



मतदाता सूची के शुद्धिकरण को लेकर विशेष अभियान आज से: डीसी’
नागरिकों की जागरूकता और सक्रिय भागीदारी से ही तैयार होगी शुद्ध मतदाता सूची : वर्षा खांगवाल’
झज्जर, 28 अगस्त, अभीतक: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और अद्यतन बनाने के लिए जिला झज्जर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार, 29 अगस्त और रविवार, 30 अगस्त को जिले के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष अभियान आयोजित किया जाएगा। दोनों दिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) मतदान केंद्रों पर उपस्थित रहेंगे और नागरिकों के दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करेंगे।
यह जानकारी डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने दी।
’फिर 29-30 अगस्त को मतदाता सूची जांचने का मिलेगा अवसर’
डीसी ने जिलावासियों से आह्वान किया कि वे 29 और 30 अगस्त को अपने संबंधित मतदान केंद्र पर पहुंचकर मतदाता सूची में अपना तथा परिवार के सभी पात्र सदस्यों का नाम अवश्य जांचें। यदि नाम छूटा हुआ है, विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि है अथवा किसी अपात्र मतदाता का नाम दर्ज है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा या आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि त्रुटिरहित मतदाता सूची लोकतंत्र की मजबूती का आधार है। मतदाता सूची को शुद्ध एवं अद्यतन बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार कार्य किया जा रहा है, लेकिन इसमें नागरिकों की जागरूकता और सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
नाम छूटा है तो फॉर्म-6 से करें आवेदन
डीसी ने बताया कि यदि किसी पात्र नागरिक का नाम प्रारंभिक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, तो निर्धारित दस्तावेज एवं घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-6 भरकर नाम शामिल करवाने के लिए दावा प्रस्तुत किया जा सकता है।
विवरण में त्रुटि होने पर फॉर्म-8 से कराएं संशोधन
डीसी ने बताया कि मतदाता सूची में नाम, पता, आयु, फोटो अथवा अन्य विवरण में किसी प्रकार की गलती होने पर फॉर्म-8 के माध्यम से संशोधन के लिए आवेदन किया जा सकता है। आवेदन के साथ निर्धारित दस्तावेज एवं घोषणा-पत्र संलग्न करना आवश्यक है।
अपात्र या मृत मतदाता का नाम हटाने के लिए फॉर्म-7
डीसी ने बताया कि किसी मृत, अपात्र, स्थानांतरित अथवा अन्य स्थान पर पहले से पंजीकृत मतदाता का नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 के माध्यम से दावा या आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। नागरिक अपने दावे एवं आपत्तियां संबंधित निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (ईआरओ) अथवा सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (एईआरओ) के कार्यालय में जमा करा सकते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है।
नागरिक 30 अगस्त तक दर्ज करा सकते हैं दावे एवं आपत्तियां
जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने बताया कि मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां 30 अगस्त 2026 तक प्रस्तुत की जा सकती हैं। नागरिक अपने क्षेत्र के बीएलओ, ईआरओ अथवा एईआरओ से संपर्क कर मतदाता सूची से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
हेल्पलाइन नंबर 1950 से वोटरों को मिलेगी आवश्यक जानकारी
डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि मतदाता सूची से संबंधित किसी भी जानकारी अथवा सहायता के लिए नागरिक मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने जिलावासियों से अपील की कि वे 29 और 30 अगस्त को होने वाले विशेष अभियान का लाभ उठाएं और मतदाता सूची में अपने नाम एवं विवरण की जांच कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने में सहयोग करें।

रक्षाबंधन पर महिलाओं ने उठाया निशुल्क रोडवेज यात्रा का लाभ
हरियाणा सरकार की पहल से बहनों को मिली बड़ी राहत, 27 अगस्त दोपहर 12 बजे से 28 अगस्त मध्यरात्रि तक निशुल्क रही बस सेवा
झज्जर, 28 अगस्त, अभीतक: रक्षाबंधन के पावन अवसर पर हरियाणा सरकार द्वारा महिलाओं और 15 वर्ष तक के बच्चों को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की गई। सरकार के निर्देशानुसार 27 अगस्त दोपहर 12 बजे से 28 अगस्त की मध्यरात्रि तक प्रदेशभर में यह सुविधा उपलब्ध रही। झज्जर जिला में भी बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों ने इस सुविधा का लाभ उठाते हुए अपने गंतव्य तक यात्रा की।
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि राज्य सरकार का यह निर्णय रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों को अपने मायके जाने में सुविधा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। निशुल्क यात्रा सुविधा से महिलाओं को आर्थिक राहत मिली और वे अपने परिवारजनों के साथ पर्व की खुशियां साझा करने के लिए आसानी से आवागमन कर सकीं। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के चलते हजारों महिलाओं ने हरियाणा रोडवेज की बसों में निशुल्क यात्रा का लाभ उठाया। बस अड्डों और प्रमुख मार्गों पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। डीसी ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा पर्व-त्योहारों के अवसर पर आमजन, विशेषकर महिलाओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है। रक्षाबंधन पर निशुल्क बस यात्रा की सुविधा इसी जनहितकारी सोच का हिस्सा है। उन्होंने रोडवेज विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए किए गए प्रबंधों की सराहना की। जीएम रोडवेज अनित यादव ने कहा कि विभाग की ओर से बसों की व्यापक व्यवस्था की गई और निर्बाध रूप से बसों का संचालन हुआ।






रक्षाबंधन पर बहनों को शहर में मिली ई-रिक्शा की निःशुल्क सवारी
रक्षा बंधन पर सुभाष गुर्जर नें बहनों के लिए निशुल्क ई रिक्शा सुविधा
झज्जर, 28 अगस्त, अभीतक: रक्षाबंधन के त्योहार पर जहां सरकार द्वारा महिलाओं को निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा प्रदान की गई वहीं शहर के समाजसेवी व प्रमुख कांग्रेसी नेता जिला प्रधान, व्यापार मंडल झज्जर के सुभाष गुर्जर ने बहनों के लिए बस स्टैंड से शहर के किसी भी कोने में जाने के लिए मुफ्त ई-रिक्शा चलावा कर बहनों को रक्षाबंधन का तौहफा दिया। ई-रिक्शाओं में महिलाओं के साथ आए बच्चों व पुरूषों को भी ई-रिक्शा में मुफ्त यात्रा की। गुर्जर ने बताया कि रक्षाबंधन के त्योहार बहन-भाई के अटूट रिश्ते का त्योहार है। इसलिए उन्होंने बहनों को बस स्टैंड से शहर के किसी भी कोने तक जाने के लिए ई-रिक्शा की मुफ्त सवारी की व्यवस्था करवाई है। देश भर में रक्षा बंधन का पर्व हर्षोउल्लास मनाया गया। हरियाणा सरकार की ओर से हर साल रक्षा बंधन पर बहनों के लिए रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाती है। लेकिन झज्जर में रक्षाबंधन के पावन अवसर पर प्रमुख समाज सेवी व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुभाष गुर्जर ने आर्य नगर स्थित अपने कार्यालय ट्रिपल सेवन से हरी झंडी दिखाकर बहनों के लिए ई-रिक्शों की निशुल्क सिटी सेवा का शुभारंभ किया। रक्षाबंधन पर अपने भाइयों के घर राखी बांधने जाने वाली महिलाओं को आवागमन में परेशानी न हो, इसी उद्देश्य से यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने सभी बहनों से अपील की हैं कि वे इस निःशुल्क सेवा का लाभ उठाएं और बिना किसी परेशानी के अपने भाइयों के घर जाकर त्योहार मनाएं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने सुभाष गुर्जर की इस पहल की सराहना की है और इसे रक्षाबंधन के अवसर पर सेवा और भाईचारे की भावना को मजबूत करने वाली एक प्रेरणादायक मिसाल बताया है। इस मौके पर शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
झज्जर: दुलीना जेल की चारदीवारी में भी कायम रहा भाई-बहन का प्यार, राखी बांधते ही भर आईं बहनों की आंखें
रक्षाबंधन पर जेल में बंद भाइयों की कलाई पर बहनों ने बांधी राखी
रक्षाबंधन पर भावुक हुआ दुलीना जेल का माहौल
जेल की सलाखों के बीच बहनों ने निभाया भाई-बहन के रिश्ते का फर्ज
भाई को राखी बांधते वक्त भावुक हुईं बहनें, छलक आए आंसू
रक्षाबंधन पर भाइयों को रक्षा सूत्र बांधने जेल पहुंचीं बहनें
जेल प्रशासन ने बहनों के लिए की विशेष व्यवस्था, अंदर ही किया गया राखी और मिठाई का इंतजाम
सुरक्षा के मद्देनजर जेल परिसर में तैनात की गई अतिरिक्त फोर्स
सुरक्षा जांच के बाद ही बहनों को भाइयों से मिलने की दी गई अनुमति
एक तरफ जेल की सलाखें, दूसरी तरफ भाई की कलाई पर राखी बांधती बहन




विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 : 30 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां दर्ज करवा सकेंगे मतदाता
शनिवार-रविवार को भी प्राप्त किए जाएंगे दावे व आपत्तियां
रेवाड़ी, 28 अगस्त, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत दावे एवं आपत्तियां दर्ज करने का कार्य 30 अगस्त तक किया जाएगा। मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत करने के उद्देश्य से 29 व 30 अगस्त (शनिवार व रविवार) को विशेष अभियान दिवस निर्धारित किया गया है। डीसी ने मतदाताओं से अपील की है कि वे 30 अगस्त तक संबंधित मतदान केंद्र पर पहुंचकर मतदाता सूची में नाम, विवरण आदि से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत कर सकते है। डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत 29 व 30 अगस्त (शनिवार व रविवार) विशेष अभियान दिवस निर्धारित किया गया है। इन विशेष अभियान दिवसों पर भी सभी बीएलओ अपने-अपने मतदान केंद्रों पर उपस्थित रहकर मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने के लिए फार्म तथा मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करेंगे। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि प्राप्त दावे एवं आपत्तियों का निपटारा 28 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। इसके बाद 3 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
राज्य स्तरीय बीन वादन प्रतियोगिता 2 सितंबर को
रेवाड़ी, 28 अगस्त, अभीतक: कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा द्वारा 2 सितंबर, 2026 को प्रातः 10ः00 बजे मल्टी आर्ट कल्चर सेंटर, हरियाणा कला परिषद, कुरुक्षेत्र में राज्य स्तरीय बीन दलों की प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता का उद्देश्य हरियाणा की समृद्ध लोक कला एवं लोक संगीत परंपराओं को बढ़ावा देना तथा बीन वादन से जुड़े कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करना है। विभाग द्वारा प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता दलों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के साथ-साथ पांच सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। प्रथम पुरस्कार के रूप में 75,000 रूपए, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 60,000 रुपए तथा तृतीय पुरस्कार के रूप में 50,000 रुपए की राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, पांच सांत्वना पुरस्कार प्रत्येक 10,000 रुपए की राशि के होंगे। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए निर्धारित मापदंडों के अनुसार प्रतिभागियों का हरियाणा का मूल निवासी होना अनिवार्य है तथा उन्हें आधार कार्ड साथ लाना होगा। प्रत्येक दल में 8 से 10 कलाकार होना आवश्यक है, जिनमें कम से कम 3 से 4 बीन वादक शामिल होने चाहिए। प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुति हरियाणवी लोक परिधान में देना अनिवार्य होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले दलों को किसी प्रकार का यात्रा भत्ता अथवा दैनिक भत्ता प्रदान नहीं किया जाएगा। प्रतियोगिता के संबंध में निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा। कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग ने बीन वादन से जुड़े कलाकारों एवं दलों से इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर हरियाणा की लोक संगीत परंपरा को समृद्ध बनाने का आह्वान किया है।





रेवाड़ी मैराथन-2026: राज्य स्तरीय हॉफ मैराथन में भाग लेने के लिए करें ऑनलाइन पंजीकरण
डीसी अभिषेक मीणा ने 6 सितंबर को होने वाली मैराथन के लिए अधिक से अधिक पंजीकरण कराने का किया आह्वान
रेवाड़ी, 28 अगस्त, अभीतक: हरियाणा उदय अभियान के तहत ‘नशामुक्त हरियाणा’ के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से रेवाड़ी में 6 सितंबर, 2026 को राज्य स्तरीय मैराथन का आयोजन किया जाएगा। मैराथन को लेकर जिला प्रशासन की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई है तथा प्रतिभागियों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस मैराथन को मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी हरी झंडी दिखाने के साथ-साथ नशामुक्त हरियाणा के लिए युवाओं को जागरूकता का संदेश भी देंगे। डीसी अभिषेक मीणा ने जिलेवासियों सहित प्रदेशभर के युवाओं, खिलाडियों, सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों तथा आमजन से इस मैराथन में बढ़-चढकर भाग लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि ‘नशामुक्त हरियाणा’ का संकल्प तभी साकार होगा, जब समाज का प्रत्येक वर्ग इसमें अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी मैराथन के माध्यम से युवाओं को फिटनेस, खेल और स्वस्थ जीवन के प्रति प्रेरित करने के साथ-साथ नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा। उन्होंने अधिक से अधिक नागरिकों से मैराथन में पंजीकरण करवाकर इस जन-अभियान का हिस्सा बनने की अपील की।
रेवाड़ी मैराथन के पंजीकरण की प्रक्रिया है बेहद सरल
डीसी ने बताया कि रेवाड़ी मैराथन के पंजीकरण की प्रक्रिया बेहद सरल बनाई गई है। मैराथन में भाग लेने के प्रतिभागी ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इसके लिए https://www.runagainstdrugsrwr.in/#/en/registration पर क्लिक करके अपना नाम, माता या पिता का नाम, आयु, राज्य, जिला और मोबाइल नंबर दर्ज कर पंजीकरण किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त क्यूआर कोड को स्कैन करके भी मैराथन के लिए आसानी से पंजीकरण किया जा सकते हैं।उन्होंने बताया कि 5 किलोमीटर मैराथन के लिए पंजीकरण बिल्कुल निशुल्क है। वहीं 10 किलोमीटर के लिए पंजीकरण करवाने के लिए मात्र 100 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है। डीसी ने युवाओं और खेल प्रेमियों सहित समस्त नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पंजीकरण करवाएं और 6 सितंबर को रेवाड़ी में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय मैराथन को सफल बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
मिल-द्वार चीनी की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावटय खुदरा कीमतों में भी कमी का रूख शुरू
सरकारी उपायों से बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ी और आपूर्ति श्रृंखला में तेजी आई
नई दिल्ली, 28 अगस्त, अभीतक: सरकार ने घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और आपूर्ति में कृत्रिम कमी पैदा होने से रोकने के लिए कई सक्रिय उपाय किए हैं। हाल के दिनों में मिल-द्वार चीनी की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि खुदरा चीनी की कीमतों में भी कमी आना शुरू हो गयी है। आपूर्ति श्रृंखला के माध्यम से कीमतों में होने वाले बदलावों के सामान्य हस्तांतरण को देखते हुए खुदरा कीमतों में भी शीघ्र ही मिल-द्वार कीमतों में आई गिरावट के अनुरूप कमी आने की उम्मीद है। सरकार देश भर में चीनी की कीमतों, भंडार और आवाजाही पर लगातार निगरानी रख रही है और यह सुनिश्चित करने के लिए कई सक्रिय उपाय कर रही है कि पर्याप्त उपलब्धता का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचे। मिल-द्वार और खुदरा कीमतों में गिरावट का रूख दर्शाता है कि हाल में कीमतों में हुई तेज वृद्धि मुख्य रूप से जमाखोरी और सट्टेबाजी के कारण थी, जबकि देश में चीनी का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
भौतिक सत्यापन से पर्याप्त चीनी भंडार की पुष्टि
देशभर की चीनी मिलों में चीनी के भंडार के भौतिक सत्यापन के लिए चलाए गए अभियान से पर्याप्त उपलब्धता की स्थिति की पुनरू पुष्टि हुई है। कई मामलों में चीनी मिलों उनके द्वारा सरकार को प्रस्तुत मासिक विवरणयिों में घोषित मात्रा से अधिक भंडार पाया गया। इस सत्यापन के अभियान से यह स्पष्ट हुआ है कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है और इसलिए घबराकर में खरीदारी करने या आवश्यकता से अधिक भंडारण करने का कोई औचित्य नहीं है। कुछ मामलों में चीनी मिलों द्वारा कम बिक्री की प्रक्रिया अपनाई जा रही थी, अर्थात उन्हें मासिक कोटे के तहत जितनी मात्रा बेचने के लिए आवंटित की गयी थी, उससे कम मात्रा में चीनी बेची जा रही थी। पर्याप्त भौतिक भंडार होने के बावजूद इस तरह की गतिविधियां बाजार में चीनी की आपूर्ति अनावश्यक रूप से सीमित करती हैं।
सितंबर से पखवाड़ेवार चीनी कोटा प्रणाली
सरकार ने यह भी पाया है कि कुछ मामलों में महीने की शुरुआत में मिलों द्वारा बेची गई चीनी की आपूर्ति या उठान खरीदारों द्वारा महीने के अंत में किया जा रहा थ। इस प्रक्रिया से बाजार में कृत्रिम कमी की स्थिति पैदा हो रही थी। इन समस्याओं के समाधान और चीनी को समय पर बाजार तक पहुंचाना सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने सितंबर से पखवाड़ेवार चीनी आवंटन प्रणाली शुरू करने का निर्णय लिया है। पखवाड़ेवार कोटे के तहत मिलों को आवंटित मात्रा में से कम से कम 40 प्रतिशत चीनी पहले सप्ताह में और शेष मात्रा अगले सप्ताह में बेचनी होगी।
पखवाड़ेवार प्रणाली से सरकार को निम्नलिखित में सहायता मिलेगी
मांग और आपूर्ति की निकटता से निगरानी करने में
बाजार की स्थितियों में होने वाले बदलावों पर शीघ्र प्रतिक्रिया देने में
आपूर्ति में कृत्रिम कमी पैदा होने से रोकने में
बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए आवश्यकता पढ़ने पर अतिरिक्त कोटा जारी करने में।
यह लचीली व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि चीनी की आपूर्ति वास्तविक घरेलू मांग के अनुरूप बनी रहे।
बिक्री के सात दिनों के भीतर चीनी की आपूर्ति करना अनिवार्य
चीनी मिलों को पहले ही निर्देश दिया जा चुका है कि बिक्री की गई चीनी को बिक्री के तारीख से सात दिनों के भीतर मिल से भेजना सुनिश्चित करें। पखवाड़ेवार कोटा आवंटन और सात दिनों के भीतर अनिवार्य प्रेषण की संयुक्त व्यवस्था से आपूर्ति श्रृंखला में चीनी की आवाजाही में उल्लेखनीय सुधार होगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि चीनी मिलों से तेजी से डीलरों और अंततः उपभोक्ताओं तक पहुंचे। साथ ही, अनावश्यक रूप से भंडार जमा करने और सट्टा-आधारित भंडारण को हतोत्साहित करेगा। चीनी के थोक उपभोक्ताओं को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी परिचालन संबंधी आवश्यकताओं से अधिक मात्रा चीनी का भंडारण न करें।
नया चीनी मौसम उपलब्धता को और मजबूत करेगा
नए मौसम के लिए गन्ने की पेराई 15 अक्टूबर से शुरू होगी। अक्टूबर महीने दौरान 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक चीनी का उत्पादन होने की उम्मीद है। सरकार ने चीनी मिलों को अक्टूबर में उत्पादित चीनी को बिना किसी प्रतिबंध के बेचने की भी अनुमति दी है, जिससे नए मौसम का उत्पादन जल्द से जल्द घरेलू बाजार में उपलब्ध हो सके। नवंबर में चीनी का उत्पादन लगभग 45 लाख मीट्रिक टन रहने की उम्मीद है, जिससे घरेलू खपत के लिए चीनी की अतिरिक्त आपूर्ति में पर्याप्त वृद्धि होगी।
सरकार ने उपभोक्ताओं को पर्याप्त चीनी उपलब्धता का आश्वासन दिया
सरकार एक बार फिर उपभोक्ताओं को आश्वस्त करती है कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है और देशभर में, विशेष रूप से आगामी त्योहारी मौसम के दौरान, उचित कीमतों पर चीनी की पर्याप्त और निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएंगे।
मुख्य बिन्दु
हाल के दिनों में मिल-द्वार से सीधे चीनी की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट आई है और कल से खुदरा कीमतों में भी गिरावट शुरू हो गई है। उम्मीद है कि खुदरा कीमतें भी शीघ्र ही मिल-द्वार कीमतों में आई गिरावट के अनुरूप कमी आएगी। सरकार द्वारा किए गए भंडार सत्यापन से चीनी की पर्याप्त उपलब्धता की पुष्टि हुई है। अनेक मामलों में चीनी मिलों के पास उनके मासिक विवरणों में घोषित मात्रा से अधिक भंडार पाया गया। सितंबर से पखवाड़ेवार चीनी कोटा आवंटन प्रणाली मासिक कोटा प्रणाली का स्थान लेगी। इससे सरकार को बाजार की लगभग वास्तविक समय के आधार पर निगरानी करने और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त कोटा जारी करने में सहायता मिलेगी। मिलों द्वारा बेची गई चीनी को सात दिनों के भीतर भेजा जाना अनिवार्य होगा। इससे मिलों से डीलरों और घरेलू बाजार तक चीनी की तेजी से आवाजाही सुनिश्चित होगी तथा अनावश्यक रूप से भंडार जमा करने से रोका जा सकेगा। शीघ्र गन्ना पेराई और नए मौसम का उत्पादन चीनी की उपलब्धता को उल्लेखनीय रूप से मजबूत करेगा। कर्नाटक और महाराष्ट्र में चालू मिलों से सितंबर के दौरान लगभग 2 लाख मीट्रिक टन चीनी अतिरिक्त रूप से उपलब्ध होने की उम्मीद है। अक्टूबर में 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक और नवंबर में लगभग 45 लाख मीट्रिक टन चीनी का उत्पादन होने की उम्मीद है।




सार्वजनिक परीक्षाओं में सुधार के लिए उच्चस्तरीय कार्य बल ने सुझाव मांगें
नई दिल्ली, 28 अगस्त, अभीतक: केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित होने वाली परीक्षाओं सहित सार्वजनिक परीक्षाओं के संचालन, इन्हें सुरक्षित रूप से कराने तथा प्रशासनिक उपायों की समीक्षा और व्यापक सिफारिश के लिए श्री नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कार्य बल (एचपीटीएफ) का गठन किया है। यह कार्य बल संस्थागत प्रणालियों और प्रक्रियाओं को सुदृढ़ बनाने, परीक्षाओं की सत्यनिष्ठा और इन्हें सुरक्षित रूप से संचालित करने के लिए उपयुक्त प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल, परीक्षा आधारिक संरचना बढ़ाने, सुलभता और समावेशिता को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों के हित संबंधी उपायों की गहन विवेचना कर रहा है। इसका उद्देश्य एक सुदृढ़, सुरक्षित, पारदर्शी, न्यायसंगत और भविष्योन्मुखी सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली विकसित करना है।
इसी के सिलसिले में उच्च स्तरीय कार्य बल ने सभी हितधारकों के अनुभव, ज्ञान और दृष्टिकोण को अत्यंत उपयोगी मानते हुए निम्नलिखित पक्षों से सुझाव मांगें हैं
विद्यार्थी और उम्मीदवार
अभिभावक
शिक्षक और शैक्षणिक संस्थान
परीक्षा आयोजित करने और परीक्षा सामग्री जारी करने वाली संस्थाएं
विषय विशेषज्ञ और प्रौद्योगिकी पेशेवर
उद्योग संगठन
नागरिक समाज संगठन और अन्य संबंधित हितधारक
सुझाव निम्नलिखित क्षेत्रों से संबंधित हो सकते हैं
सार्वजनिक परीक्षाओं को सुरक्षित रूप से संचालित करना
परीक्षा की संरचना और मूल्यांकन पद्धति
शासन, दायित्व और संस्थागत व्यवस्था
परीक्षाओं में कदाचार की रोकथाम, पता लगाना और उनका निवारण
सुरक्षित कंप्यूटर-आधारित परीक्षा सहित प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल
परीक्षा अवसंरचना निर्माण और उन्नयन
सामाजिक, आर्थिक, क्षेत्रीय और भाषाई समूहों में बेहतर पहुंच के लिए समावेशी परीक्षा ढांचा
पारदर्शिता, शिकायत निवारण और हितधारकों के साथ संचार
समूची परीक्षा प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों के हित को बढ़ावा देने के उपाय
परीक्षा प्रणाली बेहतर बनाने संबंधी अन्य उपाय
सभी हितधारकों से अनुरोध है कि वे 13 सितंबर, 2026 तक अपने सुझाव निम्नलिखित माध्यम से प्रस्तुत करें
वेबसाइट: https://examreforms-taskforce.dopt.gov.in/
फोन: 1800-180-4747 WhatsApp: “hptf” 917827042830 पर भेजें या https://wa.me/917827042830?text=hptf_feedback पर क्लिक करें
ईमेल: ExamReformsTaskforce@dopt.gov.in
सुझाव अंग्रेजी, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में भेजे जा सकते हैं।
सार्वजनिक परामर्शों से प्राप्त सुझाव उच्च स्तरीय कार्य बल- एचपीटीएफ को सरकार को भेजने वाली सिफारिशें तैयार करने में सहायक होंगे।
एचपीटीएफ सभी हितधारकों से सक्रिय, रचनात्मक और व्यापक भागीदारी की उम्मीद करता है। अधिक जानकारी और सुझाव के लिए, कृपया नीचे दिए लिंक पर जाएं https://examreforms-taskforce.dopt.gov.in/ . सुझाव भेजने की अंतिम तिथि 13 सितंबर, 2026 है।
पंचायत सचिव एक लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, 15 लाख रुपये के विकास कार्यों के बिल पास करने की एवज में मांगी थी रिश्वत
पानीपत, 28 अगस्त, अभीतक: राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV – ACB) की करनाल इकाई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत राम नगर जीतगढ़ की पंचायत सचिव किरण को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी से रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली गई। इस संबंध में FIR नंबर 23, दिनांक 27.08.2026, धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, करनाल में मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह पेशे से निजी ठेकेदार है। शिकायतकर्ता ने ग्राम पंचायत राम नगर जीतगढ़ में करीब 15 लाख रुपये के विकास कार्य करवाए थे, जिनमें नाला, फिरनी, श्मशान घाट की दीवार, गली निर्माण तथा नाले की सफाई आदि कार्य शामिल हैं। शिकायत के अनुसार, ग्राम पंचायत राम नगर जीतगढ़, ब्लॉक पानीपत में पंचायत सचिव के पद पर तैनात किरण ने इन विकास कार्यों के बिलों की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की एवज में शिकायतकर्ता से 1.20 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में बातचीत के बाद रिश्वत की राशि एक लाख रुपये तय हुई। शिकायत का सत्यापन करने के बाद SV – ACB करनाल की टीम ने जाल बिछाया। आरोपी पंचायत सचिव किरण को एक लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। मौके पर राजपत्रित अधिकारी तथा शैडो गवाह भी मौजूद रहे।
संदेश
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और रिश्वत मांगने या लेने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रक्षाबंधन पर मानवता की मिसालरू सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट का 41वां रक्तदान शिविर संपन्न
61 युवाओं ने स्वेच्छा से किया रक्तदान, कैंसर मरीजों के लिए जुटाया जीवनरक्षक रक्त
भिवानी, 28 अगस्त, अभीतक: रक्षाबंधन के पावन अवसर पर भिवानी में मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की शानदार मिसाल देखने को मिली। सिटी स्टेशन रोड स्थित राजीव कॉलोनी में सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से कैंसर मरीजों के लिए 41वें रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए 61 यूनिट रक्तदान किया। रक्तदान शिविर में युवाओं का उत्साह देखते ही बनता था। रक्षाबंधन जैसे विशेष पर्व पर रक्तदान कर युवाओं ने यह संदेश दिया कि त्योहार की खुशियां केवल अपने परिवार तक सीमित नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में उम्मीद जगाने से भी जुड़ी हैं।
ब्लड की कमी की सूचना मिलते ही ट्रस्ट ने संभाला मोर्चा
सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष जगदीश मिताथल ने बताया कि राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के ब्लड बैंक में पिछले कुछ दिनों से कुछ विशेष ब्लड ग्रुप की कमी बनी हुई थी। अस्पताल प्रशासन की ओर से आपातकालीन आवश्यकता की जानकारी मिलने के बाद ट्रस्ट ने तत्काल रक्तदान शिविर आयोजित करने की रूपरेखा तैयार की। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का उद्देश्य है कि किसी भी मरीज की जान रक्त के अभाव में न जाए। रक्त की आवश्यकता वाले मरीजों की मदद के लिए ट्रस्ट भविष्य में भी इसी तरह के जीवनरक्षक रक्तदान शिविर आयोजित करता रहेगा।
शतकवीर रक्तदाता राजेश डुडेजा ने बढ़ाया युवाओं का हौसला
इस अवसर पर शतकवीर रक्तदाता राजेश डुडेजा भी युवाओं की हौसला-अफजाई करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि रक्तदान को लेकर आज भी समाज में कई भ्रांतियां मौजूद हैं और कुछ लोग कमजोरी आने के डर से रक्तदान करने से पीछे हटते हैं, जबकि स्वस्थ एवं पात्र व्यक्ति के लिए रक्तदान एक महत्वपूर्ण सामाजिक सेवा है। उन्होंने कहा कि शिविर में 61 युवाओं का रक्तदान के लिए आगे आना नई पीढ़ी की सामाजिक जागरूकता का सकारात्मक संदेश है। युवाओं को अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ अथवा जीवन के अन्य विशेष अवसरों पर रक्तदान करने के लिए आगे आना चाहिए। जगदीश मिताथल ने कहा कि रक्तदान का छोटा-सा प्रयास किसी परिवार के घर का चिराग बुझने से बचा सकता है।
रक्तदाताओं को किया सम्मानित
शिविर के सफल आयोजन एवं समापन पर सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने सभी 61 रक्तदाताओं को बैज लगाकर, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में ट्रस्ट के पदाधिकारी, रक्तदाता, युवा एवं अनेक सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। रक्षाबंधन के दिन आयोजित इस रक्तदान शिविर ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि रक्तदान केवल एक सामाजिक सेवा नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद परिवार के लिए जीवन की नई उम्मीद बन सकता है।



लावारिश शव का पोस्टमार्टम करवाकर पहचान न होने पर मानव अधिकार मिशन के सहयोग से किया अंतिम संस्कार
रेवाड़ी, 28 अगस्त, अभीतक: धारूहेड़ा थाना सेक्टर 6 पुलिस को एक व्यक्ति का लावारिश शव मिला था, उसकी उम्र करीब 40 वर्ष होगी, धारूहेड़ा थाना सेक्टर 6 पुलिस ने इस लावारिस शव का पोस्टमार्टम करवा कर पहचान की अपील करते हुए, रेवाड़ी के सरकारी अस्पताल के शवग्रह में रखवा दिया था, 28 अगस्त तक 72 घंटों से भी ज्यादा समय होने पर धारूहेड़ा थाना सेक्टर 6 पुलिस ने मानव अधिकार मिशन के समाज सेवक के सहयोग से इस लावारिस शव का किया अंतिम संस्कार। नेक व पूर्ण के कार्य में ।ेप प्रदीप यादव, सिपाही परवीन, रोहन और मानव अधिकार मिशन के समाज सेवक विनोद सक्सेना मौजूद थे।



उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने ज्ञानी अर्थ नामक एक संप्रभु एआई स्टैक लॉंच किया, जिसमें इवोन 3.3 और प्लेक्सस शामिल हैं
एआई अवसरों के नए द्वार खोलेगा और भारत की आर्थिक प्रगति को अगले स्तर पर ले जाएगा: उपराष्ट्रपति
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की राजनीतिक इच्छाशक्ति और इंडिया फर्स्ट का दृष्टिकोण भारत को प्रौद्योगिकीय आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रहा है: उपराष्ट्रपति
हमें सदैव उपभोक्ता नहीं बने रहना चाहिएय हमें सृजन करना चाहिए, ताकि दूसरे उसका उपभोग कर सकें: उपराष्ट्रपति
नई दिल्ली, 28 अगस्त, अभीतक: उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली के उपराष्ट्रपति भवन में ज्ञानी अर्थ का शुभारंभ किया, जो ज्ञानी एआई द्वारा विकसित इवोन 3.3 और प्लेक्सस से युक्त एक स्वतंत्र एआई स्टैक है। इवोन 3.3 एक बड़ा भाषा मॉडल है, जबकि प्लेक्सस एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो एआई बुद्धिमत्ता को वास्तविक दुनिया के कार्यों और संस्थानों से जोड़ता है। श्री सीपी राधाकृष्णन ने ज्ञानी अर्थ के शुभारंभ का स्वागत करते हुए कहा कि इवोन 3.3 और प्लेक्सस का संयोजन भारत के प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम की बढ़ती शक्ति को दर्शाता है और यह सिद्ध करता है कि भारतीय इंजीनियर न केवल अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों का उपयोग कर सकते हैं बल्कि उनका निर्माण भी कर सकते हैं। श्री सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि प्रौद्योगिकी में टाइपराइटर के युग और व्यक्तिगत कंप्यूटरों के सीमित उपयोग से लेकर आज के कृत्रिम बुद्धिमत्ता और बड़े भाषा मॉडल के युग तक नाटकीय परिवर्तन आया है। कंप्यूटरों द्वारा रोजगारों के विस्थापन की चिंताओं का स्मरण करते हुए, उन्होंने कहा कि इसके विपरीत आईटी क्षेत्र ने भारत और विदेशों में रोजगार के अनेक अवसर सृजित किए हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एआई भी रोजगार और विकास के नए अवसर खोलेगा, जिससे भारत की आर्थिक प्रगति अगले स्तर पर पहुंचेगी। उपराष्ट्रपति ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में भारत की तीव्र प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इंडियाएआई मिशन और एआई उत्कृष्टता केंद्रों जैसी पहलें देश के रूपांतरण को गति प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत के प्रौद्योगिकीय परिवर्तन को गति प्रदान करने में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का बहुत बड़ा योगदान है, जिनकी राजनीतिक इच्छाशक्ति और श्भारत प्रथमश् दृष्टिकोण के प्रति प्रतिबद्धता उभरती प्रौद्योगिकियों में भारत की क्षमताओं को सुदृढ़ कर रही है। संसद में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल संसद पोर्टल के माध्यम से संसदीय बहसों और दस्तावेजों को कई भारतीय भाषाओं में पढ़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में समाप्त हुए सत्र में आठ भाषाओं में एआई-आधारित अनुवाद सेवा आरंभ की गई थी और इसे शीघ्र ही सभी अनुसूचित भाषाओं में लागू किया जाएगा। प्रौद्योगिकीय आत्मनिर्भरता की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि भारत को केवल प्रौद्योगिकी का उपभोक्ता बनकर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने स्वदेशी प्रौद्योगिकीय क्षमताओं के निर्माण के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “हमें हमेशा उपभोक्ता बनकर नहीं रहना चाहिएय हमें सृजन करना होगा, ताकि दूसरे उसका उपयोग कर सकें। उपराष्ट्रपति ने भारत की प्रौद्योगिकीय और रणनीतिक स्वायत्तता को सुदृढ़ करने के लिए संप्रभु कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) क्षमताओं के विकास के महत्व पर भी बल दिया। सेमीकंडक्टर विनिर्माण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत बहुत पहले चिप्स का विनिर्माण आरंभ कर सकता था और संभवतः अब तक वैश्विक तौर पर अग्रणी देश के रूप में उभर सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इस सेक्टर को नई गति मिली है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रौद्योगकिीय क्षमता विकसित भारत /2047 की दिशा में भारत की यात्रा का एक महत्वपूर्ण स्तंभ होगी। उन्होंने ज्ञानी अर्थ को प्रौद्योगकिीय आत्मनिर्भरता, नवाचार और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में व्यापक राष्ट्रीय यात्रा का हिस्सा बताया। उन्होंने ज्ञानी एआई के सीईओ श्री गणेश गोपालन और सह-संस्थापक एवं सीटीओ श्री अनंत नागराज को लॉन्च पर बधाई दी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह पहल एक सुदृढ़, आत्मनिर्भर और प्रौद्योगकिीय रूप से सशक्त भारत के निर्माण में योगदान देगी।



डाक विभाग का दिल्ली सर्कल 18 सितंबर को मासिक डाक अदालत का आयोजन करेगा
डाक सेवाओं से संबंधित शिकायतें 2 सितंबर 2026 तक मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल कार्यालय तक पहुंच जानी चाहिए
नई दिल्ली, 28 अगस्त, अभीतक: डाक विभाग का दिल्ली सर्कल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली राज्य के अंतर्गत डाक सेवाओं से संबंधित शिकायतों के निपटारे के लिए मासिक डाक अदालत का आयोजन करेगा। डाक अदालत 18 सितंबर, 2026 (शुक्रवार) को सुबह 11 बजे मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल कार्यालय, दिल्ली सर्किल, तीसरी मंजिल, मेघदूत भवन, झंडेवालन मेट्रो स्टेशन के पास, नई दिल्ली-110001 में आयोजित की जाएगी। डाक अदालत प्रत्येक शिकायतकर्ता को व्यक्तिगत रूप से सुनने और जनता की शिकायतोंध्समस्याओं का समाधान करने का अवसर प्रदान करेगी। डाक अदालत का उद्देश्य व्यक्तिगत सुनवाई प्रदान करना और जनता की शिकायतोंध्समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना है। यह स्पष्ट किया जाता है कि सर्कल स्तरीय डाक अदालत केवल उन शिकायतों के लिए है जो संभागीय स्तरीय डाक अदालत में उठाई गई थीं लेकिन जिनका निपटाराध्समाधान अभी तक लंबित है। डाक सेवाओं से संबंधित शिकायतें सहायक निदेशक (सीएस), मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल कार्यालय, दिल्ली सर्कल, नई दिल्ली-110001 तक 2 सितंबर, 2026 (बुधवार) तक पहुंच जानी चाहिए। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त शिकायतों पर डाक अदालत में विचार नहीं किया जाएगा। शिकायतें ठोस और संक्षिप्त होनी चाहिए। सामान्य प्रकृति की और नीतिगत मामलों से संबंधित शिकायतों पर विचार नहीं किया जाएगा।
भारतीय उद्योग के लिए कम प्रक्रियात्मक बोझ, व्यापक वैश्विक बाजार पहुंच
रक्षा निर्यात मानक संचालन (एसओपी) और ओपन जनरल एक्सपोर्ट लाइसेंस ढांचे को सरल बनाकर भारत को एक विश्वसनीय वैश्विक विनिर्माण और निर्यात भागीदार बनाया गया है
नई दिल्ली, 28 अगस्त, अभीतक: रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग ने रक्षा निर्यात मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और ओपन जनरल एक्सपोर्ट लाइसेंस (ओजीईएल) ढांचे को सरल बनाने के लिए व्यापक सुधार किए हैं। ये सुधार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के भारत को एक विश्वसनीय, प्रतिस्पर्धी और भरोसेमंद वैश्विक रक्षा विनिर्माण और निर्यात भागीदार बनाने के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं, साथ ही मेक-इन-इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में भी सहायक हैं। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन में किए गए इन सुधारों का उद्देश्य प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं को कम करना, अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक शीघ्र पहुंच को सुगम बनाना और भारतीय रक्षा कंपनियों को वैश्विक व्यापार अवसरों का अधिक प्रभावी ढंग से लाभ उठाने में सक्षम बनाना तथा साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी मामले पूरी तरह से संरक्षित रहें।
रक्षा निर्यात मानक संचालन प्रक्रिया
अधिकांश गंतव्यों के लिए गैर-घातक रक्षा वस्तुओं के निर्यात के लिए हितधारकों से परामर्श की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है, जबकि संवेदनशील देशों के लिए उचित सुरक्षा उपाय बरकरार रखे गए हैं। अंतर्राष्ट्रीय निविदाओं और प्रदर्शनियों के लिए सभी वस्तुओं के निर्यात हेतु हितधारकों से परामर्श की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है, जिससे भारतीय कंपनियों को अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने और अंतर्राष्ट्रीय अवसरों का अधिक शीघ्रता से लाभ उठाने में मदद मिलेगी।
ओजीईएल फ्रेमवर्क
ओजीईएल एक स्थायी, एकमुश्त निर्यात लाइसेंस है जो पात्र निर्यातकों को निर्दिष्ट रक्षा वस्तुओं की आपूर्ति के लिए अलग-अलग मंजूरी प्राप्त किए बिना निर्यात में सक्षम बनाता है। यह बार-बार दोहराई जाने वाली प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं को कम करता है। प्रमुख प्लेटफार्मों और उपकरणों, पुर्जों और घटकों, और अंतर-कंपनी प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिए तीन मौजूदा ओजीईएल एसओपी को एक एकीकृत ओजीईएल एसओपी में समेकित किया गया है, जो निर्यातकों को एक सामान्य और सरल ढांचा प्रदान करता है। ओजीईएल की वैधता दो साल से बढ़ाकर तीन साल कर दी गई है, जिससे नवीनीकरण और संबंधित अनुपालन आवश्यकताओं में कमी आई है। ओजीईएल का दायरा 41 देशों से बढ़ाकर सभी देशों तक कर दिया गया है, सिवाय उन नकारात्मकध्संवेदनशील देशों और उन देशों के जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों या हथियार प्रतिबंधों का सामना कर रहे हैं। एक नए प्रावधान से विदेशी मूल उपकरण निर्माताओं (एफओईएम) के साथ दीर्घकालिक अनुबंध या समझौते करने वाली भारतीय कंपनियों को सुविधा मिलेगी। ओजीईएल योग्य वस्तुओं और संबंधित एफओईएम के लिए प्रदान किया जा सकता है, जिसकी वैधता मूल अनुबंध या समझौते के अनुरूप होगी, और यह निर्धारित शर्तों के अधीन होगा। ओजीईएल के अंतर्गत आने वाली वस्तुओं की श्रेणी का विस्तार किया गया है, जिससे पात्र निर्यातकों को अधिक सुविधा मिली है। संशोधित ढांचा छोटे हथियारों और सुरक्षा उपकरणों के विशिष्ट पुर्जों और घटकों के नागरिक उपयोग के लिए निर्यात की भी अनुमति देता है, जिससे वैध अंतरराष्ट्रीय व्यापार के अवसर और भी व्यापक हो जाते हैं। इन सुधारों से भारत की रक्षा निर्यात व्यवस्था अधिक व्यापक और सुगम प्रणाली की ओर अग्रसर होगी, जिससे नियमित प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं में कमी आएगी और संवेदनशील वस्तुओं, प्रौद्योगिकियों और गंतव्यों के लिए उचित सुरक्षा उपाय बरकरार रहेंगे। इन उपायों से भारतीय रक्षा निर्माताओं, जिनमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) भी शामिल हैं, को विशेष रूप से लाभ होने की उम्मीद है, क्योंकि इससे वे अंतरराष्ट्रीय निविदाओं और प्रदर्शनियों में तेजी से प्रतिक्रिया दे सकेंगे, व्यापक वैश्विक बाजारों तक पहुंच बना सकेंगे और बार-बार मंजूरी संबंधी आवश्यकताओं से मुक्त हो सकेंगे। वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा उत्पादन सर्वकालिक उच्च स्तर 1.78 लाख करोड़ रुपये और रक्षा निर्यात रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंचने के साथ, ये सुधार भारत के रक्षा विनिर्माण और निर्यात इकोसिस्टम की गति को और मजबूत करेंगे।



पूर्वोत्तर सीमा पर दो अभियानों में डीआरआई ने 76 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन की गोलियां जब्त कीं
गाड़ियों में विशेष तरीके से तैयार की गई खोखली जगहों में प्रतिबंधित सामान छिपाया गया थाय दो शख्स गिरफ्तार
नई दिल्ली, 28 अगस्त, अभीतक: पूर्वोत्तर सीमा पर नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई करते हुए, राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने असम और मिजोरम में खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए दो अभियानों में 76 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन की गोलियां जब्त कीं। इस मामले में दो लोगों को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया है।
56 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन जब्त
25 अगस्त 2026 को, खुफिया जानकारी पर आधारित एक नए अभियान में, डीआरआई अधिकारियों ने सिलचर के असम राइफल्स की 38वीं बटालियन के जवानों की मदद से, सिलचर से करीब 40 किलोमीटर दूर लालपानी में असम-मणिपुर सीमा के पास एक संदिग्ध 12-पहिया ट्रक को रोका। ट्रक की पहचान मणिपुर के जिरिबाम से आ रहे वाहनों के एक बड़े काफिले में से की गई थी। ट्रक की गहन जांच करने पर चालक की सीट के पीछे चालक के केबिन में विशेष तरीके से तैयार की गई एक गुप्त गुहा का पता चला, जिसमें 1 किलोग्राम वजन के 36 ईंट के आकार के पैकेट और 200 ग्राम वजन के 100 छोटे पैकेट मिले, जिनमें गुलाबी-नारंगी रंग की गोलियां थीं, जिनमें मेथम्फेटामाइन होने का संदेह था। फील्ड डिटेक्शन किट का इस्तेमाल कर नमूनों के प्रारंभिक परीक्षण से एम्फेटेमिन की उपस्थिति का संकेत मिला। बरामद 56 किलोग्राम प्रतिबंधित पदार्थ और ट्रक को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की संबंधित धाराओं के अंतर्गत जब्त कर लिया गया। वाहन में सवार शख्स को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले, 18 अगस्त 2026 को, मिजोरम में आइजोल-चम्फाई रोड पर एक अन्य खुफिया-आधारित अभियान में, डीआरआई के अधिकारियों ने आइजोल से लगभग 30 किलोमीटर दूर बंग बंगला में एक कार को रोका। वाहन की गहन तलाशी के चलते, 20 किलोग्राम गुलाबी-नारंगी रंग की गोलियों से भरे 64 अलग-अलग आकार के पैकेट बरामद हुए, जिन पर मेथम्फेटामाइन होने का संदेह था। ये गोलियां वाहन के दोनों किनारों पर रॉकर पैनलध् साइड सिल में विशेष रूप से तैयार किए गए गहरे गड्ढों में और ईंधन टैंक और कार के फर्श के बीच की जगह में छिपाई गई थीं।
ऑपरेशन में 20 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन जब्त किया गया
एनडीपीएस फील्ड टेस्ट किट से किए गए परीक्षणों में एम्फेटेमिन की मौजूदगी पाई गई। शुरुआती जांच से पता चला कि ड्रग्स की तस्करी म्यांमार से जोखावथर-चम्फाई सेक्टर के रास्ते मिजोरम में की गई थी। एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के अंतर्गत 20 किलोग्राम प्रतिबंधित पदार्थ और उसके परिवहन के लिए इस्तेमाल किए गए वाहन को जब्त कर लिया गया। वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया गया। मेथम्फेटामाइन एक शक्तिशाली कृत्रिम मनोउत्तेजक पदार्थ है, जिसके गलत इस्तेमाल और लत लगने की प्रबल संभावना होती है। इसका अवैध सेवन गंभीर शारीरिक और मनोवैज्ञानिक परिणाम पैदा कर सकता है, जिनमें हृदय संबंधी जटिलताएं, बेचैनी, व्यामोह और मनोविकार शामिल हैं। लंबे समय तक इसके सेवन से गंभीर लत और तंत्रिका संबंधी एवं व्यवहारिक विकार हो सकते हैं। मेथम्फेटामाइन को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के अंतर्गत मनोरोगी पदार्थ के रूप में अधिसूचित किया गया है, और इसके अवैध निर्माण, कब्जे, परिवहन और तस्करी के लिए कठोर दंड का प्रावधान है।






