





इंडो अमेरिकन स्कूल में रक्षा बंधन के पावन पर्व पर राखी बनाओ प्रतियोगिता का किया गया भव्य एवं सफल आयोजन
झज्जऱ, 26 अगस्त, अभीतक: इंडो अमेरिकन स्कूल में रक्षा बंधन के पावन पर्व के उपलक्ष्य में राखी बनाओ प्रतियोगिता का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्साह, उमंग और रचनात्मकता का विशेष वातावरण देखने को मिला। प्रतियोगिता में विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी कलात्मक प्रतिभा एवं सृजनात्मक कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने रंग-बिरंगे धागों, मोतियों, रिबन, मोती-मुंगों, सजावटी कागज, फूलों तथा अन्य आकर्षक सामग्री का प्रयोग कर सुंदर और आकर्षक राखियाँ तैयार कीं। बच्चों ने पारंपरिक राखियों के साथ-साथ अपनी कल्पनाशीलता का परिचय देते हुए कई अनूठी एवं आकर्षक डिजाइन भी तैयार किए। प्रत्येक विद्यार्थी ने अपनी राखी को विशेष और सुंदर बनाने के लिए पूरी लगन एवं उत्साह के साथ कार्य किया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें रक्षा बंधन के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि रक्षा बंधन केवल भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का पर्व ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में प्रेम, विश्वास, सुरक्षा, सम्मान और पारिवारिक संबंधों का प्रतीक भी है। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा को प्रदर्शित करने के साथ-साथ भारतीय त्योहारों एवं परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिला। इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों में रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास, धैर्य, एकाग्रता तथा कलात्मक अभिव्यक्ति जैसे गुणों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे
कक्षा छः से प्रथम राशी एवं डेजी, द्वितीय परिधि, तनिष्का एवं यक्ष, तृतीय वंशिका एवं शनाया, कक्षा सातवींरू से प्रथम शगुन एवं पायल, द्वितीय कनिष्का एवं ख्वाहिश, तृतीय दिव्यांशी, पलक एवं रिया, कक्षा आठवीं से प्रथम नव्या एवं पलक, द्वितीय मानसी, दिव्या एवं भारती, तृतीय खुशी, वत्सल एवं युक्ता, कक्षा नौवीं से बारहवींरू प्रथम चीनू, द्वितीय निशु, तृतीय प्रियांशी रहीं। स्कूल निदेशक श्री बिजेंद्र कादियान ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि विद्यालय में इस प्रकार की रचनात्मक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर किया जाता रहेगा। प्रतियोगिता के अंत में विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया गया। राखी मेकिंग प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति और त्योहारों के प्रति प्रेम एवं सम्मान की भावना को और मजबूत किया तथा रक्षा बंधन के संदेश “प्रेम, विश्वास और रिश्तों की मजबूती” को सार्थक रूप से प्रस्तुत किया


एल. ए. स्कूल में मानव श्रंखला बनाकर संदेश दिया ए बॉन्ड ऑफ लव, ए प्रॉमिस ऑफ प्रोटेक्शन का संदेश
झज्जऱ, 26 अगस्त, अभीतक: एल. ए. सी. सै. स्कूल झज्जर के प्रांगण में एक मानव श्रंखला बनाकर संदेश दिया (ए बॉन्ड ऑफ लव, ए प्रॉमिस ऑफ प्रोटेक्शन ) रहा। भूगोल प्राध्यापक मुकेश शर्मा ने कक्षा ग्याहरवी से नितिन जून, दीपांशु रावत, देवांशु दहिया, हर्षित गुलिया, मोहित गहलावत, चिराग धनखड़, रुपेश वत्स बच्चों को लेकर एक मानव श्रंखला का विशाल निर्माण करवाया। इस मानव श्रंखला का उदेश्य मिल जुलकर भाई – बहन का ये पावन पर्व मनाना रहा जिसका शीर्षक प्यार का बंधन, सुरक्षा का वादा रहा।स्कूल प्राचार्या निधि कादयान ने बताया कि राखी का पर्व स्कूल प्रांगण में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है स्कूल संचालक जगपाल गुलिया, जयदेव दहिया, अनिता गुलिया,नीलम दहिया, योजित गुलिया, भविष्य दहिया ने स्कूल के इस सार्थक प्रयास की सराहना करते हुए सामुहिक रूप से राखी का पावन पर्व मनाने की पहल को आदर्श बताया। स्कूल मैनेजर के.एम.डागर ने कहा कि आज के आधुनिक युग में हमारे पूर्वजों की इन पवित्र देन को मिलकर मनाना चाहिए। इससे भाई-बहन का प्यार अनूठा व मजबूत बनता है। स्कूल एचओडी रविंद्र लोहचब व पूजा कादयान ने कार्यक्रम का संचालन किया।





महिला समानता दिवस पर पीएनबी आरसेटी में महिलाओं को अधिकारों, सुरक्षा, समान अवसर एवं आत्मनिर्भरता के प्रति किया गया जागरूक
झज्जऱ, 26 अगस्त, अभीतक: आज महिला समानता दिवस के अवसर पर पीएनबी आरसेटी झज्जर में महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा, समान अवसर एवं आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्थान में चल रहे असिस्टेंट बुक कीपर एवं जूट प्रोडक्ट्स प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रशिक्षणार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर (सखी), झज्जर से सविता ने विशेष रूप से भाग लिया। उन्होंने महिलाओं के लिए संचालित वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं एवं कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या कठिन परिस्थिति का सामना कर रही महिलाओं को एक ही स्थान पर आवश्यक सहायता एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वन स्टॉप सेंटर कार्य करता है। उन्होंने महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध सरकारी सहायता एवं सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर पीएनबी आरसेटी झज्जर के संस्थान निदेशक उमेश भुकर गोरिया ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं के हित का विषय नहीं, बल्कि देश के समग्र विकास की आधारशिला है। उन्होंने महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, व्यवसाय, प्रशासन, विज्ञान, तकनीक, राजनीति सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। देश के विकास में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और लगभग 48 प्रतिशत महिला भागीदारी इस दिशा में महत्वपूर्ण संकेत है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं अपने कौशल, प्रतिभा और क्षमता का पूरा उपयोग करेंगी, तो वे न केवल अपने परिवार को मजबूत बनाएंगी, बल्कि राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगी। प्रशिक्षणार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों को जानें, अपने कर्तव्यों को समझें और आत्मनिर्भर बनने के लिए निरंतर प्रयास करें। उन्होंने कहा कि कौशल विकास एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम है। आत्मनिर्भर महिला अपने परिवार और समाज को भी आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षणार्थियों ने महिलाओं की समानता, अधिकारों, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर जानकारी प्राप्त की तथा अपने विचार भी साझा किए।इस अवसर पर रवि कुमार और संस्थान से अंशी भटनागर, रिंकू देवी, कुसुम, सतपाल सिंह, आशीष शर्मा एवं शशि कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को केवल उनके अधिकारों की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वासी, जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाकर समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना रहा।

खंड बेरी के गांव गांगटान में 31 अगस्त को रात्रि ठहराव कार्यक्रम, डीसी वर्षा खांगवाल सुनेगीं समस्याएं
कार्यक्रम में विभागीय स्टॉल व स्वास्थ्य जांच शिविर के माध्यम से मिलेगी योजनाओं की जानकारी
झज्जऱ, 26 अगस्त, अभीतक: प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक माह आयोजित किए जाने वाले रात्रि ठहराव कार्यक्रम का आयोजन 31 अगस्त को खंड बेरी के गांव गांगटान में स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीसी वर्षा खांगवाल करेंगी। डीसी ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनेंगी तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशासन को गांव स्तर तक पहुंचाकर आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निवारण करना है। सीटीएम ऋतु ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्टॉल लगाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा, जहां नागरिकों की जांच कर आवश्यक परामर्श दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि रात्रि ठहराव कार्यक्रम सरकार की महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से अधिकारियों को गांव की जमीनी स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन करने और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने का अवसर मिलता है। इससे शासन और जनता के बीच संवाद और अधिक सुदृढ़ होता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं और अपनी समस्याएं, सुझाव व मांगें प्रशासन के समक्ष रखें, ताकि गांव के सर्वांगीण विकास को और गति मिल सके।




जिला की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं की जाएंगी आयोजित: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया, ग्राम सभाओं के माध्यम से परिवार पहचान पत्र से संबंधित वेरिफिकेशन का किया जाएगा कार्य
झज्जऱ, 26 अगस्त, अभीतक: डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि जिला की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इन ग्राम सभाओं के माध्यम से परिवार पहचान पत्र से संबंधित विभिन्न प्रकार की वेरिफिकेशन का कार्य पंचायत स्तर पर किया जाएगा, ताकि पात्र परिवारों का सही डाटा अपडेट हो सके और कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। डीसी बुधवार को ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं के आयोजन एवं वेरिफिकेशन कार्य को लेकर संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रही थी। इससे पहले हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी डीसी, एडीसी व सीईओ जिला परिषद सहित संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि ग्राम सभाओं में फैमिली आईडी वेरिफिकेशन के तहत एएवाई (अंत्योदय अन्न योजना) परिवारों की वेरिफिकेशन, एक लाख 80 हजार रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों की आय वेरिफिकेशन, कच्ची छत की फिजिकल वेरिफिकेशन तथा परिवार पहचान पत्र में परिवार के सदस्यों के व्यवसाय की वेरिफिकेशन अलग-अलग रूप से की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह कार्य अति आवश्यक है। सभी वेरिफिकेशन एवं डाटा अपडेट करने का कार्य 2 अक्टूबर तक पूरा किया जाए। डीसी ने कहा कि ने जिला की सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं का आयोजन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुनिश्चित किया जाएगा। इस कार्य के लिए एडीसी को ओवरऑल इंचार्ज बनाया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतवार ग्राम सभाओं का शेड्यूल जल्द तैयार किया जाए और ग्राम सभाओं का आयोजन शुरू करवाया जाए। इस कार्य में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई जाए, ताकि परिवार पहचान पत्र से जुड़े सभी आवश्यक वेरिफिकेशन कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जा सकें। इस अवसर पर एडीसी जगनिवास व सीईओ जिला परिषद मनीष फौगाट सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

स्वच्छ झज्जर के लिए सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी जरूरी: डीसी
झज्जर में सफाई व्यवस्था को लेकर डीसी वर्षा खांगवाल ने सामाजिक व व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक
झज्जऱ, 26 अगस्त, अभीतक: जिला प्रशासन द्वारा झज्जर शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए चलाए जा रहे विशेष सफाई अभियान को लेकर डीसी वर्षा खांगवाल ने सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक, सामाजिक संस्था और व्यापारिक संगठन की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। डीसी ने कहा कि शहर को स्वच्छ रखने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने तथा प्रशासन का सहयोग करने का आह्वान किया। डीसी ने कहा कि बाजारों, मुख्य मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैले, इसके लिए व्यापारियों और आमजन को जागरूक किया जा रहा है। दुकानदार अपने प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे को निर्धारित स्थान पर ही डालें तथा नागरिक भी स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा। जहां भी सफाई व्यवस्था में कमी सामने आएगी, उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। डीसी ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही झज्जर को स्वच्छ, सुंदर और बेहतर शहर बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी संगठनों और नागरिकों से स्वच्छता अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने की अपील की। बैठक में सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन को स्वच्छता अभियान में हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया। प्रतिनिधियों ने शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव भी साझा किए। इस अवसर पर डीसीपी धारणा यादव, एडीसी एवं डीएमसी जगनिवास, एसडीएम रवि मीणा सहित अन्य सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।




विशेष गहन पुनरीक्षण-2026
30 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां दर्ज करवा सकेंगे मतदाता, 3 अक्टूबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची
शनिवार-रविवार को भी प्राप्त किए जाएंगे दावे व आपत्तियां
रेवाड़ी, 26 अगस्त, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत दावे एवं आपत्तियां दर्ज करने का कार्य 30 अगस्त तक किया जाएगा। मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत करने के उद्देश्य से 29 व 30 अगस्त (शनिवार व रविवार) को विशेष अभियान दिवस निर्धारित किया गया है। डीसी ने मतदाताओं से अपील की है कि वे 30 अगस्त तक संबंधित मतदान केंद्र पर पहुंचकर मतदाता सूची में नाम, विवरण आदि से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत कर सकते है। डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत 29 व 30 अगस्त (शनिवार व रविवार) विशेष अभियान दिवस निर्धारित किया गया है। इन विशेष अभियान दिवसों पर भी सभी बीएलओ अपने-अपने मतदान केंद्रों पर उपस्थित रहकर मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने के लिए फार्म तथा मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करेंगे। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि प्राप्त दावे एवं आपत्तियों का निपटारा 28 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। इसके बाद 3 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
साल की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 सितंबर को: जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार यादव
रेवाड़ी, 26 अगस्त, अभीतक: जिला झज्जर एवं बहादुरगढ़ परिसर में 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसमें दोनों पक्षों की सहमति से मामलों का निपटारा करवाया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के चेयरमैन जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों का आपसी समझौते के माध्यम से त्वरित निपटारा करवाना है लोक अदालत में ट्रैफिक चालान बैंक रिकवरी मोटर वाहन दुर्घटना अधिनियम पारिवारिक विवाद दीवानी एवं फौजदारी मामले श्रम विभाग भूमि अधिग्रहण बिजली पानी के बिलों तथा राजस्व आदि का निपटारा किया जाएगा। आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के चेयरमैन राजकुमार यादव ने इंश्योरेंस कंपनी के मैनेजरों व पैनल अधिवक्ताओं के साथ मीटिंग करके सामंजस्य स्थापित करके लोक अदालत को सफल बनाया जाए। ताकि लोगों को लोक अदालत का ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके। आमजन से अपील की हैं कि शनिवार 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर का लाभ उठाएं।





थाना सदर झज्जर पुलिस ने सुलझाई ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी’
मृतका की पहचान के बाद आरोपी गिरफ्तार, 7 दिन के पुलिस रिमांड पर’
झज्जर, 26 अगस्त, अभीतक: पुलिस कमिश्नरेट झज्जर में झज्जर जोन की पुलिस उपायुक्त धारणा यादव के दिशा-निर्देशन में थाना सदर झज्जर पुलिस ने सिलानी ड्रेन नंबर-8 में मिले अज्ञात महिला के शव के ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी संदीप सिंह पुत्र नन्दू सिंह निवासी चुड़िना, जिला झुंझुनू, राजस्थान को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी को अदालत में पेश कर 7 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस उपायुक्त झज्जर धारणा यादव ने बताया कि थाना सदर झज्जर के प्रभारी निरीक्षक परमजीत और उनकी पुलिस टीम ने कड़ी मेहनत, लगन और लगातार प्रयास करते हुए ब्लाइंड मर्डर की इस वारदात को सुलझाने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने तकनीकी एवं मानवीय सूचनाओं के आधार पर जांच को आगे बढ़ाते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। 2 जुलाई 2026 को सिलानी ड्रेन नंबर-8 में एक अज्ञात महिला का शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल को सुरक्षित किया तथा एफएसएल टीम की मदद से आवश्यक वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। मृतका की पहचान के लिए पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किए गए। उपलब्ध फोटो के आधार पर मृतका की पहचान सुशीला निवासी राजस्थान के रूप में हुई।जांच के दौरान पुलिस टीम ने मृतका से जुड़े लोगों, तकनीकी साक्ष्यों तथा अन्य पहलुओं की गहनता से जांच की। जांच में सामने आया कि आरोपी संदीप की करीब तीन वर्ष पहले ऑनलाइन मार्केटिंग के काम के दौरान सुशीला से फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। आरोपी ने सुशीला को जीबी फूड प्राइवेट कंपनी, नीमराणा में नौकरी लगवाया, जिसके बाद दोनों कि किसी बात को लेकर आपसी कहासुनी हो गई और इसी विवाद के चलते 30 जून 2026 की सुबह दोनों के बीच लड़ाई-झगड़ा हुआ। आरोपी ने गुस्से में सुशीला के सिर पर डंडे से वार किया और बाद में उसका गला दबाकर हत्या कर दी।आरोपी ने पुलिस से बचने तथा शव को छिपाने की नीयत से सुशीला के शव को टाटा टियागो गाड़ी में डाला और रात के समय सिलानी गांव के पास ड्रेन में फेंक दिया। इसके बाद आरोपी ने वारदात को छिपाने का प्रयास किया।पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे 7 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपी से वारदात से जुड़े अन्य साक्ष्यों और घटनाक्रम के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस द्वारा आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त डंडा, गाड़ी तथा अन्य साक्ष्य बरामद करने की कार्रवाई की जा रही है। मामले में आगामी जांच जारी है।

डी.ए.वी. पुलिस पब्लिक स्कूल, झज्जर में नशा मुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य पर परामर्श सत्र आयोजित
नारकोटिक्स विभाग के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को नशे से बचाव, तनाव प्रबंधन एवं ध्यान के महत्व के प्रति किया जागरूक
झज्जर, 26 अगस्त, अभीतक: डी.ए.वी. पुलिस पब्लिक स्कूल, झज्जर में 26 अगस्त 2026 को पुलिस विभाग के नारकोटिक्स विभाग के तत्वावधान में नशा मुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य को लेकर विशेष परामर्श एवं जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सत्र में मुख्य वक्ता आचार्य श्री करणवीर जी, निरीक्षक सुश्री सुदेश जी, एएसआई श्री अशोक कुमार जी एवं सिपाही सुश्री पूनम जी ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों एवं उससे होने वाली शारीरिक, मानसिक तथा सामाजिक हानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, नशे से बचाव तथा नशे की चपेट में आए व्यक्ति की सहायता करने के उपायों के बारे में जागरूक किया। साथ ही तनाव को नियंत्रित करने एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में ध्यान और सकारात्मक सोच की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। सत्र को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक चर्चा की गई। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और विशेषज्ञों से महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री पंकज वालिया ने सभी अतिथियों एवं विशेषज्ञों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में भविष्य में भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं जागरूकता के लिए ऐसे उपयोगी कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे। कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं उपयोगी रहा। विद्यालय परिवार ने नारकोटिक्स विभाग एवं उपस्थित सभी विशेषज्ञों का धन्यवाद किया।




5,000 रूप कमीशन के लालच में बैंक खाता देने वाला आरोपी गिरफ्तार’
रिश्तेदार बनकर 94 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस की कार्रवाई’
झज्जर, 26 अगस्त, अभीतक: पुलिस मुख्यालय डीसीपी दीप्ति गर्ग के दिशा-निर्देशन में कार्रवाई करते हुए थाना साइबर क्राइम झज्जर की पुलिस टीम ने रिश्तेदार बनकर साइबर फ्रॉड करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।मामले की जानकारी देते हुए थाना साइबर क्राइम झज्जर के निरीक्षक दर्शन सिंह ने बताया कि झज्जर निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत देते हुए बताया था कि 5 जून 2025 को उसके पास एक फोन कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को उसका रिश्तेदार बताते हुए कहा कि मेडिकल इमरजेंसी के कारण रिश्तेदार की हालत गंभीर है और उसे पैसों की सख्त जरूरत है। उसकी बातों पर विश्वास करते हुए शिकायतकर्ता ने फोन-पे के माध्यम से 94 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में पता चला कि उसके साथ साइबर धोखाधड़ी हुई है। जिस शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम झज्जर में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले में गहनता से कार्रवाई करने के लिए डीसीपी दीप्ति गर्ग द्वारा पुलिस टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे।निर्देशों की पालना करते हुए थाना साइबर क्राइम में तैनात मुख्य सिपाही विनोद कुमार की पुलिस टीम ने तकनीकी जांच एवं अन्य माध्यमों से कार्रवाई करते हुए मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपी की पहचान जतिन निवासी शास्त्री नगर, कानपुर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपना बैंक खाता 5 हजार रुपये कमीशन के बदले उपलब्ध करवाया था। पुलिस द्वारा आरोपी को अदालत झज्जर में पेश किया गया, जहां अदालत के आदेशानुसार उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

पुराने वाहन बदलकर सरकार की परिवर्तन योजना का लाभ उठाएं वाहन मालिक: डीसीपी शुभम सिंह’
झज्जर, 26 अगस्त, अभीतक: पुलिस उपायुक्त यातायात एवं अपराध झज्जर शुभम सिंह, भापुसे ने जानकारी देते हुए बताया कि पर्यावरण को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से झज्जर यातायात पुलिस द्वारा एनसीआर क्षेत्र में पुराने वाहनों के संबंध में लागू नियमों तथा सरकार की परिवर्तन योजना को लेकर वाहन मालिकों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने वाहन मालिकों से अपील की कि बीएस-3 एवं बीएस-4 व मानक से पहले के पुराने कमर्शियल वाहन, जो निर्धारित आयु सीमा एवं प्रदूषण मानकों के दायरे में आते हैं, उन्हें एनसीआर क्षेत्र में चलाने अथवा लेकर आने से बचें और सरकार की परिवर्तन योजना का लाभ उठाकर पुराने वाहन के स्थान पर नया एवं कम प्रदूषण वाला वाहन अपनाएं।डीसीपी शुभम सिंह ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार एनसीआर क्षेत्र में बीएस-3 एवं बीएस-4 व उससे पहले के मानकों वाले पुराने कमर्शियल वाहनों के संबंध में प्रतिबंध लागू हैं। ऐसे प्रतिबंधित वाहनों को एनसीआर क्षेत्र में चलाने या लेकर आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है तथा वाहन जब्त भी किया जा सकता है। उन्होंने वाहन मालिकों से अपने वाहन के निर्माण वर्ष, ईंधन एवं उत्सर्जन मानक की जानकारी अवश्य जांचने की अपील की।उन्होंने बताया कि पुराने ट्रक, बस एवं अन्य पात्र व्यावसायिक वाहनों को बदलने पर सरकार की परिवर्तन योजना के तहत वाहन मालिकों को विभिन्न आर्थिक लाभ मिल सकते हैं। निर्धारित शर्तों के अनुसार दस वर्ष तक मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत छूट, पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट, वाहन निर्माता द्वारा वाहन के मूल्य में 8 प्रतिशत तक अतिरिक्त छूट तथा 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान सहित अन्य लाभ मिल सकते हैं। इसके अतिरिक्त पात्र विद्युत वाहन लेने पर निर्धारित एकमुश्त प्रोत्साहन राशि का लाभ भी दिया जा सकता है।डीसीपी ने वाहन मालिकों से अपील की कि पुराने प्रतिबंधित वाहन को चलाकर परेशानी उठाने के बजाय समय रहते वाहन बदलना बेहतर विकल्प है। इससे उन्हें योजना का आर्थिक लाभ मिलेगा और वायु प्रदूषण कम करने में भी सहयोग मिलेगा।झज्जर यातायात पुलिस का संदेश है कि पुराने वाहन को मजबूरी नहीं, बदलाव को अवसर बनाएं। स्वच्छ वाहन अपनाएं, नियमों का पालन करें और स्वच्छ परिवहन, स्वच्छ पर्यावरण एवं स्वच्छ एनसीआर बनाने में अपना योगदान दें।






जिला स्तरीय एच.आई.वी., एड्स जागरूकता पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता संपन्न
झज्जर, 26 अगस्त, अभीतक: एडोलसेंस एजुकेशन प्रोग्राम के अंतर्गत विद्यार्थियों में एच.आई.वी.ध्एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने, सामाजिक वर्जनाओं एवं भ्रांतियों का निराकरण करने, प्रजनन स्वास्थ्य, आहार एवं पोषण, स्वच्छता एवं व्यक्तिगत हाइजीन के प्रति जागरूकता विकसित करने तथा एच.आई.वी., एड्स से जुड़े भेदभाव एवं सामाजिक कलंक को कम करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन पी.एम.श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, झज्जर में जिला शिक्षा अधिकारी रतिंदर सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न विद्यालयों से ब्लॉक स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का लक्षित समूह कक्षा 8वीं, 9वीं एवं 11वीं के विद्यार्थी रहे। जिला लीगल लिटरेसी कोऑर्डिनेटर एवं कार्यक्रम के नोडल अधिकारी कृष्ण वशिष्ठ ने बताया कि इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राची पुत्री श्री सत्यवान, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, डीघल, द्वितीय स्थान संध्या पुत्री श्री श्रीनिवास, राजकीय उच्च विद्यालय, मुंदसा तथा सिमांत पुत्र श्री अनिल कुमार, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ढाकला ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से डॉ. अतुल कुमार ने विद्यार्थियों को एच.आई.वी.ध्एड्स के संबंध में वैज्ञानिक एवं तथ्यपरक जानकारी प्रदान की। उन्होंने एच.आई.वी.ध्एड्स के संक्रमण के कारणों, बचाव के उपायों तथा इससे संबंधित महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर सही एवं प्रमाणिक जानकारी प्राप्त करने तथा भ्रांतियों से बचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से एच.आई.वी.ध्एड्स से जुड़ी भ्रांतियों एवं सामाजिक भेदभाव को दूर करने में जागरूक और संवेदनशील भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सही जानकारी, जागरूकता और सकारात्मक सोच के माध्यम से एच.आई.वी.ध्एड्स से जुड़े मिथकों एवं सामाजिक कलंक को कम किया जा सकता है। जिला लीगल लिटरेसी कोऑर्डिनेटर कृष्ण वशिष्ठ ने कहा कि ।म्च् के अंतर्गत आयोजित इस प्रकार की गतिविधियों का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता करवाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को एच.आई.वी.ध्एड्स, प्रजनन स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक बनाना तथा समाज में व्याप्त मिथकों, गलत धारणाओं एवं भेदभाव को दूर करने के लिए संवेदनशील बनाना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जागरूकता के प्रभावी संदेशवाहक बनकर अपने परिवार एवं समाज तक सही एवं प्रमाणिक जानकारी पहुंचा सकते हैं। जिला शिक्षा अधिकारी रतिंदर सिंह ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन पर सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों, निर्णायक मंडल, विद्यालय प्रबंधन तथा आयोजन से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास की महत्वपूर्ण अवस्था है। इस आयु वर्ग के विद्यार्थियों को एच.आई.वी.ध्एड्स, प्रजनन स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता तथा स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर वैज्ञानिक एवं प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध करवाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों में जागरूकता के साथ-साथ रचनात्मक अभिव्यक्ति, सामाजिक संवेदनशीलता एवं जिम्मेदार नागरिकता की भावना भी विकसित करती हैं। प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका जिला लीगल लिटरेसी कोऑर्डिनेटर कृष्ण वशिष्ठ, स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉ. अतुल कुमार एवं श्रीमती बबिता रानी पी जी टी फाइन आर्ट्स ने निभाई। कार्यक्रम के सफल आयोजन में पी.एम.श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, झज्जर के प्राचार्य रमेश कुमार का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। प्रमाण-पत्र वितरण के साथ प्रतियोगिता का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

रक्षाबंधन पर महिलाएं कर सकेंगी हरियाणा रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा
27 अगस्त दोपहर 12 बजे से 28 अगस्त मध्य रात्रि तक लागू रहेगी सुविधा
रेवाड़ी, 26 अगस्त, अभीतक: हरियाणा सरकार द्वारा हर साल की तरह इस साल भी रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रदेश की महिलाओं को विशेष सौगात देने का निर्णय लिया है। इस फैसले के तहत रक्षाबंधन के पावन अवसर पर सभी महिलाओं को हरियाणा राज्य परिवहन की साधारण बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की गई है। डीसी अभिषेक मीणा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यह निःशुल्क यात्रा की सुविधा 27 अगस्त को दोपहर 12 बजे से शुरू होगी जो 28 अगस्त की मध्यरात्रि 12 बजे तक लागू रहेगी। यात्रा के दौरान महिलाओं के साथ उनके 15 वर्ष तक आयु के बच्चे भी हरियाणा रोडवेज की साधारण बसों में बिना किराया दिए यात्रा का लाभ उठा सकेंगे। निःशुल्क यात्रा की सुविधा हरियाणा राज्य में स्थित किसी भी एक स्थान से दूसरे स्थान तक आने-जाने के लिए मान्य होगी। जिसमें दिल्ली और चंडीगढ़ तक की यात्राएं भी शामिल की गई है। सरकार की इस पहल से महिलाएं और उनके बच्चों को अपने परिवारजनों के साथ त्योहार मनाने के लिए आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी।



आज हरियाणा महिला आयोग की मेंबर सुनीता लोहचब रेवाड़ी में करेंगी दौरा
विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लेंगी जायजा
रेवाड़ी, 26 अगस्त, अभीतक: हरियाणा राज्य महिला आयोग की मेंबर सुनीता लोहचब वीरवार, 27 अगस्त को जिला रेवाड़ी का दौरा करेंगी। प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि मेंबर सुनीता लोहचब वीरवार, 27 अगस्त को 11 बजे राजकीय महाविद्यालय का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लेंगी। इसके अलावा मेंबर दोपहर 12 बजे नागरिक अस्पताल रेवाड़ी, दोपहर 2 बजे वृद्धाश्रम तथा दोपहर 3 बजे महिला थाना रेवाड़ी का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लेंगी।

सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं की जाएगी आयोजित- डीसी
ग्राम सभाओं के माध्यम से परिवार पहचान पत्र से संबंधित वेरिफिकेशन का कार्य होगा पूरा
रेवाड़ी, 26 अगस्त, अभीतक: डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि जिला की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। ग्राम सभाओं के माध्यम से परिवार पहचान पत्र से संबंधित विभिन्न प्रकार की वेरिफिकेशन का कार्य पंचायत स्तर पर किया जाएगा, ताकि पात्र परिवारों का सही डाटा अपडेट हो सके और कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। डीसी अभिषेक मीणा ने बुधवार को लघु सचिवालय सभागार में ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं के आयोजन एवं वेरिफिकेशन कार्य को लेकर दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर एडीसी राहुल मोदी भी मौजूद रहे। इससे पहले हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी डीसी और एडीसी सहित संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीसी ने बताया कि ग्राम सभाओं में फैमिली आईडी वेरिफिकेशन के तहत एएवाई (अंत्योदय अन्न योजना) परिवारों की वेरिफिकेशन, एक लाख 80 हजार रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों की आय वेरिफिकेशन, कच्ची छत की फिजिकल वेरिफिकेशन तथा परिवार पहचान पत्र में परिवार के सदस्यों के व्यवसाय की वेरिफिकेशन अलग-अलग रूप से की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह कार्य अति आवश्यक है। सभी वेरिफिकेशन एवं डाटा अपडेट करने का कार्य 2 अक्टूबर तक पूरा किया जाए। डीसी ने कहा कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं का आयोजन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुनिश्चित किया जाएगा। इस कार्य के लिए एडीसी को ओवरऑल इंचार्ज बनाया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतवार ग्राम सभाओं का शेड्यूल जल्द तैयार किया जाए और ग्राम सभाओं का आयोजन शुरू करवाया जाए। इस कार्य में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए, ताकि परिवार पहचान पत्र से जुड़े सभी आवश्यक वेरिफिकेशन कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जा सकें।


एसडीएम बावल संजीव कुमार ने औद्योगिक क्षेत्र का किया औचक निरीक्षण
कई औद्योगिक इकाइयों में मिली खामियां, संबंधित इकाइयों को नोटिस जारी करने के निर्देश
बावल, 26 अगस्त, अभीतक: एसडीएम बावल संजीव कुमार ने बुधवार को औद्योगिक क्षेत्र बावल में स्थित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अग्निशमन विभाग, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एचएसआईआईडीसी बावल तथा औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान कई औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जाना पाया गया। कुछ इकाइयों में ईटीपी तथा एपीसीएम बंद अवस्था में मिले, जबकि संबंधित रिकॉर्ड भी पूर्ण नहीं पाया गया। इसके अतिरिक्त कुछ औद्योगिक इकाइयों में अग्नि सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं में भी कमियां मिलीं। इनमें फायर एक्सटिंग्विशर, फायर हाइड्रेंट सिस्टम तथा इमरजेंसी एग्जिट की समुचित व्यवस्था का अभाव पाया गया। एसडीएम संजीव कुमार ने निरीक्षण के दौरान मिली खामियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन औद्योगिक इकाइयों में नियमों की अवहेलना या व्यवस्थाओं में कमियां पाई गई हैं, उन्हें नोटिस जारी कर निर्धारित समयावधि में सभी खामियों को दूर करवाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने औद्योगिक इकाइयों के संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण तथा अग्नि सुरक्षा से संबंधित सभी निर्धारित मानकों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। एसडीएम ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय में कमियां दूर नहीं करने अथवा भविष्य में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित इकाइयों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।




डीएलएसए रेवाड़ी ने पॉक्सो एक्ट पर जागरूकता शिविर किया आयोजित
रेवाड़ी, 26 अगस्त, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), रेवाड़ी की ओर से दिल्ली पब्लिक स्कूल रेवाड़ी में पॉक्सो जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. रेनू सोलखे ने की। डॉ. रेनू सोलखे ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को बच्चों के यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉस्को एक्ट) के विभिन्न प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बच्चों के अधिकारों, नशे से होने वाले दुष्प्रभावों तथा बच्चों की साइबर सुरक्षा के संबंध में भी जागरूक किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार अथवा शोषण को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। बच्चों को अपने साथ होने वाली किसी भी अनुचित घटना के बारे में अपने अभिभावकों, शिक्षकों या किसी विश्वसनीय व्यक्ति से खुलकर बात करनी चाहिए। उन्होंने बच्चों की सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी भी दी। इस अवसर पर डॉ. रेनू सोलखे ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को निःशुल्क कानूनी सहायता, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यों तथा बच्चों के अधिकारों के संरक्षण में विधिक सेवाओं की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने सभी से बाल शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

डीएलएसए सचिव ने वृद्धाश्रम का किया दौरा
रेवाड़ी, 26 अगस्त, अभीतक: हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण (एचएसएलएसए) के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, रेवाड़ी की सचिव एवं सीजेएम डॉ. रेनू सोलखे ने रेवाड़ी स्थित वृद्धाश्रम का दौरा किया। इस दौरान डॉ. रेनू सोलखे ने वृद्धाश्रम में रह रहे वरिष्ठ नागरिकों से बातचीत की तथा उनके स्वास्थ्य, कुशलक्षेम, भोजन, आवास एवं उन्हें उपलब्ध कराई जा रही अन्य मूलभूत सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं को भी ध्यानपूर्वक सुना और उनके समुचित समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डॉ. रेनू सोलखे ने वृद्धाश्रम के केयरटेकर को निर्देश दिए कि सभी वरिष्ठ नागरिकों की उचित देखभाल सुनिश्चित की जाए। साथ ही वृद्धाश्रम में स्वच्छता बनाए रखने तथा निवासियों को समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन सुनिश्चित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने वृद्धाश्रम प्रबंधन को निर्देशित किया कि यहां रहने वाले सभी बुजुर्गों को सम्मानजनक एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाया जाए।





रेवाड़ी मैराथन में अधिक से अधिक युवा कराएं पंजीकरण- डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया, मैराथन के जरिए नशा मुक्ति, स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति लोगों को किया जाएगा जागरूक
रेवाड़ी, 26 अगस्त, अभीतक: रेवाड़ी मैराथन-2026 के माध्यम से युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया जाएगा। जिला में 6 सितंबर को आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय हाफ मैराथन को लेकर पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू है। डीसी अभिषेक मीणा ने हरियाणा उदय के अंतर्गत नशामुक्त हरियाणा के उद्देश्य से रेवाड़ी में आयोजित की जा रही राज्य स्तरीय हाफ मैराथन में अधिक से अधिक लोगों को पंजीकरण करवाने का आह्वान किया है। डीसी अभिषेक मीणा ने जिलेवासियों, विशेषकर युवाओं का आह्वान किया कि वे बढ़-चढकर मैराथन में भाग लें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ-साथ समाज को नशे जैसी बुराई से दूर रहने का संदेश दें। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज को प्रभावित करता है। ऐसे में युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी मैराथन के जरिए नशा मुक्ति, स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। डीसी ने कहा कि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी से नशे के विरुद्ध जागरूकता का संदेश मजबूती से समाज तक पहुंचेगा। जिला प्रशासन द्वारा मैराथन को सफल बनाने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन में युवाओं के साथ-साथ विभिन्न आयु वर्ग के नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और सकारात्मक सोच ही मजबूत समाज की नींव है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। डीसी अभिषेक ने बताया कि रेवाड़ी मैराथन में भाग लेने के लिए प्रतिभागी अपना पंजीकरण जरूर करवाएं। उन्होंने बताया कि मैराथन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण किया जा सकता है। इसके लिए https://www.runagainstdrugsrwr.in/#/en/registration पर क्लिक करके अपना नाम, माता या पिता का नाम, आयु, राज्य, जिला और मोबाइल नंबर दर्ज कर पंजीकरण किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त क्यूआर कोड को स्कैन करके भी मैराथन के लिए आसानी से पंजीकरण किया जा सकते है।

लोक सेवा मंच की संवाद बैठक में उठी हर क्षेत्र में महिलाओं के 50 फीसदी आरक्षण की मांग
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, हाई कोर्ट्स व सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश भी क्रमवार ढंग से महिला-पुरुष नियुक्त किएं जाने चाहिएं: अशोक प्रधान लोक सेवा मंच
मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान के तहत लोक सेवा मंच के पदाधिकारियों ने किया महिलाओं से संवाद
आधी आबादी महिलाओं की, इसीलिए 50 फीसदी महिला आरक्षण उनका जायज हक
रेवाड़ी, 26 अगस्त, अभीतक: जनहित में जारी मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान के तहत राष्ट्रीय सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच के साथ संवाद करते हुए महिलाओं ने हर क्षेत्र में 50 फीसदी आरक्षण हिस्सेदारी तुरंत देने की जोरदार आवाज बुलंद की। इस सिलसिले में शहर के कोनसीवास रोड स्थित जेएमजी क्रासिंग के समीप आयोजित महिलाओं की विशाल बैठक में सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित करके केंद्र-राज्य सरकारों से कार्रवाई की पुरजोर मांग की गई। बैठक में आमंत्रित राष्ट्रीय प्रगतिशील विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच मुख्य वक्ता बनकर पहुंचे। कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा उद्यमी जगमोहन यदुवंशी ने की। इस अवसर पर महिलाओं ने कहा कि हर क्षेत्र में न्यूनतम 50 फीसदी हिस्सेदारी उनका जायज हक बनता है। उन्होंने कहा कि समाज-राष्ट्र की लगभग आधी आबादी महिलाओं की है ,इसलिए हर क्षेत्र में आधी यानि 50 फीसदी आरक्षित भागीदारी सरकार को जल्द से जल्द देनी चाहिए। इसके अतिरिक्त बेरोजगार महिलाओं को बस-ट्रेन-एरोप्लेन के किरायों में 50 फीसदी छूट व निःशुल्क मेडिकल सुविधा,शिक्षित महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 20 करोड़ तक का लॉन्ग टर्म लोन,डिलीवरी के समय निःशुल्क ऑन कॉल एंबुलेंस सुविधा की मांगें भी उठीं। बैठक में उपस्थित कोर कमेटी के सदस्य बीके राम सिंह, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, नंदलाल यादव, डॉ. सुरेश कुमार,दयाराम आर्य,विकास यादव सहित अनेक महिलाओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए उक्त मांगों के समर्थन में सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किये। मुख्य वक्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच ने कहा कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, सेना अध्यक्षों, हाईकोर्ट्स व सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आदि पदों पर भी क्रमवार ढंग से महिला-पुरुषों की नियुक्तियां होनीं चाहिएं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की न्यूनतम 50 फीसदी हिस्सेदारी की मांग आज सुनहरे सपने की तरह है,मगर मेहनत और संघर्ष से सपने भी सच होते हैं। महिलाओं का यह सपना भविष्य में जल्द सच होगा। जनसहयोग से लोक सेवा मंच इस मुद्दे की आवाज समाधान होने तक बुलंद करेगा। इस मसले पर राष्ट्रपति,लोकसभा अध्यक्ष, पीएम मोदीजी व प्रदेश के सीएम को पत्र लिखकर जन भावनाओं से अवगत कराया जाएगा। महिलाओं ने कहा कि उनकी 50 फीसदी आरक्षण की बात नया मुद्दा जरूर है,मगर इसमें न्याय और सबका हित है। इसलिए उन्हें पूरा विश्वास है कि लोक सेवा मंच के प्रयासों से यह सकारात्मक मुहिम जरुर सफल होगी। उन्होंने लोक सेवा मंच के मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान की खुलकर सराहना की, जो महिलाओं सहित व्यापक जनहित में इतने बड़े पैमाने पर पिछले करीब 8 माह से लगातार आवाज बुलंद कर रहा है। अपने अध्यक्षीय संबोधन में जगमोहन यदुवंशी ने कहा कि समाज में बिना किसी भेदभाव सबको बराबर मौके मिलने चाहिए। महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षित हक जरूर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंच के साथ जुड़कर वह इस जनहितकारी अभियान में पूर्ण सहयोग देंगे।



एसजीटीयू के विद्यार्थियों ने ऑल इंडिया रेडियो में सीखे प्रसारण के व्यावहारिक गुर
न्यूजरूम, डबिंग स्टूडियो, एफएम गोल्ड, एफएम रेनबो का भी अवलोकन किया
गुरुग्राम, 26 अगस्त, अभीतक: एसजीटी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ इमर्जिंग मीडिया, कम्युनिकेशन एंड फिल्म स्टडीज(एसएमसीएफ)
के विद्यार्थियों ने उद्योग भ्रमण एवं एक्सपेरिमेंटल लर्निंग के तहत नई दिल्ली स्थित ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर) का शैक्षणिक दौरा किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने रेडियो प्रसारण की कार्यप्रणाली को करीब से समझा और स्टूडियो से लेकर लाइव ब्रॉडकास्ट तक की पूरी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया। दौरे के दौरान विद्यार्थियों ने जाना कि एक रेडियो एंकर किस प्रकार लाइव कार्यक्रम प्रस्तुत करता है, लाइव सेशन किस तरह ऑन-एयर किया जाता है तथा डबिंग और रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया कैसे संचालित की जाती है। विद्यार्थियों ने न्यूजरूम, डबिंग स्टूडियो, एफएम गोल्ड और एफएम रेनबो सहित विभिन्न स्टूडियो और प्रसारण सुविधाओं का भी अवलोकन किया। विद्यार्थियों के लिए बापू स्टूडियो का भ्रमण विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस ऐतिहासिक स्टूडियो का महात्मा गांधी से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रसंग भी विद्यार्थियों के साथ साझा किया गया, जिससे उन्हें रेडियो के तकनीकी पक्ष के साथ-साथ उसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को समझने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने यह भी जाना कि रेडियो कार्यक्रमों की शेड्यूलिंग, प्रोडक्शन, रिकॉर्डिंग और ब्रॉडकास्टिंग किस प्रकार एक व्यवस्थित प्रक्रिया के तहत की जाती है। इस अनुभव ने कक्षा में पढ़ाए जाने वाले रेडियो प्रोडक्शन और ब्रॉडकास्टिंग के सिद्धांतों को वास्तविक कार्यप्रणाली से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एसएमसीएफ की ओर से कहा गया कि इस प्रकार के उद्योग भ्रमण विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर उन्हें वास्तविक मीडिया वातावरण, पेशेवर कार्यप्रणाली और उद्योग की अपेक्षाओं से परिचित कराते हैं। विद्यार्थियों ने भी इस अनुभव को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया।

इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चैधरी अभय सिंह चैटाला ने 27 सिंतबर को देवीलाल की जयंती पर नूंह में होने वाली सम्मान दिवस रैली के लिए महिला प्रदेश प्रभारी सुनैना चैटाला को सौंपी महत्वपूर्ण जिम्मेवारी
31 अगस्त से पूरे हरियाणा में हलकावार बैठक करने के लिए महिलाओं के बीच जाएंगी और उन्हें सम्मान दिवस रैली का निमंत्रण देंगी
चंडीगढ़, 26 अगस्त, अभीतक: इंडियन नेशनल लोकदल की महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश प्रभारी सुनैना चैटाला को इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चैधरी अभय सिंह चैटाला ने 27 सिंतबर को चैधरी देवीलाल की जयंती पर नूंह में होने वाली सम्मान दिवस रैली में महिलाओं की ज्यादा से ज्यादा भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेवारी सौंपी है। सुनैना चैटाला इनेलो की महिला प्रदेश अध्यक्ष तनुजा के साथ 31 अगस्त से पूरे हरियाणा में हलकावार बैठक करने के लिए महिलाओं के बीच जाएंगी और उन्हें सम्मान दिवस रैली का निमंत्रण देंगी। सुनैना चैटाला अपने हलकावार दौरे के दौरान गांवों में भी जाएंगी। पहले चरण में सुनैना चैटाला 31 अगस्त को हलका जुलाना और बरौदा, 1 सितंबर को हलका गोहाना और गन्नौर, 2 सितंबर को हलका राई और खरखौदा, 3 सितंबर को जिला यमुनानगर और अंबाला, 5 सितंबर को हलका सफीदों और जींद, 6 सितंबर को हलका उचाना और नरवाना एवं 7 सितंबर को हलका महम और किलोई कवर करेंगी। दूसरे चरण की बैठकों का शेड्यूल जल्दी जारी किया जाएगा।

सिविल सर्जन कार्यालय प्रांगण में एमपीएचई एसोसिएशन के पदाधिकारी हुई मीटिंग
झज्जर, 26 अगस्त, अभीतक: सिविल सर्जन कार्यालय के प्रांगण में एम पी एच ई एसोसिएशन के पदाधिकारी ओर सक्रिय सदस्यों की मीटिंग की गई। मीटिंग की अध्यक्षता जिला प्रधान प्रवीण ने और संचालन जिला सचिव आनन्द कुमार ने की। जिस्मे कर्मचारियों की समस्याओं के बारे में विचार विमर्श किया गया। मुख्य समस्याओं में महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं के आदेशानुसार वाशिंग अलाउंस का एरियर नहीं दिया है, कर्मचारियों को स्ज्ब् 2020-2024 ब्लॉक की नहीं मिली है,कर्मचारियों को टूर डायरी और बैग दिलवाया जाए, कर्मचारियों को एसीपी का एरियर नहीं दिया है मुख्य समस्या है। मीटिंग के बाद कर्मचारी जिला मलेरिया अधिकारी डॉक्टर कुलदीप सिंह से मिले। डॉक्टर कुलदीप सिंह ने कहा कि कर्मचारियों कि सभी मांग जायज है इन्हें जल्दी से जल्दी पूरा करने का आश्वासन दिया। मीटिंग में अशोक कुमार, सतीश, राजेश कुमार, सुखविंदर हेल्थ इंस्पेक्टर, श्रीमती लक्ष्मी देवी, जमालपुर प्रधान, डीघल प्रधान आनन्द कुमार, दुबलधन प्रधान वीरेंद्र सिंह, धीरज कुमार, सावन, कृष्ण, सतीश कुमार, रामपाल, राजकुमार सहित अनेको कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।

रक्षाबंधन 28 अगस्त को, अबकी बार रक्षाबंधन पर नहीं रहेगा भद्राकाल का साया: रामकिशन महाराज
अबकी बार रक्षाबंधन शुक्रवार, सुकर्मा योग में होने से रहेगा विशेष फलदाई: पं. रामकिशन महाराज
तोशाम, 26 अगस्त, अभीतक: भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का पर्व रक्षाबंधन हर वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है, जोकि अबकी बार 28 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन सभी बहनें राखी के रूप में अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधती हैं और भाई इसके बदले में बहनों को उनकी रक्षा करने का वचन देते हैं। रक्षाबंधन के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए तोशाम के दक्षिणमुखी संकटमोचन मेहंदीपुर बालाजी दरबार के महंत पंडित रामकिशन महाराज ने बताया कि इस बार रक्षाबंधन का पर्व बेहद खास रहने वाला है। 28 अगस्त को राहुकाल का समय छोड़कर पूरे दिन राखी बांधने के लिए शुभ समय रहेगा, क्योंकि अबकी बार रक्षाबंधन पर भद्राकाल का साया नहीं रहेगा। उनका कहना यह कि पूर्णिमा पर आमतौर पर भद्रा रहती है और भद्राकाल में कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है। पंडित रामकिशन महाराज ने बताया कि इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का कोई व्यवधान नहीं रहेगा, यानी बहनें राहुकाल का समय सुबह 10 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 22 मिनट के बीच का समय छोड़कर सुबह से शाम तक कभी भी अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी।
रक्षाबंधन के दिन बन रहा है दुर्लभ संयोग…
पंडित रामकिशन महाराज के अनुसार अबकी बार श्रावणी पूर्णिमा पर 28 अगस्त को शतभिषा नक्षत्र, सुकर्मा योग, बव उपरांत कौलव करण तथा मीन राशि के चंद्रमा की साक्षी में मनाया जाएगा। उनका कहना था कि धर्मशास्त्रीय मान्यता के अनुसार बहनें भाई की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और मंगलकामना के लिए उसकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधेंगी। शुक्रवार के दिन सुकर्मा योग होने से भी यह दिन विशेष शुभ फलदायी माना जा रहा है। इस रक्षाबंधन पर नहीं है भद्रा का साया, सुबह कुछ समय रहेगा राहुकाल…
पंडित रामकिशन महाराज ने बताया कि अबकी बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं है। उनका कहना था कि रक्षाबंधन पर अक्सर ऐसा होता है कि भद्रा का अशुभ साया भाई-बहन के इस पवित्र त्योहार में खलल डाल देता है और त्योहार का मजा किरकिरा हो जाता है। खुशी की बात यह है कि इस बार भद्रा नहीं है और भाई-बहन पूरे आनंद और प्रेम सौहार्द के साथ इस त्योहार को मनाएंगे। लेकिन सुबह कुछ समय राहुकाल अवश्य रहेगा। पंडित रामकिशन महाराज ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र में भद्राकाल और राहुकाल को अशुभ समय माना गया है। मान्यता है कि भद्रा और राहुकाल के दौरान कोई भी मांगलिक या शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। इस बार रक्षाबंधन के दिन भद्राकाल सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगा। इसलिए 28 अगस्त को दिनभर भद्रा का कोई अशुभ प्रभाव नहीं रहेगा, लेकिन, 28 अगस्त को सुबह 10 बजकर 46 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 22 मिनट तक राहुकाल रहेगा। यद्यपि पूर्णिमा तिथि सुबह 09 बजकर 48 मिनट पर ही समाप्त हो रही है, फिर भी यदि आप दिन में किसी समय राखी बांध रहे हैं तो इसे राहुकाल की अवधि में राखी बांधने से बचें।
एक दिन पहले खत्म हो जाएगा भद्राकाल
पंडित रामकिशन महाराज ने बताया कि इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का कोई व्यवधान नहीं रहेगा। पंचांग की गणना के अनुसार 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 9 मिनट से भद्रा शुरू होगी, जो रात 9 बजकर 25 मिनट तक रहेगी। जिससे 28 अगस्त को राहुकाल का समय छोड़कर रक्षाबंधन का पूरा दिन शुभ रहेगा। 28 अगस्त को पूर्णिमा तिथि प्रातः 9 बजकर 48 मिनट तक है। रक्षाबंधन पर्व पर भद्रा का साया नहीं होगा। पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह 09 बजकर 08 मिनट से शुरू हो जाएगी जोकि 28 अगस्त को सुबह 09 बजकर 48 मिनट तक रहेगी।
रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त
पंडित रामकिशन महाराज ने बताया कि रक्षाबंधन पर्व पर चर-लाभ-अमृत का चैघड़िया प्रातः 06 बजकर 08 मिनट से प्रातः 10 बजकर 53 मिनट तक रहेगा, वहीं शुभ का चैघड़िया दोपहर 12 बजकर 28 मिनट से दोपहर 02 बजकर 03 मिनट तक रहेगा। अपराह्न दोपहर 01 बजकर 44 मिनट से सांय 04 बजकर 16 मिनट तक रहेगा तथा चर का चैघड़िया सांय 05 बजकर 13 मिनट से सांय 06 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। अभिजित दोपहर 12 बजकर 04 मिनट से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक है। पंडित रामकिशन महाराज ने कहा कि अबकी बार शुभ योग में रक्षाबंधन रहेगा क्योंकि राखी के दिन पूर्णिमा तिथि और शुक्रवार दिन का उत्तम संयोग बन रहा है। जिससे इस दिन की महत्ता और बढ़ गयी है। उन्होंने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्रवार को सुख, सौहार्द और प्रेम का दिन माना जाता है। पूर्णिमा तिथि को चन्द्रमा की पूर्णता का प्रतीक माना गया है। रक्षाबंधन पर यह संयोग पारिवारिक संबंधों में स्नेह, संवाद और आत्मीयता बढ़ाएगा। इस दिन सूर्य सिंह राशि में, गुरु कर्क राशि में, शनि मीन राशि, राहु कुंभ में और केतु सिंह राशि में विद्यमान रहेंगे। गुरु की स्थिति को ज्ञान, संस्कार व पारिवारिक मार्गदर्शन का प्रतीक है।
राखी बांधने का सही तरीका
पंडित रामकिशन महाराज ने बताया कि राखी बंधवाते समय भाई का मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। बहनों को पूजा की थाली में चावल, रौली, राखी, दीपक आदि रखना चाहिए। इसके बाद बहन को भाई के अनामिका अंगुली से तिलक करना चाहिए। तिलक के बाद भाई के माथे पर अक्षत लगाएं। अक्षत अखंड शुभता को दर्शाते हैं। उसके बाद भाई की आरती उतारनी चाहिए और उसके जीवन की मंगल कामना करनी चाहिए। कुछ जगहों पर भाई की सिक्के से नजर उतारने की भी परंपरा है।
भिवानी के फूला देवी स्कूल में एक अध्यापक ने फांसी लगा कर की आत्महत्या। पुलिस पहुंची मौके पर।
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मानसून सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही सोमवार को 11 की बजाय 2 बजे शुरू किए जाने पर बीएसी में बनी सहमति – भूपेंद्र सिंह हुड्डा
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महिला ने शरीर पर लगी आग को अपने आप ही बुझाने का काम किया लेकिन आग मे घर का सामान जलकर राख हो गया
महिला कि शादी को 7 साल हो चूके है और 2 बच्चे है
महिला का पति प्राइवेट कंपनी मे नौकरी करता है और अकसर शराब का आदि है
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आग कि घटना को अल्जाम देने के बाद महिला का पति फरार है
महिला को जींद के सरकारी अस्पताल मे एडमिट करवाया गया जहाँ उनका इलाज चला हुआ है
महिला कि मांग शराबी पति पर कानूनी कारवाई हो
आईसीएटी ने 15-मीटर लंबी मल्टी-एक्सल स्लीपर बस के लिए पहला अनुपालन प्रमाण-पत्र जारी किया
यह प्रमाणन सिनाटी ऑटोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया
15 मीटर लंबी मल्टी-एक्सल स्लीपर बस के लिए अपना पहला अनुपालन प्रमाण-पत्र जारी किया गया
नई दिल्ली, 26 अगस्त, अभीतक: भारत के यात्री परिवहन क्षेत्र से संबंधित एक अहम घटनाक्रम में, इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (आईसीएटी) ने केन्द्रीय मोटर वाहन नियम (सीएमवीआर) के स्वीकार्य प्रावधानों के अनुरूप एआईएस-119 और एआईएस-153 के तहत 15-मीटर लंबी मल्टी-एक्सल स्लीपर बस के लिए अपना पहला अनुपालन प्रमाण-पत्र जारी किया है। यह प्रमाण-पत्र सिनाटी ऑटोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड को उसकी 15-मीटर लंबी मल्टी-एक्सल स्लीपर बस के लिए दिया गया है। यह उपलब्धि यात्री परिवहन श्रेणी में स्वीकार्य बस बॉडी की सबसे लंबी संरचना में से एक की जांच एवं प्रमाणन की दिशा में एक अहम पड़ाव है। आईसीएटी के निदेशक श्री सौरभ दलेला ने आईसीएटी के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सिनाटी ऑटोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री नरेश कुमार यादव को औपचारिक रूप से यह प्रमाण-पत्र सौंपा।
लंबी दूरी की यात्रा के लिए उन्नत संरचना
इस वाहन को लंबी दूरी तक यात्रियों को ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें संरचनात्मक मजबूती, आपातकालीन सुरक्षा, आग से सुरक्षा, यात्रियों की आवाजाही और यात्रा के दौरान आराम जैसी सुविधाओं पर खास ध्यान दिया गया है। इस बस में 42 बर्थ (पूरी तरह से स्लीपर वाले प्रकार के लिए) और 21 बर्थ ़ 42 सीटों (हाइब्रिड स्लीपर वाले प्रकार के लिए) की क्षमता है, जो लंबी दूरी की यात्रा के लिए एक समन्वित समाधान प्रदान करती है। इसे संबंधित ऑटोमोटिव मानकों और सीएमवीआर के तहत निर्धारित वाहन सुरक्षा, संरचनात्मक मजबूती, यात्रियों के बैठने की जगह और आराम से जुड़ी जरूरी शर्तों के आधार पर जांचा और प्रमाणित किया गया है।
यात्री वाहनों की सुरक्षा को मजबूत करना
एआईएस-119 और एआईएस-153 के तहत यह प्रमाणन, उन्नत यात्री वाहन संरचना का मूल्यांकन करने और निर्धारित विनियामक व तकनीकी जरूरतों को पूरा करने में निर्माताओं की मदद करने की आईसीएटी की क्षमता को दर्शाता है। इस अवसर पर बोलते हुए, आईसीएटी के निदेशक श्री सौरभ दलेला ने कहा “यह प्रमाणन आईसीएटी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और यह उन्नत यात्री वाहनों की जांच और प्रमाणन के मामले में हमारी तकनीकी क्षमताओं को दर्शाता है। यह यात्रियों की सुरक्षा, नियमों के अनुपालन और तकनीकी प्रगति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। आईसीएटी सुरक्षित, अधिक भरोसेमंद और तकनीकी रूप से उन्नत आवागमन संबंधी समाधान विकसित करने में भारतीय ऑटोमोटिव उद्योग का समर्थन करना जारी रखेगा।” सिनाटी ऑटोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री नरेश कुमार यादव ने इस प्रमाणन के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि यह उपलब्धि लंबी दूरी के यात्री परिवहन के लिए सुरक्षित, भरोसेमंद और आरामदायक समाधान विकसित करने की कंपनी की कोशिशों को और मजबूत करेगी। आईसीएटी भारतीय ऑटोमोटिव उद्योग को वाहनों की सुरक्षा, नियमों के अनुपालन और तकनीकी नवाचार को बेहतर बनाने में मदद करने हेतु जांच, प्रमाणन और अनुमोदन (होमोलोगेशन) संबंधी सेवाएं देना जारी रखे हुए है। यह प्रमाणन भारत में सुरक्षित, नियमों के अनुरूप और उन्नत यात्री परिवहन वाहनों के विकास में आईसीएटी के निरंतर योगदान की दिशा में एक और अहम कदम है।
न्यूज स्त्रोत: पीआईबी, दिल्ली
कपास किसानों के लिए हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला
सूक्ष्म पोषक तत्वों व एकीकृत कीट प्रबंधन पर मिलेगा अनुदान: कृषि मंत्री
चंडीगढ़, 26 अगस्त, अभीतक: हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने राज्य में कपास की पैदावार बढ़ाने और फसलों को कीटों से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से सूक्ष्म पोषक तत्वों एवं एकीकृत कीट प्रबंधन अपनाने पर किसानों को वित्तीय अनुदान प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस विशेष योजना के तहत राज्य के कपास उत्पादक किसान अधिकतम 4,000 रुपये तक का अनुदान प्राप्त कर सकते हैं। श्री राणा ने बताया कि किसानों को सूक्ष्म पोषक तत्वों और एकीकृत कीट प्रबंधन की कृषि सामग्री की खरीद पर 50 प्रतिशत अथवा 2,000 रुपये प्रति एकड़ (जो भी कम हो) के हिसाब से सब्सिडी दी जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा दो एकड़ निर्धारित की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों को कृषि सामग्री चै. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार की सिफारिशों के अनुसार ही अर्धसरकारी, सहकारी समितियों अथवा अधिकृत विक्रेताओं से खरीदनी होगी। इसके पश्चात अनुदान का लाभ उठाने के लिए किसानों को अपनी खरीद के बिलों को कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल ूूू.ंहतपींतलंदं.हवअ.पद पर अपलोड करना होगा। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने आगे बताया कि विभाग द्वारा बिल अपलोड करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। उन्होंने पात्र किसानों से समय रहते इस योजना का लाभ उठाने का आग्रह किया है तथा किसी भी प्रकार की सहायता या विस्तृत जानकारी के लिए किसान टोल-फ्री नंबर 1800-180-2117 या अपने संबंधित जिले के उप-कृषि निदेशक से संपर्क कर सकते हैं।
41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े पर हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की प्रदेशवासियों से भावुक अपील
कहा, नेत्रदान महादान, आगे आएं और किसी की जिंदगी रोशन करें
चंडीगढ़, 26 अगस्त, अभीतक: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने 8 सितंबर 2026 तक मनाए जा रहे 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के अवसर पर प्रदेशवासियों से नेत्रदान का संकल्प लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि ष्नेत्रदान महादानष् है और आपकी आंखें किसी दृष्टिहीन व्यक्ति के जीवन में नया उजाला ला सकती हैं। आरती सिंह राव ने बताया कि एक व्यक्ति द्वारा किया गया नेत्रदान दो दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन को रोशन कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यक्ति अपने जीवनकाल में आंखें दान करने की प्रतिज्ञा ले सकता है, जबकि मृत्यु के बाद 6 से 8 घंटे के भीतर नेत्रों को सुरक्षित निकाला जाता है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए नेत्रदाताओं या प्राप्तकर्ताओं से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। नेत्रदानी की मृत्यु के बाद परिजन तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र, जिला सिविल अस्पताल के नेत्रदान केंद्र, मेडिकल कॉलेज या आई बैंक से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, नागरिक हरियाणा में डायल 112 या राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1800-11-4770 पर भी संपर्क कर सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि समाज के हर वर्ग को आगे आकर इस पवित्र अभियान से जुड़ना चाहिए ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंदों को रोशनी मिल सके।
एमडीयू में विभिन्न पाठ्यक्रमों की रिक्त सीटों पर दाखिले के लिए काउंसलिंग 27 अगस्त को
चंडीगढ़, 26 अगस्त, अभीतक: महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) रोहतक ने बीपीएड, एमपीएड, एमएड, जूलॉजी और 4 वर्षीय बीबीए में रिक्त सीटों पर दाखिले के लिए शेड्यूल जारी किया है। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि बीपीएड की रिक्त सीटों पर दाखिले के लिए 27 अगस्त को सुबह 7 से 9 बजे तक फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट और 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक फिजिकल काउंसलिंग होगी। एमपीएड की रिक्त सीटों पर दाखिले के लिए 27 अगस्त को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक फिजिकल काउंसलिंग होगी। उन्होंने आगे बताया कि शिक्षा विभाग में एमएड की 6 रिक्त सीटों के लिए 27 को फाइनल फिजिकल काउंसलिंग होगी। इमसार के 4 वर्षीय बीबीए की रिक्त सीटों के लिए 27 अगस्त को फिजिकल काउंसलिंग होगी। जूलॉजी की रिक्त सीटों पर दाखिले के लिए 27 अगस्त को फिजिकल काउंसलिंग होगी।
करनाल में 3 नए उप-स्वास्थ्य केंद्र खुलेंगे
गुरुग्राम के दौलताबाद पीएचसी को सीएचसी में अपग्रेड करने की सीएम ने दी मंजूरी
चंडीगढ़, 26 अगस्त, अभीतक: हरियाणा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ तथा सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने करनाल जिले के तीन गांवों में नए उप-स्वास्थ्य केंद्र खोलने तथा गुरुग्राम जिले के दौलताबाद स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड करने के महत्वपूर्ण प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस निर्णय की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण अंचलों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने करनाल जिले के गाँव चांद समंद, खिराजपुर और नलवी कलां में एक-एक नया उप-स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की है। इन नए केंद्रों के खुलने से स्थानीय ग्रामीणों को अपने घर के समीप ही प्राथमिक चिकित्सा और बुनियादी स्वास्थ्य जांच की सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी। स्वास्थ्य मंत्री ने आगे बताया कि स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे का विस्तार करते हुए सरकार ने गुरुग्राम जिले के गांव दौलताबाद स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड करने की भी मंजूरी दे दी है। दौलताबाद पीएचसी के अपग्रेड होने से क्षेत्र के आसपास के दर्जनों गांवों के निवासियों को अब विशेषज्ञ डॉक्टरों, आधुनिक जांच सुविधाओं, बेहतर आपातकालीन सेवाओं तथा अधिक बिस्तरों की सुविधा मिल सकेगी, जिससे उन्हें बड़ी बीमारियों के प्राथमिक इलाज के लिए शहर के दूर-दराज अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश सरकार का यह निर्णय ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के ताने-बाने को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा। प्राथमिक और सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य ढांचे के मजबूत होने से जिला स्तरीय अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम होगा और आमजन को अपने ही इलाके में समय पर बेहतर इलाज उपलब्ध हो सकेगा।
हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा-2025 के अभ्यर्थियों को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए दिया दूसरा अवसर
30 व 31 अगस्त को होगी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन
भिवानी, 26 अगस्त, अभीतक: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंकर लाल धूपड़ एवं सचिव श्री दीपक बाबूलाल करवा, भा.प्र.से. ने आज यहाँ जारी प्रेस वक्तव्य मेें बताया कि हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा-2025 का आयोजन 04 व 05 जुलाई, 2026 को करवाया गया था। इस परीक्षा का परिणाम 22 अगस्त को घोषित किया जा चुका है। परीक्षा परिणाम घोषणा से पूर्व 10 अगस्त से 12 अगस्त, 2026 तक अभ्यर्थियों द्वारा विभिन्न जिलों में स्थापित वेरीफिकेशन केन्द्रों पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवाई गई थी। उन्होंने बताया कि बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया में अनुपस्थित रहे अभ्यर्थी अर्थात जिनका परीक्षा परिणाम त्स्ट ( त्मेनसज संजम कनम जव अमतपपिबंजपवद) दर्शाया गया है, ऐसे अभ्यर्थियों को 30 व 31 अगस्त, 2026 को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए दूसरा अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने आगे बताया कि बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए बोर्ड मुख्यालय, भिवानी पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन केन्द्र स्थापित किया गया है। अन्य राज्यों से संबंधित अभ्यर्थी भी अपनी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन बोर्ड मुख्यालय, भिवानी पर करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए अभ्यर्थियों द्वारा अपना फोटोयुक्त मूल पहचान पत्र तथा मूल प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) लेकर आना अनिवार्य होगा। ऐसे अभ्यर्थी जिनकी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण करवाई जानी शेष है, उन सभी अभ्यर्थियों को उनके द्वारा ऑनलाइन आवेदन करते समय उपलब्ध करवाए गए पंजीकृत मोबाइल नंबरध्ई-मेल पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया बारे संदेश भेजा जा रहा है। जो अभ्यर्थी इन तिथियों में यह प्रक्रिया पूर्ण नहीं करते हैं, उनका परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा।
जे.सी. बोस विश्वविद्यालय के कम्युनिटी कॉलेज में 2026-27 में अब तक 75 प्रतिशत से अधिक दाखिले
उच्च शिक्षा के साथ कौशल विकास को जोड़ने और ग्राम पंचायत छात्रवृत्ति योजना को लेकर कुलगुरु की पहल से कौशल शिक्षा को मिला बढ़ावा
फरीदाबाद, 26 अगस्त, अभीतक: जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के कम्युनिटी कॉलेज ऑफ स्किल डेवलपमेंट (सीसीएसडी) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में जारी प्रवेश प्रक्रिया के दौरान अब तक 75 प्रतिशत से अधिक दाखिले कर लिए है, जो विगत वर्षों की तुलना में कौशल शिक्षा के लिए युवाओं के बढ़ते रुझान को दर्शाता है। कॉलेज में विभिन्न पाठ्यक्रमों में कुल 500 से अधिक सीटें हैं और प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने तक लगभग 400 से अधिक विद्यार्थियों के के उम्मीद है। वर्ष 2013 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की कम्युनिटी कॉलेज योजना के तहत स्थापित कम्युनिटी कॉलेज वर्तमान में लगभग 10 रोजगारोन्मुखी व्यावसायिक एवं कौशल आधारित पाठ्यक्रम संचालित कर रहा है, जिनमें स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के बी. वॉक तथा डिप्लोमा पाठ्यक्रम शामिल हैं। यह हरियाणा के सबसे पुराने एवं सफल कम्युनिटी कॉलेजों में से एक है तथा इसके पाठ्यक्रमों को यूजीसी, एआईसीटीई और एनसीवीईटी से मान्यता प्राप्त है। विश्वविद्यालय की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी), कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रमाणपत्र (डिग्री) देने वाला निकाय के रूप में मान्यता प्राप्त करना है। इससे विश्वविद्यालय को शैक्षणिक डिग्रियों के साथ-साथ राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के अनुरूप व्यावसायिक योग्यताएं प्रदान करने में सक्षम बनाया गया है। कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने कहा कि कम्युनिटी कॉलेज में विद्यार्थियों की बढ़ती रुचि युवाओं की बदलती आकांक्षाओं और व्यावहारिक, कौशल आधारित तथा रोजगारपरक शिक्षा के प्रति उनके बढ़ते रुझान को दर्शाती है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य कौशल विकास को मुख्यधारा की उच्च शिक्षा के साथ प्रभावी रूप से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बदलते रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़े नए पाठ्यक्रमों के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कम्युनिटी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजीव गोयल ने कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवाओं में कौशल आधारित शिक्षा के प्रति बढ़ती रुचि का एक प्रमुख कारण विश्वविद्यालय की ग्राम पंचायत छात्रवृत्ति योजना है, जिसे कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार की पहल पर शुरू किया गया है। यह योजना ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल आधारित उच्च शिक्षा के द्वार खोलने तथा उन्हें बेहतर शैक्षणिक एवं रोजगार अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि उभरती प्रौद्योगिकियों और समकालीन उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप शुरू किए गए पाठ्यक्रम भी विद्यार्थियों को आकर्षित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार और कुलसचिव प्रो. अजय रँगा के नेतृत्व में कौशल विकास को निरंतर बढ़ावा दे रहा है। डीन इंस्टीट्यूशन प्रो. मुनीष वशिष्ठ के निरंतर सहयोग से कौशल आधारित शिक्षा को सुदृढ़ करने के विश्वविद्यालय के प्रयासों को और गति मिली है।
कपास किसानों के लिए हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला
सूक्ष्म पोषक तत्वों व एकीकृत कीट प्रबंधन पर मिलेगा अनुदान रू कृषि मंत्री
चंडीगढ़, 26 अगस्त, अभीतक: हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने राज्य में कपास की पैदावार बढ़ाने और फसलों को कीटों से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से सूक्ष्म पोषक तत्वों एवं एकीकृत कीट प्रबंधन अपनाने पर किसानों को वित्तीय अनुदान प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस विशेष योजना के तहत राज्य के कपास उत्पादक किसान अधिकतम 4,000 रुपये तक का अनुदान प्राप्त कर सकते हैं। श्री राणा ने बताया कि किसानों को सूक्ष्म पोषक तत्वों और एकीकृत कीट प्रबंधन की कृषि सामग्री की खरीद पर 50 प्रतिशत अथवा 2,000 रुपये प्रति एकड़ (जो भी कम हो) के हिसाब से सब्सिडी दी जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा दो एकड़ निर्धारित की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों को कृषि सामग्री चै. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार की सिफारिशों के अनुसार ही अर्धसरकारी, सहकारी समितियों अथवा अधिकृत विक्रेताओं से खरीदनी होगी। इसके पश्चात अनुदान का लाभ उठाने के लिए किसानों को अपनी खरीद के बिलों को कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल ूूू.ंहतपींतलंदं.हवअ.पद पर अपलोड करना होगा। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने आगे बताया कि विभाग द्वारा बिल अपलोड करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। उन्होंने पात्र किसानों से समय रहते इस योजना का लाभ उठाने का आग्रह किया है तथा किसी भी प्रकार की सहायता या विस्तृत जानकारी के लिए किसान टोल-फ्री नंबर 1800-180-2117 या अपने संबंधित जिले के उप-कृषि निदेशक से संपर्क कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य स्तरीय समारोह में कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेताओं और प्रतिभागियों को किया सम्मानित’
राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में 24 खिलाड़ियों को दिए 13 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपये के नकद पुरस्कार’
कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा के खिलाड़ियों ने फिर दिखाया दम, देश के 28 प्रतिशत से अधिक पदक जीते: मुख्यमंत्री’
देश की आबादी में हरियाणा की हिस्सेदारी महज 2 प्रतिशत, कॉमनवेल्थ के 11 पदक प्रदेश के खिलाड़ियों के नाम’
हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते 7 स्वर्ण सहित 11 पदक, बेटियों ने 6 पदक जीतकर बढ़ाया प्रदेश का गौरव’
हरियाणा की मिट्टी में केवल अन्न ही नहीं, चैंपियन भी पैदा होते हैं दृ नायब सिंह सैनी’
चंडीगढ़, 26 अगस्त, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को पंचकूला में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 के पदक विजेताओं एवं प्रतिभागियों के राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर 24 खिलाड़ियों को 13 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपये के नकद पुरस्कार दिए गए। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा, खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम, सांसद श्रीमती रेखा शर्मा, मेयर श्री श्यामलाल गुप्ता, खेल विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी. कुमार, खेल विभाग के निदेशक श्री पार्थ गुप्ता, , खिलाड़ी और उनके परिजन उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर गर्व जताते हुए कहा कि किसी खिलाड़ी की कहानी पदक से शुरू नहीं होती। उसकी कहानी उस मिट्टी से शुरू होती है, जहां उसने पहली बार दौड़ना सीखा, उस मैदान से जहां उसने पहली बार हार का सामना किया और उन सुबहों से, जब बाकी दुनिया सो रही होती है और वह अपने सपने के लिए पसीना बहा रहा होता है। उसके पीछे माता-पिता का विश्वास, गुरु का अनुशासन और हर हार के बाद फिर उठ खड़े होने का संकल्प होता है। पोडियम पर खड़ा खिलाड़ी कुछ क्षणों के लिए पूरी दुनिया को दिखाई देता है, लेकिन उस पोडियम तक पहुंचने का वर्षों का संघर्ष दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि ग्लासगो में हरियाणा के खिलाड़ियों ने अपने दमखम और प्रतिभा का डंका पूरी दुनिया में बजाया है। आज हर हरियाणवी का सीना गर्व से चैड़ा है और खिलाड़ियों की उपलब्धियों की खुशी पूरे हरियाणा में उत्सव बनकर छाई हुई है। हरियाणा की मिट्टी की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यहां खेतों में सिर्फ अन्न नहीं उगता, यहां चैंपियन भी पैदा होते हैं। उन्होंने कहा कि देश की कुल आबादी में हरियाणा की हिस्सेदारी महज 2 प्रतिशत है, लेकिन इन खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले 122 खिलाड़ियों में 24 खिलाड़ी हरियाणा के थे और इनमें से लगभग हर दूसरा खिलाड़ी पदक लेकर लौटा। हरियाणा के खिलाड़ियों ने कुल 11 पदक जीते, जिनमें 7 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल हैं। इस प्रकार देश की कुल पदक संख्या में हरियाणा के खिलाड़ियों का योगदान 28 प्रतिशत से अधिक रहा है। यह महज आंकड़ा नहीं है, बल्कि हरियाणा की खेल प्रतिभा, मेहनत और जुझारूपन की वह ताकत है, जिसने दुनिया के मंच पर एक बार फिर तिरंगे की शान बढ़ाई है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की पौने तीन करोड़ जनता तथा अपनी ओर से ग्लासगो में तिरंगा ऊंचा करने वाले हरियाणा के पदक विजेताओं और प्रत्येक प्रतिभागी खिलाड़ी का हृदय की गहराइयों से अभिनंदन किया। उन्होंने खिलाड़ियों के माता-पिता और प्रशिक्षकों को भी बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने कदम-कदम पर खिलाड़ियों का साथ दिया है। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प से देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। आज हम केवल पदकों का सम्मान नहीं कर रहे हैं, बल्कि उस तपस्या, संघर्ष और संकल्प का सम्मान कर रहे हैं, जिसने इन पदकों को जन्म दिया है। किसी खिलाड़ी के गले में आने वाला पदक केवल उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होता, उसमें उसके परिवार का त्याग, गुरु का मार्गदर्शन और पूरे प्रदेश की उम्मीदें भी शामिल होती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2028, 2032 और 2036 के ओलंपिक खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों के बलबूते भारत दुनिया की बड़ी खेल शक्ति के रूप में उभरेगा। आज ग्लासगो में खिलाड़ियों ने तिरंगा ऊंचा किया है और आने वाले वर्षों में वे ओलंपिक के पोडियम पर भी तिरंगा ऊंचा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चैथा स्थान प्राप्त किया। यह खिलाड़ियों की इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति समर्पण का परिणाम है। इस गौरवशाली अभियान में हरियाणा ने एक बार फिर अपनी अलग पहचान बनाई है।
हरियाणा की बेटियों ने जीते 6 पदक, इनमें 5 स्वर्ण’
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से प्रदेश की बेटियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों द्वारा जीते गए 11 पदकों में से 6 पदक बेटियों के हैं, जिनमें 5 स्वर्ण पदक शामिल हैं। मुक्केबाजी रिंग में भी हरियाणा के खिलाड़ियों का दबदबा रहा और भारत के 7 स्वर्ण पदकों में से 6 स्वर्ण हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते। उन्होंने कहा कि प्रीति पवार, जैस्मिन लम्बोरिया, साक्षी चैधरी, प्रिया घनघस, सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को पराजित करके स्वर्णिम इतिहास रचा है। पैरा-एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली बेटी शर्मिला का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सिद्ध किया है कि मन की शक्ति के सामने कोई बाधा टिक नहीं सकती। नीरज चोपड़ा ने भाला फेंक में रजत पदक अर्जित कर अपनी विश्वस्तरीय प्रतिभा को फिर से प्रमाणित किया। मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल ने रजत पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया और बेटी सीमा कालीरमन ने कांस्य पदक प्राप्त कर हरियाणा की पदक संख्या में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इन खिलाड़ियों ने अलग-अलग मैदानों में खेलते हुए एक ही तिरंगे को ऊंचा किया है।
केवल पदकों का नहीं, खिलाड़ियों की तपस्या, संघर्ष और संकल्प का भी सम्मान: मुख्यमंत्री’
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का सम्मान केवल पदक विजेताओं का नहीं है। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले हर प्रतिभागी खिलाड़ी का योगदान हमारे लिए समान रूप से गौरवपूर्ण है। खेल में पदक जीतना निश्चित रूप से बहुत बड़ी उपलब्धि है, लेकिन विश्व के श्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच देश की जर्सी पहनकर मैदान में उतरना भी अपने आप में एक असाधारण सम्मान है। उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी आज पदक लेकर लौटे हैं, वे हमारी उपलब्धि हैं और जो खिलाड़ी अनुभव लेकर लौटे हैं, वे हमारी अगली उपलब्धि की नींव हैं। आज का अनुभव कल का पदक बन सकता है। सरकार, खेल विभाग और पूरा हरियाणा खिलाड़ियों के साथ खड़ा है।
खिलाड़ी देश के लिए खेले तो उसे अपने भविष्य की चिंता न हो: मुख्यमंत्री’
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सोच स्पष्ट है कि खिलाड़ी जब देश के लिए खेले तो उसे यह चिंता नहीं होनी चाहिए कि खेल के बाद उसका भविष्य क्या होगा। इसलिए सरकार की नीतियां केवल पदक तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खिलाड़ी को सम्मान, सुरक्षा और अवसर देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए सरकारी सेवाओं के अवसर, खेल अकादमियां, खेल नर्सरियां, प्रशिक्षण सुविधाएं और आधुनिक खेल ढांचे का निरंतर विस्तार इसी सोच का प्रमाण हैं।
अब तक 260 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को दी सरकारी नौकरियां’
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी भर्ती नियमों के तहत अब तक 260 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को ग्रुप-ए, बी और सी की सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में खेल ग्रेडेशन नीति में संशोधन किया गया है। अब हरियाणा स्टेट गेम्स में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को भी खेल ग्रेडेशन का लाभ मिलेगा। इससे उन्हें सरकारी नौकरियों सहित अन्य अवसरों का भी लाभ मिलेगा।
पिछले लगभग 12 वर्षों में 17,544 खिलाड़ियों को 742 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार’
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज 24 खिलाड़ियों को 13 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपये के नकद पुरस्कार दिए गए हैं। यह केवल आज की घोषणा नहीं है। पिछले लगभग 12 वर्षों में प्रदेश के 17 हजार 544 खिलाड़ियों को 742 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि दी गई है।
उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए खिलाड़ियों को तैयारी हेतु अग्रिम राशि देने का भी प्रावधान किया गया है, ताकि पैसे की कमी के कारण किसी खिलाड़ी की ट्रेनिंग न रुके। सरकार ने अवार्ड विजेता खिलाड़ियों के मासिक मानदेय में भी बढ़ोतरी की है। अब खेल रत्न, द्रोणाचार्य, अर्जुन, ध्यानचंद तथा तेनजिंग नोर्गे अवार्ड विजेताओं को प्रतिमाह 20 हजार रुपये तथा भीम अवार्ड विजेताओं को प्रतिमाह 5 हजार रुपये का मानदेय दिया जा रहा है।
लक्ष्य केवल आज के चैंपियनों का सम्मान नहीं, कल के चैंपियन तैयार करना भी: मुख्यमंत्री’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आज के चैंपियनों का सम्मान करना नहीं, बल्कि कल के चैंपियन तैयार करना भी है। खिलाड़ी की यह यात्रा गांव की मिट्टी, स्कूल के मैदान और स्थानीय खेल नर्सरी से शुरू होती है। इसी सोच के साथ खेल प्रतिभाओं को तलाशने और तराशने के लिए प्रदेश में 2 हजार खेल नर्सरियां खोली गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिभा को अवसर के साथ आर्थिक सहारा भी चाहिए। इसलिए 8 से 14 वर्ष के खिलाड़ियों को 1500 रुपये तथा 15 से 19 वर्ष के आयु वर्ग के खिलाड़ियों को 2 हजार रुपये मासिक छात्रवृत्ति देने का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में 25 आवासीय खेल अकादमियां भी खोली गई हैं। इनमें हर खिलाड़ी को 500 रुपये प्रतिदिन की दर से डाइट मनी दी जा रही है।
खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर लगभग 1100 करोड़ रुपये खर्च, बजट बढ़कर 668.42 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभा को अवसर और आर्थिक सहारे के साथ विश्वस्तरीय सुविधाएं भी चाहिए। खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं देने के लिए मजबूत खेल बुनियादी ढांचा बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 12 वर्षों में लगभग 1100 करोड़ रुपये खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किए गए हैं। खेल विभाग का बजट बढ़ाकर 668 करोड़ 42 लाख रुपये किया गया है, जो वर्ष 2013-14 में केवल 163 करोड़ रुपये था।
चोट के बाद खिलाड़ी को वापसी का भरोसा देने के लिए स्थापित किया ‘ए-स्टार’ केंद्र’
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जब खिलाड़ी चोटिल होता है तो उसका करियर दांव पर लग जाता है। खिलाड़ियों के इसी दर्द को दूर करने और चोट के बाद उन्हें वापसी का भरोसा देने के लिए पंचकूला के ताऊ देवीलाल खेल परिसर में लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय स्तर का ‘ए-स्टार’ उन्नत वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित किया गया है। यह उत्तर भारत में अपनी तरह का पहला और सबसे आधुनिक केंद्र है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को बचपन से ही तराशने की नीति पर काम कर रही है और उनकी तैयारियों के लिए हर कदम पर सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने के लिए कृतसंकल्प है। सरकार का प्रयास है कि हरियाणा की मिट्टी से शुरू होने वाली किसी भी प्रतिभा की यात्रा संसाधनों की कमी के कारण बीच में न रुके और वह यात्रा दुनिया के पोडियम तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने भी अपनी मेहनत से साबित किया है कि वे ऐसे प्रोत्साहनों और सुविधाओं के हकदार हैं। खिलाड़ियों ने हर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के बाद प्रदेश को जश्न मनाने का अवसर दिया है। अब सरकार की जिम्मेदारी है कि उनकी अगली जीत की तैयारी में भी उनके साथ खड़ी रहे। कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 का यह उत्सव जैसा माहौल उसी विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
वर्ष 2030 के राष्ट्रमंडल खेल भारत की बढ़ती खेल शक्ति दिखाने का अवसर: मुख्यमंत्री’
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में देश के सामने एक और बड़ा अवसर है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से वर्ष 2030 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी भारत को मिली है। यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि दुनिया के सामने भारत की बढ़ती खेल शक्ति को दिखाने का अवसर है। श्री नायब सिंह सैनी ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2028, 2032 और 2036 के ओलंपिक खेलों में हरियाणा के खिलाड़ी भारत को दुनिया की बड़ी खेल शक्ति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। आज ग्लासगो में खिलाड़ियों ने तिरंगा ऊंचा किया है और आने वाले वर्षों में वे ओलंपिक के पोडियम पर भी तिरंगा ऊंचा करेंगे। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा कि आज उनके गले में जो पदक हैं, वे उनकी मंजिल नहीं, बल्कि अगली उड़ान की शुरुआत हैं। जिस मिट्टी से उन्होंने अपने सपने की पहली लकीर खींची थी, उसी मिट्टी से अब दुनिया के सबसे बड़े खेल मंचों तक अपनी पहचान लिखनी है। आज ग्लासगो में तिरंगा उनके हाथों से ऊंचा हुआ है और कल यही तिरंगा ओलंपिक के पोडियम पर और ऊंचा लहराए, यही हर हरियाणवी का सपना और हर भारतीय की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने खेल विभाग, सभी प्रशिक्षकों, माता-पिता और विशेष रूप से सभी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि थककर भी जो ठहरा नहीं, वही सफर की पहचान बना, गिरकर जिसने उठना सीखा, वही आज हिंदुस्तान बना। मंजिल मिली तो क्या हुआ, अब राह नई बनानी है। एक जीत मिली है आज, कल दुनिया जीतकर आनी है।
’खिलाड़ियों से रूबरू हुए मुख्यमंत्री, संघर्ष और सफलता की यात्रा को करीब से जाना’
सम्मान समारोह के उपरांत मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों के साथ विशेष रूप से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के बीच पहुंचकर आत्मीयता से उनसे बातचीत की और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की उनकी खेल यात्रा, कठिन परिश्रम, संघर्ष तथा इस दौरान सामने आई चुनौतियों के बारे में विस्तार से जाना। खिलाड़ियों ने भी मुख्यमंत्री के साथ अपने अनुभव और सफलता की कहानियां साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के बल पर उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स के मंच तक का सफर तय किया और देश के लिए पदक जीतने में सफलता हासिल की। संवाद के दौरान खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने खेल जीवन से जुड़े अनुभव साझा किए और प्रदेश में खिलाड़ियों को मिल रहे प्रोत्साहन एवं सहयोग के लिए मुख्यमंत्री तथा राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण, खेल सुविधाओं और अन्य आवश्यक सहयोग के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा खिलाड़ियों की हरसंभव सहायता सुनिश्चित की जा रही है। सरकार से मिले इस सहयोग और प्रोत्साहन ने उन्हें अपने खेल पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करने तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। इसी का परिणाम है कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश और प्रदेश का नाम रोशन किया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उन्हें आगे भी इसी समर्पण और जज्बे के साथ देश के लिए खेलते हुए नई उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें आगे बढ़ने के लिए आवश्यक सहयोग एवं सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।
हरियाणा की खेल नीति का पूरे देश में बज रहा डंका, दूसरे प्रदेश भी कर रहे अनुसरण: महिपाल ढांडा’
शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी एक ऐसे संवेदनशील व्यक्ति हैं, जिन्होंने इस प्रकार के अवसरों पर कभी राजनीति नहीं की, बल्कि राजनीति को सेवा का माध्यम बनाकर प्रदेश और देश के युवाओं को आगे बढ़ाने का काम किया है। युवाओं और खिलाड़ियों के लिए उनके दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं। इसी सोच का परिणाम है कि प्रदेश के बच्चों की प्रतिभा को बचपन से पहचानकर उन्हें उनकी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है और मुख्यमंत्री स्वयं इसकी व्यवस्था की चिंता करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हमेशा इस बात पर जोर देते हैं कि खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार की सुविधा या संसाधन की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्हें प्रदेश के युवाओं और उनके भविष्य की बहुत चिंता है। जब हरियाणा के खिलाड़ियों ने पदक जीते तो मुख्यमंत्री के चेहरे पर दिखाई दिया गर्व और खुशी इस बात का प्रमाण था कि वे खिलाड़ियों की उपलब्धियों को कितनी आत्मीयता से देखते हैं। श्री महिपाल ढांडा ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि हरियाणा की खेल नीति का आज पूरे देश में डंका बज रहा है और दूसरे प्रदेश भी हरियाणा की खेल नीति का अनुसरण करने लगे हैं। उन्होंने हरियाणा के खिलाड़ियों और उनके परिवारों का अभिनंदन एवं स्वागत किया तथा खिलाड़ियों की मेहनत, उत्साह और जोश की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने हम सभी के सामने यह संकल्प रखा है कि भारत की प्रत्येक प्रतिभा, चाहे वह किसी भी क्षेत्र में हो, अपना शत-प्रतिशत योगदान दे और वर्ष 2047 तक भारत को दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में शामिल करने में अपनी भूमिका निभाए। हरियाणा के खिलाड़ियों ने इस दिशा में मजबूती से कदम बढ़ाए हैं। शिक्षा मंत्री ने कार्यक्रम में आए छोटे बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि वे भी अपनी मेहनत और अनुशासन के बल पर भविष्य में देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी प्रदेश के बच्चों और युवाओं को कभी निराश नहीं होने देंगे और उन्हें आगे बढ़ने के लिए हरसंभव सहयोग एवं अवसर उपलब्ध करवाते रहेंगे।
प्रधानमंत्री ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बात की
प्रधानमंत्री ने बाढ़ में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की
नई दिल्ली, 26 अगस्त, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री श्री बालेन्द्र शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ के कारण हुई जानमाल की हानि पर संवेदना व्यक्त की। श्री मोदी ने कहा कि इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि भारत नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है और भारतीय दल बचाव तथा राहत कार्यों में नेपाली अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ के कारण हुई जानमाल की हानि पर संवेदना व्यक्त की। इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। भारत नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। हमारे दल बचाव और राहत प्रयासों में मिलकर निकटता से समन्वय कर रहे हैं।
न्यूज स्त्रोत: पीआईबी, दिल्ली
प्रधानमंत्री 27 अगस्त को खेलो इंडिया डायलॉग में युवाओं को संबोधित करेंगे
खेलो इंडिया डायलॉग एक ऐसा साझा मंच होगा, जहां खेल, युवा नेतृत्व, नागरिक कर्तव्य, स्वयंसेवा, फिटनेस और राष्ट्र निर्माण का एक साथ संगम देखने को मिलेगा
खेलो इंडिया डायलॉग के तहत युवा संवाद में पांच मुख्य थीमों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगारू खेल, ओलंपिक आकांक्षाएं, युवा नेतृत्व, विकसित भारत और नशामुक्त युवा
नई दिल्ली, 26 अगस्त, अभीतक: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 27 अगस्त को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से श्खेलो इंडिया डायलॉगश् को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को भारत की खेल यात्रा से जोड़ना, उनकी आकांक्षाओं को साझा करना और युवा-नेतृत्व वाले विकसित भारत के निर्माण के लिए उनके विचारों का योगदान प्राप्त करना है। राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के उत्सव के एक हिस्से के रूप में श्मेरा युवा भारतश् (डल् भारत) द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रत्येक जिले से दो-दो कॉलेजों के युवाओं की भागीदारी के साथ आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है, जिसमें युवाओं की आकांक्षाओं को राष्ट्रीय विकास के एजेंडे के केंद्र में रखते हुए एक फिट, अनुशासित और खेल-समर्पित राष्ट्र का निर्माण करना शामिल है। राष्ट्रव्यापी श्खेलो इंडिया डायलॉगश् खेल, युवा नेतृत्व, नागरिक जिम्मेदारी, स्वयंसेवा, फिटनेस और राष्ट्र निर्माण को एक साझा मंच पर एक साथ लाएगा। यह युवाओं को देश की खेल संबंधी आकांक्षाओं से सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा, साथ ही यह सुनिश्चित करेगा कि उनके विचार और दृष्टिकोण भारत के युवा व खेल इकोसिस्टम पर चल रही निरंतर चर्चा का हिस्सा बनें। राष्ट्रीय कार्यक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर संवाद आयोजित किए जाएंगे, जिनमें युवा प्रतिभागी, डल् भारत के स्वयंसेवक, स्थानीय खिलाड़ी और जन प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस पहल की एक प्रमुख विशेषता खेल में रुचि रखने वाले युवाओं और भारत के अग्रणी एथलीटों व पदक विजेताओं के बीच सीधा संवाद होगी। इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र श्युवा संवादश् होगा, जहां युवा प्रतिभागियों को अपने विचारों, दृष्टिकोणों और आकांक्षाओं को व्यक्त करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
यह संवाद पांच थीम पर आधारित होगा
बेहतर सुविधाओं, कोचिंग, खेल विज्ञान और समावेशी भागीदारी के माध्यम से भारत के खेल इकोसिस्टम में सुधार करना।
वैज्ञानिक तरीकों से प्रतिभा की पहचान, पारदर्शी चयन प्रक्रिया और एथलीटों के लंबे समय तक विकास के जरिए 2036 ओलंपिक के लिए नए खिलाड़ियों को तैयार करना।
गवर्नेंस प्लेटफॉर्म और मेरा युवा भारत के वॉलंटियरिंग अभियानों के जरिए नए युवा लीडर्स तैयार करना।
नागरिक कर्तव्य भाव, भविष्य के लिए उपयोगी कौशल और व्यवस्थित स्वयंसेवा के माध्यम से विकसित भारत के लिए युवाओं को सशक्त बनाना।
नशा मुक्त युवा अभियान को बढ़ावा देने के लिए खेल और साथियों के नेटवर्क का उपयोग किया जा रहा है, ताकि मादक पदार्थों के व्यसन के खिलाफ एक मजबूत लड़ाई लड़ी जा सके। इस पहल को 2 अगस्त 2026 को शुरू किए गए प्रधानमंत्री के 100-सप्ताह के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत आयोजित साप्ताहिक जन भागीदारी कार्यक्रमों से और अधिक बल मिल रहा है।
न्यूज स्त्रोत: पीआईबी, दिल्ली
सिडबी ने सिडबी-आरआरबी एमएसएमई को-लेंडिंग सुविधा के विस्तार पर क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) के प्रमुखों के एक सम्मेलन का आयोजन किया
डीएफएस सचिव ने सिडबी की विशेषज्ञता और आरआरबी की विस्तृत ग्रामीण पहुंच का लाभ उठाते हुए एमएसएमई लेंडिंग में तेजी लाने की आवश्यकता पर जोर दिया
सम्मेलन में भारत की अगली पीढ़ी के विनिर्माण इकोसिस्टम को सहयोग देने और एमएसएमई के बीच वित्तीय जागरूकता बढ़ाने में आरआरबी की भूमिका पर जोर दिया गया
नई दिल्ली, 26 अगस्त, अभीतक: भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) ने 25 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में सिडबी-आरआरबी एमएसएमई को-लेंडिंग सुविधा के विस्तार पर क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के प्रमुखों का एक सम्मेलन आयोजित किया। वित्तीय सेवाएं विभाग के सचिव श्री संजय लोहिया की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में सिडबी के मुख्य कार्यकारी निदेशक श्री मनोज मित्तल, डीएफएस, एसआईडीबीआई और नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारी और सभी 28 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के अध्यक्ष उपस्थित थे। सम्मेलन के दौरान, डीएफएस सचिव महोदय ने ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में एमएसएमई को क्रेडिट तक पहुंच को प्रोत्साहन देने के महत्व पर बल दिया। प्रस्तावित व्यवस्था सिडबी की ताकत को जोड़ती है, जो एमएसएमई की क्रेडिट जरूरतों को समझती है, और वहीं आरआरबी की देश के छोटे कस्बों और गांवों में व्यापक पहुंच है। आरआरबी एमएसएमई को लेंडिंग देने पर ध्यान केंद्रित करके अपने लोन पोर्टफोलियो में विविधता लाने के अपने लक्ष्य को भी प्राप्त कर सकेंगे, और नियम-आधारित अंडरराइटिंग से उन्हें अच्छी परिसंपत्ति गुणवत्ता बनाए रखने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। डीएफएस में अतिरिक्त सचिव ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए एमएसएमई क्लस्टर डेटा के महत्व पर बल दिया, जिससे बड़ी संख्या में एमएसएमई तक पहुंचने के लिए एक लक्षित दृष्टिकोण अपनाया जा सके। आरआरबी को देश को अगली पीढ़ी का विनिर्माण केंद्र बनाने में योगदान देना चाहिए और एमएसएमई के बीच वित्तीय जागरूकता फैलाने के लिए राज्य सरकारों की ओर से आयोजित रोजगार मेलों में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए। डीएफएस में संयुक्त सचिव महोदय ने सुझाव दिया कि आरआरबी इस को-लेंडिंग सुविधा के माध्यम से एमएसएमई को लेंडिंग प्रदान करने को शाखाओं के लिए एक महत्वपूर्ण लक्ष्य बनाएं। सिडबी के सीएमडी ने भी आरआरबी से इस व्यवस्था को सफल बनाने के लिए आगे आने का आग्रह किया। सिडबी की ओर से विकसित को-लेंडिंग मंच एक संपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो क्रेडिट प्रक्रिया को तेज और कागज से मुक्त बनाता है, जिसके चलते लोन की त्वरित स्वीकृति और वितरण होता है। आवेदन पोर्टल के माध्यम से सभी विवरण प्रदान करने के बाद, लोन आवेदकों को बहुत कम समय में उनके सैद्धांतिक मंजूरी की सूचना दी जाती है। डिजिटल दस्तावेजीकरण और वितरण प्रक्रिया यह भी सुनिश्चित करती है कि ग्राहकों को प्रक्रिया के किसी भी चरण में शाखाओं में जाने की जरूरत के बिना, लोन वितरण सीधे उनके खातों में प्राप्त हो। तीन आरआरबी में पायलट कार्यान्वयन से उत्साहजनक परिणामों के साथ, इस को-लेंडिंग कार्यक्रम का अधिक आरआरबी में विस्तार करने से उधारकर्ताओं, विशेष रूप से सूक्ष्म और लघु ऋण क्षेत्रों में, ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की क्रेडिट की जरूरतों को महत्वपूर्ण रूप से पूरा करने की उम्मीद है।
न्यूज स्त्रोत: पीआईबी, दिल्ली
लोकायन- 2026: भारतीय नौसेना का जहाज सुदर्शिनी तीन दिन की बंदरगाह यात्रा के बाद लिस्बन से रवाना
नई दिल्ली, 26 अगस्त, अभीतक: भारतीय नौसेना के पाल प्रशिक्षण जहाज आईएनएस सुदर्शिनी ने 25 अगस्त 2026 को पुर्तगाल के लिस्बन में तीन दिन की बंदरगाह यात्रा (पोर्ट कॉल) पूरी की, जो उसकी वर्तमान में जारी लोकायन 26 महासागरीय अभियान का हिस्सा थी। बंदरगाह यात्रा के दौरान, आईएनएस सुदर्शिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने पुर्तगाली नौसेना अकादमी के कमांडेंट रियर एडमिरल मिगुएल बेसा पचेको और पुर्तगाली नौसेना के डिप्टी फ्लीट कमांडर रियर एडमिरल जोआओ पाउलो सिल्वा परेरा से मुलाकात की। इन मुलाकातों से दोनों नौसेनाओं के बीच संस्थागत संबंधों और आपसी समझ को मजबूती मिली। पेशेवर गतिविधियों के हिस्से के रूप में, भारतीय नौसेना के समुद्री प्रशिक्षुओं ने पुर्तगाली नौसेना अकादमी (एस्कोला नवल) का दौरा किया, जहाँ उन्होंने अपने पुर्तगाली समकक्षों के साथ बातचीत की, ऐतिहासिक परिसर और प्रशिक्षण सुविधाओं का दौरा किया, और समुद्री कौशल तथा लंबी नाव का पाल प्रशिक्षण (श्टॉल-शिपश् सेल) पर अपने विचार साझा किए। बंदरगाह यात्रा के दौरान जहाज पर एक डेक रिसेप्शन भी आयोजित किया गया, जिसमें पुर्तगाल के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, राजनयिक कोर के सदस्य और भारतीय प्रवासी समुदाय के लोग शामिल हुए। आईएनएस सुदर्शिनी की पुर्तगाल के पोंटा डेलगाडा और लिस्बन बंदरगाहों की यात्रा, दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे समुद्री सहयोग और साझेदारी को रेखांकित करती है।
न्यूज स्त्रोत: पीआईबी, दिल्ली

