों के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को एसआईआर-2026 प्रक्रिया की दी विस्तृत जानकारी
आंगनवाड़ी नेटवर्क के माध्यम से घर-घर पहुंचेगा मतदाता जागरूकता का संदेश, विभाग निभाएगा सक्रिय भूमिका
झज्जर, 08 जुलाई, अभीतक: भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर-2026) अभियान के तहत जिलेभर में जागरूकता गतिविधियों का लगातार आयोजन किया जा रहा है। डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में बुधवार को महिला एवं बाल विकास विभाग, झज्जर में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए जागरूकता बैठक आयोजित की गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी नेहा दहिया ने बताया कि डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल के दिशा निर्देशों अनुरूप भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर-2026) अभियान लोकतंत्र को और अधिक सशक्त, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल झज्जर प्रशासन द्वारा की गई है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का आधार है। इसलिए प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज होना तथा सभी विवरणों का सही एवं अद्यतन होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे अपने नियमित कार्यों के साथ-साथ एसआईआर अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि कोई भी पात्र मतदाता इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया से वंचित न रहे। जिला में स्वीप गतिविधियों के माध्यम से निरंतर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों एवं सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से नागरिकों को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की जानकारी दी जा रही है। सभी विभागों की सक्रिय सहभागिता और आमजन के सहयोग से जिले में एसआईआर अभियान को सफलतापूर्वक संपन्न किया जाएगा तथा प्रत्येक पात्र नागरिक को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने का लक्ष्य हासिल होगा। पीओ ने सम्बन्धित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्रों, ग्राम स्तरीय बैठकों एवं जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से लोगों को मतदाता सूची का सत्यापन करने, नए पात्र मतदाताओं के नाम दर्ज करवाने तथा आवश्यक संशोधन कराने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग का मजबूत जमीनी नेटवर्क निर्वाचन आयोग के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस अवसर पर नायब तहसीलदार कुलदीप ने कहा कि सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से ही एसआईआर अभियान को सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ FBI का ऑपरेशन, दुनियाभर में 50 से ज्यादा ठिकानों पर रेड, 20 गिरफ्तार



झज्जर: झज्जर का बैंक रोड बना आमजन के लिए परेशानी का सबब
मानसून शुरू होने से पहले परिषद ने उखाड़ दिया था बैंक रोड, 2 महीने बीत जाने के बाद भी नहीं हुआ निर्माण
बरसाती पानी की वजह से दुकानदारों के साथ-साथ आम जन भी परेशान
इसी रोड पर है आधा दर्जन बैंक, शोरूम, कैफे और सैलून
सैकड़ो लोगों का हर रोज होता है आवागमन
सड़क का निर्माण न होने की वजह से दुकानों में घुसता है बरसात का पानी
दुकानदारों की मांग जल्द से जल्द बनाया जाए रोड़
बैंक उपभोक्ता बोले, जब मानसून था सर पर तो परिषद ने क्यों उखाड़ डाली बैंक रोड वाली सड़क
लोगों और दुकानदारों की परेशानी के लिए नगर परिषद को ठहराया जिम्मेवार
झज्जर: झज्जर के गांव खुड्डन में अजीबोगरीब घटना
3 माह के मासूम को मां ने पिलाया दूध तो मासूम के मुंह से निकले झाग
हालत बिगड़ने पर लाया गया नागरिक अस्पताल, चिकित्सकों ने किया मृत घोषित
खुड्डन गांव में रह रहे प्रवासी मजदूर के परिवार की घटना
ठेके पर इंटरलॉकिंग बिछाने का काम करता है प्रवासी मजदूर का परिवार
हिसार के एक गांव में 5 बच्चों का पिता गर्लफ्रेंड संग फरार होने की सूचना 42 की उम्र में 50 साल की लेडीज से प्यार
पलवल में विजिलेंस टीम ने एएसआई को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। पुलिसकर्मी से मांगे 2 लाख रुपए, 2023 के हनीट्रैप से जुड़ा था मामला, एंटी करप्शन ब्यूरो ने पकड़ा
पलवल, 08 जुलाई, अभीतक: पलवल में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने हरियाणा पुलिस के ईएसआई होशियार सिंह को दो लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। होशियार सिंह ईआरवी का प्रभारी था और चांदहट थाना में तैनात था। ईएसआई होशियार सिंह पर हरियाणा पुलिस के पूर्व एएसआई हंसराज से हनीट्रैप मामले में समझौता कराने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है। हंसराज ने इस संबंध में फरीदाबाद विजिलेंस को शिकायत दी थी। यह मामला वर्ष 2023 में पलवल के कैंप थाना में दर्ज हनीट्रैप प्रकरण से जुड़ा है। इस मामले में ईएसआई होशियार सिंह खुद शिकायतकर्ता थे। बाद में सह-आरोपियों के बयानों के आधार पर पुलिसकर्मी हंसराज का नाम भी मामले में जोड़ा गया था। हंसराज वर्तमान में कोर्ट से जमानत पर हैं। आरोपी ईएसआई इसी मामले में समझौता कराने के बहाने हंसराज से दो लाख रुपए की रिश्वत की मांग कर रहा था।




जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सचिव एवं सीजेएम विशाल ने जिला कारागार में किया पौधा रोपण
झज्जर, 08 जुलाई, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तत्वाधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के चेयरमैन जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राजकुमार यादव के कुशल मार्गदर्शन मे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सचिव एवं सीजेएम विशाल ने जिला कारागार में पौधा रोपण किया गया। सीजेएम ने बताया जीवन का आधार पर्यावरण हमें जीवित रहने के लिए ऑक्सीजन पीने के लिए साफ पानी और खाने के लिए भोजन देता है और पेड़ पौधे और जंगल पृथ्वी के तापमान को नियंत्रित रखते हैं और समय पर बारिश लाते हैं यह लाखों पशु पक्षियों और कीटों का प्राकृतिक घर है, सीजेएम विशाल ने अपील की कि जीवन में काम से कम एक पौधा जरूर लगाए। सीजेएम विशाल ने बताया कि आज कारागार में सभी अधिकारियों व कर्मचारियों एक एक पौधा लगाया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सचिव एवं सीजेएम विशाल ने बताया कि हम अगस्त माह तक करीब एक लाख पौधे लगाने लक्ष्य है इस बारे सीजेएम विशाल ने सभी पैरा लीगल वालंटियर की मीटिंग ली। और दिशा निर्देश दिए। की लक्ष्य को पूरा करें।



जिला में 78.18 प्रतिशत हुआ गणना प्रपत्र का डिजिटलाइजेशन
गणना प्रपत्र जमा करवाने के लिए केवल 6 दिन शेष, 14 जुलाई अंतिम तिथि
डीसी अभिषेक मीणा ने की एसआईआर कार्य की समीक्षा बैठक
रेवाड़ी, 08 जुलाई, अभीतक: डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अभिषेक मीणा ने जिला में किए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य(एसआईआर)-2026 के संबंध में बुधवार को लघु सचिवालय सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इससे पहले हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने वीसी के माध्यम से प्रदेश के सभी डीसी व अन्य अधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीसी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी हरियाणा को जानकारी देते हुए बताया कि जिला में 78.18 प्रतिशत गणना प्रपत्र का डिजिटलाइजेशन हो चुका है। बाकी कार्य को भी समय सीमा में पूरा करवाया जाएगा। डीसी अभिषेक मीणा ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि एसआईआर अभियान को लेकर 14 जुलाई तक गणना प्रपत्र को एप पर डिजिटाइज करना अत्यंत जरूरी है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के जिन मामलों में गणना फॉर्म वापस नहीं मिले हैं। वहां बूथ स्तर के अधिकारी पड़ोस के निवासियों से पूछताछ कर अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट जैसे संभावित कारणों की पहचान कर सकते हैं और उसी के अनुसार रिकॉर्ड दर्ज कर सकते हैं। डीसी ने बताया कि 21 जुलाई को प्रकाशित होने वाली प्रारंभिक मतदाता सूची-2026 में केवल उन्हीं मतदाताओं के नाम शामिल किए जाएंगे जो हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र वापिस बीएलओ को प्राप्त होंगे। यदि किसी मतदाता का गणना प्रपत्र वापिस बीएलओ को प्राप्त नहीं होता है तो उसका नाम प्रारंभिक मतदाता सूची-2026 में शामिल नहीं होगा। उन्होंने जिला रेवाड़ी के सभी मतदाताओं से अपील है कि जिन मतदाताओं द्वारा अभी तक अपने गणना प्रपत्र जमा नहीं करवाया है वे तुरन्त अपने गणना प्रपत्र भरकर अपने बीएलओ के पास जमा करवाएं क्योंकि गणना प्रपत्र जमा करवाने की अन्तिम तिथि 14 जुलाई 2026 है जिसमें केवल 6 दिन ही शेष है। ऐसे में प्रत्येक पात्र मतदाता 14 जुलाई का इंतजार ना करते हुए जल्द से जल्द अपना गणना प्रपत्र भरकर बीएलओ को जमा कराएं। मतदाता अपना गणना प्रपत्र आयोग के पोर्टल अवजमतेण्मबपण्हवअण्पद पर ऑनलाइन भी भर सकते हैं। इस अवसर पर एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार, एसडीएम बावल संजीव कुमार, तहसीलदार रेवाड़ी रमन कुंडू, तहसीलदार बावल महिमा, नायब तहसीलदार चुनाव अजय कुमार, बीडीपीओ नाहड़ अनिल कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।




पद्म पुरस्कार-2027 के लिए आवेदन आमंत्रित
सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार के लिए 31 जुलाई तक करें आवेदन – डीसी
रेवाड़ी, 08 जुलाई, अभीतक: गृह मंत्रालय की ओर से गणतंत्र दिवस 2027 के अवसर पर घोषित किए जाने वाले पद्म पुरस्कारों नामतरू पद्म विभूषण, पद्म भूषण व पद्मश्री के लिए ऑनलाइन नामांकन करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जिसके लिए अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2026 है। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल हैं, जो कला, साहित्य, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सामाजिक कार्य, लोक सेवा, उद्योग तथा अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट एवं विशिष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को प्रदान किए जाते हैं। भारत सरकार का उद्देश्य ऐसे व्यक्तियों को सम्मानित करना है जिन्होंने निस्वार्थ भाव से समाज और राष्ट्र की सेवा की हो। उन्होंने जिला के सभी विभागाध्यक्षों, सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों से पद्म पुरस्कार-2027 के लिए योग्य एवं विशिष्ट व्यक्तियों के नाम प्रस्तावित करने का आह्वान किया है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा पद्म पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक व्यक्ति एवं संस्थाएं 31 जुलाई 2026 तक राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल अवार्ड.जीओवी.इन पर ऑनलाइन नामांकन कर सकते हैं। डीसी ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और नागरिक स्वयं भी योग्य व्यक्तियों के नाम पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। विशेष रूप से जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले समाजसेवी, शिक्षक, कलाकार, वैज्ञानिक, किसान, हस्तशिल्प, नवप्रवर्तक, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पद्म पुरस्कार-2027 के लिए नामांकन विंडो 15 मार्च से खुल चुकी है और 31 जुलाई 2026 तक खुली रहेगी। इच्छुक व्यक्ति राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर जानकारी ले सकते हैं।



पुलिस उपायुक्त मुख्यालय दीप्ति गर्ग ने पुलिस लाइन का किया औचक निरीक्षण, एनडीपीएस मामलों में जब्त नशीले पदार्थों के रख-रखाव व रिकॉर्ड की जांच
झज्जर, 08 जुलाई, अभीतक: पुलिस उपायुक्त मुख्यालय दीप्ति गर्ग ने मंगलवार को पुलिस लाइन झज्जर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों में जिला पुलिस द्वारा जब्त किए गए नशीले पदार्थों के सुरक्षित रख-रखाव, उनके रिकॉर्ड तथा मालखाना व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों से जब्त सामग्री के संरक्षण, रिकॉर्ड संधारण एवं नियमानुसार कार्रवाई की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान डीसीपी मुख्यालय दीप्ति गर्ग ने स्पष्ट किया कि एनडीपीएस मामलों में जब्त नशीले पदार्थों का सुरक्षित संरक्षण और उनका पारदर्शी रिकॉर्ड संधारण अत्यंत महत्वपूर्ण है।उन्होंने बताया कि जिला पुलिस द्वारा जब्त नशीले पदार्थों का नियमानुसार वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में अधिकृत एजेंसी के माध्यम से निस्तारण किया जाता है।इसके उपरांत डीसीपी मुख्यालय दीप्ति गर्ग ने पुलिस लाइन के प्रशासनिक भवन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न शाखाओं का दौरा कर उनके कार्य प्रणाली, व्यवस्थाओं, रिकॉर्ड, साफ-सफाई तथा कर्मचारियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संवाद करते हुए उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। साथ ही पुलिस लाइन परिसर में स्वच्छता बनाए रखने, कार्य प्रणाली में पारदर्शिता एवं अनुशासन सुनिश्चित करने तथा पुलिस कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य वातावरण और सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं पुलिस बल की कार्यक्षमता को और अधिक प्रभावी बनाती हैं।




गांव खाचरौली में झज्जर पुलिस का जनजागरूकता अभियान, नशा, साइबर अपराध और डायल-112 की दी जानकारी’
झज्जर, 08 जुलाई, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में झज्जर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान के तहत नशा मुक्ति टीम ने थाना सालावास क्षेत्र के गांव खाचरौली में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में नशा मुक्ति टीम के सहायक उप निरीक्षक पवन कुमार एवं उनकी टीम ने ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए समाज को नशा मुक्त बनाने का संदेश दिया।इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ग्रामीणों को बताया गया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज की खुशहाली पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। युवाओं से विशेष रूप से नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास किसी भी प्रकार की नशा तस्करी या अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई।इसके साथ ही पुलिस टीम ने आपातकालीन सेवा डायल-112 की उपयोगिता के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इस सेवा का लाभ लिया जा सकता है। ग्रामीणों को साइबर अपराधों, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने और डिजिटल भुगतान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी विस्तार से जागरूक किया गया। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या साइबर ठगी की सूचना तुरंत पुलिस को देकर सुरक्षित और जागरूक समाज के निर्माण में सहयोग करें।

बहादुरगढ़ के नूना माजरा स्कूल में सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति किया जागरूक
बहादुरगढ़, 08 जुलाई, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में उप निरीक्षक सत्यप्रकाश व उनकी पुलिस टीम द्वारा स्कॉलर ग्लोबल स्कूल, नूना माजरा में नशा मुक्ति एवं सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्कूल स्टाफ को नशे के दुष्प्रभावों तथा यातायात नियमों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।उप निरीक्षक सत्यप्रकाश ने विद्यार्थियों से कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। साथ ही सड़क पर वाहन चलाते समय हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, मोबाइल फोन का उपयोग न करने, नाबालिगों द्वारा वाहन नहीं चलाने तथा यातायात संकेतों का पालन करने की अपील की।



गांव टींट के उप-स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में मिली स्वीकृति
लोगों की सेहत और उनकी सुविधाओं को सर्वोपरि रखना सरकार की प्राथमिकता : स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव
रेवाड़ी, 08 जुलाई, अभीतक: हरियाणा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए रेवाड़ी जिला के गांव टींट के उप-स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के रूप में अपग्रेड करने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले से टींट गांव और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है, क्योंकि अब उन्हें बुनियादी और आपातकालीन इलाज के लिए दूरदराज के इलाकों या जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस महत्वपूर्ण निर्णय के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि क्षेत्र के निवासियों ने उनसे मुलाकात कर इस संबंध में एक विशेष मांग की थी। ग्रामीणों का तर्क था कि टींट गांव और आसपास के इलाके की बढ़ती हुई जनसंख्या को देखते हुए वर्तमान में संचालित उप-स्वास्थ्य केंद्र की क्षमताएं कम पड़ रही हैं, इसलिए चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिए इसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया जाना बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य मंत्री ने जनता की इस मांग को जायज ठहराते हुए कहा कि लोगों की सेहत और उनकी सुविधाओं को सर्वोपरि रखना सरकार की प्राथमिकता है। इसी के मद्देनजर ग्रामीणों की इस पुरानी मांग को पूरा करते हुए विभाग द्वारा स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड करने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। केंद्र के अपग्रेड होने से अब यहां डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर ही चैबीसों घंटे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, प्रसव सुविधाएं और बुनियादी जांचें सुलभ हो सकेंगी।

गुमशुदा की सूचना
नाम: कमलेश
गांव: बादली, जिला झज्जर
उम्र: लगभग 48 वर्ष
स्थिति: मानसिक रूप से बीमार हैं
कमलेश घर से लापता हैं। पहनावे में तम्बाकू रंग का शूट, सफेद सलवार, पैरों में चप्पल पहने है। ’अगर किसी को भी इनके बारे में कोई जानकारी मिले तो कृपया तुरंत इस नंबर पर संपर्क करें- 9813256693
ग्रुप डी 04ध्2018 के कर्मचारियों का कॉमन कैडर चाइस पोर्टल अब 13 जुलाई से 27 जुलाई तक ओपन होगा। तारीख और बढ़ा दी।
9वीं व 11वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के वार्षिक परीक्षा के अंक ऑनलाइन अपलोड करने की बढ़ाई तिथि’
भिवानी, 08 जुलाई, अभीतक: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंकर लाल धूपड़ व सचिव श्री मुनीश शर्मा, भा.प्र.से. ने आज यहां संयुक्त रूप से बताया कि शिक्षा बोर्ड से सम्बद्धता प्राप्त सभी राजकीयध्अराजकीय विद्यालयोंध्गुरूकुलोंध्विद्यापीठों द्वारा शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए कक्षा 9वीं व 11वीं के छात्रध्छात्राओं के वार्षिक परीक्षा के अंक ऑनलाइन अपलोड करने की अंतिम तिथि 07 जुलाई, 2026 निर्धारित की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 24 जुलाई, 2026 कर दिया गया है। ऐसे विद्यालय जिन द्वारा कक्षा 9वीं व 11वीं की वार्षिक परीक्षा के अंक ऑनलाइन अपलोड नहीं किए हैं वे 24 जुलाई, 2026 तक अंक अपलोड कर सकते हैं। बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि सभी संबंधित संस्थाएं बोर्ड की आधिकारिक वेबसाईट ूूू.इेमी.वतह.पद पर दिए गए लिंक पर आई.डी.ध्पासवर्ड से लॉगिन करते हुए समय रहते अंक अपलोड करना सुनिश्चित करें। उन्होंने आगे बताया कि यदि किसी विद्यालय द्वारा निर्धारित तिथि में छात्र-छात्राओं के अंक अपलोड नहीं किए जाते हैं, तो ऐसे छात्र-छात्राओं को बोर्ड की कक्षा 10वीं एवं 12वीं की आगामी वार्षिक परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी तकनीकी कठिनाई के लिए दूरभाष नं 01664-254300, 254302 पर किसी भी कार्यदिवस में 09ः00 बजे से 05ः00 बजे तक संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त एनरोलमेंट शाखा की ई-मेल आई.डी. ंेमदत/इेमीण्वतहण्पद के माध्यम से किसी भी कार्य दिवस में संपर्क कर सकते हैं।
09 जुलाई को होगी बोर्ड की सीनियर सैकेण्डरी व 10 जुलाई से आरंभ होंगी सैकेण्डरी की परीक्षाएं, प्रदेशभर में स्थापित किए गए 95 परीक्षा केन्द्र



हरियाणा ने लोक अवसंरचना को दिव्यांगजनों, बुजुर्गों सहित सभी नागरिकों के लिए सुलभ बनाना किया सुनिश्चित
डॉ. सुमिता मिश्रा ने लोक निर्माण विभाग और वास्तुकला विभाग को सभी पात्र परियोजनाओं में सुलभता मानदंडों को शामिल करने के दिए निर्देश
चंडीगढ़, 08 जुलाई, अभीतक: लोक अवसंरचना को समावेशी और बाधा-मुक्त बनाने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने श्राज्यों को पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता (एसएएससीआई) योजना के तहत वित्त पोषित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सार्वभौमिक सुलभता मानकों का अनुपालन अनिवार्य करने का निर्णय लिया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र प्रायोजित इस योजना के तहत सभी पात्र परियोजनाओं के लिए दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 और श्भारत में सार्वभौमिक सुलभता के लिए सुसंगत दिशानिर्देश और मानक, 2021 का अनुपालन करना आवश्यक होगा। यह कदम मौजूदा इमारतों में बाद में बदलाव करने के बजाय, योजना और डिजाइन के स्तर पर ही सुलभता सुविधाओं को शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। इसके तहत लोक निर्माण विभाग और वास्तुकला विभाग यह सुनिश्चित करेंगे कि नई सरकारी इमारतों के साथ-साथ नवीनीकरण और मरम्मत कार्यों सहित सभी पात्र परियोजनाओं के डिजाइन और निष्पादन में सुलभता मानकों को शामिल किया जाए। डॉ. मिश्रा ने कहा कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के पास लोक अवसंरचना का एक बड़ा नेटवर्क है, जिसमें मिनी सचिवालय भवन, तहसील और उप-तहसील कार्यालय परिसर, सरकारी आवासीय क्वार्टर और पारगमन फ्लैट शामिल हैं। विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि उसके प्रशासनिक नियंत्रण के तहत आने वाली सभी परियोजनाओं में सुलभता मानदंडों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि योजना और डिजाइन के चरण में ही सुलभता उपायों को एकीकृत करने से (आरपीडब्ल्यूडी) अधिनियम, 2016 के वैधानिक प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित होगा, साथ ही निर्माण के बाद होने वाले महंगे रैट्रोफिटिंग (संशोधनों) की आवश्यकता भी समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही सार्वभौमिक डिजाइन सिद्धांतों को अपनाने से ऐसा बुनियादी ढांचा तैयार करने में मदद मिलेगी जो हर नागरिक के लिए समावेशी, टिकाऊ और सुलभ हो। उन्होंने कहा कि सार्वभौमिक सुलभता केवल दिव्यांगजनों तक ही सीमित नहीं है। सार्वभौमिक सुलभता सिद्धांतों पर डिजाइन किया गया बुनियादी ढांचा वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और अस्थायी रूप से चलने-फिरने में असमर्थ लोगों को भी लाभ पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि रैंप, सुलभ प्रवेश द्वार, लिफ्ट, स्पर्श पथ, हैंड्रेल्स, सुलभ शौचालय और उचित साइनबोर्ड जैसी विशेषताएं सरकारी भवनों को समाज के सभी वर्गों के लिए सुरक्षित, अधिक सुविधाजनक और उपयोग में आसान बनाती हैं। उन्होंने कहा कि लोक अवसंरचना में सुलभता को मुख्यधारा में लाने से न केवल (आरपीडब्ल्यूडी) अधिनियम की वैधानिक आवश्यकताएं पूरी होंगी, बल्कि समावेशी और समान विकास के प्रति हरियाणा की प्रतिबद्धता भी मजबूत होगी। इस निर्णय के साथ हरियाणा ने अपने बुनियादी ढांचे के नियोजन को श्सुगम्य भारत अभियानश् (के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप संरेखित किया है। इस कदम से भविष्य की लोक अवसंरचना परियोजनाओं के लिए सार्वभौमिक सुलभता को बाद के विचार के बजाय एक मुख्य डिजाइन आवश्यकता बनाकर एक नया मानदंड स्थापित करने की उम्मीद है।
हरियाणा ने लोक अवसंरचना को दिव्यांगजनों, बुजुर्गों सहित सभी नागरिकों के लिए सुलभ बनाना किया सुनिश्चित
डॉ. सुमिता मिश्रा ने लोक निर्माण विभाग और वास्तुकला विभाग को सभी पात्र परियोजनाओं में सुलभता मानदंडों को शामिल करने के दिए निर्देश
चंडीगढ़, 08 जुलाई, अभीतक: लोक अवसंरचना को समावेशी और बाधा-मुक्त बनाने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने राज्यों को पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता (एसएएससीआई) योजना के तहत वित्त पोषित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सार्वभौमिक सुलभता मानकों का अनुपालन अनिवार्य करने का निर्णय लिया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र प्रायोजित इस योजना के तहत सभी पात्र परियोजनाओं के लिए श्दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016श् और श्भारत में सार्वभौमिक सुलभता के लिए सुसंगत दिशानिर्देश और मानक, 2021श् का अनुपालन करना आवश्यक होगा। यह कदम मौजूदा इमारतों में बाद में बदलाव करने के बजाय, योजना और डिजाइन के स्तर पर ही सुलभता सुविधाओं को शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। इसके तहत लोक निर्माण विभाग और वास्तुकला विभाग यह सुनिश्चित करेंगे कि नई सरकारी इमारतों के साथ-साथ नवीनीकरण और मरम्मत कार्यों सहित सभी पात्र परियोजनाओं के डिजाइन और निष्पादन में सुलभता मानकों को शामिल किया जाए। डॉ. मिश्रा ने कहा कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के पास लोक अवसंरचना का एक बड़ा नेटवर्क है, जिसमें मिनी सचिवालय भवन, तहसील और उप-तहसील कार्यालय परिसर, सरकारी आवासीय क्वार्टर और पारगमन फ्लैट शामिल हैं। विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि उसके प्रशासनिक नियंत्रण के तहत आने वाली सभी परियोजनाओं में सुलभता मानदंडों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि योजना और डिजाइन के चरण में ही सुलभता उपायों को एकीकृत करने से (आरपीडब्ल्यूडी) अधिनियम, 2016 के वैधानिक प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित होगा, साथ ही निर्माण के बाद होने वाले महंगे रैट्रोफिटिंग (संशोधनों) की आवश्यकता भी समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही सार्वभौमिक डिजाइन सिद्धांतों को अपनाने से ऐसा बुनियादी ढांचा तैयार करने में मदद मिलेगी जो हर नागरिक के लिए समावेशी, टिकाऊ और सुलभ हो। उन्होंने कहा कि सार्वभौमिक सुलभता केवल दिव्यांगजनों तक ही सीमित नहीं है। सार्वभौमिक सुलभता सिद्धांतों पर डिजाइन किया गया बुनियादी ढांचा वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और अस्थायी रूप से चलने-फिरने में असमर्थ लोगों को भी लाभ पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि रैंप, सुलभ प्रवेश द्वार, लिफ्ट, स्पर्श पथ, हैंड्रेल्स, सुलभ शौचालय और उचित साइनबोर्ड जैसी विशेषताएं सरकारी भवनों को समाज के सभी वर्गों के लिए सुरक्षित, अधिक सुविधाजनक और उपयोग में आसान बनाती हैं। उन्होंने कहा कि लोक अवसंरचना में सुलभता को मुख्यधारा में लाने से न केवल (आरपीडब्ल्यूडी) अधिनियम की वैधानिक आवश्यकताएं पूरी होंगी, बल्कि समावेशी और समान विकास के प्रति हरियाणा की प्रतिबद्धता भी मजबूत होगी। इस निर्णय के साथ हरियाणा ने अपने बुनियादी ढांचे के नियोजन को श्सुगम्य भारत अभियानश् (के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप संरेखित किया है। इस कदम से भविष्य की लोक अवसंरचना परियोजनाओं के लिए सार्वभौमिक सुलभता को बाद के विचार के बजाय एक मुख्य डिजाइन आवश्यकता बनाकर एक नया मानदंड स्थापित करने की उम्मीद है।



हरियाणा ने लोक अवसंरचना को दिव्यांगजनों, बुजुर्गों सहित सभी नागरिकों के लिए सुलभ बनाना किया सुनिश्चित
डॉ. सुमिता मिश्रा ने लोक निर्माण विभाग और वास्तुकला विभाग को सभी पात्र परियोजनाओं में सुलभता मानदंडों को शामिल करने के दिए निर्देश
चंडीगढ़, 08 जुलाई, अभीतक: लोक अवसंरचना को समावेशी और बाधा-मुक्त बनाने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने राज्यों को पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायताश् (एसएएससीआई) योजना के तहत वित्त पोषित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सार्वभौमिक सुलभता मानकों का अनुपालन अनिवार्य करने का निर्णय लिया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र प्रायोजित इस योजना के तहत सभी पात्र परियोजनाओं के लिए श्दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016श् और श्भारत में सार्वभौमिक सुलभता के लिए सुसंगत दिशानिर्देश और मानक, 2021श् का अनुपालन करना आवश्यक होगा। यह कदम मौजूदा इमारतों में बाद में बदलाव करने के बजाय, योजना और डिजाइन के स्तर पर ही सुलभता सुविधाओं को शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। इसके तहत लोक निर्माण विभाग और वास्तुकला विभाग यह सुनिश्चित करेंगे कि नई सरकारी इमारतों के साथ-साथ नवीनीकरण और मरम्मत कार्यों सहित सभी पात्र परियोजनाओं के डिजाइन और निष्पादन में सुलभता मानकों को शामिल किया जाए। डॉ. मिश्रा ने कहा कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के पास लोक अवसंरचना का एक बड़ा नेटवर्क है, जिसमें मिनी सचिवालय भवन, तहसील और उप-तहसील कार्यालय परिसर, सरकारी आवासीय क्वार्टर और पारगमन फ्लैट शामिल हैं। विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि उसके प्रशासनिक नियंत्रण के तहत आने वाली सभी परियोजनाओं में सुलभता मानदंडों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि योजना और डिजाइन के चरण में ही सुलभता उपायों को एकीकृत करने से (आरपीडब्ल्यूडी) अधिनियम, 2016 के वैधानिक प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित होगा, साथ ही निर्माण के बाद होने वाले महंगे रैट्रोफिटिंग (संशोधनों) की आवश्यकता भी समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही सार्वभौमिक डिजाइन सिद्धांतों को अपनाने से ऐसा बुनियादी ढांचा तैयार करने में मदद मिलेगी जो हर नागरिक के लिए समावेशी, टिकाऊ और सुलभ हो। उन्होंने कहा कि सार्वभौमिक सुलभता केवल दिव्यांगजनों तक ही सीमित नहीं है। सार्वभौमिक सुलभता सिद्धांतों पर डिजाइन किया गया बुनियादी ढांचा वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और अस्थायी रूप से चलने-फिरने में असमर्थ लोगों को भी लाभ पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि रैंप, सुलभ प्रवेश द्वार, लिफ्ट, स्पर्श पथ, हैंड्रेल्स, सुलभ शौचालय और उचित साइनबोर्ड जैसी विशेषताएं सरकारी भवनों को समाज के सभी वर्गों के लिए सुरक्षित, अधिक सुविधाजनक और उपयोग में आसान बनाती हैं। उन्होंने कहा कि लोक अवसंरचना में सुलभता को मुख्यधारा में लाने से न केवल (आरपीडब्ल्यूडी) अधिनियम की वैधानिक आवश्यकताएं पूरी होंगी, बल्कि समावेशी और समान विकास के प्रति हरियाणा की प्रतिबद्धता भी मजबूत होगी। इस निर्णय के साथ हरियाणा ने अपने बुनियादी ढांचे के नियोजन को श्सुगम्य भारत अभियानश् (के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप संरेखित किया है। इस कदम से भविष्य की लोक अवसंरचना परियोजनाओं के लिए सार्वभौमिक सुलभता को बाद के विचार के बजाय एक मुख्य डिजाइन आवश्यकता बनाकर एक नया मानदंड स्थापित करने की उम्मीद है।
चंडीगढ़ स्थित सरकारी मकानों में रहने वाले कर्मचारियों को देना होगा रूफटॉप सोलर अंडरटेकिंग फॉर्म
10 जुलाई तक जमा करवाना होगा अंडरटेकिंग फॉर्म
चंडीगढ़, 08 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों तथा मुख्य प्रशासकों को निर्देश दिए हैं कि चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा आवंटित सरकारी मकानों में रहने वाले राज्य सरकार के कर्मचारी रूफटॉप सोलर ऊर्जा प्रणाली के उपयोग से संबंधित अपना विकल्पध्अंडरटेकिंग फॉर्म 10 जुलाई, 2026 तक अनिवार्य रूप से जमा कराएं। ये निर्देश चंडीगढ़ प्रशासन की हाउस अलॉटमेंट कमेटी से प्राप्त पत्र के बाद जारी किए गए हैं। केंद्र सरकार की पहल के तहत सरकारी आवासीय भवनों में रूफटॉप सोलर प्रणाली की शत-प्रतिशत स्थापना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि पात्र कर्मचारी निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने-अपने विभागाध्यक्षों के माध्यम से निर्धारित प्रारूप में सहमति प्रपत्र जमा करें, ताकि उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए हाउस अलॉटमेंट कमेटी, चंडीगढ़ के कार्यालय को समय पर भेजा जा सके। चंडीगढ़ प्रशासन के अनुसार, सोलर उपयोगकर्ता शुल्क (यूजर चार्जेज) के संबंध में सरकारी कर्मचारियों से प्राप्त प्रतिवेदनों के बाद यह प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके तहत कर्मचारियों को अंडरटेकिंग फॉर्म में निर्धारित विकल्पों में से एक का चयन करना होगा। वे या तो रूफटॉप सोलर संयंत्र से उत्पादित बिजली का उपयोग करने तथा निर्धारित उपयोगकर्ता शुल्क का भुगतान करने के लिए सहमति दे सकते हैं। इसके अलावा वे इस सुविधा का उपयोग नहीं करने का विकल्प भी चुन सकते हैं या यह भी बता सकते हैं कि यह विकल्प उन पर लागू नहीं होता। अंडरटेकिंग में यह भी उल्लेख किया गया है कि जो कर्मचारी सोलर ऊर्जा का उपयोग करने का विकल्प चुनेंगे, उन्हें निर्धारित सोलर उपयोगकर्ता शुल्क का भुगतान करना होगा तथा सोलर संयंत्र के रखरखाव के लिए अधिकृत कर्मियों को परिसर में प्रवेश की अनुमति देनी होगी। वहीं, जो कर्मचारी इस सुविधा का उपयोग नहीं करना चाहते, उनके मामले में रूफटॉप सोलर संयंत्र से बनने वाली बिजली को प्रचलित नियमों के अनुसार ग्रॉस मीटरिंग प्रणाली के माध्यम से विद्युत वितरण लाइसेंसधारी को हस्तांतरित किया जाएगा। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करते हुए सभी पात्र कर्मचारियों से निर्धारित समयावधि में अंडरटेकिंग फॉर्म प्राप्त कर समय पर हाउस अलॉटमेंट कमेटी को भेजे जाएं। हाउस अलॉटमेंट कमेटी ने स्पष्ट किया है कि यदि 10 जुलाई, 2026 तक किसी कर्मचारी का अंडरटेकिंग फार्म प्राप्त नहीं होता है, तो यह मान लिया जाएगा कि संबंधित कर्मचारी ने रूफटॉप सोलर ऊर्जा सुविधा के उपयोग के लिए अपनी सहमति प्रदान नहीं की है।



09 जुलाई को होगी बोर्ड की सीनियर सैकेण्डरी व 10 जुलाई से आरंभ होंगी सैकेण्डरी की परीक्षाएं
प्रदेशभर में स्थापित किए गए 95 परीक्षा केन्द्र
चंडीगढ़, 08 जुलाई, अभीतक: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी से संबंद्ध सीनियर सैकेण्डरी कंपार्टमेंटध्अतिरिक्त विषयध्अंक सुधार विषय की एक दिवसीय परीक्षा 09 जुलाई को एवं सैकेण्डरी कंपार्टमेंट(म्.प्.व्.च्)ध्अतिरिक्त विषयध्अंक सुधार विषयों की परीक्षाएं 10 जुलाई से 18 जुलाई, 2026 तक संचालित करवाई जाएंगी। इस परीक्षा हेतु प्रदेशभर में कुल 95 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। परीक्षा का समय 2ः00 बजे से 5ः00 बजे तक रहेगा। बोर्ड अध्यक्ष श्री शंकर लाल धूपड़ ने बताया कि बताया कि सीनियर सैकेण्डरी कंपार्टमेंटध्अतिरिक्त विषयध्अंक सुधार विषय की एक दिवसीय परीक्षा 09 जुलाई (वीरवार) को संचालित होगी। इस परीक्षा में लगभग 24 हजार 888 परीक्षार्थी प्रविष्ट होंगे, जिनमें 15,676 छात्र तथा 9,212 छात्राएं शामिल हैं। उन्होंने आगे बताया कि इसी प्रकार सैकेण्डरी (शैक्षिक) कंपार्टमेंट (म्.प्.व्.च्.), अतिरिक्त विषय, अंक सुधार की परीक्षाएं 10 जुलाई से 18 जुलाई, 2026 तक संचालित होंगी। इस परीक्षा में लगभग 25 हजार 979 परीक्षार्थी प्रविष्ट होंगे, जिसमें 16,269 छात्र तथा 9,710 छात्राएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस परीक्षा के सफल संचालन एवं पवित्रता बनाए रखने के लिए शिक्षा बोर्ड ने तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। इसके अतिरिक्त 22 प्रभावी उडनदस्तों का गठन भी किया गया है। सभी परीक्षा केन्द्रों के आसपास परीक्षा के दौरान धारा-163 लागू रहेगी। परीक्षा वाले दिन शिक्षा बोर्ड द्वारा बनाए गए सभी परीक्षा केंद्र भवनों के आसपास 500 मीटर की परिधि तक फोटोस्टेट की दुकानें व कोचिंग सेंटर बंद रहेंगे। श्री धूपड़ ने आगे बताया कि सभी परीक्षार्थी अपना रंगीन प्रवेश-पत्र ए-4 साईज पेपर पर ही प्रिन्ट करें। परीक्षार्थी आवेदन फार्म भरते समय अपलोड किए गए रंगीन फोटो को प्रवेश-पत्र पर चिपकाते हुए किसी सरकारी, गैर सरकारी मान्यता प्राप्त विद्यालय के प्राचार्य, मुख्याध्यापक या किसी राजपत्रित अधिकारी से सत्यापित करवाना सुनिश्चित करें। प्रवेश-पत्र एवं मूल आई.डी. कार्डध्आधार कार्ड के बिना परीक्षा केन्द्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षार्थी प्रवेश-पत्र को लेमिनेशन न करवाएं क्योंकि प्रवेश-पत्र पर तिथि अनुसार परीक्षार्थी एवं पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर होने अनिवार्य हैं। उन्होंने बताया कि यदि किसी दिव्यांग परीक्षार्थी को लेखक की सुविधा लेनी है तो ऐसे परीक्षार्थी बोर्ड कार्यालयध् परीक्षा केन्द्र पर आवश्यक दस्तावेज जमा करवाते हुए परीक्षा आरंभ होने से पहले लेखक की अनुमति लेना सुनिश्चित करें। केन्द्र अधीक्षक द्वारा जिन परीक्षार्थियों को लेखक उपलब्ध करवाया गया है उनके दस्तावेज संबंधित शाखाओं की मेल आई.डी. पर भिजवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने आगे बताया कि परीक्षार्थी प्रवेश-पत्र पर दिए गए दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए परीक्षा आरंभ होने से 30 मिनट पूर्व परीक्षा केंद्र पर पहुंचना सुनिश्चित करें। परीक्षा केन्द्र में इलैक्ट्रोनिक सामान जैसे मोबाईल, कैलकुलेटर व स्मार्ट वॉच आदि का प्रयोग वर्जित होगा। उन्होंने कहा कि किसी अन्य परीक्षार्थी के स्थान पर परीक्षा देना एक दण्डनीय अपराध है, यदि इस तरह का कोई परीक्षार्थी परीक्षा केन्द्र पर पाया जाता है तो उसके विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज करवाई जाएगी।
