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जिला में एचटेट परीक्षाएं आज से,सभी तैयारियां पूरी: डीसी
एचटेट परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध: डीसी
परीक्षा केंद्रों पर पहुँचने में परीक्षार्थियों को ना हो कोई परेशानी
डीसी वर्षा खांगवाल ने एचटेट परीक्षाओं की तैयारियों दृष्टिगत लिया परीक्षा केंद्रों का जायजा
बहादुरगढ़, 03 जुलाई, अभीतक: जिला में शनिवार 4 व रविवार 5 जुलाई को आयोजित होने वाली हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट) की तैयारियों का जायजा लेने के लिए डीसी वर्षा खांगवाल ने शुक्रवार को जिला के बहादुरगढ़ शहर में बने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, सीसीटीवी,पेयजल, कंट्रोल रूम,बिजली, स्वच्छता, बैठने की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
एचटेट परीक्षा शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता
डीसी ने कहा कि एचटेट परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा के दृष्टिगत सभी दिशा-निर्देशों की गंभीरता से पालना सुनिश्चित की जाए तथा परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने बताया कि जिला में एचटेट परीक्षा के लिए कुल 14 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 11 केंद्र झज्जर तथा 3 केंद्र बहादुरगढ़ में स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर कुल 8649 परीक्षार्थियों के परीक्षा में शामिल होने की संभावना है। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है।
यह रहेगा परीक्षाओं का शेड्यूल
डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि शनिवार 4 जुलाई को सायं कालीन सत्र में लेवल-3 की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5ः30 बजे तक आयोजित होगी। वहीं 5 जुलाई रविवार को प्रातःकालीन सत्र में लेवल-2 की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12ः30 बजे तक तथा सायं कालीन सत्र में लेवल-1 की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5ः30 बजे तक होगी। लेवल-3 में 2480, लेवल-2 में 4352 तथा लेवल-1 में 1817 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे।
निरीक्षण के दौरान डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों पर निर्धारित समय से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। साथ ही परीक्षा अवधि के दौरान कानून व्यवस्था, यातायात प्रबंधन तथा सुरक्षा व्यवस्था के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके। इस अवसर पर डीसीपी बहादुरगढ़ मयंक मिश्रा, एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच, एसीपी सुरेंद्र सिंह, डीईईओ राजबाला मलिक, निपुण के जिला संयोजक डॉ सुदर्शन पूनिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।





झज्जर पहुंची हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष तृप्ति श्योराण
टीम के साथ विभिन्न संस्थानों का किया निरीक्षण
बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, सुरक्षा एवं पुनर्वास सेवाओं की समीक्षा, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
झज्जऱ, 03 जुलाई, अभीतक: हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष तृप्ति श्योराण ने शुक्रवार को झज्जर जिले का दौरा कर बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, सुरक्षा एवं संरक्षण से जुड़े विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों एवं महिलाओं से संबंधित सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। सर्वप्रथम आयोग की चेयरपर्सन तृप्ति श्योराण ने झज्जर बाल भवन में बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) एवं किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बच्चों के पुनर्वास एवं संरक्षण संबंधी प्रकरणों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप संवेदनशील एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला न्यायालय पहुंचकर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राजकुमार यादव से शिष्टाचार भेंट की तथा बच्चों से जुड़े मामलों के न्यायिक पक्ष एवं समन्वय व्यवस्था पर चर्चा की।
बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिगत सजग रहे स्वास्थ्य संस्थान: चेयरपर्सन
आयोग की चेयरपर्सन तृप्ति श्योराण ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जहांगीरपुर पहुंचकर वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली तथा नवजात शिशु देखभाल इकाई (एनआईसीयू), प्रसूति कक्ष, ओपीडी सहित विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष ने अस्पताल में स्वच्छता, बेहतर प्रबंधन और बच्चों के लिए उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही गांव जहांगीरपुर में आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया। यहां बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को दी जा रही स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं, टीकाकरण, पूरक पोषण कार्यक्रम और प्री-स्कूल गतिविधियों का जायजा लिया। साथ ही गर्मी को देखते हुए बच्चों के लिए कूलर जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
उमंग जगन्नाथ आश्रम में ली बच्चों की शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं सम्बन्धी जानकारी
इस बीच बाल संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन तृप्ति श्योराण ने बहादुरगढ़ स्थित उमंग जगन्नाथ आश्रम (चिल्ड्रन होम) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा संस्थानों में उपलब्ध शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, आवास और अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया।
सभी पात्रों को मिले सरकारी योजनाओं का लाभ
आयोग की अध्यक्ष तृप्ति श्योराण ने बहादुरगढ़ स्थित एक फूड प्रोडक्ट संस्थान का दौरा कर श्रम विभाग के अधिकारियों से बाल श्रम निषेध कानूनों के अनुपालन की जानकारी ली तथा औद्योगिक इकाइयों में बाल श्रम पर प्रभावी निगरानी रखने के निर्देश दिए। इसके उपरांत आयोग की अध्यक्ष ने बहादुरगढ़ स्थित एक स्लम क्षेत्र का निरीक्षण कर वहां रहने वाले बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र बच्चों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
इन विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर एसडीएम झज्जर रवि मीणा , एसीपी अनिरुद्ध चैहान, सीडब्ल्यूसी चेयरमैन सतीश जाखड़, सीएमजीजीए खुशी कौशल,
जिला बाल कल्याण अधिकारी सुरेखा हुड्डा,डिप्टी सीएमओ डॉ कुलदीप, एसएमओ बादली डॉ प्रीति, जिला कार्यक्रम अधिकारी नेहा, डीसीपीओ विकास वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



एचटेट परीक्षा के दौरान बसों का नियमित संचालन करें निजी बस संचालक: डीटीओ
शनिवार 4 व रविवार 5 जुलाई को आयोजित होने वाली एचटेट-2026 परीक्षा को लेकर जारी किए आवश्यक निर्देश
परीक्षार्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए निर्धारित रूट व समय-सारिणी के अनुसार चलें सभी बसें
निर्देशों की अवहेलना करने वाले परमिट धारकों के विरुद्ध होगी नियमानुसार कार्रवाई
झज्जऱ, 03 जुलाई, अभीतक: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी द्वारा जिला में शनिवार 4 व रविवार 5 जुलाई को आयोजित की जाने वाली हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट)-2026 के सफल एवं सुचारु आयोजन के दृष्टिगत सभी स्टेज कैरिज परमिट धारकों, निजी बस संचालकों तथा प्रधान सहकारी परिवहन समितियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिला परिवहन अधिकारी रविश हुड्डा ने कहा कि परीक्षार्थियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी बसें समय पर संचालित हों, ताकि अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक आने-जाने में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने सभी निजी बस संचालक को निर्देश दिए कि वे अपने चालक एवं परिचालकों को परीक्षार्थियों के साथ सहयोगपूर्ण एवं शालीन व्यवहार करने तथा सुरक्षित एवं सुचारु परिवहन व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रेरित करें। डीटीओ ने बताया कि परिवहन आयुक्त, हरियाणा, चंडीगढ़ के निर्देशानुसार परीक्षा के दोनों दिनों में सभी बसों का संचालन स्वीकृत मार्ग एवं निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। किसी भी बस सेवा में अनावश्यक बाधा या लापरवाही से परीक्षार्थियों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी परमिट धारक द्वारा जारी निर्देशों की अवहेलना की जाती है अथवा बस सेवाएं अनावश्यक रूप से बाधित पाई जाती हैं तो संबंधित परमिट धारक के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम, 1988, उसके अधीन बनाए गए नियमों तथा परमिट की शर्तों के अनुसार नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने सभी निजी बस संचालकों से अपील की है कि वे परीक्षा के दौरान निर्धारित रूट एवं समय-सारणी का पूर्ण पालन करें तथा परीक्षार्थियों को सुरक्षित, समयबद्ध और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में प्रशासन का सहयोग करें।

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान
एक ही परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों पर होने पर घबराएं नहीं, प्रपत्र-8 भरकर करा सकते हैं बदलाव
अधिक जानकारी के लिए बीएलओ, ईसीआईनेट एप और टोल फ्री नंबर 1950 पर कर सकते हैं संपर्क
झज्जऱ, 03 जुलाई, अभीतक: उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने बताया कि जिला झज्जर में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान निर्वाचन विभाग के संज्ञान में ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें एक ही परिवार के पात्र मतदाताओं के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों पर दर्ज हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह स्थिति कई कारणों से हो सकती है। उदाहरण के तौर पर किसी सेक्टर या कॉलोनी को दो अलग-अलग मतदान केंद्रों में विभाजित किया गया हो, दोनों केंद्र एक ही भवन में संचालित होते हों, या किसी सदस्य का नाम पहले किसी अन्य मतदान केंद्र पर पंजीकृत रहा हो जबकि परिवार के अन्य सदस्यों के नाम अलग केंद्र पर दर्ज हों। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि ऐसी स्थिति में संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) अपने मतदान क्षेत्रों में आने वाले मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने मतदाताओं से अपील की है कि वे प्रपत्र को सही ढंग से भरकर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उसका डिजिटलीकरण सुनिश्चित करें तथा सभी पात्र मतदाता अपने-अपने संबंधित बूथ लेवल अधिकारी को यह प्रपत्र समय पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उपायुक्त वर्षा खांगवाल ने स्पष्ट किया कि यदि कोई परिवार चाहता है कि भविष्य में उसके सभी पात्र मतदाताओं के नाम एक ही मतदान केंद्र की मतदाता सूची में शामिल हों, तो प्रारंभिक मतदाता सूची-2026 के प्रकाशन के बाद दावे एवं आपत्तियों की अवधि के दौरान प्रपत्र-8 भरकर मतदान केंद्र परिवर्तन के लिए आवेदन किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त नए पात्र मतदाताओं को सलाह दी गई है कि फॉर्म-6 भरते समय परिवार के पहले से पंजीकृत सदस्य का पूरा विवरण सही-सही भरें तथा उसी मतदान केंद्र के बूथ लेवल अधिकारी के पास आवेदन जमा करवाएं, जिससे परिवार के सभी सदस्यों का पंजीकरण एक ही मतदान केंद्र पर सुनिश्चित किया जा सके। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद अपने नाम और विवरण की सावधानीपूर्वक जांच अवश्य करें। यदि परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों पर दर्ज हैं और उन्हें एक ही मतदान केंद्र पर स्थानांतरित कराना चाहते हैं, तो 21 जुलाई 2026 से 20 अगस्त 2026 तक निर्धारित अवधि में प्रपत्र-8 भरकर आवेदन कर सकते हैं। मतदाता सूची से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए मतदाता अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ), ईसीआईनेट (म्ब्प्छम्ज्) एप पर उपलब्ध बुक ए कॉल (ठववा ं ब्ंसस) सुविधा अथवा निर्वाचन आयोग के टोल फ्री नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं।




जनता की संतुष्टि समाधान शिविरों की सफलता का पैमाना: डीसी
रिओपन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए समाधान सुनिश्चित करें अधिकारी
डीसी वर्षा खांगवाल की अध्यक्षता में समाधान शिविर की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित
झज्जऱ, 03 जुलाई, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि समाधान शिविर जनता की समस्याओं के त्वरित एवं संतोषजनक निवारण के लिए सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उसका समयबद्ध समाधान करते किया जाए, साथ ही रिओपन शिकायतों का प्राथमिकता से समाधान सुनिश्चित किया जाए। डीसी शुक्रवार को लघु सचिवालय सभागार में अभिलेखागार विभाग के आयुक्त एवं सचिव साकेत कुमार से वीसी उपरांत साप्ताहिक समाधान शिविर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। इस दौरान डीसीपी दीप्ति गर्ग भी मौजूद रहीं।
जनशिकायतों के समयबद्ध निस्तारण पर शासन प्रशासन का फोकस’
डीसी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों एवं प्रदेश सरकार की जनसमस्या निवारण नीति के तहत प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को जिला मुख्यालय के साथ-साथ सभी उपमंडल स्तरों पर नियमित रूप से समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों का उद्देश्य नागरिकों की शिकायतों का एक ही मंच पर त्वरित, पारदर्शी एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है। शिविरों में प्राप्त शिकायतों की नियमित समीक्षा कर उनके समयबद्ध निस्तारण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
शिकायत के समाधान के उपरांत एटीआर पोर्टल पर हो अपलोड
डीसी वर्षा खांगवाल ने विभागवार प्राप्त शिकायतों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायत के समाधान के उपरांत एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) बिना किसी विलंब के संबंधित पोर्टल एवं कार्यालय को भेजी जाए। उन्होंने कहा कि समाधान शिविरों का मूल उद्देश्य जनता की समस्याओं का शीघ्र, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान है, जिसे प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए पूरा करे। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान शिविरों में आने वाले प्रत्येक फरियादी के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए तथा किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित रखने के बजाय निर्धारित समय सीमा के भीतर उसका प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए।
यह अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, एसडीएम बादली विशाल कुमार,सीटीएम रितु सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

एसआईआर-2026: हर वोटर से प्राप्त गणना प्रपत्र का तत्काल डिजिटाइजेशन जरूरी: डीसी
एएसडी वोटर की पहचान सुनिश्चित करने में बीएलओ का सहयोग करें राजनीतिक दल
डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने डिजिटाइजेशन कार्य को लेकर अधिकारियों की बैठक में दिए जरूरी निर्देश
झज्जऱ, 03 जुलाई, अभीतक: डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों के तहत जिला में गणना प्रपत्रों के संग्रहण और डिजिटाइजेशन का कार्य प्रगति पर है। इस कार्य को और गति प्रदान करने में राजनीतिक दलों का सहयोग बहुत जरूरी है। एसआईआर कार्य में एएसडी वोटर की पहचान सुनिश्चित करने में सभी बीएलए सहयोग करें। डीसी शुक्रवार को लघु सचिवालय सभागार में एसआईआर 2026 के चलते गणना प्रपत्रो के डिजिटाइजेशन कार्य की समीक्षा कर रही थीं। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर एसआईआर से जुड़े कार्यो की विस्तार से समीक्षा की।
गणना प्रपत्र के वितरण और संग्रहण कार्य में एएसडी वोटर का डाटाबेस भी हो तैयार
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि गणना प्रपत्र के वितरण और संग्रहण कार्य के दौरान एएसडी लिस्ट का डाटाबेस तैयार किया जाए, जरूरत अनुरूप राजनीतिक दलों से जानकारी सांझा करते हुए एसआईआर की प्रगति से अवगत कराया जाए,ताकि एएसडी वोटर तक पहुंच सुनिश्चित हो सके। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी जांच एवं सत्यापन के उपरांत ही एसआईआर-2026 की प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराएं।
पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो, यही एकमात्र उद्देश्य’
डीसी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग का उद्देश्य प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना व किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल होने से रोकना है। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई 2026 तक चल रहे गणना चरण के दौरान प्रत्येक वर्तमान मतदाता को बूथ लेवल अधिकारी द्वारा गणना प्रपत्र उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान मतदाता हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र जमा करेंगे और उनका नाम बिना किसी अतिरिक्त दस्तावेज की मांग किए प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
एसआईआर अभियान में 22 सितंबर तक चलेंगी वोटर लिस्ट संबंधी गतिविधियां
डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि आगामी 14 जुलाई, तक जिला में सभी 807 बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना फॉर्म भरवाने व एप पर डिजिटाइजेशन किया जा रहा हैं । इसके बाद 21 जुलाई, 2026 को मतदाता सूची का प्रारंभिक (ड्राफ्ट) प्रकाशन होगा। उन्होंने बताया कि 21 जुलाई से 20 अगस्त, 2026 तक मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। वहीं 21 जुलाई से 18 सितंबर, 2026 तक प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का नियमानुसार निपटारा किया जाएगा। इसके उपरांत 22 सितंबर, 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
बीएलओ प्रत्येक मतदाता से प्राप्त करें हस्ताक्षर युक्त गणना प्रपत्र
डीसी ने कहा कि बीएलओ सभी पात्र वोटरों से हस्ताक्षर युक्त गणना प्रपत्र प्राप्त करना सुनिश्चित करेंगे , जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं होंगे, उनके संबंध में बीएलओ स्थानीय जांच के आधार पर संभावित कारण जैसे अनुपस्थिति, स्थानांतरण, मृत, डुप्लीकेट सूची तैयार करेगा। इस सूची पर बूथ लेवल अधिकारियों एवं राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट की बैठक आयोजित की जाएगी तथा सूची को संबंधित कार्यालयों के नोटिस बोर्ड एवं विभागीय वेबसाइट पर भी जारी किया जाएगा।
समय पर गणना फॉर्म भरकर जिम्मेदार मतदाता होने का परिचय दें नागरिक’
डीसी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति एक से अधिक स्थानों पर मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं हो सकता। ऐसा करना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। यदि किसी मतदाता को इस अभियान से संबंधित किसी प्रकार की जानकारी या सहायता की आवश्यकता हो तो वह निर्वाचन आयोग की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1950 पर संपर्क कर सकता है अथवा ूूूण्अवजमतेण्मबपण्हवअण्पद पोर्टल और म्ब्प्छमज ऐप का उपयोग कर सकता है। डीसी वर्षा खांगवाल ने जिले के सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे जिम्मेदार मतदाता होने का परिचय दें, समय पर गणना फॉर्म भरकर बीएलओ को सौंपकर लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपनी भागीदारी निभाएं।
’इन अधिकारियों की रही मौजूदगी’
इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, एसडीएम बादली विशाल कुमार,सीटीएम रितु सहित एसआईआर अभियान से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे।




पर्यावरण सुरक्षा में सहभागी बनें आमजन: डीसी
अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस पर डीसी वर्षा खांगवाल ने बांटे जूट के बैग
सिंगल यूज प्लास्टिक छोड़ने का किया डीसी ने आह्वान
बहादुरगढ़, 03 जुलाई, अभीतक: पर्यावरण संरक्षण में सहभागी बनते हुए आमजन स्वच्छ वातावरण की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं। सिंगल यूज प्लास्टिक को छोड़ते हुए सभी पर्यावरण प्रहरी की भूमिका अदा करें। यह आह्वान डीसी वर्षा खांगवाल ने किया। बहादुरगढ़ की सब्जी मंडी परिसर में शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस के अवसर पर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डीसी एवं जिला पर्यावरण संरक्षण समिति की अध्यक्ष वर्षा खांगवाल ने नागरिकों, व्यापारियों और मंडी में खरीदारी करने आए लोगों को जूट के बैग वितरित कर सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद करने का आह्वान किया। एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच भी उनके साथ मौजूद रहे। डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक बैग आज पर्यावरण, जल स्रोतों, भूमि और वन्य जीवों के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। प्लास्टिक का बढ़ता उपयोग प्रदूषण फैलाने के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। डीसी ने कहा कि समय की मांग है कि प्रत्येक नागरिक सिंगल यूज प्लास्टिक का विकल्प अपनाए। कपड़े, जूट तथा अन्य पर्यावरण अनुकूल सामग्री से बने बैग का उपयोग कर प्लास्टिक कचरे में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि खरीदारी के लिए घर से ही कपड़े या जूट का थैला लेकर निकलें और इस आदत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
प्रत्येक व्यक्ति निभाए जिम्मेदारी
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि स्वच्छ, सुरक्षित और हरित पर्यावरण का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने व्यापारियों से भी आग्रह किया कि वे ग्राहकों को प्लास्टिक बैग उपलब्ध कराने के बजाय पर्यावरण हितैषी विकल्पों को बढ़ावा दें और प्लास्टिक मुक्त बाजार बनाने में सक्रिय सहयोग करें।
सिंगल यूज प्लास्टिक के सुरक्षित विकल्पों की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को प्लास्टिक प्रदूषण से होने वाले नुकसान, पर्यावरण संरक्षण के उपाय तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के सुरक्षित विकल्पों की जानकारी दी। साथ ही सभी को पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने की शपथ भी दिलाई गई। नागरिकों ने दैनिक जीवन में प्लास्टिक का उपयोग कम करने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
यह रहे मौजूद
इस अवसर पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी आशीष कौशिक, शिवेंद्र सिंह, औद्योगिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, स्थानीय पार्षद, मंडी के व्यापारी, आढ़ती, गणमान्य नागरिक तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

एचटेट परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने में मदद करेगी डायल-112 सेवा: डीसी
04 व 05 जुलाई को होने वाली एचटेट परीक्षा के लिए जिला प्रशासन की व्यापक तैयारियां पूरी
झज्जऱ, 03 जुलाई, अभीतक: जिला में 14 सेंटर पर शनिवार 4 व रविवार 5 जुलाई को आयोजित होने वाली हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट)-2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं। परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। यह जानकारी डीसी वर्षा खांगवाल ने दी।
परीक्षार्थियों की सहायता के लिए पूरी तरह सक्रिय रहेंगी डायल 112
डीसी ने बताया कि यदि किसी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी भी प्रकार की समस्या आती है, जैसे परिवहन की दिक्कत, मार्ग संबंधी परेशानी, वाहन उपलब्ध न होना अथवा किसी अन्य आपात स्थिति का सामना करना पड़ता है, तो वह तत्काल डायल-112 सेवा पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकता है। डायल-112 की टीम परीक्षार्थियों की सहायता के लिए पूरी तरह सक्रिय रहेंगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने में भी सहयोग करेंगी। इसके अतिरिक्त जिला प्रशासन द्वारा कंट्रोल रूम में स्थापित दूरभाष नंबर 01251-253711 भी सहायता एवं जानकारी के लिए उपलब्ध रहेगा।
परीक्षा के लिए निर्धारित समय से पहले घर से निकलें अभ्यार्थी
डीसी ने बताया कि परीक्षा के दौरान समय की महत्ता को देखते हुए अभ्यर्थी निर्धारित समय से पहले घर से निकलें और किसी भी आकस्मिक स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत डायल-112 पर संपर्क करें। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी अभ्यर्थी केवल परिवहन अथवा अन्य तकनीकी कारणों से परीक्षा से वंचित न रहे।
’परीक्षा केंद्रों पर पार्किंग, फर्स्ट एड और मूलभूत सुविधाओं के निर्देश’
डीसी ने बताया कि जिले में एचटेट परीक्षा के लिए कुल 14 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें 11 केंद्र झज्जर और 3 केंद्र बहादुरगढ़ में बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर कुल 8,649 परीक्षार्थियों के परीक्षा में शामिल होने की संभावना है। सभी केंद्रों पर फर्स्ट एड की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, शौचालय तथा पार्किंग जैसी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
’परीक्षार्थियों की सुविधा के मद्देनजर आवश्यकतानुसार रूटों पर अतिरिक्त बसों का हो संचालन’
डीसी ने बताया कि रोडवेज महाप्रबंधक को परीक्षार्थियों की सुविधा के मद्देनजर आवश्यकतानुसार विभिन्न रूटों पर अतिरिक्त बसों का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आरटीए सचिव को परीक्षा केंद्रों तक सुगम आवागमन के लिए आवश्यक प्रबंध करने को कहा गया है।
’एचटेट की तीनों स्तरों की निर्धारित कार्यक्रम अनुसार होंगी परीक्षाएं’
डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि शनिवार 04 जुलाई को सायंकालीन सत्र में लेवल-3 की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5रू30 बजे तक आयोजित होगी। वहीं 05 जुलाई को प्रातःकालीन सत्र में लेवल-2 की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12रू30 बजे तक तथा सायंकालीन सत्र में लेवल-1 की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5रू30 बजे तक आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि लेवल-3 परीक्षा में 2,480, लेवल-2 परीक्षा में 4,352 तथा लेवल-1 परीक्षा में 1,817 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
’परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी, बायोमैट्रिक और वीडियोग्राफी से होगी निगरानी’
डीसी ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, बायोमैट्रिक सत्यापन प्रणाली तथा वीडियोग्राफी सहित सभी तकनीकी व्यवस्थाएं पूरी की गई हैं। इसके साथ ही परीक्षा अवधि के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा यातायात को सुचारु रखने के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य एचटेट परीक्षा को पूर्ण पारदर्शिता, सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था के साथ संपन्न कराना है, ताकि सभी अभ्यर्थी निष्पक्ष वातावरण में परीक्षा दे सकें।



अवैध भ्रूण लिंग जांच गिरोह मामले में स्वास्थ्य कर्मचारी निलंबित: सीएमओ डॉ. मंजू कादयान’
भ्रूण लिंग जांच कराने वालों और सहयोगियों पर होगी सख्त कार्रवाई: सीएमओ’
झज्जऱ, 03 जुलाई, अभीतक: मई माह में स्वास्थ्य विभाग, झज्जर द्वारा हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश में सक्रिय एक अंतरराज्यीय अवैध भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ किया गया था। इस कार्रवाई में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा एक अवैध पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन सहित अन्य उपकरण बरामद किए गए थे। इस मामले में एमपीएचडब्ल्यू (डनसजप-च्नतचवेम भ्मंसजी ॅवतामत) गौरव, उप स्वास्थ्य केंद्र बिठला, पीएचसी साल्हावास, सीएचसी जमालपुर, जिला झज्जर में कार्यरत कर्मचारी की कथित संलिप्तता सामने आने पर विभागीय कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादयान ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि भाई-बहन रविंद्र सिंह उर्फ पोनी तथा अनीता (सजनी क्लिनिक) मिलकर इस अवैध गिरोह का संचालन कर रहे थे। आरोपी हरियाणा की गर्भवती महिलाओं को लालच देकर उत्तर प्रदेश ले जाते थे, जहां पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से भ्रूण का लिंग परीक्षण कराया जाता था। जांच के अनुसार गिरोह का संचालन सोनीपत के गोहाना स्थित एक क्लिनिक के माध्यम से किया जा रहा था, जहां से गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उत्तर प्रदेश भेजा जाता था। सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की झज्जर, रोहतक तथा अमरोहा (उत्तर प्रदेश) की टीमों ने संयुक्त रूप से डिकॉय ऑपरेशन चलाया। ऑपरेशन के दौरान आरोपी डिकॉय गर्भवती महिला सहित अन्य महिलाओं को जिला अमरोहा के सटोड़ा गांव स्थित एक मकान में ले गए, जहां अवैध पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से भ्रूण का लिंग परीक्षण किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार कर मौके से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन एवं अन्य संबंधित उपकरण बरामद किए। जांच के दौरान हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के एक एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारी की कथित संलिप्तता भी सामने आई – थाना हसनपुर, जिला अमरोहा (उत्तर प्रदेश) में दर्ज एफआईआर संख्या 309 दिनांक 28 मई 2026 के आधार पर संबंधित कर्मचारी को हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के नियम 5(1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान कर्मचारी का मुख्यालय सिविल सर्जन कार्यालय, कैथल निर्धारित किया गया है। डॉ. मंजू कादयान ने कहा कि भ्रूण लिंग जांच एक गंभीर एवं दंडनीय अपराध है। स्वास्थ्य विभाग अवैध भ्रूण लिंग जांच करने या करवाने वालों के साथ-साथ इस अपराध में सहयोग करने वाले एजेंटों, बिचैलियों, सुविधा उपलब्ध कराने वालों तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भी सख्त कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई करेगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी अवैध भ्रूण लिंग जांच अथवा इससे संबंधित किसी भी प्रकार की गतिविधि की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग अथवा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध समय पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।




प्रतिभा मंथन कार्यक्रम के तहत 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों ने किया ळडत् वरलक्ष्मी फाउंडेशन, द्वारका सेक्टर-8 का एक्सपोजर विजिट
झज्जऱ, 03 जुलाई, अभीतक: प्रतिभा मंथन कार्यक्रम के अंतर्गत जिला झज्जर के विभिन्न विद्यालयों के 12वीं उत्तीर्ण कुल 16 विद्यार्थियों को ळडत् वरलक्ष्मी फाउंडेशन, द्वारका सेक्टर-8, नई दिल्ली के एक्सपोजर विजिट पर ले जाया गया। इस विजिट का उद्देश्य विद्यार्थियों को कौशल आधारित प्रशिक्षण, रोजगारपरक पाठ्यक्रमों तथा संस्थान के शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराना था, ताकि वे अपने भविष्य के लिए बेहतर करियर विकल्पों को समझ सकें। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने संस्थान में संचालित विभिन्न कौशल आधारित पाठ्यक्रमों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कक्षाओं, प्रशिक्षण प्रयोगशालाओं एवं छात्रावास का भ्रमण किया तथा संस्थान की फैकल्टी से संवाद कर प्रवेश प्रक्रिया, पात्रता, प्रशिक्षण पद्धति एवं रोजगार के अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल की। विद्यार्थियों ने संस्थान के नियमों, अनुशासन, दैनिक दिनचर्या तथा प्रशिक्षण व्यवस्था को भी समझा। इस दौरान उन्होंने संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए गए भोजन का भी अनुभव लिया। विजिट के दौरान विद्यार्थियों ने पाठ्यक्रमों की अवधि, प्लेसमेंट, संभावित कार्यस्थल एवं वेतन संबंधी अनेक प्रश्न पूछे, जिनका फैकल्टी द्वारा विस्तारपूर्वक उत्तर दिया गया। इससे विद्यार्थियों को अपने करियर विकल्पों को बेहतर ठीक से समझने का अवसर मिला। इस विजिट के दौरान कई विद्यार्थियों ने फूड प्रोडक्शन एंड प्रोसेसिंग, डेटा विजुअलाइजेशन तथा ब्यूटी थेरेपिस्ट जैसे पाठ्यक्रमों में विशेष रुचि दिखाई। कुछ विद्यार्थियों ने अपने अभिभावकों के साथ पुनः संस्थान का भ्रमण कर प्रवेश प्रक्रिया आगे बढ़ाने की इच्छा भी व्यक्त की। यह एक्सपोजर विजिट विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक अनुभव रहा। इस प्रकार के अनुभव विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा, रोजगार के अवसरों तथा अपने भविष्य के प्रति सूचित एवं बेहतर करियर निर्णय लेने के लिए प्रेरित करते हैं। इस एक्सपोजर विजिट में प्रतिभा मंथन टीम सदस्य आमरीन एवं श्वेता, सभी विद्यार्थी तथा ळडत् वरलक्ष्मी फाउंडेशन की फैकल्टी उपस्थित रही।

एचटेट परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए झज्जर पुलिस पूरी तरह तैयार: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह’
झज्जऱ, 03 जुलाई, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में 4 एवं 5 जुलाई को आयोजित होने वाली हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट) को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए झज्जर पुलिस ने व्यापक सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था संबंधी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूरे जिले में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी।पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने बताया कि परीक्षा ड्यूटी के लिए दो डीसीपी, तीन एसीपी सहित करीब 200 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जिला झज्जर में कुल 14 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें झज्जर जोन में 11 तथा बहादुरगढ़ जोन में 3 परीक्षा केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों पर करीब 8,649 परीक्षार्थियों के परीक्षा देने की संभावना है।परीक्षा केंद्रों पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ-साथ एसीपी स्तर के अधिकारियों की भी नियुक्ति की गई है, ताकि परीक्षा पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हो सके। परीक्षा शुरू होने से पहले ही पुलिस द्वारा सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में अनधिकृत वाहनों एवं अनावश्यक भीड़ को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने सभी थाना प्रबंधकों, चैकी प्रभारियों, पीसीआर, राइडर तथा डायल-112 की टीमों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में लगातार गश्त एवं निगरानी बनाए रखें तथा परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों की सहायता के लिए पूरी तरह तत्पर रहें। किसी भी परीक्षार्थी को मार्गदर्शन, सुरक्षा अथवा अन्य किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होने पर उसे तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि सभी परीक्षार्थी बिना किसी परेशानी के समय पर अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकें।परीक्षा के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों, असामाजिक तत्वों तथा अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। सभी पीसीआर एवं राइडर टीमों को वायरलेस के माध्यम से लगातार संपर्क में रहकर किसी भी सूचना पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने अभिभावकों एवं परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे समय से पहले परीक्षा केंद्रों पर पहुंचें, पुलिस एवं प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराई जा सके। झज्जर पुलिस आपकी सुरक्षा एवं सहायता के लिए हर समय तत्पर है।





झज्जर पुलिस ने यातायात नियमों और नशा मुक्ति के प्रति ऑटो चालकों को किया जागरूक
बहादुरगढ़, 03 जुलाई, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में यातायात प्रभारी बहादुरगढ़ निरीक्षक सतीश कुमार ने ब्रिगेडियर होशियार सिंह मेट्रो स्टेशन, बहादुरगढ़ के नीचे ऑटो चालकों को यातायात नियमों एवं नशा मुक्ति के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान ऑटो चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, यातायात संकेतों का सम्मान करने तथा नशे की हालत में वाहन न चलाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही बताया गया कि यातायात नियमों का पालन कर न केवल स्वयं की बल्कि अन्य लोगों की जान भी सुरक्षित रखी जा सकती है। झज्जर पुलिस ने सभी वाहन चालकों से सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की।

मोबाइल चोरी कर यूपीआई के माध्यम से 2.53 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, चोरी किया गया मोबाइल बरामद’
झज्जऱ, 03 जुलाई, अभीतक: पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना माछरौली पुलिस ने मोबाइल चोरी व ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। मामले की जानकारी देते हुए थाना माछरौली प्रबंधक निरीक्षक उप निरीक्षक राम अवतार ने बताया कि शिकायतकर्ता अव्वाज खान निवासी मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह ईसीआर कंपनी में कार्य करता था। उसके साथ काम करने वाले तालीम निवासी गांव पाडला जिला भरतपुर (राजस्थान) ने उसका मोबाइल चोरी कर लिया। बाद में आरोपी ने मोबाइल में मौजूद यूपीआई सुविधा का दुरुपयोग कर शिकायतकर्ता के बैंक खाते से करीब 2.53 लाख रुपए की राशि निकाल ली।मामला दर्ज होने के बाद थाना माछरौली पुलिस ने लगातार जांच करते हुए तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सूचनाओं के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अदालत झज्जर में पेश किया गया। माननीय अदालत के आदेश अनुसार आरोपी को पूछताछ के लिए दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी ने वारदात करना स्वीकार किया तथा उसकी निशानदेही पर चोरी किया गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया। आरोपी ने धोखाधड़ी से प्राप्त राशि के लेन-देन के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी है, जिसके आधार पर पुलिस आगे की जांच कर रही है। पुलिस रिमांड के पश्चात आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।झज्जर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि अपने मोबाइल और बैंकिंग संबंधी जानकारी सुरक्षित रखें तथा किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
नशे और अपराध के विरुद्ध दादरी पुलिस की मुहिम को मिला जनसमर्थन
भिवानी के व्यापारिक एवं सामाजिक संगठनों ने पुलिस अधीक्षक लोगेश कुमार पी. आईपीएस को किया सम्मानित
भिवानी, 03 जुलाई, अभीतक: चरखी दादरी में नशे और अपराध के विरुद्ध पुलिस अधीक्षक लोगेश कुमार पी., आईपीएस के नेतृत्व में चलाए जा रहे प्रभावी अभियान की सराहना अब जिला सीमाओं से बाहर भी होने लगी है। उनके नेतृत्व में अपराध नियंत्रण, नशा तस्करों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियानों से प्रभावित होकर शुक्रवार को भिवानी के विभिन्न व्यापारिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने चरखी दादरी पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया। प्रतिनिधिमंडल में भिवानी कॉस्मेटिक एसोसिएशन, गारमेंट्स एसोसिएशन, व्यापार मंडल सहित विभिन्न प्रमुख संगठनों के पदाधिकारी शामिल रहे। सभी ने पुलिस अधीक्षक को स्मृति-चिह्न भेंट कर उनके नेतृत्व में चलाए जा रहे जनहितकारी अभियानों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। इस अवसर पर भिवानी कॉस्मेटिक एसोसिएशन के प्रधान अभिषेक बंसल ने कहा कि पुलिस अधीक्षक लोगेश कुमार पी. ने नशे के विरुद्ध केवल कानूनी कार्रवाई तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि समाज के बीच जाकर युवाओं को जागरूक करने, उन्हें सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करने तथा नशे से दूर रहने का संदेश देने का उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि एक पुलिस अधिकारी का समाज सुधारक और मार्गदर्शक की भूमिका निभाना अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि एसपी लोगेश कुमार पी. के नेतृत्व में दादरी पुलिस द्वारा नशा तस्करों, संगठित अपराधियों तथा समाज विरोधी तत्वों के विरुद्ध लगातार प्रभावी एवं सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इसी का परिणाम है कि जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और युवाओं में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवा हैं और उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराई से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जब पुलिस केवल कानून लागू करने तक सीमित न रहकर समाज के साथ मिलकर जनहित में कार्य करती है, तो जनता का विश्वास खाकी के प्रति और अधिक मजबूत होता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पुलिस अधीक्षक लोगेश कुमार पी. के नेतृत्व में चल रही यह मुहिम पूरे हरियाणा के लिए प्रेरणास्रोत एवं अनुकरणीय मॉडल बन चुकी है। संगठनों के प्रतिनिधियों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए दादरी पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस और समाज की साझेदारी ही नशे एवं अपराध जैसी चुनौतियों पर प्रभावी नियंत्रण का सबसे सशक्त माध्यम है। इस अवसर पर गारमेंट संगठन के प्रधान रायचंद सिंगला, अग्रवाल सभा के पूर्व सचिव राजकुमार दिनोदिया, मुकेश गोयल दादरी सहित अन्य संगठन प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

स्वास्थ्य मंत्री के रामपुरा हाउस पर होने वाले रोष प्रकट को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीघल में हुई मीटिंग
झज्जऱ, 03 जुलाई, अभीतक: 5 जुलाई स्वास्थ्य मंत्री श्री आरती राव जी के रामपुरा हाउस पर होने वाले रोष प्रकट कार्यक्रम की तैयारी के तहत् आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीघल में मीटिंग का आयोजन किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों में सरकार द्वारा मांगे न मानने पर आक्रोश है। मुख्य मांगों में न्यायालय के आदेशानुसार नियमितीकरण ,एफ पी एल-6 वेतनमान का लाभ, एमसीएच, ड्रेस एंव यात्रा भत्ता, सेवानिवृत्ति लाभ और तबादला नीति लागू करना, शहरी क्षेत्रों में आईपीएचएस मानकों के अनुसार पद सृजित कर नियमित भर्ती करना,प्रोबेशन पूरा करने वाली कर्मचारियों की पुष्टि, प्रोफेशनल स्केल और तबादले खोलना, वर्ष 2020-2023 की लंबित एलटीसी का भुगतान करना मुख्यत है। मीटिंग में आनन्द कुमार बहाराणा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीघल 00421 का प्रधान और सावन कुमार डीघल को सचिव को सर्वसम्मति से चुना गया है। इस मीटिंग में सुरेंद्र सिंधु, अशोक कुमार, नरेंद्र हेल्थ इंस्पेक्टर, अमित बिरधाना, छोटेलाल, वीरेंद्र, भूप सिंह, धीरज बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता मौजूद थे।





ऑटोमोबाइल कर्मयोगियों की कठिनाइयों पर ध्यान दिए जाने की उठी जोरदार मांग
गंभीर समस्याएं झेल रहे ऑटो मार्केट के मैकेनिक्स, हेल्पर्स, स्पेयर पार्ट्स वेंडर्स
लोक सेवा मंच के पदाधिकारियों को ऑटोमोबाइल कर्मयोगियों ने बताईं अपनी ज्वलंत समस्याएं
ऑटोमोबाइल कर्मयोगियों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने की जरूरत : अशोक प्रधान
रेवाड़ी, 03 जुलाई, अभीतक: जनहित में जारी श्मेगा मिशन जनसंपर्क अभियानश् के तहत राष्ट्रीय सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच के पदाधिकारियों ने स्थानीय डबल फाटक अंडरपास के समीप ऑटो मार्केट में कार्यरत कर्मयोगियों का कुशलक्षेम पूछा और उनकी समस्याएं जानीं । मंच के पदाधिकारियों से अपनी ज्वलंत समस्याएं सांझा करते हुए ऑटोमोबाइल कर्मयोगियों ने समाधान की आवाज बुलंद करने का जोरदार आग्रह किया। उन्होंने सरकार से सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का अनुरोध किया। ऑटो मार्केट पहुंचे राष्ट्रीय प्रगतिशील विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान सहित कोर कमेटी के सदस्य राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, डॉ सुरेश कुमार,नंदलाल यादव का ऑटोमोबाइल मैकेनिक्स, हेल्पर्स व स्पेयर पार्ट्स वेंडर्स आदि ने जोरदार स्वागत किया। बैठक में उन्होंने बताया कि वे अधिकांशतरू शिक्षित हैं ,जो सरकारी रोजगार नहीं मिलने के कारण ऑटोमोबाइल मिस्त्री,हेल्पर,स्पेयर पार्ट्स वेंडर,ऑटो इलेक्ट्रीशियन,पेंटर,वॉशिंग आदि के कार्यों में दिन-रात कड़ी मेहनत कर रहे हैं। मगर लगातार घटती इनकम,बढ़ती महंगाई तथा सामाजिक सुरक्षा-सहायता के लिए पर्याप्त सरकारी सहयोग के अभाव में उनका व उनके परिवारों का गुजारा करना बहुत ही मुश्किल हो रहा है। यहॉं तक कि ऑटो मार्केट में नागरिक सुविधाओं का नितांत अभाव है। इस पर प्रगतिशील विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच ने कहा कि उनकी कठिनाइयों को लेकर जनहित में प्रदेश के श्रम मंत्री,समाज कल्याण मंत्री, मुख्यमंत्री तथा प्रधानमंत्री को पत्र लिखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि न्याय हित में सरकार द्वारा उक्त प्रकार के हर ऑटोमोबाइल कर्मयोगी को पहचान पत्र,आवागमन के लिए उनको व उनके परिजनों को बस-ट्रेन-एरोप्लेन के यात्रा किरायों में 50ः तक छूट,परिवारों की सामाजिक सुरक्षा के लिए हर कर्मयोगी का एक करोड़ रुपए का निरूशुल्क व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा ,परिवार सहित 50 लाख रुपए तक की स्वास्थ्य बीमा की निःशुल्क पॉलिसी,ऑटो मार्केट में मेडिकल केयर यूनिट (फर्स्ट एड सेंटर) खोलने, जरूरतमंद कर्मयोगी को आवास,वाहन, दुकान,वर्कशॉप आदि की व्यवस्था के लिए रुपए 20 लाख से 20 करोड रुपए तक का ब्याजमुक्त लोन 20 प्रतिशत सरकारी सब्सिडी के साथ लॉन्ग टर्म के लिए दिया जाना,हर महिला-पुरुष कर्मयोगी को क्रमशरू 58 व 60 वर्ष की आयु होने अथवा इससे पूर्व दुर्घटना का शिकार या गंभीर रूप से बीमार होने पर प्रतिमाह ₹30000 की सामाजिक सुरक्षा पेंशन तुरंत शुरू करने,शहर में श्कर्मयोगी हॉस्टल्सश् बनाकर ₹200 प्रतिमाह किराये पर जरूरतमंद कर्मयोगियों को सपरिवार आवास की सुविधा देने,ऑटो मार्केट में अटल कैंटीन खोलकर ₹10 में भरपेट भोजन व ₹5 में चाय-नाश्ता उपलब्ध कराने, वर्ष में 2 बार सपरिवार मेडिकल चेकअप की निःशुल्क सुविधा,बच्चों की एजुकेशन-विवाह तथा पत्नी की डिलीवरी के लिए समुचित आर्थिक सहायता, टूलकिट- सहायक उपकरणों की खरीद के लिए ₹5 लाख की आर्थिक सहायता,बीमारी में कर्मयोगी व उनके परिवारजनों को संपूर्ण मेडिकल जांच एवं इलाज निःशुल्क उपलब्ध कराने पर तुरंत विचार करना चाहिए। इन कर्मयोगियों व उनके पास काम के लिए आने वाले क्लाइंट्स को हो रही भारी असुविधाओं को दूर करने के लिए ऑटो मार्केट में निरूशुल्क बिजली-पानी की सुविधायुक्त शैड,शौचालय-मूत्रालय सहित आरओ पेयजल व्यवस्था जल्द उपलब्ध करानी चाहिए। ये कर्मयोगी अपने ग्राहकों का काम पहले निपटाने के दबाव में कई बार समय पर बिना खाना खाए दिनभर कड़ी मेहनत करते हैं। जनहित में सरकार को ऐसे मेहनतकशों की समस्याओं का तुरंत निस्तारण करना चाहिए।

मेरा देश मेरी विरासत संग्रहालय रोहतक के संस्थापक डॉ बाल कृष्ण मल्होत्रा भारत प्रतिभा सम्मान राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 से हुए सम्मानित
रोहतक, 03 जुलाई, अभीतक: भारतीय अनुसूचित जाति पिछड़ा एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बह्मराष्ट्र एकम विश्वमहासंघ न्यास-काशी के धर्मार्थ कार्य एवं जन सम्पर्क प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ मनजीत सिंह दहिया सनातनी उर्फ आचार्य डॉ मनजीत जी महाराज ने सामाजिक संस्था मेरा देश मेरी विरासत के निजी संग्रहलाय 190 ओल्ड हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी रोहतक के संस्थापक डॉ बालकृष्ण मल्होत्रा को देश की ऐतिहासिक धरोहर को सरंक्षित करने के क्षेत्र में भारत प्रतिभा सम्मान राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया। डॉ मनजीत सिंह दहिया ने कहा कि मेरा देश मेरी विरासत के संस्थापक डॉ बालकृष्ण मल्होत्रा 75 वर्ष की आयु में देश की युवा पीढ़ी को अपने जड़ों को जोड़ने के लिए उत्कृष्ट कार्य कर रहे है। उनके उत्कृष्ठ कार्यो के लिए डॉ बाल कृष्ण मल्होत्रा को भारत प्रतिभा सम्मान राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया है। इससे पहले भी सैकड़ों राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर पर प्रतिष्ठित पुरस्कारों से भी डॉ बालकृष्ण मल्होत्रा सम्मानित हो चुके है। डॉ मनजीत सिंह दहिया ने बताया कि डॉ बाल कृष्ण मल्होत्रा की पहचान एक ऐसे समाजसेवी के रूप में बनी है जिन्होंने आधुनिकता की दौड़ में लुप्त होती जा रही भारतीय विरासत को सहेजने का बीड़ा उठाया हैं। उनके द्वारा किये गए कार्य पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है। डॉ मल्होत्रा ने वर्षो की मेहनत और समर्पण से पुराने सिक्के, प्राचीन डॉ टिकटों और ऐतिहासिक महत्व की हजारों वस्तुओं का अनमोल संग्रहालय तैयार करके हरियाणा का नाम पूरे विश्व में चमका दिया है। डॉ मनजीत सिंह दहिया ने बताया कि डॉ बालकृष्ण मल्होत्रा ने इन धरोहरों को न केवल संग्रहित किया बल्कि उन्हें अच्छे तरीके से संरक्षित कर समाज के सामने प्रस्तुत भी किया। रोहतक हरियाणा में स्थापित उनका संग्रहालय 190 ओल्ड हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी में है जहाँ पर पुरानी यादों को ताजा जीवन्त किया जाता है वहीं आने वाली पीढियों को अपने इतिहास और संस्कृति के प्रति जागरूक भी किया जाता है। संग्रहालय में आने वाले दर्शक देश-प्रदेश की विरासत को करीब से महसूस कर पाते है। उन्होंने डॉ बालकृष्ण मल्होत्रा को बधाई देते हुए कहा कि मल्होत्रा जी ने रोहतक का नाम पूरे विश्व में चमका दिया इसीलिए भारतीय अनुसूचित जाति पिछड़ा एकता मंत्र ने उन्हें भारत प्रतिभा सम्मान राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया है। इस अवसर पर अशोक मिगलानी, नीलम आर्य, बाबूलाल गुप्ता, सतवीर भराण, सुभाष मलिक, रामसिंह, सुभाष सोनी, सुधीर परूथी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।





शिकायतों को लंबित न रखते हुए तत्परता से करे समाधान-डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने समाधान शिविर की समीक्षात्मक बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश
रेवाड़ी, 03 जुलाई, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि समाधान शिविर या जनसंवाद की कोई भी शिकायत अधिक समय तक लंबित नहीं रखते हुए तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। डीसी अभिषेक मीणा शुक्रवार को लघु सचिवालय सभागार में समाधान शिविर की लंबित शिकायतों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक से पहले कमिश्नर एवं सचिव अभिलेखागार विभाग हरियाणा डा. साकेत कुमार ने वीसी के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों की लंबित शिकायतों के मामले में चल रही कार्रवाई के बारे में रिपोर्ट ली। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि समाधान शिविरों का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है, इसलिए प्रत्येक शिकायत का निर्धारित समय सीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और जिन शिकायतों में कार्रवाई शेष है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, कोई भी शिकायत एक माह से अधिक समय तक लंबित न रहे। उन्होंने कहा कि समाधान शिविर में आई शिकायतों में तत्परता से कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। जिन संबंधित विभागों की शिकायतें लंबित है उनके निस्तारण की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। डीसी ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वयं इन शिकायतों की मॉनिटरिंग करते है। समाधान शिविरों के माध्यम से लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है और प्रशासन सीधे जनता से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है। इस अवसर पर एडीसी राहुल मोदी, सीटीएम जितेंद्र कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी रेणुबाला, बीडीपीओ शुभम सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
समाधान शिविर की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए डीसी अभिषेक मीणा।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए 31 जुलाई तक करें ऑनलाइन आवेदन
रेवाड़ी, 03 जुलाई, अभीतक: केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए इच्छुक एवं पात्र बच्चे 31 जुलाई, 2026 तक राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल ीजजचेरूध्ध्ंूंतकेण्हवअण्पदध् के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार देश के उन बच्चों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने बहादुरी, खेलकूद, सोशल साइंस, विज्ञान एवं तकनीकी, पर्यावरण सहित आर्ट एवं कल्चर के क्षेत्र में असाधारण उपलब्धि हासिल करने वाले बच्चे, जिनकी आयु 18 वर्ष तक की हो, को ही प्रदान किए जाते हैं। अगले साल जनवरी में आयोजित होने वाले समारोह में राष्ट्रपति द्वारा चयनित बालकों को पुरस्कृत किया जाएगा। अवार्ड की घोषणा 26 दिसंबर को राष्ट्रीय वीर बाल दिवस के अवसर पर की जाएगी। उन्होंने बताया कि बाल पुरस्कार में विभिन्न श्रेणियों के तहत कुल 25 बच्चों का चयन किया जाएगा। पुरस्कारों में पदक व प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सर्वप्रथम स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा प्राप्त आवेदनों की छंटनी की जाएगी उसके बाद फाइनल नामों का चयन राष्ट्रीय समिति द्वारा किया जाएगा।
अभिषेक मीणा, डीसी रेवाड़ी।
सेना भर्ती रैली जुलाई मध्य में संभावित
रेवाड़ी, 03 जुलाई, अभीतक: स्थानीय सेना भर्ती कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि भर्ती वर्ष 2027 के लिए भारतीय सेना में भर्ती के लिए आयोजित ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (सीईई) में शामिल हुए अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। जानकारी के अनुसार, सीईई परीक्षा का परिणाम घोषित होने के उपरांत जोनल भर्ती कार्यालय (जेडआरओ) अंबाला के अंतर्गत वर्ष की पहली सेना भर्ती रैली का आयोजन सेना भर्ती कार्यालय (एआरओ) रोहतक द्वारा किया जाएगा। यह भर्ती रैली संभावित रूप से जुलाई माह के मध्य में राजीव गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, रोहतक में आयोजित होगी। प्रवक्ता ने बताया कि यह भर्ती रैली चरखी दादरी, रेवाड़ी, भिवानी और महेंद्रगढ़ जिलों के उन अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की जाएगी, जिन्होंने जून 2026 में आयोजित कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (सीईई) में सेंट्रल कैटेगरी के अंतर्गत जेसीओ (धार्मिक शिक्षक), हवलदार शिक्षा, जेसीओ कैटरिंग तथा हवलदार सर्वे ऑटो कार्टो के लिए भाग लिया था। प्रवक्ता ने बताया कि भर्ती रैली की सटीक तिथियों की घोषणा सीईई परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक सूचना पर नियमित रूप से नजर बनाए रखें।







अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस
डीसी की अपील- पर्यावरण सुरक्षित रखने के लिए कपड़े या जूट के थैलों का करें उपयोग
डीसी अभिषेक मीणा ने लघु सचिवालय परिसर में वितरित किए जूट के थैले
रेवाड़ी, 03 जुलाई, अभीतक: अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस के अवसर पर जिला में पर्यावरण संरक्षण और सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। डीसी अभिषेक मीणा ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी निपुण गुप्ता के साथ मिलकर शुक्रवार को लघु सचिवालय परिसर में आम नागरिकों को पर्यावरण अनुकूल जूट के थैले वितरित किए। इस अवसर पर डीसी ने उपस्थित लोगों से प्लास्टिक और पॉलिथीन बैग का उपयोग न करने की अपील की। डीसी अभिषेक मीणा ने पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए आमजन को कपड़े या जूट के थैलों को प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि इस दिवस का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण और जीव-जंतुओं को प्लास्टिक के हानिकारक प्रभावों से बचाना है। उन्होंने कहा कि कपड़े और जूट के थैले का प्रयोग कर हम पर्यावरण को बचा सकते हैं और आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ भविष्य दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे छोटे-छोटे प्रयास पर्यावरण और प्रकृति संरक्षण में बड़ी भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने शहर के मुख्य बाजारों गुड़ बाजार, कटला बाजार, अनाज मंडी आदि में भी लोगों को जूट के बैग वितरित करते हुए यह भी आह्वान किया कि कपड़े या जूट के थैलों का प्रयोग करे। अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस पर आइए, हम सब मिलकर एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक बैग का बहिष्कार करने का संकल्प लें। खरीदारी के लिए हमेशा कपड़े या जूट के थैलों का उपयोग करें।
प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस पर मसानी स्कूल में हुई प्रतियोगिताएं आयोजित
इस अभियान के तहत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रेवाड़ी की ओर से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मसानी में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक के नुकसान विषय पर आयोजित भाषण और निबंध लेखन प्रतियोगिताओं में पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को बोर्ड की ओर से सहायक पर्यावरण अभियंता अजय यादव, कनिष्ठ पर्यावरण अभियंता दीपक यादव ने पुरस्कार वितरित कर सम्मानित व प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर सभी ने प्लास्टिक का उपयोग न करने और कपड़े के थैले अपनाने का संकल्प लिया। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग और विशेषकर युवा पीढ़ी को प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण के संकल्प के साथ मजबूती से जोड़ना है।
लघु सचिवालय परिसर में नागरिकों को जूट के थैले वितरित करते हुए डीसी अभिषेक मीणा।

विशेष गहन पुनरीक्षण
सभी पात्र मतदाता अपना गणना प्रपत्र संबंधित बीएलओ को अवश्य उपलब्ध कराए- डीसी
रेवाड़ी, 03 जुलाई, अभीतक: जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अभिषेक मीणा ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे प्रारम्भिक मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद अपने नाम एवं विवरण की जांच अवश्य करें। उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें एक ही परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों की मतदाता सूची में दर्ज हैं। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि कोई भी सैक्टर या कॉलोनी का दो अलग-अलग मतदान केंद्रों में सैक्शन (अनुभाग) बना हुआ है क्योंकि दोनो मतदान केन्द्र एक ही इमारत में बनाए गए है। जिसकी वजह से मतदाता के रूप पंजीकृत करने के लिए फार्म 6 दूसरे बीएलओ को दे दिए गए तथा परिवार के सभी सदस्य एक ही मतदान केन्द्र पंजीकृत न होकर अलग-अलग मतदान केन्द्र पर पंजीकृत है। डीसी ने बताया कि ऐसी स्थिति में संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) अपने-अपने मतदान क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित करेंगे, उन्हें भरवाकर प्राप्त करेंगे तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनका डिजिटाइजेशन भी करेंगे। सभी पात्र मतदाता अपना गणना प्रपत्र संबंधित बीएलओ को अवश्य उपलब्ध कराए। उन्होंने बताया कि यदि परिवार चाहता है कि भविष्य में परिवार के सभी पात्र मतदाताओं का नाम एक ही मतदान केंद्र की मतदाता सूची में हो, तो प्रारम्भिक मतदाता सूची 2026 के प्रकाशन के बाद चलने वाले दावे व आपत्तियां अवधि के दौरान प्रपत्र-8 भरकर मतदान केंद्र परिवर्तन का अनुरोध कर सकते है। इसके अतिरिक्त नए पात्र व्यक्तियों से अनुरोध है कि फार्म 6 भरते समय अपने परिवार के पहले से पंजीकृत सदस्य का विवरण ठीक से भरे तथा उसी मतदान केन्द्र के बीएलओ को फार्म 6 जमा करवाएं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि यदि परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों पर दर्ज हैं और उन्हें एक ही मतदान केंद्र पर स्थानांतरित कराना चाहते हैं, तो निर्धारित अवधि 21 जुलाई 2026 से 20 जुलाई 2026 तक के अन्दर प्रपत्र-8 भरकर आवेदन करें। मतदाता सूची से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए अपने क्षेत्र के बीएलओ को ईसीआई नेट से बुक ए कॉल या टोल फ्री नंबर 1950 के माध्यम से सम्पर्क कर सकते हैं।



सीजेएम डॉ. रेनू सोलखे ने नशा मुक्ति केंद्र का किया दौरा
रेवाड़ी, 03 जुलाई, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के निर्देशानुसार एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंदर सिंह वाधवा, अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी के नेतृत्व में शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी की सचिव डॉ. रेनू सोलखे ने नशा मुक्ति केंद्र रेवाड़ी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने नशा मुक्ति केंद्र के कार्यों की समीक्षा की। नशा मुक्ति केंद्र में वोकेशनल काउंसलर ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र में 9 रोगी फिलहाल उपस्थित हैं। उन्होंने बताया कि संदीपा काउंसलर द्वारा रोगियों की समय-समय पर काउंसलिंग की जाती है तथा उन्हें नशा छोड़ने के प्रति जागरूक किया जाता है। इस निरीक्षण में सीजेएम डॉ. रेनू सोलखे ने कहा कि कानूनी सहायता और उनकी सेवाओं के बारे में सभी को जागरूक किया जाए ताकि कानून की सहायता का लाभ उठा सके। उन्होंने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्ग के लोगों के लिए निशुल्क कानूनी सेवाओं की पेशकश करना व साथ में उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करना है। इस दौरान डॉ. रेनू सोलखे ने सभी को नशा न करने के बारे में प्रेरित किया तथा उससे होने वाले नुकसान के बारे में अवगत करवाया।

जीरामजी योजना का नाम बदलने से नहीं, व्यवस्था बदलने से होगा ग्रामीणों का कल्याण: रीना बीरट
सिरसा, 03 जुलाई, अभीतक: हरियाणा सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से जीरामजी योजना शुरू की गई है। योजना के तहत मजदूरों को राज्य में सबसे अधिक ₹409 प्रतिदिन की दिहाड़ी, एक वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार, पहले के 100 दिनों के अतिरिक्त 25 दिन का रोजगार, 15 दिन के भीतर मजदूरी भुगतान तथा 60 दिन की छुट्टी का प्रावधान किया गया है। इसके लिए सरकार लगभग ₹370 करोड़ का अतिरिक्त बजट भी खर्च करेगी। ये सभी प्रावधान स्वागत योग्य हैं, किन्तु आवश्यक है कि इन्हें केवल कागजों तक सीमित न रखकर धरातल पर भी प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, ताकि वास्तव में ग्रामीण गरीब और मजदूर वर्ग को इसका लाभ मिल सके। पूर्व सरपंच रीना बीरट ने कहा कि जीरामजी योजना मनरेगा का ही नया प्रारूप है। केवल योजना का नाम बदलने से कुछ नहीं होगा, बल्कि इसकी कमियों को दूर कर इसे ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ लागू करना होगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों द्वारा जानबूझकर रोजगार संबंधी कार्य नहीं करवाए जाते, ताकि किसानों को अपने खेतों के लिए कम दिहाड़ी पर मजदूर आसानी से मिल सकें। मनरेगा के तहत काम मांगने वाले लोगों को रोजगार नहीं दिया जाता तथा कई स्थानों पर सरपंचों द्वारा लोगों को डराया-धमकाया जाता है। यदि कोई व्यक्ति कानून के अनुसार काम की मांग करता है तो उसे अन्य सरकारी कार्य रुकवाने जैसी धमकियां दी जाती हैं। इसी भय के कारण अधिकांश ग्रामीण सरपंचों के विरुद्ध आवाज उठाने से बचते हैं। रीना बीरट ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में शिकायत भी दर्ज करवाई थी, जिस पर आयुक्त, मनरेगा एवं कम सचिव, ग्रामीण विकास विभाग, चंडीगढ़ द्वारा पत्र क्रमांक 2099 दिनांक 21 मई 2026 के माध्यम से कार्यकारी अधिकारी, सिरसा को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। किन्तु अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज तक उस पत्र पर जिला प्रशासन द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकांश शिकायतें खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी (ठक्च्व्), औढ़ा के कार्यालय में पहुंचकर दबा दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि एक भ्ब्ै अधिकारी होने के बावजूद ठक्च्व् औढ़ा की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं है और कई मामलों में औपचारिक एवं त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया अपनाकर शिकायतों का निस्तारण दिखा दिया जाता है। इसी कारण पंचायतों में मनमानी बढ़ रही है और गरीब मजदूर अपने अधिकारों से वंचित हो रहे हैं। रीना बीरट ने मांग की कि ठक्च्व् औढ़ा का तत्काल तबादला किया जाए, मनरेगा जीरामजी योजना के तहत काम मांगने वाले प्रत्येक पात्र व्यक्ति को समय पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए तथा शिकायतों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि केवल योजना का नाम बदलने से कुछ नहीं होगा, बल्कि उसकी कमियों को दूर कर उसे धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करना होगा। साथ ही उन्होंने मांग की कि वर्तमान महंगाई को देखते हुए दैनिक मजदूरी बढ़ाकर कम से कम ₹450 प्रतिदिन की जाए, ताकि ग्रामीण मजदूरों को सम्मानजनक आजीविका मिल सके।
जींद: देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का सपना जल्द होगा साकार, डीआरएम पुष्पेंश रमन त्रिपाठी ने जींद जंक्शन का किया निरीक्षण
जीरो पॉल्यूशन के साथ जींद से दौड़ेगी भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, पीएम मोदी कर सकते हैं उद्घाटन
120 की स्पीड और केवल पानी निकलेगा बाहररू जल्द पटरियों पर उतरेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, तैयारियां तेज

चंडीगढ़: नए आपराधिक कानून लागू करने में हरियाणा देशभर में नंबर-1,95.21 अंक के साथ पहला स्थान
बीएनएस, बीएनएसएस और बीएसए के प्रभावी क्रियान्वयन में हरियाणा ने बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड
डीजीपी अजय सिंघल बोले- हर जांच अधिकारी को नई ट्रेनिंग और मोबाइल ऐप उपलब्ध कराया गया
नए आपराधिक कानूनों के सफल क्रियान्वयन में हरियाणा ने सभी राज्यों को छोड़ा पीछे

भिवानी: भिवानी में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम का बड़ा एक्शन,65 हजार की रिश्वत लेते कानूनगो गिरफ्तार
तोशाम तहसील में भ्रष्टाचार पर वार,कानूनगो 65 हजार रुपए की रिश्वत के साथ रंगे हाथ पकड़ा गया
हरियाणा सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कार्रवाई,रिश्वत लेते कानूनगो कुलदीप दबोचा




राखीगढ़ी विश्व मानचित्र पर भारत की प्राचीन सभ्यता का सबसे सशक्त प्रतीक बनेगा: मुख्यमंत्री
8 हजार वर्ष पुरानी सरस्वती-सिंधु सभ्यता को आधुनिक तकनीक के माध्यम से जीवंत रूप में देख सकेंगे देश-विदेश के पर्यटक
विश्वस्तरीय इंटरप्रिटेशन सेंटर और म्यूजियम में इतिहास, संस्कृति, विज्ञान और तकनीक का होगा अद्भुत संगम
चंडीगढ़, 03 जुलाई, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में राखीगढ़ी में विकसित किए जा रहे विश्वस्तरीय साइट म्यूजियम एवं इंटरप्रिटेशन सेंटर की प्रगति तथा डिजाइन को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक गुरुवार को देर सायं आयोजित की गई। बैठक में परियोजना के प्रत्येक पहलू की विस्तार से समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए, ताकि राखीगढ़ी केवल एक पुरातात्विक स्थल ही नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन सभ्यता, सांस्कृतिक विरासत और ज्ञान परंपरा का वैश्विक केंद्र बनकर उभरे। बैठक के दौरान प्रदेश के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव डॉ. यशपाल, हरियाणा पुरातत्व एवं संग्रहालय निदेशालय के उप निदेशक डॉ. नरेंद्र परमार भी मौजूद थे। राखीगढ़ी को लेकर आगामी योजानाओं के बारे में विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को बताया कि विकसित किए जा रहे इंटरप्रिटेशन सेंटर और साइट म्यूजियम में पारंपरिक संग्रहालय की अवधारणा से आगे बढ़ते हुए अत्याधुनिक डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक, ऑडियो-विजुअल का उपयोग किया जाएगा। पर्यटक केवल पुराने अवशेषों को देखेंगे ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से उस काल की जीवनशैली, संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था का अनुभव भी कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि लगभग 1 लाख वर्ग फुट क्षेत्रफल में यह विकसित किया जा रहा है। इसके ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल पर पांच-पांच विषय आधारित गैलरियां बनाई जाएंगी, जिनमें सरस्वती-सिंधु सभ्यता के विभिन्न आयामों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। इन गैलरियों में राखीगढ़ी के सातों टीलों का विस्तृत परिचय, विभिन्न चरणों में हुए पुरातात्विक उत्खनन, प्राप्त महत्वपूर्ण अवशेष, नगर नियोजन, आवास व्यवस्था, गलियां, जल निकासी प्रणाली, जल प्रबंधन, अन्न भंडारण, व्यापारिक गतिविधियां, आजीविका, सामाजिक जीवन तथा उस समय की तकनीकी और सांस्कृतिक उपलब्धियों को आकर्षक एवं वैज्ञानिक तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा। ओरिएंटेशन गैलरी में सप्त नदियों की सभ्यता तथा सरस्वती-सिंधु सभ्यता के विकास की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा लघु फिल्मों, डिजिटल प्रोजेक्शन, 3-डी प्रस्तुतीकरण और अन्य आधुनिक माध्यमों के जरिए पर्यटकों को पूरी सभ्यता की कहानी सहज और रोचक ढंग से समझाई जाएगी। इंटरप्रिटेशन सेंटर में बच्चों और युवाओं के लिए विशेष रूप से अनुभवात्मक गतिविधियों की भी व्यवस्था की जाएगी। यहां घूमने आने वाले बच्चों और अन्य पर्यटकों के लिए प्राचीन काल की सील बनाने की प्रक्रिया, उस समय उपयोग की जाने वाली ईंटों, पुरावशेषों की प्रतिकृतियों तथा अन्य ऐतिहासिक सामग्रियों को नजदीक से देख और समझ सकेंगे। बच्चों के लिए उस दौर के पारंपरिक खेलों एवं अन्य सहभागितापूर्ण गतिविधियों की भी व्यवस्था होगी, जिससे इतिहास को सीखना उनके लिए रोचक अनुभव बने। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में राखीगढ़ी के तीन टीलों पर पुरातात्विक उत्खनन कार्य जारी है। संग्रहालय में यह भी दर्शाया जाएगा कि विभिन्न चरणों में कब-कब उत्खनन हुआ, कौन-कौन से महत्वपूर्ण अवशेष प्राप्त हुए तथा इन खोजों ने विश्व इतिहास और भारतीय सभ्यता की समझ को किस प्रकार नई दिशा प्रदान की। राष्ट्रीय राजमार्ग-152 के निकट स्थित होने के कारण राखीगढ़ी में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद यह न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के प्रमुख पर्यटन, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक केंद्रों में शामिल होगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे तथा क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलेगी। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा 90 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके माध्यम से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा आगंतुकों की सुविधा के लिए शेड तथा अन्य आवश्यक आधारभूत ढांचा विकसित करने की योजना है, ताकि पर्यटकों को पुरातात्विक स्थल का सुरक्षित, सुविधाजनक एवं वास्तविक अनुभव प्राप्त हो सके।
अखंड भारत का प्रतिरूप भी आएगा नजर
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हरियाणा सरकार का उद्देश्य राखीगढ़ी को ऐसा वैश्विक विरासत केंद्र बनाना है, जहां आने वाला प्रत्येक पर्यटक भारत की प्राचीन सभ्यता की वैज्ञानिक सोच, सांस्कृतिक समृद्धि और मानवीय विकास यात्रा को गर्व के साथ अनुभव कर सके। उन्होंने कहा कि राखी गढ़ी में प्राचीन काल के अखंड भारत के अवलोकन को भी दिखाया जाए और राखी गढ़ी की विरासत कहां तक फैली थी उसको प्रदर्शित भी किया जाए। ताकि पर्यटकों को उस प्राचीन अखंड भारत के बारे में भी पता चल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि संग्रहालय का उद्देश्य केवल इतिहास को प्रदर्शित करना नहीं, बल्कि उसे जीवंत बनाकर नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। यहां आने वाले परिवारों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और देश-विदेश के पर्यटकों को एक ऐसा अनुभव मिले, जिससे वे हजारों वर्ष पुरानी भारतीय सभ्यता को आधुनिक दृष्टिकोण से समझ सकें।
हरियाणा में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के लिए प्रतिदिन केवल 20 अपॉइंटमेंट
सेवाओं को तेज और पारदर्शी बनाने की कवायद
चंडीगढ़, 03 जुलाई, अभीतक: हरियाणा सरकार ने संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और इसमें होने वाली देरी को खत्म करने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने तहसील और उप-मंडल स्तर पर प्रत्येक पंजीकरण कार्यालय के लिए दैनिक पंजीकरण अपॉइंटमेंट की संख्या को अधिकतम 20 टोकन प्रति कार्यालय तक सीमित कर दिया है। यह नई टोकन-आधारित व्यवस्था 2 जुलाई, 2026 से पूरे राज्य में लागू हो गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी उपायुक्तों को इस संशोधित व्यवस्था की जानकारी देते हुए इसे सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस नई प्रणाली के तहत, प्रत्येक जिला मुख्यालय तहसील में जिला राजस्व अधिकारी-सह-संयुक्त उप-पंजीयक के कार्यालय को प्रतिदिन यादृच्छिक (रैंडम) रूप से 20 टोकन आवंटित किए जाएंगे। इसी तरह, उप-मंडल स्तर पर उप-मंडलीय मजिस्ट्रेट (नागरिक)- सह-उप-पंजीयक के कार्यालय को भी रोजाना नियमित रूप से रैंडम आधार पर 20 टोकन जारी किए जाएंगे। हालांकि, उप-तहसील कार्यालयों में मौजूदा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है और वह पहले की तरह ही चलती रहेगी। डॉ मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि ये टोकन दैनिक और रैंडम आधार पर जेनरेट किए जाएंगे, जिसका मुख्य उद्देश्य पक्षपात या वीआईपी ट्रीटमेंट को खत्म करना है ताकि सेल डीड (बिक्री विलेख) और अन्य संपत्ति दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए आने वाले सभी आवेदकों को समान अवसर मिल सके। इसके साथ ही, राजस्व अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे हर आवंटित टोकन का सम्मान करें और तय समय के भीतर पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करना सुनिश्चित करें। यह निर्देश पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 17 और 18 के तहत अनिवार्य या वैकल्पिक पंजीकरण वाले सभी दस्तावेजों पर लागू होंगे। डॉ सुमिता मिश्रा ने कहा कि इस टोकन-आधारित व्यवस्था से संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, अनुमानित और नागरिक-अनुकूल बनेगी, और इससे पंजीकरण कार्यालयों में लगने वाली भारी भीड़ में भी काफी कमी आएगी। इस सुधार से बिचैलियों और एजेंटों के प्रभाव पर भी रोक लगने की उम्मीद है, जो अक्सर आवेदकों को जल्दी अपॉइंटमेंट या प्राथमिकता दिलाने का झांसा देकर उनका शोषण करते हैं। रैंडम तरीके से जेनरेट होने वाले सीमित दैनिक अपॉइंटमेंट लागू करके सरकार का लक्ष्य एक निष्पक्ष और व्यवस्थित प्रणाली स्थापित करना है, जहां हर आवेदक के साथ समान व्यवहार हो सके।

भारत-जापान के सांस्कृतिक सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने का काम करेगा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव जापान: नायब सिंह सैनी
मुख्यमंत्री को प्रस्तुत की अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव जापान की विस्तृत रिपोर्ट
चंडीगढ़, 03 जुलाई, अभीतक: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में जापान में हुए अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव कार्यक्रम के सफल आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह महोत्सव भारत-जापान के सांस्कृतिक सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने का काम करेगा। कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में जापान के प्रतिनिधिमंडल को विशेष रूप से आमंत्रित करने तथा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक आदान-प्रदान को और मजबूती देने के लिए आवश्यक पहल के निर्देश दिए। शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर मुख्यमंत्री को अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-जापान की विस्तृत प्रतिवेदन (डिटेल रिपोर्ट) प्रस्तुत की गई। यह रिपोर्ट गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज की गरिमामय उपस्थिति में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, मानद सचिव उपेंद्र सिंघल तथा अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती मेला प्राधिकरण के सदस्य विजय नरूला द्वारा प्रस्तुत की गई। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 18 से 23 जून 2026 तक जापान में आयोजित सातवें अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत कुल 18 विभिन्न कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया। महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य जापान में श्रीमद्भगवद्गीता के सार्वभौमिक संदेश का प्रचार-प्रसार, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देना तथा भारत, विशेषकर कुरुक्षेत्र, और जापान के मध्य सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करना था। महोत्सव के दौरान जापान की हाउस ऑफ काउंसलर्स (अप्पर हाउस), आईडीपी मुख्यालय, ओसाका असेंबली तथा जापान के पूर्व प्रधानमंत्री को श्रीमद्भगवद्गीता भेंट की गई। टोक्यो विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय गीता संगोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें गीता के वैश्विक संदेश एवं समकालीन प्रासंगिकता पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त भारत-जापान की सांस्कृतिक समानताओं पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी, विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम, गीता यज्ञ, वैश्विक गीता पाठ, गीता सद्भावना यात्रा तथा अरिकवा नदी तट पर भव्य गीता आरती का आयोजन भी किया गया। महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण जापान की प्रसिद्ध काबूकी रंगमंच शैली के माध्यम से लगभग 40 मिनट की गीता प्रस्तुति रही, जिसे बड़ी संख्या में जापानी नागरिकों ने उत्साहपूर्वक देखा और सराहा। प्रतिनिधिमंडल ने जापान के प्राचीन एवं प्रतिष्ठित ओटनी विश्वविद्यालय (ओसाका) का भी दौरा किया। विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर के साथ भारत, विशेषकर कुरुक्षेत्र, और जापान के बीच शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने तथा गीता विषयक शोध गतिविधियों के विस्तार पर विस्तृत चर्चा हुई।इसके अतिरिक्त जापान की सांस्कृतिक राजधानी क्योटो के महापौर के साथ प्रतिनिधिमंडल ने सिस्टर सिटी संबंध स्थापित करने तथा सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ाने के विषय पर सार्थक विचार-विमर्श किया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि महोत्सव का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों और युवा शोधार्थियों में श्रीमद्भगवद्गीता के अध्ययन एवं अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करना, विश्वविद्यालयों में गीता आधारित शोध को प्रोत्साहित करना तथा भारत और जापान के मध्य सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का मॉरीशस, लंदन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका एवं इंडोनेशिया में सफल आयोजन किया जा चुका है तथा जापान इस श्रृंखला का सातवां अंतर्राष्ट्रीय आयोजन रहा।
एचटेट लेवल-3 (पीजीटी) की परीक्षा कल होगी आयोजित, प्रदेशभर में 238 परीक्षा केन्द्रों पर 73091 अभ्यर्थी होंगे प्रविष्ट
प्रश्र पत्र कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जिला मुख्यालयों को रवाना
एचटेट के सफल संचालन हेतु सभी तैयारियां पूर्ण
चंडीगढ़, 03 जुलाई, अभीतक: हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा जुलाई-2025 के अंतर्गत लेवल-3 (पीजीटी) की परीक्षा कल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रदेशभर में आयोजित की जाएगी। परीक्षा के सफल एवं शांतिपूर्ण संचालन के लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंकर लाल धूपड़ ने बताया कि आज बोर्ड मुख्यालय से परीक्षा के प्रश्न-पत्रों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुलिस व बोर्ड के अधिकारियों की अभिरक्षा में प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों के लिए रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि कल 04 जुलाई को प्रदेशभर में संचालित होने वाली हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा लेवल-3 की परीक्षा में 238 परीक्षा केन्द्रों पर 73,091 अभ्यर्थी प्रविष्ट होंगे। यह परीक्षा सांयकालीन सत्र 3ः00 बजे से 5ः30 बजे तक संचालित होगी। श्री धूपड़ ने स्वयं जायजा लिया तथा उन्होंने प्रश्न-पत्र वितरण व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं गोपनीयता बनाए रखना बोर्ड की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। उन्होंने आगे बताया कि एचटेट परीक्षा का निर्विघ्न, सुव्यवस्थित संचालन करने, विश्वसनीयता व पवित्रता बरकरार रखने के लिए अभूतपूर्व प्रबंध किए गए हैं। बोर्ड द्वारा परीक्षा संचालन के लिए सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं, प्रदेश का सिविल प्रशासन पूरी तरह से सजग व सक्रिय है, पुलिस हर प्रकार से मुस्तैद व जागरूक है। बोर्ड प्रशासन ने सभी जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं परीक्षा संचालन से जुड़े अधिकारियों से समन्वय बनाकर परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने का आह्वान किया है। बोर्ड अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों से अपील करते हुए कहा कि वे निर्धारित समय से पूर्व अपने परीक्षा केन्द्र पर प्रवेश पत्र एवं आवश्यक पहचान पत्र साथ लेकर पहुंचें तथा परीक्षा के दौरान बोर्ड द्वारा जारी सभी निर्देशों का पालन करें।
स्वास्थ्य विभाग का बड़ा फैसला
सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भवती महिलाओं की मुफ्त ओरल हेल्थ स्क्रीनिंगष् की जाएगी: आरती सिंह राव
गर्भवती महिलाओं के लिए ओरल हेल्थ चेक-अप हुआ अनिवार्य
मुस्कान से मातृत्व तकश् पहल की शुरुआत
चंडीगढ़, 03 जुलाई, अभीतक: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री श्रीमती आरती सिंह राव ने प्रदेश के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को गर्भवती महिलाओं की ष्मुफ्त ओरल हेल्थ स्क्रीनिंगष् करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि मातृ स्वास्थ्य देखभाल को और अधिक मजबूत और व्यापक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (च्डैड।) और ई-पीएमएसएमए (मच्डैड।) दिवसों पर आने वाली हर गर्भवती महिला के लिए ओरल (मौखिकध्दांतों की) स्वास्थ्य जांच को अनिवार्य कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि श्मुस्कान से मातृत्व तकश् नाम की इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान होने वाली दांतों और मसूड़ों की समस्याओं का समय रहते पता लगाना और उनका उचित इलाज करना है, ताकि मां और नवजात शिशु दोनों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने सभी गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों से इस पहल में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की है ताकि हर मां और बच्चे का भविष्य सुरक्षित और स्वस्थ हो सके। श्रीमती आरती सिंह राव ने इसे सरकार का ऐतिहासिक निर्णय बताया और कहा कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होते हैं। इन बदलावों के कारण मसूड़ों की बीमारी (जिंजिवाइटिस) और दांतों में सड़न जैसी मौखिक स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। स्वास्थ्य मंत्री ने सचेत करते हुए कहा कि गर्भावस्था के दौरान ओरल हेल्थ का ध्यान न रखने या इसमें लापरवाही बरतने से समय से पहले प्रसव (प्रीटर्म बर्थ) और जन्म के समय बच्चे का वजन कम होने जैसे गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। ऐसे में नियमित ओरल चेक-अप से इन समस्याओं की शुरुआती चरण में ही पहचान हो जाती है, जिससे सही समय पर इलाज और परामर्श देना आसान हो जाता है। उन्होंने सभी भावी माताओं से अपील की कि वे हर महीने की 9, 10, 23 तारीख और महीने के आखिरी वर्किंग डे (कार्य दिवस) पर सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मिलने वाली इस मुफ्त ओरल हेल्थ स्क्रीनिंग सेवा का लाभ जरूर उठाएं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (छभ्ड), हरियाणा के मिशन डायरेक्टर डॉ. आर. एस. ढिल्लों ने इस पहल के जमीनी क्रियान्वयन के बारे में बताया कि इस अभियान के तहत प्रसव पूर्व क्लीनिक (एंटीनेटल क्लीनिक) में आने वाली सभी गर्भवती महिलाओं की बुनियादी ओरल हेल्थ स्क्रीनिंग प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा की जाएगी। यदि किसी महिला को दांतों के विशेष इलाज की आवश्यकता होगी, तो उसे आगे की जांच और उपचार के लिए नजदीकी सरकारी दंत चिकित्सा केंद्र में रेफर किया जाएगा। डॉ. ढिल्लों ने कहा कि इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए राज्य के सभी सिविल सर्जनों को कड़े निर्देश जारी किए जा चुके हैं ताकि प्रसव पूर्व देखभाल करने वाली टीमों और डेंटल टीमों के बीच बेहतर तालमेल बना रहे और लाभार्थियों को बिना किसी परेशानी के स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। इसके साथ ही, स्वास्थ्य कर्मी गर्भवती महिलाओं को ओरल हाइजीन बनाए रखने, ब्रश करने के सही तरीकों, पौष्टिक आहार और गर्भावस्था के दौरान समय पर दांतों के इलाज के महत्व के बारे में भी जागरूक करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि डॉक्टरी देखरेख में गर्भावस्था के दौरान दांतों की सामान्य जांच और इलाज पूरी तरह से सुरक्षित है।
