एच.डी. पब्लिक स्कूल, बिरोहड़ के संस्कार सभागार में एआई विषय पर सीबीएसई इन-हाउस प्रशिक्षण का आयोजन
झज्जर, 30 जून, अभीतक: एच.डी. पब्लिक स्कूल, बिरोहड़ के संस्कार सभागार में सीबीएसई के तत्वावधान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय पर इन-हाउस कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम का सफल आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अवधारणा, विद्यालयी शिक्षा में इसके प्रभावी उपयोग तथा भविष्य की शिक्षण आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाना था। कार्यक्रम में सीबीएसई रिसोर्स पर्सन अमित दहिया ने शिक्षकों को एआई के विभिन्न आयामों, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में इसके उपयोग, एआई आधारित डिजिटल टूल्स, नैतिक एवं जिम्मेदार एआई के प्रयोग तथा विद्यार्थियों में 21वीं सदी के कौशल विकसित करने के प्रभावी तरीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अनेक व्यावहारिक उदाहरणों और गतिविधियों के माध्यम से बताया कि किस प्रकार एआई शिक्षण को अधिक रोचक, रचनात्मक, व्यक्तिगत एवं प्रभावशाली बना सकता है। विद्यालय के निदेशक बलराज फौगाट ने कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का नई तकनीकों से अद्यतन रहना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है तथा ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। प्राचार्या नमिता दास ने कहा कि विद्यालय शिक्षकों के सतत व्यावसायिक विकास के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि एआई आधारित शिक्षण विद्यार्थियों की रचनात्मकता, तार्किक सोच एवं समस्या समाधान क्षमता को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने सीबीएसई तथा रिसोर्स पर्सन अमित दहिया का प्रशिक्षण के लिए आभार व्यक्त किया। उपप्राचार्य नवीन सनसनवाल ने प्रशिक्षण को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि शिक्षकों को एआई तकनीक का जिम्मेदारीपूर्वक एवं प्रभावी उपयोग सीखना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सके। कार्यक्रम के सफल समन्वय एवं संचालन में सीबीएसई कोऑर्डिनेटर एवं आईटी विभागाध्यक्ष मुकेश कुमार, स्कूल ट्रेनिंग आयोजक मन्दीप की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने प्रशिक्षण की समस्त तकनीकी एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का सफल संचालन किया। प्रशिक्षण के अंत में सभी शिक्षकों ने इसे अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया तथा एआई आधारित शिक्षण को कक्षा-कक्ष में प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प लिया। विद्यालय परिवार ने रिसोर्स पर्सन अमित दहिया का स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया तथा सभी प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को भविष्य की शिक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांवों में मंगलवार को विभिन्न बूथों पर गणना प्रपत्र से जुड़ी डिजिटाइजेशन प्रक्रिया का जायजा लेती डीसी वर्षा खांगवाल।

त्रुटी रहित मतदाता सूची लोकतंत्र की प्रमुख आधारशिला: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांवों का दौरा कर गणना प्रपत्रों के संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन कार्य का किया निरीक्षण
विभिन्न गांवों का दौरा कर बीएलओ से जानी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की प्रगति
आगामी 14 जुलाई तक चल रहे एसआईआर-2026 अभियान में तेजी लाने के दिए निर्देश
मतदाताओं से समय पर गणना प्रपत्र उपलब्ध कराने की अपील

बहादुरगढ़, 30 जून, अभीतक: डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने मंगलवार को उपमंडल के विभिन्न गांवों का दौरा कर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर-2026) अभियान के तहत चल रहे गणना प्रपत्र संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बीएलओ द्वारा मतदाताओं से एकत्रित किए जा रहे गणना प्रपत्रों तथा उनके डिजिटाइजेशन की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। एसडीएम अभिनव सिवाच ने उपमंडल में चल रहे एसआईआर गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। डीसी ने मंगलवार को गांव जसौरखेड़ी, आसौदा, जाखोदा व निलोठी आदि में निरीक्षण के दौरान विभिन्न बूथों पर सम्बंधित बीएलओ से गणना फार्म भरवाने और डिजिटाइजेशन को लेकर जरूरी निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि सभी अतिरिक्त ईआरओ व सुपरवाइजर के माध्यम से गणना फार्म के एकत्रीकरण और डिजिटाइजेशन की हर दो दो घण्टे में मोनिटरिंग करना सुनिश्चित करें। डीसी ने स्प्ष्ट किया कि शुद्ध और त्रुटी रहित मतदाता सूची लोकतंत्र की प्रमुख आधारशिला है। एसआईआर अभियान को लेकर मतदाताओं से गणना फार्म भरवाने और उन्हें एप पर अपलोड करने के लिए 14 जुलाई तक निर्धारित की गई है। इसके उपरांत मतदाता सूचियों का ड्राफ्ट प्रकाशन किया जाएगा।
प्रत्येक मतदाता तक पहुंच सुनिश्चित करते हुए प्राप्त करें गणना प्रपत्र’
डीसी ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र मतदाता तक पहुंच सुनिश्चित करते हुए गणना प्रपत्र समय पर प्राप्त किए जाएं। उन्होंने कहा कि एकत्रित सभी प्रपत्रों का बिना विलंब के डिजिटाइजेशन किया जाए ताकि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण निर्धारित समयावधि में सफलतापूर्वक पूरा हो सके। जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने कहा कि 14 जुलाई तक चलने वाले इस विशेष अभियान में किसी भी पात्र मतदाता का नाम छूटना नहीं चाहिए। उन्होंने पुनः अधिकारियों एवं सुपरवाइजर को नियमित मॉनिटरिंग करने तथा अभियान की दैनिक प्रगति पर नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों से भी अपील की कि वे बीएलओ को आवश्यक दस्तावेज एवं गणना प्रपत्र समय पर उपलब्ध कराएं और मतदाता सूची को त्रुटिरहित एवं अपडेट बनाने में जिला प्रशासन का सहयोग करें।

एचटेट को लेकर परीक्षा केंद्रों की 200 मीटर परिधि में बंद रहेंगी फोटो स्टेट की दुकानें
जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने आगामी 4 व 5 जुलाई को आयोजित होने वाली एचटेट परीक्षा को लेकर धारा 163 के अंतर्गत जारी किए आदेश

झज्जर, 30 जून, अभीतक: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा आगामी 4 व 5 जुलाई को आयोजित होने वाली हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट) के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं नकल रहित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा-163 के तहत आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश अनुसार एचटेट परीक्षा को लेकर जिला में कुल 14 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 11 केंद्र झज्जर तथा 3 केंद्र बहादुरगढ़ में स्थापित किए गए हैं। परीक्षा अवधि के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों की 200 मीटर की परिधि में स्थित फोटोस्टेट, फोटोकॉपी व प्रिंटिंग की दुकानें परीक्षा समय के दौरान बंद रहेंगी, ताकि किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और परीक्षा को पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वर्षा खांगवाल, जिलाधीश झज्जर।

केंद्र सरकार की सफर योजना का लाभ उठाएं ट्रक- बस मालिक: डीटीओ
जिला में पुराने ट्रकों-बसों को स्क्रैप कराने पर मिलेगी आर्थिक सहायता -डीटीओ
जिला परिवहन अधिकारी रविश हुड्डा ने दी योजना की जानकारी

झज्जर, 30 जून, अभीतक: जिला परिवहन अधिकारी रविश हुड्डा ने जिला के सभी ट्रक और बस मालिकों को केंद्र सरकार की सफर योजना का लाभ उठाने की अपील की है। यह योजना एनसीआर क्षेत्र में पंजीकृत बीएस-1, बीएस-2, बीएस-3 और बीएस-4 मानक के ट्रकों व बसों के लिए लागू की गई है। उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाकर आधुनिक, कम प्रदूषण वाले बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है। जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि योजना के तहत पुराने बीएस-6ध्ईवी वाहनों को स्क्रैप कराने पर मोटर वाहन (एमवी) कर में 100 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। वहीं प्रयुक्त (यूज्ड) बीएस-6ध्ईवी वाहन खरीदने पर 50 प्रतिशत मोटर वाहन कर में छूट और 100 प्रतिशत पंजीकरण शुल्क में छूट का लाभ मिलेगा। नए वाहन की खरीद पर वाहन निर्माता (ओईएम) द्वारा भी अधिकतम 8 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जाएगी।
डीजल और सीएनजी वाहनों की खरीद के लिए पांच वर्ष तक 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान
डीटीओ ने बताया कि योजना में वित्तीय सहायता का भी प्रावधान है। डीजल और सीएनजी वाहनों की खरीद के लिए पांच वर्ष तक 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान तथा इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए वाहन श्रेणी के अनुसार 64 हजार रुपये से लेकर 2.56 लाख रुपये तक की एकमुश्त सहायता दी जाएगी। योजना के तहत सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (सीओडी) की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। यदि कोई वाहन स्वामी अपना पुराना वाहन स्क्रैप कराना चाहता है, लेकिन तत्काल नया वाहन नहीं खरीदना चाहता, तो वह भविष्य में सीओडी के आधार पर योजना का लाभ ले सकता है।
गैर-एनसीएपी शहरों में बीएस-3 अथवा उससे पुराने वाहनो के बिक्री का विकल्प
जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि बीएस-3 अथवा उससे पुराने वाहनों को अनिवार्य रूप से पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (आरवीएसएफ) में ही स्क्रैप कराना होगा। बीएस-4 वाहनों को आरवीएसएफ में स्क्रैप कराने या एनसीआर से बाहर गैर-एनसीएपी शहरों में बेचने का विकल्प रहेगा। प्रतिस्थापन के लिए खरीदे जाने वाले नए या प्रयुक्त बीएस-6 अथवा इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण एनसीआर क्षेत्राधिकार में कराना अनिवार्य होगा। डीटीओ ने बताया कि योजना की अधिक जानकारी के लिए बीएस-1, बीएस-2, बीएस-3 और बीएस-4 मानक ट्रकों एवं बसों के मालिक किसी भी कार्य दिवस पर जिला परिवहन अधिकारी एवं सचिव, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण, झज्जर कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

झज्जर में ईवीएम वीवीपैट वेयरहाउस का निरीक्षण करती डीसी वर्षा खांगवाल।

ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस की सुरक्षा निर्वाचन प्रक्रिया का अहम हिस्सा: डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी और अग्निशमन उपकरणों का लिया जायजा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
डीसी ने झज्जर लघु सचिवालय परिसर स्थित ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस का किया त्रैमासिक निरीक्षण

झज्जर, 30 जून, अभीतक: डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने मंगलवार को जिला के ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई तथा अग्निशमन प्रबंधों का गहन निरीक्षण किया गया। डीसी ने कहा कि ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस की सुरक्षा निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में सभी संबंधित अधिकारी निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखें तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान डीसी वर्षा खांगवाल ने वेयर हाउस में स्थापित सीसीटीवी कैमरे की कार्यप्रणाली का जायजा लिया तथा सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने वेयरहाउस में उपलब्ध अग्निशमन यंत्रों की स्थिति और उनकी वैधता की जांच करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी उपकरण समय-समय पर अपडेट किए जाएं तथा उनकी नियमित जांच सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में उनका प्रभावी ढंग से उपयोग किया जा सके। डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वेयरहाउस परिसर में नियमित रूप से साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए, सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों को आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए तथा सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। इस अवसर पर निर्वाचन उप तहसीलदार कुलदीप सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

झज्जर लघु सचिवालय सभागार में मंगलवार को अधिकारियों की बैठक में एचटेट परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करती डीसी वर्षा खांगवाल।

एचटेट परीक्षा 04 व 05 जुलाई को
व्यवस्थित ढंग से एचटेट कराने के लिए प्रशासन सजग : डीसी
डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों की बैठक में परीक्षा तैयारियों की लेकर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
झज्जर जिला में बने 14 परीक्षा केंद्रों पर 8649 परीक्षार्थी देंगे परीक्षा

झज्जर, 30 जून, अभीतक: आगामी 04 व 05 जुलाई को आयोजित होने वाली हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट) को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। डीसी वर्षा खांगवाल ने मंगलवार को एचटेट के आयोजन को लेकर लघु सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित बैठक में परीक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीईओ रतिंद्र सिंह व निपुण जिला कोऑर्डिनेटर डॉ सुदर्शन पूनिया ने परीक्षा को लेकर किये गए प्रबंधों बारे डीसी को विस्तृत जानकारी दी।
एचटेट को लेकर झज्जर में 11 और बहादुरगढ़ में 3 परीक्षा केंद्र
डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि जिला में एचटेट परीक्षा के लिए कुल 14 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 11 केंद्र झज्जर तथा 3 केंद्र बहादुरगढ़ में स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर 8649 परीक्षार्थियों के परीक्षा में शामिल होने की संभावना है। दो दिन में होने वाली तीनों लेवल की परीक्षाओं को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा।
परीक्षाओं के मद्देजनर बोर्ड के सभी दिशा-निर्देशों की गंभीरता से हो पालना
बैठक में डीसी ने शिक्षा विभाग सहित सभी केंद्र अधीक्षकों को निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, पेयजल, बिजली, बैठने की व्यवस्था, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन तथा अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं समय रहते सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि बोर्ड के सभी दिशा-निर्देशों की पूरी गंभीरता से पालना की जाए ताकि परीक्षा निर्बाध रूप से आयोजित हो।
यह रहेगा एचटेट का शेड्यूल
डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि 04 जुलाई को सायं कालीन सत्र में लेवल-3 की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5ः30 बजे तक आयोजित होगी। वहीं 05 जुलाई को प्रातःकालीन सत्र में लेवल-2 की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12ः30 बजे तक तथा सायं कालीन सत्र में लेवल-1 की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5ः30 बजे तक आयोजित की जाएगी। इन केंद्रों पर एचटेट लेवल 3 परीक्षा में 2480, लेवल 2 परीक्षा में 4352 और लेवल-1 परीक्षा में 1817 परीक्षार्थी भाग लेंगे। डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों पर समय से पूर्व तैयारियां पूरी कर ली जाएं तथा परीक्षा के दौरान कानून व्यवस्था और सुचारू यातायात बनाए रखने के लिए समुचित प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।
यह रहे मौजूद
इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, एसडीएम झज्जर रवि मीणा, नगराधीश रितु, एसीपी अनिरुद्ध चैहान,रोडवेज महाप्रबंधक अनित यादव के अलावा शिक्षा विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

मां भीमेश्वरी मंदिर को श्राइन बोर्ड के अधीन लाने के बाद वहां कार्यरत कर्मचारियों के सामने खडा हुआ वेतन का संकट
झज्जर, 30 जून, अभीतक: बेरी स्थित प्रसिद्ध मां भीमेश्वरी मंदिर को श्राइन बोर्ड के अधीन लाने के बाद अब वहां कार्यरत कर्मचारियों के सामने वेतन संकट खड़ा हो गया है। मंदिर के 22 कर्मचारियों को पिछले करीब छह माह से वेतन नहीं मिला है। आर्थिक संकट से जूझ रहे कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर लंबित वेतन जारी कराने की मांग उठाई। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को जल्द समाधान का आश्वासन दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि मंदिर प्रशासन व्यवस्था बदलने के बाद से उनकी नियमित आय प्रभावित हुई है और अब परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। मंदिर कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर बताया कि मंदिर पहले ट्रस्ट के अधीन संचालित होता था, लेकिन 3 दिसंबर से इसे श्राइन बोर्ड के अधीन कर दिया गया। इसके बाद से प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव तो हुआ, लेकिन कर्मचारियों के वेतन भुगतान का मामला लंबित रह गया। प्रतिनिधिमंडल में विकास पुरी, राजेश शर्मा, प्रदीप वत्स, रजत कुमार, मनोज कुमार, मुन्नीलाल, सुल्तान सिंह और कमल कुमार शामिल रहे। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि कई महीनों से नहीं मिलने से घर चलाना मुश्किल हो रहा है और स्मे रिप्लाई खर्च पूरे करना चुनौती बन गया है। बेरी मंदिर में पुजारी, सफाई कर्मचारी, सिक्योरिटी गार्ड, सभी का वेतन नहीं मिला है। मंदिर कर्मचारियों का कहना है इससे पहले झज्जर उपायुक्त, बेरी एसडीएम, बेरी तहसीलदार से वेतन के लिए लिखित में अपनी समस्या रख चुके हैं। कर्मचारी अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर अपनी बात रखी है

पंजाब में आया बदलाव का दौर : धनखड़
जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरी आम आदमी पार्टी की मान सरकार
पंजाब की जनता का मन अब मोदी जी के साथ
भाजपा राष्ट्रीय सचिव औम प्रकाश धनखड़ ने बहादुरगढ़ में पत्रकारों को किया संबोधित

बहादुरगढ़, 30 जून, अभीतक: पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार जनता जनार्दन की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरी है। इसलिए पंजाब में बदलाव का दौर आ गया है। पंजाब की जनता मोदी जी के साथ चलने का मन बना चुकी है। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़ ने बहादुरगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि वे पिछले कई दिनों से पंजाब के दौरे कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें ष्पंजाब में एक दिन भी सत्ता में नहीं रहना चाहिए।ष् उन पर आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब में भगवंत सरकार जनहित के मुद्दों पर पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में गुरुओं की बेअदबी का मामला बेहद संवेदनशील और ज्वलंत विषय है, जिस पर राज्य सरकार लोगों की भावनाओं के अनुरूप कार्रवाई करने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता बदलाव चाहती है और भाजपा को एक मजबूत विकल्प के रूप में देख रही है।
धनखड़ ने कहा कि पंजाब की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जता रही है और भाजपा के साथ आने के लिए तैयार है। क्योंकि आम आदमी पार्टी की सरकार लोगों की अपेक्षाओं पर नही उतरी खरी।
झज्जर की सभी सीटों पर खिलेगा कमल बोले धनखड़
इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़ बहादुरगढ़ में भाजपा की नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता के सम्मान में आयोजित स्वागत समारोह में उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि झज्जर की जनता सभी सीटों पर कमल खिलाएगी। कार्यकर्ता संगठन को मजबूत बनाने के लिए निरन्तर मेहनत कर रहे हैं। धनखड़ ने कहा कि हरियाणा भाजपा के इतिहास में डॉ अर्चना गुप्ता दूसरी महिला प्रदेशाध्यक्ष हैं और यह महिलाओं को नेतृत्व में आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इसे नारी सशक्तिकरण और ष्नारी वंदनष् की भावना को मजबूत करने वाला निर्णय बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में पार्टी नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ेगी। इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
शनिवार को बहादुरगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़।

आरएसएस जम्मू कश्मीर प्रांत के हीरागनर में संघ शिक्षा वर्ग का समापन
15 दिन चले वर्ग में 100 से अधिक शिक्षार्थियों ने लिया भाग
नशा और राष्ट्रीय चुनौतियों पर समाज को मिलकर काम करने की आवश्यकता : जतिन
भारत हर दृष्टि से सर्वांगिण उन्नति करते हुए आगे बढ रहा : जतिन

हीरानगर, 30 जून, अभीतक: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के जम्मू कश्मीर प्रान्त द्वारा पिछले 15 दिन से चल रहे संघ शिक्षा वर्ग (सामान्य) के समापन समारोह का आयोजन रविवार (28 जून) को जिला कठुआ के हीरानगर स्थित सॅंाई इंटरनेशनल स्कूल में किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर क्षेत्रीय प्रचारक श्रीमान जतिन जी मुख्य वक्ता तथा पवित्र समाधि स्थल, सोहांजना, जम्मू से पूज्य श्री गंगाधर शास्त्री जी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक श्रीमान जतिन जी ने समाज एवं स्वयंसेवकों से अपने जीवन में पंच परिवर्तन अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पंच परिवर्तन के अंतर्गत हम सब अपने दैनिक जीवन में सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, नागरिक कर्तव्य पालन एवं स्वदेशी को अपनाएं। 100 वर्षों की संघ यात्रा की चर्चा करते हुए श्री जतिन जी ने कहा कि पूजनीय डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी, जिन्हें हम सभी पूजनीय डॉक्टर साहब भी कहते है, भारतवर्ष की तत्कालीन परिस्थितियों का गहन आकलन करने के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि हिन्दू समाज का संगठन किए बिना काम नहीं चलेगा। इसलिए उन्होंने 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। आज समाज में संघ को जानने की उत्सुकता की चर्चा करते हुआ मुख्य वक्ता जतिन जी ने समाज से आह्वान किया कि वह संघ को बाहर से नहीं संघ के अंदर आ कर संघ को जाने। उन्होंने कहा कि आज विश्व एक अंधेर गली से गुजर रहा है ऐसे में आज पूरा विश्व भारत की तरफ देख रहा है। सदियों से सम्पूर्ण सृष्टि के लिए भारत का मंत्र रहा है – सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे संतु निरामय। श्री जतिन जी ने कहा कि नशा और राष्ट्रीय चुनौतियों पर हम सबको मिलकर काम करना है। संत शक्ति, सज्जन शक्ति और संगठन शक्ति इन संबने मिलकर काम करना है। जो समाज और राष्ट्र तेज गति से आगे बढ़ रहा है, इस गति को कायम रखने के लिए हमे पूरे समाज को एकत्र होना होगा और मिलकर चलना होगा। भारत विश्व में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। अन्य देशों में तो अनेक प्रकार की सभ्यताएं दुरुस्त हो रही है लेकिन हमारा देश और संस्कृति देव निर्मित है, राष्ट्र निर्मित है। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में तेज गति से बनने वाली अर्थव्यवस्था भारत हो गया है। भारत हर दृष्टि से सर्वांगिण उन्नति करते हुए आगे बढ रहा है। इस निरंतरता को आगे बनाए रखने के लिए समाज को एकजुट होकर काम करने की भी आवश्यकता है। कार्यक्रम को मुख्य अतिथि पूज्य गंगाधर शास्त्री जी महाराज ने भी संबोधित किया। उन्हांेने संघ के स्वयंसेवकों के राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण और अनुशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज देश और समाज ऐसे निस्वार्थ भाव से काम करने वाले संगठनों की वजह से खड़ा है। यहीं कारण है कि आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने गठन के 100 वर्ष का सफर भी पूरा किया है। उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवक किसी भी आपात स्थिति में समाज की सेवा के लिए तत्पर रहते हैं, यह सराहनीय है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जम्मू कश्मीर प्रान्त के संघचालक डॉ. गौतम मैंगी जी एवं इस संघ शिक्षा वर्ग के सर्वाधिकारी श्री कुलदीप कुमार जी की भी उपस्थिति रही। 15 दिन तक चले इस वर्ग में शिक्षार्थियों को विभिन्न प्रकार के औपचारिक प्रशिक्षण दिए गए। शारीरिक रूप से सुदृढ़ बनाने हेतु प्रतिदिन सुबह शाम शारीरिक प्रशिक्षण हुआ। मानसिक एवं वैचारिक स्पष्टता हेतु बौद्धिक प्रशिक्षण दिया गया। यहां कार्यकर्ताओं ने सामूहिक जीवन का प्रशिक्षण प्राप्त किया अर्थात सबके साथ समरस होकर सबको सहयोग करते हुए निश्चित व्यवस्था अनुसार अपने सभी काम पूर्ण करना। शिक्षार्थियों को पंच परिवर्तन के प्रशिक्षण के साथ ही उनमें संवेदनशीलता एवं सेवाभाव को और विकसित करने का प्रशिक्षण भी दिया गया।

नित्य सुदर्शन क्रिया का अभ्यास नकारात्मक प्रवृत्तियों को खत्म करती है – ब्रहमप्रकाश भारद्वाज
रेवाडी, 30 जून, अभीतक: आरपीएस इंटरनेशनल स्कूल, बीएमजी सिटी, रेवाड़ी में आर्ट ऑफ लिविंग हैप्पीनेस प्रोग्राम में भाग ले चुके प्रतिभागियों एवं विद्यालय के शिक्षकों के लिए एक विशेष फॉलो-अप सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का उद्देश्य प्रतिभागियों को नियमित योग, प्राणायाम, सुदर्शन क्रिया एवं ध्यान के अभ्यास के लिए प्रेरित करना तथा उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का शुभारंभ आर्ट ऑफ लिविंग की प्रशिक्षिका उर्मिला भारद्वाज ने कराया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को योग, प्राणायाम एवं सुदर्शन क्रिया का अभ्यास करवाया और नियमित साधना के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग के वरिष्ठ संकाय सदस्य ब्रहम प्रकाश भारद्वाज ने कहा कि मनुष्य की पुरानी आदतें, नकारात्मक सोच और व्यवहार के पैटर्न आसानी से नहीं बदलते। वर्षों से बनी ये आदतें व्यक्ति के जीवन को तनावपूर्ण, भावनात्मक रूप से कमजोर तथा संघर्षपूर्ण बना देती हैं। उन्होंने बताया कि सुदर्शन क्रिया, ध्यान एवं नियमित आध्यात्मिक साधना के माध्यम से व्यक्ति धीरे-धीरे अपनी नकारात्मक प्रवृत्तियों से मुक्त होकर अधिक प्रसन्न, संतुलित, सार्थक एवं समाजोपयोगी जीवन जी सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की जिम्मेदारी समाज में अत्यंत महत्वपूर्ण है। जहाँ माता-पिता अपने घर में दो-तीन बच्चों का पालन-पोषण करते हैं, वहीं एक शिक्षक अपने पूरे कार्यकाल में हजारों विद्यार्थियों के जीवन को दिशा देता है। इसलिए आवश्यक है कि शिक्षक का मन शांत, स्थिर एवं प्रसन्न रहे तथा वह सकारात्मक सोच, समर्पण और संवेदनशीलता के साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में योगदान दे। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा भी मिलनी चाहिए, जिससे वे बिना तनाव और दबाव के खुशी-खुशी सीख सकें, आत्मविश्वासी बनें तथा अच्छे इंसान के रूप में विकसित हों। यह लक्ष्य आध्यात्मिक अभ्यास, ध्यान और सुदर्शन क्रिया जैसी विधियों के माध्यम से सहज रूप से प्राप्त किया जा सकता है। इसलिए विद्यालयों की जिम्मेदारी है कि वे विद्यार्थियों को शैक्षणिक शिक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिक एवं जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा भी प्रदान करें। आज के प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन का निरंतर दबाव रहता है। ऐसे समय में योग, ध्यान और सुदर्शन क्रिया जैसी आध्यात्मिक साधनाएँ मानसिक तनाव को कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और बेहतर प्रदर्शन करने में अत्यंत सहायक सिद्ध होती हैं। विद्यालय की प्रबंधन समिति एवं प्राचार्या प्रीती लाम्बा ने बताया कि आरपीएस इंटरनेशनल स्कूल में पिछले कई वर्षों से आर्ट ऑफ लिविंग के सहयोग से इस प्रकार के सत्र नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इन कार्यक्रमों के कारण विद्यालय का वातावरण अधिक सकारात्मक बना है। शिक्षक प्रसन्नचित्त एवं उत्साह के साथ कार्य करते हैं, जिसका सकारात्मक प्रभाव विद्यार्थियों के व्यवहार, व्यक्तित्व एवं शैक्षणिक परिणामों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने सभी विद्यालयों से आग्रह किया कि वे भी इस प्रकार के योग, ध्यान एवं जीवन-कौशल आधारित कार्यक्रमों को नियमित रूप से अपने संस्थानों में आयोजित करें, ताकि मिलकर एक स्वस्थ, खुशहाल, संवेदनशील, जिम्मेदार और संस्कारवान समाज का निर्माण किया जा सके। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्या प्रीती लाम्बा ने आर्ट ऑफ लिविंग की पूरी टीम का विद्यालय के साथ निरंतर सहयोग एवं ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।

रेवाड़ी में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चैहान एवं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की उपस्थिति में खेत बचाओ अभियान का राष्ट्रीय समापन समारोह आयोजित
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान तथा मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा एफ.पी.ओ. मिशन-2026 का किया शुभारंभ
विकसित कृषि और समृद्ध किसान के बिना विकसित भारत का सपना साकार नहीं हो सकतारू श्री शिवराज सिंह चैहान
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा, हरियाणा ने दिखाई पूरे देश को राह, किसान हितैषी नीतियों से बना कृषि विकास का मॉडल
हरियाणा देश की खाद्य सुरक्षा की मजबूत आधारशिला: श्री नायब सिंह सैनी
हरियाणा एफ.पी.ओ. मिशन-2026 से सशक्त होंगे किसान, बढ़ेगी आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति रू मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण ही भविष्य की समृद्ध कृषि की नींव
केंद्रीय मंत्री तथा मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित

रेवाड़ी, 30 जून, अभीतक: देशभर में किसानों को टिकाऊ एवं लाभकारी खेती के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा चलाए गए खेत बचाओ अभियान का मंगलवार को जिला रेवाड़ी के बावल में भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने की। इस अवसर पर हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डॉ. मांगीलाल जाट की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में चैधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कुलपति प्रोफेसर बलदेव राज कंबोज ने सभी अतिथियों का समारोह में पहुंचने पर स्वागत किया और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। रेवाड़ी जिला के बावल स्थित कृषि महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान तथा मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने संयुक्त रूप से कृषि के नवीनतम नवाचारों पर आधारित कृषि औद्योगिक प्रदर्शनी तथा हरियाणा एफ.पी.ओ. मिशन-2026 का शुभारंभ भी किया। कार्यक्रम में मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, आधुनिक कृषि तकनीकों के विस्तार तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए जनभागीदारी आधारित प्रयासों को और अधिक गति देने का संकल्प दोहराया गया।
उन्नत कृषि और समृद्ध किसान के बिना विकसित भारत का सपना साकार नहीं हो सकता – श्री शिवराज सिंह चैहान’
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चैहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है, लेकिन विकसित भारत का निर्माण उन्नत कृषि और समृद्ध किसान के बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान हैं और किसानों की समृद्धि ही भारत की समृद्धि का आधार है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कृषि को लाभकारी, आधुनिक और टिकाऊ बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि वैज्ञानिक खेती, आधुनिक तकनीकों और किसानों की सक्रिय भागीदारी से भारत विश्व की अग्रणी कृषि शक्ति के रूप में और अधिक मजबूत होगा।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा, हरियाणा ने दिखाई पूरे देश को राह, किसान हितैषी नीतियों से बना कृषि विकास का मॉडल’
श्री शिवराज सिंह चैहान ने हरियाणा सरकार और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को बधाई देते हुए कहा कि हरियाणा ने कृषि क्षेत्र में पूरे देश के सामने एक प्रेरणादायी मॉडल प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश 24 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) उपलब्ध कराने वाला अग्रणी राज्य है। इसके साथ ही भावांतर भरपाई योजना, मेरी फसल-मेरा ब्यौरा, मेरा पानी-मेरी विरासत जैसी योजनाओं ने किसानों की आय बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि देश के अनेक राज्यों को हरियाणा की इन पहलों से सीख लेने की आवश्यकता है। कृषि मंत्री ने कहा कि हरियाणा केवल देश के अन्न भंडार को भरने वाला अग्रणी राज्य ही नहीं, बल्कि कृषि क्रांति का मजबूत केंद्र भी है। कभी भारत को विदेशों से खाद्यान्न आयात करना पड़ता था, लेकिन आज हरियाणा जैसे राज्यों के किसानों की मेहनत के कारण देश खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के किसान देश के 140 करोड़ नागरिकों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यही नहीं, प्रदेश के युवा सीमाओं पर देश की रक्षा करने और खेलों में भारत का गौरव बढ़ाने में भी अग्रणी हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा वास्तव में खेती, सैनिक परंपरा और खेल प्रतिभाकृतीनों क्षेत्रों में पूरे देश के लिए प्रेरणा का केंद्र है।
संतुलित खाद का उपयोग कर बचाएं मिट्टी की सेहत- यही खेत बचाओ अभियान का मूल उद्देश्य -श्री शिवराज सिंह चैहान
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने किसानों से आह्वान किया कि वे आवश्यकता के अनुसार ही संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि यूरिया और डीएपी जैसे रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से मिट्टी की उर्वरता लगातार प्रभावित हो रही है, पोषक तत्वों का संतुलन बिगड़ रहा है और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने किसानों से मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का उपयोग करने, प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि धरती हमारी माता है और इसकी उर्वरता को सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि खेत बचाओ अभियान आज समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि अब यह जन-जन का अभियान बनकर खेतों तक पहुंचेगा और आने वाली पीढियों के लिए उपजाऊ भूमि तथा समृद्ध कृषि की नींव मजबूत करेगा।
हरियाणा देश की खाद्य सुरक्षा की मजबूत आधारशिला – श्री नायब सिंह सैनी’
समारोह को संबोधित करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भौगोलिक दृष्टि से देश के कुल क्षेत्रफल का मात्र 1.3 प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद हरियाणा कृषि क्षेत्र में अपनी अद्वितीय पहचान बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश के केंद्रीय खाद्यान्न भंडार में दूसरा सबसे बड़ा योगदान देने वाला राज्य है, जो प्रदेश के किसानों की मेहनत, समर्पण और कृषि के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा देश की खाद्य सुरक्षा की मजबूत आधारशिला है। प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि भूमि की उर्वरता बनाए रखने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि हरियाणा भविष्य में भी देश की अन्न शक्ति के रूप में अपनी अग्रणी भूमिका निभाता रहे।
हरियाणा एफ.पी.ओ. मिशन-2026 से सशक्त होंगे किसान, बढ़ेगी आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति – मुख्यमंत्री’
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में आज से हरियाणा एफ.पी.ओ. मिशन-2026 का शुभारंभ किया जा रहा है, जो छोटे एवं सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हरियाणा में कृषि, बागवानी और डेयरी क्षेत्रों से जुड़े लगभग 775 किसान उत्पादक संगठन (एफ.पी.ओ.) सक्रिय हैं। नए मिशन के माध्यम से इन संगठनों को और अधिक मजबूत बनाते हुए कृषि आधारित सामूहिक उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा। आधुनिक आपूर्ति श्रृंखला, मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण एवं बेहतर विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराकर किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाया जाएगा। इससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा हरियाणा की कृषि मूल्य श्रृंखला को नई मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण ही भविष्य की समृद्ध कृषि की नींव’
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है और जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम की अनिश्चितता भी बढ़ रही है। ऐसे में हरियाणा सरकार ने कृषि विकास का नया मंत्र दिया है। उत्पादन भी बढ़े और प्राकृतिक संसाधन भी बचें। उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि ऐसी कृषि पद्धतियां अपनाई जाएं, जो वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ आने वाली पीढियों के लिए स्वस्थ धरती और पर्याप्त जल संसाधन भी सुरक्षित रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य, फसल विविधिकरण और जलवायु अनुकूल कृषि को अपनी कृषि नीति का मूल आधार बनाया है। रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित उपयोग पर रोक लगाने के लिए हर खेत स्वस्थ खेत और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे मिट्टी की जांच करवाकर वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करें।
हरियाणा में खेत बचाओ अभियान को मिलेगी नई गति- श्री श्याम सिंह राणा’
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए खेत बचाओ अभियान को प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक माह का कार्यक्रम नहीं, बल्कि किसानों को टिकाऊ एवं वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित करने का जन आंदोलन है। हरियाणा सरकार कृषि वैज्ञानिकों, कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्रों तथा किसान उत्पादक संगठनों के सहयोग से इस अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाकर किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, जल बचत और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के प्रति जागरूक करेगी। श्री राणा ने किसानों से आह्वान किया कि वे मिट्टी की जांच करवाकर वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करें तथा आवश्यकता से अधिक रासायनिक खाद के उपयोग से बचें। उन्होंने कहा कि संतुलित खाद का उपयोग न केवल मिट्टी की उर्वरता और फसल की गुणवत्ता बढ़ाता है, बल्कि उत्पादन लागत कम करने, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढियों के लिए कृषि भूमि को सुरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि हरियाणा के किसान इस अभियान को जनभागीदारी का आंदोलन बनाकर हरियाणा को टिकाऊ और समृद्ध कृषि का अग्रणी राज्य बनाएंगे।
खेत बचाओ अभियान का समापन नहीं, बल्कि किसानों तक नवाचार पहुंचाने की नई शुरुआत- डॉ. मांगीलाल जाट’
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डॉ. मांगीलाल जाट ने कहा कि 1 जून से 30 जून तक चले खेत बचाओ अभियान का समापन वास्तव में नई शुरुआत है। पिछले एक महीने के दौरान किसानों के साथ साझा किए गए वैज्ञानिक नवाचारों और आधुनिक कृषि तकनीकों को अब खेतों में लागू करने का समय आ गया है। डॉ. जाट ने कहा कि भारत सरकार और आईसीएआर द्वारा जिला स्तर पर फसलों की आवश्यकता के अनुरूप उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग संबंधी योजनाएं तैयार कर राज्य सरकारों को उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरकों का उपयोग करें तथा प्राकृतिक एवं स्थानीय संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाएं। उन्होंने हरियाणा की कृषि को वर्ष 2047 तक नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्य करने का संकल्प भी दोहराया।
प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले छह प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। इनमें महेंद्रगढ़ के कर्ण सिंह को प्राकृतिक खेती, रेवाड़ी के वेद प्रकाश को प्राकृतिक खेती एवं बागवानी, महेंद्रगढ़ की बनारसी देवी को श्रीअन्न उत्पादन एवं मूल्य संवर्धन, रेवाड़ी के सुनील कुमार (विक्की यादव) को प्राकृतिक खेती उत्पादों के विपणन, रेवाड़ी के राज कुमार को मधुमक्खी पालन तथा झज्जर के संदीप कुमार को प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजेंद्र कुमार, महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय करनाल के कुलपति डॉ. एसके मल्होत्रा, लुवास के कुलपति डॉ विनोद वर्मा, बागवानी विभाग के निदेशक अर्जुन सिंह सैनी, डीसी अभिषेक मीणा, पुलिस अधीक्षक हेमेन्द्र मीणा, भाजपा जिला अध्यक्ष डा. वंदना पोपली, पूर्व मंत्री डॉ. बनवारी लाल, कृषि महाविद्यालय बावल के प्रिंसिपल डॉ नरेश कौशिक, परिवार पहचान पत्र के स्टेट कोऑर्डिनेटर डा. सतीश खोला, भाजपा नेता वीर कुमार यादव, महामंत्री हिमांशु पालीवाल, भाजपा जिला महामंत्री कुलदीप चैहान, प्रीतम चैहान, हुकमचंद यादव, रामपाल यादव व एसडीएम संजीव कुमार आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बावल में 125 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की दी सौगात
रेवाड़ी, 30 जून, अभीतक: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चैहान के साथ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बावल हलका जिला रेवाड़ी के लिए करीब सवा सौ करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उनके साथ हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, भाजपा जिला अध्यक्ष डा. वंदना पोपली, पूर्व मंत्री डा. बनवारी लाल भी मौजूद रहे। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चैहान व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के बावल स्थित महाविद्यालय परिसर में खेत बचाओ अभियान के समापन समारोह के दौरान बावल हलका की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इनमें 19 करोड़ 75 लाख रुपए की लागत से बनाए गए राजकीय कन्या महाविद्यालय, बावल, 20 करोड़ 29 लाख रुपए की लागत से बने नगरपालिका बावल के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तथा पार्किंग स्थल और तीन करोड़ 33 लाख रुपए की लागत से बने पुलिस थाना रामपुरा के भवन का उद्घाटन किया गया। इसी प्रकार आईएमटी बावल के फेज-3 में 31 करोड़ 26 लाख रुपए की लागत से बनने वाले सीसी रोड, माजरा एम्स के लिए 28 करोड़ 78 लाख रुपए की लागत से बनने वाले जल घर, 6 करोड़ 60 लाख रूपए से गांव रणसी माजरी में स्थापित होने वाले 33 केवी सब स्टेशन तथा गांव बिदावास में 8 करोड़ 19 लाख रुपए की लागत से बनने वाले 33 केवी सब स्टेशन की आधारशिला रखी गई। विकास परियोजनाओं की श्रृंखला में गांव बिशनपुर गुज्जर माजरी, गुज्जरों की ढाणी से पीलियों वाली ढाणी तक 49 लाख रुपए की लागत से बनने वाले लिंक रोड, 4 करोड़ 58 लाख रुपए की लागत से गांव बखापुर में बनने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 55 लाख रुपए की लागत से गांव मनेठी तथा 55 लाख रुपए की लागत से गांव भालखी माजरा के सब हेल्थ सेंटर की आधारशिला रखी गई।

जिले में पल्स पोलियो अभियान सफलतापूर्वक संपन्न, 1.16 लाख से अधिक बच्चों को पिलाई गई पोलियो रोधी दवा: डॉ मंजू कादयान’
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने घर-घर जाकर भी बच्चों को पिलाई पोलियो की खुराक’

झज्जर, 30 जून, अभीतक: जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान स्वास्थ्य विभाग द्वारा सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। अभियान के तहत जिले में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई गई। सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादयान ने बताया कि जिले में पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरी तैयारियों के साथ कार्य किया गया। अभियान के दौरान बूथों, ट्रांजिट प्वाइंट और मोबाइल टीमों के माध्यम से बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला प्रतिरक्षण अधिकारी उप सिविल सर्जन डॉ. बसंत दूबे ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कुल 1,26,104 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा 1,16,032 बच्चों को पोलियो की खुराक पिला दी गई, जो लक्ष्य का 92.01 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने बूथों के साथ-साथ घर-घर जाकर भी बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। इसके अलावा ईंट-भट्टों, निर्माण स्थलों, दूर-दराज क्षेत्रों तथा अन्य स्थानों पर जाकर मोबाइल टीमों द्वारा बच्चों को कवर किया गया। उन्होंने बताया कि ’अभियान की निगरानी एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य कार्यालय द्वारा नियुक्त यूएनडीपी कार्यक्रम अधिकारी फरजाना ने झज्जर जिले का दौरा कर अभियान की मॉनिटरिंग की। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में जाकर पोलियो अभियान के तहत चल रही गतिविधियों, बूथ व्यवस्था एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया।’ डॉ. बसंत दूबे ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह सुनिश्चित किया गया कि जिले में कोई भी 0 से 5 वर्ष तक का बच्चा पोलियो रोधी दवा से वंचित न रहे। अभियान के तहत सभी क्षेत्रों में बच्चों को पोलियो की खुराक उपलब्ध करवाई गई। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी कारणवश कोई बच्चा अभी भी पोलियो की खुराक लेने से रह गया है तो वे अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर बच्चे को पोलियो की दवा अवश्य पिलवाएं। उन्होंने बताया कि अभियान की सफलता में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सभी सहयोगी टीमों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

बिहार के बहुचर्चित भरत तिवारी मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की जोरदार मांग
लोक सेवा मंच ने जनहित में बिहार के मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को लिखे पत्र

रेवाड़ी, 30 जून, अभीतक: बिहार के बहुचर्चित भरत तिवारी कथित एनकाउंटर केस की जनहित में उच्च स्तरीय न्यायिक जांच को लेकर राष्ट्रीय सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच ने बिहार के मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को पत्र लिखे हैं। राष्ट्रीय प्रगतिशील विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच ने कहा कि पुलिस का काम लोगों की रक्षा करना है। लोकतंत्र में न्यायालय की बगैर अनुमति-आदेश के किसी नागरिक को मौत के घाट उतारना कानून के खिलाफ हत्या करने की कैटेगरी में आता है। उन्होंने कहा कि 28 वर्षीय होनहार उत्साही नौजवान भरत तिवारी के सरेंडर को पुलिस कर्मियों ने जिस तरह से एनकाउंटर दिखाने की कोशिश की ,वह विचारवान लोगों में बहुत चिंता का विषय है। बिहार पुलिस के कर्मियों ने अपने कर्त्तव्य एवं कानून- न्याय व्यवस्था की उपेक्षा करके हालात को मनमर्जी से अपनी सुविधा अनुसार हैंडल किया। उन्होंने कहा कि न्याय हित में लोगों की पुरजोर मांग है कि भरत तिवारी को गोली मारकर मौत की नींद सुलाने के जिम्मेदार सभी पुलिस कर्मियों व अन्य संलिप्तजनों को तुरंत हत्या के आरोपी बनाकर कठोरतम सजा दी जानी चाहिए। पूरे मामले की हाई कोर्ट के तीन सिटिंग जजों से न्यायिक जांच कराकर मृतक के परिवार को तुरंत 5 करोड रुपए मुआवजा,उसके एक परिवारजन को सरकारी नौकरी तथा जीवित रहते शिक्षित युवा भरत तिवारी द्वारा बुलंद की गई जनसमस्याओं की आवाज का समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

झज्जर पुलिस के तीन कर्मचारी हुए सेवानिवृत्त, पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित’
झज्जर, 30 जून, अभीतक: झज्जर पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व में पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त होने वाले तीन कर्मचारियों के सम्मान में पुलिस लाइन झज्जर में एक गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह तथा डीसीपी मुख्यालय दीप्ति गर्ग, एसीपी शमशेर सिंह ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समृद्धि चिह्न भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके स्वस्थ, सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने कहा कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण का दायित्व है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अपने लंबे सेवा काल में पूरी निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ पुलिस विभाग की सेवा कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके अनुभव और कार्यशैली से युवा पुलिसकर्मी निरंतर प्रेरणा लेते रहेंगे।समारोह के दौरान मानद निरीक्षक तेजपाल सिंह को लगभग 37 वर्ष 10 माह, मानद निरीक्षक विजेंद्र सिंह को लगभग 36 वर्ष 9 माह तथा सहायक उप निरीक्षक मुकेश कुमार को लगभग 37 वर्ष 6 माह की उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवाओं के उपरांत सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सेवानिवृत्त साथियों को भावभीनी विदाई देते हुए उनके सुखमय, स्वस्थ एवं समृद्ध जीवन की शुभकामनाएं दीं। साथ ही उनके द्वारा विभाग को दी गई अमूल्य सेवाओं की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

विश्व जूनियर शूटिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले निशानेबाज प्रतीक को पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने किया सम्मानित
झज्जर, 30 जून, अभीतक: विश्व जूनियर शूटिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर देश और जिले का नाम रोशन करने वाले युवा निशानेबाज प्रतीक को आज पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने अपने कार्यालय में सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रतीक को शुभकामनाएं देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि उसकी उपलब्धियां जिले के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।झज्जर जिले के गांव कबलाना निवासी प्रतीक ने 16 से 26 जून तक जर्मनी के सुहल शहर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय खेल निशानेबाजी महासंघ (आईएसएसएफ) विश्व जूनियर शूटिंग चैंपियनशिप की 50 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। इस उपलब्धि से उसने जिले, हरियाणा और देश का गौरव बढ़ाया है।पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने कहा कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रतीक भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए और अधिक पदक जीतकर भारत का नाम रोशन करेगा।प्रतीक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, प्रशिक्षक पंकज सैनी तथा द ओलंपियाड शूटिंग अकादमी, झज्जर को दिया।इससे पहले कुमार सुरेंद्र सिंह (केएसएस) शूटिंग चैंपियनशिप में 50 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा तथा 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भी रजत पदक जीत चुका है। लगातार मिल रही इन सफलताओं ने उसे देश के उभरते हुए प्रतिभाशाली निशानेबाजों में शामिल कर दिया है।

आरजेएसएफ अभियान के तहत झज्जर पुलिस का विशेष सत्यापन एवं चेकिंग अभियान जारी, जघन्य अपराध एवं शस्त्र अधिनियम के मामलों में शामिल अपराधियों पर कड़ी निगरानी’
इस अभियान से झज्जर पुलिस को शुरुआती सफलता, अवैध हथियार रखने वाले 7 अपराधी गिरफ्तार 10 अवैध हथियार और 30 जिंदा कारतूस बरामद’

झज्जर, 30 जून, अभीतक: पुलिस महानिदेशक हरियाणा श्री अजय सिंघल, आईपीएस के निर्देशानुसार तथा पुलिस आयुक्त झज्जर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व एवं डीसीपी क्राइम शुभम सिंह की देखरेख में पुलिस कमिश्नरेट झज्जर द्वारा आरजेएसएफ अभियान के तहत विशेष सत्यापन एवं चेकिंग अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य पिछले 10 वर्षों के दौरान जघन्य अपराधों एवं शस्त्र अधिनियम के मामलों में गिरफ्तार आरोपियों तथा आदतन अपराधियों का सत्यापन कर उनकी वर्तमान गतिविधियों पर सतत निगरानी रखना तथा अपराधों की पुनरावृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाना है।इस अभियान के प्रथम चरण में शस्त्र अधिनियम एवं हथियार संबंधी मामलों का विश्लेषण कर 2,371 अपराधियों की पहचान की गई। इनमें से 254 अपराधी वर्तमान में विभिन्न जेलों में बंद पाए गए, जबकि 34 अपराधियों की मृत्यु हो चुकी है। शेष अपराधियों में से लगभग 650 का भौतिक सत्यापन एवं फील्ड स्तर पर निरीक्षण किया जा चुका है। सत्यापन के दौरान उनकी गतिविधियों का गहन विश्लेषण किया गया, जिसमें 7 अपराधी अवैध हथियार रखने तथा आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए।इस पर झज्जर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध 7 नए मुकदमे दर्ज किए। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से 10 अवैध हथियार तथा 30 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। यह सफलता खुफिया सूचना, डेटा विश्लेषण, सतत निगरानी और त्वरित पुलिस कार्रवाई के प्रभावी समन्वय का परिणाम है। ’पुलिस आयुक्त डॉ. राजश्री सिंह ने कहा कि झज्जर पुलिस आधुनिक तकनीक, डेटा विश्लेषण एवं खुफिया सूचना आधारित पुलिसिंग के माध्यम से आदतन एवं संगठित अपराधियों पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि त्श्रैथ् अभियान के तहत सत्यापन, निगरानी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी, ताकि अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके, अवैध हथियारों पर नियंत्रण सुनिश्चित हो तथा आमजन को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।’

रेवाड़ी: गाड़ी में डब्बे रह गए पीछे 50 फीट आगे चला गया इंजन…
बड़ी लापरवाही, टला बड़ा हादसा….
सवारी के डब्बों को छोड़कर आगे निकला इंजन…
ट्रेन दौड़ते वक्त खुल गया इंजन व डब्बे को जोड़ने वाला हुक….
रेवाड़ी से श्रीगंगानगर जा रही थी ट्रेन संख्या 14030…
गोकलगढ़ फाटक के नजदीक खुल गया हुक….
मौके पर पहुंचे रेलवे अधिकारी…
इंजन को डिब्बो से तुरंत जोड़कर किया गया रवाना….

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार का ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को बड़ा तोहफा’
ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का वेतन 2100 रुपए बढ़ाया गया
हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने दी जानकारी’
ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान उन्हें वेतन बढ़ोतरी का दिया गया था आश्वासन
सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के वेतन को बढाकर अपना वायदा पूरा किया है – कृष्ण बेदी
ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को अब वेतन 16000 हजार से 18100 हुआ’- कृष्ण बेदी
कृष्ण बेदी ने कहा ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन 1 जुलाई 2026 से मिलेगा
कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने पर जताया आभार

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बावल में 125 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की दी सौगात
रेवाडी, 30 जून, अभीतक: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चैहान के साथ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बावल हलका जिला रेवाड़ी के लिए करीब सवा सौ करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उनके साथ हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, पूर्व मंत्री डा. बनवारी लाल, भाजपा जिला अध्यक्ष डा. वंदना पोपली भी मौजूद रहे। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चैहान व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के बावल स्थित महाविद्यालय परिसर में खेत बचाओ अभियान के समापन समारोह के दौरान बावल हलका की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इनमें 19 करोड़ 75 लाख रुपए की लागत से बनाए गए राजकीय कन्या महाविद्यालय, बावल, 20 करोड़ 29 लाख रुपए की लागत से बने नगरपालिका बावल के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तथा पार्किंग स्थल और तीन करोड़ 33 लाख रुपए की लागत से बने पुलिस थाना रामपुरा के भवन का उद्घाटन किया गया। इसी प्रकार आईएमटी बावल के फेज-3 में 31 करोड़ 26 लाख रुपए की लागत से बनने वाले सीसी रोड, माजरा एम्स के लिए 28 करोड़ 78 लाख रुपए की लागत से बनने वाले जल घर, 6 करोड़ 60 लाख रूपए से गांव रणसी माजरी में स्थापित होने वाले 33 केवी सब स्टेशन तथा गांव बिदावास में 8 करोड़ 19 लाख रुपए की लागत से बनने वाले 33 केवी सब स्टेशन की आधारशिला रखी गई। विकास परियोजनाओं की श्रृंखला में गांव बिशनपुर गुज्जर माजरी, गुज्जरों की ढाणी से पीलियों वाली ढाणी तक 49 लाख रुपए की लागत से बनने वाले लिंक रोड, 4 करोड़ 58 लाख रुपए की लागत से गांव बखापुर में बनने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 55 लाख रुपए की लागत से गांव मनेठी तथा 55 लाख रुपए की लागत से गांव भालखी माजरा के सब हेल्थ सेंटर की आधारशिला रखी गई।

रेवाड़ी के सेक्टर-4 क्षेत्र का दौरा कर नालों व सीवरेज लाइन की सफाई कार्य का निरीक्षण करते हुए एडीसी राहुल मोदी।

मानसून सीजन से पहले नालों की सफाई हो सुनिश्चित: एडीसी
एडीसी राहुल मोदी ने शहर के सेक्टर-4 में नालों की सफाई व्यवस्था का लिया जायजा, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

रेवाड़ी, 30 जून, अभीतक: आगामी मानसून सीजन के दृष्टिगत जिला प्रशासन जलभराव की संभावित समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए नालों की सफाई कार्य को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित कर रहा है। इसी कड़ी में सेक्टर 4 रेवाड़ी के नोडल अधिकारी एवं एडीसी राहुल मोदी ने मंगलवार को रेवाड़ी के सेक्टर-4 क्षेत्र का दौरा कर नालों व सीवरेज लाइन की सफाई कार्य का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एडीसी राहुल मोदी ने सफाई कार्य की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बड़े एवं छोटे नालों की सफाई निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण की जाए। उन्होंने कहा कि मानसून से पूर्व नालों व सीवर लाइनों से गाद, कचरा एवं अन्य अवरोध पूरी तरह हटाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि वर्षा के दौरान जल निकासी सुचारू बनी रहे और कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को नियमित रूप से सफाई कार्य की निगरानी करने, गुणवत्ता बनाए रखने तथा आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। एडीसी ने कहा कि नागरिकों की सुविधा एवं सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और मानसून के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंध समय रहते किए जा रहे हैं। उन्होंने आमजन से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि नालों एवं सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक अथवा अन्य अपशिष्ट सामग्री न डालें। उन्होंने कहा कि प्रशासन एवं आमजन के संयुक्त प्रयासों से स्वच्छ, सुरक्षित एवं जलभराव मुक्त वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।

उपमंडल स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग कमेटी की त्रैमासिक समीक्षा बैठक करते हुए एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार।

एसडीएम सुरेश कुमार ने की अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम के मामलों की समीक्षा
रेवाड़ी, 30 जून, अभीतक: अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के अंतर्गत एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को उपमंडल स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग कमेटी की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसडीएम सुरेश कुमार ने अनुसूचित जाति, जनजाति के तहत दर्ज हुए मुकदमों की समीक्षा की। एसडीएम सुरेश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत सभी संबंधित मामलों में जांच प्रक्रिया को समयबद्ध पूरा किया जाए। उन्होंने बैठक के दौरान 12 लाभार्थियों को 23 लाख 62 हजार 500 रुपए की राशि के वितरण पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत किसी गैर-अनुसूचित जाति के व्यक्ति द्वारा अनुसूचित जाति के व्यक्ति पर अत्याचार किया जाता है तो पीड़ित व्यक्ति को सरकार की और से आर्थिक सहायता दी जाती है।
एसडीएम ने कहा कि अत्याचार निवारण का मुख्य उद्देश्य पीड़ित को त्वरित न्याय दिलाना है। यह सहायता राशि विभिन्न श्रेणियों जैसे-ट्यूबवेल की हानि, चल-अचल संपत्ति का नुकसान, स्थाई या अस्थाई अपंगता, हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर मामलों में प्रदान की जाती है। बैठक में तहसील कल्याण अधिकारी रेवाड़ी एवं सदस्य सचिव सुमेर सिंह, एएसआई बाबूलाल, बीडीपीओ जाटूसाना कार्यालय से मनीष यादव, बीडीपीओ रेवाड़ी कार्यालय से संजय सिंह, रमन कुंडू सहित चित्र कुमार सांभरवाल मौजूद रहे।

जिला जनगणना हस्तपुस्तिका आंकड़ों के संग्रहण को लेकर बैठक लेते हुए सीटीएम जितेंद्र कुमार।

जिला जनगणना हस्तपुस्तिका के लिए 1 से 30 अगस्त तक होगा डाटा संग्रहण
हरियाणा जनगणना निदेशक ललित जैन ने वीसी के माध्यम से दिए दिशा निर्देश
सीटीएम जितेंद्र कुमार ने अधिकारियों के साथ की बैठक

रेवाड़ी, 30 जून, अभीतक: जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (डिस्ट्रिक्ट सेन्सस हैंडबुक) के लिए आवश्यक आंकड़ों के संग्रहण को लेकर मंगलवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सीटीएम जितेंद्र कुमार ने की। इस दौरान हरियाणा के जनगणना निदेशक ललित जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में बताया कि जिला जनगणना पुस्तिका के लिए जिला से संबंधित अद्यतन आंकड़ों का संग्रहण कार्य 1 अगस्त से 30 अगस्त तक किया जाएगा। इसको लेकर संबंधित कर्मचारियों को जनगणना निदेशालय द्वारा ट्रेनिंग भी दी जाएगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान जनगणना निदेशक ललित जैन ने कहा कि जिला जनगणना पुस्तिका विकास योजनाओं के निर्माण, नीतिगत निर्णयों तथा शोध कार्यों के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज होती है। इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय सीमा में सही एवं प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। सीटीएम जितेंद्र कुमार ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित सूचनाओं का समय पर संकलन कर निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि डाटा की गुणवत्ता एवं शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे। उन्होंने सभी विभागों से इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने का आह्वान किया। बैठक में जिला राजस्व अधिकारी प्रदीप देशवाल, जिला सांख्यिकी अधिकारी देवीदास सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

सडक सुरक्षा समिति की मासिक बैठक लेते हुए एडीसी राहुल मोदी।

नेशनल हाई-वे व मुख्य मार्गों की ड्रेन व नालों की सफाई करवाई जाए: एडीसी राहुल मोदी
एडीसी राहुल मोदी ने सडक सुरक्षा समिति की बैठक में दिए दिशा-निर्देश

रेवाड़ी, 30 जून, अभीतक: एडीसी राहुल मोदी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, नगर परिषद आदि सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे सडकों के किनारे बनी ड्रेन व नालों की सफाई करवाए, जिससे कि सडकों पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न ना हो। उन्होंने कहा कि सडक मार्ग पर कोई सीवरेज लाइन जाम है तो तत्काल प्रभाव से उसकी सफाई होनी चाहिए। एडीसी राहुल मोदी मंगलवार को लघु सचिवालय सभागार में सडक सुरक्षा समिति की मासिक बैठक में अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में मुख्य मार्गों पर जलभराव नहीं होना चाहिए। सभी निर्माण एजेंसियां यह सुनिश्चित करें कि सडकों के किनारे पानी निकासी के लिए बनाई गई ड्रेन व नाले साफ हों। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि नेशनल हाई-वे 48 पर जहां फ्लाईओवर बन रहे हैं, वहां सर्विस लेन तंग होने की वजह से जाम की स्थिति बनी रहती है। उदाहरण के तौर पर जयसिंह खेड़ा से कापड़ीवास तक ये जाम देखे जा सकते हैं। उन्होंने राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सडकों से मिट्टड्ढी को हटाया जाए तथा सर्विस लेन को और चैड़ा किया जाए। एडीसी राहुल मोदी ने कहा कि दिल्ली-जयपुर हाई-वे पर प्रेम भोजनालय के समीप एक पुलिया का निर्माण किया जाना है, जिसकी एनओसी पर सिंचाई विभाग ने आपत्ति लगाई है। राजमार्ग प्राधिकरण इसका जल्दी जवाब विभाग को भिजवाए, जिससे कि निर्माण कार्य प्रारंभ हो सके। बैठक में रेवाड़ी जिला के सभी प्रमुख सडक मार्गोँ पर उचित साइनबोर्ड लगाने, डिवाइडर का निर्माण करवाने और बेसहारा पशुओं को नंदी शालाओं में भेजने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर एसडीएम सुरेश कुमार, आरटीए सचिव मनोज कुमार, डीएसपी पवन कुमार, लोक निर्माण के कार्यकारी अभियंता सतेंद्र श्योराण, नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता अंकित आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के नेतृत्व में जिला नागरिक अस्पताल, रेवाड़ी में स्वास्थ्य सेवाओं का ऐतिहासिक विस्तार
रेवाड़ी, 30 जून, अभीतक: मुख्यमंत्री हरियाणा श्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के स्वास्थ्य मंत्री का कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत जिला नागरिक अस्पताल, रेवाड़ी में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है। सरकार की जनकल्याणकारी सोच एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रत्येक नागरिक तक पहुँचाने के संकल्प के अनुरूप अस्पताल में अनेक नई एवं अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएँ प्रारंभ की गई हैं। इन सेवाओं के प्रारंभ होने से रेवाड़ी ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों के मरीजों को भी अपने जिले में ही गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध होने लगा है। प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र यादव ने बताया कि गंभीर मरीजों के उपचार को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से अस्पताल में हाई डिपेंडेंसी यूनिट तथा आईसीयू सेवाओं का सफल संचालन प्रारंभ किया गया है। इन सुविधाओं के माध्यम से गंभीर एवं अति गंभीर मरीजों की विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा निरंतर निगरानी एवं उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। कैंसर मरीजों को उनके जिले में ही बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला नागरिक अस्पताल में डे-केयर कैंसर सेंटर स्थापित किया गया है, जहाँ कीमोथेरेपी सहित आवश्यक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस सुविधा से मरीजों एवं उनके परिजनों का समय, धन एवं अनावश्यक परेशानी की बचत हो रही है। महिलाओं के समग्र स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अस्पताल में ष्स्वस्थ नारीदृसशक्त परिवार क्लिनिकष् प्रारंभ किया गया है। इस क्लिनिक में महिलाओं को किशोरावस्था से लेकर वृद्धावस्था तक विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी परामर्श, जांच, उपचार एवं जागरूकता सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। अस्पताल में पहली बार हिप रिप्लेसमेंट एवं नी रिप्लेसमेंट सर्जरी जैसी उन्नत ऑर्थोपेडिक सेवाएँ प्रारंभ की गई हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद मरीजों को महंगे निजी अस्पतालों अथवा बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं रही तथा उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सरकारी अस्पताल में ही आधुनिक उपचार उपलब्ध हो रहा है। इसके अतिरिक्त अस्पताल में लंबे समय से प्रतीक्षित लिथोट्रिप्सी (पथरी) सेवा भी पुनः संचालित की गई है, जिससे गुर्दे एवं मूत्र मार्ग की पथरी से पीड़ित मरीजों को आधुनिक एवं प्रभावी उपचार अपने ही जिले में उपलब्ध हो रहा है। गर्भवती महिलाओं एवं गर्भस्थ शिशु की बेहतर निगरानी के लिए सीटीजी (कार्डियोटोकोग्राफी) सेवा भी नियमित रूप से संचालित की जा रही है। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से अस्पताल में 24×7 प्रयोगशाला सेवाएँ तथा 24×7 एक्स-रे सेवाएँ प्रारंभ की गई हैं। अब किसी भी समय अस्पताल में आने वाले मरीजों की आवश्यक जांच तत्काल उपलब्ध हो रही है, जिससे उपचार में तेजी आई है तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। आयुष्मान भारत योजना के अधिकाधिक लाभार्थियों तक सुविधाएँ पहुँचाने के उद्देश्य से अस्पताल परिसर में 24×7 आयुष्मान भारत सहायता एवं सत्यापन काउंटर भी संचालित किया जा रहा है, जिससे पात्र मरीजों को समय पर कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में भी अस्पताल द्वारा महत्वपूर्ण पहल करते हुए पात्र बालिकाओं के लिए निःशुल्क एचपीवी (भ्च्ट) टीकाकरण अभियान प्रारंभ किया गया है, जो भविष्य में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डॉ. सुरेंद्र यादव ने बताया कि जिला नागरिक अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार, मरीजों को समय पर उपचार तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। अस्पताल का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को उसके अपने जिले में ही बेहतर, सुलभ एवं आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। उन्होंने इन सभी उपलब्धियों का श्रेय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के दूरदर्शी नेतृत्व, सतत मार्गदर्शन एवं जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को देते हुए कहा कि सरकार के सहयोग से जिला नागरिक अस्पताल, रेवाड़ी निरंतर नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है।

हरियाणा में पहली बार होगा राज्य स्तरीय फिल्म फेस्टिवल, 12 से 15 नवंबर तक सजेगा हरियाणा फिल्म फेस्टिवल-2026
महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक

चंडीगढ़, 30 जून, अभीतक: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार प्रदेश को फिल्म, संस्कृति और रचनात्मक उद्योगों का सशक्त केंद्र बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में राज्य में पहली बार हरियाणा फिल्म फेस्टिवल-2026 का आयोजन 12 से 15 नवंबर, 2026 तक करने का निर्णय लिया गया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में हरियाणा फिल्म फेस्टिवल-2026 के आयोजन की घोषणा की थी। इसी संदर्भ में मंगलवार को फेस्टिवल की तैयारियों को लेकर सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक श्री के. मकरंद पांडुरंग ने उच्चस्तरीय बैठक ली। बैठक में कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, दादा लखमी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय (डीएलसी सुपवा), रोहतक के वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने भाग लिया। बैठक मे आयोजन के सफल संचालन के लिए एक कोर कमेटी का गठन भी किया गया, जो आयोजन की रूपरेखा तैयार करने, कार्यक्रमों के चयन, विभिन्न संस्थाओं एवं एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने, प्रचार-प्रसार तथा अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करेगी। हरियाणा फिल्म फेस्टिवल को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक आयोजन के रूप में मनाया जाएगा। इसके माध्यम से हरियाणवी सिनेमा, लोक संस्कृति, कला, साहित्य एवं प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर व्यापक पहचान मिलेगी। इसमें देश-विदेश के फिल्मकारों, कलाकारों, निर्देशकों, अभिनेताओं, तकनीकी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों तथा सांस्कृतिक संस्थाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह फेस्टिवल कलाकारों, फिल्मकारों और युवा प्रतिभाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा तथा हरियाणा को फिल्म और संस्कृति के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बैठक में सुपवा के कुलगुरू डॉ. अमित आर्य, फिल्मकार श्री अतुल गंगवार, अतिरिक्त निदेशक, श्री विवेक कालिया, संयुक्त निदेशक, श्री नीरज, परियोजना निदेशक, डॉ. पवन आर्य, सुपवा की रजिस्ट्रार, डॉ. गुंजन मलिक, फैकल्टी, सुश्री दीप्ति खुराना, श्री केशव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

शिक्षा बोर्ड के दो अधिकारियों को दी गई गरिमामयी विदाई
भिवानी, 30 जून, अभीतक: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से श्री प्रदीप कुमार व श्री राजेन्द्र प्रसाद शर्मा अधीक्षक के पद से अपनी दीर्घकालीन और उत्कृष्ट सेवाओं को पूर्ण करने के उपरांत आज सेवानिवृत्त हो गए। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंकर लाल धूपड़ ने सेवानिवृत्त हुए दोनों अधिकारियों को शुभकमनाएं देते हुए उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने बताया कि श्री प्रदीप कुमार, अधीक्षक 35 वर्ष 02 महीने 26 दिन व श्री राजेन्द्र प्रसाद शर्मा, अधीक्षक 33 वर्ष 03 महीने तक बोर्ड में अपनी सेवाएं देने उपरान्त सेवानिवृत हुए हैं। उन्होंने सेवानिवृत हुए दोनों अधिकारियों को उनके कार्य के प्रति समर्पण और लंबी सेवा के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि बोर्ड के अधिकारियों व कर्मचारियों के प्रयासों के फलस्वरूप शिक्षा बोर्ड प्रगति के पथ पर अग्रसर है। शिक्षा बोर्ड के विकास में उनकी निष्ठा और लगन हमेशा याद रखी जाएगी। उन्होंने दोनों अधिकारियों के उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि बोर्ड कर्मी अपनी सक्रिय सहभागिता को बढ़ाते हुए पूर्ण कत्र्तव्यनिष्ठा व लगन से कार्य करें। उन्होंने दोनों अधिकारियों को भेंट स्वरूप स्मृति चिह्न व उपहार देकर शिक्षा बोर्ड से सेवानिवृत किया। सेवानिवृत हो रहे अधिकारियों ने अपने विदाई भाषण में भावुक होते हुए बोर्ड परिवार का आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में परिवार की तरह काम किया है। इस अवसर पर सेवानिवृत हो रहे अधिकारियों के परिजन व बोर्ड के अधिकारी भी मौजूद रहे।

एमडीयू के तीन कर्मचारी सेवानिवृत्त, कुलपति ने दी सम्मानपूर्ण विदाई
रोहतक, 30 जून, अभीतक: महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में सोमवार को सेवानिवृत्त होने वाले तीन कर्मचारियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने कहा कि किसी भी संस्थान की वास्तविक ताकत उसके कर्मनिष्ठ और समर्पित कर्मचारी होते हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक विश्वविद्यालय की सेवा करने वाले कर्मचारियों का योगदान हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने सेवानिवृत कर्मियों को बधाई दी और उनको स्वस्थ-समृद्ध जीवन की शुभकामनाएं दी। सेवानिवृत्त होने वालों में सीडीओई में कार्यरत अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शीलू चैधरी, विश्वविद्यालय प्रेस के प्लेट मेकर राजबीर सिंह तथा एक्सईएन कार्यालय के वाटर पंप ऑपरेटर अशोक कुमार शामिल रहे। विश्वविद्यालय परिवार ने उन्हें शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया और उनके स्वस्थ, सुखद एवं सफल जीवन की कामना की। इस अवसर पर डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. ए.एस. मान, कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल, डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल प्रो. राजेश पुनिया, प्रॉक्टर प्रो. रणदीप राणा, सीडीओई निदेशक प्रो. राजेश धनखड़. प्रो. गुलाब सिंह, वित्त अधिकारी मुकेश भट्ट, कुलपति के ओएसडी डॉ. रवि प्रभात, निजी सहायक खैराती लाल सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के परिजन मौजूद रहे।

गुरुग्राम, 30 जून, अभीतक: गुरुग्राम के एसडीएम एवं वाहन पंजीकरण के लिए अधिकृत रजिस्ट्रिंग अथॉरिटी हितेंद्र कुमार ने बताया कि सरकार की हिदायत अनुसार 01 जुलाई से भ्त् 26 ळळ नई सीरीज शुरू की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस नई सीरिज में अपने वाहनों का पंजीकरण करवाने के इच्छुक व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं। जिस किसी भी व्यक्ति को उक्त सीरिज में नम्बर लेना है तो वह ऑनलाईन प्रक्रिया को अपनाते हुए न्त्स्ध्ैपजम ीजजचेरूध्ध्ंिदबलण्चंतपअंींदण्हवअण्पदध्ंिदबलध्ंिबमेध्चनइसपबध्सवहपदण्गीजउस परम-ंनबजपवद के द्वारा भ्त्-26 ळळ सीरीज में नम्बर ले सकता हैं।

हरियाणा से जापान तक प्रतिभा का सेतु बनेगा जे.सी. बोस विश्वविद्यालय
जापान के फुकुओका प्रीफेक्चर के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने किया विश्वविद्यालय का दौरा
कुशल भारतीय प्रतिभाओं को जापान से जोड़ने के लिए विश्वविद्यालय ने रखा तीन-चरणीय कार्यय ोजना का प्रस्ताव

चण्डीगढ, 30 जून, अभीतक: भारत-जापान सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने आज जापान के फुकुओका प्रीफेक्चर से आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व फुकुओका प्रीफेक्चरल गवर्नमेंट के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के उप महानिदेशक श्री नाकानो शिन्या ने किया। प्रतिनिधिमंडल में फुकुओका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के सचिव जनरल श्री मिसावा रेइइचिरो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय का दौरा कर मानव संसाधन आदान-प्रदान, अनुसंधान सहयोग तथा संस्थागत साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। यह यात्रा विशेष रूप से ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में फुकुओका स्थित उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने की संभावनाओं का आकलन करने के उद्देश्य से आयोजित की गई। यह पहल जापान सरकार के उस व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है जिसके अंतर्गत आगामी पाँच वर्षों में 50,000 कुशल भारतीय पेशेवरों को जापान में अवसर उपलब्ध कराए जाने हैं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय ने औपचारिक रूप से सेतु (स्ट्रैटेजिक एक्सचेंज फॉर टैलेंट एंड यूनिवर्सिटी कोलैबोरेशन) – प्रतिभा एवं विश्वविद्यालय सहयोग के लिए रणनीतिक आदान-प्रदान का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस पहल के अंतर्गत विश्वविद्यालय ने स्वयं को हरियाणा के लिए जापान सहयोग का केंद्र विकसित करने की परिकल्पना प्रस्तुत की, जिसके माध्यम से प्रतिभा संवर्धन, उद्योग सहयोग, स्टार्टअप इनक्यूबेशन, इंटर्नशिप एवं प्लेसमेंट तथा छात्र एवं शिक्षक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही विश्वविद्यालय ने एक सुव्यवस्थित तीन-चरणीय प्रतिभा विकास मॉडल भी प्रस्तावित किया, जिसमें प्रथम चरण में इंटर्नशिप, द्वितीय चरण में कॉर्पोरेट नेटवर्किंग एवं भर्ती तथा तृतीय चरण में दीर्घकालिक रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। यह मॉडल भारत सरकार के कुशल भारतीय प्रतिभाओं को जापान से जोड़ने के राष्ट्रीय उद्देश्य को भी सुदृढ़ करेगा। कार्यक्रम के प्रारंभ में डीन (शैक्षणिक मामले) प्रो. अतुल मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय एवं कार्यक्रम की संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत की। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने अपने संबोधन में भारत और जापान के साझा सांस्कृतिक मूल्यों एवं कार्य संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1969 में भारत-जर्मनी संयुक्त परियोजना के रूप में स्थापित यह विश्वविद्यालय कौशल विकास, अनुसंधान, नवाचार एवं स्टार्टअप इनक्यूबेशन के क्षेत्र में सशक्त पहचान रखता है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का जापान के एहिमे विश्वविद्यालय के साथ पहले से ही शैक्षणिक समझौता है तथा विश्वविद्यालय जापान के लिए प्रशिक्षित एवं उद्योग-उन्मुख मानव संसाधन तैयार करने हेतु तीन-चरणीय संरचित मॉडल विकसित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। डीन एलुमनाई अफेयर्स प्रो. संजीव गोयल ने विश्वविद्यालय की प्रमुख उपलब्धियों एवं फुकुओका प्रीफेक्चर के साथ प्रस्तावित सहयोग पर विस्तृत प्रस्तुति दी। अपने संबोधन में श्री नाकानो शिन्या ने फुकुओका प्रीफेक्चर का परिचय देते हुए बताया कि वहाँ लगभग 400 सेमीकंडक्टर आधारित उद्योग कार्यरत हैं तथा यह क्षेत्र जापान के प्रमुख स्टार्टअप एवं औद्योगिक नवाचार केंद्रों में से एक है। उन्होंने वर्ष 2025 में भारत के प्रधानमंत्री की जापान यात्रा का भी उल्लेख किया। फुकुओका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के सचिव जनरल श्री मिसावा रेइइचिरो ने संस्थान के शैक्षणिक कार्यक्रमों एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के साथ हुए समझौते के अंतर्गत संचालित छात्र सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का उल्लेख किया। कार्यक्रम का प्रभावी समन्वय आईजे काकेहाशी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री संजय पांडा ने किया तथा उन्होंने अनुवाद संबंधी सहयोग भी प्रदान किया। संवाद सत्र के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा के औद्योगिक केंद्र में स्थित विश्वविद्यालय की रणनीतिक स्थिति, जापानी कंपनियों से जुड़े प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों के व्यापक नेटवर्क तथा जापानी उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित कौशल विकास प्रणाली की सराहना की। प्रतिनिधिमंडल ने सुझाव दिया कि विद्यार्थियों को जापान में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए विश्वविद्यालय में जापानी भाषा पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किए जाएँ। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत सेतु प्रस्ताव पर जापान सरकार के स्तर पर सकारात्मक विचार किए जाने तथा शीघ्र ही औपचारिक प्रतिक्रिया देने का भी आश्वासन दिया। कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव प्रो. अजय रँगा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए जापानी प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त किया तथा विश्वविद्यालय की ओर से दीर्घकालिक एवं सार्थक भारत-जापान साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम का समापन प्रतिनिधिमंडल के विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी, विश्वविद्यालय स्टूडियो तथा केंद्रीय अनुसंधान सुविधा के भ्रमण के साथ हुआ।

आईएएस अधिकारी धीरेंद्र खड़गटा को अतिरिक्त जिम्मेदारी
फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड का मुख्य सीईओ का अतिरिक्त कार्यभार

चण्डीगढ, 30 जून, अभीतक: हरियाणा सरकार ने आईएएस अधिकारी श्री धीरेंद्र खड़गटा को तत्काल प्रभाव से फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। श्री धीरेंद्र खड़गटा वर्तमान में पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग में विशेष सचिव तथा नगर निगम फरीदाबाद के आयुक्त के रूप में कार्यरत हैं।

हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा-2025 के प्रवेश पत्र 01 जुलाई से लाईव
चण्डीगढ, 30 जून, अभीतक: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा-2025 (एचटेट) लेवल-1, 2 व 3 का आयोजन 4 व 5 जुलाई, 2026 को करवाया जा रहा है। इस परीक्षा के लिए पात्र अभ्यर्थी अपना प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट ूूू.इेमी.वतह.पद पर दिए गए लिंक से पंजीकरण संख्याध्आवेदन आई०डी० के साथ जन्मतिथि डालकर 01 जुलाई से डाउनलोड कर सकते हैं। सभी अभ्यर्थी प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) पर दर्शाये गए महत्वपूर्ण नोटध्निर्देशों को ध्यान से पढकरध्समझकर उनका पालन करना सुनिश्चित करें। बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंकर लाल धूपड़ ने बताया कि सभी अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) का रंगीन प्रिंट लिया जाना अनिवार्य है। सभी अभ्यर्थी इस बात का विशेष ध्यान रखें कि उन्हें एक पृष्ठीय प्रवेश-पत्र की ब्मदजतम ब्वचल व ब्ंदकपकंजम ब्वचल का एक-एक रंगीन प्रिंट आउट लेकर आना अनिवार्य है। अभ्यर्थी द्वारा आवेदन के पंजीकरण करते समय प्रयोग किए गए फोटो युक्त पहचान पत्र को मूल रूप में परीक्षा केन्द्र पर लेकर आना होगा। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थी परीक्षा आरंभ होने से 2 घण्टे 10 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र पर पहुंचना सुनिश्चित करें, ताकि केन्द्र के मुख्य द्वार पर मेटल डिटेक्टर से तलाशी, बायोमीट्रिक, अंगूठे के निशान का डाटा कैप्चरिंग इत्यादि अनिवार्य औपचारिकताएं समय से पूरी हो सकें। अभ्यर्थी को किसी भी अवस्था में केन्द्रध्विषय परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी। श्री धूपड़ ने आगे बताया कि नेत्रहीनध्अशक्त अभ्यर्थी जिनकी अशक्तता (क्पेंइपसपजल) 40 प्रतिशत या इससे अधिक है, जो अपने हाथ से लिखने में असमर्थ हैं व लेखक की सुविधा लेना चाहते हैं तो ऐसे अभ्यर्थी को स्वयं लेखक के चयन की अनुमति दी जाती है अथवा उनके अनुरोध पर बोर्ड कार्यालय द्वारा प्रदान किया जा सकता है। ऐसे अभ्यर्थी परीक्षा तिथि से कम से कम 04 दिन पहले बोर्ड मुख्यालय में प्रातरू 09रू00 बजे से 04रू30 बजे तक कमरा नं 28 में संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त अभ्यर्थी के अनुरोध पर लेखक की सुविधा केन्द्र अधीक्षक द्वारा भी दी जा सकती है। इसके लिए अभ्यर्थी कम से कम 02 दिन पहले दोपहर 1रू00 बजे से सायं 4रू00 बजे तक स्वयं के वांछित मैडिकल प्रलेखों व लेखक की पहचानध्योग्यता से संबंधित प्रलेखों सहित अपने आबंटित परीक्षा केन्द्र अधीक्षक से संपर्क करें। लेखक के लिए शैक्षिक योग्यता सीनियर सैकेण्डरी से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस संबंध में अयर्थी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट ूूू.इेमी.वतह.पद पर उपलब्ध ैच्स्-1, ैच्स्-2 – ।चचमदकपÛ-ळ प्रोफॉर्मा डाउनलोड कर सकते हैं। नेत्रहीनध्अशक्त अभ्यर्थी (जो अपने हाथ से लिखने में असमर्थ है, चाहे वह लेखक की सुविधा ले रहा है अथवा नहीं) को 20 मिनट प्रति घण्टा के हिसाब से कुल 50 मिनट अतिरिक्त समय दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि महिला अभ्यर्थियों को मंगलसूत्र पहनने, बिन्दी व सिंदूर लगाने की ही छूट होगी। बैपटाइज्ड़, सिख अभ्यर्थियों को धार्मिक प्रतीकों को ले जाने की अनुमति होगी। बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि परीक्षा केन्द्र के अन्दर अंगूठी, चैन, बालियां, हार, लटकन, ब्रोच इत्यादि जैसे सभी गहने किसी भी धातु की वस्तु तथा कैमरा, मोबाईल फोन, पेजर, ब्लूटुथ, ईयर फोन, कैल्कुलेटर, घड़ी, हेल्थ बैण्ड, इलेक्ट्रोनिक्स गैजेटस, पर्स, लॉग टेबल, प्लास्टिक पाऊच, कोरा या मुद्रित कागज एवं लिखित चिट इत्यादि लेकर जाने की अनुमति नहीं है। उन्होंने आगे बताया कि प्रवेश पत्र डाउनलोड करने में यदि किसी अभ्यर्थी को तकनीकी कठिनाई उत्पन्न होती है, तो वे बोर्ड कार्यालय के दूरभाष नंबर 01664-254305 पर संपर्क कर सकते हैं।

आईजीयू व संबद्ध महाविद्यालयों में तृतीय सेमेस्टर व इसके आगे के सेमेस्टर के दाखिले आरंभ
चण्डीगढ, 30 जून, अभीतक: इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर, रेवाड़ी के शैक्षणिक विभागों एवं विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में स्नातकध्स्नातकोत्तर स्तर के पाठ्यक्रमों में तीसरे सेमेस्टर व इसके आगे के सेमेस्टर के दाखिले के लिए निर्धारित प्रवेश शुल्क 20 जुलाई 2026 तक जमा करवा सकते हैं। इसके पश्चात 21 जुलाई से 29 जुलाई 2026 तक ₹1000 विलंब शुल्क तथा 30 जुलाई से 10 अगस्त 2026 तक ₹2000 विलंब शुल्क के साथ दाखिला ले सकते हैं। इसके बाद 11 अगस्त से 21 अगस्त 2026 तक ₹3000 विलंब शुल्क के साथ दाखिला ले सकते हैं परन्तु इसके लिए कुलपति की अनुमति अनिवार्य होगी। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि उक्त कक्षाएं 20 जुलाई 2026 से आरंभ होंगी। सभी विद्यार्थियों को तीसरे सेमेस्टर व इसके आगे के सेमेस्टर की फीस निर्धारित शेड्यूल के अनुसार जमा करवानी होगी। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज जिनमें ऐसे प्रोग्राम संचालित किए जा रहे हैं जहां तीसरे सेमेस्टर में एडमिशन राज्य सरकार के द्वारा मिलने वाले दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाना है, उनकी फीस ऑनलाइन माध्यम से सरकार के निर्देशों के अनुसार जमा करवाई जाएगी। अधिक जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर दी गई है।